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- Dec 5, 2013
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अपडेट 105...
पास्ट रिवेंज ...
लास्ट hit....Death......
राज ....फ़ोन की स्क्रीन को देख कर ....तू तोह बड़ी हो गयी h....itne साल हम दूर रह लिए न किसने सोचा था ऐसे हम अलग rahenge.....bachpan की हमारे सपने हमरी कस्मै सब टूट गए ....सिर्फ मेरी वजह से तुजे मुझसे दूर भेज दिया गया....
तभी उसके फ़ोन पे रिंग आणि सुरु हो गयी....
Raj—ha श्वेता....
श्वेता नहीं मैं हु madhu.....hum थोड़ी दिएर मई निकल जायेंगे ok सिक्योरिटी साथ होगी ....सो डोंट वोर्री ....
Raj—ok मम चुहिया का धयान रखना बहुत शरारती ह वो ...
Madhu—dont वोर्री तक.. ....
राज ने फ़ोन कॉल कट किया हे था की फिर एक कॉल आगया.....
Raj—Charan स्पर्श दादाजी...
दादाजी--- खुस रहो निर्वाण कैसे हो आप ...
Raj—main तीख हु दादाजी...
दादाजी --- बीटा राज ...निराश नहीं होना जिसप्रकार आग लगाने के एक चिंगारी हे बहुत होती उसी प्रकार सिर्फ एक जानकारी मिलते हे सब कड़िया जुड़ती jayengi.....acha हमे कुछ ...पता लगा की शैतान के पीछे किसका हाथ h....tum अपना धयान रखना....
Raj—ha दादाजी मैं रखूँगा ाचा दादाजी कविता ममता कब आरही ह....
दादाजी--- बहुत जल आएंगी उनके पेपर ह फिर वो आपके पास हे रहेंगी मिलते rahna....ab हम फ़ोन रखते ह कल सुभे दिल्ली भी जाना ह ....
कॉल कट...
राज— एक कॉल लगता ह और बात करके निकल जाता ह ....
तोह इधर ....
जहान्वी – हे भगवन ये लड़किया कितना मेक उप करती ह ...अरे इतना कोई मेक उप करता ह.....
दिव्या----- चुप बहुत बोलती ह....
Jhanvi—mom मेक उप के कारन मुझे दर लग रहा h....muje नहीं जाना मूवी...
Manisha—chalo भी आलरेडी 8.30 हो गए ह आदित्य निचे कब से वेट कर रहा h....aur शिवानी दी आप भी इतना मेक उप...
Madhu—karne दो पुलिस की नौकरी से फुर्सत मिले तोह करे न आज मौका ह करने दो तुम भी करलो ...कोई पसंद हे karle....kab तक क्रिमिनल के पीछे भगति रहिगी
शिवानी--- मौका हे नहीं मिलता ह आज मिला ह तोह क्यों छोड़ू ....तू बी करले मनीषा कोई पसंद हे करले तुजे भी..
Rinky—ye मनीषा पापा की पारी ह ....जंहा पापा कहेंगे वंही ये करेगी इसे नहीं करनी कोई लव मर्रिज ..
शिवानी--- गुड गर्ल हमेसा पापा की बात मन karo.....ab चलो भी यार बहुत टाइम हो gaya.....waise बी अँधेरा होगा कौन देखेगा ....
Madhu—are जलने के लिए तोह एंट्री और गिराने के लिए इंटरवल हे काफी ह...
और सभी हंस पड़े......
टाइम 8.55पं
जहान्वी --- श्वेता डीई आप की वजह से लेट हुवे ह ....सरे दिन भर मिरर के सामने बैठी रहती हो...
श्वेता--- चुप कर छोटी चुहिया जब देखो तने मरती rahti...ab लेट नहीं हो रही ह जल्दी चलो सब...
अरे टिकट नंबर ह न पहुंच jayenge.....adiya बोलै...
सब मिडिल मई आके बैठ गए .....
रिंकी थैंक गॉड हम राइट टाइम पहुंच गए ...
टाइम 9.45 मिनट्स....
सिनेमा हॉल के बहार ...
7,8 स्कार्पियो आके रुकी और उसमे से पहलवान जैसे मुस्टंडे 6 फिट के अस्स पास के उतरे...
Anthony---charo तरफ से कवर करलो कोई एंट्रेंस खली नहीं रहनी चाहिए मेरे भाई का बदला होगा निर्वाण न मिला तोह क्या तू तोह मरेगा और मरेंगे तेरे साथ तेरे चाहने वाले और वो रंडी जिसकी वजह से ये हुवा ह उसे जगत रांड बनाऊंगा .......
सिनेमा हॉल के 2 no एंट्रेंस और एग्जिट दूर कवर जरलिये गुंडों ne...cinema हॉल के अंदर इनर दूर पर भी गुंडे खड़े थे आउटर दूर को बहार से हे लॉक कर दिया गया था जिसपर अन्थोनी के आदमी थे टिकट्स हाफ बिकी हुवी थी 2 वीक हो गए थे आलरेडी मूवी लगे huve....is लिए अंदर जायदा भीड़ नहीं थी...
करीब हाफ ऑवर सब शांत रहा जैसा किसी का इंतज़ार हो...
अन्थोनी--- के फ़ोन पे मैसेज आया ....दोने.....
दरवाजे खुले और हर तरफ से आदमी अंदर आगये सिनेमा हॉल का सन हे चेंज हो गया आगे मूवी चल रही थी तोह एक के बाद एक शैतान जैसे दिखने वाले गुंडे चलते हुवे अंदर आरहे थे...
30 मिनट पहले .....
राज जो डब्बे पे टिया पि हे रहा था की एक जीप पास आके रुकी और उसमे से 6 लोग उतरे छोटू चाय बना दे जल्दी मूवी देखने जाना .....
उनमे से एक चूतिये तुजे कौनसी मूवी देखनी ह ...
पहला बनानी तोह ह है है ha...aur बनेगी तोह देखु भी लूंगा ........
राज ने उनकी बात सुनी और एक बार कुछ सोचा फिर नज़र अंदाज कर दिया की सेल मज़ाक कर रहे ह ौरा h....aur चल दिया अपनी बाइक से जंहा अज्जू अभय षुरूति उसका वेट कर रहे थे ... नेक्स्ट टारगेट के लिए...
सिनेमा हॉल....
इतने सरे अजीब से लोगो को अत देख
शिवानी तुरंत कड़ी हो गयी ....उसको स्केरी और डेंजरस वाइब्स महसूस हो रही थी आरहे लोगो से
शिवानी को खड़ा होता देख रिंकी मनीषा बी अलर्ट हो गयी उन्होंने पहले बी ऐसी खतरनाक सिचुएशन देखि thi....unka दिल अंदर से कंपनी लगा....
सामने से और पीछे से एते हुवे आदमी की सकल जैसे जैसे हलकी हलकी दिखती गयी ...सबकी हालत और ख़राब हो गयी h....kisi को कुछ समाज नहीं आया की क्या करे ...सब चारो तरफ से आरहे हैवानो को देखने लगे .....
सबसे पहला रिएक्शन दिया आदित्य ने उसकी आंख शिवानी से मिली और वो सीट से निकल हमला करता..
तभी उसके सर पर डंडा मार दिया वो साइड आगे जा के गिरा और सर पकड़कर तड़फड़ाता हुवा बेहोश हो गया...
अन्थोनी चलता हुवा सबके और करीब आगया अब उसका खूंखार चेहरा और उस पर आरहे उसके इरादे साफ़ दिखने लगे जो डरने के लिए काफी थे
अन्थोनी के आदमीओ ने चारो तरफ से मधु, Shewata,rinki,Manisha,shivani को घेर लिया वंही रिंकी ने चुपके से हलके अँधेरे का फायदा उठाकर फ़ोन निकला लिया और डायल के लिए टच किया हे था की स्क्रीन लाइट दिख गयी फ़ोन की और अन्थोनी ने एक झनातेदार थपड जड़ दिया उसको और उसका फ़ोन चीन क्र पटक diya...aur गुसाई से तरेड़ते हुवे बोलै फ़ोन ले लो सबका...
अन्थोनी की बात मानते हुए मधु ,Shewata,Manisha,shivani के फ़ोन चीन लिए....
वही अन्थोनी आगे बढ़ते हुए मधु के पास जाते हुए बोलै
अन्थोनी- मधु के होतो को चुकार तू तो बोहोत रसीली माल है ह तुजे तो बाद में देखता हु
मधु उसकी बात सुन पूरी तरह अंदर से काँप उठी उसके साथ ऐसा कभी नहीं हुआ था ...
वही अन्थोनी शेवटा की तरफ बढ़ा और उससे ऊपर से निचे देखते हुए बोलै
अन्थोनी- तुघे मरने का मन नहीं क्र रहा ह लेकिन मरना तो है आखिर उस पिले को भी तो दर्द का अहसास हो और इसलिए तेरी मौत जितनी दर्दनाक होगी उतना हे वो तड़पेगा . जितना वो तड़पेगा उतना सुकून मुझे मिलेगा....
श्वेता उसकी बात सुन मुस्कराने लगी और बोली...
शेवटा- खवाब देखना अछि बात ह और तुजे क्या लगता है तू बचेगा मुझे मार्के है है है फिर गुसाई से उसकी आँखों मई देख कर नहीं बिलकुल नहीं तू कुत्तो से भी बुरी मौत मरेगा ...जितना भोंक सकता ह भोंक ले...
अन्थोनी उसकी बात आग बबूला होगया और उसका हाथ उठा hi था शेवटा को मरने के लिए की उसको एक किक पड़ी और वो पीछे को hogaya,kick तगड़ी पड़ी थी उसको लेकिन वो ठहरा जानवर झेल गया और जब उसने अपने सामने मनीषा को खड़ा पाया तो उससे गुस्सा आगया....
मनीषा- सोचना भी मत किसीको चोट भी पहोचने के बारे में और जब तक मई हु तब तक तो बिलकुल नहीं
अन्थोनी अपने आदमीओ की तरफ देखते हुए बोलै
अन्थोनी- सकल क्या देख रहे हो बे कुतर दो पंख साली के बहुत उड़ रही ह ...इसे नंगी हे रखना ताकि इसे इसकी जगह पता लगे
2-3 बन्दे आगे बढे मनीषा की तरफ तभी मनीषा ने जम्प मरते हुए एक किक दी पहले वाले के थोबड़े पे और जल्दी से झुकते hi उसनने डॉज किया चाकू को जो दूसरे बन्दे ने चलाया था और निचे hi निचे उसने उसके पेट में एक पंच जड़ दिया राज ने मनीषा को कुछ टेक्निक्स सिखाई थी जो वो बखूबी इस्तेमाल कर रही थी...
और वही शिवानी ने भी जल्द hi रियेक्ट किया अभी तक वो सिचुएशन को अचे से समझने की और बच के निकलने का रास्ता ढूंढ रही थी . उसने अपने शूज में छिपे हुए पिस्तौल को निकलते hi मनीषा के पीछे से आरहे दोनों बन्दे को गोली मार दी और अन्थोनी की तरफ गन पॉइंट करते हुए उससे बोली
शिवानी- back....heyy बैक डाउन जल्दी वर्ण ी विल शूट यू जल्दी पीछे हटो और अपने आदमियों से कहो दूर रहे वर्ण हमारे साथ तुम भी मरोगे samjhe.....hum नहीं तोह तुम बी नहीं...
शिवानी किसी तरह बस सबको सेफ रखना चाहती थी ...
शिवानी की इस हरकत की उम्मीद किसी को नहीं थी तभी अन्थोनी ने अपने एक आदमी की तरफ देखा...
Dhanye...dhanye.....
“ारघ्ठ”
2 गन शॉट्स की आवाज़ आयी और शिवानी की दर्द भरी चीख निकल गयी
शिवानी दी......
शिवानी मम....
शिवानी.....
....
सबकी चीख एक साथ hi गूंज उठी और तभी Shewata,Rinki,Manisha,aur मधु भागते हुए शिवानी के पास गयी और उसके सर को गोड़ में मधु ने लेते हुए उसके कंधे पर जहा गोली लगी थी वह पर अपने साडी के पल्लू से खून बहने से रोकने के लिए कपडे से दबा दिया और दूसरी गोली जो पेट मई लगी thi...us पर श्वेता ने अपनी लोग स्कर्ट को थोड़ा फाड़ कर रख दिया ..
तभी जहान्वी जिसको शेवटा और रिंकी ने समय रहते hi अपने पीछे वाले रौ के निचे छुपा दिया था वो रट हुए भाग क्र शेवटा के पास आयी
तभी अन्थोनी हस्ते हुए बोलै
अन्थोनी- भोसड़ीवाले मेरी सकल क्या देख रहे हो सबको घसीटे हुए बहार ले चलो आज इनकी मौत का तमाशा होगा....
एक गुंडा अन्थोनी की बात सुन बोलै
गुंडा- पर भाई बहार पुलिस की प्रॉब्लम हो सकतक है
अन्थोनी- कुछ प्रॉब्लम नहीं होगा ैप से बात कर्ली है पशुपति ne,ab जल्दी इन्हे घसीटे हुए बहार ले चल साला सब बिकाऊ h....is दुनिया मई...
ये कहते hi अन्थोनी आगे बढ़ा hi था की मनीषा बिच में आगयी और आते hi एक पंच जड़ दिया उसपर
अन्थोनी को इसकी उम्मीद नहीं थी वो गुस्से में एक पंच मरने को हुआ मनीषा को की मनीषा निचे झुकते हुए उसके जबड़े पे एक पंच जड़ दिया
इस पंच से अन्थोनी जहा पीछे को होगया था वही अब उससे बोहोत गुस्सा ारः था आखिर उसी के आदमीओ के सामने और इतने लोगो के सामने कोई लड़की उससे ऐसे पिट रही थी उसकी मर्दनगी पर बात आगयी..
अन्थोनी गुस्से में – बोहोत हुआ तेरा खेल रंडी बहुत उछाल कूद कर्ली
कहते हुए अन्थोनी आगे गुस्से में बढ़ा और मनीषा अभी पंच मार पति उससे पहली hi अन्थोनी ने डॉज करते हुए उसके पेट में जोरदार पंच जड़ दिया और वो पीछे गिरती उसे पहले उसके टॉप को पकड़लिया और एक मुका और पेट मई मार दिया उसका टॉप फैट गया और वो पीछे जेक गिरी ...
पंच इतना जोरदार था की मनीषा के मुँह से खून बहने लगे लेकिन फिर भी वो कड़ी हुवी दर्द बर्दास्त करते हुवे एक किक मरना चाही अन्थोनी को लेकिन अन्थोनी ने बिच में hi उसके पेअर पकड़ते हुवे हे एक के बाद एक पंच जड़ दिए
धम्मं..
धम्मं...
धम्मं...
जिसके लगते hi मनीषा बेसुध सी होगयी उसके मुँह से खून बहते hi जा रहे the,uski ऐसी हालत देख शेवटा आगे को आयी उसके पास जल्दी से लेकिन बिच में hi अन्थोनी ने उससे बालो से बिछते हुए पकड़ लिया और बोलै
अन्थोनी- ये तो मारेगी कन्फर्म ह साली अपने आप को फाइटर समजह रही थी ...औरते सिर्फ मर्द का बिस्टेर गरम करने के लिए होती और जब दूसरा काम करती ह तोह ऐसे हे मरती ह....
ये बोलते hi उसने एक पेअर अपना मनीषा के हाथ पर रखते हुए उससे दबाने लगा
ारघः...
ारघ्ठ...
जिस से मनीषा तड़पने लगी बेइंतिहा हो रहे दर्द से
सबकी आँखों में आंसू थे और शेवटा अपने आप को बोहोत बेबस महसूस क्र रही थी
थिएटर में जितने भी आम लोग थे जो दर और खौफ में थे उन्हें अन्थोनी के और पशुपति के आदमीओ ने रोक रखा था वो दर से सामने हो रहे दृश्य को बेबसी से देखते रहे ..
अन्थोनी --ओह सबसे पहले कौन ....ये कह कर अन्थोनी एक सीट पर बैठ गया ....
श्वेता--- इन सबको जाने दो तुम्हारी दुश्मनी मुझसे ह .....इन जाने दो..
Anthony---chup कर कुटिया ..तू तोह ये बता ...सिर्फ... पहले koun....sabki तरफ इशारा कर के ये ये या मधु की तरफ ये ...तीख ह इसे लू या फिर सबसे पहले ये ....मनीषा की तरफ इशारा करके ... ये रंडी हे तीख ह...
एक आदमी को इशारा किया ..वो आदमी मनीषा की तरफ भाड़ गया....
श्वेता--- प्लीज नहीं इन्हे जाने दो ......इन्होने तुम्हारा कुछ नहीं बिगाड़ा ह प्लीज प्लीज प्लीज ...
पर उस आदमी ने गन निकली और फायर के लिए तैयार हो गया ......और अन्थोनी की तरफ देखने लगा..
Anthony...maar दो अभी और भी खेलना ह
उसने जैसे हे गर्दन वापस मनीषा की तरफ modi...khhachhhhh..... ..........aahhhhhhhh.......ki चीक गूंज गयीईइ.......
एक और आवाज
कहैछःह ....
आह्ह्हह्ह्ह्ह ....
ये चीक पुरे हाल मई गूंज गयीईइ ....
अन्थोनी--- कौन ह .....
जब उसने अपने आदमियों को देखा था तोह वो सब भी पागलो की तरह स्क्रीन की तरफ देख रहे थे ...जह्से एक कला साया
चलता हुवा ारः था ....उसकी बनती हुवी परछाई बी इतनी डरावनी थी ki....mout बी दर जाये ..... उसके हाथ से आरहे चाकू सीधे गर्दन मई घुसते गए तोह किसी के सीने मई
अन्थोनी ने गुसाई से उसे देखा और तुरंत गन शॉट फायर कर दिए ......
वो बाँदा फुर्ती से इधर भागता हुवा बच गया उसे कितनी गोलिया लगी या नहीं और लगी तोह वो ु अब खड़ा कैसे था किसी को नहीं समाज नहीं ारः था पर उसके कंधे पे तंगी दो तलवारे अब उसके हाथ मई आगयी thi....aur तभी लाइट भी ों हो गयी ....
सबके चेहरों पे शॉकिंग एक्सप्रेशन आगये थे ...
Rinky—man मई सुनील....
Manisha—dhundhli आँखों से ...राज...
पर श्वेता हाइट देख कर और सूट देख कर ये भाई नहीं हो सकते ह और न हे सुनील तोह फिर कौन ह और अचानक हे उसकी आंखे चमकने लगी ........नहीं ये नहीं हो सकता तोह फिर ये .......उसकी दिल की धड़कन तेज़ हो gayiii...wo एक तक सामने देखती रही

सामने वो शख्स अपनी तलवार को पकडे तेज़ी से आगे भगा ....और
स्लास्स्स्सह्ह्ह्हह्ह की आवाज के साथ....
Thud...thud.....2 गर्दन निचे गिर गयी .....उसकी स्पीड के साथ हर सेकंड किसी का हाथ टूट के गिर रहा था तोह किसी का पेअर ....हॉल मई चीक पुकार और गुंडोट्स की आवाजे हे आरही गूंज रही थी
वो शंक्स--- जो....
श्वेता--- पर बहार ....
वो शख्स--- तुम जाओ ....
श्वेता जैसे हे बहार आयी ....उसे बस खून हे खून दिखा ...चारो तरफ हाथ पेअर सर कटे हुवे पड़े थे ........ वो मधु शिवानी को लेके बहार आयी ...और रिंकी मनीषा को उनके साथ जहान्वी बी थी ........वो लोग जल्दी से कार मई बैठ गए और कार से निकलते हुवे देखा 2 आदमी बहार निचे पड़े आदमियों के बिच खड़े थे....
श्वेता--- दी आँखों खोलो.... मनीषा manisha.....uske अनसूफूट पड़े
रिंकी ...मम गाड़ी तेज चलिए शिवानी दी की सांसे उखड रही h....fast फ़ास्ट....
Shweta---dii आपको कुछ नहीं होगा आप हीमत रखो ....फ़ास्ट फ़ास्ट.....
बेचारी क्या करती ....सबके आन्सुऊ आँखों से झरने की तरह बाह रहे थे ....
शिवानी diiiiiiii..............aur शिवानी की आंखे बंद हो गयीईइ
कौन ह वो जो मशीहा की तरह agaya........kya यही अंत ह शिवानी का इतना हे था उसका साथ राज के इस सफर मई ....
आज के लिए इतना he........likes और रेवोएस देना न भूले......
पास्ट रिवेंज ...
लास्ट hit....Death......
राज ....फ़ोन की स्क्रीन को देख कर ....तू तोह बड़ी हो गयी h....itne साल हम दूर रह लिए न किसने सोचा था ऐसे हम अलग rahenge.....bachpan की हमारे सपने हमरी कस्मै सब टूट गए ....सिर्फ मेरी वजह से तुजे मुझसे दूर भेज दिया गया....
तभी उसके फ़ोन पे रिंग आणि सुरु हो गयी....
Raj—ha श्वेता....
श्वेता नहीं मैं हु madhu.....hum थोड़ी दिएर मई निकल जायेंगे ok सिक्योरिटी साथ होगी ....सो डोंट वोर्री ....
Raj—ok मम चुहिया का धयान रखना बहुत शरारती ह वो ...
Madhu—dont वोर्री तक.. ....
राज ने फ़ोन कॉल कट किया हे था की फिर एक कॉल आगया.....
Raj—Charan स्पर्श दादाजी...
दादाजी--- खुस रहो निर्वाण कैसे हो आप ...
Raj—main तीख हु दादाजी...
दादाजी --- बीटा राज ...निराश नहीं होना जिसप्रकार आग लगाने के एक चिंगारी हे बहुत होती उसी प्रकार सिर्फ एक जानकारी मिलते हे सब कड़िया जुड़ती jayengi.....acha हमे कुछ ...पता लगा की शैतान के पीछे किसका हाथ h....tum अपना धयान रखना....
Raj—ha दादाजी मैं रखूँगा ाचा दादाजी कविता ममता कब आरही ह....
दादाजी--- बहुत जल आएंगी उनके पेपर ह फिर वो आपके पास हे रहेंगी मिलते rahna....ab हम फ़ोन रखते ह कल सुभे दिल्ली भी जाना ह ....
कॉल कट...
राज— एक कॉल लगता ह और बात करके निकल जाता ह ....
तोह इधर ....
जहान्वी – हे भगवन ये लड़किया कितना मेक उप करती ह ...अरे इतना कोई मेक उप करता ह.....
दिव्या----- चुप बहुत बोलती ह....
Jhanvi—mom मेक उप के कारन मुझे दर लग रहा h....muje नहीं जाना मूवी...
Manisha—chalo भी आलरेडी 8.30 हो गए ह आदित्य निचे कब से वेट कर रहा h....aur शिवानी दी आप भी इतना मेक उप...
Madhu—karne दो पुलिस की नौकरी से फुर्सत मिले तोह करे न आज मौका ह करने दो तुम भी करलो ...कोई पसंद हे karle....kab तक क्रिमिनल के पीछे भगति रहिगी
शिवानी--- मौका हे नहीं मिलता ह आज मिला ह तोह क्यों छोड़ू ....तू बी करले मनीषा कोई पसंद हे करले तुजे भी..
Rinky—ye मनीषा पापा की पारी ह ....जंहा पापा कहेंगे वंही ये करेगी इसे नहीं करनी कोई लव मर्रिज ..
शिवानी--- गुड गर्ल हमेसा पापा की बात मन karo.....ab चलो भी यार बहुत टाइम हो gaya.....waise बी अँधेरा होगा कौन देखेगा ....
Madhu—are जलने के लिए तोह एंट्री और गिराने के लिए इंटरवल हे काफी ह...
और सभी हंस पड़े......
टाइम 8.55पं
जहान्वी --- श्वेता डीई आप की वजह से लेट हुवे ह ....सरे दिन भर मिरर के सामने बैठी रहती हो...
श्वेता--- चुप कर छोटी चुहिया जब देखो तने मरती rahti...ab लेट नहीं हो रही ह जल्दी चलो सब...
अरे टिकट नंबर ह न पहुंच jayenge.....adiya बोलै...
सब मिडिल मई आके बैठ गए .....
रिंकी थैंक गॉड हम राइट टाइम पहुंच गए ...
टाइम 9.45 मिनट्स....
सिनेमा हॉल के बहार ...
7,8 स्कार्पियो आके रुकी और उसमे से पहलवान जैसे मुस्टंडे 6 फिट के अस्स पास के उतरे...
Anthony---charo तरफ से कवर करलो कोई एंट्रेंस खली नहीं रहनी चाहिए मेरे भाई का बदला होगा निर्वाण न मिला तोह क्या तू तोह मरेगा और मरेंगे तेरे साथ तेरे चाहने वाले और वो रंडी जिसकी वजह से ये हुवा ह उसे जगत रांड बनाऊंगा .......
सिनेमा हॉल के 2 no एंट्रेंस और एग्जिट दूर कवर जरलिये गुंडों ne...cinema हॉल के अंदर इनर दूर पर भी गुंडे खड़े थे आउटर दूर को बहार से हे लॉक कर दिया गया था जिसपर अन्थोनी के आदमी थे टिकट्स हाफ बिकी हुवी थी 2 वीक हो गए थे आलरेडी मूवी लगे huve....is लिए अंदर जायदा भीड़ नहीं थी...
करीब हाफ ऑवर सब शांत रहा जैसा किसी का इंतज़ार हो...
अन्थोनी--- के फ़ोन पे मैसेज आया ....दोने.....
दरवाजे खुले और हर तरफ से आदमी अंदर आगये सिनेमा हॉल का सन हे चेंज हो गया आगे मूवी चल रही थी तोह एक के बाद एक शैतान जैसे दिखने वाले गुंडे चलते हुवे अंदर आरहे थे...
30 मिनट पहले .....
राज जो डब्बे पे टिया पि हे रहा था की एक जीप पास आके रुकी और उसमे से 6 लोग उतरे छोटू चाय बना दे जल्दी मूवी देखने जाना .....
उनमे से एक चूतिये तुजे कौनसी मूवी देखनी ह ...
पहला बनानी तोह ह है है ha...aur बनेगी तोह देखु भी लूंगा ........
राज ने उनकी बात सुनी और एक बार कुछ सोचा फिर नज़र अंदाज कर दिया की सेल मज़ाक कर रहे ह ौरा h....aur चल दिया अपनी बाइक से जंहा अज्जू अभय षुरूति उसका वेट कर रहे थे ... नेक्स्ट टारगेट के लिए...
सिनेमा हॉल....
इतने सरे अजीब से लोगो को अत देख
शिवानी तुरंत कड़ी हो गयी ....उसको स्केरी और डेंजरस वाइब्स महसूस हो रही थी आरहे लोगो से
शिवानी को खड़ा होता देख रिंकी मनीषा बी अलर्ट हो गयी उन्होंने पहले बी ऐसी खतरनाक सिचुएशन देखि thi....unka दिल अंदर से कंपनी लगा....
सामने से और पीछे से एते हुवे आदमी की सकल जैसे जैसे हलकी हलकी दिखती गयी ...सबकी हालत और ख़राब हो गयी h....kisi को कुछ समाज नहीं आया की क्या करे ...सब चारो तरफ से आरहे हैवानो को देखने लगे .....
सबसे पहला रिएक्शन दिया आदित्य ने उसकी आंख शिवानी से मिली और वो सीट से निकल हमला करता..
तभी उसके सर पर डंडा मार दिया वो साइड आगे जा के गिरा और सर पकड़कर तड़फड़ाता हुवा बेहोश हो गया...
अन्थोनी चलता हुवा सबके और करीब आगया अब उसका खूंखार चेहरा और उस पर आरहे उसके इरादे साफ़ दिखने लगे जो डरने के लिए काफी थे
अन्थोनी के आदमीओ ने चारो तरफ से मधु, Shewata,rinki,Manisha,shivani को घेर लिया वंही रिंकी ने चुपके से हलके अँधेरे का फायदा उठाकर फ़ोन निकला लिया और डायल के लिए टच किया हे था की स्क्रीन लाइट दिख गयी फ़ोन की और अन्थोनी ने एक झनातेदार थपड जड़ दिया उसको और उसका फ़ोन चीन क्र पटक diya...aur गुसाई से तरेड़ते हुवे बोलै फ़ोन ले लो सबका...
अन्थोनी की बात मानते हुए मधु ,Shewata,Manisha,shivani के फ़ोन चीन लिए....
वही अन्थोनी आगे बढ़ते हुए मधु के पास जाते हुए बोलै
अन्थोनी- मधु के होतो को चुकार तू तो बोहोत रसीली माल है ह तुजे तो बाद में देखता हु
मधु उसकी बात सुन पूरी तरह अंदर से काँप उठी उसके साथ ऐसा कभी नहीं हुआ था ...
वही अन्थोनी शेवटा की तरफ बढ़ा और उससे ऊपर से निचे देखते हुए बोलै
अन्थोनी- तुघे मरने का मन नहीं क्र रहा ह लेकिन मरना तो है आखिर उस पिले को भी तो दर्द का अहसास हो और इसलिए तेरी मौत जितनी दर्दनाक होगी उतना हे वो तड़पेगा . जितना वो तड़पेगा उतना सुकून मुझे मिलेगा....
श्वेता उसकी बात सुन मुस्कराने लगी और बोली...
शेवटा- खवाब देखना अछि बात ह और तुजे क्या लगता है तू बचेगा मुझे मार्के है है है फिर गुसाई से उसकी आँखों मई देख कर नहीं बिलकुल नहीं तू कुत्तो से भी बुरी मौत मरेगा ...जितना भोंक सकता ह भोंक ले...
अन्थोनी उसकी बात आग बबूला होगया और उसका हाथ उठा hi था शेवटा को मरने के लिए की उसको एक किक पड़ी और वो पीछे को hogaya,kick तगड़ी पड़ी थी उसको लेकिन वो ठहरा जानवर झेल गया और जब उसने अपने सामने मनीषा को खड़ा पाया तो उससे गुस्सा आगया....
मनीषा- सोचना भी मत किसीको चोट भी पहोचने के बारे में और जब तक मई हु तब तक तो बिलकुल नहीं
अन्थोनी अपने आदमीओ की तरफ देखते हुए बोलै
अन्थोनी- सकल क्या देख रहे हो बे कुतर दो पंख साली के बहुत उड़ रही ह ...इसे नंगी हे रखना ताकि इसे इसकी जगह पता लगे
2-3 बन्दे आगे बढे मनीषा की तरफ तभी मनीषा ने जम्प मरते हुए एक किक दी पहले वाले के थोबड़े पे और जल्दी से झुकते hi उसनने डॉज किया चाकू को जो दूसरे बन्दे ने चलाया था और निचे hi निचे उसने उसके पेट में एक पंच जड़ दिया राज ने मनीषा को कुछ टेक्निक्स सिखाई थी जो वो बखूबी इस्तेमाल कर रही थी...
और वही शिवानी ने भी जल्द hi रियेक्ट किया अभी तक वो सिचुएशन को अचे से समझने की और बच के निकलने का रास्ता ढूंढ रही थी . उसने अपने शूज में छिपे हुए पिस्तौल को निकलते hi मनीषा के पीछे से आरहे दोनों बन्दे को गोली मार दी और अन्थोनी की तरफ गन पॉइंट करते हुए उससे बोली
शिवानी- back....heyy बैक डाउन जल्दी वर्ण ी विल शूट यू जल्दी पीछे हटो और अपने आदमियों से कहो दूर रहे वर्ण हमारे साथ तुम भी मरोगे samjhe.....hum नहीं तोह तुम बी नहीं...
शिवानी किसी तरह बस सबको सेफ रखना चाहती थी ...
शिवानी की इस हरकत की उम्मीद किसी को नहीं थी तभी अन्थोनी ने अपने एक आदमी की तरफ देखा...
Dhanye...dhanye.....
“ारघ्ठ”
2 गन शॉट्स की आवाज़ आयी और शिवानी की दर्द भरी चीख निकल गयी
शिवानी दी......
शिवानी मम....
शिवानी.....
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सबकी चीख एक साथ hi गूंज उठी और तभी Shewata,Rinki,Manisha,aur मधु भागते हुए शिवानी के पास गयी और उसके सर को गोड़ में मधु ने लेते हुए उसके कंधे पर जहा गोली लगी थी वह पर अपने साडी के पल्लू से खून बहने से रोकने के लिए कपडे से दबा दिया और दूसरी गोली जो पेट मई लगी thi...us पर श्वेता ने अपनी लोग स्कर्ट को थोड़ा फाड़ कर रख दिया ..
तभी जहान्वी जिसको शेवटा और रिंकी ने समय रहते hi अपने पीछे वाले रौ के निचे छुपा दिया था वो रट हुए भाग क्र शेवटा के पास आयी
तभी अन्थोनी हस्ते हुए बोलै
अन्थोनी- भोसड़ीवाले मेरी सकल क्या देख रहे हो सबको घसीटे हुए बहार ले चलो आज इनकी मौत का तमाशा होगा....
एक गुंडा अन्थोनी की बात सुन बोलै
गुंडा- पर भाई बहार पुलिस की प्रॉब्लम हो सकतक है
अन्थोनी- कुछ प्रॉब्लम नहीं होगा ैप से बात कर्ली है पशुपति ne,ab जल्दी इन्हे घसीटे हुए बहार ले चल साला सब बिकाऊ h....is दुनिया मई...
ये कहते hi अन्थोनी आगे बढ़ा hi था की मनीषा बिच में आगयी और आते hi एक पंच जड़ दिया उसपर
अन्थोनी को इसकी उम्मीद नहीं थी वो गुस्से में एक पंच मरने को हुआ मनीषा को की मनीषा निचे झुकते हुए उसके जबड़े पे एक पंच जड़ दिया
इस पंच से अन्थोनी जहा पीछे को होगया था वही अब उससे बोहोत गुस्सा ारः था आखिर उसी के आदमीओ के सामने और इतने लोगो के सामने कोई लड़की उससे ऐसे पिट रही थी उसकी मर्दनगी पर बात आगयी..
अन्थोनी गुस्से में – बोहोत हुआ तेरा खेल रंडी बहुत उछाल कूद कर्ली
कहते हुए अन्थोनी आगे गुस्से में बढ़ा और मनीषा अभी पंच मार पति उससे पहली hi अन्थोनी ने डॉज करते हुए उसके पेट में जोरदार पंच जड़ दिया और वो पीछे गिरती उसे पहले उसके टॉप को पकड़लिया और एक मुका और पेट मई मार दिया उसका टॉप फैट गया और वो पीछे जेक गिरी ...
पंच इतना जोरदार था की मनीषा के मुँह से खून बहने लगे लेकिन फिर भी वो कड़ी हुवी दर्द बर्दास्त करते हुवे एक किक मरना चाही अन्थोनी को लेकिन अन्थोनी ने बिच में hi उसके पेअर पकड़ते हुवे हे एक के बाद एक पंच जड़ दिए
धम्मं..
धम्मं...
धम्मं...
जिसके लगते hi मनीषा बेसुध सी होगयी उसके मुँह से खून बहते hi जा रहे the,uski ऐसी हालत देख शेवटा आगे को आयी उसके पास जल्दी से लेकिन बिच में hi अन्थोनी ने उससे बालो से बिछते हुए पकड़ लिया और बोलै
अन्थोनी- ये तो मारेगी कन्फर्म ह साली अपने आप को फाइटर समजह रही थी ...औरते सिर्फ मर्द का बिस्टेर गरम करने के लिए होती और जब दूसरा काम करती ह तोह ऐसे हे मरती ह....
ये बोलते hi उसने एक पेअर अपना मनीषा के हाथ पर रखते हुए उससे दबाने लगा
ारघः...
ारघ्ठ...
जिस से मनीषा तड़पने लगी बेइंतिहा हो रहे दर्द से
सबकी आँखों में आंसू थे और शेवटा अपने आप को बोहोत बेबस महसूस क्र रही थी
थिएटर में जितने भी आम लोग थे जो दर और खौफ में थे उन्हें अन्थोनी के और पशुपति के आदमीओ ने रोक रखा था वो दर से सामने हो रहे दृश्य को बेबसी से देखते रहे ..
अन्थोनी --ओह सबसे पहले कौन ....ये कह कर अन्थोनी एक सीट पर बैठ गया ....
श्वेता--- इन सबको जाने दो तुम्हारी दुश्मनी मुझसे ह .....इन जाने दो..
Anthony---chup कर कुटिया ..तू तोह ये बता ...सिर्फ... पहले koun....sabki तरफ इशारा कर के ये ये या मधु की तरफ ये ...तीख ह इसे लू या फिर सबसे पहले ये ....मनीषा की तरफ इशारा करके ... ये रंडी हे तीख ह...
एक आदमी को इशारा किया ..वो आदमी मनीषा की तरफ भाड़ गया....
श्वेता--- प्लीज नहीं इन्हे जाने दो ......इन्होने तुम्हारा कुछ नहीं बिगाड़ा ह प्लीज प्लीज प्लीज ...
पर उस आदमी ने गन निकली और फायर के लिए तैयार हो गया ......और अन्थोनी की तरफ देखने लगा..
Anthony...maar दो अभी और भी खेलना ह
उसने जैसे हे गर्दन वापस मनीषा की तरफ modi...khhachhhhh..... ..........aahhhhhhhh.......ki चीक गूंज गयीईइ.......
एक और आवाज
कहैछःह ....
आह्ह्हह्ह्ह्ह ....
ये चीक पुरे हाल मई गूंज गयीईइ ....
अन्थोनी--- कौन ह .....
जब उसने अपने आदमियों को देखा था तोह वो सब भी पागलो की तरह स्क्रीन की तरफ देख रहे थे ...जह्से एक कला साया
चलता हुवा ारः था ....उसकी बनती हुवी परछाई बी इतनी डरावनी थी ki....mout बी दर जाये ..... उसके हाथ से आरहे चाकू सीधे गर्दन मई घुसते गए तोह किसी के सीने मई
अन्थोनी ने गुसाई से उसे देखा और तुरंत गन शॉट फायर कर दिए ......
वो बाँदा फुर्ती से इधर भागता हुवा बच गया उसे कितनी गोलिया लगी या नहीं और लगी तोह वो ु अब खड़ा कैसे था किसी को नहीं समाज नहीं ारः था पर उसके कंधे पे तंगी दो तलवारे अब उसके हाथ मई आगयी thi....aur तभी लाइट भी ों हो गयी ....
सबके चेहरों पे शॉकिंग एक्सप्रेशन आगये थे ...
Rinky—man मई सुनील....
Manisha—dhundhli आँखों से ...राज...
पर श्वेता हाइट देख कर और सूट देख कर ये भाई नहीं हो सकते ह और न हे सुनील तोह फिर कौन ह और अचानक हे उसकी आंखे चमकने लगी ........नहीं ये नहीं हो सकता तोह फिर ये .......उसकी दिल की धड़कन तेज़ हो gayiii...wo एक तक सामने देखती रही

सामने वो शख्स अपनी तलवार को पकडे तेज़ी से आगे भगा ....और
स्लास्स्स्सह्ह्ह्हह्ह की आवाज के साथ....
Thud...thud.....2 गर्दन निचे गिर गयी .....उसकी स्पीड के साथ हर सेकंड किसी का हाथ टूट के गिर रहा था तोह किसी का पेअर ....हॉल मई चीक पुकार और गुंडोट्स की आवाजे हे आरही गूंज रही थी
वो शंक्स--- जो....
श्वेता--- पर बहार ....
वो शख्स--- तुम जाओ ....
श्वेता जैसे हे बहार आयी ....उसे बस खून हे खून दिखा ...चारो तरफ हाथ पेअर सर कटे हुवे पड़े थे ........ वो मधु शिवानी को लेके बहार आयी ...और रिंकी मनीषा को उनके साथ जहान्वी बी थी ........वो लोग जल्दी से कार मई बैठ गए और कार से निकलते हुवे देखा 2 आदमी बहार निचे पड़े आदमियों के बिच खड़े थे....
श्वेता--- दी आँखों खोलो.... मनीषा manisha.....uske अनसूफूट पड़े
रिंकी ...मम गाड़ी तेज चलिए शिवानी दी की सांसे उखड रही h....fast फ़ास्ट....
Shweta---dii आपको कुछ नहीं होगा आप हीमत रखो ....फ़ास्ट फ़ास्ट.....
बेचारी क्या करती ....सबके आन्सुऊ आँखों से झरने की तरह बाह रहे थे ....
शिवानी diiiiiiii..............aur शिवानी की आंखे बंद हो गयीईइ
कौन ह वो जो मशीहा की तरह agaya........kya यही अंत ह शिवानी का इतना हे था उसका साथ राज के इस सफर मई ....
आज के लिए इतना he........likes और रेवोएस देना न भूले......


