Adultery Chor (A journey of a thief ) - Page 6 - SexBaba
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Adultery Chor (A journey of a thief )

Episode 8

थे coincidence..and थे मिस्टीरियस फ्रूट


अध्य के आने पर दिलीप ने एक अफसर को इशारा किया और उसने स्क्रीन पर इमेज चला दी...

दिलीप : ये है है मैडम सान्वी का beta...ye तस्वीरें c.b.i अफसर ने दी है हमें...

दिलीप स्क्रीन पर चल रही फोटो दिखते हुए बोलै.....

नेक्स्ट कंटिन्यू....

दिलीप : अब तुम सब उस फाइल को कैसे हासिल किया जा सकता है इस पर काम karo...the मीटिंग इस ओवर...

और सब अपने अपने घर चल दिए..

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रात के 8 बज गए थे लेकिन झगन नहीं आया था....

मई लेते लेते मोबाइल चला रहा था...

ऑनलाइन यू तुबे पर मई एडवांस सेफ खोलने की वीडियोस देख रहा था...

करीब 1 घंटे बाद झगन आया..

झगन : भैया मिल जाएगी गन लेकिन kal..wo पास बैठते हुए बोलै की मुझे उसके मुँह से अल्कोहल की बुरी सी बदबू आयी...

मई : क्या कह रहा है मुझे आज अभी चाहिए मई जा रहा हों..

झगन : चोरी करने..

मैंने सर हिलाया..

मई : अबे नहीं आज जाऊंगा कल शायद इस बस्ती से भी चला jaun...abhi लेकर आ..

झगन : अभी रामपुरी है लेकर आऊं..

मई : क्या..

उसने रुकने का इशारा किया और चला गया..


10 मिनट्स बाद वो फिर आया और उसने अपनी कमर में से एक बड़ा सा नाइफ निकला..

नाइफ शार्प tha...aur खतरनाक bhi...jo मैंने रख लिया...

झगन : कल वापस कर dena...wo जाते हुए बोलै

मई : भूल जा इसे ab...maine धीमे से कहा....

1 बजे मई घर से निकला फिर बस्ती से..

बस्ती के बहार hi मैंने बाइक कड़ी की हुई थी...

बाइक लेकर मई चल दिया नेता के घर की तरफ...

नेता के घर से कुछ दूर मैंने बाइक कड़ी की...

और पैदल hi उसके घर की तरफ चल दिया...

मिआओ ..मिआओ..

साईरन बजाते हुए पुलिस जीप निकली और फुर्ती से मई एक गली में घुस gaya...aur दीवार की ओट में चुप गया..

मेरा दिल जोरो से धड़क रहा था...

मैंने वही खड़े खड़े 10 मिनट्स वेट Kiya...jab जीप नहीं आयी तो मई गली से बहार aaya..aur नेता के घर को देखने लगा..

2 गार्ड्स बन्दूक लिए बहार बैठे they...samne से घुसना इम्पॉसिबल tha...maine दिन में छत से सत्ता जीना देखा था जिसके जरिये अंदर घुसा जा सकता tha...iske लिए मुझे ऊपर जाना था..

ऐसा पास के घरो की छत से होकर hi जाया जा सकता था...

मैंने पास का एक घर चुना और उसकी तरफ बढ़ने लगा...

उसकी दीवार पर चढ़ कर मई उसके पहले मार्ले पर आया...

फिर खिड़की से चढ़ कर दूसरे मेल के टॉप पर ..टॉप पर आकर मैंने 2 मिनट वेट किया और नेता के घर को देखने laga...jiski छत पर मुझे चढ़ना tha...jis पर मई था ये 2 मार्ले की थी और नेता की छत तीन मार्ले ki...jis पर पत्थर लगा हुआ था चढ़ने के लिए कोई सपोर्ट भी नहीं थी...

मैंने बैग से रस्सी nikali...aur नेता की छत पर लगे एंगल पर फेकि...

फास जाने पर मैंने उसे खींचा और फिर मई ऊपर चढ़ने लगा...

कुछ देर बाद मई नेता की छत पर था...


सिडिया देख मई उस तरफ hi चल दिया...

सिडिया उतर कर मई दूसरे मार्ले पर आया..

उतारते hi मुझे अपने पास में रूम दिखा...

धीरे धीरे आवाज किये बिना मई चलता हुआ उस रूम के पास आया...

मैंने गेट खोला तो वो खुल gaya...shyad गेट लगा नहीं था..

मैंने धीमी सी रौशनी जलाई टोर्च की हाथ रख कर तो वहां कई मर्द एक औरत को लिए लेते थे...

ये शायद नेता के लोग थे...

मई दबे पाओ बहार निकला और मैंने निकलते hi दूर बहार से लॉक कर दिया...

और भी 5 कमरे थे सटे हुए मैंने उन्हें देखना ठीक नहीं समझा वजह थी यहाँ सोये गुंडे थे मतलब मेरे काम की चीज़ ऊपर नहीं निचे थी.

मई सीडीओ से सबसे निचे aya...niche भी 5 रूम के करीब थे...

मैंने पहला रूम चेक किया...

ये बैठक थी जहाँ सोफे रखे थे..

मैंने दूसरा रूम चेक किया...

वहां 2 औरतो के बिच एक आदमी लेता था...

इसकी फोटो मैंने बहार सड़क पर और घर पर बैनर में लगी देखि थी ये नेता था..

हाथ रख कर मैंने टोर्च जलाई..

मुझे नेता और औरते नंगी लेती दिखाई दी...

मैंने इधर उधर टोर्च मरी तो मुझे ालमिरह दिखी लोहे की...

मई आवाज किये बिना ालमिरह के पास aya...aur मैंने ालमिरह खोलनी चाही तो वो नहीं खुली...

नाकाम होने पर मेरा दिल और घबराने लगा...

कुछ सोंच कर मई घुटनो पर चलता हुआ नेता के पास आया...

नेता बिच में लेता tha...maine उसी की पिलो धीमे से hatayi...aur मुझे चबीओ का गुच्छ उसकी पिलो के निचे रखा मिला..

मैंने धीमे से कीस उठायी और चलता हुआ मई ालमिरह के पास आया...

मैंने ालमिरह खोली और उसमे सेफ देखने लगा टोर्च की रौशनी में..

सेफ न होने पर मई बुरी तरह झुंझुलाहट की शिकार हो gaya...nirash होकर मई नेता को मन hi मन गालियां देने लगा..

मई चलता हुआ नेता के बीएड के पास आया..

बीएड से आत्ताच टेबल पर अंघूटी और कानो की बालियान राखी थी जिन्हे मैंने उठा लिया...

दूसरी साइड में दूसरी औरत का नेकलेस और रिंग जेबरी थी जिसे मैंने उठा लिया...

फिर मई चलता हुआ ख़ामोशी से रूम से निकल गया ...आगे बढ़ा तो मुझे पास hi एक और रूम दिखाई दिया ..और मैंने उसे खोला लेकिन वो लॉक था ...इसका टाला भी अलग टाइप का था मतलब दूसरी साइड में कुछ ऐसा नहीं था जिससे खोला जा सकता tha..sara सिस्टम अंदर hi था..

मैंने अपने बेग में से मैगनेट nikali...aur उससे कुण्डी खोलने लगा 2 मिनट की म्हणत के बाद खट्ट से कुण्डी खुली...

मैंने धीरे से दरवाज़ा khola...aur मैंने अंदर झांक कर देखा..

अंदर रौशनी thi...aur उस रौशनी में एक औरत मोबाइल उसे कर रही थी जिसके कानो पर ईरफ़ोन लगी थी.. उसका हाथ अपनी अधखुली साड़ी के अंदर था...

मई दूर बंद करने जा रहा था की उसने ईरफ़ोन कानो से निकलते हुए वो उठी और सबसे पहले उसकी नजर दरवाजे पर मुझ पर पड़ी...

मेरे पास एक लम्हा था सोंचने का की मुझे क्या करना है वो चीखती तब भी मारा जाता रिस्क लेता तब भी और मैंने रिस्क लेना सही समझा...

फुर्ती से मई अंदर के लिए bhaga...wo अपनी साड़ी संभल रही थी उसका एक बूब बहार था जिसे शायद उसने मसला था...

भाग के आकर उसके मुँह पर हाथ रखते हुए मैंने उसे बीएड पर गिराया फिर अपनी कमर में से चाकू निकल लिया बड़ा वाला...

मई भरी आवाज़ में : अगर तूने चीखने चिल्लाने की कोशिश की तो तेरे साइन में घुसा दूंगा

...समझ गयी...

नहीं समझी तो बता दाल दूँ...

वो सर हिलने लगी...

मई : नेता के पैसे कहा hai...bata बहन की lodi...nahi बताएगी तो तेरी सांसे रुक jayengi...mai बस पैसे लेकर चला जाऊंगा..

उसने मुँह की तरफ इशारा किया...

मैंने हाथ हटाया ..

औरत : यहाँ नहीं hai...kitchen में है... प्लीज मुझे मरना मत..

मई : चल किचन में...

और उसकी पड़ी हुई साड़ी मैंने उसके हाथो पर बांध दी..

पीछे चाकू लिए मई और वो दोनों चलने लगे...

वो मुझे सबसे निचे लायी...

निचे किचन था...

मई : कहा है paise..jhut बोली तो जान से..

मई आगे कुछ कहता वो सिलेंडर हिलने लगी...

मैंने सिलेंडर हिलाया तो उसके ऊपर का ढक्कन हैट गया अंदर नोटों की गड्डिआं पड़ी थी..

मई : चुप चाप बैठ जा..

चाकू मुँह में लिए उसे देखते हुए मई नोटों की गड्डियां भरने लगा...

एक सिलेंडर ख़त्म हुआ मैंने दूसरा चेक Kiya...wo खुला तो उसमे भी पैसे they...teesra खोला तो नहीं khula...teen hi सेकेंडर थे...

मई : और कहा है...

औरत : बस इतने hi...

मई : आखिरी sawal...ye कीस किस सेफ की hai..nahi बताई तो साडी कीस तेरे मुँह में दाल दूंगा...

औरत : प्लीज मुझे मत मारो...

मई : बता fir...nahi तो तुझे यही मार कर मई चला..

औरत : मेरे कमरे में सेफ है..

मई : bahanchod...itni देर से पागल बना रही thi..mai मरने को हुआ लेकिन मैंने मारा नहीं...

औरत : तुमने कीस का नहीं पूछा था..

मई : चल अब...

और वो उठी की इतने में एक आदमी हमें अपनी और चलता अत दिखाई diya...jo यंग लड़का था...

औरत को लिए मई दीवार से लग गया...

मई : नहीं चाहती ये मरे तो रोक ise..idhar आने से रोक इसे..

औरत : अभी क्या चाहिए बीटा..

लड़का : माँ प्यास लगी थी पानी पिने आया..

औरत: तुम चलो मई तुम्हारे रूम में ला रही हों...

Ok mom..kehta हुआ वो पलट गया..

2 मिनट हम रुके और फिर चल दिए...

छुपते छुपाते हम दूसरे फ्लोर के उसी रूम में ए जहाँ ये औरत थी...

अपने रूम में लेकर उसने मुझे सेफ दिखाई..

सेफ एक लोहे के गेट में लॉक थी ...

मैंने कीस लगा कर वो गेट खोला...

अंदर मुझे बड़ी सी सेफ दिखी लेकिन वो बहुत एडवांस थी इसका लॉक खोलने के लिए मैंने वही टेक्निक अपने जो झगन ने अपने थी लेकिन नंबर शो नहीं हुए...

मई : बता पॉसवर्ड क्या hai...nahi बताया मार दूंगा...

मई उसकी नैक पर नाइफ रखता हुआ बोलै...

दर से कल्प्ति हुई वो पास आयी और उसने अपना अंगूठा रख दिया..

लॉक ओपन हुआ...

और अंदर मुझे बहुत सरे पैसे गहने दिखे..

मैंने बैग खोला और जल्दी जल्दी भरने लगा...

पैसे सोना भरने में मई इतना मस्त हो गया की मैंने औरत को देखा तो वो रूम में नहीं thi...maine फुर्ती से पीछे देखा ...वो निकल रही थी...

चोर चोर chor...wo चीखी...

मैंने बैग uthaya...aur मई रूम से निकला वो औरत चीखते हुए निचे जा रही थी मई ऊपर के लिए भागने लगा...

सेफ में बहुत पैसे रह गए थे...

क्या hua...ek आदमी अपने रूम से आंख मसलता हुआ निकला...

और उसकी नजर मुझ पर पड़ी...

मैंने भागते हुए उसे धक्का दिया...

चोर chor...hariya कालू shiva...kaha मर गए सब...

गिरते हो वो चीख उठा मई टॉप फ्लोर पर आकर जीना चढ़ने laga..piche मेरे आवाजे बढ़ रही थी...

मई टॉप पर आया तो वो लोग जीने पर चढ़ रहे थे...

मुझे उसी छत से जाना था जिससे मई आया था लेकिन अब रस्सी से उतरने का समय नहीं था...

मैंने जम्प मरी...

.धम्म्मम्म्म्म...

Aaaahhh...aur मेरा घुटना सीधे दूसरी छत से जा लगा...

वो निचे kuda.....bahar से घेरो...

आवाजों को सुन मई अपने दर्द को भूल कर उसी छत वाले घर की दीवार पर kuda...agle hi पल निचे...

और लंगड़ाते हुए मई भागने लगा...

मैंने पीछे मुद के देखा वो सब घर से निकल रहे they...jo देख मेरी स्पीड और तेज हो गयी....

अगले 2 मिनट में मई अपनी बाइक पर था...

उसके पास बाइक है...

मैंने बाइक आगे बधाई...


Shunnnnn...aur एक बुलेट बिलकुल मेरे पास से निकल gayi....jo देख मैंने बाइक की स्पीड और बढ़ा di...aur मई हवा हो लिया...

110 की स्पीड से मई बाइक भगा रहा था....

बस्ती का 50 मिनट का सफर मैंने 15 मिनट में तये कर लिया था...

.पास आकर मैंने बाइक हलकी ki...aur अपने रूम के पिछले हिस्से में आया..

फिर पीछे से hi सपोर्ट पकड़ कर छत पर aya...aur लम्बी लम्बी सांसे लेने लगा...

जल्दी से मैंने अपना रूम खोला और अंदर बीएड पर फैल गया...

मुझे दर था अगर उन्होंने मेरा पीछा किया तो उन्हें यहाँ पहुंचने में देर नहीं लगेगी...

आधे घंटे तक मई वेट करता रहा किसी के न आने पर मैंने बैग खोला..

और मेरे होंठो पर मुस्कराहट फ़ैल गयी...

काफी देर तक मई बैठे पैसे गिनता रहा जो 52 लाख थे...

3 किलो से ज्यादा सोना चंडी tha...pichli बार सोना चंडी के ज्यादा पैसे मिले थे इसलिए इस बार मैंने सोना चंडी पर ज्यादा फोकस किया...

सब मैंने अचे से छुपा दिए और फिर मई लेट गया....

*****************************

खुश होते हुए अहाना और लावण्या तैयार हुई और कॉलेज चल दी..

नैंसी : डिअर मेरी कार ले jao...ye लो कीस..

अहाना ने हामी भरी और कीस ले ली...

दोनों बहार आयी और कार लेकर चल दी...

कॉलेज आकर अहाना ने कार पार्क की और पार्किंग से बहार निकलने लगी....

स्टॉप स्टॉप स्टॉप...

एक लड़का दोनों के सामने आकर खड़ा हो गया था...

अहाना : क्या है तकले...

तकला : तुम्हारा सीनियर हों तो तमीज से ..

लावण्या : तो हमें क्यों रोक रहे..

तकला : मैंने नहीं usne...mrs आरवी बॉस ऑफ़ थे university...bole तो यहाँ की करता dharta.black गॉगल्स wali..takla लड़का हाथ से बेंच पर बैठी लड़कीओ की तरफ इशारा करते हुए बोलै..

दोनों ने सामने देखा और बेहद सुन्दर लड़की देखने में अपने सबसे अलग अपने ग्रुप में बैठी thi...sath में कुछ लड़के भी खड़े थे ..

तकला : चलो उसके पास नहीं तो कोंसेकुएंसेस होंगे जो तुम फेस नहीं कर पाओगी...

अहाना : जा बोल दे..

लव ने उसका हाथ पकड़ा...

लावण्या : पहला दिन है ...चल आ देखते है..

और दोनों तकले के पीछे पीछे चल दी...

कहा था न तुमसे हमारी मुलाकात फिर hogi...usi लड़के ने कहा जो दोनों को पहले दिन मिला था...

हे गिर्ल्ज़ introduction..aarvi के बराबर वाली ने कहा. जो जिया थी

लावण्या : I'm लावण्या फ्रॉम शिमला..

जिया : अबे ये क्या है यूनिवर्सिटी में पढ़ रही इंट्रो देना नहीं अत .

लावण्या : I'm लव फ्रॉम शिमला ी चामे हेरे फॉर स्टडी ी हैवे ताकें एडमिशन इन मब्ब्स हेरे एंड I'm 23 ईयर ओल्ड बस..

आरवी : नीस girl...I'm आरवी ी रुलेद हेरे इवन इन व्होले मुंबई नेवर मेक में एंग्री..


लावण्या : अब हम जाये...

जिया: अबे ये तो रहती hi है..

अहाना : मई क्यों दू तुझे introduction...tu होती कोण है..

नैना : ये तो पूरी वायलेंट hai..jiya तेरी तो बैठत लगा दी इसने..

और सब जिया पर हसने लगे...

जिया : शट उप guys..iski अकड़ अभी इसकी गांड में डालती hun...jiya कड़ी हुई और चलते हुए अहाना के पास आयी...

जिया : साली तुझे बताया न यहाँ हम रूल करते है...

अहाना: सो व्हाट...

लावण्या; क्या कर रही है..

आरवी : जिया पीछे hat...aur आरवी अहाना के सामने आकर कड़ी हो गयी..

आरवी : क्या नाम है तेरा...

अहाना : ahana...chalo लव...

आरवी : ऐसे nahi...apni सीनियर की रेस्पेक्ट करना sikho...aarvi अहाना के कंधो पर हाथ रखते हुए बोली जिस पर अहाना रुक गयी...

अहाना : तुम्हे ये कमानी होगी...

आरवी : ी ीर्ण बस तुम नयी ho...now listen...so गाइस क्या करना है इससे..

नैना : ये वाइट चिक तो मेरी हुई इससे तुम देख लो..

जिया : आरवी इससे वाच उठवाते है .

आरवी : गर्ल तुम्हे मेरी वाच लानी होगी..

लड़का : बॉयज हॉस्टल में सामने रूम नंबर 5 को क्रॉस करके तुम्हे वाशरूम दिखे गए वहां मिरर के पास राखी है...

अहाना : तुम ये कैसे कह सकती हो एक लड़की hokar..man वाशरूम में जाने के लिए...

नैना : तुझे उनसे छोड़ने के लिए नहीं कहा वाच लेन को कहा है...

लावण्या : जाओ अहाना हम बाद में देखे ge..lav फुसफुसाई और अहाना आगे बढ़ गयी...

आरवी: हो तो प्यारी tum...aarvi लव के चीक्स पर हाथ फेरते हुए बोली..

जिया : फिगर क्या है तेरा..

लव ने एक नजर उसे देखा फिर अपने पैरो को देखा.

लावण्या : 6 नंबर शू आती है..

आरवी और उसके वाकई दोस्त लव के जवाब पर हसने लगे...

नैना : मेरी जान तेरी अस्स और बूब्स का साइज पूछ रही हों..

लावण्या: प्लीज don't दो थिस...

नैना : ऐसा कर अपने बूब्स दिखा de...yahi है न वो आकाश जिसकी तुम बात कर रहे थे..

आकाश : नहीं जिसे वाशरूम भेजा wo..vaise ये उससे भी ज्यादा माल है ..

आरवी : कोकीन है कोकीन...

और सब फ्रेंड्स हसने लगी..

लावण्या : बैक साइज 38 एंड ब्रैस्ट साइज 36...वेस्ट साइज 34

नैना : मस्त हो तुम sweetheart...now मई तुम्हे अपने ग्रुप का इंट्रोडक्शन देती hon..mai हों नैना ...ये जिया ...ये आकाश ...और ये है हमारी aarrvi..aur वो सरे हमारे बॉडीगार्ड्स...

लव नैना की ऊँगली की दिशा में देखती है तो पार्किंग में बहुत से ब्लैक कोर्ट में गन लिए लोग होते है...

लव को मन hi मन अंदाज़ा हो गया था ये लोग बहुत अमीर घरो से है...

लावण्या : अब मई जॉन..

आरवी : देर कर दी sweetheart....tumhe एक बार में फिगर बताना था...

अहाना बॉयज होटल में आयी तो उसे सामने hi रूम नंबर फाइव और उसके बराबर में मन वाशरूम दिखा...

सब लड़के उसी को देख रहे थे....

एक्सक्यूज़ में वाशरूम में कोई hai..ahana ने जाते हुए एक स्टूडेंट्स से पूछा..

Women's यहाँ अल्लोवेद नहीं hai..kehta हुआ वो आगे बढ़ गया..

और अहाना वाशरूम की तरफ...

अहाना वाशरूम के पास आयी तो उसे बहुत से लड़को की अंदर से आवाजे aayi...usne दूर खोला तो उसे लड़के कपड़ो के साथ दिखे हाथ धोते हुए..

कैसी हो जानेमन आओ यही पर रंडी बाज़ी करे...

अहाना चुप चाप अंदर बढ़ गयी...

गाइस माल agaya...jo 2 लड़के हाथ धो रहे they..unhone अहाना को पकड़ liya...aur बुरी तरह उसे ह्रास करने लगे..

इतने में वाशरूम से कई लड़के बहार aaye..aur वो भी गलत तरह से अहाना को छूने लगे...

अहाना : पास ए तो जान से मार dungi..mai शिकायत करुँगी tumhari..ahana छूट कर पीछे हट्टे हुए चीखी..

स्टूडेंट 1 : जानेमन मन वाशरूम में तुम आयी शिकायत क्या करोगी हम तुम्हारे पास गए थे हाहाहाहा...

और अहाना को उन सब का प्लान समझ आ gaya..wo फास गयी थी...

आज आकाश बॉस ने 1 नंबर माल भेजा है इसे तो छोड़ कर रहेंगे ..दूसरे स्टूडेंट ने कहा...

जब अहाना यहाँ आने लगी तब आकाश ने इन्हे मैसेज कर दिया था... ये सब अहाना का hi वेट कर रहे थे..

अहाना डरते हुए दीवार से लग रही थी और वो लड़के हवस के भरे उसकी तरफ बढ़ रहे थे...

इतने में एक लड़का वाशरूम में दाखिल हुआ...

तुम मन वाशरूम में क्या कर रही ho..usne अहाना को देखते hi कहा..

अहाना: मई वो ye..ahana वाच की तरफ ऊँगली दिखते हुए इशारा करने लगी...

स्टूडेंट 1: सहम ये हमारा माल तू दूर होजा इससे...

सहम : ये मेरी बहन है हिम्मत है तो छू कर देख लो...

स्टूडेंट 2: सेल तू पागल हो गया है स्नेहा के जाने के बाद अब हर रंडी को बहन बना रहा hai..bhad में जाये डील अब ये मेटर आकाश बॉस के पास जायेगा.. स्टूडेंट 2 की बात सुनकर सहम की आंखे बंद हुई और जैसे उसके सामने उसकी पूरी ज़िन्दगी घूम गयी हो.

स्टूडेंट्स : कैसी डील श्याम..

सहम : तुम्हे अपनी गन्दी जबान से मेरी बहन का नाम नहीं लेना चाहिए था ..जो इस श्याम के साथ है वो आगे अजय और वाकई सब चले जाये...

कोई भी नहीं गया ये देख सहम उन पर kuda....shyam को पकड़ कर उसने उसका सर मिरर पर मारा ..और दूसरे स्टूडेंट्स के वो अपनी कोहनी मरने लगा...

अहाना ने जल्दी से वाच uthayi..aur वो बचते हुए बहार को भागी... वाशरूम से निकलते हुए उसने एक नजर सहम को देखा जो सबको बुरी तरह से मर रहा tha...ahana आगे बढ़ गयी...

लावण्या आरवी की बात सुनकर दया की नजरो से उसे देखने लगी...

आकाश : ये तो सही सलामत आगयी..

जिया : हाँ यार..

ये लो वाच ..इतने में अहाना आकर वाच आरवी के आगे करते हुए बोली...

आकाश : तू कैसे बची...

अहाना ने गुस्से में उसे देखा...

अहाना : स्टूडेंट के नाम पर तुम लोग जानबर हो..

नैना : रिलैक्स डार्लिंग it's जस्ट प्रैंक..

अहाना : चलो लव...

जिया : अबे खा जा रही.. जिया दोनों के आगे कड़ी होते हुए बोली..

आरवी : क्या मैंने परमिशन दी जाने की..

अहाना : मई शिकायत करुँगी.

आरवी : कर dena...who केयर..

नैना : ग्रे आईज तूने यार अपने बूब्स तो दिखाए hi नहीं...

आरवी : ये नहीं ये dikhayegi..aarvi अहाना की तरफ ऊँगली दिखते हुए बोली..

लावण्या; इसे रहने दो मई दिखती हों..

नैना: चल टॉप ऊपर कर अपना..

अहाना दोनों की बातों से गुस्से में उन्हें देखने लगती है..

इतने में जिया आकर अहाना का टॉप खींच लेती है...

अहाना : aaah..agle hi पल अहाना की ब्रा खींच जाती है...

लव जल्दी से अहाना को गले लगा लेती है...

ब्रा जिया के खींचने पर उसके हाथ में आगयी थी वही अहाना के आंसू निकल ए थे...

जिया : ले पकड़..

और जिया अहाना की ब्रा आकाश की तरफ फेंकफि है जो सूंग kar..apne पास रख लेता है..

आकाश : स्माल इस सो सेक्सी ...

लावण्या : प्लीज वापस करो...

आरवी : तू मुझे अछि lagi...hey वापस कर..

न चाहते हुए भी आकाश को ब्रा देनी पड़ती hai...jo मन में सोंच रहा था इस पर मुठ मरेगा..

ब्रा लेकर लव अपनी आड़ में पहना देती है और टॉप भी ठीक कर देती hai...fir अहाना के आंसू पोछने लगती है...

Boss...boss...itne में श्याम टुटा फूटा मार खाया हुआ सबके पास पहुँचता है..

आकाश : अबे तेरी ये हालत किसने की..

श्याम : उस सेल सहम ने...

आकाश : आरवी देख रही हो तुम..

आरवी : I'm गोइंग guys...aur तुम दोनों कल मुझे यही मिलना..

और आरवी आगे बढ़ जाती है...

आकाश : इसे क्या हुआ..

नैना : वो सहम के मेटर में नहीं padti...uski दीदी ने मन किया है...

लव अहाना को लिए आगे बढ़ जाती है..

दोनों सीधे h.o.d के पास अति है..

और सारा इंसिडेंट उसे बता देती है...

H.o.d : आरवी एक बहुद बड़ी बिसनेस वीमेन की बेटी hai...is यूनिवर्सिटी में 80% डोनेशन उसी की माँ से अत है.. लावण्या तुम्हे स्कालरशिप मिली है तो इसी डोनेशन की वजह se..uske दोस्त भी ऐसे hi बड़े बिसनेस मन के बेटे hai..meri सलाह है तुम दोनों उनसे दूर रहो ...अगर वो तुम्हारी रैगिंग करे तो चुप चाप बर्दास्त कर लो...

अहाना : ये आप क्या कह रहे है sir...aap कोई एक्शन नहीं लेंगे..

H.o.d: मई मजबूर hon..tumse पहले एक लड़की ने जिया की पुलिस कंप्लेंट की थी उसके बाद से वो लापता hai..ye बड़े लोग hai...inse दूर रहने में hi भलाई hai...mai और क्या कहां बेटी...

अहाना: चल यहाँ se...lav को पकड़ कर अहाना चल देती है .

लावण्या: तू क्लास में जा मई घर जा रही hon...meri तबियत कुछ ठीक नहीं..

अहाना : एक दो क्लास अटेंड करके चलते है...

लव ने हामी भरी और दोनों क्लास में चल दी....

******************************

मैडम सान्वी एक 50 मंजिला टावर के बड़े से हॉल में बैठी होती hai...jiske दये बाये कई लोग बैठे होते hai..jo सब सिंडिकेट के लोग थे...

सान्वी : मई देख रही हों मई अपनी फॅमिली लाइफ में क्या बिजी हुई तुम लोगो के पर निकल ए है..

उज्जवल ठाकरे : ऐसी कोई बात नहीं है मैडम saanvi...hamare रस्ते में बस शेट्टी था स्नेहा की मौत के बाद वो भी पीछे हैट गया है..

सान्वी : मुझे बहार वालो से नहीं अंदर अपने अस्स वालो की नियतो में खोट दिखाई दे रहा है...

उज्जवल : अगर आपका शक मुझ पर है तो ये मेरा सर hai...pass आकर उज्जवल अपनी गर्दन सान्वी के आगे कर देता है..

उज्जवल : मई बस चाहता था 20% से मेरा शेयर बड़े लेकिन आपसे गद्दारी का नहीं सोंचा कभी...

सान्वी : खड़े हो जाओ उज्जवल... सोचोगे तो तुम ये कहने के लिए ज़िंदा नहीं रहोगे...

उज्जवल : जी मैडम...

सान्वी : सिर्फ तुम नहीं यहाँ और भी hai...saanvi दीपक थे दद को देखने लगी.

दीपक : अप्पन नहीं है मैडम saanvi...appun लॉयल है तुम्हारे साथ..

सान्वी : हिंकले ये मीटिंग क्यों राखी गयी...

सान्वी ने अपने मैनेजर जूनियर हिंकले को आवाज दी .

J.hinkle अमेरिकन था जिसकी सान्वी ने हेल्प की और तब से हिंकले सान्वी के लिए काम करने लगा सान्वी मैडम का सबसे खास आदमी अब सान्वी मैडम के सरे काम यही देखता hai...saanvi का सबसे वफादार आदमी है .आगे 43..

जूनियर : दद पेश karo...kya दिखाना चाहते थे तुम...

दीपक अपनी चेयर से उठा और उसने गार्ड को इशारा किया .

कुछ देर बाद गार्ड एक चिनेसे की चिनेसे की तरह दिखने वाले आदमी के साथ आया जिस के हाथो में एक बैग था...

दद : शो हेर..

चिनेसे आदमी ने अपना बेग खोला और उसमे से फल की तरह दिखने वाला कुछ निकला...

सान्वी : तुमने ये मीटिंग फ्रूट दिखने के लिए रखवाई...

दद : ये कोई आम फ्रूट नहीं है madam...ye है अमृत fal...ise मैंने ये नाम दिया hai...iske कारनामे आप देखेगी तो हैरान हो जाएगी ...शो हेर...

दीपक ने आखिर में उस चिनेसे आदमी को इशारा किया ..

चिनेसे आदमी पीछे हुआ और उसने अपने बैग में से पेट्रोल निकला और एक खली चेयर पर डाला और लाइटर से आग लगा दी ..फिर खुद उस जलती हुई चेयर पर बैठ गया ...

सान्वी और सिंडिकेट के सभी लोग हैरत से उस चिनेसे आदमी को देखने लगे...

2 मिनट बाद वो उठा उसके कपडे जल गए थे लेकिन उसका एक बाल भी नहीं जला था...

उसने अपने उसी बैग से एक कपडा निकला और उसे पहन लिया...

सान्वी : इसने अपनी बॉडी में कुछ लगाया होगा...

दद : नहीं madam...maine चेक किया hai...ye दो दिन से मेरी निगरानी में है और मैंने इन पर 2 दिन नजर राखी hai...aisa कुछ भी नहीं...

सान्वी : कोण है ये और ये कैसे पॉसिबल है......


दद : ये है जिन व जापान से ...ye..fal..

इतने में जपनेसे जिन व ने दीपक को रोक दिया..


जिन: मेरा नाम जिन वो है और ये है म्युटेंट fruit...kuch लोग इसे .मैजिकल फ्रूट भी कहते hai..ise खाने के बाद अलग अलग तरह की शक्तियां आ जाती hai..maine भी इसे खाया है अब आग से मेरा कुछ नहीं होता ...जिन ने फ्रूट दिखते हुए इंग्लिश में कहा..

फ्रूट लेने के लिए सान्वी ने हाथ बढ़ाया तो जिन ने दे दिया .

सान्वी : ये तो आम फुरित जैसा लग रहा hai..only डिज़ाइन इस लिटिल बिट डिफरेंट..

जिन : नहीं ी टोल्ड यू मैडम it's नॉट common....ab मई आपको इसकी और क्वालिटी के बारे में बता रहा हों ये सब एक से नहीं होते हर फ्रूट में डिफरेंट डिफरेंट म्युटेंट पावर होती hai...jo आपके हाथो में है ये है आगे को रोकने वाला फ्रूट....

सान्वी : होनेस्त्ली ी don't बिलीव you...aaj साइंस इतनी एडवांस हो गयी है आग से बचना इम्पॉसिबल तो नहीं रहा..

सान्वी की बात सुन जिन व उसे गुस्से में देखने लगा...

जिन : के here...and शूट में...

जिन ने गन थामे एक गार्ड को आवाज दी...

सब लोग जिन को हैरत से देखने लगे..

सान्वी : इसकी जरुरत नहीं है मई तुम्हारा चेकउप डॉक्टर से करौंगी कही तुमने कोई सीरम न इंजेक्ट किया हो अपनी बॉडी me...agar उसकी रिपोर्ट में क्लीयरेंस हुई तुम्हारी तब हम इस बारे में बात करेंगे..

जिन : मैडम मेरे पास इतना समय नहीं hai...shoot में इडियट...

जिन ने फिर गार्ड से कहा गार्ड सान्वी को देखने laga...saanvi ने आँखों से हामी भरी और पैरो की तरफ इशारा किया .

Dhaye.....guard ने जिन के पेअर पर फायर किया..

फिर जो सबने देखा वो नामुमकिन था...

खंननं...

बुलेट जिन के पेअर से लग कर जलते हुए फर्श पर गिर गयी....

1 मिनट तक सब को चुप्पी लग गयी thi..jo वो सब देख रहे थे उस पर उन्हें भरोसा नहीं हो रहा था .

उज्जवल : तुम भी म्युटेंट ho...ise खाने के baad...is एक फ्रूट का असर कब तक रहेगा.

जिन : मैंने 4 साल पहले खाया tha...isi फ्रूट की तलाश में दूसरा मेरे हाथ ये laga...iska असर लाइफटाइम रहता hai...bas जब तक कोई इसकी पावर तुमसे छीन न ली जाये...

सान्वी : ये कहाँ पाए जाते ी मैं कैसे ....कैसे तुमने हासिल किये...

जिन : जापान में एक टापू है जहाँ गवर्नमेंट भी नहीं jati.kongasaki jazira...jiske चारो तरफ गहरा समुन्दर है 10 k.m का एक छोटा सा टापू..

वहां इस फ्रूट की रक्षा करने वाले म्युटेंट hai..wo किसी को ये फ्रूट लेने नहीं देते...

सान्वी : मुझसे क्या चाहते हो...

जिन : partnership...is सहर की सबसे बड़ी गोल्ड स्मगलर आप ho..aapke पास पैसा है पावर hai...kya हो जब आपकी पावर मुझसे मिल jaye..aap मुझे लोग और पैसे दो मई आपको म्युटेंट फ्रूट लेकर दूंगा...

सान्वी ने अपना मैनेजर जूनियर को देखा जिसने आँखों से हामी भरी...

सान्वी : ठीक है बूत पहले मई कुछ बातें क्लियर करना चाहती hon...sabse पहले ये बताओ मई कैसे ट्रस्ट करू तुम मुझे धोका नहीं डोज ...तुम पावरफुल हो ैसिलय धोका दे सकते हो मेरे पैसे मेरे लोग मेरे खिलाफ भी उसे कर सकते हो..

जिन : म्युटेंट फ्रूट को ऑक्शन में आप hi सेल्ल करेगी मई लेकर आपको hi दूंगा मई नहीं कर सकता क्योकि मई दुश्मन नहीं chahata...dusri बात ये जिन अपनी जबान का पक्का है अगर आप 50 परसेंट मुझे देगी तो कोई चांस hi नहीं चीटिंग का...

सान्वी : तुम्हे ये कैसे पता था जिस फ्रूट को तुम खा रहे हो ये तुम्हे फायर पावर देगा और दूसरा जो तुम्हारे पास है इसे खाने से यंग हो जायेंगे....

जिन: जब मैंने म्युटेंट फ्रूट खाया तब मुझे नहीं पता था इसमें फायर पावर hai...ye तो मुझे बाद में पता चला...

सान्वी : फिर तुम्हे कैसे पता इसे खाने से आगे रुक जाती और लाइफ टाइम के लिए यंग हो जाते है...

जिन : उसी टापू पर एक म्युटेंट लड़का है उसी ने मुझे बताया उसने जो फ्रूट खाया उसमे दूसरे म्युटेंट फ्रूट की क्वालिटीज़ जानने की पावर hai...wo छोटा बच्चा है जिसे मई साथ लाऊंगा..

सान्वी : ठीक hai...abse तुम्हे जिस चीज़ की ज़रूरत होगी मेरे मैनेजर जूनियर तुम्हे देंगे...

सान्वी चेयर से उठते हुए boli...aur उसने हैंडशेक के लिए हाथ आगे कर diya...jise खुश होकर जिन ने थम लिया...

जिन : थैंक यू मैडम ये मेरी तरफ से आपके liye...aur उसने अपना फ्रूट मैडम सान्वी के आगे कर दिया...

सान्वी ने ख़ुशी खुसी ले लिया...

सान्वी : क्या मई इसे बचो के साथ शेयर कर सकती हों अपने...

जिन : एक फ्रूट को एक hi इंसान खा सकता है ये सिर्फ आपके लिए है madam...mere सामने खाइये जिससे आपका विश्वाश बड़े..

जूनियर : प्लेट और नाइफ लेकर आओ..

जूनियर ने गार्ड्स से कहा जो जल्दी से भागे प्लेट लेने के लिए...

जिन : ऐसे hi मुँह से लगाए....

सान्वी ने हामी भरते हुए बाईट मरी ..

और फिर वो बिना रुके खाने लगी ..

Aaaaaahhhhhhhhhhhh.....

फ्रूट ख़त्म होते hi सान्वी अपना पेट और गाला पकड़ कर बैठ गयी...

जूनियर: madam...junior भाग कर सान्वी को थम लेता है...

जूनियर : पकड़ लो इसे..

उज्जवल : मैडम आप ठीक hai...deepak तू लाया था ise....iske साथ दीपक को भी पकड़ लो...

जिन : कलम डाउन शुरू में ऐसा होता hai..jab गार्ड्स जिन को पकड़ने लगे उसने खुद hi सरेंडर कर दिया...

दीपक: ठाकरे ये तू क्या बकवास कर रहा hai...door हटो mujhse...itne में गॉर्डस दीपक के पास भी आगये...

5 मिनट hi गुजरे थे की सान्वी हाथो से रुकने का इशारा करते हुए कड़ी होने लगी...

जिन मुस्कुरा रहा था वही जूनियर हैरत से सान्वी को देखने लगा....

सान्वी चलते हुए विंडो में लगे मिरर के पास आयी... और मिरर में खुद को निहारने लगी..

LmpwZw


उसके ब्लोंड हेयर ब्लैक हो गए थे देखने में वो कोई 20 साल की लड़की लग रही थी...

जूनियर : मैडम आप तो बिलकुल जवान हो गयी है...

सान्वी : आना मुझे देखे गई तो क्या kahegi....use क्या जवाब दूंगी मई...

जूनियर : मैडम ये भी कोई प्रॉब्लम है hahaha...aanya बची को आप बता देना फ्रूट के बारे में..

सान्वी : मुझे अभी स्पा जाना है हेयर फिर से पहले जैसे करने के liye...junior सर आप देख lena..ek टीम जिन के साथ भेजे ...दीपक तुम फ्रूट की सेल्लिंग के लिए सभी एलीट्स को इनविटेशन भेजो और ऑक्शन की तैयारी करो...

दद : मुझ पर शक किया isne...mai आपको मरना चाहता था..

उज्जवल: मुझे लगा मैडम को कुछ हो न जाये...

सान्वी: वो मेरी परवाह कर रहा था दद .. और सान्वी जाने के लिए आगे बढ़ गयी....

***************"**************

कब तक आएगी ye...aanya कार में बैठी कॉलेज के बहार आरवी का वेट कर रही थी..

मैडम ajayegi...time हो गया है छुट्टी ka..ek भरी सी आवाज आया को सुनाई di..jo उसके आगे बैठे उसके करीबी गार्ड की थी...

आया ने सर उठा कर देखा एक 6फट का सुन्दर गार्ड बैठा था...

आया : तुम्हे पता है मई कितनी बिजी हों arsu...mum ने मुझे इस चुटिया लड़की का गार्ड बना कर रख दिया है..

ारसु : मैडम मई अभी भी लोगो को आप पर नजर रखते हुए देख पा रहा हों...

आया: acha...mujhe तो नहीं दिख रहा कोई....

Tadan..hi bodyguard...itne में आरवी कार का गेट खोल आया को चिढ़ाते हुए अंदर बैठते हुए बोली..

आया : let's जो...

और ारसु के कहने पर कार्स का लम्बा काफिला आगे बढ़ गया...

आरवी : आज मैंने 2 नई कमरे की रैगिंग ki...ek को मेरी दोस्त ने हाफ नुदे कर diya..hahaha..

आया : बे मातुरे यार..

आरवी : मज़ा अत है दीदी..

आया : तुझे पता है यहाँ से 70.कम दूर एक आइलैंड है जहाँ इलीट हमारे जैसे लोग आम लोगो को किडनैप करके लेट है फिर उन्हें शूट करते हुए उन पर बोली लगते hai...tu चलेगी मेरे sath...jyada मज़े के लिए...

आरवी : क्या कह रही हो दीदी मैंने कभी किसी को नहीं मारा..

आया : तो लोरू तू जो कर रही ये सही है....

आरवी : लोरा तो आपके पास है भी nahi...aarvi आया की टैंगो में हाथ डालते हुए बोली ...जिसे विगिना से टच होने से पहले hi आया ने रोक लिया...

आया : माँ से कहूँगी इसकी शादी करा दो नहीं तो ये बहार मुँह मर legi..mard के लिए उतावली हो रही है..

आरवी : आप ऐसा कुछ नहीं kahegi..mafia की लड़कीओ से शादी कोण करता है..

आया : चल तुझे कल मिलती hon...arsu कार रोको...

आरवी से कहकर आया ने ारसु को आवाज दी...

ारसु: क्या हुआ मैडम...

आया : तुम इसे गार्ड्स के साथ ले jao...mai कही जा रही हों...

आरवी : मई भी चलूंगी...

आया : no...Chalo उतरो ..ारसु..

आरवी : you're सो स्टोनहेयरटेड didi..aur आरवी के साथ ारसु भी उतर गया..

आया : तुम्हे इनविटेशन देना hoga...aanya उतारते हुए बोली..

जिस पर ड्राइवर भी उतर गया...

आगे आकर आया ड्राइविंग सीट पर बैठी..

आया : ारसु मई कुछ समय अकेला रहना चाहती hon..tum इसे घर लेकर जाओ मई आजाऊंगी..

और काफिले से उसकी कार अलग हो गयी...

रोड पर एक फ्लावर शॉप देख आया ने अपनी कार रोकी...

आया : एक ाचा सा रोज bouquet..thora सा बारे देना..

और कुछ देर बाद फ्लावर वाला बुके बना कर लाया...

कार के आगे से पैसे उठा कर आया ने आगे किये जिसे फ्लावर वाले ने ले लिए और बुके सीट पर रखते hi आया ने कार आगे बढ़ा दी...

मम ये ज्यादा hai...flower वाले ने पीछे से आवाज di...aanya ने सुनकर भी अनसुना कर दिया...

15 मिनट की ड्राइविंग के बाद आया की कार एक बड़े से ग्रेवयार्ड में दाखिल हुई...

कार कड़ी कर वो उत्तरी और बुके लिए ग्रेव्स देखते हुए नाम पर्ने लगी...

2 मिनट बाद उसे एक छोटे से गार्डन में एक ग्रेव दिखाई दी...

जिस पर लिखा था : स्नेहा बोर्न इन 2000 डीएड इन 2018...

कैसी हो janeman..mai तुम्हारे लिए फ्लावर्स लायी हों तुम्हे पसंद है न रोज...

और बुके आया ग्रेव पर रख देती है...

आया : हैप्पी डेथ एनिवर्सरी स्वीटहार्ट अगर आज तुम ज़िंदा होती तो मई तुम्हे मार देती... प्लीज वापस आओ न मैंने तुम्हे मरना है... प्लीज....

देविलिश हसी हस्ते हुए आया स्नेहा का मज़ाक बना रही थी..

आया : मुझे प्रे करना अत तो मई तुम्हारी सोल के लिए ज़रूर प्रे करती ...but...mai नहीं janti...mai नाराज़ हों तुमसे स्नेहा तुम्हे मरना hi था तो मेरे हाथो से मरना चाहिए था न ..थिस इस नॉट फेयर sneha...tum मेरी सबसे क्यूट एनिमी में से thi...mujhe किसी ने लाइफ में फ्रुस्ताते किया वो तुम thi..tum में करेज था मुझसे दुश्मनी का और तुमने की भी बूत तुम मरी गयी जिसने भी तुम्हे अपुन से पहले टपकाया अपुन उसे छोरे गई नहीं...

छप्प chapp....itne में आया को पीछे बहुत से कदमो की आहत सुनाई di....usne गौर नहीं kiya...apne आप में hi मगन रही...

आया : बेब तुम अकेली हो तुम्हे अपनों का साथ चाहिए होगा na...mai जल्द तुम्हारी फॅमिली को तुम्हारे पास भेजू..

तुम क्या कर रही हो यहाँ पर ...सहम की आवाज़ पर आया palti..aur बोलते बोलते वो रुकी..

आया: ओह्ह तुम्हारी फॅमिली तो अभी hi आ gayi...what ा timing...aanya कड़ी होते हुए बोली...

कामिनी तुझे सुकून नहीं मिला मेरी बेटी के जाने के बाद bhi...tu यहाँ भी आगयी उसे परेशां करने...

सहम के पास खड़े सूट बीत में एक आदमी ने कहा...

आदमी : मई तेरी जान ले लूंगा...

आया : इसी कोशिश में आपकी बेटी भी मरी गयी डिसोजा uncle...aapko तो बहुत जल्दी है बेटी के पास जाने की ...

सहम : डैड मुझे बात करने digiye...tum यहाँ क्यों आयी हो तुम चाहती हो डील ब्रोके karna...agar ऐसा है मुंबई की सड़के फिर खून से लाल होगी...

आया : खून hi तो मुझे पसंद है..

डिसोजा : फिर आज खून बहेगा...

कहते हुए डिसोजा ने अपने गार्ड्स को इशारा किया..

जो आगे आकर गन आया पर पॉइंट करने लगते है...

देसूजा के साथ करीब 50 लोग थे साथ में घर की औरते भी थी...

आया ने अपने ऊपर गार्ड्स को गन तानते हुए देखा तो वो पीछे हट्टे हुए स्नेहा की ग्रेव के पास आकर छुप गयी...

आया : डिसोजा अंकल कोंगरेट्स आज आप स्नेहा से मिलने वाले है...

ढाये ढाये dhaye...guards ने गोलियन चलायी और साडी गोलियन ग्रेव पर बानी सीमेंट की छोटी सी दीवार में घुस गयी...

देसूजा: सबको कार में ले jao...aur तुम राकेट लेकर आओ...

ढाये ढाये ढाये....

इतने में आया ने तीन फायर किये हाथ निकल के और देसूजा के तीन गार्ड्स का भेजा उड़ गया....

आया : डिसूज़ा अंकल अपनी बेटी की तरह भागना नहीं प्लीज...

देसूजा : बहार अजा लड़की नहीं तो तुझे बहुत बुरी मौत मरूंगा...

ढाये.....

कहते हुए हुए देसूजा ने आसमान में फायर किया दूर के लिए....

आया ने देखा ये राकेट है...

देसूजा : अगला निशाना तुझ पर होगा ladki...isliye बहार aaja...kehkar देसूजा दूसरा राकेट गन में डालने लगा...

आया : आप अपनी बेटी की ग्रेव तो नहीं उड़ने वाले अंकल...

ढाये ढाये dhaye...kehte हुए आया ने तीन फायर और kiye...jo तीन गार्ड्स के सरो पर लगे सीधे...

Khaccch....usne चौथा फायर किया तो गोली नहीं चली...

आया : दमन आईटी ...

देसूजा : चलो मरने के लिए तैयार हो जाओ...

आया: wait...kyo अपनी बेटी की ग्रेव ख़राब करना चाहते हो आ रही हों न मई...

आया हाथ ऊपर किये कड़ी हुई.....

भागकर गार्ड्स ने उसे पकड़ liya...aur खचेडे हुए उसे डिसूज़ा के पास लाये..

चटककककक...

देसूजा : साली बीच ...थप्पड़ मरते हुए डिसोजा ने आया को गाली दी ..

आया : अगर मई ज़िंदा रही तो ये डबल वापस करुँगी...

Chatakkkk..chatakkk....

डिसूज़ा: गलत फेहमी है तेरी... गार्ड्स गद्दा khodo...jaldi..koi कॉफिन लेकर ए ...आज इस बीच को मई ज़िंदा दफ़न करूँगा..

डिसूज़ा की बात सुन गार्ड्स पास में hi जल्दी से गद्दा खोदने लगे ...

आया : माँ तुम लोगो को से में से भी ढूंढ कर निकल लेंगी...

डैड इसे जाने दो ..सांप का फन तभी कुचलना चाहिए जब नागिन को मार do...iski माँ आएगी हमारे पीछे....

आया : सही कह रहा है ये ...

चटकककक...

डिसूज़ा : चुप बीच...

और फिर डिसूज़ा लात घुसो से आया को मरने लगा....

डिसूज़ा : मई लक्समी नमी औरत से मिला हों जल्द hi वो इसकी माँ को मार देगी...

सहम : वो विच ब्लैक मैजिक वाली...

डिसूज़ा : हाँ...

सहम : क्या आपको इसकी माँ के हेयर मिल गए...

डिसूज़ा: आज गार्ड ने दिए इसकी पूरी फॅमिली के हेयर...

आया: समझौते के बाद तुम ये सब कर रहे they...tum तो सेल कवर्ड्स nikle...tujhse ज्यादा डैम तो तेरी बेटी स्नेहा में tha..wo साली थी तो अपनी ज़ुबान की pakki....dushmani सामने से निभाती थी...

डिसूज़ा : मेरी बेटी को मरकर तू हमसे किस बात की उम्मीद रखती है...

आया : अपुन ने नहीं मारा लाइफ में बस इसी बात का रिग्रेट है...

चटककककककक...

सहम : बस करे डैड...

इतने में सहम गार्ड से गन लेकर आया पर तानते हुए बोलै..

डिसूज़ा : गन निचे करो bete...ise तड़पा तड़पा के मरना है मैंने...

बॉस गद्दा खोद दिया...

इतने में गर्दा कपडे झड़ते हुए पास आकर बोले...

डिसूज़ा : ले चलो इसे...

इतने में एक कार ग्रेवयार्ड में एंटर हुई....

ये डिसूज़ा के hi आदमी थे जो लकड़ी का कॉफिन लेकर आये they...jise कार से निकल कर वो चलते हुए डिसूज़ा के पास ए ..

डिसूज़ा : डालो इसे इसमें...

डिसूज़ा के कहते hi गार्ड्स आया को अंदर डालने लगे..

आया : सीधे शूट कर ये कैको कर रहा है...

डिसूज़ा: फीयरलेस आया दर गयी...

सर दबाते हुए डिसूज़ा ने आया को अंदर लिटा diya...agle hi पल गर्दा ने कॉफिन का धक्का लगा दिया...

फिर वो उस पर किले गढ़ कर उसे कसने लगे....

हो जाने पर गार्ड्स ने कॉफिन अंदर डाला और मिटटी डालने लगे....

दाल जाने पर डिसूज़ा अपनी बेटी की ग्रेव पर आया... और रोने लगा...

सहम ग्रेव ठीक करने लगा...

डिसूज़ा : काश तुम ज़िंदा होती मेरी bachi....tum देखती तुम्हारे बाप ने कैसे आया को maara...meri गुड़िया तुम्हारी बहुत याद आती है...

सहम : दीदी तेरे बिना जीने का मन hi नहीं होता है...

दोनों कुछ देर बात करके अपने गार्ड्स के साथ वापस लौट गए....

Khatttt...khatttt...khatttt...

अंदर लेती आया कॉफिन खोलने की नाकाम कोशिश कर रही थी....

आया : कोई hai....hello...mai अंदर हों...

काफी देर तक कोशिशों के बाद भी कुछ नहीं हुआ तो आया ने हार मान ली....

रात के 12 बज गए थे...

आया : आया तेरा एन्ड ऐसे होगा सोंचा नहीं था....


अब आया को साँस लेने में भी प्रॉब्लम हो रही थी....

उसकी आवाज भी नहीं निकल रही thi...na उसमे ताकत बची थी कॉफिन के ढक्कन को हटाने ki...haar मान कर उसने आंखे बंद कर ली....

*****************************

सुबह मई उठा किसी के दूर पीटने पर...

मैंने दूर जाकर खोला सामने सेठ tha...makan मालिक आदित्य जी का अंकल..

उसके हाथ में नाश्ता था...

मैंने दूर खोला तो वो अंदर hi agaya...nashta लिए...

उसने ब्रेकफास्ट पास राखी टेबल पर रखा खुद वो बीएड पर बैठ गया...

सेठ : सुनो लड़के मेरे पास इतना पैसा है की मुझे किसी को अपने घर खाना खिला कर पैसे कमाने की जरुरत nahi...ye पूरी बस्ती मेरी है और इसकी कीमत 90 करोड़ से ज्यादा की है..

मई: जी सर...

सेठ : आदित्य बहुत साफ़ दिल की है अनजान लोगो का भी दुःख दर्द उसे वो अपना लगता है वो किसी को तकलीफ में नहीं देख सकती ऐसी hi है wo...jante हो उसने तुमसे खाने के लिए पैसो के लिए नहीं कहा उसने देखा तुम परेशां हो खाना बनाओगे अपने लिए की कमाओगे जिस काम से तुम गाँव से यहाँ आये मतलब कमाने ...मुझे बुरा न लगे इसलिए उसने तुमसे 3 हजार रुपया महीना कहा खाने के लिए...

मई : जी..

सेठ : अब से तुम मेरी बेटी से कहना की तुम अब खुद अपने से अपना खाना banoge...ye पता न चले की मैंने कहा है तुम्हे ऐसा करने ke..tumhare पास रसन गैस चूल्हे के पैसे नहीं है तो जो खाना गरीबो के लिए बनेगा बही वह खाओ लेकिन मेरी बेटी से नहीं कहना खाने के liye...abhi ये खाना खाओ और जो कहा है करो...

उठाकर सेठ चले गए...

मैंने रूखे मन से ब्रेकफास्ट Kiya...fir नाहा धोकर मैंने बैग में सोना चंडी bhara...aur लेकर चल दिया...

ऑटो लेकर मई अँधेरी aaya...aur वह से उसी सर्राफे वाले की शॉप पर आया जिसके पास सोना चंडी बेचने झगन आया था...

कैसे ए हो भय कुछ बेचने ए की खरीदने ...सेठ ने पूछा इसे मैंने अपनी वीडियो में देखा था जो मैंने झगन से बनवाई थी...

मई : झगन ने भेजा hai...wo जिसने 35 लाख का सोना बेचा tha..meri बात सुनकर उसने बैग की तरफ dekha...jo बड़ा और भरी था...

उसने कस्टमर की तरफ इशारा करके रुकने के लिए kaha...aur मई वही बैठ कर वेट करने लगा..

10 मिनट बाद वो खली हुआ...

सेठ : क्या लाये हो...

मैंने अपना बैग उसके आगे कर दिया...

सोना चंडी बहार निकल वो दोनों को अलग अलग रख कर तौलने लगा...

सोना 2 k.g 400 g.m था चंडी 1.कग से कुछ काम थी...


मई : कितने डोज seth...sona 1 करोड़ से ज्यादा रुपए किलो है...

सेठ : सब के 2 दूंगा...

मई : करोड़..

मेरे पूछने पर सेठ ने गर्दन हिलायी....

मई : कुछ ज्यादा कर लो काम है ये..

सेठ : मुझे भी तो कामना है नहीं पसंद तो कही और बेच ले ..

मई : ाचा कॅश दो ..फिर ..

सेठ : 2 घंटे रुक कर ले जाना..

मई: ठीक है मई यही हों...

और सेठ अपने लड़को से कहने लगा बैंक जाने के लिए....

2 घंटे बाद मेरे हाथो में पैसे आये ...और मैंने अपना अगला शिकार भी देख Liya...jo होने वाला था यही सेठ..

पैसे लेकर मई घर aya...fir पैसे संभल के रख कर मैंने बस्ती में से झगन को बुलाया...

मई : सेल नंबर दे apna...tujhe बार बार बुलाना पड़ता है निचे जाकर .

उसने नंबर बताया मैंने सेव किया...

झगन: भैया रात में मिलेगी गन..

मई ; सुन मुझे अपना अकाउंट खुलवाना है और गूगल पाय अपने फ़ोन में बनवाना है..

और फिर दोपहर 2 बजे तक मई और वो इसी काम पर लग gaye....pehle हमने अकाउंट khulwaya...fir अचे कपडे पहन कर मैंने 15 लाख अपने अकाउंट में dala...aur वाकई पैसे मैंने अपने रूम पर hi रख diye...fir एक गूगल पाय ऑफिस में मैंने अपना गूगल पाय अकाउंट बनवाया....

और फिर होटल से खाना खा कर हम दोनों मेरे रूम पर ए..

मेरे रूम पर आते hi कुछ देर बाद खाना लिए अदिति मैडम आ गयी ..जिन्हे देख झगन चला गया...


खाना देकर वो जाने लगी तब मैंने रोका...

मई: अदिति madam..abse आप खाना नहीं लाया करे...

आदित्य : क्यों क्या हुआ रॉक ji...uske मुँह से रॉक जी सुन कर मुझे ऐसा लगता जैसे ज़िन्दगी में जितनी बेइज़्ज़ती अपमान मेरा गरीबी से हुआ उसकी भरपाई मैडम ने एक बार में रॉक जी कहकर कर दी हो...

मई : मुझे पसंद नहीं आपके हाथ का khana...mai अपना banaunga...nahi तो किसी को ले आऊंगा बनाने के लिए...

अदिति : acha...usne इतना hi कहा और अदिति मैडम की आंखे चालक पड़ी...

कुछ कहे बिना वो आगे बढ़ गयी...

एक तीस उठी साइन में मैडम की आंखे चलती देख लेकिन मई भी क्या karta...seth ने hi मन किया था....

उनके जाने के बाद मैंने कॉल लगा दी...

2 रिंग के बाद अरसद ने कॉल उठायी...

मई : कैसा है...

अरसद : ठीक हों तेरी माँ मेरी बहुत मिन्नतें कर रही थी तुझसे बात करने के liye...tujhe कॉल भी की तूने उठाया nahi...wo उस दिन की बात कर रहा था जब मई कोठे पर था....

मई : वो मेरी माँ नहीं है...

अरसद : अबे तेरी बहन बीमार हो गयी थी bahut...bhuk प्यास से...

मई : मरी नहीं वो..

अरसद : कैसी बातें कर रहा है यार tu..jab तू दिहाड़ी की वजह से खाना खाने घर नहीं जाता था तो वो देने आ जाती thi..aur मेरे सामने तुझे अपने हाथो से खिलाती थी...

तू आज फिर खाना खाने नहीं आया...

क्या दीदी तू रोज़ रोज़ इधर आ जाती है तुझे पता है इधर अच्छे लोग नहीं aate...kha माँ खा परीक्षण करती है आ कर..

तू भी तो मुझे परेशां hi करता hai..har दिन दोपहर में भूका rehkar...kuch पैसे काम कमायेगा तो क्या हो जायेगा... लेकिन तुझे कुछ हो गया तो मेरा क्या होगा.. सोंचा है tune..aur क्या तेरे बिना मई खा लुंगी...

तो इसमें रोने वाली क्या बात hai...tu जानती है न तेरा आंसू मेरा 1 किलो खून काम कर देता hai...chal आ बैठ..

रॉकी तू सुन रहा hai...arsad की आवाज पर मई अपनी यादो से निकला..

मई : हाँ मेरी कोई बहन नहीं है न कोई maa..bas तुझे 5 लाख भेज रहा hon..wo दे देना...

और मैंने कॉल कट कर दी...

फिर मैंने अरसद के स्कैनर पर 5 लाख ट्रांसफर कर दिए....

कुछ देर गम शूम बैठ मई उठा और रूम लॉक करके निचे आया....

बाइक पर बैठ कर मई चल दिया....

कुछ देर बाद मई कोठे पर था और मेरे सामने गायत्री...

मई : उसे हमेशा के लिए खरीदना hai...dipty को...

गायत्री : वो बिकाऊ नहीं है काम से काम 5 साल तक तो नहीं...

मई : कीमत बताओ न...

गायत्री : चल 5 करोड़ दे वो तेरी हुई...

मई : 1 करोड़ दू...

गायत्री: 5 साल बाद इतने में ले जाना..

मई : एक महीने के लिए उसे किराये पर ले जाना है अपने घर..

गततरी : ला 10 लाख de...nagad..

मैंने जेब में से 2 लाख निकले और 8 लाख गूगल पाय कर दिए...

चलता हुआ मई डिप्टी के रूम पर आया..

अंदर वो लेती हुई थी मुझे देख उठ बैठी...

आज उसके चहेरे पर पहले जैसी रौनक नहीं थी....

मई : चल आ मेरे साथ...

डिप्टी : मई नहीं जाउंगी...

मई : बहुत मरूंगा तुझे अगर मन की तो कीमत दी है तेरी वो भी एक महीने ki...aur वो मेरे साथ आने के लिए तैयार हो गयी...

मई : चल अपने एक महीने के कपड़े बैग में दाल ले..

जब वो कपड़े बैग में डालने लगी तब मैंने उसके कपडे देखे...

मई : चल अजा मई तुझे नए दिला दूंगा...

कपड़े छोर वो मेरे साथ चल दी...

कोठे से हम बहार आये और डिप्टी पीछे मेरी बाइक पर बैठ gayi...uske बैठते hi मैंने बाइक आगे बढ़ा दी...

रस्ते में मैंने एक कपड़ो की शॉप देख बाइक रोकी...

मई : अपने लिए अच्छे कपडे पसंद कर ले डेन्ट...

फिर वो पसंद करने लगी और मैं पैक करता रहा...

5 हजार के कपडे दिला कर उसे लिए मई बहार आया ..

डिप्टी : चले...

मई : कहा लेकर जॉन तुझे ..और मई सोंचने लगा...

10 मिनट मुझे रोड पर खड़े सोंचते हुए हो गए थे...

मई : कोई पूछे तो कहना तू मेरी कजिन है शिमला से आयी है..

डिप्टी : मई नहीं कहने वाली...

मई : क्यों...

डिप्टी : मई झूट नहीं bolti...tum मुझे मरते हो...

मई : साली चल तू तुझे और मरूंगा...

डिप्टी : दिखा दी न mardangi....aur क्या कर सकते हो tum...pehle मुझे अफ़सोस हो रहा था की मैंने तुम्हे मजबूरी में hi सही चीट किया अब बिलकुल भी नहीं हो रहा है ...

मई : चल baith...maine उसकी जहर भरी बातों का कोई जवाब नहीं दिया बाइक पर बैठते हुए उसे भी बैठने का कहा...

वो बैठी तो मैंने बाइक आगे बढ़ा दी...

मई : मई एक डैम सही हों औरत जाट के बारे me..tumhari नस नस में hi कमीनापन छुपा होता hai..tu मेरी बहन से अलग थोड़ी hai...ek डैम शामे तो शामे रंडी...

और रस्ते भर मई बोलता रहा वो सुनती रही....

मई उसे लेकर बस्ती में आया...

मई : देख जो कहा है चुप चाप करना नहीं तो तुझे रहने की जगह नहीं मिलेगी...

और उसे लेकर मई चल दिया आदित्य जी के घर...

Rock...ye लड़की कोण है..

रस्ते में hi मुझे सेठ मिल गया जो घर से बहार hi आ रहा था...

मई : सेठ जी ये मेरी शिमला की कजिन सिस्टर hai...ye यहाँ काम करने आयी जब तक इसे कोई काम नहीं मिल जाता तब तक मेरे साथ रहेगी अगर आप परमिशन den..ye अंदर सोयेगी मई बहार...

सेठ : क्या काम करने आयी tum...sorry मई तुम्हारा नाम पूछना भूल गया..

मई : ये डिप्टी है...

डिप्टी : कुछ भी कर लुंगी 12तह किया है मैंने..

सेठ : ठीक है अपनी बहन को लेकर कल आना मेरे pass...ise कोई काम दे दूंगा..

और सेठ आगे बढ़ gaya...uske जाने पर रहत तो मिली लेकिन वो कल बुला गया tha..kal का कल देखूंगा सोंच कर मैंने जाने दिया...

डिप्टी को लिए मई अपने रूम पर आया और मैंने दूर बंद कर लिया ....

मई : खाना बनाना अत है तुझे...

उसने कोई जवाब नहीं दिया..

मई : चल मई गैस चूल्हा लेकर आया साथ में राशन सब्जी भी...

और उसे छोर मई चल दिया...

मार्किट आकर मैंने सारा सामान लिया और उसे लेकर मई रूम पर आया...

मई : सब्जी में ये साग hi मिला hai...bana लेगी न...

डिप्टी : 10 लाख देकर मुझे इसलिए लाये हो...

मई : तुझे मेरे लैंड पर कूदने की कितनी जल्दी हो रही है खाना बना बहन की lodi....aur चुप चाप वो साग काटने बैठ गयी...

मई उसे अकेला छोर बस्ती में निचे आ गया...


तुमने क्या कहा दीदी से तुम्हारे रूम से जब से आयी है अपसेट hai..itne में अदिति मैडम की बहन मेरे पास आकर मुझ पर गरजते हुए बोली...

मई : मैडम कुछ भी तो नहीं कहा..

झूट मत बोलो मुझसे मई दीदी की तरह सीधी सधी नहीं hon...to बिलकुल भी किसी ग़लतफहमी में मत रहना...

मई : सुबह सेठ जी ए they...aur मैंने सब बता diya..madam ये सब सेठ जी से मत कहना उन्होंने मन किया है बताने को..

ऐड हो कोई और एक्सक्यूज़ नहीं दे सकते थे...

मई : किसी और एक्सक्यूज़ से क्या वो manti..jaisi वो है उनमे कोई कमी कैसे निकल सकता है..

रिशु क्या कह रही हो तुम रॉक जी se...itne में अदिति मैडम आगयी...

रिशु : इसकी क्लास ले रही हों दीदी आपको इसने कैसे हर्ट किया..

अदिति : मुझे अब तुम हर्ट कर रही हो...

रिशु : दीदी कब समझोगी ये गरीब लोग इनके साथ भलाई करे तो ये बदले में हमारे hi साथ बुराई करते hai...inki जगह सड़क पर है इन्हे वही रखना chahiye...kitni hi बार आपको धोका मिला लेकिन आप नहीं सुधरती..

मई : सही कहा madam...ham लोग इंसान थोड़ी होते है...

चटककककक...

अदिति : सॉरी कहो rishu.itne में अदिति मैडम ने थप्पड़ मरते हुए कहा...

रिशु ; sorry...aur वो चुप चाप चली गयी...

अदिति : I'm सॉरी ये बस ओवर प्रोटेक्टिव hai...hai बहुत achhi...bas मुझे उदास देख कर गुस्सा हो जाती..

मई : I'm सॉरी अदिति जी मुझे सुबह आपसे ऐसा नहीं कहना चाहिए tha...aapke हाथो का खाना ऐसा है जैसे मई माँ के हाथ का खाना खा रहा hon..agar आप प्यार से जहर भी खिलाये गई खुसी से वो भी खा लूंगा...

अदिति : मई आपको जहर क्यों खिलाऊंगी रॉक ji...wo कनअँखिओं से मुझे देखने लगी...

मई : कहावत है जिसका मतलब है आपके हाथो का खाना इतना hi पसंद hai..meri कजिन शिमला से आगयी है अब वो खाना बनाएगी सोंचा आपको क्यों परेशां करूँ..

आदित्य : आपकी कजिन...

मई : हाँ...

अदिति: उसे ऊपर रखा रूम में..

मई : हाँ...

अदिति : ठीक है अबसे आप वहां soyenge...wo मुझे ऊँगली से उसी खली जगह की तरफ इशारा करते हुए बोली जहाँ मजदूर और नए ए हुए लोग सोते जो किराया देने में असमर्थ थे...

मई बेबसी से मैडम को देखने लगा..

Pi...pi...pi...

इतने में एक बंव हॉर्न देती हुई हमारे पास ruki..aur हम दोनों hi उस कार को देखने लगे....

उसका मिरर निचे हुआ और अंदर देख जैसे मेरी साँस अटक गयी....

लक्समी : के in...wo लक्समी thi...uske बुलाने पर मई घूम कर आया और दूर खोल कर अंदर बैठ गया...

लक्समी : तुमने मुझे नाराज किया है रॉकी ...क्या सजा डॉन tumhe..tumhare बदले उसे मार देती हों...

उसके शब्द सुनते हुए मैंने उसकी नजरो का पीछा kiya...jo अदिति मैडम पर thi..aur जैसे मेरा दिल हलक में आगया हो...

मालकिन मुझे माफ़ कर दो ..आप जो कहोगी मई karunga...unhe तो मई जनता भी nahi...wo सबकी सहायता करती hai...aur मई लक्समी के पैरो पर गिर कर गिड़गिड़ाने लगा...

मई : मालकिन जो सजा देनी है मुझे दे do...unka कोई कसूर नहीं...

लक्समी : घर चल कर डीडे करुँगी क्या करना hai..aur उसने कार आगे बढ़ा दी....

मई भी सीधा होकर बैठ गया...

हाफ ऑवर बाद मई उसके घर पर था..

अब दिन ढल चूका था...

वो आगे आगे चल रही थी मई पीछे पीछे...

चलते हुए मेरी नजर गार्डन पर gayi...aur मुझे वो सब याद आगया...

उसने आर्टिफीसियल ग्रेस लगवा दी थी वहां पर..

गार्डन देखते हुए मई अंदर बढ़ गया..

लक्समी: वहां फ्रिज है उसमे एक गिलास रखा है ढाका hua...use लेकर आओ .वो सोफे पर बैठते हुए हाथो से इशारा करते हुए बोली..

मई किचन में आया जब फ्रिज खोला तो मुझे एक शीशे का गिलास ढाका हुआ dikha...jisme ब्लैक कलर का कोई लिक्विड था..

मई उसे लेकर लक्समी के पास आया...

लक्समी : पि जाओ इसे...

मई : ये क्या है...

लक्समी : सवाल तुम नहीं सिर्फ मई karungi...tum मेरे होने वाले पति हो तो बता देती hon..ye काढ़ा है लेकिन आम काढ़ा nahi...ise मैंने बनाया hai..tumhare 2 इंच लिंग को बारे करने का..

मई : pati...kya matlab...malkin..maine रुकते हुए कहा..

लक्समी: तुम खूबसूरत हो और मई जवान hon...kya हम शादी नहीं कर सकते...

मई : अपने पहले पति को..

लक्समी : वो मेरी सच्चाई नहीं जनता था तुम जानते हो तुम्हे मरने का सवाल hi पैदा नहीं होता लेकिन अगर तुमने मुझे धोका दिया मुझसे भागे तो मई तुम्हारे हर करीबी को मार dungi...chalo अब पियो आज तुम्हे बहुत सरे काम करने है..

सवाल किये बिना में गिलास मुँह से लगाया और आंखे बंद करके एक hi साँस में गिलास ख़त्म कर दिया...

मई : मई इसे रख aaun...mere पूछने पर उसने मुझे घुरा जो देख मैंने गिलास टेबल पर hi रख दिया..

लक्समी : सोफे पर लेट जाओ अगर पैन हो रहा है तो..

मई : नहीं हो रहा मई ठीक हों...

लक्समी : तुम्हे क्या सजा दूँ तुम्हारी डिसओबेडिएंस की...

मई : मेरे पास खर्चे के लिए पैसे नहीं they...aur मैंने उसे चोरी के बारे में बता दिया..

मई : aahhhhh....malkin ये क्या हो रहा है...

अचानक से मेरे कमर के निचे बर्दास्त के बहार दर्द उठा....

लक्समी : सोफे पर लेट जाओ ...

सोफे पर लेटने की मेरी हिम्मत न हुई और मई जमीन पर hi ढेर होकर चीखने laga...dono हाथो से मई पकड़ा था अपना लिंग...

मई : आह्हः क्या पीला दिया bahanchod..gusse में मई लक्समी को गली देने लगा...

5 मिनट तक मई फर्श पर इधर से उधर बिलबिलाते हुए लक्समी को गन्दी गालियां देता रहा...

कुछ दर्द काम हुआ तो मैंने लक्समी को देखा जो गुस्से में मुझे hi घुर्र रही थी....

जल्दी से मैंने उसके पेअर पकड़ लिए..

मई : मई दर्द में समझ में नहीं आ रहा था क्या बोलू...

लक्समी : पेअर छोरो मेरे और अपनी पंत उतरो...

पीछे होकर मैंने पंत का हुक खोला और वो निचे गिर गयी...

लक्समी : अंडरवियर भी...

मैंने एक नजर उसे देखा और अंडरवियर निचे कर diya...wo साली मानती तो नहीं....

वो आगे खिसकते हुए मेरे लैंड को पकड़ लेती है...

मैंने निचे देखा तो मुझे अहसास हुआ मेरा लिंग पहले से बढ़ गया है पहले इतना बड़ा खड़े होने पर होता था...

मई सोंच hi रहा था की मुझे अपना लैंड पर किसी के मुँह की गर्माहट का अहसास hua...laxmi ने लैंड मुँह में ले लिया tha...jise वो चूस रही थी....

न जाने कब मेरा हाथ उसके सर पर चला gaya...aur मई लैंड आगे पीछे करने लगा...

मुझे मजा आ रहा था बहुत और धीरे धीरे मेरा लैंड पूरा ेररेक्ट हो गया...

लैंड पूरा खड़ा हुआ तो लक्समी ने मुँह से निकल दिया..

लक्समी : मई अभी आयी मेज़रमेंट लेकर ..वो उठते हुए बोली और दर्ज में से कुछ निकलने लगी .

कुछ देर बाद वो मेज़रमेंट लेकर aayi...aur मेरा लिंग का साइज लेने लगी...

लक्समी : 11 inch...ab भी छोटा है...


पहले से मेरा लिंग डबल हो गया था जो उसे छोटा लग रहा था...

मेरा मन हो रहा था लक्समी को पटक कर छोड़ने ka..lekin उसके दर के कारन हिम्मत नहीं हो रही थी...

मई न जाने कैसे अपने आप के इतनी हवस फील कर रहा था...

मई : दर्द हो रहा है isme...kuch करो न मालकिन... मुझसे रहा नहीं गया तब मैंने कहा...

लक्समी : कर दूंगी लेकिन तुम्हे भी मेरा एक काम करना hai...aur निचे बैठते हुए उसने लैंड फिर मुँह में ले लिया...

लक्समी देखने में बड़ी सेक्सी मातुरे thi...bade बड़े हिप्स एक डैम गोरी लम्बे बाल 5 फ़ीट से ज्यादा हिघ्त एक डैम कमल की जो भी देखे उसे पानी की इच्छा करे...

वो मेरा लैंड चूस रही thi...aur मई उसके सर को पकड़ कमर हिला रहा था...

मई : aaahhh...laxmi..uff aaahh..aise hi chuso...aaahhh...

आधे घंटे तक लगातार वो चुस्ती रही और फिर मई उसके मुँह में hi झाड़ gaya...mera इतना ज्यादा माल निकला की उसका मुँह भर गया...

पहले उसने निगला फिर अपने होंठों के पास फैले छुम को जीभ फीते हुए लक्समी चाटने लगी...

लक्समी : मई ब्रश करके आयी फिर तुमसे जरुरी बात करुँगी..

मई : मई नहाऊंगा...

लक्समी : वाशरूम में चले jao...mai नंगा hi वाशरूम में घुस गया...

नाहा कर मैंने लक्समी को आवाज दी जिसने टॉवल दिया ..

लक्समी : अच्छे लग रहे ho...wo मेरे बालो में हाथ फेरते हुए बोली..

मई : कोई दूसरे कपडे मिलेंगे ये गंदे हो गए hai..in पर छुम गिरा था ..

लक्समी: मई अपने लेकर आती हों..

मई : ऐसे लाना जो लार्को की तरह हो .

मैंने उसे पीछे से आवाज दी...

कुछ देर बाद वो एक शर्ट और पंतय जीन्स और जैकेट लेकर आयी ..

लक्समी : मई हमेशा तुम्हारे लिए ये कर सकती हों मुझे धोका नहीं dena...wo मुझे कपडे देते हुए बोली..

जिन्हे लेकर मैंने पहन लिया...

लक्समी : सरस डिनर रेडी karo...usne किसी से कहा...

मई समजा कोई नौकर hoga...aur मैंने ध्यान नहीं दिया...

मई : मालकिन आप इतने बड़े घर में अकेले रहती है...

लक्समी : दिन में माइड आती hai....ab तुम भी तो रहोगे मेरे साथ...

मेरा हाथ पकड़ वो मुझे अपने साथ ले जाने लगी...

चलते हुए हम लोग दिन्निग पर ए टेबल पर कई तरह के बहुत से खाने रखे थे जिनकी सुगंध मुझे दूर से आ रही थी...

मुझे बैठने का इशारा करते हुए वो खुद भी बैठ गयी...

लक्समी : निकालो और खाओ...


और मई निकल निकल कर खाने laga...khana टोटली नॉनवेज tha...aur इतनी तरह का मेरा मन हो रहा था सब खा जॉन...

लक्समी; तुम्हे कुछ देर बाद ग्रेवयार्ड जाना होगा...

खो kho...uski बात सुनकर मेरा फंदा लग gaya..jo देख उसने पानी भर कर गिलास मेरे आगे कर दिया..

लक्समी : ग्रेवयार्ड जाकर जो सबसे नयी ग्रेव हो उसकी ताज़ी मिटटी और मुर्दे की ग्रेव खोल कर उसका थोड़ा ब्लड लेकर आना होगा..

उसकी बात सुनकर मैंने खाना छोर दिया...

और मुझे उबकाई आने लगी..

मई : मई कैसे ...मुझे दर लगता है...

लक्समी : देखो तुम मेरे ऑर्डर्स फॉलो करना सीखो नहीं तो बहुत नुकसान उठाओगे...

मई : कैसे लाऊंगा ये sab...gorgan तो नहीं लेने देगा

लक्समी : कोई खली ग्रेवयार्ड देखना जहाँ गोरगन न ho..Aur वो मुझे समझने लगी...

खाना ख़त्म हुआ उसका तो वो उठी...

अपने साथ वो मुझे बीएड रूम में लायी और उसने टीवी पर एक हॉरर मूवी लगा दी लेटकर वो देखने लगी...

लक्समी : रॉकी मई बहुत थक गयी हों तुम्हे समझते हुए चलो पेअर दबाओ...

चुप चाप मई उसके पेअर दबाने लगा...

लक्समी : कमर तक...

मेरे घुटनो तक दबाने पर उसने कहा..

और फिर मई उसकी मोती झंगे गांड सब दबाने laga...jiske अहसास से मेरा लैंड फिर खड़ा हो gaya....jise मई मसल भी रहा था...

लक्समी : दोनों हाथो se...aur मैंने लैंड को मसलना छोड़ दिया...

मई ; कब लाना है मिटटी और ब्लड...


लक्समी: लेट नाईट जाना...

उसका जवाब सुन मुझे खुद पर रोना आने laga..ek तो ग्रेवयार्ड ऊपर से वो लेट नाईट भेज रही thi...mera सुपरनैचरल फाॅर्स से पहले भी सामना हो चूका tha...jis वजह से मुझे और दर लग रहा था...

मूवी ख़त्म हुई तब मैंने उससे पूछा..


मई : अब जॉन...

लक्समी : हाँ जाओ...

मई : कोई प्रॉब्लम तो नहीं hogi..mera पहले सामना हुआ है भूतो से..

लक्समी; कुछ नहीं होगा...

फिर वो मुझे साथ ले जाने वाला सामान जैसे ब्लड के लिए शीशी कहा रखा बताने लगी...

किचन में से नाइफ ले lena..mere हस्बैंड की बाइक गेराज में है उसे ले jana..laxmi ने लास्ट में कहा...

आखिर में मैंने किचन में से नाइफ ली बड़ी सी और उसे कमर में दाल लिया...

चलता हुआ मई गेराज में aya...bike में कीस लगी थी जिसे लेकर मई निकल गया...

आधे घंटे तक मई रोड पर ग्रेवयार्ड देखता हुआ बाइक भगा रहा था अब ठण्ड से मेरी कंपकपी बांध गयी थी...

20 मिनट और बाइक चलने के बाद मैंने सोंच लिया था अगर अब ग्रेवयार्ड मिला तो ठीक है नहीं मिला तो वापस लौट जाऊंगा...

मैंने नजरे दौड़ाई आगे तो वहां घर दिखे बने जो देख मैंने बाइक वापसी के लिए मोड़ ली...

मुझे दर भी था अगर मैंने उसका काम नहीं किया तो वो मुझे सजा degi..aditi madam..us कामिनी की नजर उन पर पढ़ गयी थी...

ग्रेवयार्ड ऑफ़ मलाड...

एक लाइट की रौशनी में मुझे बोर्ड नजर aya...jiska बड़ा सा दूर खुला था...

चौकीदार था नहीं गेट पर जो देख मैंने बाइक अंदर बढ़ा दी...

ग्रेवयार्ड एक डैम अँधेरे में नहाया हुआ tha...jo देख मैंने बाइक से उतारते hi अपने साथ लायी टोर्च जला ली...

ग्रेवयार्ड देख लग रहा था ये अमीर लोगो का ग्रेवयार्ड hai...ek से बढ़कर एक एक ग्रेव सजी हुई थी...

ग्रेवयार्ड में चलते हुए मुझे सब तरफ से साईं साईं की आवाजे आ रही थी...

मई बार बार सब तरफ देख रहा था...

नई ग्रेव की मिटटी और मुर्दे का ब्लड लाना है...

उसकी बात याद करते हुए मई ग्रेव देख रहा था यहाँ मोस्टली नई और साफ़ सुथरी ग्रेव थी..

एक जगह मुझे बिलकुल तजि नई ग्रेव dikhi...jise बनाया नहीं गया था....

मैंने मिटटी पर हाथ रखा जो नरम थी जिसे मैंने शीशी में दाल लिया...

अब मुझे डेड बॉडी से ब्लड भी चाहिए tha..maine एक नजर ग्रेव को देखा फिर अपने चारो तरफ लाइट मरी...

यह सबसे मुश्किल प्रोसेस था जिसे सोंचकर hi मेरे रुए खड़े हो गए they...marta क्या न करता...

और मैंने एक खोदने वाला छोटा औजार निकला जिससे मई ग्रेव खोदने लगा....

1 ऑवर की म्हणत के बाद मिटटी हटी और अंदर मुझे एक ताबूत दिखाई दिया...

मैंने ढक्कन हटाना चाहा तो वो मुझे किलो से थूका मिला...

मई : क्या मुसीबत hai...maine ढक्कन पर लाते मरी तो लगा ये धारदार किसी चीज़ से खुल jayega...upar आकर मैंने शीशी उठाई और knife...jise लेकर मई ग्रेव में उतर गया...

नाइफ से मैंने कुछ hi देर में ढक्कन फाड़ diya...aur फिर उसे उछल कर मैंने मुर्दे पर टोर्च मरी...

वो किसी लड़की की ग्रेव थी...

मैंने पेअर उठाया और उसमे हल्का सा नाइफ mara...aur शीशी में ब्लड भरने के लिए जैसे hi मैंने शीशी लगायी पेअर के पास की मेरे हाथ से शीशी छूट कर निचे गिर गयी...

आआआआ....

डेड बॉडी में से एक बेहद darawani..cheekh निकली...

दर से मई पीछे हुआ...

मई : आआह्ह्ह... माफ़ कर do...maaf कर do...us लक्समी बे bheja....maine कुछ नहीं किया... प्लीज मुझे मत मरना...

डेडबॉडी बचा हुआ कॉफिन का ढक्कन तोड़ कर बहार आने की कोशिश कर रही thi...jab उससे नहीं टुटा तो वो कमर आगे करके आगे के लिए खिसकने लगी...

दर से मई भाग भी नहीं पा रहा था...

वो बॉडी कॉफिन से निकली और कड़ी होने लगी....

रॉकी: अगर आज नहीं भगा तो कभी नहीं भाग payega...mere मन से आवाज आयी.

मई फुर्ती से utha...aur ग्रेव से निकल कर भागने लगा..

रुकोऊ...

Aaahhhh.water...

धम्मं...

मैंने भागते हुए आवाज सुन पीछे देखा तो वो लड़की की बॉडी ग्रेव के बहार गिर पड़ी थी...


भागता हुआ मई बाइक तक aya...kya वो सच में डेड बॉडी थी.. बाइक पर बैठते हुए मुझे ख्याल आया..

जीन्स me...usne पानी माँगा..

और मेरे दिमाग में झमका हुआ...

वो ज़िंदा लड़की thi...sonchte hi मई बाइक से उतरा और पीछे के लिए भगा...

भागते हुए मई लड़की के पास aya..wo वैसी hi बेसुद्ध पड़ी थी...

मैंने ग्रेव में घुस कर अपनी टोर्च और शीशी नाइफ उठाया और बहार आया..

बहार आकर मैंने लड़की के पेअर को दबाया तो उसमे से ब्लड निकलने laga..jise मई अपनी शीशी में भरने लगा..10 बुँदे भरने तक लड़की ने जब कोई हरकत नहीं की तब मेरा शक यकीन में बदल गया tha...ki ये लड़की कुछ देर पहले तक ज़िंदा थी...

मैंने कसुआलय उसका हाथ पकड़ा उसकी सांसे चल रही thi...maine नक् के पास हाथ किया तब भी मुझे हवा महसूस हुई...

मई जाने के लिए खड़ा हो gaya..ye सोंचते हुए की एम्बुलेंस को बुला दूंगा...

रॉकी क्या कर रहा है इसे ऐसे hi छोड़ कर jayega..sonch ये ज़िंदा दफ़न थी इतनी देर तक घूमने के बाद तुझे यही ग्रेवयार्ड मिला ...शायद तेरा यहाँ आना इसे hi बचाना है...

और मैंने लड़की को उठा liya...ek हाथ से मैंने पकड़ कर उसे पीछे बिठाया और फिर खुद मई बाइक पर बैठ gaya...piche मई उसे कसकर पकड़ा हुआ tha...dekha वो गिर रही hai..to मैंने अपनी जैकेट से उसे और अपने आप को बांध diya...fir मैंने बाइक आगे बढ़ा दी ...

हॉस्पिटल नजदीक hi tha...aate समय मुझे दिखा था...

हॉस्पिटल की दूरी 15 मिनट की थी मेरी यहाँ एते समय की स्पीड की लेकिन मैंने लड़की की हालत देख 5 मिनट में दूरी तये कर ली...

हॉस्पिटल आते hi मई उसे गोदी में उठाये अंदर के लिए भगा ..

मई : इमरजेंसी... इमरजेंसी...

जल्दी से वार्डबॉय स्ट्रेचर लिए aaye..aur उन्होंने लड़की को उठा कर स्टेचर पर लिटाया....

वार्डबॉय : डॉक्टर साहब पतिकेंट सीरियस है.. वार्ड बॉय ने डॉक्टर को जाते देख कहा...

डॉक्टर; पहले फॉर्म भरो फिर ट्रीटमेंट शुरू होगा...

मई : काट डालूंगा डॉक्टर अगर तूने इलाज नहीं किया...

चाकू निकल कर मैंने डॉक्टर की गर्दन पर रख दिया tha...aur मेरी नजरो के सामने उस लड़की का खूबसूरत चहेरा था...

क्या नहीं था उसके चहेरे में... खूबसूरती इनोसेंट रोअब..

न जाने कैसे मुझे गुस्सा आगया और नाइफ निकल कर मैंने डॉक्टर की गार्डन पर रख दिया था...

मई ; जितने पैसे मांगेगा उतने dunga...agar तेरा फॉर्म भरने की वजह से इसे कुछ हो गया तो तुझे जान से मार दूंगा...

डॉक्टर: लीव में मुझे देखने दो पतिकेंट ko...aur मैंने डॉक्टर को छोर दिया....

जल्दी से डॉक्टर उसे अपने साथ एक वार्ड में ले गया...

जिसके पीछे पीछे नर्स भी चली गयी थी...

मई थका हरा वार्ड के सामने की चेयर पर बैठ गया....

2 घंटे तक नर्स डॉक्टर बार बार अंदर बहार जा रहे थे ...

जब आखिरी नर्स निकली तब मैंने उसे रोका...

मई : नर्स वो लड़की ठीक है अब...

नर्स : हाँ अभी उसके बोतल चढ़ रही hai...nind का इंजेक्शन दिया है सो रही hai...kuch देर में जाग जाएगी..

मई : नर्स फीस कितनी हुई...

नर्स : सुबह दे देना..

मई : मुझे जाना है अभी नर्स...

नर्स : रुकिए मई डॉक्टर से पूछकर बिल बना कर लती हों...

वो चली गयी और मई वेट करने लगा..

कुछ देर बाद वो आयी ..

मई : कितना बिल hua...maine बिना बिल देखे पूछा..

नर्स : 1 लाच 20 हजार...

मई : ऑनलाइन..

नर्स : बहार काउंटर पर चलकर पाय कर दे...

नर्स के साथ मई काउंटर पर आया और पैसे पाय किये...

मेरे अकाउंट में 2 लाच थे अब 80 हजार बचे थे...

चोरी का पैसा अब जाकर सही जगह लगा tha...mujhe किसी अनजान की हेल्प करके बहुत खुसी मिल रही थी...

ऐसी खुसी बार बार पाने के लिए मैंने सोंच लिया tha...badi चोरियां करूँगा और चोरी का आधा माल गरीबो में बाटूंगा...

पाय करके मई हॉस्पिटल से निकल कर बहार आया ..बहार मेरी जैकेट निचे पड़ी थी ..जो जल्दी में मैंने फेक दी थी ..

बाइक पर बैठ मई चल दिया लक्समी के घर....
 
गैस episode इस पोस्टेड...

मेगा episode hai....itne दिनों से episode नहीं दिया उम्मीद है जिसकी भरपाई हो जाएगी...

गैस लिखने का मन तभी होता है जब कोई बताने वाला हो की स्टोरी कैसी जा रही है लेकिन साद तो से कोई बता hi नहीं रहा की स्टोरी पसंद आ रही की nahi...agar ऐसा hi चला तो episode लेट आएंगे..

मेरी पिछली स्टोरी को कम्पलीट करने में किसी का हाथ था तो वो देव बीआरओ थे उनकी सिंगल कमेंट सब की कमेंट पर भरी होती थी वरो बताता था की स्टोरी में क्या सही क्या गलत hai...kya हो रहा hai..lekin अब देव वरो शायद फोरम छोड़ गए है...

तो गाइस पसंद ए तो जरूर बताना
 
गीज़ कल episode देने की कोशिश करूँगा नहीं तो परसो कन्फर्म
 
गीज़ ी वास् सिक अब अपडेट आज रात ायेगज
 
Episode 9

तेरे नाम


चोरी का पैसा अब जाकर सही जगह लगा tha...mujhe किसी अनजान की हेल्प करके बहुत खुसी मिल रही थी...

ऐसी खुसी बार बार पाने के लिए मैंने सोंच लिया tha...badi चोरियां करूँगा और चोरी का आधा माल गरीबो में बाटूंगा...

पाय करके मई हॉस्पिटल से निकल कर बहार आया ..बहार मेरी जैकेट निचे पड़ी थी ..जो जल्दी में मैंने फेक दी थी ..

बाइक पर बैठ मई चल दिया लक्समी के घर....

नेक्स्ट कंटिन्यू....

मई लक्समी के घर आया तब गेट अपने आप खुल गया...

मैंने इधर उधर देखा कोई नहीं था...

मई : कैसा हॉरर बांग्ला hai...apne आप से बातें करता हुआ मई अंदर aya...fir चलते हुए लक्समी के रूम में .

वो अंदर लेती सो रही थी...

मई : malkin...mai आगया...

मेरी आवाज पर वो कसमसाई फिर आंखे मसलने लगी..

मई पूछना चाहता था जिन्दा इंसान का ब्लड दे दिया तो कोई प्रॉब्लम तो नहीं hogi..lekin मैंने पूछा नहीं वजह थी मुझे फिर इतनी सर्दी में किसी नयी ग्रेव को खोलना hoga...ab जो था मुझे वही देना था...

ले ए ब्लड और mitti..laxmi ने आंखे मसलते हुए पूछा...

मई : हां मालकिन...

लक्समी : सामने रख दो...

मई : ठीक है मई जा रहा hon...mai डेस्क पर दोनों सीसियां रखते हुए बोलै...

लक्समी : कहा जाओगे इतनी रात में मेरे पास hi सो जाओ..

मई : मुझे काम hai...maine देखद ऑटो चल रहे है..

लक्समी : सुबह 10 बजे यहाँ मिलना fir...agar नहीं आये तो इस बार माफ़ नहीं करुँगी...

मई : मई आजाऊंगा मालकिन...

लक्समी : ठीक है...

उसका जबाब सुन कर मई आगे बढ़ गया...

रोड पर आकर मई ऑटो देखने लगा..

20 मिनट्स के इंतजार के बाद मुझे ऑटो मिला...

मई : अँधेरी बस्ती के पास .

ऑटो वाला : 400 रुपए लगेंगे...

मई : अबे दिन में तो 50 लेते हो...

ऑटो वाला : जाना है की nahi...puri अँधेरी घूम कर जाना पड़ता है बस्ती me...bilkul एन्ड में है बस्ती..

मई: चल bhai...tu भी कमा ले... मैंने ऑटो में बैठते हुए कहा..

30 मिनट्स बाद मई बस्ती के बहार था..

ऑटो से उतर कर मैंने पैसे पाय किये और चलता हुआ बस्ती में आया...

अपने रूम पर जाने लगा की मई रुक गया...

ठीक है तुम अबसे वहां सोगे सबके साथ ऊपर नहीं...

और मैंने अपने कदम मोड़ लिए...

चलता हुआ मई बड़े वाले हॉल में आया जहाँ मजदूर लोग सो रहे थे...

मैंने ओढ़ने के लिए ब्लैंकेट देखा तो कोई ब्लैंकेट नहीं tha...jinke पास था वो भी ठण्ड से कल्प रहे थे...

चुप चाप निकल कर मई पेड़ के निचे बने स्लिप पर बैठ गया..

ठण्ड से मेरा बुरा हाल हो रहा tha...mere दन्त बुरी तरह बज रहे they...man हो रहा था ऊपर जाने का लेकिन न जाने क्यों मेरे कदम ऊपर की तरफ नहीं बढ़ रहे थे...

खुद को समेत कर मैंने आंखे बंद कर li...nind की वजह se...lekin ऐसे नींद भी नहीं आ रही थी...

शॉप्स साडी बंद हो गयी थी आग जलने के लिए माचिस भी नहीं थी...

मई : aaahh...k..ky...kya करूँ आआअह्ह्ह... ufff...aaahhh माआआआ...

जब ठण्ड बर्दास्त के बहार हो गयी तब मई उठा और सो रहे मजदूरों के पास आया...

मई : ोये भाई माचिस है क्या..

जब जबाब नहीं मिला मई खुद उनके सिरहाने ढूंढ़ने लगा...

एक जगह मुझे बीड़ी dikhi...aur मैंने आदमी को साइड में क्या..


अरे भाई सोने दे na...usne नींद में बुदबुदाते हुए कहा..

मई : कुछ नहीं चाचा बस माचिस लेनी है...

उसने जेब में हाथ डाला और माचिस पीछे कर दी...

मई : माचिस भी कितनी संभल कर रखते है...

माचिस लेकर मई रसोई में आया जहाँ मुझे लकड़ियां और तेल मिल gaya...jise लेकर मई चलता हुआ उसी पेड़ के पास आया और मैंने आग लगा di...jo तेल की वजह से आसानी से लग गयी...

आग ने जैसे मेरी जान में जान दाल di...kuch देर तपने के बाद मई पास में hi सीमेंट के चबूतरे से तक लगा कर लेट gaya...na जाने कब मेरी आँख लग गयी...

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पुलिस स्टेशन अँधेरी.

एक नेता की कार कई गाड़िओ के साथ पुलिस स्टेशन में दाखिल हुई..

वो कार से उतरा और उसके साथ और लोग जिन्हे देख कर हवलदार सलूट करने लगे...

जैसे जैसे वो अंदर बढ़ रहा था हवलदार उसे देख कर सलूट करते जाते...

कैसे है विधायक sir...itne में एक सप ने उसे देख पूछा...

विधायक : दसप साब कहा है..


सप: दसप साब नहीं दसप साहिबा... अंदर hai..samne वाले केबिन me..thodi कड़क है तो संभल कर..

सप की बात सुनता हुआ नेता अपने लोगो के साथ चलता हुआ आद्या के केबिन में आया..

आद्या कंप्यूटर पर कुछ देख रही चेयर पर बैठे...

नेता जाते hi आद्या के सामने चेयर पर बैठ गया .

आद्या ने माउस का बटन दबाया और नेता को देखने लगी..

आद्या : कैसे आना hua..aur कोण हो आप.

ये बलराम विधायक है यहाँ ke..itne में नेता का एक आदमी आगे अत हुआ बोलै

आद्या : कहिये किस लिए आना हुआ

विधायक : कल रत मेरे घर पर चोरी हुई वो भी 10 करोड़ की...

आद्या : चोरी इतनी बड़ी ..पूरी डिटेल दें..

मई हूँ रुक्मणि इनकी धरम patni..rukmani नेता की तरफ इशारा करते हुए boli....usne mujhe...aur रुक्मणि ने सब बता दिया .

आद्या : तुम्हे और कोई नुकसान तो नहीं पहुंचाया..

रुक्मणि : nahi...mai भाग निकली thi...wo कमीना मेरी इज्जत लूटना चाहता था..

आद्या : उसका चहेरा देखा .

रुक्मणि : nahi...lekin उसकी आवाज सुनी है काम आगे का लड़का hai..mithi सी आवाज है उसकी पहले उसने भरी आवाज निकली बाद में अपने असली आवाज में बोलै...

आद्या : हिघ्त वगैरा..

रुकमणी : 6f.t से ज्यादा लंबूकड़ा था..

अध्य : मेरे पास आईये...

रुक्मणि चलते हुए अध्य के पास आयी तो अध्य ने वीडियो शुरू से प्ले कर दी .

आद्या : क्या वो ऐसा दीखता है .ड्रेस मास्क देख कर बताये..

रुक्मणि : हां हां उसने यही कपडे पहने थे शरीर की बनावट भी ऐसी hi thi...lekin वो अकेला tha..rukmani ने आखिर में कहा..

इतने में नेता उठा और वीडियो देखने लगा..

आद्या : अपनी जगह पर बैठो..

नेता: शुरू से दिखाओ..

आद्या : अपनी जगह पर baitho..mai बताती हूँ.

आद्या : ये गेट नंबर 8 के पास की कॉलोनी की कक्तव फुटेज है जो मुझे कुछ देर पहले mili...isi घर में चोरी की gayi...lekin इसमें 2 चोर है आप बता रही हो आपके घर जो आया वो अकेला था..

रुक्मणि : दूसरे वाले का मास्क शामे था..

आद्या : दोनों ने एक से मास्क पहने hai...acha ये बताये चोर ने हाथो में ग्लव्स पहने थे...

रुक्मणि : हां एक हाथ में था एक में नहीं .

आद्या : ठीक है मई फॉरेंसिक टीम को आपके घर भेजती हूँ देखते है कुछ मिल जाये..

बलराम : क्या तुम पकड़ लोगी उसे..

आद्या : हां हम उसे जल्द पकड़ लेंगे...

नेता : वो वीडियो मुझे व्हाट्सप्प कर दो ..ऐ तू वीडियो लेकर aa.neta ने अपने आदमी से कहा और खुद जाने के लिए मुद गया...

आद्या : बैठो करती हूँ व्हाट्सप्प..

कहकर आद्या कक्तव फुटेज बार बार स्लो मोशन में देखने लगी..

कुछ न मिलने पर इर्रिटेट होकर कॉल मिला देती है..

आद्या : सप खान मेरे केबिन में आओ..

कहकर आद्या ने फ़ोन रख दिया..

मैडम कक्तव फुटेज व्हाट्सप्प कर दो.

नेता के आदमी ने कहा.


आद्या : क्या ढूंढेगा चोर को..

आद्या के पूछने पर गुंडे ने सर हिला दिया..

आद्या : अगर हमसे पहले ढूंढ लिया तो तू मुझे बताएगा चोर के बारे में अगर नहीं बताया उसकी बॉडी मिली तो इलज़ाम तुझ पर दाल दूंगी और तू फांसी के फंदे पर चल अपना व्हाट्सप्प बोल..

नंबर बोलने आद्या ने उसे कक्तव फुटेज फॉरवर्ड कर दी.

जी मैडम bulaya..itne में सप ने आकर पूछा...

आद्या : इसके साथ जाओ फॉरेंसिक टीम को लेकर घर में देखो कही कोई फिंगरप्रिंट मिल जाये चोर का .f.i.r हवलदार से लेकर पढ़ लेना...

ठीक है मैडम .कहता हुआ सप चला gaya..neta के आदमी के साथ..

********************************

कल का दिन...

ये तू कहा जा रही आते समय तो ये रास्ता नहीं था घर का.. कॉलेज से क्लासेज ख़त्म होने के बाद लावण्या और अहाना रोड पर कार से कही जा रही thi...ahana के रॉंग टर्न लेने पर लावण्या ने पूछा..

अहाना : पुलिस स्टेशन..

लावण्या : वो किस लिए...

अहाना: क्या मतलब किस liye...subah हमारी रैगिंग की आरवी और उसकी फ्रेंड्स ने..

लावण्या : तू पागल हो गयी hai...car rok..I साइड स्टॉप प्लीज..

लव के फाॅर्स करने पर अहाना ने कार रोकी वो भी पुलिस स्टेशन के सामने..

अहाना : चल आ मेरे साथ गवाही dene..ahana कार से निकलते हुए बोली..

लावण्या: listen...tujhe लगता है कम्प्लेन से कुछ होगा.. कॉलेज की प्रोब्लेम्स कॉलेज में hi सोल्वे करनी होगी ...तूने सुना नहीं हेड ऑफ़ डिपार्टमेंट ने क्या कहा आरवी की मदर 80 परसेंट डोनेशन देती है..

अहाना : तू तो ऐसा कहेगी hi तुझे स्कालरशिप जो मिली है.. हरसिंग मेरे साथ की उन लोगो ने..

लावण्या: बात स्कालरशिप की नहीं है वो अमीर घरो से hai..tune देखा आरवी के बोडीगार्ड्स को बहार अभी वो कितनी साडी कार्स thi..tujhe लगता है कोई पोलिसवाले उनके अगेंस्ट कोई एक्शन लेगा..

अहाना : एटलीस्ट तरय तो करना चाहिए...

क्या हुआ गर्ल्स क्यों परेशां ho....itne में कार में बैठी पिज़्ज़ा खा रही एक लड़की ने दोनों से पूछा..

अहाना : मम.. ham..wo पुलिस स्टेशन कंप्लेंट करने hi जा रहे थे .कार पर पुलिस लिखा देख अहाना हिचकिचाती हुई boli..lekin अंदर बैठी लड़की सिविल ड्रेस में थी..

मई भी पुलिस वाली hi hon..dsp Aadhya..chalo aao..aadhya कार से निकल बहार आते हुए बोली..

अहाना : क्या आप एक्शन लेंगी..

आद्या : ये भी कोई पूछने की बात hai...let's के ...

दोनों को लिए आद्या कमिश्नर ऑफिस आयी ये उसका पुलिस स्टेशन नहीं tha..wo यहाँ किसी काम से आयी थी..

दोनों को लिए आद्या अंदर आयी जहाँ बहुत से पोलिसवाले उसे देख सलूट कर रहे थे..

आद्या : हवलदार f.i.r की कॉपी लेकर मेरे पीछे पीछे आओ ..

चलते हुए आद्या दोनों के साथ एक रूम में आयी जहाँ सोफे पड़े थे..

आद्या : बैठो गर्ल्स..

दोनों एक दूसरे से चिपट कर बैठ गयी ...तब आद्या ने पूछा..

आद्या: अब बताओ क्या बात है ..

अहाना: हम दोनों शिमला से यहाँ एजुकेशन के लिए आये लेकिन पहले hi दिन कॉलेज me.....fir अहाना बताने लगी ...

अहाना : वो ऑलमोस्ट मेरा रपे कर चुके hote...phir उनोहने मुझे कॉलेज की पार्किंग में हाफ नुदे किया मेरे कपडे फाड़ दिए..

कहते हुए अहाना ने लव का दिया कोर्ट उतर diya...fir अपने पर्स में से टूटे हुक की ब्रा दिखने लगी..

आद्या : ी प्रॉमिस I'll पुनीश थम ..तुम बताओ तुम्हारे साथ क्या hua..girl नाउ यू कैन वियर योर cort..lav से पूछते हुए आद्या ने अहाना से कहा..

अहाना : नाउ I'm फाइन..

इतने में आद्या ने हवलदार की तरफ इशारा किया जो अहाना का नंगा पेट hi देख रहा था...

अहाना: ओह्ह सहित मुझे तो इसका ख्याल hi नहीं tha...aur वो जल्दी से कोर्ट पहन लेती है...

आद्या : अपनी जगह किसी लेडीज हवलदार को भेजो..

आद्या के कहने पर हवलदार चला जाता है...

आद्या : कुछ लोगी गर्ल्स..

अहाना : no थैंक्स मम ... स्टेटमेंट दो na..aadhya से कहकर अहाना लव के कोहनी मरते हुए बोली.

इतने में हवलदार आयी आद्या ने ऊँगली से उसे f.i.r लिखने का इशारा किया..

लावण्या ने एक नजर अहाना को देखा फिर स्टेटमेंट दे दी अपनी...

लावण्या: वो आपस में बातें कर रही थी ये मेरी हुई ये वाली मेरी जैसे हम कोई तोय हो उनके लिए..

आद्या : मई जिस कॉलेज में पार्टी थी वहां रैगिंग अल्लोवेद नहीं thi..well तुम नाम बताओ उन स्टूडेंट्स के..

अहाना : नैना जिया आकाश और आरवी जो उनकी लीडर भी है...

आद्या : आरवी पूरा नाम बताओ..

अहाना : पूरा नाम नहीं pata...bas इतना पता है ये काफी रिच hai...aarvi के बोडीगार्ड्स बहुत ज्यादा थे ..

आरवी ...चौंकते हुए आद्या दोनों को देखने लगी..

आद्या : गर्ल्स आप दोनों मेरा यही वेट करो मई बस अभी आयी...

रूम से निकल कर आद्या चलते हुए ऑडोटोरियम में आयी जहाँ अँधेरे में किसी ख़ुफ़िया केस से रिलेटेड बात चल रही थी...

इतनी लेट आद्या sit...dilip आद्या को देखते hi बोलै..

आद्या : सर मुझे पर्सनली बात करनी है aapse...abhi...

दिलीप : बोलो...

आद्या: अकेले में...

दिलीप : कह दो यहाँ सब हमारी hi टीम के लोग है..

आद्या ने एक गहरी साँस ली फिर कहना शुरू किया: सर 2 कॉलेज स्टूडेंट्स आयी है मैडम सान्वी की सबसे छोटी बेटी आरवी के खिलाफ रैगिंग की रिपोर्ट लिखवाने ...

मैडम अपने कन्फर्म किया है वो आरवी वही है सान्वी की beti..gaitonde अपनी चेयर से उठकर पूछते हुए बोलै..

आद्या : नहीं बूत I'm सूरे वो दोनों उसी आरवी की बात कर रही है..

दिलीप : आद्या पहले तो तुम्हे कन्फर्म करना चाहिए था ...दूसरी बात ये की अगर वो लड़कियां आरवी के खिलाफ कम्प्लेन करेगी तो तुम्हे लगता है कोई एक्शन ले payega...le भी लिया तो 10 मिनट्स में वो छूट जाएगी उसके बाद पता है क्या hoga...uske लोग पहले उसकी बेटी को अरेस्ट करने वाले को मरेंगे फिर कमिश्नर ऑफिस को आग लगा देंगे....

आद्या : फिर हम इतनी म्हणत क्यों कर रहे है सान्वी पर sir...kya पुलिस डिपार्टमेंट की कोई वैल्यू नहीं...

दिलीप : बात साबुत की है आद्या और सामने दुश्मन है पावरफुल ऐसे hi उस पर हाथ डाला तो होने वाले परिणाम के बारे में सोंचना होगा ...प्रूफ हुए तो गोवेर्मेंट भी हमारा साथ देगी...

गाईतोंडे : हाहाहा मैडम आपके बस की बात नहीं पुलिस डिपार्टमेंट में काम करना आप कोई और जॉब ढूंढे ..आपने जो हमारी मीटिंग पहले तो अटेंड नहीं की और अब आयी हो तो बिना सूरे हुए माफिया की बात करने मतलब अभी आपको पता नहीं वो लड़किया उसी आरवी की बात कर रही की किसी और की ..

.गाईतोंडे को आद्या ने घुर्र कर देखा उसे अपना मजाक उडाता दिख रहा था गाईतोंडे लेकिन आद्या ने उसे कुछ कहा नहीं ...

आद्या : मई जाकर कन्फर्म करती हों अगर माफिया आरवी की बात करती हुई तो मई खुद अपने आप से काम करुँगी .

दिलीप ने आँखों से हामी भरी तो आद्या जाने के लिए मुद गयी ..

चलते हुए आद्या ऑफिस में आयी..

आद्या : खान मुझे रेड फाइल लेकर दो लाकर रूम में hogi...hurry उप...

.आद्या के कहने पर दरोगा जल्दी से उठा और लाकर रूम की तरफ भगा...

फाइल निकल कर वो आद्या के पास लेकर आया ..

आद्या : पकड़ कर खोले इसे .जब दरोगा फाइल देने लगा तब आद्या ने कहा..

आद्या : पेज पलटो....

और दरोगा पेज पलटने लगा .

आद्या : बस ..और आद्या फ़ोन निकल कर फाइल में दिख रही लड़की की फोटो लेने लगती hai...jise लेकर वो चलते हुए उसी रूम में आती है जहाँ दोनों लड़कियां बैठी उसका इंतज़ार कर रही थी...

आद्या : रमन तीन छाए लेकर आओ जल्दी...

और आद्या दोनों सामने आकर बैठ गयी...

आद्या : इस बार सर्दी कुछ ज्यादा hi hai..sorry फॉर वेट ..

दोनों ने हामी भरली..

अहाना : it's okay mam...bas आप उनके अगेंस्ट एक्शन ले लेना..

आद्या : इस फोटो को देखो क्या यही आरवी है ..आद्या फ़ोन दोनों की तरफ करते हुए बोली...


images


अहाना : हाँ मैडम यही है .

आद्या : ओह्ह yeah...gaitonde की बातो को याद करके आद्या को अपनी जीत का अहसास हुआ ..

लावण्या : क्या हुआ मैडम ..

आद्या : कुछ nahi...now करेफुल्ली लिसेन girls..ye बहुत पावरफुल है इसे ऐसे hi अरेस्ट नहीं कर sakte..tum चाहती हो इसे अरेस्ट करना तो मुझे प्रूफ चाहिए...

अहाना: कैसे प्रूफ..

आद्या : ये इसकी फॅमिली वाले क्या करते है उनका रियल बिसनेस क्या है ेट्स. कुछ खबरे मैंने सुनी है इनकी ये लड़की इसकी फैमिली के लोग गैर क़ानूनी काम करते hai..iske साबुत मिलेंगे तब जाकर इसके अगेंस्ट एक्शन ले पाऊँगी..

आद्या की बात सुनकर दोनों एक दूसरे का मुँह देखने लगी..

लावण्या : हमें अब चलना चाहिए अहाना..

अहाना : सही कह रही हो..

आद्या : I'm सॉरी सिर्फ रैगिंग के केस पर मई कोई एक्शन नहीं ले sakti...tum मेरी हेल्प करोगी तभी मई तुम्हारी कर पाऊँगी

लावण्या : आप हमें आरवी की सपयिन्ग करने के लिए कह रही है..

आद्या : हम्म्म ऐसा कुछ ...तुम्हे 2 और 4 साल उन्ही के साथ रहना hai...wo किसी भी हद तक जा सकती है.

अहाना : हम सोंच कर बतायेगे ...

आद्या : ठीक है तुम दोनों अपना नंबर दे do.aur मेरा सेव कर लो..

आद्या के कहने पर दोनों बारी बारी से नंबर देने lagi...wahi आद्या ने दोनों को मिसकॉल कर दी...

नंबर देते hi दोनों रूम से निकल gayi....room के पास खड़ा गाईतोंडे दोनों को जाता देख रहा था...

पुलिस स्टेशन से दोनों सीधा घर आयी...

नैंसी : स्वीटहार्ट यू बोथ अरे लेट ..वेल समझ सकती हों फर्स्ट डे hai...koi गाए पसंद आया..

अहाना : ऐसी कोई बात नहीं है आंटी बस ट्रैफिक में फास गए थे..

नैंसी : नथिंग रॉंग हनी यू कैन दो व्हाटएवर यू want...chalo फ्रेश हो लो मई खाना लगवाती हों...

दोनों ने हामी भरी और ऊपर फ्रेश होने चल दी...

वही नैंसी ने माइड को आवाज देकर खाना लगवाने लगी..

दोनों मुँह हाथ धो कर निचे आयी और खाने बैठ गयी..

लावण्या : आप नहीं खायेगी हमारे साथ..

नैंसी : नहीं बचा मैंने दोपहर में hi खा लिया tha...ahana बताओ डिनर में क्या खाओगी ...माइड बना कर चली जाएगी..

अहाना : कुछ भी बनवा लो...

नैंसी : फिर आज मुंबई की फवौरीते डिश बनवाती हों भाजी ..एंड नॉनवेज नूडल्स..

अहाना : मुझे पसंद है..

खा कर दोनों ऊपर आयी आते hi बीएड पर लेट gayi...lav को पीछे से अहाना ने हुग कर लिया...

अहाना : यार थक गयी हों पेअर दबा दे..

टिंग ting...itne में लव का फ़ोन बजने laga....jise उसने बैग से निकल रिसीव करते हुए कानो से लगा लिया..

लावण्या : hello अरसद ..

ये मई hon...udhar से लव को अपनी माँ की आवाज आयी...

लावण्या : मा कैसी हो तुम ..

ऋचा : तूने रॉकी को ढूंढा ..

लावण्या : माँ रहने का बंदोबस्त कर रही थी... अहाना के साथ शिफ्ट हो गयी hon...ab ढूंढूंगी...

ऋचा : उसमे बहुत गुस्सा है अरसद बीटा ने उसे बहुत कहा अपनी माँ से बात करने के लिए लेकिन उसने नहीं की...


लावण्या : सब मेरी वजह से माँ ...मुझसे बहुत बड़ी गलती हो गयी maa...aisa लगता है जैसे वो भूल गया है हमें...

ऋचा : नहीं उसने आज 5 लाच फिर भेजे .

लावण्या : क्या माँ इतनी जल्दी इतना पैसा आ कहा से रहा उसके पास ..

ऋचा : वो भुला नहीं बस नाराज है...

लावण्या : माँ मुझसे ये बोझ और नहीं उठाया जाता माफ़ कर दे न... प्लीज maa...mai तो तेरी सगी बेटी हों...

ऋचा : बस कर लावण्या तुझे क्या लगता है मैंने रॉकी को सौतेला समझ कर pala...maine तो कभी फर्क hi नहीं kiya...jab वो आया था 5 साल 6 महीने का tha..itna pyara...wo रो रहा था अपनी माँ
के पास जाने के लिए और फिर मेरी बाँहों में सो gaya...aur जब तुझसे मिला तो सब भूल gaya...tune अपने आप को बचने के लिए मुझसे मेरा बीटा चीन लिया..

लावण्या : हां माँ मई क्या करूँ...

ऋचा : मेरी गलती थी कितने hi लोग आये तेरे लिए रिश्ता लेकर और तेरी पड़े की ज़िद्द के आगे मई तेरे हाथ पिले न कर saki...agar कर देती तो आज ये दिन न देखना hota...aur लव को उधर से सुबकने की आवाज आयी ..

लावण्या : माँ सब मैंने किया है सही भी मई hi करुँगी बस तू माफ़ कर दे ऐसे मई कुछ नहीं कर paungi...maa..kar दे प्लीज...

ऋचा : पहली गलती तो सभी माफ़ कर देते hai..dekh मेरी बची आगे से ऐसा कुछ मत करना..

लावण्या : तूने माफ़ किया माँ..

ऋचा : और मई भी क्या करुँगी कब तक ऐसे rahungi...acha बता तेरे पास पैसे है..

लावण्या : हां माँ मई कर लुंगी .

ऋचा : तू ये करने वाली बातें क्यों करती है बता क्या बात है...

लावण्या : सरे पैसे माँ एडमिशन में लग गए...

ऋचा : चल मुझे तू अपना पेटम कर मई तुझे पैसे भिजवा देती हों अरसद बेटे se...wo अभी पास में hi hai...aur इन पैसो को खर्च कर अपने भाई को ढूंढ..

लावण्या : ठीक है माँ मई भेजती हों अहाना का पेटम ..ठीक है माँ अपना ख्याल रखना..

कॉल कट करके लव अहाना का स्कैनर भेज देती hai...jo उसके फ़ोन में सेव था..

कुछ देर बाद अहाना के फ़ोन पर मैसेज आता है...

अहाना : ये माँ भी न इतने सरे पैसे भेज दिए जबकि 40 लैस अभी भी मेरे अकाउंट me...ahana ने एक आँख खोल कर मैसेज पड़ते हुए कहा की लव बिच में बोल पड़ी..

लावण्या: ये माँ ने भेजे..

अहाना : ohh...itne पैसे कैसे..

लावण्या : रॉकी ने भेजे...

अहाना : यार इसके पास इतने पैसे कहा से आ रहे है...

लावण्या : उसे ढूंढूंगी तब पता chalega..samajh नहीं आ रही कैसे कहा इतने बड़े शहर में ढूढूँगी..

अहाना : न्यूज़ पेपर ने ऐड दे..

लावण्या : वो भाग जायेगा यहाँ से bhi..nahi तो कुछ उल्टा सीधा कर baithega...tu नहीं जानती उसे..

अहाना : जानती hon..usne कहा tha...kutte का झूठा खा लूंगा इंसान का nahi...uski बातें मेरे दिमाग में चलती है..

लावण्या : तू कही पसंद तो नहीं करने लगी .

अहाना : नौपे अब तो भूल गयी हों ..

लावण्या : good..acha बता तू वाशरूम से निकली कैसे ...जब वो तुझे ह्रास कर रहे थे...

अहाना : वो तो मैंने तुझे बताया hi नहीं ..वहां एक स्टूडेंट आगया था saham...ek डैम डैशिंग और उसने मुझे bachaya..yaar उसे थैंक्स भी न कह सकीय..

लावण्या : अच्छा कल कह dena..vaise तू क्या करेगी अब..

अहाना : मतलब..

लावण्या : आरवी एंड उसके ग्रुप की सपयिन्ग...

अहाना : मई नहीं हम करेंगे आद्या मम ने सही कहा था हमें यहाँ 4 साल रहना hai..imagine अगर ऐसे hi वो रैगिंग करती रही तो हमारे पास सुसाइड के सिवा कोई रास्ता नहीं rahega..google करके देख रैगिंग से तंग आकर कितने hi स्टूडेंट ने सुसाइड किया..

लावण्या : no मई इस सब में नहीं पर्ने wali..wo पावरफुल लोग है उनसे दूर hi रहूंगी परेशां करेंगे तो माफ़ी मांग lungi...pair पर्ने पड़े तो पर lungi..lekin ये नहीं...

अहाना : क्या कह रही है यार तेरे बिना मई कैसे करुँगी...

लावण्या : तो मत कर ना..

अहाना : रॉकी की बहन होकर तू ये सब बर्दास्त करेगी..

लावण्या : शट up...mai तैश में नहीं आने wali..vaise भी वो अब मुझे बहन नहीं समझता..

अहाना : तो मत ढूंढ उसे..

लावण्या : क्या कह रही है यार .

अहाना : जब तेरा भाई नहीं है तो मत ढूंढ उसे...

लावण्या : अब ऐसा भी नहीं hai..wo न समझे लेकिन मई तो समझती हों..

अहाना : चल डील करते है ..मई तेरी हेल्प करुँगी रॉकी को तलाश करने में और अगर उन्होंने कल फिर रैगिंग की तब हम प्लान बना कर उनकी सपयिन्ग karenge..done..

लावण्या: done..agar कल उन्होंने कुछ नहीं किया तो भूल जाना...

अहाना : that's माय गर्ल ..और अहाना लव को पकड़ कर अपने पास लिटा लेती है जो बैठी हुई थी...

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Hey..rock ji...suno...utho ये सोने की जगह नहीं है...

किसी की कानो में रास घोलने वाली आवाज से मेरी आंखे खुली और आंखे मसलते हुए मई utha...uthte hi सर्दी के अहसास से मेरी कपकपी बांध गयी...

बस्ती के कई लोग मेरे सामने खड़े मुझ पर है रहे they..jis कुटिया को मैंने दूध पिलाया था वो मेरे पास लेती थी उसका सर मेरे पेट पर था...

दीदी आप यहाँ आ गयी देखो न पापा रात से नहीं आये ..इतने में मुझे रिशु की आवाज aayi...jo चलते हुए यहाँ आकर अदिति जी पर गुस्सा कर रही थी...

अदिति : यहाँ भीड़ लगी देखि तो मई आ गयी देखने और रॉक जी यही सो रहे थे..

रिशु: इससे हमारा क्या लेना देना..

अदिति : तुम चलो मई आ रही hon..aditi जी की बात सुनकर वो वापस जाने के लिए मुद gayi..gussa उसके मुँह पर साफ़ देखा जा सकता था...

मई : अदिति जी.

अदिति : तुम यहाँ इतनी सर्दी में क्यों सो रहे हो..

मई : अपने hi तो कहा था ऊपर नहीं सोना...

अदिति : मैंने वहां सोने के लिए कहा था यहाँ nahi..wo उस हॉल की तरफ ऊँगली दिखते हुए बोली जहाँ अब भी एक दो मजदूर सो रहे थे..

मई : मुझे स्मेल आती है...


सोने के लिए इस फटीचर के पास कुछ नहीं खाने के लाले पड़े है और बातें देखो इसकी जैसे किसी रिच फॅमिली से हो जो इसे गरीबो के पास सोने से बदबू आती hai...itne में रिशु फिर आ गयी..

रिशु: वो डैडी का मैसेज आया वो 5 मिनट्स में आ रहे hai..yahi बताने आयी thi...aditi जी के गुस्से में देखने पर उसने आगे कहा और फिर पेअर पटकती हुई जाने लगी...

अदिति : आप सब भी जाओ...

जी देवी ji...aur सभी लोग उसकी एक hi आवाज में मेरे सामने से गायब हो गए..

मई : तुम भी उठ जाओ प्यारी .कुटिया को उठाते हुए मई खुद भी खड़ा हो गया..

अदिति : तुम्हे स्मेल से प्रॉब्लम है तो सो जाना अपने रूम पर .

मई : जी अदिति जी...

और मई कुछ आगे कहे बिना आगे बढ़ गया...

पास की शॉप से मैंने 2 पैकेट दूध लिए फिर कुछ नमकीन बिस्कुट लेकर मई चल दिया..

मई रूम पर आया तो मुझे मेरे रूम का गेट बंद करते हुए सेठ दिखा....

मई आगे बढ़ा जाने के लिए तो कुछ कहे बिना वो मेरी साइड से निकल गया...

मई अंदर आया और गेट की आवाज सुन डिप्टी ने आंखे खोली...

मई : अभी तक सो रही ho...vaise ये सेठ क्यों आया था...

डिप्टी : बस ऐसे hi....

मई : छाए बना जल्दी se..mai दूध टेबल पर रखता हुआ बोलै..

वो उठी तब मैंने देखा उसे वो नंगी थी puri...uske बूब्स पर दांतो के ताजे निशान थे...

पल भर में मेरा दिल बैठ गया...

मैंने बिस्तर को देखा वहां कई सिमटे पड़े थे..

डिप्टी : तुम ऐसे तो मेरे हाथो की छाए पियोगे nahi...ruko नाहा लेती हों...

उसने एक कपडा बंधा और उसे लेकर रूम के साथ आत्ताच वाशरूम में घुस गयी...

कुछ देर बाद वो नाहा कर aayi...usne छाए बनानी राखी और खुद कपडे पहनने लगी...

डिप्टी : क्या हुआ इतने चुप क्यों हो...

मैंने बोलना चाहा लेकिन मेरे पास कहने के लिए कुछ नहीं था ...मई बस उसे घुर्र रहा था..

मई : मई ..mai...paise देकर तुझे यहाँ laya..tu मेरे hi बिस्तर पर ...tu..tune ऐसा क्यों किया...

डिप्टी : अच्छा वो सेठ. मेरा पहले का कस्टमर tha...free में लेकर चला गया kanjoos...vaise तू इतना उदास क्यों हो रहा है मई तेरी लगती कोण हों...

मई : मैंने तुम्हारे साथ जीने के ख्वाब देखे थे रॉकी लेकिन तुमने मुझे अंदर से hi मार दिया..

डिप्टी : तो तूने वो नोट पारा था...

मई : समझ hi नहीं आता औरत को आखिर चाहिए क्या...

मेरी झुँझलात देख वो मंद मंद मुस्कुराने लगी...


डिप्टी : तुझे पता है मई कोठे पर कैसे aayi...wo मेरा बर्थडे का दिन था मई 12तह पास आउट हुई थी 80 परसेंट मार्क्स से.. बर्थडे वाले दिन से पहले मई मार्किट से 10 इंच बड़ा डिलडो लायी थी और मॉर्निंग में मई उससे अपनी छूट सेहला रही थी उसे अंदर लेने वाली थी की मेरी फॅमिली आ गयी बर्थडे सांग गाते hue...unhone ब्लैंकेट हटाया मुझे सरप्राइज देने के लिए लेकिन सरप्राइज उन्हें hi मिल gaya...mere भाई डैड सब थे.. उन्होंने मुझे मरना चाहा लेकिन वो मर नहीं paye..thak कर उन्होंने मेरा बैग कुछ पैसे मुझे दे diye...ye कहकर की मई उनके लिए मर गयी hon...unhone मुझे घर से निकल diya..aur घूमते घूमते मई गायत्री से mili...uske बाद तुमसे...

मई : मुझे तेरी बकवास कहानी नहीं सुन नई..

डिप्टी : तुम समझते क्यों नहीं यही मेरी ज़िन्दगी है जिसे मैंने chuna...mai अगर तुमसे शादी भी कर लेती तब भी मई अपनी प्यास बुझाने के लिए नए मर्दो के पास jati..mai मजबूर हों अपनी आदतों से

..वो तो तुमने मेरा सच जान लिया और मुझे छोर diya...shayad तुम्हारा प्यार मुझे बदल भी देता लेकिन तुमने फिर मुझे अपना असल चहेरा दिखा दिया...

मई : वह रंडी लोग तेरे साथ सोये तुझे कोई प्रॉब्लम नहीं लेकिन जो तुझ से प्यार करे वो सोये तब तुझे प्रॉब्लम है...

डिप्टी : किसी ने मुझे मारा नहीं सिवाए तुम्हारे...

मई : साली किस मिटटी की बानी है tu...mera मरना भी प्यार hi tha...kash तू samajhti...tujhe मरने के बाद भी तुझसे दूर गया था मई ..बता ..तेरा प्यार तो न जाने कब का ख़त्म हो गया मेरे दिल se...shayad कभी था hi nahi..tujhme मुझे मेरी बहन दिखती थी बस वही लगाव हो गया था ...जानती है मेरा मन क्या कर रहा है बस्ती के मजदूरों के साथ तेरी लोन लेकिन nahi...ab ऐसा नहीं hoga..mai तुझे हाथ नहीं लगाने वाला...

डिप्टी : तुम्हारे 10 लाख चले jayenge...vaise तुम्हे पैसो के जाने का ग़म नहीं होगा 1 चोरी करोगे और फिर पैसा hi पैसा...

उसकी बात सुन मई उसे घूरने laga...muskurate हुए वो उठी और उसने बीएड के निचे से पैसो का बैग निकल कर मुझे दिखाया...

मई : मई चोर नहीं हों ये मेरे बिसनेस का पैसा है..

हर चोर पकड़ने जाने के बाद चोरी से इंकार करता है वैसे hi मई कर रहा tha...wahi मेरी बात सुनकर वो फिर मुस्कुराने लगी...

डिप्टी :घबराओ मत किसी से नहीं kahungi...chalo मुँह हाथ धो लो तुम्हे छाए देती हों ..

मैंने मुँह धोया और टॉवल से पोछने अंदर आया ..

और कीस लेकर मई जाने लगा...

डिप्टी : कहा जा रहे हो छाए नहीं पिओगे...

मई : nahi...akar तुम्हारा देखता हों क्या करना है...

और मई चल diya....sidio से निचे आया तो मुझे बचो की आवाजे आ रही thi...niche के हॉल में...

मम 9×76 कितने hue...mujhe किसी बचे की आवाज आयी...

मई निचे हॉल से जाने के लिए हुआ की मुझे अदिति मैडम दिखी बचो को पदहते हुए...

9×76 कितने hue...kitne hue...wo आंखे बंद किये गहरी सोंच में बचे का क्वेश्चन दोहरा रही थी...

मम अगर 20 टोफ्फिएस 100 रुपए की है तो 1 टॉफ़ी का प्राइस कितना होगा... दूसरे बचे ने पूछा...

अदिति : पहले एक क्वेश्चन का जवाब देने do..ruko पूछती हों...

अदिति : hello रिशु 9× 76 कितने hue..wo कॉल पर अपनी बहन से पूछ रही थी जो मेरे लिए थोड़ा अजीब था..

तुम्हारा जवाब है 684..और बची तुम्हारा जवाब है फाइव रूपीस पैर टॉफ़ी..

अदिति : अपने सही जवाब दिए रॉक जी..

मई : आपको इतने सिंपल...

अदिति : अभी मई पारा रही हों आपसे बात नहीं कर sakti..rishu भी नाराज होती hai...nahi कर रही हों baba...mai आगे कुछ कहता की अदिति ने मुझे बिच में hi रोक diya..fir फ़ोन पर hi रिशु को जवाब देने लगी..

सर हिलता हुआ मई आगे बढ़ गया...

बहार आकर मैंने बाइक स्टार्ट की और चल दिया...

कुछ देर चलने के बाद मई लक्समी के घर tha...aaj पार्किंग में कई गाड़ियां कड़ी थी कुछ घर के बहार भी थी ...

चलता हुआ मई अंदर आया..

अंदर बैठक में कई अमीर लोग बैठे वेट कर रहे थे...

माइड सबको बैठने का कह रही थी...

मई : लक्समी कहा hai..maine सीधा माइड से पूछा...

माइड : वेट करो वो abhi...wo सामने के रूम में इशारा करते हुए बोलने लगी की मई कुछ कहे बिना अंदर घुस गया..

अंदर लक्समी क्लाइंट के साथ बैठी थी...

बहार वेट करो लड़के ..मुझे बहार भेजने वाला क्लाइंट था शायद uska..uske कंधे पर गन थी इसलिए मैंने जाने के लिए कदम मोड़ लिए.

Ruko...jaise तुम mr.desouza के लिए खास हो वैसे hi ये मेरे लिए hai...laxmi की आवाज पर मई रुक गया..

लक्समी : 2 दिन में आपका काम हो जायेगा आप जा सकते हो..

वो दोनों आदमी उठे और मेरे बराबर से निकल गए मुझे घूरते हुए...

लक्समी: आज तुम सही टाइम पर आये हो...

मई : हां बिना ब्रेकफास्ट किये hi आगया..

मम दूसरे क्लिंट को भेजूं..

इतने में माइड ने गेट खोल कर पूछा..

लक्समी : पहले हम दोनों के लिए ब्रेकफास्ट लेकर aao...aao baitho..maid से कहकर उसने मुझसे कहा...

मई जाकर उसके सामने बैठ गया...

मई : ये लोग मतलब...

लक्समी : ये सब मुझसे काम करवाने ए पहले ये छुपकर करती थी लक्समन की मौत के बाद अब ओपनली करती hon..laxman मेरा एक्स husband...mujhe क्वेश्चन भरी आँखों से देखता हुआ उसने आगे कहा..

उसके हस्बैंड का नाम लक्समन था..

इतने में माइड खाने की ट्राली लिए अंदर aayi...fir टेबल पर hi नाश्ता रखने लगी..

मुझे लगी थी भूक इसलिए मई टूट पड़ा..

लक्समी : तुम्हे मेरा 1 काम और करना है..

मई : बोलो न..

लक्समी : तुम्हे काली बिल्ली के बाल और किसी वर्जिन लड़की के पीरियड का ब्लड लाना है क्वांटिटी डेड जितनी...

खो kho...uski बात सुनकर मुझे फंदा लग गया और मई खाने से रुक गया..

मई : जब भी खता हों तुम ऐसी hi डरावनी बातें करती हो..

लक्समी: hahaha...meri झुंझलाहट देख वो मुस्कुराने लगी ..

लक्समी : जाओ लेकर आओ मई भी तुम्हारे हथियार के लिए काढ़ा बनती हों..

मई : और कितना बड़ा करना है हथियार को۔۔

लक्समी : मेरे लिए छोटा है۔۔

मई : मई कहा से लाऊंगा ये सब चीज़े...

लक्समी : काळा बिल्ली के बाल तुम्हे पेट शॉप पर भी मिल जायेंगे... वर्जिन लड़की का ब्लड या उसका पद जिस पर ब्लड लगा हो वो तुम्हे किसी स्कूल गर्ल नहीं तो तुम्हे तुम्हारे नेइबोर्स में मिल जाएगी ....ऐसा करना किसी स्कूल गर्ल को किडनैप करके यही ले aana...usne सोंचते हुए कहा..

मुझे करना तो था hi न करने का सवाल hi नहीं था ...

लक्समी : तुम्हारे साथ सरस रहेगा तो तुम किसी भी बात की चिंता मत karna..usne पीछे से आवाज दी..

मई : कोण सरस कहा hai..maine पलटते हुए पूछा

लक्समी : कोई सवाल नहीं जाओ..

मई आगे बढ़ गया ..

मई घर से निकला और अपनी बाइक पर आया..

मुझे भूक लगी थी इसलिए बाइक से सीधा मई एक ढाबे पर आया ..जहाँ मैंने नॉन वेग पराठे लगवाए ..

पेट में कुछ गया तब मई लक्समी को गलियन देने लगा..

मई : बहन की लोदी क्या बाला है अब ये सरस कोण है... रंडी के लिए कहा से लाऊंगा पीरियड blood..mujhe उसकी बातें याद आयी और मैंने बाइक आगे बढ़ा दी..

पूछता हुआ पेट शॉप की दुकान में एक पेट शॉप की दुकान में आया..

कैसे aaye..mujhe जानवरो को देख शॉप वाले ने पूछा..

मई : बिल्ली कहा है..

शॉपकीपर: आओ मेरे साथ...

और मई उसके पीछे हो लिया..

उसके साथ मई अंदर आया तब मुझे पिंजरों में कैद कई बिल्लियां दिखी..

मई : काली बिल्ली नहीं है..

मेरी बात सुनकर शॉप कीपर ने पीछे से एक बिल्ली उठायी जो पूरी काली थी देखने में बेहद डरावनी...

शॉपकीपर: इस रंग की बिल्ली कोई खरीदता नहीं है न इसलिए इसे पीछे hi रखते hai..dusri बिल्लिओ की सोभा काम करती है..

मई : निकलना इसे ...

उसने निकल कर मेरे हाथ में पकड़ा दी...

मई : कितनी प्यारी हो तुम..

म्याऊ...

.खिलते हुए मैंने उसके बाल नोचे की वो कटखनी काटने लगी मुझे..

मई : ये पसंद नहीं आयी ..

शॉपकीपर: हमारे पास और भी है..

आदमी को बिल्ली पकड़ते हुए मैंने जल्दी से बाल जेब में रख लिए..

शॉपकीपर : आपने इसके बाल तोड़े मतलब टोना टोटका के लिए...

मई : नहीं तो ..

शॉपकीपर : अभी अपने अपनी जेब में रखे ..

मई : अच्छा दे बिल्ली... बता कितने की है...

शॉपकीपर: 6 हजार ..

और मैंने पैसे पाय kiye..sath में मई पिंजरे में कैद बिल्ली को लेकर बहार आया..

मई: तू तो साली मेरे गले पर गयी..

म्याऊ ..

मई : कटती है अभी रुक तू ..तुझे पका कर न खाया तो मेरा नाम भी रॉकी नहीं ..

बाइक पर बैठ कर मैंने बिल्ली को लटकाया और मई बाइक पर बैठे बैठे सोंचने laga...blood कहा से लॉन..

किसी लड़की को किडनैप कर लेना.

लक्समी का सुजाहव मेरे दिमाग में घूम रहा था..

रॉकी : आखिर में वो उसे मार देगी ..मैंने अपने दिल में kaha...aur मेरे रोंगटे खड़े हो गए..

मई चोर था खुनी नहीं ..किसी इनोसेंट की ज़िन्दगी लेने का अधिकार मुझे नहीं था....

बस्ती में hi किसी को ढूंढ़ना tha....lekin उससे पहले मुझे कोठे पर देख लेना चाहिए था एक बार ...

सोंचता हुआ मैंने कोठे की तरफ बाइक बढ़ा दी ..

आधे घंटे बाद मई कोठे पर था...

गेट पर hi मुझे हरी मिल गया था..

मई : मई कैसे हो हरी अंकल . .

हरी : कैसे हो rocky...dipty मजे दे रही है की नहीं...

मई : एक डैम मस्त है..

हरी : इत्ते पैसे कहा से मार लिए क्या करते हो बीटा...

मई : बता दूंगा uncle..abhi मई यहाँ काम से आया हों..

हरी : बताओ किस काम से आये कोई नयी रंडी चाहिए ..

मई: नहीं पर्सनल है थोड़ा .

हरी : खोपचे में aao...wo अपने साथ मुझे कोने में ले आया..

हरी : अब बताओ क्या बात है .

मई : कोई वर्जिन लड़की है कोठे पर .

हरी : यहाँ नहीं है दूसरे कोठे पर hai...jo गायत्री मैडम की बहन चलती है...

मई : मुझे खून चाहिए पीरियड का वो भी वर्जिन लड़की का ...

हरी मेरी बात सुनकर मुझे चौंक कर देखने लगा ..

हरी : किस लिए...

मई : मुझे दबाई बनवानी है ..

न जाने कैसे मेरे दिमाग में दबाई का बहाना आज्ञा..

हरी : कैसी दबाई .

मई : फिर बताऊंगा अभी ब्लड दिलवाडो...

हरी : 10 हजार लगेंगे...

मई : 2 बूँद खून के 10 हजार..

मुझे कचरे में पड़ा पड़े दिख रहे थे मन हो रहा था उन्ही को उठा lon..lekin मेरे साथ न दिखने वाला कोई था...

हरी : फिर रहने दो.

मई : अंकल देख वर्जिन लड़की का देना..

हरी : एक डैम वर्जिन लड़की का होगा ..

मई : चल ला फिर पैसे देता हों..

हरी : यहाँ नहीं दूसरे कोठे पर .

मैंने उसे बाइक पर बिठाया और चल दिया....

1 घंटे बाद मई लोनावला में था...

लोनावला में घर एक से बढ़कर एक they...galiyo में घूमते हुए मई अपने लिए घर भी ढूंढ रहा था ..और एक घर मैंने लॉक कर liya...aaj रात खली रहा तो इधर hi आऊंगा...

मई : चलो आओ जूस पिलाता हों तुम्हे...

मैंने अपने लॉक किये घर के सामने वाले जूस वाली रेहड़ी के सामने बाइक रोक्त्ते हुए कहा..

हरी: मई अनार का पियूँगा...

मई : 2 कर दे भाई ..

जूस वाला : जी साहब..

मई : वो घर किसका है बड़ा सुन्दर है...

जूस वाला : नैंसी मेमसाब का है हमारे hi पास से फ्रूट लेती हम hi सुबह उन्हें जूस देने जाते...

मई : अच्छा ऐसी hi डिज़ाइन अपने घर की बनवाऊंगा वैसे तुमसे जूस ले जाती है नैंसी मेमसाब...

जूस वाला : जी साहब ..

मई : कितने गिलास जूस देते हो...


जूस वाला : 1 bottle..do तीन दिन से हम थे नहीं तो पता नहीं किस से लिया hoga...kal hi उप से लौटे है..

मई : अच्छा एक बोतल मतलब बहुत लोग पिने वाले होंगे उनके घर...

जूस वाला : नहीं अकेली रहती है अपने हस्बैंड के साथ ज्यादातर तो वो बहार hi रहते hai..lo आपका जूस ..

हम दोनों ने जूस पिया और पैसे देकर आगे बढ़ गए ...

मई : और कितनी दूर है .

हरी : बस सामने...

वो एक गली की तरफ ऊँगली करते हुए बोलै...

मई बाइक लेकर गली में आया ..और उसने बाइक रुकवाई एक बड़े से घर के पास जो देखने में बड़ा सुन्दर था ..गली भी एक डैम सुनसान थी.

हरी : अब तुम यही वेट करो ...वो उतर कर बोलै ..

मई : जो कहा है वो लेकर आना और देर नहीं लगाना ..

हरी : रंडियो से मिलना तो ाजाओ यहाँ एक से बढ़कर एक मिलेगी ..

मई : नहीं अंकल तुम जाओ...

वो अंदर घुस गया मई खड़ा वेट करने लगा...

कोई 10 मिनट बाद मॉडर्न कपड़ो में गले में मंगलसूत्र ठीक करते हुए लड़की घर से निकली... मुझे देख वो रुक गयी ..

फिर वापस पलट गयी अंदर के लिए...

5 मिनट बाद वो घर से निकली और मुझे देखते हुए बराबर से निकल गयी...

आपको अंदर बुलाया hai...itne में एक लड़की जो देखने में बिलकुल भी प्रोस्टिटूइटे नहीं लग रही थी उसने मध्यान और मीठी आवाज में कहा...

मैंने ऊँगली से इशारा किया उसने हां में गर्दन हिलायी...

और मई उसके पीछे चल दिया...

उसके पीछे पीछे मई एक रूम में आया जहाँ कई लड़कियां थी और हसी मजाक कर रही थी ..कुछ लड़कियां कॉलेज की ड्रेस में thi...unhi में एक औरत बैठी थी उसके बराबर में हरी और 2 मर्द खड़े थे...

कोण है तू और बहार क्या कर रहा था..

मई : वो ji...maine हरी को देखा वो मुझे आंखे दिखा रहा था..

मई : mai..mai..yahan...

मई मई क्या कर रहा hai...kahi पुलिस वाला तो नहीं hai...iski तलाशी ले के देख...

रॉकी तू ...और जैसे मेरी साँस ने साँस आयी ..ये अम्बिका थी ...

अम्बिका: सावित्री मैडम ये कोई पुलिस का आदमी नहीं रॉकी दूसरे कोठे से आया है...

सावित्री : अच्छा वो है जिसे गायत्री अपना बीटा समझ ली थी कमीने तेरी वजह से उसका दिल टूट गया...

मई : मुझे खुद अपनी फॅमिली नहीं pasand...maine धीमे से कहा जो शायद उसने सुना नहीं...

अम्बिका : इधर कैसे आया rocky..kya सुन रही हों तूने 1 महीने के लिए डिप्टी को खरीद liya...itna पैसा कहा से मारा बे..

सावित्री : अच्छा सुन तेरे लिए एक काम है एक मैडम को तू पसंद आ गया एस्कॉर्ट बॉय बनेगा...2 लाख मिलेंगे 1 नाईट के..

मई : mai..mai...nahi...

सावित्री : चल जा फिर जो देखा है भूल जा..

अम्बिका : भरोसे का है ..इसकी चिंता मत करो .

हरी : मुझे भी कोठे ले chalo...usne पीछे से आवाज दी ..और लम्बे लम्बे कदम बढ़ता हुआ मेरे पास आगया..

हम दोनों बहार आये और मैंने उससे पूछा..

मई : ब्लड मिला...

मेरे पूछने पर उसने जेब में हाथ dala..aur एक लिफाफा nikala..jisme पद पड़ा था...

हरी : पहले पैसे...

मई : पेटम है...

कहा जा रहा है मुझे भी छोड़ dena..itne में अम्बिका आ गयी...

हरी : मेरे पास साधा मोबाइल भी नहीं...

मई : छोड़ दूंगा लेकिन मुझे 10 हजार रुपए चाहिए मई तुम्हे पेटम कर दूंगा..

अम्बिका : ruko...abhi लायी..

और वो अंदर चली गयी...

मई : अब तो दे दे..

हरी ने लिफाफा मुझे दे दिया जिसे मैंने रख लिया...

कुछ देर बाद अम्बिका aayi...jisne कॅश मुझे दिया और मैंने उसके फ़ोन पर पैसे दाल दिए..

मई : अंकल अब तुम ऑटो से आना...

अम्बिका को बिठा कर मैंने बाइक आगे बढ़ा दी...

हरी पीछे से मुझे सुनाता रह गया..

रस्ते भर मई अम्बिका से बात करता आया..

उसे कोठे छोड़ मई सीधा लक्समी के घर आया...

बड़ी जल्दी आ gaye...mujhe तो लगा 2 तीन दिन में आओगे..

मैंने उसे सामान दिया जिसे उसने डेस्क पर रख दिया...

लक्समी : तुम्हारा काढ़ा रेडी हो गया है बस रत भर मुझे जाप करना रहता है..

मई : मई जॉन...

लक्समी : इतनी भी क्या जल्दी है बताओ कुछ खाओगे..

ओह्ह बिल्ली mausi...billi को याद कर मई वापस जाने के लिए मुदा...

मई : मेरी कैट बहार hi hai...mai लेकर आया उसे दूध पीला देना ...

लक्समी : जल्दी आओ फिर हमें चलना है...

मई गेट के पास आया जहाँ मेरी बाइक कड़ी थी मैंने बिल्ली उठायी..

और उसे लेकर अंदर चल दिया..

अंदर आते समय बिल्ली केज में इधर से उधर होने लगी...

बार बार वो आवाजे निकल कर मुझ पर घुर्र रही थी..

लक्समी : दूध किचन में है निकल कर दे दो..

मई बिल्ली को निचे रख किचन में aaya...dudh बर्तन में निकल कर वापस बिल्ली के पास आने लगा तब मैंने देखा बिल्ली लक्समी को देख घुर्र रही थी...

वो दरी हुई लग रही थी...

मैंने केज खोला और दूध उसके आगे कर diya..wo डरकर और पीछे हो गयी .

मई : काली dudh..are पि ले na...wo मुझे घुर्र रही थी लेकिन दूध नहीं पि रही थी...

मैंने दूध अंदर रख कर केज बंद कर दिया...

लक्समी : हम पार्लर चल रहे है..

मई : मेरे 16 हजार रुपए खर्च हुए..

लक्समी : जो मेरा है वो तुम्हारा hai....aur जो तुम्हारा वो मेरा..

चलो aao..wo उठते हुए बोली..

मैंने बिल्ली को देखा उसने दूध नहीं पिया था..

ये देख मैंने प्याला निकल कर रख दिया ...और बिल्ली उठा कर उसके पीछे चल दिया .

हम कार में आये सामने लक्समी को देख वो और चिल्लाने लगी..

मई : क्या कर रही है ..

लक्समी : फेक दो इसे..

मई : इसका कोई नहीं मेरे सिवा इसके काळा रंग को देख इसे कोई पसंद भी नहीं karta..mai इसे घर छोड़ आता हूँ..

लक्समी : पीछे दाल दो...

उसकी बात मानते हुए मैंने बिल्ली को केज के साथ पीछे रख diya...itna काफी था उसने फेकने को दुबारा नहीं कहा..

कुछ देर बाद हम एक पार्लर में आये..

जो बहुत बड़ा यूनिसेक्स सैलून था...

देखने से लग रहा था यहाँ सिर्फ अमीर लोग hi आते होंगे..

Priya..iska लुक चेंज कर दो अच्छे से..

लक्समी की आवाज सुन एक हिजड़े की चाल चलता आदमी मुस्कुराते हुए मेरी तरफ बढ़ने laga..jiska मेकअप भी लड़कीओ का था निचे स्कर्ट भी लड़कीओ की..

पहले वो खूब अच्छे से लक्समी से मिला फिर वो मुझे अपने साथ अंदर ले गया अंदर जाने के लिए मुझे लक्समी ने फाॅर्स किया tha....andar और लड़किया थी जो लड़को को नंगा करके उन्हें मस्सगे दे रही thi..kuch उनके जिस्म के बाल साफ़ कर रही थी ..

मई : ये क्या है..

चलो कपडे उतरो प्रिंस .

मई : इनके सामने तो nahi...na तुझसे कुछ karwana..mere बाल मर्द काटेंगे नहीं लड़कियां..

उसने मुझे गुस्से में घुरा...

तेरे जैसे लार्को पर मई हाथ भी नहीं रखती ये तो लक्समी मैडम के साथ आया है तू...

गर्ल्स इसे प्राइवेट सेक्शन में ले jaao..mujhse कहकर उसने लड़कीओ को आवाज di..jo मुझे अपने साथ ले आयी..

लड़कीओ ने मुझे एक प्राइवेट रूम में चेयर पर बिठाया..

लड़की : चाहे तो आप कपडे उतर से बालो से ख़राब हो जायेंगे..

मैंने सिर्फ शर्ट उतर दी...

लड़की : आपकी पूरी बॉडी पर वैक्स होगी तब उतरने होंगे..

मई : तब का तब देखे गए...

फिर वो मेरे बालो को काट कर क्रीम लगाने lagi...phir मशीन..

बहुत देर तक उन्होंने मेरे हेयर सात किये उन्हें स्टेट किया फिर मेरी शेव की...

फिर मुझे नंगा करने के लिए kaha..maine पंत उतर दी... अंडरवियर पहना रहा..

लड़की: सर पूरी बॉडी ी मैं यहाँ भी वैक्स hogi..usne हथियार की तरफ इशारा किया..

मई : तुम मजबूरी में तो नहीं कर रही ये सब..

लड़की : नहीं ये मेरा काम है मुझे पसंद है..

मई जो सोंच रहा था इसके सामने ऐसा वैसा कुछ न करूँगा बेचारी मजबूरी में ये सब कर रही होगी उसका जवाब सुन मैंने अंडरवियर उतर दिया..

इसके लिए कपडे लायी है लक्समी मैडम इसे पहना देना..

इतने में वो हिजरा फिर आगया. और मैंने अपने मैं part पर हाथ रख liye..mujhe देख वो मुस्कुराने लगा .वही लड़की ने कपडे लेकर रख दिए .

वो गया तब मैंने हाथ हटाया...

फिर काफी देर तक लड़की मुझे वैक्स लगाती रही और मई दर्द में चीखता रहा .

मन हो रहा था लक्समी को मरने का लेकिन मई मजबूर था सिर्फ बर्दास्त hi कर सकता था...

कई घंटो बाद उसने मुझे फ्री किया..

लक्समी के कपडे पहन कर मई बहार आया...

लुकिंग सो gorgeous...laxmi पास आयी और उसने मेरे लिप्स पर किश करके कहा..

मैंने खुद को मिरर में देखा तो देखता hi रह गया...

मई खुद को पहचान नहीं पा रहा था....

लक्समी बिल पाय करने लगी ..

1 लाख 20 thousand..paytm बॉक्स की आवाज सुन मई चौंक गया इतने paise..khair मैंने भी किये थे उस पर खर्च..

लक्समी : let's जो....

और हम दोनों चल दिए...

हम कार में आये और लक्समी ने कार आगे बढ़ा दी..

10 मिनट्स बाद डिनर करने के लिए लक्समी ने कार एक फाइव स्टार होटल में रोकी..

लक्समी : मन कर रहा तुम्हे खा जॉन इतने क्यूट लग रहे हो..

मैंने फेक मुस्कराहट होंठो पर सजा ली...

हम कार से निकले और एक दूसरे का हाथ पकड़ कर हम फाइव स्टार होटल में चल दिए...

हमें देख मैनेजर ने एक खली टेबल पर हमें बिठाया..

लक्समी : आर्डर करो जो तुम्हे पसंद है .

वो मेरी तरफ मनु कार्ड करती हुई बोली..

फिर मैंने कई तरह की डिशेस आर्डर ki...mutton टिक्का मटन tandoori..mutton से निचे मैंने हाथ hi नहीं रखा था...

लक्समी : तमीज से khana..wo मुझे किसी बचे की तरह समझते हुए बोली..


मई : मेरी इंग्लिश मैडम ने इंग्लिश में इंग्लिश लोगो की तरह खाना खाना सिखाया था टेंथ me..pehle रुमाल यहाँ बांधना..

लक्समी : बस बस...

उसे बोआर करने के बाद हम खाने लगे..

आधे घंटे तक मई रुक रुक कर बार बार मुँह साफ़ करते खता रहा वर्ण मई 10 मिनट्स में hi खा लेता..

आखिर में लक्समी ने वेटर को आवाज दी..

लक्समी : दो कैपेचीनो..

मई : एक्सक्यूज़ में ये थोड़ा खाना बच गया है इसे पैक करके ले aao...waiter ने मुझे घुरा और मज़ाक उड़ने वाली हसी हसने लगा..

मई : चुप चाप ले आना सेल...

वेटर : जी सर..

वो प्लेट्स उठा कर ले gaya..maine लक्समी को देखा वो गुस्से में घुर्र रही थी...

लक्समी : ये किस liye...pet नहीं भरा तुम्हारा..

मई : काली बिल्ली के लिए...

मेरी बात सुनकर वो खामोश हो गयी..

कुछ देर बाद 2 वेटर आये एक के हाथ में कॉफ़ी थी दूसरे के हाथ में मटन माँ डब्बा था जिसे मैंने कराया tha...jise लेकर मैंने कुर्सी से अटका दिया tha...waiter पैक भी बहुत अच्छे से करके लाया था..

लक्समी : शादी कब karoge..next वीक मुहरत सुबह है क्या कहते हो .

मैंने कुछ नहीं कहा कॉफ़ी पिटे हुए सर हिलने लगा..

कॉफ़ी पि कर हम बहार आये...

कार में बैठ कर मैंने केज में से बिल्ली को निकला और उसे गोदी में बिठा लिया वही लक्समी ने कार आगे बढ़ा दी .

मैंने पैक कराया हुआ मटन निकला और उसे ओपन करके पीसेज मैंने काली बिल्ली के आगे कर diye...jise वो खाने लगी...

मई : लगता है हम दोस्त बन gaye...mai हों रॉकी उर्फ़ रक्षिण तुम बताओ काली तुम कोण हो ..

Meow...mere पैसा उठाने पर उसने आवाज निकली..

मई : अबे मरती क्यों है मई hi तो लेकर आया खाने दे न..

और मैंने मुँह में रख लिया...

मई: ऐसा खाना मैंने पहली बार khaya...maja आ गया .

लक्समी : मेरे साथ रहोगे तो हमेशा खाओगे...

बातें करते हुए हम एक अँधेरी सी लेकिन बड़ी पार्किंग में एंटर हुए...

कार कड़ी करके लक्समी ने मुझे उतरने का इशारा kiya..maine बिल्ली को केज में डाला और उतर gaya...sonchte हुए अब कहा ले आयी ये औरत मुझे...

चलते हुए हम दोनों एक दरवाजे पर ए जहाँ कई गार्ड्स खड़े थे...

हमें देख उन्होंने दरवाजा खोला और हम दोनों अंदर आये..

gaming-night-scene-stockcake.jpg


अंदर आते hi शोर रंग बिरंगी लाइट्स से हमारा सामना हुआ...

ये कैसिनो tha...jahan बहुत से अमीर लोग जुवा खेल रहे थे और खूबसूरत लड़कियां उन्हें सर्वे कर रही थी...

लक्समी के पीछे पीछे चलता हुआ मई बार काउंटर पर आया..


रेड wine...waiter ने लक्समी को देख pucha..wo शायद लक्समी को पहले से जनता था...

लक्समी ने सर hilaya...aur ऊँगली से दो का इशारा किया...

लक्समी: गैंबलिंग करे ..

मई : तुम मुझे बिगाड़ डौगी ..

लक्समी : तो बिगड़ जाओ na..usne मेरे सीने पर हाथ रखा फिर मेरे सीने को मसल दिया...

इतने में 2 वाइन आ gayi..laxmi ने लेकर मेरी तरफ इशारा किया .

लक्समी : पीओ..

मई : नहीं मई नहीं पीटा...

लक्समी: कुछ नहीं होता...

मई : मैंने कभी नहीं पि... प्लीज मेरे रोकने पर उसने गिलास रख दिया ..

लक्समी: जूस ..

मैंने हामी भरी...

थोड़ी देर बाद वेटर ने जूस का गिलास मुझे diya..aur दूसरा जिसे मेरे लिए लिया वाइन का गिलास वो उसने खुद उठा लिया..

लक्समी : आओ चले..

जूस पिटे हुए हम दोनों चलने लगे.

मुझे लेकर वो एक दूसरे काउंटर पर आयी...

वहां उसने 1 लॅक की करेंसी चेंज की जो थी गैंबलिंग वाले साइंस जो उसे थोड़े से hi मिले..

लक्समी : तुम तरय करोगे...

मई : मेरे पास पेटम है..

हम ऑनलाइन भी पेमेंट लेते है..

मेरे फ़ोन में 44 हजार पड़े थे और मैंने सबके साइंस ले लिए...

जिन्हे लेकर हम दोनों खेल रहे लोगो के बिच आये...

एक टेबल वाली मशीन जिस पर नंबर और कार्ड्स की पिक्टुरेस बानी थी एक कैसिनो का वेटर घुमा रहा था और लोग उस पर पैसे लगा रहे थे..

लक्समी : किस पर लगाओगे..

मई : 4 नंबर..4 नंबर पर क्वीन बानी थी...

मई : कितने लगाऊं...

लक्समी: जितने तुम chaho...yahan 1 के चार मिलेंगे..

उसकी बात सुन मैंने 4 नंबर पर hi लगा दिए अपने सब साइंस..

देविओ और सज्जनो अब अपनी किस्मत बदलने के लिए तैयार हो जाये..

वेटर ने कहा और मशीन घुमा दी...

एक 6 नंबर का पैसा घूमने लगा...

काफी देर चलने के बाद पैसा धीरे धीरे रुकते हुए 4 नंबर के पास aya..aur 4 नंबर के एन्ड पर आते आते आगे जाने लगा की वो आगे को गिरने के लिए झुका अगले hi पल वो 4 नंबर पर पीछे के लिए गिरा...

और मेरी खुसी की जैसे इन्तहा न हो..

मई : हम जीत gaye...khusi में मैंने लक्समी को गले लगा कर उठा दिया...

उसने जब अपने होंठो को मेरे होंठो पर रखा तब मई होश में आया...

अगले hi पल मैंने उसे निचे उतर दिया..

वेटर : और खेलना चाहेंगे सर की कॅश कराएँगे..

लक्समी : और खेलेंगे...

मुझे मजा आया और मैंने भी हामी भरी...

लक्समी : सरे लगा do...mera मन नहीं था लेकिन लक्समी के कहने पर मैंने सरे लगा दिए ..

लक्समी ने अपने साइंस भी मेरे आगे कर दिए...

मेरे जीत हुए साइंस और लक्समी के फिर वेटर ने बिच में रख दिए...

उसने मशीन चला कर पाशा फेका...

और फिर मई जीतता गया जीतता गया...

2 घंटे तक हम दोनों वही गेम खेलते रहे एक बार भी मई नहीं हरा था...

मैनेजर : सर अब आप कोई और गेम खेल le..apka जीता हुआ hi हम बहुत मुश्किल से कॅश कर payenge...aap चाहे तो उन लोगो के साथ खेल सकते hai...tash..

मेरे लगातार जितने पर मैनेजर ने आकर कहा...

मई : ठीक है फिर सारा कॅश करा कर दो..

मेरे साइंस गईं कर वो ले गया...

लक्समी : 1 बाज़ी खेल लो 1 ऑवर बाद हम जायेंगे...

मई : पता नहीं उसमे जीता की नहीं ..आओ पैसे लेते है...

लक्समी ने हामी भरी और हम दोनों काउंटर पर आये जहाँ पैसे मशीन से गईं रही थी लड़कियां..

मैंने दिल में सोंच लिया था अब अपने लिए घर खरीदूंगा...

लक्समी : पैसे 2 बैग्स में आधे आधे कर देना..

उसकी बात सुनकर जैसे मेरे तन बदन में आग लग गयी ho...mai चाहता तो कह देता की तुमने hi कहा था जो तुम्हारा वो मेरा है फिर आधे आधे kyo..badle में वो सब हड़प लेती इसलिए मैंने कुछ नहीं कहा..

कुछ देर बाद मैनेजर आया मेरे पास...

मैनेजर : इन दोनों बैग्स में एक एक करोड़ है...50,50 लैस मई आप दोनों को ऑनलाइन कर देता हों..

और हमने अपने अपने स्कैनर दिए..

पैसे आने पर हम दोनों कैसिनो से बहार aaye....phir चलते हुए अपनी कार में..

लक्समी : अब घर चलते है...

और उसने कार आगे बढ़ा दी..

लक्समी : खुश हो तुम अब तुम्हे चोरी करने की जरुरत नहीं..

मई : हाँ हों bahut..ek बात पूछूं..

लक्समी : हाँ...

मई : कुछ नहीं...

लक्समी : पूछो भी..

मई : फिर कभी...

1 घंटे बाद हम दोनों लक्समी के घर आये बिल्ली को लिए मई कार से निकला...

लक्समी : मई तुम्हारे काढ़े के लिए जाप करने जा रही हों सुबह आकर पि लेना..

मई : लेट आऊंगा तुम्हारे क्लाइंट्स होते है...

लक्समी : ठीक है लेकिन आना जरूर..

मैंने हामी भरी हुए बिल्ली को बाइक के आगे रख liya...fir बाइक मैंने भगा दी...

कोई हाफ ऑवर बाद मई बस्ती में था..

11:30 पर मई चला था लक्समी के घर से अब रात के 12 बज रहे थे..

बाइक पार्क करके मई जाने लगा की मेरा ध्यान अदिति जी के घर की तरफ gaya...jahan कई लोग बैठे थे बहार की रौशनी जल रही thi...jo इस टाइम बंद हो जाती थी...

मैंने कदम वापस मोड़ लिए...

ये है वो लोग दीदी जिनके लिए तुमने मेरे डैड का बिसनेस ख़त्म कर diya...aapne इन्हे रहने के लिए जगह दी घर दिया और आज इनमे से किसी में इतनी हिम्मत नहीं हुई जो ये मेरे डैड को बचा sakte...ye गन्दी नाली के कीड़े है इनके साथ अच्छे करना कोई फायदा नहीं देगा...

चलता हुआ मई भीड़ के पास aaya..aur मुझे रिशु की रुआंसी मगर गुस्से में डूबी आवाजे आयी जो शायद बस्ती वालो पर गरज रही थी...

रिशु : मेरे डैड को पुलिस ले गयी और तुम में से कोई एक भी उन्हें बचने के लिए आगे नहीं आया निकल जाओ मेरी बस्ती से...

बस्ती के लोग रो रहे they...unki आंखे नाम थी...

मई आगे आया सबसे तब मुझे अदिति जी सर झुकाये सीडीओ पर गुमसुम बैठी dikhi..wahi रिशु खड़े होकर बस्ती वालो पर चिल्ला रही थी. .

मई : क्या हुआ अदिति जी...

मेरे पूछने पर अदिति जी ने मुझे एक नजर देखा फिर नजरे निचे कर ली...

रिशु : तू भी अजा और देख ले हमारा tamasha...subah तू भी रूम खली करके दफा ho...yahan अब मॉल बनेगा तुम जैसे बुजदिलो के लिए इस बस्ती में कोई जगह नहीं...

मई : ठीक है चला jaunga...aaditi जी बताये क्या hua...bharosa रखे ..

अदिति : वो पुलिस आयी अंकल को झूठे रपे केस में ले गयी ...मेरे अंकल ऐसे नहीं hai...uski रुआंसी सी आवाज आयी ..

न जाने क्यों लेकिन मुझे उसका रोना बर्दास्त नहीं हो रहा था...

मई : कोण सा पुलिस station...aditi जी..

रिशु : तू क्या करेगा जान कर हमारा मजाक बना कर हसेगा ..पूछ तो ऐसे रहा है जैसे उन्हें ले आएगा .

मई : कोशिश तो कर सकता हों न..

मुझे पता hai..itne में एक बस्ती वाला मेरे पीछे से बोलै .

अँधेरी पुलिस स्टेशन...

मई घुमा तब उसने आगे आकर कहा..

मई : अदिति जी आप उदास न हो मई वडा करता हों सेठ को लेकर aaunga..aur न जाने कब मैंने अपना हाथ अदिति के हाथ पर रख दिया...

अगले hi पल मेरे दिल की धड़कने बढ़ गयी मेरा हाथ फिर कंपनी लगा..

मई : सशः शट उप ..इतने तजुर्बे काफी है अब और nahi...man hi मन मई अपने दिल को समझने लगा..


मई : आप रिशु को लेकर अंदर jao...subah तक सेठ आपके साथ honge...chalo भाई लोगो उनकी बहन लोगो सब जाकर अपने बिस्तर में सो जाओ...

मई तुम्हारे साथ चलूँगा पुलिस station....mai उस समय दिहाड़ी पर था यहाँ होता तो सेठ के लिए ladta..ek आदमी ने भीड़ में से कहा..

हम अपनी देवी की आँखों में आंसू नहीं देख sakte..ham भी चलेंगे...

एक एक करके पूरी भीड़ मेरे साथ चलने के लिए तैयार हो गयी...

मई : भाई लोग तुम्हारी जरुरत होगी मई ले जाऊंगा अभी मुझे जाने दो ...भरोसा रखो मई लाऊंगा कैसे भी करके अगर सेठ निर्दोष हुए...

कहकर मई मुदा..

मई : इसे आप rakho..is बैग को खोलना nahi...maine बैग और काली को अदिति के पास रख diya...mai सीधा हुआ तब मेरी निगाहे रिशु से takrayi..wo हैरत से मुझे देख रही थी...

मई आगे बढ़ gaya...aur अपनी बाइक पर आया...

बाइक स्टार्ट कर मैंने भगा दी ..

मैंने कह तो दिया था मई सेठ को ले आऊंगा लेकिन अब मुझे अहसास हो रहा था मई ये सब कैसे karunga...seth पर रपे का इल्जाम tha..bell etc..me भी महीनो लग jate...jo मुश्किल से मिलती...

पहले सेठ से मिलता हों फिर आगे का प्लान banauga...sonchte हुए मैंने बाइक अँधेरी पुलिस स्टेशन के सामने रोकी..

बाइक से उतर कर जब मई पुलिस स्टेशन जाने लगा मेरी आहत पर नींद ने पहरा से रहा हवलदार जाग गया...

हवलदार : कहा जा रहा है अंदर..

मई : सेठ से मिलने आया हों...

हवलदार : अबे सेल ये कोई टाइम है मिलने का...

मई : बड़े अफसर को बुलाओ...

अबे सुखीराम ये कोण है..

एक अफसर हमारी आवाजों पर मुँह पर से कैप हटाता हुआ बोलै...

मई : मई सेठ से मिलने आया हों...

अफसर : अबे इतना मरूंगा न गांड लाल हो jayegi...sale तुझे पता है कैदिओ से दिन में मिला जाता है...

मई : मई कीमत दूंगा मिलने ki..jitni तुम chaho...policiye बस एक hi जबान समझते है वो पैसे की और मैंने उसी में उन्हें समझने की सोंची...

अफसर: 50 हजार देगा...

मई : हाँ दूंगा...

अफसर : कोण है तेरा सेठ...

मई : उसका नाम नहीं पता बस सुना है उस पर रपे केस हुआ है और सुन्दर बस्ती का मालिक है...

अफसर : तुझे पता है वो कितना हाई प्रोफाइल केस है ..चल निकल इधर से..

मई : सिर्फ मिलना hi तो है .

अफसर : न न निकल वर्ण तुझे भी अंदर दाल दूंगा..

मई: 1 लाच बस मिलने के..

अफसर : बस 5 minute...dsp साहिबा किसी भी समय यहाँ आ सकती है गस्त पर गयी है..

मैंने हामी भरी...

अफसर : चल निकल जल्दी...

मई : online..scanner दो..

उसने स्कैनर दिया मैंने पाय किये..

और फिर वो मुझे एक सेल में लाया...

जहाँ सेठ बनयान और पंत में tha..jiska शरीर सुझा हुआ tha...jahir था उसे मर पड़ी है...

लॉकअप खुला और मई अंदर गया..

मुझे हैरानी और सवाल भरी नजरो से सेठ देखने लगा...

सेठ : तुम यहाँ कैसे ..किस जुर्म में आये..

मई : सेठ मई तुमसे मिलने आया hon....ab मुझे बताओ असल में क्या हुआ ...तुम पर लगे रपे के इल्जाम सही है ...वैसे सेठ तुम कोई अच्छे इंसान नहीं हो सुबह hi मैंने देखा मेरी बहन के साथ मेरे बिस्तर पर hi..

सेठ : ये झूठा इल्जाम hai...mujhe फसाया गया hai...mai बुरा इंसान नहीं hon...tumhari बहन ने मुझे दावत दी और मई खुद को रोक नहीं पाया ...तुम्हारी बहन धंदे वाली है मई उससे पहले भी मिल चूका था...

मई : फिर भी सेठ वो रिशु की आगे की है ..इवन उससे छोटी ..छोडो अब बताओ अगर झूठा इल्जाम है तो किसने और क्यों lagaya...mere पास बस 5 मिनट्स है...

सेठ: दीपक शहए नाम का एक बिसनेस मन hai...jo इंडस्ट्री बनाने के लिए मेरी बस्ती चाहता था उसने पहले कीमत लगायी मैंने इंकार किया तब उसने एक चल चली और एक सुन्दर लड़की कल्पना को मेरे पीछे lagaya..mere उससे सम्बन्ध बने फिर उसने उसे रपे बना कर रिपोर्ट कर di...kuch देर पहले दीपक आया था उसने इन ठूलो से पहले पिटवाया था फिर वार्निंग दी की अगर मैंने कल तक बस्ती की जमीन उसके नाम नहीं की तो वो मेरी बेटियों को नुकसान pahuchayega....mujhe अपनी परवाह नहीं अपनी बेटी की hai..tum उन दोनों का ख्याल rakhna...mai जल्द आजाद हो जाऊंगा ...ये ठुल्ले वो दीपक दोनों नहीं जानते मई किसके लिए काम करता हों...

मई : किसके लिए...

सेठ : मई नहीं बता सकता तुम्हे ..

मई : मैंने वडा किया है ...अदिति जी से मई तुम्हे लेकर जाऊंगा उनके पास ..अब मुझे बताओ ये दीपक और वो लड़की कहा रहते है..

सेठ : तुम्हे मार देंगे wo..mai निकल आऊंगा अपने आप से .

मई : बताओ भी सेठ...

चल आजा जल्दी ..इतने में अफसर मेरी और अत हुआ गरजा..

सेठ: पैन पेपर है ..ऐसे तुम भूल जाओगे..

मैंने जल्दी से मोबाइल ओपन करके मैसेज का फोल्डर ों करके सेठ को diya...aur सेठ टाइप करने लगा..

अबे चल जल्दी सेल मोबाइल चला रहा है....

मई : बस अफसर कॉल नहीं वो एड्रेस दे रहे hai..mai अभी चला जाऊंगा..


अफसर : तेरे एक लाख पुरे हो गए निकल...

अफसर मोबाइल छीनने को हुआ की मैंने पकड़ लिया...

इतने में सेठ ने कहा हो गया...

मैंने अफसर को छोरा और मोबाइल ले लिया...

मई : बस साहब हो गया..

मुझे लेकर वो बहार आया..

मई : अफसर अगर साबित हो गया सेठ पर इल्जाम झूठा है तो इन्हे अपने साथ ले जा सकता हों...

अफसर : उसके लिए भी कोर्ट की कार्यवाही lagegi...to अभी ले जाना तेरा नामुमकिन है सिर्फ एक रास्ता है लड़की खुद आकर अपना बयां वापस le...aur वो ऐसा करेगी nahi...aisa की तो झूठे केस में उसे भी सजा होगी महीने की...

मई : ठीक है अफसर मई आता हों उसे लेकर..

कहता हुआ मई स्टेशन से निकला और बाइक पर आया...

अब मुझे जाना था लक्समी के पास..

10 मिनट के सफर के बाद मई लक्समी के घर के बहार था...

मैंने कई बार बेल्ल बजायी लेकिन किसी ने गेट नहीं khola...jo देख मई दीवार फंड के अंदर आया...

घर लॉक देख मई गर्दन से सपोर्ट पकड़ कर चढ़ते हुए खिड़की के जरिये घर के अंदर aaya..fir मई लक्समी को देखने लगा ...

मुझे वही वाइब्स आ रही थी अब जो उस दिन चोरी करने आया था...

मुझे बार बार ऐसा लग रहा था जैसे कोई है मेरे पीछे....

दर से मेरे रोंगटे खड़े हो गए they..dil.dhak धक् कर रहा था...

मुझे आहत सुनाई दे रही थी अपने हर कदम के साथ....

बैडरूम में आया तो देखा खली था..

मुझे पता था लक्समी कहा hogi...aur मई वही आया...

जिस रूम में वो अपने क्लाइंट से मिलती वो वही एक दायरे में बैठी कुछ पढ़ रही थी पूरी नंगी होकर ....

मई : लक्समी ....लक्समी ..मेरी आवाज पर उसने आंखे kholi...aur मुझे dekha...fir गुस्से में घूरने लगी ..

मई: मुझे तुम्हारी जरुरत है प्लीज बहार आओ ...मेरे कई बार गिड़गिड़ाने पर उसने हाथो से दायरे में कई बार लकीरे खींची...

फिर दायरे से वो बहार आयी ..

लक्समी : इस समय क्यों आये हो तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई मेरा नाम लेने की...

मई : सॉरी मालकिन मुझे लगा हम शादी... और कहते कहते मई रुका..

लक्समी : अच्छा बोलो क्या हुआ...

मई : मई जिस बस्ती में रहता हों वहां के माकन मालकिन बहुत अच्छे लोग है कुछ लोग उनकी बस्ती पर कब्ज़ा करना चाहते है ..उन्होंने सेठ के पास एक लड़की bheji....aur मैंने सब बता diya...ye भी की पुलिस वाले तभी छोड़ेंगे जब लड़की अपना स्टेटमेंट वापस लेगी.

लक्समी : तुम्हारे इस तूच से संकट की वजह से मुझे अपना जाप छोड़ना pada...mai तुम्हे पुनीश करुँगी ...वो गुस्से में गरजते हुए बोली..

मई : मई मालकिन तुम पर भरोसे की वजह से जबान दे आया की तुम मेरी हेल्प करोगी...

लक्समी : अच्छा ठीक hai..udas मत हो मुझे रोने वाले लोग नहीं pasand...ab से याद रखना आईन्दा कभी मई जाप करती हुई दिखूं तो मेरे अस्स पास भी मत hona...nahi तो तुम भी मरोगे और मई bhi...acchi बात ये है ये कोई बड़ा जाप नहीं था और ज्यादा देर भी नहीं हुई थी शुरू किये ..अब जाओ उस लड़की के पास वो अपनी रिपोर्ट वापस ले लेगी...

मई : थैंक यू... थैंक यू सो मच...

मई जाते हुए बोलै....

जाओ इसके साथ...

रूम से निकलते समय मुझे उसकी आवाज आयी पीछे से...

मई घर के बहार दरवाजे से आया...

और अपनी बाइक पर बैठ मैंने लड़की का एड्रेस देखा और मोबाइल पर उस एड्रेस का मैप लगा दिया...

फिर बाइक मैंने हवा में उदा दी...

35 मिनट बाद मई लड़की के घर पर tha...maine दूर बेल्ल bajayi...kayi बार बजने पर एक आदमी ने दूर खोला..

आदमी : कोण हो तुम...

मई : कल्पना यही रहती है ..

आदमी : हां मेरी बेटी है लेकिन तुम कोण ho...wo अभी सदमे में है बताओ क्या बात है...

मई : बहुत जरुरी बात करनी है ...उसे पैसे देने है maine...agar अभी नहीं दिए तो मई मुंबई छोड़ कर चला जाऊंगा...

आदमी : उसके पैसे तुम्हारे pass..kitne है तुम्हे क्या उसने दिए थे.

मई: haan...meri फ्लाइट है दिल्ली के लिए हाफ ऑवर में अभी नहीं दिए तो फिर नहीं दे paunga...pure 40 लाच है .

आदमी: पैसे तो नहीं है तुम्हारे पास

मई: paytm...maine फ़ोन में अपना बैलेंस दिखा दिया .

पैसे में बड़ी ताकत होती है ये बस सुना था लेकिन आज देख रहा tha..raat के 2 बजे उसने अपनी बेटी को एक अनजान से मिलाने के लिए अंदर बुला लिया था..

वो आदमी मुझे अपने घर में लाया... फिर मुझे लेकर एक रूम के सामने आकर दूर पीटने लगा..

आदमी : kalpana...kalpana...

डैड : क्या हुआ ..

आदमी : दरवाजा खोलो...

कुछ देर बाद दूर khula...aur एक लड़की जो नाईट ड्रेस में थी वो बहार आयी...

कल्पना : चलो चले स्टेटमेंट देने..

आदमी : क्या matlab...kaisa स्टेटमेंट...

कल्पना : चुप दल्ले आती हों मई कुछ देर me...uski भरी सी आवाज आयी...

कैसे पॉसिबल हुआ ये मई नहीं जनता था मई उस आदमी से थोड़ी काम हैरत में था लेकिन मेरे लिए बहुत.. मुझे बस सेठ को बचाना tha...kaise भी करके..

वो मेरे पीछे पीछे चल दी ..आदमी रोक्त्ता तो वो गाली देती ..

मई बाइक पर बैठा तो वो मेरे पीछे बैठ गयी ..

और मैंने बाइक आगे बढ़ा दी...

कुछ देर बाद मई पुलिस स्टेशन में उसी अफसर के सामने था ..

वो हैरत से मुझे देख रहा था...

कल्पना: मैंने सेठ प्रकाश को झूठे इल्जाम में फसाया मुझे ऐसा करने के लिए दीपक शये ने पैसे दिए थे ताकि सेठ मजबूर होकर अपनी बस्ती उसे बेच sake...mai अपनी f.i.r वापस लेने आयी हों...

अफसर : व्हाट ..इस केस को तो मीडिया ने भी कवर किया hai...ek मिनट...

और वो कॉल करने लगा...

अफसर : hello आद्या mam..aur उसने फ़ोन पर साडी बातें बता दी ..

अफसर: हाँ मम लड़की कह रही उसने फसाया hai...thik है ..नहीं आप घर जाये मई देख loonga...haan कर लूंगा... रिकॉर्ड... okay...

उसने न जाने बड़ी अफसर से क्या बात ki...phir कल्पना की वीडियो रिकॉर्डिंग की उसके स्टेटमेंट के sath..kalpana से बार बार उसने कन्फर्म किया की मई दरकार तो बयां नहीं बदलवा रहा हों लेकिन कल्पना मुजर gayi...aur फिर उसने सेठ को निकलने के लिए हवलदारों से कहा...

उसके आखिरी शब्द सुन जैसे मेरी जान में जान आयी...

Officer:ladki को अरेस्ट कर लो..

मई : मई जॉन..

अफसर : यहाँ सिग्न कर दो ..

मैंने और सेठ ने सिग्न किये ..

अफसर: प्रकश सेठ सुबह आ जाना मैडम से मिलने..

सेठ ने हामी भरी...

और हम पुलिस स्टेशन से बहार आये ..

पीछे सेठ को बिठा कर मैंने बाइक आगे बढ़ा दी ..

सेठ : थैंक यू बीटा ..

मई: बस मेरी बहन से दूर रहना...

सेठ : तुम्हारी बहन एक डैम गुलाब है बहुत प्यारी गुड़िया...

मई : seth...bata दूँ आदित्य मैडम को .

सेठ : अरे भाई वो इतनी सुन्दर है उसकी तारीफ कर रहा था ..वैसे वो धंदे में कैसे आ गयी...

मई : वो शुरू से hi रंडी थी पढ़ाई के नाम पर कॉलेज में कभी स्टूडेंट कभी टीचर से चुदवाती थी... फिर वो यहाँ आ गयी ..और मई उसे ढूंढ़ने आ gaya...asal में मई डिप्टी की आड़ ने लव को एब्यूज कर रहा था .

सेठ: समझ सकता हों तुम्हारे दिल पर क्या बीत रही hogi...beti बहन पत्नी रंडी निकल जाये तो ज़िन्दगी झंड हो जाती है सिवाए सुसाइड के कोई रास्ता नहीं बचता..

मई : मई नहीं मरने वाला सेठ किसी रंडी के liye...lo घर भी आ गया...

बस्ती वालो ने मुझे सेठ के साथ देखा वो सब भाग कर मेरे पास आने लगे..

मई : अबे उतरने तो दो ..

वो मुझे उठाकर भैया सेठ जी को ले ए बार बार रिपीट कर रहे थे...

शोर सुन सेठ जी के घर का दूर खुला और दोनों बहने बहार आयी ..सेठ को देखते hi वो दोनों उससे लिपट गयी ..

मई : उतरो भइओ देखो मैडम आ गयी ..

मई निचे उतरा और बाप बेटिओ को मिलता देखने लगा...

सेठ से अलग होकर दोनों मुझे देखने लगी....

अदिति : थैंक you...uske मीठे bol...jaise मेरे कानो में घुल गए और अजीब सा सुकून मुझे महसूस हुआ किसी की हेल्प करके...

थैंक यू सो मच chikne...rishu आयी और मेरे गले लग गयी...

और उसने मेरे गलो को चुम लिया...

खो kho...seth के खस्ने पर वो अलग हुई..

परसो के दिन हमारी कुल देवी इस बस्ती में आयी परसो पिछली बार से भी बड़ा उत्सव होगा utsav...ek बस्ती वाला जोश में चीखा...


सेठ : हाँ jarur...is साल हमारी बेटी के आने की खुसी में मेला लगेगा वो भी बड़ा सा सब तरह के पकवान बनवाये jayenge...khub नाच गण होगा...

बस्ती वाले खुश हो गए थे सेठ के जवाब से...

सेठ : चलो अब सब जाकर सो jao....tum भी.. आखिर में सेठ ने मुझसे कहा..

मई : अदिति जी मेरा सामान..


रिशु : अंदर aao..aao न...

सेठ : चलो अंदर चलते है...

सबके साथ मई अंदर आया..

अदिति जी ने कैट उठायी और रिशु ने बैग उठाया ..

रिशु : कैसे आजाद कराया डैडी आपको...

अदिति : बहुत प्यारी है ..क्या नाम है इसका ..

मई: कोई नहीं आज hi खरीदी ..आप hi रख दो ...

अदिति : lucy...kaisa नाम है..

मई: बहुत प्यारा...

मई : ठीक सेठ चलता hon...maine बिल्ली li..aur बैग उठा कर बहार आया...

फिर चलता हुआ अपने रूम में..

मेरे दूर पीटने पर डिप्टी ने खोला ..

डिप्टी रात के 4 बजे आ रहे हो ..

मई : haan...mai अंदर आया मैंने बैग निचे रखा और लूसी को अपने पास लिटा लिया बीएड पर..

Aaah...dipty मेरे पास लेटने लगी की मैंने लात मरी उसके..

मई : लेट मत कुटिया मेरे पेअर दबा बहुत थक गया हों मई...

और वो चुप चाप मेरे पेअर दबाने lagi...lette Hi मुझे नींद आ गयी....

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मॉर्निंग...9 a.m

मई yahan...mai यहाँ कैसे aayi...nind से जागते hi आना अपने आप से बातें करते हुए बोली...

मई : मुझे तो देसूजा ने ग्रेव me...mujhe लक्समी ने भेजा है प्लीज मरना mat....water..water...

और आना को पिछली रात की साडी बातें याद आ गयी...

एक्सक्यूज़ में कोई है yahan...is सड़ेले हॉस्पिटल में अपुन को कोण laya.....ana की चीख पर नर्स भहगति हुई आयी...

हतेली ये जगह उस ग्रेव से तो ाची है बे thankful...usne दिल में सोंचा.

नर्स: लेती रहो mam...apke बोतल चढ़ रही है...

नर्स की बात सुनकर आना लेट गयी...

आया : मुझे कोण लाया यहाँ...

नर्स : वो चले गए आपका बिल पाय करके...

आया : अच्छा मेरा फ़ोन उस देसूजा ने तोड़ दिया अपना फ़ोन डौगी मुझे अपनी फॅमिली से बात करनी hai...phir उस देसूजा की गांड तोडूंगी...

नर्स ने फ़ोन diya...aur वो नंबर डायल करने लगी...

माँ देसूजा के परिवार में किसी को नहीं chhoregi...unhe कॉल मत कर ana.revenge अपने आप लेना ताकि माँ को तुझ पर प्राउड फील ho..number डायल करते हुए आना को अपने दिल की आवाज आयी...

और वो डायल किये नंबर को मिटा कर दूसरा नंबर डायल कर देती है..

कुछ देर बाद उधर से कॉल पिक होती है...

Hello who...arsu कॉल पिक करके बोलै..

आया : हु के बच्चे it's में आना...

ारसु : कहा हो madam...mother कितना वोर्री है आपके लिए फ़ोन भी ऑफ आ रहा है आपका....

आया : ssshh...itne सरे question...tum सिर्फ सुनो...

ारसु : जी सुन रहा हों..

आया : मई हॉस्पिटल में हों जल्दी से यहाँ आओ...

ारसु: कोण से हॉस्पिटल..

आया : मुझे नहीं पता मई यहाँ बेहोशी में आयी हों लो नर्स से बात करो...

कहते हुए आया ने फ़ोन नर्स को पकड़ा दिया जो एड्रेस बताने लगी...

नर्स : वो कह रहे है आधे घंटे तक पहुंच रहे है...

आया : इसे थोड़ा तेज karo...hurry उप .

नर्स ने पास आकर बोतल की स्पीड बढ़ा दी...

और आना लेते लेते वेट करने लगी...

आधे घंटे बाद ारसु बहुत से बॉडीगार्ड के साथ आना के सामने था..

ारसु: मम आप ठीक तो है क्या हुआ आपको..

आया : इन सबको बहार भेज ..

ारसु के इशारे पर सभी बोडीगार्ड्स रूम से निकल गए...

ारसु: क्या हुआ मैडम...

आया: अपुन उस हतेली स्नेहा की ग्रेव पर गयी थी .....और स्नेहा सब बता देती है...

ारसु: आप बची कैसे ..

आया: हाँ बता रही हों... मई हिम्मत हार चुकी थी फिर ...आया फिर सब बता देती hai...usne भी किसी लक्समी का नाम लिया...

ारसु: देसूजा जिस लक्समी की बात कर रहा था और वो जिसने आपको बचाया जिस लक्समी की बात कर रहा था दोनों शामे लक्समी की तो बात नहीं कर रहे...

आया : तुझे लगता है ब्लैक मैजिक होता है..

ारसु: ओफ़्कौर्से ये होता hai....aap घर चले मदर आपके लिए बहुत परेशां है ..आप उन्हें देखेगी तो पहचान नहीं payegi...desouza लक्समी का फैसला भी वही करेगी .

आया : वो नहीं मई करुँगी देसूजा से बदला भी मई hi लुंगी तुम माँ को कुछ नहीं बताओगे... बूत सबसे पहले पता करो मुझे बचाया किसने जिससे हम लक्समी तक pahuche...hey नर्स तुम्हारे हॉस्पिटल में कक्तव है...

नर्स ने सर हिलाते हुए हामी भर दी...
 
गीज़ ये बताओ.

हीरो परवर्ट हो की नहीं
 
गीज़ तुम लोगो के जवाब पढ़ लिए मैंने और स्टोरी उसी हिसाब से आगे बढ़ रही है ...राइटर को कुछ भी कहकर स्टोरी क्लोज न करना.. इन्सेस्ट प्रेफिक्से में स्टोरी है इसका बिलकुल मतलब नहीं स्टोरी इन्सेस्ट है स्टोरी हॉरर एडवेंचर पर बेस्ड है और ज्यादा मई कुछ कहूंगा नहीं जिसे पसंद है साथ रहे जिसे नहीं उसकी अपनी मर्जी बूत don't से एनीथिंग तो थे राइटर
 
Episode 10

आया : वो नहीं मई करुँगी देसूजा से बदला भी मई hi लुंगी तुम माँ को कुछ नहीं बताओगे... बूत सबसे पहले पता करो मुझे बचाया किसने जिससे हम लक्समी तक pahuche...hey नर्स तुम्हारे हॉस्पिटल में कक्तव है...

ारसु से कहते हुए आना ने नर्स से पूछा...

नर्स ने सर हिलाते हुए हामी भर दी...

नेक्स्ट कंटिन्यू...

नर्स से कक्तव फुटेज पूछने पर ारसु समझदारी दिखते हुए अपने गार्ड्स के पास आया और उन्हें फुटेज लेने भेज दिया उसने...

ारसु : आप पर अटैक हुआ और आप चाहती हो ये मई मदर को न बताऊँ...

आया : हाँ घर में बात फैली तो मेरी ग्रैनी बर्दास्त नहीं कर payegi...aur mommy..tum तो जानते hi हो उन्हें वो देसूजा की फॅमिली को मार dengi...mai ऐसा नहीं चाहती मई रिवेंज लुंगी बूत सलौली पहले तो इस ब्लैक मैजिक वाली लक्समी से निपटना hai..us लड़के की फुटेज मिलते hi उसे ढूंढो और लक्समी के बारे में पता करो ..न बताये तो टार्चर करना..

ारसु : लक्समी के बाद मई मदर को सब बता dunga...mujhe साल्लेर्य मदर देती hai..aap नहीं..

आया : अच्छा और जो तू मुझ पर लाइन मरता है वो ..बता डॉन माँ को..

ारसु: kya...aisa कब किया Maine..arsu उछाल कर चौंकते हुए रुआंसी एवं में बोलै..

आया : मेरी केयर करना मुझे चुप चुप कर dekhna..meri वैस्ट को निहारना सब जानती hon...thik है तुम मां को बताओ मई भी बता दूंगी..

ारसु: मरवाओगी क्या मैडम आप..

आया : फिर मुँह बंद rakhna..mujhe जब लगेगा माँ को बताना मई बता dungi...mujhe भी देसूजा पर गुस्सा है बूत मई उसे तरपोंगी..

टिंग इतने में ारसु के फ़ोन पर मैसेज आया...

ारसु ने मैसेज ओपन किया जो की वीडियो थी आया के पास बैठते हुए उसने वीडियो प्ले कर दी...

और दोनों देखने लगे..

आया : ारसु ये तो एक डैम फ़ारु है इसने तो नाइफ निकल लिया मेरे liye..look इसने मुझे कैसे dekha...like लवर ...वीडियो एन्ड होने के बाद आना ने कहा..

ारसु ने वीडियो से कुछ स्क्रीनशॉट लिए और फ़ोन जेब में रख लिया...

आया : ढूंढो इसे मुझे इससे मिलना है..

ारसु: क्या मतलब आपको मिलना hai...mai उसे खुद इंटररॉगटे करके लक्समी के बारे में सब पूछ लूंगा..

आया : उसने मेरी जान बचाई और तुम उसे टार्चर करोगे..

ारसु : याद करो अपने अभी क्या कहा था...

आया : यार ारसु तुमने देखा न उसने कैसे मेरे लिए नाइफ निकल liya...aur पैसे भी पाय किये..

ारसु: रात में उसका ग्रेवयार्ड जाना फिर इस तरह का नाइफ मतलब वो खतरनाक hai...aap नहीं मिल सकती usse..zidd की तो मई मदर को सब बता दूंगा..


आया : arsu...aanya ने बचो जैसी आवाज में उसे पुकारा ...जिस पर ारसु ने ना में गर्दन हिला दी...

आया : let's डील ....तुम उसे ढूंढो पता करो वो देन्गेरौस है की नहीं अगर नहीं तो मई बिना टार्चर किये उससे लक्समी के बारे में पूछ lungi...badle में मई तुम्हारी कोई एक बात मानूंगी ...

ारसु : मुझे किश करना होगा...

आया : कमीने बॉडीगार्ड मुझे पहले से hi पता था तुम्हारी मुझ पर गन्दी नजर hai...aur दोनों हसने लगे...

ारसु : चलो अब.. मदर बेचैन हो रही hai...mai आपको hi ढूंढ रहा था..

आया ने हामी भरते हुए ड्रिप निकली और कड़ी हो गयी...

आया : शूज कहा है मेरे..

ारसु ने एक गार्ड को नंगे पेअर कर दिया..

आया ने पहने और साथ चलने लगी..

नर्स डॉक्टर की हिम्मत hi नहीं हुई कुछ पूछने की गॉर्डस को देख...

चलते हुए सब कार्स में आकर बैठे और कार्स का काफिला चल दिया ..

आया के साथ ड्राइवर और ारसु थे पीछे आया और गॉर्डस दूसरी करो में थे..

आया : मई इस ड्रेस में माँ के सामने नहीं जा sakti...pass में कोई क्लोथ्स शोरूम दिखे कार रोकना.. हॉस्पिटल से कार निकलते hi आया ने kaha..wo हॉस्पिटल के hi कपड़ो में थी..

कुछ देर बाद ारसु ने कार रुकवाई ...

ारसु: मई लेकर आता हों आप यही रुके..

आया : मई चलती हों मुझे उन्देर्गर्मेन्ट्स भी लेने है..

ारसु: मई ले आऊंगा sab..wo भी .

आया : ठरकी उन्देर्गर्मेन्ट्स के नाम पर कितना खुश हो रहा है...

ारसु: मई बस आपकी सेफ्टी के लिए ये सब कर रहा hon..aur ारसु कार से निकल गया...

कुछ देर बाद वो आया एक बैग के साथ पीछे बैठ कर उसने कपड़ो का बैग आया की तरफ कर दिया..

ारसु: गर्दन में बने रूम में चेंज कर लेना...

आया ने कपडे लिए और देखने लगी...

ारसु फ्रॉक लगा था जिसकी लेंथ आया के पैरो जितनी थी..

आया : अबे ये क्या साइज उठा लाया ये छोटी hai..wo ब्रा पंतय को देख boli..aanya धीमे से खुद में बुदबुदाई फिर भी ारसु ने सुन लिया था..

मन hi मन आया ारसु की नियत पर प्राउड फील कर रही थी.. उन्देर्गर्मेन्ट्स बॉक्स में ज़ल्द थे . उन्हें छुआ नहीं था किसी ने..

आया : मेरा साइज 36 और वैस्ट 38 है...

ारसु: हाँ तो मुझे क्यों बता रही हो..

आया : इडियट नेक्स्ट टाइम के लिए बता रही hon...agar ऐसी सिचुएशन हो ...अच्छा वो सामने देखो ये टावर किसका hai...aanya ने कहा और कोने में खिसक गयी.. फिर जल्दी से उसने हॉस्पिटल की ड्रेस उतर दी और ब्रा पहनने लगी...

ारसु: ये obrai's का है ..

आया: और वो गर्दन आया हाथो से इशारा करते हुए boli..aur जल्दी से पंतय पहनने लगी ..

ारसु: यहाँ तो आप कई बार आयी ho..arsu ऊँगली की दिशा में देखता हुआ बोलै..

आया: बस हो gaya...wtf ...उसने जैसे hi फ्रॉक डाली उसकी नजर सामने लगे मिरर पर पड़ी जिसने उसका सीना दिख रहा था .

इतने में कार घर में एंटर hui...aur घर में बने रोड पर चलते हुए मैंने दूर पर आयी...

ारसु उतरा और उसने आया के लिए दूर खोला....


ारसु : पहन भी li...wo चौंकते हुए बोलै..

आया: yup...aur आया मुस्कुराते हुए कार से बहार आयी और अंदर चल दी...

ये तो अछि बात है म्युटेंट फ्रूट से कही ज्यादा तुम अहम् हो अपना ख्याल रखना...

आया अंदर आयी तो उसे सान्वी जैसी आवाज में कोई फ़ोन पर बात करती dikhi..jiski पीठ थी आया की taraf...sath में उसके आरवी बैठी थी..

Didi...ahat पर आरवी palti..sofe पर छलांग मरते हुए वो आया के पास आयी और उसके गले लग गयी...

आरवी: कहा चली गयी थी आप में माँ कितना वरीड हो रहे थे आपके लिए..

Ana...kaisi हो तुम मेरी bachi...kaha थी तुम फ़ोन क्यों ऑफ आ रहा था तुम्हारा...

आया : तू कोण हे बे ितों जो मुझे bachi...mommy...wo गौर से सान्वी को देखते हुए बोली...

आया: mum...aarvi मई ये क्या देख रही हों...

आरवी : ऐसे hi मई शॉकेड हो गयी thi...mommy किसी पार्लर में गयी थी..

सान्वी : वो मई पारलर में गयी थी तो उन्होंने कुछ खास ट्रीटमेंट दिया tha...saanvi ने शर्मा कर कहा..

सान्वी : बी थे वे तुमने अभी क्या कहा था मुझे...

आरवी : है माँ ये टपोरी हो गयी है एक डैम..

आया : सॉरी सॉरी माँ अपुन एक डैम सटकली हो गयी आपको इतना यंग देख के ...ये कैसे hua...wtf..mujhe अभी भी बेलीवे नहीं हो रहा hai...mommy आप मेरे जितनी यंग लग रही हो how's it's पॉसिबल...

भाग कर आना सान्वी के गले लग गयी ..फिर जो मन में आया बिना सोंचे बोलने लगी..

सान्वी : हाउ मान्य टाइम ी टोल्ड यू घर में टपोरी लंग्गूगे नहीं बोलना...

सही कहा सान्वी ये एड़ी एक डैम डबल बैटरी हो गयी है इसको खर्चा पानी mangta...itne में आवाजे सुन शालिनी आ गयी...

आया : ग्रैनी आप तो डैम jhakkas...sorry सॉरी no टपोरी लंग्गूगे ात होम...

आरवी: हाहाहा...

सान्वी: उफ़ माँ आप भी न इन दोनों के साथ बची बन जाती ho...larki सुनो जिस बात से मैंने मन किया उसे तुमने किया तो अच्छा नहीं hoga...itna बड़ा बिसनेस है माफ़ियास में नाम है और तुम टपोरी बानी घूमती ho...mai न होती तो तुम तपोरिओ की तरह हफ्ता वसूली कर रही hoti...saanvi के गुस्सा करने पर दोनों बहने एक डैम भीगी बिल्ली बन गयी थी..

आया : सॉरी मां...

सान्वी: इतस okay अब बताओ कहा थी tum...aur झूट नहीं बोलना ..

आया : वो मई स्नेहा की ग्रेव पर गयी थी कल उसकी डेथ एनिवर्सरी थी.. फिर मेरी तबियत ख़राब हो गयी तो किसी अनजान ने मुझे हॉस्पिटल में एडमिट कर दिया tha...phone शायद मेरी पॉकेट से गिर गया tha...ana ने कुछ झूट कुछ सच बता दिया था...

सान्वी घूरती रही ..वही आना सोंच रही थी सान्वी ने उस पर बेलीवे किया की नहीं ..

सान्वी: अब कैसी है हेल्थ...

आया : फाइन ...

शालिनी : लड़की तू इन्हे ऐसे धमकाएगी नहीं...

सान्वी : माँ अब ये बची नहीं रही ...

शालिनी : मेरे लिए बची है तू भी और ये भी...

सान्वी : आपसे मई नहीं जीत पाऊँगी..

आरवी : ये हुई न बात ग्रैनी इनकी क्लास लो ये मुझे बहुत डरा कर रखती है..

सान्वी : आरवी की बची अभी रुको...

सान्वी लपकी पकड़ने के लिए ..जो देख आरवी भागने लगी ...

आरवी : ः पाकर लो...

आरवी के चिढ़ाने पर सान्वी मुस्कुराने लगी..

फिर अपने रूम की तरफ चल दी..

आया : mum...ana की आवाज पर सान्वी पलटी..

आया: आपके भड़कने से सूरे हुई आप सच में मेरी मम्मी हो .

सान्वी फिर मुस्कुरा दी.

आया: मां वैसे ये म्युटेंट फ्रूट क्या hai...aate समय मैंने आपको फ़ोन पर सुना...

सान्वी: स्टॉक आने दो फिर बताती hon...beach पर जाओ और हर समुंद्री रस्ते पर सेक्युरिटी बढ़ा दो ..छोटी सबमरीन्स नेवी फाॅर्स से बचा कर आगे bhejo..unse कहो वीक तक पानी में hi इंतज़ार करे स्टॉक का ...

कहकर सान्वी आगे बढ़ गयी.

सर हिलती हुई आना जाने के लिए मुड़ी तो उसे सोफे पर शालिनी आरवी बातें करती हुई दिखी...

आरवी : ये ड्रेस कैसी पहनी है हाहाहा..

आरवी को मिडिल फिंगर दिखती वो बहार आयी...

Arsu...wo चीखी और ारसु जो बोडीगार्ड्स से बात कर रहा था दौर कर उसके पास आया...

ारसु : यस madam...usne ठहर कर धीमे से कहा..

आया : क्या कर रहे they..yaad है मैंने कुछ कहा था..

ारसु : वही कर रहा था उस लड़के की पिक्चर सभी लोकल गैंगस्टर और खबरिओ को फॉरवर्ड करके ढूंढ़ने के लिए कहा है ..जिसे भी दिखेगा वो मैसेज कर देगा...

आया : गुड मिले तो मुझे बताना .. मई बेस पर जा रही हों सिक्योरिटी बढ़ने...

ारसु: मई भी चलता हों...

आया : नहीं तुम उसे तलाश करो मई दूसरे गार्ड्स को ले जाउंगी....

कहकर आया आगे बढ़ गयी...

ारसु : मैडम एक बात पूछूं...

आया रुकी और क्वेश्चन भरी आँखों से उसे देखने लगी..

ारसु : इतनी ऑब्सेस्सेड क्यों है उसके लिए...

आया : बस जानना चाहती हों उसने मेरे लिए डॉ. की नैक पर नाइफ क्यों रखा....

कहकर आया कार में बैठी जो देख ड्राइवर भाग कर आया और कार में बैठ गया...

ारसु ने गार्ड्स को इशारा किया वो भी अपनी कार्स में बैठ कर आया की कार के साथ हो लिए...

संवी गुस्से में लाल पिली हुई बैठी थी ...वजह थी एक मैसेज जो उसके फ़ोन पर था...

सान्वी मैडम मुझे आज सुबह देसूजा फॅमिली जश्न मानती हुई दिखी स्नेहा की मौत के बाद वो लोग ऐसे नहीं हस्ते थे लेकिन आज वो बहुत खुश हो रहे थे वजह थी आया मैडम को उन्होंने ज़िंदा बुरिएड कर दिया tha...mai रस्ते में हों आया मैडम को लेने जा रहा हों मुझे जल्दी से स्नेहा जहाँ बुरिएड है उस ग्रेवयार्ड का एड्रेस भेजे..

ये मैसेज सान्वी के एक जासूस का था...

जिसे पढ़ कर गुस्से में सान्वी के हाथ पेअर फूल गए थे..

शॉक से निकली तो उसने मोबाइल उठाया..

पहले जासूस को उसने वापस भेजा फिर नंबर तलाश करते हुए उसने डी नाम से नंबर सर्च किया और कई नामो में से ...एक नाम पर क्लिक कर दिया..

2 रिंग जाने के बाद कॉल पिक हुई...

आज सालो बाद मेरी याद कैसे आ गयी मैडम saanvi..udhar से कॉल पिक करते hi देसूजा ने कहा...

सान्वी : तुमने मेरी बेटी को चोट पंहुचा कर ये लड़ाई अब बड़ो की बनादि hai...bacho की लड़ाई में मैंने कभी तुम से दुश्मनी नहीं ki..hamare बचो की लड़ाई में जब खून बहने लगा तब मैंने एक फैसला किया और सब रोक दिया tha....lekin अब तुम अपने गईं गिनो....

देसूजा: मेरी बेटी को तुम्हारी बेटी ने मारा था और मैंने तुम्हारी बेटी को हिसाब बराबर ...ये धमकियाँ किसी और को देना जो तुमसे डरता हो मैडम saanvi...mai तो उसी दिन मर गया था जब मेरी बेटी को तुमने मुझसे छीना था...

सान्वी : पहले मई तुम्हे खुशियां देकर ज़िंदा करुँगी फिर मई तुम्हे कंगाल करुँगी उसके बाद तुम्हारे परिवार के हर सदस्य को मई तुम्हारी आँखों के सामने marungi..aur आखिर में tumhe....congrats अब दुश्मनी तुम्हारे और मेरे बिच हो गयी है...

जवाब सुने बिना सान्वी कॉल कट कर देती है...

और दूसरा नंबर डायल करती है..

यस मैडम आना घर आगयी .कॉल पिक होते hi उधर से आवाज आयी...

सान्वी : हाँ हिंकले जी वो आ गयी hai..jante है उसके साथ क्या हुआ tha.....phir सान्वी बताने लगी .......

सान्वी : जूनियर अब टाइम आ गया है डिसूज़ा की खुशियां उसे वापस देने ka....jiske बाद बदले में मज़ा आये..

जूनियर : अगर वो आना को चोट नहीं पहुँचता तो मई आपको रोकता लेकिन अब मुझे भी देसूजा के खून से अपने हाथ रंगने है...

संवी : नजर रखो उस पर..

कहकर सान्वी कॉल कट कर देती है..

प्रकाश राज देसूजा

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आगे 45 saal..dikhne में बेहद गोरा और स्मार्ट पर्सनालिटी..

देसूजा ने सिंडिकेट में शुरुआत सान्वी के साथ उसकी माँ के लिए काम करते हुए की thi..shalini से नाराज होकर देसूजा ने उसके लिए काम करना छोड़ दिया और अपनी गैंग बनायीं जो धीरे धीरे पुरे नेटवर्क बन कर ubhari..saanvi उज्जवल दीपक के बाद सिंडिकेट माफिआ में कोई सबसे पावरफुल था वो देसूजा था..

देसूजा की बड़ी बेटी का नाम स्नेहा है और बेटे का नाम सहम..

देसूजा की वाइफ का नाम गरिमा है..

देसूजा का एक भाई भी है रवि जो सिंडिकेट में नहीं है दिल्ली में रहता है..

स्टॉप आना के कहने पर ड्राइवर ने एक बड़ी सी इंडस्ट्री की पार्किंग में कार रोकी..

उतर कर आना चलते हुए लिफ्ट में आयी..

लिफ्ट से निकल कर एक ऑफिस में...

ऑफिस में बहुत से लोग बैठे मोबाइल मैनुफेक्टर कर रहे they...sabko इग्नोर कर आना चलती रही..

आना ...एक बेहद सुन्दर लड़की ने सरप्राइज होते हुए kaha..jo कॉफी का कप लगाए एक ऑफिस से निकली थी...

जिसने कॉफ़ी का कप काम कर रहे एम्प्लोयी की डेस्क पर रखा खुद भागते हुए आकर आना के गले लग गयी...

कैसी है soni..ana ने मुस्कुराते हुए कहा..

सोनी : लास्ट टाइम 2 साल पहले आयी थी तू जस्ट कॉलेज से पास आउट होने के बाद कॉलेज के बाद ये हमारी दूसरी मुलाकात है..

आया : मई बिजी रहती hon...vaise मई फ़ोन के लिए आयी थी मेरा फ़ोन टूट गया है..

सोनी : आयी वो भी काम se...ruk नई मॉडल्स दिखती hon...ana से कहने के बाद उसने अपने एम्प्लोयी को आवाज दी .और सैंपल मंगवाए..

कुछ देर बाद एम्प्लोयी कई फ़ोन लेकर आया..

सोनी: ये सब हैकिंग प्रूफ hai....koi भी चूसे कर le..soni फ़ोन दिखते हुए बोली...

आया: ये पिंक वाला अच्छा लग रहा है..

सोनी : हाय पिंक को पिंक पसंद आया..

आया : तू भी न पूरी बहन की लोदी hai...le पकड़ जल्दी लेकर आ मुझे जाना hai..ana कार्ड देते हुए बोली..

सोनी : इसका ओरिजिनल वर्शन ले आओ सेक्सी कवर के sath..soni ने एम्प्लोयी से कहा खुद कार्ड लेकर मशीन में स्वाइप करके पैसे निकलने लगी...

सोनी : यार रीयूनियन पार्टी रखते है क्या कहती hai...hamari साडी पुराणी फ्रेंड्स होगी...

मम phone..itne में एम्प्लोयी फ़ोन लेकर आगया..

आना ने फ़ोन उठाया और चल दी .

सोनी : जवाब तो दे दे यार .

आना बिना जवाब दिए आगे बढ़ गयी .

बहन की लोदी बोरिंग.... चलते हुए वो खुद में बड बड़े..

कार में बैठते hi कार चल दी...

हाफ ऑवर बाद कार एक बिच पर एंटर हुई...

जहाँ बहुत सी बड़ी छोटी वोट्स कड़ी थी पास में hi एक पोर्ट बानी थी...

कार से निकल चलते हुए आना इंस्ट्रक्शंस दे रहे आदमी के पास आयी ..

आना मेरी sweetheart...ahat पर वो पलटा आना को देख उसने आना को हुग कर लिया..

मुझे पता चला तुम्हारे बारे me..ab कैसी हो तुम...

आया : मई ठीक हों जूनियर uncle...ab आप मेरे फ़ोन में सरे ओल्ड कांटेक्ट सेव kare...phone देकर आना आगे बढ़ गयी...

मुंबई के छोटे से लेकर बड़े गुंडे सब रॉकी की फोटो लिए घूम रहे they..bounty थी 1 करोड़ की सिर्फ उसका एड्रेस ढूंढ़ने की...

अब शाम के 5 बज गए थे समुन्दर पर दिन ढल रहा था...

जूनियर एक एक नंबर फ़ीट कर रहा था तभी उसका फ़ोन बजा...

जूनियर: hello मैडम ..

फ़ोन सान्वी ने किया था..

सान्वी : आना है जूनियर

जूनियर : जी मैडम ..

सान्वी : मई हॉस्पिटल में हों माँ आरवी से बातें कर रही थी की उन्हें अचानक से स्ट्रोक आ gaya...ana को लेकर आओ..

जूनियर ने हामी भरी और कॉल कट कर वो भागता हुआ आना के पास आया... राइट के पास आग जलाये समुन्दर के पास बैठी ताप रही थी...

जूनियर: बड़ी मैडम हॉस्पिटल में है..

आया: व्हाट...

और जल्दी से दोनों उठे कुछ देर में दोनों हॉस्पिटल में थे ..

दोनों आकर सान्वी आरवी के पास बैठ जाते है ..

रात 10 बजे आया के पास ारसु आया..

पास आकर उसने चहेरा आगे कर के होंठ आना के कान के करीब किये..

ारसु: वो मिल गया hai..ek कैसिनो में hai..photo सेंड की है मुझे गार्ड्स ने..

आना ने न उसे सर उठा कर देखा न कोई जवाब diya...jo देख वो चला गया....

************************************

कार पार्क करके लव अहाना कार से निकली फिर अपने डिपार्टमेंट की तरफ चलने लगी...

कहा जा रही हो मेरी jaan...dono गार्डन से निकल hi रही थी की उनके सामने आकाश आ gaya....jiske साथ hi उसका पूरा ग्रुप था लेकिन आज आरवी नहीं थी...

अहाना : सामने से हटो...

ऐसे नहीं पहले किश दो आकाश ko..naina आगे आते हुए बोली...

लावण्या : प्लीज जाने दो न मम..

नैना : अव्व्व साउंड्स good...tumhari फ्रेंड आकाश को एक किश दे दे फिर छोड़ दूंगी...

अहाना : तेरी माँ की chut...ahana ने थप्पड़ मारा की नैना ने पकड़ लिया...

जिया : हाहाहा एड़ी हुल दे रही hai...piche से आकर जिया ने ऊँगली अहाना की गांड में दाल दी...

नैना : तेरा हाल वो करुँगी तो सोंच भी नहीं सकती एड़ी मुझे गली देगी..

बचने के लिए अहाना ने जिया का हाथ हटाना चाहा और पीछे किया इतने में जिया ने अहाना का बैग चीन liya..aur लेकर भागने लगी...

जिया : aaa..aa..pakad ले...

अहाना नैना से हाथ छुड़ा कर भागना छह रही थी की नैना उसे छोड़ नहीं रही थी .

वही जिया बैग दिखते हुए पार्क में अंदर जाने lagi...jahan पेड़ थे...

लावण्या : प्लीज लीव हेर .. एटलीस्ट गर्ल्स होकर गर्ल्स की इज़्ज़त करो..

आकाश : क्यूट सबकी इज़्ज़त करेंगे तो लूटेंगे किसकी...

नैना : हाहाहा क्या डायलाग मारा tune..chal जा लेले अपना बैग.

नैना ने छोड़ा तो अहाना बैग लेने के लिए जिया के पीछे भागने लगी....

नैना : चल तू मेरे साथ aa..lav के गले में हाथ डेल नैना उसे लेकर चलने लगी...

नैना : कभी सेक्स किया है...

लावण्या: नहीं...

नैना : फिर तेरा फिगर इतना सेक्सी कैसे है...

आकाश : जवाब दे न मेरी jaan...aakash लव को खामोश देख उसके चूतड़ को मुट्ठी में भर कर दबाते हुए बोलै ..

मर्द के अहसास से लावण्या को अपने शरीर पर छुटियाँ चलती महसूस हुई ..उसने हाथ हटाने के लिए जरा भी विरोध नहीं किया..

नैना :बोल न मेरी जान..

लावण्या : पुअर family's ईटिंग इस थे ओनली जॉब...

नैना : अरे यू पुअर..

लावण्या : यस मम प्लीज मई पर्ने आयी हूँ पड़ने दो न मुझे..

नैना : okay मेरी जान तू इनोसेंट है इसलिए छोर देती hon...aakash हाथ हटा..

आकाश : okay boss..aakash हाथ हटते हुए बोलै...

आकाश : वैसे ये उससे ज्यादा मस्त है एक डैम सेक्सी..

नैना : तेरी इंसल्ट तो उसने की है न और मुझे भी गली दी...

तीनो गर्दन में आगये they...lav ने देखा एक लड़की पेड़ के पीछे हिल रही है उसका सिर्फ धड़ आगे पीछे हो रहा tha...itne के एक हाथ पीछे से आया और लड़की के बूब कपड़ो के ऊपर से दबाने लगा..

वही जिया अहाना को बैग दिखाए उसे अपने पास बुला लेती है जैसे hi अहाना बैग लेने को होती जिया भाग jati..itne में जिया को आकाश दीखता है जो देख बैग वो आकाश के पास फेक देती है..

आकाश बैग कैच करके अहाना को अपने पास बुलाने लगा ..जैसे hi अहाना उसके पास जाती वो बैग जिया की तरफ फेक देता..

नैना : क्या देख रही है मेरी जान...

नैना लव की नजरो का पीछा करते हुए पूछी .

लावण्या : वो यहाँ सबके सामने...

नैना : टीचर के साथ लगी है पास से देखेगी...

लव ना में गर्दन हिला देती है जो देख नैना है दी ۔

नैना : तू मुझे पसंद आयी ..

अहाना बार बार इधर से उधर भाग रही थी और जिया आकाश दोनों है रहे थे जो देख उसकी आंखे नाम हो गयी .

अहाना की आँखों से आंसू बहते देख दौड़ कर लव ने आकाश के आगे आकर बैग पकड़ लिया....

आकाश : क्या कर रही है दे इधर..

बिना जवाब दिए लव चलती हुई अहाना के पास aayi...ahana गिरने को हुई की लव ने उसे गले से लगा लिया ...वही अहाना लम्बी सांसे लेने लगी...

लावण्या : प्लीज मम हम बस स्टडी के लिए आये है यहाँ हमें जाने दो.

आकाश : पहले दिन hi इसने मेरी इंसल्ट की thi...ise बोल अपने बूब मुझ से डाब व ले छोड़ दूंगा...

नैना : साली की जबान बहुत चलती है..

इतने में जिया आयी उसने लव को पीछे से धक्का दिया और अहाना को पीछे से पकड़ liya....jacket की चैन खोल उसने अहाना की शर्ट को खींच कर स्कर्ट से निकला फिर शर्ट ऊपर उठा दी ..जिससे अहाना की ब्रा दिखने लगी...

आकाश : चल शूट कर ..आकाश ने अपना फ़ोन निकला और रिकॉर्डिंग लगा कर फ़ोन लव को थमा दिया...

जिया: शूट कर वर्ण इसकी छूट भी मर लेगा ye...jiya एक हाथ से स्कर्ट उठा कर पंतय दिखते हुए बोली...

आकाश की बूब पकड़ते देख दौड़ कर लव अहाना के आगे आकर कड़ी हो गयी ..

लावण्या : तेरी 2 इंच लुल्ली से बारे मेरा एक बूब hai...chutiye शकल देख अपनी तुझे देख कर लगता है तेरा तो खड़ा भी नहीं होता hoga...chodne का बहुत शोक है न तुझे चल छोड़ ..

कहते हुए लव ने अपनी स्कर्ट उठा दी ..और अपनी छूट दिखने लगी पंतय के ऊपर से...

लावण्या : चल दाल अपनी लुल्ली..

आकाश गुस्से में घूरने laga...uski समझ में नहीं आ रहा था वो क्या करे...

नैना: आकाश देख क्या रहा है दाल दे...

जिया : 2 इंच वाली lulli...hahahahahaaha..

नैना : तेरा सच में 2 इंच है kya...hahahaahah...

लावण्या : ले रख इसे ..जब भी तुझे मर्दानगी का अहसास हो इसे देख लेना ..

लव फ़ोन उसे देते हुए boli...phir स्कर्ट निचे करके अहाना का हाथ पकड़ चलने लगी...

नैना : मिलते है सेक्सी...

लव जवाब दिए बिना आगे बढ़ गयी...

चलते हुए वो दोनों आगे आयी और एक बेंच पर बैठ कर पानी पिने लगी...

अहाना : देख लिया तूने ये लोग हमें जीने नहीं देंगे इन जैसी गंदगी को यहाँ से दूर करना hi होगा...

लावण्या : तू ठीक है..

अहाना उसके गले लग गयी..

अहाना : तूने मुँह देखा था उसका..

लावण्या : हम्म इनका इंतजाम करना hi पड़ेगा...

अहाना : रुक मई कॉल करती हों आद्या मम से कह दूंगी हम तैयार है..

अहाना ने कॉल लगायी तीसरी रिंग पर आद्या ने कॉल पिक की...

आद्या : hello अहाना .

अहाना : हां मम हमें आज फिर ह्रास किया उन लोगो ने...

लावण्या: मेरी बात करा .

अहाना सर हिलती हुई फ़ोन लव को थमा देती है...

लावण्या : hello मम लव बोल रही हों... हम आपका काम करेंगे लेकिन मेरी कुछ शर्ते है..

आद्या : कैसी शर्ते...

लावण्या : आप उन्हें पुनीश karengi..ham कैसे बेलीवे करे..

आद्या : यार उन लोगो की फैमिलीज़ गैर क़ानूनी काम करते है... अरेस्ट करने को क्या है मई कर लुंगी 2 घंटे बाद उनकी फॅमिली हमारी पुलिस स्टेशन में होगी और वो बहार उसके बाद न सिर्फ तुम्हे मुझे भी हर्ट karenge..lekin जब उनकी फॅमिली अंदर होगी तब वो कुछ नहीं कर payenge..aur उन्हें इतना मरूंगी उनकी गांड में डंडा दे दूंगी..

लावण्या : प्रॉमिस..

आद्या : हाँ प्रॉमिस..

लावण्या: ठीक है मैडम हम इनसे जुड़कर इनके घर तक जायेंगे फिर आपको इनकी इनफार्मेशन देंगे..

आद्या : गुड..

लावण्या : क्लासेज का टाइम हो गया मई चलती hon..mam..

आद्या : ठीक है...

लव कॉल कट कर देती है...

अहाना : कैसे करेंगे हम उनकी सपयिन्ग..

लावण्या : हमें परेशां करना उनकी सबसे बड़ी भूल साबित होगी अब उन्हें कर्स लग गया है..

अहाना : इतने टाइम बाद फाइनली मेरी लव वापस आ gayi...mujhe भी बेचारी पुअर लव बिलकुल नहीं पसंद..

लव उसे देख के मुस्कुरा दी..

**********************

रॉकी देखो कोई आया है...

अबे सोने दे न..

रॉकी कोई तुम्हे बुला रहा है...

डिप्टी के बर्बर जगाने पर मैं आंखे मसलता हुआ उठा...

मई : कोण आया है..

डिप्टी : देखो जाकर..

मैंने दूर खोला सामने झगन था...

झगन : मई ले आया...

मई : क्या...

उसने कमर पर की शर्ट uthayi...aur मुझे उसकी कमर में एक 12 मम पिस्तौल दिखी...

मई : ला de...usne डिप्टी को देखा और इशारा किया आगे आने का..

चलता हुआ मई जीने पर आया आड़ me...jine पर उसने गन निकल कर दी..

झगन : 12 गोलियन है...

मई : ठीक hai..ab तू जा..

सुनो छाए के लिए कुछ नहीं है...

इतने में डिप्टी ने आवाज दी जो छत पर छुपी मुझे देख रही थी...

मई : सुन झगन दूध और कुछ खाने को ले aa...tu भी छाए पि lena...scanner मुझे भेज देना मई पैसे पाय कर दूंगा..

झगन : ठीक है bhaiya...madam के लिए कुछ bhi...wo डिप्टी को देखते हुए bola...aur निचे उतर गया...

मई ऊपर aya...aate hi मैंने डिप्टी से पूछा..

मई : क्यों छुप कर देख रही थी तेरा मेरा रिश्ता hi क्या..

डिप्टी : बस देख रही हों तुम्हे मुंबई की हवा लग गयी है लेकिन ये सब क्यों...

मई : काम से काम रख अपना...

कहता हुआ मई मुँह हाथ धोने चला गया...

वापस आया तो छाए बन गयी thi...jhagan बैठा डिप्टी को देख रहा था...

उसे छाए पीला कर मैंने भेजा...

डिप्टी मेरे लिए बीएड पर hi छाए बिस्किट ले आयी..

मई : अब बता क्या चाहती hai...ek अच्छी ज़िन्दगी की वापस धंदा करेगी कोठे par...dekh ये सब छोड़ दे ये भी कोई लाइफ है..

डिप्टी : मई चली गयी तो गायत्री तुझे मार डालेगी..

मई : इसकी फ़िक्र तू मत kar...tu बता ये सब छोड़ेगी...

डिप्टी मेरे पास बैठ कर गहरी सोंच में दुब गयी...

डिप्टी : मेरे पास पैसे इतने हो गए है कही भी पूरी लाइफ अच्छे से काट जाएगी लेकिन मर्दो के मज़े का kya..mujhe चस्का लग गया है मर्दो ka....ye सब कैसे छोर पाऊँगी mai...ghar वाले भी एक्सेप्ट नहीं karenge..kya करूँ अकेले भी तो नहीं जी sakti...tu भी अपनाएगा nahi...usne हसरत से मुझे देखा और उसकी आंखे नाम हो गयी...

डिप्टी: अभी 18 की हुई हों पूरी लाइफ पारी है मेरे aage...tu मुझे वही छोर दे वैसे भी वो लोग तुझे मरेंगे मई 27 दिन बाद नहीं गयी तो...


मई : मई तेरे लिए कुछ भी करूँगा लेकिन अपना नहीं sakta...mujhe तुझसे प्यार नहीं था अट्रैक्शन थी और सब khatm...dekh तू मेरे पास है अब और मई तेरे साथ कुछ नहीं कर रहा हों... तुझे हासिल तो कर लिया लेकिन अब तेरी ख्वाहिस नहीं रही...

दीप्ती : वो जबरजस्ती वाला सेक्स सबसे अच्छा था जो तूने किया मेरे sath...wo मुस्कुरा दी और अगले hi पल उसकी आँखों से आंसू hi गया..

दीप्ती : तो क्या करुँगी मई अब अगर ये ज़िन्दगी छोर di..ummm....wo सोंचने लगी...

डिप्टी : aaaannn...ghumna दुनिया को देखना अपने से स्टडी करना मई ट्रैवलर बन सकती hon..ek अछि लिबेरारी में बैठ कर बहुत साडी किताबे पद सकती hon...achhi ज़िन्दगी जी तो मेरी फॅमिली मुझे अपना le..time पास के लिए मूवी देख lungi...zaruri तो नहीं बहुत सरे मर्दो के साथ sona...koi एक मिल hi जायेगा और बेबी होगा उसे लेकर घर चली जाउंगी... लेकिन उससे पहले दुनिया dekhungi...wo अपने आप से बातें कर रही thi...uski बातें सुन मेरे होंठो पर मुस्कान फैल गयी..

डिप्टी : मैंने तये कर लिया मई निकलना चाहती हों इस ज़िन्दगी से...

मई: चल बता कहा जाएगी ..

दीप्ती : delhi...waha से आगे का सफर करुँगी...

मई : ठीक hai...aur मई ऑनलाइन दिल्ली के लिए टिकट निकलने लगा...2 बजे की एक ट्रैन थी मोस्टली नाईट की थी...

मई : 2 बजे निकलेगी अभी..

उसने सर हिलाया...

मई : चल तेरा टिकट हो गया मई तुझे स्क्रीनशॉट व्हाट्सप्प करता हों...

हमने नंबर एक्सचेंज kiya...aur मैंने उसे व्हाट्सप्प कर दिया उसका टिकट...

दीप्ती : मेरे डाक्यूमेंट्स सब कोठे पर hai...unhe लाना hai...hame चलना hoga...vaise तो गायत्री शक करेगी लेकिन कह दूंगी कपडे लेने आयी हों...

मई : चल मई जाता हों..

दीप्ती : अकेले जायेगा तो शक करेगी मुझे भी ले चल...

मैंने हामी bhari.....phir उसे लेकर मई निचे आया...

बाइक पर बिठा कर मई चल दिया...

कुछ देर बाद हम कोठे पर थे..

डिप्टी: तू मेरा वेट कर मई अभी आयी...

मैंने हामी भरी और वो अंदर चली गयी..

15 मिनट्स बाद वो आयी...

वो बैठी और मैंने बाइक आगे बढ़ा दी...

मई : क्या सामान लायी...

दीप्ती : डाक्यूमेंट्स है और बैंक की copy...bank ले चल कुछ पैसे निकलने है...

रोड पर बैंक देख मैंने एक जगह बाइक रोकी...

1 घंटे बाद हम बैंक से निकले उसके अकाउंट में 20 लैस थे उसने सब निकल लिए थे...

पैसे लेकर हम दोनों मॉल में ए जहाँ उसने शॉपिंग की सर्वाइवल के लिए..

मॉल से फ्री होकर हम रूम पर ए...

वो मेरे दिलाये हुए कपडे पैक करने लगी....

टिंग टिंग...

इतने में मेरा फ़ोन बजा..

कॉल लक्समी की थी...

मैंने कॉल रिसीव की..

मई : aahhh...kho खो kho..hello laxmi..kohre में बाइक से घूमने पर मुझे सर्दी लग गयी थी...

लक्समी : तुम ठीक ho..usne पूछा..

मई : है तबियत ठीक नहीं आज .

लक्समी : accha...thik है तुम आराम karo...apna ख्याल रखना...

और उसने कॉल कट कर di...mai ठीक hi था बस उससे बहाना किया था...


साडी तैयारी करके वो मेरे पास बीएड पर बैठ गयी...

दीप्ती : 12 बज गए है...

उसने एक लम्बी आह भरी...

मई : चल चले स्टेशन...

डिप्टी : haan...agar मई कहां मई सब छोर दूंगी किसी मर्द को करीब नहीं आने दूंगी तो..

मई : अच्छी बात hai...mai उसका मतलब समझ गया था लेकिन अब यकीं टूट चूका था..

मेरे जवाब पर उसने सर हिजलाया..

मई: चल स्टेशन चले...

हामी भर्ती हुई वो उठी .और मैंने बीएड के निचे से अपना पैसो का बैग निकला...

मैंने बीएड पर रख कर बेग khola..paise वैसे hi रखे थे...

मैंने कई गड्डियां निकली और उसे दी..

मई: रख ले...

डिप्टी : अभी है मेरे पास ज़रूरत होगी तो मांग लुंगी...

कहते हुए वो बेग पीछे लटका कर आगे बढ़ गयी...

मैंने पैसे रखे रूम लॉक किया और उसके पास आया...

चलते हुए हम जीने पर आये...

चलो बचो सबकी chhuti...niche हमें अदिति मैडम दिखी जिन्होंने छुट्टी कर दी थी बचो ki...bacho को निकलता देख हम दोनों रुक गए...

मई : दिल्ली में क्या करोगी...

डिप्टी : जब तक पासपोर्ट नहीं बन जाता वहीँ किसी होटल में स्टे करुँगी फिर किसी कंट्री में चली जाउंगी...

मई : पैसे कभी भी काम परे सोंचे बिना कॉल कर लेना....

डिप्टी : मेरे लिए इतना सब क्यों कर रहे हो जब प्यार नहीं...

मई : अगर मेरी वजह से कोई गलत को छोर देता है तो मेरे लिए इससे बरकार और क्या...

डिप्टी : थैंक यू...

मैंने सर हिलाया और आगे बढ़ gaya..bache शोर मचाते हुए निकल गए थे...

रॉक ji....kaha जा रहे अपनी दीदी के साथ... पीछे से हमें अदिति जी ने आवाज दी...

मई : स्टेशन छोड़ने ये रिलेटिव्स के घर दिल्ली जा रही है...

अदिति जी ने किताबे राखी और हमारे पास आ गयी...

अदिति : दीदी आप से मिलने आने वाली थी मई..

डिप्टी ने मुझे देखा...

डिप्टी : मई आपसे छोटी .

मैंने डिप्टी का हाथ पकड़ा और दबा दिया और वो कहते कहते रुकी .मई बात बढ़ाना नहीं चाहता था...

पास आकर अदिति जी ने गले लगा लिया..

अदिति : क्यों जा रही है delhi..kitni दूर है दिल्ली आपको पता है रॉक जी..

मई : 1 हजार k.m तो होगा hi..

अदिति :मई तो कभी नहीं बैठी लेकिन अर्श कहती है ट्रैन में बैठने से गुदगुदी होती है hihihi...jabarjasti मुझे भी हसना para...kitni भोली थी वो दुनिया से बेगानी...

डिप्टी: आप क्या कभी नहीं बैठी मालकिन..

अदिति : नहीं मालकिन न बुलाओ मुझे पसंद नहीं आप हमें अदिति कहे...

बातें करते हुए हम बहार आ गए थे...

मई : ठीक है चलते है अदिति ji..mai बाइक पर बैठते हुए बोलै...


डिप्टी : अदिति जी आप चलेगी हमारे साथ स्टेशन..

अदिति : mai..mai..kaise .. अंकल ने मन किया hai..basti से बहार जाने से .

डिप्टी: मई उन्हें जानती हों कह देना मई ले गयी थी कुछ नहीं कहेंगे ...

अदिति : ठीक है अभी वो है भी नहीं...

डिप्टी : अजय बैठे .

अदिति : आप आगे baitho..ohh bag..aditi के कहने पर डिप्टी ने बैग की तरफ इशारा किया..

दोनों पेअर एक तरफ करके अदिति बैठ gayi...uske बराबर में डिप्टी एक पेअर दये बाये करके बैठ गयी...

और मैंने बाइक आगे बढ़ा दी...

डिप्टी: इन्हे पाकर लो नहीं तो गिर jayegi...kamar में हाथ दाल कर ...अदिति को मेरी जैकेट पीठ से पकड़ देख डिप्टी ने कहा जिस पर अदिति ने मेरे पेट पर हाथ रख लिया...

और मई बेचैन हो gaya...meri हार्टबीट बहुत फ़ास्ट चलने lagi...dar था कही मेरा कण्ट्रोल न हैट जाये बाइक से लेकिन मेरे पीछे दो लोग बैठे थे...

कुछ देर बाद हम स्टेशन पर आये...

जहाँ लोगो की भीड़ थी...

मई : प्लेटफार्म नंबर तीन पर गाड़ी आएगी...

मेरे कहने पर डिप्टी ने हामी भरी और हम तीनो चल दिए..

अदिति : मुझे दर लग रहा है...

जीना लिफ्ट वाला tha...jise देख अदिति रुक गयी..

डिप्टी : देखे न कितने लोग जा रहे..

मई : मेरा हाथ पकडे...

अदिति ने सोंचा फिर हाथ मेरे हाथ में रख दिया और उस पर मेरी पकड़ मजबूत हो गयी..

अदिति ने आंखे बंद की और पहला कदम स्टैर्स पर rakha...mere कदम के साथ

मई :दूसरा पेअर भी...

स्तैर चलते देख अदिति ने दूसरा पेअर भी मेरे साथ स्टैर्स पर रख liya...aur हम दोनों चलने लगे...

आखिरी पढ़ाओ आया तो अदिति डरने लगी...

अदिति : मई ये कैसे..

मैंने कुछ कहे बिना अदिति को कमर से पकड़ कर उठा लिया और अदिति ने अपने दोनों हाथ मेरे गले में दाल diye..aditi जी के उभर मुझे अपने सीने में चुभते महसूस hue..na जाने क्यों मेरे मन ने कोई गलत ख्याल नहीं aaya...mai उन उभारो की नर्माहट को महसूस कर रहा था..

लिफ्ट वाला जीना ख़त्म हुआ तो मई रुक गया लेकिन अदिति ने मेरे गले में से बाहें नहीं निकली..

मई : मैडम...

उसने आंखे kholi...phir निचे दायी तरफ dekha...usne पेअर निचे किये तब उभर मेरे सीने से रगड़ गए...

अदिति जी का चहेरा गुलाब की तरह सुर्ख हो गया था शर्म से...

मई चला तो वो भी मेरे पीछे पीछे चल दी डिप्टी का हाथ पकडे...

हम प्लेटफार्म पर आये और एक खली बेंच पर बैठ गए...

मई: कुछ खाने के लिए लाऊँ.

डिप्टी ने हामी भरी..

मई : आप इनके साथ बैठे मई कुछ खाने का लाया..

अदिति : मई भी chalaungi..mujhe देखना hai..maine सर हिलाया..

चलते हुए हम दोनों एक स्टाल के पास aye..jahan से मैंने 3 बर्गर और 2 सैंडविच लिए..

और लेकर चल दिए...

चलते हुए हम दोनों डिप्टी के पास ए..

मई : ये सैंडविच तुम्हारी जर्नी के liye...ye अभी खा लेते hai...kahte हुए मैंने एक बर्गर डिप्टी को दिया एक खुद पकड़ा एक मैंने अदिति जी की तरफ बढ़ाया..

अदिति : उसने हाइजीन का ख्याल नहीं रखा...

मई : haan...sar हिलाते हुए मैंने बर्गर दोनों डिप्टी को दे दिए...

2 उसने खा लिए एक उसने रख लिया सैंडविच के साथ...

अदिति : मई भी ट्रैन में बैठूंगी रॉक ji...bada मजा आएगा...

मई : ठीक है ट्रैन आने दो..

डिप्टी अदिति को देख मंद मंद मुस्कुरा रही थी...

मेरे देखने पर उसके सर के पास इशारा करके कहा उसके ऊपर का माला खली है..

पूंऊऊओ... करेक्ट 2 बजे ट्रैन आकर हमारे सामने रुकी...

मई दोनों के साथ एक वाले डब्बे की तरफ चल दिया...

लोग भाग रहे थे दर से अदिति जी मुझसे चिपट गयी जो देख मैंने कसकर अदिति की कमर में हाथ दाल पकड़ लिया..

डिप्टी: बी3 यही hai...wo डब्बे में छड़ी...

मई : अंदर देखना चाहेगी..

अदिति ने सर हिलाया और हम दोनों ट्रैन में aaye...ac वाले डब्बो को देख अदिति कभी किसी सीट पर बैठती कभी किसी पर .


डिप्टी चलते हुए मेरे पास aayi...aur उसने मेरी आँखों का पीछा किया...

डिप्टी : बहुत इनोसेंट है वो उसका ख्याल रखना...

मई : उनकी फॅमिली है रखने के लिए...

डिप्टी : पता नहीं फिर कभी मिल पाऊँगी तुमसे की नहीं... और वो मेरे गले लग गयी....

कुछ पालो बाद वो अलग हुई...

डिप्टी : इतने hi पालो में उसे जान गयी हों वो कैसी है बिलकुल वैसी जो तुम मुझमे देख रहे थे...

मई : तुम्हे क्या लगता है वो मुझे प्यार karegi..vaise भी मैंने प्यार के इतने तजुर्बे कर लिए है की अब इस सब से भरोसा hi उठ गया...

डिप्टी : एक बार सोंचो उसके बारे में..

मैंने कोई जवाब नहीं दिया..

Pooooo....itne में ट्रैन ने विस्सल दी..

मई : अदिति जी चले..

अदिति ने हामी भरी और हम दोनों डिप्टी को bye बोलते हुए ट्रैन से निकले..

वो खिड़की से मुझे देख रही थी उसकी आँखों से आंसू निचे टपक रहे थे...

ट्रैन जब आँखों से ओझल हो गयी तब मई अदिति को लेकर मुदा...

Hello rishu...mai रॉक जी के साथ में hon..thik है रात होने से पहले आजाऊंगी...

चलते हुए hi अदिति जी का फ़ोन बजा और वो बात करने लगी..

मई : कोण था.

अदिति : rishu..wo कह रही जल्दी अजौं..

मई अदिति को लेकर बहार आया...

पार्किंग से मैंने बाइक निकली और अदिति को बिठा कर चल दिया...

मई : अदिति जी भूक लगी है खाना खाने चले..

अदिति : जैसा आप कहे रॉक जी...

रस्ते में एक थ्री स्टार होटल देख मैंने बाइक रोकी...

बाइक से उतर कर हम अंदर आये...

एक टेबल पर हम बैठे की एक बैरा मेनू लिए आगया..

मई : क्या khayengi...mai मेनू अदिति को देते हुए बोलै.

अदिति : इस पर वैरी डिफरेंट इंग्लिश hai..mai समझ नहीं पा रही हों..

अदिति की बात सुनकर मई मुस्कुरा diya..aur मेनू लेकर मई नाम पढ़कर बताने लगा..

मई : तूने फिश ,

रोस्ट लांब, वेग्गीइस एंड वेगमयते डैम्पर,बार्बी...
अदिति: बस bas..kuch देसी खाना मंगवा लो रॉक जी...

मई : यहाँ सब ऐसे hi...

और मैंने बैरे को चिनेसे नॉनवेज प्लाटर आर्डर किया...

खाना आया और हम खाने लगे...

अदिति : अपने बारे में बताये न रॉक जी..

मई : मेरे बारे में हाहाहा कुछ भी खास नहीं hai...mai एक गरीब परिवार से हों मेरी माँ जिसके लिए मई धुप सर्दी में लोगो के जुटे साफ़ करता उसने मुझसे झूट बोलै ..और मेरी आंखे नाम होकर बहने लगी...

अदिति खाना छोड़ मेरे पास aayi...mere सर को पकड़ उसने अपने पेट पर रख diya....ajeeb सा हुग था मई बैठा था वो कड़ी थी...

वो प्यार से मेरे सर को सहलाने लगी...

ये अहसास मेरी ज़िन्दगी का सबसे खूबसूरत पल था....

अदिति : चले रोना बंद करे..

मई : नहीं रो रहा बस थोड़ा सा सत्य हो गया...

मुझे ठीक देख वो फिर अपनी चेयर पर जाकर बैठ गयी...

अदिति : आपकी कितनी बहने है..

मई : एक भी नहीं मतलब पहले थी अब नहीं...

अदिति : वो लावण्या उसने ऐसा क्या किया जो आपने उसे छोड़ दिया...

मई: उसके बहुत से लार्को के साथ अफेयर थे लड़की होकर वो ड्रिंक करती hai...affair भी उन लड़को के साथ जिनकी वजह से मैंने स्टडी छोड़ी और ओपन से सरकारी कॉलेज में पढ़ाई ki...bas अदिति जी अब मई पुराणी ज़िन्दगी छोड़ आया hon...unke बिना खुश hon...maa की याद आती hai...bas और कुछ nahi..use अपने साथ रख भी लोन तो वो आएगी नहीं अपनी बेटी को छोड़ kar...so अकेले hon...kahte कहते मई मुस्कुरा दिया...

खाना ख़त्म हुआ तो वेटर बिल लाया जो 8 हजार they...pay करके हम बहार आये...

अदिति : इतने सरे पैसो का खाना खा लिया hamne...aapko पैसे बचा कर रखने चाहिए...

मई : आप पहली बार मेरे साथ आयी...

और वो मुस्कुरा दी...

अदिति : अब से आप रूम का रेंट नहीं denge...it's ान आर्डर..

मई : रॉजर तहत madam..aur वो मुस्कुरा दी...

मई अदिति को लेकर बाइक पर baitha...is बार अदिति ने दोनों पेअर दये नए कर लिए अपने हाथ मेरी कमर में दाल दिए...

अदिति : कुछ सुनाओ न गए कर...

मई : मई... मेरी आवाज कहा अच्छी है..

अदिति : मुझे सुन्ना है नहीं तो मई नाराज हो jaungi...aur बात नहीं करुँगी..

मेरे पास कोई चारा नहीं था और मई गाने लगा....

अदिति : अच्छा रहने दो आप .दूसरी लाइन पर अदिति ने मुझे रोक दिया...

मई : अभी खाना खाया है न तो आवाज नहीं निकल रही...

अदिति : मुझे पुराने गाने पसंद है...

मई : अच्छा बताये अपने कभी समुन्दर देखा है...

अदिति : नहीं...

मई : हैरत है मुंबई में रहकर नहीं dekha....chalo आज आपको दिखता हों...

और मैंने बाइक जुहू बीच की तरफ मोड़ ली...

कुछ देर बाद हम दोनों जुहू बीच पर थे...

अदिति : ओहु यहाँ तो बहुत सर्दी है..

मई : हाँ सार्ड हवाएं चल रही hai..aur मैंने अपनी जैकेट उतर कर अदिति मैडम को दे दी .

मेरे अचानक से जैकेट उड़ाने पर वो मुझे बेहद प्यार भरी नजरो से देखने लगी...

घूमते हुए पता hi नहीं चला था अब रात के 8 बज रहे थे...

समुन्दर में चले किनारे पर .मैंने पानी को देख कहा..

.अदिति ने हामी bhari...aur शू निकल कर उसने अपनी पलाज़ो के पेंचे ऊपर किये घुटनो से निचे hi tak...aur मुझे गोर दूध जैसे अदिति के पाऊ दिखे...

Aditi:kaha देख रहे ho...usne मेरी नजरो का पीछा करते हुए इठला कर पूछा...

मई : k..k..kuch नहीं...

हम पानी में ए और ठन्डे पानी से हमारे पेअर कंपनी लगे ..

अदिति : ummm...itna सार्ड पानी ..

मई: हम्म्म...

घूमते हुए अदिति जी का फ़ोन बजा...

रॉक जी हमें चलना होगा अंकल घर आ गए रिशु ने कहा . अदिति ने कॉल पर बात करने के बाद कहा ..

मैंने हामी bhari...chalte हुए हम दोनों अपने शूज के पास ए...

अदिति : मई ये कैसे pehnungi...niche बैठी तो कपड़े गंदे हो जायँगे...

वो अपने सॉक्स और शू की तरफ इशारा करते हुए बोली...

मई कुछ कहे बिना निचे बैठ कर पहनाने laga...uska पेअर इतना मुलायम और सुन्दर था मन हो रहा था छोडो hi na...wahi एक तरफ गुस्सा भी आ रहा था ये भी दर था अगर नहीं पहनाये तो अभी घर से निकल देगी...

शू पहना कर हम बहाए ए बीच से और मैंने बाइक आगे बढ़ा दी ..

अदिति : आपको कैसी लड़की पसंद है रॉक जी...

मई : कोई भी नहीं हाहाहा...

अदिति : क्यों आपको कभी किसी से प्यार नहीं हुआ...

मई : नहीं अदिति ji...ladki बस और ट्रैन एक गयी तो दूसरी आयी...

वो मेरे जवाब से शायद गुस्सा हो गयी थी ...उसके बाद रस्ते भर उसने कोई बात नहीं की....

बस्ती में आकर मैंने बाइक रोकी और अदिति कुछ कहे बिना आगे बढ़ गयी ..

मई भी बाइक कड़ी करके ऊपर आकर लेट गया ...

नींद पूरी हुई नहीं थी इसलिए लेटते hi मुझे नींद आ गयी...

कहा से आ रही हो beti...andar आते hi अदिति के अंकल ने उससे पूछा...

अदिति : मई रॉक जी की बहन को स्टेशन छोड़ने गयी फिर हमने एक होटल में खाना खाया आखिर में रॉक जी ने समुन्दर dikhaya...mai बहुत खुस हों रिशु...

रिशु : सच में दीदी वाओ...

अदिति : समुन्दर बहुत बड़ा था रॉक जी ने कहा बहुत गहरा भी hai...tum मुझे कभी बहार लेकर नहीं gayi....aakhir में अदिति रूठते हुए बोली...

रिशु : दीदी भूल गयी आप बहार इंसानो के रूप में खून पिने वाले वेम्पिरे है ...उस दिन मूवी देखि थी न हमने बिलकुल वैसे hi...

अदिति : ओह्ह मई तो भूल गयी थी...

कहकर अदिति अपने रूम की तरफ जाने लगी ..

रिशु : दीदी खाना नहीं खाना..

अदिति: भूक नहीं रिशु ..

और अदिति चली गयी ...

रिशु : डैड बैठे मई खाना निकलती हों.....

प्रकाश बैठा तो अदिति निकल कर सर्वे करने लगी फिर अपने लिए निकल कर बैठ गयी...

प्रकाश: अब समय आ गया है...

रिशु निवाला मुँह में दे रही थी की प्रकाश की बात सुनकर उसके हाथ से निवाला छूट कर निचे गिर gaya...pal भर में उसकी आँखे बहने लगी ..उसके दिल का हाल ऐसा था जैसे किसी ने सुईयां चुभा दी हो...

खाना छोर वो उठ गयी ..और ख़ामोशी से आदित्य के पास आकर लेट कर अदिति को पीछे से तिघ्टलय हुग कर लेती है...

**************************

देसूजा एक पार्क में गल्फ खेल रहा होता है की उसके पास फ़ोन लिए उसका एक गार्ड आता है..

गार्ड : सर विक्टर की कॉल है ..

देसूजा ने गल्फ का शॉट मारा और फ़ोन लेकर कानो पर लगा लिया...

देसूजा : बोलो विक्टर...

Hello देसूजा sir...I can't बिलीव मैंने जो देखा ये सच hai..lekin ये tha...udhar से विक्टर की आवाज आयी...

देसूजा : पहेलियाँ न बुझाओ जो खाना है साफ़ साफ़ कहो...

विक्टर : देसूजा सर sneha...sneha मैडम इस अलाइव...

देसूजा : व्हाट ..विक्टर की बात सुनकर देसूजा के हाथ पेअर कंपनी लगे ..

विक्टर : यस सर स्नेहा मैडम ज़िंदा है ...

देसूजा : अगर ये झूट हुआ तो मई तेरे टुकड़े करके कुत्तो को खिला दूंगा..

विक्टर : मैंने स्नेहा मैडम को एक होटल में देखा है मैंने फोटो भेजी है उनकी सी ..

कॉल कट करके देसूजा ने कल्पते हाथो से फ़ोन में व्हाट्सप्प खोला और विक्टर का मैसेज ओपन किया...

फोटो देख कर देसूजा के हाथ पेअर कल्पने लगते है उसे यकीन नहीं आ रहा था जो वो देख रहा था ये सच है...

अंकल अपुन सच कह रही है अपुन ने नहीं मारा स्नेहा को...

वो जल्दी से विक्टर को वापस फ़ोन लगता है ...

देसूजा : उसे रोक कर रखो मई आ रहा हों...

विक्टर : सर वो चली गयी है...

देसूजा : ब्लडी रास्कल ढूंढो मेरी बची ko..puri मुंबई छान मारो ..मुझे मेरी बच्ची चाहिए...

कॉल पर कहके देसूजा ने गार्ड्स को आवाज दी..

देसूजा : सहम को बुलाओ jaldi...aur हमारे आदमीओ को खबर karo...hame निकलना है...

सर हिलता हुआ गार्ड कॉल करने लगा...
 
गाइस मई ज्यादा बीमार हों हालत ठीक नहीं

मुझे भी इतनी hi जल्दी है जितनी तुम्हे episode पहले का लिखा हुआ है छोटा कल तक बड़ा कर दूंगा कहो तो जितना है उतना hi पोस्ट कर दूँ..
 
Episode 11

देसूजा : ब्लडी रास्कल ढूंढो मेरी बची ko..puri मुंबई छान मारो ..मुझे मेरी बच्ची चाहिए...

कॉल पर कहके देसूजा ने गार्ड्स को आवाज दी..

देसूजा : सहम को बुलाओ jaldi...aur हमारे आदमीओ को खबर karo...hame निकलना है...

सर हिलता हुआ गार्ड कॉल करने लगा....

नेक्स्ट कंटिन्यू....

सुबह 11 बजे मई उठा किसी के दूर पीटने से...

खत खत...

कोण है आ रहा हों..

आंखे मसलते हुए मैंने दूर खोला...

रॉक जी इतनी लेट उठे aap...aane वाली अदिति थी...

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उसने एक वाइट फ्रॉक पहनी थी जिसमे वो खिल रही थी...


मई : हाँ बस आँख नहीं khuli...andar ए na...mai जल्दी से मुदा और बिस्तर समेटने laga...aur चीज़ो को ठीक से रखने लगा...

अच्छी बात ये थी डिप्टी सब करके गयी थी kal...isliye ज्यादा गन्दगी नहीं थी..


जब पंत उठा कर राखी मैंने तब मुझे अहसास हुआ मई अंडरवियर में hon...main part पर हाथ रखे मैंने अदिति को देखा वो शर्मा कर निगाहे निचे किये जमीन को देख रही thi...jo देख मैंने जल्दी से पंत पहनी..

आज बच्चो को नहीं पड़ना आपने ...मैंने ख़ामोशी तोड़ते हुए पूछा .

उसने निचे सर किये ना में सर हिला दिया...

आदित्य : ओह्ह पहन li...usne मुझे देखते हुए कहा..

मई : अंदर आओ न आप .मई बीएड को झड़ते हुए बोलै...

मई चलता हुआ गैस के पास aya..ek बर्तन में कल का गरम दूध दिखा मुझे.. बिस्कुट ऊपर रखे थे..

मई : बस अभी आया आप यही रुके मई फिर छाए बनता हों..

मई जल्दी से वाशरूम में आया मोटर ों करके मई हाथ मुँह धोने लगा..

.जब वापस अंदर आया तब अदिति को देखा जो छाए बना रही थी...

मई : आप क्यों कर रही है अदिति जी मई बनता हों na..mai टॉवल से जल्दी से मुँह पूछते हुए बोलै..

अदिति : कोई बात नहीं जी...

मई सर हिलने laga...phir मई प्लेट में बिस्कुट नमकीन रखने लगा ...

छाए लेकर अदिति बीएड पर आ गयी वो अपने लिए नहीं लायी जो देख मई hi ले आया۔۔

मई :ये शोर शराबा कैसा hai..maine बहार से आने वाली आवाजों को सुन पूछा.

अदिति : आज मेला है बस्ती में ..अच्छा बताये छाए कैसी है...


मई मुस्कुरा diya...samajh नहीं आ रहा था क्या कहां...

अदिति : कैसी लड़की पसंद है आपको रॉक जी..

मई : कैसी ladki..aur मई सोंचने लगा..

मई : उम् मुझे मॉडर्न ओपन minded..bilkul नहीं pasand...samne देख कहते कहते मेरा जुमला आधा मन में पूरा hua...jo अदिति ने नहीं सुना..

HI sweetheart...mai कुछ कहता की गेट से अंदर घुसती लक्समी ने मुझे आवाज di..wo हाथ हिलती हुई अंदर आ रही थी..

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आज उसने बेहद सेक्सी ड्रेस पहनी हुई thi...jo उसकी जांघो तक आ रही थी ऊपर उसका क्लीवेज पूरा शो हो रहा था..

आवाज़ पर अदिति ने पीछे पलट कर देखा..

अदिति : ऐसी pasand..usne धीमे से कहा फिर वो उठने लगी...

मई : आईये न लक्समी जी...

मई उठते हुए bola..aur अपनी जगह पर लक्समी को बैठने का इशारा किया..

उसके बैठते hi अदिति जाने लगी ..मैंने भी रोका नहीं...

लक्समी: मुझे लगा था तुम बीमार हो इसलिए देखने आ गयी लेकिन tum..tum तो अपनी जैसी यंग लड़की के साथ मस्ती कर रहे हो ..

मई : क्या मतलब यंग आप भी तो यंग हो....

लक्समी : मस्का लगा रहे हो...

मई : नहीं सच me.....mai छाए बनाऊं आपके लिए...

लक्समी : नहीं शोना ..चले घर मैंने काढ़ा तैयार कर लिया है...

मैंने हामी भरी और हम दोनों रूम से निकले रूम लॉक कर हम चल दिए..

लक्समी : उसके साथ क्या कर रहे थे ..

मई : कुछ नहीं वो काम से आयी थी तो मैंने छाए के लिए पूछ लिया..

लक्समी : कही पसंद तो नहीं आ गयी न बहुत प्यारी है न आने का तो सवाल hi नहीं banta...mujhse कहते हुए उसने खुद से कहा..

मई : सच में नहीं aayi...vaise भी मुझे कोण पसंद करेगा...

उसने आँखों से गेट खोलने का इशारा किया और फिर हम दोनों कार में aye...aur कार बस्ती से बहार की तरफ चल दी..

लक्समी: तुम तैयार हो शादी के लिए..

मई सोंच में पद गया क्या जवाब दू..

लक्समी : क्या सोंच रहे हो .

उसके पूछने पर मैंने हाँ में सर हिला दिया...

लक्समी : तुम्हे पता है मई भी शिमला से hon..mere पिता जी जो बहुत बड़े तांत्रिक है उन्होंने कहा मुझे किसी शिमला के लड़के से विवाह करना होगा मई यहाँ मुंबई पढ़ने आयी और यही के रिहायसी से शादी कर li..lekin अब तुम से करके उनका सपना पूरा कर दूंगी...

कुछ कहने के बजाये मई मुस्कुरा दिया..

1 घंटे बाद हम लक्समी के घर aaye..jahan कुछ लोग घर के बहार खड़े they...car पार्क करके लक्समी चलती हुई उन आदमीओ के पास aayi..jinhone काळा कोर्ट पहने थे कुछ के गले पर बड़ी गन्स थी .देखने से hi गार्ड्स लग रहे थे..

लक्समी : कल मई अपने होने वाले हस्बैंड के लिए काढ़ा बना रही थी आज मई तुम्हारा काम करुँगी जाकर कह देना देसूजा se...wo मेरे कंधे पर हाथ रखे बोली..

उसकी बात सुनकर सरे गार्ड चले गए..

उनके जाने पर हम दोनों अंदर चल दिए..

मई : तुम ...वो aap..itni खुस हो मेरे साथ..


हाँ ऐसे hi तू तुम की जगह आप कहना ..वो मुस्कुराने लगी फिर उसने कहा..

मुझे लक्समी से किसी और जवाब की उम्मीद थी...

मई : अगर मैंने शादी के बाद तुम्हे रोका तुम्हारे हस्बैंड की tarah...maine आप कहने की जगह उसे तुम बुलाया..

लक्समी : हस्बैंड की ग्रेव देखि है न उसी में गाड़ dungi...hahaha...kya तुम मुझे मेरी विद्या से रोकना चाहते हो..

मई : नहीं बस पूछ रहा था अब मुझे मेरा जवाब मिल गया..

लक्समी : रुको मई काढ़ा लायी...

वो कहकर चली गयी ..

कुछ देर बाद वो aayi...uske हाथ में शीशी थी...

लक्समी : पीकर लेट jana...wo मुझे शीशी देते हुए बोली...

मैंने सर हिलाते हुए शीशी खोलकर होंठो से लगा ली...


काढ़ा पीते hi मेरे मैं part में दर्द शुरू हो gaya....aur मई वही सोफे पर लेट गया...

Aaaaaahhhhh....aaaaaahhh....main part पकडे मई बुरी तरह से चीख रहा tha...aisa दर्द जो मेरे वाश से बहार था...

इस बार का दर्द पिछली बार से ज्यादा था दर्द में कराहते हुए मुझे देख लक्समी ने मेरी आँखों पर हाथ रखे और मई होश खो baitha...mai नींद की वादियों माँ जा चूका था....

**********************************

अहाना और लव कैंटीन में बैठी खा रही thi...aaj उन्हें नैना के ग्रुप ने देखा मगर परेशां नहीं किया था...

अहाना : क्या सोंच रही है...

लावण्या : इतने दिन हो गए लेकिन अभी तक रॉकी को ढूंढ़ने के लिए मैंने कुछ नहीं किया...

अहाना : वो मिल भी गया phir...uske वो शब्द मेरे कानो में गूंजते रहते है...

लावण्या : प्रॉब्लम तो यही hai...acha ये बता क्या मैंने हिल हाउस में कुछ गलत किया था रॉकी के साथ...

अहाना : हाँ तूने अपनी माँ पर ब्लामे दाल दिया tha..jabki मैंने तुझे इशारे से रोका भी लेकिन साद होने की वजह से तूने गौर नहीं किया..

लावण्या: तो माँ जानती तो थी मेरे और विक्की के बारे में..

अहाना : ी मैं अगर तू आंटी के बारे में न बताती तो आंटी उसे रोक सकती थी जाने से..

लावण्या : ओह्ह ी सी मई बस उसकी नजरो से गिरने से खुद को बचा रही thi..and I'm नॉट थिंकिंग तहत ी दो एनीथिंग wrong..he's जस्ट ओल्ड स्कूल..

अहाना : अहा राइट बी थे वे हिल हाउस के ड्रीम्स आते है...

लावण्या: क्या यार मई तो भूली भी नहीं hon..filahal तो ड्रीम्स नहीं aate..hill हाउस का नाम सुनकर दोनों के रुए खड़े हो गए थे एक सार्ड लहर दोनों के जिस्म में दौड़ गयी थी..

अहाना : लुक ात him...ahana हाथ से लव के पीछे इशारा करते हुए बोली.

लावण्या : व्हाट ..लव ने पीछे देखते हुए पूछा..

अहाना: इसी ने मुझे बचाया.. थैंक्स बोलना चाहती हों तू जाकर बात कर न..

लावण्या : हेरे I'm ा शाय इनोसेंट गर्ल..

अहाना : शट उप बाद बीच .. और अहाना कुर्सी से उठ कर उससे थोड़ी दुरी पर लड़को के ग्रुप में बैठे सहम के पास आयी ...

अहाना : एक्सक्यूज़ में. .

पूरा लड़को का ग्रुप अहाना को देखने laga..jinme सहम भी था...

अहाना : थैंक्स उस दिन के लिए..

अहाना सहम को देखते हुए बोली तब सहम को समझ आया अहाना उसे थैंक्स कह रही है..

सहम : ओह्ह haan..kya हुआ था उस दिन..

सहम ने पूछा फिर अपने एक फ्रेंड को खड़ा कर अहाना को बैठने का इशारा किया...

अहाना बैठी और बताने लगी उस दिन से अब तक जो हुआ...

अहाना : मई बस तंग आ गयी इन लोगो se...tum न आते तो शायद मई आज ज़िंदा भी न होती वो मेरा रपे कर चुके hote...unke तेवर मुझे याद है..

कहते हुए अहाना का लहजा साद हो गया था जिस वजह से सहम उसे सिम्पथी देते हुए उसके हाथो पर हाथ रख देता hai..jo देख अहाना भी उसके हाथो में उंगलिया कास लेती है ..

सहम : उनसे लफड़ा नहीं करना they're डेंजरस तुम नहीं लेकिन मई उन्हें जनता हों लंदन से...

अहाना कुछ न समझते हुए सहम को देखने लगी..


सहम : हमने साथ में स्टडी ki...aarvi से 2 हाथ आगे उसकी बहन hai..but तुम वरीड न हो मेरे साथ कॉलेज में आना तो वो तुम्हे कुछ नहीं kahenge..bas मुझे अपनी आने की टाइमिंग बता दो..

अहाना : 9 ो क्लॉक.. पहुंच जाती हूँ..


बॉस आप तो कभी कभी आते हो college..saham के एक दोस्त ने कहा..

अहाना सहम को प्रश्न भरी आँखों से देखने लगी की अब सहम क्या कहेगा..

सहम: मई बस फॅमिली prob...aaahn बिसनेस में उलझा हुआ हों सो काम कर दिया अब कोशिश करूँगा डेली बेसिस पर आने की..

सहम के बात बदलने पर अहाना समझ गयी थी उसका मतलब लेकिन उसने पूछना ठीक नहीं समझा..

अहाना : लेट में इंट्रोडस यू माय friend...ahana पलटी तो उसे अपनी टेबल खली दिखी..

अहाना : अब ये कहा चली गयी....

अहाना टेबल देखते हुए खुद में budbudai...jis टेबल पर वो लव को छोड़ कर आयी थी वो खली थी..

अहाना : वो लिटिल बिट शाय है इसलिए चली गयी...

सहम : okay...

अहाना: ahana...from शिमला..

सहम : saham..and थी अरे माय गार्ड्स...

अहाना : ी थॉट थी अरे स्टूडेंट्स एंड योर फ्रेंड्स..

सहम : मुझे प्रोटेक्ट करने के लिए डैड ने इन्हे फोरस्फुल्ली स्टूडेंट्स बना diya..saham के कहने पर अहाना समिट उसके सब गार्ड मुस्कुराने लगे..

सहम : नीस तो मीट यू ahana..chalo गाइस क्लास का टाइम हो गया है...


अहाना : कैन ी गेट योर number..wo सुबह कॉल के liye.phir साथ .

सहम : yah..aur सहम ने नंबर दिया जिस पर यहां ने उसे मिस कॉल दे दी..

लव बैठी अहाना का वेट कर रही थी की उसके फ़ोन पर मैसेज आया...

उसने मस्सगे ओपन किया तब उसे अपनी नुदेस दिखी जो एडिटेड थी किसी ने एडिट करके सेंड की थी...

पांच मिनट्स में अपने डिपार्टमेंट के टॉप फ्लोर पर नहीं आयी तो ये सब पब्लिक जो जाएँगी..

साथ में मैसेज था टॉप फ्लोर पर आने का...

लव अहाना को बात करता देख अकेले hi टॉप फ्लोर के लिए चल दी...

टॉप फ्लोर पर आयी तब उसे 1 लड़की अपने हाथो से अपने बूब दबती दिखी और एक लड़का रट हुए उस लड़की की वीडियो शूट कर रहा था आकाश जिया नैना तीनो उन दोनों का मजाक बना रहे थे...

लव आकर कड़ी हुई तब नैना ने आकाश को देखा जो उन दोनों को जाने के लिए कहता है..

आकाश : क्लासेज ख़त्म होने के बाद तुम दोनों लवर्स को पिछ karunga..dono स्टूडेंट सर हिलाते हुए चले जाते है..

लव समझ जाती है आकाश दोनों को क्यों पिक करने के लिए कह रहा tha..lekin वो कुछ कहती नहीं...

नैना : उफ़ पिछ में बिना कपड़ो के इतनी सेक्सी हो फिर रियल में बिना कपड़ो के कितनी हॉट लगोगी..

जिया : कच्चा खा जाउंगी इसे मई..

लावण्या : क्या चाहती ho..lav बिलकुल नैना के पास आकर उसकी आँखों में आंखे दाल कर देखती है...

नैना लव के देखने पर नर्वस फील करने लगती hai..uski सांसे तेज तेज चलने लगती hai...lav और उसके करीब आती इतनी की लव के बूब नैना के बूब्स से रगड़ने लगे...

लावण्या : व्हाट यू वांट...

नैना से और नहीं रहा जाता और वो लव के होंठो पर अपने होंठ रख देती है....

लव किश में साथ देते हुए नैना को एक तरफ धकेलते हुए दीवार से लगा देती hai...phir अपना एक हाथ निचे लेजाकर नैना की पुसी पर रगड़ने लगती hai...naina मदहोशी में अपनी स्कर्ट खोल देती hai..jo निचे गिर जाती hai..agle hi पल लव पंतय में हाथ दाल कर नैना के क्लाइटोरिस को मसलते हुए पुसी में ऊँगली दाल देती है...

जब दोनों की सांसे उखाड़ने लगी तब दोनों का किश टुटा...

लावण्या : aahhhh...mai तुम्हे कैसी लगती हों..

नैना :ाःह सेक्स की देवी...

लावण्या : व्हाट यू वांट तो बिकम माय स्लेव और friend.lav नैना की नैक पर किश करते हुए लगातार पुसी में ऊँगली अंदर बहार कर रही थी ..

नैना : aaahhhhh...your slave...make में योर स्लेव...

लावण्या : I'll पुनीश यू फॉर मेकिंग माय एडिट्स..

नैना : बात में पुनीश में फॉर मेकिंग योर एडिट...

लावण्या : नाउ लीक आईटी माय slave..lav अपनी ऊँगली पंतय से निकल नैना के आगे करते हुए boli..jis पर नैना का पानी लगा था..

नैना किसी लॉयल डॉग की तरह ऊँगली मुँह में ले लेती है...

लावण्या : अब से तुम मेरी स्लेव हो नाउ लीक आईटी माय फ़ीट..

नैना आकाश और जिया को देखने लगी...

जिया मज़े से दोनों को देख रही थी वही आकाश हैरान था...

आकाश : नैना don't दो this...ye रंडी सीधी दिखती है लेकिन पूरी रांड है..

लावण्या : शट उप छोटी लुल्ली वाले...

लव के जवाब से जहाँ जिया खिलखिला कर हसने लगी वही आकाश बेइज्जती महसूस कर गुस्से में लव को देखने लगा..

फिर अचानक से नैना झुकी और कुटिआ की तरह लव के फ़ीट चाटने लगी..

लावण्या : तुम क्यों दूर कड़ी हो कुटी..

जिया मुस्कुराते हुए आयी ..और उसने लव के होंठो पर अपने होंठ रख दिए..

काफी देर तक तीनो हवस का खेल खेलती रही आकाश जा चूका था...

नैना : आज रात का क्या प्लान है मेरे साथ चलो न साथ में soyenge..naina लव के गलो को छत्ते हुए बोली..

लावण्या : रात में फ्री नहीं hun..jo कुछ करेंगे वो यही..

जिया : हमें अपनी इस रिलेशन को कोई नाम देना chahiye..kya कहती हो स्वीटहार्ट..

लावण्या : फ्रेंड्स इस एनफ..

नैना : ी वांट शामे ट्रीटमेंट everyday...humiliate में लिखे योर डोगग्य..

जिया : यस फ्रेंड्स विथ बेनिफिट्स..

लावण्या : okay पिक्टुरेस डिलीट कर देना मई चलती हों..

जिया: टेक केयर छुट्टी में मिलकर जाना..

लव ने हामी भरी और अपनी क्लास की तरफ चल दी...


क्लास में आयी तो उससे अहाना पूछने लगी कहा गयी thi....phir लव फुसफुसाते हुए सब बताने लगी..

अहाना : ये सही नहीं है लव तू आलरेडी बहुत कुछ झेल रही है अपनी इन आदतों की वजह से..

लावण्या : मई पारी थी इस सब में huh..lav ने हलके गुस्से में पूछा..

अहाना : नहीं बूत मई बस दर रही हों इस सब का अंजाम क्या होगा..

लावण्या : अंजाम ये होगा मई और इनके करीब जाउंगी और इनकी फैमिलीज़ की स्पाई करुँगी उसके बाद सब एविडेंस आद्या मैडम को दे dungi..aur ये सब जेल me..mai अगर ऐसा नहीं करती तो वो फाॅर्स करती न सिर्फ मुझे बल्कि तुम्हे bhi..ab मई तुम्हे तो प्रोटेक्ट कर सकती हों..

अहाना : समझ नहीं अति तू कभी पूरी रंडी बन जाती है कभी मेरी protector..mere हर अहसान का बदला चूका देती है जाहिर किये बिना..

लावण्या : नहीं मेरी jaan...jitne तुम्हारे मुझ पर क़र्ज़ है शायद मई कभी न चूका paun...mujhe याद है वो दिन जब रॉकी मज़दूरी करता tha..us नन्ही सी जान के हाथो में छले देख कर मैंने अपनी स्टडी बंद करने का फैसला किया और तुम aayi...na सिर्फ मेरा साथ दिया रॉकी को ओपन से पड़ने का सुझाव दिया...

अहाना : नहीं सब तुमने किया.. मैंने एक बार उसके एडमिशन की फीस दी थी उसके बाद सरे पैसे तुमने किये...

लावण्या : छोर ये बातें मैडम हमें hi देख रही है...

छुट्टी में दोनों क्लास से बहार aayi...samne जिया नैना कड़ी थी..

लावण्या : तू वेट कर कार में मई आती hon...kahkar लव चलती हुई दोनों के पास आयी..

नैना: अजा मेरी जान...

लावण्या : कहा ले जा रही हो...

जिया : मज़े करने...

लावण्या : फ्री होने के बाद मुझे घर ड्राप करना होगा..

नैना : ओफ़्कौर्से जान ड्राइवर है न मेरे...

जबरजस्ती दोनों लव को अपनी कार में लायी फिर चल दी...

Ting...mai इनके साथ जा रही हों तुम घर के लिए निकल jao...mai आजाऊंगी..

कुछ देर बाद अहाना को लव का टेक्स्ट आता है जिसे पढ़ कर वो अपनी कार आगे बढ़ा देती है..

जिया : नैना पहले हॉस्पिटल चलते है आरवी से मिलने उसकी ग्रैनी हॉस्पिटल में है नहीं गए तो गुस्सा हो जाएगी..

नैना : ड्राइवर हॉस्पिटल जाना है हमने...

कहते हुए नैना ने ड्रिंक निकली और लव को गिलास के निकलने के लिए कहा...

न चाहते हुए भी लव ने दोनों को एक एक ड्रिंक बना कर दी...

नैना : जानेमन तुम भी पियो न ऐसे मज़ा नहीं आएगा...

लव का भी मन हो रहा था लेकिन वो फिर भी इंकार कर देती है..

जिया : लव ड्रिंक आईटी एरर..

लावण्या : पिने के बाद कुछ उल्टा सीधा कर दी तो तुम संभल लेना

और लव सीधे बोतल मुँह से लगा लेती है....

नैना : ओफ़्कौर्से सेक्सी...

कुछ देर बाद कार हॉस्पिटल में आकर रुकी...

पहले तीनो मस्ती करती हुई हॉस्पिटल के कैंटीन में आयी और लेमन वाटर पिने lagi...phir पता पूछते हुए आरवी से मिलने जाने लगी...

लावण्या : मुझे देख कर आरवी कैसे रियेक्ट करेगी मई तो उसकी फ्रेंड भी नहीं हों..

नैना : हमारी फ्रेंड हो न..

जिया : विथ बेनिफिट्स hahaha...aur जिया लव की गांड में ऊँगली कर देती कपड़ो के ऊपर से...

एक वार्ड के सामने आरवी अपनी पूरी फॅमिली के साथ बैठी होती है अपनी बहन के कंधो पर सर रखे...

जिया : ससष्ठ रुको पहले थोड़ा साद फेस बना लेते है...

नैना : कैसे..

जिया अपना स्पिट आँखों पर लगा कर दोनों को देख मुस्कुरा देती है...

जिया : ऐसे..

नैना : फूकिंग bitch...aur वो भी वैसा hi करती है...

लव ऐसा नहीं करती वो उन दोनों के पीछे पीछे चल देती है..

लावण्या : ये कोण है आरवी के साथ..

नैना : जिसके साथ आरवी बैठी है वो आया है आरवी की दीदी और जो दीवार से पेअर लगाए खड़ा वो ारसु hai..aur लास्ट में उनकी मां..

जिया : उनकी मां के सामने कोई गलत बात नहीं करना...

Aarvi...meri jaan..hame जैसे hi ग्रैनी का पता चला हम आ gaye...dekho हम कितनी साद है तुम्हारे liye..wo दोनों फुसफुसाते हुए अपनी आंखे दिखते हुए बोली..

आरवी : भें की लोरिओ नाटक बंद karo...mamma है सामने गांड तोड़ देंगी...

जिया : ोप्पस yaar...aaj बहुत मज़ा आया..

आरवी : I'm साद फॉर माय ग्रैनी...

Aaahhh...itne में आया अंगड़ाई लेते हुए उठी...

नैना : ऐसे टाइम पर क्या बोलते जिया..

जिया : आल इस वेल..

आरवी : शट उप bitches...kaha जा रही हो di..dono को चुप करते हुए आरवी ने आया से पूछा..

आया : पता nahi..yahan ऐसे बैठ भी नहीं sakti...kuch करुँगी ग्रैनी के लिए.

आरवी बस सर हिला देती hai...use समझ नहीं आयी थी आया की बात..

आया चली जाती है जिसके पीछे ारसु कुछ गार्ड्स को भेज देता है..

दोनों दये बाये से आरवी को घेरते हुए उसके पास बैठ जाती है...

जिया : लव सीट..

आरवी : ये यहाँ क्या कर रही..

लावण्या : आपकी ग्रैनी का सुनकर बुरा लगा ी होप she'll बे फाइन सून . लव सिम्पथी दिखते हुए बड़े hi इनोसेंट स्वर में बोली जिस पर आरवी भी ज्यादा कुछ नहीं कहती..

जिया : she's नाउ आवर फ्रेंड..

आरवी : okay अब तुम बैठ सकती हो.

लव को मन hi मन अपनी जीत महसूस हुई....

बहुत देर तक दोनों आरवी के साथ खुसुर पुसुर करती रही वही लव एक डैम कलम होक बैठी हाथ जोड़े मन में कुछ बड़बड़ा रही thi...aarvi के पूछने पर कहती है वो उसकी ग्रैनी के लिए प्रे कर रही है...

डॉक्टर कैसी है मेरी माँ ab...op से निकले डॉक्टर को रोक सान्वी ने पूछा..

डॉक्टर: अभी कुछ नहीं कह sakte....unki ब्रीथिंग बहुत स्लो है..

डॉक्टर की बात सुनकर सान्वी आँखों से जाने की इजाज़त देती hai..phir खुद ारसु के पास आकर कड़ी हो जाती है...

सान्वी : पता करो कोई म्युटेंट फ्रूट माँ को ठीक कर सकता है..

ारसु सर हिलता हुआ चला जाता है...

20 मिनट्स बाद वो आता है..

ारसु: मदर वो जापानीज कह रहा hai..aisa कोई फ्रूट नहीं जो ग्रैनी को ठीक कर sake...uske लिए उसे वापस आइलैंड जाना होगा लेकिन वो आधे रस्ते में है यहाँ के liye...sure भी नहीं ऐसा कोई फ्रूट हो...

सान्वी : उस जपनेसे से कहो आधी टीम को यहाँ वापस भेज दे आधी को लेकर वापस जाये आइलैंड पर और उस बच्चे से पूछे कोण सा फ्रूट माँ को हेअल्थी कर सकता है..

ारसु सर हिलता हुआ चला जाता है बालकनी पर खड़े वो कॉल पर बात करने लगता है...

जब बात करके हत्ता है तब उसकी नजर लव पर पड़ती है...

she-went-on-to-study-for-a-degree-in-business-while-filming-the-handmaids-tale-1655236410.jpg


एक डैम दूध सी गोरी रंगत बड़े बड़े बूब चहेरे पर ऐसी इनोसेंट कोई भी देखे तो दिल के साथ सब कुछ हार जाए...

कॉलेज ड्रेस में उसे देख ारसु समझ जाता है ये आरवी की फ्रेंड hai..wahi लव की सुंदरता उसके दिल दिमाग पर हावी हो गयी थी... जाते हुए ारसु बार बार उसे देख रहा था..

लव घोर नहीं करती वो बस थोड़ा पीस चाहती थी इसलिए दूर आकर बैठ गयी थी...

ारसु आता है तो देखता है सब लोग वार्ड के अंदर hai...andar सान्वी अपनी माँ के हाथ थामे बातें कर रही थी वही दूसरी तरफ आरवी अपनी ग्रैनी का हाथ अपनी आँखों से लगाए सुबक रही थी...

शालिनी को होश आ गया था...

सान्वी: क्या हुआ था माँ आपको..

शालिनी : मेरी आना खा है...

ारसु: she's दोंग प्रे फॉर यू ग्रैनी...

सान्वी : आपकी इलनेस ने उसे नास्तिक से आस्तिक बना दिया..

काफी देर तक आरवी अपनी ग्रैनी के पास बैठी रही...

नैना : आरवी हम लोग जाये रात के 12 बज रहे है...

आरवी उसकी बात सुनकर उठी और दोनों के साथ जैसे hi वार्ड से निकली उसे अंदर एते हुए आना dikhi...thaki थकी si...aaj आना के सर पर स्कार्फ़ था...

आरवी : ग्रैनी को होश आ गया..

आरवी की बात सुन आना के थके से चहेरे पर सुकून आगया वो लम्बे कदमो से अंदर बढ़ gayi...wahi आरवी अपनी दोस्तों के साथ बहार निकल गयी...

आया : granny...pass जाकर शालिनी पर झुकते हुए आना उसके माथे को चूम लेती है...

शालिनी : मेरी बची क्यों उदास हो रही अभी तो मई तुझे कही छोड़ कर नहीं जाने वाली..

आया : ग्रैनी क्या हुआ आपको अचानक से कैसे.. स्ट्रोक आ गया...

शालिनी : अपने बेटे को याद करके वो छोटा सा मासूम जिसकी शरारतो को देख कर मई जीती थी...15 साल हो गए कहाँ है कैसा hoga...mai नहीं जानती मेरे पास कितना समय है मई बस मरने से पहले उसे देखना चाहती हूँ आना...

सान्वी : आपका बीटा आपके पास जल्द आजायेगा माँ...

सान्वी की बात सुनकर गुस्से में आना उसे देखने लगी.....

आया : आप कितनी हैरतलेस ho...aur पेअर पटकती हुई आना रूम से निकल जाती है..

वो बहार hi अपने आप में सिमट कर बैठ गयी थी टेबल पर ..

आरवी उन तीनो को bye बोलकर आती है और आया के पास hi बैठ जाती है...

आरवी : यार ारसु अब तो कुछ खिला दो .

सान्वी : जाओ और खाने का इंतेज़ाम करो कल से किसी ने कुछ नहीं khaya..aarvi के कहने पर सान्वी ने ारसु से kaha..jo सर हिला कर ब्लूटूथ पर अपने गार्ड्स को आर्डर देने लगा...

कितना बोर हुई मई wahan...naina कार में बैठी थी जिसके साथ hi लव और जिया भी थी...

नैना : तेरा आईडिया था जाने का...

जिया : सॉरी yaar...mai खुद बोर हो गयी ...

नैना : ड्राइवर ऑब्रे होटल चलो डिनर करना है हमने..

जिया : मुझे भी भूक लगी है..

कुछ देर बाद तीनो एक 7 स्टार होटल में एक बड़ी सी टेबल पर बैठी thi...aur सामने रखा था एक से बढ़कर एक खाना...

जिया : नैना ये सब इसे hi क्यों देख रहे hai...jiya बड़े बड़े लोगो को लव को घूरने par..naina से कहने लगी...

नैना :ये है hi इतनी प्रीटी माय queen...muah..khate हुए hi नैना लव को चूम लेती है...

लावण्या : वो सामने कोण है ब्लू कोर्ट में ..

जिया : बिसनेस मन hai...kyo पूछ रही है..

लावण्या : ohh...bas घुर्र रहा है वो..

उसे देखते हुए लव भी स्माइल दे देती है...

कुछ देर बाद एक वेटर तीनो के पास तीन शांपिओं की बॉटल्स लेकर आया..

बोतल रखते हुए वेटर एक कार्ड लव के पास रख देता है...

वेटर : सर ने दिया hai..lav ने उसे जाने का कहा खुद वो कार्ड देखने लगी..

जिया : wow..lav ये तो बहुत रिच hai...mr.khanna..

लावण्या : aur..tu जानती है इसे..

नैना : हाँ पार्टीज में मिली हों कई बार बहुत रिच है हमसे भी ज्यादा इवन मेरे फादर इसके लिए hi काम करते है अगर मेरे डैड से ये कहे मेरे साथ सोने के लिए तो मेरे डैड खुद नंगा करके इसके बिस्तर पर छोड़ आएंगे...

जिया : एटलीस्ट मेरे डैड ऐसे नहीं है..

नैना : हाँ सो व्हाट...

लावण्या : लीव आईटी guys..to बिसनेस मन है इसने मुझे क्यों अपना कार्ड दिया..

जिया : अप्प्रोच करने के liye...shampion पियो मैडम जिससे उसे लगे तुमने उसका कार्ड एक्सेप्ट कर लिया..

तीनो खिलखिलाते हुए शांपिओं पिने लगी...

होटल से जब तीनो निकली तो नशे में टुन्न थी...

शम्पियन की तीन बोतल ख़त्म होने पर भी जी नहीं भरा तो तीनो कार में पिने लगी...

लावण्या : सतोप्प...

लव के कहने पर कार रुकी और तीनो एक ब्रिज के पास आकर कड़ी होकर पिने लगी..

जिस ब्रिज पर तीनो कड़ी थी उसके निचे भी सड़क थी...

लावण्या: हे गिरलिएस आओ थोड़े मज़े करे...

कहते हुए लव ब्रिज पर बानी रेलिंग के पास आयी और उसने अपनी शर्ट खोल कर उठा दी फिर ब्रा भी निकल दी..

लावण्या: aaaaaaa.....wo चीख रही थी खुसी में...

निचे जा रही गाड़िओ में बैठे लोगो ने जब ये देखा तब निचे की कार्स रुक गयी...

लव को देखते हुए नैना जिया भी चीखते हुए अपने बूब्स दिखने लगी..

कार से लोग निकल कर तीनो को आवाजे देने लगे...

बदले में लव फ्लाइंग किश दे देती है...

जब लोग ऊपर की तरफ आने लगे तब तीनो भाग कर कार में बैठती है...

नैना लव को उसके घर छोड़ चली जाती है....

काफी देर बेल्ल बजने के बाद नैंसी ने दूर खोला...

नैंसी के बाल उलझे हुए they...badan पर एक पतली निघ्त्य जिसमे सब दिखाई दे रहा था..

नैंसी : इस समय तुम कहा थी लव..

लावण्या: मिस नैंसी कॉलेज की रोदय गर्ल्स मेरी रैगिंग कर रही थी..

नैंसी : तुमने ड्रिंक की hai..lav के बोलने पर नैंसी को उसके फेस से स्मेल आयी...

लावण्या : नहीं उन्होंने पिलाई हाहाहा...

नैंसी : चलो अंदर आओ..

लव अंदर आयी तो उसे नैंसी के रूम से कोई झांकता dikha...wo गौर नहीं करती नैंसी के कहने पर सीधा सीढ़ियां चढ़ लड़खड़ाते हुए ऊपर अति है..

ऊपर उसे अहाना पड़ती हुई मिलती है...

आते hi लव बीएड पर गिर जाती है...

अहाना.: कहा गयी थी..

लावण्या: बहुत मज़ा आया...

अहाना ने और बात करनी चाही लेकिन लव नींद की वदीओ में चली गयी थी...

अगले दिन दोनों को गेट पर hi सहम मिल जाता है...

आज फिर इनोसेंट लावण्या अहाना के साथ थी...

लावण्या को देखते hi सहम के भी दिल में घंटिया बजने लगी थी...

जब सहम दोनों को लेकर डिपार्टमेंट आया तब वो रुक गए..

अहाना : थैंक्स सहम..

सहम सर हिला देता है..

लावण्या : धन्यवाद्..

सहम : मेंशन नॉट.

Okay bye..saham हाथ आगे करते हुए बोलै...

लव हैंडशेक नहीं करती जिस पर अहाना आगे हाथ कर देती है फिर शोल्डर मार कर लव को भी कहती है...

लव अहाना के कहने पर हाथ आगे कर देती है...

सहम : लावण्या कितना प्यारा नाम है..

लव बदले में मुस्कुरा देती है..

मुस्कुराते हुए दोनों सहम को जाता देखने लगती है..

लावण्या: लावण्या कितना प्यारा नाम है बन्दर..

अहाना : शट उप...

फिर दोनों अपनी क्लास में आती है...

अहाना : अब बता कल क्या हुआ tha..ahana फुसफुसाई..

लावण्या : उनका लाइफ स्टाइल hi अलग hai..itni महंगी ड्रेसेस वो पहने थी इतने सरे गार्ड्स इतनी खूबसूरत gaadiya...vaise मई आरवी से मिली thi...aur उसकी फॅमिली से भी उसकी एक बहन है आया बेहद खूबसूरत... और उसकी माँ वो तो इतनी यंग can't बिलीव ी थिंक वो उसकी सौतेली माँ होगी..

अहाना : acha...chal तू बस स्पाई तक hi रहना उनके जैसा बनने की कोशिश नहीं karna..aaj फिर जाएगी तू साथ में..

लावण्या : आज स्टडी करुँगी तो क्लासेज ख़त्म होने से पहले निकलना होगा ताकि वो मिले न...

अहाना : ठीक है...

क्लासेज होने पर दोनों छुपकर घर के लिए निकल जाती hai...naina अहाना से पूछती भी है की लव कहा है तब अहाना कह देती है वो निकल गयी उससे पहले...

पार्किंग से कार निकल कर अहाना कॉलेज के बहार कड़ी लव को बिठाती है और दोनों चल देती है...

लावण्या : देख साली के मैसेज आ रहे है...

अहाना : जवाब नहीं देना...

लावण्या : दे देती हों नहीं तो फ्रेंडशिप तोड़ लेंगी वो....

और लव जिया नैना से चाट करने lagi...jiya ने कॉमन व्हाट्सप्प ग्रुप में अपने साथ जोड़ लिया tha...jahan आरवी और उसकी बहने thi...aur भी बहुत से लोग...

लावण्या : सांग लगा न यार...

और अहाना एक इंग्लिश सांग प्ले कर देती है...

किश में बिफोर यू जो

नोबडी है तो क्नोव, तहत यू एंड ी वेरे थिस क्लोज

लव फंड्स इतस वे होम

वे don't वेयर आईटी गोज, ी ओनली सी थे बैगेज लेफ्ट व्हेन it's ब्रोके

सांग सुनते हुए दोनों झूम hi रही थी की अहाना को सिग्नल पर कार रोकनी पड़ती है...

Rocky.....ahana..wo रॉकी है ..एक डैम से लव चीख पड़ी...

सिग्नल पर जहाँ इनकी कार कड़ी होती उसके अपपोसिते में जाती हुई बाइक पर लव को रॉकी दीखता है किसी लड़की के साथ..

अहाना : रॉकी...

लावण्या : rocky...rocky..ahana कार मूव karo.hurry up...chikh पड़ी...

अहाना : सामने पुलिस वाले है..

अहाना को छोड़ लव कार से nikli...aur अँधा ढूंढ भागने लगी....

जैसे hi रोड क्रासिंग के पास वो आयी रॉकी जा चूका था...

सिग्नल खुला और अहाना कार लेकर आयी...

लव के बैठते hi कार चल di...phir लव रॉकी जिस डायरेक्शन में गया बताने लगी और अहाना उधर hi कार ले जाती...

बहुत देर तक दोनों ढूंढ़ती रही लेकिन फिर उन्हें दुबारा रॉकी नहीं दिखा...

अहाना : तू अपसेट हो गयी ये तो अच्छी बात है कन्फर्म हो गया वो यही है...

लावण्या : वो मेरे अस्स पास hi hai...mujhe ढूंढ़ना होगा उसे...

अहाना : हाँ हम साथ ने ढूढेंगे चल अभी घर चलते है...


लव भी हामी भर्ती है और दोनों चल दी ...

*********************************

जब मुझे होश आया तब मुझे अहसास हुआ कोई मेरे पेनिस को पकडे हिला रहा hai...jab मैंने आंखे खोली तब लक्समी की माध को paya...jo दोनों हाथो से हैंड प्रैक्टिस दे रही थी वही अपने डिक को देख कर मई हैरान था इतना बड़ा और मोटा जैसे किसी घोड़े से भी बड़ा..

मई : तुम ये क्या कर रही हो बहन की lodi...mai उठते हुए उस पर गरजा..

माइड : लक्समी मैडम ने करने के लिए kaha....furti से वो पीछे हटी..

मई : जाओ यहाँ से..

मई नंगा था उसके सामने..

करने दो रॉकी तुम्हे आराम milega...itne में शॉपिंग बैग लिए लक्समी अंदर आयी...

मई : मुझे नहीं करना इससे ..aaahhhh..aur फिर मुझे अहसास हुआ दर्द ka...bechaini का...

लक्समी : मेज़रमेंट लेकर आओ..

माइड सर हिलती हुई चली गयी...

बैग सोफे पर रख कर लक्समी चलती हुई मेरे पास aayi...mere डिक को पकड़ कर वो हिलने lagi..aur अगले hi पल मेरी बेचैनी दूर होने lagi..dard भी काम हो गया था...

लक्समी बड़ी ललचाई नजरो से देखते हुए हिला रही थी...

न जाने कब मेरा हाथ लक्समी के टॉप के अंदर उसके बूब पर चला गया जिसे मई मसलने लगा...

इतने में माइड ने मेज़रमेंट लेकर लक्समी को diya...aur वो मेरा डिक नापने लगी...

लक्समी : लेंथ इस 16 intresting...Width 6 नॉट बाद..

फिर वो मुझे 1 घंटे से ज्यादा देर तक हैंड मस्सगे ब्लोजॉब देती रही जो सिर्फ टोपा hi मुँह में ले पा रही थी जब मेरा निकला तब लक्समी का पूरा मुँह मेरे प्रेकम से भर गया ...और वो सारा पि गयी...

लक्समी : जाओ जाकर नाहा लो मई तुम्हारे लिए नए कपडे लायी hon...ye सोंच कर तुम्हे मेरे हस्बैंड के कपडे पसंद नहीं..

मैंने चुप चाप कपडे उठाये और वाशरूम में aaya...nahate हुए मेरी आँखे बहने लगी...

रॉक जी आपको कैसी लड़की पसंद...

आपके पास पैसे नहीं है माँ को भेजने के लिए ये रखे...

आपको खाने की भी दिक्कत होगी है न आप को मई दे दिया करुँगी खाना..

धम्म्म्म dhammm...rocky जब रट रट थक गया तब अपना सर नहाते हुए दीवार पर मरने लगा..


दर्द होने पर शावर के निचे बैठे रोने लगा.....

नाहा कर मई बहार aaya...aur तैयार हुआ...

लक्समी :चले..

मैंने हामी भरी और हम दोनों कार में aye...aur लक्समी ने कार आगे बढ़ा दी...

कुछ देर बाद लक्समी की कार एक होटल में रुकी...

कार से निकल कर हम अंदर aaye...aur मैनेजर खुसामद करते हुए हमें टेबल तक लाया..

लक्समी मेनू लेकर आर्डर करने लगी..

लक्समी : क्या बात है बहुत चुप चाप हो..

मई : कुछ नहीं...

लक्समी : शिमला चलेंगे हम जल्द बस आज रत मुझे एक किर्या करनी है फिर मई फ्री हो जाउंगी...

मैंने कोई जवाब नहीं दिया..

लक्समी : आज रत पिछली बार की तरह मेरे पास मत आना अगर आये तो जान से jaoge..samajh गए..

मैंने हामी भरी...

लक्समी : एक्सक्यूज़ में तवो रेड वाइन...

उसने वाइन मंगवाई..

मई: मई नहीं पीटा..

लक्समी ने फाॅर्स नहीं किया खुद वो पिने लगी...

खाना खा कर हम बहार चल दिए..

कुछ देर बाद हम एक क्लब में थे...

images


वो डांस कर रही thi...aur मुझे जबर जस्ती नचा रही thi....dance करते हुए वो अपनी गांड को मेरे लैंड पर मसल रही thi..jisse मेरा डिक भी ेररेक्ट हो गया...

मेरी बेचैनी देख वो मुझे लेडीज वाशरूम में layi..aur मेरी पंत उतर दी उसने फिर अंडरवियर भी..

लक्समी : उफ़ युम्मी...

घुटनो पर बैठ वो ब्लोजॉब देने लगी..

मई : aahhhh...suck आईटी ..आअह्ह्ह्ह...

उसके मुँह में सिर्फ टोपा hi जा रहा tha..wo दोनों हाथो से मेरी खाल को अंदर बहार कर रही थी...

मेरे हाथ ऑटोमेटिकली उसके बूब पर चलकर उसे बुरी तरह मसल रहे they..sex की आग में मई बिलकुल परवर्ट बन गया था..

दो लड़कियां आयी वाशरूम में मुझे लक्समी को देख वो रुक गयी...

उन्हें मुझे ललचाई नजरो से देखता देख लक्समी ने ऑफर kiya...aur वो आ भी गयी...

लड़की 1: थिस इस सो बिग ..

लड़की 2: ओह्ह इतना बड़ा उम्...

दोनों ने अपने टॉप्स उतरे और मेरे लैंड पर जीभ रख वो उसे चाटने लगी...

एक लड़की मेरे टेस्टिकल को मुँह में भर कर चाटने lagi...aur वो बहुत सी गन्दी हरकते कर रही thi...unke मुँह से मुझे अल्कोहल की बदबू आ रही थी..

मई : ाःह लावण्या यू व्होरे गेट डीप इनसाइड इन योर mouth...mai एक लड़की के सर को पकड़ कर फोरस्फुल्ली उसके मुँह में लैंड अंदर डालने लगा...

उसका मुँह बिलकुल खुल कर फ़ैल gaya...wo रुकने की कोशिश कर रही थी लेकिन मुझे अपने ऊपर कण्ट्रोल नहीं था...

इतने में मेरे पीछे लक्समी आयी और मुझे अपने पीछे डिलडो महसूस hua..na जाने क्यों लेकिन मई इसमें भी लक्समी का साथ दे रहा था...

जब लड़की की सांसे रुकने लगी तब मुझे झुकाते हुए लक्समी ने लैंड निकल दिया...

मई : aahhh...aur मुझे लक्समी का धक्का पीछे महसूस हुआ...

मई घुमा और मैंने लक्समी को किश किया...

फिर उन दोनों लड़कीओ को और मुझे अपने hi डिक का स्वाद चखने को मिला...

कुछ देर ये हैवानी खेल चला जब मेरा निकल gaya...tab मई नंगा पड़ा सोंचने लगा अभी मैंने क्या किया...

किसी तरह मैंने खुद को साफ़ किया और कपडे पहने...

आईने के सामने खुद को देख मई अपने फेस पर पंचेस मरने लगा...

मई: ये सब तुमने किया है..

मेरे आंसुओ को देख वो मुस्कुराने लगी...

लक्समी : डार्लिंग सॉरी मई तुम्हे इसके साइड इफेक्ट्स बताना भूल gayi..ye काढ़ा डिक तो बड़ा कर देता है लेकिन जब भी तुम्हारा डिक ेररेक्ट होगा तुम परवर्ट बन jaoge...jaise अभी...

दोनों लड़कियां नंगी पड़ी करहा रही thi...dono की पुसी पूरी खुल गयी थी..

उन्हें देख मई चलकर उनके पास आया और उन्हें कपडे देने लगा...

मई : तुमने क्यों किया ye...maine पूछा ये सोंच कर मई होश में नहीं लेकिन ये तो थी ..

लड़की: हमें बहुत मज़ा aya..umm..usne चूमना चाहा मई दूर हैट गया..

मैंने कपडे भी नहीं पहनना ठीक समझा...

और मई क्लब से निकल गया...

लक्समी ने मुझे कार में बिठाया और कार चल दी...

मई : मुझे घर छोड़ do..maine कहा..

मेरी आवाज़ में सडनेस देख उसने हामी भरी..

लक्समी बोलती रही लेकिन मैंने कोई जवाब नहीं दिया...

कुछ देर बाद उसने बस्ती के बहार कार रोकी...

लक्समी : आज रात आना नहीं मई जरुरी काम करुँगी ..उसने मिरर निचे किये मुझे आवाज़ दी..

सर हिलता हुआ मई आगे बढ़ गया..

चलता हुआ मई बस्ती में आया...

बस्ती आज रोशनियों से भरी हुई thi.rang बिरंगी झूलें चाय की भाप हवा में उड़ रही थी कुछ लोग एक तरफ बस्ती में बड़े बड़े बर्तनो में पकवान बना रहे थे..

बच्चे खेल कूदते हुए शोर मचा रहे थे..

वही एक तरफ ढोलक की धमक और हारमोनियम की आवाज के साथ लोग गए रहे थे कुछ बस्ती की hi औरते और मर्द गाने की धुन पर नाच रहे they..wahi बस्ती के लोग दारिओ पर बैठे उन्हें देख रहे थे..

मैंने दूर से देखा आदित्य जी अपने घर की चौखट पर बैठी थी लाल फ्रॉक में बिलकुल सिंपल सादगी की मूरत..

आज मेला था बस्ती में ..जिसके बारे में कई दिनों से सुन रहा था मई...

मेरा दिल भी आज कुछ ज्यादा भरा हुआ था उदासी से...

आदित्य ने मुझे देखा जो देख मई जाने के लिए मुद गया ..

इतने में बस्ती के लोग नाचते हुए मेरे आगे आगये ..

मुझे कंधो पर उठा कर वो मुझे लेकर सेठ के पास आये...

शायद इसलिए सेठ को बचा कर मई उनका हीरो बन गया था..

सेठ : कहा जा रहे थे बरखुरदार इतना अच्छा प्रोग्रमम छोड़ कर..

रिशु : आज तो सूट बीत में एक डैम मस्त लग रहे हो bhadutri..ye गाली नहीं है निगहबॉर को कहते है .वो आगे कहते हुए बोली..

मैंने कोई जवाब नहीं दिया अपने कोर्ट के बटन खोलने लगा...

आदित्य मुझे देख रही thi..uski आंखे भरी हुई थी वो नाच गए रहे लोगो को मुस्कुरा के देखती अगले hi पल उसका चहेरा मुरझा जाता...

मई अपने गिल्ट की वजह से उसे देखने की हिम्मत भी नहीं कर पा रहा था..

ये भी दीवानगी है

वो भी दीवानगी है

ये भी दिल की लगी है

वो भी दिल की लगी है

मुझको क्या हो गया है

सबको हैरानगी है

इतने में बस्ती के नाचने वाली औरते और मर्द गाते हुए अदिति के पास ए और उसका हाथ पकड़ कर उसे बिच में ले आये साथ नाचने गाने के लिए..

बस्ती वाले गेट हुए:

अरे नहीं होना था

नहीं होना था

नहीं होना था लेकिन हो गया यार...

आदित्य :

हो गया है मुझे प्यार

हो गया है मुझे प्यार
इस प्यार के ये किस मोड़ पर

वो चल दिए मुझको छोड़ कर

आगे जा न सकूं

पीछे जा न सकूं

ग़म दिखा न सकूं

ग़म छुपा न सकूं

ग़म दिखा न सकूं

ग़म छुपा न सकूं

सामने मेरे आग पे

दरिया दुबके जाना पार

हो गया है मुझे प्यार

आदित्य गाते हुए मुझे देखने लगी..

बस्ती वाले : नहीं होना था लेकिन हो गया यार...

वो मेरे पास ए और मुझे जबरजस्ती उठा कर आदित्य के पास लेकर खड़ा कर दिया...

मई गेट हुए:

ज़माने को ये दिल नहीं मानता है

नहीं और कोई फ़क़त इश्क़ है वो

जो आशिक़ की नज़रों को पहचानता है

जो आशिक़ की नज़रों को पहचानता है..

वस्ति वाले गेट हुए :
अब वक़्त फैसले का नज़दीक आ गया है

क्या फैसला करून मैं

दिल ने तो ये कहा है

दिल दिल दिल ने तो ये कहा है

जीने का है शौक तो

मरने को हो जा तैयार

अदिति गेट हुए : हो गया है मुझे प्यार ho...ho गया है मुझे प्यार..
वापस कर आयी बाबुल को

मैं शादी का जोड़ा

मैंने प्यार को पहन लिया है

प्यार को सर पे ओढ़ा

फ़ेंक दी मैंने गली में

झूठी रस्मों की अंगूठी

तोड़ दिए सब लाज के पहरे

मैं हर कैद से छूती

पग पग ठोकर खाएं

चलती जाऊं अखियां मीचे

आगे मेरे साजन का घर

दुनिया रह गयी पीछे

आयी की दुआ मांगू मैं,

बिछड़ा यार मुझे मिल जाए

मेरे तीरों मुर्शिद

मेरा प्यार मुझे मिल जाए

अपना लाल दुपट्टा मैंने

दिल के खून से रंगा

अपना लाल दुपट्टा मैंने

दिल के खून से रंगा

ये संगम हो जाए

सागर से मिल जाए गंगा

सागर से मिल जाए गंगा...

मेरे कंधो पर हाथ रख मेरी आँखों में देखते हुए वो सबसे बेगानी होकर गए रही थी...

सेठ : चलो सब अब खाना खा लो बहुत रात हो गयी hai...rishu जाओ अपनी दीदी को ले आओ...

गाना ख़त्म होने पर सेठ ने कहा...

सब धीरे धीरे उस पंडाल की तरफ जाने लगे जहाँ खाना सजाया जा रहा था खिलने के लिए...

रिशु : चले दीदी मुझे भी भूक लगी hai...didi...aaditi के जवाब न देने पर रिशु उसे हिला देती hai...jo देख आदित्य अपने हाथ मेरे कंधो से हटा देती है...

उसका मेरे कंधो से निचे हो रहे हाथ को न जाने कब मेरे हाथ ने पकड़ लिया था....

वो पलटी और उसे मेरी आँखों में आंसू दिखे वही मुझे उसकी भीगी पलके दिखी...

एक दूसरे को देखते हुए न जाने हमारे जिस्मो को क्या हुआ आपस में एक होने के लिए एक दूसरे में सिमट गए...

उसके गले लग कर मई फुट फुट कर रोने लगा...

ज़िन्दगी में कई लड़कियां आयी किसी को मई पसंद नहीं आया तो किसी ने धोका दिया और किसी ने प्यार की आड़ में इस्तेमाल kiya..ye जानते हुए भी मई प्यार के मामले में हमेशा हारा हों लेकिन अदिति को देख मेरा दिल एक और तजुर्बे के लिए मुझसे लड़ने laga...aur उसके आगे मैंने हार मान ली...

अदिति : ssshhh...ssshhh...mai हों na...wo मेरी पीठ सहलाते हुए मुझे चुप करने की कोशिश कर रही थी...

जब मेरे आंसू नहीं रुके तब मेरे चहेरे पर फूक मरते हुए उसने अपने होंठ मेरे होंठो से मिला दिए और अगले hi पल अलग करते हुए उसने अपना सर मेरे साइन में छुपा लिया...

रिशु : क्या दीदी एक गरीब लड़का पसंद भी आया और उसे आपने चीन liya...apse तो पन्गा भी नहीं ले सकती एंटी देन्गेरौस हो आप...

अपने साइन से लगाए मैंने उसके सर को चूम liya...uske बालो में भीनी भीनी तेल की खुशबु आ रही thi...jisme सिर्फ प्यार था...


रिशु : दीदी चलो भी खाने...

रिशु के फाॅर्स करने पर हम अलग हुए...

और खामोसी से उसके साथ चल दिए...

लोगो से दूर आदित्य एक जगह रुक गयी...

अदिति : हमारे लिए यही ले आओ..

रिशु ने हामी भरी और चली gayi...ham दोनों पेड़ के साथ बने स्लिप पर बैठ गए...

आदित्य : buddhu..larkio की तरह क्यों रो रहे थे...

मई : तुम्हारे लायक नहीं...

अदिति : ssshh...uske मेरे लावो पर ऊँगली रख दी....

अदिति : ऐसा नहीं कहना कभी भी...

मई : सॉरी ...मैंने कान पकड़ लिए...

अदिति : मेला बचा...

उसने इस अंदाज़ में कहा की दिल कर रहा था उसमे समां जॉन इतनी प्यारी थी वो...

मई : बचा नहीं हों मई..

अदिति : रिशु अपने 10 बॉयफ्रेंड को मेला बचा कहती है...

मई : और मई तुम्हारा बॉयफ्रेंड हों..

अदिति ने ना में सर हिला दिया...

मई : फिर...

अदिति : लवर...

आह्हः इतना garam...itne में रिशु 2 पत्तल में कई तरह की सब्जी पूरी मीठा लेकर आयी...

पास आकर उसने एक मेरे आगे रख दिया एक अदिति के...

अदिति : बेतु तुम ले लो एक हम एक में hi खा लेंगे...

रिशु : तुरु लव huh...aur उसने एक पत्तल उठा लिया और हमारे पास hi बैठ गयी..

आदित्य ने एक पूरी उठायी और निबला बना कर सब्जी लेकर मेरे आगे कर diya...jise मैंने मुँह में ले लिया...

मैंने उसे जब नहीं खिलाया तब वो खुद खाने lagi...agli बार उसने दूसरी सब्जी से निहाला बना कर मुझे दिया...

हमारा सारा खाना ऐसे hi ख़त्म हो गया....


अदिति : मुझे आपके पास सोना है रॉक ji...mujhe रात भर आपकी याद आती है...

मई : मेरे पास sona...lekin कैसे शादी करके सोते है साथ में...

अदिति : सिर्फ सोना है बस...

रिशु : शांत हो जाओ डैडी आ रहे है...

सेठ को आता देख हम दोनों खड़े हो गए...

सेठ : चले बचो 12 बज रहे है...

अदिति ; मुझे सोना hai...wo मेरे कान में धीमे से फुसफुसाई...

मैंने ना में गर्दन हिला दी...

सेठ रिशु जाने लगे लेकिन अदिति ने मेरा हाथ पकड़ लिया...

मई : जाओ सुबह मिलेंगे..

सेठ: अदिति बीटा क्या hua...seth के पलटते hi मैंने हाथ छुड़ा लिया..

अदिति : मुझे रॉक जी से रत भर बातें करनी है..

सेठ : सुबह कर लेना चलो आओ...

अदिति : nahiii...abhi karungi...rock जी आपको जेल से लेकर आये..

सेठ : अदिति बीटा सुबह कर लेना ये सोने का समय है...

वो कुछ कहती की मैंने उसे इशारा किया जाने ka...jis पर सो सर निचा किये चली गयी....

मई पलट आया....

रूम पर आकर मई लेट गया आदित्य को सोंचते हुए...

थोड़ी न समझ ज़िद्दी दुनिया से अनजान ऐसी hi तो लड़की चाहिए थी mujhe..ab लाइफ सेट thi...bas लक्समी को दूर करना रहता था...

सोंचते हुए मेरा हाथ मेरी गन पर चला गया जो मेरी तकिया के निचे राखी थी...

Khatt...khattt...

इतने में दूर baja...maine गन निकली और पीछे किये दूर पर आया..

मई: कोण...

रॉक जी मई hon..awaj सुनकर जैसे मेरी रूह को ठंडक मिली हो..

मैंने दूर खोला तो सामने दोनों बहने thi...jo देख मैंने गन पीछे दाल ली..

मैंने क्वेश्चन भरी आँखों से उन्हें देखा...

रिशु : दीदी एड़ी है जो सोंच लिया वो करके रहती hai...ghar आते hi रोने lagi..jab डैडी ने पूछा क्यों रो रही तब इन्होने बताया आपसे बातें करनी है और उन्होंने हार मान कर भेज दिया ...

अंदर aao...maine रास्ता देते हुए कहा...

दोनों अंदर aayi...dono को लिए पेअर लटकाये मई बीएड पर बैठ गया..

मई : मई लाइट जला देता हों..

आदित्य : नहीं मेरी आंखे दुखती है...

मई : achha...kya बात करनी है आदित्य जी...

रिशु : ठीक है मई बहार टहल रही हों..

आदित्य: वो कोण जो सुबह आयी थी...

मई : मई उसके लिए काम करता हों.

मेरी बात सुनकर उसने सर मेरे शोल्डर पर रख लिया...

आदित्य : आप मुझे चाहते थे कब से..

मई : सच कहां..

अदिति : जी रॉक जी..


मई : जब पहली बार तुम्हे देखा सुन ग्लासेज लगाए मुझ पर चिल्ला रही thi..aisa लग रहा था जैसे कोई पारी मेरे सामने कड़ी हो...

वो लम्बी सांसे लेते हुए ब्लश करने लगी .

मई : सिंगल लड़को का दिल ऐसा hi होता है जो मैना अछि दिखी उसके पीछे हो लिए ...पता नहीं था तुम्हे भी मुझसे प्यार हो जायेगा आदित्य ji...kab और कैसे...

आदित्य : जब आपको डोगग्य से बातें करते देखि ..जो जानवरो से इतना अच्छा स्वभाव रखे वो इंसानो के साथ कितना अच्छा hoga...aapka दिल बहुत अच्छा है रॉक जी ..मई आपसे बहुत प्यार करती हों ..एक लम्हा भी आपसे दूर नहीं रहा जाता...

मई : तुम्हे दुनिया की समझ नहीं है आदित्य न मई कोई ाचा इंसान हों किसी की अच्छे जानवरो से प्यार करने से नहीं पता chalti..log जानवरो के प्यार में इंसानो को मार देते hai...mai अच्छा नहीं हों लेकिन तुम से बहुत प्यार करता हों इतना की तुम्हारी आँखों में आंसू नहीं देख सकता ..

आदित्य : मई भी आपकी आँखों में रॉक ji...usne मेरा हाथ पकड़ा और अपने साइन पर रख दिया ..

अदिति : आपके करीब होने से मुझे करंट लगता hai...usne शर्मा कर kaha...mujhe उसकी धड़कने बहुत फ़ास्ट चलती महसूस हुई...

मई : तुम पूरी बेवक़ूफ़ हो और इसलिए मुझे पसंद ho..mai उसके साइन पर से हाथ हटते हुए बोलै...

अदिति : हाहाहा मई बेवक़ूफ़ ..मई देवी हों इस बस्ती की...

मई : वो तो हो और मेरी वफ़ा की देवी...

प्यार से उसने अपने चिक्स मेरी बियर्ड वाले गालो से रगड़ diye...uske कोमल गालो का अहसास ऐसा जैसे कोई गुलाब मेरे चहेरे से लगा दिया हो...

मई : शादी करोगी मुझसे..

Kab...sar हिलाते हुए खुश होकर अदिति ने पूछा..

मई : कल मई घर लेने जा रहा hon..hamare लिए ..चलोगी मेरे साथ...

आदित्य : haan...chalungi..lekin पैसे कहा से आये..

मई : फिर बताऊंगा है मेरे पास ...चलो अब तुम जाओ मुझे नींद लगी है..

अदिति : मुझे यही सोना है...

मई : तुम सेठ की इज्जत हो मई शादी से पहले साथ नहीं सो sakta..samjhi...

अदिति : इज्जत मतलब रेस्पेक्ट मई करती हों उनकी रेस्पेक्ट...

मई : अरे मेरी माँ अगर हम साथ सोये तो लोग बातें करेंगे ...

अदिति.: मुझे माँ कहा हहहह..

मई : चलो jao...hath पकड़ कर मैंने उसे उठा दिया...

वो मेरे गले लग गयी...

अदिति : सुबह हम घर देखने चलेंगे फिर शादी...

मई : हां मेरी जान...

वो कमरे से निकली और रिशु को लिए निचे जाने लगी ..

रूम लॉक करके मई सो गया....

सुबह खातर पातर की आवाज से मेरी आँख खुली....

लूसी एक बड़ी सी जानवर की हड्डी मुँह में दबाये चबा रही थी..

मई : कल तुमने कुछ खाया lucy..tum कहा चली गयी थी..

उसने म्याऊ किया मुझे देख kar...muskurate हुए मई उठा और वाशरूम में आया...

तैयार हो hi रहा था की अदिति आ गयी ब्रेकफास्ट लिए...

मई : तुम यही रुको मई लूसी के लिए मिल्क लेकर आया ..

कहकर मई निचे आया...

फिर कुछ देर बाद मिल्क लेकर upar.jahan मुझे अदिति लूसी के साथ खेलती दिखी..

दूध लेकर मैंने रख दिया...

मई : जब भी तुम्हारा मन हो पि lena..haddi वो खा चुकी थी..

हाथ धोकर मई अदिति के साथ ब्रेकफास्ट करने लगा..

खाने में एक से बढ़कर एक ितों थे भाजी छाए बिस्कुट रायता ेट्स.

अदिति : चले घर लेने...

मैंने हामी bhari...phir बीएड के निचे से बैग निकला...

उसे खोलकर मई गिनने लगा...

अदिति : इतने पैसे कहा से ए..

मई : मेरे है ..let's count...mujhse कोई जवाब न दिया गया..

पैसे रख वो मेरे पास ayi...aur मुझे सीधा कर मेरी आँखों में देखने लगी..

अदिति : मुझे कुछ नहीं चाहिए बस तुम मेरे साथ सच्चे rehna...usne मेरी आँखों में देख कहा..

बदले में मैंने सर हिला दिया..

मई : ये पैसे मैंने अपने लक से जीते hai...don't वोर्री..

फिर हम दोनों 1 घंटे से ज्यादा देर तक गिनते rahe...total 4 करोड़ 20 लैस they..jisme से 20 हजार मैंने अदिति को दे दिए जो उसके उधर थे मुझ पर..

अदिति : नहीं चाहिए रख लो..

मई : नहीं janeman..jab तक शादी नहीं हो जाती तब तक nahi..usne हामी भरते हुए रख लिए..

मई : चले..

बैग टंगे अदिति को लिए मई रूम लॉक करने लगा..

बहुत देर लगा दी beti...awaj पर हम पालते आने वाला सेठ था...

अदिति : हम पैसे गईं रहे थे रॉक जी अपने लिए घर देखने जा रहे hai..maine अपना सर पकड़ liya...uski इनोसेंट पर..


सेठ : तुम्हारे पास पैसे कहा से aye..seth को शक हो जाता ैसिलय मेरे कुछ बोलने से झूट अदिति की मौजूदगी में बोल नहीं सकता tha..isliye मई चुप hi रहा..

अदिति: इन्होने अपने लक से जीते..

सेठ : तुम कहा जा रही हो रॉक के sath..wo अपने लिए देखने जा रहा है तुम क्या करोगी बेटी..


अदिति : मई भी dekhungi...aur आप मुझे रोकना नहीं वर्ण यही से कूद जाउंगी hihihi...mujhe दर था ये कुछ शादी के बारे में न बता दे लेकिन उसके उजडपणे ने सब संभल लिया..

सेठ उसका जवाब सुन सर खुजाने लगा..

सेठ : ठीक है जाओ लेकिन अपने दुपट्टे से मुँह छुपा lo..tum देवी हो यहाँ की अगर किसी ने देख लिया ऐसे तो बदनामी होगी..

मई : सही कह रहे है सेठ अदिति जी...

मेरे कहने पर उसने स्कार्फ़ मुँह पर बांध लिया...

हम निचे आये फिर बाइक पर बैठ कर निकल लिए..

बस्ती से बहार आते hi उसने अपनी बाहें मेरी कमर में दाल ली...

मई : गण सुनोगी...

अदिति : यस जी..

मई : तू जो छू ले प्यार से आराम से मर जाओ...



आजा चंदा बहू में

तुझ में hi गम हो जाओ

मैं तेरे नाम में खो जाओ

सैय्यन, सैय्यन

मेरे दिन ख़ुशी से झूमे गाये राते

पल पल मुझे डुबाये जाते जाते

तुझे जीत जीत हारू यह प्राण प्राण वरू

है ऐसे मैं निहारू तेरी आरती उतारू

तेरे नाम से जुड़े है सारे नाते, सैय्यन, सैय्यन

बांके माला प्रेम की

तेरे तन पे जहर जहर जाओ

बैठू नैया प्रीत की

संसार से थार जाओ

तेरे प्यार से तर जाओ

सैय्यन, सैय्यन

मुझे गेट सुन उसने अपना सर मेरे शोल्डर पर रख liya...mirror में मैंने देखा उसकी आंखे बंद हो गयी थी..

छप्प्प्प चप्प्प गण ख़त्म होते hi वो क्लैपिंग करने लगी...

कुछ देर बाद एक प्रॉपर्टी डीलर के ऑफिस के बहार मैंने बाइक पार्क की..

उतारकर हम दोनों अंदर आये...

किस्से मिलना hai..ek स्कर्ट में लड़की हमारे पास आकर बोली..

मई : mr.mehta से.. प्रॉपर्टी के लिए आया hon..maine बहार बोर्ड से उसका नाम जाना था..

लड़की : के विथ में..

उसके साथ चलते हुए हम एक ऑफिस में aaye...jahan हमें देख मेहता ने बड़ी इज़्ज़त से बिठाया...

मेहता : कैसे आना हुआ..

मई : मुझे एक घर चाहिए पॉश इलाके में और आज hi डील फाइनल करनी है...

मेहता : इसमें कॅश है..

वो मेरा बैग देखते हुए बोलै..

मई: हाँ..

फिर वो मुझे घरो की फोटोज दिखने laga...jinki इनफार्मेशन मई फ़ोन से निकल कर dekhta...aur अदिति से कन्फर्म करता उसके इंकार पर मई मन कर देता...

मई : ये सब लोगो में है मुझे ऐसा घर चाहिए जो लोगो से दूर ho..aur अच्छा..

मेहता : दुर्गा वो लोनावला बिल्ला अभी भी पड़ा है..

दुर्गा : हाँ सर बूत उसमे रेनोवेशन का काम होना है...

मेहता : चलो इन्हे दिखा देते है...

वो मुझे फ़ोन में पिछ दिखने लगा..

बिला अच्छा था बहुत बड़ा अपने समय पर बंगलो रहा होगा...

क्यारी भी थी बड़ी सी पीछे समुन्दर था बड़ा सा गार्डन था तीन मेल बने हुए थे बस रंग उतरा हुआ था..

मई : कितने एकर में है..

मेहता : 6 एकर में..

मई : ये तो महंगा होगा..

मेहता : 15 कर.

मई : तुम्हे पसंद है..

अदिति ने सर हिला दिया...

अदिति : लेकिन महंगा है हमारे पास तो इतने पैसे भी नहीं है..

मई : उधर सुधर हो सकता है कुछ...

मेहता : आपके पास अभी कितने है..

मई : 4 कर.19 lacs...agar डील करते है तो मई 4 से 5 महीने में दे dunga..bache हुए पैसे..

मई काम करता लेकिन उधर की वजह से कहा नहीं..

मेहता ने अपनी सेक्रेटरी को देखा.

मेहता : ठीक है पहले आप बंगलो देख lo..durga तुम इन्हे बंगलो ले jao..mai वकील और पेपर्स लेकर अत हों..

दुर्गा: आप मेरे साथ आये और कॅश इन्हे दे दो..

मई : पहले जब घर मेरे नाम हो जायेगा तब..

मेहता : mr.rocky इस राइट..

वो बात सँभालते हुए बोलै..

हम बहार aaye...durga कार से जाने लगी और हम अपनी पाइक पर..

1 घंटे बाद हम अपनी मंज़िल पर थे...

images


बंगलो हमारे सामने था..

देखने में बहुत hi प्यारा..

हम दुर्गा के साथ अंदर aye..aur घर देखने लगे...

रूम भी बड़े बड़े थे वाशरूम पुराने ज़माने के they..jo की मुझे पसंद वही थे...

एक गार्डन था बड़ा sa...cars पार्किंग करने के लिए बहुत ज्यादा स्पेस थी...

टोटल 18 रूम्स थे... फर्नीचर भी था लेकिन पुराण...

दुर्गा : बंगलो के साथ सारा सामान भी आपका है..

मई: इस फर्नीचर को बहार फिकवाने hoga..aur कुछ चीज़े मुझे पसंद है वो मई यही रखूँगा..

दुर्गा : ये लो मार्कर आप जो रखना चाहते और जो फेकना उसे मार्क कर do..wo मुझे मारकर देते हुए boli...aur हम मार्क करने lage..jo सदा हुआ सामान था हमने बस वही फेका...

मेहता अपने साथ वकील को लिए लाया...

मेरे डाक्यूमेंट्स लेकर उसने दुर्गा को फोटोकॉपी के लिए भेज दिया..

पेपर वर्क में 1 घंटा लग गया...

मेहता : लीगली अब ये घर आपका hua...ab आप बचे हुए पैसे 2 महीने में देने hoge..late होने पर आपको आपकी आधी अमाउंट दी जाएगी..

मई: उससे पहले दे dunga..mai कॅश उसके हाथ में देते हुए बोलै...

दुर्गा : फर्नीचर के भी पैसे ऐड कर दिए सर..

मई : फर्नीचर साथ में है ये तुमने कहा था अभी जब हम यहाँ आये .लुक हमने आपसे पैसे नहीं काम करवाए इसलिए आप भी ये नहीं करे ोथेरविसे डील टूट jayegi..apka सामान भी कचरे के भाव में hi जायेगा..

मेहता : चुप कर तू randi..koi आप रखो..

अदिति : इन्होने गली दी ..

मई : मेरी वाइफ को ये सब नहीं पसंद..

मेहता : सॉरी भाभी जी...

अदिति : वाइफ मतलब पत्नी बीवी लेकिन हमने तो अभी शादी भी nahi..wo आगे कुछ कहती मैंने उसके मुँह पर हाथ रख दिया..

मेहता ने मुझसे पैसे लिए और कीस मेरे हाथो में रख दी..

मई : ये कीस आप रखो और आज सफाई करा दो कल हम रेनोवेशन का काम करेंगे..

मई कीस दुर्गा को देते हुए bola...keys लेकर मेहता ने हामी भरी..

और फिर हम दोनों चल दिए.

रूम पर आया तो 4 बज गए थे...


अदिति को घर छोड़ मई चल दिया लक्समी के घर उसकी बहुत कॉल्स आयी हुई थी डील की वजह से मैंने रिसीव नहीं की थी...

लक्समी के घर आया तो मुझे अंदर से कराहने की आवाजे आ रही थी...

Aaahhhhh...saras रोको inhe...aaahhhh...mar gayi...aaaaahhh...chhod दो मुझे...

आवाजे लक्समी की thi...uski आवाजे सुन मई भागता हुआ उस रूम के पास आया जहाँ लक्समी लेती करहा रही थी..

सरस रोको inh...wo कह hi रही थी की उसकी नजर मुझ पर पड़ी और मैंने उसे देखा...

उसका चहेरा कला पढ़ गया था जगह जगह जिस्म पर फोड़े निकल ए थे जिनसे पीप निकल रहा tha...sundar लक्समी बेहद बदसूरत दिख रही thi...use देख जहाँ मई हैरान था वही उबकाइयां आने लगी...

लक्समी : सरस घेरा बनाओ jaldi...haramjade तेरी वजह से देख मेरा क्या हाल हो गया...

मई : kya...maine क्या किया...

लक्समी : मेरा ये हाल तेरी वजह से hua...bata क्या किया तूने...

मई : मुझे नहीं पता तुम क्या कह रही हो...

लक्समी : तुझसे मैंने खून मंगवाया था नए मुर्दे का और उसकी ग्रेव की मिटटी सच बता तूने कोई छल किया tha...usne बड़े दर्द में करहै हुए कहा..

मई : nahi....kuch भी नहीं किया...

आईये डॉक्टर sahab..itne में वही लेडी बॉय जो मुझे सैलून में मिला था वो डॉक्टर्स को लिए अंदर एते हुए बोलै...

डॉक्टर अंदर आये और लक्समी को देखने लगे....

डॉक्टर्स ने उसे कई इंजेक्शन लगाए और दवा देने लगे..

लक्समी: मुझे बस पैन किलर दो डॉक्टर मई जानती हों मेरी हालत कैसे ठीक होगी....

डॉक्टर ने उसे दवाई दी फिर उसी लेडी बॉय ने डॉक्टर की फीस दी ...जिसे लेकर डॉक्टर चला गया..

लक्समी : क्या हुआ बन गया रक्षा कवच...

लक्समी किसी अनजान एंटिटी से बात कर रही थी...

उस लेडी बॉय के सामने मतलब वो भी जनता था इस बारे में..

लक्समी : ठीक है जल्दी से कोई उपाय ढूंढो मुझे ठीक करने ka...ye फोड़े मुझे बहुत दर्द दे रहे है...

लक्समी : मेरे पास आ...

उसे मुझे अपने पास बैठने के लिए आवाज दी..

मई : मई ठीक हों बोलो न...

लक्समी : तुझे घिन आ रही है haramjade..mera हाल क्या हुआ तेरी वजह se...ab तू भी bhugtega.saja..nahi तो बता दे तूने क्या छल kiya...wo गुस्से में हुंकार भरते हुए गरजी...

लक्समी : मई तुझे बताती हों असल में हुआ क्या ...मुझे एक परिवार को ख़त्म करने का आर्डर मिला ...मई उन्हें कल मरने वाली थी लेकिन जो सामान मैंने तुझसे मंगवाया उसमे कुछ गलत चीज़े थी तूने मिटटी कही से उठायी होगी नहीं तो ब्लड किसी जानवर का लाया होगा मुर्दे की jagah...ab सीधी तरह बता दे तूने क्या छल किया था...

मई समझ गया था उसकी बात sunkar...mai ब्लड ज़िंदा इंसान का लाया था और मिटटी भी नकली ग्रेव की शायद इसी वजह से लक्समी की ये हालत हुई thi...mai बताता तो वो सजा देती इसलिए मैंने चुप रहना hi सही समझा..

मई : सच कह रहा हों ग्रेवयार्ड से hi ब्लड और मिटटी लाया था...

लक्समी : हरामजादे फिर झूट बोल रहा hai..nicky इसकी गांड मारो तब ये सच बोले ga...bas तुम इसका लैंड खड़ा कर दो उसके बाद ये तुम्हे खुद गांड देगा..

लक्समी के कहते hi निक्की लैंड सहलाते हुए मेरी तरफ बढ़ने लगा...

मई: ये ज्यादा हो रहा है laxmi...pass मत आना बहन के लोडे वर्ण तेरी माँ छोड़ दूंगा..

लक्समी: तेरी इतनी हिम्मत तू मुझे धमकी dega...saras इसे मजा तो चखाओ...

मई : aaaahhhhhh...kon है tu....aahhh...

अचानक से एक हवा के झोके ने मुझे पकड़ा और जमीन से दे mara..farsh पर गिरते hi मुझे मेरी हड्डिया टूटने की आवाजे aayi..dard से मेरी चीखे निकलने lagi...maine उठना चाहा की मई उठ नहीं पाया..

लक्समी : रुक जाओ..

मई : लक्समी देखो प्लीज ऐसा मत करो मुझे जाने do...mai अब कभी नहीं आऊंगा यहाँ...

उसे रोक्क्ति देख दर्द में कराहते हुए मैंने कहा...

लक्समी : फिर बता तूने क्या गड़बड़ की..

मई : मैंने जिस नयी ग्रेव की मिटटी ली जब उस ग्रेव के बॉडी का ब्लड लेने की बरी आयी तो वो लड़की ज़िंदा thi...aur मई उसी का ब्लड ले aya...tumhe बताया नहीं इसलिए तुम फिर bhejti...mai डरता हों इन पैरानॉर्मल एक्टिविटीज से..

मेरी बात सुनकर वो अपना सर पकड़ कर बैठ गयी...

लक्समी : तूने धोका दिया और मेरा ये हल हो gaya...saras न होता तो मेरी जान चली jati...tujhe सजा तो milegi..jao निक्की मार लो इसकी gand...bas इसका लैंड खड़ा कर दो फिर ये खुद तुम्हे देगा..


मई : मैंने सब बता दिया tumhe..mai भर्राई आवाज में गरजा..

लक्समी : तुझे पहले बताना tha...tab शायद माफ़ कर देती..

पास आ रहे निक्की के मैंने लात मारनी चाही के मई फिर गिर गया मेरी आधी उठी तंग पीछे के लिए हो गयी thi...itne में निक्की आया और उसने मेरी पंत का हुक खोलना चाहा..

मैं हाथ से रोकना चाहा लेकिन मेरे हाथ दीवार से लग gaye...jaise किसी अनजान फाॅर्स ने पकडे हुए हो..

निक्की : आअह्ह्ह कितना बड़ा है इसका लैंड लक्समी जी पिछली बार से भी बड़ा इसे लेकर मुझे मजा hi ajayega...aahhh युम्मी....

वो मेरी पंत खोल लैंड मुँह में लेकर चूसने लगा...

मैंने रोकना चाहा लेकिन मेरा हर हरबा नाकाम रहा ...मई लक्समी से माफ़ी मांग मांग कर थक गया लेकिन उसे दया नहीं आयी...

निक्की लैंड चूसते हुए दोनों हाथो से मुझे मुट्ठ देने लगा...

5 मिनट तक मुट्ठ के बाद मेरा अपने ऊपर से वश हैट गया और मई उसका साथ देने लगा....

2 घंटे बाद मई होश में आया....

निक्की नंगा पड़ा करहा रहा था उसकी गांड फैट चुकी thi....mujhe देख वो सेक्सी स्माइल देने laga...jisse मुझे कराहियत आयी...

मैंने अपना हाल देखा मई भी नंगा था pura...mere फेस पर माल लगा था और वो निक्की का tha...mujhe अपने मुँह से भी ऐसा hi टेस्ट आ रहा tha...jo सोंच कर मेरा सर फटने लगा...

मई निक्की को मरने के लिए उसके पास बढ़ा की आधे रस्ते में hi मई पीछे दीवार से जा लगा...

लक्समी : फिर से गांड मारवणी है इस बार 10 आदमीओ को bulaungi...chup चाप नाहा कर आ मेरे पास..

मई कमज़ोर था कुछ नहीं कर सकता था इसलिए मई उठा और वाशरूम में आकर नहाने लगा....

निक्की के साथ बीता हर पल मुझे याद आ रहा था और मेरी आँखे भीग कर बाह रही थी...

बहुत देर तक मई शावर के निचे बैठा रोटा रहा.. मेरा मरने का दिल हो रहा tha...lekin मई मर नहीं सकता था मेरी ज़िन्दगी में खुसी आ गयी thi...lekin मेरा दिल अंदर से बुझ गया था...

निक्की के साथ सेक्स करते हुए मुझे लक्समी कॉल पर बात करती सुनाई दी थी...

वो कह रही थी पिता जी मेरी रक्षा करो मुझे ठीक करो...

निक्की के दूर से आवाज देने पर मैंने शावर बंद kiya...phir कपडे पहन कर मई लक्समी के पास आया...

लक्समी: जा सामान लेकर aa..aur निक्की तुम इसके साथ जाओ कोई फ्रॉड न करे ये नजर rakhna...saras तुम ख्याल रखना ये निक्की को नुकसान न पहुचाये..

मई : मई कोई काम नहीं करूँगा तुम्हारा...

लक्समी: मालकिन बोल gandu...tujhe इतना बुरा लग रहा है मेरी हालत देख जो तेरी वजह से हुई मुझे कितना बुरा लग्न चाहिए....

मैंने कोई जवाब नहीं diya...shayad मेरे साथ जो हुआ इसमें मेरी भी गलती थी मई उसे सच बता देता तो ये सब न होता मेरे साथ...

लक्समी: bol...wo चीखी..

मई : सामान की लिस्ट दो मालकिन...

वो मुस्कुराई अपनी जीत par...jiski हसी देख मेरा दिल खून के आंसू रो रहा था..

फिर वो मुझे लिस्ट देने lagi...aur जिसे लेकर मई निक्की के साथ बहार आया..

मेरे बाइक पर बैठते hi वो मेरे पीछे बैठ गया...

वो स्कर्ट पहना था जो उसकी थिंग्स तक आती थी...

निक्की : ठीक से चल भी नहीं पा रही हों...

मई : हिजड़े तू आदमी है भोसड़ीवाले वैसे hi बोल तेरी माँ की छूट....

निक्की : मेरी गांड में बहुत मीठा दर्द हो रहा है आअह्ह्ह्ह....

मैंने कोई जवाब नहीं दिया ...मुझे उसके अपने पास बैठने से कराहट हो रही थी लेकिन मई मजबूर था. ...और टुटा हुआ...

जो सामान लक्समी ने मंगवाया उसे लेने में 2 घंटे लग गए थे....

वापसी के लिए वो फिर मेरे पीछे बैठ गया tha...is पर उसने स्कर्ट से अपना लैंड निकल लिया था वो मेरे लगाने की कोशिश कर रहा था...

मई : देख पीछे हो जा सूअर....

निक्की : मुझसे बतमीज़ी नहीं करो वर्ण लक्समी से कह दूंगी ..

Ghrrrrrrrrr......agle hi पल मैंने बाइक झुकाते हुए रेस दी और बाइक पर से साइड में कूद गया....

मेरे कूदते hi मेरा घुटना कोहनी सब छील चोट भी बहुत आयी थी मुझे..

बाइक खिचड़ते हुए निक्की को लेकर बहुत दूर जाकर ruki...nicky बाइक से गिर गया था बाइक आगे निकल गयी थी...

कुछ hi देर में गाड़ियां रुक गयी थी...

किसी तरह मई उठा और चलता हुआ निकी के पास aya...wo खून में भीगा हुआ था उसका पेअर टेड़ा पढ़ गया था सर फैट गया था...

मैंने उसकी उंगलिओ में फसे पॉलिथीन निकले जिसमे लक्समी का सामान था...

निकी : हेल्प me...aaaahhh...wo रो रहा था जिसका रोना मेरे जाहखमो पर मरहम का काम कर रहा था..

कुछ कहे बिना मई बाइक के पास आया...

मैंने बाइक उठायी उसकी हेड लाइट्स फुट गयी थी घिससने से बदसूरत हो गयी थी...

मैंने स्टार्ट की तो वो हो गयी ..जो देख मई चल दिया..

लक्समी के पास आकर मैंने उसे उसका सामान दिया...

लक्समी : निकी कहा है..

मई : सरस ने नहीं बताया मेरा एक्सीडेंट हुआ tha...laxmi ने कोई जवाब नहीं दिया...

उसने सरस को मेरे साथ नहीं भेजा था मतलब मेरा शक सही था सरस उसे यहाँ प्रोटेक्ट कर रहा था...

कुछ कहे बिना मई घर से निकला और चलता हुआ बहार आया बाइक पर बैठ मई चल दिया बस्ती....

निकी अपने अंजाम को पहुंच चूका था अब बची थी laxmi...aur मुझे इंतजार था रात के 2 बजने का....

सोंचता हुआ मई बस्ती में आया की बस्ती के बहार मुझे हरी दिखा कई छठे काटते आदमीओ के sath....aur मेरा माथा ठनका...

मैंने बाइक मुदनी चाही की वो मेरे आगे आ गए...

हरी : कहा भाग रहा था... गायत्री मैडम ने याद किया hai...wo मेरी बाइक के आगे आकर बोलै..

मई : accha..mai तो उनसे hi मिलने आने वाला tha...aaj काम से लेट हो गया उनसे कहना कल आजाऊंगा...

हरी : ठीक है डिप्टी दिखा दे हम चले जायेंगे...

मई : अरे यार मेरा एक्सीडेंट हुआ है बाइक टूटी हुई है कल आऊंगा तब दिखा दूंगा...

हरी : तेरा रूम देख कर ए वो बंद hai..dipty हर दिन अपनी खबर देती लेकिन 4 दिन से कोई खबर नहीं उसकी...

मई : वो कही घूमने गयी होगी अजयेगी तो ले आऊंगा...

एक नजर मैंने बस्ती में डाली जहाँ शॉप वाले मुझे देख रहे थे वही आदित्य पेड़ के निचे बैठी शायद मेरा hi वेट कर रही थी...

हरी : पकड़ लो इसे...

हरी ने कहा की मई फुर्ती से बाइक से उतरा और उसे धक्का देता हुआ भागने लगा...

हरी के लोग कुत्ते की तरह मेरे पीछे पड़े they...mai जितना हो सकता था बस्ती से उन्हें दूर ले जा रहा tha....piche मुझे हरी आवाज दे रहा था..

भागते भागते मई एक गली में घुस गया...

जब एन्ड पर आया तो सामने दीवार थी और गली बंद निकलने का रास्ता नहीं था सिवाए दीवार पर चढ़ कर पार कूदने के..

मई पीछे हुआ फिर आगे के लिए भागते कूड़ा और साइड दीवार पर पेअर रखा जिससे मई और uchla..aur मैंने ऊपर की सपोर्ट पकड़ ली...

जैसे hi मैंने पेअर उठाने चाहे मुझे अपने पेअर मन मन बजनी महसूस hue..maine पीछे गर्दन घुमा कर dekha..hari के आदमी मेरे दोनों पेअर पकडे हुए थे...

मई : अबे छोड़ न निचे तो उतरने de...aaahh..

इतने में उन पहलवानो ने मुझे निचे खींच कर गिरा दिया....

फिर लात घुसो से मेरी खातिरदारी करने लगे...

कुछ hi देर में मेरे मुँह से खून निकलने लगा और मेरा शरीर जगह जगह से सूज गया..

बेसुद्ध वो मुझे अपने साथ ले gaye...mai बेहोश हो गया था मार से...

Chapp...jab मुझे होश आया तब मेरे ऊपर पानी डाला गया tha...dhire धीरे मैंने आंखे खोली सामने गायत्री बैठी थी...

गायत्री: कहा है dipty...usne मुझे होश में देखते hi पूछा.


मैंने एक नजर उस पर डाली फिर कहा ...वो चली गयी पता नहीं कहा...

गायत्री : अपना सारा सामान वो यहाँ से ले gayi..apne डाक्यूमेंट्स भी तूने उसे कही भेज दिया नहीं तो मार दिया सच बता कहा है वो...

मई : सच कह रहा हों वो चली गयी मुझे भी नहीं पता कहा गयी..

हरी : जब तुझे नहीं पता तो तू भगा क्यों...

गायत्री : मारो इसे जब तक ये सच न बोल दे...

धमममममम dhammmmm...dhammmmm....

हॉकी लातो घुसो डाँडो से वो फिर मुझे मरने लगे....

मई : aaaahhhh....maaaaa

....maaaa....aaaahhhhhh....dard में रट हुए मई कराहने लगा...

गायत्री : ruko...bata दे लड़के क्या किया तूने उसके साथ दीदी को डिप्टी के जाने का पता चला तो तुझे मरवा देगी....

मई : wo...aaah...wo...chhodna चाहती थी इस धंदे ko...kisi तरह मैंने कराहते हुए कहा..

गायत्री: जनता है वो कितनी high-profile थी...

मुझसे दर्द की वजह से जवाब नहीं दिया गया और मैंने ना में सर हिला दिया..

गायत्री: 5 करोड़ दे तुझे जाने दूंगी..

मई : ab...abhi नहीं hai...mai बहुत जल्द दे दूंगा..

गायत्री: तुझे गिरवी तो कुछ रखना होगा...

मई : कुछ भी nahi...hai...

इसकी किडनी निकल लो और पूछो कहा है dipty...itne में गायत्री की बहन आ गयी...

धम्म्म्म ..एते hi उसने मेरे लात mari....aur मई दीवार से जा लगा..

गायत्री : क्या कर रही ho...use मैंने बहुत मारा है...

तो बताया इसने कहा है डिप्टी...

उसने pucha..aur फिर गायत्री सब बताने लगी...

गिरवी रखने के लिए क्या है इसके pass..ye भाग गया तो क्या करोगी tum..gayatri की बहन गुस्से में उबलते हुए बोली...

मई :me...me.. मेरे पास बंगलो है जो मैंने आज hi liya...aur मई उसे फिर मई उसे अटक अटक कर फूलती सांसो के साथ बताने लगा...

अपने मोबाइल में मैंने उसे पिक्चर भी दिखाई....

गायत्री : जा ठीक hai...jaldi पैसे लेकर आना...

मैंने सर हिलाया...

फेक दो इसे bahar...gayatri की बहन ने कहा और उसके आदमी ने मुझे उठाया और कोठे के बहार लेकर फेक दिया...

Aaaahhhh...dard से मेरी कराह निकल गयी...

गिरते पड़ते मई 20 कदम चला hi था लोगो की भीड़ से दूर की गली के कोने में 4 चोर मेरे सामने आ गए जिनके हाथो में चाकू था..

जो भी है सब निकल...

मुझे गिरा कर वो मेरा पर्स मोबाइल सब लूट लिए...

Aaaahhhhh......agle hi पल उनका चाकू मेरी पीठ में था...

मई: ाःह सालो मारा क्यों.... आह्हः...

क्या कर रहे हो छोडो उसे ..इतने में हरी की आवाज आयी और वो दूसरा वॉर करने से पहले hi भाग खड़े हुए ..

भीगती आँखों से मई उठा मैंने अपनी शर्ट किसी तरह कमर पर bandhi....aur लड़खड़ाते हुए चल diya...road तक...



ज़िन्दगी की तलाश में हम

मौत के कितने पास आ गए

जब ये सोचा तो घबरा गए

आ गए हम कहाँ आ गए

ज़िन्दगी की तलाश में हम

मौत के कितने पास आ गए

मई रोड पर आया और खड़े होकर ऑटो के लिए हाथ देने लगा..

रोड पर ऑटो का इंतज़ार कर हर एक लम्हा मेरा एक सदी की तरह गुजर रहा था...

इतने में एक ऑटो आकर रुका...

बाप रे तेरे तो रामपुरी घुसाया लगता hai...usne मुझे देखते hi कहा..

मई : अँधेरी प्रकाश बस्ती..

ऑटोवाला : 500 lagege..jawab दिए बिना मई बैठ गया...

1 घंटे बाद वो बस्ती में ऑटो लेकर आया...

साहब आगये..

उसके आवाज देने पर मई फिर होश में आया...

मई : अंदर ले चलो...

अंदर जाते हुए मई पेड़ के पास देखने laga...wahan अदिति नहीं थी..

उसने पेड़ के पास ऑटो रोका...

मई निकला और जेबो में हाथ डालने लगा ऑटो वाले को दिखते हुए...

मई : बस अभी लेकर आया...

मगज़ खोटी न कर पैसे दे अभी नहीं तो तेरा पेट और चीयर dunga..wo मुझ पर चढ़ते हुए बोलै ..



सोचो हम कितने मजबूर थे

जो न करना था वो कर गए

पीछे मुद के जो देखा ज़रा अपने हालात से दर गए

अपने हालात से दर गए

खुद के बारे में सोचे जो

हम अपने आप से शर्मा गए

Pakdo...itne में अदिति ने पैसे उसके मुँह पर फेके...

अदिति : दुबारा इनसे ऐसे बात नहीं karna...wo उस साइड में थी ..घूम कर जल्दी से मेरे पास आयी ..आते hi मेरे सीने से लग गयी....

मई : आअह्ह्ह्ह....

उसके पेट से लगते hi मेरी दर्द में आह निकल गयी...

वो दूर होकर मेरे हाथ को देखने लगी जो शर्ट पकडे खून रोके हुए tha...usne हाथ पकड़ा और जख्म देखने लगी...

Khoon...khooon...wo शोर मचने लगी...

अदिति : आप यही बैठे मई अभी रिशु को लेकर ayi..uski आवाज से बस्ती के लोग उठकर मेरे पास आगये..

कुछ देर बाद सेठ ने मुझे उठा कर अपनी कार में डाला...

थकन और खून ज्यादा बहने से मई बेहोश हो गया....

सुबह जब होश आया तब अदिति मेरे बीएड के पास सो रही thi...mere पेट पर पट्टी बंधी thi....mai हॉस्पिटल के एक रूम में था...


2 दिन तक अदिति ने मेरा बहुत ख्याल रखा...

तीसरे दिन डॉक्टर्स ने मुझे छुट्टी दे di....ye कहकर हर दूसरे दिन मुझे नई स्टीचिंग करने आना hoga...jab तक जखम नहीं भर जाता...
 
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