इन्सेस्ट आखिर क्यों? फ्रॉम हैट्रेड तो लव (कम्प्लेटेड) - Page 7 - SexBaba
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इन्सेस्ट आखिर क्यों? फ्रॉम हैट्रेड तो लव (कम्प्लेटेड)

गाइस! अपडेट मिडनाइट तक यदि नहीं आया

तोह फिर कल आएगा!

मेने अपडेट लिख दिया था पर बाद में मेने जब पढ़ा तोह लगा की इसमें कुछ बदलाव करना ज़रूरी है. इसलिए दुबारा लिख रहा हु, यदि जल्दी कम्पलीट हो गया तोह आज hi आ जाएगा.

थैंक्स!
 
अपडेट - 47

अब तक...

घर पहुँच के वो दुर्बल बजाता है तोह तानिया दरवाज़ा खोलती है.

दरवाज़ा खुलते hi राहुल तानिया के बगल से अंदर जाने लगता है की तभी पीछे से तानिया उससे आवाज़ देती है

"ोईई!!!"

राहुल : हम्म! क्या???

तानिया (गंभीर भाव से) : ये लड़कियों के परफ्यूम की खुशबू क्यों आ रही है तुझसे??

अब आगे...

राहुल (मैं में) : यार इसकी प्रॉब्लम क्या है? बिलकुल पीछे hi पड़ गयी है...

इससे क्या इतनी चुल्ल मची है?

राहुल : woh...woh नई शर्ट ली है तोह इसलिए...

तानिया : हम्म? नई शर्ट से लेडीज परफ्यूम की फ्रेग्रेन्स कब से आने लगी? सही सही बता मुझे... कहा से आ रहा है इस वक़्त तू?

राहुल (गहरी सांस लेकर) : तानिया... लिसेन... में कही भी जाऊ, इस से तुम्हे क्या लेना देना?

तानिया (गुस्से में) : मुझे इस सब से क्या लेना देना? बहिन हु में तेरी... मेरा पूरा हक़ है ये जान ने का समझा?

घर में इतना बड़ा काण्ड हो गया सुबह सुबह और महाराज जी दिन भर से गायब है, घर में एक बहिन रहने के लिए आयी है तोह उससे चोरर के बाहर गुल छर्रे उड़ा रहे है... कभी अपनी रेस्पॉन्सिबिलिटीज़ पे भी ध्यान दे लिया करो

राहुल (गुस्से में) : क्या मतलब? सुबह सुबह जो हुआ वो तुम्हे भी पता है की मेरी उसमे कोई गलती नहीं थी. और रही बात मेरे जाने की तोह में माँ को बता के गया था की में देरर से आऊंगा. तुम क्या चाहती हो? की में सुबह की बात को लेकर hi बैठा राहु? और उसी के बारे में सोचु? इतना समय नहीं है मेरे पास

तानिया : हां हां! अपनी बहिन के लिए भी समय नहीं है, और कहा से होगा समय? पूरा समय तोह वो ऋचा के लिए गवा देते हो न...

राहुल (गुस्से में) : ऋचा के पीछे क्यों पड़ी हो तुम हाथ धोकर? और तुम लोगो को कल लेके तोह गया था न शॉपिंग पे??

तानिया : आज डेट जो थी तुम्हारी उस ऋचा के साथ, तभी तोह हमलोग को कल ले गया था तू... ताकि आज का प्लान खराब न हो तेरा

राहुल : हां तोह थी मेरी डेट उसके साथ. क्या करोगी?

राहुल के डायरेक्ट रिस्पांस से तानिया एक दम चुप हो गयी. उससे बिलकुल भी अच्छा नहीं लग रहा था की राहुल उससे घर में चोरर अपनी गफ ऋचा के साथ घूम रहा था. पर ऐसा क्यों था? ये वो खुद भी समझ नहीं पा रही थी. और सही तोह कह रहा था राहुल, तानिया को उसकी पर्सनल लाइफ से क्या लेना देना? तानिया का हक़ ज़रूर था राहुल पे, पर तानिया शायद इस हक़ के नाम पे और भी बोहत कुछ करवाने वाली थी.

तानिया : वो ... वो ...

राहुल को भी लगा की वो कुछ ज़्यादा hi ुचि आवाज़ में कह दिया. तानिया उस से 2 साल बड़ी थी. और राहुल का यु उस से बात करना सही नहीं था. ये लहज़ा वाक़ई गलत था. यहाँ उसकी गलती थी. जो की उसने क़ुबूल भी की. सुबह भी उसने तानिया पर चिल्ला दिया था. पर तानिया ने कभी भी पलट के ये नहीं कहा की वो बड़ी है तोह उससे 'आप' कहकर बात करो. कही न कही तानिया को ये बात बेहद पसंद आती थी की राहुल हमेशा उस से 'तुम' कर के बात करता था. इसका मतलब ये था की राहुल उससे अपने बराबर से देखता है. इस बात से तानिया अंदर hi अंदर बोहत खुश रहती थी.

पर इसका मतलब ये नहीं था की राहुल उससे पलट के जवाब दे और उसकी बिलकुल भी इज़्ज़त न करे. भले hi दोनों आपस में तुम कहकर बात करते थे पर इस से ये नहीं झुटला सकते की तानिया उम्र में 2 साल बड़ी थी राहुल से.

अब जब राहुल को ये एहसास हुआ की उसने वाक़ई गलत ढंग से तानिया से बात की और उसका रवैया भी बेहद hi गलत था और तानिया जब कुछ जवाब न दे पायी तोह उससे तानिया पे बोहत दया आ गयी. कभी भी तानिया उस से मैनर्स की डिमांड नहीं करती थी. वर्ण आजकल घरो में यदि आप अपनी बड़ी बहिन से ऐसे बात करो तोह आपकी बहिन तोह भले मान जाए पर आपके घरवाले hi आपको चार सुना देंगे.

पर तानिया ऐसी नहीं थी. और यही बात राहुल को बेहद अच्छी लगती थी. भले hi वो उससे 'चपडगंजु' कहके बुलाती थी पर बदले में कोई डिमांड भी नहीं करती थी. राहुल अपनी तरफ से फ्री था, वो भी जो चाहे उससे कह देता.

राहुल ने फौरन आगे बढ़कर तानिया को अपने सीने से लगा लिया. अचानक राहुल की इस हरकत से तानिया भौचक्की सी बस कड़ी रही उसकी बाहो में.





राहुल ने अपने एक हाथ उसके सर के पीछे रखा और एक हाथ उसकी पीठ पे सहलाया और कहा,

"माफ़ करदे दीदी!! में तुझ से कुछ ज़्यादा hi कठोर तरीके से बात किया आज. तूने सही कहा, तेरा मुझ पे पूरा हक़ है, माफ़ करदे"

राहुल के यु आज पहली बार अपने सीने से लगाने पर तानिया बेचारी के गाल सुर्ख लाल हो चुके थे. शर्म इतनी की पूछो मत. आज पहली बार था राहुल ने उससे दीदी कहकर पुकारा. पर पता नहीं क्यों तानिया को दीदी शब्द पसंद नहीं आया उतना. उससे ऐसा लगा जैसे राहुल उसके और खुदके बीच दूरी बना रहा है दीदी कहके. क्युकी उससे 'तुम, छिपकली' जैसे शब्दों की आदत जो पद चुकी थी. उससे लगा शायद राहुल नाराज़ है उस से.

तानिया (धीमी सी आवाज़ में) : तुम... तुम नाराज़ हो न मुझसे?

राहुल : पहले था... (और कस के बाहो में भरते हुए) पर अब नहीं हु.

तानिया : तोह फिर दीदी क्यों कहा?

राहुल : प्यार से कहा

तानिया : ओह्ह्ह!!

राहुल को आज तानिया पे बड़ा hi प्यार आ रहा था, एक तोह वैसे hi वो दिखने में आइटम बम थी, ऊपर से आज पहली बार उसकी बाहो में थी. आज बड़ी क्यूट लग रही थी. तानिया भी कस के राहुल की पीठ पर अपने हाथ बांधे हुए थी. बिलकुल वैसे जैसे एक बच्चा टेडी बेयर के गले लगता है.

राहुल (मैं में) : मुझे तोह पता hi नहीं था मेरी ये छिपकली इतनी क्यूट हो सकती है, omg!! कितनी क्यूट लग रही है मेरी बाहो में. आज पता चला, जब इस से प्यार से बेहवे करो तोह ये बिलकुल क्यूट सी बिल्ली की तरह बन्न जाती है हहै. मैं कर रहा है एक किसी कर दू.

और राहुल ये सोचते हुए आगे बढ़ के तानिया के गोर गोर गाल को मुँह में भरके एक प्यार भरी चुम्मी दे देता है.





उसके इतना करते ही तानिया की हलकी सी चीख निकल जाती है,

"आअह्ह्ह???"

इतनी ज़्यादा शर्म आ रही थी अभी तानिया को. पहली बार राहुल ने उसके गाल चूमे थे. उससे समझ नहीं आ रहा था की क्या करे, ऐसा लग रहा था की अभी किसी कोने में जा के छुप जाए वह. इतनी शर्म आ रही थी उससे.

तानिया को यु शर्माता देख और उससे ऐसे शॉक के मारे आवाज़ निकालते देख राहुल को और भी प्यार आ जाता है उसपे.

राहुल (मैं में) : omg!! ये! ये छिपकली इतनी क्यूट कैसे हो सकती है? वैसे तोह हर पल चिल्लाती रहती है. पर अब तोह ये भीगी बिल्ली की तरह मेरी बाहो में डुबकी पड़ी है. ऊपर से इसकी हाइट भी मुझसे छोटी है. ऐसा लग रहा है में इसका बड़ा भाई हु, न की ये मेरी बड़ी बहिन... हहै! इससे थोड़ा और परेशां करता हु

इतना सोच राहुल फिरसे तानिया के दूसरे गाल को मुँह में भरके चूम लेता है.





और फिरसे तानिया की वही हलकी सी चीख निकल जाती है. एक हमला काम था जो राहुल ने दूसरा हमला भी कर दिया? तानिया बेचारी शर्म के मारे बस अपना चेहरा राहुल के सीने में छुपाई हुई थी.

राहुल : अब छोड़ भी मुझे मेरी प्यारी बहना... भूख लग रही है. डैड भी आने वाले है, खाना खाना है मुझे

तानिया : तुम... तुम वो ऋचा के साथ क्यों गए थे आज?

राहुल : अरे बताया तोह, आज डेट थी न उसके साथ.

तानिया ये सुनते hi राहुल को धकेल देती है. हम्फ! डेट थी तोह फिर मेरे साथ क्यों रोमांस कर रहा है? क्यों किया मुझे किश? इसलिए की में मान जाउंगी? हम्फ!! बच्ची नहीं हु में... यही सोचते हुए वो राहुल से दूर हो जाती है और बनावटी गुस्से में कहती है,

"हां तोह जाओ उस ऋचा के पास. मेरे पास मत आओ हम्फ! मुझे तुमसे बात नई करनी"

ये कहते हुए अभी तानिया इतनी क्यूट लग रही थी न की कोई भी होता तोह उससे फौरन अपनी बाहो में भर लेता. उसका यु गाल फुला के बनावटी गुस्सा दिखाना...

हाय!! कसम से अलग hi आकर्षण था.

और राहुल ने भी वही किया! फौरन उससे अपनी बाहो में ले लिया. इस बार तानिया ने हल्का हल्का बनावटी विरोध किया उसकी बाहो से निकलने का पर निकली नहीं

राहुल : अरे I'm सॉरी न यार तानिया! अब तुम hi बताओ, यदि तुम्हारा बर्फ तुम्हारे साथ डेट पे चलने के लिए कहेगा तोह तुम क्या उससे मन कर डौगी?

तानिया : हम्फ!! ी don't हैवे अन्य बर्फ

राहुल (सुरप्रीसेड) : व्हाट?

पता नहीं क्यों पर राहुल को तानिया का जवाब सुन्न अंदर hi अंदर अच्छा सा लगा.

राहुल : मतलब पहले था?

तानिया : नहीं था. कभी नहीं बनाया.

राहुल : पर क्यों?

तानिया : क्युकी मुझे कोई पसंद नहीं आया

राहुल : अरे!! पर क्यों? तुम को देख के तोह लड़को की लाइन लग जाएगी

तानिया (ब्लश) : में इतनी सुन्दर हु?

राहुल : बहुत!

तानिया (खुसपुसाते हुए) : तोह फिर वह उस ऋचा के पीछे क्यों भागता है जब में यहाँ हु तोह?

राहुल : हम्म? कुछ कहा क्या?

तानिया : नहीं

राहुल : तोह बता न! तुझे कोई पसंद क्यों नहीं आया?

तानिया : नहीं आया पसंद! एक है लड़का जिससे में पसंद करने लगी हु पर वह भाव hi नहीं देता. और हमेशा गुस्से में hi बात करता है.

राहुल को ये सुन्न पता नहीं क्यों पर इस बार अच्छा नहीं लगा. तोह तानिया किसी को पसंद करने लगी है.

राहुल : फिर तोह कोई बेवक़ूफ़ hi होगा

तानिया (हस्ते हुए) : हां! वो बेवक़ूफ़ hi है हहै

राहुल : हां! तुम उसपे ध्यान मत दो, जब उससे तुम्हारी कोई क़द्र नहीं तोह भाड़ में जाए वह!

तानिया : नहीं!! वो मेरे लिए परवाह करता है. मुझे पता है, आज तोह देख भी लिया.

राहुल : हम्म? क्या मतलब? वो यहाँ आया था क्या?

तानिया : नहीं!!!

राहुल : फिर तुमने ऐसा क्यों कहा की तुमने देख भी लिया!??

तानिया : बस ऐसे ही!!

राहुल (उदास होते हुए) : ओह्ह्ह!!

तानिया : क्या हुआ?

राहुल : तुम्हे वो पसंद है तोह एक बार दिल से उससे प्रोपोज़ कर दो! वैसे तोह ये काम लड़के को करना चाहिए पर यदि तुम्हे इतना hi पसंद है तोह तुम एक बार कर दो यदि फिर भी वो तुम्हे नज़रअंदाज़ करे तोह उससे चोरर देना और कभी बात भी नहीं करना.

तानिया : मेरी हिम्मत नहीं होगी उससे प्रोपोज़ करने की

राहुल : क्यों?

तानिया : हम एक नहीं हो सकते! मुझे पता भी नहीं है की वो मुझे पसंद करता है या नहीं, पर मेरी परवाह ज़रूर करता है.

राहुल : क्या नाम है उसका?

तानिया (ब्लश) : में नहीं बता सकती

राहुल : ओह्ह्ह! Okay!!

अभी इनकी बातें और आगे बढ़ती इस से पहले hi बाहर गाडी का हॉर्न बजता है और राहुल के डैड राजेश भी घर आ जाते है.

नेहा और अंशु तोह ऊपर नेहा के hi कमरे में थी. और निशा अपने कमरे में थी, बाहर आते hi उसकी नज़र राहुल पे जाती है तोह वो उसके पास जाके उसके सर पर बड़े hi प्यार से हाथ फर्टी है और सुबह की बात भूल जाने के लिए कहती है. रात में सभी लोग खाना खाने लगते है सिवाए नेहा और अंशु के क्युकी नेहा नीचे नहीं आ रही थी, इसलिए अंशु ने अपनी और नेहा की थाली उसके रूम में hi ले गयी.

जब सब अपने अपने कमरे में चले गए तब निशा राजेश से बात करने के लिए बिस्तर पर बैठ जाती है.

निशा : ाजी सुनते हो आज क्या हुआ?

राजेश : क्या हुआ?

निशा : आज आपकी बेटी ने बहुत बड़ा काण्ड कर दिया!

राजेश (घबराकर) : क्या किया उसने?

फिर निशा सब कुछ राजेश को बता देती है जिससे सुन्न राजेश एकदम स्तब्ध रह जाता है और गुस्सा भी उसके सर पर चढ़ने लगता है. पर निशा उससे शांत करा देती है क्युकी सुबह उसने आलरेडी नेहा को एक फटकार लगा दी थी. अब ऐसे में राजेश कुछ करता तोह बात बिगड़ जाती, और राजेश तोह बिलकुल भी नेहा को कुछ नहीं कह सकता, ऐसा क्यों? इसकी वजह तोह निशा और राजेश hi जानते थे.

निशा : में आज बेतु के साथ सोऊंगी! सुबह की बात को लेकर उससे समझा भी दूंगी!

राजेश : हम्म! ठीक है! उस से कहना उस बात को दिल पे ना ले, और कोशिश करे की भूल जाए. तुम जाओ और समझा देना, में भी सो रहा हु अब.

निशा (मैं में) : मेरी तोह कोई परवाह hi नहीं है इन्हे. मेने सही किया. मेरा बेतु hi अब मेरा सहारा है. बेचारा सुबह की बात को लेकर परेशां हो रहा होगा. अभी खुश कर दूंगी उससे!

निशा अपने बैडरूम से निकल ऊपर राहुल के कमरे की और चल देती है और दरवाज़ा खोल अंदर आते hi भीतर से उससे लॉक कर देती है. दरवाज़ा लॉक होते hi उसकी आवाज़ से राहुल अपनी आँख खोल देखता है तोह पाटा है की निशा पर्पल निघ्त्य पहने उसके कमरे में आ चुकी है.

राहुल (बिस्तर पर उठके बैठते हुए) : माँ आप??

निशा (उसके बगल से बैठते हुए) : हां बेतु!! अभी भी उदास हो क्या?

राहुल : किस बात के लिए माँ?

निशा इतना सुन्न राहुल को बिस्तर पे लिटा देती है और खुद उसके बगल से टिक्क के बैठ जाती है

निशा : देखो तोह कितना भोला है मेरा बच्चा! अरे बेतु! में सुबह की बात कर रही थी.

राहुल : ओह्ह!! It's okay माँ! I'm फाइन!

निशा (राहुल के गालो पर हाथ फरते हुए) : I'm फाइन तोह तू हमेशा कहता रहता है. चाहे कितना भी बड़ी बात क्यों न हो जाए

राहुल : नहीं माँ! वाक़ई! I'm फाइन!

निशा आगे बढ़ राहुल के माथे को चुम लेती है, और फिर धीरे धीरे उसके पूरे चेहरे को चूमने लगती है, सिवाए होंठ के. शायद किसी मौके का वेट कर रही थी.

राहुल भी शांत लेता हुआ था कोई हरकत नहीं कर रहा था. अपनी माँ के होंठो से एक सौंधी सौंधी भीनी बिहनि सी खुशबु आ रही थी इस वक़्त उससे. शायद दिन में लिपस्टिक लगायी होगी माँ ने.

अभी राहुल अपनी आँखें बंद किये निशा के चुम्बनों को महसूस कर रहा था की इतने में उससे कपडे हिलने की आवाज़ आयी और उसने अपनी आँख खोल दी

बगल में निशा अपनी निघ्त्य जो सामने से दो क्लासेस की गठान बंधी हुई थी उससे खोल देती है और अंदर से अपने दोनों बड़े बड़े गोर गोर दूध बाहर निकाल देती है. और कमाल की बात ये थी की दूध नंगे थे. मतलब आज निशा ने ब्रा नहीं पहनी थी.

राहुल के लुंड महाराज भी जाग गए. सामने ऐसा सन पाके कोण न जाएगा?

निशा : ले बेतु! दूदू पी ले!





निशा ने ये कहते हुए राहुल के बाल सहलाना शुरू कर दिए, निशा तोह ऐसे पेश आ रही थी जैसे ुए सब उसके लिए नार्मल है. और ये काम वो रोज़ hi करती है. राहुल को भी पता नहीं क्या हो जाता है हमेशा अपनी माँ का सामना करते वक़्त. वो एकदम mantr-mugdh सा हो गया था और उसका मुँह अपने आप hi खुल गया. और उस नुकीले गुलाबी निप्पल को मुँह में भर लिया.





"Ssssssssssssssssssss आआआह्ह्ह्हह्ह्ह्हह"

एक सिसकी निशा के मुँह से निकल गयी.

अपनी गरमा गरम जीभ को वो निप्पल के इर्द गिर्द घुमा रहा था और होंठो से चूस के उसमे से दूध निकालने की कोशिश कर रहा था.





निशा : बोहत दिन से नहीं पिया न बेतु? स्स्सस्स्स्स अह्हह्ह्हम्मम्मम पी ले. पर तू पियेगा कैसे? दूदू में दूध तोह है hi नहीं. आआअह्हह्ह्ह्ह धीरे काट बेचू

तू इन्हे चूस लिया कर. क्युकी दूध तोह है नहीं...

राहुल बिना बोले बस दूध चूसने में लगा था और अपने एक हाथ से वो निशा को दूसरा दूध मसलने में लगा हुआ था.





"आआअह्ह्ह्हह उम्मम्मम्मम" की सिसकी निशा लगातार लिए जा रही थी. पर वो अपनी आवाज़ को धीमे रखना नहीं भूली थी. सामने के कमरे में नेहा अंशु और तानिया तीनो मौजूद थी. इसलिए शोर न करने का पूरा ध्यान था उससे.

निशा बड़े प्यार से राहुल के बालो में हाथ फेरर रही थी और उसका सर पकड़ के अपने दूध में घुसा रही थी. एक अजीब सा आनंद प्राप्त हो रहा था उससे.

निशा : बेतु!! Aahhhhhhhhhhh धीरे काट न... मेने मन थोड़ी न किया है काटने से... aahhhhhhhhhhh दूदू में घाव हो गया न यदि तोह फर तुझे पूरे दिन दूदू को अपने मुँह में डालकर रखना होगा, समझा??

राहुल (दूध चूसने की मस्ती में) : उम्मम्मम्म

निशा : क्या?? तू तैयार है? बेतु सबके सामने दाल के रखना होगा, पूरे एक दिन के लिए. तभी तोह मेरा घाव ठीक होएगा. बोल कर सकता है तू? आअह्ह्ह्हह्ह्ह्ह

राहुल : उम्मम्मम्मम

निशा : देखो तोह हिम्मत इसकी! बेटू! अब तू अपने डैड के सामने मेरा दूध दिनभर मुँह में भरे रहेगा? इतनी दम??

राहुल : उम्मम्मम्मम

निशा : हाय रे!! मेरा बेचू! दिखा देना अपने डैड को भी की कैसे क़द्र करते है इनकी... याद रखना! घाव हुआ तोह तू दिनभर मुँह में भर में रखेगा इन्हे. तब कही जाके मेरा घाव ठीक होएगा

उम्मम्मम्मम्म...

राहुल : ह्म्म्मम्म्म्म

राहुल बेचारा तोह दूध चूसने में मग्न था, अभी अभी उसने अपनी माँ से क्या वादा कर दिया उससे खुद hi नहीं पता. ये उम्म्म उम्म्म के चक्कर में उसकी बाद में ाः ाः न निकल जाए.

निशा : मेरा बेचू! अब वादा कर दिया है तूने... चल काट ले जितना काटना है अब. मुझे तोह फायदा hi है... आअह्ह्ह्हह्ह्ह्हह!!!

निशा अभी आँखें बंद किया मस्ती में थी की इतने में उसकी नज़र राहुल के लोअर पर पड़ती है जिसमे बड़ा सा तम्बू बना हुआ था अभी...

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आज के लिए इतना hi गाइस!

नेक्स्ट अपडेट बोहत हॉट होने वाला है!

यहाँ पे इसलिए एन्ड किया क्युकी अपडेट फिर बोहत ज़्यादा बड़ा हो जाता. आज की लेंथ एक मेगा अपडेट के जितनी है और अगला अपडेट भी इतनी hi लेंथ का रहेगा. इसलिए मेने यहाँ पे समाप्त किआ

थैंक्स एंड don't फॉरगेट तो लिखे एंड पोस्ट योर व्यूज!
 
शुक्रिया भाई!

राहुल और तानिया का कन्वर्सेशन जान बुझ के मेने रखा, जैसा की मेने कहा था पहले की मेने ये अपडेट दुबारा लिखा है, पहली बार में ये कन्वर्सेशन नहीं था, सिर्फ निशा और राहुल का सन था.
 
अपडेट - 48

अब तक...

राहुल बेचारा तोह दूध चूसने में मग्न था, अभी अभी उसने अपनी माँ से क्या वादा कर दिया उससे खुद hi नहीं पता. ये उम्म्म उम्म्म के चक्कर में उसकी बाद में ाः ाः न निकल जाए.

निशा : मेरा बेचू! अब वादा कर दिया है तूने... चल काट ले जितना काटना है अब. मुझे तोह फायदा hi है... आअह्ह्ह्हह्ह्ह्हह!!!

निशा अभी आँखें बंद किया मस्ती में थी की इतने में उसकी नज़र राहुल के लोअर पर पड़ती है जिसमे बड़ा सा तम्बू बना हुआ था अभी...

अब आगे...

निशा ने बिना देररि किये फौरन अपना हाथ आगे बढ़ा के राहुल के लोअर में बनने तम्बू पे रख दिया, हाथ लुंड पे लगते hi राहुल को एक झटका लगा और उसने अपना मुँह चलाना रोक दिया.

निशा को भी लगा की उसने शायद जल्दबाज़ी कर दी, पर वो अब पीछे नहीं हट सकती थी. कैसे भी कर के उससे आगे बढ़ना था.

निशा ने फौरन राहुल का लुंड सहलाना शुरू कर दिया और दूसरे हाथ से उसके सर पर दबाव बनाने लगी और अपना दूध उसके मुँह में ठूसने लगी. करीब 5 मिनट बाद राहुल भी मदहोशी में वापस से उसी हालत में आ गया और निशा का दूध चूसने लगा. नीचे बीच बीच में उसका लुंड हिचकोले मार रहा था जो निशा साफ़ साफ़ अपने हाथो से महसूस कर रही थी.

निशा (प्यार से) : देखो तोह! बेचू! तू कितनी तकलीफ में रहता है रे... तेरा लिंग कितना बड़ा हो गया है. पर तू चिंता मत कर, तेरी माँ इससे शांत कर देगी.

निशा को पता था आगे बढ़ने के लिए पहले उससे वैसा अट्मॉस्फेरे बनाना पड़ेगा जिसमे ये सब कुछ नार्मल लगे.

वर्ण राहुल विरोध कर सकता है. धीरे धीरे यु 5 - 10 मिनट गुज़र जाने के बाद निशा ने अपना हाथ जो की राहुल के तम्बू पे था उससे सरकाते हुए अंडरवियर के अंदर डायरेक्ट hi एक झटके में उसका लुंड पकड़ लिया.





नतीजा जैसा की निशा ने सोचा था बिलकुल वैसा hi हुआ, राहुल हड़बड़ा के फौरन उठ गया, "माँ..."

पर इस से पहले की राहुल विरोध कर पाटा निशा ने उसके होंठो पर अपनी ऊँगली रख दी,

"स्स्स्सह्ह्ह्ह! बेतु! तेरी माँ है न! यदि तेरे लिंग में दर्द है, तोह माँ उससे शांत कर देगी, तू चिंता मत कर! बस आराम कर. अपनी माँ से क्या छुपाना?"

बेहला फुसला कर निशा ने यहाँ बाज़ी मार ली थी, राहुल को वापस से अपने दूध चुसवाने में लगा कर निशा उसके लुंड पर अपने हाथ जमा चुकी थी और उस गरम रोड की तरह सख्त लुंड को पकड़ के वह झटके लगाने लगी.

"उम्मम्मम्मम" राहुल की मुँह से अब मज़े की सिसकिया निकलना चालु हो चुकी थी. कुछ शान बाद hi निशा ने धीरे से राहुल का लोअर और उसकी अंडरवियर उसकी जांघ तक नीचे कर दी. अब उसके सामने एक बड़ा मुस्सल गोरा लुंड था जिससे देख निशा mantra-mugdh सी बस उससे देखने लगी और हाथो में लेके हिलाने लगी.

निशा की नज़रे राहुल के लुंड पर hi थी, वो देख रही थी कैसे उसके हाथ हिलाने से लुंड के टोपे की चमड़ी ऊपर नीचे हो रही थी. ये देख निशा की छूट ने पानी चोरर्ण शुरू कर दिया था. उसका मक़सद था की वो राहुल को हॉर्नी कर दे, उससे चरम सीमा पे ले जाए और फिर वो अपने हाथ चलाना रोक देगी. ऐसे में राहुल hi सब कुछ बदले में कर देगा, ये निशा का प्लान था.

करीब 5 मिनट हाथो से हिलाने के बाद निशा धीरे धीरे लुंड की तरफ झुकने लगी, पर तिरछी नज़र से राहुल के चेहरे पर आ रहे हाव भाव को भी पढ़ रही थी. बिलकुल सावधानी बारात ते हुए वो लुंड की तरफ झुकती चली गयी और जब उसने देखा की राहुल उसके दूध चूसने में मग्न है, निशा ने फौरन अपना मुँह बड़ा खोल के लुंड को गप्प से अपने मुँह के अंदर ले लिया.









अचानक राहुल को एक गरम गीला एहसास सा हुआ अपने लुंड पर, और उससे समझने में देरर न लगी की उसका लुंड कोनसी गुफा में है. हड़बड़ा के वो एकदम से उठ गया पर निशा भी हार कहा मान ने वाली थी, उससे तोह पता था ऐसा कुछ होएगा, इसलिए उसने अपने नेक्स्ट स्टेप को अंजाम दिया.

अगले hi पल निशा ने ज़ोर ज़ोर से लुंड को मुँह में आगे पीछे लेना शुरू कर दिया, और नतीजा वही जैसा निशा ने अनुमान लगाया था, राहुल की मुँह से एक मादक "आआअह्हह्ह्ह्ह" निकली और उसकी आँखें बंद हो गयी और वो वापस बिस्तर पर गिर पड़ा. फिर भी अभी उससे होश था इतना की ये सब गलत है, इसलिए अपने लुंड की मर्ज़ी के विरोध जाते हुए उसने अपना हाथ निशा के सर पर रखा और उससे धकेलने लगा.

पर निशा तोह जैसे आज ठान के आयी थी की राहुल से चुदाई करवानी hi है

अपने होंठो में लुंड को और जोरर से जकड़ते हुए और जीभ चारो और घुमाते हुए उसने राहुल को थोड़ी hi देरर में पूरा वश में कर लिया.

अब राहुल के हाथ जो निशा को धकेल रहे थे वो अब उसका सर पकड़ के और लुंड पे दबाव बनाने लगे थे.





निशा को ये पता चलते hi अंदर hi अंदर बोहत ख़ुशी हुई की उसका ये स्टेप भी सफल रहा. पर अभी रास्ता लम्बा था. करीब 15 मिनट की चुसाई के बाद राहुल जोश की चरम सीमा पे पहुँच चूका था. अब उससे छूट चाहिए थी. निशा ने जैसे hi देखा की वो राहुल अब कभी भी जहर सकता है तोह उसने फौरन अपना मुँह बहार निकाल लिया.

अचानक ब्लोजॉब ृक्क जाने से राहुल भी होश में आ गया और अब उससे सब कुछ फिरसे आभास होने लगा की वो क्या कर रहा था.

"माँ... माँ ये आप" राहुल ने हाफति हुई आवाज़ में कहा.

"स्स्स्सह्ह्ह्ह!! मुझे पता है बेतु तू क्या सोच रहा है. यही न? की में तेरे साथ ये सब कैसे और क्यों कर रही हु? तोह सुन्न! में ये सब अपनी मर्ज़ी से कर रही हु समझा? में देखती हु की आजकल तू बड़ी तकलीफ में रहता है" निशा ने प्यार से राहुल के होंठो पर ऊँगली रखते हुए कहा.

राहुल : ke...kesi तकलीफ माँ!?

निशा (लुंड की तरफ इशारा करते हुए) : ये वाली तकलीफ

अपने लुंड की तरफ अपनी माँ का इशारा देख राहुल अपने लुंड को देखता है जो पूरे शबाब में तन्न के खड़ा हुआ था तोह वो एकदम से हड़बड़ा के अपने दोनों हाथो से उससे धक् लेता है. उसकी ये दशा देख निशा की हस्सी निकल जाती है.

निशा : अरे बीटा में इससे पहले hi देख चुकी हु, और तोह और अभी थोड़ी देरर पहले मुँह में भी लिया था.

राहुल बिना जवाब दिए अपनी नज़रे फेरर लेता है और अपना लोअर ऊपर चढाने लगता है. उसको ऐसा करते देख निशा समझ गयी थी की राहुल ऐम्बर्रेस्सेड है और बोहत ावक्वार्ड फील कर रहा है और सबसे बड़ी बात वो अभी निशा से नज़रे नहीं मिला पा रहा है.

ये एक बुरा संकेत था. यदि यहाँ से निशा ने अपनी पकड़ नहीं बनायीं तोह दोनों माँ बेटे के रिश्ते के बीच एक दरार आ जाएगी. इसलिए निशा ने तुरंत hi राहुल का हाथ पकड़ लिया

निशा (उदास) : बेचू मेरी बात सुनेगा?

राहुल (बिना नज़रे मिलाए) : no माँ... आप प्लीज जाइये!

निशा : तुझे मेरी कसम!

राहुल : फाइन! जल्दी कहिये.

राहुल इस वक़्त बोहत ावक्वार्ड फील कर रहा था. सामने उसकी माँ थी और उसका लुंड पूरा का पूरा एक्सपोज्ड था. यहाँ तक की निशा के थूक से उसका लुंड अभी भी गीला था.

निशा (सडली) : बेचू तुझे पता है. अब तेरे डैड मेरी बिलकुल परवाह नहीं करते.

राहुल (आश्चर्य से) : व्हाट?? माँ??

निशा : तूने सही सुना मेरे बच्चे! तेरे डैड अब मेरा बिलकुल भी ध्यान नहीं रखते.

राहुल : ये आप...!??

निशा : वो मुझे अब खुश नहीं रख पाते. मेरे साथ सम्भोग नहीं करते. अब क्या? कई महीनो से ऐसा hi चल रहा है. जब भी में उनसे कहती हु, वो मुझे धुत्कार देते है और ताल देते है. उन्हें मेरी कोई परवाह नहीं है अब बेतु.

निशा कहते हुए रोने लगती है, तोह राहुल आगे बढ़ के निशा को कंधे से पकड़ उससे चुप कराने लगता है. और अपना लुंड पहले लोअर के अंदर दाल लेता है. क्युकी वो उससे बोहत ावक्वार्ड लग रहा था.

राहुल : माँ प्लीज!! आप शांत हो जाइये. ये आप क्या कह रही हो? डैड आपके साथ...!?

निशा (रट हुए) : हां बेतु! अब वो मेरे साथ सम्भोग नहीं करते. आखिर एक महिला की भी तोह कैच ख्वाइश रहती है? उसके शरीर की भी तोह कुछ ख्वाइश रहती है? जिससे उसका मर्द पूरा करता है! बोल! बेतु! क्या में गलत कह रही हु?

राहुल : नहीं माँ! आप... आप एकदम ठीक कह रही है.

निशा (रट हुए) : तोह फिर वो मेरी ख्वाइश को पूरा क्यों नहीं करते बेतु? क्या में hi गलत हु? क्या में बेशरम हु? क्या इस उम्र में सब सम्भोग करना पाप है? बोल बेतु!

राहुल : na...nahi माँ!

निशा (रट हुए) : तोह फिर क्यों???

भले hi निशा रो रही थी पर अभी भी उसने अपनी आवाज़ पे नियंत्रण रखा हुआ था. वो जानती थी सामने के कमरे में सभी मौजूद है इसलिए वो धीमी आवाज़ में सुबक सुबक कर रो रही थी.

राहुल को अपनी माँ को रोटा देख खुद रोना आ जाता है और वो आगे बढ़ के निशा को अपने सीने से लगा लेता है.

राहुल : प्लीज आप रोइये मत माँ

निशा : तोह और क्या करू बीटा? एक औरत की प्यास तोह एक मर्द hi भुजा सकता है. उन्हें इस बात से कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता है. की में खुश भी हु या नहीं

राहुल : ऐसा नहीं है माँ. आप डैड को गलत समझ रही हो

निशा : तोह फिर क्यों नहीं करते वो मेरे साथ सम्भोग बोल? क्यों बार बार मुझे धुत्कार देते है? क्यों कह देते है मुझसे की इस उम्र में अब सम्भोग नहीं करते? बोल! क्यों??

राहुल : wo...wo...

क्या बोलता राहुल? उसके पास इन् सबका जवाब hi नहीं था. उससे तोह आज पता चला की उसके माँ और डैड की सेक्स लाइफ सही नहीं चल रही या यु कहे की चल hi नहीं रही है.

निशा : नहीं है न उत्तर तेरे पास?

राहुल की नज़रे नीचे झुक जाती है.

निशा : इसलिए में तेरे पास आयी थी. में कई दिन से देख रही थी की तुझे काफी तकलीफ रहती है. तेरा लिंग अधिकतर खड़ा रहता है. मेने सोचा था में तेरी माँ हु, तेरी मदद करुँगी और तू भी बदले में अपनी इस माँ की मदद कर देगा. पर सब गलत था. में शायद ज़्यादा सोचने लगी. और सही भी तोह है, में गलत काम जो कर रही थी. अपनी ख्वाइश को तेरे ऊपर डालने के लिए माफ़ी चाहती हु मेरे बच्चे, चलती हु अब

निशा इतना बोल अपने दूध को वापस से निघ्त्य के अंदर करने लगती है की इतने में राहुल उसके हाथ पकड़ लेता है.

निशा : बेतु???

राहुल : माँ! I'm रियली सॉरी! मेने आपकी हरकत को गलत वे में ट्रीट किया. मुझे नहीं पता था की आपके और डैड के बीच ये सब चल रहा है और डैड आपके साथ वो सब नहीं कर रहे... I'm रियली सॉरी माँ!

निशा : इसमें तेरी कोई गलती नहीं है बेतु, गलती तोह मेरी है जो में अपनी ज़रुरत से ज़्यादा ख्वाइश रखने लगी

एक स्वार्थी महिला. में अपनी प्यास चाहती तो बाहर किसी से भी बुझवा लेती... पर में ऐसा करने की अपने सपने में भी कभी नहीं सोच सकती. क्युकी मुझे मेरे संस्कारो पे पूरा भरोसा है. सोचा था तू मेरा बीटा है, तेरे लिए तोह कुछ भी कर सकती हु, और तू भी मेरे लिए कुछ भी कर सकता है. और मेरी ज़रुरत को तू पूरा कर सकता है. पर में गलत थी.

राहुल (रट हुए) : माँ! आप प्लीज ऐसा मत कहिये. में आपके लिए कुछ भी कर सकता हु. एक आप hi तोह हो जो मेरी सबसे ज़्यादा परवाह करती हो. आप hi तोह हो एक जो मुझपर कभी निर्भर नहीं रहती. आप hi तोह हो एक जिनपर में निर्भर रहता हु हमेशा. आप hi तोह हो एक जिन्होंने कभी मुझपर हाथ नहीं उठाया. आपके लिए तोह में अपनी जान भी दे सकता हु माँ!!

निशा (राहुल के ासु पोछते हुए) : चल चल! अब जोरर से मत बोल, बाहर सब बैठे है. तेरी जान कोण मांग रहा है और? चल हट अब जाने दे.

राहुल : no माँ!! बताइये आप. में आपके लिए सब कुछ कर सकता हु. पर आप कभी मुझसे नाराज़ मत होना प्लीज

निशा : तू नहीं कर सकता जो में चाहती हु बेतु!

राहुल : क्या?

निशा : नहीं! चल अब मुझे जाने दे.

राहुल (रट हुए) : नहीं माँ! प्लीज बताइये आपको मेरी कसम!

निशा : .......

राहुल : बोलिये!!!

निशा (गहरी सास लेकर) : में तेरे साथ सेक्स करना चाहती हु! कर सकता है अपनी माँ के साथ सेक्स?

राहुल : .......

निशा : बोल न?

राहुल : .......

निशा : ी क्नोव! (मुस्कुराते हुए) चल अब चलती हु. गुड नाईट!!

राहुल (निशा का हाथ पकड़ते हुए) : वेट माँ!!

निशा : अब क्या है बेतु!

राहुल : I'm... I'm...

निशा : ?????

राहुल : I'm...

निशा : हम्म???

राहुल : I'm रेडी माँ!!!!

निशा : ?????

राहुल : में ... आपके साथ... S...sex के लिए re..ready हु

*साइलेंस*

निशा (एकदम से) : क्या तू सच कह रहा है?

राहुल (नज़रे फेरर के) : ज... जी माँ

निशा : इधर देख मेरी तरफ.

राहुल : हम्म्म

निशा : देख बेतु! में तेरे साथ ज़बरदस्ती नहीं करना चाहती. तू मेरा लाडला है. मुझे पता है तेरे दिमाग में अभी क्या क्या सवाल उत्पन्न हो रहे है. अभी तू यही सोच रहा है की ये सब सही है या नहीं बोल? है न?

राहुल : *नॉड्स*

निशा : हां तोह उसका जवाब ये है की में खुद अपनी मर्ज़ी से तुझसे ये कह रही हु इसलिए ये सही है. अब तू सोच रहा होगा की समाज में लोग क्या सोचेंगे है न? बोल!!

राहुल : *नॉड्स*

निशा : हां तोह उसका जवाब ये है की समाज को कोण बता रहा है की तू और में सम्भोग कर रहे है. ये बात तोह सिर्फ तेरे और मेरे बीच रहेगी. एक बेटे होने के नाते तू मेरी प्यास बुझाएगा और एक माँ होने के नाते में तेरी प्यास. समाज को थोड़ी कुछ पता चलेगा. ना hi किसी घरवालों को.

राहुल : .....

निशा : अब तू ये सोच रहा होगा की सम्भोग के बाद हमारे रिश्ते का क्या होगा? बोल है न?

राहुल : *नॉड्स*

निशा : तोह इसका जवाब ये है की हम सिर्फ अकेले में hi ऐसे रहेंगे बेतु. में तेरी माँ हु और तू मेरा बीटा ये कभी नहीं बदलेगा. तू तोह मेरा लाडला hi रहेगा. बस जब जब मुझे ये शरीर की प्यास लगेगी तब तू मेरे साथ सम्भोग कर लेना और जब जब तुझे प्यास लगेगी तब भी तू मेरे साथ कर लेना. पर उसके बाद सब कुछ नार्मल. वही माँ और वही बीटा. समझा?

राहुल : जी माँ... समझ गया.

*साइलेंस*

निशा : फिर??

राहुल : I'm रेडी माँ! I'm सॉरी मेने आपकी प्रॉब्लम को इग्नोर किया. में आपकी हर तरह से हेल्प करूँगा.

निशा (रट हुए) : तेरा ये एहसान में ज़िन्दगी भर नहीं भूलूंगी मेरे बच्चे.

चल अब नीचे लेत जा, अब मुझे अपना काम करने दे और तू बस एन्जॉय कर.

निशा हल्का धक्का दे राहुल को लिटा देती है और उसका लुंड वापस से लोअर से निकाल लेती है जो थोड़ा मुरझा गया था. वापस से एक झटके में निशा अपने मुँह में ले लेती.





राहुल : आआह्ह्ह्ह माँ!!

निशा लुंड चूसते हुए अपने निघ्त्य भी पूरी उतार देती है. पर ये क्या? निशा में तोह पंतय भी नहीं पहनी हुई थी. पूरी तैयारी के साथ आयी थी लगता.

अब निशा पूरी नंगी राहुल का लिंग चूसने में लगी हुई थी. राहुल तोह बेचारा आँखें बंद किये हुए लेता था और सामने के इस अनोखे दृश्य से अनजान था.

थोड़ी देरर की चूसै के बाद निशा ने मुँह से लुंड निकाला और राहुल के कपडे उतारने लगी. जैसे ही राहुल की आँख खुली उसके सामने एक खूबसूरत गदराया हुआ गोरा जिस्म था जिससे देख उसके लुंड ने एक झटका मार दिया.

राहुल : बोहत ख़ूबसूरत...

निशा : हम्म??

राहुल : माँ आप बोहत ख़ूबसूरत हो!

निशा : अच्छा बीटा? जब कपडे पहनी रहती हु तब तोह ये बात नहीं कहता तू कभी! आज नंगा देख लिया तोह ख़ूबसूरत लग रही हु?

राहुल शर्म के मारे अपनी नज़रे फेरर लेता है जिसके कारण निशा की एक बार फिर हस्सी निकल जाती है.

निशा : क्यूट!!! अब समझ आया वो वंशिका तुझे कुटी क्यों बुलाती है और तुझसे कुछ ज़्यादा hi प्यार क्यों करती है

राहुल : हँ??

निशा : नई कुछ नहीं...

अब दोनों के दोनों वस्त्रहीन हो चुके थे

निशा ने भी प्यार से अपने गुप्तांग को उंगलियों से खोलते हुए राहुल को दिखाया और उससे इशारा किया. उसके गाल सुर्ख लाल थे.

राहुल ने झुक के निशा की छूट को सीधे अपने मुँह में भर लिया. इस हमले से निशा एकदम चौंक गयी. क्युकी आजतक राजेश ने कभी उसकी छूट नहीं छाती थी. बस हमेशा अपना लुंड hi चुसवाते थे और थूक लगा के पेल देते थे.





पर आज पहली बार किसी ने वह पे मुँह लगाया था. झटका तोह लग्न hi था.

"हैइए ssssssssssssssssssss"

निशा बुरी तरह चीखने hi वाली थी पर उसने टाइम पे कण्ट्रोल कर लिया और राहुल के बाल पकड़ लिए.

"बेतु क्या कर रहा है ये? Ssssssssss"

"अपनी माँ से प्यार! आप hi ने तोह कहा था न?"

"अरे वह कोण मुँह लगता है बीटा? गन्दी जगह है sssssssssss"

"तोह आपने भी तोह मेरा मुँह में लिया था न? वो गन्दा नहीं था? उम्मम्मम्म"

"आआह्ह्ह्हहससससससससस वो तोह तेरे डैड कहते है इसलिए मुझे आदत है"

"पर में तोह ऐसे hi करता हु माँ"

"ऐसा hi करता हु मतलब? ये तेरा पहली बार नहीं है?" निशा ने फौरन राहुल को रोकते हुए पूछा. उसकी आँखें अभी कुछ बड़ी बड़ी थी.

राहुल की गांड hi फट गयी. ू तेरी! ये क्या कह दिया!

"माँ!! वो... वो... यस! ये मेरा फर्स्ट टाइम नहीं है. आपको सब कुछ बाद में बताऊंगा. अभी आप लेटिए"

राहुल ने दुबारा छूट कक जोरर से चूसना स्टार्ट कर दिया

"आआह्हःस्स्सस्स!! ये मत सोचना की में आआह्ह्हहस्सस्स भूल... भूल जाउंगी... Sssssssssss" निशा ने कहा.

कुछ hi पालो में निशा भी जहर गयी और अब बारी थी असली काम करने की. राहुल ने फौरन लुंड को छूट पे घिसा पहले.

"ज़्यादा सोच मत बेतु. तू कुछ गलत नहीं कर रहा. बस दाल दे अब" निशा बोली

और राहुल ने फौरन एक झटका जोरर से दे मारा और झटका मारने के तुरंत बाद hi उसने निशा के होंठो को अपने होंठो में भर लिया.





"Uummmmpphhhhhhhhhh" निशा की हलकी चीख राहुल के मुँह में hi डब्ब गयी.

निशा की छूट वाक़ई खुली हुई थी. पर राहुल का लुंड पूरा का पूरा अंदर जा चूका था, शायद निशा की छूट राहुल के 3/4तह लुंड तक की hi थी. पर राहुल ने फोरस्फुल्ली धक्के के साथ उतना रास्ता भी चीयर दिया. इसकिये निशा की चींख निकल गयी. लुंड बच्चेदानी तक जा पहुचा था.





धीरे धीरे राहुल ने धक्के लगाना शुरू किया और निशा की मुँह में उसकी निघ्त्य ठूस दी ताकि आवाज़ न आए.





"उम्मम्मम ह्म्म्मम्म ुम्फःह्ह्ह" की हलकी हलकी आवाज़ कमरे में आने लगी.

थोड़ी देरर बाद राहुल ने ताबड़तोड़ धक्के लगाना शुरू कर दिए और उसकी भी सिसकिया निकालनी लगी पर वो कण्ट्रोल किया था की आवाज़ बाहर न जा पाए.

निशा बेचारी की तोह आँखें पलटने लगी थी. मस्ती में वो होश खो रही थी. कितने महीनो बाद आज उससे असली लुंड मिला था. ख़ुशी के मारे पागल हो गयी थी वह और सब कुछ भुला देना चाहती थी.

*फट फैट* की धक्को की आवाज़ से दोनों माँ बेटो को और भी ज़्यादा जोश चढ़ रहा था.

अभी सब कुछ ठीक चल रहा था की इतने में *खत खत* दरवाज़े खत खटाने की आवाज़ आ गयी बाहर से.

किसी ने राहुल के दरवाज़े पर दस्तक दे दी थी.

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आज के लिए इतना hi गाइस!!

शुक्रिया!!
 
ः don't वोर्री बीआरओ

सेक्स तोह में एक hi अपडेट में पूरा दिखा दू

पर बीच में कंवर्सशन्स रहते है जिनमे 2 से 3 अपडेट तक खींच जाता है सेक्स. अगले अपडेट में सेक्स भी ख़तम हो जाएगा, ये भी पता चल जाएगा बहार कोण है, और कहानी का नया अर्च चालू हो जाएगा!
 
नहीं बीआरओ

मेरे कहने का मतलब था अभी जो सेक्स सन चल रहा ह वो अगले अपडेट में ख़तम हो जाएगा, ऐसा नहीं ह की अब निशा और राहुल के बीच कोई सेक्स नहीं होगा. अब तोह रिश्ता बन्न चूका है, तोह अब कभी भी दोनों के बीच सेक्स हो सकता है
 
बीआरओ 3,4 अपडेट आपने ज़्यादा नहीं कह दिया?

जहा तक मुझे याद है, सिर्फ दो उपदटेस hi हुए है निशा और राहुल के बीच के सारे इंसिडेंट में, और तोह और सेक्स से ज़्यादा तोह कन्वर्सेशन था.
 
बीआरओ! एक्चुअली होता क्या है, हर चीज़ के मोमेंट्स होते है. जैसे कहानी का प्लाट चल रहा है, तब कोई सेक्स सन नहीं आता, और जब सेक्स सन आता है तब प्लाट थम जाता है. रीडर्स कहते है की उन्हें सेक्स नहीं देखने को मिल रहा, कुछ रीडर्स कहते है प्लाट आगे नहीं बढ़ रहा. होता सब है, पर एकसाथ नहीं. ऐसा नहीं है की निशा ने सेक्स करने कहा और राहुल ने हां कह दिया और एक अपडेट में सेक्स भी हो गया. जी नहीं ऐसा नहीं होता. फंतासी में भलाई होता हो पर लोगिकालय कभी नहीं होता. इसलिए 2 उपदटेस में आपको सेक्स के साथ कन्वर्सेशन दिखाया गया की दोनों के बीच ये रिश्ते ने कैसे जन्म लिया!!!
 
बीआरओ बिलकुल बुरा नहीं लगा

अच्छा लगा की आपने होनेस्त्ली कहा.

में बस ये चाहता रीडर्स गलत न समझे.

पापा और नेहा का सेक्स नहीं होगा कभी भी.

कहानी हीरो के ऊपर है, उसी के इर्द गिर्द घूमेगी. हीरो की जगह कोई और नहीं ले सकता.

कई बार जवाब न मिलने पर हम अपनी िमागिनाशंस के अकॉर्डिंग कहानी के फ्यूचर को जज करने लगते है जो की लाज़मी है.

पर आप निश्चिन्त रहिये! कहानी में आपको ऐसा कुछ भी देखने को नहीं मिलेगा जिस से आपका मैं निराश हो. ( ꈍᴗꈍ)
 
आपने इन्सेस्ट के बारे में जो कहा वो एकदम सही है मित्र! में एक बात और बताना चाहता हु सभी को कहानी इन्सेस्ट के साथ साथ "हरम" भी है. हरम मतलब जब एक से ज़्यादा लड़की हीरो की तरफ अत्त्रक्ट होती है, या शारीरिक सम्बन्ध बनती है और उसी की हो जाती है, उससे हरम कहते है. रही बात कमैंट्स की, तोह आप सभी लोगो ने इतना प्यार दिया है कहानी को जो में बता नहीं सकता. मेरे थ्रेड पर आज तक एक भी ऐसा कमेंट नहीं आया जिस से मुझे नाराज़गी महसूस हुई हो. रही बात फ्यूचर की, यदि कोई हेट कमेंट बी चांस आता भी है, तोह भी में बुरा नहीं मानूंगा, ये कहानी कम्पलीट हो के hi रहेगी. इसलिए सभी निश्चिन्त रहिये!! थैंक्स फॉर सपोर्टिंग में!! ( ꈍᴗꈍ)
 
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