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सपना साक्षी सलोनी भी घर में थी वो भी रो रही थी तभी नाजिया कमला तू अपने घर में बच्चो के लिए खाना बना दे इस हवेली के अंदर कहाँ तो बन नहीं सकता और मेहमानो के लिए भी खाना बना दे तभी कैटरिंग वाले खान अंकल हॉल में एके नाजिया को सलाम किया और बोले माय अपने घर पे खाना बना रहा हु बहु तू फ़िक्र न कर ये बोल के वो चले गए, रात में करीब 8 बजे गुरुमा घर में ै और रजिया को बुल्ला के चल बेटी तुजे दिखा देती हु तो सिरा माहि शालू आफरीन सहना सब तैयार होने लगी मुझे देखने के लिए तभी गुरुमा बीटा इतने लोग जायँगे तो तेरे चाचू को जान का खतरा होगा तुम सब को बरी बरी से ले जाना होगा आज..
रजिया माहि सिरा और शालू आयशा और समीर के सास ससुर को ले जा रही हु कल किसी और का no. लगेगा नाजिया तू यहाँ देख माय तब तक उनको दिखा के अति हु, पीर गुरुमा सिटी हॉस्पिटल को निकल गई करीब 2 घंटे में जब वह पहुंची तो देखा हॉस्पिटल के जितने एंट्री गेट थे वह सिक्योरिटी अफसर वाले खड़े थे बिना चेक किये हुए अंदर नहीं जाने दे रहा थे साथ जब गुरुमा की जीप वह पहुंची तो एक सिक्योरिटी अफसर वाला जीप के पास आया और गुरुमा को देख के उसने गेट खोल दिया, गुरुमा देखा बीटा कितना पहरा है ये तेरे पति के लिए hi इतने सिक्योरिटी अफसर का बंदोबस्त किया गया है और तुम्हारे
पति कल hi मला बने थे इस लिए उन्हें ज़ सिक्योरिटी मिली हुई है लेकिन सब चुपके चुपके हो रहा है अभी तक जिसने भी बूम लगया था वो नहीं मिला है न इस लिए समीर के जान को अभी भी खतरा है, ऐसे hi बात करते हुए हॉस्पिटल के पीछे जीप खड़ा हुई और सब जीप से उतर के को की तरफ चल दी थोड़ी देर में जब गेट के पास पहुंची तो वह भी सिविल कपडे में बैठे सिक्योरिटी अफसर खड़ा हो गया गुरुमा को देख के पीर गुरुमा ने इसारे से बोलै गेट खोल दो पीर उसने वैसा hi किया पीर रजिया सिरा माहि शालू आयशा और समीर के सास ससुर भी अंदर चले गए जब रजिया की नज़र मुझपे पड़ी तो..
उसके आँखों में आंसू निकलने लगे मेरे मु पे ऑक्सीजन लगी हुई थी हाँथ और पैरो पे प्लास्टर लगे हुए थे मेरे पुरे बदन पे पट्टी लगी हुई थी और गले में गोली लगी होने से आवाज़ की नाली काट गई थी उसे डॉक्टर ने ऑपरेशन करके ठीक कर दिया था रजिया मेरे बगल की चेयर पे बैठ के एक हाँथ को पकड़ को सर पे रख के उठिये न जी माय आपके बिना नहीं जी पाऊँगी आप ऐसे नहीं जा सकते मुझे छोड़ के देखिये सिरा आपकी प्रिंसेस और शालू आपकी जान भी ै हुई ह मेरा कोई रिस्पांस न करते हुए देख के वो मेरे हांथो को पकड़ के रोने लगी तभी गुरुमा उसके कंधे पे हाँथ रख के रो मत नहीं तो
रजिया माहि सिरा और शालू आयशा और समीर के सास ससुर को ले जा रही हु कल किसी और का no. लगेगा नाजिया तू यहाँ देख माय तब तक उनको दिखा के अति हु, पीर गुरुमा सिटी हॉस्पिटल को निकल गई करीब 2 घंटे में जब वह पहुंची तो देखा हॉस्पिटल के जितने एंट्री गेट थे वह सिक्योरिटी अफसर वाले खड़े थे बिना चेक किये हुए अंदर नहीं जाने दे रहा थे साथ जब गुरुमा की जीप वह पहुंची तो एक सिक्योरिटी अफसर वाला जीप के पास आया और गुरुमा को देख के उसने गेट खोल दिया, गुरुमा देखा बीटा कितना पहरा है ये तेरे पति के लिए hi इतने सिक्योरिटी अफसर का बंदोबस्त किया गया है और तुम्हारे
पति कल hi मला बने थे इस लिए उन्हें ज़ सिक्योरिटी मिली हुई है लेकिन सब चुपके चुपके हो रहा है अभी तक जिसने भी बूम लगया था वो नहीं मिला है न इस लिए समीर के जान को अभी भी खतरा है, ऐसे hi बात करते हुए हॉस्पिटल के पीछे जीप खड़ा हुई और सब जीप से उतर के को की तरफ चल दी थोड़ी देर में जब गेट के पास पहुंची तो वह भी सिविल कपडे में बैठे सिक्योरिटी अफसर खड़ा हो गया गुरुमा को देख के पीर गुरुमा ने इसारे से बोलै गेट खोल दो पीर उसने वैसा hi किया पीर रजिया सिरा माहि शालू आयशा और समीर के सास ससुर भी अंदर चले गए जब रजिया की नज़र मुझपे पड़ी तो..
उसके आँखों में आंसू निकलने लगे मेरे मु पे ऑक्सीजन लगी हुई थी हाँथ और पैरो पे प्लास्टर लगे हुए थे मेरे पुरे बदन पे पट्टी लगी हुई थी और गले में गोली लगी होने से आवाज़ की नाली काट गई थी उसे डॉक्टर ने ऑपरेशन करके ठीक कर दिया था रजिया मेरे बगल की चेयर पे बैठ के एक हाँथ को पकड़ को सर पे रख के उठिये न जी माय आपके बिना नहीं जी पाऊँगी आप ऐसे नहीं जा सकते मुझे छोड़ के देखिये सिरा आपकी प्रिंसेस और शालू आपकी जान भी ै हुई ह मेरा कोई रिस्पांस न करते हुए देख के वो मेरे हांथो को पकड़ के रोने लगी तभी गुरुमा उसके कंधे पे हाँथ रख के रो मत नहीं तो