Saurya - ek youdha (Completed) - Page 5 - SexBaba
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Saurya - ek youdha (Completed)

टेक्निकली हां बूत देखा जाए तो सौर्य दूसरे जन्म म आया hi नहीं एअर्थ प न उससे पहले hi वो मार गया अपनी माँ क पेट म hi अपनी माँ क साथ अब हो सकता है ये सब उसी विलेन न करवाया होगा जिसके लिए सौर्य एअर्थ प आने वाला था.

पॉइंट तो ये भी है वो साला पंडित था कोण जिसने सैफअली को मनहूस बताया था अभी तक सौर्य न भी उसपे गौर नहीं किया है. हो सकता है इस बार भी वो विलेन पडित क रूप म आया हो सैफअली को नुक्सान पहुंचने क्यू की उससे hi सौर्य की माँ होना था

वेल भाई आप बड़े अचे रीडर हो जो इतनी गहराई म स्टोरी पढ़ रहे हो ी ऍम लकी तो हैवे यू अस ा रीडर.

कीप रीडिंग एंड कमेंटिंग
 
थैंक्स भाई

अब आते है माफ़ी वाले पॉइंट प तो अपने हीरो क अकॉर्डिंग न धीरे धीरे सज़्ज़ा देने म बड़ा मज़्ज़ा आता है हर पल किसी को ये अहसास दिलाने म मज़्ज़ा आता है की वो गलत था. अब आप hi बताओ यार क अगर हीरो सभी को एक साथ ला दे और रोज उनको उनकी गलती क बारे म याद दिलाये कितना मज़्ज़ा आएगा न फिर बस यही करना चाहता है वो.

पर भाई वो कहते है न क वक़्त बड़ा बलवान है देखते है क्या होता है.

कीप रीडिंग एंड कमेंटिंग
 
अपडेट - 33

अब तक

मुझे मादवपुर क बारे म सब पता चल गया और अब सायद hi उन् गाओं वालो की मुक्ति का भी समय आ गया था. मैंने

अपने नाना और दादा को मज़्ज़ा चखने का भी प्लान सोच लिया था.

आगे

अब चलते है मादवपुर क्यू की यहाँ प कुछ लोगो की बजने वाली थी.

गाओं म अभी पंचायत चल रही थी वो मुहूर्त पास आने वाली थी जब गाओं को उस श्राप स मुक्ति मिलने वाली थी यहाँ पंचायत म साधु महाराज बैठे हुए थे साथ म गोपाल सिंह, बिशम्भर गुप्ता, अनुपम , दादा जी और दोनों चाचाओं क साथ और भी गाओं वाले बैठे हुए थे. ये पहला मौका था जब साधु महाराज दादा जी स मिलने वाले थे उनके इस गाओं म आने क बाद.

पहले hi नज़र म उन्हें देख साधु महाराज बड़े क्रोधित हो उठे और छोटे चाचा को देख तो पूछो hi मात वो आग म घी डालने जैसा था.

साधु- बिशम्बर क्या तुम्हारे कुल मई कुलवधुओं की कोई इज्जत नहीं होती.

Bhishambar(Garv स)- नहीं साधु महाराज सायद hi इस गाओं म ऐसा कोई घर या परिवार हो जहा की बहुओं को उतना इज्जत सामान दिया जाता है जितना क मेरे घर म और इस्बात को सभी भली भाटी जानते और मानते भी है.

Sadhu-(chote चाचा को देख)

तो क्या तुम्हारे कुल म बहुओं प हाथ उठाना उन्हें सम्मान देना कहा जाता है या अपनी hi बेटियों को सचाई का साथ देने पर उनसे रिस्ता तोड़ सम्मान दिया जाता है.

साधु महाराज का बस ये बोलना था बस उन् तीनो क होश उड़ने क लिए.

Bhisambar(confused)- नहीं साधु महाराज मेरे कुल म कोई भी ऐसा नीच नयी जो ये सब अपनी hi बहु बेटिओं क साथ करे.

अभी भी साधु महाराज तीनो को घूरे जा रहे थे और उन्ही क आखों का पीछा करते हुए बिशम्बर भी पहुंच गए.

बिशम्भर- महाराज कहि आपका इशारा इन् तीनो क तरफ तो...

साधु- है ये तीनो hi पापी है तुम्हारे कुल का नाम बर्बाद करने म ीन्हो न कोई कसार नहीं छोड़ी है पूछो अपने भाई स उसका छोटा बीटा और छोटी बहु कहा है कहा है उसकी बेटियां , पूछो usse(Chote चाचा की ओर इशारा क्र) क कहा है उसकी पत्नी और उसकी छोटी लड़की कहा है और isse(bade चाचा) भी पूछो क कहा है इसकी बड़ी बेटी. (तिण्णो की ओर देख) सच hi बताना वर्ण मैं यही बैठा हु .

अब क्या था वो तिण्णो शुरू हो गए और जहा जहा प गड़बड़ करते वह साधु उनका सच सबको बता देते.

गोपाल को ये जान ख़ुशी भी हुई की उसके घर की बेटी उसके दोस्त बिशम्बर क घर की बहु है पर उससे कही गुणा ज्यादा दुःख और गुस्सा उससे अर्पित द्वारा किये गए कामो का हुआ पर वो चुप hi रहा क्यू की उसको पता था क गलती इस सब म उसके भाई दिलावर की भी थी.

बिशम्बर तो आग बबूला हो गया अपने घर की बहुओं और बेटिओं क बारे म ये सब सुन वो गुस्से म hi भरी पंचायत स उठा और अपने घर चला गया कुछ hi देर म वो एक तलवार ले वही वापस आ गया.

अभी वो कुछ करता क दादी जो की उनके पीछे hi आ रही थी उन्होंने पेअर पकड़ लिए उनके.

Dadi(gidgida kr)-Nahi जेठ जी इन् सबको माफ़ क्र दो और अगर सज़्ज़ा hi देनी है तो हम चरों को do.Main भी उतनी hi बड़ी दोषी हु जितना ye(Arpit) है.

बिशम्भर- हैट जाओ बहु वर्ण मैं कुछ गलत न..

साधु- क्या तुम भी इन्ही क तरह अपने कुल का नाम डूबना चाहते हो.

Bishamber(roote hue)-Nahi महाराज बिलकुल भी नहीं पर इन् सभी ने जो पाप किया है उसके लिए मौत भी छोटी सज़्ज़ा होगी इन्ही लोगो क कारण हमारी मसीहा को क्या कुछ नहीं सहना पड़ा होगा.

अर्पित - भैया मुझे पता नहीं था वो hi हमारी मसीहा है अगर पता होता तो...

Bishamber(gusse म)- तो क्या अगर ना होती तोह वही करता न जो किया है टुन्ने इसी दिन क लिए तुझे बड़ा किया था क्या माँ बाबूजी ने क घर क बहुओं क साथ ये सब करे तू अगर जर्रा भी सरम बची है तुझमे या मेरे कुल की थोड़ी सी भी इज्जत करता हो तू तो जा और ले आ मेरी बहुओं को वापस अगर दिल म थोड़ी भी माँ बाबूजी क प्रति इज्जत हो तो ले आ उन्हें.

अर्पित- मैं लाऊंगा उनको यहाँ भैया मैं ले क्र आऊंगा उन्हें.

विद्या- मैं भी चलूंगी

बिशम्भर- नहीं तुम कही नहीं जाओगी तुम यही इसी गाओं म रहोगी और तुम तीनो जाओ और ले आवो उनको.

गोपाल- दिलावर भी उन्हें hi दंड रहा है सहर म क्या पता तुम दोनों क साथ होने स वो जल्दी मिल जाए जाओ तुम भी.

साधु- तुम लोग jao.(gaon वालो स) ख़ातिनाईएन बढ़ने वाली है उसकी ताकत दिन प्रति दिन बढ़ रही है ईश्वर न करे क मशीहा को आने म देर हो जाये anyatha...Ab बस यही कहूंगा तुम सभी स प्रार्थना करो ऊपर वाले स की वो इन्हे मिल जाए और यहाँ आने को राज़ी भी हो जाये.

इसी क साथ साधु महाराज उठ गए साथ hi सारे पांच भी और लोग भी.

सभी अपने अपने घर की ओर चल दिए दादाजी भी चल पड़े चाचाओं क साथ घर क ओर जैसे hi 3no घर की चौखट क पास पहुंचे और बिशम्भर ने उन्हें देखा.

बिशम्भर उनको वही रोक देता है.

Bishambhar-(Gusse म) विद्या बहु अंदर जाओ और इनका सामन ले आओ.

Vidya(Dadi) -(दरी hui)j..ji

बिशम्भर न अनुपम को भी कुछ इशारा किया वो भी अंदर चला गया.

कुछ देर बाद विद्या बहार आयी साथ hi कुंती और अंजू भी दोनों क hi चेहरे गुस्से स लाल हुए थे.

कुंती- क्या यही शिखा है टुन्ने सहर भाग क्र की अपने hi घर की बहु बेटिओं क साथ ऐसा करे. सुन्न ले तू अगर मेरी बेटियां और बहुएं सही सलामत न आयी इधर तो तू भी जनता है की इस गाओं की औरते क्या क्या क्र सकती है जा और जल्दी ढूंढ क्र ला उन्हें इज्जत क साथ चाहे इसके लिए कुछ भी क्यू न करना पड़े तुझव.

अंजू- वाह भैया वाह आज आपने माँ की ममता उनकी शिख सबकी धजिया उड़ा दी बहुत अच्छा किया आपने अरे खुद तो किया hi अपने नालायक बेटो को भी शिखा दिया मुझे तो शर्म आती है तुम्हे अपना भाई कहते.

इतने म अनुपम आ गया एक छोटा स बैग लिए और उसको बिशम्भर को दे दिया.

बिशम्भर न वो बैग उन् तीनो क सामने फेक दिया.

बिशम्भर- इसमें पैसे है अब ये तुम लोगो प होगा की इन पैसों की मदद स उन्हें ढूंढ़ते हो या कुछ और करते ho.(vidya स) बहु देख लो इन् कपूतों को सायद ये आज तुम्हे आखरी बार देख रहे हो क्या पता तुम्हे भी छोड़ क्र चले जाए जे तीनो.

इतना बोल वो उधर स अंदर चले गए और उनके पीछे hi बाकी सारे भी. वही इतनी बेइज्जती करने क बाद ये तिण्णो भी निकल गए स्टेशन की ओर बस विद्या hi कड़ी रही दरवाजे प.

उसके कानो म वो हार बात गूंज रही थी जो उन्हें छोटी चची न बोली थी वो बातें जो पूजा और प्रिय कह क्र गयी थी घर स वो बाते जो बिशम्भर ने अभी जाते जाते उससे कही थी उसकी अंतरात्मा उससे जिंजर रही thi.Uske सामने वो उसकी खुद की परछाई कड़ी हो गयी.

परछाई- ये तो होना hi था विद्या तू एक औरत हो क्र दूसरी औरत को न समाज पायी एक माँ हो क्र अपने बेटे की बात उसके दिल क हालत न समझ पायी उल्टा तूने तो उससे मरवाने क लिए गुंडे भेज दिए.

विद्या- नहीं मैंने नहीं बेझे कोई गुंडे मन्ना उसको समाज न सकीय पर उसको मारने क लिए गुंडे भेजना ये मैंने कभी नहीं किया.

परछाई- तो रूका भी तो नहीं अपने पति को रूका क्या तूने उससे अपने बेटे को रोका क्या अपनी hi पत्नी प हाट उठाने स रूक पायी क्या अपने बेटियों को खुद स दूर जाने स टुन्ने भी देखा था न अपने भाई को खो क्र क्या हाल हो गया था उन दोनों का क्या तू उनको उस हाल स निकल पायी नहीं टुन्ने उन्हें वैसे hi छोड़ दिया तू माँ कहलाने क लायक hi नहीं है तू औरत कहलाने क लायक नहीं है.

अरे ाचा हुआ रेस्मा तुझे छोड़ चली गयी ाचा हुआ दिव्या तुझसे दूर हो गयी वर्ण वो भी तेरी तरह hi हो जाती.

विद्या कुछ न बोल सकीय वो बस उधर hi जमीं प बैठ गयी ऐसे जैसे उसमे प्राण hi न हो. बहुत देर तक जब विद्या घर म नहीं आयी तो बिशम्भर न अंजू और कुंती को उससे देखने भेजा. दोनों न जब उससे देखा तो वो बिलकुल निढाल पड़ी हुई थी जमीं पर दोनों बड़ी मुश्किल स उससे घर क अंदर ले गयी. इस गाओं म डॉक्टर तो आता नहीं था हां एक दो वैद्य थे उन्हें hi बुलाया गया विद्या को देखने क लिए. वैद्य न बताया की इनको लकवा मार दिया है किसी आघात की वजह स.

वही दादा जी दोनों चाचाओं को इस गाओं की प्रॉब्लम क बारे म बतला रहे थे ट्रैन म. उनकी अभी भी एक बात समझ म नहीं आयी थी क माँ जो की मनहूस वो भला गाओं का उधार कैसे क्र सकती है पर अब उन्हें माँ को वापस तो लाना hi था क्यू की बात आ गयी थी उनके अभिमान की.

C.chacha को ये समझ नहीं आ रहा था क वो अब c.chachi को कैसे वापस लाये क्या वो आने क लिए तैयार होगी भी या नहीं. वही बड़े चाचा सोच रहे थे क अब पूजा और प्रिय को कहा ढूंढे.

{पूजा और प्रिय दोनों न hi अपना no. चेंज करवा लिया था गुस्सा वो आज भी उतना hi थे अपने घर वालो पर माँ न कहा भी था उनको क काम स काम अपनी माँ स बात क्र लो पर वो नहीं मानी उल्टा अपनी कसम दे दी माँ को की वो भी बात न करे उनसे}

ये सारे भी पहुंच गए सहर वह इन्हे एम्बर सिंह मिला जो क गोपाल सिंह क कहने पर इन्हे स्टेशन स लेने आया था. अभी एम्बर सिंह एक गेस्ट हाउस म रहता था नाना जी और दोनों मां भी वही रहते थे. वो तिण्णो रोज सहर म पता लगते थे अपनी बहनो क बारे म पर किसी को अकाल नहीं आयी की मोहिनी स बात करे या अलका स जिन्हे ये पता था की Sanju(Mom) भी जिन्दा है.

अज्ज उसी गेस्ट हाउस म 3 और लोग आ गए.

मेघा ने सबके लिए खाना बनाया और सबको खाने क लिए बुल्ला लिया.

कहते वक़्त hi बातो बातो म नानी का ज़िक्र हुआ.

एम्बर और मेघा न भी अभी तक उनके बारे म नहीं सोचा था सूची भी क्यू वो उनकी करनी स बड़े गुस्से म थे.

अरे वो तो माँ थी न उसका कलेजा नहीं काम्पा होगा जब उसके बच्चियों को मारने की साजिश रची जा रही थी क्या उसका दिन नहीं रोया होगा पर यहाँ तो उल्टा था वो तो चुप रह मर साथ दे रही थी इन् सब म.

{ये सबको लगता था पर असल हाल उसके दिल का तो वो hi जाने}

एम्बर- वैसे भाभी कहा पर है अभी न तो वो गाओं आयी न hi इधर मिली है कही कहा है वो इस वक़्त.

मेघा- है मैंने भी ध्यान नहीं दिया कहा है वो.

फिर क्या था C.Mama हो गए शुरू नाना क घर आने स लेकर उनका थपड खाना नानी का बेहोश होना फिर उनका कोमा म जानना सब कुछ बता दिया ये सुन एम्बर और मेघा का तो गुस्से स चेहरा लाल हो गया.

चायताक चायताक

चाआताक

दोनों न मिल के दे मारे 6-7 तपाद दोनों ममयों क चहरो प वो भी करारे.

मेघा- कैसे बेटे हो तुम दोनों अच्छा hi हुआ की मेरा कोई बीटा नहीं है अगर इन् जैसा होता तो मैं कब की मार जाती.

एम्बर- तुम्हे जर्रा भी सरम नहीं आयी बीएस अपनी बेटियों को ढूंढने क लिए hi तो बोलै था भाभी न और तुम दोनों वो भी न क्र सके और अभी जब वो हॉस्पिटल म है तो तुम दोनों यहाँ बैठे खाना खा रहे हो यहाँ आये इतना समय बीत गया और तुमने उनको देखना भी वाजिब नहीं समझा. भैया आपकी म्हणता मुझे आज पता चली है ाचा हुआ मैं आपके साथ नहीं रहा आप गाओं छोड़ भाग आये क्या पता मैं भी आपके hi तरह बन बैठता. एक बात मेरी याद रखना आप को भी एक दिन उसी हालत म जाना होगा और मैं पुरे विश्वास स कह सकता हु ये जो दो बेटे आप लिए घूम रहे हो न ये दोनों उस वक़्त आपके साथ नहीं होंगे आप अकेले रह जाओगे. तुम दोनों स तो अब कुछ कहने का दिल hi नहीं करता पर फिर भी जब तुम्हे जरुरत होगी किसी की न तो कोई भी कोई भी तुम्हारे करीब नहीं आएगा इसलिए मेरी बात मानो अपनों का साथ बनाये रखो .

मेघा- अरे किस्से बात क्र रहे हो आप उन लोगो स जिनकी अनन्तरात्मा hi मार चुकी है जो भूल चुके है रिश्तों का मान सम्मान अरे ये तो गाओं भी इसी लिए आये होंगे क्यू क इनके पैसे ख़तम हो गए है इन्हे कोई हमारी याद नहीं आयी होगी. आप चलो हम भाभी क पास जायेंगे.

एम्बर- क्या आप dono(Arpit और दिलावर स) न गाओं और हमारे बारे म बताया था किसी को.

दोनों hi अपना चेहरा निचे झुका लेते है.

Amber-(gusse m)Bhabhi किस हॉस्पिटल म है बताओ मुझे.

C.mama न उन्हें बता दिया हॉस्पिटल का नाम साथ hi अलका और नैना ममी का no. भी दिया उनको.

एम्बर और मेघा निकल लिए हॉस्पिटल की ओर वही C.mama न फ़ोन क्र अलका को गाओं क बारे म बतलाया वह की समस्या इत्त्यादि सभी चीजों स ाववत करवाया.

अलका ममी न उन्हें हमसे मिलने क बारे म कुछ भी नहीं बताया था.

अलका ममी को इस बात पर यकीं hi नहीं हो रहा था के ये सच है या वो सारे फिर स हमें कोई नुक्सान पहुंचना चाहते है.

उन्होंने नैनमामि को कॉल क्र घर1 आने को बोलै और यहाँ भी माँ को कॉल क्र कोई इम्पोर्टेन्ट बात बताने का बोल सबको इक्कठा करने को कहा.

माँ न पूछना चाहा क्यू पर ममी न उनको खतरा हो सकता है बोल दिया. फिर क्या माँ न भी सबको बुल्ला लिया ऑफिस स सोल्लगे स या जंहा भी वो थे घर1 म इस बार सबको बच्चों को भी वो कोई रिस्क नहीं लेना चाहती थी क्यू की पिछले बार जब अलका न उन्हें इस तरह कॉल किया था न तो उनपे हमला होने की बात बताई थी.

माँ क जल्दी बुलाने पर सभी लोग पहुंच गए घर1.

माँ ने सबको पहले तो देखा क सब सेफ है या नहीं.

माँ- अलका भाभी का फ़ोन आया था वो बोल रही थी कुछ खतरा है सायद.

D.bua- क्या बताया उसने.

माँ- वो आ रही है यहाँ कुछ देर म अभी बस सभी को एक जगह बुलाने का बोलै ताकि सारे जान सेफ रहे.

D.fufa को तो पूछो hi मात ये सुन्न कितना गुस्सा आया.

D.fufa थोड़ा साइड हो के शिल्पा को अपने पास ले गए.

D.fufa- लगता है आज कुछ होने वाला है तैयार रहना मैं किंग को बोल अपनी टीम भी इधर hi बुल्ला लेता हु.

Shilpa-Dad अभी खतरे का पता तो चलने दो तब कोई एक्शन...

D.fufa- नहीं मुझे उस अलका पर थोड़ा भी भरोषा नहीं है क्या पता वो भी मिल चुकी हो उस दिलावर स.

शिल्पा- क्या कहते हो डैड आप कुछ ज्यादा hi सोच रहे हो चुप चाप चलो उधर और हां मैं किंग को बोल देती हु क एक टीम स्टैंड बी म रखे हमारे लिए और हो सके तो कुछ व्हीकल्स का इंतजाम क्र दे जिससे हम किसी सेफ जगह पाउच जाए ठीक है न अब चलो.

दोनों वापस आ गए जमावड़े क पास.

इतने म अलका और नैना की भी एंट्री हो जाती है.

माँ- क्या बात है भाभी बताओ.

नैना- हां पूछो इससे मैं भी कब स पूछ रही हु बोलती है सबको एक साथ hi बताउंगी. अब बता अब तो सारे एक साथ है.

अलका ममी सुरु हो गयी उन्होंने गाओं क बारे म बताया वह प जो गुप्ता परिवार है और सिंह परिवार है उसके बारे म बताया उस प्रॉब्लम क बसरे म बताया और फिर लास्ट म ये बताया क माँ hi वो मशीहा है जो उनको उस प्रॉब्लम स छुटकारा दिलवा सकती है और गाओं स माँ क चाचा चची आये है उन्हें ढूंढने.

अलका- मुझे इस बात प थोड़ा भी भरोसा नहीं है मुझे लगता है वो फिर कोई चाल चल रहे है आप सभी को नुक्सान पहुंचने का क्यू की आप सभी hi सैफअली क साथ हो.

D.fufa- है बिलकुल सही कहा आपने मुझे भी यही लगता है पर आप फ़िक्र न करे मैं अपने पहचन क कुछ आदमियों स उनका पता लगा लूंगा.

विक्रम Mausa-(haste हुए) हां भला ऐसा भी हो सकता है क्या की पूनम एक राजकुमारी हो हीहीही.

P.maasi- आपको अभी भी मज़ाक सूझ रहा है पता नहीं कोण लोग होंगे वो.

V.mausa- अरे वो तो सारे एकदम सीरियस हो गए थे to...ab सैफअली को hi देखो कैसे आखें फाड़े कड़ी है कही उससे इस कहानी पर विस्वास तो नहीं हो गया.

मैं- मौसा जी ये सच्ची कहानी है मैंने सुन्ना है उस गाओं क बारे म बस ये नहीं पता था क माँ hi वो होगी जो.

D.bua-kya बोल रहे हो सौर्य तुम ये बस अफवाह होगी.

Main(m2m शिल्पा s)-mera साथ दो इस बात को सच साबित करने म बोलो तुमने भी सुन्ना है.

शिल्पा- वो सच बोल रहा है मैंने भी ये सब सुन्ना है.

Main(m2m maa-papa स)- आप दोनों भी हां बोल दो वो बात सही है माँ को वह जाना होगा.

पहले तो पापा चौक गए मेरी बात सुन पर माँ ने उनका हाथ पकड़ लिया.

Papa-sunna तो मैंने भी था इन् परिवारों क बारे म पर मुझे क्या ोाता था क वो हमारे hi परिवार है.

माँ- हां मुझे भी इन्होने बताया था पहले मगर तब यकीं hi नहीं हुआ पर अब मुझे लगता है हमें उनसे मिल लेना चाहिए.

A.maasi- क्या लगा रखा है तुम सब न पागल हो क्या अगर ये बात सच भी है तो भी वो नहीं आएंगे यहाँ मैं सैफअली की जान खतरे म नहीं दाल सकती .

D.bua- सही कहा टुन्ने फिर से नहीं खो सकती इन्हे मैं.

माँ- पर दीदी अगर ये सच हुआ तो मैं उन सभी को बचा सकती हु.

प maasi-ooye वंडर वुमन चुप चाप यही रह समझी "मैं उन सभी को बचा सकती हु" ज्यादा बोलै न to..to..

माँ- है सैफअली सभी सही कह रहे है क्यू उन् लोगो क लिए कुछ करना जो न तो हमें जानते है ना hi हैं उन्हें छोड़ दो उनको उनके हाल पर.

मैं- क्या माँ आप भी माँ तो बस आपके चाचा चची स मिलना चाहते है अब वो इतने दूर स आये है बस एक बार देखना चाहते है उन्हें (माँ की ओर देख) है न माँ.

माँ- है है वही तो मैं नहीं जाउंगी उस गाओं म ठीक ह न पर उनसे मिल तो लेने दो आपलोगो को तो माँ पापा का प्यार भी मिला था मुझे तो वो भी नहीं क्या पता चाचा चची..

A.maasi- है है ठीक है बुला लो उन्हें भी पर उनका no थोड़ी न पता है हमें.

तभी अलका ममी का फ़ोन बजा अननोन no था.

अलका - Hello कोण बोल रहा है.

फ़ोन- क्या आप बता सकते हो क शर्मीला सिंह इस वक़्त कहा पर है.

मामी न जैसे hi ये सुन्ना उन्होंने फ़ोन स्पीकर प दाल दिया.

अलका- कोण हो आप और क्या काम है उनसे.

फ़ोन- जी मैं उनका देवर बोल रहा हु एम्बर सिंह

अलका- देवर पर सासु माँ न तो कभी आपका ज़िक्र नहीं किया.

फ़ोन कट.

Alka-arre उन्होंने तो फ़ोन कट क्र दिया.

D.fufa-aap no दो उनका मैं पता करता हु वो कहा है.

अभी अलका no.deti उससे पहले hi फिर उसी no. स कॉल आया.

अलका- hello

Phone(mahila)- तुम अलका बोल रही हो न बीटा मैं तुम्हारी छोटी सास बोल रही हु पहले ये बताओ क भाभी हॉस्पिटल म नहीं है क्या उन्हें तुमने कही और शिफ्ट करवा दिया है.

अलका - हां पर आप.

मेघा- बीटा हमें उन्हें बस देखना है और उन्हें वापस गाओं भी ले जाना है साथ hi आपको भी आपके बड़े ससुर और बड़ी सास आपकी और बच्चिओं की वह राह देख रहे है.

अलका- पर मैं कैसे मैं लू ये सब की आप सच बोल रहे हो.

मेघा- अपने पति स पूछ लो.

अलका- उसपे मुझे रद्दी भर भी भरोषा नहीं अरे वो तो..

इतने प पापा ने अलका ममी को उनका पता पूछने क बारे म इशारे स बोलै.

अलका- अभी आप हो कहा पर एक बार मिल लेते है क्या पता आप मुझे यकीं दिला सको क आप मेरी छोटी सास हो.

Megha(khush हो)- हम अभी हॉस्पिटल क पास hi खड़े है.

पापा का इतना सुन्ना था क वो चल पड़े उन्हें पिक करने मैं भी उनके पीछे हो लिया.

अलका- आप वही रुको कुछ देर... ाचा ऐसा करो अपना एक फोटो व्हाट्सअप क्र दो ताकि हम आपको पिक क्र सके.

मेहगा- ठीक है.

कॉल कट

2 मं बाद उनकी फोटो आ गयी ममी न पहले वो फोटो पापा और मुझे फॉरवर्ड की फिर सभी को दिखाया.

V.mausa- यार ये तो सच मच क कोई राजा जैसे लगते है.

अलका- ये राजा नहीं है बताया तो था आपके बड़े ससुर गोपाल सिंह राजा है.

V.Mausa- मतलब पूनम सच की प्रिंसेस है.

P.maasi-Huh और नहीं तो क्या

सभी हसने लगते है जो टेंशन अभी चल रही तभी वो कुछ सांत हो गयी थी अब सारे लोग वेट क्र रहे थे उनके आने का और इसी वक़्त वो सारे फिर स उस डायन वाले इंसिडेंट को डिसकस करने लगते है .

थोड़ी देर बाद हम आ जाते है उन्हें ले क्र.

सभी लोग बारी बारी उनसे मिलते है फिर वो दोनों चले जाते है नानी को देखने ये सब होने क बाद फिर स जंगत लग जाती है हॉल म.

दोनों hi कम्फर्टेबले फेल नहीं क्र रहे थे पता नहीं क्यू.

एम्बर- हमें पता नहीं था क आप सभी एक साथ hi हो हम तो बस भाभी को देखने आये थे पर ाचा hi हुआ क आप सारे मिल गए देखिये हम दोनों आप सभी स माफ़ी मांगते है आपके माता पिता द्वारा आपको जो परेशानिया हुई उनके लिए.

माँ- अरे चाचा जी आप क्यू हमें शर्मिंदा क्र रहे हो ये सब बोल.

Megha(Maa को अपने पास बुल्ला)- बहुत समझदार हो तुम पता नहीं उन् सभी की कैसे मट्टी मारी गयी थी क तुम्हे....

Maa-chachi अब छोड़िये उन बातों को और बताइये आप सब अब यहाँ कैसे इतने सालों बाद.

मैं- माँ रुको जरा कुछ लोग आने वाले है फिर ये क्वेश्चन पूछ लेना ठीक है पहले तो इन्हे खाना वन खिलाओ.

सभी ने मुझे बड़े अजीब नज़रों स देखा.

मैं- अरे उन्हें भूख लगी होगी.

माँ- हां सही कहा चाचा जी पहले खाना खाएंगे फिर बाते होगी

मैं- 5 थाली ज्यादा बनाना खाना.

पापा- हां और वो बेसन का हलवा भी बना देना उन्हें पसंद है.

D.bua- कोण आ रहा है किसकी बातें किये जा रहे हो तुम दोनों बाप बेटे.

पापा- दीदी आप बनाओ तो वो जब आएंगे तो पता चल hi जाना है.

गेस टाइम :-

अब कोण स 5 लोग आने वाले है इस घर म ???
 
किते पॉसिबल पर हो तो ये भी सकता है क उससे लग रहा हो की सैफअली और डीप दोनों मार चुके है पर वो तो R.G. क पास थे न और उनमे भी अब कुछ पावर्स है( जो जल्द hi सामने आएंगे ) जो की उनको बच्चा रहे हो विलेन की नज़रो स और विलेन अभी बिलकुल आराम स अपना काम क्र रहा हो ये सोच क्र क जब सैफअली hi मर गयी तो उसका बीटा कहा स आएगा.

वही दूसरी तरफ सौर्य एंड पार्टी को ये भी पता नहीं क वो यहाँ आये किस लिए है मीन्स वो तो बस पाप ख़तम करने आये है पर कैसे. अभी तो वो अपने फॅमिली म hi लगा पड़ा है अपनी पत्नियों को बस एक साथ करने की सोच रहा है अभी उन्हें ये अहसास भी नहीं दिला रहा उन्हें प्यार का .

यार आप क्वेश्चन बड़े पाते क पूछते हो उनका आंसर देने म HI मेरी कहानी आप तक पहले HI पहुंच जानी है.

थैंक्स फॉर योर सपोर्ट

कीप रीडिंग एंड कमेंटिंग
 
अपडेट-34

अब तक

एम्बर सिंह को मैंने और पापा ने पिक किया हॉस्पिटल स और पहुंच गए घर प. वो सभी स मिले घर म अभी वो कुछ बताने वाले थे की मैंने उन्हें रूक दिया और माँ को उनको खाना खिलने को बोलै और ये भी बोलै की कुछ लोग आने वाले है उसके बाद hi वो अपनी कहानी शुरू करे.

आगे

सभी लोग खाने क लिए बैठने hi वाले थे क पापा का फ़ोन बजा और उन्होंने मुझे कुछ इशारा किया.

मैं भी इशारा समझ बहार चला गया वह प मेरी 3 बहने Arti,Alisha और ऋचा कड़ी थी दोनों चाचियों क साथ. मैं उनको अंदर ले क्र आ गया पर दोनों चाचियों को देख पूजा और प्रिय अपनी जगह स उठ गयी और जाने को हुई की तभी .

पापा- पूजा & प्रिय जो भी हुआ था उसमे इनकी कोई गलती नहीं थी.

पूजा- नहीं चाचू गलती इनकी भी थी ये भी तो चुप रही थी न माना इनदोनो न कुछ किया नहीं पर चुप रह क्र भी तो उनका साथ दिया न.

D.bua- एक मं अरे उनकी बात तो सूं लो हर वक़्त नाक प गुस्सा लिए रहती हो.

रोशन Fufa-(dhere स) अब तुम्हारे hi घर की लड़कियां है तो कुछ तो लक्छण आएंगे hi.

पर R.bua न सुन्न लिया और झट स बोल पड़ी

R.bua- आपका मतलब क्या है जीजू क दीदी और मैं भी हमेशा गुस्से म होते है.

R.fufa(Hadbada क्र)- अरे मैंने ऐसा कहा कुछ बोलै है और तुम मेरी बातों को छोड़ो (पूजा स) बीटा आपकी बुआ सही कह रही है इन् दोनों न कुछ नहीं किया था हां ये बात अलग है रूका भी नहीं उनको...

Ridhi(c.chachi)- पूजा प्रिय बीटा हमारी बात तो सुनने उस वक़्त हम समझ नहीं पाए थे पर तुम दोनों की बातों न हमारी आखें खोल दी.

प्रिय- क्या पता ये टेम्परोरी hi खुली हो फिर स उस बूढ़े bhudi(Dada-Dadi) की बातों म आ बंद हो जाएगी तो क्या फायदा

पूजा - और नहीं तो क्या या तो आप सभी चले जाओ या मैं यहाँ स जाती हु.

प्रिय- मैं नहीं हम , हम दोनों hi जाते है क्यू रहे आप दोनों जैसी मायों क साथ जो एक औरत हो औरत का दुःख न समझ सके एक बहु हो दूसरी बहु की बाते न समझ सके...

माँ- बॉस हो गया अब पूजा प्रिय तुम दोनों चुप चाप बैठ जाओ और खाना खाओ तुम्हे मेरी कसम है और आप सभी भी आइये और खाना खाइये.

सल्ला ये कसम वाली बाते न लोग बड़ी जल्दी मान जाते है अगर कसम देने वाला आपका कोई खास हो तो.

वही हुआ पूजा और प्रिय चुप चाप बैठ गयी खाना खाने और मुँह बनाते खाने लगी वही माँ ने दोनों चाचियों को सर्वे किया खाना और माँ न बाकी 3no को.

माँ- आप दोनों को बेसन का हलवा पसंद है न सौर्य क पापा न खास आप दोनों क लिए बनवाया है.

ये कह उनको हलवा परोसा.

पहले तो माँ और पापा का अपने प्रति ऐसा रवैया देख उनको उस वक़्त आपने चुप रहने का बहुत दुःख हुआ वो तो खाना भी नहीं खा रहे थे.

Main-Arre चची खाओ न खाना माँ बहुत ाचा खाना बनती है.

मेरी बात सुन उन्हों ने एक एक निवाला उठाया पर वो उन निवालो को अपने मुँह तक ले जाते उससे पहले hi उनकी आखें झलक आयी. दोनों hi टेबल स उठी और माँ क पेअर पकड़

Dono-(roote हुए) हम्मे माफ़ क्र दो सैफअली प्ल्ज़ हमें माफ़ क्र दो अगर हम उस दिन कुछ बोलते तो सायद तुम दोनों भी हमारे साथ घर म hi होते और सौर्य भी.

माँ ने दोनों को पहले उठाया.

माँ- ये क्या क्र रही हो भाभी आपने कुछ नहीं किया है.

Priya-(Muh बनाते hue)wahi तो कुछ किया hi नहीं.

पापा- प्रिय बीटा ऐसे नहीं बोलते.

प्रिय- है है पता है.

Maa-(chachiyon को टेबल प बिठा) आप खाना खाओ पहले फिर कुछ और बाते भी जाननी है हमें भी और आपको भी.

Main-(Mom s)Mom वो जर्रा नमक पास करना.

माँ न मुझे नमक पास किया पर कुछ लोग मुझे और माँ को घूरने लगे जिन्हे हमारी खहनी पता नहीं थी.

मैं- अरे ऐसे क्या देख रहे हो माँ ने बोलै न खाना खा लो फिर सब पता चलेगा.

सभी अपना खाना ख़तम क्र लेते है.

फिर स जमावड़ा लग जाता है हॉल म

पहले तो माँ ने उनके साथ क्या क्या हुआ वो खहनी सुनाई फिर माँ न हमारी कहानी सुणाई इस सब म एम्बर जी और मेघा जी क आशु बहने लगे.

पूजा- वैसे सौर्य ये log(dono चची) यहाँ कैसे आ गए हमने तो बताया नहीं फिर.

पापा- पूजा अब बहुत हो गया चलो भूल जाओ वो सब माँ है वो तुम्हारी एयर प्रिय तुम भी जाओ दोनों उनके पास.

सभी क कहने प दोनों चली गयी अपनी माँ क पास

पूजा - टुन्ने बताया नहीं कैसे मिले ये तुम्हे.

मैं- वो दी जब मैं और पापा गए थे न हॉस्पिटल तभी वह हमें आरती दी मिल गयी वो मब्ब्स क्र रही है न मैंने उनकी फोटो आपके फ़ोन म देखि थी तो उनको पहचान लिया फिर क्या था हम उनके पास गए और उनको अपने बारे म और आप दोनों क बारे म बतलाया फिर उनसे बोलै की सबको ले यहाँ आ जाये और देखो अब वो यही है.

पूजा- तूने मेरा फ़ोन चेक किया था न.

मैं- ारी आपने hi तो दिखाया था फोटो सभी का.

माँ- है हो गया अब तो सारे आ गए न (एम्बर स) है तो चाचा जी आप कुछ बतला रहे थे न उस वक़्त

एम्बर- है मैं वो गाओं क बारे म बता रहा था की वह भी तुम सभी क अपने है मैं हु मेघा है बड़े भैया बड़ी भाभी है फिर बिशम्भर जी है डीप तुम्हारे बड़े चाचा तुम्हारी चची कुंती जी है बुआ ाजनु है और फूफा अनुपम है.

ऋचा- क्या चाचू क चाचू पर दादाजी तो...

मेघा- नहीं बीटा हम सही कह रहे है वह भी तुम सभी का परिवार है जो तुम सभी को वह बुल्ला रहा है और हम इसी लिए आये है यहाँ पर उससे पहले.

फिर उन्होंने गाओं की पूरी खहनी सुणाई वह की प्रॉब्लम माँ का मशीहा होना और साथ hi वह क लोगो की डिकटों क बारे म भी जिससे सुन इस बार तो D.bua और A.maasi को भी बुरा लग रहा था.

वही जिन्होंने इस जहनि को पहली बार सुन्ना वो तो बस पूछों hi मत मुँह प हाथ रखे माँ को देखे जा रहे थे.

ऋचा- तो आपका मतलब है क चची हमारी छोटी चची उस गाओं को श्राप स मुक्त कराएंगी पर कैसे.

मेघा- बीटा ये तो साधु महाराज hi बता सकते है.

रिद्धि चची- क्या सच म ये श्राप वाली बात सच हो सकती है क्या.

मेघा- बीटा एक बार बस एक बार हमारे साथ गाओं चलो तुम्हे सब समझ आ जायेगा तुम सभी को पता भी नहीं अभी क कितने लोगो की उम्मीद जुडी है सैफअली स कितने hi लोग न जाने कब स इंतज़ार क्र रहे है इसका.

D.bua- पर क्या इन सब म सैफअली को कोई नुक्सान नहीं होगा इसकी कोई जिम्मेदारी ले गए.

A.maasi- है बोलिये न हम किसी भी कीमत प इससे कुछ भी होने नहीं देंगे.

Mom-Dekhiye इसने पहले hi बहुत कुछ सहा है अब और नहीं इसके बारे म भी तो सोचिये आप तो अब सब जानते भी हो न बताया न हमने सब आपको अब आप बताये की क्या इससे हक़ नहीं खुसी स जिनने का कुछ दिन बस कुछ hi दिन बीतते ह इससे यहाँ आये सौर्य स मिले और आप बोल रहे हो क इससे ऐसा कुछ करने दे जिसमे इसको खतरा है नहीं बिकुल भी नहीं.

R.Fufa- आप दोनों स मिल क्र और बात क्र हमें बहुत ाचा लगा पर हम आपकी कोई भी मदद नहीं क्र सकते.

एम्बर- पर बीटा..

मेघा- नहीं ये लोग सही कह रहे hai(sabhi स) बच्चों तुम सभी ऐसे hi खुश रहो और खूब तैराकी करो तुम्हारे बिच का ये प्रेम कभी काम न हो बस बढ़ता hi जाए यही उपरवाले स दुआ करुँगी और मैं ज्यादा कुछ नहीं कहूँगी अब बीएस एक बार सोच क्र देखना उन् लोगो क बारे म जो न जाने कब स अपनी मशीहा का इंतज़ार क्र रहे है. (एम्बर स) चलिए जी इन्हे इनकी खुशियों क साथ चोदे चलते है अब जो चीज़ होगी हमारे किस्मत म लिखी वही होनी है हम उससे तो बदल नहीं सकते न चलो चलते है गाओं.

एम्बर न पहले तो कुछ देर मेघा को देखा फिर

एम्बर- चलो अब हम शिंदे गाओं hi चलते hai(sabhi स) खुश रहना तुम सभी.

वो दोनों hi चले गए पहले तो उस गेस्ट हाउस गए जहा ये लोग ठहरे हुए थे उधर गए अपना सामान पैक किया अभी तो वो जा नहीं सकते थे साम जो होने वाली थी पर उनका मान भी नहीं था दादा नाना और बाकियों क साथ रहने का तो वो दोनों hi निकल गए सामन ले एक होटल की ओर और वह रूम बुक क्र लिया.

वही घर म :-

माँ- क्या हमने सही किया क्या मुझे जाना नहीं चाहिए था उनके साथ.

पापा- गलत तो मुझे भी लग रहा है पर मैं थोड़ा सा भी रिस्क नहीं ले सकता जब बात तुम्हारी हो.

माँ - पर...

प्रगति- यार मासी आप न सोचती बहुत हो सभी क बारे म अब छोड़ो वो साड़ी बातें अरे देखा न उन्हों ने भी तो ज्यादा जोर नहीं दिया हमें अब छोड़ो ये सब.

निधिमा- है मासी क्या आप भी.

मैं- है माँ देखो किसी ने कहा भी है जब जब जो जो होना है तब तब सो सो होता है अब अगर वो श्राप टूटना होगा तो जरूर टूटेगा पर अभी तो पार्टी होगी इस घर म आज देखो मेरी साडी बहने है यहाँ प साथ म दो मामी और दो चची भी.

Mom(hairat स)- सौर्य तू पार्टी करने क बारे म बोल रहा है तू तबियत तो ठीक है न तेरी.

परिधि- क्या हुआ आप ऐसे क्यू रियेक्ट क्र रही हो.

माँ- नहीं बीटा इससे पार्टी सब्द स चिढ है और आज ये खुद पार्टी करने का बोल रहा है बस इसी लिए.

Main-Oo मेरी प्यारी माँ अब मैं सब भूल चूका हु छोड़ो न उन बातों को देखो अभी साम होने को है तैयारी करो न.

माँ- नहीं तुम सभी भाई बहनो को जो करना है कही बहार जा क करो इधर नहीं समझे.

पापा- सही कहा जाओ तुम सारे जहा जाना है.

सभी न यही बात कही फिर हमने भी यही सही समझा.

पूजा- पर बहार तो वो डायन घूम रही है न.

C.chachi- अरे हां मैंने भी उसकी वीडियो देखि बड़ी hi डरावनी थी वो बीटा तुम सब कही मत जाओ घर प hi रहो और पार्टी फिर कभी क्र लेना.

D.bua- हां सही कहा देखो बच्चों अभी तुम कही नहीं जा रहे समझे चुप चाप घर2 जाओ शाम होने को है जो करना है करो पर no बहार समझे न.

सब- हां.

हम सारे भाई बहन चुप चाप घर2 चले आये वही चची और ममी सारे चल दिए अपने मायके.

घर2 पहुंचे तो वह मोहिनी दीदी को पत्ता नहीं क्या होने लगा सायद सरब न मिलने की वजह स उनका सरीर बगावत क्र रहा था कल स उन्होंने एक बून्द भी नहीं पि थी.

वो बस हमें छोड़ अपने रूम म चली गयी मैंने शिल्पा को उसके पीछे भेजा उससे देखने को वही बाकी सारे ऐसे hi बातें करते रहे.

अभी कुछ hi देर हुआ होगा क मेरा फ़ोन बजा किरण का कॉल था.

किरण- Hello किंग

मैं- है बोलो क्या हुआ

किरण- वो एक इन्फो मिली थी रुस्सियन माफिया की एक मीटिंग हुई है इंडिया म hi और उस मीटिंग म नरेश शर्मा जो क यहाँ का जाना माना डॉन है उससे पुरे इंडिया का हेड बनाया गया है और उसका पहला टास्क तुम्हे ढूंढना है.

Main-Naresh शर्मा उह ी सी. हम्म एक काम करो अपने एजेंट्स को उसपे नज़र रखने को बोलो.

किरण- ठीक है किंग.

मैं- सुनने किरण हम्म देखो इंटेररोगेशन रूम म 2 बन्दे होंगे उनके साथ प्यार स खेलो और पूछो उनसे वो क्या जानते है इस नरेश शर्मा क बारे म.

किरण- क्या वो उससे जानते है.

मैं- है मुझे सक है वो ुशी क लिए काम करते है बस बाहरी दुनिया क लिए ये नेता वाली टोपी है खैर छोड़ो इससे तुम जाओ और प्यार स पूछना ok .

Kiran-Bahut प्यार स पूछूँगी वैसे एक और बात थी पर सायद वो मिल क्र hi बताना सही होगा.

मैं- चलो ठीक है वैसे भी मैं आ hi रहा हु कल.

कॉल कट

ऐसे hi साम स रात हो गयी सभी न खाना खाया और सो गए.

शिल्पा मेरे रूम म आ गयी वो कुछ परेशां स लग रही थी.

मैं- क्या हुआ जान उदास क्यू हो?

वो कुछ भी नहीं बोली मैं उसके पास गया तो वो रोने लगी और बोली.

शिल्पा- मोहिनी बीमार है उससे उससे ब्लड कैंसर है.

मैं- क्या बोल रही हो अगर ऐसा होता तो अलका मामी हमसे न कहती क्या.

शिल्पा- मैंने उसका दिमाग पढ़ा है वो साब जानती है उसकी माँ भी जानती है सब कुछ इसी लिए तो उससे एन्जॉय करने देती है वो.

Main-kya मतलब है जान शुरू स बताओ. और तुम तो जिन लोक की मलिका हो न तुम तो हर मर्ज़ की दवा जानती हो.

शिल्पा- मोहिनी को 16 साल की उम्र म hi खून की उलटी होनी शुरू हो गयी थी डॉक्टर्स को दिखने प पता चला क उससे कैंसर है वो भी लास्ट स्टेज और सायद उसके पास 4-5 साल hi है जिनने को इनके माँ पापा न बहुत जगह तरय किया पर कुछ भी नहीं हुआ. मोहिनी को भी ये बात पता चल गयी जब वो 18 की हुई की वो सायद 2-3 साल hi जिनने वाली है पहले तो वो थोड़ा डिप्रेस्ड रही फिर ये तय किया की जितनी भी जिंदगी बची है हसी खुसी एन्जॉय क्र जियेगी. फिर मोहिनी वही करने लगी दिन भर वो पार्टी म रहने लगी घूमने लगी हर जगह उसके माँ पापा भी उससे पूरी छूट दे दिए थे वो बस अपनी एकलौती बेटी को खुस देकना चाहते थे.

शिल्पा- मानती हु मेरे पास हर मर्ज़ की दवा है पर मैं किसी क जीवन रेखा तो नहीं बढ़ा सकती न उसकी जीवन रेखा बस इतनी hi है गर वो इस बीमारी स न मारी तो किसी और कारन मार जायेगी.

मैंने ये सुन्ना बहुत hi दुःख हुआ मुझे क ये क्या हो गया उनके साथ. मैंने Baba,Kappa और R.G को बुला लिया साथ hi रानीपारी और पीहू को भी मैंने उन्हें इस समस्या क बारे म बतलाया.

R.G- मलिका सही है समरथ हर कोई जीवन रेखा नहीं बढ़ा सकता किसी का.

बाबा का भी यही खाना था.

Main(R.G स)- आपने बोलै हर कोई नहीं बड़ा सकता क्या मतलब है इसका कोण बड़ा सकता है जीवन रेखा मोहिनी का

R.G- देखिये ये आपको सायद सही न लगे पर यही आखरी उपाय होगा उनकी जीवन रेखा बढ़ने ka.Agar आप ये करते हो तो वो तब तक जीवित रहेंगी जब तक आप.

पीहू- R.G कही आप जीजू क आत्मा उनसे जोड़ना तो नहीं चाहते

R.G- राजकुमारी यही एक रास्ता है यहाँ पर अन्यथा समरथ को ये सत्य स्वीकार करना होगा.

मैं- नहीं अभी उन्हें और जीना है चाहे उसके लिए मैं कुछ भी क्र लूंगा.

रानीपारी- समरथ सायद आप पीहू की बात का मतलब न समझ पाए है आपको मोहिनी को अपनाना होगा उससे हर वो सुख देना होगा जो आप परिधि या शिल्पा या आपकी बाकी क पत्नियों को देते.

आपको उससे जिस्मानी सम्बन्ध बनाना होगा उससे अपनी पत्नी क रूप म स्वीकार करना होगा.

मैं बिलकुल चुप हो गया मुझे अब समझ नहीं आ रहा था क क्या बोलू.

शिल्पा- क्या हुआ क्या सोच रहे हो जान जाओ और उसकी जीवन रेखा को बढ़ा दो मैं तुम्हारी पहली पत्नी होने क नाते तुम्हे कहती हु जाओ.

मैं- और बाकियों का क्या उनका मात जाने बिना कैसे म ये कर सकता हु.

रानीपारी- समरथ जहा तक मुझे पता है उन सभी म स कोई भी ये नहीं चाहती क उनके कारण तुम्हे दुःख पहुंचे जाओ और अपनी बहन को बचा लो.

बाबा- समरथ मैं भी यही सही समझता हु आपको यही करना चाहिए.

Main-Kappa तुम क्यू चुप हो तुम भी तो कुछ बताओ दोस्त

कापा- तुमने मुझे अपने गुलाम को अपना दोस्त माना है. मेरी एक बात सुने कृपया क्र उससे अपना ले क्यू की ये नियति है उसकी और आपकी भी. यद्दी अभी आपके पास Y.book होती तो आप उसकी नियति देख पाते पर अभी वो है नहीं यहाँ.

पीहू- है जीजू मान लो न.

मैं- ठीक है पर कैसे क्या कहु उससे जा क्र की मैं तुम्हारे साथ सम्भोग करना चाहता हु और वो भी मान ले गई मेरी बात है न. एक तो मैं घर म बहुतो का दिमाग नहीं पद प् रहा ऊपर स ये अलग है.

इस बात को सुन रानी पारी और बाबा एक दूसरे को अजीब नज़रो स देखने लगे.

रानीपारी- तुम किसका किसका दिमाग नहीं पढ़ प् रहे हो.

अभी मैं कोई जवाब देता क दरवाजे पर दस्तक hui.Saare लोग गायब हो गए यहाँ तक शिल्पा भी बस मैं hi रह गया अंदर.

मैंने दरवाजा खोला तो देखा बहार मोहिनी कड़ी थी उसके होठ प थोड़े स खून लगे हुए थे और चेहरा पूरा मुरझाया हुआ था.

मैं- क्या hua...aree ये खून ये खून कैसे आया आपके होंटो प.

उन्होंने तुरंत अपना होंठ साफ़ क्र लिया.

मोहिनी- सौर्य क्या तू मुझे कार क कीस दे सकता है वो मेरी न कुछ मेडिसिन्स स जो माँ क पास है मेरी वाली ख़तम हो गयी है मुझे वो चाहिए थे.

मैं- किस चीज़ क मेडिसिन्स.

मोहिनी- अरे वो न हां सर म दर्द रहता है मेरे न उसी क मेडिसिन्स है तू कार क कीस दे मैं ले आए...

धायआदायआमममम

Main-Didi उठो भी दीदी क्या हुआ.

मैंने उनको उठाया और सीधा क्र बीएड प लेता दिया उनको होश म ले आया पानी छिड़क क्र.

मैं- दीदी क्या हुआ आप ठीक तो हो न आप ऐसे गिर कैसे गयी.

मोहिनी- ारी कुछ भी तो नहीं वो न डाइटिंग क्र रही थी न उसी क वजह स...

मैं- सच नहीं बताना तो मत बताओ न पर झूट भी मत बोलो कह दो नहीं बता सकती.

वो- नहीं रे सच कह रही हु.

मैं- चलो ममी स दवा ले आते है मैं कार ड्राइव करता हु आप रास्ता बता देना.

Mohini-Arre नहीं क्या तू भी परे...

Main-jyada बोलो मत जितना कहा उतना करो समझी आप अब चल लोगी या उठा क ले चालू.

Wo(hasti हुई)- तू मुझे उठा पायेगा.

मैंने बस उनको उठा लिया और शीदी उतर नीचे जाने लगा. वो एक तक मेरी आखों म देखती रही पता नहीं क्या मैं बस उनको कार तक ले गया सीटबेल्ट लगायी और निकल पड़ा वो मुझे अजीब स नज़रों स देखती रही.

चलिए हम देखते है क बाकी सारे कहा चले गए मतलब रानीपारी पीहू ये सारे.

वो सारे गायब हो पहुंच गए थे शिल्पा दीदी क रूम म.

शिल्पा- मेरा और परिधि का और .....,....,..., का तो समझ म आता है की क्यू सौर्य दिमाग नहीं पढ़ पता पर मोहिनी का क्यू और भी सायद वो किसी क बारे म बोल रहा था न.

Baba-Malika वो उन्ही लोगो का मस्तिष्क नहीं पढ़ पा रहा जो उससे जुड़े हुए थे उसके पिछले जनम म या तो उससे जुड़ने वाले थे.

शिल्पा- मतलब क मोहिनी भी.

रानीपारी- है शिल्पा और अगर मैं सही हु तो ये उन्ही म स है जिन्होंने सौर्य और तुम लोगो क मौत की खबर सुन्न अपनी जान दे दी थी क्यू बाबा म सही हु न.

बाबा- रानी पारी आप सही हो परन्तु ये इतनी जल्दी होगा इसका आभास मुझे नहीं था अब तो wo(Mohini) कोण ह ये तब hi पता चलेगा जब उसका और समरथ का मिलान होगा.

कापा- है सही कहा आपने चलिए इससे उन्ही दोनों प छोड़ देते है.

ये बोल कापा वापस चला गया अपने जगह.

धीरे धीरे बाकी भी चले गए रानी पारी भी एक बार परिधि को सूता देख चली गयी.

वही मैं और मोहिनी पहुंच गए उसके नाना क यहाँ वही अलका मामी कड़ी थी बाहर hi उनके आखों स आशु गिर रहे थे पर जैसे hi उन्होंने कार क ड्राइविंग सीट प मुझे देखा झट स आपने आशु पॉच लिए.

जब हम वह पहुंचे.

अलका- अरे सौर्य बीटा तुम भी आये हो मुझे लगा ये झल्ली अकेले hi आने वाली है.

मैं- हां ममी वो दीदी को कोई मेडिसिन चाहिए थी और उन्हें थोड़ी कमजोरी भी आ रही थी तो मैं भी आ गया.

मामी न हमें मेडिसिन दी दीदी मेडिसिन ले कार म बैठ गयी.

मैं- मामी दीदी को क्या हुआ है मुझे सच जान न है.

अलका- अरे बीटा वो तो बस थोड़ी कमजोरी रहती है उससे और बाकी सारा तो उस सरब की वजह स है जिसमे वो डूबी रहती है हमेशा.

मैं- दीदी तो कुछ और hi बता रही थी.

अलका - क्या बताया तेरी दीदी न.

मैं- ममी आपको तो अभी उनके साथ होना चाहिए न फिर क्यू अपने उन्हें हमारे यहाँ रहने दिया.

अलका क आखों म आशु आ गए.

अलका- ये उसकी ीचा है क ेओ तुम लोगो क साथ hi रहे.

मैं- और आपका क्या.

अलका का अब ऍबे आशुन स कण्ट्रोल छूट रहा था.

मैंने उनका हाथ पकड़ा और गाडी म बिठा दिया.

Mohini-Arre माँ आप भी आ रही हो क्या वह.

मैं- हां ये भी चल रही है कुछ बाते करनी है इसी लिए.

फिर क्या था वो दोनों मुझसे कहती रही पर मई इ कार सीधा घर प hi रूका.

Main-Mohini दीदी आप जाओ रेस्ट करो मैं न ममी को रूम दिखा देता हु.

मोहिनी न पहले तो देखा हमें फिर वो चली गयी और जाते वक़्त उसके मुँह प एक अजीब स परेशानी थी.

मैं- मामी मुझे सब पता है.

अलका- क्या पता है तुम्हे एक तो मुझे यहाँ ले आये हो ऊपर स कुछ भी बोल रहे हो.

मैं- मैं कुछ भी बोल रहा हु आप बोल रहे हो कुछ भी मुझे पता है क मोहिनी दीदी को ब्लड कैंसर है और वो वो बस कुछ hi.

Alka-(roote हुए) हां वो कुछ hi दिनों की... पर ये सब कुछ मेरी और तुम्हारे मां क कर्मो की वजह स hi तो हुआ है और क्या हो सकता है ये सब हमारे कारन hi हुआ है.

मैं उनको सांत करते हुए .

मैं- मामी फिर अपने उनको यहाँ अकेले क्यू भेजा बोलो.

अलका- उसी न कहा था वो चाहती थी मेरे और अपने पापा की तरफ स माफ़ी मांगे तुम सभी लोगो स पर पर ये ab...kya तुम लोग माफ़ करोगे उसके पापा को नहीं न

मैं- में करूँगा माफ़ उन्हें मैं कुछ भी करूँगा अपनी दीदी क लिए उनकी खुसी क लिए आप देखना उनको कुछ भी नहीं होगा

मोहिनी (पीछे स)- झूटी उम्मीद मत दो उन्हें बड़ी मुश्किल स उन्हें संभाला है मैंने.

Main(mud क्र)- आपको कुछ नहीं होगा मैं आपका इलाज कही स भी कराऊंगा.

Mohini-Huh नहीं अब कुछ नहीं हो सकता सौर्य और तू भी भूल जा इससे और मेरे साथ रह मेरी मदद क्र तककि मैं पापा क तरफ स माफ़ी मांग सकू सभी स और वो उन्हें माफ़ क्र दे.

मैं कुछ न बोलै बस हां म सर हिल्ला दिया.

मोहिनी- चल अब जा सो जा बेकार म माँ को यहाँ के aaya.Maa चलो आप आओ मेरे रूम म मुझे आज आपके साथ सूना है.

ममी भी चली गयी उनके साथ और मैं मैं बस देखता रहा उनको. मैंने अंदर hi अंदर ये तय क्र लिया था क इनकी जीवन आयु बढ़ाना है तो बढ़ाना hi है.

वही कही दूर एक खण्डार था पूरा अँधेरे म डूबा हुआ खंडहर वही बैठा थी एक अजीब सा आदमी आखें चमक रही थी उसकी कान कुछ बड़े हुए थे बस एक परछाई सा hi तो दिख रहा था वही कोई था उसके पास जिससे वो घूरे जा रहा था. तभी अचानक उसकी आखों स आग की लपटे निकलती है और देकते की देखते उसके सामने खड़ा आदमी जल क राख म बदल गया वह उसकी चीखे निकल रही थी वही इसके होठों प एक मुस्कान आती जा रही थी जब वो जल गया तब

आदमी- है है हाहाहाहा है आज आज मैंने फायर ऑय प भी कभू पा लिया जब तक वो यहाँ आएगा मैं मैं सभी पावर्स प कण्ट्रोल क्र लूंगा फिर फिर होगा आमना सामना हाहाहा हाहाहा
 
विल्लिअन भैया जी लगे हुए है अपनी तैयारिओं म क अगली बार जब सौर्य आएगा एअर्थ प तो जैम क आमने सामने का मुकाबला होगा पर उनको ये पता नहीं की हीरो तो आ चूका है.

वही अपने हीरो का भी वही हाल है उससे पता नहीं क उसका दुसमन है कोण वो लगा पड़ा है अपनी फॅमिली म

अब जब तक ये श्राप वाला झंझट ख़तम न हो तब तक विल्लिअन भाई को घंटा पता चलना है क्या हीरो क बारे म

कीप रीडिंग एंड कमेंटिंग
 
अपडेट - 35

अब तक

मुझे शिल्पा स पता चला की मोहिनी दीदी को ब्लड कैंसर hai.Hum उसकी बीमारी तो मिटता सकते थे पर उसकी जीवन रेखा को लम्बा करने का एक hi उपाए था और वो था मेरा उनको अपनी पत्नी क सारे अधिकार दे देना.

आगे:-

मोहिनी दीदी चली गयी रूम म और उन्ही क साथ अलका मामी भी. मैं वही बैठा रहा हॉल म सोफे पर सोचता हुआ क अब म सुरु कैसे करू ये सब मोहिनी दीदी क साथ. ऐसा तो क्र नहीं सकता क उनके पास जॉन और बोल दू उनको क सेक्स करना चाहता हु आपके साथ और वो भी हां बोल दे.

जब कुछ समझ न आया तो रात म hi चाट प चला गया और ध्यान म बैठ गया.


नेक्स्ट मॉर्निंग:-

मैं ध्यान स तब उठा जब मुझे मोहिनी दीदी की आवाज सुनाई दी वो निचे चिल्ला चिल्ला क्र मुझे बुला रही थी वैसे भी म बहुत देर तक ध्यान म बैठा रहा था अपने मान को सांत करने क लिए और आगे क्या करना है ये सब सोचने क लिए इस वक़्त तक तो पीहू भी आ गयी थी.

मैं निचे चला गया.

मोहिनी- कहा था तू कब स ढूंढ रही हु तुझे.

मैं- क्या हुआ आपको कुछ चाहिए था क्या.

मोहिनी- हां चाहिए न तेरा थोड़ा सा टाइम समझा मुझे तेरे स बात करनी है प्लान क बारे म.

मैं- कोण सा प्लान.

मोहिनी- इत्ती जल्दी भूल भी गया कल hi तो बोलै था क पापा को सभी स माफ़ी दिलवाओगे उसी का प्लान चल आजा मेरे रूम म.

मैं- अरे पर मैंने तो हां भी नहीं की थी

मेरी ये बात सुन उनकी आखों म मूर्ति आ गए और म इन्हे बहने नहीं देना चाहता था.

मैं- अरे दीदी मैं तो बस मजाक क्र रहा था आप चलो रूम म मैं आता हु फ्रेश हो क्र और प्रॉमिस करता हु क मामाजी को सभी स माफ़ी दिलवाऊंगा पर आप भी प्रॉमिस करो इन् मोतियों को जाय नहीं होने डौगी समझी न.

मैंने उन्हें उनके रूम म भेज दिया.

मैं खुद अपने रूम म गया वह अपना एक क्लोन बनाया फिर उससे बेस पर क्या कुछ करना है समझा क्र उससे शिल्पा क पास भेज दिया और शिल्पा को भी बोल दिया क क्या करना है बेस प क्यू की वह पर भी बहुत सारे केसेस पड़े हुए थे.

मैं तैयार हो पहुंच गया मोहिनी दीदी क रूम म दरवाजा खुला हुआ था वो अंदर बीएड प बैठी पता नहीं क्या पर कुछ सोच रही थी.

मैं- है दीदी बोलो क्या प्लान है.

मोहिनी दीदी बस एक बार मुस्कुरायी और मुझे अपने पास बुलाया.

मोहिनी- कोई प्लान नहीं है सौर्य कोई प्लान नहीं है मैं जानती हु तुम ये सब न बस मेरी वजह स कर रहे हो दिल स नहीं और फिर जब मैं नहीं रहूंगी न तो पापा स तुम फिर दूर हो जाओगे फिर धीरे धीरे बाकी सब भी.

मैं कुछ भी नहीं बोलै बस चुप रहा क्यू की ये सच था मैं मां को माफ़ी दिलवा भी देता न तो भी बाद म उनको हमेशा अहसास दिला क शर्मिंदा करवाता रहता क उन्हों ने मेरी माँ क साथ गलत किया है.

मोहिनी- मैं जानती थी मेरे भाई तू ऐसा hi कुछ अपने दिमाग म रखे होगा इस लिए छोड़ इसको और हम दोनों न बस एन्जॉय करते है बोल क्या बोलता है.

मैं- नहीं दीदी मैं न दिल स मामाजी को माफ़ क्र दूंगा और उनका ख्याल भी रखूँगा मैं वड्डा करता हु aapse.Ab आप बोलो क प्लान क्या है.

Mohini-(khush हो) सच म तू वादा करता है na.(mere गालो प किश क्र) तू बहुत स्वीट है मेरे भाई पर.

Main-pr क्या अब क्या हुआ.

वो- अरे मैंने न कल रात भर यही सोचा था क बस तुझे सुबह मन क्र दूंगी और कोई प्लान hi नहीं बनाया मिशन माफ़ी क लिए.

मैं- कोई बात नहीं हम अब बनना लेते है न प्लान वैसे इस मिशन का नाम बड़ा ाचा सोचा है आपने. अभी तो देखो ब्रेकफास्ट का टाइम हो चूका है तो हम चलते है ब्रेकफास्ट प फिर वह स आ यहाँ प्लान बनायेगे और ये मामी कहा चली गयी.

मोहिनी- चल ठीक है. वो माँ घर1 म गयी है दादी क पास उनको देखने.

हम दोनों चल दिए ब्रेकफास्ट टेबल की ओर वह सभी बैठे थे शिल्पा दीदी और D.fufa को छोड़ वो दोनों निकल चुके थे पहले hi.

मामी स सभी न पूछा की वो आज सुबह hi चली आयी तो उन्होंने दादी का बहाना लगा दिया .

सभी न नास्ता किया और अपने अपने कामो म लग गए वही मैं और मोहिनी दीदी वापस पहुंच गए रूम म.

मैं- दीदी एक बात पुछु.

Mohini-ha पूछ न जो भी पूछना है.

मैं- वो मामाजी न आपको एक बार भी कॉल नहीं किया.

Mohini(haste हुए)- बुद्धू क्यू की वो मुझसे बहुत प्यार करते है.

मैं- मतलब म कुछ समझा नहीं.

मोहिनी- देख पहले न पापा हर वक़्त मेरे को फ़ोन क्र मेरी तबियत क बारे म पूछते रहते वो बड़े hi पोस्सेसिवे टाइप क थे मेरे लिए हद्द तो तब हो गयी क एक बार उनको ऐसा लगा क मुझे कोई प्रॉब्लम है उन्होंने एक इम्पोर्टेन्ट मीटिंग hi छोड़ दी थी बिच म दादाजी न उन्हें बहुत डांटा था जो न मुझे बिलकुल ाचा नहीं लगा फिर मैंने उनसे बड़ी मुश्किल स ये प्रॉमिस लिया क वो मुझे वीक म 3 बार hi कॉल क्र सकते है वो भी जब फ्री हो बाकी टाइम मैं कॉल क्र lungi.Bas यही वजह है उनका कॉल न करने का.

मैं- क्या आप मामाजी क बारे म hi बात क्र रहे हो या किसी और क मुझे नहीं पता था वो ऐसे है

मोहिनी- तुम अभी उनके बारे म कुछ जानते hi नहीं हो मैं तुम्हे बताती हु मेरे पापा क बारे म सुनोगे तुम.

Main-Ha बताओ क्या पता कुछ आईडिया hi आ जाये.

Mohini-Maa बताया करती है क उनकी और पापा की न लव विथ अरेंज्ड मैरिज हुई है मतलब पहले तो दोनों hi प्यार करते थे पर न तो पापा hi कुछ बोल पाए माँ को डायरेक्टली और न hi माँ वो तो ाचा हुआ इनके बारे म बड़े पापा को और बड़ी माँ को पता चल गया वर्ण मैं आती hi नहीं इस दुनिया म. माँ न जहा तक बताया है उस हिसाब स पापा न अपनी hi दुनिया म खोये हुए रहते थे उनको कोई मतलब नहीं होता किसी स सिवाय माँ क वो तो लट्टू थे सोल्लगे स hi ये पापा न खुद बताया था मुझे. जहा तक मुझे पता है पापा घर म भी चुप चुप hi रहते थे सायद कोई बात होगी उन्होंने कभी बताया नहीं उस बारे म और सायद यही वजह भी है क उनके न रिलेशन अच्छे नहीं थे बुआ लोगो स या कहु किसी स भी पर फिर भी पापा न हमेसा उन सभी का ध्यान रखते थे. जब न मेरा जन्म हुआ तो माँ बताती है पापा मुझे कभी भी दादा दादी क पास नहीं जाने देते थे तब मुझे पता नहीं था क्यू पर अब सायद कुछ कुछ जान गयी हु. बिज़नेस म पापा का कोई रुझान hi नहीं था वो तो बस एक पोएट बनना चाहते थे पर दादा जी न उन्हें बनने नहीं दिया हां इस बात म बड़े पापा न साथ दिया था पापा का पर बात कुछ बानी नहीं. जब उनको मेरी बीमारी का पता चला न वो टूट गए थे wo..wo हर वक़्त मेरे साथ रहने लगे कभी मुझे अकेला नहीं छोड़ते थे तुम खुद hi सोचो जब मुझे मामूली सी फीवर होती थी न तो वो मेरे पास बैठे मेरी पातियाँ करते उस दिन ऑफिस तो छोड़ो वो खाना तक भूल जाते थे अब जब उनको मेरे कैंसर का पता चला होगा तो क्या हाल हुआ होगा. पुरे एक महीने वो मेरे पास स हिले भी नहीं मैं भी उस वक़्त डिप्रेस्ड थी अब यार मुझे पता चल गया था क मैं तो बस कुछ साल की hi मेहमान हु तो ये तो होना hi था न.

माँ का भी यही हाल था पर वो खुद को मजबूत दिखा रही थी ताकि मुझे और पापा को संभल सके. धीरे धीरे म उस डिप्रेशन स बहार आयी अब हाल ये था क ... क्या बताऊ क्या था पापा न ऑफिस छोड़ दिया था उनकी इसी बात को ले क्र दादा स लड़ाइयां भी हुई थी वो ये वो वक़्त था जब घर म रोज hi कुछ न कुछ होता हर दिन पापा को वो दांते रहते और मेरे स ये देखा नहीं जाता था मैंने पापा स बात की उनको अपना वास्ता दे फिर स ऑफिस ज्वाइन करने को मनाया शुरु तो वो नहीं माने पर फिर मान गए ऑफिस म बस उनकी बीड़ी hi होती फिर हुआ वो फ़ोन वाला बखेड़ा जो तुम्हे बताया मैंने. मैं इतना तो समझ hi गयी थी क अगर मैं खुश नहीं दिखूंगी तो पापा भी खुश नहीं दिखेंगे और इसी लिए मैं फिर एन्जॉय करने लगी इधर भी पापा न एक बार भी मुझे नहीं रूका है बस मुझे न सेफ रहने क बारे म बतलाते रहते थे.

बस यही है उनके बारे म.

ये सब सुन्न क्र न मैं शॉक रह गया क जिसको मैं बुरा मंटा था एक्चुअली म वो उतना बुरा है नहीं.

मैं कुछ देर बस यही सोचता रहा.

मोहिनी- अरे मैं सच बोल रही हु तुम न सुरभि दादी स पूछ लो उन्होंने तो देखा था ये सब.

मैं- नहीं उसकी जरुरत नहीं है अच्छा जैसे आपने बताया क मामाजी का नानाजी स बहुत बार झगड़ा हुआ है फिर वो उन साथ क्यू है.

Mohini-wo उनके साथ नहीं बड़े पापा क साथ है समझे और वो न सिर्फ इस लिए क्यू की बड़े पापा hi है जो मेरे पापा क लिए कुछ भी क्र सकते है और भी एक वजह है जो क ये है क माँ न और बड़ी माँ न उन दोनों क बोलै है जब तक संजू बुआ और सैफअली बुआ घर न आ जाए वो घर म नहीं जाएँगी और जब वो नहीं जाएँगी तो मैं नहीं जाउंगी इसी लिए तो वो है उनके साथ.

मैं- ाचा ऐसी बात है.

मोहिनी- चल न कही बहार चलते है यहाँ प मेरे को कोई आईडिया hi नहीं मिल रहा है क्या पता बहार कुछ मिल जाये.

मैं- चलो फिर.

फिर वो रेडी हुई. मैं माँ और मामी स बोल निकल लिया उनके साथ सिर्फ हम दोनों.

पहले न हम मॉल गए वह एक मूवी देखि फिर पास क hi एक पार्क भी गए वह स पता नहीं क्यू हम दोनों को hi ऐसा लगने लगा कोई है जो हमें देख रहा है पीछा क्र रहा है. मैंने देख लिया क वो कोण था पर मैंने उससे ऐसा करने दिया. अब वक़्त दोपहर का हो चला था तो हम चल दिए एक होटल म वह पर दीदी क पसंद का लंच किया हमने. लंच क बाद हमने कुछ शॉपिंग की फिर शाम तक हम घर आ गए और साथ मम आया था वो भी जो हमारा पीछा क्र रहा था. गार्डन म hi हमें माँ मिल गयी मोहिनी न उनको सब कुछ दिखाया बीएस कुछ चीजों को छोड़ क्र और वो थी सरब की बॉटल्स यार पूछो मत कितना मन्ना किया था मैंने उनको पर वो मानी hi नहीं और ले hi लिया.

हम घर चले गए और वही हमारा पीछा करने वाला भी.

घर पहुंचे तो पहले तो प्रगति और निधिमा न हम दोनों की पूरी क्लास ली क हम उन्हें क्यू नहीं ले गए ेट्स ेट्स. शामे बाते बाकियों न भी कही कुछ देर बाद शिल्पा भी आ गयी. मैं अपने रूम म चला गया. थोड़ी hi देर म शिल्पा आ गयी रूम म और आते hi.

शिल्पा- कुछ काम हुआ क्या.

मैं- कोण सा काम.

Shilpa(thode गुस्से म )- मोहिनी का काम और क्या.

मैं- जानू अब मैं झट स तो क्र सकता नहीं न उसके साथ ये थोड़ा टाइम तो लगेगा न अभी तो वैसे भी उसके बारे म ज्यादा पता नहीं है ये मंद जो नहीं पढ़ प् रहा उसका.

शिल्पा- तुम क्या किंग ऐसे hi बन गए थे क्या तुम एजेंट हो एजेंट समझे

मैं- है जान जनता हु पर क्या अब उससे मर मर क पूछो बता क्या पसंद है तेरे को चोचलाते या फ्लावर.

Shilpa(full गुस्से म)- तुम तुम गधे हो गधे दिमाग नहीं तुममे जरा सा भी पागल जाओ उसको अपनी बातों म ुलजाओ और पता करो न उल्लू.

मैं- थैंक्स जान .

वो- आईडिया क लिए कोई नहीं अब जाओ.

Main(uske पास जा)- आईडिया तो था hi मेरे पास मैं तो थैंक्स तुम्हे इस लिए कह रहा हु क तुमने मुझे गधा उल्लू क्या क्या नहीं बोलै पुराण वक़्त याद आ गया.( और पास जा क्र) जानू ीक बात बोलू.

Wo-bolo क्या हुआ.

Main(aur पास जा क्र)- बता दू क्या सच म

अब हम बस कुछ hi कम दूर होंगे.

वो- ओफ्फो जो bol...ummmmm...mm.ummmummmmmummmm.

लिपलॉक.

कुछ देर तक ऐसे hi हम किश करते रहे फिर जब उसकी साने फूलने लगी तो मुझे ढाका दे दिया.

वो- ये बोलना था तुम्हे.

Main(pyar s)-Nahi न आओ मेरे पास फिर बताता हु.

वो भी मुस्कुराते हुए आ गयी मेरे पास. हम दोनों hi बीएड प थे मैं उसके ऊपर चढ़ गया और उससे फिर स किश करने लगा वो भी मेरा साथ देने लगी पर जब मैंने थोड़ा और आगे बढ़ना चाहा तो उसने मुझे हवा म उदा दिया और खुद बीएड स उठ खुद को ठीक करने लगी.

मैं- जानू ये क्या है निचे उतरो मुझे

शिल्पा- है है उतरती हु न.

उसने मुझे लीची उतरा.

शिल्पा- है तो समरथ सौर्य मेरी एक बात ध्यान स सुन लो अब न जब तक तुम मोहिनी को पूरी तरह आपने नहीं लेते no टचिंग no किसिंग समझे.

मैं- जानू पर ये तो गलत है न तुम कैसे रह पाओगी मेरे...

शिल्पा - मैं कण्ट्रोल क्र लुंगी न जान पर तुम अब जल्दी स उससे अपनाओ अरे उससे उसके बारे म पूछो क्लोज हो जाओ उससे उसके दिल म अपने लिए हमारा वाला प्यार जगाओ.

मैं- ाचा ठीक है डिनर क बाद करता हु कुछ. अब एक किश तो दे दो न प्ल्ज़

शिल्पा- नहीं बोलै न पहले वो करो फिर आना समझे.

इतना बोल वो चली गयी.

चलिए जब तक डिनर होता है न हम घूम आते है कही.

मादवपुर:-

आज सुबह की hi ट्रैन स एम्बर मेघा पहुंच चुके थे गाओं म वो चिंतित भी थे क क्या जवाब देंगे सबको. दिल म एक आशा भी थी क उनके परिवार वाले समझ जायेंगे.

वो पहुंच गए सिंह महल म जहा माधुरी जी छाए दे रही थी गोपाल सिंह को. उन दोनों की नज़र पड़ी इन दोनों पर.

Gopal-Amber तुम इतनी जल्दी वो मिल गए क्या क्या वो आ रहे है.

एम्बर और मेघा न पहले तो एक दूसरे की तरफ देखा फिर बोले.

मेघा- जेठ जी वो हमें मिल गए है पर.

माधुरी- पर क्या मेघा बता क्या बात है.

मेघा- वो दीदी वो सायद hi आएंगे यहाँ.

गोपाल- क्या बोल रही हो बहु तुम क्या तुमने उन्हें हमारी परेशानी नहीं बतलायी नहीं बताया क्या इस गाओं क बारे म यहाँ क लोगो क बारे म बोलो और वो नालायक कहा है जरूर उन्ही न कुछ किया होगा फिर स.

एम्बर- भैया छोटे भैया और बाकियों को तो पता भी नहीं है क वो कहा है और हमने सब कुछ बताया है unko(hame).

गोपाल- क्या बोल रहे हो तुम वो लोग तुम्हे मिले और तुमने उन्हें सब बताया भी और फिर भी वो नहीं आ रहे क्यू.

मेघा न उनको फिर पूरी कहानी सुनाई माँ क बारे म हमारे बारे म सब कुछ और ये भी कहा क सिंह परिवार क 2 वारिस भी है और गुप्ता का एक. फिर नानी क हालत क बारे म बताया और हमने उन्हें क्या कहा वो भी.

गोपाल और माधुरी को ये सब सुन दुःख बहुत हुआ पर मेरे और प्रदीप क बारे म सुन खुसी भी हुई पर लास्ट जब हमारी कही गयी बातें उन्हें पता चली तो वो भी दुखी हो गए.

गोपाल- पता hi नहीं चल रहा खुश हो या दुखी कुछ समझ नहीं आ रहा क्या करू.

इतने म वह साधु आ जाते हे.

साधु- चिंता मत करो गोपाल उसको आना hi होगा वो ले आएगा अपनी माँ को वो hi एक करेगा तुम सभी को और सबको अपनी अपनी गलती का अहसास भी दिलाएगा वो.

गोपाल- पर साधु महाराज कब कब आएगी वो.

साधु कुछ न बोलै बस मुस्कुराते हुए रह गया और फिर वह स चला गया.

{बड़ा अजीब बाँदा है यार बस यही बाते बताने आया था}

चलिए इनको छोड़ते है और चलते है एक ऐसे आदमी क पास जो आज बहुत खुश था पता नहीं क्यू.

एक आदमी किसी घर क चाट प खड़ा था और आसमान को ताके जा रहा था उसके आखों म आशु थे पर होठो प एक मुस्कान सी थी.

तभी पीछे स एक आवाज आयी

"रितेश लय बात है तू अकेला यहाँ क्या क्र रहा है."

ये थे मेरे छोटे मां.

C.mama-Bhaiya मैंने आज अपनी मोहिनी को देखा वो न बहुत कुश थी.

बड़े मां- चिंता मत क्र छोटे एक बार बस हमें अपनी बहने मिल जाए फिर हम दोनों अपनी बेटियों क पास होंगे पता नहीं कैसी होगी वो सब.

C.mama- भैया मैंने सैफअली को देखा है.

B.Mama- क्या बोल रहा है कहा मिली वो तुझे क्या उसने भी तुझे देखा.

C.Mama- नहीं भैया उसने मुझे नहीं देखा. मोहिनी उसी क साथ रह रही है वो न उसको अपनी शॉपिंग की चीज़े दिखा रही थी.

B.Mama- तूने ये बात पापा स क्यू नहीं बोली.

C.Mama- आप होते तो बता देते क्या बोलो आप भी जानते हो न हमारी बच्चियों क साथ जो कुछ भी हुआ है वो वो सायद हमारे hi कर्मो का नतीजा है जानते हो न आप हमने पापा की बात को मान क्या क्या नहीं किया था उसके साथ और उसी की सज्जा है ये जानते हो ना आप फिर भी बोल रहे हो बताया क्यू नहीं 2 बार 2 बार मेरा होने वाला बचा मर गया अलका की कोख म 2 बार फिर जा क्र मोहिनी आयी हमारी जिंदगी म पर पर उससे bhi...ye सब हमारे कर्मो का फल था सब कुछ और आप बोलते हो बताया क्यों नहीं क्या फिर स वही पाप करू मैं फिर अपनी बहन को मरने क लिए छोड़ दू बोलो न बोलो.

B.mama- ठीक है मात बता उन्हें पर तू अपनी मोहिनी स कैसे मिलेगा फिर कैसे वापस लाएगा उससे ये सोच मैं कैसे मिलूंगा अपनी बच्चियों स सोच.

C.Mama कुछ नहीं बोले बस निचे चले गए चुप चाप.


टाइम-10:37

चलिए अब अपने हीरो क पास चलते है ये जनाब खाना खा क्र अपने रूम म आये बीएड प लेते है.

तभी गेट नॉक होता है

दरवाजा खुलता है तो सामने मोहिनी होती है.

मोहिनी- ुये सौर्य तू बियर पिता है न.

मैं- है पर क्यू

मोहिनी- अरे भाई अकेले पन्ने म न मज़्ज़ा नहीं आ रहा था यार तो सोचा तुझे बुल्ला लू तू कंपनी दे दे मुझे.

Main(maan म)- ये सही है इनसे पिटे वक़्त पूछ सकता हु इनकी पर्सनल लाइफ क बारे म.

मैं- चलो ठीक है चाट प चलते है.

मोहिनी- तो चल न जल्दी.

हम दोनों पहुंच गए चाट पर आज भी वही हुआ यार मेरी एक बोतल और उनकी 6.

मोहिनी- तो भाई बता कुछ अपने बारे म देख हमने बातें तो की नहीं है ज्यादा.

मैं- मैं क्या बोलू आप बताओ आपने बारे म .

वो- नहीं तू बता तू छोटा है न.

Main-Aap बताओ नाप बड़े हो.

इतने म शिल्पा मेरे मान म बोली .

शिल्पा- उल्लू क्या क्र रहे हो वो लाइन पर आ रही है और तुम हो क.

Main-Jaan ये और इतने म लाइन पर नहीं अभी न अगर आप 10 बोतल और पिल्ला दो इनको फिर भी ये कड़ी hi रहेगी.

शिल्पा- ट्रुथ और डरे खेलो उससे सायद काम बन जाए.

Main-waah जान मेरे साथ रह क्र आपका छोटा सा बड़ा हो गया है.

Shilpa-(Sharma क्र) क्या कुछ भी बोलते हो तुम भी.

मैं- क्या कुछ भी मैं दिमाग की बात क्र रहा था.

शिल्पा- यौऊ

मैं( मोहिनी s)-Arre दीदी ऐसे म तो न आप कुछ बताओगी और न मैं चलो वो गेम खेलते है ट्रुथ और डरे क्या बोलते हो आप.

मोहिनी- तू मानेगा नहीं मैं भी शामे बोलने वाली थी पता है मैं ना किसी लड़के क साथ हमेसा स ये गेम खेलना चाहती थी पर कोई ढंग का मिला hi नहीं पर तू ...है काम चल जायेगा.

फिर क्या था सुरु हुआ राउंड .

पहले बोतल का मुँह मेरी तरफ आया.

मोहिनी:- बोलो बच्चू क्या लोगे ट्रुथ और डरे.

मैं- डरे.

मोहिनी- वाह बड़ी हिम्मत है न तुझमे चल तू न हां तू इस बोतल का ढकन अपने दांत स खोल क्र दिखा.

मैंने बोतल उठायी और उसका ढकन खोल दिया . मोहिनी वो पूरा पि गयी कुछ hi देर म.

फिर स बोतल घुमा इस बार मुँह आया मोहिनी की तरफ.

मैं- चलो बोलो क्या लोगे.

वो- हम्म ट्रुथ.

मैं- क्या आपो कभी किसी लड़के को पीटने का मान हुआ है.

वो- हां हुआ है न बहुत स लड़के है पर एक है वो कुत्ता साले न पता है मेरी दोस्त को ऐसे hi डंप क्र दिया था वो मेरे पास बहुत रोई थी और उसी गधे क वजह स वो अमेरिका शिफ्ट हो गयी वो न मेरी बेस्ट फ्रेंड थी.

मैं- तो आप उस लड़के को मारोगी क्या बोलो.

वो- अरे ये न मेरी विश डेरी म भी लिखा हुआ है उस्सकी तो मैं

मैं- विश डेरी वो क्या है.

वो- कुछ नहीं चल अब बोतल घुमा.

बोतल घूमी और इस बार भी मुँह आया मोहिनी क तरफ.

वो- डरे डरे.

मैं- सोच लो आप.

वो- बोलै न डरे चल बोल क्या करना है.

Main-aap मुझे अपनी विश डेरी डोज .

Wo-(ghabra क्र) नहीं अरे उसमे मेरी पर्सनल बाते है जो तुझे पता नहीं होनी चाहिए.

मैं- नहीँअब कुछ भी नहीं हो सकता आपने डरे लिया था.

ऐसे hi 12 राउंड्स और हुए और इसी म दीदी न सायद 3-4 बोतल और पि ली थी.

मैं- चलो दीदी बहुत हो गया आज का चलो रू. म चलते है.

Wo-haa हिक चलते है हिक .

वो चल भी नहीं पा रही थी मैंने उनको सहारा दे उनके रूम म पहुंचाया उनको बीएड प लिटा दिया और जब वापस आने लगा तो उन्हों ने मेरा हाथ पकड़ा और एक ड्रावर क तरफ इशारा किया मैंने उससे खोला तो उसमे एक डेरी थी ब्राउन कलर की जिसपे लिखा था

"माय विश"

मोहिनी- ये ले मेरी डेरी इसमें न बहुत कुछ है और मैं न वो सब करना चाहती हु हिक तू तू मेरी मदद करेगा क्या.

Main-Haa आप सो जाओ देखो 1 बज रहे है

वो थोड़ी देर म सो गयी और मैं वो डेरी ल चला आया अपने रूम म.
 
अपडेट - 35 (कॉन्टिनुएस)

मैंने डेरी का पहला पन्ना देखा उसमे एक लेटर सा कुछ लिखा था.

लेटर:-

डिअर डेरी

मेरा नाम मोहिनी सिंह है. आज स 2 महीने पहले न मुझे पता चला क मेरे को कैंसर है. पापा बहुत दुखी हुए ये जान क्र मैं भी बहुत दुखी हुई पर अब न मैं ठीक हु और आज स न तुम मेरी विशेष को जानोगी पर याद रखना किसी को बताने का नहीं समझे न


मोहिनी."

फिर पूरी डेरी म विशेष hi थे कुछ बचकानी सी विशेष कुछ वो वाली वो वन्स इन लाइफ वाली पैराग्लाडिंग ेट्स ये साड़ी.

मैंने पूरी डेरी पड़ी उसमे न सिर्फ 6-7 विशेष ऐसी थी जो मेरे काम आने वाली थी.

विशेष:-

1. यार Browny(dairy का नाम) मेरे को न किसी लड़के को फ्रेंच किश करनी है.

2.देख बरौनी मेरे को एक बॉयफ्रेंड चाहिए जो क तू तो बिलकुल नहीं है समझा.

3.यार बरौनी क्या मैं वर्जिन hi रहूंगी हमेशा

4.आज न मैंने वो वाली फिल्म देखि मेरे को भी करना है यार वो सब.

5.यार बरौनी मैं न अपने बॉयफ्रेंड क साथ पूरा दिन घूमना चाहती हु जिसमे वो मुझे फिल्म दिखाए, होटल म खाना खिलाये , शॉपिंग कराये और भी बहुत कुछ फिर एक कैंडल लाइट डिनर.

6.यार बरौनी मैंने न संजू बुआ को देखा मुझे न मरने स पहले पापा और बुआ को साथ लाना है .

7.यार बरौनी पता है आज न मुझे मेरी साड़ी बुआ एक साथ मिल गयी और साथ म 2 भी और 5 नयी बहने पर वो सभी पापा स गुस्सा ह माँ को तो माफ़ क्र दिया उन्होंने पर क्या वो पापा को भी ....

मैंने डेरी बंद की और उससे साइड म रख दिया और सो गया.

नेक्स्ट मॉर्निंग

मैं सुबह hi उठ गया ध्यान लगाया और भी बहुत कुछ किया इन्ही सब म 7 वाज गए यानी पीहू का भी टाइम हो गया जाने का पर वो जाने स पहले मेरे रूम म आ गयी.

मैं- क्या बात है साली जी आज सुबह सुअभ मेरे पास.

Pihu-Haa आना hi पड़ा अब बताओ बात कहा तक पहुंची.

मैं- कोण सी बात.

पीहू- जीजू मजाक नहीं प्लीज बोलो मोहिनी दीदी स कहा तक बात पहुंची है.

मैं- अभी ज्यादा कुछ नहीं बस उनकी ये (डेरी क ओर) बरौनी मिला है मुझे इसमें उनकी विशेष है.

पीहू- हां तो पुरे करो न उनको और हां ज्यादा टाइम नहीं लेने का ok ना.

मैं- क्यू ऐसा क्यू बोल रही हो.

पीहू- अरे जब इनका काम हो जायेगा तभी तो परिधि दीदी का no आएगा न इसलिए जल्दी करो.

इतना बोल वो चली गयी मैं भी फ्रेश वगैरा हो क्र चल दिया ghar1waha पहले स hi सभी मौजूद थे.

मोहिनीडीडी कुछ परेशान सी लग रही थी और बार बार मुझे hi देख रही थी मैंने इशारे स उनसे पूछा तो वो भी इशारे स बाद का बोल दी.

सभी न खाना खाया.

मैं जैसे hi हाथ दो क वापस आया मोहिनी दीदी न लगभग खींचते हुए मुझे सभी क सामने स बहार ले जाने लगी.

माँ- क्या बात है मोहिनी बीटा तुम इससे कहा ले जा रही हो.

Mohini-Bua मेरे को इससे कुछ काम है बाद म बताती हु ok bye.

बहार आते hi:-

मोहिनी- टुन्ने सच म वो पढ़ ली क्या.

Main-haa पढ़ ली वो भी पूरी.

मोहिनी दीदी न तो अपना हाथ सर प रख लिया.

Main-Arre मैं थोड़ी न उसको कही छपवाने जा रहा हु जैसे पहले मेरे पास आपका एक सीक्रेट था अब एक और है. एक बात और अब मैं आपकी मदद करूँगा उन् विशेष को पूरा करने म.

मोहिनी- तुझे वो नहीं पढ़नी चहैए थी न अब अब म तेरे साथ कैसे नार्मल रह पाऊँगी बोल.

मैं- जैसे पहले थी और कैसे अब ये बताओ आप अपनी कोण सी विश पूरा करना चाहती हो वो आपकी फ्रेंड क बॉय फ्रेंड को पीटने की या कोई और.

मोहिनी- तू सच म मेरे विशेष पूरी करेगा.

मैं- हां पर सारे सायद नहीं. चलो अब उस लड़के क बारे म बताओ हमें आज hi वो करना है.

मोहिनी- पर वो तो सायद यहाँ रहता भी नहीं.

Main-Aapke पास उसकी फोटो है क्या वो दिखाओ पहले फिर देखेंगे क वो कहा रहता है.

दीदी न अपने फ़ोन म उसकी फोटो दिखाई.

मैंने समीर स M2M बोलै इसको कही स भी उठा क्र लाये और मेरे घर क पास पंहुचा दे कुछ hi देर मैं.

मैं - दीदी ये इसकी बात क्र रहे हो ये तो यही पास म रहता है क्या बोलते हो चले अभी.

मोहिनी- क्या सच म ये कुत्ता यही रहता है और तेरे को इसका पता मालूम है.

Main-aur नहीं तो क्या अब चले.

मोहिनी- रुक मैं हॉकी स्टिक ले आती हु फिर इस्सकी मिल क्र धुलाई करेंगे.

वो घर जाती है और चेंज क्र क आ जाती है हॉकी स्टिक क साथ

मैं- ये ड्रेस क्यू चेंज की आपने.

Mohini-Arre वीडियो जो बनानी है और उस वीडियो को न अपनी फ्रेंड को बेझुंगी तो ाचा लग्न तो बनता है न वर्ण वो मुझे चिढ़ाएगी बाद म.

Main-Hain मतलब कुछ भी बोलते हो आप.

मोहिनी- ोये चुप चाप बता kah...wo देख वो रहा साला तू ये फ़ोन पकड़ मैं उसको देखती हु वीडियो ों क्र ले.

यार वो दौड़ क्र चली गयी उस लड़के क पास. वो लड़का उल्लुओं की तरह इधर उधर ताके जा रहा था सायद अचानक यहाँ पंहुचा था न इसी वजह स.

वही मोहिनी न शुरू क्र दी उसकी पिटाई कभी पेअर प तो कभी हाथ प वो बेचारा पहले स hi शॉक म था और जब मार पड़ने लगी तो पूछो hi मत बेचारा बस चिल्लाता रहा.

मोहिनी- क्यू बे साले मेरी बस्ती को डंप करेगा तू हां बड़ा तीस मार खान हो गया है तू. (मेरे स ) ज़ूम क्र क ले साले का फेस आना चाहिए समझा नहीं तो तेरे को भी मारूंगी.

लड़का- ाः अरे आह मत आ मारो प्ल्ज़ आह छोड़ दोहाः नहीं ाः.

अब आप सारे हमारे यहाँ क लोगो को तो जानते hi हो न अगर कोई पिट रहा हो तो उसको बचने क लिए एक हाथ आगे आता है वही उससे पीटने क लिए 10 वही हुआ फिर भीड़ लग गयी बेचारा बहुत बुरी तरह पिता फिर किसी न उससे हॉस्पिटल पंहुचा दिया.

दीदी भी आ गयी मेरे पास और पहले तो वीडियो देखा फिर उसको अपनी फ्रेंड को भेज दिया आप विस्वाश नहीं करोगे कुछ hi देर म फ़ोन आ गया फ्रेंड का फिर क्या चिलायी है भाईसाब पूछो मत कान पहाड़ दिए दीदी न मेरे थोड़ी देर फ्रेंड स बात करने क बाद आयी मेरे पास और मेरे गालो की गिला क्र दिया.

मैं- अब ये क्या था.

मोहिनी- अरे तेरा गिफ्ट और क्या इतने महीनो स सोच रही थी ये करने का और आज तेरी वजह स वो मेरे हाथ आया. चल अब ना हां वो वाली विश.

मैं- कोण सी ऐसे थोड़ी न पता चलेगा मेरे को.

मोहिनी- अरे वो डोमिनोस वाली.

मैं- आप भी न एक डैम स

मोहिनी- चल फ़ोन दे अपना.

मैंने उनको अपना फ़ोन दिया.

उन्हों ने डोमिनोस म फ़ोन लगाया.

डोमिनोस- वेलकम तो डोमिनोस आप क्या लेना पसंद करेंगे.

मोहिनी- जी वो मेरे को 4 बकेट चिकेन विंग्स चाहिए थे और 3 नाह 4 hi पिज़्ज़ा पाइनएप्पल टॉपिंग क साथ.

डोमिनोस- सूरे मम अन्य थिंग ेल्स.

मोहिनी - है भैया वो न चिकेन विंग्स आप कफ्स स ले आना और पिज़्ज़ा पिज़्ज़ाहत स ok .

Dominos-Hain! मम आपने डोमिनोस म फ़ोन किया है.

मोहिनी- है पता है मुझे अब आप आर्डर कब तक डिलीवर करोगे.

Dominos-Mam एड्रेस प्लीज.

Mohini-Ha नोट करो काली मंदिर क पीछे जो हनुमान मंदिर है उसके जस्ट बगल वाले गली क बाए म जो एक और गली है उसी गली क 6थे घर क पास वाली गली क दाए म जो...

डोमिनोस- E..ek मं मम

फ़ोन कट.

Main-App पागल हो क्या क्यू बेचारे को ऐसे hi परेशां क्र रहे थे.

मोहिनी- अरे छोड़ न वो सब पर मज़्ज़ा बहुत आया चल कही बहार चलते है.

मैं- पर कहा.

मोहिनी- वही जहा कोई आता जाता नहीं कब्रिस्तान.

मैं- नहीं मैं अब आपको वो तो बिलकुल नहीं करने दूंगा.

Mohini-Dekh तूने प्रॉमिस किया है अब तू जा नहीं सकता समझा.

मैं- पर वह प्रॉब्लम हो सकती है न.

मोहिनी- तू चल तो पहले फिर देख लेंगे जो होना है. चल कीस दे कार क.

मैं- घर म तो बताने दो.

Mohini-Nhi तू चल बस कीस दे मुझे.

उन्होंने मेरे स कीस ली और हम निकल पड़े कब्रिस्तान की ओर पर उससे पहले हम गए थे कुछ स्पीकर्स, 2 प्लास्टिक वाले स्केलेटन और कुछ सामान लेने.

हम पहुंच गए फिर कब्रिस्तान, वही प एक पेड था उसी पेड प हमने स्केलेटोंस को लटका दिया और उन्ही क अंदर वो ब्लूटूथ वाले स्पीकर्स और वायरलेस कामर्स फिट क्र दिए.

उस कब्रिस्तान म न रात को उस एरिया क कुछ बदमाश जाया करते थे और वह क कब्रों पर बैठ सरब पिटे नशा करते और न जाने क्या क्या. दीदी को ये बात पता चल गयी थी कही स और उन्हों ने इन्ही लोगो को सबक सखाने की थान ली थी.

शाम हुई वो लोग भी आ गए हम अपनी कार म बैठे थे और वही स सब कुछ देख रहे थे.

मुझे उम्मीद नहीं थी क यहाँ ये सब भी हो सकता है. वो गुंडे यहाँ 2 लड़कियों को उठा लाये थे.

दीदी- सौर्य ये क्या ये to..Tu कुछ क्र इनकी हेल्प करते है चल.

Main-Didi आप न स्पीकर वाला प्लान शुरू करो बस न आप उस डायन का नाम लेना ok और मैं जाता हु उनकी मदद करने.

फिर शुरू हुआ खेल दीदी न बखूबी आवाजे निकली डायन की पर वो लोग एक बार को डरे पर फिर स लग गए उन् लड़कियों क साथ.

मैंने आपने एक क्लोन बनाया उसको वही डायन का रूप दिया और बोलै क वो मेरे उलटे डायरेक्शन स आये और मेरे वह पहुंचने स पहले hi सभी गुंडों की व्हाट लगा दे.

उसने वही किया वह प कुछ 5-6 गुंडे थे. वो उन् लड़कियों क कपडे फाड़ रहे थे क तभी हर तरफ धुआँ hi धुआँ हो जाता है किसी को कुछ भी दिखाई नहीं देने लगता अचानक स पायल की चानन चानन की आवाज और किसी क गाने की आवाजे आने लगती है.

"गुमनाम है koi,Badnam है कोई

किसको खबर कौन है वो अनजान है कोई"

ये hi वो गाना है जो गुनगुनाया जा रहा था. धीरे धीरे पायलों की आवाज तेज होने लगती है और वो आवाज भरी और डरावनी अब्ब इस सब स सारे गुंडों की 2no लड़कियों की साथ hi म दीदी की भी फट चुकी थी.

धीरे धीरे धुआँ हटने लगता है और सामने आती है एक साडी क जुड़े म कड़ी औरत जिसका चेहरा उसकर बालों स ढाका हुआ था दिख रही थी तो बस 2 लाल आखे और कुछ खून क धब्बे उसके चेहरे क आस पास .

गुंडों क पास गन्स थी उन्हों ने चला दी गोली उस्सको कुछ भी नहीं हुआ वो धीरे धीरे आगे आती रही.

G1-Bbb..bhai ये है भाई यही है वो डायन भागो.

सारे गुंडे यहाँ वह भागने लगते है. दोनों hi लड़कियां उस डायन को देख बेहोश हो जाती है और वही दीदी तो कार म बैठी बट बन जाती है एक तक वीडियो को देखती रहती है और मैं मैं वही जमीं प बैठ हातो म एक बियर का बोतल लिए ये प्रोग्राम देख रहा था.

डायन पहले तो दौड़ दौड़ क्र सभी को ताका देती है और जब वो सारे चलने की हालत म नहीं होते न तब वो उन्हें घसीट ते हुए उसी जगह ले जाती है जहा पर दोनों लड़कियां थी और फिर उस स्केलेटन वाले कैमरा की ओर देख बोलती है.

Daayan-kaha था कहा था मैंने मैंने कहा था न जो भी जो कोई भी करेगा लड़कियों क साथ करेगा लड़कियों क साथ गलत उनका उनका ये डायन करेगी क्या करेगी उधार करेगी उनका hihihiiihihi.(gundo स) हम्म्म बहुत हिम्मत है है हिम्मत बहुत तुम सब म है न तभी तो ले आये इनको क्यू लाये इन्हे अपनी मौत क लिए न पर पर मैं मारती नहीं उधार कटी हु करती हु उधार.

ऐसे hi बोल वो टूट पड़ी उन् सब पर सभी को बहुत मारा सभी क हाट पाऊँ तोड़ डाले साथ hi मई ांडे भी फोड़ डाले सभी क वह बस दर्द भरी चीखे hi सुणाई दे रही थी.

अब मैं भी उठा और उसी ओर जाने लगा जैसा क मैंने उससे समझाया था उसने मुझे देख क्र पहले तो बहुत हस्सी फिर मेरे को भी खींच क्र उसी जगह ले आयी.

मोहिनी न जैसे hi मुझे वीडियो म इस तरह देखा तो उसकी तन्द्रा टूटी वो जल्दी स कार स उत्तरी और सीधा हमारे पास आ उस डायन स बोली.

मोहिनी- इसने कुछ नहीं किया ये तो उन्हें बचने आया था.

डायन ने एक बार मोहिनी को देखा फिर मेरी ओर देखा फिर उन दो बेहोश पड़ी लड़कियों क ओर देखा फिर हस्ती हुई बोली.

डायन- ाचा तो तुम दोनों थे वीडियो बनाने वाले और वो आवाज निकलने वाले हम्म्म ाचा था बहुत अच्छा था अब्ब इनाम भी लेते जाओ इन् 2no को इनके घर पंहुचा दो और और आज स मैं (मेरी ओर) इसी क अंदर रहूंगी ये मेरी शक्तियां इस्तेमाल क्र सकता है और मैं इसका शरीर पर जब भी हमारे आस पास कोई लड़की खतरे म होगी मैं बहार आउंगी आउंगी म बहार.

इतना बोल वो डायन (क्लोन). आ गयी मेरे अंदर और दीदी बेहोश हो गयी. मैंने उन्हें होश म लाया.

उन्होंने पहले तो मेरा पूरा चेहरा hi गिल्ला क्र दिया.

मोहिनी- वो डायन कहा गयी.

Main(Dayan की आवाज म)- अभी तो बोलै था तुम्हे इसके शरीर म जा रही हु..

Mohini-Nahi नहीं ऐसा मत करो आप मेरे अंदर आ जाओ इससे छोड़ दो प्ल्ज़ आप इससे कुछ मत करो.

Main(Daayan की आवाज म)- इससे नहीं होगा कुछ समझ ले तू इसको मिली है शक्तियां मेरी जो. सुन्न इ और इक बात रह इसी बस अपने तक इसी म है भलाई तेरी.

मैं- दीदी ये क्या हो रहा है मुझे मैं मैं बहुत अजीब लग रहा है अंदर उस डायन की आवाज आ रही है.

Mohini(roote हुए)- सब मेरी गलती है वो डायन अब तेरे अंदर चली गयी है.

Main(Daayan की आवाज म)- हो जा चुप प्यारी देखा मैंने अंदर के तेरे गम को तू तू भी मार रही है है न पर तू बचेगी जरूर बचेगी इसी लिए तो आयी हु मैं बचने को तुझे बहुत कुछ करना है तुम्हे अभी.

मोहिनी- नहीं मुझे कुछ नहीं करना तुम मेरे भाई को छोड़ दो मैं ऐसे hi ठीक हु छोड़ दो उससे.

मैंने एक चुटकी बजायी main,Didi और दोनों लड़किया कार म बैठे थे.

दीदी बस आँख फाड़े देखे जा रही थी ये सब कैसे हो गया.

Main(Daayan)-Namuuna है ये तो बस देखती जा तू अब क्या क्या क्र सकता है तेरा भाई और ना दर तू किसी भी बेगुनाह को नहीं मार पायेगा ये किस्मत थी हम दोनों की ऐसे hi मिलने की.

Didi-Kyaa तुम hi बात करोगी सिर्फ मेरा भाई नहीं बोलेगा कुछ कही उससे कुक..

मैं- दीदी पता है मेरे अंदर पावर्स आ गयी है पावर्स अभी वो डायन न बोलै पहले तो मैं दर गया पर उसने मुझे समझाया है क मैं उसकी पावर्स उसे क्र सकता हु.

मैंने चुटकी बजायी और मैं और दीदी घर म मेरे कमरे म पहुंच गए.

मैं- देखा आपका भाई सुपर हीरो बन गया अरे आपकी तो एक और विश पूरी हो गयी किसी सुपरहेरो स मिलने वाली अब तो मैं hi हु वो.

दीदी- तू ठीक है न सौर्य वो डायन अब तेरे अंदर है और ये बात सिर्फ हम दोनों को hi पता होनी चाहिए समझा न.

Main-Ha ठीक है चलो अब कुछ कहते है.

Main(Daayan)- बोल अपने भाई को उन् लड़कियों क बारे म ये तो कुछ ज्यादा hi उतावला है.

मोहिनी- है है बोलती हु.

मोहिनी- सौर्य उल्लू तूने उन लड़कियों और कार को वही छोड़ दिया है पागल.

मैं- ारी मैं तो उन्हें भूल hi गया. चलो अभी चलते है.

{अभी तक हीरो न दोनों लड़कियों की सकल नहीं देखि थी}

मैंने चुटकी बजायी और दोनों hi पहुंच गए कार क पास वापस.

मोहिनी- अरे बता दिया क्र कही कैंसर स पहले हार्ट अटैक स न टपक जॉन.

Main-jyada बाते न करो और देखो उन लड़कियों को.

मोहिनी दीदी चली गयी कार म वही पानी रखा था उन्होंने दोनों को पहले तो ठीक किया फिर उनको पानी क चित्ते मार होश म लायी.

वो दोनों hi होश म आते hi बचाओ बचाओ चिल्लाने लगी.

उन्दोनो की hi आवाज मुझे पहचानी हुई लगी.

मैं बस मन्ना रहा था क ये वो न हो.

दीदी न बड़ी मुश्किल स दोनों को सांत किया था. मैं अभी तक बहार खड़ा बस उसी आवाज क बारे म सोच रहा था. खुश भी था क वो बच गयी और दुखी भी था क मेरे हाथो क्यू बचायी गयी.

मोहिनी- सौर्य इधर आ चल इन्हे इनके घर भी ड्राप करना है.

मैं कार म बैठ गया. मुझे वह देख दोनों लड़कियां hi हैरान हो गयी पर सायद जो उनके साथ हुआ था न इसलिए कुछ बोल न सकीय.

दीदी उनसे उनके घर का रास्ता पूछती रही मैं कार चलता रहा.

हम एक बाड़े स घर क पार पहुंचे और एक न कार रूकने को बोलै.

मैंने कार रूक दी दोनों hi कार स उत्तरी. मैंने झट स कार बढ़ा दी बिन्ना वक्त गवाए.

फिर हम दोनों hi चल पड़े घर क ओर.

मोहिनी- देखो सौर्य और डायन जी आप भी अब जब आप दोनों एक हो और मैं hi बस ये जानती हु तो एक रेकुस्त है बस मुझे न मेरे पापा और बुआ को मिलवाना है ठीक है न सौर्य भी यही चाहता है तो डायन जी प्ल्ज़ आप हमारी थोड़ी स मदद क्र देना न प्ल्ज़.

Main(Daayan)-galt किया था उसने किया था न गलत पर तू अब जो तू बोल रही है तो करुँगी कोसिस मैं भी कोसिस करुँगी मैं भी उन्हें मिलाने की.

मोहिनी- थैंक यू डायन जी बस एक ओर रिक्वेस्ट है वो ना आप ऐसे बात मत किया करो दर लगता है मुझे तो प्ल्ज़.

Main-Thik है दीदी वो बोल रही है अब मैं hi बस बात करूंगा आपसे वो बस मेरे को मान म बोलेगी जो उसको बोलना है.

Mohini-Thanks डायन जी आप सच म बहुत अच्छी हो.

इतने म हमारा घर आ गया.

अभी यही कोई 7 बजे हुए होंगे अब हम दोनों hi इतनी देर स बहार थे तो दोनों को hi दांत पड़ी और आइंदा बता क्र जाने को बोलगया और शाम होने स पहले आने को बोलै गया.

लास्ट म माँ न बोलै

माँ- बीटा आपलोग तो जानते हो न डायन घूम रही है यहाँ फिर भी आयन्दा ऐसा मत करना समझे जाओ अब चेंज क्र आओ फिर खन्ना कहते है.

ये बात सुन क्र मोहिनी दीदी को हस्सी सी आ गयी पर उन्होंने कण्ट्रोल किया और फिर चल दिए हम दोनों घर2 म.

मोहिनी- टुन्ने सुना संजू बुआ क्या बोल रही थी अब उन्हें कहा पता होगा क डायन यही है तेरे अंदर.

मैं- क्या करते हो आप भी दीदी धीरे बोलो डायन गुस्सा क्र रही है.

मोहिनी- उह सॉरी डायन जी गलती हो गयी.

Main-wo बोल रही है वो जो वीडियो हमने बनायीं थी न उसमे स दोनों लड़कियों का फेस को बलौर क्र उस वीडियो को भी वायरल करने को.

मोहिनी- पर मेरे को तो बलौर करना नहीं आता तू बोल न डायन जी को वो खुद क्र ले.

Main-Mujhe आता है आप चलो रूम म मैं कर देता हु वो.

मोहिनी- ठीक है सुन्न आज रात की न स्टॉक ख़तम हो गयी है मेरी तो तू ले आएगा क्या.

मैं- क्या सरब लानी है! आपने स्पिडरमैन देखि है.

Mohini(Muh बनाते)- देखि है न पर उससे मेरी स्टॉक का क्या लेना.

मैं- उसमे एक बहुत अछि लाइन है "शक्तियों क साथ, जिम्मेदारियां भी आती है."

और आप हो क मुझसे पावर का उसे करा बोतल मंगवा रही हो.

मोहिनी- है तो क्या गलत कर रही हु अब तेरे पास पावर्स है तो तू आज स मेरी स्टॉक्स की जिम्मेदारी लेगा समझा और मैंने सुन्ना है ये जो डायन होती है न उनको सरब बहुत अछि लगती है साथ म नॉन वेग भी समझा न तो जा ले आ और सुन्न डायन जी स भी उनका ब्रांड पूछ लेना ताके दिकत न हो.

इतना बोल वो चली गयी अपने रूम म.

मैंने अपना सर पिट लिया. सुन्ना तो मैंने भी था क ये भूतों प्रीतों को ये सब ाचा लगता है. मैंने भी ये नाटक और आगे ले जाने का सोचा और चल दिया अपने रू. म क्यू की बॉटल्स तो कभी भी म ला सकता था.

रूम म पहले स hi मेरी जान बैठी थी.

शिल्पा- कहा तक पहुंची बात.

मैं- यार कभी मेरा हल चल भी पूछ लिया करो आते hi काम की बात.

शिल्पा- ज्यादा बनो मत समझे और बोलो क्या किया आज प्लान बनाया भी या यु hi.

मैं- जान पूछो मात तुम प्लान मैं बना चूका हु और काम भी क्र रहा है.

शिल्पा- बताओ क्या प्लान है.

मैं- बताऊंगा पर उससे पहले किश चाहिए अगर जानना है तो बोलो.

शिल्पा- ज्यादा स्मार्ट न बनो समझे अभी पता करती हु प्लान तुम्हारा.

वो मेरा मंद पड़ने की कोसिस करने लगी पर मैंने ये करने नहीं दिया उससे.

शिल्पा- तुम्हारी तो मैं.

मैं- अरे जान एक किश hi तो मांग रहा हु फिर सब बता दूंगा और दिमाग भी पड़ने दूंगा.

शिल्पा- कोई जरुरत नहीं मैं पता क्र लुंगी क्या प्लान है तुम्हारा.

मैं- जान तरय क्र क देख लो.

हम बाते hi क्र रहे थे क हमें खाने क लिए बुलाया गया.

हम सभी चल दिए खाना खाने वह पर बाकी सारे तो सही थे बॉस एक माँ थोड़ी कन्फ्यूज्ड सी लग रही थी.

पापा न भी ये नोटिस किया था.

पापा- क्या बात है तुम ठीक तो ho(Maa स)

Maa-Ha क्या क्या आपने कुछ कहा.

पापा- मैं पूछ रहा था तुम ठीक तो हो.

माँ- हां ठीक हु बस किसी क बारे म सोच रही हु.

मैं- किसके बारे म माँ.

माँ- अरे बीटा बस ऐसे hi बाद म बताउंगी पहले खाना खाओ.

कोई फिर कुछ नहीं बोलै सबने खाना खाया और फिर चल दिए अपने अपने रूम्स म.

मैं अभी अपने रूम म गया hi था क

Maa(M2M)-Hello सौर्य बीटा मेरी आवाज आ रही है न.

मैं- हां माँ बोलो क्या बात है.

Maa-Beta तू मेरे रूम म आ जा तुझसे कुछ बात करनी है.

मैं झट स पहुंच गया उनके सामने पापा भी वही थे.

पापा- चलो अब बोलो क्या बात हुई है. अब तो ये भी आ गया.

माँ- मैंने न कल और आज घर क आस पास रितेश भैया को देखा है.

पापा- वो यहाँ क्या क्र रहा था और तुमने मुझे पहले क्यू नहीं बताया.

Maa-Sunno तो वो न बड़े परेशां स थे उन्होंने आज मुझे देखा और फिर मेरी तरफ आने लगे पर फिर वो पीछे हैट गए और वह स चले गए उनकी आखों म आशु थे और ये ये मुझे कंफ्यूज क्र रहा है.

मैं- वो सायद मोहिनी दीदी को देखने आये होंगे.

पापा- पर उससे इस जगह का पता कैसे चला.

मैं- वो उन्होंने सायद मुझे और मोहिनी दीदी को कल देख लिया था तो वो हमारा पीछा करते हुए यहाँ तक पहुंच गए.

पापा- ये क्या बोल रहे हो जब तुम्हे पता था तोह...

मैं- वो किसी स नहीं बोलेंगे आप फ़िक्र मत करो.

पापा- पर.

माँ- हां सही कहा इसने अगर उन्हें कुछ करना होता तो वो क्र चुके होते. पर मेरी समझ म नहीं आ रहा उनके आखों का कारण.

मैंने सोचा इन्हे बता दू इन्हे मोहिनी दीदी क बारे म फिर उनका प्रॉमिस याद आ गया.

मैं- सायद वो आपको देख क्र खुद क किये पर पचता रहे होंगे आपसे माफ़ी मांगना छह रहे हो पर हिम्मत न हुई हो.

पापा- क्या बकवास क्र..

Maa(gusse m)-Bakwas नहीं मुझे भी यही लग रहा है. (मेरे स) बीटा क्या तू उन्हें एक बार मेरे पास ला सकता है.

मैं- वो खुद hi आ जायेंगे माँ और वही ाचा भी होगा. चलो अब आप दोनों सो जाओ मुझे भी नींद आ रही है.

मैं उन्हें वही चूड अपने रूम म आ गया फिर थोड़ी देर म जब सभी सो गए तो मोहिनी दीदी आ गयी मेरे रूम म. मैं उनको ले क्र चाट प पहुंच गया जंहा मैंने पहले hi हमारे लिए एक टेबल प शराब की बोतल और चिकेन रखे हुए थे. चाट प सिर्फ चाँद की रौशनी hi थी चारो तरफ. मैंने आते hi टेबल प राखी कैंडल्स जला दी.

मोहिनी- अरे ये क्या है ये टेबल कैंडल्स ये सब क्यू.

Main-Ab मैं आपका बॉयफ्रेंड तो हु नहीं जो आप मेरे साथ कैंडल लीगत डिनर करो तो मैंने सोचा क्यू न आपके साथ कैंडल लाइट ड्रिंकिंग hi कर लू.

मोहिनी- बच्चू तेरे लिए लड़की ढूंढ़नी होगी लगता है.

चल वो भी कर लेंगे पर अभी तो यही शुरू करते है. वैसे ये तेरा कांसेप्ट ाचा है तू न अपनी गफ को ऐसी hi ड्रिंकिंग प ले जाना.

मैं- नहीं ये बस आपके लिए है अब शुरू करो.

फिर क्या था हम दोनों लग गए.

गेस टाइम :-

वो दो लड़कियां कोण थी जिसे हीरो और मोहिनी न बचाया था.
 
अपडेट - 36

अब तक

मैंने मोहिनी दीदी स क्लोज होने क लिए उनकी विशेष पूरी करने लगा.

आगे:-

ऐसे hi 8 दिन बीत गए इन् 8 दिनों म मैं और मोहिनी दीदी दोनों hi काफी क्लोज हो चुके थे. मैं अब उनसे उनके फ्रेंड्स की बाते उनकी स्कूल लाइफ और न जाने क्या क्या सुनता रहता था और वो सुनती hi रहती पर अभी भी वो मुझे भाई क नज़र स hi देखती थी. मेरी समझ नहीं आ रहा था क क्या करू.

अभी यही कोई गाओं वाले प्रॉब्लम क मुहूर्त को आने म 5-6 दिन थे.

मेरे पास अब 2 काम थे पहला मोहिनी वाला और दूसरा सबको गाओं ले क्र जाना.

मैं रूम म बैठा इन्ही सब क बारे म सोच रहा था. मैंने बेस क लिए अपना एक क्लोन भेज रखा था जो वह का काम देखा करता था.

मोहिनी दीदी अंदर आ गयी.

मोहिनी- सौर्य तूने और डायन जी न कोई प्लान सोचा क नहीं पापा और बुआ क लिए.

मैं- हां सोच रहा हु.

मोहिनी- क्या अभी भी सोच hi रहा है देख जल्दी कुछ करना होगा.

मैं- अरे दीदी आप बैठो पहले और मेरी बात सुनने ये डायन जी बोल रही थी क C.Mama यहाँ इस घर क पास आते है.

मोहिनी- क्या बात करता है मतलब करती है डायन जी.

मैं- अरे सच म पता है उनको लगता है हम बर्फ गफ है.

मोहिनी- सौर्य ये क्या बाक रहा है.

मैं- अरे ये मां जी को लगता है ऐसा डायन जी न बोलै मेरे को और मैंने आपको और आप हो क मुझपे छड़ी जा रही ह.

मोहिनी- पर पापा को यहाँ का एड्रेस कैसे मिल गया और अगर वो सहर म है और उन्हें पता है क मैं यहाँ हु तो वो मिलते क्यू नहीं मुझसे और उन्होंने ये कैसे सोच लिया क हम बर्फ गफ है.

मैं- ारे दीदी आराम स यार आप तो तूफान मेल बन चली. डायन जी न बोलै क मामाजी न हम दोनों को बाहर घूमते हुए देख लिया और पीछा क्र यहाँ आ गए.

मोहिनी- ाचा पर वो तुम्हे और मुझे बर्फ गफ वो क्यू भला.

मैं- वो वो

मोहिनी- ये क्या वो वो लगा रखा है बोल जल्दी .

मैं- वो डायन जी बोल रही है क हम हमेसा साथ घूमते है न तो उन्हें लगा... और वो भी आपको खुश देख क्र खुश हो गए.

Mohini(maan म)- है उस दिन वो पब वाला भी यही बोल रहा था क्या हम पर हम तो भाई बहन है न.

मोहिनी- वो छोड़ और ये पूछ डायन जी स क हम क्या करे.

मैं- देखो दीदी हमें कुछ नहीं करना डायन जी बोल रही है मामाजी जल्द hi आ जायेंगे यहाँ आपसे मिलने बस वही स तो काम शुरू होगा आपका....

सब कुछ रुक गया दीदी जस की तस कड़ी रही.

बाबा- सौर्य कुछ भी क्र क इससे जाली स अपना लो इससे वो हक़ दो जल्दी वर्ण अनाथ हो जाना है.

मैं- बाबा ये सब क्या है और ये आप क्या बात क्र रहे हो इसमें वक़्त तो लगेगा न.

Baba-Waqt नहीं है सौर्य वक़्त hi तो नहीं है न तुम्हारे पास न मोहिनी क पास न hi मेरे पास.

मैं- आप हो कहा सामने आइए.

बाबा- एक बात सुनने मेरी अभी मोहिनी क साथ सम्भोग करो तुम जैसे जैसे आगे बढ़ोगे उससे सब याद आता रहेगा सब कुछ और ये बहुत जरुरी है सौर्य आआह्ह

मैं- बाबा ये ये क्या था आप ठीक तो हो न.

बाबा- वक़्त कम है सौर्य आह्हः ध्यान स सुनने

"जो पाया है तुमने उससे खोना होगा.

वो पाने को जो तुम खो चुके थे"

याद रखना इससे वो वो वक्त करीब है वो आएगा और और तुम तैयार नहीं हो जैसे hi आआअह्ह्ह मेरी आवाज बंद होगी परीलोक और जिनलोक प एक अभेद सुरक्षा कवच लग जायेगा वो गायब हो जाएंगे और पृत्वी पर पृत्वी पर स वो आज़ाद हो जाएगा पर फिर पृथ्वी भी सुरक्छित हो जायेगी और बस यही एक सुरक्षित जगह होगी तुम सभी क लिए पर ाःह तुम अब देर ना करो मोहिनी स..

बस इतनी hi तो आवाज आयी फिर आवाज बंद मैं समझ नहीं पा रहा था क्या हुआ.

मैंने पीहू को बुलाया रानी पारी को R.G को कापा को सभी को पर कोई भी नहीं आया बस एक शिल्पा आयी मेरे पास उसके आखों म आशु थे आते hi वो मेरे गले लग गयी.

मैं- जान ये क्या हो रहा है बाबा न.

शिल्पा- सब ख़तम हो गया सौर्य सब कुछ बाबा नहीं रहे, पीहू , छोटी माँ सब चले gaye.meri शक्तियां चली गयी कापा कैद हो गया तुम्हारे अंदर यहाँ तक तुम्हारी भी शक्तियां जा रही है.

मैं- क्या पर कैसे ऐसा कैसे.

शिल्पा- अभी वक़्त नहीं है तुम मोहिनी को देखो उससे सम्बन्ध बनाओ यही एक मात्र जरिया है जो फिर हम सभी को एक क्र देगी वक़्त नहीं है सौर्य वक़्त नहीं है जाओ उसके पास.

मेरी समझ म नहीं आ रहा था क हो क्या रहा है पर अचानक स hi मोहिनी दीदी म जैसे कोई भूत चला आया हो वो वो कांपने लगी.

शिल्पा- जाओ सौर्य वक़्त नहीं है अभी जाओ.

मैं झट स पहुंच गया उनके पास मुझे समझ नहीं आ रहा था क क्या करू मैं की तभी मोहिनी का सरीर कला पड़ने लगा वो और जोर स हिलने लगी . मैं उनके पास गया उनको पकड़ा की तभी उन्होंने अपना होंठ मेरे होठ प रख दिया वो मेरे होठ कांटे जा रही थी मेरे होठों स खून निकलने लगा और मोहिनी उसी खून को चूसने लगी.

मोहिनी- साअमराठः

मुझे पता नहीं कैसे एक नशा सा चढ़ने लगा मैंने अपने कपडे और उसके कपडे गायब क्र दिए.

पता नहीं क्या हो रहा था हममे हम दोनों hi जैसे कही और hi चले गए थे वो मुझे चूमती जा रही थी काट टी जा रही थी फिर मेरा खून पीती जाती.

मुझसे अब रहा नहीं जा रहा था मैंने उससे बीएड प ले जाना चाहा. हम दोनों hi बीएड प चले गए

वो मेरे ऊपर आ गयी और मेरा लुंड पकड़ उससे चाटने लगी चूसने लगी पर पता नहीं क्यू ये सेक्स सेक्स जैसा नहीं था ना तो मैं खुद कुछ क्र रहा था ना hi वो ऐसा लग रहा था क कोई हम दोनों को hi जबरन ये सब करवा रहा है बड़ी hi अजीब बात थी ये.

अब मेरा लुंड खड़ा हो चूका था अचानक स मेरी आखों क सामने कुछ चलने लगा पता नहीं क्या था वो और फिर मेरे लुंड प कुछ कसता हुआ महसूस हुआ मैंने देखा क मैं मोहिनी क ऊपर हु और जोर जोर स ढाका लगाए जा रहा हु पता नहीं क्या वक़्त रहा होगा ये कुछ भी समझ नहीं आ रहा था. अचानक फिर वही दृश्य दिखाई दिए मुझे और फिर जब होश आया तो मोहिनी मेरे ऊपर छड़ी उछाल रही थी हम दोनों hi अपने चरम पर आ गया था. फिर मेरा कॉमर्स मोहिनी क कॉमर्स म मिल गया और मेरी आखें बंद हो गयी. गर्दन क पास बहुत गार्ड हो रहा था ऐसा लग रहा था कोई मेरी जान निकले जा रहा है. जब आखें खुली तो मोहिनी का मुँह पूरा खून स भिनगा हुआ था और और मेरे गले स खून बहता hi जा रहा था.

मोहिनी के बड़े बड़े दांत निकले हुए थे वो वो एक वेताल बननी हुई थी पर वो बहुत hi सूंदर थी क्या बताऊ मेरा खून उसके होठों को और भी लाली दे रहा था उसकी आखें भी एक दम स लाल थी उसकी स्किन जो पहले थोड़ी सावली रंग की थी आज एक दम स चमक रही थी वो वो सायद..

मोहिनी- साम्राठ आखिर मेरा इंतजार ख़तम हो hi गया हम एक हो hi गए तुम मुझे मिल hi गए.

Main-kon हो तुम और मुझे कैसे जानती हो.

मोहिनी- लम्बी कहानी है मेरे राजा अब तो मिलना लगा hi रहेगा अभी सुनने हम 4 दिन स यही पड़े हुए है वो वक़्त करीब है जाओ और उस सैफअली को ले जाओ मंजुलिका क पास साथ म उस डीप को भी ले जाना पर और कोई भी नहीं.

Main-tum हो कौन और ये सब कैसे जानती हो.

मोहिनी- अरे बालम बड़ा इंतज़ार करवाया था तुमने अब थोड़ा तुम भी क्र लो. हां हो सके तो सभी स एक बार मिल लेना क्यू की वो सब हमे भूलने वाले है हम नयी जिंदगी म जाने वाले है.

मैं- क्या कोण भूल जायेगा हमें और नयी जिंदगी ये क्या है.

मोहिनी- चलो अब पति हो तुम मेरे तो इतना तो बता hi सकती हु सुनने वो आज़ाद हो चूका है इस धरती क कैद स वो अब सभी लोको को फिर स अपने अद्धिं क्र लेगा पर उससे पहले जैसे hi वो गाओं का श्राप टूटेगा तुम मार जाओगे और तुम्हारे साथ hi मारेगी तुम्हारी पत्नियां भी बस सब कुछ फिर स शुरू हो गए तुम सब भूल जाओगे सभी हमें भूल जाएंगे. इस घर म कोई भी हमारे वजूद को भी जान नहीं पायेगा. सैफअली मारी जाएगी डीप मारा जाएगा शिल्पा भी.

Main-Nhi ये नहीं होगा मैं ऐसा होने नहीं दूंगा मैं अपनी जान दे दूंगा पर किसी को कुछ होने नहीं दूंगा.

Mohini(hasti हुई)- ू मेरे भोले बालम ये तो होना hi था बाबा न बोलै था न

"जो पा लिया है उससे खोना होगा.

वो पाने को जो तुम खो चुके थे."

यही तो मतलब है इसका मेरे बलमा हां एक बात तो मैं भूल hi गयी.

वो मेरे पास आयी और इस बार गर्दन क दूसरी तरफ अपने लम्बे नुकीले दांत गदा मेरा खून पिने लगी और मैं दर्द स तड़पता रहा.

मोहिनी- हां अब सही है सुनने ज्यादा तो नहीं बस थोड़ी सी शक्ति दे सकीय हु तुम्हे उसका इस्तेमाल बस अपने इन् माँ पापा को ले जाने म hi करना इधर मदखती हु किसे मारना है और किस्से नहीं.

Main-nhi रुको क्या तुम क्या तुम ये सब रोक नहीं सकती.

मोहिनी- बलमा अब मैं लय बोलू ये जो भी हो रहा है सब अच्छे क लिए hi तो हो रहा है और एक बात तुम चिंता न करो जिससे भी तुम्हारा कोई सच्चा रिस्ता जुड़ा हुआ था या जुड़ने वाला था उस जनम म वो सब हमें हमारे नयी जिंदगी म मिलेंगे और इसके लिए उन्हें मरना होगा. जो तुम्हारी ये पत्नी karegi.Ab चलो मेरी आखों म देखो समझे.

मैंने उसकी आखों म देखा और म सम्मोहित हो गया और सू गया यही कोई रात म उठा बड़ा hi अजीब लग रहा था ये भी पता नहीं चल रहा था क जो मैंने सुन्ना और देखा था सच है या कोई सपना. मैं उठा क तभी माँ आ गयी और मुझे डिनर क लिए बुलाया मैं पहुंच गया घर2.

वह पर पंहुचा तो सभी बैठे थे. एक hi जगह खली थी वो थी मोहिनी और शिल्पा क बीच की चेयर मेंवही बैठ गया.

Mohin(mere मान म)- देखो बालम ध्यान स देखो सभी को पता नहीं फिर दिखे भी या नहीं.

मैं- क्या ये रुक नहीं सकता.

क्या मैं कुछ भी नहीं क्र सकता इससे ले क्र.

मोहिनी- अरे मेरे प्यारे बलमा तुम्हे hi तो करना है सब कुछ और ये ये जो बैठे हुए इंसान है न उन्ही क लिए तो करना है पर नयी जिंदगी म.

मैं- पर फिर इनका क्या होगा क्या होगा इन सभी का और क्या मैं अपने माँ पापा को भी नहीं बचा सकता.

Mohini-Offo ruko(Shilpa स) अरे दीदी देखो न बलमा क्या बोले जा रहे है समझाओ इन्हे ये जरुरी है.

शिल्पा न मेरी ओर देखा और बाद म बताने का बोल दिया.

हम सभी न खाना ख़तम किया.

मैं अपने रूम म चला गया वही मोहिनी और शिल्पा भी आ गयी.

मैं- शिल्पा ये सब हो क्या रहा है ये ये बोलती है क हम सभी मार जाएंगे माँ मर जायेगी पापा भी.

शिल्पा- ये सच है ये सही बोल रही है.

मैं- पर पर क्या ये सब रोक नहीं सकती.

शिल्पा - नहीं ये नहीं रूक सकती कोई भी नहीं रूक सकता.

यही नियति है और ये हो क्र hi रहेगा पर चिंता मत करो हम फिर मिलेंगे सभी क सभी एक नयी जगह एक नए वक़्त म और उस पल कोई भी कोई भी हमें कुछ नहीं कर पायेगा हम सभी का मिलान भी होगा और उसका अनंत भी जिसके कारण ये सब हो रहा है.

मैं- कोण है वो ये तो बता दो.

मोहिनी- बलमा तुम भी न अब बहुत हो गया ज्यादा सवाल जवाब नहीं समझे कल निकलना है तुम्हे गाओं क लिए और हां मिल लो अपनी पत्नियों स क्यू की वक़्त काम है.

मैं- एक बात बताओ क्या मेरा दोस्त प्रदीप भी आएगा.

मोहिनी- नहीं न भैया को यही रहना होगा काश वो भी आ पाते पर नहीं. हां पर आप टेंशन न लो नयी जिंदगी म वो हम सभी स जल्द hi मिलेंगी और हमारे साथ hi रहेंगे. चलो अब बहुत हो गयी बाते सू जाओ समझे मुझे भी तो जाना है.

Main-kaha जाना है.

Mohini(haste हुए)- वो अपनी होने वाली सौतनों को मारने उनका खून पिने ताकि वो भी हमारे साथ आ सके नयी जिंदगी म.

इतना बोल वो चली गयी.

अब मैं और शिल्पा hi बचे थे बस वह.

मैं- जान ये है कोण और ये सब हो क्यू रहा है.

शिल्पा- सौर्य बात दरअसल ये है क उसको मारा नहीं जा सकता पृत्वी पर तो उससे आज़ाद करना था. उसी म बाबा नहीं रहे और...

अभी वो कुछ और बोलती क मोहिनी आयी और मेरी गर्दन प अपना दांत लगा मेरा खून पिने लगी.

मोहिनी- बलमा चलो अब सो जाओ कल काम भी है न बहुत बड़ा.

मैं उससे बोलना चाहता था पर बोल न सका मेरी आखें लग गयी.

उसी न फिर मुझे सुबह 6 बजे उठा दिया.

Mohini-Saurya आज हम सबको अलग होना है पर चिटा मत करना सभी को मैं साथ ले आउंगी जो भी हमारे अपने है.

मैं- कोण हो तुम ये तो बता दो.

मोहिनी- तुमने पहले कभी वेतललोक की राजकुमारी क बारे म सुन्ना है क्या?

Main-Haa...Tum तुम वो हो पर ये कैसे हो सकता है उससे तो उससे तो अंधेरो म कैद क्र दिया गया था न उसको तो वेतललोक क राजा न hi अपनी hi बेटी को तो तुम वो कैसे.

Mohini(muskurate हुए)- हां उसने मुझे कैद करना तो चाहा था पर मुझे भी मेरी माँ, वेताल लोक की रानी न प्रशिक्षण दिया था सायद उन्हें पता हो क ऐसा कुछ होना है, मैंने अपने आत्मा को उन्ही क लॉकेट म छिपा दिया था. मैं इंतज़ार म थी तुम्हारे क कब तुम आओ और उससे मृत्युदंड दो फिर तुम मुझे अपना लो पर ऐसा हुआ नहीं आपको वो श्राप मिल गया और आपने अपनी शरीर स सब कुछ त्याग दिया और मिर्त्यु को गले लगा बैठे. जब ये बात मुझे ज्ञात हुई मैंने भी अपनी माँ स बात क्र खुद क शरीर को नस्ट करवा लिया और मैं भी मार गयी और आपका इंतजार करने लगी.

मैं- मेरा इंतज़ार पर क्यू.

मोहिनी- अरे मैं तुमसे प्यार करती थी हां देखा नहीं था तुम्हे पर फिर भी छह तो थी न तुम्हारे खून को चखने की बस उसी लिए और ये नियति भी तो थी हमारी.

हम्म्म.. एक बात बताओ तुम्हारी कितनी पत्नियां होगी पता है तुम्हे.

मैं- तुम्हे मिला क्र 5 और भी है क्या.

Mohini-(haste हुए) अभी न तुम्हे कुछ भी पता नहीं तुम्हारे इंतजार म कितने hi बैठे हुए है बस इसी क लिए तो ये हो रहा है.

अब बहुत हुआ वक़्त आने hi वाला है सुनने उस सैफअली और डीप को ले जाओ गाओं म. वह सैफअली खुद hi अपना शरीर ढूंढ लेगी. वो शरीर वही है उससे जैसे hi सैफअली चुटी है एक ब्लैक होल खुलेगा और वो उसी क अंदर चली जायेगी. आगे का मैं बता नहीं सकती.

मैं- ये सब क्यू हो रहा है.

मोहिनी- बलमा तुम्हारा जन्म मंजुलिका स hi होना था पर उस सैतान न उसी क कारण ये सब हो रहा है इन् सब म वो गाओं बलि चढ़ गया और ये सब बस उसी गाओं क लिए और उस सैतान को कुछ बताने क लिए हो रहा है.

अब जाओ यहाँ स.

मैं- तुम तो खुद hi ब्लैक क्रेअटुरे हो न फिर मेरा इंतज़ार क्यू मैं तो..

Mohini-Ha है बोलो मैं तो क्या... तुम भी जानते हो क तुम्हारे अंदर जितनी रौशनी की शक्ति है अँधेरे की भी उतनी hi है अब और सवाल नहीं समझे.

मैं पूछना तो बहुत कुछ चाहता था पर उसने तो खुद hi मुझे माँ और पापा को गाओं म भेज दिया.

हमारे गाओं म जाते hi धरती कांप उठी.

(माँ क रेस्पेक्ट म).

मैं अभी अपने कमरे म थी क तभी मैं पता नहीं कहा पहुंच गयी आस पास कुछ कच्चे माकन थे और कुछ भी nhi.Mere साथ सौर्य और डीप भी थे .

मैं- सौर्य ये क्या था तुम हमें यहाँ इस वक़त.

Saurya-Maa वो गाओं वाली बात याद है न आपको आज hi वो मुहूर्त है और मैं जानता था क कोई आपको यहाँ आने तो देगा नहीं इस लिए ऐसे ले आया

Deep-(ek घर को देख) सैफअली वो वो घर उससे देखो कितना सूंदर है न.

वो एक टुटा फूटा सा घर था बहुत hi पुराण वो घर मंजुलिका और उसके पति न बनाया था अपने लिए अपने होने वाले बच्चे क लिए बड़े प्यार स सजाया था उससे मंजुलिका न और आज सायद दोनों को hi वो सब याद आने वाला है.

मैं- हां डीप देखो तो अरे तुम वो पालना लाना भूल गए न मेरा बचा कहा सोयेगा जाओ जल्दी स ले आवो न पलना.

डीप- मंजू अभी वक़्त है रुको जर्रा पहले मुझे भी तो देखने दो अपने बचे को.

सौर्य वही खड़ा रहा एक दम चुप और देखता रहा क्या हो रहा है.

मैं - हां तो देख लो मैंने कब रोका है.

डीप मेरे पास आया मेरे पेट क पास बैठ गया और उससे निहारने लगा.

डीप- मंजू ये ये तुम्हारा पेट तो फुल्ल हुआ था न फिर फिर ये ऐसे कैसे हो गया.

मैंने भी ध्यान दिया मैं 5 महीने की गर्ब्वती थी मेरा पेट थोड़ा बहार निकल चूका था पर अभी अभी वो बहार नहीं था. अचानक स कुछ लोग अंदर आये और उसी घर म मेरे डीप को मार दिया.

मैं- डीईईप

पर ये क्या डीप तो खुद मेरे hi बगल म बैठा था मेरे पेट को देख रहा था तभी वह मैंने देखा क कुछ लोग मेरा मेरा बलात्कार क्र रहे है मैं चीख रही थी रू रही थी पर पर किसी न भी मेरी नहीं सुन्नी और कुछ देर म मैं मार गयी.

वो लोग वो दोस्त लोग चले गए हमें मारा हुआ देख क्र कुछ देर म पिताजी मेरे पिताजी आये उन्होंने भी अपने प्राण त्याग दिया तभी मैंने देखा क मेरा शरीर हिलने लगा वो हिल रहा था. वो उठा और घर क एक कोने म चला गया.

इतने म मेरे कंधे प एक हाथ आया.

सौर्य- माँ अब आपको पता है वो कहा है जाओ उसके पास वो इंतज़ार म है आपकी.

मेरी आखों स आशु निकल रहे ठगे मैंने खुद देखा कैसे मेरे पति मेरे पिता मेरी होने वाली संतान और मैं खुद मारे गए बहुत दुःख हो रहा था मुझे.

मैंने गुस्से म अपना हाथ ऊपर उठाया तभी वह बिजलिया गिरने लगी मेरे उस छोटे स घर क आस पास का पूरा इलाका hi मैंने जाला दिया.

डीप भी अब होश म आ चूका था उससे भी गुशा आ रहा था पर वो कुछ भी क्र नहीं रहा था वही सौर्य मुँह फाड़े बस मुझे देखे जा रहा था.

सौर्य- माँ रुक जाओ माँ ऐसा मत करो.

मैं- उन् लोगो न मेरा सब कुछ मुझसे चीन लिया आज आज मैं ये गाओं hi तबाह क्र दूंगी.

इतना बोल मैं आगे जाने लगी सामने जो भी पेड पौधा आता सब्बि प बिजली गिरती जाती कुछ घर भी आये थे उन्हें भी तोड़ दिया मैंने.

तभी डीप की आवाज आयी.

डीप- सैफअली बंद करो ये तुम इस गाओं को बचने क लिए आयी हो न क बर्बाद करने.

मैं- ये वही गाओं है जिसने मेरा सब कुछ बर्बाद क्र दिया और आज आज तो मैं इससे तबाह क्र के hi मानूंगी और कोई भी मुझे नहीं रोक पाए गए.

डीप- नहीं ऐसा मत करना सैफअली. तुम तो अछि हो न बहुत अछि उन लोगो को सजा मिल चुकी है जिन्होंने हमारे साथ वो सब किया.

मैं- नहीं सजा तो अब मिलेगी वो भी पुरे गाओं को कोई भी नहीं बचेगा मैं हर एक को मार दूंगी.

सौर्य- नहीं माँ आप ऐसा कुछ भी नहीं करोगे.

डीप- हां तुम ऐसा नहीं करोगी मैं तुम्हे ऐसा नहीं करने दूंगा.

मैं- तुम तुम रोकोगे मुझे. मैं इस गाओं को तबाह किये बिना नहीं रहूंगी तुम्हे जो करना है क्र लो.

इतना बोल मैं आगे बाद गयी.

मुझे एक भूदा सा आदमी दिखाई दिया मैंने मैंने उसपे बिजली दे मारी वो जल क्र राख हो गया था.

डीप- ये क्या क्र दिया तुमने सैफअली अब बस बहुत हुआ.

इतना बोल डीप न मेरे ऊपर आग स हमला किया. वो मेरे ऊपर आग क गोले फेक रहा था.

मैं- तुम मुझपे हमला करोगे तुम क्यू तरफदारी क्र रहे हो इन् पापियों की. इनकी वजह स आज तुम भी मेरे विरुद्ध हो तो ठीक है यही सही.

फिर क्या था कभी वो आग का गोला फेकता कभी मैं उसपे बिजली और पैनी स हमला करती.

मेरा गुस्सा अब बढ़ता hi चला जा रहा था. उसने मुझपे एक जोर दार वार किया मैंने उससे वही स उसकी hi तरफ फेक दिया पर पर...

साऔरयाआ बीता

वो आग का गोला वो सौर्य को जा लगा और वो गिर गया.

उसकी हालत बहुत ख़राब हो गयी थी. मेरा सारा गुस्सा एक दम स ख़तम हो गया और मैं पहुंच गयी उसके पास दौड़ते हुए.

सौर्य- माँ आप क्या क्र रही हो आपको इस गाओं को बचाना है ख़तम नहीं करना.

मैं- चुप हो जा बीटा ये मुझसे क्या हो गया डीप देखो ये मुझसे क्या हो गया मैंने अपने hi बेटे को...

डीप कुछ भी नहीं बोलै वो वो भी जमीं प पड़ा हुआ था वो तो हिल भी नहीं रहा था.

उसने अपने इस वार म अपबि पूरी जान लगा दी थी और उसी क साथ वो मार गया था. इसीलिए तो वो आग का गोला उससे न लग सैरया को लग गया और अब अब सौर्य भी.

मैं - नहीं ये क्या क्र दिया मैंने. मैंने खुद hi अपने पति और बेटे को मार दिया.

सौर्य- माँ आप इस गाओं को बचाओगी मेरे लिए हमारे लिए आप जानते हो न वो कहा है जाओ...

इतना बोलै hi था उसने क उसकी आखें बंद हो गयी.

मैं उससे अपने सिनने स लगा रोटी रही तब तक रोटी रही जब तक एक शादू मेरे पास ना आ गया.

साधु- बची वो जा चूका है अपनी जगह अब उसकी ीचा पूरी करना का वक़्त आ चूका है.

मैं कुछ न बोली बस सौर्य क शरीर को सिनने स लगा रोटी रही.

अचानक hi सौर्य और डीप का शरीर एक हो गया और दोनों hi गायब हो गए पर उससे पहले बस इतना hi सुनाई दिया मुझे.

"इससे ख़तम क्र आ जाना हम इंतज़ार करेंगे तुम्हारा अपनी जगह"

ये सौर्य की आवाज थी और इसी क साथ मेरी तंद्रा टूटी और मैं उठ के वह चली गयी जहा प मंजुलिका का शरीर यानी मेरा शरीर था.

मैंने उसको छुआ और एक ब्लैक होल बन गया हम दोनों hi उसी क अंदर चले गए और और फिर अँधेरा चा गया हर जगह.

वही घर पर.

(मोहिनी क रेस्पेक्ट म)

मैं सौर्य को वह बेझने क बाद शिल्पा क पास पहुंच गयी.

Main-Didi क्या ये जरुरी है मुझे ये सही नहीं लग रहा.

शिल्पा- मोहिनी तुम इस वक़्त ऐसे कमजोर नहीं पद सकती अब सब कुछ तुम्हारे hi हातो म है तुम जानती हो हम सभी सब कुछ भूल जाएंगे सब कुछ पर तुम्हे साड़ी बातें याद होगी और वो तुम होगी जो हमें फिर एक साथ ले आओगी.

मोहिनी- क्या मैं...

शिल्पा- तुम्हे hi ये करना है समझी हम तो होंगे नहीं सौर्य क पास पर तुम तुम उसी क पास रहोगी तुम्हे hi उससे तैयार करना होगा तुम जानती हो ये कितना जरुरी है.

मैं- है पर मुझे ..

शिल्पा- देखो खुद प विस्वास रखना संहजी न और अब वक़्त आ रहा है तुम जल्दी होना काम करो और कमजोर मत पड़ना हम सभी को तुमसे बहुत उम्मीद है.

मैं- ठीक है दीदी.

मैंने फिर अपने दांत बहार निकले और घर म जिसको भी अपने साथ ले जाना था और साथ hi बहार भी उन् सभी को मैंने खुद मार डाला ताकि हम सब एक जगह आ सके.

फिर मैं वापस शिल्पा दीदी क पास चली आयी.

शिल्पा- काम हो गया.

मैंने बस हां म सर हिल्ला दिया मैं बोलने की हालत म hi नहीं थी मेरी आखों स आशु गिरते जा रहे थे.

शिल्पा दीदी मेरे पास आयी और मेरे आशु पोंछते हुए बोली.

शिल्पा- अब रोना नहीं समझी अब तो हम सभी को एक होना है एक नयी जगह पर और सुन्न तू न हमें जल्दी स ढूंढ लेना समझी ताकि हम भी तो मिल सके सौर्य स.

अचानक hi हम दोनों क शरीर को एक जोर का झटका लगा ये वही वक़्त था जब वो आग का गोला सौर्य को जा लगा था.

पुरे घर म एक रौशनी फैल गयी और उसी क साथ मैं, शिल्पा दीदी, परिधि दीदी पूजा और प्रिय हम 5को hi उस घर स और साथ hi सभी क यादों स भी गायब होने लगे.

हम पांचों hi रौशनी क रंग बिरंगे गोले म बदल गए थे और किसी क आने का इंतज़ार क्र रहे थे.

कुछ hi देर म 2 और रौशनी क गोले आये एक Saifali(maa) की थी और एक थी सौर्य और डीप की दोनों hi एक हो गए थे.

हम सारे एक हुए फिर और फिर एक कवच आया और हम सभी क ऊपर लग गया. उसके बाद एक रौशनी हुई बहुत hi तेज़ रौशनी और उसी क साथ हम सभी अलग हो गए मैं और सौर्य hi बस एक साथ रह गए थे.

ये साड़ी रौशनी क गोले अलग अलग जगहों प चले गए थे.

{गुरु जी क मौत क वक़्त hi सारे वेताल और वो सैतान सभी जा चुके थे और पृत्वी प एक सुरक्षा कवच आ गयी थी. कुछ और भी हुआ था अब किसी को भी पृत्वी या इंसानो म कोई खास दिलचस्पी नहीं बची थी.}

मैं और सौर्य एक घर म चले गए उसी एनर्जी बॉल क रूप म वह 2 महिलाएं बीएड प पड़ी थी. हम दोनों hi उन् दोनों क अंदर चले गए.

करीब 9 महीने बाद मेरी आखें खुली.

कुछ दो दिन बाद hi हम वापस उसी घर म थे जंहा मैं और सौर्य उन् महिलाओं स मिले थे.

घर पूरा सजा हुआ था. मैं एक पालने म थी और मेरे बगल म एक गोलू मोलू सा बचा पड़ा था और रू रहा था बड़ा hi क्यूट था वो. मैं भी बची hi थी.

मैंने उसके हाटों को अपने छोटे छोटे हातो स पकड़ लिया और वो सांत हो गया उसके मुँह प एक मुश्कान आ गयी और मेरे मुँह पर भी.

मैं किसी तरह अपना गोल मटोल शरीर उसकी तरफ घुमाई और उसको देखने लगी.

"देखो तो अभी स अपने छोटे भाई को देख कितना मुस्कुरा रही है हमारी बिटिया रानी ."-एक बूढी औरत बोली.

Part ओने कम्प्लेटेड (मादवपुर)

"जो पाया है उससे खोना होगा वो पाने क लिए जो खोया था"
 
अपडेट - 37

Part-2

(मोहिनी क रेस्पेक्ट मई)

हमारा आज नाम कारन होने वाला था. घर को पूरा सजाया गया था फूलों स.

सभी लोग पूजा की तैयारिओं मई लगे हुए थे. वही हम दोनों hi एक पालकी म पड़े हुए थे सौर्य तो बस सोता hi रहता था और जब जागता तो रूना शुरू.

पूजा का मुहूर्त हो गया था.

एक आदमी- अरे वो पंडित जी को बुलाये हो न देखो वक़्त हो रहा है.

औरत- हां भाई वो आ रहे है बोल रहे थे की अपने किसी गुरु जी क साथ आएंगे उन्ही स नाम कारन करवा देंगे.

Aadmi-Hain क्या बोल रही हो पंडित जी उन्होंने ऐसा कहा अरे वो तो खुद hi इतने बड़े विद्वान है.

इतने म घर म 2 लोग आते है एक ने पीताम्बरी रंग का कुरता और धोती पहनी हुई थी वही दूसरे न गेरुए रंग की.

आदमी- अरे आइए आइए पंडित जी हम आपकी hi प्रतीक्षा क्र रहे थे.

पंडित- सब कुशल मंगल है न जय नारायण.

जय- हां पंडित जी बस आपकी hi कृपा है अब बस हमारे बिटिया और भतीजे का नाम कारन हो जाये बस

पंडित- जय नारायण तुम्हे यकीं नहीं होगा हमारे गुरूजी खुद चल के आये है इन् दोनों का नाम कारन करने.

जय- नमस्ते जान क्र बहुत खुसी हुई जो आप हमारे बचो क लिए यहाँ तक आये.

Guruji-(muskurate हुए) हमें तो आना hi था.

जय- चलिए पूजा का वक़्त भी हो रहा है.

सभी चल दिए पूजा क लिए.

गुरु जी- हां तो दोनों जोड़े अपने अपने बचो को ले बैठ जाइये अपने स्थान पर.

कुछ मन्त्र पड़ने क बाद फिर गुरूजी न मुझे अपने पास लेन को बोलै.

मुझे देखते hi उस गुरु जी क मुँह म एक मुस्कान आ गयी और वही मेरे चेहरे पर भी.

गुरूजी- ये लड़की बड़ी hi भाग्यशाली है चंचल तो इतनी होगी क बताना मुश्किल है अपनी चंचलता स सबका मन मोह लेगी ये लड़की. इसका नाम तो मोहिनी hi होगा.

फिर मुझे मेरे जय को दे उन्होंने सौर्य को अपनी ओर माँगा.

गुरूजी- ये बालक बड़ा hi बलवान होगा और हिमत वाला भी हम्म (मेरी ओर देख) इसका नाम सौर्य होगा.

उससे भी फिर वापस क्र दिया.

गुरूजी- जजमान एक बात मेरी ध्यान स सुनने इन् दोनों को अलग न किया जाए दोनों hi जुड़े हुए है अगर इन्हे अलग किया तो परिणाम दुखदायी hi होगा. ये लड़की मोहिनी इसके सामने इस लकड़ी सौर्य को अगर कोई कुछ कहे या करे तो ये अपना आप खो बैठेगी वैसे तो सांत सवभाव की होगी पर उस वक़्त इससे ज्यादा उग्र कोई नहीं होगा.

पंडित जी और गुरूजी को उनकी दक्षिणा मिली और व चले गतये वापस.

वक़्त भी बीतता रहा कहते है न क वक़्त क पंख होते है वो रुकता नहीं किसी क रुके बस वही हुआ.

मैं सौर्य स बस 10 मं बड़ी थी. हम दोनों hi बड़े हुए स्कूल जाने लगे.

मुझे सब कुछ याद था पहले का इसी वजह स सायद म हमेशा उसके पास hi रहा करती हर वक़्त. हम साथ पड़ते खेलते खन्ना कहते और सूट भी साथ hi थे.

देखते देखते hi हम और बड़े हो गए हमारी 12तह की रिजल्ट भी आ गयी थी. हमने सोल्लगे म एडमिशन भी करवा लिया था वो भी स्कालरशिप पे.

हम दोनों hi अपनी लाइफ म खोये हुए थे.

कल हमारे सोल्लगे का पहला दिन था और हमारे 18तह बर्थडे भी यानी वो दिन जब मुझे अपनी पावर्स मिलने वाली थी और सौर्य को भी.

अभी यही कोई रात क 12 बजने म 10 मं होंगे मैं बीएड प बैठी सोच रही थी क अब शुरू कहा स करुँगी क्या पहले सौर्य को सब बता दू फिर मिल क्र बाकियों को डंडे या फिर अभी बस उसको उसकी पावर्स कण्ट्रोल करने की लेसंस दू उसके लिए भी तो कोई चाहिए था जो अभी बहुत दूर था.

मैंने देखा 12 बजने hi वाले है मैं जल्दी स कड़ी हुई और चाट प चली गयी और वह बैठ गयी ध्यान की मुद्रा म.

जैसे hi 12 बजे मैं 18 साल की हुई मेरी बॉडी काली पड़ने लगी एक दम स काली सायद अँधेरे को भी मात दे दे वैसी काली. ये मेरी ब्लैक पावर्स थी जो मुजमे समां रही थी और मुझे इन्हे कण्ट्रोल करना था वर्ण मैं खून की तालाब म पूरा घर hi सफ्फा चाट कर जाती.

मैं बैठी रही वैसे hi फिर एक एक मेरी बॉडी चमकने लगी मैं हवा म उड़ने लगी और मेरी बॉडी फिर स ठीक हो गयी इसका यही मतलब था क मैंने अपने ब्लैक पावर्स कण्ट्रोल क्र लिए hai.Main फिर रूम म आ गयी.

वही दूसरी ओर सौर्य सू रहा था क तभी उसका शरीर अकड़ने लगा वो चीखना चाहता था पर उसकी चीख hi नहीं निकल रही थी. उसने बहुत कोसिस की पर कोई फैयदा नहीं हुआ वो दर्द क कारण बेहोश हो गया.

सुबह Jay(mere नई डैड) क उठाने फिर मैं उठी और फिर चल दी सौर्य को उठाने मुझे पता था उसका यही कोई हाल होगा. मैंने उससे होश म लाया उसने मुझे देखते hi सब कुछ बताया क कल रात अचानक स उससे दर्द होने लगा बोदु अकड़ने लगी और भी बहुत कुछ.

मैंने उसकी बात सुन्नी और बस इतना बोलै सायद थकावट की वजह स वो कल खेत म काम क्र क जो आया था.

वो भी मान गया.

फिर हम दोनों hi रेडी हुए.

चुकी आज घर म पूजा होनी थी हमारे जनम दिन क वजह स.

चलो घर क लोगो क बारे म बता दू.

जय Narayan-Mere पिता अन्ततः है पढ़े लिखे नहीं है ज्यादा बड़ी म्हणत स उन्होंने एक छोटा सा जमीन का टुकड़ा ख़रीदा और उसी म खेती करते थे उन्हें हर बार पता होता क कोण सी फसल ज्यादा महंगी बिकेगी. सब सही रहा तो आज वो एक कुछ खेतों क मालिक बने हुएहै और अब मजदूरों स खेती करवाते है.

नीलम- मेरी माँ ये घर क काम धाम देखती है पता नहीं कैसे पर ये इंग्लिश बड़ी अछि बोलती है.

अमृता चची- ये है सौर्य की माँ. इनकी मौत हो गयी थी नहर म डूबने स तो तब स मेरी माँ hi सौर्य को देखा करती थी.

पृत्वी चाचू- कहने को ये भी अनाथ hi hai.Ye सौर्य क बापू है जो अब्ब उसके साथ नहीं रहते. अमृता चची क मरने क बाद ये कही चले गए फिर कभी नहीं लौट क आये.

जब ये सब हुआ तब हम 14 साल क hi थे. सौर्य इनसब क बाद टूट गया था फिर मैंने और बाकियों न उससे संभाला था.

बस यही थी हमारी नयी फॅमिली.

पूजा का वक़्त हुआ पंडित जी आ गए उन्होंने पूजा कराई फिर हमे आशीर्वाद दिया.

फर हम दोनों hi निकल पड़े सहर बस पर स वही तो सोल्लगे था अपना.

सोल्लगे का नाम था मंग सोल्लगे.

हम दोनों hi यहाँ B.tech की पढ़ाई क लिए आये थे. हम दोनों का hi पहनावा बड़ा hi ओड था उन सोल्लगे वालो क लिए क्यू की हम दोनों hi गाओं वालो की तरह कपडे पेहेन आ गए थे उधर और वो ठहरा एक पॉश इलाके का सोल्लगे.

अब सोल्लगे था पहला दिन था तो रैगिंग तो होनी hi थी न वही हुआ फिर कुछ सीनियर्स थे वह पे खड़े जो सभी को परेशां क्र रहे थे.

एक ग्रुप न हम दोनों को अपने पास बुलाया.

सौर्य- दीदी वो देखो वो हमें hi बुला रहे है.

मैं- हां चल देखते है क्या बात है.

हम दोनों भी चल दिए उधर hi.

ल1- देखो भाइयों लगता है गाओं स आये है ये दोनों.

(हमसे) तोहार नाम का रही.

सौर्य- हमर नाम सूर्य रहले बदु अऊ इस हमरी बहिन मोहिनी हॉवे.

L2(L3 क कान म)- भाई मस्त आइटम है देख गाओं की कैंची काली है ये तो.

मैंने उसकी बात सुन ली पर बोली कुछ भी नहीं.

ल3- चलो तुम सौर्य इस सोल्लगे क 10 चाकर लगाओ अभी और आप मोहिनी जी यहाँ आइये हमारे पास और अपने बारे म बताइये.

सौर्य- पर क्यू मैं क्यू लागू 10 चाकर और दीदी स क्या जानना चाहते हो मुझसे पूछो जो पूछना है.

ल3- अरे देखो इस गवर की तो जुबान भी चलती hai.Bete जो बोलै न वो क्र वर्ण सोल्लगे स निकलवा दूंगा समझा क्या.

Main-(Saurya स) सौर्य जा जल्दी स दौड़ लगा आ तेरे भी हाथ पेअर खुल जायेंगे.

सौर्य- ये क्या बोल रही हो दीदी इतना बड़ा सोल्लगे है मैं कैसे 10 चाकर..

मैं- तू कोसिस तो कर मुझे पता है तू क्र लेगा चसल अब जा.

मैंने शौर्य को जबरदस्ती भेज दिया दौड़ने को. खुद चल दी ल3 क तरफ मुझे खून की तालाब हो रही थी बड़ी प्यास लगी थी मुझे. L3-Haa तो बताओ कुछ अपने बारे म वैसे सूंदर तो काफी हो तुम.

ये बोलते हुए वो मेरा हाथ पकड़ने को आया.

मैं- इधर कैसे बताऊ इतने लोग है न जो बताना था वो बता दिया अब तो अकेले बताने वाली बाते है बस.

L2(L3 स)- भाई ये तो ये तो डायरेक्ट लाइन दे रही है आप जाओ इसके साथ मजे करो.

L3-Arre है यार ये तो शिंदे शिंदे अकेले मिलने को बोल रही hai.Chalo इससे भी चक लेते है फिर तुम सभी को भी चखा दूंगा.

ल3- (मेरे स) ाचा तब तो अकेले hi मिलना होगा न चलो फिर चलते है.

मैं- नहीं मुझे कही नहीं जाना आपके साथ अकेले मई.

L2(L3 स) - भाई ये तो एक साथ और लेना चाहती है.

ल2- तो क्या सभी तीनो क साथ चलोगी.

मैंने हां म सार हिला दिया.

उन् तीनो की सकल तो ऐसी हो गयी थी जैसे लोटरॉय लगी हो.

ल2- हमारे पीछे आवो.

मैं भी चल दी तीनो क पीछे पीछे वो तीनो hi सोल्लगे क चाट की ओर चले गए और मैं भी चल दी. चाट प जाने वाली शीदी क पास बहुत अंदर था सायद वह का लाइट बल्ब ख़राब हो मैंने पहले एक बार आस पास देखा कोई नज़र नहीं आया.

मैंने अपने नुकीले दांत बहार निकले और फिर...

आआअह्ह नही एईई आअह्ह्ह्ह बहुओट आआह्ह्ह .

बस यही साड़ी आवाजे आयी वह स. मैंने फिर वह स गायब हो girl's टॉयलेट म पहुंच गयी वह पर मुँह धोया और चल दी सौर्य क पास जो किसी दुविधा म खड़ा था.

मैं- क्या हुआ सौर्य तू ऐसे क्यू खड़ा है.

सौर्य- दीदी मैं न अभी सोल्लगे क 100 चाकर लगा क्र आया हु वो भी इतनी जल्दी.

Main(maan म)- चलो अब इससे बता सकती हु सब कुछ और अब वक़्त आ गया है प्रदीप भाई स मिलने का.

मैं- चुप रहो ये बात किसी स भी मत बोलना समझे चलो किसी खली जगह प चलते है.

मैं उससे वह स किसी खली जगह ले गयी और फिर उसको आखें बंद करने को बोलै.

हम पहुंच गयी संजना ग्रुप ऑफ़ इंडस्ट्रीज क बॉस क केबिन म. वह एक अधेड़ उम्र का आदमी बैठा फाइल्स म कुछ पढ़ रहा था.

मैं- ऊम्मम्ह ुम्मम्ह प्रदीप भाई.

प्रदीप ने पहले तो हमें देखा एक बार और फिर अपने काम म लग गया जैसे हम उससे उसका कोई ब्रहम्म लगे हो.

Main-(zor स) प्रदीप भाई.

प्रदीप अपने चश्मे उतर उन्हें साफ़ करते हुए और फिर पहन क्र बोलै.

Pradeep-Mohini तुम सौर्य मेरे दोस्त मेरे भाई.

इतना बोल वो हमारे गले लग गए.

सौर्य बेचारा तो बस पागलो की तरह कभी मुझे कभी उससे तो कभी उस जगह को देखता रहा.

मैं- प्रदीप भाई बाबा न आपको कुछ दिया था जाने स पहले और कुछ करने को बोलै था.

प्रदीप- हां मुझे याद है तुम दोनों रुको.

प्रदीप न अपना हाथ आगे बढ़ाया और एक छोटी सी शीशी उसके हाथ म आ गयी.

मैंने वो शीशी ली और उससे खोल सौर्य की ओर बड़ा दी जो बस स्तब्ध खड़ा था.

मैं उससे हिलाते हुए.

मैं- इससे पि लो सब सही हो जायेगा.

सौर्य- ये कोण है हम कहा है और हम यहाँ आये कैसे.

मैं- सौर्य इससे जल्दी स पि लो सब समझ जाओगे.

पहले तो वो न नुकुर करता है फिर वो उससे पि लेता है.

उस शीशी म रानी पारी क आशु थे जो बाबा न प्रदीप को तब दिया था जब उससे सब कुछ याद आ गया था.

उस आशु को पिटे hi सौर्य को झटके लगने लगे वो बुरी तरह स कपपने लगा और फिर गिर गया.

मैं- चलो भाई अब आपकी बारी इससे ट्रैन करो अचे स समझे न ये लास्ट चांस है हमारे पास हमें सभी को एक साथ लाना होगा.

प्रदीप- ठीक है.

मैं- ाचा वो एक बात बताना वो हमारे जाने क बाद क्या रितेश को सब ने माफ किया था क्या.

Pradeep-(has क्र) तुम सभी क जाने क बाद किसी को भी तुम्हारे बारे म कुछ भी याद नहीं रहा सिवाय सैफअली मौसी और डीप मौसा क बारे म छोड़ क्र एक खबर आयी थी घर मई क सैफअली मौसी और डीप मौसा हम सभी स चिप क्र गाओं चले गए वह पर उनकी मौत हो गयी उस श्राप को ख़त्म करते हुए. हां एक चिठ्ठी भी थी तुम्ही ने राखी थी ना क सबको माफ़ क्र देना bla...bla..bla ये हमारी आखरी ीचा है.

मैं- तो क्या वो काम आयी.

प्रदीप- नहीं वो काम नहीं आयी तुम भूल रही हो तुम सभी न अपना वजूद hi मिटा लिया था. न तुम्हारे पापा को यद् था क उनकी कोई बेटी है न hi दिव्या जी को परिधि क बारे म कुछ पता था. सायद तुम्हे बुरा लगे पर जो लोग नानाजी और अर्पित क साथ थे उनपे वो टेरर फंडिंग वाला केस चला और सारे लोग अभी जेल म है रितेश भी.

मैं- पर क्यू वो तो...

प्रदीप- कर्मो क फल और क्या बोलू इससे ये सब कुछ दिग्विजय न किया उसने अपने रॉ म होने का फायदा उठा उन् सभी को उस केस म फसा दिया.

मैं- अब सभी कहा है.

प्रदीप- सभी का तो पता नहीं मैं अब गाओं म hi रहता हु बड़े नानाजी न मुझे अपना उत्तराधिकारी घोसित क्र दिया था जाने स पहले अब मैं उस गाओं का राजा हु. ये कंपनी माँ क नाम स शुरू की है इसी म अपना वक़्त काट रहा हु.

इतने मैं सौर्य को होश आने लगा



दोस्तों हीरो की नयी जिंदगी शुरू हुई है इसका ये मतलब न निकले की पुराने सारे चरक्टेर्स HI ख़तम हो गए.
 
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