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अपडेट 90 थे लास्ट अपडेट
अनिरुद गाओं पहुंचा तो उस्सको यकीन नहीं हुआ के उसस्के सभी भाइयों ने मिलकर उसस्के लिए 7 करोड़ के इंतज़ाम कर दिए थे और ज़मीन को बेचना भी नहीं था. उसस्के पिता ने अकेले 2 करोड़ दिए थे बाकी भाइयों ने मिलकर 5 करोड़. पैसा कॅश में तो नहीं था मगर उसस्के बैंक अकाउंट में ट्रांफर करने थे सब ने अपने अपने चेक बना रखे थे.
अनिरुद ने जब से गाओं चोर्रा था, उसस्के दिल में सबके लिए एक नफरत जैसे पैदा हुआ था पूजा के केस को लेकर. अनिरुद का हमेशा से यह मानना था के उसस्के पिता और पुरे घरवाले उसस्के खिलाफ थे पूजा वाले बात को लेकर, और दिल hi दिल में अनिरुद ने अपने पुरे घरवालों को hi ज़िम्मेदार ठहराया था पूजा की मौत की. अनिरुद के दिल में घरवालों से नफरत थी उस दिन से जिस दिन से पूजा ने आत्महत्या किया था. उस्का मानना था के अगर वह लोग अनिरुद और पूजा के प्यार को स्वीकार कर लेते तो आज पूजा उसस्के साथ होता. तो इंटने सालों से अनिरुद ने अपने दिल के एक कोने में अपने परिवार के लिए एक नफरत पाल रखा था. पूजा की आत्महत्या ने उस्सकी नफरत को सींचा था, और वो पूजा वाली बात बैठ गया था अनिरुद के दिल में अपने परिवार के खिलाफ.
और आज जा कर वो नफरत, वो ग़ुस्सा ख़तम हुआ हमेशा के लिए जब अनिरुद ने देखा के उसस्के सभी भाई, बेहेन, माँ, बाप सब ने उसस्के लिए कितना कुछ किया, आज उस्सको पता चला था के फॅमिली आखिर फॅमिली होता है और अपनों की हमेशा मदद करता है. अनिरुद रो पड़ा था जब सब ने उस्सको चेक़ुएस दिए और कहा उसस्के ज़मीन को नहीं बेचा जायेगा, और उस्सको धीरे धीरे करके जब तक चाहे उन् पैसों को वापस करने का मौका दिया जाएगा तब… अपने भाइयों के गले मिलकर खूब रोया था अनिरुद, अपने बाप के सीने से लिपट कर भी रोया था. सब ने कहा के वहां यूरो में कमायेगा तो 50 गुनाह ज़्यादा मिलेगा उससे तो आसानी से सब पैसा चूका पाएगा….
अस्सल में तो सिर्फ कोई 3 करोड़ की ज़रुरत थी अनिरुद को मगर वो ज़्यादा इस लिए लेजाना चाहता था ताके अशिता और विहान के लिए भी कुछ अलग कर सके ज़रुरत पड़ने पर, और अगर ज़रुरत नाह पड़े तो और भी आसानी से पैसे वापस कर सकता था वो क्यूंकि कारण 10 करोड़ हो गए थे कुल मिलके उन् में 3 करोड़ इस्तेमाल किया एक घर खरीदने के लिए तो बाकी के 7 करोड़ बच जायेंगे; मान लो के और एक करोड़ इस्तेमाल करेगा फिर भी 6 करोड़ बच जायेंगे, इस तरह से वापस करने में आसानी होगी और उस्का ज़मीन वहीँ के वहीँ रहेगा, एक दिन विहान के बचे बड़े होंगे तो उनको ज़मीन मिल पाएगा….
अनिरुद ने यह भी सोच लिया था के अगर 20 साल बाद कभी वापस देश आये भी तो कहा यह जाएगा के अशिता की किसी से शादी हुई थी फिर डाइवोर्स हो गए और बचे उस्सकी की हैं विहान ने शादी किया hi नहीं…. तब सब हमेशा एहि समझेंगे के अशिता के बचे उसस्के दिवोर्सीद हस्बैंड के हैं…. यह सब सोच लिया था अनिरुद ने. यह भी प्लान कर लिया था के अगले 20/25 साल तक किसी को अपना रेजिडेंशियल एड्रेस नहीं देगा यहाँ देश में. उस्सको इतना तो पक्का यकीन था के इस गाओं से कोई कभी भी फॉरेन नहीं जाने वाला क्यूंकि मिटटी के लोग हैं सब वहीँ जियेंगे मरेंगे….
अनिरुद वहां से निकला इस से पहले के विहान वापस अत और अपने शहर के खुद काम करने वाले बैंक में चेक़ुएस डिपाजिट करवाया…. और कुछ दिन बाद फॉरेन बैंक में आधा पैसा ट्रांसफर करवा दिया… और उसके बाद इंतज़ार करना था अशिता की ग्रेजुएशन की….
सुमन को सब कुछ बता दिया अनिरुद ने और अपने पासपोर्ट बनवा लिए सिर्फ विहान और अशिता के बनवाने थे. स्पेन के इमीग्रेशन के तरफ से वीसा भी मिल गए थे 4 लोगों के लिए मतलब फुल फॅमिली के लिए.
अनिरुद को यह बिल्कुल नहीं पता था के विहान भी ग्रेजुएशन करने वाला था, जैसे वो सरप्राइज रख रहा था विदेश जाना वैसे hi विहान सरप्राइज रख रहा था अपना ग्रेजुएशन अपने मम्मी और पापा से, हाँ अशिता को पता था सिर्फ.
दिन महीने गुज़रते गए और बहोत hi फ़ास्ट गुज़रे; के 8 महीने ऐसे hi बीत गए.
इन 8 महोनों में विहान हर महीने में एक बार 4क्ष4 लेकर अशिता के साथ रात गुज़ारने अत. और जैसे लास्ट टाइम किया था सुबह को उससे कॉलेज चोर कर वापस गाओं जाता. दोनों के सेक्स लाइफ मजेदार चल रहा था. दोनों बहोत खुश थे और उस एक दिन का बेसब्री से इंतज़ार करते थे जिस दिन विहान अशिता से मिलने अत और रात भर उसस्के साथ गुज़ारता. महीने में वो एक दिन अशिता और विहान के लिए अनमोल होता था.
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और ग्रेजुएशन का दिन आया, सेपरेट दिन थे दोनों के, तो जिस दिन अशिता ग्रेजुएट हुए विहान गया था उस्सकी ग्रेजुएशन सेरेमनी में. बहोत बड़ा दिन था पुरे फॅमिली के लिए. अनिरुद बहोत प्राउड फील कर रहा था अशिता ने जिस वक़्त कला सूट और कैप पहना और तस्वीरें खिंचवाए उसस्के बगल में….. मगर अनिरुद की ख़ुशी दुगनी होने वाला था जब विहान ने उसी रोज़ अपने ग्रेजुएशन का इनविटेशन अपने मम्मी पापा को diya….Ashita को तो पता था hi फ़ोन पर विहान ने उस्सको सब बता दिया था के ठीक 3 दिन उस्सकी ग्रेजुएशन के बाद विहान की ग्रेजुएशन सेरेमनी है….
अनिरुद ख़ुशी से रो पड़ा जब विहान की ग्रेजुएशन इनविटेशन कार्ड dekha….Vihaan ने तब सब समझाया के वो सरप्राइज करना चाहता था उनको…..
तो 3 दिन बाद अनिरुद, सुमन और अशिता सब आये विहान की इस छोटे शहर वाले कॉलेज में जहाँ विहान का ग्रेजुएशन सेरेमनी हुआ था….. बहोत ख़ुशी का दिन tha..aur वहां से सब दादा जी के घर गए, सब से मिले, कुछ टाइम गुज़ारे वहां और वापस अपने शहर चले गाये सब, विहान भी.
घर जा कर अब विहान और अशिता को सरप्राइज होने का टाइम था…. अनिरुद ने दोनों को सामने बैठा कर समझाया के सब स्पेन जा रहे हैं हमेशा के लिए. वहीँ बस्सने जा रहे हैं और रीज़न भी बता दिया अनिरुद ने दोनों को और अगले दिन दोनों के पासपोर्ट बनवाने जाने थे और बुसस 10 दिन बाद प्लेन लेना था….
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3 दिन रह गए थे देश चौररने को तो विहान ने कहा के उस्सको एक बार गाओं जाना होगा, कॉलेज में सबको बताना होगा के वापस नहीं आएगा, और विहान ने सोचा फूल को बताना ज़रूरी है…. तो वो गया, सब से मिल लिए और फूल से मिला. उसस्के घर के अंदर बैठ कर विहान ने फूल को सब बता दिया, मतलब यह नहीं बताया के उस्का और अशिता का किआ रिश्ता है, मगर यह बताया के वो अब वापस शायद 20/25 साल बाद आएगा, वो भी सूरे नहीं क्यूंकि पुरे परिवार के साथ स्पेन जा रहा है.
फूल बहोत रोई बहोत बहोत रोई, इतना रोई के विहान खुद रो पड़ा… मगर विहान को जाना hi था, और एहि वक़्त था जब फूल ने अचानक कहा,
“रूचि मिल सकती है उधर तुमको!”
विहान को झटका लगा यह सुनकर. इतने दिनों से उस्सने बिल्कुल भी रूचि को नहीं सोचा था, आज, अभी जब फूल ने कहा तब उस्सने सोचा के हाँ रूचि देश विदेश घूमती रहती है अपने बाप के साथ किआ पता वो स्पेन में मिल जाए…. मगर विहान ने फूल से कहा,
“फूल वो मिले, नाह मिले कोई फरक नहीं पड़ता अब, वो मेरी कभी थी hi नहीं, वो अपने बाप की अमानत थी मेरी नहीं….. उस से अब कोई रिश्ता नहीं मेरा…”
फूल ने कहा,
“फिर भी अगर मिले तो उस्सको मेरा “HI” ज़रूर कहना और मुझे लिखने को या कॉल करने को कह देना”
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1 दिन बाद अनिरुद ने अपने शहर वाला घर भी बेच दिया और 2 बाकी के दिन एक होटल में गुज़ारे पुरे फॅमिली. घर बेचने से और 25 लाख मिल गया अनिरुद को.
फिर तीसरे दिन को पूरा फॅमिली ने प्लेन बोर्ड किये… और स्ट्रैट तो स्पेन!!
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स्पेन में अपने कॉन्टेक्ट्स से मिले अनिरुद, पहला हफता एक 5-स्टार होटल में गुज़ारे सब ने. विहान अशिता बहोत hi खुश थे बिल्कुल टूरिस्ट लग रहे थे सब, वेस्टर्न ड्रेस में, बीच पर स्विमिंग सूट में, फिर घूमना एन्जॉय करना सब एक सपना जैसा लग रहा था….
इमीग्रेशन वालों से मिलकर सब फॉर्मलिटीज फ़िनलिसे किये अनिरुद ने, फिर आखिर में एक गर ख़रीदा जो बहोत hi आलीशान था, वेस्टर्न मॉडल, बिल्कुल जैसे एउरोपीनस के घर होते हैं वैसा वाला घर. और ज़्यादा दाम भी नहीं लगा सिर्फ 1.5 करोड़ में मिल गया वो घर अनिरुद को. प्लान तो 2.5 से 3 करोड़ का था मगर आधे दाम में मिल गया, तो एक कार खरीदने को सोचा अनिरुद ने विहान के लिए, और वो भी कर दिया….
परमानेंट सिटीजनशिप मिल गए सब को रहने के लिए…. कुछ महीने बाद दोनों अशिता और विहान को अपने ग्रेजुएशन के हिसाब से नौकरी भी मिल गए… और अनिरुद ने फाइनली विहान और आशिता की शादी करवाया….
वहां भी अपने धरम के लोग थे, पंडित, इमाम पुजारी, नमाज़ी, सब होते हैं उधर भी… तो सब कुछ रीती रिवाज से किया गया. पड़ोसियों को इन्विते किया गया और विहान और अशिता को सब ने अस हस्बैंड एंड वाइफ जाना स्पेन में नॉट अस बरोथेर एंड सिस्टर.
सेटल होने के कुछ महीनों बाद अनिरुद को भी नौकरी मिल गयी जहाँ विहान काम करता था उसी ऑफिस में, उसस्के हिसाब का एक काम की इंटरनल अद्वेर्तिसेमेन्ट हुआ था तो विहान ने मैनेजमेंट से बात करके अपने डैड को भी लगवा दिया वहीँ काम पर. अनिरुद ने कुछ महीने बाद और भी पैसे ट्रांफर करवाए अपने डैड की अकाउंट में.
कुछ साल बाद अशिता को एक बीटा हुआ….. लाइफ चलती गयी, अनिरुद ने तब रियल रिटायरमेंट ले लिया और वो और सुमन मिलकर अपने पोते को संभालने लगे घर में रहकर. अपने भाइयों के सारे पैसे लौटा दिए थे अनिरुद ने कुछ सालों के बाद.
दिन गुज़रते गए, हफ्ते, महीने साल गुज़रे…..
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आफ्टर 21 इयर्स
विहान और अशिता के एक बीटा और एक बेटी थे. बेटी का नाम रूचि रखा गया विहान ने रूचि की बात को रख लिया था. अशिता से भी खूबसूरत, ज़्यादा गोरी और अदाएं जान लेवा. उस्का भाई का नाम था विवान, व् से जैसे विहान था इस लिए व् से hi रखा गया उस्का नाम. तो विवान अब 20 का था और रूचि 18 की.
एक दिन स्पेन की किसी शहर में विहान अपनी बेटी के साथ एक बड़ा सा मॉल में कुछ खरीदारी करने गए थे. मॉल 5 स्टोरी का था. फर्स्ट फ्लोर से होते हुए एस्कलेटर से ऊपर जब जब रहे थे बाप बेटी तो दोनों ने देखा के एक ऑर्केस्ट्रा फर्स्ट फ्लोर पर म्यूजिक सिस्टम ों कर रहे थे और वौइस् साउंड चेक कर रहे थे, उन् मुसिशन्स के सामने बहोत सारे लोग एकता हो गए थे उनको म्यूजिक प्ले करते हुए देखने और सुनने के लिए. रूचि रुकना चाहती थी मगर विहान के उस्का हाथ थामे हुए इंकार किया और थर्ड फ्लोर पर चले गए दोनों जिस दूकान से जो खरीदना था उसस्के लिए. मगर जैसे hi थर्ड फ्लोर पर रीच हुए तो पूरा मॉल गूंझ उठा एक फ्रेंच सांग से…. गण एक फीमेल वौइस् में थी और म्यूजिक के साथ वायलिन ऊंचे सुर में बज रहा था गाने के बोल ऐसे थे:
“जे वॉयस ैमे में प्रोफ दू फ्रांसेस….”
मतलब “मैं आप से प्यार करती हूँ ेय मेरे फ्रेंच टीचर….”
ये सुनकर विहान के रोंदते खड़े हो गए, उस्का जिस्म कांप उठा और वो जहाँ था वहीँ जैसे स्टेचू हो गया…. उसस्के होंठ थरथराने लगे और आँखें भर आये, उस्सकी बेटी ने ज़ोर से उस्का हाथ पाकर के शॉप के अंदर चलने को कहा मगर विहान वहां से हिल नाह पाया, रेलिंग्स पर तक लगा के वो निचे फर्स्ट फ्लोर पर देखने लगा, तो पाया के एक जवान लड़की जो एहि कोई 18/19 साल की उम्र की होगी वो गण गए रही थी वायलिन प्ले करते हुए….. विहान के ेंसू चालक गए, मगर उस्सने अपनी बेटी को नोटिस नहीं होने दिया…..
शॉप के अंदर से जो लेना था उस्सने लेलिया और जल्दी से निचे गए फर्स्ट फ्लोर पर उस गाना गाने वाली लड़की को करीब से देखने के लिए…. वही शकल, वही सूरत, हूबहू रूचि लग रही थी वो….. विहान ने चारों तरफ नज़र दौड़ाये तो एक खम्बे के पीछे एक औरत को छुपते हुए देखा…. वो रूचि थी, वही रूचि पहाड़ वाले घर वाली…. उस्सने विहान और उस्सकी बेटी को देख लिया था ऊपर से निचे आते हुए और दोनों को देख कर पोल के पीछे हो गयी थी….. विहान ने अपनी बेटी रूचि को वहीँ रुकने को कहा और वो बढ़ा अपनी रूचि के तरफ…. रूचि ने जब विहान को अपने तरफ आते हुए देखा तो सर झुका लिया मगर विहान उसस्के करीब गया और “hi” कहा…. रूचि के आँखें भर आये थे और कांपते हुए आवाज़ में रूचि ने भी विहान को hello कहा और ऐसे hi फोर्मल्ली बातें किये दोनों ने. विहान ने पूछा के जो लड़की गए रही थी किआ उस्सकी बेटी थी, जवाब हाँ था और रूचि ने पूछा की जो लड़की विहान के साथ थी वो उस्सकी बेटी थी उस्का जवाब भी हाँ था, और विहान ने कहा उस्सकी बेटी का नाम रूचि hi है. यह सुनकर रूचि रो पड़ी…. और जब विहान ने पूछा उस्सकी बेटी का किआ नाम है तो रूचि ने रट हुए कहा “अशिता”…. विहान के हाथ पेयर कांप गए….
विहान ने कहा रूचि से के फूल उस्सको याद करती है और उस्सको कॉल करने को या िखने को कहा था जब वो लास्ट टाइम फूल से मिला था 21 साल पहले…
और विहान ने रूचि से कहा,
“तुम्हारे बाल सफ़ेद हो गए हैं कहीं कहीं मेरा देखो सब काळा हैं अब तक हेहेहे!”
रूचि ने कहा,
“मैं एक गैंगस्टर की बॉस हूँ, मेरे बहोत सारे प्रोब्लेम्स हैं, दो रूप बदल के रहती हूँ एक माँ की एक गैंगस्टर की… “
विहान: “तुम्हारे डैड कहाँ है?”
रूचि: “चल बसे साड़ी मुसीबतों को मेरे लिए चोरर गए!”
विहान कहना चाहता था के सब को त्याग कर नयी ज़िन्दगी शुरू करें मगर उस्सने बेहतर सोचा के उसस्के मामले में नाह पड़े तो बेहतर है. उस्सने अपनी बेटी को बुलाया और रूचि से मिलाया उस्सको इंट्रोडस करते हुए एक दूसरे को और रूचि ने अपनी बेटी से मिलाया विहान को…..
वापस जाते वक़्त रूचि ने अपने बाप से कहा,
“पापा कितना अजीब बात है नाह, उस्सकी बेटी का और मेरी मम्मी का नाम शामे है और मेरा नाम और उस्का नाम शामे है व्हाट ा कोइंसिडेन्स नाह पापा?!”
विहान ने सिर्फ मुस्कुराया अपनी बेटी की बात को सुनकर और आगे बढे…. रूचि वहीँ मॉल में कड़ी दोनों को जाते हेउ देखती रही….. यह उनकी लाइफ की लास्ट मुलाकात थी फिर कभी नहीं मिले दोनों.
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एक दिन अनिरुद ने फैसला किया के अब उस्सको अपना देश वापस जाने का टाइम हो गया, वो अपने गाओं में रहना और वहीँ मरना चाहता था. सुमन भी वही चाहती थी. तो पुरे परिवार देश वापस गए गाओं. बच्चों को सीखा दिया गया के वहां एक विहान की बेटी है और लड़का अशिता का बीटा है. दोनों डिवोर्सी हैं एहि बात बताना था गाओं में सभी को. विहान के दोनों बच्चों को पता था के उनके मम्मी पापा भाई बेहेन हैं, स्पेन में यह मामूली बात थी बच्चों के लिए, क्यूंकि बहोत सारे ऐसे परिवार थे वहां.
गाओं में सब खुश हुए सबसे मिलकर. दादा जी अब भी ज़िंदा थे और 93 इयर्स के हो गए थे. अनिरुद की माँ नहीं थी वो चल बस्सी थी.
कोई 15 दिन बाद विहान, अशिता, रूचि और विवान सब वापस स्पेन आगये अनिरुद और सुमन को वहीँ चोरर कर, क्यों के वह दोनों अब वहीँ गाओं में रहना चाहते थे.
वापस स्पेन में सब रूटीन चलने लगा. विहान एक दिन अपने घर के आँगन के गेट के सामने खड़ा देख रहा था, 3 कार थे यार्ड में, एक उस्सकी, एक अशिता की और एक उसस्के बेटे विवान की.
एक दिन विहान और अशिता कहीं गए हुए थे शाम को घर वापस आये तो दोनों बच्चों के लिए कुछ सरप्राइज लेकर आये थे और धीरे से घर के अंदर गए और विवान के रूम के पास गए तो देखा भाई बेहेन नंगे बीएड पर सेक्स कर रहे थे!!, रूचि कहांर रही थी विवान के निचे दोनों टांगों को फैलाये, विवान को अपनी गहरायी में लेते हुए….
विहान ने अशिता के चेहरे में देखा और अशिता ने विहान को…. दोनों एक दूसरे से मुस्कुराये और अपने कमरे के तरफ चल दिए…..
थे एन्ड.
रिटेन बी कासिनर (शाह खान)
अनिरुद गाओं पहुंचा तो उस्सको यकीन नहीं हुआ के उसस्के सभी भाइयों ने मिलकर उसस्के लिए 7 करोड़ के इंतज़ाम कर दिए थे और ज़मीन को बेचना भी नहीं था. उसस्के पिता ने अकेले 2 करोड़ दिए थे बाकी भाइयों ने मिलकर 5 करोड़. पैसा कॅश में तो नहीं था मगर उसस्के बैंक अकाउंट में ट्रांफर करने थे सब ने अपने अपने चेक बना रखे थे.
अनिरुद ने जब से गाओं चोर्रा था, उसस्के दिल में सबके लिए एक नफरत जैसे पैदा हुआ था पूजा के केस को लेकर. अनिरुद का हमेशा से यह मानना था के उसस्के पिता और पुरे घरवाले उसस्के खिलाफ थे पूजा वाले बात को लेकर, और दिल hi दिल में अनिरुद ने अपने पुरे घरवालों को hi ज़िम्मेदार ठहराया था पूजा की मौत की. अनिरुद के दिल में घरवालों से नफरत थी उस दिन से जिस दिन से पूजा ने आत्महत्या किया था. उस्का मानना था के अगर वह लोग अनिरुद और पूजा के प्यार को स्वीकार कर लेते तो आज पूजा उसस्के साथ होता. तो इंटने सालों से अनिरुद ने अपने दिल के एक कोने में अपने परिवार के लिए एक नफरत पाल रखा था. पूजा की आत्महत्या ने उस्सकी नफरत को सींचा था, और वो पूजा वाली बात बैठ गया था अनिरुद के दिल में अपने परिवार के खिलाफ.
और आज जा कर वो नफरत, वो ग़ुस्सा ख़तम हुआ हमेशा के लिए जब अनिरुद ने देखा के उसस्के सभी भाई, बेहेन, माँ, बाप सब ने उसस्के लिए कितना कुछ किया, आज उस्सको पता चला था के फॅमिली आखिर फॅमिली होता है और अपनों की हमेशा मदद करता है. अनिरुद रो पड़ा था जब सब ने उस्सको चेक़ुएस दिए और कहा उसस्के ज़मीन को नहीं बेचा जायेगा, और उस्सको धीरे धीरे करके जब तक चाहे उन् पैसों को वापस करने का मौका दिया जाएगा तब… अपने भाइयों के गले मिलकर खूब रोया था अनिरुद, अपने बाप के सीने से लिपट कर भी रोया था. सब ने कहा के वहां यूरो में कमायेगा तो 50 गुनाह ज़्यादा मिलेगा उससे तो आसानी से सब पैसा चूका पाएगा….
अस्सल में तो सिर्फ कोई 3 करोड़ की ज़रुरत थी अनिरुद को मगर वो ज़्यादा इस लिए लेजाना चाहता था ताके अशिता और विहान के लिए भी कुछ अलग कर सके ज़रुरत पड़ने पर, और अगर ज़रुरत नाह पड़े तो और भी आसानी से पैसे वापस कर सकता था वो क्यूंकि कारण 10 करोड़ हो गए थे कुल मिलके उन् में 3 करोड़ इस्तेमाल किया एक घर खरीदने के लिए तो बाकी के 7 करोड़ बच जायेंगे; मान लो के और एक करोड़ इस्तेमाल करेगा फिर भी 6 करोड़ बच जायेंगे, इस तरह से वापस करने में आसानी होगी और उस्का ज़मीन वहीँ के वहीँ रहेगा, एक दिन विहान के बचे बड़े होंगे तो उनको ज़मीन मिल पाएगा….
अनिरुद ने यह भी सोच लिया था के अगर 20 साल बाद कभी वापस देश आये भी तो कहा यह जाएगा के अशिता की किसी से शादी हुई थी फिर डाइवोर्स हो गए और बचे उस्सकी की हैं विहान ने शादी किया hi नहीं…. तब सब हमेशा एहि समझेंगे के अशिता के बचे उसस्के दिवोर्सीद हस्बैंड के हैं…. यह सब सोच लिया था अनिरुद ने. यह भी प्लान कर लिया था के अगले 20/25 साल तक किसी को अपना रेजिडेंशियल एड्रेस नहीं देगा यहाँ देश में. उस्सको इतना तो पक्का यकीन था के इस गाओं से कोई कभी भी फॉरेन नहीं जाने वाला क्यूंकि मिटटी के लोग हैं सब वहीँ जियेंगे मरेंगे….
अनिरुद वहां से निकला इस से पहले के विहान वापस अत और अपने शहर के खुद काम करने वाले बैंक में चेक़ुएस डिपाजिट करवाया…. और कुछ दिन बाद फॉरेन बैंक में आधा पैसा ट्रांसफर करवा दिया… और उसके बाद इंतज़ार करना था अशिता की ग्रेजुएशन की….
सुमन को सब कुछ बता दिया अनिरुद ने और अपने पासपोर्ट बनवा लिए सिर्फ विहान और अशिता के बनवाने थे. स्पेन के इमीग्रेशन के तरफ से वीसा भी मिल गए थे 4 लोगों के लिए मतलब फुल फॅमिली के लिए.
अनिरुद को यह बिल्कुल नहीं पता था के विहान भी ग्रेजुएशन करने वाला था, जैसे वो सरप्राइज रख रहा था विदेश जाना वैसे hi विहान सरप्राइज रख रहा था अपना ग्रेजुएशन अपने मम्मी और पापा से, हाँ अशिता को पता था सिर्फ.
दिन महीने गुज़रते गए और बहोत hi फ़ास्ट गुज़रे; के 8 महीने ऐसे hi बीत गए.
इन 8 महोनों में विहान हर महीने में एक बार 4क्ष4 लेकर अशिता के साथ रात गुज़ारने अत. और जैसे लास्ट टाइम किया था सुबह को उससे कॉलेज चोर कर वापस गाओं जाता. दोनों के सेक्स लाइफ मजेदार चल रहा था. दोनों बहोत खुश थे और उस एक दिन का बेसब्री से इंतज़ार करते थे जिस दिन विहान अशिता से मिलने अत और रात भर उसस्के साथ गुज़ारता. महीने में वो एक दिन अशिता और विहान के लिए अनमोल होता था.
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और ग्रेजुएशन का दिन आया, सेपरेट दिन थे दोनों के, तो जिस दिन अशिता ग्रेजुएट हुए विहान गया था उस्सकी ग्रेजुएशन सेरेमनी में. बहोत बड़ा दिन था पुरे फॅमिली के लिए. अनिरुद बहोत प्राउड फील कर रहा था अशिता ने जिस वक़्त कला सूट और कैप पहना और तस्वीरें खिंचवाए उसस्के बगल में….. मगर अनिरुद की ख़ुशी दुगनी होने वाला था जब विहान ने उसी रोज़ अपने ग्रेजुएशन का इनविटेशन अपने मम्मी पापा को diya….Ashita को तो पता था hi फ़ोन पर विहान ने उस्सको सब बता दिया था के ठीक 3 दिन उस्सकी ग्रेजुएशन के बाद विहान की ग्रेजुएशन सेरेमनी है….
अनिरुद ख़ुशी से रो पड़ा जब विहान की ग्रेजुएशन इनविटेशन कार्ड dekha….Vihaan ने तब सब समझाया के वो सरप्राइज करना चाहता था उनको…..
तो 3 दिन बाद अनिरुद, सुमन और अशिता सब आये विहान की इस छोटे शहर वाले कॉलेज में जहाँ विहान का ग्रेजुएशन सेरेमनी हुआ था….. बहोत ख़ुशी का दिन tha..aur वहां से सब दादा जी के घर गए, सब से मिले, कुछ टाइम गुज़ारे वहां और वापस अपने शहर चले गाये सब, विहान भी.
घर जा कर अब विहान और अशिता को सरप्राइज होने का टाइम था…. अनिरुद ने दोनों को सामने बैठा कर समझाया के सब स्पेन जा रहे हैं हमेशा के लिए. वहीँ बस्सने जा रहे हैं और रीज़न भी बता दिया अनिरुद ने दोनों को और अगले दिन दोनों के पासपोर्ट बनवाने जाने थे और बुसस 10 दिन बाद प्लेन लेना था….
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3 दिन रह गए थे देश चौररने को तो विहान ने कहा के उस्सको एक बार गाओं जाना होगा, कॉलेज में सबको बताना होगा के वापस नहीं आएगा, और विहान ने सोचा फूल को बताना ज़रूरी है…. तो वो गया, सब से मिल लिए और फूल से मिला. उसस्के घर के अंदर बैठ कर विहान ने फूल को सब बता दिया, मतलब यह नहीं बताया के उस्का और अशिता का किआ रिश्ता है, मगर यह बताया के वो अब वापस शायद 20/25 साल बाद आएगा, वो भी सूरे नहीं क्यूंकि पुरे परिवार के साथ स्पेन जा रहा है.
फूल बहोत रोई बहोत बहोत रोई, इतना रोई के विहान खुद रो पड़ा… मगर विहान को जाना hi था, और एहि वक़्त था जब फूल ने अचानक कहा,
“रूचि मिल सकती है उधर तुमको!”
विहान को झटका लगा यह सुनकर. इतने दिनों से उस्सने बिल्कुल भी रूचि को नहीं सोचा था, आज, अभी जब फूल ने कहा तब उस्सने सोचा के हाँ रूचि देश विदेश घूमती रहती है अपने बाप के साथ किआ पता वो स्पेन में मिल जाए…. मगर विहान ने फूल से कहा,
“फूल वो मिले, नाह मिले कोई फरक नहीं पड़ता अब, वो मेरी कभी थी hi नहीं, वो अपने बाप की अमानत थी मेरी नहीं….. उस से अब कोई रिश्ता नहीं मेरा…”
फूल ने कहा,
“फिर भी अगर मिले तो उस्सको मेरा “HI” ज़रूर कहना और मुझे लिखने को या कॉल करने को कह देना”
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1 दिन बाद अनिरुद ने अपने शहर वाला घर भी बेच दिया और 2 बाकी के दिन एक होटल में गुज़ारे पुरे फॅमिली. घर बेचने से और 25 लाख मिल गया अनिरुद को.
फिर तीसरे दिन को पूरा फॅमिली ने प्लेन बोर्ड किये… और स्ट्रैट तो स्पेन!!
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स्पेन में अपने कॉन्टेक्ट्स से मिले अनिरुद, पहला हफता एक 5-स्टार होटल में गुज़ारे सब ने. विहान अशिता बहोत hi खुश थे बिल्कुल टूरिस्ट लग रहे थे सब, वेस्टर्न ड्रेस में, बीच पर स्विमिंग सूट में, फिर घूमना एन्जॉय करना सब एक सपना जैसा लग रहा था….
इमीग्रेशन वालों से मिलकर सब फॉर्मलिटीज फ़िनलिसे किये अनिरुद ने, फिर आखिर में एक गर ख़रीदा जो बहोत hi आलीशान था, वेस्टर्न मॉडल, बिल्कुल जैसे एउरोपीनस के घर होते हैं वैसा वाला घर. और ज़्यादा दाम भी नहीं लगा सिर्फ 1.5 करोड़ में मिल गया वो घर अनिरुद को. प्लान तो 2.5 से 3 करोड़ का था मगर आधे दाम में मिल गया, तो एक कार खरीदने को सोचा अनिरुद ने विहान के लिए, और वो भी कर दिया….
परमानेंट सिटीजनशिप मिल गए सब को रहने के लिए…. कुछ महीने बाद दोनों अशिता और विहान को अपने ग्रेजुएशन के हिसाब से नौकरी भी मिल गए… और अनिरुद ने फाइनली विहान और आशिता की शादी करवाया….
वहां भी अपने धरम के लोग थे, पंडित, इमाम पुजारी, नमाज़ी, सब होते हैं उधर भी… तो सब कुछ रीती रिवाज से किया गया. पड़ोसियों को इन्विते किया गया और विहान और अशिता को सब ने अस हस्बैंड एंड वाइफ जाना स्पेन में नॉट अस बरोथेर एंड सिस्टर.
सेटल होने के कुछ महीनों बाद अनिरुद को भी नौकरी मिल गयी जहाँ विहान काम करता था उसी ऑफिस में, उसस्के हिसाब का एक काम की इंटरनल अद्वेर्तिसेमेन्ट हुआ था तो विहान ने मैनेजमेंट से बात करके अपने डैड को भी लगवा दिया वहीँ काम पर. अनिरुद ने कुछ महीने बाद और भी पैसे ट्रांफर करवाए अपने डैड की अकाउंट में.
कुछ साल बाद अशिता को एक बीटा हुआ….. लाइफ चलती गयी, अनिरुद ने तब रियल रिटायरमेंट ले लिया और वो और सुमन मिलकर अपने पोते को संभालने लगे घर में रहकर. अपने भाइयों के सारे पैसे लौटा दिए थे अनिरुद ने कुछ सालों के बाद.
दिन गुज़रते गए, हफ्ते, महीने साल गुज़रे…..
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आफ्टर 21 इयर्स
विहान और अशिता के एक बीटा और एक बेटी थे. बेटी का नाम रूचि रखा गया विहान ने रूचि की बात को रख लिया था. अशिता से भी खूबसूरत, ज़्यादा गोरी और अदाएं जान लेवा. उस्का भाई का नाम था विवान, व् से जैसे विहान था इस लिए व् से hi रखा गया उस्का नाम. तो विवान अब 20 का था और रूचि 18 की.
एक दिन स्पेन की किसी शहर में विहान अपनी बेटी के साथ एक बड़ा सा मॉल में कुछ खरीदारी करने गए थे. मॉल 5 स्टोरी का था. फर्स्ट फ्लोर से होते हुए एस्कलेटर से ऊपर जब जब रहे थे बाप बेटी तो दोनों ने देखा के एक ऑर्केस्ट्रा फर्स्ट फ्लोर पर म्यूजिक सिस्टम ों कर रहे थे और वौइस् साउंड चेक कर रहे थे, उन् मुसिशन्स के सामने बहोत सारे लोग एकता हो गए थे उनको म्यूजिक प्ले करते हुए देखने और सुनने के लिए. रूचि रुकना चाहती थी मगर विहान के उस्का हाथ थामे हुए इंकार किया और थर्ड फ्लोर पर चले गए दोनों जिस दूकान से जो खरीदना था उसस्के लिए. मगर जैसे hi थर्ड फ्लोर पर रीच हुए तो पूरा मॉल गूंझ उठा एक फ्रेंच सांग से…. गण एक फीमेल वौइस् में थी और म्यूजिक के साथ वायलिन ऊंचे सुर में बज रहा था गाने के बोल ऐसे थे:
“जे वॉयस ैमे में प्रोफ दू फ्रांसेस….”
मतलब “मैं आप से प्यार करती हूँ ेय मेरे फ्रेंच टीचर….”
ये सुनकर विहान के रोंदते खड़े हो गए, उस्का जिस्म कांप उठा और वो जहाँ था वहीँ जैसे स्टेचू हो गया…. उसस्के होंठ थरथराने लगे और आँखें भर आये, उस्सकी बेटी ने ज़ोर से उस्का हाथ पाकर के शॉप के अंदर चलने को कहा मगर विहान वहां से हिल नाह पाया, रेलिंग्स पर तक लगा के वो निचे फर्स्ट फ्लोर पर देखने लगा, तो पाया के एक जवान लड़की जो एहि कोई 18/19 साल की उम्र की होगी वो गण गए रही थी वायलिन प्ले करते हुए….. विहान के ेंसू चालक गए, मगर उस्सने अपनी बेटी को नोटिस नहीं होने दिया…..
शॉप के अंदर से जो लेना था उस्सने लेलिया और जल्दी से निचे गए फर्स्ट फ्लोर पर उस गाना गाने वाली लड़की को करीब से देखने के लिए…. वही शकल, वही सूरत, हूबहू रूचि लग रही थी वो….. विहान ने चारों तरफ नज़र दौड़ाये तो एक खम्बे के पीछे एक औरत को छुपते हुए देखा…. वो रूचि थी, वही रूचि पहाड़ वाले घर वाली…. उस्सने विहान और उस्सकी बेटी को देख लिया था ऊपर से निचे आते हुए और दोनों को देख कर पोल के पीछे हो गयी थी….. विहान ने अपनी बेटी रूचि को वहीँ रुकने को कहा और वो बढ़ा अपनी रूचि के तरफ…. रूचि ने जब विहान को अपने तरफ आते हुए देखा तो सर झुका लिया मगर विहान उसस्के करीब गया और “hi” कहा…. रूचि के आँखें भर आये थे और कांपते हुए आवाज़ में रूचि ने भी विहान को hello कहा और ऐसे hi फोर्मल्ली बातें किये दोनों ने. विहान ने पूछा के जो लड़की गए रही थी किआ उस्सकी बेटी थी, जवाब हाँ था और रूचि ने पूछा की जो लड़की विहान के साथ थी वो उस्सकी बेटी थी उस्का जवाब भी हाँ था, और विहान ने कहा उस्सकी बेटी का नाम रूचि hi है. यह सुनकर रूचि रो पड़ी…. और जब विहान ने पूछा उस्सकी बेटी का किआ नाम है तो रूचि ने रट हुए कहा “अशिता”…. विहान के हाथ पेयर कांप गए….
विहान ने कहा रूचि से के फूल उस्सको याद करती है और उस्सको कॉल करने को या िखने को कहा था जब वो लास्ट टाइम फूल से मिला था 21 साल पहले…
और विहान ने रूचि से कहा,
“तुम्हारे बाल सफ़ेद हो गए हैं कहीं कहीं मेरा देखो सब काळा हैं अब तक हेहेहे!”
रूचि ने कहा,
“मैं एक गैंगस्टर की बॉस हूँ, मेरे बहोत सारे प्रोब्लेम्स हैं, दो रूप बदल के रहती हूँ एक माँ की एक गैंगस्टर की… “
विहान: “तुम्हारे डैड कहाँ है?”
रूचि: “चल बसे साड़ी मुसीबतों को मेरे लिए चोरर गए!”
विहान कहना चाहता था के सब को त्याग कर नयी ज़िन्दगी शुरू करें मगर उस्सने बेहतर सोचा के उसस्के मामले में नाह पड़े तो बेहतर है. उस्सने अपनी बेटी को बुलाया और रूचि से मिलाया उस्सको इंट्रोडस करते हुए एक दूसरे को और रूचि ने अपनी बेटी से मिलाया विहान को…..
वापस जाते वक़्त रूचि ने अपने बाप से कहा,
“पापा कितना अजीब बात है नाह, उस्सकी बेटी का और मेरी मम्मी का नाम शामे है और मेरा नाम और उस्का नाम शामे है व्हाट ा कोइंसिडेन्स नाह पापा?!”
विहान ने सिर्फ मुस्कुराया अपनी बेटी की बात को सुनकर और आगे बढे…. रूचि वहीँ मॉल में कड़ी दोनों को जाते हेउ देखती रही….. यह उनकी लाइफ की लास्ट मुलाकात थी फिर कभी नहीं मिले दोनों.
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एक दिन अनिरुद ने फैसला किया के अब उस्सको अपना देश वापस जाने का टाइम हो गया, वो अपने गाओं में रहना और वहीँ मरना चाहता था. सुमन भी वही चाहती थी. तो पुरे परिवार देश वापस गए गाओं. बच्चों को सीखा दिया गया के वहां एक विहान की बेटी है और लड़का अशिता का बीटा है. दोनों डिवोर्सी हैं एहि बात बताना था गाओं में सभी को. विहान के दोनों बच्चों को पता था के उनके मम्मी पापा भाई बेहेन हैं, स्पेन में यह मामूली बात थी बच्चों के लिए, क्यूंकि बहोत सारे ऐसे परिवार थे वहां.
गाओं में सब खुश हुए सबसे मिलकर. दादा जी अब भी ज़िंदा थे और 93 इयर्स के हो गए थे. अनिरुद की माँ नहीं थी वो चल बस्सी थी.
कोई 15 दिन बाद विहान, अशिता, रूचि और विवान सब वापस स्पेन आगये अनिरुद और सुमन को वहीँ चोरर कर, क्यों के वह दोनों अब वहीँ गाओं में रहना चाहते थे.
वापस स्पेन में सब रूटीन चलने लगा. विहान एक दिन अपने घर के आँगन के गेट के सामने खड़ा देख रहा था, 3 कार थे यार्ड में, एक उस्सकी, एक अशिता की और एक उसस्के बेटे विवान की.
एक दिन विहान और अशिता कहीं गए हुए थे शाम को घर वापस आये तो दोनों बच्चों के लिए कुछ सरप्राइज लेकर आये थे और धीरे से घर के अंदर गए और विवान के रूम के पास गए तो देखा भाई बेहेन नंगे बीएड पर सेक्स कर रहे थे!!, रूचि कहांर रही थी विवान के निचे दोनों टांगों को फैलाये, विवान को अपनी गहरायी में लेते हुए….
विहान ने अशिता के चेहरे में देखा और अशिता ने विहान को…. दोनों एक दूसरे से मुस्कुराये और अपने कमरे के तरफ चल दिए…..
थे एन्ड.
रिटेन बी कासिनर (शाह खान)