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हैप्पी नई ईयर 2025 डिअर फ्रेंड्स
एक नयी स्टोरी की साथ हाज़िर हों ........... उम्मीद है बाक़ी कहाणयूं की तरह यह भी आप सुब को पसंद आय गई ............ आप सुब दोस्तों की रिस्पांस का इन्तिज़ार रही गए ...............
पिंकबाबी
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अपडेट NO: 01
बंगलोरे की एक बुहत बरी मंच की आईटी डिपार्टमेंट की एक ऑफिस मैं महीन और विनोद एक टेबल पर अपना सर पकड़े बैठी थय ........... उनकी सामन्य टेबल पर उनकी प्रमोशन लेटर्स रखी होय थय ........... वह प्रमोशन लेटर्स जिनका उन दोनों को बुहत hi बी सबरी सी और काफी दिनों सी इन्तिज़ार था .......... मगर आज यह प्रमोशन ऑर्डर्स मिलनी की बाद दोनों को hi कुछ समझ नहीं आ रहा था की उनकी साथ यह सुब क्या होआ है .........
महीन ....... नहीं विनोद मैं यह ऑफर एक्सेप्ट नहीं क्र सकती ..... आईटी इस जस्ट इम्पॉसिबल........ ना hi आसिफ इस बात को एक्सेप्ट क्रय गए और ना hi मैं उसी चोर की जा सकती हों कहीं ........ महीन अपनी कलेग विनोद की तरफ देखती होइ बोली .............
विनोद ..... आप ठीक कह रही हो ..... कंपनी हमारी साथ ऐसी कैसी क्र सकती है ....... हम अपनी फैमिलीज़ को चोर की कैसी लंदन जा सकती हैं और वह भी एक साल की लय ........ प्रिय भी अकेली नहीं रह सकती .........
महीन ..... यस ... यह तो बुहत hi स्ट्रेंज ऑफर है की प्रमोशन की साथ hi ट्रांसफर क्र दया जाय और भी आउट ऑफ़ थे कंट्री ..... इतस इंसाने.....
विनोद ....... जी बिलकुल .............
ऑफिस टाइम एन्ड होनी तक सुब कलगुएस उनको मुबारकबाद दी रही थय और वह दोनों फीकी मुस्कराहट की साथ उनको जवाब दी रही थय ........ सुब कलगुएस की एहि ओपिनियन थी उनको आउट ऑफ़ थे कंट्री वर्क एक्सपीरियंस की ओप्पोर्तुनिटी मिस नहीं करनी चाहिए ............
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महीन की आगे 27 इयर्स थी ...... बुहत खूबसूरत .... सुफैद कलर .... बुहत hi अट्रैक्टिव फिगर्स ....... 34-27-38 मारसुरेमेन्ट्स ........ बुहत hi चिकनी जिल्द ...... सेक्सी लुकिंग गुलाबी होंठ .......... लाइट बरवां आंखें ...... कमर की हाफ लेंथ तक आती होय सिल्की बाल ...... नाज़ुक सा स्लिम जिसम ..... ..... और बुहत hi हंसमुख और खुश मिज़ाज और बुहत hi सूपरतत्वे लड़की थी ........... हर किसी की साथ और हर किसम की हालात मैं खुद को एडजस्ट क्र लेनी वाली लड़की ..... जो देखता बस देखता रह जाता ......... जो बात करता वह उस सी इम्प्रेस होय बिना ना रह सकता ........ अपनी खूबसूरती और बी मिसाल हुसैन की वजह सी वह पूरी ऑफिस मैं नज़रों का मरकज़ रहती थी .......... इस सुब की साथ साथ वह बुहत hi मज़बूत और ाच्य करैक्टर की लड़की थी .......... स्ट्रिक्ट मज़हबी ........... वह किसी भी मेल कलगुएस को बुहत ज़्यादा लिफ्ट नहीं करवाती थी .......... ना बुहत ज़्यादा फ्रैंक होती थी ............ सिर्फ ऑफिसियल काम तक hi उन सी राब्ता रखती थी ........ महीन एक टैलेंटेड आईटी एक्सपर्ट थी ....... ऑफिस मैं सब की साथ मिल की काम करती मगर एक बाउंड्री की अंदर ....... हमेशा hi अपनी लिबास का ख्याल रखती .... उसकी ड्रेसिंग हमेशा प्रोफेशनल होती .... हमेशा hi ब्रांडेड शलवार कमीज, कुरता और वेल फिटेड ट्राउज़र्स hi पहनती .... मगर ऐसी ड्रेसिंग नहीं होती थी की उसका जिसम कुछ एक्सपोज़ हो या किसी को कोई ग़लत सिग्नल जाय ........ या किसी को उसकी लिबास और जिसम को लय की कोई बात करनी का मौका मिले ............. स्टिक्ट मजभी बैकग्रॉउंड सी होनी की वजह सी शादी सी पहली सी hi वह हिजाब पहनती थी ........ और यहाँ ऑफिस मैं भी वह वैल भी लेती थी सर पी ...... मगर इसकी बावजूद भी मेल कलगुएस की नज़रें उसकी खूबसूरत ... उभरी होय बूब्स को तारती रहती थीं .......... जिनको वह हमेशा अपनी दोपटा सी कवर करनी की कोशिश करती रहती थी ........
महीन एक स्ट्रिक्ट मज़हबी फॅमिली सी थी ........... उसकी फादर एक मौलवी थय .......... इमाम मस्जिद ........... महीन को पढ़ाया ज़रूर था मगर कभी बुहत ज़्यादा आज़ादी नहीं दी थी .............. महीन की शादी क़रीब एक साल पहली आसिफ सी होइ थी ..... वह भी एक और फर्म मैं काम करता था ....... 30 साल का ाचा खूबसूरत लड़का ...... सुफैद रंग ..... स्मार्ट बॉडी ....... एक्सरसाइज नहीं करता था मगर बॉडी उसकी फिट थी ....... हेअल्थी लुकिंग एंड अट्रैक्टिव था ......... ा परफेक्ट मैच फॉर महीन .... दोनों hi एक दूसरी सी बुहत ज़्यादा प्यार कृत्य थय ....... और यह प्यार लव आफ्टर मैरिज वाला था ...... एक दूसरी सी मुकमल तोर पी सटिस्फीएड और खुश थय ........ आसिफ महीन का बुहत ख्याल रखता था .......... उस पी जान चिरकता था ........ और महीन भी उसी दिल सी चाहती थी ............ महीन की ज़िन्दगी मैं कोई कमी नहीं थी ....... ना पॉकेट की मामली मैं और ना hi बीएड पी ....... आसिफ को तो महीन हर रात को चाहिए थी अपनी बिस्तर पी ........... वीक की कोई hi रात होती जब वह महीन की ना लेता था ............. अक्सर महीन को hi बहाना बना क्र आसिफ सी जान छुड़वाना पार्टी थी ...... मगर उसकी जान सिर्फ एक आध रात की लय hi चोट टी थी ....... क्यों की अगली दिन तो वह उसी ज़रूर अपनी नीची लिटा लेता था ......... या फिर उसी कुछ दिन की ब्रेक अपनी पीरियड्स की दिंनो मैं मिलती थी ...... मगर वह दिन भी उस पी बुहत भारी होती थय ........ क्यों की महीन को अपनी पीरियड्स की शुरू की दिंनो मैं बुहत ज़्यादा तकलीफ होती थी ...... बुहत ज़्यादा क्रैम्प्स होती थय ....... इतनी ज़्यादा पैन की उसी बर्दाश्त करना hi मुश्किल हो जाता था ...... ख़ास क्र पहली 2 दिन ......... और फिर आहिस्ता ाहसिता उसकी पैन काम होती .........
महीन भी अपनी हस्बैंड की तरफ सी इतनी तवज्जह मिलनी पी बुहत खुश रहती थी ...... उसको भी तो जैसी आदत हो गए थी इतना ज़्यादा सेक्स करनी की .......... मगर उसकी इस आदत को और इस प्यास को आसिफ इतनी ाच्य सी सटिस्फी करता था की उसी किसी और मर्द की तरफ देखनी की ज़रूरत hi नहीं पार्टी थी .......... किसी और मर्द की तरफ देखनी और उस सी दोस्ती करनी की आदत तो उसी शादी सी पहली भी नहीं थी ...... ना hi उसका कोई ऐसा दोस्त था जिसकी साथ वह कुछ प्राइवेट लम्हात गुज़ारी हो ........ इस मंच मैं महीन अपनी शादी सी पहली सी जॉब क्र रही थी ...... और अपनी क़ाबलियत और एक्सपीरियंस की वजह सी अपनी जगा बना चुकी होइ थी ...... और इसी बेस पी hi वह अपनी लय प्रमोशन एक्सपेक्ट क्र रही थी ..........
विनोद ....... 30 ईयर ओल्ड फ्रॉम हिन्दू कम्युनिटी ......एक और आईटी एक्सपर्ट था .... महीन को क्लोज कलेग जो की क़रीब 5 मंथ पहली hi दूसरी ब्रांच सी ट्रांसफर हो की इस ब्रांच मैं आया था और महीन को ज्वाइन क्या था ......... विनोद चार्मिंग पर्सनालिटी ....... स्ट्रांग बॉडी .......... स्टैंडिंग टालल विथ वेल बिल्ट पिसीके ... फूली कॉंफिडेंट और डायनामिक ........ सांवला कलर ........ नॉट ब्लैक नॉट वाइट ....... क्लीन शवेद फेस ...... स्टाइलिश हेयर स्टाइल .... डार्क ब्लैक आईज ...... और वेल बिल्ड बॉडी मसल्स...... हमेशा hi सीतलिश टैलोरेड शर्ट्स, पैन्ट्स और ट्राउज़र्स मैं रहता था ...... जो उसकी पर्सनालिटी की इफ़ेक्ट को और भी बढ़ा देती थय ........... विनोद अपनी ाच्य बेहेवियर की साथ आती hi सुब नए लोगो की साथ एडजस्ट हो चूका होआ था ..... सुब की साथ उसका तालुक बुहत फ्रेंडली था ............ महीन की साथ बुहत सी प्रोजेक्ट्स मैं काम क्र चूका था और बुहत सी अभी चल रही थय ....... ओफ्फिकल वर्किंग की लय दोनों मैं अछि केमिस्ट्री डेवेलोप हो चुकी होइ थी ...... मगर यह केमिस्ट्री और यह रिलेशनशिप सिर्फ वर्किंग की हद तक hi था ........... उस सी ज़्यादा ना कभी महीन न्य उसी स्पेस दी थी और ना hi कभी विनोद न्य कोई लिमिट और बाउंड्री क्रॉस करनी की कोशिश की थी .......... अछि शरीफ फॅमिली सी तालुक जो था उसका भी ............. इसी लये हमेशा महीन की रेस्पेक्ट करता था ........ और रिस्पांस मैं महीन भी उसकी वैसी hi रेस्पेक्ट करती थी ........
8 महीनी पहली विनोद की शादी प्रिय सी होइ थी ...... उसकी पापा की मर्ज़ी सी .......... ....... प्रिय बस एक मुनासिब शकल सूरत वाली लड़की थी ....... थोड़ा भरी जिसम था उसका ....... विनोद की पापा की दोस्त की लड़की थी ...... इसलय विनोद को उस सी शादी करना पारी .... ................... प्रिय विनोद को बुहत प्यार करती थी ....... और करती भी क्यों न आखिर इतना हैंडसम हस्बैंड जो उसी मिला था जिस पर उसकी फ्रेंड्स भी उस सी जेलस होती थीं .............. और प्रिय उस पी प्राउड फील करती थी ............ अपनी मर्ज़ी की शादी ना होनी की बावजूद भी कभी विनोद न्य प्रिय को इस बात का अहसास नहीं होनी दया था ........ हमेशा उसकी साथ भी प्यार सी पेश आता था .....
महीन अपनी हस्बैंड की साथ ऑफिस की अक्सर बातें शेयर करती रहती थी ..... विनोद न्य जब ऑफिस ज्वाइन क्या तो उसकी बारी मैं भी महीन न्य आसिफ को बताया था और आसिफ भी विनोद सी मिल की उसकी पर्सनालिटी सी इम्प्रेस होआ था ....... उसनी विनोद को अपनी घर पी इन्विते क्या और विनोद प्रिय की साथ उनकी घर पी आया ...... महीन प्रिय सी मिल की बुहत खुश होइ ......... और पहली hi मुलाक़ात पी दोनों फैमिलीज़ मैं अछि दोस्ती हो गए ........ इसकी बाद दोनों अक्सर एक दूसरी की घर आती जाती रहती थय .................. विनोद ऑफिस सी बहार महीन को भाभी बोलनी लगा ...... और आसिफ भी प्रिय को भाभी बोलता था ..... ाच्य दोस्तों वाला तालुक इन सब मैं डेवेलोप हो चूका था ........... आसिफ भी सटिस्फीएड था विनोद की महीन की साथ काम करनी पर ........ उसी यक़ीन हो चूका था की विनोद चाही दूसरी रेलगिओं सी है ............ मगर फिर भी वह ऐसा इंसान है जिस की साथ काम करनी मैं उसकी बीवी महफूज़ है ........... . और प्रिय को भी कोई ऐसी वैसी रेसेर्वशन्स नहीं थीं महीन को लय क्र .......... वह जानती थी की महीन उस सी ज़्यादा खूबसूरत और हॉट जिसम की है ...... मगर उस सी मिलनी की बाद उसकी नेचर सी वाक़िफ़ हो चुकी थी की वह किसी को भी ऐसी वैसी लिफ्ट देंय वाली लड़की नहीं है ...............
एक नयी स्टोरी की साथ हाज़िर हों ........... उम्मीद है बाक़ी कहाणयूं की तरह यह भी आप सुब को पसंद आय गई ............ आप सुब दोस्तों की रिस्पांस का इन्तिज़ार रही गए ...............
पिंकबाबी
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अपडेट NO: 01
बंगलोरे की एक बुहत बरी मंच की आईटी डिपार्टमेंट की एक ऑफिस मैं महीन और विनोद एक टेबल पर अपना सर पकड़े बैठी थय ........... उनकी सामन्य टेबल पर उनकी प्रमोशन लेटर्स रखी होय थय ........... वह प्रमोशन लेटर्स जिनका उन दोनों को बुहत hi बी सबरी सी और काफी दिनों सी इन्तिज़ार था .......... मगर आज यह प्रमोशन ऑर्डर्स मिलनी की बाद दोनों को hi कुछ समझ नहीं आ रहा था की उनकी साथ यह सुब क्या होआ है .........
महीन ....... नहीं विनोद मैं यह ऑफर एक्सेप्ट नहीं क्र सकती ..... आईटी इस जस्ट इम्पॉसिबल........ ना hi आसिफ इस बात को एक्सेप्ट क्रय गए और ना hi मैं उसी चोर की जा सकती हों कहीं ........ महीन अपनी कलेग विनोद की तरफ देखती होइ बोली .............
विनोद ..... आप ठीक कह रही हो ..... कंपनी हमारी साथ ऐसी कैसी क्र सकती है ....... हम अपनी फैमिलीज़ को चोर की कैसी लंदन जा सकती हैं और वह भी एक साल की लय ........ प्रिय भी अकेली नहीं रह सकती .........
महीन ..... यस ... यह तो बुहत hi स्ट्रेंज ऑफर है की प्रमोशन की साथ hi ट्रांसफर क्र दया जाय और भी आउट ऑफ़ थे कंट्री ..... इतस इंसाने.....
विनोद ....... जी बिलकुल .............
ऑफिस टाइम एन्ड होनी तक सुब कलगुएस उनको मुबारकबाद दी रही थय और वह दोनों फीकी मुस्कराहट की साथ उनको जवाब दी रही थय ........ सुब कलगुएस की एहि ओपिनियन थी उनको आउट ऑफ़ थे कंट्री वर्क एक्सपीरियंस की ओप्पोर्तुनिटी मिस नहीं करनी चाहिए ............
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महीन की आगे 27 इयर्स थी ...... बुहत खूबसूरत .... सुफैद कलर .... बुहत hi अट्रैक्टिव फिगर्स ....... 34-27-38 मारसुरेमेन्ट्स ........ बुहत hi चिकनी जिल्द ...... सेक्सी लुकिंग गुलाबी होंठ .......... लाइट बरवां आंखें ...... कमर की हाफ लेंथ तक आती होय सिल्की बाल ...... नाज़ुक सा स्लिम जिसम ..... ..... और बुहत hi हंसमुख और खुश मिज़ाज और बुहत hi सूपरतत्वे लड़की थी ........... हर किसी की साथ और हर किसम की हालात मैं खुद को एडजस्ट क्र लेनी वाली लड़की ..... जो देखता बस देखता रह जाता ......... जो बात करता वह उस सी इम्प्रेस होय बिना ना रह सकता ........ अपनी खूबसूरती और बी मिसाल हुसैन की वजह सी वह पूरी ऑफिस मैं नज़रों का मरकज़ रहती थी .......... इस सुब की साथ साथ वह बुहत hi मज़बूत और ाच्य करैक्टर की लड़की थी .......... स्ट्रिक्ट मज़हबी ........... वह किसी भी मेल कलगुएस को बुहत ज़्यादा लिफ्ट नहीं करवाती थी .......... ना बुहत ज़्यादा फ्रैंक होती थी ............ सिर्फ ऑफिसियल काम तक hi उन सी राब्ता रखती थी ........ महीन एक टैलेंटेड आईटी एक्सपर्ट थी ....... ऑफिस मैं सब की साथ मिल की काम करती मगर एक बाउंड्री की अंदर ....... हमेशा hi अपनी लिबास का ख्याल रखती .... उसकी ड्रेसिंग हमेशा प्रोफेशनल होती .... हमेशा hi ब्रांडेड शलवार कमीज, कुरता और वेल फिटेड ट्राउज़र्स hi पहनती .... मगर ऐसी ड्रेसिंग नहीं होती थी की उसका जिसम कुछ एक्सपोज़ हो या किसी को कोई ग़लत सिग्नल जाय ........ या किसी को उसकी लिबास और जिसम को लय की कोई बात करनी का मौका मिले ............. स्टिक्ट मजभी बैकग्रॉउंड सी होनी की वजह सी शादी सी पहली सी hi वह हिजाब पहनती थी ........ और यहाँ ऑफिस मैं भी वह वैल भी लेती थी सर पी ...... मगर इसकी बावजूद भी मेल कलगुएस की नज़रें उसकी खूबसूरत ... उभरी होय बूब्स को तारती रहती थीं .......... जिनको वह हमेशा अपनी दोपटा सी कवर करनी की कोशिश करती रहती थी ........
महीन एक स्ट्रिक्ट मज़हबी फॅमिली सी थी ........... उसकी फादर एक मौलवी थय .......... इमाम मस्जिद ........... महीन को पढ़ाया ज़रूर था मगर कभी बुहत ज़्यादा आज़ादी नहीं दी थी .............. महीन की शादी क़रीब एक साल पहली आसिफ सी होइ थी ..... वह भी एक और फर्म मैं काम करता था ....... 30 साल का ाचा खूबसूरत लड़का ...... सुफैद रंग ..... स्मार्ट बॉडी ....... एक्सरसाइज नहीं करता था मगर बॉडी उसकी फिट थी ....... हेअल्थी लुकिंग एंड अट्रैक्टिव था ......... ा परफेक्ट मैच फॉर महीन .... दोनों hi एक दूसरी सी बुहत ज़्यादा प्यार कृत्य थय ....... और यह प्यार लव आफ्टर मैरिज वाला था ...... एक दूसरी सी मुकमल तोर पी सटिस्फीएड और खुश थय ........ आसिफ महीन का बुहत ख्याल रखता था .......... उस पी जान चिरकता था ........ और महीन भी उसी दिल सी चाहती थी ............ महीन की ज़िन्दगी मैं कोई कमी नहीं थी ....... ना पॉकेट की मामली मैं और ना hi बीएड पी ....... आसिफ को तो महीन हर रात को चाहिए थी अपनी बिस्तर पी ........... वीक की कोई hi रात होती जब वह महीन की ना लेता था ............. अक्सर महीन को hi बहाना बना क्र आसिफ सी जान छुड़वाना पार्टी थी ...... मगर उसकी जान सिर्फ एक आध रात की लय hi चोट टी थी ....... क्यों की अगली दिन तो वह उसी ज़रूर अपनी नीची लिटा लेता था ......... या फिर उसी कुछ दिन की ब्रेक अपनी पीरियड्स की दिंनो मैं मिलती थी ...... मगर वह दिन भी उस पी बुहत भारी होती थय ........ क्यों की महीन को अपनी पीरियड्स की शुरू की दिंनो मैं बुहत ज़्यादा तकलीफ होती थी ...... बुहत ज़्यादा क्रैम्प्स होती थय ....... इतनी ज़्यादा पैन की उसी बर्दाश्त करना hi मुश्किल हो जाता था ...... ख़ास क्र पहली 2 दिन ......... और फिर आहिस्ता ाहसिता उसकी पैन काम होती .........
महीन भी अपनी हस्बैंड की तरफ सी इतनी तवज्जह मिलनी पी बुहत खुश रहती थी ...... उसको भी तो जैसी आदत हो गए थी इतना ज़्यादा सेक्स करनी की .......... मगर उसकी इस आदत को और इस प्यास को आसिफ इतनी ाच्य सी सटिस्फी करता था की उसी किसी और मर्द की तरफ देखनी की ज़रूरत hi नहीं पार्टी थी .......... किसी और मर्द की तरफ देखनी और उस सी दोस्ती करनी की आदत तो उसी शादी सी पहली भी नहीं थी ...... ना hi उसका कोई ऐसा दोस्त था जिसकी साथ वह कुछ प्राइवेट लम्हात गुज़ारी हो ........ इस मंच मैं महीन अपनी शादी सी पहली सी जॉब क्र रही थी ...... और अपनी क़ाबलियत और एक्सपीरियंस की वजह सी अपनी जगा बना चुकी होइ थी ...... और इसी बेस पी hi वह अपनी लय प्रमोशन एक्सपेक्ट क्र रही थी ..........
विनोद ....... 30 ईयर ओल्ड फ्रॉम हिन्दू कम्युनिटी ......एक और आईटी एक्सपर्ट था .... महीन को क्लोज कलेग जो की क़रीब 5 मंथ पहली hi दूसरी ब्रांच सी ट्रांसफर हो की इस ब्रांच मैं आया था और महीन को ज्वाइन क्या था ......... विनोद चार्मिंग पर्सनालिटी ....... स्ट्रांग बॉडी .......... स्टैंडिंग टालल विथ वेल बिल्ट पिसीके ... फूली कॉंफिडेंट और डायनामिक ........ सांवला कलर ........ नॉट ब्लैक नॉट वाइट ....... क्लीन शवेद फेस ...... स्टाइलिश हेयर स्टाइल .... डार्क ब्लैक आईज ...... और वेल बिल्ड बॉडी मसल्स...... हमेशा hi सीतलिश टैलोरेड शर्ट्स, पैन्ट्स और ट्राउज़र्स मैं रहता था ...... जो उसकी पर्सनालिटी की इफ़ेक्ट को और भी बढ़ा देती थय ........... विनोद अपनी ाच्य बेहेवियर की साथ आती hi सुब नए लोगो की साथ एडजस्ट हो चूका होआ था ..... सुब की साथ उसका तालुक बुहत फ्रेंडली था ............ महीन की साथ बुहत सी प्रोजेक्ट्स मैं काम क्र चूका था और बुहत सी अभी चल रही थय ....... ओफ्फिकल वर्किंग की लय दोनों मैं अछि केमिस्ट्री डेवेलोप हो चुकी होइ थी ...... मगर यह केमिस्ट्री और यह रिलेशनशिप सिर्फ वर्किंग की हद तक hi था ........... उस सी ज़्यादा ना कभी महीन न्य उसी स्पेस दी थी और ना hi कभी विनोद न्य कोई लिमिट और बाउंड्री क्रॉस करनी की कोशिश की थी .......... अछि शरीफ फॅमिली सी तालुक जो था उसका भी ............. इसी लये हमेशा महीन की रेस्पेक्ट करता था ........ और रिस्पांस मैं महीन भी उसकी वैसी hi रेस्पेक्ट करती थी ........
8 महीनी पहली विनोद की शादी प्रिय सी होइ थी ...... उसकी पापा की मर्ज़ी सी .......... ....... प्रिय बस एक मुनासिब शकल सूरत वाली लड़की थी ....... थोड़ा भरी जिसम था उसका ....... विनोद की पापा की दोस्त की लड़की थी ...... इसलय विनोद को उस सी शादी करना पारी .... ................... प्रिय विनोद को बुहत प्यार करती थी ....... और करती भी क्यों न आखिर इतना हैंडसम हस्बैंड जो उसी मिला था जिस पर उसकी फ्रेंड्स भी उस सी जेलस होती थीं .............. और प्रिय उस पी प्राउड फील करती थी ............ अपनी मर्ज़ी की शादी ना होनी की बावजूद भी कभी विनोद न्य प्रिय को इस बात का अहसास नहीं होनी दया था ........ हमेशा उसकी साथ भी प्यार सी पेश आता था .....
महीन अपनी हस्बैंड की साथ ऑफिस की अक्सर बातें शेयर करती रहती थी ..... विनोद न्य जब ऑफिस ज्वाइन क्या तो उसकी बारी मैं भी महीन न्य आसिफ को बताया था और आसिफ भी विनोद सी मिल की उसकी पर्सनालिटी सी इम्प्रेस होआ था ....... उसनी विनोद को अपनी घर पी इन्विते क्या और विनोद प्रिय की साथ उनकी घर पी आया ...... महीन प्रिय सी मिल की बुहत खुश होइ ......... और पहली hi मुलाक़ात पी दोनों फैमिलीज़ मैं अछि दोस्ती हो गए ........ इसकी बाद दोनों अक्सर एक दूसरी की घर आती जाती रहती थय .................. विनोद ऑफिस सी बहार महीन को भाभी बोलनी लगा ...... और आसिफ भी प्रिय को भाभी बोलता था ..... ाच्य दोस्तों वाला तालुक इन सब मैं डेवेलोप हो चूका था ........... आसिफ भी सटिस्फीएड था विनोद की महीन की साथ काम करनी पर ........ उसी यक़ीन हो चूका था की विनोद चाही दूसरी रेलगिओं सी है ............ मगर फिर भी वह ऐसा इंसान है जिस की साथ काम करनी मैं उसकी बीवी महफूज़ है ........... . और प्रिय को भी कोई ऐसी वैसी रेसेर्वशन्स नहीं थीं महीन को लय क्र .......... वह जानती थी की महीन उस सी ज़्यादा खूबसूरत और हॉट जिसम की है ...... मगर उस सी मिलनी की बाद उसकी नेचर सी वाक़िफ़ हो चुकी थी की वह किसी को भी ऐसी वैसी लिफ्ट देंय वाली लड़की नहीं है ...............