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इधर हवेली में अन्नू ठाकुर बिस्तर पर लेट कर अपने ख्यालों में थी और मन hi मन में बात करते हुए (माय घरवालों के सामने तो बोल दी की प्रेग्नेंट हु लेकिन सच तो ये है की ठाकुर साहेब ने मुझे आज तक कभी प्रेग्नेंट hi नहीं कर पाए? लेकिन अब मेरे पास कोई ऑप्शन भी तो नहीं अगर मैं प्रेगनेंसी का बहाना नहीं बनती तो रघु के भाई की बीवी पता नहीं क्या क्या बोलती और मुझे इस हवेली से कोई न कोई बहाना बना करके मुझे धक्के मर के निकलवा देती क्युकी ठाकुर साहेब और मेरा कोई बच्चा नहीं है इस लिए मेरा उनके संपत्ति पे कोई हक़ भी नहीं बनता वैसे भी ठाकुर साहेब अपने वसीयत में मेरा नाम क्यों लिखेंगे ओह्ह्ह तो अपने पहली बीवी के बच्चो के नाम hi लिखवाएंगे साथ hi उनके दोनों लड़के मुझसे खीज कहते है बस रघु की बेटी को छोड़ के अब आप hi उपरवाले मेरा मार्ग दर्शन करे माय अब क्या करू), ये सोच hi रही थी की तभी उसके
दिमाग की घंटी बजी (क्या माय किसी और के साथ सेक्स करके प्रेग्नेंट हो सकती हु लेकिन अगर उसने हवेली में किसी को बता दिया तब), तभी उसका पॉजिटिव आत्मसम्मान जाग उठा और उसे कोसते हुए.. अन्नू ये तू क्या सोच रही है तुझे एक पल भी अपने पति रघु और पतिव्रता का ख्याल नहीं ायाआ इतनी घटिया बात तू सोच भी कैसे सकती है?, नेगेटिव आत्मसम्मान, क्यों न सोचे अगर इस हवेली से अन्नू को निकला दिया गया तब ये कहा जायगी और 30 के उम्र में इसके साथ भला कौन कुमार लड़का शादी करेगा? अब इसके नसीब में तो बच्चे वाले मर्द जिसकी बीवी मर चुकी होंगी वही शादी कर सकते और इसके घर वाले बहुत ज्यादा गरीब है वो तो सोच भी नहीं सकते इसके दूसरी शादी के बारे में, वही जब यहाँ से अपने मयके जायगी तब अन्नू के भाई और भाभी लोग इसे क्या वह रहने देंगे सोच क्र देखा 1 बार?, पॉजिटिव आत्मसम्मान,..
सोच में पद जाता है, वही नेगेटिव Aatm-samman, अब अन्नू को कुछ भी करके इस हवेली में रहना hi होगा और यहाँ रहने के लिए अन्नू को प्रेग्नेंट होना hi पड़ेगा लेकिन सवाल ये है की अन्नू अब किससे प्रेग्नेंट हो जिससे इस की लाज भी बची रहे और इस हवेली की प्रॉपर्टी इसके नाम हो जाये?, पॉजिटिव आत्मसम्मान, है.. है तू सही कह रही है लेकिन अन्नू ऐसे मर्द को ढूंढेगी कैसे? जोऊ इसका काम भी पूरा कर दे और किसी को कानो कान खबर भी न हो ऐसे मर्द आज कल की दुनिया में कभी मिलेंगे क्या और मिल भी गया तो क्या गारंटी है की वो अन्नू को ब्लैक मेल नहीं करेगा कुछ दौलत के लालच में, नेगेटिव Atmasamm-an, है ये बात तो तेरी ठीक है अब्ब्ब अन्नू को hi खोजना पड़ेगा ऐसा मर्द?), ये सब अन्नू के मन में चल रहा था उसे किसी भी हालत में प्रेग्नेंट होना था अब उसके आत्मसम्मान पे बात आ गई थी ऐसे hi सोचते हुए वो गहरी नीद में चली जाती है,
दिमाग की घंटी बजी (क्या माय किसी और के साथ सेक्स करके प्रेग्नेंट हो सकती हु लेकिन अगर उसने हवेली में किसी को बता दिया तब), तभी उसका पॉजिटिव आत्मसम्मान जाग उठा और उसे कोसते हुए.. अन्नू ये तू क्या सोच रही है तुझे एक पल भी अपने पति रघु और पतिव्रता का ख्याल नहीं ायाआ इतनी घटिया बात तू सोच भी कैसे सकती है?, नेगेटिव आत्मसम्मान, क्यों न सोचे अगर इस हवेली से अन्नू को निकला दिया गया तब ये कहा जायगी और 30 के उम्र में इसके साथ भला कौन कुमार लड़का शादी करेगा? अब इसके नसीब में तो बच्चे वाले मर्द जिसकी बीवी मर चुकी होंगी वही शादी कर सकते और इसके घर वाले बहुत ज्यादा गरीब है वो तो सोच भी नहीं सकते इसके दूसरी शादी के बारे में, वही जब यहाँ से अपने मयके जायगी तब अन्नू के भाई और भाभी लोग इसे क्या वह रहने देंगे सोच क्र देखा 1 बार?, पॉजिटिव आत्मसम्मान,..
सोच में पद जाता है, वही नेगेटिव Aatm-samman, अब अन्नू को कुछ भी करके इस हवेली में रहना hi होगा और यहाँ रहने के लिए अन्नू को प्रेग्नेंट होना hi पड़ेगा लेकिन सवाल ये है की अन्नू अब किससे प्रेग्नेंट हो जिससे इस की लाज भी बची रहे और इस हवेली की प्रॉपर्टी इसके नाम हो जाये?, पॉजिटिव आत्मसम्मान, है.. है तू सही कह रही है लेकिन अन्नू ऐसे मर्द को ढूंढेगी कैसे? जोऊ इसका काम भी पूरा कर दे और किसी को कानो कान खबर भी न हो ऐसे मर्द आज कल की दुनिया में कभी मिलेंगे क्या और मिल भी गया तो क्या गारंटी है की वो अन्नू को ब्लैक मेल नहीं करेगा कुछ दौलत के लालच में, नेगेटिव Atmasamm-an, है ये बात तो तेरी ठीक है अब्ब्ब अन्नू को hi खोजना पड़ेगा ऐसा मर्द?), ये सब अन्नू के मन में चल रहा था उसे किसी भी हालत में प्रेग्नेंट होना था अब उसके आत्मसम्मान पे बात आ गई थी ऐसे hi सोचते हुए वो गहरी नीद में चली जाती है,