इन्सेस्ट आखिर क्यों? फ्रॉम हैट्रेड तो लव (कम्प्लेटेड) - Page 20 - SexBaba
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इन्सेस्ट आखिर क्यों? फ्रॉम हैट्रेड तो लव (कम्प्लेटेड)

अपडेट - 93

अब तक...

नताशा राहुल को देखती है और फिर उसके मुँह के करीब आती है और उससे माउथ तो माउथ ट्रीटमेंट देने लगती है. पर कोई फायदा नहीं होता.

नताशा : he's उनकंससियस नॉट बिकॉज़ ऑफ़ ड्रोनिंग बूत बिकॉज़ ऑफ़ ब्लड लोस्स.

इतने में hi उन्हें मोटर बोट की आवाज़ आती है और वो देखते hi की विवेक बोट लेकर आ गया.

दोनों राहुल को ऊपर करते है बोट में और फुर्ती में सिटी की तरफ चल देते है, नताशा फिरसे अपनी फ्रेंड को कॉल करके कार भेजने के लिए कह देती है.


अब आगे...



हॉस्पिटल में सभी बहार िक वार्ड के बहार बैठे हुए थे, सभी के चेहरों पर चिंता के भाव थे. नताशा की फ्रेंड यहाँ पे हेड डॉक्टर थी और हॉस्पिटल उनके डैड का था इसलिए कोई परेशानी की दिक्कत hi नहीं थी.

जेस, जो की नताशा की फ्रेंड थी वही राहुल का ट्रीटमेंट कर रही थी. ब्लड लोस्स होने की वजह से राहुल उनकंसियस हो चूका था और अब ब्लड की ज़रुरत थी. सभी ने अपना अपना ब्लड टेस्ट करवाया. वरुण का ब्लड राहुल के ब्लड ग्रुप से मैच हो गया और वरुण ने ब्लड देने के लिए खुद को आगे किया. इस वक़्त वो बोहत खुश था की काम से काम वो किसी काम तोह आ रहा है. उसकी ग्लानि थोड़ी hi सही पर काम तोह हुई.

उर्वशी का ट्रीटमेंट वही पर काम करने वाले होनहार डॉक्टर कर रहे थे.

जब मोनिका को होश आया तोह वह राहुल राहुल चिल्लाने लगी थी, उससे जैसे तैसे शांत करवाया और जब उससे बताया की राहुल सुरक्षित है और उसका ऑपरेशन चल रहा है तोह मोनिका इतना रोई थी... उससे इस बात की ख़ुशी थी की राहुल मिल गया. पर अब उसकी टेंशन थी ऑपरेशन में क्या होगा?

राहुल का फ़ोन चालु था पानी में गिरने के बाद भी. ीफोने था तोह ज़्यादा दिक्कत नहीं गयी. इस वक़्त राहुल का फ़ोन मोनिका के पास था. मोनिका ने स्विच ों किया तोह उसने देखा की उसमे अंशु नाम से और ऋचा नाम से ढेर्रो मिस्ड कॉल्स पड़े हुए थे.

मोनिका ने अंशु को कॉल किया पर कॉल लग नहीं रहा था, लगता भी कैसे? अंशु नेहा और ऋचा प्लेन में जो थे और उनका फ़ोन आलरेडी एयरप्लेन मोड में जो था.

नेहा ने फौरन जो फ्लाइट मिली उसमे टिकट बुक करवा ली थी और वो सभी फौरन hi वह से निकल पड़े.

ऑपरेशन कुछ घंटे के बाद समाप्त हुआ और जेस बहार निकली. उससे बहार निकलता देख नताशा सीधे उसके पास आ गयी,

नताशा : व्हाट हप्पेनेड? How's हे नाउ??

जेस (स्माइल्स) : don't वोर्री डिअर! He's आउट ऑफ़ डेंजर नाउ.

नताशा : ओह्ह्ह्ह थैंक गॉड!!! थैंक यू सो मच जेस.

जेस : वे अरे बुडडीएस राइट? There's no नीड फॉर तहत. *स्माइल्स*

नताशा अपने सीने में हाथ रखते हुए राहत की सास भर्ती है, जेस की बात सुनते hi बाकी सब भी बोहत खुश हो जाते है और टेंशन फ्री हो जाते है.

मोनिका रट रट डॉक्टर के परर पर गिर जाती है. वो साड़ी घटना का दोष खुद को दे रही थी. न वो राहुल को बताती और न hi राहुल यहाँ पे आता और ना hi ये सब होता.

मोनिका ने सोचा की राहुल के घर पर बात बता दी जाए और उसने फौरन राहुल का फ़ोन निकाला और उसकी माँ को कॉल लगा दिया.

निशा : हां बेतु बोल! आज अचानक से याद आ गयी अपनी इस माँ की हां? नई तोह कई बार तोह तू कॉल hi नहीं करता. हम्फ!!

मोनिका : he..hello??

निशा : hello? कोण? बेतु??

मोनिका : j..jii!! में... में मोनिका बोल रही हु. वो... वो... राहुल...

मोनिका की हिम्मत hi नहीं हो रही थी की वो निशा को कुछ बता सके. उसके होंठ काँप रहे थे, दिल जोरर जोरर से धड़क रहा था.

कैसे बताती की उसके कारण उनका बीटा मरते मरते बचा है?

निशा : राहुल क्या? आप कोण हो? में तोह नहीं जानती मोनिका को किसी...

मोनिका : जी! वो... राहुल हॉस्पिटल में है...

निशा : क्याआआआ???

निशा एकदम से उठ जाती है,

मोनिका : जी... वो... वो... उससे गोली लगी थी कंधे में... अभी उसका ऑपरेशन हुआ है, बूत he's आउट ऑफ़ डेंजर नाउ.

निशा ये बात सुनते hi एकदम से ज़मीन पर गिर पड़ती है और उसके होंठ थार थाने लगते है.

निशा : ka..kaha है मेरा बेतु?? केसा है वह अब? किसने मारी गोली उससे?? कैसे लगी उससे गोली??

मोनिका : ौन्तीय... राहुल... नई ज़ीलैण्ड में है. क्सक्सक्सक्सक्सक्सक्स हॉस्पिटल में. आप जितना जल्दी हो सके यहाँ आ जाइये. में बाकी डिटेल्स आपको बता दूंगी बाद में.

निशा : में अभी आती हु.

निशा अपने ासु पॉच फुर्ती में राजेश को फ़ोन लगाती है और सब कुछ बता देती है. निशा ने जब सच्चाई बताई थी नेहा को तब राजेश आउट ऑफ़ टाउन था उसके बाद जब वो वापस घर आया तब निशा ने उससे सब कुछ सच बता दिया था की कैसे नेहा को सब सच पता चला. राजेश बिलकुल भी नाराज़ नहीं हुआ बल्कि उसके ऊपर से एक बोझ हल्का हो गया था. उससे पता था एक न एक दिन नेहा को पता चलना hi था और जितना जल्दी हो गया उतना अच्छा है. सवाल ये था की क्या नेहा राजेश को माफ़ कर पाएगी? राजेश ने सब कुछ समय पर चोरर दिया सुर घर में सभी को बता के वो निशा के साथ नई ज़ीलैण्ड जाने की तैयारी करने लगा.

जब ये बात वंशु और उनके परिवार को पता चली तोह वंशु तोह जैसे हिल hi चुकी थी ये न्यूज़ सुन्न के. बेचैनी इतनी की उससे सांस लेने में दिक्कत होने लगी थी. घरवालों ने जब उससे शांत करवाया तब जाके वो थोड़ा ठीक हुई और नई ज़ीलैण्ड जाने के लिए फौरन प्लान बनाने लगी. वंशु के साथ आने के लिए रुपेश आ रहा था.

मोनिका ने घटना की बात मास्टर को भी बता दी, जब ख़ुशी और प्रीती को ये पता चला तोह वो बेचैन हो गयी और राहुल को देखने के लिए बोहत hi ज़्यादा बेकरार थी. मास्टर ने दोनों को साथ में ले जाने का फैसला किया और नई ज़ीलैण्ड की टिकट बुक करवा दी.

राहुल बेचारा साड़ी बातो से परे यहाँ बेहोश पड़ा हुआ था. उससे पता hi नहीं था की उसके चाहने वाले यहाँ उसके लिए पूरी तेज़्ज़ी से आ रहे है.

कुछ घंटो के बाद जब नेहा और बाकी सब नई ज़ीलैण्ड की ज़मीन पर उत्तरी तोह उन्होंने अपना फ़ोन सबसे पहले चेक किया,

अंशु : मेरे फ़ोन में भाई के मिस्ड कॉल्स है

नेहा : क्या?? हां तोह दी! करिये न कॉल बैक.

अंशु : okay!!

अंशु कॉल बैक करती है तोह दूसरी साइड से मोनिका कॉल पिक करती है,

मोनिका : hello?

अंशु : hello? भाई???

मोनिका : हँ?? Ummm...Kya आप अंशु बोल रही हो? राहुल की बहिन??

अंशु : यस! में अंशु hi बोल रही हु. आप कोण? भाई किधर है?

मोनिका : वो एक्चुअली... में मोनिका बोल रही हु. राहुल इस इन हॉस्पिटल राइट नाउ. He's इन्जुरेड. He's इन नई ज़ीलैण्ड.

अंशु : व्हाआटटट??? किधर? नई ज़ीलैण्ड में किधर? व्हिच हॉस्पिटल??

मोनिका : हॉस्पिटल क्सक्सक्सक्सक्सक्सक्स

अंशु : में अभी आती हु. वे अरे इन नई ज़ीलैण्ड आलरेडी!

*कॉल एंड्स*

नेहा : क्या हुआ दीदी??

अंशु : नेहू! भाई... भाई हॉस्पिटल में है! किसी मोनिका का कॉल था. वो बता रही थी की...

भाई को चोट लगी है.

नेहा : kyaaaaaaaaaaaa???? दी कोनसा हॉस्पिटल? कहा है मेरा भाई?? चलो जल्दी!!! वो ठीक तोह है न? उससे कुछ हुआ तोह नहीं न?? बोलिये न...!

नेहा के परर लड़खड़ाने लगते है और वो एकदम से गिरने लगती है. उसके हाथ भी काँप रहे थे और वो रोने लगती है.

ऋचा : राहुल को चोट लगी है?? व्हाट?? Ye...ye कैसे?? कहा है वह??

ऋचा भी डर के मारे पैनिक कर जाती है, उसका दिमाग राहुल के चेहरे से hi भरा हुआ था. केसा होगा वह? कहा पर है? कैसे लगी उससे चोट? यही सब सवाल उसके मैं में घूम रहे थे.

अंशु : कलम डाउन नेहा!! कलम डाउन ऋचा दीदी! भाई क्सक्सक्सक्सक्सक्सक्स हॉस्पिटल में है. Let's जो. वह पहुँच के देखते है क्या हुआ है. Don't वोर्री वो मोनिका ने बताया है की he's आउट ऑफ़ डेंजर नाउ.

डर तोह अंशु को भी था पर उससे पता था यदि वो कलम न रही तोह ऋचा और नेहा को संभालने वाला कोई नहीं रहेगा.

कैब लेके तीनो हॉस्पिटल की तरफ चल पड़ती है. राहुल अभी भी उनकंसियस था. अनेस्थेसिअ के कारण उसकी उनकंसियसनेस्स और भी ज़्यादा देरर तक थी. सभी उसके होश में आने का बस वेट कर रहे थे.

मोनिका बैठे हुए सामने उसके रूम की तरफ बिना पलके झपकाए बस देखे जा रही थी. दिमाग में वही सीन्स घूम रहे थे जब राहुल गोली खाते हुए मोनिका की तरफ कूड़ा था उससे बचाने के लिए. कैसे वो पानी में बह रहा था. वो पल याद करते hi मोनिका की रूह काँप गयी.

कुछ आवाज़ आयी तोह उसने बगल में देखा तोह पाया की तीन लड़किया दौड़ते हुए आ रही है.

वो तीन और कोई नहीं, नेहा ऋचा और अंशु hi थी.

नेहा मोनिका को एक नज़र में hi पहचान लेती है, वो सीधे दौड़ते हुए उसके भुजाए कस के पकड़ लेती है,

नेहा : कहा है मेरा भाई?? बोलिये?? वेयर इस हे?

नेहा का आसुओ से भरा हुआ चेहरा देख के मोनिका को खुद पे और भी ज़्यादा गिल्ट होने लगती है, वो हाथ के इशारे से राहुल के वार्ड की तरफ पॉइंट करती है और चुप्प चाप शांत hi कड़ी रहती है.

नेहा आगे बढ़ने hi वाली थी की अंशु उसका हाथ थाम लेती है,

नेहा : !?? क्या कर रही हो आप दी??

अंशु : नेहु?? क्या अभी तेरा जाना सही है? ी मैं, जब भाई तुझे देखेंगे और उन्हें ये पता चलेगा की उनका सच सामने आ गया है तोह कही उनके ऊपर कोई जोरर न पड़े. उनकी हालत अभी वैसी है, he's इन्जुरेड. क्या ये सही है?

अंशु की बात सुन्न नेहा सिहर उठती है. यदि नेहा को देख के राहुल को कुछ हो गया तोह? पर अपनी बहिन को देख के राहुल को तोह खुश होना चाहिए न?

नेहा : दी में... में कुछ समझी नहीं!

अंशु : ी मैं... भाई इतने साल तक अपना सच छुपाते रहे, उन्होंने कभी भी तुम्हे पता चलने नहीं दिया. अब ऐसे में तुम उनके सामने जाके बताओगी की तुम्हे सब पता चल गया है तोह इतने सालो से उनकी म्हणत का क्या? उनके दिल पर क्या बीतेगी? उनकी सेहत न बिगड़ जाए, में ये कहना चाह रही थी.

नेहा : हँ?? दी... में... में कुछ नहीं जानती. में उससे देखे बिना अब नहीं रह सकती और में उससे कुछ भी होने नहीं दूंगी. ी स्वेअर. बोहत झेल लिया उसने, बोहत प्रोटेक्ट कर लिया मुझे, उसने बोहत कर लिया सब. अब मेरी बारी है. अब में उससे प्यार दूंगी, में उसका ख़याल रखूंगी, में उसके साथ रहूंगी हर्र डैम.

कहते हुए नेहा जेस जो की वही साइड में कड़ी हुई थी उस से पूछती है,

नेहा : he's माय बरोथेर. कैन ी जो एंड हैवे ा लुक ात हिम? प्लीज? ी बेग यू!

जेस (स्माइल्स) : यस सूरे! He's आलरेडी आउट ऑफ़ डेंजर नाउ. वे अरे जस्ट वेटिंग फॉर हिम तो गेट हिज कांशसनेस बैक. यू कैन जो एंड वाच हिम, जस्ट don't दो एनीथिंग ेल्स. व्हेन हे गेट्स हिज कांशसनेस बैक, don't मेक हिम टॉक तू मच फॉर ा व्हिले. Okay?

नेहा : थैंक यू! थैंक यू सो मच डॉक्टर!!

जेस : no प्रॉब्लम डिअर. ी कैन अंडरस्टैंड!

धीरे धीरे नेहा राहुल के रूम का वार्ड खोलती है और अंदर जाती है. राहुल बेहोश पड़ा बीएड पर लेता हुआ था. उसका सीना पूरा नग्न था और कंधे पर पत्तिया बंधी हुई थी.

उसकी ऐसी हालत देख नेहा की आँखों से आसुओ की धाराए बहने लगी. किस्से पता था वो यहाँ अपने भाई को सबसे पहले ऐसी हालत में देखेगी? उसकी गिल्ट फिरसे उसपर हावी होने लगती है.

वो धीरे धीरे राहुल के करीब आती है और उसके बगल से बैठ के कुछ देरर तक बास रट हुए उससे निहारती रहती है.

कुछ देरर बाद वो राहुल के माथे पर फैले हुए बाल को धीरे से हाथ से ऊपर करती है और आगे बढ़ के झुकते हुए उसका माथा चुम लेती है.

नेहा (रट हुए) : you've बिकम मच मोरे हैंडसम...

कहते हुए वो रट रट hi स्माइल करने लगती है. फिर उसके कंधे पर बंधी पत्तियों को हलकी उंगलियों से टच करती है, जैसे उसका दर्द फील करने की कोशिश कर रही हो.

उसके गाल पर अपना हाथ रखती है और उसके कान में आहिस्ता आहिस्ता झुकते हुए धीमी सी आवाज़ में कहती है,

नेहा : अब तुम्हे कही नहीं जाने दूंगी.

नेहा बड़े hi प्यार से राहुल को सेहला रही थी और बस उससे hi निहार रही थी. कुछ हु मिनट बाद राहुल कराहते हुए अपनी आँखें खोलने का प्रयत्न करने लगता है.

जब उसकी आँखें खुलती है तोह पहले तोह थोड़ा धुंदलापन्न रहता है पर धीरे धीरे hi सब कुछ जैसे क्लियर होने लगता है.

जब वो देखता है तोह पाटा है की नेहा उसके चेहरे के ठीक ऊपर रो रही है और मोठे मोठे आसुओ की बुँदे गिरकर राहुल के चेहरे पर टपक रही है.

"हम्म्म??" राहुल को प्रोसेस करने में अभी समय लग रहा था, उसकी समझ नहीं आ रहा था की वो कहा पे है और क्या चल रहा है. उसने कुछ बोलने का प्रयत्न किया पर उसके पहले hi नेहा ने अपनी ऊँगली उसके होंठो पर रख कर उससे चुप करवा दिया.

नेहा : स्स्स्सह्ह्ह्हह्ह!!! आप कुछ नहीं बोलोगे अभी. डॉक्टर ने मन किया है ज़्यादा बोलने से आपको.

नेहा फिर से झुकती है और उसके कानो के पास आती है,

नेहा : आप को कंधे पर गोली लगी थी. यू अरे इन हॉस्पिटल राइट नाउ. और आपकी गुड़िया आपके सामने है. ी क्नोव आपके मैं में बोहत से सवाल आ रहे होंगे. में सब कुछ बताती हु आपको. आप ज़्यादा बोलना मत बस.

राहुल उससे हैरान होते हुए देख रहा था, उससे ये समझ आ गया था की वो आइलैंड से बच के आ गया है और सुरक्षित है और नई ज़ीलैण्ड में hi वो एडमिट है पर नेहा यहाँ क्या कर रही है और ये ऐसा बेहवे क्यों कर रही है ये राहुल की समझ से बहार हो रहा था.

नेहा ने राहुल का हाथ थामा और उससे अपने स्तनों में दहस्सा लिया और कस के पकड़ लिया.

नेहा : मुझे सब पता चल चूका है भाई. आपने मेरे लिए क्या क्या किया, क्या क्या मुझसे छुपाया, क्या क्या आपने परिवार वालो के लिए किया. सब कुछ... सब कुछ पता चल चूका है.

राहुल : ???

नेहा : उस दिन... उस दिन माँ ने सब को घर पर बुलाया था सभी को सचाई बताने के लिए जो माँ डैड और आप इतने सालो से छिपाते आ रहे थे. उन्होंने मुझे मेरी दोस्त के यहाँ भेज दिया था ताकि मुझे सच्चाई पता न चले. Par...par... किस्मत से में घर लौट आयी, क्युकी मेरी फ्रेंड घर पर नहीं थी और मेने अनजाने में hi सही... सब कुछ... सब कुछ सुन्न लिया. ी क्नोव एव्री थिंग. हर्र एक सच मेरे सामने खुला...

कहते हुए उसके ासु बहकर राहुल के हाथ पर गिरने लगे जिससे वो पकड़ी हुई थी.

नेहा : व्हाई?? क्यों?? क्यों किया भैया मेरे लिए आपने इतना सब? हँ?? क्यों?? हर्र पल मेने आपको नीचे दिखाया, आपका मज़ाक बनाया, आपकी इंसल्ट की, आपसे नफरत की, आपका बुरा चाहा पर आपने?? आपने हमेशा मेरा भला hi चाहा... आखिर क्यों????

राहुल : गुड़िया...

राहुल के भी ासु निकल पड़े, बहते हुए ासु उसके तकिये पर गिर रहे थे. दोनों भाई बहिन एक दूसरे से सवाल जवाब कर रोये जा रहे थे.

नेहा : बोलिये न!! क्यों?? क्यों किया आपने ऐसा?? मेरे लिए इतना सब?? क्या में आपके इतने प्यार के लायक थी? मेने नफरत के अलावा क्या hi दिया आपको बदले में? फिर क्यों? क्यों आप इतनी हद्द तक गए मेरे लिए? मेरे भले के लिए हर्र वक़्त आप मेरी परछाई बन कर चलते रहे हमेशा... हमेशा मुझे किसी न किसी तरीके से मेरी नफरत को बढ़ाते थे आप... Taaki...taaki में आप को नीचे दिखाने के लिए आपसे आगे निकल सकू

पर में... *क्रिस* बोलिये... बोलिये आप ने क्यों किया ऐसा? सिर्फ इतना hi बता दीजिये मुझे

राहुल को पता था उसका सच सामने आ चूका है और अब कोई फायदा नहीं है. उससे बुरा नहीं लगा किसी भी बात का. उससे डर बस ये था की अब क्या उसकी गुड़िया डैड को माफ़ करेगी?

राहुल ने अपना हाथ जो नेहा के उरोजों में दहस्सा हुआ था उससे उठाया और नेहा के गालो पर रखा और अंगूठे से उसके ासु पोछे,

राहुल : क्युकी... क्युकी तू मेरी गुड़िया है. *स्माइल्स* ी लव यू !

नेहा जिसके ासु अभी बस बाँध की तरह रुके हुए थे राहुल का जवाब सुन्न ने के लिए, उसका जवाब सुनते hi जैसे वो बाँध खुल गया और धरै की तरह ासु फिरसे बहने लगे. नेहा ने राहुल का हाथ कस का पकड़ लिया जो उसके गालो पर था

नेहा : ी लव यू ♥️... ी लव यू सो मच!! ी लव यू भैया!!!

नेहा झुकते हुए राहुल को धीरे से अपनी बाहो में ले लेती है ताकि उसके कंधे की चोट न दुःख जाए.

नेहा (मैं में) : निक्की... मुझे नहीं पता था की में तेरे दिए गए सुग्गेस्टिव पर कभी खरी उतरूंगी बूत थैंक्स तो यू... थिस इस ब्लिस्फुल.

नेहा (कान में कहते हुए) : भाई??

राहुल : हम्म??

नेहा : ी लव यू ?!!!

राहुल (स्माइल्स) : लव यू तू!! पर अभी मेरे बोहत से क़ुएस्तिओन्स है जिन्हे में बाद में पूछूंगा.

नेहा : ऑफ़ कोर्स!! मेरे पास भी बोहत से क़ुएस्तिओन्स है जिन्हे में बाद में पूछूँगी आप से.

राहुल : हम्म!!

नेहा : भाई??

राहुल : हम्म???

नेहा : जिस रात हमारी लड़ाई हुई थी न...

राहुल : हम्म...

नेहा : उसके अगले दिन मेरा b'day था.

राहुल : हम्म्म

नेहा : पर लड़ाई होने से पहले न... में आपके गिफ्ट के बारे में सोच रही थी उस रात. में सोच रही थी की आप जब मुझे गिफ्ट डोज तोह बदले में में आपको क्या रेतुर्न गिफ्ट दूंगी.

राहुल : तोह??

नेहा : फिर मेने निक्की से बात करि थी और उसने मुझे बताया था की रेतुर्न गिफ्ट में क्या देना चाहिए मुझे.

राहुल : ओह्ह्ह!!!

नेहा : आपको पता है वो रेतुर्न गिफ्ट क्या था?

राहुल : umm...nahi?? शायद तुमने कभी दिया नहीं!?

नेहा : हां! मेने कभी किसी को भी नहीं दिया. सोचा था आपको दूंगी बूत हमारी लड़ाई हो गयी...

राहुल : ओह्ह्ह!!

नेहा : पर वो रेतुर्न गिफ्ट में अभी दूंगी आपको.

राहुल : ओह्ह?? क्या है उसमे?

नेहा (ब्लश) : क्लोज योर आईज!

राहुल : रियली??

नेहा : हां नाआआ!!! बंद करो नाआ... क्लोज योर आईज.

राहुल : okay!!

राहुल अपनी आँखें बंद कर लेता है और गिफ्ट का इंतज़ार करने लगता है. पर तभी उसको अपने होंठ पे कुछ गीला गीला महसूस होती है.





आँख खोलते hi वो देखता है की नेहा उसके होंठो पर अपने होंठ लगाए हुए आँखें बंद करके मीठी किश के एहसास में डूबी हुई है.

फटी आँखों से वो बस नेहा को hi देख रहा था, कुछ करने लायक नहीं था वह. करीब 20 सेकंड की इस किश के बाद जब नेहा पीछे हुई और अपनी आँखें खोली तोह उसकी आँखों में एक अजीब सा नशा था.

राहुल इस से पहले की कुछ बोलता नेहा उसके मुँह पर हाथ रख कर बंद कर देती है और उसके कानो में कहती है,

"No क़ुएस्तिओन्स नाउ! बस एक बात याद कर लो भाई... ी लव यू मोरे थान एनीथिंग इन थिस वर्ल्ड"

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आज के लिए इतना hi गाइस!


धन्यवाद्!
 
अपडेट - 94

अब तक...

आँख खोलते hi वो देखता है की नेहा उसके होंठो पर अपने होंठ लगाए हुए आँखें बंद करके मीठी किश के एहसास में डूबी हुई है.


फटी आँखों से वो बस नेहा को hi देख रहा था, कुछ करने लायक नहीं था वह. करीब 20 सेकंड की इस किश के बाद जब नेहा पीछे हुई और अपनी आँखें खोली तोह उसकी आँखों में एक अजीब सा नशा था.

राहुल इस से पहले की कुछ बोलता नेहा उसके मुँह पर हाथ रख कर बंद कर देती है और उसके कानो में कहती है,


"No क़ुएस्तिओन्स नाउ! बस एक बात याद कर लो भाई... ी लव यू मोरे थान एनीथिंग इन थिस वर्ल्ड"

अब आगे...

राहुल कुछ भी बोलने की हालत में hi नहीं था या यु कहे की नेहा की इस हरकत से उसकी बोलती hi बंद हो गयी थी. इधर उसकी आँखें में हैरानी थी तोह उधर नेहा की आँखों में अलग hi नशा सा था. ऐसा लग रहा था मानो नेहा का मैं अभी इतने से न भरा हो और अभी hi वो राहुल पे टूट पड़ेगी.

नेहा : क्या हुआ?

उसने ये इतनी सेक्सी वौइस् में बोलै था की राहुल के मुँह से कुछ निकल hi नहीं रहा था

राहुल : umm...wo... तुमने?? गुड़िया??

नेहा : हां हां कहिये न?? में सुन्न रही हु.

राहुल : यू जस्ट किस्ड में?

नेहा : यस ी दीद *स्माइल्स* इस तेरे अन्य प्रॉब्लम?

नेहा इतनी प्यारी स्माइल दे रही थी ये पूछते वक़्त. उसके इर्द गिर्द अलग hi और था. ऐसा लग रहा था की यदि राहुल ने कहा की उससे प्रॉब्लम है तोह नेहा उससे वही दबोच लेगी.

नेहा वास् लिखे, "विरोध कर के तोह दिखाओ भाई तुम. में बताउंगी फिर तुम्हे अच्छे से की किश क्या होती है"

राहुल : उम्... गुड़िया?? Aise...honth पे...

नेहा : हां! होंठ पे. यू didn't लिकेड आईटी?

राहुल : उम्...

नेहा (स्माइल्स) : अब इसकी बात आप निक्की से करना. शी सुग्गेस्टेड में.

राहुल (मैं में) : ये निक्की कहा कहा के आईडिया दे रही है गुड़िया को?

कुछ मिनट बाद...

नेहा (साद) : भाई!

राहुल : हँ??

नेहा : क्या आपने मुझे माफ़ कर दिया?

राहुल : माफ़? किस बात के लिए?

नेहा : आप इतने अच्छे क्यों हो?? तेल्ल में!! अरे मेने आपके साथ जो इतना सब किया. क्या आपने मुझे माफ़ कर दिया? इतनी आसानी से??

राहुल : हँ?? क्या किया तूने?

नेहा : मेने आपको इतने साल तक आपकी इंसल्ट की, आपसे नफरत की, आपको नीचे दिखाया, यहाँ तक की मेने आप पर लड़की के साथ ज़बरदस्ती करने का इलज़ाम भी लगाया था. तोह आपने मुझे ऐसे hi माफ़ कर दिया?

राहुल : अरे पर जब तुम दोषी हो hi नहीं तोह किस बात के लिए में माफ़ करू?

उसकी ऐसी बात सुन्न नेहा उसको स्तब्ध होक एक तक देखने लगती है और फिर उसके ासु अपने आप hi निकल आते है,

नेहा : आप देवता हो क्या भाई?

राहुल : ???

नेहा : मेने आपके साथ इतना सब किया और आपने मुझे दोषी भी नहीं ठहराया??

राहुल : तुझे सच्चाई नहीं पता थी गुड़िया. तोह ज़ाहिर सी hi बात है की तू ऐसा hi बेहवे करती. तेरी जगह कोई भी होता यही करता. इसके लिए में अपनी गुड़िया को दोषी क्यों मानूंगा?? हां वो लड़की के साथ ज़बरदस्ती करने वाला थोड़ा ज़्यादा था बूत ात थे एन्ड ी वास् okay...

नेहा जो की अभी थोड़ी शांत थी उसके ासु फिरसे निकलने शुरू हो गए और वो इस बार सिसक सिसक कर रोने लगी. राहुल को कस के अपनी बाहो में लिया, कंधे का ध्यान रखते हुए और उसके सीने में hi सर रख के सिसकने लगी.

नेहा (क्रिस) : भैयाआआआ... ी लव यू ♥

ी लव यू सोऊ मछःह... सोऊ मुछ्छःह...

सर उठा के नेहा ने राहुल के गाल चूमना शुरू कर दिए और वो रुकने का नाम hi नहीं ले रही थी, बस चूमते hi जा रही थी.

राहुल : बस बस... गुड़िया... बस

नेहा : आपको याद है? मेने आपका दिया हुआ टेडी जला दिया था? आपका बनाया हुआ स्केच फाड़ दिया था. जब उस दिन मेने आपके रूम में जाके ये सब पाया न तोह में इतना रोई थी. मेने आपके लाकर से एक और चीज़ ढूंढी.

राहुल : क्या??

नेहा अपने टॉप के अंदर हाथ डालती है और फिर अपने ूरोज़ में छुपी हुई एक तस्वीर निकाल के राहुल को दिखाती है.

राहुल : ये कहा पर राखी थी तुम??

नेहा (ब्लश) : आपकी जगह मेरे दिल में hi तोह है. आप इस तस्वीर में थे तोह अब में दिल में तोह नहीं रख सकती न? इसलिए दिल के पास रख लिया हहै

राहुल (ब्लश) : तू भी न पागल है. अब ऐसे hi रखती फिरेगी क्या?

नेहा (ब्लश) : अब आप मिल गए हो न तोह अब तस्वीर की जगह...

राहुल : हँ??

नेहा (ब्लश) : नई कुछ नहीं...

नेहा का चेहरा लाल टमाटर की तरह लाल हो रहा था. उसके बोल इतने धीमी आवाज़ में थे की राहुल को ठीक से सुनाई hi नहीं दिया.

राहुल तस्वीर को देखता है तोह उसके चेहरे पर मुस्कराहट आ जाती है.

राहुल : तुम्हे याद है कब की है ये?

नेहा : ी don't क्नोव...

नेहा राहुल से चिपकी उसके साथ hi तस्वीर को निहार रही थी.

राहुल : ये तब की है जब हम सभी विथ फॅमिली ट्रिप पर गए थे. वह हम जब बस में थे तोह तुम्हे कही पर कैमल दिखा था और तुम्हे उसकी सवारी करनी थी पर उसके बाद कही पे भी कैमल नज़र नहीं आया और तुम खूब रोई थी

नेहा : फिर??

राहुल : फिर तुमको रोटा हुआ मेने देखा तोह मुझे बुरा लगा था सो... मेने hi तुम्हे फिर अपने कंधे पर बैठा लिया था और तुम्हे घुमाने लगा था. तब डैड ने ये फोटो क्लिक करवाई थी.

नेहा (स्माइल्स) : लुक ात यू... आप कितनी सावधानी से मुझे पकडे हो और में कैसे बच्चो जैसे जीभ निकाली हुई हु

राहुल : हां! मुझे डर था की कही तुम गिर न जाओ इसलिए...

नेहा (साद) : उस वक़्त भी आपको मेरी चिंता थी. और यहाँ मेने आपके साथ...

नेहा राहुल को रोटी हुई नज़रो से देखती है और उसका चेहरा अपने दोनों हाथो में ले लेती है,

नेहा : बूत don't वोर्री! एवरीथिंग इस सेटल्ड नाउ! I'll गिव यू सो मच लव... आपको इतना प्यार दूंगी में की आपने कभी सोचा भी नहीं होगा. I'll त्रैझ यू. आपकी ख़ुशी के लिए हर्र एक चीज़ कर दूंगी. I'll मेक यू हैप्पी.

वो झुकते हुए दुबारा राहुल के कान के पास आती है और उसके कानो में कहती है,

"यू अरे माइन ♥"

और राहुल के एअर लोब को अपने मुँह में भर लेती है.

"Ssssssssss" राहुल की एक सिसकी निकल गयी उसकी इस हरकत पर. नेहा की गरमा गरम जीभ उसके एअर लोब का टास्ते ले रही थी. उसका एअर लोब नेहा के मुँह के अंदर के तापमान में गरम हो रहा था.

राहुल को ज़्यादा न परेशां करते हुए नेहा ने मुँह से उसका एअर लोब निकाला और उससे बड़े hi प्यार से देखा,

नेहा (स्माइल्स) : चलिए! बातें बोहत हो गयी! डॉक्टर लेडी ने कहा था की आपसे ज़्यादा बात न करू

राहुल : I'm ऑलराइट थौघ! Bas...thoda कंधे में दर्द है.

नेहा : नूवो!! यू विल टेक रेस्ट. बाकी साड़ी बातें बाद में. में ध्यान रखूंगी आपका पूरा. नर्स की कोई ज़रुरत नहीं है. वो बस आपको मेडिकेशन देगी. बाकी पूरा ध्यान आपका में hi रखूंगी!

राहुल : हँ??

नेहा : में बाकी सब को बता देती हु की आपको होश आ गया है. आप बिलकुल भी हिलना मत. Okay? रेस्ट हेरे!

वो उठ के बाहर जाती है और सभी को इन्फॉर्म कर देती है की राहुल को होश आ चूका है.

उसकी बात सुन्न सबसे पहले मोनिका अंदर दौड़ लगाती है,

मोनिका : राहुल??

राहुल : *स्माइल्स*

मोनिका : *क्रिस*

वो दौड़ती हुई उसके पास आती है और उससे अपनी बाहो में भर लेती है. उसके चेहरे को पकड़ के अपने हाथो में लेती है और उसका पूरा चेहरा निहारती है. जैसे देख रही हो की कही चोट तोह नहीं आयी.

राहुल : मोनिका दी?? आप किसी हो?

मोनिका : शट उप!!!

उसके ऐसे कहने से राहुल हैरानी से उससे देखने लगता है की तभी मोनिका उससे रट हुए कस के गले लगा लेती है,

मोनिका : यदि तुम्हे कुछ हो गया होता न तोह मेने अपनी जान भी उधर hi दे दी होती. ी लव यू ♥... ी लव यू ♥...

Don't यू डरे लीव में एवर अगेन...

तुम नहीं जानते मेरे ऊपर क्या बीती थी जब मेने तुम्हे पानी में बहते हुए देखा था. वो दरवाज़ा... वो दरवाज़ा बंद हो गया था...

ी... ी... ी वास् सो... हेल्पलेस... यदि कुछ..

मोनिका काँप रही थी. उसका ऐसा रिएक्शन देख पता नहीं क्यों राहुल को अच्छा भी लगा और बुरा भी. अच्छा इसलिए की मोनिका को उसकी कितनी फ़िक़र थी, कितनी परवाह थी उससे. बुरा इसलिए की उसका ऐसा हाल भी राहुल के कारण hi हुआ. वो खुद को संभाल hi नहीं पा रही थी.

राहुल : don't वोर्री! I'm फाइन नाउ!

मोनिका ने फिरसे राहुल को निहारा और उसके बाद तुरंत hi उसके होंठ पर अपने होंठ चिपका दिए.

इधर जैसे hi नेहा और बाकी सब अंदर आये तोह उन्हें मोनिका और राहुल एक दूसरे के आलिंगन में एक दूसरे के होंठ चूमते मिले.

विवेक : अहंम....

नेहा शॉकेड सी कड़ी होक सन देख रही थी. उसके अंदर अभी क्या चल रहा था ये कोई नहीं जानता. पर एक बात तोह साफ़ थी की वो अभी स्माइल कर रही थी. अब उस स्माइल के पीछे कोण सा डेविल छुपा था ये किसी को नहीं पता.

अंशु और ऋचा भी. ऋचा को पता था तनीषा दी और वंशु दी के बारे में पर मोनिका के बारे में नहीं पता था की वो भी राहुल के साथ. उसके दिल में अजीब सी फीलिंग आ रही थी.

आहात होते hi राहुल और मोनिका एक दूसरे से अलग हुए और जब उन्होंने देखा की बाहर से सभी अंदर आ गए है तोह मोनिका शर्म के मारे पीछे हो गयी और राहुल के बगल से बैठ गयी उसका हाथ पकड़ कर.

राहुल ने अंशु और ऋचा को देखा तोह अंशु का तोह सिर्फ ख़ुशी वाला hi एक्सप्रेशन था क्युकी वो खुश थी राहुल को होश में आते देख. उससे कोई भी दिक्कत नहीं थी की मोनिका राहुल को किश कर रही थी.

पर यही बात ऋचा के लिए कहना थोड़ा मुश्किल होगा. वह खुश तोह बेहद थी राहुल को होश में आते देख पर उसके अंदर एक सेंस ऑफ़ इन्फेरियरीत्य आ रहा था. मतलब वो मोनिका जैसी लड़की को राहुल के क़रीब देख खुद को मोनिका से कपड़े करने लगी थी. उससे लग रहा था की वो मोनिका के सामने कुछ भी नहीं है और शायद राहुल को उसकी ज़रुरत न पड़े

राहुल देख के समझ गया था की ऋचा के मैं में क्या चल रहा है. ऋचा को वो आलरेडी अपना hi मानता था. ऐसे में उसका फ़र्ज़ बनता है की वो ऋचा को बिलकुल भी ऐसा फील न होने दे.

इधर राहुल ने जब नेहा को देखा तोह उसको फिरसे खतरे का एहसास हुआ. नेहा ने सब कुछ देख लिया था और वो बोहत hi प्यारी सी स्माइल दे रही थी.

"ओह्ह शीट!! ये गुड़िया... गुड़िया इतनी खुश होक क्यों देख रही है मुझे ऐसे?? दमन!! शी लुक्स स्केरी!!"

अभी उससे सिर्फ शक hi हो रहा था की इतने में नेहा उसके क़रीब आयी और उसके कान में ऐसा कुछ बोली जिससे सुन्न के राहुल का शक यकीन में बदल गया,

"लगता है आप काफी अच्छी लाइफ व्यतीत कर रहे थे यहाँ भाई?? आप ठीक हो जाइये. ी won't से एनीथिंग नाउ. घर चलिएगा. फिर बताती हु"

कहते हुए वो दुबारा से स्माइल देते हुए राहुल को देखने लगी और सभी से घुल मिल कर बातें करने लगी. किसी को कुछ नहीं पता चला की अभी अभी नेहा ने राहुल के कान में कुछ शब्द बोल कर hi राहुल के रोंगटे खड़े कर दिए.

राहुल (मैं में) : omg!! She's डेफिनिटेली पिस्सेद. She's तू स्केरी... कुछ करना पड़ेगा राहुल तेरे को. दमन लुक ात हेर स्माइल... It's थे devil's स्माइल. ओह्ह्ह g*d सेव में!!

अंशु : भईई!!!

दौड़ते हुए वो राहुल के गले से लग गयी.

ऋचा कुछ कहना चाह रही थी पर उसके मुँह से बोल hi नहीं निकल रहे थे. मोनिका और राहुल की किश देख के वो जैसे हिल सी गयी थी.

राहुल ने उससे देखा तोह बोहत hi बुरा लगा उससे और इसलिए,

राहुल : रीचु??

ऋचा : हँ??? हां??

राहुल : इधर आओ...

ऋचा चलते हुए राहुल के पास जाती है तोह उतने में hi राहुल उसकी गर्दन पकड़ के उससे अपने पास खींचता है और उसके होंठ से अपने होंठ जोड़ देता है.

अचानक हुए इस हमले से ऋचा बस स्तब्ध सी जम्म जाती है और राहुल कुछ सेकण्ड्स तक उससे ऐसे hi जकड़ा रहता है.

सभी के मुँह अभी खुले हुए थे. क्यों नहीं खुलेंगे भला. अभी अभी तोह मोनिका ने राहुल को किश किया था और अब राहुल ने ऋचा को किश कर दिया. मतलब क्या था इसका??

राहुल : तुम इतना डर क्यों रही थी? यू अरे आलरेडी माइन. किसी से दररने की ज़रुरत नहीं है तुम्हे okay?? बे प्राउड!! यू अरे माइन!!

बस! बस राहुल का इतना hi कहना था की ऋचा ख़ुशी के मारे रो पड़ी. सबके सामने राहुल ने ये बोलके साड़ी समस्याए hi मिटा दी.

ऋचा रट हुए गले लग गयी राहुल के.

उससे मैं में इतनी ख़ुशी हो रही थी. वो वाक़ई मोनिका को राहुल के क़रीब देख के खुद को छोटा समझने लगी थी. उसका पुराना डिप्रेशन उस पर हावी होने लगा था. जब लोग उससे नेग्लेक्ट कर दिया करते थे. पर राहुल ने सिर्फ एक सेंटेंस में hi सब कुछ दूर कर दिया. "You're माइन" अब इस से ज़्यादा और क्या प्रूफ चाहिए था ऋचा को?

मोनिका बगल से देख के समझ गयी थी की ऋचा उसके कारण ऐसा फील कर रही थी,

उसने अपना हाथ आगे बढ़ाते हुए ऋचा की हथेली अपनी हाथ में ली और उससे सर हिलाते हुए आश्वाशन दिया. जैसे कहना चाह रही हो की राहुल मेरा भी है और तुम्हारा भी.

नताशा : हैंडसम यू आल गुड??

नताशा ने पास आकर उसका हाथ अपनी हथेली में लेते हुए कहा,

राहुल : येह!! I'm गुड!!

नताशा : मन! यू सकारेद में तो डेथ... ी वास् रियली वरीड यू क्नोव.

राहुल : *स्माइल्स*

राहुल ने जैसे hi नेहा को देखा तोह उसके फिर से रोंगटे खड़े हो गए. नेहा राहुल और नताशा के हाथो की और hi देख रही थी और स्माइल कर रही थी.

उससे ऐसा देख राहुल ने फौरन नास्तेषा से अपने हाथ चुर्रा लिए,

विवेक (झुकते हुए) : I'm रियली सॉरी सर! वे वेरे सुप्पोसेद तो प्रोटेक्ट यू बूत यू प्रोटेक्टेड आल ऑफ़ उस. वे वेरे ुनाबले तो सेव एवरीवन. यू टूक थे बुलेट फॉर आल ऑफ़ उस. थेरेफोरे, वे can't एक्सेप्ट थिस mission's पेमेंट!

राहुल (सुरप्रीसेड) : अरे पर??

जेम्स : he's राइट सर! वे अस ान अस्सासिं फेल्ड थिस मिशन. वे couldn't प्रोटेक्ट यू एंड मिस उर्वशी.

पीटर : येह! सो वे won't टेक अन्य पेमेंट.

विवेक : और ये रहा सर बैग आपका जो आपने D'Souza के पास से लाया था.

विवेक ने वही सूटकेस सामने करते हुए कहा,

राहुल : बूत तुमलोग ने अपनी जान पर खेल कर यहाँ तक ये मिशन किया ऐसे में तुम्हारी पेमेंट तोह बनती hi है...

विवेक : no सर! ये हम अस्सासिं का उसूल है. मिशन फ़ैल यानी की no पेमेंट. अब हमे और गीतली फील मत करवाइये सर. प्लीज!

राहुल : पर...

नताशा : he's राइट हैंडसम! I'm ग्लैड यू अरे सेव्ड. ी don't वांट एनीथिंग नाउ. ोथेरविसे I'll बे गिलटी.

राहुल : okay! वरुण कहा है?

विवेक : उसने अभी अभी ब्लड डोनेट किया है आपको तोह उससे थोड़ा जूस पिलवाया जा रहा है ः!

राहुल : ओह्ह से थैंक्स तो हिम फ्रॉम माय साइड.

विवेक : there's no नीड सर!

तभी टीना आगे आकर राहुल के सामने झुक जाती है,

टीना : थैंक यू सो मच राहुल. तुम मेरे और मोनिका के लिए यहाँ तक आये और अपनी जान पर खेल कर हमे बचाया. उस सब के लिए. दिल से थैंक यू. तुम्हारा ये एहसान में कभी नहीं भूलूंगी.

राहुल (ेम्बरसेद) : it's okay टीना जी!

अभी सभी यु बातें कर रहे थे की इतने में नर्स आयी और सभी को बाहर जाने बोल दी.

सभी ने जाके फिर उर्वशी से भी मुलाक़ात की और उससे भी कंपनी दी...

ये रात तोह यु hi ऐसे hi निकल गयी. केवल नेहा hi राहुल के रूम में थी रात भर उसकी सेवा के लिए. बाकी सब बहार hi मौजूद थे.

अगली सुबह जब हुई तोह राहुल सो के उठा और नेहा उससे गीली टॉवल से वाश करने लगी.

पर आज बेचारे राहुल को ये नहीं पता था की ख़ुशी, प्रीती, मास्टर, वंशु, निशा सब यहाँ नई ज़ीलैण्ड आलरेडी पहुँच चुके है और उस से मिलने के लिए रास्ते में hi है.

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आज के लिए इतना hi गाइस!

इसके बाद बस कुछ और उपदटेस रहेंगे कहानी में जिनमे आपको नेहा और राहुल का लव मेकिंग सन. राहुल एंड ऋचा, राहुल एंड तानिया और जो भी बची है उनके साथ लव सीन्स दिखाए जाएंगे, प्रॉबब्ली सेक्स सीन्स. उसके साथ hi राहुल सब के साथ एक्चुअली में कैसे सेटल होता है बिना किसी लड़ाई झगडे के वो दिखाया जाएगा और तभी कहानी समाप्त होएगी.


धन्यवाद्!!
 
अपडेट - 95

अब तक...

ये रात तोह यु hi ऐसे hi निकल गयी. केवल नेहा hi राहुल के रूम में थी रात भर उसकी सेवा के लिए. बाकी सब बहार hi मौजूद थे.

अगली सुबह जब हुई तोह राहुल सो के उठा और नेहा उससे गीली टॉवल से वाश करने लगी.

पर आज बेचारे राहुल को ये नहीं पता था की ख़ुशी, प्रीती, मास्टर, वंशु, निशा सब यहाँ नई ज़ीलैण्ड आलरेडी पहुँच चुके है और उस से मिलने के लिए रास्ते में hi है.


अब आगे...

अगली सुबह सभी थोड़ा ेक्सहॉस्टेड थे, क्युकी किसी ने भी ठीक से रेस्ट नहीं किया था. वरुण ने अपने कम्पनिओंस के साथ राहुल को अच्छी रिकवरी के लिए विशेष दी और वह से बाकी सभी के साथ विदा लिया. टीना ने भी मोनिका और राहुल से विदा ली और राहुल से कांटेक्ट एक्सचेंज भी किया ताकि इन फ्यूचर वो राहुल के कभी भी काम आ सके. अब बचे थे तोह केवल मोनिका, अंशु, नेहा और ऋचा.

नेहा तोह राहुल के hi साथ उसके रूम में रहती हर्र वक़्त इसलिए बाकी सब उर्वशी के रूम में उसको कंपनी दे रही थी, बीच बीच में वो राहुल से मिलने उसके रूम में आ जाय करती थी.

इधर निशा राजेश के साथ नई ज़ीलैण्ड पहुँच चुकी थी और उसने फौरन राहुल को कॉल लगाया जो की मोनिका ने उठाया क्युकी राहुल का फ़ोन उसके hi पास था,

निशा : बेतु!?

मोनिका : जी में मोनिका बोल रही हु?

निशा : में... में यहाँ नई ज़ीलैण्ड आ चुकी हु. मेरा बेतु केसा है? कहा पर है वह?

मोनिका : वो अब ठीक है आंटी. उससे होश कल रात में hi आ गया था.

निशा : तोह... तोह क्या में उस से बात कर सकती हु?

मोनिका : आप... आप यही क्यों नहीं आ जाती? में आपको एड्रेस भेज देती हु.

निशा : accha...okay! जल्दी..!

*कॉल एंड्स*

राजेश : क्या कहा? केसा है अब राहुल?? ठीक तोह है न??

निशा : हां! उसने बताया की कल रात में hi बेतु को होश आ गया था.

राजेश : चलो शुक्र है. चलो जल्दी चलो, एड्रेस भेज दिया होगा उसने देखो.

निशा : हां आप लीजिये न... देखिये एड्रेस.

राजेश : अच्छा ठीक है, लाओ मुझे दो फ़ोन

राजेश एड्रेस सीधे कैब वाले को दिखाता है और एयरपोर्ट से सीधा दोनों मिया बीवी बताए गए एड्रेस पर पहुचने के लिए कैब में बैठ जाते है.

नेहा राहुल से hi लिपटी बैठी हुई थी और केवल बात करे जा रही थी. उसके एक्शन्स हर पल और ज़्यादा इंटिमेट होते जा रहे थे. वो अब और भी ज़्यादा राहुल को किश किया करती, उसके गालो को छूती, गर्दन पर हाथ फर्टी, फिजिकल टच कुछ ज़्यादा hi करने लगी थी नेहा.

नेहा : अरे!!!! में ये भूल कैसे गयी??

नेहा एकदम से कहते हुए राहुल के सीने से उठ कर बैठ गयी, उसके चेहरे पर आश्चर्य जनक भाव थे.

राहुल : क्या हुआ??

नेहा : में इतनी बड़ी बात कैसे भूल सकती हु??

राहुल : कोनसी बात??

नेहा : अरे भैया!! आपको गोली कैसे लगी??

राहुल : हँ?? गोली... वह...

नेहा : कहिये न!!! जल्दी! ी वांट तो क्नोव!

राहुल ने सोचा उसकी गुड़िया वाक़ई बेकरार है ये जान ने के लिए इसलिए वो सब कुछ उससे बता देता है की कैसे वो मोनिका के साथ यहाँ आया और कैसे उससे गोली लगी.

नेहा का चेहरा राहुल की आप बीती सुनते सुनते बदलता जा रहा था. उसके चेहरे पर परेशानी, दुःख, हमदर्दी, गुस्सा हर्र एक भाव आ रहे थे. पर कहानी ख़तम होने के बाद उसके चेहरे पर कोई भी भाव नहीं था.

नेहा : क्या कहा आपने?

राहुल : हँ??

नेहा : आपने कहा की आप उस मोनिका के लिए यहाँ आए और अपनी जान जोखिम में डाली और आप मरते मरते बचे. यही न?

राहुल (मैं में) : अरे बाप रे!! लगता है मेने गुड़िया को ये सब बता के गलती कर दी है. गुड़िया बोहत गुस्से में लग रही है

नेहा : में कुछ पूछ रही हु आपसे भैया!?

राहुल : ummm...haa!

नेहा कुछ नहीं बोलती और फौरन उठ के राहुल के रूम से बाहर चली जाती है, इधर राहुल उससे रोकने की कोशिश करता है पर नेहा उसकी एक नहीं सुनती.

नेहा किसी तेज़्ज़ बुलेट ट्रैन की तरह थी जिससे शायद hi अब कोई रोक पाने वाला था. इतने गुस्से में नेहा जा कहा रही थी? ऐसा क्या कह दिया राहुल ने जो नेहा इतना गुस्सा हो गयी? अभी कुछ देरर पहले तक तोह बड़े अच्छे से लिपटे हुए थी राहुल के साथ. फिर अचानक ऐसा क्या हो गया? पर एक बात तोह पक्की थी की नेहा यदि इतने गुस्से से कही जा रही है तोह पक्का कुछ न कुछ बखेड़ा तोह ज़रूर खड़ा करेगी.

नेहा ने उर्वशी के रूम का दूर खोला और अंदर बैठी तीनो लड़कियों को देखा. अंशु ऋचा और मोनिका तीनो hi वह मौजूद थी. उर्वशी बिस्तर पर hi लेती हुई थी और शायद सो रही थी.

नेहा ने मोनिका को देखा और बिना कोई चेहरे पर भाव लाते हुए कहा,

"बाहर आइये आप"

मोनिका को लगा शायद नेहा को कोई इम्पोर्टेन्ट बात करनी होगी इसलिए वो बिना कुछ कहे अपना सर हिलाते हुए बाहर की और जाने लगती है पर अंशु जो की नेहा को भली भाति जानती थी वो उससे एक नज़र में hi देख के समझ गयी की बात कुछ गंभीर है और अंशु भी मोनिका के पीछे पीछे चली आयी. ऋचा hi थी जो केवल अंदर थी उर्वशी के साथ.

मोनिका के बाहर आते hi नेहा उससे थोड़ा साइड में ले गयी,

नेहा : क्या ये सच है?

मोनिका : क्या??

नेहा : यही की मेरे भाई आपके बताने पर केवल आपके लिए यहाँ तक आये और खुद की जान गवाते गवाते बचे?

मोनिका नेहा की बात सुनते hi थोड़ा घबरा गयी, ये बात तोह सच hi थी. राहुल केवल उसके लिए यहाँ तक आया था और अपनी जान गवाते गवाते बच गया.

मोनिका ने घबराते हुए सर हां में हिलाया और अपनी नज़रे नीचे कर ली, पीछे से अंशु भी दोनों के पास आ चुकी थी.

"हाउ डरे यू????" नेहा ने ये इतनी तेज़्ज़ चिल्ला के बोलै की मोनिका पूरी तरह से सिहर उठी. नेहा मोनिका से लगभग 9 साल छोटी थी पर अभी उसको देख ऐसा बिलकुल भी नहीं लग रहा था, ऐसा लग रहा था की वो मोनिका की बड़ी बहिन है.

बगल में अंशु भी एक दम से डर गयी, उसका शक सही निकला. बात गंभीर hi थी.

नेहा : हाउ डरे यू?? आपकी हिम्मत कैसे हुई मेरे भाई को ऐसी जगह लाने की और ऐसे कामो में उसकी जान डाव पे लगाने की? हां? हु परमिटेड यू??

अंशु : नेहु!! भाई... भाई खुद आए होंगे! इसमें मोनिका दी ने उन्हें फाॅर्स नहीं किया होगा

अंशु ने मामला शांत करने के इरादे से ये बात बोली की नेहा बात को समझे और शांत हो जाए. वो जानती थी की नेहा का गुस्सा केसा रहता है. उससे आज भी याद है कैसे नेहा ने उससे चिल्लाया था जब नेहा को राहुल के दिए हुए टेडी बेयर के बारे में पता चला था. उस वक़्त अंशु खुद सेहम गयी थी.

नेहा : दी! भाई तोह भोला है. वो सभी की मदद करने के लिए रेडी हो जाता है, वो ऐसा hi है. अरे! मेने उसके साथ इतना सब किया और उसने मुझे दोषी भी नहीं ठहराया, उसके जैसा महान आदमी तोह मेने पूरी दुनिया में नहीं देखा. पर इसका मतलब ये तोह नहीं है न की उसकी इस खूबी का फायदा उठाया जाए? इन्होने जान बुझ के भाई को बताया ताकि भाई इनके साथ यहाँ आ सके. क्यों ऐसा hi है न??

मोनिका के अंदर जो ग्लानि वाले भाव दबे हुए थे, वो नेहा के आरोप से जैसे खुल कर बाहर आने लगे, मोनिका रोने लगी. उसके मोठे मोठे ासु गालो से होते हुए ज़मीन पर गिर रहे थे. हॉस्पिटल के कॉरिडोर से गुज़रते सभी लोग इन्ही तीनो को देख रहे थे.

अंशु (नर्वस) : नेहु... नेहु! चोरर न अभी! ये बात हम बाद में भी कर सकते है.

नेहा : नहीं दी! It's वैरी इम्पोर्टेन्ट. इन्होने समझ के क्या रखा है भाई को?? भाई कोई खिलौना थोड़ी न है? जहा चाहे ले जाओ, जैसी मर्ज़ी चाहे इस्तेमाल कर लो.

मोनिका नेहा की बात सुन्न खुद को hi दोष देने लगी थी. वो यही मान ने लगी थी की राहुल की जो हालत हुई है उसकी कसूरवार खुद मोनिका hi है. मोनिका की पर्सनालिटी hi ऐसी थी. वो वाक़ई बोहत भोली थी राहुल के प्रति. उस से असीम प्यार जो हो गया था उससे.

रट हुए मोनिका बस सर झुका के नेहा की दांत सुनती जा रही थी, उसने नेहा को समझाने तक का प्रयत्न नहीं किया की राहुल hi था जिसने उससे कसम दी थी D'Souza वाली बात को बताने के लिए. वर्ण वो तोह यहाँ अकेली hi आ रही थी.

अंशु : नेहु!! सुन्न न! प्लीज! मोनिका दी हमसे बड़ी है उम्र में. उनसे ऐसे मत बात कर.

नेहा : बड़ी है तोह क्या हुआ दी? यदि इन्होने गलत किया है तोह किया है, उसमे बड़ा छोटा क्या?

मोनिका : ी... ी...

नेहा (आँख दिखाते हुए) : अहिंदा से दूर रहिएगा मेरे भाई से. I'm हेरे तो गिव हिम आल थे लव हे नीड्स. There's no नीड फॉर एनीवन ेल्स. में नहीं चाहती मेरा भाई आपके कारण किसी और परेशानी में पड़े...

नेहा इतना बोल के जाने लगती है वापस से राहुल के रूम में और मोनिका इधर नेहा के आखिरी शब्द सुनते hi फुट फुट कर रट हुए ज़मीन पर घुटनो के बल गिर पड़ती है.

क्या सब उसकी गलती थी? पर वो तोह खुद नहीं चाहती थी की राहुल को वो यहाँ पर लेके आए. राहुल hi तोह था जिसने कसम दी थी उससे. राहुल hi तोह अपनी मर्ज़ी से यहाँ आया था. पर मोनिका को क्यों अच्छा लगा था जब राहुल यहाँ तक उसके लिए आया? क्यों मोनिका ने जब राहुल के साथ मिलकर D'Souza को मारा तोह उससे इतनी ख़ुशी हुई की राहुल उसके साथ था? क्यों? जवाब था... प्यार! राहुल का हर्र डैम उसके क़रीब रहना उससे इतना भाता था की मोनिका को इस बात का अंदाजा hi नहीं था. राहुल की कंपनी पाकर जैसे मोनिका सारे बीते हुए दुखद पल भूल जाती थी. अपना पास्ट भूल जाती थी. जाने अनजाने में राहुल से उससे प्यार जो हो गया था. दोस्ती से शुरू हुआ ये सफर अब प्यार में तब्दील हो चूका था.

कहा राहुल कॉलेज की स्टार्टिंग में मास्टर के पास पहले दिन आया था और मोनिका ने उससे देखा था तब पहली बार, उससे खुद नहीं पता था की यही शक्श एक दिन उसका प्यार बनेगा.

नेहा के आखिरी शब्द मोनिका के कानो में गूँज रहे थे. "अहिंदा से दूर रहिएगा मेरे भाई से". कितना क्लेअर्ल्य नेहा वार्निंग देकर चली गयी. पर क्या मोनिका दूर रह पाएगी राहुल से? क्या उससे भूल पाएगी?

जवाब था... कभी नहीं!

अंदर जैसे hi नेहा राहुल के पास आयी तोह राहुल अपना कन्धा पकड़ा हुआ था और काफी दर्द में लग रहा था, उससे ऐसा देख नेहा एकदम से चिंतित हो गयी,

नेहा : क्या हुआ भैया? आप ठीक तोह हो न?

राहुल : ी...

नेहा (चिंतित होते हुए) : बोलिये न... बोलिये क्या हुआ??

राहुल : मेने तुम्हे कितनी आवाज़ें दी गुड़िया. तुमने एक न सुनी!!

राहुल तेज़्ज़ तेज़्ज़ चिल्लाया था, जिस कारण से उसके गले के पास की नस खींचने से उसके कंधे में दर्द बढ़ गया.

नेहा को ये बात रीलीज़ होते hi जैसे उससे खुद पर गुस्सा आने लगता है, अपना निचला होंठ दातो से दबाते हुए उसने कहा,

"I'm सॉरी भाई!! सॉरी! में बोहत बुरी हु! ी... मेने आपकी बात नहीं सुनी! पुनीश में भाई!"

राहुल : it's फाइन!! कहा गयी थी??

अभी उसने पूछा hi था की अंशु दौड़ते हुए अंदर आ गयी,

"भायी??"

राहुल : क्या हुआ??

अंशु : वो...

अंशु ने कोई बात नहीं छुपाई और बाहर जो भी हुआ था मोनिका और नेहा के बीच वो सब कुछ उससे बता दिया जिससे सुनकर राहुल के होश hi उड़द गए,

राहुल (तेनसेद) : तुमने ऐसा कहा उनसे??

नेहा (निर्वसली) : वो.. भाई!! शी...

राहुल (थोड़ा गुस्से में) : इस थिस ट्रू? क्या अंशु ने जो बताया वो सच है?

नेहा (निर्वसली) : बह.. भाई... इसमें उन्ही की तोह गलती थी. ी मैं...

राहुल (गुस्से में) : गुड़िया! मेने जो पूछा है उसका जवाब दो...

नेहा घबराते हुए हां में सर हिलाती है,

राहुल : बाहर जाओ तुम...

नेहा राहुल की ये बात सुन्न पूरी तरह सिहर उठती है, ऐसा लग रहा था जैसे उसका सबसे मनपसंद शक्श उस से हमेशा के लिए दूर जा रहा है. वो एकदम से घबरा जाती है.

नेहा (क्रिस) : नूवो भाई!! प्लीज माफ़ कर दो मुझे... मुझे माफ़ कर दो... I'm सॉरी!! अपने से दूर मत करो मुझे... प्लीज भाई!! मुझे दूर मत करिये... में आपके हाथ जोड़ती हु

नेहा फौरन hi राहुल के दोनों हाथ पकड़ लेती है, इतनी कठनाईयो के बाद अब जाके वो अपने भाई के क़रीब आ पायी है और अब राहुल उससे अपने से दूर कर रहा है? नेहा तोह ये कभी नहीं चाहेगी.

राहुल (सिघ) : गुड़िया! में तुम्हे अपने से दूर नहीं कर रहा हु. जो भी तुमने मोनिका दी से कहा वो गलत था. अंशु!! जाके मोनिका दी को अंदर ले आओ. गुड़िया!! तुम उनसे अभी माफ़ी मांगोगी... Okay??

नेहा कुछ नहीं बोलती बस हां में गर्दन हिला देती है, उससे कोई परवाह नहीं थी की उसकी इज़्ज़त अब मोनिका से माफ़ी मांगने के बाद काम हो जाएगी, वो तोह बस राहुल के लिए कुछ भी करने को तैयार थी. यदि माफ़ी मांगने से उसके भाई को ख़ुशी मिलती है तोह नेहा एक नहीं 10 बार मोनिका से माफ़ी मांग लेगी. बस राहुल से उसका रिलेशन नहीं बिगड़ना चाहिए. हमेशा राहुल उस से प्यार करे, यही िक्षा थी उसकी.

अंशु रोटी हुई मोनिका को अंदर लायी तोह राहुल थोड़ा चौक गया. मोनिका दी रो रही थी? गुड़िया ने इतना बुरा कह डाला उन्हें?

राहुल : मोनिका दी??

मोनिका (क्रिस) : राहुल!!!

राहुल : इधर आइये...

मोनिका धीरे धीरे आगे बढ़ते हुए राहुल के समीप आती है तोह राहुल अपना हाथ बढ़ा के उससे अपने आलिंगन में ले लेता है और बस, उसके ऐसा करते hi मोनिका जोरर जोरर से सिसकते हुए रोने लगती है.

राहुल : I'm सॉरी! गुड़िया की तरफ से में आपसे माफ़ी मांगता हु

नेहा (क्रिस) : भईई....

नेहा फौरन आके मोनिका के परर पकड़ लेती है,

नेहा (क्रिस) : I'm सॉरी!! प्लीज! भाई की इसमें कोई गलती नहीं है, आपको जो कहना है मुझसे कहिये...

मोनिका जो की नेहा के ासु देख पा रही थी वो फौरन आगे बढ़ के उससे उठा लेती है,

मोनिका : नू... आईटी वास् माय मिस्टेक. तुमने तोह अपने भाई का भला hi चाहा.

राहुल : आपकी कोई गलती नहीं थी दी. आईटी वास् माय डिसिशन... गुड़िया! तुम्हे पता है मोनिका दी तुमसे कितनी बड़ी है? और तुमने उनके साथ ऐसा किया?? तुम मुझे भैया पुकारती हो. तुम्हे पता है मोनिका दी तुम्हारे भैया से कितनी बड़ी है? क्यों किया तुमने ऐसा?

नेहा (क्रिस) : भाई... ी... ी... ी जस्ट वांटेड तो मेक थिंग्स इजी फॉर यू... मुझे जब पता चला... की... इनके कारण आपका ये हाल हुआ है... तोह... बस मुझे और कुछ सुझा hi nahi...mujhe बस गुस्सा आ रहा था, ी वांटेड तो दो जस्टिस फॉर यू... ी वांटेड तो शो माय लव तो यू... में... में बस आपको प्यार देना चाहती थी... ी थॉट में आपको ख़ुशी दे पाऊँगी ऐसा करके... ी didn't कनेव... की... ऐसा कुछ...

और नेहा का इमोशनल ब्रेकडाउन हो जाता है, शी स्टार्टस क्राइंग. अपने चेहरे को दोनों हाथो में छिपाते हुए वो रोने लगती है.

मोनिका : नू... राहुल!! इसमें... इसमें उसकी कोई गलती नहीं है.

राहुल : जिस तरह से गुड़िया ने आपसे बात करि. ये उसकी गलती है. गुड़िया. से सॉरी तो हेर.

नेहा (क्रिस) : I'm... I'm सॉरी!! I'm सो सॉरी!!

अंशु (सिघ) : नेहू!!

नेहा (क्रिस) : हम्म्म???

अंशु : तुम्हे पता है भाई को सबसे ज़्यादा क्या बात हर्ट हुई??

नेहा (सिसकते हुए) : किस बात से दी??

अंशु : यही बात की तुमने उनके लव्ड ओने को हर्ट किया. मोनिका दी भाई की क्लोज ओने है. यू क्नोव??

नेहा : I'm सॉरी!!!

राहुल : गुड़िया!! तुम्हारे भैया को इन्ही लोगो ने सहारा दिया है उनके टफ टाइम्स में. क्या तुम भूल गयी?? कैसे मोनिका दी ने तुम्हे लकी से बचाया था?? यही लोग तोह है जिनके कारण तुम्हारा भाई आज यहाँ इस मुकाम पर आ पाया है वार्ना अकेले क्या hi कर लेता में??

नेहा (क्रिस) : I'm सॉरी भैया!!

अपनी प्यारी गुड़िया का रोटा हुआ चेहरा राहुल से भी ज़्यादा देरर देखा न गया, उसने फौरन नेहा को अपने पास बुलाया और उसके ासु पोछे और प्यार से उसके सॉफ्ट से गालो को चुम लिया. नेहा भी बच्चो की तरह राहुल से डाट खाने के बाद लिपट गयी.

राहुल : गुस्सा आ रहा है मुझ पे???

नेहा : नूवो!! ी लव यू ?

राहुल : *स्माइल्स*

बगल में कड़ी मोनिका और अंशु भी मुस्कुरा उठती है. अंत में सब कुछ सॉर्ट आउट हो गया.

अभी ये झमेला ख़तम हुआ hi था की इतने में राहुल के रूम का दूर खुला और एक शक्श दौड़ते हुए अंदर आया,

"बेचू!!!"

जैसे hi राहुल ने ये आवाज़ सुनी उसके रोंगटे खड़े हो गए. माँ!!!!

राहुल ने पलट कर दरवाज़े की और देखा और वाक़ई उससे एक झटका लगा. निशा दरवाज़े पर कड़ी उससे hi देख रही थी,

राहुल (धीरे से) : माँ...

उसके मुँह से ये सुनते hi जैसे निशा भी सिहर उठी. तेज़्ज़ कदमो के साथ दौड़ते हुए वो सीधा राहुल के समीप आयी और उसका चेहरा एक hi झटके में अपने आलिंगन में ले लिया.

राहुल का चेहरा निशा के उरोजों में धस्स गया. पर राहुल को निशा से केवल एक hi चीज़ महसूस हो रही थी इस वक़्त. ममता!!

एक माँ की ममता. निशा के ासु उसके चेहरे से होते हुए राहुल की गर्दन को भिगो रहे थे.

"बेतुउउउउ", निशा की आँखें इतनी कस के बंद थी और उसकी पकड़ भी उतनी hi कस के बंधी हुई थी, ऐसा प्रतीत हो रहा था जैसे निशा से कोई कीमती चीज़ छिनाई जा रही हो और वो उससे पकड़ के राखी है.

बदले में राहुल ने भी निशा की कमर पर एक हाथ लपेट लिया.

"मेरा बेतुउउउउउ" निशा बस रोये जा रही थी. उसने तोह अभी ये भी नहीं देखा था की नेहा और बाकी सब भी मौजूद है यहाँ. उसका शुरू से लेकर अंत तक ध्यान केवल अपने बेतु, राहुल पर hi था.

कुछ शान बाद वो जैसे hi अलग हुई तोह राहुल का चेहरा निहारने लगी. फिर उसकी चोट देखि और उसके चेहरे पे ऐसा भाव था जैसे मानो राहुल को नहीं बल्कि खुद उसके कंधे में गोली लगी हो.

"कैसे हुए ये सब मेरे बच्चे??" निशा ने प्यार से राहुल का चेहरा अपने हाथो में लेते हुए पूछा.

राहुल : सब बताऊंगा माँ! आप बैठिये तोह पहले...

निशा जैसे hi बैठती है उसकी नज़र नेहा और अंशु पे जाती है तोह वो हैरान हो जाती है.

निशा : बीटा तुम यहाँ???

नेहा : हां माँ!! भाई से मिलने में मुंबई गयी थी पर जब पता चला वो यहाँ है तोह में उनसे मिलने यहाँ आ गयी

निशा : मतलब तुम दोनों में...??

नेहा (ब्लश) : यस माँ! में और भाई अब पहले से भी ज़्यादा क़रीब हो चुके है...

ये बात सुनते hi निशा रो पड़ती है, राहुल को दुबारा वो अपने आलिंगन में भर्ती है और नेहा को भी अपने क़रीब बुला के अपने दोनों बच्चो को अपने गले से लगा लेती है,

निशा : मेरे दोनों प्यारे बच्चे!! उपरवाले ने मेरी सुन्न ली... आज में बोहत खुश हु. बोहत खुश!!

अंशु : चची?? में आपकी बच्ची नहीं हु?

निशा (हस्ते हुए) : तू तोह मेरी माँ है.

निशा जिस बात को इंडीकेट कर रही थी ये कहकर वो अंशु भली भाति समझ गयी और उसके चेहरे पर लाली छा गयी. निशा ये बताना चाह रही थी की राहुल और निशा के सीक्रेट के बारे में अंशु hi तोह जानती है बस.

निशा (स्माइल्स) : आजा मेरी बच्ची!!

निशा ने अंशु को अपने समीप बुलाया और अंशु भी राहुल, निशा और नेहा से जाके लिपट गयी. ये होता है असली पारिवारिक प्यार

मोनिका साइड से देख के राहुल और परिवार के लिए अत्यंत खुश हो रही थी.

अभी सब यु गले मिले हुए थे की इतने में एक आवाज़ आयी,

"राहुल!!!"

और ये आवाज़ सुनते hi जैसे नेहा के कान खड़े हो गए.

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आज के लिए इतना ही गाइस!!


धन्यवाद्!
 
अपडेट - 96

अब तक...

निशा ने अंशु को अपने समीप बुलाया और अंशु भी राहुल, निशा और नेहा से जाके लिपट गयी. ये होता है असली पारिवारिक प्यार




मोनिका साइड से देख के राहुल और परिवार के लिए अत्यंत खुश हो रही थी.

अभी सब यु गले मिले हुए थे की इतने में एक आवाज़ आयी,

"राहुल!!!"



और ये आवाज़ सुनते hi जैसे नेहा के कान खड़े हो गए.

अब आगे...

दरवाज़े पर राजेश खड़ा हुआ था, नेहा ने जैसे hi राजेश को देखा तोह नेहा ने अपनी नज़रे फौरन hi फेरर ली.

"डैड!??", राहुल के मुँह से निकला!

और राजेश तेज़्ज़ कदमो के साथ आगे आके राहुल के पास खड़ा हो गया,

राजेश : बीटा क्या हुआ?? ठीक हो न तुम?

राहुल : हां डैड! में ठीक हु! लम्बी कहानी है.

राजेश : शुक्र है!!! अरे!! अंशु तुम सब यहाँ??

राजेश ने जैसे hi नेहा को देखा और नेहा ने अपने मुँह फेरर के रखा हुआ था, वो समझ गया था की नेहा उस से बेहद चिढ चुकी है

इसलिए राजेश ने नेहा से वार्तालाप करने की सोची hi नहीं. अभी समय लगेगा इस मामले को सुलझने में.

राजेश जानता था की नेहा उसके बारे में सब कुछ जान चुकी है. सच कहा जाए तोह इस वक़्त राजेश की खुद की हिम्मत नहीं हो रही थी नेहा को फेस करने की. किस मुँह से बात करता वो नेहा से? क्या कहता उससे? सॉरी?? क्या सॉरी से मामला सुधर जाता? बिलकुल भी नहीं! ऐसे में राजेश ने छुप रहना hi बेहतर समझा. जब सही समय आएगा तोह वह नेहा से खुद बात कर लेगा.

निशा दोनों बेटी और अपने पति को चिंतित नज़रो से देख रही थी. क्या नेहा राजेश को माफ़ करेगी? कुछ समझ में नहीं आ रहा था निशा को, इसलिए उसने सब कुछ समय पर चोरर दिया.

अभी सब बैठे हुए राहुल से बारी बारी बातें hi कर रहे थे और उसकी ये हालत जान ने की कोशिश कर रहे थे, बातो बातो में राहुल ने भी सभी को पूरा किस्सा सुनाया तोह सभी हैरान हो गए. मोनिका का सर बार बार गिल्ट से झुक जाता जैसे hi राहुल ये बताता की वो मोनिका के लिए यहाँ आया था.

निशा एक पल राहुल को देखती और फिर मोनिका को. जब राहुल तनीषा और ऋचा से प्रेम करता है तोह फिर ये मोनिका कोण है? हां! ये तोह उस दिन एयरपोर्ट पर बेतु से मिलने आयी थी. कोण है ये? क्या रिश्ता है इसका मेरे बेतु से? मेरा बेतु यहाँ इसके लिए आया और अपनी जान भी डाव पे लगा दी?? निशा एक पल में hi समझ गयी की दोनों के बीच क्या चल रहा है!!!

निशा ने धीरे से राहुल का कान खींचा और उसके कान के पास अपना मुँह लेके आयी,

"क्यों रे??? तू तोह ऋचा और तनीषा से प्यार करता है न?? फिर ये मोनिका का क्या चक्कर है??"

निशा ने खुसपुसाते हुए कहा, बदले में राहुल ने भी निशा के कान के पास जाते हुए धीरे से कहा,

"माँ!! ी... ी आल्सो लव मोनिका दी"

निशा ये सुनते hi अपना मुँह खोले आश्चर्य चकित भाव से राहुल को घूर रही थी. जैसे कहना चाह रही हो की, "बेतु?? मज़ाक करने की भी कोई सीमा होती है! और तीन तीन लड़किया तेरे प्यार में कैसे पद गयी ये जानते हुए भी की तेरा रिश्ता किसी और के साथ भी है...!?"

हमारी निशा तोह इसी बात से इतनी स्तब्ध थी पर शायद अभी निशा को और भी बड़े झटके लगने बाकी थे.

अगले hi पल दरवाज़ा एक बार फिरसे खुला और कोई दौड़ते हुए अंदर आया.

"राहुल!!!!"

ये कोई और नहीं हमारी ख़ुशी hi थी. ख़ुशी को देखते hi बाकी साड़ी लड़किया चौकन्नी हो गयी. ख़ुशी की सुंदरता सिर्फ भारतीय नारी की hi नहीं थी. उसकी सुंदरता में उसकी माँ का भी बोहत बड़ा हाथ था. ख़ुशी की माँ चिनेसे थी, इसलिए ख़ुशी की सुंदरता अलग hi स्टारर पर थी. उसकी सुंदरता हटके थी.

दूध जैसी गोरी मखमल त्वचा देख बाकी साड़ी लड़किया अपने अपने अनुमान लगाने लगी.

ख़ुशी के ठीक पीछे hi प्रीती भी आ गयी. एक के बाद एक बड़े झटके लग रहे थे सभी लड़कियों को वह पे. सब यही सोच रही थी की इन् लड़कियों का राहुल से क्या वास्ता है??

ख़ुशी ने बाकी साड़ी लड़कियों को देख उन् को इग्नोर किया और सीधा दौड़ के राहुल के पास आ गयी.

ख़ुशी : रहलललल???

राहुल (सुरप्रीसेड) : ख़ुशी तुम यहाँ?? प्रीती भी??

प्रीती : हां! जब हमे पता चला तोह हम फौरन hi यहाँ आ गए.

राहुल : अरे पर यहाँ तक आने की क्या ज़रुरत थी??

प्रीती (स्माइल्स) : ओह्ह c'mon राहुल! वे लव यू! ख़ुशी और में ये जान ने के बाद यहाँ पर न आए तुम्हे देखने, भला ऐसे कैसे हो सकता है?

मानो जैसे सभी लड़कियों के कानो में ये सुन्न के विस्फोट सा हुआ. क्या कहा अभी इस लड़की ने?

"वे लव यू"?? "वे"??? मतलब ये दोनों भी??

निशा बस हक्की बक्की से अपने बेतु को बगल से देखे जा रही थी. वो अभी अभी सोच रही थी की उसके बेतु से तीन तीन लकड़किया प्रेम करती है और अभी उसका शॉक ख़तम नहीं हुआ था की दो और लड़किया आ गयी और ये दोनों भी उसके बेतु से...??? और अंशु और वंशु के बारे में कैसे भूल सकती है वह? उनका भी मिलाया जाए तोह टोटल 5 लड़किया.

ख़ुशी राहुल का चोटिल कन्धा देख भावुक हो गयी और उसके गले से लगते हुए, उसने राहुल के गालो पर एक ज़ोरदार पप्पी जड़ दी. पप्पी की आवाज़ hi इतनी तेज़्ज़ थी की सभी के कानो में पड़ी. नेहा अपना मुँह खोले ख़ुशी को देखे जा रही थी.

निशा : be..betu?? ये कोण है??

राहुल : uhmm...mom! ये ख़ुशी है!

ख़ुशी : hello आंटी! उम्... आप कोण??

निशा : mein...mein राहुल की माँ हु बीटा

ख़ुशी (शॉकेड) : आठ???

बेचारी ख़ुशी को पता hi नहीं था की बगल में hi राहुल की माँ बैठी थी. अभी अभी तोह उसने राहुल के गाल चूमे और वो भी उसकी hi माँ के सामने. क्या सोचेंगी राहुल की माँ उसके बारे में??

इतना सोचते hi ख़ुशी के गाल सुर्ख लाल पद गए. उसने अपने दोनों गाल अपनी हथेलियों से छुपा लिए और शर्माते हुए नीचे देखने लगी.

निशा ने जब ये देखा तोह वो भी ख़ुशी को देख के खो सी गयी, "कितनी प्यारी बच्ची है! बिलकुल फूल जैसी... ये मेरा बेतु?? क्या कर रहा था इतने साल मुंबई में? और कितनी लड़किया पता राखी है इसने??"

कुछ hi मिनट बाद मास्टर भी ऊपर आ गए जिन्हे देख के राहुल भी चौंक गया,

"मास्टर!???"

मास्टर : उठो मत. आराम करो! किसी है तबियत?

राहुल : ठीक हु!

मास्टर : हम्म! आराम करो! हम बाद में बात करेंगे!

और वो इतना कह के बाहर चले गए. अभी सब फिरसे बातो में लगते उसके पहले hi नर्स आयी और इतने लोगो को राहुल के कमरे में देख के दांग रह गयी और उसने फौरन hi सभी को बहार कर दिया. राहुल का चेक उप किया और मेडिकेशन देके चली गयी.

सभी अभी बाहर थे. मोनिका ने सबके लिए पास के hi होटल में सभी के लिए रूम्स बुक करवा दिए. सभी होटल में जाके खुद को फ्रेश उप करने चले गए सिवाए ख़ुशी और प्रीती के. सभी हॉस्पिटल में कई घंटो से थे और इसलिए काफी थके हुए थे तोह यह डीडे हुआ की नेहा और बाकी सभी जाके थोड़ा रेस्ट करेंगे. हलाकि नेहा जाने तैयार नहीं थी क्युकी वो इन्सेक्युरे फील कर रही थी की अकेले में ख़ुशी राहुल के साथ न जाने क्या करेगी? पर निशा उससे खींच के ले गयी जैसे तैसे.

अभी ख़ुशी राहुल के रूम में मौजूद थी और प्रीती उर्वशी के रूम में उससे कंपनी दे रही थी. इधर एयरपोर्ट पे वंशु भी अपने डैड के साथ पहुँच चुकी थी.

कुछ hi देरर में वो अंशु से कांटेक्ट करके बताए गए एड्रेस पर पहुँच गयी और राहुल की ये हालत देख उससे भी रुलाई आ गयी.

वंशु : कुटी!!

राहुल : आज तोह कितने सरप्राइज मिल रहे है मुझे. आप भी यहाँ आ गयी. सभी को मेरी कितना चिंता है.

वंशु : क्यों नहीं रहेगी कुटी? मेरी जान तोह...

वंशु को ध्यान आता है की अभी उसके डैड साथ में hi खड़े है तोह वो अपने आप को जैसे नियंत्रित कर लेती है,

वंशु : ी मैं तुझे कुछ हो गया तोह हम सबका का क्या होगा?

राहुल (स्माइल्स) : मुझे कुछ नहीं होगा दी!!

वंशु (स्माइल्स) : हम्म्म!!

समय का पहिया घुमा और कुछ समय बाद hi राहुल अब पूरी तरह से ठीक हो चूका था. सभी के साथ वो मुंबई लौट के आ गया.

राजेश और रुपेश तोह वापस चले गए पर निशा के साथ बाकी सभी ने राहुल के साथ कुछ दिन रुकने का फैसला कर लिया.

Rahul's हाउस...

राहुल अपने कमरे में आराम कर रहा था. उसने नई ज़ीलैण्ड से लौटने के बाद कुछ दिन घर पर रहने की hi सोची. हॉस्पिटल की रोज़ की लाइफ से वो अभी कुछ दिन अपने घर में hi गुज़ारना चाहता था.

तोह वही दूसरे कमरे में अंशु, नेहा, ऋचा, वंशु, मोनिका, ख़ुशी, प्रीती, सभी मौजूद थी. क्या होने वाला था किसी को कोई अंदाजा नहीं था पर अंशु hi सबको यहाँ पर लायी थी. एक कमरे में सभी एक दूसरे को देख कर काफी तेनसेद फील कर रही थी.

वंशु : छोटी क्या बात है?? तूने यहाँ हम सबको इखट्टा क्यों किया है??

अंशु : मुझे सभी से इम्पोर्टेन्ट बात करनी है

नेहा : ऐसी क्या इम्पोर्टेन्ट बात है दी??

कुछ लोगो को तोह हम जानते भी नहीं है यहाँ पर

नेहा ने ये बात ख़ुशी और प्रीती की तरफ देखते हुए कही,

प्रीती : हँ?? व्हाट दो यू मैं बी 'नहीं जानते??' वे अरे Rahul's वैरी क्लोज ओनेस.

नेहा : एक्सक्यूज़ में!!! यदि इतना hi क्लोज होती न आप दोनों तोह भाई मुझे कबका बता दिया होता. I'm हिज यंगर सिस्टर okay? सगी बहिन हु में उसकी. मुझसे कुछ नहीं छिपाता वह

अंशु : एहम!! नेहु! क्या तुम वाक़ई ये बात कह रही हो? भाई तुमसे कुछ नहीं छिपाता? भूल गयी कितना बड़ा सच छुपाया था उन्होंने?

नेहु (ब्लश) : क्या डीई!! वो तोह... वो तोह उन्होंने मेरे लिए... भाई अब मुझसे कुछ नहीं छिपाने वाला. ी कैन तेल्ल यू तहत फॉर सूरे.

अंशु : okay okay!!

मोनिका : तोह हम सभी यहाँ किस लिए है? क्या बात है??

अंशु : ी वांट तो क्लियर ओने थिंग. बस उसके लिए hi हम यहाँ पर है.

ऋचा : क्या चीज़??

अंशु : ठीक है! तोह I'll स्टार्ट विथ यू ओनली ऋचा दी... तेल्ल में! दो यू लव भाई??

ऋचा (सुरप्रीसेड) : हँ??

अंशु : बताइये!! क्या आप राहुल भैया से प्यार करती है??

ऋचा (ब्लश) : यस ी दो! ी लव हिम मोरे थान माइसेल्फ! हे प्रॉमिस्ड में तो मर्री में.

ऋचा ने एक बम जान बुझ के फोड़ा ताकि वो सभी को ये एहसास दिला सके की राहुल और उसका रिलेशनशिप कितनी अहमियत रखता है. ऋचा बड़ा hi प्राउड फील कर रही थी.

उसकी बातो से ख़ुशी और प्रीती सबसे ज़्यादा शॉकेड थे.

अंशु : हम्म!! मूविंग ों!!! मोनिका दी!! व्हाट अबाउट यू???

मोनिका (ब्लश) : ेहठ???

अंशु : दो यू लव भाई???

मोनिका (ब्लश) : I...I...

सबकी नज़रे इस वक़्त मोनिका के चेहरे पर hi थी, जैसे सभी वेट कर रहे थे उसके आंसर का.

मोनिका (ब्लश) : ी लव हिम! ी लव हिम वैरी मच!!!

अभी माहौल ऐसा था की राहुल अपने कमरे में चेन्न की नींद सो रहा था पर यहाँ कमरे में सभी लड़कियों को झट पे झटके लग रहे थे.

निशा नीचे किचन में सभी के लिए स्नैक्स तैयार कर रही थी. उससे तोह पता hi नहीं था ऊपर क्या खिचड़ी पाक रही है या यु कहे की कितनी लड़किया पत् रही है!!

अंशु : ऋचा दी और मोनिका दी दोनों hi भाई से प्यार करती है. क्या बात है!! तोह वंशु दी अब आपकी बारी!!

वंशु : *ब्लशेस*

"क्या करू अब? छोटी सबके सामने हमारे रिलेशनशिप के बारे में क्यों बता रही है? हम राहुल की कौसिन्स है छोटी. हम उस से प्यार करते है ये बात सभी को बताने लायक नहीं है" वंशु ने मैं में सोचा.

अंशु : कहिये दी!!

वंशु (ब्लश) : में... में उस से अपनी जान से भी ज़्यादा प्यार करती हु. यू क्नोव आलरेडी छोटी! में उसके बिना नहीं रह सकती.

इस बार सबसे ज़्यादा शॉकेड जो थी वो और कोई नहीं बल्कि नेहा hi थी.

"वंशु दी भाई से?? ये कब हुआ?? वंशु दी तोह भाई की बहिन है न?? ऐसा कैसे??" नेहा मैं में ये सवाल कर रही थी पर शायद वो खुद ये भूल चुकी थी की वो भी राहुल की बहिन hi है.

नेहा : ek...ek मिनट!!! ये सब क्या??? वंशु दीदी??? आप आप... भाई से?? वो आपका भाई है दीदी!!!

वंशु (ब्लश) : ी क्नोव!!

नेहा की बात सुन्न अब ख़ुशी और प्रीती हक्की बक्की रह गयी!!

प्रीती : एक मिनट! ये सब चल क्या रहा है यहाँ?? ये राहुल की बहिन है??

अंशु : हां! में और वंशु दीदी भाई की कौसिन्स है! और इसमें चौकने वाली कोई बात नहीं है. इवन ी लव भाई!! ी लव हिम जस्ट लिखे यू गाइस!

नेहा : व्हॉट?????

अंशु : हां नेहु!! तुम बताओ! क्या तुम प्यार नहीं करती भाई से??

नेहा (ब्लश) : mein...mein...

अंशु : सच कहो नेहु!!!

नेहा : फिनी!!! में उस से प्यार करती हु!!

एंड I'm टेलिंग यू! मेरा प्यार उसके लिए बोहत ज़्यादा है. में उससे बचपन से जानती हु और सबसे अच्छे से जानती हु. माय लव फॉर हिम इस इममेंसे.

वंशु (शॉकेड) : नेहा??? तुम????

ख़ुशी : प्रीती?? क्या तुमने भी वही सुना जो मेने सुना??

प्रीती : *नॉड्स*

ख़ुशी : हम कही गलत जगह तोह नहीं आ गए न? राहुल की सगी बहिन उस से प्यार करती है? उसकी दो कजिन बहने भी उस से प्यार करती है. उनके अलावा 2 और लेडीज है जो राहुल से प्यार करती है. प्रीती?? क्या हमारा नंबर आने से पहले hi ख़तम हो गया??

प्रीती : ी don't क्नोव ख़ुशी!!

अंशु : हम्म्म! रही बात ख़ुशी और प्रीती... तुम दोनों की... तोह... हमे तुम दोनों के बारे में कुछ भी नहीं पता है.

ख़ुशी : हमारा राहुल के साथ अच्छा रिलेशन है...

प्रीती : इसके कहने का मतलब है, शी लव्स हिम

ख़ुशी (ब्लश) : प्रीएटीई!! तू नहीं करती क्या उससे?

प्रीती : मेरा नंबर पता नहीं आता भी है या नहीं! पर तेरा नंबर तोह में लगवा के hi दम लुंगी!

अंशु : सुनिए सभी!! में जानती हु यहाँ पर आप सभी में से कुछ को बोहत hi हर्ट फील हो रहा होगा ये जान कर की भाई की और भी लवर्स है बूत मुझे अभी पूरी बात बतानी है

मोनिका : क्या??

अंशु : हम सब के अलावा तनीषा दी और तानिया दी भी है जो भाई से प्यार करती है.

ख़ुशी ये बात सुनते hi बिस्तर पर गिर पड़ती है, और अपना सर पकड़ लेती है,

"ी... ी नीड तो प्रोसेस थिंग्स. आप कंटिन्यू कीजिये..."

नेहा : तानिया दी??? Wo...kabse???

अंशु : देखो नेहु! मुझे पता है अभी तुम्हे बोहत बुरा लग रहा होगा. तुम भाई के लिए बोहत ज़्यादा पोस्सेस्सिवे हो. वंशु दी से भी ज़्यादा. पर ये बात समझो प्लीज. हम सब भी भाई से उतना hi प्यार करते है जितना की तुम...

नेहा : mera...mera प्यार आप सभी से कही ज़्यादा है दी! I'm सॉरी!

अंशु : नहीं नेहु! मतलब की बात ये है की हम भी भाई से प्यार करते है. उनके बिना न हम रह सकते है और ना hi वो हमारे बिना रह सकते है. मेरे पास एक आईडिया है!

ऋचा : केसा आईडिया??

अंशु : एक ऐसा आईडिया जिस से सभी राहुल भैया के साथ हमेशा के लिए रह पाएंगे और मय्बे शायद आपकी भाई से शादी भी हो जाए.

सभी एक साथ : व्हाटट???

अंशु (स्माइल्स) : जी हां!!

मोनिका : क्या है आईडिया??

अंशु : वो आपको समय आने पर पता चल जाएगा. पहले प्रॉमिस में ओने थिंग.

ख़ुशी : क्या???

अंशु : ये की आप सभी ये प्रॉमिस करती हो की आप भाई से प्यार करती हो और मेरे प्लान में आपसे जो भी बन्न पड़ेगा वो आप करोगी ताकि एन्ड में सभी को भाई के साथ रहने का मौका मिल सके.

सभी ने सोचने के बाद अंत में अंशु को प्रॉमिस दे hi दिया.

अंशु : ऑलराइट! प्लान बेगिंस फ्रॉम टुमारो!!

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आज के लिए इतना hi गाइस!


रोमांस विल स्टार्ट फ्रॉम नेक्स्ट अपडेट!
 
अपडेट - 97

अब तक...

अंशु : वो आपको समय आने पर पता चल जाएगा. पहले प्रॉमिस में ओने थिंग.

ख़ुशी : क्या???

अंशु : ये की आप सभी ये प्रॉमिस करती हो की आप भाई से प्यार करती हो और मेरे प्लान में आपसे जो भी बन्न पड़ेगा वो आप करोगी ताकि एन्ड में सभी को भाई के साथ रहने का मौका मिल सके.

सभी ने सोचने के बाद अंत में अंशु को प्रॉमिस दे hi दिया.

अंशु : ऑलराइट! प्लान बेगिंस फ्रॉम टुमारो!!


अब आगे...



अगली सुबह हुई, राहुल के घर में काफी चहल पहल थी. अब इतनी सुन्दर सुन्दर लड़किया एक hi छत के नीचे रहेंगी तोह चहल पहल होना तोह लाज़मी hi है. कल अंशु की बात से नेहा, ख़ुशी, वंशु सबसे ज़्यादा हर्ट हुई थी ये जान के की राहुल की और भी लवर्स है.

नेहा और वंशु तोह थी hi पोस्सेस्सिवे राहुल को लेकर. उनके हिसाब से राहुल केवल उनके hi साथ रहना चाहिए, बाकियो के साथ नहीं. राहुल को किसी और के साथ देखते hi दोनों को न जाने अंदर क्या फील होने लगता था, एकदम जल भून जाती थी ये दोनों. नेहा ये जान के शॉकेड थी की उसकी साड़ी बहने भी राहुल से प्यार करती है. इसका मतलब उन् सब का प्यार पहले से चलता आ रहा था.

यानी की नेहा की जब राहुल से बात चीत बंद थी, लड़ाई के चलते तब से hi राहुल का अफेयर बाकी बहनो से चल रहा था. ये जान ने के बाद नेहा और भी ज़्यादा हर्ट फील कर रही थी. काश उसकी और राहुल की लड़ाई बीच में न आयी होती तोह वो तोह बचपन में hi राहुल को अपना बना लेती और आज ये स्थिति hi न उत्पन्न हुई होती.

नेहा सबसे ज़्यादा इस बात को हज़म नहीं कर पा रही थी की ये बीच में ख़ुशी कोण है और कहा से आ गयी? ख़ुशी और प्रीती उसके लिए जैसे रास्ते में पड़े काटो की तरह थी.

बाकी सभी तोह उसकी बहने hi थी तोह नेहा वो जैसे तैसे मैनेज कर लेती, रही बात ऋचा दीदी की तोह नेहा शुरू से hi ऋचा को जानती थी, और उससे पता भी था की भाई का ऋचा दीदी के साथ पहले से hi सम्बन्ध है तोह उससे ऋचा से भी कोई प्रॉब्लम नहीं थी. तनीषा से भी उससे प्रॉब्लम नहीं थी, क्युकी तनीषा की इमेज नेहा के मैं में बदल चुकी थी उस दिन से जब से उससे साड़ी सच्चाई पता चली थी. मोनिका को भी नेहा जैसे तैसे एक्सेप्ट कर hi लेती, हॉस्पिटल में उसने देख hi लिया था की राहुल मोनिका की कितनी फिक्र करता है और मोनिका ने तोह उससे लकी के चंगुल से बचाया भी था. तोह मोनिका से भी नेहा का रिलेशन अब काफी अच्छा हो गया था. पर बात थी ये नयी नवेली ख़ुशी और प्रीती की...

नेहा उन्हें बिना जानते हुए कैसे एक्सेप्ट कर सकती है?? "भाई!!! तुमने सारे अफेयर्स मुझसे छिपा के रखे... तुम्हारी खबर लेनी पड़ेगी. सही समय आने पर बताती हु में तुमको हम्फ!!!" नेहा ने मैं में hi ठान लिया की राहुल से अकेले में वो ये बात ज़रूर छेड़ेगी.

राहुल सबकी दिन भर की पंचायत से बचने के लिए, सभी को शॉपिंग पर भेज दिया और वो खुद आज आराम से घर पर बैठ के आगे के बारे में कुछ सोचना चाहता था. सौरभ ने उससे खूब सुनाई जब उससे पता चला की राहुल को चोट लगी थी और राहुल ने कोई खबर भी नहीं दी थी. वो तोह अच्छा हुआ ऋचा ने सब कुछ बता दिया था, सौरभ भी नई ज़ीलैण्ड जाके राहुल से मिलने जाने वाला था पर ऋचा ने मन कर दिया था. ये कहकर की कंपनी को उसकी अभी ज़रुरत है.

आज राहुल अपने रूम में hi लेता हुआ था की इतने में hi उसके रूम का दरवाज़ा खुला और कोई अंदर आया,

"अंशु???", राहुल ने दरवाज़े की और देखा तोह उससे थोड़ा आश्चर्य हुआ. सभी को तोह उसने शॉपिंग पर भेजा था फिर अंशु यहाँ?

अंशु : भाई!!! अरे यू फ्री??

राहुल : हां में तोह फ्री hi हु पर तुम यहाँ? शॉपिंग पर नहीं गयी??

अंशु : नहीं भाई! यदि आप फ्री हो तोह क्या में अंदर आ जाऊ??

राहुल : हां... क्यों नहीं??

अंदर आते hi अंशु ने सबसे पहले दरवाज़े को अंदर से लॉक किया और धीरे कदमो के साथ वो राहुल के नज़दीक आयी.

इस वक़्त उसने एक वाइट टॉप और शॉर्ट्स पहने हुए थे. टॉप के अंदर उसने कोई भी ब्रा नहीं पहनी हुई थी जिसके चलते उसके निप्पल टॉप के बाहर से hi हलकी आकृति का प्रदर्शन दे रहे थे.

राहुल की नज़र एक बार उन् मनमोहक उरोजों पर गयी पर अगले hi पल उसने नज़रे हटा ली और अंशु के चेहरे को देखने लगा.

अंशु राहुल के समीप आयी और बीएड पर hi उस से सत् के बगल में बैठ गयी,

राहुल : क्या हुआ?

अंशु : आपसे बात करनी है बस.

राहुल : हां! कहो न...

जवाब में अंशु ने कुछ नहीं कहा बस अपने बालो के साथ खेलने लगी, ऊँगली में बालो को फसाती और उन्हें घुमाने लगती.

राहुल : बोल न!!

अंशु ने राहुल के चेहरे को देखा और फिर मुस्कुराते हुए बड़े hi मोहक अंदाज़ में कहा,

"ी क्नोव योर प्लान"

राहुल : हँ???

कन्फूसिओं राहुल के चेहरे पर साफ़ झलक रहा था. किस प्लान की बात कर रही थी अंशु?

राहुल : व्हाट प्लान??

उसके रिप्लाई के बाद अंशु फिर से खिल खिलाते हुए हस्सी और उसकी तरफ झुकी. झुकने से राहुल बीएड पे टिक गया और ठीक उसके ऊपर अंशु थी. अंशु राहुल के कान के समीप आयी और बोली,

"आप.... हम सब.... श्री लंका"

इतना कहते hi वो पीछे हट गयी और फिरसे राहुल को मोहक अंदाज़ में नशीली आँखों से देखने लगी.

राहुल अभी साड़ी चीज़ प्रोसेस hi कर रहा था पर जैसे hi उससे समझ में आया तोह उसकी आँखें फेल गयी, वो स्तब्ध होक बस अंशु को hi देख रहा था.

उसका शॉकेड एक्सप्रेशन देख के अंशु एक बार फिरसे जोरर से हस्सन लगी,

राहुल (शॉकेड) : अंशु....!???

अंशु (सडक्टिवेली) : यस भाई! ी क्नोव एवरीथिंग...

राहुल बस अंशु के चेहरे को देखता जाता है, तभी उससे कुछ पुरानी बातें याद आती है और उससे और भी कई बड़े झटके लगते है. आँखों में आश्चर्यता साफ़ दिख रही थी.

"सो.... शी वास् थे ओने???" मैं में राहुल ने खुद से कहा...

राहुल : अंशु??

अंशु : हां भाई!!

राहुल : तोह... तुम्ही थी न वो जिसने तानिया को बेहला कर मुझसे सच जान ने के लिए कहा था??

अंशु : *स्माइल्स*

राहुल : तुम्ही ने तानिया के साथ मिलकर प्लान बना के गुड़िया को सच बताया था??

अंशु : *स्माइल्स*

राहुल (गहरी सास लेते हुए) : मेरी बहिन तोह कुछ ज़्यादा hi होशियार निकली... और मेरे प्लान की क्या बात कर रही थी???

अंशु : आपको पता है भाई में क्या बात कर रही थी.

राहुल : हां लेकिन फिर भी... ी वांट तो हेअर फ्रॉम यू.

अंशु : ok तोह ठीक है... *स्माइल्स* आपने जान बूझ के श्री लंका में अपनी ब्रांच खुलवाई है न?? इसका कारण बिज़नेस से नहीं था बल्कि पर्सनल लाइफ के प्रॉफिट से था. क्यों? है न?

राहुल : .....

अंशु : आपने अपनी ब्रांच वह इस लिए खुलवाई बिकॉज़... श्री लंका में पॉलीगम्य अल्लोवेद है.

लगा भाई लगा, 440 वाल्ट का झटका लगा. राहुल जो सोच रहा था वही हो गया. अंशु कनौस. शी कनौस एवरीथिंग.

अंशु : मान न पड़ेगा भाई!! आप कितने आगे की सोच कर चल रहे थे. आपको पता था की आप इंडिया में रहकर एक से ज़्यादा वाइफ नहीं रख सकते, क्युकी आप आलरेडी एक जानी मानी कंपनी के मालिक हो और आप सुर्खियों में रहोगे hi. ऐसे में इतना बड़ा रिस्क तोह आप ले hi नहीं सकते और इसलिए... आपने श्री लंका चूसे किया. क्युकी वह पॉलीगम्य अल्लोवेद है. आप एक से ज़्यादा बीविया रख सकते हो. श्री लंका की सिटीजनशिप लेने के बाद आप इंडिया तो श्री लंका और श्री लंका तो इंडिया आराम से ट्रेवल कर सकते हो और एक से ज़्यादा वाइफ भी रख सकते हो. क्यों है न? क्या मेने कुछ गलत कहा भाई??

राहुल की तोह मानो जैसे बोलती hi बंद हो गयी थी. यहाँ वो सोच रहा था की वो अकेले hi सब आगे के लिए प्लान करते जा रहा है पर पीछे से अंशु जैसे उसके सारे प्लान्स पर से पर्दा उठाती जा रही थी. हमेशा राहुल hi था जो दुसरो के लिए रहस्यमयी रहता था पर आज उससे ऐसा लगा जैसे उस से कही गुना अंशु रहस्यमयी थी.

राहुल (हकलाते हुए) : an..anshu?? तुझे ये सब??

अंशु : में जब भी जिस से भी मिलती हु न भाई, हमेशा उनमे यही ढूंढ़ती हु की क्या वो मेरे भाई को जानते है? यदि हां, तोह में उनसे ढेर्रो सवाल करके आपके बारे में साड़ी इनफार्मेशन लेती हु ताकि आपकी कोई भी बात मुझसे छूट न पाए. ऋचा दीदी से पता चला मुझे की आपने श्री लंका में ब्रांच खुलवाई है, फिर मेने सौरभ भैया से बात करि तोह उन्होंने बताया था की वो काफी कन्फ्यूज्ड थे आपके इस डिसिशन पर... सो ी गूगलेड अबाउट श्री लंका. श्री लंका की साड़ी विकिपीडिया पढ़ डाली मेने. और मुझे फाइनली अपना पॉइंट मिल गया... सो... यू चोसे आईटी बिकॉज़ ऑफ़ थे पॉलीगम्य राइट???

राहुल : ........

अंशु : don't वोर्री भाई! आपको इसमें दररने की कोई ज़रुरत नहीं है.

राहुल (गहरी सास लेते हुए) : तूने... ये सब... ी मैं... किया क्यों??

उसके इतना कहते hi अगले hi पल अंशु धक्का देके राहुल को बीएड पर गिरा देती है और उसके ऊपर चढ़ जाती है. उसकी ज़ुल्फ़े राहुल के चेहरे के इर्द गिर्द बिखरी हुई थी. राहुल का व्यू उन् ज़ुल्फो से धक् चूका था. उसके सामने था तोह केवल अंशु का चेहरा.

राहुल जहा अंशु की इस हरकत से ताजुब तोह था hi पर उस से भी ज़्यादा हैरानी उससे इस बात की थी की अभी अंशु की पलके भीगी हुई थी. वो रो रही थी??? क्यों??!

राहुल : अंशु...???

अंशु (क्रिस) : यू वांटेड तो क्नोव व्हाई ी दीद आल थिस?! It's... It's बिकॉज़ ऑफ़ यू!!!

राहुल : ???????

अंशु : ी दीद एवरीथिंग... जस्ट तो गेट क्लोज़र तो यू. में आपके क़रीब आना चाहती थी... आपको क्या लगता है?? इतनी साड़ी लड़कियों को आपके क़रीब देख कर क्या मुझे अच्छा लगता है?? न्यूऊऊओ....!! इवन ी फील पैन.... ी फील हर्ट...... आईटी फूकिंग हुर्ट्स....... ी ऑलवेज वांटेड तो बे क्लोज़र तो यू...

राहुल : ......

अंशु : आपसे जब मेरी बात दुबारा होना शुरू हुई थी. यू क्नोव कितना खुश थी में? ी फेल इन लव विथ यू तहत डे... जिस दिन आपने ज़ू में मंकी से बचा के मुझे अपनी बाहो में लिया था. आईटी फेल्ट सो गुड... यू स्टार्टेड कालिंग में गुड़िया. मुझे लगता था जैसे आप भी मुझे नेहा की तरह प्यार करते है क्युकी एक में hi तोह हु आपकी छोटी बहिन नेहु के अलावा बूत... नेहु की आपसे बात जैसे hi शुरू हुई, आपने... आपने मुझे गुड़िया कहना बंद hi कर दिया... मुझे ऐसा लगा... जैसे... जैसे किसी ने मेरे दिल से एक टुकड़ा निकाल लिया हो. आप शुरू से hi हमेशा मुझे किश करने से कतराते थे, इवन थौघ आप वंशु दी के साथ सब कुछ आसानी से कर लेते थे. हमारे बीच सेक्स भी हुआ... बूत मुझे पता था समथिंग वास् मिसिंग... आप मुझे नार्मल बहिन की तरह hi ट्रीट कर रहे थे. हालात ऐसे थे की यदि में कोई मूव नहीं करती तोह शायद आप कभी भी खुद से आगे बढ़कर मेरे साथ कुछ भी नहीं करते..

राहुल : ......

अंशु (क्रिस) : that's व्हाई... That's व्हाई मेने आपके लिए सभी को एक किया, ी सॉर्टेड योर प्रॉब्लम विथ नेहा, ये सोचके की आपको ख़ुशी होएगी, मेने सभी को आपके क़रीब लाया ये सोचके की अब आपके पास मुझे दूर करने का बहाना hi नहीं बचेगा. किस लड़की को अच्छा लगेगा अपने प्यार को बाकी लड़कियों के साथ देख कर?? बूत मेने ये क़ुरबानी दी... बिकॉज़ ी कनेव... ी कनेव... की आपके पास आने के लिए मुझे सबको आपके पास लाना पड़ेगा. तब आपके पास मुझे अपनाने के अलावा और कोई ऑप्शन hi नहीं बचेगा. शुरू से hi मेने... सब कुछ... आपके क़रीब आने के लिए किया. इस होप में की I'll गेट तो क्नोव यू बेटर, में hi आपके दिल में ऐसी रहूंगी जो आपको सब से अच्छी तरह जानती है...

राहुल : ..........

अंशु (सबस) : नई ज़ीलैण्ड में... यू किस्ड ऋचा दी... मोनिका डीई... नेहु... बूत नॉट में. यू क्नोव?? ी वास् वेटिंग फॉर योर किश. में आपको करना चाहती थी बूत मुझे डर था की आप कही बुरा न मान जाओ क्युकी सभी वह मौजूद थे. बूत ी हद ा होप. शायद! शायद आप मुझे अपने क़रीब बुला के किश करो... बूत यू didn't... जस्ट लिखे बिफोर... आप मुझे अपने से दूर hi रखे... आईटी हुर्ट्स...

राहुल : अंशु...

अंशु (क्रिस) : आईटी हुर्ट्स सो मच भाई... ी दीद एवरीथिंग... जितना हो सकता था मेने किया... थिंकिंग तहत It'll मेक यू हैप्पी... आपका खुश होता हुआ चेहरा देख के... मुझे ख़ुशी होती है... आपकी स्माइल देख के मेरा दिल खुश होता है... जब जब आपको दुःख में देखती हु, जब जब आपको साड़ी ज़िम्मेदारी अकेले लिए देखती हु, जब जब आपको साड़ी समस्याओ से अकेले लड़ते देखती हु... मुझे... मेरे दिल दुखता है... रोटा है वो...

आँखों से एक अश्रु बह के राहुल के चेहरे पर गिरता है तोह अगले hi पल राहुल अंशु को खींच के अपनी बाहो में भींच लेता है,

राहुल : बस!!! बस मेरी गुड़िया... ी वास् रॉंग ी क्नोव... मेने गलती की है. मुझे माफ़ करदे मेरी गुड़िया... तू मेरे लिए पीठ पीछे मेरी कितनी समस्याओ से लड़ती रही और उन्हें मेरे लिए सुलझाती रही. मुझे पता hi नहीं चलने दिया तूने... और में तुझे अपने से दूर रखता रहा. ऐसा इसलिए अंशु क्युकी,

में डरता था... ी थॉट... ये सब ज़्यादा हो रहा है...

अंशु (क्रिस) : क्यों?? आपको मेरे लिए hi क्यों ज़्यादा लगा? और भी तोह लड़किया है न? उन्हें क्यों दूर नहीं किया आपने?

राहुल : क्युकी तुम वंशु दी के घर से हो गुड़िया. वंशु दी आलरेडी मेरे साथ फिजिकली एक्टिव थी. ऐसे में में यदि तुम्हारे साथ भी... That's व्हाई... और रही बात किश करने की तोह....

अंशु : ??????

राहुल : मेरी हिम्मत नहीं होती थी...

अंशु (सुरप्रीसेड) : हँ???

राहुल : बिकॉज़... यू वेरे तू ब्यूटीफुल. तू ब्यूटीफुल तो हैंडल... में नहीं चाहता था की में कण्ट्रोल खो बैठु

अंशु (ब्लश) : हँ???

राहुल (स्माइल्स) : I'm सॉरी!! गुड़िया...

अगले hi पल अंशु की आँखों में आसुओ का रुका हुआ बाँध खुल जाता है और वो मोठे मोठे ासु बहाते हुए रोने लगती है.

अंशु (क्रिस) : भैयाआआ.....

राहुल के सीने में मुँह छिपाते हुए अपना चेहरा उसके सीने से रगड़ने लगती है,

"ी लव यू ? ी लव यू... ी लव यू सू मुछ्ह"

राहुल (स्माइल्स) : ी लव यू तू...

अंशु : प्रॉमिस में... आप मुझे कभी भी अब अपने से दूर नहीं करोगे...

राहुल : नेवर... ी प्रॉमिस!!

अंशु (ब्लश) : किश में!!

राहुल बिना कुछ बोले hi अगले पल अंशु के होंठ अपने होंठो में भर लेता है. होंठो की वो भीनी भीनी अंगूरों वाली खुशबू और उनका रस, राहुल उनमे मानो खो सा गया.

किश लम्बी यही चलती रही, दोनों hi जी भर के एक दूसरे के आलिंगन में एक दूसरे के होंठो का रस पी रहे थे, एक दूसरे की थूक का स्वाद ले रहे थे.

और कब उन् दोनों के बदन से कपडे निकल गए दोनों को hi इस बात का पता नहीं चला. दोनों नग्न हालत में एक दूसरे को बाहो में लेकर बिस्तर में किश कर रहे थे.

राहुल अंशु के सुडोल दूध को हाथो में लेता और उन्हें कस के निचोड़ देता, सिसकियों से अंशु उसके हर्र प्रहार का स्वागत करती और उससे बस चूमती जाती. आज वो बेहद खुश थी

अगले hi पल अंशु ने राहुल का लिंग अपने हाथो में लिया और उससे जी भर के चूसना और चाटना शुरू कर दिया. किसी लोल्लिपोप की तरह वो राहुल का लिंग चूस रही थी.

राहुल (मोअन्स) : ohhhh....anshu...

और जैसे hi राहुल स्खलित होने के नज़दीक पहुचा अंशु ने अपना मुँह लिंग से हटा लिया.

उसने अपने परर म शेप में किये और राहुल को देखते हुए अपनी बाहे खोल दी और उससे खुदको भोगने का निमंत्रण देने लगी,

अंशु : आओ भाई!! भोग लो अपनी इस ना चीज़ को...

उसकी इस बात से राहुल के लिंग ने एक ज़ोरदार झटका मार दिया,

राहुल : तुम कोई ना चीज़ नहीं हो गुड़िया. तुम तोह मेरी प्यारी गुड़िया हो. मेरी प्यारी अंशु.

अंशु (सबस) : भैया....

और अगले hi पल राहुल अंशु की योनि में अपना हथियार दाल देता है, जिसके बदले में अंशु एक ज़ोरदार सिसकी भर्ती है, कुछ hi देरर बाद राहुल तेज़्ज़ धक्के मारने लगता है और कमरे में सिर्फ *फट फट फट* की आवाज़ें और अंशु की सिसकियों की आवाज़ें गूंजने लगती है.

अंशु : ummmmm....aaahhhhhh....bhaiyaaaaaaumm

जब राहुल स्खलित होने की कगार पर आता है तोह अंशु अपने परर उसकी कमर में कस के बाँध लेती है और नतीजा राहुल अंशु की छूट में ज़ोरदार पिचकारी चोरर के झरर जाता है.

कुछ देरर यही एक दूसरे की बाहो में लिपटे हुए राहुल अंशु के नंगे बदन के ऊपर hi लेता रहता है. अंशु के नंगे दूध राहुल की नंगी छाती में घुस रही थी. पसीने से दोनों के hi बदन गीले थे. अंशु प्यार से अंदर गिरे हुए राहुल के प्रेम रस का अनुभव कर रही थी और उसके बालो में हाथ फरते जा रही थी.

राहुल (स्माइल्स) : अरे यू हैप्पी???

अंशु (स्माइल्स) : मोरे थान एनीवन...

राहुल : तोह हुकुम दीजिये रानी साहिबा... क्या करना है आगे??

अंशु : में हुकुम नहीं दूंगी भाई. यू अरे थे किंग!!! हुकुम तोह आप देंगे... I'll बे योर क्वीन!!

राहुल (स्माइल्स) : यू आलरेडी अरे...

अंशु (ब्लश) : यू... आप न बोहत hi...

राहुल : बोहत hi क्या??

अंशु (ब्लश) : बोहत अच्छे हो... आपसे गुस्सा भी नहीं हुआ जाता... हम्फ!!

राहुल : हहै! तोह बताओ अब! आगे क्या करना है?

अंशु : हम्म्म! मेरे प्लान के अकॉर्डिंग... आप ऋचा दी को हनीमून पर लेके जाओगे...

मेक हेर योर वाइफ.

राहुल : हँ?? पर तुम तोह कह रही थी यू फील हर्ट जब तुम बाकी लड़कियों को मेरे साथ देखती हो.

अंशु : ी दो... बूत मेने अब मैनेज करना सीख लिया है. ी क्नोव की आप किसी एक के लिए नहीं बने हो. मुझे सबको साथ लेके hi चलना पड़ेगा, ओनली थें... ी कैन गेट योर लव.

राहुल (स्माइल्स) : गुस्सा हो??

अंशु : कभी नहीं! आपसे गुस्सा कभी नहीं हो सकती!

राहुल : इतना सब कुछ क्यों किया मेरे लिए??

अंशु (ब्लश) : बिकॉज़... ी लव यू! ी वांट तो चेरिश यू! यू अरे माय त्रैझ! ❤️

राहुल : अंशु...

और दोनों फिरसे एक मीठी किश में खो जाते है.

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आज के लिए इतना hi गाइस!!

अब हर्र अपडेट में आपको हर्र एक करैक्टर की डीप फीलिंग्स दिखाई जाएंगी!


धन्यवाद्!!
 
अपडेट - 98

अब तक...

राहुल (स्माइल्स) : गुस्सा हो??

अंशु : कभी नहीं! आपसे गुस्सा कभी नहीं हो सकती!

राहुल : इतना सब कुछ क्यों किया मेरे लिए??

अंशु (ब्लश) : बिकॉज़... ी लव यू! ी वांट तो चेरिश यू! यू अरे माय त्रैझ!

राहुल : अंशु...

और दोनों फिरसे एक मीठी किश में खो जाते है.


अब आगे...



कुछ देरर यही अपनी प्यारी अंशु की बाहो में मदमस्त हुए पड़े रहने के बाद जैसे राहुल को एकदम से कुछ याद आता है तोह वह हड़बड़ा के उठ जाता है,

"अरे...!! माँ??? क्या माँ भी कही तुम्हारे साथ तोह वापस नहीं आ गयी थी?"

अंशु : नहीं भाई! वो आने का कह रही थी पर मेने उन्हें ये कह के वापस भेज दिया की साड़ी लड़किया लोग अकेली रहेंगी, उनके साथ एक बड़ा होना ज़रूरी है.

राहुल : ओह्ह्ह!!!

अंशु : हां!! हहै!! Don't वोर्री भाई! आपकी ये बहिन बोहत hi सेफ्टी से चलती है

राहुल : वो तोह में देख hi रहा हु मेरी बहिन

इतनी बोल राहुल उससे अपनी गॉड में उठा लेता है और उससे प्रिंसेस कैर्री करके वाशरूम की और ले जाने लगता है. राहुल के गले में अपने हाथ हार की तरह बाँध के अंशु खिल खिलाते हुए हस्सन लगती है और आगे बाथरूम में होने वाले पालो को सोचकर hi एक्साइट होने लगती है.

इनका ये सेशन वाशरूम में मस्ती से भरा होने वाला था तब तक आइये देख लेते है की मार्किट में यहाँ लड़कियों के बीच क्या हुआ,

मॉल में हमारे राहुल की साड़ी प्रेमिकाए बस घुमते जा रही थी. हर्र एक राह चलते व्यक्ति की नज़र काम से काम इन् पर एक बार तोह ज़रूर टिकती. सभी इतनी मनमोहक जो थी.

जब चलते चलते निशा काफी थक गयी तोह उस से और रहा नहीं गया और उसने एक जगह खड़े होते हुए कहा,

"बच्चो! एक घंटे से हम घूम hi रहे है. यदि किसी को कुछ नहीं लेना है तोह क्या हम घर चले??"

निशा के ये कहते hi सभी एक दूसरे को देखने लगते है पर जिसके चेहरे पर सबसे ज़्यादा ख़ुशी थी वो थी ऋचा. उसने फौरन निशा के हाथ को अपनी हथेली में ले लिया,

"आंटी! मुझे कुछ नहीं लेना. आप थक गयी होगी! चलिए! में आपको वो स्नैक्स काउंटर में ले चलती हु. आपने कुछ खाया भी नहीं है जबसे. आपको डोसा पसंद है न? आइये! हम चलके वह खाते है. जिसको जो लेना है वो लेता रहेगा"

ऋचा ने ये कहते hi जैसे बाकी वह मौजूद लड़कियों के मैं में एक बेम फोड़ दिया. ऋचा की बातो से केवल वंशु और नेहा hi नार्मल थी. बाकी मोनिका, ख़ुशी, प्रीती सभी को बेचैनी होने लगी.

निशा : तुमने सही कहा बीटा! और तुझे याद है की मुझे डोसा पसंद है?? हाय मेरी बच्ची! चल! तुम और में मिलके खाएंगे और जिसको भी आना हो वो आ सकता है!

ऋचा (मैं में) : हेहेहे! रीचु!!! क्या चाल चली है तूने! तुम लोग भले मेरे राहुल से प्यार करती हो पर उसके परिवार में मेरी इमेज तुम लोगो की इमेज से कही ज़्यादा है.

ऋचा बड़ा hi प्राउड होते हुए निशा को वह से स्नैक्स काउंटर में हस्ते हुए ले जाने लगी और नेहा और वंशु भी उनके साथ में चल देती है. इधर मोनिका, ख़ुशी और प्रीती हक्की बक्की सी कड़ी hi रह जाती है.

ऋचा ने एक झटके में hi तीनो को उनकी इमेज दिखा दी की वो किस लेवल पे है और ऋचा खुद किस लेवल पे है. जहा सभी लड़किया शॉपिंग पर ध्यान दे रही थी, ऋचा ने निशा पर ध्यान दिया. ऋचा एक कदम आगे निकली सभी से. काफी समय से राहुल के परिवार के साथ कांटेक्ट में रहते हुए उससे निशा की पसंद नापसंद के बारे में भली भाति पता था.

वो जबसे राहुल के प्यार में डूबी थी तभी से hi वो राहुल के परिवार वालो के बारे में उनसे बातें करते हुए काफी बातें जान चुकी थी. न केवल ऋचा निशा को ले गयी बल्कि ऋचा ने ये पॉइंट भी रखा की निशा काफी थक गयी होगी. ये क्या दर्शाता है? ये दर्शाता है की ऋचा निशा के बारे में सोच रही थी. ज़ाहिर सी बात थी की निशा के मैं में एक फवौराबले इम्प्रैशन जाग गया ऋचा के प्रति. ये वही स्थिति थी की ऋचा को एक पॉइंट मिल गया और भैया स्कोरबोर्ड अभी यहाँ पर कुछ ऐसा था -

ऋचा - 01

मोनिका - 00

वंशु - 00

अंशु - 00

नेहा - 00

ख़ुशी - 00

प्रीती - 00

असली गेम तोह लगता है यहाँ से शुरू हुआ था

पहला पॉइंट तोह ऋचा बटोर के ले गयी. अब देखना था की आगे कोण कैसे अपने प्यार को पाने में जल्दी कामयाब होता है.

ख़ुशी और मोनिका दोनों hi अपने दांत पीसने लगी... उन्हें ये ख़याल क्यों नहीं आया? पर यदि आया भी होता तोह क्या उन्हें राहुल की माँ के बारे में कुछ पता होता?? दोनों ने खुद से ये सवाल किया,

प्रीती (दांत पीसते हुए) : तहत विच... सहित!! शी वास् अहेड ऑफ़ उस!! ख़ुशी!! आज तुम्हे राहुल की माँ को इम्प्रेस करना hi होगा. वर्ण तुम्हारी नैया डूब जाएगी. तुम घबराना नहीं. में तुम्हारे साथ हु. I'll हेल्प यू गेट राहुल!

ख़ुशी : हँ?? *ब्लशेस* हम्म...

मोनिका (सुरप्रीसेड) : शी... शी इस किते स्मार्ट!!

मोनिका भले hi बेचैन थी पर ऋचा की बुड्ढी तत्परता (प्रजेंस ऑफ़ मंद) से मोनिका काफी इम्प्रेस्सेड थी.

"शी... She'll बे ा टफ ॉपपोनेंट", अपने निचले होंठ को दांत से दबाते हुए मोनिका ने अपने मैं में सोचा.

अब यहाँ खड़े रहना का क्या फायदा? ज़ाहिर सी बात है तीनो ऋचा को और मौका नहीं देना चाहती थी इसलिए वो तीनो भी सभी के पीछे पीछे स्नैक्स काउंटर की और चल दी.

इस वक़्त एक राउंड टेबल के इर्द गिर्द सभी ख़ूबसूरत लड़किया अपनी अपनी चेयर्स पर विराजमान थी.

केवल ऋचा और निशा hi वार्तालाप कर रही थी बाकी सभी इधर उधर नज़रे करके सुन्न रही थी. नज़रे ज़रूर कही और थी पर सभी का पूरा ध्यान ऋचा और निशा की बातो में hi था.

ऋचा : आंटी डोसा न? और कुछ भी लेंगी आप?

निशा : नहीं बीटा! डोसा ठीक है. उसमे hi मेरा पेट भर जाएगा. तुम बताओ! क्या लोगी?

ऋचा : आंटी! में भी आपकी तरह डोसा. मुझे भी डोसा काफी पसंद है!

निशा : ओह्ह्ह! अच्छा!

प्रीती (मैं में) : मुझे भी डोसा काफी पसंद है! बड़ी आयी!! हम्फ!! नहीं भी पसंद होगा तोह भी ख़ुशी खुसी पेल जाएगी ये

प्रीती ख़ुशी के कान में झुकते हुए कहती है,

"ख़ुशी!!! कुछ कर!! ऐसे तोह ये बाज़ी मार लेगी! तू आज न!! राहुल को जम्म के सभी के सामने एक पप्पी दे देना. किस्सा hi ख़तम कर दे"

ख़ुशी (ब्लश) : हैंण्ण्णन?????

उसकी आवाज़ थोड़ी तेज़्ज़ थी जिस वजह से सभी लोग ख़ुशी को hi घर कर देखने लगे,

निशा : क्या हुआ बीटा??

ख़ुशी (ब्लश) : हम्म?? Ni...jii.. वो... कुछ नहीं!!!

उसने टेबल के नीचे से hi प्रीती की ब्याह में चिमटी काटी. बेचारी का चेहरा लज्जा के कारण पूरा लाल हो गया था.

निशा ने एक नज़र बाकी सभी पर दौड़ाई और सबका मुँह लटका देख उससे कुछ आभास हुआ,

निशा (मैं में) : ओह्ह्ह! तोह ये बात है??? ये सभी मुझ पर अच्छा इम्प्रैशन डालना चाहती है ताकि मेरे बेतु के ये और भी क़रीब आ सके और शादी भी कर सके?? वाक़ई! ये मेरा बेतु भी न... पता नहीं क्या क़िस्मत लेके आया है. इतनी साड़ी लड़किया. दो तोह बहिन है ऊपर से... और एक तोह घर में उठा पटक कर रही होगी बेतु के saath...mera बेतु भी न... किसी को नई चोर्रा इसने... अपनी माँ तक को... *ब्लश* हाय! क्या सोचने लगी में?? पर सही तोह है. मेरे साथ भी तोह उसने वो सब किया है! नहीं! में hi तोह थी जिसने उससे मेरे साथ करने को दबाव डाला. हां! वर्ण वो तोह करता hi नहीं... अब तोह उसके पास इतनी साड़ी लड़किया है... क्या मेरा बेतु मेरे बारे में अब भी वैसे hi विचार रखता है? कही अब वो मुझे भूल तोह नहीं जाएगा?? नहीं! उसने मुझे वचन दिया है की वो हमेशा मेरी मदद करेगा. हां!! तोह क्या अब मेरी बहुये सेलेक्ट करने का फैसला मेरे हाथो में है? चलो में भी देखती हु! मेरी बहु बन्न ने लायक कोण है!

सभी ने अपने अपने आर्डर दिए और सभी आर्डर का वेट करने लगे की इतने में नेहा ने ऋचा और मोनिका को दोनों को उठा के थोड़ा दूर चलने के लिए कहा.

ऋचा : क्या हो गया नेहा?? सभी से दूर यहाँ क्यों लायी हो?

मोनिका : हां!?

नेहा (ब्लश) : ी... ी जस्ट वांट तो आस्क यू समथिंग दी!!

ऋचा : ओह्ह! हां तोह पूछो न!?

नेहा (ब्लश) : ऋचा दी! क्या आपके और भाई के बीच वो हो चूका है??

ऋचा : हँ? क्या??

ऋचा को फिर जैसे hi कुछ सेकण्ड्स में समझ आता है तोह उसके गाल भी सुर्ख लाल पद जाते है,

ऋचा (ब्लश) : उम्म्म... नेहा!! तुम ऐसा सवाल क्यों पूछ रही हो??

नेहा : प्लीज दी! ी जस्ट वांट तो क्नोव!

ऋचा (थोड़ा साद होते हुए) : नहीं नेहा! अभी तक तोह हमारे बीच ऐसा नहीं हुआ है. राहुल कहता है की वो मुझे सरप्राइज देगा. I'm स्टिल वेटिंग फॉर हिज सरप्राइज.

ऋचा कहने के बाद काफी उदास हो जाती है. न जाने कबसे वो राहुल से ज़िद्द कर रही थी की राहुल उससे जी भर के बस एक बार भोग ले ताकि उसके जिस्म पे राहुल की मोहर लग जाए. पर राहुल हमेशा ये कह देता की वो सही समय का इंतज़ार कर रहा है और ऋचा को सरप्राइज देगा.

ऋचा सिर्फ मुस्कुरा देती पर अंदर hi अंदर उसके दिल में असुरक्षा के भाव आते थे. क्या राहुल उस से सच में प्यार करता है? या वो उससे चोरर्ण चाहता है और वो उदास न होये इसलिए हमेशा ऐसा कहता रहता है?? ऐसे अजीबो गरीब सवालों से ऋचा का दिल हमेशा असुरक्षा से भरा रहता था. उससे केवल एक hi चीज़ चाहिए थी. वो चाहती थी की राहुल उससे अपने हक़ की तरह देखे. राहुल जब भी उससे देखे तोह राहुल के मैं में यही आए की "मेरा हक़ है इस्पे". बस! ऋचा को और कुछ नहीं चाहिए था. पर राहुल के बार बार ऐसा करने से ऋचा को मैं में एक बेचैनी भरा एहसास ज़रूर रहता था.

हलाकि उससे राहुल पर अटल विश्वाश था पर ऋचा थी तोह आखिर एक लड़की hi. लड़कियों का मैं तोह न जाने कहा कहा जाता है.

नेहा : don't वोर्री दी! अब उसने कहा है तोह वो ज़रूर करेगा. ी क्नोव हिम वैरी वेल! उसने पक्के से आपके लिए कुछ स्पेशल तैयार किया होगा.

ऋचा : हम्म!!

नेहा : मोनिका दी! क्या आपने मेरे भाई के साथ??

मोनिका (ब्लश) : एहहहहह?????

नेहा : बताइये न...

मोनिका (ब्लश) : n...no!!

नेहा (मैं में) : हँ?? भाई ने इन् दोनों के साथ नहीं किया तोह किसके साथ किया होगा? मुझे नहीं लगता भाई वर्जिन है या हो भी सकता है मय्बे?? हम्म??

नेहा सोचते हुए एक नज़र सभी के साथ बैठी हुई वंशु पर डालती है तोह उससे देखते हुए कुछ पल बाद hi उसकी नज़रे फेल जाती है... "No वैयय्यी"

ऋचा : क्या हुआ???

नेहा : हँ??? Ni...kuch... कुछ नहीं! चलिए दी! आर्डर आ गया है हमारा!

और तीनो वापस से अपनी अपनी चेयर्स पर आकर बैठ जाती है. खाते वक़्त नेहा वंशु को चोरी चोरी देख रही थी.

खाने के बाद निशा ने सभी को हिदायत दी की वो कुछ न कुछ खरीद ले नहीं तोह राहुल उन् सभी से गुस्सा हो जाएगा. ये सुन्न ने के बाद तोह सभी लड़किया एक बार में hi शॉपिंग में जुट गयी.

पर नेहा वंशु को लेकर उसकी शॉपिंग करने में मदद करने लगी.

नेहा : ahem...dii???

वंशु : हां???

वंशु का ध्यान इस वक़्त नेहा पर काम और सामने टंगे टॉप्स पर ज़्यादा था.

नेहा : कुछ पूछना था आपसे

वंशु : हां?? पूछो न डिअर...

नेहा : वो... क्या आपके??... क्या आपके और भाई के बीच वो सब हुआ है???

वंशु : हम्म्म??? हां...

वंशु टॉप्स को देखने में लगी थी. उससे ध्यान hi नहीं था की वो अभी क्या बोल गयी. इधर नेहा अपनी हैरानी भरी आँखों से वंशु को देखे जा रही थी. स्तब्ध होने के कारण बेचारी का मुँह भी थोड़ा खुल चूका था.

एकदम से जैसे वंशु को ध्यान आया की अभी अभी क्या हुआ और वो नेहा की तरफ मुड़ते hi उसका चेहरा देख के खुद भी हड़बड़ा गयी,

वंशु : m..m..m..mera मतलब... है की...

नेहा : आप?? आप और भाई?? दोनों...!!

वंशु से और कुछ कहा नहीं जाता और वो शर्म के मारे अपना सर झुका लेती है,

वंशु : हम्म्म!!

और इसी के साथ वंशु ने क़ुबूल कर लिया.

नेहा (मैं में) : मतलब भाई वंशु दी के साथ सेक्स कर चुके है?? Omg!! वेट इसका मतलब... अंशु दी के साथ भी?? ओह्ह सहित!! वो दोनों अभी घर पर अकेले है...

नेहा (शॉकेड) : दी इसका मतलब अंशु दी भी??

वंशु एक बार फिर नज़रे नीचे कर लेती है

नेहा : OMG!!!!

नेहा : सो आईटी वास् आल प्लांड??

वंशु : ी don't क्नोव! मय्बे छोटी... छोटी ने प्लान किया होगा कुटी के साथ अकेले में रहने के लिए...

नेहा : अंशु दी!!! उन्होंने मुझे भी नहीं बताया?? शी... काफी स्मार्ट निकली वो तोह हां?

वंशु : उम्म्म... वो कैसे बताती? किस मुँह से बताती? अब ऐसा थोड़ी कहती की वो तुम्हारे सेज भाई और अपने खुद के कजिन के साथ वो सब... *ब्लश* वो सब करने वाली है

नेहा (ब्लश) : फाइन!! I'll टॉक तो हेर लेटर.

नेहा : डीई!! ी... I'll अल्लोव यू तो दो विथ हिम... और ऋचा दी को भी... अंशु दी, मोनिका दी... एंड मय्बे तनीषा दी, तानिया दी के बारे में मुझे कुछ पता नहीं अभी. बूत नॉट मोरे थान तहत. भाई कोई खिलौना नहीं है. हमारी भी फीलिंग्स है. ऐसे hi किसी के साथ भी में उससे मिंगले नहीं होने दे सकती.

वंशु : हम्म्म!!

नेहा इतना बोल के खुद का मूड फ्रेश करने के लिए खुद के लिए शॉपिंग करने चली जाती है और वो राहुल के लिए भी कुछ गिफ्ट सोचने लगती है.

इधर नेहा के जाते hi वंशु अपना फ़ोन निकाल के सीधा तनीषा को लगाती है,

तनीषा : वंशु?? Hello डिअर!! आज कैसे याद किया??

वंशु : दीदी! I'm सॉरी आपसे टच में नहीं रह पायी... बूत हालात hi कुछ ऐसे थे.

तनीषा : ओह्ह! कोई बात नहीं डिअर! वैसे! जल्द hi हम एक दूसरे के साथ रहने लगेंगे. ः

वंशु (ब्लश) : मेरी तोह दुआ hi यही है उपरवाले से.

तनीषा : शामे! ः!

वंशु : पर दीदी! मेने अभी आपको कुछ और बताने के लिए फ़ोन किया है.

तनीषा : ओह्ह?? क्या हुआ? कहो न! मेने तुम्हे पहले भी ये बात कही है वंशु! तुम मेरी छोटी बहिन जैसी हो! मुझसे कोई भी बात शेयर कर सकती हो.

वंशु : हां दीदी! ी क्नोव! अभी जो बताना है वो मेरा कोई पर्सनल सीक्रेट नहीं है. अभी जो बात बतानी है उससे जान ने का हक़ है आपको. शायद कुटी आपको न बताये क्युकी वो आपको टेंशन में नहीं डालना चाहेगा और मय्बे शायद वो बोहत बाद में बताये...

तनीषा : एक मिनट! क्या नहीं बताये? कुछ हुआ है क्या राहुल को??

वंशु : No दी! he's कम्प्लीटली फाइन नाउ...

तनीषा (तेनसेद) : नाउ से तुम्हारा क्या मतलब है??

वंशु : आप सुनिए तोह!! Don't वोर्री दी!! मेरी बात सुनिए पहले...

तनीषा : हां कहो!!

वंशु : अभी... I'm इन मुंबई! सभी यहाँ पर है. छोटी भी! चची भी! कुटी भी! बूत हम सभी वापस से ग्वालियर आने वाले है. कुटी शायद नहीं आएगा पर हम सब जल्द hi आ जाएंगे... तब!! आप प्लीज मेरे घर आइयेगा! मुझे आपसे बोहत hi ज़रूरी बात करनी है और हां आप रात भर मेरे यहाँ hi रुकिएगा.

तनीषा : हँ??? कोई ख़ास वजह??

वंशु : बोहत!!! आप ज़्यादा सवाल मत करिये!! बस आ जाइएगा! में बाकी साड़ी बातें आपको बता दूंगी. ये बातें फ़ोन पर नहीं बता सकती इसलिए आपको घर पर बुला रही हु. आप आएंगी न?

तनीषा : okay वंशु पर... ये राहुल... मेरा फ़ोन क्यों नहीं उठा रहा है?? मेने उससे कुछ दिन पहले कई कॉल्स किये थे बूत उसका फ़ोन किसी ने उठाया hi नहीं! तबसे मेने उससे कॉल नहीं किया फिर. घर पर गयी थी तोह ताला लगा हुआ था मुझे लगा सभी वेकेशन पर गए होंगे. इसलिए मेने सोचा डिस्टर्ब न करू उन्हें... पर आज जब में गयी तोह देखा की अंकल तोह आ चुके है. बाकी लोग नहीं आये...

वंशु : हां दीदी! हम सब यही है! और फ़ोन वाली बात का जवाब में आपको दूंगी. वैसे अब आप कॉल कर सकती हो. कुटी आपका कॉल उठा लेगा.

तनीषा : हम्फ!! उसको खुद से भी तोह करना चाहिए न?? में बड़ी हो तोह क्या इसका मतलब में hi हर्र चीज़ पहले करू?? गुस्सा हु में उस से. बता देना उससे. हम्फ!!

वंशु (स्माइल्स) : okay दीदी! अच्छा अब रखती हु. Bye bye!

*कॉल एंड्स*

वंशु (मैं में) : तानिया को भी ये जान ने का हक़ है. क्या करू?? तानिया तोह बड़ी hi भड़कु टाइप की है. वो तोह मुझसे न सँभालने वाली. क्या करू फिर?? लास्ट टाइम hi उसको जब मेरे छोटी और कुटी के रिलेशन के बारे में पता चला था तोह किसी भड़क गयी थी वह. कुटी को तोह झापड़ तक जड़ दिया था उसने... और अब तोह... अब तोह इतनी साड़ी लड़किया है... कितने झापड़ पड़ेंगे मेरे कुटी को?? नई नई... छोटी!! हां!! छोटी ने hi समझाया था पिछली बार तानिया को. मुझे छोटी से hi बात करनी होगी इस विषय में.

सभी हलकी फुलकी शॉपिंग करने के बाद घर की और निकल पड़ते है वापस. कार मोनिका ड्राइव कर रही थी क्युकी वो मुंबई की सड़को से फेमिलिअर थी और उससे hi ड्राइविंग आती थी बस

इधर घर पे राहुल अंशु के साथ धुआँ धार सेक्स करने के बाद उसके hi साथ लेता हुआ था और दोनों में कुड्लिंग चल रही थी,

राहुल : तोह बताइये रानी साहिबा! रीचु को अपनी वाइफ बनाने के बाद क्या करना होगा मुझे?

अंशु : क्या भाई... आप भी... पहले ऋचा दीदी को अपनी वाइफ तोह बनाइये और आप मुझ से ऐसे क्यों बात कर रहे हो?

राहुल : अरे भैया! अब तोह आपके अकॉर्डिंग hi चलना पड़ेगा तब hi लगता है मेरा उद्धार हो पाएगा.

अंशु : धत्त्त!! आप भी न... क्या अभी तक आप मेरे अकॉर्डिंग चलते हुए आए हो?? इतनी साड़ी लड़की नहीं पता ली आपने पहले hi!?

राहुल : हां! पर अब तोह लगता है आपके hi भरोसे चलना पड़ेगा.

अंशु (खुसपुसाते हुए) : मेरे भरोसे चलते तोह में तोह आपको किसी और का होने hi नहीं देती, अपने पास hi रखती हमेशा

राहुल : हँ?? कुछ कहा??

अंशु : n..nahi! कुछ भी नहीं! आपको मेरे हिसाब से चलने की कोई ज़रुरत नहीं है. बस में आपको बताती जाउंगी क्या सही है आगे करने को और आप अपने हिसाब से वो सब करियेगा.

राहुल : जी मेरी रानी साहिबा!!

अंशु (ब्लश) : भाआईईई!! ऐसे मत बोलो न! आप किंग हो! आप आर्डर दे सकते हो. न की में!

राहुल आगे बढ़ के उसके होंठ चूमता है और उसके गाल पर अपना हाथ सहलाते हुए कहता है,

"तू तोह मेरी प्यारी अंशु है रे... तेरे लिए तोह में क्या न करदु! वैसे! मुझे भी तुझसे कुछ बात करनी थी"

अंशु : कहिये न!

राहुल : बात मेरे और गुड़िया के रिलेशन को लेकर है. वो मेरी सगी बहिन है...

अंशु : और आप सोच रहे हो की सगी बहिन के साथ ये सब गलत है?

राहुल : उम्म्म...

अंशु : सगी बहिन के साथ कुछ ज़्यादा हो रहा है. यही न??

राहुल : हां!!

अंशु : यू can't बे लिखे तहत. इनफैक्ट आपका हक़ सबसे पहले नेहु पर है. और नेहु का भी सबसे पहला हक़ आप पर है. ऐसा करने की सोचना भी मत. और गलती से भी इसका ज़िक्र दुबारा किसी से भी मत करना...

राहुल : ी... ी सी!!

अंशु : गुड!

राहुल : तू न होती तोह पता नहीं मेरा क्या होता?? तेरे होने से जैसे में किसी पर निर्भर रह सकता हु. मुझे अकेला फील नहीं होता. तेरी वजह से आज.. में और गुड़िया एक है. मुझे चाहने वाली सभी लड़कियों को तू जोड़ के राखी हुई है. तू मेरे लिए बोहत अहम् हु अंशु...

अंशु (ब्लश) : भाआईई... आप भी न... ऐसे मत बोलै करो...

राहुल : ???? क्या हुआ???

अंशु (ब्लश) : मेरा दिल ज़र्रों से धड़कने लगता है. सासें तेज़्ज़ हो जाती है! आपसे नज़रे नहीं मिला पाती! कुछ कुछ होने लगता है दिल में...

राहुल (स्माइल्स) : क्या होता है...??

अंशु (ब्लश) : ी क्नोव ये क्या है. It's लव!

राहुल : ी लव यू!!!

अंशु (ब्लश) : ी लव यू तू!! भाई...

राहुल : ???

अंशु (ब्लश) : वो...

राहुल : बोल न!

अंशु (ब्लश) : वो... अब कैसे कहु भाई...

राहुल : अरे बोल दे बिना झिझक के. मुझसे क्या शर्माना?? क्या बात है? कह दे...

अंशु (ब्लश) : वो... वो... मेरी... मेरी छूट में दर्द है...

उसके इतना बोलते hi राहुल का लुंड एक झटका मार देता है और अंशु साफ़ साफ़ उसके लोअर में हुई ये हरकत देख लेती है और उसके गाल और भी गुलाबी हो जाते है,

अंशु (ब्लश) : आप... आपको और करना है क्या?? पर सब लोग आते होंगे भाई और... और मेरी chu...choot में थोड़ा दर्द है... अच्छा...

राहुल : ???

अंशु (ब्लश) : लाइए... में... में मुँह से चूस देती हु... आपको शांत कर दूंगी...

और फिरसे एक बार राहुल का लुंड झटका मार देता है,

राहुल : it's... it's okay गुड़िया! में मैनेज कर लूंगा...

अंशु : पर भाई... वो दर्द नहीं देगा?? अभी कोई नहीं आया है. में... में... चूस के कर देती हु न??

राहुल (ब्लश) : गुड़िया! शांत हो जा! तू और भड़का रही है उससे... में तेरे लिए पैन किलर लेके आता हु. तू और तेरे बोल... सच में...

कहते हुए राहुल बहार चला जाता है और तभी दूर बेल्ल बज्ज जाती है.

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आज के लिए इतना hi गाइस!


धन्यवाद्!!
 
अपडेट - 99

अब तक...

राहुल : it's... it's okay गुड़िया! में मैनेज कर लूंगा...

अंशु : पर भाई... वो दर्द नहीं देगा?? अभी कोई नहीं आया है. में... में... चूस के कर देती हु न??

राहुल (ब्लश) : गुड़िया! शांत हो जा! तू और भड़का रही है उससे... में तेरे लिए पैन किलर लेके आता हु. तू और तेरे बोल... सच में...

कहते हुए राहुल बहार चला जाता है और तभी दूर बेल्ल बज्ज जाती है.


अब आगे...



दरवाज़ा खुलते hi एक के बाद एक लड़किया अंदर प्रवेश करती है. नेहा घुसते साथ hi राहुल से चिपक जाती है और उसके कानो के पास आती है,

"मज़ा ले लिया अंशु दी के साथ?"

"हँ????", राहुल चकित होक एक नज़र उससे देखता है पर तब तक नेहा उसकी बाहो से निकल कर ऊपर अंशु के पास जा चुकी थी.

राहुल : आप सब ने शॉपिंग कर ली??

निशा : हां बेतु!! ये लोग कुछ खरीद hi नहीं रहे थे फिर मेने कहा की मेरा बेतु नाराज़ हो जाएगा तब जाके माने...

राहुल : अच्छा! आप सभी रेस्ट कर लीजिये. वह घूमते घूमते थक गए होंगे...

मोनिका : हम्म्म!

प्रीती (ख़ुशी के कान में) : ख़ुशी! कर न कुछ... ऐसे में तोह... तेरी इमेज गायब होती जा रही है

ख़ुशी : क्या करू??

प्रीती : तू न... चोरर अच्छा! में hi कुछ सोचती हु...

राहुल आगे बढ़ के ऋचा की तरफ आता है और उसके कानो में कहता है,

"बे रेडी फॉर टुमारो!"

हो न हो, ये ज़रूर सरप्राइज वाली hi बात थी और ऋचा को ये समझने में देरर न लगी. आँखों में अलग hi चमक आ गयी, न जाने कितने महीनो से उससे इसी शान का इंतज़ार था. इसी पल के लिए तोह वो बेकरार थी. और अभी अभी राहुल के मुँह से खुद ये सुन्न के तोह जैसे ऋचा सुख की मानो चरम सीमा पर पहुँच चुकी थी.

उसने नम्म आँखों से मुस्कुराते हुए बस हां में सर हिलाया और उसके गले लग गयी.

मोनिका : में... में ऊपर रूम में जाकर रेस्ट करती हु...

ख़ुशी : umm...mein भी...

वंशु : कुटी! तेरे लिए में खाने को लायी हु बोहत सारा. तुझे जो सही लगे इस पैकेट में देख लेना. बोहत सारे आइटम है.

राहुल : थैंक्स दी!

और सभी ऊपर चली जाती है सिवाए निशा को चोरर के.

राहुल : क्या हुआ माँ??

निशा : कुछ नहीं बेतु!

राहुल : आप टेंशन में लग रही हो.

निशा : हम्म! नहीं ऐसी कोई बात नहीं.

राहुल दरवाज़े को लॉक करके, निशा के बगल में सोफे पर उसकी जांघ में हाथ रख के बैठ जाता है.

राहुल : अब मुझसे छुपाने लगी आप बातें?

एक झलक निशा अपने बेतु के चेहरे को देखती है और प्यार से उसके गाल सहलाती है,

निशा : बस मुझे चिंता है बेतु!

राहुल : किस बात की??

निशा : नेहा और तेरे डैड के बीच के सम्बन्ध की. क्या अब नेहा अपने पिता से रिश्ता तोड़ लेगी बेतु??

राहुल : समय पर चोरर दीजिये सब माँ. में कोशिश करूँगा पूरी की गुड़िया को समझा सकू.

निशा : हम्म!

दोनों माँ बेटे एक दूसरे की नज़रो में देख रहे थे और कब दोनों के होंठ आपस में मिल गए दोनों को hi पता नहीं चला. निशा तोह जैसे इन् दो सालो के बाद दुबारा अपने बेतु के साथ ये सब करते hi रोमांच की ट्रैन पर सवार हो गयी.





राहुल ने मौका देखते hi निशा को अपनी गॉड में उठाया और नीचे के hi फ्लोर में निशा को जो कमरा था उधर ले गया और अंदर से hi किवाड़ बंद कर दिया.

बिस्तर पर निशा को लिटाते हुए राहुल उसके ऊपर चढ़ गया और होंठो को वापस से निशा के रस भरे होंठो से जोड़ दिया. ये खेल जल्द hi एक विकराल रूप में बदला और दोनों hi नग्न हालत में आ चुके थे.

निशा : छोड़ बेतु... कितने साल तूने मुझे इंतज़ार कराया रे... छोड़ अपनी माँ को... निकाल दे साड़ी कसार... तेरे बिना में कितनी अधूरी थी... क्यों तड़पाया मुझे तूने इतना हां??

राहुल : I'm सॉरी माँ! पर अबसे आपका पूरा ख़याल में hi रखूँगा...

निशा : तोह छोड़ न... छोड़ अपनी माँ को...

निशा की अश्लील बातें सुन्न राहुल का लुंड झटके पे झटके मारे जा रहा था,

निशा : ओह्ह्ह??? तोह मेरे बेतु को अश्लीलता पसंद है हां!??? लगता है आज मुझे अपना रंग दिखाना पड़ेगा...

निशा राहुल के लुंड को हाथो में लेकर उससे जी भर के सूंघने लगती है, उसकी महक में खोने लगती है, आँखें नशीली हो चुकी थी उसकी और अगले hi पल वो राहुल के लुंड को एक बार में hi पूरा अंदर ले लेती है पर कुछ हिस्सा तब भी बाहर रह जाता है,

राहुल (सिसकते हुए) : ओह्ह्ह्ह mom....ssssssss

निशा : * गल्प गल्प *

जितना हो सकता था निशा पूरा राहुल के लुंड को अपने मुँह में भरी हुई थी, उसके बाद लुंड को आगे पीछे करते हुए वो राहुल को उसके जीवन की बेस्ट ब्लोजॉब देने लगती है,





सुपाड़ी को लोल्लिपोप की तरह चूस चूस के लाल कर दिया निशा ने, राहुल जैसे hi स्खलित होने के करीब पहुचा निशा ने अपना मुँह हटा लिया और पलंग पर लेत कर अपनी छूट की फाके खोल कर राहुल को निमंत्रण देने लगी,

सम्भोग में राहुल भली भाति जानता था की सम्भोग का मतलब सिर्फ मज़े लेना नहीं है बल्कि मज़े देना भी है. उसने फौरन निशा की छूट को अपने हाथो से कई दफा रगड़ा, उसकी हर्र हरकत पर निशा सिर्फ आप खो रही थी और बेकाबू हो रही थी. उससे नशा चढ़ रहा था और मंत्रमुग्ध सी वो आने वाले पल का इंतज़ार कर रही थी.

निशा (मदहोशी में) : किसी है मेरी बुर??? हां??? किसी है मेरी मुनिया??

राहुल : ख़ूबसूरत...

निशा अपनी कमर उछला उछला के राहुल के हाथ से अपनी छूट रगड़वा रही थी,

निशा : आह्ह्ह्ह सससससस.... तोह चला दे न अपना हल मेरे खेत में... क्यों इंतज़ार करवा रहा है?? आआअह्हह्ह्ह्ह...

राहुल : सब्र रखो... *स्माइल्स*

निशा : आआह्ह्ह्हह्ह्मममममनननन.... बेतु को मेरी छूट पसंद है हां???? हम्म्म?? तेरी hi है... उफ्फ्फफ्फ्फ़.... पर अब इतने सालो से तूने उससे ऐसे hi चोरर के रखा है... देख... कितनी फसल बढ़ गयी है... Aaahhhhhhhhhhh

निशा अपनी छूट के बाल दिखाते हुए राहुल से शिकायत करते हुए बोली,

राहुल : मुझे ये पसंद है... *ब्लश* आपकी उसमे... थोड़े बाल...

निशा (ब्लश) : haaye...betuuu... क्या कहा?? मेरी छूट में बाल तुझे अच्छे लगते है?? हां??

राहुल (ब्लश) : zy..zyaada नहीं... थोड़े...

निशा : haaayeeee....uffffffff!!! मेरे बेतु को अपनी माँ की छूट के बाल पसंद है... आआआअह्हह्ह्ह्ह sssssssssss...

राहुल से अब रहा नहीं जाता और वो सीधा अपना मुँह निशा की हलके बालो से भरी छूट में दे देता है, जिसमे से सौंधी सौंधी महक आ रही थी,

"Aaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhhhhhmmmmmm" निशा एक लम्बी शिकारी लेती है और राहुल के सर को दोनों हाथो से पकड़ के अपनी छूट में धकेलने लगती है, और परर भी उसके सर के इर्द गिर्द बाँध लेती है,

निशा : हाई दैयाआआ.... बेतुउउउउउउउउ

Chaaat...aur चायत्त... चायत अपनी माँ की bur....ufffffff.... केसा लगा स्वायड?? ससससस

राहुल बिना कुछ बोले अपनी जीभ से हमले जारी रखा और निशा कुछ hi पालो में धेरर सारा पानी बहाते हुए झरर गयी. राहुल ने अपना लुंड उसी पानी से गीला किया और थोड़ी देरर छूट के ऊपर hi रगड़ा...

निशा से अब रहा नहीं जा रहा था और उसने राहुल को डालने के लिए ज़िद्द करि तोह राहुल ने लुंड छूट पर भिड़ाया और एक ज़ोरदार शॉट में लुंड करीब पौन तक अंदर दाल दिया.

निशा का मुँह खुला का खुला रह गया. न आवाज़ निकली न कुछ, वो यही सोच रही थी की उसके बेतु का लुंड पहले से बढ़ गया है क्या?

और अगले hi पल राहुल ने अगला करारा शॉट मार्के पूरा हथियार अंदर घुसा दिया.

निशा : aaaahhhhhhhhhhhhhh.... मर्डर गयीईइ..

राहुल : माँ... ये पहली बार नहीं है आपका..

निशा : ayiiiiii...ssssss... पहली बार नहीं है पर तेरा लुंड बड़ा हो गया है क्या बेतु?? उफ्फफ्फ्फ़.... और मोटा भी... ृक्क जाए बेचू.. उईईईईई मायआ.... ऐसे hi... ऐसे hi रह... कुछ देरर... हिल मत...

निशा जैसे hi कम्फर्टेबले हुई राहुल ने तेज़्ज़ शॉट्स मारने शुरू कर दिए... *फट फट फट* की आवाज़ों से कमरा गूंजने लगा,

निशा : ाः ाः aaaahh...ummmm...ssss... क्या... क्या लगता है तुझे?? ऊपर हमारी चुदाई की आवाज़ उन्हें सुनाई दे रही होगी??

राहुल : aaahhh....haaahhh... No माँ...

निशा : तेरी साड़ी बीविया ऊपर hai...mmmmmmm

स्स्सस्स्स्स आआह्ह्ह्हह और तू यहाँ अपनी माँ को छोड़ रहा hai....haaayeeeee.... छोड़ बेतु... और जोरर se....haaa... ऐसे hi.... वादा कर बेतु....

राहुल : हह....????

निशा : उईईईईई maa.....ssss....vaada कर की tu....ki तू मुझे भूलेगा नहीं... मेरा... ऐसे hi आआआआअह्ह्ह्हह मेरा ख़याल rakhega...ssssssss

राहुल : ी... ी प्रॉमिस माँ....

और ताबड़तोड़ धक्को के बाद अलग अलग पोजीशन में अपना पिस्टन चलाने के बाद राहुल जैसे hi स्खलित होने के क़रीब पहुचा तोह निशा ने अंदर hi गिराने का इशारा किया और राहुल निशा की छूट में अपना धेरर सारा माल निकालते हुए झरर गया और निशा भी दूसरी बार पानी बहाते हुए झरर गयी.

निशा : बेटू... मज़ा आ गया रे... तेरी ये माँ कितना तदपि है दो साल तुझे पता है?

निशा ने प्यार से राहुल के सर के बालो पर हाथ फरते हुए कहा, राहुल उसके ऊपर उसके स्तनों पर लेता हुआ था. उसके मुँह से लार बहते हुए निशा के दूध पर गिर रही थी पर निशा को इस से कोई परेशानी नहीं थी. वो बस अपने बेतु को प्यार करने में लगी हुई थी.

राहुल : में मजबूर था माँ...

निशा : मुझे पता है बेतु! तुझे पता है...?? मेने तेरे डैड को अपने आप को छूने तक नहीं दिया...

राहुल : क्यों???

निशा : क्यों क्या?? मेने तुझसे कहा था न... में उनकी पत्नी हु और उनका साथ मरते दम तक दूंगी, क्युकी ये मेरा पत्नी धर्म है. पर शारीरिक तौर से नहीं. मेने शारीरिक तौर से उन्हें पूरी तरह त्याग दिया है. उनके साथ तबसे hi मेने सम्भोग नहीं किया है और न hi करुँगी... केवल तू hi मेरा साथी है अब.

राहुल : हम्म्म...

निशा : क्या हुआ? परेशान है??

राहुल : नहीं माँ! कोई परेशानी नहीं है...

निशा : हम्म्म!! चल अच्छा... में तेरी मालिश कर देती हु तुझे अच्छा लगेगा...

निशा बगल में स्टूल पर रखे तेल की शीशी उठाती है और राहुल को बीएड पर लिटा देती है,

निशा : अभी देखना! तेरा सारा स्ट्रेस दूर कर दूंगी में... मेरे बेतु को कोई भी परेशानी नहीं होगी... मुआअह्ह्ह्ह

होंठो पर एक प्यार भरी चुम्मी देने के बाद निशा तेल अपने हाथो में लेकर राहुल को लगाने की बजाए अपने स्तनों पर लगाने लगती है, शीशी उठा के वो तेल अपने उरोजों पर गिराती है और मुस्कुराते हुए राहुल को आँख मार देती है, अगले hi पल शीशी को दुबारा स्टूल पर रखने के बाद वो अपने उरोजों को पकड़ के बारी बारी राहुल को दर्शन कराती है और उसके बाद राहुल का लुंड अपने स्तनों के बीच फसाते हुए वो खुद के जिस्म को घसीटते हुए राहुल के सीने तक लाती है,

राहुल : आआह्ह्ह्हह्ह....

निशा (स्माइल्स) : मज़ा आया?? अभी और मज़ा आएगा बेतु... अभी तेरी माँ... अपने इस शरीर से तुझे मालिश देगी...

राहुल अपनी आँखें बंद करके लेत जाता है ऊपर उसकी साड़ी प्रेमिकाए इस बात से बेखबर थकी हारी सो रही है और यहाँ राहुल अपनी hi माँ के साथ मस्ती में लगा हुआ है,

पर इसके बावजूद माँ की ममता अब भी वही थी. भले hi दोनों के बीच सम्भोग का रिश्ता आ गया और थोड़ा बहक भी जाते थे दोनों पर उसके बावजूद दोनों भ्रष्टता के रास्ते पर नहीं गए. निशा अब भी अकेले में hi राहुल के साथ करती, न की सभी को बता के. निशा ने भी कुछ मर्यादा का ध्यान रखा हुआ था जिन्हे वो तोडना नहीं चाहती थी और भ्रष्ट नहीं होना चाहती थी. यही बात राहुल को सबसे ज़्यादा पसंद थी. यही सोचके उसके चेहरे पर मुस्कान आ गयी और वो अपनी आखें बंद करते हुए निशा की मस्सगे की अनुभूति लेने लगा,

निशा का बदन तेल से पूरा चमक रहा था, उसके गोर दूध के कुछ हिस्से तेल के कारण किसी बल्ब की तरह रोशन हो रहे थे और निशा आगे पीछे होते हुए अपने स्तनों से राहुल के हर्र अंग की मालिश कर रही थी. कभी वो सीने पर रगड़ती, तोह कभी राहुल के लुंड को स्तनों के बीच फसा के रगड़ती, कभी पेर्रो को रगड़ती, कभी हाथो को तोह कभी राहुल के चेहरे को...

आधे घंटे की इस अद्भुद मालिश के बाद राहुल अपने इस सबसे ख़ूबसूरत एहसास से जाएगा तोह निशा ने उससे हाथ पकड़ के उठाया और वाशरूम में ले जाने लगी,

निशा : अब नहाना भी तोह पड़ेगा न?? किसी लगी अपनी माँ की मालिश??

राहुल : अद्भुत...

निशा (सडक्टिवेली) : तू चाहे तोह में तोह तुझे रोज़ देदू... पर तेरी चाहने वाली hi इतनी है की समय hi नहीं रहेगा तुझे... हम्फ!!!

राहुल : आप को जलन हो रही है??

निशा : इतनी क्या ज़रुरत थी?? इतनी साड़ी को इखट्टा कर लिया... अरे तनीषा और ऋचा काम थी क्या?? मोनिका भी आ गयी और वो ख़ुशी भी...

राहुल : ी लव थम आल... सॉरी माँ!!

निशा : चल अच्छा! में अब कुछ नहीं बोलने वाली... तुझे जितनी रखनी है रख. पर मुझे न भूल जाना. चल! तुझे आज में अपने हाथो से नहलाऊंगी...

वो राहुल को बाथ टब के करीब लाती है उसमे पानी भरने लगती है,

राहुल : उम्म्म... मुझे टॉयलेट जाना है आप बाहर जाइये न माँ दो मिनट

माँ : हँ?? क्या हुआ पेशाब आयी है??

राहुल ने हां में सर हिलाया तोह निशा खिल खिलाते हुए हस्सी और राहुल का हाथ पकड़ के कमोड के पास ले आयी और उसके पीछे जाके कड़ी हो गयी.

निशा ने राहुल का लुंड अपने हाथो में ले लिया,

निशा : ले कर...

राहुल (ब्लश) : माँ????

निशा : क्या हुआ?? अब क्या शर्मा रहा है? अरे बचपन में ऐसे hi में तुझे सुसु करवाती थी... बड़ा आया... चल कर... या अब सीटी बजा के करवानी पड़ेगी?? हँ??

राहुल शर्माते हुए पेशाब करने लगता है तोह निशा को भी और जोश चढ़ने लगता है, वो राहुल का लुंड इधर उधर करके पेशाब की धार से खेलने लगती है,

निशा : सेक्स के बाद पेशाब लगती hi है, या यु कहे... पानी चौररने के बाद पेशाब आती hi है

राहुल बिना कुछ बोले बस शर्माते हुए पेशाब hi कर रहा था. बोहत लोड भरा हुआ था. निशा का चूडियो से भरा हुआ हाथ, उसकी उंगलियों में पहनी हुई अँगूठिया राहुल को और मदहोश कर रही थी.

राहुल (ब्लश) : हो गया माँ...

निशा : ओह्ह!!?? हो गया? में भी कर लेती हु

निशा बिना कोई शर्म के वही राहुल के सामने hi नीचे बैठ जाती है और अगले hi पल वो सुसु करने लगती है. ज़र्रों की आवाज़ से राहुल शर्म की अपनी सीमा पर पहुँच चूका था, पर उसके बावजूद उसने अपनी नज़रे निशा की छूट से नहीं हटाई. इस बार तोह निशा भी बेहद शर्मा रही थी पर उसने भी अपनी नज़रे राहुल के चेहरे से नहीं हटाई.

दोनों के पेशाब करने के बाद, निशा ने दोनों के गुप्त अंग पानी से धोये और राहुल को बाथटब में बिठाते हुए वो उसके पीछे बैठ के साबुन लगाने लगी.

निशा : पहले में तुझे ऐसे hi नहलाती थी पता है तुझे? तुझे और नेहा को दोनों को साथ में...

राहुल : ओह्ह्ह!! तब तोह में काफी छोटा रहा होऊंगा माँ...

निशा : हां! और अब देख... कितना बड़ा हो गया है...

निशा ने राहुल का लुंड हाथ में लेते हुए कहा,

इधर दोनों माँ बेटे सब कुछ भूल के अपनी hi मस्ती में लगे हुए थे तोह उधर ऊपर सभी थके हारे होने के बाद गहरी नींद ले रहे थे.

नेहा जो की अब उठ चुकी थी वो सीधा अंशु के कमरे में गयी, तोह उससे अंशु नज़र hi नहीं आयी. वो सीधा राहुल के कमरे में गयी और नॉक किया तोह थोड़ी देरर बाद अंशु ने गेट खोला,

अंशु : नेहु तू?? क्या हुआ?

बिना कोई जवाब दिए नेहा आके पलंग पर परर नीचे लटकाती हुए बैठ गयी,

नेहा : आप तोह बड़ी hi चालु निकली दी...

अंशु मैं hi मैं कुछ सोच के परेशान हो रही थी. शायद नेहा का यहाँ आना उसकी परेशानी का कारण था?? आगे नेहा क्या बात करेगी उस से?? उसके बोल तोह ज़रा भी अनुकूल नहीं लग रहे थे. कुछ तोह बात है. अंशु ने अपनी बॉहे सिकोड़ते हुए नेहा को देखा और दरवाज़ा अंदर से बंद कर दिया.

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आज के लिए इतना hi गाइस!


धन्यवाद्!
 
अरे भाई भाई...

देखो कोशिश तोह जारी है मित्र!

झूठ नहीं बोलूंगा. इनफैक्ट नयी कहानी के 2 अपडेट रेडी भी हो चुके है. और वो कहानी की शब्द कला इस कहानी से कही बेहतर होने वाली है, क्युकी उसमे में कुछ ज़्यादा hi म्हणत दे रहा हु. बस यदि बीच के प्लाट डीडे हो गया तोह कहानी फोरम पर उतर आएगी नहीं तोह... (ᗒᗩᗕ)
 
अपडेट -100

अब तक...

अंशु : नेहु तू?? क्या हुआ?

बिना कोई जवाब दिए नेहा आके पलंग पर परर नीचे लटकाती हुए बैठ गयी,

नेहा : आप तोह बड़ी hi चालु निकली दी...

अंशु मैं hi मैं कुछ सोच के परेशान हो रही थी. शायद नेहा का यहाँ आना उसकी परेशानी का कारण था?? आगे नेहा क्या बात करेगी उस से?? उसके बोल तोह ज़रा भी अनुकूल नहीं लग रहे थे. कुछ तोह बात है. अंशु ने अपनी बॉहे सिकोड़ते हुए नेहा को देखा और दरवाज़ा अंदर से बंद कर दिया.


अब आगे...



दरवाज़ा बंद करते hi अंशु सावधानी से आगे बढ़ते हुए नेहा के पास आयी, पर अंशु की लड़ खडाती चाल देखते hi नेहा bhru-bhang होते हुए उसकी चाल का निरिक्षण करने लगी,

नेहा ने एक शब्द नहीं बोलै जब तक की अंशु उसके बगल में आके विराजमान नहीं हो गयी.

अंशु : कहो नेहु! क्या बात है?

नेहा (स्तर) : बस देख रही हु की आप जितनी सीढ़ी दिखती हो, उतनी हो नहीं

इस बार अंशु की बारी थी बॉहे सिकोड़ने की

अंशु : में कुछ समझी नहीं?

नेहा : यू हद किते ा नीस टाइम विथ भाई... नई?

अंशु : ......

नेहा : यू वेरे हैविंग सेक्स विथ हिम. राइट?

नेहा के मुँह से डायरेक्ट ये बात सुनते hi अंशु थोड़ी परेशानी में पद जाती है. क्या जवाब दे उससे कुछ सूझ नहीं रहा था.

अंशु : नेहु... यू क्नोव आईटी. ी लव हिम मोरे थान एनीथिंग.

नेहा : ी क्नोव आईटी!

अंशु : तोह फिर... ऐसा सवाल क्यों??

नेहा : लिसेन दी!! में आपकी शुक्र गुज़ार हु की आप की वजह से मुझे साड़ी सच्चाई पता चल सकीय, इसमें कोई डाउट नहीं है. पर... पर मुझे आपकी ये बात पसंद नहीं है.

अंशु : क्या बात?

नेहा : आपने सभी से चोरी छिपके सबको शॉपिंग पे जाना दिया और आप खुद यहाँ अकेले में भाई के साथ...

अंशु : नेहु! मुझे भाई से अकेले में hi कुछ समय चाहिए था.

नेहा : आप मुझे तोह बता hi सकती थी. ऐसा तोह है नहीं की मेने आपको मन कर दिया होता

अंशु : I'm सॉरी नेहु! I'll कीप तहत इन मंद.

नेहा : सो??

अंशु : क्या?

नेहा (ब्लश) : ी मैं... केसा था? आपका अकेले में भाई के साथ का टाइम...

अंशु (स्माइल्स) : तुम इमेजिन भी नहीं कर सकती... हे वास्... ओह्ह्ह सो गुड...

नेहा (ब्लश) : यू अरे मेकिंग में जेलस

अंशु खिल खिलाते हुए हस्सी लेती है,

अंशु : सो? तुमने क्या सोचा है?

नेहा : यू मैं...? मेरे और भाई के बीच का?

अंशु : unn-huh...

नेहा : सच कहु तोह दी... ी थिंक I'll नीड योर हेल्प. मेने उससे कई बार किश किया है, अपने प्यार का इज़हार भी कर चुकी हु. पर मुझे डर है, कही भाई उससे अब भी भाई बहिन वाला प्यार तोह नहीं समझ रहा

अंशु : मेरी अभी बात हुई थी उनसे. वो दुविधा में थे.

नेहा : किसी दुविधा?

अंशु : की... की तुम्हारे साथ आगे बढे या नहीं

नेहा (अंशु का हाथ थामते हुए) : तोह आपने क्या कहा?

अंशु : ी टोल्ड हिम की... कुछ भी हो जाए, नेहा का प्यार आपको अपनाना hi पड़ेगा. उसका हक़ आपके ऊपर हम सब से पहले है और आपका भी हक़ उसके ऊपर सबसे पहले है.

नेहा (आनंदित होते हुए) : तोह?? तोह क्या कहा उसने??

अंशु (स्माइल्स) : हे एग्रीड!

नेहा (नम्म आँखों से) : थैंक यू!! थैंक यू सो मच!!

नेहा अंशु का हाथ अपनी हथेली में थामते हुए अपने गालो से लगा लेती है, वो अंशु की कर्ज़दार होती जा रही थी.

नेहा : I'll दो एनीथिंग फॉर हिम...

अंशु (स्माइल्स) : पहले उन्हें बाकी सभी को अपना लेने दो. एन्ड में तुम अकेले उनके साथ अपना टाइम स्पेंड करना.

नेहा : हम्म?? सभी को मतलब? साड़ी लड़कियों को?

अंशु : अभी तोह... मेरा इशारा ऋचा दीदी और तनीषा दीदी की तरफ था. उनके बाद मोनिका दीदी... ी गेस??

नेहा : और वो ख़ुशी का क्या?

अंशु : यदि भाई उस से प्यार करते है तोह उससे भी अपनाएंगे hi...

नेहा : ये भाई भी... क्या ज़रुरत है इतनी लड़कियों के लिए... में तोह हु न इधर... क्या कमी है मुझमे? क्या में सुन्दर नहीं हु?

अंशु : बात सुंदरता की नहीं है नेहु. इन् सभी ने भाई की तब मदद की जब भाई को सबसे ज़्यादा ज़रुरत थी, इसलिए इनका बांड भी भाई से मज़बूत बन्न चूका है. हम उस स्थान पर नहीं है की जिससे चाहे भाई की ज़िन्दगी से निकाल दे. समझ रही हो न?

नेहा (उदासी से) : ी... ी अंडरस्टैंड!

अंशु (स्माइल) : गुड!

ये रात भी यही गुज़री. निशा ने राहुल के साथ इतना प्यारा समय गुज़ारा, निशा रात में भी राहुल को अपने कमरे में लाकर मस्ती करने के लिए तैयार थी, पर अगले दिन राहुल को ऋचा के साथ समय गुज़ारना था, ऐसे में वो रात में अपनी ऊर्जा या यु कहे अपना अनमोल पानी बचा के रखना चाहता था.

सुबह हुयी, रोज़ की तरह घर में हलचल और शोरगुल होने लगा. सभी ने नाश्ता किया जो निशा, वंशु और मोनिका ने मिलकर बनाया. राहुल सभी लड़कियों के बीच में सहयोग देख के काफी खुश था. यदि ऐसा hi रहा तोह उससे किसी बात की फिक्र करने की ज़रुरत hi नहीं पड़ेगी.

जब नाश्ता से सभी फुर्सत हुए तोह राहुल ऋचा के पास आया,

राहुल : गेट रेडी! रीचु! वे हैवे तो जो!

ऋचा : कहा?

राहुल : ओह हो... तुम रेडी तोह हो

मोनिका : उम्म्म... कहा जा रहे हो?

राहुल : वो... I'm टेकिंग हेर तो ा प्रॉमिस्ड सरप्राइज...

मोनिका : ओह्ह्ह!!

हो न हो, पर ये सुन्न के सभी के अंदर अप्रियता के भाव ज़रूर थे. मैं में तनाव था. ऋचा तोह हर्र बार बाज़ी मार रही थी.

यदि ऐसी hi चलता रहा तोह...

पर कर भी क्या सकती थी वह? मन तोह कर नहीं सकती.

अंशु : ठीक है भाई! आप जाइये! हैवे फन! और बाकी लोग... के तो माय रूम! मुझे आप सभी से बात करनी है कुछ.

वंशु : क्या बात छोटी?

अंशु : आप सभी आइये तोह... वही बता दूंगी!

इधर ऋचा एक रेड ओने पीेछे ड्रेस पहन के बाहर आती है. उसके गोर कंधे एकदम नग्न थे. बालो की कुछ लट्टे कंधो पर गिरकर अलग hi सौंदर्य बढ़ा रही थी.

राहुल भी अपने पूरे एक सूट में बाहर निकला, दोनों ने जब एक दूसरे को देखा तोह दोनों की नज़रे थम गयी. दोनों की धड़कने तेज़्ज़ हो गयी.

इधर राहुल ऋचा को इस रूप में देख के अलग hi mantra-mugdh था, तोह वही ऋचा भी राहुल को ऐसे सूट में देख chaka-chaundh थी.

नीचे के फ्लोर पर केवल यही दोनों थे, सभी ऊपर चले गए कोई भी डिस्टर्ब नहीं करना चाहता था प्रेमी जोड़ो को. सभी इस उम्मीद में थे की एक दिन जल्द hi वो भी राहुल के साथ ऋचा की जगह पर मौजूद होंगी.

अंशु ने सभी को इसलिए इखट्टा किया क्युकी वो नहीं चाहती थी की सभी के मैं में भेद भाव और मैं मुटाव पैदा होये. उन् सभी में एकता का बीज उगाना पड़ेगा, क्युकी अब तोह सभी को एक साथ रहना पड़ेगा. ऐसे में यदि किसी के बीच आपस में नहीं बानी, तोह आगे चलके पक्का दिक्कत हो सकती थी. यही कारण से अंशु ने भविष्य को ध्यान में रखते हुए सभी को अपने कमरे में बुलाया, मक़सद एक hi था - सभी में एकता पैदा करना.

राहुल और ऋचा एक दूसरे का हाथ थामते हुए कार की और पहुचे, राहुल ने बड़े hi ध्यान में रखते हुए ऋचा के लिए कार का गेट खोला, उससे ध्यान से बैठाया और फिर खुद अंदर आके ड्राइवर सीट पर बैठा. ये शिष्टाचार ज़रूरी भी था. आज वो सब कुछ अपने पहले प्यार ऋचा के लिए जो कर रहा था.

कार चालु हुई और राहुल कार को चलाते हुए बीच बीच में ऋचा की सुंदरता को निहारते जा रहा था,

ऋचा : कहा चल रहे है हम हनी??

राहुल (स्माइल्स) : थोड़ा सब्र तोह करो रीचु! You'll क्नोव!

ऋचा से बिलकुल भी सब्र नहीं हो रहा था. न जाने क्या सरप्राइज देने वाला था राहुल? बेसब्री इतनी थी ऋचा में की वो खुदकी से बाहर बस यही देख रही थी की कब कार रुके और कब वो देख पाए की राहुल क्या सरप्राइज देने वाला है.

कुछ देरर बाद जब कार रुकी तोह ऋचा की नज़रे चारो और घूम रही थी और यही सोच रही थी की यहाँ राहुल क्या सरप्राइज देने वाला है?

राहुल ने बड़े hi प्यार से ऋचा को उसका हाथ थाम के कार से बहार उतारा और चल दिया आगे.

ऋचा : ये कहा ले आये हनी?

राहुल : जस्ट वेट एंड सी...

जैसे hi ऋचा की नज़रो में सामने का नज़ारा आया तोह उसकी आँखें चौड़ी हो गयी और आसुओ से भर गयी,

ऋचा : ये...!?

सामने एक बंगला था जिसपर rahul-richa नाम लिखा हुआ था.

राहुल : यू रेमेम्बेर??

ऋचा बेचारी कुछ बोलने की हालत में hi नहीं थी. उसकी आँखें सामने मौजूद बंगला और उसकी नाम प्लेट पर नाम देख के hi आसुओ से धुंदली हो चली थी.

राहुल : तुमसे वादा किया था, की एक दिन तुम्हारे लिए वैसा hi बंगला बनवाऊंगा...

ऋचा कैसे भूल सकती थी वो वादा? जब वो किडनैप हो गयी थी, और राहुल ने उससे बचाया था तब मास्टर का घर देख के वो विस्मित हो गयी गहि. तब राहुल ने hi उससे वादा किया था की एक दिन उनका भी ऐसा hi घर होगा. और आज राहुल ने वो वादा पूरा कर दिया...

बिना कुछ बोले hi ऋचा राहुल की बाहो में झूल गयी और उससे कस के भींच लिया.

"यू don't क्नोव... तुमने ऐसा कर के मेरे दिल को क्या कर दिया है..." रट रट hi ऋचा ने राहुल से कहा.

राहुल : क्या कर दिया है??

ऋचा : तुम सोच भी नहीं सकते... मेरे दिल में तुम्हारे लिए क्या जगह बन गयी है. खुद से ज़्यादा प्यार करने लगी हु तुम से... ओह्ह्ह गॉड... *सुबुक* I'm सो हैप्पी!!!

राहुल : पसंद आया?

ऋचा : बोहत ज़्यादा... इतना की पूछो मत!

राहुल : तोह चलो फिर! अंदर से नहीं देखना!

ऋचा : बिलकुल!

राहुल और ऋचा आगे बढ़ते है तोह गेट पर hi एक सिक्योरिटी गार्ड मौजूद था. राहुल को देखते hi वो उसने उठाते hi सलाम किया.

राहुल ने अंदर आते हुए मैं दूर को के से खोला और दरवाज़े के दोनों द्वार झटके से खोल दिए,

अंदर का नज़ारा देख ऋचा की आँखें चमक उठी. ऐसा लग रहा था किसी फिल्म सेलिब्रिटी का घर हो. बीचो बीच एक बड़ा से झूमर ऊपर लटका हुआ था. दोनों साइड में सीढिया बानी हुई थी. राज सिंघासन जैसे सोफे मौजूद थे. आगे की और एक बड़ी सी डाइनिंग टेबल और उसी से जुड़ा हुआ एक बड़ा सा किचन.

राहुल : आओ! तुम्हे टूर करवाता हु...

राहुल ऋचा का हाथ थामे पूरा घर का टूर करवाता है. हर्र एक पल गुज़रते hi ऋचा की आँखों में चमक बढ़ती जा रही थी. जितना वो घर को देखती उतना hi वो उससे लुभाता.

राहुल : तोह?? केसा लगा?

ऋचा : पूछो मत...

ऋचा राहुल के आलिंगन में समां जाती है. दोनों एक दूसरे की सासें महसूस कर पा रहे थे. धड़कन मेषसूस कर पा रहे थे. हर्र लम्हे के बढ़ते उनकी सासें और भी बढ़ती जा रही थी.

ऋचा : ी लव यू ❤️

राहुल : ी लव यू तू ❤️

राहुल : वैसे... अभी सरप्राइज ख़तम नहीं हुआ है!

ऋचा (सुरप्रीसेड) : अब और क्या बचा है?

तभी राहुल अपने ब्लेजर के अंदर से एक छोटा सा वेलवेट का डिब्बा निकालता है और अपने एक घुटने पर बैठ जाता है और डिब्बा खोल देता है,

अंदर एक ख़ूबसूरत डायमंड की रिंग थी. रिंग देखते hi ऋचा अपने मुँह को दोनों हाथो से धक् लेती है और उसकी दोनों ाअंखो से ासु उसके गालो से बहते हुए गिरने लगते है.

राहुल : विल यू मर्री में? रीचु?

ये शब्द जैसे ऋचा के कानो में बारी बारी गूंजने लगे. ये वो शब्द थे जिन्हे सुन्न ने के लिए ऋचा तरस गयी थी. न जाने उसने कितना इंतज़ार किया था ये सुन्न ने के लिए. पर आज... आज जैसे एक के बाद एक ख़ुशी उससे मिल रही थी, जैसे खुशियों की झरि लगा दी हो.

वो सही थी. जो उसने राहुल को चुना. राहुल उसके लिए फ़रिश्ते से काम नहीं था. आज वही फरिश्ता उससे अपनाने के लिए पूछ रहा है, खुश कैसे नहीं होती ऋचा? उसकी ख़ुशी तोह चरम सीमा पर थी.

रट हुए hi ऋचा ने अपनी गर्दन फौरन से हां में हिलायी और अपनी रिंग फिंगर को आगे कर दिया,

राहुल ने मुस्कुराते हुए रिंग को वेलवेट बॉक्स में से निकाला और और ऋचा की रिंग फिंगर में वो ख़ूबसूरत अंगूठी पहना दी.

आनंदित होते हुए ऋचा ने अपनी ऊँगली में पहनी हुई अंगूठी को निहारा और उससे प्यार से चूम लिया.

राहुल : यू लिखे आईटी??

ऋचा : ी लव आईटी! *स्माइल्स*

राहुल : didn't ी टोल्ड यू? I'll मेक यू माय वाइफ

ऋचा (ब्लश) : यस यू दीद!!

राहुल : सरप्राइज अभी भी ख़तम नहीं हुआ है

ऋचा : हँ?? अब क्या बाकी है??

राहुल तभी अपनी ट्रॉउज़र की जेब से दो टिकट्स निकालता है, जो फॉरेन की थी.

ऋचा : फॉरेन??

राहुल : हां! पेरिस की!! सिटी ऑफ़ लव!

ऋचा : में वह तुम्हारे साथ ज़रूर जाना चाहूंगी, पर अभी... में उस से भी अच्छी जगह पर हमारा समय व्यतीत करना चाहती हु हनी...

राहुल : हँ? पेरिस नहीं चलना? ी थॉट tumhe...uhh..pasand आएगा...

ऋचा फौरन hi राहुल का हाथ थाम लेती है,

ऋचा : मेरा वो मतलब नहीं था हनी! तुम्हारा साथ हो तोह मुझे तोह हर्र जगह जन्नत लगेगी. मेरे कहने का मतलब है की... में यहाँ हमारे अपने घर में रात गुज़ारना चाहती हु. सिर्फ हम!

उसकी गुहार सुनके राहुल के होंठो पर अपने आप मुस्कान आ जाती है,

राहुल : अस यू विश रीचु!

ऋचा : थैंक यू ❤️

अगले hi पल राहुल ऋचा को गॉड में उठा लेता है और ऊपर एक बैडरूम में ले जाने लगता है

ऋचा बेचारी पूरी लाल हो रही थी. शर्म इतनी की उसने अपना चेहरा राहुल की छाती में छुपा लिया था.

बीएड में आते hi राहुल ने बड़े प्यार से उससे लिटाया. उसका बदन इतना आकर्षक था की राहुल से कण्ट्रोल hi नहीं हो रहा था. थूक को निगलते हुए उसने अपने आप को संभाला. उसकी इस हरकत ऋचा अंदर hi अंदर मुस्कुराने लगती है, कही न कही उससे अपनी सुंदरता पर नाज़ हो रहा था.

ऋचा : िफ़ ओनली...

राहुल : हम्म??

ऋचा : काश... ये कमरा फूलो से सजा होता. बीएड पर फूल बिखरे होते... में भी न... क्या सोचने लगी अभी.

राहुल : रीचु! िफ़ यू वांट थें... हम शादी तक ृक्क सकते है. शादी की अगली रात तुम्हे बिलकुल वैसा hi माहौल मिलेगा, जैसा तुम इमेजिन कर रही हो.

ऋचा तुरंत hi राहुल की भुजा जोरर से पकड़ लेती है,

ऋचा : नहीं राहुल! कब से... कब से मेने इस पल का इंतज़ार किया है. में समझ रही हु तुम क्या कहना चाह रहे हो. हो सकता है शादी के बाद वो पहली बार करने में और भी ज़्यादा आनंद आये. पर... पर...

राहुल : ???

ऋचा : पर मुझसे अब और रुका नहीं जाएगा राहुल. यदि आज हमारे बीच वो नहीं हुआ, तोह मुझे लगेगा की कोई कमी रह गयी है. और में नहीं चाहती आज इतने ख़ूबसूरत दिन पर मुझे बाद में कोई कमी महसूस होये.

राहुल : *स्माइल्स*

ऋचा : इसलिए... प्लीज! टेक में!

उन् आँखों में बोहत ज़्यादा बेकरारी थी. जैसो मानो कह रही हो की आओ और बस भोग लो मुझे...

राहुल ने उसके बाद कुछ नहीं कहा. अब कहने का समय नहीं था. अब करने का समय था. आगे बढ़ते हुए राहुल ने ऋचा की चीन अपने हाथ में ली, बिना शराब क्र भी ऋचा बोहत नशीली लग रही थी, खासकर उसकी आँखें

जो जोरर जोरर से चिल्ला के राहुल को निमंत्रण दे रही थी. नीचे झुकते hi राहुल ने ऋचा के लाल लिपस्टिक से सजे हुए होंठ अपने होंठो में क़ैद कर लिए. आखें बंद और दोनों इस मीठे एहसास में खोने लगे. लिपस्टिक का भीना भीना स्वाद राहुल को अपने मुँह में आ रहा था. पर जो भी था, बोहत hi उत्तेजना से भरा हुआ था. रस भरे होंठो से राहुल रस निचोड़ने में लगा हुआ था.

एक दूसरे के होंठ मानो लड़ाई कर रहे थे की कोण किसपे हावी होता है. राहुल ऋचा का ऊपरी होंठ चूसने में लगा था तोह वही ऋचा राहुल का निचला होंठ खींच खींच के चूस रही थी. प्यार से काटती, कभी चूसती, कभी चाटती, वही राहुल भी अपनी किसिंग स्किल्स से ऋचा को mantra-mugdh कर रहा था.

ऋचा के हाथ राहुल की रीढ़ की हड्डी से होते हुए, उसके कंधो को हल्का स्पर्श करते हुए, उसके सर के पीछे बालो पर जाके रुके और ऋचा ने राहुल के बालो को अपनी उंगलियों में भींच लिया और कस के राहुल को अपनी और खींच लिया, जिस से किश और भी उत्साही हो गयी.

ऋचा की हर्र हरकत राहुल के रोंगटे खड़े कर रही थी. उसने राहुल का ब्लेजर उतारा पर किश नहीं तोड़ी, उल्टा अब तोह जीभ का खेल शुरू हो चूका था.

थूक से सनी हुई दोनों की जीभ जब एक दूसरे की जीभ से टकराई तोह मानो दोनों के शरीर में करंट सा डूअड़ गया. गोल गोल घुमाते हुए दोनों एक दूसरे की जीभ का स्वाद ले रहे थे. ये एहसास दोनों को पागल सा कर रहा था.

ऋचा ने अगले hi पल राहुल की शर्ट की बटन खोलना शुरू कर दिया, तोह वही राहुल ने हफ्ते हुए किश तोड़ी और किश के कारण जो होंठ तप चुके थे उन्हें ऋचा के नंगे कंधो पर जमा दिया,

"Aaaahhhhhhhhhh" एक उत्तेजना से भरी सिसकी ऋचा के मुँह से निकली,

पर उसके हाथ ज़रा भी रुके नहीं, राहुल की शर्ट कुछ hi पालो में उसने साड़ी बटन्स खोल के उसके शरीर से अलग कर दी. अंदर की वेस्ट देखते hi ऋचा से बिलकुल रहा नहीं गया और उसने राहुल की वेस्ट भी निकाल दी.

राहुल ऋचा की नंगे कंधो को चाटने के बाद जब ऋचा के कंधे पूरे राहुल के थूक से भीग गए तोह राहुल ऊपर बढ़ते हुए ऋचा की गर्दन पर आ गया और इसी के साथ,

"Aaaaaaahnnnnnnnnnn", एक और सिसकी ऋचा की निकल गयी. सासें एकदम तेज़्ज़. हर्र सास में उसका सीना ऊपर उठता और राहुल की छाती से टकराता और वापस नीचे आ जाता.

ऋचा ने जैसे hi राहुल का ऊपरी नग्न बदन देखा तोह उससे खुमारी छाने लगी. राहुल की कस्सी हुई बॉडी, उसके एबीएस... ऋचा अपने नाखुनो से राहुल की बॉडी पर लाइन बनाने लगी और उसके हर्र एक पैक को छू कर उसका आभास करने लगी,

राहुल ने एक कदम और ऊपर लिया और अब वो ऋचा के कान की लौ को मुँह में ले चूका था,

"Uhhhhhhmmmmmmmmmmmm" हर्र एक प्रहार राहुल का ऋचा को सिसकी लेने पर मजबूर कर रहा था.

अगले hi पल ऋचा ने राहुल के सीने पर धक्का देके उससे बीएड पर गिराया और किसी भूकी शेरनी की तरह उसपर टूट पड़ी.

राहुल की छाती को हर्र जगह जीभ से चाट रही थी ऋचा, उसके निप्पल, उसके सिक्स पैक एबीएस, उसको गर्दन, ऐसी कोई जगह नहीं बची थी जहा ऋचा ने अपनी जीभ से उससे छाता न हो.

राहुल की पंत में तोह पहले से hi तम्बू बन्न चूका था, उस से भी अब रहा नहीं गया. उसने ऋचा को हाथो से पकड़ा और घुमा के अपने बगल में गिरा दिया. ऋचा सिर्फ ओने पीेछे ड्रेस hi पहनी हुई थी, तोह राहुल ने जैसे hi वो निकाली, ऋचा केवल ब्लैक ब्रा और पंतय में उसके सामने थी...

ऋचा बिस्तर पर लेत जाती है और राहुल को प्यार भरी नज़रो से देखने लगती है,

ऋचा : ी वाइटेड सो लॉन्ग फॉर थिस माय लव ❤️

राहुल (स्माइल्स) : ी क्नोव डिअर!

ऋचा : टेक में हनी! बना लो अपना मुझे... तुम्हारी रीचु तुम्हारे सामने मौजूद है हनी... किसका इंतज़ार है अब?

राहुल : आईटी विल हर्ट रीचु! अरे यू रेडी??

ऋचा : इतना रेडी में कभी अपनी लाइफ में नहीं हुई हनी... *स्माइल्स*

राहुल उसकी बात सुन्न मंद मंद मुस्कुराता है और अपना ट्रॉउज़र उतार के वो आगे बढ़ने लगता है.

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आज के लिए इतना hi गाइस!!


धन्यवाद्!!
 
अपडेट - 101

अब तक...

ऋचा : टेक में हनी! बना लो अपना मुझे... तुम्हारी रीचु तुम्हारे सामने मौजूद है हनी... किसका इंतज़ार है अब?

राहुल : आईटी विल हर्ट रीचु! अरे यू रेडी??

ऋचा : इतना रेडी में कभी अपनी लाइफ में नहीं हुई हनी... *स्माइल्स*


राहुल उसकी बात सुन्न मंद मंद मुस्कुराता है और अपना ट्रॉउज़र उतार के वो आगे बढ़ने लगता है.

अब आगे...

राहुल : I'll मेक आईटी मोरे एक्ससिटिंग...

ऋचा : हम्म??

तभी राहुल साइड में जाके एक कप्बोर्ड में से एक क्रीम स्प्रे ले आता है

ऋचा : ये क्या है?

राहुल (आँख मारते हुए) : क्रीम...

ऋचा : यू मैं व्हिप्पड क्रीम?

राहुल (स्माइल्स) : यस...

तभी राहुल बड़े hi धीरे धीरे ऋचा की आँखों में देखते हुए आगे बढ़ता है, ऋचा भी तेज़्ज़ सासें लेकर आगे होने वाले पालो का बेसब्री से इंतज़ार कर रही थी. न जाने आगे राहुल क्या क्या करेगा उसके साथ, और हर्र एक लम्हा उसके लिए उत्तेजना से भरा होगा. ऋचा काफी एक्ससिटेड थी...

राहुल ने झुकते हुए सबसे पहले ऋचा के रस भरे होंठ पुनः चूसे, और अपने हाथ उसके उरोजों पर ले गया. लम्बी लम्बी सासो से ऋचा की उभरी हुई छाती ऊपर नीचे हो रही थी.

काली ब्रा में गोर गोर दूध बोहत hi घातक साबित हो रहे थे, राहुल ने आखिर कार ब्रा हटा hi दी और ऋचा की नंगी गोरी चिट्टी छुछिया राहुल की नज़रो के सामने झूल गयी

राहुल ने जी भर के पहले केवल उन्हें निहारा और हलके हाथ से दोनों छूछीयो का जायज़ा लिया. ऋचा के दोनों गाल टमाटर के भाति लाल हो चुके थे. शर्म के मारे उसकी आँखें बंद हो गयी थी और वो राहुल के टच को सिसकिया लेते हुए केवल महसूस कर रही थी.

अगले hi पल राहुल ने अपना मुँह खोला और ऋचा की छूछीयो के हलके भूरे निप्पल्स पे दे मारा. "Aaaaaaaaaahmmmmmm", ऋचा ने सिसकी भरी.

जोरर जोरर से निप्पल को चूस चूस के राहुल जैसे उनमे से दूध निकालने की कोशिश कर रहा था. कभी काटता, कभी दातो में दबाकर जोरर से खींचता, तोह कभी जीभ से उन्हें टटोलता. ऋचा उसकी हरकत से पूरी पागल हुई जा रही थी.

राहुल : जब इनमे से दूध निकलेगा तोह मुझे पिलाओगी न रीचु?

ऋचा (ब्लश) : तुम्हे नहीं पिलाऊंगी तोह किस्से पिलाऊंगी जानू??

राहुल : हमारे बच्चे को भी तोह पिलाओगी न?

ऋचा (ब्लश) : वो कितना पियेगा जानू? और वो भी एक तरफ से hi पियेगा. ये दूसरी तरफ का तोह खाली hi रहेगा न... तोह तुम्हे hi तोह पिलाऊंगी न जानू... में अपने दोनों बच्चो को धेरर सारा दूध पिलाऊंगी...

राहुल : दोनों बच्चे?

ऋचा (ब्लश) : हम्म! एक हमारा बच्चा... और एक केवल मेरा बच्चा

राहुल : सिर्फ तुम्हारा बच्चा?

ऋचा (ब्लश) : हां! तुम!

राहुल : ohh...hehe...

ऋचा : chooso...jaanu... और जोरर से... मेक में प्रेग्नेंट... अपने बच्चो की माँ बना दो मुझे हनी... माय डार्लिंग!! ी लव यू सो मच... ❤

राहुल ऋचा की सिसकिया सुन्न और जोरर जोरर से उसका स्तनपान करने लगता है,

राहुल : इस मामले में तोह I'm किते लकी...

ऋचा : वो कैसे??

राहुल : क्युकी... मेरे पास केवल ये एक hi जोड़ा नहीं है स्तनों का... हहै!!

ऋचा (जलते हुए) : धत्त!! उनके बारे में बात मत करो जानू... राइट नाउ, केवल में हु तुम्हारे साथ, मुझसे प्यार करो, मेरी छुछिया चूसो, केवल मेरे स्तन के बारे में सोचो, केवल मेरे जिस्म से प्यार करो जानू...

राहुल (स्माइल्स) : जो हुकुम मेरी रानी साहिबा!

ऋचा : तोह चूसो मेरे राजा... ❤

जब राहुल ऋचा के दूध निचोड़ निचोड़ के मसल के उन्हें पूरा बेहाल कर देता है और थूक से सना देता है, तोह राहुल ऋचा की पंतय भी निकाल देता है. और अब ऋचा की हलके बालो से सजी हुई छूट राहुल के सामने थी.

ऋचा अपनी दोनों टांगें खोल के मादरजात नंगी पड़ी रहती है, और अपनी छूट के ऊपर हाथ रख के उससे फैला के राहुल को दिखाने लगती है. भले hi उससे बेहद शर्म आ रही थी पर उसके बावजूद उसने राहुल से ऑय कांटेक्ट नहीं तोडा.

ऋचा अपनी छूट ऐसे दिखा रही थी जैसे छूट नहीं कोई पहन ने का कपडा दिखा रही हो.

ऋचा (ेम्बरसेद) : में फुल शवेद नहीं कर पायी. जानू... क्या तुम्हे फुल शवेद पसंद है? यदि ऐसा हो तोह में अभी वाशरूम में जाके शेव कर लेती हु... I'm सो सॉरी... यदि ये तुम्हारी पसंद के मुताबिक़ नहीं है.

राहुल (स्माइल्स) : नहीं रीचु! ी लिखे बोथ. फुल शवेद भी और... हलके बालो से भरी हुई भी

राहुल कहते हुए आगे बढ़ के उसकी छूट में एक बार प्यार से हाथ फरता है तोह ऋचा की सिसकी निकल जाती है, राहुल के हाथो में ऋचा की छूट के हलके बाल उसकी उंगलियों के बीच में फस्स रहे थे जो राहुल की उत्तेजना को और भी बढ़ा रहे थे.

थोड़ी देरर ऋचा की छूट को सहलाते हुए और उसपे थपकी मारने के बाद राहुल झुक के अपना मुँह उसकी हलके बाल वाली छूट में दे देता है. जीभ से वो छूट के दाने को मुँह में भर के उससे जी भर के चूसता है, और ऋचा की छूट का द्वार चाट चाट के गीला करने लगता है, ऋचा बेचारी तोह इस हमले से पूरी बेहाल हो चुकी थी.

वो बिस्तर पर उचक उचक के राहुल का सर अपनी छूट पर कस्सति और दुबारा बिस्तर पर गिर जाती, नंगी छुछिया हर्र हरकत से ज़र्रों से हवा में झूल जाती.

ऋचा जैसे hi चरम सीमा पर पहुची तोह उसके बाद इतनी जोरर से झरि की आधी बेडशीट hi गीली हो गयी उसके छूट के पानी से. राहुल ने थोड़ा चाट चाट के साफ़ किया उसके बाद अपनी अंडरवियर निकल दी.

ऋचा पहले भी कई बार ब्लोजॉब दे चुकी थी राहुल को इसलिए वो राहुल के हथियार से फेमिलिअर थी. उसको एक सेकंड नहीं लगा राहुल के लोडे को हाथ में लेने के लिए. झटके देते हुए उसने राहुल का लुंड अपने मुँह में पूरा भर लिया और उससे इतने आनंद के साथ चूस रही थी ऋचा जैसे मानो अमृत हो.

आज राहुल का लुंड उससे इतना ज़्यादा एक्साइट कर रहा था की ऋचा का मैं hi नहीं भर रहा था उस से,

ऋचा : omg जानू... आईटी फीलस सो गुड... Tumhara...ye... मुझे ये दीवाना बना रहा है

राहुल व्हिप्पड क्रीम का स्प्रे लेता है और ऋचा की चूचियों पर धेरर सारा स्प्रे कर देता है और उन् क्रीम भरी छूछीयो पर टूट पड़ता है, ज़बान से साड़ी क्रीम को छूछीयो में फैलाते हुए वो निप्पल्स को चूसता है और उन्हें खाने लगता है, ऋचा के लिए ये दो तरफी हमला था. क्रीम से उसकी उत्तेजना कई गुना बढ़ चुकी थी.

ऋचा ने राहुल के हाथो से स्प्रे लिया और राहुल ले लोडे पर क्रीम स्प्रे कर दी और एक बार में hi ऋचा ने पूरा का पूरा क्रीम से भरा लोढ़ा मुँह में भर लिया. उसके लिए ये पूरी आइस क्रीम की तरह hi था.

लुंड को पूरी क्रीम से सना के ऋचा उससे बस चूसती hi जा रही थी और उसने लुंड तब तक चूसा जब तक की क्रीम का एक एक कटरा साफ़ न कर दिया हो.

वही राहुल ने ऋचा की छुछिया इतनी चूसी की उसके निप्पल के इर्द गिर्द पूरा लाल पद गया था और दातो के निशाँ भी पद चुके थे.

अब बारी थी असली खेल की,

राहुल : रीचु! रेडी हो न?

ऋचा : यस माय डिअर... ❤

और राहुल बिना कोई पल गवाए छूट पर एक दो बार अपना लुंड रगड़ता है, उसपे थपकी मारता है लुंड से और फिर छूट के द्वार से लुंड सत्ता देता है. लम्बी गहरी सास दोनों hi लोग आपस में लेते है, और राहुल एक ज़ोरदार करारा शॉट मारता है,

"Aaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaghhhhhhhhnnnn" ऋचा की एक ज़ोरदार चीख निकलती है और साथ hi साथ उसकी आँखों से ासु भी. दर्द के मारे बेचारी की आँखें इतनी खुल गयी थी जैसे कोई शॉक लग गया हो उससे

"सहित!!! रीचु की छूट तोह... वंशु दी, तनीषा दी, तानिया, इवन अंशु से भी टाइट है... She's सो टाइट!! मुझे सावधानी से करना पड़ेगा... ी don't वांट हेर तो रुइन हेर फर्स्ट टाइम" राहुल ने अपने मैं में हालात को देखते हुए सोचा.

अभी केवल एक चौथाई लुंड hi अंदर गया था और ऋचा का ये हाल था. ऋचा दर्द के मारे अपने नाखुनो से राहुल की पीठ पर खूखार हमले कर रही थी, राहुल की पीठ की चमड़ी ऋचा ने अपने नाखुनो से उधेड़ के रख दी. कसमसाते हुए राहुल ने अपना दर्द निचले होंठ को दातो से दबा के काम करने की कोशिश की, पीठ में आलरेडी उधड़ी हुई चमड़ी से खून निकलना शुरू हो चूका था.

राहुल ने अपना दर्द साइड में रखते हुए ऋचा को कंसोल किया और उससे धेरर साड़ी चुम्मिया देते हुए उससे मनाते हुए शांत करवाया, जब ऋचा की छूट एक चौथाई लुंड से परिचित हो गयी तोह राहुल ने फिरसे एक गहरी सास लेते हुए बिना कोई संकेत दिए अगला प्रहार किया और करीब तीन चौथाई लुंड ऋचा के छूट के सीधे अंदर कर दिया...

"Maaaaaaaaaaaaaaaaaaaa....." एक और ज़ोरदार सिसकी ऋचा की निकली और फिरसे उसके नाख़ून राहुल की नंगी पीठ की चमड़ी उधेड़ने में सफल हो गए. आसुओ से ऋचा का तकिया भीग चूका था. वो रोटी जा रही थी पर एक भी बार उसने राहुल को टोका नहीं.

कुछ hi देरर बाद जब ऋचा फिरसे नार्मल हुई तोह राहुल ने आखिरी शॉट मार्के पूरा लुंड अंदर पेल दिया और अब दोनों पूरी जड़ तक एक दूसरे से जुड़ चुके थे. ऋचा कसमसाती हुई इधर उधर अपना सर दे माँ रही थी पर राहुल ने उससे कण्ट्रोल कर hi लिया. राहुल के होंठो में जैसे जादू था. ऋचा को यही लगता था. हर्र एक चुम्बन ऋचा को उसका दीवाना बना देती थी.

धीरे धीरे राहुल ने अपने धक्के शुरू किये पर वो बड़े hi आराम से कर रहा था, जब ऋचा ने अपनी कमर उचकाना शुरू किया राहुल को संकेत मिल गया और राहुल ने फिर तेज़्ज़ धक्के लगाने शुरू कर दिए,

"आआआआहहहहह आआह्ह्ह आह आह्ह्ह्ह... उम्म्म्म

ओह्ह्ह्हह्हह yeahhhhhhhhh...ssooo गूदड़ड्ढ... Ayiiiiiii....ssssss....yessssssssss... हा मेरे jaaaanuuuu...myyy बब्यीयीय..."

ऋचा अपनी आखें बंद किये राहुल के हर्र धक्को को एन्जॉय करने लगी, दर्द तोह था पर मज़ा उस से भी ज़्यादा था, जो मज़े की अनुभूति ऋचा को हो रही थी वो दर्द को जैसे काम कर रही थी. ऋचा सिसकी लेते हुए अपनी गांड उचका उचका छुड़वा रही थी...

"आआअह्ह्ह... फ़क में हनी... माय डार्लिंग... लव यू सो मच... Aaaaaggghhhhhhh...hmmmmmm

छोड़ो अपनी रीचु ko....yesssss....aise...hi.. और जोरर से..... माय babyyy...my लोवीए.."

हर्र धक्के के साथ ऋचा की छुछिया हिलते जा रही थी, राहुल उन्हें निचोड़ते हुए ऋचा के होंठो को चूसने लगा, तोह वही ऋचा अपने एक हाथ से राहुल के बालो में फिराते हुए उसके अपने चुच्ची पर दबा रही थी और दूसरे साथ राहुल के चूतड़ों पर रखते हुए उससे धक्का देके अपनी छूट में धकेल रही थी.

ऋचा : ओह्ह्ह्ह गॉड.... सोऊ गूदड़... तोह इसलिए.... इसलिए... तनीषा दीदी तुमसे चुदवाती ही राहुल... हां???

राहुल : हँ??

ऋचा : yesssss....aaaahhh.... सो that's हाउ सेक्स फीलस. फ़क!!! It's सोऊ गूदड़... यू क्नोव माय जानू... तनीषा दीदी ने apna...uiiii मा.... स्स्स्सस्स्स्स... अपना... एक्सपीरियंस शेयर किया था मुझसे....

राहुल : ???

ऋचा : शी टोल्ड में... हाउ तो टेम्प्ट man...hahaha आआह्ह्हस्सस्स...

राहुल ताबड़तोड़ धक्के मारता रहता है और तभी ऋचा अपना हाथ जो राहुल के चूतड़ पर था उससे सरकाती हुई राहुल की गांड के छेद तक लाती है और ऊँगली छेद के ऊपर फिराने लगती है,

जैसे hi राहुल को कुछ फील होता है उसकी आँखें चौड़ी हो जाती है, पर राहुल अपने धक्के नहीं रोक सकता, ऋचा फौरन hi अपनी ऊँगली राहुल की गांड के छेद में दाल देती है पर ऊँगली केवल थोड़ी सी hi अंदर जाती है,

राहुल : आआह्ह्हह्ह्ह्ह...

राहुल उत्तेजना में एक सिसकी भरता है, ऋचा प्रयास कर रही थी पर ऊँगली और अंदर नहीं जा रही थी. ऋचा फौरन वो ऊँगली निकालती है और सीधे अपने मुँह में वही ऊँगली दाल लेती है, कुछ देरर तक उसी ऊँगली को पूरा चूस के थूक से सनाने के बाद ऋचा दुबारा से राहुल की गांड में ऊँगली ले जाती है और फिरसे जोरर से अंदर करती है, इस बार उसके प्रयासों से और थूक की चिकनाई से उसकी ऊँगली पूरी की पूरी राहुल की गांड में समां जाती है.

"आआआह्ह्ह्हह्ह" राहुल सिसकी लेते हुए और जोरर से ऋचा को छोड़ने लगता है. जोश इतना ज़्यादा बढ़ गया था की राहुल स्खलित होने की कगार पे था. ऋचा भी इतनी ज़्यादा उत्तेजित हो चुकी थी की उसका भी पानी छूटने वाला था.

और कुछ hi शान में दोनों ने अपना अपना पानी चोरर दिया. राहुल पूरा का पूरा मुठ ऋचा की छूट के अंदर उड़ेल देता है. ऋचा बेचारी भी चीखते हुए अपना ओर्गास्म लेती है और धेरर सारा पानी चोररटी है.

राहुल निढाल होक ऋचा की चुच्चियो पर लेत जाता है और ऋचा प्यार से उसका सर सहलाने लगती है और खुद भी एकदम से नींद की वादियों में चली जाती है.

एक से दो घंटे बाद ऋचा की आँख खुलती है तोह उससे अपने होंठो पर कुछ गीलापन महसूस होता है, आँखें खोल के देखती है तोह पाती है की राहुल उसके रस्सभारे होंठो का रस्सपान कर रहा है. उसके चेहरे पर अपने आप मुस्कराहट आ जाती है और वो भी राहुल का सर पकड़ के उसके होंठ ज़र्रों से चूसने लगती है.

राहुल (स्माइल) : हाउ अरे यू फीलिंग?

ऋचा (स्माइल) : थोड़ा पैन है बूत... बूत टुडे वास् थे बेस्ट डे ऑफ़ माय लाइफ. इतनी ख़ुशी मुझे आज तक मेषसूस नहीं हुई एंड थे रीज़न इस यू.

राहुल : ज़्यादा दर्द है?

ऋचा : नहीं उतना नहीं! तुम हो न! तोह दर्द के बारे में कोण सोचेगा... *स्माइल*

राहुल : इसलिए मेने अभी तक बाहर नहीं निकाला, नाउ I'm पुल्लिंग आउट...

राहुल इतना कहते हुए धीरे धीरे ऋचा की छूट से लुंड बाहर निकालने लगता है तोह ऋचा फिरसे दर्द से कराहने लगती है और जैसे hi लुंड बाहर निकालता है राहुल का लुंड खून और मुट्ठ से सजा हुआ था.

बेडशीट खून से सजी हुई थी. ऋचा की विर्जिनिटी आज राहुल ने ले ली थी.

राहुल : वाशरूम में जाके साफ़ करना पड़ेगा

राहुल उठने लगता है तोह ऋचा उसको देखने लगती है,

ऋचा : टेक में विथ यू...

राहुल ऋचा को अपनी गॉड में उठा के सीधे वाशरूम में चल देता है. ऋचा होसे से राहुल का लुंड धोती है और अपनी छूट भी साफ़ कर लेती है,

राहुल : ी नीड तो पी...

आगे बढ़ के राहुल कमोड के पास चला जाता है तोह ऋचा उसके बगल में आके कड़ी हो जाती है और उसका लुंड अपने हाथो में ले लेती है. ऋचा राहुल का लुंड पकड़ के उसकी पेशाब करवाती है, बीच बीच में वो राहुल को मुस्कुराते हुए देखती तोह कभी पेशाब की धार को ध्यान से देखती.

और अचानक hi ऋचा अपना दूसरा हाथ पेशाब की धार के सामने कर देती है,

राहुल : रिचूऊउ????

राहुल हैरान होते हुए ऋचा को देखता रहता है पर ऋचा का ध्यान तोह पूरा पेशाब पर था. राहुल की पेशाब से उसका हाथ पूरा गीला हो रहा था.

ऋचा (ब्लश) : ी ... ी जस्ट वांटेड तो फील आईटी... It's हॉट...

और इसी के साथ राहुल के लुंड का अकार बड़ा हो जाता है. ऋचा राहुल की आँखों में देखती है और वही पेशाब से सना हुआ हाथ वो अपनी छूट में लगा लेती है और उससे मसलने लगती है,

"आआअह्ह" दोनों hi साथ में सिसकी भरते है, जैसे hi राहुल की पेशाब ख़तम होती है ऋचा अपने घुटनो पर बैठ जाती है,

राहुल (सुरप्रीसेड) : रिचुउ वेट... No don't...

पर बोहत देरर हो चुकी थी. ऋचा राहुल का लुंड जो अभी अभी पेशाब कर के बंद हुआ था उससे सीधे अपने मुँह में ले लेती है. अपनी नशीली आँखों से वो राहुल को देखे जा रही थी और मूट वाला लुंड अपने मुँह में भर के चूसे जा रही थी. वो ये जानती भी नहीं थी की उसकी ये हरकत राहुल को कितना उत्तेजित कर चुकी थी.

राहुल कराहते हुए अपनी आखें बंद कर लेता है और ऋचा के सर पर अपना हाथ रख के उसके मुँह में आगे पीछे धक्के पेलने लगता है.

और कुछ hi देरर बाद दोनों एक बार और जहर जाते है. राहुल ऋचा को उठाता है और बाथ टब में पानी भरने के बाद उससे बाथ टब में लेकर बैठ जाता है. अब वक़्त था प्यार भर के पिलो टॉक का जो की बीएड में होनी चाहिए थी पर कोई बात नहीं, वही पिलो टॉक बाथ टब में हो जाएगी, बाथ टब टॉक के रूप में. बल्कि ये दोनों के लिए और भी रोमांटिक और हॉट होने वाला था.

इधर घर में अलग hi सन चल रहा था. अंशु सभी को इखट्टा करके सभी को ओपन करने की कोशिश में लगी हुई थी ताकि फ्यूचर में कोई भी लड़ाईया न होये. जितना ज़्यादा वो अपने सीक्रेट और बातें शेयर करेंगी एक दूसरे से उतना hi ज़्यादा परिचित होएंगी और उनमे एकता आएगी.

अभी सभी थोड़ा बोहत खुलने लगे थे की तभी गेट की घंटी बजी और घर पर किसी ने दस्तक दी...

वंशु : कोई आया है. कुटी तोह होगा नहीं. इतनी जल्दी तोह वह आ hi नहीं सकता.

अंशु : हां आपने ठीक कहा दी. भाई कब आएँगे ये तोह मुझे भी नहीं पता. हो सकता है वो फॉरेन ट्रिप पर हनीमून मनाने न निकल गए हो.

ख़ुशी : क्या?? H...honeymoon??

प्रीती : shit...that विच...

नेहा : क्या कहा?? ऋचा दीदी भाई की वाइफ होने वाली है. मंद योर लैंग्वेज. मेरे सामने तोह भूल के भी ऐसा नहीं कहना...

प्रीती बस अपने निचले होंठ को दांत में दबाए बस अपना क्रोध शांत करने लगती है.

अंशु : में देख के आती हु कोण है नीचे.

अंशु दौड़ती हुई नीचे जाती है और जैसे hi गेट खोलती तोह सामने लोगो को देख हैरान हो जाती है.

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आज के लिए इतना hi गाइस!


धन्यवाद्!!
 
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