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पोजीशन चेंज अगेन मिस्सिओनर्य..
इधर मैं, उसे लिए हुए पलट देता हु और लुंड को निकल क देखता हु तो उसकी छूट फूल के कचोरी जैसी हो गई थी उसकी फांके खुल के उसके अंदर की लालिमा हलकी दिख रही थी, वही उसकी छूट से बह रही सफ़ेद राश ये दिखा रही थी की मीरा अभी अभी झरि है, वही मैं, मीरा के सवालो का जवाब देते हुए क्या करू छोटी मालकिन आपकी बड़ी गांड जब से माय देखा हु तब से बस उसे छोड़ने का ख्वाब देखा है लेकिन आज इतनी जल्दी मुझे आप मिल जायँगी ये कभी कल्पना भी मैने नहीं की थी, ऐसे कहते हुए अपने लौड़े को पकड़ के मीरा की फूली हुई छूट की फैंको पर अपना लौड़े से सहलाने लगा.. मीरा, जैसे hi मेरा लौड़ा उसके छूट को छुआ वैसे hi सिसकारियां निकलती है सशह्ह्ह.. ऊम्मम.. बस बस अब हो गया न तुम्हारा काम अब मुझे जाने दो?, (मीरा को डर लग रहा था की कही राधे उसकी आज गांड भी न मरने..
लगे इस लिए वो अब वह से भागना चाहती थी), इधर मैं, छोटी मालकिन आपका काम हो गया तो क्या सोचती है मेरा भी हो गया? देखिये मेरा लौड़ा अभी पानी नहीं छोड़ा है, (मैं अपने लौड़े को दिखते हुए बोलै तो) मीरा, तकिये से सर को उठा के एक बार देखि और फिर मेरी आँखों में देखने लगी, इधर मैं, आप डरिये मत आज आपकी गांड नहीं मरूंगा लेकिन मेरा खवाब कब पूरा करोगी अपनी गांड खुसी खुसी मुझे दे कर?, मीरा, अपनी बड़ी आंखे दिखते हुए.. कभी नहीं समझे अब अपना काम जल्दी से पूरा करो? (ये बोल कर वो खुद hi शर्मा जाती है), मैं, उसकी बाते सुन के स्माइल करता हु और वक़्त न गवाते हुए थोड़ी देर छूट की फैंको को लुंड से सहलाने के बाद मैं अचानक एक जोर का झटका मरता हु जिससे मेरा एक hi धक्के में पूरा 12 इंच लुम्बा और 5 इंच मोटा कोबरा मीरा की तित..
बिल को चीरते हुए सीधा अंदर घुस जाता है, मीरा, का मुँह दर्द से एक बार फिर खुल जाता है और मुँह से आठ.. मम्मी.. मम.. माय.. मररररर.. गई.. कमीने.. कहिके.. ुग्मःहः.. औछहः.. हहहयययय.. सशह्ह्ह.. इधर मैं, उसकी चीखी को दर किनार करते हुए अब जोर जोर से धक्के लगाने लगता हु, मेरा लुंड मीरा अपने छूट में गच्चा गाछ ले रही थी भले hi उसे दर्द हो रहा था लेकिन इस बार वो मेरा लुंड निकलने को नहीं बोलती और इधर मेरे तूफानी धक्को की वजह से रूम में थापा.. थप.. थापा.. थप.. थापा.. थप और मेरा कला लौड़ा जब उसकी हद स ज्यादा गीली छूट के गहराइयों में जाता तो फचा.. फच.. फचा.. फच.. फचा.. फच.. फचा.. की आवाज़ पुरे रूम में गूंज उठती थी और मीरा इसे सुन के दर्द होने के बावजूद और भी ज्यादा एक्सीटेंड हो रही थी वो आज तक इतना रफ़ और हार्ड सेक्स नहीं की थी और न hi इतना मज़ा मीरा..
को चुदाई में मिली थी लेकिन आज मीरा खुल के उसका इजहार भी नहीं कर प् रही थी ना hi कुछ बोल रही थी मुझे? की उसे इस वक़्त मज़ा आ रहा है या नहीं? बस जब भी लुंड उसके आखरी छोर से टच होता तो उसके मुँह दर्द से खुल क सिसक पड़ती थी, वही मेरे होंठ उसके गुलाबी होंठो के पास जाने लगता है. मेरी इस हरकत को देख वो समझ जाती है की आगे माय क्या करना चाहता हु और वो कुछ कर पाती इससे पहले hi मैं, अपने काळा सूखे होंठ मीरा के गुलाबी होंठो पर रख देता हु और मेरे होंठ अपने होंठो पर महसूस करते hi मीरा की आँखे एक दम बड़ी हो जाती है ुर मुझे अपने ऊपर से हटाने लगती है पर मेरे सामने उसकी ताकत अब कुछ काम की नहीं थी, वही मीरा नहीं चाहती थी की वो राधे को किश दे, न hi वो चाहती थी की वो राधे के लिए कुछ अपने दिल में कुछ फील करे,
भले hi वो अपने पति के साथ सेक्स कभी एन्जॉय नहीं कर पाई न hi कभी अपने पति से वो प्यार पा सकीय जो एक पति अपने पत्नी से करता है साथ hi साथ मीरा अपने पति से इतना मार खाने के बाद भी आज भी वो अपने पति रवि स बहुत प्यार करती थी, मेरे काळा होंठ उस के होंटो को चुम रहे थे जिसकी वजह से रूम में.. ूमम स्लरुपपपप.. ूमममम.. स्लरुपपपप.. ूमम पूछह.. स्लरुपपप.. आठ.. की आवाज़े तेज तेज सुनाई पद रही थी साथ hi साथ मैं जोरो से झटके भी उसकी कासी हुई बुर के अंदर अपने लौड़े से मार रहा था... मीरा जो मेरा लुंड भी चूस चुकी थी वह मेरे किश से घिन महसूस कर रही थी साथ hi साथ उसे मेरे मुँह से शराब की बहुत तेज बदबू आ रही थी वही मीरा, सिसकते हुए उम्मम्मम.. स्लरुपपपपप.. उम्माह्ह्ह.. अहहह्म्म.. स्लरुपपपप.. हहममम.. स्लरुपपप..
इधर मैं, उसे लिए हुए पलट देता हु और लुंड को निकल क देखता हु तो उसकी छूट फूल के कचोरी जैसी हो गई थी उसकी फांके खुल के उसके अंदर की लालिमा हलकी दिख रही थी, वही उसकी छूट से बह रही सफ़ेद राश ये दिखा रही थी की मीरा अभी अभी झरि है, वही मैं, मीरा के सवालो का जवाब देते हुए क्या करू छोटी मालकिन आपकी बड़ी गांड जब से माय देखा हु तब से बस उसे छोड़ने का ख्वाब देखा है लेकिन आज इतनी जल्दी मुझे आप मिल जायँगी ये कभी कल्पना भी मैने नहीं की थी, ऐसे कहते हुए अपने लौड़े को पकड़ के मीरा की फूली हुई छूट की फैंको पर अपना लौड़े से सहलाने लगा.. मीरा, जैसे hi मेरा लौड़ा उसके छूट को छुआ वैसे hi सिसकारियां निकलती है सशह्ह्ह.. ऊम्मम.. बस बस अब हो गया न तुम्हारा काम अब मुझे जाने दो?, (मीरा को डर लग रहा था की कही राधे उसकी आज गांड भी न मरने..
लगे इस लिए वो अब वह से भागना चाहती थी), इधर मैं, छोटी मालकिन आपका काम हो गया तो क्या सोचती है मेरा भी हो गया? देखिये मेरा लौड़ा अभी पानी नहीं छोड़ा है, (मैं अपने लौड़े को दिखते हुए बोलै तो) मीरा, तकिये से सर को उठा के एक बार देखि और फिर मेरी आँखों में देखने लगी, इधर मैं, आप डरिये मत आज आपकी गांड नहीं मरूंगा लेकिन मेरा खवाब कब पूरा करोगी अपनी गांड खुसी खुसी मुझे दे कर?, मीरा, अपनी बड़ी आंखे दिखते हुए.. कभी नहीं समझे अब अपना काम जल्दी से पूरा करो? (ये बोल कर वो खुद hi शर्मा जाती है), मैं, उसकी बाते सुन के स्माइल करता हु और वक़्त न गवाते हुए थोड़ी देर छूट की फैंको को लुंड से सहलाने के बाद मैं अचानक एक जोर का झटका मरता हु जिससे मेरा एक hi धक्के में पूरा 12 इंच लुम्बा और 5 इंच मोटा कोबरा मीरा की तित..
बिल को चीरते हुए सीधा अंदर घुस जाता है, मीरा, का मुँह दर्द से एक बार फिर खुल जाता है और मुँह से आठ.. मम्मी.. मम.. माय.. मररररर.. गई.. कमीने.. कहिके.. ुग्मःहः.. औछहः.. हहहयययय.. सशह्ह्ह.. इधर मैं, उसकी चीखी को दर किनार करते हुए अब जोर जोर से धक्के लगाने लगता हु, मेरा लुंड मीरा अपने छूट में गच्चा गाछ ले रही थी भले hi उसे दर्द हो रहा था लेकिन इस बार वो मेरा लुंड निकलने को नहीं बोलती और इधर मेरे तूफानी धक्को की वजह से रूम में थापा.. थप.. थापा.. थप.. थापा.. थप और मेरा कला लौड़ा जब उसकी हद स ज्यादा गीली छूट के गहराइयों में जाता तो फचा.. फच.. फचा.. फच.. फचा.. फच.. फचा.. की आवाज़ पुरे रूम में गूंज उठती थी और मीरा इसे सुन के दर्द होने के बावजूद और भी ज्यादा एक्सीटेंड हो रही थी वो आज तक इतना रफ़ और हार्ड सेक्स नहीं की थी और न hi इतना मज़ा मीरा..
को चुदाई में मिली थी लेकिन आज मीरा खुल के उसका इजहार भी नहीं कर प् रही थी ना hi कुछ बोल रही थी मुझे? की उसे इस वक़्त मज़ा आ रहा है या नहीं? बस जब भी लुंड उसके आखरी छोर से टच होता तो उसके मुँह दर्द से खुल क सिसक पड़ती थी, वही मेरे होंठ उसके गुलाबी होंठो के पास जाने लगता है. मेरी इस हरकत को देख वो समझ जाती है की आगे माय क्या करना चाहता हु और वो कुछ कर पाती इससे पहले hi मैं, अपने काळा सूखे होंठ मीरा के गुलाबी होंठो पर रख देता हु और मेरे होंठ अपने होंठो पर महसूस करते hi मीरा की आँखे एक दम बड़ी हो जाती है ुर मुझे अपने ऊपर से हटाने लगती है पर मेरे सामने उसकी ताकत अब कुछ काम की नहीं थी, वही मीरा नहीं चाहती थी की वो राधे को किश दे, न hi वो चाहती थी की वो राधे के लिए कुछ अपने दिल में कुछ फील करे,
भले hi वो अपने पति के साथ सेक्स कभी एन्जॉय नहीं कर पाई न hi कभी अपने पति से वो प्यार पा सकीय जो एक पति अपने पत्नी से करता है साथ hi साथ मीरा अपने पति से इतना मार खाने के बाद भी आज भी वो अपने पति रवि स बहुत प्यार करती थी, मेरे काळा होंठ उस के होंटो को चुम रहे थे जिसकी वजह से रूम में.. ूमम स्लरुपपपप.. ूमममम.. स्लरुपपपप.. ूमम पूछह.. स्लरुपपप.. आठ.. की आवाज़े तेज तेज सुनाई पद रही थी साथ hi साथ मैं जोरो से झटके भी उसकी कासी हुई बुर के अंदर अपने लौड़े से मार रहा था... मीरा जो मेरा लुंड भी चूस चुकी थी वह मेरे किश से घिन महसूस कर रही थी साथ hi साथ उसे मेरे मुँह से शराब की बहुत तेज बदबू आ रही थी वही मीरा, सिसकते हुए उम्मम्मम.. स्लरुपपपपप.. उम्माह्ह्ह.. अहहह्म्म.. स्लरुपपपप.. हहममम.. स्लरुपपप..