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Episode 8
थे coincidence..and थे मिस्टीरियस फ्रूट
अध्य के आने पर दिलीप ने एक अफसर को इशारा किया और उसने स्क्रीन पर इमेज चला दी...
दिलीप : ये है है मैडम सान्वी का beta...ye तस्वीरें c.b.i अफसर ने दी है हमें...
दिलीप स्क्रीन पर चल रही फोटो दिखते हुए बोलै.....
नेक्स्ट कंटिन्यू....
दिलीप : अब तुम सब उस फाइल को कैसे हासिल किया जा सकता है इस पर काम karo...the मीटिंग इस ओवर...
और सब अपने अपने घर चल दिए..
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रात के 8 बज गए थे लेकिन झगन नहीं आया था....
मई लेते लेते मोबाइल चला रहा था...
ऑनलाइन यू तुबे पर मई एडवांस सेफ खोलने की वीडियोस देख रहा था...
करीब 1 घंटे बाद झगन आया..
झगन : भैया मिल जाएगी गन लेकिन kal..wo पास बैठते हुए बोलै की मुझे उसके मुँह से अल्कोहल की बुरी सी बदबू आयी...
मई : क्या कह रहा है मुझे आज अभी चाहिए मई जा रहा हों..
झगन : चोरी करने..
मैंने सर हिलाया..
मई : अबे नहीं आज जाऊंगा कल शायद इस बस्ती से भी चला jaun...abhi लेकर आ..
झगन : अभी रामपुरी है लेकर आऊं..
मई : क्या..
उसने रुकने का इशारा किया और चला गया..
10 मिनट्स बाद वो फिर आया और उसने अपनी कमर में से एक बड़ा सा नाइफ निकला..
नाइफ शार्प tha...aur खतरनाक bhi...jo मैंने रख लिया...
झगन : कल वापस कर dena...wo जाते हुए बोलै
मई : भूल जा इसे ab...maine धीमे से कहा....
1 बजे मई घर से निकला फिर बस्ती से..
बस्ती के बहार hi मैंने बाइक कड़ी की हुई थी...
बाइक लेकर मई चल दिया नेता के घर की तरफ...
नेता के घर से कुछ दूर मैंने बाइक कड़ी की...
और पैदल hi उसके घर की तरफ चल दिया...
मिआओ ..मिआओ..
साईरन बजाते हुए पुलिस जीप निकली और फुर्ती से मई एक गली में घुस gaya...aur दीवार की ओट में चुप गया..
मेरा दिल जोरो से धड़क रहा था...
मैंने वही खड़े खड़े 10 मिनट्स वेट Kiya...jab जीप नहीं आयी तो मई गली से बहार aaya..aur नेता के घर को देखने लगा..
2 गार्ड्स बन्दूक लिए बहार बैठे they...samne से घुसना इम्पॉसिबल tha...maine दिन में छत से सत्ता जीना देखा था जिसके जरिये अंदर घुसा जा सकता tha...iske लिए मुझे ऊपर जाना था..
ऐसा पास के घरो की छत से होकर hi जाया जा सकता था...
मैंने पास का एक घर चुना और उसकी तरफ बढ़ने लगा...
उसकी दीवार पर चढ़ कर मई उसके पहले मार्ले पर आया...
फिर खिड़की से चढ़ कर दूसरे मेल के टॉप पर ..टॉप पर आकर मैंने 2 मिनट वेट किया और नेता के घर को देखने laga...jiski छत पर मुझे चढ़ना tha...jis पर मई था ये 2 मार्ले की थी और नेता की छत तीन मार्ले ki...jis पर पत्थर लगा हुआ था चढ़ने के लिए कोई सपोर्ट भी नहीं थी...
मैंने बैग से रस्सी nikali...aur नेता की छत पर लगे एंगल पर फेकि...
फास जाने पर मैंने उसे खींचा और फिर मई ऊपर चढ़ने लगा...
कुछ देर बाद मई नेता की छत पर था...
सिडिया देख मई उस तरफ hi चल दिया...
सिडिया उतर कर मई दूसरे मार्ले पर आया..
उतारते hi मुझे अपने पास में रूम दिखा...
धीरे धीरे आवाज किये बिना मई चलता हुआ उस रूम के पास आया...
मैंने गेट खोला तो वो खुल gaya...shyad गेट लगा नहीं था..
मैंने धीमी सी रौशनी जलाई टोर्च की हाथ रख कर तो वहां कई मर्द एक औरत को लिए लेते थे...
ये शायद नेता के लोग थे...
मई दबे पाओ बहार निकला और मैंने निकलते hi दूर बहार से लॉक कर दिया...
और भी 5 कमरे थे सटे हुए मैंने उन्हें देखना ठीक नहीं समझा वजह थी यहाँ सोये गुंडे थे मतलब मेरे काम की चीज़ ऊपर नहीं निचे थी.
मई सीडीओ से सबसे निचे aya...niche भी 5 रूम के करीब थे...
मैंने पहला रूम चेक किया...
ये बैठक थी जहाँ सोफे रखे थे..
मैंने दूसरा रूम चेक किया...
वहां 2 औरतो के बिच एक आदमी लेता था...
इसकी फोटो मैंने बहार सड़क पर और घर पर बैनर में लगी देखि थी ये नेता था..
हाथ रख कर मैंने टोर्च जलाई..
मुझे नेता और औरते नंगी लेती दिखाई दी...
मैंने इधर उधर टोर्च मरी तो मुझे ालमिरह दिखी लोहे की...
मई आवाज किये बिना ालमिरह के पास aya...aur मैंने ालमिरह खोलनी चाही तो वो नहीं खुली...
नाकाम होने पर मेरा दिल और घबराने लगा...
कुछ सोंच कर मई घुटनो पर चलता हुआ नेता के पास आया...
नेता बिच में लेता tha...maine उसी की पिलो धीमे से hatayi...aur मुझे चबीओ का गुच्छ उसकी पिलो के निचे रखा मिला..
मैंने धीमे से कीस उठायी और चलता हुआ मई ालमिरह के पास आया...
मैंने ालमिरह खोली और उसमे सेफ देखने लगा टोर्च की रौशनी में..
सेफ न होने पर मई बुरी तरह झुंझुलाहट की शिकार हो gaya...nirash होकर मई नेता को मन hi मन गालियां देने लगा..
मई चलता हुआ नेता के बीएड के पास आया..
बीएड से आत्ताच टेबल पर अंघूटी और कानो की बालियान राखी थी जिन्हे मैंने उठा लिया...
दूसरी साइड में दूसरी औरत का नेकलेस और रिंग जेबरी थी जिसे मैंने उठा लिया...
फिर मई चलता हुआ ख़ामोशी से रूम से निकल गया ...आगे बढ़ा तो मुझे पास hi एक और रूम दिखाई दिया ..और मैंने उसे खोला लेकिन वो लॉक था ...इसका टाला भी अलग टाइप का था मतलब दूसरी साइड में कुछ ऐसा नहीं था जिससे खोला जा सकता tha..sara सिस्टम अंदर hi था..
मैंने अपने बेग में से मैगनेट nikali...aur उससे कुण्डी खोलने लगा 2 मिनट की म्हणत के बाद खट्ट से कुण्डी खुली...
मैंने धीरे से दरवाज़ा khola...aur मैंने अंदर झांक कर देखा..
अंदर रौशनी thi...aur उस रौशनी में एक औरत मोबाइल उसे कर रही थी जिसके कानो पर ईरफ़ोन लगी थी.. उसका हाथ अपनी अधखुली साड़ी के अंदर था...
मई दूर बंद करने जा रहा था की उसने ईरफ़ोन कानो से निकलते हुए वो उठी और सबसे पहले उसकी नजर दरवाजे पर मुझ पर पड़ी...
मेरे पास एक लम्हा था सोंचने का की मुझे क्या करना है वो चीखती तब भी मारा जाता रिस्क लेता तब भी और मैंने रिस्क लेना सही समझा...
फुर्ती से मई अंदर के लिए bhaga...wo अपनी साड़ी संभल रही थी उसका एक बूब बहार था जिसे शायद उसने मसला था...
भाग के आकर उसके मुँह पर हाथ रखते हुए मैंने उसे बीएड पर गिराया फिर अपनी कमर में से चाकू निकल लिया बड़ा वाला...
मई भरी आवाज़ में : अगर तूने चीखने चिल्लाने की कोशिश की तो तेरे साइन में घुसा दूंगा
...समझ गयी...
नहीं समझी तो बता दाल दूँ...
वो सर हिलने लगी...
मई : नेता के पैसे कहा hai...bata बहन की lodi...nahi बताएगी तो तेरी सांसे रुक jayengi...mai बस पैसे लेकर चला जाऊंगा..
उसने मुँह की तरफ इशारा किया...
मैंने हाथ हटाया ..
औरत : यहाँ नहीं hai...kitchen में है... प्लीज मुझे मरना मत..
मई : चल किचन में...
और उसकी पड़ी हुई साड़ी मैंने उसके हाथो पर बांध दी..
पीछे चाकू लिए मई और वो दोनों चलने लगे...
वो मुझे सबसे निचे लायी...
निचे किचन था...
मई : कहा है paise..jhut बोली तो जान से..
मई आगे कुछ कहता वो सिलेंडर हिलने लगी...
मैंने सिलेंडर हिलाया तो उसके ऊपर का ढक्कन हैट गया अंदर नोटों की गड्डिआं पड़ी थी..
मई : चुप चाप बैठ जा..
चाकू मुँह में लिए उसे देखते हुए मई नोटों की गड्डियां भरने लगा...
एक सिलेंडर ख़त्म हुआ मैंने दूसरा चेक Kiya...wo खुला तो उसमे भी पैसे they...teesra खोला तो नहीं khula...teen hi सेकेंडर थे...
मई : और कहा है...
औरत : बस इतने hi...
मई : आखिरी sawal...ye कीस किस सेफ की hai..nahi बताई तो साडी कीस तेरे मुँह में दाल दूंगा...
औरत : प्लीज मुझे मत मारो...
मई : बता fir...nahi तो तुझे यही मार कर मई चला..
औरत : मेरे कमरे में सेफ है..
मई : bahanchod...itni देर से पागल बना रही thi..mai मरने को हुआ लेकिन मैंने मारा नहीं...
औरत : तुमने कीस का नहीं पूछा था..
मई : चल अब...
और वो उठी की इतने में एक आदमी हमें अपनी और चलता अत दिखाई diya...jo यंग लड़का था...
औरत को लिए मई दीवार से लग गया...
मई : नहीं चाहती ये मरे तो रोक ise..idhar आने से रोक इसे..
औरत : अभी क्या चाहिए बीटा..
लड़का : माँ प्यास लगी थी पानी पिने आया..
औरत: तुम चलो मई तुम्हारे रूम में ला रही हों...
Ok mom..kehta हुआ वो पलट गया..
2 मिनट हम रुके और फिर चल दिए...
छुपते छुपाते हम दूसरे फ्लोर के उसी रूम में ए जहाँ ये औरत थी...
अपने रूम में लेकर उसने मुझे सेफ दिखाई..
सेफ एक लोहे के गेट में लॉक थी ...
मैंने कीस लगा कर वो गेट खोला...
अंदर मुझे बड़ी सी सेफ दिखी लेकिन वो बहुत एडवांस थी इसका लॉक खोलने के लिए मैंने वही टेक्निक अपने जो झगन ने अपने थी लेकिन नंबर शो नहीं हुए...
मई : बता पॉसवर्ड क्या hai...nahi बताया मार दूंगा...
मई उसकी नैक पर नाइफ रखता हुआ बोलै...
दर से कल्प्ति हुई वो पास आयी और उसने अपना अंगूठा रख दिया..
लॉक ओपन हुआ...
और अंदर मुझे बहुत सरे पैसे गहने दिखे..
मैंने बैग खोला और जल्दी जल्दी भरने लगा...
पैसे सोना भरने में मई इतना मस्त हो गया की मैंने औरत को देखा तो वो रूम में नहीं thi...maine फुर्ती से पीछे देखा ...वो निकल रही थी...
चोर चोर chor...wo चीखी...
मैंने बैग uthaya...aur मई रूम से निकला वो औरत चीखते हुए निचे जा रही थी मई ऊपर के लिए भागने लगा...
सेफ में बहुत पैसे रह गए थे...
क्या hua...ek आदमी अपने रूम से आंख मसलता हुआ निकला...
और उसकी नजर मुझ पर पड़ी...
मैंने भागते हुए उसे धक्का दिया...
चोर chor...hariya कालू shiva...kaha मर गए सब...
गिरते हो वो चीख उठा मई टॉप फ्लोर पर आकर जीना चढ़ने laga..piche मेरे आवाजे बढ़ रही थी...
मई टॉप पर आया तो वो लोग जीने पर चढ़ रहे थे...
मुझे उसी छत से जाना था जिससे मई आया था लेकिन अब रस्सी से उतरने का समय नहीं था...
मैंने जम्प मरी...
.धम्म्मम्म्म्म...
Aaaahhh...aur मेरा घुटना सीधे दूसरी छत से जा लगा...
वो निचे kuda.....bahar से घेरो...
आवाजों को सुन मई अपने दर्द को भूल कर उसी छत वाले घर की दीवार पर kuda...agle hi पल निचे...
और लंगड़ाते हुए मई भागने लगा...
मैंने पीछे मुद के देखा वो सब घर से निकल रहे they...jo देख मेरी स्पीड और तेज हो गयी....
अगले 2 मिनट में मई अपनी बाइक पर था...
उसके पास बाइक है...
मैंने बाइक आगे बधाई...
Shunnnnn...aur एक बुलेट बिलकुल मेरे पास से निकल gayi....jo देख मैंने बाइक की स्पीड और बढ़ा di...aur मई हवा हो लिया...
110 की स्पीड से मई बाइक भगा रहा था....
बस्ती का 50 मिनट का सफर मैंने 15 मिनट में तये कर लिया था...
.पास आकर मैंने बाइक हलकी ki...aur अपने रूम के पिछले हिस्से में आया..
फिर पीछे से hi सपोर्ट पकड़ कर छत पर aya...aur लम्बी लम्बी सांसे लेने लगा...
जल्दी से मैंने अपना रूम खोला और अंदर बीएड पर फैल गया...
मुझे दर था अगर उन्होंने मेरा पीछा किया तो उन्हें यहाँ पहुंचने में देर नहीं लगेगी...
आधे घंटे तक मई वेट करता रहा किसी के न आने पर मैंने बैग खोला..
और मेरे होंठो पर मुस्कराहट फ़ैल गयी...
काफी देर तक मई बैठे पैसे गिनता रहा जो 52 लाख थे...
3 किलो से ज्यादा सोना चंडी tha...pichli बार सोना चंडी के ज्यादा पैसे मिले थे इसलिए इस बार मैंने सोना चंडी पर ज्यादा फोकस किया...
सब मैंने अचे से छुपा दिए और फिर मई लेट गया....
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खुश होते हुए अहाना और लावण्या तैयार हुई और कॉलेज चल दी..
नैंसी : डिअर मेरी कार ले jao...ye लो कीस..
अहाना ने हामी भरी और कीस ले ली...
दोनों बहार आयी और कार लेकर चल दी...
कॉलेज आकर अहाना ने कार पार्क की और पार्किंग से बहार निकलने लगी....
स्टॉप स्टॉप स्टॉप...
एक लड़का दोनों के सामने आकर खड़ा हो गया था...
अहाना : क्या है तकले...
तकला : तुम्हारा सीनियर हों तो तमीज से ..
लावण्या : तो हमें क्यों रोक रहे..
तकला : मैंने नहीं usne...mrs आरवी बॉस ऑफ़ थे university...bole तो यहाँ की करता dharta.black गॉगल्स wali..takla लड़का हाथ से बेंच पर बैठी लड़कीओ की तरफ इशारा करते हुए बोलै..
दोनों ने सामने देखा और बेहद सुन्दर लड़की देखने में अपने सबसे अलग अपने ग्रुप में बैठी thi...sath में कुछ लड़के भी खड़े थे ..
तकला : चलो उसके पास नहीं तो कोंसेकुएंसेस होंगे जो तुम फेस नहीं कर पाओगी...
अहाना : जा बोल दे..
लव ने उसका हाथ पकड़ा...
लावण्या : पहला दिन है ...चल आ देखते है..
और दोनों तकले के पीछे पीछे चल दी...
कहा था न तुमसे हमारी मुलाकात फिर hogi...usi लड़के ने कहा जो दोनों को पहले दिन मिला था...
हे गिर्ल्ज़ introduction..aarvi के बराबर वाली ने कहा. जो जिया थी
लावण्या : I'm लावण्या फ्रॉम शिमला..
जिया : अबे ये क्या है यूनिवर्सिटी में पढ़ रही इंट्रो देना नहीं अत .
लावण्या : I'm लव फ्रॉम शिमला ी चामे हेरे फॉर स्टडी ी हैवे ताकें एडमिशन इन मब्ब्स हेरे एंड I'm 23 ईयर ओल्ड बस..
आरवी : नीस girl...I'm आरवी ी रुलेद हेरे इवन इन व्होले मुंबई नेवर मेक में एंग्री..
लावण्या : अब हम जाये...
जिया: अबे ये तो रहती hi है..
अहाना : मई क्यों दू तुझे introduction...tu होती कोण है..
नैना : ये तो पूरी वायलेंट hai..jiya तेरी तो बैठत लगा दी इसने..
और सब जिया पर हसने लगे...
जिया : शट उप guys..iski अकड़ अभी इसकी गांड में डालती hun...jiya कड़ी हुई और चलते हुए अहाना के पास आयी...
जिया : साली तुझे बताया न यहाँ हम रूल करते है...
अहाना: सो व्हाट...
लावण्या; क्या कर रही है..
आरवी : जिया पीछे hat...aur आरवी अहाना के सामने आकर कड़ी हो गयी..
आरवी : क्या नाम है तेरा...
अहाना : ahana...chalo लव...
आरवी : ऐसे nahi...apni सीनियर की रेस्पेक्ट करना sikho...aarvi अहाना के कंधो पर हाथ रखते हुए बोली जिस पर अहाना रुक गयी...
अहाना : तुम्हे ये कमानी होगी...
आरवी : ी ीर्ण बस तुम नयी ho...now listen...so गाइस क्या करना है इससे..
नैना : ये वाइट चिक तो मेरी हुई इससे तुम देख लो..
जिया : आरवी इससे वाच उठवाते है .
आरवी : गर्ल तुम्हे मेरी वाच लानी होगी..
लड़का : बॉयज हॉस्टल में सामने रूम नंबर 5 को क्रॉस करके तुम्हे वाशरूम दिखे गए वहां मिरर के पास राखी है...
अहाना : तुम ये कैसे कह सकती हो एक लड़की hokar..man वाशरूम में जाने के लिए...
नैना : तुझे उनसे छोड़ने के लिए नहीं कहा वाच लेन को कहा है...
लावण्या : जाओ अहाना हम बाद में देखे ge..lav फुसफुसाई और अहाना आगे बढ़ गयी...
आरवी: हो तो प्यारी tum...aarvi लव के चीक्स पर हाथ फेरते हुए बोली..
जिया : फिगर क्या है तेरा..
लव ने एक नजर उसे देखा फिर अपने पैरो को देखा.
लावण्या : 6 नंबर शू आती है..
आरवी और उसके वाकई दोस्त लव के जवाब पर हसने लगे...
नैना : मेरी जान तेरी अस्स और बूब्स का साइज पूछ रही हों..
लावण्या: प्लीज don't दो थिस...
नैना : ऐसा कर अपने बूब्स दिखा de...yahi है न वो आकाश जिसकी तुम बात कर रहे थे..
आकाश : नहीं जिसे वाशरूम भेजा wo..vaise ये उससे भी ज्यादा माल है ..
आरवी : कोकीन है कोकीन...
और सब फ्रेंड्स हसने लगी..
लावण्या : बैक साइज 38 एंड ब्रैस्ट साइज 36...वेस्ट साइज 34
नैना : मस्त हो तुम sweetheart...now मई तुम्हे अपने ग्रुप का इंट्रोडक्शन देती hon..mai हों नैना ...ये जिया ...ये आकाश ...और ये है हमारी aarrvi..aur वो सरे हमारे बॉडीगार्ड्स...
लव नैना की ऊँगली की दिशा में देखती है तो पार्किंग में बहुत से ब्लैक कोर्ट में गन लिए लोग होते है...
लव को मन hi मन अंदाज़ा हो गया था ये लोग बहुत अमीर घरो से है...
लावण्या : अब मई जॉन..
आरवी : देर कर दी sweetheart....tumhe एक बार में फिगर बताना था...
अहाना बॉयज होटल में आयी तो उसे सामने hi रूम नंबर फाइव और उसके बराबर में मन वाशरूम दिखा...
सब लड़के उसी को देख रहे थे....
एक्सक्यूज़ में वाशरूम में कोई hai..ahana ने जाते हुए एक स्टूडेंट्स से पूछा..
Women's यहाँ अल्लोवेद नहीं hai..kehta हुआ वो आगे बढ़ गया..
और अहाना वाशरूम की तरफ...
अहाना वाशरूम के पास आयी तो उसे बहुत से लड़को की अंदर से आवाजे aayi...usne दूर खोला तो उसे लड़के कपड़ो के साथ दिखे हाथ धोते हुए..
कैसी हो जानेमन आओ यही पर रंडी बाज़ी करे...
अहाना चुप चाप अंदर बढ़ गयी...
गाइस माल agaya...jo 2 लड़के हाथ धो रहे they..unhone अहाना को पकड़ liya...aur बुरी तरह उसे ह्रास करने लगे..
इतने में वाशरूम से कई लड़के बहार aaye..aur वो भी गलत तरह से अहाना को छूने लगे...
अहाना : पास ए तो जान से मार dungi..mai शिकायत करुँगी tumhari..ahana छूट कर पीछे हट्टे हुए चीखी..
स्टूडेंट 1 : जानेमन मन वाशरूम में तुम आयी शिकायत क्या करोगी हम तुम्हारे पास गए थे हाहाहाहा...
और अहाना को उन सब का प्लान समझ आ gaya..wo फास गयी थी...
आज आकाश बॉस ने 1 नंबर माल भेजा है इसे तो छोड़ कर रहेंगे ..दूसरे स्टूडेंट ने कहा...
जब अहाना यहाँ आने लगी तब आकाश ने इन्हे मैसेज कर दिया था... ये सब अहाना का hi वेट कर रहे थे..
अहाना डरते हुए दीवार से लग रही थी और वो लड़के हवस के भरे उसकी तरफ बढ़ रहे थे...
इतने में एक लड़का वाशरूम में दाखिल हुआ...
तुम मन वाशरूम में क्या कर रही ho..usne अहाना को देखते hi कहा..
अहाना: मई वो ye..ahana वाच की तरफ ऊँगली दिखते हुए इशारा करने लगी...
स्टूडेंट 1: सहम ये हमारा माल तू दूर होजा इससे...
सहम : ये मेरी बहन है हिम्मत है तो छू कर देख लो...
स्टूडेंट 2: सेल तू पागल हो गया है स्नेहा के जाने के बाद अब हर रंडी को बहन बना रहा hai..bhad में जाये डील अब ये मेटर आकाश बॉस के पास जायेगा.. स्टूडेंट 2 की बात सुनकर सहम की आंखे बंद हुई और जैसे उसके सामने उसकी पूरी ज़िन्दगी घूम गयी हो.
स्टूडेंट्स : कैसी डील श्याम..
सहम : तुम्हे अपनी गन्दी जबान से मेरी बहन का नाम नहीं लेना चाहिए था ..जो इस श्याम के साथ है वो आगे अजय और वाकई सब चले जाये...
कोई भी नहीं गया ये देख सहम उन पर kuda....shyam को पकड़ कर उसने उसका सर मिरर पर मारा ..और दूसरे स्टूडेंट्स के वो अपनी कोहनी मरने लगा...
अहाना ने जल्दी से वाच uthayi..aur वो बचते हुए बहार को भागी... वाशरूम से निकलते हुए उसने एक नजर सहम को देखा जो सबको बुरी तरह से मर रहा tha...ahana आगे बढ़ गयी...
लावण्या आरवी की बात सुनकर दया की नजरो से उसे देखने लगी...
आकाश : ये तो सही सलामत आगयी..
जिया : हाँ यार..
ये लो वाच ..इतने में अहाना आकर वाच आरवी के आगे करते हुए बोली...
आकाश : तू कैसे बची...
अहाना ने गुस्से में उसे देखा...
अहाना : स्टूडेंट के नाम पर तुम लोग जानबर हो..
नैना : रिलैक्स डार्लिंग it's जस्ट प्रैंक..
अहाना : चलो लव...
जिया : अबे खा जा रही.. जिया दोनों के आगे कड़ी होते हुए बोली..
आरवी : क्या मैंने परमिशन दी जाने की..
अहाना : मई शिकायत करुँगी.
आरवी : कर dena...who केयर..
नैना : ग्रे आईज तूने यार अपने बूब्स तो दिखाए hi नहीं...
आरवी : ये नहीं ये dikhayegi..aarvi अहाना की तरफ ऊँगली दिखते हुए बोली..
लावण्या; इसे रहने दो मई दिखती हों..
नैना: चल टॉप ऊपर कर अपना..
अहाना दोनों की बातों से गुस्से में उन्हें देखने लगती है..
इतने में जिया आकर अहाना का टॉप खींच लेती है...
अहाना : aaah..agle hi पल अहाना की ब्रा खींच जाती है...
लव जल्दी से अहाना को गले लगा लेती है...
ब्रा जिया के खींचने पर उसके हाथ में आगयी थी वही अहाना के आंसू निकल ए थे...
जिया : ले पकड़..
और जिया अहाना की ब्रा आकाश की तरफ फेंकफि है जो सूंग kar..apne पास रख लेता है..
आकाश : स्माल इस सो सेक्सी ...
लावण्या : प्लीज वापस करो...
आरवी : तू मुझे अछि lagi...hey वापस कर..
न चाहते हुए भी आकाश को ब्रा देनी पड़ती hai...jo मन में सोंच रहा था इस पर मुठ मरेगा..
ब्रा लेकर लव अपनी आड़ में पहना देती है और टॉप भी ठीक कर देती hai...fir अहाना के आंसू पोछने लगती है...
Boss...boss...itne में श्याम टुटा फूटा मार खाया हुआ सबके पास पहुँचता है..
आकाश : अबे तेरी ये हालत किसने की..
श्याम : उस सेल सहम ने...
आकाश : आरवी देख रही हो तुम..
आरवी : I'm गोइंग guys...aur तुम दोनों कल मुझे यही मिलना..
और आरवी आगे बढ़ जाती है...
आकाश : इसे क्या हुआ..
नैना : वो सहम के मेटर में नहीं padti...uski दीदी ने मन किया है...
लव अहाना को लिए आगे बढ़ जाती है..
दोनों सीधे h.o.d के पास अति है..
और सारा इंसिडेंट उसे बता देती है...
H.o.d : आरवी एक बहुद बड़ी बिसनेस वीमेन की बेटी hai...is यूनिवर्सिटी में 80% डोनेशन उसी की माँ से अत है.. लावण्या तुम्हे स्कालरशिप मिली है तो इसी डोनेशन की वजह se..uske दोस्त भी ऐसे hi बड़े बिसनेस मन के बेटे hai..meri सलाह है तुम दोनों उनसे दूर रहो ...अगर वो तुम्हारी रैगिंग करे तो चुप चाप बर्दास्त कर लो...
अहाना : ये आप क्या कह रहे है sir...aap कोई एक्शन नहीं लेंगे..
H.o.d: मई मजबूर hon..tumse पहले एक लड़की ने जिया की पुलिस कंप्लेंट की थी उसके बाद से वो लापता hai..ye बड़े लोग hai...inse दूर रहने में hi भलाई hai...mai और क्या कहां बेटी...
अहाना: चल यहाँ se...lav को पकड़ कर अहाना चल देती है .
लावण्या: तू क्लास में जा मई घर जा रही hon...meri तबियत कुछ ठीक नहीं..
अहाना : एक दो क्लास अटेंड करके चलते है...
लव ने हामी भरी और दोनों क्लास में चल दी....
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मैडम सान्वी एक 50 मंजिला टावर के बड़े से हॉल में बैठी होती hai...jiske दये बाये कई लोग बैठे होते hai..jo सब सिंडिकेट के लोग थे...
सान्वी : मई देख रही हों मई अपनी फॅमिली लाइफ में क्या बिजी हुई तुम लोगो के पर निकल ए है..
उज्जवल ठाकरे : ऐसी कोई बात नहीं है मैडम saanvi...hamare रस्ते में बस शेट्टी था स्नेहा की मौत के बाद वो भी पीछे हैट गया है..
सान्वी : मुझे बहार वालो से नहीं अंदर अपने अस्स वालो की नियतो में खोट दिखाई दे रहा है...
उज्जवल : अगर आपका शक मुझ पर है तो ये मेरा सर hai...pass आकर उज्जवल अपनी गर्दन सान्वी के आगे कर देता है..
उज्जवल : मई बस चाहता था 20% से मेरा शेयर बड़े लेकिन आपसे गद्दारी का नहीं सोंचा कभी...
सान्वी : खड़े हो जाओ उज्जवल... सोचोगे तो तुम ये कहने के लिए ज़िंदा नहीं रहोगे...
उज्जवल : जी मैडम...
सान्वी : सिर्फ तुम नहीं यहाँ और भी hai...saanvi दीपक थे दद को देखने लगी.
दीपक : अप्पन नहीं है मैडम saanvi...appun लॉयल है तुम्हारे साथ..
सान्वी : हिंकले ये मीटिंग क्यों राखी गयी...
सान्वी ने अपने मैनेजर जूनियर हिंकले को आवाज दी .
J.hinkle अमेरिकन था जिसकी सान्वी ने हेल्प की और तब से हिंकले सान्वी के लिए काम करने लगा सान्वी मैडम का सबसे खास आदमी अब सान्वी मैडम के सरे काम यही देखता hai...saanvi का सबसे वफादार आदमी है .आगे 43..
जूनियर : दद पेश karo...kya दिखाना चाहते थे तुम...
दीपक अपनी चेयर से उठा और उसने गार्ड को इशारा किया .
कुछ देर बाद गार्ड एक चिनेसे की चिनेसे की तरह दिखने वाले आदमी के साथ आया जिस के हाथो में एक बैग था...
दद : शो हेर..
चिनेसे आदमी ने अपना बेग खोला और उसमे से फल की तरह दिखने वाला कुछ निकला...
सान्वी : तुमने ये मीटिंग फ्रूट दिखने के लिए रखवाई...
दद : ये कोई आम फ्रूट नहीं है madam...ye है अमृत fal...ise मैंने ये नाम दिया hai...iske कारनामे आप देखेगी तो हैरान हो जाएगी ...शो हेर...
दीपक ने आखिर में उस चिनेसे आदमी को इशारा किया ..
चिनेसे आदमी पीछे हुआ और उसने अपने बैग में से पेट्रोल निकला और एक खली चेयर पर डाला और लाइटर से आग लगा दी ..फिर खुद उस जलती हुई चेयर पर बैठ गया ...
सान्वी और सिंडिकेट के सभी लोग हैरत से उस चिनेसे आदमी को देखने लगे...
2 मिनट बाद वो उठा उसके कपडे जल गए थे लेकिन उसका एक बाल भी नहीं जला था...
उसने अपने उसी बैग से एक कपडा निकला और उसे पहन लिया...
सान्वी : इसने अपनी बॉडी में कुछ लगाया होगा...
दद : नहीं madam...maine चेक किया hai...ye दो दिन से मेरी निगरानी में है और मैंने इन पर 2 दिन नजर राखी hai...aisa कुछ भी नहीं...
सान्वी : कोण है ये और ये कैसे पॉसिबल है......
दद : ये है जिन व जापान से ...ye..fal..
इतने में जपनेसे जिन व ने दीपक को रोक दिया..
जिन: मेरा नाम जिन वो है और ये है म्युटेंट fruit...kuch लोग इसे .मैजिकल फ्रूट भी कहते hai..ise खाने के बाद अलग अलग तरह की शक्तियां आ जाती hai..maine भी इसे खाया है अब आग से मेरा कुछ नहीं होता ...जिन ने फ्रूट दिखते हुए इंग्लिश में कहा..
फ्रूट लेने के लिए सान्वी ने हाथ बढ़ाया तो जिन ने दे दिया .
सान्वी : ये तो आम फुरित जैसा लग रहा hai..only डिज़ाइन इस लिटिल बिट डिफरेंट..
जिन : नहीं ी टोल्ड यू मैडम it's नॉट common....ab मई आपको इसकी और क्वालिटी के बारे में बता रहा हों ये सब एक से नहीं होते हर फ्रूट में डिफरेंट डिफरेंट म्युटेंट पावर होती hai...jo आपके हाथो में है ये है आगे को रोकने वाला फ्रूट....
सान्वी : होनेस्त्ली ी don't बिलीव you...aaj साइंस इतनी एडवांस हो गयी है आग से बचना इम्पॉसिबल तो नहीं रहा..
सान्वी की बात सुन जिन व उसे गुस्से में देखने लगा...
जिन : के here...and शूट में...
जिन ने गन थामे एक गार्ड को आवाज दी...
सब लोग जिन को हैरत से देखने लगे..
सान्वी : इसकी जरुरत नहीं है मई तुम्हारा चेकउप डॉक्टर से करौंगी कही तुमने कोई सीरम न इंजेक्ट किया हो अपनी बॉडी me...agar उसकी रिपोर्ट में क्लीयरेंस हुई तुम्हारी तब हम इस बारे में बात करेंगे..
जिन : मैडम मेरे पास इतना समय नहीं hai...shoot में इडियट...
जिन ने फिर गार्ड से कहा गार्ड सान्वी को देखने laga...saanvi ने आँखों से हामी भरी और पैरो की तरफ इशारा किया .
Dhaye.....guard ने जिन के पेअर पर फायर किया..
फिर जो सबने देखा वो नामुमकिन था...
खंननं...
बुलेट जिन के पेअर से लग कर जलते हुए फर्श पर गिर गयी....
1 मिनट तक सब को चुप्पी लग गयी thi..jo वो सब देख रहे थे उस पर उन्हें भरोसा नहीं हो रहा था .
उज्जवल : तुम भी म्युटेंट ho...ise खाने के baad...is एक फ्रूट का असर कब तक रहेगा.
जिन : मैंने 4 साल पहले खाया tha...isi फ्रूट की तलाश में दूसरा मेरे हाथ ये laga...iska असर लाइफटाइम रहता hai...bas जब तक कोई इसकी पावर तुमसे छीन न ली जाये...
सान्वी : ये कहाँ पाए जाते ी मैं कैसे ....कैसे तुमने हासिल किये...
जिन : जापान में एक टापू है जहाँ गवर्नमेंट भी नहीं jati.kongasaki jazira...jiske चारो तरफ गहरा समुन्दर है 10 k.m का एक छोटा सा टापू..
वहां इस फ्रूट की रक्षा करने वाले म्युटेंट hai..wo किसी को ये फ्रूट लेने नहीं देते...
सान्वी : मुझसे क्या चाहते हो...
जिन : partnership...is सहर की सबसे बड़ी गोल्ड स्मगलर आप ho..aapke पास पैसा है पावर hai...kya हो जब आपकी पावर मुझसे मिल jaye..aap मुझे लोग और पैसे दो मई आपको म्युटेंट फ्रूट लेकर दूंगा...
सान्वी ने अपना मैनेजर जूनियर को देखा जिसने आँखों से हामी भरी...
सान्वी : ठीक है बूत पहले मई कुछ बातें क्लियर करना चाहती hon...sabse पहले ये बताओ मई कैसे ट्रस्ट करू तुम मुझे धोका नहीं डोज ...तुम पावरफुल हो ैसिलय धोका दे सकते हो मेरे पैसे मेरे लोग मेरे खिलाफ भी उसे कर सकते हो..
जिन : म्युटेंट फ्रूट को ऑक्शन में आप hi सेल्ल करेगी मई लेकर आपको hi दूंगा मई नहीं कर सकता क्योकि मई दुश्मन नहीं chahata...dusri बात ये जिन अपनी जबान का पक्का है अगर आप 50 परसेंट मुझे देगी तो कोई चांस hi नहीं चीटिंग का...
सान्वी : तुम्हे ये कैसे पता था जिस फ्रूट को तुम खा रहे हो ये तुम्हे फायर पावर देगा और दूसरा जो तुम्हारे पास है इसे खाने से यंग हो जायेंगे....
जिन: जब मैंने म्युटेंट फ्रूट खाया तब मुझे नहीं पता था इसमें फायर पावर hai...ye तो मुझे बाद में पता चला...
सान्वी : फिर तुम्हे कैसे पता इसे खाने से आगे रुक जाती और लाइफ टाइम के लिए यंग हो जाते है...
जिन : उसी टापू पर एक म्युटेंट लड़का है उसी ने मुझे बताया उसने जो फ्रूट खाया उसमे दूसरे म्युटेंट फ्रूट की क्वालिटीज़ जानने की पावर hai...wo छोटा बच्चा है जिसे मई साथ लाऊंगा..
सान्वी : ठीक hai...abse तुम्हे जिस चीज़ की ज़रूरत होगी मेरे मैनेजर जूनियर तुम्हे देंगे...
सान्वी चेयर से उठते हुए boli...aur उसने हैंडशेक के लिए हाथ आगे कर diya...jise खुश होकर जिन ने थम लिया...
जिन : थैंक यू मैडम ये मेरी तरफ से आपके liye...aur उसने अपना फ्रूट मैडम सान्वी के आगे कर दिया...
सान्वी ने ख़ुशी खुसी ले लिया...
सान्वी : क्या मई इसे बचो के साथ शेयर कर सकती हों अपने...
जिन : एक फ्रूट को एक hi इंसान खा सकता है ये सिर्फ आपके लिए है madam...mere सामने खाइये जिससे आपका विश्वाश बड़े..
जूनियर : प्लेट और नाइफ लेकर आओ..
जूनियर ने गार्ड्स से कहा जो जल्दी से भागे प्लेट लेने के लिए...
जिन : ऐसे hi मुँह से लगाए....
सान्वी ने हामी भरते हुए बाईट मरी ..
और फिर वो बिना रुके खाने लगी ..
Aaaaaahhhhhhhhhhhh.....
फ्रूट ख़त्म होते hi सान्वी अपना पेट और गाला पकड़ कर बैठ गयी...
जूनियर: madam...junior भाग कर सान्वी को थम लेता है...
जूनियर : पकड़ लो इसे..
उज्जवल : मैडम आप ठीक hai...deepak तू लाया था ise....iske साथ दीपक को भी पकड़ लो...
जिन : कलम डाउन शुरू में ऐसा होता hai..jab गार्ड्स जिन को पकड़ने लगे उसने खुद hi सरेंडर कर दिया...
दीपक: ठाकरे ये तू क्या बकवास कर रहा hai...door हटो mujhse...itne में गॉर्डस दीपक के पास भी आगये...
5 मिनट hi गुजरे थे की सान्वी हाथो से रुकने का इशारा करते हुए कड़ी होने लगी...
जिन मुस्कुरा रहा था वही जूनियर हैरत से सान्वी को देखने लगा....
सान्वी चलते हुए विंडो में लगे मिरर के पास आयी... और मिरर में खुद को निहारने लगी..
उसके ब्लोंड हेयर ब्लैक हो गए थे देखने में वो कोई 20 साल की लड़की लग रही थी...
जूनियर : मैडम आप तो बिलकुल जवान हो गयी है...
सान्वी : आना मुझे देखे गई तो क्या kahegi....use क्या जवाब दूंगी मई...
जूनियर : मैडम ये भी कोई प्रॉब्लम है hahaha...aanya बची को आप बता देना फ्रूट के बारे में..
सान्वी : मुझे अभी स्पा जाना है हेयर फिर से पहले जैसे करने के liye...junior सर आप देख lena..ek टीम जिन के साथ भेजे ...दीपक तुम फ्रूट की सेल्लिंग के लिए सभी एलीट्स को इनविटेशन भेजो और ऑक्शन की तैयारी करो...
दद : मुझ पर शक किया isne...mai आपको मरना चाहता था..
उज्जवल: मुझे लगा मैडम को कुछ हो न जाये...
सान्वी: वो मेरी परवाह कर रहा था दद .. और सान्वी जाने के लिए आगे बढ़ गयी....
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कब तक आएगी ye...aanya कार में बैठी कॉलेज के बहार आरवी का वेट कर रही थी..
मैडम ajayegi...time हो गया है छुट्टी ka..ek भरी सी आवाज आया को सुनाई di..jo उसके आगे बैठे उसके करीबी गार्ड की थी...
आया ने सर उठा कर देखा एक 6फट का सुन्दर गार्ड बैठा था...
आया : तुम्हे पता है मई कितनी बिजी हों arsu...mum ने मुझे इस चुटिया लड़की का गार्ड बना कर रख दिया है..
ारसु : मैडम मई अभी भी लोगो को आप पर नजर रखते हुए देख पा रहा हों...
आया: acha...mujhe तो नहीं दिख रहा कोई....
Tadan..hi bodyguard...itne में आरवी कार का गेट खोल आया को चिढ़ाते हुए अंदर बैठते हुए बोली..
आया : let's जो...
और ारसु के कहने पर कार्स का लम्बा काफिला आगे बढ़ गया...
आरवी : आज मैंने 2 नई कमरे की रैगिंग ki...ek को मेरी दोस्त ने हाफ नुदे कर diya..hahaha..
आया : बे मातुरे यार..
आरवी : मज़ा अत है दीदी..
आया : तुझे पता है यहाँ से 70.कम दूर एक आइलैंड है जहाँ इलीट हमारे जैसे लोग आम लोगो को किडनैप करके लेट है फिर उन्हें शूट करते हुए उन पर बोली लगते hai...tu चलेगी मेरे sath...jyada मज़े के लिए...
आरवी : क्या कह रही हो दीदी मैंने कभी किसी को नहीं मारा..
आया : तो लोरू तू जो कर रही ये सही है....
आरवी : लोरा तो आपके पास है भी nahi...aarvi आया की टैंगो में हाथ डालते हुए बोली ...जिसे विगिना से टच होने से पहले hi आया ने रोक लिया...
आया : माँ से कहूँगी इसकी शादी करा दो नहीं तो ये बहार मुँह मर legi..mard के लिए उतावली हो रही है..
आरवी : आप ऐसा कुछ नहीं kahegi..mafia की लड़कीओ से शादी कोण करता है..
आया : चल तुझे कल मिलती hon...arsu कार रोको...
आरवी से कहकर आया ने ारसु को आवाज दी...
ारसु: क्या हुआ मैडम...
आया : तुम इसे गार्ड्स के साथ ले jao...mai कही जा रही हों...
आरवी : मई भी चलूंगी...
आया : no...Chalo उतरो ..ारसु..
आरवी : you're सो स्टोनहेयरटेड didi..aur आरवी के साथ ारसु भी उतर गया..
आया : तुम्हे इनविटेशन देना hoga...aanya उतारते हुए बोली..
जिस पर ड्राइवर भी उतर गया...
आगे आकर आया ड्राइविंग सीट पर बैठी..
आया : ारसु मई कुछ समय अकेला रहना चाहती hon..tum इसे घर लेकर जाओ मई आजाऊंगी..
और काफिले से उसकी कार अलग हो गयी...
रोड पर एक फ्लावर शॉप देख आया ने अपनी कार रोकी...
आया : एक ाचा सा रोज bouquet..thora सा बारे देना..
और कुछ देर बाद फ्लावर वाला बुके बना कर लाया...
कार के आगे से पैसे उठा कर आया ने आगे किये जिसे फ्लावर वाले ने ले लिए और बुके सीट पर रखते hi आया ने कार आगे बढ़ा दी...
मम ये ज्यादा hai...flower वाले ने पीछे से आवाज di...aanya ने सुनकर भी अनसुना कर दिया...
15 मिनट की ड्राइविंग के बाद आया की कार एक बड़े से ग्रेवयार्ड में दाखिल हुई...
कार कड़ी कर वो उत्तरी और बुके लिए ग्रेव्स देखते हुए नाम पर्ने लगी...
2 मिनट बाद उसे एक छोटे से गार्डन में एक ग्रेव दिखाई दी...
जिस पर लिखा था : स्नेहा बोर्न इन 2000 डीएड इन 2018...
कैसी हो janeman..mai तुम्हारे लिए फ्लावर्स लायी हों तुम्हे पसंद है न रोज...
और बुके आया ग्रेव पर रख देती है...
आया : हैप्पी डेथ एनिवर्सरी स्वीटहार्ट अगर आज तुम ज़िंदा होती तो मई तुम्हे मार देती... प्लीज वापस आओ न मैंने तुम्हे मरना है... प्लीज....
देविलिश हसी हस्ते हुए आया स्नेहा का मज़ाक बना रही थी..
आया : मुझे प्रे करना अत तो मई तुम्हारी सोल के लिए ज़रूर प्रे करती ...but...mai नहीं janti...mai नाराज़ हों तुमसे स्नेहा तुम्हे मरना hi था तो मेरे हाथो से मरना चाहिए था न ..थिस इस नॉट फेयर sneha...tum मेरी सबसे क्यूट एनिमी में से thi...mujhe किसी ने लाइफ में फ्रुस्ताते किया वो तुम thi..tum में करेज था मुझसे दुश्मनी का और तुमने की भी बूत तुम मरी गयी जिसने भी तुम्हे अपुन से पहले टपकाया अपुन उसे छोरे गई नहीं...
छप्प chapp....itne में आया को पीछे बहुत से कदमो की आहत सुनाई di....usne गौर नहीं kiya...apne आप में hi मगन रही...
आया : बेब तुम अकेली हो तुम्हे अपनों का साथ चाहिए होगा na...mai जल्द तुम्हारी फॅमिली को तुम्हारे पास भेजू..
तुम क्या कर रही हो यहाँ पर ...सहम की आवाज़ पर आया palti..aur बोलते बोलते वो रुकी..
आया: ओह्ह तुम्हारी फॅमिली तो अभी hi आ gayi...what ा timing...aanya कड़ी होते हुए बोली...
कामिनी तुझे सुकून नहीं मिला मेरी बेटी के जाने के बाद bhi...tu यहाँ भी आगयी उसे परेशां करने...
सहम के पास खड़े सूट बीत में एक आदमी ने कहा...
आदमी : मई तेरी जान ले लूंगा...
आया : इसी कोशिश में आपकी बेटी भी मरी गयी डिसोजा uncle...aapko तो बहुत जल्दी है बेटी के पास जाने की ...
सहम : डैड मुझे बात करने digiye...tum यहाँ क्यों आयी हो तुम चाहती हो डील ब्रोके karna...agar ऐसा है मुंबई की सड़के फिर खून से लाल होगी...
आया : खून hi तो मुझे पसंद है..
डिसोजा : फिर आज खून बहेगा...
कहते हुए डिसोजा ने अपने गार्ड्स को इशारा किया..
जो आगे आकर गन आया पर पॉइंट करने लगते है...
देसूजा के साथ करीब 50 लोग थे साथ में घर की औरते भी थी...
आया ने अपने ऊपर गार्ड्स को गन तानते हुए देखा तो वो पीछे हट्टे हुए स्नेहा की ग्रेव के पास आकर छुप गयी...
आया : डिसोजा अंकल कोंगरेट्स आज आप स्नेहा से मिलने वाले है...
ढाये ढाये dhaye...guards ने गोलियन चलायी और साडी गोलियन ग्रेव पर बानी सीमेंट की छोटी सी दीवार में घुस गयी...
देसूजा: सबको कार में ले jao...aur तुम राकेट लेकर आओ...
ढाये ढाये ढाये....
इतने में आया ने तीन फायर किये हाथ निकल के और देसूजा के तीन गार्ड्स का भेजा उड़ गया....
आया : डिसूज़ा अंकल अपनी बेटी की तरह भागना नहीं प्लीज...
देसूजा : बहार अजा लड़की नहीं तो तुझे बहुत बुरी मौत मरूंगा...
ढाये.....
कहते हुए हुए देसूजा ने आसमान में फायर किया दूर के लिए....
आया ने देखा ये राकेट है...
देसूजा : अगला निशाना तुझ पर होगा ladki...isliye बहार aaja...kehkar देसूजा दूसरा राकेट गन में डालने लगा...
आया : आप अपनी बेटी की ग्रेव तो नहीं उड़ने वाले अंकल...
ढाये ढाये dhaye...kehte हुए आया ने तीन फायर और kiye...jo तीन गार्ड्स के सरो पर लगे सीधे...
Khaccch....usne चौथा फायर किया तो गोली नहीं चली...
आया : दमन आईटी ...
देसूजा : चलो मरने के लिए तैयार हो जाओ...
आया: wait...kyo अपनी बेटी की ग्रेव ख़राब करना चाहते हो आ रही हों न मई...
आया हाथ ऊपर किये कड़ी हुई.....
भागकर गार्ड्स ने उसे पकड़ liya...aur खचेडे हुए उसे डिसूज़ा के पास लाये..
चटककककक...
देसूजा : साली बीच ...थप्पड़ मरते हुए डिसोजा ने आया को गाली दी ..
आया : अगर मई ज़िंदा रही तो ये डबल वापस करुँगी...
Chatakkkk..chatakkk....
डिसूज़ा: गलत फेहमी है तेरी... गार्ड्स गद्दा khodo...jaldi..koi कॉफिन लेकर ए ...आज इस बीच को मई ज़िंदा दफ़न करूँगा..
डिसूज़ा की बात सुन गार्ड्स पास में hi जल्दी से गद्दा खोदने लगे ...
आया : माँ तुम लोगो को से में से भी ढूंढ कर निकल लेंगी...
डैड इसे जाने दो ..सांप का फन तभी कुचलना चाहिए जब नागिन को मार do...iski माँ आएगी हमारे पीछे....
आया : सही कह रहा है ये ...
चटकककक...
डिसूज़ा : चुप बीच...
और फिर डिसूज़ा लात घुसो से आया को मरने लगा....
डिसूज़ा : मई लक्समी नमी औरत से मिला हों जल्द hi वो इसकी माँ को मार देगी...
सहम : वो विच ब्लैक मैजिक वाली...
डिसूज़ा : हाँ...
सहम : क्या आपको इसकी माँ के हेयर मिल गए...
डिसूज़ा: आज गार्ड ने दिए इसकी पूरी फॅमिली के हेयर...
आया: समझौते के बाद तुम ये सब कर रहे they...tum तो सेल कवर्ड्स nikle...tujhse ज्यादा डैम तो तेरी बेटी स्नेहा में tha..wo साली थी तो अपनी ज़ुबान की pakki....dushmani सामने से निभाती थी...
डिसूज़ा : मेरी बेटी को मरकर तू हमसे किस बात की उम्मीद रखती है...
आया : अपुन ने नहीं मारा लाइफ में बस इसी बात का रिग्रेट है...
चटककककककक...
सहम : बस करे डैड...
इतने में सहम गार्ड से गन लेकर आया पर तानते हुए बोलै..
डिसूज़ा : गन निचे करो bete...ise तड़पा तड़पा के मरना है मैंने...
बॉस गद्दा खोद दिया...
इतने में गर्दा कपडे झड़ते हुए पास आकर बोले...
डिसूज़ा : ले चलो इसे...
इतने में एक कार ग्रेवयार्ड में एंटर हुई....
ये डिसूज़ा के hi आदमी थे जो लकड़ी का कॉफिन लेकर आये they...jise कार से निकल कर वो चलते हुए डिसूज़ा के पास ए ..
डिसूज़ा : डालो इसे इसमें...
डिसूज़ा के कहते hi गार्ड्स आया को अंदर डालने लगे..
आया : सीधे शूट कर ये कैको कर रहा है...
डिसूज़ा: फीयरलेस आया दर गयी...
सर दबाते हुए डिसूज़ा ने आया को अंदर लिटा diya...agle hi पल गर्दा ने कॉफिन का धक्का लगा दिया...
फिर वो उस पर किले गढ़ कर उसे कसने लगे....
हो जाने पर गार्ड्स ने कॉफिन अंदर डाला और मिटटी डालने लगे....
दाल जाने पर डिसूज़ा अपनी बेटी की ग्रेव पर आया... और रोने लगा...
सहम ग्रेव ठीक करने लगा...
डिसूज़ा : काश तुम ज़िंदा होती मेरी bachi....tum देखती तुम्हारे बाप ने कैसे आया को maara...meri गुड़िया तुम्हारी बहुत याद आती है...
सहम : दीदी तेरे बिना जीने का मन hi नहीं होता है...
दोनों कुछ देर बात करके अपने गार्ड्स के साथ वापस लौट गए....
Khatttt...khatttt...khatttt...
अंदर लेती आया कॉफिन खोलने की नाकाम कोशिश कर रही थी....
आया : कोई hai....hello...mai अंदर हों...
काफी देर तक कोशिशों के बाद भी कुछ नहीं हुआ तो आया ने हार मान ली....
रात के 12 बज गए थे...
आया : आया तेरा एन्ड ऐसे होगा सोंचा नहीं था....
अब आया को साँस लेने में भी प्रॉब्लम हो रही थी....
उसकी आवाज भी नहीं निकल रही thi...na उसमे ताकत बची थी कॉफिन के ढक्कन को हटाने ki...haar मान कर उसने आंखे बंद कर ली....
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सुबह मई उठा किसी के दूर पीटने पर...
मैंने दूर जाकर खोला सामने सेठ tha...makan मालिक आदित्य जी का अंकल..
उसके हाथ में नाश्ता था...
मैंने दूर खोला तो वो अंदर hi agaya...nashta लिए...
उसने ब्रेकफास्ट पास राखी टेबल पर रखा खुद वो बीएड पर बैठ गया...
सेठ : सुनो लड़के मेरे पास इतना पैसा है की मुझे किसी को अपने घर खाना खिला कर पैसे कमाने की जरुरत nahi...ye पूरी बस्ती मेरी है और इसकी कीमत 90 करोड़ से ज्यादा की है..
मई: जी सर...
सेठ : आदित्य बहुत साफ़ दिल की है अनजान लोगो का भी दुःख दर्द उसे वो अपना लगता है वो किसी को तकलीफ में नहीं देख सकती ऐसी hi है wo...jante हो उसने तुमसे खाने के लिए पैसो के लिए नहीं कहा उसने देखा तुम परेशां हो खाना बनाओगे अपने लिए की कमाओगे जिस काम से तुम गाँव से यहाँ आये मतलब कमाने ...मुझे बुरा न लगे इसलिए उसने तुमसे 3 हजार रुपया महीना कहा खाने के लिए...
मई : जी..
सेठ : अब से तुम मेरी बेटी से कहना की तुम अब खुद अपने से अपना खाना banoge...ye पता न चले की मैंने कहा है तुम्हे ऐसा करने ke..tumhare पास रसन गैस चूल्हे के पैसे नहीं है तो जो खाना गरीबो के लिए बनेगा बही वह खाओ लेकिन मेरी बेटी से नहीं कहना खाने के liye...abhi ये खाना खाओ और जो कहा है करो...
उठाकर सेठ चले गए...
मैंने रूखे मन से ब्रेकफास्ट Kiya...fir नाहा धोकर मैंने बैग में सोना चंडी bhara...aur लेकर चल दिया...
ऑटो लेकर मई अँधेरी aaya...aur वह से उसी सर्राफे वाले की शॉप पर आया जिसके पास सोना चंडी बेचने झगन आया था...
कैसे ए हो भय कुछ बेचने ए की खरीदने ...सेठ ने पूछा इसे मैंने अपनी वीडियो में देखा था जो मैंने झगन से बनवाई थी...
मई : झगन ने भेजा hai...wo जिसने 35 लाख का सोना बेचा tha..meri बात सुनकर उसने बैग की तरफ dekha...jo बड़ा और भरी था...
उसने कस्टमर की तरफ इशारा करके रुकने के लिए kaha...aur मई वही बैठ कर वेट करने लगा..
10 मिनट बाद वो खली हुआ...
सेठ : क्या लाये हो...
मैंने अपना बैग उसके आगे कर दिया...
सोना चंडी बहार निकल वो दोनों को अलग अलग रख कर तौलने लगा...
सोना 2 k.g 400 g.m था चंडी 1.कग से कुछ काम थी...
मई : कितने डोज seth...sona 1 करोड़ से ज्यादा रुपए किलो है...
सेठ : सब के 2 दूंगा...
मई : करोड़..
मेरे पूछने पर सेठ ने गर्दन हिलायी....
मई : कुछ ज्यादा कर लो काम है ये..
सेठ : मुझे भी तो कामना है नहीं पसंद तो कही और बेच ले ..
मई : ाचा कॅश दो ..फिर ..
सेठ : 2 घंटे रुक कर ले जाना..
मई: ठीक है मई यही हों...
और सेठ अपने लड़को से कहने लगा बैंक जाने के लिए....
2 घंटे बाद मेरे हाथो में पैसे आये ...और मैंने अपना अगला शिकार भी देख Liya...jo होने वाला था यही सेठ..
पैसे लेकर मई घर aya...fir पैसे संभल के रख कर मैंने बस्ती में से झगन को बुलाया...
मई : सेल नंबर दे apna...tujhe बार बार बुलाना पड़ता है निचे जाकर .
उसने नंबर बताया मैंने सेव किया...
झगन: भैया रात में मिलेगी गन..
मई ; सुन मुझे अपना अकाउंट खुलवाना है और गूगल पाय अपने फ़ोन में बनवाना है..
और फिर दोपहर 2 बजे तक मई और वो इसी काम पर लग gaye....pehle हमने अकाउंट khulwaya...fir अचे कपडे पहन कर मैंने 15 लाख अपने अकाउंट में dala...aur वाकई पैसे मैंने अपने रूम पर hi रख diye...fir एक गूगल पाय ऑफिस में मैंने अपना गूगल पाय अकाउंट बनवाया....
और फिर होटल से खाना खा कर हम दोनों मेरे रूम पर ए..
मेरे रूम पर आते hi कुछ देर बाद खाना लिए अदिति मैडम आ गयी ..जिन्हे देख झगन चला गया...
खाना देकर वो जाने लगी तब मैंने रोका...
मई: अदिति madam..abse आप खाना नहीं लाया करे...
आदित्य : क्यों क्या हुआ रॉक ji...uske मुँह से रॉक जी सुन कर मुझे ऐसा लगता जैसे ज़िन्दगी में जितनी बेइज़्ज़ती अपमान मेरा गरीबी से हुआ उसकी भरपाई मैडम ने एक बार में रॉक जी कहकर कर दी हो...
मई : मुझे पसंद नहीं आपके हाथ का khana...mai अपना banaunga...nahi तो किसी को ले आऊंगा बनाने के लिए...
अदिति : acha...usne इतना hi कहा और अदिति मैडम की आंखे चालक पड़ी...
कुछ कहे बिना वो आगे बढ़ गयी...
एक तीस उठी साइन में मैडम की आंखे चलती देख लेकिन मई भी क्या karta...seth ने hi मन किया था....
उनके जाने के बाद मैंने कॉल लगा दी...
2 रिंग के बाद अरसद ने कॉल उठायी...
मई : कैसा है...
अरसद : ठीक हों तेरी माँ मेरी बहुत मिन्नतें कर रही थी तुझसे बात करने के liye...tujhe कॉल भी की तूने उठाया nahi...wo उस दिन की बात कर रहा था जब मई कोठे पर था....
मई : वो मेरी माँ नहीं है...
अरसद : अबे तेरी बहन बीमार हो गयी थी bahut...bhuk प्यास से...
मई : मरी नहीं वो..
अरसद : कैसी बातें कर रहा है यार tu..jab तू दिहाड़ी की वजह से खाना खाने घर नहीं जाता था तो वो देने आ जाती thi..aur मेरे सामने तुझे अपने हाथो से खिलाती थी...
तू आज फिर खाना खाने नहीं आया...
क्या दीदी तू रोज़ रोज़ इधर आ जाती है तुझे पता है इधर अच्छे लोग नहीं aate...kha माँ खा परीक्षण करती है आ कर..
तू भी तो मुझे परेशां hi करता hai..har दिन दोपहर में भूका rehkar...kuch पैसे काम कमायेगा तो क्या हो जायेगा... लेकिन तुझे कुछ हो गया तो मेरा क्या होगा.. सोंचा है tune..aur क्या तेरे बिना मई खा लुंगी...
तो इसमें रोने वाली क्या बात hai...tu जानती है न तेरा आंसू मेरा 1 किलो खून काम कर देता hai...chal आ बैठ..
रॉकी तू सुन रहा hai...arsad की आवाज पर मई अपनी यादो से निकला..
मई : हाँ मेरी कोई बहन नहीं है न कोई maa..bas तुझे 5 लाख भेज रहा hon..wo दे देना...
और मैंने कॉल कट कर दी...
फिर मैंने अरसद के स्कैनर पर 5 लाख ट्रांसफर कर दिए....
कुछ देर गम शूम बैठ मई उठा और रूम लॉक करके निचे आया....
बाइक पर बैठ कर मई चल दिया....
कुछ देर बाद मई कोठे पर था और मेरे सामने गायत्री...
मई : उसे हमेशा के लिए खरीदना hai...dipty को...
गायत्री : वो बिकाऊ नहीं है काम से काम 5 साल तक तो नहीं...
मई : कीमत बताओ न...
गायत्री : चल 5 करोड़ दे वो तेरी हुई...
मई : 1 करोड़ दू...
गायत्री: 5 साल बाद इतने में ले जाना..
मई : एक महीने के लिए उसे किराये पर ले जाना है अपने घर..
गततरी : ला 10 लाख de...nagad..
मैंने जेब में से 2 लाख निकले और 8 लाख गूगल पाय कर दिए...
चलता हुआ मई डिप्टी के रूम पर आया..
अंदर वो लेती हुई थी मुझे देख उठ बैठी...
आज उसके चहेरे पर पहले जैसी रौनक नहीं थी....
मई : चल आ मेरे साथ...
डिप्टी : मई नहीं जाउंगी...
मई : बहुत मरूंगा तुझे अगर मन की तो कीमत दी है तेरी वो भी एक महीने ki...aur वो मेरे साथ आने के लिए तैयार हो गयी...
मई : चल अपने एक महीने के कपड़े बैग में दाल ले..
जब वो कपड़े बैग में डालने लगी तब मैंने उसके कपडे देखे...
मई : चल अजा मई तुझे नए दिला दूंगा...
कपड़े छोर वो मेरे साथ चल दी...
कोठे से हम बहार आये और डिप्टी पीछे मेरी बाइक पर बैठ gayi...uske बैठते hi मैंने बाइक आगे बढ़ा दी...
रस्ते में मैंने एक कपड़ो की शॉप देख बाइक रोकी...
मई : अपने लिए अच्छे कपडे पसंद कर ले डेन्ट...
फिर वो पसंद करने लगी और मैं पैक करता रहा...
5 हजार के कपडे दिला कर उसे लिए मई बहार आया ..
डिप्टी : चले...
मई : कहा लेकर जॉन तुझे ..और मई सोंचने लगा...
10 मिनट मुझे रोड पर खड़े सोंचते हुए हो गए थे...
मई : कोई पूछे तो कहना तू मेरी कजिन है शिमला से आयी है..
डिप्टी : मई नहीं कहने वाली...
मई : क्यों...
डिप्टी : मई झूट नहीं bolti...tum मुझे मरते हो...
मई : साली चल तू तुझे और मरूंगा...
डिप्टी : दिखा दी न mardangi....aur क्या कर सकते हो tum...pehle मुझे अफ़सोस हो रहा था की मैंने तुम्हे मजबूरी में hi सही चीट किया अब बिलकुल भी नहीं हो रहा है ...
मई : चल baith...maine उसकी जहर भरी बातों का कोई जवाब नहीं दिया बाइक पर बैठते हुए उसे भी बैठने का कहा...
वो बैठी तो मैंने बाइक आगे बढ़ा दी...
मई : मई एक डैम सही हों औरत जाट के बारे me..tumhari नस नस में hi कमीनापन छुपा होता hai..tu मेरी बहन से अलग थोड़ी hai...ek डैम शामे तो शामे रंडी...
और रस्ते भर मई बोलता रहा वो सुनती रही....
मई उसे लेकर बस्ती में आया...
मई : देख जो कहा है चुप चाप करना नहीं तो तुझे रहने की जगह नहीं मिलेगी...
और उसे लेकर मई चल दिया आदित्य जी के घर...
Rock...ye लड़की कोण है..
रस्ते में hi मुझे सेठ मिल गया जो घर से बहार hi आ रहा था...
मई : सेठ जी ये मेरी शिमला की कजिन सिस्टर hai...ye यहाँ काम करने आयी जब तक इसे कोई काम नहीं मिल जाता तब तक मेरे साथ रहेगी अगर आप परमिशन den..ye अंदर सोयेगी मई बहार...
सेठ : क्या काम करने आयी tum...sorry मई तुम्हारा नाम पूछना भूल गया..
मई : ये डिप्टी है...
डिप्टी : कुछ भी कर लुंगी 12तह किया है मैंने..
सेठ : ठीक है अपनी बहन को लेकर कल आना मेरे pass...ise कोई काम दे दूंगा..
और सेठ आगे बढ़ gaya...uske जाने पर रहत तो मिली लेकिन वो कल बुला गया tha..kal का कल देखूंगा सोंच कर मैंने जाने दिया...
डिप्टी को लिए मई अपने रूम पर आया और मैंने दूर बंद कर लिया ....
मई : खाना बनाना अत है तुझे...
उसने कोई जवाब नहीं दिया..
मई : चल मई गैस चूल्हा लेकर आया साथ में राशन सब्जी भी...
और उसे छोर मई चल दिया...
मार्किट आकर मैंने सारा सामान लिया और उसे लेकर मई रूम पर आया...
मई : सब्जी में ये साग hi मिला hai...bana लेगी न...
डिप्टी : 10 लाख देकर मुझे इसलिए लाये हो...
मई : तुझे मेरे लैंड पर कूदने की कितनी जल्दी हो रही है खाना बना बहन की lodi....aur चुप चाप वो साग काटने बैठ गयी...
मई उसे अकेला छोर बस्ती में निचे आ गया...
तुमने क्या कहा दीदी से तुम्हारे रूम से जब से आयी है अपसेट hai..itne में अदिति मैडम की बहन मेरे पास आकर मुझ पर गरजते हुए बोली...
मई : मैडम कुछ भी तो नहीं कहा..
झूट मत बोलो मुझसे मई दीदी की तरह सीधी सधी नहीं hon...to बिलकुल भी किसी ग़लतफहमी में मत रहना...
मई : सुबह सेठ जी ए they...aur मैंने सब बता diya..madam ये सब सेठ जी से मत कहना उन्होंने मन किया है बताने को..
ऐड हो कोई और एक्सक्यूज़ नहीं दे सकते थे...
मई : किसी और एक्सक्यूज़ से क्या वो manti..jaisi वो है उनमे कोई कमी कैसे निकल सकता है..
रिशु क्या कह रही हो तुम रॉक जी se...itne में अदिति मैडम आगयी...
रिशु : इसकी क्लास ले रही हों दीदी आपको इसने कैसे हर्ट किया..
अदिति : मुझे अब तुम हर्ट कर रही हो...
रिशु : दीदी कब समझोगी ये गरीब लोग इनके साथ भलाई करे तो ये बदले में हमारे hi साथ बुराई करते hai...inki जगह सड़क पर है इन्हे वही रखना chahiye...kitni hi बार आपको धोका मिला लेकिन आप नहीं सुधरती..
मई : सही कहा madam...ham लोग इंसान थोड़ी होते है...
चटककककक...
अदिति : सॉरी कहो rishu.itne में अदिति मैडम ने थप्पड़ मरते हुए कहा...
रिशु ; sorry...aur वो चुप चाप चली गयी...
अदिति : I'm सॉरी ये बस ओवर प्रोटेक्टिव hai...hai बहुत achhi...bas मुझे उदास देख कर गुस्सा हो जाती..
मई : I'm सॉरी अदिति जी मुझे सुबह आपसे ऐसा नहीं कहना चाहिए tha...aapke हाथो का खाना ऐसा है जैसे मई माँ के हाथ का खाना खा रहा hon..agar आप प्यार से जहर भी खिलाये गई खुसी से वो भी खा लूंगा...
अदिति : मई आपको जहर क्यों खिलाऊंगी रॉक ji...wo कनअँखिओं से मुझे देखने लगी...
मई : कहावत है जिसका मतलब है आपके हाथो का खाना इतना hi पसंद hai..meri कजिन शिमला से आगयी है अब वो खाना बनाएगी सोंचा आपको क्यों परेशां करूँ..
आदित्य : आपकी कजिन...
मई : हाँ...
अदिति: उसे ऊपर रखा रूम में..
मई : हाँ...
अदिति : ठीक है अबसे आप वहां soyenge...wo मुझे ऊँगली से उसी खली जगह की तरफ इशारा करते हुए बोली जहाँ मजदूर और नए ए हुए लोग सोते जो किराया देने में असमर्थ थे...
मई बेबसी से मैडम को देखने लगा..
Pi...pi...pi...
इतने में एक बंव हॉर्न देती हुई हमारे पास ruki..aur हम दोनों hi उस कार को देखने लगे....
उसका मिरर निचे हुआ और अंदर देख जैसे मेरी साँस अटक गयी....
लक्समी : के in...wo लक्समी thi...uske बुलाने पर मई घूम कर आया और दूर खोल कर अंदर बैठ गया...
लक्समी : तुमने मुझे नाराज किया है रॉकी ...क्या सजा डॉन tumhe..tumhare बदले उसे मार देती हों...
उसके शब्द सुनते हुए मैंने उसकी नजरो का पीछा kiya...jo अदिति मैडम पर thi..aur जैसे मेरा दिल हलक में आगया हो...
मालकिन मुझे माफ़ कर दो ..आप जो कहोगी मई karunga...unhe तो मई जनता भी nahi...wo सबकी सहायता करती hai...aur मई लक्समी के पैरो पर गिर कर गिड़गिड़ाने लगा...
मई : मालकिन जो सजा देनी है मुझे दे do...unka कोई कसूर नहीं...
लक्समी : घर चल कर डीडे करुँगी क्या करना hai..aur उसने कार आगे बढ़ा दी....
मई भी सीधा होकर बैठ गया...
हाफ ऑवर बाद मई उसके घर पर था..
अब दिन ढल चूका था...
वो आगे आगे चल रही थी मई पीछे पीछे...
चलते हुए मेरी नजर गार्डन पर gayi...aur मुझे वो सब याद आगया...
उसने आर्टिफीसियल ग्रेस लगवा दी थी वहां पर..
गार्डन देखते हुए मई अंदर बढ़ गया..
लक्समी: वहां फ्रिज है उसमे एक गिलास रखा है ढाका hua...use लेकर आओ .वो सोफे पर बैठते हुए हाथो से इशारा करते हुए बोली..
मई किचन में आया जब फ्रिज खोला तो मुझे एक शीशे का गिलास ढाका हुआ dikha...jisme ब्लैक कलर का कोई लिक्विड था..
मई उसे लेकर लक्समी के पास आया...
लक्समी : पि जाओ इसे...
मई : ये क्या है...
लक्समी : सवाल तुम नहीं सिर्फ मई karungi...tum मेरे होने वाले पति हो तो बता देती hon..ye काढ़ा है लेकिन आम काढ़ा nahi...ise मैंने बनाया hai..tumhare 2 इंच लिंग को बारे करने का..
मई : pati...kya matlab...malkin..maine रुकते हुए कहा..
लक्समी: तुम खूबसूरत हो और मई जवान hon...kya हम शादी नहीं कर सकते...
मई : अपने पहले पति को..
लक्समी : वो मेरी सच्चाई नहीं जनता था तुम जानते हो तुम्हे मरने का सवाल hi पैदा नहीं होता लेकिन अगर तुमने मुझे धोका दिया मुझसे भागे तो मई तुम्हारे हर करीबी को मार dungi...chalo अब पियो आज तुम्हे बहुत सरे काम करने है..
सवाल किये बिना में गिलास मुँह से लगाया और आंखे बंद करके एक hi साँस में गिलास ख़त्म कर दिया...
मई : मई इसे रख aaun...mere पूछने पर उसने मुझे घुरा जो देख मैंने गिलास टेबल पर hi रख दिया..
लक्समी : सोफे पर लेट जाओ अगर पैन हो रहा है तो..
मई : नहीं हो रहा मई ठीक हों...
लक्समी : तुम्हे क्या सजा दूँ तुम्हारी डिसओबेडिएंस की...
मई : मेरे पास खर्चे के लिए पैसे नहीं they...aur मैंने उसे चोरी के बारे में बता दिया..
मई : aahhhhh....malkin ये क्या हो रहा है...
अचानक से मेरे कमर के निचे बर्दास्त के बहार दर्द उठा....
लक्समी : सोफे पर लेट जाओ ...
सोफे पर लेटने की मेरी हिम्मत न हुई और मई जमीन पर hi ढेर होकर चीखने laga...dono हाथो से मई पकड़ा था अपना लिंग...
मई : आह्हः क्या पीला दिया bahanchod..gusse में मई लक्समी को गली देने लगा...
5 मिनट तक मई फर्श पर इधर से उधर बिलबिलाते हुए लक्समी को गन्दी गालियां देता रहा...
कुछ दर्द काम हुआ तो मैंने लक्समी को देखा जो गुस्से में मुझे hi घुर्र रही थी....
जल्दी से मैंने उसके पेअर पकड़ लिए..
मई : मई दर्द में समझ में नहीं आ रहा था क्या बोलू...
लक्समी : पेअर छोरो मेरे और अपनी पंत उतरो...
पीछे होकर मैंने पंत का हुक खोला और वो निचे गिर गयी...
लक्समी : अंडरवियर भी...
मैंने एक नजर उसे देखा और अंडरवियर निचे कर diya...wo साली मानती तो नहीं....
वो आगे खिसकते हुए मेरे लैंड को पकड़ लेती है...
मैंने निचे देखा तो मुझे अहसास हुआ मेरा लिंग पहले से बढ़ गया है पहले इतना बड़ा खड़े होने पर होता था...
मई सोंच hi रहा था की मुझे अपना लैंड पर किसी के मुँह की गर्माहट का अहसास hua...laxmi ने लैंड मुँह में ले लिया tha...jise वो चूस रही थी....
न जाने कब मेरा हाथ उसके सर पर चला gaya...aur मई लैंड आगे पीछे करने लगा...
मुझे मजा आ रहा था बहुत और धीरे धीरे मेरा लैंड पूरा ेररेक्ट हो गया...
लैंड पूरा खड़ा हुआ तो लक्समी ने मुँह से निकल दिया..
लक्समी : मई अभी आयी मेज़रमेंट लेकर ..वो उठते हुए बोली और दर्ज में से कुछ निकलने लगी .
कुछ देर बाद वो मेज़रमेंट लेकर aayi...aur मेरा लिंग का साइज लेने लगी...
लक्समी : 11 inch...ab भी छोटा है...
पहले से मेरा लिंग डबल हो गया था जो उसे छोटा लग रहा था...
मेरा मन हो रहा था लक्समी को पटक कर छोड़ने ka..lekin उसके दर के कारन हिम्मत नहीं हो रही थी...
मई न जाने कैसे अपने आप के इतनी हवस फील कर रहा था...
मई : दर्द हो रहा है isme...kuch करो न मालकिन... मुझसे रहा नहीं गया तब मैंने कहा...
लक्समी : कर दूंगी लेकिन तुम्हे भी मेरा एक काम करना hai...aur निचे बैठते हुए उसने लैंड फिर मुँह में ले लिया...
लक्समी देखने में बड़ी सेक्सी मातुरे thi...bade बड़े हिप्स एक डैम गोरी लम्बे बाल 5 फ़ीट से ज्यादा हिघ्त एक डैम कमल की जो भी देखे उसे पानी की इच्छा करे...
वो मेरा लैंड चूस रही thi...aur मई उसके सर को पकड़ कमर हिला रहा था...
मई : aaahhh...laxmi..uff aaahh..aise hi chuso...aaahhh...
आधे घंटे तक लगातार वो चुस्ती रही और फिर मई उसके मुँह में hi झाड़ gaya...mera इतना ज्यादा माल निकला की उसका मुँह भर गया...
पहले उसने निगला फिर अपने होंठों के पास फैले छुम को जीभ फीते हुए लक्समी चाटने लगी...
लक्समी : मई ब्रश करके आयी फिर तुमसे जरुरी बात करुँगी..
मई : मई नहाऊंगा...
लक्समी : वाशरूम में चले jao...mai नंगा hi वाशरूम में घुस गया...
नाहा कर मैंने लक्समी को आवाज दी जिसने टॉवल दिया ..
लक्समी : अच्छे लग रहे ho...wo मेरे बालो में हाथ फेरते हुए बोली..
मई : कोई दूसरे कपडे मिलेंगे ये गंदे हो गए hai..in पर छुम गिरा था ..
लक्समी: मई अपने लेकर आती हों..
मई : ऐसे लाना जो लार्को की तरह हो .
मैंने उसे पीछे से आवाज दी...
कुछ देर बाद वो एक शर्ट और पंतय जीन्स और जैकेट लेकर आयी ..
लक्समी : मई हमेशा तुम्हारे लिए ये कर सकती हों मुझे धोका नहीं dena...wo मुझे कपडे देते हुए बोली..
जिन्हे लेकर मैंने पहन लिया...
लक्समी : सरस डिनर रेडी karo...usne किसी से कहा...
मई समजा कोई नौकर hoga...aur मैंने ध्यान नहीं दिया...
मई : मालकिन आप इतने बड़े घर में अकेले रहती है...
लक्समी : दिन में माइड आती hai....ab तुम भी तो रहोगे मेरे साथ...
मेरा हाथ पकड़ वो मुझे अपने साथ ले जाने लगी...
चलते हुए हम लोग दिन्निग पर ए टेबल पर कई तरह के बहुत से खाने रखे थे जिनकी सुगंध मुझे दूर से आ रही थी...
मुझे बैठने का इशारा करते हुए वो खुद भी बैठ गयी...
लक्समी : निकालो और खाओ...
और मई निकल निकल कर खाने laga...khana टोटली नॉनवेज tha...aur इतनी तरह का मेरा मन हो रहा था सब खा जॉन...
लक्समी; तुम्हे कुछ देर बाद ग्रेवयार्ड जाना होगा...
खो kho...uski बात सुनकर मेरा फंदा लग gaya..jo देख उसने पानी भर कर गिलास मेरे आगे कर दिया..
लक्समी : ग्रेवयार्ड जाकर जो सबसे नयी ग्रेव हो उसकी ताज़ी मिटटी और मुर्दे की ग्रेव खोल कर उसका थोड़ा ब्लड लेकर आना होगा..
उसकी बात सुनकर मैंने खाना छोर दिया...
और मुझे उबकाई आने लगी..
मई : मई कैसे ...मुझे दर लगता है...
लक्समी : देखो तुम मेरे ऑर्डर्स फॉलो करना सीखो नहीं तो बहुत नुकसान उठाओगे...
मई : कैसे लाऊंगा ये sab...gorgan तो नहीं लेने देगा
लक्समी : कोई खली ग्रेवयार्ड देखना जहाँ गोरगन न ho..Aur वो मुझे समझने लगी...
खाना ख़त्म हुआ उसका तो वो उठी...
अपने साथ वो मुझे बीएड रूम में लायी और उसने टीवी पर एक हॉरर मूवी लगा दी लेटकर वो देखने लगी...
लक्समी : रॉकी मई बहुत थक गयी हों तुम्हे समझते हुए चलो पेअर दबाओ...
चुप चाप मई उसके पेअर दबाने लगा...
लक्समी : कमर तक...
मेरे घुटनो तक दबाने पर उसने कहा..
और फिर मई उसकी मोती झंगे गांड सब दबाने laga...jiske अहसास से मेरा लैंड फिर खड़ा हो gaya....jise मई मसल भी रहा था...
लक्समी : दोनों हाथो se...aur मैंने लैंड को मसलना छोड़ दिया...
मई ; कब लाना है मिटटी और ब्लड...
लक्समी: लेट नाईट जाना...
उसका जवाब सुन मुझे खुद पर रोना आने laga..ek तो ग्रेवयार्ड ऊपर से वो लेट नाईट भेज रही thi...mera सुपरनैचरल फाॅर्स से पहले भी सामना हो चूका tha...jis वजह से मुझे और दर लग रहा था...
मूवी ख़त्म हुई तब मैंने उससे पूछा..
मई : अब जॉन...
लक्समी : हाँ जाओ...
मई : कोई प्रॉब्लम तो नहीं hogi..mera पहले सामना हुआ है भूतो से..
लक्समी; कुछ नहीं होगा...
फिर वो मुझे साथ ले जाने वाला सामान जैसे ब्लड के लिए शीशी कहा रखा बताने लगी...
किचन में से नाइफ ले lena..mere हस्बैंड की बाइक गेराज में है उसे ले jana..laxmi ने लास्ट में कहा...
आखिर में मैंने किचन में से नाइफ ली बड़ी सी और उसे कमर में दाल लिया...
चलता हुआ मई गेराज में aya...bike में कीस लगी थी जिसे लेकर मई निकल गया...
आधे घंटे तक मई रोड पर ग्रेवयार्ड देखता हुआ बाइक भगा रहा था अब ठण्ड से मेरी कंपकपी बांध गयी थी...
20 मिनट और बाइक चलने के बाद मैंने सोंच लिया था अगर अब ग्रेवयार्ड मिला तो ठीक है नहीं मिला तो वापस लौट जाऊंगा...
मैंने नजरे दौड़ाई आगे तो वहां घर दिखे बने जो देख मैंने बाइक वापसी के लिए मोड़ ली...
मुझे दर भी था अगर मैंने उसका काम नहीं किया तो वो मुझे सजा degi..aditi madam..us कामिनी की नजर उन पर पढ़ गयी थी...
ग्रेवयार्ड ऑफ़ मलाड...
एक लाइट की रौशनी में मुझे बोर्ड नजर aya...jiska बड़ा सा दूर खुला था...
चौकीदार था नहीं गेट पर जो देख मैंने बाइक अंदर बढ़ा दी...
ग्रेवयार्ड एक डैम अँधेरे में नहाया हुआ tha...jo देख मैंने बाइक से उतारते hi अपने साथ लायी टोर्च जला ली...
ग्रेवयार्ड देख लग रहा था ये अमीर लोगो का ग्रेवयार्ड hai...ek से बढ़कर एक एक ग्रेव सजी हुई थी...
ग्रेवयार्ड में चलते हुए मुझे सब तरफ से साईं साईं की आवाजे आ रही थी...
मई बार बार सब तरफ देख रहा था...
नई ग्रेव की मिटटी और मुर्दे का ब्लड लाना है...
उसकी बात याद करते हुए मई ग्रेव देख रहा था यहाँ मोस्टली नई और साफ़ सुथरी ग्रेव थी..
एक जगह मुझे बिलकुल तजि नई ग्रेव dikhi...jise बनाया नहीं गया था....
मैंने मिटटी पर हाथ रखा जो नरम थी जिसे मैंने शीशी में दाल लिया...
अब मुझे डेड बॉडी से ब्लड भी चाहिए tha..maine एक नजर ग्रेव को देखा फिर अपने चारो तरफ लाइट मरी...
यह सबसे मुश्किल प्रोसेस था जिसे सोंचकर hi मेरे रुए खड़े हो गए they...marta क्या न करता...
और मैंने एक खोदने वाला छोटा औजार निकला जिससे मई ग्रेव खोदने लगा....
1 ऑवर की म्हणत के बाद मिटटी हटी और अंदर मुझे एक ताबूत दिखाई दिया...
मैंने ढक्कन हटाना चाहा तो वो मुझे किलो से थूका मिला...
मई : क्या मुसीबत hai...maine ढक्कन पर लाते मरी तो लगा ये धारदार किसी चीज़ से खुल jayega...upar आकर मैंने शीशी उठाई और knife...jise लेकर मई ग्रेव में उतर गया...
नाइफ से मैंने कुछ hi देर में ढक्कन फाड़ diya...aur फिर उसे उछल कर मैंने मुर्दे पर टोर्च मरी...
वो किसी लड़की की ग्रेव थी...
मैंने पेअर उठाया और उसमे हल्का सा नाइफ mara...aur शीशी में ब्लड भरने के लिए जैसे hi मैंने शीशी लगायी पेअर के पास की मेरे हाथ से शीशी छूट कर निचे गिर गयी...
आआआआ....
डेड बॉडी में से एक बेहद darawani..cheekh निकली...
दर से मई पीछे हुआ...
मई : आआह्ह्ह... माफ़ कर do...maaf कर do...us लक्समी बे bheja....maine कुछ नहीं किया... प्लीज मुझे मत मरना...
डेडबॉडी बचा हुआ कॉफिन का ढक्कन तोड़ कर बहार आने की कोशिश कर रही thi...jab उससे नहीं टुटा तो वो कमर आगे करके आगे के लिए खिसकने लगी...
दर से मई भाग भी नहीं पा रहा था...
वो बॉडी कॉफिन से निकली और कड़ी होने लगी....
रॉकी: अगर आज नहीं भगा तो कभी नहीं भाग payega...mere मन से आवाज आयी.
मई फुर्ती से utha...aur ग्रेव से निकल कर भागने लगा..
रुकोऊ...
Aaahhhh.water...
धम्मं...
मैंने भागते हुए आवाज सुन पीछे देखा तो वो लड़की की बॉडी ग्रेव के बहार गिर पड़ी थी...
भागता हुआ मई बाइक तक aya...kya वो सच में डेड बॉडी थी.. बाइक पर बैठते हुए मुझे ख्याल आया..
जीन्स me...usne पानी माँगा..
और मेरे दिमाग में झमका हुआ...
वो ज़िंदा लड़की thi...sonchte hi मई बाइक से उतरा और पीछे के लिए भगा...
भागते हुए मई लड़की के पास aya..wo वैसी hi बेसुद्ध पड़ी थी...
मैंने ग्रेव में घुस कर अपनी टोर्च और शीशी नाइफ उठाया और बहार आया..
बहार आकर मैंने लड़की के पेअर को दबाया तो उसमे से ब्लड निकलने laga..jise मई अपनी शीशी में भरने लगा..10 बुँदे भरने तक लड़की ने जब कोई हरकत नहीं की तब मेरा शक यकीन में बदल गया tha...ki ये लड़की कुछ देर पहले तक ज़िंदा थी...
मैंने कसुआलय उसका हाथ पकड़ा उसकी सांसे चल रही thi...maine नक् के पास हाथ किया तब भी मुझे हवा महसूस हुई...
मई जाने के लिए खड़ा हो gaya..ye सोंचते हुए की एम्बुलेंस को बुला दूंगा...
रॉकी क्या कर रहा है इसे ऐसे hi छोड़ कर jayega..sonch ये ज़िंदा दफ़न थी इतनी देर तक घूमने के बाद तुझे यही ग्रेवयार्ड मिला ...शायद तेरा यहाँ आना इसे hi बचाना है...
और मैंने लड़की को उठा liya...ek हाथ से मैंने पकड़ कर उसे पीछे बिठाया और फिर खुद मई बाइक पर बैठ gaya...piche मई उसे कसकर पकड़ा हुआ tha...dekha वो गिर रही hai..to मैंने अपनी जैकेट से उसे और अपने आप को बांध diya...fir मैंने बाइक आगे बढ़ा दी ...
हॉस्पिटल नजदीक hi tha...aate समय मुझे दिखा था...
हॉस्पिटल की दूरी 15 मिनट की थी मेरी यहाँ एते समय की स्पीड की लेकिन मैंने लड़की की हालत देख 5 मिनट में दूरी तये कर ली...
हॉस्पिटल आते hi मई उसे गोदी में उठाये अंदर के लिए भगा ..
मई : इमरजेंसी... इमरजेंसी...
जल्दी से वार्डबॉय स्ट्रेचर लिए aaye..aur उन्होंने लड़की को उठा कर स्टेचर पर लिटाया....
वार्डबॉय : डॉक्टर साहब पतिकेंट सीरियस है.. वार्ड बॉय ने डॉक्टर को जाते देख कहा...
डॉक्टर; पहले फॉर्म भरो फिर ट्रीटमेंट शुरू होगा...
मई : काट डालूंगा डॉक्टर अगर तूने इलाज नहीं किया...
चाकू निकल कर मैंने डॉक्टर की गर्दन पर रख दिया tha...aur मेरी नजरो के सामने उस लड़की का खूबसूरत चहेरा था...
क्या नहीं था उसके चहेरे में... खूबसूरती इनोसेंट रोअब..
न जाने कैसे मुझे गुस्सा आगया और नाइफ निकल कर मैंने डॉक्टर की गार्डन पर रख दिया था...
मई ; जितने पैसे मांगेगा उतने dunga...agar तेरा फॉर्म भरने की वजह से इसे कुछ हो गया तो तुझे जान से मार दूंगा...
डॉक्टर: लीव में मुझे देखने दो पतिकेंट ko...aur मैंने डॉक्टर को छोर दिया....
जल्दी से डॉक्टर उसे अपने साथ एक वार्ड में ले गया...
जिसके पीछे पीछे नर्स भी चली गयी थी...
मई थका हरा वार्ड के सामने की चेयर पर बैठ गया....
2 घंटे तक नर्स डॉक्टर बार बार अंदर बहार जा रहे थे ...
जब आखिरी नर्स निकली तब मैंने उसे रोका...
मई : नर्स वो लड़की ठीक है अब...
नर्स : हाँ अभी उसके बोतल चढ़ रही hai...nind का इंजेक्शन दिया है सो रही hai...kuch देर में जाग जाएगी..
मई : नर्स फीस कितनी हुई...
नर्स : सुबह दे देना..
मई : मुझे जाना है अभी नर्स...
नर्स : रुकिए मई डॉक्टर से पूछकर बिल बना कर लती हों...
वो चली गयी और मई वेट करने लगा..
कुछ देर बाद वो आयी ..
मई : कितना बिल hua...maine बिना बिल देखे पूछा..
नर्स : 1 लाच 20 हजार...
मई : ऑनलाइन..
नर्स : बहार काउंटर पर चलकर पाय कर दे...
नर्स के साथ मई काउंटर पर आया और पैसे पाय किये...
मेरे अकाउंट में 2 लाच थे अब 80 हजार बचे थे...
चोरी का पैसा अब जाकर सही जगह लगा tha...mujhe किसी अनजान की हेल्प करके बहुत खुसी मिल रही थी...
ऐसी खुसी बार बार पाने के लिए मैंने सोंच लिया tha...badi चोरियां करूँगा और चोरी का आधा माल गरीबो में बाटूंगा...
पाय करके मई हॉस्पिटल से निकल कर बहार आया ..बहार मेरी जैकेट निचे पड़ी थी ..जो जल्दी में मैंने फेक दी थी ..
बाइक पर बैठ मई चल दिया लक्समी के घर....
थे coincidence..and थे मिस्टीरियस फ्रूट
अध्य के आने पर दिलीप ने एक अफसर को इशारा किया और उसने स्क्रीन पर इमेज चला दी...
दिलीप : ये है है मैडम सान्वी का beta...ye तस्वीरें c.b.i अफसर ने दी है हमें...
दिलीप स्क्रीन पर चल रही फोटो दिखते हुए बोलै.....
नेक्स्ट कंटिन्यू....
दिलीप : अब तुम सब उस फाइल को कैसे हासिल किया जा सकता है इस पर काम karo...the मीटिंग इस ओवर...
और सब अपने अपने घर चल दिए..
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रात के 8 बज गए थे लेकिन झगन नहीं आया था....
मई लेते लेते मोबाइल चला रहा था...
ऑनलाइन यू तुबे पर मई एडवांस सेफ खोलने की वीडियोस देख रहा था...
करीब 1 घंटे बाद झगन आया..
झगन : भैया मिल जाएगी गन लेकिन kal..wo पास बैठते हुए बोलै की मुझे उसके मुँह से अल्कोहल की बुरी सी बदबू आयी...
मई : क्या कह रहा है मुझे आज अभी चाहिए मई जा रहा हों..
झगन : चोरी करने..
मैंने सर हिलाया..
मई : अबे नहीं आज जाऊंगा कल शायद इस बस्ती से भी चला jaun...abhi लेकर आ..
झगन : अभी रामपुरी है लेकर आऊं..
मई : क्या..
उसने रुकने का इशारा किया और चला गया..
10 मिनट्स बाद वो फिर आया और उसने अपनी कमर में से एक बड़ा सा नाइफ निकला..
नाइफ शार्प tha...aur खतरनाक bhi...jo मैंने रख लिया...
झगन : कल वापस कर dena...wo जाते हुए बोलै
मई : भूल जा इसे ab...maine धीमे से कहा....
1 बजे मई घर से निकला फिर बस्ती से..
बस्ती के बहार hi मैंने बाइक कड़ी की हुई थी...
बाइक लेकर मई चल दिया नेता के घर की तरफ...
नेता के घर से कुछ दूर मैंने बाइक कड़ी की...
और पैदल hi उसके घर की तरफ चल दिया...
मिआओ ..मिआओ..
साईरन बजाते हुए पुलिस जीप निकली और फुर्ती से मई एक गली में घुस gaya...aur दीवार की ओट में चुप गया..
मेरा दिल जोरो से धड़क रहा था...
मैंने वही खड़े खड़े 10 मिनट्स वेट Kiya...jab जीप नहीं आयी तो मई गली से बहार aaya..aur नेता के घर को देखने लगा..
2 गार्ड्स बन्दूक लिए बहार बैठे they...samne से घुसना इम्पॉसिबल tha...maine दिन में छत से सत्ता जीना देखा था जिसके जरिये अंदर घुसा जा सकता tha...iske लिए मुझे ऊपर जाना था..
ऐसा पास के घरो की छत से होकर hi जाया जा सकता था...
मैंने पास का एक घर चुना और उसकी तरफ बढ़ने लगा...
उसकी दीवार पर चढ़ कर मई उसके पहले मार्ले पर आया...
फिर खिड़की से चढ़ कर दूसरे मेल के टॉप पर ..टॉप पर आकर मैंने 2 मिनट वेट किया और नेता के घर को देखने laga...jiski छत पर मुझे चढ़ना tha...jis पर मई था ये 2 मार्ले की थी और नेता की छत तीन मार्ले ki...jis पर पत्थर लगा हुआ था चढ़ने के लिए कोई सपोर्ट भी नहीं थी...
मैंने बैग से रस्सी nikali...aur नेता की छत पर लगे एंगल पर फेकि...
फास जाने पर मैंने उसे खींचा और फिर मई ऊपर चढ़ने लगा...
कुछ देर बाद मई नेता की छत पर था...
सिडिया देख मई उस तरफ hi चल दिया...
सिडिया उतर कर मई दूसरे मार्ले पर आया..
उतारते hi मुझे अपने पास में रूम दिखा...
धीरे धीरे आवाज किये बिना मई चलता हुआ उस रूम के पास आया...
मैंने गेट खोला तो वो खुल gaya...shyad गेट लगा नहीं था..
मैंने धीमी सी रौशनी जलाई टोर्च की हाथ रख कर तो वहां कई मर्द एक औरत को लिए लेते थे...
ये शायद नेता के लोग थे...
मई दबे पाओ बहार निकला और मैंने निकलते hi दूर बहार से लॉक कर दिया...
और भी 5 कमरे थे सटे हुए मैंने उन्हें देखना ठीक नहीं समझा वजह थी यहाँ सोये गुंडे थे मतलब मेरे काम की चीज़ ऊपर नहीं निचे थी.
मई सीडीओ से सबसे निचे aya...niche भी 5 रूम के करीब थे...
मैंने पहला रूम चेक किया...
ये बैठक थी जहाँ सोफे रखे थे..
मैंने दूसरा रूम चेक किया...
वहां 2 औरतो के बिच एक आदमी लेता था...
इसकी फोटो मैंने बहार सड़क पर और घर पर बैनर में लगी देखि थी ये नेता था..
हाथ रख कर मैंने टोर्च जलाई..
मुझे नेता और औरते नंगी लेती दिखाई दी...
मैंने इधर उधर टोर्च मरी तो मुझे ालमिरह दिखी लोहे की...
मई आवाज किये बिना ालमिरह के पास aya...aur मैंने ालमिरह खोलनी चाही तो वो नहीं खुली...
नाकाम होने पर मेरा दिल और घबराने लगा...
कुछ सोंच कर मई घुटनो पर चलता हुआ नेता के पास आया...
नेता बिच में लेता tha...maine उसी की पिलो धीमे से hatayi...aur मुझे चबीओ का गुच्छ उसकी पिलो के निचे रखा मिला..
मैंने धीमे से कीस उठायी और चलता हुआ मई ालमिरह के पास आया...
मैंने ालमिरह खोली और उसमे सेफ देखने लगा टोर्च की रौशनी में..
सेफ न होने पर मई बुरी तरह झुंझुलाहट की शिकार हो gaya...nirash होकर मई नेता को मन hi मन गालियां देने लगा..
मई चलता हुआ नेता के बीएड के पास आया..
बीएड से आत्ताच टेबल पर अंघूटी और कानो की बालियान राखी थी जिन्हे मैंने उठा लिया...
दूसरी साइड में दूसरी औरत का नेकलेस और रिंग जेबरी थी जिसे मैंने उठा लिया...
फिर मई चलता हुआ ख़ामोशी से रूम से निकल गया ...आगे बढ़ा तो मुझे पास hi एक और रूम दिखाई दिया ..और मैंने उसे खोला लेकिन वो लॉक था ...इसका टाला भी अलग टाइप का था मतलब दूसरी साइड में कुछ ऐसा नहीं था जिससे खोला जा सकता tha..sara सिस्टम अंदर hi था..
मैंने अपने बेग में से मैगनेट nikali...aur उससे कुण्डी खोलने लगा 2 मिनट की म्हणत के बाद खट्ट से कुण्डी खुली...
मैंने धीरे से दरवाज़ा khola...aur मैंने अंदर झांक कर देखा..
अंदर रौशनी thi...aur उस रौशनी में एक औरत मोबाइल उसे कर रही थी जिसके कानो पर ईरफ़ोन लगी थी.. उसका हाथ अपनी अधखुली साड़ी के अंदर था...
मई दूर बंद करने जा रहा था की उसने ईरफ़ोन कानो से निकलते हुए वो उठी और सबसे पहले उसकी नजर दरवाजे पर मुझ पर पड़ी...
मेरे पास एक लम्हा था सोंचने का की मुझे क्या करना है वो चीखती तब भी मारा जाता रिस्क लेता तब भी और मैंने रिस्क लेना सही समझा...
फुर्ती से मई अंदर के लिए bhaga...wo अपनी साड़ी संभल रही थी उसका एक बूब बहार था जिसे शायद उसने मसला था...
भाग के आकर उसके मुँह पर हाथ रखते हुए मैंने उसे बीएड पर गिराया फिर अपनी कमर में से चाकू निकल लिया बड़ा वाला...
मई भरी आवाज़ में : अगर तूने चीखने चिल्लाने की कोशिश की तो तेरे साइन में घुसा दूंगा
...समझ गयी...
नहीं समझी तो बता दाल दूँ...
वो सर हिलने लगी...
मई : नेता के पैसे कहा hai...bata बहन की lodi...nahi बताएगी तो तेरी सांसे रुक jayengi...mai बस पैसे लेकर चला जाऊंगा..
उसने मुँह की तरफ इशारा किया...
मैंने हाथ हटाया ..
औरत : यहाँ नहीं hai...kitchen में है... प्लीज मुझे मरना मत..
मई : चल किचन में...
और उसकी पड़ी हुई साड़ी मैंने उसके हाथो पर बांध दी..
पीछे चाकू लिए मई और वो दोनों चलने लगे...
वो मुझे सबसे निचे लायी...
निचे किचन था...
मई : कहा है paise..jhut बोली तो जान से..
मई आगे कुछ कहता वो सिलेंडर हिलने लगी...
मैंने सिलेंडर हिलाया तो उसके ऊपर का ढक्कन हैट गया अंदर नोटों की गड्डिआं पड़ी थी..
मई : चुप चाप बैठ जा..
चाकू मुँह में लिए उसे देखते हुए मई नोटों की गड्डियां भरने लगा...
एक सिलेंडर ख़त्म हुआ मैंने दूसरा चेक Kiya...wo खुला तो उसमे भी पैसे they...teesra खोला तो नहीं khula...teen hi सेकेंडर थे...
मई : और कहा है...
औरत : बस इतने hi...
मई : आखिरी sawal...ye कीस किस सेफ की hai..nahi बताई तो साडी कीस तेरे मुँह में दाल दूंगा...
औरत : प्लीज मुझे मत मारो...
मई : बता fir...nahi तो तुझे यही मार कर मई चला..
औरत : मेरे कमरे में सेफ है..
मई : bahanchod...itni देर से पागल बना रही thi..mai मरने को हुआ लेकिन मैंने मारा नहीं...
औरत : तुमने कीस का नहीं पूछा था..
मई : चल अब...
और वो उठी की इतने में एक आदमी हमें अपनी और चलता अत दिखाई diya...jo यंग लड़का था...
औरत को लिए मई दीवार से लग गया...
मई : नहीं चाहती ये मरे तो रोक ise..idhar आने से रोक इसे..
औरत : अभी क्या चाहिए बीटा..
लड़का : माँ प्यास लगी थी पानी पिने आया..
औरत: तुम चलो मई तुम्हारे रूम में ला रही हों...
Ok mom..kehta हुआ वो पलट गया..
2 मिनट हम रुके और फिर चल दिए...
छुपते छुपाते हम दूसरे फ्लोर के उसी रूम में ए जहाँ ये औरत थी...
अपने रूम में लेकर उसने मुझे सेफ दिखाई..
सेफ एक लोहे के गेट में लॉक थी ...
मैंने कीस लगा कर वो गेट खोला...
अंदर मुझे बड़ी सी सेफ दिखी लेकिन वो बहुत एडवांस थी इसका लॉक खोलने के लिए मैंने वही टेक्निक अपने जो झगन ने अपने थी लेकिन नंबर शो नहीं हुए...
मई : बता पॉसवर्ड क्या hai...nahi बताया मार दूंगा...
मई उसकी नैक पर नाइफ रखता हुआ बोलै...
दर से कल्प्ति हुई वो पास आयी और उसने अपना अंगूठा रख दिया..
लॉक ओपन हुआ...
और अंदर मुझे बहुत सरे पैसे गहने दिखे..
मैंने बैग खोला और जल्दी जल्दी भरने लगा...
पैसे सोना भरने में मई इतना मस्त हो गया की मैंने औरत को देखा तो वो रूम में नहीं thi...maine फुर्ती से पीछे देखा ...वो निकल रही थी...
चोर चोर chor...wo चीखी...
मैंने बैग uthaya...aur मई रूम से निकला वो औरत चीखते हुए निचे जा रही थी मई ऊपर के लिए भागने लगा...
सेफ में बहुत पैसे रह गए थे...
क्या hua...ek आदमी अपने रूम से आंख मसलता हुआ निकला...
और उसकी नजर मुझ पर पड़ी...
मैंने भागते हुए उसे धक्का दिया...
चोर chor...hariya कालू shiva...kaha मर गए सब...
गिरते हो वो चीख उठा मई टॉप फ्लोर पर आकर जीना चढ़ने laga..piche मेरे आवाजे बढ़ रही थी...
मई टॉप पर आया तो वो लोग जीने पर चढ़ रहे थे...
मुझे उसी छत से जाना था जिससे मई आया था लेकिन अब रस्सी से उतरने का समय नहीं था...
मैंने जम्प मरी...
.धम्म्मम्म्म्म...
Aaaahhh...aur मेरा घुटना सीधे दूसरी छत से जा लगा...
वो निचे kuda.....bahar से घेरो...
आवाजों को सुन मई अपने दर्द को भूल कर उसी छत वाले घर की दीवार पर kuda...agle hi पल निचे...
और लंगड़ाते हुए मई भागने लगा...
मैंने पीछे मुद के देखा वो सब घर से निकल रहे they...jo देख मेरी स्पीड और तेज हो गयी....
अगले 2 मिनट में मई अपनी बाइक पर था...
उसके पास बाइक है...
मैंने बाइक आगे बधाई...
Shunnnnn...aur एक बुलेट बिलकुल मेरे पास से निकल gayi....jo देख मैंने बाइक की स्पीड और बढ़ा di...aur मई हवा हो लिया...
110 की स्पीड से मई बाइक भगा रहा था....
बस्ती का 50 मिनट का सफर मैंने 15 मिनट में तये कर लिया था...
.पास आकर मैंने बाइक हलकी ki...aur अपने रूम के पिछले हिस्से में आया..
फिर पीछे से hi सपोर्ट पकड़ कर छत पर aya...aur लम्बी लम्बी सांसे लेने लगा...
जल्दी से मैंने अपना रूम खोला और अंदर बीएड पर फैल गया...
मुझे दर था अगर उन्होंने मेरा पीछा किया तो उन्हें यहाँ पहुंचने में देर नहीं लगेगी...
आधे घंटे तक मई वेट करता रहा किसी के न आने पर मैंने बैग खोला..
और मेरे होंठो पर मुस्कराहट फ़ैल गयी...
काफी देर तक मई बैठे पैसे गिनता रहा जो 52 लाख थे...
3 किलो से ज्यादा सोना चंडी tha...pichli बार सोना चंडी के ज्यादा पैसे मिले थे इसलिए इस बार मैंने सोना चंडी पर ज्यादा फोकस किया...
सब मैंने अचे से छुपा दिए और फिर मई लेट गया....
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खुश होते हुए अहाना और लावण्या तैयार हुई और कॉलेज चल दी..
नैंसी : डिअर मेरी कार ले jao...ye लो कीस..
अहाना ने हामी भरी और कीस ले ली...
दोनों बहार आयी और कार लेकर चल दी...
कॉलेज आकर अहाना ने कार पार्क की और पार्किंग से बहार निकलने लगी....
स्टॉप स्टॉप स्टॉप...
एक लड़का दोनों के सामने आकर खड़ा हो गया था...
अहाना : क्या है तकले...
तकला : तुम्हारा सीनियर हों तो तमीज से ..
लावण्या : तो हमें क्यों रोक रहे..
तकला : मैंने नहीं usne...mrs आरवी बॉस ऑफ़ थे university...bole तो यहाँ की करता dharta.black गॉगल्स wali..takla लड़का हाथ से बेंच पर बैठी लड़कीओ की तरफ इशारा करते हुए बोलै..
दोनों ने सामने देखा और बेहद सुन्दर लड़की देखने में अपने सबसे अलग अपने ग्रुप में बैठी thi...sath में कुछ लड़के भी खड़े थे ..
तकला : चलो उसके पास नहीं तो कोंसेकुएंसेस होंगे जो तुम फेस नहीं कर पाओगी...
अहाना : जा बोल दे..
लव ने उसका हाथ पकड़ा...
लावण्या : पहला दिन है ...चल आ देखते है..
और दोनों तकले के पीछे पीछे चल दी...
कहा था न तुमसे हमारी मुलाकात फिर hogi...usi लड़के ने कहा जो दोनों को पहले दिन मिला था...
हे गिर्ल्ज़ introduction..aarvi के बराबर वाली ने कहा. जो जिया थी
लावण्या : I'm लावण्या फ्रॉम शिमला..
जिया : अबे ये क्या है यूनिवर्सिटी में पढ़ रही इंट्रो देना नहीं अत .
लावण्या : I'm लव फ्रॉम शिमला ी चामे हेरे फॉर स्टडी ी हैवे ताकें एडमिशन इन मब्ब्स हेरे एंड I'm 23 ईयर ओल्ड बस..
आरवी : नीस girl...I'm आरवी ी रुलेद हेरे इवन इन व्होले मुंबई नेवर मेक में एंग्री..
लावण्या : अब हम जाये...
जिया: अबे ये तो रहती hi है..
अहाना : मई क्यों दू तुझे introduction...tu होती कोण है..
नैना : ये तो पूरी वायलेंट hai..jiya तेरी तो बैठत लगा दी इसने..
और सब जिया पर हसने लगे...
जिया : शट उप guys..iski अकड़ अभी इसकी गांड में डालती hun...jiya कड़ी हुई और चलते हुए अहाना के पास आयी...
जिया : साली तुझे बताया न यहाँ हम रूल करते है...
अहाना: सो व्हाट...
लावण्या; क्या कर रही है..
आरवी : जिया पीछे hat...aur आरवी अहाना के सामने आकर कड़ी हो गयी..
आरवी : क्या नाम है तेरा...
अहाना : ahana...chalo लव...
आरवी : ऐसे nahi...apni सीनियर की रेस्पेक्ट करना sikho...aarvi अहाना के कंधो पर हाथ रखते हुए बोली जिस पर अहाना रुक गयी...
अहाना : तुम्हे ये कमानी होगी...
आरवी : ी ीर्ण बस तुम नयी ho...now listen...so गाइस क्या करना है इससे..
नैना : ये वाइट चिक तो मेरी हुई इससे तुम देख लो..
जिया : आरवी इससे वाच उठवाते है .
आरवी : गर्ल तुम्हे मेरी वाच लानी होगी..
लड़का : बॉयज हॉस्टल में सामने रूम नंबर 5 को क्रॉस करके तुम्हे वाशरूम दिखे गए वहां मिरर के पास राखी है...
अहाना : तुम ये कैसे कह सकती हो एक लड़की hokar..man वाशरूम में जाने के लिए...
नैना : तुझे उनसे छोड़ने के लिए नहीं कहा वाच लेन को कहा है...
लावण्या : जाओ अहाना हम बाद में देखे ge..lav फुसफुसाई और अहाना आगे बढ़ गयी...
आरवी: हो तो प्यारी tum...aarvi लव के चीक्स पर हाथ फेरते हुए बोली..
जिया : फिगर क्या है तेरा..
लव ने एक नजर उसे देखा फिर अपने पैरो को देखा.
लावण्या : 6 नंबर शू आती है..
आरवी और उसके वाकई दोस्त लव के जवाब पर हसने लगे...
नैना : मेरी जान तेरी अस्स और बूब्स का साइज पूछ रही हों..
लावण्या: प्लीज don't दो थिस...
नैना : ऐसा कर अपने बूब्स दिखा de...yahi है न वो आकाश जिसकी तुम बात कर रहे थे..
आकाश : नहीं जिसे वाशरूम भेजा wo..vaise ये उससे भी ज्यादा माल है ..
आरवी : कोकीन है कोकीन...
और सब फ्रेंड्स हसने लगी..
लावण्या : बैक साइज 38 एंड ब्रैस्ट साइज 36...वेस्ट साइज 34
नैना : मस्त हो तुम sweetheart...now मई तुम्हे अपने ग्रुप का इंट्रोडक्शन देती hon..mai हों नैना ...ये जिया ...ये आकाश ...और ये है हमारी aarrvi..aur वो सरे हमारे बॉडीगार्ड्स...
लव नैना की ऊँगली की दिशा में देखती है तो पार्किंग में बहुत से ब्लैक कोर्ट में गन लिए लोग होते है...
लव को मन hi मन अंदाज़ा हो गया था ये लोग बहुत अमीर घरो से है...
लावण्या : अब मई जॉन..
आरवी : देर कर दी sweetheart....tumhe एक बार में फिगर बताना था...
अहाना बॉयज होटल में आयी तो उसे सामने hi रूम नंबर फाइव और उसके बराबर में मन वाशरूम दिखा...
सब लड़के उसी को देख रहे थे....
एक्सक्यूज़ में वाशरूम में कोई hai..ahana ने जाते हुए एक स्टूडेंट्स से पूछा..
Women's यहाँ अल्लोवेद नहीं hai..kehta हुआ वो आगे बढ़ गया..
और अहाना वाशरूम की तरफ...
अहाना वाशरूम के पास आयी तो उसे बहुत से लड़को की अंदर से आवाजे aayi...usne दूर खोला तो उसे लड़के कपड़ो के साथ दिखे हाथ धोते हुए..
कैसी हो जानेमन आओ यही पर रंडी बाज़ी करे...
अहाना चुप चाप अंदर बढ़ गयी...
गाइस माल agaya...jo 2 लड़के हाथ धो रहे they..unhone अहाना को पकड़ liya...aur बुरी तरह उसे ह्रास करने लगे..
इतने में वाशरूम से कई लड़के बहार aaye..aur वो भी गलत तरह से अहाना को छूने लगे...
अहाना : पास ए तो जान से मार dungi..mai शिकायत करुँगी tumhari..ahana छूट कर पीछे हट्टे हुए चीखी..
स्टूडेंट 1 : जानेमन मन वाशरूम में तुम आयी शिकायत क्या करोगी हम तुम्हारे पास गए थे हाहाहाहा...
और अहाना को उन सब का प्लान समझ आ gaya..wo फास गयी थी...
आज आकाश बॉस ने 1 नंबर माल भेजा है इसे तो छोड़ कर रहेंगे ..दूसरे स्टूडेंट ने कहा...
जब अहाना यहाँ आने लगी तब आकाश ने इन्हे मैसेज कर दिया था... ये सब अहाना का hi वेट कर रहे थे..
अहाना डरते हुए दीवार से लग रही थी और वो लड़के हवस के भरे उसकी तरफ बढ़ रहे थे...
इतने में एक लड़का वाशरूम में दाखिल हुआ...
तुम मन वाशरूम में क्या कर रही ho..usne अहाना को देखते hi कहा..
अहाना: मई वो ye..ahana वाच की तरफ ऊँगली दिखते हुए इशारा करने लगी...
स्टूडेंट 1: सहम ये हमारा माल तू दूर होजा इससे...
सहम : ये मेरी बहन है हिम्मत है तो छू कर देख लो...
स्टूडेंट 2: सेल तू पागल हो गया है स्नेहा के जाने के बाद अब हर रंडी को बहन बना रहा hai..bhad में जाये डील अब ये मेटर आकाश बॉस के पास जायेगा.. स्टूडेंट 2 की बात सुनकर सहम की आंखे बंद हुई और जैसे उसके सामने उसकी पूरी ज़िन्दगी घूम गयी हो.
स्टूडेंट्स : कैसी डील श्याम..
सहम : तुम्हे अपनी गन्दी जबान से मेरी बहन का नाम नहीं लेना चाहिए था ..जो इस श्याम के साथ है वो आगे अजय और वाकई सब चले जाये...
कोई भी नहीं गया ये देख सहम उन पर kuda....shyam को पकड़ कर उसने उसका सर मिरर पर मारा ..और दूसरे स्टूडेंट्स के वो अपनी कोहनी मरने लगा...
अहाना ने जल्दी से वाच uthayi..aur वो बचते हुए बहार को भागी... वाशरूम से निकलते हुए उसने एक नजर सहम को देखा जो सबको बुरी तरह से मर रहा tha...ahana आगे बढ़ गयी...
लावण्या आरवी की बात सुनकर दया की नजरो से उसे देखने लगी...
आकाश : ये तो सही सलामत आगयी..
जिया : हाँ यार..
ये लो वाच ..इतने में अहाना आकर वाच आरवी के आगे करते हुए बोली...
आकाश : तू कैसे बची...
अहाना ने गुस्से में उसे देखा...
अहाना : स्टूडेंट के नाम पर तुम लोग जानबर हो..
नैना : रिलैक्स डार्लिंग it's जस्ट प्रैंक..
अहाना : चलो लव...
जिया : अबे खा जा रही.. जिया दोनों के आगे कड़ी होते हुए बोली..
आरवी : क्या मैंने परमिशन दी जाने की..
अहाना : मई शिकायत करुँगी.
आरवी : कर dena...who केयर..
नैना : ग्रे आईज तूने यार अपने बूब्स तो दिखाए hi नहीं...
आरवी : ये नहीं ये dikhayegi..aarvi अहाना की तरफ ऊँगली दिखते हुए बोली..
लावण्या; इसे रहने दो मई दिखती हों..
नैना: चल टॉप ऊपर कर अपना..
अहाना दोनों की बातों से गुस्से में उन्हें देखने लगती है..
इतने में जिया आकर अहाना का टॉप खींच लेती है...
अहाना : aaah..agle hi पल अहाना की ब्रा खींच जाती है...
लव जल्दी से अहाना को गले लगा लेती है...
ब्रा जिया के खींचने पर उसके हाथ में आगयी थी वही अहाना के आंसू निकल ए थे...
जिया : ले पकड़..
और जिया अहाना की ब्रा आकाश की तरफ फेंकफि है जो सूंग kar..apne पास रख लेता है..
आकाश : स्माल इस सो सेक्सी ...
लावण्या : प्लीज वापस करो...
आरवी : तू मुझे अछि lagi...hey वापस कर..
न चाहते हुए भी आकाश को ब्रा देनी पड़ती hai...jo मन में सोंच रहा था इस पर मुठ मरेगा..
ब्रा लेकर लव अपनी आड़ में पहना देती है और टॉप भी ठीक कर देती hai...fir अहाना के आंसू पोछने लगती है...
Boss...boss...itne में श्याम टुटा फूटा मार खाया हुआ सबके पास पहुँचता है..
आकाश : अबे तेरी ये हालत किसने की..
श्याम : उस सेल सहम ने...
आकाश : आरवी देख रही हो तुम..
आरवी : I'm गोइंग guys...aur तुम दोनों कल मुझे यही मिलना..
और आरवी आगे बढ़ जाती है...
आकाश : इसे क्या हुआ..
नैना : वो सहम के मेटर में नहीं padti...uski दीदी ने मन किया है...
लव अहाना को लिए आगे बढ़ जाती है..
दोनों सीधे h.o.d के पास अति है..
और सारा इंसिडेंट उसे बता देती है...
H.o.d : आरवी एक बहुद बड़ी बिसनेस वीमेन की बेटी hai...is यूनिवर्सिटी में 80% डोनेशन उसी की माँ से अत है.. लावण्या तुम्हे स्कालरशिप मिली है तो इसी डोनेशन की वजह se..uske दोस्त भी ऐसे hi बड़े बिसनेस मन के बेटे hai..meri सलाह है तुम दोनों उनसे दूर रहो ...अगर वो तुम्हारी रैगिंग करे तो चुप चाप बर्दास्त कर लो...
अहाना : ये आप क्या कह रहे है sir...aap कोई एक्शन नहीं लेंगे..
H.o.d: मई मजबूर hon..tumse पहले एक लड़की ने जिया की पुलिस कंप्लेंट की थी उसके बाद से वो लापता hai..ye बड़े लोग hai...inse दूर रहने में hi भलाई hai...mai और क्या कहां बेटी...
अहाना: चल यहाँ se...lav को पकड़ कर अहाना चल देती है .
लावण्या: तू क्लास में जा मई घर जा रही hon...meri तबियत कुछ ठीक नहीं..
अहाना : एक दो क्लास अटेंड करके चलते है...
लव ने हामी भरी और दोनों क्लास में चल दी....
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मैडम सान्वी एक 50 मंजिला टावर के बड़े से हॉल में बैठी होती hai...jiske दये बाये कई लोग बैठे होते hai..jo सब सिंडिकेट के लोग थे...
सान्वी : मई देख रही हों मई अपनी फॅमिली लाइफ में क्या बिजी हुई तुम लोगो के पर निकल ए है..
उज्जवल ठाकरे : ऐसी कोई बात नहीं है मैडम saanvi...hamare रस्ते में बस शेट्टी था स्नेहा की मौत के बाद वो भी पीछे हैट गया है..
सान्वी : मुझे बहार वालो से नहीं अंदर अपने अस्स वालो की नियतो में खोट दिखाई दे रहा है...
उज्जवल : अगर आपका शक मुझ पर है तो ये मेरा सर hai...pass आकर उज्जवल अपनी गर्दन सान्वी के आगे कर देता है..
उज्जवल : मई बस चाहता था 20% से मेरा शेयर बड़े लेकिन आपसे गद्दारी का नहीं सोंचा कभी...
सान्वी : खड़े हो जाओ उज्जवल... सोचोगे तो तुम ये कहने के लिए ज़िंदा नहीं रहोगे...
उज्जवल : जी मैडम...
सान्वी : सिर्फ तुम नहीं यहाँ और भी hai...saanvi दीपक थे दद को देखने लगी.
दीपक : अप्पन नहीं है मैडम saanvi...appun लॉयल है तुम्हारे साथ..
सान्वी : हिंकले ये मीटिंग क्यों राखी गयी...
सान्वी ने अपने मैनेजर जूनियर हिंकले को आवाज दी .
J.hinkle अमेरिकन था जिसकी सान्वी ने हेल्प की और तब से हिंकले सान्वी के लिए काम करने लगा सान्वी मैडम का सबसे खास आदमी अब सान्वी मैडम के सरे काम यही देखता hai...saanvi का सबसे वफादार आदमी है .आगे 43..
जूनियर : दद पेश karo...kya दिखाना चाहते थे तुम...
दीपक अपनी चेयर से उठा और उसने गार्ड को इशारा किया .
कुछ देर बाद गार्ड एक चिनेसे की चिनेसे की तरह दिखने वाले आदमी के साथ आया जिस के हाथो में एक बैग था...
दद : शो हेर..
चिनेसे आदमी ने अपना बेग खोला और उसमे से फल की तरह दिखने वाला कुछ निकला...
सान्वी : तुमने ये मीटिंग फ्रूट दिखने के लिए रखवाई...
दद : ये कोई आम फ्रूट नहीं है madam...ye है अमृत fal...ise मैंने ये नाम दिया hai...iske कारनामे आप देखेगी तो हैरान हो जाएगी ...शो हेर...
दीपक ने आखिर में उस चिनेसे आदमी को इशारा किया ..
चिनेसे आदमी पीछे हुआ और उसने अपने बैग में से पेट्रोल निकला और एक खली चेयर पर डाला और लाइटर से आग लगा दी ..फिर खुद उस जलती हुई चेयर पर बैठ गया ...
सान्वी और सिंडिकेट के सभी लोग हैरत से उस चिनेसे आदमी को देखने लगे...
2 मिनट बाद वो उठा उसके कपडे जल गए थे लेकिन उसका एक बाल भी नहीं जला था...
उसने अपने उसी बैग से एक कपडा निकला और उसे पहन लिया...
सान्वी : इसने अपनी बॉडी में कुछ लगाया होगा...
दद : नहीं madam...maine चेक किया hai...ye दो दिन से मेरी निगरानी में है और मैंने इन पर 2 दिन नजर राखी hai...aisa कुछ भी नहीं...
सान्वी : कोण है ये और ये कैसे पॉसिबल है......
दद : ये है जिन व जापान से ...ye..fal..
इतने में जपनेसे जिन व ने दीपक को रोक दिया..
जिन: मेरा नाम जिन वो है और ये है म्युटेंट fruit...kuch लोग इसे .मैजिकल फ्रूट भी कहते hai..ise खाने के बाद अलग अलग तरह की शक्तियां आ जाती hai..maine भी इसे खाया है अब आग से मेरा कुछ नहीं होता ...जिन ने फ्रूट दिखते हुए इंग्लिश में कहा..
फ्रूट लेने के लिए सान्वी ने हाथ बढ़ाया तो जिन ने दे दिया .
सान्वी : ये तो आम फुरित जैसा लग रहा hai..only डिज़ाइन इस लिटिल बिट डिफरेंट..
जिन : नहीं ी टोल्ड यू मैडम it's नॉट common....ab मई आपको इसकी और क्वालिटी के बारे में बता रहा हों ये सब एक से नहीं होते हर फ्रूट में डिफरेंट डिफरेंट म्युटेंट पावर होती hai...jo आपके हाथो में है ये है आगे को रोकने वाला फ्रूट....
सान्वी : होनेस्त्ली ी don't बिलीव you...aaj साइंस इतनी एडवांस हो गयी है आग से बचना इम्पॉसिबल तो नहीं रहा..
सान्वी की बात सुन जिन व उसे गुस्से में देखने लगा...
जिन : के here...and शूट में...
जिन ने गन थामे एक गार्ड को आवाज दी...
सब लोग जिन को हैरत से देखने लगे..
सान्वी : इसकी जरुरत नहीं है मई तुम्हारा चेकउप डॉक्टर से करौंगी कही तुमने कोई सीरम न इंजेक्ट किया हो अपनी बॉडी me...agar उसकी रिपोर्ट में क्लीयरेंस हुई तुम्हारी तब हम इस बारे में बात करेंगे..
जिन : मैडम मेरे पास इतना समय नहीं hai...shoot में इडियट...
जिन ने फिर गार्ड से कहा गार्ड सान्वी को देखने laga...saanvi ने आँखों से हामी भरी और पैरो की तरफ इशारा किया .
Dhaye.....guard ने जिन के पेअर पर फायर किया..
फिर जो सबने देखा वो नामुमकिन था...
खंननं...
बुलेट जिन के पेअर से लग कर जलते हुए फर्श पर गिर गयी....
1 मिनट तक सब को चुप्पी लग गयी thi..jo वो सब देख रहे थे उस पर उन्हें भरोसा नहीं हो रहा था .
उज्जवल : तुम भी म्युटेंट ho...ise खाने के baad...is एक फ्रूट का असर कब तक रहेगा.
जिन : मैंने 4 साल पहले खाया tha...isi फ्रूट की तलाश में दूसरा मेरे हाथ ये laga...iska असर लाइफटाइम रहता hai...bas जब तक कोई इसकी पावर तुमसे छीन न ली जाये...
सान्वी : ये कहाँ पाए जाते ी मैं कैसे ....कैसे तुमने हासिल किये...
जिन : जापान में एक टापू है जहाँ गवर्नमेंट भी नहीं jati.kongasaki jazira...jiske चारो तरफ गहरा समुन्दर है 10 k.m का एक छोटा सा टापू..
वहां इस फ्रूट की रक्षा करने वाले म्युटेंट hai..wo किसी को ये फ्रूट लेने नहीं देते...
सान्वी : मुझसे क्या चाहते हो...
जिन : partnership...is सहर की सबसे बड़ी गोल्ड स्मगलर आप ho..aapke पास पैसा है पावर hai...kya हो जब आपकी पावर मुझसे मिल jaye..aap मुझे लोग और पैसे दो मई आपको म्युटेंट फ्रूट लेकर दूंगा...
सान्वी ने अपना मैनेजर जूनियर को देखा जिसने आँखों से हामी भरी...
सान्वी : ठीक है बूत पहले मई कुछ बातें क्लियर करना चाहती hon...sabse पहले ये बताओ मई कैसे ट्रस्ट करू तुम मुझे धोका नहीं डोज ...तुम पावरफुल हो ैसिलय धोका दे सकते हो मेरे पैसे मेरे लोग मेरे खिलाफ भी उसे कर सकते हो..
जिन : म्युटेंट फ्रूट को ऑक्शन में आप hi सेल्ल करेगी मई लेकर आपको hi दूंगा मई नहीं कर सकता क्योकि मई दुश्मन नहीं chahata...dusri बात ये जिन अपनी जबान का पक्का है अगर आप 50 परसेंट मुझे देगी तो कोई चांस hi नहीं चीटिंग का...
सान्वी : तुम्हे ये कैसे पता था जिस फ्रूट को तुम खा रहे हो ये तुम्हे फायर पावर देगा और दूसरा जो तुम्हारे पास है इसे खाने से यंग हो जायेंगे....
जिन: जब मैंने म्युटेंट फ्रूट खाया तब मुझे नहीं पता था इसमें फायर पावर hai...ye तो मुझे बाद में पता चला...
सान्वी : फिर तुम्हे कैसे पता इसे खाने से आगे रुक जाती और लाइफ टाइम के लिए यंग हो जाते है...
जिन : उसी टापू पर एक म्युटेंट लड़का है उसी ने मुझे बताया उसने जो फ्रूट खाया उसमे दूसरे म्युटेंट फ्रूट की क्वालिटीज़ जानने की पावर hai...wo छोटा बच्चा है जिसे मई साथ लाऊंगा..
सान्वी : ठीक hai...abse तुम्हे जिस चीज़ की ज़रूरत होगी मेरे मैनेजर जूनियर तुम्हे देंगे...
सान्वी चेयर से उठते हुए boli...aur उसने हैंडशेक के लिए हाथ आगे कर diya...jise खुश होकर जिन ने थम लिया...
जिन : थैंक यू मैडम ये मेरी तरफ से आपके liye...aur उसने अपना फ्रूट मैडम सान्वी के आगे कर दिया...
सान्वी ने ख़ुशी खुसी ले लिया...
सान्वी : क्या मई इसे बचो के साथ शेयर कर सकती हों अपने...
जिन : एक फ्रूट को एक hi इंसान खा सकता है ये सिर्फ आपके लिए है madam...mere सामने खाइये जिससे आपका विश्वाश बड़े..
जूनियर : प्लेट और नाइफ लेकर आओ..
जूनियर ने गार्ड्स से कहा जो जल्दी से भागे प्लेट लेने के लिए...
जिन : ऐसे hi मुँह से लगाए....
सान्वी ने हामी भरते हुए बाईट मरी ..
और फिर वो बिना रुके खाने लगी ..
Aaaaaahhhhhhhhhhhh.....
फ्रूट ख़त्म होते hi सान्वी अपना पेट और गाला पकड़ कर बैठ गयी...
जूनियर: madam...junior भाग कर सान्वी को थम लेता है...
जूनियर : पकड़ लो इसे..
उज्जवल : मैडम आप ठीक hai...deepak तू लाया था ise....iske साथ दीपक को भी पकड़ लो...
जिन : कलम डाउन शुरू में ऐसा होता hai..jab गार्ड्स जिन को पकड़ने लगे उसने खुद hi सरेंडर कर दिया...
दीपक: ठाकरे ये तू क्या बकवास कर रहा hai...door हटो mujhse...itne में गॉर्डस दीपक के पास भी आगये...
5 मिनट hi गुजरे थे की सान्वी हाथो से रुकने का इशारा करते हुए कड़ी होने लगी...
जिन मुस्कुरा रहा था वही जूनियर हैरत से सान्वी को देखने लगा....
सान्वी चलते हुए विंडो में लगे मिरर के पास आयी... और मिरर में खुद को निहारने लगी..
उसके ब्लोंड हेयर ब्लैक हो गए थे देखने में वो कोई 20 साल की लड़की लग रही थी...
जूनियर : मैडम आप तो बिलकुल जवान हो गयी है...
सान्वी : आना मुझे देखे गई तो क्या kahegi....use क्या जवाब दूंगी मई...
जूनियर : मैडम ये भी कोई प्रॉब्लम है hahaha...aanya बची को आप बता देना फ्रूट के बारे में..
सान्वी : मुझे अभी स्पा जाना है हेयर फिर से पहले जैसे करने के liye...junior सर आप देख lena..ek टीम जिन के साथ भेजे ...दीपक तुम फ्रूट की सेल्लिंग के लिए सभी एलीट्स को इनविटेशन भेजो और ऑक्शन की तैयारी करो...
दद : मुझ पर शक किया isne...mai आपको मरना चाहता था..
उज्जवल: मुझे लगा मैडम को कुछ हो न जाये...
सान्वी: वो मेरी परवाह कर रहा था दद .. और सान्वी जाने के लिए आगे बढ़ गयी....
***************"**************
कब तक आएगी ye...aanya कार में बैठी कॉलेज के बहार आरवी का वेट कर रही थी..
मैडम ajayegi...time हो गया है छुट्टी ka..ek भरी सी आवाज आया को सुनाई di..jo उसके आगे बैठे उसके करीबी गार्ड की थी...
आया ने सर उठा कर देखा एक 6फट का सुन्दर गार्ड बैठा था...
आया : तुम्हे पता है मई कितनी बिजी हों arsu...mum ने मुझे इस चुटिया लड़की का गार्ड बना कर रख दिया है..
ारसु : मैडम मई अभी भी लोगो को आप पर नजर रखते हुए देख पा रहा हों...
आया: acha...mujhe तो नहीं दिख रहा कोई....
Tadan..hi bodyguard...itne में आरवी कार का गेट खोल आया को चिढ़ाते हुए अंदर बैठते हुए बोली..
आया : let's जो...
और ारसु के कहने पर कार्स का लम्बा काफिला आगे बढ़ गया...
आरवी : आज मैंने 2 नई कमरे की रैगिंग ki...ek को मेरी दोस्त ने हाफ नुदे कर diya..hahaha..
आया : बे मातुरे यार..
आरवी : मज़ा अत है दीदी..
आया : तुझे पता है यहाँ से 70.कम दूर एक आइलैंड है जहाँ इलीट हमारे जैसे लोग आम लोगो को किडनैप करके लेट है फिर उन्हें शूट करते हुए उन पर बोली लगते hai...tu चलेगी मेरे sath...jyada मज़े के लिए...
आरवी : क्या कह रही हो दीदी मैंने कभी किसी को नहीं मारा..
आया : तो लोरू तू जो कर रही ये सही है....
आरवी : लोरा तो आपके पास है भी nahi...aarvi आया की टैंगो में हाथ डालते हुए बोली ...जिसे विगिना से टच होने से पहले hi आया ने रोक लिया...
आया : माँ से कहूँगी इसकी शादी करा दो नहीं तो ये बहार मुँह मर legi..mard के लिए उतावली हो रही है..
आरवी : आप ऐसा कुछ नहीं kahegi..mafia की लड़कीओ से शादी कोण करता है..
आया : चल तुझे कल मिलती hon...arsu कार रोको...
आरवी से कहकर आया ने ारसु को आवाज दी...
ारसु: क्या हुआ मैडम...
आया : तुम इसे गार्ड्स के साथ ले jao...mai कही जा रही हों...
आरवी : मई भी चलूंगी...
आया : no...Chalo उतरो ..ारसु..
आरवी : you're सो स्टोनहेयरटेड didi..aur आरवी के साथ ारसु भी उतर गया..
आया : तुम्हे इनविटेशन देना hoga...aanya उतारते हुए बोली..
जिस पर ड्राइवर भी उतर गया...
आगे आकर आया ड्राइविंग सीट पर बैठी..
आया : ारसु मई कुछ समय अकेला रहना चाहती hon..tum इसे घर लेकर जाओ मई आजाऊंगी..
और काफिले से उसकी कार अलग हो गयी...
रोड पर एक फ्लावर शॉप देख आया ने अपनी कार रोकी...
आया : एक ाचा सा रोज bouquet..thora सा बारे देना..
और कुछ देर बाद फ्लावर वाला बुके बना कर लाया...
कार के आगे से पैसे उठा कर आया ने आगे किये जिसे फ्लावर वाले ने ले लिए और बुके सीट पर रखते hi आया ने कार आगे बढ़ा दी...
मम ये ज्यादा hai...flower वाले ने पीछे से आवाज di...aanya ने सुनकर भी अनसुना कर दिया...
15 मिनट की ड्राइविंग के बाद आया की कार एक बड़े से ग्रेवयार्ड में दाखिल हुई...
कार कड़ी कर वो उत्तरी और बुके लिए ग्रेव्स देखते हुए नाम पर्ने लगी...
2 मिनट बाद उसे एक छोटे से गार्डन में एक ग्रेव दिखाई दी...
जिस पर लिखा था : स्नेहा बोर्न इन 2000 डीएड इन 2018...
कैसी हो janeman..mai तुम्हारे लिए फ्लावर्स लायी हों तुम्हे पसंद है न रोज...
और बुके आया ग्रेव पर रख देती है...
आया : हैप्पी डेथ एनिवर्सरी स्वीटहार्ट अगर आज तुम ज़िंदा होती तो मई तुम्हे मार देती... प्लीज वापस आओ न मैंने तुम्हे मरना है... प्लीज....
देविलिश हसी हस्ते हुए आया स्नेहा का मज़ाक बना रही थी..
आया : मुझे प्रे करना अत तो मई तुम्हारी सोल के लिए ज़रूर प्रे करती ...but...mai नहीं janti...mai नाराज़ हों तुमसे स्नेहा तुम्हे मरना hi था तो मेरे हाथो से मरना चाहिए था न ..थिस इस नॉट फेयर sneha...tum मेरी सबसे क्यूट एनिमी में से thi...mujhe किसी ने लाइफ में फ्रुस्ताते किया वो तुम thi..tum में करेज था मुझसे दुश्मनी का और तुमने की भी बूत तुम मरी गयी जिसने भी तुम्हे अपुन से पहले टपकाया अपुन उसे छोरे गई नहीं...
छप्प chapp....itne में आया को पीछे बहुत से कदमो की आहत सुनाई di....usne गौर नहीं kiya...apne आप में hi मगन रही...
आया : बेब तुम अकेली हो तुम्हे अपनों का साथ चाहिए होगा na...mai जल्द तुम्हारी फॅमिली को तुम्हारे पास भेजू..
तुम क्या कर रही हो यहाँ पर ...सहम की आवाज़ पर आया palti..aur बोलते बोलते वो रुकी..
आया: ओह्ह तुम्हारी फॅमिली तो अभी hi आ gayi...what ा timing...aanya कड़ी होते हुए बोली...
कामिनी तुझे सुकून नहीं मिला मेरी बेटी के जाने के बाद bhi...tu यहाँ भी आगयी उसे परेशां करने...
सहम के पास खड़े सूट बीत में एक आदमी ने कहा...
आदमी : मई तेरी जान ले लूंगा...
आया : इसी कोशिश में आपकी बेटी भी मरी गयी डिसोजा uncle...aapko तो बहुत जल्दी है बेटी के पास जाने की ...
सहम : डैड मुझे बात करने digiye...tum यहाँ क्यों आयी हो तुम चाहती हो डील ब्रोके karna...agar ऐसा है मुंबई की सड़के फिर खून से लाल होगी...
आया : खून hi तो मुझे पसंद है..
डिसोजा : फिर आज खून बहेगा...
कहते हुए डिसोजा ने अपने गार्ड्स को इशारा किया..
जो आगे आकर गन आया पर पॉइंट करने लगते है...
देसूजा के साथ करीब 50 लोग थे साथ में घर की औरते भी थी...
आया ने अपने ऊपर गार्ड्स को गन तानते हुए देखा तो वो पीछे हट्टे हुए स्नेहा की ग्रेव के पास आकर छुप गयी...
आया : डिसोजा अंकल कोंगरेट्स आज आप स्नेहा से मिलने वाले है...
ढाये ढाये dhaye...guards ने गोलियन चलायी और साडी गोलियन ग्रेव पर बानी सीमेंट की छोटी सी दीवार में घुस गयी...
देसूजा: सबको कार में ले jao...aur तुम राकेट लेकर आओ...
ढाये ढाये ढाये....
इतने में आया ने तीन फायर किये हाथ निकल के और देसूजा के तीन गार्ड्स का भेजा उड़ गया....
आया : डिसूज़ा अंकल अपनी बेटी की तरह भागना नहीं प्लीज...
देसूजा : बहार अजा लड़की नहीं तो तुझे बहुत बुरी मौत मरूंगा...
ढाये.....
कहते हुए हुए देसूजा ने आसमान में फायर किया दूर के लिए....
आया ने देखा ये राकेट है...
देसूजा : अगला निशाना तुझ पर होगा ladki...isliye बहार aaja...kehkar देसूजा दूसरा राकेट गन में डालने लगा...
आया : आप अपनी बेटी की ग्रेव तो नहीं उड़ने वाले अंकल...
ढाये ढाये dhaye...kehte हुए आया ने तीन फायर और kiye...jo तीन गार्ड्स के सरो पर लगे सीधे...
Khaccch....usne चौथा फायर किया तो गोली नहीं चली...
आया : दमन आईटी ...
देसूजा : चलो मरने के लिए तैयार हो जाओ...
आया: wait...kyo अपनी बेटी की ग्रेव ख़राब करना चाहते हो आ रही हों न मई...
आया हाथ ऊपर किये कड़ी हुई.....
भागकर गार्ड्स ने उसे पकड़ liya...aur खचेडे हुए उसे डिसूज़ा के पास लाये..
चटककककक...
देसूजा : साली बीच ...थप्पड़ मरते हुए डिसोजा ने आया को गाली दी ..
आया : अगर मई ज़िंदा रही तो ये डबल वापस करुँगी...
Chatakkkk..chatakkk....
डिसूज़ा: गलत फेहमी है तेरी... गार्ड्स गद्दा khodo...jaldi..koi कॉफिन लेकर ए ...आज इस बीच को मई ज़िंदा दफ़न करूँगा..
डिसूज़ा की बात सुन गार्ड्स पास में hi जल्दी से गद्दा खोदने लगे ...
आया : माँ तुम लोगो को से में से भी ढूंढ कर निकल लेंगी...
डैड इसे जाने दो ..सांप का फन तभी कुचलना चाहिए जब नागिन को मार do...iski माँ आएगी हमारे पीछे....
आया : सही कह रहा है ये ...
चटकककक...
डिसूज़ा : चुप बीच...
और फिर डिसूज़ा लात घुसो से आया को मरने लगा....
डिसूज़ा : मई लक्समी नमी औरत से मिला हों जल्द hi वो इसकी माँ को मार देगी...
सहम : वो विच ब्लैक मैजिक वाली...
डिसूज़ा : हाँ...
सहम : क्या आपको इसकी माँ के हेयर मिल गए...
डिसूज़ा: आज गार्ड ने दिए इसकी पूरी फॅमिली के हेयर...
आया: समझौते के बाद तुम ये सब कर रहे they...tum तो सेल कवर्ड्स nikle...tujhse ज्यादा डैम तो तेरी बेटी स्नेहा में tha..wo साली थी तो अपनी ज़ुबान की pakki....dushmani सामने से निभाती थी...
डिसूज़ा : मेरी बेटी को मरकर तू हमसे किस बात की उम्मीद रखती है...
आया : अपुन ने नहीं मारा लाइफ में बस इसी बात का रिग्रेट है...
चटककककककक...
सहम : बस करे डैड...
इतने में सहम गार्ड से गन लेकर आया पर तानते हुए बोलै..
डिसूज़ा : गन निचे करो bete...ise तड़पा तड़पा के मरना है मैंने...
बॉस गद्दा खोद दिया...
इतने में गर्दा कपडे झड़ते हुए पास आकर बोले...
डिसूज़ा : ले चलो इसे...
इतने में एक कार ग्रेवयार्ड में एंटर हुई....
ये डिसूज़ा के hi आदमी थे जो लकड़ी का कॉफिन लेकर आये they...jise कार से निकल कर वो चलते हुए डिसूज़ा के पास ए ..
डिसूज़ा : डालो इसे इसमें...
डिसूज़ा के कहते hi गार्ड्स आया को अंदर डालने लगे..
आया : सीधे शूट कर ये कैको कर रहा है...
डिसूज़ा: फीयरलेस आया दर गयी...
सर दबाते हुए डिसूज़ा ने आया को अंदर लिटा diya...agle hi पल गर्दा ने कॉफिन का धक्का लगा दिया...
फिर वो उस पर किले गढ़ कर उसे कसने लगे....
हो जाने पर गार्ड्स ने कॉफिन अंदर डाला और मिटटी डालने लगे....
दाल जाने पर डिसूज़ा अपनी बेटी की ग्रेव पर आया... और रोने लगा...
सहम ग्रेव ठीक करने लगा...
डिसूज़ा : काश तुम ज़िंदा होती मेरी bachi....tum देखती तुम्हारे बाप ने कैसे आया को maara...meri गुड़िया तुम्हारी बहुत याद आती है...
सहम : दीदी तेरे बिना जीने का मन hi नहीं होता है...
दोनों कुछ देर बात करके अपने गार्ड्स के साथ वापस लौट गए....
Khatttt...khatttt...khatttt...
अंदर लेती आया कॉफिन खोलने की नाकाम कोशिश कर रही थी....
आया : कोई hai....hello...mai अंदर हों...
काफी देर तक कोशिशों के बाद भी कुछ नहीं हुआ तो आया ने हार मान ली....
रात के 12 बज गए थे...
आया : आया तेरा एन्ड ऐसे होगा सोंचा नहीं था....
अब आया को साँस लेने में भी प्रॉब्लम हो रही थी....
उसकी आवाज भी नहीं निकल रही thi...na उसमे ताकत बची थी कॉफिन के ढक्कन को हटाने ki...haar मान कर उसने आंखे बंद कर ली....
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सुबह मई उठा किसी के दूर पीटने पर...
मैंने दूर जाकर खोला सामने सेठ tha...makan मालिक आदित्य जी का अंकल..
उसके हाथ में नाश्ता था...
मैंने दूर खोला तो वो अंदर hi agaya...nashta लिए...
उसने ब्रेकफास्ट पास राखी टेबल पर रखा खुद वो बीएड पर बैठ गया...
सेठ : सुनो लड़के मेरे पास इतना पैसा है की मुझे किसी को अपने घर खाना खिला कर पैसे कमाने की जरुरत nahi...ye पूरी बस्ती मेरी है और इसकी कीमत 90 करोड़ से ज्यादा की है..
मई: जी सर...
सेठ : आदित्य बहुत साफ़ दिल की है अनजान लोगो का भी दुःख दर्द उसे वो अपना लगता है वो किसी को तकलीफ में नहीं देख सकती ऐसी hi है wo...jante हो उसने तुमसे खाने के लिए पैसो के लिए नहीं कहा उसने देखा तुम परेशां हो खाना बनाओगे अपने लिए की कमाओगे जिस काम से तुम गाँव से यहाँ आये मतलब कमाने ...मुझे बुरा न लगे इसलिए उसने तुमसे 3 हजार रुपया महीना कहा खाने के लिए...
मई : जी..
सेठ : अब से तुम मेरी बेटी से कहना की तुम अब खुद अपने से अपना खाना banoge...ye पता न चले की मैंने कहा है तुम्हे ऐसा करने ke..tumhare पास रसन गैस चूल्हे के पैसे नहीं है तो जो खाना गरीबो के लिए बनेगा बही वह खाओ लेकिन मेरी बेटी से नहीं कहना खाने के liye...abhi ये खाना खाओ और जो कहा है करो...
उठाकर सेठ चले गए...
मैंने रूखे मन से ब्रेकफास्ट Kiya...fir नाहा धोकर मैंने बैग में सोना चंडी bhara...aur लेकर चल दिया...
ऑटो लेकर मई अँधेरी aaya...aur वह से उसी सर्राफे वाले की शॉप पर आया जिसके पास सोना चंडी बेचने झगन आया था...
कैसे ए हो भय कुछ बेचने ए की खरीदने ...सेठ ने पूछा इसे मैंने अपनी वीडियो में देखा था जो मैंने झगन से बनवाई थी...
मई : झगन ने भेजा hai...wo जिसने 35 लाख का सोना बेचा tha..meri बात सुनकर उसने बैग की तरफ dekha...jo बड़ा और भरी था...
उसने कस्टमर की तरफ इशारा करके रुकने के लिए kaha...aur मई वही बैठ कर वेट करने लगा..
10 मिनट बाद वो खली हुआ...
सेठ : क्या लाये हो...
मैंने अपना बैग उसके आगे कर दिया...
सोना चंडी बहार निकल वो दोनों को अलग अलग रख कर तौलने लगा...
सोना 2 k.g 400 g.m था चंडी 1.कग से कुछ काम थी...
मई : कितने डोज seth...sona 1 करोड़ से ज्यादा रुपए किलो है...
सेठ : सब के 2 दूंगा...
मई : करोड़..
मेरे पूछने पर सेठ ने गर्दन हिलायी....
मई : कुछ ज्यादा कर लो काम है ये..
सेठ : मुझे भी तो कामना है नहीं पसंद तो कही और बेच ले ..
मई : ाचा कॅश दो ..फिर ..
सेठ : 2 घंटे रुक कर ले जाना..
मई: ठीक है मई यही हों...
और सेठ अपने लड़को से कहने लगा बैंक जाने के लिए....
2 घंटे बाद मेरे हाथो में पैसे आये ...और मैंने अपना अगला शिकार भी देख Liya...jo होने वाला था यही सेठ..
पैसे लेकर मई घर aya...fir पैसे संभल के रख कर मैंने बस्ती में से झगन को बुलाया...
मई : सेल नंबर दे apna...tujhe बार बार बुलाना पड़ता है निचे जाकर .
उसने नंबर बताया मैंने सेव किया...
झगन: भैया रात में मिलेगी गन..
मई ; सुन मुझे अपना अकाउंट खुलवाना है और गूगल पाय अपने फ़ोन में बनवाना है..
और फिर दोपहर 2 बजे तक मई और वो इसी काम पर लग gaye....pehle हमने अकाउंट khulwaya...fir अचे कपडे पहन कर मैंने 15 लाख अपने अकाउंट में dala...aur वाकई पैसे मैंने अपने रूम पर hi रख diye...fir एक गूगल पाय ऑफिस में मैंने अपना गूगल पाय अकाउंट बनवाया....
और फिर होटल से खाना खा कर हम दोनों मेरे रूम पर ए..
मेरे रूम पर आते hi कुछ देर बाद खाना लिए अदिति मैडम आ गयी ..जिन्हे देख झगन चला गया...
खाना देकर वो जाने लगी तब मैंने रोका...
मई: अदिति madam..abse आप खाना नहीं लाया करे...
आदित्य : क्यों क्या हुआ रॉक ji...uske मुँह से रॉक जी सुन कर मुझे ऐसा लगता जैसे ज़िन्दगी में जितनी बेइज़्ज़ती अपमान मेरा गरीबी से हुआ उसकी भरपाई मैडम ने एक बार में रॉक जी कहकर कर दी हो...
मई : मुझे पसंद नहीं आपके हाथ का khana...mai अपना banaunga...nahi तो किसी को ले आऊंगा बनाने के लिए...
अदिति : acha...usne इतना hi कहा और अदिति मैडम की आंखे चालक पड़ी...
कुछ कहे बिना वो आगे बढ़ गयी...
एक तीस उठी साइन में मैडम की आंखे चलती देख लेकिन मई भी क्या karta...seth ने hi मन किया था....
उनके जाने के बाद मैंने कॉल लगा दी...
2 रिंग के बाद अरसद ने कॉल उठायी...
मई : कैसा है...
अरसद : ठीक हों तेरी माँ मेरी बहुत मिन्नतें कर रही थी तुझसे बात करने के liye...tujhe कॉल भी की तूने उठाया nahi...wo उस दिन की बात कर रहा था जब मई कोठे पर था....
मई : वो मेरी माँ नहीं है...
अरसद : अबे तेरी बहन बीमार हो गयी थी bahut...bhuk प्यास से...
मई : मरी नहीं वो..
अरसद : कैसी बातें कर रहा है यार tu..jab तू दिहाड़ी की वजह से खाना खाने घर नहीं जाता था तो वो देने आ जाती thi..aur मेरे सामने तुझे अपने हाथो से खिलाती थी...
तू आज फिर खाना खाने नहीं आया...
क्या दीदी तू रोज़ रोज़ इधर आ जाती है तुझे पता है इधर अच्छे लोग नहीं aate...kha माँ खा परीक्षण करती है आ कर..
तू भी तो मुझे परेशां hi करता hai..har दिन दोपहर में भूका rehkar...kuch पैसे काम कमायेगा तो क्या हो जायेगा... लेकिन तुझे कुछ हो गया तो मेरा क्या होगा.. सोंचा है tune..aur क्या तेरे बिना मई खा लुंगी...
तो इसमें रोने वाली क्या बात hai...tu जानती है न तेरा आंसू मेरा 1 किलो खून काम कर देता hai...chal आ बैठ..
रॉकी तू सुन रहा hai...arsad की आवाज पर मई अपनी यादो से निकला..
मई : हाँ मेरी कोई बहन नहीं है न कोई maa..bas तुझे 5 लाख भेज रहा hon..wo दे देना...
और मैंने कॉल कट कर दी...
फिर मैंने अरसद के स्कैनर पर 5 लाख ट्रांसफर कर दिए....
कुछ देर गम शूम बैठ मई उठा और रूम लॉक करके निचे आया....
बाइक पर बैठ कर मई चल दिया....
कुछ देर बाद मई कोठे पर था और मेरे सामने गायत्री...
मई : उसे हमेशा के लिए खरीदना hai...dipty को...
गायत्री : वो बिकाऊ नहीं है काम से काम 5 साल तक तो नहीं...
मई : कीमत बताओ न...
गायत्री : चल 5 करोड़ दे वो तेरी हुई...
मई : 1 करोड़ दू...
गायत्री: 5 साल बाद इतने में ले जाना..
मई : एक महीने के लिए उसे किराये पर ले जाना है अपने घर..
गततरी : ला 10 लाख de...nagad..
मैंने जेब में से 2 लाख निकले और 8 लाख गूगल पाय कर दिए...
चलता हुआ मई डिप्टी के रूम पर आया..
अंदर वो लेती हुई थी मुझे देख उठ बैठी...
आज उसके चहेरे पर पहले जैसी रौनक नहीं थी....
मई : चल आ मेरे साथ...
डिप्टी : मई नहीं जाउंगी...
मई : बहुत मरूंगा तुझे अगर मन की तो कीमत दी है तेरी वो भी एक महीने ki...aur वो मेरे साथ आने के लिए तैयार हो गयी...
मई : चल अपने एक महीने के कपड़े बैग में दाल ले..
जब वो कपड़े बैग में डालने लगी तब मैंने उसके कपडे देखे...
मई : चल अजा मई तुझे नए दिला दूंगा...
कपड़े छोर वो मेरे साथ चल दी...
कोठे से हम बहार आये और डिप्टी पीछे मेरी बाइक पर बैठ gayi...uske बैठते hi मैंने बाइक आगे बढ़ा दी...
रस्ते में मैंने एक कपड़ो की शॉप देख बाइक रोकी...
मई : अपने लिए अच्छे कपडे पसंद कर ले डेन्ट...
फिर वो पसंद करने लगी और मैं पैक करता रहा...
5 हजार के कपडे दिला कर उसे लिए मई बहार आया ..
डिप्टी : चले...
मई : कहा लेकर जॉन तुझे ..और मई सोंचने लगा...
10 मिनट मुझे रोड पर खड़े सोंचते हुए हो गए थे...
मई : कोई पूछे तो कहना तू मेरी कजिन है शिमला से आयी है..
डिप्टी : मई नहीं कहने वाली...
मई : क्यों...
डिप्टी : मई झूट नहीं bolti...tum मुझे मरते हो...
मई : साली चल तू तुझे और मरूंगा...
डिप्टी : दिखा दी न mardangi....aur क्या कर सकते हो tum...pehle मुझे अफ़सोस हो रहा था की मैंने तुम्हे मजबूरी में hi सही चीट किया अब बिलकुल भी नहीं हो रहा है ...
मई : चल baith...maine उसकी जहर भरी बातों का कोई जवाब नहीं दिया बाइक पर बैठते हुए उसे भी बैठने का कहा...
वो बैठी तो मैंने बाइक आगे बढ़ा दी...
मई : मई एक डैम सही हों औरत जाट के बारे me..tumhari नस नस में hi कमीनापन छुपा होता hai..tu मेरी बहन से अलग थोड़ी hai...ek डैम शामे तो शामे रंडी...
और रस्ते भर मई बोलता रहा वो सुनती रही....
मई उसे लेकर बस्ती में आया...
मई : देख जो कहा है चुप चाप करना नहीं तो तुझे रहने की जगह नहीं मिलेगी...
और उसे लेकर मई चल दिया आदित्य जी के घर...
Rock...ye लड़की कोण है..
रस्ते में hi मुझे सेठ मिल गया जो घर से बहार hi आ रहा था...
मई : सेठ जी ये मेरी शिमला की कजिन सिस्टर hai...ye यहाँ काम करने आयी जब तक इसे कोई काम नहीं मिल जाता तब तक मेरे साथ रहेगी अगर आप परमिशन den..ye अंदर सोयेगी मई बहार...
सेठ : क्या काम करने आयी tum...sorry मई तुम्हारा नाम पूछना भूल गया..
मई : ये डिप्टी है...
डिप्टी : कुछ भी कर लुंगी 12तह किया है मैंने..
सेठ : ठीक है अपनी बहन को लेकर कल आना मेरे pass...ise कोई काम दे दूंगा..
और सेठ आगे बढ़ gaya...uske जाने पर रहत तो मिली लेकिन वो कल बुला गया tha..kal का कल देखूंगा सोंच कर मैंने जाने दिया...
डिप्टी को लिए मई अपने रूम पर आया और मैंने दूर बंद कर लिया ....
मई : खाना बनाना अत है तुझे...
उसने कोई जवाब नहीं दिया..
मई : चल मई गैस चूल्हा लेकर आया साथ में राशन सब्जी भी...
और उसे छोर मई चल दिया...
मार्किट आकर मैंने सारा सामान लिया और उसे लेकर मई रूम पर आया...
मई : सब्जी में ये साग hi मिला hai...bana लेगी न...
डिप्टी : 10 लाख देकर मुझे इसलिए लाये हो...
मई : तुझे मेरे लैंड पर कूदने की कितनी जल्दी हो रही है खाना बना बहन की lodi....aur चुप चाप वो साग काटने बैठ गयी...
मई उसे अकेला छोर बस्ती में निचे आ गया...
तुमने क्या कहा दीदी से तुम्हारे रूम से जब से आयी है अपसेट hai..itne में अदिति मैडम की बहन मेरे पास आकर मुझ पर गरजते हुए बोली...
मई : मैडम कुछ भी तो नहीं कहा..
झूट मत बोलो मुझसे मई दीदी की तरह सीधी सधी नहीं hon...to बिलकुल भी किसी ग़लतफहमी में मत रहना...
मई : सुबह सेठ जी ए they...aur मैंने सब बता diya..madam ये सब सेठ जी से मत कहना उन्होंने मन किया है बताने को..
ऐड हो कोई और एक्सक्यूज़ नहीं दे सकते थे...
मई : किसी और एक्सक्यूज़ से क्या वो manti..jaisi वो है उनमे कोई कमी कैसे निकल सकता है..
रिशु क्या कह रही हो तुम रॉक जी se...itne में अदिति मैडम आगयी...
रिशु : इसकी क्लास ले रही हों दीदी आपको इसने कैसे हर्ट किया..
अदिति : मुझे अब तुम हर्ट कर रही हो...
रिशु : दीदी कब समझोगी ये गरीब लोग इनके साथ भलाई करे तो ये बदले में हमारे hi साथ बुराई करते hai...inki जगह सड़क पर है इन्हे वही रखना chahiye...kitni hi बार आपको धोका मिला लेकिन आप नहीं सुधरती..
मई : सही कहा madam...ham लोग इंसान थोड़ी होते है...
चटककककक...
अदिति : सॉरी कहो rishu.itne में अदिति मैडम ने थप्पड़ मरते हुए कहा...
रिशु ; sorry...aur वो चुप चाप चली गयी...
अदिति : I'm सॉरी ये बस ओवर प्रोटेक्टिव hai...hai बहुत achhi...bas मुझे उदास देख कर गुस्सा हो जाती..
मई : I'm सॉरी अदिति जी मुझे सुबह आपसे ऐसा नहीं कहना चाहिए tha...aapke हाथो का खाना ऐसा है जैसे मई माँ के हाथ का खाना खा रहा hon..agar आप प्यार से जहर भी खिलाये गई खुसी से वो भी खा लूंगा...
अदिति : मई आपको जहर क्यों खिलाऊंगी रॉक ji...wo कनअँखिओं से मुझे देखने लगी...
मई : कहावत है जिसका मतलब है आपके हाथो का खाना इतना hi पसंद hai..meri कजिन शिमला से आगयी है अब वो खाना बनाएगी सोंचा आपको क्यों परेशां करूँ..
आदित्य : आपकी कजिन...
मई : हाँ...
अदिति: उसे ऊपर रखा रूम में..
मई : हाँ...
अदिति : ठीक है अबसे आप वहां soyenge...wo मुझे ऊँगली से उसी खली जगह की तरफ इशारा करते हुए बोली जहाँ मजदूर और नए ए हुए लोग सोते जो किराया देने में असमर्थ थे...
मई बेबसी से मैडम को देखने लगा..
Pi...pi...pi...
इतने में एक बंव हॉर्न देती हुई हमारे पास ruki..aur हम दोनों hi उस कार को देखने लगे....
उसका मिरर निचे हुआ और अंदर देख जैसे मेरी साँस अटक गयी....
लक्समी : के in...wo लक्समी thi...uske बुलाने पर मई घूम कर आया और दूर खोल कर अंदर बैठ गया...
लक्समी : तुमने मुझे नाराज किया है रॉकी ...क्या सजा डॉन tumhe..tumhare बदले उसे मार देती हों...
उसके शब्द सुनते हुए मैंने उसकी नजरो का पीछा kiya...jo अदिति मैडम पर thi..aur जैसे मेरा दिल हलक में आगया हो...
मालकिन मुझे माफ़ कर दो ..आप जो कहोगी मई karunga...unhe तो मई जनता भी nahi...wo सबकी सहायता करती hai...aur मई लक्समी के पैरो पर गिर कर गिड़गिड़ाने लगा...
मई : मालकिन जो सजा देनी है मुझे दे do...unka कोई कसूर नहीं...
लक्समी : घर चल कर डीडे करुँगी क्या करना hai..aur उसने कार आगे बढ़ा दी....
मई भी सीधा होकर बैठ गया...
हाफ ऑवर बाद मई उसके घर पर था..
अब दिन ढल चूका था...
वो आगे आगे चल रही थी मई पीछे पीछे...
चलते हुए मेरी नजर गार्डन पर gayi...aur मुझे वो सब याद आगया...
उसने आर्टिफीसियल ग्रेस लगवा दी थी वहां पर..
गार्डन देखते हुए मई अंदर बढ़ गया..
लक्समी: वहां फ्रिज है उसमे एक गिलास रखा है ढाका hua...use लेकर आओ .वो सोफे पर बैठते हुए हाथो से इशारा करते हुए बोली..
मई किचन में आया जब फ्रिज खोला तो मुझे एक शीशे का गिलास ढाका हुआ dikha...jisme ब्लैक कलर का कोई लिक्विड था..
मई उसे लेकर लक्समी के पास आया...
लक्समी : पि जाओ इसे...
मई : ये क्या है...
लक्समी : सवाल तुम नहीं सिर्फ मई karungi...tum मेरे होने वाले पति हो तो बता देती hon..ye काढ़ा है लेकिन आम काढ़ा nahi...ise मैंने बनाया hai..tumhare 2 इंच लिंग को बारे करने का..
मई : pati...kya matlab...malkin..maine रुकते हुए कहा..
लक्समी: तुम खूबसूरत हो और मई जवान hon...kya हम शादी नहीं कर सकते...
मई : अपने पहले पति को..
लक्समी : वो मेरी सच्चाई नहीं जनता था तुम जानते हो तुम्हे मरने का सवाल hi पैदा नहीं होता लेकिन अगर तुमने मुझे धोका दिया मुझसे भागे तो मई तुम्हारे हर करीबी को मार dungi...chalo अब पियो आज तुम्हे बहुत सरे काम करने है..
सवाल किये बिना में गिलास मुँह से लगाया और आंखे बंद करके एक hi साँस में गिलास ख़त्म कर दिया...
मई : मई इसे रख aaun...mere पूछने पर उसने मुझे घुरा जो देख मैंने गिलास टेबल पर hi रख दिया..
लक्समी : सोफे पर लेट जाओ अगर पैन हो रहा है तो..
मई : नहीं हो रहा मई ठीक हों...
लक्समी : तुम्हे क्या सजा दूँ तुम्हारी डिसओबेडिएंस की...
मई : मेरे पास खर्चे के लिए पैसे नहीं they...aur मैंने उसे चोरी के बारे में बता दिया..
मई : aahhhhh....malkin ये क्या हो रहा है...
अचानक से मेरे कमर के निचे बर्दास्त के बहार दर्द उठा....
लक्समी : सोफे पर लेट जाओ ...
सोफे पर लेटने की मेरी हिम्मत न हुई और मई जमीन पर hi ढेर होकर चीखने laga...dono हाथो से मई पकड़ा था अपना लिंग...
मई : आह्हः क्या पीला दिया bahanchod..gusse में मई लक्समी को गली देने लगा...
5 मिनट तक मई फर्श पर इधर से उधर बिलबिलाते हुए लक्समी को गन्दी गालियां देता रहा...
कुछ दर्द काम हुआ तो मैंने लक्समी को देखा जो गुस्से में मुझे hi घुर्र रही थी....
जल्दी से मैंने उसके पेअर पकड़ लिए..
मई : मई दर्द में समझ में नहीं आ रहा था क्या बोलू...
लक्समी : पेअर छोरो मेरे और अपनी पंत उतरो...
पीछे होकर मैंने पंत का हुक खोला और वो निचे गिर गयी...
लक्समी : अंडरवियर भी...
मैंने एक नजर उसे देखा और अंडरवियर निचे कर diya...wo साली मानती तो नहीं....
वो आगे खिसकते हुए मेरे लैंड को पकड़ लेती है...
मैंने निचे देखा तो मुझे अहसास हुआ मेरा लिंग पहले से बढ़ गया है पहले इतना बड़ा खड़े होने पर होता था...
मई सोंच hi रहा था की मुझे अपना लैंड पर किसी के मुँह की गर्माहट का अहसास hua...laxmi ने लैंड मुँह में ले लिया tha...jise वो चूस रही थी....
न जाने कब मेरा हाथ उसके सर पर चला gaya...aur मई लैंड आगे पीछे करने लगा...
मुझे मजा आ रहा था बहुत और धीरे धीरे मेरा लैंड पूरा ेररेक्ट हो गया...
लैंड पूरा खड़ा हुआ तो लक्समी ने मुँह से निकल दिया..
लक्समी : मई अभी आयी मेज़रमेंट लेकर ..वो उठते हुए बोली और दर्ज में से कुछ निकलने लगी .
कुछ देर बाद वो मेज़रमेंट लेकर aayi...aur मेरा लिंग का साइज लेने लगी...
लक्समी : 11 inch...ab भी छोटा है...
पहले से मेरा लिंग डबल हो गया था जो उसे छोटा लग रहा था...
मेरा मन हो रहा था लक्समी को पटक कर छोड़ने ka..lekin उसके दर के कारन हिम्मत नहीं हो रही थी...
मई न जाने कैसे अपने आप के इतनी हवस फील कर रहा था...
मई : दर्द हो रहा है isme...kuch करो न मालकिन... मुझसे रहा नहीं गया तब मैंने कहा...
लक्समी : कर दूंगी लेकिन तुम्हे भी मेरा एक काम करना hai...aur निचे बैठते हुए उसने लैंड फिर मुँह में ले लिया...
लक्समी देखने में बड़ी सेक्सी मातुरे thi...bade बड़े हिप्स एक डैम गोरी लम्बे बाल 5 फ़ीट से ज्यादा हिघ्त एक डैम कमल की जो भी देखे उसे पानी की इच्छा करे...
वो मेरा लैंड चूस रही thi...aur मई उसके सर को पकड़ कमर हिला रहा था...
मई : aaahhh...laxmi..uff aaahh..aise hi chuso...aaahhh...
आधे घंटे तक लगातार वो चुस्ती रही और फिर मई उसके मुँह में hi झाड़ gaya...mera इतना ज्यादा माल निकला की उसका मुँह भर गया...
पहले उसने निगला फिर अपने होंठों के पास फैले छुम को जीभ फीते हुए लक्समी चाटने लगी...
लक्समी : मई ब्रश करके आयी फिर तुमसे जरुरी बात करुँगी..
मई : मई नहाऊंगा...
लक्समी : वाशरूम में चले jao...mai नंगा hi वाशरूम में घुस गया...
नाहा कर मैंने लक्समी को आवाज दी जिसने टॉवल दिया ..
लक्समी : अच्छे लग रहे ho...wo मेरे बालो में हाथ फेरते हुए बोली..
मई : कोई दूसरे कपडे मिलेंगे ये गंदे हो गए hai..in पर छुम गिरा था ..
लक्समी: मई अपने लेकर आती हों..
मई : ऐसे लाना जो लार्को की तरह हो .
मैंने उसे पीछे से आवाज दी...
कुछ देर बाद वो एक शर्ट और पंतय जीन्स और जैकेट लेकर आयी ..
लक्समी : मई हमेशा तुम्हारे लिए ये कर सकती हों मुझे धोका नहीं dena...wo मुझे कपडे देते हुए बोली..
जिन्हे लेकर मैंने पहन लिया...
लक्समी : सरस डिनर रेडी karo...usne किसी से कहा...
मई समजा कोई नौकर hoga...aur मैंने ध्यान नहीं दिया...
मई : मालकिन आप इतने बड़े घर में अकेले रहती है...
लक्समी : दिन में माइड आती hai....ab तुम भी तो रहोगे मेरे साथ...
मेरा हाथ पकड़ वो मुझे अपने साथ ले जाने लगी...
चलते हुए हम लोग दिन्निग पर ए टेबल पर कई तरह के बहुत से खाने रखे थे जिनकी सुगंध मुझे दूर से आ रही थी...
मुझे बैठने का इशारा करते हुए वो खुद भी बैठ गयी...
लक्समी : निकालो और खाओ...
और मई निकल निकल कर खाने laga...khana टोटली नॉनवेज tha...aur इतनी तरह का मेरा मन हो रहा था सब खा जॉन...
लक्समी; तुम्हे कुछ देर बाद ग्रेवयार्ड जाना होगा...
खो kho...uski बात सुनकर मेरा फंदा लग gaya..jo देख उसने पानी भर कर गिलास मेरे आगे कर दिया..
लक्समी : ग्रेवयार्ड जाकर जो सबसे नयी ग्रेव हो उसकी ताज़ी मिटटी और मुर्दे की ग्रेव खोल कर उसका थोड़ा ब्लड लेकर आना होगा..
उसकी बात सुनकर मैंने खाना छोर दिया...
और मुझे उबकाई आने लगी..
मई : मई कैसे ...मुझे दर लगता है...
लक्समी : देखो तुम मेरे ऑर्डर्स फॉलो करना सीखो नहीं तो बहुत नुकसान उठाओगे...
मई : कैसे लाऊंगा ये sab...gorgan तो नहीं लेने देगा
लक्समी : कोई खली ग्रेवयार्ड देखना जहाँ गोरगन न ho..Aur वो मुझे समझने लगी...
खाना ख़त्म हुआ उसका तो वो उठी...
अपने साथ वो मुझे बीएड रूम में लायी और उसने टीवी पर एक हॉरर मूवी लगा दी लेटकर वो देखने लगी...
लक्समी : रॉकी मई बहुत थक गयी हों तुम्हे समझते हुए चलो पेअर दबाओ...
चुप चाप मई उसके पेअर दबाने लगा...
लक्समी : कमर तक...
मेरे घुटनो तक दबाने पर उसने कहा..
और फिर मई उसकी मोती झंगे गांड सब दबाने laga...jiske अहसास से मेरा लैंड फिर खड़ा हो gaya....jise मई मसल भी रहा था...
लक्समी : दोनों हाथो se...aur मैंने लैंड को मसलना छोड़ दिया...
मई ; कब लाना है मिटटी और ब्लड...
लक्समी: लेट नाईट जाना...
उसका जवाब सुन मुझे खुद पर रोना आने laga..ek तो ग्रेवयार्ड ऊपर से वो लेट नाईट भेज रही thi...mera सुपरनैचरल फाॅर्स से पहले भी सामना हो चूका tha...jis वजह से मुझे और दर लग रहा था...
मूवी ख़त्म हुई तब मैंने उससे पूछा..
मई : अब जॉन...
लक्समी : हाँ जाओ...
मई : कोई प्रॉब्लम तो नहीं hogi..mera पहले सामना हुआ है भूतो से..
लक्समी; कुछ नहीं होगा...
फिर वो मुझे साथ ले जाने वाला सामान जैसे ब्लड के लिए शीशी कहा रखा बताने लगी...
किचन में से नाइफ ले lena..mere हस्बैंड की बाइक गेराज में है उसे ले jana..laxmi ने लास्ट में कहा...
आखिर में मैंने किचन में से नाइफ ली बड़ी सी और उसे कमर में दाल लिया...
चलता हुआ मई गेराज में aya...bike में कीस लगी थी जिसे लेकर मई निकल गया...
आधे घंटे तक मई रोड पर ग्रेवयार्ड देखता हुआ बाइक भगा रहा था अब ठण्ड से मेरी कंपकपी बांध गयी थी...
20 मिनट और बाइक चलने के बाद मैंने सोंच लिया था अगर अब ग्रेवयार्ड मिला तो ठीक है नहीं मिला तो वापस लौट जाऊंगा...
मैंने नजरे दौड़ाई आगे तो वहां घर दिखे बने जो देख मैंने बाइक वापसी के लिए मोड़ ली...
मुझे दर भी था अगर मैंने उसका काम नहीं किया तो वो मुझे सजा degi..aditi madam..us कामिनी की नजर उन पर पढ़ गयी थी...
ग्रेवयार्ड ऑफ़ मलाड...
एक लाइट की रौशनी में मुझे बोर्ड नजर aya...jiska बड़ा सा दूर खुला था...
चौकीदार था नहीं गेट पर जो देख मैंने बाइक अंदर बढ़ा दी...
ग्रेवयार्ड एक डैम अँधेरे में नहाया हुआ tha...jo देख मैंने बाइक से उतारते hi अपने साथ लायी टोर्च जला ली...
ग्रेवयार्ड देख लग रहा था ये अमीर लोगो का ग्रेवयार्ड hai...ek से बढ़कर एक एक ग्रेव सजी हुई थी...
ग्रेवयार्ड में चलते हुए मुझे सब तरफ से साईं साईं की आवाजे आ रही थी...
मई बार बार सब तरफ देख रहा था...
नई ग्रेव की मिटटी और मुर्दे का ब्लड लाना है...
उसकी बात याद करते हुए मई ग्रेव देख रहा था यहाँ मोस्टली नई और साफ़ सुथरी ग्रेव थी..
एक जगह मुझे बिलकुल तजि नई ग्रेव dikhi...jise बनाया नहीं गया था....
मैंने मिटटी पर हाथ रखा जो नरम थी जिसे मैंने शीशी में दाल लिया...
अब मुझे डेड बॉडी से ब्लड भी चाहिए tha..maine एक नजर ग्रेव को देखा फिर अपने चारो तरफ लाइट मरी...
यह सबसे मुश्किल प्रोसेस था जिसे सोंचकर hi मेरे रुए खड़े हो गए they...marta क्या न करता...
और मैंने एक खोदने वाला छोटा औजार निकला जिससे मई ग्रेव खोदने लगा....
1 ऑवर की म्हणत के बाद मिटटी हटी और अंदर मुझे एक ताबूत दिखाई दिया...
मैंने ढक्कन हटाना चाहा तो वो मुझे किलो से थूका मिला...
मई : क्या मुसीबत hai...maine ढक्कन पर लाते मरी तो लगा ये धारदार किसी चीज़ से खुल jayega...upar आकर मैंने शीशी उठाई और knife...jise लेकर मई ग्रेव में उतर गया...
नाइफ से मैंने कुछ hi देर में ढक्कन फाड़ diya...aur फिर उसे उछल कर मैंने मुर्दे पर टोर्च मरी...
वो किसी लड़की की ग्रेव थी...
मैंने पेअर उठाया और उसमे हल्का सा नाइफ mara...aur शीशी में ब्लड भरने के लिए जैसे hi मैंने शीशी लगायी पेअर के पास की मेरे हाथ से शीशी छूट कर निचे गिर गयी...
आआआआ....
डेड बॉडी में से एक बेहद darawani..cheekh निकली...
दर से मई पीछे हुआ...
मई : आआह्ह्ह... माफ़ कर do...maaf कर do...us लक्समी बे bheja....maine कुछ नहीं किया... प्लीज मुझे मत मरना...
डेडबॉडी बचा हुआ कॉफिन का ढक्कन तोड़ कर बहार आने की कोशिश कर रही thi...jab उससे नहीं टुटा तो वो कमर आगे करके आगे के लिए खिसकने लगी...
दर से मई भाग भी नहीं पा रहा था...
वो बॉडी कॉफिन से निकली और कड़ी होने लगी....
रॉकी: अगर आज नहीं भगा तो कभी नहीं भाग payega...mere मन से आवाज आयी.
मई फुर्ती से utha...aur ग्रेव से निकल कर भागने लगा..
रुकोऊ...
Aaahhhh.water...
धम्मं...
मैंने भागते हुए आवाज सुन पीछे देखा तो वो लड़की की बॉडी ग्रेव के बहार गिर पड़ी थी...
भागता हुआ मई बाइक तक aya...kya वो सच में डेड बॉडी थी.. बाइक पर बैठते हुए मुझे ख्याल आया..
जीन्स me...usne पानी माँगा..
और मेरे दिमाग में झमका हुआ...
वो ज़िंदा लड़की thi...sonchte hi मई बाइक से उतरा और पीछे के लिए भगा...
भागते हुए मई लड़की के पास aya..wo वैसी hi बेसुद्ध पड़ी थी...
मैंने ग्रेव में घुस कर अपनी टोर्च और शीशी नाइफ उठाया और बहार आया..
बहार आकर मैंने लड़की के पेअर को दबाया तो उसमे से ब्लड निकलने laga..jise मई अपनी शीशी में भरने लगा..10 बुँदे भरने तक लड़की ने जब कोई हरकत नहीं की तब मेरा शक यकीन में बदल गया tha...ki ये लड़की कुछ देर पहले तक ज़िंदा थी...
मैंने कसुआलय उसका हाथ पकड़ा उसकी सांसे चल रही thi...maine नक् के पास हाथ किया तब भी मुझे हवा महसूस हुई...
मई जाने के लिए खड़ा हो gaya..ye सोंचते हुए की एम्बुलेंस को बुला दूंगा...
रॉकी क्या कर रहा है इसे ऐसे hi छोड़ कर jayega..sonch ये ज़िंदा दफ़न थी इतनी देर तक घूमने के बाद तुझे यही ग्रेवयार्ड मिला ...शायद तेरा यहाँ आना इसे hi बचाना है...
और मैंने लड़की को उठा liya...ek हाथ से मैंने पकड़ कर उसे पीछे बिठाया और फिर खुद मई बाइक पर बैठ gaya...piche मई उसे कसकर पकड़ा हुआ tha...dekha वो गिर रही hai..to मैंने अपनी जैकेट से उसे और अपने आप को बांध diya...fir मैंने बाइक आगे बढ़ा दी ...
हॉस्पिटल नजदीक hi tha...aate समय मुझे दिखा था...
हॉस्पिटल की दूरी 15 मिनट की थी मेरी यहाँ एते समय की स्पीड की लेकिन मैंने लड़की की हालत देख 5 मिनट में दूरी तये कर ली...
हॉस्पिटल आते hi मई उसे गोदी में उठाये अंदर के लिए भगा ..
मई : इमरजेंसी... इमरजेंसी...
जल्दी से वार्डबॉय स्ट्रेचर लिए aaye..aur उन्होंने लड़की को उठा कर स्टेचर पर लिटाया....
वार्डबॉय : डॉक्टर साहब पतिकेंट सीरियस है.. वार्ड बॉय ने डॉक्टर को जाते देख कहा...
डॉक्टर; पहले फॉर्म भरो फिर ट्रीटमेंट शुरू होगा...
मई : काट डालूंगा डॉक्टर अगर तूने इलाज नहीं किया...
चाकू निकल कर मैंने डॉक्टर की गर्दन पर रख दिया tha...aur मेरी नजरो के सामने उस लड़की का खूबसूरत चहेरा था...
क्या नहीं था उसके चहेरे में... खूबसूरती इनोसेंट रोअब..
न जाने कैसे मुझे गुस्सा आगया और नाइफ निकल कर मैंने डॉक्टर की गार्डन पर रख दिया था...
मई ; जितने पैसे मांगेगा उतने dunga...agar तेरा फॉर्म भरने की वजह से इसे कुछ हो गया तो तुझे जान से मार दूंगा...
डॉक्टर: लीव में मुझे देखने दो पतिकेंट ko...aur मैंने डॉक्टर को छोर दिया....
जल्दी से डॉक्टर उसे अपने साथ एक वार्ड में ले गया...
जिसके पीछे पीछे नर्स भी चली गयी थी...
मई थका हरा वार्ड के सामने की चेयर पर बैठ गया....
2 घंटे तक नर्स डॉक्टर बार बार अंदर बहार जा रहे थे ...
जब आखिरी नर्स निकली तब मैंने उसे रोका...
मई : नर्स वो लड़की ठीक है अब...
नर्स : हाँ अभी उसके बोतल चढ़ रही hai...nind का इंजेक्शन दिया है सो रही hai...kuch देर में जाग जाएगी..
मई : नर्स फीस कितनी हुई...
नर्स : सुबह दे देना..
मई : मुझे जाना है अभी नर्स...
नर्स : रुकिए मई डॉक्टर से पूछकर बिल बना कर लती हों...
वो चली गयी और मई वेट करने लगा..
कुछ देर बाद वो आयी ..
मई : कितना बिल hua...maine बिना बिल देखे पूछा..
नर्स : 1 लाच 20 हजार...
मई : ऑनलाइन..
नर्स : बहार काउंटर पर चलकर पाय कर दे...
नर्स के साथ मई काउंटर पर आया और पैसे पाय किये...
मेरे अकाउंट में 2 लाच थे अब 80 हजार बचे थे...
चोरी का पैसा अब जाकर सही जगह लगा tha...mujhe किसी अनजान की हेल्प करके बहुत खुसी मिल रही थी...
ऐसी खुसी बार बार पाने के लिए मैंने सोंच लिया tha...badi चोरियां करूँगा और चोरी का आधा माल गरीबो में बाटूंगा...
पाय करके मई हॉस्पिटल से निकल कर बहार आया ..बहार मेरी जैकेट निचे पड़ी थी ..जो जल्दी में मैंने फेक दी थी ..
बाइक पर बैठ मई चल दिया लक्समी के घर....