TUSHAR EK YODHA 《Incest, Thrill, Magical》 - SexBaba
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TUSHAR EK YODHA 《Incest, Thrill, Magical》

hotaks

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Dec 5, 2013
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तुषार एक योद्धा

CHAPTER-1

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Hello दोस्तों! मैं कैसर.. कैसे हो आप लोग. उम्मीद करता हु अचे hi होंगे.. येह में अपनी पहली स्टोरी लिखने जा रहा हु. थोड़ा सा अन्नादि हु लकिन वक़्त सब सीखा देगा, आपका साथ रहा तोह एक ाचा राइटर भी बना देगा.. स्टोरी में एक्शन ऐसा होगा की आप लोग पढ़ कर चोख जाओगे, इमोशंस ऐसे होंगे की आप रू पड़ोगे, और रोमांस ऐसा होगा की आप.......... शुरुवात चिंगारी से की है, लकिन jaise-jaise स्टोरी आगे बढ़ेगी आपको bade-bade धमाके देखने को मिलेंगे.. मेरी कोशिश रहेगी की ऐसा कोई भी सन न हो जहा पर आप सब बोर हो.. स्टोरी फुल तो फन होने वाली है.. में बहुत सफाई से लिखुगा तककि आपको कोई परेशानी न हो.. आप अपने आइडियाज और सुग्गेस्टियन्स के साथ दिल खोल के कमेंट करे. और स्टोरी पर अपना रिव्यु दे...

स्टोरी में आपको पिक्टुरेस देखने को बहुत काम मिलेगी.. लकिन में कोशिश करूँगा की अपनी कला और कलम की मदद से hi आप लोगो के दिमाग में छवि बना दू...

~कुछ गलत लिख दू तोह गुस्ताखी माफ हो,

एक बार कहानी में उत्तर कर देख लो,

मंजिल तक साथ मत चलना लकिन एक झलक दाल कर जरूर देख लो...~

चलो अब बढ़ते है स्टोरी की ऑर्डर... 》》》》》


《 इंडेक्स 》

तुषार एक योद्धा



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अपडेट 《1》अपडेट 《2》अपडेट 《3》अपडेट 《4》अपडेट 《5अपडेट 《6अपडेट 《7》अपडेट 《8》अपडेट 《9》अपडेट 《10》अपडेट 《11》अपडेट 《12》अपडेट 《13》अपडेट 《14》अपडेट 《15》अपडेट 《16》अपडेट 《17》अपडेट 《18》अपडेट 《19》अपडेट 《20》अपडेट 《21》अपडेट 《22》अपडेट 《23》अपडेट 《24》अपडेट 《25》अपडेट 《26》अपडेट 《27》अपडेट 《28》अपडेट 《29》अपडेट 《30》अपडेट 《31》अपडेट 《32》अपडेट 《33》अपडेट 《34》अपडेट 《35》अपडेट 《36》अपडेट 《37》अपडेट 《38》अपडेट 《39》अपडेट 《40》अपडेट 《41》अपडेट 《42》अपडेट 《43》अपडेट 《44》अपडेट 《45》अपडेट 《46》अपडेट 《47》 अपडेट 《48》अपडेट 《49》अपडेट 《50》अपडेट 《51》अपडेट 《52》अपडेट 《53》अपडेट 《54》अपडेट 《55》अपडेट 《56》अपडेट 《57》अपडेट 《58》अपडेट 《59》अपडेट 《60》अपडेट 《61》अपडेट 《62》अपडेट 《63》अपडेट 《64》अपडेट 《65》अपडेट 《66》अपडेट 《67》अपडेट 《68》अपडेट 《69》अपडेट 《70》अपडेट 《71》अपडेट 《72》अपडेट 《73》अपडेट 《74》अपडेट 《75》अपडेट 《76》अपडेट 《77》अपडेट 《78》अपडेट 《79》अपडेट 《80》अपडेट 《81》अपडेट 《82》अपडेट 《83》अपडेट 《84》अपडेट 《85》अपडेट 《86》अपडेट 《87》अपडेट 《88》अपडेट 《89》अपडेट 《90》अपडेट 《91》अपडेट 《92》अपडेट 《93》अपडेट 《94》अपडेट 《95》अपडेट 《96》अपडेट 《97》अपडेट 《98》अपडेट 《99》अपडेट 《100》अपडेट 《101》अपडेट 《102》अपडेट 《103》अपडेट 《104》अपडेट 《105》अपडेट 《106》अपडेट 《107》अपडेट 《108》अपडेट 《109》अपडेट 《110》अपडेट 《111》अपडेट 《112》अपडेट 《113》अपडेट 《114》अपडेट 《115》अपडेट 《116》अपडेट 《117》अपडेट 《118》अपडेट 《119》अपडेट 《120》अपडेट 《121》अपडेट 《122》अपडेट 《123》अपडेट 《124》अपडेट 《125》अपडेट 《126》अपडेट 《127》अपडेट 《128》अपडेट 《129》अपडेट 《130》अपडेट 《131》अपडेट 《132》अपडेट 《133》अपडेट 《134》अपडेट 《135》अपडेट 《136》अपडेट 《137》अपडेट 《138》अपडेट 《139》अपडेट 《140》अपडेट 《141》अपडेट 《142》अपडेट 《143》अपडेट 《144》अपडेट 《145》अपडेट 《146》अपडेट 《147》अपडेट 《148》अपडेट 《149》अपडेट 《150》अपडेट 《151》अपडेट 《152》अपडेट 《153》अपडेट 《154》अपडेट 《155》अपडेट 《156》अपडेट 《157》अपडेट 《158》अपडेट 《159》अपडेट 《160》अपडेट 《161》अपडेट 《162》अपडेट 《163》अपडेट 《164》अपडेट 《165》अपडेट 《166》अपडेट 《167》अपडेट 《168》अपडेट 《169》अपडेट 《170》अपडेट 《171》अपडेट 《172》अपडेट 《173》अपडेट 《174》अपडेट 《175》अपडेट 《176》अपडेट 《177》अपडेट 《178》अपडेट 《179》अपडेट 《180》अपडेट 《181》अपडेट 《182》अपडेट 《183》अपडेट 《184》अपडेट 《185》अपडेट 《186》अपडेट 《187》अपडेट 《188》अपडेट 《189》अपडेट 《190》अपडेट 《191》अपडेट 《192》अपडेट 《193》अपडेट 《194》अपडेट 《195》अपडेट 《196》अपडेट 《197》अपडेट 《198》अपडेट 《199》अपडेट 《200》
 
अपडेट-1

(सुभे के 8 बाज रहे थे इक औरत हाथ में कॉफ़ी का कप लिए इक रूम में एंटर करती है.)

औरत- अरे बीटा तुषार उठो देखो 8 बाज गए है. तुम्हे रोज रोज इक बात क्यों बोलनी पढ़ती है.

(तभी इक खूबसूरत सी लड़की रूम में आयी और बोली...)

लड़की- माँ आपको भी रोज रोज बोलना पड़ता है भैया मेरी किश लिए बिना कबि नहीं उठते. अप्प जाओ में भैया को लेके निचे अत्ति हु.

(येह लड़की उस लड़के तुषार की सबसे छोटी बहिन है अन्निका)

माँ- है ठीक है मेरी माँ तू ले आ अपने भैया को निचे.. और जल्दी लेके एना तुम्हारे पापा को कुश जरुरी बात करनी है तेरे भैया se...(uski माँ ने रूम से बहार जाते हुई बोलै)

अन्निका- Ok माँ..

(फिर अन्निका ने अपने भाई के तरफ देखा जो पेट बल लेता उसकी तरफ फेस कर सू रहा था. अन्निका ने धीरे से इक किश उसकी गाल पर कर दिया और बोली...)

अन्निका- गुड मोरिंग भैया..

तुषार- गुड मोरिंग मेरी गुड़िया..

अन्निका- भैया अब उठ भी जाओ कितना सोते हो अप्प..

तुषार- अरे तोह तू भी अजजा सजा मेरा साथ.

(तुषार हाथ से कीच कर अन्निका को अपनी बहो में साथ सुला लिया और उसके गाल पर इक किश कर दिया)

अन्निका- भैया मने रात भर बहोत सू लिया है!! अब अप्प भी उठ जाओ और हाँ माँ कह रही थी के पापा को आपसे कोई बात करनी है. अप्प जल्दी निचे जाओ नहीं तो पापा यहाँ ा जायेंगे.. (उसने हस्ते हुई येह बात बोली और बीएड से कड़ी हो गई )

(पापा का नाम सुनते hi तुषार जल्दी से उठ के खड़ा हो गया)

अन्निका- ाचा भैया में चलती हु अप्प जल्दी से फ्रेश होक निचे आ जाओ..

तुषार- है तू चल में बस 5 मिंट में आया.

(और फिर अन्निका वह से चली जाती है और तुषार जाता है बाथरूम में फ्रेश होने..)

(करीब 10 मिंट बाद तुषार फ्रेश होक निचे चला गया यहाँ उसकी फुल फॅमिली डाइनिंग टेबल पर ब्रेकफास्ट कर रही थी.)

|इंट्रो टाइम|

पापा- विजय आगे-41 (इंडिया के टॉप10 बिज़नेस मन में से इक है.. इंडिया में इनका सिर्फ नाम है लकिन इन्हे और इनकी फॅमिली वालो को किसी ने नहीं देखा..)

माँ- विषैली आगे-40 (इनको अपने बुसिनेस्स के बारे में ाटोज़ सब नॉलेज है. अगर कबि इनके हस्बैंड काम से आउट

ऑफ़ कंट्री चले जाये तोह बाकि बुसिनेस्स येह आराम से संभल लेती है.. अपने बचो और हस्बैंड से बहोत प्यार करती है.)

आरुषि- बड़ी सिस्टर आगे-20



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(आरुषि बहुत ख़ूबसूरत लड़की अभी कॉलेज ईस्ट ईयर में है.. गल्लो पे डिंपल, पतले लाल लाल लिप्स, कातिलाना ब्राउन आईज, तीखे एएब्रोस, लम्बे ब्राउन बाल और पतली कमर इक्दुम सेक्सी फिगर. सबसे ज्यादा प्यार अपने भाई से करती है, उसके लिए अपने mom-dad तक से लड़ लड़ जाती है, और स्कूल- कॉलेज में बहोत लड़को ने अपनी किस्मत आजमाई पर येह किसी लड़के को भाव नहीं देती..)

तुषार- घर का इकलौता बीटा आगे-19 (अभी क्लास 12तह में है. वैसे तोह अपनी सभी बहनो से प्यार करता है लकिन इसकी छोटी गुड़िया इसके ज्यादा नजदीक है.. डार्क ब्लू आईज, दिखने में ाचा है लकिन बहोत पतला है, जान तोह जैसे है hi नहीं.. इससे लिए स्कूल में कोई खास पसंद नहीं करता, आइये दिन कोई न कोई इससे तंग करता रहता है और येह मर खा कर घर ा जाता है.. लकिन किसी को बताता नहीं है..)

तान्या- जुड़वा सिस्टर ऑफ़ तुषार आगे-19



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(तान्या- घर की दूसरी बेटी. येह भी तुषार के क्लास में hi है 12तह में.. बहोत तीखी hai...vase तोह सबसे प्यार करती है बस इससे अपने भाई से नफरत है. वो क्यों है कहानी में अग्गे पता चलेगा.. दिखने में हॉट एंड सेक्सी, नेचुरल लाइट ब्लू आईज, लसिले होंठ, पहले -पहले गाल, पतली सी कमर बोले तोह इक दम चलता फिरता फुल पैकेज है हॉटनेस का..)

अन्निका- छोटी सिस्टर आगे-18



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(अन्निका- घर की सबसे प्यारी डॉल.. भैया की गुड़िया और पापा की प्रिंसेस.. अन्निका अभी 11तह में है और तुषार और तान्या के स्कूल में hi है.. कोई इससे ज्यादा देर तक नाराज नहीं रह sakta.sabse ज़िद्दी है अपनी हर बात मनवा कर hi छोड़ेगी.. बहोत क्यूट और स्वीट है लाइट ग्रीन आईज, phule-phule गाल, गुलाबी पतले

होंठ, काळा स्ट्रैट बाल. येह इक नाज़ुक काली है..)

(बाकि चरक्टेर्स अग्गे स्टोरी में पता चलते जायेंगे.. में बता तो दू लकिन मुझे पता किसी को कुश याद नहीं रहे गए..)

|बैक तो स्टोरी|

(करीब 10 मिंट बाद तुषार फ्रेश होक निचे चला गया यहाँ उसकी फुल फॅमिली डाइनिंग टेबल पर ब्रेकफास्ट कर रही थी.)

तुषार- गुड मॉर्निंग आल

(सबने तुषार की तरफ देखा और गुड मॉर्निंग बोलै लकिन तान्या ने इक बार उसके तरफ देख वापिस अपने खाने में लग गई.)

पापा- और बीटा अज्ज बढ़ी जल्दी उठ गे रोज की tarah.haan!! (पापा ने तना मरते हुई कहा तोह तान्या कहा चुप रहती वो भी बोली..)

तान्या- हाँ पापा देखो न मुझे स्कूल के लिए लेट हो रहा है और येह अब ा रहा hai..(tania ने तुषार को और दन्त पढ़वाने के लिए येह बात बोली.)

तुषार- हाँ तोह तू चली जा न दूसरी कार से घर में 3 कार्स है न तुजे मेरी कार में hi एना है क्या.. में और गुडिअ ा जायेंगे और दूसरी गाड़ी में. क्यों gudiya?(tushar ने भी जवाबी हमला देता हुई बोलै)

अन्निका- हाँ भैया क्यों nahi..(annika ने भी मुस्कुराते हुई जवाब दिया..)

तान्या- मुझे भी कोई शोक नहीं तेरे साथ ऐनी का. और तू तोह चुप hi रह भैया की चमची..(तान्या ने बुरा सा मुँह बनाते हुए कहा.)



अन्निका- भैया देखो न दीदी बिना वझे मुझ पर गुस्सा कर रही है..

तुषार- देखो तान्या मेरी गुड़िया को कुश मात बोलो सामजी..

तान्या- नै सामजी क्यों क्या कर लेगा तू.. हाँ बोल..

आरुषि- तनु चुप कर जा shube-subhe सबका मूड मात खराब कर.

(आरुषि बात को संभालते हुई बोली..)

तान्या- ाचा में मूड खराब कर रही हु और इसक..

(तान्या अग्गे कुश बोलती माँ बिच में बोल पड़ी)

माँ- अरे बस चुप हो जाओ तुम लोग.. (माँ ने गुस्से से छीलते हुआ बोलै. इक बार तोह पापा भी कम्प गए)

माँ- येह क्या लगा रखा है तुम लोग ने चलो सभी ब्रेकफास्ट करो और कोई कुश नै बोलेगा..

(पापा मुझसे कुश बात करना चाहते थे लकिन माँ की डहर सुन उन्होंने ने रिस्क नै लिया..)

(फिर सब ब्रेकफास्ट करने लगे तुषार ने भी थोड़ा सा खाया और उठ कर जाने को हुआ तोह पीछे से पापा ने आवाज लगा दी.. )

पापा- बीटा तेरे से कुश बात करनी है.

तुषार- जी कहिये पापा..

पापा- बीटा में बस इतना कहना चाहता हु की अपनी सेहत का ध्यान रखो येह क्या हालत बना राखी है अपनी.. उसके गम में अपने आपको क्यों तकलीफ देते हो खाना तक ठीक से नहीं कहते हो.. वो तुम्हारे लायक नहीं थी. अगर तुम्हे समझती होती तोह सिर्फ पैसो के लिए तुम्हे शूर कर क्यों गई. उससे सिर्फ पैसो वाला कोई चाहिए था और तुमने उससे कबि सचाई बताई hi नहीं की तुम कोण हो.. शायद अगर तुम उससे बता देता तोह छोड़ना तोह दूर पूरी ज़िंदगी तुम्हारे साथ रहती लकिन क्या वो तुमसे प्यार करती थी? नहीं वो सिर्फ दौलत को प्यार करती थी तुम्हे नहीं..

(पापा ने लम्बा छोरा लैक्टुरे देता हुई तुषार की तरफ देखा जो सर निचे किये सुन रहा था जैसे धोका उसने नहीं इसने दिया हो..)

पापा- तो क्या सोचा तुमने?

(तुषार को वापिस को वो सब याद ा गया उस की आँखें नुम हो गई थी.. उसने आँखें साफ करते हुआ बोलै.)

तुषार- जी ठीक है पापा जैसा अप्प बोलो. में अपनी सेहत का ध्यान राखु गए. सही से खाना खाऊंगा. सोच रहा हु गयम भी ज्वाइन करलु. अपनी हसने खेलने वाली लाइफ वापिस शुरू करूँगा.

पापा- येह हुई न baat...(papa ने तुषार को ख़ुशी से लगे लगते हुई बोलै)

तुषार- लकिन पापा मुझे सिम्पलिसिटी पसंद है.. में इंडिया के टॉप 10 बिज़नेस मांस में इक विजय महरा का बीटा हु किसी को नहीं बताना चाहता. बल्कि अप्प जैसा खुद के दम पर बनना चाहता हु..

पापा- ठीक है भाई जैसे तुम कहो और सिम्पलिसिटी तुम्हे क्या तुम्हारी बहनो को भी पसंद नहीं है. पता नहीं. इतनी दौलत क्या में अकेला खुद hi उद्धव क्या..

तुषार- नहीं पापा अस्सी बात नहीं है. पर में खुद अपनी इक पेचान बनाना चाहता hu(Tushar ने स्माइल करते हुई ऊपर देख के येह बोलै जैसे अपने सपनो को सच होता देख रहा है)

(तभी तान्या घर से बहार जाने के लिए वह से गुजर रही थी तोह उसने येह बात सुन ली और बोली...)

तान्या- हाँ पेचान तोह तेरी बानी हुई है. लोसर के नाम से (और हस्ती हुई बहार कार बेथ चली गई..)

(तुषार को थोड़ा गुस्सा आया लकिन वो चुप रहा)

पापा- बीटा उसकी बातो का गुस्सा मत किया करो. तुम्हे पता है वो ऐसा क्यों करती है..

तुषार- जी पापा..

(फिर अन्निका और आरुषि वह आयी और बोली)

अन्निका- चले भैया देर हो रही है स्कूल के लिए)

आरुषि- हाँ तुषार मुझे भी ड्राप कर देना सोल्लगे के लिए. इक कार तान्या ले गई है दूसरी पापा ले जायेंगे और इक तुम ले जाओगे तोह में क्या घोड़े पे ायुगी मुझे भी साथ ले चलो और रस्ते में ड्राप कर देना..

(आरुषि की बात पे सब हसने लगे)

तुषार- हाँ दीदी चलो..

(फिर तन्नो मम्मी पापा को bye बोल निकल पड़ते है घर से और कार में बेथ जाते है. अगर येह लोग चाहते तोह बड़ी से बड़ी कार खरीद लेते लकिन कार भी इनकी सिंपल hi थी.. फिर तुषार ड्राइव करता है उसके साथ अन्निका बैठी हुई थी और पीछे आरुषि..)

《1566 -वर्ड्स》
 
अपडेट-2

(फिर तन्नो मम्मी पापा को bye बोल निकल पड़ते है घर से और कार में बेथ जाते है. अगर येह लोग चाहते तोह बड़ी से बड़ी कार खरीद लेते लकिन कार भी इनकी सिंपल hi थी.. फिर तुषार ड्राइव करता है उसके साथ अन्निका बैठी हुई थी और पीछे आरुषि..)

|अब अग्गे|

(फिर तुषार कार अग्गे बढ़ा देता है और साइड पांच देता है आरुषि के कॉलेज के गेट के सामने..)

तुषार- लो दीदी ा गया आपका कॉलेज..

आरुषि- हम चलो bye और हाँ मुझे टाइम पे लेले भी एना है याद रखना..

तुषार- हाँ दीदी टाइम पे ा जाऊंगा.. Bye..

अन्निका- Bye दीदी..

आरुषि- Bye स्वीतो..

(आरुषि दोनों के गालो पे इक किश करती है और वह से कॉलेज के अंदर चली जाती है और तुषार कार ले जाता अपने स्कूल के और..)

(तुषार कार पार्क करता है तोह वह तान्या भी अपनी कार के पास कढ़ी थी अपनी के फ्रेंड्स साथ..)

तुषार- चलो तान्या क्लास में चलते hai..(Tushar ने तान्या के पास जाते हुआ बोलै..)

तान्या- तुजे क्या में आजाऊंगी.. तू जा क्लास में और जा कर किसी डेस्क को पाकर ले ज्यादा देर बहार रहा तोह हवा न ुधा ले जाये..

(तान्या के बात से उसके सरे फ्रेंड्स हसने lage..Annika को बहुत गुस्सा आया. गुस्सा तोह तुषार को भी आया उसकी इंसल्ट हुई थी वो भी उसकी अपनी बहिन से लकिन वो वह से अन्निका को ले कर निकल गया..)

अन्निका- भैया वो तान्या दीदी बहुत बुरी है.. मुझे बहुत गुस्सा ा रहा है उन् par..vo ऐसा क्यों करती है आपके साथ..

तुषार- गुड़िया! वो अस्सी hi है तुम्हे तोह पता है न.. ऐसे गुस्सा नई करते अब चलो जाओ अपनी क्लास में वो देखो तुम्हारी फ्रेंड्स कड़ी है..

(तुषार अन्निका की गाल को चुम लेता है और उससे उसकी फ्रेंड्स की तरफ इशारा करता है..)

अन्निका- भैया में तोह अपनी फ्रेंड्स के साथ चली जाउंगी लकिन अप्प किसके साथ जाउंगी, किसे बात करोगे, किसके साथ अपना दुःख दर्द शेयर karoge..(Annika ने तुषार की आक्खो में देखते हुआ बोलै..)

तुषार- गुड़िया जहा तक बात फ्रेंड्स की है तोह मुझे वैसे भी कोई पसंद नहीं करता तोह फ्रेंड कोण बांयेगा मुझे.. और दुःख दर्द शेयर करने के लिए तू है न मेरे पास.. क्यों!!

अन्निका – हाँ बिलकुल भैया.. में तोह हमेशा आपके साथ hi हूँ. ाचा चलो भैया में चलती hu..bye!

(फिर तुषार के गाल पे इक किश कर वह से चली जाती है और तुषार भी मुस्कुराकर अपनी क्लास में चल देता है..)

(इधर तुषार के जाने के बाद तान्या के पास.)

नोट: तान्या और अन्निका के फ्रेंड्स बस स्कूल तक hi है.. येह स्कूल के बाद काम hi मिलते है..

(तान्या के 3 फ्रेंड हाँ..

लड़की.1- जस्मिने (इसके पापा इक बिज़नेस मन है. तोह येह पसे खुल के उड़ाती है. कोई चीज़ इससे लेनी है तोह मतलब लेनी है छाए कितनी भी mehangi.kimti क्यों न हो. ब्यूटीफुल बहुत है गोल चेहरा, कल्ली आखें, लिप्स के पास इक छोटा सा टिल, परफेक्ट फिगर है.. बस इक कमी है और वोह है इसमें अक्कर बहुत है..)

लड़की.2- जूही (येह इक मिड्लक्लास फॅमिली से है.. येह भी बहुत खूबसूरत लड़की है.. तीखी नक्, क्यूट सा फेस, येह इक प्यारी और अछि लड़की है..

रीडर्स- तोह इनके साथ क्या कर रही है?

राइटर- क्युकी जूही जस्मिने की बचपन के दोस्त है.. इससे नहीं पसंद किसी की तंग कीतचना या किसी को दर्द देना.. येह बस साथ रहती है..

रीडर्स- ओह्ह्ह..)

लड़का.- जश्न (जश्न भी इक मिड्लक्लास फॅमिली से है.. येह भी थोड़ा बिगड़ा हुआ लड़का hi है लकिन हद में..)

|बैक तो स्टोरी|

जस्मिने- यार तेरा भाई मुझे बिलकुल पसंद नहीं है.. लड़के बहादुर होने चाहिए.. अट्टा जाता कोई भी हाथ साफ कर जाता है इस्पे. और येह!! येह भी नहीं देख्दा की मुझे मारा किसने है. बाँदा पलटकर जवाब दे.

जश्न- “कलर ठीक करते हुई” हाँ बहादुर तोह मेरा जैसा होना चाहिए..

जस्मिने- तेरे जैसा.. उसदिन तुषार को देण्य और उसके दोस्तों ने मारा था तब दिखता न अपनी बहादुरी..

जश्न- क्यों भाई वो मेरा जीजा जी है जो में उसके लिए लाडू जा के.. और क्या कह रही थी तुम उससे पलटकर जवाब देना चाहिए था.. जवाब तोह तब देता न अगर बॉडी में जान हो तोह..

जूही- लकिन उससे इक बार कोशिश तोह करनी चाहिए थी न.. वो भले hi मार खा रहा था लकिन ik-do ग़ुस्से तोह मरता.. लकिन वो बस चुप चाप मर खता रहता है जैसे उससे दर्द hi न हो रहा हो.. ऐसा kyu?(Juhi बरी मासूमियत से सोचते हुई बोली)

(तान्या जो कब से इनकी बक बक सुन रही थी बोली…)

Tania-"chila कर” चुप हो जाओ तुम सब. बंद करो उसकी बाटे करना.. और चलो सब क्लास में..

(फिर चारो क्लास में ात्ते है.. यहाँ तुषार अपने डेस्क पर लास्ट में अकेला सर पीछे दिवार पे लगाई बैठा था.)

(फिर थोड़ी देर में क्लास शुरू हो गई... रेसस्स में तुषार अपना टिफ़िन लेके ग्राउंड में ा गया.. और इक बेंच पर बेथ कर अन्निका का वेट करने लगा.. येह दोनों रोज इक साथ बेथ कर टिफ़िन ख़तम करते हैं. थोड़ी देर में अन्निका भी ा गई...)

अन्निका- “स्माइल के साथ" hello भैया..

तुषार- अरे ा गई तू. चल आ बेथ.

(अन्निका बेथ जाती है और अपना टिफ़िन खोल खाने लगती है की तुषार अपने हाथ से उसका हाथ रोक लेता है..)

तुषार- अन्नू रुक..

अन्निका- क्या हुआ भैया खाने दो न बहुत भूक लगी है..

तुषार- “शरारत से" वो क्या है न गुड़िया भूक मुझे अज्ज कुश ज्यादा hi लगी है तोह मेरा इक टिफ़िन से काम नहीं बनेगा तू न अपना टिफ़िन भी मुझे देदे..

(अन्निका तुषार के तरफ देखती है और सोचती है)

अन्निका- “मन में" येह भैया को क्या हुआ है पहला तोह कबि ऐसे मेरा टिफ़िन नई माँगा.. लकिन मुझे भी भूक लगी है फिर में क्या खाउंगी.. चलो भैया के लिए तोह बहुत दिनों तक भी भुकी रह सकती हु में. में तान्या दीदी जैसे नहीं हु..

Tushar-“man में" हाय रे लड़की कितनी मासूम है.. पता नहीं क्या क्या सोच रही है अपने छोटे से दिमाग me..(or फिर मुस्कुरा देता है…)

अन्निका- भैया ये लो अप्प न मेरा भी टिफ़िन खा लो. आपको ज्यादा भूक लगी होगी क्युकी अपने सुभे भी ठीक से ब्रेकफास्ट नहीं किया था...( और अपना टिफ़िन उससे दे देती है…)

(तुषार मुस्कुराता हुआ इक निवाला हाथ में लेता है और अन्निका के मुँह के तरफ बढ़ा देता है जो ग्राउंड में बचो को bhagte-dorte साइड फेस किये हुई देख रही थी…)

तुषार- “प्यार से" अन्नू मुँह खोलो..

(अन्निका तुषार की तरफ देखती है जो पहला बार उससे अपने हाथ से खिला रहा था.. अन्निका धीरे से मुँह खोल निवाला मुँह में ले खाने लगती है…)

अन्निका- “कहते हुए” भैया क्या हुआ. अप्प खा लो न आपको ज्यादा भूक लगा है. मुझे ज्यादा भूक नहीं है में घर जा के खा लुंगी..

तुषार- मेरी प्यारी गुड़िया भूखी रहे और में 2-2 टिफ़िन खा जाऊ ऐसा हो सकता है क्या…

अन्निका- “बरी मसोमात से“ लकिन भैया आपको ज्यादा भूक लगी है इस लिए मैंने आपको अपना टिफ़िन दिया. और अब आप मुज….

तुषार- “उसके होठो पे ऊँगली रख के" स्स्सस्स्स्स बस चुप हो जा और खाना खा.. ले मुँह khol..(or उससे खिला देता है)

अन्निका- भैया मुझे भी आपको खिलाना है..

तुषार- ठीक है..

(फिर ऐसे hi दोनों टिफ़िन ख़तम करते है.. लकिन कोई था जो इन्हे कही दूर से देख रहा था… और येह थी तान्या जो दूर इक बेंच पर बैठी दोनों को देख रही थी…)

तान्या- “मन में” देखो तो कैसे उससे अपने हाथ से खिला रहा है. सब इससे hi प्यार करते है और येह भी सबको करता है सिवाए mere..(or उसकी आंखे नाम हो गई)

तान्या- “अचानक गुस्से में” लकिन उस दिन तोह हद्द हो गई कोई ऐसे भी करता है अपनी बहिन के साथ.. में तुम्हे कबि माफ नहीं करुँगी मर..( और उठ कर चली जाती है)

(रेसस्स ओवर हुई और सब अपनी क्लास में निकल गए.. फिर थोड़े टाइम स्कूल चला छुट्टी हुई और दोनों भाई, बहिन क्लास से बहार निकले दोनों में कोई बात नहीं हुई. पार्किंग में जा के तुषार अपनी कार के पास अन्निका का वेट करने लगा और तान्या भी अपनी फ्रेंड्स के साथ कार के पास कड़ी थी.. थोड़ी देर में अन्निका भी ा गई अपने पीछे भरी सा स्कूल बैग टंगे हुई..)

तुषार- “अन्निका को देखता हुआ” आजा मेरी गुड़िया.. ला बैग दे. "और उसका बैग पकड़ कार में रख देता है" केसा रहा क्लास?

अन्निका- बहुत ाचा भैया.. भैया में सोच रही थी कही घूमने चले क्या और मुझे थोड़ी शॉपिंग भी करनी है. ऐसे फिर घर से एना पड़ेगा इस लिए सीधा वही चलते है. क्यों?. और आरुषि दीदी को भी साथ ले लेंगे..

तुषार- हम ाचा ठीक है.. चलो..

अन्निका- हाँ चलो बहिया.. भैया इक मिंट..

(अन्निका वही से hi थोड़ी दूरी पर कड़ी तान्या को कहती है..)

अन्निका- दीदी में और भैया आरुषि दीदी को लेके थोड़ा घूमने जायेंगे.. आपको एना है क्या?

तान्या- नहीं! में क्यों ायूँगी तुम लोग के साथ.. और तू इस (तुषार को) उड़ती पतंग के साथ जा रही है.. येह नमूना किसी काम का नहीं है. मेरी बात मन अजजा मेरे दोस्तों के साथ चलते है. हम तुम्हे प्रोटेक्ट तोह कर पाएंगे. और वासे भी सेहर में गुंडों का राज hi चलता है. खतरा हो सकता है.. अजजा..

अन्निका- दीदी आपको भैया पर विश्वास नहीं है?

तान्या- “सोचो में गम” था कभी.

अन्निका- क्या मतलब..

तान्या- कुश नहीं जा तू..

(अन्निका वह से तुषार के साथ कार में बेथ जाती hai.Tushar ने उनकी बाते नहीं सुनी थी वो कार में एक्के बेथ गया था.. अन्निका का मूड ख़राब हो चुक्का था तान्या के बात सुन कर..)

तुषार- क्या हुआ?

अन्निका- कुश नै भैया चलो चलते है दीदी के कॉलेज वो वेट कर रही होगी..

तुषार- है चलो..

(फिर तुषार कार को पार्किंग से निकलता है और दौड़ा देता है आरुषि के कॉलेज के taraf..thori देर में कॉलेज ा जाता है. यहाँ आरुषि गेट के बहार कड़ी थी इक लड़की के साथ.. तुषार कार सीधा उसस्के सामने रोकता है. और बहार निकलता है कार से..)

|इंट्रो|

(Arushi’s फ्रेंड- हरलीन (येह इक मिडिल क्लास फॅमिली से है. इससे किसी से nok-jok करना पसंद है. लकिन दिल की साफ है. इसको भी बागवान ने खूबसूरती भर भर के दी है, हल्का सा मकूप किया हुआ, गुलाबी गाल, लाल होंठ, येह ज्यादा अपने घरवालों से कुश मांगती नहीं है जितना मिला उतने में खुश..)

आरुषि- “तुषार के पास ात्ते हुई” तुषार इससे मिलो येह है मेरी फ्रेंड हरलीन. और हरलीन येह है मेरा छोटा भाई तुषार..

हरलीन- (तुषार को ऊपर से निचे तक देखती हुई) येह है तेरा भाई.. यार बड़ा हल्का भाई रखा हुआ है तूने.. “हस्ते हुई” इसको रस्सी से बांध कर हवा में उड़ाने में मज़ा अट्टा होगा na..(or जोर से हसने लगी)

(तुषार खामोश खड़ा रहा.. आरुषि और अन्निका को गुस्सा आया तो वो बोली)

अन्निका- दीदी येह अछि बात नहीं है अप्पको भैया को ऐसा नहीं बोलना चाहिए..

आरुषि- शुतुप यार हरलीन. इक तोह में तुजे अपने भाई से मिलवा रही हु और तू उसकी खिल्ली ुधा रही है..

हरलीन- “अन्निका के तरफ देखती हुई” अरे सॉरी सॉरी प्यारी गुड़िया अग्गे से नहीं बोलोगी.. तोह वैसे अप्प हो सब bhai-behano से छोटी?..

अन्निका- जी दीदी में सबसे छोटी हु.. मेरा नाम अन्निका है..

हरलीन- अन्निका. बहुत प्यारा नाम है. अप्प भी बहुत प्यारे हो..

अन्निका- ठंकु दीदी..

हरलीन- “तुषार के तरफ देखती हुई” सॉरी तुषार अगर तुम्हे बुरा लगा हो तो.. (और हल्का सा कण पकड़ लेती है..)

तुषार- अरे नहीं नहीं कोई बात नहीं जी अब तोह ाददात सी हो गई है तोह बुरा नहीं लगता.. “आरुषि की तरफ देख कर “चलो चले दीदी..

आरुषि- हम्म चलो..

तुषार- ओह्ह हाँ दीदी. अन्नू कह रही थी की कही घूमने जाना है और शॉपिंग करनी है..

अन्निका- हाँ दीदी प्लीज न..

आरुषि- ाचा ठीक है चलो..

(आरुषि जाने लगती है तोह हरलीन उसका हाथ पकड़ लती है..)

आरुषि- क्या हुआ..?

हरलीन- मेरे बिना घूमने जा रही है. चल मुझे भी साथ ले के चल..

आरुषि- हाँ ठीक है मेरी माँ चल बेथ जा.. हाथ तोह शूर मेरा..

(चारो कार में बैठते है और निकल जाते है सिटी की और..)

(रस्ते में)

तुषार- हाँ तोह बताओ कहा जाना है..

अन्निका- सबसे पहले तोह मूवी देखनी है. क्यों दीदी..

आरुषि- सही कहा तुमने बहुत दिन हो गे कोई अछि मूवी नई देखि..

(थोड़ी hi देर में सब इक मूवी थिएटर के सामने होते है..)

तुषार- में टिकट और कुश खाने को लेके अट्टा हु..

(फिर सभी मूवी देखने चले जाते है.. अंदर कुश खास नहीं हुआ इस लिए इससे स्किप कर रहा हु.. फिर 3 घंटे मूवी चली. ख़तम होने के बाद सभी बहार ात्ते है..)

तुषार- तो किसी लगी मूवी..

आरुषि- “सदा सा मुँह बना के” बोरिंग..

हरलीन- “वासे hi” बेकार..

अन्निका- “खुश होक” लकिन मुझे तोह मज़ा आया..

आरुषि- “उसका हलके से कण खींचते हुई” हाँ पेटू तुजे तोह मज़ा आएगा hi न हम सब के स्नैक्स और कोल्ड ड्रिंक सब खा पि गई तू..

अन्निका- अहह दीदी सॉरी न वो आपको तो पता है न में इन् सब के बिना ज़िंदा नहीं रह सकती.. हिहि

तुषार- ज़िंदा की बची. अब येह बता अब कहा जाना है..

अन्निका- हाँ भैया अब “सोचते हुई” हम्म शॉपिंग..

तुषार- ठीक है चलो..

(फिर सब इक मॉल में जाते है यहाँ इक खतरा उनका इंतज़ार कर रहा था..)

(सभी मॉल में पहुंचे तोह वह कुश 25+ आगे के 3 लड़के इक कोने में खड़े लड़कीअ को ताड़ रहे थे. कोई उनका हुलिए देखते hi पेचान जाये की येह गुंडे है...)

《2223 -वर्ड्स》
 
अपडेट-3

तुषार- ठीक है चलो..

(फिर सब इक मॉल में जाते है यहाँ इक खतरा उनका इंतज़ार कर रहा था..)

(सभी मॉल में पहुंचे तोह वह कुश 25+ आगे के 3 लड़के इक कोने में खड़े लड़कीअ को ताड़ रहे थे. कोई उनका हुलिए देखते hi पेचान जय की येह गुंडे है)

|अब अग्गे|





(उन् में से इक ने तुषार और लड़कियों को देख लिया और बोलै…)

गुंडा.1- यार्रो वो देखो मॉल में क्या माल आया है..

(उसके दोस्तों ने उधर नज़र दौड़ाई. तुषार एंड कंपनी ने भी उनकी बात सुन ली और उनकी तरफ देखने लगे.)

गुंडा.2- “आँखे चमकते हुई” हाँ यार माल तोह मस्त है. ज़बरदस्त है..

गुंडा.3- “थोड़ा अग्गे ात्ते हुई” लकिन मेरी बात सुन लो तुम दोनों अकाउंट में खोलूँगा सबसे पहले बाद में तुम joo…(vo अग्गे बोलने hi जा रहा था की इक ग़ुस्सा उसके मुँह पर जा पड़ा.. और येह मारा था तुषार ने)

(उसके दोनों साथी तुषार की तरफ जाते है..)

गुंडा.3- “गुस्सा कण्ट्रोल करते हुए" रुको तुम दोनों. पहला कुश बात तोह कर ले..

गुंडा.1- “गुस्से से” बात क्या करनी है भाई सेल ने आपको मुक्का मारा.. “जेब से चाकू निकलते हुई” इस सेल को अभी काट देता हु..

गुंडा.3- अरे अरे मुन्ना शाट रह तू. में बात कर रहा हु न.. “तुषार के तरफ देखते हुई” हाँ तोह पंखे की हवा से उड़द जाने वाले.. बारे ज़ोर है तेरा पतले से मास्स में लिपटी हड्डियों में.. हाँ..

(उसकी बात से दोनों हसने लगे.. तुषार एंड कंपनी जो कब से इनकी बाटे सुन रहे थे. उन्हें गुस्सा भी ा रहा था और दर भी लग रहा था..)

तुषार- “फुल कॉन्फिडेंस से थोड़ा आगे आते हुई” लड़ने के लिए ज़ोर की नहीं हिम्मत की जरुरत होती है..

गुंडा.2- अबे ोये सुन हमारे सामने ज्यादा येह हिम्मत मत दिखा. समजा..

तुषार- “याददो में खोता हुआ" पहला येह गलती कर चूका हु. अब नहीं..

गुंडा.2- क्या मतलब..

तुषार- मतलब शूर और हमें भी..

गुंडा.3- अरे ऐसे कैसे शूर दे.. हमें येह जलेबियो को टास्ते तोह करने de..(or आरुषि की तरफ बढ़ने लगता है..)

आरुषि- घर जा के अपनी माँ को टास्ते कर न. या उससे टास्ते करके सीधा यहाँ आया है..

गुंडा.3- तेरी तोह..

(और उससे इक थप्पड़ मरने को होता है की तुषार खिसक के इक लात उसके पेट में दे मरता है..)

गुंडा.3 “दर्द में” सालीआठ.. पकड़ के मारो इस बहनचोद को…

अन्निका- “डरते डरते अग्गे जाते हुई” देखो मेरे भैया को कुश मत करना..

(इक गुंडे उसकी बातो को अनसुना करते हुई तुषार की गर्दन पकड़ लेता है और ढकेलते हुई दिवार के साथ जोड़े से दे मरता है.. दूसरा एक्के पीछे से उसके दोनों हाथ पकड़ लेता है और बोलै..)

गुंडा.2- ले भाई मार सेल को..

(तुषार उससे छूटने के लिए अपनी पूरी जान लगा देता है लकिन हिल तक नहीं पता.. गुंडा.1 एक्के उसके पेट में घुटना दे मर्द है..)

तुषार- आआह्ह्ह्हह

(आरुषि और अन्निका भगति हुई आयी..)

अन्निका- “रट हुई” भैया अप्प ठीक हो “गुंडों से हाथ जोड़ते हुई” प्लीज मेरे भैया को मात मारो.. उन्हें कुश हो जायेगा..

आरुषि- देखो मेरे भाई को शूर दो वर्ण ाचा नहीं होगा..

गुंडा.3- ाचा तोह अब तुम लोगो के लिए नहीं होगा.. “और आरुषि के बाल पकड़ लेता है”

(जब तक येह बाटे कर रहे थे तुषार ने सामने खड़े गुंडा.1 के ांडो पे लात मर दी.. उसके मुँह से चीक तक न निकली और वो वही दिवार के sath-sath निचे बेथ गया..)

गुंडा.3- “फुल गुस्से में” ेहः साला कुश ज्यादा hi उछाल रहा है. इससे अभी ख़तम करता हु में.. शामू ऐसे hi पकड़ के रख इससे.. “और आरुषि को जोर से देखा दे देता है वो दूर जा गिरती है.. बिच में अन्निका आयी तोह उसने उससे भी साइड में देखा दे दिया..”

(गुंडा.3 उसके पास जाता है और आपका चाकू निकल तुषार के सिनने पर मरने को होता है तो तुषार अपने साइड में दिवार पर अपनी दोनों टंगे उठा पुरे जोर के साथ देखा देता है और गुंडे.2 के साथ इक साइड में गिर जाता है.. और जल्दी से उठ कर पूरा जोर लगा केर उसकी गर्दन पे लात दे मरता है.. गुंडे.2 की आखे बहार को ा गई. शयद वो मर गया tha.ya उसकी गर्दन टूट गई थी. येह बहुत जल्दी जल्दी हुआ.. गुंडा.1 अब्ब थोड़ा जोश संभल चूका था लकिन अभी भी अपने ांडे पकड़ी बैठा था.. गुंडा.3 ने जैसा hi येह सीन देखा वो दूरता हुआ तुषार के तरफ आया और उसके पीछे से पीठ पर चाकू मार दिया.. तुषार वैसा hi चीका हुआ पेट के बल ज़मीं पर गिर गया..)

हरलीन- “चिक्ति हुई" आआअह्ह्ह्हह

आरुषि- “भागते हुए उसके पास आयी” तूउससषाररर

अन्निका- “जोर से रट हुई” भठाईया.. भैया. भैया. भैयाआ उठो न भैया…

(गुंडा.3 आरुषि की तरफ जाता है जो निचे बेथ रोटी हुई तुषार के पीठ पे लगे चाकू को धीरे धीरे निकले की कोशिश कर रही थी.. आरुषि को बाजु को जोर से पकड़ उठता है जो अभी बिलकुल टूटी हुई थी..)

गुंडा.3- आए हरामज़ादी इसने मेरे भाई जैसा दोस्त को मारा है.. तुम सब को इसकी सजा मिलेगी..

(इतना बोल आरुषि का टॉप गले से पकड़ पुरे जोर के साथ फाड़ देता है.. निचे उसकी वाइट ब्रा थी. तुषार जो निचे लेता हिलने की हालत में नहीं था. तरफ रहा था. उसकी आखो से ासु निकल जाते है. अपनी बहिन का ऐसा हाल देख. वो पुरे जोर के साथ उठाने की कोशिश करता है लकिन उठ नहीं पता है. खून ज्यादा बहने के कारन वो बेहोशी की हालत में जा रहा था. आरुषि अभी भी शॉक में थी की अभी उसके साथ क्या हुआ है.. हरलीन को बहुत ज्यादा रोना रहा था उसने गुंडे.3 को जोर से साइड किया और जेक आरुषि के गले लग गई. उसकी बॉडी को ढकने लगी. अन्निका निचे अपने भैया के साथ लिपटी बस रोये जा रही थी और उससे हिला हिला के बुला रही थी.. गुंडा.2 उठा और गुंडा.3 हाथ पकड़ खींचते हुआ बोलै..)

गुंडा.2- चलो भाई यहाँ से. नहीं तोह मामला बिगड़ सकता है..

(गुंडा.3 को भी उसकी बात सही लगी और वो दोनों वह से rafoo-chakkar हो गे.. येह हंगामा माल के इक साथ में हो रहा था इस लिए ज्यादा किसी को पता नहीं चला लकिन फिर भी वह 10,12 लोग थे जो देख रहे थे कुश वीडियो बना रहे थे.. आरुषि जो थोड़ी देर हुआ पहला हादसे से बहार आयी और उन लोगो की तरफ देख्दा. उससे गुस्सा बहुत आया वो हरलीन जो उसके गले से बहुत जोर से चिपकी रू रही थी उससे हटा साइड में करते हुई बोली.)

आरुषि- अरे अज्ज थिएटर में मूवी किसी लगी. बोरिंग थी न. येह मूवी केसा लगी. “गुस्से से" मज़ा आया? करो रिकॉर्ड करो. “और गुस्से से” यहाँ दिन दहाड़े कोई गुंडा मेरे भाई को मार जाता है, मेरे कपडे फाड़ जाता है. और अप्प लोग कोई सीन मिस न हो जय रिकॉर्ड करे जा रहे हो. शर्म ांनी चाहिए तुम लोग को.. और तू लड़के मेरी जगह अगर तेरी बहिन होती और अज्ज उसके येह गुंडा कपडे फाड़ देता तोह तू अस्सी रिकॉर्ड करता.. तुम लोग में थोड़ी सी भी इंसानियत है.. येह बॉडी क्या बस दिखने के लिए बनाते हो?...

(और आरुषि वही तुषार के पास बेथ जाती है जो बेहोश पड़ा था और जोर से रोने लगती है..)

आरुषि- भाई. ू भाई उठ न please..(or जोर से रोने लगी)

हरलीन- “लोग की तरफ देखते हुई" प्लीज इससे कोई हॉस्पिटल ले जाओ..

(तभी इक लड़का भीड़ को चीयर भागता हुआ उनके पास आया और आरुषि को उठा कड़ा किया और अपनी शर्ट खोल निकल दी और आरुषि को पहनाने लगा हरलीन ने भी मदद की.. फिर उसने धीरे धीरे वो चाकू तुषार के पीठ से खींच लिया और तुषार को उठा लिया और बहार जाने लगा.. आरुषि, अन्निका, हरलीन कुश बोली नहीं और उसके पीछे पीछे जाने lagi.kam अकाल लोग अभी भी वीडियो hi बना रहे थे..)

(करीब 20मिंट बाद सब हॉस्पिटल में थे. तुषार िक में था और बाकि सब बहार बेंच पर बैठे थे. अन्निका तोह तब से रोइ जा रही थी.. आरुषि खुद को थोड़ा संभाले हुई थी पर इक दर उससे भी लग रहा था.. हरलीन अन्निका को साथ लिए चुप करने की नाकाम कोशिश कर रही थी..)

(वो लड़का जो तुषार को हॉस्पिटल लाया था बोलै..)

लड़का- “मुस्कुराता हुआ” देखिये अप्प सब फ़िक्र मत कीजिये उन्हें कुश नहीं होगा..

(सब टेंशन में थे तोह किसी ने उसकी बात पे गौर नहीं किया.. आरुषि ने घर फ़ोन कर दिया था. और उसके माँ, डैड भी 10,15मिंट में हॉस्पिटल पहुंचे.

माँ- “रट हुई अन्निका और आरुषि को देख बोली" वो रहे बचे..

(फिर माँ डैड उनके पास गे आरुषि उन्हें देख भाग के माँ के गले लग गे और जोर जोर से रोने लगी..)

माँ- बीटा येह सब क्या हुआ.. कहा है तुषार.. अब ठीक है वो.. कुश बोल न बोलती क्यों नै..

आरुषि- मुम्मा वो िक में है. उसका ऑपरेशन चल रहा है.. अभी डॉक्टर ने कुश कहा नहीं है..

अन्निका- “जो पापा के गले लग रू रही थी बोली" पापा मेरे भैया पहला जैसे हो जायेंगे न. मुझे दर लग रहा hai..bhaiya को कुश होगा तोह नहीं न..

पापा- “आँखों से अस्सू साफ करते हुई” नहीं बीटा हौसला रखो.. कुश नहीं होने दूंगा में तुम्हारे भैया को..

(थोड़ी देर बाद डॉक्टर बहार ए सब उनकी तरफ भाग के गे.)

पापा- क्या हुआ डॉक्टर साहब सब ठीक तोह है न..

डॉक्टर- देखिये अभी आपका लड़का खतरे से बहार है. येह लड़का वक्त रहते उससे यहाँ ले आया वर्ण कुश भी हो सकता था.. lakin….”doctor अभी बोल hi रहा था की पापा बिच में जा उस लड़के को कास के गले लगा लेते है..”

पापा- थैंक्यू बीटा. मेरे बेटे की जान बचने की लिए..

लड़का- “अलग होते हुई" किसी बात करते हो. अपनों को भी कोई थैंक्यू बोलै है दादा.. “बात बदलते हुई" ी मैं अंकल जी..

माँ- “उसकी गाल पर हाथ फेरते हुई" हाँ बीटा तू तोह अपनों से भी बढ़कर है. यहाँ सब वीडियो बना रहे थे किसी ने मेरे बीटा को हॉस्पिटल नहीं पौंचिया लकिन तुमने मेरे बेटे को यहाँ ला बचा लिया..

डॉक्टर- देखिये अगर अप्प सब का हो गया हो तोह मेरी पहले बात suniye..”sab ने डॉक्टर की तरफ देखा” आपका बीटा पहला hi बहुत कमजोर था. चाकू लगने की वजह से उसका बहुत खून बह चूका है. इस लिए 1घंटे के अंदर ो+ ब्लड ग्रुप का इंतज़ाम करना होगा..

(आइये थोड़ा पीछे चलते है तान्या अपने फ्रेंड्स के साथ मस्ती कर घर पौंची तोह गार्ड से पता चला तुषार को हॉस्पिटल में एडमिट किया गया है उसने जल्दी से गाड़ी गुमाई और हॉस्पिटल की तरफ मोड़ दी उससे एक्चुअली पता नहीं था की आखरी बात क्या हुई है.. वो जल्दी से हॉस्पिटल के अंदर पौंची और उसने दूर से अपनी फॅमिली को देखा और उनके पास जाने लगी. फिर कुश सोच कर वही दूर hi कड़ी रही. जब येह आयी तब डॉक्टर तुषार के ब्लड ग्रुप के बारे में बात कर रहा था. उसने पूरी बात सुनी थी..)

आरुषि- क्या तुषार का भी ो+! ब्लड ग्रुप है?.. “ तुषार ने कबि टेस्ट नहीं करइया था इस लिए किसी को पता नहीं था..”

(सब इक दूसरी के तरफ देखने लगे)

पापा- तान्या का भी ो+ ब्लड ग्रुप है..

आरुषि- “थोड़ा गुस्से में" पर वो कबि अपना खून तुषार को नहीं देगी..

अन्निका- पापा अप्प प्लीज दीदी से बात करो न..

(पीछे कड़ी तान्या ने यह सुना और उसकी इक आँख से ासु बह होठो तक ा गया)

हरलीन- अरे गुड़िया तू टेंशन मत lee..mera भी ो+ ब्लड ग्रुप है.. चलिए डॉक्टर अंकल. “ सब खुश हो गे"

अन्निका- थैंक्यू दीदी अप्प मेरे भैया को ब्लड डोनेट करोगे..

हरलीन- हाँ गुड़िया अज्ज से वो मेरा भी भाई है..

आरुषि- थैंक्यू वैरी मच हरलीन मेरे भाई नहीं नहीं हमारे भाई को बचने के लिए.. तुम मुँह बोली बहिन बन कर इतना कर रही हो जितना “तान्या को यद् करते हुई" कोई सगी बहिन भी नहीं करेगी..

हरलीन- “आरुषि को गले लगा के" कोई बात नहीं" चलिए डॉक्टर अंकल..

(तान्या से और न सुना गया और वो रोटी हुई हॉस्पिटल से बहार भाग गई. और पास में इक पार्क में जा बेथ गई)

डॉक्टर- बीटा खून ज्यादा बहा है और लड़का पहले से hi कमजोर था इस लिए ज्यादा ब्लड की जरुरत है.

लड़का- अरे टेंशन नॉट डॉक्टर में कब काम ायूँगा. मेरा भी ो+ ब्लड ग्रुप hi है.. “झूट" अप्प इनका रहने दीजिये और जितना निकलना है अप्प मेरा ब्लड निकल लीजिये..

(सब उसकी बात से हेरैं हो गए)

पापा- पर बीटा सारा ब्लड तुम क्यों डोज. डॉन…

लड़का- अरे डैड... मतलब अंकल जी येह फूल सी लड़की पहला hi बहुत कमजोर है.. में घोड़े जैसा कब काम ायूँगा.. चलिए डॉक्टर..

(वो डॉक्टर के साथ चला जाता है. वक्त गुज़रता गया. रात के 9 बज रहे थे. डॉक्टर ने हैरानगी से कहा तुषार उन्नातुराल तरीके से रिकवर हो रहा है. सब हेरैं भी हुई लकिन उससे ज्यादा उन्हें कृषि थी. तुषार को अब िक से निकल इक दूसरे रूम में शिफ्ट कर दिया गया. इसी बिच पापा ने किसी को कॉल किया..)

पापा- “इक साइड होकर फ़ोन पर" वो वीडियो हर जगह से हटनी चाहिए और वो 3 गुंडों का पता मुझे जल्द से जल्द चाहिए.

फ़ोन पर दूसरी साइड- फ़िक्र नॉट सर आपका काम हो गया संजो..

(पापा फ़ोन कट कर सबके पास ा जाते है.)

(रात करीब 11बजे इक नर्स तुषार के रूम से निकली और बोली..)

नर्स- पेशेंट को होश ा गया है अप्प लोग जेक मिल सकते है..

(सब भागते हुई अंदर गए)

(तुषार जो अंदर किसी सोचो में गम था उसकी आखो से हलके हलके ासु बह रहे थे बीएड पर पीछे पीठ टिकाये बैठा था..)

अन्निका- भैयाआआ “धोरके आयी और तुषार के लेते लेते गले लग गई” भैया कैसे हो अप्प “आँखों में ासु लिए बोली"

तुषार- “उसकी आखो से ासु साफ करता हुआ स्माइल के साथ" में बिलकुल ठीक हु गुड़िया. मुझे क्या होगा तू मेरे साथ है तोह. “ और उसके माथे पर इक किश कर देता है. और आरुषि को देखता है तोह उससे वो सब याद ा जाता है. और आँखों से तेज ासु बहने लगते है उससे देख आरुषि के ासु भी बहने लगते है.

तुषार- “दर्द भरी आवाज में" दीदी.. सॉरी.. “और जोर से रोने लगा.”

(आरुषि भाग के आयी और उसके इक साइड कास के गले लग गई..)

आरुषि- न न मत रो बेतु.. तू क्यों रू रहा है. हाँ. चुप. चुप बिलकुल चुप. “और उसके ासु साफ़ कर माथे पर इक प्यारा सा किश कर देती है.. )

तुषार- “उसके भी ासु साफ़ करता हुआ" दीदी मुझे माफ़ कार्डो मेरी दूसरी बहिन पर भी उन् गुंडों ने अपने गंदे हाथ लगाई और में कुश न कर पाया इस बार भी..

आरुषि- नहीं बेतु ऐसा मत बोल तूने तोह हमें बचने के लिए पूरी कोशिश की तेरे ठीक रहते वो गुंडे मुझे हाथ तक न लगा पाए. तूने अपनी जान तक लगा दी थी.. तू मत रो हाँ में तेरे से गुस्सा नहीं हु.

तुषार- पर दीदी कैसे में ये…

आरुषि- “बिच में बोलती हुई" मैंने बोलै न गुस्सा नहीं हु. अब तू चुप हो जा और इससे बारे में कोई बात नहीं होगी..

तुषार- ठीक है दीदी.

(माँ पापा की तरफ देखती हुई)

माँ- तोह क्या सोचा अपने..

पापा- सोचना क्या है वो वीडियोस जहा जहा भी है अब तक तोह सब जगह से डिलीट हो गई होगी.

माँ- और उन् गुंडों का क्या.

पापा- वो भी नहीं बचेंगे. कल तक उनका ठिकाना पता चल जायेगा “गुस्से में” और उन्हें पुलिस के हवाले कर में फांसी दिलवा के छोड़ूगा..

तुषार- पापा किसको फांसी दिलवाओगे. और अप्प पुलिस की बात करते हो पुलिस और गुंडों में कोई ज्यादा फरक नहीं रह गया वो गुंडे 2दिन से ज्यादा जेल में नहीं रहेंगे.. इसका इक hi हॉल है और वो हु में..

पापा- क्या मतलब है तुम्हारा..

तुषार- वही जो अप्प समाज रहे हो..

पापा- तुम जेक उनसे लड़ोगे.. पागल हो गे हो तुम..

तुषार- पापा उन्होंने मेरी बहिन के कपडे है “फुल गुस्से में" में उनकी चट्टी फाड् दूंगा..

माँ- येह क्या बोल रहे हो तुम तुम्हारा दिमाग ठिकाने है.

तुषार- हाँ माँ. बस 1महीना. 1महीने के अंदर अगर उनको नंगा करके उनकी वीडियो बना उनसे माफी न मंगवाई न तोह मेरा नाम भी तुषार नहीं…

आरुषि- तू इक थप्पड़ खायेगा मेरे से..

तुषार- नहीं दीदी में आपका और तान्या का बदला लेके रहूँगा. कोई मुझे नहीं रोकेगा. अप्प सब को मेरी कसम..

(इतना सुनते hi आरुषि और माँ ने इक इक थप्पड़ उसकी गाल पर चिपका दिया और आरुषि उसके गले लग रोने लगी..)

पापा- बीटा येह क्या था.. तूने मुझे क्या इतना कमजोर समाज लिया. क्या में अपने बचो की सुरक्षा नहीं कर सकता.. अगर तुम लोग पहला hi मेरी बात मान लेते और अपनी येह सिम्पलिसिटी वाला ड्रामा न करते होते तोह येह सब न होता. पर अब से ऐसा नहीं होगा.. क्यों?

तुषार- हाँ पापा बहुत हुआ येह. अब से हम सब की लाइफ चेंज हो जायेगे.. और मेरा वडा है आपसे मुझे कुश नहीं होगा. और न hi अब से मेरी किसी भी बहिन को कोई आँख ुधा कर भी देख पायेगा…

(येह बोलते बोलते तुषार बीएड से उठा खड़ा हुआ उसकी ाख्ने इक दम लाल हो गई थी.. सब तो पहला उससे इस हालत में कहड़ा देख हेरैं हो गए. लकिन जैसे hi उन्होंने उसकी आखे देखि सब दर के साइड हो गए. सिर्फ उस लड़के हो शोर कर. फिर कुश hi सेकण्ड्स बाद वो नार्मल हो गया और सबकी तरफ देखने लगा..)

तुषार- “सब को” क्या हुआ?..

अन्निका- “डर्टी हुई” भैया वो आपकी आखे लाल हो गई थी. और अप्प खड़े कैसे हो गए?. आपको दर्द नहीं हो रहा..

(तुषार को भी इस बात का ेअहसस्स हुआ तोह वोह खुद कंफ्यूज हो गया..)

तुषार- पता नहीं गुड़िया में कैसे खड़ा हुआ और मुझे दर्द क्यों नहीं हुआ.. इनफैक्ट में अपने अंदर इक अलग hi ऊर्जा को महसूस कर रहा हु.. और क्या कहा मेरी आखे लाल हो गई थी?..

अनजान लड़का- अरे वो दवाई का असर हुआ होगा. अज्ज कल की दवाइया बहुत तेज हो गई है जैसे hi तुम उठे शयद उसका इफ़ेक्ट पर गया होगा..

पापा- हाँ हो सकता है.. बीटा तुषार अब तुम केसा फील कर रहे हो..

तुषार- पापा में तोह बिलकुल फिट हु. लग hi नहीं लगा की मुझे कुश हुआ था. आप मेरे डिस्चार्ज पेपर बना के लाओ और मुझे घर लेके चलो.. अब में ठीक हु तोह यहाँ रह क क्या करूँगा..

अन्निका- “हस्ती हुई” रात को कहा जाओगे भैया.. 12बज रहे है रात के. कोई आपको चुटी नहीं देगा..

तुषार- क्या रात हुई है.. ठीक है तोह कल सुभे चले गए. ठीक है न पापा..

पापा- ठीक है बीटा..

माँ- हाँ और अभी तू लेट के आराम कर..

तुषार- ok माँ

तुषार- “मन में” तान्या नहीं आयी मुझसे मिलने.. “उसकी हलकी सी आँखे नाम हो गई” तान्या कितनी तद्फी होगी में समाज सकता हु अज्ज मैंने खुद देखा है वो nazara..Tania मेरी बहिन में तुजसे बहुत प्यार करता हु प्लीज मुझे माफ करदे.. (और फिर तुषार उस लड़के के तरफ देखता है..)

तुषार- जी अप्पको मैंने पचना नहीं..

लड़का- “मन में” धीरे धीरे सब पेचान जाओगे..

लड़का- जी मेरा नाम शिव है.. में hi आपको यहाँ लेके आया था..

तुषार- ओह्ह थैंक्स शिव मेरे दोस्त..

शिव- दोस्त भी बोलते हो थैंक्स भी ऐसे नहीं चलेगा तुषार जी.. ायो इक बार गले तोह मिलो दोस्त के.. “और अपनी बहे फेहला देता है”

(तुषार उठ कर शिव को गले लगा लेता है..)

(शिव- आगे 19. बॉडी दमदार है 6पैक्स चोरी छाती, इसकी भी डार्क ब्लू आईज है.. और हैंडसम तोह इतना की पूछो मत..)

(हरलीन आरुषि के कान में बोली..)

हरलीन- कुश खिला भी दे यार बहुत भूक लगी है.. और येह मर शिव अज्ज यही रहेगा क्या.. वैसे मैंने तोह ध्यान hi नहीं दिया बहुत हैंडसम है येह भी..

आरुषि- माँ में कुश कहने को लती हु अप्प सब के लिए..

माँ- ठीक है बीटा..

आरुषि- चल हरलीन..

(वो दोनों वह से चली जाती और बाकि सब पास पढ़े बीएड पर बेथ जाते है.. अन्निका अपने भैया से चिपक के लेट जाती है.. थोड़ी देर में आरुषि और हालीन भी ा गई सबने मिलके खाना khaya..Shiv अब घर जाना चाहता था लकिन पापा ने रोक liya..fhir सब सू गे ऐसे hi सुबह हुई. और येह सुबह तुषार की इक नै ज़िंदगी की शुरुवात थी..)

《3335 -वर्ड्स》
 
अपडेट-4

(वो दोनों वह से चली जाती और बाकि सब पास पढ़े बीएड पर बेथ जाते है.. अन्निका अपने भैया से चिपक के लेट जाती है.. थोड़ी देर में आरुषि और हालीन भी ा गई सबसे मिलके खाना khaya..Shiv अब घर जाना चाहता था लकिन पापा ने रोक लिया.. सब सू गे ऐसे hi सुबह हुई. और येह सुबह तुषार की इक नै ज़िंदगी की शुरुवात थी..)

|अब अग्गे|

(चलिए अब थोड़ा तान्या की तरफ चलते है.. कल हॉस्पिटल से जाने के बाद तान्या इक पार्क में gai.or वह बेथ बड़बड़ाने लगी..)

तान्या- हर बार मुझे उस कुत्ते की वझे से सुन्ना पड़ता है.. (गुस्से भरी आखो से) वासे अपने ठीक कहा दीदी उससे में खून तोह क्या पानी के 2 घुट न दू. नफरत है मुझे उससे..



(तान्या वह थोड़ी देर और रुकी और फिर घर चली गई..)

(इधर हॉस्पिटल में डॉक्टर ने तुषार के सरे टेस्ट किया वो बिलकुल ठीक था. तोह उससे घर जाने की परमिशन मिल गई. बस कुश दिन रेस्ट के लिए बोलै था.. फिर कुश देर बाद सब हॉस्पिटल के बहार खड़े थे..)

शिव- ाचा अंकल, ाँटिए जी अब में चलता हु..

माँ- बीटा ायो न इक बार हमारे साथ घर तोह चलो..

शिव- नहीं ाँटिए जी फिर कबि ायूँगा..

माँ- ठीक है बीटा जैसी तुम्हारी मर्जी..

शिव- (तुषार से हाथ मिलता हुआ) तुषार जी कबि मेरी जरुरत पड़े तोह मुझे फ़ोन जरूर करना..

तुषार- जरूर दोस्त.. अपना no. मुझे देते जाओ..

(दोनों ने अपना नंबर एक्सचेंज किया और शिव कुश सोचता हुआ वह से चला गया.. हरलीन भी वह से टेक्सी लेके अपने घर चली जाती है.. और बाकि तुषार एंड फॅमिली अपने घर के और.)

(करीब 2घंटे बाद तुषार के घर के बहार इक ट्रक आके रुकता है)

गार्ड- हाँ जी बताइये..

ट्रक वाला- तुषार नाम के लड़के ने कुश सामान मंगवाया है..

(गार्ड घर फ़ोन करता है और थोड़ी देर बाद तुषार बहार आता है और ट्रक वाले कुश बात करता है 2 आदमी सामान घर के अंदर लेन लगते है)

पापा- बीटा येह सब क्या है?..

तुषार- पापा येह सब गयम का सामान है.. आज से कसरत शुरू..

माँ- नहीं तुम अभी वजन नहीं उठाओगे. डॉक्टर ने तुम्हे रेस्ट के लिए बोलै hai..or तुम उसका उल्टा hi कर रहे हो..



तुषार- अरे माँ में बस halka-fulka hi करूँगा.. और वासे भी अब में बिलकुल ठीक हु..

माँ- ठीक है लकिन ज्यादा भरी वजन मत उठाना..

तुषार- जी माँ..

(फिर शाम तक कुश खास नहीं hua..sham को तुषार अपने गयम रूम गया और लग गया वर्कआउट करने.. करीब 2घंटे पसीना बहाने के बाद तुषार बहार aya..usko अपने अंडर इक hi ताजगी, इक अलग hi फुर्ती नज़र ा रही थी..)

(10 दिन गुज़र गए लकिन तुषार ने अभी तक कुश सोचा नहीं था के कैसे उन् गुंडों से बदला ले.. इक बार सुभे और इक बार स्कूल से ऐनी के बाद शाम को दिन में 2 बार वर्कआउट करता.. उसकी बॉडी में बहुत बदलाव ा चूजा था.. बाइसेप्स भरी होते जा रहे थे चेस्ट फूलने लगी, हलके हलके एबीएस बहार ा रहे थे.. वो आराम से भरी भरी वर्कआउट करता..)

(तुषार के घर के बारे में थोड़ा जनन लेते है... घर क्या बांग्ला है. बड़ा सा हॉल. इक साइड सर्किल में सोफे और टेबल. हॉल के दूसरी साइड डाइनिंग टेबल एंड चेयर.. हॉल के दोनों साइड ऊपर जाने को स्टैर्स hai..bahar से घर के मैं दूर तक ऐनी के लिए लम्बी चोरी सड़क है. सड़क के दोनों साइड कोटि छोटी नरम हरी घास है. हर के पीछे इक बारे सा स्विमिंग पोल है.. ग्राउंड फ्लोर पर सिर्फ माँ डैड का रूम है. और बाकि bhai-behno के रूम ईस्ट फ्लोर पर है. ऊपर 6 रूम है.. सरे amne-samne है सबसे पहले तुषार और अन्निका का रूम अट्टा है. तुषार के सामने अन्निका का रूम है. तुषार के लेफ्ट साइड रूम आरुषि का है और उसके सामने वाला तान्या का.. तान्या के बगल वाला गयम रूम है.. बाथरूम सबके रूम्स के साथ अटैच्ड है..)

|बैक तो स्टोरी|

(रात के करीब 10बजे अन्निका तुषार के रूम में अत्ति है. और दोर्र के तुषार जो बीएड पर पीठ के बल लेता कुश सोच रहा था उसके ऊपर कूद जाती है..)

तुषार- आये माँ मारर डाला..

अन्निका- (हस्ते हुई) हीहीही भैया..

तुषार- अरे मोती अभी मर जाता में..

अन्निका- भैया.. क्या! नहीं में मोती नहीं हु.. अप्प मुझे मोती मोती कहते रहते हो. में जा रही हु..

(अन्निका उसके ऊपर से उठ कर जाने लगी लकिन तुषार ने उससे कास के अपनी बहो में जाकर रखा..)

अन्निका- अहह भैया बहुत पावरफुल हो गए हो. शोरो मुझे..

तुषार- नहीं में कभी नहीं शॉरुगा मेरी प्यारी गुड़िया को..

अन्निका- (स्माइल के साथ) कभी नहीं शोरगे न?

तुषार- (गाल पर किश करते हुआ) कभी nahi..acha येह बता यहाँ क्यों आयी थी..

अन्निका- वो न भैया मैंने अभी अभी इक बहुत डरावना सपना देखा..

तुषार- ाचा ऐसा कोनसा सपना था जो मेरी गुड़िया को डरा रहा था..

अन्निका- वो न भैया मैंने देखा की अप्प न उन् तीनो गुंडों से लड़ रहो हो और अपने तीनो की खूब पिटाई की लकिन किसी ने आपको पीछे से गोली मार दी.. मुझे बहुत दर लग रहा है भैया अप्प मत लड़ो न उसने. (मासूमियत से) पलासी…

तुषार- अरे गुड़िया बस इतनी सी बात.. (उसके गाल सहलाता हुआ) देखो वो बस इक सपना था. और उन् गुंडों के बारे में अभी मैंने कुश सोचा नहीं है.. तुम्हे डरने के कोई जरुरत नहीं है. सामजी..

अन्निका- लकिन भैया अपने अभी कुश सोचा नहीं है तोह अप्प उनका सामना कैसे करोगे. वो बहुत खतरनाक है.. अप्प अपने साथ कितने लोग लेके जा रहे हो?..

तुषार- (स्माइल के साथ) इक भी नहीं..

अन्निका- क्या अप्प अकेले जाओगे. नहीं में आपको अकेले कबि नहीं जाने दूंगी. चाहिए कुश भी हो जाये..

तुषार- तोह तुम क्या चाहती हो में किसे लेके जाऊ..

अन्निका- (सोचती हुई) हम्म भैया आपको येह काम ख़ुफ़िया तारीफे से करना चाहिए.. (स्माइल करते हुआ) और ख़ुफ़िया तरीके से काम कोण करता है?

तुषार- एजेंट!.. यू मैं में किसी एजेंट को साथ लेके जाऊ?

अन्निका- हाँ बहिया और आपको मेरी बात माननी होगी. अपने हम सबको कसम दिलाई है और अब आपको भी मेरी कसम.. अप्प किसी अचे एजेंट को साथ लेके जाओगे..

तुषार- ठीक है मेरी गुड़िया जैसा तू कहे.. लकिन एजेंट लाएंगे कहा से..

अन्निका- वो अप्प मुज पर शूर दो. में कल पापा से बात करुँगी..

तुषार- हाँ पापा तोह आराम से ढूंढ लेंगे कोई ाचा एजेंट.. चल अब तू जा अपने रूम में और सो ja..or मुझे भी सोने दे..

अन्निका- नहीं भैया मुझे आपके साथ सोना है यही पर..

तुषार- क्यों अज्ज तेरा वो बिल्ला नहीं सो रहा क्या तेरे साथ..

अन्निका- (मुँह बनानाते हुआ) भैया वो बिल्ला नहीं है. वो मेरा प्यारा टेडी है..

तुषार- ाचा ठीक है. चल सजा अब्ब..

(तुषार उससे अपने ऊपर से हटा के साइड में कर लेटता देता है. और दोनों इक दूसरे को गले लगा सकूं की नीड सू जाते है..)

(अगले दिन संडे था.. तुषार के रूम में.. अन्निका पहली उठी..)

अन्निका- (अंगराई लेते हुई) हहह सकूँन मिल गया भैया के साथ सू क .. (तुषार की तरफ देख के) येह अभी तक नहीं उठे..

अन्निका- (उसकी गाल पर इक किश कर. बाजु से पकड़ हिलती हुई) उठो भैया कितना सोयोगे..

तुषार- (नीड में) हम्म्म गुड़िया सोने दे न यार अजा तू भी..

अन्निका- नहीं नहीं भैया बहुत सू लिया मैंने उठो अप्प भी सुभे हो गई है..

तुषार- सुबह हो गई. यार अभी तोह सोया था..

अन्निका- क्या! अभी.. भैया 7बज रहे है..

तुषार- (उठता हुआ) उठ रहा हु गुड़िया वासे भी अज्ज संडे है..

अन्निका- (बीएड से उठती हुई) भैया भूल गए क्या पापा से एजेंट की बात करनी है..

तुषार- याद है गुड़िया. जा तू भी फ्रेश हो ले में भी फ्रेश होक निचे अट्टा हु..

अन्निका- ok भैया…

(तुषार भी चला जाता है फ्रेश होने अन्निका भी..)

(करीब 20मिंट बाद सब दिंनिंग टेबल पर ब्रेकफास्ट कर रहे the..Tania भी वही थी उससे भी जो कल हुआ सब पता चल चूका tha..fhir अन्निका ने अपनी बात शुरू की..)

अन्निका- पापा मुझे कुश बात करनी थी आपसे..

पापा- है बोलो बीटा..

अन्निका- वो पापा में सोच रही थी की भैया ने जो उन् गुंडों से बदला लेने का फैसला लिया है वो तोह अब हम उन्हें रोक नहीं पाएंगे.. हैं न?..

माँ- हाँ!.. पागल ने कसम जो दी है अपनी..

अन्निका- वही तोह में कह रही हु.. की…

आरुषि- (बिच में बोली हुई) हाँ क्या कह रही है तू साफ साफ बोल न.

अन्निका- अरे दीदी बोल रही हु न बोलने तोह दो.. वो में कह रही थी की भैया ने हमें उन्हें न रोकने की कसम दी है. लकिन अपने साथ किसी को नहीं लेके जाने की कसम थोड़ी दी है..

पापा- हम्म तोह येह बात है.. अब तेरा दिमाग में क्या चल रहा है?..

अन्निका- पापा में तोह बस इतना hi कह रही हु की भैया के साथ हम कोई बहुत बड़ा एजेंट बेज दे मुझे भैया की बहुत फ़िक्र हो रही थी इस लिए मैं जब से घर आयी हु कोई प्लान सोच रही थी. मुझे येह ठीक लगा तोह मैंने भैया को कल रात बताया. (स्माइल के साथ) और अपनी कसम देके मन्ना भी लिया..

पापा- अरे मेरा बचा कितना दिमाग लगता है.. वासे बीटा तुम्हे क्या लगा में ऐसे hi अपने बीटा को उन गुंडों के साथ लड़ने बेज देता. और मैंने आलरेडी इंडिया के 3 बेस्ट Agent’s को बुला लिया है. जो हर फील्ड में बेस्ट एंड एक्सपर्ट है.. वो तुम्हारे भैया को इक करोच तक नहीं आने देंगे..

आरुषि- हाँ और अभी तुम लोग के ऐनी से पहला हम यही डिसकस कर रहे थे.. क्यों तुषार तुम कोई प्रॉब्लम तोह nahi..hai तोह बता दे नहीं तोह (हाथ मसलती hui)mein अपने तरीके से हल कर देती हु..

तुषार- नहीं नहीं मुझे क्या प्रॉब्लम होगी अगर मेरी सेफ्टी हो रही है तोह. में तोह बस उन्हें अपने हाथो से मरना चाहता हु बस (सैस अंदर खींचते हुआ. डेविल स्माइल के साथ) फिर hi मुझे सुकून मिलेगा..

माँ- तुम खून करोगे..

पापा- तोह और उनके साथ डिनर करने जायेगा.. में क्या ऐसे hi बैठा हु इधर बीटा में तेरे साथ हु.. और मुझे उन् Agent’s पर भी पूरा भरोसा है.. वो वह क्या हुआ, क्यों हुआ, कैसे हुआ उसका कोई सुराग नहीं शोरेगे..

माँ- ठीक है और मुझे अप्प पर भरोसा है..

आरुषि- बस फिर भरोसे पर hi दुनिया कायम है..

(सब है दिए तान्या भी थोड़ा सा मुस्कुरा दी..)

तुषार- ाचा तोह पापा कब ा रहे है वो एजेंट्स..

पापा- अब तक तोह ा जाने चाहिए थे पता नहीं..

(पापा बोल hi रहे थे की दूर बेल्ल बजी पापा ने गार्ड को पहला hi समजा दिया था इस लिए किसी ने उन्हें रोका नहीं..)

तुषार- पापा लगता है ा गए. में देखता हु..

(तुषार उठ कर मैं दूर खोलता है तोह बहार 3 लोग ब्लैक पेण्ट और ब्लैक लाठर जैकेट में खड़े थे.. 2लड़के, 1लड़की ..)

तुषार- जी आइये अंदर..

(तीनो अंदर ात्ते है और सबसे hello ही करते है..)

एजेंट लड़की- (तुषार से) जी आपका रूम?..

तुषार- (ऊपर को इशारा करता हुआ) जी वो सामने..

एजेंट लड़की- चलिए..

(तुषार और तीनो एजेंट ऊपर जाने लगे. और अन्निका भी पीछे पीछे चल दी.. तोह पापा ने उससे रोक्का..)

पापा- अरे अप्प कहा चल दिए..

अन्निका- वो पापा मैंने सोचा शायद मेरी भी मदद जी जरुरत पढ़ जय. इस लिए में भी उनके साथ जा रही हु..

पापा- बीटा वो पहले से hi बहुत चालक लोग है. तुजे पता भी नहीं चलेगा की कब वो कोनसा काम करके निकल गए.. उन्हें किसी की जरुरत नहीं पड़ती. देखना वो तुषार की इक नहीं सुनेगा और अभी बस उससे अपना प्लान समजने गई होंगे..

अन्निका- (मुँह बनाते हुई) क्यों नहीं सुनेगे भैया की.. उन्हें सुनी होगी में अभी जेक सब बाटे क्लियर करती हु..

आरुषि- (उसका हाथ पकडती हुई) अरे रुकजा मेरी माँ. बेथ यहाँ चुप चाप..

(अन्निका वह मुँह बनाते हुआ बेथ जाती है.)

अन्निका- दीदी अप्प भी. देखना इक दिन में भी एजेंट बानगी और अप्प सब को मेरी बात माननी होगी.. देख लेना..

(सब हसने लगे..)

माँ- (उससे किश करती हुई) ठीक है मेरी नन्ही सी जान बन जाना एजेंट..

|Tushar's रूम|

लड़का एजेंट.1- तोह मर आपका नाम?

तुषार- जी मेरा नाम तुषार है.. और अप्प सब का..

लड़की एजेंट- में हु एजेंट सवाना..

लड़का एजेंट.1- में एजेंट सफल..

लड़का एजेंट.2- शिवं! एजेंट शिवं नाम है मेरा..

तुषार- ओह्ह लकिन अपने येह मुँह क्यों देख रखा है..

(शिवं ने दज एलन वॉकर टाइप अपना फेस कवर किया हुआ था..)

सवाना- येह ऐसे hi रहता है.. एजेंसी में किसी ने इसकी शकल नहीं देखि.. वो सब शोरो और मुझे जो आपके साथ हुआ वो सब बताओ..

(तुषार उहने जो मॉल में हुआ सब डिटेल में बता देता है..)

सफल- हम तोह उन् तीन गुंडों को ठिकाने लगाना है.. येह तोह आराम से हो जायेगा..

सवाना- येह तोह हम में से कोई इक जेक भी आराम से कर लेगा..

तुषार- बात उन् तीनो की नहीं है. बात उन् जस्सो की है जो सेहर में कितनी लड़किया को शेंडे ा रहे है.. रपे करते ा रहे है. और अग्गे भी करते रहेंगे इन्हे पुलिस का दर नहीं है. खुले आम din-dahare सेहर में यहाँ वह दरिंदे घूम रहे है. लोग घर से बहार जाना सही नहीं समझते. मुझे उन् सब लड़कियों का बदला लेना है. उन् दरिंदो को इस सेहर से साफ करना है .. अगर तुम लोग मेरे साथ हो तोह बताओ नहीं तोह में अकेला hi येह काम करूँगा..

(वो इक दूसरे की तरफ देखने लगे लकिन शिवं इक दम से बोल पड़ा..)

शिवं- में तुम्हारे साथ हु..

सवाना- लकिन….

सफल- में भी.

सवाना- (कुश सोच क) ठीक है फिर में भी साथ हु तुम्हारे..

(तुषार भी खुश हो गया फिर चारो कोई प्लान बनाने लगे..1 घंटे बाद रूम का दरवाजा खुला और…

《2266 -वर्ड्स》
 
अपडेट-5

(वो इक दूसरे की तरफ देखने लगे लकिन शिवं इक दम से बोल पड़ा..)

शिवं- में तुम्हारे साथ हु..

सवाना- लकिन….

सफल- में भी.

सवाना- (कुश सोच क) ठीक है फिर में भी साथ हु तुम्हारे..

(तुषार भी खुश हो गया फिर चारो कोई प्लान बनाने लगे..1 घंटे बाद रूम का दरवाजा खुला और…

|अब अग्गे|

1 घंटे बाद रूम का दरवाजा खुला और चारो बहार ए..)

सफल- ोये हीरो रुक. येह क्या हलके और फीके कपडे पहने है.. तुम हम एजेंट्स के साथ लड़ने जा रहे हो पकोड़े टालने नहीं.. सवाना इससे बेग दो..

(सवाना उससे अपने साथ लाया हुआ इक बेग उससे दे देती है..)

तुषार- ठीक है अप्प लोग निचले चलो में बस अभी आया..

(तुषार वापिस रूम में जा कर बेग खोलता है.. बेग में ब्लैक जीन, टीशर्ट लाठर जैकेट ब्लैक शूज और ब्लैक ग्लासेज थी. (आल ब्लैक) तुषार उससे पहन लेता है और 10मिंट बाद निचे अट्टा है.. तीनो एजेंट्स बहार कार के पास थे.. तुषार निचे आया तोह अन्निका और आरुषि उससे देख अपनी पल्खें जपकाना तक भूल गई. तान्या ने भी देखा लकिन फिर इग्नोर कर दिया..)

अन्निका- (विथ स्माइल) मुम्मा येह कोण है..

माँ- शकल से तोह तेरा भाई है लकिन कपड़ो से..

पापा- (बिच में) कपड़ो से इक बिज़नेस मन का बीटा लग रहा है.. ः

आरुषि- वह मेरे हैशिंग भाई. तू तोह इक डैम एजेंट hi लग रहा है..

(अन्निका भाग क गई और तुषार के लगे लग बोली..)

अन्निका- (तुषार के बालो में हाथ दाल जो बाल बैठे हुए थे उन्हें खड़ा करती हुई) भैया बहुत हैंडसम लग रहे हो. अप्प रोज ऐसे hi रहा करो न..

तुषार- ठीक है गुड़िया अब से में ऐसा hi रहूँगा.. huuummmmaa..(or उसके गाल पर इक लम्बा सा किश कर दिया..)

आरुषि- येह हुई न बात.. ाचा अब मुझे भी गले लगा ले या सारा प्यार अपनी गुड़िया को hi देगा..

(फिर तुषार अन्निका को साइड कर आरुषि को गले लगा लेता है और उसके भी गाल गीले कर देता है..)

तुषार- येह लो मेरी स्वीटू दीदी आपके हिस्से का प्यार..

(तान्या जो थोड़ी साइड कड़ी हो येह सब देख रही थी उसके होतो पे इक हलकी सी स्माइल और आखो में ासु थे. जब उससे इस बात का रीलीज़ हुआ तोह..)

तान्या- (ासु साफ करती हुई. मन में) मर. तुषार में भी ऐसे hi प्यार करती थी तुम्हे पर तुम्हने.. हूहः. मेरा भाई तोह उसी दिन मर गया था जब तुम मेरे साथ खड़े थे और में रो रही थी उन un…(gusse से पेअर पटकती हुई) हहहहहहह ऐसा भाई होने से तोह तुम मर क्यों नहीं जाते…

(तुषार ने तान्या के तरफ देखा उसके मन में पता नहीं क्या आया वो उसकी तरफ जाने लगे. सब उससे देख रहे the..Tushar तान्या के पास जा उसे गले से लगा इक किश उसकी गाल पर कर देता है..)

(तान्या hakki-bakki रह जाता है.. जैसे hi उससे होश आया उसने गुस्से से.)

तान्या- यू.. हाथ कैसे लगाया तूने muje..(or तुषार को ढाका दे साइड किया और इक खींच के थप्पड़ उसकी गाल पे दे मारा..)

(तुषार अपनी गाल पकड़ थोड़ा साइड हो गया.. पापा को तान्या पर बहुत गुस्सा आया तोह वो उसके पास गए और..)

पापा- तानिआआआ! (और उसके गाल पर छमता मरने वाले थे तान्या ने भी अपनी आखे कास के बंद कर ली थी की तुषार जेक उसके अग्गे अपना गाल कर देता है और तान्या के हिस्से का थप्पड़ खुद खा लेता है. क्युकी वो उनका हाथ पकड़ के उनकी इंसल्ट नहीं करना चाहता था..)

(सब तुषार की इस हरकत पर हेरैं रह गए. तान्या को चटक्क की आवाज तोह आयी लकिन कुश फील नहीं हुआ तोह उसने अपनी आखे खोल देखा तोह सामने उसका भाई अपना दूसरा गाल पकडे खड़ा था..)

पापा- बीटा येह क्या किया तूने..

तुषार- शोरो न पापा. मुझे गुस्सा नहीं इस बात का की इसने मुझे मारा तोह अप्प क्यों हो रहे हो. सॉरी तान्या अग्गे से ऐसा कबि नहीं होगा.. ाचा पापा में अब चलता हु..

(तान्या वह से अपने रूम की और चली गई.. तुषार वह से भर की और जाने लगा. बहार जाकर जो कबसे उसने अपने ासु रोक रखे थे उससे phoot-phoot कर बहार निकलने लगा.. 1,2 मिंट तक दिल भर के रोने के बाद वो सामने गेट के पास कड़ी कार के पास चल दिया. और कार में बेथ एजेंट्स के साथ निकल गया. एजेंट्स ने जब तक तुषार नहीं आया था उन् गुंडों की पूरी डिटेल निकल ली थी और रस्ते में तुषार को भी समजने लगे.)

(करीब 1घंटा ड्राइव करने के बाद शिवं कार इक पुराणी खली बिल्डिंग के बहार रोकता है..)

तुषार- (कार से बहार निकल दूर क्लोज करता हुआ..) हम्म तोह येह है वो जगह.. तोह चले?...

सवाना- हाँ चलो और येह पदको.. (उससे गन देती हुई..) और तुम्हारी जैकेट के अंदर 4 लोडेड मैगज़ीन है..

तुषार- पर मुझे गन चला…

शिवं- (बिच में) सब ा जायेगा मेरे दोस्त.. चलो पहले..

(फिर सवाना और सफल ने अपनी अपनी गन निकली. लकिन शिवं ने कार की दिग्गी से 2 तलवार निकल पीठ पर तंग liya..Fhir तुषार एंड टीम अंदर जाने लगे बिना किसी रोक टोक के वो आराम से मैं दूर तक ए. दूर अंदर से लॉक था..)

तुषार- अब्ब?

सवाना- अब तू देखता जा बस..

(तुषार कुश समजा नहीं. इतने में शिवं ने बिना दोर्र लगाए इक तेज किक लोहे के दरवाजे के बीचो बिच मरी. अंदर से उसका कुंडा टूट गया.. तुषार मुँह फाडे देख रहा था..)

सवाना- (तुषार से) चलो जल्दी करो यार इन् तीन को मरने में इतना टाइम लोगे तोह इतना बारे सेहर कैसे साफ़ करोगे..

तुषार- हाँ चलो..

(चारो अंदर गए बड़ा सा हॉल था जो पूरा खली था. बस वह वही 3 गुंडे चेयर टेबल लिए पत्ते खेल रहे थे.. दूर का कुंडा टूटने की आवाज से वो खड़े हो दूर के तरफ ा रहे थे की तुषार एंड टीम ने अंदर एंट्री मरी..)

(तुषार थोड़ा अग्गे था सवाना एंड सफल ने जैसे hi उन्हे देखा उन्होंने अपने गन उनपर तन्न दी..)

गुंडा.1 (उसकी पूरी गर्दन पत्तियों से बंधी हुई थी.) कोण है बे तू..

तुषार- (कातिल मुस्कान के साथ) वही जिसने तेरी येह गर्दन तोड़ी थी..

(सब गुंडे पहले चौंक गए लकिन फिर इक बोलै..)

गुंडा.3- ओह्ह तोह तू है.. बड़ा बदल गए बे तू तोह बॉडी वाद्य भी बना राखी hai..haan! लकिन यार में तेरे से नाराज हु. तू अपनी बहनो को नहीं लाया. इक बार वो हमारा रास पे लेती तोह कबि हमें नहीं भूलती…

(और तीनो जोर से हसने लगे (Gunda.1)bhi है रहा था लकिन धीरे धीरे अपनी गार्डन हिला के लकिन अचानक उसकी हसी दर्दनाक चीक में बदल गई.. क्युकी तुषार और सवाना दोनों ने इक साथ उसके दोनों घुटनो पर गोली चला दी.. वो पहले घुटनो के बल बैठा फिर पीछे की तरफ गिर चीखता हुआ तडफने लगा.. बाकि दोनों गुंडे भी शांत खड़े हो गए..)

(तीनो एजेंट्स अग्गे ए सवाना एंड सफल दोनों गुंडों पर गन तन्न खड़े हो गए. शिवं भी अपनी दोनों तलवारे निकल उनके शामे खड़ा हो गया..)

शिवं- (इक इक शब्द अकेला अकेला बोलते हुए) चुप चाप खड़े रहो हिलने की जरुरत नहीं है..

(तीनो की पहले hi रूह शरीर शूर चुकी थी वो क्या हिलेंगे..)

(सवाना जो इक छोटा सा बेग साथ ले थी उससे खोल कैमरा त्रिपाद पर चिपका गुंडों की तरफ कर रिकॉर्डिंग ों करदी..)

(तुषार गुंडे.3 के आगे आया और 1, फिर 2, फिर 3 और करीब 10 थप्पड़ उसके मुँह पर mare..Gunda.1 अभी भी चीखे जा रहा था और सबके कान फाड़ रहा था.)

सवाना- यार कोई पहले इसका मुँह बंद करो या में करू?..

तुषार- नहीं!. कोई कुश नहीं करेगा इन्हे सिर्फ में हाथ लगूंगा..

तुषार- (गुंडा.1 के पास जेक बैठा हुआ) हाँ तोह मुन्ना ऊपर जाने के लिए रेडी हो जा..

गुंडा.1- (रोटा हुआ) नहीं भाई मुझे मत मार. इसी कामो से सही लकिन मेरे घरवालों का पेट भर रहा है.. मुझे मत मार भाई. आपके उम्र की मेरी छोटी बहिन है..

(तुषार ने जैसा hi येह बात सुनी. उसने उठ कर कास के इक लात उसकी बाजु (जो उसने जमीं पर इक तरफ फैलाई थी) बाजु के बिच बिच मरी.. किक इतनी जोर की थी उसका पूरा शरीर हिल गया और हाथ के बिच की हड्डी chakna-chur हो गई..)

(गुंडा.1 को जैसे hi किक पड़ी वो थोड़ा सा ऊपर हुआ और ढाढ़रम्म से वापिस लेट jor.se चीखने. छिलने लगा.)

तुषार- सेल कोनसा परिवार? कोनसे घरवाले? वही जिन maa,baap ने तुजे पैदा किया उन्हें ज़हर देके मार दिया. और बहिन का जबरदस्ती रपे कर उससे पंखे से लटका दिया..

(तुषार की बाते सुन गुंडा.1 चौंक गया. तुषार ने इतना बोल अपनी गन निकली. और गुंडा.3 की आखो में आखे दाल अपनी गन पॉइंट सीधी गुंडा.1 के मुँह की तरफ कर दी और फायर पे फायर - फायर पे फायर कर पूरी गोलियों की मैगज़ीन उसके मुँह में खली कर दी गोलिये उसके मुँह, दांत, जेब, सब को tehas-nehas करती हुई पीछे जा सर को चीरती हुई जमीं से टकराने लगी.. उसका खून मुँह को भर बहार को आने laga…Gunda.3 कबि अपने साथ के साथ की तरफ तोह कबि तुषार की आँखों की तरफ देखता तोह उससे अपनी मौत का खौफ दिखाई देता. दोनों गुंडे जब भी गुंडा.1 की तरफ देखते तोह उनका दिल देहल जाता..)

(एजेंट्स हेरैं खड़े थे इक को शूर..)

सवाना- तुमने पहली बार फायर किये और वो भी बिना देखे ठीक निशाने पर.

सफल- इतनी दर्दनाक मौत तोह में पहली बार देख रहा हु..

(तुषार बिना कोई जवाब दिए अपनी जैकेट से गोलियों की इक नई मैगज़ीन गन में रीलोड करता है.. और गुंडे.3 के थोड़ा सा पीछे खड़े गुंडा.2 के. इक झटके में इक गोली फायर कर देता है. जो गुंडा.3 के कान को आधा चीरती हुई गुंडा.2 के माथे के बीचो बिच जा लगती है. और ढ़ाआडररर्म की आवाज की साथ गुंडा.2 पीछे गिरा और अपने पप्पू का घड़ा भरता हुआ इस दुनिया को अलविदा कह गया..)

(गुंडा.3 के जब गोली कान को चीरती हुई गई तो उसका कान, गर्दन, कन्धा सब खून से सना हुआ था और वो भी अपना कान पकड़ गाला फाडे रू रहा था..)

तुषार- (उसकी तरफ गन पॉइंट करता हुआ) येह गोली तेरे सिनने के पर अगर अगले 2सेक् में तू चुप न हुआ..

(गुंडा.3 बरी मुश्किल से अपने आपको सँभालते हुए. मुँह पर हाथ रख किसी तरह दर्द बर्दाश करता हुआ चुप हो गया..)

तुषार- अपने कपडे उतर..

गुंडा.3- क्या! भाई?..

शिवं- (चिलता हुआ) उन्होंने कहा अपने कपडे उत्तर..

(शिवं इतना तेज दहरा की पूरा हाल की दीवारे तक कम्प गई. गुंडा.3 डरके 10सेक् में hi अपने पुरे कपडे उतर दिए.. और अंडरवियर भी उतरने लगा की..)

सफल- तुषार इधर लड़की भी आयी है..

तुषार- ठीक है. ोये गोकु वो रहांङे. अज्ज तू सवाना की वजह से बच गया नहीं तोह पूरा नंगा करता तुजे..

तुषार- सफल, सवाना इसका राइट हैंड सीधा करो..

(सफल ने गुंडा.3 को पीछे से कास के पकड़ लिया और सवाना ने जेक उसका राइट हैंड राइट साइड को सीधा कर कास के अपने दोनों हाथो से पकड़ लिया..)

गुंडा.3- भाई येह क्या कर रहे हो भाई..

तुषार- इसी हाथ से तूने मेरी बहिन के कपडे फाडे थे न..

(और गन उसके हाथ की तरफ कर. शोल्डर से लेकर उसकी कलाई तक 7गोलियां जड़ दी.. गुंडा तरफ ता रहा छूटने की कोशिश करता रहा लकिन सफल ने और सवाना ने उससे कास के पकडे रखा..)

(जब तुषार की गन शांत हुई तोह गुंडा.3 खड़े रहने की हालत में नहीं था.. सफल ने उससे इक चेयर खींच उसपर बिठा दिया..)

गुंडा.3- (cheekhta-chilata रोटा हुआ) भाई मुझे शूर दो भाई में बागवान की कसम खा के कहता हु आगे से कोई ऐसा काम नहीं करूँगा जिससे लोगो को तकलीफ पहुंचे.

तुषार- (सोचता हुआ) ाचा ठीक है. हम तुम शूर देते है लकिन हमारी इक शरत है..

गुंडा.3- मंज़ूर है भाई.. किसी भी शरत हो..

तुषार- तुम्हे हमारे साथ देना होगा. इस सेहर में जितने भी तुम लोग जैसे दरिन्दर घूम रहे है उन् सभी का pata-thikana, सरे धंदे, तुम लोग के ऊपर के लोग. तुम्हरे बॉस, लीडर सब की डिटेल्स हमें लेक देगा बिना किसी को शक हुए. और अयेन्दा तूने किसी को परेशां किया या हमें धोखा देने की कोशिश की तोह अगले hi पल तू नरक की फ्लाइट में बैठा होगा.. समजा नई समजा..

गुंडा.3- (मन में). अब तू देख में क्या करूँगा सेल. मेरे सामने मेरे दोस्तों को मारा. मेरा हाथ टूर दिया बहनचोद ne..Teri साडी बहनो को इक साथ तेरे सामने छोड़ूगा. तेरा पूरा खंडन उज्जर दूंगा में...)

गुंडा.3- जी समाज गया भाई अप्प बस इक मौका देदो..

तुषार- ठीक है दिया मौका.. (एजेंट्स की ऑर्डर देख) चले?..

सफल- हाँ चा..

(शिवं जो कब से गुंडा.3 की तरफ देख कुश सोच रहा था सफल के बिच में बोलै..)

शिवं- इक मिंट.. (और अपनी जैकेट में हाथ दाल इक इंजेक्शन निकलता है जो आलरेडी हाफ भरा हुआ था. और गुंडा.3 को देता है..) येह लो इससे तुम्हारा दर्द अभी ख़तम हो जायेगा..

(तुषार ने ज्यादा ध्यान नहीं दिया. लकिन सवाना और सफल थोड़ा कन्फ्यूज्ड the..Gunda.3 उससे इंजेक्शन लेता है और अपनी बॉडी में इंजेक्ट कर लेता है.. और फिर स्माइल के साथ शिवं की तरफ देखता है. और बोलै..)

गुंडा.3- थैंक्स भाई..

शिवं- वो शोर और क्या बोलै था तुमने अपनी बहनो को भी साथ लेके ात्ते. इक बार हमारा रास पे लेती तोह कबि नहीं भूलती.. तोह सुन मुन्ना येह जो तूने अभी इंजेक्शन इंजेक्ट किया है न येह तेरे झरने से रास तोह क्या तेरा पिशाब भी नहीं निकलने देगा..

गुंडा.3- (चौंक ता हुआ) क्या?..

सवाना- हाँ येह ठीक कह रहा है..

गुंडा.3- (डरता हुआ) मतलब में मरने वाला हु?

सफल- ऑर्डर नहीं तोह क्या.. पहला तेरा झरना सूखेगा फिर धीरे धीरे तेरी बॉडी की साडी नलिए. एंड थें फाइनली अप्प करेंगे. 4कंधो पे आराम शमशान की और प्रस्थान और बागवान जी को प्रणाम.. ः

सवाना- हेहेहे येह सही था..

गुंडा.3- येह तुम लोग क्या बोले जा रहे हो. में इतनी जल्दी नहीं मरना चाहता..

सवाना- मरना चाहता!.. तुमने खुद अपनी मौत को अपने हाथो से इंजेक्ट किया है. तू बस कल इसी टाइम तक जिन्दा है. और इसका एंटीडोट भी इसी के पास है क्युकी येह इसी का अविष्कार है. अभी बस कुश hi पालो में तू…

शिवं- (बिच में बोलता हुआ) 7, 6, 5, 4, 3, 2, 1,

(और इसी के साथ गुंडा.3 बेहोशी की वादियों में खो गया.. और सवाना ने कैमरा ऑफ कर बेग में दाल लिया और सब लोग बहार ा गए..)

तुषार- येह सब क्या था? और क्यों था?..

शिवं- क्या था येह तोह अपने देख लिया. क्यों था येह में आपको समजता हु.. देखो अप्प उनसे बात कर रहे थे तोह मैंने उसके फेस एक्सप्रेशन देखे.

सवाना- जो येह आराम से रीड कर लेता है..

शिवं- हाँ! और मुझे उसके एक्सप्रेशन देख कुश ठीक नहीं लगा.. वो कल को अप्पे और हमारी.. मेरा मतलब आपकी फॅमिली के लिए खतरा हो सकता है. इस लिए मैंने खतरे को hi ख़तम करना ठीक समजा..

तुषार- ाचा! फिर तोह अपने बिलकुल सही किया.. चलो अब चलते है..

(फिर चारो कार में बैठे और चल दिए तुषार क घर के और.. 1घंटे बाद कार घर के भर कड़ी थी..)

तुषार- ाचा अब तुम लोग सुनो हमारा मिशन मेरे घर वालो के लिए ख़तम हो चूका है.. लकिन हमारे लिए अभी शुरू हुआ है..

सफल- ok बॉस!..

तुषार- बॉस?..

सवाना- और नहीं तोह क्या सारा प्लान तुम्हारा चल रहा है. हमें आर्डर तुम दे रहे हो. हमसे तेज दिमाग तुम्हारा चल रहा है. तोह तुम्हे बॉस बोलने में क्या दिकत है..

तुषार- ok ठीक है जैसे तुम लोग चाहो.. और अब यही कही पास में कोई घर खरीद लो. और मुझे वो रिकॉर्ड की वीडियो बेज देना.

सफल- हम्म ठीक है..

(फिर वो वह से कार मोड़ते है और चले जाते है. और तुषार भी चल देता है घर के अंदर...

《2589 -वर्ड्स》
 
अपडेट-6



तुषार- ok ठीक है जैसे तुम लोग चाहो.. और अब यही कही पास में कोई घर खरीद लो. और मुझे वो रिकॉर्ड की वीडियो बेज देना.

सफल- हम्म ठीक है..

(फिर वो वह से कार मोड़ते है और चले जाते है. और तुषार भी चल देता है घर के अंदर...

|अब्ब अग्गे|



(तुषार जा के बेल्ल बजता है तो आरुषि दूर खोलती है..)



आरुषि- (ख़ुशी से) तुषार ा गया तू.. तू ठीक तोह है न कही chot-vot तोह नहीं लगी..

तुषार- दीदी इक दम ठीक हु में. पहले मुझे अंदर तोह ऐनी दो..



(आरुषि उससे खींचती हुई सोफे पर बिठा देती है जहा मम्मी पापा पहले से बैठे थे..)



आरुषि- हाँ तोह बता क्या क्या हुआ. कितने गुंडे थे वह पे. तूने ज्यादा हीरो बने की कोशिश तोह नहीं की?.. देख अगर ऐसा है तोह बहुत पिटेगा तू मेरे से. और वो एजेंट्स कहा है तेरे साथ नहीं ए. गए भी थे या नहीं?..

पापा- बीटा उससे बोलने तोह दे.. हाँ बता भाई क्या किया तूने उधर जाकर. मर गए वो तीनो गुंडे? और एजेंट्स कहा है. हम्म उनका काम हो गया होगा तोह वो चले गए होंगे..

माँ- लो ग करलो बात. अब अप्प कुश बोलने देंगे उससे..

तुषार- हाँ माँ मुझे मौका hi नहीं मिल रहा बोलने का..



(येह लोग बात कर रहे थे की अन्निका अपने रूम से बहार ा रही थी उसने तुषार को देखा तोह दूरति हुई तुषार के साथ सोफे पे कूद गई. सोफे काफी बड़ा था तोह अन्निका शेर की तरह छलांग मार तुषार को साथ लिए पुरे सोफे पे तुषार के साथ लिपट गई..)



माँ- हाय राम!. येह किसी दिन मेरे बेटे को मार देगी..

आरुषि- ए मोती पहले देख तोह ले वो निचे सास भी ले रहा है या नहीं..



(अन्निका जो कब से उससे लिपटी बड़बड़े जा रही थी उठ क साइड हुई.)



अन्निका- यार मुझे कोई बताता क्यों नहीं है की भैया ा गए..

तुषार- तू बताती है हमला करने से पहले..

अन्निका- हिहि वो तोह में अस्सी hi हँ..

तुषार- (उससे साइड से गले लगते हुए) और मुझे तू अस्सी hi पसंद है..

आरुषि- (आखो में आखे दाल स्माइल के साथ) और में कैसे पसंद हु तुम्हे..

माँ- अरे चुप करो तुम दोनों. और उससे बताने दो की वह क्या हुआ..

तुषार- कुश खास नई माँ 2 मर गए, इक कल मर जायेगा.

पापा- (हैरानी से) क्या मतलब इक कल मर जियेगा. उसकी पीठ पे टाइम बम चिपका ए हो क्या?...

तुषार- हाँ! कुश ऐसा hi समाज लो अप्प लोग..

आरुषि- तू कुश साफ साफ बोलेगा.. मुझे सब डिटेल में जानना है..

तुषार- डिटेल में जानना है तोह थोड़ा वेट करना होगा..

आरुषि- वेट क्यों. मुझे सब अभी बता..

सब- और हमें भी..



(तुषार अपना मोबाइल चेक करता है तोह सवाना ने फाइट का वीडियो सेंड कर दिया था..)



तुषार- ाचा ठीक है. में अप्प सब को बताऊंगा नहीं. दिखाऊंगा..

अन्निका- क्या मतलब भैया..

तुषार- अभी बताता हु गुड़िया..



(फिर तुषार उठ कर मोबाइल को लेद के साथ कनेक्ट करता है और वो वीडियो प्ले कर देता है.. 45मिंट की वीडियो को सबने धियान से देखा. उनके रिएक्शन कबि गुस्से में कबि हसी में बदल जाते तोह कबि कोई डरावना सीन देख गब्रहत में आखे बंद कर लेते. वीडियो ख़तम होने के बाद आरुषि बोली जिसकी आखो में अस्सू थे..)



आरुषि- इतना प्यार करता है तू मेरे से.. की जिसने अपना गन्दा हाथ मुझे लगाया तूने उसका पूरा हाथ hi टूर दिया.. हम्म?



(तुषार उसके पास जा के ासु को इक ऊँगली से साफ़ करता हुआ..)



तुषार- दीदी आपसे वडा किया था की उसे नंगा कर माफ़ी मंगवा वीडियो बनाऊगा.. अब थोड़ी hi देर में येह वीडियो पूरा इंडिया देखेगा.. और रही बात में आपसे कितना प्यार करता हु. तोह में आपसे इतना प्यार करता हु की अप्प कबि उससे नाप या टोल नहीं सकोगी.. क्युकी मेरा प्यार इक समुन्द्र है अप्प जितना मेरे प्यार की गहराई में जायेगी मेरा प्यार और गहरा होता जायेगा.. इतना प्यार करता हु में आपसे..



(आरुषि को अज्ज विश्वास हो रहा था की उसका भाई उसपे अपनी जान देता है. क्युकी अज्ज से पहला उसने कबि अस्सी बाते नहीं की थी..)



(आरुषि उससे कास के गले से लगा लेती है.)



आरुषि- (किश करती हुई) मेरा प्यार भाई.. दुनिया का सबसे बेस्ट भाई..

तुषार- अप्प भी दुनिया की बेस्ट दीदी हो..

अन्निका- (ख़ुशी से) और में..

तुषार- (उसकी तरफ देख) नहीं तू बेस्ट नहीं है..

(अन्निका साथ कड़ी माँ के साथ चिपक गई और सुबकने लगी.)



अन्निका- मां भैया बोले में बेस्ट नहीं हु. क्या में बुरी हु. में तोह भैया से बहुत प्यार करती हु.. उन्होंने ऐसा क्यों कहा..

माँ- क्यों बोलै ोये तूने ऐसा. क्यों नहीं है मेरी बची बेस्ट. हाँ बोल..

तुषार- अरे माँ में तोह येह कह रहा था की मेरी गुड़िया बेस्ट hi नहीं स्मार्ट भी है और क्यूट भी और ब्यूटीफुल तोह है hi..

अन्निका- (ख़ुशी से) सच्ची भैया?..

तुषार- (बहे फैलता हुआ) हाँ गुड़िया..



(अन्निका जेक उसके गले लग गई..)



अन्निका- भैया अप्प भी इस दुनिया के बेस्ट वाले भैया हो.. भैया येह क्या है?..

(अन्निका ने तुषार की कमर पर हाथ डाला तोह उसके हाथ गन लग गई..)



तुषार- (गन निकलता हुआ) अरे येह गन है..

अन्निका- (थोड़ा पीछे होती हुई) क्या?.. भैया इससे साइड रखो न..


तुषार- (हस्ता हुआ) अरे लकिन तू दर क्यों रही है.. में अपनी प्यारी गुड़िया को थोड़ी मरुँगा..

अन्निका- लकिन मुझे बहुत दर लगता है भैया इन खतरनाक जैसी चीज़ो से..

आरुषि- हहै अब दर रही है. सुभे तोह कोई एजेंट बनने की बात कर रहा था..

अन्निका- लकिन अभी बानी थोड़ी न हु में दीदी. जब बानगी न तब गन क्या राकेट लांचर टंगे गुम्मु गई..



(अन्निका की अस्सी मासूमियत भरी बत्तो से सब को हसी ा गई.)



अन्निका- अरे अप्प लोग है क्यों रहे हो.. और मुम्मा भैया ने येह गन चलना भी सिक्ख लिया..

माँ- क्या पता बीटा अपने भैया से hi पूछ..

अन्निका- भैया यह..

तुषार- (उसके बोलने से पहला hi) नहीं गुड़िया. में पहली बार hi गन हाथ में लिया हु. और देखा नै कैसे मारा था मैंने उन्हें अब लगता है मुझे भी एजेंट बन जाना चाहिए.. ः..

पापा- (डांटे हुए) चुप चाप अपनी पढाई कर येह सब काम करने के लिए नहीं बड़ा कर रहे तुजे समजा. और अब बता येह गन तेरे पास क्या कर रही है. इसका काम तोह ख़तम हो गया न.

तुषार- हाँ पापा वो में एजेंट्स को लौटना भूल गया था.

पापा- ठीक है इससे कही सेफ जगह रख..

तुषार- ok पापा



(फिर कुश वक्त इनकी बाते चलती गई. रात को सब ने दिंनिंग टेबल पर डिनर किया लकिन तानिया ने अपना खाना रूम में hi किया वो सुभे वाली बात के बाद से बहार नहीं निकली थी..)

(डिनर के बाद सब उठ कर जाने लगे तुषार जैसे hi उठा अन्निका भी उसके साथ साथ चल दी रूम की तरफ..)

तुषार- हांजी मैडम! किधर?..

अन्निका- आपके रूम की तरफ..

तुषार- ले भाई.. और वो भला क्यों?

अन्निका- (चिद्द के) भैया! मैंने आपसे कितनी बार कहा है की आपका रूम जितना आपका है उससे ज्यादा उसपर मेरा हक़ है. अप्प मुझे कबि भी अपने रूम में ऐनी से roka-toka मत करो. समजे..

तुषार- समजा!!

अन्निका- हिहि गुड बॉय. चलो अब..



(दोनों तुषार के रूम में चले जाते है. और बीएड पर इक दूसरे को गले लगा बाटे करने लगते है और करीब 10मिंट बाद रूम नॉक होता है और तुषार जेक खोलता है..)

तुषार- दीदी अप्प..


आरुषि- हाँ क्यों में नहीं ा सकती. सुन ले येह रूम जितना तेरा है उससे ज्यादा इसपर मेरा हक़ है.

अन्निका- (हस्ती हुई) दीदी वो डायलॉग में पहला hi मार चुकी हु. अप्प कुश नया क्यों नहीं तरय करती. कॉपी पेस्ट करना बहुत पुराण हो गया है. लोग तोह कुश नया मांगे है. क्यों भैया?..

तुषार- हाँ सही कहा..

आरुषि- वो सब शूर अन्नू तू यहाँ सोने आयी है?..

अन्निका- हाँ दीदी में तोह कल भी भैया के साथ hi सोई थी और अज्ज भी सोयुनगी..

आरुषि- ाचा ठीक है सजा में भी यही सू रही हु..

(तुषार जो सुन रहा था थोड़ा सा कन्फुज था बोलै..)

तुषार- तोह मतलब में बहार जाऊ?..

आरुषि- क्यों तू क्या यहाँ नहीं सू पायेगा. क्या बीएड छोटा है. chup-chap बिच में आके लेट जा..

तुषार- ठीक है दीदी..

(फिर तीनो बीएड पर लेट जाते है तुषार के इक साइड अन्निका और दूसरे साइड आरुषि लेती थी..)



(सुभे पहले आरुषि उठी और अपने रूम फ्रेश होने चली गई. थोड़ी देर में अन्निका भी जग गई और उसने तुषार को भी अपने स्टाइल में उठा दिया..)



(किसी दूर इक जगह. इक हवेली में 2 आदमी सोफे पर बैठे बात कर रहे थे उनके पास 1 आदमी लैपटॉप लिए खड़ा था.)

आदमी- (लैपटॉप में वीडियो प्ले करता हुआ) सर येह देखिये येह हमारे आदमी थे जो कितनी बेहरहमी से मरे गए है..



(वो आदमी उन्हें तुषार एंड एजेंट्स वाली वीडियो चला क देता है जो अभी पुरे इंटरनेट पर पहेली हुई थी.. पूरी वीडियो देखने के बाद सोफे पर बैठा इक आदमी को थोड़ा गुस्सा आया लकिन दूसरा शांत बैठा था..)



आदमी.1- (थोड़ा गुस्से में) कोण था येह साला जिसने मेरे आदमियों को मारा. इससे दर नहीं है क्या हमारा. येह तोह बचेगा नहीं..

आदमी.2- जग्गू! शांत इतनी छोटी मोती बातो पे वक़्त और गुस्सा जाया नहीं करते.

जग्गू- पर यार लाला हमारे आदमियों को वो छोटा सा बचा मर क गया है. क्या उससे शूद देना ठीक होगा. कल को उसके पर निकल ए तोह हमारे लिए मुसीबत हो सकती है. और येह वीडियो हर कोई देख चूका होगा लोगो में हमारे लिए जो खौफ पैदा हुआ है वो दिन प्रति दिन काम होता जायेगा.. इक बार सोच क बोलो..

लाला- (सोचता हुआ) हम्म. ठीक है राजू ख़तम करवा दो इससे और इसके पुरे परिवार को. और इससे तरह वीडियो बना के बोलो की (Lala+Jaggu= जगाला) जगाला के आदमियों से पन्गा लेना मतलब सिदा सिदा हमसे पन्गा लेना है..

राजू- ठीक है सर में अभी इस वीडियो में से इनके बलौर फेस साफ़ करवाता हु और इस लड़के का और इसके साथियो का पता लगता हु...



|बैक तो तुषार|

(तुषार अभी अपने स्कूल क पार्क में बेंच पर बैठा था.)



लड़का.1- (तुषार की तरफ इशारा कर) भाई वो देख तो ज़रा इसने 10,15 दिनों में कैसे बॉडी बना ली है..

लड़का.2- हाँ बे सही कहा तूने. चल ा थोड़े मज़े लेते है..

(वो दोनों उठ कर तुषार क बेंच के पास बेथ जाते है..)



लड़का.1- अबे ोये सुन भाई पूछ रहे थे की तूने येह बॉडी कैसे बनाई इतनी जल्दी हाँ..

तुषार- तोह अपने भाई को बोल की म्हणत नाम की भी कोई चीज़ होता है. हर चीज़ को पैसे से नहीं ख़रीदा जाता. ः

लड़का.2- (गुस्से में) बड़ा बोलने लगा है बे तू. लगता है हमारी मर भूल गया है हाँ. पकड़ रे इससे अभी बता हु में..

तुषार- देख देण्य अगर मुझे टच भी किया न तोह अपने अंजाम के लिए तैयार रहना..


देण्य- ाचा ऐसा है.. पिंकू ज़रा अपनी गैंग को लेके ा इधर..

पिंकू- अभी आया भाई..



(पिंकू दूर के अपनी साथियो को बुला के लाया इतने में तुषार ने कास के इक मुक्का देण्य के फेस पे दिया तोह उसका नक् से खून निकल गया..)



तुषार- क्यों बे हरामखोर येह स्कूल है कोई तेरा अड्डा नहीं की तू यहाँ गैंग बनाये, मस्सों लड़के- लड़कियों के साथ बदतमीज़ी करे, किसी को भी मरे पिटे. समजा न. जो तूने करना था कर लिया. (गुस्से से) अज्ज के बाद अगर मैंने तुम्हे किसी को परेशां करता देख लिया तोह उसके बाद क्या होगा उसका ज़िम्मेदार तू खुद होगा..

देण्य- बेहंसद इक तोह मुझे मुक्का मारा ऊपर से भाषण दे रहा है. (अपने साथियो से) मेरा मुँह क्या देख रहे हो मारो सेल को. और ऐसा मारो की चलने लायक न बचे..

(फिर सभी ने तुषार को घेर लिया करीब 25 लड़के थे और तुषार अकेला बिच में खड़ा था. सबने अपनी अपनी बरी का इंतज़ार करते हुए मुक्का, लात, थप्पड़, घुटना, कोहनी और न जाने क्या क्या तुषार को मारा तुषार ने शुरू में तोह रोकने की कोशिश की लकिन फिर वो हार गया इतने लोगो के सामने.. अब तुषार बस शांत निचे लेता था और मार खा रहा था. लड़के जोर जोर से उसकी पारो पर अपनी लातो की बरसात कर रहे रहे..)

(अन्निका उसके दोस्त और तान्या और उसके दोस्त भी थे लकिन किसी को समाज नहीं ा रहा था की कोण पिट रहा है. क्युकी वह बहुत भीड़ जमा हो गई और लड़के भी तुषार को घेरा बना के मार रहे. यहाँ रोज देण्य किसी न किसी को पेट ता रहता था. उसके पापा की पहुँच बहुत ऊपर तक थी वो छाए तोह इक सेक् में स्कूल बंद करवा दे इस लिए प्रिंसिपल भी डरता था और कोई उससे ज्यादा rokta-tokta नहीं था..)

देण्य- अबे अब बोल क्या बोल रहा था तू हाँ बॉडी बना के आया है तोह मतलब हमारा सामना कर लेगा. हाहाहा और किसी को टच मत करना नहीं तोह अंजाम देख लेना अबे हट. टच तोह अब में तेरी बहनो को करुगा.. खा है वो (भीड़ की तरफ नज़र घूमता हुआ) हाँ वो रही. पिंकू इससे शूर और इसकी वो बहिन को खींच के ला इधर..



(पिंकू तान्या की तरफ जाता है.)



पिंकू- आईये मैडम अप्प खुद चल रही हो जा में तुम्हे गसीरता हुआ लेके जाऊ..



(अभी भी किसी को नहीं पता था की वह कोण पिट रहा है और अभी देण्य ने क्या कहा है..)



तान्या- क्यों में क्यों चालू तेरे साथ. जिसको पिट रहा है उससे पिट न जेक. मुझे क्यों गसीरता हुआ लेके जायेगा तू.. और किसे मार रहे जो तुम लोग शूर दो बिचारे को..

पिंकू- (हस्ता हुआ) तू इक बार खुद देख ले एक्के. ः



(और येह बोल पिंकू अग्गे की तरफ चल दिया. तान्या भी पता नहीं क्यों उसके पीछे चल दी और जैसे hi उसने अग्गे जेक देखा की उसका भाई दर्द बर्दाश्त करता हुआ अपनी टैंगो पे लत्तो के वॉर खा रहा है. उसकी टंगे इक डैम कम्प रही थी. खून तोह पता नहीं कितनी hi बह बह कर नदी बनाये dorr-dorr तक जा रहा था. लड़के अभी भी बरी badal-badal के तुषार को मार रहे थे.. येह नज़ारा देख तान्या की चीक निकल गई..)

तान्या- (चिक्ति हुई) तूस्ससहहहहाआरररररर..



(और वही घुटनो पर बेथ गई.. तान्या ने इक साल बाद अपने भाई का नाम लिया tha..Tania जैसे hi तुषार चिक्ति हुई बोली ठीक उसी वक्त दूर कड़ी अन्निका भी वही अपने घुटनो पर गिर गयी..)



(अन्निका जल्दी से दुबारा कड़ी हुई और भीड़ को चीरती हुई अपने भैया के पास चली गई और उसके ऊपर जेक लेट गई.. सबने तुषार को मरना बंद कर दिया..)

अन्निका- (रोटी हुई) प्लीज मेरे भैया को मत मारो. में अप्प सबके हाथ जोड़ती हु. वो मर जायेंगे. प्लीज अप्प चाहो तोह मुझे मार लो जितना मरना है. लकिन भैया को मत करो उन्होंने जो भी गलती की है माफ कार्डो उसके बदले मुझे मर लो..

पिंकू- ठीक है हम लोग तेरी मर लेते है क्यों देण्य भाई. ाचा येह बता अग्गे से मरे जा पीछे से. हाहाहाहा

(उसके साथी और देण्य बात क मज़े लेते हुए जोर जोर से हसने लगे. अन्निका को कोई फरक नहीं पड़ा की उन्हों उसकी इंसल्ट की है..)



(तुषार की भले hi आँखे बंद थी पर वो सुन रहा था और जैसे hi उसने पिंकू के मुँह से येह बात सुनी वो उठने की कोशिश करने लगा.. और थोड़ा सा ऊपर उठ उसने अन्निका को साइड किया जो उसके सेने के लगी रोटी हुई उससे पुकार रही थी. Dhire-Dhire तुषार अपनी कम्पटी टैंगो के साथ खड़ा था उसके पूरा बॉडी खून से नाहा चुकी थी. उससे ऐसा खड़ा देख अन्निका बहुत खुस हो गई लकिन तान्या के sath-sath सरे स्टूडेंट्स, टीचर्स, देण्य और उसके वो सरे साथी शॉक में खड़े थे..)



(तुषार खड़ा हुआ और इक कदम चल धधममम से वापिस निचे गिर गया. देण्य और उसके साथ हसने लगे..)



अन्निका- (गाब्रिटी हुई) भैया! अप्प ठीक तोह हो..

देण्य- हाँ हाँ बिलकुल ठीक है वो सबको दिख रहा है वो तोह हाहाहा..

पिंकू- (हस्ता हुआ) हाँ भाई मर मर क इसकी टंगे टूर दी और येह पूछ रही है भैया अप्प ठीक तोह हो.. ः

(तुषार कुश बोलना चाहता था लकिन जैसे hi वो मुँह खोलता उसके मुँह से खून बह जाता उसमे अब डैम नहीं था की कुश बोल सके..)



देण्य- (तान्या की तरफ देखता हुआ जो रू रही थी अपने भाई की इस हालत पे) अरे इससे तोह देखो अज्ज बड़ी फ़िक्र हो रही है तुजे.. ोये लड़को इससे जरा कास के पदको तोह मुझे इसका खज़ाना देखना है..



(4,5 लड़के तान्या को जो अभी भी घुटनो पर बैठी थी उठा कास के पकड़ लेते है. देण्य इक मुस्कान के साथ तान्या की तरफ बढ़ता है. तान्या लड़को से छूटने की कोशिश करती हुई चटपटा रही थी लकिन फूल सी काली क्या hi कर सकती थी..)



तान्या- देण्य दूर होजा मेरा से और मुझे शूर दे नहीं तोह सही नहीं होगा..

देण्य- यार तुम दोनों bhai-behano को वार्निंग देने क सिवाए कुश अट्टा भी है क्या..



(येह बोल देण्य ने अपना हाथ सीधा तान्या की स्कूल स्कर्ट के अंदर दाल पेंटी के ऊपर से उसकी छूट को दबोच लिया. और कास के मसलने लगा..)

देण्य- (छूट मसलता हुआ) वह!!! मज़ा! आनंद! क्या बोल रही थी तू मेरे लिए ाचा नहीं होगा. कोण रोकेगा मुझे हाँ वो तेरा लंगड़ा भाई. ः. जो उठ भी नहीं प् रहा हैआईईई..

(देण्य की मुँह खुला का खुला रह गया जब उसने लास्ट लाइन बोलते बोलते पीछे तुषार की तरफ देखा. जो जस्ट अभी अभी उठ के उसके पीछे कड़ा था. जिसकी आँखे देख अचे अचे की नींद ुध जाये. जो अभी इक दम लाल थी हलकी सी रौशनी के साथ चमक रही थी..)

(तुषार ने देखा अभी भी उसका हाथ उसकी बहिन की शर्ट में है. और उसकी बहिन के मुँह पर इक लड़का हाथ रखे उसका मुँह बंद किये बैठा है और तान्या के आंके रू रू कर लाल हो राखी है. उससे इतनी कास के जकड़ा है की वो ज़रा सा हिल भी नहीं प् रही है.. बस इतनी देखना था की तुषार ने देण्य के सर को पदक और अपने सर के साथ जोर से दे मारा.. देण्य अपना सर पकडे चिलता हुआ साइड हो गया..)



तुषार- (फुल गुस्से में चिलता हु) तेरी इतनी हिम्मत की तू मेरी बहिन के साथ बातेमाज़ी करे. तेरा जैसा hi इक कमीना मेरी बहिन को छेड़ रहा था उसका हाथ में गोलिया भर दी थी मैंने. लकिन तूने उससे भी बैठत तर काम किया है सोच तेरा क्या होगा... हहह हाँ में hi हु वो जिसने कल 3गुंडों को बुरी तरीके से मारा था..



(सब तुषार की बात सुन कर दांग रह गए. फेस बलौर था इस लिए किसी को नहीं पता था की उन् गुंडों को किसने मारा है..)



पिंकू- हूँ ाचा! तू बोलेगा और हम मन लेंगे. पागल है क्या हम. तूने किसको मारा है तू जनता है. इसका बाप तेरे घर में घुस के तेरी माँ को छोड़ क जायेगा. तेरा इस दुनिया से nam-o-nishan मिटा देगा.. हहह



(पिंकू ने तुषार की माँ को गलत बोल गलती करदी थी.. तुषार को इतना गुस्सा आया की उसने जल्दी से अपना ब्रेसलेट खोला और उसमे लगी इक पिन को निकल सीधा किया जो इक ऊँगली जितनी हो गई. और सुई की तरह तीखी. उससे लेके तुषार पिंकू के पास गया और उसके पेट में इक मुका जड़ दिया और जल्दी से उसके दोनों होठो को पकड़ लिया और उसके निचले होंठ से निकल उपरवाले होंठ को इक साथ पिन के साथ बाँध कर दिया. पिंकू इक डैम से तड़फ के रह गया वो चीक भी नहीं सकता था. होंठ इक डैम कौन से लालो लाल हो गए थे. वो पिन चिचने जाता तोह उससे और दर्द होता वो बस वही जमीं पर लेट अपना दर्द बर्दाश करने लगा..)



(सभी येह नजारा देख हेरैं हो गए थे. और थोड़ा दर के पीछे हैट गए थे. सबको यकीन हो गया था की उन् गुंडों को मरने वाला तुषार hi है..)



तुषार- क्यों अब हुआ यकीन जा और अचे से संजो. मेरी गुड़िया के बारे में बड़ा उल्टा सिदा बोल रहा था न. मेरी बात खान खोल के सुन ले अगर किसी ने मेरे परिवार के बारे में कुश acha-bura कहा तोह ाचा नहीं होगा..



(तुषार ने देखा की तान्या को अभी भी उन लड़को ने पदक हुआ है लकिन उन् लड़को को येह ख्याल नहीं था वो तोह पहले से hi थोड़ी देर पहले हुई घटना से सहमे हुआ थे. तान्या को लड़को ने अभी भी पदक है येह देख तुषार को और गुस्सा ा गया. उसने जल्दी से साइड पड़ा अपने स्कूल बेग खोला और उसमे से गन निकल ली..)



तुषार- (गन इक लड़के की तरफ कर) सालो मेरी बहिन को चुने की हिम्मत भी कैसी हुई तुम लोग की..

(और इसी के साथ इक लड़के के पैर पर गोली चला दी. गोली उसका बूट को फाड़ती हुई सीधी उसके पेअर के अंगूठे को लगी और वह की हड्डी टूट गई.. लड़का चीखता हुआ पीछे गिर गया.. सबने तान्या को झट से शूर दिया..)



तुषार- (गन देण्य की तरफ करता हुआ) चल निकल ले ोये सेल वर्ण यही भून दूंगा तुझे..



(देण्य डरता हुआ जल्दी से वह से उठा और निकल लिया उसके piche-piche उसके साथी भी चल दिए. तुषार देण्य को जाने नहीं देना चाहता है. वो उससे अस्सी मौत देना चाहता था की पूरी दुनिआ उसकी बहिन को देखने के लिए लाखो बार सोचे. लकिन उसने फ़िलहाल जगह और अपनी हालत को देख जोश से काम लिया..)



(सब के जाने के बाद अन्निका उसके पास आयी जो कब से dari-dari रो रही थी. और बोली..)



अन्निका- (रोटी हुई) भैया अप्प ठीक हो. अप्प वह चलो बेंच पर बेथ जाओ में First-Aid लेके अत्ति हु..



(और तुषार को अपने फूल जैसे शरीर का सहारा देती हुई बेंच तक ले जाने लगती है. तुषार मुस्कुराता हुआ उसके साथ चल रहा था की अचानक वो जोर से इक साइड को गिर गया और बेहोश हो गया. वो इस लिए क्युकी उसकी टंगे बहुत जख्मी थी उससे तोह हिला पाना नामुमकिन था लकिन तुषार तोह उसी टैंगो पे बहुत देर तक खड़ा रहा..)



(जैसे hi तुषार गिरा अन्निका चीक पड़ी..)



अन्निका- भैया. भैया.. मेरे भैया को क्या हो गया. (रोटी हुई) कितना खून बह रहा है इनका.. में इन्हे हॉस्पिटल कैसे लेके जाऊ मुझे कार चलनी नहीं अत्ति है..



(अन्निका उठी और तान्या की तरफ जाने लगी जो गभरै हुई थी तुषार को लेकर. लकिन उसके पास हिमत नहीं थी की वो तुषार के पास जेक उसका हल पूछ सके और उसके लिए कुश कर सके. अन्निका जैसे hi तान्या के पास आयी तान्या को लगा अन्निका उससे हेल्प के लिए पूछेगी लकिन अन्निका तान्या के साइड से निकल जश्न के पास चली गई.)



अन्निका- जश्न भैया प्लीज मेरे भैया को हॉस्पिटल पौंछा दो में आपका एहसान कबि नहीं भूलूँगी..



(अन्निका इतनी मासूमियत से बोली के वह खड़े सबको रोना ा गया.. तान्या ने जब येह सुना और देखा की अन्निका को यही लगता है की में शायद उसकी मदद नहीं करुँगी इस लिए वो मेरे पास नहीं आयी. येह सोचते hi तान्या और तेजी से साइलेंट रोने लगी. जश्न और कुश लड़को ने मिलकर जल्दी से तुषार को कार में डाला और अन्निका के साथ चल दिए हॉस्पिटल की तरफ..)

《3819 -वर्ड्स》
 
थैंक्स ..

भाई अपने तोह स्टोरी और अछि लिखने क लिए मुझे और भी मोटीवेट कर दिया. बहुत ाचा लगा आपका कमेंट पड़के.. अप्प ने अपने सरे डॉब्टस मेरे सामने रख दिए जिससे मुझे आसानी होगी उससे अगले अपडेट में क्लियर करने में. ऐसे hi अचे अचे review's देते रहे भाई...
 
अपडेट-7

अन्निका- जश्न भैया प्लीज मेरे भैया को हॉस्पिटल पौंछा दो में आपका एहसान कबि नहीं भूलूँगी..

(अन्निका इतनी मासूमियत से बोली के वह खड़े सबको रोना ा गया.. तान्या ने जब येह सुना और देखा की अन्निका को यही लगता है की में शायद उसकी मदद नहीं करुँगी इस लिए वो मेरे पास नहीं आयी. येह सोचते hi तान्या और तेजी से साइलेंट रोने लगी. जश्न और कुश लड़को ने मिलकर जल्दी से तुषार को कार में डाला और अन्निका के साथ चल दिए हॉस्पिटल की तरफ.)



|अब अग्गे|



(हॉस्पिटल पहुँच कर तुषार को doctor’s के हवाले कर दिया जाता है.. अन्निका का रोना तोह बंद hi नहीं हो रहा था वो बस बेंच पर बैठी रोइ जा रही थी की अचानक उससे यद् आया..)



अन्निका- (अस्सू साफ़ करती हुई) में भी कितनी पागल हु घर में किसी को बताया hi नहीं अभी दीदी को कॉल करती हु..



(अन्निका आरुषि को कॉल करती है जो बस कॉलेज के गेट से बहार निकल तुषार को कॉल करने वाली थी की मुझे लेने कब ा रहा है. की उसी वक़्त अन्निका का कॉल ा जाता है..)



आरुषि- हाँ अन्नू बोल. में अभी तुषार को कॉल करने वाली थी. कहा हो अभी तुम लोग. कितना टाइम में ा रहे हो यहाँ?..

अन्निका- (भरी आवाज में) दीदी! वो भैया.. (और जोर से रोने लगी)

आरुषि- (घबराती हुई) hello!! क्या हुआ अन्नू तुषार को. सब ठीक तोह है. कुश बोल न रोना बंद कर पहले प्लीज..

अन्निका- नहीं दीदी कुश ठीक नहीं है भैया को स्कूल में लड़को ने बहुत मारा है. अभी हम लोग हॉस्पिटल में है.. अप्प प्लीज जल्दी ा जाओ यहाँ मुझे दर लग रहा है..

(आरुषि को बहुत बड़ा झटका लगा सुन के की उसका भाई हॉस्पिटल में है. उससे तोह पता भी नहीं चला की कब उसके हाथ से मोबाइल छूट निचे गिर गया. उसने अन्निका की लास्ट लाइन भी नहीं सुनी थी. जैसे hi उससे होश आया उसने जल्दी से मोबाइल उठा के बोलै..)



आरुषि- अन्नू तू चिंता मत कर में अभी ा रही हु हॉस्पिटल.. कुश नहीं होगा तुषार को. तूने घर फ़ोन कर सबको बता दिया क्या?..


अन्निका- नहीं दीदी अभी नहीं बताया. पहले आपको hi फ़ोन किया है..

आरुषि- ाचा है बताना भी मत जब तक में न कहु..

अन्निका- लकिन क्यों दीदी.

आरुषि- वो में तुजे एक्के बाटूंगी..

अन्निका- ठीक है दीदी. अप्प जल्दी एना..

आरुषि- बस अभी आयी मेरा बचा. तू गभरा मत ठीक है. में ा रही हु..



(आरुषि ने टैक्सी पड़की और पांच गई हॉस्पिटल की तरफ. थोड़ी देर में अन्निका को औरशि अत्ति हुई दिखाई दी तोह उसने आरुषि की तरफ दूर लगा दी और जेक उससे लिपट गई.)



अन्निका- (अस्सू बहती हुई) दीदी येह क्यों हो रहा है भैया के साथ. लोग क्यों भैया को मरते है. वो किसी को तंग नहीं करते फिर भी..

आरुषि- (उसके और अपने आंखे साफ करती हुई) चुप चुप रोना नै. चल ा इधर बेथ पहले. अब मुझे बता की हुआ क्या था..

अन्निका- वो न दीदी में क्लास से बहार आयी तोह मैंने देखा की बहार न बहुत भीड़ जमा हुई है. मुझे लगा शायद देण्य अज्ज फिर किसी को परेशां कर रहा होगा..

आरुषि- ाचा फिर..

अन्निका- फिर न दीदी इक लड़का तान्या दीदी के पास आया वो भी वही कड़ी थी. वो लड़का दीदी के पास एक्के कुश बोलै मुझे नहीं पता उसने क्या कहा. फिर वो लड़का कुश बोल के चला गया और दीदी भी उनके पीछे चल दी.. थोड़ी देर बाद दीदी तुसहररर बोल के चीक पड़ी. में भी समाज गई जिसकी पिटाई हो रही है वो मेरे भय hi है. दीदी वह 20-25 लड़के थे जो भैया को मार रहे थे. में बहुत दर गई थी मैंने भैया को बचने की कोशिश की लकिन तब तक भैया की हालत बहुत खराब हो गई थी. उनके पैरो पर जगह जगह ज़ख़्म हो गए थे.. फिर इक लड़का ने तान्या दीदी के साथ बहुत बत्तमीज़ी की बहुत hi ज्यादा उन्हों ने दीदी की स्कर्ट के अंडर हाथ डाला था..

आरुषि- (शॉकेड) क्या!!

अन्निका- हाँ दीदी. और दीदी जैसे hi उनसे येह हरकत की तब भैया को पता नहीं क्या हुआ वो इक डैम से मुझे साइड में कर खड़े हो गए.. फिर उन्होंने दीदी को छिड़ने वाले लड़का का सर फोड़ दिया और बाकियो को भी डरा के बाघा दिया.. लकिन फिर अचानक भैया गिर गए और बेहोश हो गए.. (और फिर वापिस रोने लगी.)

आरुषि- अरे चुप हो जा अन्नू देख तेरे भैया कितने बहादुर है. बात अपनी बहनो की हो तोह 20-25 लड़को से अकेला hi लड़ जाता है.. में तोह येह सोच रही हु की जिसने मेरे कपडे फाडे थे वो नहीं बचा (मुस्कुराती हुई) इसने तोह तान्या के प्राइवेट part पर हाथ रखा है इसका क्या होगा..

अन्निका- (हैरानी से) इसका मतलब दीदी. भैया..

आरुषि- हाँ सही सोचा तूने तेरे भैया बदला लेके रहेंगे चाहिए कुश भी हो जाये. और क्या नाम था उसका?..

अन्निका- देण्य..

आरुषि- हाँ अब तोह उस देण्य के डैडी भी उससे नहीं बचा सकते. ः

अन्निका- (घबराहट से) पर दीदी भैया अकेले कैसे करेंगे. उन्हें वापिस कुश हो न जाये. दीदी अप्प रोक लो न उन्हें प्लीज..

आरुषि- अरे अकेला कहा है. पहले क्या वो अकेला गया था..

अन्निका- लकिन दीदी पहले तोह उनके साथ एजेंट्स थे न.


आरुषि- तोह अब कहा गए है वो. अब भी यही है..

अन्निका- क्या मतलब दीदी..


आरुषि- मतलब में तुम्हे बाद में समजाऊंगी..

अन्निका- ठीक है दीदी.. लकिन दीदी आपको पता है भैया अपने स्कूल बेग में गन लेके ए थे. और न उन्होंने कल 3मर्डर किये थे वो भी सब के सामने बोल दिया. कही उन्हें पुलिस न पकड़ ले. अब क्या होगा दीदी किसी ने पुलिस को इन्फॉर्म कर दिया तोह..

आरुषि- अन्नू सुन की बात क्या है. कल जब पापा को तुषार गन घर ले आया है पता चल तोह बाद में पापा ने वोह गन तुषार से लेकर मुझे देदी और कहा की अपने रूम में किसी सेफ सी जगह रख दो.. और अज्ज तुषार मेरे रूम में आया और उसने वो गन मेरे से मांगी..



(Arushi’s रूम *8:00 ऍम)



तुषार- (रूम में एंटर करता हुआ) दीदी मुझे आपसे कुश बात करनी थी..

आरुषि- हाँ बोलो..

तुषार- वो दीदी मुझे न.. वो मुझे वो गन वापिस कार्डो प्लीज..

आरुषि- (हैरानी से उसकी तरफ देखि हुई) और वो भला क्यों.. स्कूल में गन लेके जायेगा.. हाँ बोल..

तुषार- हाँ दीदी..

आरुषि- हाँ दीदी! क्या मतलब होता है. तुजे मार कहानी है?..

तुषार- (सीरियस होता हुआ) देखो दीदी में आपको साफ़ साफ़ बताता हु..

आरुषि- हाँ बता..

तुषार- दीदी देखो मुझे पता है की जिनको में मौत के घाट उतर क आया हु उनके आदमी को अब तक शायद पता भी चल गया होगा. मैंने उनकी मौत को कैमरा में कैप्चर सिर्फ इस लिए नहीं किया था की में बस अप्प लोगो को वो वीडियो दिखा सकू. मेरा वीडियो बनाने का मकसद hi यही था की उनके बॉस या उनके ऊपर के लोग मेरे खिलाफ कोई कदम उठाये..



(इतना बोल तुषार आरुषि की तरफ देखा है जो खामोश बैठी थी..)



तुषार- तोह दीदी में बस इतना कहना चाहता हु की में इस सेहर में जितनी भी गंदगी है उससे साफ करना चाहता हु.. बस



(फिर तुषार अपने और एजेंट्स में हुए प्लान के बारे में बता देता है..)

तुषार- दीदी बात अस्सी नहीं है की में यहाँ बस आपसे गन लेने आया हु. में यही बात आपसे करने आया था की क्युकी अप्प मुझे समझती हो और मेरा साथ देती हो हर बात पे. इस लिए मैंने आपको सब क्लेअर्ल्य बता दिया. गन तोह में अभी भी किसी भी एजेंट से ले लेता बस मुझे आपको यही बताना था.

आरुषि- और तू अभी स्कूल गन लेके जाना चाहता है..

तुषार- देखो दीदी मैंने जिनसे पन्गा लिया है वो बहुत खतरनाक लोग है सीधी सी बात है. में जनता हु की जो खेल में खेल रहा हु उसमे आपको मुझे और हमारी फॅमिली को खतरा हो सकता है. येह गन तोह बस सेफ्टी के लिए है. में चाहता तोह जब में इस प्लान में कामयाब न हो जाऊ तब तक किसी को बहार न जाने दू लकिन मेरे लिए येह कर पाना पॉसिबल नहीं है..

तुषार- इक बात और दीदी वो एजेंट्स 24घंटे हम पर नजर राखी बैठे है. जरा सा भी खतरा दिखा, तोह वो मुझे और सबको इन्फॉर्म कर देंगे.. इक एजेंट माँ और घर पे नजर रखता है जब सब अपने अपने काम पे निकल जाते है, दूसरा पापा के पीछे रहता है जब वो ऑफिस जाते है और तीसरा आपके साथ रहता है कॉलेज में..

आरुषि- हम्म और तेरे अन्नू और तनु के साथ कोण?

तुषार- उनके साथ में हु न..

आरुषि- पागल है क्या tu..pehle तोह मुझे येह समाज नहीं ा रहा की इतना लम्बे लम्बे भाषण जो तू दे रहा है उसमे तेरा साथ दू जा न दू..

तुषार- (धीमे से) दीदी सुनो मेरी बात. जो में कर रहा हु न उसमे बस थोड़ा सा खतरा है बस थोड़ा सा. लकिन मेरा वडा है अपनी फॅमिली को जरा सी भी तकलीफ नहीं ऐनी दूंगा..


आरुषि- (रोटी हुई) येह जो तू कर रहा है न दुनिया वालो के लिए ठीक कर रहा है लकिन हमारे लिए नहीं.. तू क्या हमारी फॅमिली में नहीं अट्टा क्या. तू फॅमिली को तकलीफ नहीं ऐनी देगा लकिन जो तकलीफ तुजे आएगी उससे क्या हमें तकलीफ नहीं होगी..

तुषार- (ासु पोछता हुआ) नहीं दीदी अप्प रू मत मुझे कुश नहीं होगा.. अभी मेरी उम्र hi क्या है इस दुनिया से जाने की. अभी तोह बहुत बड़ा आदमी बनना है. शादी करनी है. बचे पैदा करने है. और न जाने क्या क्या.. हहै..


आरुषि- (हस्ती हुई) बदमाश अपनी दीदी के सामने अस्सी बाते करता है. मार खायेगा..

तुषार- किसी बाते दीदी?.. ओह्ह ाचा बचा पैदा करने वाली. क्यों आपको कोई इंट्रेस्ट नहीं है क्या इसमें. मैंने तोह सुना है इसमें मज़ा भी बहुत अट्टा है. आपको नहीं लेना क्या मज़ा. हूह?.. (और उठ कर रूम में इधर उधर बग्ने लगा)

आरुषि- (उसके पीछे भगति हुई) रुक तुजे अभी मज़ा देती हु में. रुक तोह सही इक बार..

तुषार- नहीं दीदी मुझे आपसे मज़ा नहीं लेने.. हहहह


(आरुषि फाइनली उससे पकड़ लेती है और उसके साइन पर चढ़ हलके मुक्के मरने लगती है..)



आरुषि- हम्म अब बोल क्या बोलै था तू.. मज़े लेने है.. हाँ?..

तुषार- नहीं दीदी सॉरी वो तोह में ऐसे hi बोलै था..



(तभी निचे से माँ आवाज देती है)



माँ- अरे कहा हो तुम दोनों स्कूल, कॉलेज नहीं जाना है क्या अज्ज..

आरुषि- आ रहे है मां बस 2मिंट में..

तुषार- दीदी जल्दी मुझे गन दो.. कही माँ ऊपर ा गई और उन्होंने मुझे गन पड़के देख लिया तोह..

(फिर तुषार आरुषि से गन ले बैग की सीक्रेट पॉकेट में छुपा लेता है..)



(आरुषि अन्निका को सुभे वाली सब बात बता देती है सिवाए कुश बातो के वो अप्प लोग समझदार हो की कोनसी बाते थी..)



(सब सुनने के बाद अन्निका और भी दर जाती है..)



अन्निका- मतलब भैया इक achi-khasi बड़ी वाली मुसीबत लिए घूम रहे है.. (अपना सर पकड़ के) ओह माय गॉड..

अन्निका- दीदी आपको भैया को रोकना चाहिए था न की साथ देना चाहिए था. अपने तोह उन्हें सिदा गन hi पकड़ा दी की येह लो गन और सबको ुधा क ा जाओ. दीदी में आपसे गुस्सा हु बहुत ज्यादा..

आरुषि- अन्नू! देख तू अभी बची है. तू सिर्फ अपने भैया के बारे में सोच रही है जो की बहुत गलत बात है. पुरे सेहर में नजाने कितनो के hi भाई मर रहे है. कितनो के hi बहनो की इज़्ज़त लूट रही है.. अगर तुषार कुश कर सकता है तोह हमें उसमे उसकी मदद करनी चाहिए न की उससे रोक उसका हौसला तोरणा चाहिए. सामजी..

अन्निका- ok दीदी फिर में भी अज्ज से भैया के साथ हु. लकिन दीदी बात अभी भी वही है की भैया ने मर्डर किया है येह बात सबको क्यों बता दी..

आरुषि- (सोची हुई) हम्म येह बात तोह मेरे भी समाज में नहीं ा रही.. उसने अपने आपको पुलिस के चक्रो में क्यों दाल लिया. अगर उससे सबको येह बात बतानी hi थी और उसने वीडियो में अपना फेस बलौर क्यों किया.. कुश तोह चल रहा है उसके दिमाग में जो हमारी सोच से बहार है..

अन्निका- सही कहा दीदी शायद भैया का येह कोई प्लान हो..

आरुषि- हम्म हो सकता है.. लकिन तू अभी तुषार की कोई भी बात घर पे नहीं बताएगी..


अन्निका- ok दीदी लकिन भैया को जब घर लेके जायेंगे तोह उहने सब मालूम पद जायेगा.. और तान्या दीदी!. भी तोह बता सकती है..

आरुषि- वोह सब तू मुझे पे शूद दे में सब संभल लुंगी..

अन्निका- तोह फिर ठीक है दीदी..



(इनकी बाते चल रही थी की डॉक्टर रूम से बहार ए उन्हें देख आरुषि और अन्निका जड़ली से कड़ी हो उनके पास गई और आरुषि बोली..)



आरुषि- डॉक्टर केसा है मेरा भाई अब. ठीक है न वो..



डॉक्टर- जी वो ठीक है अभी लेग्स पर काफी ज्यादा छूट आयी है बस वो कुश दिन चल नहीं पायेगा. लकिन अप्प लोग टेंशन मत लो वो 1वीक में रिकवर हो जायेगा अगर आराम करे तोह..

अन्निका- (ख़ुशी से) ठंकु डॉक्टर अंकल मेरे भैया का इलाज करने क लिए..

डॉक्टर- (उसके सर पर हाथ फेरते हुए) इसमें ठंकु की क्या बात है बचा. येह तोह मेरा फ़राज़ है. थोड़ा देर में आपके भैया को होश ा जायेगा तोह अप्प उससे मिल सकते हो. ठीक है बीटा..

अन्निका- ok डॉक्टर अंकल..

《2202 -वर्ड्स》
 
अपडेट-8

डॉक्टर- जी वो ठीक है अभी लेग्स पर काफी ज्यादा छूट आयी है बस वो कुश दिन चल नहीं पायेगा. लकिन अप्प लोग टेंशन मत लो वो 1वीक में रिकवर हो जायेगा अगर आराम करे तोह..

अन्निका- (ख़ुशी से) ठंकु डॉक्टर अंकल मेरे भैया का इलाज करने क लिए..

डॉक्टर- (उसके सर पर हाथ फेरते हुए) इसमें ठंकु की क्या बात है बचा. येह तोह मेरा फ़राज़ है. थोड़ा देर में आपके भैया को होश ा जायेगा तोह अप्प उससे मिल सकते हो. ठीक है बीटा..

अन्निका- ok डॉक्टर अंकल..



|अब अग्गे|

(थोड़ी देर बाद तुषार को होश ा गया है येह मैसेज मिलते है hi अन्निका और आरुषि भाग के तुषार के रूम में गई. तुषार बीएड पे लेता सोचो में घूम था. तुषार की टंगे पूरी पतियों से बंधी हुई थी. अन्निका को उसकी हालत देख रोना ा गया..)



अन्निका- (दर्द बरी आवाज) भैया!..



(तुषार सोचो से बहार अट्टा हुआ नज़र घुमा अन्निका की तरफ देखता है जिसकी आंके रो रो का लाल हुई पड़ी थी..)



तुषार- गुड़िया.. अजजा इधर आ मेरे पास..

(अन्निका उसके पास जेक बीएड पर बेथ जाती है..)



अन्निका- भैया ठीक हो अप्प. अब कही दर्द तोह नहीं है..

तुषार- (उसको साइड से साइन से लगता हुआ) दर्द तोह मुझे पहले भी नहीं हुआ मेरी पारी हर वक़्त मेरे साथ रहती है मुझे कैसा दर्द होगा भला. हम्म?.. तू मुझे हॉस्पिटल लेके आयी थी?..

अन्निका- हाँ भैया. वो जश्न भाई हाँ न उनके साथ..

तुषार- (उसके गाल सहलाता हुआ) ओह ाचा! मेरी प्यारी गुड़िया..

आरुषि- हम प्यारी दीदी नहीं है क्या..

तुषार- (उनके तरफ देखता हुआ) ओह्ह सॉरी दीदी मैंने आपको देखा नहीं..

आरुषि- हाँ तुजे सबसे पहले तेरी गुड़िया के अस्सू जो दीखते है.. हैं न!...

तुषार- (अन्निका के गाल चूमता हुआ) हाँ सही कहा दीदी पहले मेरी पारी के आंसुओं के वझे साफ़ होगी उसके बाद hi मेरी बाकि दुनिया से बात होगी..

अन्निका- (प्यार से) हाय मेरे भैया!! कितने प्यारे हो अप्प. ी लव यू सोऊ मच..

तुषार- लव यू तू मेरी गुड्डू..

आरुषि- ाचा तुषार अब क्या करना है तुम्हे..

तुषार- क्या करना है मतलब दीदी?..

आरुषि- में उस हरामी देण्य की बात कर रही हु..

तुषार- ाचा उसका. हाँ उसका में देख लूंगा दीदी अप्प फ़िक्र मत करो.. उसने वो किया है जिसकी मेरी नजरो में सिर्फ मौत है सिर्फ मौत..

आरुषि- वो तोह मुझे भी पता है की तू उसे षुरेगा नहीं..

तुषार- हाँ सही कहा..

आरुषि- तोह प्लान क्या है..

तुषार- कोई प्लान नहीं है दीदी सिद्ध उसके घर से उठा लूंगा और क्या..

आरुषि- (चौंक क) पागल है तू..

तुषार- अरे मजाक कर रह हु.. ाचा दीदी तान्या कहा है..


अन्निका- (बुरा सा मुँह बना क) भैया तान्या दीदी की रहने दो. वो होगी घर पे. आप ने उन्हें उन गंदे लड़को से बछिया लकिन नहीं वो तोह देखो इक बार भी मिलने तोह क्या ठंकु तक नहीं बोलै.. उन्होंने येह ाचा नहीं किया. वो बस आपके साथ hi ऐसा क्यों करती है मेरे साथ तोह अचे से बात करती है..

तुषार- (उदास सा) हम्म कोई न गुड़िया वो बदल जाएगी. और तेरे साथ तोह कोई शैतान भी बुरा न करे इतनी प्यारी है तू. और अगर कोई बुरा करने आएगा न तोह उसे पहले तुषार नाम की दिवार पर करनी होगी..

अन्निका- ूउम्मंहहहह.

आरुषि- (उनकी तरफ देखि हुई मन में) तान्या.. तान्या. क्या कर रही है तू तुषार जैसा प्यार करने वाला भाई तुजे पूरी दुनिया में नहीं मिलेगा.. क्यों नहीं बछिया तुजे तेरे दोस्तों ने फिर. कोई प्लान नहीं है, कोई पता नहीं है, कुश मिलेगा भी नहीं. लकिन बस तेरे लिए सिर्फ तेरे लिए वो उनसे लड़ेगा जिसने तुजे छुआ था. देखना कही पत्थर जैसे दोस्त जमा करते करते तू हिरा जैसा भाई न गवा दे..

तुषार- (जोर से आवाज देता हुआ) दीदी.. दीदी!!

आरुषि- (खयालो से बहार अत्ति हुई) हाँ. हाँ!

तुषार- क्या सोच रही हो दीदी में कब से आवाज दे रहा हु.. ाचा येह बताओ की अन्नू कह रही है की अपने कुश सोचा है की मुझे घर में जेक क्या कहना है इस बारे में..


आरुषि- हाँ मैंने सोचा है की क्या कहना है लकिन तुजे नहीं वो मुझे कहना है..

तुषार- क्या?.

आरुषि- यही की तुषार मेरे साथ मेरी इक फ्रेंड के घर जा रहा है इक मंथ तक क्युकी वो अपने पापा के साथ अकेली रहती है उसकी माँ नहीं है और पापा काम से 1मंथ के लिए बहार जा रहे है. उसकी और कोई फ्रेंड नहीं है मेरे अलावा तोह उसने मुझे अपने घर बुलाया है और में तुजे भी साथ ले जा रही हु बस. सिंपल..

तुषार- (हैरानी से) दीदी!. अपने इतना कुश सोच के रखा है. लकिन मैं बात तोह येह है की येह झूट बोल के जायेगे कहा पर..

आरुषि- किसने कहा येह झूट है. येह बात सच है मेरी फ्रेंड की माँ अब इस दुनिया में नहीं है. उसको बचपन से hi उसके पापा ने पल पास के बड़ा किया है. अभी कुश काम से उसके पापा को 1मंथ क लिए बहार जाना पढ़ रहा है. इस लिए उसने मुझे कहा था की तू मेरे घर अजजा. में अज्ज इस बारे में तेरे से बात करने वाली थी की तू चल रहा है की नहीं मेरे साथ. लकिन अब तोह हम उसके घर hi जायेंगे. क्यों ठीक है..

तुषार- हम्म ठीक है दीदी येह सही रहेगा. वह में आराम से इक प्लान सोच क देण्य का देहांत भी कर दूंगा. ः

आरुषि- पहले ठीक होजा. फिर करना जो करना है. में तुजे नहीं रोकूंगी. बस इक बार उससे मुज से मिलाना में देखना चाहती हु की किसी को दर्द देने वाले को दर्द लेने में कैसा लगता है..

तुषार- जरूर दीदी..

अन्निका- दीदी क्या में भी चलूंगी आपके साथ आपकी फ्रेंड के घर?..

आरुषि- नहीं अन्नू. तू सिदा अपने घर जाएगी.. कही घर में किसी को शक हो गया तोह प्रॉब्लम हो सकती है..

तुषार- सही कहा दीदी. गुड़िया तू चुप चाप घर जाएगी बिना कोई ज़िद किये.. OK?

अन्निका- अप्प बोले और में न मनु ऐसा तोह तब भी न होगा जब मेरा शरीर मेरी रूह शूद देगा..

तुषार- (कास के गले से लगा के) पागल!.. मरुँगा इक कास क.. कितनी बड़ी बड़ी बात बोल देती है छोटी सी बात क लिए..



(अन्निका भी सीधी हो क उसके कास क लगे लग जाती है. लकिन फिर इक दम से साइड हो बोलती है..)


अन्निका- लकिन भैया इक प्रॉब्लम अभी भी तोह हो सकती है..

तुषार- क्या?..

अन्निका- तान्या! तान्या दीदी ने अगर घर में कुश बता दिया तोह. और अगर अब तक बता दिया होगा फिर?..

तुषार- ओह्ह सहित येह तोह मैंने सोचा hi नहीं. (आरुषि की तरफ देख क) दीदी अब्ब क्या?..

आरुषि- (सोचती हुई) हम्म मुझे नहीं लगता की उसने घर में किसी को कुश बताया होगा. और जहा तक उसके दिल में तेरे लिए नफरत है वो तोह शयद अपने मन में भी तेरी कोई बात न रखे. घर मेरे किसी को बताना दूर की बात है. और अगर बता दिया होता तोह मां, पापा फ़ोन तोह शुरू खुद यहाँ ा भी गए होते और तेरे कान कीच रहे होते.. लकिन फिर भी में उससे बात कर लेती हु इस बारे में की किसी को मत बताये घर में..

तुषार- (उदास हो क) अपने ठीक कहा दीदी. वो मेरी कोई भी बात में इंट्रेस्ट नहीं रखती तोह येह उसके लिए कोई बड़ी बात नहीं होगी..

आरुषि- (उसके कंधे पर हाथ क) कोई न मेरा भाई वो इक दिन सब भुला क तेरे पास आएगी.. देख लेना..

तुषार.. हम्म ाचा दीदी तोह कब जाना है आपकी फ्रेंड क घर..

आरुषि- अभी तू यही है कुश दिन तक. जब तक तू चलने लकण नहीं होता..

तुषार- ठीक कहा दीदी..



(ऐसे hi पूरा दिन निकल जाता है. अन्निका भी घर चली गई थी. आरुषि ने पहले तान्या को कॉल कर पता किया की उसने घर में किसी को बताया या नहीं. तान्या ने कहा उसने कुश नहीं बताया तोह आरुषि ने माँ को कॉल कर सब कह दिया अपने फ्रेंड के घर जाने के बारे में माँ ने भी परमिशन दे दी..)



(रात हो गई थी तुषार अपने बीएड पे लेता सू रहा था. आरुषि भी उसके पास में इक बीएड पे लेती सो रही थी. करीब 2 बजे रहे थे तुषार को बाथरूम जाना था वो पूरी नींद में था उससे येह भी होश नहीं था की वो इस समय कहा है किस हालत में है. वो नींद में hi अपने बीएड से उठा और चल क बाथरूम में चला गया 5मिंट बाद वापिस एक्के बीएड पे लेट गया और सू गया..)



(सुभे आरुषि पहले जगी और उठ क बाथरूम में फ्रेश होक तुषार और अपने लिए चाय लेने बहार चली गई. जब वापिस आयी तोह वोह तुषार को देख चौंक गई हाथ से चाय girte-girte बची. उसके लिए येह बात किसी बड़े से बड़े शॉक से काम नहीं थी. सीन hi कुश ऐसा था. चलिए आपको बताता हु क्या हुआ आरुषि के जाने क बाद..)



(आरुषि के रूम से जाने के बाद थोड़ी देर में तुषार को जाग ा गई. वो उठ के थोड़ा सीधा हो गया.. और उससे कुछ इक झटके से याद ा गया तोह वो थोड़ा शॉक रह गया.. उससे कल रात का सीन याद ा गया क रात को वो बाथरूम गया था अपने इन्हे पैरो पे चल क बिना किसी दर्द क.. फिर वो उस बात पे जाकीं करने क लिए बीएड से उठा और खड़ा हो गया. उसने चल क देखा तोह कोई दर्द नहीं वो थोड़ा धोरणे लगा. फिर उसने धीरे धीरे करके अपनी परिओ पे लिपटी साडी पतियों को निकल दिया और उसने देखा की ज़ख़्म पुरे भर गए थे बस निशान hi थे जो बचे थे.. वो येह देख कुश भी हुए जा रहा था और कुश अपने मन में सोच भी रहा था.. फिर वो पूरी तेजी से रूम में गोल गोल धोरणे लगा..)



(जब वो दूर रहा था तब आरुषि रूम में आयी और तुषार को ऐसा भागते- धोरते देख खुले मुँह क साथ dhire-dhire उससे देखती हुई रूम में ऐनी लगी. तुषार ने जैसे hi उससे देखा वो रुक गया और उसके पास गया..)



तुषार- (मुस्कुरा के) शॉक लगा न?..

आरुषि- (होश में एक्के उसकी तरफ देखती हुई) बहुत बड़ा वाला. क्या है येह सब?..

तुषार- मुझे भी लगा था दीदी. Subhe-Subhe..

आरुषि- पर येह कैसे हो सकता है.. तुम्हारा इतनी जल्दी रिकवर हो जाना इम्पॉसिबल है..

तुषार- दीदी इम्पॉसिबल को पॉसिबल होते अपने खुद देखा है. और दिखाऊ क्या..

आरुषि- अब इतना बारे सीन देखने क बाद क्या बचा होगा..

तुषार- (अपना लोअर अपने घुटनो तक उठा लेता है) येह देखो दीदी मेरी टैंगो का जखम भर चुके है सुख चुके है..

आरुषि- (हैरानी से) तुषार!. तेरी बॉडी को क्या इस नेचर के रूल समाज नहीं ात्ते क्या. तेरी बॉडी तोह बाकि दुनिया से अलग hi चल रही है.. पहले भी ऐसा हो चूका है. येह कैसे हो सकता है भला..

तुषार- (मुस्कुरा क) भला दीदी! भला!

आरुषि- (कंफ्यूज हो क) मतलब.

तुषार- दीदी वो कहते है न किसी का ाचा किसी का भला करने वाले का बागवान भी साथ देते है.. बस येह वही बागवान कर रहा है मेरे साथ. वो भी यही चाहता है की में इस सेहर की अपने लोगो की मदद करू. तभी तोह मुझे इक रात में ठीक कर दिया..

आरुषि- (नाम आखो से) हाँ तुषार शायद तू ठीक कह रहा है.

तुषार- (उसके पास एक्के गले लगता हुआ) अरे दीदी अपने तोह रोना hi शुरू कर दिया.. अभी आपके रोने का नहीं उस देण्य क रोने का सम्हे है..

आरुषि- (आखे साफ़ करती हुई) सही कहा..

तुषार- तोह दीदी चलो फिर चलने की तैयारी करते है..

आरुषि- हम्म चलो..

(फिर आरुषि किसी तरह हॉस्पिटल से तुषार की चुटी ले लेती है. और उससे साथ लेके अपनी फ्रेंड के घर की और निकल पड़ती है.. थोड़ी देर बाद दोनों उसके घर के भर थे. उनका थोड़ा इंट्रो दे देता हु..)



|इंट्रो|

फ्रेंड नाम- हर्षिका (ब्यूटीफुल, क्यूट, प्रीटी, इनोसेंट, पतली सी कमर, छोटी सा प्यारा सा फेस, मोती मोती काली आखे, हलके लाल लाल गाल, रोज हलकी हलकी लिपस्टिक से रंगने वाले सॉफ्ट पतले होंठ.. येह थोड़ी मासूम लड़की है.. ज्यादा किसी से बात नहीं करती सिवाए आरुषि के. येह अपनी लाइफ में बस 2 hi लोगो को अचे से जानती और बात करती है. और वो है इसके पापा और आरुषि.. कॉलेज से घर और फिर घर से कॉलेज. बहार जेक घूमना और शॉपिंग, मस्ती येह सब इससे पसंद नहीं. बस इक शिकायत रहती है इससे और वो है बागवान से की क्यों उसने उससे उसकी मुम्मा को शिणं लिया.. घर में रहके कुश लिखती रहती है बस यही है इसका टीमेपस और मज़ा..)



(घर पांच के आरुषि दूर बेल्ल बजती है और हर्षिका दूर ओपन करती है. बहुत प्यारी लग रही थी. रेड टॉप ब्लैक जीन्स और बालो में हाई पोनीटेल की हुई थी. उससे देख तुषार तोह बस खड़ा का खड़ा मुँह फडे hi देखता रह गया..)

आरुषि- (अग्गे चल गले मिलती हुई) हर्षिका कैसी है मेरी जान..

हर्षिका- (कास क गले मिलती हुई) में बहुत अछि हु. तू बता कैसी है..

आरुषि- (अलग होती हुई) बिलकुल ठीक..

हर्षिका- येह तुम्हारे साथ कोण है..

आरुषि- हाँ इससे मिल येह है मेरा भाई तुषार.. तुषार येह है हर्षिका..

हर्षिका- (पता नहीं पर बहुत ख़ुशी से) ओह्ह तेरा भाई है येह. वाओ बहुत क्यूट और हैंडसम है.. hello तुषार ग..

(तुषार तोह कब से उसकी इक इक हरकत इक इक बात अपने दिल में उतर रहा था. उससे उसकी बाते शक्कर से भी मिटटी लग रही थी.. उसका मन कह रहा था की हर्षिका बस बोलती hi रहे और तुषार बस सुनता hi रहे..)



तुषार- (हाथ मिलता हुआ) ग Hello! हर्षिका ग कैसी हो अप्प..

हर्षिका- (हाथ अग्गे बढ़ा मिलती हुई) ग में बिलकुल ठीक. अप्प बताओ..

तुषार- ग बस अभी हॉस्पिटल से आया हु.. लकिन ठीक हु..

हर्षिका- (बघरा क) क्या.. क्या हुआ आपको.. (आरुषि की तरफ देख क) अरुशी..

आरुषि- (बिच में बोलती हु) चुप इक डैम चुप. कब से दूर पर खड़े है पहले अंदर तोह लेके चल..

हर्षिका- (अपने सर्र पे हलके से चपपट मर जुबान दातो में देती हुई) ओह्ह सॉरी में भी पागल हु.. ायो ायो पहले अंदर ायो..



(तीनो हाल में ात्ते है और सोफे पे बेथ जाते है..)



हर्षिका- तोह अब बताओ अप्प. की क्या हुआ है आपको जो हॉस्पिटल जाना पड़ा..

आरुषि- वो इस...

तुषार- (बिच में) वो क्या हुआ न की में स्कूल में कुश लड़को से पिट गया. और उन्होंने अस्सी हालत करदी क हॉस्पिटल की याद सताने लगी. ः..

हर्षिका- (थोड़े गुस्से में) क्या!.. उनकी इतनी हिम्मत.. ऐसे कैसे उनलोगो ने आपको मारा.. और अप्प क्या है रहे हो येह कोई हसने की बात नहीं है.. (उठती हुई) चलिए पुलिस सततयों चलते है.. इन्हे सबक तोह सीखना hi चाहिए..



(तुषार और आरुषि इक दूसरे को देखते लगे की इससे क्या हुआ. इक पराये लड़के की इतनी फ़िक्र क्यों..)



आरुषि- अरे बैठजा मेरी माँ. येह सब करने की जरुरत नहीं है कोई..

तुषार- हाँ हर्षिका ग आपको नहीं पता की बात सिर्फ इतनी सी नहीं है. बात येह भी है की उसने मेरी बहिन क साथ बतमीज़ी की है उन्हें में खुद अपने हाथो से सजा देना छठा हु..

हर्षिका- क्या.. ऐसा भी हुआ है.. लकिन अप्प कैसे सजा देंगे उन्हें..


आरुषि- वो सब येह कर लेगा तू उसकी ज़ादा मत सोच.. वो मेरे साथ इसी लिए यहाँ आया है की कुश सोच क उन्हें ख़तम कर सके..

हर्षिका- (दर क) ख़तम मतलब?.. कही अप्प उन्हें जान से तोह नहीं मरने वाले..

तुषार- (उंगलिया चटकते हुए) ग सही कहा अपने.. मेरी बहिन पे गंदे हाथ मतलब मौत के घाट..

हर्षिका- (चौकटी हुई) व्हाट!! पर अप्प अकेले कैसे. और अगर कुश गड़बड़ हो गई आपको पुलिस ले गई तोह..

आरुषि- (उसकी तरफ देख इक स्माइल के साथ) तोह?.. तोह क्या..

हर्षिका- (no रिएक्शन) तोह कुश नहीं तेरा भाई है. तुजे फ़िक्र नहीं है क्या उसकी..

आरुषि- हम्म ऐसा है तोह सुनो मैडम बात येह है की येह पहले hi 3 को लटका क ा चूका है..

हर्षिका- क्या मतलब..

आरुषि- याद है इक दिन तू मुझे इक वीडियो दिखा रही थी.. जिसमे इक लड़के ने 3बन्दों की बंद बजे थी..

हर्षिका- (यद् करती हुई) हाँ यार वो कैसी भूल सकती हुई. क्या खूंखार लड़का था यार सच में मेरी तोह 2दिन की नीड उड़द गई थी वीडियो देख क..


तुषार- ग वो बात ऐसा है की. वो वीडियो मैंने hi बनाई थी और..

हर्षिका- (शॉक में बिच में बोलती हुई) क्या.. वो वीडियो अपने बनाई है मतलब अप्प वही मजूद थे क्या?..

तुषार- ग में वही था लकिन में वीडियो नहीं बना रहा था वो तन्नो को मार रहा था.. हाँ में वही हु जो उन् तीन पप्पियों को यमराज के हवाले कर रहा था..



(हर्षिका इतनी मासूम थी की बिना किसी साबुत के येह बात सच मन क दर क सोफे से थोड़ी दूर हो गई जैसे तुषार कही उससे भी न मर दे. तुषार को लगा की उसे येह बात उसे नहीं बतानी चाहिए थी. वो आरुषि की तरफ देख इशारो में पुष्ट है की क्या उसने कोई लगती तोह नहीं कर दी..)



आरुषि- (उसके पास जेक बेथ उससे गाला लगाती हुई) हरु क्या हुआ.. तू क्यों दर गई..

हर्षिका- यार मुझे तेरे भाई से दर लग रहा है.. कितने खतरनाक है येह.

आरुषि- खतरनाक है लकिन गलत लोगो क लिए. तेरी जैसी प्यारी और भोली सी लड़की क लिए नहीं..

हर्षिका- (खुद को संभालती हुई) हम्म लकिन क्या येह अब फिर से खून करने क मूड में है..

तुषार- ग हर्षिका ग मेरी बहिन के प्राइवेट part को छुआ है उसने. कैसे शूर दू में. नहीं बिलकुल नहीं.. इक बार पहले hi वो मुझसे रूत चुकी है लकिन अबकी बार नहीं...

हर्षिका- ठीक है जब आपकी दीदी आपके साथ है तोह में कोनसे हक़ से आपको रोकने वाली बनती हु..

आरुषि- (तुषार की तरफ देख) किस हक़ से मतलब. में उसकी दीदी हु उस हिसाब से तू भी उसकी दीदी hi हुई न..

तुषार- (हड़बड़ा क) नहीं!.. दीदी नहीं. दीदी कैसे. यार दीदी बस न अब पहले hi 3 बहने है मेरी फ्रेंड कोई नहीं है येह मेरी फ्रेंड हुई अज्ज से. अप्प मुझपे इक फ्रेंड का हक़ जाता सकते हो. क्यों ठीक है न?..

हर्षिका- हाँ क्यों नहीं. मेरी भी बस इक hi फ्रेंड है आरुषि अब इक और हो जायेगा..

आरुषि- चलो येह nayi-nayi दोस्ती पे इक इक कप कॉफी हो जाये..

तुषार- हाँ सूरे..

हर्षिका- (मुस्कुरा क उठती हुई) ok में बना क लती हु..

आरुषि- चल में भी चलती हु..

(दोनों चली जाती है और तुषार किसी को कॉल लगा लेता है...)

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