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- Dec 5, 2013
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अपडेट - 26 (कॉन्टिनुएस)
करीब 7 बजे क आस पास जब सारे बड़े लोग फ्रेश हो निच्चे आये ,कोई गार्डन म चला गया कोई कहि और. डैड अपने आदत अनुसार T.V ों क्र उस्समे न्यूज़ देखने लगे. अभी उन्होंने न्यूज़ लगायी HI थी क हैडलाइन को देख उनको बहुत बड़ा जतका लगा.
हैडलाइन- गुप्ता & संस ग्रुप्स और सिंह & संस ग्रुप्स हुयी कंगाल. मालिक आये रस्ते पे.
इस न्यूज़ को देख डैड तो उछाल HI पड़े.
डैड- अरे कहा हो सभी इधर देखो क्या काण्ड हो गया है अरे डीप जल्दी आ इधर विक्रम देख तो सही.
सभी उनके ऐसे चिल्लाने स हॉल म T.V क पास आ गए.
माँ- आप क्या पागल हो गए हो बच्चो की तरह चिल्ला रहे हो सुबह सुबह.
माँ- संजू दीदी सुन तो लो जीजू क्या बोल रहे है
डैड- तुम लोग T.V प देखो क्या खबर चल रही है.
इतने म हैडलाइन चेंज हो गयी थी.
हैडलाइन- "मला सुरेंद्र और मेयर अंकित ने किया लाखों का घोटाला. अभी पुलिस हिरशत म .
पापा- अरे ये तो वही है न वो उन कमीनो क भाई. ाचा HI हुआ सालो क साथ. तो यही खबर थी.
डैड- अरे डीप ये नहीं असली खबर तो ऐसी है क जिससे देख तुम सभी खुश हो जाओगे.
इतने म वापस स पहले वाला हैडलाइन आया .
डैड- वो देखो मैं इसकी बात क्र रहा हु.
सर्रे लोगो न जब ये देखा तो उनको भी झटका लगा.
माँ- क्या ये सच म हुआ है.
डैड- है संजू सच म हुआ है.
माँ- ये तो बहुत बुरा हुआ पता नहीं वह सब कैसे होंगे.
माँ का इतना कहना था क सभी लोग उनको ऐसे घूरने लगे जैसे कोई एलियन आया हो.
पापा- यार मेरी समझ म नहीं आता तुम किस मिटटी स बानी हो एक तो उन लोगो न तुम्हारे साथ ऐसा किया, हमें मरवाने तक की कोसिस की , हमें अपने बेटे स दूर रखा और तुम्हे फिर भी उनकी चिंता हो रही है.
माँ- देख छोटी ये जो भी उनके साथ हुआ है न उनके कर्मो का नतीजा है समझी और अब तू उनके बारे म कोई बात नहीं करेगी.
माँ- पर दीदी वो भी तो हमारे अपने है.
R.FUFA- देखो सैफअली सिर्फ तुम उनको अपना समझती हो वो नहीं समझते तुम्हे अपना. अगर वो तुम्हे अपना सम्झते तो क्या... मैं तुम्हे फिर स वो बाते याद नहीं दिलाना चाहता इसलिए बेहतर यही होगा उनके बारे म सोचना छोड़ दो.
माँ- अच्छा ठीक है पर आप उन बच्चियों क बारे म तो सोचो जो उन घरो म है. इनसब म उनकी तो कोई गलती नहीं है न.
माँ न ये बात कही थी पर कोई भी वह उनका साथ देने वाला नहीं था तो माँ भी CHUP-CHAP मेरी तरफ आ गयी और मुझे रूम म आने को बोलै. मैंने शिल्पा को वही हॉल म छोड़ दिया और चल दिया माँ क रूम म जहा वो बैठ क रो रही थी.
मैं उनके पास पहुंच गया.
मैं- क्या हुआ माँ आप ऐसे क्यू रू रही हो.
माँ- बीटा बस अपनी किस्मत प रू रही हु पता है अगर मैं नहीं होती न तो ये जो सारे बहार अपने HI परिवार की ऐसी हालत देख खुश हो रहे है वो आज उनके साथ होते.
मैं- माँ आप क्यू उन लोगो की फ़िक्र करते हो हां. ाचा मेरी बात सुनने मैं न आपको दिखता हु क उन घरो म क्या हो रहा है मुझे पक्का यकीं है वो आज भी आपको HI इसका दोसी मानते होंगे.
मैंने इतना बोलै और माँ का हाथ पकड़ा.
इससे हुआ ये क अब वो भी मेरे साथ वो सब देख सकती थी जो मैं देख सकता था.
मैंने सीधा अपनी नजर अपने नाना क घर प डाली.
ये वो वक़्त था जब मेरे पूज्य नानाजी घर म पधार रहे थे. उनको छोड़ने पुलिस आयी थी
{समीरा न कुछ इंतजाम किया होगा.}
अभी उनकी हालत कुछ ठीकनही लग रही थी सायद D.FUFA न मास्क म होने का पूरा फायदा उठाया था गाल शुजी हुए थे आखो क निचे काले कल्ले ढाबे पड़े थे लंगड़ाते हुए उन्होंने गेट प एंट्री ली. अभी उनका गेट प आना HI था क घर मई हल्ला होने लगा हुआ ये जब नानाजी घर म एंटर हुए उस वक़्त मेरे दोनों मां को फ़ोन आया क आपकी कंपनी दुब चुकी है और अब आपकी साड़ी प्रॉपर्टी भी बैंक सिज़े करने वाली है. उनका बस ये सुन्ना था क दोनों बेहोश हो गए वही बाकी सारे उनको देखने लगे किसी की नज़र अभी नानाजी प नहीं गयी थी.
नानाजी को भी ये देख झटका लगा वो लगड़ाते हुए फ़ोन क पास पहुंचे और जब उन्होंने भी वही बात सुन्नी तो उनको बहुत गुस्सा आया.
NANAJI(CHILLA क्र)- आते HI अपनी मनहूसियत फैला दी उस मनहूस लड़की ने . इस बार तो उसको छोड़ूगा HI नहीं.
उनकी बात सुन सारे जो होश म थे वो शॉक रह गए क्यू की नानाजी सिर्फ माँ को HI मनहूस बोलते थे.
अभी तक ममयों को भी पन्नी छिड़क होश म लाया जा चूका था वो भी थोड़ा शॉक हुए ये सुन क्र.
SHURBHI-(AASHU लिए आखों म) मालिक क्या सैफअली जिन्दा है.
NANAJI-(GUSSE म) नाम मत लो उस मनहूस का दिखाई नहीं देता उसके आने स क्या हो गया हमारा सब कुछ लूट गया ये देखो मेरे बच्चो को भी पता नहीं क्या हो गया.
उनका बस इतना बोलना था क.
चाआताआकककक
छाआआताककक
SHARMILA(NANI) न दे डाला 2 उनके कान क निचे और गुस्से म बोली.
नानी- ख़बरदार जो मेरी बेटी को मनहूस कहा तो पहले ये बताओ कहा है मेरी बच्ची.
आज पहली बार नानी न नानाजी प हाथ उठाया था वो भी पुरे घर वालो क सामने. सारे क सारे लोग एकदम स शॉक म चले गए थे किसी को भी इसकी उम्मीद HI नहीं थी और नानाजी उनकी तो पूछो HI मत .
NANI(CHILLA क्र नाना स)- कहा है मेरी बेटी बताओ मुझे
उनके यु चिल्लाने स सर्रे लोग शॉक स बहार आये.
नानाजी बिलकुल चुप खड़े थे.
नानी स ये छुपी बरदास नहीं हुई उन्होंने तो तपादो की बारिश HI क्र दी नानाजी प ये देख दोनों मामी जो मामयो क पास थी वो आ क्र नानी को संभालती है पर नानी तो बेहोश हो चुकी थी.
सभी न उनको उठाया और रूम म ले गए कीर्ति जो खभी अपनी दादी की तरफ देखती भी नहीं थी वो आज उनका इलाज करने लगी. थोड़ी देर म नानी को होश आया वो फिर स उठने को हुई और नानाजी को खोजने लगी पर वो भुद्ध तो सल्ला जैम सा गया था वही हॉल म अपनी पत्नी स मार खा क्र.
अलका ममी को लगा क सयाद उन्हें माँ (संजू) क बारे म भी बता देना चाहिए
ALKA(NANI स)- माँ जी वो संजू..
नानी- क्या हुआ क्या संजू बोल
अलका- माँ जी वो संजू जिन्दा है और इसी सहर म है.
अलका मामी की बात स सारे उनको HI देखने लगे.
अलका- वो माँ जी मोहिनी न देखा था उससे और उसके साथ पूनम भी थी.
आज का दिन इस परिवार क लिए शॉक स भरा हुआ था.
नैना ममी- ( अलका स) तुझे पता है न तू क्या बोल रही है.
मोहिनी- चची माँ सच बोल रही है वो सारे इसी सहर म है.
NANI-(MOHINI स) क्या सच म तूने उनको देखा था मेरी बची बोल न क्या वो ठीक थे खुश तो थे न वो अरे ये बता वो कहा पर थे बता न.
मोहिनी- मुझे नहीं पता जब मैं होटल स निकली तब तक वो जा चुके थे.
NANI(DONO मां स)- बीटा तुम दोनों अपनी बहनो को ढूढ़ लाओ गए न बोलो न मेरे बचो.
वो दोनों HI चुप रहे दोनों म स कोई कुछ नहीं बोलै और नानी फिर स बेहोश हो गयी.
इस बार कीर्ति को भी कुछ समझ न आया उसने तुरंत एक एम्बुलेंस मगवाई और नानी को हॉस्पिटल ले जाया गया. वह पता चला क नानी शॉक की वजह स कोमा म जा चुकी है.
ये बात पता चलते HI अलका ममी न मोहिनी को अपना सामान पैक करने बोलै और दोनों HI चल दिए अलका ममी क मायके. साथ HI मामी न रितेश मां को धमकी दी क जब तक सैफअली और संजू घर न आ जाये वो दोनों वापस नहीं आएगी. कुछ ऐसा HI नैना मामी न भी किया समशेर मां क साथ दोनों क मायके इसी सहर म थे तो वो नानी का ख्याल रख सकते थे. सायद उनको इस बात का अंदाज़ा नहीं था क उनके पति ऐसा भी क्र सकते है.
वही सुरभि( इनको अब छोटी नानी लिखूंगा) को जब सैफअली क जिन्दा होने की बात पता चली तो वो मोहित को साथ ले निकल पड़ी P.MASSI क घर उनको ये खुशखबरी सुंनने.
ये सब कुछ देख माँ को पता HI नहीं चला क वो दुखी हो या फिर खुश उनको बस एक बात HI खाये जा रही थी क ये सब उनके कारन हुआ है.
माँ- देखा न तूने बीटा सब मेरी HI वजह स हुआ है.
मेरे को गुस्सा आ रहा था माँ क बार बार ऐसा कहने प पर मैं ये भी जनता था की ये साडी बाते माँ क दिमाग म नानाजी और दादाजी क कारन HI आयी है.
मैंने उनको कोई जवाब नहीं दिया बस दादाजी क घर की कहानी दिखने लगा.
यहाँ भी उसी वक़्त स चलते है जब दादाजी घर म आये.
दोनों चाचा को भी पता चला क उनका सब कुछ बर्बाद हो गया है BLA..BLA...BLA.
दादाजी- ये सब उस कलमुही क कारन हुआ है पहले मेरे बेटे को चीन लिया फिर मेरी बेटियों को और आज मेरा सारा बिज़नेस भी उसको तो जिन्दा जला देना चाहिए.
यहाँ प थोड़ा अलग सन बना.
इस घर म 2 लड़कियां ऐसी थी जिनको गुस्सा बड़ा तेज आता था और वो किसी क साथ बुरा होता नहीं देख सकती थी और यहाँ तो बात उनके चची की थी पता नहीं उन्होंने माँ को देखा भी था या नहीं पर सुन्ना जरूर था अपनी MAA(CHACHI स) स उनके बारे म वो भड़क उठी अपने दादा क इस बात पर. वो दोनों थी PUJA(BADE चाचा की लड़की) और प्रिय (छोटे चाचा की लड़की).
{दोनों म ज्यादा जमती नहीं थी पर फिर भी जब बात किसी क सामान की हो तो दोनों एक हो जाती थी}
पूजा- वाह मर अर्पित गुप्ता वाह सही कहा आपने सॉरी तुमने ये सब कुछ मेरी चची का किया हुआ है. उन्होंने HI बदला लेने क लिए ये किया है है न.
ROHINI(BADI चची)- ये क्या तरीका है अपने दादाजी स बात करने का.
प्रिय- चची दीदी सही तरीके स HI बात क्र रही HAI(DADAJI स) है तो तेरे को लगता है ये सब छोटी चची क वजह स हुआ है तू न मेरे को ये प्रूफ क्र क दिखा बीएस.
RIDHI(CHILLA क्र)- चुप हो जा प्रिय वर्ण अच्छा नहीं होगा.
प्रिय- मैं चुप हो जॉन ठीक है मैं चुप हो जाउंगी पर मेरी एक बात सुनलो कही ऐसा न हो क एक दिन ये यही बुद्धा आपको भी मनहूस बोल आपकी जान लेने प ना पद जाये जैसे C.CHACHI क साथ किया था. उस वक़्त भी मुझे चुप रहने को बोलोगी आप अरे ाचा हुआ क इस घर का कोई चिराग नहीं आया अभी तक ऐसे घर को तो बढ़ाना भी नहीं चाहिए.
पूजा- सही कहा टुन्ने प्रिय मुझे तो अब शरणम आती है ये कहते हुए भी क मैं इस गुप्ता परिवार की बेटी हु AUR(BADI चची क ओर देख) आप माँ कही ऐसा न हो क एक दिन आपकी HI किसी बेटी को ये बुद्धा मनहूस बोल मरवा दे तब भी आप इसी का साथ डौगी न.
मैं आज HI ये घर छोड़ जा रही हु कही भी रह लुंगी पर इस नर्क म बिलकुल नहीं.
प्रिय - मैं भी आपके साथ चल रही हु.
और इसी क साथ HI दोनों न अपना सामान पावक किया और निकल चले अपने एक फ्रेंड क यहाँ.
ये सब देख मन भी शॉक हो गया मुझे नहीं पता था ये दोनों इतनी खुखार हो जाएगी.
वही माँ बस रू रही थी तभी पापा न दूर नॉक किया. माँ अपने आशु पोछने लगी.
पापा- सैफअली मोहित भैया और S.MAA(SHURBHI माँ) आये है.
माँ- मुझे पता है मैं आ रही हु.
पापा- पता है पर कैसे.
मैं- पापा माँ आ रही है न बाद म पूछ LENA.(MAA स) अब आप चुप भी करो और अच्छे स मिलना मेरे मां और नानी स.
माँ- बीटा क्या तू पूजा और प्रिय को यहाँ ला सकता है.
मैं- हां पर जब आप इनसब क लिए खुद को जिम्मेदार मन्ना छोड़ डौगी तब और मैं नानै को भी ठीक क्र दूंगा मगर जैसा इन कहा वैसा करने क बाद.
माँ- मैं कोसिस करुँगी.
फिर मैं और माँ बहार आ गए C.NANI तो माँ को देख आशुओं म HI दुब गयी और उनके गल्ले लग बहुत प्यार किया सायद माँ को भी अभी इस प्यार की जरुरत थी. मोहित मां भी उनसे मिल बड़े कुश हुए फिर. C.NANI न सबको जो नाना क यहाँ हुआ वो बताया जिससे सुन सारे शॉक रह गए.
इनको यही छोड़ चलते है उन वेटलो क पास जो एअर्थ प कब्ज़ा करना चाहते है.
ज़फर की मौत की खबर उनतक भी पहुंची सिर्फ उनतक HI नहीं सारे लोकों तक पहुंची पर ये किसी को पता नहीं था क उससे मर्रा किसने है.
करीब 7 बजे क आस पास जब सारे बड़े लोग फ्रेश हो निच्चे आये ,कोई गार्डन म चला गया कोई कहि और. डैड अपने आदत अनुसार T.V ों क्र उस्समे न्यूज़ देखने लगे. अभी उन्होंने न्यूज़ लगायी HI थी क हैडलाइन को देख उनको बहुत बड़ा जतका लगा.
हैडलाइन- गुप्ता & संस ग्रुप्स और सिंह & संस ग्रुप्स हुयी कंगाल. मालिक आये रस्ते पे.
इस न्यूज़ को देख डैड तो उछाल HI पड़े.
डैड- अरे कहा हो सभी इधर देखो क्या काण्ड हो गया है अरे डीप जल्दी आ इधर विक्रम देख तो सही.
सभी उनके ऐसे चिल्लाने स हॉल म T.V क पास आ गए.
माँ- आप क्या पागल हो गए हो बच्चो की तरह चिल्ला रहे हो सुबह सुबह.
माँ- संजू दीदी सुन तो लो जीजू क्या बोल रहे है
डैड- तुम लोग T.V प देखो क्या खबर चल रही है.
इतने म हैडलाइन चेंज हो गयी थी.
हैडलाइन- "मला सुरेंद्र और मेयर अंकित ने किया लाखों का घोटाला. अभी पुलिस हिरशत म .
पापा- अरे ये तो वही है न वो उन कमीनो क भाई. ाचा HI हुआ सालो क साथ. तो यही खबर थी.
डैड- अरे डीप ये नहीं असली खबर तो ऐसी है क जिससे देख तुम सभी खुश हो जाओगे.
इतने म वापस स पहले वाला हैडलाइन आया .
डैड- वो देखो मैं इसकी बात क्र रहा हु.
सर्रे लोगो न जब ये देखा तो उनको भी झटका लगा.
माँ- क्या ये सच म हुआ है.
डैड- है संजू सच म हुआ है.
माँ- ये तो बहुत बुरा हुआ पता नहीं वह सब कैसे होंगे.
माँ का इतना कहना था क सभी लोग उनको ऐसे घूरने लगे जैसे कोई एलियन आया हो.
पापा- यार मेरी समझ म नहीं आता तुम किस मिटटी स बानी हो एक तो उन लोगो न तुम्हारे साथ ऐसा किया, हमें मरवाने तक की कोसिस की , हमें अपने बेटे स दूर रखा और तुम्हे फिर भी उनकी चिंता हो रही है.
माँ- देख छोटी ये जो भी उनके साथ हुआ है न उनके कर्मो का नतीजा है समझी और अब तू उनके बारे म कोई बात नहीं करेगी.
माँ- पर दीदी वो भी तो हमारे अपने है.
R.FUFA- देखो सैफअली सिर्फ तुम उनको अपना समझती हो वो नहीं समझते तुम्हे अपना. अगर वो तुम्हे अपना सम्झते तो क्या... मैं तुम्हे फिर स वो बाते याद नहीं दिलाना चाहता इसलिए बेहतर यही होगा उनके बारे म सोचना छोड़ दो.
माँ- अच्छा ठीक है पर आप उन बच्चियों क बारे म तो सोचो जो उन घरो म है. इनसब म उनकी तो कोई गलती नहीं है न.
माँ न ये बात कही थी पर कोई भी वह उनका साथ देने वाला नहीं था तो माँ भी CHUP-CHAP मेरी तरफ आ गयी और मुझे रूम म आने को बोलै. मैंने शिल्पा को वही हॉल म छोड़ दिया और चल दिया माँ क रूम म जहा वो बैठ क रो रही थी.
मैं उनके पास पहुंच गया.
मैं- क्या हुआ माँ आप ऐसे क्यू रू रही हो.
माँ- बीटा बस अपनी किस्मत प रू रही हु पता है अगर मैं नहीं होती न तो ये जो सारे बहार अपने HI परिवार की ऐसी हालत देख खुश हो रहे है वो आज उनके साथ होते.
मैं- माँ आप क्यू उन लोगो की फ़िक्र करते हो हां. ाचा मेरी बात सुनने मैं न आपको दिखता हु क उन घरो म क्या हो रहा है मुझे पक्का यकीं है वो आज भी आपको HI इसका दोसी मानते होंगे.
मैंने इतना बोलै और माँ का हाथ पकड़ा.
इससे हुआ ये क अब वो भी मेरे साथ वो सब देख सकती थी जो मैं देख सकता था.
मैंने सीधा अपनी नजर अपने नाना क घर प डाली.
ये वो वक़्त था जब मेरे पूज्य नानाजी घर म पधार रहे थे. उनको छोड़ने पुलिस आयी थी
{समीरा न कुछ इंतजाम किया होगा.}
अभी उनकी हालत कुछ ठीकनही लग रही थी सायद D.FUFA न मास्क म होने का पूरा फायदा उठाया था गाल शुजी हुए थे आखो क निचे काले कल्ले ढाबे पड़े थे लंगड़ाते हुए उन्होंने गेट प एंट्री ली. अभी उनका गेट प आना HI था क घर मई हल्ला होने लगा हुआ ये जब नानाजी घर म एंटर हुए उस वक़्त मेरे दोनों मां को फ़ोन आया क आपकी कंपनी दुब चुकी है और अब आपकी साड़ी प्रॉपर्टी भी बैंक सिज़े करने वाली है. उनका बस ये सुन्ना था क दोनों बेहोश हो गए वही बाकी सारे उनको देखने लगे किसी की नज़र अभी नानाजी प नहीं गयी थी.
नानाजी को भी ये देख झटका लगा वो लगड़ाते हुए फ़ोन क पास पहुंचे और जब उन्होंने भी वही बात सुन्नी तो उनको बहुत गुस्सा आया.
NANAJI(CHILLA क्र)- आते HI अपनी मनहूसियत फैला दी उस मनहूस लड़की ने . इस बार तो उसको छोड़ूगा HI नहीं.
उनकी बात सुन सारे जो होश म थे वो शॉक रह गए क्यू की नानाजी सिर्फ माँ को HI मनहूस बोलते थे.
अभी तक ममयों को भी पन्नी छिड़क होश म लाया जा चूका था वो भी थोड़ा शॉक हुए ये सुन क्र.
SHURBHI-(AASHU लिए आखों म) मालिक क्या सैफअली जिन्दा है.
NANAJI-(GUSSE म) नाम मत लो उस मनहूस का दिखाई नहीं देता उसके आने स क्या हो गया हमारा सब कुछ लूट गया ये देखो मेरे बच्चो को भी पता नहीं क्या हो गया.
उनका बस इतना बोलना था क.
चाआताआकककक
छाआआताककक
SHARMILA(NANI) न दे डाला 2 उनके कान क निचे और गुस्से म बोली.
नानी- ख़बरदार जो मेरी बेटी को मनहूस कहा तो पहले ये बताओ कहा है मेरी बच्ची.
आज पहली बार नानी न नानाजी प हाथ उठाया था वो भी पुरे घर वालो क सामने. सारे क सारे लोग एकदम स शॉक म चले गए थे किसी को भी इसकी उम्मीद HI नहीं थी और नानाजी उनकी तो पूछो HI मत .
NANI(CHILLA क्र नाना स)- कहा है मेरी बेटी बताओ मुझे
उनके यु चिल्लाने स सर्रे लोग शॉक स बहार आये.
नानाजी बिलकुल चुप खड़े थे.
नानी स ये छुपी बरदास नहीं हुई उन्होंने तो तपादो की बारिश HI क्र दी नानाजी प ये देख दोनों मामी जो मामयो क पास थी वो आ क्र नानी को संभालती है पर नानी तो बेहोश हो चुकी थी.
सभी न उनको उठाया और रूम म ले गए कीर्ति जो खभी अपनी दादी की तरफ देखती भी नहीं थी वो आज उनका इलाज करने लगी. थोड़ी देर म नानी को होश आया वो फिर स उठने को हुई और नानाजी को खोजने लगी पर वो भुद्ध तो सल्ला जैम सा गया था वही हॉल म अपनी पत्नी स मार खा क्र.
अलका ममी को लगा क सयाद उन्हें माँ (संजू) क बारे म भी बता देना चाहिए
ALKA(NANI स)- माँ जी वो संजू..
नानी- क्या हुआ क्या संजू बोल
अलका- माँ जी वो संजू जिन्दा है और इसी सहर म है.
अलका मामी की बात स सारे उनको HI देखने लगे.
अलका- वो माँ जी मोहिनी न देखा था उससे और उसके साथ पूनम भी थी.
आज का दिन इस परिवार क लिए शॉक स भरा हुआ था.
नैना ममी- ( अलका स) तुझे पता है न तू क्या बोल रही है.
मोहिनी- चची माँ सच बोल रही है वो सारे इसी सहर म है.
NANI-(MOHINI स) क्या सच म तूने उनको देखा था मेरी बची बोल न क्या वो ठीक थे खुश तो थे न वो अरे ये बता वो कहा पर थे बता न.
मोहिनी- मुझे नहीं पता जब मैं होटल स निकली तब तक वो जा चुके थे.
NANI(DONO मां स)- बीटा तुम दोनों अपनी बहनो को ढूढ़ लाओ गए न बोलो न मेरे बचो.
वो दोनों HI चुप रहे दोनों म स कोई कुछ नहीं बोलै और नानी फिर स बेहोश हो गयी.
इस बार कीर्ति को भी कुछ समझ न आया उसने तुरंत एक एम्बुलेंस मगवाई और नानी को हॉस्पिटल ले जाया गया. वह पता चला क नानी शॉक की वजह स कोमा म जा चुकी है.
ये बात पता चलते HI अलका ममी न मोहिनी को अपना सामान पैक करने बोलै और दोनों HI चल दिए अलका ममी क मायके. साथ HI मामी न रितेश मां को धमकी दी क जब तक सैफअली और संजू घर न आ जाये वो दोनों वापस नहीं आएगी. कुछ ऐसा HI नैना मामी न भी किया समशेर मां क साथ दोनों क मायके इसी सहर म थे तो वो नानी का ख्याल रख सकते थे. सायद उनको इस बात का अंदाज़ा नहीं था क उनके पति ऐसा भी क्र सकते है.
वही सुरभि( इनको अब छोटी नानी लिखूंगा) को जब सैफअली क जिन्दा होने की बात पता चली तो वो मोहित को साथ ले निकल पड़ी P.MASSI क घर उनको ये खुशखबरी सुंनने.
ये सब कुछ देख माँ को पता HI नहीं चला क वो दुखी हो या फिर खुश उनको बस एक बात HI खाये जा रही थी क ये सब उनके कारन हुआ है.
माँ- देखा न तूने बीटा सब मेरी HI वजह स हुआ है.
मेरे को गुस्सा आ रहा था माँ क बार बार ऐसा कहने प पर मैं ये भी जनता था की ये साडी बाते माँ क दिमाग म नानाजी और दादाजी क कारन HI आयी है.
मैंने उनको कोई जवाब नहीं दिया बस दादाजी क घर की कहानी दिखने लगा.
यहाँ भी उसी वक़्त स चलते है जब दादाजी घर म आये.
दोनों चाचा को भी पता चला क उनका सब कुछ बर्बाद हो गया है BLA..BLA...BLA.
दादाजी- ये सब उस कलमुही क कारन हुआ है पहले मेरे बेटे को चीन लिया फिर मेरी बेटियों को और आज मेरा सारा बिज़नेस भी उसको तो जिन्दा जला देना चाहिए.
यहाँ प थोड़ा अलग सन बना.
इस घर म 2 लड़कियां ऐसी थी जिनको गुस्सा बड़ा तेज आता था और वो किसी क साथ बुरा होता नहीं देख सकती थी और यहाँ तो बात उनके चची की थी पता नहीं उन्होंने माँ को देखा भी था या नहीं पर सुन्ना जरूर था अपनी MAA(CHACHI स) स उनके बारे म वो भड़क उठी अपने दादा क इस बात पर. वो दोनों थी PUJA(BADE चाचा की लड़की) और प्रिय (छोटे चाचा की लड़की).
{दोनों म ज्यादा जमती नहीं थी पर फिर भी जब बात किसी क सामान की हो तो दोनों एक हो जाती थी}
पूजा- वाह मर अर्पित गुप्ता वाह सही कहा आपने सॉरी तुमने ये सब कुछ मेरी चची का किया हुआ है. उन्होंने HI बदला लेने क लिए ये किया है है न.
ROHINI(BADI चची)- ये क्या तरीका है अपने दादाजी स बात करने का.
प्रिय- चची दीदी सही तरीके स HI बात क्र रही HAI(DADAJI स) है तो तेरे को लगता है ये सब छोटी चची क वजह स हुआ है तू न मेरे को ये प्रूफ क्र क दिखा बीएस.
RIDHI(CHILLA क्र)- चुप हो जा प्रिय वर्ण अच्छा नहीं होगा.
प्रिय- मैं चुप हो जॉन ठीक है मैं चुप हो जाउंगी पर मेरी एक बात सुनलो कही ऐसा न हो क एक दिन ये यही बुद्धा आपको भी मनहूस बोल आपकी जान लेने प ना पद जाये जैसे C.CHACHI क साथ किया था. उस वक़्त भी मुझे चुप रहने को बोलोगी आप अरे ाचा हुआ क इस घर का कोई चिराग नहीं आया अभी तक ऐसे घर को तो बढ़ाना भी नहीं चाहिए.
पूजा- सही कहा टुन्ने प्रिय मुझे तो अब शरणम आती है ये कहते हुए भी क मैं इस गुप्ता परिवार की बेटी हु AUR(BADI चची क ओर देख) आप माँ कही ऐसा न हो क एक दिन आपकी HI किसी बेटी को ये बुद्धा मनहूस बोल मरवा दे तब भी आप इसी का साथ डौगी न.
मैं आज HI ये घर छोड़ जा रही हु कही भी रह लुंगी पर इस नर्क म बिलकुल नहीं.
प्रिय - मैं भी आपके साथ चल रही हु.
और इसी क साथ HI दोनों न अपना सामान पावक किया और निकल चले अपने एक फ्रेंड क यहाँ.
ये सब देख मन भी शॉक हो गया मुझे नहीं पता था ये दोनों इतनी खुखार हो जाएगी.
वही माँ बस रू रही थी तभी पापा न दूर नॉक किया. माँ अपने आशु पोछने लगी.
पापा- सैफअली मोहित भैया और S.MAA(SHURBHI माँ) आये है.
माँ- मुझे पता है मैं आ रही हु.
पापा- पता है पर कैसे.
मैं- पापा माँ आ रही है न बाद म पूछ LENA.(MAA स) अब आप चुप भी करो और अच्छे स मिलना मेरे मां और नानी स.
माँ- बीटा क्या तू पूजा और प्रिय को यहाँ ला सकता है.
मैं- हां पर जब आप इनसब क लिए खुद को जिम्मेदार मन्ना छोड़ डौगी तब और मैं नानै को भी ठीक क्र दूंगा मगर जैसा इन कहा वैसा करने क बाद.
माँ- मैं कोसिस करुँगी.
फिर मैं और माँ बहार आ गए C.NANI तो माँ को देख आशुओं म HI दुब गयी और उनके गल्ले लग बहुत प्यार किया सायद माँ को भी अभी इस प्यार की जरुरत थी. मोहित मां भी उनसे मिल बड़े कुश हुए फिर. C.NANI न सबको जो नाना क यहाँ हुआ वो बताया जिससे सुन सारे शॉक रह गए.
इनको यही छोड़ चलते है उन वेटलो क पास जो एअर्थ प कब्ज़ा करना चाहते है.
ज़फर की मौत की खबर उनतक भी पहुंची सिर्फ उनतक HI नहीं सारे लोकों तक पहुंची पर ये किसी को पता नहीं था क उससे मर्रा किसने है.