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कर दूंगा तो वो अपना मोबाइल no. मुझे बताई और माय मोबाइल में सेव क्र दिया?, की तभी केबिन में मुस्कान और करीम एंटर हुए और मेरे बगल में महिमा के बीएड के पास जेक बोले बेटी आज तुम्हारा लीव हो रहा है तो ये सुन के महिमा खुस हो गई तभी मुस्कान की मेरे ऊपर नज़र पड़ी तो मैं अफसाना से है है के बात कर रहा था वो देख के मुस्कान अपने मान में ("कुत्ता कमीना दोनों कैसे है है के बात कर रहे है ये समीर भी न पक्का उसे पता रहा होगा और वो कुटिया कैसे है है कर मूसा का जवाब दे रही है तभी वो खुद से ये देख के मैं क्यों जल रही हु वो जो करना है करे मुझे क्या लेकिन समीर को देख के मेरी विगैन क्यों गीली होने लगती है") तभी करीम बेटी ये मेडिसिन लिख के इसे लीव दे दो ये कह के वो मेरे बीएड के पास..
ए और मेरी तरफ देख और बीटा अब कैसे हो तभी बिच में अफसाना बोली सर आज इनको लीव दे रही हु ये एक दम ठीक हो चुके है?, फिर करीम, मेरे पेपर देख के तुम तो विधायक हो बीटा इतनी काम उम्र में राजनीती में कैसे आ गए?, मैं, डॉक्टर साहेब ये बहुत लुम्बी कहानी है पीर कभी मुलाकात होगी तब बता दूंगा ये सुन के डॉक्टर स्माइल कर दिए तो मैं, वैसे कम साहेब आपके हॉस्पिटल की बहुत तारीफ करते है ये सुन के करीम, तो तुम कम साहेब को भी जानते हो मैं, है सर वो क्या है न मैं उनका बहुत करीब हु अगर उन्हें पता होता की मैं यहाँ एडमिट हु तो अब तक मुझे देखने आ गए होते लेकिन मैंने उन्हें बताया hi नहीं क्युकी वो परेशां हो जाते करीम, मुस्कान बेटी इनके लीव की पेपर तैयार कर दो ये सुन के मुस्कान जल्दी से मेरे बीएड के पास ै..
तभी अफसाना, सर माय पहले hi बना दी हु ये सुन के करीम, ok पीर आपकी आज से लीव है उधर करीम के बगल में कड़ी मुस्कान मेरी तरफ घर के देख रही थी, और मैं सब की नज़र बचा के उसे आंख मर दिया तो इधर उधर देखने लगी की कही कोई देखा तो नहीं पीर वो करीम अफसाना से कुछ बात करने लगे महिमा के बीएड के पास तो मैं, मुस्कान से धीरे से आज की चुदाई देय रहेगी और अपना मोबाइल no. दो?, मुस्कान, गुस्सा दिखते हुए कल जो हुआ वो अब भूल जाओ की फिर कभी होगा और मेरा no. क्यों चाहिए तुम्हे?, मैं, जब मेरा रूम खली होगा तो तुम्हे बुलाऊंगा न वैसे मेरा घर मला कॉलोनी में है क्वार्टर no. 12,... मुस्कान, गुस्सा दिखते हुए माय नहीं आने वाली समझे और तुम इतनी जल्दी कैसे ठीक हो गए है आज तो रुकना था न तुम्हे और..
इतनी जल्दी क्यों है जाने की यहाँ से अभी तुम पाइजन से अच्छे स उभरी नहीं पाए हो?, मैं, वैसे पाइजन तो कल रात hi मेरा निकल गया आपके छूट के अंदर और मेरी पावर भी लौट ै कल रात मेरा स्टेपन तो देख hi लिया होगा की अब आप hi बताओ मुझे कोई कमजोरी लगी मेरे में क्या?, ये सुन के मुस्कान बस मुझे घर रही थी और मान में (कितना बेशर्म है कैसे ऐसे गन्दी बाटे बोल सकता है चींईईई), उसको कुछ बोलता न देख के मैं फिर से उसकी तरफ देख के मतलब आज छुड़वाने का मूड था तुम्हारा तभी यहाँ रुकने को बोल रही हो आज क्यों है न?, इस बार मुस्कान, थोड़ा गुस्सा से तुम नहीं सुधरोगे न मैं तो तुम्हारी भलाई के लिए बोल रही थी यहाँ रुकने के लिए?, तो मैं, देखो मैडम मुझे हॉस्पिटल में और बीमार नहीं होना?, मुस्कान स्माइल..
करते हुए ाचा तुम हॉस्पिटल में और बीमार हो गए क्या तभी मैं, ये सब छोड़ो यार अपना no. दो न या तुम बस ेरे से बात करके ताल रही हो की तुम्हे मुझे अपना no. न देना पड़े क्यों है न?, मुस्कान, भी मुस्कुराते हुए अपने पेपर पे कुछ लिखी और सब की नज़र बचा के मेरी तरफ फेक दी और मैं उस छोटे से चित को खोल के देखा तो उसपे no. लिखा हुआ था और मैं उसे देख के खुस हुआ और अपने मोबाइल में no. दिल करके कॉल किया तो मुस्कान समझ गई की ये मेरा no. है पीर वो सेव करने लगी और मैं भी सेव करके एक मस्सगे किया आज रात खली हो तो वो अपने मोबाइल पे मैसेज पढ़ के लिखी नहीं?, फिर मैं मैसेज टाइप करते हुए आज तुमसे मिल के जाना है कहा मिल सकते है?, मुस्कान, मेरा जवाब देते हुए मुझे नहीं मिलना समझे?,
ए और मेरी तरफ देख और बीटा अब कैसे हो तभी बिच में अफसाना बोली सर आज इनको लीव दे रही हु ये एक दम ठीक हो चुके है?, फिर करीम, मेरे पेपर देख के तुम तो विधायक हो बीटा इतनी काम उम्र में राजनीती में कैसे आ गए?, मैं, डॉक्टर साहेब ये बहुत लुम्बी कहानी है पीर कभी मुलाकात होगी तब बता दूंगा ये सुन के डॉक्टर स्माइल कर दिए तो मैं, वैसे कम साहेब आपके हॉस्पिटल की बहुत तारीफ करते है ये सुन के करीम, तो तुम कम साहेब को भी जानते हो मैं, है सर वो क्या है न मैं उनका बहुत करीब हु अगर उन्हें पता होता की मैं यहाँ एडमिट हु तो अब तक मुझे देखने आ गए होते लेकिन मैंने उन्हें बताया hi नहीं क्युकी वो परेशां हो जाते करीम, मुस्कान बेटी इनके लीव की पेपर तैयार कर दो ये सुन के मुस्कान जल्दी से मेरे बीएड के पास ै..
तभी अफसाना, सर माय पहले hi बना दी हु ये सुन के करीम, ok पीर आपकी आज से लीव है उधर करीम के बगल में कड़ी मुस्कान मेरी तरफ घर के देख रही थी, और मैं सब की नज़र बचा के उसे आंख मर दिया तो इधर उधर देखने लगी की कही कोई देखा तो नहीं पीर वो करीम अफसाना से कुछ बात करने लगे महिमा के बीएड के पास तो मैं, मुस्कान से धीरे से आज की चुदाई देय रहेगी और अपना मोबाइल no. दो?, मुस्कान, गुस्सा दिखते हुए कल जो हुआ वो अब भूल जाओ की फिर कभी होगा और मेरा no. क्यों चाहिए तुम्हे?, मैं, जब मेरा रूम खली होगा तो तुम्हे बुलाऊंगा न वैसे मेरा घर मला कॉलोनी में है क्वार्टर no. 12,... मुस्कान, गुस्सा दिखते हुए माय नहीं आने वाली समझे और तुम इतनी जल्दी कैसे ठीक हो गए है आज तो रुकना था न तुम्हे और..
इतनी जल्दी क्यों है जाने की यहाँ से अभी तुम पाइजन से अच्छे स उभरी नहीं पाए हो?, मैं, वैसे पाइजन तो कल रात hi मेरा निकल गया आपके छूट के अंदर और मेरी पावर भी लौट ै कल रात मेरा स्टेपन तो देख hi लिया होगा की अब आप hi बताओ मुझे कोई कमजोरी लगी मेरे में क्या?, ये सुन के मुस्कान बस मुझे घर रही थी और मान में (कितना बेशर्म है कैसे ऐसे गन्दी बाटे बोल सकता है चींईईई), उसको कुछ बोलता न देख के मैं फिर से उसकी तरफ देख के मतलब आज छुड़वाने का मूड था तुम्हारा तभी यहाँ रुकने को बोल रही हो आज क्यों है न?, इस बार मुस्कान, थोड़ा गुस्सा से तुम नहीं सुधरोगे न मैं तो तुम्हारी भलाई के लिए बोल रही थी यहाँ रुकने के लिए?, तो मैं, देखो मैडम मुझे हॉस्पिटल में और बीमार नहीं होना?, मुस्कान स्माइल..
करते हुए ाचा तुम हॉस्पिटल में और बीमार हो गए क्या तभी मैं, ये सब छोड़ो यार अपना no. दो न या तुम बस ेरे से बात करके ताल रही हो की तुम्हे मुझे अपना no. न देना पड़े क्यों है न?, मुस्कान, भी मुस्कुराते हुए अपने पेपर पे कुछ लिखी और सब की नज़र बचा के मेरी तरफ फेक दी और मैं उस छोटे से चित को खोल के देखा तो उसपे no. लिखा हुआ था और मैं उसे देख के खुस हुआ और अपने मोबाइल में no. दिल करके कॉल किया तो मुस्कान समझ गई की ये मेरा no. है पीर वो सेव करने लगी और मैं भी सेव करके एक मस्सगे किया आज रात खली हो तो वो अपने मोबाइल पे मैसेज पढ़ के लिखी नहीं?, फिर मैं मैसेज टाइप करते हुए आज तुमसे मिल के जाना है कहा मिल सकते है?, मुस्कान, मेरा जवाब देते हुए मुझे नहीं मिलना समझे?,