Incest Story - Didi Ki Chinta - Page 9 - SexBaba
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Incest Story - Didi Ki Chinta

Part 68मितली रोहन को उसके कमरे में ले जाती है और उसके बगल में बैठकर पूछने लगती है.

रोहन का हाथ अपने हाथ में lekar…jo पुछु उसका जवाब फटाफट बकना शुरू कर दे.

Rohan…bhaunk. मतलब पूछ.

मितली पहले भौ भौ करती है कुत्ते की तरह फिर हंस पड़ती है. और फिर बोलती hai…ye अनु बुआ के साथ तेरा क्या लोचा है.

रोहन चौंक जाता है उसके सवाल par…kyun क्या हुआ तुमने ये किसलिए पूछा.

Mitali…muskura kar…mere सवाल का जवाब देने की बजाये उल्टा सवाल kiya…iska मतलब कुछ तो लोचा है.

Rohan…arey ऐसी वैसी कोई बात नहीं है खुद को तीस मार खान समझती है. क्रिमिनल लॉयर है न हम पर hi जासूसी झाड़ रही थी. निकल दी उसकी साडी jasusi…hehehe.

मितली…. लेकिन मेहुल दी तो बोल रही थी उनकी सफाई में बंद बजे अब तुम जासूसी वाली बात बोल रहे हो. मुझे सच सच बताओ रोहन बात क्या है.

रोहन को भी पता था के ये लड़कियों को जो जानना होता है, जब तक ये जान न ले इन्हे चैन नहीं मिलता. वो बात बनाते हुए bola…mummy पापा की एनिवर्सरी है. हम बच्चों ने bachelor's पार्टी का प्लान बनाया है. हम बड़ों को नहीं ले जाना चाहते उसमे. अनु बुआ को हर वक्त लगता है वो बची हैं. उन्हें आभास हो गया है के हम बचे पार्टी कर रहे हैं, वो भी जाना चाहती हैं. बताओ बचो की पार्टी में बड़ो के साथ एन्जॉय कर सकते हैं क्या? रोहन ने एक झूठ को छुपाने के लिए दूसरा झूठ बोलै पर उसे पता था के मितली की बची बाकि सबसे कफिम जरूर करेगी इसलिए उसने सोचा के सभी को इस बारे में बोलना पड़ेगा. नहीं तो इस दूसरी अनु को पहली अनु वाली बात बतानी पद जाएगी और उसे पता चल जायेगा के अनु को लगता है मेरे अंदर ी इन्सेस्ट फीलिंग है.

वो ये सोच रहा था तो मितली उसके चेहरे को देख रही थी. वो उसे ऐसे सोचता देख boli…you क्नोव रोहन मुझे अभी भी डाउट है के तू झूठ बोल रहा है.

Rohan…jhutha गुस्सा दिखते hue…ja फिर जेक गांड मारा ले.

Mitali…muskurate hue…gand थोड़ी मरवाउंगी. छूट मरवाउंगी, सेल बहनचोद. वैसे तू गुस्सा तो हो hi रहा है एक और बात पूछ hi लेती हूँ.

Rohan…gusse me…bak.

Mitali…darte darte…yaar ये शानू तेरी मां की लड़की है न.

Rohan…mathe को सिकोड़ kar…haan है.. तो?

Mitali…iske साथ तेरा क्या लोचा है.

रोहन अपना माथा पीट लेता है. एक तो ये बहनचोद इसने आज लोचा शब्द पता नहीं कहाँ से सिख लिया था. ऊपर से ये बड़ी वाली अनु बन रही है.

Rohan…dekh मेरे साथ पन्गा मत ले. अनु बुआ को बहुत बुरा सबक सिखाया है. तू बोल रही थी गांड नहीं छूट देगी, सोच लो तेरी गांड मरूंगा वो भी बिना तेल के इसलिए मेरा दिमाग न ख़राब कर.

मितली उसकी गुस्से वाली बातें सुनकर भी मुस्कुरा रही थी. शायद ये इसलिए के वो बचपन से रोहन के साथ रही थी और उसकी राग राग से वाकिफ थी.

रोहन उसे मुस्कुराते देख उठकर जाने लगता है तो मितली उसका हाथ पकड़कर गिरते हुए बोलती है. सबके निचे आने के बाद मैं दुबारा ऊपर गयी थी. सेल आधे घंटे में तुम दोनों ने एक तिनका भी धुल का साफ़ नहीं किया था और वहां पड़े हुए काउच पर सफ़ेद पानी के ताज़ा छींटे गिरे हुए थे. अब तो बक दे क्या बात है. तूने सेक्स किया न अपनी hi मां की बेटी के साथ?

रोहन हैरान था उसकी बातें सुनकर वो बड़ी हैरानी से उसकी और देख रहा था. मितली मुस्कुराते हुए बोली.. भेनचोद (इस पर उसने बहुत जोर डाला) तूने मुझे अनु बुआ समझा है क्या. अब बक दे फटाफट क्या है सचाई. देख तू मेरे बचपन का दोस्त है.

जो भी फीलिंग तेरे अंदर है वो मुझे बता दे, सिर्फ शानू के लिए तेरे अंदर वो फीलिंग है या फिर मेहुल दीदी और रूही के लिए भी है. और अनु बुआ का क्या? उन्हें भी तूने छोड़ने की कोशिश की है क्या?

रोहन उठने की कोशिश कर रहा था पर मितली ने उसे बाँहों में जकड़ा हुआ था. बल्कि उसके अंग रोहन के अंगों से स्पर्श हो रहे थे.

Boli…aaj तुझे जाने नहीं दूंगी जब तक सब कुछ सच सच नहीं बताओगे.

रोहन हँसते हुए bola…jis तरह तूने मुझे पकड़ रखा है न, मैं गरम हो गया तो तुझे पटक कर छोड़ डालूंगा. फिर हाथ लगाकर देखती रह जाएगी के है है मेरी छूट में से तो खून रिस रहा है.

मितली बुरी तरह से शर्मा गयी रोहन की बात पर और उसने उसे एकदम से छोड़ दिया, और वो शर्माती हुई मुस्कुरा रही थी.

रोहन उठने लगा bolkar…bas इतने में hi दर गयी?

मितली ने कोई जवाब नहीं दिया. वो गंभीर सी होकर boli….tumhe हमारी दोस्ती की कसम रोहन मुझे सब कुछ सच सच सुन्ना है. जैसे आज तक तूने मुझसे कुछ नहीं छुपाया आज भी नहीं छुपाओगे.

रोहन भी गंभीर हो गया उसके बगल में बैठकर बोलता है.. यार कुछ बातें बताई नहीं जा सकती. कहीं हमारी दोस्ती में फर्क न पद जाये.

मितली रोहन की और dekhkar…bass? इतना hi भरोसा है तुझे मेरी दोस्ती पर. Suno…main कसम कहती हूँ बात चाहे शनि की चुदाई की हो हमारी दोस्ती में तिनका बराबर भी फर्क नहीं पड़ेगा.

रोहन मुस्कुरा देता है और उसकी बात सुनकर बोलता hai…haan ये सच है.

Mitali…hanste ोये सेल, इसका मतलब तू सच में बहनचोद है.

रोहन हँसते हुए हाँ में गर्दन हिलता है.

मितली अभी भी हंस रही होती hai…tune शानू को छोड़ डाला?

Rohan…haan दो बार.

Mitali…aur रूही और मेहुल दीदी को?

Rohan…un लोगों को अभी नहीं.

Mitali…matlab छोड़ना तो चाहते हो न.

Rohan…poore गर्व के sath…off कोर्स यार.

मितली रोहन की पीठ थपथपाते hue…wah रे मेरे बहनचोद शेर..

रोहन हंस देता है उसकी इस मज़ाकिया बात पर और बोलता hai…matlab तुम्हे कोई ऐतराज़ नहीं.

Mitali…lund तेरा, छूट उनकी, मैं खामखाह ऐतराज़ करुँगी यार.

रोहन का लुंड झटके मरने लगता है मितली की ये बात सुनकर.

Mitali…dekh बहनो के नाम से तेरा पप्पू कैसे छलांग लगा रहा है

रोहन उसकी बातें सुनकर हंसने लगता है. उसका लुंड बेकाबू हुआ जा रहा था. मितली उसके जीवन का एक बहुत इम्पोर्टेन्ट शख्स थी और उसके रोहन को सपोर्ट करने से रोहन के अंदर पाजिटिविटी भर गयी थी और पता नहीं क्यों वो बहुत ज्यादा रिलैक्स्ड फील कर रहा था.

शायद इसलिए भी क्यूंकि वो टेंशन फ्री था तो अपनी बहनो को याद करके रोहन का लुंड बेकाबू हो गया. वो मितली को bola…yaar इसे शांत कर लू.

मितली हँसते हुए boli…besharm इंसान, बाथरूम में जाकर मारो मुठ. उसे कभी भी रोहन के सामने ऐसे शब्दों से कोई दिक्कत नहीं होती थी.

रोहन मुस्कुराते हुए बाथरूम में घुस गया और 10-12 मिनट्स तक लुंड को हिलाकर उसका पानी निकलने के बाद बहार आया तो उसे देखकर मितली हँसते हुए boli…dekh साला कैसे रिलैक्स्ड फील कर रहा है जैसे कोई जंग जीत के आया हो.

रोहन अभी पता नहीं किस बात से गंभीर था. Bola…do मिनट के लिए उठोगी मितली.

मितली कन्फ्यूज्ड si…kyun क्या हुआ?

रोहन.. उसी गंभीरता के sath…yaar कड़ी तो हो जाओ. बस दो मिनट के लिए.

मितली बीएड से निचे उतारकर कड़ी हो जाती है. रोहन उसे जोर से हुग करके उसके कंधे पर अपनी थोड़ी रखकर बोलता hai…yaar मितली, जितना मुझे तुम समझती हो उतना कोई नहीं समझता.

मितली भी भावुक हो जाती है रोहन की बातें सुनकर और बोलती hai…pata है रोहन ये दुनिया बड़ी बहनचोद है. बचपन से लेकर आज तक मैंने तुम्हारे साथ जितना सेफ फील किया है उतना कभी किसी के साथ नहीं. तुम्हे क्या लगता है मैं रंडी हूँ जो ये गंदे गंदे शब्द दुनिया भर में बोलती फिरती हूँगी. एक तुम hi हो जिसके सामने इतना खुल पति हूँ. एक और बात जो तुम्हारी अच्छी लगती है वो है तुम्हारी ईमानदारी. तुम कुछ भी करो मुझसे कभी नहीं छुपाते. सच में तुम्हारे साथ बहुत अच्छा लगता है मुझे.

दोनों जोर से हुग करके खड़े थे. अलग होने का नाम hi नहीं ले रहे थे.

रोहन bola…ek बात कहूं अगर इतनी hi कम्फर्टेबले हो तो फिर…. कहते हुए रुक जाता है.

Mitali…jhunjhlate hue…ab यार रुक मत. बक दे जो भी तेरे मुँह में है.

Rohan…chhod यार दोस्ती की बात और है पर रिलेशनशिप में वो सब चीजें बर्दाश्त नहीं होती.

मितली को अब गुस्सा आ जाता है. वो कड़ी तो वैसे hi चिपकी रहती है पर गुस्से में बोलती hai…ab बकता है के नहीं. मुझे तेरी बात थोड़ी थोड़ी समझ आ रही है. तू बोल दे आज बहनचोद जो भी तेरे मन में है.

रोहन फिर भी झिझकते हुए बोलता है ke…kyun न इस दोस्ती को रिश्तेदारी में बदल दें.

उसकी बात सुनकर मितली के चेहरे पर स्माइल आ जाती है. वो समाज तो जाती है. पर बोलती hai…sale खुलकर बोल न जो बोलना चाहता है. यूँ शर्मीली औरतों की तरह क्यों शर्मा रहा है.

रोहन को उसकी बात सुनकर एकदम से जोश आ जाता है. वो एक घुटने के भर बैठकर मितली का एक हाथ पकड़कर बोलता hai…mitali क्या तुम साडी ज़िन्दगी मेरा लुंड अपनी छूट में लेना चाहोगे? क्या तुम अपने मुम्मे साडी ज़िन्दगी मुझसे चुसवाना चाहोगी? क्या तुम मुझसे साडी ज़िन्दगी छोड़ना चाहोगी.

उसकी ये बातें चाहे गन्दी थी पर उनमे उसका प्रपोजल छुपा हुआ tha…Mitali बार बार हाँ हाँ हाँ बोलती है.

रोहन फिर से बोलता hai…dekho मुझे मेरी बहनो से बहुत प्यार है और मैं जब जब चाहूंगा उन्हें छोडूंगा.

Mitali…meri तरफ से तुम्हारे प्रपोजल को हाँ है रोहन और मेरे लिए ये वाकई ख़ुशी की बात है. मुझे तुम्हारी बहनो के प्रति चाहत का पता है. तुम जब भी जिसे चाहो छोड़ सकते हो रोहन बस मेरा कोटा पूरा होना चाहिए. और अब ऊपर उठ जाओ.

रोहन ऊपर उठकर गले मिलने लगता है तो वो रोकते हुए बोलती है.

Mitali…sale यहाँ तेरी कोई बहिन होती तो होंठो पर टूट पड़ता. अपने नए रिश्ते की शुरुआत नहीं करेगा.

रोहन उसका असहय समझते हुए अपने होंठो को उसके होंठो से चिपका देता है और उसके गर्म और रसीले होंठो को बड़े hi प्यार से चूसने लगता है.

मितली भी रोहन के लबों को चूसने लगती है और किश में उसका पूरा साथ देती है.

किश बहुत बड़ी नहीं थी पर पैशनेट थी. रोहन किश तोड़कर बोलता hai…main दुनिया का सबसे खुशकिस्मत इंसान हूँ के तुम मेरी ज़िन्दगी में आयी.

Mitali…same हेरे. तुम बहुत अच्छे हो रोहन.

कहकर वो उसके होंठो पर हलकी सी किश कर देती है.

Rohan….iska मतलब, ऑफिशियली अब हम कपल्स हैं.

मितली तीन चार बार लगातार हाँ में गर्दन हिलती है मुस्कुराते हुए.
 
Part 69रोहन मितली का हाथ पकड़कर लिविंग एरिया में आता है. उसी से अटैच्ड किचन में निधि राधा सोनिआ और अनु किचन में काम कर रहे थे. दरअसल आज और भी मेहमान आने वाले थे तो खाने की तैयारियां चल रही थी.

सोफे पर मेहुल, रूही और शानू बैठे टीवी देख रहे थे. मुझे मितली के साथ इस तरह अचानक आया देखकर सबसे पहले मेहुल दी ने हाथ के इशारे से पूछा.

रोहन ने पहले खखर कर गले को साफ़ किया फिर bola…sabhi लोग यहाँ आओ. सभी लेडीज एकदम से चौंक कर उसकी और देखने लगी तो उसने एक बार और bola…maine यहाँ आने को बोलै है.

सभी लेडीज इधर आ गयी लिविंग एरिया में. मितली मेरे साथ में कड़ी थी समिलिंग फेस के साथ. रोहन के चेहरे पर भी स्माइल थी. उसे बहुत ख़ुशी हुई थी मितली को अपना पार्टनर बना कर.

तीनो लड़कियां और चरों औरतें इन दोनों को ऐसे अजीब ढंग से देख रहे थे मनो ये कोई सर्कस का करतब दिखने वाले हों. जब वो दोनों काफी देर चुप रहे तो सोनिआ ममी से नहीं रहा गया.

सोनिआ ममी boli…ab बोल भी दो तुम दोनों ने हमें क्यों बुलाया है.

रोहन मितली की और देखकर bola…tum बोलोगी या मैं बोलूं.

मितली जो के इतनी बोल्ड लड़की थी ये बात बताने में उसकी फैट रही थी. Boli..tumhi बताओ.

Rohan…mummy, मसि, बुआ और mami…ham दोनों ने कोई डिसिशन लिया है. और हम आप लोगों को उस डिसिशन से अवगत करवाना चाहते हैं.

निधि उत्सुकता वाश boli…kya डिसिशन लिया है तुम दोनों ne…sabhi रोहन के चहेरे की और बड़ी उत्सुकता भरी नज़रों से देख रहे थे.

Rohan…decision ये है के हम दोनों आज से कपल हैं. मैं मितली का बर्फ और मितली मेरी गफ है. मितली ने जोर से स्माइल करते हुए हाँ में गर्दन हिलाई.

थोड़ी देर तो सभी शॉक से में रहे. फिर सबसे पहले निधि hi स्माइल करते हुए boli…arey, ये कब हुआ, मतलब तुम दोनों ने कब एक दुसरे को पसंद किया और कब प्यार का इज़हार हुआ. हमें तो कभी बताया hi नहीं एक दुसरे के बारे में.

रोहन ने देखा के अभी भी लड़कियों के मुँह खुले हुए थे जैसे के उन्हें विश्वास न हो रहा हो.

अबकी बार मितली ने जवाब diya…auntie जी रोहन मुझे पसंद तो शुरू से hi था. पर अभी रिसेंटली मुझे एहसास हुआ के मुझे इससे प्यार है और इससे बात करके मुझे पता चला के इसे भी मुझसे प्यार है. अभी अभी दोनों का इकरार हुआ और अभी आप सबको बता भी दिया.

Radha…arey ये तो बहुत अच्छी बात है बचो के आप दोनों ने एक दुसरे को पसंद किया. तुम दोनों एक परफेक्ट कपल लगते हो.

Mitali…thank यू ौंटी. अब सबसे पहले रूही रोहन से बोली.

Ruhi…apne तो हमें सरप्राइज hi दे दिया भैया. हमारी पार्टी देय हो गयी आपकी taraf…muskurate हुए बोली.

Rohan…bilkul, आप सभी की वैसे भी एक पार्टी बनती है. क्यों मितली.

Mitali…haan वो तो बनती hi है. आज रात hi हम सभी बचे पार्टी करने जायेंगे और उसमे कोई भी बड़ा नहीं होगा.

रूही और shanu…yeee करके शोर मचती हैं. मेहुल थोड़ी गंभीर hi थी. रोहन ने ये बात नोटिस की.

अनु बोलती hai..main भी jaungi…anyways कॉंग्रट्स रोहन.

रोहन बोलता hai…nahi बुआ हम बचे hi जा रहे हैं. बैचलर्स पार्टी है और वैसे भी आप शादीशुदा हो. तो बैचलर्स पार्टी में नहीं आ सकते.

अनु बुरा सा मुँह बना के बोलती hai…mujhe पता था मुझे मन करने के लिए तुम्हारे पास कोई न कोई रीज़न तो होगा hi.

रोहन दुविधा में फंस जाता है. वो न तो हाँ कर प् रहा था और न hi न.

अनु बोलती hai…its ok मुझे नहीं जाना रोहन. तू ऐसे टेंशन में मत आ.

दरअसल रोहन अनु बुआ की वजह से नहीं मेहुल की वजह से टेंशन में था. क्यूंकि उसने जब से बोलै था के वो मितली के साथ कपल है अब से तब से मेहुल का चेहरा उतरा सा हुआ था.

सोनिआ ममी मिठाई का डिब्बा लेकर सबको खिलते हुए बोलती hai…lo बचो मिठाई खाओ हमारे रोहन और मितली का रिश्ता पक्का होने की ख़ुशी में.

रोहन और मितली के साथ साथ सभी लोग हंस पड़ते हैं. फिर रोहन लड़कियों को बोलता है.

रोहन… चलिए मेरे रूम में आ जाओ सभी लड़कियां. पार्टी की प्लानिंग करनी है.

लड़कियां रोहन और मितली के पीछे पीछे चली जाती हैं. अनु बुआ का मुँह बन जाता है क्यूंकि रोहन ने उसे नहीं बुलाया था.

तीनो लड़कियां और रोहन मितली, रोहन के कमरे में आ जाते हैं मीटिंग के लिए. रोहन सेण्टर में था. अब रोहन के लेफ्ट साइड मितली बैठी थी और राइट साइड रूही बैठ जाती है. मेहुल और शानू सामने बैठे थे.

मेहुल का चेहरा अभी भी बना हुआ था. रोहन ने सोचा इससे बाद में बात करता हूँ.

Rohan…haan तो मेरी प्यारी बहनो, जैसा के आप सबको पता है हम लोग यहाँ आज रात की पार्टी की प्लानिंग के लिए इकट्ठे हुए हैं. तो बोलो कहाँ जाना पसंद करोगे.

Shanu…disc चलते हैं. खूब डांस होगा. थोड़ा बहुत ड्रिंक भी.

रोहन हैरान था के ये इतनी छोटी लड़की ड्रिंक करती है?

रोहन bola..nahi…ruhi चाहे तीन चार दिन में 18 की हो जाएगी पर अभी उसको वहां एंट्री नहीं मिलेगी.

Mitali…outer में एक नया रेस्टोरेंट खुला है वही चलते हैं.

Shanu…wahan बियर मिलेगी? मितली ने न में गर्दन हिलाई तो शानू का चेहरा उतर गया.

रूही boli…hame किसी ऐसी जगह जाना होगा जहाँ सबकी पसंद का कुछ न कुछ मिल जाये और सच कहूं तो आज मैं भी तरय करना चाहती हूँ शानू की tarah…ruhi आँख मार देती है.

रोहन जिसने आज तक तरय नहीं किया था उसे हैरानी होती है. मितली भी सहमत थी शानू और रूही की बात से.

मेहुल बोलती hai…fir तो मेरे हिसाब से होटल परकसन चलना चाहिए, वहां सब कुछ hoga…chhota सा डांस क्लब भी hai…drinks भी मिल जायेंगे और एंट्री की भी प्रॉब्लम नहीं है.

रोहन ख़ुशी से चिल्ला कर bola…bingo…main भी यही बोलने वाला था.

अब जब रोहन की मोहर लग गयी तो समझो सबकी मोहर लग गयी.

तो ये तय हो गया के ये लोग होटल परकसन जायेंगे पार्टी के लिए. फिर रोहन सबसे बोलता है.

rohan..Ab मीटिंग बर्खाश्त होती है. अब मैं आप सबसे कहना चाहूंगा के मेहुल दीदी को छोड़कर आप सब लोग अभी इस रूम से चले जाओ प्लीज.

सभी लड़कियां रूम से चली gayi…mitali ने रोहन की और देखा तो रोहन ने मुस्कुरा कर उसे इशारे से जाने के लिए बोलै तो मितली मुस्कुरा कर चली गयी.

मेहुल boli…mujhe क्यों रोका है भाई.

Rohan…didi जहाँ तक मुझे लगता है आप मेरे और मितली के रिलेशन से आप खुश नहीं हो.

Mehul…gambhir hokar…aisi कोई बात नहीं है भाई. मितली से बढ़िया जीवनसाथी तुम्हे मिल नहीं सकता. मैं खुश हूँ तुम दोनों के लिए.

Rohan…fir आपका चेहरा इस तरह से बुझा बुझा क्यों लग रहा है दीदी?

Mehul…muskura kar…nahi रे. वो तुम के रिश्ते की वजह से नहीं है. बस मुझे ऐसा लग रहा है के अब हम दोनों में कुछ नहीं हो सकेगा. क्यूंकि अब तुम कमिटेड हो गए हो.

Rohan…muskura कर मेहुल को अपनी और खींचकर अपनी गॉड में बिठा लेता है और बोलता hai…arey दीदी आप भी बहुत भोली हो. भला आप लोगों को छोड़कर मैं किसी रिलेशनशिप में पढूंगा क्या?

मैंने मितली से तुम सब के बारे में बात कर ली है. और वो ख़ुशी ख़ुशी आप सबके साथ मेरे रिलेशन के लिए तैयार है.

मेहुल को हैरानी होती है रोहन की बात सुनकर. वो बोलती hai…kya? उसे हमारे और तुम्हारे सेक्सुअल रिलेशनशिप के बारे में पता है?

रोहन हँसते हुए हाँ बोलता है और फिर उसे जो जो बात मितली के साथ हुई थी वो बता देता है. मेहुल हैरानी से उसकी बात सुन रही होती है. उसे बड़ी हैरानी होती है के मितली ने कितनी आसानी से ये सब एक्सेप्ट कर लिया और उसे ख़ुशी भी होती है के उसके भाई का रिलेशन किसी लड़की से इस तरह से बना के उनके साथ रिलेशन में भी कोई अड़चन नहीं आएगी.

मेहुल खुश होकर बोलती hai…wah भाई ये तो तुमने बहुत अच्छी बात सुनाई. अब तो कोई अड़चन वाली बात hi नहीं रही.

Rohan…uske होंठों को चूमकर बोलता hai…haan दीदी अब कोई अड़चन नहीं है मेरे लुंड और अपनी छूट के मिलान में..

मेहुल शर्मा जाती है उसकी बात सुनकर.

फिर रोहन उसे बोलता hai…didi वो चद्दर उठा लाओ और लाइट ऑफ कर दो. मेहुल समझ जाती है और रोहन की बात सुनकर उसके चेहरे पर स्माइल आ जाती है.

वो लाइट ऑफ करके रोहन को चद्दर ओढ़ा देती है और उसका लोअर उतर देती है क्यूंकि उसे पता था के उसका प्यारा भाई क्या चाहता है. रोहन मेहुल को भी उसके कपडे उतरने को बोलता है. हालाँकि कमरे में रौशनी काम हो गयी थी लाइट ऑफ होने की वजह से पर दिन का टाइम था तो इतनी भी काम नहीं थी के कुछ नज़र ना ए. पर अब मेहुल के अंदर पहले से शर्म कुछ काम हो गयी थी.

मेहुल ने अपने प्यारे भाई की बात मानते हुए अपने शरीर से एक एक कपडा उतर डाला हालाँकि उसने रोहन को ऑंखें बंद करने को बोलै था पर रोहन क्यूंकि अब शरारती बचा बन गया था तो शुरू में ऑंखें बंद रखकर फिर जब मेहुल ने कपडे उतर दिए तो रोहन ने ऑंखें खोल दी और अपनी दीदी का नंगा बदन देखकर मुस्कुराने लगा.

मेहुल फटाफट चादर में समां गयी और रोहन के होंठों को चूसने लगी. दोनों के अंगों से अंग मिल रहे थे. रोहन bola…oh दीदी आपकी ये प्यारी छूट कब मेरे लुंड को नसीब होगी. रोहन उसकी छूट पर अपना हाथ फेरते हुए बोलता है.

Mehul….aaahhh भाई मैं तो खुद चाहती हूँ आपसे छोड़ना. अब थोड़ा hi टाइम है, जहाँ अब तक सब्र किया थोड़ा और इंतज़ार कर लो.

रोहन मेहुल को पकड़ कर उसके बूब्स को चूसने लगता है एक एक करके. मेहुल का हाथ निचे अपने भाई के लुंड पर था और उसे सेहला रही सही. रोहन थोड़ी देर उसके मुम्मे चूसने के बाद bola….didi अब लुंड चुसो जल्दी.

मेहुल अपने भाई की आज्ञा मानती हुई निचे की और चली जाती है और सदाप सदाप की आवाज़ के साथ उसका लुंड चूसने लगती है.

रोहन और मेहुल दोनों hi ये खेल कोई आधा घंटा तक खेलते रहते हैं. फिर जब दोनों एक एक बार झाड़ जाते हैं रोहन मेहुल से बोलता hai…yaar दीदी ये अनु बुआ का क्या करें. वो भी हमारे साथ पार्टी में जाना चाहती है. जबकि वो होंगी तो एन्जॉय कहाँ हो सकता है फिर.

Mehul…haan भाई बात तो आपकी सही है पर मुझे लगता है के एक बार मम्मी से बात कर लेनी चाहिए इस बारे में.

मेहुल निधि को बुला लाती है रोहन के रूम में. निधि एक बार को तो चौंक जाती है रोहन के बीएड की हालत देखकर. बीएड की चद्दर का बिखरा होना गवाही देता था यहाँ बहुत कुछ हुआ है और फिर दोनों के माल की गंध. मेहुल के बिखरे से कपडे. आज मेहुल ने पंत शर्ट पहना था. जब वो लिविंग एरिया में थी तो शर्ट टक की हुई थी पंत में पर अभी बहार थी. निधि को शक हुआ के इन दोनों में कुछ हुआ है पर वो चुप hi रही और रोहन से बोली.

Nidhi…haan बेटे क्या बात करनी थी.

Rohan…anu बुआ के बारे में मम्मी.

Nidhi…haan बोलो क्या हुआ अनु को.

Rohan…mummy वो बात बात पर शक करते हैं. सुबह उन्हें इसीलिए सफाई करने से मन कर दिया था. और अब उनका चेहरा देख के लग रहा है के वो भी पार्टी में साथ जाना चाहती हैं. जबकि वो जाएँगी तो कोई भी बचा पार्टी एन्जॉय नहीं कर पायेगा.

Nidhi…maine भी नोटिस किया. तुमने जब उसे मन किया तो कैसे उसका मुँह बन गया था. वो तो शुरू से hi शक्की दिमाग की हैं. पर बेटे वो तुम्हारी बुआ हैं. देख लो एक बार.

रोहन …पर मम्मी फिर तो हो गया पार्टी का बंटाधार.

Nidhi…main बुलाती हूँ उसे. कह कर निधि गयी और अनु को साथ लेकर गयी.

निधि अनु se…dekho अनु अगर तो तूने बच्चों की तरह पार्टी में जाना है फिर तो जा. अगर बड़ो जैसे हुकम चलने हैं तो फिर रहने hi दे बचे एन्जॉय नहीं कर पाएंगे. निधि ने साफ़ साफ़ बात करते हुए बोलै.

Anu…sar निचा karke…arey भाभी आप भी इनके जैसे सोचने लगी. मैं भला क्यों इनके एन्जॉयमेंट में आड़े आउंगी. मुझे खुद मस्ती पसंद है.

Rohan…par बुआ आप अपने हिसाब से मस्ती की सीमा तय न करने लग जाना. क्यूंकि आज ऐसी मस्ती होगी जिसकी कोई सीमा नहीं होगी.

Anu…mujhe मंजूर है. अगर आज मैंने कुछ ऐसा वैसा बोलै तो फिर तुम लोग मुझे कभी अपनी किसी पार्टी में शरीक न करना. Ok?

Rohan…okay…achha अब सुनो. हम लोग होटल परकसन जायेंगे और जिसने भी अपने हिसाब से जो भी एन्जॉय करना होगा करेगा. यहाँ तक के रूही भी, आपके हिसाब से वो माइनर होगी पर वो चार दिन बाद एडल्ट होने वाली है. अब बोलो कोई ऐतराज़ तो नहीं है अब आपको.

Anu…main देखकर भी ऑंखें बंद कर लुंगी रोहन और किसी भी बात में कोई दखल नहीं दूंगी. तुम लोगों ने जो करना है वो करो. मुझे कोई ऐतराज़ नहीं होगा.



दरअसल अब सुबह वाले इंसिडेंट के बाद अनु को भी लगने लगा था के वो बूढ़ों से भी ऊपर व्यवहार कर रही है. इसलिए उसने सोच लिया था के अगर एन्जॉय करना है तो बचा बनना hi पड़ेगा.
 
Part 70बड़े मां का बीटा सूरज और उसकी पत्नी श्रुति आ गए थे. मां और ममी सीधे फंक्शन में hi आने वाले थे. घर में रौनक बढ़ रही थी. सभी ने अपना अपना ग्रुप बना लिया था. इन दोनों को भी रोहन और मितली के बारे में बताया तो ये बहुत खुश हुए. ऐसा कौन सा रिश्तेदार था इनका जो मितली को नहीं जनता था. वो दोनों बहुत खुश हुए.

श्रुति मितली से boli…to फिर मेरी देवरानी बनने जा रही हो. मेरी हर बात माननी पड़ेगी. बड़ी हूँ main…sab लोग हंसने लगे मितली भी हँसते हुए boli…haan भाभी क्यों नहीं मानूगी. घर में नहीं रहना क्या mujhe…fir से सब लोग हंस पड़े.

हालाँकि श्रुति का सबसे काफी ज्यादा आगे डिफरेंस था पर वो बच्चों के साथ बची hi बन जाती थी. अनु बुआ की आगे हालाँकि इनसे काम है पर फिर भी श्रुति भाभी के साथ बचे ज्यादा कम्फर्टेबले हैं.

मेहुल श्रुति को बोलती hai…bhabhi आपको पता है आज बच्चों की बैचलर पार्टी है. सब लोग रात को पूरी मस्ती करने वाले हैं. हमारा तो इरादा भी नहीं है आज रात वापिस आने का.

Shruti…bhai लोगो मेरी एक बात सुन लो. मैं तो साथ में आने वाली हूँ. बैचलर पार्टी का मतलब ये नहीं के इसमें सिर्फ बैचलर लोग होंगे आज तो हम भी बैठेंगे भाई लोगों के साथ.

साथ में श्रुति पियक्कड़ होने की एक्टिंग भी कर रही थी. सभी लड़कियां हंस पड़ती हैं. रोहन मितली के साथ उसके घर चला गया था पार्टी के लिए कपडे लेने.

श्रुति मेहुल के बिलकुल पास आकर मस्ती में बोलती hai…tere बूब्स बहुत बड़े हो गए हैं. लगता है तेरा बर्फ खूब चुस्त है. साडी लड़कियां हंस पड़ती हैं. अनु तो हैरान रह जाती है श्रुति के सवाल पर लेकिन दिखने को वो हंस पड़ती है.

मेहुल श्रुति के कंधे पर मरती है. और बोलती hai…kya भाभी आप भी. मेरा कोई बर्फ नहीं है

Shruti…hairan होते hue…sach कह रही है. देख तेरे बूब्स को लग रहा है हर रोज़ कोई लड़का इन्हे या तो चुस्त है या फिर हाथ से दबाता है. लड़कियां फिर से हंस पड़ी.

मेहुल झूठा गुस्सा दिखते हुए बोलती hai…kya भाभी आप मेरे बूब्स के पीछे पड़ी हो. ये देखो शनाया के मुझसे काम हैं क्या?

Shanu…par दीदी मेरा तो बर्फ है. कहकर वो आंख मार देती है. सिर्फ मेहुल और रूही hi समझते हैं तो वो दोनों हंस देते हैं और अनु चिढ सी जाती है के ये श्रुति कैसी बातें कर रही है. श्रुति तो हैरान hi रह जाती है उसकी बात सुनकर.

Shruti…tum सच बोल रही हो शानू? 18 की तो हो गयी हो न?

Shanu…bhabhi आपको तो पता है न मैं 19 की हूँ. अधुलत होने के एक साल बाद मैंने किया.

अनु जो काफी देर से चुप कड़ी, उसके हिसाब से बेहूदा, बातों को सुन रही थी boli…achha वैसे कब शुरू किया तुमने ये सब और तुम्हारा बर्फ है कौन?

शानू समझ गयी के इसकी जासूसी शुरू हो गयी है. वो boli…abhi थोड़ा टाइम पहले hi शुरू हुई और अनु बुआ मैं आपको क्यों बताऊँ के मेरा बर्फ कौन है. किसी और ने तो पूछा नहीं आप जासूस बन जाया करो.

एक बार फिर से अनु की बेइज़्ज़ती हो गयी थी. वो बहुत कोशिश करती है के इन बच्चों से अपनी इंसल्ट न करवाए पर अपनी आदत से मजबूर है न. बाज hi नहीं आती.

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रोहन मितली के साथ उसके घर जाती है तो उसकी मम्मी सुधा सिंह उसका पूरे दिल से स्वागत करती है.



मितली सिंह की फॅमिलीधीरज सिंह…42 बहुत बड़े बिजनेसमैन हैं

सुधा सिंह..40 हाउस वाइफ वैरी स्वीट वुमन

मितली सिंह….20 आप लोग इसे जानते hi हो

मोनाली सिंह..18 +2 स्टूडेंट वैरी स्वीट गर्ल

ये छोटी सी फॅमिली है. रोहन को सभी जानते हैं. इनका स्टेटस हालाँकि रोहन के परिवार के हिसाब से बहुत ऊँचा है पर हर कोई रोहन को पूरे दिल से चाहता है, उसकी नेचर की वजह से.

Rohan…sudha के पेअर छू ke…namaste माँ (रोहन मितली की मम्मी को माँ बोलता है, बचपन से hi)

Sudha…shikayat भरे लहजे mein…haan आ गयी याद तुम्हे अपनी माँ की जब दोस्त आयी तो. वर्ण कभी देखना भी नहीं माँ को.

Rohan…kaan pakadkar…sorry माँ, वो दरअसल पढाई में इतना व्यस्त रहता हूँ तो टाइम नहीं मिल पता. अब ध्यान रखूँगा और रेगुलरली आपको मिलने आया करूँगा.

Mitali…ab तो आना hi पड़ेगा न. जब मितली ऐसा बोलती है तो सुधा एकदम से उसकी और देखती है.

Sudha…tumne ऐसा क्यों कहा के आना hi पड़ेगा.

मितली कुछ बोलने लगती है पर बोल hi नहीं पाती. सुधा रोहन की और देखती है. रोहन भी बोल नहीं पता. सुधा को समझ आ जाती है के कुछ तो बात है, वो कुछ पूछने hi वाली होती है के इतने में एक तूफ़ान सा आ जाता है.

एक लड़की आती है और रोहन के गले लगकर बोलती hai…oh hello बडी! इतने टाइम बाद.

सुधा रोहन को सोफे पर बिठाती है, और सब लोग साथ में बैठ जाते हैं. मोनाली रोहन से एकदम जुड़ के बैठ जाती है.

Sudha…wahi तो मैं इसे बोल रही थी मोनाली. पर तेरी दीदी ने तो मुझे सरप्राइज hi कर दिया.

Monali…kaise मम्मी?

सुधा बताती है तो मोनाली मितली से बोलती hai..tell तेल्ल दीदी? माँ क्या आस्किंग. अपने फनी अंदाज़ में मोनाली पूछती है तो मितली शरमाते हुए बोलती hai…mom वे अरे कपल्स नाउ.

सुधा हैरान हो जाती hai…wo कन्फर्म करने के लिए पूछती hai…WE मीन्स यू एंड रोहन?

मितली हाँ में गर्दन हिलती है तो मोनाली फिर से रोहन को जफ्फी दाल के बोलती hai..oh hello बडी! फिर तो तुम बडी नहीं जीजू बन गए हो.

Sudha…behave monali…fir रोहन से बोलती hai..mitali सच बोल रही है रोहन?

रोहन एक बार को तो घबरा जाता है क्यूंकि वो तो खुद को मितली के मुकाबले गरीब hi समझता था. रोहन डरते डरते बोलता hai…haan माँ, मितली सही बोल रही है. पर मुझे लगता है आपको बुरा लगा माँ.

सुधा उसे मरते हुए बोलती hai…”bura लगा माँ” के बचे मुझे तो ऐसा लग रहा था के ये झल्ली कहीं किसी ैरे गैर को अपना बर्फ न बना ले. पता है मुझे कितनी ख़ुशी हुई है ये जानकार के इसने तुम्हे चुना. यार इस रिश्ते को आगे तक लेकर जाना, कहीं अपने बचपने में इसे बीच में hi न छोड़ देना.

Mitali…seriously…arey मम्मी. कैसी बात कर रहे हो आप. वैसे तो अभी शुरुआत है पर आपको तो पता hi है न हमारा साथ कितना लम्बा है. शायद ढंग से बोलने भी नहीं लगे थे तब से साथ हैं और अभी भी वैसा hi रिलेशन है. मुझे नहीं लगता के रोहन के इलावा कोई और मुझे खुश रख सकता है.

Rohan…seriously…same हेरे माँ, मितली को साइड से हुग karke…main मितली के इलावा किसी और के बारे में सोच भी नहीं सकता. मुझे बहुत ख़ुशी हुई मितली ने मुझे चुना और मैंने इसे चुना.

Monali…idiotic वे mein…tum लोग कपल्स बन गए. इसका मतलब अब तुम दोनों ऑफिशियली सेक्स कर सकते हो?

Sudha…gusse होते hue…monali बेहवे बीटा. पता भी है क्या बोल रही हो?

Monali..offcourse मम्मी. एक तो इंडिया में कर सब कुछ लो. पर उसे डिसकस न करो. मुझे क्यों नहीं पता होगा, मैं 18 की हूँ. मेरी ज्यादातर फ्रेंड्स ने सेक्स कर लिया है. बात करते हो.

Sudha..matha पीटते hue…iske साथ तो बात करना hi गुनाह है. रोहन बीटा तुम बुरा मत मन्ना इसकी बात का.

Rohan…arey माँ, मैं भला क्यों बुरा मानूंगा. ये बची है मस्ती करती है, करने दीजिये न. इसकी उम्र है.

सुधा मुस्कुरा देती है , बोलती hai…itne समझदार हो तभी तो मैं खुश हूँ मितली के लिए अच्छा सुनो मैं अभी धीरज को बताती हूँ तुम दोनों के बारे में.

रोहन मुस्कुरा दिया और अपनी होने वाली सास की एक्ससिटेमेंट को देखकर खुश था वो भी.

मितली कपडे लेने चली गयी थी और सुधा धीरज को फ़ोन करने चली गयी और मोनाली सीधे रोहन की गॉड में बैठ जाती है. और उसे परेशान करने लगती है.

Monali…to जीजू कैसा लग रहा है आपको, मेरी दीदी का बर्फ बांके.

Rohan…muskura kar…bahut अच्छा लग रहा है. वैसे तुम्हे कैसा लग रहा है मैं ठीक हूँ मितली के लिए.

मोनाली उसके गले में दोनों हाथ daalkar….aap तो बेस्ट हो दीदी के लिए.

Rohan…achha अब साइड में बैठो नहीं तो दीदी गुस्सा हो जाएँगी.

इतने में मितली आ जाती hai…didi को बदनाम न करो. दीदी को कोई प्रॉब्लम नहीं है.

मोनाली खुश हो जाती है और रोहन को चुम लेती है और बोलती hai…dekha दीदी को ऐतराज़ नहीं है. जीजू प्लीज मुझे भी आपकी गफ बनना है.

मितली हँसते hue…dekho रोहन कहीं और तुम्हे ये ऑफर मिलनी थी. एक के साथ एक फ्री.

रोहन खड़े होते hue…nahi बाबा मुझे नहीं चाहिए ये ऑफर. मितली को हुग करके बोलता है. मुझे तो सिर्फ और सिर्फ मेरी मितली चाहिए. उसकी गाल पर किश कर देता है.

मितली उसके कान में धीरे se…aur बहने भी. रोहन स्माइल कर देता है.

रोहन बोलता hai..dhire se…tumhari बहिन भी चलेगी.

Mitali…dhire se…agar उसे ऐतराज़ नहीं तो मुझे भी नहीं hai…ankh markar..dekh लो तरय करके.

रोहन हंस देता hai…tum पागल हो.

इतने में सुधा आती है और बहुत खुश दिखती hai…mitali पता है तुम्हारे पापा भी बहुत खुश हैं तुम दोनों को लेकर.

Mitali…achha मम्मी ये तो बहुत अच्छी बात hai…khush हो जाती है और रोहन भी.

सुधा देखती है के मोनाली मुँह बनाकर बैठी थी. वो उससे पूछती hai…arey मेरी पारी को क्या हुआ?

Monali…aapki पारी नाराज़ hai…muh बनते हुए.

Sudha…hasnte hue…arey किस्से नाराज़ हो गयी पारी?

Monali…jiju se…didi को जफ्फी दाल रहे हैं चुम रहे हैं और मुझे खुद से दूर कर दिया.

Sudha…arey पर वो तो उसकी गर्ल फ्रेंड है. तुम क्या हो?

Monali…main भी हाफ गर्ल फ्रेंड हूँ न. जैसे घरवाली और साली वैसे hi गफ और हाफ गफ.



सुधा मितली और रोहन जोर जोर से हंसने लगते हैं मोनाली की भोली सी बात पर.
 
ओह थैंक यू सो मच भाई आपके लाजवाब कमेंट के लिए. हालाँकि ऐसी कहानियों में मेरे मन को तसल्ली नहीं मिलती. मेरे मन को तसल्ली मिलती है मां भांजी वाली कहानी थी उस जैसी कहानियों से. जिसमे ओने तो ओने किसी वजह से सेक्स हो जाये न के जिसके साथ marji...par इसमें मन की भड़ास निकल जाती है. 😁😁😁 इसलिए ये भी बढ़िया है. ऐसे hi बने रहे भाई
 
Part 71अब सब लोग होटल परकसन के निकल पड़े थे. मेहुल, मितली, रूही, शनाया, रोहन, अनु और श्रुति. इतनी साडी लड़कियां और लड़का सिर्फ एक था. ऐसे लग रहा था ये लड़कियों की पार्टी है. सब लोग खुश थे के एक बहुत hi अच्छी शाम बिताने को मिल रही है.

रोहन की एक तरफ मितली तो दूसरी और मेहुल बैठी थी. टेबल राउंड था. सभी इर्द गिर्द बैठे थे. रोहन ने सभी को अपने अपने हिसाब से आर्डर देने के लिए बोलै तो सबने अपने हिसाब से ड्रिंक्स और स्नैक्स आर्डर कर दिए.

साफ़ पता चल रहा था के लड़कियां अनु की वजह से थोड़ा झिझक रही थी. मेहुल रोहन और श्रुति ने पहले बियर तरय किया हुआ था. अनु का किसी को पता नहीं था. रूही और शानू तरय करना चाहती थी पर पहल कौन करे इस बात का दर लग रहा था.

ढंग से बातें भी शुरू नहीं हुई थी. सभी दबी दबी सी आवाज़ में बातें कर रहे थे. अनु को ये बात समझ में आ रहा था के ये उसकी hi वजह से हो रहा है. वो सोच रही थी के वो इनको खोल दे खुद के सामने नहीं तो ये ऐसे hi उससे दूरी बनाये रखेंगे.

रोहन ने hi सबसे पहले खुलकर बात करने की सोची क्यूंकि वो अनु को चिढ़ाना भी चाहता था. रोहन ने अपने सामने पड़े गिलास पर चम्मच बजा कर bola…suno सुनो सुनो suno…mujhe ऐसा क्यों लग रहा है के आप लड़कियां पार्टी में नहीं बल्कि क्लासरूम में बैठी हो.

रोहन की बात पर श्रुति हाथ उठाकर boli…mujhe खुद भी यही महसूस हो रहा है.

मितली जोरदार आवाज़ में boli…chill करो यार ऐसे क्यों बैठे हो जैसे मातम मन रहे हो.

मेहुल अनु की और देखकर boli…hamare साथ बड़े भी हैं तो इज़्ज़त तो रखनी पड़ती है.

अनु वाकई चिढ गयी इस बात से और boli…bade बोलते हुए तुमने मेरी और hi देखा मेहुल जबकि श्रुति मुझसे तीन साल बड़ी है.

श्रुति हँसते हुए boli…darasal अहदे में आप बड़ी हो बुआ जी. मैं तो सिर्फ आगे में बड़ी हूँ.

सभी लड़कियां हंस पड़ी और अनु सकपका गयी. अनु boli…dekho लड़कियों मुझसे शर्माने की कोई जरुरत नहीं है. मैंने आने से पहले hi बोलै था तुम लोगों ने जो भी करना है करो या जो भी खाना है खाओ. मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं है तुम लोगों की किसी भी बात पर हम लोग यहाँ मस्ती करने ए हैं यकीं मनो मुझे कोई भी प्रोबलम नहीं है.

फिर मुस्कुरा कर श्रुति की और देखकर boli…jo बड़ा है वही बड़ा रहेगा. तुम मुझसे तीन साल बड़ी होकर इतनी कूल हो तो मुझे भी होना hi चाहिए. जस्ट चिल गाइस.

अनु के ऐसा कहते hi सब लड़कियां बोल padi…hame ये ड्रिंक्स नहीं चाहिए. वे वांट बियर. वे वांट बियर.

सब लोगों ने वेटर को बुला कर बियर का आर्डर दिया तो हरिआनी तब हुई जब अनु ने भी खुद के लिए बियर का आर्डर कर दिया. ये तो कमल hi हो गया था. सब लोग हैरानी से अनु की और देख रहे थे. अनु boli…kya? मैं बियर नहीं पि सकती क्या? जब तुम छोटी छोटी लड़कियां पी सकती हो.

Ruhi…aap पीती होंगी बुआ पर हमने कभी एक्सपेक्ट नहीं किया था. हमें तो लगा था आप कभी सीरियस टाइप की लेडी हो.

Anu…wo भी हूँ. वो मेरे प्रोफेशन का हिस्सा है और कभी कभी उसका असर मेरी पर्सनल लाइफ पर भी आ जाता है. पर आज सिर्फ मस्ती करनी है सबको मुझे भी. मेरे प्यारे भाई और भाभी की एनिवर्सरी का दिन है ये. इसलिए मुझसे डरने की कोई जरुरत नहीं है, एक रिक्वेस्ट है मेरी आप सबसे.

Mehul…kya बुआ?

Anu…abhi जब तक फंक्शन का माहौल है मुझे प्लीज सब लोग दीदी hi बोलो. ये बुआ बड़ा अजीब लग रहा है.

Rohan…ankh maarkar…sahi तो कह रहीं हैं. किस एंगल से ये बुआ लग रही हैं. अभी तो ये एकदम जवान हैं.

अनु शर्मा जाती है और मुस्कुरा कर कहती hai…ye ज्यादा नहीं हो गया रोहन.

रोहन आँख मार देता है अनु को. फिर बोलता hai…jyada कहाँ हुआ बुआ अभी तो आपकी तारीफ में कुछ बोलै hi नहीं है.

अनु अपनी आदत के अगेंस्ट हंसकर बोलती hai…ab तो तुम्हे मितली की तारीफ करनी चाहिए रोहन. क्यों मितली?

अनु बुआ की बात सुनकर मितली बोलती hai…wo बुआ बात ऐसे hai…oh सॉरी सॉरी दीदी बात ऐसे है के मुझे पता है रोहन मेरा है, वो अपनी बहनो और दूसरी किसी भी लड़की की तारीफ करे तो मुझे कोई ऐतराज़ नहीं है. तारीफ करवाना तो खूबसूरत लड़कियों का हक़ है na…beer की सिप लेती हुई मितली बोली.

जब तक लड़कियों ने एक तिहाई बियर ख़त्म की थी अनु बुआ ने पूरी बोतल ख़त्म कर दी थी. इधर लड़कियां भी सुरूर में थी और उधर अनु बुआ का सुरूर तो उनकी आँखों और गुलाबी चेहरे से साफ़ पता चल रहा था. पर वो पूरी होश में थी.

रोहन उसको बियर एन्जॉय करते देख bola…didi आप बियर से संतुष्ट तो हो न. अगर कुछ और चाहिए तो बोलिये आर्डर कर देता हूँ.

अनु ऑंखें चढ़ा कर boli..kuchh और से तेरा मतलब?

Rohan…mera मतलब वाइन या व्हिस्की.

अनु मुस्कुरा कर boli…waise तो मेरी चॉइस हमेशा चिवास रीगल 12 इयर्स होती है पर यहाँ सबके साथ बियर hi ठीक है. इसी का लुत्फ़ उठाउंगी पर मेरे लिए एक और आर्डर कर दे.

रोहन ने वेटर को बुला कर एक और बियर आर्डर कर दी. अनु की देखा देखि बाकि लड़कियों और रोहन ने भी एक और बियर आर्डर कर दी थी.

अनु boli…dekho बचो मुझे तो आदत है. आप अपना देख लेना. होश खो बैठोगे.

मितली कुछ ज्यादा hi जोश में आ गयी थी. वो रोहन की गॉड में बैठकर उसके माथे पर किश करके boli…hosh में रहना कौन चाहता है दीदी. आपको होश चाहिए या जोश.

अनु बस मुस्कुरा दी उसने उसकी बात का कोई जवाब नहीं दिया क्यूंकि अनु को पता था के मितली को ड्रिंक करने की आदत नहीं होगी. ये बस जोश जोश में ड्रिंक कर गयी तो इसे एन्जॉय कर लेने दो.

लड़कियां अभी सोच hi रही थी के मितली ने रोहन को खड़ा करके उसके होंठों को चूसना शुरू कर दिया और वो तब भी नहीं रुकी जब सर्वे करने वाली लड़की बियर सर्वे करके गयी वो लड़की भी इन्हे देख कर मुस्कुरा रही थी.

लड़कियों ने इनकी किश को देखकर हूटिंग करनी शुरू कर दी. अनु मुस्कुरा कर boli…lo जी इनका ऑफिशियली डिक्लेअर हो गया के ये कपल हैं. फिर हंसी मज़ाक में boli…waise रोहन एक किश तो मैं भी ोवे करती हूँ तुम्हे.

लड़कियां जान बूझकर अनजान बनते hue…achha ऐसा है क्या? हमें तो पता hi नहीं.

रोहन को तो जोश आ गया. उसने दूसरी बियर उठा कर उसे भी आधी कर दिया था इलसिए उसे और ज्यादा जोश आ गया था. जोश जोश में रोहन bola…to दीदी जी आप आज क़र्ज़ उतर के hi घर जाओ.

अनु शर्म के मारे हँसते हुए boli…hat पागल कहीं का. अनु की ऑंखें लाल हो चुकी थी क्यूंकि उसने दूसरी बोतल एक घूंट में hi ख़त्म कर दी थी.

रोहन उसके पास आया और धीरे से उसे एक हाथ से उठा कर खड़ा किया और खुद को उसके करीब करके उसका मुँह पकड़कर bola….karz उतर देना hi ठीक होता है दीदी.

अनु boli…nahi rohan…wo मैं ऐसे hi बोल gayi…rohan के होंठ उसके काफी करीब आ चुके थे. अनु इंकार तो कर रही थी पर उसके हाथ से छूटने की बिलकुल भी कोशिश नहीं कर रही थी.

रोहन उसके और करीब आ गया. कोई 4-5 मम का फर्क रह गया होगा दोनों के होंठों में जब रोहन उससे bola….karne दो न दीदी. भीख थोड़े मांग रहा हूँ. आपने खुद hi तो बोलै है के आप पर क़र्ज़ है.

अनु boli..aise सबके सामने थोड़ी और बोलकर उसने आँखें बंद की तो रोहन को समझ आ गयी के इसके इंकार में भी इकरार है. उसने और आगे बढ़कर उसके होंठों से अपने होंठ सत्ता दिए. लड़कियों ने तालियां बजे.

रोहन लगा एक एक करके उसके होंठ चूसने. कभी ऊपर वाला तो कभी निचे वाला. अनु ने शुरुआत में उसे जस्ट चूसने दिया खुद कोई एफर्ट नहीं किया. पर जैसे hi रोहन के हाथ उसकी पीठ से सरक कर उसकी गांड पर पहुंचे तो अनु ने एक बार को तो ऑंखें खोल ली. पर अब उसे एहसास हो चूका था के बहुत देर हो चुकी है उसने रोहन के सर को थमा और खुद भी उसके होंठों को चूसने लगी. अब ये बहुत मज़ेदार किश हो रही थी. दोनों एक दुसरे के होंठों को ऐसे चूस रहे थे मानो संतरे की फड़ियों को चूस रहे हों. मनो उनमे से रास निकल रहा हो.

कोई दो तीन मिनट तक किश चलती रही और दोनों के होंठों से रास टपकने लगा. रोहन ने अपनी बुआ की गांड को दबाना शुरू कर दिया था और उसको खींचकर अपने साथ सत्ता रहा था. अनु को अब रीलीज़ हो चूका था के उन दोनों के बीच बहुत कुछ हो चूका है. इसलिए वो अलग होकर फिर से टेबल पर बैठ गयी और वेटर को बुलाकर चिवास रीगल का 60 मल का एक पेग आर्डर किया. सबको समझ आ रही थी के या तो अनु बुआ ने खूब एन्जॉय किया इस किश को या फिर वो हुमिलिटेड फील कर रही हैं.

सुरूर तो सबको चढ़ा था. सबकी एक्सपेक्टेशंस के अगेंस्ट श्रुति उठी और उसने रोहन के पास जाकर कहा. रोहन तुम अभी किश में कच्चे हो. लाओ मैं तुम्हे किश सिखाती हूँ.

उसने रोहन के जवाब से पहले hi उसके चेहरे को अपने दोनों हाथों से पकड़ा और उसके होंठों को चूसना शुरू कर दिया. रोहन भी उसका पूरा साथ दे रहा था. आज तो जैसे उसकी लाटरी hi खुल गयी थी. 5 मिनट में ये उसकी तीसरी लड़की से किश थी.

रोहन ने श्रुति की भी गांड दबनी शुरू कर दी. वो सिसक उठी उसके ऐसा करने से. उसने रोहन की जीभ मांगकर जब उसे तसल्ली से चूसा तो हॉल तालियों से गूंज उठा. सभी लड़कियों ने स्तनदूप ोवशन दी इस किश को. रोहन ने खूब लुत्फ़ उठाया किश का.

श्रुति के बाद मेहुल उठी और झूठ बोलते हुए boli….mujhe भी सीखनी है भाभी किश. क्या अब मैं किश कर सकती हूँ रोहन को. श्रुति मुस्कुराते हुए boli…off कोर्स.

अनु ने व्हिस्की का सिप लगते हुए बड़े hi गौर से मेहुल को देखा. पर बोली कुछ नहीं. अब मेहुल और रोहन की किश चल रही थी. रोहन ने सबके साथ एक hi जैसी किश की. मितली भी देखकर मुस्कुरा रही थी के कैसे अपनी बहनो बुआ और भाभी के साथ एन्जॉय कर रहा है उसका रोहन.

उसके बाद शानू ने भी किश का लुत्फ़ उठाया और वो तो एकदम चिपक गयी थी रोहन के साथ. उसने तो अपने लिए व्हिस्की का पेग भी मंगवाया था. अनु को बताया उसने के वो पहले भी ले लेती है. इसलिए वो बहुत जोश में थी.

शानू धीरे से रोहन के कान में boli…bhai मेरा छूट मरनवाने का बहुत मन हो रखा है कुछ करो न.

Rohan…pagal अभी कोई ऐसी वैसी हरकत न करना. अनु बुआ हमें देख रही है. वो ऐसे hi थोड़ा सा कम्फर्टेबले हुई है हमारे साथ. न जाने इनके दिमाग में क्या खिचड़ी पाक रही हो.

शानू शांत हो गयी उसे उदास सा देख रोहन bola…tu घर चल वहां मौका देखकर तुझे छोड़ता हूँ. शानू खुश हो गयी.

उसके बाद रूही को रोहन ने खुद बुलाया क्यूंकि वही रह गयी थी किश के लिए. बहुत hi प्यार और पूरे जोश के साथ उसने रूही को किश किया. अब तो सभी के सभी पूरे जोश में थे. इसलिए सबकी फरमाइश पर गाने बजने का इंतज़ाम हुआ और सबने खूब डांस किया. शानू तो इतनी जोश में आ गयी थी के स्ट्रिप तैसे hi करने लगी. उसने अपनी टॉप उतर के फेंक दी थी. निचे ब्रा में वो अपने भाई रोहन के साथ सत्कार डांस करने लगी. मेहुल ने उसे समझाया और उसे वापिस टॉप डलवा दी.



घर आने के बाद अनु तो सबको गद्दे डालकर सोने को बोल रही थी. सब लोग लेट भी गए पर अनु के सोने के बाद रोहन सबको समझकर शानू को ऊपर एक रूम में ले गया जो खली था. वहां ले जाते hi उसने उसके कपडे उतरे और खुद के भी और सीधे उसके मुँह में अपना लुंड घुसा दिया. शानू क्या उसे खुद सेक्स की जरुरत महसूस हो रही थी. उसने शानू को दो बार छोड़ा और फिर निचे आकर दोनों गद्दों पर लेट गए.
 
Part 72सुबह जब सब लोग उठे तो देखा के सभी बचे अनु और श्रुति सभी घोड़े बेचकर सो रहे हैं. शानू रोहन से चिपकी हुई थी. सब लोग उन्हें देखकर हंसने लगते हैं.

मां ममी राधा निधि रोहित सभी मिलकर बातें कर रहे थे. इन सबके बारे में hi.

Mama…bache अब बड़े हो गए हैं. पिने भी लगे हैं.

Mami…bachon को बोल रहे हो खुद देखा है 15 साल की उम्र में लग गए थे दोस्तों के साथ.

Mama…ek तो इन औरतों को अपने राज़ नहीं बताने चाहिए सबके सामने खोल देती हैं..

राधा और निधि हंसने लगती है.

राधा बोलती hai…bhabhi नहीं बताती तो क्या हमें पता नहीं था भाई. आपकी एक एक हरकत का पता था हमें.

Mama…hanste hue…tumhe तो मैंने खुद hi बताया था उस din…fir आंख मार देता है.

Radha…sharma kar…haan हाँ याद है. अब ज्यादा डिटेल में मत जाओ भाई.

Mami…hanste hue..lagta है भाई बहिन का कोई स्पेशल वाला राज़ है जो डिटेल में न जाने को बोल रही हो राधा.

Radha…aisa कुछ भी नहीं है भाभी जो आपको न पता हो. मेरा और दीदी दोनों का भाई के साथ जो जो राज़ है वो हमने सब पहले आपके साथ hi शेयर किया था.

Mami…sab जानती हूँ तुम भाई बहनो ने क्या क्या गुल खिलाये थे. सभी हंसने लगते हैं. रोहित और राकेश भी हंस पड़े जैसे उन्हें भी सब पता हो.

इतने में अनु आ जाती है उठकर उबासियाँ लेती हुई. रोहित उसे बड़ी hi खा जाने वाली निगाहों से देखता है. निधि उसके कंधे पर मरकर बोलती hai…parantha खाओ आगे देखकर अपनी बहिन को न खा जाना कहीं.

Rohit…dekho न निधि कितनी कमल की बॉडी शेप है इसकी. बस एक बार मिल जाये.

निधि कुछ बोलती इतने में अनु उनके पास आ जाती है और सबको गुड मॉर्निंग बोलकर निधि को बोलती hai…bhabhi मेरे लिए एक कप चाय लाना.

निधि चाय का कप हाथ में लेकर hi आ रही होती है boli…mujhe पहले से पता है अनु तुम्हे उठते hi चाय चाहिए होती है. अनु चाय पकड़कर निधि की गाल पर किश कर देती है.

साथ में बैठा रोहित बोलता hai…apni बहिन को तो किश कर दिया और भाई?

Anu…man mein…in बाप बेटों को हर वक्त किश hi चाहिए होती है. फिर मुस्कुरा कर अपने भाई को किश करते हुए बोलती hai…arey bhai….bas इतनी सी बात एक और किश करके बोलती है, अब ठीक है?

रोहित मुस्कुरा कर कहता hai…haan अब ठीक है. पर अपने लुंड पर हाथ फेरकर बोलता है. नहीं जिस दिन इस पर किश करोगी उस दिन ठीक होगा.

अनु चाय बिस्कुट लेती है और बाथरूम में भाग जाती है. फिर सरे बचे एक एक करके उठने लगते हैं. एन्ड में रोहन और शानू उठते हैं.

रोहन अपने रूम में जाता है तो देखता है खली है. वो थैंक गॉड कहके घुस जाता है बाथरूम में और फ्रेश होकर बीएड पर बैठ जाता है और मोबाइल चलने लगता है. इतने में मितली आती है और पूछती hai…bathroom खली है न.

रोहन मुस्कुरा kar…khali तो है पर उसे करने के लिए टैक्स लगेगा.

Mitali…muskura kar…kitna टैक्स lagega…rohan…ek किश.

मितली उसके पास आकर उसके होंठों पर हलकी सी किश करके बोलती है. अभी के लिए इतना hi इमरजेंसी है आकर पूरी किश दूंगी. रोहन उसे जाने देता है.

मितली 10-15 मिनट बाद आती है और बीएड पर चढ़कर रोहन की और मुँह करके उसकी गॉड में बैठकर बोलती hai…raat को इतनी किश की पेट नहीं भरा तुम्हारा क्या?

Rohan…muskura kar…baki सबकी बात अलग है. मेरा पेट तो मेरी जान की किश करके hi भरेगा. पर मन फिर भी नहीं भरेगा. जान के साथ तो पूरी उम्र किश करनी है.

मितली मुस्कुरा कर उसके होंठों से अपने होंठ भिड़ा देती है. फिर उसके कंधे पर मरकर बोलती hai…gadhe अभी तक ब्रश नहीं किया तुमने? रोहन ने में गर्दन हिलाई पर फिर भी उसने किश शुरू कर hi दी. मितली ने भी विरोध नहीं किया और वो भी किश का लुत्फ़ उठाने लगी.

दोनों लगे रहे किश करने. फिर रोहन उसे अपने ऊपर लेटकर लेट गया. मितली को भी रोहन के साथ बहुत अच्छा लग रहा था. वो boli…tum बहुत अच्छे हो रोहन. तुमसे अच्छा लड़का मुझे मिल नहीं सकता था.

Rohan…muskura kar…mujhe तो कभी कभी लगता है के कहीं तुम नाराज न हो जाओ मेरी बहनो की वजह से.

मितली उसकी गाल पर किश करते हुए बोलती hai…pagal प्यार बाँटने से बढ़ता है. काम नहीं होता. मुझे तो ख़ुशी है के तुम अपनी बहनो को वो ख़ुशी दे रहे हो जो वो बहार तलाशती और ना जाने किस मुसीबत में फंस जाती.

Rohan…tum वाकई बहुत समझदार हो मितली. बस तुमसे hi शादी करनी है मुझे.

Mitali…tum भी. और हाँ और किसी से शादी करने दे दूंगी क्या तुम्हे? पर पहले मेरी पढाई पूरी हो जाये, तुमसे छोड़ने के बाद मेहुल दीदी की शादी हो jaye…dono हंस पड़ते हैं मितली की इस बात पर.

फिर दोनों थोड़ी देर के लिए सो जाते हैं. श्रुति इन दोनों को उठाने के लिए आती है. ब्रेकफास्ट के लिए काफी देर हो चुकी थी. वो दरवाजा खटखटाई है तो देखती है के दरवाजा खुला था. वो जैसे hi अंदर जाती है तो दोनों को एक दुसरे की बाँहों में लेता पति है. उसके चेहरे पर उन दोनों की मासूमियत को देखकर स्माइल आ जाती है. वो फिर से बहार जाती है और दरवाजा बंद करके खटखटाने लगती है ताकि वो उन दोनों को शर्मिंदा न कर दे.

रोहन अंदर से पूछता hai…kaun? तो श्रुति बहार से hi जवाब देती hai…main shruti…breakfast के लिए बुलाने आई थी सब लोग तुम दोनों का वेट कर रहे हैं.

Rohan…ok भाभी आते हैं अभी थोड़ी देर में. दोनों जल्दी से उठकर तैयार होते हैं और बहार ब्रेकफास्ट के लिए आ जाते हैं. दोनों ऐसे बाँहों में बहन डालकर आ रहे थे मनो पति पत्नी हों. सब लोग इन दोनों को देखकर मुस्कुरा रहे थे.

सब लोग ब्रेकफास्ट करते हैं तो उसके बाद श्रुति को रोहन से काम था वो उसे मार्किट ले जाती है. उसे कुछ सामान खरीदना होता है. सामान खरीदने के बाद जब रोहन घर वापिस जाने लगता है तो श्रुति से पूछता hai….bhabhi आपका हो गया या फिर किसी और दुकान पर भी चलना है आपको?

Shruti…rohan एक काम कर. किसी पार्क में चल बैठकर थोड़ी देर बातें करेंगे.

रोहन को अजीब तो लगता है पर वो उसके साथ चल पड़ता है नजदीक एक पार्क में ले जाता है और दोनों एक बेंच पर बैठ जाते हैं तो रोहन उसे बोलता है.

Rohan…bolo भाभी क्या बात करनी है आपको?

Shruti…main जो भी तुमसे पूछूं रोहन सच सच बताना.

Rohan..hanskar…arey भाभी आप तो किसी पुलिस वाले की तरह बात कर रहे हो जो किसी मुल्जिम से पूछताछ के वक्त करते हैं. हाहाहा

Shruti…baat hi कुछ ऐसी है. मुझे कुछ पूछना है.

Rohan…haan पूछो न भाभी. इतनी फॉर्मेलिटी क्यों कर रहे हो आप?

Shruti…dekho मेरी बात का बुरा नहीं मन्ना. मैंने देखा तुम्हे कैसे तुम अपनी बहनो को किश कर रहे थे. क्या ये नार्मल है?

रोहन… एक बार को तो हिल गया के भाभी को शक हो गया है उस पर लेकिन बात को सँभालते हुए bola…arey भाभी वो तो फ्रेंडली किश था. ऐसे तो बुआ के साथ भी किया मैंने और आपके साथ भी. क्या आपके साथ करना नार्मल है क्या?

Shruti…sakpaka सी गयी उसकी बात पर. Boli…nahi बात सिर्फ इतनी नहीं hai..mujhe शक है तुम और shanu….kehte हुए रुक गयी.

इधर रोहन के तो होश उड़ गए हालाँकि उसने जाहिर नहीं होने diya…bola...kya मतलब आपका भाभी?

श्रुति… मतलब तो तुम खूब समझते हो और अंदर hi अंदर घबरा भी रहे हो पर घबराहट अपने चेहरे पर नहीं ला रहे हो. सीधे सीधे मेरी बात सुनो मुझे तो लग रहा है तुम और शानू आपस में करते हो.

रोहन हैरान था श्रुति इतने कॉन्फिडेंस के साथ ये बात क्यों कर रही है. उसने कोई हरकत की क्या शानू के साथ इसके samne…man hi मन बोलै nahi…fir क्यों? सोच रहा था रोहन. उधर श्रुति के चेहरे पर स्माइल आ गयी.

रोहन को समझ नहीं आ रही थी के उसको क्या जवाब दे. एक बात तो उसे समझ आ गयी थी के वो फंस तो चूका है. उसे एक मिनट में hi ये भी लगने लगा के शानू उसके पति के चाचा की बेटी है तो ये उसकी फॅमिली का मटर है. कहीं ये अपने घर में ये सब बातें न बोल दे. उसकी तो इज़्ज़त का कबाड़ा हो जायेगा और शानू को भी पता नहीं वो लोग क्या बोले क्या व्यवहार करें उसके साथ.

रोहन एकदम से bola…shanu और मैं भाई बहिन हैं तो आपस में हंसी मज़ाक कर लेते हैं और क्या?

Shruti…hanste hue…jyada भोले मत बनो देवर जी मैं कोई बची नहीं हूँ. सही सही बताओ तुम दोनों का क्या चल रहा है.

Rohan…abhi भी नहीं मान रहा tha…kuchh भी तो नहीं. आप जो भी कहना चाहती हो साफ़ साफ़ बोलो अब. नहीं तो घर चलते हैं.

श्रुति को भी लगा के अब खुलकर बोल hi देना चाहिए. वो boli…mujhe लगता है के तुम दोनों में सेक्स होता है.

रोहन उसका चेहरा देखता hi रह गया. उससे बोलै नहीं जा रहा था. वो सोचने लगा ये औरतों को हर बात पता कैसे लग जाती है. इनकी सिक्स्थ सेंस इतनी मजबूत कैसे होती hai.soch रहा था के अब क्या जवाब दे अपनी भाभी को.

अभी भी उसे अपना पक्ष मजबूत रखना था, उसके लिए इंसान को एक चीज का सहारा लेना पड़ता है और वो है ऊँचा बोलना. रोहन ऊँची आवाज़ में bola…bhabhi आपको पता भी है आप क्या बोल रहे हो? बोलते वक्त एक बार भी नहीं सोचा आपने.

उसकी ऊँची आवाज़ का श्रुति पर कोई असर नहीं हुआ. वो मुस्कुराती रही और मुस्कुराते हुए boli…devar जी मैं वही बोल रही हूँ जो सच है. आपके ऐसे चिल्लाने से ये झूठ नहीं हो जाता. ये कोई हवाई बात नहीं है. मेरे पास दलील है मेरी बातों के लिए.

रोहन को समझ तो आ गयी थी के ये ऐसे hi नहीं बोल रही है. जरूर इसके पास कुछ तो सुबूत हैं जिनकी वजह से ये ऐसे बोल रही है. Bola…chalo बताओ क्या है दलील आपके पास.

Shruti..achha सुन्ना hi चाहते हो तो suno…shanu के बूब्स बड़े होने लगे हैं, जब उससे पूछा तो उसने साफ़ साफ़ बता दिया के उसका बर्फ है.

Rohan…haan तो उसका बर्फ होगा उसने ऐसा बोलै के रोहन मेरा बर्फ है?

Shruti…ab पहले मेरी बात पूरी सुन्ना फिर उसके बाद कुछ बोलना.

Rohan…thik है भाभी.

Shruti…usne बोलै अभी अभी उसका बर्फ बना तो अभी अभी तो वो यही आई न तुम लोगों के पास और जब तुम उसको किश कर रहे थे तो वो तुमसे कुछ बात कर रही थी और तुमने ना में सर हिलाया था.

Rohan…to इससे क्या सिद्ध होता है भाभी?

Shruti…ankhen दिखते hue…tum चुप नहीं रह सकते थोड़ी देर. फिर कल जब हम पार्टी से आये तो तुम दोनों ने सबके सोने का इंतज़ार किया. ऊपर गए दो घंटे बिताये निचे चोरों की तरह आ रहे थे. और एक बात बोलूं निचे आते वक्त शानू की टीशर्ट उलटी डाली हुई थी. ऊपर से निचे एते एते टीशर्ट उलट कैसे गयी.

Rohan…hairnai se…dono वक्त आप जग रही थी क्या?

Shruti…kayi बार जब कुछ राज़ खुल रहे हों तो नींद जैसी चीजों की परवाह नहीं करनी चाहिए. देवर जी मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं है. मान भी जाओ न.

Rohan….nazar नीची karke…kisi को बताओगे तो नहीं आप?

Shruti…mujhe तो लगता है मेहुल और रूही को पता है. मुस्कुराते हुए बोली.

रोहन ने सर झुका liya…to श्रुति फिर से boli…matlab उन दोनों को कोई ऑब्जेक्शन नहीं या फिर वो दोनों भी इन्वोल्वेद हैं इस खेल में? हंसने लगी श्रुति.

रोहन bola…un दोनों के साथ कुछ नहीं किया.

Shruti…hanste hue..lag तो नहीं रहा देखो न किश के वक्त कैसे कम्फर्टेबले थी दोनों.

रोहन bola..ankh मरते hue…waise कम्फर्टेबले तो आप भी बहुत थी किश के वक्त और मुझे लगता है सबसे ज्यादा. तो क्या मैंने आपके साथ भी सेक्स किया है. रोहन ने मौके पर चौका मरते हुए बोलै.

श्रुति… shararti…meri बात मुझ पर hi मार रहे हो. बता भी दो सब कुछ अब. मुस्कुराते हुए रोहन को मरती है.

Rohan…baten फैलते देर नहीं लगती भाभी…

Shruti…vishvas करो, मुझे मज़ा hi आएगा और हाँ मुझे ऐसा क्यों लग रहा है के तुम्हारी गफ को भी सब पता है और वो बहुत ज्यादा कम्फर्टेबले है तुम्हारे साथ इस सब को लेकर.



रोहन को लगता है के श्रुति को इतना कुछ पता है तो वो उसे सब कुछ बता देता है. श्रुति शैतानी भरी मुस्कान के साथ कहती hai…main तो तुम्हे बहुत शरीफ समझती थी रोहन पर तुम तो बड़े छुपे रुस्तम निकले.
 
Part 73रोहन बताता जा रहा था और श्रुति की ऑंखें उसकी बातें सुनकर फैलती जा रही थी. फिर अंत में जब रोहन उसे सब कुछ बता देता है तो श्रुति शैतानी भरी मुस्कान के साथ कहती hai…main तो तुम्हे बहुत शरीफ समझती थी रोहन पर तुम तो बड़े छुपे रुस्तम निकले.

Rohan…ankh मरते hue…maine कौन सा आपकी छूट मार ली भाभी जो आप मुझे छुपा रुस्तम बोल रही हो.

Shruti…use मरते hue…kutte इतनी लड़कियों की लेकर तेरा पेट नहीं भरा? जो भाभी पर भी लाइन मार रहा है.

Rohan…hanste hue…isme पेट भरने की बात नहीं होती भाभी लैंड का मन भरने की बात होती है और इस साले का मन कभी नई भरता छूट से.

Shruti…hanste hue…bhai मेरी छूट तो तुम्हारे भाई के लुंड से hi संतुष्ट है. इसलिए मुझे तो चाहिए नहीं तुम्हारा लुंड. चलो अभी घर चलते हैं नहीं तो पता लगे तुम मेरी छूट में अपना लुंड घुसा do…hahaha करती हुई श्रुति उठ जाती है और दोनों हँसते खेलते घर की और निकल काटे हैं.

घर आकर रोहन देखता है तो सभी उसका hi इंतज़ार कर रहे होते हैं. सबसे आगे तो मितली होती है. वो उसके पास आकर बोलती hai…kahan चले गए थे आप लोग. दस मिनट का काम था इतनी देर लगा आये.

Rohan…hanste hue…dhire से कान mein…wo भाभी का मूड बन गया था तो उनकी छूट मारकर आ रहा हूँ.

मितली उसे मरती है और उसे धीरे से बोलती hai…tumhe तो हर वक्त छूट चाहिए. कितना जोश बचा है मेरे लिए पता नहीं कुछ बचेगा भी या नहीं.

Rohan…abhi चेक कर लो मेरी जान फुल फॉर्म में हूँ अभी तो. चलें मेरे रूम में?

Mitali…filhal तो अपनी बहिन से मिल लो. नेहा दीदी आयी हैं. उनके लिए hi तुम्हारी वेट हो रही थी.

रोहन देखता है के श्रुति नेहा से मिल रही थी. उसे तो इतनी लड़कियों के बीच वो नज़र hi नहीं आयी थी. वो उसके पास गया और bola…hi नेहा दीदी.

नेहा अपने hi गुरुर में रहती thi…hi रोहन. कैसे हो. बैठे बैठे hi boli…rohan ने bola…thik हूँ आप batao…usne भी बोल दिया ठीक hun…par उसके बाद कुछ नहीं बोलै. रोहन को पता था के ये लड़की बहुत घमंडी है पर उतनी hi खूबसूरत कातिल हसीना.

लाइट पिंक कलर का क्रॉप टॉप पहना हुआ था जो दोनों बूब्स के ऊपर से कटा हुआ था जिसमे से ब्रा की स्ट्रिप्स नज़र आ रही थी. निचे रिप्पड jeans…bilkul फटी हुई ऐसे लग hi नहीं रहा था निचे कुछ पहना है. पंतय तक नज़र आ रही थी नेहा की.

बहुत hi सेक्सी और हॉट थी नेहा दी. पर वो रोहन से दो बातें करके अपनी भाभी यानि श्रुति से बातें करने में मशगूल हो गयी. रोहन को याद आया वो दिन जब ये लड़की किसी लड़के की गोदी में बैठकर उसके लिप्स से लिप्स जोड़कर बैठी थी.

टॉप क्लास जॉब कर रही है. अच्छा खासा पैकेज है और इस बात का इसे इतना घमंड है के खुद को भगवन hi समझती है.

रोहन ने फॉर्मेलिटी के लिए उससे poochh…didi आपको कुछ चाहिए हो तो बोलो.

नेहा कंधे उचका कर boli…bhala मुझे क्या चाहिए कुछ चाहिए होगा तो बोल दूंगी. घमंडी सी स्माइल देते हुए नेहा बोली तो बेचारा रोहन अपना सा मुँह लेकर वहां से चला गया. श्रुति और मितली ने ये बात नोटिस की के नेहा ने रोहन गलत बोल दिया वो भी बिना वजह के.

मेहुल भी थोड़ी दूरी पर hi थी. वो रोहन और मितली के पास आयी और boli..kuchh कह दिया क्या नेहा दीदी ने भाई? आपका मुँह उतर गया उनकी बात सुनकर.

Rohan…muskura kar…nahi ऐसी कोई बात नहीं है दीदी आप फ़िक्र मत करो.

Mehul…teri इस दीदी को तेरी फ़िक्र नहीं होगी तो भला किसे होगी. पर मुझे एक बात पता है के ये नेहा दीदी बहुत घमंडी और नकचढ़ी है. इसे अपनी स्टडी और जॉब का बहुत अभिमान है. अरे अपने अपने लेवल पर सभी कमाते हैं. इन्हे पता नहीं किस बात का घमंड है.

Rohan…mehul को हुग karke…arey दीदी ज्यादा नहीं सोचते. सबका अपना अपना स्वाभाव होता है. अब किसी को बदला तो नहीं जा सकता न. उसने अपने हिसाब से व्यवहार करना है तो हमने अपने हिसाब से.

ये लोग अभी बातें कर hi रहे थे के इतने में नेहा उसकी पास आयी और अजीब सी मुस्कान के साथ boli…oh तुम अभी मुझे काम के लिए बोल रहे थे रोहन और देखो मुझे काम पद hi गया. मेरी किआ करेन्स (कार) में से मेरे दो सूटकेस ला दो यार. और हाँ देखना दिखय में से निकलते वक्त स्क्रैच न पद जाएँ अभी ली है 18 लाख की यार.

सभी उसके बोलने के ढंग से हैरान थे. कैसे वो अपने पैसे का शो ऑफ कर रही थी. वैसे कोई सोचे के इसने किआ करेन्स क्यों ली जो के 7 सीटर है. इसे कोई नार्मल सुव गाड़ी लेनी चाहिए थी. पर ऐसे लोगों से कौन hi बहस करे.

मेहुल और मितली उसकी और देखकर ऑंखें निकल रही थी पर रोहन स्माइल करता hua..ji दीदी बोलकर उससे चाबी लेकर चला गया सूटकेस निकलने. क्यूंकि सूटकेस दो थे तो मितली और मेहुल दोनों hi आ गए उसके साथ. रोहन ने मन भी किया पर वो दोनों जबरदस्ती उसके साथ हो ली.

मेहुल तो टच करने लगी थी उसकी गाड़ी के साथ एक सूटकेस को पर रोहन ने रोक diya..kya करती हो दीदी क्यों मधुमखी को अपने पीछे पढ़ाओगी.

दोनों लड़कियों ने रोहन को सूटकेस नहीं उठाने दिया. खुद hi लेकर आयी. रस्ते में नेहा मिली तो देखकर हंसने lagi..rohan क्या बात डैम नहीं है क्या? सूटकेस लड़कियों को पकड़ा दिए. वैसे भी ये ैरबग्स हैं पहिये लगे हुए हैं इन पर.

रोहन रोमांटिक से अंदाज़ में bola…dam की बात न करना. कहो तो दिखा दूँ अभी. मेहुल और मितली दोनों हंसने लगी उसकी बात सुनकर.

Neha…bura सा मुँह बनाकर boli…what रब्बिश. ये क्या बोल रहे हो मुझे कैसे डैम दिखाओगे भला तुम?

रोहन का मतलब तो वही था पर वो बात को बदलकर नेहा को कूल्हे से पकड़कर ऊपर उठाते हुए bola..aise..dekh लिया आपने कितनी आसानी से उठा लिया आपको. दोनों सूटकेस से ज्यादा hi वेट होगा आपका. उठा लिया न आपको. सब लोग हंस रहे थे उसको देखकर. क्यूंकि ये लोग लिविंग एरिया के पास hi थे.

Neha…rohan को डांटते hue…Kya करते हो रोहन? निचे उतरो मुझे. बेवकूफी मत करो.

रोहन बोलै…. अब तो मुझे अपना डैम दिखाना hi पड़ेगा न दीदी. फिर निधि से पूछता hai…mummy दीदी को कौन सा रूम देना है.

निधि को पता था ये लड़की नखरेबाज है boli…ise ऊपर फर्स्ट वाला रूम दे दे. उसमे वुड वर्क हो रखा है.

नेहा रोहन को बोले जा रही थी के मुझे निचे उतरो पर रोहन था के उसे उतरने का नाम hi नहीं ले रहा था.

नेहा परेशान हो गयी थी. रोहन मेहुल और मितली उसे और उसके सामान को ऊपर सबसे बढ़िया वाले कमरे में लेकर गए. रोहन ने उसे ऊपर से सीधे hi निचे चूड दिया तो उसके पेअर जोर से निचे लगे.

नेहा को बहुत गुस्सा आ रहा था रोहन पर लेकिन उसने खुद hi तो बदतमीज़ी की शुरुआत की थी. Boli…bahut बद्तमीज़ हो गए हो रोहन.

Rohan…kamaal की बात है दीदी, तुम मेरा डैम देखना चाहती थी मैंने दिखा दिया अब मेरी तारीफ करने की बजाये मुझे बद्तमीज़ बोल रही हो.

Neha…gusse में फुफकारती हुई boli…tum बस जाओ यहाँ से. मुझे आराम करना है.

बोलकर उसने तीनो को बहार निकल दिया. रोहन ने शरारती अंदाज़ में ऑंखें चढ़कर इशारा किया तो मितली और मेहुल दोनों की hi हंसी छूट गयी और मेहुल boli..wah भाई आपने तो खूब मज़ा चखाया नेहा दीदी को.

रोहन को पता नहीं क्या सुझा दोनों को एक एक किश कर दी. दोनों hi खुश हो गयी. निचे आये तो रोहन को सबसे पहले श्रुति मिली. गंभीर से स्वर में boli….rohan सॉरी यार ये नेहा तुम्हे पता hi है थोड़ी अक्खड़ स्वाभाव की है.

Rohan…uski गाल पर हाथ फेरते हुए bola…koi बात नहीं भाभी चलता है न. अब सबका स्वाभाव एक जैसा तो नहीं होता न.

Shruti…haan तेरी ये बात सही है. वैसे तू कूल बहुत है.

मितली और मेहुल दोनों ने श्रुति की बात पर सहमति में सर हिलाया और मितली boli…tabhi तो मैंने इसे चुना है भाभी.

अनु भी दूर कड़ी रोहन के स्वाभाव को परख रही थी और उसे ये एक्सेप्ट करने में कोई परेशानी नहीं हो रही थी के बहुत बढ़िया है.

पर जल्द hi उसने खुद को कण्ट्रोल कर लिया और जो खा रही थी उसी में लग गयी.

सभी उसके बाद अपनी अपनी तैयारिओं में लग गए. श्रुति ने रोहन से स्पेशल फरमाइश लगवाई के तैयार होने के लिए ब्यूटी पार्लर वाली बढ़िया होनी चाहिए और ऐसी हो जो दो तीन लड़कियों को लेकर घर पर hi आ जाये.

रोहन bola…bhabhi आप फ़िक्र न करो. आप लोगों को अप्सरा बना दे ऐसी एक ब्यूटिशियन को जनता हूँ मैं और उसी को बुलाने वाला हूँ.

मेहुल समझ गयी थी के ये किसकी बात कर रहा है. Boli…par भाई वो तो बहुत महंगी है.

Rohan…muskura kar…arey दीदी पैसा आप लोगों से ऊपर थोड़े hi है.

श्रुति …मुस्कुरा kar…nanadi जी आपका भाई बहुत दयालु है वैसे तब ज्यादा जब बात लड़कियों की.

मेहुल कन्फ्यूज्ड सी थी के उसकी बभी आखिर कहना क्या छह रही है.

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रोहन अपने चाचू राकेश और मां के बेटे सूरज के साथ होटल जाता है जहाँ पर प्रोग्राम होना था. इन लोगों ने मेनू फाइनल करना था. कौन कौन सी स्नैक्स कौन कौन सी सब्जी और ड्रिंक्स कौन से रहेंगे.

बहुत साडी चीजें फाइनल करनी होती है. उन लोगों को बताना होता है के लोगों की संख्या अपपर्स कितनी रहेगी. पहले के ज़माने में घर से एक दो लोग hi शादियों में या फंक्शन्स में जाते थे तो संख्या काम hi रहती थी पर आजकल हरेक के पास कार है तो सभी मेंबर निकल पड़ते हैं इसलिए वहां संख्या भी बढ़ जाती है और खर्च भी बहुत ज्यादा होने लगा है.

खैर इनके परिवार को बजट की कोई कमी नहीं थी. सभी चरों बड़े कमा रहे थे. रोहन की जॉब भी लग hi चुकी थी और जल्द hi शुरू होने वाली थी. भगवन की दया से पैसे की कोई कमी नहीं थी.

मैनेजर एक लड़की थी और उसने घूम घूम कर सारा हॉल, बाथरूम्स और सब कुछ दिखाया. जो काउंटर लगने थे उनकी फोटोज दिखाई. सब कुछ देखने के बाद इन लोगों ने कुछ और पेमेंट कर दी. बुकिंग के टाइम पर 10% दिया था अभी 40% और देकर 50% पूरा कर दिया था बाकि 50% में से 40% प्रोग्राम शुरू होने से पहले देना था और बैलेंस रहता 10% एन्ड में प्रोग्राम ख़तम होने के एक दो दिन बाद दे सकते थे.

इस तरह की पेमेंट की टर्म्स एंड कंडीशंस थी. जो ये लोग पहले hi मान चुके थे. अपने हिसाब से मेनू डीडे करने के बाद ये लोग वापिस आ जाते हैं. रोहन देखता है के श्रुति बाकि लड़कियों के साथ उसके रूम में बैठी बतिया रही थी.

वो बहार खड़े होकर सुन रहा था. श्रुति मेहुल से बोल रही थी.

Shruti…jivan में जो आनंद अपने भाई से आ सकता है न वो किसी और से नहीं. बात कहीं बहार नहीं जाती. कोई ब्लैक मेलिंग का दर नहीं. कोई ब्रेक उप का दर नहीं.

मेहुल भी शर्माकर बोल रही thi…ye आप क्या बोल रही हो भाभी और हम लोगों को ये बात क्यों बता रही हो आप भला.

Shruti…wo इसलिए के इतना खूबसूरत हत्ता कट्टा और समझदार तुम लोगों का भाई है. तुम लोग क्यों नहीं तरय करते उसे. दरअसल श्रुति इन लड़कियों के साथ खुलने की कोशिश कर रही थी.

रोहन खुश भी हो रहा था और हैरान भी था के भाभी आखिर क्यों इतना इंटरेस्ट ले रही है इन बातों में. कहीं वो मुझसे तो कुछ नहीं चाहती. वो लड़कियों को अपने साथ कम्फर्टेबले कर रही है. इसका कोई तो मतलब है न.

वो वहां से हॉल में आता है तो देखता है के अनु बुआ अकेली hi कड़ी थी और वो ओने पीेछे दाल कर. वाइट कलर के ओने पीेछे में वो किसी अप्सरा से काम नहीं लग रही थी.

देखने में hi लग रहा था के वो रोहन का इंतज़ार कर रही है.



उसने आगे बढ़कर रोहन से कहा…………………….
 
दोस्तों अगला अपडेट आ गया है. आपके कमैंट्स का हमेशा इंतज़ार रहता है. पर पता नहीं क्यों इस कहानी पर रेगुलर उपदटेस देने के बावजूद कमैंट्स घटते HI जा रहे हैं. अगर आप लोगों को ये पसंद नहीं आ रही है तो मैं एक दो एपिसोड्स में कहानी को समेत देता हूँ. पर इतनी म्हणत करने के बावजूद अगर आप लोगों का रिएक्शन न दिखे तो दुःख होता है.
 
Part 74

वो वहां से हॉल में आता है तो देखता है के अनु बुआ अकेली hi कड़ी थी और वो ओने पीेछे दाल कर. वाइट कलर के ओने पीेछे में वो किसी अप्सरा से काम नहीं लग रही थी.

देखने में hi लग रहा था के वो रोहन का इंतज़ार कर रही है.

उसने आगे बढ़कर रोहन से कहा…………………….

Anu….rohan मुझे तुमसे कुछ काम था. वैसे तुम अभी मार्किट से आये हो तो सोच रही थी तुम्हे कहूं या नहीं.

Rohan…najdik akar…aapke लिए तो जान भी हाजिर है दीदी बोलिये तो.

Anu…muskura kar…bade फ़िल्मी नहीं हो रहे हो आजकल. वो तुम्हारे फूफाजी को लेकर आना है. चलोगे मेरे साथ.

Rohan…waise आप हो बड़ी chalaak…rohan शैतानी अंदाज़ में बोलता है.

Anu…matha सिकोड़ kar…wo भला क्यों?

Rohan…khud दीदी बानी फिरती हो और पतिदेव फूफाजी. वह. मैं तो उन्हें जीजू बोलूंगा.

Anu…ghabrakar….arey नहीं यार. ऐसा न करना. वो बुरा मान जायेंगे.

Rohan…muskurakar…wo आप मुझ पर छोड़ दो.

Anu…chal ठीक है तुम जानो तुम्हारे fufa…nahi नहीं जीजू. उसने कहा तो दोनों हंस पड़ते हैं.

रोहन उसको लगातार देख रहा था. एक तो इस ड्रेस का गाला बड़ा था तो क्लीवेज साफ़ नज़र आ रही थी अनु की क्यूंकि इसके बूब्स बड़े थे. दुसरे इसकी पीठ काफी हद तक नंगी थी. तीसरे वाइट कलर की ड्रेस के निचे ब्लैक कलर की ब्रा लगभग नज़र आ रही थी जो किसी का भी लुंड खड़ा करने के लिए काफी थी.

रोहन शरारत भरे अंदाज़ में bola…di..ek किश मिल सकती है क्या?

Anu…gussa दिखते hue…tum कुछ ज्यादा hi बदमाश नहीं होते जा रहे हो रोहन. चुपचाप चलो.

रोहन भी मौके की नज़ाकत और अनु के स्वाभाव को देखते हुए चुपचाप चल पड़ता है. अनु उसके साथ बगल में बैठ जाती है और दोनों चल पड़ते हैं अनु के घर उसे पतिदेव रजत को लेने. रोहन को रजत की किस्मत पर बड़ा रश्क हो रहा होता है के क्या किस्मत पाई है रजत फूफा ने जो ऐसा सेक्स बम उनको मिला और वो कितने मूर्ख हैं जो इतने दिनों के लिए इसे छोड़ दिया.

रोहन तो यही सब सोच रहा होता है पर अनु समझती है के रोहन नाराज़ हो गया है. क्यूंकि वो बात भी नहीं कर रहा था. उसे उस पर दया सी आ जाती है और वो उसके hath,jo गियर पर रखा था उस पर अपना हाथ रख देती है और बोलती hai…gaal पर या लिप्स पर.

रोहन ने एक्सपेक्ट नहीं किया था सवाल और वो अपने विचारों में खोया था तो विचारों से बहार निकलकर बोलता hai….kya दी?

Anu…gambhir होकर… किश और क्या?

रोहन मन hi मन तो खुश हो जाता है पर गंभीरता पूर्वक बोलता hai…lips पर दी. गाल पर तो बचे करते हैं.

Anu..muskura kar…bada हो गया है तू? चल आने के बाद मौका देखकर दे दूंगी. अब खुश?

रोहन मुस्कुरा देता है पर वो मौका नहीं छोड़ना चाहता tha…bola…nahi दी. जीजू के होते नहीं. उनके होते नहीं.

अनु उसकी बात सुनकर गंभीर हो जाती है तो बोलती है. ठीक है आनंद रोड से ले चल कार. रोहन को पता था के वो रास्ता लम्बा है पर वो रास्ता काफी हद तक सुनसान सा था. बहुत काम लोग निकलते थे उस रस्ते थे क्यूंकि वो बहुत लम्बा था.

इन लोगों को कोई जल्दी तो थी नहीं. इसलिए उस रस्ते हो लिए. रस्ते में एक टीला सा आया. अनु बोली इस टाइल के साइड में कच्ची रोड है उसी पर ले चलो. रोहन मन hi मन सोचा के वह क्या प्लानिंग बनाई है बुआ ने.

वो टाइल के पीछे ले जाकर कार रोक देता है. अनु बोलती hai…le लो रोहन किश. रोहन को बड़ी हैरानी होती है के ये खूंसट लड़की इतनी आसानी से कैसे मान गयी.

रोहन को अब कुछ और उम्मीदें हो गयी थी bola…di पिछली सीट पर चलें.

Anu…hath पकड़ाया तो पहुंचा पकड़ रहे हो? फिर बहार निकल कर boli…chal अजा बहार.

रोहन बहार आकर पिछली सीट पर जाने लगा तो अनु boli…ham लोगों को कौन सा रोड नज़र आ रही है. कोई नहीं देखेगा. गाड़ी में जाने की जरुरत नहीं है. यहीं कर लो. रोहन आगे बढ़ जाता है और अपनी बुआ का ये बोल्ड रूप देखकर हैरान रह जाता है.

रोहन उसके पास जाकर उसे बाँहों में जकड लेता है और बुआ का सर अपने कंधे पर रखता है तो अनु बोलती hai…kya बात है बुआ पर बड़ा प्यार आ रहा है.

Rohan…bua नहीं दीदी. और दीदी इतनी प्यारी है के सच में बहुत प्यार आ रहा है. वो उसकी नंगी पीठ पर हाथ फेरते हुए बोलता है.

अनु के शरीर में झुनझुनाहट सी फ़ैल जाती है उसकी बात सुनकर. वो अनु का सर पकड़ता है और उसके तपते हुए होंठों पर होंठ रख देता है. एकदम कम्प रहे थे अनु के होंठ जैसे तड़प रहे हों रोहन के होंठों की छुअन को.

दोनों बहुत शिद्दत से एक दुसरे के होंठों को चूसने लगते हैं. रोहन के होंठ फिर से उसकी नंगी पीठ पर चले जाते हैं. अनु भी बहुत बेसब्री सी होकर उसके होंठों का रास चूस रही थी.

रोहन bola…di मुझे अपनी जीभ देना. अनु ने एक सेकंड में अपनी जीभ रोहन के मुँह में घुसा दी. जिसे रोहन ऐसे चूसने लगा जैसे लोल्लयपोप चूस रहा हो. अनु के मुँह से सिसकारियां निकलने लगी. वो पूरा लुत्फ़ उठा रही थी इस किश का. ऐसे hi रोहन ने भी अपनी जीभ अनु के मुँह में घुसा दी. अनु ने भी वैसे hi उसकी जीभ को चूसना शुरू कर दिया जैसे रोहन उसकी जीभ चूस रहा था. रोहन का लुंड तन चूका था और उसके लोअर से बहार निकलने की कोशिश करने लगा.

अनु को बाकायदा रोहन का लुंड महसूस हो रहा था क्यूंकि दोनों की हाइट एकदम बराबर थी. पर वो उसे पीछे होने को नहीं बोल रही थी. रोहन को पता नहीं क्या सुझा उसने अनु के माथे गलों कान और गर्दन पर पता नहीं कितनी किस्सेस कर दी. अनु अब मदहोश होने लगी थी. उसे जब लगा के वो पिघल जाएगी तो उससे अलग होकर अपने कपडे सेट करते हुए boli…bahut टाइम हो गया है रोहन. अब चलें?

रोहन को भी लगा के अब बहुत हो गया है चलना चाहिए नहीं तो कहीं ये खड़ूस लड़की नाराज़ न हो jaye…bola चाहलिये दी. पर एक बात केहनी थी.

Anu…utsukta पूर्वक उसकी गाल पर किश करते हुए boli…bolo.

रोहन मुस्कुरा कर bola…kisi दिन मेरे साथ पूरी रात आपको लेटना है. अकेले दीदी.

Anu…matha सिकोड़ kar…wo क्यों रोहन?

Rohan…mujhe आपसे चिपक कर सोना है. बहुत अच्छा लग रहा था अभी..

Anu…chalo देखेंगे अभी चलो तुम्हारे जीजू इंतज़ार कर रहे होंगे.

अनु और रोहन घर में प्रवेश करते हैं. रजत पंत शर्ट में किसी हीरो से काम नहीं लग रहे थे. रोहन ने फूफाजी बोलकर नमस्ते बोलै तो रजत ने bola…hello बोलै करो मुझे. बूढ़ा बना के रखा है सब लोगों ने.

Anu…aur क्या इसीलिए मैंने तो सबको बोल दिया है के जब तक शादी है तब तक मुझे दीदी बोलना है.

Rajat…muskura kar…bas ठीक है जब तक तुम दीदी मैं जीजू.

Rohan…achha jiju…chalen अब?

Rajat..achha ऐसे कैसे चलें. कितने टाइम बाद आये हो इस घर में. बैठो कुछ लता हूँ तुम्हारे लिए.

Rohan…waise तो जीजू मैं मुँह मीठा करके आया hun…kehkar वो अर्थपूर्ण ढंग से अनु की तरफ देखने लगा. अनु ने सर झुका लिया.

Rajat…to मैं नमकीन कर देता हूँ. मेरा मतलब है कुछ नमकीन ले आता हूँ.

Anu…bahut ज्यादा शर्मा गयी thi…ruko मैं चाय बनाकर लाती हूँ और साथ में कुछ नमकीन भी.

Rohan…haan bua…aaj कोई नमकीन चीज तो चखी hi नहीं मैंने.

अनु ने रोहन की और ऑंखें निकली और रसोई में चली गयी. रोहन मुस्कुरा दिया बस.

रजत और रोहन सोफे पर बैठ गए और रजत रोहन से पूछता है.

Rajat…to रोहन आगे स्टडी का क्या सोचा है.

Rohan…abhi तो गवर्नमेंट जॉब लगी है जीजू. वही ज्वाइन करूँगा.

Rajat…serious hokar…itni भी क्याजलदी थी पहले पोस्ट ग्रेजुएशन कम्पलीट कर लेते.

Rohan…wo जीजू अप्लाई किया और मिल गयी सोचा ज्वाइन कर लूँ साथ में डिस्टेंस लर्निंग से पढता भी रहूँगा न.

Rajat…haan ये सही रहेगा. वैरी गुड बहुत इंटेलीजेंट हो तुम रोहन.

Rohan..sharmakar…nahi जीजू ऐसी कोई बात नहीं है.

इतने में अनु चाय लेकर आती है तो बोलती hai…vidhi आयी थी क्या?

Rajat…haan सैटरडे नाईट आयी थी और संडे शाम को चली गयी.

Anu…to मुझे बुला लेते न. बेचारी इतने टाइम बाद आती है और खुद को काम करना पड़ा होगा.

Rajat…maine सोचा तुम भी तो इतने टाइम बाद गयी हो मायके. तुम्हे क्यों डिस्टर्ब करना. हम दोनों ने मिलकर कर लिया था काम.

Anu…muskurakar…rohan se…dekha तुम्हारे जीजू कितने समझदार हैं.

Rohan…anu की और देखकर रजत से नज़र बचाकर आंख मार देता hai…tabhi तो उन्होंने आपको चुना दी. अनु उसे थप्पड़ दिखती है.

Rajat…hans पड़ता है और बोलता hai…rohan अपनी बुआ से ऐसे मज़ाक करता है जैसे ये इसकी साली हो.

रोहन… पहली बात तो जीजू बुआ नहीं दी है और छोटे भाइयों का तो हक़ बनता है मज़ाक करने का. लेकिन मैंने यहाँ मज़ाक क्या किया. आपको नहीं लगता आपने दीदी को चुनकर समझदारी वाला काम किया है

रजत भी रोहन की बातों में फंस चूका था bola…bahut समझदारी वाला काम किया है.

अनु boli…iski बातों में न फंसो. ये तो शाम कर देगा. जल्दी चाय ख़त्म करो फिर हमें चलना भी है.

रजत bola…tum बर्तन समेटो मैं अभी आया अपना सूटकेस लेकर.

अनु रसोई में गयी तो रोहन पीछे पीछे चला गया और bola…didi आपने नमकीन देने का वादा किया था आप सिर्फ बिस्कुट ले आये वो भी मीठे वाले.

Anu…ankhen दिखते hue…tum यहाँ क्या करने आये हो. तुम्हारे जीजू आ जायेंगे और ये क्या मीठा नमकीन लगा राखी है. पता है वो भी मेरी तरह क्रिमिनल लॉयर हैं. एक मिनट में बन्दे की मंशा पहचान जाते हैं.

Rohan…bura सा मुँह बनाकर. आप मुझे ऐसे भगा डौगी. सोचा नहीं था दीदी. नमकीन भी नहीं दी.

अनु उसे नमकीन वाला डिब्बा दिखाकर boli…ye लो चाहे पूरा ख़त्म कर दो. मुझे जाना है उनका सूटकेस पैक करवा दूँ.

रोहन जानबूझकर उदास होकर bola..thik है. नहीं मेरा मुँह नमकीन करवाना न सही. मैं चलता हूँ.

अनु को अब उत्सुकता हो रही थी के ये कहना क्या छह रहा है. Boli…waise मैं भी तो जणू. होंठों पर किश करके तुम्हे लगा तुमने मुँह मीठा कर लिया अब नमकीन का कैसे सोचा था जनाब ने?

Rohan…sidhi बात no bakwas….gardan पर और किसी जगह तो आप करने नहीं डोज न.

Anu…gardan पर बाप का माल समझा है क्या? तुम कुछ ज्यादा hi शैतान नहीं हो गए हो. और कोई जगह मतलब कहाँ?

रोहन… को लगा ये पक्का नाराज़ हो जाएगी उसने बात बदलते हुए kaha…kaan के पीछे दीदी. और आपने कहाँ सोचा वो भी मुझे बता दो.

Anu…gusse mein….kahin नहीं. अब मुझे जाने दो.

Rohan…wo गर्दन पर kiss…anu उसे गुस्से में देखकर पेअर पटकती हुई कमरे में जाती है तो देखती है कपडे सरे बिखरे पड़े हैं और जनाब बाथरूम में बैठे कोई पुराण फिल्मी गीत गुनगुना रहे थे.

अनु मुस्कुराई और boli…ye करेंगे पैकिंग. कहते हुए उसने दो मिनट में कपडे पैक किये और सूटकेस निचे रख दिया. फिर बिस्तर को सेट करने लगी ते तकिये के निचे उसे एक पंतय नज़र आयी जो के उसकी नहीं थी.

उसे हैरानी हुई ये देखकर और सोचने लगी. फिर सोचा विधि की होगी. पर फिर सोचने लगी उसकी पंतय यहाँ कैसे हो सकती है. वो तो गेस्ट रूम में होगी न. और यहाँ तकिये के निचे तो बिलकुल भी नहीं होनी चाहिए थी. अनु का जासूस दिमाग एक्टिव हो गया था और उसे एक बात का पता था के रजत में इतनी हिम्मत नहीं के बेडशीट बदल दे. उसे पता है ये बेडशीट संडे वाली hi होगी. उसने अपनी तहकीकात शुरू कर दी थी.



उधर रजत बाथरूम में बैठा गण गुनगुना रहा था और इधर अनु पारा हाई हुआ जा रहा था. दोस्तों अब रजत की खैर नहीं समझो.
 
Part 75रजत बहार आया था शावर लेकर. उसने अभी कपडे भी नहीं बदले थे के अनु चिल्ला पड़ी उस par…kya है ये, सूंघो इसे. अनु ने कच्ची को रजत पर फेकते हुए बोलै.

रजत आराम से उसे सूंघते हुए bola…haan ये पंतय विधि की है. क्यों क्या प्रॉब्लम है इसमें.

Anu…koi प्रॉब्लम नहीं है इसमें? ये ुसेड है. विधि की पंतय हमारे बैडरूम में हमारे तकिये के निचे क्या कर रही है?

Rajat…offo तुम बात का बतंगड़ क्यों बना रही हो अनु. वो भूल गयी बस और कुछ नहीं.

Anu..anekhen दिखते hue...koi लड़की भला हमारे बैडरूम में अपनी पंतय उतर के हमारे तकिये के निचे क्यों रखेगी?

Rajat…arey तुम भूल रही हो विधि कोई लड़की नहीं है वो मेरी सगी छोटी बहिन है.

अनु… वो तो पता है पर जहाँ तुम लेते हो वो वहां अपने भाई के सामने कैसे पंतय उतर सकती है भला.

Rajat…ankhen दिखते hue…tumhara जासूसी दिमाग कुछ ज्यादा नहीं चलता है अनु? उसने कहा भाई अगर आपको प्रॉब्लम न हो तो क्या मैं आपके रूम में सो सकती हूँ? मुझे दुसरे रूम में नींद नहीं आती. मैंने कहा मैं दुसरे रूम में सो जाता हूँ. उसने सोते वक्त उतर के तकिये के निचे रख दी होगी. ऐसी उसकी आदत होगी रूटीन में. अब इसमें गलत क्या ये बताओ.

Anu….bas बस ज्यादा एक्सप्लेन मत करो.

Rajat…abhi तुम्हे पूरा एक्सप्लनेशन चाहिए था और अब जब बता रहा हूँ तो तुम्हे समझ नहीं आ रहा. तुम कुछ अजीब नहीं हो अनु.

Anu…baat को पलटते hue…achha अब चलो जल्दी मैंने पैकिंग कर दी है साडी.

रजत… चल मेरी माँ इससे पहले के तुम्हारे दिमाग में और कोई उल जलूल प्रश्न आये चलो यहाँ से. अनु उसे ऑंखें दिखने लगी तो रजत हंस दिया.

इन दोनों को ये नहीं पता के इन दोनों की बातें कोई और भी सुन रहा था. और सुनकर उसने ना में गर्दन हिलाते हुए bola…meri जासूस bua…ji हाँ ये लड़का रोहन hi tha…hahahaha

तीनो चल पड़ते हैं अपने सफर की और. यानि के रोहन के घर की और. रजत अनु को बार बार छेड़ता रहा उसके जासूसी स्वाभाव की वजह से. रोहन उसका साथ देता रहा. पीछे बैठी अनु को खीझ चढ़ी पड़ी थी इन दोनों पर. लेकिन कुछ कह नहीं प् रही थी क्यूंकि हर बार उसकी हार hi हुई थी अपने इस स्वाभाव की वजह से. वो खुद hi मन hi मन सोचती hai…sala आज तक एक केस नहीं हरा अपने इस स्वाभाव की वजह से पर घर में हर बार जलील होना पड़ता है. अब लगता है घर पर शक करना छोड़ना पड़ेगा. नहीं तो बहुत कुछ सुन्ना पड़ेगा मुझे. सोचते हँसते बोलते तीनो घर चले जाते हैं.

घर पहुँचते hi रजत का खूब स्वागत होता है. भाई जमाई था. वो भी छोटा वाला. अपने बच्चों की तरह था वो. राकेश और रोहित ने उसे अपने साथ बिठा लिया और अनु किचन में चली गयी अपनी भाभियों के साथ.

रोहन लड़कियों को सूंघता अपने रूम में पहुंचा तो देखा के उसके रूम में नेहा लेती दूसरी दुनिया में पहुंची हुई है. रोहन पहले तो सोचता hai…sala इतना बढ़िया रूम दिया है इसको ये यहाँ क्या कर रही है. फिर उसकी निगाह जाती है उसकी टॉप का गाला बड़ा होने की वजह से उसका एक बूब निकलने को हो रहा था. बस निप्पल छोड़कर लगभग पूरा बहार को आया हुआ था. रोहन के मुँह में पानी आ गया. वैसे भी नेहा पूरी हीरोइन लगती थी. खूब पैसा था इसके पास वो भी अपना. तो अपने सजने संवारने पर भी खूब खर्च करती होगी.

रोहन वहां से वापिस आ जाता है और जैसे hi वो बहार निकलने लगता है तो मितली उससे टकरा जाती है. उसे आंख मरकर बोलती hai…bahut युम्मी है न नेहा दीदी. पर यार ये डिश तुम्हे खाने को नहीं मिलने वाली. बहुत महंगी डिश है.

रोहन भी उसको आंख मारकर कहता hai…sasti डिशेस के तो हम भी कायल नहीं हैं. देखो न कितनी महंगी है ये डिश कहते हुए रोहन मितली के होंठ चूसने लगता है. मितली भी उसका पूरा साथ देती है.

Mitali…sunghna यानि किश तक तो ये डिश तुम्हारे लिए अवेलेबल है पर अभी चखने को नहीं मिलेगी. अभी टाइम लगेगा.

रोहन उसकी गाल पर किश करते हुए बोलता hai…take योर टाइम स्वीटहार्ट.

मितली हँसते हुए बोलती hai…haan अभी तुम्हारे लुंड को खूब खुराक मिल रही है और मिलने वाली भी है तुम्हे कहाँ जल्दी होगी.

रोहन मितली को बोलता है. यार मुझे रेस्ट करना है. तुम्हारे रूम में चलते हैं. आओ तुम्हारी बाँहों में सोना है मुझे. मितली ख़ुशी ख़ुशी उसके साथ अपने रूम में चली जाती है. यानि उस रूम में जो उसे और शानू को अलॉट हुआ था.

दोनों जान एक दुसरे को जफ्फी डालकर लेट जाते हैं और रोहन कुछ थका थका सा था तो उसे लेटने के तुरंत बाद नींद आ जाती है. मितली को नींद नहीं भी आ रही थी पर अपने प्रेमी की बाँहों में लेटकर उसे भी खूब अच्छी नींद आ जाती है.

शाम को पांच बजे के करीब रोहन की आंख खुलती hai…koi इनके रूम का दरवाजा खटखटा रहा था. रोहन दरवाजा खोलता है तो ये शानू थी. शायद उसे अपने रूम से कुछ चाहिए था. शानू जब देखती है के रोहन के साथ मितली लेती है तो वो मुस्कुराते हुए कहती hai…sorry भाई. लगता है आप लोगों को डिस्टर्ब कर दिया.

रोहन भी मुस्कुराते हुए उसे कहता hai…arey नहीं रे बस सो रहे थे एक दुसरे की बाँहों में और तुमसे कौन सा कुछ छुपा है जानू.

रोहन उसके होंठों पर किश करते हुए बोलता है.

शानू अपने बैग से अपना कुछ सामान लेती है और रोहन से बोलती hai…jao लेट जाओ भाई. अपनी प्यारी पत्नी की बाँहों में . और हँसते हुए वहां से भाग जाती है.

रोहन मुस्कुरा कर बोलता है. झल्ली लड़की. इतने में उसे सोनिआ भाभी आती हुई दिखाई देती है. रोहन उसे देखकर आंख मार देता है. सोनिआ के चेहरे पर मुस्कान आ जाती है. बोलती है..

Sonia..kya बात बड़ी मस्ती सूझ रही है. माजरा क्या है?

Rohan…lagta है भाभी की चुदाई हुई है दोपहर में जो अपने रूम से आ रही हो.

Sonia…udas से चेहरे के sath…..kahan यार. वो तुम्हारे भाई को कुछ काम पद गया और उन्हें जाना पद गया है. अब वो कल सीधे फंक्शन में hi पहुंचेंगे तो परसो तक चुदाई के कोई चांस नहीं हैं.

रोहन सोनिआ को बाँहों में लेकर उसके होंठों पर किश करते hue…aap मौका दो तो अभी चुदाई कर दूँ आपकी.

Sonia…chal हैट. बेशरम कहीं का. तुझे कुछ और भी सूझता है क्या. मैं तुम्हारे भाई की चुदाई से एकदम संतुष्ट हूँ. उसे परे करते हुए मुस्कुराती हुई बोलती है.

Rohan…muskura कर आंख मरते हुए… कभी कभी घर के खाने से संतुष्ट होते हुए भी हम बहार का खाना कहते हैं न.

Sonia…nahi मुझे बहार के खाने से उलटी आती है.

Rohan…apni और इशारा karke….agar ये खाना खाकर उलटी आयी तो समझ लेना खुशखबरी है. और हंसकर भागने लगता है.

सोनिआ उसकी बात को समझकर उसे मरने दौड़ती है पर रोहन भागकर निचे पहुँच चूका था.

निचे आकर उसे कुछ और hi देखने को मिलता है अनु बुआ सोफे पर बैठी चाय पीती हुई कुछ सोच रही थी. रोहन उसके पास जाकर उसके कंधे पर हाथ रखकर उसे देखने लगता है और उसकी गाल पर किश करके पूछता है.

Rohan…kya हुआ didi…par उसकी ये बुआ छुम दीदी तो कोई जवाब hi नहीं देती और लग रहा था के जैसे उसको रोहन के किश करने का भी एहसास नहीं हुआ था.

रोहन अबकी बार जोर से किश करता है तो अनु एकदम से चौंक कर बोलती hai…ye क्या बदतमीज़ी है रोहन. क्या कर रहे हो. अपने हाथ से गाल को हाथ से साफ़ करते हुए बोलती है.

Rohan…arey दी आपको पता भी है मैंने ये दूसरी किश की थी और आपसे कुछ पूछा भी था पर आपने तो मेरी बात सुनी hi नहीं.

Anu…sochte hue..achha क्या पूछा था.

Rohan…maine कहा था क्या हुआ दीदी? आप इस तरह सोच में क्यों बैठी हो.

Anu…chhupate hue…kuchh नहीं मैं कहाँ सोच में बैठी हूँ रोहन.

Rohan…khud तो जग्गा जासूस बानी फिरती हो और मामूली चीजों को छुपाने की कोशिश कर रही हो जिन्हे बचा भी पकड़ ले.

Anu…kuchh सोचते hue…yaar तुम्हारे जीजू के बारे में सोच रही थी.

रोहन के मुँह से निकल जाता hai…didi तुम्हारी सुई उस विधि पर hi अटकी हुई है न अभी भी.

अनु उसकी और ऑंखें निकलकर देखती hai….tumhe विधि के बारे में कैसे पता.

रोहन अब पछता रहा था के उसका अपनी जुबान पर बिलकुल भी काबू नहीं है. वो hi hi करके हंसने लगता है और बात को टालने की कोशीश करता hai…wo बस ऐसे hi गेस किया मैंने.

Anu…guess के bache…tum हस्बैंड वाइफ की बातें सुनते हो छुप छुप कर? उसके ऑंखें निकलती है.

Rohan…shaitani मुस्कान के sath…wo बात यूँ है दीदी. मेरी कोई तमन्ना नहीं थी आप लोगों की बातें सुनने की. वो तो बस मैंने देखा के आपको आने में टाइम हो गया तो मैं आपको बुलाने आया. और देखा के आप दोनों की किसी बात पर बहस हो रही है. मतलब यार दी तुम क्या चीज हो अपने पति को भी नहीं छोड़ती हो शक करने में. फिर मैं तो क्या चीज हूँ.

कहाँ तो अनु को उस पर गुस्सा आना चाहिए था कहाँ वो दुखी सी होकर बोलती hai…yaar रोहन मैं क्या करूँ अपनी आदत पर. और यू क्नोव मुझे अब भी शक है रजत पर. हालाँकि विधि उसकी बहिन है फिर भी मुझे किस हद तक शक है सोचो न तुम? मुझे तो विश्वास hi नहीं हो रहा उसकी बातों पर.

रोहन कुछ देर सोचता है फिर अनु से बोलता hai…achha दीदी अगर मैं आपका ये मसला हल कर दूँ तो फिर जो मांगूंगा वो मुझे मिलेगा क्या?

अनु कुछ सोचकर बोलती hai…thik है तू ये मसला हल कर दे. तुझे मिलेगा जो तू कहेगा. पर हाँ गलत चीज मांगेगा तो बिलकुल नहीं मिलेगी. इसलिए चाहे तो अभी से मन कर दे.

Rohan…muskura कर एक बार फिर से उसकी गाल पर किश करते हुए बोलता hai….ab आप मुझे चाहे मेरी कही चीज दो न दो. मैं आपका काम जरूर करूँगा दी.

Anu…uski गाल पर किश करते hue…mera अच्छा भाई. रोहन वहां से उठकर बहार टहलने लगता है वो प्लानिंग बना रहा था अचानक उसको कुछ सूझता है और उसके चेहरे पर मुस्कान आ जाती है.



वो तुरंत अपने पापा को फ़ोन लगता hai….papa कहाँ हो आप? मुझे आपसे मिलना है.
 
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