Adultery Raj-- hero of the family - Page 57 - SexBaba
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Adultery Raj-- hero of the family

मोरे एंड मोरे देलेक्टेबले अपडेट 185…….

War……countdown……begins

11….उपदेट्स तू लेफ्ट

दादाजी — हो गयी पूजा….

सभी ने है मई सर हिलाया और दादाजी का आश्रीवाद लिया..

दादाजी - जग जग जियो मेरी बच्चियों भगवन तुम्हारी जोड़ी बनाये रखे …तुम्हे तुम्हरा मनवांछित जीवन साथी मिले ….

राज ने दादाजी को ऊपर से निचे तक देखा फिर गोल गोल घूमकर चारो तरफ से dekha…par उसे कुछ नजर नहीं आया क्योकि …जिस हाथ से तलवार रोकी थी उस हाथ को उन्होंने अपने कुर्ते की पॉकेट मई दाल रखा tha….isliye राज चोट नहीं देख पाया…

दादाजी — अब देख लिया हो तोह chale…..phir राज के साथ चलते हुवे तुम्हारी उम्र मई तोह मैं अपनी बगल मई दबा के मसल दिया करता था इतना को…

राज — अब आप वैसे नहीं रहे ह …और मैं माँ को बताने वाला हु अपने आज फाइट kari….phir देखूंगा आपकी ताकत…

दादाजी — अरे यार क्यों मेरा बप बढ़ा रहा ह उसे बताकर…..

राज — है है है …बड़े ए बगल मई दबा कर मरने wale…maa से दर गए …

दादाजी — बीटा जी हंस लो मेरा भी वक़्त आएगा फिर मैं हंसूंगा तुम पर….

राज-- ाचा दादाजी मुझे मेरी बाइक से आना ह अजौ ….आपके साथ हे चलूँगा …

दादाजी — है है क्यों नहीं….

पर पीछे सुनील जो अपनी बहनो के बिच मई साथ चलते हुवे ारः था उसने के देने से साफ़ मन कर दिया…..

Aur….raj को कार मई ….इस बार भी ऋचा के साथ हे बैठना pada…car मई काफी दिएर चुप्पी रही फिर राज को ऋचा को मारा थपड याद आया और उसने धीरे से अपना हाथ ऋचा के गाल की तरफ किया …ऋचा ने कोई रिएक्शन नहीं दिया ….राज ने देखा गाल लाल अभी भी हो रखा था…

राज “ ी म सॉरी”

ऋचा “ हक़ जताया इसलिए ,या बुरा लगा की तुम्हारी जगह मैं ऐसा करती इसलिए….”

राज कुछ दिएर चुप रहा और फिर बोलै “मैंने बहुत बार तुम्हे कहना चाहा ….पर जबरदस्ती का रिश्ता और प्यार की नीव बड़ी नहीं होती ह इसलिए मैंने तुम्हारी खुसी के लिए कुछ नहीं कहा और जिसमसी तुम्हारी खुसी थी वो होने दिया …”

ऋचा गुसाई से राज का कलर पकड़ कर “ मेरी khusi……are क्या पता था मुझे ….बस खाने की खुसी घूमने की खुसी पैसो की ख़ुशी इससे जायदा क्या पता था muje…tumhare जितना सहा होता तोह सायद खुसी pahchanti…agar पता होता की सच्ची ख़ुशी क्या होती ह तोह ऐसी हालत मई होती आज मैं… बात करते हो ख़ुशी की… पर कोई शिकायत नहीं ह tumse…ab मेरे दिल मई जो ह वो कर रही हु …बचपन मई तुम्हारी माँ जो मेरी भी बचपन के रिश्ते से माँ ह उनकी ीचा पूरी karungi….chahe तुम मुझे अपनाओ या नहीं और तुम मुझे विद्या माँ की ख्वीश पूरी करने से रोक नहीं सकते हो क्यों की लागल्य तुम और मैं दोनों हे विद्या ग्रुप ऑफ़ हॉस्पिटल्स के ओनर ह तो तुम मुझे किसी भी तरह मापापा की ीचा पूरी करने से रोक नहीं सकते हो समझे….”

राज ऋचा को देखता रहा पर कुछ नहीं बोलै ….और ऋचा ने भी राज का कलर छोड़ दिया और उसे अपने हाथो से तीख करने lagi….aur बोली “ ी म सॉरी….”

दादाजी की कार मई —

सोनाली “ दादाजी एक सवाल ह …पुछु …”

दादाजी “ सोना बिटिया को कब से परमिशन लेनी पद गयी …बेहिचक पूछो”

सोनाली “ वो पंडितजी ने कहा हमारी ये एक साथ दूसरी पूजा ह इसका क्या मतलब ह मैं तोह ऋचा से हिमाचल और पूनम से अभी मिली हु…”

दादाजी के चेहरे पर बड़ी सी मुस्कान आगयी और उन्होंने साइड मई बैठी पूनम को देखा जिसने नीची गर्दन कर राखी थी जैसे उसकी चोरी पकड़ी गयी ho…phir वो बोले “ लगता ह पूनम बेटी ने तुम्हे कुछ नहीं बताया ह …”

सोनाली पूनम की तरफ देखते हुवे “क्या नहीं बताया ह पूनम ने “

दादाजी “ है है है ….यही की पूनम तुम्हारी बचपन की गुड़िया ह जिसे तुम अपने साथ लेजाने की जिद कर रही थी “

सोनाली हैरानी क्या …मैं कुछ समझी नहीं

दादाजी “ तुम्हारे पापा ऋचा और पूनम के पापा अचे दोस्त थे और तुम्हारे बर्थडे पर ऋचा राज पूनम तीनो तीन पलने मई थे और तुम बस थोड़ा सा बोलना सीखी थी …तब इन तीनो को देख तुम बहुत खुस हुवी और तुम्हारे पापा ने कहा था ये रहा तुम्हारा गिफ्ट और तुमने ….तीनो को खूब झुलाया था और इतना झुलाया की केक काटने के के बाद खेलते खेलते …पूनम के साथ पलने मई हे तुम्हारी जिद की वजह से तुम्हे सुलाना पड़ा ….और ये बात पूनम को पता h…isliye मैंने कहा क्या तुम्हे नहीं बताया पूनम ने …

सोनाली पूनम को घूरकर देखने लगी…

“दादाजी दी अब दी बड़ी हो गयी ह …अब गुड़िया से जायदा गुड्डे की जरुरत ह इन्हे …..गुस्सा नाक पर बैठा रहता ह इनके ….”

सोनाली “ मार कहानी ह “

दादाजी “ बात तोह सही h….tumhari….”

सोनाली” दादाजी “

भीमा भी बोल पड़े“ सोना बेटी शादी की उम्र तोह हो गयी h…bhul गया वर्ण ऊपर पंडितजी से हे समय कुंडली …सब पूछ लेता “

बस भीमा के कहते हे सब हंस पड़े और सोनाली चिढ़ते हुवे बोली “ भीमा चाचा सबसे पहले अब मैं आपकी शादी करवाउंगी फिर करुँगी …

भीमा “ तीख मुझे कोई दिकत नहीं पहले तुम शादी की डेट फिक्स करो“

सोनाली झुंझलाकर “ आप “ फिर खुदसे हे मन मई …वो चुटिया है तोह करे …मैं तोह आज हे सुहागरात मन lu…sala घमंडी …भाव खता h…kutta …कमीना….

रात के 9.05 बजे सब हवेली वापस पहुंच गए जंहा शांति सी थी ….

राज “इतनी शांति क्यों ह सब कान्हा ह”

छोटी चची “ लो खुद ने हे कहा था न की खेतवाले घर मई रुकेंगे सब कबसे तुम्हारा वेट कर रहे ह वंहा…”

राज “ है मैं तोह भूल हे गया था “

छोटी चची “ और तुम तीनो भी जाओ …ड्रेस चेंज करलो साथ हे चले जाओ वंही और रात को वंही रुकना ह”

कुछ दिएर baad….pancho एक साथ पैदल हे निकल पड़े खेत की तरफ ….

सुनील राज ऋचा तीनो आगे थे …

सोनाली “ तुमने बताया क्यों नहीं”

पूनम “ क्या नहीं बताया मैंने “

सोनाली “ नाटक मत करो यही की तुम मेरी गुड़िया हो “

पूनम “ 5.6 फ़ीट हिघ्त हो गयी कान्हा से गुड़िया दिखती हु आपको”

तभी पूनम को दर्द हुवा … “ आह्ह्ह्हह …ऐसे भी कोई करता ह”

सोनाली “ तुजे सब पता था फिर भी तू मुझे उलटे जवाब दे रही थी”

पूनम “ नहीं मुझे आज हे पता लगा और कल जो कहा वो जो दिखा वो कह दिया “

सोनाली कुछ नहीं बोली …साथ चलती rahi…uske मन मई ख्याल था की क्या वाकई पूनम राज को प्यार करती ह पर वो सीधी पूछ नहीं सकती थी….

सोनाली “ बचपन के बाद हम चारो आज साथ हुवे ह….

पूनम “ साथ हुवे …मुझे एक गुस्सैल दीदी मिल gayi….jo हमेशा भड़की हुवी रहती h….pata नहीं भगवन कौनसी दुस्मनी निकलकर एक हिटलर दीदी दे दी” इतना कह वो आगे भागने लगी…

सोनाली “ कहा तूने मई गुसैल हु रुक तुजे बताती हु …मुझे तंग करती ह..”

पूनम आगे भाग कर सुनील को पकड़ आगे कर लिया …

सोनाली “ सुनील हैट बिच मई से “

पूनम “ नहीं भाई हटना मत दीदी गुसाई से फिर से पागल हो गयी h…inki शादी करवाकर इन्हे जल्दी दूर भेजना होगा “

सोनाली “ हैट जा सुनील आज तेरी छोटी पकड़कर तुजे सुधरींगी सुनील हैट न”

सुनील “ par…pakad तोह आप दोनों ने रखा ह मुझे “

पूनम जीब निकलकर ीीे बड़ी आयी छोटी पकड़ने वाली और इतना कह राज के पीछे हो gayi…aur चिढ़ाने लगी…

राज बेचारा फिर बिच मई फंस गया …

इनकी नोख झोंक और बात करते हुवे तीनो खेत वाले घर पहुंचे janha…..pura माकन सजा हुवा tha….andar म्यूजिक की बीट्स आरही thi…aur सभी अंदर तैयारियों मई लगे हुवे थे और सबसे बुरी हालत शेरदिल की thi…jiski सभी ने मिलकर रेल बना राखी थी….

राज “ वह भाई लगता ह तुम सही जगह हो बहनो का प्यार बराबर मिल रहा ह”

शेरदिल “ भाई मैं तोह फसने वाला हे नहीं था …ये तोह सुनील भाई अकेले गायब हो गए …और मुझे फंसा diya….bus तब से कभी लाइट तोह …कभी मकड़ी के बचे हुवे जले …toh…kabhi बिस्टेर लगाना कर रहा hu…..aur रही सही कसार सबने मुझे झूला भी बना दिया ह सबको गोल गोल घुमाकर झूला भी देना पद रहा ह”

ममता “भाई “

शेरदिल “लो आगया फरमान आया आया “

राज है है है…

ऊपर रूफ से मनीषा की नज़र लाइट के उजाले मई राज पर पड़ी तोह उसके चेहरे पर बड़ी सी मुस्कान agayiiii….raj ने भी मनीषसे को मुस्कुराते हुवे देखा और सुनील को चिढ़ाते हुवे कहा ी लव you…manisha ने भी कहा “ लव यू टूओ

सुनील “ कुछ जायदा हे मज़े नहीं ले रहे हो तुम दोनों….

राज “नहीं तोह तुजे जलन हो रही ह”

मनीषा की नज़र सुनील की तरफ गयी ….सुनील की नज़र भी मनीषा से मिली और मनो जैसे मनीषा ने आँखों से हे थैंक यू कहा हो सुनील को और सुनील के चेहरे पर मुस्कान आगयी….

राज “ मिल गयी शांति”

बाकि सब दोनों को हे देख रहे थे….

सोनाली कान मई “ कहे तोह भाभी से मिलने का जुगाड़ कर दू”

सुनील पहले तोह है बोल गया फिर उसने देखा की ये तोह सोनाली की आवाज थी इसलिए वो हड़बड़ा और घबरा गया …सोनाली साइड से हुग करती हुवी “डरता क्यों ह मैं हु न आज बात करलेना रातको किसी को नहीं पता लगेगा …मैं सब संभल लुंगी”

पर ऊपर शिवानी अंजना अलग हे खिचड़ी पका चुकी thi….aur दोनों हे राज के साथ मस्ती करने वाली थी दोनों ने हाईड एंड सीक का गेम प्लान किया था और जगह भी पुरे खेत को सेट किया था दूर तक पूरी जगह हे जगह थी और उसी जगह मई दोनों अपनी मन की करने वाली थी गेंहू की फसल के बिच किसी को कुछ नहीं दिखना tha………..aur उनके इस इरादे से बेखबर सब अपने अपने काम मई लगे हुवे the….deepika से शिवानी को अंजना का राज के साथ कुछ कुछ रिश्ता पता चल गया था …और उसी का फायदा …शिवानी उठाने वाली thi…par ऐसा नहीं tha….ki वही सब प्लान किये हुवे थी ….सोनाली ने रात का प्लान कर चुकी thi…bachi ऋचा …उसे राज से उसके पास होने की कोई उम्मीद नहीं thi…aur पूनम उसके दिमाग मई सेक्स …किश… ऐसे ख्याल दूर से दूर तक भी नहीं the…wo तोह सबसे मिलकर बहुत खुस थी और सबकी हेल्प कर रही thi….aur राज sunil….sherdil सबकी थोड़ी थोड़ी हेल्प कर रहे the…raj के एते हे जहान्वी राज के कंधो पर बैठ gayi….aur उसको कभी घोडा बनाकर घुटनो पर चलने लगी तोह कभी खेलने लगी….10.30 पर पूरा काम हो गया तोह सब इक्खट्टा होकर बैठ गए….

शिवानी — आज की पूरी रात हमारी ह हम सबने एक गेम खेलने का डीएड किया ह…

सोनाली “और वो क्या ह…”

रिफत “ हाईड एंड सीक “

कविता “ जगह हम खेतो मई कंही भी चिप सकते ह “

सुनील “ भाई मुझे रेस्ट की जरुरत ह

शेरदिल “ अरे यार मेरी हिघ्त की वजह से मैं ऐसे हे दिख जाऊंगा इसलिए मैं यही सलाद वैगरह तैयार कर लूंगा और तुम्हारा एम्पायर बन जाऊंगा ताकि चीटिंग न हो …”

राज कुछ बोलता उसे पहले हे….

दीपिका “वो मज़ा आएगा बचपन मई हे खेला था हम सब साथ मई khelenge….kyo भाभी “

मनीषा “ ha…bilkul मज़ा आएगा “

अंजना ok तो कुछ रूल्स ह सिर्फ 2 के जोड़े मई हे चिप सकते ह और कोई भाई बहन या बहन दूसरी बहन के साथ नहीं छुपेगी ताकि चीटिंग न हो ok…simple रूल्स ह…

दीपिका ने धयान से अंजना को देखा अंजना के चेहरे पर चालक बिल्ली की मुस्कराहट और सिखारी क्र भाव थे जिससे देख दीपिका मन मई बोली “कामिनी अगर सोनाली भाभी को पता लगा तोह वो तुझे मार देंगी क्यों उलझ रही ह“

शिवानी ok दोने तोह सुरु करे …..तोह पहला टर्न किसका ह ….

शिवानी-- पहली टर्न सोनाली दी की h…sabse स्ट्रांग वंही ह…

सोनाली हहहह फिर मन मसोस कर मैं लाऊ ok जाओ चिप जाओ मैं 5 मिनट्स dungi….itna कहते हे सभी स्लैग अलग भागी …शिवानी राज “मेरे साथ चलो” अंजना नहीं “मेरे साथ….”

शिवानी नहीं मेरे साथ चलो तभी दीपिका ने अंजना को खिंच लिया ….और सभी छिपने के लिए दूर दूर भागे ….शिवानी जो पहले हे सब जगह जानती थी वो राज को दूर ले जा रही थी…

राज हम कान्हा जा रहे ह…

श्विनी “ अरे दी यंहा ढूंढ लेगी वंहा निम्बू के पेड़ ह छिपने की अछि जगह “

राज अरे ये तोह गेम ह…

शिवानी शरारती हंसी के साथ …है गेम हे तोह खेलना h….ab chalo…aur कौन मई एक जगह लेजाकर “ है ये जगह तीख ह”

राज ap…wo और कुछ बोलता उसे पहले हे शिवानी ने अपने होठो को उसके होठो …से जकड लिया …राज की आंखे फ़ैल gayi….raj ने शिवानी को पीछे किया …

शिवानी “ प्लेन की बात याद ह न …और वैसे भी मैं जायदा कान्हा मांग रही हु…

राज “ आप मरवाओगी कण्ट्रोल करो खुद पर “

शिवानी “ कंट्रोल इतना हक़ तोह ह हे मेरा” और उसने दुबारा राज को जकड लिया और किश करने लगी ….राज “ आप नहीं मानेगी न” शिवानी ने न मई गर्दन हिला दी राज पहले तोह झिझका फिर उसने भी कास के शिवानी को बांहो मई भर लिया और किश करने लगा …और किश करते करते “ बहुत गर्मी ह आप मई ” कहते हुवे अपने एक हाथ को शिवनानी के बूब्स पर रख दिया ..और अपने बदन पर पहली बार मरदाना स्पर्श पाकर …शिवानी के रोम रोम मई आग सी जल उठी ….राज किश के साथ शिवानी के बूब्स को मसलने लगा ….अब राज ने एक्ससिटेड होते हुवे शिवानी के टॉप मई हाथ गुसा कर बूब्स के निप्पल को दबाने लगा …शिवानी की साँसे फूलने लगी और उसकी टाँगे के बिच मई उसे गीला पैन और गर्माहट महसूस होने लगी …वो टांगो को आपस मई मसलने लगी… ताकि कुछ सुकून मिले पर अपने होठो पर और बदन पर राज के हो रहे प्रहार से हे उसका बदन उसके काबू से बहार होता जा रहा tha….shiwani का हाथ जब फिसलता हुवा राज के निचे गया उसकी हालत और ख़राब हो गयी राज का खड़ा हुवे लुंड का उभर महसूस करते हुवे उसकी छूट ने पानी तेज़ी से फेंकना सुरु कर दिया ….राज ने जैसे हे शिवानी को होठो को छोड़ो …तोह शिवानी आहे भरने लगी और उसकी आँखों मई तड़प और वासना की लाल डोरिया दिख रही thi….phir आगे जो राज ने किया शिवानी काँप उठी …राज ने अपना हाथ शिवानी की नाईट वियर लोअर मई दाल कर शिवानी की छूट पर रख दिया और दूसरे हाथ से उसकी टाइट गांड को पकड़ लिया राज शिवानी की आँखों मई देखने लगा ….और श्वानि तड़फड़ाने लगी..

राज “ बहुत पानी छोड़ रही h..aj निकल देता हु इसका पानी….”

शिवानी ने राज के सीने मई मू छुपाया तोह राज ने एक हाथ से शिवानी के बाल पकड़कर पीछे कर लिया और शिवानी की नशीले आँखों मई देखकर बालो को पकड़ होठो को बेदर्दी से दुबारा से चूसने laga…raj की उंगलिया जैसे हे शिवानी की छूट पर रब हुवी शिवानी का पानी और तेज़ी से निकलने laga….aur वो घुटी घुटी सी सिसकिया लेने lagi….ab उसका मन और जिस्म उसके काबू से बहार होता जा रहा tha…aur …वासना के सागर मई डूबता जा रहा था

शिवानी जिसने पोर्न केस भी संभाले थे इसलिए काफी कुछ नॉलेज थी सेक्स की इसलिए उसने भी उत्तेजना मई राज के लुंड को बहार निकल diya….aur अपने हाथ मई लेती हे वो पूरी तरह छुडासी हो gayiii….aur जल्दी जल्दी लुंड को आगे पीछे करने lagi…raj ने छूट को रब करना और तेज़ कर दिया शिवानी की सिसकिया तेज़ी से निकलने लगी और वो राज के लुंड को हाथो से तेज़ी से आगे पीछे करती रही पर राज की मरदाना छुवन के आगे वो जायदा दिएर टिक नहीं पायी और कुछ हे पल मई शिवानी के छूट का बांध टूट गया और वो कंकंपाते… jhtke…khati हुवी झड़ने लगी ..वो इसे पहलर भी ठंडी हुवी थी खुद से पर आज के अहसास से उसकी छूट का पानी बेइंतिहा छूट ता जा रहा tha….raj ने शिवानी के छूट के पानी को जो उसकी ऊँगली पर लगा हुवा उसे शिवानी के सामने हे अपनी जीब निकलकर एक ऐडा के साथ छटा toh…shiwani को लगा जैसे राज ने उसकी छूट पर जीब फिराई हो उसकी सांसे हे उस सोच के अहसास से अटैक गयी और बचा हुवा पानी भी बहकर झंगी तक agaya…wo राज के लुंड को देखने lagi…aur वो राज को देखते हुवे अपने घुटनो पर बैठी हे थी की तभी उन्हें आवाज सुनाई thi…ki सोनाली दी आउट हो गयी वो वापस टर्न ला रही ह बहार ाजाओ चलो….

शिवानी “ सॉरी डार्लिंग अभी दुबारा चिपटे ह तब तुम्हे खुस करती हु पर तुम्हे मेरे कौमार्य के लिए इंतज़ार करना होगा मुंबई जाकर हे देपाउंगी वर्ण तुम्हारा लेने के बाद चलने की भी हीमत नहीं होगी मुजमे ok मुम्बई जाकर जितना चाहे उतना खुस करुँगी पूरी रात सिर्फ तुम और मैं होंगे मैं भी चाहती हु तुम मुझे पुती रात अपना प्यार do..mere कुंवारा पैन तुम हे तोड़ par….abhi चलना होगा तुम आगे चलो मुझे जोर सुसु आयी ह मैं अति हु”

राज “ अपनी पेण्ट को टाइट करकर और लुंड को सेट करके ….. “इसे कहते ह खड़े लुंड पर चोट “

शिवानी हे हे हे इसको ..इसका हक़ मिलेगा मेरी जान…

राज के जाते हे शिवानी की धार इतनी जोर से चुटी की शिवानी की सीई की आवाज निकल गयी “ आज कितनी दिएर तक सुसु करेगी और उसे शर्म आगयी क्योकि सुसु के साथ उसकी सीटी की आवाज भी तेज़ी से आरही थी जो राज को भी सुनाई दी…


राज और सब इखट्टा हुवे तोह …

दीपिका “ शिवानी कान्हा ह”

राज वो उधर ह आरही ह …

दीपिका ok मैं जाती हु उनके पास जा चिप जा …तभी अंजना आयी और उसे पकड़कर ले gayiii…ye सब अंजना का प्लान था जो उसने गिड़गिड़ा कर दीपिका से कहकर बनवाया tha….baaki सभी मू ताकती रह गयी अंजना का…

अंजना राज के साथ भागते हुवे “ आज मौका मिला ह कान्हा थे तुम मेरी जान …पास एते हे नहीं हो ”

राज “ सब ह यंहा दी देख लेती तोह आपको पता हे ह इसलिए नहीं आया ”

अंजना जल्दी से पहले से छिपी हुवी जगह ले गयी और देइडेड जगह से भी आगे ले गयी और बिना कुछ मौके दिया हे …राज के चिपक गयी …और चूमने लगी …राज भी बहुत गरम था उसने बिना किसी न नुकर के हे अंजना का टॉप निकल दिया और शॉर्ट्स को भी उतर diya….aur उसे बांहो मई भर लिया दोनों

अंजना -बहुत जल्दी ह..

राज - सब आपके हुसैन का जड्डू ह

दोनों एक दूसरे को बेदर्दी से चूमने लगे ….राज ने किश करते हुवे धीरे धीरे निचे होकर अंजना के बूब्स को अपने होठो मई पकड़ लिया और अपने दांतो से काटने चूसने लगा अंजना मजे से धीरे धीरे आहे भरने lagi……anjana इस प्यार से बहुत खुस थी उसने पेण्ट से राज के खड़े लुंड को निकल लिया और उसे आगे पीछे करने लगी….

राज बहुत जायदा गरम था उसने तुरंत अंजना को हाथो से उल्टा घुमा दिया अब अंजनजा की टंगे राज के कंधे पर थी …अंजना कुछ समझती जब तक राज ने अंजना की छूट के गुलाभी हिसाई पर अपनी जीब को फिरस दिल अंजना की माधोसी से आंखे बंद हो गयी और मू से बड़ी सी सिसकारी निकल gayi…aur उसका मू आनंद से खुला तोह …तोह राज ने अपना लुंड अंजना के मू मई घुसेड़ diya….anjana भी अब पुरे जोश से राज के लुंड को चूसने लगी …दोनों को पता था की समय काम h….wo दोनों इस पाल मई भरपूर मज़ा ले रहे the……raj का रास चक्कर अंजना पूरी तरह मदहोश हो गयी..

राज “ अंजू वक़्त काम अब जल्दी से वर्ण कोई आजायेगा “

अंजना बिना कहे आगे झुक कर घोड़ी बन गयी ….उसकी छूट भी राज के लुंड के लिए तड़फड़ा रही थी ..राज ने धीरे से अंजना की छूट पर लुंड को लगाया और अंजना की कमर को कसकर पकड़ liya….raj निचे की तरफ झुक कर अंजना की पीठ को चूमकर “ अंजू अपना मू बंद कर लो “ और जैसे हे अंजना ने मू धोखा उसकी आंखे छोड़ी हो गयी क्यों की राज का आंकड़ा उसके छूट के बिल को फाड़ता हुवा अंदर घुस गया ….वो दर्द से बिलबिला उठी पर सिर्फ घुटी सी आवाज हे निकली उसे पता था की इस दर्द के बाद सिर्फ सुख …आज 2.5 साल बाद उसकी छूट मई दुबारा राज का लुंड घुसा था ….राज ने दुबारा से बहार निकला और एक झटके के साथ बचे दानी तक लुंड घुसा दिया अंजना लड़खड़ा गयी पर राज ने उसे हिलने नहीं दिया और जल्दी से लुंड को अंदर बहार करना सुरु कर दिया ….कुछ पल दर्द सहने के बाद ….राज के लुंड की घरसँ ने अंजना को सुख की दूसरी दुनिया मई पंहुचा diya…wo चुदाई के गहरे सागर मई डूब गयी और मू से कामुक सिसकारियां फूटने lagi…lund के हर धक्के से अंजना की छूट का रास बहार निकलकर टपकने लगा ….फिर राज ने ….उसे अपनी गोदी मई उठा लिया और लुंड को छूट मई घुस कर तेज़ी से झटके मरने लगा …धप धप की आवाज आवाज और अंजना की सिसकारियां की आवाज आने लगी…. अंजना राज की आंखे मई कामुकता से देखती हुवी बोले जा रही thi…come ों फ़क में …फ़क में हर्डर बेबी मोरे दीपर छुम इनसाइड में ….बोल बोलकर उसे और उत्तेजित करती हुवी राज को चुम रही थी ……वो 1 बार जड़ चुकी थी उसके बावजूद वो दूसरी बार भी चुदती हुवी चरम पर थी…

राज एक्ससिटेड होकर किंग बेबी किंग ….

अंजना मेरे पीरियड्स आने वाले ह एक दो दिन मई इसलिए अंदर छोड़ do…main तुम्हारे पानी को फील करना चाहती hu…bhar दो मेरे रोम मई तुम्हारा paani..come ों raj…aur बस 15 सेकंड बाद राज का लावा अंजना की छूट को भरता गया ….राज के गधे वीर्य के छूट ते हे अंजना का भी दुबारा से पानी बह्निकला ….कितनी हे दिएर राज का लुंड अंजना की छूट मई झटके खता रहा और जब लुंड राज ने बहार निकला पूक की आवाज आयी और अंजना की छूट से राज का पानी निचे टपकने लगा ….राज ने जब ये देखा toh…muskrane लगा और अंजना शर्माने lagi….anjana “बस इतना प्यार हमेशा देते रहना” और थोड़ी हे दुरी पर सुसु करने लगी …

राज “ अब सुकून मिला

अंजना “ तुम्हारी हे जब चाहे जितना सुकून मिलेगा मेरी जान”

तभी आवाज आयी श्वेता आउट हो गयी ह उनकी टर्न ह बहार ajao…udhar शिवानी राज को ढूंढने लगी पर जब उसकी नज़र अंजना पर गयी तोह वो चाल देख कर समाज गयी की बिल्ली साडी मलाई खा गयी h….aur अब जब वो आगे बढ़ने लगी राज की तरफ तोह उसने देखा सोनाली राज की तरफ जा रही ह…

शिवानी हे भगवन अब क्या होगा…

राज जल्दी से बचने के लिए“ पानी तोह पी लू”

शिवानी दूर से खुद से “है है जैसे दी के साथ तोह पियोगे हे नहीं और अभी पानी निकला ह तोह पानी चहियेगा हे”

कविता“ के ों भाई इसके बाद एक टर्न और ह प्लीज एडजस्ट करलो”

सोनाली “ चलो “

राज की फैट रही थी की कंही सोनाली को पता लगा तोह सब गड़बड़ हो jayegi…aur वो यकीनन पास राखी गन से गोली मार देगी बिना कुछ सोचे समझे

तोह दूर कविता “ डोंट वोर्री भाभी अबकी बार भाई आपके साथ हे होंगे”

पूनम “ कोई बात नहीं कुटी मैं तुम सब के साथ भी बहुत खुस hu…aur वैसे भी उनसे जेडटूम सबके साथ ाचा लगता ह”

कविता “ आह्ह्ह्ह मेरी स्वीट स्वीट भाभी”

पर पूनम के दिल मई कंही न कंही ये बात थी की वो राज के साथ कुछ पल bitaye….idhar राज सोनाली के साथ दूर आया तोह सोनाली “ उस चुड़ैल के साथ अकेले थे ह न ..”

राज “ ओह आपका मतलब शिवानी जी से ह अगर वो चुड़ैल ह तोह मैं था उनके साथ “

सोनाली फिर तीख ह “मुझे लगा ऋचा के साथ थे “

राज “ सोनाली को कमर से खींचकर खुद के पास खींचते हुवे जलन हो रही h…is हिसाब से तोह अभी अगर शिवानी जी की खुसबू मुझसे आगयी तोह आप गलत हे सोचेगी”

सोनाली “main….”wo आगे बोल हे नहीं पायी क्योकि वाकई उसे खुसबू तोह आरही थी पर वो कुछ शिवानी की थी तोह कुछ अलग भी थी पर वो अगर कुछ ऐसा बोलती तोह राज की बात सही हो जाती इसलिए वो चुप रही और राज ने आगे बोलने का मौका हे नहीं दिया और उसके होठो को अपनों मई कास लिया …और इसी जगह सोनाली की साडी सोचने समझने की शक्ति ख़तम हो जाती थी यही उसकी कमजोरी थी …वो राज के अहसास उसकी चुवांसे इस दुनिया की साडी सोच को भूल जाती thi…abhi वो राज की बांहो मई अपने आपको पूरी तरह समर्पित कर चुकी थी बेइंतिहा राज को चूमे जा रही thi….aur राज भी होठो से चूमता गर्दन से चूमते हुवे सीने पर पहुंच गया ह और टॉप के आगे के बटन खोलकर उसके सीने पर अपने लव बिट्स देने लगा ….सोनाली को उसके इसी प्यार और अहसास की ाददत थी जब भी राज के पास से उठकर वो नाहते समय खुदको देखती जगह राज के लव बिट्स उसे दीखते the….usne भी पेण्ट के ऊपर से राज के लुंड को जकड लिया और उसे मसलने lagi….par उसे मौका हे नहीं मिल रहा था उसका 34 का सीना राज की आँखों के आगे था और राज बेदर्दी से उसे काटे और मसले जा रहा था….. राज ने उसके एक निप्पल को होठो से पकड़कर जोर से खिंचा तोह सोनाली की सिसकारी निकल gayiii….raj अब घुटनो पर बैठ गया और एक झटके मई हे सोनाली की लोअर और पेंटी निचे खिंच दी…. सोना को पता था अब क्या होगा उसका रोम रोम राज के अहसास से हे खिल utha….uski टाँगे खुद बा खुदफैल gayiii…aur उसके हाथ राज के बालो को सहलाने लगे ….राज की गरम सांसे उसे उसकी योनि पर महसूस हुवी …राज ने अपनी ऊँगली से सोना की योनि को सहलाया तोह सोना तड़फड़ा उठी पर राज नहीं रुका और अपनी ऊँगली से सोना की छूट की दरारों को सहलाने लगा जिससे सोना बड़ी बड़ी आहे भरने लगी और बोली “ नहीं राज प्लीज” par….achanak सोना को गरम सा अहसास अपनी छूट के सेंसिटिव जगह पर महसूस हुवा और उसकी आंखे ऊपर को कामुक अहसास से चढ़ gayiii…raj अपनी जीब को सोना की छूट पर तेज़ी से फिरने लगा …और ऊपर सोना …उफ्फ्फ rajjj…nahii..rajjj..ki आवाज निकलते हुवे अपनी छूट चुस्वाति rahi….phir दुबारा से उसकी आंखे चौड़ी हो गयी और मु खुल गया क्योकि राज ने अपनी एक ऊँगली छूट मई दाल दी थी ये ाहसुस खुले मई उसके लिए नया था वो ऊँगली की गरमाहट और राज के जीब की रगड़ें से पूरी तरह तड़प गयी ….और राज भी बिना रुके तेज़ी से अंदर बहार करने लगा सोनाली तड़फड़ाते हुवे हिलने लगी उसने राज के बालो को कसकर पकड़ लिया …और बोलने लगी “ नहीं राज please…..muje तुम्हारी होना ह पूरी तरह से …मुझे दे do…please ऐसा आअह्ह्ह्ह माअत कारो…. “

राज जनता था वो सेक्स चाहती ह पर वो अभी सोनाली के साथ लास्ट लिमिट क्रॉस करने को रेडी नहीं था और अभी तोह बिलकुल नहीं क्योकि लुंड को देखती हे सोनाली समाज जाती की उसने सेक्स किया ह इसलिए वो और तेज़ी से ऊँगली अंदर बहार करते करते हुवे हे खड़ा हुवा और सोनाली को किश करने लगा …और कुछ पल बाद हे सोनाली का सरीर अकड़ कर झटके खाना लगा महीनो से जमा लावा बहार निकलकर निचे टपकने लगा …राज ने सोना को अपने सीने से लगा लिया और सोनाली ऐसे हे राज के सीने से लिपट गयी….

कुछ पल बाद राज को अचानक गीला पैन का अहसास हुवा उसने सोना के चेहरे को ऊपर करके देखा तोह उसकी आँखों मई आंसू थे ….

राज ने जल्दी से आंसुओ को पूछा और बोलै “ नहीं नहीं बिलकुल नहीं ये नहीं ….”

सोनाली रट हुवे “ फिर क्यों तुम ऐसा करते हो तुम्हे सब पता ह की तुम मेरे सब कुछ हो फिर क्यों दूर रहते हो मुझे तुम्हारी होना ह..”

राज आंसू पूछते हुवे “ क्या मेरे सेक्स करने से आपको यकीं हो जायेगा की आप मेरे लिए खास हो आप मेरी हो “

सोनाली ने रट हुवे हे हां मई गर्दन हिला दी..

राज “ आप पागल हो …आप मेरी जिंदगी का वो हिस्सा हो जिसकी जगह कोई नहीं ले सकता ह ..”

सोनाली रट हुवे न मई गर्दन हिलती ह जैस कहना छह रही हो तुम झूट बोलते हो…

राज को सोनाली के आंसू देख कर दर्द महसूस होने लगा खुद के दिल मई ..

राज “आपको पता ह न मैं आपसे झूट नहीं बोलता हु”

सोनाली “ बोलते ho….tabhi हर बार मुझसे दूर बिना बताये चले जाते हो”

राज सोनाली के फोरहेड पर किश करते हुवे …आप मेरी जिंदगी से जायदा कीमती हो मेरे लिए मैं आपको कैसे कुछ होने दे सकता हु….”

सोनाली ने फिर गर्दन न मई हिलाकर बताना चाहा की मुझे कुछ नहीं सुन्ना ह मुझे तुम्हारी होना ह…

राज धीरे से पहले सोनाली की पंतय और लोअर ऊपर की और टॉप को तीख किया और फिर बोलै ….ी लव यू सू सू मच …”

सोनाली उसे अपनी भीगी आँखों से देखने lagi…raj ने आंसू पूंछे और कहा “आप मेरी हो मेरी हे रहोगी …किसी और के पास जाने की भी सोची तोह भूत बनकर आजाऊंगा पीछे पीछे……” सोनाली के चेहरे पर मुस्कान agayi….Raj “ आप कभी ये मत सोचना की सोना के बिना राज की जिंदगी ह …सोना ह तब तक राज ह और सेक्स से आप मेरी और मैं आपका हो जाऊंगा ऐसा किसने सिखाया आपको…” अब सोनाली क्या बोलती इसलिए वो चुप रही तब राज बोलै “ ये आपकी बहन शिवानी का काम ह न उनको मैं बताता हु”

सोनाली ने राज को बांहो मई भर लिया और उसके सीने में मू छिपा लिया और बोली “ ी लव यू सो मच राज …तुमसे हे मेरी जिंदगी ह तुम्हारे बिना ये सोनाली भी नहीं मुझसे कभी दूर मत करना मैं बस तुम्हारे साथ पूरी जिंदगी रहना चाहती हु इसी जयादा कुछ नहीं मांगती हु और न तुमसे mangungi…muje कुछ नहीं चाहिए तुम्हारे प्यार के शिव“

राज मुस्कराकर “ प्रॉमिस राज सोना से कभी दूर नहीं होगा अब अगर सोना ऐसे रोयेगी toh….phir मुझे नहीं चाहिए ऐसी सोना…”

तभी आवाज आयी भाई आउट सोनाली मम आउट …

सोनाली “आउट की बची तेरे दन्त तोड़ दूंगी यही टाइम मिला आने का “

राज सीधा जल्दी से श्वेता के पास से निकल गया

श्वेता बेचारी हक्की बाकि रह गयी और उसे सोनाली का रौद्र रूप याद आगया…

सोनाली “ कान मरोड़ते हुवे सबको ढूंढ लिया तूने “

श्वेता “are…raham करो मुझे क्या पता था आप हो यंहा

सोनाली “ ाचा तीख …ह जो देखा वो किसी को बोलै और मुझे पता लगा गया तोह “

श्वेता “ दर से भाई की कसम किसी को नहीं बताउंगी”

सोनाली “ गुड गर्ल चल चिपटे हतु मेरे साथ हे छिपेगी”

श्वेता के हाथ पाँव ठन्डे हो गए पर वो कुछ कर भी नहीं सकती थी

कविता … “ अरे कान्हा भाग रहे हो भाई चलो चिपटे ह…

राज पर

कविता हद ह भाई चलो भी और थोड़ी दूर आते हे …उफ़ मैं तोह रूल भूल हे गयी अब क्या करे अरे वो देखो पूनम दी आप उनके साथ चिप जाये …

राज “ उनके साथ”

कविता “ अरे आप उन्हें भी आउट करवाओगे अभी तक हम सबसे लास्ट मई आउट हुवे ह समझे जाओ “

पूनम ने तोह राज को अपने पास एते देखा तोह उसकी दिल की धड़कन तेज़ हो गयी क्योकि उस रात मई सिर्फ वो दोनों हे थे …और अकेले होने के अहसास से हे उसका दिल बहुत तेज़ी से धड़कने लगा…

राज भी पास आकर कुछ नहीं बोलै और दोनों चुप चाप आगे की तरफ जाकर एक पेड़ के पीछे चिप गए …पूनम का दिल अभी भी उसके काबू मई नहीं tha…wo तेज़ी से धड़क रहा था जो रात के इस सन्नाटे मई राज को सुनाई देने लगा …वो पूनम की तरफ देखने लगा …पूनम को उसके पैरो के पास से एक सरसराहट महसूस हुवी तोह वो दर से राज के चिपक गयी और राज की टी शिर को कसकर पकड़ लिया ….राज को भी समाज नहीं आया की वो क्या कहे इसलिए वो कुछ नहीं बोलै …क्योकि उसे भी पूनम का उसके पास आना सुकून दे रहा था…

पूनम “ राज जी निचे कुछ ह”

राज ने निचे मोबाइल की लाइट जला कर देखा तोह कुछ नहीं था “वंहा कुछ नहीं ह पूनम जी “

पूनम धीरे से अलग हुवी ….राज उसे हे देखने लगा तोह पूनम ने भी नज़रे उठकरराज को देखा …और रात की इस सुहानी हवा और रात की ख़ामोशी मई दोनों एक दूसरे मई खो गए ….दोनों मई से किसी ने कुछ नहीं कहा सिर्फ आँखों की आँखों से बाते होती रही …पूनम राज के बिलकुल करीब कड़ी थी और उसकी दिल की धड़कन की धड़कने की आवाज अभी भी राज को आरही थी

राज “ आपका दिल जोरो से धड़क रहा ह”

पूनम “ आपके lll…apke पास होने से ठडक रहा ह…”

राज “ मेरे पास होने से”

पूनम “ कभी किसी लड़के के इतने पास कड़ी नहीं हुवी न इसलिए”

राज “ओह्ह्ह”

पूनम “ अपने क्या समझा “

राज हड़बड़ाकर कुछ भी नहीं …मुझे लगा आप दर गयी…

पूनम अपनी प्यारी मुस्कान लाते हुवे “ एक नहीं 2 नहीं 3 है ….तीन तरह के लेडीज परफ्यूम की खुसबू आरही ह apse…kiski ह ये

राज बुरी तरह चौंक गया की सोनाली पकड़ नहीं पायी …अंजना को पता नहीं लगा पर पूनम को एक झटके मई पता लग गया kaise….ab वो क्या बोले समाज नहीं रहा था उसे पता नहीं क्यों पर वो पूनम के सामने बुरा नहीं बनना चाहता ह ….

पूनम “ अरे अरे आप इतना क्या सोचने लगे मुझे पता ह कोई न कोई लड़की आपके पास छिपी होगी इसलिए उसकी परफ्यूम की फ्रेग्रेन्स आपकी टीशर्ट पर लग गयी hogi….ap भी न”

राज “ पूनम को मुस्करा कर देखते हुवे अब तोह आपका फ्रेग्रेन्स सबसे जायदा होगा”

पूनम “ वो कैसे “

राज “ अपने तोह मुझे गले हे लगा लिया …”

पूनम “ main..meri फ्रेग्रेन्स”

राज “पर सच बोलू पूनम जी पता नहीं क्यों पर आपके साथ बात करके मुझे बहुत ाचा फील होता ह…”

पूनम की आंखे अँधेरे मई भी चमक उठी और वो नज़रे राज की तरफ घुमाकर प्यार से बोली “ तोह इस दोस्त ने कब आपको रोका ह आप जब चाहे इस दोस्त से अपने दिल की हर बात बोल सकते h….aur सच बोलू मुझे भी आपसे बाते करना बहुत ाचा लगता h…ap साथ होते ह तोह कभी लगता हे नहीं की मैं अकेली हु …हमेसा मुझे सेफ फील होता ह जैसे कोई ह जो मेरे लिए हर कदम खड़ा होगा और पता ह आपको पहली बार जब हरिद्वार मई अपने जहान्वी और दिव्या बुआ को बचाया था उसी दिन से आप मुझे बहुत अचे इंसान लगे और देखो आज मैं आपके साथ हु”

राज “ धयान से पूनम की आँखों मई देखता रहा ….आप हरिद्वार thi..us वक़्त”

पूनम “ मैंने हे फ़ोन मिलाया था आपको वो मेरा हे नंबर था और मेरा फ़ोन टूट गया था isliye…wo अभी पूरी बात करती …राज ने पूनम को गले लगा लिया ….पूनम तोह पूरी तरह हैरान हो गयी पर अपने प्यार की बांहो मई आकर वो बेहद खुस थी की कैसे भी किसी भी वजह से राज उसके प्यार ने उसे गले लगाया..…

राज” थैंक यू पूनम जी …आपके एक फ़ोन से मुझे मेरी फॅमिली मिल gayi…agar आप उस दिन फ़ोन नहीं करती तोह मैं मेरी दूसरी माँ को भी खो देता ….थैंक यू थैंक यू मैंने कितनी बार आपके नंबर पर तरय kiya…par आपका नंबर बंद अत रहा …राज ये बोलते हु बहुत इमोशनल tha…main फ़ोन वाली लड़की से मिलकर दिल बहुत बहुत धन्यवाद् देना छठा था पर देखो किस्मत से वो आप निकली …थैंक थैंक यू पूनम जी

पूनम राज को सीधा करके … “ इतने बड़े लड़के की आंखे भीगी हुवी ह …कोई देखेगा तोह क्या बोलेगा की पूनम ने रात को अकेले मई डरा दिया …

राज हलके से मुस्कुराता हुवा “ आपको अछेसे पता ह किसी को कैसे हसना ह”

पूनम “ अगर बात आपकी ह तोह बिलकुल मैं अपने दोस्त को कैसे दुखी देख सकती हु…”

राज “ आप बहुत नेक दिल हो आप जिसकी जिंदगी मई जाओगी वो हमेसा खुस रहेगा “

पूनम मन मई “ आप मेरी जिंदगी हो राज किसी और की होने से पहले पूनम अपने 100 टुकड़े करना पसंद करेगी”

इधर राज मन मई “ ये लड़की कितनी अछि h…meri हर सोच पर खरी उतरती ह…”

पूनम “ तोह राज जी मेरे बारे मई सोच रहे ह “

राज खुदसे इसे ये भी पता लग गया फिर बोलै… “एक बात कहु “

पूनम राज की आँखों मई प्यार से देख कर “ कहिये न “

राज “ आप सुरुवात से मेरी परवाह करती ह ऐसा क्यों “और पूनम के चेहरे की तरफ देखने लगा

पूनम उसी प्यारी मुस्कराहट के साथ“ सायद ऊपर वाला यही चाहता ह आपके मेरे दर्द एक जैसे हे ह राज जी और नेगेटिव नेगिटिव पॉजिटिव हो जाते ह” “…...फिर मन मई इसलिए राज जी क्योकि बचपन मई हे हमारी तकदीर एक हो गयी थी”

राज कुछ बोल हे नहीं पाया …तभी आवाज आयी ..

गेम ओवर हो गया ह खाना कहते ह …ाजाओ…

पूनम आगे चली पर राज पीछे से पूनम की तरफ देखता पूनम ने देखा की राज नहीं आरहे ह तोह वो पीछे आयी और राज का हाथ पकड़कर बोली “ चले राज जी”

राज ने अपने हाथ मई पूनम का हाथ देखा और बिना कुछ कहे पूनम के साथ चल दिया ….राज के दिल मई बहुत से भाव तेज़ी से आरहे थे और उन्ही भावो के साथ वो पूनम को बिच बिच मई देखता raha..…..aur सबके पास एते हे दोनों ने एक दूसरे का हाथ छोड़ दिया …

घर के अंदर पहुंचते हे राज सुनील को घूरने लगा तोह….

सुनील भाई मैंने नहीं ….ये सोनाली दी और तेरी भाभी ने किया ह

राज “ आप “

सोनाली “ पहली बार सब साथ ह और वैसे भी वोडका ह जिसे पिणि हो लिमिट मई पियो और जूस भी ह जिसे नहीं पिणि हो वो जूस पिए…”

कविता श्वेता प्लीज भाई….

शिवानी ोये नाटक नहीं समझे ….

ऋचा ममता को बोलने लगी है बोलो है बोलो….

मनीषा “ प्लीज”

राज फाइन …इन लिमिट्स ok ….

सुनील जोर से “ भाभी का चंचायआ”

सोनाली “ है है है”

रात को सबने पीई अंजना ऋचा श्वेता कविता सोनाली मनीषा ….और तोह और सुनील को भी जबरदस्ती खूब साडी मनीषा के नाम पर पीला di….aur उसे भी तून कर दिया और वो बेचारा मनीषा के सामने बात करने गया पर कुछ बोल हे नहीं पाया और “ मैं तुम्हे …tumm..bahut..achi…ho…” इतना बोल कर वंही हे सो गया …..मनीषा ने उसे बिस्तर पर आराम से उढ़ाकर सुला दिया और फ़ोरेहेअद पर थैंक यू किश डीई

मनीषा “इतने बुरे नहीं हो मुझे अचे लगे तुम पति देव” ….और बहार आकर सो gayiii….rifat ने ममता की हेल्प की और शेरदिल की हेल्प से सबको sulaya…ant मई राज और पुनम ने सरे बर्तन रखे …

Poonam….sonali की तरफ देख कर जो सुकून से सोफे पर बैठे बैठे हे सो गयी थी… “दी ने आज जायदा पी ली आज उनके चेहरे पर सुकून ह”

राज “ उनकी जिंदगी बहुत मुश्किल रही ह आज वो बहुत खुस ह फॅमिली का प्यार भाई बहन का प्यार सब जो उन्हें मिल गया ह”

पूनम “ है वो एक बड़ी बहन के रूप मई एक आदर्श बहन”

राज ने आगे बढ़ कर सोनाली को गोदी मई उठा लिया ..और निचे लगे बिस्टेर मई से एक पर सुला diya…..poonam ने उनके शूज को अपनेखोल दिया और पतली चद्दर ुधा दी..

राज “ गुड नाईट पूनम ji….kal हमे वापस निकलना ह….”

पूनम “ आपके साथ वक़्त का कीच पता नहीं लगता ह राज जी थैंक यू इतनी अछि फॅमिली का हिस्सा बनाने के लिए गुड नाईट “

राज “ थैंक यू तू …मुझे पूनम जी के रूप मई प्यारी सी दोस्त देने के लिए”

राज के जाते हे मैं तोह आपकी प्यारी सी वाइफ बनूँगी मेरे हुब्बी लव यू.... गुड नाईट और वो बस राज को अपने से थोड़ी दूर सोते हुवे देखती रही जो अपनी बहनो के पास लगे बिस्तर पर सो गया ... साथ हे खुद भी आज की प्यारी यादो के साथ सपनो मई खो गयी....

सो था न देलेक्टेबले बोले तोह डिलीशियस .....इसलिए मस्ती मई पढ़ने का बिंदास लाइक्स और रेवोएस पेलने ka....dosto....
 
है है है अपडेट पढ़ने मई भी बहुत समय लगता ह...😃😃😃
 
मैच मालगाड़ी से भी स्लो हो रखा h.....took टूक टूक की हे आवाज आरही ह
 
अपडेट सैटरडे और फ्राइडे ....????
 
अपकमिंग अपडेट 186

बैक तो वर्क ....विक्टर

टोम्मारो 1.30 तो 2पं...

क्रिकेट मैच से पहले.....
 
अपडेट 186….



बैक तो वर्क….

War……countdown……begins

10….उपदेट्स तू लेफ्ट …

सुभे सबसे पहले पूनम की नींद खुली और उसने सुभे की सुरुवात अपने प्यार के चेहरे को देखने से करने के लिए राज की तरफ देखा तोह बिस्तर खली था “ ये कान्हा gaye”….wo उठकर पुरे घर मई ढूंढने लगी पर राज नहीं दिखे तोह टेंशन से सुनील को जगाया…

पूनम “ भाई राज कंही दिख नहीं दे रहे ह मुझे कुछ काम था उनसे ”

राज “बहन मेरी इतनी सुभ्र उस इडियट से kaam…hmmm okk…wo एक्सरसाइज कर रहा होगा या हवेली चला गया hoga…divya माँ और दादाजी के पास उसका ऐसा हे ह उसे सर मई मालिश करने का शोख ह तोह वो माँ के पास बैठा होगा पक्का……

पूनम मन मई “ हम्म इसीलिए उस दिन नवरतन टेल सर मई लगते हे उन्हें सुकून और नींद आने लगी thi…”acha भाई हम भी चले मुझे भी नहाकर पूजा करनी ह

सुनील बिस्तर से खड़े होकर जगह देख कर हैरानी से मैं यंहा कैसे आया

पूनम मुस्कराकर “ भाई कल अपने बहुत पि ली थी और भाभी से बात करने उनके रूम मई ए थे और बात करते हे उनके बिस्तर पर लुढ़क गए थे”

सुनील “ श्रमता हुवे ये तोह बेज़्ज़ती हो गयी”

पूनम “ कोई न भाई अपने हीमत तोह की बात करने की होता ह …बहुत हीमत चाहिए होती ह …“

सुनील “ भाई की टांग खिंच रही ह… चल चलते ह ये सब इतनी जल्दी नहीं उठेंगे मुझे भी ऑफिस का काम देखना ह”

पूनम साथ चलते हुवे “ आपको बहुत काम करना पड़ता होगा न और आपका ऑफिस तोह बहुत बड़ा होगा न…. वंहा तोह बहुत सारा स्टाफ भी होगा”

सुनील “है बड़ा तोह ह और अप्प्रोक्स 500 के करीब स्टाफ h….aur ये सब राज का ह जिसे मैं सिर्फ संभल रहा hu…aur वैसे भी मुझे पैसो का कोई लगाव नहीं h…muje इतनी अछि बहने मिल गयी …भाई जैसा dost…aur फॅमिली मुझे मिल गयी और क्या chahiye…main तोह एक आना….” वो आगे बोल हे नहीं पाया ..पूनम ने उसके मू पर हाथ रख दिया …

पूनम “ ख़बरदार भाई जो कुछ गलत बोले हमने आपको राखी से नहीं दिल से भाई मन ह जो खून के रिश्ते से बढ़कर h…isliye अब आपके साथ हम सभी बहनो का प्यार h….…toh आप अकेले कब हुवे बोलो…”

सुनील ने पूनम को साइड से लगा लिया और उसके सर को थपथपाते हुवे बोलै “सही कहा तुम सब हो न तोह मैं अकेला कब हुवा “

दोनों हवेली पहुंचे तोह राज मज़े से दिव्या माँ से बालो मई मालिश और शेरदिल की माँ से बाते कर रहा था “

सुनील - क्या कहा था…

पूनम — है …

दिव्या- अरे पूनम बेटी आगयी जाओ फ्रेश हो जोपहिर नास्ता साथ करते ह…

पूनम ji…bolkar चली गयी और वापस आयी तोह एक लाइट कलर के सूट मई आयी और घर के मंदिर की तरफ चली गयी उसने अपने सर पर चुन्नी ओढ़ li…divya दादाजी छोटी चची सब पूनम को देखते रहे तभी …भीमा शेरदिल मित्युदूत भी अखाड़े से वापिस आगये ….

पूनम बिना किसी झिझक के मंदिर मई बैठकर पूजा करने लगी….

छोटी चची - ये बची बाबूजी राज के लिए बहुत अछि h…isai(Raj) मारपीट और पिटाई से फुर्सत नहीं h…kam से काम घर पर पूनम की वजह से मन लगा rahega….rifat माँ “ है बाबूजी मुझे भी ये बची जब से आयी ह बहुत पसंद ह बिलकुल विद्या भाभी की तरह दिखती ह उनकी तरह हे बाते करना सबकी मदद करना हमेसा मुस्कुराते हुवे रहना”

राज “ आप भी न माँ बुआ चची ….बस शादी की लगी रहती ह वो देखो 7 फुट का सांड हो रख उसकी क्यों नहीं करा देती आप तीनो..…

शेरदिल जो पसीने से भीगा हुवा प्रक्टिसे से आया था उसके तोह दुगने पसीने आने लगे और बोलै “ मैं कान्हा से आगया बिच मई राज भाई आपकी शादी की बात हो रही ह मैं अभी बचा हु”

और उसकी इस बात से सब मुस्करा uthe…par दादाजी का धयान पूनम की तरफ हे था …पूनम ने पुरे मन से अपनी मधुर आवाज मई पूजा की आरती जानी सुरु की जिसे सब चुप हो गए और मंदिर के पास हाथ जोड़कर खड़े हो gaye…poonam जब आरती करके कड़ी हुवी तोह वो भी एक पल हैरान रह गयी सबको अपने पीछे dekh….Par दुबारा से चेहरे पर चिर परिचित मुस्कान और उसी मुस्कराहट से सबको आरती लेने di…aur फिर सभी बड़ो का आश्रीवाद लिया..

उधर खेत वाले घर पर सबको 8 बजे हे सोनाली ने जगा दिया और सब हवेली की तरफ आने lagi…raste मई…

शिवानी धीरे से “रात को दूध जमाया किसी ने मलाई खायी किसी ने …और देखो मलाई कहते हे चाल भी बदल गयी ह पर चेहरा बिना किसी क्रीम के चमक रहा ह”

अंजना मुस्कराकर एक कदम पीछे लेकर शिवानी के बगल मई आगयी और बोली “ मेरी स्वीट सिस्टर ये तोह लक की बात ह पर इस मलाई के लिए बहुत दर्द सहना पड़ता ह …तब जाकर मलाई खाने का स्वाद आता ह सुभे जो निचे सीटी की आवाज आती ह आपके वो बंद हो जाएगी अगर उसने अपनी बांसुरी घुसा कर बजा दी तोह…”

शिवानी “ सच बता न कितनी बार “

अंजना धीरे से “िसष्ठ हिटलर दी ने सून लिया तोह दोनों को मलाई खिला देगी और कितनी बार क्या घोडा ह एक बार मई हे जब रुकेगा तब तक आप कितनी बार ठंडी होकर पानी छोड़ चुकी होंगी आपको पता हे नहीं होगा सरीर का अंग अंग तोड़ देगा और अगर पीछे से गुड़सवारी कर दी तोह 2 दिन तक बिस्तर से हिल हे नहीं पाओगी बिना पेनकिलर और क्रीम के”

शिवानी चमकती आँखों से “ सच मई “

अंजना “अब हम बहने ह ..तोह एक बात जरूर मन्ना मेरी अपने साथ पैन किलर और एक क्रीम हमेसा जरूर रखना ….वर्ण वो जब ड्रिलिंग करेगा तब से लेकर ड्रिल होने तक आपको होश हे नहीं रहेगा और बाद मई दर्द बहुत होगा “

शिवानी मुस्कराकर “ धत पगली”

अंजना “ ये लो बाद मई मत बोलना की बताया nahi…yakin नहीं तोह मेरे साथ हे नहाना दिखा दूंगी अभी भी उसका पानी भरा हुवा ह अंदर “

शिवानी “ गन्दी लड़की “

अंजना “ ाचा …बाद मई कॉल कर मुझे भी बताना की पानी कब तक निकलता रहा”

दोनों हंस पड़ी …

सोनाली “ किस बात पर हंस रही हो तुम दोनों “

अंजना “ कक्कुक भी नहीं डीई…”

सोनाली शिवानी की तरफ देखकर “ और तू यंहा आ मेरे पास तुजसे बास्त करनी ह तुम आगे चलो अंजना “

शिवानी की तोह सिटी पित्ती घूम हो गयी …. “क्या हुवा “

सोनाली उसके कान पकड़कर तेरे फालतू आईडिया की वजह से तू पिटेगी मुझसे कामिनी …सेक्स करलो वो आपका हो जायेगा ….यही कहा था न पर मैंने कोसिस की ..पर वो मुझे दिल से प्यार करता ह इसलिए सेक्स के लिए तैयार नहीं ह अभी”

शिवानी “ आअह्ह्ह dii…ap सुपर कप कैसे बन गयी पता नहीं ओह्ह अब समझी “

सोनाली क्या समझी

शिवानी “आपके पास मेरे जैसा हॉट फिगर हे नहीं h…muje तरय करने दो जीजू के साथ मुझे यकीं ह वो दिन भर मेरे ऊपर से उतरेंगे हे nahi….agai पीछे ऊपर निचे हर तरफ से सेक्स करेंगे “ इतना सुनते हे सोनाली ने उसके सर पर थपड मारा ..

सोनाली “ बेशरम लड़की …मेरे फिगर मई कमी h…kanha से कमी दिखती ह और तू कंही पोर्न वॉर्न तोह देखने नहीं लग गयी न पिटेगी मुझसे बहुत देख लेना”

शिवानी “ क्या दी …जीजू ह अब मेरे इतना हक्टह ह हे उनपर कितने पुराने खयालो की हो आप जीजू को तोह एक के साथ एक मुफ्त मिल रही h…aur वैसे भी सब आपका हे ह बस एक अध् बार साली का भला भी हो jayega….”itna कह वो आगे भाग गयी..

सोनाली चिल्लाकर बहुत गर्मी ह काट दूंगी तेरी समझी….

सोनाली खुदसे “बदमाश लड़की उसका एनाकोंडा ह मर जाएगीइ tu…agar वो चढ़ गया तोह मुझे हे हाथ मू सब इस्तेमाल करने पढ़ते ह उसे ठंडा करने के liye”sonali ने कह तोह दिया पर वो शर्मा gayi….agai चल रही दीपिका सब समाज रही thi…aur वो मुस्कुरा रही थी की उसके भाई के लिए इतनी लड़किया दीवानी ह पर एक वो ह जिसका दिल क्या चाहता ह उसे खुद नहीं पता ह….

हवेली मई जगमाल सिंह के सीक्रेट रूम मई….

दादजी — तोह क्या प्लान किया ह आगे….

राज — दादाजी ….. अभी तक विक्टर अनु के पापा ह मुझे यकीं ह पर कोई सबूत नहीं मिला h….aur इसीलिए उनकी बेटी को प्यार मई फंसकर सच बताया ह …और वो हेल्प के लिए मान भी गयी ह…

जगमाल सिंह - उस पर पूरा यकीन ह…

राज - मनोहर सिंह अपने परिवार से सब छिपा कर रखता h…isliye अनु को बस एक सबूत दिखाना था वो मैंने मनोहर सिंह के सेक्रेटरी को दिखा दिया और अब उसे पूरा यकीं हो भी गया h….ab उसके घर मई घुसूंगा एग्जाम के टाइम …और सच पता करूँगा विक्टर और जूनियर विक्टर के बारे मई….

सुनील — मतलब मां हे विक्टर ह और विक्टर हे मनोहर ह और वो हे हमले की आगे की कड़ी बता सकता ह की कोइन कौन शामिल थे…

शेरदिल गुसाई से खड़ा होकर — भाई मुझे उसे उठा लेने दो मार मार के सेल से सच उगलवा lunga….warna इन हाथो से मसलकर सर हे फोड़ दूंगा

राज - नहीं भाई …मुझे यकीं नहीं होता ह तब तक ऐसा कुछ नहीं कर सकते ह वो हमारी एक और बहन के पिता ह जो बहुत भोली ह वो सह नहीं payegi…..aur मई उसे दुखी नहीं कर सकता हु….

सब ने सीरियस होकर ह्ह्हम्म्म की आवाज निकली …

राज - अनिरुद्ध अंकल आप वंहा जाकर सबसे पहले फार्म हाउस और उसमे एक बड़ा बेसमेंट तैयार करवाईये …और सुनील वंहा का सिक्योरिटी सिस्टम अर्रंगे करेगा और इक्विपमेंट की क्वालिटी और स्पेसिफिकेशन्स अजय से पूछना वो बेस्ट बताएगा …

तभी दूर पर नॉक हुवा सोनाली और शिवानी अंदर आयी…

राज —आप दोनों सही टाइम आयी ho…sonali मम अपने लास्ट टाइम हिमाचल मई मिशन पर जो पुलिस वाले राजीव अंकल की हेल्प से बुलवाये थे उनमे से 10 टॉप पुलिसवालो को बुलवालो और उन्हें शिवानी मम के पास मुम्बई भेज दो…”

सोनाली “ भेज दो से क्या मतलब ह मैं नहीं आरही हु क्या मुम्बई …”

राज “ आप के लिए अलग काम ह मेरे पास”

और बस सोनाली गुसाई से जल उठी ….पर दादाजी की वजह से कुछ बोली नहीं

राज “ आप शिवानी मम उन ऑफिसर्स को अनिरुद्ध अंकल के फार्म हाउस पर और आसपास के एरिया को इस तरह से एक ड्राइंग दिखा कर… सेट करवा देंगी ये हमारा बैक उप प्लान होगा “

शिवानी- ok दोने हो जायेगा….

राज “ अभय आलरेडी वंहा h…aur हथियार अर्रंगे कर चूका ह और शेरदिल tum…yanhi भीमा चाचा के साथ अपनी स्किल्स को सुधरोगे वक़्त आने पर हम मिलेंगे “

शेरदिल “ तीख ह भाई”

राज “डेथ हेलो जिसे आप सबने नज़रअंदाज़ कर दिया ह …उसका वार कभी भी हो सकता ह इसलिए जब तक वो जिन्दा ह कुछ भी लापरवाही न करे ..क्यों की उसका एक आदमी एक नार्मल फाइटर से तीन गुना तेज़ ह तोह वो खुद कितना खतरनाक होगा आप सोच भी नहीं सकते h….wo चुप ह मतलब वो हमे ढूंढ रहा ह या हमें ढूंढने की कड़ी ढूंढ रहा h…aur एक बार उसे कोई भी क्लू मिल गया वो सब कुछ पलट देगा “

जगमाल सिंह -क्या वो तुमसे भी जायदा ताकतवर ह ..

राज “ पता नहीं दादाजी पर उसे किसी का दर नहीं h…jo उसे बेहद क्रूर और खतरनाक बनता ह और मेरे से हुवी 2 लड़ाई के अनुभव से बता सकता हु वो tez,chalaak,behram ह dadaji…is बार बहुत कुछ बदल jayega….aur अतीत के बहुत से राज खुल जायेंगे ……बस दवा करता हु कोई अपने परिवार से ऐसा गद्दार न निकले जिसे हम चाहते हो …”

सोनाली “मैं साथ चलूंगी और ये मेरा फाइनल डिसिशन ह” इतना कह वो उठी और चली गयी

जगमाल “ ये सोना बेटी तुम्हारा पीछा नहीं छोड़ेगी “ और हसने लगे और उनके साथ सभी मुस्करा उठे ….

राज “ आप जानते ह वंहा खतरा बहुत ह …और ये साडी मुसीबत खुद पर ले लेती ह इसलिए मैं नहीं चाहता वो मेरे साथ ए पिछली बार हे कितनी बुरी तरह घायल हो गयी थी ऊपर से मुझे कुछ हो न जाये इसलिए बताती भी नहीं ह ”

अनिरुद्ध “बीटा हम सबको दीखता ह की वो तुम्हे बहुत पसंद करती ह तुम्हारी परवाह करती ह और इसीलिए वो तुम्हारे लिए चिंतित रहती ह और तुम हम कितना भी मन करो वो नहीं मानेगी… सही कहा न ठाकुर साब मैंने “

जगमाल सिंह “ सही कहा जाओ उसे समझाओ …वर्ण उसे आना होगा तोह वो आएगी तुम भी नहीं रोक पाओगे “

राज खड़े होकर “ सुनील उप की डिटेल्स निकालो और एक नाम रविंदर सिंह इस शख्स का कोई भी फेमस परसों 90टाइस मई था उसे dhundho…muje मिलना चाहिए ह वो आखिरी शख्स था जो पापा से मिला अगर वो जिन्दा ह तोह मैं उसकी आत्मा से भी चीयर कर इनफार्मेशन निकल लूंगा”

जगमाल सिंह गुसाई से ,” ख़बरदार जो रविंदर के लिए एक सब्द और बुरा कहा तोह “

सुनील राज दोनों हैरान रह गए और जगमाल सिंह को देखने लगे जो पहली बार गुसाई से राज को देख तहे थे….

राज “ पर दादाजी मैं तोह…”

जगमाल सिंह “ बस “

अनिरुद्ध बात को सँभालते हुवे बोले “ रविंदर तुम्हारे पापा के ऐसे दोस्त थे या ह पता नहीं पर वो तुम्हारे पापा पर आने वाली मुसीबत से अकेला खुद भीड़ जाते the….aur ये मैंने कितनी बार अपनी आँखों से देखा और कानो से तुम्हारे पिता के मू से सुना ह ….और वो जानते हो कोइन h….wo और कोई नहीं पूनम बेटी के पिता ह ….और विडंबना देखो पूनम को पता ह की उसके माता पिता की जान तुम्हारे पिता के साथ देने से गयी ह फिर भी कभी उसकी मुस्कान तुम्हारे सामने फीकी नहीं huvi….kabhi उसने तुमसे शिकायत नहीं की क्योकि उसे यकीं ह एक दिन तुम सचाई ढूंढ nikaloge…ki कौन ह वो गद्दार जिसकी वजह से सब हुवा हमारा हँसता खेलता परिवार टॉस के पत्तो की तरह बिखर गया”

राज धाम से वापस सोफे पर बैठ गया ….उसके दिमाग मई यही बात गूंज रही थी की पूनम को सब पता ह …पूनम को सब पता ह….

जगमाल सिंह “ अगर रविंदर जिन्दा ह तोह राज यकीन रखना वो बहुत खूंखार हो गया hoga….tumse भी jayda…maine उसे अपने हाथोसे इंसानो को चीरते फाड़ते हुवे देखा ह …उसकी टीम सबसे खतरनाक थी…”

राज “ दादाजी ….आप निश्चित रहे अगर आपको उनपर यकीं ह तोह मैं उनके साथ क्या हुवा साडी पहेली सुलझा lunga…aur अगर वो जिन्दा ह तोह दुनिया की किसी भी जगह से मैं उन्हें धुंध निकलकर ले आऊंगा …”

सुनील “ तीख ह तोह फिर 3 बजे निकलना ह जयपुर के लिए मैं श्वेता के साथ श्रुति और अज्जू के पास जाकर रविंदर सिंह को ढूंढ़ता हु …”



दोपहर के 3 बजे सभी जयपुर के लिए रवाना हो गए …

राज “ प्लीज मन जाओ “

सोनाली धीरे से चुप्प्प…

राज “ अरे तोह बात तोह सुनलो ….

सोनाली दूसरी तरफ विंडो की तरफ मू करके चुप …

राज परेशां हो कर जल्दी से सोनाली के मू को खुद की तरफ किया और लिप्स पर किश करते हुवे बाईट कर लिया …

सोनाली जोर से “ आअह्ह्ह”

आवाज थोड़ी तेज़ निकल गयी…

दिव्या मुड़कर क्या हुवा ….

दीपिका …अंजना …शिवानी …..सुनील ….राज और सोनाली की तरफ पीछे देखने लगे…

राज “ कुछ नहीं माँ ये सो गयी थी तोह बस हिलने से शीशे से टकरा गयी”

दिव्या “ सोनाली संभल कर बैठो “

सोनाली राज के पेट मई मुक्का मरकर गुस्सी से देखने लगी…

राज “ तोह आप सून हे नहीं रही हो …”

सोनाली “ गुसाई से देखती रही….”

राज ok फाइन मत सुनो ….अब मैं भी नहीं बताने वाला इतना कह उसने आंखे बंद कर्ली…

सोनाली ने भी विंडो की तरफ फेस कर लिया कुछ दिएर बाद राज ने आंखे खोली और सोनाली को देखा जो आराम से आंखे बंद करके सो रही थी…

राज “ आप इतनी जिद्दी क्यों हो”

सोनाली “ मुझे साथ जाना ह “

राज नहीं बिलकुल नहीं …आप ..

सोनाली जोर “ बुआ राज परेशां कर रहा ह “

राज धीरे से hhhhhh….main परेशां कर राहु हु

दिव्या “ रज्ज…. और तुम मेरे पास ाजाओ सोना”

सोनाली “ चलो हटो …बड़े ए मुझे न आने देने वाले मुझे आना ह मैं अपने आप आजाऊंगी….”

राज “ तीख ह जाओ जाओ आपके हे काम की बात थी सोच रहा था …2 दिन घूमने ले jaunga..par तीख ह शिवानी मम के साथ घूम lunga…ap जाओ “

बस सोनाली के लूसे मोशंस सुरु होगये अब वो न रूक सकती थी और न जा सकती thi….raj मुस्कारने लगा …

सोनाली धीरे से“ चूतिये सेल कमीने …”

राज “ गुसा और गाली …आप तोह जाओ वो देखो ऋचा आरही ह पीछे bye …टाटा “

सोनाली कान्हा काम थी उसने तुरंत पास वाली सीट पर बैठी शिवानी को उठा दिया और खुद उसकी जगह बैठ gayi…aur ऋचा को वापस अपनी जगह बैठना पद गया…

सोनाली कातिल अदा से मुस्करा कर “ अब बोलो “

राज “ आप…”

सुनील “ क्या तू शांति से बात नहीं कर सकता ह और दी आप उसकी बात तोह सुनलो जब देखो लड़ने बैठ जाती हो मुझे ऑफिस का काम करना ह”

अह्ह्ह्हह्हह …

सोनाली “ छोटा ह बड़ी बहन को सिखाएगा की क्या करना h…jayda कछार पचार करि toh..jaban खिंच लुंगी…”

सुनील “मुझे नहीं रहना आप दोनों के बिच मैं जा रहा हु agai….bina फालतू मुझे सुनती हो आप गुसा उसका सुनता और पिट ता मैं हु…”

सोनाली “ बैठा रह …और तू शिवानी यंहा आकर बैठ मैं भी देखु अब क्या कहना ह“

राज सोनाली के बैठते हे “ वो मैं कह रहा था …सिर्फ तुम और मैं ….”

सोनाली “ है “

राज “ सिर्फ तुम और मैं “

सोनाली “ है आगे “

राज “ तुम और मैं पुरे आइलैंड पर अकेले ….पुरे 2 din…aur 2 रात “

सोनाली खुसी के साथ सच मई ….

राज “ सच मई और वंही आपको बाकि जरुरी काम भी बता दूंगा “

सोनाली अभी भी काम…

राज “ आप कबसे इतनी जिद्दी बन गयी”

सोनाली “ काम काम …बस यही दीखता ह”

राज “ ाचा काम तोह 2 तरह के h…phir धीरे से कान पर जीब फेरते हुवे …. “बिस्तर से बाथरूम तक हे जाने दूंगा”

सोनाली के पूरी सरीर मई झुरझुरी सी दौड़ gayiii….wo राज को चूमना चाहती थी ..पर खुद को कब्बू मई कर लिया…

राज “सिर्फ 2 जोड़ी कपडे हे लाना बाकी की जरुरत नहीं पड़ेगी “

और सोनाली ने शर्म से मू निचे करके धक् लिया ….

पास बैठा सुनील “ देख रही ह आप कौन पति पत्नी इतना लड़ता ह और कौनसा भाई या देवर ऐसे पिट ता ह वो देखो पसद बैठते हे बन गयी न चईमुई सी और मेरा बाबू शोना सुरु हो गया na..bus इतना हे गुसा था इन्हे अरे थोड़ी दिएर तोह गुसा रहना था….”

शिवानी “ बात तोह सही ह तुम्हारी कोक पियेगा अरे मनीषा से बात नहीं की तूने पागल मैं भेजती हु उसे बात करले आगे कब मौका मिले “

शिवानी कड़ी होकर मनीषा के पास भाभी मुझे पूनम से काम ह आप पीछे बैठ जाओ”

पूनम बेस्ट ऑफ़ लक मेरी bahan…kavita दीपिका साइड्स से थम्ब्स उप दिखा के जो जो भाभी मनीषा सुनील के पास जाकर बैठ gayiii…sunil लैप टॉप मई काम करता रहा …

मनीषा कुछ पल बाद “ क्या मुझसे भी जायदा जरुरी ह”

सुनील “ नहीं आपसे जरुरी नहीं ह पर आपके लादले देवर के लिए जरुरी h…main फ्लाइट मई कर लूंगा”

मनीषा “ क्या आप रिश्ते से खुस नहीं ह”

सुनील लैपटॉप को क्लोज करके और मनीषा की तरफ देखकर “ आप वो लड़की ह जिसकी राज इतनी इज्जत करता ह दिल से मंटा ह …तोह आप एक बहुत बहुत अछि लड़की ह इसमे कोई सक नहीं h…phir मैं आपके साथ रिश्ते से खुस क्यों नहीं होऊंगा मैं बहुत खुस हु और आपको जनता भी हु और जितना मैंने आपको जाना आप बहुत अछि ह…

मनीषा- आप हमेशा पिटे ह…

सुनील - नहीं नहीं …मुझे सिगरेट ड्रिंक कुछ पसंद नहीं ह ऑफिस से फॅमिली बस इतनी हे दुनिया ह मेरी

मनीषा- और मैं…

सुनील — आप मेरे साथ पूरी फॅमिली को संभालोगी याद ह न आप इस परिवार की सबसे बड़ी बहु ह…

मनीषा - ने मोबाइल निकला और दोनों की एक सेल्फी ली …

सुनील के चेहरे पर मुस्कराहट आगयी फिर कुछ याद एते हे ऊपर से अपने बैग मई से एक एप्पल का लेटेस्ट लैपटॉप निकलकर …क्या दू कुछ समाज नहीं आया सब अचानक हुवा इसलिए आपके लिए ये लिया आपकी पढ़ाई मई काम आएगा“

मनीषा एक बार लैपटॉप को तोह एक बार सुनील को dekhti….aur फिर मुस्कराकर बोली “आप एक अचे भाई अचे बेटे और बहुत अचे दोस्त ह …और एक अचे पति भी बनेगे “ ये कहते वक़्त बिंदास रहने वाली मनीषा के चेहरे पर शर्म थी …

सुनील मनीषा की तरफ देख कर मैं पूरी कोसिस करूँगा की मेरी वजह से आप कभी दुखी न ho…..par मैं आपको ये बता दू मेरी जिंदगी राज के नाम ह …और अगर मुझे अपमै से और राज मई किसी एक को चुनना पड़ा तोह मैं राज को चुनूंगा.”

मनीषा “ आप दोनों के बिच मैं कभी नहीं आउंगी ये मेरा भी वडा ह आपसे “

सुनील “ थैंक यू”

मनीषा और सुनील काफी साडी बाते करते गए फिर काफी वक़्त बाद “ अपना धयान रखियेगा काम के साथ खाने का भी धयान रखना जरुरी h..waise भी कल राज ने मुझे आपकी सेकरट्री के नंबर दे दिए ह”

सुनील हैरानी से “क्या कमीना” और गुसाई से राज को देखने लगा जो सोनाली की तरफ देखकर बास्ते कर रहा थे…

मनीषा “ क्या गलत किया राज ने “

सुनील “ नन्ही तोह फिर खुदसे …तुम भाभी देवर कभी गलत कर हे नहीं सकते हो और किस्मे दम ह जो तुम्हे गलत कहे”

मनीषा सुनील को खुद मई खोया देख बुराई हो रही ह हमारी “

सुनील जल्दी से नहीं तोह…

मनीषा “ हम एयरपोर्ट पहुंच गए ह मई पूनम के पास जाती हु bye ”

सुनील “ जल्द मिलेंगे “

मनीषा “ मैं इंतज़ार करुँगी जब आप दादाजी पापा और माँ के साथ रिश्ता लेकर घर आएंगे…”

पूनम मनीषा ऋचा शिवानी अनिरुद्ध दिव्या कविता राज और दोनों मित्युदूत निकल गए मुम्बई के लिए वंही श्वेता दीपिका अंजना सुनील सोनाली अपने बॉडी गॉर्डस के साथ अलग फ्लाइट से अंडमान निकोबार के लिए निकल gayi….kyoki अभी अंजना दीपिका और श्वेता के लिए दिल्ली तीख जगह नहीं थी…

शामे टाइम मुम्बई से दूर…..

पहाड़ो के बीचो बिच 2 साये तेज़ी से पेड़ो के ऊपर से कूदते हुवे जा रहे थे ….और उनके पीछे ब्लैक ड्रेस मई किलर्स आर्गेनाईजेशन की एक टीम लगी हुवी थी और धारधार ब्लेड उड़ती हुवी पिचि से उन्हें मरने के लिए लगातार आरही थी…

“ अबे कब उसे करेगा जब मरजाएंगे हम दोनों “

आग “ बस कुछ और दूर आने दे उन्हें”

सभी “ तेरे साथ यही दिकत ह कभी प्लान से नहीं चलता ह”

आग “ बस कुछ दूर और फिर ये जिन्दा हमारे कब्जे मई होंगे ……..नहीं नहीं वो लोग रुक गए “

सभी “ और करले होसियारी देख वो सब पीछे हैट गए “

आग “ सहित नहीं नहीं ये आखिरी मौका था ….अब इन पहाड़ियों मई कान्हा ढूंढेंगे इनका तीखाना ये तोह मिलो तक फैली हुवी ह “

सभी “ अबे स्मोक रिलीज़ करदे ताकि कोई तोह बेहोश हो “

आग ने जल्दी से बटन प्रेस किये और बेहोश करने वाला धुंवा हवा मई फ़ैल gaya…..killer आर्गेनाइजेशन के किलर्स ने तुरंत अपने मास्क पर एक बटन पुश किया …aur…tezi से वापस निकल गए ..जब धुंवा हटा तोह वंहा कोई नहीं tha…..thi तोह सिर्फ ख़ामोशी …..

सभी और आग जो छिपे हुवे थे ….

सभी “ अब यंहा रुकना खतरे से खली नहीं h….hume निकल जाना चाहिए”

आग ने सहमति मई सर हिलाया. और दोनों जंगल की गहराईयो मई खो गए ….

तोह वंही किलर्स आर्गेनाईजेशन के सीक्रेट बेस मई….

मास्टर अपने किलर्स आर्गेनाईजेशन के मेंबर्स के सामने खड़ा था “ बहुत साल pahle….maine इस आर्गेनाईजेशन को बनाया था और उस वक़्त भी हमने बहुत सरे ऐसे हे दुश्मनो का सामना किया था जो हमे ख़तम करना चाहते थे ….मैंने इन्ही हाथो से उन्हें मारा था और उनके खून के ऊपर किलर आर्गेनाईजेशन की स्थापना की और उन्ही मई से बचे हुवे कुछ दुश्मन दुबारा से सामने आगये ह तुम्हे उनको मारकर उनका सर वंहा पर लटकाना ह जो इस बात को साबित करेगा की किलर आर्गेनाइजेशन से जिसने टकराने की कोसिस की ह उसको बदले मई मिली ह तोह सिर्फ मौत….”

और मास्टर के सब्द ख़त्म होते हे सब ki“huuuu हुऊ की आवाज गूंज गयी”

मास्टर डेथ हेलो से “तुम्हे पता ह की जब वो दोनों यंहा ह तोह तुम अपने भाई का बदला लेने क्यों gaye….us एक लड़के को तुम ढूंढ नहीं पाए करोड़ो रूपए की बोली लगायी ह उस शख्स ne…aur बिना फण्ड के आर्गेनाइजेशन नहीं चलती h…fir भी तुम आर्गेनाइजेशन के बारे मई न सोचकर खुद का सोच रहे ho…aise मेरी विरासत संभालोगे“

डेथ हाला “ माफ़ी मास्टर ….उस लड़के को मैंने हर गवर्नमेंट प्राइवेट स्कूल और कॉलेज मई ढूंढा ह पर वो मिला नहीं h…aur उसकी वो बहन तोह ऐसे गायब हो गयी ह जैसे दुनिया मई हे न ho…par मुझे काफी कुछ इनफार्मेशन मिल गयी ह और मैंने जाल बिछाना सुरु कर दिया ह …और मुझे यकीं ह …वो उसमे फंसेगा bhi….aur मरेगा भी”

मास्टर “ एक महीने बाद तुम्हे इस आइलैंड पर जाना ह वंहा ….किलर्स आर्गेनाईजेशन का कम्पटीशन ह दूसरे आर्गेनाईजेशन के किलर्स के sath…aur इसी कम्पटीशन के लिए हे मैंने तुम्हे तैयार किया ह …अगर तुम जीते तोह तुम्हे इतनी ताकत मिलेगी की तुम सोच नहीं सकते हो ”

डेथ हेलो “ मैं निराश नहीं karunga….apko मास्टर …”

मास्टर “ तीख ह तुम मां से मिलो वो जरुरी सामान लाया ह तुम्हारे लिए”

डेथ हेलो “ जी मास्टर “

डेथ हेलो के जाने के बाद … “ आज कितने साल बिट गए ह मुझे नहीं लगता की कोई भी उनमे से जिन्दा भी होगा ….अब ये आर्गेनाइजेशन सिर्फ मेरी ह …मर गए सरे ..अली …vipin…Ravindar ….और उनका चाहते सहदेव ……हमेशा उसूल उसूल करता था …..सिर्फ 24 घंटे लगे पूरा खंडन मारा गया है है है है विस्वास विस्वास है है है विस्वास विष का वास होता ह“ अचानक उसके चेहरे पर क्रूर भाव आगये और वो बोलै “पर वो राज़ आज तक नहीं पता चला h….hum ढूंढ लेंगे सहदेव तेरे बचे कूचे लोगो को भी और उनका भी वही हाल होगा जो तेरा हुवा था मौत मौत maut…dardnaak मौत ”

अगले दिन subhe…anu को जैसे हे बंगल का दूर ओपन दिखा वो तुरंत अंदर पहुंच गयी और एक जम्प के साथ राज को देखते हे गले से लग गयी…

“ ी मिस यू सूऊऊ मुऊक्कछ्ह “

राज “ मिस यू tooo…chudail”

अनु “ मैं चुड़ैल नहीं हु चलो कॉलेज नहीं चलना ह”

राज “ तू चल मैं पहुँचता हु”

अनु “ ok क्लास मई मिलते ह आज एग्जाम की शीट लग जाएगी सेमेस्टर एक्साम्स की “

राज “ गुड”

कुछ दिएर बाद इन क्लास….

अनु और राज साथ हे बैठे हुवे तभी गर्वित आकर एग्जाम की डेट शीट लग गयी ह पर…

अनु “ पर क्या”

गर्वित “ राज को शार्ट अटेंडेंस की वजह से डिसक्वालिफ़िएड कर दिया गया ह वो एग्जाम नहीं दे सकता ह”

अनु “ क्या….”

राज “ चल नोटिसबोर्ड पर देखते ह”

तीनो जब पहुंचे तोह राज का नाम ुनेलिगबले वाली स्टूडेंट लिस्ट मई था…

पर इनसे अलग दीं ऑफिस

“ व्हाई सर तोह क्या हुवा लेट एडमिशन ह …और कॉलेज को इंडिया लेवल कम्पटीशन मई रैंक दिलवाई ह …..”

दीं “ सॉरी नहीं होगा “

“ के ों सर आपको पता ह की कैसे होगा बूत व्हाई वो बहुत टैलेंटेड लड़का ह ..”

दीं “ मिस रजनी ..प्लीज अंडरस्टैंड नहीं हो सकता “

रजनी दीं की नज़र अपने बदन पर देख कर गुस्सा तोह हुवी पर कुछ कहा नहीं …. फिर गहरी सांस लेकर “ सर प्लीज “

दीं “ आप क्यों प्लेस बोल रही ह ये मेरा हाथ मई नहीं ह …फिर अपने निचे हाथ फिरकर “ आप समाज रही ह न” रजनी गुसाई से पेअर पटकती हुवी बहार आगयी

तभी टेबल के निचे से एक हाथ ने दीं की पंत की ज़िप खोल दी और उसको मात हुवे लुंड को बहार निकल लिया और उसे सहलाने लगी …

दीं “ सोनिया मम अब तोह खुस “

सोनिया लुंड को किश करते हुवे “ इसलिए हे तोह आपको खुस कर रही हु”

दीं आनंद से आंखे पंड करते हुवे “ आज रात मेरे घर पर “

सोनिया “ बिलकुल …जो आप चाहे पर ये बात”

दीं “ हमरे बिच हे रहेगी डार्लिंग तुम अपना काम करो मैं मेरा करूँगा “

और सोनिया बात सुनते हे लुंड को चूसने लगी और खुदके मन मई बोली “ तेरा कर्रिएर तोह बर्बाद करके रहूंगी कुत्ते”

दीं - डार्लिंग ये रजनी कुछ जायदा हे तरफदारी कर रही ह उसकी…

सोनिया गर्दन ऊपर करके “ आप एक परमोशन और वियाग्रा की गोली लेकर ठंडी कार्डो मुझे यकीं ह आपके आगे पीछे हे घूमेगी …वैसे भी उस लड़के राज से जवान लुंड के इलावा कुआ मिलेगा राज ी को…

दीं — गुड आईडिया …यही करता हु…

इधर रजनी दीं की बातो और हरकतों से बहुत गुस्सी मई थी पर दिल उसका राज के लिए दर रहा tha…ki राज का साल ख़राब हो jayega…jo वो कतई नहीं होने देना नहीं चाहती thi…..wo हर तरह से हर रस्ते के बारे मई सोच रही थी जिसे वो राज के कर्रिएर को सेव कर सके ….वो इतनी गहरी सोच मई थी की लेक्चर तक लेने क्लास मई नहीं gayi….idhar …राज गर्वित के साथ कैंटीन मई बैठा हुवा था….

गर्वित “अब क्या करे भाई “

राज “मेडिकल सर्टिफिकेट बनवा के देता हु “

गर्वित “ यंहा ये सब नहीं चलेगा भाई ये अटेंडेंस के मामले मई स्ट्रिक्ट ह कॉलेज ह”

राज “ मन मई क्या फरक पड़ता ह मुझे कौनसा यंहा जिंदगी बितानी ह मुझे तोह अनु के करीब जाना था जो हो गया ह “

गर्वित “ अब तोह दीं हे कुछ कर सकता ह की तुम एक टैलेंटेड लड़के हो कॉलेज के जिसका साल ख़राब नहीं किया जा सकता ह पर वो बहुत स्ट्रिक्ट ह किसी की नहीं मानेगा”

राज “ ओह्ह दीं तीख ह मैं कुछ करता हु “

इधर ….अनु रजनी के ऑफिस मई पहुंच गयीईइ “ मम ये क्या हुवा ह क्या कोई रास्ता नहीं ह”

रजनी “ तुम चिंता मत करो मैं कैसे भी कोई न कोई रास्ता निकल लुंगी …”

अनु “ मम राज का साल ख़राब हो जायेगा …प्लीज कुछ करिये “

रजनी “ तुम राज का धयान रखो मैं जरूर इस प्रॉब्लम को हल कर लुंगी”

अनु के जाते हे वो दुबारा सोच मई पढ़ गयीईइ….

इधर दीं ऑफिस ……

सोनिया अपने कपडे तीख करती हुवी “उम्र के हिसाब से तोह आपको जल्दी हे निपट जाना चाहिए था पर …आप मई जवानी तोह जवान लड़के से जायदा भरी हुवी ह”

दीं “ तुम बस एक बार रजनी और उस छोकरा का रिश्ता पता करो और उसे मेरी टांगो के बिच मई लड़ो sr.proffeser की पोस्ट तुम्हारी हे होगी ये वडा ह मेरा …



सोनिया “ याद रखना वो लड़का राज बुरी तरह जलील होकर यंहा से जाना चाहिए h…mujse पंगे लिए अब पता लगेगा की औरत जब किसी को बर्बाद करने की सोच लेती ह तब उसे कोई नहीं बचा सकता ह”

दीं “सोनिया की गांड सहला कर ऐसा हे होगा जैसा तुमने कहा रात को मिलते ह “

सोनिया मुस्कुराते हुवे चली gayi….aur सीधी स्टाफ रूम मई अपने केबिन के आगे पहुंच गयी ..पर कुछ सोच कर रुकी और रजनी के केबिन की तरफ चलकर उसपर नॉक किया …

रजनी “ के इन”

सोनिया “ क्या कर रही हो रजनी मम”

रजनी “ अरे आप आईये न ….मैं कुछ नहीं कर रही हु “

सोनिया “ है एग्जाम डेट आगयी ह क्वेश्चन पेपर तैयार करने ह वर्क लोड आजायेगा”

रजनी “ ha…sahi कहा अपने “

सोनिया “ क्या बात ह आप कुछ परेशां

लग रागी कोई बात ह तोह बताईये “

रजनी “ नहीं कोई बात नहीं ह”

सोनिया कड़ी होकर “ ok मैं चलती हु तयारी करनी ह ….कोई भी प्रॉब्लम हो तोह मुझे बताना मेरी जान पहचान दीं और ट्रस्टी तक ह “

रजनी मन मई “ दीं और ट्रस्टी तक ह हम्म ये जरूर मेरी हेल्प कर सकती h”phir सोनिया को रोकते हुवे “एक्सक्यूज़ में सोनिया मम”

सोनिया जिसकी पीठ रजनी की तरफ थी उसके चेहरे पर कामिनी मुस्कान agayiiiii….aur मन मई बोली “ राज तुम्हारी वजह से रजनी भी बर्बाद होगी” फिर पलट कर “ है रजनी मम”

कंजूस भाइयो ….के कंजूस रिएक्शन आरहे ह .. मैच से पहले मस्त अपडेट दिया ह ताकि वेट काम करना इजी हो जाये मैच के लिए मैं भी देखता हु कैसे रिएक्शंस एते ह 5क वर्ड्स का अपडेट ह तोह बड़ा हे ह छोटा मत कहना 😃….तोह मस्ती मई पढ़ने का और बताने का की सोनिया का हाल कैसा करने ka….kyoki सोनिया को लगता ह अकाल नहीं आयी ह अभी तक …..
 
ों फाइनल मैच डे ....

किंग अपडेट...


ट्रिगर......
 
एडिटिंग अपडेट 3क का हे .....
 
अपडेट 187…. ट्रिगर…

War……countdown……begins

9….उपदेट्स तू लेफ्ट …

कमिश्नर ऑफिस

कमिश्नर — मिस शिवानी व्हाट दो यू मैं….

शिवानी — नथिंग सर ी म वरीड अबाउट यू..

कमिश्नर - मिस शिवानी बातो को घुमाये नहीं….

शिवानी — ok क्या अपने …लोनावला वाले केस मई एक्शन लिया ….

कमिश्नर - सस्पैंड किया ह…

शिवानी - थॉट्स व्हाई ी म वरीड अबाउट यू …उसकी वजह से हाईवे पर इतने मर्डर हुवे और आप बोलते ह अपने ससपेंड किया h…ye मजाक से जायदा कुछ नहीं तोह और क्या h…kya अपने सोचा जिस शख्स ने ये सब किया उसे ये पता लगा अपने कुछ नहीं किया ह और उसने उन सब पुलिस वालो को मार दिया तब क्या होगा ..आप जवाब दे पाएंगे प्रेस और जनता को …निर्वाण… डेथ हेलो… अंडरवर्ल्ड… और वो मिस्टीरियस पर्सन… जिसे आप मिले किस किस से निपटेंगे….

कमिश्नर शिवानी की बात सुनकर हैरान रह गया की शिवानी को सब इनफार्मेशन ह “तोह आप क्या कहना चाहती ह”

शिवानी “ सर ये तोह आप पर देपेंद ह …आप एक ईमानदार अफसर ह आपका पूरा कर्रिएर बेदाग़ रहा ह …और मैंने आपके बारे मई बहुत सुना h…isliye रूल्स से बहार निकालिये और अंदर के दुश्मनो को पहले ख़तम कीजिये तब अंडरवर्ल्ड से लड़ पाएंगे hum…warna पपेट से जायदा कुछ नहीं ह

कमिश्नर “सही कह रही हो वक़्त आगया ह की हम कानूनन की हद से बहार निकले .. “

शिवानी “ वे अरे इन मिडिल ऑफ़ वॉर सर और हमे रेडी फॉर फाइट ात अन्य टाइम रहना ह”

कमिश्नर “ ी क्नोव बूत रेस्ट्रिक्शन तुम्हे पता h…upar से ये पॉलिटिशंस आजायेंगे अपनी नाजायज औलाद या बापू को बचने”

शिवानी “ कलेक्टर हमे फुल सपोर्ट करेगी डोंट वोर्री और रही बात पॉलिटिशंस की तोह लोनावला वाले काण्ड मई जब हम ैप को मरवा देंगे उसका इल्जाम अंडरवर्ल्ड पर हे लगा देंगे और बाकी मीडिया ह he……politicians भी कुछ नहीं कर पाएंगे…

कमिश्नर - अरे यू सूरे ये तीख रहेगा

शिवानी अपनी कैप लगाती हुवी हंड्रेड परसेंट रिजल्ट मिलेगा फिर खुदके मन मई “और वैसे भी लोनावला वाला केस मेरा पर्सनल केस ह जिसके लिए उसे दर्दनाक मौत हे मिलेगी” जय हिन्द सर चलती हु और शिवानी पलट कर ऑफिस से बहार आगयी और हर बढ़ते कदम के साथ उसके चेहरे की मुस्कान गायब होती गयी ……

इन कॉलेज ….

राज “ छोड़ न यार रूल ह तोह h….waise भी इसमे किसी की गलती नहीं h…aur अब तोह तुजे पता ह न मैंने मुम्बई हे एडमिशन क्यों लिया था मेरे लिए पढ़ाई वडाई कोई मायने नहीं रखती ह…

अनु — तीख ह आप सही हो पर पढ़ाई बहुत जरुरी h….samjhe …मुझे बहुत टेंशन हो रही ह…

राज “ अरे तोह तू न पैसो वाली अरबपति चुड़ैल बहन…

अनु - अभी भी मज़ाक सूझ रहा ह तुम्हे बहुत गन्दा जोके था सेरियल्य ….मैं पापा से कॉल करवाती हु इतना काम तोह कर हे देंगे…

राज “नहीं बुल्कुल भी नहीं “ वर्ण तुम्हारे घर का प्लान सब ख़राब हो jayega…chal अब निकलता हु मुझे काम ह कल मिलते ह”

राज के निकलते हे रजनी आगयी…

रजनी “ कान्हा गया वो “

अनु “ गुड आफ्टरनून मम वो काम से गया ह कोई सलूशन मिला “

रजनी “ है एक मिला h….soniya दीं को जानती ह”

अनु “ पर वो राज से चिढ़ती ह वो क्यों हेल्प करेगी hamari…balki वप तोह बहुत खुस होगी…”

रजनी “ मुझे हर हाल मई उसे हेल्प के लिए मानना हे होगा …राज के लिए कुछ भी करना पड़े मैं करुँगी”

अनु “ मम मुझे ये सोनिया मम तीख नहीं लगती ह ी मैं बहुत गन्दी गुस्सैल चीड़ छिड़ी टीचर ह”

रजनी “ कल उसने खुद चलकर कहा था की वो दीं को जानती ह मैं शामको उसके घर जाकर मिलूंगी रास्ता निकल हे आएगा”

अनु “है मम ी होप सब तीख हो जाये मैं जाकर कॉलेज प्रेजिडेंट से मिलती हु देखती हु वो कुछ कर सके तोह“

रजनी “ हां तीख ह”

शामके वक़्त……

मनीषा - माँ पापा के ये टूर टूर कभी ख़तम क्यों नहीं होते h…dekh लेना पका आपकी सौतन धुंध राखी होगी ह जिसके साथ आराम से रहते ह…

मनीष माँ - अरे बदमास कुछ भी बोलती ह….

मनीषा “ तोह और क्या कभी मेरे साथ घूमे मेरे साथ बाते करि नहीं न बचपन से बस जब भी देखे टूर टूर इतना पैसा किस काम का ….

मनीषा माँ “ राज के घर जाकर आयी ह लगता ह वंहा सबका प्यार जायदा हे मिला ह इसलिए बाते आरही h….aur राज अभी तक घर क्यों नहीं आया ह… या तू लाती हे नहीं ह उसे घर”

मनीषा “ उसके नखरे ह …maa…wo कहता ह तभी आऊंगा जब आप खाना बना कर खिलाओगी “

मनीषा माँ — है है है तीख हे तोह कहता ह …अरे पगली …किसीभी लड़के ,आदमी ,परिवार के दिल मई घुसने का ये पहला रास्ता होता h….kya पता वो तेरे हाथो से खाना खाना चाहता ह ताकि परख सके तुजे “

मनीषा मन मई …ओह्ह्ह तोह मेरा लाडला देवर अपनी भाभी के हाथ का खाना चाहता ह इसलिए रोज कहता ह खाना बनाना sikhlo….tikh h…tikh h…toh तुम्हारी भाभी अब तुम्हे अपने हाथ से बनाकर और अपने हाथो से हे खिलाएगी..

म माँ - कान्हा खो गयी…

मनीषा — तीख ह माँ तोह मैं आज से कुकिंग सीखूंगी….

म माँ “ good”par साथ मई फोकस ों एग्जाम इतना कह वो किचन मई चली गयी और अपने पति को कॉल लगा दी..

सामने से Hello

म माँ - क्या Hello आपकी बेटी जवान हो गयी ह…

म पापा - है है है तने मार रही हो…

म माँ — एक लड़का पसंद किया ह उसने वो राज याद ह न देहरधुंवाला लड़का …एक बार बात की थी हमने …

म पापा — है भाई याद ह ाचा लड़का ह…

म माँ — बस उसी के लिए खाना बनाना सिख रही ह आपकी ladli…ap आजाते तोह बात को आगे बढ़ाते hum…aur एक बार पहले हम मिल भी लेते राज से आखिर हमारी बेटी की जिंदगी का सवाल ह…

मदद- आप कलेक्टर हो सब डिटेल निकलवा सकती हो…

ममम — तीख ह पति देव साडी जिम्मेदारी मेरी हे तोह h…jaldi घर aajayiye…bye…

तभी दूर पर नॉक हुवा ….

म माँ ने दूर खोला तोह सामने शिवानी पुलिस ड्रेस मई मौजूद थी…

ममम कन्फूसिओं se-Yes क्या काम ह …

शिवानी - मम आपकी बेटी के खिलाफ केस दर्ज हुवा ह उन्हें बुलवाइए….

ममम — व्हाट …

शिवानी — आप मनीषा को बुलवाइए फिर पता लग जाएग…

ममम - वंही से चिल्लाकर मनीषा….. manisha….phir श्वानि से क्या केस ह …

शिवानी — आपकी बेटी ने ब्रासलेट चोरी किया ह जिसकी कीमत करोड़ो मई h…ap कलेक्टर ह आप अपनी बेटी की जरुरत पूरी नहीं करती ह क्या …अब उन्हें जेल मई जाना होगा चोरी के साथ साथ उसने जान से मरने की कोसिस भी की तोह एटेम्पट तो मर्डर का केस अलग से लगा ह……

म माँ “क्याआ” म माँ को गुसा आगया शिवानी की तीखी बाते सुनकर …ऊपर से मनीषा ने शिवानी को देखा तोह वो मुस्कराने वाली हे थी की शिवानी ने मन कर दिया…

मनीषस माँ - क्या तुम कोई ब्रेसलेट लायी हो…

मनीषा - है ….

म माँ — तुम्हे क्या कमी ह thi….kya मैंने तुम्हे कभी किसी चीज की कमी राखी जो तुम चोरी भी करने लगी …वो अभी गुसाई से और चिक्ति …..मनीषा जोर जोर से हसने लगी …..और हँसते हँसते फर्श पर लेट गयी…

ममम — बेशरम लड़की पुलिस आयी ह गिरफ्तार करने ….तू हंस रही ह क्या इज़्ज़त रह जाएगी मेरी जेल मई जाना पड़ेगा क्यों किया….

मनीषा —है है है माँ क्या कहा गिरफ्तार है है ha….toh उन्हें बोलो करले मुझे गिरफ्तार है है है …

ममम - जो अफसर दो योर जॉब…

शिवानी “ आप अचे वकील को हिरे कर लीजिये” और कुछ दिएर रुक कर मनीष की तरफ जाकर मनीषा को खड़ा किया और गले लग गयी जिसे देख मनीषा की माँ जिसकी आँखों मई आंसू आगये थे वो कंफ्यूज हो गयी….

मनीषा - माँ ये मेरी फ्रेंड ह…

शिवानी - सॉरी आंटी मज़ाक जायदा हो गया ी म रियली सॉरी पुलिसवाली हु ऐसा हे मज़ाक दिमाग मई आया सॉरी….

ममम- सच मई डरा दिया तुमने …औ अंदर औ….

शिवानी — सॉरी अगेन… वैसे कविता कान्हा ह…

मनीषा — वो पूनम के पास ह …तयारी कर रही ह एग्जाम की दोनों…

शिवानी —बेऔतीफुल्ल हाउस…..

मनीषा — आप कान्हा रह रही हो …

शिवानी आपका देवर चाहता ह मैं आपकी सेफ्टी का ध्यान राखु तोह आगयी वैसे मैं मिलती रहूंगी …ये एल्बम मई कौन कौन ह ये जरूर अंकल होंगे ह न..

मनीषा — है डैड ह …उनके जवानी की फोटो ह और वो गोद मई मैं हु…

मनीषा माँ टिया स्नैक्स लस्टी हुवी तोह अभी ट्रांसफर हुवा h..apki सकल जनि पहचानी लग रही ह मुझे ….

मनीषा — माँ सुपरकॉप सोनाली का नाम याद ह ..

म माँ — ओह तोह आप वो S&S वाली सुपरकॉप जोड़ी हो …बहुत नाम सुना ह …आप यंहा हो तोह …मतलब …जरूर कोई बड़ा रीज़न होगा…

शिवानी — मुझे निर्वाण को ढूंढने भेजा ह वो बहुत बड़ा क्रिमिनल ह…

Fuuuuuu…..manisha के मू से पूरा पानी बहार आकर गिरा …और जोर से खांसने लगीई…

मनीषा माँ — आराम से बेटी ……

मनीषा — है मा….

मनीषा माँ — है हमारी कलेक्टर्स मीटिंग मई यही मुद्दा रहा ths…sab परेशां ह ….

मनीषा — माँ ये आज यही रुकेंगी आप आराम से बात कर लीजियेगा और आज ाचा सा खाना बनाना ह….

ममम — ोक्तुं इन्हे rukwao…main जाकर तयारी करती हु….

शिवानी — मैं भी आती हु …..पीछे चलते हुवे वो गहरी सोच मई डूब गयी की हाउ आईटी इस पॉसिबल….

वंही वो शख्स जिसने राज पर बिड लगायी थी….. “ कान्हा कान्हा हो तुम कब तक छिपोगे …….और कब तक छिपाओगे अपनों को ….वो वो वो एक मिनट एक मिनट मैं तुम्हे कैसे इग्नोर मार gaya….shiwani और मनीषा भी तोह साथ हे थी न उन्हें भी तोह धुंध हे सकता हु main….good गुड ….ये हुवी न बात सबको पीछे लगा दूंगा तोह ….कान्हा छिपोगे …..है है है है है ….और उसी के साथ उसने लैपटॉप पर अपने हाथो को तेज़ी से चलना सुरु कर दिया …..और कुछ दिएर बाद हे उसके चेहरे पर कभी हंसी के तोह पल मई टेंशन के भाव आजाते …..और वो गुसाई से चीक उठा …कैसे कैसे कैसे एक हे टाइम पर एक शख्स इतनी जगह कैसे हो सकता ह ….मुम्बई दिल्ली राजस्थान उप ंप कैसे कैसे ……तुम पुलिसवाली हे हो न ….तभी उसे उसके लैपटॉप पर ….बीप बीप बीप की साउंड के साथ अलर्ट आने लगा …उसने तुरंत लैप टॉप के वायर्स निकल दिए और तुरंत पब्लिक प्लेस से निकल गया…..

दूर अंडमान निकोबार मई ….

अज्जू ने धीरे से अपनी गर्दन हिलायी…

श्रुती - ी क्नोव तुम परेशां मत होवो तुमने अछि कोसिस की …..

अज्जू - ने लैपटॉप मई टाइप किया…

श्रुती-- है मुझे पता ह राज भाई के अहसान ह हमे उनकी हेल्प करनी ह और तुम कर भी रहे हो बस कुछ वक़्त और फिर तुम चल अचे से चल और बोल पाओगे……

अज्जू की आँखों मई गुसाई से आंसू आगये….

तभी दीपिका और सुनील भी अंदर आगये…

सुनील — इसे तुम्हारी तबियत ख़राब होने के सिवाए कुछ नहीं होगा …shrutii…ki म्हणत बेकार हो जाएगी ….यही चाहते हो tum….muje पता ह वो कौन ह और डोंट वोर्री वो हाथ आएगा भी ….तुम बस जो कर रहे हो वही करो ….

अज्जू— ने अपनी पलके झपकी डीई….

उधर वो शख्स तुम सब होसियार हो पर मुझे जो चाहिए था वो मिल gaya……manisha मनीषा tum….ab तुम बताओगी मुझे …वो कान्हा h….yaad ह न क्या कहा था तुमने ….मेरी माँ कलेक्टर h…..ab कलेक्टर कितने हे लोग होंगे और उनकी बेटी मनीषा भी कितनी हे होंगी है है है ha……agar तुम एक दूसरे के जरा से भी टच मई हो तोह …..राज तुम तोह gaye…..mere भाई अन्थोनी को मारा था न ये आदित्य तेरे परिवार के सब लोगो को चीन लेगा …है है ha…..ek मिल गया तोह बाकी सब भी मिल जायेंगे….

और वो तुरंत एक कॉल लगता ह….. “ नाम manisha….maa कलेक्टर ह और बाप बिज़नेस में ह आधार वोटर ईद कॉलेज कंही भी इसे धुन्द्लो वो लड़का राज मिल जायेगा ….”

इन कॉल…

सुनील- है राज कोई सोनाली दी और श्वानि दी को धुंध रहा ह हमने ट्रैक करने की कोसिस की पर लोकेशन मिलने से पहले हे डिसकनेक्ट हो गए सिग्नल …वैसे वो शख्स मुम्बई हे ह इतना पता जरूर लग गया ह

राज - वो जरूर डेथ हेलो हे ह जो धुंध रहा ह ….

सुनील — नहीं राज मैंने पहले भी कहा था हमारे साथ अनजान मई सिर्फ एक हे शख्स था जिस पर मुझे यकीं नहीं था…

राज — अद्वितीय…

सुनील “है और वही होगा इन सबके पीछे उसके बैकग्राउंड का पता नहीं लगा और याद ह अन्थोनी का भाई हमारे स्कूल मई हे था ….ये काम उसी का और आदित्य हे अन्थोनी का भाई h…cinemaa हॉल मई हमला सब उसी की प्लानिंग थी मुझे पूरा यकीन ह ….

राज — हम्म्म दिल्ली जाने से पहले उनकी सिक्योरिटी चेक कर lena…aur वैसे भी मैं यंहा से जल्द हे निकल jaunga….jo जानना था जान लिया बस अब डेथ हेलो ….विक्टर उर्फ़ मां को मार दे फिर आराम करूँगा ….बहुत थक गया हु यार फिर एक लम्बी लीव पर जाऊंगा…

सुनील — क्या बात ह सब तीख ह न …यार एक दिन मई हे क्या हुवा….

राज — पता नहीं बस ऐसे हे …

सुनील — सच बोल …

राज — नहीं मैं तीख हु घर पर हु ाचा मेरी एक बात मानेगा….

सुनील — तू बोल जो कहेगा वो करूँगा…

राज — तू सबका ख्याल रखेगा और मेरी भाभी से शादी करेगा उन्हें खुस रखेगा उन्हें ढक दिया तोह छोडूंगा नहीं तुजे मैं……

सुनील — तू पी रहा ह…

राज - है थोड़ी सी पी h…ye छोड़ जो कह रहा हु वो सून दादाजी और दिव्या माँ के पास रहना मुझे कुछ हो भी जाये तोह भी कभी मत बताना की क्या हुवा सब छुपा lena…sabka ध्यान रखना …

सुनील — हो गयी तेरी Bakwas….Aag लगा देंगे दुनिया को मैं अत हु तू रूक…

राज — रूक जा …सायद जायदा पी ली ह इसलिए ऐसी हालत ह और है कॉलेज मेरा यंहा ख़तम हो गया ह एक यूनिवर्सिटी से फर्स्ट ईयर की मार्कशीट बनवानी ह….

सुनील — क्या कह रहा ह तू क्या हो गया जो ये उलटी उलटी बाते कर रहा ह तब से….

राज-- और है ….मैं ये बताना भूल gaya….Muje डेथ हेलो के तीखाने का पता लग गया ह ….अपने हाथो से मरूंगा…

सुनील — तू अकेला नहीं जायेगा उसके पास ….सूना मैंने क्या कहा ..

राज — ये जुंग मेरे और उसके बिच की h….muje पता ह वो अकेला लड़ेगा मुझसे …वो एक फाइटर ह …वो अपने भाई का बदला चाहता h….Bus कुछ वक़्त की बात और ह फिर हम आमने सामने होंगे…

सुनील — कुछ वक़्त की बात तू क्या बोले जा रहा ह ….hello hello राज …….

सुनील ने दुबारा कई बार कॉल lagayiii…par राज ने नहीं उठायी तब उसने मिर्त्युदूत को कॉल लगायी “ राज के पास जाओ “

मिर्त्युदूत “ मैं वंही हु वो सो गए h…unhone जायदा पी ली….”

सुनील “ कोई बात ह हुवी ह क्या “

मिर्त्युदूत “ मास्टर ने मन किया ह आपको बताने से “

सुनील “ उसे कीच होगा तोह आप सह पाएंगे आप जानते ह न उसकी बहने और पूरी फॅमिली का क्या होगा”

मिर्त्युदूत “ उन्हें किलर आर्गेनाइजेशन की सीक्रेट प्लेस का एरिया मिल चूका ह …..और वो आज कॉलेज से आने के बाद से हे प्रैक्टिस मई लगे हुवे ह बस कुछ दिएर पहले हे रुके थे और है आज कॉलेज मई कुछ हुवा ह मैंने उन्हें किसी से बात करते सुना था “

सुनली “ तीख h”sunil ने कॉल को रख तोह दिया पर वो सोच मई था इसलिए उसने तुरंत पूनम को कॉल लगाया…

पूनम “ hi भाई ….कैसे हो”

सुनील “ मैं तीख हु कॉलेज मई कुछ हुवा ह क्या आज “

पूनम “ हम तीनो घर हे thi…exam की डेट्स सगाई न इसलिए …तयारी कर रही h…achanak उसे कुछ महसूस huva..aur वो बोली पर आप क्यों पूछ रहे ह …”

सुनील “ नहीं बस ऐसे हे ..”

पूनम “ सच बोलिये क्या मनीषा नहीं राज जी के साथ कोई बात हुवी ह”

सुनील “ पता nahi…wo अकेले होने पर पिता नहीं ह …पर आज पी राखी ह और सायद खाना खाया ह या नहीं वो भी पता नहीं h…isliye थोड़ी फ़िक्र हो रही थी ..”

पूनम “ मैं बड़े पापा से बात करती hu…ap चिंता मत करिये और अपनी मनीषा भाभी को मत बता देना वर्ण वो टेंशन ले लेंगी “

सुनील “ तीख h…Thank यू “

पूनम “ बहन को थैंक यू ok bye…main देखती हु”

देखना क्या था पूनम तोह पहले हे डीएड कर चुखी थी वो राज के पास जाएगी और अनिरुद्ध के साथ हे वो राज के पास रात को पहुंच गयी….

तोह मुम्बई की हे एक बिल्डिंग मई ….मनोहर सिंह परेशां इधर से उधर घूम रहा था और उसके पास खड़ा था उसका बीटा शक्ति सिंह जो अचे सरीर का मालिक था …

मनोहर सिंह — नहीं शक्ति ….तुम्हारी बहन उसे से बहुत प्यार करती ह….

शक्ति — प्यार हमारे काम मई इस नज़्म की कोई जगह नहीं ह और वो एक अनजान ह अनु की शादी हमे रॉय फॅमिली मई करनी ह ताकि हमरी पावर और बढ़ सके साउथ मई उनकी बहुत पावर ह ….

मनोहर — और इसके लिए उस लड़के को रस्ते से हटाना hoga….yanha का काम ख़तम होते हे तुम खुद उसका काम तमाम कर डोज….

शक्ति-- है क्यों नहीं ये सुबह काम मैं अपने हाथ से karunga…akhir भाई जो हु…

मनोहर - मतलब तुम नार्थ से साउथ तक टेंडर लेकर हे रहोगे है है है ी लिखे आईटी …..गुड

शक्ति — डैड पर …

मनोहर - शांत शक्ति मुझे पता ह तुम क्या कहना चाहते हो ….ये सब गेम ह बीटा पावर रेपुटेशन का तुम्हे आगे समाज ajayega…..bus tum…taiyari करो मीटिंग की हमे ये टेंडर लेना हे ह किसी भी कीमत पर …फिर हम होंगे इंडिया की टॉप पावर्स मई शामिल ….

और शक्ति फिलहाल तुम्हारा पहला टारगेट ह कमिश्नर ….उसे हटाने के लिए अपने आदमियों को भेज दो….

शक्ति —आज की रात कमिश्नर की आखिरी रात होगी ….डैड हमारे सबसे काबिल लोग निकल चुके ह ………..

और रात के 2 बजे कमिश्नर पार्टी से लौटकर घर ारः था और स्वागत मई खड़े थे बिच रस्ते मई शक्ति के आदमी ….और ताबड़ तोड़ गोलियों की बरसात हुवी कमिश्नर के काफिले पर….

आज के लिए इतना हे 3 क वर्ड्स ह मस्ती मई पढ़ने का बिंदास लाइक्स और रेवोएस पेलने का

 
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