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- Dec 5, 2013
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शालू के रूम में गया तो देखा शालू लहंगा चुनरी पहन के रेडी बैठी हुई थी और साडी लड़किया उसे घेरि हुई थी मुझे देख के शालू शर्मा रही थी तभी माय शालू के पास गया और उसे काजल का एक कला टिका लगाया और बोलै मेरी प्रिंसेस को किसी की नज़र न लगे आज बहुत प्यारी लगा रही हो मेरी जान उसके मानते पे एक किश किया शालू शरमाते हुए धीरे से ी लव यू समीर ये सुन के मेरी आँखों में आंसू आ गए और शालू मेरे आंसू देख के क्या हुआ चाचू आप रो क्यों रहे है माय उसकी होंठो को चूसने लगा और उसकी चुकी दबाने लगा और शालू भी मेरे साइन से लग के मेरे किश का
जवाब किश से देने लगी और माय अपने हांथो को उसकी लहंगे के ऊपर से बड़ी बड़ी गांड पे रख के मसलने लगा और शालू को दर्द हुआ क्युकी आज दिन में उसकी छूट बहुत hi बुरी तरह से छोड़ा था जिसकी वजह से उसकी कमर और पेट दर्द था उसे दर्द होने से मेरा सपना टुटा और माय शालू को किश करना छोड़ के एक बार उसे देखा तो उसके डार्क लिपस्टिक पूरी तरह से फ़ैल गई थी और उसका मेकउप बिगड़ गया था और उसका फेस पूरी तरह से लाल हो चूका था सायद वो गरम हो चुकी थी और मुझे खा जाने वाली नज़रों से देख रही थी माय उसे इसारे से सॉरी कहा और पलटा तो देखा मेरे खंडन की...
लड़कियों के सामने hi हम दोनों लैला मजनू की तरह प्यार कर रहे थे और पीर माय वह से चला गया निचे मेरे जाते hi खंडन की लड़किया शालू को छेड़ते हुए शालू खास तेरे पति समीर होते तो कितना अच्छा होता तुम दोनों की जोड़ी बहुत अच्छी लगती है एक दम लैला मजनू वाली शालू शर्माने लगी तभी ज़रा आ जाती है और सब को चुप करते हुए ऐसी बात आज के रात मत करो नहीं तो कोई सुन लेगा तो क्या सोचेगा जिससे शादी हो रही है उसकी बहने भी इस घर में ै है उनको कैसा लगेगा इस लिए ये बात मत बोलो बाकि कोई भी मस्ती करो वो सब चलेगा समझी मेरी प्रिंसेस,
इधर माय निचे आया तो देखा भैया खड़े थे मेरे पहुंचते hi भैया समीर बारात पहुंच चुकी है ग्राम पंचायत में जेक देखो कोई वह पानी वगैरा की वेवास्ता ठीक है की नहीं वैसे मझला गया हुआ है देखने तुम भी चले जाओ पीर माय कार में बैठ के सीधा ग्राम पंचायत में गया जहा सोने और नास्ते की वेवास्ता की हुई थी देखा तो बाराती काम hi ए हुए थे लेडीज और जेंट्स सब मिला 40 से 50 लोग hi दिख रहे थे पीर माय शालू के ससुर से दुआ सलाम किया पीर लेडीज की तरफ गया तो देखा साफा और सिफॅ दोनों एक साथ बैठी हुई नास्ता कोल्डड्रिंक पि रही थी मुझे देखते hi दोनों खुस हो जाती है,
इधर माय जो कैटरिंग वाली थी उससे बोलै किसी को नास्ते घाटे न पीर वो है बोल के चली गई इधर माय सिफॅ के थोड़ा करीब गया और सब की नज़र बचा के उसके बगल में बैठ गया और बात करते हुए तुम लोग इतना लेट कैसे हो गए कब से इंतजार कर रहा था तुम्हारा सिफॅ शरमाते हुए वो बस ट्रैफिक में फास गई थी नहीं तो हम 1 घंटे पहले hi आ गए होते उसके बगल में उसकी छोटी बहन बैठी थी साफा खान और उसके बगल में सरीफ की छोटी साली सबा खान बैठी थी मुझे देख के तीनो मुस्कुरा रही थी माय सरीफ की साली सबा से मुझे पहचान रही हो की नहीं सायद नहीं पहचानते होंगे आप स माय शादी म मिल hi नई पाया,
सबा, मुझे देखते हुए क्यों नहीं पहचानोगी आप मेरे जीजू के चाचू है और शादी में आप की नज़र कही और hi थी तो आप मुझे कैसे मुझे पहचान गए ये सवाल तो मुझे आपसे करना चाहिए की आप मुझे पहचाने की नहीं
मैं, मुस्कुराते हुए भले hi मेरी नज़र कही भी हो लेकिन खूबसूरत लड़कियों की मेरी नज़र हमेशा ढूंढ hi लेती है और माय शादी में आपको देखा भी था और पता भी लगा लिया की आप सरीफ की साली साहिबा हो ये बोल के माय मुस्कुराते हुए वह से उठ के जेंट्स लोगो के तरफ चला गया इधर मेरे जाने के बाद आमिर और सरीफ की साली आपस में बात करते हुए...
सबा, खुद की तारीफ सुन के गड गड हो गई और सिफॅ से तू कुछ ज्यादा hi समीर जी से चिपक नहीं रही है क्या उनसे दूर रहा कर समझी,
सिफॅ, तो क्या हुआ मेरे से दो तीन साल hi तो बड़े ह वैसे भी माय उन्हें दोस्त की नज़र से देखती हु,
सबा, अंदर hi अंदर गुस्सा होते हुए मान में ("साली कामिनी मुझे उल्टा जवाब दे रही है चल घर तो तेरी खबर लेती हु और समीर पे सिर्फ मेरा अधिकार है तू कैसे उनसे नैन मटक्का कर सकती है ये माय होने नहीं दूंगी बजी के शादी में मुझे कोई मौका नहीं मिला था लेकिन यहाँ जरूर तरय करुँगी उन्हें अपना बनाने के लिए और जब मेरे hi जायँगे तब देखती हु तू कैसे उनसे नैन मटक्का करती है")
सबा भी अपने बड़ी बहन की तरह अकड़ू किस्म की लड़की थी उसे पैसो और अपनी खूबसूरती पे कुछ ज्यादा hi घमंड था उसे लगता था की पैसो और अपनी खूबसूरती के बाल पे वो किसी को भी अपनी इसरो पे घुमा सकती थी लेकिन माय उसकी न खूबसूरती पे गिरा था और न hi उसकी पैसो पे और वो अपने सामने किसी को कुछ नहीं समझती थी अब उसकी नज़र (टारगेट) मुझपे थी तभी साफा ने धीरे से सिफॅ को बजी सबा से पंगे मत लो वर्ण वो अपने अब्बू से बता देगी और उसके अब्बू हमारी अम्मी को डाटेंगे सिफॅ इसारे से ठीक है,
जवाब किश से देने लगी और माय अपने हांथो को उसकी लहंगे के ऊपर से बड़ी बड़ी गांड पे रख के मसलने लगा और शालू को दर्द हुआ क्युकी आज दिन में उसकी छूट बहुत hi बुरी तरह से छोड़ा था जिसकी वजह से उसकी कमर और पेट दर्द था उसे दर्द होने से मेरा सपना टुटा और माय शालू को किश करना छोड़ के एक बार उसे देखा तो उसके डार्क लिपस्टिक पूरी तरह से फ़ैल गई थी और उसका मेकउप बिगड़ गया था और उसका फेस पूरी तरह से लाल हो चूका था सायद वो गरम हो चुकी थी और मुझे खा जाने वाली नज़रों से देख रही थी माय उसे इसारे से सॉरी कहा और पलटा तो देखा मेरे खंडन की...
लड़कियों के सामने hi हम दोनों लैला मजनू की तरह प्यार कर रहे थे और पीर माय वह से चला गया निचे मेरे जाते hi खंडन की लड़किया शालू को छेड़ते हुए शालू खास तेरे पति समीर होते तो कितना अच्छा होता तुम दोनों की जोड़ी बहुत अच्छी लगती है एक दम लैला मजनू वाली शालू शर्माने लगी तभी ज़रा आ जाती है और सब को चुप करते हुए ऐसी बात आज के रात मत करो नहीं तो कोई सुन लेगा तो क्या सोचेगा जिससे शादी हो रही है उसकी बहने भी इस घर में ै है उनको कैसा लगेगा इस लिए ये बात मत बोलो बाकि कोई भी मस्ती करो वो सब चलेगा समझी मेरी प्रिंसेस,
इधर माय निचे आया तो देखा भैया खड़े थे मेरे पहुंचते hi भैया समीर बारात पहुंच चुकी है ग्राम पंचायत में जेक देखो कोई वह पानी वगैरा की वेवास्ता ठीक है की नहीं वैसे मझला गया हुआ है देखने तुम भी चले जाओ पीर माय कार में बैठ के सीधा ग्राम पंचायत में गया जहा सोने और नास्ते की वेवास्ता की हुई थी देखा तो बाराती काम hi ए हुए थे लेडीज और जेंट्स सब मिला 40 से 50 लोग hi दिख रहे थे पीर माय शालू के ससुर से दुआ सलाम किया पीर लेडीज की तरफ गया तो देखा साफा और सिफॅ दोनों एक साथ बैठी हुई नास्ता कोल्डड्रिंक पि रही थी मुझे देखते hi दोनों खुस हो जाती है,
इधर माय जो कैटरिंग वाली थी उससे बोलै किसी को नास्ते घाटे न पीर वो है बोल के चली गई इधर माय सिफॅ के थोड़ा करीब गया और सब की नज़र बचा के उसके बगल में बैठ गया और बात करते हुए तुम लोग इतना लेट कैसे हो गए कब से इंतजार कर रहा था तुम्हारा सिफॅ शरमाते हुए वो बस ट्रैफिक में फास गई थी नहीं तो हम 1 घंटे पहले hi आ गए होते उसके बगल में उसकी छोटी बहन बैठी थी साफा खान और उसके बगल में सरीफ की छोटी साली सबा खान बैठी थी मुझे देख के तीनो मुस्कुरा रही थी माय सरीफ की साली सबा से मुझे पहचान रही हो की नहीं सायद नहीं पहचानते होंगे आप स माय शादी म मिल hi नई पाया,
सबा, मुझे देखते हुए क्यों नहीं पहचानोगी आप मेरे जीजू के चाचू है और शादी में आप की नज़र कही और hi थी तो आप मुझे कैसे मुझे पहचान गए ये सवाल तो मुझे आपसे करना चाहिए की आप मुझे पहचाने की नहीं
मैं, मुस्कुराते हुए भले hi मेरी नज़र कही भी हो लेकिन खूबसूरत लड़कियों की मेरी नज़र हमेशा ढूंढ hi लेती है और माय शादी में आपको देखा भी था और पता भी लगा लिया की आप सरीफ की साली साहिबा हो ये बोल के माय मुस्कुराते हुए वह से उठ के जेंट्स लोगो के तरफ चला गया इधर मेरे जाने के बाद आमिर और सरीफ की साली आपस में बात करते हुए...
सबा, खुद की तारीफ सुन के गड गड हो गई और सिफॅ से तू कुछ ज्यादा hi समीर जी से चिपक नहीं रही है क्या उनसे दूर रहा कर समझी,
सिफॅ, तो क्या हुआ मेरे से दो तीन साल hi तो बड़े ह वैसे भी माय उन्हें दोस्त की नज़र से देखती हु,
सबा, अंदर hi अंदर गुस्सा होते हुए मान में ("साली कामिनी मुझे उल्टा जवाब दे रही है चल घर तो तेरी खबर लेती हु और समीर पे सिर्फ मेरा अधिकार है तू कैसे उनसे नैन मटक्का कर सकती है ये माय होने नहीं दूंगी बजी के शादी में मुझे कोई मौका नहीं मिला था लेकिन यहाँ जरूर तरय करुँगी उन्हें अपना बनाने के लिए और जब मेरे hi जायँगे तब देखती हु तू कैसे उनसे नैन मटक्का करती है")
सबा भी अपने बड़ी बहन की तरह अकड़ू किस्म की लड़की थी उसे पैसो और अपनी खूबसूरती पे कुछ ज्यादा hi घमंड था उसे लगता था की पैसो और अपनी खूबसूरती के बाल पे वो किसी को भी अपनी इसरो पे घुमा सकती थी लेकिन माय उसकी न खूबसूरती पे गिरा था और न hi उसकी पैसो पे और वो अपने सामने किसी को कुछ नहीं समझती थी अब उसकी नज़र (टारगेट) मुझपे थी तभी साफा ने धीरे से सिफॅ को बजी सबा से पंगे मत लो वर्ण वो अपने अब्बू से बता देगी और उसके अब्बू हमारी अम्मी को डाटेंगे सिफॅ इसारे से ठीक है,