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ऐसे hi थोड़ी देर बाद माय अब धीरे से मुस्कान को पलटा देता हु तभी मुस्कान, मंम्ह नही चुररर ररोरू मुझी.. अब पलटने की वजा से मुस्कान की पीछे खुली बैक मेरे सामने थी और मेरे मन से लार टपकने लगती है मुस्कान की एकदम गोरी बिना दाग के पीठ देखकर मुस्कान ने एक ब्लैक कलर की ब्रा पहनी हुई थी, इधर माय एक बार पीछे से मुस्कान के पुरे जिस्म को ताड़ता हु उसके सर से लेकर निचे उसकी पीठ से होते हुवे उसकी उभरी हुई गांड तक गांड पर नज़र जाते hi मेरा मन कर रहा था बस उसकी कुर्ती और ब्रा पंतय फाड़कर सीधा अपना मुसार घुसा दू मुस्कान की गांड में लेकिन माय खुद पर काबू रखता हु और मैं झुक कर फिरसे मुस्कान की गर्दन पर चूमने लगता हु जिससे मुस्कान.. आअह्ह्णन्सस नयी..
ये कह क वो अपने हांथो स मेरे फेस को छेड़ने लगी तो मैं अपने दोनों हाथों में उसके दोनों हाथ बीएड से चिपका कर पकड़ लेता हु हालाँकि अब तक 2 मिनट से ज्यादा हो चुके थे जिसका दोनों को ख्याल नहीं था मुस्कान ने तो फिर भी रज़ामंदी नहीं दी थी मुझे इधर माय उसके सुराही दर गर्दन को चूमते हुवे निचे अत हु मुस्कान की गोरी बैक चूमने लगता हु मुस्कान, आहहहसससससस अम्मम्मीय चोरर दू मुझीऐ उफ्फ्फ्फफ्फ्फ्फ़ ओह्ह्ह्ह गॉडडडड, मैं, शांत रहो बस 2 मिनट की बात ह ये बोल के उसकी गोरी बैक चूमते हुवे मुस्कान की ब्रा तक पहुंच जाता हु और अपने डेंटन से hi उसका हुक निकल देता हु जिसकी वजह से उसकी ब्रा का हुक लूसे होते hi अपने हाथ चुराने लगती है लेकिन माय उसकी हांथो को नहीं चोरता जिससे..
Muskan...mmmhh नयी ये तुमममम... इधर ब्रा के हुक अलग होजाते हैं और माय वही चूमते हुवे थोड़ा और निचे अत हु जिसकी वजह से मुस्कान अब मदहोश होचुकी थी उसकी लगातार सिसकारियां निकल रही थी वो भूल चुकी थी के वो एक शादी शुदा औरत है उसके साथ ये सब एक मजबूर किया जा रहा है, वहीँ मैं मुस्कान को अपने काबू में करने की पूरी कोशिश कर रहा था क्यूंकि मुझे पता था की मुस्कान जैसी शरीफ शादी शुदा जवान औरत ऊपर से वो बहुत आमिर भी थी अगर मेरे हाथ आगयी तो मेरे सिर्फ मज़े hi मज़े हैं और होसकता है माय मुस्कान के जरिये अपना बहुत काम करवा सकता हु क्यूंकि उसका शोहर इस बड़े हॉस्पिटल का आधा शेयर रखता है जैसा मुस्कान ने कुछ देर..
पहले बताई थी तभी से मेरा दिमाग मुस्कान को अपने काबू में करने के लिए इतना कुछ कर रहा हु वैसे मुझे लड़की या फिर औरतों की कमी नहीं लेकिन मुस्कान खूबसूरत होने के साथ साथ वो एक आमिर घराने के भी थी जैसा इसके पहनावे से मुझे फील हो रहा था तभी तो वो मुझे इतना भाव नहीं दे रही जब की माय एक विधायक हु लेकिन उसे सायद नहीं पता था, इधर मैं अब पीछे से मुस्कान की ड्रेस ऊपर करके उसे पीठ तक ले लेता हु जिससे अब मुस्कान की गोरी पीठ और कमर मेरे सामने थी बिना देरी किये माय अपना मन वहां रख कर चूमने लगता हु जिससे मुस्कान, ममम आह्ह्ह्हह्ह ननहहह, मैं अपने हाथों में मुस्कान के छोटे गोर एक दम कोमल हाथों की हरकत महसूस कर सकता था और इधर..
मेरे हर प्रहार से मुस्कान तड़पे जा रही थी और अपने हाथों को हिलाते हुए छूटने की कोशिश कर रही थी इधर मुस्कान के कमर पर ए पसीने को मैं चूमते हुए कहते जा रहा था अगर कोई हम दोनों को देख ले अभी तो वो यही सोचेगा की एक गोरी लड़की के ऊपर एक सवाल लड़का कैसे उस लड़की को पता लिया ये देख जल भून जाते वही इतनी गोरी माल पहले कभी नहीं मिली थी उसकी पीठ पे टिल के एक नीसाण भी नहीं थे एक दम बेदाग उसके गोरी पीठ देख के मेरा मुसल लुंड बरमूडा के अंदर बगावत पे उतर सा आया था वो कह रहा था मुझे इस जेल से आज़ाद करो वही मैं उसकी गर्दन को छत्ते हुए पीठ तक अत तो कभी पीठ से लेकर सुराही दर गर्दन तक अपनी बड़ी जुबान फिरता वही मुस्कान का बुरा हाल हो चूका था मेरे इस हमले से.!
ये कह क वो अपने हांथो स मेरे फेस को छेड़ने लगी तो मैं अपने दोनों हाथों में उसके दोनों हाथ बीएड से चिपका कर पकड़ लेता हु हालाँकि अब तक 2 मिनट से ज्यादा हो चुके थे जिसका दोनों को ख्याल नहीं था मुस्कान ने तो फिर भी रज़ामंदी नहीं दी थी मुझे इधर माय उसके सुराही दर गर्दन को चूमते हुवे निचे अत हु मुस्कान की गोरी बैक चूमने लगता हु मुस्कान, आहहहसससससस अम्मम्मीय चोरर दू मुझीऐ उफ्फ्फ्फफ्फ्फ्फ़ ओह्ह्ह्ह गॉडडडड, मैं, शांत रहो बस 2 मिनट की बात ह ये बोल के उसकी गोरी बैक चूमते हुवे मुस्कान की ब्रा तक पहुंच जाता हु और अपने डेंटन से hi उसका हुक निकल देता हु जिसकी वजह से उसकी ब्रा का हुक लूसे होते hi अपने हाथ चुराने लगती है लेकिन माय उसकी हांथो को नहीं चोरता जिससे..
Muskan...mmmhh नयी ये तुमममम... इधर ब्रा के हुक अलग होजाते हैं और माय वही चूमते हुवे थोड़ा और निचे अत हु जिसकी वजह से मुस्कान अब मदहोश होचुकी थी उसकी लगातार सिसकारियां निकल रही थी वो भूल चुकी थी के वो एक शादी शुदा औरत है उसके साथ ये सब एक मजबूर किया जा रहा है, वहीँ मैं मुस्कान को अपने काबू में करने की पूरी कोशिश कर रहा था क्यूंकि मुझे पता था की मुस्कान जैसी शरीफ शादी शुदा जवान औरत ऊपर से वो बहुत आमिर भी थी अगर मेरे हाथ आगयी तो मेरे सिर्फ मज़े hi मज़े हैं और होसकता है माय मुस्कान के जरिये अपना बहुत काम करवा सकता हु क्यूंकि उसका शोहर इस बड़े हॉस्पिटल का आधा शेयर रखता है जैसा मुस्कान ने कुछ देर..
पहले बताई थी तभी से मेरा दिमाग मुस्कान को अपने काबू में करने के लिए इतना कुछ कर रहा हु वैसे मुझे लड़की या फिर औरतों की कमी नहीं लेकिन मुस्कान खूबसूरत होने के साथ साथ वो एक आमिर घराने के भी थी जैसा इसके पहनावे से मुझे फील हो रहा था तभी तो वो मुझे इतना भाव नहीं दे रही जब की माय एक विधायक हु लेकिन उसे सायद नहीं पता था, इधर मैं अब पीछे से मुस्कान की ड्रेस ऊपर करके उसे पीठ तक ले लेता हु जिससे अब मुस्कान की गोरी पीठ और कमर मेरे सामने थी बिना देरी किये माय अपना मन वहां रख कर चूमने लगता हु जिससे मुस्कान, ममम आह्ह्ह्हह्ह ननहहह, मैं अपने हाथों में मुस्कान के छोटे गोर एक दम कोमल हाथों की हरकत महसूस कर सकता था और इधर..
मेरे हर प्रहार से मुस्कान तड़पे जा रही थी और अपने हाथों को हिलाते हुए छूटने की कोशिश कर रही थी इधर मुस्कान के कमर पर ए पसीने को मैं चूमते हुए कहते जा रहा था अगर कोई हम दोनों को देख ले अभी तो वो यही सोचेगा की एक गोरी लड़की के ऊपर एक सवाल लड़का कैसे उस लड़की को पता लिया ये देख जल भून जाते वही इतनी गोरी माल पहले कभी नहीं मिली थी उसकी पीठ पे टिल के एक नीसाण भी नहीं थे एक दम बेदाग उसके गोरी पीठ देख के मेरा मुसल लुंड बरमूडा के अंदर बगावत पे उतर सा आया था वो कह रहा था मुझे इस जेल से आज़ाद करो वही मैं उसकी गर्दन को छत्ते हुए पीठ तक अत तो कभी पीठ से लेकर सुराही दर गर्दन तक अपनी बड़ी जुबान फिरता वही मुस्कान का बुरा हाल हो चूका था मेरे इस हमले से.!