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बता चुकी हु मैंने कोई साज़िश नहीं की थी ये मेरे अब्बू ने सरीफ को भड़काया था मुझे तो कोई खबर hi नहीं थी लेकिन जब सरीफ ने बताया तभी मुझे पता चला की मेरे फादर आखिर सरीफ से क्या करवाना चाहते है और माय बोली भी थी की ये गलत है अभी अभी दो ससुर जी की डेथ हुई है और आप हिस्सा मांगेगे लेकिन वो मेरे ऊपर दबाओ डालने लगे और बोले तुम घर का कोई काम नहीं करोगी और घर वालो से ढंग से बात भी नहीं करोगी, मैं, जो हो गया सो हो गया जब मेरा hi खून किसी के बाह कवि में आ जाये तो किसी दूसरे को मैं क्या बोल सकता हु ऐसे hi बात करते हुए चाय ख़तम की और वो जाने लगी तो मैं, आज रात अपने रूम का गेट खुल रखना?, सारा, मेरी तरफ गुस्सा से देखते हुए माय बोल दी हु न वो अब..
दोबारा नहीं होगा जो पहले हो गया सो हो गया लेकिन अब नहीं ये बोल के जाने लगी तो मैं, बस एक बार वो भी पीछे से करना है मुझे क्युकी पिछली बार आगे किया था अब तुम्हारे पीछे की बरी है इसके बाद माय तुम्हे हाँथ भी नहीं लगाऊंगा?, मेरी बात सुन के सारा, डरते हुए माय बता दी मुझे कुछ नहीं करना ये बोल के वो चली गई, इधर माय अपने मान म (देखता हु साली रात में अगर मेरे लुंड की देवानी हुई होगी तो आज पक्का गेट खुला रखेगी), इधर मैं बालकनी में बैठ के नदी के बहते पानी की आवाज़ सुनते हुए आंख बंद करके चेयर पे लेट गया वैसे मेरा चेयर आराम करने वाला टाइप का है उसके पायदान में गोला सा चक्का लगा हुआ है जिस वजह से वो हिलता रहता है मैं ऐसे hi आंख बंद किया hi था की रिया की आवाज़..
ै तो मैं आंख खोल के देखा तो रिया मेरे बालकनी के साइड एके मुझे छोटे पत्थर से मर के उठा रही थी जब उसकी तरफ पलट के देखा तो वो मुस्कुराते हुए आज बालकनी में सोने का इरादा ह क्या? मैं, अरे नहीं यार बस आराम कर रहा था और सुनाओ इतनी लेट में बालकनी में ै हो वैसे तुम कहा थी इतनी देर से है?, रिया, मुस्कुराते हुए आप मेरा इंतजार कर रहे ते क्या? मैं, है वैसे तुम्हारे पापा है घर में? रिया, नहीं वो कही गए ह रात तक आएंगे क्यों पूछ रहे ह? मैं, नहीं वो बोले थे साम को आने के लिए घर पे?, रिया, पीर आ जाइये न, मैं, यार तुम्हारे पापा नहीं है तो मैं क्या करूँगा आ के वैसे तुम अकेली हो क्या?, रिया, शरमाते हुए अभी नहीं मेरी दीदी कभी भी मेरे रूम में आ जाती है सब..
सो जाये फिर ाइयेगा?, मैं, खुस होते हुए मतलब तुम्हे भी मेरा इंतजार है न, रिया, झूट मूत का गुस्सा दिखते हुए आप नहीं सुधरोगे न मैं जा रही हु पार्क में आप हर टाइम मुझे छेड़ते रहते है जाओ आपसे बात नहीं करती ये बोल के वो रूम में घुस गई तो मैं स्माइल करते हुए चेयर से उठा और हॉल में जाने लगा, जब हॉल में पंहुचा तो देखा सहना आयशा फिर से लड़ रही थी सोफे के तकिये से मुझे देख के सहना चाचू कहा थे कब से हम आपका इंतजार कर रहे थे तो मैं, तुम दोनों फिर से लड़ने लगी और मैं तो अपने रूम में hi था अब जा रहा हु बहार रोड में टहलने चलो तुम लोग भी चलना है तो?, सहना एलिज़ा आयशा तैयार हो गई तो सहर सारा साक्षी को बी बोलै तुम लोग भी चलो न?, सहर, आज खाना..
बनाना है न इमली चमेली तो गाओ चली गई है?, मैं, अरे यार बहार से खाना माँगा लेंगे?, आयशा, नहीं चाचू आपको डॉक्टर ने बहार का खाना खाना मन किया है न और आप आज भी खिचड़ी hi कहेंगे कल से मसाला वाला खाना बनेगा आपके लिए तभी सहर, बिच में hi आज साक्षी कॉम्पिटिशन में प्राइस मिला है, मैं, खुस होते हुए अरे वह ये तो खुसी की बात है लाओ दिखाओ क्या मिला है?, साक्षी, हॉल के अलमारी से एक कफ दिखाई जिसपे लिखा था समर फाइट कंपाइलेशन ये देख के साक्षी अपने गले लगा के वह साक्षी तुम तो इतनी काम टाइम में अच्छी फाइटर बनती जा रही हो मुझे तुमपे गर्व है ये बोल के उसके मानते पे चुम के अच्छा बोलो आज क्या खाओगी आज तुम्हारे मान पसंद का hi कुछ आर्डर करता हु,
दोबारा नहीं होगा जो पहले हो गया सो हो गया लेकिन अब नहीं ये बोल के जाने लगी तो मैं, बस एक बार वो भी पीछे से करना है मुझे क्युकी पिछली बार आगे किया था अब तुम्हारे पीछे की बरी है इसके बाद माय तुम्हे हाँथ भी नहीं लगाऊंगा?, मेरी बात सुन के सारा, डरते हुए माय बता दी मुझे कुछ नहीं करना ये बोल के वो चली गई, इधर माय अपने मान म (देखता हु साली रात में अगर मेरे लुंड की देवानी हुई होगी तो आज पक्का गेट खुला रखेगी), इधर मैं बालकनी में बैठ के नदी के बहते पानी की आवाज़ सुनते हुए आंख बंद करके चेयर पे लेट गया वैसे मेरा चेयर आराम करने वाला टाइप का है उसके पायदान में गोला सा चक्का लगा हुआ है जिस वजह से वो हिलता रहता है मैं ऐसे hi आंख बंद किया hi था की रिया की आवाज़..
ै तो मैं आंख खोल के देखा तो रिया मेरे बालकनी के साइड एके मुझे छोटे पत्थर से मर के उठा रही थी जब उसकी तरफ पलट के देखा तो वो मुस्कुराते हुए आज बालकनी में सोने का इरादा ह क्या? मैं, अरे नहीं यार बस आराम कर रहा था और सुनाओ इतनी लेट में बालकनी में ै हो वैसे तुम कहा थी इतनी देर से है?, रिया, मुस्कुराते हुए आप मेरा इंतजार कर रहे ते क्या? मैं, है वैसे तुम्हारे पापा है घर में? रिया, नहीं वो कही गए ह रात तक आएंगे क्यों पूछ रहे ह? मैं, नहीं वो बोले थे साम को आने के लिए घर पे?, रिया, पीर आ जाइये न, मैं, यार तुम्हारे पापा नहीं है तो मैं क्या करूँगा आ के वैसे तुम अकेली हो क्या?, रिया, शरमाते हुए अभी नहीं मेरी दीदी कभी भी मेरे रूम में आ जाती है सब..
सो जाये फिर ाइयेगा?, मैं, खुस होते हुए मतलब तुम्हे भी मेरा इंतजार है न, रिया, झूट मूत का गुस्सा दिखते हुए आप नहीं सुधरोगे न मैं जा रही हु पार्क में आप हर टाइम मुझे छेड़ते रहते है जाओ आपसे बात नहीं करती ये बोल के वो रूम में घुस गई तो मैं स्माइल करते हुए चेयर से उठा और हॉल में जाने लगा, जब हॉल में पंहुचा तो देखा सहना आयशा फिर से लड़ रही थी सोफे के तकिये से मुझे देख के सहना चाचू कहा थे कब से हम आपका इंतजार कर रहे थे तो मैं, तुम दोनों फिर से लड़ने लगी और मैं तो अपने रूम में hi था अब जा रहा हु बहार रोड में टहलने चलो तुम लोग भी चलना है तो?, सहना एलिज़ा आयशा तैयार हो गई तो सहर सारा साक्षी को बी बोलै तुम लोग भी चलो न?, सहर, आज खाना..
बनाना है न इमली चमेली तो गाओ चली गई है?, मैं, अरे यार बहार से खाना माँगा लेंगे?, आयशा, नहीं चाचू आपको डॉक्टर ने बहार का खाना खाना मन किया है न और आप आज भी खिचड़ी hi कहेंगे कल से मसाला वाला खाना बनेगा आपके लिए तभी सहर, बिच में hi आज साक्षी कॉम्पिटिशन में प्राइस मिला है, मैं, खुस होते हुए अरे वह ये तो खुसी की बात है लाओ दिखाओ क्या मिला है?, साक्षी, हॉल के अलमारी से एक कफ दिखाई जिसपे लिखा था समर फाइट कंपाइलेशन ये देख के साक्षी अपने गले लगा के वह साक्षी तुम तो इतनी काम टाइम में अच्छी फाइटर बनती जा रही हो मुझे तुमपे गर्व है ये बोल के उसके मानते पे चुम के अच्छा बोलो आज क्या खाओगी आज तुम्हारे मान पसंद का hi कुछ आर्डर करता हु,