- Joined
- Dec 5, 2013
- Messages
- 93,980
पीर से मिशनरी पोजीशन में कर दिया और माय उसके ऊपर आ गया तो वो कम्बल को हम दोनों को ओढ़ा दी और बोली इस पोजीशन में बहुत अच्छा लगता है, मैं अपने लुंड को छूट पे लगा के उसके ऊपर लेट गया और माय जोर का झटका मारा जिससे मेरा पूरा 16 इंच लुम्बा और 5 से 6 इंच मोटा लुंड पक्क की आवाज़ करते हुए छूट से होते हुए सीधा बच्चे दानी में जा घुसा और उसके मु से अह्हह्ह्ह्ह ammiiiiiiiiii मर गई प्लीज धीरे धीरे करो न आप तो हर धक्के में मेरी जान निकल देते है जब भी मुझे मज़ा अत है आप मेरी छूट को दर्द दे देते है,
जान माय अब करीब हु इस लिए ऐसा धक्के अब बिच बिच में लगते रहेंगे जब तक माय जहर नहीं जाता ये बोल के उसकी टैंगो को पूरी तरह से उठा दिया और उसकी चुकी को अपने मु में लेके चूसने लगा ये सरे हमले मेरे वो बर्दास्त नहीं कर पाई और वो मेरे लुंड पे अपना गरमा गरम पानी छोड़न लगी उसकी छूट की गर्मी प् के मेरे से भी कण्ट्रोल नहीं हो प् रहा था इस लिए माय तूफानी धक्के मरने लगा और छूट में पूरा लुंड घुसने से पचा पांच पचाए पांच पचाए पांच और मेरे धक्के उसकी जांघो से टकराने से थापा थप थापा थप थापा थप थापा थप की आवाज़ पुरे रूम में गूंज रही थी,
सहर, जणू ये कैसी आवाज़ आ रही है,
मैं, ये तुम्हारी छूट का पानी इतना बहाई हो की मेरे धक्के मरने से पचा पछह की आवाज़ हो रही है सहर, अह्ह्ह्हह अम्मीय ओह्ह्ह्ह गॉडडडड आपका लुंड मेरे बच्चे दानी अंदर घुस के आगे की और भी चला जा रहा है समीर जी इस लिए थोड़ा धीरे धीरे धक्के मर के छोड़ो न मैं, उसके चुकी को चूसना छोड़ के उसकी टैंगो को पूरा फैला दिया और माय थोड़ा झुक गया और लम्बे लम्बे स्ट्रोक मरने लगा जिससे उसे दर्द होने लगा और करीब 30 से 40 तूफानी धक्के मरने के बाद फाइनली एक जोर का झटका
मारा जिससे मेरा पूरा लुंड उसके छूट से होते हुए सीधा बच्चे दानी में जा घुसा और वही लुंड को रोक के अपना गरमा गरम अमृत उसकी छूट में गिराने लगा और वो मेरा गरमा गरम पानी अपनी छूट में गिरने से खुद को सभाल नहीं पाई ार वो भी मेरे साथ साथ दोबारा झाड़ गई माय उसक ऊपर लेट के लुब्बी लुब्बी सास छोड़ने लगा और वो भी लुब्बी लुब्बी सास छोड़ रही थी साथ में मेरे पिट और सर को सहला रही थी हम दोनों की ताबड़ तोड़ चुदाई का अंत हुआ और टाइम देखा तो हम दोनों को चुदाई करते हुए 1:30 मिनट्स से ऊपर हो चुके थे पीर माय उसके ऊपर से हटा और बगल में लेट गया आज उसकी तित छूट छोड़ के मेरे लुंड के सूपड़ा भी हल्का दर्द
हो रहा था या ु कह ले आज सुबह से कई छूट और गांड मर चूका था इस लिए सायद दर्द हो रहा हो वैसे भी मेरा एक छूट छोड़ने से पेट नहीं भरता था आज कल मेरी प्यास लगातार बढ़ती जा रही थी गरमा ने सही hi कही थी बात की दिन बढ़ीं समीर सम्भोग की इच्छा बढ़ती जायगी और मेरे साथ भी वही हो रहा था मेरा लुंड झरने के बाद भी हल्का खड़ा hi रहता है और मेरी प्यास को साली माहि ने hi अच्छी तरीके से कई बार बुझाई है वो अपनी छूट और गांड मरवाने में सबसे आगे रहती है तभी सहर बिस्तर से उठ के बाथरूम गई फ्रेश होने गई,
इधर माय सो गया सहर भी मेरे साइन पे एके लेट के मान में ("माय आप को आज अपना बना ली हु समीर अब माय आपको खुद से कभी अलग नहीं होने दूंगी भले hi आपके लाइफ में कई लड़किया हो लेकिन माय उन सब से ज्यादा प्यार करुँगी और आपकी प्यास को हमेशा बुझाऊँगी अभी कैसे बच्चे की तरह सो रहे है और जब छोड़ते है तो जानवर बन जाते है") ऐसे hi सोचते हुए मेरे साइन पे सो गई हम दोनों सेक्स करके बहुत थक चुके थे और टाइम भी बहुत हो चूका था और सहर भी अपने रूम में नहीं गई वो सोची भोर में उठ के चली जायगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ वो भी मेरे साथ hi सो गई
जान माय अब करीब हु इस लिए ऐसा धक्के अब बिच बिच में लगते रहेंगे जब तक माय जहर नहीं जाता ये बोल के उसकी टैंगो को पूरी तरह से उठा दिया और उसकी चुकी को अपने मु में लेके चूसने लगा ये सरे हमले मेरे वो बर्दास्त नहीं कर पाई और वो मेरे लुंड पे अपना गरमा गरम पानी छोड़न लगी उसकी छूट की गर्मी प् के मेरे से भी कण्ट्रोल नहीं हो प् रहा था इस लिए माय तूफानी धक्के मरने लगा और छूट में पूरा लुंड घुसने से पचा पांच पचाए पांच पचाए पांच और मेरे धक्के उसकी जांघो से टकराने से थापा थप थापा थप थापा थप थापा थप की आवाज़ पुरे रूम में गूंज रही थी,
सहर, जणू ये कैसी आवाज़ आ रही है,
मैं, ये तुम्हारी छूट का पानी इतना बहाई हो की मेरे धक्के मरने से पचा पछह की आवाज़ हो रही है सहर, अह्ह्ह्हह अम्मीय ओह्ह्ह्ह गॉडडडड आपका लुंड मेरे बच्चे दानी अंदर घुस के आगे की और भी चला जा रहा है समीर जी इस लिए थोड़ा धीरे धीरे धक्के मर के छोड़ो न मैं, उसके चुकी को चूसना छोड़ के उसकी टैंगो को पूरा फैला दिया और माय थोड़ा झुक गया और लम्बे लम्बे स्ट्रोक मरने लगा जिससे उसे दर्द होने लगा और करीब 30 से 40 तूफानी धक्के मरने के बाद फाइनली एक जोर का झटका
मारा जिससे मेरा पूरा लुंड उसके छूट से होते हुए सीधा बच्चे दानी में जा घुसा और वही लुंड को रोक के अपना गरमा गरम अमृत उसकी छूट में गिराने लगा और वो मेरा गरमा गरम पानी अपनी छूट में गिरने से खुद को सभाल नहीं पाई ार वो भी मेरे साथ साथ दोबारा झाड़ गई माय उसक ऊपर लेट के लुब्बी लुब्बी सास छोड़ने लगा और वो भी लुब्बी लुब्बी सास छोड़ रही थी साथ में मेरे पिट और सर को सहला रही थी हम दोनों की ताबड़ तोड़ चुदाई का अंत हुआ और टाइम देखा तो हम दोनों को चुदाई करते हुए 1:30 मिनट्स से ऊपर हो चुके थे पीर माय उसके ऊपर से हटा और बगल में लेट गया आज उसकी तित छूट छोड़ के मेरे लुंड के सूपड़ा भी हल्का दर्द
हो रहा था या ु कह ले आज सुबह से कई छूट और गांड मर चूका था इस लिए सायद दर्द हो रहा हो वैसे भी मेरा एक छूट छोड़ने से पेट नहीं भरता था आज कल मेरी प्यास लगातार बढ़ती जा रही थी गरमा ने सही hi कही थी बात की दिन बढ़ीं समीर सम्भोग की इच्छा बढ़ती जायगी और मेरे साथ भी वही हो रहा था मेरा लुंड झरने के बाद भी हल्का खड़ा hi रहता है और मेरी प्यास को साली माहि ने hi अच्छी तरीके से कई बार बुझाई है वो अपनी छूट और गांड मरवाने में सबसे आगे रहती है तभी सहर बिस्तर से उठ के बाथरूम गई फ्रेश होने गई,
इधर माय सो गया सहर भी मेरे साइन पे एके लेट के मान में ("माय आप को आज अपना बना ली हु समीर अब माय आपको खुद से कभी अलग नहीं होने दूंगी भले hi आपके लाइफ में कई लड़किया हो लेकिन माय उन सब से ज्यादा प्यार करुँगी और आपकी प्यास को हमेशा बुझाऊँगी अभी कैसे बच्चे की तरह सो रहे है और जब छोड़ते है तो जानवर बन जाते है") ऐसे hi सोचते हुए मेरे साइन पे सो गई हम दोनों सेक्स करके बहुत थक चुके थे और टाइम भी बहुत हो चूका था और सहर भी अपने रूम में नहीं गई वो सोची भोर में उठ के चली जायगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ वो भी मेरे साथ hi सो गई