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मुस्कान, हिचकिचाते हुए ंन्न ंन्न नहीं मैं, क्यों क्या हुवा?? मुस्कान, कुछ नहीं लेकिंन मुझे नही देखना आगे.. Main...lekin क्यों मैडम? आप हेतु मैं देखता अंदर क्या चल रहा है... मुस्कान शरमाते हुए मेरे कंधे पे हाँथ राखी और मैं उसके दूसरे हाँथ को पकड़ के स्टूल से उतर देता हु और मुस्कान वहीँ कड़ी हो जाती हैं साइड में और मैं अंदर झाँकने लगता हु अंदर झाकते hi माय "साला मडर्र जाट" ये बोल के माय अंदर देखता हु की कासिम और उसकी बहु दोनों नंगे है और अफसाना झुकी हुई है उसका ससुर नंगा बिलकुल उसके पीछे खड़ा है उसका कला मुसार जो करीब 6 इंच लुम्बा और 2 इंच मोटा लुंड का फैन फ़ना रहा था पीर कासिम, बहु इनाम का वक़्त आ गया है लेना चाहोगी ये बोल के एक जोर का थप्पड़ उसकी गांड पे मारा जिससे अफसाना की गांड हिलने लगती है..
अफसाना, दे दिज्ये अब्बू जान मुझे इनाम जिसे सुन के माय धीरे से बोलै ससुरा के नाती कैसा इनाम दे रहा है चुटिया, मेरी बातो को सुन के मुस्कान के मु पे हलकी स्माइल तैयार गई लेकिन मेरी आंख अंदर को देख रही थी की कैसे कासिम अब अफसाना की छूट पर अपना लुंड सेट करता है और बिना देरी किये एक जोर्का धक्का लगता है उसका लुंड सनसनाता हुवा अफसाना की शादी शुदा पाक छूट को चीरते हुवे अंदर तक जा घुस जाता है, अफसाना, स्स्सस्स्स्स आहहहहहह अब्बू मर गई उफोऊ ह्यययययय बहुत पेन है प्लीज थोड़ा देर रुक जाइये अह्हह्ह्ह्ह अम्म्मीईई उसके चेहरे को देख के लगा जैसा सारा जिस्म कप ने लगता है उसके ससुर के धक्के की वजा से उनको देख के पीर मेरे दिमाग पता नहीं क्या अचानक से एक..
आईडिया अत है और माय अपना मोबाइल निकल कर उनकी रिकॉर्डिंग करने लगता हु उधर रूम के अंदर की गरमा गर्मी उफान पर थी कासिम अब अफसाना की कमर पकड़ कर ढाका धक् पेलने लगता ह और उसकी ाहों की आवाज़ पुरे रूम में गूंजने लगती है, अफसाना की गांड पे कासिम के जांघों के मिलने की थापा थप थापा थप की आवाज़ पुरे रूम में गूंजने लगती है जो बहार खड़े हम दोनों अच्छे से सुन सकते थे ये आवाज़ सुन के मुस्कान ऐम्बर्रेस्सेड हो रही क्युकी वो किसी अनजाने लड़के के साथ इस परिस्थिति में कड़ी थी इधर अंदर अफसाना बोली अब्बू जी ाःह ोूहः आठ प्लीज ह्ह्हम्मम्मम कितना मिस्स्स किया आपके लुंड कोऊ ऊऊफफफहह ऊऊफफफू, कासिम, क्यों बहू मेरा बीटा तुझे नहीं छोड़ता था क्या ऐसे माय जब विदेश में ता..
अफसाना, आह्हः अब्बू जान आपका बेत्ता छोड़ता तू ही लेकिन उसके पास आपके जैसा लुंदड़ नहीं हैई नाआआ अह्ह्ह्ह, अफसाना की बात सुनकर तो जैसा कासिम को और जोश आ जाता है और वो अब अफसाना के बाल पकड़ लेता है और पीछे से दुमदार धक्के लगाने लगता है उसकी बे डेग गांड बहुत hi बड़ी थी जब कासिम धक्के मरता तो उसके गांड जो एक दम गोल मटोल थी वो स्प्रिंग की तरह हिलने डुलने लगती इस तेज धक्के से अफसाना के मु से ाःह आअह्ह्ह ओह्ह्ह्ह अब्बू जान हम्म उफ्फ्फ्फफ्फ्फ़, इधर मैं मन में ("साला बहु छोड़ रहा है या रंडी हहै थोड़ा तो रहम क्र भोसड़ी क इस अधेड़ उम्र में कही हार्ट अटैक से न मर जाना बहु छोड़ के"), इतना सोचने के बाद अब अपनी नज़र निचे डालता हु जहाँ मुस्कान ीदार उदार देखते..
हुवे कड़ी थी अंदर का सन देख कर मेरा मुसार लुंड अकड़ा हुवा था मुस्कान इतनी खूबसूरत थी के हर किसी को अपने हुसैन के जाल में फसा दे लेकिन वो एक शादी शुदा औरत थी तो उसे पाने के चान्सेस सबके पास नहीं थे, ये सोचने के बाद माय फिर से अंदर देखने लगता हु और अंदर का नज़ारा काफी गरम हो चूका था अब कासिम अपनी बहु को बड़े hi बेदर्दी से छोड़ने में लगा हुवा था, कासिम छोड़ते हुए बोलै बता बहुउउ तेरी छूट का मल्लिक कोण ही सच bata??Afsana, आअह्ह्ह्ह अब्बू जान मेरी छुटत मालिक आआह्ह्ह आप hi तो आआह्ह हैई... कासिम, तुझे तेरी इस फूली हुई छूट में किसका मुसार लुंड चाहिए मेरी jaan?Afsana, आअह्ह्ह्ह अब्बू जान मेरी अहह छूट में मुझे अहह आपका मुसार लुंड hi चाहिए,
अफसाना, दे दिज्ये अब्बू जान मुझे इनाम जिसे सुन के माय धीरे से बोलै ससुरा के नाती कैसा इनाम दे रहा है चुटिया, मेरी बातो को सुन के मुस्कान के मु पे हलकी स्माइल तैयार गई लेकिन मेरी आंख अंदर को देख रही थी की कैसे कासिम अब अफसाना की छूट पर अपना लुंड सेट करता है और बिना देरी किये एक जोर्का धक्का लगता है उसका लुंड सनसनाता हुवा अफसाना की शादी शुदा पाक छूट को चीरते हुवे अंदर तक जा घुस जाता है, अफसाना, स्स्सस्स्स्स आहहहहहह अब्बू मर गई उफोऊ ह्यययययय बहुत पेन है प्लीज थोड़ा देर रुक जाइये अह्हह्ह्ह्ह अम्म्मीईई उसके चेहरे को देख के लगा जैसा सारा जिस्म कप ने लगता है उसके ससुर के धक्के की वजा से उनको देख के पीर मेरे दिमाग पता नहीं क्या अचानक से एक..
आईडिया अत है और माय अपना मोबाइल निकल कर उनकी रिकॉर्डिंग करने लगता हु उधर रूम के अंदर की गरमा गर्मी उफान पर थी कासिम अब अफसाना की कमर पकड़ कर ढाका धक् पेलने लगता ह और उसकी ाहों की आवाज़ पुरे रूम में गूंजने लगती है, अफसाना की गांड पे कासिम के जांघों के मिलने की थापा थप थापा थप की आवाज़ पुरे रूम में गूंजने लगती है जो बहार खड़े हम दोनों अच्छे से सुन सकते थे ये आवाज़ सुन के मुस्कान ऐम्बर्रेस्सेड हो रही क्युकी वो किसी अनजाने लड़के के साथ इस परिस्थिति में कड़ी थी इधर अंदर अफसाना बोली अब्बू जी ाःह ोूहः आठ प्लीज ह्ह्हम्मम्मम कितना मिस्स्स किया आपके लुंड कोऊ ऊऊफफफहह ऊऊफफफू, कासिम, क्यों बहू मेरा बीटा तुझे नहीं छोड़ता था क्या ऐसे माय जब विदेश में ता..
अफसाना, आह्हः अब्बू जान आपका बेत्ता छोड़ता तू ही लेकिन उसके पास आपके जैसा लुंदड़ नहीं हैई नाआआ अह्ह्ह्ह, अफसाना की बात सुनकर तो जैसा कासिम को और जोश आ जाता है और वो अब अफसाना के बाल पकड़ लेता है और पीछे से दुमदार धक्के लगाने लगता है उसकी बे डेग गांड बहुत hi बड़ी थी जब कासिम धक्के मरता तो उसके गांड जो एक दम गोल मटोल थी वो स्प्रिंग की तरह हिलने डुलने लगती इस तेज धक्के से अफसाना के मु से ाःह आअह्ह्ह ओह्ह्ह्ह अब्बू जान हम्म उफ्फ्फ्फफ्फ्फ़, इधर मैं मन में ("साला बहु छोड़ रहा है या रंडी हहै थोड़ा तो रहम क्र भोसड़ी क इस अधेड़ उम्र में कही हार्ट अटैक से न मर जाना बहु छोड़ के"), इतना सोचने के बाद अब अपनी नज़र निचे डालता हु जहाँ मुस्कान ीदार उदार देखते..
हुवे कड़ी थी अंदर का सन देख कर मेरा मुसार लुंड अकड़ा हुवा था मुस्कान इतनी खूबसूरत थी के हर किसी को अपने हुसैन के जाल में फसा दे लेकिन वो एक शादी शुदा औरत थी तो उसे पाने के चान्सेस सबके पास नहीं थे, ये सोचने के बाद माय फिर से अंदर देखने लगता हु और अंदर का नज़ारा काफी गरम हो चूका था अब कासिम अपनी बहु को बड़े hi बेदर्दी से छोड़ने में लगा हुवा था, कासिम छोड़ते हुए बोलै बता बहुउउ तेरी छूट का मल्लिक कोण ही सच bata??Afsana, आअह्ह्ह्ह अब्बू जान मेरी छुटत मालिक आआह्ह्ह आप hi तो आआह्ह हैई... कासिम, तुझे तेरी इस फूली हुई छूट में किसका मुसार लुंड चाहिए मेरी jaan?Afsana, आअह्ह्ह्ह अब्बू जान मेरी अहह छूट में मुझे अहह आपका मुसार लुंड hi चाहिए,