Saurya - ek youdha (Completed) - Page 4 - SexBaba
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Saurya - ek youdha (Completed)

अपडेट - 26 (कॉन्टिनुएस)

करीब 7 बजे क आस पास जब सारे बड़े लोग फ्रेश हो निच्चे आये ,कोई गार्डन म चला गया कोई कहि और. डैड अपने आदत अनुसार T.V ों क्र उस्समे न्यूज़ देखने लगे. अभी उन्होंने न्यूज़ लगायी HI थी क हैडलाइन को देख उनको बहुत बड़ा जतका लगा.

हैडलाइन- गुप्ता & संस ग्रुप्स और सिंह & संस ग्रुप्स हुयी कंगाल. मालिक आये रस्ते पे.

इस न्यूज़ को देख डैड तो उछाल HI पड़े.

डैड- अरे कहा हो सभी इधर देखो क्या काण्ड हो गया है अरे डीप जल्दी आ इधर विक्रम देख तो सही.

सभी उनके ऐसे चिल्लाने स हॉल म T.V क पास आ गए.

माँ- आप क्या पागल हो गए हो बच्चो की तरह चिल्ला रहे हो सुबह सुबह.

माँ- संजू दीदी सुन तो लो जीजू क्या बोल रहे है

डैड- तुम लोग T.V प देखो क्या खबर चल रही है.

इतने म हैडलाइन चेंज हो गयी थी.

हैडलाइन- "मला सुरेंद्र और मेयर अंकित ने किया लाखों का घोटाला. अभी पुलिस हिरशत म .

पापा- अरे ये तो वही है न वो उन कमीनो क भाई. ाचा HI हुआ सालो क साथ. तो यही खबर थी.

डैड- अरे डीप ये नहीं असली खबर तो ऐसी है क जिससे देख तुम सभी खुश हो जाओगे.

इतने म वापस स पहले वाला हैडलाइन आया .

डैड- वो देखो मैं इसकी बात क्र रहा हु.

सर्रे लोगो न जब ये देखा तो उनको भी झटका लगा.

माँ- क्या ये सच म हुआ है.

डैड- है संजू सच म हुआ है.

माँ- ये तो बहुत बुरा हुआ पता नहीं वह सब कैसे होंगे.

माँ का इतना कहना था क सभी लोग उनको ऐसे घूरने लगे जैसे कोई एलियन आया हो.

पापा- यार मेरी समझ म नहीं आता तुम किस मिटटी स बानी हो एक तो उन लोगो न तुम्हारे साथ ऐसा किया, हमें मरवाने तक की कोसिस की , हमें अपने बेटे स दूर रखा और तुम्हे फिर भी उनकी चिंता हो रही है.

माँ- देख छोटी ये जो भी उनके साथ हुआ है न उनके कर्मो का नतीजा है समझी और अब तू उनके बारे म कोई बात नहीं करेगी.

माँ- पर दीदी वो भी तो हमारे अपने है.

R.FUFA- देखो सैफअली सिर्फ तुम उनको अपना समझती हो वो नहीं समझते तुम्हे अपना. अगर वो तुम्हे अपना सम्झते तो क्या... मैं तुम्हे फिर स वो बाते याद नहीं दिलाना चाहता इसलिए बेहतर यही होगा उनके बारे म सोचना छोड़ दो.

माँ- अच्छा ठीक है पर आप उन बच्चियों क बारे म तो सोचो जो उन घरो म है. इनसब म उनकी तो कोई गलती नहीं है न.

माँ न ये बात कही थी पर कोई भी वह उनका साथ देने वाला नहीं था तो माँ भी CHUP-CHAP मेरी तरफ आ गयी और मुझे रूम म आने को बोलै. मैंने शिल्पा को वही हॉल म छोड़ दिया और चल दिया माँ क रूम म जहा वो बैठ क रो रही थी.

मैं उनके पास पहुंच गया.

मैं- क्या हुआ माँ आप ऐसे क्यू रू रही हो.

माँ- बीटा बस अपनी किस्मत प रू रही हु पता है अगर मैं नहीं होती न तो ये जो सारे बहार अपने HI परिवार की ऐसी हालत देख खुश हो रहे है वो आज उनके साथ होते.

मैं- माँ आप क्यू उन लोगो की फ़िक्र करते हो हां. ाचा मेरी बात सुनने मैं न आपको दिखता हु क उन घरो म क्या हो रहा है मुझे पक्का यकीं है वो आज भी आपको HI इसका दोसी मानते होंगे.

मैंने इतना बोलै और माँ का हाथ पकड़ा.

इससे हुआ ये क अब वो भी मेरे साथ वो सब देख सकती थी जो मैं देख सकता था.

मैंने सीधा अपनी नजर अपने नाना क घर प डाली.

ये वो वक़्त था जब मेरे पूज्य नानाजी घर म पधार रहे थे. उनको छोड़ने पुलिस आयी थी

{समीरा न कुछ इंतजाम किया होगा.}

अभी उनकी हालत कुछ ठीकनही लग रही थी सायद D.FUFA न मास्क म होने का पूरा फायदा उठाया था गाल शुजी हुए थे आखो क निचे काले कल्ले ढाबे पड़े थे लंगड़ाते हुए उन्होंने गेट प एंट्री ली. अभी उनका गेट प आना HI था क घर मई हल्ला होने लगा हुआ ये जब नानाजी घर म एंटर हुए उस वक़्त मेरे दोनों मां को फ़ोन आया क आपकी कंपनी दुब चुकी है और अब आपकी साड़ी प्रॉपर्टी भी बैंक सिज़े करने वाली है. उनका बस ये सुन्ना था क दोनों बेहोश हो गए वही बाकी सारे उनको देखने लगे किसी की नज़र अभी नानाजी प नहीं गयी थी.

नानाजी को भी ये देख झटका लगा वो लगड़ाते हुए फ़ोन क पास पहुंचे और जब उन्होंने भी वही बात सुन्नी तो उनको बहुत गुस्सा आया.

NANAJI(CHILLA क्र)- आते HI अपनी मनहूसियत फैला दी उस मनहूस लड़की ने . इस बार तो उसको छोड़ूगा HI नहीं.

उनकी बात सुन सारे जो होश म थे वो शॉक रह गए क्यू की नानाजी सिर्फ माँ को HI मनहूस बोलते थे.

अभी तक ममयों को भी पन्नी छिड़क होश म लाया जा चूका था वो भी थोड़ा शॉक हुए ये सुन क्र.

SHURBHI-(AASHU लिए आखों म) मालिक क्या सैफअली जिन्दा है.

NANAJI-(GUSSE म) नाम मत लो उस मनहूस का दिखाई नहीं देता उसके आने स क्या हो गया हमारा सब कुछ लूट गया ये देखो मेरे बच्चो को भी पता नहीं क्या हो गया.

उनका बस इतना बोलना था क.

चाआताआकककक

छाआआताककक

SHARMILA(NANI) न दे डाला 2 उनके कान क निचे और गुस्से म बोली.

नानी- ख़बरदार जो मेरी बेटी को मनहूस कहा तो पहले ये बताओ कहा है मेरी बच्ची.

आज पहली बार नानी न नानाजी प हाथ उठाया था वो भी पुरे घर वालो क सामने. सारे क सारे लोग एकदम स शॉक म चले गए थे किसी को भी इसकी उम्मीद HI नहीं थी और नानाजी उनकी तो पूछो HI मत .

NANI(CHILLA क्र नाना स)- कहा है मेरी बेटी बताओ मुझे

उनके यु चिल्लाने स सर्रे लोग शॉक स बहार आये.

नानाजी बिलकुल चुप खड़े थे.

नानी स ये छुपी बरदास नहीं हुई उन्होंने तो तपादो की बारिश HI क्र दी नानाजी प ये देख दोनों मामी जो मामयो क पास थी वो आ क्र नानी को संभालती है पर नानी तो बेहोश हो चुकी थी.

सभी न उनको उठाया और रूम म ले गए कीर्ति जो खभी अपनी दादी की तरफ देखती भी नहीं थी वो आज उनका इलाज करने लगी. थोड़ी देर म नानी को होश आया वो फिर स उठने को हुई और नानाजी को खोजने लगी पर वो भुद्ध तो सल्ला जैम सा गया था वही हॉल म अपनी पत्नी स मार खा क्र.

अलका ममी को लगा क सयाद उन्हें माँ (संजू) क बारे म भी बता देना चाहिए

ALKA(NANI स)- माँ जी वो संजू..

नानी- क्या हुआ क्या संजू बोल

अलका- माँ जी वो संजू जिन्दा है और इसी सहर म है.

अलका मामी की बात स सारे उनको HI देखने लगे.

अलका- वो माँ जी मोहिनी न देखा था उससे और उसके साथ पूनम भी थी.

आज का दिन इस परिवार क लिए शॉक स भरा हुआ था.

नैना ममी- ( अलका स) तुझे पता है न तू क्या बोल रही है.

मोहिनी- चची माँ सच बोल रही है वो सारे इसी सहर म है.

NANI-(MOHINI स) क्या सच म तूने उनको देखा था मेरी बची बोल न क्या वो ठीक थे खुश तो थे न वो अरे ये बता वो कहा पर थे बता न.

मोहिनी- मुझे नहीं पता जब मैं होटल स निकली तब तक वो जा चुके थे.

NANI(DONO मां स)- बीटा तुम दोनों अपनी बहनो को ढूढ़ लाओ गए न बोलो न मेरे बचो.

वो दोनों HI चुप रहे दोनों म स कोई कुछ नहीं बोलै और नानी फिर स बेहोश हो गयी.

इस बार कीर्ति को भी कुछ समझ न आया उसने तुरंत एक एम्बुलेंस मगवाई और नानी को हॉस्पिटल ले जाया गया. वह पता चला क नानी शॉक की वजह स कोमा म जा चुकी है.

ये बात पता चलते HI अलका ममी न मोहिनी को अपना सामान पैक करने बोलै और दोनों HI चल दिए अलका ममी क मायके. साथ HI मामी न रितेश मां को धमकी दी क जब तक सैफअली और संजू घर न आ जाये वो दोनों वापस नहीं आएगी. कुछ ऐसा HI नैना मामी न भी किया समशेर मां क साथ दोनों क मायके इसी सहर म थे तो वो नानी का ख्याल रख सकते थे. सायद उनको इस बात का अंदाज़ा नहीं था क उनके पति ऐसा भी क्र सकते है.

वही सुरभि( इनको अब छोटी नानी लिखूंगा) को जब सैफअली क जिन्दा होने की बात पता चली तो वो मोहित को साथ ले निकल पड़ी P.MASSI क घर उनको ये खुशखबरी सुंनने.

ये सब कुछ देख माँ को पता HI नहीं चला क वो दुखी हो या फिर खुश उनको बस एक बात HI खाये जा रही थी क ये सब उनके कारन हुआ है.

माँ- देखा न तूने बीटा सब मेरी HI वजह स हुआ है.

मेरे को गुस्सा आ रहा था माँ क बार बार ऐसा कहने प पर मैं ये भी जनता था की ये साडी बाते माँ क दिमाग म नानाजी और दादाजी क कारन HI आयी है.

मैंने उनको कोई जवाब नहीं दिया बस दादाजी क घर की कहानी दिखने लगा.

यहाँ भी उसी वक़्त स चलते है जब दादाजी घर म आये.

दोनों चाचा को भी पता चला क उनका सब कुछ बर्बाद हो गया है BLA..BLA...BLA.

दादाजी- ये सब उस कलमुही क कारन हुआ है पहले मेरे बेटे को चीन लिया फिर मेरी बेटियों को और आज मेरा सारा बिज़नेस भी उसको तो जिन्दा जला देना चाहिए.

यहाँ प थोड़ा अलग सन बना.

इस घर म 2 लड़कियां ऐसी थी जिनको गुस्सा बड़ा तेज आता था और वो किसी क साथ बुरा होता नहीं देख सकती थी और यहाँ तो बात उनके चची की थी पता नहीं उन्होंने माँ को देखा भी था या नहीं पर सुन्ना जरूर था अपनी MAA(CHACHI स) स उनके बारे म वो भड़क उठी अपने दादा क इस बात पर. वो दोनों थी PUJA(BADE चाचा की लड़की) और प्रिय (छोटे चाचा की लड़की).

{दोनों म ज्यादा जमती नहीं थी पर फिर भी जब बात किसी क सामान की हो तो दोनों एक हो जाती थी}

पूजा- वाह मर अर्पित गुप्ता वाह सही कहा आपने सॉरी तुमने ये सब कुछ मेरी चची का किया हुआ है. उन्होंने HI बदला लेने क लिए ये किया है है न.

ROHINI(BADI चची)- ये क्या तरीका है अपने दादाजी स बात करने का.

प्रिय- चची दीदी सही तरीके स HI बात क्र रही HAI(DADAJI स) है तो तेरे को लगता है ये सब छोटी चची क वजह स हुआ है तू न मेरे को ये प्रूफ क्र क दिखा बीएस.

RIDHI(CHILLA क्र)- चुप हो जा प्रिय वर्ण अच्छा नहीं होगा.

प्रिय- मैं चुप हो जॉन ठीक है मैं चुप हो जाउंगी पर मेरी एक बात सुनलो कही ऐसा न हो क एक दिन ये यही बुद्धा आपको भी मनहूस बोल आपकी जान लेने प ना पद जाये जैसे C.CHACHI क साथ किया था. उस वक़्त भी मुझे चुप रहने को बोलोगी आप अरे ाचा हुआ क इस घर का कोई चिराग नहीं आया अभी तक ऐसे घर को तो बढ़ाना भी नहीं चाहिए.

पूजा- सही कहा टुन्ने प्रिय मुझे तो अब शरणम आती है ये कहते हुए भी क मैं इस गुप्ता परिवार की बेटी हु AUR(BADI चची क ओर देख) आप माँ कही ऐसा न हो क एक दिन आपकी HI किसी बेटी को ये बुद्धा मनहूस बोल मरवा दे तब भी आप इसी का साथ डौगी न.

मैं आज HI ये घर छोड़ जा रही हु कही भी रह लुंगी पर इस नर्क म बिलकुल नहीं.

प्रिय - मैं भी आपके साथ चल रही हु.

और इसी क साथ HI दोनों न अपना सामान पावक किया और निकल चले अपने एक फ्रेंड क यहाँ.

ये सब देख मन भी शॉक हो गया मुझे नहीं पता था ये दोनों इतनी खुखार हो जाएगी.

वही माँ बस रू रही थी तभी पापा न दूर नॉक किया. माँ अपने आशु पोछने लगी.

पापा- सैफअली मोहित भैया और S.MAA(SHURBHI माँ) आये है.

माँ- मुझे पता है मैं आ रही हु.

पापा- पता है पर कैसे.

मैं- पापा माँ आ रही है न बाद म पूछ LENA.(MAA स) अब आप चुप भी करो और अच्छे स मिलना मेरे मां और नानी स.

माँ- बीटा क्या तू पूजा और प्रिय को यहाँ ला सकता है.

मैं- हां पर जब आप इनसब क लिए खुद को जिम्मेदार मन्ना छोड़ डौगी तब और मैं नानै को भी ठीक क्र दूंगा मगर जैसा इन कहा वैसा करने क बाद.

माँ- मैं कोसिस करुँगी.

फिर मैं और माँ बहार आ गए C.NANI तो माँ को देख आशुओं म HI दुब गयी और उनके गल्ले लग बहुत प्यार किया सायद माँ को भी अभी इस प्यार की जरुरत थी. मोहित मां भी उनसे मिल बड़े कुश हुए फिर. C.NANI न सबको जो नाना क यहाँ हुआ वो बताया जिससे सुन सारे शॉक रह गए.

इनको यही छोड़ चलते है उन वेटलो क पास जो एअर्थ प कब्ज़ा करना चाहते है.

ज़फर की मौत की खबर उनतक भी पहुंची सिर्फ उनतक HI नहीं सारे लोकों तक पहुंची पर ये किसी को पता नहीं था क उससे मर्रा किसने है.
 
अपडेट - 27

अब तक

नानाजी और दादाजी को सड़क प लाने क बाद मैंने माँ को वो सब दिखाया जो वह हुआ था जैसे मेरी दोनों ममियों का मायके चले जाना. पूजा और प्रिय का अपने दादा को इतना कुछ कहना और साथ HI उनका भी घर छोड़ जाना. फिर मोहित मां और C.NANI का घर आना हमसे मिलना.

आगे:-

चलिए पहले अभी दादाजी क यहाँ चलते है और देखते है क्या हुआ पूजा और प्रिय क जाने क बाद.

वो तो निकल गए गुस्से म पर अपनी माँ और बहनो क दिमाग म बड़े सवाल छोड़ गए थे.

दादाजी तो इतना सब सुनने क बाद बस अपने रूम म HI पड़े थे बिलकुल अकेले. वही हॉल म दोनों चाचा चची और दादी बैठी हुई सोच रही थी क ये क्या हो गया.

B.CHACHI-(CHACHAON S)SUNNIYE आप दोनों हमारी बच्चियों को वापस ले आइये न हम उन्हें समझाएंगे दोबारा ससुर जी स ऐसी बाते न करे.

C.CHACHI- नहीं दीदी वो दोनों सही थी मुझे नहीं लगता उन्दोनो न कुछ भी गलत कहा है हां ये मानती हु बोलने का तरीका गलत जरूर था.

C.CHACHA- ये क्या बक रही हो तुम.

C.CHACHI- सही बोल रही हु मैं माँ जी की तरह नहीं हु जो अपने बच्चो को एक गलती क लिए मरने को छोड़ दू इतनी महँ नहीं हु मई.

C.CHACHA-(CHILLA क्र) रिद्धि तुम्हे पता भी है तुम क्या बोल रही हो.

C.CHACHI(WAISE HI)- सब पता है मुझे म क्या बोल रही हु आखिर कोण स माँ बाप अपने HI बच्चो की जान का दुसमन बन जाते है अगर आप भी उन्ही बापों म से है तो बता दीजिये मैं खुद अपनी बेटियों का ध्यान रख लुंगी.

C.CHACHI का इतना कहना था क C.CHACHA न अपना हाथ उठा दिया उनपे.

चायताक

C.CHACHI उठी और अपने रूम म गयी. थोड़ी देर म HI ऋचा क साथ वो भी अपना बैग ले निकल गयी घर स और वही दादी रोटी हुई बैठी रही और दोनों चाचा मुँह फाड़े क्यू की उन्हें नहीं पता था क जो C.CHACHI इतनी शीदी है वो ये करेगी जाते हुए उन्होंने बस ये कहा "पेपर्स पहुंच जायेंगे सिग्न क्र देना"

उनके जाने क बाद

B.CHACHI-(C.CHACHA स) ये तूने क्या किया देख अब तो वो भी चली गयी. हे BAG****N ये क्या हो रहा है इस घर मई.

चलिए इनको रोने देते है और हम चलते है पूजा और प्रिय क पास.

पूजा और प्रिय घर स निकल अपने फ्रेंड क पास चली गयी जो क सोल्लगे हॉस्टल म रहती थी.

सोल्लगे का नाम तो याद HI होगा आप सबको सीज़ सोल्लगे.

अब दोनों चली गयी अपने फ्रेंड क रूम मई. अब ये ठहरा हॉस्टल ऐसे HI तो कोई आ नहीं सकता हॉस्टल म शिफ्ट होने यही बात उनकी फ्रेंड्स न उन्हें बताया.

प्रिय- दी हम घर स निकल तो गए अब यहाँ रहेंगे कैसे ये तो हमें रहने की परमिशन HI नहीं देंगे.

पूजा - अरे रुक मैं कुछ जुगाड़ करती हु.

ये दोनों परेशान थे और सोच रहे थे आगे क्या करना है.

ये एक गर्ल्स हॉस्टल था यहाँ प सोल्लगे क स्टूडेंट्स क साथ स्टाफ भी रहते थे.

प्रेमा जो की सीज़ सोल्लगे म HI पद्धति है वो गल्लारी स गुजर रही थी उसकी नजर इन् दोनों प पद गयी.

प्रेमा- HELLO आप दोनों कुछ परेशां लग रहे हो कैन ी हेल्प यू?

PRIYA-(PUJA क कान M)DI ये न हमारे सोल्लगे म पद्धति है इनसे बात करे क्या पता हेल्प क्र दे.

पूजा- यस मम एक्चुअली हम न रहने क लिए कोई जगह दंड रहे है बूत यहाँ प जगह नहीं है और न HI ये हमें अल्लोव करेंगे क्या आप हमें अल्लोव करवा डोज.

PREMA(SOCHTE हुए)- मैं 1-2 दिन क लिए तो कुछ क्र सकती हु पर उसके बाद तुम दोनों को कुछ अपना सोचना होगा.

PUJA/PRIYA- थैंक यू सो मच मम हम इतने टाइम मैं देख लेंगे सब कुछ.

और वो दोनों HI शिफ्ट क्र लेती है एक रूम मई.

बैक तो हीरो :-

यार आज C.NANI क घर म आने क बाद तो मैं घर स निकल HI नहीं प् रहा था. मैं क्या कोई भी नहीं निकला था घर स सब बस बाते HI किये जा रहे थे. यही कोई 11 बहे होंगे क मेरे पास एक कॉल आया जो क समीरा का था.

मैं थोड़ा दूर जा क्र.

समीरा- समरथ क्या आप आज आ पाएंगे हमने आपके आदेश अनुशार सारे काम क्र दिए है.

मैं- ये कैसे बात क्र रही हो तुम. हम दोस्त है समझी..

समीरा- नहीं समरथ आप मेरे राजा हो और मैं आपकी सेना की एक सिपाही.

मैं- ूए सिपाही की बच्ची ज्यादा चपड़ चपड़ मत करो समझी और फ्कले जैसे HI बात करना मेरे स और उन दोनों गधो को भी बोल देना.

वो- जी SAMRTH..I मैं ठीक है किंग.

मैं- चलो ये सही है. हां मैं कुछ HI देर म आते है. तब तक उस पंकज को रेडी रखना उसको किसी स मिलाना भी है.

वो- ठीक है समझ गयी

कॉल कट

मैं फिर स सभी क पास चला गया. कुछ देर उधर HI बैठा रहा सोचते हुए फिर शिल्पा स.

MAIN-(M2M) चलो जान आज किसी का गेम बजाना है.

S.DIDI- चलो.

S.DIDI उठी और अपने रूम की ओर चली गयी और मैं बहार फिर मैंने 2 क्लोन्स बनाये एक मेरा और एक उनका और दोनों को HI वापस भेज मैं और S.DIDI पहुंच गए बेस प सामर्रा क पास वह जा क्र मैंने फिर एक क्लोन बनाया और उसको माँ का रूप दिया उसको कुछ समझाया और पहले उसको पंकज क सामने भेजा.

PANKAJ-(MAA को DEKH)ARRE तो तू जिन्दा है चल अच्छा HI है एक बार यहाँ स निकल जाओ फिर देख तुझे कैसे पेलता हु.

MAA(C)-(DARTE हुए) नहीं ऐसा मत करना प्लीज मेरे SAATH.(EK दम स डरावनी आवाज में) तू मुझे पलेगा तू आज देख मई क्या करती हु TERA(DARI स आवाज म) प्लीज ऐसा जुल्म न करना( डरावनी आवाज) आज तू मौत की भीख मांगेगा.

पंकज को माँ को ऐसे बात करते देख कुछ समझ म नहीं आया

पंकज- कोण हो तुम बोलो.

MAA(C) का अचानक HI चेहरा बदल गया और किसी चुड़ैल की तरह हो गया.

MAA(C)- मैं है तोहरी मौत अब्बे न बच पायी तोहे.

पंकज की पहात क चार हो गयी ये सब होते देख.

क्लोन फिर स बदल गया इस बार कापा म और पंकज क सारे कपडे उतर दिए.

पंकज दर क मारे कुछ भी नहीं बोल रहा था.

क्लोन न उसको नंगा क्र दिया और फिर माँ की आवाज म बोलै.

क्लोन- तूने मेरे साथ जबरदस्ती की थी न आज मैं तेरे साथ करुँगी.

पँकहज- नहीं प्लीज मुझे छोड़ दो प्लीज तुम जो भी हो प्लीज छोड़ दो.

CLONE(MAA की आवाज म)- अरे भूल गए मुझे मैं हु सैफअली जिसके साथ तुम...

पंकज- सैफअली माफ़ क्र दो वो तो उन कमीने संजय और लकी क कारन नहीं तो मैं तो तुम्हारी पूजा करता था.

क्लोन- ऐसा क्या तो प्रसाद तो लेते जाओ. मैं किसी का उधर नहीं रखती.

और इतना कह क्र क्लोन न एक छोटे स ब्लड स उसके बॉडी प कट्स लगाने सुरु किये और तब तक करता है अब तक उसका बॉडी कट्स स भर न गया हो.

फिर क्लोन न उसको चेयर समेत उठाया और एक नमकीन पानी क तुम म धकेल दिया. पंकज दर्द और जलन स चिल्लाता रहा पर अभी क्लोन का काम पूरा नहीं हुआ था.

क्लोन न फिर एक बड़े स तुबे स कोई चीज़ उसी नमकीन पानी जो अब लाल हो चूका था उसमे गिरा दिया उस चीज़ क गिरते HI पानी का रंग HI बदल गया लाल स ब्राउन हो गया.

क्लोन- आई चूतिये सुन तू तो सेंतीसफ्त है न. चल बता मैंने ये कोण स चीज़ डाली जिससे पानी का रंग लाल स ब्राउन हो गया अगर जवाब सहीहुआ तो तुझे छोड़ दूंगा .

दर्द क कारन उसके मुँह स अब आवाज भी नहीं निकल रही थी क्लोन न फिर स वही चीज़ एक बार और दाल दी पैनी म और इसी क साथ एक भयानक दर्दभरी चिक क साथ पंकज जी अपने नर्क क रस्ते प निकल गए और क्लोन मेरे पास आ गया.

इतना सब करने म HI साम हो गयी थी मैंने समीरा स बोलै क सुरेंद्र और उस अंकित का ध्यान रखे वो D.FUFA क लिए है.

उसको और भी कुछ इंस्ट्रक्शन दे मैं घर चला आया और क्लोन्स को अपने अंदर समां लिया. मैंने ISMILE(C) को बोलै क उस अड्डे को उदा दे और वह क लोगो को भी और मेरे पास वापस आ जाये उसने भी वही किया.

चलिए अब हम रूस चलते है.

रुस्सियन माफिया हेड क्वाटर्स

ग1- ये पंकज अचानक कहा चला गया उसको अभी बहुत काम करना था उस फॉर्मूले .

ग2- हां और वो सल्ला गायब हो गया. ये बॉस भी न बेकार म उसको अपने सर प चढ़ाये रखते है.

ग3- सही कहा पर इस बार अगर फार्मूला न काम नहीं किया तो बॉस खुद उससे मार देंगे.

ग1- है सही कहा पतानहीं कब स बॉस को सपने दिखाए जा रहा है.

तभी रूम म एक आदमी आता है.

सारे गुंडे खड़े हो जाते है.

ग1- B..BB...BOSS वो P..PANKAJ कही चला गया.

बॉस- व्हाट चला गया कहा चला गया. उसका फ़ोन तरय किया या नहीं.

ग1- किया बॉस बूत उठा नहीं रहा है.

बॉस- अब ये कहा चला गया तुम सारे पता करो वो कहा गया है. ग2 तुम जाओ और उसके रूम जहा वो रुका हुआ था उसके आस पास पता करो.

सारे लोग निकल गए पंकज का पता लगाने पर इनको क्या पता क वो तो मर चूका है.

वही नरेश, डांस का बॉस परेशां हुआ बैठा था उसके पीला ये नहीं पद रहा था क एक झटके म उसके साथी गिरफ्तार कैसे हो गए और ये अर्पित और दिलावर कंगाल कैसे हो गए ये बाँदा खुश भी था और दुखी भी.

नरेश बार बार संभु को फ़ोन किये जा रहा था पर फ़ोन स्विचड ऑफ HI बता रहा था अब इन्हे क्या मालूम क इनको भी उठाया गया है.

ऐसे HI 2 दिन निकल जाते है.

सुबह 4 बजे मेरी नीड खुली मैं उठा फ्रेश हुआ तोड़ी देर ध्यान शदाना की फिर माँ पापा क साथ वो योग की. यही सब करते करते सुबह क 8 बज गए सारे लोग पहुंच गए घर1 म खाने क टेबल प. सब ने खाना खाया और सारे गेट्स निकल लिए ऑफिस शिवाय मेरे. बाकि क सारे अपने कामो म लग गए C.NANI अब हमारे साथ HI रहती है मोहित मां क साथ.

परिधि दीदी D.BUA क पास गयी और ुब्से पूछा.

परिधि DIDI-(D.BUA स) माँ वो मुझे न आपसे एक बात पूछनी थी.

D.BUA- है बोलो बीटा क्या बात है.

परिधि- वो माँ वो न 2 लड़कियां है जिनको रूम की जरुरत है तो मैं सोच रही थी उनको घर2 म HI रहने को बोल दू, वो न अपने HI सोल्लगे की है पर कुछ प्रोब्लेम्स क वजह स उनको पहले वाली जगह छोड़नी पड़ी.

D.BUA- कोई जरुरत नहीं ऐसे HI किसी को घर म रखने की.

परिधि- पर माँ मैंने तो उनको घर देखने आने को बोल दिया है. माँ मेरी फ्रेंड न मुझे उनकी मदद करने क लिए पूछा तो मैंने सोचा क बुल्ला लेती हु उन लड़कियों को.

D.BUA(THODA गुस्से म)- जब बुल्ला HI लिया तो फिर पूछ क्यू रही हो अब. पहले मैं उनसे मिलूंगी फिर ये तय होगा क वो यहाँ रहेगी या नहीं समझी और आगे स ऐसा कुछ मत करना.

PARIDHI(KHUSH हो)- OK माँ एंड थैंक यू.

D.BUA- वो सब छोड़ ये बता कब तक आईने वो दोनों.

परिधि- वो माँ बीएस आते HI होंगे मैंने उनको घर2 म बुलाया है उनके आते HI यहाँ ले आउंगी.

इतना बोल वो घर2 म चली गयी.

वही घर2 म मैं बैठा हुआ था माँ क साथ आज वो मेरे स मेरे फ्यूचर क बारे म बाते क्र रही थी क आगे क्या करने का सोचा HAI...BLA..BLA...BLA..

हम बाते HI कर रहे थे क दुर्बल बजी. मैं दरवाजा खोलने जाने HI वाला था क माँ उठ क्र चली गयी और दरवाजा खोलते HI

माँ- तुम दोनों यहाँ.

गेस टाइम:-

कोण आया होगा अभी घर2 म.
 
अपडेट - 28

अबतक

इन 2 दिनों स पंकज क GAYAB(MAR गया) होने क कारण रुस्सियन माफिया का हेड उससे कुत्तों की तरह दंड रहा था वही नरेश भी संभु को ढूंढ रहा था पर किसी को कुछ पता नहीं चला वही घर2 म किसी की एंट्री हुयी जिसे देख माँ- तुम दोनों यहाँ.

आगे:-

बहार जो कोई भी था वो आश्चर्य स माँ को देखे जा रहा था. माँ भी चौक गयी उनको यहाँ देख पर अंदर HI अंदर खुश भी हुई.

माँ न दोनों को झट स गल्ले लगा लिया पर उन दोनों क कुछ समझ म नहीं आ रहा था क कैसे रियेक्ट करे. तभी परिधि जो घर1 स आ रही थी.

परिधि- ममी ये किसको गले लगाए हो आप हमें भी मिलवाओ.

माँ उन दोनों को छोड़ क्र परिधि को बोलती है.

माँ- परिधि बीटा ये तेरी बहने है तेरे बड़े ममयों की बेटियां.

ये बात सुन परिधि क साथ साथ पूजा और प्रिय को भी चौकाने क लिए काफी थी.

परिधि- बहने पर...

पूजा- ये हमारी बहन है कैसे...

प्रिय- चची आपने हमें कैसे पहचाना और क्या ये हमारी बुआ की बेटी है.

MAA(PYAR स)- रुको इधर HI रुकना (चिल्ला क्र) सौर्य दिव्या दीदी और बाक़िओं को इधर बुल्ला जल्दी स.

मैं- क्या हुआ माँ चिल्ला क्यू रही हो पहले ये बताओ कोण आया है.

MAA-PAHLE बुल्ला उनको.

मैं- थीइक हैई फ़ोन क्र देता हु.

प्रिय- वो आपको माँ क्यू बोल रहा था चची.

परिधि जो कुछ संभल गयी थी वो बोली.

परिधि- अब अपनी माँ को माँ नहीं तो क्या नानी बोलेगा वो पहले अपना अपना नाम बताओ वो क्या है न बहुत पहले देखा था दोनों को जब तुम छोटे थे फिर हमारा मिलना HI नहीं हुआ.

दोनों न अपना अपना नाम बताया. मैं अभी भी अंदर हॉल म HI बैठा था. दिव्या बुआ और बाकी सभी की एंट्री हुई सारे कुछ बड़बड़ाते हुए आ रहे THE.WO जैसे HI सभी क पास पहुंचे.

MAA-(D.BUA स) देखो दीदी कोण आया है यहाँ.

D.BUA- वो छोड़ पहले ये बता वो सैतान सौर्य कहा है.

माँ- उसने क्या किया.. उसको छोड़ो पहले इधर तो देखो.

PUJA/PRIYA - बुआए

D.BUA/R.BUA- बुआ? हैं! (माँ की ओर देख)

कोण है ये और हमें बुआ क्यू बोल रही है.

माँ- दीदी ये न बड़े जेठ जी की बेटी पूजा है और ये छोटे जेठ जी की बेटी प्रिय.

दोनों HI इस बात स चौक जाते है.

D.BUA-(PARIDHI स) क्या यही वो दोनों है जो रेंट प रहने क लिए आने वाले थे

परिधि ने बीएस गर्दन हां म हिल्ला दी.

R.BUA-(AJEEB स टोन म) पर ये दोनों यहाँ क्या क्र रही है

PRIYA/PUJA न फिर उनको सब बताया जो अपने घर स निकलने तक हुआ था.

D.BUA- तो उन लोगो न तुम दोनों को रोका तक नहीं. ये सारे कभी सुंदर नहीं सकते घर की बेटियों की कोई कदर HI नहीं है इनको.

R.BUA ने दोनों को गल्ले लगाया.

R.BUA- सही कहा दीदी उनके साथ ाचा HI HUA.(PUJA/PRIYA स) चलो तुम दोनों अंदर.

D.BUA-YE दोनों यहाँ रेंट प नहीं रहेगी.

उनका इतना कहना था क सभी जो वह खड़े थे उनको देखने लगे.

MAA/MOM- पर दीदी ये फिर जाएँगी कहा प्ल्ज़ इन्हे रहने दो.

P.MAASI- है भाभी क्यू इनको सज़्ज़ा देना जब की गलती तो किसी और की है न इन दोनों न क्या किया.

R.BUA- नहीं दीदी ये यही रहेगी हमारे पास मैं इन्हे नहीं जाने दूंगी.

D.BUA- अरे ये यही रहेगी पर रेंट प नहीं भला कोई अपने घर भी रेंट प रहता है क्या.

MAIN(CHILLA KR)-MAA D.BUA नहीं आयी क्या अभी तक और आप क्र क्या रहे हो वह अंदर आ जाओ.

D.BUA का मेरी बात सुन्ना था क वो बोल पड़ी

D.BUA- आ गयी हु और आज तो तेरी अकाल ठिकाने लगा क्र HI मानूगी.

इतना बोल वो दौड़ पड़ी घर क अंदर और मैं भाग गया ऊपर अपने रूम म हस्ते हुए.

सभी अंदर आये.

माँ- क्या हुआ दीदी क्या किया उसने आप बताओ मुझे मैं उसको सही करती हु.

परिधि- माँ आप क्यू पीछे पड़ी हो उसके.

P.MAASI- मैं बताऊ मैं बताऊ.

माँ- नहीं मैं बताती हु.

R.BUA- अरे ऐसे कैसे मैं बताउंगी.

माँ- क्या किया उसने बताओ पर कोई एक रुको दिव्या दीदी आप HI बता दो.

D.BUA- वो फ़ोन प मुझे तेरे जीजू को छोड़ दू और उसकी गफ बन उसके साथ डेट प चालू की बात बोल रहा था और और.. रुको मैं HI उससे बताती हु.

इतना बोल D.BUA मेरे रूम क दरवाजे क पास आ गयी.

वही नीचे सारे हसने लगे.

D.BUA- दरवाजा खोल.

मैं- नहीं डार्लिंग आप मरोगी.

D.BUA- डार्लिंग क बच्चे दरवाजा खोल.

मैं- पहले बोलो आप मुझे मरोगी नहीं.

D.BUA- चल ठीक है नहीं मरूंगी अब बहार आ देख तेरी बहने आयी है तुझसे मिलने को.

MAIN(MAAN म)- अब कोण आ गया ये नाना क यहाँ स कोई हो नहीं सकता, दादा क यहाँ स नहीं वो दोनों तो किसी फ्रेंड क पास गए है न तब ये कोण स बहने आ गयी.

मैंने दरवाजा खोला क D.BUA न मुझे पकड़ लिया.

D.BUA- तेरे को किश चाहिए मेरे स चल निचे बताती हु तुझे किश क बचे.

मैं- बुआ अपने बोलै था नहीं मरोगे.

D.BUA-HA है पता है चल देख कोण आया है तुमसे मिलने.

हम निचे गए और उन्दोनो को देख मेरे मुँह स निकल गया.

मैं- आप दोनों इधर आप तो फ्रेंड क यहाँ गए थे न.

सारे वह प खड़े लोग चौक गए सिवाए दो जानो क एक माँ और एक शिल्पा क.

SHILPA(M2M)- अब आप फस गए अब दो जवाब इनसभी को

D.BUA- तू इन्हे जनता है पहले स.

मैं- नहीं तो मैं नहीं जनता.

R.BUA- तो तुम इन्हे देख ऐसे क्यू रियेक्ट किया और तुझे कैसे पता क ये फ्रेंड क यहाँ गयी थी.

मैं- WO..WO... है वो मैं न मेरे दोस्त क यहाँ गया था तो उसने मुझे बताया क इन दोनों न बोलै क मैंने सुन्ना क ये दोनों ...

माँ- एआईए क्या बाके जा रहा है साफ़ साफ़ बोल तू इन्हे जनता है क नहीं.

मैं- नहीं माँ

PUJA/PIHU- एक मं ये क्या था पहले ये चची को माँ बोलता है फिर आपको माँ ये क्या है.

माँ- बीटा आप दोनों न जाके पहले फ्रेश हो जाओ ये बड़ी लम्बी स्टोरी है समझी इसमें वक़्त लगेगा. आप दोनों जाओ परिधि और शिल्पा आपकी हेल्प क्र देगी सामान रखने म. चलो जाओ अब.

PUJA/PRIYA(CONFUSED थी फिर BHI)-THIK है चची.

चलो इनको यही छोड़ हम चलते है रूस म अपने हेड भाईसाब क पास इनका नाम आगे पता चलेगा.

ये अपने घर क बन इ बार म बैठे सरब पि रहे थे. सरब नहीं वोडका वो क्या है न रूस म अगर वोडका को आप सरब बोलो तो लोग गुस्सा हो जाते है पता नहीं क्यू.

हां तो हेड बैठा सरब पि रहा था.

तभी उसका फ़ोन बजा.

ग4- भाई वो कही नहीं मिला पूरा रूस छान मारा हमने.

हेड- तो उससे क्या जमीं निगल गयी क आश्मान. वो रूस छोड़ क्र गया नहीं उसका पासपोर्ट उसका सारा सामान यही पड़ा है तो वो गया किधर.

ग4- बॉस कही सीक्रेट सर्विस वाले तो...

हेड- नहीं अगर उनके पास होता तो मैं कब का उससे बुल्ला लेता. एक काम करो उसके बैग्स म एक ब्लू कलर की डेरी होगी उससे ले ावो और ाखि स भी कुछ साइंटिस्ट भरोसे क साइंटिस्ट्स का इंतजाम करो.

ग4- बॉस किसी को भी उठा लेते है न.

हेड- जितना बोलू उतना HI क्र.

ग4- ठीक है बॉस.

HEAD(KHUD स)- ये सल्ला PANKAJ,ISNE भी मुझे धोका दिया हर बार इतने करीब पहुंच क्र भी मैं वो पा नहीं सका पहले वो दोनों PATI-PATNI और अब ये पंकज भी. अगर वो डेरी उधर मिल गयी तो सायद कोई और मुझे वो बना क्र दे सके.

खुद स HI बाते करते हुए वो वोडका पिता रहा.

अब चलते है कही और हम्म्म्म है चलिए देखते है ये नानाजी और मां क्या क्र रहे है.

ये तीनो ट्रैन क जनरल डिब्बे म बैठे है. ट्रैन कुछ देर म माधवपुर नाम क एक गाओं क स्टेशन प रुकी और तीनो HI थोड़ा डरते हुए ट्रैन स उतरे. ट्रैन चली गयी, पूरा स्टेशन HI खली पड़ा हुआ था यहाँ तक रेलवेज का कोई बाँदा भी नहीं दिख रहा था यहाँ.

C.MAMA- पापा क्या हमें यहाँ आना चाहिए था वापस देखो आज भी सब वैसा HI है मुझे तो अभी स दर लग रहा है.

नानाजी- बीटा और कोई ठिकाना नहीं बचा अब हमारा बीएस एक इस गाओं म जो पुस्तैनी घर है वही है अब.

B.MAMA- पर पापा हम यहाँ कैसे रह पाएंगे आप तो कहते थे क यहाँ प म...

नानाजी- चुप हो जा कितनी बार बोलै है नाम नहीं लेते उसका पर तुम लोग सुनते HI नहीं. अब चलो यहाँ स पैदल HI जाना होगा वैसे भी देर हो रही है.

और इसी क साथ HI तीनो जल्दी जल्दी अपने गाओं क घर की ओर जाने लगते है.

ये एक बड़ा सा गाओं है मादवपुर पहले यहाँ प राजाओ का राज हुआ करता था यहाँ क जो राजा थे वो मेरे नानाजी क पूर्वज हुआ करते थे पर कुछ हुआ था जिसकी वजह स यहाँ मनहूसियत न अपना डेरा जमा लिया था.

जब नानाजी न शादी की उस के बाद HI वो ये गाओं छोड़ चले गए थे अपने बड़े भाई और भाभी को छोड़ क्र और आज न जाने कितने सालो बाद लौटे है.

जब नानाजी और बाकि क दोनों GHAR(MAHAL कहना ठीक होगा) क तरफ आ रहे थे तभी एक गाओं वाले न उनको देख लिया. अब उस बन्दे न जो नाचना सुरु किया क पूछो HI मत चीला चिल्ला क्र नाचते हुए सबको वह एकता क्र लिया.

ा1- ारी धीरू देखो रे कोण आया अब तो दुःख जायेगा रे अपना हम भी खुसी स जीऊंगा आई बिसुआ ारी कजली देखो रे कोण आया, ोू पुस्पा रानी देख तो कौन आया.

वो पागलो की तरह चिल्ला चिल्ला क्र सबको इकठा क्र लिया. वही नानाजी क कुछ समझ म HI नहीं आ रहा था क ये किसकी बात क्र रहा है.

जब भीड़ न नानाजी को देखा तो सभी क चेहरे HI खिल उठे.

ा2- अरे ी तो मंजले मालिक है एही तो ू मसीहा क ले के ावेंगे.

उसका इतना बोलना था सभी लोग नानाजी को उठा क नाचते गाते महल की ओर ले गए साथ HI दोनों मां को भी.

जब महल क पास पहुंचे तो उन्हें कोई दिखा की साड़ी भीड़ HI एकदम स चुप हो गयी और सभी झुक गए यहाँ तक क नानाजी भी बीएस दोनों मां को छोड़.

नानाजी- ारी निचे झुक ये तेरे बड़े चाचा गोपाल सिंह है और यहाँ क राजा.

C.MAMA- क्या राजा पर..

B.MAMA- पापा लगता है आपको कोई सदमा लगा है इस ज़माने म अब कोई राजा वजा नहीं होता.

नानाजी- चुप चाप झुक जाओ वर्ण खाल उडद दूंगा दोनों की.

दोनों भी झुक गए.

गोपाल SINGH-(KADAK आवाज म) खड़े हो जाओ सभी.

सारे लोग खड़े हो गए.

G.SINGH- दिलावर इधर.

नानाजी डरते हुए वह गए की

छाआआताआक चाआताक

G.SINGH- हिमत कैसे हुई थी तेरी इस गाओं स बहगने की बोल.

नानाजी बस अपने गाल प हाथ रखे चुप चाप कड़े रहे.

G.SINGH-(DONO मां की ओर देख) ये तेरे बेटे है न.

नानाजी न बस हां म गर्दन हिल्ला दी.

G.SINGH न उन दोनों को अपने पास बुलाया दोनों की फटी पड़ी थी उनके सामने HI किसी न उनके बाप को मारा और इनका बाप चुप भी रहा. दोनों धीरे धीरे आगे बड़े.

G.SINGH न अपना हाथ उनके तरफ किया दोनों HI कूद क पीछे भाग गए.

G.SINGH- डरो नहीं मैं तुम्हारा चाचा हु और तुम्हारे बाप को बीएस उसकी गलती की वजह स मारा है और कुछ NHI.(LOGO स) साम होने को है आप सभी घर जाये ताकि कोई आनर्त न HO.(NANAJI स) तू घर चल तेरी भाभी HI तेरे को समझाएगी.

नानाजी- JJJ...JJ...JI भैया

और फिर सभी लोग अपने घर जाने लगे.

ये तीनो भी G.SINGH क साथ चल दिए महल म.

महल बहुत बड़ा था न जाने कितने कमरे थे पर फिर भी खली सा HI रहता THA(AAGE पता चलेगा क्यू).

महल जाने तक किसी न कोई बात नहीं की.

महल क गेट पर HI दो औरते पूजा की थल लिए कड़ी थी और एक आदमी खड़ा था.

औरतों न तीनो की आरती उतरी फिर.

AURAT1-(GUSSE म टॉन्ट करते HUE)Q देवर जी आपको तो यहाँ की याद HI नहीं आती थी.

NANAJI-N.NN.NAHI भाभी वो घर परिवार म व्यस्त रहते थे तो...

आदमी- भैया तो क्या यहाँ आपका कोई था HI नहीं. ये पूरा गाओं आपके आने का न जाने कब स इंतजार क्र रहा था आपको पता भी है.

NANAJI-MERA इंतजार क्यू.

G.SINGH- वो छोड़ ये बता शर्मीली बहु नहीं आयी और सुना था तेरी बछिया भी है और इन दोनों की भी शादी बचे हो गए है. कहा है बाकी सारे

NANAJI-(GHABRA क्र) भैया आप तो जानते HI हो इस गाओं क बारे म तो मैं कोई रिस्क नहीं लेना चाहता था वो सभी ठीक है और मैं उन्हें ले क्र AAUNGA(JHOOT)

औरत1- ये बताइये देवर जी क इन दोनों को छोड़ हमारे और कितने भतीजे भतीजी है.

नानाजी- जी इनको छोड़ बीएस 2 लड़कियां है.

आदमी1- 2 लड़कियां पर भैया ी पवन तो बोलता था क 4 है.

नाना जी का दिमाग घूम गया ये सुन क्र की इनको ये सब पता है.

NANAJI-(BANAWATI गुस्से म) मेरी सिर्फ 2 HI लड़कियां है एक अनुराधा और एक पूनम ओर कोई नहीं.

G.SINGH- चलो अंदर चलो तुम सब थके HOGE.(AADMI1 स) एम्बर जरा उन साधु महराज को बुलवा लाना कल हमें कुछ काम है.

एम्बर सिंह- जी बड़े भैया.

सभी अंदर चले गए इन तीनो को अपना अपना रूम मिल गया तीनो फ्रेश हुए नहाया खाया और आराम करने चले गए.

वही एम्बर सिंह, उनकी पत्नी मेघा सिंह दोनों HI चल पड़े गोपाल सिंह क पास जहा पहले स HI गोपाल की पत्नी माधुरी सिंह थी.

A.SINGH- भैया ये कैसे हो सकता है मसीहा को तो इन्ही की लड़की होना चाहिए था और उसका नाम भी "स" स सुरु होना चाहिए था फिर.

MADHURI-HA देवर जी हमें लगता है ये कुछ तो छिपा रहा है हमसे.

मेघा- सही कहा दीदी और वैसे भी शर्मीला दीदी इनको अपने बिना यहाँ नहीं आने देती.

G.SINGH- एम्बर एक काम करो सहर म पवन स पता कराओ क क्या हुआ है वैसे भी वो भी बहुत सालो स गाओं नहीं आया कोई खबर देने. हम तो कहते है तुम खुद चले जाऊ बहु क साथ और पता लगा क HI लौटना सब कुछ.

एम्बर- ठीक है भैया जैसा आप KAHE.(MEGHA स) जाओ तयारी करो सहर जाने की हम कल सुबह HI निकलेंगे.

G.SINGH- फ़ोन प बता देना जब पहुँचो तो.

और इसी क साथ सभी अपने अपने कामो म लग जाते है.

बैक तो हीरो:-

साम का वक़्त हो चूका था पूजा और प्रिय को सभी न पूरी कहानी सुन्ना दी थी बीएस वो फार्मूला की बात को छोड़ क्र 2NO को बहुत बुरा लगा ये सब कुछ जान क्र. दोनों HI अभी भी घुलने मिलने की कोसिस क्र रही थी सब स.

थोड़ी देर म सारे गेट्स भी आ गए अब उनको भी दादा जी क यहाँ जो कुछ हुआ वो बताया गया वो सरे भी शॉकेड रह गए क इन दोनों लड़कियों न इतना कुछ कह डाला.

पापा- अरे तुम दोनों तो बिलकुल मेरी भाभियों प गए हो वैसे HI गुस्सैल है है है.

माँ- आप भी न क्यू उनको परेशां क्र रहे HO.(DONO क गाल प हाथ फेरते) ये कोई गुस्सैल नहीं है ये तो मेरी प्यारी सी भतीजियां है.

SAIFALI-(TIYA स) दीदी दीदी एक बात बताओ मेरी और कितनी दीदियां है.

तिया- गुड़िया मुझे तो खुद पता नहीं है पहले तो हम तीन HI थे फिर आप मिले फिर वो परिधि दीदी फिर 2 और और अब 2 और. आप न अपनी मम्मी स पूछो उनको पता होगा.

D.BUA- बीटा आपकी न 14 बहने है और 2 भाई.

प्रदीप- बाप रे बाप माँ वो रक्षा बंधन कब है इस साल.

माँ- क्यू क्या हुआ वो तो सायद अगस्त म है.

प्रदीप- वो मैं सोच रहा था की मैं और सौर्य एक दो बैंक लूट आये तब तक अब इतना को गिफ्ट्स देने होंगे तो पैसे तो लगे गए न.

मैं- भैया आप प्लान बनाओ मैं रेडी हु.

सभी हसने लगते है.


ऐसे HI बातो म वो दिन भी काट गया अभी सहर म बड़ी सन्ति थी क्यू की यहाँ क डांस या तो रॉ क पास थे या सरब म दुबे हुए.

नेक्स्ट डे

चलिए रूस स सुरु करते है. यहाँ पर जो हेड है अपने रुस्सियन माफिया का वो किसी का वेट क्र रहा है.

इतने म ग4 की एंट्री हुई.

हेड- मिला वो डेरी या नहीं.

G4(DARTE हुए)- बॉस वह प डेरी नहीं है एक कागज है जिस पर किंग लिखा हुआ है.

हेड- क्या डेरी नहीं मिली पर कैसे मैंने खुद पंकज को वो डेरी उदर रखते हुए देखि थी और ये किंग क्या है अब.

ग4- भाई इंडिया म कोई किंग क्र क HI है जो हमारे सारे धंदे बंद करवा रहा है मुझे लगता है वही तो नहीं.

बॉस- इंडिया म मेरे जितने भी लोग है उनसे मीटिंग फिक्स करो जल्दी.

दोस्तों सायद मैं कुछ चरक्टेर्स क बारे म बताना भूल गया था उसके लिए सॉरी.

चरक्टेर्स इंट्रो:-

नरेश- ये बाँदा दादाजी और नानाजी का दोस्त हुआ करता था. दुनिया की नज़रो म बड़ा सरीफ पर था एक खुनी दरिंदा. नानाजी और दादाजी ने इसकी सचाई पता चलने प पूरी दुनिया को बता दी. सच पता चलने प इसकी पत्नी इसको अपने बेटे बेटी क साथ छोड़ क्र चली गयी. ये आज भी उसके लिए नानाजी और दादाजी को HI दोसी मंटा है.

संभु- ये है नानाजी का अकाउंटेंट पर कुछ कारणों की वजह स ये अब उनसे नफरत करता है और उनसे बदला लेने क लिए डॉन बन बैठा है.

किरण- ये एक EX-RAW एजेंट है जिसने अपने भाई क मौत का बदला लेने क लिए रॉ छोड़ा था क्यू की इसके टीम लीडर न इससे उस वक़्त बदला लेने नहीं दिया THA.YE अपने माँ और भाई क साथ HI रहती थी पर अब बिलकुल अकेली है.

ज़फर- ये वेताल लोक क सेना का उपसेनापति है जो किसी प्लानिंग क हिसाब स जिनलोक प कब्ज़ा करने आया था.

गोपाल सिंह- नानाजी क बड़े BHAI.MAHARAJ ऑफ़ मादवपुर.

माधुरी सिंह- G.SINGH की पत्नी.

एम्बर सिंह- नानाजी क छोटे भाई.

मेघा सिंह- A.SINGH की पत्नी

दोस्तों अब शुरू होगा किस्सा माधवपुर का जो माँ को उनकी असली जगह प पहुचायेगा पूरे परिवार को एक करेगा.

यहाँ स आपको उस फार्मूला का सच भी पता चलेगा और वो माँ पापा की स्टोरी भी.

कीप रीडिंग एंड सपोर्टिंग
 
अपडेट - 29

अबतक:-

नानाजी दोनों मां क साथ मादवपुर पहुंच गए वह उनके बड़े भाई क पास. वही अपने रुस्सियन मफ्फिए क हेड न मीटिंग बुलाई थी इंडिया म उनके सारे आदमियों की.

आगे:-

चलिए सुबह सुबह मादवपुर घूम आते है. सहर म रहने क कारन जो मेरे नानाजी और मां जी थे उनको देर स उठने की आदत थी.

अब बाकी सारे तो उठ गए थे यहाँ तक क अम्बर सिंह तो निकल भी गए सहर क लिए मेघा क साथ.

करीब 9 बजे आँख खुली इन तीनो की किसी क चिल्लाने की आवाज सुन क्र.

पहले छोटे मां उठे और चल दिए आवाज की ओर तो पाया कोई साधु टाइप आदमी चिल्ला रहा है.

उसके बाद नानाजी और बड़े मां भी आये. वो साधु बड़ा HI गुस्से म लग रहा था और G.SINGH और माधुरी उसको मानाने म लगे हुए थे. जैसे HI उस साधु की नजर नाना जी प पड़ी वो तो बौखला उठा.

साधु- अरे दोस्त, पापी कैसा इंसान है तू जो अपने HI बच्चो को मरने पे आ गया वो तो अभी उनके कुछ महत्वपूर्ण कार्य बाकी थे जो उस ईश्वर न उन्हें बचाये रखा.

(G.SINGH स) गोपाल मेरी बात मान इन तीनो बाप बेटो को उस स्वेतात्मा को यहाँ लाने बोल एक वो HI है जो इस गाओं का यहाँ क लोगो का भला क्र सकती है बोल इस दोस्त स उनको वापस लेन को अगर वो न आयी तो विनाश आएगा वो आ जाएगी वापस जो सूती है दिन क उजाले म और रात को निकलती है वो उजाले म भी आने लगेगी उसकी शक्तियां उसको वापस मिलती जा रही है बोल इस दोस्त को उससे बुल्ला लाये बोल इस पापी को.

वो साधु ऐसे HI बोलते हुए महल स निकल जाता है.

G.SINGH-(GUSSE म) दिलावर ये तूने क्या क्र दिया रे जिस कुल म बेटियों को देवी माना जाता है उसी कुल की बेटियों को तूने मारने का दुशाहस किया अगर तू HI वो जरिया न होता जिसके द्वारा वो मसीहा यहाँ आएगी तो कसम है भद्रकाली की अभी तेरी गर्दन उनको चढ़ा देता. जा यहाँ स और ले क्र आ अपनी साड़ी बेटियों को परिवार SAHIT.(DONO मां स) तुम दोनों तो इस कुल इस खंडन क कहलाने लायक भी नहीं जो अपनी HI बहनो की रक्षा न क्र सके अरे अब KM-S-KM अपनी बेटियों की HI रक्षा क्र लो बुलावो उनको भी अपनी मायों क साथ.

TINO(DAR स कापते हुए)- जी जैसा आप कहे.

MADHURI-(GUSSE स लाल हो)- एक बात और सुन ले दिलावर अगर शर्मीला वापस इस घर म सही सलामत नहीं आयी तो तू जनता है मैं क्या क्र सकती हु याद है न वो दिन.

NANAJI-(DAR स खपते हुए) नहीं भाभी आप जैसा कहोगे वैसा HI होगा मैं सब ठीक क्र दूंगा मैं सबको ले आऊंगा पर आप..

G.SINGH- वही अच्छा होगा अब निकलो यहाँ स एम्बर और मेघा भी वही है वो तुम्हारी मदद क्र देंगे उनको वापस लाने म पर एक बात याद रहे मुझे वो चारो चाहिए इस घर म वो भी 2 वीक क अंदर

समझा न.

नानाजी- जी.

इतना सुनने क बाद तीनो बाप बेटे बिना कुछ खाये निकल पड़े सहर की ओर इस बार गाओं वाले उन सभी को घृणा की नज़र स देख रहे थे ऐसा लग रहा था क वो तो इन् तीनो का खून HI क्र देंगे वो भी बड़ी बेरहमी स.

तिण्णो भागे स्टेशन की ओर.

करीब 11 बजे एक ट्रैन आयी उस ट्रैन स मेरे दादाजी निकले और साथ म थे दोनों चाचा और दादी सायद उन्होंने बड़ी चची को भी मायके भेज दिया हो.

दादाजी को स्टेशन प HI नानाजी दिख गए जो की बहुत HI दर्रे हुए और परेशां थे.

दादाजी- क्या हुआ दिलावर.

नानाजी- अर्पित तू तू यहाँ क्या क्र रहा है.

अर्पित- दोस्त सब ख़तम हो गया सबकुछ तेरी उस मनहूस बेटी की वजह स. मेरा घर कंपनी सब कुछ अब तो बस एक बड़े भैया HI सहारा है तो वही गाओं आ गए है तुम बताओ तुम यहाँ कैसे और भाभी जी नहीं दिख रही बीएस लड़के HI है.

NANAJI-ARRE वो कुछ काम स आया था अब वापस जा रहा हु सहर एक अर्जेंट काम आ गया है.

इतने म सहर जाने वाली ट्रैन आ गयी और नानाजी अपने बेटो क साथ निकल गए ट्रैन स.

{दिलावर SINGH,ARPIT गुप्ता और नरेश शर्मा तीनो HI पक्के दोस्त थे गाओं स HI बचपन स. नरेश जो था वो 13 साल की उम्र म भाग गया सहर इस गाओं की परेशानियों और अपने माँ बाप क मार क कारन. वह जा उसने अंडरवर्ल्ड क लिए काम करना चालू क्र दिया कुछ 3 साल बाद वो गाओं वापस आया तब तक ये बड़ा आदमी बन चूका था. वो यहाँ प अपने दोस्तों अर्पित और दिलावर की शादी म आया था. उसने दोनों को HI सहर क AISO-AARAM क बारे म बताया और उनके दिमाग म तरह तरह क बाते भर दे. शादी क 6 महीने बाद HI दोनों सहर भाग गए. करीब 1 साल बाद वापस आये दोनों और देखते HI देखते अपनी पत्नियों को भी भगा ले गए सहर. वह प उन दोनों न नरेश क साथ मिल एक कंपनी खोली थी. उन्हें उस वक़्त पता नहीं था इस कंपनी को बनाने म लोगो का कितना खून बहा है. नरेश न भी शादी क्र ली. कुछ साल ऐसे HI बाईट अब तीनो दोस्तों क 2-2 बचे हो गए थे. कुछ HI अरसा सही स गुजरा क दिलावर को पता चल गया नरेश क काले धंदो का और उसने ये बात अर्पित को बता दी. जब ये बात दोनों न दुनिया क सामने लाया तो सब कुछ बदल गया नरेश की बीवी उसके बचो क साथ चली गयी नरेश जेल चला गया और इन् दोनों न कंपनी को आपस म बात लिया और अलग अलग बुसिनेस्स करने लगे}

वही दादा जी भी चल पड़ा अब अपने घर की ओर.

{मादवपुर करीब 60 गाओं को मिला क्र बनता है ये बहुत बड़ा इलाका है इस गाओं म कुछ खास परिवार है जो की :-

1.सिंह परिवार

2.गुप्ता परिवार

3.यादव परिवार

4.पांडेय परिवार

चारो HI समझ लो इस गाओं क हेड्स थे चारो क पास वही महल जैसे घर थे. अब इनमे न जो यादव परिवार है उनकी किसी स नहीं बनती थी वही पांडेय परिवार को तो जैसे किसी स मतलब HI न हो अगर कोई दोस्त की तरह आये तो ये भी दोस्त है और अगर दुसमन की तरह तो ये दुसमन है.

वही गुप्ता परिवार और सिंह परिवार की बड़ी जमती थी.}

ये जब घर पहुंचे तो इनके बड़े भैया बिसम्भर गुप्ता जी और भाभी कुंती गुप्ता क साथ इनकी छोटी बहन अंजू और ANUPAM(GHAR जमाई है) गेट पर HI खड़े मिले पहले तो इनका भी स्वागत हुआ बड़े अच्छे स है दादाजी को कुछ मार कहानी पड़ी बिसम्भर जी स पर सब ठीक थक HI रहा.

इनको यही छोड़ अब चलते है हम हीरो क पास:-

सुबह सुबह अपना हीरो यसनी क मैं 4 बजे उठ गया फिर वही योग धयान थोड़ी एक्सरसाइज. मैंने अब पार्क जाना HI छोड़ दिया था.

करीब 6 बजे पीहू आ गयी उससे आज 2 नए स्टूडेंट्स मिल गए अब वो लग गयी उन्हें सीखने मई.

सभी न फिर फ्रेश हो नास्ता किया और अपने अपने काम प चले गए मैं भी घर स दोस्त का बोल निकलने HI वाला था क D.BU न पूछ लिया.

D.BUA- अरे सौर्य तूने सोल्लगे क लिए कुछ सोचा क नहीं.

मैं- क्या डार्लिंग अब जब मेरी खुद की गफ HI वह की डीन है तूझे क्या सोचना वो HI मेरा सब कुछ देख लेगी.

माँ- नहीं बीटा अपनी पहुंच स कोई भी चीज़ हासिल करना अच्छा नहीं होता समझा तू खुद जायेगा वह फॉर्म भरेगा और सारे फॉर्मलिटीज पूरा करेगा.

मैं- क्या माँ आप भी न देखो तो सही मेरी डार्लिंग बुआ वह की डीन है मेरी प्यारी स दीदी परिधि वह प पद्धति है और आप..

D.BUA- नहीं सौर्य सैफअली सही कह रही है तुम्हे खुद जाना चाहिए और तुम अब स इस आलसी परिधि स दूर HI रहना समझे सबको बिगड़ रखा है इसने.

PARIDHI(TUNAK KR)-MOOOOM.

P.MAASI- क्या भाभी आप भी हमारी परिधि कोई आलसी नहीं है.

मैं- हां तभी तो पानी भी मुझसे HI मागवती है ये.

PARIDHI(GUSSE स)- सौर्य क बच्चे रुक तुझे बताती हु. देखो न मामी ये मुझे तना मरता है.

माँ- क्यू परेशां करता है उससे. तू आज HI चला जा सोल्लगे अपनी बुआ क साथ आज स HI एडमिशन शुरू होने वाले है.

D.BUA- हां चल तू और (R.BUA स) ये शिल्पा भी तो हायर स्टडी क्र सकती है न उससे भी बोल दे आने को अभी स क्या ऑफिस जाने लगी है.

R.BUA- मैं आपसे यही बात करने वाली थी दीदी. (शिल्पा स) बीटा जा अपने डाक्यूमेंट्स ले और चली जा इनके साथ और आगे की पढ़ाई क्र अपने भाई बहनो क साथ समझी और पापा की चिंता मत करना उनसे म बात क्र लुंगी.

S.DIDI- ठीक है माँ

परिधि- आओ तुम सारे सोल्लगे म उदर बताती हु तुम्हे बड़ा परेशां करते होना इधर सभी को सबक...

D.BUA- तुझे नौकरी स निकलवा दूंगी अगर कुछ किया तो सामजी.

परिधि- मैं तो बीएस ऐसे HI मजाक क्र रही थी माँ आप भी न.

चलो इनको जाने देते है सोल्लगे

हम चलते है D.FUFA क पास जो क इस वक़्त बेस प थे और उनके सामने पड़ी हुई थी पंकज की लास. हुआ ये क पंकज की मौत क बाद मैंने समीरा स बोलै क इसके बॉडी को अभी डीप फ्रीजर म रख दो. उसने भी रख दिया बॉडी की बड़ी ख़राब हालत थी हर जगह कट्स और उस केमिकल जो क्लोन न नमकीन पानी म डाला था उसकी वजह स स्किन क्या मसल्स भी गाल गए थे.

आज अपने D.FUFA जब आये बेस प तो खुश नज़र आ रहे थे आते HI उन्होंने शूटिंग रेंज प थोड़ी देर प्रैक्टिस की और फिर पानी निकलने चले गए पिने क लिए फ्रिज स. फ्रिज क बगल म HI वो डीप फ़्रीडगर पड़ा हुआ था जो क हमेशा बंद रहता था पर आज चालू था उत्शुकता पूर्वक उन्होंने उसको खोला और वो लास उनके सामने आ गयी.

लाश की हालत देख वो ये भी भूल गया क इसी ने उसके दोस्तों और बीवी क साथ क्या क्या किया था.

इतने म समीरा आयी और डीप फ़्रीडगर क दूर को बंद क्र दिया

D.FUFA(HAIRAT स)- ये किसने किया समीरा.

समीरा- वो किंग आया ठुस्सी ने ये पंकज आपके और आपकी फॅमिली क बारे म बहुत बुरा भला बोले जा रहा था और तो और ये रुस्सियन माफिया की धमकी भी दे रहा था किंग को फिर क्या था किंग को गुस्सा आ गया और उसने फिर जो किया उसका अंजाम आपके सामने था.

D.FUFA- ये किंग इतना क्रूर कैसे हो सकता है मैं भी एजेंट हु मैंने आज तक ऐसा इंसान कभी नहीं देखा है.

समीरा- मैंने भी नहीं पर किंग न जो किया ाचा HI किया होगा और सोच समझ क्र.

D.FUFA- है सही कहा तुमने अच्छा अभी वो किधर है.

SAMEERA-PATA नहीं. वैसे उसने आपके लिए कुछ तौफे चोदे है.

D.FUFA- अब मुझे कुछ नहीं चाहिए मैं जा रहा हु.

और इतना कह वो निकल पड़े समीरा पीछे स आवाज देती रही पर वो रुके नहीं.

दोस्तों अभी क लिए इतना HI पर ये अपडेट आगे भी बढ़ेगा और सोल्लगे म आपको एक नया साइड मिलेगा स्टोरी का
 
अरे अभी तो आप देखते जाओ बीएस ये नानाजी क साथ साथ दादाजी की भी बजने वाली है और अपना हीरो और प्रदीप उन सभी की कैसे बजाते है.

यार बॉडी की हालत HI इतनी ख़राब थी क पूछो HI मत (मैं भी अच्छे स एक्सप्लेन नहीं क्र पाया अपडेट म सॉरी फॉर तहत) चेहरा खौफ स भरा हुआ आखें दर्द क कारन बहार आने को. सरीर क मसल्स और स्किन्स भी गले हुए थे उस केमिकल की वजह स ऊपर स वो सारे कट्स और उनपे जमा हुआ खून .

थैंक्स भाई

कीप रीडिंग एंड सपोर्टिंग
 
UPDATE-29(CONTINUES)

D.FUFA तो निकल लिए बेस पर स बिना किसी की सुनने इनको जाने देते है और हम चलते है सोल्लगे जहा हीरो का पास्ट उसके प्रेजेंट म दस्तक देने वाला था.

करीब 1ो:30 म हम सोल्लगे पहुंचे आज पहला दिन था एडमिशन क लिए सायद यही वजह होगी क एडमिशन की लाइन्स ज्यादा लम्बी नहीं थी. चुकी शिल्पा को हायर स्टडीज म एडमिशन लेना था तो बुआ उससे कुछ समझने क लिए और किसी स मिलाने क लिए अपने साथ ऑफिस म ले गयी और मुझे वही छोड़ गयी लाइन म लग क्र फॉर्म भरने को.

मैं भी एक फॉर्म उठा उसको भरने लगा.

मैं अपना फॉर्म भर HI रहा था क तभी किसी की आवाज सुन मेरा ध्यान उसकी तरफ गया और मेरी आखें KHUD-B-KHUD भर गयी.

मैं उसके पास जा.

मैं- तन्नू तुम यहाँ.

वो फुल ऐटिटूड म मुद क्र बोली.

तनु- छी मुझे नहीं पता था क इतने बड़े सोल्लगे म भिखारिओ की भी एडमिशन होती HAI.(APNI एक दोस्त स) चल हम कही ओर एडमिशन ले लेंगे पर यहाँ नहीं.

उसकी दोस्त- अरे ये सबसे ाचा सोल्लगे है ज्यादा भाव मत खा समझी न मैं तो इधर HI हु तू अपना देख ले.

तन्नू- ुये तू जानती है न मैं कौन हु फिर भी.

दोस्त- देख तनु यार मेरे को पड़ना है OK और मैं उसके लिए तुझे भी छोड़ सकती हु अब तू समझ.

तन्नू- चल ठीक है तू भी क्या याद रखेगी.

मैं उसके सामने था पर वो मेरी ओर देख भी नहीं रही थी इग्नोर क्र गयी वो मुझे जैसे जानती HI न हो.

MAIN(DIMAG)- सौर्य ये क्या क्र रहा है तू. पागल तो नहीं हो गया अब्बे तू समरथ सौर्य है और इस जैसी मामूली लड़की क लिए आशु बहा रहा है.

MAIN(DIL)- यार प्यार करता था उससे कैसे भूल जॉन म उसको.

MAIN(DIMAG)- है कैसे भूलेगा पर क्या तू वो पार्टी भूल गया जहा प इसने तुझे तपाद मारा था क्या भूल गया वो प्यार का ढोंग तो इसने तेरे साथ कियाथा बुल गया वो सब.

MAIN(DIL)- नहीं बुला हु पर फिर भी धोका उसने दिया मैं तो प्यार HI करता था न.

MAIN(DIMAG)- चुप क्र अपनी बकवास याद है माँ न कैसे तुझे संभाला था उसको याद क्र कितना रुला क गयी थी ये तुझे वो याद क्र अब तो वक़्त है इसको सबक सीखने का उस वक़्त तू कमजोर था अब तू क्या है वो मुझे बताने की जरुरत नहीं है. बर्बाद क्र दे इससे और इसके उस घमंड को.

MAIN(DIL)-NHI तू उससे छोड़ दे बीएस माफ़ क्र दे.

मैं- नहीं अब तो ये किंग का रूप देखेगी

मैंने अपने आशु पोछे फॉर्म जमा किया और निकल पड़ा शिल्पा को बोल बेस प आज दिल क्र रहा था किसी को टॉर्चर करने का और वो तो बस बेस प HI हो सकता था.

मैं बेस पहुंच सीधा संभु क पास पहुंच गया जो चेयर प बंधा हुआ था 3 दिन स. पहले उसके सर प हाथ रख उसका दिमाग पढ़ा साड़ी इन्फो ली उससे भाई क्या बताऊ क्या इन्फो थी ये साला भी एक डॉन निकला पर जब इसके डॉन बनने का कारन पता चला तो मैंने इसको छोड़ दिया बहार गया अपना एक क्लोन बनाया उसको माँ का रूप दिया और अंदर भेज दिया.

क्लोन को देख संभु क आखों म आशु आ गए.

संभु- सैफअली दीदी आप ठीक हो कहा थे आप इतने वक़्त स.

संभु रोटा रहा बस रोटा रहा.

मैंने क्लोन को बोल उसके हाथ पाँव खुलवाए और उनको एक बेहोशी का इंजेक्शन दिया. उनका हुलिया ठीक करवाया और फिर उनको ले चल पड़ा अपने घर2 म. मैंने माँ को भी वही बुल्ला लिया.

माँ पहुंच गयी उधर और मेरा इंतजार करने लगी.

जैसे HI माँ न मुझे देखा संभु क साथ वो चीख उठी.

माँ- सौर्य बीटा क्या हुआ छोटू को ये ऐसे कैसे है.

मैं- माँ इनको 2 घंटे म होश आ जायेगा पर उससे पहले मुझे आपकी वो कहानी सुन्नी है.

माँ- तेरा दिमाग तो सही है दिख नहीं रहा CHOTU(SAMBHU) की हालत कैसी है और तुझे कहानी सुन्नी है.

मैं- माँ इनको होश 2 घंटे बाद HI आने वाला है तो अब आप अपनी कहानी कंटिन्यू करो. आप और क्षुधा आंटी कैंटीन म बैठी थी और पापा और बॉबी अंकल वह आ रहे थे चलो बोलो आगे क्या हुआ.

फ़्लैश बैक कॉन्टिनुएस

(माँ क रेस्पेक्ट म)

मैं और क्षुधा जिस टेबल पर थे उसी प डीप और बॉबी आ क्र बैठ गए.

पसंद तो मुझे भी वो पहली बार म आ गए थे पर ऐसे थोड़ी न होता है मूवीज की तरह क हीरो न हीरोइन को बचाया दोनों को प्यार हो गया और एन्ड वैसे भी मैं कोई हीरोइन थी भी नहीं.

DEEP-(MERE स) जी आप न बड़ी सूंदर हो.

मैं- तोह

डीप- बड़ी प्यारी भी.

मैं- तोह

डीप- अब ज्यादा तोह तोह मत करो समझी मैं जहा तुम्हे कुछ बताने आया हु.

मुझे लगा क वो मुझे अभी पर्पस क्र देगा. मैंने झट स क्षुधा का हाथ पकड़ा और उससे कीचते हुए ले गयी वह स.

वही डीप और बॉबी:-

डीप- यार इससे क्या हुआ मैं तो इसको रेशमा दीदी क पास ले जाने आया था वो इसको थोड़ा बहुत सेल्फ डिफेन्स सीखा देती.

बॉबी- यार भाभी तो मेरी वाली को भी ले गयी अब क्या करे.

अभी वो बात HI क्र रहे थे क पूनम और रेशमा उनके पास आ गयी.

पूनम- क्यू रे आशिक़ तुझे सरम नहीं आती क्लास म पड़ने जाता है या उसके बालो स खेलने.

डीप- ुये तू तो चुप HI रह अगर मैं विक्रम क बारे म शुरू हुआ न तो..

डीप की वो बात सुन पूनम क गाल लाल हो गए.

रेशमा- अरे दीपू इसको छोड़ और ये बता उन्दोनो को बोलै क नहीं तुम दोनों न सेल्फ डिफेन्स क बारे म.

डीप- दीदी बोलने HI वाला था की सैफअली चली गयी.

BOBBY(MUH BANA)-AUR क्षुधा को भी ले गयी.

रेशमा- तुम दोनों पागल हो एक तो वो धमकी वाला लव लेटर बेज दिया ऊपर स उनको क्लास म तंग क्र रहे थे अब वो तुमसे भागे नहीं तो और क्या करे.

डीप- दीदी आप HI कुछ करो न.

रेशमा- चल कोई नहीं सायद वो दोनों पूनम को जानती है और अब तो हमने हेल्प भी करि थी तो जरूर हमसे फ्रेंडशिप करेगी. तुम दोनों टेंशन न लो उनको ट्रैन करना हमारा काम है.

डीप- क्या वो इस पूनम को जानती है पर कैसे.

पूनम- अरे अब मैं इतनी फेमस हु की हर कोई मुझे जनता है होगी मेरी कोई फैन वैन.

डीप- ुये फेमस गर्ल हवा स उतर क जमीं पर आ जा सामजी न और बता वो तुझे कैसे जानती है.

पूनम- ी DON'T यार सायद कही मिली होगी कभी.

बॉबी- यार दीपू चल उन दोनों की न इन्फो लेते है सोल्लगे अडम्मीन. स पता तो चले क कौन है ये दोनों.

डीप- नहीं यार अभी रिस्क है वो दिव्या दीदी को हमारा पिछले काण्ड पता चल गया है अभी नहीं बाद म करते है न.

बॉबी- ठीक है.

वही मैं जब क्षुधा को कीचते हुए ले गयी क्लास तक तो वो.

सुधा- क्या करती है तू सैफअली कितना अच्छा लग र्ष था उदर मुझे लगता है क मेरे को भी प्यार हो गया है उस बॉबी स और एक तू है बेकार म यहाँ ले आई.

मैं- ोइये पागल वो मुझे पर्पस करने वाला था.

सुधा- कौन.

मैं- डीप और कौन.

सुधा- सच्ची इतनी जल्दी.

मैं- है सायद इसी लिए तो मैं भाग आयी.

शुदा- पर क्यू यार वो तो दिकने म भी अच्छा है न एक्सेप्ट क्र लेती क्या तू भी.

मैं- दिखने म ाचा है बस देखा नहीं तूने वो धमकी वाली लेटर भेजा था मुझे उसने.

संजू दीदी....

सुधा- हैं! संजू दीदी अब ये कोण है और कहा स आ गयी.

मैं- अरे वो देख वो रही वो पिंक सलवार सूट म उस लड़के क साथ पर ये ऐसे क्यू चिपक क बैठी है उससे.

SHUDHA(HAS क्र)- अरे तेरी दीदी तेरी तरह बोरिंग नहीं है वो देख वो अपने साजन क साथ बैठी है. रुक अभी बुलाती हु.

मैं- आई पागल है क्या सायद वो भी मुझे नहीं जानती होगी पूनम की तरह. मेरे पुरे परिवार न HI मुझे भुला दिया है.

क्षुधा- यार तू भी न चल एक बार तरय करते है अगर पहचान लिया तो अच्छा है जो न पहचाना TO...TO... बाद म देखेंगे.

(चिल्ला क्र) संजना दीदी.

आवाज सुन वो हमारी ओर देखने लगी और उनके साथ बैठा लड़का भी.

लड़का- यार अब ये दो नयी सालियान कहा स आ गयी.

संजू- क्या ABHI(ABHISHEK) तुम भी मैं नहीं जानती इनको.

अभी- तो ये तुम्हारा नाम क्यू पुकार रहे है.

SANJU-ARRE ये किसी और को बुला रहे होंगे हमें उससे क्या चलो हम चलते है .

दोनों निकल गए उधर स.

मैं थोड़ा दुखी हुई पर शुदा न मुझे संभल लिया. हमने क्लासेज अटेंड की इन क्लासेज म भी वो दोनों डीप और बॉबी हमारे पीछे HI बैठे थे. क्लासेज ओवर होने क बाद हम पहुंच गए हॉस्टल.

अपने रूम म आज भी हमें एक लेटर मिला.

लेटेंट-" आज तुम भाग क्यू गयी कैंटीन स मैं कोई तुम्हे खाने वाला नहीं था समझी कल स सुबह 6 बजे सोल्लगे ग्राउंड म आ जाना समझी तुम्हे सेल्फ डिफेन्स सिखाई है. पेज पलटो और लेटर क्षुधा को दो बॉबी उससे कुछ कहना चाहता है.

नेक्स्ट PAGE-"KAHA न लेटर क्षुधा को दो एक NO की डोम्बो होती हो तुम लड़कियां अपनी खबर रहो या नहीं दुसरो की बातो म बड़ा इंटरेस्ट है. उसको बोलो उसके बेडशीट क निचे उसके लिए लेटर है और वो उससे HI पढ़ने देना समझी

लव यू BYE

डीप"

क्षुधा- यार ये जीजू तो बड़े तेज़ निकले उनको तो काफी कुछ पता है गर्ल प्स्य्कोलोग्य क बारे म.

मैं- हां यार .. एक मं ये जीजू क्या बोल ताहि है उससे है वो मेरा कोई लवर नहीं है समझी और जा तेरे बेडशीट क निचे लेटर रखा है तेरे आशिक़ न पढ़ ले.

क्षुधा- सच्ची तू पद न मुझे सरम आती है.

मैं- ज्यादा बौ मत खा समझी. वो पागल डीप कल फिर मुझे बोलेगा क मैंने तेरा लेटर पद लिया.

क्षुधा चली गयी और लेटर पढ़ ली.

लेटर पढ़ वो बड़ी खुश हो गयी.

मैं- क्या बात है बड़ी खुश हो रही है बताना क्या लिखा है इसमें.

क्षुधा- मैंने तुझे पढ़ने को बोलै तो पढ़ा नहीं अब क्या पूछ रही है जा मैं नहीं बताती.

मैं- अरे बताना प्लीज.

SHUDHA-JYADA कुछ नहीं वो कल स पूनम और रेशमा हमें सेल्फ डेफने शिखायेगी और तुझे भी चलना है.

मैं- मैं नहीं जाने वाली उदर.

क्षुधा- चल न यार प्ल्ज़ प्ल्ज़ प्ल्ज़.

मैं - ठीक है चलूंगी इसी बहाने अपनी बहन स मिल लुंगी.

फिर क्या था यही सब चलता रहा कुछ 3 महीने हमारी ट्रेनिंग चली और हम क्लोज भी आ गए पर मैंने कभी उनको अपने बारे म कवच नहीं बताया और क्षुधा को भी मन क्र दिया था.

आज रक्षाबंदन था बड़ा दिल क्र रहा था अपने भाइयों की कलाई प राखी बाँड्ने का पर ये तो मुमकिन HI नहीं था.

आज मैं और क्षुधा दोनों HI बड़े अकेला

महसूस क्र रहे थे.

तभी वार्डन न हमें निचे बुलाया. निचे मोहित भैया बैठे थे गिफ्ट्स लिए.

मोहित- ये अच्छा नहीं किया तुम दोनों न मैं कब स इंतज़ार क्र रहा था घर प की अब मेरी बहने आएगी पर तुम दोनों तो आयी HI नहीं तो अब मैं आ गया चलो राखी बन्दों सुबह स भूखा हु मैं.

मैंने और क्षुधा न उनको राखी बंधी उन्होंने हमें गिफ्ट्स भी दिए हम बड़े खुश हो गए और वो चले गए.

जब ये हो रहा था तो संजू दीदी हॉस्टल म अपनी एक फ्रेंड क पास आयी हुई थी उन्होंने ये देख लिया. वो भी मोहित भैया को अपना HI भाई मानती थी पर फिर अचानक स सुरभि माँ का काम छोड़ देना और फिर वापस न आना उनको समझ नहीं आया वो तो एक दो बार उनके चौल भी गयी थी पर उस टीम घर का दरवाजा बंद होता था और वो उनसे मिल नहीं पायी.

आज जब उन्होंने ये सब देखा तो हमारे पास आयी हमें देख सायद उनको उस दिन का हमारा चिल्लाना यद् आ गया होगा.

संजू- वो लड़का कोण था जिसको तुमने राखी बंदी.

मैं और क्षुधा बिना उनकी तरफ देखे.

MAIN/SHUDHA- हमारे भैया थे आपसे मतलब.

संजू- भैया पर मोहित की तो कोई बहन नहीं.

मैं और क्षुधा पीछे मुड़े और उनकी ओर देखा. इतने टाइम म न मेरे मान म तो नहीं पर क्षुधा क मान म मेरे परिवार क प्रति गुस्सा बढ़ता जा रहा था. पूनम स वो इसलिए नहीं दिखती थी क्यू की वह हमेशा बॉबी मिल जाता था इसको पर अभी ये फैट गयी.

SHUDHA(GUSSE म)- है उनकी बहने है हम है उनकी बहने आपको क्या.

संजू- अरे म तो बस पूछ रही थी गुस्सा क्यू करती हो.

क्षुधा- हम्म गुस्सा क्यू करती HO(MERI ओर देख) और तू अब इससे देख क्या रही है ये भी तुझे नहीं पहचानती चल रूम म चलते है और भूल जा इन् लोगो क बारे म.

इतना बोल वो मेरा हाथ पकड़ खींचते हुए रूम म ले गयी वही संजना क दिमाग म ढेरो क़ुएस्तिओन्स छोड़.

संजू न एक लड़की को पकड़ हमारे बारे म पूछा तो उससे बस हमारा नाम HI पता चला.

वो निकल गयी घर की ओर घर म अभी सारे लोग बैठे थे. संजू दीदी न पूनम और अन्नू डिफी को अपने रूम म बुलाया और मोहित भैया और हमारे बारे म बताया.

जब पूनम न ये सुन्ना तो उससे कुछ अटपटा लगा.

पूनम- दीदी उन लड़कियों का नाम फिर स बोलना जरा.

संजू- सैफअली और क्षुधा.

POONAM-TO वो दोनों आपको भी जानती थी वो तो मुझे भी जानती थी.

फिर पूनम न उन्हें 1सत डे वाली बात बताई.

अन्नू दीदी- अरे ये है कोण जो तुम दोनों को जनता है पूनम एक काम क्र उनका इन्फो निकलवाले तू सोल्लगे स.

पूनम- OK दीदी.

पूनम न फिर डीप को इन्फो निकलने को बोलै 2 दिन बाद जब हम ट्रेनिंग क लिए गए तो आज पूनम नहीं थी वह प वह पर डीप की बड़ी सिस्टर दिव्या थी जो सोल्लगे म पद्धति भी थी, उनके साथ एक आदमी और डीप एयर बॉबी थे.

डीप- सैफअली यार ी लव यू.

मैं- नहीं ी DON'T लव यू.

मेंइतना बोल वह स जाने लगी मेरी आखों म ाशो थे प्यार मुझे भी डीप स हो गया था पर एक दर था क ये भी मुझे छोड़ देगा जब इससे मेरी मनहूसियत का पता चलेगा और मैं ये नहीं चाहती थी फिर स सह नहीं पति मैं ये सब.

क्षुधा न मेरा हाथ पकड़ लिया और रोक लिया मुझे.

क्षुधा- क्यू क्र रही है तू ये तू भी जानती है न की तू उससे प्यार करने लगी है फिर क्यू.

MAIN(CHILLA क्र)- वो भी छोड़ देगा मुझे जब उसको मेरी मनहूसियत का पता चलेगा जैसे मेरे माँ बाप न छोड़ दिया मुझको भुला दिया मुझे.

डीप- अगर न छोड़ू तब मैंने तुमसे प्यार किया है अब अगर मुझे तुम्हारी मनहूसियत HI मिलनी है तो वो भी सह लूंगा पर तुम्हारे बिना नहीं रह पाउँगा...

वो बोलता रहा मैं अपना हाट छुड़ा क्र हॉस्टल म आ गयी और रूम लॉक क्र रोने लगी.
 
अपडेट-30

( मेगा अपडेट )

अब तक :-

माँ ग्राउंड स भाग क्र अपने हॉस्टल क रूम म आ गयी और दूर लॉक क्र रोने लगी.

आगे

फ़्लैश बैक कॉन्टिनुएस

(माँ क रेस्पेक्ट म)

उस दिन मैं रोटी रही शाम तक रोटी रही ना तो क्षुधा आयी रूम मई न HI कोई और.

शाम का वक़्त था सायद रूट रूट HI मैं सो गयी थी आँख खुली तो रूम म दिव्या दीदी बैठी हुई थी मेरा सर उनकी गॉड म था.

मैं झट स उठ गयी.

दिव्या- तुम मुझे जानती हो मैं कोण हु?

मैं- आप डीप की बड़ी बहन हो.

वो- करेक्ट. अब मेरी बात सुनो OK थोड़ी देर म तुम्हारे मोहित भैया और सुरभि माँ यहाँ आने वाले है तुम जल्दी स ये साड़ी पहन लो और तैयार हो जाओ मैं क्षुधा को यहाँ भेजती हु और कोई सवाल नहीं समझी.

उनकी आवाज म एक प्यार था एक कशिश थी जिससे म न नहीं क्र पायी मैंने बस हां म सर हिल्ला दिया उन्होंने भी बड़े प्यार स मेरे सर प हाथ फेर्रा और उठ क्र चली गयी.

थोड़ी देर बाद मुस्कुराती हुई शुहा की रूम म एंट्री हुई.

क्षुधा- जा जल्दी स बाथ ले और ज्यादा देर मत लगाना टाइम नहीं है मेरे पास समझी.

मैं बिना कुछ बोले HI बाथरूम चली गयी वह बाथ लिया जब बहार आयी तो क्षुधा न मुझे एक पिंक कलर की साड़ी पहनाई मैंने बहुत पूछा क क्या हो रहा है पर वो बीएस जल्दी तैयार हो जल्दी तैयार हो इसी बात की रत लगाए राखी.

करीब साम क 6 बजे मैं रेडी हो गयी. दिव्या दीदी भी आ गयी रेशमा दीदी क साथ दोनों मुझे हॉस्टल स बहार ले गयी वही एक कार कड़ी थी. हम चारो HI उस कार म बैठ गए दिव्या दीदी ड्राइव क्र रही थी कुछ देर ड्राइव करने क बाद कार एक मंदिर क पास रुकी वही पर मोहित BHAIYA,SHURBHI माँ भी थे और साथ HI में वो आदमी भी था जो आज सुबह सोल्लगे ग्राउंड म थे दिव्या दीदी क साथ. वह बॉबी भी था.

मैं कार स उत्तरी और सीधा S.MAA और मोहित भैया क पास चली गयी वो दोनों मुझे देख बड़े खुश थे.

थोड़ी देर उनसे मैंने बात की मेरा मान कुछ हल्का हो गया पर अभी भी मेरी ये समझ म नहीं आ रही थी क यहाँ क्या होने वाला है.

तभी डीप आता है और मेरा हाथ पकड़ क्र मंदिर म ले जाता है मैं- डीप ये क्या क्र रहे हो छोड़ दो मुझे .

पर वो तो सुनता HI नहीं

यहाँ तक कोई नहीं सुनता सभी लोग बस मुस्कुराते हुए मेरे पीछे आते है और मंदिर म.

दिव्या- चल दीपू मुहूर्त हो गया है पहना अंगूठी इससे.

मैं तो जैसे ये सुन क्र पत्थर की बन गयी थी. डीप न मेरा हाथ पकड़ा और मुझे अंगूठी पहनाने लगा. मैंने झट स हाट हटा लिया.

मैं- नहीं डीप क्यू अपनी खुशियां ख़राब करना चाहते हो मत करो ये मेरी मनहूसियत तुम्हारी खुसिया भी ले लेगी जो मैं नहीं देख सकती प्ल्ज़ चले जाओ तुम्हे जरूर कोई और मिल जाएगी जिसके साथ तुम खुश रहोगे.

चटाक चायतक

दिव्या- दीपू ये क्या क्र रहा है क्यू मारा उसको.

डीप- नहीं दी आज नहीं देख रही हो इससे बोलती है किसी और क साथ चला जॉन खुश रहूँगा क्या खाक खुश रहूँगा इसके बिन्ना अरे जब स इसको देखा है बस दिल करता हिअ इससे HI देखता जॉन बहुत स सपने देखे है मैंने इसके साथ जिनने क एक घर हो जहा हम दोनों रहे प्यार करे पर ये ये तो मुझे किसी और क साथ जाने को बोल रही HAI(MERI तरफ देख) क्या हर चीज़ म मनहूस मनहूस लगा रखा है हां तुम कोई मनहूस नहीं और अगर हो भी तो मुझे उससे फर्क नहीं पड़ता समझी. हां और क्या बोली था तुमने क खुशियां बर्बाद हो जायेगी ारे वो तो तुम्हारे जाने क बाद वैसे HI नहीं रहेगी मेरे पास क्यू की मैं तब जींद....

उसका इतना बोलना था क मैंने अपना हाथ उसके मुँह प रख दिया.

MAIN(AASUON क SAATH)-AESA नहीं बोलते.

वो- अगर तुम मेरी नहीं हुई न तो ये हो जायेगा अगर खभी भी तोडा सा भी प्यार मेरे लिए तुम्हारे दिल म आया हो तो भूल जाओ उन मानूसियत की बातों को और अपना हाथ आगे करो मैं वड्डा करता हु तुम्हे यकीं दिला दूंगा क तुम कोई मनहूस नहीं तुम तो एंजेल हो मेरी.

मैंने बिन्ना कुछ बोले HI अपना हाथ आगे क्र दिया आज मुझे लग रहा था क डीप HI मुझे इस मनहूसियत वाले इलज़ाम या जो कुछ भी था उससे बहार निकलेगा. उसने झट स मुझे रिंग पहनाई और क्षुधा न मुझे एक रिंग दी उसको पहनाने क लिए मैंने भी उसको रिंग पहनाई.

आदमी- चलिए साले साब आपकी सगाई सम्पन हुई अब आपकी आज़ादी क दिन गए.

डीप- क्या जीजू आप BHI(MERI ओर देख) ये है मेरे जीजू दिव्या दी क पति MR.ROSHAN ठाकुर.

मैंने और डीप न सभी बड़े जो वह पर थे उनके पेअर छुए मंदिर म माथा टेका.

दिव्या- हां तो सैफअली जी आज स आपको कभी भी दुखी नहीं होना है और आपके ऊपर नज़र रखने क लिए मेरी प्यारी ननद शुदा हमेसा आपके साथ रहेगी SAMJHI.(SHUDHA स) तो ननद जी आपको आपने काम मिल गया न एक बात और अगर ये मैडम कभी भी उदास दिखे तो मुझे बताइयेगा मैं इनकी अच्छी खबर लुंगी.

क्षुधा- हां भाभी समझ गयी.

मैं सुधा को देखने लगी.

क्षुधा- ुये ऐसे क्या देख रही है भाभी न HI मुझे अपनी ननद बनाया है और भैया

(रोशन) न बहन.

रोशन- हां बिलकुल.

दिव्या- सैफअली य्वे सब न कुछ ज्यादा HI जल्दी हो गया हमारे माँ पापा नहीं आ सके पर शादी म कोई कसार नहीं रहेगी ठीक है न और हां एक बात सुन तू आज स अपने घरवालो ी मैं माँ बाप और भाई बहनो स दूर HI रहेगी जब वो HI तुझे नहीं जानते तो तू भी उनके सामने जा दुखी नहीं होगी समझी न.

मैं- पर दीदी..

डीप- कोई पर वॉर नहीं चलो अब होटल चलते है बड़ी भूख लग रही है.

हम सारे फिर चल दिए होटल वह खाना खाया फिर डीप और बॉबी न हमें हॉस्टल ड्राप किया.

हॉस्टल म आते HI क्षुधा मुझे छेड़ने लगी.

आज का दिन मैं कभी भूल HI नहीं सकती थी ऐसा लग रहा था जैसे मुझे सब कुछ मिल गया हो.

रात गुजर गयी और एक नया सवेरा आया मैं और क्षुधा तैयार हो चल दिए ट्रेनिंग क लिए आज वह पर रेशमा थी बस.

हम वह गए पहले तो उसने भी मुझे बहुत सताया फिर हमारी ट्रेनिंग करवाई.

ट्रेनिंग क बाद मैंने पूछा.

मैं- दीदी वो पूनम नहीं आयी आज.

रेशमा- अब वो नहीं आएगी मैंने उससे मन क्र दिया और तुम भी उससे दूर HI रहना.

मैं- पर दीदी.

रेशमा- कोई पर वर नहीं समझी तुम उनलोगो स दूर HI रहोगी.

इतना बोल वो चली गयी. मुझे बहुत बुरा लगा पर मैं क्या करती मैं भी क्षुधा क साथ चली गयी हॉस्टल तैयार हुई फिर सोल्लगे आ गयी.

सोल्लगे आते HI हमें रेशमा दीदी मिल गयी और हम उनके साथ HI अपने क्लास की ओर चले गए रस्ते म HI पूनम हमें मिली.

पूनम- HI रेस्मा HI सैफअली HI क्षुधा.

मैं उनको HI कहने को हुई पर क्षुधा न मेरा हाथ पकड़ क्लास म ले गयी वही रेस्मा दीदी भी उससे बिना कुछ बोले HI चली गयी.

पूनम को लगा क मूड ऑफ होगा इसलिए ऐसा किया.

क्लास क बाद हम तीनो फिर कैंटीन म मिले वह प डीप और बॉबी भी थे. इस बार भी पूनम हमारे पास आयी पर सब ने उससे इग्नोर क्र दिया. अब उससे भी लगने लगा था क कुछ तो हुआ है. वो बोली कुछ नहीं बस ऐसे HI चली गयी मुझे और क्षुधा को घूरते हुए.

जब चुटी हुई सोल्लगे की तो वो गेट प HI कड़ी थी जैसे HI मैं और क्षुधा बहार निकले पूनम न हमारा हाथ पकड़ एक तरफ ले गयी.

पूनम- क्यू क्र रही हो ऐसा बताओ क्यू चीन रही हो मुझसे मेरे दोस्तों को क्या बिगाड़ा है मैंने तुम लोगो का बताओ.

दूर स HI डीप की आवाज आयी.

डीप- किसने कहा क इन दोनों न तुमसे तुम्हारे दोस्त चीन लिए.

पूनम- तो तुम सारे मुझे इग्नोर क्यू क्र रहे हो

डीप- इग्नोर हम्म हां वो तो किया हमने पर जो तुम सब ने किया है न इसके साथ उसके लिए तो तुम्हे कभी माफ़ी नहीं मिलेगी समझी अब जाओ यहाँ स और आयेंदा हमारे सामने भी मत आना जाओ यहाँ स.

मैं- नहीं आप रुको डीप ये क्या बोल रहे हो ये मेरी...

डीप- कोई नहीं है ये तुम्हारी समझी अरे जब इससे पता HI नहीं तुम्हारे बारे म तो घंटा तुम्हारे रिश्ते क बारे म पता होगा और तुम तुम्हे मेरी कसम है अगर इसको या फिर इसके परिवार को अपने बारे म कुछ भी बताया तो (पूनम स) जाओ यहाँ स.

पूनम क आखों म आशु आ गए उसको समज नहीं आ रहा था क ये हो क्या रहा है वो वैसे HI रूट हुए अपने घर की तरफ चल दी.

रास्ते म HI उससे विक्रम मिल गया उस्सने सब कुछ विक्रम को बता दिया जो भी हुआ उसके साथ विक्रम डीप का दोस्त था और सुलझा हुआ आदमी था उसने पहले तो पूनम को घर छोड़ दिया और फिर डीप क पास चला गया. उसने डीप स साड़ी बाते पूछी और जब उससे सैफअली की बाते पता चली उससे बड़ा दुःख हुआ.

पूनम जब घर पहुंची तो साड़ी बाते अपनी बहनो को बताया.

अन्नू- मैं दिव्या स बात करती हु इसके बारे म सायद डीप को कोई ग़लतफहमी हुई हो उस लड़की सैफअली क वजह स.

संजू- हां दीदी मैं भी बात करती हु उनसे सायद उस लड़की न HI कुछ रायता फैलाया है.

अन्नू दिव्या को कॉल लगाती है पर दिव्या कॉल रिजेक्ट क्र देती है बार बार.

अन्नू- ये दिव्या मेरा फ़ोन क्यू काट रही है.

पूनम सुन कल न मैं चलती हु तेरे साथ मैं भी तो देखु कोण स लड़की आ गयी जिसके लिए रेशमा और डीप तुझको गलत समझ रहे है.

रात हो गयी सब सो गए फिर एक नया सबेरा आया.

आज मैं और क्षुधा सोल्लगे क लिए निकल गए पर रास्ते म HI हमें मेरी बहने मिल गयी और वो भी बड़े गुस्से म पता नहीं क्या चाहती थी वो तीनो.

मैंने आज अन्नू दीदी को अभी पहली बार HI देखा था.

संजू दीदी- आई लड़की तूने क्या बोल हमारे दोस्तों को बड़कया है हमारे खिलाफ है बता मुझे.

क्षुधा- हमने कुछ नहीं किया आपको अगर बात करनी है तो खुद उनसे जा के क्र लो और हमें जाने दो हमें लेट हो रहा है.

पूनम- तेरी जुबान तो बड़ी कैची क तरह चलने लगी है रे भूल गयी मैंने HI बचाया था सोल्लगे म तुम दोनों को.

क्षुधा- याद है इसी लिए तो रेस्पेक्ट स बात क्र रहे है.

अन्नू- अरे ये तो बहुत बोलती है.

संजू- है दीदी एक बहुत बोलती है और दूसरी गूंगी है देखो तो सही.

अन्नू- है सच बोलै (मेरे स) देख लड़की मैं ाचे स जानती हु तुम जैसी लड़कियों को जो लड़कों को पैसे....

दिव्या- अन्नू अपनी जुबान प लगाम दो तुम्हे पता भी है किस्से बात क्र रही हो ये डीप की होने वाली पत्नी है.

तीनो- क्या.

दिव्या- हां और आज क बाद तुम तीनो अगर इसके आस पासभी द्दिखे तो अच्छा नहीं होगा समजे चली जाओ यहाँ स और हमे भी अपनी ये सकल मत दिखाना.

ANNU(AASHU लिए)- तू ये क्या बोल रही है दिव्या क्या मुझसे या मेरी बहनो स कोई गलती हुई जो तू इतनी पुराणी दोस्ती ऐसे तोड़ रही है.

DIVYA(HASTI हुई)- दोस्ती अरे मैं तो दोस्ती HI तोड़ रही हु पर तुम सभी न तो खून का रिस्ता भी तोड़ दिया HAI.(MERE स) सैफअली चलो यहाँ स क्षुधा तू भी चल.

मेरे आखों म भी ासु थे और वही मेरी बहनो क भी.

तीनो HI वापस घर चली गयी

अन्नू- दिव्या न ऐसा क्यू बोलै खून का रिस्ता भुला दिया हम सब ने.

पूनम- पता नहीं दीदी

संजू- दीदी उन दोनों लड़कियों का मोहित को राखी बांधना आउटर उनको भैया बोलना फिर ये सब होना मेरी समख म नहीं आ रहा कुछ पर सायद मोहित स हमें कुछ पता चले.

पूनम- हां सायद मैं अभी उनको बुलाती हु.

अन्नू- है बुला उससे मैं भी सोल्लगे वालो स पता करती हु क ये दोनों है कोण.

तीनो HI अपने काम प लग गए पर मोहित आया नहीं सोल्लगे स इन्फो मिलने म 2 दिन का वक़्त था

ये दो दिन इन लोगो न बड़ी मुश्किल स काटे थे फिर इनके हाथ लगी सैफअली और क्षुधा की इन्फो. उससे देख तो तीनो की HI आखें फटी की फटी रह गयी.

तीनो चल दी अपने माँ पापा क पास

TINO-YE सैफअली कोण है.

माँ- कोण सैफअली मैं किसी सैफअली को नहीं जानती.

माँ का इतना कहना था संजू न वो इन्फो जो क एक फाइल म थी वो उनके सामने पटक दिया.

संजू- फाइल खोल क देखिये सायद फोटो स पहचान जाओ.

पापा- कोई जरुरत नहीं और सुनने आज तो उस मनहूस का नाम ले लिया डोबराईस घर म उसका नाम मात लेना समझी.

पूनम- वो बहन है हमारी और हम उससे यहाँ लाने जा रहे है समझे आप.

माँ- नहीं बिलकुल नहीं वो यहाँ नहीं आएगी.

अन्नू- तो ठीक है मैं भी घर छोड़ क्र जा रही हु आप लोग रहो इस घर म.

POONAM/SANJU- हम भी जा रहे है समझे आप दोनों अब इस घर म या तो हम चारो बहने रहेंगी या फिर एक भी नहीं.

PAPA(GUSSE म)- वो मनहूस है वो हम सब को निगल जाएगी समझी तुम सब न तो वो इस घर म आएगी और ना HI तुम सब कही जाओगे.

तीनो बिलकुल चुप हो अपने रूम म चली जाती है.

4 दिन तक न तो ाँ का एक दाना न HI एक बून्द पानी पीती है तीनो.

हार मान क्र माँ पापा को मुझे घर लाना HI पड़ता है और साथ म आती है S.MAA और मोहित भैया.

मैं घर म तो आ गयी थी पर कोई भी नुकसान होता छोटे स छोटा भी तो मुझे HI दोष देते थे माँ पापा. वक़्त गुजरा सभी क रिश्ते फिर वैसे HI हो गए एक नया चेहरा आया था हमारे टोली म दिग्विजय बड़ा HI अजीब बाँदा था पर उसने न रेस्मा की इजात बचायी थी पंकज और उसके दोस्तों स. रेशमा भी उससे प्यार करने लगी.

ऐसे HI सोल्लगे ख़तम होने को हो गया सभी की शादियां होने लगी. अभी किसी भी बड़े को मेरे और डीप क सहगाई का पता नहीं चला था सायद या पता भी होगा क्यू की वो हमेसा स हमारे बिच दरार पैदा करना चाहते थे पर हमारा प्यार गहरा होता चला गया. मैं और डीप मिलकर एक फार्मूला बना रहे थे जो की सेल्स की रेगेनेरशन पावर को कई गुणा बढ़ा देता था.

बाकी सभी की शादी हो गयी बॉबी और क्षुधा की भी रोशन जीजू न क्षुधा का कन्यादान किया था. अब तो बच्चे भी हो गए थे सब के पर हम लगे हुए थे उस फार्मूला म दिन रात.

एक दिन दिव्या आयी परिदी क साथ और हमें शादी क्र लेने को बोलै हम भी रेडी हो गए थोड़ा न नुकुर करने क बाद पर जैसे HI ये बात हम दोनों क माँ बाप को पता चली वो भड़क गए वो हमारी शादी नहीं होने देना चाहते थे.

मैंने और डीप न संजू दीदी क मदद स शादी क्र ली पर उसके बाद जो हुआ वो पूछो HI मत हमें घर स न सिर्फ निकल दिया गया बल्कि मेरे पापा न तो गुंडे भेज दिए हमारे पीछे.
 
अपडेट - 31

फ़्लैश बैक ख़तम हो गया दोस्तों

अब तक

मैं घर प शम्भू तिवारी को बेहोश क्र ले गया और माँ को बुलाया माँ ने उससे देखा और मुझसे उसकी इस हालत क बारे म पूछा पर मैंने माँ को उनकी कहानी सुनाने को बोलै माँ ने भी जल्दी जल्दी वो कहानी पूरी सुन्ना दी.

अब आगे:-

माँ की कहानी सुनने म वक़्त का पता HI नहीं चला और संभु क होश म आने का वक़्त भी हो गया था हम तीनो इस वक़्त मेरे रूम म थे.


मैं- माँ आपने इनके बारे म तो कुछ बताया hi नहीं आपकी कहानी म ये आये hi नहीं.

माँ- बीटा वो तो जल्दी म मैंने कहानी पूरी क्र दी इसलिए तू नहीं जनता ये कोण है मैं बताती हु. जब हम सोल्लगे म थे न 3रद ईयर की बात थी हां उसी वक़्त की तब ये आया था सोल्लगे म. इससे न कुछ सीनियर्स न बहुत परेशां क्र रखा था उस वक़्त. एक दिन ये पार्क म बैठा रू रहा था वही प मैं और तेरे पापा भी थे.

मेरी नज़र जब इस्पे पड़ी तो मैंने तेरे पापा को इसके बारे म बताया और हम दोनों hi इसके पास चले गए. बहुत पूछने पर इसने बताया क इसको कुछ लोग परेशां क्र रहे है और ऊपर स उन लोगो न इसकी सोल्लगे की फीस भी ले ली थी और अब इसके पास पैसे नहीं थे सोल्लगे म देने क. फिर मैंने और तेरे पापा न इसकी मदद की उन लोगो स इसके पैसे लिए और उन्हें ृस्टिगटे भी करवा दिया. उसी दिन स ये मुझे अपनी दीदी मैंने लगा और मैं भी इससे अपना प्यारा छोटा भाई. घर म तो बस कहने को hi भाई थे मेरे सायद hi कभी एक बार भी प्यार स बात की हो मुझसे मेरे बड़े भाइयों न. पर य शम्भू और मोहित भैया दोनों न hi मेरे भाइयों की कमी जो थी उनको पूरा क्र दिया दोनों hi बहुत प्यार करते थे मुझे जान छिड़कते थे मुझपे.

मैं- अच्छा तो ये मेरे मां जी हुए.

माँ- हां बिलकुल चल अब ये बता मेरे छोटू की ऐसी हालत कैसे हुई और कहा मिला ये तुझे.

Main-(has kr)Ye जो आपका छोटू है न वो रोड प गिरा पड़ा मुझे तो मैं इनकी हेल्प काने चला गया पर इनको टच करते hi मुझे इनके बारे म सब पता चल गया तो मैं इन्हे यहाँ ले आया आपसे मिलाने.

माँ तो बस मुँह फाड़े मुझे देखने लगी.

माँ- तो तू दिमाग भी पद सकता है क्या.

Main-Ha पर सभी का नहीं आपको hi लेलो मैंने बहुत तरय किया पर नहीं पद पाया.

तभी संभु को होश आ जाता है.

Shambhu(Maa को देख)- दीदी तुम सच म हो न या ये भी कोई सपना है.

मैं- मामाजी वो इधर hi है अब आप भी उठ जाओ न जाने कब से बेहोश पड़े हो.

मेरी बात सुन शम्भू तो मुझे ऐसे देखने लगा क पूछो hi मत.

शम्भू- मामाजी! (माँ स) दीदी ये ये मेरा...

माँ- है छोटू ये तेरा hi भांजा है सौर्य मेरा बीटा.

संभु न तो मुझे कास क गले लगा लिया. कुछ देर बाद मुझसे अलग हो.

संभु- दीदी मैंने तो सुन्ना था क आप...

माँ- है पता है पाए तू जा और फ्रेश हो क्र आ (मेरे स) बीटा इसको घर1 म ले आना सभी इससे मिल बड़े खुश होंगे और इससे भूख भी लगी hogi.(Sambhu स) टुबकया डाइटिंग विएटिंग करने लगा है क्या जो इतना पतला हो गया है जल्दी आजाना.

माँ चली गयी घर1.

शम्भू- बीटा मैं यहाँ कैसे आ गया. मैं तो

Main-Aap उसकी चिंता ना करो अब और ये जो आप डॉन का काम क्र रहे हो न उसको छोड़ दो और हमारे साथ रहो समझे.

मेरे मुँह स उनके डॉन होने का जीकर सुन क्र hi वो मुझे घूरने लगे.

मैं- जाओ पहले तैयार हो लो अब तो आप इधर hi हो बाद म बात करेंगे.

इतना कह मैं भी निकल गया रूम स फिर कुछ देर बाद आया और उनके लिए बीएड पर एक ड्रेस रख दी और मैं चला गया निचे हॉल म.

Main(Maan म)- यार आज तो बच गया ाचा हुआ जो पहले इनका दिमाग पद लिया वर्ण... और ये भी तो भधु है एक no क इनको ये भी पता नहीं था की माँ पापा क साथ जो भी हुआ वो सब म उस नरेश का भी तो हाथ था.

तभी एंट्री हुई हॉल म पूजा की.

अब पूजा और प्रिय दोनों hi कम्फर्टेबले हो गए थे यहाँ प जो पहले उनके मान म थोड़ी स झिझक थी जो अक्सर होती है किसी ओर क घर जा क्र वो अब बिलकुल ख़तम हो गयी थी अब तो दोनों फिर स एक दूसरे स लड़ती रहती थी और अपने स छोटो प हुकुम चलती थी.

puja(bade प्यार स)- क्या क्र रहा है मेरे प्यारे भाई.

पहले तो मैं चौक गया क्यू की इन् 2-3 दिंनो म ये पहली बार था जब ये मुझसे ऐसे बात क्र रही थी.

Main-Aap मुझसे बात क्र रही हो.

Puja(pyar स)- ओर नहीं तो क्या तू hi तो मेरा प्यारा छोटा भाई है. क्या तू मेरा एक काम करेगा.

मेरी समझ म आ गया इनको कुछ चाहिए होगा और ये उसी लिए मेरे पास आयी है.

मैं- ाचा तो काम निकलवाने क लिए ये प्यार दिखा रहे हो आप कोई बात नहीं बोलो क्या काम है.

पूजा- सौर्य क्या तू आज मेरे साथ पब चलेगा प्लीज.

मैं- पब मैं पब वेब नहीं जाता आपको जाना है तो जाओ.

पूजा- चल न भाई प्ल्ज़ देख कोई और रेडी नहीं है जाने को मेरे साथ प्ल्ज़ तू चल ले मेरा बड़ा मान क्र रहा है चल न प्ल्ज़ प्ल्ज़ प्ल्ज़ .

मैं- बोलै न नहीं जाना आप अकेले चले जाओ.

Puja(acting करते हुए)- ठीक है मत चल तू क्यू जायेगा मेरे साथ मैं लगती hi कोण हु तेरी हां. मैं आज hi अपना रूम खली क्र देती हु (कुछ पैसे मुझे दे) ये ले ये रेंट समझ के रख लेना इतने दिन का अगर कम लगे तो बता देना बाद म दे दूंगी.

Main(Acting करते)- ये तो बहुत कम है अरे आपको तो यहाँ प खाने का बिल ये जो टीवी प वो फालतू क सेरिअल्स देखते हो उसका बिल और मुझसे जो इतनी अपनी सेवा करवाई है उसका बिल हम्म कम स कम 12 हज़ार तो चाहिए होंगे और आप तो बस 3 हज़ार दे रहे हो. पहले पैसे दे दो फिर मैं खुद आपको घर स बहार निकल दूंगा.

Puja(gusse m)-Tu मुझे बहार करेगा तुझे सरम नहीं आती अपनी दीदी स मुझसे ऐसे बाते करने म रुक मैं चची को बोल तेरी अकाल ठिकाने लगवाती हु.

मैं- है है बोल दो माँ स और ये भी बोलना क आपने hi मुझे पैसे दिए थे पहले.

छोड़ो ये सब आप ये बताओ कब जाना है और कहा मैं रेडी रहूँगा.

पूजा- है बोल दूँ... क्या बोलै तू मतलब तू चलेगा ठीक है 7 बजे रेडी रहना समझा न और कुछ ाचा पहना ये सब नहीं जो तू पहने चलता है.

इतना बोल वो ख़ुशी ख़ुशी अपने रूम म चली गयी.

थोड़ी देर म संभु मां भी आ गए.

मैं उनको ले चल दिया घर1 म वह का तो पूछो hi मत माँ न तो जैसे सभी क साथ मिलकर क्या क्या नहीं बनाया था सब कुछ मां का फवौरीते.

वह भी मां सबसे मिले सभी उनको देख खुश थे.

ऐसे hi साम हो गयी मैंने अपने और पूजा दी क लिए पब जाने की परमिशन भी ले ली थी सभी स.

हमारे निकलने स पहले hi पापा और बाकी सारे भी आ गए फिर क्या था सभी शम्भू मां स मिले.

मैं और पूजा दीदी निकल लिए कार स कार मैं ड्राइव क्र रहा था.

मैं पूवब सायद एक बार hi गया था 2 मं 19 सेक् क लिए वो भी किसी को उड़ने क लिए बस और कभी नहीं.

हम पब पहुंच गए सल्ला मेरे को न ये बड़ी hi अजीब जगह लगती थी अब आप hi सोचो हम नाचने और पिने क लिए पब जाते है इतना पैसा खर्च क्र अरे उससे ाचा तो हम थक्के स 2 बोतल ले आये और फिर पन्ने क बाद तो झूमने hi लगते है न. है अब अगर बात लड़की ताड़ने की हो तो मैं इतना खर्चा लड़की देखने क लिए नहीं करता.

चलिए अब स्टोरी प आते है तो हम पहुंच गए पब म. वह का माहौल वैसा hi था जो हर पब का होता है. मैंने आज पूजा दी क सेलेक्ट किये हुए कपडे पहने थे और हेयर स्टाइल भी उन्ही का दिया हुआ था और बॉडी का तो आप सब जानते hi हो और आखें तो माँ की तहर ब्लू hi थी.

यार सब सही था दीदी को कोई फ्रेंड मिल गयी वो दोनों चल दिए एक साथ ड्रिंक करने( माँ न अल्लोव किया था उन्हें और मुझे भी बूत ज्यादा नहीं बस एन्जॉय करने क लिए)

पूजा दी न जाने स पहले मुझे कहा की मैं अगर ड्रिंक करना चहु तो क्र सकता हु बूत सिर्फ बियर और वो भी एक बोतल बस और नहीं.

यार मैंने पहले एक दो बार पि थी समीर क साथ ाचा होता था वो हमारा स्ट्रेस कम क्र देता मिशन क बाद.

मैंने काउंटर स एक बोतल आर्डर की बार टेंडर न बोतल मेरी तरफ की मैं अभी उससे पकड़ता की एक लड़की जो पूरी टल्ली थी उससे वो बोतल ले ली और शिदा मुँह स लगा खली क्र दी बोतल को.

लड़की- एक और

बार टेंडर न उससे एक और दी और मुझे भी एक दी. यार क्या बताऊ मेरे उस एक बोतल को ख़तम करने म जितना टाइम मुझे लगा न उतने टाइम म उस लड़की न 5 बोतल खली क्र दी.

पूरी टल्ली हुई बैठी थी वो.

मैं- मोहिनी जी आप ठीक तो हो न आपसे आपकी मम्मी न बोलै था कम पिने को फिर भी आप तो लगे पड़े हो.

है दोस्तों ये थी मेरी बहन छोटे मां की लड़की मोहिनी सिंह.

मोहिनी- आई तुम कोण हिक होते हो मुझे हिक बोलने वाले हिक तुम्हारे पैसे लिए हिक क्या मैंने.

वो मुझसे बात hi क्र रही थी क 2 लड़के आये उनके पास.

ल1- अरे बेबी आप और पियोगे क्या रुको मैं ड्रिंक लता हु.

ल2- अब्बे कितना पिलायेगा इससे देख ये टल्ली है फुल हमारा काम हो जायेगा अब.

ल1- नहीं रे इसकी कैपेसिटी बहुत है इसको न बिना वो ड्रग दिए हम कुछ नहीं क्र पाएंगे समझा तू एक काम क्र एक बोतल बियर और मंगवा हम उसी म वो दवा दाल देते है फिर तो पूरी raat...aaaahhha

अभी वो आगे कुछ और बोलता क उसके मुँह प मैंने धीरे स एक पंच मारा.

(अब मैं अपनी ताकत को कुछ हद तक तो कण्ट्रोल क्र hi लेता हु)

उसके तो 2 दांत hi उखड गए और पुररे पब म सन्नाटा च गया.

ल2- अब्बे कोण है तू क्यू मारा उससे.

मैंने उसको भी दे डाला एक पंच उसके पेट पर वो तो बैठ गया वही अपना पेट पकड़.

अब तक वो ल1 खड़ा हो चूका था और उसने पहले तो अपना फ़ोन घुमाया और दोस्तों को फ़ोन किया.

ल1- साले तूने ाचा नहीं किया मुझे मार क तू जनता नहीं मैं कोण हु..

मैं- तू साले चुटिया है चुटिया जो लड़कियों को नशा दे उनका फायदा उठता है. निकल ले यहाँ स समझा वर्ण तुझे और तेरे इस गांडू दोस्त दोनों को hi बहुत मरूंगा.

ल1- तू इस पब स बहार आ के दिखा बस आज ये लड़की (मोहिनी क ओर) हमारे बिस्टेर प होगी और तू तेरे कब्र म समझा.

इतना बोल वो चला गया मैं तो साले को इधर hi मरने वाला था पर पूजा दी मेरे पास आ गयी तब तक.

पूजा- क्या हुआ भाई टुन्ने उससे क्यू मारा और क्या बक रहा था वो.

मैंने उन्हें मोहिनी दीदी की तरफ देखने को कहा.

पूजा- मोहिनी ये इधर और ऐसे.

दोस्त- अरे ये तो अभी रोज आती थी पब म ड्रिंक करती और चली जाती थी कुछ परेशां सी लगती थी. मैंने इससे बात भी की एक बार तो पता चला ये अपनी किसी बुआ को दंड रही है उसने फोटो भी दिखाई थी मुझे.

मेरे को साब पता चल गया क क्या माज़रा है.

पूजा- ाचा ठीक है (दोस्त स) यार क्या तू एक बोतल पन्नी का ले आएगी.

दोस्त चली गयी पानी लेन.

पूजा- सौर्य ये तेरी बहन है

मैं- पता है मुझे माँ न बताया था. तभी तो बचाया इन्हे.

पूजा- हैं! चची न बताया था पर उन्हें कैसे पता चला.

मैं- वो छोड़ो आपको क्या अभी और यहाँ रुकना है या घर चले.

पूजा- मैं क्या पागल हु जो इससे इस हालत म छोड़ यहाँ एन्जॉय करू चल घर चलते है.

इतने म दोस्त भी आ गयी और कुछ परेशां भी लग रही थी.

मैं- क्या हुआ आप ठीक तो हो न.

वो- मैं तो ठीक हु पर तुमने गलत आदमी स पन्गा ले लिया वो इस एरिया क सी का बीटा था जिससे तुमने मारा. वो सी अब छोड़ेगा नहीं तुम्हे.

Main(muskura क्र)- क्या आप उस सी का नाम बताओगी प्लीज.

वो- है उसका नाम है जीतेन्द्र वो न बड़ा hi कर्रप्ट है सबको परेशान करता रहता है. उसकी तो अंडरवर्ल्ड स भी पहचान है.

पूजा- अब क्या होगा मैं घर म कॉल करती हु.

मैं- अरे दीदी आप टेंशन न लो इन जैसे लोगो क लिए न म अकेला hi काफी हु. चलो चलते है.

पूजा- तू कुआ कोई सुपरमैन स्पिडरमैन हो रहा है. देख हम न चुप क्र निकल जाते है हां यही सही है.

मैं- ठीक है आप दोनों अभी रुको मैं वाशरूम हो क आता हु.

उनको ये बोल मैं चल दिया वाशरूम और वह प अपनी आखें बंद क्र बहार देखने लगा.

सायद ये ल1 स्टूडेंट था क्यू की बहार बहुत सारे सोल्लगे स्टूडेंट्स खड़े थे. सायद उन्हें इस ल1 न झूट बोल बुलाया होगा. अब मैं ऐसे hi तो उन्हें मार तो नहीं सकता था न तो मैंने कापा को याद किया जो अभी उन वेटलों प नज़र रखे था और उनको रुके रखे था.

कापा- कैसे याद किया सौर्य मुझे.

मैं- दोस्त एक काम था वो जो बहार लड़के हे न उनको डरना है और भगा देना है.

कापा- इसलिए बुलाया मुझे ये तो तुम्हारा क्लोन भी क्र लेता.

मैं- अरे ये तो बस बहाना है दोस्त मैं तो तुमसे उन वेटलों की खबर लेना चाहता था.

Kappa(Hasta हुआ)- जो तुमने उस ज़फर क साथ किया न उसके बाद तो पूछो hi मत सभी लोक म तुम्हारे उस कांड क hi चर्चे है और वो रौशनी जो निकली थी तुम्हारे सरीर स उसकी क्षमता का पता लगते hi वेटलो को छोड़ो सभी डरे हुए है. एअर्थ प तो ये हालत है क यहाँ क 3no हेड वेताल दर क मारे चुप चुप क्र काम क्र रहे है और मैं उन्हें नाकाम क्र रहा हु. पर...

मैं- ये तो अछि बात है पर क्या.

कापा- तुम्हे एक बार अमेरिकन महाद्वीप प जाना होगा वह जो लोग बदले जा चुके है गुलाम बनाये जा चुके है उन्हें मुक्त करने

मैं- ठीक है और वो होगा कैसे.

कापा- उन् तीनो को मार दो बस काम ख़तम पर इस बार न वो अपनी पावर को कण्ट्रोल म hi रखना समझे ध्यान ज्यादा लगाओ और उन R.book और O.book की ताकतों को भी अपने अंदर ढूंढो उनपे काबू पाओ.

मैं- ठीक है दोस्त तो अब जाओ और उन...

कापा- सौर्य इन् सब कामो क लिए न बुलाओ मुझे ये तो तुम अपने क्लोन स hi बोलो.

मैं- अरे तुम मुझे मन्ना क्र रहे हो.

कापा- अब मैं उन वेटलों को देखु या ये तुम्हारे छोटे काम करू बताओ तुम hi ये तो तुम खुद hi करोगे है अगर गुलाम समझ के आज्ञा डोज तो क्र लूंगा ये काम.

मैं- अरे नहीं तुम कोई गुलाम थोड़ी दोस्त हो मेरे और बुरा क्यू मानते हो जाओ तुम वेटलो क पास मेरे दिमाग म भी कुछ आया है.

कापा चला गया मैंने अपना एक क्लोन बनाया और उसको मोहिनी का रूप दे दिया.

उसको उसका काम समझा मैं चल पड़ा पूजा दी की तरफ.

पूजा- कितना टाइम लगता है tu.Chal अब इस मोहिनी को पकड़ और पीछे क दरवाजे स बहार चल.

मैं उनके कहे अनुसार बहार चला गया. हम बहार आये hi थे के लाइट चली गयी.

मैं- आप सब हिलना मत यही रहो अभी मैं कार ले आता हु इदर.

पूजा- नहीं तू नहीं जायेगा वो तुझे देखेंगे तो छोड़ेंगे नहीं. मैं जाती हु कार लाने कीस दे.

मैं- पर दीदी.

पूजा- बोलै न कीस दे.

मैंने कुछ मिनट उनसे न नुकुर की फिर जब मुझे क्लोन न काम पूरा काने क बारे म बता दिया और मेरे अंदर आ गया तो उन्हें कीस दे दी.

मेरा उनको कीस देना था क लाइट भी आ गयी.

दीदी कार लेने फाई कुछ 20 मं बाद वो आयी कार ले क्र उनका चेहरा तो शॉक की वजह स पूछो मत कैसा लग रहा था. मैं कार म बैठा मोहिनी दीदी क साथ और पूजा दी की दोस्त क साथ.

दोस्त- क्या हुआ तुझे तू ऐसे क्यू दिख रही है जैसे कोई अजूबा दिक्घ लिया हो और इतना टाइम कैसे लगा दिया.

पूजा- वो एम्बुलेंस का वेट क्र रही थी पार्किंग एरिया म बहुत सारे लोग दर्रे सहमे कांप रहे थे और वो दोनों जिसको सौर्य न मारा था नंगे बेहोश पड़े थे और उनका न वो कटा हुआ था.

Dost-Kya बात क्र रही है यार तू और क्या वो सच मई कटा हुआ था.

पूजा- हां वही पड़ा हुआ था वो.

चलिए इनको यहाँ छोड़ हम देखते है की Mohini(c) ने क्या किया जिससे देख पूजा दी की ऐसी हालत हो गयी.

फ़्लैश बैक

Mohini(c) सीधा पहुंच गयी पार्किंग एरिया म बिलकुल लड़खड़ाती हुई.

जब दोनों लड़को ने उनको देखा तो बाकियों स आगे जा क्र.

ल2- भाई ये तो अकेली hi आ गयी लगता है वो लौंडा दर क मारे अंदर hi बैठा है.

ल1- सही बोलै तू सायद उसको मेरे बाप क बारे म पता चल गया हो पर साले को छोडूंगा नहीं.

L2-Bhai पहले तो इसके मज़्ज़े ले लेते है फिर उसको भी देख लेंगे.

ल1- नहीं रे वो भाग जायेगा.

ल2- भाई मैं हु न आप मज़्ज़े लो इसके मैं यही अपने लोगो क साथ उसका वेट करता हु आप जाओ उससे कोने म लेके.

ल1- चल ये सही है.

ल2- भाई आपका हो जाये तो..

ल1- है बे बुल्ला लूंगा पर पहले जाने तो दे.

इतना बोल वो ल1 Mohini(c) का हाथ पकड़ कोने म ले गया.

ल1- आज तुझे बताऊंगा क मैं कोण हु साली तेरी वजह स मुझे मार कहानी पड़ी न देख अब तुझे कैसे रंडी की तरह छोड़ता हु.

Mohini(c) कोने म आते hi अपनी सकल बिलकुल भूतों जैसी बना ली थी पर चेहरा झुकाये हुई थी और डरावनी आवाज म बोली.

Mohini(c)-Hu हूहू तू मुझे छोड़ेगा हु हु हु तू मेरी इज्जत लूटेगा हाहाहा आजा मैं तेरी मदद करती हु आजा.

इतना बोल उनसे अपना प्यारा सा डरावनी सकल दिखाई ल1 को वो तो आवाज से hi अपनी पंत गीली क्र चूका था और चेहरा देखने क बाद तो पूछो मत एक जोर की चीख मरी जो पुरे पार्किंग एरिया म गुंजी और बेहोश हो गया.

ल2 और उसके आदमियों ने जब ये आवाज सुन्नी वो भाग क्र उदर आये पर तभी लाइट चली गयी. अंदर ने अपने पेअर फैला लिए किसी को कुछ भी दिख नहीं रहा था पार्किंग एरिया अंडरग्राउंड थी.

सभी ने अपने फ़ोन की फ़्लैश लाइट जलाई और जहा स आवाज आयी थी उधर hi की वह का मंज़र देख तो मानो सभी क होश hi उड़द गए थे Mohini(c) एक चुड़ैल बानी बेटी थी ल1 क छाती पर और अपने लम्बे लम्बे नाखुनो स उसके कपडे फाड़े जा रही थी धीरे धीरे और उसकी आवाज भी आ रही थी.

छाअअअअअअरररररर छ्हाररररर

उसका चेहरा न अभी उसके बालो स ढाका हुआ था बस 1 डरावनी स आँख hi दिख रही थी बिलकुल काली.

सारे लोग तो बस उससे देख जमे हुए थे किसी म हिम्मत नहीं थी की हिल भी सके या कुछ बोले.

छाहारररररर छाहारररर

Mohini(c)-(L2 की ओर ऊँगली kr)idhar आजा जल्दी स.

वो हिला भी नहीं पर साले की फात क चार हो चुकी थी वो आवाज सुन क्र hi.

Mohini(c)-(chilla क्र) अगर तू नहीं आया तो सब मरेंगे सबको खा जाउंगी मैं हहहाहा.

इतना बोल उसने अपना चेहरा सामने किया जिससे देख सारे कांपने लगे पर ल2 हिल्ला भी नहीं उसने तो मूत दिया था खड़े खड़े hi उसने क्या कुछ और लोगो ने भी एक तो काढ़े काढ़े hi बोलने लगा.

L3-Aaltu जलालतु...

Mohini(c)-(haste हुए) आयी बाला को ताल तू ालतु जलाल तू हु हु हुऊ हाहाहाहा इस बाला को कोई नहीं ताल सकता (ल2 की ओर) उसको मेरे पास बेझो ये बाला तुम्हारा कुछ नहीं बिगड़े गई.

जैसे hi उन सभी न वो सुन्ना ल2 को पीछे स धक्का दे दिया और ल2 सीधा पहुंच गया Mohini(c) क पैरों क पास.

L2-Mujhe छोड़ दो मैंने क्या बिगाड़ा है तुम्हारा छोड़ दो मुझे.

Mohini(c)- तूने उस लड़की को सरब पिलाई उसका फायदा उठाना चाहता था न तू अब मैं तेरा फायदा उठाउंगी.

इसी क साथ मोहिनी स क बाल खड़े हो गए और ल2 क गर्दन की ओर जाने लगे वो तो ये देख hi बेहोश हो गया.

Mohini(c)-Sabhi अपना कैमरा निकालो जल्दी स और विडिओ बनाओ इनका.

फिर क्या था मोहिनी स ने उनका चीरहरण किया और उससे रिकॉर्ड करवाया सभी स.

फिर उस्सने अपना हाथ ऊपर किया उसके हाथ म एक तलवार आ गयी और उसने दोनों के hi लुंड काट दिए और उनके hi मुँह म दाल दिया.

Mohini(c)- धयान स सुनने सारे अगर इस सहर म कोई भी किसी भी लड़की क साथ कुछ भी गलत करता है तो ये डायन यानी मैं उसके साथ ऐसे hi गलत करुँगी.

ये वीडियो सबको भेज देना समजे न वर्ण तुम्हारा घर मैं जानती हु.

सभी न उस वीडियो को अपने कांटेक्ट लिस्ट म सबको भेज दिया और इसी क साथ Mohini(c) गायब हो गयी और लाइट भी आ गयी.

वह खड़े जितने भी ल1 ल2 क दोस्त और साथी थे सारे जमीं प गिर गए.

थोड़ी देर बाद वह पूजा दीदी पहुंची वह प एक लड़के न उनके पेअर पकडे.

लड़का- दीदी एम्बुलेंस बस इतना hi बोलै था वो बस और बेहोश हो गया.

दीदी उसको देखने लगी और तुरंत hi एम्बुलेंस को कॉल किया.

एम्बुलेंस क साथ म पुलिस भी आ गयी सायद उन्हें वो वीडियो मिल गयी हो. पूजा दीदी न अपनी कार निकली और हमारे पास आ गयी वो इन् झमेलों म नहीं पड़ना चाहती थी पर कार निकलते हुए उन्होंने सब कुछ देख लिए सारे बेहोश लोगो को और उन दोनों को भी उनकी साँसे अभी भी चल रही थी.

फ़्लैश बैक एन्ड.

मैं- दीदी ये मोहिनी दीदी को इस हाल म कहा ले क्र चले.

पूजा- देख रात हो गयी है घर म सभी सायद सू गए होंगे चल इससे घर2 ले चलते है फिर कल इसको चची स भी मिलवा देंगे.

अभी दीदी बोल hi रही थी की उनके फ्रेंड क फ़ोन प वो वाला वीडियो आया.

उसने प्ले क्र दिया वीडियो और देखने लगी हम भी देखने लगे. वीडियो देखने क बाद

दोस्त- यार पहले मुझे ड्राप क्र दे न घर मैं अकेले नहीं जिसने वाली कही ये डायन मिल गयी तो देख वो इधर hi रहती है सायद इसी पब मैं पूजा तू गाडी निकल यार जल्दी .

पूजा दी खुद दरी हुई थी उन्होंने तो कार पूरी तेज़ी स उस पब स 2 कम दूर ले पहुंच गयी वो भी कुछ hi मिंट म जैसे कोई रेसर हो.

मैं- क्या क्र रही हो दीदी आप ऐसे कोण कार चलता है धीरे चलाओ.

पूजा- चुप क्र तू पीछे देख कही वो डायन हमारे पीछे तो नहीं है न.

मैं- क्या आप दोनों न किसी लड़की को छेड़ा है उसके साथ कुछ गलत किया है या रपे...

पूजा- तू पागल है क्या हम कैसे ऐसा कर सकते है.

मैं- है तो फिर दर क्यू रही हो डायन न बोलै न की वो सिर्फ लड़कियों क साथ गलत करने वालो क साथ hi कुछ करेगी मैंने तो किसी क साथ कुछ नहीं किया है और आप लोगो न भी नहीं तो वो भला हमारे पीछे क्यू आएगी. आप न पिछड़े आवो और ये मोहिनी दीदी को सम्भालो कार मैं चलता हु.

हमने अपनी सीट एक्सचेंज की फिर मैंने पहले उनकी दोस्त को उनके घर छोड़ा फिर खुद घर2 की तरफ चल दिया वह पंहुचा तो सब सू रहे थे. हमने चुप चाप मिहिनी दीदी को मेरे कमरे में सुला दिया.

पूजा- अरे अब तू किधर सोयेगा.

मैं- अब क्या सोना देखो रात क 3 बाज रहे है वो तो ाचा हुआ कीस थे आपके पास वर्ण.. आप जाओ अपने रूम म सूने मैं तो गयम म जा यहा हु वही वर्कआउट क्र लूंगा.

पूजा दी रूम म चली गयी. मैं गयम मई न जा चाट पे चला गया और वह प ध्यान मुद्रा म बैठ गया.
 
यार मैं बस उस फ़्लैश बैक की बात क्र रहा था और प्ल्ज़ आप एक बार और वो मेगा अपडेट पड़े क्यू की गलती स मुझसे वो ादुरे म HI पोस्ट हो गया था और सायद आपने उसी वक़्त उसको पढ़ लिया हो पर मैंने उससे फिर स एडिट क्र पूरा क्र दिया था और उसके निचे इसके लिए माफी भी मांगी थी तो अगर आप दोबारा उससे पड़े तो आपको कुछ जवाब जरूर मिल जायेंगे और बक्की क जवाब आगे मिलते रहेंगे.

अगेन सॉरी

कीप रीडिंग एंड कमेंटिंग
 
दोस्तों गलती स मेगा अपडेट जो पेज NO 56 प है वो आधे म HI मुझसे पोस्ट हो गयी थी पर मैंने देर न करते हुए उससे एडिट क्र पूरा क्र दिया था.

तो जिन दोस्तों न वो अधूरा अपडेट पढ़ लिया हो वो प्लीज उससे दोबारा स पढ़ ले मैं पूरी कोसिस करूँगा क ये गलती फिर स न हो.

सॉरी अगेन.

अपडेट - 32

अब तक

पब म वो डायन वाला काण्ड क्र मैं निकल पड़ा मोहिनी दीदी , पूजा दीदी और उनकी फ्रेंड क साथ उधर स. पहले दीदी क दोस्त को ड्राप किया फिर खुद घर2 आ गया. मोहिनी दीदी जो पूरी टुन्न थी उनको अपने रूम म सुलाया, पूजा दीदी भी रूम म चली गयी सूने पर चुकी 3 बाज रहे थे मैं चला गया चाट प ध्यान साधना करने जैसा मुझे कापा न बोलै था.

अब आगे:-


सुबह हुई पुरे सहर म उस डायन की hi चर्चा हो रही थी सायद hi कोई न्यूज़ चैनल हो जो इस काण्ड क अलावा कुछ और दिखा रहा हो.

इस खबर को जब घर म सभी न देखा तो पहुंच गए सारे घर2 म पूजा दी और मुझे देखने क्यू की हम तो लेट आये थे हमारे आने का पता किसी को नहीं चला होगा.

घर2 म आ सारे बड़े लोग शोर मचने लगे. हम सब भी चले आये अपने रूम्स स बहार देखने क आखिर बात क्या हुई. मैं चाट स निचे चला आया.

माँ- तू ऊपर क्या क्र रहा था.

Main-Yoga क्यू क्या हुआ आप सारे इतनी सुबह कोई प्रॉब्लम है क्या.

डैड- तुम दोनों भाई बहन कब आये थे घर.

Puja(ubaasi लेते)-3 बजे क आस पास

R.bua- क्या इतना लेट आगे स तुम कही नहीं जाओगी.

मैं- बुआ वो बोलना चाहती है 12 बजे वो अभी नींद म है न तो कुछ भी बोल रही है.

पूजा- हां बुआ हम 12 बजे hi आ गए थे.

D.bua- नहीं ये दोनों hi झूट बोल रहे है.

पूजा- सच्ची बुआ हम जल्दी hi आ गए थे और आगे स और भी जल्दी आ जायेंगे.

इतने म मेरे रूम स मोहिनी निकलती है अपना सर खुजलाते.

मोहिनी अपनी साड़ी बुआ को एक साथ देख.

Mohini(khud स)- यार अब तो काम पीना पड़ेगा देखो तो जिनको इतने वक़्त स ढूंढ रही हु वो मेरे नानी क यहाँ है हाहाहा. मोहिनी अब कल स एक बोत्तलेकम क्र ले वर्ण सबके मिलने स पहले....

अन्नू मासी- मोहिनी तुम यहाँ. (मेरी ओर देख) ये यहाँ कैसे.

Main-wo..

मोहिनी- देखो तो अब तो इनकी आवाजे भी आ रही है यार कही पब वालो न कुछ मिला तो नहीं दिया ड्रिंक्स म.

चायताक

माँ- संजू दीदी मारा क्यों इससे.

माँ- इससे होश म लाने क लिए. परिधि बीटा क्या तुम इसका ये नशा तोड़ डौगी और इससे ठीक क्र निचे हॉल म ले आना ok.

परिधि- ठीक है.

परिधि न मोहिनी को खींचते हुए मेरे रूम म ले गयी.

A.maasi- हां तो पूजा और सौर्य तुम दोनों कुछ बताना चाहोगे.

पूजा- वो कल पब म न हे हमें पूरी टुन्न मिली थी.

D.bua- टुन्न क्या बोल रही हो तुम.

मैं- हां वो मोहिनी दीदी न कल कुछ ज्यादा hi पि राखी थी और खुद को संभल भी नहीं पा रही थी पूजा दी ने उनको पहचान लिया. अब हम इन्हे उस हालत म छोड़ तो नहीं सकते थे न.

पूजा- तो हम इससे यहाँ ले आये.

इतने म परिधि दीदी मोहिनी का फ़ोन ले क्र हमारे पास आयी.

Paridhi(Maa s)-Mammi वो मोहिनी क फ़ोन प उसकी माँ क कॉल आये हुए है बहुत ज्यादा तो क्या म.

पापा- फ़ोन मुझे दो मैं उनको यहाँ बुला लेता हु वो परेशां होगी रात भर स.

D.bua- उसका नशा उतरा क नहीं.

परिधि- अभी दही खिलाया है सायद कुछ देर म सही हो जाए. प्रगति उससे देख रही है अभी.

माँ- आने दो इससे होश म अभी तो बस एक hi लगाई है न इसकी तो मैं..

P.maasi-Aap hi नहीं दीदी मैं भी इससे.

V.mausa- ू मेरी रानी लक्ष्मी बाई आराम स इसने किया hi क्या है बस ड्रिंक hi तो की है हां थोड़ी ज्यादा हो गई पर उसके लिए ऐसे रियेक्ट करना अच्छा नहीं है.

माँ- हां जीजू सही बोल रहे है.

A.maasi- तू तो चुप hi रह अगर कुछ गलत हो जाता इसके साथ तो.

पापा बिच म बोल पड़े.

पापा- अलका भाभी आ रही है यहाँ कुछ hi देर म.

चलिए इनसभी को बाते करने देते है और हम चलते है अलका मामी क पास.

अलका मामी अभी अपने ममैके म थी वो बड़ी परेशां थी मोहिनी क घर ना आने की वजह स. उन्हें हॉस्पिटल भी जाना था नानी को देखने.

तभी नैना मामी का फ़ोन आता है.

N.maami- टुन्ने टीवी देखा क्या.

A.Maami- नहीं क्या हुआ बोलो.

N.maami- ारी कल *** पब म एक डायन घुस आयी थी और...

A.maami- क्या *** पब म डायन क्या बोल रही हो आप.

N.maami- टीवी ों क्र पहले .

A.maami न टीवी ों किया और वो डायन की खबर देखि तभी उनको याद आया क मोहिनी भी इसी पब म जाया करती थी.

A.maami(roote हुए)- नैना भाभी मोहिनी इसी क्लब म जाया करती थी और कल रात स hi वो घर नहीं आयी है.

N.maami- ये क्या बोल रही है तू वो घर नहीं aayi...sayad किसी दोस्त क यहाँ हो.

A.maami- नहीं भाभी मैंने सबको कॉल किया पर वो उनके साथ नहीं थी.

तभी A.maami का फ़ोन विबरते हुआ.

A.maami- भाभी उसी का फ़ोन आ रहा है आप होल्ड प रहो म उससे बात करती हु.

इतना बोल अलका न नैना का फ़ोन होल्ड प क्र दिया और मोहिनी का कॉल पिक किया.

अलका- कहा है तू कितनी बार कॉल किया तुझे फ़ोन क्यू नहीं उठती एक बार ...

Mohini(papa)-bhabhi सांत हो जाओ मोहिनी ठीक है.

अलका- hello कोण बोल रहा है कोण हो आप और मेरी बच्ची कहा है.

पापा- भाभी मैं डीप हु आपको एक एड्रेस भेज रहा हु वही आ जाओ मोहिनी ठीक है और हमारे यहाँ है.

Alka-D..DEEP तुम डीप बोल रहे हो.

पापा- हां और बाकी बाते बाद म पहले आप इस एड्रेस प आ जाओ.

अलका- ठीक है.

पापा ने उनको एड्रेस बेज दिया.

वो एड्रेस देखने क बाद नैना स.

Alka-(khus ho)bhabhi hello भाभी.

नैना- पता चला कहा है वो मोहिनी आज मुझे मात रोकना आज तो उससे मैं..

अलका- भाभी आप सुनने गई क उसने क्या किया तो आप मेरी बेटी क गाल चुम लोगी.

नैना- ऐसा क्या क्र दिया उसने और ठीक तो है न वो.

अलका- भाभी वो डीप क पास है.

Naina-kon डीप कही usne...kya कहा डीप पर वो to...tu ठीक तो हैना अलका तू वही रुक मैं आती हु तेरे पास.

अलका- भाभी डीप का फ़ोन आया था आप इस एड्रेस प पहुँचो मैं भी निकल रही हु.

इतना बोल अलका न कॉल कट क्र दिया और उसको एड्रेस भेज दिया.

वही घर2 म अब मोहिनी जी होश म थी और किसी मुजरिम की तरह सभी क सामने कड़ी थी. वो अबतक सभी स मिल चुकी थी पर अब दांत खाने वाली थी.

माँ- मोहिनी सिंह कल रात आपने कितनी पि राखी थी आपको पता है.

मोहिनी बस ना म सर हिल्ला देती है.

P.maasi- इससे तो मैं एक बात बता तुझे जरा भी फ़िक्र नहीं हुई अपने माँ की वो कब स तुझे फ़ोन क्र रही थी पता है कितना परेशां थी वो.

मोहिनी - सॉरी वो तो मैं आप सव्ही क ना मिलने की वजह स थोड़ी स्ट्रेस्ड हो गयी थी तो.

A.bua- हैं! स्ट्रेस्ड हो गयी थी तो क्या सरब की टैंकर पि जाओगी अकाल है की नहीं तुझमे.

D.bua- तुम तो बहुत बड़ी बेवकूफ हो अगर कोई तुम्हारे साथ कुछ क्र देता नशे म तो.

Mohini(roote हुए)- सॉरी आगे स नहीं करुँगी कभी.

माँ उससे गले लगा चुप करते हुए

माँ- देखो बीटा रूट नहीं हम सब आपके सेफ्टी क लिए hi तो बोल रहे है न अगर आपका भाई वह नहीं होता तो.

चलो अब चुप हो जाओ आपकी माँ आती hi होंगी.

इतने म अलका की एंट्री हुई और नैना भी थी साथ hi थे कीर्ति और प्रीति भी.

सारे लोग एक दूसरे स मिलते है पर कुछ थे जो खुश नहीं थे उनके आने स जैसे म अन्नू मासी और P.maasi.

जब सभी मिल लिए एक दूसरे स तब.

A.massi-(Mammi s)Ab आपकी बेटी सही सलामत है इससे ले के चले जाइये.

D.bua- अन्नू ये क्या बोल रही हो तुम.

A.maasi- क्या बोल रही हु मैं जाने दो इन लोगो को यहाँ स ये यहाँ क्या करेंगे.

माँ- क्या हुआ दीदी आप ऐसे अचानक स क्यू बोल रही हो.

P.maasi- नाटक मत क्र सैफअली तू भी जानती है दीदी क्यू बोल रही है ऐसा क्या तू भूल गयी क इन्ही दोनों भाभियों न ना जाने कितनी बार तुझे क्या कुछ नहीं बोलै था.

माँ- दीदी देख क्र तो बोलो बछिया ह यहाँ उनकी.

A.maasi- ाचा है ये सभी भी तो सुनने अपनी माँ क करतूत इन्हे भी तो पता चले.

दोनों ममियों की आँखें भर आयी थी ये सुन उन्हें भी याद आने लगे वो साड़ी कड़वी बाते जो उन्दोनो न कभी माँ स बोलै था और फिर उन्हें अपनी बेटियों क बारे म याद आया कैसे मोहिनी एक no की पियाकड़ बानी बैठी है, कीर्ति भी डिप्रेसिव का शिकार है और प्रीति वो तो किसी स बात hi नहीं करती कुछ भी नहीं बोलती वो बस चुप चाप खुद म खोयी हुई.

P.maasi- आज तो आप दोनों यहाँ आ गए हो वो भी सिर्फ मोहिनी क वजह स आगे स कभी इस जगह मत आना. अब जाओ यहाँ स.

दोनों ने hi माँ क पेअर पकड़ लिए.

अलका- माफ़ क्र दो हमें हम आज तक उन् पापों की सजा भुगत रहे है सायद तुम नहीं जानती क हमारी बछिया कैसी हो गयी है सायद ये उन्ही पापो की सजा है.

नैना- सैफअली हमने जो कुछ भी तुम्हारे साथ किया या तुम्हे कहा वो ससुर जी और सासु माँ क बातों म आ क किया था पर अब हम बदल गए है.

फिर दोनों न जो नाना जी क घर म हुआ था इन् सभी को बताया.

माँ - आप दोनों पागल हो क्या कोई अपनी बच्चियों क सामने ऐसा करता है. दीदी आप लोग भी न.

माँ- दीदी जब दिलावर सिंह न मुझे मारने क लिए आदमी भेजे थे उस वक़्त अलका भाभी न hi मुझे बताया थाउसके बारे मई. इन्हे माफ़ क्र देते है.

A.maasi- है क्यू नहीं पहले इन्हे माफ़ क्र देते है फिर माँ को माफ़ क्र देंगे उसके बाद पापा को भी है न और फिर सारे जान मिल के रहेंगे यही चाहती हो न तुम तो सुन लो मेरे रहते ऐसा कुछ नहीं हो सकता तुम भूल सकती हो इन् लोगो न तुम्हारे और सैफअली क साथ क्या किया है मैं नहीं.

p.maasi- मैं भी नहीं भूल सकती वो सब और किसी को भी माफ़ नहीं क्र सकती मैं.

माँ- मैं सबकी बाते नहीं क्र रही मैं तो बस इन्ही लोगो की बात क्र रही हु मन्ना लुक गलतियां इनदोनो न भी की है पर इन बच्चियों को देखो क्या इन्हे हक़ नहीं अपनी बुआ क साथ रहे अपने दोनों भाइयों क साथ रहे आप hi बताओ.

मैं- A.maasi,P.maasi मान जाओ न यार और माफ़ी देना ाचा होता hai.Ab जो हो गया वो वापस यो नहीं हो सकता न तो क्यू न सब भूल एक नयी शुरुआत करते है न.

माँ- सही कहा तूने बीटा.

A.maasi- बिलकुल नहीं ऐसा कुछ नहीं होगा इन्हे जाने को बोलो.

सभी न बड़ी म्हणत स A.maasi और p.maasi को मनाया.

चलिए अब ये जानते है की मेरे अंदर ये चमत्कारी बदलाव कैसे आ गया.

जब मैं ध्यान म बैठा था अपने अंदर R.boom और O.book की शक्तियों को ढूंढ़ने.

{वो थी तो मेरे पास hi पर उनकी पूरी शक्तियां मेरे पास नहीं थी}

कुछ hi देर म वो मुझे मिल गयी और फिर जो मैंने देखा मेरे वो एक गाओं का दृस्य था.

एक्चुअली म हुआ ये क O.book क पास एक शक्ति थी जो मेरे आसपास क अछि या बुरी शक्तियों क बारे म मुझे बता देती थी वही R.book क पास मेरी आइडेंटिटी यानि शक्तिया छिपाने की काबिलियत थी.

हां तो गाओं का नाम था मादवपुर और यहाँ एक अजीब शक्ति का वास था जिसे लोग मंजुलिका कहते थे इसकी भी एक कहानी थी.

मंजुलिका एक बड़ी hi सूंदर स्त्री थी. वो करीब 400 साल पहले इस गाओं म आयी थी अपने पति क साथ. उसका पति उससे बहुत प्यार करता था. कहते है की वो किसी तपस्वी की बेटी थी और उसमे भी कुछ सीढ़ियां थी. इस गाओं म कुछ लोगो को उसके बदन की खूबसूरती को देख रहा नहीं गया और एक दिन वो लोग उसके घर म घुस गए और उसके पति की उसके सामने hi हत्या क्र दी और फिर उसका बलात्कार किया तब तक किया जब तक वो मारी नहीं. लगभग पुरे गाओं को पता था क ये सब किन लोगो न किया है पर किसी ने भीउस वक़्त क राजा क सामने कुछ नहीं बोलै.

उस वक़्त वो पेट स थी. जब इस घटना का पता उस तपस्वी यानी मंजुलिका क पिता को चला क्रोध म आ उन्होंने पुरे माधवपुर को hi श्राप दे डाला की जब तक ये पूरा गाओं और यहाँ क वाशिंदे जिन्दा है तब तक मेरी बेटी का शरीर यहाँ क लोगो को मारती रहेगी वो शरीर कभी नस्ट नहीं होगी इतना बोल उस तपस्वी ने भी अपनी बेटी क शरीर क पास hi अपने प्राण त्याग दिए . फिर क्या था रोज बहुत सारे लोग मरते रहे. जब लोगो को पता चला इस श्राप क बारे म तो ये पूरी बात वह क राजा को बताई गयी साथ म उन लोगो क बारे म भी जिन्होंने मंजुलिका को मारा था.

राजा न आदेश दिया उनको पकड़ने का और उनको एक बड़ी hi खौफनाक मौत दी गयी पर अब उससे क्या होना था. मंजुलिका का सरीर तो वैसे hi सबको मारता रहने वाला था. दिन बिट रहे थे और गाओं क लोग मरते rahe.Kuch लोगो न अपने परिवार सहित गाओं छोड़ने की कोसिस की पर वो सारे गाओं क चौपाल प मरे हुए मिलते थे.

सभी चिंतित हो गए और पहुंच गए राजा क पास. उन्ही दिनों एक साधु घूमते हुए पहुंच गए उस गाओं म वो भी भीड़ क साथ राज दरबार पहुंच गए. लोगो द्वारा बताई गयी कहानी सुन उन्हें उनपे पहले तो गुस्सा आया फिर उनकी हालत देख दाटल्या भी आया वो बिच दरबार म खड़े हो बोले.

साधु- हे राजन मैंने इस गाओं की दादा क बारे म सुन्ना और मुझे बहुत बुर्रा लगा इससे सुन अगर आज्ञा हो तो मैं इसके कुछ उपाए बता सकता हु.

राजा- हे साधु महाराज कृपया अपना परिचय दे.

साधु- मैं ऋषि पीसप का पुत्र ऋषि डेम्भा हु मेरे पिता ने मुझे ीचा मृत्यु का वरदान और अपनी साड़ी शिक्षा प्रदान की है और मैं उन्ही का प्रयोग क्र इस गाओं को मुक्त करना चाहता हु अगर आपकी आज्ञा हो तो.

राजा- हे ऋषि आपको आज्ञा मांगने की आवस्यकता नहीं है आप तो आदेश दे. मैं इस नगर का राजा आपक्से विनती करता हु कृपया इस जगह को मुक्त क्र दे.

साधु उनकी बाद सुन मुस्कुराया और बोलै.

साधु- राजन कुछ वक़्त दे मुझे मैं अपनी पूजा स उस श्राप का तोड़ पता करता हु.

साधु ये बोल चला गया उसी जगह जहा पहले मनुलिका की मौत हुई थी फिर उसके पिता न अपने प्राण त्यागे थे.

कुछ दिन वही बैठ पूजा पाठ करने क बाद उन्हें मंजुलिका, उसके पिता और उसके पति की आत्मा स मुलाकात हुई.

साधु- हे मंजुलिका तुम्हारे गुनहगारों को सज़्ज़ा मिल चुकी है अब तुम भी सांत हो जाओ और यमलोक की ओर प्रस्थान करो.

मंजुलिका- हे ऋषि डिम्भे मेरा न्याय तो खुद यमदेव कर चुके है मैं, मेरे पति मेरा बीटा सब का न्याय हो चूका है.

Sadhu-prantu ये कैसे संभव है अभी भी तुम्हारा शरीर इसी लोक मैं है और तुम कह रही हो तुम्हारा न्याय हो चूका है और तुम्हारा तो कोई बीटा नहीं था.

तपस्वी- हे ऋषि डिम्भे वो मेरे श्राप क कारण है वह और वो वैसे hi रहेगा.

साधु- हे तपस्वी तुम्हारी बेटी क सभी दोषी को मौत मिल चुकी है अब कृपया मुझे उस श्राप का तोड़ बताये.

तपस्वी- नहीं ऋषि अभी नहीं अभी तो बहुत वक़्त है इस सब म बहुत सारे घुनगर अभी भी जीवित है ये वो गुनेहगार है जिनका गुनाह था छुपी साध लेना मेरी बेटी को न्याय न दिलाना और जब तक वो जीवित है ये सब चलता रहेगा और उनकी मौत क बाद भी.

साधु- हे तपस्वी उन्हें अपनी भूल ज्ञात हो चुकी है और वो प्रस्ताचप भी कर रहे है. कृपया अब उन्हें इस श्राप स मुक्त कराये.

तपस्वी- सायद तुम्हे ज्ञात नहीं मंजुलिका का जो बीटा आने वाला था वो कोण था वो वर्षो स इस धरती प आने की प्रतीक्षा क्र रहा था इस धरती को पाप स मुक्त करने क लिए पर कुछ लोगो की वजह स ये हो न सका परन्तु अब जब इस गाओं क लोगो को ग्लानि हो hi गयी है तो मैं तुम्हे इसका उपाय भी बताऊंगा. यहाँ का राजा बड़ा hi दयालु है उसी क कुल म फिर स मेरी बेटी का जन्म होगा उसकी शादी मेरे दामाद स hi होगी उस जनम म भी और फिर मेरी बेटी hi इस गाओं को मुक्त करेगी. जब मेरी बेटी अपने पुराने शरीर को छुएगी उससे सब ज्ञात हो जायेगा और वो शरीर भी नस्ट हो जायेगी. मेरी बेटी hi बनेगी उस बचे की माँ जो इस दुनिया को पाप मुक्त करंव वाला है इस जन्म म न सही तो अगले जनम म hi. उसके अंदर भी कुछ शक्तियां होगी जो उससे हार बुराई स बचाएगी हर खतरे स बचाएगी.

साधु- हे तपस्वी उस सुबह गाड़ी म अभी कितना विलम्भ होगा.

Tapaswi-He ऋषि जब फिर स वही गृह दशा वापस आएगी जो मेरी पुत्री क जन्म क वक़्त थी उसी वक़्त इसका पुनः जन्म होगा और आपको सब पता चल जायेगा.

Sadhu(chintit ho)-parantu इससमे तो बहुत वक़्त लगेगा.

तपस्वी- जाओ और उस शरीर प (एक काला धागा दे) ये धागा बांड देना वो सू जाएगी दिन क उजाले म कभी नहीं उठेगी पर बस उस वक़्त तक जब तक मेरी बेटी का पुनर जन्म नहीं हो जाता. फिर धीरे धीरे उसकी शक्तियां वापस आती रहेगी और वो बलवान होती रहेगी जब तक इस शरीर को वो छू न ले.

इतना बोल 4रो आत्माएं गायब हो गयी और ये बात शादू न

ये बात राजा को बताई और ये भी बोलै क शाम होते hi कोई भी घर स न निकले.

पूरा परिवार एक साथ गाओं स बहार न निकले.

ये दृस्य ख़तम होते hi मुझे मेरी नानी दिखी जिनके गॉड म 2 लड़किया थी बड़ी hi प्यारी उसके बाद दिखे मुझे मेरी दादी जो एक लड़के को गॉड म लिए खड़े थे.

फिर मेरे दिमाग म मेरे माँ पापा की तस्वीर आयी जो मुझे अपनी गॉड म लिए मुस्कुरा रहे थे.

मैं- (O.book स) क्या ये वही है..

O.book- हां सौर्य ये वही है जो तुम सोच रहे हो और अब तुम्हे hi अपनी माँ द्वारा उस गाओं को मुक्त करना है जितनी जल्दी हो सके. वो पूरा गाओं शादियों स तुम्हारी माँ की राह देख रही है.

मैं- ठीक है पर मैं अपने नाना और दादा को सबक शिखना चाहता हु.

O.book- क्या ये उन गाओं वालो की जिंदगी स भी ज्यादा जरुरी है.

मैं- नहीं

O.book- पहले जाओ उस गाओं को मुक्त करो उसके बाद जैसे ीचा हो वैसे उन्हें सबक शिखना.

मैं- तो क्या अभी hi चला जॉन माँ को लेकर.

वो- सौर्य वो गृह नक्षत्र जो इस काम क लिए निर्धारित हुए थे उससे आने म अभी कुछ दिन शेष है तब तक तुम ऍबे दादा & नाना को सबक शिखस्ने क लिए तैयारी क्र सकते हो.

मैं- तुम क्या करती अगर तुन मेरी जगह होती तो.

O.book- मैं उन्हें अकेला क्र देती जैसे उन्होंने तुम्हारी माँ क साथ किया था फिर उनको तड़पती सायद उनके तड़प देख मेरे दिल को थोड़ी ख़ुशी मिलती.

मैं- थैंक्स यार तुम लड़कियां आईडिया बड़ा ाचा देती हो बदला लेने का.

O.book- मैंने कोई आईडिया नहीं दिया.

इतने म मेरा ध्यान टूट गया.

प्रेजेंट:-

प्लान मुझे मिल गया था मेरा मकसद था उन दोनों को hi अकेला क्र देना और उसके लिए एक महोरा था मेरे पास मोहिनी जिससे मैं अलका ममी को उनसे अलग क्र सकता था पर मेरी किस्मत जो देखो एक पर एक फ्री नैना ममी भी आ गयी मेरे paas.Maine ऐसा भी नहीं सोचा था क सभी को यही माफ़ क्र दूंगा जैसे नानी और दादी या बाकियों को hi मैं उन्हें हर रोज वो सब याद दिलाना चाहता था जो उन सभी न मेरी माँ क साथ किया था हर दिन हर पल और उसके लिए पहले उनके करीब जाना था.

सभी क मानाने पर दोनों मौसियों न उन्हें माफ़ क्र दिया.

मैं- अब मामी और बहने भी आ गए है तो क्यू न..

A.maasi- नहीं बिलकुल भी नहीं वो दोनों इधर कभी नहीं आएंगे हां अगर दोनों भाभियों का मान हो तो वो हमसे मिलती रह सकती है पर वो दोनों नहीं.

माँ- दीदी प्ल्ज़.

अलका- नहीं सैफअली अन्नू सही कह रही है अरे वो लोग तो अपनी माँ क कहने प भी तुम्हे ढूढ़ना नहीं चाहते थे छोड़ो उन्हें.

Maa-pr भाभी.

P.maasi- देख अब ज्यादा हो रहा है.

माँ चुप हो गयी.

मैं- पर नानी को तो इधर ला सकते है न उनकी देख भल भी हो जाएगी.

D.bua- हां ये सही होगा माना वो माँ होने का फ़र्ज़ भूल गयी पर क्या तुम लोग भी बेटी होने का फ़राज़ भूल जाओगी.

C.nani- है दीदी को बुल्ला लो न इधर मैं भी उनकी सेवा.

A.Maasi- ठीक है बुल्ला लो उन्हें.

फिर क्या था शाम होते होते नानी आ गयी हमारे घर म उनको घर1 म शिफ्ट किया गया था.

पता नहीं कैसे पर माँ और माँ क द्वारा उनको चुनने पर hi उनके सरीर म कुछ प्रतिक्रिया हो रही थी सायद वो फिल्मों म दिखते है न प्यार की ताकत उसी की वजह स.

दोनों ममियों को वापस उनके मायके भेज दिया गया पर मेरी बहनो को घर2 म शिफ्ट करवा दिया गया इस उम्मीद स क वो कुछ ठीक हो जाये मोहिनी की सरब छूट जाये कीर्ति की डिप्रेशन और प्रीति की चुप्पी और इसका जिम्मा बाकी क सररों प दे दिया गया.

अभी क लिए इतना HI

नेक्स्ट अपडेट म देखे क कैसे दादा जी और दोनों चाचा को बिसम्भर जी घर स निकलते है और उन्हें मशीहा यानी माँ जो की उनके घर की कुलवधू थी उन्ही क साथ वापस लौटने को कहा जाता है फिर कैसे वो और नानाजी मिल क्र हमतक पहुंचते है.

एक क्वेश्चन:-

अगर आपको एक सुपरपावर मांगने की ीचा दी जाये तो आप क्या मांगोगे?

आंसर आईटी इन कमैंट्स
 
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