Adultery Raj-- hero of the family - Page 32 - SexBaba
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Adultery Raj-- hero of the family

अपडेट 105...

पास्ट रिवेंज ...

लास्ट hit....Death......


राज ....फ़ोन की स्क्रीन को देख कर ....तू तोह बड़ी हो गयी h....itne साल हम दूर रह लिए न किसने सोचा था ऐसे हम अलग rahenge.....bachpan की हमारे सपने हमरी कस्मै सब टूट गए ....सिर्फ मेरी वजह से तुजे मुझसे दूर भेज दिया गया....

तभी उसके फ़ोन पे रिंग आणि सुरु हो गयी....

Raj—ha श्वेता....

श्वेता नहीं मैं हु madhu.....hum थोड़ी दिएर मई निकल जायेंगे ok सिक्योरिटी साथ होगी ....सो डोंट वोर्री ....

Raj—ok मम चुहिया का धयान रखना बहुत शरारती ह वो ...

Madhu—dont वोर्री तक.. ....


राज ने फ़ोन कॉल कट किया हे था की फिर एक कॉल आगया.....

Raj—Charan स्पर्श दादाजी...

दादाजी--- खुस रहो निर्वाण कैसे हो आप ...

Raj—main तीख हु दादाजी...

दादाजी --- बीटा राज ...निराश नहीं होना जिसप्रकार आग लगाने के एक चिंगारी हे बहुत होती उसी प्रकार सिर्फ एक जानकारी मिलते हे सब कड़िया जुड़ती jayengi.....acha हमे कुछ ...पता लगा की शैतान के पीछे किसका हाथ h....tum अपना धयान रखना....

Raj—ha दादाजी मैं रखूँगा ाचा दादाजी कविता ममता कब आरही ह....

दादाजी--- बहुत जल आएंगी उनके पेपर ह फिर वो आपके पास हे रहेंगी मिलते rahna....ab हम फ़ोन रखते ह कल सुभे दिल्ली भी जाना ह ....

कॉल कट...


राज— एक कॉल लगता ह और बात करके निकल जाता ह ....

तोह इधर ....

जहान्वी – हे भगवन ये लड़किया कितना मेक उप करती ह ...अरे इतना कोई मेक उप करता ह.....

दिव्या----- चुप बहुत बोलती ह....

Jhanvi—mom मेक उप के कारन मुझे दर लग रहा h....muje नहीं जाना मूवी...

Manisha—chalo भी आलरेडी 8.30 हो गए ह आदित्य निचे कब से वेट कर रहा h....aur शिवानी दी आप भी इतना मेक उप...

Madhu—karne दो पुलिस की नौकरी से फुर्सत मिले तोह करे न आज मौका ह करने दो तुम भी करलो ...कोई पसंद हे karle....kab तक क्रिमिनल के पीछे भगति रहिगी

शिवानी--- मौका हे नहीं मिलता ह आज मिला ह तोह क्यों छोड़ू ....तू बी करले मनीषा कोई पसंद हे करले तुजे भी..

Rinky—ye मनीषा पापा की पारी ह ....जंहा पापा कहेंगे वंही ये करेगी इसे नहीं करनी कोई लव मर्रिज ..

शिवानी--- गुड गर्ल हमेसा पापा की बात मन karo.....ab चलो भी यार बहुत टाइम हो gaya.....waise बी अँधेरा होगा कौन देखेगा ....

Madhu—are जलने के लिए तोह एंट्री और गिराने के लिए इंटरवल हे काफी ह...

और सभी हंस पड़े......


टाइम 8.55पं

जहान्वी --- श्वेता डीई आप की वजह से लेट हुवे ह ....सरे दिन भर मिरर के सामने बैठी रहती हो...

श्वेता--- चुप कर छोटी चुहिया जब देखो तने मरती rahti...ab लेट नहीं हो रही ह जल्दी चलो सब...

अरे टिकट नंबर ह न पहुंच jayenge.....adiya बोलै...

सब मिडिल मई आके बैठ गए .....

रिंकी थैंक गॉड हम राइट टाइम पहुंच गए ...


टाइम 9.45 मिनट्स....

सिनेमा हॉल के बहार ...

7,8 स्कार्पियो आके रुकी और उसमे से पहलवान जैसे मुस्टंडे 6 फिट के अस्स पास के उतरे...

Anthony---charo तरफ से कवर करलो कोई एंट्रेंस खली नहीं रहनी चाहिए मेरे भाई का बदला होगा निर्वाण न मिला तोह क्या तू तोह मरेगा और मरेंगे तेरे साथ तेरे चाहने वाले और वो रंडी जिसकी वजह से ये हुवा ह उसे जगत रांड बनाऊंगा .......

सिनेमा हॉल के 2 no एंट्रेंस और एग्जिट दूर कवर जरलिये गुंडों ne...cinema हॉल के अंदर इनर दूर पर भी गुंडे खड़े थे आउटर दूर को बहार से हे लॉक कर दिया गया था जिसपर अन्थोनी के आदमी थे टिकट्स हाफ बिकी हुवी थी 2 वीक हो गए थे आलरेडी मूवी लगे huve....is लिए अंदर जायदा भीड़ नहीं थी...

करीब हाफ ऑवर सब शांत रहा जैसा किसी का इंतज़ार हो...

अन्थोनी--- के फ़ोन पे मैसेज आया ....दोने.....

दरवाजे खुले और हर तरफ से आदमी अंदर आगये सिनेमा हॉल का सन हे चेंज हो गया आगे मूवी चल रही थी तोह एक के बाद एक शैतान जैसे दिखने वाले गुंडे चलते हुवे अंदर आरहे थे...


30 मिनट पहले .....

राज जो डब्बे पे टिया पि हे रहा था की एक जीप पास आके रुकी और उसमे से 6 लोग उतरे छोटू चाय बना दे जल्दी मूवी देखने जाना .....

उनमे से एक चूतिये तुजे कौनसी मूवी देखनी ह ...

पहला बनानी तोह ह है है ha...aur बनेगी तोह देखु भी लूंगा ........

राज ने उनकी बात सुनी और एक बार कुछ सोचा फिर नज़र अंदाज कर दिया की सेल मज़ाक कर रहे ह ौरा h....aur चल दिया अपनी बाइक से जंहा अज्जू अभय षुरूति उसका वेट कर रहे थे ... नेक्स्ट टारगेट के लिए...


सिनेमा हॉल....

इतने सरे अजीब से लोगो को अत देख

शिवानी तुरंत कड़ी हो गयी ....उसको स्केरी और डेंजरस वाइब्स महसूस हो रही थी आरहे लोगो से

शिवानी को खड़ा होता देख रिंकी मनीषा बी अलर्ट हो गयी उन्होंने पहले बी ऐसी खतरनाक सिचुएशन देखि thi....unka दिल अंदर से कंपनी लगा....

सामने से और पीछे से एते हुवे आदमी की सकल जैसे जैसे हलकी हलकी दिखती गयी ...सबकी हालत और ख़राब हो गयी h....kisi को कुछ समाज नहीं आया की क्या करे ...सब चारो तरफ से आरहे हैवानो को देखने लगे .....

सबसे पहला रिएक्शन दिया आदित्य ने उसकी आंख शिवानी से मिली और वो सीट से निकल हमला करता..

तभी उसके सर पर डंडा मार दिया वो साइड आगे जा के गिरा और सर पकड़कर तड़फड़ाता हुवा बेहोश हो गया...

अन्थोनी चलता हुवा सबके और करीब आगया अब उसका खूंखार चेहरा और उस पर आरहे उसके इरादे साफ़ दिखने लगे जो डरने के लिए काफी थे


अन्थोनी के आदमीओ ने चारो तरफ से मधु, Shewata,rinki,Manisha,shivani को घेर लिया वंही रिंकी ने चुपके से हलके अँधेरे का फायदा उठाकर फ़ोन निकला लिया और डायल के लिए टच किया हे था की स्क्रीन लाइट दिख गयी फ़ोन की और अन्थोनी ने एक झनातेदार थपड जड़ दिया उसको और उसका फ़ोन चीन क्र पटक diya...aur गुसाई से तरेड़ते हुवे बोलै फ़ोन ले लो सबका...

अन्थोनी की बात मानते हुए मधु ,Shewata,Manisha,shivani के फ़ोन चीन लिए....

वही अन्थोनी आगे बढ़ते हुए मधु के पास जाते हुए बोलै

अन्थोनी- मधु के होतो को चुकार तू तो बोहोत रसीली माल है ह तुजे तो बाद में देखता हु

मधु उसकी बात सुन पूरी तरह अंदर से काँप उठी उसके साथ ऐसा कभी नहीं हुआ था ...


वही अन्थोनी शेवटा की तरफ बढ़ा और उससे ऊपर से निचे देखते हुए बोलै

अन्थोनी- तुघे मरने का मन नहीं क्र रहा ह लेकिन मरना तो है आखिर उस पिले को भी तो दर्द का अहसास हो और इसलिए तेरी मौत जितनी दर्दनाक होगी उतना हे वो तड़पेगा . जितना वो तड़पेगा उतना सुकून मुझे मिलेगा....

श्वेता उसकी बात सुन मुस्कराने लगी और बोली...

शेवटा- खवाब देखना अछि बात ह और तुजे क्या लगता है तू बचेगा मुझे मार्के है है है फिर गुसाई से उसकी आँखों मई देख कर नहीं बिलकुल नहीं तू कुत्तो से भी बुरी मौत मरेगा ...जितना भोंक सकता ह भोंक ले...

अन्थोनी उसकी बात आग बबूला होगया और उसका हाथ उठा hi था शेवटा को मरने के लिए की उसको एक किक पड़ी और वो पीछे को hogaya,kick तगड़ी पड़ी थी उसको लेकिन वो ठहरा जानवर झेल गया और जब उसने अपने सामने मनीषा को खड़ा पाया तो उससे गुस्सा आगया....

मनीषा- सोचना भी मत किसीको चोट भी पहोचने के बारे में और जब तक मई हु तब तक तो बिलकुल नहीं

अन्थोनी अपने आदमीओ की तरफ देखते हुए बोलै

अन्थोनी- सकल क्या देख रहे हो बे कुतर दो पंख साली के बहुत उड़ रही ह ...इसे नंगी हे रखना ताकि इसे इसकी जगह पता लगे

2-3 बन्दे आगे बढे मनीषा की तरफ तभी मनीषा ने जम्प मरते हुए एक किक दी पहले वाले के थोबड़े पे और जल्दी से झुकते hi उसनने डॉज किया चाकू को जो दूसरे बन्दे ने चलाया था और निचे hi निचे उसने उसके पेट में एक पंच जड़ दिया राज ने मनीषा को कुछ टेक्निक्स सिखाई थी जो वो बखूबी इस्तेमाल कर रही थी...

और वही शिवानी ने भी जल्द hi रियेक्ट किया अभी तक वो सिचुएशन को अचे से समझने की और बच के निकलने का रास्ता ढूंढ रही थी . उसने अपने शूज में छिपे हुए पिस्तौल को निकलते hi मनीषा के पीछे से आरहे दोनों बन्दे को गोली मार दी और अन्थोनी की तरफ गन पॉइंट करते हुए उससे बोली


शिवानी- back....heyy बैक डाउन जल्दी वर्ण ी विल शूट यू जल्दी पीछे हटो और अपने आदमियों से कहो दूर रहे वर्ण हमारे साथ तुम भी मरोगे samjhe.....hum नहीं तोह तुम बी नहीं...

शिवानी किसी तरह बस सबको सेफ रखना चाहती थी ...


शिवानी की इस हरकत की उम्मीद किसी को नहीं थी तभी अन्थोनी ने अपने एक आदमी की तरफ देखा...

Dhanye...dhanye.....

“ारघ्ठ”

2 गन शॉट्स की आवाज़ आयी और शिवानी की दर्द भरी चीख निकल गयी

शिवानी दी......

शिवानी मम....

शिवानी.....

....

सबकी चीख एक साथ hi गूंज उठी और तभी Shewata,Rinki,Manisha,aur मधु भागते हुए शिवानी के पास गयी और उसके सर को गोड़ में मधु ने लेते हुए उसके कंधे पर जहा गोली लगी थी वह पर अपने साडी के पल्लू से खून बहने से रोकने के लिए कपडे से दबा दिया और दूसरी गोली जो पेट मई लगी thi...us पर श्वेता ने अपनी लोग स्कर्ट को थोड़ा फाड़ कर रख दिया ..


तभी जहान्वी जिसको शेवटा और रिंकी ने समय रहते hi अपने पीछे वाले रौ के निचे छुपा दिया था वो रट हुए भाग क्र शेवटा के पास आयी

तभी अन्थोनी हस्ते हुए बोलै


अन्थोनी- भोसड़ीवाले मेरी सकल क्या देख रहे हो सबको घसीटे हुए बहार ले चलो आज इनकी मौत का तमाशा होगा....

एक गुंडा अन्थोनी की बात सुन बोलै

गुंडा- पर भाई बहार पुलिस की प्रॉब्लम हो सकतक है

अन्थोनी- कुछ प्रॉब्लम नहीं होगा ैप से बात कर्ली है पशुपति ne,ab जल्दी इन्हे घसीटे हुए बहार ले चल साला सब बिकाऊ h....is दुनिया मई...

ये कहते hi अन्थोनी आगे बढ़ा hi था की मनीषा बिच में आगयी और आते hi एक पंच जड़ दिया उसपर

अन्थोनी को इसकी उम्मीद नहीं थी वो गुस्से में एक पंच मरने को हुआ मनीषा को की मनीषा निचे झुकते हुए उसके जबड़े पे एक पंच जड़ दिया

इस पंच से अन्थोनी जहा पीछे को होगया था वही अब उससे बोहोत गुस्सा ारः था आखिर उसी के आदमीओ के सामने और इतने लोगो के सामने कोई लड़की उससे ऐसे पिट रही थी उसकी मर्दनगी पर बात आगयी..

अन्थोनी गुस्से में – बोहोत हुआ तेरा खेल रंडी बहुत उछाल कूद कर्ली

कहते हुए अन्थोनी आगे गुस्से में बढ़ा और मनीषा अभी पंच मार पति उससे पहली hi अन्थोनी ने डॉज करते हुए उसके पेट में जोरदार पंच जड़ दिया और वो पीछे गिरती उसे पहले उसके टॉप को पकड़लिया और एक मुका और पेट मई मार दिया उसका टॉप फैट गया और वो पीछे जेक गिरी ...

पंच इतना जोरदार था की मनीषा के मुँह से खून बहने लगे लेकिन फिर भी वो कड़ी हुवी दर्द बर्दास्त करते हुवे एक किक मरना चाही अन्थोनी को लेकिन अन्थोनी ने बिच में hi उसके पेअर पकड़ते हुवे हे एक के बाद एक पंच जड़ दिए

धम्मं..

धम्मं...

धम्मं...


जिसके लगते hi मनीषा बेसुध सी होगयी उसके मुँह से खून बहते hi जा रहे the,uski ऐसी हालत देख शेवटा आगे को आयी उसके पास जल्दी से लेकिन बिच में hi अन्थोनी ने उससे बालो से बिछते हुए पकड़ लिया और बोलै

अन्थोनी- ये तो मारेगी कन्फर्म ह साली अपने आप को फाइटर समजह रही थी ...औरते सिर्फ मर्द का बिस्टेर गरम करने के लिए होती और जब दूसरा काम करती ह तोह ऐसे हे मरती ह....

ये बोलते hi उसने एक पेअर अपना मनीषा के हाथ पर रखते हुए उससे दबाने लगा

ारघः...

ारघ्ठ...


जिस से मनीषा तड़पने लगी बेइंतिहा हो रहे दर्द से

सबकी आँखों में आंसू थे और शेवटा अपने आप को बोहोत बेबस महसूस क्र रही थी

थिएटर में जितने भी आम लोग थे जो दर और खौफ में थे उन्हें अन्थोनी के और पशुपति के आदमीओ ने रोक रखा था वो दर से सामने हो रहे दृश्य को बेबसी से देखते रहे ..

अन्थोनी --ओह सबसे पहले कौन ....ये कह कर अन्थोनी एक सीट पर बैठ गया ....

श्वेता--- इन सबको जाने दो तुम्हारी दुश्मनी मुझसे ह .....इन जाने दो..

Anthony---chup कर कुटिया ..तू तोह ये बता ...सिर्फ... पहले koun....sabki तरफ इशारा कर के ये ये या मधु की तरफ ये ...तीख ह इसे लू या फिर सबसे पहले ये ....मनीषा की तरफ इशारा करके ... ये रंडी हे तीख ह...

एक आदमी को इशारा किया ..वो आदमी मनीषा की तरफ भाड़ गया....

श्वेता--- प्लीज नहीं इन्हे जाने दो ......इन्होने तुम्हारा कुछ नहीं बिगाड़ा ह प्लीज प्लीज प्लीज ...

पर उस आदमी ने गन निकली और फायर के लिए तैयार हो गया ......और अन्थोनी की तरफ देखने लगा..

Anthony...maar दो अभी और भी खेलना ह

उसने जैसे हे गर्दन वापस मनीषा की तरफ modi...khhachhhhh..... ..........aahhhhhhhh.......ki चीक गूंज गयीईइ.......

एक और आवाज

कहैछःह ....

आह्ह्हह्ह्ह्ह ....

ये चीक पुरे हाल मई गूंज गयीईइ ....

अन्थोनी--- कौन ह .....

जब उसने अपने आदमियों को देखा था तोह वो सब भी पागलो की तरह स्क्रीन की तरफ देख रहे थे ...जह्से एक कला साया


चलता हुवा ारः था ....उसकी बनती हुवी परछाई बी इतनी डरावनी थी ki....mout बी दर जाये ..... उसके हाथ से आरहे चाकू सीधे गर्दन मई घुसते गए तोह किसी के सीने मई

अन्थोनी ने गुसाई से उसे देखा और तुरंत गन शॉट फायर कर दिए ......

वो बाँदा फुर्ती से इधर भागता हुवा बच गया उसे कितनी गोलिया लगी या नहीं और लगी तोह वो ु अब खड़ा कैसे था किसी को नहीं समाज नहीं ारः था पर उसके कंधे पे तंगी दो तलवारे अब उसके हाथ मई आगयी thi....aur तभी लाइट भी ों हो गयी ....

सबके चेहरों पे शॉकिंग एक्सप्रेशन आगये थे ...

Rinky—man मई सुनील....

Manisha—dhundhli आँखों से ...राज...

पर श्वेता हाइट देख कर और सूट देख कर ये भाई नहीं हो सकते ह और न हे सुनील तोह फिर कौन ह और अचानक हे उसकी आंखे चमकने लगी ........नहीं ये नहीं हो सकता तोह फिर ये .......उसकी दिल की धड़कन तेज़ हो gayiii...wo एक तक सामने देखती रही






सामने वो शख्स अपनी तलवार को पकडे तेज़ी से आगे भगा ....और

स्लास्स्स्सह्ह्ह्हह्ह की आवाज के साथ....

Thud...thud.....2 गर्दन निचे गिर गयी .....उसकी स्पीड के साथ हर सेकंड किसी का हाथ टूट के गिर रहा था तोह किसी का पेअर ....हॉल मई चीक पुकार और गुंडोट्स की आवाजे हे आरही गूंज रही थी

वो शंक्स--- जो....

श्वेता--- पर बहार ....

वो शख्स--- तुम जाओ ....

श्वेता जैसे हे बहार आयी ....उसे बस खून हे खून दिखा ...चारो तरफ हाथ पेअर सर कटे हुवे पड़े थे ........ वो मधु शिवानी को लेके बहार आयी ...और रिंकी मनीषा को उनके साथ जहान्वी बी थी ........वो लोग जल्दी से कार मई बैठ गए और कार से निकलते हुवे देखा 2 आदमी बहार निचे पड़े आदमियों के बिच खड़े थे....

श्वेता--- दी आँखों खोलो.... मनीषा manisha.....uske अनसूफूट पड़े

रिंकी ...मम गाड़ी तेज चलिए शिवानी दी की सांसे उखड रही h....fast फ़ास्ट....


Shweta---dii आपको कुछ नहीं होगा आप हीमत रखो ....फ़ास्ट फ़ास्ट.....

बेचारी क्या करती ....सबके आन्सुऊ आँखों से झरने की तरह बाह रहे थे ....

शिवानी diiiiiiii..............aur शिवानी की आंखे बंद हो गयीईइ


कौन ह वो जो मशीहा की तरह agaya........kya यही अंत ह शिवानी का इतना हे था उसका साथ राज के इस सफर मई ....

आज के लिए इतना he........likes और रेवोएस देना न भूले......
 
फेज 1 ख़त्म होने दो फिर सुरु होगा......
 
टुनाइट 10.30 पं--- साइलेंस बिफोर थे स्टॉर्म

ों थिस सैटरडे संडे no अपडेट
 
अपडेट 10.30 तक आएगा लास्ट का कुछ part बाकि रह गया था डॉ के पास गया हुवा
 
लास्ट एडिटिंग प्लीज वेट....
 
अपडेट 106

पास्ट रिवेंज बेगिंस

Silence....Before थे स्टॉर्म ....


5 दिन बाद...

सटाक ......

सटाक.....

सटाक......

राज रस्सी के सहारे भन्दा हुवा था ...उसकी पीठ पर अनगीनत मार के निशान थे काफी जगह से खून भी निकल रहा था ....पर उसके चेहरे पे कोई एक्सप्रेशन नहीं थे ...वो एक तक सामने बैठे. शख्स को देख रहा था ....

सामने से ....अगर तुम्हे मौत की इतनी हे जल्दी ह तोह यह खाविश भी जल्द हे पूरी हो जाएगी तुम्हारी ........

Raj—meri मौत इतनी सस्ती नहीं ह ...जो कोई भी ले ले ..

सामने से .....कबूतर की तरह आंखे बंद करने से क्या बिल्ली तुम्हारा सीकर नहीं करेगी ...करेगी ..जरूर करेगी तुम्हे भी खायेगी ...और तुम्हारे अपनों को भी खायेगी जो तुम्हारे अस्सपस्स होंगे ...


5 दिन pahle......cinema हाल से निकने के बाद हॉस्पिटल

Dr.....Dr....Dr.......

डॉक्टर्स की टीम और स्टाफ भागते हुवे आया जिन्हे मधु ने पहले हे इन्फॉर्म कर दिया था ......

पीछे सिनेमा हॉल मई ....

गुनशॉट्स की आवाजे गूंज रही थी ...और अंदर वो शख्स बचता हुवा चीरे जा रहा था सबको उसका हर वार सरीर पर एक गहरा घाव देता जा रहा था ... चारो तरफ खून हे खून फैला हुवा था पर वो सबके बिच सबको गाजर मूली की तरह काटे जा रहा था

अन्थोनी--- ये मरता क्यों नहीं .......मुझे भागना होगा वर्ण मैं भी नहीं बचूंगा ...फिर चिल्लाकर एक साथ टूट पदों इस पर ...

उस शख्स ने एक बार अन्थोनी को देखा और भाग कर उसकी पीठ पर एक पिन जैसी चीज से वार किया अन्थोनी गिरा तोह नहीं ....पर हल्का दर्द हुवा और बच कर वह बहार निकलने मई कामयाब हो गया ..

अन्थोनी--- कार चलते हुवे भगवन का सुखरा ह बच गया मुझे अब ये जगह छोड़कर छुपना होगा ......इस भूत ने आके सब बर्बाद कर दिया ....सेल पे गोलियों का भी असर नहीं हुवा ...इसलिए मेरे आदमी आजतक उसके घर नहीं पहुंच पाए...

तोह अंदर खड़ा वो शख्स नकाब के अंदर से muskaraya........kuch दिएर बाद सबको मार कर और जो बचे या घायल थे उनके पास चलता हुवा गया और उनकी गर्दन काट दी...

एक झटका तलवार को दिया जिसे तलवार पे लगा खून साफ़ हो गया और वापस उसी अँधेरे मई गायब हो गया ....जैसा उसका कोई अस्तित्व हे न हो ...


इन हॉस्पिटल .....

शिवानी जिन्दा थी या नहीं ये पता नहीं था मधु श्वेता रिंकी को .....वो बस रोये जा रही थी......

शिवानी और मनीषा को सीधा ओट मई लेके गए थे वो तीनो हे बहार गेट से अंदर देख कर सिसक सिसक कर रो रही थी और यही हाल छोटी सी जहान्वी का बी था उसने बी कुछ दिन पहले हे ये सब देखा था ....इसलिए वो भी ये सब समझती थी....


दस मिनट बाद हे पुलिस के साईरन गूंज उठा और ... नीली बतिया एक के बाद एक गूंज ठी..

राजीव--- भागते हुवे अंदर आया......

रिंकी भाग कर अपने पापा के गले लग गयी...

Rinky...pa..papa..wo ..wo...shivani...dii..shivani..dii..ko...goliii...uski साँसे बी रोने के कारन उखाड़ने लगीई ....

राजीव ने अपनी बेटी को शांत कर मधु के पास बिठाया और श्वेता के पास गए जो रट हुवे बस ओट के अंदर हे देख रही थिई .......राजीव ने उसके सर पर हाथ फेरा पर श्वेता ने कोई मोमेंट नहीं दिखाया वो बस अंदर हे देखे जा रही थी .....

उसके मन मई बहुत कुछ चल रहा था ...टाइम बीतता गया एक ऑवर निकल गया ....श्वेता बिलकुल नहीं हिली ...

2 ऑवर बिट गए .....

पुरे हॉस्पिटल मई पुलिस हे पुलिस थी ...बिना चेकिंग किसी को अंदर नहीं जाने दिया जा रहा था.....


फिर भी एक कला साया बिल्डिंग की छठ पर दीवार के कोने से निगरानी कर रहा था .......उसकी नज़र चारो तरफ थी ...अभी वो निगरानी कर हे रहा थी की ek...bhari बाइक की आवाज उस रात के अँधेरे मई गुज gayi....aur मैं गेट पर पुलिस वालो ने उसे रोकने की कोसिस की पर ...वो नहीं रुकी और हॉस्पिटल की मैं एंट्रेंस पे तेज़ ब्रेक से आवाज हुवी और बाइक फिसलती हुवी रुकी ...पुलिस वालो ने गन तान दी पर पीछे बैठे शख्स के कंधे पे 3 स्टार देख कर सबने गन नीची कर ली आगे वाला शख्स सीधा अंदर भागता हुवा गया और उसके पीछे वो साथ आया ..... रिसेप्शन से जानकारी लेके वो सीधा 5 फ्लोर पर सीढ़ियों से गया और सामने का हॉल देख उसके कदम रूक गए वो गल्लारी पूरी पुलिस से प्रोटेक्टेड थी वो आगे धीरे धीरे चलता हुवा आया पुलिस वाला रोकने भाड़ा तोह उसे इशारे से मन कर दिया gaya....wo चलता हुवा आगे आया ...और एक बार मधु तोह एक बार दिव्या की गोद मई लेती जहान्वी को देखा जो सो गयी थी उसके आँखों के किनारे सूखे आंसुओ के निशान the....jo उसके दिल मई किसी तीर की तरह लगे ...वो आगे बढ़ गया जंहा बेंच पर रिंकी राजीव के कंधे पे सर रख कर बैठी हुवी थी ....उसे सामने एक लड़की कड़ी दिखी जो अब भी ओट के अंडर हे देख रही थी और आगे पीछे हो रही थी ...राजीव ने पीछे उसके कंधे पे हाथ रखा और उसे आगे जाने का इशारा kiya....raj आगे बढ़ कर श्वेता को पकड़ लिया और उसे अपने सीने से लगा लिया ....श्वेता जो अभी तक गुसाई और आंसुओ से भरी थी अपने भाई की भंहो मई बिलक बिलख कर रो पड़ी ......कुछ दिएर बाद राज ने उसे बैठाया और चुप कराया और रिंकी को ख्याल रखने को bola....ar खुद चलकर ओट का दरवाज़ा खोलकर अंदर चला gaya...janha शिवानी लेती हुवी थी और उसकी गोली निकल कर पट्टी कर रहे the...uska खून शिवानी के अस्सपस्स फैला हुवा tha.......Khun की बॉटल उसे चढ़ाई जा रही thi....har पल इंटेंस सिचुएशन मई भी मुस्कराने वाली लड़की का फूलो सा चेहरा मुरझाया हुवा था....

डॉ--- पलटकर आप ..

Raj—kaisi ह अब ....

डॉ--- 24 ऑवर बहुत क्रिटिकल ह 24 ऑवर निकाल दिए तोह वो बच जाएँगी इनका खून बहुत बाह गया h.....ab तोह ऊपरवाला हे कुछ कर सकता ह ...

इतना कह कर डॉ चला गया और राज शिवानी के पास गया और शिवानी को देखने लगा...

नर्स – सर हम शिफ्ट करदे फिर आप देख लीजियेगा अभी आप प्लीज बहार जैइए...

राज बहार आकर मनीषा की तरफ चला गया जंहा वो गहरी नींद मई बीएड पे लेती हुवी थी उसके पास नर्स बैठी थी राज उसके पास बैठ गया ..

राज तुमने आज फिर साबित कर दिया की तुम एक बहुत बहादुर लड़की हो जरूर पिछले जनम मई तुम्हारा मेरा रिस्ता रहा होगा जो आज इस जनम तुम हर बार बचने के लिए अपनी जान डाव पर लगा देती हो ....पर मैं तुम्हारी जान को झोकीम मई नहीं दाल सकता हु ......


10 हॉर्स ......

12 हॉर्स

14 हॉर्स

16 हॉर्स ...

20 हॉर्स बीत गए किसी ने कुछ नहीं खाया था सब बस शिवानी की चिंता लेके बैठे थे....

30 हॉर्स बीत गए ...

शिवानी को होश नहीं आया था ....सोनाली और जोगिन्दर भी पहुंच चुके थे सबने राज को मानाने की बहुत कोसिस की कुछ खले पर उसने किसी को कोई रिएक्शन नहीं दिया ....वो अपने आपको गिलटी महसूस कर रहा था उसे यही लग रहा था की उसी की गलती thi....wo हॉस्पिटल के बहार की तरफ चल दिया ....सोनाली उसके पीछे आयी तोह उसने हाथ के इशारे से रोक दिया और कुढ़ बहार आगया और कुछ ढूंढने लगा उसे कुछ दुरी पे 2आदमी दिख गए ....

Raj—unhe गुसाई से देखने लगा....

आदमी--- मास्टर ये आपके लिए ह....

एक लिफाफा राज को दोनों देकर वापस अँधेरे मई चिप गए .... सिक्योरिटी के liye...Raj वापस आगया ...लिफाफा लेकर .....सोनाली ने राज का पीछा किया था उसे वापस अत देख वो बी अंदर आगयी थी ....

सोनाली--- 30 ऑवर से तुमने कुछ नहीं बोलै आखिर चल क्या रहा ह .....तुम्हारे दिमाग मई .....

Raj—bus देखता रहा .......

40 हॉर्स निकल gaye......Par शिवानी को होश नहीं आया था .....

पर मनीषा को होश आगया था वो बोल नहीं प् रही थी मु पर लग गयी थी इसलिए

सब यही दवा कर रहे थे की शिवानी को कैसे भी होश अजय....

जहान्वी भी जो हॉस्पिटल हे थी वो भगवन के मंदिर मई हाथ जोड़कर बैठी थी और भगवान् से बात कर रही....

भगवन मेरी आंटी को तीख कार्डो न वो बहुत अछि ह वो मुझे रोज अपनी पुलिस की गाड़ी मई घूमती ह ...शामको चॉकलेट लाती ह ...आप उन्हें तीख कर दीजिये मैं आपकी साडी बाते मानूंगी प्लीज आप उन्हें तीख कर दीजिये .....वो मेरी सबसे अछि आंटी h...please गॉड...

पता नहीं किसकी दूवये रंग लायी पर शिवानी की ऊँगली हिलने से मचिनेस साउंड करने लग गयी...

डॉ की पूरी टीम अंदर भागी और हाफ ऑवर बाद ....

डॉ--- क्रटिकल स्टेज से सर्वाइव कर गयी ह जो बहुत मुश्किल tha....isai आप चमत्कार हे कह सकते ह जो मौत के मू से बच कर आयी h...ap उन्हें देख सकते पर बोलने मत दीजियेगा.....

सोनाली जिसकी आँखों मई आंसू थे उसने आंसू पूछे और वो अपनी बहन से मिलने गयीईइ

शिवानी जिसकी आंखे खुली थी उसने सोनाली को देखा फिर अपनी नज़ारे झुका li....wo कुछ बोलना चाहती थी पर सोनाली ने बोलने हे नहीं दिया और चुप करा दिया...

सोनाली--- बस रेस्ट कर कुछ मत बोल तीख होकर जितनी मर्जी बोल लेना.... मेरी बहन ....ी म प्राउड ऑफ़ you...aur उसका सर चुम लिया


सब बरी बरी मिले और अंत मई राज गया और शिवानी के पास बैठ gaya.....aur धीरे से शिवानी का हाथ अपने हाथो मई ले liya....aur शिवानी को देखने लगा ....वंही शिवानी की नज़ारे जो अब तक सबको देख रही थी राज के सामने उसकी आंखे झुकी हुवी थी ....वो राज की तरफ देख बी नहीं रही थी जिसे राज को और गिलटी महसूस होना लगा ...और उसकी आंखे भीग गयी ....और उन्ही भीगती आँखों से bola...ap वापस सोनाली के पास चली जाइये मेरे पास बहुत खतरा ह ...आप कुछ नहीं जानती ह मेरे बारे mai....mujse जितना दूर रहोगी उतना ाचा hoga.......ap एक वीक मई यंहा से डिस्चार्ज हो जाओगी सो प्लीज आप चली जाना दिल्ली ये सब सोनाली दूर कड़ी देख और सुन रही थी राज जैसे हे खड़ा हुवा ...उसने देखा शिवानी ने उसका हाथ पकड़ रखा ह और वो उसे हे देख रही ह उसकी आँखों मई भी आंसू the.....raj वापस बैठ गया शिवानी के होठ धीरे से khule......aur कहा ी म सॉरी .....मैं सबको प्रोटेक्ट नहीं कर पायी .....

Raj—bilkul आंसू नाहीईई अपने जो किया ह वो कोई और कभी नहीं करता .....आप प्लीज रेस्ट कीजिये ी म सॉरी तू यू की मैं आपको प्रोटेक्ट नहीं कर पाया......

शिवानी ने राज को पास आने का इशारा किया और राज जब अपना चेहरा पास लेके गया तोह boli.....meri एक खाविश ह ....

Raj—shivani को देखते हुवे ...आप पहले तीख हो जाइये...

शिवानी बिच मई हे उस कुत्ते को मैं मरना छाती हु अभी .....

Raj—ap पागल हो गयी ह .....आपकी हालत देखि ह .....आप अभी मौत के मू से आयी ह ..आपकी बहन वंहा कबसे दुखी ह आपके लिए ..

शिवानी नहीं मुझे उसे मरना ह तब मुझे चैन milega....usne जो बाते कंही थी हमारे लिए वो जला रही ह मुझे चूब रही ह मुझे ....उसे मरना ह ......

पीछे से सोनाली ने उसके कंधे पे हाथ रखा और गर्दन है मई हिला दी.....

राज ने एक बार सोनाली को देखा और फिर शिवानी को देखा ....और बहार चला गया ...और सीधा मनीषा के पास गया जंहा रिंकी और मधु बैठी हुवी थी ....मनीषा की भी हालत मई सुधर हुवा था ...

Raj—ya तोह पिछले जनम तुम मेरी बीवी रही हो या मेरी बहन या गफ या कुछ और पर इतना सायद सदियों पुराण तेरा मेरा रिस्ता ह .,.

मनीषा उसे देखती रही उसे समाज नहीं आया की क्या कहना चाहता ह वो....

राज जिसने ये किया ह न वो बिख मांगेगा तुमसे अपने किये की....

मनीषा ने गर्दन हिलाड़ी और बोली ....मुझे उसकी मौत देखनी ह ....

राज ने उसे देखा और बहार की तरफ चल दिया .....

राज के कदम जैसे बहार उठे उसके चेहरे के एक्सप्रेशन बदल गए गल्लारी मई उसके कदमो की आवाज के साथ एक आवाज और मिल गयी फिर दूसरी आवाज और फिर तीसरी आवाज मिल गयी और फिर चौथी आवाज भी मिल gayi....raj के कदम आगे भड़ते जा रहे थे तोह उसकी एक तरफ अभय और अज्जू थे तोह एक तरफ राजवीर और shurutii....aur राज ने पॉकेट से लिफाफा निकला और अज्जू को दे दिया ....

और बहार आकर बैठ गया .....किसी के भी कुछ समाज मई नहीं aya....raj शांति से 20 मिनट आंखे बंद किये बैठा रहा........


Anthony---yanha मुझे कोई नहीं ढूंढ पायेगा ाचा हुवा जो बिना रुके हे मैं सीधा यंहा आगया 100 कर खर्च कर यंहा इसीलिए हे ये सब बनवाया था ताकि कोई बुरा वक़्त ए तोह मैं यंहा कुछ वक़्त चिप सकू... यंहा मेरी ीचा के बिना परिंदा बी नहीं उड़ सकता ह तोह इंसान के आने की तोह दूर की बात ह ... ....अपने एरिया की सिक्योरिटी देख कर वो बहुत संतुस्ट हो गया था और अंदर चला गया मौज मस्ती करने ....

अन्थोनी के 50 गार्ड और 10 स्नाइपर बहार और 10 बॉडी गार्ड अंदर मौजूद थे और उसका किसी को भी पता नहीं था इसलिए बेहद संतुस्ट था वो .....


एक वर्क शॉप मई काम चल रहा था जैसे कुछ बहुत जरुरी हो 5 जाने एक जगह और 5 जाने एक जगह किसी चीज मई चंगेस कर रहे थे .....

उन सब के सामने बैठा शख्स धयान से सब देख रहा tha.....pata नहीं क्या चल रहा था उसके दिमाग मई ...जो उसके चेहरे पे बिलकुल नहीं दिख रहा था ....ये बिलकुल वैसा हे tha....jaise...


साइलेंस..... बिफोर थे स्टॉर्म.........

3 ऑवर बाद .....

दोने सर .......

गुड तुम्हारी पेमेंट 5 मिनट मई ट्रांसफर हो जाएगी .....और वो मूड कर खड़ा हो गया और घूम कर हाथ घुमय और काउंटिंग का इशारा कर दिया.... ..जिसका मतलब समाज वो सब निकल गए .......


मॉर्निंग 5 ऍम.......

देहरादून की सुभे गड़गड़ाहट के साथ साथ सुरु हुवी सुभे की शांति हवा मई उड़ते हुवे 2 हेलिकोप्तेर्स की गड़गड़ाहट ने भांग कर दी थी जो बेहद तेज़ गति से उड़ चले थे





............कितनी दिएर हवा मई रहे कोई अंदाज़ा नहीं था जब निचे का व्यू दिखा तोह एक आइलैंड दिखा बिच समुन्द्र मई





जैसे हेलिकोप्तेर्स एंटर हुवे उनके निचे से 3 बोट समुन्द्र मई पानी के ऊपर तेज़ गति से पानी को चीरते हुवे दिखी जिसपर मौजूद 15 जानो की टुकड़ी बेहद हे खतरनाक लग रही थी ... हैवी मशीन गन उनकी बोट के आगे लगी हुवी थी ....





ऊपर उड़ रहे दोनों हेलीकाप्टर आइलैंड के चारो और चक्कर लगाने लगे ....उनकी आवाज से आइलैंड गूंज उठा अन्थोनी जो अपनी 2 टैंगो के बिच मई किसी के होतो के स्पर्श से आसमान मई था वो जल्दी से बहार आगया उसकी समाज मई कुछ अत तभी बोट के आगे लगी हैवी मशीन गन घुन uthi....aur आइलैंड के आउटर मई खड़े गॉर्डस को चीरने lagi........har तरफ से बारिश रही गोलिया किसी बी सामने आने वाली चीज को भेद टी हुवी जा रही थी........5 मिनट बाद फायरिंग रुकी तोह अन्थोनी वल्कि तल्खी से गुरया मादरचोद स्नाइपर क्या कर रहे ह ....

तभी समुन्दर के किनारे हलचल हुवी और पानी के निचे से अलग किनारे कुछ आदमी बहार ए और चुप चाप आइलैंड मई एंट्री कर अपनी अपनी पोसिशन्स पे बैठ गए ....उनका टारगेट छिपे हुवे स्निपर्स थे ...तभी हेलिकोप्तेर्स मई लगी मशीन गन्स गूंज उठी और ुनगिनांत गोलिया जंगल मई दागने लगी और इसी का फायदा उठा के समुन्दर से ए स्निपर्स ने अंदर छिपे हुवे स्नाइपर को मार गिराया ....सिर्फ तभाही हे तभई दिख रही थी चारो तरफ ...अंदर अन्थोनी जो ये सब देख रहा था उसके दिमाग मई बस यही गूंज रहे थे कौन और कैसे .....वो बिलकुल दर गया tha.....usai समाज हे नहीं ारः था की इतना पावर फुल कौन h.......boats इलैण्ड पर पहुंच चुकी थी सब आदमी अलग दिशि से फायरिंग करते हुवे आइलैंड मई एंटर होकर मरते हुवे अंदर आरहे थे .....

कुछ दिएर बाद हाथ का इशारा हुवा हेलीकाप्टर को और दोनों हेलीकॉटर निचे लैंड हुवे और उनमे से सबसे पहले कदम रखने वाले को देखकर अन्थोनी के सरे छेद खुल गए .....

अन्थोनी चिल्लाया टूउउ ....ये नहीं हो सकता ह तू कैसे .....

सामने से है मैं मक क्या सोचा तू चिप जायेगा ....मुझसे तुजे सिर्फ मौत हे छिपा सकती h.....fir हेलिकोप्तेर्स के गेट ओपन हो गए और एक स्ट्रेचर निचे उतरा गया जिसपर शिवानी लेती हुवी थी ....जिसकी आंखे अन्थोनी को देख गुसाई से जल रही थी ...फिर दूसरे हेलिकोप्तेर्स से स्ट्रेचर बहार आया ...जिसपर मनीषा थी ......और दोनों हे कमजोर थी पर उनकी विल उनका दिल चीक चीक के कह रहा था की अन्थोनी को अपने हाथो से मरना ह .....

अन्थोनी--- गन लेकर पावर दिखता ह....

Raj—jab तुज जैसा लड़कियों पे चुपके वार कर सकता ह तोह मैं क्यों नहीं गन दिखा sakta....be फिर भी जा तुजे एक मौका दिया हरा दे मुझे और चला जा ....

अन्थोनी--- तू तेरी बात से हटेगा तोह नहीं ..

Raj—gardan हिला कर बिलकुल नहीं.....

अन्थोनी ने अपने बॉडी गॉर्डस को इशारा किया बॉडी गॉर्डस आगे भाड़े हे थे की एक गन शॉट फायर हुवा और एक का भेज खरबूजे की तरह फैट गया ...

अन्थोनी--- तू तेरी बात का पका नहीं ह..

Raj—nahi shuruti...Inko दर्द होगा और इनकी हालत देख वो डरेगा ...इसे बहुत शोक ह औरत को बिस्तर मई गर्मी देखने का ...

अन्थोनी--- मारो...

राज ने पीठ मई से खंजर निकल लिया ...और आगे आरहे की झांग मई घोप दिया जो पूरा आर पार हो गया उसे निकल पीछे आरहे दूसरे के पेट मई लगातार कई बार घोप दिया ....और उसे छोड़ पीछे आरहे के वार को डॉज किया और एक हाथ से उसकी गर्दन पकड़कर उसके सीने मई लगातार वार करते हुवे आगे भड़ता रहा 2 और भाग कर राज ने उनके वार को डॉज किया और निचे बैठकर खंजर से लगातार कट मरता हुवा ऊपर आया और लास्ट ऊपर आ कर वार 2no की गर्दन पे kiya....aur अन्थोनी को देखने लगा निचे पड़े हुवे एक के कपड़ो से खंजर को साफ़ kiya....baki भागने लगे तोह गुनशॉट्स फायर हुवे और उनसब के भेजे खुल गए ...राज ने पलट के देखा तोह अज्जू षुरूति सोनाली ने गोली चकई थी ...

अन्थोनी--- तेरे पास हथियार ह और मैं निहथा

Raj—pata ह गुसा तोह इस कदर हु मैं की तुजे यही चीयर दू तेरी आतड़िया अपने हाथ से निकल दू तेरा काट के तेरी गांड मई दाल दू पर तूने क्या कहा था औरत की जगह बिस्टेर मई होती ह ....ये कड़ी ह इसे हरा दिया ...तू जीत गया कोई बिच मई नहीं आएगा मेरा वडा ह राज का वडा..

पलटकर आपकी बहन और एक औरत की ताकत क्या होती ह इसे दिखा देना आज कोई बिच मई नहीं आएगा ...आपको बचने बी कोई नहीं आएगा ...आज ये लड़ाई एक औरत की ताकत और सामान और बदले की ह ...

सोनाली ने अपनी गन को फेंका और शिवानी मनीषा की और देखा और चल डीई अन्थोनी की तारा तोह अन्थोनी भी सामने से हाथ को हिलाते हुवे आगया उसे यकीन था की वो एक औरत को तोह हरा हे लेगा ...

सोनाली और अन्थोनी आमने सामने हो गए अन्थोनी ने खींचकर किक मरी सोनाली ने ब्लॉक किया पर किक इतनी स्ट्रांग थी की हाथ झनझना गए सोनाली के और 2 कदम पीछे खिसक गयी ....अन्थोनी ने दुबारा से वार किया सोनाली जैसे हे झुकी अन्थोनी ने मू पर घुटना मार दिया सोनाली पीछे दर्द से कराहते हुवे गिर गयी ...अन्थोनी आगे चलता हुवा गया और सोनाली के बाल पकड़ के उठाने लगा बाल खींचने की वजह से सोनाली को दर्द हुवा और अन्थोनी ने एक मुक्का ब्रैस्ट पे मार दिया जिसे सोनाली की चीक निकल गयी और अपनी चाहती मसलने लगी....

Raj—agar यही करना ह तोह मेरे साथ आप कड़ी नहीं रह पाओगी ये तोह सिर्फ सुरुवात ह ....

सोनाली को ये सब्द तीर की तरह लगे ....और लगते क्यों नहीं राज ने जो कहा उसे ये साफ़ दिख रहा था की सोनाली का साथ राज के साथ लम्बा नहीं ह....

अन्थोनी दुबारा आगे आया तोह आँखों मई दर्द और अपनी पूरी ताकत लगाके उसके जबड़े पे मुक्का मार दिया ....अन्थोनी 3 कदम पीछे गया और रुका और मू से खून थूका ....और गुसाई से आगे बढ़ गया सोनाली ने दुबारा हाथ घुमाकर मरने की कोसिस की तोह अन्थोनी ने हाथ पकड़कर दूर फेंक दिया पर सोनाली ने उफ़ तक न की वो बहुत जोर से गिरी थी राज की मुठिया कासी हुवी थी ये सब देख कर उसकी आँखों मई खून उतरा हुवा था पर उसने कोई रियेक्ट नहीं किया और यही हाल शिवानी और मनीषा का था जिनकी पल्स रेट तेज़ हो गयी थी ..

अन्थोनी ने नई निचे पड़ी हुवी सोनाली को लात मरने की कोसिस की तोह उसने हाथ से रोक लिया और पेअर से उसके पेट मई किक मरी और दर्द से कराहते हुवे कड़ी होकर अन्थोनी के पेट मई लगतार पंच मरने लगी .... अन्थोनी को दर्द हुवा तोह उसने एक कोहनी पीठ मई मर दी और सोनाली घुटनो पे आगयी ......अन्थोनी मुस्कराता हुवा उसे देखने लगा ....

पर सोनाली के दिल और दिमाग मई अलग हे कसमकस चल रही थी की तू हार नहीं सकती सोनाली तूने दादाजी से वडा किया था की तेरी साँस जबतक चलेगी तू राज का साया बन के रहेगी .....

और इसी वेड ने वो आग जलने वाला काम किया सोनाली ने अन्थोनी के अंडो को अपने हाथ मई पकड़ लिया और दबा दिया कसके जिसे 6 फ़ीट दानव जैसे शरीरवाले अन्थोनी की बी दर्द से हालत ख़राब हो गयी उसने सोनाली के मू पर पंच मारा पर उसने उफ़ तक न की उसने दुबारा मारा फिर मारा पर हर वार के साथ उसकी पकड़ और कस्ती गयी और फिर अन्थोनी ने नहीं सोचा था वो हुवा सोनाली ने अपना सर अन्थोनी के मू पे दे मारा ...और अन्थोनी की नाक से खून फुट पड़ा फिर सोनाली ने उसके ांडो को छोड़ लगातार उसके मू पर पंच मरने लगी ....अन्थोनी ने जवाब मई पंच मरे पर सोनाली तोह जैसे पगला हो गयी थी वो लगातार उसे मारती गयी अन्थोनी घुटनो के बल आगया .....

सोनाली उठ मादरचोद उठ लड़ मुझसे और एक घुटना उसके मू पर मार दिया जिसे अन्थोनी छीकता हुवा निचे लेत गया अन्थोनी बुरी तरह दर्द से बिल बिला रहा tha....sonali उसकी चेस्ट पे बैठ गयी और उसके हाथ को घुटनो के निचे दबलिये और लगातार मुक्के मरती रही कितने मुक्के मरे पता नहीं उसे सब उसे हे देख रहे थे...

सोनाली उठ मक दिखा गर्मी दिखा न ...भड़वे सेल ...

फिर उसको घसीट कर राज के सामने फेंक दिया और बोली ....और राज की कलर पकड़कर उसकी आँखों मई देख कर बोली तुम भी सुनलो अचे से न मैं कमजोर हु न डरपोक अगर दुबारा ये बाते बोली तोह मुझसे बुरा कोई नहीं होगा ...दो ु अंडरस्टैंड ......

राज सिर्फ सोनाली को देखता raha..phir उसने गन निकली और शिवानी के पास गया और उसके हाथ मई थमा दी और सपोर्ट दिया एक गन शॉट हुवा जो सीधा सीने मई लगा

शिवानी की आँखों मई से आंसू गिरने लगे और यही हाल मनीषा का भी था पर ये आंसू खुसी के थे...

आज के किये इतना हे ....

लाइक्स और रेवोएस देना न भूले.


 
साइलेंस बिफोर थे स्टॉर्म पोस्टेटड

अपडेट 106:डिक्लेअर:क्लिक हेरे

अपडेट 107 ों


Wednesday...Tabiyat ख़राब ह
 
मदर को दिखने गया था इसलिए डिले हो गया
 
अपडेट टाइमिंग वेडनेसडे 10.30 पं

हेल्प में
 
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