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बेगिनिंग ऑफ़ डिस्ट्रक्शन
part 1…
सिमरन ऐड शूट पर जाने के लिए रेडी हो रही थी तभी उसे मैसेज aya….jisai उसने ओपन किया तोह उसमे लिखा था “मम अर्जेंट न्यूज़ ह मोबाइल पर नहीं बता सकता हु मेरी जान को खतरा ह आप नाईट मई इस एड्रेस पर आजाना.. सिमरन मैसेज पढ़कर चौंक गयी और एड्रेस देखने पर उसे पता लगा ये एक शिपिंग यार्ड का एड्रेस ह जंहा पर उसे उसी बार अटेंडर से मिलने रात को जाना ह पर अर्जेंट न्यूज़ के नाम से हे उसका दिल बैचैन होने लगा था की ऐसी क्या न्यूज़ होगी जिसके लिए उसने खुद मिलने बुलाया ह …उसने अपने सारा सचदुले आज का कैंसिल कर दिया और रात होने का वेट करने लगी जब उसे उस बार अटेंडर से मिलना tha…..taki उसे वो जरुरी इनफार्मेशन मिल sake..aur राज को बता सके ताकि आगे होने वाले किसी भी इन्सिडेंट्स से बचा जा sake…uske मन मई यही चल रहा था की राज को अभी कॉल करू या नहीं …पर आखिर मई दिमाग की जगह दिल ने हे कहा इसी बहाने आवाज तोह सून लेगी कॉल करले …और उसने कॉल लगा लिया पर आज सायद उसकी किस्मत ख़राब थी… कॉल की रिंग जाती रही और कुछ पल बाद हे सिमरन को दूसरी तरफ से एक मीठी सी आवाज सुनायी दी… “Hello”
सिमरन “hello मुझे राज से बात करनी ह”
सामने से “आप कौन”
सिमरन “मैं उनकी फ्रेंड सिमरन”
सामने से कुछ पल कोई आवाज नहीं फिर दुबारा से आवाज आयी… “वो अभी सो रहे ह मैं उठते हे उनको इन्फॉर्म कर दूंगी की आपका कॉल आया था “
सिमरन “…सो रहे ह ….ये कैसे मुमकिन ह वो तोह कभी सोते हे नहीं इस वक़्त …आप जोके कर रही ह उन्हें कॉल दीजिये”
इस बार सामने से सिमरन को एक नाराजगी भरी टोन सुनाई दी “जोके करने के लिए आप मेरी फ्रेंड नहीं h…jab उनका मतलब राज जी का कॉल ए तोह खुद हे पूछ लेना की जोके मार रही थी या पत्थर” इतना कह उसने कॉल कट कर diya…toh दूसरी तरफ सिमरन हैरान होकर खुद से हे बोली “बहुत गुसैल लड़की ह …पर राज का कॉल तोह कोई और उठता हे नहीं ह और आज पहली बार राज की जगह किसी और ने उठाया तोह क्या वो कविता थी ….नहीं अगर कविता होती तोह ऐसे बात नहीं करती ये …चुड़ैल कौन आगयी जो राज के करीब जाने की कोसिस कर रही ह ….” सिमरन के तन बदन मई आग लग गयी ….सिमरन ने उस इंसिडेंट के बाद बहुत से नेचुरल और साइंटिफिक ट्रीटमेंट करवा कर अपनी बॉडी को पर्फेक्ट्ली वेल मेन्टेन कर लिया tha…aur अब वो पहले से जायदा सुन्दर हो गयी थी इसलिए उसे पूरा ट्रस्ट था की वो राज के करीब आहे जाएगीइ….
इधर कॉल कट करने के बाद …पूनम गुसाई से जल रही थी क्योकि …बस मई बड़ी मुश्किल से अनु कविता और मनीषा की मदद से वो राज के साथ बैठ पायी थी और ये जनाब एते हे सो गए थे और इस वक़्त भी वो गहरी नींद मई पूनम के कंधे पर सर टिका कर आराम से सो रहे the….isliye वो पहले हे उखड़ी हुवी थी …और ऊपर से सिमरन के हक़ जताने वाले स्टाइल से वो और उखड गयी thiii…aur पास की सीट्स पर बैठी हुवी तीनो उसे गुसाई मई देख और छेद रही थी……
पूनम मन मई “हे भगवन क्या चाहते ह ये इतनी हीमत कर इन्हे दिल की बात बताई और ये जनाब ह की आराम से सो रहे h….inhe बिलकुल भी समाज नहीं अत ह क्या की एक लड़की साडी मान मर्यादा भूलकर इनके पास बैठी ह पर ये ह की पतझड़ के मौसम की तरह सुस्त होकर सो रहे ह“
तोह वंही आगे बैठा …अपूर्व तीनो बसेस मई से राज की हे बस मई हे जान भुजकर बैठा हुवा था …और मोबाइल मई टाइप करता जा रहा था …और एक नज़र सामने लगे मिरर से पीछे खासकर राज को देखे जा रहा tha….usne आँखों पर ब्लैक सनग्लासेस पहन रखे थे ताकि राज पूनम को पता न लगे की उसकी नज़र ह दोनों पर aur…uske चेहरे पर इस वक़्त राज को सोता देख बेहद खतरनाक मुस्कान thi….aur मन हे मन बोलै ..सोले बीटा सोले पर जो तू सोच रहा ह वो कभी नहीं होगा “ अपूर्व सिंह की निगरानी karwayega….aur सोचेगा पता नहीं lagega….shadow बनकर सिर्फ तेरे गॉर्डस हे तेरी सेफ्टी रखते ह …तोह मेरे गॉर्डस मेरी सेफ्टी नहीं रखेंगे ….तेरे प्यार जिसके साथ तू रात भर रात रंगीन करके आया h…teri ैप षिविनि जो मेरे भाई को मरने मई इन्वॉल्व थी वो दोनों इस वक़्त किसी पंख कटी हुवी मुर्गी की तरह मेरे पिंजरे मई फाड् फाड़ा रही होंगी काटने से pahle….aur कौन था हां वो हल्क जैसा अभय वो …और तीन और थे न श्रुती ..अज्जू abhay….abhi तोह ये भी जायेंगे और खासकर जिसकी वजह से सुरु हुवा तेरी वो Deepika…Tadap बहुत दर्द देती ह जैसे मेरे भाई की मौत ने मुझे तड़पाया ह मैं भी तुझे तेरे हे तरीके से छिपकर दर्द दूंगा बस …देखता जा ….और तेरे मरने के बाद तेरा खंडन तेरी याद मई ऐसे हे मर jayega…..just वेट एंड वाच फॉर माय रिवेंज मर nirwana….maut का ऐसा तमाशा दिखाऊंगा की हर रोज सपने मई तुझे ये मंजर दिखेगा …डेथ हेलो की भयानक सोच से परे की वो कितना खतरनाक प्लान बना चूका ह इस वक़्त राज जो गहरी नींद मई था वो सपने मई किसी और हे दुनिया मई था….. उसे उसके माँ पापा दिखाई दिए जो किसी जेल जैसी जगह मई बंद थे …उसके पापा को झांझीरो से बांध कर रखा हुवा था …उनके बाल धड़ी बड़ी बड़ी हो राखी थी राज सपने मई हे उनके करीब गया toh…janjeero से बंधे हुवे सहदेव को कुछ ाहसुस हुवा और उसने अपने आसपास देखा पर उन्हें कुछ दिखाई नहीं …. तोह वो बोले …राज क्या ये तुम हो ….सामने खड़े राज की आंखे आंसुओ से भीग गयी और वो बोलै है ये मैं हु पापा …पर सहदेव को उनकी कोई बात सुनाई नहीं डीई ..तभी एक हंटर सहदेव की पीठ पर पड़ा और उनकी चीक निकल गयी ये देख राज दर्द से तड़फड़ा उठा और खुद के सामने अपने पापा को हंटर पड़ते देख बेबस महसूस करने लगा और दर्द और तड़प की वजह से तुरंत उसकी आंखे खुल gayi……apne चेरे पर किसी का हाथ देख वो झटके से सीट से खड़ा हो गया और उसके ऐसा करने से पूनम भी घबरा गयी…
राज ने आसपास की जगह को देखा तोह महसूस किया की वो सपने मई वो सब देख रहा था तोह नार्मल होकर पूनम के पास बैठ गया …पूनम ने भी पानी की बोतल राज को दी …राज एक हे साँस मई आधी बोतल पानी की खली कर कर गया ..
पूनम “मुझसे इतना दर लगता ह आपको”
राज हड़बड़ाकर “वो मैं सपना”
पूनम जल्दी से “तोह अब मैं सपने मई डरती हु आपको “
राज जल्दी se“na न नं नाहीइ ..फिर खुद को नार्मल कर मज़ाक मई बोलै आप तोह अपनी आँखों से हे डरा देती हो सपने की तोह फिर बात हे अलग h…pata नहीं था आपको गुस्सा अत ह ….वो भी इतना इतना इतना जायदा ….”
पूनम एक पल तोह हक्की बक्की रह गयी फिर राज के हे लहजे मई boli“galti करोगे तोह दन्त तोह पड़ेगी हे na….isliye सोच समाज कर हे दोस्ती करनी चाहिए थी न …और वैसे भी मैंने भी वो गंदे वाले राज जी से थोड़ी na…itna कह वो चुप हो गयी “
राज तुरंत पूनम की तरफ मूड गया और बोलै “ क्या थोड़ी न …और वैसे भी मैं तोह ऐसा हे हु “
पूनम “तोह मैं भी सुधारना जानती हु ….और याद रखना हम से तोह भगवन भी नहीं जीत पाए तोह आप क्या किस खेत की मूली ho….daru और सिगरेट या कोई भी नशा करते मुझे दिखे तोह …सोच लेना ..”
राज “क्या करोगी”
ये पूनम के चेहरे पर कातिलाना मुस्कान आगयी और वो मुस्कुराते हुवे बोली “ मैंने सुना ह दादाजी से बड़ा दर लगता ह apko….nahi नहीं दिव्या माँ को ड्रिंक से और खासकर सिगरेट से तोह शाक्त नफरत ह और आप तोह उनके लड़के बेटे हो तोह सोचकर हे मज़ा ारः ह क्या दुनायी होगी apki….are नहीं नहीं मैं उन्हें कैसे भूल gayi…sonali डीई उन्हें तोह आपकी सिगरेट का पता हे नाहीइ …क्या हो उन्हें पता लग जाये तोह फिर राज के कान के पास आकर …आपकी भाभी को सिगरेट पिने वाले बिलकुल भी पसंद नहीं ह… बहुत शाक्त नफरत करती ह मुझे कई बार कहा ह उन्होंने और वो तोह सीना थोक कर बोलती ह मेरा राज तोह इतना ाचा ह ड्रिंक भी कभी कभी हे करता ह वो भी जिद पर …बेचस्री वहाँ मई जी रही ह”
राज अपनी आंखे फाडे पूनम को देखने लगा …पूनम ने अपने बालो को हाथ से झटका और दोनों उंगलियों एक दूसरे से हिलाते हुवे बोली …सुधारना तोह मुझे अत ह लास्ट वार्निंग ह आपके लिए samjhe…apko सबकुछ मन ह …फिर सॉफ्ट टोन मई और वैसे भी छोड़ने के लिए तोह नहीं कहा बस लिमिट मई रहने के लिए हे कहा ह न क्या मेरे लिए इतना भी नहीं कर सकते ह ap…ye कहते हुवे उसने बड़ा मासूम से चेहरा बनाकर अपनी प्यारी सी मुस्कान मई राज से कहा तोह …राज बस पूनम को देखता हे रहा गया….
पूनम “चलो जल्दी से है बोलो …आपको पता ह न हम लड़कियों को न सुनने की आदत नहीं होती ह ..और फिर भी कोई न कहते तोह हम हमारा ब्रमाश्त्र यानि आंसुओ का इस्तेमाल कर देती ह …अब आप ये तोह बिल्किल नहीं चाहेंगी की मैं रो दू… आपके सामने ”
राज अभी भी पूनम को एक तक देखे जा रहा tha…aur पूनम की लास्ट की बात सून अपने माथे पर हाथ मार लिया और धीरे से बोलै “हे भगवन पूनम जी आप कविता अनु से दूर रहा करो उन्होंने आपको क्या से क्या बना दिया ह गुसाई तक तोह तीख था आपको ब्लैकमेल करना भी सीखा दिया दोनों ne…phir गहरी साँस chodkar…acha तीख ह वडा ह सिर्फ लिमिट मई और सिगरेट कभी नहीं पियूँगा अब तोह रहम कार्डो मुज पर ”
पूनम खुसी से “थैंक यू थैंक यू जाओ बचा सदा खुस रहो तथास्थूण”
राज “क्या ये सब इसीलिए ह क्योकि आप मुझे प्यार करती हो”
पूनम “ाचा अगर मैं ये सब प्यार की वजह से करू तोह क्या आपको ाचा लगेगा …जब की आप मुझे अपना दोस्त समझते ह ….नहीं लगेगा न ाचा तोह आप खुद हे सोचिये एक लड़की कभी नहीं चाहेगी न उसका प्यार गलत आदतों मई पड़े ….मन मैं ट्रेडिशनल संस्कारो वाली ओल्ड सोच वाली लड़की hu…par …आपको …वैसे नहीं देख सकती हु आप चाहे कुछ भी समझे एक लड़की जिसे अपना सब मानती ह उसका साथ मरते दम तक निभः“
राज सीरियस होकर “मेरी मौत कभी भी हो सकती ह …एक घंटा या एक पल कभी भी …ये आप अचे से जानती हो …फिर क्यों ऐसे लड़के के साथ आप अपने सपने देखना चाहती ह जो आपको न वॉट दे payega…aur न कभी खुशिया …और खुशिया भी तब देगा जब वो जिन्दा होगा …यंहा तोह पता हे नहीं जिंदगी का….. फिर पूनम का हाथ अपने हाथ मई लेकर पूनम जी आप बहुत अछि लड़की ह …और मैं आपको आपकी जिंदगी मई हमेशा खुस देखना चाहता हु …न की dhukhi….abhi आपके जीवन मई आगे बहुत खुसिया आने वाली ह पर मैं उन्हें देखने के लिए जिन्दा होऊंगा या नहीं ये भी मुझे नहीं पता ह…”
पूनम जिसकी आंखे भीग चुकी थी “वो भीगती आँखों से हे राज को देखकर बोली…. “सुहागन बनूँगी तोह apki..aur विधवा बनूँगी तोह आपकी…” इतना कह वो बहार की तरफ देखने lagii….Raj पूनम का ताका सा जवाब सुन कर हैरान रह गया तोह कविता और अनु कड़ी होकर राज के पास गयी और खड़े होकर जाने को कहा क्योकि मनीषा ने देख लिया था की दोनों की बाते सीरियस हो रही ह और पूनम रो रही ह …राज उठकर मनीषा के पास आकर बैठा तोह मनीषा बोली “वो तुमसे कब से प्यार करती ह उसने तुम्हे बता दिया होगा ह न …और उसके प्यार की हद देखो राज की वो हर दवा मई तुम्हारी ख़ुशी की जगह तुम्हारे सरे ढक खुद के हीसाई मांगती h…wo बहुत सिंपल लड़की ह राज जब से तुमसे उसे प्यार हुवा h….uski दुनिया बस तुम्हारे इर्द गिर्द घूमती h….jab तुम घायल होकर ए तोह मंदिर और बस तुम्हारे आगे दिन रात बैठी रही जब तक तुम्हे होश नहीं आया उसके आंसू थमाई हे nahi……tum क्या सोचते हो …तुम्हारे बारे मई कुछ पता नहीं ह उसे …सोनाली मम तुम्हे प्यार करती ह उसे सब पता ह और उसे ये भी अंदाज़ा ह …और ये बात उसे पहले पता होती की सोनाली दी तुम्हे इतना जायदा प्यार करती ह तोह वो खुद पीछे हैट जाती पर जब तक उसे पता लगा वो तुम्हे अपना सब कुछ मान चुकी thi…raat को तुम्हारे रूम मई ana…tumhare सोने के बाद से लेकर जागने से तीख पहले अपने रूम मई चले जाना इवन तुम्हारे कपडे भी खुद उसने अपने हाथो से धोये ह जब तुम बीएड रेस्ट पर थे और जब भी तुम उसके पास rahe…tumhara ब्रेकफास्ट से लेकर डिनर तक सबकुछ उसने तैयार किया तुम्हे क्या पसंद ह क्या नहीं एक एक चीज एक एक बात वो हमसे पूछती ह इवन किसी गैर मर्द से भी उसने बात करि तोह यही जानने के लिए करि की एक सिंपल लड़के को कैसे ड्रेसेस पसंद h….aur जरा ये सोचो की कैसा फील होता होगा उसे की अभी अभी बानी उसकी बड़ी बहन हे उसके प्यार को जान से जायदा प्यार करती ह ….और कैसे खुदको समझती होगी की जब ऋचा को पता लगेगा की पूनम भी राज को चाहती h…richa तोह उसके लिए यही समझेगी न की अपनी हे बहन का घर लूट लिया… कितनी हे बार कहा उसने मुझसे की मैं मर jaungi…manisha राज के बिना …पर मैं उसे समझती रही की कोई न कोई रास्ता निकल जाएगा तू बस हीमत मत harna….aur बस इसी एक उम्मीद मई वो जिन्दा ह की एक दिन तुम उसके ोयर एक्सेप्ट karoge…..usai तुमसे कुछ नहीं चाहिए तुम्हारी चाहे एक शादी हो या हज़ार उसे कोई शिकायत नहीं ह वो बस थोड़ा सा बस थोड़ा सा… प्यार और साथ चाहती तुम्हारा …मैंने इतनी लड़किया देखि पर ये लड़की …ये अलग ह …इसकी नस नस तुम बेस हो तुम्हारे पास होते हे ये चहक उठती ह …… मनीषा की इतनी बाते सून राज बुरी तरह हैरान परेशां और गहरी सोच मई पढ़ gaya….usai समजनाही ारः था की वो क्या करे ..
मनीषा “इतना मत सोचो मुझे पता ह तुम अभी दीपिका दी के रिश्ते लेकर परेशां हो “
राज “एक तक मनीषा को देखकर ..आपको पता था”
मनीषा “है मुझे पता था …पर मैंने तुम्हे जानभूझकर नहीं बताया ताकि तुम एमोशनालय भी स्ट्रांग बनो …”
राज अब कुछ नहीं बोलै और बस चुप चाप सामने की तरफ देखने laga….tab मनीषा ने उसे गले लगा लिया क्योकि वो बखूबी समाज सकती थी की राज की हालत क्या ह इस वक़्त….
पर सबसे आगे बैठा अपूर्व सिंह सब देख रहा था और उसके चेहरे पर कोई एक्सप्रेशन नहीं थे …
तोह wanhi….Banglore मई…
सोनाली “12 घंटे बिट चुके ह सुन्दर”
सुन्दर भी हैरान था पर वो बोलै मम “48 हॉर्स मांगे ह आप ट्रस्ट कीजिये मिल जायेगा वो “
सोनाली “मुझे पूरा यकीं ह वो बंगलोरे मई ह और जिस हिसाब से उसका घर ह वो साला जरूर किस दारू की दूकान पर या किसी बार मई पड़ा होगा …तुम गाड़ी निकालो मैं खुद ढूंढूंगी उसे …”
सुन्दर कुछ बोलता इससे पहले हे सोनाली बहार निकल गयी
पीछे खड़े सुन्दर ने तुरंत हवालदार को बोलेरो निकलने का आर्डर दिया और खुद सोनाली की तरफ चल दिया…. कुछ दिएर बाद हे सोनाली सुन्दर के साथ लोकल दारू की दुकान और छोटे मोठे बार को चेक कर रही थी …वो इस वक़्त सिविल ड्रेस मई thi…aur एक बार मई घुसी तोह …कुछ चूतिये जिनके चूल मची हुवी रहती ह उड़ता लेने की वो भड़की हुवी शेरनी के पास आशिकी लड़ने आ हे गए …..
“अरे मेरे साथ पीना जानेमन सारा खर्चा मेरा होगा”
“दूसरा जाना …इस बार की सबसे महंगी जगह मेरी बुक ह”
सोनाली जो भड़की हुवी थी उसने दोनों हाथो से दोनों की निचे की गोटिया पकड़ ली और कसकर मसल दी और बोली …अब एक छू भी निकली तोह ऐसा मरूंगी की दोनों गोटिया मू से बहार आजाएंगी …भगगगग यंहा से ….अब वो भागते क्या बेचारे निचे गिर गए अपनी गोटिया पकड़के कसमसाने लगे …और कुछ अंदर से उठकर ए तोह सोनाली ने शर्ट को कमर से थोड़ा ऊपर कर दिया जंहा उनसबको गन दीखते हे सब चुप चाप बैठ गए …
सुन्दर बार के ऑफिस से बहार आया और दो को निचे लेते बिलबिलाते देखा तोह सब समाज गया और बोलै “मम यंहा नहीं ह चलिए हम दूसरी जगह चेक करते ह “
सोनाली भी तुरंत वंहा से निकल गयी सुन्दर के sath…tabhi बिच रस्ते मई सुन्दर को कॉल आया …और सुन्दर तुरंत बोलै “मम मरी को एक बार मई किसी ने पहचाना ह वो बोल रहा ह उसने उसको देख ह”
सोनाली तेज़ी से “मूव सुन्दर फ़ास्ट fast…i वांट मरी अन्य हाउ “
सुन्दर के कहते हे हवलदासर ने भी तुरंत ु टर्न मारा पुलिस की बोलेरो तेज़ी से साउंड करती हुवी उस बार की तरफ भगा दी..….
सोनाली “सुन्दर उतारते टीम के साथ सरे एक्सिस्ट्स ब्लॉक कर देना…
सुन्दर यस मम …बोलेरो के बार के पास पहुंचते हे…
सोनाली “ये साला भादवा इस महंगे बार मई क्या कर रहा ह”
सुन्दर “अंदर चलके देखते ह मम”
सोनाली ने है मई गर्दन हिला डीई…
पर बार मई घुसने से पहले हे बहार खड़े एक बाउंसर ने उन्हें रोक दिया जिसे देख सोनाली का चेहरा बदलने लगा …सुन्दर ने ये देखा तोह उसने अपना कार्ड दिखाया तब बाउंसर…
“पहले मुझे अंदर से परमिशन लेने दो”…. अभी उसने इतना हे कहा था की दो गोलियों की आवाज हुवी और दोनों बाउंसर अपनी तंग पकड़कर जमीन मई दर्द से तड़प रहे थे…
सोनाली “अब जब भी पुलिस का नाम सुने तोह तुरंत हैट जाना वर्ण ….इतना कह सोनाली ने उसके मू पर खींचकर किक जड़ दी जिसकी वजह से आप उसकी नाक से भी खून बहने लगा था”
सुन्दर मन मई “ये तोह बिना वार्निंग भी गोली चला देती ह”
सोनाली को आगे जाता देख वो भी अपने ख्याल से बहार आया और सोनाली के पीछे हे अंदर घुस गया….
अंदर का महल दिन मई भी रात जैसा था बीट्स और बास की वाइब्स से लड़के लड़किया सब थिरक रहे थे .. सोनाली “हद हो गयी ह इन लड़के लड़कियों के आगे तोह …ये कपडे भी क्यों पहनती ह …नंगी हे घूमे …सब तोह दिख रहा ह …समाज से बहार ह छिपा क्या रही ह”
सुन्दर “मम उस तरफ”
और फिर सोनाली को लेकर एक प्राइवेट रूम की तरफ आगया …जंहा का उसे नंबर दिया गया था रूम ओपन करते हे अंदर …5 जाने पार्टी करते नज़र ए …और सुन्दर को वर्दी मई देख कर भी कोई रिएक्शन नहीं दिया जैसे ये सब नार्मल हे हो उनके लिए …..जब किसी को रियेक्ट करता नहीं देखा तोह सुन्दर ने हे पूछा
सुन्दर “मरी के लिए कॉल किसने किया था ..
उनमे से एक बोलै पहले रोकड़ा…
सुन्दर “तुम इनफार्मेशन दो कन्फर्म होने पर रोकड़ा भी मिल जायेगा …पुलिस वाले ह धोखा नहीं देंगे”
उनमे से अब दूसरा कार्ड खेलते हुवे बोलै “कुत्ता पालो बिल्ली पालो शेर भी पालो पर पुलिस वालो का विस्वास बिलकुल भी नहीं ह इतना कहते हे उसके साथ के सब हंस पड़े”
सुन्दर ने सोनाली की तरफ देखा तोह वो उसे देखते हे समाज गया क्या क्या होने वाला ह उस ने क्रिस्चियन स्टाइल मई ऊपर वाले से रहम की दुआ मांगी…
सोनाली “सुन्दर तुम्हे जिस नंबर से कॉल आया था उस नंबर पर रिंग करो”
सुन्दर “यस मम”
बैठो हुवो मई से एक “ अरे maidam…maidam तोह बहुत कड़क h…marengi हमे …बिना प्रूफ बिना गलती कैसे मरेंगीए हमे बिना गलती पुलिस कुछ नहीं कर सकती ह सबूत चाहिए होता ह इतना कानून तोह अपुन भी जनता ह“ तभी बिच मई रखा मोबाइल रिंग हुवा ..
सोनाली “आखिरी बार पुचुन्गुनगी ये मोबाइल किसका ह”
सरे एक एक करके अपुन का ह अपुन का ह और दुबारा हसने लगे ..
अब सोनाली की बर्दास्त से बहार था उसने अपने आगे बैठे शख्स के बाल पकडे और पूरी ताकत से उसका सर टेबल पर भिड़ा diya…abhi वो कुछ और समझते उससे पहले हे दुबारा से सोनाली ने उसका सर भिड़ा दिया और लगातार भिड़ा टी gayiii…baki बैठे उसके साथियो ने ये देखा तोह वो सब बचने के लिए खड़े हो गए पर उन्हें क्या पता था की आज वो जिसका सामना कर रहे ह वो आल इंडिया पुलिस डिपार्टमेंट की सब्बसे खूंखार और बेरहम ऑफिसर्स मई से एक h…sonali ने टेबल पर पड़ी बोतल उठा ली और …एक एक सर पर फोड़ thiii….aur बोतल के सर पर फुट ते हे वो चीक पड़ा पर सोनाली को कान्हा उसके दर्दकी परवा थिई उसने टूटी हुवी बोतल को अब बचे हुवो के हाथ और पैरो पर घोपने सुरु कर दिया …सुन्दर बेचारा तीख से समाज भी नहीं पाया था तब तक सोनाली सबको जमीनपर लेता चुकी थी
सोनाली “किसका ह ये मोबाइल”
निचे पड़े हुवे सबने एक की तरफ ईशर किया जो सोनाली के पैरो के पास हे पड़ा था और ये वही था जिसे सबसे पहले बोतल सर पर मरी थी….
सोनाली “तेरे पिछवाड़े मई बहुत खुजली ह इतना कहते हे सुन्दर को देखा”
सुन्दर “मम मम शांत हो जाईये पहले पूछ तोह लीजिये मरी कान्हा h…aur तू चूतिये बोलेगा या नहीं या और मार कहानी ह…
वो आदमी जल्दी से “ मैडम उसे एक हफ्ते पहले यही देखा था कुछ लोगो के साथ आया था उसके बाद से नहीं दिखा ह आप कक्तव चेक करलो आपको पता चल jayega…hume छोड़ dijiye…hume इनाम भी नहीं चाहिए ह अब…”
सोनाली “इनाम तोह बीटा मिलेगा तुझे और ऐसा इनाम दूंगी की तू सबसे पहले रोज पूरी जिन्दगीमुझे याद करेगा सुन्दर नंगा करो इसे और हिले तोह शूट कार्डो”
करीब 5 मिनट बाद एक दर्द नाक चीक गूंज गयी उस रूम mai….sonali और सुन्दर के जाने के बाद निचे पड़े हुवे बाकी अपने साथी को छीकते हुवे उसके पास सरकते हुवे पहुंचे तोह देखा उसके पिछवाड़े मई आधी बोतल घुसी हुवी thi….ye देख उनमे से एक बोलै… बनछोड़ बोलै था तेरे को पुलिस वाले से मस्करी मत करना पर नहीं आआह्ह्ह माँ ….पर नहीं माँ छुडवानी थी तुझे हे ईश्वर लड़की ह या ये क्या h….log तोह आगे से से पिटे ह तुझे तोह पीछे से पीला गयी ….”
ऊपर सोनाली ने कक्तव मई जा कर पिछले कुछ दिनों की फुटेज देखि तोह …उसे मरी मिल गया और उसकी आँखों मई चमक आगयी…
सोनाली “सुन्दर अब मुझे ये आदमी सूरज की पहली किरण के साथ मेरे सामने चाहिए ह”
सुन्दर “हो जायेगा मम चलिए और सुन्दर ने उस एरिया के सभी पुलिस स्टेशन मई मरी के साथ बैठे तीनो की डिटेल भी भेज डीई….”
जंहा अब सोनाली सुभे से दोपहर तक भागदौड करते हुवे मरी के करीब अति जा रही थी तोह वंही मुम्बई मई सुभे से कुछ खास हो रहा था…
दिल्ली की फ्लाइट से मुम्बई बिना राज मनीषा को इन्फॉर्म किये बिना पहुंचे राहुल और दीपिका आपस मई बात कर रहे थे….
राहुल “रिलैक्स यार सब तीख होगा अब तुम इतना नर्वस होवोगी तोह फिर कैसे बात करोगी राज se..aur वो तुमसे छोटा ह डरना उसे चाहिए ह दर तुम रही हो”
दीपिका “यार मुझे कुछ सही नहीं लग रहा ह एक तोह हम बिना बताये यंहा आगये ह …पता नहीं कैसे रियेक्ट करेगा वो “
राहुल “बता कर एते तोह सरप्राइज कैसे देते और अगर इतनी हे टेंशन ह तोह तुम्हारी भाभी मनीषा को साथ ले लो ….वो तुम्हारी हेल्प करदेंगी और तुम हे तोह कर रही थी राज उनकी बात नहीं टालता ह
दीपिका “है ये तीख रहेगा …चलो पहले उनके हे घर चलते ह वो साथ होंगी तोह मेरी हीमत भी बानी रहेगीइ वो”
दोनों डिसकस कर सीधे मनीषा के घर पहुंचे और गेट से आइडेंटिटी बता कर अंदर गए तोह सामने से उन्हें रइवे करने मनीषा की माँ आयी …
म माँ “औ बेटी …अचानक क्या बात ह सरप्राइज दिया ह”
दीपिका “आंटी वो भाभी”
म माँ “ओह्ह मतलब भाभी की याद आरही थी पर बीटा वो तोह आज सुभे हे टूर पर चली गयी फर्स्ट ईयर के सभी स्टूडेंट्स के साथ तुम दोनों बैठो मैं कॉफ़ी लती हु”
ये सुनते हे मनो दीपिका को बड़ा धक्का सा लगा …
म माँ सोफे पर बैठी हुवी दीपिका और राहुल को çोफ्फी देते हुवे “अब वो सब एक वीक बाद आएंगे …और तुम दोनों को इंगेजमेंट की बहुत बहुत शुभकामनाये मीटिंग थी बहुत जरुरी इसलिए आ नहीं पायी…”
दीपिका धीरे से “थैंक यू”
म माँ “तुम दोनों फ्रेश हो जाओ पहले औ मई तुम्हे रूम दिखती हु ….फिर नास्ता साथ करते ह ..”
दीपिका “जी आंटी”
पर रूम मई जाते हे उसने दूर बंद किया और उसके आंसू बाह निकले ….राहुल ने उसके कंधे पर हाथ रखा तोह उसने दूर झटक दिया ..और अपनी भीगी आँखों से उसे गुसाई से देखने लगीई….
राहुल “ी म सॉरी मैं तोह बस सब अचे के लिए हे चाहता tha….yaar और परसो वैसे भी डिनर पर सुनील से अचे से इस बारे मई बात हुवी थी न उसने भी नहीं बताया की राज आज टूर पर जा रहा ह अगर वो बता देता तोह हम एक दिन पहले हे आजाते….”
दीपिका नीची गर्दन करे हुवे हे बोली “तोह हम कौनसा उसे बता कर यंहा ए ह जो वो बताता hume…mujhe तुम्हारी बातो मई नहीं आना चाहिए था …मैं हे बेवक़ूफ़ थी जो तुम्हारी बातो मई agayiii…aur अब तोह उसे पता लग हे jayega…tour पर …क्या बीतेगी उस पर ……मैं हे बेवक़ूफ़ थी सच मई मैं हे एक नंबर की दुफर thi…….kya सोचेगा की सबको बता दिया सिर्फ मुझे हे नहीं बताया …..और ये सब हुवा सिर्फ तुम्हारी वजह से क्योकि तुम्हारी फॅमिली को बहुत जल्दी thi…shadi इंगेजमेंट की…”
राहुल “ी म सॉरी यार …तू कहेगी तोह पेअर पकड़कर उसे मन लूंगा…”
दीपिका ने उसे कोई जवाब नहीं दिया ….इधर ये दोनों आपस मई जो हुवा उसके बारे मई सोच रहे थे toh….mumbayi मई हे …कंही …
“मास्टर वो लड़की जिसकी वजह से सब हुवा था दीपिका सिंघानिया वो मुम्बई हे आगयी ह….”
सामने से अपूर्व की आवाज आयी “जैसे हे घर से बहार निकले आगे क्या करना समाज हे गए होंगे तुम”
“यस मास्टर”
दीपिका और राहुल इस बात से अनजान की मौत उनके बेहद करीब h…wo किसी और हे सोच मई the…ki अब आगे क्या करे दीपिका का अब कंही जाने का मूड नहीं था इसलिए वो राहुल से नाराज होकर कुछ भी करने के मूड मसि नहीं थी…
तोह दिल्ली मई…
दिल्ली अंडरवर्ल्ड हेड रंजन के पास खड़ा था और दोनों सामने प्रोजेक्टर पर पूरी डिटेल को देख रहे थे…
रंजन “कैसे भी कमिश्नर को इंगगे करना होगा ताकि वो खुद इस रूट को फॉलो करने पर मजबूर हो jaye…aur जब वो इस रूट को फॉलो करेगा तब हम उस पर अटैक करके ख़तम कर denge.iska बेस्ट तरीका होगा दूसरी जगह बड़ा हमला हो ताकि सबका धयान दूसरी तरफ होगा …और कमश्नर भी प्रॉब्लम सोल्वे करने के बाद रिलैक्स होकर घर ारः hoga…wo सोच रहा होगा की बड़ी प्रॉब्लम सोल्वे हो गयी h..par असली प्रॉब्लम तोह उसका रस्ते मई इंतज़ार कर रही होगई…….”
दिल्ली अंडरवर्ल्ड head“Phir…us कप्तान सिंघानिया का क्या करना ह हमे तोह डेथ हेलो से क्लियर आर्डर मिले ह उसकी पूरी फॅमिली मई सुनील सिंघानिया को हे जिन्दा छोड़ना ह और उसकी बेटी तोह मुम्बई गयी ह और उसे वंहा खुद डेथ हेलो अपने आदमियों से डील करवा रहे ह…”
रंजन “बिलकुल ऐसा हे करना ह यंहा पर कप्तान और उसकी वाइफ को ख़तम करना और साथ हे कमश्नर की फॅमिली को मुम्बई की की उन्ही पर हे छोड़ दो…”
दिल्ली हेड “तोह आगे की प्लानिंग कुछ इस तरह की h…kaptaan सिंघानिया कल मंथली मीटिंग के लिए आएगा हे आएगा और उसके आने जाने के दो हे रूट ह या तोह वो इस तरफ से आएगा या इस तरफ …से अब हम ये रूट बंद करवा देंगे तोह उसे इस रस्ते से घूम कर आना पड़ेगा …और जब वो यंहा इस गली से शार्ट कट लेगा तब हम उस पर अटैक करेंगे ….और मुझे पूरा यकीं ह उसकी कार बुलेट प्रूफ होगी तोह हम एक बड़े कटर का उसे करेंगे और एक साइड से बॉडी के दूर को हे कट कर देंगे …..और सेकंड थिंग एक टीम उस एरिया मई सिग्नल जम्मर फिट करदेगी ताकि पुलिस या कोई और सपोर्ट उसे न मिले एंड लास्ट फाइनल थिंग …कप्तान सिंघानिया के काफिले मई तीन कार चलती ह जिसमे से बिच वाली मई वो खुद अपने 2 बॉडी गॉर्डस के साथ होता ह और आगे पीछे उसके 8 बॉडी गॉर्डस रहते ह और सिर्फ दो हे गॉर्डस के पास आटोमेटिक गन्स होती ह…
रंजन एक्सीलेंट फिर कल खेल ख़तम करते ह ….
दिल्ली हेड “आप यंहा से लाइव आराम से देख सकते ह “
रंजन “मुझे एक और दुश्मन को ख़तम करने जाना ह तुमने 400 आदमी तैयार कर दिए ….”
दिल्ली हेड “बस आज शाम तक तुम्हारे हथियार पहुंच जाये फिर मेरे आदमी तैयार ह और रात को हे निकल जायेंगे …जैसा तुमने कहा वंहा मैंने मेरे कुछ आदमी पहले से हे सेट कर दिए ह जो वंही पास के गाँव ह तुम्हे कोई दिकत नहीं आएगी ”
रंजन “अगर सब सही हुवा तोह तुम्हे मुम्बई अंडर वर्ल्ड मई अपना राइट banaunga…aj जो हो उससे दुगनी पावर और रूतबा होगा तुम्हारा”
दिल्ली हेड “थैंक यू फ़िलहाल आपके लिए 2 रुसिअन्स का अरेंजमेंट किया ह आप उनके साथ स्पा का मज़ा लीजिये फिर रातको निकलना भी ह आपको…”
रंजन के चेहरे पर मुस्कराहट आगयी और बोलै … कई दिन से भागदौड़ मई तनबदन दर्द हो रहा ह इनके sath…aram मिल जायेगा वैसे भी रात को निकलना भी ह आखिर कल का दिन बहुतो की जिंदगी का आखिरी दिन होने वाला ह …” इतना कह वो सीटी बजता हुवा दोनों खूबसूरत रस्सियन की कमर को पकड़कर एक रूम की तरफ चला गया….
तोह वंही राज और पूनम एक रेस्टुरेंट मई आमने सामने थे और बाकी तीनो उन दोनों को आपस मई बात करने का पूरा मौका दे रही थी…
पूनम “अब कब तक ऐसे घूरते रहोगे”
राज “जब तक आप मुस्कुरा न दो”
पूनम “उसके लिए तोह आपको हे कोई तरीका ढूँढना होगा”
राज “हम्म ये भी सही ह …लड़ो भी आप और फिर मनौ भी मैं”
पूनम घूरकर “उल्लुओ की तरह दिन मई सोये हुवे हो …उलटे काम खुद करते हो और फिर शिकायत भी न करू ….मतलब आपको अभी भी अपनी गलती का कोई पछतावा नहीं ह”
पर राज को इतना बोलता देख मुस्कुरा रहा था जल्द हे पूनम को रीलीज़ हुवा की ये राज उसे तंग कर रहा ह तोह वो गुसाई से चुप होकर राज को घूरने लगी….
राज “बी गॉड पूनम जी आजकल आपको बहुत गुसा आने लगा ह पता नहीं स्वीट सी पूनम जी कान्हा गयी जो केयरिंग …समिलिंग फेस वाली क्यूट सी लड़की थी…”
पूनम “इन चिकनी चुपड़ी बातो से कुछ नहीं होगा….”
राज… “तोह फिर कल की शाम आप और मैं साथ बिताये मैं आपको अपने हाथो से कुछ स्पेशल बनाकर खिलाऊंगा ….ये कैसा रहेगा हमेशा आप खिलाती ह इस बार मैं खिलौ आपको अपने हाथो से”
इस बार ये सून पूनम के चेहरे पर मुस्कान के साथ साथ शर्म भी आगयी…
तभी एक और आवाज आयी..
“अरे क्या बाते हो रही ह सुभे हरिद्वार पहुंचेंगे …गंगा मई डूबकी लगते समय अपनी गलतियों की माफ़ी मांग लेना क्या पता आगे मौका न मिले …क्यों राज सही कहा न ….वैसे भी पापो का पता कान्हा लगता ह”
राज “बिलकुल सही कहा मैं जरूर अपने पापो की माफ़ी मांग लूंगा और उनकी भी जो आगे होने वाले ह”
अपूर्व “अरे ये क्या बोल रहे हो आगे होने वाले पापो की माफ़ी ..जिंदगी रहे तोह दुबारा मांग लेना ये एडवांस माफ़ी वाला फंदा मेरी तोह समाज से बहार ह bhai..kyo मिस पूनम आप तोह मुझे पूजा पाठवली पुरे ट्रेडिशनल लड़की लगती ह …क्योकि आप हे ह जो हमेशा सिंपल ड्रेस मई ह रहती न जबकि बाकि सब कम्फर्टेबले तोह कोई ब्यूटी प्लस मई हे चूर रहती ह…
पूनम भी हंस पड़ी “आप भी न सर क्या गंदे जोके मर रहे हो …मैं एक इंडियन लड़की हु मैंने जो सीखा ह उसे हे फॉलो करती हु …बस और पाप करने हे क्यों …..न करो पाप न मांगनी पड़े maafi…itni सी जिंदगी ह जिसे हंस कर जियो और दुसरो के साथ भी हंसकर जियो सिंपल”
अपूर्व “सब आप जैसे नहीं ह …किसके मन मई क्या होता ह ये कोई नहीं जान पता ह क्यों राज “
राज अपूर्व की आँखों मई देख कर “सही कहा अपने इंसान दीखता कुछ और ह पर उसकी हकीकत कुछ और हे होती h…pata नहीं चलता ह की किसके दिल मई कितने राज़ दफ़न ह”
अपूर्व “वो यार तुम तोह किसी सस्पेंस थ्रिलर स्टोरी की तरह बात करते हो कंही तुम भी डबल रोले तोह नहीं करते हो न “इतना कह वो मुस्कुरा उठा और बोलै जस्ट किडिंग ..टूर पर ह थोड़ा फन तोह होना हे चाहिए ह लेटस जो बहुत टाइम लगने वाला ह हउमै ये तोह भला हो एक्सप्रेस हाईवे का जो नॉन स्टॉप वॉल्वो बस चल रही ह….”
राज चलने लगा तोह पूनम ने धीरे से उसका हाथ पकड़ लिया और बोली “आगे तोह आप यंहा से चले जाओगे पता नहीं फिर कभी दुबारा ऐसे हाथपकड़कर साथ चलने का मौका न मिले या न मिले …इसलिए टूर तक प्लीज मन मत करना …
राज “मेरी रह मई सिर्फ कांटे ह पूनम जी मेरा हाथ पकड़ने से आपकी जिंदगी भी सिर्फ बर्बादी और अँधेरे की तरफ हे जाएगी…”
पूनम “मंजूर ह बस आप साथ rahna..maut ए तब भी हाथ मत छोड़ना”
राज ने कुछ नहीं बोलै और बस हाथ पकड़े हुवे हे चलने लगा …
पीछे दूर से हे मनीषा ख़ुशी से “yes…yes यस.,..”
अनु सुर कविता भी एक दूसरे के गले लग गयी और तुरंत वीडियो कॉल श्वेता को लगा दिया और श्वेता ने जब ये देखा तोह वंही …..अपने रूम मई जोर जोर से छीकते हुवे खुसी से झूम उठी आखिर यही तोह वो चाहती की राज की जिंदगी मई कोई ऐसी लड़की ए जो राज को बेइंतिहा प्यार करे और यही हो भी भी रहा tha…poonam पीछे चलते हुवे भी खुस थी क्योकि उसने आज एक कदम जो बहुत बड़ा था वो उठा लिया था ….बस मई भी रात को स्लीपर मई राज के पास वाले स्लीपर मई लटकर उसे देखती रही ….क्योकि मनीषा के धोखा देने से हे सही उसने राज को आज के दिन गले लगा लिया था …वंही राज पूनम को उसके पापा से मिलवाकर जल्द से जल्द उसे ख़ुशी देना chàhata था……
वंही अपूर्व जो लेता हुवा tha…uske मोबाइल पर कॉल आया..
अपूर्व “बोलो”
सामने से मास्टर पूरी तयारी कर्ली ह हमारे कैम्प्स सेट करने वाले सभी हम हे honge…aur जैसा अपने कहा खाने की व्यवस्ता दूर की गयी ह …सब आपके प्लान के अकॉर्डिंग हुवा ह …
अपूर्व “एक्सीलेंट ….आज की रास्त इसे सोने देते ह क्योकि की कल के बाद ये ये दुबारा जनम भी लेगा तोह अपने साथियो और चाहने वालो की मौत देख कर दूसरा जनम लेने से darega….kal इसे मौत का लाइव टेलीकास्ट दिखाएंगे उस मॉडल को भी उन दोनों के साथ हे रखना बहुत इनफार्मेशन देती ह उस छोकरे को सबसे पहले वो हे मारेगी “
सामने से "यस यंग मास्टर"
अपूर्व ने कॉल कट कर दिया और उसके चेहरे पर ज़हरीली मुस्कान आगयी …
तोह इस तरफ रात को रंजन अपने खास बॉडी गॉर्डस के साथ मंडावा की तरफ निकल गया ..और अलग अलग व्हीकल से उसकी पूरी फौज निकल गयी ….मंडावा के लिए राज के परिवार को बुरी तरह तबाह karne…ke लिए
आज के लिए इतना हे जल्द मिलते ह अगले अपडेट मई ….अपडेट साइज 5.8 क वर्ड्स…
बेगिनिंग ऑफ़ डिस्ट्रक्शन
part 1…
सिमरन ऐड शूट पर जाने के लिए रेडी हो रही थी तभी उसे मैसेज aya….jisai उसने ओपन किया तोह उसमे लिखा था “मम अर्जेंट न्यूज़ ह मोबाइल पर नहीं बता सकता हु मेरी जान को खतरा ह आप नाईट मई इस एड्रेस पर आजाना.. सिमरन मैसेज पढ़कर चौंक गयी और एड्रेस देखने पर उसे पता लगा ये एक शिपिंग यार्ड का एड्रेस ह जंहा पर उसे उसी बार अटेंडर से मिलने रात को जाना ह पर अर्जेंट न्यूज़ के नाम से हे उसका दिल बैचैन होने लगा था की ऐसी क्या न्यूज़ होगी जिसके लिए उसने खुद मिलने बुलाया ह …उसने अपने सारा सचदुले आज का कैंसिल कर दिया और रात होने का वेट करने लगी जब उसे उस बार अटेंडर से मिलना tha…..taki उसे वो जरुरी इनफार्मेशन मिल sake..aur राज को बता सके ताकि आगे होने वाले किसी भी इन्सिडेंट्स से बचा जा sake…uske मन मई यही चल रहा था की राज को अभी कॉल करू या नहीं …पर आखिर मई दिमाग की जगह दिल ने हे कहा इसी बहाने आवाज तोह सून लेगी कॉल करले …और उसने कॉल लगा लिया पर आज सायद उसकी किस्मत ख़राब थी… कॉल की रिंग जाती रही और कुछ पल बाद हे सिमरन को दूसरी तरफ से एक मीठी सी आवाज सुनायी दी… “Hello”
सिमरन “hello मुझे राज से बात करनी ह”
सामने से “आप कौन”
सिमरन “मैं उनकी फ्रेंड सिमरन”
सामने से कुछ पल कोई आवाज नहीं फिर दुबारा से आवाज आयी… “वो अभी सो रहे ह मैं उठते हे उनको इन्फॉर्म कर दूंगी की आपका कॉल आया था “
सिमरन “…सो रहे ह ….ये कैसे मुमकिन ह वो तोह कभी सोते हे नहीं इस वक़्त …आप जोके कर रही ह उन्हें कॉल दीजिये”
इस बार सामने से सिमरन को एक नाराजगी भरी टोन सुनाई दी “जोके करने के लिए आप मेरी फ्रेंड नहीं h…jab उनका मतलब राज जी का कॉल ए तोह खुद हे पूछ लेना की जोके मार रही थी या पत्थर” इतना कह उसने कॉल कट कर diya…toh दूसरी तरफ सिमरन हैरान होकर खुद से हे बोली “बहुत गुसैल लड़की ह …पर राज का कॉल तोह कोई और उठता हे नहीं ह और आज पहली बार राज की जगह किसी और ने उठाया तोह क्या वो कविता थी ….नहीं अगर कविता होती तोह ऐसे बात नहीं करती ये …चुड़ैल कौन आगयी जो राज के करीब जाने की कोसिस कर रही ह ….” सिमरन के तन बदन मई आग लग गयी ….सिमरन ने उस इंसिडेंट के बाद बहुत से नेचुरल और साइंटिफिक ट्रीटमेंट करवा कर अपनी बॉडी को पर्फेक्ट्ली वेल मेन्टेन कर लिया tha…aur अब वो पहले से जायदा सुन्दर हो गयी थी इसलिए उसे पूरा ट्रस्ट था की वो राज के करीब आहे जाएगीइ….
इधर कॉल कट करने के बाद …पूनम गुसाई से जल रही थी क्योकि …बस मई बड़ी मुश्किल से अनु कविता और मनीषा की मदद से वो राज के साथ बैठ पायी थी और ये जनाब एते हे सो गए थे और इस वक़्त भी वो गहरी नींद मई पूनम के कंधे पर सर टिका कर आराम से सो रहे the….isliye वो पहले हे उखड़ी हुवी थी …और ऊपर से सिमरन के हक़ जताने वाले स्टाइल से वो और उखड गयी thiii…aur पास की सीट्स पर बैठी हुवी तीनो उसे गुसाई मई देख और छेद रही थी……
पूनम मन मई “हे भगवन क्या चाहते ह ये इतनी हीमत कर इन्हे दिल की बात बताई और ये जनाब ह की आराम से सो रहे h….inhe बिलकुल भी समाज नहीं अत ह क्या की एक लड़की साडी मान मर्यादा भूलकर इनके पास बैठी ह पर ये ह की पतझड़ के मौसम की तरह सुस्त होकर सो रहे ह“
तोह वंही आगे बैठा …अपूर्व तीनो बसेस मई से राज की हे बस मई हे जान भुजकर बैठा हुवा था …और मोबाइल मई टाइप करता जा रहा था …और एक नज़र सामने लगे मिरर से पीछे खासकर राज को देखे जा रहा tha….usne आँखों पर ब्लैक सनग्लासेस पहन रखे थे ताकि राज पूनम को पता न लगे की उसकी नज़र ह दोनों पर aur…uske चेहरे पर इस वक़्त राज को सोता देख बेहद खतरनाक मुस्कान thi….aur मन हे मन बोलै ..सोले बीटा सोले पर जो तू सोच रहा ह वो कभी नहीं होगा “ अपूर्व सिंह की निगरानी karwayega….aur सोचेगा पता नहीं lagega….shadow बनकर सिर्फ तेरे गॉर्डस हे तेरी सेफ्टी रखते ह …तोह मेरे गॉर्डस मेरी सेफ्टी नहीं रखेंगे ….तेरे प्यार जिसके साथ तू रात भर रात रंगीन करके आया h…teri ैप षिविनि जो मेरे भाई को मरने मई इन्वॉल्व थी वो दोनों इस वक़्त किसी पंख कटी हुवी मुर्गी की तरह मेरे पिंजरे मई फाड् फाड़ा रही होंगी काटने से pahle….aur कौन था हां वो हल्क जैसा अभय वो …और तीन और थे न श्रुती ..अज्जू abhay….abhi तोह ये भी जायेंगे और खासकर जिसकी वजह से सुरु हुवा तेरी वो Deepika…Tadap बहुत दर्द देती ह जैसे मेरे भाई की मौत ने मुझे तड़पाया ह मैं भी तुझे तेरे हे तरीके से छिपकर दर्द दूंगा बस …देखता जा ….और तेरे मरने के बाद तेरा खंडन तेरी याद मई ऐसे हे मर jayega…..just वेट एंड वाच फॉर माय रिवेंज मर nirwana….maut का ऐसा तमाशा दिखाऊंगा की हर रोज सपने मई तुझे ये मंजर दिखेगा …डेथ हेलो की भयानक सोच से परे की वो कितना खतरनाक प्लान बना चूका ह इस वक़्त राज जो गहरी नींद मई था वो सपने मई किसी और हे दुनिया मई था….. उसे उसके माँ पापा दिखाई दिए जो किसी जेल जैसी जगह मई बंद थे …उसके पापा को झांझीरो से बांध कर रखा हुवा था …उनके बाल धड़ी बड़ी बड़ी हो राखी थी राज सपने मई हे उनके करीब गया toh…janjeero से बंधे हुवे सहदेव को कुछ ाहसुस हुवा और उसने अपने आसपास देखा पर उन्हें कुछ दिखाई नहीं …. तोह वो बोले …राज क्या ये तुम हो ….सामने खड़े राज की आंखे आंसुओ से भीग गयी और वो बोलै है ये मैं हु पापा …पर सहदेव को उनकी कोई बात सुनाई नहीं डीई ..तभी एक हंटर सहदेव की पीठ पर पड़ा और उनकी चीक निकल गयी ये देख राज दर्द से तड़फड़ा उठा और खुद के सामने अपने पापा को हंटर पड़ते देख बेबस महसूस करने लगा और दर्द और तड़प की वजह से तुरंत उसकी आंखे खुल gayi……apne चेरे पर किसी का हाथ देख वो झटके से सीट से खड़ा हो गया और उसके ऐसा करने से पूनम भी घबरा गयी…
राज ने आसपास की जगह को देखा तोह महसूस किया की वो सपने मई वो सब देख रहा था तोह नार्मल होकर पूनम के पास बैठ गया …पूनम ने भी पानी की बोतल राज को दी …राज एक हे साँस मई आधी बोतल पानी की खली कर कर गया ..
पूनम “मुझसे इतना दर लगता ह आपको”
राज हड़बड़ाकर “वो मैं सपना”
पूनम जल्दी से “तोह अब मैं सपने मई डरती हु आपको “
राज जल्दी se“na न नं नाहीइ ..फिर खुद को नार्मल कर मज़ाक मई बोलै आप तोह अपनी आँखों से हे डरा देती हो सपने की तोह फिर बात हे अलग h…pata नहीं था आपको गुस्सा अत ह ….वो भी इतना इतना इतना जायदा ….”
पूनम एक पल तोह हक्की बक्की रह गयी फिर राज के हे लहजे मई boli“galti करोगे तोह दन्त तोह पड़ेगी हे na….isliye सोच समाज कर हे दोस्ती करनी चाहिए थी न …और वैसे भी मैंने भी वो गंदे वाले राज जी से थोड़ी na…itna कह वो चुप हो गयी “
राज तुरंत पूनम की तरफ मूड गया और बोलै “ क्या थोड़ी न …और वैसे भी मैं तोह ऐसा हे हु “
पूनम “तोह मैं भी सुधारना जानती हु ….और याद रखना हम से तोह भगवन भी नहीं जीत पाए तोह आप क्या किस खेत की मूली ho….daru और सिगरेट या कोई भी नशा करते मुझे दिखे तोह …सोच लेना ..”
राज “क्या करोगी”
ये पूनम के चेहरे पर कातिलाना मुस्कान आगयी और वो मुस्कुराते हुवे बोली “ मैंने सुना ह दादाजी से बड़ा दर लगता ह apko….nahi नहीं दिव्या माँ को ड्रिंक से और खासकर सिगरेट से तोह शाक्त नफरत ह और आप तोह उनके लड़के बेटे हो तोह सोचकर हे मज़ा ारः ह क्या दुनायी होगी apki….are नहीं नहीं मैं उन्हें कैसे भूल gayi…sonali डीई उन्हें तोह आपकी सिगरेट का पता हे नाहीइ …क्या हो उन्हें पता लग जाये तोह फिर राज के कान के पास आकर …आपकी भाभी को सिगरेट पिने वाले बिलकुल भी पसंद नहीं ह… बहुत शाक्त नफरत करती ह मुझे कई बार कहा ह उन्होंने और वो तोह सीना थोक कर बोलती ह मेरा राज तोह इतना ाचा ह ड्रिंक भी कभी कभी हे करता ह वो भी जिद पर …बेचस्री वहाँ मई जी रही ह”
राज अपनी आंखे फाडे पूनम को देखने लगा …पूनम ने अपने बालो को हाथ से झटका और दोनों उंगलियों एक दूसरे से हिलाते हुवे बोली …सुधारना तोह मुझे अत ह लास्ट वार्निंग ह आपके लिए samjhe…apko सबकुछ मन ह …फिर सॉफ्ट टोन मई और वैसे भी छोड़ने के लिए तोह नहीं कहा बस लिमिट मई रहने के लिए हे कहा ह न क्या मेरे लिए इतना भी नहीं कर सकते ह ap…ye कहते हुवे उसने बड़ा मासूम से चेहरा बनाकर अपनी प्यारी सी मुस्कान मई राज से कहा तोह …राज बस पूनम को देखता हे रहा गया….
पूनम “चलो जल्दी से है बोलो …आपको पता ह न हम लड़कियों को न सुनने की आदत नहीं होती ह ..और फिर भी कोई न कहते तोह हम हमारा ब्रमाश्त्र यानि आंसुओ का इस्तेमाल कर देती ह …अब आप ये तोह बिल्किल नहीं चाहेंगी की मैं रो दू… आपके सामने ”
राज अभी भी पूनम को एक तक देखे जा रहा tha…aur पूनम की लास्ट की बात सून अपने माथे पर हाथ मार लिया और धीरे से बोलै “हे भगवन पूनम जी आप कविता अनु से दूर रहा करो उन्होंने आपको क्या से क्या बना दिया ह गुसाई तक तोह तीख था आपको ब्लैकमेल करना भी सीखा दिया दोनों ne…phir गहरी साँस chodkar…acha तीख ह वडा ह सिर्फ लिमिट मई और सिगरेट कभी नहीं पियूँगा अब तोह रहम कार्डो मुज पर ”
पूनम खुसी से “थैंक यू थैंक यू जाओ बचा सदा खुस रहो तथास्थूण”
राज “क्या ये सब इसीलिए ह क्योकि आप मुझे प्यार करती हो”
पूनम “ाचा अगर मैं ये सब प्यार की वजह से करू तोह क्या आपको ाचा लगेगा …जब की आप मुझे अपना दोस्त समझते ह ….नहीं लगेगा न ाचा तोह आप खुद हे सोचिये एक लड़की कभी नहीं चाहेगी न उसका प्यार गलत आदतों मई पड़े ….मन मैं ट्रेडिशनल संस्कारो वाली ओल्ड सोच वाली लड़की hu…par …आपको …वैसे नहीं देख सकती हु आप चाहे कुछ भी समझे एक लड़की जिसे अपना सब मानती ह उसका साथ मरते दम तक निभः“
राज सीरियस होकर “मेरी मौत कभी भी हो सकती ह …एक घंटा या एक पल कभी भी …ये आप अचे से जानती हो …फिर क्यों ऐसे लड़के के साथ आप अपने सपने देखना चाहती ह जो आपको न वॉट दे payega…aur न कभी खुशिया …और खुशिया भी तब देगा जब वो जिन्दा होगा …यंहा तोह पता हे नहीं जिंदगी का….. फिर पूनम का हाथ अपने हाथ मई लेकर पूनम जी आप बहुत अछि लड़की ह …और मैं आपको आपकी जिंदगी मई हमेशा खुस देखना चाहता हु …न की dhukhi….abhi आपके जीवन मई आगे बहुत खुसिया आने वाली ह पर मैं उन्हें देखने के लिए जिन्दा होऊंगा या नहीं ये भी मुझे नहीं पता ह…”
पूनम जिसकी आंखे भीग चुकी थी “वो भीगती आँखों से हे राज को देखकर बोली…. “सुहागन बनूँगी तोह apki..aur विधवा बनूँगी तोह आपकी…” इतना कह वो बहार की तरफ देखने lagii….Raj पूनम का ताका सा जवाब सुन कर हैरान रह गया तोह कविता और अनु कड़ी होकर राज के पास गयी और खड़े होकर जाने को कहा क्योकि मनीषा ने देख लिया था की दोनों की बाते सीरियस हो रही ह और पूनम रो रही ह …राज उठकर मनीषा के पास आकर बैठा तोह मनीषा बोली “वो तुमसे कब से प्यार करती ह उसने तुम्हे बता दिया होगा ह न …और उसके प्यार की हद देखो राज की वो हर दवा मई तुम्हारी ख़ुशी की जगह तुम्हारे सरे ढक खुद के हीसाई मांगती h…wo बहुत सिंपल लड़की ह राज जब से तुमसे उसे प्यार हुवा h….uski दुनिया बस तुम्हारे इर्द गिर्द घूमती h….jab तुम घायल होकर ए तोह मंदिर और बस तुम्हारे आगे दिन रात बैठी रही जब तक तुम्हे होश नहीं आया उसके आंसू थमाई हे nahi……tum क्या सोचते हो …तुम्हारे बारे मई कुछ पता नहीं ह उसे …सोनाली मम तुम्हे प्यार करती ह उसे सब पता ह और उसे ये भी अंदाज़ा ह …और ये बात उसे पहले पता होती की सोनाली दी तुम्हे इतना जायदा प्यार करती ह तोह वो खुद पीछे हैट जाती पर जब तक उसे पता लगा वो तुम्हे अपना सब कुछ मान चुकी thi…raat को तुम्हारे रूम मई ana…tumhare सोने के बाद से लेकर जागने से तीख पहले अपने रूम मई चले जाना इवन तुम्हारे कपडे भी खुद उसने अपने हाथो से धोये ह जब तुम बीएड रेस्ट पर थे और जब भी तुम उसके पास rahe…tumhara ब्रेकफास्ट से लेकर डिनर तक सबकुछ उसने तैयार किया तुम्हे क्या पसंद ह क्या नहीं एक एक चीज एक एक बात वो हमसे पूछती ह इवन किसी गैर मर्द से भी उसने बात करि तोह यही जानने के लिए करि की एक सिंपल लड़के को कैसे ड्रेसेस पसंद h….aur जरा ये सोचो की कैसा फील होता होगा उसे की अभी अभी बानी उसकी बड़ी बहन हे उसके प्यार को जान से जायदा प्यार करती ह ….और कैसे खुदको समझती होगी की जब ऋचा को पता लगेगा की पूनम भी राज को चाहती h…richa तोह उसके लिए यही समझेगी न की अपनी हे बहन का घर लूट लिया… कितनी हे बार कहा उसने मुझसे की मैं मर jaungi…manisha राज के बिना …पर मैं उसे समझती रही की कोई न कोई रास्ता निकल जाएगा तू बस हीमत मत harna….aur बस इसी एक उम्मीद मई वो जिन्दा ह की एक दिन तुम उसके ोयर एक्सेप्ट karoge…..usai तुमसे कुछ नहीं चाहिए तुम्हारी चाहे एक शादी हो या हज़ार उसे कोई शिकायत नहीं ह वो बस थोड़ा सा बस थोड़ा सा… प्यार और साथ चाहती तुम्हारा …मैंने इतनी लड़किया देखि पर ये लड़की …ये अलग ह …इसकी नस नस तुम बेस हो तुम्हारे पास होते हे ये चहक उठती ह …… मनीषा की इतनी बाते सून राज बुरी तरह हैरान परेशां और गहरी सोच मई पढ़ gaya….usai समजनाही ारः था की वो क्या करे ..
मनीषा “इतना मत सोचो मुझे पता ह तुम अभी दीपिका दी के रिश्ते लेकर परेशां हो “
राज “एक तक मनीषा को देखकर ..आपको पता था”
मनीषा “है मुझे पता था …पर मैंने तुम्हे जानभूझकर नहीं बताया ताकि तुम एमोशनालय भी स्ट्रांग बनो …”
राज अब कुछ नहीं बोलै और बस चुप चाप सामने की तरफ देखने laga….tab मनीषा ने उसे गले लगा लिया क्योकि वो बखूबी समाज सकती थी की राज की हालत क्या ह इस वक़्त….
पर सबसे आगे बैठा अपूर्व सिंह सब देख रहा था और उसके चेहरे पर कोई एक्सप्रेशन नहीं थे …
तोह wanhi….Banglore मई…
सोनाली “12 घंटे बिट चुके ह सुन्दर”
सुन्दर भी हैरान था पर वो बोलै मम “48 हॉर्स मांगे ह आप ट्रस्ट कीजिये मिल जायेगा वो “
सोनाली “मुझे पूरा यकीं ह वो बंगलोरे मई ह और जिस हिसाब से उसका घर ह वो साला जरूर किस दारू की दूकान पर या किसी बार मई पड़ा होगा …तुम गाड़ी निकालो मैं खुद ढूंढूंगी उसे …”
सुन्दर कुछ बोलता इससे पहले हे सोनाली बहार निकल गयी
पीछे खड़े सुन्दर ने तुरंत हवालदार को बोलेरो निकलने का आर्डर दिया और खुद सोनाली की तरफ चल दिया…. कुछ दिएर बाद हे सोनाली सुन्दर के साथ लोकल दारू की दुकान और छोटे मोठे बार को चेक कर रही थी …वो इस वक़्त सिविल ड्रेस मई thi…aur एक बार मई घुसी तोह …कुछ चूतिये जिनके चूल मची हुवी रहती ह उड़ता लेने की वो भड़की हुवी शेरनी के पास आशिकी लड़ने आ हे गए …..
“अरे मेरे साथ पीना जानेमन सारा खर्चा मेरा होगा”
“दूसरा जाना …इस बार की सबसे महंगी जगह मेरी बुक ह”
सोनाली जो भड़की हुवी थी उसने दोनों हाथो से दोनों की निचे की गोटिया पकड़ ली और कसकर मसल दी और बोली …अब एक छू भी निकली तोह ऐसा मरूंगी की दोनों गोटिया मू से बहार आजाएंगी …भगगगग यंहा से ….अब वो भागते क्या बेचारे निचे गिर गए अपनी गोटिया पकड़के कसमसाने लगे …और कुछ अंदर से उठकर ए तोह सोनाली ने शर्ट को कमर से थोड़ा ऊपर कर दिया जंहा उनसबको गन दीखते हे सब चुप चाप बैठ गए …
सुन्दर बार के ऑफिस से बहार आया और दो को निचे लेते बिलबिलाते देखा तोह सब समाज गया और बोलै “मम यंहा नहीं ह चलिए हम दूसरी जगह चेक करते ह “
सोनाली भी तुरंत वंहा से निकल गयी सुन्दर के sath…tabhi बिच रस्ते मई सुन्दर को कॉल आया …और सुन्दर तुरंत बोलै “मम मरी को एक बार मई किसी ने पहचाना ह वो बोल रहा ह उसने उसको देख ह”
सोनाली तेज़ी से “मूव सुन्दर फ़ास्ट fast…i वांट मरी अन्य हाउ “
सुन्दर के कहते हे हवलदासर ने भी तुरंत ु टर्न मारा पुलिस की बोलेरो तेज़ी से साउंड करती हुवी उस बार की तरफ भगा दी..….
सोनाली “सुन्दर उतारते टीम के साथ सरे एक्सिस्ट्स ब्लॉक कर देना…
सुन्दर यस मम …बोलेरो के बार के पास पहुंचते हे…
सोनाली “ये साला भादवा इस महंगे बार मई क्या कर रहा ह”
सुन्दर “अंदर चलके देखते ह मम”
सोनाली ने है मई गर्दन हिला डीई…
पर बार मई घुसने से पहले हे बहार खड़े एक बाउंसर ने उन्हें रोक दिया जिसे देख सोनाली का चेहरा बदलने लगा …सुन्दर ने ये देखा तोह उसने अपना कार्ड दिखाया तब बाउंसर…
“पहले मुझे अंदर से परमिशन लेने दो”…. अभी उसने इतना हे कहा था की दो गोलियों की आवाज हुवी और दोनों बाउंसर अपनी तंग पकड़कर जमीन मई दर्द से तड़प रहे थे…
सोनाली “अब जब भी पुलिस का नाम सुने तोह तुरंत हैट जाना वर्ण ….इतना कह सोनाली ने उसके मू पर खींचकर किक जड़ दी जिसकी वजह से आप उसकी नाक से भी खून बहने लगा था”
सुन्दर मन मई “ये तोह बिना वार्निंग भी गोली चला देती ह”
सोनाली को आगे जाता देख वो भी अपने ख्याल से बहार आया और सोनाली के पीछे हे अंदर घुस गया….
अंदर का महल दिन मई भी रात जैसा था बीट्स और बास की वाइब्स से लड़के लड़किया सब थिरक रहे थे .. सोनाली “हद हो गयी ह इन लड़के लड़कियों के आगे तोह …ये कपडे भी क्यों पहनती ह …नंगी हे घूमे …सब तोह दिख रहा ह …समाज से बहार ह छिपा क्या रही ह”
सुन्दर “मम उस तरफ”
और फिर सोनाली को लेकर एक प्राइवेट रूम की तरफ आगया …जंहा का उसे नंबर दिया गया था रूम ओपन करते हे अंदर …5 जाने पार्टी करते नज़र ए …और सुन्दर को वर्दी मई देख कर भी कोई रिएक्शन नहीं दिया जैसे ये सब नार्मल हे हो उनके लिए …..जब किसी को रियेक्ट करता नहीं देखा तोह सुन्दर ने हे पूछा
सुन्दर “मरी के लिए कॉल किसने किया था ..
उनमे से एक बोलै पहले रोकड़ा…
सुन्दर “तुम इनफार्मेशन दो कन्फर्म होने पर रोकड़ा भी मिल जायेगा …पुलिस वाले ह धोखा नहीं देंगे”
उनमे से अब दूसरा कार्ड खेलते हुवे बोलै “कुत्ता पालो बिल्ली पालो शेर भी पालो पर पुलिस वालो का विस्वास बिलकुल भी नहीं ह इतना कहते हे उसके साथ के सब हंस पड़े”
सुन्दर ने सोनाली की तरफ देखा तोह वो उसे देखते हे समाज गया क्या क्या होने वाला ह उस ने क्रिस्चियन स्टाइल मई ऊपर वाले से रहम की दुआ मांगी…
सोनाली “सुन्दर तुम्हे जिस नंबर से कॉल आया था उस नंबर पर रिंग करो”
सुन्दर “यस मम”
बैठो हुवो मई से एक “ अरे maidam…maidam तोह बहुत कड़क h…marengi हमे …बिना प्रूफ बिना गलती कैसे मरेंगीए हमे बिना गलती पुलिस कुछ नहीं कर सकती ह सबूत चाहिए होता ह इतना कानून तोह अपुन भी जनता ह“ तभी बिच मई रखा मोबाइल रिंग हुवा ..
सोनाली “आखिरी बार पुचुन्गुनगी ये मोबाइल किसका ह”
सरे एक एक करके अपुन का ह अपुन का ह और दुबारा हसने लगे ..
अब सोनाली की बर्दास्त से बहार था उसने अपने आगे बैठे शख्स के बाल पकडे और पूरी ताकत से उसका सर टेबल पर भिड़ा diya…abhi वो कुछ और समझते उससे पहले हे दुबारा से सोनाली ने उसका सर भिड़ा दिया और लगातार भिड़ा टी gayiii…baki बैठे उसके साथियो ने ये देखा तोह वो सब बचने के लिए खड़े हो गए पर उन्हें क्या पता था की आज वो जिसका सामना कर रहे ह वो आल इंडिया पुलिस डिपार्टमेंट की सब्बसे खूंखार और बेरहम ऑफिसर्स मई से एक h…sonali ने टेबल पर पड़ी बोतल उठा ली और …एक एक सर पर फोड़ thiii….aur बोतल के सर पर फुट ते हे वो चीक पड़ा पर सोनाली को कान्हा उसके दर्दकी परवा थिई उसने टूटी हुवी बोतल को अब बचे हुवो के हाथ और पैरो पर घोपने सुरु कर दिया …सुन्दर बेचारा तीख से समाज भी नहीं पाया था तब तक सोनाली सबको जमीनपर लेता चुकी थी
सोनाली “किसका ह ये मोबाइल”
निचे पड़े हुवे सबने एक की तरफ ईशर किया जो सोनाली के पैरो के पास हे पड़ा था और ये वही था जिसे सबसे पहले बोतल सर पर मरी थी….
सोनाली “तेरे पिछवाड़े मई बहुत खुजली ह इतना कहते हे सुन्दर को देखा”
सुन्दर “मम मम शांत हो जाईये पहले पूछ तोह लीजिये मरी कान्हा h…aur तू चूतिये बोलेगा या नहीं या और मार कहानी ह…
वो आदमी जल्दी से “ मैडम उसे एक हफ्ते पहले यही देखा था कुछ लोगो के साथ आया था उसके बाद से नहीं दिखा ह आप कक्तव चेक करलो आपको पता चल jayega…hume छोड़ dijiye…hume इनाम भी नहीं चाहिए ह अब…”
सोनाली “इनाम तोह बीटा मिलेगा तुझे और ऐसा इनाम दूंगी की तू सबसे पहले रोज पूरी जिन्दगीमुझे याद करेगा सुन्दर नंगा करो इसे और हिले तोह शूट कार्डो”
करीब 5 मिनट बाद एक दर्द नाक चीक गूंज गयी उस रूम mai….sonali और सुन्दर के जाने के बाद निचे पड़े हुवे बाकी अपने साथी को छीकते हुवे उसके पास सरकते हुवे पहुंचे तोह देखा उसके पिछवाड़े मई आधी बोतल घुसी हुवी thi….ye देख उनमे से एक बोलै… बनछोड़ बोलै था तेरे को पुलिस वाले से मस्करी मत करना पर नहीं आआह्ह्ह माँ ….पर नहीं माँ छुडवानी थी तुझे हे ईश्वर लड़की ह या ये क्या h….log तोह आगे से से पिटे ह तुझे तोह पीछे से पीला गयी ….”
ऊपर सोनाली ने कक्तव मई जा कर पिछले कुछ दिनों की फुटेज देखि तोह …उसे मरी मिल गया और उसकी आँखों मई चमक आगयी…
सोनाली “सुन्दर अब मुझे ये आदमी सूरज की पहली किरण के साथ मेरे सामने चाहिए ह”
सुन्दर “हो जायेगा मम चलिए और सुन्दर ने उस एरिया के सभी पुलिस स्टेशन मई मरी के साथ बैठे तीनो की डिटेल भी भेज डीई….”
जंहा अब सोनाली सुभे से दोपहर तक भागदौड करते हुवे मरी के करीब अति जा रही थी तोह वंही मुम्बई मई सुभे से कुछ खास हो रहा था…
दिल्ली की फ्लाइट से मुम्बई बिना राज मनीषा को इन्फॉर्म किये बिना पहुंचे राहुल और दीपिका आपस मई बात कर रहे थे….
राहुल “रिलैक्स यार सब तीख होगा अब तुम इतना नर्वस होवोगी तोह फिर कैसे बात करोगी राज se..aur वो तुमसे छोटा ह डरना उसे चाहिए ह दर तुम रही हो”
दीपिका “यार मुझे कुछ सही नहीं लग रहा ह एक तोह हम बिना बताये यंहा आगये ह …पता नहीं कैसे रियेक्ट करेगा वो “
राहुल “बता कर एते तोह सरप्राइज कैसे देते और अगर इतनी हे टेंशन ह तोह तुम्हारी भाभी मनीषा को साथ ले लो ….वो तुम्हारी हेल्प करदेंगी और तुम हे तोह कर रही थी राज उनकी बात नहीं टालता ह
दीपिका “है ये तीख रहेगा …चलो पहले उनके हे घर चलते ह वो साथ होंगी तोह मेरी हीमत भी बानी रहेगीइ वो”
दोनों डिसकस कर सीधे मनीषा के घर पहुंचे और गेट से आइडेंटिटी बता कर अंदर गए तोह सामने से उन्हें रइवे करने मनीषा की माँ आयी …
म माँ “औ बेटी …अचानक क्या बात ह सरप्राइज दिया ह”
दीपिका “आंटी वो भाभी”
म माँ “ओह्ह मतलब भाभी की याद आरही थी पर बीटा वो तोह आज सुभे हे टूर पर चली गयी फर्स्ट ईयर के सभी स्टूडेंट्स के साथ तुम दोनों बैठो मैं कॉफ़ी लती हु”
ये सुनते हे मनो दीपिका को बड़ा धक्का सा लगा …
म माँ सोफे पर बैठी हुवी दीपिका और राहुल को çोफ्फी देते हुवे “अब वो सब एक वीक बाद आएंगे …और तुम दोनों को इंगेजमेंट की बहुत बहुत शुभकामनाये मीटिंग थी बहुत जरुरी इसलिए आ नहीं पायी…”
दीपिका धीरे से “थैंक यू”
म माँ “तुम दोनों फ्रेश हो जाओ पहले औ मई तुम्हे रूम दिखती हु ….फिर नास्ता साथ करते ह ..”
दीपिका “जी आंटी”
पर रूम मई जाते हे उसने दूर बंद किया और उसके आंसू बाह निकले ….राहुल ने उसके कंधे पर हाथ रखा तोह उसने दूर झटक दिया ..और अपनी भीगी आँखों से उसे गुसाई से देखने लगीई….
राहुल “ी म सॉरी मैं तोह बस सब अचे के लिए हे चाहता tha….yaar और परसो वैसे भी डिनर पर सुनील से अचे से इस बारे मई बात हुवी थी न उसने भी नहीं बताया की राज आज टूर पर जा रहा ह अगर वो बता देता तोह हम एक दिन पहले हे आजाते….”
दीपिका नीची गर्दन करे हुवे हे बोली “तोह हम कौनसा उसे बता कर यंहा ए ह जो वो बताता hume…mujhe तुम्हारी बातो मई नहीं आना चाहिए था …मैं हे बेवक़ूफ़ थी जो तुम्हारी बातो मई agayiii…aur अब तोह उसे पता लग हे jayega…tour पर …क्या बीतेगी उस पर ……मैं हे बेवक़ूफ़ थी सच मई मैं हे एक नंबर की दुफर thi…….kya सोचेगा की सबको बता दिया सिर्फ मुझे हे नहीं बताया …..और ये सब हुवा सिर्फ तुम्हारी वजह से क्योकि तुम्हारी फॅमिली को बहुत जल्दी thi…shadi इंगेजमेंट की…”
राहुल “ी म सॉरी यार …तू कहेगी तोह पेअर पकड़कर उसे मन लूंगा…”
दीपिका ने उसे कोई जवाब नहीं दिया ….इधर ये दोनों आपस मई जो हुवा उसके बारे मई सोच रहे थे toh….mumbayi मई हे …कंही …
“मास्टर वो लड़की जिसकी वजह से सब हुवा था दीपिका सिंघानिया वो मुम्बई हे आगयी ह….”
सामने से अपूर्व की आवाज आयी “जैसे हे घर से बहार निकले आगे क्या करना समाज हे गए होंगे तुम”
“यस मास्टर”
दीपिका और राहुल इस बात से अनजान की मौत उनके बेहद करीब h…wo किसी और हे सोच मई the…ki अब आगे क्या करे दीपिका का अब कंही जाने का मूड नहीं था इसलिए वो राहुल से नाराज होकर कुछ भी करने के मूड मसि नहीं थी…
तोह दिल्ली मई…
दिल्ली अंडरवर्ल्ड हेड रंजन के पास खड़ा था और दोनों सामने प्रोजेक्टर पर पूरी डिटेल को देख रहे थे…
रंजन “कैसे भी कमिश्नर को इंगगे करना होगा ताकि वो खुद इस रूट को फॉलो करने पर मजबूर हो jaye…aur जब वो इस रूट को फॉलो करेगा तब हम उस पर अटैक करके ख़तम कर denge.iska बेस्ट तरीका होगा दूसरी जगह बड़ा हमला हो ताकि सबका धयान दूसरी तरफ होगा …और कमश्नर भी प्रॉब्लम सोल्वे करने के बाद रिलैक्स होकर घर ारः hoga…wo सोच रहा होगा की बड़ी प्रॉब्लम सोल्वे हो गयी h..par असली प्रॉब्लम तोह उसका रस्ते मई इंतज़ार कर रही होगई…….”
दिल्ली अंडरवर्ल्ड head“Phir…us कप्तान सिंघानिया का क्या करना ह हमे तोह डेथ हेलो से क्लियर आर्डर मिले ह उसकी पूरी फॅमिली मई सुनील सिंघानिया को हे जिन्दा छोड़ना ह और उसकी बेटी तोह मुम्बई गयी ह और उसे वंहा खुद डेथ हेलो अपने आदमियों से डील करवा रहे ह…”
रंजन “बिलकुल ऐसा हे करना ह यंहा पर कप्तान और उसकी वाइफ को ख़तम करना और साथ हे कमश्नर की फॅमिली को मुम्बई की की उन्ही पर हे छोड़ दो…”
दिल्ली हेड “तोह आगे की प्लानिंग कुछ इस तरह की h…kaptaan सिंघानिया कल मंथली मीटिंग के लिए आएगा हे आएगा और उसके आने जाने के दो हे रूट ह या तोह वो इस तरफ से आएगा या इस तरफ …से अब हम ये रूट बंद करवा देंगे तोह उसे इस रस्ते से घूम कर आना पड़ेगा …और जब वो यंहा इस गली से शार्ट कट लेगा तब हम उस पर अटैक करेंगे ….और मुझे पूरा यकीं ह उसकी कार बुलेट प्रूफ होगी तोह हम एक बड़े कटर का उसे करेंगे और एक साइड से बॉडी के दूर को हे कट कर देंगे …..और सेकंड थिंग एक टीम उस एरिया मई सिग्नल जम्मर फिट करदेगी ताकि पुलिस या कोई और सपोर्ट उसे न मिले एंड लास्ट फाइनल थिंग …कप्तान सिंघानिया के काफिले मई तीन कार चलती ह जिसमे से बिच वाली मई वो खुद अपने 2 बॉडी गॉर्डस के साथ होता ह और आगे पीछे उसके 8 बॉडी गॉर्डस रहते ह और सिर्फ दो हे गॉर्डस के पास आटोमेटिक गन्स होती ह…
रंजन एक्सीलेंट फिर कल खेल ख़तम करते ह ….
दिल्ली हेड “आप यंहा से लाइव आराम से देख सकते ह “
रंजन “मुझे एक और दुश्मन को ख़तम करने जाना ह तुमने 400 आदमी तैयार कर दिए ….”
दिल्ली हेड “बस आज शाम तक तुम्हारे हथियार पहुंच जाये फिर मेरे आदमी तैयार ह और रात को हे निकल जायेंगे …जैसा तुमने कहा वंहा मैंने मेरे कुछ आदमी पहले से हे सेट कर दिए ह जो वंही पास के गाँव ह तुम्हे कोई दिकत नहीं आएगी ”
रंजन “अगर सब सही हुवा तोह तुम्हे मुम्बई अंडर वर्ल्ड मई अपना राइट banaunga…aj जो हो उससे दुगनी पावर और रूतबा होगा तुम्हारा”
दिल्ली हेड “थैंक यू फ़िलहाल आपके लिए 2 रुसिअन्स का अरेंजमेंट किया ह आप उनके साथ स्पा का मज़ा लीजिये फिर रातको निकलना भी ह आपको…”
रंजन के चेहरे पर मुस्कराहट आगयी और बोलै … कई दिन से भागदौड़ मई तनबदन दर्द हो रहा ह इनके sath…aram मिल जायेगा वैसे भी रात को निकलना भी ह आखिर कल का दिन बहुतो की जिंदगी का आखिरी दिन होने वाला ह …” इतना कह वो सीटी बजता हुवा दोनों खूबसूरत रस्सियन की कमर को पकड़कर एक रूम की तरफ चला गया….
तोह वंही राज और पूनम एक रेस्टुरेंट मई आमने सामने थे और बाकी तीनो उन दोनों को आपस मई बात करने का पूरा मौका दे रही थी…
पूनम “अब कब तक ऐसे घूरते रहोगे”
राज “जब तक आप मुस्कुरा न दो”
पूनम “उसके लिए तोह आपको हे कोई तरीका ढूँढना होगा”
राज “हम्म ये भी सही ह …लड़ो भी आप और फिर मनौ भी मैं”
पूनम घूरकर “उल्लुओ की तरह दिन मई सोये हुवे हो …उलटे काम खुद करते हो और फिर शिकायत भी न करू ….मतलब आपको अभी भी अपनी गलती का कोई पछतावा नहीं ह”
पर राज को इतना बोलता देख मुस्कुरा रहा था जल्द हे पूनम को रीलीज़ हुवा की ये राज उसे तंग कर रहा ह तोह वो गुसाई से चुप होकर राज को घूरने लगी….
राज “बी गॉड पूनम जी आजकल आपको बहुत गुसा आने लगा ह पता नहीं स्वीट सी पूनम जी कान्हा गयी जो केयरिंग …समिलिंग फेस वाली क्यूट सी लड़की थी…”
पूनम “इन चिकनी चुपड़ी बातो से कुछ नहीं होगा….”
राज… “तोह फिर कल की शाम आप और मैं साथ बिताये मैं आपको अपने हाथो से कुछ स्पेशल बनाकर खिलाऊंगा ….ये कैसा रहेगा हमेशा आप खिलाती ह इस बार मैं खिलौ आपको अपने हाथो से”
इस बार ये सून पूनम के चेहरे पर मुस्कान के साथ साथ शर्म भी आगयी…
तभी एक और आवाज आयी..
“अरे क्या बाते हो रही ह सुभे हरिद्वार पहुंचेंगे …गंगा मई डूबकी लगते समय अपनी गलतियों की माफ़ी मांग लेना क्या पता आगे मौका न मिले …क्यों राज सही कहा न ….वैसे भी पापो का पता कान्हा लगता ह”
राज “बिलकुल सही कहा मैं जरूर अपने पापो की माफ़ी मांग लूंगा और उनकी भी जो आगे होने वाले ह”
अपूर्व “अरे ये क्या बोल रहे हो आगे होने वाले पापो की माफ़ी ..जिंदगी रहे तोह दुबारा मांग लेना ये एडवांस माफ़ी वाला फंदा मेरी तोह समाज से बहार ह bhai..kyo मिस पूनम आप तोह मुझे पूजा पाठवली पुरे ट्रेडिशनल लड़की लगती ह …क्योकि आप हे ह जो हमेशा सिंपल ड्रेस मई ह रहती न जबकि बाकि सब कम्फर्टेबले तोह कोई ब्यूटी प्लस मई हे चूर रहती ह…
पूनम भी हंस पड़ी “आप भी न सर क्या गंदे जोके मर रहे हो …मैं एक इंडियन लड़की हु मैंने जो सीखा ह उसे हे फॉलो करती हु …बस और पाप करने हे क्यों …..न करो पाप न मांगनी पड़े maafi…itni सी जिंदगी ह जिसे हंस कर जियो और दुसरो के साथ भी हंसकर जियो सिंपल”
अपूर्व “सब आप जैसे नहीं ह …किसके मन मई क्या होता ह ये कोई नहीं जान पता ह क्यों राज “
राज अपूर्व की आँखों मई देख कर “सही कहा अपने इंसान दीखता कुछ और ह पर उसकी हकीकत कुछ और हे होती h…pata नहीं चलता ह की किसके दिल मई कितने राज़ दफ़न ह”
अपूर्व “वो यार तुम तोह किसी सस्पेंस थ्रिलर स्टोरी की तरह बात करते हो कंही तुम भी डबल रोले तोह नहीं करते हो न “इतना कह वो मुस्कुरा उठा और बोलै जस्ट किडिंग ..टूर पर ह थोड़ा फन तोह होना हे चाहिए ह लेटस जो बहुत टाइम लगने वाला ह हउमै ये तोह भला हो एक्सप्रेस हाईवे का जो नॉन स्टॉप वॉल्वो बस चल रही ह….”
राज चलने लगा तोह पूनम ने धीरे से उसका हाथ पकड़ लिया और बोली “आगे तोह आप यंहा से चले जाओगे पता नहीं फिर कभी दुबारा ऐसे हाथपकड़कर साथ चलने का मौका न मिले या न मिले …इसलिए टूर तक प्लीज मन मत करना …
राज “मेरी रह मई सिर्फ कांटे ह पूनम जी मेरा हाथ पकड़ने से आपकी जिंदगी भी सिर्फ बर्बादी और अँधेरे की तरफ हे जाएगी…”
पूनम “मंजूर ह बस आप साथ rahna..maut ए तब भी हाथ मत छोड़ना”
राज ने कुछ नहीं बोलै और बस हाथ पकड़े हुवे हे चलने लगा …
पीछे दूर से हे मनीषा ख़ुशी से “yes…yes यस.,..”
अनु सुर कविता भी एक दूसरे के गले लग गयी और तुरंत वीडियो कॉल श्वेता को लगा दिया और श्वेता ने जब ये देखा तोह वंही …..अपने रूम मई जोर जोर से छीकते हुवे खुसी से झूम उठी आखिर यही तोह वो चाहती की राज की जिंदगी मई कोई ऐसी लड़की ए जो राज को बेइंतिहा प्यार करे और यही हो भी भी रहा tha…poonam पीछे चलते हुवे भी खुस थी क्योकि उसने आज एक कदम जो बहुत बड़ा था वो उठा लिया था ….बस मई भी रात को स्लीपर मई राज के पास वाले स्लीपर मई लटकर उसे देखती रही ….क्योकि मनीषा के धोखा देने से हे सही उसने राज को आज के दिन गले लगा लिया था …वंही राज पूनम को उसके पापा से मिलवाकर जल्द से जल्द उसे ख़ुशी देना chàhata था……
वंही अपूर्व जो लेता हुवा tha…uske मोबाइल पर कॉल आया..
अपूर्व “बोलो”
सामने से मास्टर पूरी तयारी कर्ली ह हमारे कैम्प्स सेट करने वाले सभी हम हे honge…aur जैसा अपने कहा खाने की व्यवस्ता दूर की गयी ह …सब आपके प्लान के अकॉर्डिंग हुवा ह …
अपूर्व “एक्सीलेंट ….आज की रास्त इसे सोने देते ह क्योकि की कल के बाद ये ये दुबारा जनम भी लेगा तोह अपने साथियो और चाहने वालो की मौत देख कर दूसरा जनम लेने से darega….kal इसे मौत का लाइव टेलीकास्ट दिखाएंगे उस मॉडल को भी उन दोनों के साथ हे रखना बहुत इनफार्मेशन देती ह उस छोकरे को सबसे पहले वो हे मारेगी “
सामने से "यस यंग मास्टर"
अपूर्व ने कॉल कट कर दिया और उसके चेहरे पर ज़हरीली मुस्कान आगयी …
तोह इस तरफ रात को रंजन अपने खास बॉडी गॉर्डस के साथ मंडावा की तरफ निकल गया ..और अलग अलग व्हीकल से उसकी पूरी फौज निकल गयी ….मंडावा के लिए राज के परिवार को बुरी तरह तबाह karne…ke लिए
आज के लिए इतना हे जल्द मिलते ह अगले अपडेट मई ….अपडेट साइज 5.8 क वर्ड्स…