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- Dec 5, 2013
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सुप्रिया अभी अभी अपने ऑफिस पहुंची थी, और कल के दिन के बारे में सोच सोच कर मुस्कुरा रही थी.
कल दिन में राहुल और उसने सोफे पर सेक्स किया था जिसके बाद वह एक दुसरे की बाहों में लेते हुए सो गए थे. जागने के बाद पूरी शाम राहुल उसके आगे पीछे घूमता रहा था. सुप्रिया ने किसी तरह से एक टीशर्ट और लेग्गिंग्स पेहेन ली थी, पर राहुल को तोह जैसे चैन hi नहीं था. कभी यहाँ छू लिया, कभी वहां, हर पल जैसे उसे सताए hi रखा था. पर उस सताने में भी ऐसा मज़ा था जो सुप्रिया को बहुत ाचा लगा था. सच में किसी नेवली वेद कपल की hi फीलिंग दी थी उसने सुप्रिया को. इतना पागल तोह अतुल भी नहीं हुआ था सुप्रिया के लिए शुरू में.
और फिर रात के खाने के बाद वह उसके hi बैडरूम में उसके साथ लेट गया था. पहले तोह सुप्रिया को लगा की राहुल दिन में सब करने के बाद थका हुआ होगा और सो जायेगा, पर न तोह वह खुद सोया और न सुप्रिया को सोने दिया. रात भर उन दोनों की कुश्ती जाम कर चलती रही. सुप्रिया किसी तरह से अपनी तेज़ आवाज़ों पर काबू करने की कोशिश कर रही थी ताकि साथ वाले फ्लैट में न जाये, पर पता नहीं वह इसमें कितना कामयाब हुई थी. रात को उन दोनों ने 2 बार और सेक्स किया और आखिर में वह थके हुए एक दुसरे में समाये सो गए.
सुबह जब सुप्रिया की नींद खुली तोह राहुल के हाथ उसकी नंगी गांड पर घूम रहे थे. किसी तरह से सुप्रिया ने उसके शरारती हाथों को रोका, और ऑफिस जाने की तैयारी की. राहुल का बस चलता तोह वह दोनों पूरे दिन बीएड पर hi लेते रहते. तैयार होते होते भी राहुल कभी उसके गालों पर किश कर रहा था और कभी उसके होंठों पर. कल की दी हुई हिक्की का निशाँ भी गर्दन पर काफी ज़ोर का दिख रहा था, और सुप्रिया ने चाहे जितना मेकअप वहां लगा लिया वह पूरी तरह नहीं छिप रहा था. सुप्रिया ने गले में एक बड़ा सा पेंडंट पेहेन कर उस पर से ध्यान न जाने की कोशिश करि.
राहुल ने ऑफिस जाने के लिए अतुल की शर्ट पेहेन ली और ऑफिस जाने के लिए तैयार हो गया. सुप्रिया राहुल को नीचे ले जाते हुए थोड़ा सा घबरा रही थी, किसी ने देख लिया तोह पता नहीं क्या सोचेगा. तोह सुप्रिया पहले उतर कर नीचे गयी और अपनी गाडी को बिल्डिंग के ठीक सामने लगा दिया, और राहुल जल्दी से उतर कर बखसैत पर बैठ गया. मैं एंट्रेंस पर इक़बाल तोह नहीं था, पर जो भी, अगर किसी ने राहुल को वहां देख लिया तोह बात फैलनी तय थी. ऐसे छुप छुप के प्यार करने में भी एक अलग सा मज़ा था.
सुप्रिया ने गाडी चलते हुए बिल्डिंग से निकाल दी और फिर बीच रास्ते में रोक कर गाडी राहुल को चलने को दे दी. राहुल ने पहले सुप्रिया को उसके ऑफिस ड्राप किया और फिर गाडी चलता हुआ अपने ऑफिस चला गया. शाम को आते हुए वह अपने घर से कुछ कपडे और बाकी कुछ चीज़े लाने वाला था.
सुप्रिया अपनी ऑफिस की सीट पर बैठी एहि सब सोच कर मुस्कुरा रही थी. आज उसे ऐसा लग रहा था की 2 दिन पहले hi उसकी शादी हुई हो और उसके हस्बैंड ने उसे ऑफिस ड्राप किया हुआ. सुप्रिया ने देखा की कृति भी आज थोड़े से बेहतर मूड में थी, शायद उसके सर से अब राहुल के नाम का बुखार उतरने लगा था.
कृति सुप्रिया के पास किसी काम से आयी - सुप्रिया.... इस क्लाइंट की बिलिंग हो गयी थी क्या?
सुप्रिया - हाँ... वह तोह मैंने लास्ट वीक hi कर दी थी..
कृति का ध्यान सुप्रिया की गर्दन पर हिक्की के निशाँ पर गया - ये कैसी लगी...
सुप्रिया - उम्... ये....
कृति हस्ते हुए - मैं भी कितनी बेवक़ूफ़ हो.... ये तोह लगता है लव बाईट है... लगता है तुम और अतुल काफी मूड में थे इस वीकेंड....
सुप्रिया हलके से हसी और आँखें नीचे कर ली. अब वह कैसे कृति को बताती की ये लव बाईट उसे अतुल ने नहीं, राहुल ने दे थी.
कृति - पर तुम तोह कह रही थी न की शायद अतुल अपने घर जा रहा है...
ओफ्फो, ये तोह सुप्रिया फास गयी थी - हाँ वह... उनका जाना कैंसिल हो गया...
कृति - हम्म्म... सही है... हाँ भाई इतनी स्वीट सी बीवी को छोड़ कर कौन जाना चाहेगा...
सुप्रिया झेपते हुए - तुम भी न...
कृति - सच तोह है... अतुल इस रियली लकी तो हैवे ा वाइफ लिखे यू... स्वीट एंड हॉट और इतनी लॉयल भी...
सुप्रिया सोचने लगी की ओह गॉड, ये क्यों बोल रही है ऐसे. उसे और गिलटी सा फील हो रहा था. पता नहीं क्यों वह राहुल के चक्कर में पद गयी थी, पर अब तोह जैसे उसके बिना रह पाना hi मुश्किल था. और इस हफ्ते तोह वह बिलकुल एक मैरिड कपल की तरह रहने वाले थे. इस सब छोरी चुप्पे के खेल से बेहतर ये नहीं होगा की वह अतुल को सब सच बता दे और राहुल से शादी कर ले?
पूरे दिन ऑफिस में सुप्रिया को नींद सी hi आ रही थी. आखिर वह और राहुल 2-3 बजे तक तोह जगे hi हुए थे. सुप्रिया झपकी लेती हुई एक दो बार तोह अपनी सीट पर hi गिरने वाली थी. पर उसने किसी तरह से अपने आप को जगाये रखा.
दिन में राहुल का मैसेज उसके फ़ोन पर आया - हे सेक्सी... क्या कर रही हो...
उसका मैसेज देख कर सुप्रिया के शरीर में जैसे थोड़ी सी एनर्जी आ गयी - जगे रहने की कोशिश कर रही हु... तुमने सोने कहाँ दिया पूरी रात..
राहुल - तभी तोह कहा था छुट्टी ले लो...
सुप्रिया - ाचा... और तुम सोने देते अगर छुट्टी ले लेती तोह...
राहुल - वह तोह तुम्हे पता hi है... कोई सेक्सी सी फोटो भेजो न... इंतज़ार नहीं हो रहा शाम तक का अपनी बीवी से मिलने का...
सुप्रिया - शट उप... ऑफिस से कैसे फोटो भेजू..
राहुल - बाथरूम में जा कर खींच लो...
सुप्रिया - कुछ hi घंटे तोह है मिलने में, इतनी क्या बेसब्री है...
राहुल - एहि घंटे निकालने के लिए तोह एक फोटो चाहिए... प्लीज भेज दो न...
सुप्रिया राहुल की जिद्द के आगे पिघलती हुई ऑफिस के एक सुनसान से कोने में गयी और जल्दी से अपनी एक सेल्फी खींच कर राहुल को भेज दी.
राहुल फोटो में सुप्रिया के रसीले होंठ और हलकी सी दिखती हुई क्लीवेज को देखते hi फिर से बेकाबू सा हो चला था.
राहुल - वाओ... हॉट लग रही हो... एक फोटो अंदर ब्रा की भी भेज दो न...
सुप्रिया - नहीं, मैं और फोटोज नहीं भेज रही... मुझे डिस्टर्ब मत करो... काफी काम है ऑफिस में... शाम को मिलते है..
सुप्रिया ने फ़ोन रखते हुए किसी तरह से फिर से अपने काम पर फोकस किया. पर बार बार उसकी नज़र भी घडी पर hi जा रही थी. वह वेट कर रही थी की शाम हो और कब वह फिर से राहुल के साथ हो. राहुल और उसकी सुबह hi बात हो चुकी थी की राहुल थोड़ा लेट आएगा पिक करने, ताकि कोई उन दोनों को साथ न देख पाए. आज तोह कृति भी 5 बजे के आस पास ऑफिस से निकल गयी थी.
6 बजे के आस पास, राहुल का मैसेज आया की वह नीचे आ गया था. सुप्रिया जल्दी से नीची की और गयी और उसने देखा की ठीक सामने सुप्रिया की लाल कार परकेड थी, और राहुल बहार खड़ा था. सुप्रिया भागी हुई सी गाडी की तरफ गयी. वह दरवाज़ा खोल कर अंदर बैठने hi वाली थी की राहुल अपने बाहें आगे बड़ा कर उसे हुग कर लिया.
सुप्रिया - क्या कर रहे हो... कोई देख लेगा...
राहुल - देखने दो... मैं डरता हूँ क्या...
सुप्रिया - चलो... जल्दी से बैठो गाडी में...
सुप्रिया ड्राइवर सीट पर बैठी और राहुल के बैठते hi गाडी चलने लगी. सुप्रिया के चेहरे पर हलकी सी मुस्कान थी और राहुल बस सुप्रिया की और hi देख रहा था.
सुप्रिया - इतनी क्या बेसब्री थी ऑफिस में.... कल तोह हमने....
राहुल - कल हमने क्या? पूरा बोलै न...
सुप्रिया - पता तोह है तुम्हे... कल हमने कितनी बार किया था... मुझसे क्यों बुलवाना चाहते हो...
राहुल - तुम्हारे मुँह से सुन्ना बहुत ाचा लगता है... वैसे तुम्हारे मुँह में और भी काफी कुछ ाचा लगता है...
सुप्रिया - शट उप!!! क्या बोलते हो तुम! लड़कियों से बात करने की तमीज नहीं है बिलकुल...
राहुल ने अपने ऊँगली सुप्रिया के पेट पर फेरी, सुप्रिया - क्या कर रहे हो एक्सीडेंट हो जायेगा... दूर रहो..
राहुल फिर सुप्रिया की और किश करने के लिए अपना मुँह बढ़ाया पर सुप्रिया ने राहुल को अपने हाथ से पीछे धकेला - सच में... अगर नहीं रुके तोह मैं गाडी साइड में रोक दूंगी...
राहुल - ाचा बाबा ठीक है...
सुप्रिया - घर आने वाला है तुम पीछे वाली सीट पर चले जायो, और नीचे हो जायो..
राहुल - ारी क्या यार.... इतना क्या डरना... प्यार किया है कोई छोरी नहीं की...
सुप्रिया ने सोचा की छोरी hi तोह की है उसने. शादी शुदा हो कर भी किसी और के साथ ये सब.
सुप्रिया - डायलाग मत मारो... जल्दी जायो न... नहीं तोह एहि उतर जायो...
राहुल चलती हुई गाडी में पीछे की सीट पर चला गया और बिल्डिंग आते hi वह सीट पर लेट गया ताकि किसी को दिखे न. शाम को बिल्डिंग के गेट पर इक़बाल hi खड़ा था. सुप्रिया ने उसे देख कर कुछ पल के लिए गाडी वही रोक दी.
इक़बाल - मैडमजी... कैसे हो आप...
सुप्रिया - मैं ठीक हु... आप कैसे हो...
इक़बाल - बहुत बढ़िया... कुछ चाहिए तोह नहीं आपको...
सुप्रिया - नहीं नहीं, सब है अभी तोह, मैं बता दूंगी अगर कुछ भी चाहिए होगा तोह...
इक़बाल - ठीक है मैडमजी...
इक़बाल को पीछे की सीट पर झांकते देख, सुप्रिया ने उसे आवाज़ दी - इक़बाल जी... उस दिन वैसे काफी ाचा लगा था मुझे...
इक़बाल - सच में... तोह फिर चलते है न किसी और दिन भी...
सुप्रिया - हाँ ज़रूर... ाचा अभी मैं चलती हु, काफी थक गयी हु...
इक़बाल - हाँ... आप अकेली है यहाँ... सब अकेले देख रही है... थक तोह गयी होंगी... पर जब कुछ काम हो आप मुझे याद कर लेना...
सुप्रिया ने हाँ में सर हिलाया और गाडी पार्किंग की और ले गयी. उसने गेट की तरफ नज़र राखी और जैसे hi इक़बाल एक और गाडी के लिए दरवाज़ा खोलने में बिजी हुआ, वह और राहुल जल्दी से लिफ्ट की तरफ हो लिए. थैंक गॉड, आज भी उन्हें कोई नहीं मिला था और वह जल्दी से घर के अंदर घुस गए. ये सब करने से सुप्रिया काफी ज्यादा स्ट्रेस में चली जाती थी.
घर में घुसते hi राहुल ने सुप्रिया को अपनी गोदी में उठा लिया, और उसे बैडरूम में ले गया.
सुप्रिया - ओफ्फो राहुल... इतनी क्या जल्दी है... कपडे तोह चेंज करने दो न...
राहुल - कपडे मैं उतार देता हूँ न...
सुप्रिया राहुल की बाहों में झटपटा रही थी, और राहुल ने उसे बीएड पर गिरते hi उसे किश करनी शुरू कर दी. राहुल ने सुप्रिया के कपडे ऊपर किये और उसकी ब्रा के अंदर हाथ दाल दिया.
कुछ पल सुप्रिया को ऐसे hi किश करने के बाद, राहुल एक डैम रुकते हुए - मेरे पास तुम्हारे लिए एक सुप्रिसे है...
सुप्रिया - क्या सरप्राइज?
राहुल बहार से अपना बैग लेकर आया और उसके अंदर से कुछ कपडे निकाल की सुप्रिया की और फेके - ये तुम पर बहुत अचे लगेंगे, इन्हे तरय करो न...
सुप्रिया ने उन कपड़ो को देखा, वह तोह काफी छोटी छोटी लिंगेरी जैसी ड्रेसेस थी और ऊपर से एक हल्का पारदर्शी शर्ट टाइप का कपडा - मैं ये नहीं पेहेन्ने वाली..
राहुल - के ों यार... अब क्या शर्माना... सब कुछ तोह हो चूका है हमारे बीच...
सुप्रिया - ाचा ठीक है बाबा.. तुम गुस्सा क्यों होते हो बार बार... तुम बहार जायो न और मैं चेंज करती हु...
राहुल - नहीं... मेरे सामने...
सुप्रिया ने राहुल की और सर हिलाते हुए देखा. राहुल वहीँ बीएड पर बैठ गया था. सुप्रिया ने अपने कपडे वहीँ राहुल के सामने उतारने शुरू करे, उसे काफी शर्म आ रही थी, पर राहुल की बात तोह सच थी. सब कुछ तोह कर चुके थे वह, अब कैसी शर्म. सुप्रिया ने अपने सारे कपडे उतार दिए, राहुल की नज़र उस पर से हैट नहीं रही थी. सुप्रिया ने ये छोटी सी ड्रेस पहनी जिसमे काले रंग की ब्रा जैसा टॉप था और ऊपर एक सफ़ेद पारदर्शी शर्ट.
सुप्रिया को इन कपड़ो में देख कर राहुल का लुंड पूरा खड़ा हो चूका था, और वह सुप्रिया पर टूट पड़ा. सुप्रिया भी अब मस्त हो कर राहुल के साथ मजे ले रही थी. राहुल को सतना तड़पना उसे बहुत ाचा लग रहा था.
कुछ hi देर में ये ड्रेस में आधे से ज्यादा उतर चुकी थी और सुप्रिया के बूब्स राहुल के मुँह में थे. वह सुप्रिया के ऊपर चड्डा हुआ आराम से उसके बूब्स को चूस रहा था. तभी सुप्रिया का फ़ोन बजा, और सुप्रिया ने देखा तोह वह अतुल का कॉल था.
सुप्रिया ने राहुल को चुप होने रहना का इशारा करते हुए कॉल उठाया - Hello...
अतुल - Hi.. कैसी हो...
सुप्रिया - मैं ठीक... आप...
राहुल अभी भी सुप्रिया के ऊपर लेता हुआ था और सुप्रिया के निप्पल्स उसके मुँह में थे. कितना ाचा लग रहा था उसे की अतुल से बात करते हुए उसकी बीवी अपने मम्मी उससे चुसवा रही थी. दूसरी तरफ सुप्रिया की हालत ख़राब थी और वह राहुल को पीछे धकेलने की कोशिश कर रही थी.
अतुल - तुम्हे काफी मिस कर रहा हूँ...
सुप्रिया - मैं भी.... सससससस
अतुल - क्या हुआ?
सुप्रिया - कुछ भी नहीं, ऐसे hi काम कर रही हु...
राहुल के मुँह से थोड़ा ज़ोर से चूसने की आवाज़ आयी.
अतुल - कोई है क्या वहां....
सुप्रिया ने गुस्से में राहुल को देखा - नहीं... कौन होगा यहाँ...
अतुल - मैं सोच रहा थोड़ा जल्दी आ जायु...
सुप्रिया - इतने दिनों के बाद तोह गए हो... आप आराम से आयो...
अतुल - ाचा सोचता हूँ...
सुप्रिया - जब आप वहां से चलो तोह मुझे मैसेज कर देना..
अतुल - ठीक है... चलो मैं अभी रखता हूँ.. तुम ध्यान रखना अपना...
सुप्रिया - हाँ... आप भी...
फ़ोन रखते hi सुप्रिया ने राहुल के हाथ पर ज़ोर के मारा - रुक नहीं सकते थे... देख रहे थे न मैं अतुल से बात कर रही थी.
राहुल - सॉरी जान... तुम हो hi इतनी सेक्सी की मैं खुद को रोक नहीं पाटा हूँ...
सुप्रिया - राहुल.... हमारे इस रिश्ते का फ्यूचर क्या है?
राहुल - तुम इतनी टेंशन क्यों ले रही हो, कुछ न कुछ फिगर आउट हो जायेगा...
सुप्रिया - नहीं प्लीज, मुझे बताया न...
राहुल - अभी तोह तुम इधर आयो...
राहुल ने फिरसे सुप्रिया को अपने नीचे खींचा और कुछ hi देर बाद उसका लुंड सुप्रिया के अंदर था. सुप्रिया भी मस्त हो कर सब कुछ भूल कर उसके साथ एन्जॉय करने लगी. दोनों ने एक दुसरे के साथ एक राउंड पूरा किया.
फिर कुछ देर ब्रेक लेकर दोनों ने खाना खाया. वैसे तोह करुणा ने सिर्फ सुप्रिया के लिए hi खाना बनाया था, पर दोनों ने वही मिल कर खा लिया. कुछ देर बाद वह फिर से अपने हसीं पालो में मस्त हो गए. दोनों रुकने का नाम hi नहीं ले रहे थे, और सुप्रिया भी धीरे धीरे और बोल्ड होती जा रही थी. दोनों पसीनो में तर, कभी सुप्रिया राहुल के ऊपर और कभी राहुल सुप्रिया के ऊपर. उनका ये खेल इस रात भी यूँ hi चलता रहा.
सुबह उठने में दोनों को hi लेट हो गया था, और जल्दी जल्दी करके सुप्रिया किसी तरह से अपने ऑफिस पहुंची. सुप्रिया का रोम रोम बुरी तरह दर्द कर रहा था, पर अभी भी जैसी उसकी प्यास पूरी तरह ख़तम नहीं हुई थी. पिछले 2 दिन में हो काम से काम 5 बार तोह सेक्स कर hi चुके थे, और हर बार राहुल उसका पानी निकलने में कामयाब रहा था. ऐसा लग रहा था की पिछले पूरे साल की कमी इन्ही दो दिनों में पूरी हो रही थी.
सुप्रिया अपने काम में लगी हुई थी की दिन में अचानक से करुणा का कॉल उसके फ़ोन पर आने लगा. करुणा बहुत काम hi ऑफिस में उसे कॉल करती थी. अगर उसे कुछ पूछना होता तोह वह मैसेज पर hi पूछ लेती. उसका फ़ोन देख सुप्रिया के दिमाग की घंटी बजने लगी थी और उसने हैरान होते हुए फ़ोन उठाया - Hello....
दूसरी तरफ से करुणा की तेज़ साफ़ आवाज़ आयी - दीदी...
सुप्रिया - हाँ बोल करुणा.. क्या हुआ..
करुणा - आपका रूम काफी फैला हुआ था मैंने देखा, इसलिए कॉल किया... आपने किसी और को चाबी तोह नहीं दी है न?
ओह गॉड, सुबह जल्द बाज़ी में सुप्रिया फर्श और बीएड पर से सारे कपडे हटाना भूल गयी थी. उसमे राहुल और उसके दोनों के कपडे थे, और कुछ कपडे तोह उनके प्यार की होली में साणे हुए थे. करुणा तोह वह देखते hi समझ गयी होगी की यहाँ क्या हो रहा था. पता नहीं वह अब इस बात कैसे संभालेगी.
सुप्रिया - नहीं वह मैं कल कुछ सफाई कर रही थी तोह सब बहार रह गया, तू ऐसा कर, कमरे में सफाई मत कर... बल्कि आज सफाई करने की जरूरत भी नहीं है..
करुणा - वह तोह मैं कर चुकी सब... कपडे भी धो दिए... भैया तोह गए हुए है न...
सुप्रिया ने मुँह से धीरे से आवाज़ निकली - हाँ...
कुछ सेकंड के सन्नाटे के बाद करुणा बोली - ाचा.... रात को दो लोगो का खाना बना कर रख जायु?
सुप्रिया अभी भी पीछे नहीं हैट रही थी - दो का क्यों?
करुणा - कहीं आपको ज्यादा भूक लगे तोह उसके लिए... बाकी आप देख लो...
सुप्रिया - हम्म्म... ठीक है... दो लोगो का बना दे... मैं अभी ऑफिस में हु और मैं बाद में तुझ से बात करती हु... सुन... मैं..
सुप्रिया को समझ hi नहीं आ रहा था की वह कैसे क्या बोले करुणा को.
करुणा - दीदी आप टेंशन मत को... आप अपने काम पर ध्यान दो...
सुप्रिया किसी भी तरह करुणा को अपनी साइड करना चाहती थी - और सुन... वह इक़बाल और तू...
करुणा - दीदी... वह सब बोलने की जरूरत नहीं है आपको… आप मुझ पर भरोसा कर सकते हो....
सुप्रिया - थैंक यू...
सुप्रिया ने फ़ोन रखा, उसके हाथ बुरी तरह काँप रहे थे. उसकी छोरी आखिर कार पकड़ी hi गयी थी. कितनी बेवक़ूफ़ थी वह, की दो hi दिन में वह पकड़ी गयी. अब उसकी जान जैसे करुणा के हाथों में थी, पता नहीं वह क्या करने वाली थी. उसे करुणा पर बिलकुल भी भरोसा नहीं था. अगर उसने अतुल को सब बता दिया तोह? अगर उसने इक़बाल को ये बात बता दी तोह? पर उसे इक़बाल से इतना डर क्यों लगता था, वह तोह उसका कुछ भी नहीं था.
शाम को राहुल सुप्रिया को पिक किया और वह मुरझाई हुई सी कार में बैठी. सुप्रिया ने कार चलते hi राहुल को करुणा के साथ हुई बातचीत के बारे में बोलना शुरू किया. राहुल चुप चाप उसकी पूरी बात सुनता रहा. सुप्रिया कुछ ज्यादा hi परेशान थी.
राहुल - यार पता नहीं तुम इन कामवाली वॉचमन वैगेरा से इतना क्यों डर्टी हो...
सुप्रिया - तुम समझते क्यों नहीं... अगर अतुल को पता चल गया तोह... तुम्हारा तोह कुछ नहीं होगा न... मेरी hi बदनामी होगी...
राहुल - कुछ बदनामी नहीं होगी... सब भूल जायो... इधर आयो...
राहुल ने गाडी साइड में रोकते हुए सुप्रिया को साइड से हुग किया. सुप्रिया ने अपना सर राहुल के कंधे पर रख दिया, वह सच में काफी परेशान थी. और ये साड़ी परेशानी उसी ने तोह अपने लिए बनायीं थी.
राहुल - सुप्रिया जो कुछ हो... मैं तुम्हारे साथ खड़ा हु...
सुप्रिया ने राहुल का हाथ पकड़ लिया.
राहुल - वैसे... खड़ा तोह कुछ और भी है... जिसे तुमने अब तक मुँह नहीं लगाया है...
सुप्रिया ने राहुल की पेअर पर हाथ मारा - तुम इस टेंशन के टाइम में भी ये फालतू मजाक सूझ रहा है....
राहुल हस्ते हुए - मजाक नहीं कर रहा हूँ बाबा...
सुप्रिया ने अपना सर उठाते हुए कहा - हम्म्म्म... तोह क्या चाहते हो... यहीं सड़क किनारे शुरू हो जायु?
राहुल - सच में... ऐसा हो जाये तोह कितना मज़ा hi आ जाये... ahhhhhhhhhh
सुप्रिया - शट उप!!! ाचा चलो जल्दी घर चलो... कल सुबह तुम अपना सामान लेकर वापस चले जाना प्लीज... बस हो गया...
राहुल - क्या हो गया.. अभी तोह बस ट्यूसडे है आज... अभी तोह पूरे 4 दिन और बच्चे है हमारे हनीमून को....
सुप्रिया सोच में पद गयी, पता नहीं 4 दिन के बाद उसकी जिंदगी कैसी होने वाली थी. जब अतुल वापस आ जायेंगे तोह क्या वह फिर से अपनी उसी पुराणी लाइफ में ढल पायेगी? फिलहान तोह पिछले दो दिनों से वह राहुल की कुछ ज्यादा hi आदि हो चुकी थी, और उसके साथ प्यार का बिताया हर पल उसे पागल सा कर रहा था.
सुप्रिया अभी अभी अपने ऑफिस पहुंची थी, और कल के दिन के बारे में सोच सोच कर मुस्कुरा रही थी.
कल दिन में राहुल और उसने सोफे पर सेक्स किया था जिसके बाद वह एक दुसरे की बाहों में लेते हुए सो गए थे. जागने के बाद पूरी शाम राहुल उसके आगे पीछे घूमता रहा था. सुप्रिया ने किसी तरह से एक टीशर्ट और लेग्गिंग्स पेहेन ली थी, पर राहुल को तोह जैसे चैन hi नहीं था. कभी यहाँ छू लिया, कभी वहां, हर पल जैसे उसे सताए hi रखा था. पर उस सताने में भी ऐसा मज़ा था जो सुप्रिया को बहुत ाचा लगा था. सच में किसी नेवली वेद कपल की hi फीलिंग दी थी उसने सुप्रिया को. इतना पागल तोह अतुल भी नहीं हुआ था सुप्रिया के लिए शुरू में.
और फिर रात के खाने के बाद वह उसके hi बैडरूम में उसके साथ लेट गया था. पहले तोह सुप्रिया को लगा की राहुल दिन में सब करने के बाद थका हुआ होगा और सो जायेगा, पर न तोह वह खुद सोया और न सुप्रिया को सोने दिया. रात भर उन दोनों की कुश्ती जाम कर चलती रही. सुप्रिया किसी तरह से अपनी तेज़ आवाज़ों पर काबू करने की कोशिश कर रही थी ताकि साथ वाले फ्लैट में न जाये, पर पता नहीं वह इसमें कितना कामयाब हुई थी. रात को उन दोनों ने 2 बार और सेक्स किया और आखिर में वह थके हुए एक दुसरे में समाये सो गए.
सुबह जब सुप्रिया की नींद खुली तोह राहुल के हाथ उसकी नंगी गांड पर घूम रहे थे. किसी तरह से सुप्रिया ने उसके शरारती हाथों को रोका, और ऑफिस जाने की तैयारी की. राहुल का बस चलता तोह वह दोनों पूरे दिन बीएड पर hi लेते रहते. तैयार होते होते भी राहुल कभी उसके गालों पर किश कर रहा था और कभी उसके होंठों पर. कल की दी हुई हिक्की का निशाँ भी गर्दन पर काफी ज़ोर का दिख रहा था, और सुप्रिया ने चाहे जितना मेकअप वहां लगा लिया वह पूरी तरह नहीं छिप रहा था. सुप्रिया ने गले में एक बड़ा सा पेंडंट पेहेन कर उस पर से ध्यान न जाने की कोशिश करि.
राहुल ने ऑफिस जाने के लिए अतुल की शर्ट पेहेन ली और ऑफिस जाने के लिए तैयार हो गया. सुप्रिया राहुल को नीचे ले जाते हुए थोड़ा सा घबरा रही थी, किसी ने देख लिया तोह पता नहीं क्या सोचेगा. तोह सुप्रिया पहले उतर कर नीचे गयी और अपनी गाडी को बिल्डिंग के ठीक सामने लगा दिया, और राहुल जल्दी से उतर कर बखसैत पर बैठ गया. मैं एंट्रेंस पर इक़बाल तोह नहीं था, पर जो भी, अगर किसी ने राहुल को वहां देख लिया तोह बात फैलनी तय थी. ऐसे छुप छुप के प्यार करने में भी एक अलग सा मज़ा था.
सुप्रिया ने गाडी चलते हुए बिल्डिंग से निकाल दी और फिर बीच रास्ते में रोक कर गाडी राहुल को चलने को दे दी. राहुल ने पहले सुप्रिया को उसके ऑफिस ड्राप किया और फिर गाडी चलता हुआ अपने ऑफिस चला गया. शाम को आते हुए वह अपने घर से कुछ कपडे और बाकी कुछ चीज़े लाने वाला था.
सुप्रिया अपनी ऑफिस की सीट पर बैठी एहि सब सोच कर मुस्कुरा रही थी. आज उसे ऐसा लग रहा था की 2 दिन पहले hi उसकी शादी हुई हो और उसके हस्बैंड ने उसे ऑफिस ड्राप किया हुआ. सुप्रिया ने देखा की कृति भी आज थोड़े से बेहतर मूड में थी, शायद उसके सर से अब राहुल के नाम का बुखार उतरने लगा था.
कृति सुप्रिया के पास किसी काम से आयी - सुप्रिया.... इस क्लाइंट की बिलिंग हो गयी थी क्या?
सुप्रिया - हाँ... वह तोह मैंने लास्ट वीक hi कर दी थी..
कृति का ध्यान सुप्रिया की गर्दन पर हिक्की के निशाँ पर गया - ये कैसी लगी...
सुप्रिया - उम्... ये....
कृति हस्ते हुए - मैं भी कितनी बेवक़ूफ़ हो.... ये तोह लगता है लव बाईट है... लगता है तुम और अतुल काफी मूड में थे इस वीकेंड....
सुप्रिया हलके से हसी और आँखें नीचे कर ली. अब वह कैसे कृति को बताती की ये लव बाईट उसे अतुल ने नहीं, राहुल ने दे थी.
कृति - पर तुम तोह कह रही थी न की शायद अतुल अपने घर जा रहा है...
ओफ्फो, ये तोह सुप्रिया फास गयी थी - हाँ वह... उनका जाना कैंसिल हो गया...
कृति - हम्म्म... सही है... हाँ भाई इतनी स्वीट सी बीवी को छोड़ कर कौन जाना चाहेगा...
सुप्रिया झेपते हुए - तुम भी न...
कृति - सच तोह है... अतुल इस रियली लकी तो हैवे ा वाइफ लिखे यू... स्वीट एंड हॉट और इतनी लॉयल भी...
सुप्रिया सोचने लगी की ओह गॉड, ये क्यों बोल रही है ऐसे. उसे और गिलटी सा फील हो रहा था. पता नहीं क्यों वह राहुल के चक्कर में पद गयी थी, पर अब तोह जैसे उसके बिना रह पाना hi मुश्किल था. और इस हफ्ते तोह वह बिलकुल एक मैरिड कपल की तरह रहने वाले थे. इस सब छोरी चुप्पे के खेल से बेहतर ये नहीं होगा की वह अतुल को सब सच बता दे और राहुल से शादी कर ले?
पूरे दिन ऑफिस में सुप्रिया को नींद सी hi आ रही थी. आखिर वह और राहुल 2-3 बजे तक तोह जगे hi हुए थे. सुप्रिया झपकी लेती हुई एक दो बार तोह अपनी सीट पर hi गिरने वाली थी. पर उसने किसी तरह से अपने आप को जगाये रखा.
दिन में राहुल का मैसेज उसके फ़ोन पर आया - हे सेक्सी... क्या कर रही हो...
उसका मैसेज देख कर सुप्रिया के शरीर में जैसे थोड़ी सी एनर्जी आ गयी - जगे रहने की कोशिश कर रही हु... तुमने सोने कहाँ दिया पूरी रात..
राहुल - तभी तोह कहा था छुट्टी ले लो...
सुप्रिया - ाचा... और तुम सोने देते अगर छुट्टी ले लेती तोह...
राहुल - वह तोह तुम्हे पता hi है... कोई सेक्सी सी फोटो भेजो न... इंतज़ार नहीं हो रहा शाम तक का अपनी बीवी से मिलने का...
सुप्रिया - शट उप... ऑफिस से कैसे फोटो भेजू..
राहुल - बाथरूम में जा कर खींच लो...
सुप्रिया - कुछ hi घंटे तोह है मिलने में, इतनी क्या बेसब्री है...
राहुल - एहि घंटे निकालने के लिए तोह एक फोटो चाहिए... प्लीज भेज दो न...
सुप्रिया राहुल की जिद्द के आगे पिघलती हुई ऑफिस के एक सुनसान से कोने में गयी और जल्दी से अपनी एक सेल्फी खींच कर राहुल को भेज दी.
राहुल फोटो में सुप्रिया के रसीले होंठ और हलकी सी दिखती हुई क्लीवेज को देखते hi फिर से बेकाबू सा हो चला था.
राहुल - वाओ... हॉट लग रही हो... एक फोटो अंदर ब्रा की भी भेज दो न...
सुप्रिया - नहीं, मैं और फोटोज नहीं भेज रही... मुझे डिस्टर्ब मत करो... काफी काम है ऑफिस में... शाम को मिलते है..
सुप्रिया ने फ़ोन रखते हुए किसी तरह से फिर से अपने काम पर फोकस किया. पर बार बार उसकी नज़र भी घडी पर hi जा रही थी. वह वेट कर रही थी की शाम हो और कब वह फिर से राहुल के साथ हो. राहुल और उसकी सुबह hi बात हो चुकी थी की राहुल थोड़ा लेट आएगा पिक करने, ताकि कोई उन दोनों को साथ न देख पाए. आज तोह कृति भी 5 बजे के आस पास ऑफिस से निकल गयी थी.
6 बजे के आस पास, राहुल का मैसेज आया की वह नीचे आ गया था. सुप्रिया जल्दी से नीची की और गयी और उसने देखा की ठीक सामने सुप्रिया की लाल कार परकेड थी, और राहुल बहार खड़ा था. सुप्रिया भागी हुई सी गाडी की तरफ गयी. वह दरवाज़ा खोल कर अंदर बैठने hi वाली थी की राहुल अपने बाहें आगे बड़ा कर उसे हुग कर लिया.
सुप्रिया - क्या कर रहे हो... कोई देख लेगा...
राहुल - देखने दो... मैं डरता हूँ क्या...
सुप्रिया - चलो... जल्दी से बैठो गाडी में...
सुप्रिया ड्राइवर सीट पर बैठी और राहुल के बैठते hi गाडी चलने लगी. सुप्रिया के चेहरे पर हलकी सी मुस्कान थी और राहुल बस सुप्रिया की और hi देख रहा था.
सुप्रिया - इतनी क्या बेसब्री थी ऑफिस में.... कल तोह हमने....
राहुल - कल हमने क्या? पूरा बोलै न...
सुप्रिया - पता तोह है तुम्हे... कल हमने कितनी बार किया था... मुझसे क्यों बुलवाना चाहते हो...
राहुल - तुम्हारे मुँह से सुन्ना बहुत ाचा लगता है... वैसे तुम्हारे मुँह में और भी काफी कुछ ाचा लगता है...
सुप्रिया - शट उप!!! क्या बोलते हो तुम! लड़कियों से बात करने की तमीज नहीं है बिलकुल...
राहुल ने अपने ऊँगली सुप्रिया के पेट पर फेरी, सुप्रिया - क्या कर रहे हो एक्सीडेंट हो जायेगा... दूर रहो..
राहुल फिर सुप्रिया की और किश करने के लिए अपना मुँह बढ़ाया पर सुप्रिया ने राहुल को अपने हाथ से पीछे धकेला - सच में... अगर नहीं रुके तोह मैं गाडी साइड में रोक दूंगी...
राहुल - ाचा बाबा ठीक है...
सुप्रिया - घर आने वाला है तुम पीछे वाली सीट पर चले जायो, और नीचे हो जायो..
राहुल - ारी क्या यार.... इतना क्या डरना... प्यार किया है कोई छोरी नहीं की...
सुप्रिया ने सोचा की छोरी hi तोह की है उसने. शादी शुदा हो कर भी किसी और के साथ ये सब.
सुप्रिया - डायलाग मत मारो... जल्दी जायो न... नहीं तोह एहि उतर जायो...
राहुल चलती हुई गाडी में पीछे की सीट पर चला गया और बिल्डिंग आते hi वह सीट पर लेट गया ताकि किसी को दिखे न. शाम को बिल्डिंग के गेट पर इक़बाल hi खड़ा था. सुप्रिया ने उसे देख कर कुछ पल के लिए गाडी वही रोक दी.
इक़बाल - मैडमजी... कैसे हो आप...
सुप्रिया - मैं ठीक हु... आप कैसे हो...
इक़बाल - बहुत बढ़िया... कुछ चाहिए तोह नहीं आपको...
सुप्रिया - नहीं नहीं, सब है अभी तोह, मैं बता दूंगी अगर कुछ भी चाहिए होगा तोह...
इक़बाल - ठीक है मैडमजी...
इक़बाल को पीछे की सीट पर झांकते देख, सुप्रिया ने उसे आवाज़ दी - इक़बाल जी... उस दिन वैसे काफी ाचा लगा था मुझे...
इक़बाल - सच में... तोह फिर चलते है न किसी और दिन भी...
सुप्रिया - हाँ ज़रूर... ाचा अभी मैं चलती हु, काफी थक गयी हु...
इक़बाल - हाँ... आप अकेली है यहाँ... सब अकेले देख रही है... थक तोह गयी होंगी... पर जब कुछ काम हो आप मुझे याद कर लेना...
सुप्रिया ने हाँ में सर हिलाया और गाडी पार्किंग की और ले गयी. उसने गेट की तरफ नज़र राखी और जैसे hi इक़बाल एक और गाडी के लिए दरवाज़ा खोलने में बिजी हुआ, वह और राहुल जल्दी से लिफ्ट की तरफ हो लिए. थैंक गॉड, आज भी उन्हें कोई नहीं मिला था और वह जल्दी से घर के अंदर घुस गए. ये सब करने से सुप्रिया काफी ज्यादा स्ट्रेस में चली जाती थी.
घर में घुसते hi राहुल ने सुप्रिया को अपनी गोदी में उठा लिया, और उसे बैडरूम में ले गया.
सुप्रिया - ओफ्फो राहुल... इतनी क्या जल्दी है... कपडे तोह चेंज करने दो न...
राहुल - कपडे मैं उतार देता हूँ न...
सुप्रिया राहुल की बाहों में झटपटा रही थी, और राहुल ने उसे बीएड पर गिरते hi उसे किश करनी शुरू कर दी. राहुल ने सुप्रिया के कपडे ऊपर किये और उसकी ब्रा के अंदर हाथ दाल दिया.
कुछ पल सुप्रिया को ऐसे hi किश करने के बाद, राहुल एक डैम रुकते हुए - मेरे पास तुम्हारे लिए एक सुप्रिसे है...
सुप्रिया - क्या सरप्राइज?
राहुल बहार से अपना बैग लेकर आया और उसके अंदर से कुछ कपडे निकाल की सुप्रिया की और फेके - ये तुम पर बहुत अचे लगेंगे, इन्हे तरय करो न...
सुप्रिया ने उन कपड़ो को देखा, वह तोह काफी छोटी छोटी लिंगेरी जैसी ड्रेसेस थी और ऊपर से एक हल्का पारदर्शी शर्ट टाइप का कपडा - मैं ये नहीं पेहेन्ने वाली..
राहुल - के ों यार... अब क्या शर्माना... सब कुछ तोह हो चूका है हमारे बीच...
सुप्रिया - ाचा ठीक है बाबा.. तुम गुस्सा क्यों होते हो बार बार... तुम बहार जायो न और मैं चेंज करती हु...
राहुल - नहीं... मेरे सामने...
सुप्रिया ने राहुल की और सर हिलाते हुए देखा. राहुल वहीँ बीएड पर बैठ गया था. सुप्रिया ने अपने कपडे वहीँ राहुल के सामने उतारने शुरू करे, उसे काफी शर्म आ रही थी, पर राहुल की बात तोह सच थी. सब कुछ तोह कर चुके थे वह, अब कैसी शर्म. सुप्रिया ने अपने सारे कपडे उतार दिए, राहुल की नज़र उस पर से हैट नहीं रही थी. सुप्रिया ने ये छोटी सी ड्रेस पहनी जिसमे काले रंग की ब्रा जैसा टॉप था और ऊपर एक सफ़ेद पारदर्शी शर्ट.
सुप्रिया को इन कपड़ो में देख कर राहुल का लुंड पूरा खड़ा हो चूका था, और वह सुप्रिया पर टूट पड़ा. सुप्रिया भी अब मस्त हो कर राहुल के साथ मजे ले रही थी. राहुल को सतना तड़पना उसे बहुत ाचा लग रहा था.
कुछ hi देर में ये ड्रेस में आधे से ज्यादा उतर चुकी थी और सुप्रिया के बूब्स राहुल के मुँह में थे. वह सुप्रिया के ऊपर चड्डा हुआ आराम से उसके बूब्स को चूस रहा था. तभी सुप्रिया का फ़ोन बजा, और सुप्रिया ने देखा तोह वह अतुल का कॉल था.
सुप्रिया ने राहुल को चुप होने रहना का इशारा करते हुए कॉल उठाया - Hello...
अतुल - Hi.. कैसी हो...
सुप्रिया - मैं ठीक... आप...
राहुल अभी भी सुप्रिया के ऊपर लेता हुआ था और सुप्रिया के निप्पल्स उसके मुँह में थे. कितना ाचा लग रहा था उसे की अतुल से बात करते हुए उसकी बीवी अपने मम्मी उससे चुसवा रही थी. दूसरी तरफ सुप्रिया की हालत ख़राब थी और वह राहुल को पीछे धकेलने की कोशिश कर रही थी.
अतुल - तुम्हे काफी मिस कर रहा हूँ...
सुप्रिया - मैं भी.... सससससस
अतुल - क्या हुआ?
सुप्रिया - कुछ भी नहीं, ऐसे hi काम कर रही हु...
राहुल के मुँह से थोड़ा ज़ोर से चूसने की आवाज़ आयी.
अतुल - कोई है क्या वहां....
सुप्रिया ने गुस्से में राहुल को देखा - नहीं... कौन होगा यहाँ...
अतुल - मैं सोच रहा थोड़ा जल्दी आ जायु...
सुप्रिया - इतने दिनों के बाद तोह गए हो... आप आराम से आयो...
अतुल - ाचा सोचता हूँ...
सुप्रिया - जब आप वहां से चलो तोह मुझे मैसेज कर देना..
अतुल - ठीक है... चलो मैं अभी रखता हूँ.. तुम ध्यान रखना अपना...
सुप्रिया - हाँ... आप भी...
फ़ोन रखते hi सुप्रिया ने राहुल के हाथ पर ज़ोर के मारा - रुक नहीं सकते थे... देख रहे थे न मैं अतुल से बात कर रही थी.
राहुल - सॉरी जान... तुम हो hi इतनी सेक्सी की मैं खुद को रोक नहीं पाटा हूँ...
सुप्रिया - राहुल.... हमारे इस रिश्ते का फ्यूचर क्या है?
राहुल - तुम इतनी टेंशन क्यों ले रही हो, कुछ न कुछ फिगर आउट हो जायेगा...
सुप्रिया - नहीं प्लीज, मुझे बताया न...
राहुल - अभी तोह तुम इधर आयो...
राहुल ने फिरसे सुप्रिया को अपने नीचे खींचा और कुछ hi देर बाद उसका लुंड सुप्रिया के अंदर था. सुप्रिया भी मस्त हो कर सब कुछ भूल कर उसके साथ एन्जॉय करने लगी. दोनों ने एक दुसरे के साथ एक राउंड पूरा किया.
फिर कुछ देर ब्रेक लेकर दोनों ने खाना खाया. वैसे तोह करुणा ने सिर्फ सुप्रिया के लिए hi खाना बनाया था, पर दोनों ने वही मिल कर खा लिया. कुछ देर बाद वह फिर से अपने हसीं पालो में मस्त हो गए. दोनों रुकने का नाम hi नहीं ले रहे थे, और सुप्रिया भी धीरे धीरे और बोल्ड होती जा रही थी. दोनों पसीनो में तर, कभी सुप्रिया राहुल के ऊपर और कभी राहुल सुप्रिया के ऊपर. उनका ये खेल इस रात भी यूँ hi चलता रहा.
सुबह उठने में दोनों को hi लेट हो गया था, और जल्दी जल्दी करके सुप्रिया किसी तरह से अपने ऑफिस पहुंची. सुप्रिया का रोम रोम बुरी तरह दर्द कर रहा था, पर अभी भी जैसी उसकी प्यास पूरी तरह ख़तम नहीं हुई थी. पिछले 2 दिन में हो काम से काम 5 बार तोह सेक्स कर hi चुके थे, और हर बार राहुल उसका पानी निकलने में कामयाब रहा था. ऐसा लग रहा था की पिछले पूरे साल की कमी इन्ही दो दिनों में पूरी हो रही थी.
सुप्रिया अपने काम में लगी हुई थी की दिन में अचानक से करुणा का कॉल उसके फ़ोन पर आने लगा. करुणा बहुत काम hi ऑफिस में उसे कॉल करती थी. अगर उसे कुछ पूछना होता तोह वह मैसेज पर hi पूछ लेती. उसका फ़ोन देख सुप्रिया के दिमाग की घंटी बजने लगी थी और उसने हैरान होते हुए फ़ोन उठाया - Hello....
दूसरी तरफ से करुणा की तेज़ साफ़ आवाज़ आयी - दीदी...
सुप्रिया - हाँ बोल करुणा.. क्या हुआ..
करुणा - आपका रूम काफी फैला हुआ था मैंने देखा, इसलिए कॉल किया... आपने किसी और को चाबी तोह नहीं दी है न?
ओह गॉड, सुबह जल्द बाज़ी में सुप्रिया फर्श और बीएड पर से सारे कपडे हटाना भूल गयी थी. उसमे राहुल और उसके दोनों के कपडे थे, और कुछ कपडे तोह उनके प्यार की होली में साणे हुए थे. करुणा तोह वह देखते hi समझ गयी होगी की यहाँ क्या हो रहा था. पता नहीं वह अब इस बात कैसे संभालेगी.
सुप्रिया - नहीं वह मैं कल कुछ सफाई कर रही थी तोह सब बहार रह गया, तू ऐसा कर, कमरे में सफाई मत कर... बल्कि आज सफाई करने की जरूरत भी नहीं है..
करुणा - वह तोह मैं कर चुकी सब... कपडे भी धो दिए... भैया तोह गए हुए है न...
सुप्रिया ने मुँह से धीरे से आवाज़ निकली - हाँ...
कुछ सेकंड के सन्नाटे के बाद करुणा बोली - ाचा.... रात को दो लोगो का खाना बना कर रख जायु?
सुप्रिया अभी भी पीछे नहीं हैट रही थी - दो का क्यों?
करुणा - कहीं आपको ज्यादा भूक लगे तोह उसके लिए... बाकी आप देख लो...
सुप्रिया - हम्म्म... ठीक है... दो लोगो का बना दे... मैं अभी ऑफिस में हु और मैं बाद में तुझ से बात करती हु... सुन... मैं..
सुप्रिया को समझ hi नहीं आ रहा था की वह कैसे क्या बोले करुणा को.
करुणा - दीदी आप टेंशन मत को... आप अपने काम पर ध्यान दो...
सुप्रिया किसी भी तरह करुणा को अपनी साइड करना चाहती थी - और सुन... वह इक़बाल और तू...
करुणा - दीदी... वह सब बोलने की जरूरत नहीं है आपको… आप मुझ पर भरोसा कर सकते हो....
सुप्रिया - थैंक यू...
सुप्रिया ने फ़ोन रखा, उसके हाथ बुरी तरह काँप रहे थे. उसकी छोरी आखिर कार पकड़ी hi गयी थी. कितनी बेवक़ूफ़ थी वह, की दो hi दिन में वह पकड़ी गयी. अब उसकी जान जैसे करुणा के हाथों में थी, पता नहीं वह क्या करने वाली थी. उसे करुणा पर बिलकुल भी भरोसा नहीं था. अगर उसने अतुल को सब बता दिया तोह? अगर उसने इक़बाल को ये बात बता दी तोह? पर उसे इक़बाल से इतना डर क्यों लगता था, वह तोह उसका कुछ भी नहीं था.
शाम को राहुल सुप्रिया को पिक किया और वह मुरझाई हुई सी कार में बैठी. सुप्रिया ने कार चलते hi राहुल को करुणा के साथ हुई बातचीत के बारे में बोलना शुरू किया. राहुल चुप चाप उसकी पूरी बात सुनता रहा. सुप्रिया कुछ ज्यादा hi परेशान थी.
राहुल - यार पता नहीं तुम इन कामवाली वॉचमन वैगेरा से इतना क्यों डर्टी हो...
सुप्रिया - तुम समझते क्यों नहीं... अगर अतुल को पता चल गया तोह... तुम्हारा तोह कुछ नहीं होगा न... मेरी hi बदनामी होगी...
राहुल - कुछ बदनामी नहीं होगी... सब भूल जायो... इधर आयो...
राहुल ने गाडी साइड में रोकते हुए सुप्रिया को साइड से हुग किया. सुप्रिया ने अपना सर राहुल के कंधे पर रख दिया, वह सच में काफी परेशान थी. और ये साड़ी परेशानी उसी ने तोह अपने लिए बनायीं थी.
राहुल - सुप्रिया जो कुछ हो... मैं तुम्हारे साथ खड़ा हु...
सुप्रिया ने राहुल का हाथ पकड़ लिया.
राहुल - वैसे... खड़ा तोह कुछ और भी है... जिसे तुमने अब तक मुँह नहीं लगाया है...
सुप्रिया ने राहुल की पेअर पर हाथ मारा - तुम इस टेंशन के टाइम में भी ये फालतू मजाक सूझ रहा है....
राहुल हस्ते हुए - मजाक नहीं कर रहा हूँ बाबा...
सुप्रिया ने अपना सर उठाते हुए कहा - हम्म्म्म... तोह क्या चाहते हो... यहीं सड़क किनारे शुरू हो जायु?
राहुल - सच में... ऐसा हो जाये तोह कितना मज़ा hi आ जाये... ahhhhhhhhhh
सुप्रिया - शट उप!!! ाचा चलो जल्दी घर चलो... कल सुबह तुम अपना सामान लेकर वापस चले जाना प्लीज... बस हो गया...
राहुल - क्या हो गया.. अभी तोह बस ट्यूसडे है आज... अभी तोह पूरे 4 दिन और बच्चे है हमारे हनीमून को....
सुप्रिया सोच में पद गयी, पता नहीं 4 दिन के बाद उसकी जिंदगी कैसी होने वाली थी. जब अतुल वापस आ जायेंगे तोह क्या वह फिर से अपनी उसी पुराणी लाइफ में ढल पायेगी? फिलहान तोह पिछले दो दिनों से वह राहुल की कुछ ज्यादा hi आदि हो चुकी थी, और उसके साथ प्यार का बिताया हर पल उसे पागल सा कर रहा था.