Adultery Garam ammi or chudasi mummy do dosto ki kahani - Page 5 - SexBaba
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Adultery Garam ammi or chudasi mummy do dosto ki kahani

आआआआअह्हह्ह्ह्हह मेरी रैंड रुकसाना मेरी randi..........kya खीरा लाया है tumne.......aaj तेरी छूट इस खीरा से आधा खुल जाएगा .....बाकि का आधा कल मेरे लुंड से खुल जाएगा मेरी रांड.........

अजय की बातो से रुकसाना की छूट फड़फड़ाने lagi......wo अजय को कातिल नज़रो से देखते हुए boli............itna बड़ा खीरा घुसने से मेरी छूट खुलेगी नहीं फट jaegi...samjhe naaaaaaaaaa............

अजय - इतना गदराया जिस्म है तेरा रुकसाना randi.......itne बड़े बड़े सुडोल चूचियां hai.........itni मोती गांड hai.......fir व् डर्टी ho..............tumhare जैसी भरी बदन की औरतें तो एक साथ दस हब्सी से चुदवाती है पोर्न मूवीज में........

रुकसाना - चहहीइ गन्दी फिल्मे मई नहीं dekhti..........ek बार भट पहले देखा tha......ek मंथ तक मेरे दिलो दिमाग से उतर नहीं रहा tha.......uske बाद से आज तक मैंने नहीं देखा..........





अजय - कल तुम्हे मई बड़ा वाला टीवी में दिखाऊंगा पोर्न movies....oyo रूम me......uske बाद तेरी चुदाई करूँगा छूट फाड़ कर..........

रुकसाना - ाचा ji..........lekin मई आउंगी तब na.......bolkar रुकसाना खिलखिला कर हंस पड़ती है.........

और बिस्टेर में लेट कर अपने ज़बान बहार करके अजय को जोश दिलाने लगती है...........

रुकसाना की अर्धनग्न जिस्म देख कर अजय का लुंड बार बार फुंकार मार रहा था........

ब्रा में कैद उसकी बड़ी बड़ी चुकी ऐसा लग रही थी जैसे ब्रा भट मुश्किल से उसके भरी भरकम चुकी को संभाले हुए है.......





अजय - मेरी जान रुकसाना तुम्हारे जैसी चुकी करोड़ो में किसी एक औरत की होती hai.......kya मस्त चुकी है teri.....inhe तो मई निचोड़ कर सारा रास पी जाऊंगा........

रुकसाना - तो पियो न मेरे राजा किसने रोका है तुम्हे..........

अजय - इन्हे पहले आज़ाद तो करो मेरी रांड.......

रुकसाना - वोटो मर्दो का काम hai.......kapde उतार कर औरतो को चुदाई करने का.....

अजय - वोटो मई कल तेरे कपडे फाड़ कर चुदाई karunga....or तू फाटे कपड़ो में घर जाएगी ...........

रुकसाना - Aaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhh अजय plssssssssssssss ऐसा मत करना वर्ण मई रुस्वा हो जाउंगी.........





अजय - रुस्वा आपको मई होने नहीं दूंगा मेरी रंडी aunty.......lekin आपको बड़े बड़े लुंड से chudwaunga........gande गंदे बुद्धो se......gande भिखारियों से........

रुकसाना येसब सुन कर और ज्यादा छुडासी हो gayi...........wo अपना ज़बान बहार निकल कर अजय को सडके करने लगी......

Aaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhh अजय पहले तुम तो छोड़ कर मेरी प्यास बुझा do...uske बाद तुम जिससे बोलोगे मई उससे छुड़वा लुंगी..........





Aaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhh अजय मेरी छूट इतनी गरम हो चुकी है की ऐसा लग रहा है जैसे मेरी छूट फट जाएगी......

अजय - मेरी जान अपनी बड़ी बड़ी चूचियां तो बहार कर दो ब्रा से.......

रुकसाना कुटिया बन कर कैमरा बिलकुल अपने चुकी के पास करती hai.........or एक चुदाई अंदाज़ में अजय को देखने लगती है........

दोनों चुकी के बीच की घाटी देख कर अजय का लुंड झटके मारने लगता है........

अजय - aaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhh साली रंडी कहा छुपी थी अब तक बहनचोद छिनार........





रुकसाना - छुपी हुयी चीज़ हे कोहिनूर होती hai.........hehehehehe.....

अजय - तुम कोहिनूर से व् ज्यादा कीमती चीज़ हो मेरी रंडी........

रुकसाना अपने हाथो को अपने सर पर रख कर एक सेक्सी अंदाज़ में बैठ जाती है और अपने आर्मपिट को दिखते हुए अपने दोनों चुकी को अपने एक हाथ से सहलाने लगती है.....

इस पोज़ में तो ऐसा लग रहा था जैसे रुकसाना की चुकी नहीं पपीता लटक रहा ब्रा में..........





अजय - मेरे लुंड को मई तुम्हारे दोनों चुकी के बीच घुसा दिया हु ब्रा के andar......or तेरी चुकी को छोड़ रहा हु मेरी जान..........

रुकसाना व् अजय के बातों को समझ gayi.....wo खीरा को अपने दोनों चुकी के बिच में घुसा दी ब्रा के andar.........or हल्का हल्का ऊपर निचे करने लगी.......

रुकसाना - aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh अजय हाँ ऐसे हे छोड़ो मेरी निगोड़ी चूचियों को...... aaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhh भट मज़ा आ रहा है मेरे राजा.........





अजय - मज़ा आ रहा है तो और करो न मेरी रंडी रुकसाना........

रुकसाना - और ज़ोर से छोड़ो मेरी चुकी को........ aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh मेरे राजा भट मज़ा आ रहा है...........

रुकसाना अपने ज़बान को निकल कर अजय को छुडासी नज़रो से देखते हुए बोली........

रुकसाना - अब मई तुमसे चूड़े बिना ज़िंदा नहीं रह पाऊँगी..... plssssssssssssss अजय मुझे ोयो में ले जाकर मुझे इतना छोड़ो इतना छोड़ो की मेरी छूट का सारा पानी सूख जाये.......





अजय - मेरी कुटिया अपने ज़बान पूरा बहार करके कुटिया जैसा laplapao.......or अपने कुत्ते को को rijhao....jaise गली की कुटिया करती है .......एक कुटिया को गली का हर कुत्ता छोड़ छोड़ कर उसकी छूट फुला देता hai......dekha है या नहीं......

रुकसाना बेशर्मी की तरह अपने ज़बान को बहार निकल कर कुटिया की तरह करने लगती hai.........han मेरे कुत्ते देखा है मैंने........





आआह्ह्ह्हह्ह मेरे कुत्ते अब तो छोड़ दो अपनी कुटिया ko......meri छूट कबसे छोड़ने के लिए तड़प रही है.........









अजय - रंडी साली छिनार इतना हे आग लगा है छूट में तो जाओ बहार जाकर किसी भिखारी से छुड़वा लो..........

रुकसाना - वो व् करवाउंगी मेरे राजा लेकिन पहले तुम तो छोड़ लो अपनी रखैल ko......bolkar रुकसाना खीरा को निचे ले जाने लगती है और अपने नाभि के पास घूमने लगती है......

अजय - अब धीरे धीरे खीरा को अपने पंतय के अंदर घुसा दो और अपने छूट को खीरा से रगड़ो.........





रुकसाना अब खीरा को धीरे धीरे पंतय के अंदर घुसाने लगती hai....jaise हे खीरा छूट में टच करता है रुकसाना की आंखें बंद हो जाती है.............

रुकसाना के मुँह से एक ज़ोर दार सिसकी निकलती है aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh ammmmmmiiiiiiiiiiiiii haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy मई मर जाउंगी इस छूट की आग में ..........





आआआआह्ह्ह्हह्ह्ह्ह अजय plssssssssssssss अब घुसा दो न अपना मोटा लुंड मेरी छूट में.......

अजय - इमेजिन करो की मई तेरी गरम छूट में अपना मोटा लुंड धीरे धीरे घुसा रहा हु.......

रुकसाना इस मोठे खीरे को अपने छूट में हल्का हल्का घुसाने lagi......uski छूट इतना ज्यादा गीली थी की खीरा उसके छूट को चीरता हुआ अंदर जाने लगा...........

रुकसाना दर्द से तिलमिला gayi.......uski आंखें बंद हो गयी और मुँह से चीख निकल गया ....... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh maaaaaaaaaaaaaaaaaa भट दर्द हो राहाआआआआ अजय plssssssssssssss बहार निकालो अपने लुंड ko....mujhse बरदास नहीं होगा ab.......meri छूट फैट जाएगी ............





अजय - मेरी रंडी थोड़ा बरदास करो फिर देखो कितना मज़ा aega........ab मई अपने लुंड को धीरे धीरे और अंदर घुसा रहा हु.......

रुकसाना बंद आँखों से हे बोलने लगी - नहीं नहीं plssssssssssssss और अंदर नहीं plssssssssssssss मुझसे सहा नहीं jata.....meri छूट फैट गयी hai...aisa दर्द हो रहा मुझे..........

रुकसाना के चेहरे पर दर्द साफ़ नज़र आ रहा था............





अजय - थोड़ा और मेरी रांड थोड़ा और घुसाओ ......

रुकसाना दर्द से तड़पते हुए .....नहीं नहीं और नहीं ... plssssssssssssss इतने में हे छोड़ो मुझे.........

क्यों की खीरा पैर कण्ट्रोल तो रुकसाना का हे था इसलिए अजय ज़बरदस्ती तो घुसा नहीं सकता tha......ajay ने रुकसाना की बात मानते huye...........bola.....

अजय - ok मेरी रंडी अब धीरे धीरे खीरा को अंदर बहार करो .....जैसे मई तुम्हे छोड़ रहा हु........

रुकसाना - थोड़ा रुको भट दर्द हो रहा है........

अजय - रुकोगी तो मज़ा ख़राब हो jaega.......aise हे दर्द को मज़ा समझ कर हल्का हल्का अंदर बहार करो........

रुकसाना - ok ok मई करती हु.....

बोलकर रुकसाना खीरा को हल्का हल्का अंदर बहार करने लगी.......

वो इतनी ज्यादा गरम थी की 8 दस बार अंदर बहार करने से हे उसका जिस्म अकड़ने laga....or उसके मुँह से एक ज़ोर की सिसकारी निकली......... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh ammmmmmiiiiiiiiiiiiii मई गयी aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh aaaaaaiiiiiiiiiiiiiiiiiiii बोलकर उसने खीरा को ज़ोर से अपने दोनों जांघो के बिच भींच liya....or वो झरने लगी ....लगभग 5 मिनट तक वो आज पहली बार खरी thi.....itna लम्बा आज तक रुकसाना कभी नहीं कहती थी......

झरने के बाद रुकसाना वही निढाल लेट गयी मोबाइल एक तरफ फेक ke.......ajay समझ गया ...........इतना खतरनाक ओर्गास्म रुकसाना को पहली बार हुआ hai........wo व् कॉल कट करके लेट गया...
 
दूसरे दिन ज़ैद अपने घर चला जाता hai.............ghar पहुँच कर जैसे हे वो किचन में अपनी अम्मी को देखता है वो वही रुक जाता hai........or अपनी अम्मी को मोती गांड को घूरने लगता hai..........kaam करते हुए रुकसाना की मोती गांड थिरक रही थी जिसे देख कर ज़ैद का लुंड खड़ा हो चूका tha..................ammi का गदराया जिस्म देख कर ज़ैद होर्नेय होने लगा tha........wo चुपके से अम्मी के गांड में अपना खड़ा लुंड ज़ोर से सत्ता देता hai.............ruksana एकदम से चौक जाती है............ uyyyiiiiiiiiiiii maaaaaaaaaaaa करके जैसे हे पीछे गर्दन घूमती है ......ज़ैद को देख कर पहले तो खुश हो जाती hai..........lekin ज़ैद कोनिस तरह अपने इतना करीब पा कर उसकी हालत ख़राब होने लगती hai........zaid अपने लुंड को अभी व् अम्मी के गांड में हे सताया हुआ tha....use ज़रा व् डर नहीं लग रहा tha.....apni अम्मी se..........kyu की वो जान गया था की उसकी अम्मी के अंदर एक भट हे छुडासी औरत है.........

ज़ैद - क्या बना रही हो अम्मी जान

रुकसाना - क्या खाएगा मेरा bachcha......bolo.....

ज़ैद - मई तो आपको khaunga.........bolkar ज़ैद रुकसाना के गाल पर एक किश कर लेता है..........

रुकसाना - haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy तौबाआआ बीटा ये क्या कर रहे ho.......ye ठीक नहीं है........

ज़ैद - अपनी अम्मी से प्यार करना क्यों सही नहीं hai........apke जैसी अम्मी किस्मत वालो को मिलती hai..........bolkar

ज़ैद अपने खड़े लुंड को और ज्यादा रुकसाना के गांड पर प्रेस कर देता hai.......ruksana कसमसाने लगती hai..........ek तो अजय ने पहले से हे उसे गरम कर के रखा हुआ था ऊपर से ज़ैद का खड़ा लुंड उसकी गांड में घुसने के लिए बेताब tha.......zaid के लुंड के एहसास से रुकसाना होर्नेय होने लगती hai............ruksana के दिमाग में कल रात वाला सन चलने लगता hai...kaise ज़ैद अजय की मम्मी को बेरहमी से छोड़ रहा tha...........zaid का बड़ा लुंड उसके दिमाग में घूमने लगता है..........

रुकसाना - लेकिन बीटा कोई देख लेगा तो गलत सोचेगा ना.........

ज़ैद - जिसे जो सोचना है सोचने do........mai तो अपनी खूबसूरत अम्मी से जब चाहे प्यार karunga.......bolkar ज़ैद दोबारा रुकसाना के गाल को किश कर देता है.......

ज़ैद के किश करने से रुकसाना का जिस्म सिहर उठता है............

रुकसाना न चाहते हुए व् होर्नेय होने लगती है........

रुकसाना के गाल पर ज़ैद ने जैसे हे किश किया रुकसाना के मुँह से एक कामुक सिसकी निकल गयी.......... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh betaaaaaaaaaa plssssssssssssss...........chhoro न mujhe......kaam करने दो.............

ज़ैद अपने लुंड को हल्का हल्का अपनी अम्मी की गांड पर रगड़ते हुए bola...........aap काम करो न ammi...........mujhe आपको जी भर कर करना hai.............zaid ने जानबूझ कर डबल मीनिंग में बोलै.........

रुकसाना व् ज़ैद के मोठे लुंड को अपने गांड पर महसूस करके होर्नेय हो रही thi....isliye रुकसाना व् मज़ा लेते हुए बोली.....

रुकसाना - ाचा जी भट प्यार उमड़ रहा अपनी अम्मी par.........kyaaaaaa बाहात्त्त्त हैईईईई..............

ज़ैद - आप हो हे इतनी खूबसूरत इतनी प्यारी इतनी मस्त..........

रुकसाना अपने गांड को ज़ैद के लुंड पर खुद से हल्का हल्का चलने lagi......jisse ज़ैद का लुंड और ज्यादा अकड़ gaya........or ज़ैद अपनी अम्मी के कमर को कास कर पकड़ लिया.......

रुकसाना - आउच क्या करते हो badmash.......itni ज़ोर से पकडे हो की मेरी साँस हे अटक जाएगी.............

ज़ैद डबल मीनिंग में बोलै - आप को पीछे से देख कर मुझसे रहा नहीं gaya............aap पीछे से तो और ज्यादा खूबसूरत लगती हो ammi.........kya जिस्म बनाया है ऊपर वाले ने apka..........ekdam perfect..............aisa लगता है कोई जन्नत की हूर है मेरी ammi........aage से व् खूबसूरत पीछे से व् खूबसूरत...........

रुकसाना - मई एक जवान बेटे की अम्मी hu......mai अब बुद्धि हो चुकी हु मोती हो चुकी hu............patli दुबली खूबसूरत अब नहीं रही mai.................ab कहा वो जवानी की batein........mai कोई 18 साल की लड़की थोड़ी हु...........

ज़ैद - आपके सामने 18 तो क्या हर आगे की लड़कियां फ़ैल hai............mujhe पतली दुबली लड़कियां एकदम पसंद नहीं hai..........aap मुझे अपने जैसी लड़की खोज कर शादी करवाना ammi..............jiski हर चीज़ बड़ी बड़ी मोती मोती हो आपके जैसी...........

रुकसाना का दिल ज़ोरो से धड़कने लगता है ज़ैद को बातो se.........har चीज़ बड़ी बड़ी मोती मोती का क्या मतलब है ज़ैद ka......wo कही मेरी चुकी और गांड की बात तो नहीं कर raha..........ye सोच कर तो रुकसाना शर्म से पानी पानी हो जाती है..........

रुकसाना - क्या बड़ी बड़ी और मोती moti.......mai समझी नहीं बीटा............

ज़ैद - आपका फिगर ammi......apka फिगर इतना लाजवाब hai.....ki मई क्या bataun........apko कोई आगे से देखे या पीछे se.........dono तरफ से आप जन्नत की हूर लगती ho...........mera बास चले तो मई दिन रात आपको प्यार करता rahu.......bolkar ज़ैद रुकसाना की गर्दन पर किश कर लेता hai.....ruksana तड़प उठती है......

रुकसाना - aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh बीटा क्या करते हो मई तुम्हारी अम्मी hu.......Ammi के साथ ऐसा नहीं करते............

ज़ैद - जिसकी अम्मी आपके जैसी खूबसूरत और सेक्सी हो वो भला खुद को कैसे रोक सकता है प्यार करने se............bolkar ज़ैद रुकसाना के कानो को अपने होंठ में भर कर चूस लेता है.............

रुकसाना - aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh बीटा क्या करते हो..... plssssssssssssss अब जाओ यहाँ se......warna मुझसे थप्पड़ खाओगे............

ज़ैद अब रुकसाना के पेट को सहलाते हुए उसके कण को चूसने लगता hai....or गर्दन पर किश करने लगता hai.........ruksana की आंखें बंद हो जाती है कामुकता की वजह से............... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh nhiiiiiiiiiiii betaaaaaaaaaa plssssssssssssss ऐसा मत karo...ye सही नहीं hai.....mai तुम्हारी अम्मी hu.....aaj क्या हो गया है तुम्हे........... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh उम्मम्मम्म आआआआअह्हह्ह्ह्हह betaaaaaaaaaa रुक jao.............ankhein बंद किये हुए रुकसाना बड़बड़ाने lagi..............lekin ज़ैद को हटाने की ज़रा व् कोशिश नहीं कर रही thi.....kyu की रुकसाना को भट ज्यादा मज़ा आ रहा था...........

रुकसाना के निप्पल टाइट हो चुके थे ........कोई व् औरत जब होर्नेय होती है तो उसके निप्पल अपने आप टाइट हो जाते hai........ruksana की बड़ी बड़ी चुकी जैसे कपडा फाड़ कर बहार आने को बेचैन हो गयी थी.........







ज़ैद व् इतना जोश में आ चूका था की अपनी अम्मी का पेट सहलाते हुए उसका हाथ अचानक रुकसाना के चुकी पर चला जाता hai........ruksana एकदम से हड़बड़ा जाती hai.....or ज़ैद को धक्का देकर अपने से दूर कर देती है......

रुकसाना - बद्तमीज़ ये क्या कर रहे ho....mai तुम्हारी अम्मी hu..........badbakht..........jao यहाँ se....warna मुझसे बुरा कोई नहीं होगा.........

ज़ैद की डर से हालत ख़राब हो जाती है अम्मी का गुस्सा देख कर........

ज़ैद - सॉरी अम्मी वो गलती से हो गया....... plssssssssssssss मुझे माफ़ कर दो.......

रुकसाना - तुम पूरा बिगड़ गए हो अजय के साथ रह kar..........apni अम्मी के साथ ऐसी गन्दी हरकत करते हुए शर्म नहीं अति tumhe.......ruko तुम्हारे अब्बू को बताती हु.............





ज़ैद डर से मन हे मन सोचने लगता है - अब तो मई gaya...agar अम्मी ने अब्बू का बता दिया तो मेरी तो खैर nhi...........maine जल्दबाजी कर di..........ab मई क्या करू......

ज़ैद - plssssssssssssss अम्मी अब्बू को मत batana......aap जो बोलोगी मई करूंगा लेकिन प्लस अब्बू को मत batana..........aap तो मेरी प्यारी अम्मी ho......duniya की सबसे अच्छी ammi.........mujhse गलती हो gayi..........wo आप इतनी खूबसूरत हो हे की मुझसे गलती हो गयी...........

अपनी तारीफ सुन कर रुकसाना थोड़ा नार्मल हो जाती है..........

रुकसाना - अब जाओ यहाँ से वर्ण ......

ज़ैद अपनी नज़रें झुका कर वह से चला जाता है..........

रुकसाना की सांसे अभी व् तेज़ तेज़ चल रही thi..........ruksana मन में सोचने लगती hai...............maine हे नहीं रोका use......agar मई पहले रोक देती तो वो इतना आगे नहीं badhta...........lekin क्या सच में मई भट खूबसूरत hu..........jo मेरा खुद का बीटा मुझे गन्दी नज़रो से dekhe...........isme उसकी क्या गलती अगर मई इतनी खूबसूरत हु to..........wo व् तो एक जवान लड़का hai......aurat के गदराये जिस्म को देख कर कोई व् जवान मर्द बहक jaega..........zaid का इस तरह से मुझे प्यार करना कितना ाचा लग रहा था................

यही सब सोचते हुए रुकसाना किचेन में काम करने लगती है..............

दो घंटे गुज़र जाने के बाद व् ज़ैद अपने कमरे से बहार नहीं निकलता तो रुकसाना खुद उसके कमरे में जाती hai.........or उसके सामने बैठ कर हल्का मुस्कुरा कर कहती hai..................nashta क्यों नहीं किया tumne.....mai कबसे वेट कर रही हु .....

ज़ैद अपनी नज़र नीची किये हुए हे कहता है - अम्मी मुझे भूख नहीं है..........

रुकसाना - ाचा बाबा sorry........lekin मई तुम्हारी अम्मी हु beta....apni अम्मी के साथ ऐसी गन्दी हरकत नहीं किया jata........ye गुनाह hai........meri तरफ देखो पहले .......

ज़ैद जैसे हे अपनी अम्मी के तरफ देखता hai........uska दिल धक् सा रह जाता hai......ruksana ने जान बुझ कर अपने दुपट्टे को चुकी में नहीं ढाका tha....jiski वजह से उसकी बड़ी बड़ी चुकी कपडा के अंदर व् एकदम टाइट लग रही thi.......or रुकसाना ने सर पर दुपट्टा बांध रखा tha........uske लाल लाल होंठ चेहरे पर दुपट्टा चमकता चेरा और बड़ी बड़ी चुकी देख कर ज़ैद का लुंड दोबारा से खड़ा होने लगता है........

ज़ैद अपनी अम्मी के चुकी को घूरते हुए बोलै - अम्मी आप सच में भट खूबसूरत हो इसलिए मुझसे गलती हो gayi.........apko देख कर दुनिया के किसी व् लड़के का मन मचल उठेगा...............

रुकसाना ज़ैद को इस तरह अपनी चुकी को घूरता देख कर मन हे मन मुस्कुराने lagi..........ruksana को एक अजीब सी फीलिंग्स आ रही थी अपने हे बेटे को अपनी चुकी घूरता देख कर..............





रुकसाना मुस्कुरा कर बोली - बीटा लेकिन मई तुम्हारी अम्मी hu..........yesab गलत है beta.....apni अम्मी के साथ ये सब नहीं किया जाता भट बड़ा गुनाह है ये.........

ज़ैद रुकसाना की चुकी को घूरते हुए अपने होंठो पर ज़बान फेर दिया और बोलै - मई क्या कर सकता हु ammi...........ap इतनी ज्यादा खूबसूरत हो he......mujhse कण्ट्रोल नहीं हुआ...........

रुकसाना ज़ैद के सर पर हाथ फेरते हुए बोली - जाओ मैंने माफ़ किया लेकिन नाश्ता तो कर लो beta...nashta से कैसी नाराज़गी......

ज़ैद - लेकिन मई कैसे मनु की आप ने मुझे माफ़ कर दिया.....

रुकसाना मुस्कुरा कर बोली - तो तुम कैसे यकीं करोगे की मैंने तुम्हे माफ़ कर दिया.......





ज़ैद - वोटो आप मुझे यकीं दिलाओगी........

रुकसाना - भट ज़िद्दी हो तुम .....बोलकर रुकसाना ज़ैद के गलो पर किश ले लेती hai........ab यकीं हुआ....????

ज़ैद - नहीं अभी व् मुझे डाउट hai...kahi अपने अब्बू को बता दिया तो........

रुकसाना - अरे बाबा नहीं बताउंगी ..... प्रॉमिस ....

ज़ैद - पक्का नहीं बताओगी न.......

रुकसाना - हाँ बाबा pakka......ab चलो नाश्ता खा लो.........

ज़ैद - नहीं पहले मुझे कन्फर्म करना है की आपने मुझे माफ़ कर दिया......

रुकसाना - लो फिर से मई तुम्हारे गाल पर किश कर देती hu......bolkar जैसे हे रुकसाना ने ज़ैद के गाल पर किश करने के लिए अपने होंठ ज़ैद के गाल के तरफ बढ़ाया ज़ैद ने अपना चेहरा घुमा liya.....or रुकसाना के होंठ ज़ैद के होंठो से टकरा gaye........yesab इतनी जल्दी हुआ की रुकसाना को सँभालने का व् मौका नहीं mila..........or ज़ैद ने फ़ौरन अपनी अम्मी का सर पकड़ कर उसके होंठो को अपने होंठो में दबोच liya.........ruksana कुछ समझ पाती उससे पहले ज़ैद उसके होंठो को चूसने laga........ruksana अपने चेहरे को पीछे ले जाना छह रही थी लेकिन ज़ैद ने उसके बालो. कक ज़ोर से पकडे हुए रुकसाना के होंठो को चूसे जा रहा tha...........ruksana व् एकदम मदहोश हो गयी ज़ैद के इस तरह होंठ चूसने से...............

ज़ैद का नंगा जिस्म वो व् गयम किया हुआ गठीला जिस्म पर रुकसाना के हाथ अपने आप चलने lage.........ruksana व् मदहोशी में ज़ैद के होंठो को चूसने लगी और अपने हाथो को ज़ैद के गर्दन पर लेजाकर उसके गर्दन और सर को सहलाने लगी........





ज़ैद ने अपना एक हाथ लेजाकर अम्मी के कमर पर रख diya.......or अम्मी को अपनी और ज़ोर से खींच liya.....ammi व् सूखे पत्ते की तरह खींचती चली गयी .......और ज़ैद के गर्दन पर हाथ रख कर अपना एक हाथ उसके छाती लार ले जाकर सहलाने लगी........

पूछ पूछ पूछ की आवाज़ पूरे कमरे में गूंजने लगा..........





लग भाग दस मिनट तक एक दूसरे का होंठ चूसने के बाद जैसे हे ज़ैद ने अम्मी के होंठ को आज़ाद किया अम्मी की आंखें अभी व् बंद थी.....

अम्मी ने धीरे धीरे आंख खोली और ज़ैद को भट हे सेक्सी नज़रो से देखते हुए मुस्कुरा दी.....

अम्मी - आखिर तुमने अपने मैं की करवा हे लिया mujhse.......ab तो नाराज़ नहीं हो न......





ज़ैद ने दोबारा अम्मी के बालो को पकड़ कर उसके होंठो को दबोच liya.....or फिर से रुकसाना के रसीले होंठो को चूसने laga..........or अपने हाथो को धीरे धीरे कमर से ऊपर करने लगा.......

रुकसाना का दिल ज़ोरो से धड़कने लगा ज़ैद के इस तरह हाथ उसकी चुकी के तरफ बढ़ाने से............

रुकसाना किश तोड़ते हुए ज़ैद को रुआँसी आँखों से देखते हुए कहने लगी....... plssssssssssssss ज़ैद वह नहीं .......... plssssssssssssss ये गलत hai..........tumne किश लिया मैंने कुछ नहीं bola....lekin अब जहा तुम हाथ रखना छह रहे हो वह नहीं..... plssssssssssssss





ज़ैद अपनी अम्मी का खूबसूरत चेहरा देख कर और व् जोश में आ gaya..........is तरह रिक्वेस्ट करते हुए रुकसाना और व् ज्यादा हसीं ो कमाल दिख रही thi.....uske होंठ चूसने के वजह से और व् ज्यादा चमक रहा tha..........hontho को सुर्खियां और ज्यादा बढ़ गयी thi..........ruksana की आँखों में हवस साफ़ नज़र आ रही थी...........

ज़ैद मुस्कुरा कर अपनी अम्मी को कमर से पकड़ कर अपने सीने से सत्ता liya.......or रुकसाना की आँखों में देखते हुए बोलै.......

ज़ैद - आप से खूबसूरत लड़की मैंने आज तक अपनी ज़िन्दगी में नहीं देखा है अम्मी jaan..............aapka हर चीज़ बड़ा बड़ा और बेहद खूबसूरत है........

रुकसाना ने शर्म से अपनी नज़रें झुका ली.......





रुकसाना बैठी हुयी आवाज़ में धीरे से बोली - और कितना तारीफ करोगे beta.....ab चल कर नाश्ता कर लो न plssssssssssssss मैंने भट प्यार से तुम्हारे लिए बनाया है........

रुकसाना एक नशीली आँखों से ज़ैद को देख कर ये बोल रही थी........





रुकसाना के गले पर एक लॉकेट लटक रहा था जिसमे सफेटीपीन 🧷 लटक रहा tha.......chuchi के दरार में घुसने की कोशिश कर रहा था वो पिन........

ज़ैद ने अपना हाथ आगे बढ़ा कर पिन को छेड़ते हुए kaha.......ammi जान ये पिन लहि आपके दूध पर चुभ गया तो........

रुकसाना अपने दूध के तरफ देखती है फिर ज़ैद की आँखों में सेक्सी नज़र से देखते हुए कहती hai........ok बीटा हटा लुंगी मई इसे........

ज़ैद अपने दोनों हाथ आगे बढ़ा कर पिन को निकलते हुए bola......lao मई हटा देता हु.............

जैसे हे ज़ैद का हाथ चुकी से टकराया रुकसाना की लज़्ज़त के वजह से आआआआअह्हह्ह्ह्हह निकल गयी......... उम्मम्मम्मम्म बीटा आराम से कही चुभ न जाये.........

ज़ैद - मेरे रहते आपको कोई नुकसान नहीं हो सकता मेरी प्यारी अम्मी जान......

ज़ैद धीरे धीरे पिन को निकलते हुए अपने हाथो से चुकी को व् सहलाने laga......ruksana समझ रही थी ज़ैद उसकी चुकी सहला रहा है पिन निकलने के bahane..........ruksana को व् अब इस खेल में भट ज्यादा मज़ा आने लगा था........... रुकसाना जान बुझ कर अपनी चुकी को और ज्यादा बहार की और निका di......zaid समझ गया अम्मी व् जोश में आ चुकी hai.............lekin अब वो जल्दबाजी नहीं करना छठा tha.......wo वैसे हे पिन निकाल कर एक तरफ फेक दिया.........





Aaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhh अम्मी आपके दूध कितने बड़े बड़े और सुडोल है........

रुकसाना - धत्त बदमाश अपनी अम्मी को ऐसा नहीं बोलते.............

ज़ैद रुकसाना को फिरसे कमर से पकड़ कर अपने सीने में खींच लेता है और रुकसाना के होंठो को अपने ऊँगली से छेरते हुए कहता है.......

ज़ैद - जिसकी अम्मी इतनी हॉट न सेक्सी हो उसकी तारीफ तो बनती है न अम्मी.......

रुकसाना हंस पड़ती hai.......hehehehehe कितने बदमाश हो गए हो tum......kuchh दिन घर से बहार क्या रहे तुम एकदम बिगड़ गए हो...........





ज़ैद - आपको देख कर तो फरिश्ते व् बिगड़ jaenge....mai तो फिर व् इंसान हु अम्मी jann........bolkar ज़ैद रुकसाना के होंठो को अपनी ऊँगली से मसलने लगा.......

रुकसाना एकदम कसमसा गयी....... plssssssssssssss ज़ैद अब तो छोरो मुझे ......और कितना पैर करोगे अपनी अम्मी से......

ज़ैद - आपको तो मई ज़िन्दगी भर ऐसे हे प्यार करूँगा मेरी जान ammi.......bolkar ज़ैद फिर से अम्मी के होंठो को चूसने लगता hai......or इस बार डायरेक्ट अपना हाथ रुकसाना की चुकी पर रख deta........or हल्का हल्का सहलाने लगता है.........

इस बार रुकसाना व् कुछ नहीं बोलती और ज़ैद के हाथो अपनी चुकी दबवाने लगती है और उसके होंठो को चूसने लगती है...........

दरअसल अजय ने रुकसाना के छूट में इतना आग लगा दिया था की ज़ैद को ज्यादा म्हणत नहीं करना पड़ा रुकसाना को बोतल में उतारने में........

ज़ैद अपनी अम्मी के होंठो को इस तरह चूस रहा था जैसे बरसो से प्यासा hai......dhire धीरे ज़ैद रुकसाना की चुकी को मसलने laga...........ruksana की छूट गीली होने lagi......wo इतनी गरम हो चुकी थी की वो अपने दोनों हाथो से ज़ैद को ज़ोर से पकड़ ली और उसके पूरे जिस्म पर अपना हाथ फेरते हुए ज़ैद के होंठो को चूसने lagi.....jise आज वो अपने हे बेटे के होंठो को खा जाएगी........





इतने में बहार से ज़ैद के अब्बू की आवाज़ ayi.......ruksana ू रुकसाना खा ho.....jldi नाश्ता दो yar......late हो रहा है......

रुकसाना हड़बड़ा कर ज़ैद से अलग huyi.....or ज़ैद को आंखें फाड़ कर देखते हुए boli........ya खुद तुंहरे चक्कर में मई तो भूल हे गयी की तुम्हारे अब्बू को नाश्ता देना है.......

रुकसाना का सारा हुआ चेहरा बड़ी बड़ी आंखें और लाल लाल होंठ देख कर ज़ैद उसकी खूबसूरती पर फ़िदा हो gaya.......or फिर उसे बहो में भर लिया......





रुकसाना - ज़ैद पागल मत बनो छोरो मुझे ........अब्बू को नाश्ता देना hai......warna वो भट गुस्सा करेंगे........

ज़ैद - जिसकी बीवी इतनी हसीं हो वो कभी गुस्सा कर हे नहीं sakta.....or अगर गलती से गुस्सा हो व् जाये तो रात में बिस्टेर पर आप तो पक्का अब्बू को मना logi.......hai क नहीं........

ज़ैद के इस बात से रुकसाना का चेहरा शर्म से लाल हो gaya........zaid को खा जाने वाली नज़रो से देखते हुए boli........bht मालुम है तुम्हे ......बदमाश ....बोलकर ज़ैद के सीने में एक मुक्का मरी और बोली जाने दो मुझे...........





ज़ैद - जाने दूंगा लेकिन मुझे एक चुम्मा चाहिए वो व् zordaar........jaise अभी कुछ देर पहले आप मेरे होंठो को चूस रही thi.....waise...........

रुकसाना रोनी सूरत बना कर - plssssssssssssss naaaaaaaaaaa ज़ैद तंग मत करो मुझे जाने दो......

इतने में ज़ैद के अब्बू फिर आवाज़ दिए - अरे बेग़म कहा चली गयी जल्दी नाश्ता दो......

रुकसाना - plssssssssssssss plssssssssssssss ज़ैद जाने दो नाआआआ......

ज़ैद - नहीं पहले किश.......

रुकसाना - भट गंदे हो तुम zaid.....bolkar ज़ैद के होंठो को जल्दी सा किश करके बोली लो कर दिया मैंने kiss...ab तो जाने दो......

ज़ैद - ऐसे नहीं मेरी जान ammi.......french किश.......

बोलकर ज़ैद रुकसाना के बालो को पकड़ कर अपने होंठ उसके होंठ पर रख दिया और चूसने laga...............ruksana की आंखें. बंद हो gayi.....or रुकसाना के हाथ ज़ैद के सर पर चलने लगा.............

ज़ैद ने अपना हाथ अम्मी के चुकी पर रख कर ज़ोर ज़ोर से मसलने laga....is बार रुकसाना विरोध करने के बजाये अपने आप को और ज्यादा ज़ैद के तरफ धकेलने lagi.......or मदहोशी में उसके होंठो को चूसने और खाने lagi.........wo अब अपने शोहर को आवाज़ को भूल कर अपने बेटे के जिस्म से चिपकी हुयी अपने चुकी मसलवा रही थी.............

ज़ैद अब्बू के डर से रुकसाना को छोर देता hai......lekin रुकसाना उसी तरह मदहोशी में आंखें बंद किये हुए कड़ी थी.......

ज़ैद - अम्मी अब जाओ वर्ण अब्बू आ जाएंगे यहाँ.........

रुकसाना अपनी आंखें खोल कर छुडासी नज़रो से ज़ैद को देखने लगती hai...jaise कह रही हो की अधूरा मुझे क्यों छोर दिया तुमने......... plssssssssssssss मेरी छूट की प्यास बुझा do.........ruksana उदास मैं से वाला से चली जाती है..............
 
नाश्ता के टेबल पर जाकर ज़ैद बैठ जाता है.........

अब्बू - और बरखुरदार पढाई किसी चल रही है.......

ज़ैद - ाचा चल रहा अब्बू.......

उधर से रुकसाना नाश्ता लेकर टेबल पर रख देती है.......

ज़ैद अपनी अम्मी को खा जाने वाली नज़रो से देखते हुए मुस्कुरा देता hai.......ruksana शर्म से लाल हो जाती है........





रुकसाना जान बुझ कर अपने शोहर के पीछे कड़ी हो जाती है ताकि उसका शोहर उसे देख न पाए.......

नाश्ता कहते हुए ज़ैद बार बार अम्मी को हे घर रहा था.........

अचानक ज़ैद अपनी अम्मी को आंख मार देता है............

रुकसाना बनावटी गुस्सा से देखते हुए ज़ैद को इशारा करती है की अब्बू बैठे है ऐसी हरकत मत करो.......





ज़ैद एक कातिल मुस्कान दे देता है.......

रुकसाना जान बुझ कर अपने दुपट्टे को चुकी से साइड करके राखी हुयी थी ताकि ज़ैद उसकी चुकी को आराम से देख सके.......

डाइनिंग टेबल से एक बड़ा और मोटा केला उठा कर ज़ैद अपनी अम्मी को दिखते हुए शरारती अंदाज़ में कहता hai.....ammi केला खाओगी...........

रुकसाना के दिल की धड़कन भट तेज़ हो जाती है ...वो ज़ैद की डबल मीनिंग बात को समझ रही थी.........

रुकसाना गुस्से वाली आँख दिखते हुए ज़ैद को मन करती है.........





ज़ैद फिर कहता है - लो न अम्मी केला खाओ न........

रुकसाना मुँह बनाते हुए कहती है - मुझे नहीं कहानी तुम हे खाओ अपना केला.........

रुकसाना के मुँह से निकल जाता है तुम्हारा kela......wo फ़ौरन अपने मुँह पर हाथ रख लेती बाई

ज़ैद मुस्कुराने लगता है और केला को अपने मुँह में लेकर चूसने लगता है जैसे वो लुंड चूस रहा ho........in सब से अनजान ज़ैद के अब्बू नाश्ता करने में बिजी थे........

रुकसाना की साँस फूलने लगती है ज़ैद के इस तरह केला चूसने se.....ruksana को ऐसा लगता है जैसे वो ज़ैद का मोटा लुंड चूस रही hai..............ab रुकसाना ज़ैद को खा जाने वाली नज़रो से देखते हुए इशारे से आंख दिखती है और चुप रहने को कहती hai.........lekin उसके जिस्म में हलचल मची हुयी thi..........uska अपना हे बीटा उसके जिस्म को घर रहा था और उसकी चुकी चूसने के लिए बेचैन था..........





अब्बू - अरे रुकसाना बीटा इतने दिन बाद घर आया है और तुम उससे कुछ पूछ नहीं रही ho.......itna कम् क्यों खा रहा और क्या चाहिए........

रुकसाना - व वो मई पूछने हे वाली थी जीई.........

बेटा और क्या loge..........bolte हुए रुकसाना थोड़ा झुक गयी जिसकी वजह से सलवार सूट में डीप गाला के वजह से उसकी चुकी को घाटी ज़ैद को दिखने लगी अंदर तक.........

ऐसा रुकसाना ने जान बुझ कर लिया था ताकि ज़ैद उसकी चुकी के दर्शन आराम से कर sake..........or ये कह कर रुकसाना अपनी आँखों को नाचने लगी ......सेक्सी अंदाज़ me.......mano कह रही हो मेरी चुकी चाहिए क्या मेरे बेटे को.........





ज़ैद ने रुकसाना की चुकी के तरफ इशारा कर diya........jo सिर्फ ज़ैद और रुकसाना ने देखा...........

रुकसाना मुस्कुराते हुए ना में सर हिला दी..........

ज़ैद ने अपने ज़बान को अपने होंठो पर फेर diya........mano वो रुकसाना को चुकी चाट रहा हो...........

रुकसाना ने अपने होंठो को गोल करके इशारे में ज़ैद को बोलै ये नहीं मिलने wala.......or मुस्कुरा दी......





ज़ैद - अम्मी मुझे दूध पीना hai......bolkar ज़ैद रुकसाना की चुकी को घूरने लगा.....

रुकसाना - दूध नहीं मिलने वाला hai.....chup चाप से खाना खाओ.....

अब्बू बिच में बोल पड़े - क्यों क्या हुआ दूध ख़तम हो गया है kya........gawala ने आज दूध नहीं दिया ?

रुकसाना - नहीं नहीं ऐसी बात नहीं है जी ....वो क्या है की ये दूध पि लेगा तो फिर नाश्ता नहीं कर पाएगा.........

बोलकर रुकसाना गुस्से से ज़ैद के तरफ देखने लगी.........





अब्बू - सही तो कह रही है अम्मी ....पहले नाश्ता कर lo...fir बाद में दूध पी लेना........

ज़ैद शरारती लहज़े में बोलै - तो आप हे बोल दो अम्मी को की मुझे दूध दे de......warna वो बाद में व् मन karegi.....dene से......

अब्बू - बाद में क्यों मन करेगी .......क्यों रुकसाना ये क्या बोल रहा......

रुकसाना - उसकी तो मज़ाक करने की आदत hai.......mai भला क्यों मन करुँगी जी......

ज़ैद - अब्बू के जाने के बाद मुझे दूध पिने नहीं डौगी तो मई अब्बू को बता दूंगा.......

अब्बू - अरे नहीं बीटा अम्मी तुम्हे दूध degi.....kyu रुकसाना डौगी न ...????

रुकसाना खा जाने वाली नज़रो से ज़ैद को देखने लगी.........

ज़ैद - बोलो न ammi......dogi न.....

रुकसाना - हाँ दूंगी अब जल्दी से नाश्ता ख़तम करो.........





अब्बू जल्दी पालड़ी नाश्ता करके जाने लगे तो अम्मी व् उनके पीछे दूर तक चली गयी और अपने सर पर दुपट्टा धक् लिया.......

अब्बू - किसी चीज़ की ज़रूरत होगी तो कॉल कर देना मुझे.....

अम्मी अपने दुपट्टे को सर पर ठीक करते हुए बोली - जी कर lungi.........khuda हाफिज.......





इधर ज़ैद अभी व् डाइनिंग टेबल पर हे बैठा था........

रुकसाना - और कुछ लोगे क्या बीटा.....

ज़ैद - मुझे जो चाहिए वो आपको मैंने बता दिया........

रुकसाना - तुम्हे क्या चाहिए मुझे कैसे पता .......बोलकर रुकसाना अपने खुले बालो को सवारते हुए एक सेक्सी नज़र से ज़ैद को देखि और एक कातिल मुस्कान देते हुए अपनी नज़र झुका कर प्लेट उठाने लगी.......





ज़ैद - अम्मी आप सच में भट खूबसूरत ho.....apke जैसी औरत पूरी दुनिया में नहीं होगी........

अम्मी अपने ज़ुल्फो से खेलते हुए मुस्कुरा दी और बोली - चल झूठा ........सुबह से तुझे देख रही हु .......लगता है आज तू भांग खा कर आया है...........





ज़ैद - वही समझ lo.......apke जो दो बड़े बड़े है न उनको देख कर हे नशा चढ़ जाएगा किसी को v....fir उसे भांग खाने की क्या ज़रूरत है........

रुकसाना - मेरी क्या दो बड़ी बड़ी.......

ज़ैद - आपकी आंखें और क्या ammi.......apki आंखें सच में भट खूबसूरत और नशीली है...........

रुकसाना को अपनी तारीफ़ भट अछि लग रही थी........

रुकसाना ने डीप गला से झांकती हुयी चुकी पर हाथ फेरते हुए ज़ैद को नशीली आँखों से देखा और बोलै.........

हाँ वोटो hai......meri आंखें सच में भट बड़ी बड़ी hai..........tumhare अब्बू व् हमेशा तारीफ करते है.......





ज़ैद - आज तक अपने किसी दूसरे मर्द से दोस्ती हे नहीं ki.......warna आपको पता चलता की आ कितनी खूबसूरत ho.....or आप कितनी स्पेशल हो........

रुकसाना - है तौबा ये क्या बोल रहे ho.....dusre मर्द से दोस्ती हमारे यहाँ नहीं hoti.....ye गुनाह है......

ज़ैद - फिर तो आपको पता हे नहीं अम्मी की दुनिया में क्या क्या हो रहा hai.........dosti करना कोई गुनाह nhi........or आपके जैसी खूबसूरत औरत से दोस्ती करना कौन नहीं चाहेगा..........

रुकसाना - क्या फालतू बात लेकर बैठ गए हो तुम v......mujhe जैसी बुद्धि औरत से भला अब कौन दोस्ती करेगा.......





ज़ैद - आप और buddhi....hahahaha कभी खुद को ेने में तो देखिये aap......kya बाला की खूबसूरत है aap.....aapke घने काले baal...badi बड़ी हिरणी जैसी नशीली ankhein..........in आँखों से आप जिस मर्द को व् देख lo....uska वही खड़ा हो जाएगा........

रुकसाना - क्या बकते हो बद्तमीज़ कही के ज़रा व् शर्म नहीं तुम्हे की अपनी अम्मी से किस तरह बात की जाती है.......

ज़ैद - अरे मई रोंगटे खड़े होने की बात कर रहा हु.......

रुकसाना शर्म से लाल हो जाती है और शरमाते हुए कहती है - मुझे सब पता है तुम क्या कहना चाहते ho...mai व् तुम्हारी अम्मी hu.....samjhe न बदमाश...........





ज़ैद - अब जब समझ हे गए हो आप तो फिर वही samjho......lekin मैंने सच में रोंगटे खड़े होने की बात की थी.......

रुकसाना - ाचा जी और क्या है मुझमे ज़रा वो व् बता दो.......





ज़ैद - आप जब ज़ुल्फ़ें सहलाती हुयी नज़रें झुकाती हो तो कसम खुदा की किसी हूर से काम नहीं लगती हो.......

ऐसा कागने से रुकसाना अपनी ज़ुल्फ़ों को सहलाने लगती है.......





ज़ैद - और आपका ये जिस्म कातिल है kaatil......kya फिगर है apka.......jab आप चलती हो तो आपकी पीछे की थिरकन से तो फइलल पर छुरियां चल जाती hongi.......kitna गदर्य हुआ है आपका पीछे का ज़ीनत.........

ज़ैद की गन्दी बातो से रुकसाना मदहोश होनेलगती hai...uski आंखें आधी बंद आधी खुली हो जाती है जैसे वो नशा में आ चुकी है.........









इतने में रुकसाना अपने आ को सँभालते हुए कहती है....... अब जाओ तुम nahane....bht हो गया mazak.......mai व् चली कपडे चेंज करने.......

बोलकर रुकसाना अपने रूम में चली जाती hai.......or जान बुझ कर रूम का दूर ओपन रखती है और अपने सलवार को उतरती है फिर ज़ैद के तरफ देखते हुए अपनी पंतय उतरने लगती है.....

ज़ैद अपनी अम्मी की भरी भरकम चिकनी जांघ देख कर पागल हो जाता hai......uska मन करता है की जाकर पकड़ ले अम्मी ko.......lekin वो जल्दबाजी नहीं करना चाहता hai........wo बाद अपना लुंड मसल कर रह जाता है.......



 
रुकसाना मन में सोचती है - एक तरफ ये अजय मेरे पीछे पड़ा हुआ है और दूसरी तरफ अब मेरा खुद का बीटा मेरे पीछे पद गया hai.....kya मई सच में भट खूबसूरत hu............ye सोच कर रुकसाना मन हे मन मुस्कुराने lagi......apne हे बेटे को सडके करने में इतना मज़ा क्यों आ रहा mujhe.............aaj मैंने ोयो रूम जाने का वडा व् कर दिया है अजय ko........pata नहीं क्या होगा waha......nhi नहीं मई नहीं jaungi.........kisi ने देख लिया तो ........... ........फिर व् अगर किसी ने पहचान लिया to........nhi मई नहीं जाने wali........mobile में मज़ा लेने तक तो ठीक hai............yahi सब सोचते हुए रुकसाना अपने कपडे चेंज कर रही thi..........idhar ज़ैद अपनी अम्मी को कपडे चेंज करता हुआ देख कर पागल हुए जा रहा था.........

रुकसाना अपनी पंतय उतार कर साइड में रख देती है लेकिन ऊपर के कपडे नहीं utarti........usi तरह निचे से नंगी होकर अपने रूम के दूर को बंद करने दूर तक आती है और ऐसा रियेक्ट करती है जिसे उसे मालूम नहीं की ज़ैद उसे देख रहा hai........wo दूर बंद कर देती hai........zaid अपना लुंड पकडे वही सोफे पर बैठा रह जाता hai......ruksana एक छोटा सा टॉप पहन लेती है जो उसके शोहर ने हनीमून में ख़रीदा tha..........wo टॉप इतना छोटा था की आधा से ज्यादा जिस्म उसमे नंगा हे दीखता ...............रुकसाना इस टॉप को पहन कर पहले खुद को ेने में देखती है और शर्म से लाल हो जाती hai....................wo उस टॉप को हाथ में पकडे हुए असमंजस में पड़ी हुयी कड़ी कड़ी सोच रही thi..............tauba तौबा मई येसब नहीं कर सकती ...........लेकिन ज़िन्दगी व् तो चाँद दिनों की हे होती hai......kisi को नुकसान पहुँचाना गलत है लेकिन जिस काम से दोनों को ख़ुशी मिल रही हो वो गलत कैसे हो सकता hai.........akhir ऊपर वाले ने औरत और मर्द इसी लिए तो बनाया है की वो एक दूसरे को खुश rakhe..............or जब तक ये जवानी है तब तक हे तो मज़ा लिया जा सकता hai.....uske बाद बुद्धि होने के बाद कौन मज़े लेता hai..............ko व् हो आज मई अपने बेटे को ऐसा जलवा दिखाउंगी की उसका लुंड फट padega.........bht दूध दूध कर रहा है सुबह se..........aaj तू मेरा दूध देख हे ले beta.....or जी भर कर पी व् lena.........lekin थोड़ा तड़पने के बाद हहहहहहहएगे... रुकसाना वो टॉप पहन लेती है और खुद को ेने में देख कर शर्मा जाती है......... उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ क्या लग रही हु mai.........sach में मेरा जिस्म कितना भरा हुआ hai.....kisi व् मर्द का लुंड खड़ा हो जाये ये जिस्म देख kar............uska टॉप

इतना छोटा था की उसके गांड को व् ठीक से नहीं धक् पा रहा था...........

रुकसाना मन में - आज अपने हे बेटे को जवानी का वो जलवा दिखाउंगी की उसका लुंड का पानी पंत में हे निकल जाएगा हहहहहए........

अब रुकसाना हल्का मेकअप करती hai........or धड़कते दिल से अपने रूम से बहार आने के लिए दूर के पास कड़ी हो जाती hai......leki. उसकी हिम्मत नहीं हो रही थी दूर ओपन करने की.............





आआआखिर कार धड़कते दिल से जैसे हे दूर ओपन करती है सामने ज़ैद को देख कर उसका दिल भट तेज़ी से धड़कने लगता hai.........zaid जैसे हे अपनी अम्मी को इस ड्रेस में देखता है वो हैरानी से आंखें फाड़े चेयर से खड़ा हो जाता hai....or शॉकिंग मुद्रा में अम्मी को देखने लगता है...........

रुकसाना की चुकी तो जैसे उस टॉप से लगभग बहार हे थी सिर्फ निप्पल छुपा हुआ था.......

रुकसाना इस तरह अपने बेटे को खुद को घूरता देख कर एकदम से शर्म से लाल हो जाती है........

रुकसाना मुस्कुराते हुए कहती है - क्या हुआ बीटा ऐसे क्यों घर रहे हो कुछ चाहिए क्या तुम्हे........





ज़ैद - व वो वो अम्मी मुझे दूध पिणि है आपकी.........

रुकसाना - क्या बक रहे हो.....

ज़ैद - माँ मेरा मतलब है दूध पिणि है......

रुकसाना मुस्कुराते हुए कहती है - ठीक है बीटा अभी लती hu......bolkar रुकसाना किचन के तरफ जाने लगती है अपनी मोती गांड मटकाते huye.......or ज़ैद को सेक्सी नज़रो से देखते हुए अपने बालो को एक साइड करके सामने कर लेती है जिसकी वजह से उसकी नंगी पीठ कमाल की सेक्सी दिखने लगती hai...........ruksana की गांड उस टॉप में से थोड़ा थोड़ा झांक रही थी जो की रुकसाना को और ज्यादा चुदाई बना रही थी..........





Aaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhh साली क्या गांड है मेरी जान अम्मी तुम्हारी ...मन तो कर रहा तुम्हे कुटिया बना कर अपना खड़ा लुंड तेरी गांड में घुसा दू......

ज़ैद जान बुझ कर ज़ोर से ये बोलता है ताकि अम्मी सुन ले .........

रुकसाना जैसे हे सुनती है ज़ैद की बात उसका दिल भट ज़ोरो से धड़कने लगता hai.........uski छूट की आग और ज्यादा भड़क जाती hai...apne हे बेटे के मुँह से अपने लिए इतनी गन्दी बात सुन कर रुकसाना को ज़रा व् गुस्सा नहीं अत बल्कि और ज्यादा मज़ा अत hai...........ruksana वही रुक जाती hai...or ज़ैद को देखते हुए सेक्सी अंदाज़ में कहती hai.......kuchh कहा क्या tumne....bolkar अपने बालो को दोनों हाथो से पकड़ कर ठीक करने का नाटक करती hai......or अपने ऊँगली को अपने दांतो में रख कर हल्का काटने जैसा करती है जैसे वो ज़ैद को बताना छह रही हो की तुमने जो कहा उससे मेरी छूट में आग लग गयी hai.........ungli को अपने दांतो में दबा कर ज़ैद को देख कर मुस्कुरा देती है........

ज़ैद - हाँ वो वो मैंने कहा की आप भट सेक्सी लग रही हो अम्मी जान इस ड्रेस में........





रुकसाना - हहहहहहए शुक्रिया beta........lekin इतना व् नहीं दिख रही हु जितना तुम बोल रहे ho.......bolkar रुकसाना ज़ैद को तैसे करने क लिए अपने दोनों हाथो से अपने गांड को ऊपर से निचे तक सहला देती hai......ye देख कर तो ज़ैद की आंखें फटी की फटी रह जाती है...........

अपने गांड को दहकते हुए रुकसाना ज़ैद से कहती है - कुछ ज्यादा टाइट नहीं हो गया है ये dress.....dekho तो बीटा .......ये बात रुकसाना ज़ैद की आँखों में देखते हुए कहती है...........

ज़ैद - आप व् न अम्मी सच में कमाल लग रही हो आप इस ड्रेस me........akhor ये ड्रेस आपके पस अत कहा से.......





रुकसाना अपने बालो को सामने से पीछे की और ज़ोर से खटकती hai.......or ज़ैद को देखते हुए कहती है.......

तुम क्या करोगे जान कर.....

ज़ैद - बताओ न अम्मी plssssssssssssss

रुकसाना शरमाते हुए बोली - वो तुम्हारे अब्बू ने हनीमून पर ख़रीदा था जब हम लोग सिंगापुर गए थे हनीमून par....wahi se.....waha मैंने सिर्फ एक बार पहना था वो व् रूम के अंदर उसके बाद आज पहन रही hu........pahle से ज्यादा टाइट हो चूका है ये ड्रेस.........





ज़ैद - कहा टाइट है अम्मी ....यती एकदम फिट है आपके गदराये जिस्म के लिए........

रुकसाना मुस्कुराते हुए बोली - लेकिन मुझे तो टाइट लग रही है beta.......zara देखो पीछे से कितना टाइट hai.......atak सा गया है मेरे कमर par........or इसी बहाने रुकसाना अपने गांड को मटकाने लगती है जैसे बेल्ली डांसर करती है..........

ज़ैद की तो हवा टाइट हो जाती है इतनी उभरी हुयी खूबसूरत गदराया गांड को अपने नज़रो के सामने मरकता देख kar......or फिर रुकसाना फिर से अपने बालो को आगे कर लेती है ताकि ज़ैद उसके पूरे नंगी पीठ को आराम से देख सके........





Aaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhh अम्मी आज आप मुझे मार हे डालोगी ......इतनी उभरी हुयी गांड तो मैंने सपने में व् नहीं देखा hai..........zaid ये बात थोड़ा ज़ोर से बोलता है जो रुकसाना सुन लेती hai.....ruksana के चेहरे पर कातिल हंसी तैर जाती है........

रुकसाना - कुछ कहा बीटा तुमने.....

ज़ैद - न नहीं अम्मी कुछ व् तो नहीं कहा maine........wo मई कह रहा हु की आपसे खूबसूरत औरत इस धरती पर नहीं होगी I'm दमन सूरे.......

रुकसाना हँसते हुए - हर बीटा को अपनी अम्मी ऐसी हे लगती hai.......pahle तुम ये बताओ ये ज्यादा टाइट तो नहीं है न.......

ज़ैद - नहीं अम्मी सच कहा रहा हु एकदम मस्त फिटिंग hai....apke जिस्म के लिए हे बना है ये dress....aisa लग रहा मुझे......

रुकसाना - ाचा रुको मई थोड़ा हिल दोल कर देखती हु अगर मुझे कम्फर्टेबले नहीं लगा तो मई उतार दूंगी.......

रुकसाना हिलने डोलने के बहाने ज़ैद को रिझाने लगती hai.......or ज़ैद की आँखों में सेक्सी अदा से देखते हुए अपने गांड को हिलने लगती है और अपने बालो को झटका देने लगती है...........





ज़ैद का लुंड पंत के अंदर फुल टाइट हो चूका था अपनी अम्मी की गांड की थिरकन देख kar....wo पंत के ऊपर से अपना लुंड सहलाते हुए बेशर्मो की तरह अम्मी की गांड को घूरते हुए कहता hai.......ammi सच में आपका ये ड्रेस कमाल का hai......isme आप भट सेक्सी लग रही हो.......

रुकसाना - धत्त बदमाश अपनी अम्मी को सेक्सी बोलने में तुम्हे शर्म नहीं अति ......

ज़ैद - इसमें कैसी शर्म आप सेक्सी हो तो हो........

रुकसाना - ाचा जी मई किस जंगल से सेक्सी दिखती हु tumhe...........zara बताओ to......bolkar रुकसाना अपने गांड के तरफ इशारा करती hai.....kyu की रुकसाना जान रही थी ज़ैद क्या बोलेगा ....वो रुकसाना को गांड को हे सेक्सी बोल रहा था........





Aaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhh अम्मी जान क्या बताऊँ mai.....aap तो हर जंगल से सेक्सी ho....upar से लेकर निचे तक अंदर से लेकर बहार tak........jis व् जंगल से आपको देखा जाय आप हर जंगल से सेक्सी हो......

रुकसाना इतराते हुए बोली - बातें बनाना तो कोई तुम से seekhe..........tumhare कॉलेज में सिर्फ बातें बनाना हे सिखाया जाता है क्या..........

ज़ैद - नहीं और व् भट कुछ सिखाया जाता है......

रुकसाना - मुझे तो नहीं लगता ........ज़रा बताओ और क्या क्या सिखाया जाता है.......

ज़ैद अपने जगह से खड़ा हो गया और बोलै .....बताऊँ और क्या क्या सिखाया जाता है.......

रुकसाना शर्म से लाल हो गयी वो समझ गयी ज़ैद क्या कहना चाहता है........

रुकसाना - न बाबा न मत बताओ........... मुझे पता है तुम क्या करना चाहते ho.......mere करीब व् मत आना वर्ण मार खाओगे mujhse...........bolkar रुकसाना फिर से किचन में तरफ जाने लगती है इतराते hue.......or हल्का सा अपने गांड को मटका देती hai......apne एक ऊँगली को अपने दांतो टेल दबाते huye........jaise वो ज़ैद को ामान्तरण दे रही हो की औ मुझे बहो में भर लो........





किचन के अंदर जाकर रुकसाना हल्का फुल्का काम करने लगती है लेकिन उसे काम में मन नहीं लग रहा tha.....wo बार बार मुद कर ज़ैद का आने का इंतज़ार कर रही thi.........ki ज़ैद पीछे से ए और उसे बहो में दबोच कर निचोड़ ले उसकी जवानी ko...........wo झांक झांक कर देख रही थी की ज़ैद उसके पीछे क्यों नहीं aya.........use ज़ैद पर गुस्सा आने लगता hai.........wo बार बार दूर के तरफ देखे जा रही थी...........





जब रुकसाना से बरदास नहीं हुआ तो वो ज़ैद को आवाज़ से di.........beta ज़ैद ज़रा इधर आना......

ज़ैद - जी अम्मी अभी aya.........zaid ने जान बुझ कर एक निक्कर पहना हुआ tha........wo व् हाफ nikkar........dhila ढला.......

ज़ैद जैसे हे किचन के अंदर जाता है अंदर का नज़ारा देख कर पागल हो जाता hai........uski अम्मी ऊपर वाले डेस्क से कुछ निकल रही थी लेकिन उनका हाथ नहीं पहुँच रहा tha......jiski वजह से वो बार बार उछाल उछाल कर उस सामान तक पहुंचना छह रही thi....is दौरान अम्मी की गांड गजब की छुडासी लग रही thi.......unka छोटा सा कपडा उछलने के वजह से ऊपर हो गया था और उनकी गदरायी गांड को दरार साफ़ नज़र आने लगी थी........

ज़ैद इस नज़ारा को देख कर वही पर ठिठक कर रुक गया और भट गौर से अम्मी की गांड को घूरने laga...........or अपने लुंड को सहलाने laga..........itne में रुकसाना पीछे मुद कर ज़ैद को देखने lagi........apni गांड को घूरता देख कर रुकसाना के चेहरे पर एक कातिल स्माइल तैर गयी............

रुकसाना मन हे मन - देख लो बीटा अचे से देख लो ........इसी को मसलना है तुम्हे ........मसल मसल कर लाल कर देना मेरी निगोड़ी गांड ko........haay कितना मज़ा अत है जब ज़ैद मेरे जिस्म को सहलाता है..........

फिर रुकसाना कहती है - अब वही खड़ा रहोगे या यहाँ आकर मेरी हेल्प karoge..........yaha तुम्हे मैंने अपने हेल्प के लिए बुलाया है न की मुझे पीछे से घूरने के लिए..........





ज़ैद - जा की अम्मी ji......bolkar ज़ैद अम्मी के ठीक पीछे खड़ा हो गया और धीरे से अपना खड़ा लुंड अम्मी की मस्त गांड में सत्ता diya....jaise हे लुंड रुकसाना को अपनी गांड में चुभा रुकसाना सिहर uthi...........uski आंखें अपने आप बंद हो गयी.......

रुकसाना एक बार अपनी गर्दन घुमा कर ज़ैद के चेहरे को देखि ज़ैद व् रुकसाना को देखा और दोनों मुस्कुरा diye.......zaid रुकसाना की आँखों में हे देखते हुए अपने लुंड को और ज्यादा उसकी गांड में प्रेस कर diya..............ruksana अपनी आंखें बड़ी बड़ी कर के बोली......





रुकसाना - आउच क्या करते हो ...आराम से निकालो..........

ज़ैद - अभी घुसाया कहा हु जो निकल lu.....pahle घुसाने तो दो अम्मी मेरी जान........

रुकसाना ज़ैद को आंख मरते हुए बोली - इतना अंदर तो घुसा चुके हो और कितना अंदर घुसोगे...........





ज़ैद - अभी तो बहार हे है अंदर घुसा दूंगा तो आपको खुद पता चल जाएगा.......

रुकसाना ज़ैद का मतलब समझ रही थी की ज़ैद अपने लुंड के बारे में बोल रहा hai........wo ज़ैद की आँखों में देख कर मुस्कुराई और boli......jaldi करो न zaid....kitni देर लगते हो तुम कोई काम में...........





ज़ैद - अपने हे तो सिखाया है अम्मी की कोई काम आराम से करना चाहिए फुल कंसंट्रेशन के sath........wahi कर रहा हु.........

रुकसाना - हर जगह आराम से नहीं किया जाता ...कही कही पर भट तेज़ किया जाता है तब जाकर काम करवाने वाले को मज़ा अत है...........

ज़ैद - जब वैसा मौका आप डौगी तब आपको दिखा दूंगा मई कितना तेज़ कर सकता hu...............apne सोचा व् नहीं होगा मई इतना तेज़ karunga...........aap खुद मुझे रोकेगी अब बस अब बस ज़ैद और तेज़ नहीं अब बस

.........

ज़ैद की बातो से रुकसाना शर्मा जाती hai.......itna खुल्लम खुल्ला ज़ैद बात कर रहा था जैसे रुकसाना उसकी रखैल ho........sharam से रुकसाना की नज़र झुक जाती है...........





अब ज़ैद अपने लुंड को रुकसाना की गांड में धीरे धीरे करके दबाने लगता hai.....jiski वजह से उसका खड़ा लुंड कपडा के होते हुए व् रुकसाना की गांड की दरार में घुसता चला जाता hai.........or दोनों जांघों के बिच में जाकर फाड् जाता है............

रुकसाना मदहोश हो जाती है.........

ज़ैद - अम्मी थोड़ आगे सरको न मेरा हाथ नहीं जा प् रहा वह तक.......

रुकसाना ज़ैद की आँखों में देखते हुए कहती hai.........or कितना घुसोगे इतना अंदर तक तो घुसा चुके हो......

ज़ैद - क्या घुसा चूका हु अम्मी

रुकसाना - अपना हाथ बॉक्स में और क्या.......





ज़ैद - घुसाने की कोशिश कर रहा hu......lekin बॉक्स मुझे जगह हे नहीं दे रहा है..........

रुकसाना मुस्कुराते हुए - जगह खुद बनाना पड़ता है बीटा.......





ज़ैद - ाचा अब मई खुद जगह बना लेता हु........

बोलकर ज़ैद अपना एक हाथ निचे ले जाकर अम्मी को गांड में जैसे हे रखता है अम्मी की साँस अटक जाती hai..........ammi की गांड पहले हे लगभग नंगी thi...zaid के छूने से अम्मी के जिस्म में सिहरन दौड़ जाती है................

रुकसाना - बदमाश मैंने वह जगह बनाने को भी कहा tumhe....waha से अपना हाथ हटाओ.........

ज़ैद - अम्मी जान वह मुझे कुछ चुभ रहा है इसलिए मई देख रहा हु क्या चुभ रहा hai....lagta है अपना कपडा चुभ रहा hai.....ise मई थोड़ा ऊपर कर देता hu.....bol कर ज़ैद अम्मी के कपडे को गांड से ऊपर करके कमर पर रख diya.....ab रुकसाना की गांड पूरी नंगी thi.........jise ज़ैद अपने हाथो से सहला रहा tha..........or रुकसाना लुस्टि होती जा रही थी..........

रुकसाना - plssssssssssssss ज़ैद वह से हाथ हटाओ नाआआआआ plssssssssssssss हटाओ नाआआआआ......

ज़ैद - क्यों क्या हुआ अम्मी मई तो बस सहला रहा हु.........

रुकसाना - मुझे नहीं चाहिए तुम्हारा sahlana......ab अपना हाथ hatao.......bolkar रुकसाना अपने हाथ से ज़ैद का हाथ पकड़ कर अपने गांड से हटा देती है.......

ज़ैद दोबारा हाथ नहीं लगता वो समझ जाता है की माल अभी तैयार नहीं हुयी hai.......agar जल्दबाजी करूँगा तो गड़बड़ हो jaega..........zaid अपने लुंड को ऐसे हे हल्का हल्का अम्मी के गांड में दबा रहा था.........

रुकसाना एक अदा से अपने काजल को आँखों के साइड से ठीक करने के बहाने अपने गांड को लुंड पर दबा देती है जिससे लुंड और अंदर चला जाता है और रुकसाना की नंगी छूट पर रगड़ खाने लगता है...........





न चाहते हुए व् रुकसाना के मुँह से एक कामुक सिसकियाँ निकल जाती है...... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh betaaaaaaaaaa.......

ज़ैद - क्या हुआ अम्मी आप सिसक क्यों रही हो........

रुकसाना - कुछ नहीं बीटा वो आंख में कुछ पद गया था वही निकल रही थी.....

ज़ैद - लाओ अपनी आंख दीकहो मई निकल देता हु फूक कर......

रुकसाना अपनी आंखें बड़ी बड़ी कर लेती hai.......lo बेटा निकल लो ......





रुकसाना की खूबसूरत आँखों में देखते हुए ज़ैद कहता है - कितनी खूबसूरत आंखें है अम्मी जान apki.......ekdam दिव्या भर्ती के jaisi.........man करता है इन आँखों में खो जॉन.........

रुकसाना - अपनी अम्मी से फ़्लर्ट कर रहे ho.....badmash मरूंगी एक चमाट........

ज़ैद रुकसाना को बातो के जाल में फसा कर धीरे से अपना खड़ा लुंड निक्कर से बहार निकल लेता hai.....or अपने लुंड को रुकसाना की नंगी गांड के दरार में एक हे झटके में घुसा देता है...........

रुकसाना की तो साँस हे अटक जाती है............

रुकसाना - aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh zaiddddddddddddddd.............

रुकसाना का पूरा जिस्म काँप उठता है जैसे हे ज़ैद का लुंड उसके जिस्म से छूटा hai.............ruksana को ऐसा लगता है जैसे उसके जिस्म में 440 वाल्ट का करंट दौड़ गया ho.............uski आंखें कामुकता की वजह से बंद हो जाती है.........

रुकसाना - aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh ज़ैद ये क्या किया tumneeeeeeeeeeeee.................

ज़ैद अनजान बनते हुए बोलै - मैंने क्या किया अम्मी ....मई तो आपका हे काम कर रहा हु................

रुकसाना - plssssssssssssss ज़ैद बहार निकालो ........ plssssssssssssss naaaaaaaaaaa.........

ज़ैद मज़ाकिया लहज़े में - निकल हे तो रहा हु अम्मी.......

रुकसाना - बदमाश मई जो बोम रही हु तुम अच्छे से समझ रहे हो... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh plssssssssssssss निकल लो ज़ैद ये गाला hai.......mai तुम्हारी अम्मी हु.........

ज़ैद को एक ज़ोर का धक्का देकर रुकसाना अपने से अलग करती hai......or भाग कर दूसरी तरफ कड़ी हो जाती है.......

ज़ैद जल्दी सा अपने लुंड को वापस निक्कर में दाल लेता है..........

ज़ैद - क्या हुआ अम्मी आप भागी क्यों......

रुकसाना गुस्से से ज़ैद को देखते हुए अपने साँस को कण्ट्रोल करने में लगी हुयी thi.......zor ज़ोर से साँस लेने की वजह से उसकी बड़ी बड़ी चकही ऊपर निचे हो रही थी............

रुकसाना मुद कर किचन के दूर के तरफ हल्का बढ़ जाती hai.....ammi की गदरायी गांड को थिरकन देख कर ज़ैद के मुँह से लार टपकने लगता है........





किचन के दूर के पास रुक कर रुकसाना ज़ैद को छुडास भरी नज़रो से देखने लगती hai.....or जान बुझ कर अपने गांड को हल्का हल्का हिलने लगती hai......ruksana को पता था एक मर्द को कैसे रिझाना है कैसे तड़पना है...........





ज़ैद व् बेशर्मो की तरह अपनी अम्मी की गदरायी गांड को घूरते हुए अपने लुंड को निक्कर के ऊपर से पकड़ लेता hai........or अम्मी को दिखने लगता है लेकिन दोनों एक दूसरे से अब कुछ नहीं बोल रहे थे.......

ज़ैद अपनी चुप्पी तोड़ते हुए कहता है - क्या हुआ अम्मी आप भागी क्यों......

रुकसाना अपनी ऊँगली को दन्त में दबा कर एक सेक्सी लुक देते हुए कहती है - वो एक मोटा चूहा बिल में घुसने की कोशिश कर रहा था इसलिए मुझे भागना पड़ा.......





Aaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhh अम्मी तो इसमें दिक्कत वाली क्या बात huyi....chuha का तो काम हे है बिल में ghusna.......aap घुसने देती नाआआआआ.......

रुकसाना - चूहा भट मोटा है और बिल भट छोटा .........इतना मोटा चूहा छोटे से बिल में कैसे समां पता........

ज़ैद अपने लुंड को सहलाते हुए बोलै - वोटो आप चूहा पर छोर दो ....बिल कितना व् छोटा क्यों न हो और चूहा कितना व् मोटा क्यों न हो... चूहा अपनी जगह बना हे लेता है बिल में........

रुकसाना एक अदा से अपने एक पेअर को इतना कर अपने ऊँगली को दांतो में दबाते हुए बोली - ाचा जी भट जानते हो बिल के बारे में...........





ज़ैद - हाँ क्यों नहीं जाँऊगा मैंने भट साडी वीडियोस देखि hai...English movies....jisme एकदम छोटा छोटा बिल में काला काला मोटा मोटा चूहा घुसते huye.....or तो और कल मैंने व् एक मोठे चूहे को एक छोटे से बिल में घुसाया था..........

रुकसाना की साँस फूलने लगी कल वाला सन उसके आँखों के सामने घूमने लगा ....किस तरह ज़ैद अजय की मम्मी को बेरहमी से छोड़ रहा था........ ufffffffffffffffffffgfggffffffffff haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy......nikal गया रुकसाना के मुँह से..........

ज़ैद - क्या हुआ अम्मी आप के मुँह से ये उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy क्यों निकल gaya....apne व् देखा था क्या मुझे मोटा चूहा छोटे से बिल में घिसते हुए............

रुकसाना कुछ नहीं बोलती और मुद कर जाने लगती hai.......uski छूट इतनी गीली हो चुकी थी की बिना झरे वो रह नहीं सकती thi.......wo थोड़ी दूर जाती है और एक बार मुद कर ज़ैद को देखती hai.......nashili आँखों से.........





ज़ैद - क्या हुआ अम्मी क्यों जा रही ho......khana नहीं बनाना hai........aao न निकल दू ऊपर से वो जो आप निकलने के लिए बोल रही थी .........

रुकसाना अपने होंठो पर ऊँगली रखते हुए कहती है .....एकदम चुप हो जाओ tum........tumse तो मुझे कोई काम नहीं karwana.....karne बोली मई क्या और तुम क्या करने लग gaye.....badmash कही के........





ज़ैद - अरे अम्मी मई तो वही कर रहा था जो आप करवाना छह रही thi.........puchho अपने दिल से............

रुकसाना के चेहरे पर स्माइल आ जाता hai.....wo अपने बाल पर हाथ फेरते हुए कहती hai..........bht बदमाश हो गए हो tum..........mujhe तुमसे बच कर रहना padega......Hehehehehehe......





रुकसाना ेने के सामने जाकर खुद को देखने लगती hai.......or मन हे मन अपने आप पर गर्व करने लगती hai......ki सेक्सः में मेरा जिस्म कितना गदराया हुआ है......... ufffffffffffffffffffgfggffffffffff ज़ैद के लुंड का एहसास तो मेरी छूट में खलबली मचा दिया है.............





रुकसाना मुद कर ज़ैद को देखते हुए बोली - अब तुम जाओ मई जा रही हु नहाने.......





ज़ैद - मई व् आपके साथ नहाऊंगा अम्मी......

रुकसाना एक अदा से अपने पेअर को उठाते हुए सेक्सी अंदाज़ में कहती है - no way........tumhare साथ नहाना खतरे से खली नहीं hai....pata नहीं तुम कब अपने मोठे चूहे को मेरे छोटे से बिल में घुसाने की कोशिश करने लग jao.....bolkar रुकसाना खिलखिला कर हंस पड़ती है.........





इतने में अजय का कॉल आ जाता है.......

अजय - कैसी हो मेरी रानी रुकसाना .......मैंने होटल ब्लू रेजीडेंसी 5 स्टार होटल में ोयो रूम बुक करवा लिया hai....us रूम में एक 100 इंच लेद व् लगा हुआ hai...jisme मई तुम्हे हब्सी की चुदाई dikhaunga.......kaise एक हब्सी एक कमसिन लड़की को बेरहमी से छोड़ता hai...uski छूट फाड़ देता है..........

रुकसाना ज़ैद को चिढ़ाने के लिए हैंड हैंड कर बात करते हुए अजय से कहती है -हो सकता है मुझे लेट हो जाये लेकिन मई तुंहारा दिल रखने के लिए ज़रूर आउंगी.......





अजय - ok मेरी रांड रुकसाना आज तो तेरी ऐसी चुदाई करूँगा की तू ज़िन्दगी भर भूल नहीं पाएगी..........

रुकसाना - वोटो देखा जाएगा ....सब मर्द ऐसा हे बोलते hai....or फिर फ़ुस्स्सस्स हो जाते hai....bolkar रुकसाना हंस पड़ी.......

अजय - वोटो तुम आकर देखो pahle.......maine पहले हे सेक्स वाली टेबलेट खा ली है........3 घंटे तक बिना रुके चुदाई करूँगा अपनी रंडी रुकसाना को..........

सेक्स टेबलेट खाने के बात से रुकसाना का दिल ज़ोरो से धड़कने लगा........

रुकसाना - ok bye मई आ जाउंगी ...अभी rakho........bolkar रुकसाना ने कॉल कट कर दिया.......





इतने में उसके शोहर का कॉल आ गया....

अब्बू - hello रुकसाना तुमने अपने बेटे को दूध दिया की नहीं......

रुकसाना - आप क्यों परेशां होते हो जी मई दे dungi.......wo जितना पीना चाहे पीला दूंगी........





आआआआ





ज़ैद पास में खड़े येसब सुन रहा था अजय का कॉल व् और अब्बू का कॉल व्........

रुकसाना - अब तुम यहाँ खड़े खड़े क्या कर रहे हो jao....yaha से......

मई चली नहाने........

रुकसाना अपना गांड मटकती हुयी बाथरूम के तरफ बढ़ gayi.......or मुद मुद कर ज़ैद को देखते हुए तैसे करने लगी..........











 
रुकसाना बाथरूम का दूर ओपन करके अंदर जाने से पहले एक बार ज़ैद को मुद कर एक सेक्सी स्माइल देती hai.....or फिर अंदर चली जाती hai....or जान बुझ कर बाथरूम का दूर खुला छोर देती hai.......ruksana को ज़ैद के साथ फोरप्ले करने में इतना मज़ा आ रहा था की उसे आजतक इतना मज़ा कभी नहीं आया tha........na चाहते हुए व् रुकसाना चाहती थी की ज़ैद उसके जिस्म के साथ ऐसे हे खेलता रहे..............

ज़ैद पूरा नंगा हो जाता है और वही बीएड पे रखा हुआ एक टॉवल लपेट लेता है .........और बाथरूम के अंदर घुस जाता है............

रुकसाना - ये क्या कर रहे हो badtameez.....bahar jao....mai नहाने आयी हु......

ज़ैद - मई व् आपके साथ नहाऊंगा अम्मी जान.......

रुकसाना - बिलकुल nhi.....tum बहार jao......ruksana एक तरफ होकर बाथरूम के दिवार से लग कर कड़ी हो जाती hai.......ruksana हमेशा एक पतला सा ब्लाउज और एक छोटा सा स्कर्ट पहन कर नहाती थी जो हमेशा उसके बाथरूम में हे रहता tha...........wo बाथरूम एते हे वो वाइट कलर का ब्लाउज और स्कर्ट पहन ली thi........skirt और ब्लाउज इतना पतला था की रुकसाना का जिस्म पूरा दिख रहा tha.......is ड्रेस में रुकसाना और ज्यादा छुडासी लग रही thi........bhigne के बाद कपडे उसके जिस्म से चिपक गए थे और रुकसाना का पूरा जिस्म लगभग नंगा दिख रहा tha......uski बड़ी बड़ी चुकी और ज्यादा सेक्सी लग रही थी भीगे हुए पतली सी ब्लाउज में.......

ज़ैद बड़े गौर से रुकसाना की चुकी को घूरने लगता hai........is तरह अपनी चुकी को घूरता देख कर रुकसाना शर्म से लाल हो जाती है और दूसरी तरफ देखने लगती है...........





ज़ैद उसकी चुकी को घूरते हुए कहता है - अम्मी सोना साथ में नहाते है भट मज़ा आएगा......

रुकसाना मुँह बनाते हुए - मुझे नहीं चाहिए मज़ा तुम बहार जाओ.........

ज़ैद आगे बढ़ क रुकसाना से चिपक सा जाता hai.......or अपनी अम्मी के दोनों हाथो को पकड़ कर कहता है.... plssssssssssssss naaaaaaaaaa अम्मी एक बार नहाने दो न अपने साथ....... plssssssssssssss

रुकसाना ज़ैद के चेहरे को देखते हुए कहती hai............tum नहाने के बहाने उल्टा सीधा हरकत करोगे तो मई बहार चली जाउंगी.........

ज़ैद - आप व् न अम्मी मई भला ऐस क्यों karunga.........woto आप इतनी खूबसूरत हो एकदम जन्नत की हूर ho......isliye मई खुद को रोक नहीं पता .......देखो तो आपका जिस्म कितना खूबसूरत hai.....bolte हुए ज़ैद उसकी चुकी के ऊपर हाथ फेरने लगता hai.......ruksana तो पहले से हे गरम थी उसकी छूट से पानी टपक रहा tha........upar से शावर 🚿 का पानी दोनों के जिस्म पर गिर रहा था जो रुकसाना के जिस्म की आग और ज्यादा भड़का रहा tha.....zaid के इस तरह उसके जिस्म को छूने से उसकी छूट से हल्का हल्का पानी रिसने laga.........ruksana पहले से हे लुस्टि थी अब और ज्यादा लुस्टि होने लगी थी........





रुकसाना मुस्कुराते हुए - चलो चलो ज्यादा मस्का मत lagao.........mujhe मालूम है तुम मानोगे nhi........bolkar रुकसाना हंस शावर निकल कर अपने ऊपर और ज़ैद के ऊपर पानी की बौछार करने लगती है......

ज़ैद - आआआआअह्हह्ह्ह्हह अम्मी आपके हाथो से नहाने में कितना मज़ा आ रहा hai............thande ठन्डे पानी के बिच में आपका गरम गरम हाथ मेरे जिस्म पर पद रहा है तो ऐसा लग रहा है जिसे आग में घी डाला जा रहा hai........bolte हुए ज़ैद अपने दोनों हाथो से अम्मी की नंगी कमर पकड़ लेता hai.....or कास के भींच लेता hai....ruksana के मुँह से एक कामुकता भरी सिसकारी निकल जाती है..... आआआआअह्हह्ह्ह्हह betaaaaaaaaaa धैईईईई पकड़ो न...........





ज़ैद - आपका जिस्म माखन के जैसा है अम्मी धीरे पकड़ने से हाथ फिसल जाएगा.......

रुकसाना अपनी तारीफ सुन कर शर्मा जाती है - धत्त बदमाश भट गंदे होते जा रहे हो तुम.......

ज़ैद - आप हो हे इतनी ज्यादा सेक्सी की कोई व् मर्द आपको देख कर गन्दा बन जाएगा......

अब रुकसाना व् खुद को रोक नहीं पा रही थी ...रुकसाना का मन तो कर रहा था की ज़ैद को बहो में भर कर उसके होंठो को चूस ले और अपनी चुकी खोल कर ज़ैद के मुँह में ठूंस de.........lekin अभी ाव व् रुकसाना के मन में था की वो उसकी अम्मी है ऐसा किसे कर सकती hai......ye गुनाह है.......

रुकसाना व् अब धीरे धीरे ज़ैद के जिस्म को सहला रही थी.......

रुकसाना - चलो जल्दी जल्दी मई तुम्हे नाहा देती हु और तुम मुझे नाहा दो......

बोलकर रुकसाना ज़ैद के जिस्म पर हाथ फेरने लगती hai.......zaid के जिस्म पर हाथ फेरने से रुकसाना की काम वासना बढ़ने लगती hai.........uski सबसे तेज़ होने लगती hai......zaid की आँखों में देखते हुए अपना चेहरा ज़ैद के चेहरे के एकदम करीब ले जकर रुकसाना ज़ैद को सेक्सी आँखों से देखने लगती hai............zaid व् अपने हाथो को कमर से ले जाते हुए धीरे धीरे अम्मी की गांड पर रख देता है लेकिन रुकसाना कुछ नहीं bolti.....zaid अब धीरे धीरे रुकसाना की मोती गांड सहलाने लगता hai..........ruksana मदहोश होने लगती है............





रुकसाना सेक्सी नज़रो से ज़ैद को आँखों में देखते हुए अपना एक हाथ उसके गर्दन पर रख देती है और ज़ैद से लगभग चिपक जाती hai.........zaid के जिस्म को गर्मी पाकर रुकसाना होर्नेय होने लगती hai........zaid धीरे धीरे अपना हाथ गांड से फेरते हुए आगे ले जाता है और अम्मी की चिकनी पेट पर फेरने लगता hai....or अचानक अम्मी की गहरी नाभि को अपनी ऊँगली से छेर्ने लगता है.........

रुकसाना मदहोशी में आंख बंद कर लेती है और ज़ैद के हाथो से अपनी नाभि सहलाने का मज़ा लेने लगती है........

की तभी ज़ैद अपनी एक ऊँगली रुकसाना की न hi में घुसा देता hai....ruksana के मुहसे एक लम्बी सिसकारी निकल जाती है........ आआआआअह्हह्ह्ह्हह zaiddddddddddddddd plssssssssssssss वहाआआआ nhiiiiiiiiiiii प्लसससससससस वह से हाथ हटा दो betaaaaaaaaaa........





ज़ैद - आपकी नाभि भट गहरी है अम्मी....... उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ क्या नाभि है apki.....man तो कर रहा आपको नाभि में अपना ज़बान घुसा कर चूस लू...........

ज़ैद अब अम्मी की नंगी पेट को ज़ोर ज़ोर से सहलाने लगता hai........ruksana की हवस इतनी ज्यादा बढ़ गयी थी की अब ज़ैद से छोड़ने के लिए वो बेताब हो चुकी थी.........

रुकसाना की आंखें अपने आप बंद हो चुकी थी और रुकसाना अपने होंठो को ज़ैद के होंठ के तरफ खुद बा खुद बढ़ा देती hai............jaise कह रही हो की ज़ैद plssssssssssssss मेरे होंठो को चूस चूस कर इसके सरे रस निचोड़ lo.....bht प्यासी है ये.......





लेकिन ज़ैद अम्मी को तड़पने के लिए अपने होंठ अम्मी के होंठ पर नहीं रखता बस ऐसे हे उसके कमर और पेट को सहलाता रहता hai....or बिच बिच में अपनी ऊँगली उसकी नाभि में घुसा रहा था.........

रुकसाना जल बिन मछली की तरह तड़प रही thi.......lund लेने के लिए रुकसाना इतना बेचैन हो चुकी थी की बिना लुंड लिए शायद वो पागल हो jati.........uski छूट इतना रस बहा रही थी की पूरे जांघो पर छूट रस टपक टपक कर गीला कर दहा था......

की तभी ज़ैद ने धीरे से अम्मी के एक चुकी को पकड़ liya.......ruksana तो तड़प हे उठी........... आआआआअह्हह्ह्ह्हह zaiddddddddddddddd ऐसा मत करो मई तुम्हारी अम्मी हु betaaaaaaaaaa........mai बहक जाउंगी......

ज़ैद - मई तो यही चाहता हु की मेरी सबसे खूबसूरत अम्मी बहक jaye........waha देखो ेने me......aapse खूबसूरत और सेक्सी अम्मी इस दुनिया में कहा होगी..........

रुकसाना बाथरूम के ेने में देखती है तो शर्मा जाती hai.......wo अपने हे बेटे की बहो में आधी नंगी चिपकी हुयी thi.........or उसका अपना बीटा उसके नंगे जिस्म को अपने हाथो से सहला रहा tha..........ruksana की नज़र जब खुद की चुकी पर पड़ती है तो रुकसाना का सीना गर्व से चौड़ी हो जाती hai......ruksana मन हे मन सोचती hai.......sach में मुझे ऊपर वाले ने कितना गदराया जिस्म दिया है ..... उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ क्या दूध है mere.....mujhe आज पहली बार खुद के दूध पर प्यार आ गया है........





Aaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhh अम्मी जान क्या जिस्म है apka....ekdam माखन के jaisa.......jaha व् हाथ लगा रहा हु फिसल जाता hai.........itna चिकना जिस्म तो पारी का व् हो hoga..........bolkar ज़ैद अपना हत्ब फिर से एक चुकी पर रख देता है और हल्का हल्का सहलाने लगता है.........

अब रुकसाना उसके हाथ को रोकने के बजाय उसके हाथ को पकड़ कर अपने दूध पर खुद से दबाने लगती है..........

Aaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhh ज़ैद ज़ोर से दबाओ naaaaaaaaaa aaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhh भट ाचा लग रहा है ज़ैद और ज़ोर से दबाओ naaaaaaaaaaa उम्म्म्माःह्ह्हह्ह aaaaaaaahhhhhhhh........bolkar रुकसाना ज़ैद के आँखों में देखते हुए अपने होंठो को गोल करके एक चुम्मा फेक देती है.............





Aaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhh अम्मी आपकी चुकी कमाल की hai.......man तो करता है इसे चूस चूस कर सारा दूध पी जॉन.......

रुकसाना अपने बेटे को गन्दी बातो से और ज्यादा होर्नेय होती जा रही थी..........

अचानक ज़ैद अपनी अम्मी का हाथ सहलाते हुए उसके हाथ को पकड़ कर टॉवल के अंदर अपने खड़े लुंड पर रख देता hai..........ruksana झट्ट सा अपना हाथ हटा लेती hai............ruksana को जैसे करंट सा लगता है.........

ज़ैद - aaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhh अम्मी plssssssssssssss पकड़ो naaaaaaaaaa अपने मोठे चूहे ko.....kabse तड़प रहा अपनी अम्मी के बिल में घुसने क लिए.........

रुकसाना - नहीं betaaaaaaaaaa ये गलत है plssssssssssssss मुझसे ये नहीं होगा......... plssssssssssssss मई ऐसी औरत ऐसी बीवी नहीं hu.........ek शरीफ औरत हु beta.....mujhse ये गुनाह नहीं हो पाएगा......

ज़ैद - ये गुनाह नहीं है अम्मी .......हम दोनों बस एक दूसरे को ख़ुशी हे तो दे rahe....kisi को दुखी करना किसी को गम्म देना गुनाह है.......

बोलकर ज़ैद वापस अम्मी के हाथो को पकड़ कर टॉवल के अंदर कर देता है और दोबरा से अपना लुंड पकड़ा देता hai.........ruksana की साँस फूलने लगती है.......... ज़ैद का लुंड अपने अब्बू के लुंड से भट बड़ा और भट मोटा tha.......ruksana का पूरा जिस्म का प उठता hai.........zaid उसी तरह अम्मी के हाथ को ज़ोर से पकड़ा हुआ था ताकि अम्मी अपना हाथ पीछे न खींच सके........

रुकसाना - plssssssssssssss naaaaaaaaaaa ज़ैद मेरा हाथ छोरो न..........

ज़ैद - plssssssssssssss अम्मी सहलाओ न अपने मोठे चूहे ko....kabse आपके हाथो में जाने के लिए तड़प रहा बेचारा........

रुकसाना अपने हाथो को हल्का हल्का ज़ैद के लुंड पर चलने लगी और बोली - अपने मोठे चूहे को समझा दो की अपनी अम्मी के बिल में नहीं घुसा jata.....koi और बिल जाकर खोज ले............

ज़ैद - बिल में न सही कमसे काम मुँह में तो घुस हे सकता है ...........

रुकसाना - चहहीइ ज़ैद कितने गंदे हो गए हो tum....wo मुँह में लेने की चीज़ नहीं है.........

ज़ैद - पूरी दुनिया मुँह में ले रही hai......ek बार मुँह में लेकर देखोगी तबना पता चलेगा की मुँह में लेने में कितना मज़ा है..............

रुकसाना - मुझे नहीं लेनी..... छियईईई तौबा तौबा.........

ज़ैद अपना हाथ अचानक रुकसाना की छूट पर लेजाकर ज़ोर से रुकसाना की छूट भींच liya......ruksana तो उछाल हे पड़ी........ aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh maaaaaaaaaaaaaaaaa ये क्या किया तुमने zaid.................zaid ने एक झटके में रुकसाना का स्कर्ट खींच कर फेक diya......ab रुकसाना सिर्फ पणत्या में thi.........achanak ज़ैद ने ब्लाउज व् उतार कर फेक दिया रुकसाना अब सिर्फ ब्रा और पंतय में ज़ैद के सामने थी.....

रुकसाना शर्म से लाल हो गयी और फ़ौरन पीछे मुद कर कड़ी हो gayi....ab रुकसाना की पीठ और गांड ज़ैद के तरफ थी.......

अब ज़ैद खुल चूका था - haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy अम्मी क्या मस्त उभरी हुयी गांड है apki..........ab तो मेरा चूहा आगे के बिल में नहीं पीछे के बिल में ghusega.............ab चाहे आप मुझे कितना व् रोको मई अपना चूहा पीछे के बिल में घुसा के rahunga.......bolkar ज़ैद आगे बढ़ कर अपनी अम्मी की उभरी हुयी गांड में मुँह रख देता है और चाटने लगता hai......ruksana कसमसाने लगती है...... आआआआअह्हह्ह्ह्हह ज़ैद plssssssssssssss ज़ैद मत करो ऐसा ............... plssssssssssssss मई मर jaungi............utna मोटा चूहा इतनी छोटी सी बिल में कैसे घुसेगा....... plssssssssssssss ज़ैद अपनी अम्मी पर रहम करो.........





Aaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhh मेरी प्यारी अम्मी अगर आप मेरे लुंड को चूस कर खड़ा डौगी तो मई आपको पीछे से नहीं छोडूंगा..........

रुकसाना ज़ैद की गन्दी भाषा से शोकेड हो gayi....ki अचानक ज़ैद डायरेक्ट लुंड गांड छूट क्यों बोलने लगा..............

रुकसाना - plssssssssssssss naaaaaaaaaa ज़ैद ऐसा मत करो अपनी अम्मी के साथ..........

ज़ैद - अगर आपको बाथरूम से बहार जाना है तो मेरा लुंड चूस कर फारिग कर दो.....

रुकसाना रोनी सी सूरत बना कर बोली - plssssssssssssss betaaaaaaaaaa मुझसे नहीं hoga.............aisa मत करो मेरे साथ मई तुम्हारी अम्मी हु betaaaaaaaaaa........

ज़ैद रुकसाना को बहो में खींच लेता है कमर पकड़ कर और उसके होंठो को अपनी ऊँगली से छेर्ने लगता है........

ज़ैद - जिसकी अम्मी इतनी छुडासी होगी उसक लुंड बिना खड़ा हुए कैसे रह सकता है मेरी छुडासी अम्मी.........

बोलकर रुकसाना के होंठो को चूसने लगता hai.........ruksana अपने होंठो को इधर उधर करने लगती है तो ज़ैद उसके बालो को पकड़ कर ज़ोर से खींचता hai......or रुकसाना के आँखों इ देख कर फिर से अपने होंठ उसके होंठो में रख देता hai.......or दोबरा से चूसने लगता hai........ruksana व् मदहोश होने लगती hai....or अपने दोनों हाथ दिवार पर रख देती है ...........अब रुकसाना व् ज़ैद के होंठो को मस्ती में चूस रही थी........





ज़ैद के कमर पर अपना हाथ रख कर ज़ैद को पकड़ कर रुकसाना ज़ोर ज़ोर से उसके होंठो को चूस रही थी....

ज़ैद होंठ चूसते हुए अपने हाथो को धीरे धीरे रुकसाना की नंगी पीठ पर फेरने लगता hai....or धीरे धीरे अपने हाथ निचे ले जाकर रुकसाना के गांड को दबोच लेता hai....ruksana सिहर जाती है और कामुकता की वजह से ज़ैद के होंठो को ज़ोर ज़ोर से चूसने लगती hai........zaid अब धीरे धीरे अपने हाथ को पंतय में अंदर घुसा कर रुकसाना के गांड के दरार पर अपनी ऊँगली घुसाने लगता hai.....ruksana तो जिसे पागल सी हो जाती hai.....or ज़ैद को ज़ोर से बहो में भर लेती है और उसके होंठो को अपने दांतो से पकड़ कर काट लेती है...........





ज़ैद अब अपनी अम्मी को कंधे से पकड़ कर निचे बिठा देता है ......रुकसाना न छटे हुए व् निचे बैठ जाती hai.........or ज़ैद को ऊपर नज़र करके सवालिया नज़रो से देखने लगती है...........

ज़ैद अपनी अम्मी की आँखों में देखते हुए अपने टॉवल को खोल कर फेक देता hai....zaid का मोटा बड़ा लुंड फनफनाया हुआ रुकसाना के नज़रो के सामने आ जाता है.......





Aaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhh zaiddddddddddddddd ये क्या किया tumne.............ohhhhhh maaaaaaaaaaaaaaaaa इतना badaaaaaaaaaaaaaaaaaaa.........galti से रुकसाना के मुँह से निकल जाता hai........ruksana ये बोल कर शर्मा जाती है...........





ज़ैद का खड़ा लुंड एकदम रुकसाना के आँखों के सामने किसी नाग सांप से काम नहीं लग रहा tha......ruksana की हैरत से मुँह खुली की खुली रह जाती hai...........itna मोटा लुंड रुकसाना ने पहली बार इतनी करीब से देखा था.............

ज़ैद - ये मोटा चूहा आपके हाथो में जाने क लिए बेचैन है ammi.....pakdo न इसे........





Aaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhh ज़ैद मुझसे नहीं होगा naaaaaaaaaaa plssssssssssssss........

ज़ैद - नखरे मत करो अम्मी जान वर्ण मुझे ज़बरदस्ती करना पड़ेगा......

बोलकर ज़ैद अम्मी की बालो को पकड़ कर अपने लुंड पर दबाने लगता है उसक मुँह.......

रुकसाना - नहीं नहीं plssssssssssssss रुको मई खुद से करुँगी.........

बोलकर रुकसाना ज़ैद के लुंड के पास अपने दोनों हत्ब आजु बाजु रख कर पहले तो ज़ैद के लुंड को भट गौर से देखती है......

रुकसाना मन में - haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy क्या मोटा और बड़ा लुंड है iska........or उसके अब्बू का तो इससे आधा व् नहीं hai........kitna मज़ा आएगा इतना मोटा लुंड जब मेरी छूट में घुसेगा ........ आआआआअह्हह्ह्ह्हह........





आआआआअह्हह्ह्ह्हह अम्मी पकड़ो न ise....kabse तड़प रहा है........

रुकसाना ज़ैद की आँखों में छुडास भरी नज़रो से देखते हुए उसके लुंड को पकड़ लेती है और हल्का हल्का सहलाने लगती है........

रुकसाना अब बिलकुल बेकाबू हो चुकी thi.....uski छूट हद्द से ज्यादा पानी बहा रही थी..........

रुकसाना अपने हाथो में ढेर सारा थूक लगा कर ज़ैद के लुंड पर लगा देती है और उसके लुंड को मुठ मरने लगती है..........





Aaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhh अम्मी ऐसे हे aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh ज़ोर ज़ोर से हिलाओ.... आआआआअह्हह्ह्ह्हह भट मज़ा आ रहा है...... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh मेरी छुडासी ammi.......kya मस्त माल है आप...... उफ्फ्फ्फ़ आपकी छूट में जब मेरा घोड़े जैसा लुंड घुसेगा तो मज़ा हे आ जाएगा..........

रुकसाना के बालो को पकड़ कर ज़ैद अपनी अम्मी के मुँह को अपने खड़े लुंड के तरफ प्रेस करता hai........ruksana व् अपने लाल लाल होंठो को खोल कर ज़ैद का लुंड एक झटके में अपने मुँह में ले ले लेती है........ ज़ैद के लुंड का सूपड़ा इतना मोटा था की रुकसाना जैसे हे उसे मुँह में लेती है उसे एक अजीब सा मज़ा मिलता hai..........itna मज़ा शायद उसे पहले कभी नहीं मिला था........

रुकसाना मन में सोचती है - omg लुंड चूसने में इतना मज़ा अत है आज तक मुझे मालूम हे नहीं था......... haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy मन तो कर रहा पूरा लुंड हे खा jaun.......wo बार बार लुंड को मुँह से निकल रही थी और फिर दोबारा लुंड को मुँह में घुसा कर चूस रही थी...........





Aaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhh अम्मी ऐसे हे चुसो मेरे लुंड को aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh भट मज़ा आ रहा है अम्मी...... उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ कितना गरम मुँह है apka.......halak तक घुसाओ न अम्मी plssssssssssssss aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh

लेकिन रुकसाना एकदम कमसिन ुंचुड़ी लड़की की तरह पहली बार जो लुंड चुस्ती है वैसा लुंड चूस रही thi....lund का आधा व् अपने मुँह के अंदर नहीं ले रही thi......bas उसके सुपडे के आस पास चूसे जा रही थी.......





Aaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh अम्मी ऐसे नहीं और अंदर डालो न.....

रुकसाना - नहीं नहीं मुझसे और अंदर नहीं hoga....meri साँस रुक जाएगी........

ज़ैद अम्मी की बालो को पकड़ कर हल्का हल्का उसके मुँह को छोड़ने लगता hai...jiski वजह से लुंड थोड़ा और अंदर तक घुसने लगता है मुँह ke......ruksana को और ज्यादा मज़ा आने लगता hai........ruksana अपना हाथ ज़ैद के जांघो पर रख देती है और मुँह चुदाई का मज़ा लेने लगती है.......

ज़ैद दोनों हाथो से अम्मी के बालो को पकड़ के अपनी अम्मी का मुँह हल्का हल्का छोड़ रहा था.......





ज़ैद का पानी निकलने वाला tha....zaid से अब बरदास नहीं hota......wo अपनी अम्मी के बालो को ज़ोर से पकड़ कर अपने लुंड को एक हे झटके में पूरा का पूरा हलक तक घुसा देता है रुकसाना की साँस अटक जाती hai......wo ज़ोर ज़ोर से ज़ैद के जांघ पर मरने लगती है.......

लेकिन ज़ैद उसे छोरता नहीं और भट तेज़ी से अपनी अम्मी के मुँह को छोड़ने लगता hai....zaid का लुंड रुकसाना के हलक तक घुसा हुआ tha....or ज़ैद भट बेरहमी से अपनी अम्मी के मुँह को छोड़ रहा था...........





ज़ैद एक ज़ोर दार आवाज़ के साथ चिल्लाता है - aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh मेरी रंडी अम्मी रुकसाना मेरी रांड aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh मई गया मई गया कह कर अपना गरम गरम विरए अपनी अम्मी के हलक में गिराने लगता है.........

रुकसाना की आँखों से आंसू बहने लगते hai....ruksana अब निढाल हो चुकी थी ज़ैद के जांघो को मार मर kar......upar से उसका गाढ़ा विरए उसके हलक में जब गिरता है रुकसाना की आंख बहार को आ जाती hai.....uske आँखों के सामने अँधेरा छाए जाता है...........

इतने में ज़ैद जल्दी से अम्मी को छोर देता hai.......or बाकि बचा विरए अपनी अम्मी के चेहरे पर और चुकी पर गिराने लगता है..........

उसकी अम्मी अभी व् निढाल thi.......itna भयंकर चुदाई उसकी पहली बार हुयी थी.......

रुकसाना को ये चुदाई इतना ज्यादा मज़ा आया था की वो ज़ैद को कुछ नहीं बोलती .......और मन में सोचती है ufffffffffffffffffffgfggffffffffff कितना मज़ा आया ये बेरहमी चुदाई mujhe......aaj तक मई सिर्फ सिंपल चुदाई का मज़ा लेती rahi.....aaj मुझे पता चला की चुदाई क्या होती hai.........ruksana कातिल नज़रो से ज़ैद को देखते हुए अपने होंठो पर लगा ज़ैद का विरए चाटने lagi....or दोनों हाथो से अपने चुकी को पकड़ कर मसलने लगी.......





Aaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhh अम्मी क्या माल हो tum...maza आ गया मुँह छोड़ kar....to सोचो जब मई आपकी छूट छोडूंगा तब आपको कितना मज़ा आएगा........

रुकसाना कुछ नहीं बोलती और उसके लुंड को अपने दोनों चुकी के बिच दबा कर रहने लगती hai.........zaid का लुंड अभी व् खड़ा था.......

रुकसाना ज़ैद की आँखों में छुडास भरी नज़रो से देखते हुए बोली - अपनी अम्मी को अपनी रखैल बनाना चाहता है तू......





Aaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhh मेरी रांड ammi...apko तो मई अपनी रखैल के साथ साथ अपने दोस्तों से व् छुड़वाना चाहता हु...........

रुकसाना - ये तेरा सपना सपना हे rahega...apni शरीफ अम्मी को रंडी बनाना चाहता है.......

ज़ैद - पैसा लेकर छोड़ने वाली रंडी नहीं ....बस अपने छूट की आग बुझाने वाली रंडी...........

रुकसाना - बदमाश कही का .......चलो अब jao....kar लिया न तुमने अपनी manmani....ab मुझे नहाने दो......

बोलकर रुकसाना उसे बहार धकेल कर दूर लॉक कर देती है.......
 
रुकसाना के छूट की आग इतनी जड़ा बढ़ गयी थी की वो जवालामुखी के जैसा फटने के लिए बेचैन हो रही thi.....lekin रुकसाना जान बुझ कर मास्टरबेशन नहीं कर रही thi........chut की आग को वो अजय के मोठे तगड़े लुंड से बुझाना छह रही thi...........ruksana जानती थी की छूट की आग जितना ज्यादा भड़केगी छोड़ने में इतना ज्यादा मज़ा aega...............ruksana अपने छूट को सहलाता हुए ये सब सोच रही थी......... aaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhh इस छूट की गर्मी कब शांत होगी ...............ज़ैद ने व् मुझे अधूरा छोर diya.......lekin ज़ैद को तो मैंने हे रोका na...........to क्या हुआ मैंने रोका to...wo तो एक हत्ता कट्टा लड़का hai....kash वो मेरी बात नहीं मानता और मुझे ज़बरदस्ती बेरहमी से छोड़ता...... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh कितना मज़ा अत जब ज़ैद मुझे ज़बरदस्ती बेरहमी से छोड़ता और मई झूट झूट का न न करती rahti.................meri छूट इतनी गीली क्यों हो रही है अजय के लुंड को सोच सोच कर.......... उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ कितना मोटा लुंड है अजय ka..............aaj तक मैंने गैर मर्द का लुंड कभी नहीं देखा tha......pahli बार अजय का हे देखा है............. उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ उसका लुंड जब मेरी छूट को फाड़ता हुआ अंदर घुसेगा तो मई तो पागल हे हो जाउंगी...............

यही सब सोचते हुए रुकसाना नाहा कर टॉवल लपेट कर अपने आप को ेने में देखती hai....or अपने भरे जिस्म को देख कर एक बार मुस्कुरा देती है............









वो बाथरूम का दरवाज़ा जैसे हे खोलती है ज़ैद उसके बीएड पर बैठा हुआ उसी का इंतज़ार कर रहा था............

रुकसाना के चेहरे पर एक कातिल मुस्कान तैर जाती hai.............mera बीटा मेरे हे जिस्म का दीवाना हो गया है............ उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ क्या लुंड है iska........apne अब्बू से व् बड़ा और मोटा hai......or कितना विरए णिअकलता है इसके लुंड से ...... बाआआपपपपप reeeeeeee........itna विरए तो आजकल इसके अब्बू का तीन चार बार में मिला कर व् नहीं निकल पता......

जब इसका मोटा लुंड मैंने पकड़ा था उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ कितना गरम tha.......man तो कर रहा था अपने छूट में घुसा lu.............abhi फिरसे इसे मई गरम करके इसका लुंड का क्रीम अपने छूट के बहार अपने जांघो पर गिरवाउंगी जिससे मेरी छूट और ज्यादा प्यासी हो जाएगी और अजय से छोड़ने का मज़ा हे आ जाएगा......... haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy कितना मज़ा आ रहा है इन दोनों के साथ चुदाई गेम खेलने me........aaj तक मुझे इतना मज़ा पहले कभी नहीं आया था........





यही सब सोचते हुए वो बाथरूम के दूर के पास कड़ी थी........

रुकसाना की छूट जल रही थी लुंड लेने क liye.........ruksana अपने चुकी को टॉवल के ऊपर से हे एक बार दबा देती hai.......jiski वजह से उसके .यह से एक सिसकारी निकल जाती hai....aaaaaaaahhhhhhhhhh

जिसकी वजह से ज़ैद का ध्यान रुकसाना के तरफ चला जाता hai.......zaid अपनी अम्मी को टॉवल में देख कर पागल हो जाता है.......... haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy क्या छुडासी लग रही थी ruksana......zaid आंखें फाड़ कर अपनी अम्मी के आधे नंगे जिस्म को घूरे जा रहा था...........





Aaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhh अम्मी क्या दिख रही हो आप टॉवल में...........

रुकसाना अनजान बनते हुए अपने टॉवल को हल्का खोलकर वापस बांधते हुए ज़ैद के तरफ बढ़ जाती है और हैरत से ज़ैद के तरफ देखते हुए कहती है........

ज़ैद तुम अभी तक यही हो ......अब क्या अपनी अम्मी को नंगी देखना चाहते ho....jao यहाँ से...........

ज़ैद - इरादा तो वही है मेरी सेक्सी अम्मी जान.........





अब ज़ैद खुल कर बातें करने लगा tha...uski हिम्मत बढ़ चुकी थी अपनी अम्मी को लुंड चुसवा कर.........

रुकसाना - कामिनी रुक अभी तुझे बताती hu........bolkar रुकसाना ज़ैद के तरफ मारने के लिए बढ़ती hai....zaid दूसरी तरफ भाग कर खड़ा हो जाता है........

ज़ैद - मेरी अम्मी जान इतना कुछ तो देख हे लिया है Maine...ab मेरे सामने कपडे बदलने में आपको दिक्कत क्या hai......badal लो न मेरे सामने........

रुकसाना शरमाते हुए - लेकिन मुझे शर्म आ रही तुमसे..........

ज़ैद - इसमें शर्म की क्या baat...............bachpan से तो मई आपके दूध देखता आया हु.........

रुकसाना शरमाते हुए बोली - लेकिन बीटा अब तू बड़ा हो गया है........

ज़ैद - लेकिन मुझे आपका दूध पीना है......

रुकसाना - मुझे तंग मत कर बीटा ....मुझे कपडे पहनने दे....

ज़ैद - जबतक आप अपना दूध नहीं पिलाओगी मई नहीं जाऊंगा.......

रुकसाना - मर्डर यही par......mai टॉवल उतरूंगी हे nhi......bolkar रुकसाना कातिल हंसी हंस देती है........

फिर अपने गांड मटकाते हुए मेकअप ड्रेसिंग टेबल के पास जाकर ड्रेसिंग स्टूल पर बैठ जाती hai.......ruksana की टॉवल उसके गांड से थोड़ा हे निचे तक tha....jisko वजह से उसकी गदरायी जांघ भट हे कातिल दिख रहे the......towel थोड़ा व् ऊपर होता तो रुकसाना की गांड दिख जाती...........





रुकसाना अपने होंठ पर लाल लिपस्टिक 💄 लगाने लगती है एक अदा के साथ और ज़ैद को व् बिच बिच में ेने में देख रही thi.......zaid उसके मांसल जांघो को देख कर अपना लुंड पंत के ऊपर से मसल रहा tha...........apne गदराये जिस्म को देख कर ज़ैद को लुंड मसलता हुआ देख रुकसाना की वासना और बढ़ने लगती है...........

रुकसाना मना में - उफ्फ्फफ्फ्फ़ अपने हे बेटे को अपना जिस्म दिखाना कितना ज्यादा जोश भर रहा मुझमे.............. haaaaaayyyy....jab जांघ दिखने से मुझे इतना जोश चढ़ रहा है तो अपनी छूट और गांड के दर्शन करवा दूंगी तो मेरी छूट तो बिना चूड़े हे जहर जाएगी जोश की वजह se........ye सोच कर रुकसाना के चेहरे पर एक कातिल मुस्कान तैर जाती है.....





रुकसाना अचानक अपने बालो में लगा हुआ टॉवल उतार कर फ़ीक देती है और स्टूल से उठ कर कड़ी हो जाती है जिसकी वजह से उसका टॉवल गांड से ऊपर चला जाता है कमर पर जाकर अटक जाता hai............ruksana ने ये जान बुझ कर किया tha......apni मोती गांड ज़ैद को दिखने के liye..........lekin रुकसाना ऐसा रियेक्ट करती है जैसे अनजाने में टॉवल ऊपर हो गया hai......wo एक कातिल नज़र से ज़ैद को मुद कर देखती hai.........zaid आंखे फाड़े अपनी अम्मी को गोरी चिकनी मोती गांड देख कर अपना लुंड पंत के उअप्र से सहला रहा था.......... रुकसाना एक सेक्सी मिले ज़ैद को देती है और धीरे से अपने टॉवल को निचे करके अपना गांड छुपा लेती है टॉवल से.......





अब रुकसाना अपने बालो में कंघी करने लगती hai...........apne गदराये गांड को हल्का हल्का मटकाते हुए.......

ज़ैद - अम्मी जान कितने खूबसूरत और घने बाल है apke..........apke बाल को मई पहली बार इतनी गौर से देख रहा हु.......

रुकसाना - मुझे पता है तू क्या देख रहा hai....mujhe मैट सीखा.......

ज़ैद - हाहाहाहा जब आप जान हे रही हो तो अपने टॉवल को हटा दो न........

रुकसाना - जी nhi........mujhe नहीं हटानी .........

रुकसाना अपने जिस्म को इठलाते हुए ेने में अपने आप को देखते हुए सवार रही thi.....or ेने में ज़ैद को व् देख रही thi.....zaid रुकसाना की मांसल जङ्घो को देख कर अपना लुंड पंत के ऊपर से सहला रहा tha.......or लार टपका रहा tha........zaid की ये हालत देख कर रुकसाना के चेहरे पर एक कातिल हंसी आ गयी.............

रुकसाना ने ज़ैद को और ज्यादा तड़पाने का मन बना लिया.......

रुकसाना अचानक झुक कर ड्रेसिंग टेबल से कुछ निकलने lagi......jiski वजह से उसका गांड और गुलाबी छूट ज़ैद के नज़रो के सामने आ gaya....zaid की आंखें और मुँह फटी की फटी रह gayi.........apni अम्मी की छूट देख kar...............zaid की धड़कन इतनी तेज़ हो गयी जैसे की दिल बहार निकल जाएगा......

इधर रुकसाना का व् दिल ज़ोरो से धड़कने लगा था इस तरह झुक कर अपने हे बेटे को अपनी छूट दिखने में.........

रुकसाना की गदरायी गांड पूरी नंगी हो चुकी थी और झुकने के वजह से उसकी गांड की छेड़ और छूट दोनों साफ़ साफ़ नज़र आने लगा था...........









Aaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhh अम्मी क्या मस्त गांड है आपके ..........इतनी चिकनी गांड तो पोर्न एक्ट्रेस की व् नहीं होती है........ उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ ये छूट .....बोलकर ज़ैद अपने लुंड को पंत से भर निकल कर हिलने लगता है..........

रुकसाना तिरछी नज़रो से ज़ैद को देखते हुए मुस्कुरा देती है..........





रुकसाना वापस कड़ी हो जाती है और कहती hai........tu यही सब देखने के लिए यहाँ बैठा हुआ hai......kamina कही ka.......apni अम्मी को इतनी गन्दी नज़र से देखते हुए तुझे शर्म नहीं अति.......

ज़ैद - आप इतनी सेक्सी हो न अम्मी की क्या बताऊँ mai........aaj पहली बार आपकी चिकनी छूट देख कर मेरा लुंड तो पागल हो गया है देखो ज़रा ise.......bolkar ज़ैद अपने लुंड को हाथ में लेकर हिलने लगता है......

रुकसाना पलट कर अपने टॉवल को हाथ में पकडे हुए ज़ैद के लुंड को घूरने लगती hai.........ruksana की आँखों में वासना साफ़ नज़र आ रही thi.........ruksana के चेहरे पर हलकी मुस्कान तैर जाती है.........





ज़ैद - plssssssssssssss अम्मी एक बार अपने टॉवल को हटाओ न..... plssssssssssssss मुझे आपकी बड़ी बड़ी चुकी देखनी है......

रुकसाना कातिल नज़रो से ज़ैद को देखते हुए हल्का हल्का अपना टॉवल चुकी से निचे करने लगती hai........or जैसे हे निप्पल के पास टॉवल अत है वो अपने दोनों हाथो से टॉवल को रोक कर अपने दोनों चुकी पकड़ लेती hai.......or ज़ैद को देख कर हल्का मुस्कुरा देती hai.........bass यही तक dekho....isse ज्यादा nhi......samjhe naaaaaaaaaa........





अब रुकसाना ज़ैद को तड़पने के लिए कहती है - अब तुम जाओ यहाँ से मुझे कपडे पहनने do....bolkar रुकसाना वास मुद कर ेने के तरफ देखने लगती है.........

इतने में ज़ैद अपने जगह से उठ कर रुकसाना के तरफ बढ़ने लगता hai....jo रुकसाना ेने में देख रही thi.......ruksana का दिल ज़ोरो से धड़कने लगता है ............. haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy येतो मेरे तरफ हे आ रहा hai....ab मई क्या karu..........abhi रुकसाना सोच हे रही थी की ज़ैद पीछे से आकर अपनी अम्मी को पकड़ लेता है.......

रुकसाना - plssssssssssssss ज़ैद छोरो मुझे .....येसब ठीक nhi........bathroom में जो हुआ वो दोबारा मई नहीं करने वाली....... plssssssssssssss मुझे छोरो.......

ज़ैद अपने होंठो को अम्मी के गर्दन पर परख देता है और धीरे धीरे किश करने लगता hai..........ruksana कसमसाने लगती hai.....lekin छूटने की कोई कोशिश नहीं karti........zaid अपने लुंड को अम्मी की गांड की दरार में सेट करके हल्का हल्का घुसाने लगता hai.......ruksana की साँस फूल जाती है ज़ैद के लुंड का एहसास अपने गांड पर महसूस karke....uski धड़कन भट तेज़ी से धड़कने लगती है धक् धक् धक् dhakk..........uska पूरा जिस्म कैंप उठता है..........

रुकसाना की आंखें बंद हो जाती है कामुकता की वजह se...zaid हल्का हल्का अम्मी के गर्दन को किश करते हुए अपने दोनों हाथो को अम्मी की चुकी पर ले जाता hai.......ruksana सिहर उठती है और अपने दोनों हाथो से ज़ैद का हाथ पकड़ लेती hai............lekin हटाने की कोई कोशिश नहीं करती.............

रुकसाना लड़खड़ाते हुए आवाज़ में कहती है.... plssssssssssssss बीटा ऐसा मत करो मई तुम्हारी अम्मी हु.... plssssssssssssss मुझे छोर दो naaaaaaaaaaa ये गलत है बीटा........

लेकिन ज़ैद बिना कुछ बोले गर्दन पर किश करता रहता है और अपने हाथो से धीरे धीरे अम्मी की दोनों चुकी मसलने लगता hai........ab रुकसाना की छूट पूरी तरह गीली हो चुकी thi.........ruksana की आंखें बंद थी और उसके मुँह से कामुक सिसकियाँ निकल रही थी...... उम्मम्मम्म उम्मम्मम्मम्म aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh ummm..mmmmmm zaiddddddddddddddd aaaaaaiiiiiiiiiiiiiiiiiiii aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh plssssssssssssss nhiiiiiiiiiiii

ज़ैद अचानक सा पाने लुंड को एक झटका मरता है और उसका लुंड दोनों जांघो के बिच में घुस जाता है छूट को रगड़ते huye....ruksana के मुँह से एक तेज़ सिसकारी निकल जाती है...... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh ammmmmmiiiiiiiiiiiiii........... betaaaaaaaaaa nhiiiiiiiiiii........

ज़ैद उसी तरह अम्मी के चुकी को मसलते हुए अपने लुंड से जांघ छोड़ने लगता hai.......jangh छोड़ने के वजह से उसका लुंड छूट से रगड़ खा रहा tha......ho रुकसाना को और व् ज्यादा लुस्टि बना रहा tha.........ruksana व् अपने गांड को हल्का हल्का हिलने लगती hai......or ज़ैद के लुंड का मज़ा अपने जांघो पर लेने लगती है..........

ज़ैद धीरे से अम्मी का टॉवल खोल कर निचे गिरा देता है a.....ab रुकसाना पूरी नंगी हो चुकी thi......or ज़ैद अपने दोनक हाथो से अम्मी किकुची ज़ोर ज़ोर से दबा रहा था मसल रहा tha........ruksana को इतना मज़ा अपने लाइफ में पहली बार मिल रहा था........

ज़ैद अपनी अम्मी के चेहरे को पीछे घुमा कर उसके होंठो को अपने होंठो में दबोच लेता है और ज़ोर ज़ोर से किश करने लगता है..... रुकसाना व् ज़ैद के होंठो को बेतहाशा चूसने लगती hai.....or अपने गांड को ज़ैद के लुंड पर घिसने लगती hai..............zaid जान रहा था की अब्बी उसकी अम्मी उसे अपने छूट में लुंड घुसाने नहीं degi.....isliye ज़ैद ऐसे हे चुकी दबाते हुए उसके जांघों को ज़ोर ज़ोर से छोड़ने लगता hai....or कुछ हे देर में ज़ैद के मुँह से एक लम्बी सिसकारी निकलती है....... आआआआअह्हह्ह्ह्हह अम्मी मेरी जान ये लो मेरा विरए अपने जांघो par......bolkar ज़ैद अपनी अम्मी की जांघो में झरने लगता hai........zaid का गरम गरम विरए जैसे हे रुकसाना के जांघो लार गिरता है रुकसाना की छूट से प्रेकम निकलने लगता hai.....rusla ा को ऐसा लगता है की ज़ैद के साथ वो व् जहर jaegi....lekin रुकसाना खुद पर कण्ट्रोल कर लेती hai........or ज़ैद का गरम गरम चिपचिपा विरए अपने जांघों पर महसूस करके सातवे आसमान पर पहुँच जाती है......

जब ज़ैद का पूरा विरए उसकी जांघो लार गिर चूका होता hai....to ज़ैद की पकड़ ढीली पद जाती hai.........ab रुकसाना ज़ैद को धक्का देकर अपने जिस्म से अलग कर देती है और अपने जांघो पर ज़ैद का विरए देखने लगती hai............ruksana का मन तो कर रहा था की ज़ैद के लुंड को पकड़ कर अपने छूट में घुसा le......lekin रुकसाना आज अजय के लुंड से छोड़ने का मन बना ली thi......isliye रुकसाना खुद पर कण्ट्रोल करती hai.......or अपनी सांसो को इस्थिर करने का प्रयास करने लगती है..........

ज़ैद - aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh अम्मी जान क्या माल हो tum.......man तो करता है आपको खा jaun....lekin मई ज़बरदस्ती नहीं karunga......aap खुद मेरा लुंड अपने छूट में लेने के लिए तड़प कर मेरे पास होगी और मुझे बोलोगी plssssssssssssss मेरी छूट की प्यास बुझा दो अपने लुंड se..........tab हे मई अपना लुंड आपकी छूट में घुसूंगा......

रुकसाना प्यार भरी नज़रो से ज़ैद को आँखों में देखने लगती है जैसे कह रही हो ......घुसा दो न बीटा मई तुमसे कह रही हु घुसा दो अपना मुसल लुंड अपनी अम्मी की छूट में.........

लेकिन सिर्फ देख कर हे रह जाती है कुछ कहती नहीं..........

ज़ैद - अम्मी मुझे पता है आप कहा जा रही हो.........

रुकसाना का दिल ज़ोरो से धड़कने लगता hai..............or उसकी नज़र शर्म से झुक जाती है..........

ज़ैद - लाओ मई आपको तैयार कर देता हु ताकि अजय को व् तो पता चले की मेरी अम्मी कितनी छुडासी औरत है.....

रुकसाना को तो ये पहले से हे शक tha...lekin ज़ैद ने खुद बोल कर क्लियर कर diya..............ab रुकसाना के चेहरे पर एक कातिल मुस्कान तैर gayi...........dono से एक साथ छोड़ने का ख्याल आने लगा रुकसाना के दिल me.......wo और ज्यादा होर्नेय होने lagi.......lekin अब वो कुछ नहीं बोल रही थी............

अम्मी कोई सेक्सी सा ड्रेस जिसमे आपका जिस्म आधा से ज्यादा नंगा ho...waisa ड्रेस निकालो.........

रुकसाना गांड मटकते हुए कप्बोर्ड के तरफ गयी और वह से एक सेक्सी निघ्त्य रेड कर का निकल कर उसके साथ मैचिंग का ब्रा पंतय निकल kar.....zaid को मुस्कुरा कर देखते हुए पहनने लगी.........

पहन कर वो फोर्स गांड मटकती हुयी वास ड्रेसिंग टेबल पर गयी और ेने के सामने कड़ी होकर मेकअप करने लगी......

इतने में ज़ैद आकर पीछे से पकड़ लिया और बोलै - उम्मम्मम्मम्म aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh मेरी अम्मी जान कयामत लग रही हो तुम इस ड्रेस me..........tumhe इस ड्रेस में देख कर तो अजय का लुंड बिना आपके छूट में घुसे हे पानी छोर देगा........

........ज़ैद ने एक छपका उठा कर अम्मी के बालो में लगा diya.....or उसकी कमर पकड़ते हुए बोलै........ उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ अम्मी क्या लग रही हो तुम........





आआआआह्ह्ह्हह्ह्ह्ह अम्मी क्या गदराया जिस्म है apka....is ड्रेस में आपका जिस्म और व् ज्यादा छुडासी लग रहा hai.......koi व् मर्द आपको इस ड्रेस में देख ले तो उसका लुंड बिना हिलाये हे पानी छोर देगा........

रुकसाना अपनी गन्दी तारीफ सुन कर शर्म से लाल हो gayi......usne शर्म से अपनी नज़र झुका ली.......





ज़ैद रुकसाना की घुमा कर उसका चेहरा अपने हाथो में थम liya...or अम्मी की थोड़ी को अपनी ऊँगली से उठाते हुए bola.........itni छुडासी माल जिसके पास हो वो भला रंडियों को छोड़ने क्यों jaega...........apni अम्मी का कपड़े एक रंडी से कर रहा था ज़ैद लेकिन रुकसाना को ये तारीफ भट ज्यादा गरम कर रहा tha.........apna कपड़े एक रंडी से करने से रुकसाना और व् ज्यादा जोश में आने लगी thi..........itni गन्दी गन्दी बातें आज तक उसे किसी ने नहीं कहा tha....jo आज उसका बीटा उसे कह रहा था.......

ज़ैद से नज़रें नहीं मिला पा रही थी रुकसाना ....ज़ैद उसके लाल लाल होंठो को अपने ऊँगली से छेरते हुए bola......aaj इन होंठो की साड़ी लाली बिखर जाएगी ोयो रूम में............





Aaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhh ज़ैद plssssssssssssss कुछ मत बोलो .........चुप हो jao.......mujhe शर्म आ रही hai.........ruksana अपनी आंखें खोलते हुए ज़ैद को बोली.........

ज़ैद अपनी अम्मी को कमर से पकड़ कर अपने जिस्म पर खींचता हुआ बोलै......... उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ अम्मी आपकी छूट इतनी गुलाबी कैसे है...........

रुकसाना उसके सीने में मुक्का मरते हुए बोली - धत्त बदमाश भट गंदे हो tum......jao मई तुमसे बात नहीं करती......

बोलकर रुकसाना ज़ैद के सीने में अपने मुँह को छुपा लेती है........





ज़ैद - जल्दी जाओ अम्मी जान अजय का लुंड बेताब होगा आपकी पिंक छूट को फाड़ने के लिए............

रुकसाना शर्म से लाल हो जाती hai........or ज़ैद से अलग होते हुए कप्बोर्ड के तरफ बढ़ जाती hai....waha से एक पूरा शरीर को ढकने वाला कपडा निकल कर पहन लेती hai.........ammi की चुकी और गांड इतनी गदरायी हुयी थी की इस कपडे में व् नहीं छुपा पा रहा था अम्मी की चुकी और गांड को....................













ज़ैद - चलो मेरी छुडासी अम्मी मई आपको छोर देता हुआ ोयो रूम तक......

दोनों जाकर गाड़ी में बैठ जाते है ....ज़ैद कार ड्राइव करने लगता है उसके बगल में रुकसाना ज़ैद को गौर से देखे जा रही थी.......





होटल पहुँच कर ज़ैद और रुकसाना अंदर चले जाते hai...hotel भट बड़ा tha...isliye किसी को किसी से कोई मतलब नहीं था कौन आ रहा कौन जा रहा........

लेकिन रुकसाना की उभरी हुयी गांड और सुडोल चुकी कपडा फाड़ कर बहार आने को बेचैन they........usko हर मर्द अपनी गन्दी नज़रो से घर रहा था .......और रुकसाना की गांड की थिरकन को देख कर अपना अपना लुंड पंत के ऊपर से सहला रहा था.......





इतने में एक बुड्ढे ने रुकसाना को देख कर कमेंट कर दिया.....

Aaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhh साली क्या चुकी है iski......itni बड़ी होने के साथ साथ इतनी टाइट चुकी मैंने तो अपनी ज़िन्दगी में नहीं देखि है........

रुकसाना का दिल धक् सा किया उसने जैसे हे उधर देखा तो एक सफाई कर्मी जो की होटल की सफाई कर रहा था ....एकदम काला कलूटा बुद्धा आदमी रुकसाना को ललचाती नज़रो से देख रहा tha.........ruksana ने शर्म से नज़र दूसरी तरफ घुमा ली.........





ज़ैद - ok अम्मी अब आप यहाँ से खुद हे चली jao.....room नंबर 205 ......7तह फ्लोर.......

रुकसाना ज़ैद को भट प्यार भरी नज़रो से देखा और लिफ्ट के तरफ बढ़ गयी.....





रूम के बहार पहुँच कर रुकसाना का दिल ज़ोरो से धड़क रहा tha......wo कुछ देर वही कड़ी कड़ी सोचती रही की अंदर जॉन या न जॉन.........

फिर बड़ी हिम्मत करके दूर बेल्ल बजाय.....

अजय भागता हुआ दूर ओपन किया और रुकसाना को बुर्का में देख कर पागल हो gaya......aaj एक शरीफ बीवी उसके दोस्त की अम्मी अजय से छोड़ने ोयो रूम आयी thi.....ajay को अपनी आँखों में यकीं नहीं हो रहा था........

अजय ने रुकसाना को छेरते हुए बोलै .....

कौन हो आप.........????

रुकसाना ने कुछ नहीं कहा बस अपने चेहरे से कपडा हटा diya.....uska खूबसूरत चेहरा देख कर अजय के दिल की धड़कन बढ़ gayi......uske लाल लाल होंठ उसकी हिरणी जैसी आंखें उफ्फ्फ्फ़ क्या कयामत लग रही थी रुकसाना आज........





अजय - haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy मेरी रांड रुकसाना कबसे इंतज़ार में बैठा हु अपना लुंड pakde.........ki मेरी रंडी कब आएगी मुझसे छोड़ने.......

अजय रुकसाना को अंदर बुलाया और रूम लॉक कर diya.....ruksana ने अपना कपडा फिरसे धक् लिया tha..........wo जाकर सोफे पर बैठ गयी........

रुकसाना ने जान बुझ कर अपने सामने से कपडा हल्का खोल दिया था ....जिसकी वजह से उसकी बड़ी बड़ी चुकी की घाटी साफ़ नज़र आ रही थी.......





अजय - अपने चाँद से चेहरे को दीकहो तो ज़रा मेरी जान रुकसाना आंटी.....

रुकसाना अपने चेहरे से पर्दा ऊपर कर लेती है........



 
आगे की कहानी रुकसाना की ज़ुबानी..........

ोयो रूम में जाकर मेरी धड़कने भट तेज़ चल रही thi............mujhe इतना डर कभी नहीं लगा था जितना डर मुझे आज लग रहा tha..............chut को आग बुझाने मई ोयो रूम तो आ गयी थी लेकिन अब मुझे बेचैनी लग रही थी..............

मेरी चुकी कपडा फाड़ कर बहार आने को बेचैन the........kapda में मेरी चुकी और व् ज्यादा छुडासी लग रहे थे.......





और जब सर पर दुपट्टा सही से बांध लिया तो मई सोफे पर बैठ gayi..........Ajay मेरे बगल में आकर बैठ gaya.....or मेरे हाथो को आने हाथो में लेकर बोलै

अजय - कसम से आंटी आपके जैसी खूबसूरत और गदरायी औरत मैंने आज तक नहीं देखि hai.............apka चेहरा गुलाब के जैसा hai...........apki आंखें इतनी नशीली है की आप जिसे एक बार प्यार से देख लो तो वो वही घायल हो jaye...............apki ये रसीले होंठ ufffffffffffffffffffgfggffffffffff..........

बोलकर अजय ने मेरे होंठो को अपने ऊँगली से छेर्ने laga.........lekin डर की वजह से मई अभी व् बेचैन हो रही thi.....mai किसी व् तरह ोयो रूम से भाग जाना चाहती थी.......

मई - अजय अब मुझे जाना hoga......bas तुंहरे कहने पर मई तुमसे मिलने यहाँ तक आ gayi.............taki तुम्हारा दिल न tute...........ab मई मिल चुकी हु अब मुझे जाने दो..........

अजय - इतनी व् जल्दी क्या है aunty......abhi तो आयी ho.....thodi देर बैठो फिर चली jana........itni हड़बड़ी क्यों है apko......kaunsa आपका ट्रैन छूटा का रहा hai.........uncle तो रात में 12 बजे aenge.......zaid को मैंने समझा दिया है............

मैंने आंखे बड़ी बड़ी करते हुए सवालिया नज़रो से अजय को देखा और पूछा - तुमने क्या समझा दिया है ज़ैद को.....???

अजय हँसते हुए बोलै - यही की आंटी जिस तरह तुम्हारी अम्मी है उसी तरह मेरी व् अम्मी hai.....tum बेफिक्र rahna........aunty को मई घर छोर दूंगा.........

मई - तुम दोनों भट गंदे हो .....अपनी हे अम्मी के साथ ये सब करते हुए तुम्हे ज़रा व् शर्म नहीं अति..........

अजय - अपनी अम्मी को छोड़ने में जो मज़ा है वो दूसरी औरत में कहा है मेरी जान रुकसाना...........

मई - मई यहाँ वोसब करने नहीं आयी हु समझे na........mai सिर्फ तुमसे मिलने आयी हु...........

अजय - haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy मेरी छुडासी मस्त गांड वाली aunty.........yahi अदा पर तो मई फ़िदा हु ...............बोलकर ज़ैद मेरे सर को पकड़ कर मेरे होंठो पर अपने होंठ रख दिया और किश कर liya.............maine झटके से अजय को हटा diya..........pls अजय मुझसे नहीं होगा येसब .........अब मुझे जाना hoga......bolkar मई सोफे से उठ गयी........

अजय मेरे हाथ पकड़ liya...........ajay समझ गया की मई दरी हुयी हु........

मई डर से सहमी हुयी अजय के बगल में बैठी thi..................mera खूबसूरत सेक्सी चेहरा अजय को अत्त्रक्ट कर रहा था........





अजय - एक बात बोलू आंटी.....

मई - हम्म्म......

अजय - आप मोबाइल में जितनी हसीं दिखती हो उससे कई गुना ज्यादा सामने से हसीं लगती ho...........itna खूबसूरत चेहरा मैंने आज तक नहीं dekha.........ye चाँद सा चेहरा देख कर लड़को को आप पर क्रश हो जाये.........

मई अपनी तारीफ सुन कर अजय को भोली औरत बना कर देखने lagi........lekin कुछ बोली नहीं.......

अजय - haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy.ai मर जावा आपके इस भोली सूरत par.......kitni खूबसूरत आंखें है apki........kitne चिकने और गुलाबी गाल है apke.......or सबसे सेक्सी आपका ये होंठ है............ उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ ऐसा लग रहा है जैसे गुलाब की पंखुड़ी हो..........





अपनी तारीफ सुन कर मई शर्म से लाल हो गयी और अजय की आँखों में देखने लगी......

अजय - सच कहु तो आप मेरे सपनो की शहज़ादी ho.......maine सपने में व् इतनी सुन्दर औरत की कल्पना नहीं की थी......

मई - और कितनी तारीफ करोगे ajay....mai इतनी व् हसीं नहीं हु जितना तुम तारीफ कर रहे हो........





अजय - ाचा आप ये बताओ आपने कभी ताजमहल को देखा है.......

मई - हम्म देखा है......

अजय - कैसा है...???

मई - भट भट खूबसूरत ..........

अजय - चंडी रात में कभी चाँद को गौर से देखा है.......

मई - हम्म्म भट बार देखा hai.....mujhe चाँद को देखना भट ाचा लगता है........

अजय - चाँद या ताजमहल को पता है क्या की वो कितने खूबसूरत है.......

मई - नहीं उन्हें कैसे पता हो सकता है......

अजय - यस एक्साक्ट्ली वैसे हे आप ho....aap तो चाँद और ताजमहल से व् कई गुना ज्यादा खूबसूरत ho...........samne से देखने वाला हे बता सकता है वो कितनी खूबसूरत हो.......

आज तक इतनी तारीफ और इस तरह से तारीफ किसी ने व् मेरी नहीं की thi.....ajay के मुँह से अपने लिए इतनी तारीफ सुन कर अब मई नार्मल हो चुकी थी ....एरा डर पूरा का पूरा चला गया था.........

मेरे चेहरे पर अब हंसी आ चुकी thi......mera हँसता हुआ चेहरा देख कर अजय समझ गया की मई अब नार्मल हो चुकी hu..........mai खुल कर मुस्कुरा रही थी और अजय को मुस्कुरा कर देख रही थी.......





मई हँसते हुए अजय को बोली - बातें बनाना तो कोई तुमसे seekhe........tumne हे मेरे बेटे को बिगाड़ा है.......

अजय - ाचा जी वो kaise.......usne कुछ किया क्या आपके साथ.......

मई घबरा गयी अजय के इस सवाल से - न नहीं नहीं तो ऐसी कोई बात नहीं hai.......wa वो कल रत में तुम्हारी मम्मी के साथ वोस्ब कर रहा था zaid.........wo ज़रूर तुमने करवाया होगा .......वर्ण मेरा बीटा ऐसा नहीं था.........

अजय - मेरी मम्मी व् तो एक छुडासी औरत है लेकिन आपके जैसी nhi......aap तो करोड़ो में एक हो मेरी जान aunty..........apke ये बड़े बड़े दूध देख कर हे हर मर्द आपका दीवाना हो jayega.......dekho तो बुरका पहनने के बाद व् आपका दूध कितना बड़ा और सुडोल दिख रहा hai..........bolkar अजय मेरी चुकी को खा जाने वाली नज़रो से घूरने लगा...........

मई इतराते हुए अजय को देख कर बोली - भट बेशर्म हो tum......badmash कही ke.......apni मम्मी की उम्र की आंटी से ऐसी गन्दी बातें करते हुए शर्म नहीं आती तुम्हे...............





Aaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhh मेरी रानी रुकसाना आंटी .........जब आंटी आपके जैसी छुडासी माल हो तो फिर शर्म किसे aegi.........itna छुडासी बदन है apka.....itna लुस्टि चेहरा .........की आपको देख कर हे सारा शर्म भाग जाता hai.....man करता है बस आपको बहो में लेकर आपकी दोनों चुकी अपने हाथो में पकड़ कर खूब maslu.......or आपको ऐसी बेरहमी से छोड़ू की आपको छूट सुजा दू..........

मई अजय की गन्दी बातो से फिर से गरम होने lagi.........mere जिस्म में एक झुरझुरी दौड़ने लगी अजय की गन्दी बातो से........

मई - plssssssssssssss अजय ऐसी गन्दी बातें मत karo.......mai एक शरीफ बीवी hu.........mobile में एन्जॉय करना और रियल में अपने शोहर को धोखा देना दोनों अलग बात hai.........mobile तक तो ठीक है लेकिन रियल में मई ऐसा करने की सोच व् नहीं सकती हु............

अजय जान रहा था की औरतो को नखरा दिखने की आदत होती है.........

अजय - ाचा जी फिर आप यहाँ क्यों आयी हो.......

मेरे पास इस सवाल का कोई जवाब नहीं था.......

मई अपनी नज़रें झुकाये हुए बोली - मुझे नहीं पता........

अजय मेरे सामने खड़ा हो gaya.......or बोलै देखो तो अपने मेरे लुंड का क्या हाल बना दिया hai..........ye आपके हाथो में जाने के लिए कबसे तड़प रहा है.........

मई नखरा दिखते हुए बोली - मुझे नहीं देखनी.......

अजय - एक बार अपनी नज़र सामने तो करो......

मई भट नज़ाकत से अपने नज़र को धीरे धीरे उठाने लगी और जैसे हे मेरी नज़र अजय के पंत पर गयी मेरा दिल ज़ोरो से धड़कने laga...........ajay का खड़ा लुंड पंत के अंदर से व् भट बड़ा और mota.......itne सामने से अजय का लुंड देख कर मेरा दिल धक् सा रह gaya.........maine घबराहट में अपने सीने में हाथ रख कर आश्चर्य से अजय के लुंड को देख कर कहा.......

Omg कितना बड़ा दिख रहा पंत के andar.....jab बहार निकलेगा तो क्या होगा.................





Aaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhh रुकसाना मेरी जान जबसे मैंने तुम्हारी गदरायी मस्त जवानी देखि है मई तो बस तुम्हे छोड़ने के हे सपने देख रहा hu.........aaj वो सपना पूरा होने वाला hai..........mujhe तो अपनी आँखों कर यकीं हे नहीं हो रहा की दुनिया की सबसे सेक्सी औरत रुकसाना मुझसे छोड़ने ोयो रूम आयी है..........

अजय - एक बार अपने हाथो से मेरे लुंड को सहला दो न मेरी जान रुकसाना begham.........pant के ऊपर से हे सहला दो..... plssssssssssssss......kbse तड़प रहा है........

मई शरमाते हुए ना में सर हिला दी.......

अजय - उफ्फ्फफ्फ्फ़ ये नखरे .......नखरे करने से औरत और व् ज्यादा छुडासी दिखती hai.........ek बार सहला दो न मेरी रानी......

रुकसाना - plssssssssssssss अजय nhiiiiiiiiiii naaaaaaaaaa..........ab मुझे जाना hoga....bolkar मई कड़ी हो gayi.....lekin मेरा जाने का मैं बिलकुल व् नहीं tha.....mai तो बस नखरे दिखा रही थी...........





अजय - ok बाबा ok चली जाना लेकिन सिर्फ एक बार पंत के ऊपर से पकड़ दो न .......मेरे लुंड ko.........mujhe सुकून मिल जाएगा........ plssssssssssssss रुकसाना आंटी सिर्फ एक बार न......

मई - plssssssssssssss अजय ज़िद्द न करो ....मुझसे नहीं hoga........mobile में येसब करना और बात है .....लेकिन रियल में मई नहीं कर sakti........maine आज तक अपने शोहर के अलावा किसी व् मर्द को टच करने तक नहीं दिया है.............

अजय - तुम एक शरीफ औरत हो इसलिए तो तुम्हे छोड़ने के लिए मई बेचैन हु ............एक शरीफ औरत की छूट और व् ज्यादा टाइट होती है मेरी Rani.......ye मई जनता हु ....इसलिए तो तुम्हे छोड़ने को हवस मेरे दिल में hai.............bolkar अजय मेरे हाथो को पकड़ कर अपने खड़े लुंड पर रख दिया............ जैसे हे मैंने अजय का लुंड पंत के ऊपर से महसूस किया मेरी धड़कन इतनी तेज़ हो गयी की ऐसा लग रहा था जैसे सीना फाड़ कर बहार आ jaegi..............meri आंखें और मुँह फटी की फटी रह gayi............pahli बार मैंने किसी गैर मर्द का लुंड को छुआ tha.............lund को छूने के एहसास से हे मेरी छूट गीली होने lagi..........ajay ने मेरी उभरी गांड पर हाथ रख दिया और सहलाने लगा........

मई कसमसाने लगी - plssssssssssssss अजय nhiiiiiiiiiii naaaaaaaaaa plssssssssssssss मुझे जाने दो na......bht गंदे हो तुम...........

मई न न कर रही थी लेकिन मेरा जिस्म मेरा साथ नहीं दे रहा tha....mera जिस्म कह रहा था की उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ कितना मज़ा आ रहा है अजय के सहलाने se.....ajay मेरे गांड को हल्का हल्का सहला रहा था और मई उसके लुंड को न चाहते हुए व् धीरे धीरे सहलाने लगी...........





अजय ने मुझे कमर में हाथ दाल कर वापस सोफे पर बिठा diya..........mai उसकी कठपुतली की तरह सोफे पर बैठ gayi....bina विरोध किये...........

अजय मेरी जांघों को हल्का हल्का कपडा के ऊपर से सहलाता हुआ धीरे धीरे मेरे एक जांघ के तरफ मेरे कपड़ो को ऊपर करने laga.........mera दिल ज़ोर से धक् धक् करने laga...........mujhe समझ नहीं आ रहा था क्या रियेक्ट करू क्या एक्सप्रेशन du.........mai बस कसमसाने लगी थी...........

मई - plssssssssssssss अजय मुझे नापाक मत karo.....mai एक किसी की बीवी हु और एक बड़े घर की शरीफ बहु हु................. plssssssssssssss aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh अजय ............ आआआआअह्हह्ह्ह्हह मत करो naaaaaaaaaa ऐसा aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh.................

अजय अब मेरी नंगी जांघो पर हाथ फेरने लगा और एक हाथ से मेरे गलों को सहलाने लगा ......मई मदहोश होने lagi.............mere मुँह से उम्मम्मम्म उम्म्म्माःह्ह्हह्ह अजय आआआआअह्हह्ह्ह्हह मत करो aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh.......nikal रहा था...........

अजय मेरे गलो को सहलाते हुए धीरे धीरे अपना हाथ मेरी चुकी पर ले गया और कपडा के ऊपर से हे मेरी चुकी को हल्का हल्का दबाने laga...........mai इतना बेचैन हो गयी की मेरी साँस फूलने लगी...............

अजय - aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh आंटी क्या चुकी है आपकी...... haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy इस चुकी पर तो पूरी ज़िन्दगी कुर्बान कर दू मई.............

अब अजय हल्का हल्का मेरे कपडे का बेल्ट कमर से खोल दिया और कपडा को चुकी से हटा diya.......fir अजय ने अंदर के कपडे को चुकी के पास से खोल diya.........or एक हे झटके में मेरी चुकी को ब्रा से बहार करके नंगा कर दिया........

अजय - aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh मेरी रांड रुकसाना क्या चुकी है तेरी ...........बोलकर मेरे निप्पल से खेलने laga.........mai रोनी सूरत बना कर अपने गाल पर हाथ रख लिया और अपने चुकी को देखने lagi..............ab मेरा एक हाथ अपने आ अजय के गाल पर चला gaya..........mera जिस्म खुद अजय का साथ देने लगा...........





मुझे भट शर्म आ रही thi..............akhir मई ऐसा कैसे कर सकती hu.....mai एक रॉयल फॅमिली की बहु hu..............mai अपने आप को किसी दूसरे मर्द के हवाले कैसे कर सकती hu.......ye तो एक बदचलन औरत का काम होता hai............mai बदचलन औरत नहीं hu........apne शोहर से लॉयल hu.........mai ऐसा नहीं कर sakti.............yahi सब सोचते हुए मेरी आँखों से आंसू बहने लगे.............

मेरे अंदर की किआ शरीफ औरत जाग गयी और मई रट हुए अजय से बोली - plssssssssssssss अजय मुझे नापाक मत karo..........mai क्या मुँह दिखाउंगी अपने शोहर को............

अजय ठीक मेरे समाने बैठ गया और मेरी चुकी को हाथ से मसलने लगा और बोलै........

अजय - अपने आप को ख़ुशी देना कोई नापाकी nhi...........kisi का दिल दुखाना किसी के साथ बुरा बर्ताव करना येसब गलत hai............dekho तो कितनी खूबसूरत चुकी और गांड दिया है ऊपर वाले ने apko..........apko अपनी ज़िन्दगी जीने का पूरा हक़ hai.........wo व् अपने हिसाब se............aap इतना मत सोचो ........खुद को ख़ुशी देना कोई गुनाह nhi.....koi नापाकी नहीं............





येसब समझते हुए अजय मेरी चुकी को सहला व् रहा था और ज़ोर ज़ोर से दबा व् रहा था.........

अजय - haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy माखन के जैसा है आपका jism......or ये चुकी बोलकर अजय अपना मुँह मेरी चुकी पर लगा diya......mai तो जैसे तड़प उठी........

मई - aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh ajayyyyyyyyyyyyyyyyyy nhiiiiiiiiiiii plssssssssssssss.......... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh haaaaaayyyy......karne लगी..........

मई अजय के सर को पकड़ कर अपने चुकी में दबाने lagi..............lekin मेरे मुँह से बार बार नहीं नहीं हे निकल रहा था......... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh अजय नहीं plssssssssssssss मत करो मेरे साथ येसब ...... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh उम्मम्मम्म उफ्फ्फफ्फ्फ़ अजय plssssssssssssss nhiiiiiiiiiii...........itne में अजय ने मेरे निप्पल को अपने दांतो से काट liya.............mai दर्द से तड़प uthi....or अजय के सर के बालो को पकड़ कर अपने चुकी से अलग कर diya.............or गुस्से में boli.........kaminey जानवर कही के............. aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh maaaaaaaaaaaaaaaaa कितने ज़ोर से काटा है तूने मेरे निप्पल ko.............kaminey ..........बोलकर मई अपनी चुकी को सहलाने lagi.....drd कम् करने क लिए................

अजय को गुस्सा आ gaya......or उसने मेरे बालो को पकड़ कर ज़ोर से खींचता हुआ bola........sali रंडी छिनार भट नखरे दिखा रही है kabse.........sali रांड तुझे तो मई दिखता हु चुदाई क्या होती hai........tera वो हिजड़ा शोहर तेरी प्यासी छूट को सही से नहीं छोड़ पाया है आज तक इसलिए तो तू मुझसे छोड़ने आयी है यहाँ ोयो रूम ....एक रंडी की तरह.............

मई दर्द से तड़प रही थी और अजय मेरे बालो को ज़ोर से खींचे हुआ था............

मई - अजय छोरो मुझे वर्ण ठीक नहीं होगा........... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhh दर्द कर रहा है छोरो mujhe......mujhe नहीं करना तुम्हारे साथ कुछ v........mujhe जाने दो..........

रुक साली छिनार अब्बी तुझे बताता हु.........

बोलकर अजय अपना पंत खोल कर निचे गिरा देता है और जैसे हे उसका मोटा लुंड बहार निकलता है मेरी साँस तेज़ हो जाती है इतना मोटा लुंड अपने आँखों के सामने देख कर...............

अजय - चल पकड़ इसे बहनचोद साली छिनार...........

मई - नहीं नहीं अजय plssssssssssssss मेरे साथ ऐसा मत करो मुझे जाने दो........

अजय मेरे गलो पर दो चार थप्पड़ जड़ देता है ..........मेरा पूरा चेहरा लाल हो जाता hai.............mere आँखों से आंसू ज़ारी हो जाते hai.......mera पूरा दिमाग सुन्न पद जाता hai.......aaj तक मुझे किसी ने थप्पड़ नहीं मारा tha.............wo व् इतनी ज़ोर ज़ोर se.........ajay के ऊँगली का निशाँ मेरे गलो पर छाप गया था.............

मई सुबक सुबक कर रोने लगी..........

अजय - मेरे लुंड को पकड़ साली मोती गांड वाली छिनार वर्ण और मरूंगा..........

मई रट हुए चहेरे से अजय को देखि और उसके लुंड को हाथो में पकड़ लिया........

लुंड इतना मोटा था की मेरे पूरे हथेली में भर सा गया..........





Aaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhh साली छिनार क्या मुलायम हाथ है तेरे बहनचोद कुटिया sali..........ab इसे पकड़ी रहेगी या हिलेगी व् ......या तेरी रंडी अम्मी आकर इसे हिलेगी...........

मई डर के कैंप रही thi......mujhe अभी व् यकीं नहीं हो रहा था की अजय मेरे साथ इतना बुरा karega.....warna मई कभी नहीं अति ोयो रूम............

मई डर से उसके लुंड को अपने हाथो से सहलाने लगी...........

अजय - आआआआअह्हह्ह्ह्हह साली क्या मस्त माल है तू छिनार साली ........ उफ्फ्फफ्फ्फ़ aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh उम्मम्मम्मम्म ऐसे हे हिलती रह बहनचोद........

कुछ देर लुंड हिलने के बाद अजय ने मेरे बाल पकड़ कर वापस खींचा और बोलै चली साली अब इसे चूस.........

मई - नहीं नहीं प्लसससससससस मैंने आज तक किसी का लुंड नहीं चूसा hai..........maine ये बात झूट बोली अजय ko.....kyu की मैंने आज हे होने बेटे का लुंड चूसा tha.....or लुंड चूसने में इतना मज़ा अत है ये मई नहीं जानती thi....wo आज जनि बेटे का लुंड चूस कर.............

अजय - साली फिर से नखरे दिखा रही hai......bolkar अजय ने मेरे गाल पर एक ज़ोरदार थप्पड़ जड़ दिया.......

मई दर्द से कराह उठी............. aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh aaaaaaiiiiiiiiiiiiiiiiiiii maaaaaaaaaaaaaaaaa plssssssssssssss अजय मत मारो मुझे भट दर्द होता है........ plssssssssssssss तुम जैसा बोलोगे मई वैसा करुँगी .........

अजय - तो चल रंडी चूस मेरे लुंड को.........

मई अपने हाथो में अजय का लुंड पकडे हुए थी और मई धीरे से अपना मुँह अजय के लुंड के पास ले gayi...........uske लुंड की बदबू मुझे एक अलग हे जोश दे रहा tha...............aisa लग रहा था जैसे ये बदबू मेरे नाल से होते हुए मेरे छूट तक चली गयी hai............uske लुंड को बदबू से मेरी छूट फड़फड़ाने lagi.....aisi बदबू पहली बार मैंने स्मेल की थी..........

मैंने अपना चेहरा पीछे कर लिया और अजय की आँखों में देखने लगी रट हुए.........

मई - अजय प्लसससससससस मुझसे नहीं hoga......pls कुछ और करवा लो लेकिन मुझसे ये नहीं होगा.......

अजय - लगता है तू ऐसे नहीं मानेगी कुटिया sali........ruk तुझे अभी बता रहा हु........

मई - नहीं नहीं plssssssssssssss मई चुस्ती हु मई चुस्ती हु बोलकर मई अजय के लुंड को अपने ज़बान से जैसे हे लगाया ............अजय कामुकता की वजह से अकड़ सा gaya......mai लुंड को ज़बान से चाट तय हुए अजय की आँखों में देखने lagi.......roni सूरत बना कर........





अजय - aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh साली chhinaar.......ise अंदर ले बहनचोद कुटिया साली........ आआआआअह्हह्ह्ह्हह मैंने तुझे चूसने बोलै है .......चाटने nhi............muh में लेकर चूस मेरे लुंड को..........

मई अजय के लुंड के सुपडे को हल्का हल्का मुँह के अंदर लेने lagi.....lolly पॉप की tarah..........uske लुंड से इतनी तेज़ बदबू आ रही थी की मुझे उलटी जैसा महसूस होने लगा tha...........lekin पता नहीं क्यों ये लुंड की बदबू मेरी कामुकता और ज्यादा बढ़ा रही thi........mera जिस्म जलने लगा था लुंड की ये बदबू se..........mai उसके सुपडे को अपने मुँह के अंदर बहार करने लगी और अजय को भोली सूरत बना कर देखने lagi.....jaise मई कह रही हु की अब थी है na.......aise हे चूसना है न.........





Aaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhh रुकसाना रंडी क्या गरम मुँह है तेरा ...... आआआआअह्हह्ह्ह्हह उम्म्म्माःह्ह्हह्ह उम्म्म्माःह्ह्हह्ह उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy ऐसे हे ....ऐसे हे बहनचोद रंडी sali.........or अंदर ले लुंड को bahanchod.......or अंदर.....

मई फिर व् इतना हे लुंड चूस रही थी थोड़ा थोड़ा सिर्फ सूपड़ा तक अंदर ले रही थी........





अजय गुस्से में मेरे सर को दोनों हाथो से पकड़ कर अपने लुंड में दबा diya.......mai अचानक हुए इस हमले के लिए तैयार नहीं thi........mai अपना मुँह वापस खींचने के लिए पूरी ताकत लगा दी लेकिन अजय एक मर्द था और मई कहा एक नाजुक सी aurat.........ajay ने अपना पूरा का पूरा लुंड मेरे हलक तक घुसा diya.......or मेरे मुँह को छोड़ने laga.........meri तो साँस हे अटक gayi.....aisa लग रहा था जैसे साँस रुक सी गयी hai.........mai दोनों हाथो से अजय के जांघो लार मरने lagi...........lekin कोई फ़ायदा नहीं hua.....ajay मुझे बेरहमी से मेरे मुँह को छोड़ रहा था...........

अजय - साली रंडी नखरे भट करती hai.........dekh बहन छोड़ ऐसे चूसा जाता है lund.....tere उस हिजड़े शोहर ने तुझे चुदाई का असली मज़ा आज तक दिया हे नहीं इसलिए तू चुदाई ठीक से नहीं जानती.........





अजय इतनी बेरहमी से मेरा मुँह छोड़ रहा था की मेरी आँखों के सामने अँधेरा छाने लगा tha......mai अजय के जांघों को मरते मरते थक चुकी thi.......akhir कार अजय ने अपना लुंड मेरे मुँह से बहार निकला तो मई बेसुध होकर ज़मीं पर गिर कर खांसने lagi.........or मेरे मुँह से ढेर सारा थूक बहार गिरने laga......mai बार बार थूक रही thi.....kho खो खो खो ठु ठु करके अजय के गंदे लुंड का स्वाद मई अपने मुँह से पूरा का पूरा निकल देना चाहती thi......lekin अजय के लुंड का स्वाद तो मेरे पूरे अंदर तक चला गया tha........thukne से वो भला कहा बहार आने वाला था.........

अब अजय ने मुझे कंधो से पकड़ कर उठाया और सोफे पर बिठा diya.....or मेरे कपडा को कमर तक ऊपर कर दिया............

और मेरी छूट को अचानक ज़ोर से अपने हाथो से दबोच liya.........meri ज़ोर से चीख निकल गयी........ आआआआअह्हह्ह्ह्हह aaaaaaiiiiiiiiiiiiiiiiiiii maaaaaaaaaaaaaaaaa ufffffffffffffffffffgfggffffffffff उम्मम्मम्मम्म aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh ajayyyyyyyyyyyyyyyyyy nhiiiiiiiiiii plssssssssssssss.......

अजय - साली रंडी कबसे नहीं नहीं करती जा रही है और छूट से बेतहाशा पानी बहा रही hai............tu बहार से सिर्फ दिखावा के लिए एक शरीफ औरत है लेकिन अंदर से पक्का छिनाल है तू रंडी sali........dekh तेरी छूट कितना पानी बहा रही है एक गैर मर्द का लुंड से छोड़ने के liye..............dekh तो तेरी पंतय कितनी भीग चुकी है तेरे छूट रस se...............bolkar अजय ने मेरी पंतय को साइड करके मेरी छूट को अपने हाथो से छेर्ने laga.........meri तो जैसे जान हे निकल गयी............

मई - aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh अजय plssssssssssssss nhiiiiiiiiiiii aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh उम्मम्मम्म उफ्फ्फफ्फ्फ़.............

अजय धीरे धीरे मेरी छूट रगड़ते हुए मेरी आँखों में देख रहा था और मई कामुक आँखों से अजय को देख रही थी......

अजय - है साली रंडी कितनी चिकनी और गरम छूट है तेरी madarchod...........bolkar अजय मेरी छूट को ज़ोर ज़ोर से रगड़ने laga.........meri तो कामुकता की वजह से बुरा हाल हो gaya.............mere मुँह से नहीं के जगह अब कामुक सिसकियों ने ले ली थी.........

मई - aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh अजय आआआआअह्हह्ह्ह्हह उम्मम्मम्म उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ हाआआयययय............





अजय - बहनचोद भट नखरे दिखा चुकी tu.....ab तेरी छूट छोड़ने का वक़्त आ गया hai..........bolkar अजय ने मुझे सोफे पर ज़बरदस्ती सुला दिया मई उससे छूटने की कोशिश करने लगी.........

अजय नहीं plssssssssssssss अजय नहीं मई एक शरीफ औरत हु plssssssssssssss मुझे गन्दा मत करो मई तुम्हारे आगे हाथ जोड़ती हु............. plssssssssssssss naaaaaaaaaaa betaaaaaaaaaa ऐसा मत करो...........

अजय - चुप साली छिनार बोलकर मेरे दोनों हाथो को अपने हाथो से ज़ोर से पकड़ लिया...........

और अपने लुंड को मेरी छूट के छेड़ में भिड़ा कर एक ज़ोर दर धक्का mara.........meri छूट तो पहले से हे गीली thi....ajay के धक्का मरने से उसका मोटा लुंड मेरी छूट को फाड़ता हुआ अंदर घुस गया...........

मुझे एक तेज़ दर्द हुआ और मई ज़ोर से चीख पड़ी........... haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy ammiiiiiiiiiiiiiii मर गयी मई ...

मई - uyyyiiiiiiiiiiii maaaaaaaaaaaa मरररररर gayiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii maaaiiiiiiiiiiiiiiiii कोई बचाओ इस जानवर से....... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh भट दर्द हो रहा hai......ajay plssssssssssssss बहार निकालो तुम्हारा भट मोटा लुंड hai.............mai सहन नहीं कर पाऊँगी इतना मोटा..............

अजय ने मेरे मुँह को दबा दिया और बोलै - साली छिनार कितना चिल्ला रही ...जैसे कोई नयी नवेली दुल्हन hai....sali रंडी हज़ारो बार चुद चुकी है फिर व् ऐसा चिल्ला रही जैसे तेरी सील टूट रही hai..........bolkar अजय एक ज़ोरदार धक्का मारा उसका पूरा का पूरा लुंड छूट की गहराई में समां gaya..........mera मुँह अजय के हाथो बंद होने की वजह से मेरी चीख अंदर हे घर कर रह गयी..............





Aaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhh साली रांड सच में तेरी छूट भट टाइट hai....lagta है तेरे हिजड़े शोहर का लुंड भट छोटा सा hai........isliye तेरी छूट को ठीक से खोल नहीं पाया है आज तक wo.........hai न.......

मई कुछ नहीं बोली बास दर्द की वजह से मेरे आँखों से आंसू बाह रहे थे और अजय का हाथ मेरे मुँह पर था.......

अजय ने मेरा मुँह छोरा और बोलै बोलना रंडी तेरे शोहर का लुंड भट छोटा है न जो आज तक तेरी इतनी मस्त छूट को सही से खोल नहीं पाया था.......

मई शर्म से लाल हो gayi.............or हाँ में सर हिला दिया..........

अजय - आज तुझे असली मर्द का लुंड मिला है ....है न ....?????

मैंने फिर हम में सर हिला diya..........kyu की सच में मुझे दर्द में वो मज़ा मिल रहा था जिसकी हर औरत ख्वाहिश करती है.........

अब अजय अपने लुंड को एक झटके में बहार निकला और मेरी छूट में अपना मुँह लगा diya...........or ज़ोर ज़ोर से मेरी छूट को चूसने laga........ajay के छूट चूसने से मेरी काम वासना इतनी बढ़ गयी की अब मुझे दर्द का एहसास पूरी तरह ख़तम हो gaya....drd अब लज़्ज़त में बदल चूका tha.............ajay मेरी छूट को पूरा का पूरा मुँह में दबोच लेता और चूसने लगता फिर अचानक अपनी ज़बान को मेरी छूट में घुसा deta...........maine अपना पूरा पेअर खोल दिया और छूट को अचे से चुसवाने lagi.......pahli बार कोई मेरा छूट चूस रहा tha......mujhe आज पहली दफा हे मालूम पड़ा की छूट व् चूसा जाता hai.......or छूट चूसने में इतना ज्यादा मज़ा अत hai.............mere शोहर ने आज तक मेरी छूट नहीं चूसी थी और न हे कभी अपना लुंड मुझे चुसवाया था.............

अब मेरे मुँह से कामुक भरी आवाज़ें निकलने लगी ..... आआआआअह्हह्ह्ह्हह अजय आआआआअह्हह्ह्ह्हह ऐसे हे हाँ ऐसे हे चुसो...... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh maaaaaaaaaaaaaaaaaa कितना mazaaaaaaaaaaaaaaaaa aaaaaaaaaaaa राहाआआआआ हैईईई.............





छूट चूसते चूसते अजय अचानक मुझे पकड़ कर घुमा दिया और कुटिया बना दिया........

अजय - चल साली कुटिया बन बहनचोद randi.......bolkar उसने मुझे कुटिया बना कर मेरी नंगी गांड को भट अचे से सहलाया और अचानक एक ज़ोरदार थप्पड़ मेरी गांड पर मार diya........mi तिलमिला उठी.......... haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy ammmmmmiiiiiiiiiiiiii मरररररर gayiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii maaaiiiiiiiiiiiiiiiii....... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh कामिनी क्यों मारा मुझे..........

लेकिन मुझे क्या पता था की गांड में थप्पड़ मार कर छुड़वाने का मज़ा हे अलग hai............pahli बार किसी ने मुझे मेरी नंगी गांड पर थप्पड़ मारा था..........

मई हड़बड़ा कर सीधी होना चाही तो अजय ने मेरे गांड को ज़ोर से पकड़ लिया जिसकी वजह से मई हिल व् नहीं पा रही थी..........

अजय - साली भट नखरे दिखा रही थी अब देख बोलकर अजय ने दनादन दनादन 9 दस थप्पड़ मेरी नंगी गांड में जड़ diya........mai दर्द से रोने lagi.......ajay के पंजो का दाग मेरी गोरी गांड पर छाप चुकी thi.........lekin पता नहीं क्यों थपड मरने की वजह से मेरी छूट और ज्यादा पानी छोर रही thi........aisa लग रहा था जैसे मई पेशाब कर रही हु............

मैंने मन हे मन सोचा .....तो क्या गांड में थप्पड़ खाने से और ज्यादा जोश चढ़ता hai.........isliye मेरी छूट इतना पानी छोर रही है..........

अजय ने अब अपने लुंड को मेरी छूट में सताया और एक ज़ोरदार धक्का mara......uska मोटा लुंड मेरी गीली छूट को चीरता हुआ पूरा अंदर तक घुस चूका tha......mujhe एक शदीद दर्द हुआ और मई चीख पड़ी.......... haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy maaaaaaaaaaaaaaaaaa धैईईईई naaaaaaaaaa plssssssssssssss aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh maaaaaarrrrrrrrrrrrrrrrr डाला इस कामिनी ने आज मुझे............ उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ मेरी छूट फट gayiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii......





Aaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhh साली इतनी टाइट छूट है तो दर्द तो होगा he.....lekin साथ हे साथ मज़ा व् आएगा मेरी raand..............bolar अजय फिरसे मेरे गांड पर थप्पड़ मरने laga......ab अजय का थप्पड़ मरना मुझे दर्द के साथ मज़ा व् दे रहा था.........

अजय अब ज़ोर ज़ोर से मुझे कुटिया बना कर छोड़ने laga........fuch फुच फुच फुच फुच फुच फुच फुच फुच फुच फुच फुच फुच फुच फुच फुच फुच फुच फुच फुच फुच फुच फुच फुच फुच फुच फुच फुच फुच फुच............





आआआआह्ह्ह्हह्ह्ह्ह अजय आआआआअह्हह्ह्ह्हह धैईईईई करो naaaaaaaaaa plssssssssssssss मुझे भट दर्द हो रही है...... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh अजय धैईईईई naaaaaaaaaaa...........lekin अब मुझे इतना मज़ा आ रहा था की मई मदहोश हो चुकी thi......pahli बार कोई गैर मर्द का लुंड मेरी छूट को छोड़ रहा tha.......mai व् अब कामुकता भरी सिसकारी ले रही थी और अपने गांड को अजय के धक्को के साथ पीछे कर रही thi..........aah ाः ाः ाः ाः ाः ाः ाः उम्मम्मम्मम्म ाः उफ्फ्फ आह .........





Aaaaaaaaaaaaah अजय aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh धीरे करो न plssssssssssssss मेरी बच्चेदानी तक टक्कर मर रहा है तुम्हारा लुंड...........

मई अपने चेहरे को पीछे घुमा कर अजय को देखते हुए बोली..........





अजय - चुप साली randi..........aaj तो तेरी छूट का मई वो हाल करूँगा की तू मुझसे चूड़े बिना रह नहीं paegi......aaj तुझे अपने लुंड से इतना छोडूंगा की तू अपने शोहर के लुंड को हमेशा के लिए भूल जाएगी.................





मुझे अजय की गन्दी बातें और ज्यादा जोश चढ़ा रही thi..........mai मन हे मन सोच रही थी aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh maaaaaaaaaaaaaaaaaa सच में कितना ताकत है इसके लुंड me.......kash ये लुंड मुझे पहले मिला hota.........poori जवानी मई इस लुंड से चुदवाती ...............

ऐसे हे कुछ देर छोड़ने के बाद मेरा जिस्म अकड़ने laga.....mujhe लगा की जिस्म के अंदर का सारा चीज़ खाली हो चूका hai..........maine ज़ोर से सोफे को पकड़ लिया और अपने गांड को अजय के लुंड में हिलने लगी ज़ोर ज़ोर se........ajay समझ गया की मई झरने वाली हु.........

वो झट सा अपना लुंड बहार निकल liya.......mai जल बिन मछली की तरह तड़प कर रह गयी.........

मई - plssssssssssssss naaaaaaaaaaa अजय क्यों निकल दिया लुंड बहार घुसाओ न मेरी छूट में...........

अजय - पहले बता तू कौन है मेरी.......

मई जोश में इतनी पागल हो चुकी थी की बिना झरे मई रह नहीं सकती थी.........

मई - मई तुम्हारी रंडी हु ......रखैल hu.....ab तो दाल दो मेरी छूट में अपना लुंड plssssssssssssss ajay......meri छूट भट जल रही है.......

अजय - पहले खुद से मेरे लुंड को चूस कर मुझे खुश करो..........

मई झट सा अजय के लुंड को पकड़ कर अपने मुँह में ले लिया और ज़ोर ज़ोर से चूसने लगी......





Aaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhh साली रंडी ऐसे नहीं पूरा अंदर तक लो लुंड ko....halak तक घुसाओ.........

मई रोनी सूरत बना कर बोली - नहीं कर पाऊँगी मई plssssssssssssss naaaaaaaaaaa ajay.........mujhse नहीं होगा.........

अजय ने मेरे सर को पकड़ कर अपने लुंड में दबाने laga.......mai दर गयी......

मई - प्लस प्लस तुम मत कुछ करो मई खुद से अंदर लुंगी plssssssssssssss naaaaaaaaaaa हाथ हटाओ मेरे सर से......





Aaaaaaaaaaaaah साली ठीक है बूत पूरा हलक तक घुसा के चूस एक रंडी की tarah............tu मेरी रंडी है समझी..... बहनचोद......

मई अपने एक हाथ से अजय का लुंड पकड़ ली और अपने मुँह के अंदर बहार करने lagi....ajay ने फिर से मेरे सर को पकड़ लिया लेकिन इस बार वो कोई दबाव नहीं डाला बस अपने लुंड को मेरे मुँह में छोड़ने लगा और मई व् उसके लुंड को मज़ा लेकर चूसने लगी...........





Aaaaaaaaaaaaah aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh साली ऐसे हे लेकिन अभी व् आधा अंदर गया hai...poora अंदर घुसा हलक तक ....... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh

मई अजय के लुंड को अपने दोनों चुकी के बिच में दबा कर घिसने lagi.....uski आँखों में देखते हुए.......





Aaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhh साली तू भट बड़ी रंडी है अंदर se.......lekin बहार से शरीफ बनने का नाटक करती है छिनाल........

मई अजय की नज़रो में छुडास भरी आँखों से देखते हुए उसके लुंड को दोबारा चूसने lagi....maza ले ले कर.......





आआआआअह्हह्ह्ह्हह साली रुक मुझे सोने दे बिस्टेर par......bolkar अजय बिस्टेर पर लेट गया.......

मई एक कुट्टी की तरह घुटनो के बल चलते हुए अजय के लुंड के तरफ चली गयी और अजय की आँखों में एक छुडासी नज़रो से देखते हुए उसके लुंड को ज़बान निकल कर कुटिया की तरह चाटने लगी...... ...........





Aaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhh साली ऐसे हे चुस्ती रह bahanchod.........rukna नहीं.......

लेकिन मेरी छूट इतनी गरम हो चुकी थी की वो अब फटने वाली thi......agar कुछ देर और मई अपने ओर्गास्म तक नहीं पहुँचती तो मेरी छूट ज्वालामुखी की तरह फट जाती.......

मई अजय के ऊपर आ गयी और अपने हाथो से उसके लुंड को अपने छूट में सेट करके धीरे धीरे बैठने lagi........abhi लुंड आधा हे अंदर गया था की मई दर्द से तड़प uthi.......itna मोटा लुंड मई ज़िन्दगी में पहली बार अपने छूट में घुसा रही thi......drd होना तो लाज़मी था........

मेरे मुँह से दर्द भरी कराह निकलने लगी........ aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh aaaaaaiiiiiiiiiiiiiiiiiiii maaaaaaaaaaaaaaaaa भट मोटा लुंड है tunhara.......bht दर्द हो रहा .......





ओतने में अजय ने मेरा कमर पकड़ कर ज़ोर से अपने लुंड में बिठा diya........uska मोटा लुंड मेरी छूट को चीरता हुआ फुचकाककककक करके पूरा अंदर समां gaya.........mujhe इतनी तेज़ दर्द हुयी की जैसे किसी ने चाकू से मेरी छूट को चीयर दिया ho........mai एकदम से भट ज़ोर से चिल्ला uthi........apne मुँह में अपना हाथ रख कर.........

Haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy ammmmmmiiiiiiiiiiiiii jiiiiiiiiiiiiiiiiiii maaaaaarrrrrrrrrrrrrrrrr dalaaaaaaaaaaaaaaaa इस ज़ालिम ने mujhe......................mai तड़प कर उठना छह रही thi......lekin अजय ने मेरे कमर को इतनी ज़ोर से पकड़ा हुआ था की मई हिल व् नहीं प् रही थी..........

मई - plssssssssssssss अजय नहीं नहीं मुझे नहीं करनी तुम्हारे साथ कुछ व्..... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh maaaaaaaaaaaaaaaaaa फट गयी मेरी छूट........ plssssssssssssss अजय बहार निकालो इसे..........





मई अजय के ऊपर झुक gayi....or अपने दर्द को काबू करने lagi..........maine भट ज़ोर से पिलो को पकड़ liya......or दर्द को सहन करने लगी........





Aaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhh अजय थोड़ा रुक जाओ plssssssssssssss मुझे थोड़ा रिलैक्स होने do........lekin अजय कहा मैंने वाला tha.......usne मुझे ज़ोर से भींच liya.....or अचानक ताबड़तोड़ मुझे छोड़ने लगा......





आह आह आह आह आह आह आह आह आह आह आह आह आह आह आह आह आह आह आह आह आह आह आह आह आह आह आह आह आह आह की आवाज़ पूरे कमरे में गूंजने lagi.......ajay इतने ज़ोरो से झटके मार रहा था की थप थप थप थप थप थप थप थप थप थप थप थप थप थप थप थप थप थप थप थप थप थप थप थप थप थप थप थप थप की आवाज़ पूरे कमरे में गूँज रहा tha.......meri दर्द भरी सिसकारी सिसकियाँ सुन कर अजय को और ज्यादा जोश चढ़ रहा tha.....wo और व् तेज़ी से मुझे छोड़ने लगा......





उसने मेरी गांड को पकड़ कर मसल diya.....or गांड के फांक को फैला कर मेरी गांड के छेड़ में अपनी ऊँगली डालने की कोशिश करने laga..........is हरकत से मेरे जिस्म में एक सिहरन दौड़ गया..........





मई अजय के हाथो के पकड़ से खुद को छुड़ा कर स्ट्रैट बैठ गयी .......और पीछे मुद कर ेने में खुद को देखा तो शर्मा गयी मई......





Aaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhh साली रंडी क्या छूट है तेरी...... uffffff......bolkar अजय मुझे धक्का देकर बीएड पर गिरा दिया और मेरे एक पेअर को अपने कंधे पर रख कर मुझे बेरहमी से छोड़ने laga......mai दर्द से तड़पती हुयी अपने चेहरे लार हाथ रख दिया ....



 
Aaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhh अजय plssssssssssssss मुझे छोरो भट दर्द हो रहा आआआआअह्हह्ह्ह्हह maaaaaaaaaaaaaaaaa maaaaaarrrrrrrrrrrrrrrrr dalaaaaaaaaaaaaaaaa इस ज़ालिम ने मुझे............... aaaaaaiiiiiiiiiiiiiiiiiiii maaaaaaaaaaaaaaaaa कुत्ते छोर मुझे हरामी छोर ........मई छूटने की पूरी कोशिश करने lagi........lekin अजय एक हत्ता कट्टा नौजवान लड़का tha..........mujhe इतनी बेरहमी से दबोच रखा था की मई कबूतर की तरह फड़फड़ाने लगी थी..........

अजय मुझे गर्दन से पकड़ कर इधर से उधर पटक दिया और उसी तरह मेरी छूट में अपना मोटा लुंड पेलता raha.............mai दर्द से तड़प रही थी ......आज तक सेक्स में मुझे इतना दर्द कभी नहीं हुआ था...........





अजय - साली छिनार तुझे तो मई ऐसा छोडूंगा की तू अपने घर लंगड़ाती हुयी जाएगी bahanchod........bolkar अजय ताबड़तोड़ धक्के मरने laga........mai दर्द से चिल्ला रही thi...lekin साउंड प्रूफ रूम से बहार आवाज़ कहा जाने वाली थी..........

अजय का लुंड मेरी छोटी सी छूट में पिस्टन की तरह अंदर बहार हो रहा tha.......ajay मेरे सर को पकड़ कर ऊपर कर दिया और बोलै देख सकीय रंडी कैसे तेरी छूट मेरा लुंड खा रही है घापा है .............साली रांड तू एक नंबर की रंडी है तेरी छूट इससे व् बड़ा बड़ा लुंड खा legi.......itni गर्मी है तेरी छूट me.......ajay मेरे एक पेअर को पकड़ कर अपने कंधे पर रखा हुआ मेरी छूट में घाचा घच अपना लुंड पेल रहा था और मई दर्द से तड़प रही थी.....

मई - कामिनी छोर से मुझे aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh maaaaaaaaaaaaaaaaaa aaaaaaiiiiiiiiiiiiiiiiiiii aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh faaaaaaaaaadddddddddddd दिया है तूने मेरी छूट...........

अब मई रहम की भीख मांगने लगी..... plssssssssssssss अजय plssssssssssssss मुझपर रहम karo........mai दर्द से मर जाउंगी........ आआआआअह्हह्ह्ह्हह भट मोटा लुंड है tunhara..........mai ज़ोर ज़ोर से रोने lagi.........mere आंसू मेरी आँखों से बढ़कर निचे गिरने lage.....lekin अजय तो जैसे जानवर बन चूका tha.............itni बेरहमी से मुझे छोड़ रहा था की मेरा पूरा जिस्म दर्द से तड़प रहा था...........





मई अपने छूट में पास देख रही थी अजय का लुंड मेरी छूट को गहराई तक घुस रहा tha......mujhe अपनी आँखों पर यकीं नहीं हुआ को इतना मोटा लुंड मेरी छोटी सी छूट में कितनी आसानी से घुस रहा tha..........ye देख कर मई अंदर तक सोहर uthi.....ab मुझे दर्द के साथ साथ मज़ा आने लगा था.........





अजय - देख साली कितना पानी छोर रहा है तेरी chut........teri छूट को ऐसी हे चुदाई चाहिए बेरहमी se..........or तू नखरे कर रही hai............tu सिर्फ बहार से नखरे दिखा रही लेकिन अंदर से तू एक नंबर की रांड hai......dekh तो तेरी छूट कितने आसानी से मेरा लुंड अपने अंदर ले रही है........

अजय की बातो से मई शर्म से लाल हो gayi...........lekin आज मई कुछ अलग मूड में thi................mujhe तो अपनी छूट की आग बुझानी thi..............ab मुझे व् दर्द के साथ मज़ा आने लगा tha......mai व् अपना गांड हल्का हल्का हिलने lagi........or मेरी चीखें सिसकियों में बदल गयी..........

Aaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhh अजय आआआआअह्हह्ह्ह्हह धीरररररररररीबीईई naaaaaaaaaa aaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhh plssssssssssssss धीरीईईए.





Aaaaaaaaaa

कुछ देर ऐसे हे छोड़ने के बाद अजय मुझे घुमा कर अपने ऊपर ले लिया जिसकी वजह से उसका लुंड छूट से बहार निकल gaya..........mai तड़प uthi..........meri छूट जल बिन मछली की तरह तड़प उठी लुंड लेने के liye............maine अजय के लुंड को हाथ में पकड़ कर अपने छूट में सेट किया और धीरे धीरे बैठने lagi.........jaise हे लुंड का सूपड़ा मेरी छूट को चीयर कर अंदर घुसा मुझे एक शदीद दर्द हुआ लेकिन ये दर्द अब मुझे ाचा लग रहा tha.......itne में अजय मेरी कमर को पकड़ कर एक ज़ोर का धक्का मार देता hai........or मुझे कमर से पकड़ कर अपने लुंड पर ज़ोर से बिठा देता hai.....uska पूरा लुंड छूट को फाड़ता हुआ अंदर घुस जाता hai............mai शदीद दर्द से बेहाल होकर अजय में गीत जाती हु और अजय को ज़ोर से बहो में भर लेती हु........... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh अजय कितने ज़ालिम हो tum......zara व् रहम नहीं है तुंहरे अंदर........... ufffffffffffffffffffgfggffffffffff कितना दर्द कर रहा hai.................thoda रुक जाओ plssssssssssssss भट दर्द कर रहा hai............aaj मुझे तुम मार हे डालोगे...............





अजय - माफ़ कर दे मेरीए जान रहा नहीं gaya.............tu है हे इतनी छुडासी maal..........aisi माल को तो रगड़ कर छोड़ने में हे मज़ा hai........dhire धीरे तो तेरा वो हिजड़ा शोहर छोड़ता होगा तुझे..................

अजय मेरे शोहर को हिजड़ा कह रहा था जो मुझे भट ाचा लग रहा tha....pata नहीं kyu.......lekin अजय सच हे तो कह रहा tha............mere शोहर ने आज तक मुझे इतना मज़ा कभी नहीं दिया था अपने छोटे से लुंड से.............

अजय मेरे गांड को दोनों हाथो से पकड़ कर मुझे अब धीरे धीरे छोड़ने laga......gand को इतनी ज़ोर से पकड़ा हुआ था अजय ने की ऐसी लग रहा था जैसे अजय अपने सभी नाखून मेरे गांड पर गदा दिया ho.........lekin ये दर्द मुझे भट मज़ा दे रहा tha.........mai व् अजय को दोनों हाथो से पकड़ कर ऊपर निचे होने lagi.........ajay का लुंड अब मई पूरी तरह अपने छूट को गहराई में लेने लगी.........

मई - aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh अजय ummmmmmmmmmmmm aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh भट mazaaaaaaaaaaaaaaaaa आ rahaaaaaaaaaaaaaa हैईईईई ufffffffffffffffffffgfggffffffffff कितना दमदार लुंड है तुंहारा........ ufffffffffffffffffffgfggffffffffff





मई - ाष्ठ्हहहह अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह.... उम्मम्मम्म जैसी कामुक आवाज़ निकल रही थी और अजय के लुंड पर अपने गांड को धीरे धीरे ऊपर निचे कर रही थी............

अजय ने मेरी आँखों में देख कर कहा - अब बोल मेरी छिनार रुकसाना इतना मज़ा कभी दिया है तेरे शोहर ने.....???

मई शर्मा गयी और ना में सर हिला दिया..............

अजय - खुद से छुड़ा कर देख कितना मज़ा aega......mai धक्का नहीं लगाऊंगा तू खुद मेरे लुंड को अपने छूट में अंदर बहार kar.....fir देख मज़ा........

मैंने व् वैसा हे Kiya......khud से अजय के लुंड पर उछलने lagi......ajay का लुंड इतना मोटा था की भट टाइट अंदर जा रहा था........

मुझे बड़ी शर्म आरही थी खुद छुड़वा कर यूँ सिसकारियां लेते hue.....lekin अजय को बड़ा मज़ा ारः tha...jis हसीं खूबसूरत औरत को छोड़ने के सपने उसने देखे थे आज उसे वो एक रंडी की तरह छोड़ रहा था ...........बेरहमी से .........

अब मई अपने दोनों हाथो को अजय के जांघों पर रख कर उसके लुंड पर उछलने लगी.........

मई व् अब अजय की तरह गन्दी गन्दी बातें करने छुड़वाने का मन बना लिया tha........mujhe आज से पहले पता हे नहीं था की गन्दी गन्दी गाली देकर छुड़वाने में कितना मज़ा अत hai.......maza सौ गुना बढ़ जाता है........

मई - aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh साले कामिनी कुत्ते हरामी मादरचोद और ज़ोर से छोड़ अपनी रंडी आंटी ko.........faad दे मेरी छूट ......छोड़ छोड़ कर मुझे अपनी रंडी बना ले madarchod..............is तरह अपनी मम्मी को व् छोड़ना अपनी रंडी बना kar.......uski व् छूट फाड़ देना अपने मोठे लुंड से....... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh कुत्ते कितना ज़ालिम लुंड है तेरा बहनचोद सेल हरामी...........

ले हरामी ले छोड़ अपनी रुकसाना आंटी की छूट ko..........yahi चाइये था न तुझे madarchod............le मई बन गयी तेरी randi......ab कैसे मन है वैसे छोड़ मुझे ........बोलकर मई ज़ोर ज़ोर से अजय के लुंड में उछलने लगी..........





अजय - जोरसे करो ने मेरी रंडी आंटी ..............बोहत धीरे कर रही हो...........

मुझे शर्म आरही थी अजय की बातों se................mai थोड़ा दबाव डालकर ऊपर निचे होने lagi.............or अपने गांड को ज़ोर ज़ोर से अजय के लुंड में पटकने लगी........

मई - आआह्ह्ह्हह्ह्ह्हह अह्हह्ह्ह्ह शह्ह्ह्ह.... स्स्स्सस्स्स्साआआआससेआ aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh ajayyyyyyyyyyyyyyyyyy इससे तेज़ मई नहीं कर सकती.........

अजय को कण्ट्रोल नहीं होरहा tha....oh मुझे कमर से पकड़ कर खुद पर झुकता है और खुद धक्के लगाने लगता है.....

मई - aaahhhhhhhhhhh....ajay आआआआअह्हह्ह्ह्हह धीरररररररररीबीईई naaaaaaaaaa plssssssssssssss aaaaaaiiiiiiiiiiiiiiiiiiii maaaaaaaaaaaaaaaaa ufffffffffffffffffffgfggffffffffff उम्मम्मम्मम्म कितना बेरहमी से छोड़ते हो तुम..... हाआआयययय पूरा जिस्म तोड़ दिया तुमने...........

रूम में थुप थुप की आवाज़ गूंज रही thi.......ajay छोड़ते हुए अब मुझे अपने करीब खिंच लेता है.... और मेरी आँखों में देखने लगता है एक हरामी मुस्कान के sath.....Mai भी उसकी तरफ छुडास भरी नज़रो से देख रही थी....................

अजय - ऐसे क्या देख रही मेरी randi......mujhe खाने का इरादा है क्या.........

मई - अजय के होंठो के तरफ अपना होंठ बढ़ा देती hu.......ajay मेरे होंठो को अपने होंठ में लेकर चूसने लगता है................ मई अपने दोनों हाथ अजय की छाती लार रख कर अपने गांड को ज़ोर ज़ोर से लुंड पर तपाक तपाक मार रही थी जिससे उसका लुंड पूरा अंदर तक घुस रहा tha...........mai अजय के होंठो को चूसते हुए अपने गांड को भट ज़ोर ज़ोर से उसके लुंड पर मारने lagi...........ajay का लुंड घाचा घच घाचा घच मेरी छूट में अंदर बहार होने लगा ..........





मई लज़्ज़त के वजह से पागल हो चुकी थी......... मममममिहःहममम माममममहहहहह ममममममहहहहहहह ाममममहहह हह ममममममममम ajayyyyyyyyyyyyyyyyyy उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ छोड़ो मुझे फाड़ डॉन मेरी छूट....... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh अजय अपनी रंडी की छूट का सारा पानी निकल दो ....भट गर्मी है मेरे छूट में .....इसे आज ठंडा कर दो..........

अजय - ाचा ऐसी बात है रुक साली रांड ......अभी तुझे बताता हु बहनचोद छिनार साली...........

बोलकर अजय मुझे कमर से ज़ोर से पकड़ लिया और फिर मेरी गांड पर थप्पड़ मरते हुए मुझे बुरी तरह छोड़ने लगा...........

मई - aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh ऐसे हे हाँ ऐसे हे .... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh कामिनी कुत्ते ऐसे he......harami और तेज़ छोड़ न अपनी रंडी ko..........damm नहीं है क्या तेरे लुंड में ..... सेल मादरचोद और तेज़ छोड़ अपनी मम्मी समझ कर छोड़ mujhe..............ajay ज़ोर ज़ोर से थप्पड़ मार मार कर मेरी गांड लाल किआर दिया tha..........ajay के पांचों ऊँगली का दाग मेरी गोरी चिकनी गांड पर छाप गया tha......mai दर्द और लज़्ज़त से चीला रही थी....... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh maaaaaaaaaarrrrrrrrrrrrrr dalaaaaaaaaaaaaaaaa इस हरामी ने आज मुझे ........ aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh कितनी ज़ोर से छोड़ रहा जैसे मई एक रंडी हु............

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अजय अब हफ्ते हुए थोड़ा धीरे हो गया......... aaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhh साली रांड कैसा लगा मज़ा आया.....

मई - भट मज़ा आया मेरे राजा..... haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy क्या छोड़ते हो तुम .........छूट की चटनी बना दी tumne...........dono एक दूसरे की आँखों में देखते हुए गन्दी गन्दी बात कर रहे थे और अजय अपने लुंड को हल्का स्पीड में उसकी छूट में अनादरा बहार कर रहा था.......

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Aaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhh मेरे राजा मई झरने वाली हु plssssssssssssss और तेज़ छोड़ो मुझे aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh और तेज़ plssssssssssssss.....bolkar मई अपने गांड को ज़ोर ज़ोर से हिलने लगी .........

इतने में अजय मुझे ज़ोर से अपने बहो में जकड लिया ताकि मई अपने गांड को हिला नहीं पौन..............

अजय - इतनी जल्दी तुझे मई झरने नहीं दूंगा मेरी रांड रुकसाना .........

मई अजय के इस हरकत से तड़प उठी....... plssssssssssssss अजय plssssssssssssss सिर्फ एक बार मुझे झरने दो plssssssssssssss सिर्फ एक baar....warna मई पागल हो जाउंगी छूट की गर्मी se............mai हिलना छह रही थी लेकिन हिल व् नहीं प् रही thi....jaya ने मुझे इतनी ताकत से दबोचा हुआ था..............

अजय हँसते हुए - एक शर्त पर झरने दूंगा......

मई - मुझे तुम्हारी हर शर्त मंजूर है लेकिन plssssssssssssss एक बार झरने दो मुझे...........

अजय - पहले तू बोल तू मेरी रंडी है......

मई - और कैसे बोलू बोल तो रही हु ......मई तुम्हारी रंडी हु तुम्हारी रखैल हु .....तुम जिससे बोलोगे मई उससे छुड़वाने के लिए तैयार हु....... .......

अजय - अब तुम उल्टा होकर मेरे लुंड पर बैठ जाओ.......

मैंने बिलकुल वैसा हे Kiya......ulta होकर उसके लुंड को अपने छूट में सेट करके धीर धीरे बैठ गयी ......अजय का मोटा लुंड पूरी छूट को फाड़ते हुए बच्चेदानी टाक घुस gaya........mai लज़्ज़त से तड़प उठी.......

Aaaaaaaaaaaaah aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh maaaaaaaaaaaaaaaaaa ajayyyyyyyyyyyyyyyyyy हाआआयययय क्या दमदार लुंड है तुम्हारा ..................

मई अब धीरे से ऊपर निचे होने लगी ...और सहारे के लिए अजय के छाती पर हाथ रखे हुए thi.....ab अजय निचे से मेरे पीठ को पकड़ लिया और धक्के मरने लगा .........मई मदहोशी में अपनी आंखें बंद करके अजय के लुंड को अपने छूट में लेने lagi.......mere बाल अजय के फेस पर गिरे हुए थे और अजय मेरे छूट में ताबड़तोड़ धक्के मार रहा था...





अचानक मेरा जिस्म अकड़ने लगा और मेरे पेअर ज़ोरो से थरथरने lagey......aisa लगा जैसे मेरे छूट से मेरे जिस्म के अंदर की साड़ी चीज़ें बहार आ रही hai......mere जिस्म में ज़रा सी व् जान नहीं बची thi.........mai भट भयानक टाइप से झरने लगी ... ऐसा ओर्गास्म मुझे आज तक कभी नहीं मिला था..........

मेरे मुँह से एक ज़ोर दार चीख निकली - aaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaa स्स्स्सस्स्स्साआआअस्सस्सआसा साआसाआआआ maaaaaaaaaaaaaaaaa maaaiiiiiiiiiiiiiiiii gayiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii aaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhh





अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह ाभ्ह्ह्ह्ह अह्हह्ह्ह्ह अह्ह्ह्हह अह्हह्ह्ह्हहह्ज शह्ह्ह्ह अह्ह्ह्हह्हह अह्ह्ह्हह ahhhhhh.....karte हुए मई झरने लगी................

और मई अजय के ऊपर ढेर होकर ज़ोर ज़ोर से हांफने lagi..........mujhe अजय पर इतना प्यार आ रहा था जितना प्यार आज तक मुझे अपने शोहर पर नहीं आया tha..............mai मन हे मन सोच रही थी....... haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy क्या दमदार लुंड है iska......itna छोड़ने के बाद व् अभी तक नहीं झरा hai...........agar मेरे शोहर इतनी देर मुझे छोड़ते तो पता नहीं कितनी बार जहर चुके hote.................lekin मेरे शोहर इतनी देर मुझे छोड़ हे नहीं paate.......itne सालो में तो आज तक दस मिनट से ज्यादा मुझे छोड़ नहीं पाए hai........ajay ठीक हे कहता है हिजड़ा .......फिर मई हल्का मुस्कुरा padi...............sach में हिजड़ा है मेरा shohar.....mard तो अजय को कहते है................

अजय ने मुझे ज़ोर से जकड liya.....or मेरे कानो को चूसते हुए बोलै ........

मज़ा आया मेरी रांड रुकसाना रंडी को.......

मैंने व् हलकी आवाज़ में हम्म्म्म कर दिया .........

अजय - अभी तो चुदाई स्टार्ट हुयी है मेरी रांड .........अभी तो तेरी कासी हुयी गांड में अपना मोटा लुंड छोडूंगा.........

जैसे हे मैंने सुना मेरी गांड में लुंड घुसेगा ...........मई एकदम से सन्न रह गयी...........

मई हैरत से अजय को बोली - क्या बोलै तुमने गांड में लुंड ghusega..........pagal तो नहीं हो गए हो tum......itni छोटी सी छेड़ में इतना मोटा लुंड घुसेगा तो मई मर नहीं जाउंगी..............

अजय - मरोगी नहीं मेरी रंडी मज़ा दोगुना हो जाएगा गांड में लुंड चुसवाने se.....samjhi......

मई - न बाबा na.....mai नहीं घुसवाने वाली हु पीछे se.......tum पागल हो गए हो..........
 
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