महीन ........ मोहय रंग दी पिया (कम्प्लेटेड) - Page 2 - SexBaba
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महीन ........ मोहय रंग दी पिया (कम्प्लेटेड)

विनोद और महीन अपनी डिपार्टमेंट पोहंची तो कलगुएस न्य उनको वेलकम क्या ......... जेनी न्य उनको कुछ पेपर्स ला क्र डाई ....... जो की उनकी जोइनिंग की पेपर्स और कॉन्ट्रैक्ट वग़ैरा थय .......... विनोद और महीन उसी परहंय लगी .........

महीन थोड़ा परेशानी सी बोली ............ व्हाट इस थिस ......... व्हाट इस थिस प्रोबबातिओं पीरियड नाउ ........

जेनी बोली ..... यह रूल्स हैं कंपनी की .......... की 90 वर्किंग डेज आप का प्रोबबातिओं पीरियड हो गए ........... सैटरडे और संडे ऑफ होता है तो आईटी मीन्स की 4 मोनथस आप का प्रोबबातिओं पीरियड हो गए और आप लोगो की परफॉरमेंस इवैल्यूएशन की बाद आप का कॉन्ट्रैक्ट रेनू हो गए और तब सी hi आप का ओने ईयर का पीरियड शुरू हो गए ...........

महीन और विनोद दोनों hi परेशान हो गए .......... और परेशानी सी एक दूसरी की तरफ देखनी लगी .......... की यह अब नै मुसीबत बन गए थी की अचानक सी hi 12 मोनथस का पीरियड अब 16 मोनथस तक एक्सटेंड हो गया था .........

महीन ..... मुझी नहीं लगता की मेरी लय यह पॉसिबल है ... ी फील ी शॉल हैवे तो क्विट .........

नीतू महीन की पास बेथ टी होइ बोली ....... डोंट बे माध महीन ....... जहाँ एक साल गुज़ारना है वहीँ पी 4 मोनथस और सही ......... फिर आप लोगो का पाय पैकेज भी ाचा हो जाय गए ....... और यहाँ पी और भी ोपेर्तुनिटीज़ मिल सकती हैं आप लोगो को ........

विनोद ....... लकिन यह बात उन्हों न्य हमें इंडिया मैं तो नहीं बताई थी ....

महीन ....... मुझी आसिफ सी बात करना हो गई ....... इसको सिग्न करनी सी पहली

विनोद ....... हम्म ....... ठीक कह रही हैं आप ......

महीन न्य अलग बेथ क्र आसिफ को कॉल मिलाई ............ उसनी कॉल अटेंड की तो उसको साड़ी सिचुएशन का बतानी लगी .......... आसिफ भी यह सुन कर परेशां होआ ...... लकिन फिर महीन को हौसला देना लगा ...... उसी ेन्सॉरगे करनी लगा ..... की चलो कोई बात नहीं जो पालिसी है कंपनी की उसको एक्सेप्ट तो करना hi पारी गए न ..... कुछ देर तक दोनों मैं बात चीत होती रही फिर कॉल बंद हो गए .....

महीन वापिस आई तो विनोद की पास बेथ क्र उसको आसिफ की साथ होइ बात का बतानी लगी ........ दोनों परेशां थय मगर दोनों को इस ऑप्शन की इलावा कोई और रास्ता समझ नहीं आ रहा था ........ इतनी मैं जनन्यै और बोली

जेनी..... नाउ इतस थे टाइम तो मीट थे बॉस ....... मिस महीन यू फर्स्ट ....... जेएनय मुस्कराई ......

महीन अपनी जगा सी उठी .............. उसकी दिल की धरकन तेज़ होनी लगी थी ..... थोड़ी घबराहट भी हो रही थी ...... एक नए कंट्री मैं ...... नए ऑफिस मैं ....... एक नए बॉस की सामन्य फर्स्ट टाइम जा रही थी वह .......... महीन न्य जल्दी सी अपना हुल्य थोड़ा ठीक क्या ... और अपनी पेपर्स उठा क्र मर. निक की ऑफिस की तरफ बरही ............ डेन और जेननयनय महीन को गुड लक बोलै ........... महीन उनको एक स्माइल दी क्र ऑफिस की तरफ बरही ............ दूर पी नॉक क्या ............ तो अंदर सी एक भारी आवाज़ सुनाई दी ...........

यस ........ के इन प्लीज .............

महीन न्य धरकती होय दिल की साथ निक की ऑफिस का दरवाज़ा खोला और अंदर दाखिल हो गए ........... अपनी पिच्य दरवाज़ा बंद क्र की मुड़ी और सामन्य ऑफिस टेबल की पिच्य बैठी होय आदमी पी उसकी पहली नज़र पारी तो उसी झटका सा लगा ............... सामन्य बॉस की चेयर पी एक बुहत hi हैंडसम वेल बिल्ट बॉडी की साथ एक ब्लैक मर्द बैठा होआ मुस्करा रहा था ........ जिसकी सुफैद दांत उनकी काले स्याह रंग की वजह सी और भी चमकती होय नज़र आ रही थय ......... जब सी वह यहाँ ुक मैं आई थी तो आती जाती अपनी इर्दगिर्द बुहत सी ब्लैक मलेस को देखा था ......... मगर यह फर्स्ट टाइम था उसका की एक ब्लैक अफ्रीकन मेल की साथ और वह भी अपनी बॉस की तोर पी मिल रही थी ..... जी हाँ यह कला शख्स अब उसका बॉस था इस नई ऑफिस मैं ............... आज तक उसनी इंडिया मैं अपनी लोकल लोगो की साथ hi काम क्या था ........ मगर अब एक इंग्लिश बॉस की साथ काम करनी उसका पहला मौका था और वह भी ब्लैक इंसान की साथ ......... नए बॉस सी मिलना उसी कुछ बुरा नहीं लग रहा था ....... बस एक अजीब सी फीलिंग हो रही थी फर्स्ट टाइम मिलनी की वजह सी ............ महीन वीर्य वीर्य क़दमों की साथ टेबल की तरफ बरही ..........

निक महीन को देख क्र मुस्कराता होआ अपनी चेयर सी खरा हो गया .............. जैसी hi वह अपनी जगा पी खरा होआ तो महीन की तो जैसी आंखें hi फैल गईं .................. निक अपनी जगा पी खरा था .......... और महीन की नज़रें उस पर जमी होइ थीं ....... निक क़रीब 50 साल की आगे का था ......... 6'4'' की हाइट .......... मज़बूत ...लम्बा चौरा शरीर ........ रंगत बिलकुल सेयह ....... टिपिकल ब्लाक्स की तरह ............ डार्क ब्राउन आंखें ........ चमकती होइ ..... और अंदर तक उतरती होइन ................ चेहरी पी छोटी सी दाढ़ी थी ....... जो सिर्फ उसकी चीन की इर्दगिर्द थी ...... थोड़ी हार्ड फेसिअल फीचर्स ....... मज़बूत जवळीने ........... हाई चीक बोनस ........ काले होंठ ....... सर पी बुहत छोटी छोटी बाल थय ....... और वह भी कर्ली थय ........... टिपिकल अफ्रीकन स्टाइल की ........ चेहरी पर मुस्कराहट थी ........... जिस सी उसकी बिलकुल सुफैद दांत चमकती होय नज़र आ रही थय ........ वाइट शर्ट औ मैरून टाई लगाय होय ........... टाइट शर्ट मैं उसकी मज़बूत एथेलेटिक शरीर की उतार चढ़ाओ साफ़ दिख रही थय ....... सीने की मसल्स ......... बाज़ोँ की मसल्स ........ सुब साफ़ साफ़ दिख रही थय ............ चौड़े कंधी ... और चेस्ट ........ कुल मिला की निक बुहत hi खूबसूरत मर्द था ......... एक काला ब्लैक होनी की बावजूद .......... महीन निक सी इम्प्रेस होय बिना नहीं रह सकीय ........ वह उस की पर्सनालिटी मैं खो सी गए .......... उसकी फिजिकल अपीयरेंस न्य महीन को काफी मुतासिर क्या था ........ निक की रौब दार पर्सनालिटी की असर सी महीन की दिल की धरकन तेज़ हो गए होइ थी ............ कुछ ऐसी खास बात थी निक मैं जैसी महीन महसूस क्र रही थी मगर समझ नहीं पा रही थी ............ .. अचानक निक की भरी और रौब दार आवाज़ महीन की कानून मैं पारी .......

निक ........ hello मिस ............ गुड मॉर्निंग ......

महीन चौंक क्र उस ट्रांस सी बहार आई और देखा तो उसकी सामन्य खरा निक उसकी तरफ अपना हाथ बढ़ाय होय था ............ महीन की आंखें निक की आँखों मैं झाँक रही थीं .......... और पता नहीं कोई जादू था या कोई ट्रांस की महीन ............ जिस न्य कभी किसी ग़ैर मर्द की साथ हैंड शेक नहीं क्या था ........... विनोद की साथ भी नहीं ........... उसका हाथ खुद सी hi ाग्य को गया और निक की आँखों मैं देखती होय अपना कैम्पटा होआ छोटा सा गोरा हाथ निक की मज़बूत चौड़े काली हाथ मैं दी दया ............ महीन की नज़र नीची निक की हाथ पर गए ........ निक की बारी .. और बिलकुल काले हाथ मैं महीन का नाज़ुक सा गोरा हाथ बुहत छोटा सा लग रहा था ........ बिलकुल ऐसी लग रहा था की जैसी किसी छोटी सी बची का हाथ हो ........... निक का हाथ भी काफी स्मूथ मगर मज़बूत था .....

महीन न्य दोबारा सी निक की तरफ देखा ......... उसकी आँखों मैं ........ वह मुस्करा रहा था ........... उसनी भी महीन की हाथों की कपकपाहट महसूस क्र ली थी ...... आहिस्ता सी उसनी अपनी हाथ मैं पकड़ा होआ महीन का गोरा नरम छोटा सा हाथ दबाया तो उसकी हाथ की दबाओ और उसकी हाथ की टच सी करंट की लहर महीन की पूरी जिसम मैं दौड़ गए ............ महीन निक की सहर मैं खोई होइ थी ....... उसी यह भी याद नहीं था की वह यहाँ पर क्यों है ....... और कुछ देर पहली की अपनी ुक मैं बढ़ जांय वाली पीरियड की फ़िक्र भी उसकी दिमाग़ मैं नहीं थी ............ वह कभी सोच भी नहीं सकती थी की कोई ब्लैक शख्स इतना भी अट्रैक्टिव और हैंडसम हो सकता है ........ उसी यह भी होश नहीं था की उसनी अपना हाथ निक की हाथ सी छुड़वाना है ..........

निक न्य वीर्य सी महीन का हाथ दोबारा सी दबाया और फिर खुद hi महीन का हाथ चोर की बोलै .......... प्लीज हैवे ा सीट ..

महीन चूँकि ........ एक झुरझुरी सी ली ........ और अपनी थूक को अपनी खुश्क होती होय गले सी नीची निगल लय .........

निक .......... हाउ अरे यू मिस ??

महीन न्य अपनी नज़रें झुकाएं .......... ममममममम ..... आए........ एआईई ..... मममममम फ़फ़फ़फ़फ़फ़फ़फ़फ़ फ़फ़फ़फ़फ़फ़ीने ....... सर ......

महीन बुहत hi दिक्कत की साथ यह फिक्र बोल पाई ........

निक को महीन की हालत का अंदाज़ा हो गया था की वह घबरा रही है .......... वह अपनी जगा सी उठा .......... ऑफिस मैं लगी होय वाटर डिस्पेंसर की तरफ बढ़ा ............. महीन की नज़रें एक बार फिर निक पी जैम गए थीं ............ वह उसी आसिफ और विनोद सी काफी ज़्यादा लम्बा, स्मार्ट और मज़बूत लग रहा था ......... चोरी कमर ..... मज़बूत और कुशादा कंधी ........ और टाइट फिटिंग पंत मैं सॉलिड लुकिंग हिप्स .....महीन की नज़रें उसी का जायज़ा लय रही थीं .......... निक न्य शिष्य की एक गिलास मैं पानी भरा और महीन की तरफ अन्य लगा ......... महीन न्य एक नज़र उसी ऊपर सी नीची तक देखा और फिर नीची देखनी लगी .......... निक महीन की क़रीब आया और गिलास महीन की तरफ बढ़ाया ........

निक ........ प्लीज हैवे सम वाटर .......

महीन न्य उस सी गिलास लेनी की लय अपना हाथ ाग्य बढ़ा दया ....... गिलास की तरफ देखती होय महीन की नज़र खुद सी hi ....... बिना किसी िरादय और बिना किसी सोच की निक की बेल्ट की निचली हिस्से पर चली गए ........... पंत की ज़िप का एरिया काफी भारी और फूला होआ लग रहा था ....... एक लम्हे की लय महीन की नज़र उस फूली होय हिस्से पर थार गए ........ और फिर अपना थूक निगलती होय गिलास पाकर लय .......... निक न्य उसकी हाथों को शून्य की कोई कोशिश नहीं की .......... मगर गिलास लेती होय महीन की उंगलयां एक बार फिर सी निक की उंगलयों सी छु गए ............ और महीन का हाथ जैसी एक बार फिर सी कैंम्प गया और पानी गिलास सी छलकती छलकती बचा ........... निक अपनी चमकती होय दांतों की साथ मुस्कराया और वापसी टेबल की पिच्य अपनी चेयर पी चला गया ........... महीन न्य गिलास सी दो घोंट लय क्र गिलास टेबल पर रख दया और दोबारा सी निक की तरफ देखा और जैसी hi उसकी नज़रों सी नज़र मिली तो नीची देखनी लगी ........

निक अपनी सामन्य वैल पहनी बैठी होइ सेहमी सी इंडियन लड़की को देख रहा था ........ महीन की इनोसेंट इंडियन ब्यूटी न्य निक को इम्प्रेस क्या था ...... महीन की खूबसूरती ..... सुफैद रंग ........ और सेहमी सेहमी सी आंखें निक को अछि लग रही थीं .......... मगर अभी वह कुछ भी और नहीं सोचना चाहता था महीन की लये ..........

निक .......... मैं न्य आप की रिज्यूमे और आप की साड़ी परफॉरमेंस रिपोर्ट देख ली है जो इंडिया सी फॉरवर्ड होइ है मुझी ............ आईटी इस वैरी इम्प्रेससिवे ......

महीन को अपनी तारीफ निक की मुंह सी अछि लगी ........ वह आहिस्ता सी बोली ......... थैंक्स सर .......

निक ...... मिस रिलैक्स प्लीज ............ एंड यू मई कॉल में मर. निक इंस्टेड और सर ............. एंड ी वोउल्ड नॉट मंद ............ निक मुस्कराया ............

निक अब उसकी रिज्यूमे और परफॉरमेंस और जॉब डिस्क्रिप्शन सी रिलेटेड उस सी इंटरव्यू करनी लगा .......... महीन भी आहिस्ता आहिस्ता उसकी कंपनी मैं रिलैक्स हो रही थी ........ वह कॉन्फिडेंस की साथ मगर थोड़ा सा शाक्य हो की निक को रिप्लाई क्र रही थी ............ निक की पर्सनालिटी, उसका कॉन्फिडेंस, ऑथॉरिटाटीवे वौइस् .......... इंटेलीजेंट लुक .......... काइंड नेचर ......... शिनणय पियर्सिंग आईज ........ और चारिस्मैटिक एंड चार्मिंग पर्सनालिटी महीन पी बुहत इफ़ेक्ट क्र रही थी ............. वह उसकी सहर सी बहार नहीं निकल पा रही थी ............. वह कभी सोच भी नहीं सकती थी की कोई कोई कला आदमी भी इस क़दर इम्प्रेस्सवे पर्सनालिटी का मालिक हो सकता है ........... और इतना की उस जैसी कन्सेर्वटिवे लड़की भी उसकी पर्सनालिटी सी मुतासिर हो जाय ........ महीन न्य कभी भी किसी भी मेल की बारी मैं नहीं सोचा था ....... मगर आज वह खुद सी इंकार नहीं क्र सकती थी की निक की पर्सनालिटी सी वह सुच मैं hi इम्प्रेस्सेड थी ना सिर्फ एक बॉस की हैस्यत सी बल्कि ........ एक रियल मेल की तोर पी भी ........

इंटरव्यू की एन्ड मैं निक न्य पुछा .......... एनीथिंग यू वांट तो से ...... और अन्य इतर इशू हेरे ........

महीन की दिल मैं आया की वह प्रोबबातिओं पीरियड की बात क्रय मगर उसकी हिम्मत ना होइ कुछ कहनी की ........... बस वीर्य सी बोल दी ....... no सर .......... इतस okay ..........

निक ....... okay ...... थें प्लीज सिग्न थे अग्रीमेंट .......

महीन न्य ख़ामोशी सी पेपर्स टेबल पर रखी और कांम्पत्य होय हाथों की साथ उस पर अपनी सिग्नेचर क्र की पेपर्स निक की तरफ बढ़ा डाई ............

निक अपनी जगा सी फिर उठ खरा होआ और अपना हाथ फिर सी महीन की तरफ बढ़ाया ......... कोंग्रटुलतिओन्स मिस महीन ...... एंड नाउ ऑफिशियली वेलकम इन आवर टीम ............. नाउ यू मई जो तो योर वर्क मिस ....... एंड हैवे ा नीस टाइम हेरे विथ उस .....

महीन न्य भी जल्दी सी खरी हो क्र निक की तरफ देखा और उसी हिम्मत नहीं होइ की वह निक की बढ़ाय होय हाथ को रिजेक्ट क्र दी .......... उसनी आहिस्ता सी एक बार फिर अपनी नाज़ुक सा ........ नरम मुलायम गोरा हाथ निक की चौड़ी काले हाथ मैं दी दया ............ निक न्य महीन का हाथ अपनी हाथ मैं पकड़े होय आहिस्ता सी दबाया ........

महीन न्य निक सी नज़र मिलाई ........ तो निक महीन की आँखों मैं देखती होय बोलै ...... ....... ी ऍम लुकिंग फॉरवर्ड तो वर्क विथ यू ...... एंड ी होप यू विल बे ा नीस अद्दितीओं इन आवर टीम ........... एंड ा ब्यूटीफुल ओने आल्सो .............. निक न्य हलकी सी स्माइल की साथ बोलै ..........

महीन की आंखें निक की मगेंटिक आँखों सी मिली होइ थीं ........ निक की यह बात सुन क्र महीन का जिसम हिल सा गया ...... और उसकी दिल की धरकन तेज़ हो गए .......... उसी लगा की जो अलफ़ाज़ निक बोल रहा है उनका मतलब निक की आंखें कुछ और hi ब्यान क्र रही हैं ....... और वह शायद उन आँखों का मतलब समझ रही थी ....... .. मगर फिर भी उसनी निक की तरफ देखती होय वीर्य सी बोलै ............. सूरे सर ......... में तू .... और ाहसिता सा अपनी नज़रें झुका दिन .......... निक की बात सी महीन की चेहरी पर शर्म की सुर्खी दौड़ गए थी ............. और निक महीन की इस बात पी हल्का सा मुस्करा दया ...........

निक न्य महीन का हाथ चोर दया ............ महीन का पूरा जिसम जैसी कैंम्प रहा था ........ निक की हाथ सी उसकी जिसम की गर्मी महीन की जिसम मैं फैल रहे थी ........ जिस सी उसका चेहरा ब्लश क्र रहा था ........... वह अपनी ब्लश होती होय चेहरी की साथ जल्दी सी मुद की दरवाज़ा खोल की ऑफिस सी बहार निकल आई ............

महीन की बहार अन्य की बाद विनोद अपनी डाक्यूमेंट्स को हाथ मैं लये होय ऑफिस मैं दाखिल हो गया ...........

विनोद की जाती hi जेनी महीन की पास आई ...... महीन का चेहरा बलुशिंग सी गुलाबी हो रहा था ........... जो जेएनय की नज़रों सी बच नहीं पाया ..........

जेनी बोली ... वेल, वेल, वेल ....... लुक्स लिखे समवन हद ा वैरी नीस मीटिंग विथ हेर नई हैंडसम एंड चार्मिंग बॉस .........

महीन न्य झीणम्पत्य होय जेनी की तरफ देखा ...... उसका चेहरा और भी ब्लश करनी लगा ........ ओह के ों जेनी, व्हाट अरे यू सयिंग ...

जेनी..... ी ऍम सयिंग राइट ..... समवन इस बलुशिंग हेअविलय ....

महीन न्य इधर उधर देखती होय अपनी नज़रें झुका लीन और बोली ..... नोथिग इस लिखे तहत ..... मर. निक इस गुड पर्सन एंड रियली इम्प्रेससिवे. हे इस माय बॉस एंड नथिंग ेल्स इस इन माय मंद फॉर हिम .........

जेननयनय विंक कृत्य होय महीन की तरफ मुस्करा की देखा और बोली ........ ऑलराइट नथिंग इस राइट नाउ ...... बूत तेरे मई बे समथिंग लिटिल लेटर .......... हहहहए

महीन मुस्करा की उस सी नज़रें चुरा की अपनी ऑफिस केबिन की तरफ चली गए .......... उसी जेनी का ऐसी तैसे करना अजीब भी लगा था और ाचा भी ....... लकिन यह है की बुरा नहीं लगा था .. बस वह उसकी बातून पर मुस्करा रही थी .......... अपनी सीट पी बैठी महीन सोच रही थी ........ उफ्फ्फ्फफ्फ्फ्फ़ क्या जादू था बॉस की आँखों मैं ............ तू मच अट्रैक्टिव एंड हिप्नोटिक ............. हहहह ...........

कुछ देर मैं विनोद भी वापिस आज्ञा ....... और अपनी मीटिंग की बारी मैं महीन को बताया ........... वह भी निक की पर्सनालिटी और सुप्पोर्टीवे बेहेवियर सी काफी इम्प्रेस्सेड था .........

ऑफिस की बाद महीन और विनोद एक बार फिर सी अपनी रेजिडेंस की सर्च की लय निकली .......... प्रॉपर्टी कंसलटेंट की साथ 2 घंटी तक खवार होनी की बावजूद वह किसी एक की लय भी कोई मुनासिब रेजिडेंस नहीं ढून्ढ सकी ...... और आखिर कार थक की होटल वापसी का इरादा क्र लय .......

विनोद न्य बहार hi एक रेस्टुरेंट मैं कहानी का मश्वरा दया ....... महीन न्य भी एग्री क्र लय ..... दोनों एक रेस्टुरेंट मैं कहानी की लय बेथ गए .......... यह पहला मौका था की महीन अपनी हस्बैंड की इलावा किसी और मर्द की साथ किसी रेस्टुरेंट मैं अकेली खाना कहानी आई थी ...... महीन को अजीब सा लग रहा था ... मगर फिर उसनी इस ख्याल को झटक दया ....... क्यों की अब तो वह अपनी कंट्री सी बहार थी ......... और इसी ग़ैर मर्द विनोद की साथ hi ुक मैं आई होइ थी ........ और वह भी 16 महीने तक रहंय की लय ....... महीना और विनोद रेसिडेन्सेस को डिसकस कृत्य होय खाना कहानी लगी ......... खाना खा क्र दोनों वापिस होटल आ गए ..........
 
डिअर फ्रेंड्स

आपकी कमैंट्स इस बात की लय चाहिए की महीन और विनोद का टिया एनकाउंटर कैसा था. आप को कैसा लगा.

और बॉस की साथ पहली मुलाक़ात पी महीन का रिएक्शन कैसा लगा.

एक्चुअली कहानी मैं सेडक्टिव ऑलमोस्ट नील है सिर्फ नेचुरल डे तो डे इन्सिडेन्सेस हैं जो चरक्टेर्स को क़रीब लानी का बाइस बन रही हैं.

प्लीज कीप इन टच फॉर मोरे.

थैंक्स

पिंकबाबी
 
अपडेट NO: 07

आज भी महीन का रूम नेट एंड क्लीन था ....... वेल अरेंज्ड एंड फ्रेश .......... उसकी ुसेड कपड़े लौंडरी बकेट सी लय की जाय जा चुकी होय थय ........ और नई फ्रेश नाईट ड्रेस का पैकेट भी सलीक़ी सी कप्बोर्ड मैं रखा होआ था ............. महीन न्य मुंह हाथ धोया और फिर बिना ड्रेस चेंज कए होय मोबाइल लय क्र बेथ गए आसिफ सी बात करनी की लय ............ आसिफ न्य उसी हौसला दया ......... ेन्सॉरगे क्या .......... और महीन को रिलैक्स क्या ........... जिस टेंशन मैं वह सुबह सी थी ............. आसिफ की बातों और ेन्सॉरगेमेन्ट सी महीन रिलैक्स हो गए ......... और अपनी आप को मेंटली ुक मैं लम्बे अरसे की लय रहंय की लये प्रेपर क्र लय ............ क़रीब पोनी घंटी तक महीन अपनी हस्बैंड सी बात करती रही ..... आसिफ सी बात करनी की बाद महीन अपनी बैग का सामान ठीक करनी लगी ........ 9 बाजी की क़रीब विनोद की कॉल आई ........ डिनर की लय चलनी की लय .......... महीन न्य जल्दी सी अपना वैल लय .......... मेक ठीक क्र की रूम सी बहार आगये .......... विनोद उसका वेट क्र रहा था ........... दोनों न्य नीची जा की खाना खाया ......... खाना खाती होय महीन न्य विनोद को आसिफ की साथ होइ बात चीत का बताया ........... विनोद न्य भी उसी यही कहा की अब और कोई ऑप्शन भी तो नहीं है न सिवाय कंपनी की कंडीशंस को एक्सेप्ट करनी की ......... महीन न्य भी एक्सेप्ट क्र लय ........

खाना कहानी की बाद महीन विनोद की साथ वाक की लय चल पारी ...... दोनों होटल सी बहार निकले और कुछ दूर तक वाक करनी लगी ........ महीन को लंदन का माहोल बुहत ाचा लग रहा था ......... बातें कृत्य होय विनोद की साथ चलती चलती थोड़ी दूर तक आ गए ....... और फिर वहां सी वापसी अपनी होटल को पोहंची ............ विनोद की साथ क़दम सी क़दम मिला की चलना भी ाचा लग रहा था ............ एक अहसास हो रहा था की अगर आसिफ उसकी साथ नहीं है तो कोई तो है जो उसका साथ देंय और उसकी प्रोटेक्शन करनी और उसका ख्याल रखनी की लय उसकी साथ है ...........

कुछ देर मैं दोनों अपनी अपनी रूम मैं ाग्य ....... विनोद महीन को गुड नाईट बोल की अपनी कमरे मैं चला गया .......... 10 पं का टाइम हो रहा था ............ महीन न्य रूम मैं आ की टीवी ों क्या ........... उस पी बॉलीवुड की सांग्स का चैनल लगया .......... और गुनगुनाती होइ वाशरूम मैं चली गए ............ वाशरूम का दरवाज़ा उसनी कोनसा लॉक करना था ........ वाशरूम मैं भी सांग्स की आवाज़ आ रही थी .......... महीन टॉयलेट सीट पी बेथ गए ............. कुछ देर खुद को रिलैक्स करती रही .......... फिर ाच्य सी मुंह हाथ धोया ........ ब्रश क्या ........ और फिर जाती जाती उसकी नज़र लौंडरी बकेट पी पारी ....... महीन को एक ख्याल आया ........... उसनी वहीँ बाथ रूम मैं hi अपनी कमीज उतारी ........ उसी बकेट मैं दाल दया ........ फिर अपनी शलवार भी वहीँ दाल दी ........... उसकी बाद अपनी ब्रा और पंतय भी उतार की लौंडरी बकेट मैं डालनी लगी तो उसी ख्याल आया की कहीं सोनी सी पहली फिर न बहार जाना पारी किसी काम सी तो उसनी अपनी ब्रा और पंतय बकेट मैं डालनी की बजाय हेंगर पी हैंग क्र दी ........... फिर आंय मैं मुस्करा की खुद की नंगे जिसम को देखा ............ और फिर वाशरूम सी बहार आगये .......... बहार आ की कप्बोर्ड खोल की होटल की तरफ सी रखी होय नाईट ड्रेस की पैकेट को देखा .............. लाइट ब्लू कलर की ड्रेस थी उस ट्रांसपेरेंट पॉलिथीन पैकेट मैं ........... महीन न्य वह पैकेट उठा लय और ला क्र बीएड पी रख दया ........... उसी खोलनी की लय ...........

महीन न्य वह नाईट ड्रेस वाला पैकेट खोला और उसी देखनी लगी ......... उसी शॉक सा लगा क्यों की यह पहली रखी होय ड्रेसेस सी डिफरेंट था ............ इस मैं पजामा की जगा पी एक शॉर्ट्स था जो की नीज सी ऊपर तक था तक़रीबन और जो शर्ट वैसी hi फ्रंट बटन थी ........ लकिन इसकी बाज़ू और भी शार्ट थय ....... जस्ट शोल्डर सी थोड़ा सा नीची को होती होय ....... मगर बाज़ू कवर नहीं होती थय ........... महीन को अजीब सा लगा की वह ऐसा ड्रेस कैसी पहन सकती है ....... यह तो बुहत hi छोटा है ........... वह उसी वापिस पैकेट मैं रखनी लगी .......... फिर उसी ख्याल आया की वह तो रूम मैं अकेली hi है न ....... तो इसको भी तरय करनी मैं क्या हर्ज है ............. यही है न अगर आज विनोद आय गए तो वह उसको बुलानी सी पहली चेंज क्र लय गई .............. यह सोच क्र महीन मुस्कराई ........ और वह छोटा सा शार्ट बिना पंतय की पहन लय ..... फिर ऊपरी नंगे जिसम पर नाईट ड्रेस की शर्ट भी पहन ली बिना ब्रस्सिएर की........... खुद को आंय मैं देखा तो मुस्कराय बना ना रह सकीय ........ उसका गोरा गोरा जिसम नंगा हो की बुहत hi सेक्सी लग रहा था ........... गोरी गोरी टांगें ....... शार्ट सी निकल रही थीं ........ शर्ट आज भी शार्ट hi थी .......... बल्कि आज तो उसकी पजामा सी भी 2 इंच ऊपर hi थी ........ जिस सी उसकी पते का कुछ हिस्सा दिख रहा था .............. महीन आ की बीएड पी लेट गए ........ और टीवी देखनी लगी ..........

महीन बीएड पी लेती होइ थी की अचानक hi उसका दूर नॉक होआ ....... महीन न्य क्लॉक की तरफ देखा तो क्लॉक 11:10 पं का टाइम बता रहा था.. महीन को ख्याल आया की यह आदम hi न हो जो उसकी धूलि होइ ड्रेस लय क्र आया हो गए ........... महीन बीएड सी उठी ..... और अपनी हालत की तरफ नज़र डाली ....... उसकी गोरी गोरी टांगें नीज तक नंगी हो रही थीं ............ महीन न्य सोचा की जल्दी सी ड्रेस चेंज क्र लय .......... मगर इतनी मैं फिर सी नॉक हो गया ..........

महीन .......... हु इस तेरे .......???

बहार सी आदम की आवाज़ आई ........... रूम सर्विस मम .......

महीन ...... okay प्लीज वेट ा मिनट .........

महीन को कुछ समझ नहीं आई तो उसनी जल्दी सी ड्रेसिंग टेबल पर रखा होआ अपना वैल उठाया ....... और उसी अपनी कमर पी लपेट लय ...... वैल भी कोई बुहत ज़्यादा लम्बा नहीं था ........ लकिन महीन की तइस को कवर करर रहा था ....... उसकी घुटनो सी थोड़ा नीची तक आ रहा था ............ महीन अपनी वैल को अपनी कमर की गिर्द टाइट करती होइ दूर पर पोहंची और दूर खोल दया .........

सामन्य आदम अपनी हाथ मैं महीन की कपड़ों का पैकेट लये होय खरा था ...........

आदम ........... गुड इवनिंग मम ........... सॉरी तो बोथेर यू ....... ात थिस ऑवर .....

महीन अपनी चेहरी पी ज़बरदस्ती की मुस्कराहट लाती होइ बोली .......... इतस okay ........... प्लीज के इन ......

महीन को ना चाहती होय भी उसी अंदर अन्य की लय रास्ता देना पारा ............ वह अंदर दाखिल होआ और आ की महीन की धूल की प्रेस होइ ड्रेस का पैकेट वहां टेबल पर रख दया ........... महीन भी उसकी पिच्य पिच्य आगये थी .............. पैकेट रख की आदम मुदा और महीन की तरफ देखनी लगा ............ महीन की जिसम पी उसकी नज़रें फिसलनी लगीं .......... गूरी गूरी नंगी बाज़ू ........ और नंगी टांगें ............. कमर की साथ लिप्त होआ उसका वैल ........... जो उसकी शॉर्ट्स और तइस को कवर क्र रहा था ............. महीन की शर्ट का गाला भी थोड़ा ओपन हो रहा था ....... जिस सी उसका सुफैद सीना दिख रहा था ............

आदम जांय लगा तो महीन बोली ............... व्हाई थिस नाईट ड्रेस इस चेंज्ड टुडे ...........

आदम महीन की बात का जवाब देंय की बजाय बोलै .......... ीसन्त आईटी फिट और नॉट ऑफ़ योर साइज मम ........... ???

महीन उल्टा उसकी सवाल सी थोड़ा परेशां हो गए ........... no no ....... ी मैं तो से ....... लास्ट डेज आईटी वास् लॉन्ग पजामा विथ थिस नाईट ड्रेस बूत टुडे ........ आईटी इस ......... यू क्नोव ....... इतस लिखे शॉर्ट्स ......

आदम न्य नीची देखती होय एक नज़र महीन की गोरी गोरी नंगी टांगों पी डाली और बोलै ............. एक्चुअली मम ........ होटल ऑफर्स डिफरेंट स्टाइल नाईट ड्रेसेस ............... इतस ओनली तहत मटर ............. िफ़ यू अरे नॉट कम्फर्टेबले इन आईटी थें ी कैन ब्रिंग सम इतर ...........

महीन ....... no no ....... इतस okay .......... महीन टेबल पी रखी होय अपनी ड्रेस की पैकेट को देखती होइ बोली जिसकी ऊपर उसकी रूम नंबर का स्टीकर लगा होआ था ............. अपनी ड्रेस को देखती होय महीन को अचानक ख्याल आया की आज इसकी साथ छोटा पैकेट नहीं है ....... मतलब की उसकी ब्रा और पंतय आज धुलनय की बाद वापिस नहीं आई थी ........... उसी अजीब लगा ..... और आदम सी पूछना और भी अजीब लग रहा था ...........

आदम .......... okay मम .......... मई ी लीव नाउ .......... वह यह कह की मुदा और दरवाज़ी की तरफ बढ़ा ...........

पिच्य सी महीन बोली ...... वेट ा मिनट प्लीज ...........

आदम मुद की महीन की तरफ देखनी लगा ..........

महीन ........ ायम्म ...... मममम ........ ी थिंक समथिंग इस मिसिंग .....

आदम ......... व्हाट .......... व्हाट दो मैं समथिंग इस मिसिंग ???? इस एवरीथिंग okay मम ........

महीन .......... यह ...... यह ...... ी मैं तो से ..... थे स्मॉलर पैकेट ऑफ़ माय ड्रेसेस इस मिसिंग टुडे ....... यू didn't ब्रिंग तहत टुनाइट......

आदम महीन की ड्रेस की पैकेट की तरफ देखता होआ बोलै ....... ओह ...... यू मैं तो से मम ........ थे स्माल पैकेट ऑफ़ योर उन्देर्गर्मेन्ट्स इस मिसिंग ........ ???

महीन न्य शर्म सी ब्लश कृत्य होय अपनी नज़रें आदम सी चुराईं और ाहसिता सी बोली ......... ह्म्म्मम्म्म्म ..........

आदम न्य उस पैकेट को उठा की उलट पुलट क्र की देखा और फिर बोलै ........... एक्सक्यूज़ में मम दो यू रेमेम्बेर तहत यू हैवे गिवेन योर उन्देर्गर्मेन्ट्स फॉर वाशिंग टुडे???? ी फील यू मई नॉट हद गिवेन आईटी टुडे ......

महीन थोड़ा परेशां होती होइ बोली ........ no no ..... ी लेफ्ट आल माय क्लोथ्स इन थे लौंडरी बकेट इन थे मॉर्निंग............ एंड ठोस वेरे आल्सो तेरे .......... ी ऍम नॉट फॉर्गेटिंग .......

आदम .......... okay okay मम ............ ी ऍम रियली सॉरी ........... ी मई हैवे मिस्ड आईटी इन थे लाउडरय ............ ी शॉल जस्ट फेच बैक योर उन्देर्गर्मेन्ट्स इन ा व्हिले .............. एक्सक्यूज़ में मम ....... व्हाट वेयर ठोस टुडे .......... ओनली ब्रा और बोथ ब्रा एंड पंतय ........

महीन फिर शर्मिंदाह हो गए .......... आहिस्ता सी बोली ......... बोथ ....

आदम ........... Okay मम ........... ी शॉल ब्रिंग आईटी बैक ......... यह बोल क्र आदम रूम सी चला गया ..............

महीन न्य दरवाज़ा बंद क्या ....... मगर लॉक नहीं क्या .......... और आ क्र बीएड पी सरहंय सी टेक लगा क्र बेथ गए अपना सर पाकर की .......... उफ्फ्फ क्या मुसीबत है न ........... अब यह सुब बातें मुझी उस अजनबी सी करनी पर रही हैं ............. महीन आदम का वेट करनी लगी ..........

अप्प्रोक्सिमाटेली 15 मिनट की बाद दूर नॉक होआ ....... महीन न्य वहीँ बैठी बैठी उसी आवाज़ दी ............ यस के इन ............ दूर इस ओपन .......

आदम दरवाज़ा खोल क्र अंदर दाखिल होआ ........ और दरवाज़ा बंद क्र की महीन की तरफ बढ़ा ............ महीन भी सीढ़ी हो कर पाऊँ नीची लटका क्र बेथ गए ............. महीन न्य देखा की उसकी हाथ मैं एक ब्लैक कलर का पॉलिथीन बैग है .......... महीन की क़रीब आ कर आदम न्य वह पॉलिथीन बैग महीन की तरफ बढ़ाया और बोलै ...........

आदम .......... मम हेरे अरे योर ब्रा एंड पंतय .......... ी ऍम रियली सॉरी फॉर योर इनकन्वेनिन्स ............. ी मिस्ड तो कलेक्ट आईटी फ्रॉम थे लौंडरी...

महीन न्य शर्माती होय आदम की हाथ सी वह पैकेट लय लय ........... और उसी अपनी क़रीब बीएड पी रख दया और आदम सी बोली .......... थैंक्स ....

आदम मुस्कराया .......... मम प्लीज चेक आईटी फॉर ा व्हिले .......... एंड कन्फर्म तहत यू हैवे रेसिवेद योर ओन उन्देर्गर्मेन्ट्स ..........

महीन थोड़ा शर्मिंदा होइ और फिर वह पैकेट खोल की अंदर देखा . तो उसकी चेहरी पी परेशानी की आसार ज़ाहिर हो गए .......... ी ऍम सॉरी बूत इतस नॉट माइन आदम ....... महीन न्य वह पैकेट आदम की तरफ बढ़ाती होय कहा ........

आदम न्य वह पैकेट लय और उसी खोल की उस मैं सी दोनों चीज़ें निकाल की बोलै .............. हाउ इस आईटी पॉसिबल मम ......... आदम की हाथ मैं ब्लैक कलर की ब्रा और मैचिंग पंतय थी ....... आदम न्य ब्रा को हाथ मैं पाकर की खोला ....... और बोलै ........... ीसन्त आईटी योर्स मम ........

महीन ब्लश करती होइ ........ no इतस नॉट माइन ........... डोंट यू सी आईटी इस तू लार्ज ............

महीन की यह कहती hi आदम की नज़र खुद सी hi महीन की बूब्स पर चली गए ............. और उसी देख क्र महीन अपनी hi कही होइ बात पी शर्मिंदाह हो गए ............

फिर आदम न्य उसी पैकेट सी एक ब्लैक कलर की पंतय निकाल की महीन की तरफ बढ़ाई ........... isn't आईटी योर्स ऐथेर ........... चेक आईटी प्लीज मम ........

महीन न्य शर्मिंदगी की साथ आदम की हाथ सी वह पंतय ली और उसी चेक करनी लगी ............. यह उसकी hi थी .......... 1 मिनट मैं hi महीन अपनी पंतय को पहचान गए थी ................. यस इतस माइन ....... बूत नॉट थे इतर ओने ......... महीन न्य सुराख़ होती होय चेहरी की साथ बोलै .............

आदम .......... मम यू मैं तो से तहत थिस पंतय इस योर्स बूत नॉट थिस ब्रा .......

महीन बलुशेड ............ हम्म्म ..

आदम .......... इतस okay मम ............ ी शॉल सर्च आईटी अगेन इन थे लौंडरी ........... ी होप ी शॉल फंड आईटी तेरे िफ़ आईटी है नॉट गॉन तो सम इतर रूम .....

महीन इस बात सी और भी परेशान और शर्मिंदाह हो गए ... ....... हम्म्म

आदम जांय लगा फिर रुक की बोलै .......... एक्सक्यूज़ में मम ...... बूत ........ कैन यू प्लीज तेल्ल में थे कलर ऑफ़ यू ब्रा ...................... तहत विल मेक आईटी इजी फॉर में तो फंड आईटी इन थे लौंडरी .........

उसकी बात पी महीन को लगा की वह लिमिट क्रॉस क्र रहा है ........ मगर फिर उसी अहसास होआ की वह बिलकुल ठीक बात क्र रहा है ..........

महें आहिस्ता सी ........... तहत इस पर्पल कलर्ड विथ डॉट्स ......

आदम फिर अचानक सी बोलै .......... एंड थे साइज ऑफ़ योर ब्रा मम प्लीज ......

महीन का चेहरा शर्म सी सुराख़ हो गया ........ महीन न्य उसकी चेहरी की तरफ देखा ........

आदम ...... ी ऍम सॉरी मम ........ बूत आईटी विल मेक आईटी मोरे इजी फॉर में तो फंड आईटी ..........

महीन आहिस्ता सी बोली ........... 36

आदम आहिस्ता सी मुस्कराया .......... और फिर रूम सी चला गया ......... महीन शर्म सी अपना चेहरा अपनी दोनों हाथों मैं छुपा क्र बेथ गए ........ की यह क्या हो रहा है .......... इतनी ज़्यादा पर्सनल बातें आदम की साथ ........ लकिन मैं भी क्या करती बातें तो वह कोई ग़लत नहीं पूछ रहा था ....... तो फिर बतानी hi थी न ........... महीन खुद सी बोली ....

थोड़ी देर मैं नॉक होआ ............ महीन न्य फिर सी उसी अंदर अन्य को बोल दया ........ आदम अपनी हाथ मैं एक छोटा पैकेट लय होय अंदर दाखिल होआ ........... दरवाज़ा बंद क्र की वह महीन की तरफ बढ़ा ....... जो बीएड पी उठ की बेथ गए होइ थी ...........

आदम महीन की क़रीब आया ........ और अपनी हाथ मैं पकड़ा होआ पैकेट खोल की उस मैं सी महीन की पर्पल डॉटेड ब्रा निकाली ....... और महीन की तरफ बढ़ाती होय बोलै ........ ी होप आईटी इस योर्स ...

महीन न्य झिझकती होय आदम की हाथ सी अपनी ब्रा लय ली ............ और उसी देख क्र बोली ........ यस ........ थैंक्स ... और उसी दूसरी तरफ अपनी सरहंय की नीची रख दया ...............

आदम आहिस्ता सी बोलै ............. ओह थैंक्स गॉड ........ यू गोत योर ब्रा ात लास्ट ...........

उसकी बात पी एक शर्मीली सी मुस्कराहट महीन की होंटो पी फील गए .......... और वह हंस दी .......

आदम ........ मम व्हाट अबाउट योर tomorrow's ऑफिस ड्रेस ....... प्लीज गिव आईटी तो में फॉर इरविंग .............

महीन को याद आया की कल की लय ड्रेस तो निकाली hi नहीं है उसनी ........ वह जल्दी सी उठी ...... अपनी कमर पी बंधी होय अपनी वैल को थोड़ा ठीक क्र की टाइट क्या और कपबओर्ड की तरफ बरही ....... छोटा सा वैल उसकी हिप्स पी बुहत टाइट हो रहा था ........... और चलती होय पिच्य सी आदम को उसकी हिप्स का पूरा नज़ारा मिल रहा था ............

आदम की नज़रों सी बी खबर महीन कप्बोर्ड की तरफ आई .......... और उसी खोल क्र उस मैं सी अपना एक ड्रेस निकालनी लगी ...... ड्रेस निकल क्र महीन वापिस आई ........ और ाक्य वह आदम को दी दया ............. ड्रेसिंग टेबल की क़रीब खरी हो क्र .....

आदम ........ थैंक्स मम

महीन मुस्कराई ...... थैंक्स .......

आदम न्य ड्रेस लय और महीन की रूम की दूर सी बहार निकल गया ......... उसकी जांय की बाद महीन न्य एक लम्बा सुकून का सांस लय .......

महीन मुस्कराई और खुद सी बोली ........... यह लड़का तो बुहत hi शर्मिंदाह करता है ..... ऐसी ऐसी बातें पूछता है की बस ......... महीन न्य अपनी कमर पी बंधा होआ अपना वैल खोला और उसी वापिस ड्रेसिंग टेबल पी रख की अब उसी शॉर्ट्स और शर्ट वाली नाईट ड्रेस मैं hi दूर लॉक करनी की लय दरवाज़ी की तरफ गए ........

अभी महीन दरवाज़ी तक पोहंची hi थी की दरवाज़ी को हाथ लगानी सी पहली hi ............ दूर नॉक होआ ...... और अगली hi लम्हे दरवाज़ा खुल गया ......... खुली होय दरवाज़ी मैं आदम खरा था ........... उसकी हाथों मैं अभी भी महीन का प्रेस की लय दया होआ ड्रेस था ........... और उसकी सामन्य महीन नाईट ड्रेस वाली शॉर्ट्स और शर्ट मैं खरी थी ........ इस बार बिना वैल बंधी होय ....... जो कुछ महीन थोड़ी देर पहली आदम सी छुपा रही थी वह सुब अब आदम की नज़रों की सामन्य था ...... महीन भी ऐसी हालत मैं आदम को सामन्य देख क्र घबरा गए ........ और अपनी जगा स्टेचू बन की रह गए .......... आदम की नज़रें महीन को ऊपर सी नीची तक देख रही थीं ............ महीन ऐसी जगा खरी थी की वह जल्दी सी अपना वैल भी नहीं उठा सकती थी ....

आदम hi आखिर बोलै ...... ी ऍम सॉरी मम ........ ी वांट तो आस्क अबाउट मॉर्निंग ........ व्हेन कैन ी डिलीवर थे ड्रेस ....

महीन न्य शर्मिंदाह चेहरी की साथ अपनी नज़रें झुकें और बोली .......... 7 ऍम प्लीज ........ और यह कह क्र जल्दी सी दरवाज़ा बंद क्र दया ....... और दरवाज़ी सी कमर लगा की खरी हो की आंखें बंद क्र की बोली ............. uuuuuuuuffffffffff ........ हे इस इम्पॉसिबल ........... एंड ूनप्रेडिक्टेबले ...... कब क्या बोल दी ...... कब क्या क्र दी ............. फिर महीन हंसी और नाईट लाइट ों क्र की बीएड की तरफ बढ़ गए ...........
 
महीन को अभी नींद नहीं आ रही थी ......... इसलय वह बीएड पर लेट क्र टीवी की चैनल्स चेंज करनी लगी ........... मोबाइल देखती होय ........ अचानक hi एक चैनल पी चल रहा होआ प्रोग्राम देख क्र महीन की हाथ वहीँ रुक गए ..... वह चौंक पारी .......... और वह बीएड पी सीढ़ी हो क्र बेथ गए ........... उसकी सामन्य टीवी पर एक चैनल चल रहा था ........ स्क्रीन की उप्पेर राइट कार्नर मई 18+ लिखा होआ था ......... और लोअर राइट कार्नर मैं "ब्लॉकेड" लिखा होआ नज़र आ रहा था ......... जिस चीज़ न्य महीन को चौंकाया था ......... वह यह थी की ज़मीन पर एक मैट्रेस्स पी एक ब्लैक नीग्रो उल्टा लेता होआ था ......... सिर्फ और सिर्फ एक अंडरवियर पहनी होय ............ बाक़ी उसका पूरा जिसम बिलकुल नंगा था .......... काला स्याह जिसम ....... लकिन काफी स्ट्रांग बॉडी लग रही थी ...... कमर की मसल्स भी काफी सख्त और स्ट्रांग लग रही थय ......... महीन की ज़ेहन मई फौरन hi अपनी बॉस निक का ख्याल आया .......... ओह्ह ...... इसका रंग तो बिलकुल मर. निक की तरह है ...... बिलकुल कला .... महीन यह सोच क्र मुस्कराई .......... लकिन यह कैसा प्रोग्राम है ......... और इस मैं हो क्या रहा है ............ शायद कोई मस्सगे का चैनल है ........

अभी महीन चैनल चेंज करनी hi वाली थी की ....... इतनी मैं एक बुहत hi खूबसरत गोरी लड़की स्क्रीन पी नज़र आई .......... उसकी रंगत बुहत सुफैद ...... आंखें ग्रीन ...... और बोंडे बाल थय........ बिलकुल स्मार्ट बॉडी ....... खूबसूरत उभरा होआ सीना ... बुहत hi खूबसरत लग रही थी.............. उस न्य एक स्लीवलेस वाइट टी शर्ट और हाफ तइस लेंथ का शार्ट पहना होआ था ......... जो टाइट फिटिंग मैं था .... जैसी टाइटस होती हैं ....... टी शर्ट भी टाइट और छोटी सी थी ......... बुहत hi पतली सी कपड़े की ............ महीन को उसकी टी शर्ट की ऊपर सी hi उस गोरी लड़की की निप्पल्स दिख रही थय ...... नौकीलय ....... प्रॉमिनेंट होती होय........ शर्ट सी झांकती होय....... ..... उसकी हाथ मैं एक बोतल थी ...... महीन को थोड़ा अजीब सा लगा की इस क़दर रेवेलिंग ड्रेस मैं यह खूबसूरत लड़की उस काली आदमी का मस्सगे करनी वाली है ....... वह उस काली आदमी की साइड पी आ की खरी हो गए .......... महीन को इंटरस्ट पैदा हो रहा था की आखिर यह हो क्या रहा है ...... और यह लड़की क्या करनी जा रही है .......... महीन न्य कभी भी आज तक पोर्न वीडियोस नहीं देखि थीं ...... इसलय उसी यह नहीं पता था की ाग्य अचानक सी क्या हो सकता है .......... और किस हद तक हो सकता है ........... लकिन उसकी लय यह था की यह सेंस किसी भी मूवी की हिसाब सी थोड़ा अलग रहा था .......... इसलय वह इसी एक सिंपल मस्सगे वीडियो समझ रही थी ..... मगर जो चीज़ उसी अलग अहसास दिला रही थी वह यह थी की कैसी एक इतनी खूबसूरत लड़की उस काले आदमी की जिसम का मस्सगे क्रय गई ......... और वह भी इतना सेक्सी और रेवेलिंग ड्रेस पहनी हो ..........

वही गोरी लड़की उस काली की क़रीब आ की बेथ गए ........ और अपनी हाथ मैं पकरि होइ बोतल सी कुछ लिक्विड उस काली की जिसम पर गिरानी लगी ...... तब महीन को पता चला की यह आयल है जो वह लड़की उस काली की नंगे जिसम की ऊपर गिरा रही थी ....... उसकी काली सॉलिड कमर की ऊपर ...... आयल डालनी की बाद उस गोरी लड़की न्य आहिस्ता आहिस्ता अपनी गूरी गूरी हाथो की साथ उस आयल को उस काली की कमर पी लगाना शुरू क्र दया .......... महीन को यह सुब देखती होय अजीब सा लग रहा था ............. महीन को अजीब लग रहा था की कैसी एक इतनी खूबसूरत गोरी लड़की ........ कैसी एक इतनी काले आदमी का आयल मस्सगे क्र सकती है ............. जैसी वह गोरी लड़की वीर्य वीर्य उस काली आदमी की जिसम पी अपना हाथ फेरती होइ आयल मॉल रही थी ........... महीन की सांसें तेज़ होनी लगी थीं ...... वह गोरी उस काली की जिसम पर आयल लगाती जा रही थी ........ कमर सी हो क्र नीची उसकी टांगों पर लगानी लगी ...... वह गोरी लड़की उठ की उस काले की ऊपर आई .... और उसकी जिसम की दोनों तरफ अपनी टांगें रखती होय ....... उसकी काली मज़बूत तइस पर बेथ क्र उसकी कमर पी दोनों हाथ रख की उसकी कमर की मालिश करनी लगी .......... महीन को बुहत अजीब लगी उसकी यह पोजीशन ...... की कैसी वह खूबसूरत लड़की उस काली की जिसम की ऊपर बेथ गए है ....... बिना उसकी जिसम सी टच होनी की फ़िक्र कए ... महीन को उस गोरी की ......... उस काले की लय अफेक्शन बुहत hi अजीब लग रही थी .............. मगर उस गोरी की चेहरी पी तो कुछ भी ऐसा महसूस नहीं हो रहा था की उसी यह सब ाचा ना लग रहा हो ...........

थोड़ी देर तक ऐसी hi कमर पी आयल लगानी की बाद उस गोरी न्य उस काली को कुछ बोलै ....... और वह काला आदमी करवट लय क्र सीधा हो गया .......... और साथ hi महीन न्य ज़ोर सी अपनी थूक को निगला ......... अब वह कला टेबल पर उस गोरी की सामन्य सीधा लेता होआ था ......... महीन की नज़रें खुद सी hi ..... ना चाहती होय भी उसकी अंडरवियर की तरफ चली गईं ........ जो काफी फूला होआ लग रहा था ........... महीन को अपना मुंह खुश्क होता होआ महसूस होनी लगा ........ उस गोरी न्य अब काले की सीने पर आयल डाला और उसी सहलानी लगी ........ उस गोरी की गोरी गोरी हाथ अब उस काली की बिलकुल सेयह छाती पी फिसल रही थय उस आयल की वजह सी ........ कभी वह उस की काली काली निप्पल्स को सहलानी लगती और कभी उसकी सीने को .......... उसकी हाथ नीची को जा रही थय ...... उसकी पेट पर फिसलती होय उसकी अंडर वियर की बंद को छु क्र वापिस आजाती ....... महीन को कुछ पता नहीं था की क्या होनी वाला है ाग्य ......... मगर उसकी बावजूद भी उसी कुछ हो रहा था की ....... उसकी दिल की धरकन बुहत तेज़ हो रही थी ...... दिल ज़ोर ज़ोर सी सीने मैं धारक रहा था ....... जैसी अभी की अभी उसक हलक़ की रास्ती मुंह सी बहार आ जय गए ........ जैसी उसका दिल कह रहा हो की वह गोरी कुछ और क्रय ........ थोड़ा हाथ और ाग्य बढ़ाय ....... और वहां रख दी .... जहाँ महीन की नज़रें जा रही .......... उस काले की अंडरवियर की ऊपर ..... जहा उसका अंडरवियर फूला होआ था ........ लकिन महीन ऐसा एक्सपेक्ट नहीं क्र रही थी की ऐसा कुछ हो भी सकता है ....... क्यों की उस न्य कोनसा पहली यह सुब कुछ देखा होआ था ..........

उस गोरी न्य जैसी महीन की दिल की बात जान ली थी ........... उसनी अपना हाथ उस काली की जिसम पी नीची को लय जाती होय उसकी अंडरवियर की ऊपर सी hi उसकी लुंड की उभार की ऊपर रख दया ..... और यह देखती hi महीन की आंखें फैल गईं और उसका सांस रुकनी लगा ............. उस गोरी न्य आहिस्ता आहिस्ता उस काली की लुंड की ऊपर हाथ फैरना शुरू क्र दया ...... उसकी अंडरवियर की ऊपर सी hi ........ महीन को बुहत hi अजीब सा लग रहा था ............ यह सुब देखना ........ कभी वह गोरी उस काले की लुंड को सहलानी लगती और कभी उसकी लुंड को अपनी मुठी मैं लय क्र दबानी लगती ......... साफ़ दिख रहा था उस अंडरवियर की नीची उसका छुपा होआ लुंड बुहत बारे और मोटा है ..... महीन की दिल की धरकन तो किसी मशीन की तरफ तेज़ चल रही थी ........ और उसी अपनी छूट मैं भी जैसी खलबली सी महसूस हो रही थी ........ कुछ गीला पैन फील हो रहा था ....

अचानक उस गोरी न्य अपनी सामन्य लेती हो काले की अंडरवियर की बंद को पकड़ा जैसी वह उसकी अंडरवियर को उतरण्य लगी हो ............... महीन तो जैसी उछाल hi पारी ....... उसी यह यक़ीन नहीं था की यह सुब कुछ भी हो सकता है जो वह महसूस क्र रही थी की वह लड़की जो करनी जा रही है ........ महीन उछाल क्र बीएड सी नीची उत्तरी और भाग क्र देवर पी लगी होय टीवी की बिलकुल सामन्य खरी हो गए ......... दिल की तेज़ धरकन की साथ ....... आंखें फारय वह स्क्रीन को देख रही थी ....... स्क्रीन को नहीं ....... उस गोरी की हाथों को देख रही थी जो उस काली का अंडरवियर उतरण्य वाले थय ........... महीन की नज़रें उसी जगा पी जमी होइ थीं ........ वह देखना चाहती थी की उस अंडरवियर मैं सी क्या बहार आय गए .......... उसी यह तो पता था की अंडरवियर की नीची लुंड hi है ....... लकिन कैसा हो गए ..... कितना मोटा ..... कितना लम्बा ........ एहि देखनी की लय वह मुंह खोली उस लड़की की हाथों की हरकत को देख रही थी ...........

कुछ देर बाद वह कला बोलै .......... हे सिंडी .......... don't तैसे में नाउ .......

वह लड़की मुस्कराई ............ it's okay मर. रॉक ............

महीन को अब उन दोनों की नाम मालूम होय ............

कैमरा अब रॉक की अंडरवियर पी hi फोकस था ........ अब सिंडी न्य आहिस्ता सी रॉक का अंडरवियर पाकर की नीची खेंच दया ........ और रॉक का लुंड एक झटकी सी सामन्य खरा हो गया ........ स्क्रीन पर लेहरानी लगा ........ महीन की आँखों की सामन्य ............ जैसी hi इतना बारे लुंड ....... काला सेयह नाग की तरह का लुंड लहराता होआ महीन की आँखों की सामन्य आया तो उसी एक झटका सा लगा ....... उसकी हाथ मैं पकड़ा होआ रिमोट नीची गिर गया और वह उछाल क्र स्क्रीन सी 4 फुट दूर हो गए ........... जैसी उसी यक़ीन ना आ रहा हो की इतना बारे लुंड भी हो सकता है ........ काली नाग की जैसा ........... रॉक का लुंड क़रीब 10 इंच का हो गए ............ जो बिलकुल सीधा खरा लहरा रहा था ............ महीन की लय यह पहला मौका था की वह आसिफ की इलावा किसी और का लुंड देख रही थी ......... और वह भी किसी ब्लैक का ........... यह पहला hi मौका था महीन की लाइफ का की वह एडल्ट मूवी देख रही थी .........

सिंडी न्य मुस्करा की रॉक की चेहरी की तरफ देखा ........ फिर अपनी हाथ मैं आयल गिरा क्र दोनों हाथों मैं रॉक का लुंड पाकर की उस पी आयल लगानी लगी .......... सिंडी का हाथ रॉक की लुंड पर ऊपर नीची हो रहा था ........... उसकी लुंड को सहलाती होय ...... उसकी लुंड की मालिश कृत्य होय ....... महीन की तो जैसी आंखें hi पहात गयी होइ थीं यह मंज़र देख क्र ............ उसनी आज तक ऐसा कोई मंज़र टीवी पी नहीं देखा था ..... और ना hi आसिफ की लुंड की इलावा किसी और मर्द का लुंड देखा था ........ आज देखा भी तो एक काली नीग्रो का लुंड टीवी स्क्रीन पर ........... ओर वह भी ऐसा की आसिफ की लुंड सी बुहत बारे ........... और मोटा ........... और वह गोरी लड़की सिंडी ाहसिता ाहसिता उसका मस्सगे क्र रही थी ............

महीन की नज़रें सिंडी की हाथ मैं मौजूद उस काली मोटे लुंड पर hi तिकी होइ थीं ........... कैमरा भी उसी पी फोकस था ........ रॉक का काला मोटा लुंड .......... आयल सी चमकता होआ ........ पूरी स्क्रीन पी बस वही दिख रहा था ........ और महीन का गाला ड्राई होता जा रहा था ........ इतना बारे लुंड उसनी कभी नहीं देखा था ........ और न hi कभी सोचा था की लुंड इतना बारे भी हो सकता है ........... रॉक का लुंड बुहत hi भयानक लग रहा था ........ अचानक पता नहीं कैसी महीन की मन मैं ख्याल सा आया .......... क्या ऐसा बारे लुंड .............. किसी की छूट मैं जा भी सकता है .......... ऊऊफफफफ्फ्फ्फ़ .......... कभी भी नहीं ........ इम्पॉसिबल ........... उसी वक़त महीन को एक और ख्याल आया ............. क्या मर. निक का लुंड भी ऐसा hi हो गए ........ इतना hi बारे ............ इतना hi लम्बा ....... इतना hi मोटा ........... uffffffffffff ............. पागल हो गए हो क्या तुम ........ पता भी है क्या सोच रही हो ............ कितना गन्दा सोच रही हो अपनी बॉस की बारी मैं .............. महीन न्य खुद को hi टोका ................

रॉक ..... नाउ सूचक आईटी बेबी .......... प्लीसीईईई ...

महीन को यक़ीन नहीं आया जो उसकी कानों न्य सुना ............... हाउ इस आईटी पोसिल्बे ............ यह कैसी हो सकता है जो वह बोल रहा है ..........

लकिन अगली hi लम्हे जो सिंडी न्य क्या तो उस सी तो महीन का पूरा जिसम hi कैंम्प गया ..........

सिंडी मुस्करा की झुकी ....... रॉक की लुंड की ऊपर ........ कैमरा अब पूरी तरह रॉक की लुंड और सिंडी की चेहरी पी फोकस था ........... क्लोज उप सन ........... महीन उछाल hi तो पारी जब खूबसरत सिंडी न्य अपनी गुलाबी होंठ रॉक की मोटे काली लुंड की टोपी पी रख डाई ............ और उसी चूम लय ........... महीन का जिसम हिल की रह गया ....... फिर सिंडी न्य रॉक की आँखों मैं देखती होय अपनी जुबां निकाली ........ और उसकी लुंड की टोपे को चाट लय ........... उसी ऊपर सी नीची तक चैतन्य लगी ........

महीन चीख उठी ....... ऐसा कैसी हो सकता ...........

मगर जो हो सकता है वह उसकी आँखों की सामन्य स्क्रीन पी हो रहा था ...... सिंडी रॉक की मूटय काली लुंड को अब अपनी होंठों मैं लय की आहिस्ता ाहसिता चूस रही थी ........ उसका सर ऊपर नीची हो रहा था ............ महीन को अपनी आँखों पी यक़ीन नहीं हो रहा था की क्या कोई लड़की ऐसी भी क्र सकती है .......... क्या सुच मैं ऐसा भी हो सकता है ........ कोई कैसी इस चीज़ को अपनी मुंह मैं लय की ऐसी माज़ी सी चूस सकता है ....... और क्या सुच मैं hi इसी चूसनी मैं इतना hi मज़ा आ रहा हो गए जैसी की सिंडी य चेहरी सी लग रहा है .......... वह कभी लुंड मुंह सी निकाल की अपनी मुठी मैं मसलनि लगती ......... उसी चैतन्य लगती ............ और कभी फिर सी मुंह मैं लय क्र चूसनी लगती ............

रॉक न्य सिंडी की टी शर्ट को पकड़ा और बोलै ........... रिमूव आईटी बेब .....

सिंडी न्य मुस्करा की एक hi लम्हे मैं ...... एक hi झटके मैं अपनी पहनी होइ पतली सी टी शर्ट उतर की फेंक दी .............. सिंडी की गोरे गोरे खूबसूरत जिसम की बनावट और खोबसूरति देख क्र महीन दिल सी उसकी जिसम की तारीफ कए बिना नहीं रह सकीय ............... उसकी बूब्स महीन की जैसी hi थय .......... सुफैद और तनय होय ......... गुलाबी निप्पल्स .... अपनी शर्ट उतार की वह दोबारा सी झुक की रॉक का लुंड चूस रही थी ........... और कभी रॉक की काली बरी बरी बॉल्स को अपनी हाथ मैं लय क्र सहला रही थी ............

थोड़ी देर की बाद रॉक मैट्रेस्स सी उठ की खरा हो गया ........ अब वह मैट्रेस्स पी बिलकुल नंगा .......... सीधा खरा था ............... महीन उसकी नंगी जिसम ....... उसकी बॉडी ....... उसकी मसल्स ... उसकी हाइट ...... और सॉलिड जिसम को देख क्र दिल hi दिल मैं उसकी तारीफ कए बिना नहीं रह सकीय ............. उसी खरी होय देख क्र फौरन hi महीन को फिर सी मर. निक का ख्याल आया ............ की उसकी हाइट भी बिलकुल रॉक की तरह hi है ........... खरी होय रॉक का कला लुंड लहरा रहा था ....... जैसी देखती hi एक बार फिर महीन का ध्यान निक की तरफ चला गया ............ मगर जल्दी सी उसनी अपनी ख्याल को झटक दया ...............

अब रॉक सामन्य खरा था ............ और सिंडी उसकी सामन्य नीची बेथ क्र उसकी लुंड को चूसनी लगी .......... रॉक भी ाहसिता ाहसिता ढक्की लगा क्र अपना लुंड सिंडी की मुंह मैं अंदर बहार क्र रहा था ........... कुछ देर तक ऐसी अपना सिंडी सी चूस्वांय की बाद रॉक न्य सिंडी को मैट्रेस पी लिटा दया ........... और उसकी शॉर्ट्स को उतार की फेंक दया ........... और अब सिंडी भी रॉक की तरह बिलकुल नंगी हो गए ................ रॉक न्य जैसी hi सिंडी की टांगें खोलीं ............ तो सिंडी की छूट महीन की आँखों की सामन्य थी ............. एक बार फिर महीन को हैरानी का झटका लगा .......... uuufffffffffff ............. इतनी प्यारी ...... इतनी गोरी .......... गुलाबी छूट ....... बिल्कु टाइट ....... बंद हो जैसी ............. महीन सिंडी की जिसम की तारीफ कए बिना नहीं रह सकीय ................

रॉक न्य जो अब क्या वह भी महीन की लय बिलकुल नया था ............. वह झुका और अपनी होंठों को सिंडी की छूट पी रख की उसकी गुलाबी छूट को चूम लय .......... और फिर अपनी जुबां निकाल क्र उसकी छूट को चैतन्य लगा .... महीन को हैरानी होइ .......... क्या ऐसा भी कोई क्र सकता है भला ............ इसी कैसी कोई चाट सकता है ....... मगर रॉक तो अपनी hi माज़ी मैं गम था ........ सिंडी की छूट को छाती जा रहा था ............ जैसी पता नहीं उसकी अंदर सी कोनसा शहद फूट रहा हो .............. जिसका स्वाद वह लय रहा था ...........

कुछ देर तक सिंडी की छूट को चैतन्य की बाद रॉक न्य सीधी हो क्र अपनी लुंड को सिंडी की छूट पी रखा ..............

महीन एक बार फिर चीखी ..... naaaaahiiiiiiiiiiii ............... यह नहीं jaaaaaaaaaaaaa सकता उसकी अंडरररररर .............

मगर महीन का अंदाज़ा ग़लत साबित होआ ....... जब रॉक का आयल और सिंडी की थूक सी चिकना हो रहा होआ लुंड ........ बुहत hi आराम सी सिंडी की छूट को चीरता होआ उसकी अंदर उतरता चला गया ....................

नहीं नहीं ........ यह कैसी हो सकता है ................ लकिन यह सुब तो मेरी आँखों की सामन्य हो रहा है न ....... मेरी आँखों की सामन्य उसका मोटा लुंड सिंडी की छूट मैं जा रहा है न ................. कैसी लय सकती है सिंडी इसी अपनी अंदर ............ इम्पॉसिबल ........... लकिन काम आज काम मैं इतना बारे अपनी अंदर नहीं लय सकती ............ कभी भी ....... महीन की अंदर यह ख्याल आया तो उसनी जल्दी सी अपनी ख्याल को झटक दया ......... और स्क्रीन पी हो रही होय सन को देखनी लगी ........... उसका हाथ अपनी छूट को सहला रहा था ........... उसी पता भी नहीं चला था की कब उसका अपना हाथ अपनी छूट पी पोहंच चूका होआ था .............

रॉक का मोटा कला लुंड सिंडी की छूट की गुलाबी लबूं की दरम्यान अंदर बहार होता होआ देखती होय महीन न्य अपनी नाईट ड्रेस की शॉर्ट्स को नीची को सिरका दया ......... जो उसकी पैरों मैं गिर गया ............ अब महीन का हाथ अपनी नंगी छूट पी था ............ जैसी वह सहला रही थी .............. उसकी छूट पानी चोर रही थी .......... गीली हो रही थी ......... और महीन उसी सहलाती जा रही थी ............. आहिस्ता आहिस्ता टीवी पी नज़रें जमाय होय महीन पिच्य को जाती होइ अपनी बीएड पी बेथ गए .......... और टीवी पी चल रही होय सन को देखती होय अपनी छूट को सहलानी लगी ............... इस सब को देख क्र महीन इतनी गरम हो चुकी होइ थी की कुछ hi देर मैं उसकी छूट न्य पानी चोर दया .......... उसका पूरा जिसम कैंम्प रहा था ........... उसी लग रहा था की जैसी उसकी जान उसकी छूट की रास्ती उसकी जिसम सी निकल रही है ............. महीन न्य बरी hi मुश्किल सी टीवी को ऑफ क्र दया .......... जिस पी अभी भी सिंडी की चुदाई चल रही थी ........... मगर महीन मैं कुछ और देखनी की हिम्मत नहीं थी ........ महीन टीवी बंद क्र की बीएड पी धाराम सी गिर गए ........... उसका जिसम अभी भी हल्की हल्की झटकी लय रहा था .......... और पूरी जिसम मैं लज़्ज़त और रिलैक्सेशन और सुकून की लहरें दौड़ रही थीं .............. अपनी ज़िन्दगी की पहली पोर्न मूवी देखनी की बाद उसका अपना दिल hi काबू मैं नहीं आ रहा था ........ जिसम की भी अजीब सी हालत हो रही थी ......... बार बार रॉक और सिंडी का सेक्स सन उसकी आँखों की सामन्य चल रहा था .......... महीन को नहीं पता चला की कब उसकी आँख लग गए ............ उसी अपनी शॉर्ट्स पहन न्य का भी ख्याल नहीं आया था .............. उसी पहनी बिना hi महीन सो गए .............
 
महीन अलार्म लगाना भी भूल गए थी ............ सुबह उसकी आँख दरवाज़ी पर होनी वाली तेज़ तेज़ नॉक सी खुली ....... आंखें मल्टी होय महीन न्य अपनी आंखें खोलीं ............ और लेती लेती hi आवाज़ दी ..........

महीन ............ हु इस आईटी ........

बहार सी आदम की आवाज़ आई ........... इतस रूम सर्विस मम ........

महीन न्य मोबाइल उठा क्र टाइम देखा तो 7:15 ऍम हो रही थय .......... महीन जल्दी सी उठी ........ ओह माय गॉड .............. लेट हो गए मैं ........ वह जैसी hi बीएड सी नीची उत्तरी दूर की तरफ जांय की लय तो उसी अहसास होआ की उसका निचला जिसम नंगा है ............ उसी फौरन hi रात का सारा सेंस याद आया .......... उसनी जल्दी सी इधर उधर अपना शॉर्ट्स ढूंढा .......... मगर कहीं नज़र नहीं आया ....... महीन बैग सी कुछ और निकालनी का सोची ........ उसी वक़त hi दोबारा सी दूर नॉक होआ ...........

महीन ज़ोर सी बोली .............. वेट ा मिनट प्लीज ........

महीन को अंदाज़ा हो गया की उसकी पास इतना टाइम नहीं है की वह बैग सी कोई पजामा निकाली ............. उसनी ड्रेसिंग टेबल पी पारा होआ अपना वैल उठाया और उसी एक बार फिर रात की तरह अपनी जिसम की निचली हिस्से पी बंद लय ............ मगर रात सी फरक यह था की रात को इस वैल की नीची उसनी अपना शॉर्ट्स पहना होआ था ........ मगर इस वक़त इस वैल की नीची वह बिलकुल नंगी थी .............

महीन थोड़ा झिझकी ......... थोड़ा हेसिटते क्या ....... फिर उसी ख्याल आया की आदम को कोनसा पता चलना है की इसकी नीची उसनी कुछ नहीं पहना होआ ......... और मई उस सी दूर पर hi सी ड्रेस का पैकेट लय लून गई ....... उसी अंदर अन्य डाई बिना hi ....... दरवाज़ी पर होनी वाली एक और नॉक न्य महीन को अपनी सोच सी बहार निकला ....... और उसनी ाग्य बढ़ की दरवाज़ा खोल दया ........ सामन्य आदम खरा मुस्करा रहा था ....... इस सी पहली की महीन कुछ बोलती ........

एक्सक्यूज़ में मम प्लीज .............. यह कहती होय आदम ड्रेस का पैकेट उठाय होय कमरे की अंदर आज्ञा .......... और महीन उसी देखती hi रह गयी .......... आदम न्य महीन को ऊपर सी नीची तक देखा ......... और मुस्करा की गुड मॉर्निंग मम बोलै ......... महीन का शर्म की मारी बुरा हाल हो रहा था ............ उसी समझ नहीं आ रही थी की वह क्या बोली या क्या क्रय ............ महीन आदम की सामन्य एक छोटी सी शर्ट और उस छोटी सी वैल मैं खरी थी ........... वैल महीन की घुटनो तक उसकी टांगों को धानमप रहा था ............ घुटनो सी थोड़ा ऊपर का हिस्सा भी नंगा हो रहा था ........... और नीची महीन की पूरी टांगें नंगी थीं ......... गोरी सुफैद चिकनी टांगें ............

आदम ड्रेसिंग टेबल की साइड पी राखी होइ टेबल की तरफ गया ....... और हाथ मैं पकड़ा होआ महीन की ड्रेस का पैकेट वह रख दया ....... वह मुड़नी लगा तो उसकी नज़र उस छोटी टेबल की साइड पी पारी होय महीन की शॉर्ट्स पी पारी .......... उसनी चौंक की पिच्य मुद की देखा ....... नीही महीन की वैल मैं लिपटी होय निचली जिसम की तरफ ............ उसी पता चला की उसका अंदाज़ा ग़लत था की उस वैल की नीची अभी भी महीन न्य शॉर्ट्स पहनी होय हैं कल रात की तरह ............... बल्कि इस वक़्त उस वैल की नीची महीन न्य कुछ नहीं पहना होआ ........ और वैल की नीची बिलकुल नंगी उसकी सामन्य खरी है .............. यह बात आदम को पता लग चुकी थी ........... और यह बात पता लगती साथ hi आदम की होंठों पी हलकी सी मुस्कराहट फैल गए ...........

महीन आदम की तरफ hi देख रही थी मगर उसी इस बात का अंदाज़ा नहीं था की वह अब क्या सोच रहा है ......... और क्या देख रहा है ........ लकिन अगली hi लम्हे महीन का चेहरा शर्म सी लाल हो गया ........... और उसकी नज़रें नीची झुक गईं ........... जब .......

आदम नीची झुका और उसनी वहां गिरी होय महीन की शॉर्ट्स को उठा लय ........ उसी अपनी हाथ मैं उठाय होय वह महीन की तरफ देखनी लगा ......... महीन का दिल भी उछाल की जैसी हलक़ मैं आज्ञा ........ जब उसनी आदम की हाथ मैं अपना शॉर्ट्स देखा .......... आदम की नज़रें उसी को देख रही थीं ...... ख़ास तोर पी निचली जिसम को ............ वह इमेजिन क्र रहा था की कैसी महीन का जिसम उस छोटी सी वैल की कपड़े की नीची नंगा हो गए ....... बिलकुल नंगा ........ अब महीन को भी अंदाज़ा हो गया था की उसकी सामन्य खरी होय आदम को पता चल चूका है की उसनी अपनी इस छूती सी वैल की नीची कुछ नहीं पहना होआ ........ एहि अंदाज़ा होनी की बाद महीन की नज़रें शर्म सी झुक गए थीं ...........

आदम आहिस्ता सी मुस्कराया ........ और बोलै ....... मम योर शॉर्ट्स ....... यह बोल की आदम न्य वह शॉर्ट्स वहीँ टेबल पर रख डाई ...... चलता होआ महीन की तरफ आया ........ जो दूर की पास hi खरी थी ....... महीन को कुछ समझ नहीं आ रहा था की वह क्या क्रय ........ क्या बोली ....... उसनी खामोश रहना hi मुनासिब समझा और आदम ....... थैंक्स मम बोल की उसकी रूम सी निकल गया .......

महीन न्य जल्दी सी दरवाज़ा बंद क्या और खुद को कोसती होइ बाथरूम की तरफ बढ़ गए ........ वाशरूम मैं जा क्र महीन न्य अपनी जिसम की निचली हिस्से पी बंधा होआ वैल खोला और उसी लौंडरी बकेट मैं फेंक दया .......... महीन जल्दी सी टॉयलेट सी फ़ारिग़ होइ ....... फिर मुंह हाथ धोनी लगी ...... आज देर होनी की वजह सी नहानी का इरादा नहीं क्या था महीन न्य ............. महीन ाच्य सी फ्रेश हो कर बहार आई ........ और प्रेस हो कर आया होआ अपनी ड्रेस का पैकेट खोला ........ और उस मैं सी अपनी ड्रेस निकाल क्र पहन न्य लगी ........... अभी ब्रा और पंतय hi पहनी थी की उसका मोबाइल बजनी लगा ............ देखा तो विनोद की कॉल थी ......... जल्दी सी कॉल अटेंड की ......

विनोद ...... hello ........ महीन जी हो गईं आप रेडी तो चलें ब्रेकफास्ट की लय .............

महीन ....... सॉरी विनोद जी ....... आज मेरी आँख देर सी खुली ...... इस लय बस अभी कपड़े hi पहन रही हों ............... और देर होनी की वजह सी मैं नाश्ता नहीं क्र सकूं गई ...... आप क्र लो नाश्ता चल की मैं आती हों ............

विनोद ....... okay ...... कोई बात नहीं ...... आप रेडी हो जाओ ........ बल्कि ऐसा कृत्य हैं की ब्रेकफास्ट रूम मैं hi मंगवा लेती हैं ताकि टाइम बच जाय ..........

महीन .......... ठीक है ..... जैसी आप को मुनासिब लगी ...........

विनोद न्य कॉल बंद क्र दी और महीन फिर सी अपनी कापरी पहन न्य लगी ....... महीन न्य अपनी नाईट शर्ट उतार की बीएड पी फेंकी होइ थी ........ उस न्य अब अपना ट्रॉउज़र और शर्ट पहनी और फिर जल्दी सी ड्रेसिंग टेबल की सामन्य खरी हो क्र अपनी बाल ब्रश करनी लगी ....... इतनी मैं दरवाज़ा नॉक होआ ...........

महीन ...... हु इस आईटी .......??????/

बहार सी आवाज़ आई .......... रूम सर्विस मम .........

महीन न्य बलून मैं ब्रश कृत्य होय जा की दरवाज़ा खोला तो सामन्य आदम कहानी की ट्राली लये खरा था ........ और दरवाज़ा खुलती hi उस न्य ट्राली को रूम मैं दाखिल करनी की लय ाग्य बढ़ा दया ........

आदम ...... योर ब्रेकफास्ट मम .............

महीन समझ गए विनोद न्य जो ब्रेकफास्ट का आर्डर दया था आदम वही लय क्र आया है ........... विनोद अंदर आज्ञा तो महीन न्य दरवाज़ा बंद क्र दया ..... मगर लॉक नहीं क्या ....... आदम ट्राली सोफे की सामन्य राखी होइ सेण्टर टेबल पी लय गया और ब्रेकफास्ट की डिशेस टेबल पर रखनी लगा .......... महीन दोबारा सी अपनी बाल ब्रश करनी लगी होइ थी ........ आंय की सामन्य खरी हो क्र ............ वह आंय मैं सी आदम को भी देख रही थी ........... फिर महीन मुड़ी और बोली .....

महीन ........ व्हाई इस आईटी सो मच ........ ी डोंट बात अलॉट इन ब्रेकफास्ट.

आदम मुस्कराया ........ मम आईटी इस फॉर यू एंड योर फ्रेंड ......... हे है कॉल्ड तो सर्वे थे ब्रेकफास्ट फॉर तवो इन योर रूम ........

महीन ...... okay ....... राइट ......

आदम न्य ब्रेकफास्ट टेबल पर रख दया ...... और फिर जांय सी पहली रुका ........ मम िफ़ यू आस्क थें ी मई अर्रंगे योर रूम बिफोर योर फ्रेंड केस हेरे फॉर थे ब्रेकफास्ट .............

महीन न्य एक नज़र अपनी रूम की तरफ डाली ........ उसका बिस्तर ...... उसकी कपड़े .... टॉवल........... और शूज वहां बिखरी होय थय ............ उसी आदम की बात ठीक लगी ........ क्यों की उसी पता था की उसकी पास इतना टाइम नहीं है की वह रूम की हालत दरुस्त क्र सकी ............

महीन न्य आहिस्ता सी उसी okay बोल दया ...........

आदम ाग्य बढ़ा ......... ब्लैंकेट को ठीक क्या ........ फिर महीन की नाईट शर्ट बीएड पर सी उठाई .......... महीन उसी को देख रही थी आंय मैं सी ............ महीन को अजीब लगनी लगा ............. फिर वह उसकी छोटी सी नाईट शर्ट को लये होय महीन की तरफ आया टेबल की पास ........ महीन का शॉर्ट्स वहीँ रखा होआ था जहाँ वह कुछ देर पहली चोर की गया था ......... आदम न्य वह भी उठाया ........ और दोनों कपड़े लय क्र वाशरूम की तरफ बढ़ा .......... महीन का शर्म सी बुरा हाल था ...........

आदम ........ लेट में पूत थी इन लांड्री बकेट मम ....... और महीन की जवाब का इन्तिज़ार कए बिना hi वाशरूम मैं दाखिल हो गया .......... 2 मिनट की बाद आदम वापिस आया और फिर शरमाई होइ महीन सी थोड़ी दूर रुक की बोलै .......

आदम ....... अन्य थिंग ेल्स मम ......

महीन न्य रूम की तरफ नज़र डाली ....... और बोली ........... थैंक्स आदम ........... एंड प्लीज आस्क मर. विनोद तो के फॉर थे ब्रेकफास्ट ...........

आदम ....... okay मम ........ थैंक्स .......

आदम चला गया तो महीन एक लम्बी सांस लय क्र फिर सी ड्रेसिंग टेबल की सामन्य खरी हो क्र मेक उप करनी लगी ........... 5 मिनट की बाद नॉक होआ तो महीन दरवाज़ा खोलनी को बरही ......... दरवाज़ा खोला तो सामन्य विनोद खरा मुस्करा रहा था ...... महीन न्य उसी अंदर अन्य को बोलै और फिर वापसी ड्रेसिंग तब की तरफ बरही

महीन ....... ऊऊफफफ ........ आज तो देर hi हो गए है ........ आप ब्रेकफास्ट शुरू करो मैं बस अभी ज्वाइन करती हों ...........

विनोद सोफे पी बेथ चूका था और महीन ड्रेसिंग टेबल की सामन्य खरी मेक उप क्र रही थी ............ कमरे का माहोल ऐसी कासुअल लग रहा था की जैसी दोनों हस्बैंड और वाइफ हों ........... और रूटीन का काम हो रहा हो रूम मैं .......... महीन न्य अपना मेक उप मुकमल क्या और लिपस्टिक लगाय बिना ब्रेकफास्ट की टेबल पी आगये ............ विनोद न्य प्लेट्स अपनी और महीन की सामन्य रखीं ...... और महीन ब्रेकफास्ट सर्वे करनी लगी ............

विनोद न्य अपना ब्रेकफास्ट ख़तम क्या ........... और चाय भी पी ली ....... महीन अभी चाय पी रही थी ............. विनोद उठा .......

विनोद ..... मैं रूम सी हाथ धो की आता हों .....

महीन ...... आर्य आप अब वह कहाँ जाओ गए ...... यहीं वाशरूम उसे क्र लो .......

विनोद ........ okay .......

विनोद महीन की वाशरूम मैं चला गया ........... महीन अपना ब्रेकफास्ट ख़तम क्र रही थी और चाय की सिप लय रही थी ..............

विनोद हाथ धोनी की लय वषबसों की सामन्य खरा होआ तो हाथ धोती होय उसकी नज़र साइड पी लगी हेंगर पी चली गए ........... जिस पी नज़र पार्टी hi विनोद की आंखें चमक उठीं ............ वहां महीन की ब्रा और पंतय लटकी होय थय .......... रेड कलर की ब्रा और पंतय ............ विनोद उनको चूय बिना नहीं रह सका ..... उसनी महीन की ब्रा उतारी और उसी देखनी लगा ........... बुहत hi सॉफ्ट कपड़े की ब्रा थी ........... जिस पी 36 का टैग लगा होआ था ........... विनोद न्य महीन की पंतय को भी उठाया ........... उसको भी फील क्या .......... और उसी अपनी नाक सी लगा की सूंघा ........... उसी अजीब सा इरोटिक अहसास हो रहा था महीन जैसी पर्दा दार ........ शरीफ ....... हर वक़त वैल मैं रहंय वाली ..... अपनी कलेग की ब्रा और पंतय को अपनी हाथों मैं लय की .............. जल्द hi विनोद को अहसास होआ तो उसनी दोनों चीज़ों को वापिस उसी हेंगर पी लटकाया और वाशरूम सी बहार आज्ञा ............

विनोद कोई 5 मिनट्स की बाद वाशरूम सी बहार आया था ............ और वापिस आ की सोफे पी बेथ गया ........... महीन न्य विनोद को देखा तो वह अजीब सी नज़रों सी महीन को देख रहा था .......... महीन को अजीब लगा ....... मगर उसनी इग्नोर क्या ....... अपना चाय का कप टेबल पी रखा और खुद भी उठ की हाथ धोनी वाशरूम की तरफ चली गए ..........

वाशरूम मैं जा की महीन वषबसों पी अपनी हाथ धोनी लगी ...... हाथ धो की टॉवल की तरफ बरही तो उसकी नज़र हेंगर पर कल रात सी लटक रही होइ उसकी ब्रा और पंतय पर पारी ............... उस पी नज़र पार्टी hi महीन को झटका लगा ........... की अभी उस सी पहली विनोद वाशरूम सी हो की गया है और उस सी पहली आदम ............ तो क्या उन्हों न्य उसकी ब्रा और पंतय को यहाँ लटका होआ देखा है ..........

महीन का दिल उछाल की उसकी हलक़ मैं आज्ञा ........... आदम की तो कोई ज़्यादा फ़िक्र नहीं थी उसी ............. मगर विनोद का उसकी ब्रा और पंतय को देख लेना उसकी लये बुहत hi शर्मिंदगी की बात महसूस हो रही थी ........ वह सोच भी नहीं सकती थी की विनोद उसकी उन्देर्गर्मेन्ट्स को देख पाय गए ............ विनोद न्य उसकी उन्देर्गर्मेन्ट्स को देख लय था ........... और शायद इसी लय वह महीन को अजीब सी नज़रों सी देख रहा था ............. महीन न्य यह सुब सोचा और फिर वहां लटकी होय अपनी ब्रा और पंतय को उतरा और उनको भी बकेट मैं फेंक दया ............ uuuuuuuffffffffffff क्या हो रहा है कल सी यह सुब ........... क्यों मैं इतनी भूलकर हो रही हों ............... महीन यह सोचती होइ रूम सी बहार आगये .............. उसी समझ नहीं आ रही थी की वह कैसी विनोद की नज़रों का सामना क्रय ..............

महीन आंय की सामन्य खरी होइ और अपनी होंठों पी लिपस्टिक लगानी लगी ............ महीन न्य आंय मैं सी विनोद की तरफ देखा तो वह अपनी मोबाइल मैं बिजी था ......... फिर दोनों जल्दी सी रूम सी निकले ............ महीन घबरा रही थी .......... मगर विनोद का बिहेवियर ऐसा था की जैसी कुछ होआ hi नहीं है ................... महीन को कुछ तसली होइ .......... और ऑफिस पोहनचंय तक महीन नार्मल हो गए ...........
 
अपडेट NO: 08

ऑफिस मैं पोहंच क्र महीन और विनोद अपनी काम मैं बिजी हो गए ........... और उस बात को भूल गए ............. टिया ब्रेक मैं महीन, नीतू, गिना, विनोद, कारन और डेन ीखती थय ........ एक साथ चाय पी रही थय .......... उसी दौरान hi निक भी वहीँ आज्ञा कॉफ़ी की लय ...........

जैसी hi महीन की नज़र निक पी पारी तो उसकी दिल की धरकन तेज़ हो गए .............. क्यों की निक को देखती hi महीन को रॉक की याद आगये ............ जिसका चुदाई का सन महीन न्य रात hi देखा था ...........

निक कॉफ़ी की मशीन की पास खरा अपनी चाय कॉफ़ी लय रहा था ........ तो महीन की नज़र खुद सी hi निक की पंत की ज़िप पी चली गए ...........

क्या निक का लुंड भी रॉक की तरह hi लम्बा और मोटा हो गए ........... महीन की दिमाग़ मैं एक लम्हे की लय यह ख्याल आया ............ और महीन की पूरी जिसम मैं जैसी संसंहत सी फैल गए ............. और उसनी अपनी नज़रें झुका लीन .............. महीन न्य खुद सी hi शर्मिंदाह होती होय अपनी इस ख्याल को झटका ........ और अपनी नज़रों को निक की पंत की लुंड वाली जगा सी हटाया ............ और अपनी कॉफ़ी की सिप लेंय लगी .......... निक न्य अपना कॉफ़ी का कप लय ........ और सुब को मुस्करा की देखता होआ अपनी ऑफिस मैं वापिस चा गया ................ उसकी जांय की बाद महीन न्य सुख का सांस लय ............. महीन न्य जेनी की तरफ देखा तो वह मुस्करा की उसी की तरफ देख रही थी .............. महीन सी उसकी नज़र मिली तो उसनी महीन को आँख मार दी मुस्कराती होय ........... महीन को ऐसी लगा जैसी उसकी चोरी पकरि गए हो .......... महीन न्य अपनी नज़रें अपनी कप पी जमा दिन .............

कॉफ़ी पी hi नीतू न्य महीन और विनोद को रात का खाना अपनी घर कहानी की लय इन्विते क्या ........... महीन न्य विनोद की तरफ देखा ....... विनोद न्य मुस्करा क्र okay क्र दया ...... तो महीन भी मुस्करा दी ....... पता नहीं क्यों उसी ठीक लग रहा था विनोद को hi डिसिशन लेंय को कहना और खुद उसका डिसिशन फॉलो करना ....... और रात का डिनर नीतू की अपार्टमेंट मैं फाइनल हो गया ........... नीतू न्य दूसरों को भी डिनर की लय इन्विते क्र दया ....... टिया ब्रेक की बाद सब लोग फिर सी अपनी काम मैं लग गए ..............

ऑफिस टाइम की बाद एक बार फिर महीन और विनोद अपार्टमेंट की सर्च की लय निकले ............ अब उनकी पास सिर्फ 2 दिन का स्टे बाक़ी था उस होटल मैं ............. वह बुहत hi परेशान हो रही थय ...... मगर कोई भी हल नज़र नहीं आ रहा था ................ आखिर थक हार की वापिस अपनी होटल ाग्य ........... थोड़ा बुहत खाना खाया और फिर अपनी अपनी रूम मैं रेस्ट करनी की लय चली गए .............. विनोद न्य उसी शाम को 8 पं तक रेडी रहंय को बोलै ................ महीन न्य okay क्र दया ............. और रूम मैं आगये ............

महीन का रूम उसी तरह सी साफ़ सुथरा और वेल अरेंज्ड था ........ उसकी लय नाईट ड्रेस और टॉयलेटरीज भी रेप्लस क्र दी गए होइ थीं ........ महीन न्य नाईट ड्रेस का पैकेट खोला ........ उस मैं पहली नाईट वाला hi नाईट सूट था ........ महीन न्य अपनी शर्ट और ट्रॉउज़र उतरा ....... और वह नाईट सूट पहन लय ............ महीन की गोरी मुलायम बाज़ू उस मैं नंगी हो रही थय .......... मगर पजामा लम्बा hi था .......... नीज सी नीची तक उसकी हाफ टांगों को धानमप रहा था .........

महीन उन्हंय पहन क्र आराम करनी की लय लेट गए ........ बीएड पी लेती होय hi महीन न्य आसिफ को कॉल मिलाई ........ और उसी साड़ी सूरत इ हाल का बताया ........ फिर उसी आज रात की डिनर इनविटेशन की बारी मैं भी बताया ........... आसिफ को भी ाचा लगा की महीन की कलगुएस उसकी केयर क्र रही हैं .......... थोड़ी देर बात करनी की बाद महीन न्य कॉल एन्ड की और सोनी की लय लेट गए ......

7 पं पी महीन की नींद मोबाइल की रिंग सी खुली ........ महीन न्य देखा तो विनोद की कॉल थी ........... महीन न्य कॉल अटेंड की

महीन ........ मममममममम ...... hello ......

विनोद .... महीन जी उठ जाईं ....... और रेडी हो जैन 8 बजी तक निकालें गए हम लोग ............

महीन ........ okay ठीक है ........ लकिन पहली तो मैं चाय पीएं गई ...... फिर कुछ और काम क्र सकें गई ........ आप न्य चाय पीनी है तो अजाइन ........

विनोद भी इस ऑफर पी खुश होआ ...... आर्य नाइकी और पूछ पूछ ........

महीन ......... okay आप 10 मिनट तक अजाइन ........ मैं फ्रेश हो जाती हों .........

कॉल बंद होनी की बाद महीन उठी और वाशरूम सी फ़ारिग़ हो क्र बहार आई ....... और खुद पी आंय मैं एक नज़र डाली .......... चेहरी पी हल्का सा पफ क्या ........ और लिपस्टिक होंठों पी लगा ली ............. महीन न्य ड्रेस चेंज करनी का सोचा लकिन तभी दूर नॉक होआ ........ महीन न्य अपनी दरस पी नज़र डाली ...... अब उसको यह कोई खास एक्सपोसिंग नहीं लग रहा था .............. और फिर उसी इस ड्रेस मैं विनोद पहली भी तो देख चूका था ............. महीन न्य ाग्य बढ़ की दूर खोल दया ........ सामन्य विनोद टी शर्ट और जीन्स मैं खरा था ........... महीन न्य मुस्करा की उसी अंदर अन्य का रास्ता दया ............ महीन न्य देखा की टाइट टी शर्ट मैं विनोद की बॉडी बुहत हॉट लग रही थी ........... मज़बूत और टाइट जिसम .......

विनोद ........ गुड इवनिंग ........... बोलै ....... और महीन पर ऊपर सी नीची तक एक नज़र डालती होय अंदर आज्ञा ........... आज उसी साफ़ दिख रहा था की महीन न्य अपनी नाईट सूट की शर्ट की नीची ब्रा पहनी होइ है .......... विनोद जा की सोफे पी बेथ गया .......... और महीन न्य केतली मैं पानी दाल की गरम होनी की लय रख दया ............. और खुद अपनी लय ड्रेस सेलेक्ट करनी लगी ......... पता नहीं क्यों मगर उसनी दो हैंग कए होय ड्रेस विनोद की तरफ कए और बोली ......... कोनसा ठीक रही गए ....... उसी खुद भी यह पूछनी पी हैरानी होइ ......... मगर अब वह बोल चुकी थी ...... विनोद को भी महीन की इस बात पी हैरत होइ मगर फिर भी ............ विनोद न्य एक लाइट पिंक कलर की शर्ट और ब्लैक ट्रॉउज़र वाली ड्रेस की तरफ इशारा क्या ......... और महीन न्य ब्लश कृत्य होय okay बोल दया ............. इतनी मैं पानी गरम हो गया तो महीन न्य चाय बनाई ......... और कप्स ला क्र टेबल पी रखी ...... और खुद भी अपना हेयर ब्रश लय कर दूसरी सोफे पर विनोद की सामन्य hi बेथ गए ........... उसकी बाल खुली होय थय .......... वह वहीँ विनोद की सामन्य hi अपनी बलून को ब्रश करनी लगी ............ विनोद चाय पी रहा था .............

महीन की दिल मैं ख्याल आया .......... कितना कासुअल सा लग रहा है न ........ जैसी विनोद कोई ग़ैर आदमी ना हो ....... बल्कि विनोद नहीं आसिफ हो ........... मेरी साथ रूम मैं ........ जिसकी सामन्य मैं बिना झिझक की बैठी होइ अपनी बाल बना रही हों ............ महीन वीर्य सी मुस्कराई ....... और फिर कप उठा की एक सिप लय .......... फिर वह बोली .....

महीन .......... विनोद जी ..... यह अपार्टमेंट्स का तो मसला hi बन गया है ........ कोई मिल hi नहीं रहे हमें ....... अब क्या हो गए ........

विनोद ........ हम्म्म ..... सही कह रही हैं आप ........ और कल का दिन लास्ट है हमारी पास ........... इसकी बाद हमें यह होटल भी चूर्ण हो गए .......... और नहीं चोरटी तो खुद बाक़ी दिन का पाय करना हो गए .............

महीन ....... फिर अब क्या करें .........

विनोद ....... मेरी ज़ेहन मैं एक आईडिया आया है ....... अभी हम न्य डिनर पी जाना है तो मैं सोच रहा हों की मैं कारन सी बात करों की वह मुझी अपना अपार्टमेंट शेयर करवा दी कुछ दिन की लय ............ और आप नीतू सी बात क्र लो .......... कुछ दिन ैकमोदते करनी की लय .......... या फिर हो सकता है की हमें उन की साथ पर्मनंट भी शेयरिंग मिल जाय ............

महीन चाय का सिप लेती होइ कुछ सोच की बोली .......... हम्म्म्म ........ यह तो सही बात है .......... लकिन उसकी अपनी फॅमिली है उसका हस्बैंड ...... तो मुझी नहीं लगता की यह आईडिया काम क्रय गए ...........

विनोद ........... हम्म्म ठीक कह रही हो आप ........ ........... चाय की बाद विनोद अपनी रूम मैं चला गया और महीन भी रेडी होनी लगी ............

कुछ देर बाद विनोद न्य ाक्य नॉक क्या तो महीन न्य दरवाज़ा खोल दया ........ वह ड्रेस चेंज क्र चुकी होइ थी ........ विनोद न्य देखा की महीन न्य उसी का सेलेक्ट क्या होआ ड्रेस hi पहना था ........ यह देख की विनोद को ख़ुशी होइ ......... फिर महीन न्य विनोद की सामन्य hi फाइनल टॉचेस डाई मेक उप को और नीतू की अपार्टमेंट की तरफ निकल पारी .............

9 बाजी महीन और विनोद नीतू की बताय होय एड्रेस पी पोहणस्य ........ नीतू न्य hi दूर खोला और उनको वेलकम क्या ........... नीतू को देख क्र महीन हैरान रह गए ....... उसनी बोहत hi बोल्ड ड्रेसिंग की थोई थी ......... शार्ट स्कर्ट और टाइट टी शर्ट ........... स्कर्ट टाइट और उसकी हाफ तइस तक थी ....... मुलायम ..... गोरी टांगें और तइस नंगी हो रही थीं ......... और उसकी टी शर्ट भी उसकी जिसम की साथ चिपकी होइ थी ........ और उसकी बूब्स उस टी शर्ट मैं बोहत hi प्रॉमिनेंट हो की दिख रही थय ............ बुहत hi सेक्सी लुक दी रही थी नीतू .......... वह मुड़ी तो उसकी शर्ट की नीची उसकी ब्रा की स्ट्रैप्स और हुक्स साफ़ दिख रही थय ...........

अंदर गए तो एक 33 इयर्स का इंडियन मर्द सोफे पर बैठा होआ था जो उनको देख क्र खरा हो गया ........ नीतू न्य उसका इंट्रोडक्शन करवाया ........

नीतू ....... यह राजीव है मेरी हस्बैंड ...... और राजीव यह महीन और विनोद हैं .......

राजीव न्य विनोद सी हाथ मिलाया ........... गुड इवनिंग .....

फिर राजीव न्य अपना हाथ महीन की तरफ बढ़ा दया ........ पहली तो महीन थोड़ा झिझकी ...... और फिर आहिस्ता सी अपना हाथ राजीव की हाथ मैं दी दया और उसकी साथ हैंड शेक क्या ........ महीन न्य नोट क्या की राजीव एक लम्बी क़द का मर्द है ...... उसकी हाथों की सख्ती सी उसकी जिसम की मज़बूती का अंदाज़ा हो रहा था .......... बॉडी उसकी बुहत ज़्यादा मस्कुलर नहीं लग रही थी ...... मगर बुहत मोटा या भद्दी जिसम का भी नहीं था ....... रंग उसका थोड़ा डार्क था ....... विनोद की मुक़ाबली मैं ........ चेहरी पर छोटी छोटी दाढ़ी थी ....... जो उसकी चेहरी को और भी अट्रैक्टिव बना रही थी .......... मतलब की राजीव ाचा स्मार्ट और गुड लुकिंग मर्द था ........ महीन उसकी पर्सनालिटी सी काफी इम्प्रेस होइ थी ........................

महीन को हैरानी होइ की नीतू कैसी इस तरह की कपड़े पहन सकती है वह भी किसी और ग़ैर मर्द की मौजूदगी मैं ........... जबकि उसी पता था की विनोद उसकी घर अन्य वाला है ..........

महीन न्य अपार्टमेंट को देखा ........ एक छोटा सा hi अपार्टमेंट था ....... सिंगल रूम नज़र आ रहा था ........ एक किचन ..... सिटींग एरिया था ........ सिंगल पर्सन की लय परफेक्ट था यह ........ ऑलमोस्ट ऐसी hi अपार्टमेंट्स देखी थय महीन और विनोद न्य भी लकिन वह भी काफी कॉस्टली थय .............. नीतू किचन मैं बिजी थी .......... और विनोद कारन की साथ गुप् शूप करनी लगा ........

विनोद राजीव की साथ लाउन्ज मैं बेथ क्र बातें करनी लगा और महीन नीतू की पास किचन मैं चली गए .........

महीन उसकी हेल्प कृत्य होय इधर उधर की बातें करनी लगी .....

महीन ........ बाक़ी लोग नहीं आय

नीतू ...... उन्हों न्य एक्सक्यूज़ क्र लय है ........ और कारन को भी शायद कोई काम था ...... इसलय आज डिनर पी हम चरों hi हों गए ......... नीतू मुस्कराई

खाना जल्द hi तैयार हो गया और दोनों न्य मिल की सर्वे क्या ....... फिर चरों लोग बेथ क्र खाना कहानी लगी ..............

राजीव .......... आप लोगो की अपार्टमेंट्स सर्च कहाँ तक पोहंची ......

विनोद ..... अभी तक तो फेलियर hi फेलियर है ...... एक भी नहीं मिल रहा मुनासिब रेट मैं ............ और हम को तो दो (2) ढूंढ़नी हैं .......

महीन ....... और अब तो होटल का भी ख़तम होनी वाला है .....

राजीव ....... कॉस्टली तो हैं hi यहाँ पी अपार्टमेंट्स बुहत ....... लकिन आप दोनों शेयरिंग क्यों नहीं क्र लेती ..........

विनोद खुश होआ ........ की उनकी कहनी सी पहली hi उन्हों न्य शेयरिंग वाली बात पी आज्ञा है ......... शेयरिंग किस की साथ ..... विनोद बोलै

राजीव ...... आर्य किस की साथ का क्या मतलब ........ आप दोनों शेयर करो .... आप एक अपार्टमेंट लय लो और दोनों मिल की रह लो .......... मिल की उसका रेंट पाय करो ..... हाफ हो जाय गए दोनों की लय .......

विनोद और महीन दोनों को झटका लगा ....... महीन की चेहरी पर तो ऐसी फीलिंग्स थीं जैसी उसी यह बात अछि ना लगी हो ..........

राजीव ..... इस महंगी सिटी मैं तो यही सलूशन है ........ इस सी तुम्हारा रेंट भी शेयर हो जाय गए और बिल्स भी ............

महीन न्य नीतू की तरफ देखा .......... वह मुस्करा रही थी .......... महीन ..... ठीक बोल रहा है राजीव ..........

विनोद ..... लकिन यह कैसी पॉसिबल है यार ........

राजीव ..... आप 2 रूम्स का एक अपार्टमेंट लय क्र दोनों शेयर क्र सकती हो इस सी आप लोगो की प्राइवेसी भी डिस्टर्ब नहीं हो गई ...... और आप लोगो का मसला भी हल हो जाय गए ........

महीन आहिस्ता सी बोली ...... no ..... इतस नॉट पॉसिबल ....

विनोद और महीन दोनों चुप हो गए ........

कहानी की बाद महीन और नीतू चाय लय कर बैडरूम मैं चली गए ..... और विनोद और राजीव सिटींग रूम मैं थय ......

नीतू ...... महीन राजीव न्य जो सुग्गेस्टिव दी है न उसको सीरियसली सोचो ......

महीन ........ नीतू लकिन यह कैसी मुमकिन है ........ मैं कैसी विनोद की साथ रह सकती हों एक घर मैं ........ यू क्नोव ी ऍम मैरिड ......

नीतू ..... सो व्हाट यार ...... तुम्हारा हस्बैंड तो इंडिया मैं है न ..... तो उसी क्या पता .......... और फिर साथ रहंय का मतलब यह तो नहीं की लाज़मी कुछ रिलेशनशिप भी हो .....

महीन बलुशेड .......... लकिन नीतू ..... फिर भी ....... एक घर मैं रहना आसान तो नहीं है न ...... प्राइवेसी होती है ..... घरों मैं बुहत कासुअल अंदाज़ मैं रहना होता है ........... और फिर हमारी कल्चर और रेलगिओं मैं भी फरक है ........

नीतू ....... यार तुम बुहत ज़्यादा सोच रही हो .......... दोनों की कल्चर और रेलगिओं अपनी अपनी जगा रहें गए ........... वैसी आजकल इन सुब चीज़ो को ाहमयत नहीं दी जाती और ख़ास क्र इस कंट्री मैं ........

..............................

बहार बैठी होय राजीव न्य भी विनोद को साड़ी बात बताई ........ और उसी समझाया की अपार्टमेंट शेयरिंग hi एक ाचा ऑप्शन हैं उनकी लये .........

विनोद ..... लकिन यार महीन नहीं मान्य गई ........ यू क्नोव शी इस तू मच कन्सेर्वटिवे .......

राजीव ...... नीतू भी ऐसी hi थी ...... लकिन अब वह बुहत चेंज हो चुकी होइ है यहाँ आकर ........ तुमको उसकी ड्रेस्सिंग्स सी hi अंदाज़ा हो गया हो गए ..... यह सुब कुछ चंगेस आ hi जाती हैं टाइम की साथ इस कंट्री मई ........ वैसी एक बात बताओ ..... तुम्हारा दिल नहीं करता की महीन जैसी हॉट लड़की की साथ रहो तुम एक hi अपार्टमेंट मैं ......... हहहह

विनोद भी हंसा ........ वह तो है पर ऐसा पॉसिबल नहीं है यार ........

राजीव ....... बुहत कुछ पॉसिबल हो जाता है जब एक जवान लड़का और एक जवान लड़की एक साथ रहती हैं तो .........

राजीव हंसा और विनोद भी हंसनी लगा ........

..............................

नीतू ........ महीन एक और बात बोलों तुम को ....... एक फ्रेंड की तोर पी ...... अगर तुम बुरा ना मनो तो ........

महीन .... हाँ हाँ बोलो तुम .....

नीतू ........ यू क्नोव यह तुम्हारा प्रोबबातिओं पीरियड है ...... और इस दरशन मैं तुम्हारी हर तरह सी अस्सेस्मेंट होनी है ...... तुम्हारी स्किल की, तुम्हारी डीलिंग्स की .... तुम्हारी बेहेवियर की ......... तुम्हारी ड्रेसिंग की .......

महीन ........ हम्म ..... तो फिर .....

नीतू ...... मेरा मतलब था की तुम अपनी ड्रेसिंग को भी थोड़ा वेस्ट्रन करो ...... यह वैल हटा दो ........ ऑफिस मैं ...... और ड्रेसिंग स्टाइल भी चेंज करो ....... वर्ण मुझी दर है की इस सब का तुम्हारी कॉन्ट्रैक्ट पी बुरा इफ़ेक्ट न पारी ........

महीन चुप रही ......

नीतू .... मेरी बात को ग़लत नहीं समझना तुम ........ लकिन तुम जानती हो न की यह कैसा कुन्ट्री है ..... ....... यहाँ पर हमारी कन्सेर्वटिवे ड्रेसिंग को पसंद नहीं क्या जाता ......... और मैं नहीं चाहती की तुमको जो यहाँ काम करनी का मौका मिला है वह तुम खो दो ......

महीन कुछ सोच मैं डूबी होइ थी .........

नीतू ...... सॉरी अगर तुमको मेरी बात ग़लत लगी हो .....

महीन ..... नहीं नहीं ........ मैं समझ रही हों तुम्हारी बात ......... तुम ठीक कह रही हो ......... लकिन मेरी फॅमिली ..... मेरी पेरेंट्स ..... वह कैसी इजाज़त डैन गए मुझी .....

नीतू ..... तो तुमको कौन उन सी इजाज़त लेनी को बोल रहा है ....... पता है क्या मैं भी बुहत कन्सेर्वटिवे ड्रेसेस hi पहनती थी जब यहाँ आई थी ........ वह तो आहिस्ता आहिस्ता चेंज होना पारा ... ........

महीन ....... और राजीव ...... उसी कोई ऐतराज़ नहीं है क्या ....

नीतू ...... नहीं .... बिलकुल भी नहीं ........ वह यहाँ की कल्चर और यहाँ की रिक्वायरमेंट्स को समझता है ...... इसलय उसनी कभी ऑब्जेक्ट नहीं क्या बल्कि यह चंगेस भी उसकी hi ेन्सॉरगे करनी सी लय पाई हों मैं ...........

महीन चुप हो गए .........

इतनी मैं बैडरूम का दूर नॉक होआ .......... विनोद और राजीव भी बैडरूम मैं ाग्य ........ और सोफे पर बेथ गए .......

राजीव ...... आर्य क्या बातें हो रही हैं .........

नीतू .... वही अपार्टमेंट की लय बता रही थी मैं महीन को .....

राजीव .... यार इस सी बेहतर कोई ऑप्शन नहीं है ........

विनोद ...... लकिन यह पॉसिबल नहीं है न ....... हम लोग एक साथ एक अपार्टमेंट मैं नहीं रह सकती ............ हमारी अपनी अपनी फैमिलीज़ हैं ..... न मिस महीन की हस्बैंड इस बात की लय एग्री हों गए और ना hi मेरी वाइफ को ाचा लगी गए .........

राजीव ...... लकिन यार वह दोनों तो इंडिया मैं हैं न ......

महीन ..... लकिन फिर भी एक अपार्टमेंट मैं रहना तो इम्पॉसिबल है न ...... यू क्नोव बुहत सी बातें होती हैं न ........ प्राइवेसी होती है अपनी अपनी .... तो ऐसी किसी भी दूसरी शख्स की साथ रहना ......... ी ऍम सॉरी विनोद .. प्लीज डोंट टेक आईटी रॉंग ........ महीन न्य विनोद की तरफ देखती होय कहा ....

नीतू ...... सही कह रही हो .. लकिन आप लोग अपनी बौंडरीएस सेट क्र सकती हो ...... अपनी लिमिटिशंस ....... और एक दूसरी की प्राइवेसी का दोनों ख्याल रखो ....... कोई इंटरफेरॉन्स नहीं करो ....... आप दोनों मातुरे हो ........ समझदार हो ........ ना चाहो तो कुछ भी नहीं हो गए ऐसा वैसा आप लोगो मैं जिसका तुम को दर लग रहा है ........... नीतू हंसी .......

महीन थोड़ी शरमाई ....... इन सब बातों का ख्याल रख भी लाइन तो भी मेरी हस्बैंड ....... और विनोद की वाइफ ........ उनको अगर पता चला तो ......

राजीव ....... कौन बताय गए उनको ........ अगर आप लोग नहीं बताओ गए तो उनको कैसी पता चली गए ............. और ना hi वह कभी यहाँ अन्य वाले हैं आप लोगो को देखनी की लय ...........

महीन न्य सर झुका दया .......... कुछ सोचती होय ..........

विनोद .......... लकिन अक्सर तो वीडियो कॉल पी hi बात होती है न ....... तो ....

नीतू ...... आर्य जब वीडियो कॉल हो तो आप लोग केयरफुल रहो की सामन्य न आओ एक दूसरी की कॉल मैं ...........

कुछ देर तक नीतू और राजीव उन दोनों को कन्विंस कृत्य रही ....... और फिर महीन और विनोद दोनों वापिस होटल ाग्य ............ रास्ती मैं भी दोनों चुप थय ...........

रूम मैं आ की महीन न्य अपनी कपड़े उतारी .......... ब्रा और पंतय भी उतर दी ...... और नाईट ड्रेस पहन लय ........ महीन की उतरी होय कपड़े और उसकी ब्रा पंतय बीएड पी hi पारी थय की दूर नॉक होआ ..... महीन जल्दी स दरवाज़ी की तरफ गए ........... उसी पता था की रूम सेवीके hi हो गई ...... महीन न्य दरवाज़ा खोला तो विनोद खरा था ....... महीन न्य उसकी तरफ देखा ..... जैसी पॉच रही हो की वह कैसी आया है .....

विनोद ....... महीन जी कुछ देर बात हो सकती है क्या .....

महीन न्य विनोद को अंदर अन्य का रास्ता दया ........... विनोद अंदर आया ....... उसकी नज़र बीएड पी बिखरी होय महीन की कपड़ों पी पारी ...... वहीँ महीन की ब्लैक कलर की ब्रा और पंतय भी पारी होइ थी ...... उसकी आज शाम को पहनी होय कपड़ों की साथ..... जिस पी विनोद की नज़र पारी ..... वह समझ गया की आज शाम मैं महीन न्य ब्लैक ब्रा और पंतय पहनी थी अपनी ड्रेस की नीची ........ महीन दूर बंद क्र की मुड़ी तो उसकी नज़र भी बीएड पी रखी होय अपनी कपड़ों पी गए .........

महीन ..... ओह ...... ी ऍम सॉरी ...... मैं कपड़े चेंज क्र रही थी बस ...

विनोद ....... ी ऍम सॉरी महीन जी ..... मेरी वजह सी आप डिस्टर्ब होइन .....

महीन ..... no no ..... ी हैवे आलरेडी फिनिश्ड .......

महीन जल्दी सी बीएड की दूसरी तरफ गए .... और अपनी कपड़े समयतनय लगी .......... विनोद उसी को देख रहा था ........... महीन न्य अपनी ब्रा और पंतय उठाती होय विनोद की तरफ देखा तो उसकी नज़र विनोद सी मिली ....... महीन न्य थोड़ा शर्म सी अपनी नज़र झुका ली ........ और अपनी कपड़े समेत क्र कप्बोर्ड मैं रख डाई ........ और वापिस आ क्र विनोद की सामन्य सोफे पर बेथ गए ........

महीन ....... इस एवरीथिंग okay ..... चाय लाइन गए आप क्या ???

विनोद ...... जी अगर आप को ज़ेहमत न हो तो ........

महीन ..... नहीं नहीं ......... ज़ेहमत कैसी .... मैं अभी बनाती हों ....

महीन न्य इलेक्ट्रिक केतली ों क्र दी ....... और कप्स प्रेपर करनी लगी ......

विनोद ............ महीन जी ... एक्चुअली मैं राजीव और नीतू की सुग्गेस्टिव पी बात करनी आया था .........

महीन वीर्य सी ...... वह तो पागल हैं ........ और उनकी सुग्गेस्टिव भी पागल पैन है ....... जैसी वह दोनों कह रही हैं ...... वह भला पॉसिबल भी है ......

विनोद ........ आप ठीक कह रही हो ...... लकिन आप सोचो तो हमारी पास कोई और सलूशन भी तो नहीं है न .......... कितनी तो स्ट्रगल क्र चुकी होय हैं ........ अगर हम एक अपार्टमेंट लय क्र शेयरिंग क्र लाइन तो हमें इकोनोमिकल पारी गए ............ और फिर जब हमें कोई मुनासिब अपार्टमेंट्स मिलाएँ गए हम अलग अलग हो जाईं गए ...........

महीन चुप हो गए ..... उसकी चेहरी पर सुर्खी सी दौड़ गए ..... उसी विनोद की बात ठीक लग रही थी .........

महीन चाय की कप बना क्र आई और विनोद की सामन्य झुक की एक कप रखा ....... विनोद की नज़रें सीढ़ी महीन की नाईट ड्रेस की खुली होय गली सी अंदर को गईं ....... और उसी महीन की बूब्स की ऊपर का थोड़ा सा हिस्सा दिखा ....... महीन अपना कप लय क्र विनोद की सामन्य सोफे पर बेथ गए .....

महीन ........ ठीक है अगर हम लोग ऐसा क्र भी लाइन ...... तो फिर भी आसिफ और प्रिय ....... क्या वह यह बात मानें गए ........ इस बात की लय हमें इजाज़त डैन गए ........

विनोद ..... हाँ कभी भी नहीं ....... वह हमारी सिचुएशन को नहीं समझ सकें गए ....... और ना hi उनको हमारी बातों पी यक़ीन आय गए चाही हम जैसी भी उनको ऐतबार करानी की कोशिश करें .........

महीन ........ जी ...... बिलकुल ....... तो फिर ..

विनोद ...... तो फिर यह की हमें उन सी यह बात छुपाना हो गई ........ कैसी भी क्र की ........... उनको इस बात का पता नहीं लगनी डैन गए ......

महीन ...... लकिन यह तो बुहत मुश्किल है न .....

विनोद ........ हाँ मुश्किल तो हो गई .......... लकिन हम लोग ुणस्य फ़ोन पी बात कृत्य होय एक दूसरी को अवॉयड करें गए ..... दूर रहें गए ...... और वैसी भी तो फ़ोन कॉल या वीडियो कॉल पी बात हम लोग अपनी अपनी रूम मैं करें गए न ...... ..........

महीन ........ एंड व्हाट अबाउट इतर मैटर्स ऑफ़ प्राइवेसी .... ेट्स

विनोद ..... वह तो जैसी आप कहो गई वैसी hi क्र लाइन गए ....... एक दूसरी की प्राइवेसी कोई भी ब्रीच नहीं क्रय गए .........

महीन सर झुकाय अपनी सोचों मैं थी ............. मुझी तो कुछ समझ नहीं आ रहा .............

विनोद ....... हम कुछ अरसा की लय ऐसी शेयरिंग क्र लेती हैं ....... अगर कोई प्रॉब्लम होती है तो फिर या फिर कोई अछि ओप्तिओंस मिलीं तो हम सेपरेट लय लाइन गए अपार्टमेंट्स .......

महीन वीर्य सी ........ हम्म्म्म .

विनोद ...... तो फिर कल चल की कोई डबल रूम अपार्टमेंट देख लेती हैं ........

महीन न्य आहिस्ता सी हाँ मैं सर हिला दया ............ विनोद की साथ एक अपार्टमेंट मैं तनहा रहंय के ख्याल सी hi महीन की अजीब सी हालत हो रही थी .......... और ख़ास तोर पर नीतू की बातों की बाद तो उसकी दिल की धरकन भी तेज़ हो गए थी ............ उसनी एक नज़र अपनी सामन्य बैठी होय विनोद पी डाली और फिर अपनी नज़र झुका ली ........... कुछ देर मैं विनोद उठा और अपनी रूम मैं चला गया .......... महीन को गुड नाईट बोल क्र .......... महीन न्य दरवाज़ा बंद क्र दया ..............

कोई 15 मिनट की बाद दोबारा नॉक होआ ......... और बहार सी आदम की आवाज़ आई ......... रूम सर्विस मम ...........

महीन अपनी बीएड सी उठी .......... अपना ड्रेस थोड़ा ठीक क्या और जा की दूर खोल दया .......... सामन्य आदम खरा था ...... अपनी हाथ मैं ड्रेसेस की पैकेट्स लये होय ............ महीन न्य उसी अंदर अन्य का रास्ता दया .............

आदम न्य अंदर आ की वह पैकेट्स टेबल पी रखी ......... उसनी आदम को थैंक्स बोलै ....... और फिर महीन न्य आदम को सुबह की लय अपना ड्रेस दया और वह उसी लय कर वह सी चला गया ........... महीन न्य वह पैकेट्स देखी तो उनकी ऊपर उसकी रूम नंबर का स्टीकर लगा होआ था ......... महीन न्य मुस्करा की वह पैकेट्स अपनी कप्बोर्ड मैं रख लये ...... फिर महीन बीएड पी लेट गए .......... और विनोद की साथ रहंय की कॉन्सीक्वेन्सेस की बारी मैं सोचनी लगी ........ उसी यह सुब बुहत hi अजीब लग रहा था ..... की ाकिसी हो गए जब वह एक अजनबी तो नहीं ...... मगर एक ग़ैर आदमी ..... और वह भी ग़ैर मज़हबी आदमी की साथ रही गई ..... एक hi घर मैं ..... एक hi छठ की नीची ............. साथ hi वह खुद को समझा भी रही थी की वह कुछ भी ऐसा वैसा नहीं होनी दी गई ........... और उम्मीद है की ना hi विनोद ऐसी कोई कोशिश क्रय गए ........ इन्ही बातों को सोचती होय महीन की आँख लग गए ............
 
अपडेट NO: 09

नेक्स्ट डे वीकेंड था ....... सैटरडे .......... महीन देर सी सो क्र उठी ....... और वह भी विनोद की कॉल अन्य पर .........

महीन ....... हेल्लो........

विनोद ....... महीन जी लगता है की अभी तक उठी नहीं हो आप सो क्र ....

महीन अंगराई लेती होइ मुस्कराई .... और बंद आँखों की साथ बोली ....... mmmmmmmmmmmmm ........ बस अभी आप की कॉल सी hi आँख खुली है ........

विनोद ..... चलें फिर उठ जाईं ..... आज अपर्टमेंट देखनी भी जाना है न ...

महीन ...... उन्न्नन्नं ह्ह्हहननननननहह .... उठ जाती हों ..... चले जाईं गए ....... इतनी सुबह सुबह तो नहीं जाना न .........

विनोद हंसा ....... ाचा ठीक है महीन जी ...... आप अपनी नींद पूरी क्र लाइन फिर चलती हैं ...........

कॉल बंद हो गए ............ क़रीब 10 ऍम पी दोनों होटल सी निकली ...... दोबारा सी अपार्टमेंट की तलाश मैं ...... मगर आज उनका मोटो और डिमांड कुछ और थी ...........

ब्रोकर न्य कुछ तवो रूम अपार्टमेंट्स दिखाय ......... वह भी बुहत ज़्यादा महंगी एरिया मैं थय .......

फिर वह ब्रोकर बोलै ......... आप को एक अपार्टमेंट दिखाता हों ........ ी होप की आप को पसंद आय गए ............. यह आप की ऑफिस सी भी वाकिंग डिस्टेंस पी है ....... और उसका रेंट भी बाक़ी सब सी काम है ........

विनोद और महीन को िनेरेस्ट पैदा होआ ........ वह ब्रोकर की साथ उस अपार्टमेंट की बिल्डिंग पी पोहंची ........ 7तह फ्लोर पी था अपार्टमेंट ... 2 अपार्टमेंट और थय उस फ्लोर पर ......... इस अपार्टमेंट सी ाग्य ..... टोटल 3 अपार्टमेंट्स थय इस फ्लोर पी ....... ब्रोकर न्य अपार्टमेंट का लॉक खोला और दोनों उसकी पिच्य पिच्य अंदर दाखिल होय .............

अंदर दाखिल होती hi पहला इम्प्रैशन भी ाचा पारा ............ बुहत साफ़ सुथरा ....... और नेवली पेंटेड अपार्टमेंट था ......... फुल्ली फर्निश्ड.. अंदर जाती hi एक सिटींग रूम था ...... बुहत बारे सा ........... उसकी राइट साइड मैं 2 बैडरूम थय ........ बराबर मैं .......... जब की लेफ्ट साइड मैं भी 2 दूर नज़र आ रही थय .......... उसमें सी एक किचन था ......... और दूसरा बाथरूम था ........... क़रीब hi एक और दूर था ........ जो की बालकनी का था ............ बालकनी भी एक मुनासिब साइज की थी ....... जहा पर कपड़े सुखानी की लय अर्रंगेमेन्ट्स थीं ...... और सिटींग की लये रिलैक्सिंग चेयर्स भी राखी होइ थीं ..........

विनोद और महीन को वह अपार्टमेंट ठीक लगा ........ पसंद आया .......

विनोद ....... आईटी लुक्स बेटर थान ओठेर्स .......

महीन न्य एक बैडरूम का दरवाज़ा खोला अंदर दाखिल होइ ....... बैडरूम भी साफ़ सुथरा था ....... एक डबल बीएड लगा होआ था ....... सोफे, ड्रेसिंग टेबल और कप्बोर्ड भी मौजूद थी ........... मगर कहीं पर कोई बाथरूम नहीं दिख रहा था ........

महीन बोली ........ वेयर इस थे बाथरूम .....

ब्रोकर बोलै ....... यह अपार्टमेंट सुब सी बेहतरीन है ........... लकिन इस मैं सिर्फ एक hi कमी है ........ और वह यह की इसकी बेडरूम्स मैं आत्ताच बाथरूम नहीं हैं ............ बल्कि सिर्फ बहार वाला एक hi बाथरूम हैं जो दोनों को शेयर करना हो गए ........ इसी लये इसका रेंट काम है ..........

महीन और विनोद दोनों को यह बात बुहत अजीब लगी ...... की ऐसी कैसी हो सकता है ............ दोनों न्य फिर दूसरा बैडरूम देखा ....... वह भी ऐसी hi फर्निश्ड था .......... फिर महीन सिटींग लाउन्ज मैं मौजूद बाथरूम की तरफ गए ........ उसी खोल की देखा तो काफी बारे बाथरूम था ...... बाथिंग एरिया अलग था ........ विथ गिलास वाल्स ........ और टॉयलेट कमोड अलग लगा होआ था .......... बाथरूम मैं hi शुरू की हिस्से मैं एक तरफ आटोमेटिक वाशिंग मशीन फिट थी ........ जिसकी पास hi 2 लौंडरी बकेट्स राखी होइ थीं ............. फिर महीन न्य किचन देखा ......... किचन भी काफी बारे था ....... और कपबजरड़स साफ़ सुथरी थीं ......... काफी सामान भी रखा होआ था .............. महीन को किचन भी ठीक लगा .......... अपार्टमेंट तो दोनों को hi पसंद आ गया था ....... मगर अब इशू सिंगल बाथरूम का रह गया था ............. जिसकी वजह सी महीन और विनोद न्य उसी रिजेक्ट क्र दया .............

ब्रोकर न्य उनको okay बोलै ....... और फिर उस अपार्टमेंट को लॉक क्र की और घर दिखानी लय गया ........... 2 घंटी वह फिर खवार होती रही ......... फिर सुब लोग वापिस ब्रोकर की ऑफिस ाग्य .......... ब्रोकर न्य उनको चाय सर्वे की ........ फिर सुब लोग बात चीत करनी लगी ........... ब्रोकर न्य फिर सी उनको वही अपार्टमेंट लेंय का मश्वरा दया ........... की उसका रेंट भी ठीक है और वैसी भी काफी साफ़, बारे और फुरणसीहेड है ........... दोनों न्य सर झुका लये ........... फिर एक दूसरी सी मश्वरा करनी लगी ........

महीन ....... अपार्टमेंट तो ठीक है लकिन क्या एक वाशरूम की साथ एडजस्ट क्र सकें गए हम लोग ...........

विनोद .......... मुश्किल तो हो गई .......... लकिन अगर बचत करनी है तो कुछ न कुछ सैक्रिफाइस तो करना hi हो गए ............

महीन ......... हम्मम्मम्मम्म .

विनोद ........ तो फिर okay क्र लाइन ...........

महीन न्य विनोद की तरफ देखा ........... देख लाइन जैसी आप को ठीक लगी .......

विनोद ........ okay मर. ब्रोकर ............ वे अरे रेडी तो हैवे आईटी .......

ब्रोकर भी खुश होआ .......... और जल्दी सी पेपर्स प्रेपर करवाय .......... और कोई एक घंटी की बाद सा प्रोसेस कम्पलीट होआ ............ ब्रोकर न्य घर की कीस विनोद को दिन ............ विनोद न्य मुस्करा क्र वह कीस महीन की तरफ बढ़ा दिन ........ महीन मुस्कराई ....... उसी ाचा भी लगा विनोद का उसी ऐसी इज़्ज़त देना ............. उसनी कीस लय लीन और अपनी हैंड बैग मैं रख लीन ........... और फिर दोनों ब्रोकर को थैंक्स बोल की ऑफिस सी निकल आय ............ बाहिर आ क्र

महीन ...... शुक्र है यह मसला तो हल होआ ........

विनोद ...... हाँ जी ........ मिल hi गया हमें आखिर हमारा घर ...........

महीन मुस्कराई ....... जी ..... हमारा घर ....... महीन को अजीब लगा ...... की वह उस अपार्टमेंट को अपना और विनोद का घर कह रही हैं ...........

विनोद मुस्कराया ....... और हाँ ....... ऑफिस अन्य जांय का प्रॉब्लम भी सोल्वे हो गया है ...... ाचा तो फिर शिफ्टिंग कब करनी है

महीन .......... जैसी आप को ठीक लगी .... महीन अब विनोद को पहली सी भी ज़्यादा इज़्ज़त सी बुला रही थी ........... बस अपनी संस्कार की वजह सी .......... और विनोद की रेस्पेक्ट की वजह सी ........

विनोद ...... ठीक है तो बस अब जा की लंच करें गए ....... और फिर चेक आउट कृत्य हैं ..... और आज hi अपनी घर मैं शिफ्ट हो जाती हैं ......... ताकि कल सुबह अपनी घर की कुछ सेटिंग क्र सकें ............ संडे का फ़ायदा उठा क्र .........

महीन ............ जी ठीक है ............
 
शाम की 6 बाजी दोनों अपनी अपार्टमेंट मई थय ........ अपनी सामान समेत ................. दोनों न्य एक एक बैडरूम सेलेक्ट क्या और अपना अपना सामान अंदर लय जा की रख दया ............ महीन न्य वैल उतरा ....... और बीएड पी लेट गए ........... टांगें नीची लटका क्र ........ और बाज़ू फैला क्र ........... उसी जैसी बुहत सुकून मिल रहा था अपनी घर मैं आकर ........... ऐसी अपार्टमेंट मैं जैसी वह अपना कह सकती थी ............. वह मुस्करा रही थी ........ आंखें बंद कए होय ........... मगर इस अपनी अपार्टमेंट मैं उसी अपनी हस्बैंड आसिफ की बजाय ........... अपनी कलेग विनोद की साथ रहना था ...........

महीन आंखें बंद क्र की रिलैक्स क्र रही थी की दूर नॉक होआ ....... महीन न्य उठ क्र दरवाज़ा खोला तो विनोद बोलै ..........

विनोद ..... महीन जी ... दो यू नीड माय हेल्प फॉर अन्य थिंग ....

महीन को विनोद का हेल्प की लय पूछना ाचा लगा था .... विनोद का उसकी केयर करना .......

महीन मुस्कराई ....... नहीं शुक्रया .... अभी तो बस ऐसी hi सामान रखा है ...... सेटिंग तो आराम सी hi हो गई.......

विनोद ..... जी यह बात तो ठीक है ..... मुझ तो चाय की बुहत ज़्यादा तालाब हो रही है .......... मैं नीची बिल्डिंग की डिपार्टमेंटल स्टोर पी जा रहा हों ...... कुछ सामान लाता हों चाय की लय ....... आप को कुछ मंगवाना है तो बता डैन मैं लय आता हों .......

महीन .......... विनोद जी .... आप रुकें मैं भी आ रही हों ........ दोनों चलती हैं थोड़ी ग्रोसरी लय लाइन गए .........

विनोद ....... okay महीन जी .......

थोड़ी देर मैं महीन रूम सी बहार आई तो उसनी उसी सूट पी सिर्फ दोपट्टा लय होआ था .... और वह भी फोल्ड क्र की गली मैं लटकाया होआ था ....... स्कार्फ़ की तरह ........... विनोद न्य महीन को ऐसी देखा तो मुस्करा दया ......

महीन उसी मुस्कराता होआ देख क्र बोली ..... क्या होआ .....

विनोद ...... कुछ नहीं ....... क्या आप वैल नहीं लाइन गई ....

महीन मुस्कराई उसका चेहरा ब्लश करनी लगा ........ नहीं .... मैं न्य सोचा की यहीं नीची तक तो जाना है ....... तो ऐसी hi सही ...........

विनोद ......... जी बिलकुल सही है ...

फिर महीन मुस्कराती होइ विनोद की साथ अपार्टमेंट सी निकली ..... और फिर लिफ्ट मैं एंटर हो की नीची डिपार्टमेंटल स्टोर मैं ाग्य ...... वह पहली बार ऐसी बिना वैल की सिर्फ दोपट्टा मैं भर आई थी ........ उसी अजीब भी फील हो रहा था ........ और ाचा भी लग रहा था ......... जैसी उसकी सर सी कोई बूझ उतर गया हो ............. और कुछ आज़ादी सी भी महसूस क्र रही थी ....

डिपार्टमेंटल स्टोर भी काफी बारे था ...... क्लोथिंग, वेगिताबलः, ूटेंसिल्स, ग्रोसरिएस ...... सुब कुछ hi अवेलेबल था ......... दोनों साथ साथ घूमती होय ट्राली मैं चीज़ें रख रही थय ....... महीन को ख्याल आया की आज वह पहली बार अपनी हस्बैंड की इलावा किसी दूसरी ग़ैर मर्द की साथ ग्रोसरी की शॉपिंग क्र रही है ...... मगर इसकी बावजूद भी वह विनोद की साथ काफी कम्फर्टेबले फील क्र रही थी ....... दोनों शॉपिंग क्र की वापिस अपनी अपर्टमेंट मैं ाग्य ........

दोनों न्य मिल की सामान किचन मैं रखा ........

विनोद ... मैं चाय बनाता हों ..

महीन ...... नहीं आप लाउन्ज मैं बैठें मैं बना की लाती हों ....

विनोद थैंक्स बोल की चला गया ....... और महीन चाय बनानी लगी ..... महीन न्य चाय बनाई और कप्स मैं दाल की बहार लय आई .... महीन न्य विनोद को चाय का कप दया .......

विनोद .... थैंक्स महीन जी .....

महीन भी अपना चाय का कप लय क्र बेथ गए ........ तो विनोद जी अब ाग्य क्या करना है ...... अपनी घर पी आ गए हैं आखिर.....

विनोद ...... एक तजवीज़ है मेरी अगर आप को बुरा न लगी तो .....

महीन ..... जी जी बोलें आप .......

विनोद ...... देखें हमें एक साथ काम कृत्य होय काफी टाइम हो चूका है और अब हम लोगो न्य काफी टाइम की लय एक साथ रहना है एक hi घर मैं .... तो सुब सी पहली तो हमें यह सुब तकल्लुफ़ात को चूर्ण हो गए ......

महीन ....... क्या मतलब मैं समझी नहीं विनोद जी ..

विनोद ..... यही चीज़ ........ जो हम एक दूसरी को जी जी और मैडम कहती हैं ........ सिम्पली हमें एक दूसरी को नाम सी बुलाना चाहिए तो hi हम लोग कम्फर्टेबली एक घर मैं रह सकें गए ....... वर्ण तो बुहत मुश्किल हो गई ....

महीन मुस्कराई ...... हाँ यह बात तो आप ठीक कह रही हैं विनोद जी

विनोद हंसनी लगा ........... हहहह ...... फिर सी .......

महीन भी हंस पारी ......... okay okay ......... तो बस ठीक है विनोद आइंदा आप को नाम सी hi बुलाऊँ गई .........

विनोद ....... आप नहीं ..... तुम कहैं .....

महीन ....... ठीक है .......... फिर तुम भी मुझी मेरी नाम सी hi बोलो गए ........

विनोद ........... दोने ..... और दोनों हंसनी लगी ..........

विनोद ........ ाचा तो अब कुकिंग का क्या .....

महीन ...... वह मैं क्र लोन गई ...... अपनी लय भी और आप की ........ ी मैं तुम्हारी लय भी ......... और अगर दिल क्रय तो तुम भी बना सकती हो ..... मीन्स की मिल जल की .......

विनोद .. दोने ........

महीन ...... बाथरूम का इशू है

विनोद .... हाँ वह तो है .... लकिन ी होप की हम लोग मैनेज क्र लाइन गए ....... सुबह थोड़ी दिक़्क़त हो गई ....... लकिन इतस okay

महीन ...... हम्म्म ठीक है ...... लकिन बाथरूम को नाहा क्र स्वीप ज़रूर करना है हर किसी न्य ........ समझी ...

विनोद ...... हहहह ....... हाँ हाँ ठीक है ......

महीन ..... और no इंटरफेरॉन्स इन anyone's ओन रूम

विनोद .... तहत इस सूरे ..... एक दूसरी की रूम मैं नॉक क्र की hi जाईं गए ....

महीन ..... लकिन अगर हम कॉल पी होय अपनी स्पोसेस की साथ और उन्हों न्य नॉक की आवाज़ सुन ली तो फिर ........ ???

विनोद ..... तो पहली दूसरी को बता डैन गए न की कॉल है ........ और अगर ज़रूरी होआ तो बिना नॉक की भी चली जाईं गए रूम मैं उस वक़त ........

महीन ........ हम्म्म ...... ठीक है ...... लकिन विनोद ....... कहीं ऐसा तो नहीं की हम आसिफ और प्रिय को धोका दी रही हैं .......

विनोद .......... हम्म्म ....... लकिन अगर उनको बताएं भी तो वह अंडरस्टैंड नहीं क्र सकें गए ....... और हम लोग सिर्फ साथ hi रह रहे हैं न .... उनको चीट तो नहीं क्र रही न ........

महीन विनोद की बात समझ गए ...... और सर झुका लय ..........

विनोद ........... उनको यही पता होना चाहिए की हम अलग अलग रह रही हैं ....... और प्रक्टिकली देखा जाय तो हम अलग अलग hi तो हैं न अपनी अपनी रूम मैं .....

महीन ........ हम्म्म

विनोद ............ ी थिंक हमें अब ज़्यादा नहीं सोचना चाहिए ........ और अपनी ज़िन्दगी की नयी शुरुआत करनी चाहिए ........ ख़ुशी ख़ुशी और कॉन्फिडेंस की साथ ........

महीन मुस्कराई ......... और कप उठा की जांय लगी .......

विनोद ....... रहंय दो तुम ........... मैं धो देता हों ....... आखिर सारी काम मिल की hi तो करनी हैं न अब हम न्य ........

महीन को हैरानी होइ ....... और ाचा भी लगा ........ विनोद का यह केयरिंग अंदाज़ ...........

रात का खाना भी दोनों न्य मिल क्र बनाया .......... किचन मैं अपनी क़रीब विनोद की मौजूदगी सी महीन को अलग hi अहसास हो रहा था ........ मगर उसी बुरा नहीं लग रहा था ........... बुहत hi फ्रेंडली अंदाज़ था विनोद का उसकी साथ .......... काम मैं उसका साथ दी रहा था ........ इधर उधर की जोक्स और फॅमिली की बातें ............ महीन भी उस सी अपनी फॅमिली की बातें शेयर क्र रही थी ............ और ऐसी hi उन्हों न्य खाना बनाया ........ और मिल की दिंनिंग टेबल पी रख दया ......... फिर दोनों बेथ क्र कहानी लगी .......... महीन पहली भी इतनी दिन सी उसकी साथ hi होटल मैं खाना खा रही थी ......... मगर यह पहला मौका था की इस तरह एक घर मैं ......... विनोद की साथ रहती होय वह उसकी साथ तन्हाई मैं खाना खा रही हो एक hi टेबल पी बेथ की .............. कहानी की बाद उन्हों न्य बर्तन समेत्य और गुड नाईट बोल की अपनी अपनी कमरे मैं चली गए ..............

महीन न्य अपना दूर लॉक क्र लय ........... उसी पहली रात एक ग़ैर मर्द की साथ एक hi अपार्टमेंट मैं गुज़ारती होय घबराहट भी हो रही थी ........... सुच मानो तो उसी थोड़ा दर भी लग रहा था विनोद को लय की ....... मगर आहिस्ता ाहसिता उसकी आँख लग गए ........ और सुबह उसकी आँख खुली तो उसी अहसास होआ की पहली रात बिना कुछ होय गुज़र गए है ....... और कुछ भी ऐसा नहीं होआ जिसका उसी दर था ........ महीन मुस्कराई और दरवाज़ा खोल की लाउन्ज मैं आगये .......... वह कोई नहीं था .......... विनोद की कमरे का दरवाज़ा बंद था ........ महीन वाशरूम मैं गए और टॉयलेट सी फ़ारिग़ हो कर फ्रेश हो कर वापिस कमरे मैं आई और आ की अपनी ,,., परहंय लगी .....

थोड़ी देर मैं महीन न्य किठें मैं जा की चाय बनाई और जा की विनोद का दरवाज़ा नॉक क्या .......... 2, 3 बार नॉक करनी की बाद विनोद न्य दरवाज़ा खोला .......... ऊँघती होय ........ और महीन को चाय का कप लय क्र खरी देख क्र मुस्कराया .........

विनोद ..... आर्य आप इतनी सुबह उठ गए .......

महीन मुस्कराई .......... हाँ .... बस पहली रात थी तो नए जगा पी नींद ऐसी hi होती है न ............ और हाँ ...... आप नहीं तुम ........... हाहाहा

विनोद भी हंसा ........... हाहाहा ........... सरररय भूल गया था ......... फिर विनोद न्य महीन सी चाय का कप लय और वह भी लाउन्ज मैं आ की बेथ गया ........... दोनों अलग अलग बैठी चाय पीनी लगी ............

महीन ..... अब ब्रेकफास्ट क्र की घर की सेटिंग क्र लेती हैं आज की संडे का फ़ायदा उठा ाक्य ............ कल सी तो वापिस जॉब पी जाना हो गए न .......

विनोद ..... हाँ ठीक है .....

महीन ...... चाय पी की स्टोर सी जा की ब्रेड और एग्स लय आओ ........

विनोद हंसा ...... और थोड़ा सा सर को झुकाती होय बोलै .......... जो हुकम बॉस ........

महीन भी उसकी अंदाज़ पी हंस पारी ........... हाँ बॉस मैं hi हों इस घर की .......... जब घर का निज़ाम चलना है तो बॉस भी तो ायरत को hi होना चाहिए न .........

विनोद ....... जी जी बिलकुल ....... मैं न्य कब इंकार क्या है ........

इतनी मैं महीन का मोबाइल बजनी लगा .......... महीन न्य मोबाइल देखा तो आसिफ की कॉल थी ............ महीन न्य विनोद की तरफ मोबाइल को टर्न क्या और बोली .............. आसिफ की कॉल है ..........

विनोद न्य okay की अंदाज़ मैं सर हिलाया .......... और अपनी चाय पीनी लगा ........

महीन न्य कॉल अटेंड की ........ कुछ इधर उधर की बात होनी की बाद आसिफ न्य अपार्टमेंट का पुछा .....

महीन ...... हाँ एहि बताना था तुमको की आज मैं अपनी अपार्टमेंट मैं शिफ्ट हो गए हों ............. महीन न्य विनोद की तरफ देखती होय कहा .....

आसिफ ..... और विनोद का क्या बना ....... उसी भी मिला कोई अपार्टमेंट

महीन ....... हाँ वह भी कल अपनी फ्लैट मई शिफ्ट हो गया है .......... थोड़ा दूर है यहाँ सी मगर ज़्यादा नहीं ............. महीन न्य विनोद की तरफ देखती होय बोलै और मुस्करा दी ........... विनोद भी उसकी बात सुन क्र मुस्करानी लगा ........... और फिर अपनी जगा सी उठ की स्टोर पी जांय का इशारा क्या महीन को ............ महीन न्य okay मैं सर हिला दया .......... और विनोद अपार्टमेंट सी चला गया ब्रेड और एग्स लेंय ......

10 ऍम तक नाश्ता क्र की दोनों फ़ारिग़ हो गए ........ और फिर घर की सेटिंग करनी लगी ............ विनोद अपनी रूम सी गणेश जी की मूर्ती लाया और लाउन्ज मैं एक कार्नर पी बानी होइ शेल्फ पी रख दी ....... यह शेल्फ किचन की रास्ती मैं hi थी ....... और किचन की क़रीब hi ..........

महीन को अपनी घर मैं ऐसी मूर्ती रखना ाचा तो नहीं लगा ....... मगर उसी पता था की उसी अब विनोद की साथ रहना है तो फिर उसकी रेलेगिओउस थॉट्स को भी बर्दाश्त करना हो गए .............

विनोद ..... यू क्नोव प्रिय की फरमाइश ......

महीन उसी देख क्र मुस्कराई ........... सही है ........

सुब काम सी फ़ारिग़ हो क्र पहली विनोद न्य बाथ लय .......... और फिर महीन नहानी चली गए ............ महीन न्य अपनी कपड़े उतारी ............ और उनको वहीँ राखी होइ बकेट मैं डालनी की लय एक बकेट का ढकन उठाया तो उस मैं विनोद न्य पहली hi अपनी कपड़े डाली होय थय .......... .... महीन न्य अपनी कपड़े, ब्रा और पंतय वहीँ राखी होइ दूसरी बकेट मैं दाल डाई ....... उसी ख्याल आया की क्या ऐसी अपनी ब्रा और पंतय बकेट मैं डालना ठीक हो गए ...... क्यों की विनोद न्य भी वही वाशरूम उसे करना है ........... उसी शर्म आई की अगर विनोद उसकी ब्रा और पंतय को देखी गए तो फिर यह ाचा तो नहीं हो गए न ........... फिर उसी याद आया की विनोद तो उसकी ब्रा और पंतय को पहली hi देख चूका होआ है उसकी होटल की वाशरूम मैं ........ तो फिर अब कोई नए बात तो नहीं हो गई ........... और वैसी भी जब एक hi घर मैं ..... एक hi जगा पी रहना है तो फिर ऐसी बातों को तो इग्नोर करना hi पारी गए न ........ वर्ण तो उसकी लय बुहत मुश्किल हो जाय गई ......... यह सोच क्र महीन न्य अपनी कपड़े वहीँ बकेट मैं hi चोरी ......... और नई ड्रेस चेंज क्र अपनी रूम मैं आगये ........ ...........

रात को भी दोनों न्य एक साथ खाना खाया और फिर अपनी अपनी रूम्स मैं सोनी चली गए ............
 
अपडेट NO: 10

नेक्स्ट डे ऑफिस डे था ........ महीन सुबह सुबह उठी ....... अपनी और विनोद की लय चाय बनाई ....... उसका दूर नॉक क्र की उसी जगाया ........ उसी चाय दी ........ और फिर वाशरूम सी फ़ारिग़ हो क्र नहा की तयारी करनी लगी .......... त्यार हो क्र महीन न्य नाश्ता बनाया ........ और दोनों टेबल पी बेथ की नाश्ता करनी लगी .............

नाश्ता कृत्य होय महीन ाहसिता सी विनोद सी बोली ......

महीन ....... विनोद .......

विनोद नाश्ता कृत्य और मोबाइल देखती होय बोलै ............ हम्म्म्म

महीन विनोद सी बात करती होइ झिझक रही थी ....... वह मैं सोच रही थी की अगर मैं ऑफिस की लय वैल नहीं पहनों तो ......

विनोद न्य फौरन hi मोबाइल सी नज़रें हटाएँ और महीन की तरफ देखनी लगा ........ महीन न्य फौरन hi अपनी नज़रे झुका लीन ........ उसी थोड़ी शर्म आ रही थी ....... जैसी वह विनोद को यह बात बता ना रही हो बल्कि उस सी इजाज़त लय रही हो .............. और ऐसा लग रहा था की जैसी वह विनोद सी नहीं आसिफ सी इजाज़त मांग रही हो ............ ऐसी जैसी की वह अपनी कलेग सी बात नहीं क्र रही हो बल्कि अपनी पति सी बात क्र रही हो .......

विनोद बोलै ....... हाँ हाँ ....... क्यों नहीं ...... मैं न्य तो पहली hi बोलै था तुमको ........ लकिन तुम hi नहीं राज़ी थी न .......

महीन आहिस्ता सी ........ हाँ जी ......

विनोद ...... तो अब कैसी ख्याल आया है तुमको ......

महीन ...... वह नीतू बोल रही थी की मुझी मेरी वर्किंग की साथ साथ ड्रेसिंग सी भी जज क्या जाय गए इस प्रोबबातिओं पीरियड मैं .....

विनोद ...... ठीक है ..... बुहत अछि बात है ..... और यह कोई ऐसा बारे इशू भी नहीं है अगर तुम वैल नहीं लो गई तो ........

महीन ....... लकिन मैं कह रही थी की अगर आसिफ को पता चला तो ......

विनोद उसको रिलैक्स करनी की लय थोड़ा सा फ्रैंकली बोलै ....... आर्य यार आसिफ को कैसी पता चल जाय गए ........ जब हम ीखती रहंय वाली इतनी बरी बात उस सी छुपा रही हैं तो यह फिर मामूली सी बात है न .......

महीन ............ हम्म्म ....... और अगर कोई कॉल आती है उनकी ऑफिस मैं तो ......

विनोद ....... तो सिम्पली आसिफ को बता देना की ऑफिस मैं वीडियो कॉल अल्लोव नहीं है सिर्फ फ़ोन कॉल पी hi बात हो सकती है थोड़ी बोहत .........

महीन कुछ सोच की मुस्कराई ............ विनोद तुम्हारी पास तो हर प्रॉब्लम का सलूशन मौजूद होता है ................

विनोद न्य भी हंस की क़हक़हा लगाया और बोलै ...... चलो मैडम अब जल्दी क्र लो कहीं ऑफिस सी देर न हो जाय ...........

महीन अपनी बैडरूम की तरफ जाती होइ बोली ........ विनोद तुम यह बर्तन किचन मैं रखो मैं अभी आई बस अपना बैग लय क्र .......... महीन बैडरूम सी अपना हैंड बैग लय क्र निकली ..... और विनोद भी रेडी था ....... विनोद कार्नर मैं पारी होइ गणेश जी की मूर्ती की सामन्य रुका और हाथ जोड़ की पराथना की ..... और फिर सर झुका की मूर्ती की ाग्य माथा टिका ....... और फिर वहीँ उसकी सामन्य hi रखा होआ थोड़ा सा पार्षद उठा की महीन की तरफ आज्ञा ......

महीन की तरफ आ की विनोद न्य महीन की तरफ पार्षद बढ़ाया और मुस्करा की बोलै ........... आज अपनी घर सी ऑफिस का पहला दिन है न तो गणेश जी की आशीर्वाद सी आग़ाज़ करना चाहिए ....... ाचा टाइम गुज़री गए .........

महीन को हैरानी होइ ........... उसी अजीब भी लगा ........ वह एक बुहत hi कन्सेर्वटिवे और स्ट्रिक्ट मज़हबी घराण्य की थी .......... ऐसी परशाद लय क्र उसनी कभी नहीं खाया था ......... ना hi उसकी घर मैं फॅमिली मैं इसको ाचा समझा जाता था ............. मगर यहाँ सिचुएशन कुछ और थी ........ महीन विनोद का दिल रखनी की लय मुस्कराई और अपना हाथ ाग्य बढ़ा दया ....... विनोद न्य मुस्कराती होय उसकी हाथ पी थोड़ा सा पार्षद दाल दया........

महीन विनोद की तरफ देखनी लगी की अब क्या करना है ............... विनोद न्य अपनी मुठी को बंद क्र की उसी अक़ीदत की साथ चूमा और फिर मुठी खोल क्र वह पार्षद अपनी मुंह मैं दाल लय ........ ... महीन न्य भी उसी की देखा देखि ....... अपनी मुठी बंद की और अपनी हाथ मैं रखी होय पार्षद को चूम क्र उसी मुंह मैं दाल लय और मुस्करा की विनोद की तरफ देखनी लगी ........

विनोद भी मुस्कराया और बोलै .......... थैंक्स महीन .......

महीन भी पार्षद खाती होइ मुस्कराई और बोली ...... अब चलो भी ...... देर हो जानी है वर्ण ........... और दोनों हंसती होय ऑफिस को निकल गए ....... पार्षद की मिठाई का ज़ाइक़ा महीन की जुबां पी था ........ और वह सोच रही थी की उसनी यह क्या किआ है ..... क्या उसी यह खाना चाहिए था ....... यह तो उसनी अपनी रेलगिओं और फेथ की खिलाफ काम क्या है ............ मगर फिर उसी ख्याल अन्य लगा की एक थोड़ा मिठाई का टुकड़ा hi तो खाया है न और तो कुछ नहीं किआ न ग़लत मैं न्य अपनी फेथ और रेलगिओं की खिलाफ .......... उसनी अपनी दिमाग़ मैं चल रही होय ख़यालात को बरी मुश्किल सी झटक दया .......

ऑफिस मैं महीन को ऐसी बिना हिजाब की आना अजीब लग रहा था ........ मगर महीन की नए लुक को सुब न्य अप्प्रेसियते क्या .......... और महीन पहली तो थोड़ा शरमाई और फिर रिलैक्स हो क्र अपना काम करनी लगी ...........

दिन ऐसी hi गुज़ारनी लगी ........ यही घर की और ऑफिस की रूटीन बन गए थी ........... महीन अब काफी हद तक कम्फर्टेबले होती जा रही थी विनोद की साथ एक hi रूफ की नीची रहंय मैं ........... थोड़ा बुहत हंसी मज़ाक़ भी उनकी बीच चलनी लगा था ....... मगर विनोद अपनी लिमिट मैं hi रहता था ...... कभी उसनी अपनी लिमिट को क्रॉस करनी को कोशिश नहीं की थी .......... हाँ दूसरी तीसरी दिन जब भी विनोद पूजा करता तो महीन को पार्षद ज़रूर देता ........ और अब तो महीन को भी इस बात की आदत होती जा रही थी ........

अपनी अपार्टमेंट मैं शिफ्टिंग की बाद उनका पहला वीकेंड आज्ञा ........

महीन न्य डिनर बनाया ........ और फिर दोनों न्य मिल की डिनर क्या .......

विनोद ........ महीन आज तो कोई मूवी देखनी चाहिए ....... फर्स्ट वीकेंड है हमारा अपनी घर मैं ........... सुबह कोनसा हम न्य ऑफिस जाना है जो जल्दी उठना हो गए ........

महीन मुस्कराई ..... हाँ ठीक है ........... मैं भी सुबह देर तक सौं गई ........... बुहत थकावट हो रही है पूरा हफ्ता ऑफिस जांय की बाद

डिनर की बाद दोनों न्य किचन समेटा और फिर मूवी लगा ली ........ एक इंडियन मूवी दोनों देखनी लगी ........... और क़रीब 11 बाजी दोनों अपनी अपनी बैडरूम मैं चली गए गुड नाईट बोल क्र ........ महीन न्य अपना नाईट ड्रेस पहना और सोनी की लय लेट गए .............
 
सुबह महीन की आँख खुली .......... उसनी टाइम देखा तो 10 बज रही थय ............ वह एक लम्बी अंगराई लय क्र उठी .............. और जल्दी सी अपनी कपड़े चेंज क्र लये ............ और फिर बैडरूम सी बहार आगये ........... अपार्टमेंट मैं बिलकुल शान्ति थी ............. क्यों की विनोद अभी सो क्र नहीं उठा था .............

महीन उसकी बैडरूम की बंद दरवाज़ी को देखती होइ किचन की तरफ बढ़ती होइ बोली ....... बुहत सत्य हैं यह विनोद भी ............ और मुस्करा पारी .........

किचन मैं जा की महीन न्य सुबह की चाय बनानी की बजाय नाश्ता बनानी का इरादा क्या ....... वह एक इंडियन सांग गुनगुनाती होइ नाश्ता बनानी लगी ............. उसनी सोचा की नाश्ता बना की hi विनोद को जगाय गई ...........

ऑमलेट की लय महीन न्य ऊपर की कप्बोर्ड खोली और उस मैं राखी होइ सॉस की बोतल उठाई ........ महीन न्य हाथ तो ऊपर बढ़ा दया मगर उसका ध्यान नीची hi था ........ पता नहीं कैसी उसकी हाथ सी सॉस की बोतल छूती और सीढ़ी उसकी ऊपर ागिरि ....... बोतल का ढकन भी लूसे था ........... सारा सॉस महीन की शर्ट की ऊपर गिर गया ...... उसकी सीने पर ........ शर्ट की फ्रंट पी ........ महीन एक दम सी सुब चोर की पिच्य हो गए .......... और देखनी लगी की यह क्या हो गया है अचानक सी ............. फिर वह जल्दी सी बाथरूम की तरफ भागी .......

बाथरूम मैं जा की महीन न्य जल्दी सी अपनी शर्ट उतारी ...... और उसी पानी वाली बकेट मैं भिगो दया ....... नीची देखा तो उसकी ब्रा भी सौसे सी गीली हो रही थी .......... महीन न्य उसी भी उतार की पानी मैं दाल दया ........ और टॉवल गीला क्र की अपना जिसम साफ़ करनी लगी .......... ाच्य सी अपना ज्सिअम साफ़ क्र की महीन फ़ारिग़ होइ तो उसी ख्याल आया की उसकी पास तो पहन न्य को कुछ भी नहीं है .......... वह जल्दी मैं अपनी लये ड्रेस तो लाना hi भूल गए थी ........... वह सोचनी लगी की अब वह क्या पहन क्र बहार जाय ........... क्यों की जो ड्रेस ख़राब होइ थी वह भी वह पानी मैं दाल चुकी थी ...........

महीन न्य अपनी लौंडरी बकेट का ढकन उठा क्र देखा ....... वह खाली थी .......... उसका कोई भी धुलनय वाला ड्रेस नहीं पारा था ....... क्यों की पिछली दिन hi उसनी साड़ी वाशिंग क्र ली थी ......... वह थोड़ा परेशां हो गए ........... फिर महीन को कुछ ख्याल आया .............. उसनी विनोद की लौंडरी बकेट का ढक्कन उठा की देखा ...... उस मैं विनोद की एक पंत और शर्ट पारी होइ थी ........ जो उसनी कल सुबह ऑफिस मैं पहनी थी ........... महीन न्य कुछ सोचती होय वह शर्ट उठाई और उसी देखनी लगी ..........

विनोद तो अभी सो की नहीं उठा तो इसी hi पहन लेती हों और सीढ़ी अपनी रूम मैं जा की उतार की अपनी कपड़े पहन लोन गई ....... और वापिस ला की इसी दाल देती हों यहीं .......... महीन न्य सोचा ......... इसकी इलावा कोई और सलूशन भी तो नहीं था न .....

महीन न्य अपनी हाथ मैं पकरि होइ शर्ट को देखा .......... उस मैं सी विनोद की लगाय होय परफ्यूम की महक आ रही थी .......... महीन को पता नहीं क्या होआ की उसनी वह शर्ट अपनी नाक की पास लय जा की उसी सूंघना शुरू क्र दया ....... विनोद की परफ्यूम की महक महीन की साँसों मैं उतरण्य लगी ........... दूर सी तो वह अक्सर hi विनोद की परफ्यूम की खुशबु फील करती रहती थी मगर आज उसी डायरेक्टली उसकी शर्ट सी स्मेल करनी का उसका पहला मौका था ...........

विनोद की शर्ट सी परफ्यूम की स्मेल सूंघती होय महीन मुस्कराई और फिर वह शर्ट पहन क्र बटन बंद क्र लये ............ और खुद को आंय मैं देखनी लगी ........... अपनी हालत को देख क्र महीन खुद hi हंस पारी ...... विनोद की वह शर्ट महीन की बदन पर ढीली ढाली लग रही थी ........ लम्बी भी थी ...... उसकी हिप्स को कवर क्र रही थी ........... नीची महीन न्य पजामा पहना होआ था अपना ........... शर्ट काफी लूसे थी ........ मगर महीन की नाज़ुक जिसम पर मरदाना शर्ट बुहत सेक्सी लग रही थी ............. महीन मुस्कराई और फिर बाथरूम सी बहार निकल आई ........

महीन जैसी hi बाथरूम सी निकली तो साथ hi विनोद की बैडरूम का दरवाज़ा खुला और विनोद भी अपनी बैडरूम सी बहार आज्ञा .......... महीन विनोद को देखती hi अपनी जगा पी जैसी जम सी गए ......... उसी कुछ समझ नहीं आई की क्या क्रय ....... वहीँ विनोद भी महीन को देख की हैरान रह गया ........ और अपनी जगा खरी हो क्र महीन को देखनी लगा ...... जो एक ट्रॉउज़र मई थी ..... और उसकी ऊपर उस न्य विनोद की शर्ट पहनी होइ थी ..........

फिर विनोद उसकी तरफ देखती होय मुस्कराया ........

महीन भी जैसी होश मैं आई ........ ओह सॉरी विनोद ...... वह एक्चुअली मेरी शर्ट पी सॉस गिर गया था तो मैं वाश करनी बाथरूम मैं गए ...... और अपनी कपड़े लय जाना भूल गए ....... तो इसी लये .... यह ......

विनोद मुस्कराया ........ आर्य यार इस मैं घबरानी या सॉरी करनी वाली क्या बात है ......... ना hi कोई एक्सप्लेनटिओं देंय की ज़रूरत है ......... यू कैन वियर आईटी यार .......

महीन ...... थोड़ा ब्लश करती होइ बोली ....... नहीं मैं अभी जा की उतार देती हों आप की शर्ट ......

विनोद थोड़ा सा मुंह बनाती होय बोलै ........ नहीं महीन ..... अब अगर आप अभी इसी उतारो गई तो मुझी ाचा नहीं लगी गए ......... ी शॉल फील डिसगस्टेड ...

महीन न्य विनोद की बात सुनी और उसी उसकी बात समझ आ गए ....... उसी लगा की वह सही कह रहा है ........ उसी लगा की अगर वह अभी जा की विनोद की शर्ट उतार दी गई तो उसी सुच मैं hi बुरा लगी गए .........

महीन ....... विनोद आप की बात ठीक है लकिन मैं कैसी आपकी शर्ट .......

विनोद ....... आर्य यार मैं कोनसा तुमको एहि पहन की ऑफिस जाने को बोल रहा हों ...... बस अपना काम शाम ख़तम क्र की फिर उतार देना ....... थें ी वोउल्ड नॉट मंद ........... विनोद मुस्कराया ......

महीन भी थोड़ा ब्लश होइ ...... और मुस्करा की किचन की तरफ बढ़ती होइ बोली ....... जल्दी सी फ्रेश हो की किचन मैं ाजाओ ...... वह फ्लोर सी सॉस भी साफ़ करनी है तुम न्य अभी ..........

विनोद खुस हो की मुस्कराया ......... okay माय बॉस ात होम .....

दोनों हंस पारी ......... विनोद वाशरूम मैं चला गया ...... और महीन किचन मैं आगये ...........
 
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