Usski Gali Mein Jaana Chorr Diya - Page 15 - SexBaba
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Usski Gali Mein Jaana Chorr Diya

अपडेट 43 वर्किंग ात ानोथेर प्लेस

अभी ने अब रोना बांध कर दिया था, लगता था उसस्के सारे आंसू अब सुख गए थे.

वो कुछ दिन बाद रॉयल सिनेमा गया एक मूवी देकने, और उस सुपरमार्केट में महेश को देखा, महेश ने भी अभी को देखा मगर एक दूसरे से किसी ने बात नहीं किये.

अभी ने अब अपने पर्सनल डायरी में लिखा,

“माय आईज दो नॉट क्राई नाउ बूत माय हार्ट वीप्स, एंड व्हेन थे हार्ट वीप्स नॉट टीयर्स के आउट बूत ओनली ब्लड. माय हार्ट ब्लीड्स एंड ी ऍम बेअरिंग आईटी. आईटी इस वैरी हार्ड, आईटी एचएस, आईटी पाइनस, ी सुफ्फेर, बूत ी गोत तो बेयर. बूत नाउ ी दो नॉट क्राई, लेट थे हार्ट कीप क्राइंग इनसाइड, no ओने विल सी तहत.”

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अगले दिन अभी काम करने गया और वो काम फिनिश किया और कल से उस्सको उस जगह काम पर जाना था जो रूही के घर से 10 कंस की दूरी पर था…. जब अभी रूही की आँगन में काम कर रहा था तो यह वाला बस ओनर आया था सईद और अभी को काम करते हुए देखने और उस ने अपने बस को रिपेयर करने के लिए कहा था…. मतलब कल से अभी को बस में रूही के आँगन के सामने से गुज़ारना होगा अगले 1 महीने के लिए क्यूंकि वहां का काम एक महीने के लिए था…

अभी को बिल्कुल मैं नहीं था उस तरफ काम करने जाने को और सईद से कहा भी मगर सईद ने कहा के उस तरफ देहना भी नहीं बुसस के दूसरे साइड में बैठना…. काम तो करना है, तुम रूही के आँगन में थोड़ा hi जा रहे हो!

और सुबह को जब अभी वहां से गुज़रा बस में तो किआ आलम था, किआ फीलिंग थी, वो बयां करना बहोत मुश्किल है… अभी को तुरंत बुसस से उतरने का मैं किया…. उसी बस स्टॉप पर हर सुबह 6 बजे आजाता था नाह? तो उस्सको वो नोस्टालजिक फील हुआ… उस्सको लगा के उस्सको वहीँ उतरना चाहिए था, और रूही की आँगन में hi जाना चाहिए था…. शुक्र है के सिर्फ 2 मीन्स के लिए बस उस बस स्टॉप पर रुका कोई उतरा फिर बस आगे बढ़ने लगा….

वो जो सुबह का फ़िज़ा होता था जब हर सुबह को अभी आया करता था सुबह सवेरे रूही के खिड़की पर उस से बात करने के लिए… वही अट्मॉस्फेरे अब भी था क्यूंकि उसी टाइम को अभी गुज़रा था आज फिर बस से…. उस्सने एक नज़र रूही की आंगन में देखा भी जब बस गुज़रा तो मगर सिर्फ 2 सांडस के लिए वो हुआ, और सिर्फ आँगन और रूही का घर नज़र आया अभी को, और बगीचे में फूल दिखे…. अभी ने सोचा अब पूरा एक महीना वैसे गुज़ारना है उस्सको तो उस्सको उम्मीद था के एक दिन रूही ज़रूर दिखेगा उस्सको उस आँगन में या गार्डन में या अपनी किचन की स्टैर्स पर……

उस्सकी गलियों में जान चोरर दिया अभी ने मगर अब मजबूरन एक महीने के लिए काम के सिलसिले में जाना पर गया अभी को…. फिर इस्सके बाद बिल्कुल गया hi नहीं उस तरफ सालों तक….

मगर इस एक महीने में काफी कुछ दिलचस्प जानकारी मिलने वाला था अभी को रूही से रिलेटेड…. क्यूंकि जहाँ अब अभी काम करने जा रहा था वहां भी जॉर्ज और सुनील आएंगे अपने काम करने को उसी बस में!!

उस जगह काम करने के लिए हर सुबह और शाम को बस रूही की मैं रोड से गुज़रता, और हर दिन दो बार अभी उसस्के घर के तरफ देखता. हालां के कुछ अब एक्सपेक्ट नहीं करता था मगर उस्सको यकीन था के किसी दिन तो रूही की झलक ज़रूर दिखेगा उससे. शाम को हमेशा रूही और उस्सकी माँ किचन के स्टैर्स पर हुआ करते थे यह पिछले ढाई महीनों में अभी ने देख तो लिया था इस लिए उस्सको पता था या तो कभी शाम को घर लौटते वक़्त या सुबह को रूही को बाद में ज़रूर देखेगा….

और हुआ वही इन 30 दिनों में 5 बार अभी ने रूही को स्टैर्स पर देखा, सिर्फ कुछ पल के लिए और 2 दिन सुबह को काम पर जाते वक़्त बाघ में फूल तोड़ते हुए देखा अभी ने… उसस्के दिल पर किआ गुज़रा, कैसा फील हुआ उस्सको किआ बयां करने लायक है? नहीं. बिल्कुल भी नहीं. फिर भी जान लो के अभी को तुरंत बस से उतर कर रूही के पास जाने को मैं किया उस से सिर्फ एक सवाल करने का मैं किया के क्यों उस दिन वो नहीं निकली जब मनोज उस्सको धित्कार रहा था…..

पहली बार जब सुबह को अभी ने रूही को देखा तो खुद से कहा के उस्सको बस से उतर कर जाना चाहिए था वो सवाल पूछने, मगर नहीं गया तो सोचा फिर कभी सुबह को वो दिखी तब अभी ज़रूर उतरेगा बस से और जाएगा उस से पूछने.

और जिस दिन दूसरी बार उस्सने रूही को देखा गार्डन में तो अभी बस से उतरा, चल कर उस्सकी आँगन तक गया, रूही को देखा, मगर तुरंत वापस बस स्टॉप पर लौट गया….. उससे हिम्मत नहीं हुई उस आँगन में अपने कदम रखने की…..

और एक दिन सुबह अभी काम पर जाते वक़्त बस के अंदर से मनोज को देखा मैं रोड के किनारे खड़े आँगन के पास, और मनोज ने बस के अंदर देखा और उस्सकी नज़र अभी पर पड़ा, बस आगे के बस स्टॉप पर रुका और शायद मनोज ने सोचा के अभी फिर वहां ारः है, तो वो वेट करने लगा देखने को के कौन बस से उतर रहा है, और बस के अंदर से मुड़कर अभी भी मनोज को देख रहा था, अभी समझ गया के मनोज एहि सोच रहा होगा के वो वहीँ ारः है फिर से उस्सकी बेहेन से मिलने के लिए, मनोज का चेहरा उस वक़्त थोड़ा फिकरमंद लगने लगा था….. मगर बस रीस्टार्ट हुआ और जाने लगा आगे बढ़ते हुए, तो मनोज को पता चला होगा के अभी कहीं उस तरफ काम कर रहा होगा….

अब अभी ने दिल hi दिल में सोचा किआ पता मनोज को उस दिन के व्योहार के लिए अफ़सोस है और वो चाहता था के अभी फिर ए और वो अभी से माफ़ी मांगे और उसकसो रूही से मिला दे…. किआ पता के मनोज पर सब ने मिलकर चिलाय होगा, किआ पता के रूही ने उस से बात करना चोरर दिया होगा उस दिन की व्योहार की वजह से और तब मनोज ने रूही से कहा होगा के ठीक है अभी इस बार आएगा तो उस से माफ़ी मांग लूंगा और तुम मिल लेना उस से….. अभी ऑपटिमिस्ट आदमी था तो हमेशा भला hi सोचता था, पॉजिटिव hi सोचता था इस लिए उसस्के लिए सब सही हो सकता था….

और उन् 30 दिनों में जब अभी ने उस तरफ काम किया टोटल में में 7 बार रूही दिखी और एक बार फ़र्ज़ीनः को भी देखा रूही की किचन से निकलते हुए मगर सब से ज्यादा एक दिन रूही को तब देखा जब शाम को जाते वक़्त एक ट्रक रुका हुआ था बस के आगे ट्रैफिक ब्लॉक थे और बस ठीक रूही के आँगन के सामने रुका था कोई 4 मीन्स तक….. अभी सीधा रूही के किचन की स्टैर्स को देख रहा था अपने चेहरे पर रुमाल रख कर और रूही की माँ दिखी थी स्टैर्स पर, फिर महेश दिखा था और फिर रूही दिखी थी स्टैर्स पर और वो सीधा बस में hi देख रही थी… बस से उस्सकी स्टैर्स तक का फासला कोई 12 मेट्रेस का होगा…. रूही उदास कढ़ी देखती रही अभी के तरफ, मगर पता नहीं रूही ने अभी को बस के अंदर पहचान लिया था या नहीं…. जिस निगाह से रूही देख रही थी लगता थार रो पड़ेगी, अभी ने अपने चेहरे को रुमाल से धानका हुआ था, उसस्के खुद के आँखें भर आये रूही को देख कर और क्यूंकि 4 मीन्स तक मौका मिला एक दूसरे को देखने के लिए, तो अभी के मौके का फायदा उठाते हुए उस्सको देखता गया, अब रूही ने शायद अभी बाल से, उसस्के पेशानी से, उसस्के रंग से अभी को पहचान लिया था, इसी लिए कड़ी देखती रही जब तक बस आगे नहीं बढ़ा… रूही स्टैर्स पर खड़े होकर अपने काँधे और सर को दरवाज़े से टिका दिया था बस में देखते हुए…. और जैसे उस्सकी आदत थी जब बस जाने लगा तो रूही ने आसमान को देखा और… अभी को यकीन था के उसस्के बाद उस्सकी आँखें भर आये होंगे क्यूंकि जब भी वो वैसा करती थी उस्सकी आँखें भर आते थे….. पता नहीं क्यों वो वैसा करती थी…. सर ऊपर उठाकर आसमान को देखती और सर वापस झुकाती तो उस्सकी आँखें भरे होते…. पिछले ढाई महीनों में अभी ने रूही को वैसा करते 20/25 बार देखा होगा…. अभी ने जाते हुए बस में सोचा के शायद अब रूही इस वक़्त उससे देख कर उन् दिनों को याद करने लगी थी, और हो सकता है रूही प्रे कर रही होगी के काश अभी बस से उतर कर वहां aajaye…hakikat में अभी का मैं वही चाहता था, उस्सको तुरंत बस से उतर कर भाग कर वहां जा कर रूही को अपने बाहों में जकरने का मान कर रहा था….

अगर उस दिन मनोज ने उस तरह से अभी को नहीं निकला होता, ात लीस्ट अचे से आराम से बात करके उस्सको वापस जाने को कहा होता या एक दोस्ती बनाये रखने को कहा होता तो आज अभी ज़रूर रूही से अस ा फ्रेंड तो मिलने जाता!!

ये सब सोचते हुए अभी उस दिन रूही की याद में घर पहुंचा और फिर से उस्सकी याद में पीने गया….

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काम में जिस दिन सुनील से मिला अभी तो अभी उस से बात नहीं कर पाया, रो दिया अभी ने उससे देखते hi… और एहि दिन था जब सुनील ने अभी को बताया के उस दिन रूही की माँ ने सुनील से किआ कहा था और उस दिन सुनील उस्सको नहीं बता पाया था क्यूंकि मेहबूब वहीँ था तो सुनील नहीं चाहता था के उस वक़्त अभी और मेहबूब में लड़ाई हो. सुनील को पता था के अभी हॉट टेम्पर्ड है और वो बर्दाश्त नहीं कर पाटा और उसी वक़्त वो मेहबूब से लड़ लेता…. मगर अब सब बताते वक़्त सुनील ने कहा,

“मुझे उसी वक़्त तुमको शायद बता देना चाहिए था, और सब उसी वक़्त सामने आजाता तो शायद आज तुहि तेरी होती, तू शोर मचता, ग़ुस्सा करता मेहबूब से लड़ता मगर तब रूही और उस्सकी माँ को सब पता चलता तो शायद तब रूही तुमसे और खुश होती के तुम उस्सको पाने के लिए लड़ बैठे थे….”

सुनील ने बताया के उस दिन रूही की माँ ने उस से कहा था के मेहबूब ने उस्सको कहा था के अभी रूही के लिए ठीक लड़का नहीं है, अभी काम नहीं करता बेकार है, अभी सिर्फ सईद के कहने पर काम करने आया है और यहाँ सिर्फ रूही की वजह से रेगुलरली काम पर ारः है, वार्ना जहाँ भी काम करता है हफ्ते में दो दिन काम करता बाकी के दिन मौज मस्ती करता है, ऊपर से ग़रीब है, बहोत ग़रीब है, रूही को वो खुश नहीं रख पाएगा, रूही उसस्के घर में कभी खुश नहीं रहेगा उस्सकी दो बहनें हैं और 4 भाई, घर छोटा है कहाँ रहेगी रूही एक कमरे में 4 भाइयों और दो बहनों के बीच? ढंग का काम hi नहीं तो रूही का किआ हाल होगा उस घर में…..

और सुनील ने यह भी बताया के रूही के सामने यह सब कुछ कहा था और रूही से भी कहा था के खबरदार उस से ज़्यादा बात किया या उस्सको बढ़ावा दिया तो…. अभी से दूर रहने को आर्डर दिया था मेहबूब ने.

अभी ने सब सुनते हुए सुनील से पूछा,

“भाई इतना बता सकते हो के यह हुआ कब था? कब मेहबूब ने यह सब कहा था रूही और उस्सकी माँ से? उस्सकी नानी के घर जाने से पहले या बाद में?”

सुनील: “यह तो एक्साक्ट्ली नहीं पता भाई, मगर एहि सब कहा था उस दिन उसकसी माँ ने मुझसे जिस दिन रूही तेरे गले मिलकर रो रही थी जब तेरे ऊँगली में दवा लगा रही थी”

अभी: “यार यह सब बातें क्यों मेहबूब ने कहा था रूही और उस्सकी माँ से? यह सब तो बिल्कुल झूट है यार!”

सुनील: “अब सुन अभी और एक बात है जो मुझे कहने से डारर लग रहा है, पहले मुझे प्रॉमिस कर के तू छुप रहेगा और किसी को कुछ नहीं बताएगा और नाह कुछ कहेगा… बिल्कुल एक इंटेलीजेंट आदमी की तरह बात सुन और बुसस ऐसा बेहवे करना के तुझे वो बात बिल्कुल पता hi नहीं….”

अभी ने प्रॉमिस किया के छुप रहेगा और बुसस ऐसा करेगा के उस्सको कुछ पता hi नहीं, तब सुनील ने कहा,

“अभी यार, सब तेरे सईद जी का किया कराया है…. एक दिन सईद और उस्सकी माँ में बात हुई थी. रूही की माँ ने सईद से पूछा था के तू कैसा लड़का है इस लिए के उस्सकी बेटी तुझसे प्यार करने लगी है…. शुरू में सईद ने कहा तू ठीक लड़का है मगर बात करते हुए सईद ने कहा के तू काम नहीं करता, भागता रहता है काम से सिर्फ यहाँ रूही की वजह से हर रोज़ काम पर अत है और तेरा घर छोटा है, तेरे कितने भाई बेहेन हैं और रूही को उतने सारे लोगों के साथ तेरे घर में रहना पड़ेगा…. मतलब सईद ने रूही की माँ को तेरे घर में बेटी देने से डिस्कुरागे किया था, और एहि सब बातें सईद ने मेहबूब को भी बताया था… और दोनों मेहबूब और सईद ने मिलकर तेरा पत्ता कटा है भाई!”

अभी: “यार मैं हर रोज़ वहीँ रहता था कब उन् लोगों ने इतने सारे बातें कर लिए थे रूही की माँ के साथ यार?!

सुनील: “जब तू लंच टाइम में रूही के साथ हुआ करता था घर के पीछे तब तीनों उधर आपस में बात किया करते थे अभी, वो मैं ने भी देखा हुआ है!! उन् दिनों मैं समझ रहा था के सब एहि बात करते थे के तू और रूही छुप छुप कर मिलते हो ेट्स….”

अभी रोने लगा यह सब सुनकर और आज अभी को सुनील का कांधा मिला रोने के लिए….

बाद में सुनील ने कहा,

“मुझे पता चला के तू गया था वहां और मनोज ने तुझे वापस भेजा, सब बताया मुझे उस्सकी माँ ने यार बहोत अफ़सोस हुआ मुझे…”

अभी: “उस्सकी माँ ने तुझसे उस दिन के बारे में और किआ कहा सुनील मुझको सब सच सच बता प्लीज, मेरी रूही कहाँ थी वो क्यों नहीं आयी थी यार?”

सुनील: “भाई डिटेल नहीं दिया उस्सने, बुसस कहा के तू आया था और मनोज ने तुझसे बुरी तरह बात किये और तू बिना कुछ बोले चला गया… कहा के सब लोग नाराज़ इस लिए थे तुझसे के तू उस्सकी चची के घर गया था बात करने क्यूंकि वो लोग उस चची को बिल्कुल पसंद नहीं करते, उस चची ने पता नहीं किआ आग लगाया था के रूही की माँ, बाप और मनोज भड़के हुए थे, इतना पता चला के उस रोज़ रूही बहोत रो रही थी अउ उस्सकी माँ ने उस्सको तुझसे मिलने को मन किया था और उसस्के पिता ने भी, इसी लिए पिता तुझसे मिलने नहीं आया था क्यूंकि तू उसस्के भाई के घर गया था….”

अभी: “कमाल है यार खुद अपनी बेटी को उस चची के घर रहने को भेजती है और उस्सको पसंद नहीं करती? रूही की माँ ने खुद मुझे बताया था के रूही उसस्के घर रहने गयी है जैसे मुझे रूही से मिलने का इशारा कर रही थी लास्ट डे को…. खुद मनोज बेकार है अपने उसी चाचा के सुपरमार्केट में काम करता है और उस्सको पसंद नहीं करते वह लोग?!”

सुनील: “अभी यार होता है नाह फॅमिली में, लोग एक दूसरे के तर्रकी से जलते हैं तो वो शहर वाला चाचा और चची वेल ऑफ हैं तो इन् लोगों का जलता होगा ख़ास कर रूही की माँ की….”

अभी: “भाई किआ आगे कुछ हो सकता है? तू मेरे लिए कुछ कर सकता है?”

सुनील: “अभी मेरी बात मान तो तू बिल्कुल भूल जा रूही को, निकाल फेंक अपने दिल से उस्सको, तुझे बहोत साड़ी लड़कियां मिल जाएंगे यार!”

अभी: “भूल तो नहीं पाउँगा भाई, प्यार भी करता रहूँगा उम्र भर…. मिलना लिखा है किस्मत में तो मिलेगी…. वार्ना ऐसे hi काट लेंगे ज़िन्दगी को यार कौन सी बड़ी बात है….”

सुनील: “हाँ 4तह को मैं भी गया था पिकनिक सब के साथ रूही भी थी और रूही से पूछा था मैं ने किआ तुझसे सच में प्यार करती है, हाँ कहा था उस्सने शर्माते हुए और कहा था के तुमने उस से लिखा था के तू,3,4, या 5 को उसस्के घर आने वाला है, और उस्सको फ़िक्र थी के कहीं तो 4 को नाह जाए वहां क्यूंकि सब से साइड पर थे… और रूही ने तेरे बारे में काफी बातें किये थे जॉर्ज के साथ, मुझे और जॉर्ज को पता था के तुम और सईद यहाँ इस बस में काम करने आने वाले हो तो मैं ने जॉर्ज से कहा के तू जब यहाँ उस से मिलेगा तब वो तुझे बताये के रूही ने किआ कहा उस्सको तेरे बारे में, तो कल या परसों जॉर्ज इस बस की इंजन को चेक करने आएगा तो वो तुझे बताएगा…..”

अभी: “जॉर्ज से किआ बात किया रूही ने मेरे बारे में? और क्यों?”

सुनील: “अरे वो सब देखती थी नाह के तुम किश किश के दोस्त हो? तो रूही को ज़रूर पता था के तुम जॉर्ज का ाचा दोस्त हो इसी लिए उस्सने उसस्के साथ तेरे बारे में बात किया शायद कोई मैसेज भी दिया है जॉर्ज को तुझे देने के लिए!!”

अभी को ख़ुशी भी हुई ग़म भी यह जान कर के रूही ने कोई मैसेज भेजा है जॉर्ज के साथ, मगर it’s तू लेट कहा अभी ने….. अगर मैसेज 5 तारिक़ से पहले मिलता तो कोई बात होती अब तो बहोत देर हो चूका है….

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जॉर्ज मिला दो दिन बाद तो अभी ने उस से बात किये.

जॉर्ज ने कहा,

“रूही को पता नहीं कैसे पता था के तुम और हम दोस्त हैं, मैं खुद केरान हुआ जब पिकनिक वाले दिन को वो मेरे पास आयी और पूछा के किआ मुझे पता है के अभी कहाँ रहता है….”

अभी हैरान हुआ और जॉर्ज से पूछा,

“मगर क्यों मेरा पता पूछा तुमसे जॉर्ज?”

जॉर्ज: “अरे पता नहीं पूछा, उस्सने मुझसे कहा के तुम ने उस्सको कहा था के 5तह तारिक़ को तू वहां आने वाला था तो उस्सने मुझसे कहा के तुम को बोल दूँ के 5तह को नहीं आने को वो बाद में बताएगी के किश दिन को आना!”

अभी: “व्हाट? 5तह को नहीं आने को कहा? अरे यार तो तू ने मुझे कांटेक्ट क्यों नहीं किया किसी तरह से भी यार? मुझको बता देते नाह यार किसी तरह से भी जॉर्ज?!”

जॉर्ज: “भाई 4तह तारिक़ को देर साम को हम घर लौटे पिकनिक से… मुझे इस लिए चलने को कहा था के कहीं बस की इंजन में कोई प्रॉब्लम हो तो मैं बना सकूँ….. अब रात को कैसे मैं इधर से तेरे पास अत? मैं ने सोचा के 5तह को सुबह एक दोस्त की कार लेकर तेरे घर आकर तुझे बताऊंगा, मगर इतना बारिश होने लगी थी के निकलना नामुमकिन था यार!”

अभी: “यार जॉर्ज पता नहीं क्यों आने से मन किया था 5तह को?! कुछ तो बात हुई होगी नाह….. तो किआ तुमने उस से कहा था के तू मुझे बता देगा?”

जॉर्ज: “नहीं मैं ने उस से कहा के मैं बहोत दूर रहता हूँ, उस्सने मुझसे पहले पूछा के किआ मैं तेरा घर जानता हूँ किधर है, तो मैं ने कहा के हाँ जिस रात को लास्ट दिन बस कम्पलीट हुए थे तो हम तुझे चौररने गए थे तो तेरा घर देखा था. तब उस्सने कहा के किआ मैं उस्सको मदद कर सकता हूँ क्यूंकि मैं तेरा दोस्त हूँ तो मदद करना पड़ेगा तो मैं ने कहा के हाँ मदद करूँगा….. मैं ने सोचा था के कोई लेटर वग़ैरा देगी तुझे देने के लिए, मगर जब उस्सने कहा के तुझसे मिलकर तुझे बताना होगा के अगले दिन तुझे नहीं आने को वहां तो मैं ने उससे बताया के नामुमकिन है, क्यों के कल 5तह है और आज 4तह तो एक दिन में कहाँ से जा पाउँगा तुझे बताने को…. तो वो समझ गयी के नहीं हो पाएगा…. फिर भी मैं ने सोचा था के अगले दिन सुबह को मैं अत तुझे बताने…. मगर बारिश की वजह से नहीं आया.”

और कुछ पूछा या कहा था मेरे बारे में उस्सने तुझसे जॉर्ज?

जॉर्ज: “हम्म्म पूछा था के तेरा घर कैसा है हहहहए!”

अभी ने मुस्कुराते हुए पूछा,

“और तुम ने किआ कहा?”

जॉर्ज: “मैं ने कहा रात के 1 बजा था तो ठीक से नहीं देखा”

अभी: “फिर किआ बोली?”

जॉर्ज: “पूछा के कंक्रीट का घर है या तीन और लड़की का!”

अभी: “और तुम ने बोलै??”

जॉर्ज: “हाँ मैं ने बता दिया के कंक्रीट का बड़ा घर है और मैं रोड पर है.”

अभी: “तब किआ बोली?”

जॉर्ज: “खुश दिखी और मुस्कुरा दिए, तब उस्सको उस्सकी माँ ने बुला लिया.”

अभी हैरान और परेशां हुआ के आखिर किआ बात हुई होगी.

फिर कुछ देर बाद जॉर्ज ने कहा,

“अभी वो लड़की तुझे बहोत प्यार करती है, उस्सको धोका मत देना, तू उसस्के साथ बहोत खुश रहेगा.”

अभी: “तुझे नहीं पता किआ हुआ है जॉर्ज?”

तब सुनील ने जॉर्ज को सब बताया जो 5तह तारिक़ को अभी के सात हुआ…..

जॉर्ज हैरान हुआ और याद करते हुए कहा,

“मगर रूही ने तो मुझसे कहा था के उस्का चाचा और चची अगेंस्ट है मगर उसस्के घरवाले राज़ी है.. और हाँ सुन अभी, एक बार वो रेज़ा रूही को कुछ बोल रहा था तो रूही ने उस्सको ग़ुस्से में गली दिया था और शट उप कहा था उस दिन.”

अभी: “चोर्रो यार अब यह सब बातें मेरे किश काम का सब ख़तम हो गए हैं….”

जॉर्ज ने और याद करते हुए कहा,

“हाँ एक बार जब हम वापस आरहे थे तो बस में रूही ने मुझसे कहा के ‘अभी बहोत ाचा लड़का है, नेक है, होशियार और बहोत तेज़ है है नाह?’ तो मैं ने उस से कहा हाँ सच में तेज़ है, इंटेलीजेंट है, तुम्हारे लिए बहोत सही है, तुम दोनों की जोड़ी बहोत अछि रहेगी”

अभी: “तब किआ बोली?!”

जॉर्ज: “हंसी बहोत खुश थी और थैंक यू कहा.”

अभी: “जॉर्ज तो किश्तों में क्यों बता रहा है सब बता नाह और किआ किआ कहा था रूही ने तुझे?!”

जॉर्ज: “बुसस एहि कुछ और याद आएगा तो बोलूंगा नाह!”

अभी को बहोत ख़ुशी हुई, उस्सको यकीन था के उस्का प्यार कभी ग़लत नहीं हो सकता, अभी को पूरा यकीन था पहले से hi के रूही उस से बहोत प्यार करती है….. मगर अब किआ फायदा…..

तो बे कॉन्टिनोएड….
 
अपडेट 44 थे डायरीज

जनुअरी 5तह से अभी ने शेव नहीं किया था 20 दिन हो चुके थे और वहीँ काम कर रहा था 10कंस रूही के घर से दूर. सभी उस से कहते थे शेव करने के लिए, मगर अभी शेव नहीं कर रहा था. दाढ़ी बढ़ गया था उस्का, लुक अलग लग रहा था, थोड़ा और भी टफ लुक हो गया था उस्का उस दाढ़ी से.

एक सैटरडे को अभी उस शहर में गया देखने के कहीं रूही नाह मिल जाए क्यूंकि सतुरदेस को वो जाती थी सेविंग कोर्स के लिए नाह. मगर एड्रेस बिल्कुल पता नहीं था अभी को फिर भी उस जगह वेट करता जहाँ से रूही के इलाके से आने वाला बस रुकता पैसेंजर्स को उतारने के लिए. रूही करीब 9 से 9.30 को घर से निकलती थी तो 10 से 10.30 को वहां रीच होती होगी ऐसा अनुमान लगाया अभी ने और उस टर्मिनस पर 9 बजे चला गया और 12 बजे तक वेट किया मगर रूही नहीं दिखी….

फिर और दो सतुरदेस को गया वेट करने मगर नहीं मिली रूही उससे.

अभी ने सोचा था के उस से मिलकर पूछेगा के क्यों वो नहीं चाहती थी के अभी 5तह को उसस्के घर आये, और पूछता किआ अब भी उस से प्यार करती है या नहीं और अगर रूही हाँ कहती तो अभी ने सोच लिया था के रूही को उधर से उठा लेजाएगा अपने घर और उस से शादी कर लेगा तब उसस्के पेरेंट्स को बताएगा…. मगर रूही मिली hi नहीं, शायद उस्सने वहां जाना बांध hi कर दिया…

फिर भी अभी 4 महीने बाद एक सैटरडे को और गया था देखने के कहीं रूही दिख जाए मगर नहीं दिखी और उसस्के बाद अभी कभी भी नहीं गया वहां उस्सको वेट करने.

और वैसे hi एक दिन मेहबूब मिला अभी को उसी टर्मिनस पर. अभी खड़ा था एक पोल से तक लगाए जब मेहबूब उसस्के पास आकर उसस्के काँधे पर छुआ और पूछा,

“hello अभी कैसा है?!”

अभी को इतना ग़ुस्सा आया के उस्सको गाली देने का मैं किया, मगर अभी ने बुसस कहा के ठीक है; तो मेहबूब ने कहा,

“तुमने दाढ़ी क्यों बढ़ा रखा है?!”

अभी ने कोई जवाब नहीं दिया एक तरफ देखता रहा तो मेहबूब वहां से निकल लिए….

अभी किसी से बात करने में इंटरेस्टेड नहीं था, घर पर भी किसी से बात नहीं करता था, 5तह जनुअरी से फेब्रुअरी में कई दिन निकल चुके थे अभी खामोश रहने लगा था… नाह दोस्तों से मिलता, ना बाहर जाता नाह किसी से बात करता….

घर में नैना एफेक्ट हो रही थी तो एक दिन नैना ने रट हुए अभी से पूछा,

“मैं ने तेरा कुछ बिगड़ा है किआ? मुझसे क्यों बात तक नहीं करता तू? कितने दिन हो गए जब तुमने मुझसे आखरी बार बात किया था याद है भाई?!”

अभी उसस्के गले लग कर रोने लगा…..

अब भी दर्द बाकी था अभी के सीने में. अब भी रूही की याद सत्ता रहा था उससे. अब भी तड़पता था उस्सकी याद में मगर किसी से कुछ कहता नहीं था.

अपनी घर वाले डायरी में दिन गिनता था के कितने दिन हुए जबसे अपने डायरीज को रूही के घर चोर्रा था, इंतज़ार में था के किसी से कोई खबर मिले उसस्के बारे में…. और उस तरफ के काम का आखरी दिन था, तो सुनील से अभी ने कहा,

“यार मेरे लिए एक काम करेगा प्लीज?”

सुनील: “तेरे लिए जाना हाज़िर है अभी बोल तू!!”

अभी: “एक काम कर यार, रूही से मिलकर पूछ किआ उस्सने मेरी डायरीज पढ़े या नहीं? मगर नाह उस्सकी माँ, न उसस्के भाई न किसी और के सामने पूछना यह बात…. बस इतना पूछना, मुझे जवाब बुसस हाँ या नाह में चाहिए…. और एक कोई भी नहीं पूछना!”

सुनील: “मगर अभी आज तो लास्ट डे है यहाँ, तो कब और कैसे तुमको बताऊंगा?”

अभी: “तुमको अपना एड्रेस लिख कर देता हूँ मुझे एक चिठ्ठी दाल देना यार इतना कर सकेगा किआ?”

सुनील राज़ी हुआ और अभी ने उस्सको अपना एड्रेस लिख कर दे दिया.

उधर का काम ख़तम हुआ तो एक हफ्ते तक अभी घर पर रहा. कहीं कोई और काम नहीं मिला था. अभी को अब सईद से नफरत हो गया था जब उस्सको पता चल गया के उस्सने किआ किआ कहा था रूही की माँ से….

वो उसस्के साथ काम नहीं करना चाहता था.

अभी अब कुछ बड़ा सोचने लगा था. सोच रहा था के कैसे उस सपने को पूरा करें…. वो उस बांध गेराज को खोलना चाहता था और तमाम उन् एक्स वर्कर्स को वापस गेराज में काम करने को लाना चाहता था….

गेराज में सील लगा हुआ था, सब लिक्विडेशन पर जाने वाला था तमाम मचिनेरिएस ेट्स. मटर कोर्ट में रेसीवेर्शिप में था. अभी ने सुना था के कोई दूसरे बड़े कंपनी वाला सब खरीदने वाला था. उसस्के लिए करोड़ों रूपए की ज़रुरत चाहिए थे और अभी के पास देर लाख था सिर्फ.

फिर भी अभी ने सर्च करते हुए एक आदमी तक पंहुचा जो ब्रोकर था गेराज और रेसीवेर्शिप वालों के बीच का. उस्का नाम था समियल्लाह. घटिया किस्सम का ब्रोकर था. खुद लिखना पढ़ना अत तो था नहीं और अभी को समझा रहा था.

आखिर में बहोत सारे कागज़ात दिया उस्सने अभी को देखने और पढ़ने के लिए और पता चला 1.5 करोड़ रूपए लगाया गया था रेसीवेर्शिप वालों के तरफ से गेराज खरीदने के लिए. वो देख कर अभी हताश गया और वापस घर चला गया. उस्सको लगा के यह इम्पॉसिबल है उस्सकी बुसस की बात नहीं…..

सुनील का खत आया के उस्सको रूही ने कुछ नहीं बताया. कोई जवाब नहीं दिया डायरीज के बारे में पूछने पर भी.

रूही का घर, देश के ईस्ट में था. और जिस जगह लास्ट टाइम 1 महीने के लिए अभी ने काम किया था वो भी ईस्ट में hi था मगर 10 किलोमीटर्स बाद में. और अब एक काम मिला था और एक महीने के लिए सईद के साथ hi जो ईस्ट में था मगर इस बार रूही के घर से 10 किलोमीटर्स पहले.

तो वहां अभी ने काम शुरू किया और ख़ुशी की बात यह थी के सुनील hi उस बस की पेंटिंग के लिए आया था.

और अब बात चली अभी की दी हुई डायरीज की. यह बात सईद को भी पता चल चूका था. सईद ने अभी से कहा,

“मेहबूब मुझसे मिला था और ग़ुस्सा था के तुमने उसस्के घर जाकर उस्सकी वाइफ को कुछ दिया था रूही को देने के लिए!!”

अभी को शॉक लगा!

तो बे कॉन्टिनोएड…. (4807 वर्ड्स फ्रॉम बोथ उपदटेस)
 
भाई मेरी ग़लती है,

कहना यह था के मेहबूब ने कहा के रूही के पिता ने कहा था के उस्सकी सिस्टर इन लॉ से मिलने गया था अभी....

मैं करेक्ट करता हूँ , थैंक्स मिस्टेक दिखने के लिए भाई इतने लोगों ने पढ़ा किसी को नहीं दिकः, मैं खुद प्रूफ रीड करके पोस्ट करता हूँ फिर भी मुझे भी नहीं दिखा :लाफ:
 
बहोत बहोत शुक्रिया विक्रम भाई अप्प्रेसिअटोईऊं के लिए और इतने डिटेल्ड रिव्यु के लिए मेरे दोस्त

umr-e-daraaz मांग कर लाये थे चार दिन

दो आरज़ू में काट गए दो इंतज़ार में ;बाउ:
 
अपडेट 45 स्टेट ऑफ़ मंद ऑफ़ अभी & थे डायरीज

मार्च का महीना अब जा चूका था.

अभी के सीने अब भी दर्द बाकी था. उसस्के ख्यालों में अब भी रूही बस्सी हुई थी. अब भी वो उस आँगन में गुज़ारे हुए एक एक पल को याद करता था.

आज, अभी उन् पलों को याद कर रहा था जिस दिन को रूही ने उस्सको लंच के लिए इन्विते किया था जब उस्सकी माँ उसस्के नानी के घर गयी थी. अभी याद कर रहा था किश तरह रूही के बालों से पानी के कतरे टपक रहे थे, किश तरह अभी ने उसस्के गर्दन के पीछे अपने नाक लगा कर उस्सको सुंघा था और अभी अब भी वो खुस्भू महसूस कर सकता था. अभी याद कर रहा था के उस दिन उस्सने रूही के किश किश अंग को छूआ और चूमा था, कहाँ कहाँ उस्का जिस्म रूही के जिस्म से सत्ता था, रगड़ा था…. रूही की बाहें किश तरह से अभी के काँधे से होकर उसस्के पीठ पर हुआ था और किश ताक़त से रूही ने अभी को जकरा था उस पल को…. अभी को रूही की जिस्म की खुस्भू बहोत पसंद था, वो उस्सकी खुशभू अब भी महसूस करता था, वो किसी और में नहीं हो सकता, वो सिर्फ रूही में hi पाए जा सकता था…..

अभी ने डायरी में लिखा;

“शी इस स्टिल फ्रेश इन माय मंद देस्पिते ऑलमोस्ट 3 मोनथस हैवे ेलप्सीद. शी इस स्टिल प्रेजेंट इन माय हार्ट एंड हेड. ी can’t फॉरगेट हेर, एव्री डे, एव्री मोमेंट, एव्री सेकंड शी इस हेरे, अराउंड में. शी इस रेसिडिंग इन माय हार्ट. शी है मेड ा होम, ा रूम फॉर हेर डीप इनसाइड माय हार्ट. ी कैन स्टिल स्मेल हेर फ्रेग्रेन्स.”

अभी ने सोचा के अब तक उस्सकी मांगनी हो चुकी होती और आज वो सिगरेट नहीं पी रहा होता. मगर इस वक़्त सब उल्टा था, पहले 10 से 15 सिगरेट्स पीटा था और अब 30 से 40 पीटा है जबसे रूही से जुड़ा हुआ है. यह था नतीजा प्यार का अभी ने खुद से कहा.

उन् दिनों वीएचएस टेप पर वीडियो देखे जाते थे. और हर नयी फिल्म जो रिलीज़ होता था उस्का एक कॉपी पहले मार्किट में मिल जाता था. तो उस रोज़ अभी ने वीडियो क्लब से एक नै मूवी रेंट किया और घर में सबके साथ मिलकर देखा मूवी को मगर फिल्म के दौरान बहुत रोया क्यूंकि उस में हीरो हीरोइन जुड़ा हो गए थे और गाने भी ऐसे थे जुदाई के, के अभी से सहा नाह गया.

अभी खुद से नाराज़ होते हुए कहता,

“साला क्यों मैं मिली उस से? क्यों मैं ने उस्सको देखा पहली बार? क्यों मैं ने एक तरफ नहीं देखा? क्यों मेहबूब ने उस बस को उठाया था जंगल से? क्यों सईद मुझसे मिलने आया था उस काम के लिए? क्यों मैं वहां गया? मुझे जाना hi नहीं चाहिए था, नाह रूही को देखता, नाह यह सब होता, आज मैं आराम से, घूमता फिरता…. अब देखो हाल ऐसा हो गया है के घर के नाह घाट के… इतना दुःख, इतना ग़म, जिया नहीं जाता… पागल हो जाऊंगा मैं!! कैसे उस्सको अपने ज़हन से निकलूं? कैसे उसस्के चेहरे को भुलाउं? कैसे उन् ढाई महीनों को अपने मेमोरी से डिलीट करूँ?! नाह मेहबूब ने बस लाया होता, नाह मैं वहां काम करने जाता, नाह मुझे रूही से प्यार होता, और नाह आज मैं इस हाल में होता!! क्यों? क्यों रूही मेरी ज़िन्दगी में आयी? क्यों मेरी लाइफ को बर्बाद करने आयी मेरी लाइफ में वो??!”

अभी को बिल्कुल चैन और सुकून नहीं था. सोच रहा था के 3 महीने बीत चुके हैं और अभी तक उस्का वही हाल है तो उस्सको खुद दर लगने लगा था के कहीं डिप्रेशन में नाह चला जाए…

अभी ने दूसरे लड़कियों के तरफ देखना hi बंद कर दिया था अब. जिस दिन से रूही के आँगन से निकला किसी दूसरे लड़की के तरफ देखता hi नहीं था…. वो सोचता के अब सरे लड़कियां रूही जैसी hi होगी…. खुद में हिम्मत नहीं, और प्यार करने चली…. सब धोके देने वाले होंगे अभी सोचता… तो वो दोबारा ऐसे ग़म नहीं झेलना चाहता…. तो दूर रहता…. एक नफरत सी हो गयी थी जवान लड़कियों से उस्सको… वो सोचने लगा था के सब वही करेंगे जो रूही ने किया उसस्के साथ…. मगर कब तक? कहते हैं नाह डूबते को तिनके का सहारे की ज़रुरत भी पड़ता है…. तो किआ पता वो तिनका आजाये अभी की ज़िन्दगी में अचानक?

अभी अक्सर यह भी सोचता रहता के रूही अगर एक वर्जिन नहीं है तो रूही को अभी के तरफ और भी ज़्यादा झुकना चाहिए था, क्यूंकि अभी उस्सको फिर भी एक्सेप्ट कर रहा था और फिर भी उस्सको प्यार करता था. रूही को अभी की ज़्यादा ज़रुरत होना चाहिए था, मगर सब उल्टा क्यों हुआ था?

अभी कभी कभी गहराई से सोचता के किआ हुआ होगा रूही के साथ? किश के साथ सेक्स किया होगा जो वर्जिन नहीं थी? क्यों रूही ने पहले पूछा था के उस्सकी ग़लतियों को अभी माफ़ कर सकता है? किआ किसी से प्यार करती होगी और उस शख्स ने रूही को बेहला फुस्सला कर सेक्स किया और चोरर गया उस्सको किसी और के लिए? किआ किसी शादी शुदा आदमी से सेक्स किया होगा? किआ किसी ने उस्का रपे किया होगा? अभी यह सब सोचते हुए यह भी सोचने लगा के किआ कोई ईन्सेस्तुओस रिलेशन रहा होगा? किश के साथ मनोज के साथ? नहीं ऐसा नहीं हो sakta….wo अभी को दिख जाता अगर वैसा होता होता तो…. यह सब सोच सोच कर अभी अपना सर खपा रहा था…..

इस गाने को सुना अभी ने और कहा के यह रूही को अभी से कहना चाहिए था;

“आप की नज़रों बे समझा प्यार की काबिल मुझे

दिल की ए धड़कन संभल जा मिल गयी मंज़िल मुझे…

जी हमें मंज़ूर है आप का यह फैसला

कह रही है हर नज़र बाँदा परवर शुक्रिया

हंस के अपनी ज़िन्दगी में कर लिया शामिल मुझे

आप की नज़रों ने समझा प्यार की काबिल मुझे….”

रूही को अभी का शुक्र गुज़ार होना चाहिए थे के अभी ने उस से प्यार किया, उस्सकी खामियां के बावजूद उस से प्यार किया. मगर रूही ने उस्सको ठुकराया था….. ऐसा क्यों हुआ? अभी यह सब सोचता तन्हाई में, जब भी अकेला होता तो बुसस एहि सब सोचता रहता… खुद से कहता के अगर रूही और वो एक नहीं हो सके तो इस में लोस्स रूही की हुई थी अभी की नहीं, इस में खोने वाली रूही थी अभी नहीं…..

***************************************************************

जब सईद ने अभी से कहा के मेहबूब नाराज़ था क्यूंकि उस्सने कुछ चोर्रा था उसस्के वाइफ के पास तो अभी ने ज़्यादा जान्ने की कोशिश की, मगर सईद ने कहा के मेहबूब खुद अभी से मिलने आएगा इस सिलसिले में किसी दिन, क्यूंकि मेहबूब को पता था के इस वक़्त वह लोग कहाँ काम कर रहे hein….weise हर बस ओनर एक दूसरे को जानते पहचानते थे उस इलाके में.

और जब सुनील आया वहां काम करने तो अभी ने उस बारे में बात किया सुनील से. अब सुनील क्यूंकि वहीँ का रहने वाला था और उस आँगन में सब उस्सको जानते थे तो वो कभी भी वहां जाता था और किसी को कोई ऐतराज़ नहीं था इस लिए सुनील को अभी ने भेजा रहीम से मिलकर इस बारे में पूछने के लिए के किआ रूही ने डायरीज पढ़ी या नहीं.

तीन दिन बाद सुनील ने अभी को यह बताया:

सुनील: “अभी मैं वहां जा रहा था मगर रेज़ा ने मुझे जाने से मन किया क्यूंकि वहां पर जिस दिन तुमने डायरी चोर्रा था उस दिन मनोज घर पर था और उस्सने देखा था तुझे घर के अंदर से….. उसी दिन शाम को मेहबूब को सब पता चल गया था और तुम्हारे डायरीज सब अब भी मेहबूब के घर पर है. वो रूही को मिले hi नहीं!!”

अभी को ज़बरदस्त झटला लगा यह सुन कर… फिर भी उस्सने सुनील से कहा,

“अरे भाई तुमने उस रेज़ा की बात पर यकीन किया? क्यों? तुझे खुद जाकर रहीम से सच का पता लगाना चाहिए था यार!! किआ यार सुनील?!”

सुनील: “मगर अभी वहां दोनों घरों में बड़ा टेंशन है इस वजह से… मेहबूब को रूही की माँ, मनोज और रूही के पिता बुरा भला कह रहे हैं क्यूंकि उस्सकी वजह से तू रूही से मिला, और उसकी वाइफ तेरा हेल्प कर रही है रूही को तेरे डायरीज देने के लिए तो बड़ा प्रॉब्लम हुआ था उस आँगन में इस बात को लेकर, तो मैं ने सोचा के अब अगर मैं भी गया वहां तो कहीं वह लोग अब मुझ पर भी कहीं ऊँगली नाह उठाने लगे यार!!”

अभी कुछ देर खामोश रहा और सुनील ने एक बात बतायी अभी को.

सुनील: “किआ तुझे पता है के मेहबूब की वाइफ उस्सको चोरर कर किसी और के साथ भाग गयी थी जब फ़र्ज़िना 2 साल की थी?!”

अभी को शॉक लगा और कहा के उस्सको बिल्कुल कुछ भी नहीं पता था इस बारे में!

तब सुनील ने उस्सको बताया के रहीम कितनी हॉट और सेक्सी औरत है, कितनी गोरी और खूब सूरत है और जब उस्का घर बन रहा था कंक्रीट वाला जो अभी है उस मैकॉन के साथ चाकर चलने लगा था रहीम की, जीतनेय दिनों तक वो घर बना था उतने दिनों तक रहीम और उस मैकॉन के बिच सेक्स होता रहा और घर बन गया तो रहीम भाग गयी थी उसस्के साथ…. बाद में सारे उस आँगन के मर्द गए थे उस मैकॉन के यहाँ बहोत लड़ाई हुई थी और वहां से रहीम को वापस लेकर आया था मेहबूब….. अब सोच तू भी कुछ वैसा hi रूही से प्यार करने लगा और रहीम ब्लैक लिस्टेड है ऐसे केस में और अब वो तेरा हेल्प कर रही है तो इशू तो होगा hi नाह? रूही की माँ रहीम को गली दे रही थी के किआ उस्सने रूही को अपनी जैसी समझ रखा है के किसी ग़ैर मर्द के साथ उस्सकी बेटी को भगाने की कोशिश में है!!”

अभी को झटका पे झटका लग रहा था…… अब अभी ने याद किया के जब एक दिन वो रहीम से बात कर रहा था सुबह को जब रहीम निघ्त्य में थी और स्लीवलेस उस्सकी बाज़ू दिखे थे रूही को उस्सकी किचन से तो किश तरह से रूही अभी से रूत गयी थी, और अभी समझा था के रूही जलन की वजह से उस से रूठी थी… और अभी को याद आया के उस रोज़ खिड़की के पास रूही ने अभी से कहा था के वो उस रहीम से दूर रहे, वो अछि औरत नहीं है….. तो अब अभी सब समझ रहा था के क्यों रूही ने उस से वैसा कहा था उस दिन!!

सुनील खामोश हो गया तब अभी ने फिर सुनील को वहां जाकर रहीम से पूछने को कहा, और सुनील ने कहा okay आज शाम को hi जाएगा और कल अभी को पक्का खबर देगा.

दूसरे दिन जब सुनील काम पर मिला तो अभी ने पूछा किआ हुआ, तो सुनील हंस रहा था. उस्सको हँस्ते देख कर अभी का हौसला बढ़ा और जल्दी बताने को कहा तब सुनील ने बताया;

“यार जिस दिन तुमने डायरीज दिया था रहीम को सच में उस दिन मनोज घर पर hi था रहीम ने मुझे बताया…. कुछ घंटों बाद, मनोज के घर से निकल जाने पर, रूही खुद गयी थी रहीम के घर उस से मिलने क्यूंकि रूही ने भी तुझको देखा था के तू आया था वहां, तो रूही पूछने गयी थी के तू क्यों आया था…. रूही को पक्का यकीन था के तू उसी के लिए आया होगा. रहीम ने मुझसे कहा के रूही तुझसे बहोत प्यार करती है मगर अपनी माँ और भाई से दरर्ति है.”

अभी ने सुनील के बात को काटते हुए कहा,

“मुझे पता है यार वो मुझसे बेहद प्यार करती है, मगर तू यह तो बता डायरीज पढ़ा रूही ने या नहीं?!”.

सुनील: “यार रहीम ने मुझसे कहा के तुझको सॉरी कहा है उस्सने, उस्सने अपनी बेस्ट किया और रूही को तेरे डायरीज दे दिया था उस्सने, रूही बहोत खुश हुई थी और हंस रही थी ख़ुशी से के तुमने उसस्के लिए कुछ भेजा है….… तुमने शायद कोई गिफ्ट भी डाला था एनवलप में रहीम ने कहा के रूही ने उस व्राप्पेड गिफ्ट को एनवलप से उसस्के सामने निकला और अपनी ड्रेस के जेब में रख लिया, और डायरीज को एनवलप समेत अपने सीने से लगा कर अपने घर चली गयी रहीम को थैंक करते हुए और यह भी कहते हुए के किसी को नहीं बताने को के अभी ने उसस्के लिए कुछ दिया है. मगर अपने घर में जब अभी तेरे डायरी पढ़ने लगी – पता नहीं कितना पढ़ी थी के उस्सकी माँ ने उसस्के हाथ से डायरीज को छिना और मनोज को दे दिया…. और तेरी डायरीज को मनोज ने पढ़ा, पूरा….. तब मेहबूब को वापस करने गया रहीम को सुनाते हुए, तभी सब में लड़ाई हुई के क्यों रहीम इंटरमीडिएट का काम ककर रही है रूही और तेरे बीच….”

अभी बिल्कुल चुप हो गया सब सुनकर, सर झुका लिया और उसस्के आँखें भर ायर तो सुनील ने कहा,

“यार रहीम ने कहा के रूही तुझसे बेहद प्यार करती है, उस्सने तो मुझसे कहा के तुझे आकर उस्सको उठा लेना चाहिए उसस्के घर से, जैसे तू टैक्सी में आया था, अपने दोस्तों को लेकर आना, उस्सकी घर में घुस के रूही को उठा लेजाना! पक्का रूही जाएगी तेरे साथ”

अभी सोचने लगा के रूही की माँ किश किस्सम की औरत है, जब अभी वहां काम करता था तब रूही के साथ रहने देती थी और जो भी अभी रूही को देता तो लेने देती थी और अब डायरीज छीन लिया रूही से, किआ डायरी में बम था जो पहात जाता? क्यों छिना उस्सने डायरी को रूही से? क्यों नहीं पढ़ने दिया उससे?!

सुनील ने कहा,

“और अब डायरीज मेहबूब के घर है और वो किसी दिन सईद को देगा और सईद तुझको वापस करेगा…..”

अभी ने सोचा के चलो इतना तो अक्कल है उन् लोगों में के डायरीज को आग नहीं लगाया उन् लोगों ने और डायरीज अभी को सही सलामत वापस मिल जाएगा…..

तो बे कॉन्टिनोएड……. (2332 वर्ड्स)
 
विक्रम भाई आप के रिव्यु को रिव्यु करने के लिए मुझे लगता है के मैं एक किसी स्टोरी की अपडेट को रिव्यु करने जा रहा हूँ... आप ने तो एक अपडेट hi लिख दिया इस रिव्यु में :लाफ:

बहोत बहोत शुक्रिया विक्रम भाई

अब मैं किआ कहूं, कहाँ से शुरू करूँ समझ में नहीं ारः है :हम्म:

ज़फर की कविता बहोत उम्दा है भाई थैंक्स फॉर तहत.

यह आप ने 100% सही कहा है भाई

और खुद रूही को भी एहसास होगा के उस ने भी ठीक नहीं किया अभी के साथ

इस्सके जवाब आप को आज की अपडेट में पता चल जाएगा भाई :डी

ी कैन ट्रूली अंडरस्टैंड यू भाई

भाई मेरे ख़याल से किसी ने कुछ नहीं कहा इस पर क्यूंकि यह सिर्फ एक पल के लिए अभी ने सोचा फिर तुरंत बाद अभी ने यह कहा के उस्सको अपने नज़रों पर भरोसा है, अपने दिल पर और प्यार पर भरोसा है और वो रूही के बारे में ऐसा गन्दा नहीं सोच सकता.... इस्को डीप नहीं लिया अभी ने शायद इसी लिए किसी ने इस बारे में डीप नहीं सोचा नाह कुछ कहा....

विक्रम भाई इस बारे में बात करेंगे तो एक बहोत बड़ा डिबेट होगा, और क्यूंकि कहानी से रिलेटेड नहीं है तो मैं भी ज़्यादा कुछ भी नहीं कहूंगा..... वैसे मैं आप के बातों से बिल्कुल सहमत हूँ

इन थे व्होले थैंक यू वैरी वैरी मच विक्रम भाई इतना डीप में जाकर रिव्यु लिखने के लिए :हुग:
 
अपडेट 46 अभी गोत बैक थे डायरीज & हे डस थिंग्स

कई दिनों से सुनील, टोनी और बाकी के लोग अभी से अपने दाढ़ी शेव करने को कहते रहे थे, सब उस से कहते के वो क्लीन शावें कितना हैंडसम दीखता है और वो दाढ़ी उस पर बिल्कुल सूट नहीं करता डेंजरस लुक बनता था उसस्के उस दाढ़ी से…. मगर अभी ने शेव नहीं किया 6 महीने हो चुके थे.

दूसरे दिन सईद को जाना था मेहबूब से मिलने किसी काम से तो अभी ने उस्सको कहा के उस्का पार्सल लेकर अजय मेहबूब से. सईद ने कहा ठीक है और चला गया.

सईद के जाने के बाद सुनील ने अभी से पूछा,

“किआ तू एकांत दोस्तों के साथ रूही को उठा नहीं सकता सच में जैसे रहीम ने कहा?”

अभी ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया,

“सुनील भाई, मुझे किसी की भी ज़रुरत नहीं रूही को उठाने के लिए, एक तो बहोत हलकी है वो कई बार उठा चूका हूँ उस्सको…. और मुझे कोई नहीं चाहिए अगर उस्सको उसस्के घर से उठाना पड़े तो. मैं अकेले काफी हूँ उस्सको उठा के एक टैक्सी में बिठाने के लिए…. दिन में अगर कभी वहां जॉन तो वो और उस्सकी माँ अकेली रहती है घर में, अगर कोई मर्द होगा भी तो उस घर का कोई मर्द मेरे मुकाबले खड़ा नहीं हो सकता, कोई मुझको रोक hi नहीं पाएगा, मेरा एक लात या एक मुक्का काफी होगा उन् तीनों को निचे लेटाने के लिए….. मगर भाई मैं वैसा करना नहीं चाहता, मैं चाहता हूँ के रूही खुद मेरे पास आये…. मैं चाहता हूँ रूही मुझे वो ताक़त दिखाए, वो मुझको प्रोवे करे के वो मुझको प्यार करती है और उस में वो हिम्मत है मेरे पास आने के लिए…..”

सुनील: “भाई रूही में वो ताक़त नहीं है, वो कमसीन है, वो ऐसा नहीं कर पाएगी”

अभी: “पता है भाई…. जिस दिन मैं रहीम को डायरीज देने गया था, उसी दिन, मैं रूही को उसस्के माँ और बाप के सामने रूही के घर में घुस कर अपने साथ लेजा सकता था…. और भाई एक बात बताऊँ? रहीम ने ऐसा क्यों कहा बता?”

सुनील: “क्यों? क्यों कहा?!”

अभी: “भाई तुमने बताया के वो भाग गयी थी मेहबूब को चोरर कर नाह? तो रूही के फॅमिली के सामने रहीम की नाक काट गयी थी उस वक़्त ठीक है, अब रहीम चाहती है के रूही की माँ और उस्सकी फॅमिली के नाक काटते इस लिए वो चाहती है के मैं वैसा करूँ…. उनकी आपस की रंजिशें है भाई मैं उसस्के लिए तो यह सब नहीं करने वाला…..”

Sunil:”are हाँ यार मैं ने ऐसा नहीं सोचा था, तू सही कह रहा है….”

सुनील ने यह भी कहा तब,

“और हाँ कल बताना भूल गया था तुझे के रहीम ने यह भी कहा था के रूही के दादा जी ने कहा था के क्यों इतने दिनों तक रूही और अभी को एक दूसरे से घुलने मिलने दिया गया था, क्यों दोनों को छुप छुप कर मिलने देती थी उस्सकी माँ, और अब क्यों इंकार कर रही है, दोनों के शादी कर देनी चाहिए….”

अभी: “मुझे पता है उस्सको कोई ऐतराज़ नहीं था, जिस दिन मुझे मनोज ने घर से निकलने को कहा था उसी दिन बूढ़े ने मेरी शादी रूही से करवाने के लिए कहा था, मैं ने सुना था जब मैं निकल रहा था वहां से….”

सुनील: “यार रूही की माँ को तेरा काम पसंद नहीं और वो समझती है यह काम परमानेंट नहीं है और ऐसे काम से तू एक पूरा जीवन नहीं बिता पाएगा, बीवी बचे नहीं पाल पाएगा, उस्सको बड़े पोस्ट वाले दामाद चाहिए शायद, उस्सको पैसे वाला दामाद चाहिए रूही के लिए, मैं तो एहि समझा, रहीम ने भी एहि कहा था, और सच में रूही की माँ ऐसी hi है, लालची है पैसों की और रूही को बी शायद वैसा hi बना रही है उस्सको बड़े बड़े सपने दिखती होगी, उस्सको आमिर आदमी से शादी करने को कहती है रहीम ने बताया था…. और मेरे साथ भी तो वही किया था नाह उन् लोगों ने भाई!!”

अभी थोड़ी देर सोच में डूबा रहा फिर सुनील से कहा,

“मैं कुछ ऐसा करके दिखाऊंगा के रूही की माँ और रूही पछताएगी एक दिन, तू देख लेना, तू भी देखेगा सुनील…. मैं कुछ बांके दिखाऊंगा उन् लोगों को!”

Sunil:”kia करेगा तू अभी?”

अभी: “वक़्त आने पर देख लेना सुनील, अभी कुछ नहीं बता सकता मैं तुझे….”

***********************************************************************

कोई एक घंटे बाद सईद आया तो धपड़ाते हुए अभी गया उसस्के पास अपने डायरीज लेने मगर सईद ने कहा,

“नहीं दिया मेहबूब ने मुझे. उस्सने कहा वो खुद तुमको लौटाने आएगा क्यूंकि उसकसो तुझ से कुछ बातें केहनी है… वो एकांत दिन में आएगा इधर तुझसे मिलने तब देगा तुझको तेरे डायरीज!”

और कुछ देर बाद सईद ने भी अभी से बात किया और कहा के रूही की माँ एक बुरी औरत है उस्सको बिल्कुल ट्रस्ट नहीं किया जा सकता. यह सईद ने इस लिए कहा क्यूंकि जब वो मेहबूब से मिलने गया था तो रूही की माँ ने उस से कुछ बात किये थे के सईद को कहना पारा के वो भरोसे करने लायक औरत नहीं है.

तो अभी ने पूछा किआ उस्सने रूही को भी देखा वहां.

सईद ने कहा हाँ वो भी अपनी माँ के साथ hi थी.

और उसस्के पिता के बारे में पूछा तो सुनील ने कहा के वो जनुअरी में hi वापस S.Arabia चला गया.

तब अभी ने कहा,

“साला सब ने कहा था कितना अच्छा इंसान है; मादरचोद झूठा है मुझसे कहा था के अपनी बेटी को साथ लेकर जायेगा!”

और सुनील ने फिर से कहा,

“अभी अब जा शेव करले अब, क्यों उसस्के लिए दाढ़ी चोर्रा है तुमने? देवदास जैसा लुक बना रखा है, जब उसस्के घरवाले सब खिलाफ है तो भूल जा उससे और कल मैं तुमको क्लीन शावें देखना चाहता हूँ!”

******************************************************************************

और कुछ दिनों बाद, उस जगह पर काम का लास्ट दिन था, और मेहबूब का बस रुका जहाँ अभी और टीम काम कर रहे थे. अभी किसी काम में बिजी था उस्सने नहीं देखा, तो टोनी ने कहा,

“हे अभी देख मेहबूब की बस……”

मेहबूब ड्राइविंग व्हील पर बैठा रहा और रेज़ा बस से उतर का आया अभी को बुलाने. जब अभी गया बस के पास….. पहले तो अभी बस को चारों तरफ देखने लगा, उस बस में रूही की बहोत सारे यादें जुड़े हुए थे अभी के लिए…. अभी का दिल ज़ोरों से धड़का, उस बस को देख कर…. अभी बुसस के अंदर ग़ुस्सा, मेहबूब उस से बात करता रहा मगर अभी बस के अंदर उस हिस्से में गया जहाँ से वो रूही को अपने खिड़की या वाशिंग स्टोन के पास देखा करता था और उधर से रूही उस्सको जीब से चिढ़ाता था….. बस के उस हिस्से में अभी को एक सुकून सा हासिल हुआ, और बाहर देखा तो ऐसा महसूस हुआ के बाहर रूही दिखेगी उस्सको…. मगर कोई नहीं था….. तब अभी ने खुद से कहा, ‘सब कुछ बदल गया है, अब यह बस वो नहीं रहा, सब बदल गए हैं, मुझे भी बदल जाना चाहिए अब….’

मेहबूब से मिला उसस्के बाद और मेहबूब ने उस्सको वो ग्रे एनवलप देते हुए कहा,

“अभी तू यह मेरे घर चोरर आया था, तुम्हारे अमानत वापस कर रहा हूँ तुझे…”

अभी ने बिना मेहबूब के चेहरे में देखे हुए पूछा,

“रूही ने पढ़ा इससे? ये रूही के लिए था!”

मेहबूब ने कहा,

“अभी अगर तुझको रूही को कुछ देना है तो तुम उसस्के घर जाओ, उस्सको दो? मेरे घर क्यों गए और मेरी वाइफ को क्यों दिया तुमने? तुझे पता है इस्सके लिए दोनों फैमिलीज़ में कितने प्रोब्लेम्स हुए अभी? बच्चों जैसा काम मत किया करो अभी, यह बिल्कुल सही नहीं है. आईन्दा अगर कुछ उधर देना हो तो जाओ मैं तुमको वहां जाने से मन नहीं कर रहा, जब चाहो जाओ, रूही से मिलो. ये वो जाने और उसस्के पेरेंट्स मुझे कोई लेना देना नहीं है, मगर उस्सकी चीज़ों को मेरे घर पर मत चोरर्ण फिर कभी… इस बार लौटा रहा हूँ अगली बार जला के राख कर दूंगा….!”

अभी ने कहा,

“बोलना मुझे भी अत है मेहबूब, अगर बोलना शुरू किया तो तेरे पास बोलने के लिए कुछ नहीं बचेगा, स्टार्ट करेगा और एक्सेलेटर दबाएगा…..”

मेहबूब: “अरे वह एक तो चोरी ऊपर से सीना जोरी! अभी तू अगर चाहे तो मेरे घर भी आ सकता है, मेरे घर तू आये तो मुझसे मिलने, रहीम से मिलने या फ़र्ज़ीनः से मिलने तो ठीक है, एक लगाओ हो गयी है मैं समझता हूँ, फ़र्ज़िना और रहीम दोनों तुमको पसंद करते हैं okay ठीक है उन् से मिलो मुझे कोई आपत्ति नहीं, मगर रूही की कोई भी चीज़ उन् लोगों के पास नहीं चौररने का…. उम्मीद है के तुम समझ गए….”

अभी: “नहीं बात ख़तम अब कभी भी कुछ भी नहीं चोरर्ण किसी के पास, और उस आगाँ में जाना hi नहीं कभी मुझे अब जा तू बेफिक्र रह नहीं आऊंगा अब कभी भी उधर, जा, चोरर दिया उस गली को मैं ने हमेशा के लिए!”

मेहबूब चला गया….. अभी एनवलप लेकर अंदर गया जिस बस में काम कर रहा था उस में, जल्दी से एनवलप से डायरीज निकला, दो डायरीज थे 200 पेजेज के, मतलब 400 पेजेज का लिखा हुआ था अभी ने…. अभी जल्दी जल्दी पन्नों को उलट पुलतः करके ढूंढ़ने लगा कहीं रूही ने कुछ लिखा होगा… मगर कुछ नहीं दिखा….. और हाँ अभी खुश हुआ के रूही ने परफ्यूम रख लिए थे…. सिर्फ रहीम को पता था के एक गिफ्ट था जो रूही ने अपने जेब में रखा था…. किसी को उसस्के बारे में नहीं पता था, मतलब रूही ने अभी का दिया हुआ परफ्यूम अपने पास HI रखा….!

अभी बहुत कुश हुआ क्यूंकि रूही ने उस्सकी दी हुई एक तोहफा तो अपने पास रखा! वो “सोइर दे पेरिस” “बौरगेविस” वाला बहोत महंगा परफ्यूम…. अभी पीर ख्यालों में खो गया सोचते हुए जिस दिन को रूही ने पूछा था उस से के किआ परफ्यूम उसे करते हो आप कितनी अछि स्मेल आरही है….. तभी अभी ने उस्सको कहा था के एक दिन वो उसस्के लिए वो परफ्यूम खरीदेगा…. और वो खरीद लिया अभी ने और दे भी दिया रूही को….. अभी यह भी सोचने लगा के जिस वक़्त रूही ने वो परफ्यूम लिया होगा, सुंघा होगा तो उस से रूही को अभी की याद ज़रूर आयी होगी… उस्सक्को याद आया होगा किश दिन को अभी ने उस से कहा था के वो उसस्के लिए वो परफ्यूम खरीदेगा….. मतलब उधर रूही भी अभी को अब, तब तक सोचेगी जब तक उस परफ्यूम को उसे करेगी….. अभी इस बात से बहोत खुश था.

उस दिन घर वापस जाने के बाद अभी ने फिर से डायरीज के हर एक पैन को घुमा कर ढूंढा के कहीं रूही ने कुछ लिखा तो नहीं होगा… मगर उस्सको कुछ नहीं मिला…. और अभी ने अपनी डेली डायरी में अब लिखा किश डेट को उसको रूही को दी हुई डायरीज वापस मिली….

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कुछ दिन बाद अभी फिर गया मिलने समियल्लाह ब्रोकर से. और उस से उस्सने बड़े बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर का पता लिया और उस से मिलने गया….. अभी अपने साथ तमाम उन् बुसस की फोटोज लगाया दिखाने के लिए.

डायरेक्टर से मिला और समझाया के वो उस कंपनी को रोपें करवाना चाहता है, उस्सको एक्सपीरियंस है और वो कंपनी को चला पाएगा.

डायरेक्टर ने इतना जवान लड़के को इतना दूर की सोचने के लिए बधाइयाँ दिए और कहा के कम से कम हाफ करोड़ होना चाहिए उसस्के पास स्टार्ट करने के लिए, उस्सको आधा करोड़ डिपाजिट करना होगा तब वो उसस्के हक़ में बात करेगा एग्जीक्यूटिव मेंबर्स से.

अभी ने समझाया के उसस्के पास उतना पैसा नहीं है और डायरेक्टर से hi कहा उस्सको रास्ता दिखाने के लिए के उस्सको किआ करना चाहिए और कैसे उस्सको हाफ कोर मिल सकता है.

डायरेक्टर ने कहा के बैंक से लोन लेना पड़ेगा, बैंक उस्सको हाफ करोड़ दे देगा जिस्सको वो 15 साल के अंदर रपय करेगा किस्तों में…

अभी ने डायरेक्टर से सारे रास्ते पूछे के किआ किआ करना पड़ेगा कहाँ कहाँ हाट लात मारना होगा उस सपने को पूरा करने के लिए…

डायरेक्टर अभी के मदद करने के लिए तैयार था इस लिए के वो डायरेक्टर यंग एन्त्रेप्रेंयूर्स को प्रमोट करता था, तो एक वेल एस्टाब्लिशड बिज़नेस मन को उस कंपनी को चलाने के बजाए डायरेक्टर अभी को प्रमोट करना ज़्यादा पसंद करता क्यूंकि अभी नया था, नया जोश, नया खून और आगे बढ़ने की चाह देखा था डायरेक्टर ने अभी में….

लास्ट वाला रास्ता था के अपने बाप की जम्में को बैंक में मॉर्गेज करना पड़ेगा तब हाफ करोड़ बैंक देगा कंपनी को स्टार्ट करने के लिए….

अब अभी वहां से घर गया….. उस्सको पता नहीं था के उस्का बाप समझेगा भी और ज़मीन को मॉर्गेज करने के लिए तैयार होगा भी या नहीं…..

अपने बाप से बात करने से पहले अभी ने नैना से कहा,

“नैना तू चाहती है के मैं रूही को भूल जॉन?”

नैना: “बिल्कुल वही चाहती हूँ भाई, किआ करना उस्का, गोली मारो नाह भाई!”

अभी: “और तू चाहती है के मैं शेव करूँ?!”

नैना खुश होते हुए, अभी के चेहरे में हँस्ते हुए देखते हुए कहा,

“छी बिल्कुल ाचा नहीं लगता यह दाढ़ी तुम पर भाई, शेव ककरो नाह, 5तह जानुराय के बाद शेव नहीं किये हो!”

और अभी गया आईने के सामने, शेविंग फोम लगाया और शेव करने के बाद नैना के सामने आया…..

नैना ख़ुशी से झूम उठी और ज़ोर से ठुमके लगाते हुए कहा,

“मेरा भाई ठीक हो गया अब लग रहा है मेरा भाई, नार्मल पहले की तरह….. वूहू!!!

किआ अभी ने सच में रूही को दिल से निकाल दिया? या सिर्फ अपने घवालों के लिए, दोस्तों के लिए नार्मल दिखने के लिए ऐसा कर रहा था? किआ सच में वो अपने दिल से रूही को मिटा पाएगा? यह वक़्त बताएगा एक दिन.

तो बे कॉन्टिनोएड…. (2305 वर्ड्स)
 
बहोत बहोत शुक्रिया विक्रम भाई...

आप की रिव्यु तो एक अपडेट से कम नहीं है... और आप को काउंटर रिप्लाई करने के लिए कुछ ज़्यादा सोचना पड़ता है :लाफ:

बिल्कुल सही कहा आप ने

एक्साक्ट्ली भाई आप सही समझे यारा

यह बी सही है आप के तरफ से..... मगर इस्को एक दिन रूही खुद अपनी ज़ुबान में बताएगी अभी को :डी

यह बात आगे चल कर सही सही पता चलेगा भाई

किआ दिमाग़ लगाया है आप ने भाई वह, मान गए यारा

पिकनिक पर गयी थी यार खुश तो होगी नाह :डी

सही पकड़ा भाई आप ने :डी

ज़फर की कविता जबरदस्त है भाई

थैंक्स वैरी वेर्य्र मच विक्रम बाई

इतस ा रियल प्लेअसुरे तो रीड फ्रॉम यू दोस्त :लव: :हुग:
 
अपडेट 47 थे नई पेनफ्रिएंड - नवीन

अभी ने पिछले 2 महीनों से किसी भी पेनफ्रिएंड्स को रिप्लाई नहीं किया था. सबके 2 या तीन रिपीट लेटर आ चुके थे. तो एक सुबह को अभी ने सबको रिप्लाई करने को सोचा और बैठ कर सबको सॉरी कहा और रिलीज लिख कर पोस्ट किया.

अभी हर रोज़ एक नेवसपपेर खरीदता था बिना मिस किये. और उस दिन जब पोस्ट ऑफिस से सबके लेटर्स पोस्ट करके वापस घर आया तो पेपर्स पढ़ रहा था के पेनफ्रिएंड्स कार्नर में कुछ नयी लड़कियों के नाम देखा, उन् में दो लोकल लड़कियों को लिखा अभी ने. उन् में से एक ईस्ट की रहने वाली थी, रूही के घर से 10 किलोमीटर्स दूर. लड़की का नाम था नमिता और एक का नाम था नौशीन जो देश की नार्थ से थी. दोनों को एक एक इंट्रोडक्शन वाला लेटर पोस्ट किया अभी ने. ऑफ़ कोर्स, वो सिर्फ इंग्लिश में खत लिखता था.

नोर्मल्ली वीथिन ा वीक रिलीज आ जाते थे हमेशा और नौशीन के तरफ से रिप्लाई आगया था 4 दिन बाद मगर नमिता के तरफ से कोई जवाब नहीं आया.

तीन हफ्ते गुज़र गए और नौशीन और अभी की दोस्ती हो गयी, 3 हफ़्तों में 10 से ज़्यादा लेटर्स आ चुके थे अभी के पास नौशीन के तरफ से. मगर नमिता का कोई रिप्लाई नहीं आया तो अभी समझ गया के नमिता को बहोत सारे लड़कों के खत आये होंगे इस लिए उस्सको अपने पसंद की साथी मिल गयी होगी, तो उस्सने नमिता को इग्नोर किया.

मगर 2 दिन बाद अभी को एक खत मिला जिस्सको किसी नवीन ने लिखा था. अभी को हैरानी हुई के यह कौन है, इस्को तो नहीं लिखा था मैं ने…..

इंग्लिश में लिखा गया था खत, खूबसूरत हैंडराइटिंग थी, और उस में लिखा था के वो नमिता की बेहेन है, नमिता को बहोत सारे खत आये हैं इस लिए वो अभी से दोस्ती करना चाहती है. अभी ने उस्सको रिप्लाई किया.

2 दिन बाद उस्सकी रिप्लाई आगयी. अभी ने फिर रिप्लाई किया फिर 2 दिन बाद उस्सकी रिप्लाई आगयी….. जबसे अभी पेनफ्रिएंड्शीप करता था यह पहली बार ऐसा हुआ था के दो दिन के बाद कोई उस्सको रिप्लाई पोस्ट कर देती थी….

अभी ने उस से और जानकारी जाना चाहा के कैसे उस्सने नमिता की जगह उस्सको रिप्लाई किया और किआ नमिता नाराज़ नहीं हुई? तो नवीन ने रिप्लाई में यह कहा,

“इन फैक्ट, वे कुअर्रेलेड ओवर योर लेटर. तहत इस व्हाई यू गोत ा रिस्पांस आफ्टर सेवेरल वीक्स. नमिता इस माय लिटिल सिस्टर, ी ऍम ा ईयर ओल्डर थान हेर. शी हद गोत ओवर 60 लेटर्स. वे ुसेड तो शेयर रीडिंग एंड वे मेक फन ऑफ़ थे वे ऑफ़ राइटिंग ऑफ़ थे बॉयज. सम दो नॉट इवन क्नोव हाउ तो व्रिठे ा लेटर, थे व्रिठे नॉनसेंस. सो, वे वेरे रेजेक्टिंग मोस्ट ऑफ़ थम, थे लेटर्स वेरे गोइंग इन थे डस्टबिन व्हिच नमिता वोउल्ड नेवर रिप्लाई तो, एंड ठोस शी लिकेड वेरे केपट. एंड योर लेटर चामे इन माय हैंड, ी रीड आईटी, वास् इम्प्रेस्सेड बी योर लैंग्वेज एंड ब्यूटी ऑफ़ राइटिंग एंड एक्सप्रेस्सिंग योरसेल्फ. व्हेन वे फिनिश्ड विथ आल, ी टोल्ड हेर ी विल रिप्लाई तो थिस ओने. शी ओब्जेक्टेड एंड वांटेड तो रीड योर लेटर, बूत ी रेफुसेड तो गिव आईटी तो हेर, बूत शी गोत फुरिओउस एंड सनातचेड़ योर लेटर फ्रॉम में. शी रीड योर लेटर एंड टोल्ड में,

“यू कीप थे बेस्ट फॉर यू एंड आल गरबागेस केस तो में, व्हाई यू दीद नॉट शो में थिस ओने? हे है रिटेन तो में नॉट तो यू, सो ी विल रिप्लाई हिम!”

थें ी टर्न्ड माय फेस विथ हेर एंड वे वेंट तो स्लीप. ी सो मच वांटेड तो करेस्पॉन्ड विथ यू, तहत ी विशद यू वेरे माय पेनफ्रिएंड. ी थॉट थे नेक्स्ट डे शी हद रेप्लीएड यू, ी दीद नॉट क्नोव शी हद नॉट रेप्लीएड. आफ्टर ा वीक ी फाउंड योर लेटर ों माय टेबल. ी अस्केद हेर व्हाई तहत लेटर वास् ों माय टेबल एंड शी टोल्ड में,

“तुम उस्सको लिखने वाली थी नाह तो लिखो!”

ी टोल्ड हेर no ी विल नॉट, कीप हेर पेनफ्रिएंड्स फॉर हरसेल्फ़. सो, थ्री वीक्स निथर शी रेप्लीएड यू नार ी एंड फाइनली ी डीडेड तो व्रिठे तो यू. थिस इस हाउ वे अरे नाउ पेनफ्रिएंड्स….. ी उसे तो शेयर थे रीडिंग ऑफ़ योर लेटर्स विथ हेर एंड शी जेअलौश्लय सेक्स,

“कितना अच्छा लिखता है यह, इस्सकी इंग्लिश कितनी अच्छी है, कितना ाचा एक्सप्रेस करता है, यह आज मेरा पेनफ्रिएंड होता नाह!”

एंड ी थॉट शी विल टेक बैक योर लेटर्स ात तहत मोमेंट…. बूत शी दीद नॉट सो वे रेमें फ्रेंड्स. अभी ी लव योर वे ऑफ़ राइटिंग, योर इंग्लिश इस सो गुड एंड यू व्रिठे बेऔतिफुल्ली तहत ी विश ी कुड रीड फ्रॉम यू एव्री डे.”

अभी ने जब यह सब पढ़ा नवीन के खत में तो अगले दिन उस्सको एक्सप्रेस डिलीवरी सेंड किया जो उसी दिन नवीन को मिली और नवीन ने भी अभी को एक्सप्रेस डिलीवरी सेंड किया जो दूसरे दिन अभी को मिला और यह सीसलसीला जारी रहा दोनों के बीच. एक दूसरे को हर रोज़ दोनों लेटर्स लिखते, और एक्सप्रेस पोस्ट करते, मतलब हर रोज़ बिना मिस किये दोनों को एक दूसरे के तरफ से खत मिलते….. एक दूसरे को हर रोज़ खत का इंतज़ार रहता….. सिर्फ वीकेंड्स में खत नहीं आते थे मंडे से फ्राइडे तक हर रोज़ एक लेटर मिलते दोनों को…..

और धीरे धीरे 2/3 पेजेज के बदले 10 से 15 पेजेज के लेटर आने जाने लगे एक दूसरे को… और इस तरह अभी ने रूही के बारे में बता दिया नवीन को और अपने डायरीज की बात किये लेटर में अभी ने नवीन से… तो नवीन ने उन् डायरीज को पढ़ने की ख्वाहिश की….

दोनों ने एक दूसरे को अपने फोटोज भी सेंड किये…. तो अभी ने नवीन से मिलने की फरमाईश किया, नवीन ने एग्री किया और दोनों पहली बार मिले उसी शहर में जहाँ रूही की चची की सुपर मार्किट था.

और मिलने के बाद अभी ने नवीन को वो डायरीज दिए जो उस्सने रूही को दिया था….

नवीन रूही से भी छोटी थी कद में और रूही जितना खूबसूरत नहीं थी. मगर नवीन की खूबसूरती उसस्के दिल के अंदर थी और उस्सकी दिमाग़ के अंदर थी…… नवीन एक ग्रदुएटेड टीचर थी, इंग्लिश पढ़ाती थी कॉलेज में. और इसी लिए जब नवीन अभी के लेटर पढ़ती थी तो एक भी इंग्लिश मिस्टेक नहीं दीखता था उस्सको इस वजह से नवीन इम्प्रेस हुई थी अभी के लेटर राइटिंग से.

जिस दिन दोनों पहली बार मिले थे तो सिर्फ 45 मीन्स एक साथ थे, एक साफé में गए, बैठे, थोड़ी देर बात किये, अभी ने उस्सको डायरीज दिए और दोनों वापस अपने अपने घर चले गए एक दूसरे को वैसे hi एक्सप्रेस लेटर सेंड करने की प्रॉमिस करते हुए.

नवीन ने जब अभी के दोनों डायरीज पढ़े तो वो बहोत रोई. देर घंटे में सब कुछ पढ़ लिया नवीन ने. अभी के डायरीज पढ़ने के बाद नवीन समझ गयी के अभी एक ट्रू लवर है और नवीन को ऐसा hi कोई प्यार करने वाला चाहिए था…. नवीन को अभी से प्यार हो गया. नवीन ने अभी को तुरंत लिखा और कह दिया के कम्पलीट डायरीज पढ़ लिया उस्सने और बहोत रोई, और अपनी ओपिनियन लिखा अभी को उस्सने….. मगर नहीं कहा के उस्सको अभी से प्यार हो गया… तो अगले हफ्ते फिर से मिलने का प्लान बनाया दोनों ने क्युके नवीन को अभी के डायरीज वापस करने थे…. तो दोनों अगले वीकेंड को फिर मिले उसी शहर में. उसी साफé में.

नवीन बहोत अच्छी थी, हद से ज़्यादा अच्छी. नेक, नरम दिल, प्यार और आराम से बात करने वाली, और उस में ख़ास बात यह थी के वो बहोत ध्यान से सुनती थी. शायद टीचर थी इस लिए उस्सको सुन्ना आता था. बहोत केयरिंग थी और लोविंग भी. अभी उस्सको दोस्त मंटा था, मगर क्यूंकि रूही की डेयरीज को नवीन ने फुल पढ़ लिया था तो नवीन को अभी के बारे में सब कुछ पता चल चूका था के वो कैसा है, कितना इमोशनल है, कितना ग़ुस्सा है, ेट्स…. अभी की करैक्टर, पर्सनालिटी सब का पता चल गया था नवीन को…. अभी ने अपनी डायरी में एक जगह लास्ट पेजेज में रूही से अलग होने और डायरी वापस मिलने के बाद, जब अभी ने शेव कर लिया था तब यह लिखा था डायरी में:

तू है हरजाई तो अपना भी एहि तौर सही

तू नहीं और सही, और नहीं, और सही

बड़ी लम्बी है ज़मीन

मिलेंगे लाख हसीं

इस ज़माने में सनम

तू अकेला hi नहीं

यहाँ पर नवीन ने निचे लिखा था “यू अरे राइट अभी”

ये घर वापस घर जाने के बाद अभी ने देखा था, क्यूंकि नवीन ने एक खत हाथ में दिया था अभी को जिस दिन दोनों मिले थे, पोस्ट करने के बजाए क्यूंकि वीकेंड था तो एक दूसरे को हाथ में खत दिए थे दोनों ने और उस खत में नवीन ने लिख दिया था के किश किश पेज पर उस्सने अपने कमेंट लिखे हुए हैं, इस तरह से अभी की डेरी में कई जगहों पर नवीन के हैंडराइटिंग पाए गए….. नवीन के बाद अभी ने कभी भी लाइफ में किसी और को वो डायरीज नहीं दिए….. क्यूंकि नवीन अभी की वाइफ बन गयी 2 साल बाद. मगर अभी की वाइफ बनने से पहले 2 सालों में बहोत कुछ हुआ. वो अगले अपडेट में पता चलेगा.

तो बे कॉन्टिनोएड……
 
विक्रम भाई आप की कमेंट का hi इंतज़ार था. बहोत शुक्रिया भाई.

भाई फ़ास्ट कहाँ हुआ???? पुरे दो साल के बाद हुआ....

आप रीडर्स लोगों के लिए फ़ास्ट हुआ मगर अभी और नवीन के बिच तो पूरा 2 साल गुज़र गया तब नाह जाके शादी हुई :डी

मैं ने जान बुझ कर ऐसा इंट्रो दिया नवीन की.... अब कल से वापस इन् दोनों के शुरुवाती मुलाकातों को देखेंगे आउट कुछ बहोत hi ख़ास हुआ था जिस्सकी की वजह से अभी नवीन को नाह नहीं कह सका.... ये कल की अपडेट में आप को पता चल जाएगा....

भाई भला रूही को कभी भुला पाएगा अभी? नामुमकिन जैसे आप ने कहा.

और हाँ नवीन की कद रूही से भी कम है शामे नहीं :डी

थैंक्स वैरी मच विक्रम भाई.
 
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