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- Dec 5, 2013
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अपडेट- 40
साही ने आँख खोल कर जब रूद्र को देखा तो उसे वो बहुत प्यारा लग रहा था भले hi रात उनके बिच कुछ न हुआ हो पैर इस चादर के निचे वो दोनों hi नंगे थे मगर हवस का नमो नीसाण नहीं था सूरज अपने समय पैर अपनी रौशनी बिखेर ने को तैयार था
रौशनी आये उस से पहले साही रूद्र को चुम कर उठ गयी और रूद्र को भी उठा दिया
रूद्र ने आंख खोली और खुद साही के पास पाया तो उसे रात की घटना याद आगयी और वो गौर से साही को देखने लगा जो की उसे hi देख रही थी अपनी नीली आँखों से
साही- जल्दी उठ जाओ सूरज निकल ने वाला है तो अब हमे जाना होगा
र- हम्म उठ गया पैर मुझे आज तक ये समझ नहीं आया की तुम सूरज निकलते hi क्यों चली जाती हो
साही- वो इसलिए सहजादे क्युकी हमारा जिस्म उसकी गर्मी नहीं झेल पाटा इसलिए हम उसकी किरणों से बचने के लिए वापस महल में चले जाते है
र- ओह्ह पैर तुम अपना ध्यान रखना
साही- अब वो नहीं आएगा पूर्णिमा से पहले और वैसे भी मैंने सुरक्षा बिंदु जागृत कर दिया है तो वो छह कर भी कुछ नहीं कर पायेगा तुम चिंता मत करो
र- ठीक है अब में भी चलता हु साही और तुम अब मिलने मत आना में नहीं चाहता कोई घटना हो
साही- वो में देख लुंगी अब जाना होगा अलविदा
र- हम्म अलविदा ( साद मुँह बनाते हुए)
पैर तब तक साही जा चुकी थी इसलिए रूद्र भी वह से टहलता हुआ घर की और निकल गया
अभी कुछ hi दूर आया था की उसे गाड़ी के पास एक लड़की दिखी जो गाडी का बोनट खोल कर कुछ कर रही थी जिसकी वजह से उसकी सेक्सी गांड रूद्र की तरफ थी जिसे देखते hi रूद्र का हथियार अंगड़ाई लेने लगा और उसके पास जा कर बोलै
र- क्या में कुछ मदद करू आपकी ( उसकी गांड को घूरते हुए)
रूद्र की आवाज़ सुनकर वो लड़की पलटी तो रूद्र को देख क्र मुस्कुराते हुए बोली( ये कोई और नहीं ठाकुर की बेटी श्री थी जो की रूद्र को जानती थी)
श्री- अरे रूद्र तुम देखो न गाड़ी बंद हो गयी और मुझे सेहर जाना है
र- हटो में देखता हु वैसे मुबारक हो सुना है तुम्हारी शादी पक्की हो गयी ( गाडी ठीक करते हुए बात करने लगा)
श्री- हम्म हो गयी है वैसे तुम भी अब शादी के लायक हो गए हो
र- ाचा मुझे तो नहीं लगता पैर तुम तो बिलकुल तैयार हो ( उसकी उभरती हुई चूचियों को देखत हुए)
श्री भी उसका मतलब समझ गयी थी की वो उसकी मोती चूचियों को देखकर ये कह रहा है
श्री- तुम काफी बदल गए हो वैसे और शरत भी करने लगे हो हाहाहा
र- अभी तुम ने मेरी शरत देखि hi कहा है खैर ये लो हो गयी तुम्हारी कार ठीक सेफ जोरनय
श्री- वो फिर कभी देखूंगी वैसे नंबर क्या है तुम्हारा( मोबाइल दिखते हुए बोली)
र- 08क्सक्सक्सक्सक्सक्सक्सक्स. bye( इसकी तो उठा उठा कर लेने में मजा आएगा ऊऊफफफफ्फ्फ्फ़)
श्री- bye
उसके बाद दोनों अपने रस्ते को निकल गए रूद्र जब घर पंहुचा तो नहाने के लिए बाथरूम की तरफ हो लिया जहा माहि पहले से hi मजूद थी और नंगी खड़े हो कर अपने भाई को आते हुए देखकर बोली
माहि- क्या बात है भाई साथ नहाना का इरादा है क्या
र- पहले तो नहीं था पैर अब तुझे इस हालत में देखकर नहाने और बजने का पूरा मूड बन गया है
माहि- ाचा तो फिर देर क्यों करते हो देखो में बिलकुल तैयार हु( बाथटब के पानी में भीगी हुई छूट और गांड दिखकर बोली)
र- ऊऊफफफफ्फ्फ्फ़ तू तो ऐसे hi मेरा माल निकाल देगी आअह्ह्ह्हह( बाथटब में घुसते हुए बोलै)
माहि- अरे ऐसे कैसे भाई पहले इसे चख तो लू फिर इसे अपनी छूट में घुसा कर इसे अंदर बहार करुँगी और इसका रास निचोड़ लुंगी ाहूऊऊम्ममाअहहह्ज
र- ओह्ह्ह्हह्ह गुड़िया बहुत अचे ऐसे hi चुसस्स ऊऊफफफफ्फ्फ्फ्फ़ टूउउ बहुत मस्त लुंड चुस्ती है aaaaahhhhhhhhmmmmooooohhhhhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhhhh आआआह्ह्ह्हह्ह आआआहहहजज आआआहहहजज
मैं तो करता है ऐसे hi तुझसे लुंड चुसवाते राहु पैर टाइम और जगह ठीक नहीं है इसलिए आगे बढ़ न hi ठीक है ( कहते हुए माहि की चूचियों को मुँह में भर कर मसल ने लगा)
माहि- आआह्ह्ह्हह सच कहा भाई बस अब जल्दी से छोड़ दो मुझे uuuffffffffffff काटो मात naaaahhhhhhhhhhhhhhhhhhhh
दोनों बहिन भाई काम क्रीड़ा में मगन थे की तभी जोर जोर से गेट नॉक होने लगा जिसे सुनकर दोनों की गांड फैट गयी
माहि- कोण आज्ञा भाई मजा ख़राब करने और अब क्या करे( छूट की आग में जलती हुई बोली)
र- अरे पहले तू कड़ी हो और कपडे पहन
अभी ये बात कर hi रहे थे की तभी फिर से डोर नॉक हुआ और आवाज़ आयी ( जो की रम्य की थी)
रम्य- अरे खोलो भाई कोण है अंदर
रम्य की आवाज़ सुनकर रूद्र को थोड़ा सकूं मिला और वो अंदर से बोलै
र- बुआ आप दूसरा उसे कर लो मुझे टाइम लगेगा
रम्य- ओह्ह्ह रूद्र तू भी न चल ठीक है
बोलकर रम्य चली गयी तो रूद्र भी माहि को समझा कर जल्दी से बहार निकल गया और कपडे पहन कर खेतो पैर निकल गया नास्ता करके आज खड़े लुंड पैर चोट जो लग गयी थी इसलिए छूट का जुगाड़ जो करना था जल्दी से
दोस्तों टाइम काम मिल रहा है अभी इसलिए छोटे अपडेट दे रहा हु ताकि कहानी का रूटीन ख़राब न हो ( उम्मीद है आप समझोगे शुक्रिया न सॉरी

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साही ने आँख खोल कर जब रूद्र को देखा तो उसे वो बहुत प्यारा लग रहा था भले hi रात उनके बिच कुछ न हुआ हो पैर इस चादर के निचे वो दोनों hi नंगे थे मगर हवस का नमो नीसाण नहीं था सूरज अपने समय पैर अपनी रौशनी बिखेर ने को तैयार था
रौशनी आये उस से पहले साही रूद्र को चुम कर उठ गयी और रूद्र को भी उठा दिया
रूद्र ने आंख खोली और खुद साही के पास पाया तो उसे रात की घटना याद आगयी और वो गौर से साही को देखने लगा जो की उसे hi देख रही थी अपनी नीली आँखों से
साही- जल्दी उठ जाओ सूरज निकल ने वाला है तो अब हमे जाना होगा
र- हम्म उठ गया पैर मुझे आज तक ये समझ नहीं आया की तुम सूरज निकलते hi क्यों चली जाती हो
साही- वो इसलिए सहजादे क्युकी हमारा जिस्म उसकी गर्मी नहीं झेल पाटा इसलिए हम उसकी किरणों से बचने के लिए वापस महल में चले जाते है
र- ओह्ह पैर तुम अपना ध्यान रखना
साही- अब वो नहीं आएगा पूर्णिमा से पहले और वैसे भी मैंने सुरक्षा बिंदु जागृत कर दिया है तो वो छह कर भी कुछ नहीं कर पायेगा तुम चिंता मत करो
र- ठीक है अब में भी चलता हु साही और तुम अब मिलने मत आना में नहीं चाहता कोई घटना हो
साही- वो में देख लुंगी अब जाना होगा अलविदा
र- हम्म अलविदा ( साद मुँह बनाते हुए)
पैर तब तक साही जा चुकी थी इसलिए रूद्र भी वह से टहलता हुआ घर की और निकल गया
अभी कुछ hi दूर आया था की उसे गाड़ी के पास एक लड़की दिखी जो गाडी का बोनट खोल कर कुछ कर रही थी जिसकी वजह से उसकी सेक्सी गांड रूद्र की तरफ थी जिसे देखते hi रूद्र का हथियार अंगड़ाई लेने लगा और उसके पास जा कर बोलै
र- क्या में कुछ मदद करू आपकी ( उसकी गांड को घूरते हुए)
रूद्र की आवाज़ सुनकर वो लड़की पलटी तो रूद्र को देख क्र मुस्कुराते हुए बोली( ये कोई और नहीं ठाकुर की बेटी श्री थी जो की रूद्र को जानती थी)
श्री- अरे रूद्र तुम देखो न गाड़ी बंद हो गयी और मुझे सेहर जाना है
र- हटो में देखता हु वैसे मुबारक हो सुना है तुम्हारी शादी पक्की हो गयी ( गाडी ठीक करते हुए बात करने लगा)
श्री- हम्म हो गयी है वैसे तुम भी अब शादी के लायक हो गए हो
र- ाचा मुझे तो नहीं लगता पैर तुम तो बिलकुल तैयार हो ( उसकी उभरती हुई चूचियों को देखत हुए)
श्री भी उसका मतलब समझ गयी थी की वो उसकी मोती चूचियों को देखकर ये कह रहा है
श्री- तुम काफी बदल गए हो वैसे और शरत भी करने लगे हो हाहाहा
र- अभी तुम ने मेरी शरत देखि hi कहा है खैर ये लो हो गयी तुम्हारी कार ठीक सेफ जोरनय
श्री- वो फिर कभी देखूंगी वैसे नंबर क्या है तुम्हारा( मोबाइल दिखते हुए बोली)
र- 08क्सक्सक्सक्सक्सक्सक्सक्स. bye( इसकी तो उठा उठा कर लेने में मजा आएगा ऊऊफफफफ्फ्फ्फ़)
श्री- bye
उसके बाद दोनों अपने रस्ते को निकल गए रूद्र जब घर पंहुचा तो नहाने के लिए बाथरूम की तरफ हो लिया जहा माहि पहले से hi मजूद थी और नंगी खड़े हो कर अपने भाई को आते हुए देखकर बोली
माहि- क्या बात है भाई साथ नहाना का इरादा है क्या
र- पहले तो नहीं था पैर अब तुझे इस हालत में देखकर नहाने और बजने का पूरा मूड बन गया है
माहि- ाचा तो फिर देर क्यों करते हो देखो में बिलकुल तैयार हु( बाथटब के पानी में भीगी हुई छूट और गांड दिखकर बोली)
र- ऊऊफफफफ्फ्फ्फ़ तू तो ऐसे hi मेरा माल निकाल देगी आअह्ह्ह्हह( बाथटब में घुसते हुए बोलै)
माहि- अरे ऐसे कैसे भाई पहले इसे चख तो लू फिर इसे अपनी छूट में घुसा कर इसे अंदर बहार करुँगी और इसका रास निचोड़ लुंगी ाहूऊऊम्ममाअहहह्ज
र- ओह्ह्ह्हह्ह गुड़िया बहुत अचे ऐसे hi चुसस्स ऊऊफफफफ्फ्फ्फ्फ़ टूउउ बहुत मस्त लुंड चुस्ती है aaaaahhhhhhhhmmmmooooohhhhhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhhhh आआआह्ह्ह्हह्ह आआआहहहजज आआआहहहजज
मैं तो करता है ऐसे hi तुझसे लुंड चुसवाते राहु पैर टाइम और जगह ठीक नहीं है इसलिए आगे बढ़ न hi ठीक है ( कहते हुए माहि की चूचियों को मुँह में भर कर मसल ने लगा)
माहि- आआह्ह्ह्हह सच कहा भाई बस अब जल्दी से छोड़ दो मुझे uuuffffffffffff काटो मात naaaahhhhhhhhhhhhhhhhhhhh
दोनों बहिन भाई काम क्रीड़ा में मगन थे की तभी जोर जोर से गेट नॉक होने लगा जिसे सुनकर दोनों की गांड फैट गयी
माहि- कोण आज्ञा भाई मजा ख़राब करने और अब क्या करे( छूट की आग में जलती हुई बोली)
र- अरे पहले तू कड़ी हो और कपडे पहन
अभी ये बात कर hi रहे थे की तभी फिर से डोर नॉक हुआ और आवाज़ आयी ( जो की रम्य की थी)
रम्य- अरे खोलो भाई कोण है अंदर
रम्य की आवाज़ सुनकर रूद्र को थोड़ा सकूं मिला और वो अंदर से बोलै
र- बुआ आप दूसरा उसे कर लो मुझे टाइम लगेगा
रम्य- ओह्ह्ह रूद्र तू भी न चल ठीक है
बोलकर रम्य चली गयी तो रूद्र भी माहि को समझा कर जल्दी से बहार निकल गया और कपडे पहन कर खेतो पैर निकल गया नास्ता करके आज खड़े लुंड पैर चोट जो लग गयी थी इसलिए छूट का जुगाड़ जो करना था जल्दी से
दोस्तों टाइम काम मिल रहा है अभी इसलिए छोटे अपडेट दे रहा हु ताकि कहानी का रूटीन ख़राब न हो ( उम्मीद है आप समझोगे शुक्रिया न सॉरी