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मोरे एंड मोरे देलेक्टेबले अपडेट 185…….
War……countdown……begins
11….उपदेट्स तू लेफ्ट
दादाजी — हो गयी पूजा….
सभी ने है मई सर हिलाया और दादाजी का आश्रीवाद लिया..
दादाजी - जग जग जियो मेरी बच्चियों भगवन तुम्हारी जोड़ी बनाये रखे …तुम्हे तुम्हरा मनवांछित जीवन साथी मिले ….
राज ने दादाजी को ऊपर से निचे तक देखा फिर गोल गोल घूमकर चारो तरफ से dekha…par उसे कुछ नजर नहीं आया क्योकि …जिस हाथ से तलवार रोकी थी उस हाथ को उन्होंने अपने कुर्ते की पॉकेट मई दाल रखा tha….isliye राज चोट नहीं देख पाया…
दादाजी — अब देख लिया हो तोह chale…..phir राज के साथ चलते हुवे तुम्हारी उम्र मई तोह मैं अपनी बगल मई दबा के मसल दिया करता था इतना को…
राज — अब आप वैसे नहीं रहे ह …और मैं माँ को बताने वाला हु अपने आज फाइट kari….phir देखूंगा आपकी ताकत…
दादाजी — अरे यार क्यों मेरा बप बढ़ा रहा ह उसे बताकर…..
राज — है है है …बड़े ए बगल मई दबा कर मरने wale…maa से दर गए …
दादाजी — बीटा जी हंस लो मेरा भी वक़्त आएगा फिर मैं हंसूंगा तुम पर….
राज-- ाचा दादाजी मुझे मेरी बाइक से आना ह अजौ ….आपके साथ हे चलूँगा …
दादाजी — है है क्यों नहीं….
पर पीछे सुनील जो अपनी बहनो के बिच मई साथ चलते हुवे ारः था उसने के देने से साफ़ मन कर दिया…..
Aur….raj को कार मई ….इस बार भी ऋचा के साथ हे बैठना pada…car मई काफी दिएर चुप्पी रही फिर राज को ऋचा को मारा थपड याद आया और उसने धीरे से अपना हाथ ऋचा के गाल की तरफ किया …ऋचा ने कोई रिएक्शन नहीं दिया ….राज ने देखा गाल लाल अभी भी हो रखा था…
राज “ ी म सॉरी”
ऋचा “ हक़ जताया इसलिए ,या बुरा लगा की तुम्हारी जगह मैं ऐसा करती इसलिए….”
राज कुछ दिएर चुप रहा और फिर बोलै “मैंने बहुत बार तुम्हे कहना चाहा ….पर जबरदस्ती का रिश्ता और प्यार की नीव बड़ी नहीं होती ह इसलिए मैंने तुम्हारी खुसी के लिए कुछ नहीं कहा और जिसमसी तुम्हारी खुसी थी वो होने दिया …”
ऋचा गुसाई से राज का कलर पकड़ कर “ मेरी khusi……are क्या पता था मुझे ….बस खाने की खुसी घूमने की खुसी पैसो की ख़ुशी इससे जायदा क्या पता था muje…tumhare जितना सहा होता तोह सायद खुसी pahchanti…agar पता होता की सच्ची ख़ुशी क्या होती ह तोह ऐसी हालत मई होती आज मैं… बात करते हो ख़ुशी की… पर कोई शिकायत नहीं ह tumse…ab मेरे दिल मई जो ह वो कर रही हु …बचपन मई तुम्हारी माँ जो मेरी भी बचपन के रिश्ते से माँ ह उनकी ीचा पूरी karungi….chahe तुम मुझे अपनाओ या नहीं और तुम मुझे विद्या माँ की ख्वीश पूरी करने से रोक नहीं सकते हो क्यों की लागल्य तुम और मैं दोनों हे विद्या ग्रुप ऑफ़ हॉस्पिटल्स के ओनर ह तो तुम मुझे किसी भी तरह मापापा की ीचा पूरी करने से रोक नहीं सकते हो समझे….”
राज ऋचा को देखता रहा पर कुछ नहीं बोलै ….और ऋचा ने भी राज का कलर छोड़ दिया और उसे अपने हाथो से तीख करने lagi….aur बोली “ ी म सॉरी….”
दादाजी की कार मई —
सोनाली “ दादाजी एक सवाल ह …पुछु …”
दादाजी “ सोना बिटिया को कब से परमिशन लेनी पद गयी …बेहिचक पूछो”
सोनाली “ वो पंडितजी ने कहा हमारी ये एक साथ दूसरी पूजा ह इसका क्या मतलब ह मैं तोह ऋचा से हिमाचल और पूनम से अभी मिली हु…”
दादाजी के चेहरे पर बड़ी सी मुस्कान आगयी और उन्होंने साइड मई बैठी पूनम को देखा जिसने नीची गर्दन कर राखी थी जैसे उसकी चोरी पकड़ी गयी ho…phir वो बोले “ लगता ह पूनम बेटी ने तुम्हे कुछ नहीं बताया ह …”
सोनाली पूनम की तरफ देखते हुवे “क्या नहीं बताया ह पूनम ने “
दादाजी “ है है है ….यही की पूनम तुम्हारी बचपन की गुड़िया ह जिसे तुम अपने साथ लेजाने की जिद कर रही थी “
सोनाली हैरानी क्या …मैं कुछ समझी नहीं
दादाजी “ तुम्हारे पापा ऋचा और पूनम के पापा अचे दोस्त थे और तुम्हारे बर्थडे पर ऋचा राज पूनम तीनो तीन पलने मई थे और तुम बस थोड़ा सा बोलना सीखी थी …तब इन तीनो को देख तुम बहुत खुस हुवी और तुम्हारे पापा ने कहा था ये रहा तुम्हारा गिफ्ट और तुमने ….तीनो को खूब झुलाया था और इतना झुलाया की केक काटने के के बाद खेलते खेलते …पूनम के साथ पलने मई हे तुम्हारी जिद की वजह से तुम्हे सुलाना पड़ा ….और ये बात पूनम को पता h…isliye मैंने कहा क्या तुम्हे नहीं बताया पूनम ने …
सोनाली पूनम को घूरकर देखने लगी…
“दादाजी दी अब दी बड़ी हो गयी ह …अब गुड़िया से जायदा गुड्डे की जरुरत ह इन्हे …..गुस्सा नाक पर बैठा रहता ह इनके ….”
सोनाली “ मार कहानी ह “
दादाजी “ बात तोह सही h….tumhari….”
सोनाली” दादाजी “
भीमा भी बोल पड़े“ सोना बेटी शादी की उम्र तोह हो गयी h…bhul गया वर्ण ऊपर पंडितजी से हे समय कुंडली …सब पूछ लेता “
बस भीमा के कहते हे सब हंस पड़े और सोनाली चिढ़ते हुवे बोली “ भीमा चाचा सबसे पहले अब मैं आपकी शादी करवाउंगी फिर करुँगी …
भीमा “ तीख मुझे कोई दिकत नहीं पहले तुम शादी की डेट फिक्स करो“
सोनाली झुंझलाकर “ आप “ फिर खुदसे हे मन मई …वो चुटिया है तोह करे …मैं तोह आज हे सुहागरात मन lu…sala घमंडी …भाव खता h…kutta …कमीना….
रात के 9.05 बजे सब हवेली वापस पहुंच गए जंहा शांति सी थी ….
राज “इतनी शांति क्यों ह सब कान्हा ह”
छोटी चची “ लो खुद ने हे कहा था न की खेतवाले घर मई रुकेंगे सब कबसे तुम्हारा वेट कर रहे ह वंहा…”
राज “ है मैं तोह भूल हे गया था “
छोटी चची “ और तुम तीनो भी जाओ …ड्रेस चेंज करलो साथ हे चले जाओ वंही और रात को वंही रुकना ह”
कुछ दिएर baad….pancho एक साथ पैदल हे निकल पड़े खेत की तरफ ….
सुनील राज ऋचा तीनो आगे थे …
सोनाली “ तुमने बताया क्यों नहीं”
पूनम “ क्या नहीं बताया मैंने “
सोनाली “ नाटक मत करो यही की तुम मेरी गुड़िया हो “
पूनम “ 5.6 फ़ीट हिघ्त हो गयी कान्हा से गुड़िया दिखती हु आपको”
तभी पूनम को दर्द हुवा … “ आह्ह्ह्हह …ऐसे भी कोई करता ह”
सोनाली “ तुजे सब पता था फिर भी तू मुझे उलटे जवाब दे रही थी”
पूनम “ नहीं मुझे आज हे पता लगा और कल जो कहा वो जो दिखा वो कह दिया “
सोनाली कुछ नहीं बोली …साथ चलती rahi…uske मन मई ख्याल था की क्या वाकई पूनम राज को प्यार करती ह पर वो सीधी पूछ नहीं सकती थी….
सोनाली “ बचपन के बाद हम चारो आज साथ हुवे ह….
पूनम “ साथ हुवे …मुझे एक गुस्सैल दीदी मिल gayi….jo हमेशा भड़की हुवी रहती h….pata नहीं भगवन कौनसी दुस्मनी निकलकर एक हिटलर दीदी दे दी” इतना कह वो आगे भागने लगी…
सोनाली “ कहा तूने मई गुसैल हु रुक तुजे बताती हु …मुझे तंग करती ह..”
पूनम आगे भाग कर सुनील को पकड़ आगे कर लिया …
सोनाली “ सुनील हैट बिच मई से “
पूनम “ नहीं भाई हटना मत दीदी गुसाई से फिर से पागल हो गयी h…inki शादी करवाकर इन्हे जल्दी दूर भेजना होगा “
सोनाली “ हैट जा सुनील आज तेरी छोटी पकड़कर तुजे सुधरींगी सुनील हैट न”
सुनील “ par…pakad तोह आप दोनों ने रखा ह मुझे “
पूनम जीब निकलकर ीीे बड़ी आयी छोटी पकड़ने वाली और इतना कह राज के पीछे हो gayi…aur चिढ़ाने लगी…
राज बेचारा फिर बिच मई फंस गया …
इनकी नोख झोंक और बात करते हुवे तीनो खेत वाले घर पहुंचे janha…..pura माकन सजा हुवा tha….andar म्यूजिक की बीट्स आरही thi…aur सभी अंदर तैयारियों मई लगे हुवे थे और सबसे बुरी हालत शेरदिल की thi…jiski सभी ने मिलकर रेल बना राखी थी….
राज “ वह भाई लगता ह तुम सही जगह हो बहनो का प्यार बराबर मिल रहा ह”
शेरदिल “ भाई मैं तोह फसने वाला हे नहीं था …ये तोह सुनील भाई अकेले गायब हो गए …और मुझे फंसा diya….bus तब से कभी लाइट तोह …कभी मकड़ी के बचे हुवे जले …toh…kabhi बिस्टेर लगाना कर रहा hu…..aur रही सही कसार सबने मुझे झूला भी बना दिया ह सबको गोल गोल घुमाकर झूला भी देना पद रहा ह”
ममता “भाई “
शेरदिल “लो आगया फरमान आया आया “
राज है है है…
ऊपर रूफ से मनीषा की नज़र लाइट के उजाले मई राज पर पड़ी तोह उसके चेहरे पर बड़ी सी मुस्कान agayiiii….raj ने भी मनीषसे को मुस्कुराते हुवे देखा और सुनील को चिढ़ाते हुवे कहा ी लव you…manisha ने भी कहा “ लव यू टूओ
सुनील “ कुछ जायदा हे मज़े नहीं ले रहे हो तुम दोनों….
राज “नहीं तोह तुजे जलन हो रही ह”
मनीषा की नज़र सुनील की तरफ गयी ….सुनील की नज़र भी मनीषा से मिली और मनो जैसे मनीषा ने आँखों से हे थैंक यू कहा हो सुनील को और सुनील के चेहरे पर मुस्कान आगयी….
राज “ मिल गयी शांति”
बाकि सब दोनों को हे देख रहे थे….
सोनाली कान मई “ कहे तोह भाभी से मिलने का जुगाड़ कर दू”
सुनील पहले तोह है बोल गया फिर उसने देखा की ये तोह सोनाली की आवाज थी इसलिए वो हड़बड़ा और घबरा गया …सोनाली साइड से हुग करती हुवी “डरता क्यों ह मैं हु न आज बात करलेना रातको किसी को नहीं पता लगेगा …मैं सब संभल लुंगी”
पर ऊपर शिवानी अंजना अलग हे खिचड़ी पका चुकी thi….aur दोनों हे राज के साथ मस्ती करने वाली थी दोनों ने हाईड एंड सीक का गेम प्लान किया था और जगह भी पुरे खेत को सेट किया था दूर तक पूरी जगह हे जगह थी और उसी जगह मई दोनों अपनी मन की करने वाली थी गेंहू की फसल के बिच किसी को कुछ नहीं दिखना tha………..aur उनके इस इरादे से बेखबर सब अपने अपने काम मई लगे हुवे the….deepika से शिवानी को अंजना का राज के साथ कुछ कुछ रिश्ता पता चल गया था …और उसी का फायदा …शिवानी उठाने वाली thi…par ऐसा नहीं tha….ki वही सब प्लान किये हुवे थी ….सोनाली ने रात का प्लान कर चुकी thi…bachi ऋचा …उसे राज से उसके पास होने की कोई उम्मीद नहीं thi…aur पूनम उसके दिमाग मई सेक्स …किश… ऐसे ख्याल दूर से दूर तक भी नहीं the…wo तोह सबसे मिलकर बहुत खुस थी और सबकी हेल्प कर रही thi….aur राज sunil….sherdil सबकी थोड़ी थोड़ी हेल्प कर रहे the…raj के एते हे जहान्वी राज के कंधो पर बैठ gayi….aur उसको कभी घोडा बनाकर घुटनो पर चलने लगी तोह कभी खेलने लगी….10.30 पर पूरा काम हो गया तोह सब इक्खट्टा होकर बैठ गए….
शिवानी — आज की पूरी रात हमारी ह हम सबने एक गेम खेलने का डीएड किया ह…
सोनाली “और वो क्या ह…”
रिफत “ हाईड एंड सीक “
कविता “ जगह हम खेतो मई कंही भी चिप सकते ह “
सुनील “ भाई मुझे रेस्ट की जरुरत ह
शेरदिल “ अरे यार मेरी हिघ्त की वजह से मैं ऐसे हे दिख जाऊंगा इसलिए मैं यही सलाद वैगरह तैयार कर लूंगा और तुम्हारा एम्पायर बन जाऊंगा ताकि चीटिंग न हो …”
राज कुछ बोलता उसे पहले हे….
दीपिका “वो मज़ा आएगा बचपन मई हे खेला था हम सब साथ मई khelenge….kyo भाभी “
मनीषा “ ha…bilkul मज़ा आएगा “
अंजना ok तो कुछ रूल्स ह सिर्फ 2 के जोड़े मई हे चिप सकते ह और कोई भाई बहन या बहन दूसरी बहन के साथ नहीं छुपेगी ताकि चीटिंग न हो ok…simple रूल्स ह…
दीपिका ने धयान से अंजना को देखा अंजना के चेहरे पर चालक बिल्ली की मुस्कराहट और सिखारी क्र भाव थे जिससे देख दीपिका मन मई बोली “कामिनी अगर सोनाली भाभी को पता लगा तोह वो तुझे मार देंगी क्यों उलझ रही ह“
शिवानी ok दोने तोह सुरु करे …..तोह पहला टर्न किसका ह ….
शिवानी-- पहली टर्न सोनाली दी की h…sabse स्ट्रांग वंही ह…
सोनाली हहहह फिर मन मसोस कर मैं लाऊ ok जाओ चिप जाओ मैं 5 मिनट्स dungi….itna कहते हे सभी स्लैग अलग भागी …शिवानी राज “मेरे साथ चलो” अंजना नहीं “मेरे साथ….”
शिवानी नहीं मेरे साथ चलो तभी दीपिका ने अंजना को खिंच लिया ….और सभी छिपने के लिए दूर दूर भागे ….शिवानी जो पहले हे सब जगह जानती थी वो राज को दूर ले जा रही थी…
राज हम कान्हा जा रहे ह…
श्विनी “ अरे दी यंहा ढूंढ लेगी वंहा निम्बू के पेड़ ह छिपने की अछि जगह “
राज अरे ये तोह गेम ह…
शिवानी शरारती हंसी के साथ …है गेम हे तोह खेलना h….ab chalo…aur कौन मई एक जगह लेजाकर “ है ये जगह तीख ह”
राज ap…wo और कुछ बोलता उसे पहले हे शिवानी ने अपने होठो को उसके होठो …से जकड लिया …राज की आंखे फ़ैल gayi….raj ने शिवानी को पीछे किया …
शिवानी “ प्लेन की बात याद ह न …और वैसे भी मैं जायदा कान्हा मांग रही हु…
राज “ आप मरवाओगी कण्ट्रोल करो खुद पर “
शिवानी “ कंट्रोल इतना हक़ तोह ह हे मेरा” और उसने दुबारा राज को जकड लिया और किश करने लगी ….राज “ आप नहीं मानेगी न” शिवानी ने न मई गर्दन हिला दी राज पहले तोह झिझका फिर उसने भी कास के शिवानी को बांहो मई भर लिया और किश करने लगा …और किश करते करते “ बहुत गर्मी ह आप मई ” कहते हुवे अपने एक हाथ को शिवनानी के बूब्स पर रख दिया ..और अपने बदन पर पहली बार मरदाना स्पर्श पाकर …शिवानी के रोम रोम मई आग सी जल उठी ….राज किश के साथ शिवानी के बूब्स को मसलने लगा ….अब राज ने एक्ससिटेड होते हुवे शिवानी के टॉप मई हाथ गुसा कर बूब्स के निप्पल को दबाने लगा …शिवानी की साँसे फूलने लगी और उसकी टाँगे के बिच मई उसे गीला पैन और गर्माहट महसूस होने लगी …वो टांगो को आपस मई मसलने लगी… ताकि कुछ सुकून मिले पर अपने होठो पर और बदन पर राज के हो रहे प्रहार से हे उसका बदन उसके काबू से बहार होता जा रहा tha….shiwani का हाथ जब फिसलता हुवा राज के निचे गया उसकी हालत और ख़राब हो गयी राज का खड़ा हुवे लुंड का उभर महसूस करते हुवे उसकी छूट ने पानी तेज़ी से फेंकना सुरु कर दिया ….राज ने जैसे हे शिवानी को होठो को छोड़ो …तोह शिवानी आहे भरने लगी और उसकी आँखों मई तड़प और वासना की लाल डोरिया दिख रही thi….phir आगे जो राज ने किया शिवानी काँप उठी …राज ने अपना हाथ शिवानी की नाईट वियर लोअर मई दाल कर शिवानी की छूट पर रख दिया और दूसरे हाथ से उसकी टाइट गांड को पकड़ लिया राज शिवानी की आँखों मई देखने लगा ….और श्वानि तड़फड़ाने लगी..
राज “ बहुत पानी छोड़ रही h..aj निकल देता हु इसका पानी….”
शिवानी ने राज के सीने मई मू छुपाया तोह राज ने एक हाथ से शिवानी के बाल पकड़कर पीछे कर लिया और शिवानी की नशीले आँखों मई देखकर बालो को पकड़ होठो को बेदर्दी से दुबारा से चूसने laga…raj की उंगलिया जैसे हे शिवानी की छूट पर रब हुवी शिवानी का पानी और तेज़ी से निकलने laga….aur वो घुटी घुटी सी सिसकिया लेने lagi….ab उसका मन और जिस्म उसके काबू से बहार होता जा रहा tha…aur …वासना के सागर मई डूबता जा रहा था
शिवानी जिसने पोर्न केस भी संभाले थे इसलिए काफी कुछ नॉलेज थी सेक्स की इसलिए उसने भी उत्तेजना मई राज के लुंड को बहार निकल diya….aur अपने हाथ मई लेती हे वो पूरी तरह छुडासी हो gayiii….aur जल्दी जल्दी लुंड को आगे पीछे करने lagi…raj ने छूट को रब करना और तेज़ कर दिया शिवानी की सिसकिया तेज़ी से निकलने लगी और वो राज के लुंड को हाथो से तेज़ी से आगे पीछे करती रही पर राज की मरदाना छुवन के आगे वो जायदा दिएर टिक नहीं पायी और कुछ हे पल मई शिवानी के छूट का बांध टूट गया और वो कंकंपाते… jhtke…khati हुवी झड़ने लगी ..वो इसे पहलर भी ठंडी हुवी थी खुद से पर आज के अहसास से उसकी छूट का पानी बेइंतिहा छूट ता जा रहा tha….raj ने शिवानी के छूट के पानी को जो उसकी ऊँगली पर लगा हुवा उसे शिवानी के सामने हे अपनी जीब निकलकर एक ऐडा के साथ छटा toh…shiwani को लगा जैसे राज ने उसकी छूट पर जीब फिराई हो उसकी सांसे हे उस सोच के अहसास से अटैक गयी और बचा हुवा पानी भी बहकर झंगी तक agaya…wo राज के लुंड को देखने lagi…aur वो राज को देखते हुवे अपने घुटनो पर बैठी हे थी की तभी उन्हें आवाज सुनाई thi…ki सोनाली दी आउट हो गयी वो वापस टर्न ला रही ह बहार ाजाओ चलो….
शिवानी “ सॉरी डार्लिंग अभी दुबारा चिपटे ह तब तुम्हे खुस करती हु पर तुम्हे मेरे कौमार्य के लिए इंतज़ार करना होगा मुंबई जाकर हे देपाउंगी वर्ण तुम्हारा लेने के बाद चलने की भी हीमत नहीं होगी मुजमे ok मुम्बई जाकर जितना चाहे उतना खुस करुँगी पूरी रात सिर्फ तुम और मैं होंगे मैं भी चाहती हु तुम मुझे पुती रात अपना प्यार do..mere कुंवारा पैन तुम हे तोड़ par….abhi चलना होगा तुम आगे चलो मुझे जोर सुसु आयी ह मैं अति हु”
राज “ अपनी पेण्ट को टाइट करकर और लुंड को सेट करके ….. “इसे कहते ह खड़े लुंड पर चोट “
शिवानी हे हे हे इसको ..इसका हक़ मिलेगा मेरी जान…
राज के जाते हे शिवानी की धार इतनी जोर से चुटी की शिवानी की सीई की आवाज निकल गयी “ आज कितनी दिएर तक सुसु करेगी और उसे शर्म आगयी क्योकि सुसु के साथ उसकी सीटी की आवाज भी तेज़ी से आरही थी जो राज को भी सुनाई दी…
राज और सब इखट्टा हुवे तोह …
दीपिका “ शिवानी कान्हा ह”
राज वो उधर ह आरही ह …
दीपिका ok मैं जाती हु उनके पास जा चिप जा …तभी अंजना आयी और उसे पकड़कर ले gayiii…ye सब अंजना का प्लान था जो उसने गिड़गिड़ा कर दीपिका से कहकर बनवाया tha….baaki सभी मू ताकती रह गयी अंजना का…
अंजना राज के साथ भागते हुवे “ आज मौका मिला ह कान्हा थे तुम मेरी जान …पास एते हे नहीं हो ”
राज “ सब ह यंहा दी देख लेती तोह आपको पता हे ह इसलिए नहीं आया ”
अंजना जल्दी से पहले से छिपी हुवी जगह ले गयी और देइडेड जगह से भी आगे ले गयी और बिना कुछ मौके दिया हे …राज के चिपक गयी …और चूमने लगी …राज भी बहुत गरम था उसने बिना किसी न नुकर के हे अंजना का टॉप निकल दिया और शॉर्ट्स को भी उतर diya….aur उसे बांहो मई भर लिया दोनों
अंजना -बहुत जल्दी ह..
राज - सब आपके हुसैन का जड्डू ह
दोनों एक दूसरे को बेदर्दी से चूमने लगे ….राज ने किश करते हुवे धीरे धीरे निचे होकर अंजना के बूब्स को अपने होठो मई पकड़ लिया और अपने दांतो से काटने चूसने लगा अंजना मजे से धीरे धीरे आहे भरने lagi……anjana इस प्यार से बहुत खुस थी उसने पेण्ट से राज के खड़े लुंड को निकल लिया और उसे आगे पीछे करने लगी….
राज बहुत जायदा गरम था उसने तुरंत अंजना को हाथो से उल्टा घुमा दिया अब अंजनजा की टंगे राज के कंधे पर थी …अंजना कुछ समझती जब तक राज ने अंजना की छूट के गुलाभी हिसाई पर अपनी जीब को फिरस दिल अंजना की माधोसी से आंखे बंद हो गयी और मू से बड़ी सी सिसकारी निकल gayi…aur उसका मू आनंद से खुला तोह …तोह राज ने अपना लुंड अंजना के मू मई घुसेड़ diya….anjana भी अब पुरे जोश से राज के लुंड को चूसने लगी …दोनों को पता था की समय काम h….wo दोनों इस पाल मई भरपूर मज़ा ले रहे the……raj का रास चक्कर अंजना पूरी तरह मदहोश हो गयी..
राज “ अंजू वक़्त काम अब जल्दी से वर्ण कोई आजायेगा “
अंजना बिना कहे आगे झुक कर घोड़ी बन गयी ….उसकी छूट भी राज के लुंड के लिए तड़फड़ा रही थी ..राज ने धीरे से अंजना की छूट पर लुंड को लगाया और अंजना की कमर को कसकर पकड़ liya….raj निचे की तरफ झुक कर अंजना की पीठ को चूमकर “ अंजू अपना मू बंद कर लो “ और जैसे हे अंजना ने मू धोखा उसकी आंखे छोड़ी हो गयी क्यों की राज का आंकड़ा उसके छूट के बिल को फाड़ता हुवा अंदर घुस गया ….वो दर्द से बिलबिला उठी पर सिर्फ घुटी सी आवाज हे निकली उसे पता था की इस दर्द के बाद सिर्फ सुख …आज 2.5 साल बाद उसकी छूट मई दुबारा राज का लुंड घुसा था ….राज ने दुबारा से बहार निकला और एक झटके के साथ बचे दानी तक लुंड घुसा दिया अंजना लड़खड़ा गयी पर राज ने उसे हिलने नहीं दिया और जल्दी से लुंड को अंदर बहार करना सुरु कर दिया ….कुछ पल दर्द सहने के बाद ….राज के लुंड की घरसँ ने अंजना को सुख की दूसरी दुनिया मई पंहुचा diya…wo चुदाई के गहरे सागर मई डूब गयी और मू से कामुक सिसकारियां फूटने lagi…lund के हर धक्के से अंजना की छूट का रास बहार निकलकर टपकने लगा ….फिर राज ने ….उसे अपनी गोदी मई उठा लिया और लुंड को छूट मई घुस कर तेज़ी से झटके मरने लगा …धप धप की आवाज आवाज और अंजना की सिसकारियां की आवाज आने लगी…. अंजना राज की आंखे मई कामुकता से देखती हुवी बोले जा रही thi…come ों फ़क में …फ़क में हर्डर बेबी मोरे दीपर छुम इनसाइड में ….बोल बोलकर उसे और उत्तेजित करती हुवी राज को चुम रही थी ……वो 1 बार जड़ चुकी थी उसके बावजूद वो दूसरी बार भी चुदती हुवी चरम पर थी…
राज एक्ससिटेड होकर किंग बेबी किंग ….
अंजना मेरे पीरियड्स आने वाले ह एक दो दिन मई इसलिए अंदर छोड़ do…main तुम्हारे पानी को फील करना चाहती hu…bhar दो मेरे रोम मई तुम्हारा paani..come ों raj…aur बस 15 सेकंड बाद राज का लावा अंजना की छूट को भरता गया ….राज के गधे वीर्य के छूट ते हे अंजना का भी दुबारा से पानी बह्निकला ….कितनी हे दिएर राज का लुंड अंजना की छूट मई झटके खता रहा और जब लुंड राज ने बहार निकला पूक की आवाज आयी और अंजना की छूट से राज का पानी निचे टपकने लगा ….राज ने जब ये देखा toh…muskrane लगा और अंजना शर्माने lagi….anjana “बस इतना प्यार हमेशा देते रहना” और थोड़ी हे दुरी पर सुसु करने लगी …
राज “ अब सुकून मिला
अंजना “ तुम्हारी हे जब चाहे जितना सुकून मिलेगा मेरी जान”
तभी आवाज आयी श्वेता आउट हो गयी ह उनकी टर्न ह बहार ajao…udhar शिवानी राज को ढूंढने लगी पर जब उसकी नज़र अंजना पर गयी तोह वो चाल देख कर समाज गयी की बिल्ली साडी मलाई खा गयी h….aur अब जब वो आगे बढ़ने लगी राज की तरफ तोह उसने देखा सोनाली राज की तरफ जा रही ह…
शिवानी हे भगवन अब क्या होगा…
राज जल्दी से बचने के लिए“ पानी तोह पी लू”
शिवानी दूर से खुद से “है है जैसे दी के साथ तोह पियोगे हे नहीं और अभी पानी निकला ह तोह पानी चहियेगा हे”
कविता“ के ों भाई इसके बाद एक टर्न और ह प्लीज एडजस्ट करलो”
सोनाली “ चलो “
राज की फैट रही थी की कंही सोनाली को पता लगा तोह सब गड़बड़ हो jayegi…aur वो यकीनन पास राखी गन से गोली मार देगी बिना कुछ सोचे समझे
तोह दूर कविता “ डोंट वोर्री भाभी अबकी बार भाई आपके साथ हे होंगे”
पूनम “ कोई बात नहीं कुटी मैं तुम सब के साथ भी बहुत खुस hu…aur वैसे भी उनसे जेडटूम सबके साथ ाचा लगता ह”
कविता “ आह्ह्ह्ह मेरी स्वीट स्वीट भाभी”
पर पूनम के दिल मई कंही न कंही ये बात थी की वो राज के साथ कुछ पल bitaye….idhar राज सोनाली के साथ दूर आया तोह सोनाली “ उस चुड़ैल के साथ अकेले थे ह न ..”
राज “ ओह आपका मतलब शिवानी जी से ह अगर वो चुड़ैल ह तोह मैं था उनके साथ “
सोनाली फिर तीख ह “मुझे लगा ऋचा के साथ थे “
राज “ सोनाली को कमर से खींचकर खुद के पास खींचते हुवे जलन हो रही h…is हिसाब से तोह अभी अगर शिवानी जी की खुसबू मुझसे आगयी तोह आप गलत हे सोचेगी”
सोनाली “main….”wo आगे बोल हे नहीं पायी क्योकि वाकई उसे खुसबू तोह आरही थी पर वो कुछ शिवानी की थी तोह कुछ अलग भी थी पर वो अगर कुछ ऐसा बोलती तोह राज की बात सही हो जाती इसलिए वो चुप रही और राज ने आगे बोलने का मौका हे नहीं दिया और उसके होठो को अपनों मई कास लिया …और इसी जगह सोनाली की साडी सोचने समझने की शक्ति ख़तम हो जाती थी यही उसकी कमजोरी थी …वो राज के अहसास उसकी चुवांसे इस दुनिया की साडी सोच को भूल जाती thi…abhi वो राज की बांहो मई अपने आपको पूरी तरह समर्पित कर चुकी थी बेइंतिहा राज को चूमे जा रही thi….aur राज भी होठो से चूमता गर्दन से चूमते हुवे सीने पर पहुंच गया ह और टॉप के आगे के बटन खोलकर उसके सीने पर अपने लव बिट्स देने लगा ….सोनाली को उसके इसी प्यार और अहसास की ाददत थी जब भी राज के पास से उठकर वो नाहते समय खुदको देखती जगह राज के लव बिट्स उसे दीखते the….usne भी पेण्ट के ऊपर से राज के लुंड को जकड लिया और उसे मसलने lagi….par उसे मौका हे नहीं मिल रहा था उसका 34 का सीना राज की आँखों के आगे था और राज बेदर्दी से उसे काटे और मसले जा रहा था….. राज ने उसके एक निप्पल को होठो से पकड़कर जोर से खिंचा तोह सोनाली की सिसकारी निकल gayiii….raj अब घुटनो पर बैठ गया और एक झटके मई हे सोनाली की लोअर और पेंटी निचे खिंच दी…. सोना को पता था अब क्या होगा उसका रोम रोम राज के अहसास से हे खिल utha….uski टाँगे खुद बा खुदफैल gayiii…aur उसके हाथ राज के बालो को सहलाने लगे ….राज की गरम सांसे उसे उसकी योनि पर महसूस हुवी …राज ने अपनी ऊँगली से सोना की योनि को सहलाया तोह सोना तड़फड़ा उठी पर राज नहीं रुका और अपनी ऊँगली से सोना की छूट की दरारों को सहलाने लगा जिससे सोना बड़ी बड़ी आहे भरने लगी और बोली “ नहीं राज प्लीज” par….achanak सोना को गरम सा अहसास अपनी छूट के सेंसिटिव जगह पर महसूस हुवा और उसकी आंखे ऊपर को कामुक अहसास से चढ़ gayiii…raj अपनी जीब को सोना की छूट पर तेज़ी से फिरने लगा …और ऊपर सोना …उफ्फ्फ rajjj…nahii..rajjj..ki आवाज निकलते हुवे अपनी छूट चुस्वाति rahi….phir दुबारा से उसकी आंखे चौड़ी हो गयी और मु खुल गया क्योकि राज ने अपनी एक ऊँगली छूट मई दाल दी थी ये ाहसुस खुले मई उसके लिए नया था वो ऊँगली की गरमाहट और राज के जीब की रगड़ें से पूरी तरह तड़प गयी ….और राज भी बिना रुके तेज़ी से अंदर बहार करने लगा सोनाली तड़फड़ाते हुवे हिलने लगी उसने राज के बालो को कसकर पकड़ लिया …और बोलने लगी “ नहीं राज please…..muje तुम्हारी होना ह पूरी तरह से …मुझे दे do…please ऐसा आअह्ह्ह्ह माअत कारो…. “
राज जनता था वो सेक्स चाहती ह पर वो अभी सोनाली के साथ लास्ट लिमिट क्रॉस करने को रेडी नहीं था और अभी तोह बिलकुल नहीं क्योकि लुंड को देखती हे सोनाली समाज जाती की उसने सेक्स किया ह इसलिए वो और तेज़ी से ऊँगली अंदर बहार करते करते हुवे हे खड़ा हुवा और सोनाली को किश करने लगा …और कुछ पल बाद हे सोनाली का सरीर अकड़ कर झटके खाना लगा महीनो से जमा लावा बहार निकलकर निचे टपकने लगा …राज ने सोना को अपने सीने से लगा लिया और सोनाली ऐसे हे राज के सीने से लिपट गयी….
कुछ पल बाद राज को अचानक गीला पैन का अहसास हुवा उसने सोना के चेहरे को ऊपर करके देखा तोह उसकी आँखों मई आंसू थे ….
राज ने जल्दी से आंसुओ को पूछा और बोलै “ नहीं नहीं बिलकुल नहीं ये नहीं ….”
सोनाली रट हुवे “ फिर क्यों तुम ऐसा करते हो तुम्हे सब पता ह की तुम मेरे सब कुछ हो फिर क्यों दूर रहते हो मुझे तुम्हारी होना ह..”
राज आंसू पूछते हुवे “ क्या मेरे सेक्स करने से आपको यकीं हो जायेगा की आप मेरे लिए खास हो आप मेरी हो “
सोनाली ने रट हुवे हे हां मई गर्दन हिला दी..
राज “ आप पागल हो …आप मेरी जिंदगी का वो हिस्सा हो जिसकी जगह कोई नहीं ले सकता ह ..”
सोनाली रट हुवे न मई गर्दन हिलती ह जैस कहना छह रही हो तुम झूट बोलते हो…
राज को सोनाली के आंसू देख कर दर्द महसूस होने लगा खुद के दिल मई ..
राज “आपको पता ह न मैं आपसे झूट नहीं बोलता हु”
सोनाली “ बोलते ho….tabhi हर बार मुझसे दूर बिना बताये चले जाते हो”
राज सोनाली के फोरहेड पर किश करते हुवे …आप मेरी जिंदगी से जायदा कीमती हो मेरे लिए मैं आपको कैसे कुछ होने दे सकता हु….”
सोनाली ने फिर गर्दन न मई हिलाकर बताना चाहा की मुझे कुछ नहीं सुन्ना ह मुझे तुम्हारी होना ह…
राज धीरे से पहले सोनाली की पंतय और लोअर ऊपर की और टॉप को तीख किया और फिर बोलै ….ी लव यू सू सू मच …”
सोनाली उसे अपनी भीगी आँखों से देखने lagi…raj ने आंसू पूंछे और कहा “आप मेरी हो मेरी हे रहोगी …किसी और के पास जाने की भी सोची तोह भूत बनकर आजाऊंगा पीछे पीछे……” सोनाली के चेहरे पर मुस्कान agayi….Raj “ आप कभी ये मत सोचना की सोना के बिना राज की जिंदगी ह …सोना ह तब तक राज ह और सेक्स से आप मेरी और मैं आपका हो जाऊंगा ऐसा किसने सिखाया आपको…” अब सोनाली क्या बोलती इसलिए वो चुप रही तब राज बोलै “ ये आपकी बहन शिवानी का काम ह न उनको मैं बताता हु”
सोनाली ने राज को बांहो मई भर लिया और उसके सीने में मू छिपा लिया और बोली “ ी लव यू सो मच राज …तुमसे हे मेरी जिंदगी ह तुम्हारे बिना ये सोनाली भी नहीं मुझसे कभी दूर मत करना मैं बस तुम्हारे साथ पूरी जिंदगी रहना चाहती हु इसी जयादा कुछ नहीं मांगती हु और न तुमसे mangungi…muje कुछ नहीं चाहिए तुम्हारे प्यार के शिव“
राज मुस्कराकर “ प्रॉमिस राज सोना से कभी दूर नहीं होगा अब अगर सोना ऐसे रोयेगी toh….phir मुझे नहीं चाहिए ऐसी सोना…”
तभी आवाज आयी भाई आउट सोनाली मम आउट …
सोनाली “आउट की बची तेरे दन्त तोड़ दूंगी यही टाइम मिला आने का “
राज सीधा जल्दी से श्वेता के पास से निकल गया
श्वेता बेचारी हक्की बाकि रह गयी और उसे सोनाली का रौद्र रूप याद आगया…
सोनाली “ कान मरोड़ते हुवे सबको ढूंढ लिया तूने “
श्वेता “are…raham करो मुझे क्या पता था आप हो यंहा
सोनाली “ ाचा तीख …ह जो देखा वो किसी को बोलै और मुझे पता लगा गया तोह “
श्वेता “ दर से भाई की कसम किसी को नहीं बताउंगी”
सोनाली “ गुड गर्ल चल चिपटे हतु मेरे साथ हे छिपेगी”
श्वेता के हाथ पाँव ठन्डे हो गए पर वो कुछ कर भी नहीं सकती थी
कविता … “ अरे कान्हा भाग रहे हो भाई चलो चिपटे ह…
राज पर
कविता हद ह भाई चलो भी और थोड़ी दूर आते हे …उफ़ मैं तोह रूल भूल हे गयी अब क्या करे अरे वो देखो पूनम दी आप उनके साथ चिप जाये …
राज “ उनके साथ”
कविता “ अरे आप उन्हें भी आउट करवाओगे अभी तक हम सबसे लास्ट मई आउट हुवे ह समझे जाओ “
पूनम ने तोह राज को अपने पास एते देखा तोह उसकी दिल की धड़कन तेज़ हो गयी क्योकि उस रात मई सिर्फ वो दोनों हे थे …और अकेले होने के अहसास से हे उसका दिल बहुत तेज़ी से धड़कने लगा…
राज भी पास आकर कुछ नहीं बोलै और दोनों चुप चाप आगे की तरफ जाकर एक पेड़ के पीछे चिप गए …पूनम का दिल अभी भी उसके काबू मई नहीं tha…wo तेज़ी से धड़क रहा था जो रात के इस सन्नाटे मई राज को सुनाई देने लगा …वो पूनम की तरफ देखने लगा …पूनम को उसके पैरो के पास से एक सरसराहट महसूस हुवी तोह वो दर से राज के चिपक गयी और राज की टी शिर को कसकर पकड़ लिया ….राज को भी समाज नहीं आया की वो क्या कहे इसलिए वो कुछ नहीं बोलै …क्योकि उसे भी पूनम का उसके पास आना सुकून दे रहा था…
पूनम “ राज जी निचे कुछ ह”
राज ने निचे मोबाइल की लाइट जला कर देखा तोह कुछ नहीं था “वंहा कुछ नहीं ह पूनम जी “
पूनम धीरे से अलग हुवी ….राज उसे हे देखने लगा तोह पूनम ने भी नज़रे उठकरराज को देखा …और रात की इस सुहानी हवा और रात की ख़ामोशी मई दोनों एक दूसरे मई खो गए ….दोनों मई से किसी ने कुछ नहीं कहा सिर्फ आँखों की आँखों से बाते होती रही …पूनम राज के बिलकुल करीब कड़ी थी और उसकी दिल की धड़कन की धड़कने की आवाज अभी भी राज को आरही थी
राज “ आपका दिल जोरो से धड़क रहा ह”
पूनम “ आपके lll…apke पास होने से ठडक रहा ह…”
राज “ मेरे पास होने से”
पूनम “ कभी किसी लड़के के इतने पास कड़ी नहीं हुवी न इसलिए”
राज “ओह्ह्ह”
पूनम “ अपने क्या समझा “
राज हड़बड़ाकर कुछ भी नहीं …मुझे लगा आप दर गयी…
पूनम अपनी प्यारी मुस्कान लाते हुवे “ एक नहीं 2 नहीं 3 है ….तीन तरह के लेडीज परफ्यूम की खुसबू आरही ह apse…kiski ह ये
राज बुरी तरह चौंक गया की सोनाली पकड़ नहीं पायी …अंजना को पता नहीं लगा पर पूनम को एक झटके मई पता लग गया kaise….ab वो क्या बोले समाज नहीं रहा था उसे पता नहीं क्यों पर वो पूनम के सामने बुरा नहीं बनना चाहता ह ….
पूनम “ अरे अरे आप इतना क्या सोचने लगे मुझे पता ह कोई न कोई लड़की आपके पास छिपी होगी इसलिए उसकी परफ्यूम की फ्रेग्रेन्स आपकी टीशर्ट पर लग गयी hogi….ap भी न”
राज “ पूनम को मुस्करा कर देखते हुवे अब तोह आपका फ्रेग्रेन्स सबसे जायदा होगा”
पूनम “ वो कैसे “
राज “ अपने तोह मुझे गले हे लगा लिया …”
पूनम “ main..meri फ्रेग्रेन्स”
राज “पर सच बोलू पूनम जी पता नहीं क्यों पर आपके साथ बात करके मुझे बहुत ाचा फील होता ह…”
पूनम की आंखे अँधेरे मई भी चमक उठी और वो नज़रे राज की तरफ घुमाकर प्यार से बोली “ तोह इस दोस्त ने कब आपको रोका ह आप जब चाहे इस दोस्त से अपने दिल की हर बात बोल सकते h….aur सच बोलू मुझे भी आपसे बाते करना बहुत ाचा लगता h…ap साथ होते ह तोह कभी लगता हे नहीं की मैं अकेली हु …हमेसा मुझे सेफ फील होता ह जैसे कोई ह जो मेरे लिए हर कदम खड़ा होगा और पता ह आपको पहली बार जब हरिद्वार मई अपने जहान्वी और दिव्या बुआ को बचाया था उसी दिन से आप मुझे बहुत अचे इंसान लगे और देखो आज मैं आपके साथ हु”
राज “ धयान से पूनम की आँखों मई देखता रहा ….आप हरिद्वार thi..us वक़्त”
पूनम “ मैंने हे फ़ोन मिलाया था आपको वो मेरा हे नंबर था और मेरा फ़ोन टूट गया था isliye…wo अभी पूरी बात करती …राज ने पूनम को गले लगा लिया ….पूनम तोह पूरी तरह हैरान हो गयी पर अपने प्यार की बांहो मई आकर वो बेहद खुस थी की कैसे भी किसी भी वजह से राज उसके प्यार ने उसे गले लगाया..…
राज” थैंक यू पूनम जी …आपके एक फ़ोन से मुझे मेरी फॅमिली मिल gayi…agar आप उस दिन फ़ोन नहीं करती तोह मैं मेरी दूसरी माँ को भी खो देता ….थैंक यू थैंक यू मैंने कितनी बार आपके नंबर पर तरय kiya…par आपका नंबर बंद अत रहा …राज ये बोलते हु बहुत इमोशनल tha…main फ़ोन वाली लड़की से मिलकर दिल बहुत बहुत धन्यवाद् देना छठा था पर देखो किस्मत से वो आप निकली …थैंक थैंक यू पूनम जी
पूनम राज को सीधा करके … “ इतने बड़े लड़के की आंखे भीगी हुवी ह …कोई देखेगा तोह क्या बोलेगा की पूनम ने रात को अकेले मई डरा दिया …
राज हलके से मुस्कुराता हुवा “ आपको अछेसे पता ह किसी को कैसे हसना ह”
पूनम “ अगर बात आपकी ह तोह बिलकुल मैं अपने दोस्त को कैसे दुखी देख सकती हु…”
राज “ आप बहुत नेक दिल हो आप जिसकी जिंदगी मई जाओगी वो हमेसा खुस रहेगा “
पूनम मन मई “ आप मेरी जिंदगी हो राज किसी और की होने से पहले पूनम अपने 100 टुकड़े करना पसंद करेगी”
इधर राज मन मई “ ये लड़की कितनी अछि h…meri हर सोच पर खरी उतरती ह…”
पूनम “ तोह राज जी मेरे बारे मई सोच रहे ह “
राज खुदसे इसे ये भी पता लग गया फिर बोलै… “एक बात कहु “
पूनम राज की आँखों मई प्यार से देख कर “ कहिये न “
राज “ आप सुरुवात से मेरी परवाह करती ह ऐसा क्यों “और पूनम के चेहरे की तरफ देखने लगा
पूनम उसी प्यारी मुस्कराहट के साथ“ सायद ऊपर वाला यही चाहता ह आपके मेरे दर्द एक जैसे हे ह राज जी और नेगेटिव नेगिटिव पॉजिटिव हो जाते ह” “…...फिर मन मई इसलिए राज जी क्योकि बचपन मई हे हमारी तकदीर एक हो गयी थी”
राज कुछ बोल हे नहीं पाया …तभी आवाज आयी ..
गेम ओवर हो गया ह खाना कहते ह …ाजाओ…
पूनम आगे चली पर राज पीछे से पूनम की तरफ देखता पूनम ने देखा की राज नहीं आरहे ह तोह वो पीछे आयी और राज का हाथ पकड़कर बोली “ चले राज जी”
राज ने अपने हाथ मई पूनम का हाथ देखा और बिना कुछ कहे पूनम के साथ चल दिया ….राज के दिल मई बहुत से भाव तेज़ी से आरहे थे और उन्ही भावो के साथ वो पूनम को बिच बिच मई देखता raha..…..aur सबके पास एते हे दोनों ने एक दूसरे का हाथ छोड़ दिया …
घर के अंदर पहुंचते हे राज सुनील को घूरने लगा तोह….
सुनील भाई मैंने नहीं ….ये सोनाली दी और तेरी भाभी ने किया ह
राज “ आप “
सोनाली “ पहली बार सब साथ ह और वैसे भी वोडका ह जिसे पिणि हो लिमिट मई पियो और जूस भी ह जिसे नहीं पिणि हो वो जूस पिए…”
कविता श्वेता प्लीज भाई….
शिवानी ोये नाटक नहीं समझे ….
ऋचा ममता को बोलने लगी है बोलो है बोलो….
मनीषा “ प्लीज”
राज फाइन …इन लिमिट्स ok ….
सुनील जोर से “ भाभी का चंचायआ”
सोनाली “ है है है”
रात को सबने पीई अंजना ऋचा श्वेता कविता सोनाली मनीषा ….और तोह और सुनील को भी जबरदस्ती खूब साडी मनीषा के नाम पर पीला di….aur उसे भी तून कर दिया और वो बेचारा मनीषा के सामने बात करने गया पर कुछ बोल हे नहीं पाया और “ मैं तुम्हे …tumm..bahut..achi…ho…” इतना बोल कर वंही हे सो गया …..मनीषा ने उसे बिस्तर पर आराम से उढ़ाकर सुला दिया और फ़ोरेहेअद पर थैंक यू किश डीई
मनीषा “इतने बुरे नहीं हो मुझे अचे लगे तुम पति देव” ….और बहार आकर सो gayiii….rifat ने ममता की हेल्प की और शेरदिल की हेल्प से सबको sulaya…ant मई राज और पुनम ने सरे बर्तन रखे …
Poonam….sonali की तरफ देख कर जो सुकून से सोफे पर बैठे बैठे हे सो गयी थी… “दी ने आज जायदा पी ली आज उनके चेहरे पर सुकून ह”
राज “ उनकी जिंदगी बहुत मुश्किल रही ह आज वो बहुत खुस ह फॅमिली का प्यार भाई बहन का प्यार सब जो उन्हें मिल गया ह”
पूनम “ है वो एक बड़ी बहन के रूप मई एक आदर्श बहन”
राज ने आगे बढ़ कर सोनाली को गोदी मई उठा लिया ..और निचे लगे बिस्टेर मई से एक पर सुला diya…..poonam ने उनके शूज को अपनेखोल दिया और पतली चद्दर ुधा दी..
राज “ गुड नाईट पूनम ji….kal हमे वापस निकलना ह….”
पूनम “ आपके साथ वक़्त का कीच पता नहीं लगता ह राज जी थैंक यू इतनी अछि फॅमिली का हिस्सा बनाने के लिए गुड नाईट “
राज “ थैंक यू तू …मुझे पूनम जी के रूप मई प्यारी सी दोस्त देने के लिए”
राज के जाते हे मैं तोह आपकी प्यारी सी वाइफ बनूँगी मेरे हुब्बी लव यू.... गुड नाईट और वो बस राज को अपने से थोड़ी दूर सोते हुवे देखती रही जो अपनी बहनो के पास लगे बिस्तर पर सो गया ... साथ हे खुद भी आज की प्यारी यादो के साथ सपनो मई खो गयी....
सो था न देलेक्टेबले बोले तोह डिलीशियस .....इसलिए मस्ती मई पढ़ने का बिंदास लाइक्स और रेवोएस पेलने ka....dosto....
War……countdown……begins
11….उपदेट्स तू लेफ्ट
दादाजी — हो गयी पूजा….
सभी ने है मई सर हिलाया और दादाजी का आश्रीवाद लिया..
दादाजी - जग जग जियो मेरी बच्चियों भगवन तुम्हारी जोड़ी बनाये रखे …तुम्हे तुम्हरा मनवांछित जीवन साथी मिले ….
राज ने दादाजी को ऊपर से निचे तक देखा फिर गोल गोल घूमकर चारो तरफ से dekha…par उसे कुछ नजर नहीं आया क्योकि …जिस हाथ से तलवार रोकी थी उस हाथ को उन्होंने अपने कुर्ते की पॉकेट मई दाल रखा tha….isliye राज चोट नहीं देख पाया…
दादाजी — अब देख लिया हो तोह chale…..phir राज के साथ चलते हुवे तुम्हारी उम्र मई तोह मैं अपनी बगल मई दबा के मसल दिया करता था इतना को…
राज — अब आप वैसे नहीं रहे ह …और मैं माँ को बताने वाला हु अपने आज फाइट kari….phir देखूंगा आपकी ताकत…
दादाजी — अरे यार क्यों मेरा बप बढ़ा रहा ह उसे बताकर…..
राज — है है है …बड़े ए बगल मई दबा कर मरने wale…maa से दर गए …
दादाजी — बीटा जी हंस लो मेरा भी वक़्त आएगा फिर मैं हंसूंगा तुम पर….
राज-- ाचा दादाजी मुझे मेरी बाइक से आना ह अजौ ….आपके साथ हे चलूँगा …
दादाजी — है है क्यों नहीं….
पर पीछे सुनील जो अपनी बहनो के बिच मई साथ चलते हुवे ारः था उसने के देने से साफ़ मन कर दिया…..
Aur….raj को कार मई ….इस बार भी ऋचा के साथ हे बैठना pada…car मई काफी दिएर चुप्पी रही फिर राज को ऋचा को मारा थपड याद आया और उसने धीरे से अपना हाथ ऋचा के गाल की तरफ किया …ऋचा ने कोई रिएक्शन नहीं दिया ….राज ने देखा गाल लाल अभी भी हो रखा था…
राज “ ी म सॉरी”
ऋचा “ हक़ जताया इसलिए ,या बुरा लगा की तुम्हारी जगह मैं ऐसा करती इसलिए….”
राज कुछ दिएर चुप रहा और फिर बोलै “मैंने बहुत बार तुम्हे कहना चाहा ….पर जबरदस्ती का रिश्ता और प्यार की नीव बड़ी नहीं होती ह इसलिए मैंने तुम्हारी खुसी के लिए कुछ नहीं कहा और जिसमसी तुम्हारी खुसी थी वो होने दिया …”
ऋचा गुसाई से राज का कलर पकड़ कर “ मेरी khusi……are क्या पता था मुझे ….बस खाने की खुसी घूमने की खुसी पैसो की ख़ुशी इससे जायदा क्या पता था muje…tumhare जितना सहा होता तोह सायद खुसी pahchanti…agar पता होता की सच्ची ख़ुशी क्या होती ह तोह ऐसी हालत मई होती आज मैं… बात करते हो ख़ुशी की… पर कोई शिकायत नहीं ह tumse…ab मेरे दिल मई जो ह वो कर रही हु …बचपन मई तुम्हारी माँ जो मेरी भी बचपन के रिश्ते से माँ ह उनकी ीचा पूरी karungi….chahe तुम मुझे अपनाओ या नहीं और तुम मुझे विद्या माँ की ख्वीश पूरी करने से रोक नहीं सकते हो क्यों की लागल्य तुम और मैं दोनों हे विद्या ग्रुप ऑफ़ हॉस्पिटल्स के ओनर ह तो तुम मुझे किसी भी तरह मापापा की ीचा पूरी करने से रोक नहीं सकते हो समझे….”
राज ऋचा को देखता रहा पर कुछ नहीं बोलै ….और ऋचा ने भी राज का कलर छोड़ दिया और उसे अपने हाथो से तीख करने lagi….aur बोली “ ी म सॉरी….”
दादाजी की कार मई —
सोनाली “ दादाजी एक सवाल ह …पुछु …”
दादाजी “ सोना बिटिया को कब से परमिशन लेनी पद गयी …बेहिचक पूछो”
सोनाली “ वो पंडितजी ने कहा हमारी ये एक साथ दूसरी पूजा ह इसका क्या मतलब ह मैं तोह ऋचा से हिमाचल और पूनम से अभी मिली हु…”
दादाजी के चेहरे पर बड़ी सी मुस्कान आगयी और उन्होंने साइड मई बैठी पूनम को देखा जिसने नीची गर्दन कर राखी थी जैसे उसकी चोरी पकड़ी गयी ho…phir वो बोले “ लगता ह पूनम बेटी ने तुम्हे कुछ नहीं बताया ह …”
सोनाली पूनम की तरफ देखते हुवे “क्या नहीं बताया ह पूनम ने “
दादाजी “ है है है ….यही की पूनम तुम्हारी बचपन की गुड़िया ह जिसे तुम अपने साथ लेजाने की जिद कर रही थी “
सोनाली हैरानी क्या …मैं कुछ समझी नहीं
दादाजी “ तुम्हारे पापा ऋचा और पूनम के पापा अचे दोस्त थे और तुम्हारे बर्थडे पर ऋचा राज पूनम तीनो तीन पलने मई थे और तुम बस थोड़ा सा बोलना सीखी थी …तब इन तीनो को देख तुम बहुत खुस हुवी और तुम्हारे पापा ने कहा था ये रहा तुम्हारा गिफ्ट और तुमने ….तीनो को खूब झुलाया था और इतना झुलाया की केक काटने के के बाद खेलते खेलते …पूनम के साथ पलने मई हे तुम्हारी जिद की वजह से तुम्हे सुलाना पड़ा ….और ये बात पूनम को पता h…isliye मैंने कहा क्या तुम्हे नहीं बताया पूनम ने …
सोनाली पूनम को घूरकर देखने लगी…
“दादाजी दी अब दी बड़ी हो गयी ह …अब गुड़िया से जायदा गुड्डे की जरुरत ह इन्हे …..गुस्सा नाक पर बैठा रहता ह इनके ….”
सोनाली “ मार कहानी ह “
दादाजी “ बात तोह सही h….tumhari….”
सोनाली” दादाजी “
भीमा भी बोल पड़े“ सोना बेटी शादी की उम्र तोह हो गयी h…bhul गया वर्ण ऊपर पंडितजी से हे समय कुंडली …सब पूछ लेता “
बस भीमा के कहते हे सब हंस पड़े और सोनाली चिढ़ते हुवे बोली “ भीमा चाचा सबसे पहले अब मैं आपकी शादी करवाउंगी फिर करुँगी …
भीमा “ तीख मुझे कोई दिकत नहीं पहले तुम शादी की डेट फिक्स करो“
सोनाली झुंझलाकर “ आप “ फिर खुदसे हे मन मई …वो चुटिया है तोह करे …मैं तोह आज हे सुहागरात मन lu…sala घमंडी …भाव खता h…kutta …कमीना….
रात के 9.05 बजे सब हवेली वापस पहुंच गए जंहा शांति सी थी ….
राज “इतनी शांति क्यों ह सब कान्हा ह”
छोटी चची “ लो खुद ने हे कहा था न की खेतवाले घर मई रुकेंगे सब कबसे तुम्हारा वेट कर रहे ह वंहा…”
राज “ है मैं तोह भूल हे गया था “
छोटी चची “ और तुम तीनो भी जाओ …ड्रेस चेंज करलो साथ हे चले जाओ वंही और रात को वंही रुकना ह”
कुछ दिएर baad….pancho एक साथ पैदल हे निकल पड़े खेत की तरफ ….
सुनील राज ऋचा तीनो आगे थे …
सोनाली “ तुमने बताया क्यों नहीं”
पूनम “ क्या नहीं बताया मैंने “
सोनाली “ नाटक मत करो यही की तुम मेरी गुड़िया हो “
पूनम “ 5.6 फ़ीट हिघ्त हो गयी कान्हा से गुड़िया दिखती हु आपको”
तभी पूनम को दर्द हुवा … “ आह्ह्ह्हह …ऐसे भी कोई करता ह”
सोनाली “ तुजे सब पता था फिर भी तू मुझे उलटे जवाब दे रही थी”
पूनम “ नहीं मुझे आज हे पता लगा और कल जो कहा वो जो दिखा वो कह दिया “
सोनाली कुछ नहीं बोली …साथ चलती rahi…uske मन मई ख्याल था की क्या वाकई पूनम राज को प्यार करती ह पर वो सीधी पूछ नहीं सकती थी….
सोनाली “ बचपन के बाद हम चारो आज साथ हुवे ह….
पूनम “ साथ हुवे …मुझे एक गुस्सैल दीदी मिल gayi….jo हमेशा भड़की हुवी रहती h….pata नहीं भगवन कौनसी दुस्मनी निकलकर एक हिटलर दीदी दे दी” इतना कह वो आगे भागने लगी…
सोनाली “ कहा तूने मई गुसैल हु रुक तुजे बताती हु …मुझे तंग करती ह..”
पूनम आगे भाग कर सुनील को पकड़ आगे कर लिया …
सोनाली “ सुनील हैट बिच मई से “
पूनम “ नहीं भाई हटना मत दीदी गुसाई से फिर से पागल हो गयी h…inki शादी करवाकर इन्हे जल्दी दूर भेजना होगा “
सोनाली “ हैट जा सुनील आज तेरी छोटी पकड़कर तुजे सुधरींगी सुनील हैट न”
सुनील “ par…pakad तोह आप दोनों ने रखा ह मुझे “
पूनम जीब निकलकर ीीे बड़ी आयी छोटी पकड़ने वाली और इतना कह राज के पीछे हो gayi…aur चिढ़ाने लगी…
राज बेचारा फिर बिच मई फंस गया …
इनकी नोख झोंक और बात करते हुवे तीनो खेत वाले घर पहुंचे janha…..pura माकन सजा हुवा tha….andar म्यूजिक की बीट्स आरही thi…aur सभी अंदर तैयारियों मई लगे हुवे थे और सबसे बुरी हालत शेरदिल की thi…jiski सभी ने मिलकर रेल बना राखी थी….
राज “ वह भाई लगता ह तुम सही जगह हो बहनो का प्यार बराबर मिल रहा ह”
शेरदिल “ भाई मैं तोह फसने वाला हे नहीं था …ये तोह सुनील भाई अकेले गायब हो गए …और मुझे फंसा diya….bus तब से कभी लाइट तोह …कभी मकड़ी के बचे हुवे जले …toh…kabhi बिस्टेर लगाना कर रहा hu…..aur रही सही कसार सबने मुझे झूला भी बना दिया ह सबको गोल गोल घुमाकर झूला भी देना पद रहा ह”
ममता “भाई “
शेरदिल “लो आगया फरमान आया आया “
राज है है है…
ऊपर रूफ से मनीषा की नज़र लाइट के उजाले मई राज पर पड़ी तोह उसके चेहरे पर बड़ी सी मुस्कान agayiiii….raj ने भी मनीषसे को मुस्कुराते हुवे देखा और सुनील को चिढ़ाते हुवे कहा ी लव you…manisha ने भी कहा “ लव यू टूओ
सुनील “ कुछ जायदा हे मज़े नहीं ले रहे हो तुम दोनों….
राज “नहीं तोह तुजे जलन हो रही ह”
मनीषा की नज़र सुनील की तरफ गयी ….सुनील की नज़र भी मनीषा से मिली और मनो जैसे मनीषा ने आँखों से हे थैंक यू कहा हो सुनील को और सुनील के चेहरे पर मुस्कान आगयी….
राज “ मिल गयी शांति”
बाकि सब दोनों को हे देख रहे थे….
सोनाली कान मई “ कहे तोह भाभी से मिलने का जुगाड़ कर दू”
सुनील पहले तोह है बोल गया फिर उसने देखा की ये तोह सोनाली की आवाज थी इसलिए वो हड़बड़ा और घबरा गया …सोनाली साइड से हुग करती हुवी “डरता क्यों ह मैं हु न आज बात करलेना रातको किसी को नहीं पता लगेगा …मैं सब संभल लुंगी”
पर ऊपर शिवानी अंजना अलग हे खिचड़ी पका चुकी thi….aur दोनों हे राज के साथ मस्ती करने वाली थी दोनों ने हाईड एंड सीक का गेम प्लान किया था और जगह भी पुरे खेत को सेट किया था दूर तक पूरी जगह हे जगह थी और उसी जगह मई दोनों अपनी मन की करने वाली थी गेंहू की फसल के बिच किसी को कुछ नहीं दिखना tha………..aur उनके इस इरादे से बेखबर सब अपने अपने काम मई लगे हुवे the….deepika से शिवानी को अंजना का राज के साथ कुछ कुछ रिश्ता पता चल गया था …और उसी का फायदा …शिवानी उठाने वाली thi…par ऐसा नहीं tha….ki वही सब प्लान किये हुवे थी ….सोनाली ने रात का प्लान कर चुकी thi…bachi ऋचा …उसे राज से उसके पास होने की कोई उम्मीद नहीं thi…aur पूनम उसके दिमाग मई सेक्स …किश… ऐसे ख्याल दूर से दूर तक भी नहीं the…wo तोह सबसे मिलकर बहुत खुस थी और सबकी हेल्प कर रही thi….aur राज sunil….sherdil सबकी थोड़ी थोड़ी हेल्प कर रहे the…raj के एते हे जहान्वी राज के कंधो पर बैठ gayi….aur उसको कभी घोडा बनाकर घुटनो पर चलने लगी तोह कभी खेलने लगी….10.30 पर पूरा काम हो गया तोह सब इक्खट्टा होकर बैठ गए….
शिवानी — आज की पूरी रात हमारी ह हम सबने एक गेम खेलने का डीएड किया ह…
सोनाली “और वो क्या ह…”
रिफत “ हाईड एंड सीक “
कविता “ जगह हम खेतो मई कंही भी चिप सकते ह “
सुनील “ भाई मुझे रेस्ट की जरुरत ह
शेरदिल “ अरे यार मेरी हिघ्त की वजह से मैं ऐसे हे दिख जाऊंगा इसलिए मैं यही सलाद वैगरह तैयार कर लूंगा और तुम्हारा एम्पायर बन जाऊंगा ताकि चीटिंग न हो …”
राज कुछ बोलता उसे पहले हे….
दीपिका “वो मज़ा आएगा बचपन मई हे खेला था हम सब साथ मई khelenge….kyo भाभी “
मनीषा “ ha…bilkul मज़ा आएगा “
अंजना ok तो कुछ रूल्स ह सिर्फ 2 के जोड़े मई हे चिप सकते ह और कोई भाई बहन या बहन दूसरी बहन के साथ नहीं छुपेगी ताकि चीटिंग न हो ok…simple रूल्स ह…
दीपिका ने धयान से अंजना को देखा अंजना के चेहरे पर चालक बिल्ली की मुस्कराहट और सिखारी क्र भाव थे जिससे देख दीपिका मन मई बोली “कामिनी अगर सोनाली भाभी को पता लगा तोह वो तुझे मार देंगी क्यों उलझ रही ह“
शिवानी ok दोने तोह सुरु करे …..तोह पहला टर्न किसका ह ….
शिवानी-- पहली टर्न सोनाली दी की h…sabse स्ट्रांग वंही ह…
सोनाली हहहह फिर मन मसोस कर मैं लाऊ ok जाओ चिप जाओ मैं 5 मिनट्स dungi….itna कहते हे सभी स्लैग अलग भागी …शिवानी राज “मेरे साथ चलो” अंजना नहीं “मेरे साथ….”
शिवानी नहीं मेरे साथ चलो तभी दीपिका ने अंजना को खिंच लिया ….और सभी छिपने के लिए दूर दूर भागे ….शिवानी जो पहले हे सब जगह जानती थी वो राज को दूर ले जा रही थी…
राज हम कान्हा जा रहे ह…
श्विनी “ अरे दी यंहा ढूंढ लेगी वंहा निम्बू के पेड़ ह छिपने की अछि जगह “
राज अरे ये तोह गेम ह…
शिवानी शरारती हंसी के साथ …है गेम हे तोह खेलना h….ab chalo…aur कौन मई एक जगह लेजाकर “ है ये जगह तीख ह”
राज ap…wo और कुछ बोलता उसे पहले हे शिवानी ने अपने होठो को उसके होठो …से जकड लिया …राज की आंखे फ़ैल gayi….raj ने शिवानी को पीछे किया …
शिवानी “ प्लेन की बात याद ह न …और वैसे भी मैं जायदा कान्हा मांग रही हु…
राज “ आप मरवाओगी कण्ट्रोल करो खुद पर “
शिवानी “ कंट्रोल इतना हक़ तोह ह हे मेरा” और उसने दुबारा राज को जकड लिया और किश करने लगी ….राज “ आप नहीं मानेगी न” शिवानी ने न मई गर्दन हिला दी राज पहले तोह झिझका फिर उसने भी कास के शिवानी को बांहो मई भर लिया और किश करने लगा …और किश करते करते “ बहुत गर्मी ह आप मई ” कहते हुवे अपने एक हाथ को शिवनानी के बूब्स पर रख दिया ..और अपने बदन पर पहली बार मरदाना स्पर्श पाकर …शिवानी के रोम रोम मई आग सी जल उठी ….राज किश के साथ शिवानी के बूब्स को मसलने लगा ….अब राज ने एक्ससिटेड होते हुवे शिवानी के टॉप मई हाथ गुसा कर बूब्स के निप्पल को दबाने लगा …शिवानी की साँसे फूलने लगी और उसकी टाँगे के बिच मई उसे गीला पैन और गर्माहट महसूस होने लगी …वो टांगो को आपस मई मसलने लगी… ताकि कुछ सुकून मिले पर अपने होठो पर और बदन पर राज के हो रहे प्रहार से हे उसका बदन उसके काबू से बहार होता जा रहा tha….shiwani का हाथ जब फिसलता हुवा राज के निचे गया उसकी हालत और ख़राब हो गयी राज का खड़ा हुवे लुंड का उभर महसूस करते हुवे उसकी छूट ने पानी तेज़ी से फेंकना सुरु कर दिया ….राज ने जैसे हे शिवानी को होठो को छोड़ो …तोह शिवानी आहे भरने लगी और उसकी आँखों मई तड़प और वासना की लाल डोरिया दिख रही thi….phir आगे जो राज ने किया शिवानी काँप उठी …राज ने अपना हाथ शिवानी की नाईट वियर लोअर मई दाल कर शिवानी की छूट पर रख दिया और दूसरे हाथ से उसकी टाइट गांड को पकड़ लिया राज शिवानी की आँखों मई देखने लगा ….और श्वानि तड़फड़ाने लगी..
राज “ बहुत पानी छोड़ रही h..aj निकल देता हु इसका पानी….”
शिवानी ने राज के सीने मई मू छुपाया तोह राज ने एक हाथ से शिवानी के बाल पकड़कर पीछे कर लिया और शिवानी की नशीले आँखों मई देखकर बालो को पकड़ होठो को बेदर्दी से दुबारा से चूसने laga…raj की उंगलिया जैसे हे शिवानी की छूट पर रब हुवी शिवानी का पानी और तेज़ी से निकलने laga….aur वो घुटी घुटी सी सिसकिया लेने lagi….ab उसका मन और जिस्म उसके काबू से बहार होता जा रहा tha…aur …वासना के सागर मई डूबता जा रहा था
शिवानी जिसने पोर्न केस भी संभाले थे इसलिए काफी कुछ नॉलेज थी सेक्स की इसलिए उसने भी उत्तेजना मई राज के लुंड को बहार निकल diya….aur अपने हाथ मई लेती हे वो पूरी तरह छुडासी हो gayiii….aur जल्दी जल्दी लुंड को आगे पीछे करने lagi…raj ने छूट को रब करना और तेज़ कर दिया शिवानी की सिसकिया तेज़ी से निकलने लगी और वो राज के लुंड को हाथो से तेज़ी से आगे पीछे करती रही पर राज की मरदाना छुवन के आगे वो जायदा दिएर टिक नहीं पायी और कुछ हे पल मई शिवानी के छूट का बांध टूट गया और वो कंकंपाते… jhtke…khati हुवी झड़ने लगी ..वो इसे पहलर भी ठंडी हुवी थी खुद से पर आज के अहसास से उसकी छूट का पानी बेइंतिहा छूट ता जा रहा tha….raj ने शिवानी के छूट के पानी को जो उसकी ऊँगली पर लगा हुवा उसे शिवानी के सामने हे अपनी जीब निकलकर एक ऐडा के साथ छटा toh…shiwani को लगा जैसे राज ने उसकी छूट पर जीब फिराई हो उसकी सांसे हे उस सोच के अहसास से अटैक गयी और बचा हुवा पानी भी बहकर झंगी तक agaya…wo राज के लुंड को देखने lagi…aur वो राज को देखते हुवे अपने घुटनो पर बैठी हे थी की तभी उन्हें आवाज सुनाई thi…ki सोनाली दी आउट हो गयी वो वापस टर्न ला रही ह बहार ाजाओ चलो….
शिवानी “ सॉरी डार्लिंग अभी दुबारा चिपटे ह तब तुम्हे खुस करती हु पर तुम्हे मेरे कौमार्य के लिए इंतज़ार करना होगा मुंबई जाकर हे देपाउंगी वर्ण तुम्हारा लेने के बाद चलने की भी हीमत नहीं होगी मुजमे ok मुम्बई जाकर जितना चाहे उतना खुस करुँगी पूरी रात सिर्फ तुम और मैं होंगे मैं भी चाहती हु तुम मुझे पुती रात अपना प्यार do..mere कुंवारा पैन तुम हे तोड़ par….abhi चलना होगा तुम आगे चलो मुझे जोर सुसु आयी ह मैं अति हु”
राज “ अपनी पेण्ट को टाइट करकर और लुंड को सेट करके ….. “इसे कहते ह खड़े लुंड पर चोट “
शिवानी हे हे हे इसको ..इसका हक़ मिलेगा मेरी जान…
राज के जाते हे शिवानी की धार इतनी जोर से चुटी की शिवानी की सीई की आवाज निकल गयी “ आज कितनी दिएर तक सुसु करेगी और उसे शर्म आगयी क्योकि सुसु के साथ उसकी सीटी की आवाज भी तेज़ी से आरही थी जो राज को भी सुनाई दी…
राज और सब इखट्टा हुवे तोह …
दीपिका “ शिवानी कान्हा ह”
राज वो उधर ह आरही ह …
दीपिका ok मैं जाती हु उनके पास जा चिप जा …तभी अंजना आयी और उसे पकड़कर ले gayiii…ye सब अंजना का प्लान था जो उसने गिड़गिड़ा कर दीपिका से कहकर बनवाया tha….baaki सभी मू ताकती रह गयी अंजना का…
अंजना राज के साथ भागते हुवे “ आज मौका मिला ह कान्हा थे तुम मेरी जान …पास एते हे नहीं हो ”
राज “ सब ह यंहा दी देख लेती तोह आपको पता हे ह इसलिए नहीं आया ”
अंजना जल्दी से पहले से छिपी हुवी जगह ले गयी और देइडेड जगह से भी आगे ले गयी और बिना कुछ मौके दिया हे …राज के चिपक गयी …और चूमने लगी …राज भी बहुत गरम था उसने बिना किसी न नुकर के हे अंजना का टॉप निकल दिया और शॉर्ट्स को भी उतर diya….aur उसे बांहो मई भर लिया दोनों
अंजना -बहुत जल्दी ह..
राज - सब आपके हुसैन का जड्डू ह
दोनों एक दूसरे को बेदर्दी से चूमने लगे ….राज ने किश करते हुवे धीरे धीरे निचे होकर अंजना के बूब्स को अपने होठो मई पकड़ लिया और अपने दांतो से काटने चूसने लगा अंजना मजे से धीरे धीरे आहे भरने lagi……anjana इस प्यार से बहुत खुस थी उसने पेण्ट से राज के खड़े लुंड को निकल लिया और उसे आगे पीछे करने लगी….
राज बहुत जायदा गरम था उसने तुरंत अंजना को हाथो से उल्टा घुमा दिया अब अंजनजा की टंगे राज के कंधे पर थी …अंजना कुछ समझती जब तक राज ने अंजना की छूट के गुलाभी हिसाई पर अपनी जीब को फिरस दिल अंजना की माधोसी से आंखे बंद हो गयी और मू से बड़ी सी सिसकारी निकल gayi…aur उसका मू आनंद से खुला तोह …तोह राज ने अपना लुंड अंजना के मू मई घुसेड़ diya….anjana भी अब पुरे जोश से राज के लुंड को चूसने लगी …दोनों को पता था की समय काम h….wo दोनों इस पाल मई भरपूर मज़ा ले रहे the……raj का रास चक्कर अंजना पूरी तरह मदहोश हो गयी..
राज “ अंजू वक़्त काम अब जल्दी से वर्ण कोई आजायेगा “
अंजना बिना कहे आगे झुक कर घोड़ी बन गयी ….उसकी छूट भी राज के लुंड के लिए तड़फड़ा रही थी ..राज ने धीरे से अंजना की छूट पर लुंड को लगाया और अंजना की कमर को कसकर पकड़ liya….raj निचे की तरफ झुक कर अंजना की पीठ को चूमकर “ अंजू अपना मू बंद कर लो “ और जैसे हे अंजना ने मू धोखा उसकी आंखे छोड़ी हो गयी क्यों की राज का आंकड़ा उसके छूट के बिल को फाड़ता हुवा अंदर घुस गया ….वो दर्द से बिलबिला उठी पर सिर्फ घुटी सी आवाज हे निकली उसे पता था की इस दर्द के बाद सिर्फ सुख …आज 2.5 साल बाद उसकी छूट मई दुबारा राज का लुंड घुसा था ….राज ने दुबारा से बहार निकला और एक झटके के साथ बचे दानी तक लुंड घुसा दिया अंजना लड़खड़ा गयी पर राज ने उसे हिलने नहीं दिया और जल्दी से लुंड को अंदर बहार करना सुरु कर दिया ….कुछ पल दर्द सहने के बाद ….राज के लुंड की घरसँ ने अंजना को सुख की दूसरी दुनिया मई पंहुचा diya…wo चुदाई के गहरे सागर मई डूब गयी और मू से कामुक सिसकारियां फूटने lagi…lund के हर धक्के से अंजना की छूट का रास बहार निकलकर टपकने लगा ….फिर राज ने ….उसे अपनी गोदी मई उठा लिया और लुंड को छूट मई घुस कर तेज़ी से झटके मरने लगा …धप धप की आवाज आवाज और अंजना की सिसकारियां की आवाज आने लगी…. अंजना राज की आंखे मई कामुकता से देखती हुवी बोले जा रही thi…come ों फ़क में …फ़क में हर्डर बेबी मोरे दीपर छुम इनसाइड में ….बोल बोलकर उसे और उत्तेजित करती हुवी राज को चुम रही थी ……वो 1 बार जड़ चुकी थी उसके बावजूद वो दूसरी बार भी चुदती हुवी चरम पर थी…
राज एक्ससिटेड होकर किंग बेबी किंग ….
अंजना मेरे पीरियड्स आने वाले ह एक दो दिन मई इसलिए अंदर छोड़ do…main तुम्हारे पानी को फील करना चाहती hu…bhar दो मेरे रोम मई तुम्हारा paani..come ों raj…aur बस 15 सेकंड बाद राज का लावा अंजना की छूट को भरता गया ….राज के गधे वीर्य के छूट ते हे अंजना का भी दुबारा से पानी बह्निकला ….कितनी हे दिएर राज का लुंड अंजना की छूट मई झटके खता रहा और जब लुंड राज ने बहार निकला पूक की आवाज आयी और अंजना की छूट से राज का पानी निचे टपकने लगा ….राज ने जब ये देखा toh…muskrane लगा और अंजना शर्माने lagi….anjana “बस इतना प्यार हमेशा देते रहना” और थोड़ी हे दुरी पर सुसु करने लगी …
राज “ अब सुकून मिला
अंजना “ तुम्हारी हे जब चाहे जितना सुकून मिलेगा मेरी जान”
तभी आवाज आयी श्वेता आउट हो गयी ह उनकी टर्न ह बहार ajao…udhar शिवानी राज को ढूंढने लगी पर जब उसकी नज़र अंजना पर गयी तोह वो चाल देख कर समाज गयी की बिल्ली साडी मलाई खा गयी h….aur अब जब वो आगे बढ़ने लगी राज की तरफ तोह उसने देखा सोनाली राज की तरफ जा रही ह…
शिवानी हे भगवन अब क्या होगा…
राज जल्दी से बचने के लिए“ पानी तोह पी लू”
शिवानी दूर से खुद से “है है जैसे दी के साथ तोह पियोगे हे नहीं और अभी पानी निकला ह तोह पानी चहियेगा हे”
कविता“ के ों भाई इसके बाद एक टर्न और ह प्लीज एडजस्ट करलो”
सोनाली “ चलो “
राज की फैट रही थी की कंही सोनाली को पता लगा तोह सब गड़बड़ हो jayegi…aur वो यकीनन पास राखी गन से गोली मार देगी बिना कुछ सोचे समझे
तोह दूर कविता “ डोंट वोर्री भाभी अबकी बार भाई आपके साथ हे होंगे”
पूनम “ कोई बात नहीं कुटी मैं तुम सब के साथ भी बहुत खुस hu…aur वैसे भी उनसे जेडटूम सबके साथ ाचा लगता ह”
कविता “ आह्ह्ह्ह मेरी स्वीट स्वीट भाभी”
पर पूनम के दिल मई कंही न कंही ये बात थी की वो राज के साथ कुछ पल bitaye….idhar राज सोनाली के साथ दूर आया तोह सोनाली “ उस चुड़ैल के साथ अकेले थे ह न ..”
राज “ ओह आपका मतलब शिवानी जी से ह अगर वो चुड़ैल ह तोह मैं था उनके साथ “
सोनाली फिर तीख ह “मुझे लगा ऋचा के साथ थे “
राज “ सोनाली को कमर से खींचकर खुद के पास खींचते हुवे जलन हो रही h…is हिसाब से तोह अभी अगर शिवानी जी की खुसबू मुझसे आगयी तोह आप गलत हे सोचेगी”
सोनाली “main….”wo आगे बोल हे नहीं पायी क्योकि वाकई उसे खुसबू तोह आरही थी पर वो कुछ शिवानी की थी तोह कुछ अलग भी थी पर वो अगर कुछ ऐसा बोलती तोह राज की बात सही हो जाती इसलिए वो चुप रही और राज ने आगे बोलने का मौका हे नहीं दिया और उसके होठो को अपनों मई कास लिया …और इसी जगह सोनाली की साडी सोचने समझने की शक्ति ख़तम हो जाती थी यही उसकी कमजोरी थी …वो राज के अहसास उसकी चुवांसे इस दुनिया की साडी सोच को भूल जाती thi…abhi वो राज की बांहो मई अपने आपको पूरी तरह समर्पित कर चुकी थी बेइंतिहा राज को चूमे जा रही thi….aur राज भी होठो से चूमता गर्दन से चूमते हुवे सीने पर पहुंच गया ह और टॉप के आगे के बटन खोलकर उसके सीने पर अपने लव बिट्स देने लगा ….सोनाली को उसके इसी प्यार और अहसास की ाददत थी जब भी राज के पास से उठकर वो नाहते समय खुदको देखती जगह राज के लव बिट्स उसे दीखते the….usne भी पेण्ट के ऊपर से राज के लुंड को जकड लिया और उसे मसलने lagi….par उसे मौका हे नहीं मिल रहा था उसका 34 का सीना राज की आँखों के आगे था और राज बेदर्दी से उसे काटे और मसले जा रहा था….. राज ने उसके एक निप्पल को होठो से पकड़कर जोर से खिंचा तोह सोनाली की सिसकारी निकल gayiii….raj अब घुटनो पर बैठ गया और एक झटके मई हे सोनाली की लोअर और पेंटी निचे खिंच दी…. सोना को पता था अब क्या होगा उसका रोम रोम राज के अहसास से हे खिल utha….uski टाँगे खुद बा खुदफैल gayiii…aur उसके हाथ राज के बालो को सहलाने लगे ….राज की गरम सांसे उसे उसकी योनि पर महसूस हुवी …राज ने अपनी ऊँगली से सोना की योनि को सहलाया तोह सोना तड़फड़ा उठी पर राज नहीं रुका और अपनी ऊँगली से सोना की छूट की दरारों को सहलाने लगा जिससे सोना बड़ी बड़ी आहे भरने लगी और बोली “ नहीं राज प्लीज” par….achanak सोना को गरम सा अहसास अपनी छूट के सेंसिटिव जगह पर महसूस हुवा और उसकी आंखे ऊपर को कामुक अहसास से चढ़ gayiii…raj अपनी जीब को सोना की छूट पर तेज़ी से फिरने लगा …और ऊपर सोना …उफ्फ्फ rajjj…nahii..rajjj..ki आवाज निकलते हुवे अपनी छूट चुस्वाति rahi….phir दुबारा से उसकी आंखे चौड़ी हो गयी और मु खुल गया क्योकि राज ने अपनी एक ऊँगली छूट मई दाल दी थी ये ाहसुस खुले मई उसके लिए नया था वो ऊँगली की गरमाहट और राज के जीब की रगड़ें से पूरी तरह तड़प गयी ….और राज भी बिना रुके तेज़ी से अंदर बहार करने लगा सोनाली तड़फड़ाते हुवे हिलने लगी उसने राज के बालो को कसकर पकड़ लिया …और बोलने लगी “ नहीं राज please…..muje तुम्हारी होना ह पूरी तरह से …मुझे दे do…please ऐसा आअह्ह्ह्ह माअत कारो…. “
राज जनता था वो सेक्स चाहती ह पर वो अभी सोनाली के साथ लास्ट लिमिट क्रॉस करने को रेडी नहीं था और अभी तोह बिलकुल नहीं क्योकि लुंड को देखती हे सोनाली समाज जाती की उसने सेक्स किया ह इसलिए वो और तेज़ी से ऊँगली अंदर बहार करते करते हुवे हे खड़ा हुवा और सोनाली को किश करने लगा …और कुछ पल बाद हे सोनाली का सरीर अकड़ कर झटके खाना लगा महीनो से जमा लावा बहार निकलकर निचे टपकने लगा …राज ने सोना को अपने सीने से लगा लिया और सोनाली ऐसे हे राज के सीने से लिपट गयी….
कुछ पल बाद राज को अचानक गीला पैन का अहसास हुवा उसने सोना के चेहरे को ऊपर करके देखा तोह उसकी आँखों मई आंसू थे ….
राज ने जल्दी से आंसुओ को पूछा और बोलै “ नहीं नहीं बिलकुल नहीं ये नहीं ….”
सोनाली रट हुवे “ फिर क्यों तुम ऐसा करते हो तुम्हे सब पता ह की तुम मेरे सब कुछ हो फिर क्यों दूर रहते हो मुझे तुम्हारी होना ह..”
राज आंसू पूछते हुवे “ क्या मेरे सेक्स करने से आपको यकीं हो जायेगा की आप मेरे लिए खास हो आप मेरी हो “
सोनाली ने रट हुवे हे हां मई गर्दन हिला दी..
राज “ आप पागल हो …आप मेरी जिंदगी का वो हिस्सा हो जिसकी जगह कोई नहीं ले सकता ह ..”
सोनाली रट हुवे न मई गर्दन हिलती ह जैस कहना छह रही हो तुम झूट बोलते हो…
राज को सोनाली के आंसू देख कर दर्द महसूस होने लगा खुद के दिल मई ..
राज “आपको पता ह न मैं आपसे झूट नहीं बोलता हु”
सोनाली “ बोलते ho….tabhi हर बार मुझसे दूर बिना बताये चले जाते हो”
राज सोनाली के फोरहेड पर किश करते हुवे …आप मेरी जिंदगी से जायदा कीमती हो मेरे लिए मैं आपको कैसे कुछ होने दे सकता हु….”
सोनाली ने फिर गर्दन न मई हिलाकर बताना चाहा की मुझे कुछ नहीं सुन्ना ह मुझे तुम्हारी होना ह…
राज धीरे से पहले सोनाली की पंतय और लोअर ऊपर की और टॉप को तीख किया और फिर बोलै ….ी लव यू सू सू मच …”
सोनाली उसे अपनी भीगी आँखों से देखने lagi…raj ने आंसू पूंछे और कहा “आप मेरी हो मेरी हे रहोगी …किसी और के पास जाने की भी सोची तोह भूत बनकर आजाऊंगा पीछे पीछे……” सोनाली के चेहरे पर मुस्कान agayi….Raj “ आप कभी ये मत सोचना की सोना के बिना राज की जिंदगी ह …सोना ह तब तक राज ह और सेक्स से आप मेरी और मैं आपका हो जाऊंगा ऐसा किसने सिखाया आपको…” अब सोनाली क्या बोलती इसलिए वो चुप रही तब राज बोलै “ ये आपकी बहन शिवानी का काम ह न उनको मैं बताता हु”
सोनाली ने राज को बांहो मई भर लिया और उसके सीने में मू छिपा लिया और बोली “ ी लव यू सो मच राज …तुमसे हे मेरी जिंदगी ह तुम्हारे बिना ये सोनाली भी नहीं मुझसे कभी दूर मत करना मैं बस तुम्हारे साथ पूरी जिंदगी रहना चाहती हु इसी जयादा कुछ नहीं मांगती हु और न तुमसे mangungi…muje कुछ नहीं चाहिए तुम्हारे प्यार के शिव“
राज मुस्कराकर “ प्रॉमिस राज सोना से कभी दूर नहीं होगा अब अगर सोना ऐसे रोयेगी toh….phir मुझे नहीं चाहिए ऐसी सोना…”
तभी आवाज आयी भाई आउट सोनाली मम आउट …
सोनाली “आउट की बची तेरे दन्त तोड़ दूंगी यही टाइम मिला आने का “
राज सीधा जल्दी से श्वेता के पास से निकल गया
श्वेता बेचारी हक्की बाकि रह गयी और उसे सोनाली का रौद्र रूप याद आगया…
सोनाली “ कान मरोड़ते हुवे सबको ढूंढ लिया तूने “
श्वेता “are…raham करो मुझे क्या पता था आप हो यंहा
सोनाली “ ाचा तीख …ह जो देखा वो किसी को बोलै और मुझे पता लगा गया तोह “
श्वेता “ दर से भाई की कसम किसी को नहीं बताउंगी”
सोनाली “ गुड गर्ल चल चिपटे हतु मेरे साथ हे छिपेगी”
श्वेता के हाथ पाँव ठन्डे हो गए पर वो कुछ कर भी नहीं सकती थी
कविता … “ अरे कान्हा भाग रहे हो भाई चलो चिपटे ह…
राज पर
कविता हद ह भाई चलो भी और थोड़ी दूर आते हे …उफ़ मैं तोह रूल भूल हे गयी अब क्या करे अरे वो देखो पूनम दी आप उनके साथ चिप जाये …
राज “ उनके साथ”
कविता “ अरे आप उन्हें भी आउट करवाओगे अभी तक हम सबसे लास्ट मई आउट हुवे ह समझे जाओ “
पूनम ने तोह राज को अपने पास एते देखा तोह उसकी दिल की धड़कन तेज़ हो गयी क्योकि उस रात मई सिर्फ वो दोनों हे थे …और अकेले होने के अहसास से हे उसका दिल बहुत तेज़ी से धड़कने लगा…
राज भी पास आकर कुछ नहीं बोलै और दोनों चुप चाप आगे की तरफ जाकर एक पेड़ के पीछे चिप गए …पूनम का दिल अभी भी उसके काबू मई नहीं tha…wo तेज़ी से धड़क रहा था जो रात के इस सन्नाटे मई राज को सुनाई देने लगा …वो पूनम की तरफ देखने लगा …पूनम को उसके पैरो के पास से एक सरसराहट महसूस हुवी तोह वो दर से राज के चिपक गयी और राज की टी शिर को कसकर पकड़ लिया ….राज को भी समाज नहीं आया की वो क्या कहे इसलिए वो कुछ नहीं बोलै …क्योकि उसे भी पूनम का उसके पास आना सुकून दे रहा था…
पूनम “ राज जी निचे कुछ ह”
राज ने निचे मोबाइल की लाइट जला कर देखा तोह कुछ नहीं था “वंहा कुछ नहीं ह पूनम जी “
पूनम धीरे से अलग हुवी ….राज उसे हे देखने लगा तोह पूनम ने भी नज़रे उठकरराज को देखा …और रात की इस सुहानी हवा और रात की ख़ामोशी मई दोनों एक दूसरे मई खो गए ….दोनों मई से किसी ने कुछ नहीं कहा सिर्फ आँखों की आँखों से बाते होती रही …पूनम राज के बिलकुल करीब कड़ी थी और उसकी दिल की धड़कन की धड़कने की आवाज अभी भी राज को आरही थी
राज “ आपका दिल जोरो से धड़क रहा ह”
पूनम “ आपके lll…apke पास होने से ठडक रहा ह…”
राज “ मेरे पास होने से”
पूनम “ कभी किसी लड़के के इतने पास कड़ी नहीं हुवी न इसलिए”
राज “ओह्ह्ह”
पूनम “ अपने क्या समझा “
राज हड़बड़ाकर कुछ भी नहीं …मुझे लगा आप दर गयी…
पूनम अपनी प्यारी मुस्कान लाते हुवे “ एक नहीं 2 नहीं 3 है ….तीन तरह के लेडीज परफ्यूम की खुसबू आरही ह apse…kiski ह ये
राज बुरी तरह चौंक गया की सोनाली पकड़ नहीं पायी …अंजना को पता नहीं लगा पर पूनम को एक झटके मई पता लग गया kaise….ab वो क्या बोले समाज नहीं रहा था उसे पता नहीं क्यों पर वो पूनम के सामने बुरा नहीं बनना चाहता ह ….
पूनम “ अरे अरे आप इतना क्या सोचने लगे मुझे पता ह कोई न कोई लड़की आपके पास छिपी होगी इसलिए उसकी परफ्यूम की फ्रेग्रेन्स आपकी टीशर्ट पर लग गयी hogi….ap भी न”
राज “ पूनम को मुस्करा कर देखते हुवे अब तोह आपका फ्रेग्रेन्स सबसे जायदा होगा”
पूनम “ वो कैसे “
राज “ अपने तोह मुझे गले हे लगा लिया …”
पूनम “ main..meri फ्रेग्रेन्स”
राज “पर सच बोलू पूनम जी पता नहीं क्यों पर आपके साथ बात करके मुझे बहुत ाचा फील होता ह…”
पूनम की आंखे अँधेरे मई भी चमक उठी और वो नज़रे राज की तरफ घुमाकर प्यार से बोली “ तोह इस दोस्त ने कब आपको रोका ह आप जब चाहे इस दोस्त से अपने दिल की हर बात बोल सकते h….aur सच बोलू मुझे भी आपसे बाते करना बहुत ाचा लगता h…ap साथ होते ह तोह कभी लगता हे नहीं की मैं अकेली हु …हमेसा मुझे सेफ फील होता ह जैसे कोई ह जो मेरे लिए हर कदम खड़ा होगा और पता ह आपको पहली बार जब हरिद्वार मई अपने जहान्वी और दिव्या बुआ को बचाया था उसी दिन से आप मुझे बहुत अचे इंसान लगे और देखो आज मैं आपके साथ हु”
राज “ धयान से पूनम की आँखों मई देखता रहा ….आप हरिद्वार thi..us वक़्त”
पूनम “ मैंने हे फ़ोन मिलाया था आपको वो मेरा हे नंबर था और मेरा फ़ोन टूट गया था isliye…wo अभी पूरी बात करती …राज ने पूनम को गले लगा लिया ….पूनम तोह पूरी तरह हैरान हो गयी पर अपने प्यार की बांहो मई आकर वो बेहद खुस थी की कैसे भी किसी भी वजह से राज उसके प्यार ने उसे गले लगाया..…
राज” थैंक यू पूनम जी …आपके एक फ़ोन से मुझे मेरी फॅमिली मिल gayi…agar आप उस दिन फ़ोन नहीं करती तोह मैं मेरी दूसरी माँ को भी खो देता ….थैंक यू थैंक यू मैंने कितनी बार आपके नंबर पर तरय kiya…par आपका नंबर बंद अत रहा …राज ये बोलते हु बहुत इमोशनल tha…main फ़ोन वाली लड़की से मिलकर दिल बहुत बहुत धन्यवाद् देना छठा था पर देखो किस्मत से वो आप निकली …थैंक थैंक यू पूनम जी
पूनम राज को सीधा करके … “ इतने बड़े लड़के की आंखे भीगी हुवी ह …कोई देखेगा तोह क्या बोलेगा की पूनम ने रात को अकेले मई डरा दिया …
राज हलके से मुस्कुराता हुवा “ आपको अछेसे पता ह किसी को कैसे हसना ह”
पूनम “ अगर बात आपकी ह तोह बिलकुल मैं अपने दोस्त को कैसे दुखी देख सकती हु…”
राज “ आप बहुत नेक दिल हो आप जिसकी जिंदगी मई जाओगी वो हमेसा खुस रहेगा “
पूनम मन मई “ आप मेरी जिंदगी हो राज किसी और की होने से पहले पूनम अपने 100 टुकड़े करना पसंद करेगी”
इधर राज मन मई “ ये लड़की कितनी अछि h…meri हर सोच पर खरी उतरती ह…”
पूनम “ तोह राज जी मेरे बारे मई सोच रहे ह “
राज खुदसे इसे ये भी पता लग गया फिर बोलै… “एक बात कहु “
पूनम राज की आँखों मई प्यार से देख कर “ कहिये न “
राज “ आप सुरुवात से मेरी परवाह करती ह ऐसा क्यों “और पूनम के चेहरे की तरफ देखने लगा
पूनम उसी प्यारी मुस्कराहट के साथ“ सायद ऊपर वाला यही चाहता ह आपके मेरे दर्द एक जैसे हे ह राज जी और नेगेटिव नेगिटिव पॉजिटिव हो जाते ह” “…...फिर मन मई इसलिए राज जी क्योकि बचपन मई हे हमारी तकदीर एक हो गयी थी”
राज कुछ बोल हे नहीं पाया …तभी आवाज आयी ..
गेम ओवर हो गया ह खाना कहते ह …ाजाओ…
पूनम आगे चली पर राज पीछे से पूनम की तरफ देखता पूनम ने देखा की राज नहीं आरहे ह तोह वो पीछे आयी और राज का हाथ पकड़कर बोली “ चले राज जी”
राज ने अपने हाथ मई पूनम का हाथ देखा और बिना कुछ कहे पूनम के साथ चल दिया ….राज के दिल मई बहुत से भाव तेज़ी से आरहे थे और उन्ही भावो के साथ वो पूनम को बिच बिच मई देखता raha..…..aur सबके पास एते हे दोनों ने एक दूसरे का हाथ छोड़ दिया …
घर के अंदर पहुंचते हे राज सुनील को घूरने लगा तोह….
सुनील भाई मैंने नहीं ….ये सोनाली दी और तेरी भाभी ने किया ह
राज “ आप “
सोनाली “ पहली बार सब साथ ह और वैसे भी वोडका ह जिसे पिणि हो लिमिट मई पियो और जूस भी ह जिसे नहीं पिणि हो वो जूस पिए…”
कविता श्वेता प्लीज भाई….
शिवानी ोये नाटक नहीं समझे ….
ऋचा ममता को बोलने लगी है बोलो है बोलो….
मनीषा “ प्लीज”
राज फाइन …इन लिमिट्स ok ….
सुनील जोर से “ भाभी का चंचायआ”
सोनाली “ है है है”
रात को सबने पीई अंजना ऋचा श्वेता कविता सोनाली मनीषा ….और तोह और सुनील को भी जबरदस्ती खूब साडी मनीषा के नाम पर पीला di….aur उसे भी तून कर दिया और वो बेचारा मनीषा के सामने बात करने गया पर कुछ बोल हे नहीं पाया और “ मैं तुम्हे …tumm..bahut..achi…ho…” इतना बोल कर वंही हे सो गया …..मनीषा ने उसे बिस्तर पर आराम से उढ़ाकर सुला दिया और फ़ोरेहेअद पर थैंक यू किश डीई
मनीषा “इतने बुरे नहीं हो मुझे अचे लगे तुम पति देव” ….और बहार आकर सो gayiii….rifat ने ममता की हेल्प की और शेरदिल की हेल्प से सबको sulaya…ant मई राज और पुनम ने सरे बर्तन रखे …
Poonam….sonali की तरफ देख कर जो सुकून से सोफे पर बैठे बैठे हे सो गयी थी… “दी ने आज जायदा पी ली आज उनके चेहरे पर सुकून ह”
राज “ उनकी जिंदगी बहुत मुश्किल रही ह आज वो बहुत खुस ह फॅमिली का प्यार भाई बहन का प्यार सब जो उन्हें मिल गया ह”
पूनम “ है वो एक बड़ी बहन के रूप मई एक आदर्श बहन”
राज ने आगे बढ़ कर सोनाली को गोदी मई उठा लिया ..और निचे लगे बिस्टेर मई से एक पर सुला diya…..poonam ने उनके शूज को अपनेखोल दिया और पतली चद्दर ुधा दी..
राज “ गुड नाईट पूनम ji….kal हमे वापस निकलना ह….”
पूनम “ आपके साथ वक़्त का कीच पता नहीं लगता ह राज जी थैंक यू इतनी अछि फॅमिली का हिस्सा बनाने के लिए गुड नाईट “
राज “ थैंक यू तू …मुझे पूनम जी के रूप मई प्यारी सी दोस्त देने के लिए”
राज के जाते हे मैं तोह आपकी प्यारी सी वाइफ बनूँगी मेरे हुब्बी लव यू.... गुड नाईट और वो बस राज को अपने से थोड़ी दूर सोते हुवे देखती रही जो अपनी बहनो के पास लगे बिस्तर पर सो गया ... साथ हे खुद भी आज की प्यारी यादो के साथ सपनो मई खो गयी....
सो था न देलेक्टेबले बोले तोह डिलीशियस .....इसलिए मस्ती मई पढ़ने का बिंदास लाइक्स और रेवोएस पेलने ka....dosto....