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- Dec 5, 2013
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अब तक...
नताशा राहुल को देखती है और फिर उसके मुँह के करीब आती है और उससे माउथ तो माउथ ट्रीटमेंट देने लगती है. पर कोई फायदा नहीं होता.
नताशा : he's उनकंससियस नॉट बिकॉज़ ऑफ़ ड्रोनिंग बूत बिकॉज़ ऑफ़ ब्लड लोस्स.
इतने में hi उन्हें मोटर बोट की आवाज़ आती है और वो देखते hi की विवेक बोट लेकर आ गया.
दोनों राहुल को ऊपर करते है बोट में और फुर्ती में सिटी की तरफ चल देते है, नताशा फिरसे अपनी फ्रेंड को कॉल करके कार भेजने के लिए कह देती है.
अब आगे...
हॉस्पिटल में सभी बहार िक वार्ड के बहार बैठे हुए थे, सभी के चेहरों पर चिंता के भाव थे. नताशा की फ्रेंड यहाँ पे हेड डॉक्टर थी और हॉस्पिटल उनके डैड का था इसलिए कोई परेशानी की दिक्कत hi नहीं थी.
जेस, जो की नताशा की फ्रेंड थी वही राहुल का ट्रीटमेंट कर रही थी. ब्लड लोस्स होने की वजह से राहुल उनकंसियस हो चूका था और अब ब्लड की ज़रुरत थी. सभी ने अपना अपना ब्लड टेस्ट करवाया. वरुण का ब्लड राहुल के ब्लड ग्रुप से मैच हो गया और वरुण ने ब्लड देने के लिए खुद को आगे किया. इस वक़्त वो बोहत खुश था की काम से काम वो किसी काम तोह आ रहा है. उसकी ग्लानि थोड़ी hi सही पर काम तोह हुई.
उर्वशी का ट्रीटमेंट वही पर काम करने वाले होनहार डॉक्टर कर रहे थे.
जब मोनिका को होश आया तोह वह राहुल राहुल चिल्लाने लगी थी, उससे जैसे तैसे शांत करवाया और जब उससे बताया की राहुल सुरक्षित है और उसका ऑपरेशन चल रहा है तोह मोनिका इतना रोई थी... उससे इस बात की ख़ुशी थी की राहुल मिल गया. पर अब उसकी टेंशन थी ऑपरेशन में क्या होगा?
राहुल का फ़ोन चालु था पानी में गिरने के बाद भी. ीफोने था तोह ज़्यादा दिक्कत नहीं गयी. इस वक़्त राहुल का फ़ोन मोनिका के पास था. मोनिका ने स्विच ों किया तोह उसने देखा की उसमे अंशु नाम से और ऋचा नाम से ढेर्रो मिस्ड कॉल्स पड़े हुए थे.
मोनिका ने अंशु को कॉल किया पर कॉल लग नहीं रहा था, लगता भी कैसे? अंशु नेहा और ऋचा प्लेन में जो थे और उनका फ़ोन आलरेडी एयरप्लेन मोड में जो था.
नेहा ने फौरन जो फ्लाइट मिली उसमे टिकट बुक करवा ली थी और वो सभी फौरन hi वह से निकल पड़े.
ऑपरेशन कुछ घंटे के बाद समाप्त हुआ और जेस बहार निकली. उससे बहार निकलता देख नताशा सीधे उसके पास आ गयी,
नताशा : व्हाट हप्पेनेड? How's हे नाउ??
जेस (स्माइल्स) : don't वोर्री डिअर! He's आउट ऑफ़ डेंजर नाउ.
नताशा : ओह्ह्ह्ह थैंक गॉड!!! थैंक यू सो मच जेस.
जेस : वे अरे बुडडीएस राइट? There's no नीड फॉर तहत. *स्माइल्स*
नताशा अपने सीने में हाथ रखते हुए राहत की सास भर्ती है, जेस की बात सुनते hi बाकी सब भी बोहत खुश हो जाते है और टेंशन फ्री हो जाते है.
मोनिका रट रट डॉक्टर के परर पर गिर जाती है. वो साड़ी घटना का दोष खुद को दे रही थी. न वो राहुल को बताती और न hi राहुल यहाँ पे आता और ना hi ये सब होता.
मोनिका ने सोचा की राहुल के घर पर बात बता दी जाए और उसने फौरन राहुल का फ़ोन निकाला और उसकी माँ को कॉल लगा दिया.
निशा : हां बेतु बोल! आज अचानक से याद आ गयी अपनी इस माँ की हां? नई तोह कई बार तोह तू कॉल hi नहीं करता. हम्फ!!
मोनिका : he..hello??
निशा : hello? कोण? बेतु??
मोनिका : j..jii!! में... में मोनिका बोल रही हु. वो... वो... राहुल...
मोनिका की हिम्मत hi नहीं हो रही थी की वो निशा को कुछ बता सके. उसके होंठ काँप रहे थे, दिल जोरर जोरर से धड़क रहा था.
कैसे बताती की उसके कारण उनका बीटा मरते मरते बचा है?
निशा : राहुल क्या? आप कोण हो? में तोह नहीं जानती मोनिका को किसी...
मोनिका : जी! वो... राहुल हॉस्पिटल में है...
निशा : क्याआआआ???
निशा एकदम से उठ जाती है,
मोनिका : जी... वो... वो... उससे गोली लगी थी कंधे में... अभी उसका ऑपरेशन हुआ है, बूत he's आउट ऑफ़ डेंजर नाउ.
निशा ये बात सुनते hi एकदम से ज़मीन पर गिर पड़ती है और उसके होंठ थार थाने लगते है.
निशा : ka..kaha है मेरा बेतु?? केसा है वह अब? किसने मारी गोली उससे?? कैसे लगी उससे गोली??
मोनिका : ौन्तीय... राहुल... नई ज़ीलैण्ड में है. क्सक्सक्सक्सक्सक्सक्स हॉस्पिटल में. आप जितना जल्दी हो सके यहाँ आ जाइये. में बाकी डिटेल्स आपको बता दूंगी बाद में.
निशा : में अभी आती हु.
निशा अपने ासु पॉच फुर्ती में राजेश को फ़ोन लगाती है और सब कुछ बता देती है. निशा ने जब सच्चाई बताई थी नेहा को तब राजेश आउट ऑफ़ टाउन था उसके बाद जब वो वापस घर आया तब निशा ने उससे सब कुछ सच बता दिया था की कैसे नेहा को सब सच पता चला. राजेश बिलकुल भी नाराज़ नहीं हुआ बल्कि उसके ऊपर से एक बोझ हल्का हो गया था. उससे पता था एक न एक दिन नेहा को पता चलना hi था और जितना जल्दी हो गया उतना अच्छा है. सवाल ये था की क्या नेहा राजेश को माफ़ कर पाएगी? राजेश ने सब कुछ समय पर चोरर दिया सुर घर में सभी को बता के वो निशा के साथ नई ज़ीलैण्ड जाने की तैयारी करने लगा.
जब ये बात वंशु और उनके परिवार को पता चली तोह वंशु तोह जैसे हिल hi चुकी थी ये न्यूज़ सुन्न के. बेचैनी इतनी की उससे सांस लेने में दिक्कत होने लगी थी. घरवालों ने जब उससे शांत करवाया तब जाके वो थोड़ा ठीक हुई और नई ज़ीलैण्ड जाने के लिए फौरन प्लान बनाने लगी. वंशु के साथ आने के लिए रुपेश आ रहा था.
मोनिका ने घटना की बात मास्टर को भी बता दी, जब ख़ुशी और प्रीती को ये पता चला तोह वो बेचैन हो गयी और राहुल को देखने के लिए बोहत hi ज़्यादा बेकरार थी. मास्टर ने दोनों को साथ में ले जाने का फैसला किया और नई ज़ीलैण्ड की टिकट बुक करवा दी.
राहुल बेचारा साड़ी बातो से परे यहाँ बेहोश पड़ा हुआ था. उससे पता hi नहीं था की उसके चाहने वाले यहाँ उसके लिए पूरी तेज़्ज़ी से आ रहे है.
कुछ घंटो के बाद जब नेहा और बाकी सब नई ज़ीलैण्ड की ज़मीन पर उत्तरी तोह उन्होंने अपना फ़ोन सबसे पहले चेक किया,
अंशु : मेरे फ़ोन में भाई के मिस्ड कॉल्स है
नेहा : क्या?? हां तोह दी! करिये न कॉल बैक.
अंशु : okay!!
अंशु कॉल बैक करती है तोह दूसरी साइड से मोनिका कॉल पिक करती है,
मोनिका : hello?
अंशु : hello? भाई???
मोनिका : हँ?? Ummm...Kya आप अंशु बोल रही हो? राहुल की बहिन??
अंशु : यस! में अंशु hi बोल रही हु. आप कोण? भाई किधर है?
मोनिका : वो एक्चुअली... में मोनिका बोल रही हु. राहुल इस इन हॉस्पिटल राइट नाउ. He's इन्जुरेड. He's इन नई ज़ीलैण्ड.
अंशु : व्हाआटटट??? किधर? नई ज़ीलैण्ड में किधर? व्हिच हॉस्पिटल??
मोनिका : हॉस्पिटल क्सक्सक्सक्सक्सक्सक्स
अंशु : में अभी आती हु. वे अरे इन नई ज़ीलैण्ड आलरेडी!
*कॉल एंड्स*
नेहा : क्या हुआ दीदी??
अंशु : नेहू! भाई... भाई हॉस्पिटल में है! किसी मोनिका का कॉल था. वो बता रही थी की...
भाई को चोट लगी है.
नेहा : kyaaaaaaaaaaaa???? दी कोनसा हॉस्पिटल? कहा है मेरा भाई?? चलो जल्दी!!! वो ठीक तोह है न? उससे कुछ हुआ तोह नहीं न?? बोलिये न...!
नेहा के परर लड़खड़ाने लगते है और वो एकदम से गिरने लगती है. उसके हाथ भी काँप रहे थे और वो रोने लगती है.
ऋचा : राहुल को चोट लगी है?? व्हाट?? Ye...ye कैसे?? कहा है वह??
ऋचा भी डर के मारे पैनिक कर जाती है, उसका दिमाग राहुल के चेहरे से hi भरा हुआ था. केसा होगा वह? कहा पर है? कैसे लगी उससे चोट? यही सब सवाल उसके मैं में घूम रहे थे.
अंशु : कलम डाउन नेहा!! कलम डाउन ऋचा दीदी! भाई क्सक्सक्सक्सक्सक्सक्स हॉस्पिटल में है. Let's जो. वह पहुँच के देखते है क्या हुआ है. Don't वोर्री वो मोनिका ने बताया है की he's आउट ऑफ़ डेंजर नाउ.
डर तोह अंशु को भी था पर उससे पता था यदि वो कलम न रही तोह ऋचा और नेहा को संभालने वाला कोई नहीं रहेगा.
कैब लेके तीनो हॉस्पिटल की तरफ चल पड़ती है. राहुल अभी भी उनकंसियस था. अनेस्थेसिअ के कारण उसकी उनकंसियसनेस्स और भी ज़्यादा देरर तक थी. सभी उसके होश में आने का बस वेट कर रहे थे.
मोनिका बैठे हुए सामने उसके रूम की तरफ बिना पलके झपकाए बस देखे जा रही थी. दिमाग में वही सीन्स घूम रहे थे जब राहुल गोली खाते हुए मोनिका की तरफ कूड़ा था उससे बचाने के लिए. कैसे वो पानी में बह रहा था. वो पल याद करते hi मोनिका की रूह काँप गयी.
कुछ आवाज़ आयी तोह उसने बगल में देखा तोह पाया की तीन लड़किया दौड़ते हुए आ रही है.
वो तीन और कोई नहीं, नेहा ऋचा और अंशु hi थी.
नेहा मोनिका को एक नज़र में hi पहचान लेती है, वो सीधे दौड़ते हुए उसके भुजाए कस के पकड़ लेती है,
नेहा : कहा है मेरा भाई?? बोलिये?? वेयर इस हे?
नेहा का आसुओ से भरा हुआ चेहरा देख के मोनिका को खुद पे और भी ज़्यादा गिल्ट होने लगती है, वो हाथ के इशारे से राहुल के वार्ड की तरफ पॉइंट करती है और चुप्प चाप शांत hi कड़ी रहती है.
नेहा आगे बढ़ने hi वाली थी की अंशु उसका हाथ थाम लेती है,
नेहा : !?? क्या कर रही हो आप दी??
अंशु : नेहु?? क्या अभी तेरा जाना सही है? ी मैं, जब भाई तुझे देखेंगे और उन्हें ये पता चलेगा की उनका सच सामने आ गया है तोह कही उनके ऊपर कोई जोरर न पड़े. उनकी हालत अभी वैसी है, he's इन्जुरेड. क्या ये सही है?
अंशु की बात सुन्न नेहा सिहर उठती है. यदि नेहा को देख के राहुल को कुछ हो गया तोह? पर अपनी बहिन को देख के राहुल को तोह खुश होना चाहिए न?
नेहा : दी में... में कुछ समझी नहीं!
अंशु : ी मैं... भाई इतने साल तक अपना सच छुपाते रहे, उन्होंने कभी भी तुम्हे पता चलने नहीं दिया. अब ऐसे में तुम उनके सामने जाके बताओगी की तुम्हे सब पता चल गया है तोह इतने सालो से उनकी म्हणत का क्या? उनके दिल पर क्या बीतेगी? उनकी सेहत न बिगड़ जाए, में ये कहना चाह रही थी.
नेहा : हँ?? दी... में... में कुछ नहीं जानती. में उससे देखे बिना अब नहीं रह सकती और में उससे कुछ भी होने नहीं दूंगी. ी स्वेअर. बोहत झेल लिया उसने, बोहत प्रोटेक्ट कर लिया मुझे, उसने बोहत कर लिया सब. अब मेरी बारी है. अब में उससे प्यार दूंगी, में उसका ख़याल रखूंगी, में उसके साथ रहूंगी हर्र डैम.
कहते हुए नेहा जेस जो की वही साइड में कड़ी हुई थी उस से पूछती है,
नेहा : he's माय बरोथेर. कैन ी जो एंड हैवे ा लुक ात हिम? प्लीज? ी बेग यू!
जेस (स्माइल्स) : यस सूरे! He's आलरेडी आउट ऑफ़ डेंजर नाउ. वे अरे जस्ट वेटिंग फॉर हिम तो गेट हिज कांशसनेस बैक. यू कैन जो एंड वाच हिम, जस्ट don't दो एनीथिंग ेल्स. व्हेन हे गेट्स हिज कांशसनेस बैक, don't मेक हिम टॉक तू मच फॉर ा व्हिले. Okay?
नेहा : थैंक यू! थैंक यू सो मच डॉक्टर!!
जेस : no प्रॉब्लम डिअर. ी कैन अंडरस्टैंड!
धीरे धीरे नेहा राहुल के रूम का वार्ड खोलती है और अंदर जाती है. राहुल बेहोश पड़ा बीएड पर लेता हुआ था. उसका सीना पूरा नग्न था और कंधे पर पत्तिया बंधी हुई थी.
उसकी ऐसी हालत देख नेहा की आँखों से आसुओ की धाराए बहने लगी. किस्से पता था वो यहाँ अपने भाई को सबसे पहले ऐसी हालत में देखेगी? उसकी गिल्ट फिरसे उसपर हावी होने लगती है.
वो धीरे धीरे राहुल के करीब आती है और उसके बगल से बैठ के कुछ देरर तक बास रट हुए उससे निहारती रहती है.
कुछ देरर बाद वो राहुल के माथे पर फैले हुए बाल को धीरे से हाथ से ऊपर करती है और आगे बढ़ के झुकते हुए उसका माथा चुम लेती है.
नेहा (रट हुए) : you've बिकम मच मोरे हैंडसम...
कहते हुए वो रट रट hi स्माइल करने लगती है. फिर उसके कंधे पर बंधी पत्तियों को हलकी उंगलियों से टच करती है, जैसे उसका दर्द फील करने की कोशिश कर रही हो.
उसके गाल पर अपना हाथ रखती है और उसके कान में आहिस्ता आहिस्ता झुकते हुए धीमी सी आवाज़ में कहती है,
नेहा : अब तुम्हे कही नहीं जाने दूंगी.
नेहा बड़े hi प्यार से राहुल को सेहला रही थी और बस उससे hi निहार रही थी. कुछ हु मिनट बाद राहुल कराहते हुए अपनी आँखें खोलने का प्रयत्न करने लगता है.
जब उसकी आँखें खुलती है तोह पहले तोह थोड़ा धुंदलापन्न रहता है पर धीरे धीरे hi सब कुछ जैसे क्लियर होने लगता है.
जब वो देखता है तोह पाटा है की नेहा उसके चेहरे के ठीक ऊपर रो रही है और मोठे मोठे आसुओ की बुँदे गिरकर राहुल के चेहरे पर टपक रही है.
"हम्म्म??" राहुल को प्रोसेस करने में अभी समय लग रहा था, उसकी समझ नहीं आ रहा था की वो कहा पे है और क्या चल रहा है. उसने कुछ बोलने का प्रयत्न किया पर उसके पहले hi नेहा ने अपनी ऊँगली उसके होंठो पर रख कर उससे चुप करवा दिया.
नेहा : स्स्स्सह्ह्ह्हह्ह!!! आप कुछ नहीं बोलोगे अभी. डॉक्टर ने मन किया है ज़्यादा बोलने से आपको.
नेहा फिर से झुकती है और उसके कानो के पास आती है,
नेहा : आप को कंधे पर गोली लगी थी. यू अरे इन हॉस्पिटल राइट नाउ. और आपकी गुड़िया आपके सामने है. ी क्नोव आपके मैं में बोहत से सवाल आ रहे होंगे. में सब कुछ बताती हु आपको. आप ज़्यादा बोलना मत बस.
राहुल उससे हैरान होते हुए देख रहा था, उससे ये समझ आ गया था की वो आइलैंड से बच के आ गया है और सुरक्षित है और नई ज़ीलैण्ड में hi वो एडमिट है पर नेहा यहाँ क्या कर रही है और ये ऐसा बेहवे क्यों कर रही है ये राहुल की समझ से बहार हो रहा था.
नेहा ने राहुल का हाथ थामा और उससे अपने स्तनों में दहस्सा लिया और कस के पकड़ लिया.
नेहा : मुझे सब पता चल चूका है भाई. आपने मेरे लिए क्या क्या किया, क्या क्या मुझसे छुपाया, क्या क्या आपने परिवार वालो के लिए किया. सब कुछ... सब कुछ पता चल चूका है.
राहुल : ???
नेहा : उस दिन... उस दिन माँ ने सब को घर पर बुलाया था सभी को सचाई बताने के लिए जो माँ डैड और आप इतने सालो से छिपाते आ रहे थे. उन्होंने मुझे मेरी दोस्त के यहाँ भेज दिया था ताकि मुझे सच्चाई पता न चले. Par...par... किस्मत से में घर लौट आयी, क्युकी मेरी फ्रेंड घर पर नहीं थी और मेने अनजाने में hi सही... सब कुछ... सब कुछ सुन्न लिया. ी क्नोव एव्री थिंग. हर्र एक सच मेरे सामने खुला...
कहते हुए उसके ासु बहकर राहुल के हाथ पर गिरने लगे जिससे वो पकड़ी हुई थी.
नेहा : व्हाई?? क्यों?? क्यों किया भैया मेरे लिए आपने इतना सब? हँ?? क्यों?? हर्र पल मेने आपको नीचे दिखाया, आपका मज़ाक बनाया, आपकी इंसल्ट की, आपसे नफरत की, आपका बुरा चाहा पर आपने?? आपने हमेशा मेरा भला hi चाहा... आखिर क्यों????
राहुल : गुड़िया...
राहुल के भी ासु निकल पड़े, बहते हुए ासु उसके तकिये पर गिर रहे थे. दोनों भाई बहिन एक दूसरे से सवाल जवाब कर रोये जा रहे थे.
नेहा : बोलिये न!! क्यों?? क्यों किया आपने ऐसा?? मेरे लिए इतना सब?? क्या में आपके इतने प्यार के लायक थी? मेने नफरत के अलावा क्या hi दिया आपको बदले में? फिर क्यों? क्यों आप इतनी हद्द तक गए मेरे लिए? मेरे भले के लिए हर्र वक़्त आप मेरी परछाई बन कर चलते रहे हमेशा... हमेशा मुझे किसी न किसी तरीके से मेरी नफरत को बढ़ाते थे आप... Taaki...taaki में आप को नीचे दिखाने के लिए आपसे आगे निकल सकू
पर में... *क्रिस* बोलिये... बोलिये आप ने क्यों किया ऐसा? सिर्फ इतना hi बता दीजिये मुझे
राहुल को पता था उसका सच सामने आ चूका है और अब कोई फायदा नहीं है. उससे बुरा नहीं लगा किसी भी बात का. उससे डर बस ये था की अब क्या उसकी गुड़िया डैड को माफ़ करेगी?
राहुल ने अपना हाथ जो नेहा के उरोजों में दहस्सा हुआ था उससे उठाया और नेहा के गालो पर रखा और अंगूठे से उसके ासु पोछे,
राहुल : क्युकी... क्युकी तू मेरी गुड़िया है. *स्माइल्स* ी लव यू !
नेहा जिसके ासु अभी बस बाँध की तरह रुके हुए थे राहुल का जवाब सुन्न ने के लिए, उसका जवाब सुनते hi जैसे वो बाँध खुल गया और धरै की तरह ासु फिरसे बहने लगे. नेहा ने राहुल का हाथ कस का पकड़ लिया जो उसके गालो पर था
नेहा : ी लव यू
... ी लव यू सो मच!! ी लव यू भैया!!!
नेहा झुकते हुए राहुल को धीरे से अपनी बाहो में ले लेती है ताकि उसके कंधे की चोट न दुःख जाए.
नेहा (मैं में) : निक्की... मुझे नहीं पता था की में तेरे दिए गए सुग्गेस्टिव पर कभी खरी उतरूंगी बूत थैंक्स तो यू... थिस इस ब्लिस्फुल.
नेहा (कान में कहते हुए) : भाई??
राहुल : हम्म??
नेहा : ी लव यू ?!!!
राहुल (स्माइल्स) : लव यू तू!! पर अभी मेरे बोहत से क़ुएस्तिओन्स है जिन्हे में बाद में पूछूंगा.
नेहा : ऑफ़ कोर्स!! मेरे पास भी बोहत से क़ुएस्तिओन्स है जिन्हे में बाद में पूछूँगी आप से.
राहुल : हम्म!!
नेहा : भाई??
राहुल : हम्म???
नेहा : जिस रात हमारी लड़ाई हुई थी न...
राहुल : हम्म...
नेहा : उसके अगले दिन मेरा b'day था.
राहुल : हम्म्म
नेहा : पर लड़ाई होने से पहले न... में आपके गिफ्ट के बारे में सोच रही थी उस रात. में सोच रही थी की आप जब मुझे गिफ्ट डोज तोह बदले में में आपको क्या रेतुर्न गिफ्ट दूंगी.
राहुल : तोह??
नेहा : फिर मेने निक्की से बात करि थी और उसने मुझे बताया था की रेतुर्न गिफ्ट में क्या देना चाहिए मुझे.
राहुल : ओह्ह्ह!!!
नेहा : आपको पता है वो रेतुर्न गिफ्ट क्या था?
राहुल : umm...nahi?? शायद तुमने कभी दिया नहीं!?
नेहा : हां! मेने कभी किसी को भी नहीं दिया. सोचा था आपको दूंगी बूत हमारी लड़ाई हो गयी...
राहुल : ओह्ह्ह!!
नेहा : पर वो रेतुर्न गिफ्ट में अभी दूंगी आपको.
राहुल : ओह्ह?? क्या है उसमे?
नेहा (ब्लश) : क्लोज योर आईज!
राहुल : रियली??
नेहा : हां नाआआ!!! बंद करो नाआ... क्लोज योर आईज.
राहुल : okay!!
राहुल अपनी आँखें बंद कर लेता है और गिफ्ट का इंतज़ार करने लगता है. पर तभी उसको अपने होंठ पे कुछ गीला गीला महसूस होती है.

आँख खोलते hi वो देखता है की नेहा उसके होंठो पर अपने होंठ लगाए हुए आँखें बंद करके मीठी किश के एहसास में डूबी हुई है.
फटी आँखों से वो बस नेहा को hi देख रहा था, कुछ करने लायक नहीं था वह. करीब 20 सेकंड की इस किश के बाद जब नेहा पीछे हुई और अपनी आँखें खोली तोह उसकी आँखों में एक अजीब सा नशा था.
राहुल इस से पहले की कुछ बोलता नेहा उसके मुँह पर हाथ रख कर बंद कर देती है और उसके कानो में कहती है,
"No क़ुएस्तिओन्स नाउ! बस एक बात याद कर लो भाई... ी लव यू मोरे थान एनीथिंग इन थिस वर्ल्ड"
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आज के लिए इतना hi गाइस!
धन्यवाद्!
अब तक...
नताशा राहुल को देखती है और फिर उसके मुँह के करीब आती है और उससे माउथ तो माउथ ट्रीटमेंट देने लगती है. पर कोई फायदा नहीं होता.
नताशा : he's उनकंससियस नॉट बिकॉज़ ऑफ़ ड्रोनिंग बूत बिकॉज़ ऑफ़ ब्लड लोस्स.
इतने में hi उन्हें मोटर बोट की आवाज़ आती है और वो देखते hi की विवेक बोट लेकर आ गया.
दोनों राहुल को ऊपर करते है बोट में और फुर्ती में सिटी की तरफ चल देते है, नताशा फिरसे अपनी फ्रेंड को कॉल करके कार भेजने के लिए कह देती है.
अब आगे...
हॉस्पिटल में सभी बहार िक वार्ड के बहार बैठे हुए थे, सभी के चेहरों पर चिंता के भाव थे. नताशा की फ्रेंड यहाँ पे हेड डॉक्टर थी और हॉस्पिटल उनके डैड का था इसलिए कोई परेशानी की दिक्कत hi नहीं थी.
जेस, जो की नताशा की फ्रेंड थी वही राहुल का ट्रीटमेंट कर रही थी. ब्लड लोस्स होने की वजह से राहुल उनकंसियस हो चूका था और अब ब्लड की ज़रुरत थी. सभी ने अपना अपना ब्लड टेस्ट करवाया. वरुण का ब्लड राहुल के ब्लड ग्रुप से मैच हो गया और वरुण ने ब्लड देने के लिए खुद को आगे किया. इस वक़्त वो बोहत खुश था की काम से काम वो किसी काम तोह आ रहा है. उसकी ग्लानि थोड़ी hi सही पर काम तोह हुई.
उर्वशी का ट्रीटमेंट वही पर काम करने वाले होनहार डॉक्टर कर रहे थे.
जब मोनिका को होश आया तोह वह राहुल राहुल चिल्लाने लगी थी, उससे जैसे तैसे शांत करवाया और जब उससे बताया की राहुल सुरक्षित है और उसका ऑपरेशन चल रहा है तोह मोनिका इतना रोई थी... उससे इस बात की ख़ुशी थी की राहुल मिल गया. पर अब उसकी टेंशन थी ऑपरेशन में क्या होगा?
राहुल का फ़ोन चालु था पानी में गिरने के बाद भी. ीफोने था तोह ज़्यादा दिक्कत नहीं गयी. इस वक़्त राहुल का फ़ोन मोनिका के पास था. मोनिका ने स्विच ों किया तोह उसने देखा की उसमे अंशु नाम से और ऋचा नाम से ढेर्रो मिस्ड कॉल्स पड़े हुए थे.
मोनिका ने अंशु को कॉल किया पर कॉल लग नहीं रहा था, लगता भी कैसे? अंशु नेहा और ऋचा प्लेन में जो थे और उनका फ़ोन आलरेडी एयरप्लेन मोड में जो था.
नेहा ने फौरन जो फ्लाइट मिली उसमे टिकट बुक करवा ली थी और वो सभी फौरन hi वह से निकल पड़े.
ऑपरेशन कुछ घंटे के बाद समाप्त हुआ और जेस बहार निकली. उससे बहार निकलता देख नताशा सीधे उसके पास आ गयी,
नताशा : व्हाट हप्पेनेड? How's हे नाउ??
जेस (स्माइल्स) : don't वोर्री डिअर! He's आउट ऑफ़ डेंजर नाउ.
नताशा : ओह्ह्ह्ह थैंक गॉड!!! थैंक यू सो मच जेस.
जेस : वे अरे बुडडीएस राइट? There's no नीड फॉर तहत. *स्माइल्स*
नताशा अपने सीने में हाथ रखते हुए राहत की सास भर्ती है, जेस की बात सुनते hi बाकी सब भी बोहत खुश हो जाते है और टेंशन फ्री हो जाते है.
मोनिका रट रट डॉक्टर के परर पर गिर जाती है. वो साड़ी घटना का दोष खुद को दे रही थी. न वो राहुल को बताती और न hi राहुल यहाँ पे आता और ना hi ये सब होता.
मोनिका ने सोचा की राहुल के घर पर बात बता दी जाए और उसने फौरन राहुल का फ़ोन निकाला और उसकी माँ को कॉल लगा दिया.
निशा : हां बेतु बोल! आज अचानक से याद आ गयी अपनी इस माँ की हां? नई तोह कई बार तोह तू कॉल hi नहीं करता. हम्फ!!
मोनिका : he..hello??
निशा : hello? कोण? बेतु??
मोनिका : j..jii!! में... में मोनिका बोल रही हु. वो... वो... राहुल...
मोनिका की हिम्मत hi नहीं हो रही थी की वो निशा को कुछ बता सके. उसके होंठ काँप रहे थे, दिल जोरर जोरर से धड़क रहा था.
कैसे बताती की उसके कारण उनका बीटा मरते मरते बचा है?
निशा : राहुल क्या? आप कोण हो? में तोह नहीं जानती मोनिका को किसी...
मोनिका : जी! वो... राहुल हॉस्पिटल में है...
निशा : क्याआआआ???
निशा एकदम से उठ जाती है,
मोनिका : जी... वो... वो... उससे गोली लगी थी कंधे में... अभी उसका ऑपरेशन हुआ है, बूत he's आउट ऑफ़ डेंजर नाउ.
निशा ये बात सुनते hi एकदम से ज़मीन पर गिर पड़ती है और उसके होंठ थार थाने लगते है.
निशा : ka..kaha है मेरा बेतु?? केसा है वह अब? किसने मारी गोली उससे?? कैसे लगी उससे गोली??
मोनिका : ौन्तीय... राहुल... नई ज़ीलैण्ड में है. क्सक्सक्सक्सक्सक्सक्स हॉस्पिटल में. आप जितना जल्दी हो सके यहाँ आ जाइये. में बाकी डिटेल्स आपको बता दूंगी बाद में.
निशा : में अभी आती हु.
निशा अपने ासु पॉच फुर्ती में राजेश को फ़ोन लगाती है और सब कुछ बता देती है. निशा ने जब सच्चाई बताई थी नेहा को तब राजेश आउट ऑफ़ टाउन था उसके बाद जब वो वापस घर आया तब निशा ने उससे सब कुछ सच बता दिया था की कैसे नेहा को सब सच पता चला. राजेश बिलकुल भी नाराज़ नहीं हुआ बल्कि उसके ऊपर से एक बोझ हल्का हो गया था. उससे पता था एक न एक दिन नेहा को पता चलना hi था और जितना जल्दी हो गया उतना अच्छा है. सवाल ये था की क्या नेहा राजेश को माफ़ कर पाएगी? राजेश ने सब कुछ समय पर चोरर दिया सुर घर में सभी को बता के वो निशा के साथ नई ज़ीलैण्ड जाने की तैयारी करने लगा.
जब ये बात वंशु और उनके परिवार को पता चली तोह वंशु तोह जैसे हिल hi चुकी थी ये न्यूज़ सुन्न के. बेचैनी इतनी की उससे सांस लेने में दिक्कत होने लगी थी. घरवालों ने जब उससे शांत करवाया तब जाके वो थोड़ा ठीक हुई और नई ज़ीलैण्ड जाने के लिए फौरन प्लान बनाने लगी. वंशु के साथ आने के लिए रुपेश आ रहा था.
मोनिका ने घटना की बात मास्टर को भी बता दी, जब ख़ुशी और प्रीती को ये पता चला तोह वो बेचैन हो गयी और राहुल को देखने के लिए बोहत hi ज़्यादा बेकरार थी. मास्टर ने दोनों को साथ में ले जाने का फैसला किया और नई ज़ीलैण्ड की टिकट बुक करवा दी.
राहुल बेचारा साड़ी बातो से परे यहाँ बेहोश पड़ा हुआ था. उससे पता hi नहीं था की उसके चाहने वाले यहाँ उसके लिए पूरी तेज़्ज़ी से आ रहे है.
कुछ घंटो के बाद जब नेहा और बाकी सब नई ज़ीलैण्ड की ज़मीन पर उत्तरी तोह उन्होंने अपना फ़ोन सबसे पहले चेक किया,
अंशु : मेरे फ़ोन में भाई के मिस्ड कॉल्स है
नेहा : क्या?? हां तोह दी! करिये न कॉल बैक.
अंशु : okay!!
अंशु कॉल बैक करती है तोह दूसरी साइड से मोनिका कॉल पिक करती है,
मोनिका : hello?
अंशु : hello? भाई???
मोनिका : हँ?? Ummm...Kya आप अंशु बोल रही हो? राहुल की बहिन??
अंशु : यस! में अंशु hi बोल रही हु. आप कोण? भाई किधर है?
मोनिका : वो एक्चुअली... में मोनिका बोल रही हु. राहुल इस इन हॉस्पिटल राइट नाउ. He's इन्जुरेड. He's इन नई ज़ीलैण्ड.
अंशु : व्हाआटटट??? किधर? नई ज़ीलैण्ड में किधर? व्हिच हॉस्पिटल??
मोनिका : हॉस्पिटल क्सक्सक्सक्सक्सक्सक्स
अंशु : में अभी आती हु. वे अरे इन नई ज़ीलैण्ड आलरेडी!
*कॉल एंड्स*
नेहा : क्या हुआ दीदी??
अंशु : नेहू! भाई... भाई हॉस्पिटल में है! किसी मोनिका का कॉल था. वो बता रही थी की...
भाई को चोट लगी है.
नेहा : kyaaaaaaaaaaaa???? दी कोनसा हॉस्पिटल? कहा है मेरा भाई?? चलो जल्दी!!! वो ठीक तोह है न? उससे कुछ हुआ तोह नहीं न?? बोलिये न...!
नेहा के परर लड़खड़ाने लगते है और वो एकदम से गिरने लगती है. उसके हाथ भी काँप रहे थे और वो रोने लगती है.
ऋचा : राहुल को चोट लगी है?? व्हाट?? Ye...ye कैसे?? कहा है वह??
ऋचा भी डर के मारे पैनिक कर जाती है, उसका दिमाग राहुल के चेहरे से hi भरा हुआ था. केसा होगा वह? कहा पर है? कैसे लगी उससे चोट? यही सब सवाल उसके मैं में घूम रहे थे.
अंशु : कलम डाउन नेहा!! कलम डाउन ऋचा दीदी! भाई क्सक्सक्सक्सक्सक्सक्स हॉस्पिटल में है. Let's जो. वह पहुँच के देखते है क्या हुआ है. Don't वोर्री वो मोनिका ने बताया है की he's आउट ऑफ़ डेंजर नाउ.
डर तोह अंशु को भी था पर उससे पता था यदि वो कलम न रही तोह ऋचा और नेहा को संभालने वाला कोई नहीं रहेगा.
कैब लेके तीनो हॉस्पिटल की तरफ चल पड़ती है. राहुल अभी भी उनकंसियस था. अनेस्थेसिअ के कारण उसकी उनकंसियसनेस्स और भी ज़्यादा देरर तक थी. सभी उसके होश में आने का बस वेट कर रहे थे.
मोनिका बैठे हुए सामने उसके रूम की तरफ बिना पलके झपकाए बस देखे जा रही थी. दिमाग में वही सीन्स घूम रहे थे जब राहुल गोली खाते हुए मोनिका की तरफ कूड़ा था उससे बचाने के लिए. कैसे वो पानी में बह रहा था. वो पल याद करते hi मोनिका की रूह काँप गयी.
कुछ आवाज़ आयी तोह उसने बगल में देखा तोह पाया की तीन लड़किया दौड़ते हुए आ रही है.
वो तीन और कोई नहीं, नेहा ऋचा और अंशु hi थी.
नेहा मोनिका को एक नज़र में hi पहचान लेती है, वो सीधे दौड़ते हुए उसके भुजाए कस के पकड़ लेती है,
नेहा : कहा है मेरा भाई?? बोलिये?? वेयर इस हे?
नेहा का आसुओ से भरा हुआ चेहरा देख के मोनिका को खुद पे और भी ज़्यादा गिल्ट होने लगती है, वो हाथ के इशारे से राहुल के वार्ड की तरफ पॉइंट करती है और चुप्प चाप शांत hi कड़ी रहती है.
नेहा आगे बढ़ने hi वाली थी की अंशु उसका हाथ थाम लेती है,
नेहा : !?? क्या कर रही हो आप दी??
अंशु : नेहु?? क्या अभी तेरा जाना सही है? ी मैं, जब भाई तुझे देखेंगे और उन्हें ये पता चलेगा की उनका सच सामने आ गया है तोह कही उनके ऊपर कोई जोरर न पड़े. उनकी हालत अभी वैसी है, he's इन्जुरेड. क्या ये सही है?
अंशु की बात सुन्न नेहा सिहर उठती है. यदि नेहा को देख के राहुल को कुछ हो गया तोह? पर अपनी बहिन को देख के राहुल को तोह खुश होना चाहिए न?
नेहा : दी में... में कुछ समझी नहीं!
अंशु : ी मैं... भाई इतने साल तक अपना सच छुपाते रहे, उन्होंने कभी भी तुम्हे पता चलने नहीं दिया. अब ऐसे में तुम उनके सामने जाके बताओगी की तुम्हे सब पता चल गया है तोह इतने सालो से उनकी म्हणत का क्या? उनके दिल पर क्या बीतेगी? उनकी सेहत न बिगड़ जाए, में ये कहना चाह रही थी.
नेहा : हँ?? दी... में... में कुछ नहीं जानती. में उससे देखे बिना अब नहीं रह सकती और में उससे कुछ भी होने नहीं दूंगी. ी स्वेअर. बोहत झेल लिया उसने, बोहत प्रोटेक्ट कर लिया मुझे, उसने बोहत कर लिया सब. अब मेरी बारी है. अब में उससे प्यार दूंगी, में उसका ख़याल रखूंगी, में उसके साथ रहूंगी हर्र डैम.
कहते हुए नेहा जेस जो की वही साइड में कड़ी हुई थी उस से पूछती है,
नेहा : he's माय बरोथेर. कैन ी जो एंड हैवे ा लुक ात हिम? प्लीज? ी बेग यू!
जेस (स्माइल्स) : यस सूरे! He's आलरेडी आउट ऑफ़ डेंजर नाउ. वे अरे जस्ट वेटिंग फॉर हिम तो गेट हिज कांशसनेस बैक. यू कैन जो एंड वाच हिम, जस्ट don't दो एनीथिंग ेल्स. व्हेन हे गेट्स हिज कांशसनेस बैक, don't मेक हिम टॉक तू मच फॉर ा व्हिले. Okay?
नेहा : थैंक यू! थैंक यू सो मच डॉक्टर!!
जेस : no प्रॉब्लम डिअर. ी कैन अंडरस्टैंड!
धीरे धीरे नेहा राहुल के रूम का वार्ड खोलती है और अंदर जाती है. राहुल बेहोश पड़ा बीएड पर लेता हुआ था. उसका सीना पूरा नग्न था और कंधे पर पत्तिया बंधी हुई थी.
उसकी ऐसी हालत देख नेहा की आँखों से आसुओ की धाराए बहने लगी. किस्से पता था वो यहाँ अपने भाई को सबसे पहले ऐसी हालत में देखेगी? उसकी गिल्ट फिरसे उसपर हावी होने लगती है.
वो धीरे धीरे राहुल के करीब आती है और उसके बगल से बैठ के कुछ देरर तक बास रट हुए उससे निहारती रहती है.
कुछ देरर बाद वो राहुल के माथे पर फैले हुए बाल को धीरे से हाथ से ऊपर करती है और आगे बढ़ के झुकते हुए उसका माथा चुम लेती है.
नेहा (रट हुए) : you've बिकम मच मोरे हैंडसम...
कहते हुए वो रट रट hi स्माइल करने लगती है. फिर उसके कंधे पर बंधी पत्तियों को हलकी उंगलियों से टच करती है, जैसे उसका दर्द फील करने की कोशिश कर रही हो.
उसके गाल पर अपना हाथ रखती है और उसके कान में आहिस्ता आहिस्ता झुकते हुए धीमी सी आवाज़ में कहती है,
नेहा : अब तुम्हे कही नहीं जाने दूंगी.
नेहा बड़े hi प्यार से राहुल को सेहला रही थी और बस उससे hi निहार रही थी. कुछ हु मिनट बाद राहुल कराहते हुए अपनी आँखें खोलने का प्रयत्न करने लगता है.
जब उसकी आँखें खुलती है तोह पहले तोह थोड़ा धुंदलापन्न रहता है पर धीरे धीरे hi सब कुछ जैसे क्लियर होने लगता है.
जब वो देखता है तोह पाटा है की नेहा उसके चेहरे के ठीक ऊपर रो रही है और मोठे मोठे आसुओ की बुँदे गिरकर राहुल के चेहरे पर टपक रही है.
"हम्म्म??" राहुल को प्रोसेस करने में अभी समय लग रहा था, उसकी समझ नहीं आ रहा था की वो कहा पे है और क्या चल रहा है. उसने कुछ बोलने का प्रयत्न किया पर उसके पहले hi नेहा ने अपनी ऊँगली उसके होंठो पर रख कर उससे चुप करवा दिया.
नेहा : स्स्स्सह्ह्ह्हह्ह!!! आप कुछ नहीं बोलोगे अभी. डॉक्टर ने मन किया है ज़्यादा बोलने से आपको.
नेहा फिर से झुकती है और उसके कानो के पास आती है,
नेहा : आप को कंधे पर गोली लगी थी. यू अरे इन हॉस्पिटल राइट नाउ. और आपकी गुड़िया आपके सामने है. ी क्नोव आपके मैं में बोहत से सवाल आ रहे होंगे. में सब कुछ बताती हु आपको. आप ज़्यादा बोलना मत बस.
राहुल उससे हैरान होते हुए देख रहा था, उससे ये समझ आ गया था की वो आइलैंड से बच के आ गया है और सुरक्षित है और नई ज़ीलैण्ड में hi वो एडमिट है पर नेहा यहाँ क्या कर रही है और ये ऐसा बेहवे क्यों कर रही है ये राहुल की समझ से बहार हो रहा था.
नेहा ने राहुल का हाथ थामा और उससे अपने स्तनों में दहस्सा लिया और कस के पकड़ लिया.
नेहा : मुझे सब पता चल चूका है भाई. आपने मेरे लिए क्या क्या किया, क्या क्या मुझसे छुपाया, क्या क्या आपने परिवार वालो के लिए किया. सब कुछ... सब कुछ पता चल चूका है.
राहुल : ???
नेहा : उस दिन... उस दिन माँ ने सब को घर पर बुलाया था सभी को सचाई बताने के लिए जो माँ डैड और आप इतने सालो से छिपाते आ रहे थे. उन्होंने मुझे मेरी दोस्त के यहाँ भेज दिया था ताकि मुझे सच्चाई पता न चले. Par...par... किस्मत से में घर लौट आयी, क्युकी मेरी फ्रेंड घर पर नहीं थी और मेने अनजाने में hi सही... सब कुछ... सब कुछ सुन्न लिया. ी क्नोव एव्री थिंग. हर्र एक सच मेरे सामने खुला...
कहते हुए उसके ासु बहकर राहुल के हाथ पर गिरने लगे जिससे वो पकड़ी हुई थी.
नेहा : व्हाई?? क्यों?? क्यों किया भैया मेरे लिए आपने इतना सब? हँ?? क्यों?? हर्र पल मेने आपको नीचे दिखाया, आपका मज़ाक बनाया, आपकी इंसल्ट की, आपसे नफरत की, आपका बुरा चाहा पर आपने?? आपने हमेशा मेरा भला hi चाहा... आखिर क्यों????
राहुल : गुड़िया...
राहुल के भी ासु निकल पड़े, बहते हुए ासु उसके तकिये पर गिर रहे थे. दोनों भाई बहिन एक दूसरे से सवाल जवाब कर रोये जा रहे थे.
नेहा : बोलिये न!! क्यों?? क्यों किया आपने ऐसा?? मेरे लिए इतना सब?? क्या में आपके इतने प्यार के लायक थी? मेने नफरत के अलावा क्या hi दिया आपको बदले में? फिर क्यों? क्यों आप इतनी हद्द तक गए मेरे लिए? मेरे भले के लिए हर्र वक़्त आप मेरी परछाई बन कर चलते रहे हमेशा... हमेशा मुझे किसी न किसी तरीके से मेरी नफरत को बढ़ाते थे आप... Taaki...taaki में आप को नीचे दिखाने के लिए आपसे आगे निकल सकू
पर में... *क्रिस* बोलिये... बोलिये आप ने क्यों किया ऐसा? सिर्फ इतना hi बता दीजिये मुझे
राहुल को पता था उसका सच सामने आ चूका है और अब कोई फायदा नहीं है. उससे बुरा नहीं लगा किसी भी बात का. उससे डर बस ये था की अब क्या उसकी गुड़िया डैड को माफ़ करेगी?
राहुल ने अपना हाथ जो नेहा के उरोजों में दहस्सा हुआ था उससे उठाया और नेहा के गालो पर रखा और अंगूठे से उसके ासु पोछे,
राहुल : क्युकी... क्युकी तू मेरी गुड़िया है. *स्माइल्स* ी लव यू !
नेहा जिसके ासु अभी बस बाँध की तरह रुके हुए थे राहुल का जवाब सुन्न ने के लिए, उसका जवाब सुनते hi जैसे वो बाँध खुल गया और धरै की तरह ासु फिरसे बहने लगे. नेहा ने राहुल का हाथ कस का पकड़ लिया जो उसके गालो पर था
नेहा : ी लव यू
नेहा झुकते हुए राहुल को धीरे से अपनी बाहो में ले लेती है ताकि उसके कंधे की चोट न दुःख जाए.
नेहा (मैं में) : निक्की... मुझे नहीं पता था की में तेरे दिए गए सुग्गेस्टिव पर कभी खरी उतरूंगी बूत थैंक्स तो यू... थिस इस ब्लिस्फुल.
नेहा (कान में कहते हुए) : भाई??
राहुल : हम्म??
नेहा : ी लव यू ?!!!
राहुल (स्माइल्स) : लव यू तू!! पर अभी मेरे बोहत से क़ुएस्तिओन्स है जिन्हे में बाद में पूछूंगा.
नेहा : ऑफ़ कोर्स!! मेरे पास भी बोहत से क़ुएस्तिओन्स है जिन्हे में बाद में पूछूँगी आप से.
राहुल : हम्म!!
नेहा : भाई??
राहुल : हम्म???
नेहा : जिस रात हमारी लड़ाई हुई थी न...
राहुल : हम्म...
नेहा : उसके अगले दिन मेरा b'day था.
राहुल : हम्म्म
नेहा : पर लड़ाई होने से पहले न... में आपके गिफ्ट के बारे में सोच रही थी उस रात. में सोच रही थी की आप जब मुझे गिफ्ट डोज तोह बदले में में आपको क्या रेतुर्न गिफ्ट दूंगी.
राहुल : तोह??
नेहा : फिर मेने निक्की से बात करि थी और उसने मुझे बताया था की रेतुर्न गिफ्ट में क्या देना चाहिए मुझे.
राहुल : ओह्ह्ह!!!
नेहा : आपको पता है वो रेतुर्न गिफ्ट क्या था?
राहुल : umm...nahi?? शायद तुमने कभी दिया नहीं!?
नेहा : हां! मेने कभी किसी को भी नहीं दिया. सोचा था आपको दूंगी बूत हमारी लड़ाई हो गयी...
राहुल : ओह्ह्ह!!
नेहा : पर वो रेतुर्न गिफ्ट में अभी दूंगी आपको.
राहुल : ओह्ह?? क्या है उसमे?
नेहा (ब्लश) : क्लोज योर आईज!
राहुल : रियली??
नेहा : हां नाआआ!!! बंद करो नाआ... क्लोज योर आईज.
राहुल : okay!!
राहुल अपनी आँखें बंद कर लेता है और गिफ्ट का इंतज़ार करने लगता है. पर तभी उसको अपने होंठ पे कुछ गीला गीला महसूस होती है.

आँख खोलते hi वो देखता है की नेहा उसके होंठो पर अपने होंठ लगाए हुए आँखें बंद करके मीठी किश के एहसास में डूबी हुई है.
फटी आँखों से वो बस नेहा को hi देख रहा था, कुछ करने लायक नहीं था वह. करीब 20 सेकंड की इस किश के बाद जब नेहा पीछे हुई और अपनी आँखें खोली तोह उसकी आँखों में एक अजीब सा नशा था.
राहुल इस से पहले की कुछ बोलता नेहा उसके मुँह पर हाथ रख कर बंद कर देती है और उसके कानो में कहती है,
"No क़ुएस्तिओन्स नाउ! बस एक बात याद कर लो भाई... ी लव यू मोरे थान एनीथिंग इन थिस वर्ल्ड"
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आज के लिए इतना hi गाइस!
धन्यवाद्!

