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भाभियो की मस्ती
दूबे भाभी
पूरे बीस मिनट चटवाया दूबे भाभी ने हिना से तब जा के झडी वो।
रेनू एक बार फिर अपने भाई कमल के पास आके, उसका हाथ पकड़ के बैठी थी। रेनू की आँखों में अपने भाई कमल के लिए जो आज प्यार और प्यास दोनों दिख रही थी, वो सिर्फ मैं नहीं सभी भौजाइयां ही नहीं उसकी सभी बचपन की सहेलियां भी देख रही थीं, कैसे एक दिन में ये बदलाव हो गया,...
और सिर्फ रेनू नहीं जिस जिस की चूत उनके सगे चचेरे भाइयों ने फाड़ी थी सब उनके साथ, सुबह कैसे चिल्ला रही थीं, घोंटने के नाम पर, लेकिन दो तीन बार भैया का खूंटा घोंटने के बाद, मेरा भाई से मेरी जान हो गया था और ननदें सब आपस में कानाफूसी कर रही थीं, ...
एक तरह से छोटा सा ब्रेक हुआ था, जो खेली खायी ननदें थी वो तो पांच छह बार, कोई नहीं बची थी जिनकी डबलिंग ट्रिपलिंग न हुयी हो, और कच्ची कलियों की तो खड़े होने की हालत नहीं थी,... लेकिन वो अभी अब बड़ी उम्र की लड़कियों के साथ मिल के हंस खिलखिला रही थी
और देवर सब भी अपनी बहनों के साथ मस्ती कर रहे थे, खिलखिला रहे थे।
साथ में दो भौजाइयाँ भी एक तो गाँव में मेरी अकेली देवरानी, चमेलिया,
और उसके साथ ही नाउन की बहू, गुलबिया, दोनों की गाँव की लड़कियों के साथ बहुत दोस्ती थी, लेकिन जिस तरह से वो सब दूबे भाभी की तरफ देख रही थीं, मुझे लग गया कुछ खिचड़ी पक रही है,...
दूबे भाभी वहीँ आम के पेड के नीचे हिना के साथ, अभी अभी उसे चुसवा के झड़ी थीं, और कस के झड़ी थीं, देह उनकी एकदम ढीली,... और फिर एक एक करके सब ननदें, सबसे पहले खेली खायी फिर कच्ची कलियाँ भी,...
चंदा, नीलू, लीला, और वो सब भौजी के पीछे पड़ी,
" भौजी ये बहुत नाइंसाफी है आपके साथ,... हम सब मज़ा ले लिए, जो कल तक बिना फटी थीं वो भी तो तीन चार बार घोंट चुकी है लेकिन सब आप की किरपा, आसीर्बाद और आप अभी सूखी की सूखी,... "
चमेलिया ने और आग में घी डाला, नीलू से बोली
" हमरे जेठानी को समझती का हो, सबसे बड़ी जेठानी हैं हमारी, जितना तू लोग दिन भर में घोंटी हो वो एके बार में, जउने स्कूल में तू सब अभिन एड्मिसन ली हो न वहां क बड़की मास्टराइन हैं हमार जेठानी,... "
" एकदम,.. " रज्जो भाभी भी बोलीं।
मुझे याद आया चमेलिया ने कल भौजी को बोला था की उनको वो सब देवरन क मलाई से नहलाएंगी,
कुछ दूबे भाभी ने मेरी ओर कर के इशारा किया, लेकिन चंदा जिस तरह से हंसी और सब लड़कियों ने मेरी साथ देखकर जो जवाब दिया मैं समझ गयी
सब बोली,
" अरे नयकी भौजी, उनके लिए तो आप के सब देवर पगलाए हैं,... जितना कुल ननदों की रगड़ाई हुयी है न दिन भर न मिला के उससे ज्यादा उनकी होगी, कउनो नहीं छोड़ेगा उनको,... लेकिन आप बड़ी है तो सबसे पहले आप "
फिर तो जैसे मधुक्खी का छत्ता टूटा हो , उन सब ने दूबे भौजी को को, सब भौजाई की तरह उन्होंने भी बस एक साड़ी पहन रखी थी, और वो उतर के दूर,...
फिर तो जैसे पहले से तय हो, पहले कम्मो के भाई पंकज ने आगे का मोर्चा सम्हाला फिर पीछे भी एक देवर और कुछ बोलने के लिए उन्होंने मुंह खोला तो चंदा ने खुद अपने भइआ का तन्नाया खूंटा उनके मुंह में,...
अब भौजाइयों की रगड़ाई शुरू हो गयी थी
दूबे भाभी खुल के मजा ले रही थीं, तीन तीन जवान पट्ठे, सब पर नयी नयी जवानी चढ़ी, कोई दूबे भाभी की कस के चुदी बुर का मजा ले रहा था तो कोई पीछे से गाँड़ में धक्के मार रहा था, एक ने मुंह में,... दूबे भाभी छटपटा रही थीं लेकिन हम सब समझ रहे थे की उन्हें कितना मज़ा आ रहा है.
दूबे भाभी
पूरे बीस मिनट चटवाया दूबे भाभी ने हिना से तब जा के झडी वो।
रेनू एक बार फिर अपने भाई कमल के पास आके, उसका हाथ पकड़ के बैठी थी। रेनू की आँखों में अपने भाई कमल के लिए जो आज प्यार और प्यास दोनों दिख रही थी, वो सिर्फ मैं नहीं सभी भौजाइयां ही नहीं उसकी सभी बचपन की सहेलियां भी देख रही थीं, कैसे एक दिन में ये बदलाव हो गया,...
और सिर्फ रेनू नहीं जिस जिस की चूत उनके सगे चचेरे भाइयों ने फाड़ी थी सब उनके साथ, सुबह कैसे चिल्ला रही थीं, घोंटने के नाम पर, लेकिन दो तीन बार भैया का खूंटा घोंटने के बाद, मेरा भाई से मेरी जान हो गया था और ननदें सब आपस में कानाफूसी कर रही थीं, ...
एक तरह से छोटा सा ब्रेक हुआ था, जो खेली खायी ननदें थी वो तो पांच छह बार, कोई नहीं बची थी जिनकी डबलिंग ट्रिपलिंग न हुयी हो, और कच्ची कलियों की तो खड़े होने की हालत नहीं थी,... लेकिन वो अभी अब बड़ी उम्र की लड़कियों के साथ मिल के हंस खिलखिला रही थी
और देवर सब भी अपनी बहनों के साथ मस्ती कर रहे थे, खिलखिला रहे थे।
साथ में दो भौजाइयाँ भी एक तो गाँव में मेरी अकेली देवरानी, चमेलिया,
और उसके साथ ही नाउन की बहू, गुलबिया, दोनों की गाँव की लड़कियों के साथ बहुत दोस्ती थी, लेकिन जिस तरह से वो सब दूबे भाभी की तरफ देख रही थीं, मुझे लग गया कुछ खिचड़ी पक रही है,...
दूबे भाभी वहीँ आम के पेड के नीचे हिना के साथ, अभी अभी उसे चुसवा के झड़ी थीं, और कस के झड़ी थीं, देह उनकी एकदम ढीली,... और फिर एक एक करके सब ननदें, सबसे पहले खेली खायी फिर कच्ची कलियाँ भी,...
चंदा, नीलू, लीला, और वो सब भौजी के पीछे पड़ी,
" भौजी ये बहुत नाइंसाफी है आपके साथ,... हम सब मज़ा ले लिए, जो कल तक बिना फटी थीं वो भी तो तीन चार बार घोंट चुकी है लेकिन सब आप की किरपा, आसीर्बाद और आप अभी सूखी की सूखी,... "
चमेलिया ने और आग में घी डाला, नीलू से बोली
" हमरे जेठानी को समझती का हो, सबसे बड़ी जेठानी हैं हमारी, जितना तू लोग दिन भर में घोंटी हो वो एके बार में, जउने स्कूल में तू सब अभिन एड्मिसन ली हो न वहां क बड़की मास्टराइन हैं हमार जेठानी,... "
" एकदम,.. " रज्जो भाभी भी बोलीं।
मुझे याद आया चमेलिया ने कल भौजी को बोला था की उनको वो सब देवरन क मलाई से नहलाएंगी,
कुछ दूबे भाभी ने मेरी ओर कर के इशारा किया, लेकिन चंदा जिस तरह से हंसी और सब लड़कियों ने मेरी साथ देखकर जो जवाब दिया मैं समझ गयी
सब बोली,
" अरे नयकी भौजी, उनके लिए तो आप के सब देवर पगलाए हैं,... जितना कुल ननदों की रगड़ाई हुयी है न दिन भर न मिला के उससे ज्यादा उनकी होगी, कउनो नहीं छोड़ेगा उनको,... लेकिन आप बड़ी है तो सबसे पहले आप "
फिर तो जैसे मधुक्खी का छत्ता टूटा हो , उन सब ने दूबे भौजी को को, सब भौजाई की तरह उन्होंने भी बस एक साड़ी पहन रखी थी, और वो उतर के दूर,...
फिर तो जैसे पहले से तय हो, पहले कम्मो के भाई पंकज ने आगे का मोर्चा सम्हाला फिर पीछे भी एक देवर और कुछ बोलने के लिए उन्होंने मुंह खोला तो चंदा ने खुद अपने भइआ का तन्नाया खूंटा उनके मुंह में,...
अब भौजाइयों की रगड़ाई शुरू हो गयी थी
दूबे भाभी खुल के मजा ले रही थीं, तीन तीन जवान पट्ठे, सब पर नयी नयी जवानी चढ़ी, कोई दूबे भाभी की कस के चुदी बुर का मजा ले रहा था तो कोई पीछे से गाँड़ में धक्के मार रहा था, एक ने मुंह में,... दूबे भाभी छटपटा रही थीं लेकिन हम सब समझ रहे थे की उन्हें कितना मज़ा आ रहा है.