The Story of a Bodyguard (by Naree) - Page 31 - SexBaba
  • From this section you can read all the hindi sex stories in hindi font. These are collected from the various sources which make your cock rock hard in the night. All are having the collections of like maa beta, devar bhabhi, indian aunty, college girl. All these are the amazing chudai stories for you guys in these forum.

    If You are unable to access the site then try to access the site via VPN Try these are vpn App Click Here

The Story of a Bodyguard (by Naree)

मैं, पिया जी आज रात मेरे रूम में आ सकती है क्या कल रात जब से आप मेरी बहो में सोइ हो तब से मुझे आपकी आदत सी हो गई है?, पिया, चुप रहिये काका कोई सुन लेगा यहाँ देवर के भी कान होते है और माय क्या बोली हु वो अब कभी नहीं हो सकता ये बोल के वह किचन में चली गई इधर मैं भी अपने रूम में गया और सो गया क्युकी कल रात ठण्ड की वजह से अचे से नहीं सो पाया था वही मुझे कोई रात में उठाया भी नहीं और न hi कही जाने के लिए बोलै गया उधर पिया भी एक बार मेरे रूम में देखने ै और मुझे सोता है देख के वह चली गई और रात में उसका पति रितेश आया आज रात पिया का बहुत मूड था छुड़वाने का एक तो इतने महीनो के बाद वो अपने पति के साथ सोइ थी वही रितेश, पिया से दूर hi सोने लगा तो पिया गुस्से ये क्या बतमीजी है हम इतने महीनो के बाद एक साथ सो रहे है और

Rachita-ram-monsoon-raaga-11-hot-saree-navel-hd-caps.jpg


आप मेरे से दूर सो रहे है क्या आपके लाइफ म मेरे शिव कोई ुर है क्या सच2 बताओ?, रितेश, ये क्या बोल रही हो पिया तुम्हारे शिव मेरा कोई नहीं है और तुम्हे सेक्स की पड़ी है एक तो मेरी माँ हॉस्पिटल में है थोड़ी तो रेस्पेक्ट रखो उनकी है जनता हु मेरी माँ की वजह से तुम यहाँ नहीं रह पाती हो उनका नेचर hi ऐसा है गुस्सा करने का लेकिन तुम तो समझदार हो तुम मुझे प्यार नहीं करती क्या पहले तो हम कितने खुश थे और हम दोनों एक दूसरे से कितना प्यार करते थे?, पिया, अब थोड़ी नार्मल तून म देखो रितेश माय समझती हु की तुम्हारी माँ गुस्सैल है लेकिन एक बार hi या दो बार लेकिन वो तो हमेशा hi मुझे दत्ती थी हर बात पे कुछ भी इस घर में बुरा होता तो मुझे पे hi सब दाल देती की इसके पेअर सुबह नहीं है इससे तू शादी hi क्यों किया तेरे लिए इतने बड़े बड़े

6-1663134546.jpg


घर से रिश्ता आया तो अब मैं कहती हूँ तुम मुझे तलाक दे दो?, रितेश, ये सुन के उसके कान खड़े हो गए वह जनता था की अगर पिया उसके लाइफ से गई तो उसके साथ हॉस्पिटल का 20% शेयर भी चला जायगा क्युकी रघु के 3 बचे थे और तीनो के 20, 20% शेयर उनके नाम है वही रितेश क पास सिर्फ 20% hi शेयर था, रितेश पिया से इस लिए शादी किया था की पिया का जो 20% शेयर रघु ने उसके नाम किया था वो रितेश अपने नाम करवाना चाहता था रितेश बहुत चालक किस्म का लड़का था लेकिन पिया के आँखों पे प्यार का पट्टी पड़ा हुआ था वो ये न देख सकीय लेकिन रितेश उसके 20% शेयर के लिए पहले प्यार का नाटक किया और उसके बाद शादी का ऑफर दिया वही रितेश पिया को प्रेग्नेंट भी नहीं करना चाहता था क्युकी अगर बचा हुआ तो उसका सब प्लान फ़ैल हो जायगा और फिर हॉस्पिटल का शेयर नाम तो उसके हो जायगा लेकिन

Rachita-ram-monsoon-raaga-10-hot-saree-navel-hd-caps.jpg


जो बचा होगा वो सब शेयर उसके नाम हो जायगा ऐसा पिया के बिल में लिखा हुआ था, वही रितेश का प्लान था की वो पिया का 20% शेयर चिन्तन के बाद पिया से तलाक लेता ुर फिर अपनी गर्लफ्रेंड से शादी करता यह सब रितेश की माँ और रितेश ने पहले से hi प्लान बना चुके थे इस लिए जैसे hi पिया शादी करके इस घर में ै वैसे hi रितेश की माँ ने पिया की टॉर्चर करने लगी और रितेश अपनी माँ का साथ देता था लेकिन वह कभी कभी पिया का साथ दे के यह भी दिखता की वह उससे बहुत प्यार करता है और पिया को भी लगता था की रितेश सच में उससे बहुत प्यार करता है, लेकिन पिया को क्या पता था की उसका पति प्यार का नाटक करके पिया का हॉस्पिटल वाला शेयर को हासिल करना hi बस प्लान है, लेकिन आज पिया की तरफ तलाक की बात सुन के रितेश तुरंत बिस्तर पे बैठ जाता है और पिया को गले लगा के अरे बेबी ऐसे क्यों बोल रही हो औ

thenewsminute%2Fimport%2Fsites%2Fdefault%2Ffiles%2FMonsoonRaaga_Trailer_Screengrab_160922_1200_(1).jpg


हम दोनों प्यार करते है?, पिया, अब मेरे से दूर hi रहना समझे?, लेकिन रितेश उससे मन लेता है और पिया की बिना गरम किये हुए लोअर टीशर्ट उतर के अपना लुंड पिया के छूट पे घुसने लगता है वही पिया गरम होते हुए अपनी आंखे बंद कर लेती है लेकिन तभी उसके आँखों के सामने मेरा चेहरा ुर अपने छूट पे मेरा लुंड का घिसना याद आ जाती है ुर एक दम गरम हो जाती है रितेश, का लुंड खड़ा होते hi एक जोर के धक्के में पूरा लुंड घुसा देता है वही पिया, के मुँह से दर्द भरी अह्ह्ह्ह निकल जाती है लेकिन जैस hi 8 से 9 धक्के मरता है वैसे hi रितेश का पानी निकल जाता है और पिया तो अभी बहुत जयादा गरम हुई थी और वो रितेश को अपने ऊपर खींच एक उसके होंठो चूसने लगती है लेकिन रितेश झाड़ चूका था इस लिए पिया के ऐसे करने से वह चिढ़ते हुए बस करो,
 
पिया हो गया मेरा?, पिया , अपनी आंख खोलती है तो देख टी है की रितेश अपना लुंड उसके छूट से निकल रहा था और जब उसकी नज़र लुंड पे गई तो वह खुद को राधे के लुंड से कम्पायर करने से नहीं रोक पाई और मान में ( रितेश के पेनिस से तो काका का 4 गुना बड़ा है और मोटाई भी रितेश से बहुत है तभी तो कल रात काका का नहीं घुसा मेरे अंदर और जब उनका घुस गया होता तो मेरी क्या हालत होती उफ़ जब की रितेश के छोटी सी पेनिस hi घुसने में मेरी दर्द से एक दम चीख निकल जाती है तो भला काका का जब मेरे अंदर घुसेगा तब तो कही माय मर hi न जाऊ?), इधर वो रितेश को लूली को घर रही थी वही रितेश बाथरूम में जेक फ्रेश हुआ और बीएड पे आके लाइट ऑफ करके सोने कागा वही पिया, की नीद उड़ चुकी थी ऐसा पहले कभी नहीं हुआ था लेकिन कल रात उसने दुमदार

fuck-her-hard.gif


लुंड जो देख ली थी और वो जब भी आंख बंद करती बस राधे का कला लुंड उसे दीखता और वो अपने मान में (ओह्ह्ह काका अपने सही कहा था की जब भी आंखे बंद करुँगी तब आपका पेनिस दिखेगा अब माय क्या करू माय नहीं सोचना चाहती आपके बारे में लेकिन बार बार सोच रही हु, और मेरा दिल कह रहा है की खास अभी इस वक़्त आप मेरे पास होते और हम दोनों कल रात की तरह जैसे क्षुव के अंदर सोये थे एक दूसरे के बहो में सोये वो भी एक दम नग्गे कोई भी कपड़ो का नमो नीसाण न हो और आपका वो वो तित पत्थर जैसा पेनिस उफ्फ्फ्फ़ मेरे विगैन को घुसता आठ.. ूमम तो कितना मज़ा अत कल की तरह) ये कहते हुए वो अपने प्यासी छूट में एक ऊँगली दाल के अंदर बहार करने लगी और दूसरे हांथो से अपनी 32 साइज की चुकी को मसलने लगी और कुछ hi देर में उसका गरमा2 पानी निकल गया और वैसे hi लुम्बी2 साँस छोड़ते हुए सो गई,
 
Episode 11

नेक्स्ट डे सुबह 8 बजे आंखे मलते हुए उठा क्युकी कल साम से माय अब तक सो रहा था उठने के बाद मुझे बहुत हल्का फील हुआ और वाशरूम में जेक फ्रेश होक बहार आया और गेस्ट रूम से निकल के हॉल में गया वह कोई नहीं दिखा मुझे फिर माय पिया के गेट के पास जेक देखा तो वह पिया भी नहीं थी फिर मैं सोचा सायद दूसरे रूम में होगी अब पिया के ससुराल के घर के बारे में बता देता हु इनका 2 फ्लोर का रूम है निचे वाले फ्लोर पे 4 बड़े बड़े बैडरूम है एक में उसकी सास तो दूसरे के पिया का बीएड रूम है और 2 रूम खली रहता है वही 2 बड़ा गेस्ट रूम है एक में मैं ठहरा हुआ था तो दूसरा खली रहता था और 1 किचन है वही सेकंड फ्लोर पे भी 4 रूम जिसमे एक में प्रीति और दूसरे में प्रिय रहती है 2 रूम

photo-1607712617949-8c993d290809


खली रहता है और एक किचन ऊपर भी बना हुआ है जब प्रीति प्रिय का एग्जाम होते है, और रात में चाय कॉफ़ी वो लोग वही बनती है अब स्टोरी पे एते है जब निचे की फ्लोर पे कोई नहीं दिखा तो सोचा ऊपर होंगी वह जा के पूछ लेता हु कही जाना है पिया जी को या नहीं फिर माय धीरे से सीढिया चढ़ते हुए ऊपर चला जाता हु, लेकिन वह 4 रूम तो दिखे लेकिन सब बंद थे तो सोचा किस रूम की गेट खोल के देखु मेरा खोलना ठीक रहेगा या नहीं पीर सोचा मुझे डरने की क्या बात माय तो पिया को ढूढ़ने आया हु फिर 1 रूम के सामने आ जाता हु फिर माय एक बार इधर उधर देखता हु और फिर माय रूम का गेट धीरे से पुश करने लगता हु तो देखा तो वो रूम का गेट अंदर से लॉक नहीं था, फिर माय थोड़ा सा गेट को खोल कर रूम के अंदर झांकता हु की तभी बाथरूम का दरवाजा खोल कर प्रीति या प्रिय ये जुड़वाँ होने से माय..

premium_photo-1661962493427-910e3333cf5a


कन्फ्यूज्ड हो जाता हु की यह कौन है खैर वो लड़की बहार आती है ुर उस टाइम वो एक टॉवल बांध कर बहार आती है और उसको देख के मेरा प्यासा लुंड तुरंत खड़ा हो जाता है वही वो लड़की अपने गीले बालो में से हाथ फेरते हुए अब आयने के सामने बैठ कर ड्रायर से अपने बाल सूखने लगती है इधर मेरी नज़र उस लड़की के खुली जांघो पर जाती है क्या मस्त दिख रही थी वो सफ़ेद सी जंघे और एक दम मोती मोती देख मेरा मैं तो कर रहा था की अभी अंदर घुस कर उस को जबरदस्ती कर के छोड़ दू पर माय जैसे तैसे अपने आप को काबू कर रहा था, वह लड़की बिलकुल अनजान थी की उसके बैडरूम के गेट पर कोई गैर मर्द खड़ा उसको देख रहा है? इधर वो लड़की अब अपने बाल सूखा कर अपने वार्डरॉब में कुछ ढूंढने लगती है और फिर एक बहुत hi खूबसूरत ब्लाउज पेटीकोट और साड़ी निकल कर बीएड के ऊपर

-473Wx593H-466495630-pink-MODEL3.jpg


रखती है ुर उस लड़की की पीठ दरवाजे की तरफ कर के अपना टॉवल गिरा देती है इधर वो नज़ारा देख के तो जैसे दिल मेरे मुँह में आ जाता है, मेरे बदकिस्मती से उस लड़की ने टॉवल के निचे पिंक कलर की ब्रा और पंतय के पहनी हुई पे पड़ती है और मेरी नज़र अब उस लड़की के कासी हुई गोरी गांड पर जाती है जिसे देख मेरा दिल जोरो से धड़क रहा था क्या हसीं गांड थी उसकी जो पीछे से देखने पे ऐसा लग रहा था जैसे उसकी गांड पे अलग से मांस फ़ीट कर दिया हो?, वही वो लड़की अब थोड़ा सा पलट जाती है जिससे मेरी नज़र उसके बड़े बड़े चुचो पर जाती है उस का ब्रा बड़ी मुश्किल से उसके बड़े चुचो को संभल के रखे हुए थे और मुझे डर था कही इसके बड़े चुके को वो पतली ब्रा के कपडे उसके बड़े बड़े चुचो को रोक भी पाएगी या नहीं, वही माय वो देख पंत क ऊपर से अपने लुंड को मसलता हु,

-473Wx593H-466495630-pink-MODEL4.jpg


उधर वो लड़की मिरर म अपने खूबसूरत जिस्म को आगे से देखती है और अपने बड़े बड़े चुचो पर से हाथ फेरती हुई खुद से बाते करते हुए (उफ्फ्फ यह तो दिन बढ़ीं तो बढ़ते hi जा रहे है, फिर मेरी मम्मी इतने बड़े बूब्स देख कर बोलेंगी की यह तेरे बूब्स क्यों इतनी जल्दी बढ़ गए?? अब उन्हें कौन समझाए की आपकी बेटी पूरी तरह से जवान हो गई है तो यह बूब्स बढ़ना नार्मल है), इधर माय, उसकी मन की बात सुन नहीं सकता था? बस सामने जो हो रहा था वही देख सकता था ुर सच पूछो तो उस लड़की के अपने बड़े बूब्स से खेलने देख के मेरा लौड़ा एक दम तित हो गया था जैसे कोई शाक्त लोहा होऊ, उधर वो लड़की ऐसे hi थोड़ी देर अपने आप को मिरर में निहारने के बाद, वह लड़की अब अपना ब्लाउज बीएड से उठा कर पहनने लगती है वही वो

-473Wx593H-466495630-pink-MODEL2.jpg


ब्लाउज एक बैकलेस था बस पीछे सिर्फ एक पतला सा पत्ता था जिसे हुक लगी हुई थी साथ में एक बड़ी सी डोरी भी थी, उधर वो लड़की अब वह हुक लगाने लगती है पर वो उससे नहीं लग रहा था? वही वो लड़की इस वक़्त मेरे सामने ब्लाउज और पंतय में कड़ी अपने सेक्सी ब्लाउज का हुक लगाने की नाकाम कोशिश कर रही थी. उसकी नाकाम कोशिश को देख मुझे मजा आ रहा था, कुछ सेकंड ब्लाउज का हुक लगाती है? लेकिन उस लड़की के चेहरे पर अब्ब हुक न लगा पाने का फ़्रस्ट्रेशन साफ़ मुझे दिखने लगता है वही वह धीरे धीरे खुद से बात करते हुए, (ओह्ह no ये कौन कमीने टेलर की साजिश थी? ब्लाउज में हुक लगाने के? जिस दिन मिल गया तो सेल को वही गढ़वा दूंगी उसे इतना भी नहीं पता की लड़किया कैसे पीछे हुक खोज के लगा सकती है, ये टेलर्स लोग भी न आगे हुक नहीं लगा सकते थे क्या?, अब मेरे से हुक लग भी नहीं रहा अब माय किससे मदत लू?), वो हुक लगाने की कोशिश कर hi रही थी के तभी..
 
मैं, कुछ सोचकर रूम के अंदर आ जाता हु और गेट धीरे से सत्ता देता हु अब उस लड़की की पीठ मेरे तरफ थी और वो अब आयने से दूर हो गयी थी जिससे उसको पीछे से आने वाला राधे दिखाई नहीं देता है, इधर मैं, दरवाज़े से अब माय उसके काफी पास आ जाता हु, इतना पास की मुझे उस गोरी लड़की के जिस्म से मदहोश करने वाली खुशबु आ रही थी, उधर वो लड़की अपने ब्लाउज की हुक लगाने में इतनी बिजी थी की उसको एहसास तक नहीं होता की उसके बैडरूम में पीछे कोई खड़ा है, इधर मुझे तो यकीन नहीं हो रहा था की मेरे सामने अप्सरा जैसी खूबसूरत गोरी लड़की कड़ी है?, वह भी सिर्फ और सिर्फ ब्रा पंतय में, उधर वह लड़की फ़्रस्ट्रेटेड होते हुए अब अपने उस ब्लाउज को खुला hi छोड़ देती है और वैसे hi सामने देख ने लगती है. इधर मेरा मनचला ध्यान

Ankitha-simhadri-telugu-5-hot-backless-hd-caps.jpg


उस लड़की की ब्रा के स्ट्राप पर जाता है और उसे देख के अपने काळा होंठो पर से जुबान फेरता हु ुर फिर ज्यादा सोचे बिना की मेरा आगे क्या होगा अब मैं उस लड़की के ब्लाउज के हुक पकड़ कर लगाने लगता हु. तभी उस लड़की को अपने पीछे कुछ हलचल महसूस होती है ुर वो झट से अपने पीछे देखती है और अपने पीछे एक अनजान मर्द को देख वो डर कर पीछे हो जाती है और साथ में उस आदमी का चेहरा देख वो लड़की हैरान रह जाती है, ये वही आदमी था जिसे वह बहुत भला बुरा बोली थी हॉस्पिटल में? ुर उसके काळा पैन का मज़ाक भी बनाया था और आज वह आदमी बिना बताये उसकी रूम तक आ गया था), इधर वह मेरी गन्दी सकल देख के उसका अब्ब गुस्सा सातवे आसमान पर पहुंच जाता है.. वह लड़की, बद्तमीज़.. कही के तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई, मेरे रूम म आने की? कक.. कुत्ते कक.. कमीने कहिके निकलो यहाँ से

Ankitha-simhadri-telugu-8-hot-navel-hd-stills.jpg


वर्ण मेरे से बुरा कोई नहीं होगा?, (माय उसको गुस्से में आग बबूला देख के) मैं, माय तो तेरी मदद करने क लिए आया था (माय उसे बिलकुल भी इज़्ज़त नहीं दे रहा था बोलते वक़्त, भला क्यों दू ऐसी बतमीजी लड़की को? वही उसके गुस्सा करने से मुझे अब ये पता चल गया की ये प्रीति थी अगर प्रीति की जगह प्रिय होती तो सायद वह इतना गुस्सा मेरे सामने नहीं करती), वही मेरी बात सुन के उसके कान खड़े हो जाते है ुर अजीब सा मुँह बना के, प्रीति, मदद? कैसी मदद?, क्या बक रहे हो?, मैं, तेरा ब्लाउज खुला था तो माय मदद करने और बटन लगाने के लिए आ गया?, (मैं एक दम आराम से बोल रहा था यह सब, वही मेरे चेहरे पर किसी भी तरह की शर्म या डर नहीं था, आज मेरा दर ख़तम सा हो गया था पता नहीं क्यों?), प्रीति, मेरी जवाब से हैरान रह जाती है. (वो मेरे

Ankitha-simhadri-telugu-14-junior-ntr-hot-hd-pics.jpg


सामने अध् खुले ब्लाउज और सिर्फ पंतय में hi कड़ी थी उसको यह भी नहीं सूझ रहा था की वो अपने बदन को किसी कपडे से ढके ले), गुस्से से प्रीति, तुम पागल हो क्या? निकालो मेरे रूम से अभी के abhi...nnnnnn नहीं तो, मैं, प्रीति को अजीब नज़रों से देखते हुए, माय तो तेरी मदत hi करने आया था, तू इतना गुस्सा क्यों हो रही है चल अब मुझे तेरे ब्लाउज का हुक लगाने दे?, यह बोल के मैं उस के एक दम गोर कंधे पर हाथ रखता हु, जिससे प्रीति और ज्यादा गुस्सा हो जाती है और वह मेरे हाथ को अपने बदन से झटके से हटा देती है और गुस्से से, यू यू ब्लडी सकुंद्रेल.. हाउ डरे यू तो टच में? गेट आउट माय बैडरूम नाउ ौड माय sister-in-law है पम्पेरेद यू डॉग पुअर पीपल, नाउ यू अरे इन ट्रबल. प्रीति अंग्रेजी में बोलती है जो मुझे कुछ भी समझ नहीं आता है ुर फिर मैं, अरे बस ब्लाउज का बटन hi तो लगाना है तो मैं लगा देता हु न.. फिर चला जाऊंगा?. प्रीति, यू won't बिलीव आईटी, यू डॉग??,
 
अब वह चिल्लाने hi वाली थी की मैं ये समझ के थोड़ा आगे आता हु और जल्दी से उसके मुँह पर हाथ रख देता हु और मैं अब्ब वैसे hi अपने हाथ को उसके मुँह पर रखे हुए अब मैं बिना कुछ सोचे उस को दीवार से सत्ता देता हूँ, वही प्रीति, के गीले बाल उसके चेहरे पर बिखरे हुए थे और वह गुस्से से मुझे घूरते हुए मेरे हाथ को अपने मु स हटाने लगती है, इधर मैं, जो प्रीति इस वक़्त दीवार से चिपकी हुई थी ुर माय एक बार उसके जिस्म पर से नजर फेरता हु, वही उसको सिर्फ ब्लाउज और पंतय में देख कर माय अपने आप को रोक नहीं पा रहा था, वैसे भी प्रीति 18 साल की जवानी से भरपूर लड़की जिसका सायद hi कोई भरा उसका राश पिया हो, कुछ पल देख के मैं, प्रीति की आँखों में देख के, याद है कल तूने मुझे उस हॉस्पिटल में क्या क्या सुनाया था? मेरे काळा होने पे, क्यों हरामजादी मुझे देख के तुझे घिन आती

janhvi-kapoor-param-sundari-bheegi-saree-29-sidharth-malhotra-romance.jpg


है, अब देख माय तुझसे कैसे कल का बदला लेता हु? मेरी बात सुन कर प्रीति के हिरणी जैसी आँखों में एक दम से डर छ जाता है, इधर मैं, उसके आँखों में देख अपना दूसरा हाथ उसके चुके पर रख कर उसको दबाता हूँ, और मेरे हाथ अपने जिस्म पर पाकर प्रीति गुस्से में झट से मेरे काळा कठोर हाथ अपने कोमल जिस्म पर से हटा देती है और वो मेरे गाल पर एक जोर से थपड मरती है, थप्पड़ मरने से मेरी पकड़ ढीली हो जाती है और प्रीति, मेरी चुंगल से छूट कर वो मुझे पीछे धकेलते हुए तुम्हारी ये हिम्मत.. कैसे हुई चुने की? प्रीति फिर से मुझे थप्पड़ मरने के लिए हाथ उठती है की, तभी मैं, उसके नाजुक हांथो को पकड़ कर फिर एक बार माय उसको शाक्त दीवार से सत्ता देता हु अब उसकी पीठ दीवार से ुर फेस मेरे सामने था, प्रीति, आह्हः.. लीव में? यू ब्लैक डॉग बास्टर्ड सेल, प्लीज कंसीडर योर आगे. उसकी इंग्लिश मुझे समझ नहीं आती लेकिन

shut-u-slap.gif


कुछ इंग्लिश के शब्द सुन कर अब मैं, अपने एक हाथ में उसके दोनों नाजुक हाथों को पकड़ लेता हु और वो अपने आप को छुड़ाने की कोशिश करती है लेकिन अब मैं, उससे अच्छे से पकड़ते हुए, साली उम्र पे मत जा तेरे जैसी लड़की मेरा झेल नहीं पाएगी याद रखना?, अभी तू जवान हो रही है और तुझे मेरे जैसे hi आदमी संतुस्ट कर सकता है देख तेरे चुके और गांड कैसे बहार निकल गए है यही निशानी है की तू अब चुदाई के लिए बिलकुल तैयार हो चुकी है, यह बोल के मैं उसके आँखों में देखते हुए उसके ब्लाउज में एक हाथ दाल देता हु और उसके बड़े बड़े चुचो को ब्रा के ऊपर से दबाने लगता हु, उसके चुके मस्त थे? वैसे भी 18 साल की लड़की जो जवानी में कदम राखी हो उसके चुके इस वक़्त काफी hi होंगे, इधर मेरे द्वारा उसके चुके ब्लाउज के ऊपर से जोर जोर से

janhvi-kapoor-param-sundari-bheegi-saree-24-cleavage-low-cut-blouse.jpg


दबाने के karan..Priti, आह्ह्ह्ह.. कमीने.. कुत्ते.. छोड़.. छोड़ड़ड़.. आह्हः.. मुझे.. हरामखोर.. आह्ह्ह्ह.. कुट्टी.. साली.. ूमम.. कमीने लीव में अलोन ओह्ह.. गॉड.. ूम.. सशः.. प्रीति के मुँह में जो गालिया आ रही थी वो सब मुझे दे रही थी, लेकिन माय बिना रुके उसके दोनों चुचो को दबा रहा था.. मेरे तेज दबाने से प्रीति, आह्हः.. छोड़.. दे वर्ण मई चिल्ला कर सबको बुलाऊंगी.. उसकी धमकी से माय थोड़ा सतर्क हो जाता हु क्युकी मुझे भी डर था की कही कोई आ गया और मुझे प्रीति के साथ इस हालत में देख लिया तो सबसे पहले मेरी जान लेंगे उसके बाद पूछेंगे की आखिर मैने किया था, इसी डर के कारन मैं अब प्रीति को मणिपुलटे और डरने की करने की सोचता हूँ, यानि अपने झांसे में लेने की कोशिश, मैं, तो चिल्ला उससे बदनामी तो तेरी hi होगी सोच ले.. वैसे तेरे चुके मस्त है, प्रीति मेरी बदनामी? बदतमीज़ी तुम.. अहह कर रहे हो, यू बास्टर्ड?,
 
मैं, ऐसा तू सोच रही है, लेकिन बहार तेरी भाभी पिया और तेरी बहन थोड़े न सोचेंगे?, अब मैं, उसके चुके दबा न रोक देता हु और ब्लाउज से हाथ निकल कर प्रीति के दोनों हाथ पकड़ लेता हूँ), वही मेरी मनुआलूटेड बातो सुन कर प्रीति, सोच में पद जाती है की ये आदमी आखिर कहना क्या छह रहा है और वह फिर से तुम छोड़ रहे हो या नहीं देखो माय चिल्ला दूंगी अब सच मच समझे?, मैं, तो चिल्ला न माय तो चाहता हु की तू चिल्लाये जरा सोच.. तेरे चिल्लाने से तेरी बहन और भाभी यहाँ आएँगी, और तुझे ऐसी हालत में देखेंगे में मेरे साथ.. वह फिर क्या सोचेंगे?, प्रीति, व्हाट दो यू मैं? वह सब यही सोचेंगे की तुम मेरे साथ जबरदस्ती कर रहे हो??, मैं, अच्छा और माय ये कहु की तूने hi मुझे अपने रूम में बुलाया है तो फिर?, प्रीति, मैंने? क्या बक रहे हो? मैंने कब बुलाया तुझे

7c011aa9987f2b57d8f65a12fb38d76e.gif


कक्क.. कमीने कक.. kahike?,Jhut मुठ की बाते न बनो?, (प्रीति अब्ब मेरे बनाये जाल में फस्ती चली जा रही थी, ुर मेरी मनुआलूटेड बाटे उसको अंदर hi अंदर सोचने पर अब मजबूर करती है), मैं, ये बात तू साबित कैसे करेगी सब के सामने? ये सुन के प्रीति मेरे सवाल से बौखला जाती है, अब उसको समझ hi नहीं आता की वह राधे का क्या जवाब दे, फिर और.. और तुम.. तुम कैसे साबित करोगे की तम.. तुम्हे माय बुलाती हु अपने रूम में?, मैं, उसके सवाल सुनकर हसने लगता हु, यह देख प्रीति को घिन भरी निगाहो से मुझे देखती है और कुछ देर देखने के बाद अगले hi पल वो अपना मासूम चेहरे दूसरी तरफ घुमा लेती है, वही प्रीति अभी भी दीवार से सात कर कड़ी थी उसकी पीठ दीवार पर और फेस मेरी तरफ था, इधर मैं, अब प्रीति के कानो में फुसफुसाते हुए प्रीति जी? मुझे कुछ साबित करना नहीं पड़ेगा? लोग आएं गए, मुझे पीटेंगे, सिक्योरिटी अफसर के हवाले..

b7a7561dbb9550b5acb20bb7b6645e69.gif


karenge..Ye सुन के प्रीति, गुस्से से वो तो जरूर होगा कक.. कमीने आज तेरी खैर नहीं देख न?, वह बहुत hi गुस्से में बोल रही थी इधर मैं, उसके गुस्से को देखकर हस्ते हुए लेकिन उसके बाद सब लोग तेरी तरफ शक बहरी नज़रों से देखेंगे?, प्रीति अब खामोश होकर मेरी बात सुनाने लगती है, उसे चुप देख के मैं, यह सच है की तेरे मेरे बिच में कुछ नहीं हुआ, लेकिन तेरे घर वालो के दिल में हमेशा शक रहेगा, प्रीति, कोनसा सक?, मैं, यही की माय तेरे साथ बिस्तर गर्म करता था माय जिस तरह से बात कर रहा था उससे अब प्रीति के दिमाग में भी यह ख्याल बैठ जाता है की अगर वो चिल्लाई तो उसी की इज़्ज़त पर दाग लग सकता है. वही माय एक तरह से कामयाब हो जाता हु प्रीति को चुप करने में, वैसे वो अभी चिल्ला देती तो पक्का hi माय किसी जेल में होता लेकिन प्रीति भले hi बहार से सख्त बनती है लेकिन उसकी कच्ची उम्र 18 साल होने से मेरी

bf7c8f473ffb39f84cc679770eeffa09+%25281%2529.gif


मनुआलूटेड बाटे उसे सच लगने लगी थी, वो अभी तक मातुरे नहीं हुई थी की वो मेरे जैसे कमीने की बातो में न ए, और माय उसके दिल में डर बैठा दिया था जिसकी वजह से प्रीति अब चुप होक बैठ जाती है. इधर मुझे यकीन नहीं होता की प्रीति जैसी पढ़ी लिखी लड़की वह मेरे झांसे में इस तरह फास जाएगी इतनी आसानी से वही प्रीति एक दम चुप हो गई थी लेकिन वो अपने आप को छुड़ाने की कोशिश जरूर कर रही थी. अब मैं प्रीति के खूबसूरत चेहरे को देखते हुए अपना मुँह आगे करता हु?, वो मुझे आगे झुकता हुआ देख के एक दम से अपना मुँह दूसरी तरफ कर देती है उसको जैसे पता था की माय क्या करने वाला हु?, माय अब आगे झुक कर प्रीति की गर्दन पर अपनी जुबान निकल के फेरता हु जिससे प्रीति, ऐसा मु बनती है जैसे उसे बहुत hi ज्यादा घिन आ रही हो मेरे से और प्रीति, यीईइ.. ीवववव... ाआईईई... छियई.. कमिणी..

kissing-the-neck-victoria-pedretti.webp


छोड़.. मुझे ुर तेरा मु कितना स्मेल कर रहा है कितने दिनों से मु नहीं धोया है कुत्ते कमीने छोड़ सेल हरामखोर आह्ह्ह्ह.. मम्मी, मैं, इतनी आसानी से नहीं छोडूंगा.. तुझे मैं अपनी बनाकर hi रहूँगा मेरी जान, मेरी इस बात से प्रीति को गुस्सा आ जाता है, प्रीति, तुम? आयने में अपनी गन्दी काली शक्ल देखि है कभी? कैसे दीखता हो?, मैं, है देखि है न.. और तू फ़िक्र मत कर.. एक दिन तू इसी गन्दी काली शकल से प्यार भी करेगी और तू रेस्पेक्ट भी देगी?, प्रीति, वह दिन कभी नहीं आएगा समझे, मैं, अच्छा? ठीक है फिर... देखते है?. ऐसा कहकर मैं फिर से प्रीति की गर्दन पर अपनी गन्दी जुबान फेरते हुए बदबू दार गन्दी थूक छोड़ने लगता हु, इससे प्रीति को बहुत घिन महसूस हो रही थी और वो ताकत लगा कर अपने आप को छुड़ाने की प्रीति नाकाम कोशिश कर रही थी, पर मेरे बल साली ताकत के सामने उसका कोई भी पैतरा अभी कुछ भी काम नहीं कर पा रहा था..
 
मैं, उसकी गर्दन पर चाटते हुए चुम रहा था, और मुझे पता था की इन् बड़े घरानो की लड़किया को कभी अच्छे बर्फ नहीं मिलते जो उनकी भूख मिटा सके वैसे भी प्रीति जैसी कड़क मिजाज वाली लड़की से कोई लाइन मरता भी नहीं होगा? क्युकी प्रीति नक् छिड़ी लड़की थी वो बात बात पर गुस्सा करती थी उसके इसी बेहेवियर से लड़के सारे डरते थे, वही मुझे बखूबी ये बात पता थी चाहे कितनी भी कदम मिजाज की लड़की क्यों न हो, अगर उसे अचे दांग से गरम किया जाए तो वो लड़की हो या औरत, बहुत जल्द खुद को किसी मर्द के सामने परोस देती है, है शुरुआत में वो लड़की खूब गुस्सा कर सकता है लेकिन माय लगातार उनको गर्म करता रहूँगा तो वो लड़की कुछ पालो में अपना असली रंग दिखाना शुरू कर देगी.. वही लड़की मेरे से खुस हो गई तो मेरी ऐस hi ऐस है और साथ में कुछ पैसे भी इन अमीर जडियो से ले सकता हु, क्युकी इन आमिर जडियो के

harshad-chopda-pranali-rathod.webp


पास नोटों का समुन्दर है ुर उन समुन्दर से थोड़े बहुत पानी निकल भी लू तो किसी को क्या फर्क पड़ेगा?, वही मैं, इसी फ़िराक में था ुर मेरी नज़र इन दोनों बहनो पे जब से हॉस्पिटल में देखा था तभी से फ़िदा हो गया था और आज मौके से मुझे टाइम मिल गया घर में कोई है या नहीं मुझे नहीं पता था लेकिन आज इसे पटना मेरा मकसद था, इधर मैं, गोर प्रीति के गले पर लगातार चूमते रहता हूँ और अब्ब प्रीति का जिस्म.. उसका साथ छोड़ने लगता है और उसके दिल की धड़कन बढ़ रही थी और सासे फूल रही थी ुर जाने अनजाने में वो सिसकारियां लेते हुए, आठ.. छोड़.. मुज्झे.. कुत्ते.. भला क्यों न सिसके अभी अभी तो जवानी कदम राखी है और इसका बर्फ है या नहीं लेकिन इसके फिगर को देख के तो लगता है खेली खाई हुई है तभी तो इतने बड़े बड़े चुके जो करीब 34 ब्लाउज़ में समां नहीं रहे थे और पतली और सेक्सी कमर जो करीब 24 की और सबसे खास और दिलकश नज़ारा

pawan-kalyan-neck-kiss.webp


उसकी बड़ी गांड जो करीब 36 साइज की एक दम उभरी और गोल मटोल ऐसी गांड तो किसी लड़की की तब होती है जब किसी लड़के के साथ खेली खाई हो नहीं तो 18 साल की उम्र में इतनी बड़ी गांड और चुके नहीं निकलते... इधर मैं, उसकी सिसकारियां सुनकर खुश हो जाता हु ुर अब प्रीति के गले पर चूमते हुए अब उसके गालो को चूमने लगता हु, उधर प्रीति, अपने आप को छुड़ाने की पूरी कोशिश कर रही थी पर वह नाकामयाब हो रही थी हर बार.. इधर मेरी जुबान अब प्रीति के खूबसूरत चेहरे को चूमने लगती है. प्रीति अपने दोनों हांथो की मुट्ठी को तितली बंद कर देती है. वही मैं आज फूल मूड में था और प्रीति को एक रण्डी की तरह बहाव कर रहा था जैसे उसके मुँह पर अपना ढेर सारा थूक छोड़ रहा थे जिससे प्रीति का मुँह भर जाता है. और मैं अपना सरीर प्रीति के जिस्म से चिपका देता हु जिससे प्रीति को एक दम से अपनी पंतय के ठीक ऊपर एक

srinidhi-shetty-kiss.webp


सख्त चीज़ महसूस होती है और उससे समझने में देरी नहीं लगती की वह चीज़ आखिर है क्या? वह अपने आप को सिकुड़ रही थी जिससे उसको राधे का गंदे बदन से चिपकना न पड़े लेकिन राधे भी आगे आ कर उसे फिर से चिपक जाता है, ऐसे hi थोड़ी देर तक यह खेल चलता रहता है, और तभी.. एक दम से प्रीति, का मोबाइल बजता है और वो होश में आते hi छोड़ छोड़ मुझे कमीने, मैं उसके दोनों हाथ पकडे हुए था और वह गुस्से में देख रही थी लेकिन फिर भी मैं उसके हाथ नहीं छोड़ता हु, उधर प्रीति, जब गुस्से से बात नहीं बनती है तब वह थोड़ा शांत होकर, देखो जो भी तुम्हारा नाम है.. रा, राधे, साढ़े व्हाटएवर? माय किसी से कोई शिकायत नहीं करुँगी तुम्हारे बारे में? बस मुझे कॉल उठा ने दो पता नहीं किसका कॉल है? कही भैया हॉस्पिट अल से कॉल तो नहीं कर रहे है क्युकी मम्मी हॉप िटल म है, की तभी रूम पर किसी का नॉक होता है
 
इधर जैसे प्रीति के बैडरूम का गेट पर नॉक होता है वैसे hi मैं, डर कर प्रीति के नाजुक गोर हाथों को छोड़ देता हु और फिर प्रीति अपने मोबाइल को देखती है, वो उसके भाई रितेश का मिस्ड कॉल था?, तभी फिर से दरवाजे पर नॉक होता है. प्रीति, जल्दी से ब्लाउज उतर देती है मेरे सामने hi, वही मैं, उसे घूरने लगता हु ुर मान hi मान उसके ब्रा के ऊपर से चुके देख कर (साली पक्का इसका बर्फ होगा तभी इतने बड़े बड़े है इस आगे में भी), वही प्रीति, ब्लाउज़ उतर के एक निघ्त्य उठा के पहन लेती है पहने के बाद जैसे hi मेरी तरफ पलट के मुझे देखि और वैसे hi मुझे अपना चुके घूरते देख थोड़ा गुस्सा होती है लेकिन इस वक़्त वो गुस्सा नहीं करना चाहिए रही थी इस लिए वो थोड़ा धीरे आवाज़ में, सुनो जाओ तुम.. प्लीज दरवाजे के पीछे छुप जाओ जल्दी से?, (उसके इस हरकत से तो पता चल गया था की वह जितना अब तक हम दोनों के..

Pamela-mondal-bengali-actress-gandii-baat-1-hot-hd-caps-thumb.jpg


साथ हुआ है वो सायद hi किसी को बताये इस लिए दर थोड़ा ख़तम हो गया मेरा), इधर प्रीति, राधे को दरवाजे के पीछे छुपने के लिए कहती है वैसे उसके पास मौका था राधे को सबक सीखने का, लेकिन वह उसको छुपने के लिए कह रही थी, क्युकी थोड़े वक़्त पहले राधे ने मणिपुलटे किया था उसके मन में डर भर दिया था की उसकी hi इज्जत जायगी भले hi राधे जेल चला जाये लेकिन घर वाले उस के ऊपर भी शक करेंगे कभी न कभी, इधर मैं भी डर गया था इस लिए प्रीति के कहने पर अब माय जल्दी से दरवाजे के पीछे छुप जाता हु, अब प्रीति एक बार मुझे देखि और फिर एक लुम्बी सांसे लेने के बाद अब थोड़ा सा दरवाज़ा खोलती है तो सामने प्रिय थी.. उसे देख के प्रीति, तू है?, वैसे प्रिय को देख के प्रीति थोड़ा डर सी जाती है. वही प्रीति, इस तरह से कड़ी थी की सिर्फ उसका चेहरा प्रिय को दिख रहा

strong-girl-badge-war.webp


था और उसका पूरा बदन दरवाजे के पीछे इधर मैं, प्रिय का नाम सुनकर बेख़ौफ़ हो जाता हु क्युकी प्रिय सांत नेचर की लड़की थी इधर मेरे सामने प्रीति की बड़ी गांड थी जो एक पतली निघ्त्य में कैद थी, वही उसकी पतली निघ्त्य होने की वजह से उसकी पिंक पंतय की लाइन मुझे अच्छे से दिख रही थी और मुझे यह दीखते hi कुछ सररत करने की शुजी और मैं अब देर न करते हुए प्रीति की पतली निघ्त्य को एक दम से उठा देता हु अब मुझे उसकी पिंक पंतय से ढकी हुई गांड को दिखती है. उधर प्रीति, को महसूस हो जाता है की अभी अभी राधे ने क्या किया था, लेकिन वह इस वक़्त कुछ कर नहीं सकती थी, क्युकी उसके सामने उसकी जुड़वाँ बहन प्रिय कड़ी थी और उसके होने के कारन वह कुछ बोल बी नहीं पति.. उधर प्रिय, उसकी जुड़वाँ बहन प्रीति से, किसी से बाते कर रही थी क्या तुम?, इधर मैं, प्रीति की गांड के फांको को पंतय के ऊपर से अपने हार्ड हांथो से सहलाते हुए पकड़

gifcandy-ass-170.gif


कर जोर से दबाता हु, जिससे प्रीति, उम्म्म्म.. आह्ह्ह्ह.. हहआ.. हहआ.. वोओओओ.. सा... सहेली.. से.. कॉल पे बात कर रही थी?, प्रिय, हहम्म्म्म.. मुझे कुछ अजीब सी आवाज आ रही थी मेरी रूम में.. तुम्हे सुनाई दी क्या कोई आवाज?, एक्चुअली प्रिय को कुछ देर पहले राधे की छेद चढ़ की वजह से प्रीति इसका विरोध करते हुए कई बार तेज आवाज़ में बात की थी साथ hi राधे की छेद से उसकी मस्ती वाली सिसकारियां भी निकली थी, यही सब आवाज़ सुन के प्रिय प्रीति के रूम के बहार पूछने आई थी, इधर मैं, उन् दोनों बहनो की बाते धयान से सुन रहा था और साथ hi माय प्रीति की उभरी हुई बड़ी गनद को मसलते हुए मन में (हियय.. उम्.. कितनी कोमल गांड है इसकी जितनी बड़ी देखने में लग रही है उतनी hi कोमल है और जिस दिन इस बड़ी गांड में मेरा लौड़ा जायगा तब मुझे कितना सु कुन मिलेगा? आज तक बहुत लड़कियों की गांड देखि थी लेकिन इतनी कोमल गांड आज पहली बार छुई थी?),
 
अब मेरे से कण्ट्रोल नहीं होता है उसकी बड़ी गांड को सहलाते हुए और अब अपना मुँह गांड के दोनों फैंको पर ले जा कर सुघने लगता हूँ किसी कुत्ते की तरह और सुघने के बाद धीरे आवाज़ में, आह्हः कितनी मस्त और इरोटिक गंध छोड़ रही है इसकी गांड हियय? ये कहते हुए कुत्ते की तरह यहाँ वह गांड के कोने कोने को अपनी बड़ी नाक ले जा कर बड़े इत्मीनान से सुघने के बाद अब माय उसकी गांड को अपने काळा होंठो से चूमता हु जिसकी वजह से प्रीति को अपनी बहन का ढंग से जवाब देते hi नहीं बनता है लेकिन फिर वो हकलाते हुए किसी तरह जवाब देने लगती है, अष्ठ.. आह्हः.. नं.. नाहीईई तो? श.. शा.. शायद.. तुझे.. आह्हः.. कक.. कोई.. उम्म्म.. ग़लतफहमी आह्हः.. हुई.. सष्ठ.. आह्हः.. होगी.. उम्मठ.. उफ्फ्फ्फ्फ़.. आह्हः?, प्रीति अपनी सिसकारियों को काबू में करने की लाख कोशिश कर रही थी पर सिचुएशन hi इतनी इरोटिक थी की वो छह कर भी अपनी आहे रोक नहीं पा रही थी क्यों की..

aj-applegate-gasp-gag-and-gape-3_001.gif


राधे उसकी पंतय के ऊपर से 36 साइज की बड़ी गांड के ऊपर अपना गरम जुबान फिर रहा था, वही प्रिय, शायद तुम ठीक कह रही हो और प्रिय प्रीति को ऐसे अजीब तरीके से खड़े हुए देख के तुम ऐसी क्यों कड़ी हो?, प्रीति अपने बीएड रूम का गेट थोड़ा सा खोल के बस अपना सर प्रिय केलि तरफ निकल के बात कर रही थी इस लिए प्रिय उसे अजीब नज़रों से घूरते हुए पूछती है, वही प्रीति की तो मज़बूरी थी क्युकी अगर राधे को प्रिय ने उसके रूम में देख ली तो वह तुरंत अपने मम्मी या फिर बड़े भाई रितेश को बता देती क्युकी प्रिय सरीफ किस्म की लड़की थी वह अपने माँ से कुछ नहीं चिपटी थी, वही उसके मम्मी को ये बात पता चलती की उसके रूम में राधे था ये जानते hi घर में उसकी खूब पिटाई हो जाती क्युकी उसकी माँ पहले hi कह चुकी थी की अगर घर की लड़कियों का किसी लड़के के साथ चक्कर सुन भर ली तो उनकी शादी करवा देगी लेकिन प्रीति अभी पढ़ना चाहती थी,

dani-daniels-griding-her-ass-on-xander-corvus-face_6022b194eb05f.gif


इस लिए वह किसी लड़के से बात तो क्या, वो अपने आस पास भी भटकने नहीं देती थी, वही मैं, पंतय के ऊपर से गांड के फैंको को चूमने के बाद अब माय उसकी पिंक पंतय को उसकी मोती मोती जांघो से ऊपर की और जैसे करता हु वैसे hi मुझे प्रीति की अधखुली गांड की सुराख़ जो हलकी डार्क पिंक कलर की थी वो दिखती है, उसे देखते hi मुझे पता नहीं क्या होता है मैं तुरंत अपनी बड़ी जुबान निकल कर उसकी गांड की सुराख़ पर रख देता हु, मेरे ऐसा करते hi प्रीति की छूट से कुछ निकलने लगता है जिसकी वजह से उसकी आंखे खुल और बंद होने लगी आज तक उसने कभी ऐसा कुछ महसूस नहीं की थी, लेकिन उसकी बहन सामने थी इस लिए वह किसी तरह खुद को संभाले हुए थी लेकिन वो जानती थी की राधे उसका फ़ायदा उठा रहा इस लिए वो एक फैसला लेती है ुर अपने एक नाजुक हाँथ से राधे के सर को अपने गांड से दूर करने की..

face-sitting.-careful.gif


नाकाम कोशिश करती है, लेकिन राधे निचे बैठे हुए वह अपना सर उसकी बड़ी गांड से दूर नहीं करता है बल्कि वह अपने खुरदरे हांथो से उसकी दोनों गांड की फैंको को फैला कर अब उसकी गांड के सुराख़ को अपनी जुबान अंदर करने के लिए सोचता है, मगर प्रीति अपनी गांड की सुराख़ कास लेती है जिसकी वजह से राधे की जुबान उसके छेद में नहीं घुसती है वही प्रिय, प्रीति को घूरते हुए तुझसे कुछ पूछी हु तू ऐसे गेट पे क्यों कड़ी है, वही प्रीति, अब उसे क्या बोले की एक कमीना उसके बैडरूम में घुस गया अब वो उसकी गांड चाट रहा किसी कुत्ते की तरह और वो इस वक़्त कुछ कर भी नहीं सकती है, जब तक अपनी बहन को यहाँ से नहीं भेज देती वही प्रीति, प्रिय को जवाब देते हुए वो वो माय नहाने जा रही थी न इस लिए कपडे नहीं पहनी हु, मैं प्रीति की अपने बहन के सामने झूट बोलता देख के मेरी हिम्मत अब बढ़ जाती है इस लिए माय एक ऊँगली उसी गांड की सुराख़ पर लगा
 
के घुसाने की कोशिश करते हुए अपनी जुबान भी लगा के कुत्ते की तरह चाटने लगता हु वही प्रीति, पहली बार किसी मर्द का टच और वह भी उसकी नग्गी गांड पर पाते hi वो अपना काम राश बहा देती है जिसकी वजह से वो एक सुस्त सी पर जाती है उसकी आंखे हलकी बंद हो जाता है की तभी मैं, अब प्रीति की पिंक पंतय को धीरे से हटाने लगता हु उसकी छूट पर से. जिससे प्रीति के दिल की धड़कन और आँखे दोनों hi एक पल के लिए बंद सी हो जाती है. वो ऐसे सिचुएशन में थी की, न तो कुछ कर प् रही थी और न hi राधे को कुछ बोल प् रही थी उधर प्रीति, प्रिय को तू बाद में होगी क्या? मैं अभी बहुत बिजी हु, नहाना भी है ुर कॉल भी करना है अपनी फ्रेंड को साथ hi तैयार भी होना है कही रितेश भैया ने हॉस्पिटल बुला लिए तो ऐसा कह कर प्रीति, प्रिय के मुँह पर दूर बंद करके लॉक कर देती है और झट से मेरे हाथ अपनी पंतय पर से हटाकर दूर कड़ी..

sexy-girls-pantys-ass-gif.gif


हो जाती है, वही प्रीति का खूबसूरत.. चेहरा गुस्से से लाल हो चूका था वो जोर से चिल्लाना चाहती थी राधे के ऊपर लेकिन वह जानती थी की दरवाजे की दूसरी तरफ शायद उसकी बहन अभी भी उसकी बात सुन रही होगी पीर प्रीति, धीरे से यू सोन ऑफ़ ा बीच अरे यू फूकिंग माध और व्हाट? दुफेर डॉग हम पकडे जाने वाले थे तुम्हारी वजह से यू फूकिंग स्कूबाग?, मुझे तो बस हिंदी समझ में आती है.. फिर मैं अरे डर क्यों रही है उससे.. वही प्रीति, अपने गुस्से को काबू करते हुए वैसे hi थोड़ी देर रूम में यहाँ वह घूमती रहती है और फिर धीरे से दरवाजा खोल के बहार देखती है, प्रिय जा चुकी थी वह स, प्रीति अब बहार आके निचे हॉल का जायजा लेती ह, वह पर भी कोई नहीं था, फिर प्रीति रूम में आकर मुझे जल्दी से वह से जाने के लिए कहती है. प्रीति का ये बर्ताव काफी शॉकिंग था, आखिर क्यों वो इस तरह

tumblr_mdyltjhaZT1rlqu7jo1_500.gif


राधे को छुपा रही थी, जैसे की दोनों के बीच सच में नाजायज सम्बन्ध या रिश्ता हो? क्युकी राधे ने उसे अपने मणिपुलटे बातो में फसा लिया था, इधर मैं अब गन्दी स्माइल करते हुए प्रीति के पास आता हु ुर उसकी बड़ी गांड पर थप्पड़ मरता हु जोर से.. जिसकी वजह से सातटाककक.. सातटाकक.. सातटाकक.. सातट ाक्क.. की तेज आवाज़ उस रूम में गूंजने लगती है, जिससे प्रीति, aaucchhhhh...you.. बास्टर्ड इधर मैं, कामिनी स्माइल के साथ वह से जाने लगता हु लेकिन अचानक रुक कर माय पलट कर उसकी तरफ देखते हुए, अभी के लिए जा रहा हु मेरी जान लेकिन जल्द hi आऊंगा तेरे पास फिर बहुत मस्ती करें गए.. उधर प्रीति, मेरी बात सुनकर गुस्से से मेरी तरफ देखती है ुर मैं उसकी तरफ एक फ्लाइंग किश देता हूँ और आराम से उसके रूम के गेट से निकल क सीढ़ियों से उतर कर अपने रूम में चला जाता हु,
 
Back
Top