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अब मैं, फिर एक बार उस तिल्ली को बोतल में दाल कर ढेर सारा सहद उस तिल्ली में लगा कर सबसे पहले माहि के छूट के ऊपरी भाग पर उसके बाद माहि के दोनों फैंको साथ में कुछ सहद उसके फैंको को थोड़ा फैला कर क्लाइटोरिस और छेद पर लगा देता हु वही फिर से बोतल में तिल्ली को दाल कर सहद उस तिल्ली पर इकठा करता हु उसके बाद उस तिल्ली को बोतल से निकल कर माहि के जांघो को पकड़ कर थोड़ा ऊपर उठता हु जिसकी वजह से माहि की गांड बिस्तर से थोड़ी ऊपर उठ जाती है और मैं जल्दी से उसकी गांड के निचे एक मोती पिलो (तकिया) रख देता हु जिसकी वजह से उसकी छूट की छेद के साथ साथ उसकी गांड की भूरी छेद भी अब अचे से दिखने लगती है अब देर न करते हुए मैं, फिर से उस तीली को बोतल में ले जाता हु और इस बार फिर से कुछ Madhu-makkhi इकठा करता हु और इस बार मैं माहि के छूट की तरफ ले जाने लगता हु, पहले कुछ मधु-
मक्खी माय उसकी छूट के उभरी हुई सतह के दोनों साइड पर रखता हु, फिर उसके दोनों फैंको पर और बाकि बचे मधुमक्खी मैं उसके क्लाइटोरिस पर और उसके छूट के अंदर उस गुलाबी सी छेद पर रख देता हु, मेरे ऐसा करते hi माहि बुरी तरह से मचलती है साथ में उसके मुँह से आईईए राधे ये क्या किया सशह्ह्ह प्लीज हटाओ ाशहठ वही मज़े के साथ साथ अब उसे थोड़ी सी अब जलन भी हो रही थी, वही राधे, जनता था की अब उसकी छूट बुरी तरह से सजाने वाली थी साथ में उसके चुके के अकार भी बदलने वाली थी, वही माहि, अपने दोनों पैरो को समेटना च रही थी लेकिन पेअर उसके ऐसे बंधे थे की वो अपने पेअर सत्ता hi नहीं सकती थी, इधर मैं उसकी बेबसी पर मुस्कुराता हु वही उसके पति की तरफ देखता हु तो वो सोफे पर बैठा हमें hi घर रहा था, वही राघव के मुँह पर बंधे कपडा खुला हुआ था वो चाहता तो अभी भी यह खेल रुकवा सकता था प्रॉपर्टी के पेपर पर..
सिग्नेचर करके लेकिन उसका पति पूरी तरह से चुप था, इधर मैं, अब जो कुछ मधुमक्खी बची थी तिल्ली पर उसे माय उसकी गांड के भूरी छेद पर गिरता धीरे रखता हूँ और मधुमक्खी जैसे hi वह पर बैठती है वैसे hi अपना काम में लग जाती है उनका काम था की जहा सहद गिरा है वह पर मधुमक्खी पूरी टूट पड़े और पूरी सहद छत्त कर जाए? साथ में उसकी गांड की छेद पर काटे भी जिसके लिए मैं उन्हें लाया था, वही माहि, को जैसे hi मधुमक्खी डंकक उसकी गांड के छेद पर मरती है वैसे hi उसके छूट से पानी गिरने लगती है साथ hi वह कास मसते हुए ाम्म्म.. सशह्ह्ह.. ऊह्ह्ह्ह.. नूवो.. फुककक.. मी.. ऊह्ह्ह्ह.. गोड्ढ.. करती है, उसका ये हाल देख के मन hi मन खुस हो रहा था, इधर मधुमक्खी ने अपना काम जैसे hi पूरा किया वैसे hi मैं उन सभी..
मधुमक्खी को जल्दी से तिल्ली पर चढ़ा कर फिर से उस जाली वाली बोतल में ढाल कर कैद कर देता हु, उसके बाद बीएड के साइड के बगल में रखे टेबल पर रख देता हु, अब मैं, अपना हाथ हौले से बढ़ाते हुए माहि के बदन पर धीरे धीरे से फेरने लगता हु, वहीँ माहि का जी चाह रहा था की वो अपने निप्पल्स को कसकर रगड़े साथ hi अपने छूट को मसले और अपनी गांड में ऊँगली करे? मगर राधे नई उसके हांथो को भद्दे हुए था, इधर मैं, कुछ और करता तभी.. मेरे मोबाइल पर किसी का कॉल आया और रिंग बजते hi हम तीनो की नज़र उधर गई जहा से रिंग सुनाई पद रही थी, वही मैं, कुछ दूर पर अपने पंत को रखा हुआ था वो रिंग वही से सुनाई पद रही थी इस लिए माय जल्दी से माहि के बगल से उठ कर वह गया और अपने पंत से मोबाइल निकल के जैसे hi स्क्रीन पर no. देखा वैसे hi मेरे चेहरे पर एक गन्दी वाली हाशि च जाती है.
मक्खी माय उसकी छूट के उभरी हुई सतह के दोनों साइड पर रखता हु, फिर उसके दोनों फैंको पर और बाकि बचे मधुमक्खी मैं उसके क्लाइटोरिस पर और उसके छूट के अंदर उस गुलाबी सी छेद पर रख देता हु, मेरे ऐसा करते hi माहि बुरी तरह से मचलती है साथ में उसके मुँह से आईईए राधे ये क्या किया सशह्ह्ह प्लीज हटाओ ाशहठ वही मज़े के साथ साथ अब उसे थोड़ी सी अब जलन भी हो रही थी, वही राधे, जनता था की अब उसकी छूट बुरी तरह से सजाने वाली थी साथ में उसके चुके के अकार भी बदलने वाली थी, वही माहि, अपने दोनों पैरो को समेटना च रही थी लेकिन पेअर उसके ऐसे बंधे थे की वो अपने पेअर सत्ता hi नहीं सकती थी, इधर मैं उसकी बेबसी पर मुस्कुराता हु वही उसके पति की तरफ देखता हु तो वो सोफे पर बैठा हमें hi घर रहा था, वही राघव के मुँह पर बंधे कपडा खुला हुआ था वो चाहता तो अभी भी यह खेल रुकवा सकता था प्रॉपर्टी के पेपर पर..
सिग्नेचर करके लेकिन उसका पति पूरी तरह से चुप था, इधर मैं, अब जो कुछ मधुमक्खी बची थी तिल्ली पर उसे माय उसकी गांड के भूरी छेद पर गिरता धीरे रखता हूँ और मधुमक्खी जैसे hi वह पर बैठती है वैसे hi अपना काम में लग जाती है उनका काम था की जहा सहद गिरा है वह पर मधुमक्खी पूरी टूट पड़े और पूरी सहद छत्त कर जाए? साथ में उसकी गांड की छेद पर काटे भी जिसके लिए मैं उन्हें लाया था, वही माहि, को जैसे hi मधुमक्खी डंकक उसकी गांड के छेद पर मरती है वैसे hi उसके छूट से पानी गिरने लगती है साथ hi वह कास मसते हुए ाम्म्म.. सशह्ह्ह.. ऊह्ह्ह्ह.. नूवो.. फुककक.. मी.. ऊह्ह्ह्ह.. गोड्ढ.. करती है, उसका ये हाल देख के मन hi मन खुस हो रहा था, इधर मधुमक्खी ने अपना काम जैसे hi पूरा किया वैसे hi मैं उन सभी..
मधुमक्खी को जल्दी से तिल्ली पर चढ़ा कर फिर से उस जाली वाली बोतल में ढाल कर कैद कर देता हु, उसके बाद बीएड के साइड के बगल में रखे टेबल पर रख देता हु, अब मैं, अपना हाथ हौले से बढ़ाते हुए माहि के बदन पर धीरे धीरे से फेरने लगता हु, वहीँ माहि का जी चाह रहा था की वो अपने निप्पल्स को कसकर रगड़े साथ hi अपने छूट को मसले और अपनी गांड में ऊँगली करे? मगर राधे नई उसके हांथो को भद्दे हुए था, इधर मैं, कुछ और करता तभी.. मेरे मोबाइल पर किसी का कॉल आया और रिंग बजते hi हम तीनो की नज़र उधर गई जहा से रिंग सुनाई पद रही थी, वही मैं, कुछ दूर पर अपने पंत को रखा हुआ था वो रिंग वही से सुनाई पद रही थी इस लिए माय जल्दी से माहि के बगल से उठ कर वह गया और अपने पंत से मोबाइल निकल के जैसे hi स्क्रीन पर no. देखा वैसे hi मेरे चेहरे पर एक गन्दी वाली हाशि च जाती है.