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मैं, बस थोड़ी देर के लिए मैं अंदर नहीं डालूंगा इमली बिना तुम्हारे परमिशन के मुझपे यकीं नहीं है क्या तुम्हे इधर इमली मेरे साइन पे अपनी चुकी को रगड़ते हुए फूल गरम हो चुकी थी उसकी छूट से लगातार अमृत की बरषत हो रही थी उसके मु से आवाज़ भी ढंग से नहीं निकल प् रही थी पीर भी हकलाते हुए बोली ममम मालिक आप पे पूरा भरोसा है तभी तो माय आपके सामने इस हालत में हु आज तक माय किसी के सामने नग्गी नहीं हुई जहा काम करने जाती थी वह के मालिक लोग बहुत कोशिश किये मेरे साथ गन्दा काम करने के लिए लेकिन माय किसी की हाँथ नहीं ै और उन लोगो
के घर का काम करना hi छोड़ दी ये बोल के वो अपने हांथो पीर से डिब्बे से तेल ली और मेरे दोनों बाजु में लगाने लगी, मैं, बोलै पीर मेरे यहाँ काम करने कैसे ा गई तुम्हे पता ता की माय कैसा हु, इमली, वो दीदी को स्टेट ऑफिस से बोलै गया था की एक नई मला आने वाले है वही काम करना है हम दोनों को, ये सुन के इमली माय तुम्हारी बुर में अपना मुसार रगड़ के अपना पानी निकल लू देखो न कब से मेरा मुसार खड़ा होने से दर्द होने लगा ह अब बर्दास्त के बहार ह, इमली, शरमाते हुए लेकिन गुसाईयेगा नहीं आपका लिंग बहुत बड़ा और मोटा है मेरी मुनिया को फाड् देगा ये सुनते hi मेरी
खुसी का ठिकाना नहीं रहा और माय उसे तितली पकड़ के अपने निचे लिटा दिया अब माय उसके ऊपर और वो मेरे निचे माय एक दम लुम्बा चौड़ा और वो 5.2 इंच की छोटी सी, पीर माय अपने मु को उसकी फेस के पास लेजके धीरे से कहा अगर थोड़ा बहुत मेरा मुसार तुम्हारे बुर में घुस गया तो बुरा तो नहीं मानोगी सच बताना इमली भी अब भरपूर गरम हो चुकी थी और वो धीरे से कही बुरा नहीं मानूगी लेकिन पूरा घुस गया तो माय मर जाउंगी, ये सुन के माय तुम फ़िक्र न करो माय ज्यादा नहीं घुसूंगा पीर माय उसके दोनों पैरो को डे बे करके अपने हांथो म ढेर सारा तेल लिया और उसकी फूली हुई छूट प
लगाने लगा और वो समझ गई की मालिक को रोकना अब मुश्किल है इस लिए वो कुछ बोली नहीं और इधर माय उसकी छूट की फैंको को फैला के उसमे तेल दाल दिया और उसकी छूट को अपने हांथो में लेके मसलने लगा वो अपनी दोनों पैरो को तित करने लगी और अपनी सर को इधर उधर लेन लगी और एक हांथो एक ढेर सारा तेल लिया और उसकी बड़ी बड़ी चुकी पे दाल के उसकी चुकी हलके गांठ से मसलने लगा और बोलै मेरी जान जब तुम कपडे में रहती हो तो इतनी पतली दुबली दिखती हो लेकिन आज पहली बार तुम्हे बिना कपड़ो के तुम्हारे जिस्म पे हाँथ लगा के महसूस कर रहा हु की तुम्हारी बहुत बड़ी चुकी है और गांड भी बड़ी
लग रही है और तुम्हारी बुर भी मस्त फूली हुई लग रही है ये सुन के इमली शरमाते हुए आप कब देख लिए आप तो कभी मुझे गौर से देखे hi नहीं है, मैं, है मेरी जान माय कभी ध्यान से नहीं देखा लेकिन कभी कभी नज़र तो पद hi जाती है अब तुम पलट जाओ अब तुम्हारी पीठ की थोड़ी मालिश कर दू तो इमली शरमाते हुए माय आपकी मालिश करने ै थी और आप मेरी करने लगे ये बोल के वो पलट गई और अब उसकी विशाल गांड मेरे नज़रो के सामने थी पीर तेल के डब्बे को उसकी गांड और पीठ पे तेल दाल के अपने दोनों हांथो से मसलने लगा और थोड़ा और तेल लेके उसकी पीर से छूट और गांड के छेद पे तेल
दाल के अपनी उँगलियों से मसलने लगा और एक ऊँगली गांड और छूट के छेद में डाला तो वो दर्द से अह्हह्ह्ह्ह मालिक दर्द हो रही है प्लीज इधर माय और तेल लिया और पीर से ऊँगली दाल के अंदर बहार करने लगा तो इमली अब ठीक है मालिक इधर माय उसकी गांड के निचे बैठ गया और उसकी पीठ से लेकर गांड तक अपने हांथो को लेके तेल मलने लगा और वो और इमली मज़े से अह्ह्ह्ह मालिक आज तक मेरे सरीर को कभी कोई ऐसा टच तक नहीं किया ह क्या अब आप ऐसे hi मुझे प्यार करोगे क्या मैं, अगर तुम परमिशन डौगी तब hi इमली, आप बोलो क्या आपको मेरा सरीर पसंद है क्या,
के घर का काम करना hi छोड़ दी ये बोल के वो अपने हांथो पीर से डिब्बे से तेल ली और मेरे दोनों बाजु में लगाने लगी, मैं, बोलै पीर मेरे यहाँ काम करने कैसे ा गई तुम्हे पता ता की माय कैसा हु, इमली, वो दीदी को स्टेट ऑफिस से बोलै गया था की एक नई मला आने वाले है वही काम करना है हम दोनों को, ये सुन के इमली माय तुम्हारी बुर में अपना मुसार रगड़ के अपना पानी निकल लू देखो न कब से मेरा मुसार खड़ा होने से दर्द होने लगा ह अब बर्दास्त के बहार ह, इमली, शरमाते हुए लेकिन गुसाईयेगा नहीं आपका लिंग बहुत बड़ा और मोटा है मेरी मुनिया को फाड् देगा ये सुनते hi मेरी
खुसी का ठिकाना नहीं रहा और माय उसे तितली पकड़ के अपने निचे लिटा दिया अब माय उसके ऊपर और वो मेरे निचे माय एक दम लुम्बा चौड़ा और वो 5.2 इंच की छोटी सी, पीर माय अपने मु को उसकी फेस के पास लेजके धीरे से कहा अगर थोड़ा बहुत मेरा मुसार तुम्हारे बुर में घुस गया तो बुरा तो नहीं मानोगी सच बताना इमली भी अब भरपूर गरम हो चुकी थी और वो धीरे से कही बुरा नहीं मानूगी लेकिन पूरा घुस गया तो माय मर जाउंगी, ये सुन के माय तुम फ़िक्र न करो माय ज्यादा नहीं घुसूंगा पीर माय उसके दोनों पैरो को डे बे करके अपने हांथो म ढेर सारा तेल लिया और उसकी फूली हुई छूट प
लगाने लगा और वो समझ गई की मालिक को रोकना अब मुश्किल है इस लिए वो कुछ बोली नहीं और इधर माय उसकी छूट की फैंको को फैला के उसमे तेल दाल दिया और उसकी छूट को अपने हांथो में लेके मसलने लगा वो अपनी दोनों पैरो को तित करने लगी और अपनी सर को इधर उधर लेन लगी और एक हांथो एक ढेर सारा तेल लिया और उसकी बड़ी बड़ी चुकी पे दाल के उसकी चुकी हलके गांठ से मसलने लगा और बोलै मेरी जान जब तुम कपडे में रहती हो तो इतनी पतली दुबली दिखती हो लेकिन आज पहली बार तुम्हे बिना कपड़ो के तुम्हारे जिस्म पे हाँथ लगा के महसूस कर रहा हु की तुम्हारी बहुत बड़ी चुकी है और गांड भी बड़ी
लग रही है और तुम्हारी बुर भी मस्त फूली हुई लग रही है ये सुन के इमली शरमाते हुए आप कब देख लिए आप तो कभी मुझे गौर से देखे hi नहीं है, मैं, है मेरी जान माय कभी ध्यान से नहीं देखा लेकिन कभी कभी नज़र तो पद hi जाती है अब तुम पलट जाओ अब तुम्हारी पीठ की थोड़ी मालिश कर दू तो इमली शरमाते हुए माय आपकी मालिश करने ै थी और आप मेरी करने लगे ये बोल के वो पलट गई और अब उसकी विशाल गांड मेरे नज़रो के सामने थी पीर तेल के डब्बे को उसकी गांड और पीठ पे तेल दाल के अपने दोनों हांथो से मसलने लगा और थोड़ा और तेल लेके उसकी पीर से छूट और गांड के छेद पे तेल
दाल के अपनी उँगलियों से मसलने लगा और एक ऊँगली गांड और छूट के छेद में डाला तो वो दर्द से अह्हह्ह्ह्ह मालिक दर्द हो रही है प्लीज इधर माय और तेल लिया और पीर से ऊँगली दाल के अंदर बहार करने लगा तो इमली अब ठीक है मालिक इधर माय उसकी गांड के निचे बैठ गया और उसकी पीठ से लेकर गांड तक अपने हांथो को लेके तेल मलने लगा और वो और इमली मज़े से अह्ह्ह्ह मालिक आज तक मेरे सरीर को कभी कोई ऐसा टच तक नहीं किया ह क्या अब आप ऐसे hi मुझे प्यार करोगे क्या मैं, अगर तुम परमिशन डौगी तब hi इमली, आप बोलो क्या आपको मेरा सरीर पसंद है क्या,