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सप ऋतू सिंह : मंजूउ !!!!
मंजू म : ऋतूउउउउ
ऋतू सिंह और मंजू दोनों एक दूसरे को देख कर ज़ोर चिल्लाईं और फिर एक दूसरे क गले लग गयी . मेरे साथ शीना रीमा और रीना भी हैरान थी मगर रुपाली शायद पहचान रही थी. दोनों एक दूसरे से ऐसे गले मिल रही थी जैसे बरसों बाद बिछड़े हुए दोस्त मिल रहे हों . ऋतू सिंह जैसी सख्त अफसर को इस तरह देख कर उसके साथ वाले पुलिस वाले भी हैरान थे . ऋतू सिंह को तो मनो कोई फरक hi नहीं पद रहा था किसी बात से . वो यूनिफार्म में होते हुए भी कितने प्यार और गरम जोशी से मंजू म को गले लग क मिल रही थी .
सप ऋतू सिंह : मुझे यकीन नहीं हो रहा तुम मेरे सामने हो . मैंने तुम्हे कितना ढूँढा पर तुम मिली hi नहीं. पता है मेरी पोस्टिंग तेरे शहर में भी हुई थी . मैं बहुत पता किया पर तेरा कुछ पता नहीं चला. तू कहाँ गायब हो गयी थी ? किसी को भी पता नहीं था तेरे बारे में . तूने किसी से भी कोई लिंक नहीं रखा कॉलेज क बाद .
मंजू म : मैं वो .. मेरी छोड़ तू कहाँ थी? तेरा भी तो किसी को अत पता नहीं था और ये पुलिस यूनिफार्म ???
सप ऋतू सिंह : न्यूज़ पेपर नहीं देखती क्या ? मैं सप हूँ यहाँ . अभी पिछले महीने hi यहाँ ट्रांसफर हुई है. तू कहाँ रहती है ?
मंजू म : सॉरी यार न्यूज़ पेपर तो वाकई नहीं देख पति बस किताबों में टाइम निकल जाता है. मैं भी यहीं रहती हूँ . ये तो ाचा हो गया अब तू भी यहीं आ गयी . तुम्हे इतने सैलून बाद अपने सामने देख कर मैं कितनी खुश हूँ मैं बता नहीं सकती . चल मेरे साथ तुझे घर ले कर चलती हूँ .
सप ऋतू सिंह: नहीं यार अभी तो नहीं आ सकती . अभी ज़रा काम है कुछ . तू मुझे अपना no. और एड्रेस दे मैं जल्दी hi तेरे घर आउंगी.
रुपाली : मुझसे नहीं मिलोगी क्या ऋतू ?
सप ऋतू सिंह : अरे भाभी आप ? आप भी यहीं हैं ?
रुपाली ने पास आकर ऋतू क कंधे पर हाथ रखा तो ऋतू ने उन्हें पहचानते हुए उनको भी गले लगा लिया .
सप ऋतू सिंह : कैसी हैं आप भाभी और वो दोनों एंगेल्स कहाँ हैं ?
रुपाली : मैं ठीक हूँ और ये रहीं तुम्हारी एंगेल्स और 2 नहीं 3 शीना भी यहीं है.
रुपाली ने शीना रीमा और रीना को ऋतू सिंह से मिलवाया. ऋतू सिंह ने उनको भी गले से लगाया .
सप ऋतू सिंह : वह ये तो बड़ी हो गयी . और शीना तुमने बताया नहीं तुम मंजू की भतीजी शीना हो ? क्या तुमने मुझे पहचाना नहीं था ?
शीना : आप ??
मंजू म : ये भी तुम्हारी बुआ hi हैं . जब तुम छोटी थी तब ये अक्सर मेरे साथ घर आया करती थी और तुम तीनो इसके साथ खेलती थी. हम दोनों स्कूल से कॉलेज तक एक साथ रहे हैं.
ऋतू सिंह : तुम तीनो तो कितनी बड़ी हो गयी हो अब. रीना तुम्हारी पढ़ाई तो ख़तम हो गयी होगी न ?
रीना : जी बुआ मैं अब डॉ हूँ .
ऋतू सिंह : अरे वह ये तो बहुत अछि बात है . मुझे पता था तुम ज़रूर कुछ बनोगी. और ये रीमा भी तुम्हारे जैसी hi थी ये भी ज़रूर कुछ बनेगी . कमल आप सब लोग इस शहर से में थे और इतने दिनों तक किसी से मिलना नहीं हुआ. वैसे तुम करती क्या हो ? और तुम्हारे पति ?
मंजू म : मैं इनके कॉलेज में hi लेक्चरर हूँ और मेरे हस्बैंड अब उस दुनिया में नहीं हैं .
ऋतू सिंह : ी ऍम सॉरी मंजू मुझे पता नहीं था पर ये सब कैसे हुआ ?
मंजू म : जब घर आओगी तब बैठ कर आराम से बातें करेंगे . तुम अपनी सुनाओ .
ऋतू सिंह : मैं तो तेरे सामने hi हूँ . कॉलेज क बाद तूने तो शादी कर्ली और मैंने आईपीएस क्लियर कर्ली. बस तब से यही ज़िन्दगी है .
मंजू म : जतिन क्या करता है ?
ऋतू सिंह : हम बाद में बात करेंगे मंजू . वैसे अमित से तुम्हारा क्या रिलेशन है ?
मेरी तरफ देखते हुए ऋतू सिंह ने मंजू म से पूछा . अब तक तो मैं पीछे अकेला hi खड़ा था . मगर अब ऋतू सिंह ने मेरी तरफ ध्यान करवाया मंजू म का.
मंजू म : कहने को तो मेरा स्टूडेंट है पर आज मेरी ज़िन्दगी में जितनी भी खुशियां हैं सब इसी की वजह से हैं. और देखो इसी की वजह से आज मुझे मेरी दोस्त वापिस मिल गयी. इसके बारे में बताने लगूंगी तो यहीं सुबह हो जाएगी. तुम घर आना फुर्सत में बात करेंगे.
ऋतू सिंह : वैसे तुम भी मेरे घर आ सकती हो मगर पहले फ़ोन कर लेना . मेरी ड्यूटी का कुछ पता नहीं होता कब कहाँ हूँगी . मैं जल्द hi तुम्हारे पास आउंगी. ाचा फिर मिलेंगे .
ऋतू सिंह ने बरी बरी से सबको गले लगाया और लास्ट में मुझसे मिलने मेरी तरफ बरही तो मैंने दूर से hi हाथ जोड़ दिए. बिना कोई शब्द कहे. ऋतू सिंह भी समझ गयी क मैं उससे बात नहीं करना चाहता . वो कुछ कहना तो चाहती थी पर कहते कहते रुक गयी और एक बार मुझे देखने क बाद चली गयी.
मंजू म : शीना तुम कहाँ मिली थी ऋतू से ?
शीना : अरे बुआ वो कॉलेज आयी थी एक दिन तब मुलाकात हुई थी .
मंजू म : कब ? मैंने तो देखा नहीं .
शीना : आप तब घर पर थी न बुआ . जब आपके चोट लगी थी तब की बात है . अब घर चलें बुआ ?
मंजू म : हाँ चलो , पर ये जो भी कुछ हुआ आज ये सही नहीं है. तुम्हे उनसे उलझना नहीं चाहिए था . वो इतने लोग थे हम उनका कैसे मुकाबला करते ?
शीना : बुआ वो लोग कितनी गन्दी बकवास कर रहे थे , मुझसे बर्दाश्त नहीं हुआ और फिर अमित था न हमारे साथ . इसके होते मुझे किसी से दर नहीं लगता .
मंजू म : पर वो अकेला था अगर उसे कुछ हो जाता तो ?
शीना : आपने देखा नहीं ये अकेला hi काफी है उन जैसों क लिए . और फिर ऋतू बुआ भी तो कह रही थी .
रुपाली : फिर भी शीना ऐसे उलझना नहीं चाहिए , ऐसे लोगों का क्या भरोसा कुछ कर दें तो .
रीना : मेरे ख्याल से अब हमें चलना चाहिए . 10 बज चुके हैं .
उसके बाद हम सब कार्स में बैठे इस बार दोनों कार्स मंजू म क घर की तरफ hi आ गयी. मैंने बहार से बाइक उठायी और सबसे विदा ली. शॉपिंग बैग ज्यादा थे तो मैंने वहीँ रहने दिए. जिसे घर पहुँचाने की ज़िम्मेदारी शीना ने ले ली. क्यूंकि उसे पता था रीता मौसी क घर का . मैं मम क घर से सीधा मौसी क घर पहुँच गया . रीता मौसी मेरा hi इंतज़ार कर रही थी . जब मैं घर आया तो वो अकेली hi जग रही थी . नेहा दीद और कल्पना दीदी नज़र नहीं आ रही थी .
रीता मौसी : इतनी देर कैसे हो गयी तुम्हे ?
अमित : वो शीना और मम क साथ शॉपिंग क लिए जाना पड़ा फिर उसके बाद वो लोग डिनर की ज़िद करने लगे .
रीता मौसी : वैसे ये शीना का क्या चक्कर है तेरे साथ ?
अमित : ऐसा कुछ नहीं है मौसी . नेहा दीदी को भी पता है हम बस अचे दोस्त हैं . और मैंने उसकी मदद की थी तो उसने कहा था क वो मुझे शॉपिंग करवाना चाहती है . इतने दिनों से टाइम नहीं मिल रहा था तो आज वो ज़बरदस्ती ले गयी मुझे. मैडम भी साथ hi थी . वैसे नेहा दीदी करुणा दीदी नज़र नहीं आ रही कहीं
रीता मौसी : वो दोनों सो रही हैं . तुम भी कपडे बदल कर आ जाओ मेरे कमरे में . मैं तब तक दूध गरम करती हूँ .
अमित : वो दोनों इतनी जल्दी सो गयी ?
रीता मौसी : हस्ते हुए ) सोई नहीं सुलाया है कल की तरह . आज तुम्हे तुम्हारा गिफ्ट जो देना था.
अमित : सच !! तो चलिए सीधा आपके कमरे में hi चलते हैं .
मैंने मौसी को बाँहों में भरते हुए उनकी गांड को मसलना शुरू कर दिया .
रीता मौसी : अरे रुको , साडी रत अपने पास hi है बेसब्री मत बनो. जाओ कपडे बदल लो और मुँह हाथ धो लो तब तक मैं दूध गरम करती हूँ .
अमित : ठीक है मैं अभी आया. उम्म्मा
मैंने रीता मौसी क होंठों पर एक किश की और ऊपर भाग गया अपने कपडे बदलने . जैसे hi मैं कपडे बदल कर फ्रेश हो कर नीचे आया तो सभी लाइट्स बंद थी सिवाए मौसी क रूम क. रीता मौसी क कमरे का दरवाज़ा खुला था . मैं अंदर गया तो बीएड की साइड पर दूध का गिलास ढाका हुआ पड़ा था . मौसी कमरे में नहीं थी . मैंने दूध का गिलास उठा कर पि लिया और बीएड पर बैठ कर मौसी की वेट करने लगा . बाथरूम से आती आवाज़ बता रही थी क मौसी बाथरूम में हैं . मैं दरवाज़ा बंद कर क वैसे hi बीएड पर बैठ गया . कुछ hi देर में बाथरूम का दरवाज़ा खुला और अंदर से रीता मौसी बहार निकली . मैं तो मौसी को देखता hi रह गया. मौसी नाहा कर आयी थी और उनके बालों क साथ साथ उनकी बॉडी पर भी पानी की बूंदे साफ नज़र आ रही थी . बूब्स से लेकर जाँघों तक बस एक सफ़ेद टॉवल में लिपटी वो इस वक़्त बिजलियाँ गिरा रही थी .
बाथरूम क दरवाज़े पर hi वो कड़ी हो कर मेरी हालत पर मुस्कुरा रही थी. मैंने तो ऑंखें फाड़े बस उन्हें सर से पाऊँ तक निहार रहा था . उनके बल गीले थे और बिखरे हुए थे जिनमे से पानी की कुछ बूंदे नीचे गिर रही थी . गोरा चिकना बदन नंगे कंधे . आधे चुके तोलिये से बहार hi थे और उनके बीच की घाटी नज़र आ रही थी . तलिये क अंदर कैसा हुआ गदराया बदन . तौलिये क नीचे गोरी मांसल जांघें जो आधी से ज्यादा बहार hi थी . गोरी चिकनी टाँगें और तखनो क पर पायल . मैं तो बस इस काम सुंदरी क यौवन को देखता गरम हो रहा था. जब कुछ देर तक मौसी अपनी जगह से नहीं हिली तो मेरी नज़र उनके चेहरे पर गयी जहाँ एक कामुक मुस्कान थी .
रीता मौसी : ऐसे क्या देख रहे हो ?
अमित : आप बहुत हॉट लग रही हैं .
रीता मौसी : बस , अभी तो तुम्हे बहुत कुछ दिखाना है .
इतना कह कर मौसी धीरे धीरे कैट वाक करती हुई मेरे पास आयी और अपना डायन पाऊँ उठा कर सीधा मेरे आधे खड़े लैंड पर रख दिया. लोअर में भी मेरे लैंड को मौसी क नंगे पाऊँ का एहसास हो गया और वो जागने लगा. मौसी कामुक ऐडा से मेरी आँखों में देखती हुई अपने पाऊँ से मेरा लैंड अपने पाऊँ से दबाने लगी . मौसी एक पैन मेरे लैंड पर रखे कड़ी थी और इस पोज़ में टॉवल क नीचे से मेरी नज़र उनकी छूट तक जा रही थी. मौसी का सारा बदन अभी भी गीला गीला लग रहा था. मेरे लैंड पर मौसी क पाऊँ का दबाव और उनकी सेक्सी ऐडा मुझे पागल कर रही थी मैंने झट से उनकी पिंडली को पकड़ लिया और झुक कर उनके घुटने और झांग पर किश करने लगा
रीता मौसी : आह्ह्ह्ह कक्कक्क्स उम्मम्मम्म
मौसी क मुँह से सिसकी निकल गयी. मौसी का जिस्म अभी भी गीले पैन और ठंडक का एहसास करवा रहा था . मैंने जांघ पर किश करते हुए दांत भुई गाढ़ा दिए और एक हाथ उनकी छूट तक ले गया जिसे मौसी ने रोक दिया . न में इशारा करते हुए उन्होंने मुझे मन किया और मेरा दूसरा हाथ भी अपनी तंग से हटा दिया. अगले hi पल मौसी मेरे दोनों तरफ घुटने बीएड पर रखते हुए मेरी गॉड में बैठ गयी . मेरा लैंड जो खड़ा हो चूका था जैसे hi मौसी मेरे लैंड पर बैठी उन्हें एहसास हो गया उसकी सख्ती का . मौसी ने मेरा चेहरे दोनों हाथों में देखा और बड़े hi कामुक अंदाज़ में मेरी आँखों में देखने क बाद अपने होंठ मेरे होंठ पर रख दिए . मैंने भी मौसी क सर क पीछे हाथ रखते हुए उनके होंठ चूसने शुरू कर दिए . मौसी कभी मेरा नीचे वाला होंठ चुस्ती कभी ऊपर वाला . फिर उन्होंने अपनी जीभ मेरे मुँह में दाल दी और मैं उनकी जीभ चूसने लगा. कुछ देर अपनी जीभ चूसने क बाद वो मेरी जीभ चूसने लगी. मेरे हाथ अब मौसी क कन्धों से होते हुए नीचे आने लगे. मौसी का टॉवल कब खुल गया हमें पता hi न चला. मौसी की नंगी पीठ को सहलाता हुआ मैं उनके नंगे कूल्हों पर पहुँच गया . कूल्हों को मसलते हुए मैंने अपनी उंगली उनकी छूट में घुसा दी जो पहले से hi पानी छोड़ रही थी .
रीता मौसी : ुम्माआआ कक्ककक्कक्स आअह्ह्ह्हह उम्मम्मम्म
मेरा एक हाथ अब मौसी की नंगी जांघों को सेहला रहा था . मौसी का पूरा बदन माखन की तरह मुलायम था और दूध की तरह सफ़ेद . मौसी भी पूरी गरम थी और मेरी गॉड में बैठी अपनी कमर हिला कर मेरे लैंड पर अपनी छूट रगड़ रही थी . मैंने मौसी क पाऊँ इसी पोज़ में उनकी गांड से लगा कर उन्हें अपनी गॉड में hi लिए उठ गया . मौसी मेरे गले में बहन दाल कर मेरे साथ चिपक गयी. मैंने पलट कर मौसी को बिस्टेर पर लिटा दिया और टॉवल को एक साइड फेंक दिया . अब मौसी का गदराया हुआ दूधिया गोरा बदन मेरे सामने था . मौसी की छूट क ऊपर एक भी बाल नहीं था जिसे देख कर मुझे ाचा लगा और मैंने मौसी की टंगे फैलते हुए उनकी छूट पर झुक कर उनकी चिकनी छूट को एक बार देखा और फिर सीधा अपना मुँह उनकी छूट से लगा दिया. मेरे ऐसे करते hi मौसी क बदन में करंट सा लगा और एक तेज़ सिसकी उनकी मुँह से निकल गयी.
रोटा मौसी : आआह्ह्ह्हह कक्कक्कक्कक्स उफ्फ्फ्फफ्फ्फ्फ़ खा जाओ बहुत आग लगी हुई है इतने दिनों से . आअह्ह्ह्हह उनमममम आज साडी आग बुझा दो इसकी. खा जाओ उम्मम्मम ऐसे hi चुसो आअह्ह्ह आआह्ह आह्ह्ह्हह
मैं मौसी की छूट चूसते हुए उनके दाने पर अपनी जीभ फिर रहा था और साथ hi एक उंगली अंदर बहार कर रहा था. मौसी अपनी जांघें मेरे सर पर कास रही थी और मेरा सर अपने हाथों से छूट पर दबा रही थी . मौसी कुछ ज्यादा hi उतावली हो रही थी और अपनी कमर उठा उठा कर मेरे मुँह पर अपनी छूट रगड़ने लगी .
रीता मौसी : आआह्ह्ह आह्हः आअह्ह्ह आह्हः ककक और ज़ोर से करो आअह्ह्ह हाँ आह्ह्ह्ह ऐसे hi मैं गयी आअह्ह्ह्ह ककक ज़ोर से करो ाःह आठ आह्हः. MaaaaaaaaaaAhhhhhh
मौसी अपनी कमर बार बार उठती हुई एक डैम से चिल्लाई और उनका बदन एक पल क लिए अकड़ गया . उनकी छूट से पानी का तेज़ परवाह बहने लगा जो मेरे मुँह पर लग रहा था . पानी निकलते hi मौसी का बदन ऐसे ढीला हो कर बीएड पर गिरा जैसे जान hi निकल गयी हो. मौसी बेजान से बिस्तर पर टंगे फैलाये पड़ी थी . मैंने उठ कर अपने कपडे उतरे और मौसी क साथ लेट कर उनके बड़े बड़े चुके थम लिए. एक निप्पल को होंठों में लेने क बाद मैंने दूसरे को उँगलियों से पकड़ कर मसलना शुरू कर दिया . बरी बरी से मैंने मौसी क दोनों चुचों को चूसा और मसला जिससे वो लाला हो गए. मौसी क बदन में फिर से उत्तेजना आने लगी थी और वो मेरे सर को अपनी छाती पर दबाने लगी .
अमित : मौसी आप कह रही थी क कितनी दिनों से आप प्यासी हैं अभी कल रत hi तो मैंने हमने किया था न ? फिर भी आप इतनी प्यासी हैं
रीता मौसी : वो वो हाँ वो एक बार में कहाँ प्यास बुझती है इतने दिनों की .
अमित : वैसे ये आपने ाचा किया क वहां से सरे बल साफ़ कर लिए . कल तो पूरा जंगल hi बना हुआ था नीचे.
रीता मौसी : तू ऐसे hi अपना हल चलता रह अब तुझे कभी वहां बाल नहीं मिलेंगे
रीता ( मन में ) दीदी को कह दूंगी क अगर अमित क नीचे लेटना है तो अपनी छूट साफ़ रखा करे.
रीता : चल अब मेरे ऊपर से मुझे भी कुछ करने दे.
अमित : आओ क्या करोगी ?
रीता : हैट तो फिर बताती हूँ.
मैंने जैसे hi मौसी क ऊपर से हटा मौसी उठ कर बैठ गयी और मेरी कमर की तरफ झुकते हुए मेरे लैंड को एक हाथ से पकड़ कर अपने मुँह में लेने लगी . मुझे मौसी का ऐसा करना इतना ाचा लगा क मज़े क मारे मेरे मुँह से सिसकी निकल गयी .
अमित : ाःह मौसी ये क्या कर रही हो आप ककक
मौसी क मुँह का गीला पैन लैंड को और गरम कर रहा था. मौसी ने अभी सुपडे से थोड़ा आगे तक लैंड को मुँह में लिया था क मैंने मज़े में कमर उठाते हुए उनका मुँह लैंड पर दबा दिया . जिससे लैंड आधे से ज्यादा उनके मुँह में चला गया . लैंड सिद्ध उनके गले में जा क लगा और एक डैम से वो खांसने लगी और लैंड मुँह से निकल दिया .
रीता मौसी : ाखुन ाखुन ाखुन ह्ह्हह्ह्ह्ह ाखुन ाखुन ाखुन हहहहह गाल फाड़ोगे क्या? ाखुन ाखुन
अमित : सॉरी मौसी मुझ से कण्ट्रोल नहीं हुआ. पर आप ने ये सब कहाँ से सीखा ?
रीता मौसी : जब दिल से कुछ करना चाहो तो किसी क सीखने की ज़रूरत नहीं पड़ती . तुम मुझे चूस कर इतना मज़ा देते हो तो मैं नहीं दे सकती क्या ?
इतना कह मौसी दी से लैंड चूसने लगी. कुछ देर और मौसी ने लैंड को चूसा और फिर मेरे ऊपर आ कर कमर क दोनों तरफ घुटने बीएड पर रखते हुए एक हाथ से लैंड पकड़ क छूट पर सेट किया और धीरे धीरे नीचे बैठने लगी. मौसी की छूट लैंड पास कासी हुई नीचे हो रही थी और मुझे ऐसा लग रहा था क जैसे लैंड किसी गरम गुफा में जा रहा हो. मौसी अपने होंठ डेंटन में दबाये नीचे होती रही और 7 इंच तक लैंड छूट में लेने क बार वो रुक गयी. फिर वो आगे को झुकी और मेरे पेट पर हाथ रख कर वो धीरे धीरे ऊपर नीचे होने लगी. मैंने हाथ बढ़ा कर मौसी क दोनों लटकते आम पाकर लिए और उन्हें कास कर दबाते हुए अपनी तरफ झुका लिया .
रीता मौसी : आअह्ह्ह्ह ककक आराम से दबाओ न उखड डोज क्या ? कक्कक्स आअह्ह्ह्हह आआह्ह्ह आह्हः ये मुसल हर बार अंदर लेने में पसीने छूट जाते हैं आअह्ह्ह ककक एआईई आराम से करो न उफ्फफ्फ्फ़ आअह्ह्ह्ह
अमित : अब तो आपको दर्द नहीं होना चाहिए मौसी कल hi तो पूरा लिया था अपने उम्म्म्म
मैंने मौसी का एक निप्पल मुँह में भरते हुए चुआना शुरू कर दिया.
रीता मौसी : एक बार बता ाःह आठ उम्म्म तुझे दीदी कैसी लगती है ? उनकी लेना चाहता है क्या ?
मैं रीता मौसी की बात सुन कर एक डैम से रुक गया और उनके निप्पल को मुँह से निकल दिया .
अमित : ये आप क्या कह रही हैं ? मैं ऐसा सोच भी नहीं सकता .
रीता मौसी : रुक क्यों गया ? करते रहो न . मेरे साथ कर सकते हो फिर दीदी क साथ क्यों नहीं ? हम दोनों क साथ तुम्हारा रिश्ता तो एक जैसा hi है न? आअह्ह्ह्ह कक्कक्स और फिर वो भी मेरी तरह कई सैलून से प्यासी हैं . क्या तुम उनकी प्यास नहीं बुझा सकते कक्कक्स उम्म्म्म उनकी छूट भी कब से प्यासी है . जीजा ने उन्हें हाथ भी नहीं लगते उफ्फ्फ्फ़ आह्ह्ह्ह आअह्ह्ह आअह्ह्ह उनके दूध मुझसे बड़े hi हैं कम नहीं ाःह आअह्ह्ह आअह्ह्ह्ह ककक आह्ह्ह्ह उनकी गांड भी ककक आआह्ह्ह्ह आह्हः आह्हः ऐसे hi तेज़ और तेज़ करो आठ आह्हः आआह्ह मायआ
रीता मौसी ने जब रजनी मौसी की छूट का नाम लिया तो पता नहीं क्यों मुझे एक झटका डा लगा और मैंने अपनी कमर उछलते हुए धक्के मरने शुरू कर दिए .
अमित : ये आप कैसी बातें कर रही हैं वो सब से बड़ी हैं और मैं उनकी बहुत इज़्ज़त लेता हूँ . मैं उनके बारे में ऐसा सोच भी नहीं सकता
रीता मौसी : ाःह आह्हः तू मत सोच ये तेरा मुसल तो दीदी का नाम सुनते hi खुश हो गया है सीसीसी आह्ह्ह्ह वो सब से बड़ी हैं उनकी गांड भी सबसे बड़ी है तुझे बहुत मज़ाआ ाःह आराम से
मौसी की बातों से मेरी गर्मी बढ़ती जा रही थी और जब उन्होंने रजनी मौसी की बड़ी गांड का ज़िकर किया तो न चाहते हुए भी मेरे ज़ेहन में मौसी की वो बड़ी गांड आ गयी हो हमेशा साड़ी में ढकी रहती थी . मैंने रीता मौसी को अपने ऊपर से बीएड पर पटकते हुए उनकी टाँगे उठा दी और तेज़ तेज़ धक्के मरने लगा .
रीता मौसी : आअह्ह्ह आअह्ह्ह आअह्ह्ह तुझे पसंद है न दीदी की बड़ी गांड आआह्ह ाःह आठ और तेज़ करो आअह्हह्ह्ह्ह आअह्ह्ह ऐसे hi ाःह आह्हः देख तेरा मुसल कितना जोश में आ गया है ये भी आअह्ह्ह आह्हः दीदी की छूट में जाना चाहता है. आअह्ह्ह आह्हः
रीता मौसी की बातों से मेरा जोश बढ़ता जा रहा था और मैंने ताबड़तोड़ धक्के पेलने शुरू कर दिए . मौसी लगातार तेज़ तेज़ सिसकियाँ लेती मुझे और उकसा रही थी .
रीता मौसी : दीदी की छूट भी प्यासी है आअह्हह्ह तू कहे तो मैं दीदी को तेरे नीचे ला सकती हूँ अअअअअ आआअह्ह आअह्ह्ह्ह वो भी तेरा मुसल ले कर मेरी तरह तृप्त हो जाएँगी आअह्ह्ह आह्हः उनकी भी ककक आह्हः उनकी भी प्यास बुझा दे आअह्ह्ह आह्ह्ह्ह माआआआ
मैंने जोश में रीता मौसी क पाऊँ उनके असर की तरफ दबाते हुए बीएड से लगा दिए जिससे उनके शरीर पूरी तरफ फोल्ड हो गया और खुद क पाऊँ उनकी गांड क पद करते हुए पाऊँ पर अपना वजन दाल कर उनकी छूट पर उछाल उछाल कर गहरे और ज़ोरदार धक्के छूट में मरने लगा . मौसी को दर्द हो रहा था पर उन्हें मज़ा भी आ रहा था. मौसी ज्यादा देर बर्दाश्त नहीं कर पायी और उनका शरीर अकड़ गया . मुझे अपने लैंड पर गरम पानी का शावर चलता महसूस हुआ पर मैंने नहीं रुका . पता नहीं मौसी की बातों से क्या असर हो गया था क मैं अपना सारा जोश रीता मौसी की छूट पर निकलने लगा .
रीता मौसी : आह्हः ाआईई छोड़ दे बीटा दर्द हो रही है आआअह्ह्ह आअह्ह्ह माआआ छोड़ दे मेरी टांगें दुःख रही हैं छोड़ डीईई
मौसी पता नहीं क्या क्या कह रही थी मगर मुझे तो कुछ सुनाई hi नहीं दे रहा था . फिर मौसी ने मेरे मुँह पर एक थप्पड़ मर दिया . मौसी का रो रो कर बुरा हल हो रहा था. मौसी की आँखों में आंसू देख कर मैंने खुद को रोका और मौसी की टांगों को छोड़ कर अलग हुआ. छूट से लैंड बहार निकला तो पूरा भीगा हुआ था. मौसी लम्बी लम्बी सांस ले कर अपनी हालत ठीक कर रही थी . मौसी अपना पेट पकड़ कर उलटी हो गयी . मेरा जोश कुछ ठंडा हुआ तो मैंने मौसी की पीठ पर किस करते हुए पूछा
अमित : आप ठीक तो हो मौसी ?
रीता मौसी : ककक क्या हो गया था तुम्हे ?? मेरी कोई बात hi नहीं दूँ रहे थे तुम . कितना कहा तुम्हे क रुक जाओ . छूट क साथ टाँगें और पेट भी दुखने लगा है. मौसी हूँ तुम्हारी कोई बाज़ारू रंडी नहीं
अमित : सॉरी मौसी पता नहीं मुझे क्या हो गया था . प्लीज मुझे माफ़ कर दीजिये .
मौसी की हालत देख कर और उनकी बातें सुन कर मेरा सारा जोश ठंडा हो गया और लैंड सोने लगा. मुझे लगा अब मौसी मुझे हाथ भी नहीं लगाने देगी जैसी मैंने उनकी हालत कर दी थी . मैं मौसी से अलग हुआ और बीएड से नीचे उतर गया. अपने कपडे उठाने लगा तो मौसी की नज़र मुझ पर पड़ी . तो उन्होंने जल्दी से उठ कर मेरा हाथ पकड़ लिया .
रीता मौसी : कहाँ जा रहे हो ?
अमित : सॉरी मौसी मैंने आपके साथ ठीक नहीं किया. आप आराम कीजिये मैं अपने कमरे में जा रहा हूँ .
रीता मौसी : क्या ठीक नहीं किया तुमने ? तुमने तो मेरी साडी प्यास बुझा दी . हाँ आज कुछ ज्यादा hi जोश दिखा दिया इस लिए मेरी छूट की हालत पतली हो गयी है . वैसे एक बात तो बता तू तो कह रहा था क तू दीदी क साथ ऐसा कुछ नहीं कर सकता फिर दीदी क नाम पर इतना जोश कैसे आ गया तेरे अंदर ? मुझे तो लगा तू मुझे hi दीदी समझ कर थोक रहा है . दीदी की गांड बहुत पसंद है न तुझे , चिंता मत कर जल्दी hi तेरा ये लैंड दीदी की गांड में होगा . देख कैसे फिर से खड़ा हो गया है दीदी का नाम लेते hi .
मैंने अपने लैंड की तरफ देखा तो सच में लैंड फिर से खड़ा हो गया था . मौसी ने झुक कर मेरे लैंड को एक बार मुँह में ले क चूसा और मेरे सामने कड़ी हो गयी .
रीता मौसी : चल अब अपनी मनपसंद जगह पर अपना नाम लिख ले
मौसी ने मेरा हाथ पकड़ कर अपनी गांड पर रखा और मेरे होंठो पर किश कर दी . उसके बाद वो बीएड पर चढ़ कर घोड़ी बन गयी और अपनी गांड बहार को उभरते हुए पीछे मुद कर कामुक ऐडा से मेरी तरफ देख कर बोली .
रीता मौसी : अब सोच क्या रहा है. आज अपनी मर्जी कर ले . मैंने तेरे लिए तैयार किया है इसे. ये ले क्रीम अचे से लगा लेना ताकि दिक्कत न हो .
मौसी ने बीएड क साइड में पड़ी क्रीम मुझे देते हुआ कहा . मैं तो मौसी की बात सुन कर hi खुश हो गया था क वो मुझे आज अपनी गांड देने वाली हैं. मैंने मौसी क हाथ से क्रीम ली और उनकी गांड पर लगाने लगा. मैंने जब गांड में अपनी उंगली घुसाई तो मुझे कुछ नरम लगी .
अमित : मौसी ये पहले से कुछ नरम लग रही है . क्या अपने मौसा जी क साथ यहाँ ......
रीता मौसी : नहीं यहाँ पर तो सिर्फ तेरा hi जायेगा तेरे मौसा से तो आगे कुछ नहीं होता पीछे क्या ख़ाक करेंगे . तेरे ये मुसल आसानी से तो जाने वाला नहीं बस इसी लिए कितने दिनों से इसे खुला करने क लिए कुछ न कुछ तरय कर रही थी क ज्यादा दर्द न हो जब ये खूंटा मेरे अंदर जाये . कक्ककक्कक्स ध्यान से करना बीटा तेरी मौसी हूँ फाड़ मत देना .
अमित : चिंता माता करो मौसी मैं ध्यान से hi करुंग . आप बस हौंसला रखना .
मैंने थोड़ी सी क्रीम अपने लैंड पर भी लगाई. मौसी बीएड पर घुटनो क बल कुटिया बानी हुई थी पर मुझे लगा ऐसे मौसी की गांड में अचे से लैंड जायेगा नहीं तो मैंने उनको बीएड क किनारे तक खिंच लिया और उनको अपने पाऊँ चूतड़ क साथ लगा कर घुटने पेट से लगाए पूरा बेंड होने को कहा . इससे उनकी गांड पूरी बहार को उभर आयी . मैंने ज़मीन पर खड़े हो कर घुटने बेंड किये और लैंड को गांड क पर से कर क मौसी की पीठ को दबाते हुए अपना लैंड गांड में घुसना शुरू कर दिया . क्रीम लगी होने से लैंड बिना रुकावट गांड में घुसने लगा. मौसी ने अपनी गांड पर काफी म्हणत की थी फिर भी मेरे लैंड क आगे उनकी गांड का सुराख़ काम hi था. इस लिए उनके मुँह से दर्द भरी सिसकी निकल hi गयी
रीता मौसी : आअह्हह्ह्ह्हह धीरे आराम से आआह्ह ककक दर्द हो रहा है रुक जा कक्कक्स आअह्ह्ह्ह
अभी सुपडे से 1 इंच और आगे तक hi लैंड गांड में घुसा था क रीता मौसी कराहने लगी और मुझे रुकने को कहने लगी . मगर मैं रुकने क मूड में नहीं था इस लिए मौसी को पूरी तरह दबाये हुए लगातार गांड में लैंड घुसते जा रहा था . मौसी मेरी पकड़ से छूटना चाहती थी मगर मैंने मजबूती से उन्हें दबाया हुआ था .
ऋतू मौसी : आआआअह्ह्ह्ह रुक जा आआआहहह माआ दर्द हो रहा है रुक जा मेरी फैट जाएगी रुका जाआआआहहहहह
अमित : बस हो गया मौसी अब दर्द माहि होगा अब तो पूरा चला भी गया बस हो गया शांत हो जाओ .
रीता मौसी : बहुत दर्द हो रही है आअह्ह्ह्हह माआ रुक जा न थोड़ी देर आआह्ह्ह्ह
मैंने मौसी को कह तो दिया था क सारा अंदर चला गया पर अभी भी दो ढाई इंच बहार hi था. मौसी क कहने पर मैं कुछ देर रुक गया और उनकी पीठ चूमने लगा. कुछ देर बाद मौसी ने अपनी गांड को थोड़ा ढीला छोड़ा तो मैंने लैंड को थोड़ा सा बहार खिंच कर फिर से अंदर लिया. लैंड गांड में ऐसे फसा हुआ था जैसे शिकंजे में फसा दिया हो. अंदर बहार करने में भी मुशक्कय करनी पद रही थी . थोड़ी देर मैं ऐसे hi थोड़ा थोड़ा कर क लैंड अंदर बहार करता रहा जिससे लैंड ने छूट को कुछ हद तक ढीला कर दिया था . जब लैंड आराम से अंदर बहार होने लगा तो मैंने सुपडे तक लैंड बहार खिंच कर अंदर करना शुरू कर दिया . मौसी भी अब नार्मल हो रही थी .
रीता मौसी : आअह्ह्ह आअह्ह्ह्ह कक्कक्स उम्म्म आह्हः ऐसे hi आराम से कर अब कुछ ठीक लग रहा है .
अमित : मौसी अब बस मज़ा लो और दर्द नहीं होगा अब . हहहहहह
मैंने अपनी स्पीड बढ़ानी शुरू कर दी. मौसी की गांड और पाऊँ बीएड से थोड़े बहार hi थे और उनकी लटकती हुई पायलें मेरे थक्कों क साथ आवाज़ कर रही थी . मुझे मौसी क बड़े बड़े गोर चूतड़ देख कर धक्के मरते हुए बड़ा मज़ा आ रहा था . मैंने मौसी क चूतड़ों पर ज़ोर से थप्पड़ मारा तो उनके चूतड़ पर मेरे हाथ की उंगलियां छाप गयी . चटाक
रीता मौसी : आआह्ह्ह्ह मार क्यों रह है ? एक तो पहले hi जान निकल रही है ऊपर से ऐसे कर रहा है
अमित : क्या करूँ मौसी आपके ये बड़े बड़े चूतड़ देख कर कण्ट्रोल नहीं हो रहा . आपके ये चूतड़ कितने बड़े और गोर गोर हैं .
रीता ‘मौसी : कैसे नाम ले रहा है कक्कक्क्स अगर मेरे तुझे ये इतने पसंद आ रहे है तो जब दीदी क ऊपर चढ़ेगा तो तुझे कितना मज़ा आएगा आअह्ह्ह्हह माआआ में gyiiiiiiiiii
रीता मौसी ने जब रजनी दीदी क बड़े चूतड़ फिर से मुझे याद करवाए तो मैंने ज़ोरदार धक्का मरते हुए पूरा लैंड जड़ तक गांड में घुसा दिया . मौसी ज़ोर से कराह उठी और मेरी पकड़ से निकलने की कोशिश की पर वो निकल नहीं पायी. मैं भी रुका नहीं और लगातार धक्के मरने शुरू कर दिए. पता नहीं क्यों रजनी मौसी का नाम सुनते hi मेरे अंदर करंट सा लग जाता था. मुझे खुद समझ नहीं आ रहा था क ये क्या हो रहा है . मैंने रीता मौसी क कन्धों पर दोनों हाथ रखते हुए ताबड़तोड़ धक्के मरने शुरू कर दिए .
रीता मौसी : आअह्ह्ह्ह आआह्ह्ह्ह रुक जा आआह्ह आह्हः रुक जाआआ आआह्ह्ह मेरी फट जाएगी रुक जाआआ
मौसी मुझे रुकने को कह रही थी पर एक तो मैं पहले hi उनकी गांड मरने से मस्त हुआ पड़ा था दूसरा उन्होंने रजनी मौसी का ज़िकर कर क जैसे जलती में तेल दाल दिया था . मैं मौसी क कंधे पकडे बुलेट ट्रैन की रफ़्तार से धक्के पेलने लगा मौसी ने बीएड पर हाथ रखे खुद को ऊपर उठाने की कोशिस की पर मैं उनके कंधे थामे अपना काम करता गया . मौसी करहटी रही पर मुझे कोई परवाह नहीं थी . मौसी क्या कह रही थी मैं कुछ नहीं सुन रहा था . मैं तब तक धक्के पेलता रहा जब तक क मेरा काम नहीं हो गया . J.B मेरा पानी निकलने को हुआ तो मैंने मौसी क कंधे ज़ोर से पकड़ कर उन्हें अपनी तरफ खींचते हुए पूरा लैंड मौसी की गांड में घुसा कर अपना पानी निकलना शुरू कर दिया . जब तक मेरा पानी निकलता रहा मैंने मौसी क कंधे पकडे उन्हें ऐसे hi ऊपर उठाये रखा और फिर एक डैम से ढीला hi कर उनके होर बीएड पर आगे को गिर गया. मौसी बीएड पर उलटी पड़ी थी और मैं ु के ऊपर . मौसी कराह रही थी पर मैं तो बेहोश सा उनके ऊपर पड़ा था. इतना मज़ा तो कभी नहीं मिला था मौसी क साथ जितना आज आया था . पता नहीं कितनी देर मैं मौसी क ऊपर ऐसे hi पड़ा रहा. फिर जब थोड़ा होश आया तो मुझे मौसी का ख्याल आया . मेरा लैंड अभी भी मौसी की गांड में hi था जो ढीला हो रहा था. मैं मौसी क ऊपर से उठा और जैसे hi मौसी की गांड को देखा तो उसका मुद खुल चूका था. पहले जहाँ बंद सुराख़ था अब वहां 2 रूपए क सिक्के क जितना बड़ा सुराख़ हो चूका था . जहाँ पर मेरे सफ़ेद वीर्य की कुछ बूंदे लगी हुई थी. मौसी क चूतड़ मेरे थप्पड़ों से लाल हो चुके थे और गांड क सुराख़ का आसपास भी लालजी बता रही थी क यहाँ अब सूजन आने वाली है . मौसी आंख बंद किये पड़ी हुई थी . मैंने मौसी को हिलाया
अमित : मौसी आप ठीक तो हैं ?
रीता मौसी ने मेरी बात सुन कर मेरी तरफ मुँह किया और मुँह बनाते हुए बोली
रीता मौसी : ऐसा करता है भला कोई? मैंने कहा भी ता आराम से करना. देखो क्या हालत करदी है मेरी .
अमित : सॉरी मौसी पता नहीं मुझे क्या हो रहा था .
रीता मौसी : मुझे पता है तुझे क्या हो रहा था. दीदी का नाम सुन कर तेरा ये घोडा बेलगाम हो रहा था. ये अब दीदी क ऊपर भी चढ़ना चाहता है. चिंता मत कर जल्द hi इसकी ये ीचा पूरी हो जाएगी . दीदी का भी ख्याल तो तुझे hi रखना पड़ेगा न. जब तू दीपिका कामिनी और मुझे प्यार कर सकता है तो दीदी को भी तो कर सकता है न. बेचारी बड़ी तरसी हुई हैं वो भी मेरी तरह . उनका भी कल्याण तुझे hi करना है.
अमित : ये आप क्या कह रही हैं मौसी?
रीता मौसी : वो hi कह रही हूँ जो सच है . दीदी क नाम सुनते hi कैसे ये घोडा बेलगाम हो गया था. दीदी क नाम पर सारा ज़ोर मेरे ऊपर दिखा दिया. वैसे सच कहूं तो दीदी को तुम्हारी ज़रूरत है. जीजा जी से कुछ होता नहीं और वो किसी से कह नहीं सकती. मुझसे वो अपनी बात करती रहती है इस लिए मैंने तुमसे कहा. बाकि जैसी तुम्हारी मर्ज़ी . अगर तुम अपनी बड़ी मौसी को ख़ुशी नहीं देना चाहते तो मैं क्या कर सकती हूँ .
मैंने रीता मौसी की इस बात का कोई जवाब नहीं दिया. जवाब देता भी तो क्या ? अगर कुछ पूछता तो वो यही सोचती क मैं रजनी मौसी क साथ वो सब करना चाहता हूँ. इस लिए मैंने इस बात पर कुछ नहीं कहा.
रीता मौसी : ाचा वो सब छोड़ मुझसे ज़रा ड्रावर में से पैन किलर निकल कर दे दे. पता नहीं सुबह उठा भी जायेगा या नहीं . दीदी का नाम लेकर तो गलती कर दी मैंने .
मैंने मौसी को पानी क साथ पैन किलर दी और उनको निघ्त्य पहना कर खुद अपने कपडे पहन कर मौसी को किश करने क बाद अपने कमरे में आ गया . डेढ़ बज चूका था और मैं बिस्टेर पर लेट ते hi सो गया .
उधर रीमा शीना और रीना एक साथ एक hi कमरे में लेती हुई थी अपनी बुआ क घर. जबकि रुपाली अपनी ननद क साथ उसके कमरे में थी .
रीना : शीना तू ऋतू बुआ से कहाँ मिली थी ?
शीना : दीदी बताया तो था क कॉलेज में मिली थी .
रीना : तू कुछ छुपा रही है. सच सच बता कहीं ये वो hi तो नहीं जिसने अमित को टार्चर किया था. अमित ने जिस तरह से रियेक्ट किया था उससे मुझे पूरा यकीन है क ये वो hi होगी. और मंजू बुआ की वजह से उसने कुछ नहीं कहा.
शीना ने रीना की बात का कोई जवाब नहीं दिया. तो रीमा भी उठ कर बैठ गयी .
रीमा : दीदी आप बता क्यों नहीं रही? वैसे मुझे भी यही लगता है. वर्ण वो किसी से ऐसे बेहवे नहीं करता. अगर ये बात मंजू बुआ को पता लगी तो वो कैसे रियेक्ट करेंगी ?
शीना : बुआ भी अमित को बहुत मानती है . और ऋतू बुआ तो उनकी पुराणी बेस्ट फ्रेंड है. ऐसे में मैं उनके सामने ये बात करती तो उनको दुःख होता. बुआ को ये बात पता नहीं चलनी चाहिए. अमित तो खुद बताएगा नहीं. पर अगर मंजू बुआ को पता चला तो वो ज़रूर नाराज़ होंगी ऋतू बुआ से. सच कहूं तो मुझे लगता है ऋतू बुआ भी शर्मिंदा हैं अपनी उस हरकत क लिए. और वो अमित से माफ़ी भी मांगना चाहती हैं पर अमित शायद अभी माफ़ नहीं करेगा.
रीना : करना भी नहीं चाहिए , ये क्या बात हुई बिना सच जाने किसी को भी ऐसे बुरी तरह मारा जाना चाहिए क्या? देखा नहीं था क्या हालत हो गयी थी अमित की. ये तो अमित था जो झेल गया उसकी जगह कोई और होता तो हॉस्पिटल में दाखिल करना पड़ता . मुझे तो गुस्सा आ रहा है ऋतू बुआ पर उन्हें कुछ कह भी नहीं सकती. अभी तक अमित की पीठ से वो निशान गए नहीं. सब क साथ वो ाचा hi करता है फिर भी पता नहीं क्यों उसके साथ बुरा हो जाता है .
शीना : शायद भगवन ने उसे दूसरों क दुःख दर्द अपने सर लेने क लिए hi बनाया है . मैं तो भगवन क आगे हाथ जोड़ती हूँ क कभी मैं उसके किसी काम आ सकूँ या उसके लिए कुछ कर सकूँ .
रीना : सच कह रही हो शीना . वो सब से अलग है .
शीना और रीना दोनों hi अपने अपने मन में अमित को लेकर अपनी यादें ताज़ा कर रही थी और दिल में सपने सजा रही थी जबकि रीमा तो अमित क साथ बिताये प्यार भरे पलों को यद् कर रही थी.
सुबह मेरी आंख अपने होंठों पर गीले एहसास क साथ खुली . बंद आँखों से भी मैं अपनी छाती पर नरम मॉस क गोलों क एहसास से समझ गया क ये करुणा दीदी hi होंगी. और नींद में hi उनके होंठ चूमते हुए मैंने उनकी गांड पर हाथ रख कर उनके चूतड़ मसलने शुरू कर दिए . कुछ देर किश करने क बाद करुणा दीदी ने किश तोडा तो मैंने ऑंखें खोली .
करुणा दीदी : गुस्स दिखते हुए ) बहुत ख़राब हो तुम. कल कहाँ रह गए थे ? क्या क्या नहीं सोचा था मैंने और तुमने कल की रत भी ख़राब कर दी.
अमित : अब इसमें मेरा क्या कसूर है . मैं जब आया आप hi सोई पड़ी थी .
करुणा दीदी : पता नहीं ये आजकल नींद कैसे आ जाती है अपने आप . अगर मैं सो गयी थी तो तुम नहीं जगा सकते थे ? मेरा कितना मन था.
अमित : तो अभी कर लेते हैं. अभी तो कॉलेज जाने में टाइम है न .
करुणा दीदी : उठो जल्दी से , बड़े आये अभी कर लेते हैं. माँ ने कहा है क राजकुमार जिनको उठा कर लाओ कॉलेज भी जाना है . वैसे सच कहूं तो मेरा दिल तो यही कर रहा है क आज कॉलेज जाने की बजाये हम दोनों कहीं बहार चलें और वहां डॉन दिन का हिसाब बराबर कर लें.
मैंने करुणा दीदी को बहिन में भर लिया और उनके होंठ अपने होंठो में जकड लिए . एक ज़ोरदार किश करने क बाद मैंने दीदी को छोड़ा .
अमित : आज रत पक्का , चाहे कुछ भी हो जाये. आज आप रत को तैयार रहना. आज आपकी साडी गर्मी निकल दूंगा. बस आप ज्यादा चिल्लाना मत .
इतना कह कर मैंने दीदी क चुके पकड़ कर मसल दिए .
करुणा दीदी : नहीं चिल्लाती , पर आज मुझे पूरा लेना है पहले hi कह देती हूँ .
इतना कह कर दीदी ने भी मुझे किश लिया और जल्दी से कमरे से बहार भाग गयी. मैं भी उठा और बाथरूम में जा कर नाहा कर तैयार हो गया. जब नीचे आया तो नेहा दीदी किचन में नाश्ता बना रहा थी .
अमित : गुड मॉर्निंग दीदी , आप किचन में ? मौसी कहाँ हैं ?
नेहा दीदी : गुड मॉर्निंग, माँ की तबियत थोड़ी ठीक नहीं थी तो मैंने hi उन्हें रेस्ट करने को कहा है . तू बैठ मैं अभी नाश्ता देती हूँ तुझे
अमित : मैं पहले मौसी से मिल कर अत हूँ .
मुझे मौसी की चिंता हो रही थी कहीं रत की ठुकाई से ज्यादा hi तो तकलीफ नहीं हो गयी उन्हें. मैं यानि सोचता हुआ उनके कमरे में आया तो वो अभी भी निघ्त्य में बीएड पर करवट क बल लेती हुई थी. मैं दरवाज़ा बंद कर क उनके पास आ कर बैठ गया .
अमित : मौसी ??
रीता मौसी : हम्म्म उठ गया तू ? नेहा नाश्ता बना रही है जा नाश्ता कर ले.
अमित : मौसी आप की ये हालत मेरी वजह से हुई है न . मुझे माफ़ कर दीजिये .
रीता मौसी : हस्ते हुए ) तू भी पूरा बुद्धू राम है . कुछ नहीं हुआ है मुझे . पहली बार में तो आगे लेने पर भी बुखार आ जाता है और मैंने तो पीछे लिया है वो भी इतना बड़ा मुसल. असर तो होना hi था. रेस्ट करुँगी तो सब ठीक हो जायेगा. हाँ आज रत मैं कुछ नहीं करने दूंगी हाँ .
रीता मौसी ने खुद hi मुझे अपने ऊपर झुकाते हुए मेरे होंठों पर अपने होंठ रख दिए . मैंने भी उनके चुके थम लिए और उन्हें मसलते हुए किश करने लगा .
रीता मौसी : उम्मम्माह चल अब नाश्ता करले जा के फिर तुझे कॉलेज भी जाना है .
अमित : पहले मुझे देखना है क आपकी हालत कैसी है .
इतना कह कर मैंने मौसी को बीएड पर पेट क बल
कर दिया और उनकी निघ्त्य उनकी कमर तक ऊपर उठा दी. मौसी ने नीचे पेंटी नहीं पहनी थी जिससे उनके गोर चूतड़ नंगे मेरे सामने आ गए . मैंने दोनों चूतड़ों को फैला कर देखा तो गांड क सुराख़ क आसपास सूजन आ चुकी थी. मेरे इस तरह से चूतड़ फ़ैलाने से मौसी को दर्द होने लगा .
रीता मौसी : कक्कक्स. क्या करता है कोई आ जायेगा कमरे में .
अमित : दरवाज़ा बंद है आप चिंता मत करो. आप क पास कोई क्रीम है यहाँ लगाने क लिए ?
मैंने मौसी से पूछ कर क्रीम उनकी गांड में लगा दी और उनके गोर चूतड़ों को एक बार किश करने क बार उनकी निघ्त्य नीचे कर दी . फिर मैं उन्हें किश करने क बाद बहार आ गया और नेहा दीदी क हाथों क परांठे खाये. करुणा दीदी भी आ गयी थी और मेरे साथ hi नाश्ता करने लगी. उधर से कल्पना भी दीदी को लेने आ गयी .
कल्पना : अरे वह दीदी आज आप नाश्ता बना रही हैं . फिर तो एक और बना hi लीजिये मैं अमित तो अमित क हिस्सा क ले रही हूँ .
इतना कह कर कल्पना ने मेरे साथ बैठते hi मेरी प्लेट से परांठे उठा कर खाना शुरू कर दिया.
कल्पना : और कैसी हो दीदी आप ? समझाओ अपने इस भाई को रोज़ गायब रहता है कॉलेज से. किसी दिन इसकी गुमशुदगी क पोस्टर लग जायेंगे बता देती हूँ.
करुणा दीदी क्यों क्या हुआ ?
कल्पना : क्या हुआ ? ये क्लास में अत hi कहाँ है . ऊपर से हमारा भी दिल नहीं लगता . ये नहीं होता तो कैंटीन में भी बोरिंग hi लगता हुआ सब. आज तो आ रहे हो न कॉलेज
‘ मुझे तो लगता है तेरा hi दिल नहीं लगता इसके बगैर. वर्ण हम सब भी तो होते hi हैं ‘ नेहा दीदी ने मेरी प्लेट में एक और परांठा रखते हुए कहा
करुणा दीदी : मुझे भी यही लगता है दीदी. इसी लिए हर वक़्त ये अमित को लेकर hi कोई न कोई बात करती रहती है.
कल्पना : क्या दीदी आप भी मज़े लेने लगी .
करुणा दीदी : मेरी जान तुम क्या अकेले hi मज़े लेना चाहती हो इसके हाँ?
कल्पना तो करुणा दीदी की बात में hi फास गयी थी . वो कुछ और कहती उससे पहले hi बहार से रीमा और शीना हाथ में शोप्पेर्स पकडे हुए अंदर आ गयी.
शीना : गुड मॉर्निंग एवरीवन , तो नाश्ता हो रहा है. अरे दीदी आप नाश्ता बना रही हैं ? आंटी कहाँ हैं ?
नेहा दीदी : माँ की तबियत आज ठीक नहीं थी तो नाश्ता मैं बना रही हूँ.
रीमा : चिंता से ) क्या हुआ मौसी को?
नेहा दीदी : कुछ नहीं बस कमर में थोड़ा दर्द है तो आराम कर रही हैं.
कल्पना: वैसे कोई ये बताएगा क ये इतनी शॉपिंग किस ख़ुशी में की गयी है?
शीना : ये सब अमित का है .
कल्पना : अमित का ? मतलब ?
शीना : वो कल शाम बुआ और चची क साथ मैं रीमा और रीना दीदी गयी थी इसे साथ लेकर . सब ने अपनी अपनी पसंद क कपडे ले कर दिए इसे . कितने दिनों से कह रही थी पर ये तो बनाने पर बहाने बना रहा था कल आज्ञा काबू और हो गयी शॉपिंग.
कल्पना : मुझे बता देती तो मैं भी आ जाती. मेरी तो आज तक इसने कोई बात नहीं मणि.
करुणा दीदी : अरे यार तुम नाराज़ क्यों होती हो. मुझ ले चलो शॉपिंग पर मैं फ्री हूँ.
कल्पना : आप तो जब कहोगी ले जाउंगी मैं तो इसकी बात कर रही हूँ मर. विप . हर बार बहाना तैयार होता है इसका.
अमित : ाचा इस हफ्ते में पक्का चलेंगे प्रॉमिस. अब तो खुश ?
कल्पना: देखलो दीदी सबके सामने इसने प्रॉमिस किया है . अब अगर इसने प्रॉमिस तोडा तो
करुणा दीदी : तो मिलकर इसकी पिटाई करेंगे.
नेहा दीदी : ख़बरदार किसी ने मेरे भाई को हाथ भी लगाया तो.
कल्पना : तो कह दीजिये अपने भाई से क प्रॉमिस नहीं टूटना चाहिए वर्ण इसकी टाँगें टूटेंगी .
नेहा दीदी : तुम सब बातों में लगी हो टाइम देखो हम लोग लेट हो रहे हैं चलो जल्दी से.
करुणा दीदी : दीदी पहले देख तो ले क्या क्या शॉपिंग की है कल इसने.
नेहा दीदी : ये सब कहीं भगा नहीं जा रहा है . आ कर देख लेना.
नेहा दीदी ने सरे शोप्पेर्स उठा कर अपने कमरे में रख दिए . करुणा दीदी स्कूटी पर नैना दीदी की तरफ चली गयी. नेहा दीदी को कल्पना अपने साथ ले गयी . मुझे भी वो कह रही थी साथ चलने को पर मैंने कह दिया क मुझे जाना है कहीं. खैर शीना और रीमा एक कार में कल्पना और नेहा दीदी एक कार में चली गयी. मैंने चरों को कॉलेज जाने को कह दिया और खुद राधा को लेने उसके घर की तरफ चल दिया .
सप ऋतू सिंह : मंजूउ !!!!
मंजू म : ऋतूउउउउ
ऋतू सिंह और मंजू दोनों एक दूसरे को देख कर ज़ोर चिल्लाईं और फिर एक दूसरे क गले लग गयी . मेरे साथ शीना रीमा और रीना भी हैरान थी मगर रुपाली शायद पहचान रही थी. दोनों एक दूसरे से ऐसे गले मिल रही थी जैसे बरसों बाद बिछड़े हुए दोस्त मिल रहे हों . ऋतू सिंह जैसी सख्त अफसर को इस तरह देख कर उसके साथ वाले पुलिस वाले भी हैरान थे . ऋतू सिंह को तो मनो कोई फरक hi नहीं पद रहा था किसी बात से . वो यूनिफार्म में होते हुए भी कितने प्यार और गरम जोशी से मंजू म को गले लग क मिल रही थी .
सप ऋतू सिंह : मुझे यकीन नहीं हो रहा तुम मेरे सामने हो . मैंने तुम्हे कितना ढूँढा पर तुम मिली hi नहीं. पता है मेरी पोस्टिंग तेरे शहर में भी हुई थी . मैं बहुत पता किया पर तेरा कुछ पता नहीं चला. तू कहाँ गायब हो गयी थी ? किसी को भी पता नहीं था तेरे बारे में . तूने किसी से भी कोई लिंक नहीं रखा कॉलेज क बाद .
मंजू म : मैं वो .. मेरी छोड़ तू कहाँ थी? तेरा भी तो किसी को अत पता नहीं था और ये पुलिस यूनिफार्म ???
सप ऋतू सिंह : न्यूज़ पेपर नहीं देखती क्या ? मैं सप हूँ यहाँ . अभी पिछले महीने hi यहाँ ट्रांसफर हुई है. तू कहाँ रहती है ?
मंजू म : सॉरी यार न्यूज़ पेपर तो वाकई नहीं देख पति बस किताबों में टाइम निकल जाता है. मैं भी यहीं रहती हूँ . ये तो ाचा हो गया अब तू भी यहीं आ गयी . तुम्हे इतने सैलून बाद अपने सामने देख कर मैं कितनी खुश हूँ मैं बता नहीं सकती . चल मेरे साथ तुझे घर ले कर चलती हूँ .
सप ऋतू सिंह: नहीं यार अभी तो नहीं आ सकती . अभी ज़रा काम है कुछ . तू मुझे अपना no. और एड्रेस दे मैं जल्दी hi तेरे घर आउंगी.
रुपाली : मुझसे नहीं मिलोगी क्या ऋतू ?
सप ऋतू सिंह : अरे भाभी आप ? आप भी यहीं हैं ?
रुपाली ने पास आकर ऋतू क कंधे पर हाथ रखा तो ऋतू ने उन्हें पहचानते हुए उनको भी गले लगा लिया .
सप ऋतू सिंह : कैसी हैं आप भाभी और वो दोनों एंगेल्स कहाँ हैं ?
रुपाली : मैं ठीक हूँ और ये रहीं तुम्हारी एंगेल्स और 2 नहीं 3 शीना भी यहीं है.
रुपाली ने शीना रीमा और रीना को ऋतू सिंह से मिलवाया. ऋतू सिंह ने उनको भी गले से लगाया .
सप ऋतू सिंह : वह ये तो बड़ी हो गयी . और शीना तुमने बताया नहीं तुम मंजू की भतीजी शीना हो ? क्या तुमने मुझे पहचाना नहीं था ?
शीना : आप ??
मंजू म : ये भी तुम्हारी बुआ hi हैं . जब तुम छोटी थी तब ये अक्सर मेरे साथ घर आया करती थी और तुम तीनो इसके साथ खेलती थी. हम दोनों स्कूल से कॉलेज तक एक साथ रहे हैं.
ऋतू सिंह : तुम तीनो तो कितनी बड़ी हो गयी हो अब. रीना तुम्हारी पढ़ाई तो ख़तम हो गयी होगी न ?
रीना : जी बुआ मैं अब डॉ हूँ .
ऋतू सिंह : अरे वह ये तो बहुत अछि बात है . मुझे पता था तुम ज़रूर कुछ बनोगी. और ये रीमा भी तुम्हारे जैसी hi थी ये भी ज़रूर कुछ बनेगी . कमल आप सब लोग इस शहर से में थे और इतने दिनों तक किसी से मिलना नहीं हुआ. वैसे तुम करती क्या हो ? और तुम्हारे पति ?
मंजू म : मैं इनके कॉलेज में hi लेक्चरर हूँ और मेरे हस्बैंड अब उस दुनिया में नहीं हैं .
ऋतू सिंह : ी ऍम सॉरी मंजू मुझे पता नहीं था पर ये सब कैसे हुआ ?
मंजू म : जब घर आओगी तब बैठ कर आराम से बातें करेंगे . तुम अपनी सुनाओ .
ऋतू सिंह : मैं तो तेरे सामने hi हूँ . कॉलेज क बाद तूने तो शादी कर्ली और मैंने आईपीएस क्लियर कर्ली. बस तब से यही ज़िन्दगी है .
मंजू म : जतिन क्या करता है ?
ऋतू सिंह : हम बाद में बात करेंगे मंजू . वैसे अमित से तुम्हारा क्या रिलेशन है ?
मेरी तरफ देखते हुए ऋतू सिंह ने मंजू म से पूछा . अब तक तो मैं पीछे अकेला hi खड़ा था . मगर अब ऋतू सिंह ने मेरी तरफ ध्यान करवाया मंजू म का.
मंजू म : कहने को तो मेरा स्टूडेंट है पर आज मेरी ज़िन्दगी में जितनी भी खुशियां हैं सब इसी की वजह से हैं. और देखो इसी की वजह से आज मुझे मेरी दोस्त वापिस मिल गयी. इसके बारे में बताने लगूंगी तो यहीं सुबह हो जाएगी. तुम घर आना फुर्सत में बात करेंगे.
ऋतू सिंह : वैसे तुम भी मेरे घर आ सकती हो मगर पहले फ़ोन कर लेना . मेरी ड्यूटी का कुछ पता नहीं होता कब कहाँ हूँगी . मैं जल्द hi तुम्हारे पास आउंगी. ाचा फिर मिलेंगे .
ऋतू सिंह ने बरी बरी से सबको गले लगाया और लास्ट में मुझसे मिलने मेरी तरफ बरही तो मैंने दूर से hi हाथ जोड़ दिए. बिना कोई शब्द कहे. ऋतू सिंह भी समझ गयी क मैं उससे बात नहीं करना चाहता . वो कुछ कहना तो चाहती थी पर कहते कहते रुक गयी और एक बार मुझे देखने क बाद चली गयी.
मंजू म : शीना तुम कहाँ मिली थी ऋतू से ?
शीना : अरे बुआ वो कॉलेज आयी थी एक दिन तब मुलाकात हुई थी .
मंजू म : कब ? मैंने तो देखा नहीं .
शीना : आप तब घर पर थी न बुआ . जब आपके चोट लगी थी तब की बात है . अब घर चलें बुआ ?
मंजू म : हाँ चलो , पर ये जो भी कुछ हुआ आज ये सही नहीं है. तुम्हे उनसे उलझना नहीं चाहिए था . वो इतने लोग थे हम उनका कैसे मुकाबला करते ?
शीना : बुआ वो लोग कितनी गन्दी बकवास कर रहे थे , मुझसे बर्दाश्त नहीं हुआ और फिर अमित था न हमारे साथ . इसके होते मुझे किसी से दर नहीं लगता .
मंजू म : पर वो अकेला था अगर उसे कुछ हो जाता तो ?
शीना : आपने देखा नहीं ये अकेला hi काफी है उन जैसों क लिए . और फिर ऋतू बुआ भी तो कह रही थी .
रुपाली : फिर भी शीना ऐसे उलझना नहीं चाहिए , ऐसे लोगों का क्या भरोसा कुछ कर दें तो .
रीना : मेरे ख्याल से अब हमें चलना चाहिए . 10 बज चुके हैं .
उसके बाद हम सब कार्स में बैठे इस बार दोनों कार्स मंजू म क घर की तरफ hi आ गयी. मैंने बहार से बाइक उठायी और सबसे विदा ली. शॉपिंग बैग ज्यादा थे तो मैंने वहीँ रहने दिए. जिसे घर पहुँचाने की ज़िम्मेदारी शीना ने ले ली. क्यूंकि उसे पता था रीता मौसी क घर का . मैं मम क घर से सीधा मौसी क घर पहुँच गया . रीता मौसी मेरा hi इंतज़ार कर रही थी . जब मैं घर आया तो वो अकेली hi जग रही थी . नेहा दीद और कल्पना दीदी नज़र नहीं आ रही थी .
रीता मौसी : इतनी देर कैसे हो गयी तुम्हे ?
अमित : वो शीना और मम क साथ शॉपिंग क लिए जाना पड़ा फिर उसके बाद वो लोग डिनर की ज़िद करने लगे .
रीता मौसी : वैसे ये शीना का क्या चक्कर है तेरे साथ ?
अमित : ऐसा कुछ नहीं है मौसी . नेहा दीदी को भी पता है हम बस अचे दोस्त हैं . और मैंने उसकी मदद की थी तो उसने कहा था क वो मुझे शॉपिंग करवाना चाहती है . इतने दिनों से टाइम नहीं मिल रहा था तो आज वो ज़बरदस्ती ले गयी मुझे. मैडम भी साथ hi थी . वैसे नेहा दीदी करुणा दीदी नज़र नहीं आ रही कहीं
रीता मौसी : वो दोनों सो रही हैं . तुम भी कपडे बदल कर आ जाओ मेरे कमरे में . मैं तब तक दूध गरम करती हूँ .
अमित : वो दोनों इतनी जल्दी सो गयी ?
रीता मौसी : हस्ते हुए ) सोई नहीं सुलाया है कल की तरह . आज तुम्हे तुम्हारा गिफ्ट जो देना था.
अमित : सच !! तो चलिए सीधा आपके कमरे में hi चलते हैं .
मैंने मौसी को बाँहों में भरते हुए उनकी गांड को मसलना शुरू कर दिया .
रीता मौसी : अरे रुको , साडी रत अपने पास hi है बेसब्री मत बनो. जाओ कपडे बदल लो और मुँह हाथ धो लो तब तक मैं दूध गरम करती हूँ .
अमित : ठीक है मैं अभी आया. उम्म्मा
मैंने रीता मौसी क होंठों पर एक किश की और ऊपर भाग गया अपने कपडे बदलने . जैसे hi मैं कपडे बदल कर फ्रेश हो कर नीचे आया तो सभी लाइट्स बंद थी सिवाए मौसी क रूम क. रीता मौसी क कमरे का दरवाज़ा खुला था . मैं अंदर गया तो बीएड की साइड पर दूध का गिलास ढाका हुआ पड़ा था . मौसी कमरे में नहीं थी . मैंने दूध का गिलास उठा कर पि लिया और बीएड पर बैठ कर मौसी की वेट करने लगा . बाथरूम से आती आवाज़ बता रही थी क मौसी बाथरूम में हैं . मैं दरवाज़ा बंद कर क वैसे hi बीएड पर बैठ गया . कुछ hi देर में बाथरूम का दरवाज़ा खुला और अंदर से रीता मौसी बहार निकली . मैं तो मौसी को देखता hi रह गया. मौसी नाहा कर आयी थी और उनके बालों क साथ साथ उनकी बॉडी पर भी पानी की बूंदे साफ नज़र आ रही थी . बूब्स से लेकर जाँघों तक बस एक सफ़ेद टॉवल में लिपटी वो इस वक़्त बिजलियाँ गिरा रही थी .
बाथरूम क दरवाज़े पर hi वो कड़ी हो कर मेरी हालत पर मुस्कुरा रही थी. मैंने तो ऑंखें फाड़े बस उन्हें सर से पाऊँ तक निहार रहा था . उनके बल गीले थे और बिखरे हुए थे जिनमे से पानी की कुछ बूंदे नीचे गिर रही थी . गोरा चिकना बदन नंगे कंधे . आधे चुके तोलिये से बहार hi थे और उनके बीच की घाटी नज़र आ रही थी . तलिये क अंदर कैसा हुआ गदराया बदन . तौलिये क नीचे गोरी मांसल जांघें जो आधी से ज्यादा बहार hi थी . गोरी चिकनी टाँगें और तखनो क पर पायल . मैं तो बस इस काम सुंदरी क यौवन को देखता गरम हो रहा था. जब कुछ देर तक मौसी अपनी जगह से नहीं हिली तो मेरी नज़र उनके चेहरे पर गयी जहाँ एक कामुक मुस्कान थी .
रीता मौसी : ऐसे क्या देख रहे हो ?
अमित : आप बहुत हॉट लग रही हैं .
रीता मौसी : बस , अभी तो तुम्हे बहुत कुछ दिखाना है .
इतना कह कर मौसी धीरे धीरे कैट वाक करती हुई मेरे पास आयी और अपना डायन पाऊँ उठा कर सीधा मेरे आधे खड़े लैंड पर रख दिया. लोअर में भी मेरे लैंड को मौसी क नंगे पाऊँ का एहसास हो गया और वो जागने लगा. मौसी कामुक ऐडा से मेरी आँखों में देखती हुई अपने पाऊँ से मेरा लैंड अपने पाऊँ से दबाने लगी . मौसी एक पैन मेरे लैंड पर रखे कड़ी थी और इस पोज़ में टॉवल क नीचे से मेरी नज़र उनकी छूट तक जा रही थी. मौसी का सारा बदन अभी भी गीला गीला लग रहा था. मेरे लैंड पर मौसी क पाऊँ का दबाव और उनकी सेक्सी ऐडा मुझे पागल कर रही थी मैंने झट से उनकी पिंडली को पकड़ लिया और झुक कर उनके घुटने और झांग पर किश करने लगा
रीता मौसी : आह्ह्ह्ह कक्कक्क्स उम्मम्मम्म
मौसी क मुँह से सिसकी निकल गयी. मौसी का जिस्म अभी भी गीले पैन और ठंडक का एहसास करवा रहा था . मैंने जांघ पर किश करते हुए दांत भुई गाढ़ा दिए और एक हाथ उनकी छूट तक ले गया जिसे मौसी ने रोक दिया . न में इशारा करते हुए उन्होंने मुझे मन किया और मेरा दूसरा हाथ भी अपनी तंग से हटा दिया. अगले hi पल मौसी मेरे दोनों तरफ घुटने बीएड पर रखते हुए मेरी गॉड में बैठ गयी . मेरा लैंड जो खड़ा हो चूका था जैसे hi मौसी मेरे लैंड पर बैठी उन्हें एहसास हो गया उसकी सख्ती का . मौसी ने मेरा चेहरे दोनों हाथों में देखा और बड़े hi कामुक अंदाज़ में मेरी आँखों में देखने क बाद अपने होंठ मेरे होंठ पर रख दिए . मैंने भी मौसी क सर क पीछे हाथ रखते हुए उनके होंठ चूसने शुरू कर दिए . मौसी कभी मेरा नीचे वाला होंठ चुस्ती कभी ऊपर वाला . फिर उन्होंने अपनी जीभ मेरे मुँह में दाल दी और मैं उनकी जीभ चूसने लगा. कुछ देर अपनी जीभ चूसने क बाद वो मेरी जीभ चूसने लगी. मेरे हाथ अब मौसी क कन्धों से होते हुए नीचे आने लगे. मौसी का टॉवल कब खुल गया हमें पता hi न चला. मौसी की नंगी पीठ को सहलाता हुआ मैं उनके नंगे कूल्हों पर पहुँच गया . कूल्हों को मसलते हुए मैंने अपनी उंगली उनकी छूट में घुसा दी जो पहले से hi पानी छोड़ रही थी .
रीता मौसी : ुम्माआआ कक्ककक्कक्स आअह्ह्ह्हह उम्मम्मम्म
मेरा एक हाथ अब मौसी की नंगी जांघों को सेहला रहा था . मौसी का पूरा बदन माखन की तरह मुलायम था और दूध की तरह सफ़ेद . मौसी भी पूरी गरम थी और मेरी गॉड में बैठी अपनी कमर हिला कर मेरे लैंड पर अपनी छूट रगड़ रही थी . मैंने मौसी क पाऊँ इसी पोज़ में उनकी गांड से लगा कर उन्हें अपनी गॉड में hi लिए उठ गया . मौसी मेरे गले में बहन दाल कर मेरे साथ चिपक गयी. मैंने पलट कर मौसी को बिस्टेर पर लिटा दिया और टॉवल को एक साइड फेंक दिया . अब मौसी का गदराया हुआ दूधिया गोरा बदन मेरे सामने था . मौसी की छूट क ऊपर एक भी बाल नहीं था जिसे देख कर मुझे ाचा लगा और मैंने मौसी की टंगे फैलते हुए उनकी छूट पर झुक कर उनकी चिकनी छूट को एक बार देखा और फिर सीधा अपना मुँह उनकी छूट से लगा दिया. मेरे ऐसे करते hi मौसी क बदन में करंट सा लगा और एक तेज़ सिसकी उनकी मुँह से निकल गयी.
रोटा मौसी : आआह्ह्ह्हह कक्कक्कक्कक्स उफ्फ्फ्फफ्फ्फ्फ़ खा जाओ बहुत आग लगी हुई है इतने दिनों से . आअह्ह्ह्हह उनमममम आज साडी आग बुझा दो इसकी. खा जाओ उम्मम्मम ऐसे hi चुसो आअह्ह्ह आआह्ह आह्ह्ह्हह
मैं मौसी की छूट चूसते हुए उनके दाने पर अपनी जीभ फिर रहा था और साथ hi एक उंगली अंदर बहार कर रहा था. मौसी अपनी जांघें मेरे सर पर कास रही थी और मेरा सर अपने हाथों से छूट पर दबा रही थी . मौसी कुछ ज्यादा hi उतावली हो रही थी और अपनी कमर उठा उठा कर मेरे मुँह पर अपनी छूट रगड़ने लगी .
रीता मौसी : आआह्ह्ह आह्हः आअह्ह्ह आह्हः ककक और ज़ोर से करो आअह्ह्ह हाँ आह्ह्ह्ह ऐसे hi मैं गयी आअह्ह्ह्ह ककक ज़ोर से करो ाःह आठ आह्हः. MaaaaaaaaaaAhhhhhh
मौसी अपनी कमर बार बार उठती हुई एक डैम से चिल्लाई और उनका बदन एक पल क लिए अकड़ गया . उनकी छूट से पानी का तेज़ परवाह बहने लगा जो मेरे मुँह पर लग रहा था . पानी निकलते hi मौसी का बदन ऐसे ढीला हो कर बीएड पर गिरा जैसे जान hi निकल गयी हो. मौसी बेजान से बिस्तर पर टंगे फैलाये पड़ी थी . मैंने उठ कर अपने कपडे उतरे और मौसी क साथ लेट कर उनके बड़े बड़े चुके थम लिए. एक निप्पल को होंठों में लेने क बाद मैंने दूसरे को उँगलियों से पकड़ कर मसलना शुरू कर दिया . बरी बरी से मैंने मौसी क दोनों चुचों को चूसा और मसला जिससे वो लाला हो गए. मौसी क बदन में फिर से उत्तेजना आने लगी थी और वो मेरे सर को अपनी छाती पर दबाने लगी .
अमित : मौसी आप कह रही थी क कितनी दिनों से आप प्यासी हैं अभी कल रत hi तो मैंने हमने किया था न ? फिर भी आप इतनी प्यासी हैं
रीता मौसी : वो वो हाँ वो एक बार में कहाँ प्यास बुझती है इतने दिनों की .
अमित : वैसे ये आपने ाचा किया क वहां से सरे बल साफ़ कर लिए . कल तो पूरा जंगल hi बना हुआ था नीचे.
रीता मौसी : तू ऐसे hi अपना हल चलता रह अब तुझे कभी वहां बाल नहीं मिलेंगे
रीता ( मन में ) दीदी को कह दूंगी क अगर अमित क नीचे लेटना है तो अपनी छूट साफ़ रखा करे.
रीता : चल अब मेरे ऊपर से मुझे भी कुछ करने दे.
अमित : आओ क्या करोगी ?
रीता : हैट तो फिर बताती हूँ.
मैंने जैसे hi मौसी क ऊपर से हटा मौसी उठ कर बैठ गयी और मेरी कमर की तरफ झुकते हुए मेरे लैंड को एक हाथ से पकड़ कर अपने मुँह में लेने लगी . मुझे मौसी का ऐसा करना इतना ाचा लगा क मज़े क मारे मेरे मुँह से सिसकी निकल गयी .
अमित : ाःह मौसी ये क्या कर रही हो आप ककक
मौसी क मुँह का गीला पैन लैंड को और गरम कर रहा था. मौसी ने अभी सुपडे से थोड़ा आगे तक लैंड को मुँह में लिया था क मैंने मज़े में कमर उठाते हुए उनका मुँह लैंड पर दबा दिया . जिससे लैंड आधे से ज्यादा उनके मुँह में चला गया . लैंड सिद्ध उनके गले में जा क लगा और एक डैम से वो खांसने लगी और लैंड मुँह से निकल दिया .
रीता मौसी : ाखुन ाखुन ाखुन ह्ह्हह्ह्ह्ह ाखुन ाखुन ाखुन हहहहह गाल फाड़ोगे क्या? ाखुन ाखुन
अमित : सॉरी मौसी मुझ से कण्ट्रोल नहीं हुआ. पर आप ने ये सब कहाँ से सीखा ?
रीता मौसी : जब दिल से कुछ करना चाहो तो किसी क सीखने की ज़रूरत नहीं पड़ती . तुम मुझे चूस कर इतना मज़ा देते हो तो मैं नहीं दे सकती क्या ?
इतना कह मौसी दी से लैंड चूसने लगी. कुछ देर और मौसी ने लैंड को चूसा और फिर मेरे ऊपर आ कर कमर क दोनों तरफ घुटने बीएड पर रखते हुए एक हाथ से लैंड पकड़ क छूट पर सेट किया और धीरे धीरे नीचे बैठने लगी. मौसी की छूट लैंड पास कासी हुई नीचे हो रही थी और मुझे ऐसा लग रहा था क जैसे लैंड किसी गरम गुफा में जा रहा हो. मौसी अपने होंठ डेंटन में दबाये नीचे होती रही और 7 इंच तक लैंड छूट में लेने क बार वो रुक गयी. फिर वो आगे को झुकी और मेरे पेट पर हाथ रख कर वो धीरे धीरे ऊपर नीचे होने लगी. मैंने हाथ बढ़ा कर मौसी क दोनों लटकते आम पाकर लिए और उन्हें कास कर दबाते हुए अपनी तरफ झुका लिया .
रीता मौसी : आअह्ह्ह्ह ककक आराम से दबाओ न उखड डोज क्या ? कक्कक्स आअह्ह्ह्हह आआह्ह्ह आह्हः ये मुसल हर बार अंदर लेने में पसीने छूट जाते हैं आअह्ह्ह ककक एआईई आराम से करो न उफ्फफ्फ्फ़ आअह्ह्ह्ह
अमित : अब तो आपको दर्द नहीं होना चाहिए मौसी कल hi तो पूरा लिया था अपने उम्म्म्म
मैंने मौसी का एक निप्पल मुँह में भरते हुए चुआना शुरू कर दिया.
रीता मौसी : एक बार बता ाःह आठ उम्म्म तुझे दीदी कैसी लगती है ? उनकी लेना चाहता है क्या ?
मैं रीता मौसी की बात सुन कर एक डैम से रुक गया और उनके निप्पल को मुँह से निकल दिया .
अमित : ये आप क्या कह रही हैं ? मैं ऐसा सोच भी नहीं सकता .
रीता मौसी : रुक क्यों गया ? करते रहो न . मेरे साथ कर सकते हो फिर दीदी क साथ क्यों नहीं ? हम दोनों क साथ तुम्हारा रिश्ता तो एक जैसा hi है न? आअह्ह्ह्ह कक्कक्स और फिर वो भी मेरी तरह कई सैलून से प्यासी हैं . क्या तुम उनकी प्यास नहीं बुझा सकते कक्कक्स उम्म्म्म उनकी छूट भी कब से प्यासी है . जीजा ने उन्हें हाथ भी नहीं लगते उफ्फ्फ्फ़ आह्ह्ह्ह आअह्ह्ह आअह्ह्ह उनके दूध मुझसे बड़े hi हैं कम नहीं ाःह आअह्ह्ह आअह्ह्ह्ह ककक आह्ह्ह्ह उनकी गांड भी ककक आआह्ह्ह्ह आह्हः आह्हः ऐसे hi तेज़ और तेज़ करो आठ आह्हः आआह्ह मायआ
रीता मौसी ने जब रजनी मौसी की छूट का नाम लिया तो पता नहीं क्यों मुझे एक झटका डा लगा और मैंने अपनी कमर उछलते हुए धक्के मरने शुरू कर दिए .
अमित : ये आप कैसी बातें कर रही हैं वो सब से बड़ी हैं और मैं उनकी बहुत इज़्ज़त लेता हूँ . मैं उनके बारे में ऐसा सोच भी नहीं सकता
रीता मौसी : ाःह आह्हः तू मत सोच ये तेरा मुसल तो दीदी का नाम सुनते hi खुश हो गया है सीसीसी आह्ह्ह्ह वो सब से बड़ी हैं उनकी गांड भी सबसे बड़ी है तुझे बहुत मज़ाआ ाःह आराम से
मौसी की बातों से मेरी गर्मी बढ़ती जा रही थी और जब उन्होंने रजनी मौसी की बड़ी गांड का ज़िकर किया तो न चाहते हुए भी मेरे ज़ेहन में मौसी की वो बड़ी गांड आ गयी हो हमेशा साड़ी में ढकी रहती थी . मैंने रीता मौसी को अपने ऊपर से बीएड पर पटकते हुए उनकी टाँगे उठा दी और तेज़ तेज़ धक्के मरने लगा .
रीता मौसी : आअह्ह्ह आअह्ह्ह आअह्ह्ह तुझे पसंद है न दीदी की बड़ी गांड आआह्ह ाःह आठ और तेज़ करो आअह्हह्ह्ह्ह आअह्ह्ह ऐसे hi ाःह आह्हः देख तेरा मुसल कितना जोश में आ गया है ये भी आअह्ह्ह आह्हः दीदी की छूट में जाना चाहता है. आअह्ह्ह आह्हः
रीता मौसी की बातों से मेरा जोश बढ़ता जा रहा था और मैंने ताबड़तोड़ धक्के पेलने शुरू कर दिए . मौसी लगातार तेज़ तेज़ सिसकियाँ लेती मुझे और उकसा रही थी .
रीता मौसी : दीदी की छूट भी प्यासी है आअह्हह्ह तू कहे तो मैं दीदी को तेरे नीचे ला सकती हूँ अअअअअ आआअह्ह आअह्ह्ह्ह वो भी तेरा मुसल ले कर मेरी तरह तृप्त हो जाएँगी आअह्ह्ह आह्हः उनकी भी ककक आह्हः उनकी भी प्यास बुझा दे आअह्ह्ह आह्ह्ह्ह माआआआ
मैंने जोश में रीता मौसी क पाऊँ उनके असर की तरफ दबाते हुए बीएड से लगा दिए जिससे उनके शरीर पूरी तरफ फोल्ड हो गया और खुद क पाऊँ उनकी गांड क पद करते हुए पाऊँ पर अपना वजन दाल कर उनकी छूट पर उछाल उछाल कर गहरे और ज़ोरदार धक्के छूट में मरने लगा . मौसी को दर्द हो रहा था पर उन्हें मज़ा भी आ रहा था. मौसी ज्यादा देर बर्दाश्त नहीं कर पायी और उनका शरीर अकड़ गया . मुझे अपने लैंड पर गरम पानी का शावर चलता महसूस हुआ पर मैंने नहीं रुका . पता नहीं मौसी की बातों से क्या असर हो गया था क मैं अपना सारा जोश रीता मौसी की छूट पर निकलने लगा .
रीता मौसी : आह्हः ाआईई छोड़ दे बीटा दर्द हो रही है आआअह्ह्ह आअह्ह्ह माआआ छोड़ दे मेरी टांगें दुःख रही हैं छोड़ डीईई
मौसी पता नहीं क्या क्या कह रही थी मगर मुझे तो कुछ सुनाई hi नहीं दे रहा था . फिर मौसी ने मेरे मुँह पर एक थप्पड़ मर दिया . मौसी का रो रो कर बुरा हल हो रहा था. मौसी की आँखों में आंसू देख कर मैंने खुद को रोका और मौसी की टांगों को छोड़ कर अलग हुआ. छूट से लैंड बहार निकला तो पूरा भीगा हुआ था. मौसी लम्बी लम्बी सांस ले कर अपनी हालत ठीक कर रही थी . मौसी अपना पेट पकड़ कर उलटी हो गयी . मेरा जोश कुछ ठंडा हुआ तो मैंने मौसी की पीठ पर किस करते हुए पूछा
अमित : आप ठीक तो हो मौसी ?
रीता मौसी : ककक क्या हो गया था तुम्हे ?? मेरी कोई बात hi नहीं दूँ रहे थे तुम . कितना कहा तुम्हे क रुक जाओ . छूट क साथ टाँगें और पेट भी दुखने लगा है. मौसी हूँ तुम्हारी कोई बाज़ारू रंडी नहीं
अमित : सॉरी मौसी पता नहीं मुझे क्या हो गया था . प्लीज मुझे माफ़ कर दीजिये .
मौसी की हालत देख कर और उनकी बातें सुन कर मेरा सारा जोश ठंडा हो गया और लैंड सोने लगा. मुझे लगा अब मौसी मुझे हाथ भी नहीं लगाने देगी जैसी मैंने उनकी हालत कर दी थी . मैं मौसी से अलग हुआ और बीएड से नीचे उतर गया. अपने कपडे उठाने लगा तो मौसी की नज़र मुझ पर पड़ी . तो उन्होंने जल्दी से उठ कर मेरा हाथ पकड़ लिया .
रीता मौसी : कहाँ जा रहे हो ?
अमित : सॉरी मौसी मैंने आपके साथ ठीक नहीं किया. आप आराम कीजिये मैं अपने कमरे में जा रहा हूँ .
रीता मौसी : क्या ठीक नहीं किया तुमने ? तुमने तो मेरी साडी प्यास बुझा दी . हाँ आज कुछ ज्यादा hi जोश दिखा दिया इस लिए मेरी छूट की हालत पतली हो गयी है . वैसे एक बात तो बता तू तो कह रहा था क तू दीदी क साथ ऐसा कुछ नहीं कर सकता फिर दीदी क नाम पर इतना जोश कैसे आ गया तेरे अंदर ? मुझे तो लगा तू मुझे hi दीदी समझ कर थोक रहा है . दीदी की गांड बहुत पसंद है न तुझे , चिंता मत कर जल्दी hi तेरा ये लैंड दीदी की गांड में होगा . देख कैसे फिर से खड़ा हो गया है दीदी का नाम लेते hi .
मैंने अपने लैंड की तरफ देखा तो सच में लैंड फिर से खड़ा हो गया था . मौसी ने झुक कर मेरे लैंड को एक बार मुँह में ले क चूसा और मेरे सामने कड़ी हो गयी .
रीता मौसी : चल अब अपनी मनपसंद जगह पर अपना नाम लिख ले
मौसी ने मेरा हाथ पकड़ कर अपनी गांड पर रखा और मेरे होंठो पर किश कर दी . उसके बाद वो बीएड पर चढ़ कर घोड़ी बन गयी और अपनी गांड बहार को उभरते हुए पीछे मुद कर कामुक ऐडा से मेरी तरफ देख कर बोली .
रीता मौसी : अब सोच क्या रहा है. आज अपनी मर्जी कर ले . मैंने तेरे लिए तैयार किया है इसे. ये ले क्रीम अचे से लगा लेना ताकि दिक्कत न हो .
मौसी ने बीएड क साइड में पड़ी क्रीम मुझे देते हुआ कहा . मैं तो मौसी की बात सुन कर hi खुश हो गया था क वो मुझे आज अपनी गांड देने वाली हैं. मैंने मौसी क हाथ से क्रीम ली और उनकी गांड पर लगाने लगा. मैंने जब गांड में अपनी उंगली घुसाई तो मुझे कुछ नरम लगी .
अमित : मौसी ये पहले से कुछ नरम लग रही है . क्या अपने मौसा जी क साथ यहाँ ......
रीता मौसी : नहीं यहाँ पर तो सिर्फ तेरा hi जायेगा तेरे मौसा से तो आगे कुछ नहीं होता पीछे क्या ख़ाक करेंगे . तेरे ये मुसल आसानी से तो जाने वाला नहीं बस इसी लिए कितने दिनों से इसे खुला करने क लिए कुछ न कुछ तरय कर रही थी क ज्यादा दर्द न हो जब ये खूंटा मेरे अंदर जाये . कक्ककक्कक्स ध्यान से करना बीटा तेरी मौसी हूँ फाड़ मत देना .
अमित : चिंता माता करो मौसी मैं ध्यान से hi करुंग . आप बस हौंसला रखना .
मैंने थोड़ी सी क्रीम अपने लैंड पर भी लगाई. मौसी बीएड पर घुटनो क बल कुटिया बानी हुई थी पर मुझे लगा ऐसे मौसी की गांड में अचे से लैंड जायेगा नहीं तो मैंने उनको बीएड क किनारे तक खिंच लिया और उनको अपने पाऊँ चूतड़ क साथ लगा कर घुटने पेट से लगाए पूरा बेंड होने को कहा . इससे उनकी गांड पूरी बहार को उभर आयी . मैंने ज़मीन पर खड़े हो कर घुटने बेंड किये और लैंड को गांड क पर से कर क मौसी की पीठ को दबाते हुए अपना लैंड गांड में घुसना शुरू कर दिया . क्रीम लगी होने से लैंड बिना रुकावट गांड में घुसने लगा. मौसी ने अपनी गांड पर काफी म्हणत की थी फिर भी मेरे लैंड क आगे उनकी गांड का सुराख़ काम hi था. इस लिए उनके मुँह से दर्द भरी सिसकी निकल hi गयी
रीता मौसी : आअह्हह्ह्ह्हह धीरे आराम से आआह्ह ककक दर्द हो रहा है रुक जा कक्कक्स आअह्ह्ह्ह
अभी सुपडे से 1 इंच और आगे तक hi लैंड गांड में घुसा था क रीता मौसी कराहने लगी और मुझे रुकने को कहने लगी . मगर मैं रुकने क मूड में नहीं था इस लिए मौसी को पूरी तरह दबाये हुए लगातार गांड में लैंड घुसते जा रहा था . मौसी मेरी पकड़ से छूटना चाहती थी मगर मैंने मजबूती से उन्हें दबाया हुआ था .
ऋतू मौसी : आआआअह्ह्ह्ह रुक जा आआआहहह माआ दर्द हो रहा है रुक जा मेरी फैट जाएगी रुका जाआआआहहहहह
अमित : बस हो गया मौसी अब दर्द माहि होगा अब तो पूरा चला भी गया बस हो गया शांत हो जाओ .
रीता मौसी : बहुत दर्द हो रही है आअह्ह्ह्हह माआ रुक जा न थोड़ी देर आआह्ह्ह्ह
मैंने मौसी को कह तो दिया था क सारा अंदर चला गया पर अभी भी दो ढाई इंच बहार hi था. मौसी क कहने पर मैं कुछ देर रुक गया और उनकी पीठ चूमने लगा. कुछ देर बाद मौसी ने अपनी गांड को थोड़ा ढीला छोड़ा तो मैंने लैंड को थोड़ा सा बहार खिंच कर फिर से अंदर लिया. लैंड गांड में ऐसे फसा हुआ था जैसे शिकंजे में फसा दिया हो. अंदर बहार करने में भी मुशक्कय करनी पद रही थी . थोड़ी देर मैं ऐसे hi थोड़ा थोड़ा कर क लैंड अंदर बहार करता रहा जिससे लैंड ने छूट को कुछ हद तक ढीला कर दिया था . जब लैंड आराम से अंदर बहार होने लगा तो मैंने सुपडे तक लैंड बहार खिंच कर अंदर करना शुरू कर दिया . मौसी भी अब नार्मल हो रही थी .
रीता मौसी : आअह्ह्ह आअह्ह्ह्ह कक्कक्स उम्म्म आह्हः ऐसे hi आराम से कर अब कुछ ठीक लग रहा है .
अमित : मौसी अब बस मज़ा लो और दर्द नहीं होगा अब . हहहहहह
मैंने अपनी स्पीड बढ़ानी शुरू कर दी. मौसी की गांड और पाऊँ बीएड से थोड़े बहार hi थे और उनकी लटकती हुई पायलें मेरे थक्कों क साथ आवाज़ कर रही थी . मुझे मौसी क बड़े बड़े गोर चूतड़ देख कर धक्के मरते हुए बड़ा मज़ा आ रहा था . मैंने मौसी क चूतड़ों पर ज़ोर से थप्पड़ मारा तो उनके चूतड़ पर मेरे हाथ की उंगलियां छाप गयी . चटाक
रीता मौसी : आआह्ह्ह्ह मार क्यों रह है ? एक तो पहले hi जान निकल रही है ऊपर से ऐसे कर रहा है
अमित : क्या करूँ मौसी आपके ये बड़े बड़े चूतड़ देख कर कण्ट्रोल नहीं हो रहा . आपके ये चूतड़ कितने बड़े और गोर गोर हैं .
रीता ‘मौसी : कैसे नाम ले रहा है कक्कक्क्स अगर मेरे तुझे ये इतने पसंद आ रहे है तो जब दीदी क ऊपर चढ़ेगा तो तुझे कितना मज़ा आएगा आअह्ह्ह्हह माआआ में gyiiiiiiiiii
रीता मौसी ने जब रजनी दीदी क बड़े चूतड़ फिर से मुझे याद करवाए तो मैंने ज़ोरदार धक्का मरते हुए पूरा लैंड जड़ तक गांड में घुसा दिया . मौसी ज़ोर से कराह उठी और मेरी पकड़ से निकलने की कोशिश की पर वो निकल नहीं पायी. मैं भी रुका नहीं और लगातार धक्के मरने शुरू कर दिए. पता नहीं क्यों रजनी मौसी का नाम सुनते hi मेरे अंदर करंट सा लग जाता था. मुझे खुद समझ नहीं आ रहा था क ये क्या हो रहा है . मैंने रीता मौसी क कन्धों पर दोनों हाथ रखते हुए ताबड़तोड़ धक्के मरने शुरू कर दिए .
रीता मौसी : आअह्ह्ह्ह आआह्ह्ह्ह रुक जा आआह्ह आह्हः रुक जाआआ आआह्ह्ह मेरी फट जाएगी रुक जाआआ
मौसी मुझे रुकने को कह रही थी पर एक तो मैं पहले hi उनकी गांड मरने से मस्त हुआ पड़ा था दूसरा उन्होंने रजनी मौसी का ज़िकर कर क जैसे जलती में तेल दाल दिया था . मैं मौसी क कंधे पकडे बुलेट ट्रैन की रफ़्तार से धक्के पेलने लगा मौसी ने बीएड पर हाथ रखे खुद को ऊपर उठाने की कोशिस की पर मैं उनके कंधे थामे अपना काम करता गया . मौसी करहटी रही पर मुझे कोई परवाह नहीं थी . मौसी क्या कह रही थी मैं कुछ नहीं सुन रहा था . मैं तब तक धक्के पेलता रहा जब तक क मेरा काम नहीं हो गया . J.B मेरा पानी निकलने को हुआ तो मैंने मौसी क कंधे ज़ोर से पकड़ कर उन्हें अपनी तरफ खींचते हुए पूरा लैंड मौसी की गांड में घुसा कर अपना पानी निकलना शुरू कर दिया . जब तक मेरा पानी निकलता रहा मैंने मौसी क कंधे पकडे उन्हें ऐसे hi ऊपर उठाये रखा और फिर एक डैम से ढीला hi कर उनके होर बीएड पर आगे को गिर गया. मौसी बीएड पर उलटी पड़ी थी और मैं ु के ऊपर . मौसी कराह रही थी पर मैं तो बेहोश सा उनके ऊपर पड़ा था. इतना मज़ा तो कभी नहीं मिला था मौसी क साथ जितना आज आया था . पता नहीं कितनी देर मैं मौसी क ऊपर ऐसे hi पड़ा रहा. फिर जब थोड़ा होश आया तो मुझे मौसी का ख्याल आया . मेरा लैंड अभी भी मौसी की गांड में hi था जो ढीला हो रहा था. मैं मौसी क ऊपर से उठा और जैसे hi मौसी की गांड को देखा तो उसका मुद खुल चूका था. पहले जहाँ बंद सुराख़ था अब वहां 2 रूपए क सिक्के क जितना बड़ा सुराख़ हो चूका था . जहाँ पर मेरे सफ़ेद वीर्य की कुछ बूंदे लगी हुई थी. मौसी क चूतड़ मेरे थप्पड़ों से लाल हो चुके थे और गांड क सुराख़ का आसपास भी लालजी बता रही थी क यहाँ अब सूजन आने वाली है . मौसी आंख बंद किये पड़ी हुई थी . मैंने मौसी को हिलाया
अमित : मौसी आप ठीक तो हैं ?
रीता मौसी ने मेरी बात सुन कर मेरी तरफ मुँह किया और मुँह बनाते हुए बोली
रीता मौसी : ऐसा करता है भला कोई? मैंने कहा भी ता आराम से करना. देखो क्या हालत करदी है मेरी .
अमित : सॉरी मौसी पता नहीं मुझे क्या हो रहा था .
रीता मौसी : मुझे पता है तुझे क्या हो रहा था. दीदी का नाम सुन कर तेरा ये घोडा बेलगाम हो रहा था. ये अब दीदी क ऊपर भी चढ़ना चाहता है. चिंता मत कर जल्द hi इसकी ये ीचा पूरी हो जाएगी . दीदी का भी ख्याल तो तुझे hi रखना पड़ेगा न. जब तू दीपिका कामिनी और मुझे प्यार कर सकता है तो दीदी को भी तो कर सकता है न. बेचारी बड़ी तरसी हुई हैं वो भी मेरी तरह . उनका भी कल्याण तुझे hi करना है.
अमित : ये आप क्या कह रही हैं मौसी?
रीता मौसी : वो hi कह रही हूँ जो सच है . दीदी क नाम सुनते hi कैसे ये घोडा बेलगाम हो गया था. दीदी क नाम पर सारा ज़ोर मेरे ऊपर दिखा दिया. वैसे सच कहूं तो दीदी को तुम्हारी ज़रूरत है. जीजा जी से कुछ होता नहीं और वो किसी से कह नहीं सकती. मुझसे वो अपनी बात करती रहती है इस लिए मैंने तुमसे कहा. बाकि जैसी तुम्हारी मर्ज़ी . अगर तुम अपनी बड़ी मौसी को ख़ुशी नहीं देना चाहते तो मैं क्या कर सकती हूँ .
मैंने रीता मौसी की इस बात का कोई जवाब नहीं दिया. जवाब देता भी तो क्या ? अगर कुछ पूछता तो वो यही सोचती क मैं रजनी मौसी क साथ वो सब करना चाहता हूँ. इस लिए मैंने इस बात पर कुछ नहीं कहा.
रीता मौसी : ाचा वो सब छोड़ मुझसे ज़रा ड्रावर में से पैन किलर निकल कर दे दे. पता नहीं सुबह उठा भी जायेगा या नहीं . दीदी का नाम लेकर तो गलती कर दी मैंने .
मैंने मौसी को पानी क साथ पैन किलर दी और उनको निघ्त्य पहना कर खुद अपने कपडे पहन कर मौसी को किश करने क बाद अपने कमरे में आ गया . डेढ़ बज चूका था और मैं बिस्टेर पर लेट ते hi सो गया .
उधर रीमा शीना और रीना एक साथ एक hi कमरे में लेती हुई थी अपनी बुआ क घर. जबकि रुपाली अपनी ननद क साथ उसके कमरे में थी .
रीना : शीना तू ऋतू बुआ से कहाँ मिली थी ?
शीना : दीदी बताया तो था क कॉलेज में मिली थी .
रीना : तू कुछ छुपा रही है. सच सच बता कहीं ये वो hi तो नहीं जिसने अमित को टार्चर किया था. अमित ने जिस तरह से रियेक्ट किया था उससे मुझे पूरा यकीन है क ये वो hi होगी. और मंजू बुआ की वजह से उसने कुछ नहीं कहा.
शीना ने रीना की बात का कोई जवाब नहीं दिया. तो रीमा भी उठ कर बैठ गयी .
रीमा : दीदी आप बता क्यों नहीं रही? वैसे मुझे भी यही लगता है. वर्ण वो किसी से ऐसे बेहवे नहीं करता. अगर ये बात मंजू बुआ को पता लगी तो वो कैसे रियेक्ट करेंगी ?
शीना : बुआ भी अमित को बहुत मानती है . और ऋतू बुआ तो उनकी पुराणी बेस्ट फ्रेंड है. ऐसे में मैं उनके सामने ये बात करती तो उनको दुःख होता. बुआ को ये बात पता नहीं चलनी चाहिए. अमित तो खुद बताएगा नहीं. पर अगर मंजू बुआ को पता चला तो वो ज़रूर नाराज़ होंगी ऋतू बुआ से. सच कहूं तो मुझे लगता है ऋतू बुआ भी शर्मिंदा हैं अपनी उस हरकत क लिए. और वो अमित से माफ़ी भी मांगना चाहती हैं पर अमित शायद अभी माफ़ नहीं करेगा.
रीना : करना भी नहीं चाहिए , ये क्या बात हुई बिना सच जाने किसी को भी ऐसे बुरी तरह मारा जाना चाहिए क्या? देखा नहीं था क्या हालत हो गयी थी अमित की. ये तो अमित था जो झेल गया उसकी जगह कोई और होता तो हॉस्पिटल में दाखिल करना पड़ता . मुझे तो गुस्सा आ रहा है ऋतू बुआ पर उन्हें कुछ कह भी नहीं सकती. अभी तक अमित की पीठ से वो निशान गए नहीं. सब क साथ वो ाचा hi करता है फिर भी पता नहीं क्यों उसके साथ बुरा हो जाता है .
शीना : शायद भगवन ने उसे दूसरों क दुःख दर्द अपने सर लेने क लिए hi बनाया है . मैं तो भगवन क आगे हाथ जोड़ती हूँ क कभी मैं उसके किसी काम आ सकूँ या उसके लिए कुछ कर सकूँ .
रीना : सच कह रही हो शीना . वो सब से अलग है .
शीना और रीना दोनों hi अपने अपने मन में अमित को लेकर अपनी यादें ताज़ा कर रही थी और दिल में सपने सजा रही थी जबकि रीमा तो अमित क साथ बिताये प्यार भरे पलों को यद् कर रही थी.
सुबह मेरी आंख अपने होंठों पर गीले एहसास क साथ खुली . बंद आँखों से भी मैं अपनी छाती पर नरम मॉस क गोलों क एहसास से समझ गया क ये करुणा दीदी hi होंगी. और नींद में hi उनके होंठ चूमते हुए मैंने उनकी गांड पर हाथ रख कर उनके चूतड़ मसलने शुरू कर दिए . कुछ देर किश करने क बाद करुणा दीदी ने किश तोडा तो मैंने ऑंखें खोली .
करुणा दीदी : गुस्स दिखते हुए ) बहुत ख़राब हो तुम. कल कहाँ रह गए थे ? क्या क्या नहीं सोचा था मैंने और तुमने कल की रत भी ख़राब कर दी.
अमित : अब इसमें मेरा क्या कसूर है . मैं जब आया आप hi सोई पड़ी थी .
करुणा दीदी : पता नहीं ये आजकल नींद कैसे आ जाती है अपने आप . अगर मैं सो गयी थी तो तुम नहीं जगा सकते थे ? मेरा कितना मन था.
अमित : तो अभी कर लेते हैं. अभी तो कॉलेज जाने में टाइम है न .
करुणा दीदी : उठो जल्दी से , बड़े आये अभी कर लेते हैं. माँ ने कहा है क राजकुमार जिनको उठा कर लाओ कॉलेज भी जाना है . वैसे सच कहूं तो मेरा दिल तो यही कर रहा है क आज कॉलेज जाने की बजाये हम दोनों कहीं बहार चलें और वहां डॉन दिन का हिसाब बराबर कर लें.
मैंने करुणा दीदी को बहिन में भर लिया और उनके होंठ अपने होंठो में जकड लिए . एक ज़ोरदार किश करने क बाद मैंने दीदी को छोड़ा .
अमित : आज रत पक्का , चाहे कुछ भी हो जाये. आज आप रत को तैयार रहना. आज आपकी साडी गर्मी निकल दूंगा. बस आप ज्यादा चिल्लाना मत .
इतना कह कर मैंने दीदी क चुके पकड़ कर मसल दिए .
करुणा दीदी : नहीं चिल्लाती , पर आज मुझे पूरा लेना है पहले hi कह देती हूँ .
इतना कह कर दीदी ने भी मुझे किश लिया और जल्दी से कमरे से बहार भाग गयी. मैं भी उठा और बाथरूम में जा कर नाहा कर तैयार हो गया. जब नीचे आया तो नेहा दीदी किचन में नाश्ता बना रहा थी .
अमित : गुड मॉर्निंग दीदी , आप किचन में ? मौसी कहाँ हैं ?
नेहा दीदी : गुड मॉर्निंग, माँ की तबियत थोड़ी ठीक नहीं थी तो मैंने hi उन्हें रेस्ट करने को कहा है . तू बैठ मैं अभी नाश्ता देती हूँ तुझे
अमित : मैं पहले मौसी से मिल कर अत हूँ .
मुझे मौसी की चिंता हो रही थी कहीं रत की ठुकाई से ज्यादा hi तो तकलीफ नहीं हो गयी उन्हें. मैं यानि सोचता हुआ उनके कमरे में आया तो वो अभी भी निघ्त्य में बीएड पर करवट क बल लेती हुई थी. मैं दरवाज़ा बंद कर क उनके पास आ कर बैठ गया .
अमित : मौसी ??
रीता मौसी : हम्म्म उठ गया तू ? नेहा नाश्ता बना रही है जा नाश्ता कर ले.
अमित : मौसी आप की ये हालत मेरी वजह से हुई है न . मुझे माफ़ कर दीजिये .
रीता मौसी : हस्ते हुए ) तू भी पूरा बुद्धू राम है . कुछ नहीं हुआ है मुझे . पहली बार में तो आगे लेने पर भी बुखार आ जाता है और मैंने तो पीछे लिया है वो भी इतना बड़ा मुसल. असर तो होना hi था. रेस्ट करुँगी तो सब ठीक हो जायेगा. हाँ आज रत मैं कुछ नहीं करने दूंगी हाँ .
रीता मौसी ने खुद hi मुझे अपने ऊपर झुकाते हुए मेरे होंठों पर अपने होंठ रख दिए . मैंने भी उनके चुके थम लिए और उन्हें मसलते हुए किश करने लगा .
रीता मौसी : उम्मम्माह चल अब नाश्ता करले जा के फिर तुझे कॉलेज भी जाना है .
अमित : पहले मुझे देखना है क आपकी हालत कैसी है .
इतना कह कर मैंने मौसी को बीएड पर पेट क बल
कर दिया और उनकी निघ्त्य उनकी कमर तक ऊपर उठा दी. मौसी ने नीचे पेंटी नहीं पहनी थी जिससे उनके गोर चूतड़ नंगे मेरे सामने आ गए . मैंने दोनों चूतड़ों को फैला कर देखा तो गांड क सुराख़ क आसपास सूजन आ चुकी थी. मेरे इस तरह से चूतड़ फ़ैलाने से मौसी को दर्द होने लगा .
रीता मौसी : कक्कक्स. क्या करता है कोई आ जायेगा कमरे में .
अमित : दरवाज़ा बंद है आप चिंता मत करो. आप क पास कोई क्रीम है यहाँ लगाने क लिए ?
मैंने मौसी से पूछ कर क्रीम उनकी गांड में लगा दी और उनके गोर चूतड़ों को एक बार किश करने क बार उनकी निघ्त्य नीचे कर दी . फिर मैं उन्हें किश करने क बाद बहार आ गया और नेहा दीदी क हाथों क परांठे खाये. करुणा दीदी भी आ गयी थी और मेरे साथ hi नाश्ता करने लगी. उधर से कल्पना भी दीदी को लेने आ गयी .
कल्पना : अरे वह दीदी आज आप नाश्ता बना रही हैं . फिर तो एक और बना hi लीजिये मैं अमित तो अमित क हिस्सा क ले रही हूँ .
इतना कह कर कल्पना ने मेरे साथ बैठते hi मेरी प्लेट से परांठे उठा कर खाना शुरू कर दिया.
कल्पना : और कैसी हो दीदी आप ? समझाओ अपने इस भाई को रोज़ गायब रहता है कॉलेज से. किसी दिन इसकी गुमशुदगी क पोस्टर लग जायेंगे बता देती हूँ.
करुणा दीदी क्यों क्या हुआ ?
कल्पना : क्या हुआ ? ये क्लास में अत hi कहाँ है . ऊपर से हमारा भी दिल नहीं लगता . ये नहीं होता तो कैंटीन में भी बोरिंग hi लगता हुआ सब. आज तो आ रहे हो न कॉलेज
‘ मुझे तो लगता है तेरा hi दिल नहीं लगता इसके बगैर. वर्ण हम सब भी तो होते hi हैं ‘ नेहा दीदी ने मेरी प्लेट में एक और परांठा रखते हुए कहा
करुणा दीदी : मुझे भी यही लगता है दीदी. इसी लिए हर वक़्त ये अमित को लेकर hi कोई न कोई बात करती रहती है.
कल्पना : क्या दीदी आप भी मज़े लेने लगी .
करुणा दीदी : मेरी जान तुम क्या अकेले hi मज़े लेना चाहती हो इसके हाँ?
कल्पना तो करुणा दीदी की बात में hi फास गयी थी . वो कुछ और कहती उससे पहले hi बहार से रीमा और शीना हाथ में शोप्पेर्स पकडे हुए अंदर आ गयी.
शीना : गुड मॉर्निंग एवरीवन , तो नाश्ता हो रहा है. अरे दीदी आप नाश्ता बना रही हैं ? आंटी कहाँ हैं ?
नेहा दीदी : माँ की तबियत आज ठीक नहीं थी तो नाश्ता मैं बना रही हूँ.
रीमा : चिंता से ) क्या हुआ मौसी को?
नेहा दीदी : कुछ नहीं बस कमर में थोड़ा दर्द है तो आराम कर रही हैं.
कल्पना: वैसे कोई ये बताएगा क ये इतनी शॉपिंग किस ख़ुशी में की गयी है?
शीना : ये सब अमित का है .
कल्पना : अमित का ? मतलब ?
शीना : वो कल शाम बुआ और चची क साथ मैं रीमा और रीना दीदी गयी थी इसे साथ लेकर . सब ने अपनी अपनी पसंद क कपडे ले कर दिए इसे . कितने दिनों से कह रही थी पर ये तो बनाने पर बहाने बना रहा था कल आज्ञा काबू और हो गयी शॉपिंग.
कल्पना : मुझे बता देती तो मैं भी आ जाती. मेरी तो आज तक इसने कोई बात नहीं मणि.
करुणा दीदी : अरे यार तुम नाराज़ क्यों होती हो. मुझ ले चलो शॉपिंग पर मैं फ्री हूँ.
कल्पना : आप तो जब कहोगी ले जाउंगी मैं तो इसकी बात कर रही हूँ मर. विप . हर बार बहाना तैयार होता है इसका.
अमित : ाचा इस हफ्ते में पक्का चलेंगे प्रॉमिस. अब तो खुश ?
कल्पना: देखलो दीदी सबके सामने इसने प्रॉमिस किया है . अब अगर इसने प्रॉमिस तोडा तो
करुणा दीदी : तो मिलकर इसकी पिटाई करेंगे.
नेहा दीदी : ख़बरदार किसी ने मेरे भाई को हाथ भी लगाया तो.
कल्पना : तो कह दीजिये अपने भाई से क प्रॉमिस नहीं टूटना चाहिए वर्ण इसकी टाँगें टूटेंगी .
नेहा दीदी : तुम सब बातों में लगी हो टाइम देखो हम लोग लेट हो रहे हैं चलो जल्दी से.
करुणा दीदी : दीदी पहले देख तो ले क्या क्या शॉपिंग की है कल इसने.
नेहा दीदी : ये सब कहीं भगा नहीं जा रहा है . आ कर देख लेना.
नेहा दीदी ने सरे शोप्पेर्स उठा कर अपने कमरे में रख दिए . करुणा दीदी स्कूटी पर नैना दीदी की तरफ चली गयी. नेहा दीदी को कल्पना अपने साथ ले गयी . मुझे भी वो कह रही थी साथ चलने को पर मैंने कह दिया क मुझे जाना है कहीं. खैर शीना और रीमा एक कार में कल्पना और नेहा दीदी एक कार में चली गयी. मैंने चरों को कॉलेज जाने को कह दिया और खुद राधा को लेने उसके घर की तरफ चल दिया .