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Chapter 84
नेक्स्ट डे जब मीरा की नीद खुली तो मेरे ऊपर लेती हुई खुद को देख के शर्मा गई और जल्दी से मेरे ऊपर से उठ के अपनी कपडे पहन ली और मेरे ऊपर चादर दाल के निचे गई रूम में फिर वह अपने बहनो को सोता हुआ देख के धीरे से अपनी अलमारी से एक अच्छी सी साड़ी पेटीकोट ब्रा पंतय निकल के बाथरूम में चली गई और जब बाथरूम में फ्रेश होने लगी तो उसकी छूट से ढेर सारा हम दोनों का मिक्स पानी निकलता देख मीरा शर्मा गई और मान में ("बाप रे बाप कितना पानी समीर भैया ने मेरे अंदर छोड़ा है और देखो तो कितना मोटा लॉस लैसा सा है अब तो मुझे लग रहा है माय कभी भी
प्रेग्नेंट हो जाउंगी वैसे रात में भैया ने परमिशन तो दे दिए है प्रेग्नेंट होने के लिए और माय एक छोटा बेबी जनम दूंगी मेरा सपना पूरा होने वाला है समीर भैया का एक बेबी अपनी कोख से जनम देने के लिए") पीर वो नीद से जगी और नाहा धो के टॉवल से खुद को पोची और ब्रा पंतय पीर साड़ी को पहन के बाथरूम से बहार निकली और रूम में जेक हल्का मेकउप किया और किचन में जेक चाय बनाई पीर उसे लेके चाट पे जहा मैं सोया था वह लेक रख दी पीर मेरे बगल में बैठ के धीरे से हिला के भैया उठिये माय चाय ले हु, लेकिन मुझे न उठता देख के वो झुकी,
और मेरे होंठो को चूसने लगी तो मेरी नीद खुली गई और सुबह सुबह मेरे होंठो को चूसना उसका देख के उसे अपने बगल में खींच लिया और उसकी ब्लाउज़ के ऊपर से चुकी को दबाते हुए मसलने लगा तो मेरे हांथो को हटा के भैया पहले चाय तो पि लीजिये नहीं तो ठंडी हो जायगी मुझे बिस्तर पे बैठ दी और चाय का कफ देते हुए बोली पीर लीजिये न, मैं, चाय पिन लगा और उसके होगी हुई बल और उसक रसीले होंठ और उसकी सेक्सी कमर जो थोड़ी दिख रही थी मुझे ऐसा घूरते हुए देख के मीरा शर्मा जाती है और वो जाने लगती है तो माय उसे अपनी गॉड में बैठा के कहा चल दी मेरी चम् मक चलो थोड़ा प्यार तो देके जाओ
मीरा, शरमाते हुए रात भर तो मुझे रगड़ा है अपने और सुबह सुबह hi पीर सुरु हो गए माय अब नाहा ली हु इस लिए no प्यार सैर मैं उसे छोड़ते हुए ठीक है मेरी जान माय भी अब लेट हो रहा हु घर जाना है मुझे आज सिटी भी जाना है वह मेरे ऑफिस का उद्धघाटन करना ह, मीरा, अब यह नहीं रहेंगे क्या जो आप सिटी जा रहे है और वह ऑफिस भी खोलेंगे, मैं, देखो मेरी जान अब माय तुमसे ऐसे hi मिल नहीं सकता जब माय बुलाऊ तब hi मेरे पास आना तुम तो जानती हो अब माय मला बन गया हु अगर मुझे तुम्हारे साथ देख लिए तो मेरा तो कुछ नहीं उखड पाएंगे लेकिन तुम्हारा इज्जत बहुत
उछलेंगे लोग इस लिए ये तुम्हारे घर आखरी बार आया था मेरा ऐसा कहते hi मीरा रोने लगी तो माय चाय का कफ को रख के उसे अपनी गॉड में बैठा लिया और उसे अपने स चिपका क क्या हुआ मेरी जान तम रोने लगी मीरा, भइया माय आपके बिना अब नहीं रह सकती मुझे भी अपने साथ ले चलो न सिटी में आप तो जानते है माय 5 महीने कैसे आपके बगैर निकली हु और अब आप पीर से मुझसे दूर जाने की बात कर रहे है, मैं, उसके आंसू पोछते हुए अरे पगली माय हमेशा के लिए नहीं जा रहा हु सिटी में मुझे गवर्नमेंट की तरफ से एक घर और ऑफिस मिला है उसी का उद्घाटन करने जा रहा हु और गाओ में एते जाते रहूँगा
अगर तुम्हे मुझसे ज्यादा मिलने का मान करेगा तो भूरा से कह देना वो मेरे पास सिटी में ले ेगा पीर हम दोनों वह मेरे घर में रात भर प्यार करेंगे अब चलो उठो मुझे लेट हो रहा है मीरा मेरे गॉड से उठ के कड़ी हो गई पीर माय अपने दोनों हांथो को बिस्तर में रख के उठने लगा तो मेरे हांथो में बहुत दर्द हुआ और माय से अह्ह्ह्हह की आवाज़ निकल गई तो मीरा मेरे कमर में हाँथ को दाल के उठा दी और मुझे अपने बहो में लेके भइया आपकी तबियत अभी ठीक नहीं हुई है न आप मुझे झूट बोल रहे थे की आप एक दम ठीक हो गए है मैं उसके फेस को ऊपर करके है मेरी जान अभी पूरी तरह से ठीक नहीं हुआ हु अब हाँथ पेअर टुटा
हुआ है तो इतनी जल्दी कहा ठीक होने वाला है ये बोल अपने कपडे उठाने लगा तो मीरा ने मुझे मेरे कपडे पहनाई और माय अपनी छड़ी उठा के नीच जाने लगा को तैयार हुआ तो मीरा मेरे एक हाँथ को अपनी गर्दन में दाल के मुझे सीधी से निचे उतरने लगी और जैसे hi निचे पंहुचा तो देखा भूरा और उसकी दोनों बहाने वही कड़ी थी मुझे देख के रानी भइया नास्ता कर के जाओ न तो मैं अरे नहीं रानी अब मुझे जाना होगा वैसे भी आज लेट हो गया हु और भूरा तू भी मेरे साथ चल आज हम सिटी चलेंगे वह मुझे गवर्नमेंट ने घर और ऑफिस दिया ह उसी का उद्धघाटन करना है ये सुन के भूरा खुस होते हुए ठीक है मालिक माय नाहा के अत हु,
नेक्स्ट डे जब मीरा की नीद खुली तो मेरे ऊपर लेती हुई खुद को देख के शर्मा गई और जल्दी से मेरे ऊपर से उठ के अपनी कपडे पहन ली और मेरे ऊपर चादर दाल के निचे गई रूम में फिर वह अपने बहनो को सोता हुआ देख के धीरे से अपनी अलमारी से एक अच्छी सी साड़ी पेटीकोट ब्रा पंतय निकल के बाथरूम में चली गई और जब बाथरूम में फ्रेश होने लगी तो उसकी छूट से ढेर सारा हम दोनों का मिक्स पानी निकलता देख मीरा शर्मा गई और मान में ("बाप रे बाप कितना पानी समीर भैया ने मेरे अंदर छोड़ा है और देखो तो कितना मोटा लॉस लैसा सा है अब तो मुझे लग रहा है माय कभी भी
प्रेग्नेंट हो जाउंगी वैसे रात में भैया ने परमिशन तो दे दिए है प्रेग्नेंट होने के लिए और माय एक छोटा बेबी जनम दूंगी मेरा सपना पूरा होने वाला है समीर भैया का एक बेबी अपनी कोख से जनम देने के लिए") पीर वो नीद से जगी और नाहा धो के टॉवल से खुद को पोची और ब्रा पंतय पीर साड़ी को पहन के बाथरूम से बहार निकली और रूम में जेक हल्का मेकउप किया और किचन में जेक चाय बनाई पीर उसे लेके चाट पे जहा मैं सोया था वह लेक रख दी पीर मेरे बगल में बैठ के धीरे से हिला के भैया उठिये माय चाय ले हु, लेकिन मुझे न उठता देख के वो झुकी,
और मेरे होंठो को चूसने लगी तो मेरी नीद खुली गई और सुबह सुबह मेरे होंठो को चूसना उसका देख के उसे अपने बगल में खींच लिया और उसकी ब्लाउज़ के ऊपर से चुकी को दबाते हुए मसलने लगा तो मेरे हांथो को हटा के भैया पहले चाय तो पि लीजिये नहीं तो ठंडी हो जायगी मुझे बिस्तर पे बैठ दी और चाय का कफ देते हुए बोली पीर लीजिये न, मैं, चाय पिन लगा और उसके होगी हुई बल और उसक रसीले होंठ और उसकी सेक्सी कमर जो थोड़ी दिख रही थी मुझे ऐसा घूरते हुए देख के मीरा शर्मा जाती है और वो जाने लगती है तो माय उसे अपनी गॉड में बैठा के कहा चल दी मेरी चम् मक चलो थोड़ा प्यार तो देके जाओ
मीरा, शरमाते हुए रात भर तो मुझे रगड़ा है अपने और सुबह सुबह hi पीर सुरु हो गए माय अब नाहा ली हु इस लिए no प्यार सैर मैं उसे छोड़ते हुए ठीक है मेरी जान माय भी अब लेट हो रहा हु घर जाना है मुझे आज सिटी भी जाना है वह मेरे ऑफिस का उद्धघाटन करना ह, मीरा, अब यह नहीं रहेंगे क्या जो आप सिटी जा रहे है और वह ऑफिस भी खोलेंगे, मैं, देखो मेरी जान अब माय तुमसे ऐसे hi मिल नहीं सकता जब माय बुलाऊ तब hi मेरे पास आना तुम तो जानती हो अब माय मला बन गया हु अगर मुझे तुम्हारे साथ देख लिए तो मेरा तो कुछ नहीं उखड पाएंगे लेकिन तुम्हारा इज्जत बहुत
उछलेंगे लोग इस लिए ये तुम्हारे घर आखरी बार आया था मेरा ऐसा कहते hi मीरा रोने लगी तो माय चाय का कफ को रख के उसे अपनी गॉड में बैठा लिया और उसे अपने स चिपका क क्या हुआ मेरी जान तम रोने लगी मीरा, भइया माय आपके बिना अब नहीं रह सकती मुझे भी अपने साथ ले चलो न सिटी में आप तो जानते है माय 5 महीने कैसे आपके बगैर निकली हु और अब आप पीर से मुझसे दूर जाने की बात कर रहे है, मैं, उसके आंसू पोछते हुए अरे पगली माय हमेशा के लिए नहीं जा रहा हु सिटी में मुझे गवर्नमेंट की तरफ से एक घर और ऑफिस मिला है उसी का उद्घाटन करने जा रहा हु और गाओ में एते जाते रहूँगा
अगर तुम्हे मुझसे ज्यादा मिलने का मान करेगा तो भूरा से कह देना वो मेरे पास सिटी में ले ेगा पीर हम दोनों वह मेरे घर में रात भर प्यार करेंगे अब चलो उठो मुझे लेट हो रहा है मीरा मेरे गॉड से उठ के कड़ी हो गई पीर माय अपने दोनों हांथो को बिस्तर में रख के उठने लगा तो मेरे हांथो में बहुत दर्द हुआ और माय से अह्ह्ह्हह की आवाज़ निकल गई तो मीरा मेरे कमर में हाँथ को दाल के उठा दी और मुझे अपने बहो में लेके भइया आपकी तबियत अभी ठीक नहीं हुई है न आप मुझे झूट बोल रहे थे की आप एक दम ठीक हो गए है मैं उसके फेस को ऊपर करके है मेरी जान अभी पूरी तरह से ठीक नहीं हुआ हु अब हाँथ पेअर टुटा
हुआ है तो इतनी जल्दी कहा ठीक होने वाला है ये बोल अपने कपडे उठाने लगा तो मीरा ने मुझे मेरे कपडे पहनाई और माय अपनी छड़ी उठा के नीच जाने लगा को तैयार हुआ तो मीरा मेरे एक हाँथ को अपनी गर्दन में दाल के मुझे सीधी से निचे उतरने लगी और जैसे hi निचे पंहुचा तो देखा भूरा और उसकी दोनों बहाने वही कड़ी थी मुझे देख के रानी भइया नास्ता कर के जाओ न तो मैं अरे नहीं रानी अब मुझे जाना होगा वैसे भी आज लेट हो गया हु और भूरा तू भी मेरे साथ चल आज हम सिटी चलेंगे वह मुझे गवर्नमेंट ने घर और ऑफिस दिया ह उसी का उद्धघाटन करना है ये सुन के भूरा खुस होते हुए ठीक है मालिक माय नाहा के अत हु,