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- Dec 5, 2013
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आरती, दुलारी
और भौजाई भी, जो आठ दस आयी थीं उनमे से आधे से ज्यादा के मरद बाहर ही रहते थे, ... दो चार तो पास के शहर में तो कुछ हफ्ते दो हफ्ते में आते थे, पानी निकाल के चले जाते थे और कुछ महीने में,... और बाकी किसी का पंजाब, किसी का बंबई, सूरत, अहमदाबाद,.. साल में एक दो बार छुट्टी मिली ट्रेन का टिकट मिला तो, गुलबिया को बड़ी उम्मीद थी की उसके ननद का भाई होली में जरूर आएगा, छुट्टी भी मिल गयी थी लेकिन जनरल में भी घुसने की जगह नहीं मिली, एकदम छनछनाई,... तो उन भौजाइयों की दिवाली होली सब हो गयी, एक साथ इतने नए नए लौंडों के साथ
आरती, , दुलारी सविता, सुगना, रीता,
शादी के पहले जब से तेल हल्दी चढ़ती है तभी से गर्मी चढ़नी शुरू हो जाती है,
जिस बात के लिए टोका टोकी होती थी, दस आँखे देखती रहती थीं, कहाँ गयी,... किधर,... किसके साथ,... अब उसी के लिए सब मज़ाक गारी मस्ती,...
और सुहागन होने के साथ वो गर्मी एकदम पीक पर, गौने की रात मर्द से ज्यादा उसको इन्तजार रहता है,... और एक बार स्वाद लगने के बाद तो उपवास करना बहुत मुश्किल होता है, जैसे गरम तवे के ऊपर कोई दो चार बूंदे पानी की डाल दे और छनछना उठे,...
बस वही हालत जिनके मरद परदेस रहते हैं,... परब त्यौहार पर भी नहीं आते,... वही हालत उनकी होती है,..
और फिर सुबह से ननदों की बार बार मस्त चुदाई देख देख के , नए नए लौंडों के मोटे लम्बे लंड देख के सब भौजाइयों की भी हो रही थी,... और शरम लिहाज का तो आज सवाल ही नहीं था, हमाम में सब एक जैसे,.. कौन चिढ़ाएगा, बोलेगा,... जो ननद आग लगाती वो खुद चार चार पांच लौंडो से अपने सगे चचेरे भाइयों के आगे खुद ही अपना नाड़ा खोल रही थी, सास सब थीं नहीं , देवर भी सब कुंवारे,...
और जो सबसे बड़ी जेठानी थीं, सास लोगों की सहेली,... दूबे भाभी वो खुद नाम ले ले के उकसा रही थी, ...
" अरे आरती, एक से का होगा, ... अरे जिन कहो हमार देवर गाँड़ नहीं मारे हैं, हे रुपवा का देख रही है आरती भौजी क गाँड़,... "
और रूपा और सोना मिल के भौजी क गाँड़ कस के चियार देतीं और मारने वालों की कमी तो थी नहीं,... ऊपर दे दोनों बदमाश दूबे भाभी को अहसान जताते बोल रही थीं,
" एकदम बड़की भौजी, भौजी क बात हुकुम है "
और का हचक के आरती भौजी की गाँड़ मारी गयी,... उनकी उम्र मुझसे चार पांच साल बड़ी रही होगी,
सबसे छोटी तो मैं ही, इंटर का इम्तहान होने वाला था की शादी हो गयी,... बोर्ड का इम्तहान का माँ ने कई बार जिद्द की लेकिन देखने के बाद मेरी सास मानी नहीं, कही गरमी में लगन नहीं है दिसंबर में साइत अच्छी निकली है, और इम्तहान का इतना है तो गौना रख लीजियेगा, इम्तहान के बाद,... चैत में गौने की साइत है,... बोर्ड का इम्तहान होली हरदम बीच में पड़ती है,..
.मैं झूठ मूठ का बोलती थी नहीं गौना इंटर का रिजल्ट के बाद,...
लेकिन शादी होने के बाद कौन इन्तजार करता है , बस जिस दिन इम्तहान ख़तम हुआ, हफ्ते भर के अंदर गौना करा के,.... होली के बीस पच्चीस दिन बाद,...
इंटर का इम्तहान खतम हुआ ही था की ससुराल वाले गौना कराने आ गए, इंटर का रिजल्ट तो मेरे ससुराल आने के चार महीने बाद निकला, ... अभी साल भर मुश्किल से हुआ
और बाकी भौजाई भी बीस बाइस से लेकर सत्ताईस अट्ठाइस,...
सबसे बड़ी दुलारी भौजी थीं,
लेकिन वो भी लड़कोर नहीं थी, कल उनको आसीर्बाद मिला था की इस बार कोख हरी होगी . और होती भी कैसे मुंह दिखाई में ही आसा बहू ने कबूल करवा लिया, तीन साल तक कुछ नहीं खाली मौज मस्ती,... रोज दिन रात चक्की चलती थी, पर उसके बाद मर्द उनके दुबई चले गए, वही दो साल में एक बार की छुट्टी पन्दरह दिन की,... पहले से दुलारी भौजी पिलानिंग करके रखी थीं अबकी पक्का गाभिन होना है, लेकिन उसी समय माहवारी आ गयी चार पांच दिन उसमे फिर घर में कोई गमी हो गयी,...
उसके बाद फिर दो साल,... और कोई लड़ाई होगी तो छुट्टी भी टल गयी,... तो सबसे ज्यादा वही गरमाई थी.
और दुलारी भौजी की चुदाई हुयी भी जबरदस्त, सबरे से गर्मायी थी,
दूबे भाभी के साथ चमेलिया और गुलबिया ने भी नंदों को इशारा किया,... और चंदा ननदिया ने जिससे गाँव का कोई लड़का बचा नहीं था, चुनके सबसे जबरदस्त चोदू तीन चार लौंडो को,
दो चार ननदों ने दुलारी भौजी को पकड़ के आम की मोटी डाल को को पकड़ा के निहुरा दिया, भौजी ने खुद टाँगे फैला दी, और देवर ने दोनों जोबना पकड़ के ऐसा धक्का मारा की भौजी भैया को भुला गयी
लेकिन थोड़ी देर में वो भी पीछे से धक्का मार मार के लंड घोंट रही थी, और नीलू रूपा लीला तीनो उन्हें घेर के जबरदस्त गरिया रही थीं हर धक्के के साथ,
लेकिन वो तो शुरुआत थी उसके झड़ते ही एक ने खूंटा खड़ा किया हुआ था और दो नंदों ने पकड़ के दुलारी भौजी को उसके ऊपर बैठा दिया, और उस लौंडे ने भौजी को खींच के,... नीचे से पेलना शुरू कर दिया और दूसरा पीछे से तैयार खड़ा था और उसने गांड में ठोंक दिया।
कोई भौजाई नहीं बची थी, जिसके साथ दो तीन राउंड डबलिंग न हुयी हो,...
और भौजाई भी, जो आठ दस आयी थीं उनमे से आधे से ज्यादा के मरद बाहर ही रहते थे, ... दो चार तो पास के शहर में तो कुछ हफ्ते दो हफ्ते में आते थे, पानी निकाल के चले जाते थे और कुछ महीने में,... और बाकी किसी का पंजाब, किसी का बंबई, सूरत, अहमदाबाद,.. साल में एक दो बार छुट्टी मिली ट्रेन का टिकट मिला तो, गुलबिया को बड़ी उम्मीद थी की उसके ननद का भाई होली में जरूर आएगा, छुट्टी भी मिल गयी थी लेकिन जनरल में भी घुसने की जगह नहीं मिली, एकदम छनछनाई,... तो उन भौजाइयों की दिवाली होली सब हो गयी, एक साथ इतने नए नए लौंडों के साथ
आरती, , दुलारी सविता, सुगना, रीता,
शादी के पहले जब से तेल हल्दी चढ़ती है तभी से गर्मी चढ़नी शुरू हो जाती है,
जिस बात के लिए टोका टोकी होती थी, दस आँखे देखती रहती थीं, कहाँ गयी,... किधर,... किसके साथ,... अब उसी के लिए सब मज़ाक गारी मस्ती,...
और सुहागन होने के साथ वो गर्मी एकदम पीक पर, गौने की रात मर्द से ज्यादा उसको इन्तजार रहता है,... और एक बार स्वाद लगने के बाद तो उपवास करना बहुत मुश्किल होता है, जैसे गरम तवे के ऊपर कोई दो चार बूंदे पानी की डाल दे और छनछना उठे,...
बस वही हालत जिनके मरद परदेस रहते हैं,... परब त्यौहार पर भी नहीं आते,... वही हालत उनकी होती है,..
और फिर सुबह से ननदों की बार बार मस्त चुदाई देख देख के , नए नए लौंडों के मोटे लम्बे लंड देख के सब भौजाइयों की भी हो रही थी,... और शरम लिहाज का तो आज सवाल ही नहीं था, हमाम में सब एक जैसे,.. कौन चिढ़ाएगा, बोलेगा,... जो ननद आग लगाती वो खुद चार चार पांच लौंडो से अपने सगे चचेरे भाइयों के आगे खुद ही अपना नाड़ा खोल रही थी, सास सब थीं नहीं , देवर भी सब कुंवारे,...
और जो सबसे बड़ी जेठानी थीं, सास लोगों की सहेली,... दूबे भाभी वो खुद नाम ले ले के उकसा रही थी, ...
" अरे आरती, एक से का होगा, ... अरे जिन कहो हमार देवर गाँड़ नहीं मारे हैं, हे रुपवा का देख रही है आरती भौजी क गाँड़,... "
और रूपा और सोना मिल के भौजी क गाँड़ कस के चियार देतीं और मारने वालों की कमी तो थी नहीं,... ऊपर दे दोनों बदमाश दूबे भाभी को अहसान जताते बोल रही थीं,
" एकदम बड़की भौजी, भौजी क बात हुकुम है "
और का हचक के आरती भौजी की गाँड़ मारी गयी,... उनकी उम्र मुझसे चार पांच साल बड़ी रही होगी,
सबसे छोटी तो मैं ही, इंटर का इम्तहान होने वाला था की शादी हो गयी,... बोर्ड का इम्तहान का माँ ने कई बार जिद्द की लेकिन देखने के बाद मेरी सास मानी नहीं, कही गरमी में लगन नहीं है दिसंबर में साइत अच्छी निकली है, और इम्तहान का इतना है तो गौना रख लीजियेगा, इम्तहान के बाद,... चैत में गौने की साइत है,... बोर्ड का इम्तहान होली हरदम बीच में पड़ती है,..
.मैं झूठ मूठ का बोलती थी नहीं गौना इंटर का रिजल्ट के बाद,...
लेकिन शादी होने के बाद कौन इन्तजार करता है , बस जिस दिन इम्तहान ख़तम हुआ, हफ्ते भर के अंदर गौना करा के,.... होली के बीस पच्चीस दिन बाद,...
इंटर का इम्तहान खतम हुआ ही था की ससुराल वाले गौना कराने आ गए, इंटर का रिजल्ट तो मेरे ससुराल आने के चार महीने बाद निकला, ... अभी साल भर मुश्किल से हुआ
और बाकी भौजाई भी बीस बाइस से लेकर सत्ताईस अट्ठाइस,...
सबसे बड़ी दुलारी भौजी थीं,
लेकिन वो भी लड़कोर नहीं थी, कल उनको आसीर्बाद मिला था की इस बार कोख हरी होगी . और होती भी कैसे मुंह दिखाई में ही आसा बहू ने कबूल करवा लिया, तीन साल तक कुछ नहीं खाली मौज मस्ती,... रोज दिन रात चक्की चलती थी, पर उसके बाद मर्द उनके दुबई चले गए, वही दो साल में एक बार की छुट्टी पन्दरह दिन की,... पहले से दुलारी भौजी पिलानिंग करके रखी थीं अबकी पक्का गाभिन होना है, लेकिन उसी समय माहवारी आ गयी चार पांच दिन उसमे फिर घर में कोई गमी हो गयी,...
उसके बाद फिर दो साल,... और कोई लड़ाई होगी तो छुट्टी भी टल गयी,... तो सबसे ज्यादा वही गरमाई थी.
और दुलारी भौजी की चुदाई हुयी भी जबरदस्त, सबरे से गर्मायी थी,
दूबे भाभी के साथ चमेलिया और गुलबिया ने भी नंदों को इशारा किया,... और चंदा ननदिया ने जिससे गाँव का कोई लड़का बचा नहीं था, चुनके सबसे जबरदस्त चोदू तीन चार लौंडो को,
दो चार ननदों ने दुलारी भौजी को पकड़ के आम की मोटी डाल को को पकड़ा के निहुरा दिया, भौजी ने खुद टाँगे फैला दी, और देवर ने दोनों जोबना पकड़ के ऐसा धक्का मारा की भौजी भैया को भुला गयी
लेकिन थोड़ी देर में वो भी पीछे से धक्का मार मार के लंड घोंट रही थी, और नीलू रूपा लीला तीनो उन्हें घेर के जबरदस्त गरिया रही थीं हर धक्के के साथ,
लेकिन वो तो शुरुआत थी उसके झड़ते ही एक ने खूंटा खड़ा किया हुआ था और दो नंदों ने पकड़ के दुलारी भौजी को उसके ऊपर बैठा दिया, और उस लौंडे ने भौजी को खींच के,... नीचे से पेलना शुरू कर दिया और दूसरा पीछे से तैयार खड़ा था और उसने गांड में ठोंक दिया।
कोई भौजाई नहीं बची थी, जिसके साथ दो तीन राउंड डबलिंग न हुयी हो,...