Adultery Raj-- hero of the family - Page 66 - SexBaba
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Adultery Raj-- hero of the family

सुनली भाई ये क्या किया ह अपने समाज से बहार ह ...इतना दिमाग नहीं ह ...भाई मेरे पास
 
अपडेट कम्प्लेटेड पोस्टिंग टुनाइट बस अब एडिटिंग बाकी ह जो ऑलमोस्ट 1ऑवर ले जायेगा तोह रात को हे करूँगा...
 
अपडेट 212

डीप ….

मुम्बईई …

मिर्त्युदूत “मास्टर दिल्ली से सुव आयी ह”

राज “आगे…”

मिर्त्युदूत “वो कविता मनीषा और पूनम के लिए आयी ह.…”

राज ठन्डे लहजे मई “और अनु के लिए …”

मिर्त्युदूत “सायद उन सभी के लिए हे ह मास्टर “

राज “नहीं ये सिर्फ कविता और भाभी के लिए और पूनम की सेफ्टी के लिए ह मतलब उन दोनों घरो के लिए… एक काम करो अंडरवर्ल्ड फाइटिंग वाले उस ब्रोकर से कांटेक्ट करो और 5 टॉप के फिघ्टर्स अनु के घर की और उसकी प्रोटेक्शन के लिए लगवा दो हथियारों के sath…main नहीं चाहता की अनु को कुछ भी हो उसे मुझपर पूरा विस्वास ह और मैं उसका ट्रस्ट कभी टूटने नहीं दूंगा….”

मिर्त्युदूत “हो जायेगा मास्टर …पर “

राज ने गर्दन उठाकर मिर्त्युदूत को देखा और बोलै बेजिझक पूछिए जो पूछना चाहते ह”

मिर्त्युदूत “परसो आप टूर पर जा रहे ह”

राज “हम्म्म”

मिर्त्युदूत “और आप हमे अपने पास भी नहीं रहने दे रहे ह वंहा मुझे सही नहीं लग रहा ह मनीषा कविता और पूनम अनु भी वंहा होगी तोह क्या ये सही रहेगा….”

राज “आप 2 कम के एरिया मई हे तोह रहोगे हे फिर दर कैसा ह और मैं तोह होऊंगा हे न सबके पास इतना तोह मैं संभल हे सकता हु न “

मिर्त्युदूत “मास्टर अकेले होने पर और परिवार के साथ होने मई फर्क होता ह “

राज “मैं नहीं चाहता हु की वो सब खोफ्फ़ मई जिए उन्हें अपनी जिंदगी जीने दो इसी वजह से तोह मैं उनसे दूर हो रहा हु ताकि वो बेफिक्र होकर जिए उनपर कोई आंच न ए अब अगर बॉडी गॉर्डस या आप सामने रहे तोह वो दर और सोच मई हे रहेंगी जो की मैं कभी नहीं चाहूंगा”

मिर्त्युदूत “पर मास्टर बहुत खतरा होगा प्लीज”

राज “मुझे आप पर विस्वास ह आप सब संभल लोगे”

अब मिर्त्युदूत क्या हे बोलता वो चुप हो गए पर उसे दर लग रहा था की कुछ गलत न हो जाये उसे खुद की मौत का दर बिलकुल नहीं था पर जिस परिवार से उसे आज तक इतना मान सम्मान और प्यार मिला वो उन्हें कुछ कैसे होने दे सकता tha…isliye उसे दर लग रहा था की कीच भी गलत न हो जाये….

राज “कल आखिरी विवा बचा ह फिर टूर से आकर इस मां का chapter पूरी तरह क्लोज करना ह ….क्योकि डेथ हेलो किलर आर्गेनाइजेशन के ख़तम होने के साथ हे अंडरग्राउंड हो गया ह इसलिए उसे हम चाहकर भी धुंध नहीं सकते ह पर एक बात ह जो खटकती h…mach और मार्क ने कहा था की वंहा लेवल 4 के 14 फाइटर थे जिनमे से 4 मरे गए तोह 10 कान्हा गायब ह ये समाज से बहार ह मेरे और अगर वो अभी भी मुम्बई मई ह तोह कान्हा पर ह”

मिर्त्युदूत भी सोच मई डूब गया तभी ….राज का मोबाइल रिंग करने लग gaya….raj ने मोबाइल देखा तोह उसके चेहरे पर मुस्कान agayiii…..aur फ़ोन अटेंड करके बोलै… “माय स्वीट भाभी”

मनीषा “भाभी के बचे अभी के अभी घर अजा अल्लू के परांठे …बनाये ह हाफ ऑवर ह बस”

राज “अभी तोह कॉलेज से आयी थी और किचन मई लग गयी तबियत तोह तीख ह न आपकी “

मनीषा “बस बस मस्का मत लगा जल्दी से अजा सब ह यंहा …”

राज “बिजी हु भाभी बाद मई आऊंगा आप परसो के लिए बनालो बस मई साथ हे खाएंगे ok अभी बिजी हु रखता हु” इतना कह उसने बिना आगे सुने हे कॉल कट कर दिया

फिर राज मिर्त्युदूत से “आप ऐसी सकल क्यों बने रहे हो”

मिरतिदूत “आज भी मतलब मुझे हे खाना बनाना ह हद हो गयी ह”

राज मिर्त्युदूत को नाटक करता देख धीरे से मुस्करा पड़ा और फिर दोनों किचन की तरफ चले गए.

वंही मुम्बई की हे सेवन स्टार होटल मई पार्टी चल रही थी…

“Hello मिस सिमरन ….अब तोह आप दिखना हे बंद हो गयी ह सिंघानिया ग्रुप और विद्या ग्रुप ऑफ़ हॉस्पिटल्स की ब्रांड प्रमोटर बनगयी ह…

सिमरन मुड़कर “ओह hello मर लालवानी ….आप तोह ख्वामखा मेरी तारीफ कर रहे ह ये तोह बस सीओ- इन्सिडेंटली हो गया बस…”

लालवानी “मेरी जेवेल्लरी कंपनी के लिए आपका क्या ख्याल ह….”

सिमरन “मर लालवानी जी आपकी ज्वेलरी कंपनी इंडिया की टॉप ब्रांड्स मई से एक ह …मुझे बड़ी ख़ुशी होगी आपके साथ काम करने मई बूत मेरी सिर्फ एक कंडीशन ह”

लालवानी “और वो क्या होगी”

सिमरन “ड्रेस ट्रेडिशन hogi…i मैं no मोर्डर्न ड्रेसेस …”

लालवानी “पर “

सिमरन धीरे से “डोंट वोर्री मर lalwani…agar ट्रेडिशन लुक से बेनिफिट नहीं हुवा तोह कॉन्ट्रैक्ट की एक परसेंट फी भी नहीं लुंगी ..और हुवा तोह अब जायदा अचे से जानते ह डील हर एंगल से आपके हे फायदे की और आपकी आनेस्टी तोह पूरी इंडस्ट्री जानती ह”

लालवानी “आपकी उम्र काम ह पर आप बहुत समझदार हो फिर हाथ मिलकर डील दोने जल्द हे मेरा सकारित्र्य आपसे कांटेक्ट करेगा“

इतना कह थोड़ी और बात करि फिर साइड खिसक गया और सिमरन काउंटर की तरफ चली gayii….aur वेटर के पास जाकर अपनी फवौरीते वोडका का आर्डर दिया ….बार अटेंडर भी सिमरन के सामने हे वोडका बनाने लगा….

सिमरन “क्या अपडेट ह”

बार अटेंडर “मम जल्द हे बड़े लेवल पर कुछ होने वाला h…kisi पर अटैक की प्लानिंग चल रही ह …बहार से काफी जाने आरहे ह और मुम्बई दिल्ली दो jagah…mousam बदलने वाला ह पुख्ता खबर ह“

सिमरन “कुछ और पता लगे तोह बताना की बदल कान्हा और किस पर गरजेंगे पैसे तुम्हारे अकाउंट मई ट्रांसफर कर दिया ह”

बार अटेंडर “ये लीजिये मम योर वोडका इस रेडी … फिर धीरे से …पता लगते हे आपको कॉल कर दूंगा”

सिमरन वोडका लेकर फिर अपने साथ की फीमेल मॉडल्स के पास चली gayiiii…par उसके कान और आंख आसपास की हलचल पर हे थे …आखिर बड़ी बड़ी पार्टी मई आने का उसका मकसद हे राज के लिए इनफार्मेशन जुटाना हे तोह होता h…aur उसी इनफार्मेशन की बदौलत हे हर बार राज को पहले हे सबकुछ पता लग जाता था की अंडरवर्ल्ड की मूवमेंट क्या होने वाली ह और वो अपना एक्शन प्लान रेडी कर लेता था…

वंही सोनाली के पास सुन्दर का कॉल आया … “Hello मम उसे होश आगया ह आप उसे मिल सकती ह मैं आपको लेने के लिए ारः हु आप रेडी हो जाईये “

सोनाली के चेहरे पर अब जाकर एक आशा की किरण देख मुस्कराहट नज़र ayiii…aur वो तुरंत शूज और एक जीन्स शर्ट पहनकर रेडी हो gayiii….kuch हे दिएर मई सुन्दर भी निचे पहुंच गया जंहा सोनाली तैयार कड़ी मिली …

सुन्दर “अभी 2 ऑवर पहले हे होश आया ह डॉ चेक उप कर रहे थे और ok कहने के बाद हे आपको कॉल किया ह”

सोनाली “गुड चलो सुन्दर उसे मिलना मेरे लिए बहुत जरुरी ह”

सुन्दर “मम क्या मैं जान सकता हु की ये केस इतना जरुरी क्यों ह आपके लिए “

सोनाली “सुन्दर क्योकि ये किसी के जीवन से जुड़ा हुवा ह और उसका जीवन मेरे लिए मेरे जीवन से जायदा कीमती ह….”

सुन्दर को आधा समाज आया और आधा ऊपर से गया पर वो सोनाली के बारे मई सीनियर्स से कई मीटिंग्स मई सून चूका था इसलिए उसे केस की इम्पोर्टेंस तोह पता थी इसलिए उसने और कोई सवाल नहीं पूछा और तेज़ी से हॉस्पिटल की तरफ भागने laga….kareeb 1 ऑवर के बाद वो हॉस्पिटल पहुंचे जंहा कांस्टेबल को प्राइमरी ट्रीटमेंट देकर रेफेर कर बड़े हॉस्पिटल मई एडमिट किया गया tha….sonali तेज़ी से अंदर gayiii….bed पर लेते कांस्टेबल ने सुन्दर को wàrdi मई देखा तोह वो हिला पर सुन्दर ने तुरंत हिलने से मन कर दिया और बोलै

सुन्दर “मुथू कैसे हो अब”

मुथू “सर पहले भी ईमानदारी की रोटी खा रहा था और आज भी ईमानदारी की रोटी खा रहा हु पर क्या करू अत्याचार न तब सहा न अब सहा जाता ह बस अब वो ताकत नहीं रही ह की अकेला बुराई का सामना कर सकू”

सोनाली “उन सब को जान से मार दिया ह ….और आगे भी कभी आपको कोई भी बड़े से बड़ा गुंडा पॉलिटिशियन परेशां करे तोह सीधा मुझे कॉल करना …मैं निपटारा नहीं आदमी को हे जड़ से निपटा देती हु”

मुथू “आप”

सुन्दर “ये ैप सोनाली ह जिन्हे सुपर कप के नाम से जाना जाता ह…”

मुथू “सकल नहीं देखि ह बाकि आपको कौन नहीं जनता ह हर न्यूज़ पेपर मई आपके दिल्ली मुम्बई हिमाचल के ऑपरेशन्स डिटेल से भरे पड़े ह …पर यंहा मम”

सुन्दर “इन्हे आपकी मदद की जरुरत ह”

मुथू “मैं छोटा से रिटायर्ड कांस्टेबल क्या मदद कर आसक्त हु”

सोनाली “मुझे आपकी मदद चाहिए ह आज से 20 साल पहले अपने और आपकी टीम ने एक शख्स को गिरफ्तार किया था और उसकी रिपोर्ट अपने अपने हाथो से तैयार की थी…

मुथू “मम 20 साल बहुत होते ह”

सोनाली “अपने बैग से एक फाइल निकलती हुवी ये देखिये ये रहा इसका नाम मां ह..”

मुथू ने सोनाली के हाथ मई खुली फाइल को देखा तोह …अपनी आँखों और दिमाग पर जोर दाल कर याद करने लग और कुछ देर बाद बोलै …. “ये याद ह मुझे बड़ा अजीब आदमी था ….नाम पूछो तोह बोलै सारा सहर मुझे मां कहता ह मैंने पूछा आइडेंटिटी ह कोई तोह ड्राइविंग लाइसेंस निकल के दिखाया और सबसे अजीब बात ये थी की उसपर भी उसका नाम मां हे लिखा हुवा था बड़ा जुगाड़ू आदमी था ….महीने मई चार बार ठाणे अत इसलिए मां और इसकी बातो की वजह से मुझे याद ह ये”

Sonali”Toh इसकी एक हे फाइल क्यों ह ठाणे मई “

मुथू “क्या कह रही मम इसकी तोह काम से काम 40 केस फाइल्स होनी चाहिए ….बहुत परेशां करके रखता था इधर फाइल बनती उधर से फ्री हो जाता ….पता नहीं क्या जुगाड़ लगता था बहुत तेज़ आदमी था सकल तोह ऐसी मनो की इसे सरीफ कोई होगा हे नहीं …अफसर को देखते हे पैरो मई गिर जाता था गिरगिट का दूर रूप था”

सोनाली “मुथू मेरी आखिरी उम्मीद आप ho..ye कान्हा हो सकता ह आपको पता ह क्या “

मुथू “नही मम मुझे कैसे पता होगा क्योकि बाद मई ये उधर कभी दिखा नहीं…”

सोनाली “आखिरी बार कब मिले थे कुछ याद ह “

मुथु “बिलकुल याद ह मम कैसे भूल सकता हु इसको मरने पुलिस स्टेशन के अंदर एक पूरा गैंग अपनी फौज के साथ आगया था हम सबको उन्होंने जबरदस्ती एक सेल मई बंद कर दिया था ….और उसको जिस सेल मई मां को बंद किया था उसे वो सरे मिलकर तोड़ने लगे the…par इस मां की अकड़ फिर भी ख़तम हे नहीं हुवी thi….maut सामने देखकर भी बोल रहा था दूर रहो मुझसे वर्ण जिन्दा लाश बन जाओगे तुम जानते ñयही हो मेरे पीछे किसका हाथ h…hum सभी ने सोचा की मौत देख कर पागल हो गया ह …पर वो सच बोल रहा था मम एक तूफ़ान आया और सब तहस नहस कर गया पूरी फौज जमीन पर पड़ी हुवी थी सिर्फ उनकी साँसे चल रही थी….

सोनाली सुर सुन्दर ने एक दूसरे की तरफ कन्फूसिओं से देखा …

सोनाली “साफ़ बताओ आप”

मुथू “सिर्फ एक …सिर्फ एक जाना आया था …और उन सबको बिना किसी हथियार के अपने हाथो से ऐसा मारा की जब हम उन सबको डॉ के पास लेकर गए तोह वो इतना हे बोलै की ये अब सिर्फ जिन्दा लाश ह”

सोनाली कौन था वो

मुथू “याद नहीं ारः ह …mam…wo मां चिल्ला तोह रहा था …..naam….sarjan…sachdev सिंह…’

सोनाली “सहदेव सिंह”

मुथू “है यही नाम था मम आप जानती ह क्या उसे”

सोनाली कुछ पल रूक कर “ आप मेरी बात धयान से सुनिए मुझे इस मां तक पहुंचना ह …कैसे भी …कुछ तोह याद होगा आपको कुछ तोह ऐसा जिससे इस तक पंहुचा जा सके”

मुथू “मम मुझे इतना हे याद ह”

सोनाली “किसी की जान का सवाल सोचिये कुछ तोह होगा जो उसने कभी बताया या कभी दिखाया होगा थोड़ा दिमाग पर जोर डालिये …”

सोनाली की बात सून मुथु गहरी सोच मई पढ़ gaya…aur कुछ दिएर बाद बोलै नहीं मम और तोह कुछ याद नहीं ह….

सोनाली निराश हो गयी उसे लगा जैसे कुछ जरुरी इनफार्मेशन मिलेगी पर यंहा तोह खली जापडेगा उसे वो दिखी मन से कड़ी हुवी और वापस जाने लगी…

सुन्दर आप रुकेंगी….”

सोनाली “नहीं मेरी टिकट बुक करवा दो”

सुन्दर “मैं अभी मारी को कहकर आपकी एयर टिकट बुक करवा देता हु

सोनाली “तीख ह “

वो अभी गेट से निकल कर थोड़ी दूर हे पहुंचे थे की पीछे से एक कांस्टेबल भागता हुवा आया और बोलै आपको मुथु बुला रहे ह ..सोनाली सुर सुन्दर जल्दी से वापस पहुंचे ….

मुथु “याद आया मम अभी सर ने क्या नाम लिया था हां mari…uska एक बेस्ट फ्रेंड था जिसका नाम मरी था उसकी और खुदकी बचपन की बहुत कहानी सुनाता था वो”

सोनाली “कान्हा मिलेगा वो”

मुथू “मिसरे का रहने वाला बताता था वो खुदको पर उसकी हिंदी देख के लगता तोह नहीं था की वो मिसरे का रहने वाला होगा …वंहा जाकर हे आपको पता लगेंगे …

सोनाली “क्या नाम ह उसके गाँव का “

मुथू “मोजु”

सोनाली “आपको इतना सब आज भी अचे से याद ह आपको”

मुथु “वो हमेशा उलटी बाते करता था अब आपके सामने कैसे कहु बस इसी लिए याद ह अब कितना सच ह ये तोह जाकर हे पता लगेगा आपको…”

सोनाली “थैंक यू सो मच मुथु कभी भी जरुरत पड़े मेरी याद करलेना …सुन्दर के कांटेक्ट नंबर रखना अपने पास ok”

मुथु “थैंक यू मम “

सोनाली “और डोंट वोर्री यंहा का सारा बिल पेड किया जा चूका ह ….ok अब मैं चलती हु”

इतना कह सोनाली बहार आगयी और सुन्दर का वेट करने लगी ….कुछ दिएर बाद सुन्दर भी बहार आगया..

सोनाली “ मिसरे मोजु चलना ह अभी

सुन्दर”

सुन्दर “मम मैं वंहा के ठाणे मई इन्फॉर्म करदेता हु …”

सोनाली “सुन्दर ये सब पर्सनेल ह इसलिए मुझे किसी और पर ट्रस्ट नहीं ह ….मुझे सब खुद जानना और जितनी जल्दी होसके उतनी जल्दी अब बताओ कौनसा रास्ता तीख रहेगा ”

सुन्दर “मम ट्रैन ह मिसरे की पर मुथुए जो मोजु गाँव बता रहा ह वो बहुत दूर ह इसलिए बी रोड हे बेस्ट rahega….par बोलेरो से सफर बहुत थका देने वाला होगा”

सोनाली “तुम बस एक फोर्टनेर या इन्नोवा अर्रंगे करलो बाकी ड्राइव हम खुद करलेंगे बारी बारी ok पैसो की सोच मत करो मुझे इनफार्मेशन चाहिए ह”

सुन्दर “डोंट वोर्री मम मैं अपनी टीम का बेस्ट ड्राइवर को बुलाता हु उसकी ड्राइविंग स्किल्स पर मुझे खुदसे जायदा भरोसा ह वो स्पीड से और साफल्य हमे जल्दी पंहुचा देगा पुरे कर्णाटक के चप्पे चप्पे को जनता ह वो….”

सोनाली “गुड लेटस जो वक़्त नहीं ह सुन्दर हमारे पास “

सुन्दर ने कुछ हे वक़्त मई एक फोर्टनेर रेंट पर अर्रंगे कर्ली और अपने बेस्ट ड्राइवर को भी बुला लिया ….और तीनो निकलपाड़े मोजु गाँव के लिए जंहा पहुंचने मई उन्हें 10 घंटे लगने वाले थे …तोह उसी वक़्त मुम्बई मई….

शिवानी “मार्तंड एक काम एक काम दिया ह तुम्हे वो भी नहीं हो रहा ह तुमसे “

मार्तंड “माँ कसम मम आप सोच रही होंगी की लापरवाही की वजह से नहीं किया ह पर ये देखिये मम फ़ोन बीवी के कितने कॉल ए ह पर एक भी अटेंड नहीं किया वो अपूर्व सिंह कॉलेज से निकलकर कर एक अपार्टमेंट मई जाता ह फिर साला निकलता हे नहीं ह मैं 24 घंटे से ऊपर नज़र रख रहा हु यंहा तक की खाना भी वंही पार्किंग मई हे खता हु मम “

शिवानी “मतलब तुम्हारा कहना ह की वो कॉलेज से अपार्टमेंट और फिर वंहा से हे कॉलेज जाता ह”

मार्तंड “लगता तोह यही ह मम अभी तक”

शिवानी “शट उप …मार्तंड मुझे तुमसे ऐसे जवाब की उम्मीद नहीं thi….kya कोई और व्हीकल बहार जाता ह उस वक़्त “

मार्तंड “ मैंने ये भी चेक कर लिया ह मम कभी स्विफ्ट बहार जाती ह तोह कभी इन्नोवा तोह कभी वॉक्सवैगन तोह कभी कोई और …अब वो अकेला इतनी कार कान्हा से layega…isliye ये डाउट भी बेकार ह माँ”

शिवानी “इंट्रेस्टिंग इंट्रेस्टिंग …ये शख्स मार्तंड या तोह बहुत sàrif ह या उम्मीद से जायदा तेज़ ह …जो कोई गलती नहीं करता ह ऊपर से मिडिल क्लास से थोड़े ऊपर फ्लैट मई रहता ह “

मार्तंड “मम कॉलेज का टीचर ह सीधा हे होगा और अभी तक सक वाला कोई काम नहीं किया ह उसने “

शिवानी “मार्तंड जिस शख्स ने इस पर सक किया ह न वो तुम्हारे मेरे जैसे 1000 लोगो को एकनाज़र मई देख कर बता देता ह उसकी जनम कुंडली samjhe…isliye जो दिख रहा ह उतना सरल नहीं ह तुम ये सब छोड़ो और ये एक डिटेल लिखी ह ऐसी फाइल्स जो 18 से 20 साल पुराणी ह ढूंढो मैं खुद इस अपूर्व सिंह की सचाई janugi”itna कह वो ऑफिस से निकल गयी अपूर्व के अपार्टमेंट की तरफ बस फरक इतना था की इस बार उसने टाइट फिटिंग जीन्स और शर्ट पहन राखी थी और अपने खुले बाल कर रखे थे ताकि किसीको उस पर सक न हो शर्ट का ऊपर वाला बटन जान भुजकर खुला रखा था taaki..agai की घाटियों की कुछ झलक दिखा कर अपना काम करवा सके …..और लग गयी वो वाच मन से लेकर फ्लैट सेल करने वाले तक सबसे इनफार्मेशन निकलने….

तोह दिल्ली पहुंचकर रंजन ने कप्तान को अलविदा कहा और मीटिंग का कहकर वो मुम्बई न जाकर दिल्ली के हे अंडरवर्ल्ड बेस हे मई चला गया जंहा दिल्ली का अंडरवर्ल्ड किंग उसके सामने बैठा हुवा था …

रंजन “कितने आदमी चुके ह “

दिल्ली किंग “अपूर्व सिंह ने हमे पहले हे लगा रखा ह काम पर और हम उनके प्लान से आगे बढ़ रहे ह “

रंजन “करीब 500 आदमियों की फौज चाहियेगी समझे 50 -60 से कुछ नहीं होगा ….”

दिल्ली किंग “पुरे डिस्ट्रिक्ट को उड़ाना ह क्या”

रंजन “जिसे उड़ाना ह वो दिअनासौर का परिवार ह और दिअनासौर को कभी घायल नहीं करना चाहिए ह …उसे सीधा मार देना चाहिए ह ….समझे वर्ण वो हड्डिया तक निगल जाता h…aur तुम भी दिअनासौर को हे मरने जाओगे samjhe….isliye हरियाणा पंजाब ..बिहार जंहा से भी बुलाने ह बुला लो बस याद रहे वो बच गए तोह तुम दुनिया मई कंही भी चिप जाओ वो तुम्हे खोद निकलेगा और तुम्हे मरेगा नहीं जिन्दा रहकर हे तड़पाएगा …और ये लो 5 कर मेरी तरफ से अचे से खिलाओ तैयार रखो सबको “

रंजन तोह चला गया पर पीछे दिल्ली किंग अपना सर खुजलाता रह गया क्योकि अपूर्व ने भी सिर्फ निगरानी रखने को कहा था अब रंजन हमले की तयारी को बोल रहा tha…jabki उसकी नज़र मई सुनील एक सिर्फ बड़ा बिजनेसमैन था बस इसलिए उसने रंजन की बात को इतना सीरियस नहीं लिया पर आदमी जरूर इखट्टा करने की सोच ली पर उसे क्या पता था ki…agar रंजन ने पूरी बात बता दी होती की जिस दिअनासौर के परिवार की वो बात कर रहा ह वो निर्वाण का परिवार ह तोह सायद दिल्ली किंग के खड़े खड़े हे एक बार के लिए पाँव काँप जाते क्योकि मुम्बई मई क्या हुवा वो भी बहुत अचर से जनता था 70 परसेंट मुम्बई अंडरवर्ल्ड साफ़ हो गया था और बचे हुवे अंडरग्राउंड हो गए थे और वजह थी निर्वाण …और बाकियो को पुलिस धुंध धुंध कर मार रही थी….

रंजन दिल्ली किंग से मिलकर सीधा मुम्बई की फ्लाइट लेकर चला गया तोह तीख इसी वक़्त …श्रुती भी राज के सामने बैठी हुवी थी…

राज “सुनील का ससुर ह पर ये मुज मई जायदा इंट्रेस्ट ले रहा ह इसलिए मुझे डाउट ह की इसका कुछ तोह और उद्देश्य ह जो दिख नहीं रहा ह ..आप बेस्ट हो और मुझे पता ह जो कोई नहीं कर सकता वो आप कर सकती हो इसलिए जो भी करना पड़े मुझे इस आदमी का राज़ जानना ह क्या करता ह क्या नहीं किसी मिलता ह वैगरह वैगरह …”

श्रुती “तुम्हारे टूर से आने तक मैं साडी इनफार्मेशन निकल लुंगीय…”

राज मुस्कराकर “मैं जनता हु आप karlogi…aur फिर आप और अज्जू भाई शादी करेंगे और वर्ल्ड टूर पर जायेंगे और मुझे गुड न्यूज़ सुन्नी ह की मैं चाचू बनने”

श्रुती बिच मई हे जल्दी से “शट उप राज …मुझे नहीं करनी शादी मैं जाती हु”

श्रुती की हालत देख राज बहुत दिनों बाद जोर से हंसा था…….

शंतरज की बिसात पूरी तरह बिच गयी thi….janha रंजन अपने आदमी इखट्टे कर रहा tha…toh वंही राज दिएर से हे सही पर अपने मोहरे भी निगरानी मई बैठा दिए the…ab सब आमने सामने the….par सिवाए एक के जो सुरुवात से लेकर अंत तक गायब था …और यही बात रह रह कर राज को परेशां कर रही thi….Death हेलो की ताकत वो अचे से जनता था आखिर 2 बार लड़ चूका था पर वो उसको मार नहीं पाया था aur…ladayi बराबर की रही थी….

शामे time…girls की मंडली एक साथ बैठी हुवी थी….

रजनी “तुम कम्फर्टेबले ड्रेस जायदा साथ मई रखो क्योकि जिस हिसाब से तुम्हारा सचदुले ह उस हिसाब से तोह तुम्हे सिर्फ सोने का वक़्त हे मिलेगा”

कविता “मम आप होती तोह और मज़ा अत अत साडी टेंशन हे ख़तम हो जाती …हम एक हे रूम मई पार्टी करते”

रजनी “कविता होश मत खोना …क्योकि तुम कौन हो पता ह न और राज ने तुम्हे किस कंडीशन पे यंहा एडमिशन लेने दिया था याद ह न”

कविता “प्रॉमिस मैं धयान रखूंगी मम”

पूनम “डोंट वोर्री मम मैं हु न इन्हे जायदा पिने नहीं दूंगी”

रजनी “गुड पर आज तोह हम पार्टी कर हे सकते ह क्योकि कल विवा ह और परसो तुम निकल जाओगी टूर पर “

मनीषा “पता नहीं ये राज को क्या हो गया न कॉल अटेंड करता ह न रिप्लाई और अटेंड भी करले तोह बस एक हे रिप्लाई अत ह बिजी हु बिजी”

पूनम “कल पार्टी करेंगे और आज सब उसे कल की पार्टी के लिए बुलाने की कोसिस करते ह ok”

सब एग्री हो गयी और अपने अपने घर की तरफ चली गयी पर पूनम शाम को 6 बजे हे खाने की तयारी मई लग गयी जब उसकी बड़ी maa(richa mom)ne पूछा तोह उसने कहा.. “बड़ी माँ राज अभी तक तीख नहीं हुवे ह और बड़े पापा और दादाजी ने कहा था की उनका धयान रखना h…ab कॉल वो उठाते नहीं ह इसलिए मैं सोच रही की वो बड़े पापा के फ्लैट मई रुके हुवे ह खाना भी खिला कर अजौ और देख भी लुंगी…

बड़ी माँ “पूनम बेटी बहुत ाचा सोचा तुमने लाओ मैं भी तुम्हारी मदद करती हु”

दोनों ने मिलकर 2 ऑवर मई खीर churma….mashroom मटर …और मिक्स वेग तैयार कर दी thi…jisai अचे से पैक कर …पूनम ने एक सूट और माथे पर बिंदी और हाथ मैं बँगलेस पहनी और ड्राइवर के साथ फ्लैट की तरफ रवाना हो गयी उस वक़्त करीब …8.30 हो रहे थे और उसे पहुंचने मई हाफ ऑवर लगवाने वाला tha….wo पुरे रस्ते जन्मदिन वाले टूर को याद करती रही जो राज के साथ उसने बिताया tha..aur रह रह कर उसके चेहरे पर मुस्कान आ और जा रही thi….isi सोच मई उसे पता हे नहीं लगा की वो कब फ्लैट तक पहुंच गयी थी…

ड्राइवर “मम फ्लैट आगया ह”

दिवेर की आवाज से वो होश मई आयी और खुदसे बाते करती हुवी वो लिफ्ट से ऊपर जाने lagi…aur राज के फ्लोर पर लिफ्ट से निकलकर सीधा राज के फ्लैट की तरफ चली गयी..

डिंग डाँग….

बेल्ल की आवाज सुनकर राज जो बेयर पी रहा था उस गिलास को साइड मई रखा …और मित्युदूत के आने का सोचकर दूर खोलने चला गया पर जैसे हे उसने दूर खोला सामने पूनम को देख हैरान हो गया …और दूर खोलते हे पूनम को स्मोकिंग और ड्रिंक की स्मेल आयी तोह उसके चेहरे की स्माइल तुरंत गायब हो गयी

राज “पूनम जी आप”

पूनम राज को साइड हटती हुवी सीधा अंदर चली गयी और अंदर का हाल देखकर उसने अपने मू पर हाथ रख लिया तीख उसी वक़्त मिरतिदूत भी सीढ़ियों से भागते हुवे ऊपर पंहुचा पर अंदर पूनम को देख वो भी चुप चुप वापस हो लिया ….अंदर पूनम एक बार बॉटल्स को देखती तोह एक बार राज को ….और राज को समाज नहीं ारः था की वो क्या kare….kuch दिएर ऐसे हे चलता रहा फिर पूनम ने अपनी गुसाई से भरी आँखों से राज को एक बार देखा और फिर इधर उधर जाकर झाड़ू ढूंढी और साफ़ सफाई मई लग गयी..

राज “आप रहने दीजिये”

पूनम “मुझसे बात करनी ह तोह पहले जाकर नहिये अचे से ब्रश कीजिये और जब नशा उतर जाये तब आकर मुझसे बात करना ….समझे आप… “

राज एक बार पूनम को देखा पर पूनम की बड़ी बड़ी आँखों मई गुसा देख वो भी चुप चाप नहाने चला गया… जब तक पूनम घर के अंदर साफ़ सफाई करती रही …जो लड़की दारू सिगरेट को देखने से हे कतराती ह वो खली बॉटल्स और …सिगरेट से हुवे कचरे को अपने हाथो से साफ़ कर रही thi….par ये करते वक़्त चेहरे पर गुसा और आँखों मई आंसू थे …राज भी करीब हाफ ऑवर बाद मई बहार आया ….और बहार देखा तोह रूम साफ़ हो चूका tha…raj ने पूनम को धीरे से ढूंढने की कोसिस की तोह उसे किचन से आवाज आरही थी… और वो किचन की तरफ गया तोह वंहा पूनम किचन को क्लीन और सब सही से लगा रही thi…poonam ने एक नज़र राज की तरफ देखा और बोली ….लड़कियों के सामने कपडे पहनकर आने चाहिए ह ….अब ये भी सीखना पड़ेगा apko…raj ने तुरंत देखा की उसने लोअर हे पहन राखी ह तोह तुरंत वापस गया और टी शर्ट पहन ली ….कुछ दिएर मई पूनम ने दिंनिंग टेबल पर प्लेट्स लगनी सुरु कर दी …पर राज से कुछ नहीं कहा ….राज प्लेट्स को लगते हुवे देखा तोह चुप चाप बैठ गया ….फिर पूनम ने प्लेट्स मई खाना लगाना सुरु कर दिया ….आज पहली बार था जब उसके चेहरे से राज को देख कर मुस्कान पूरी तरह से गायब thi….raj भी कुछ नहीं बोलै और चुप चाप बैठ gaya…..par पूनम से नहीं रह गया और खाना डालते हुवे हे बोली “हम चिंता मई मरे जा रहे ह की खाना कैसे कहते होंगे …तबियत कैसी होगी पर जनाब तोह सिगरेट और दारू आराम से पि रहे ह पार्टी चल रही ह inki……bhabhi मरे जा रही ह मेरा देवर कैसा ह …बहन भाई भाई नहीं करते रूकती ह ….और मैं…. के आगे बोलती बोलती रूक गयी”

राज “सॉरी”

पूनम ने पखाने की प्लेट को अपने हाथ मई लिया और निवाला तोड़ कर राज की तरफ कर किया “

राज ने पूनम को नज़र उठाकर देखा तोह उसे महसूस हुवा की पूनम की आंखे भीगी हुवी ह

पूनम खाने खिलते huve“mana आपको हज़ार काम हज़ार परेशानिया ह आप नहीं बता सकते ह पर ये दारू और सिगरेट …इन्हे पिता देख कर हमे कितनी तकलीफे होगी ये नहीं सोचा अपने ….”

वो कहती जा रही थी और राज को अपने हाथो से खाना खिलाती जा रही thi….aur उसकी आँखों से अब आंसू बहकर निचे गिरने लगे थे राज ने पौंछने की कोसिस की तोह पूनम ने चेहरा पीछे कर लिया और बोली … “सबको आपकी परवाह ह हर बार जताया जाये ये जरुरी नहीं ह ….एक लड़की अपनी इज़्ज़त मर्यादा भूल कर आपके घर पर अकेली कड़ी ह रात को क्या ये सब नहीं दिखता ह की आपकी कितनी परवाह h…..Agar ड्रिंक से आपकी परेशानी ढक काम होते ह तोह चलिए मैं भी पीती हु साथ mai…dekhu जरा कैसे काम होता ह ढक ड्रिंक से”

राज ने पूनम के हाथ से प्लेट लेनी चाही तोह पूनम ने छोड़ी नहीं पर राज ने जबरदस्ती छीनकर निचे रखड़ी और पूनम को गले लगा लिया ….

पूनम “अपने ये ाचा नहीं किया राज जी”

राज के चेहरे पर अब एक सुकून आगया था …उसने कुछ नहीं कहा और बस पूनम को गले लगाए रखा ..और कुछ पल बाद बोलै … “ ी म sorry..mujhe आप सबका कॉल अटेंड करना चाहिए था”

पूनम क्या बोलती वो तोह गले लगते हे अपना सारा गुस्सा भूल चुकी थी….

राज आगे बोलै … “आपको सच मई मेरी इतनी परवाह ह “

पूनम ने पूरी हीमत जुटाकर कहा “अगर मैं ये कहु की जिंदगी भर आपकी परवाह करुँगी बिना किसी शर्त के तोह यकीन करोगे”

राज ने तुरंत पूनम को अलग कर दिया और हैरानी से देखने लगा..

पूनम “ मुझे पता ह आपको प्यार से क्यों नफरत ह पर मुझे आपसे हो चूका ह और अब मैं पीछे नहीं हैट सकती हु”

राज “पर कैसे और कब”

पूनम 2 साल पहले “हरिदवार मई मैंने अपने लिए एक अचे लड़के की कामना करि थी जो मेरे माँ पापा का सपना पूरा करने मई मेरी मदद करे मुझे प्यार करे और उसी दिन जानवी को बचते वक़्त मुझे आपसे प्यार हो गया था जब आप बिना किसी की परवाह किये एक औरत की इज़्ज़त बचने उसके आगे ढाल बनकर खड़े हो गए मैं आपसे बात करना चाहती thi…par आप चले गए पर मैंने कान्हा से आपको हर दिन अपनी दवा मई माँगा ….और पुरे 2 साल बाद कान्हा ने मेरी तपस्या को पूरा किया हमे मिलाया ….”

राज “तोह वो तलवार के आगे अजना अचानक नहीं था”

पूनम ने है मई गर्दन हिला दी और बोली “आप पर आंच ए तोह मैं क्या देखती रहूंगी आपकी जाणरक्षा के लिए जोगा मैं करुँगी सो बार दुबारा करना पड़ा वो तोह करुँगी…”

राज की समाज से बहार हो गया सब वो क्या बोले उसे कुछ समाज नहीं ारः था …

पूनम ने राज को ऐसे उलझन मई देखा तोह बोली “आप पर कोई दबाव नहीं ह राज जी ये मेरी जिंदगी ह और ये मैंने अपनी ीचा से आपके नाम लिखी दी ह …या तोह रुक्मणि बन कर अपना प्यार पा लुंगी या मीरा बन कर ये जीवन आपके नाम कर दूंगी पर आपसे कभी शिकायत नहीं करुँगी …”

राज को बहुत बड़ा ढाका सा लगा और काफी दिएर तक चुप रहा और यही ख़ामोशी वंहा फ़ैल गयी…..

पर राज कुछ वक़्त बोलै … “पूनम जी आपको अब घर जाना चाइये ह दिएर हो गयी ह”

राज का जवाब सून पूनम के चेहरे पर दर्द भरी मुस्कान आगयी पर उसने अपने दर्द को मुस्कान मई बदल लिया और बोली … “गुड नाईट राज जी इतना कह वो बहार की तरफ जाने लगी पर गेट के पास रूक कर करके बोली “और है ये दारू और सिगरेट दुबारा मत पीना राज जी”

इतना कह अपने आंसुओ को और न छिपाने की वजह से जल्दी से चली बहार आ गयी ….पीछे खड़ा राज गहरी सोच मई डूब गया और उसकी समाज से सब बहार हो गया था …एक तरफ सोनाली जो उसे बेइंतिहा प्यार करती thi….toh दूसरी तरफ पूनम जो उसे अपना सब कुछ मान चुकी thi…aur एक तरफ था उसके माँ पापा का वडा जो ऋचा के साथ था जिसके बारे मई अनिरुद्ध गोस्वामी ने उसे बताया था …उसका दिमाग पूरी तरह उलझ गया उसने फ्रीज से बेयर की बोतल निकलने के लिए हाथ भदया तोह उसे पूनम की कही बात याद आगयी …अब उसका दिमाग गुसाई और उलझा न से फटने लगा था इसलिए वो अंदर के रूम मई गया और पंच की प्रैक्टिस के लिए रूफ से लटके पुनंचिंग बैग पर पंचेस मरता रहा और तब तक मरता रहा जब तक उसका रोम रोम थक कर चूर न हो गया हो…..

पर जंहा राज नयी उलझन मई था वंही …उसके पीछे दुश्मन अपनी आगे की चाल चल रहे थे…

रंजन “मंडावा मई. 2 तरफ से रोड अति ह एक फतेहपुर से और दूसरी झुंझुनूं से और मंडावा के चारो तरफ चार गाँव ह बाकि खेत और डेजर्ट ह …मंडावा मई एक पुलिस स्टेशन ह …बाकि सपोर्ट सारा झुंझुनूं सिटी से आएगा अगर झुंझुनूं वाली रोड ब्लॉक करदे तोह मंडावा के पास कोई सपोर्ट नहीं होगा क्योकि फतेहपुर सीकर डिस्ट्रिक्ट मई अत ह इसलिए …बैक उप आने मई टाइम लगेगा ..”

अपूर्व “और उनकी खुदकी सिक्योरिटी कितनी ह कुछ पता ह…”

रंजन “निर्वाण की फॅमिली ह तोह काम से 50 जाने तोह होंगे हे इसे जायदा के चांस नहीं ह क्योकि वो लोग अपनी आइडेंटिटी किसी को भी पता नहीं लगने देते ह

अपूर्व “और वो खुद यंहा ह मुंबई…”

रंजन “बदला ले रहा ह वो हिमाचल मई सफाया किया फिर देहरादून मई रखा पशुपति को मारा ैप को मारा और फिर किलर आर्गेनाइजेशन और victor…ko भी ख़तम कर दिया …और किलर आर्गेनाइजेशन वो तोह उसके बाप की थिई…”

अपूर्व गुसाई se“Wo उसके बाप की नहीं वो हमारी थी हमने खड़ा किया हमने उसे बनाया था समझे तुम “

रंजन “ये बात आप डेथ हेलो को भी बता देना ..मुज पर गुसा करने से क्या होगा“

अपूर्व “उसे सब पता ह रंजन …उसे ये भी पता ह की हम क्या बात कर रहे ह इस वक़्त ….तुम अपने आदमी इखट्टे करते रहो …अगले 5 दिन मई निर्वाण को बहुत दर्द मिलने वाला h….wo जब ये कह रहा था तभी घर के अँधेरे हीसाई मई से 10 साये बहार निकल कर ए और bole…..Master डेथ हेलो हम अटैक के लिए तैयार ह हमरी टीम आगयी ह….

रंजन तोह खड़ा खड़ा खड़ा हे लड़ खडता हुवा पीछे गिर गया और बोलै डड्डात्तट्ठह हेलो…..

अपूर्व सिंह “ है रंजन हां …..मैं हे हु अपूर्व सिंह और मैं हे हु डेथ हेलो”…


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एवरीवन ेंगगड़.......
 
टुडे नाईट अपडेट 213....

एवरीवन ेंगगड़...


किंग soon...Update 215

डेड End....(End ऑफ़ फेज तवो...)
 
अपडेट 213….

एवरीवन ेंगगड़…

रंजन दर के मरे कांपने लगा था डेथ हाला का नाम और उसे सामने dekhkar….wo घबराते हुवे बोलै यंग मास्टर ap….he डेथ हेलो हो मुझे पता नहीं tha….i म सॉरी…

डेथ हेलो “तुम क्या सोचते हो क्या नहीं मुझे सब पता ह रंजन…” फिर रंजन की आँखों मई देख कर“ तुम मेरे कंधे पर रखकर बन्दूक चलना चाहते हो क्या मेरे माथे पर चुटिया लिखा हुवा h…man तोह तेरी गर्दन काटने का कर रहा ह पर तूने मुझे जो बताया ह उसे देखते हुवे तेरी जान बख्स रहा hu…par दुबारा मेरी पीठ पीछे दिमाग चलाया तोह …बिखरी से बुरी हालत कर दूंगा तेरी …

रंजन को समाज नहीं ारः था की वो आगे क्या बोले क्योकि देह हेलो की बेरहमी तोह सब अचे से जानते थे….

डेथ आगे बोलै “अब सून मेरा plan…tu यंहा से तेरे सरे आदमी लेकर दिल्ली जायेगा और फिर डेथ हेलो एक एक बात पूरी डिटेल मई करीब आधे घंटे तक उसको बताता रहा जिसे सुनकर रंजन बिच बिच मई अपने माथे पर आरहे पसीने को पोँछता raha….aur आखिर मई डेथ हेलो बोलै “याद रहे एक इंच भी इधर उधर हुवा तोह अपने अंजाम के बारे मई तुम सोच लेना…. और रही बात उस निर्वाण की तोह उसे मैं खुद अपने इन हाथो से मरूंगा और अपने मास्टर की मौत का बदला lunga….is बार हम दोनों की आमने सामने की लड़ाई होगी और कोई एक हे bachega….ab तुम जाओ रंजन और मेरे इशारे का इन्तेज़ाआर करना….

रंजन “मैं समाज गया मैं आज हे अपने सरे आदमी लेकर दिल्ली जाता हु और जैसा अपने कहा बिलकुल वैसा हे करता हु फिर अपने चेहरे पर कुटिल मुस्कान लाकर…. वैसे उस छोकरे की बहन मेरे घर पर हे रहती ह आप चाहे तोह उसे उठवा सकते ह फिर वो छोकरा छू तक नहीं करेगा आपके agai…..itna कह वो चुप हो गया”

पर डेथ हेलो गुसाई से मुदा और उसकी गर्दन पकड़ कर चीखा “Ranjannn….Death हेलो धोखे से नहीं लड़ता ह ये काम तुम जैसे कायरो का होता ह samjhe…main अपने दम पर बदला लूंगा अपने हाथो से लडंगा …ये लड़ाई उसके और मेरे बिच अकेले होगी“

रंजन दर से “जजजजजीयी समाज gaya..”itna कह वो जल्दी से निकल गया…..

वंही घर पर …मनीषा और कविता विवा देकर घर पहुंची थी और एते हे बिस्तर पर एक साथ लुढ़क गयी…

कविता “डीई ी मैं bhabhi….ab फ्री ह हम…”

मनीषा “कुटी अभी नहीं हुवे ह हमे सुभे जल्दी निकलना ह याद ह न ..इसलिए पैकिंग अभी करलेता ह शामको तोह पार्टी ह फिर उस नालायक को ढूंढने जायेंगे तोह टाइम बिलकुल नहीं ह हमारे पास”

कविता “है आप पैकिंग कीजिये और मेरी भी कर देना साथ मई जब तक मैं निचे जाकर कॉफ़ी बना कर लाती हु तक दोनों के लिए” इतना कह वो निचे आ गयी पर निचे रंजन भी आगया था जो डेथ हेलो की दांत से फ़्रस्ट्रेटेड और गुसाई मई था क्योकि उसके हिसाब से कुछ नहीं हुवा tha….usne मनीषा और अपनी वाइफ को घर पर नहीं देखा तोह अपनी सकल पर अजीब सा भाव लाकर डेथ हेलो का गुसा ऊपर से निचे अति हुवी कविता पर निकलते हुवे बोलै “तुम्हरे एग्जाम हो गए ह न तोह इस बार अपने लिए फ्लैट धुंध लेना क्योकि ाचा नहीं लगता ह न की ठाकुर साब की बेटी किसी और के घर मई लम्बे समय तक रहे ….वैसे तुम्हे तोह अपने भाई के साथ रहना चाहिए na…ohhhhh मैं तोह भूल हे गया था की साहबज़ादे को तोह तुम्हारी परवाह हे नहीं ह उसे तोह आवारागर्दी और लड़ाई जगडो से फुर्सत हे नहीं होती h….akhirkar जिनके माँ बाप नहीं होते ह वो आवारा हे तोह होते ह माँ बाप होते तोह कुछ सिखाते usai..…khair मुझे क्या करना h…tumne सुना न जो मैंने कहा अभी तुमसे या तुम भी उसकी तरह ढीट और बेशरम हो “

कविता जो ये सब नीची गर्दन करके सून रही थी उसकी आँखों मई आंसू आगये the…usai पहली बार किसी ने उसके परिवार को लेकर सुनाया था ..उसने रट हुवे हे है मई अपनी गर्दन हिलाड़ी…

रंजन जोर से “मुझे सुनाई नहीं दिया”

कविता के आंसू अब पूरी तरह से बाह निकले और वो सुभक्ते हुवे हे बोली “हां ”

रंजन “अब कड़ी क्यों हो जाओ”

पर ये सब मनीषा जो फर्स्ट फ्लोर से हे नाईट ड्रेस के लिए कविता को आवाज मारकर पूछने वाली थी उसने जब अपने बाप की ऐसी बाते सुनी और कविता को सुभक्ते हुवे देखा तोह वंही से गुसाई से चिल्ला पड़ी “क्या बात h….kya बात ह जवाब नहीं apka…kavita के और राज को क्या संस्कार मिले मिले ह ये तोह चलो नहीं पता ह apko….par आपके माँ बाप ने आपको क्या संस्कार दिए ह ये साफ़ साफ़ दिख रहा ह मुझे एक लड़की को जिसका भाई दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी का मालिक ह उसे सांस्कार सिख रहे ह जो लड़की खुद अरबो की मालकिन ह जिसके दादा का नाम आसपास के 50 गाँव और बड़े बड़े लोग इज़्ज़त से लेते ह और तोह और आपके समधी को भी राज के पापा ने हे सब दिया ह और आज तक वापस पूछा भी नहीं h…us परिवार के संस्कार पूछ रहे ह आप …गरीबो को खाना बड़ो की इज़्ज़त करना ये इन्हे अत ह …ये होते ह संस्कार और ऐसे खानदान से ये दोनों एते ह पर आपके खानदान का तोह कुछ पता हे नहीं ह माँ का तोह फिर भी पता ह मुझे पर आप …आपके मू से ये सब सुनकर समाज नहीं आया मुझे…

रंजन “मनीषआआआ”

मनीषा भी जोर से चीख पड़ी “ मर रंजन माथुर आवाज मेरी भी ऊंची हो सकती ह समझे तुम बस मेरे नाम के पिता हो ….इसलिए अपनी हद मई रहना ….मेरे मामले मई अपनी टांग मत अदना ये मेरी आखिरी चेतावनी ह माँ की वजह से तुम्हे सहन करती हु bus…aj के बाद कभी भी कविता को कुछ भी कहा तोह मुझसे बुरा कोई नहीं होगा samjhe….ye मेरी फॅमिली ह और मेरी रिस्पांसिबिलिटी h……pahle खुद संस्कार सिख़लो जिनके खुद के माता पिता की एक भी फोटो घर मई भी नहीं ह वो दुसरो को ज्ञान देते अचे नहीं लगते ह…

रंजन गुसाई से इतने आग बबूला हुवा की उसने मनीषा पर हाथ उठा दिया …ये देख कविता अब और दर गयी और रोने लग गयी …पर मनीषा न रंजन का हाथ बिच मई हे पकड़ लिया ….और रंजन की आंख मई आँख डालकर देखने लगी

कविता रट हुवे “प्लीज दी नहीं प्लीज दी मैं चली jaungi…ab छोड़ दीजिये उनका हाथ…. प्लीज दी चलिए…”

कविता रट जा रही थी और बोले जा रही थी….

मनीषा ने रंजन के हाथ को छिड़क दिया और कविता की हालत देख उसे भी रोना agaya…aur कविता को गले लगा लिया और कविता को चुप करने लग गयी…. “चुप हो जा cutee..main हु न मेरे रहते कोई भी फिर चाहे मेरा सागा बाप हे क्यों न हो तुझे कोई कुछ भी नहीं कह सकता ह…”

कविता और वो दोनों रूम मई चली गयी और पैकिंग करने लगे और वंही से हे उसने अनु को कॉल लगाया और बाते बातो हे बातो मई अभी की बाते बताई तोह अनु बोल पड़ी …मेरा घर भी तोह आपका हे घर ह यंहा मैं और माँ हे रहते ह और माँ भी अब ऑफिस चली जाती ह आप दोनों यही ाजाओ रात को पार्टी यही करते h….inki बाते होती रही और मूड तीख होता गया पर निचे रंजन गुसाई से जल भून रहा था …और इसी गुसाई और जलन मई वो जल्दी से अपनी कार लेकर बहार निकल gaya…par इस बार वो थोड़ा केयर लेस्स हो गया क्योकि उसके पीछे एक स्पोर्ट्स बाइक पर किसी हॉट लड़की की तरह एक टाइट जीन्स और टोपर मई खुले बालो के साथ श्रुती उसका पीछा कर रही thi…….car आगे बढ़ती रही तोह उसकी बाइक भी पीछे लगी रही …रंजन एक बिल्डिंग के बेसमेंट पार्किंग मई चला गया तोह श्रुती भी बहार हे बाइक पार्क करके पीछे चली गयी और रंजन का पीछा करने lagi…ranjan ने लिफ्ट पर 15तह फ्लोर का बटन दबाया जिसे श्रुती ने छिपकर देख लिया …और वो भी तेज़ी से सीढ़ियों के रस्ते ऊपर भागी और फर्स्ट फ्लोर पर पहुंच कर दूसरी लिफ्ट को पुश कर दिया और दूसरी लिफ्ट लेकर जब तक वो ऊपर पहुंची तब तक रंजन गायब हो चूका tha…shrutii …ने यंहा वंहा काफी दिएर तक देखा पर उसे कुछ नहीं मिला तोह वो निचे आगयी और …रंजन की कार को ध्यान से देखने लगी की आस पास कोई बॉडी गॉर्ड तोह नहीं ह पर उसे कुछ दिखाया नहीं दिया तोह वो उसकी कार की तरफ एक कदम हे बढ़ी थी की 2 जाने रंजन के कार के पास खड़े हो गए …जिन्हे देखते हे श्रुती समाज गयी की ये बॉडीगॉर्ड्स ह ..वो बहार अपनी बाइक के पास वापस आगयी और रंजन के बहार आने का वेट करने लगी …और अज्जू को भी उसने उस बिल्डिंग के कक्तव को हैक करने के लिए कहा क्योकि उस बिल्डिंग का कक्तव ऑनलाइन tha….usi से हे उन्हें और इनफार्मेशन मिल सकती थी

राज भी सुभे से चुप चाप हे बैठा हुवा था क्योकि आज सुभे पूनम ने रातवाला खली टिफ़िन कॉलेज कैंटीन से अपने पास ले लिया था और कैंटीन टेबल पर हे राज को दूसरा टिफिन दे दिया था पर बोलै कुछ नहीं था ..मनीषा कविता और अनु दोनों की तकरार देख कर मंद हे मंद मुस्कुरा रहे थे अउ राज चुप चाप पूनम का लाया हु लंच करता रहा बिच बिच मई उसने नज़र उठाकर पूनम को देखा तोह पूनम अपनी काली आँखों से उसे हे घूर रही थी इसलिए राज ने पपौणम को अपनी तरफ घोरता देख कर उसकी तरफ देखा हे नहीं …तोह वंही आज रजनी ने उसे रात को अपने घर बुलाया था और राज के लाख बसर समझने पर भी वो बिलकुल नहीं मानी thi……raj भी जनता था की ….वो क्या चाहती ह और बहुत सोचकर उसने ये डिसिशन लिया की वो रजनी को उसके हिसाई की ख़ुशी dega…isliye शामको को वो खुद रजनी को पिक करने वाले था और पार्टी के बाद रात को दोनों साथ हे वापस रजनी के घर आने वाले थे क्योकि इसके बाद रजनी वापस अपने माँ बाप के पास जाने वाली थी जंहा उसकी शादी होने वाली थी इसलिए …आज की रात रजनी की दिल की वो खाविश पूरी होने वाली थी जो वो राज से बहुत वक़्त से चाहती थी पर यही रजनी की सबसे बड़ी गलती भी होने वाली thi….jiska पता उसे आगे चलने वाला था….

वंही …अपूर्व का पीछा कर रही शिवानी भी उस बिल्डिंग की पूरी डिटेल निकल चुकी थी जंहा अपूर्व रहता ह और जिससे उसे पता लग चूका था की अपूर्व इसी बिल्डिंग मई रोज 2 बार अत ह और दो बार जाता h…aur ये बात जानकार शिवानी को झटका लगा था क्योकि उसके खुदके एनालिसिस और मार्तंड की इनफार्मेशन के हिसाब से अपूर्व एक बार हे बिल्डिंग से बहार अत और जाता h….ab शिवानी को भी राज की बात पर 100 प्रतिसत डाउट हो गया था की अपूर्व सिंह मई कुछ तोह गड़बड़ ह अब पता लगाना बहुत जरुरी हो गया tha….wo अब सब कुछ छोड़कर अपूर्व सिंह के पीछे लगी हुवी thi……abhi वो अपार्टमेंट के बेसमेंट मई हे वेट कर रही थी ..की उसे अपूर्व सिंह निचे अत हुवा नज़र आया …शिवानी भी तुरंत चिप गयी और अपूर्व पर नज़र रखने lagi…apoorav ने एक बार चारो तरफ चलते हुवे सरसरी नज़र mari….aur अपनी कार स्टार्ट करके बहार निकल गया …

शिवानी भी तुरंत उसके पीछे निकल gayiii…kuch दिएर बाद अपूर्व ने एक रेस्टुरेंट के बहार कार को पार्क किया और अंदर चला गया ….शिवानी ने भी ऊपर पहनी हुवी जैकेट को खोलकर दूसरी तरफ से पहन ली और अपने बाल खुले करलिए और मोटा सुंग्लाससेसपहां लिए और अंदर जाकर एक तरफ दूसरी टेबल पर आकर बैठ gayiii….aur अपूर्व को वाच करने …वंही अपूर्व टेबल पर अपनी कॉफ़ी पिटे हुवे कॉल पर बाते करता raha….bich मई एक बार उसने शिवानी को भी dekha…aur दुबारा अपनी कॉफ़ी पिने लगा…..

शिवानी मन मई “आखिर ह क्या ये” इतना सोच उसने राज को कॉल लगा दिया और कॉल अटेंड होने पर … “hello माय स्वीट हार्ट…. यार ये क्या आदमी ह समाज से बहार ह मुझे तोह सेल की हर एक्टिविटी डॉब्फुल्ल लगती ह पर ढूंढने पर मिलता कुछ भी नहीं ह …घर से कॉलेज और कॉलेज से घर जाता ह …और अभी सिर्फ कॉफ़ी के लिए वो रेस्टुरेंट आया ह…”

राज “इसलिए कहा था मैंने या तोह ये बहुत सीधा ह या हमारी सोच से भी तेज़ h….kyoki एक्साक्ट्ली कविता पूनम और भाभी और अनु को वर्क के लिए सेलेक्ट करना …जायदा हे पोलाइट होना ये सब देख मेरा सिक्स्थ सेंस कहता ह की गड़बड़ ह जो हमे दिक् नहीं रही ह …और जितना लेट हम पता करेंगे उतना लोस्स मई jayenge…aur आपके पास आज का दिन हे ह पता करने का क्योकि कल ये हमारे साथ टूर पर होगा…”

शिवानी “मैं 24 ऑवर उसके पीछे हु राज मुझे जैसे हे पता लगेगा मैं तुम्हे इन्फॉर्म करदूंगी और तुम्हारे जाते हे इसके फ्लैट की तलाशी भी ले लुंगी..”

राज “ok …पर आप अपना धयान रखे …वर्ण आपकी बहन मुझसे आपकी वजह से लड़ने लगे”

शिवानी “वैसे वो अभी काम से दिल्ली गयी ह …मौका ह साली घरवाली बनने को तैयार ह ”ये कहकर मुस्कुराने लगी …

राज “आप न …”

शिवानी “मैं kya..bolo”

राज “कुछ nahi…bye मैं रखता हु”

राज की हालत देख शिवानी के चेहरे पर मुस्कराहट आगयी और अपूर्व के खड़े होने से पहले हे वो उठकर बहार आगयी और अपूर्व का वेट करने लगी आखिर उसके पास आज का दिन हे था कुछ पता लगाने का …शिवानी को पता नहीं था की अगर उसने अपूर्व की सचाई पता लगा ली तोह वो कितने बड़े खतरे को राज के ऊपर आने से दूर कर degi…par अपूर्व भी डेथ हेलो था जो खुद एक बहुत तेज़ तर्रार डेडली किलर था उसकी इनफार्मेशन आसानी से कान्हा मिलने वाली थी..…….

श्रुती जो रंजन का पीछा कर रही thi….usne अचानक रंजन को कोट पेण्ट मई तैयार हुवे निचे अत देखा तोह वो भी तैयार हो गयी पीछा करने ko…ranjan के बॉडी गॉर्डस ने कार का दूर ओपन किया सुर वो तुरंत निकल गए तोह श्रुती भी उसका पीछा करने लगीई …और जल्द हे रंजन की कार एयरपोर्ट पर आकर रुकी …और वो अंदर चला गया श्रुती को भी पता था की वो कंही जा रहा था पर कान्हा ये उसे जानना था इसलिए रंजन के जाने के बाद वो तुरंत वो ऑफिस इंचार्ज के रूम मई गयी और अपना कार्ड दिखाया और उसकी आइडेंटिटी देखते हे अफसर इंचार्ज ने जल्दी से उसे रेस्पोंद किया और श्रुती को अफसर की हेल्प से पता लग गया की की रंजन फ्लाइट से दिल्ली जा रहा h…shrutii ने भी शामे फ्लाइट की टिकट अर्रंगे करने के लिए कहा पर सीट फुल हो चुकी थी जिसकी वजह से उसे टिकट नहीं मिल saki…par अफसर ने कहा की 2 ऑवर बाद की एक फ्लाइट ह ..

श्रुती ने तुरंत एक टिकट बुक कर्ली और वंही वेटिंग रूम मई वेट करने लगी और वंही से उसने दिल्ली चीफ को कॉल मिलाया …

श्रुती “जय हिन्द सर”

चीफ “सो फाइनली बैक ों वर्क”

श्रुती “सर ी मस्ट नीड योर हेल्प ुरगेंटली”

चीफ “तेल्ल में”

श्रुती “सर राज को रंजन माथुर पर सक ह”

चीफ “रंजन माथुर सुनील के ससुर राइट”

श्रुति “राइट सर वो परसो नाईट दिल्ली से मुम्बई ए थे और आज फिर मुम्बई से दिल्ली अचानक रवाना हुवे ह इसलिए उनपर नज़र रखनी बहुत जरुरी ह और राज ने मुझे किसी को भी बताने से मन किया ह”

चीफ “डोंट वोर्री मैं समाज गया यंहा एयरपोर्ट पर से हे उनके पीछे अपने बेस्ट ऑफिसर्स लगा दूंगा….”

श्रुती “थैंक यू सर मैं नेक्स्ट फ्लाइट से आरही हु वो इवनिंग तक पहुंच जायेगा और मैं भी नाईट मई पहुंच जाउंगी…”

चीफ “ok”

कॉल कट हो जाने के बाद चीफ सोच मई पढ़ गए …..और उन्होंने अपने अफसर को बुला कर कुछ इंस्ट्रक्शंस दिए और फिर अपने काम मई लग गए….

सुनील अपने ऑफिस मई बैठा हुवा गहरी सोच मई था…

सेकेरेट्री जो सामने बैठी हुवी थी उसने कुछ दिएर बाद पूछ हे लिया “क्या हुवा सर मैं कई दिन से देख रही हु आप परेशां लग रहे ह”

सुनील “परेशां तोह नहीं बस उलझन मई हु ki…jo अभी हो रहा ह क्या वो सही ह”

सेकरट्री सोचकर बोली “दीपिका मम की मैरिज को लेकर”

सुनील “है ….”

सेकरट्री “आप सायद राज सर की वजह से परेशां ह”

सुनील “सही कहा tumne…hamare बिच एक विस्वास का रिश्ता ह …उसने मुझसे बचपन मई कहा था की …कभी भी मेरा विस्वास मत todna…aur आज बहन की कसम की वजह से मैंने उसे सच नहीं बताया …और मुझे पता ह कोई भी राज से कितना भी छुपाये उसे पता लग हे जाता h..kanhi वो दीपिका दी और मुझे गलत न समजले”

सेकरट्री “नहीं सर वो बहुत अचे इंसान ह वो कभी नाराज नहीं होते ह”

सुनील “यही तोह बात ह जिसका मुझे दर ह …दी की शादी और इंगेजमेंट दोनों की बाते हो गयी h..aur पापा ने न दादाजी को और न राज को bulaya….raj कुछ नहीं बोलेगा पर …मुझे यकीं ह उसे बहुत बुरा लगेगा और 2दिन से उसका मेरा कॉल न उठाना और बिजी होना …पता नहीं क्यों पर मुझे ये सब ऐसे हे नहीं लग रहा h…isiliye मुझे दर ह की उसे सब पता लग चूका ह sayad…wo मेरा सबकुछ ह उसी की वजह से ये सरे रिश्ते ह अब वो हे नाराज हो जायेगा तोह रिश्तो को निभाकर मैं क्या karunga….jab कुछ नहीं था मेरे पास तब वो भाई दोस्त बनकर मेरे साथ खड़ा tha…par अब “

सेकरट्री “आप बात कीजिये उनसे”

सुनील “बहन की कसम से बंधा हु मई समाज नहीं अत ह की क्या करू मैं”

वंही मुम्बई से दिल्ली के लिए …ट्रैन कार बस से करीब 100 लडके जो रंजन के बेहद खास थे वो रावण हो चुके the….aur रंजन ने अपने सबसे बेस्ट नई मॉडल्स की गन उन सबके के लिए अलग से भिजवा दी थी पर यंहा उसके दिमाग मई और भी बहुत कुछ चल रहा था और डेथ हेलो के प्लान के साथ उसने भी अपना प्लान ऐड कर दिया था वो मांडवा मई हमला करने की प्लानिंग प्लेन मई कर रहा tha….jabki डेथ हेलो ने अपने भाई की मौत का बदला लेने के लिए उसे दिल्ली भेजा था …पर रंजन को जब पता लगा की डेथ हेलो ने deepika,kaptaan singhaniya,commossioner को भी मरने का प्लान बनाया था तोह उसकी बुरी तरह हालत ख़राब हो गयी थी …..वो चाहकर भी कुछ बोल नहीं पाया tha…aur उसे पता था की अगर उसने न कहा तोह क्या अंजाम होगा सिर्फ सुनील को इसलिए छोड़ दिया ताकि वो आगे उनके काम आ sake…..par रंजन भी बहुत पुराण खिलाडी था उसका पूरा फोकस मंडावा मई सहदेव के परिवार का नमो निशान मिटने का था …और अबकी बार वो ये काम खुद अपने सामने करने वाला tha…isiliye सहदेव की फॅमिली का नमो निशान मिटने के लिए उसने जितनी ताकत उसके पास थी सब लगा दी थी करीब 500 से ऊपर लड़का तैयार the…plane मई बैठे हुवे वो सभी पॉसिब्लिटी लगा चूका था हमले की और एक साथ तीन प्लान उसने बना लिए थे अटैक के लिए …….ताकि एक से बचे तोह दूसरी तरफ से मरे जाये और वंहा से भी बच तोह तीसरी तरफ से मरे jaye…par हर हालत मई मरे जाये इसलिए तीन स्टेप और तीन प्लान को डीएड किया ths..attack के liye…par इनसब से अलग …सोनाली सुभे हे मोजु विलेज पहुंच गयी थी और उन्हें असिस्ट करने के लिए उस एरिया का इंचार्ज इंस्पेक्टर भी आगया…..

सोनाली “No मोरे फॉर्मलिटीज …मोजु गाँव ले चलो जल्दी …”

इंस्पेक्टर यस मम इतना कह वो अपनी जीप को लेकर आगे आगे ड्राइव करने लगा और करीब हाफ बाद वो लोग मोजु गाँव पहुंच gaye…aur इंस्पेक्टर ने तुरंत पूछतज सुरु की तोह उन्हें मरी का घर मिल gaya..aur वो सभी जल्दी हे मरी के घर पहुंच गए …

इंस्पेक्टर “अम्मा मरी ह”

अम्मा “वो तोह बंगलुरु रहता ह बीटा ….”

ये सुनते हे सोनाली ने बोनट पर गुसाई से मुक्का मर दिया ….आवाज से इंस्पेक्टर भी पीछे मुदा और बोनट पर डेंट देखकर वो भी दर गया….

सोनाली “पूछो बंगलोरे मई कान्ह राहत ह वो एड्रेस मोबाइल नंबर ले लो”

इंस्पेक्टर ने अम्मा से पूछा तोह उसने कहा की एड्रेस तोह नहीं पता ह पर मोबाइल नंबर ह …..जिसे इंस्पेक्टर ने

नोट कर लिया ..

सोनाली “कार मई बैठते हुवे इस नंबर को ट्रेस करो और सीधा इसी के पास ले चलो अब वक़्त नहीं ह…”

सुन्दर “मम मई कुछ कहु “

सोनाली ने है मई इशारा किया

सुन्दर “मम मैं बंगलोरे के लोकल गैंगस्टर्स को जनता हु …आप कहे तोह 5 लाख रस लगेंगे पर वो मरी बंगलोरे मई जंहा भी होगा वंहा से उसे उठाकर ले आएंगे”

सोनाली ने उसे गुरा तोह उसने नज़र नीची karli…tab सोनाली बोली “Ok दो आईटी …और 5 नहीं 10 लाख ले लो और लगाओ सबको काम पर और याद रहे जिन्दा चाहिए ह मुझे वो हर हाल मई”

सुन्दर “मम अब चाहे उसने नंबर झूठे हे क्यों न दिए हो मैं इस फोटो से पुरे कर्णाटक मई सबको उसके पीछे लगा दूंगा 10 लाख के लिए कोई तोह आएगा सामने जो उसके बारे मई बताएगा …”

सोनाली “सबको फोटो भेज दो”

सुन्दर “ भेज दी ह सिर्फ 48 हॉर्स मम वो आपके सामने होगा ….मैंने पुलिस के खबरियो से लेकर …हर गैंग तक इनफार्मेशन पहुँचवा दी ह”

सोनाली अपने आपको बेबस महसूस कर रही थी …वो राज के लिए कुछ कर नहीं पा रही thi…….is वक़्त वो कितने गुसाई और फ़्रस्ट्रेशन मई थी या तोह वो जानती थी या उसका खुदा….

इन सब से अलग …मरी नाम का वो शख्स बंगलुरु की एक फैक्ट्री मई बैठा मज़े से फिश के साथ दारू पिता हुवा दोस्तों के साथ गप्पे मर रहा था पर उसे नहीं पता था की अगले 48 ऑवर से मई उसकी जिंदगी क्या से क्या हो जाने वाली thi…jis दोस्त की वो अभी गप्पे हाँक रहा था उसी की वजह से उसकी आजादी और पिछड़ी काली से लाल कर देने वाली थी वो हिटलर ….जो अभी गुसाई से भरी हुवी बंगलुरु हे वापस आरही थी….

वंही raj…rajni के पास पंहुचा तोह …रजनी ने उसे गले लगा liya….raj ने भी प्यार से उसे गले लगाया ….आज रजनी ने साड़ी से अलग एक स्ट्रेचेबल जीन्स और एक टॉप पहना हुवा था…

राज “स्कूल की लड़की भी आज जल जाये आपसे आज इतनी ब्यूटीफुल और हॉट लग रही हो आप ..”

रजनी “ाचा …तभी तुम दूर दूर रहते हो “

राज “आज की रात आप और मैं हे ह फिलहाल चले वर्ण वो झाँसी की रनिया खा जाएँगी पहले हे फ़ोन पर इतनी धमकी दे चुकी ह की सामने पहुँचूँगा तब क्या होगा पता नहीं”

मितिदूत ने कार स्टार्ट करि तोह दोनों पीछे आकर बैठ गए ….

रजनी “कल सुभे तुम चले जाओगे और परसो मई …इंगेजमेंट ह मेरी और जल्द हे शादी भी“

राज “लड़का पसंद ह आपको या”

रजनी “बुरा नहीं ह …बचपन से हे जानती हु सिर्फ नार्मल फ्रेंड रहा ह …चैरेक्टर भी ाचा ह चल जायेगा”

राज “शादी होने के बाद वो आपसे जुड़ जायेगा आपको रिश्ता पूरी ईमानदारी से निभाना होगा”

रजनी “सब मंजूर ह पर मेरा प्यार तुम हे हो और रहोगे समझे और फिर कान mai…bacha भी तुम्हारा हे होगा नाम सिर्फ उसका होगा ….समझे अब कोई बहाना नहीं सुन्ना ह मुझे”

राज बेचारा क्या हे बोलता वो आलरेडी मधु से ट्विन्स का बाप बनने वाला tha….aur अब एक और उसे बिना फेरो के हे बाप बनाने पर तुली हुवी thi……rajni राज के कंधे पर सर रख कर बैठी रही …जब तक अनु का घर नहीं आगया…..

राज “आप तोह सीधी हो जाईये अनु का घर आगया ह”

रजनी साद टोन मई “इतनी जल्दी क्यों agaya”itna कह वो सीधी हो गयी और अपने बाल ेट्स सेट करने लगी …तोह राज ने दूसरी तरफ से उतर कर रजनी के लिए दूर ओपन कर दिया राज ने अनु के घर के दूर पर खड़े चार गन में को देखा और रजनी के साथ आगे भड़ने लगा और धीरे से मिर्त्युदूत को आँखों से इशारा kiya…mirtyudoot तुरंत राज और रजनी के आगे आकर मैं दूर की तरफ गया …गेट पर पहुंचते हे एक बॉडी गॉर्ड ….आप कौन और किसी मिलना ह ….मित्युदूत ने जवाब नहीं दिया ….राज ने रजनी को पीछे हे रोक लिया …रजनी कन्फूसिओं से राज को देखने लगी तोह राज ने आगे देखने का इशारा किया ..वंही मित्युदूत से कोई जवाब नहीं मिलने पर गॉर्ड ने दुबारा पूछने के लिए मू खोला तोह मिर्त्युदूत ने एक पंच उसकी चेस्ट पर जड़ दिया जिसे वो पीछे जाकर गिरा और मिर्त्युदूत अगला एक्शन लेता उसे पहले हे टेरनो बॉडी गॉर्ड ने गन अनलॉक कर उसकी तरफ तान दी और एक बोलै… “पहचान बताओ जल्दी वर्ण शूट कर देंगे”

राज इस एक्शन से संतुस्ट हो गया और आगे आकर बोलै मैं राज हु अनु का भाई ….और मैंने हे आपको काम पर रखा ह”

गॉर्डस मई से एक डोंट मूव …इतना कह उसने एआरपीएस मई अंदर कनेक्ट किया और कन्फर्मेशन मिलते हे उसने गन डाउन कर दी और इज़्ज़त के साथ बोलै.. “सॉरी सर हमारी बात आपसे मोबाइल पर हे हुवी थी इसलिए पहचाना नहीं…”

राज मुस्कुराकर “अपने बहुत ाचा रिएक्शन दिया मैं रियली इम्प्रेस हुवा और आगे भी फ्यूचर मई कुछ भी हो जाये एक बार मई जवाब न मिले तोह बस शूट कर दे बाकी हम देख lenge…ap पर सिंगल केस भी नहीं बनेगा ….”

चारो गॉर्ड एक साथ “यस सर”

राज “और मैं आप सब को कुछ फोटो और नाम भेज देता हु वो ए तोह उन्हें बे रोक टोक जाने देना ok इससे आपको आसानी होगी िडेंटिफीय करने मई”

गॉर्डस “थैंक यू सर ये और ाचा रहेगा”

राज और रजनी अंदर चले गए तोह मिर्त्युदूत …घर के अंदर न जाकर लॉन मई हे रूक गया और सिक्योरिटी वाले सभी से बाते करने लगा…

अंदर … “राज ने अपनी मम्मी के पेअर चुवे राज को अपने सामने देख ख़ुशी से उसे गले लगा liya….jabki बाकि सभी poonam,anu,kavita,manisha उन्दोनो को ऊपर से देख रही थी…

अनु माँ “तुम तोह एते हे नहीं हो राज”

राज “आपके लिए हे आया हु मम्मी आज मम्मी और भांजा खूब साडी बाते करेंगे …”

अनु माँ कान मई “ये इतनी सुन्दर लड़की तेरी गफ ह क्या”

राज हड़बड़ाकर “अरे नहीं नहीं ये हमारी टीचर ह”

अनु माँ धीरे से राज के सर पर थपड मरते हुवे “मुझे बेवक़ूफ़ समझता ह उसकी आंखे तोह कुछ और कह रही ह”

राज बात बदलते हुवे “वैसे वो चुड़ैल ह कान्हा”

अनु माँ मुस्कुराकर “सून लिया तोह सच मई चुड़ैल बन जाएगीइ” इतना कहते हे दोनों एक साथ हंस दिए पर अनु जो जस्ट अभी निचे पहुंची थी उसने सब सुनलिया था वो गुसाई से फुँकारते हुवेबोली.. “फ़ोन पर चुगली से मन नहीं भरता ह आपदोनो का की अब घर पर भी मेरी बुराई सुरु कर दी”

राज आवाज सुनते हे तुरंत सीधा हो गया और बोलै “बुरायी अरे नहीं मैं तोह कह रहा tha…anu तोह सबसे samajdar…pyari स्वीट सी बहन ह मेरी”

अनु “भाड़ मई जाओ दोनों जाने मुझे नहीं करनी आप दोनों से बाते और मू फेर लिया”

राज ने पीछे से जाकर उसे गोदी मई उठा लिया और बोलै “सच मई अभी भी चुड़ैल हे ह दिखा ज़रा नुकीले दन्त दिखा”

अनु “यूउ ……..उतरो निचे मैं बताती हु तुम्हे “

पर राज ने उसे निचे नहीं उतरा और गोदी मई उठाये हुवे हे ऊपर ले aya….aur पूरी सीढ़ियों मई अनु काट टी और खरोंचती रही ह और राज भी उसे पूरी सीढ़ियों मई परेशां करता रहा…

रजनी पीछे अति हुवी दोनों की नोख देख मुस्कुराती रही …राज ने जैसे हे अनु को उतरा तोह …मनीषा ने उसके कान पकड़कर खिंच दिए तोह कविता पीछे से जम्प मारकर पीठ पर चढ़ गयी …

राज “अरे दर्द हो रहा ह भाभी”

कविता “और जोर से भाभी …भाई को सजा दो …ऐसे बोलते ह मेरी बहन मेरी भाभी पर ऐसे जनाब के पास टाइम तक नहीं ह मिलने का”

मनीषा “घुटनो पर बैठकर माफ़ी मानगो हम सब से तोहमाफी मिलेगी”

राज जल्दी से घुटनो पर बैठ गया औरबोला “हे देवियो मेरी दोस्त ता के लिए शमा करे …ये नादाँ बालक दुबारा भूल नहीं करेगा”

और राज की माफ़ी का तरीका देख कर साडी खिल खिला कर हंस पड़ी …..

राज “धन्यवाद देवियो…”

पूनम “देवियो से माफ़ी मांगने की जरुरत हे न पड़े अगर सही रस्ते पर चलो तोह”

पूनम का जवाब सून राज ताका सा पूनम को देखता रह गया और बाकि सब फिर से हंसने lagiii..par जल्द हे राज को बाकि की हरकत देख समाज आगया की पूनम ने शराब और सिगरेट के बारे मई बाकि किसी को भी नहीं कहा h….isliye उसने धीरे से पूनम को थैंक यू भी कहा पर पूनम ने कोई रिएक्शन नहीं दिया और बस कुछ दिएर बाद छोटी सी मुस्कराहट अपने होतो पर बिखेर डीई…

काफी दिएर बाद सब रूम मई बैठे और उनकी पार्टी सुरु हुवी सब हंस हंस कर बात करते रहे ….राज को भी बहुत ाचा महसूस हुवा क्योकि काफी दिनों से वो दीपिका की शादी और इंगेजमेंट की बातो से अपसेट था पर उसे अब समाज आगया की सबकी अपनी लाइफ ह और उनको उनके तरीके से हे जीने दो ..जो अपना ह वोअपना रहेगा और जो अपना नहीं वो कभी अपना था हे nahiii……poonam भी आप नार्मल तरीके से हे राज से बाते कर रही रही थी और सब हंसी ख़ुशी टाइम बिताते गए …

खाने की टेबल पर…

अनु “रात को यही रूक जाओ भाई प्लीज”

राज “कल सुभे भी तोह साथ हे ह न ..मुझे पैकिंग भी करनी ह “

मनीषा “तुम इतने आलसी कैसे हो गए ओह मैं तोह भूल हे गयी वंहा भी तोह साडी पैकिंग श्वेता हे करती थी”

कविता “भाई मैं श्वेता अनु और भाभी पूनम bhh…..kahte हुवे रूक्गलइ और तुरंत बात को सँभालते हुवे बोली पूनम दी के गाँव जा रहे h”ye कहते हे कविता ने अपनी जीब दांतो मई डबली..

पर राज समाज गया की वो क्या कहने वाली थी उसके होतो पर एक मुस्कान आगयी….

पूनम “आप भी चलिए न बाबा आपसे मिलकर बहुत खुस होंगे”

राज “मुझे किसी को ढूंढ़ना ह क्योकि जब तक वो नहीं मिलेगा जब तक बहुत से राज़ ह मेरी जिंदगी के जिनका आगे का रास्ता नहीं खुलेगा इसलिए मुझे अभी बहुत से सवालो के जवाब ढूंढने ह …पर वडा किया ह न आपको आपके गाँव आऊंगा तोह पक्का आऊंगा”

पूनम अब अपने चेहरे पर पुराणी वाली मुस्कराहट ले आयी और राज को मुस्कुराते हुवे देखने लगी…. आज राज ने सिर्फ 2 गिलास हे पिए थे वो भी बहुत बार कहने पर …पर …बहार बहुत कुछ हो रहा था जिसकी खबर राज और मित्युदूत को भी नहीं लगी थी ….अनु के घर से थोड़ी हे दूर अँधेरे मई 1 नकाबपोश आदमी नज़र रखे हुवे tha……aur जब राज और रजनी घर से बहार ए तब उसने एआरपीएस से इन्फॉर्म किया …. “मास्टर डेथ हेलो को इन्फॉर्म कर दो की उनका सक सही ह …उस छोकरे की गर्ल फ्रेंड पूनम नहीं h…..wo टीचर रजनी हे उसकी प्रेमिका ह उसने शामको उसे घर से रइवे किया ह और अब वो दोनों एक साथ हे ड्राइवर के साथ हे वापस निकले ह …मैं उन्दोनो के पीछे हे हु …”इतना कह उसने राज का पीछा करना सुरु कर दिया उसकी बाइक पूरी ज़ ब्लैक थी और उसने लाइट भी ों नहीं कर राखी थी आँखों पर नाईट विशंस थे ताकि आराम से उसे बिना लाइट के दिख सके …इसलिए मिरतिदूत को हवा तक नहीं लगी की उनका शाम से पीछा किया जा रहा ह ……रात को 12.30 बजे वो रजनी के घर पहुंचे तोह….

राज “आप फ्लैट जाकर पैकिंग कर लीजिये ..और सुभे मिलते ह हम “

मिरतिदूत “पर आप मास्टर अकेले “

राज “सेफ्टी चैम्बर ह अगर कुछ हुवा तोह मैं वंहा चला जाऊंगा ok”

मिरतिदूत “जी मास्टर इतना कह वो चला गया

राज रजनी की तरफ पलटा तोह रजनी ने उसका हाथ पकड़ा और उसे बाथरूम मई नहाने को घुसा दिया और खुद अपने रूम वाले बाथरूम मई नहाने चली गयी …राज नहाकर बहार आया तोह एक कुरता पेजमा रखा हुवा था और पास मई एक चित राखी thi…for माय hubby….raj ने चित पढ़ी तोह मुस्कुराने laga…aur कुरता पजामा पहनलिया….

वंही बाथरूम मई रजनी अपने हर अंग को अचे से साफ़ कर रही थी …और आगे जो होने वाला ह उसे सोच सोच कर हे शर्मा hi thi…..kuch दिएर बाद एक टॉवल मई वो बहार आयी और बीएड पर रखे हुवे दुल्हन के जोड़े को पहन कर तैयार होने लगी……..

वंही राज रूम मई तैयार होकर …शिवानी को कॉल किया “कुछ पता लगा मां या अपूर्व का”

शिवानी नहीं यार दोनों जगह कुछ पॉजिटिव ग्रोथ नहीं हुवी ह

राज ड्राइविंग की आवाज सुनकर “आप रात को अकेला मत घुमा करिये कितनी बार कहा ह आपसे आप जिद क्यों करती ह”

शिवानी “मेरी लाइफ मई ह हे कौन एक जीजा ह जो साली को प्यार नहीं करता ह और एक दीदी ह जो अपने होने वाले पति के साथ कुछ कर नहीं पति ह और बाकि अभी जो नयी बहने बानी ह वो अभी पढ़ रही ह”

राज झुंझलाकर “मैं सब करूँगा जो आप चाहेंगी पर प्लीज आज के बाद आप अकेली नहीं घूमेंगी प्रॉमिस कीजिये”

शिवानी जल्दी से बाइक को साइड मई रोका और ख़ुशी से बोली “वडा न पका पलटोगे तोह …”

राज “वडा ह नहीं पलटूँगा”

शिवानी “ok प्रॉमिस उमंमाहहहहह ूउम्म्माःह्ह्ह अब नहीं घूमूंगी akeli…tour से एते हे मुझे बहुत सारा आधी घरवाली वाला प्यार चाहिए ह”

राज झुंझलाकर “ok जो आप कहोगी वो करूँगा जो आप चोगी वो दूंगा पर अभी आप जल्दी घर जाईये और गन हमेशा साथ रखिये”

शिवानी “ok डार्लिंग अब रखो मैं अकेली हु मुझे दर लग रहा ह घर जाना …किसी ने रपे कर दिया तोह मेरे जीजा को क्या मू दिखाउंगी bye”

राज ने कॉल कट होते हे अपने सर पर हाथमार लिया “ये भी न हर टाइम मस्ती सूझती ह इन्हे”

पर जैसे हे शिवानी ने कॉल कट किया और बाइक स्टार्ट करने को हुवी एक कार ने उसे पीछे से टक्कर मरी ..जिसे वो कई फ़ीट दूर जाकर गिरी और कुछ पल उसकी आँखों के आगे अँधेरा सा चा गया और जब वो होश मई आयी तब तक देर हो चुकी थी …उसने कमर पर गन निकलने जे लिए हाथ डाला तोह गुंजायब थी…

तभी एक आवाज ayi“Ab दिएर हो चुकी ह Acp.maidam “ इतना कह एक वार उसकी गर्दन पर हुवा और वो बेहोश हो गयी और …वो दोनों जाने उसे उठाकर ले गए उसका मोबाइल उसकी चैन लॉकेट कुछ भी जिसपर भी डाउट था सब वंही फेंक दिया ….इतनी बड़ी घंटा से अनजान राज जो श्रुती ाजू सबसे स्टेटस चेक कर चूका था उसे मैसेज आया बैडरूम मई ao……raj उठकर बीएड रूम मई पंहुचा तोह एक पल तोह उसे लगा जैसे मधु हे सामने बैठी ह …घूँघट डालकर …वो मुस्कुरा उठा क्योकि हर मर्द की एक सुहागरात होती ह पर यंहा उसकी दूसरी सुहागरात थी….

राज “बिजलिया तोह यू ही बदनाम h…duniya मई असली झटका तोह हुसैन की मालिकाये देती ह अपने हुसैन की अदाए गिराकर”

राज की तरफ से अपनी तारीफ सुनकर घूँघट मई हे रजनी मुस्कुरा uthi…raj भी बीएड पर उसके सामने बैठ गया …और धीरे धीरे हे अपने गाठो से उसका घूंघट पकड़कर ऊपर कर दिया …हलके मेकअप ..रेड लिपस्टिक और गुलाब की खुसबू मई …रजनी बेहद खूबसूरत लग रही thiii…raj भी कुछ पल उसे देखता हे रह गया …उसने अपने हाथ से रजनी के चेहरे को ऊपर किया तोह रजनी ने अपनी आंखे खोलकर राज को देखा

राज “बेहद खूबसूरत हो आप आज वो चाँद आपकी खूबसूरती देख ले तोह कंही जाकर चिप jaye….sach मई आप दुल्हन के रूप मई बहुत बहुत सुन्दर लग रही हो….”

रजनी ने अपने होठो पर मुस्कराहट बिखेरी तोह ..

राज “राज मेरे पास आपको मू दिखाई देने के लिए कुछ भी नहीं ह”

रजनी “ एक वडा”.

राज “मेरे बस मई ह तोह पूरा करूँगा “

रजनी ने है मई गर्दन हिला दी…

रा “फिर किया वडा”

रजनी “आज की पूरी रात बेइंतिहा टूट कर मुझे प्यार करो और ….फुटरे मई …अपने पेट पर हाथ रखकर …ये जिंदगी आपकी दी हुवी ह तोह मैं चाहती हु मुझसे जो नयी जिंदगी इस दुनिया मई ए वो आपका अंश हो ताकि वो भी आपकी तरह औरतो की इज़्ज़त करे उनकी रक्षा करे”

रजनी की बात राज के दिल को छू गयी और उसने तुरंत उसे गले लगा लिया …ये दूसरी बार था जब उसे किसी ने ये महसूस कार्य की वो एक स्त्री के लिए उसका सबकुछ ह………

राज मैं वडा पूरा करूँगा …और आज की रात सिर्फ आपको बेपनाह प्यार दूंगा …राज रजनी को बांहो मई लेकर बिस्तर पर लेट गया …दोनों अपने प्यार के आगोश मई डूबने लगे ….पल दर pal…dono के जिस्म से कपड़ो की हर छोटी सी छोटी परत हैट टी gayiii…aur कमरे मई कुछ पल बाद हे सिर्फ रजनी की प्यार और वासना मई चूर मादक सिसकिया आने लगी और उसकी योनि राज के प्यार के लिए भड़क uthi….aur जब उसे अपनी योनि पर राज का वो अहसास मिला तोह उसने अपनी आंखे आगे के दर्द और प्यार के अहसास के लिए बंद कर्ली …राज ने भी अपने फौलादी जिस्म के निचे रजनी को पूरी तरह धक् लिया और उसके होठो को पूरी तरह अपने होठो की गिरफत मई ले liya….kuch पल बाद एक के बाद एक घुटी घुटी सी कई चीक निकली ….और कुंवारी योनि से रास और खून बाह nikla…..par कुछ दिएर बाद वो घुटी घुटी चीक बेहद तेज़ मादक सीसिसकियो मई बदल गयी…

रात के 2,3,4,5 बजे तक सिसकियों और थप थप की आवाज कमरे मई गूंजती रही ….

जंहा ये दोनों प्यार मई डूबे हुवे थे तोह कोई था जो इनकी ये सिसकारियों और आवाजों को सून रहा था और जब सुभे की लालिमा फैली तोह वो चुप चाप वंहा से निकल गया ….और राज रजनी के ऊपर लेता हुवा था और रजनी उलटी बिस्तर पर लेती हुवी थी …और उसकी योनि मई अभी राज का लिंग गुसा हुवा था ….राज जैसे हे खड़ा हुवा और उसका लिंग जो थोड़ा सिकुड़ गया tha..yoni से बहार आया …पुककक की आवाज हुवी जिसे सून रजनी बुरी तरह शर्मा गयी तोह राज मुस्कुरा उठा …….

राज “लगता ह अभी तक मन नहीं भरा ह इसका”

रजनी “बेशरम”

राज “ ाचा मैं बेशरम और वो जो रात भर जोर से सिसकिया लेते हुवे और जोर से …और जोर से …बस ऐसे हे …कह रहा था वो”

रजनी जल्दी से “चुप चुप चुप बेशरम कंही के “


पर जल्द हे उसे महसूस हुवा की वो अभी भी नंगी हे बीएड पर उलटी लेती हुवी ह तोह वो जल्दी से मूड गयी और चादर ऊपर खींचने लगी तोह राज ने चादर ओढ़ने नहीं डीई.

रजनी हैरानी से उसे देखने लगी


राज “रात को दर्द की गोलिया ली थी अपने …इसलिए सब सह गयी पर अब नहीं सह पाओगी... टाइम हो रहा ह मैंने नास्ता मंगवा लिया और लंच भी दोपहर को गरम करके खा लेना और कम्पलीट रेस्ट करना 2 दिन ok जीई फ़िलहाल नहला देता हु और निचे क्रीम लगा देता हु ताकि जलन नहीं हो..”

रजनी ने हां मई गर्दन हिला दी

राजने ने तब मई हल्का हूँ घूना पानी कर दिया ताकि योनि पर सिकाई हो जाये पर बाथ रूम मई जाते हे पानी मई दोनों गरम हो गए और प्यार का एक बेहद कामुक सिसकियों से भरा हुवा मिलान सुरु हो गया जिसमे रजनी ने 30 मिनट के मिलान मई 2 बार चरम सुख अलग अलग पोजीशन मई प्राप्त किया और राज की बांहो मई हे पानी मई लेट गयी .फिर राज ने योनि पर क्रीम लगायी जो रजनी पहले हे ले आयी थी रात भर मई वो बुरी तरह सूज गयी थी …फिर मिर्त्युदूत के आने पर दोनों ने नास्ता किया और प्यार से रजनी को काफी दिएर गलेलगाकर कॉलेज के लिए निकल गया …इस बात से अनजान की अगले दो दिनों मई उसकी पूरी जिंदगी बदल जाने वाली thiii………raj के निकलते हे कुछ दिएर बाद हे रजनी जो बीएड पर लेती हुवी थी उसे कुछ महसूस हुवा उसने आंखे खोली तोह उसके सामने दो जाने खड़े the…unmai से एक ने स्प्रे छिड़का जिसे रजनी तुरंत बेहोश हो और वो दोनों उसे उठाकर ले गए…


6क वर्ड्स का अपडेट दिया ह डिले की वजह से ….अब दो अपडेट शामे ऐसे हे ाएंग
 
अपडेट लेट नाईट 12 बजे से पहले या 12 बजे तक ayega...bada अपडेट ह काम जारी ह
 
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