Adultery Raj-- hero of the family - Page 73 - SexBaba
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Adultery Raj-- hero of the family

एडिटिंग हाफ ऑवर ऑलमोस्ट
 
अपडेट 224



नथिंग इस इम्पॉसिबल…

रिकैप….

मधु “मेरे बचो का ख्याल रखना राज से कहना अब तुम हे इनके माँ और बाप हो …इनकी आँखों मई आंसू मत आने dena….wadaa करो …सुनील …तुम उसे ये कहोगे”

सुनील “ वडा ह ये ये ह
अमीषा खुस रहेंगे”



मधु के चेहरे पर मुस्कराहट आगयी और वो ब्लड लोस्स की वजह से बेहोश गयी पर सुनील को पता था की अब उसका बचना मुश्किल h…..usne दोनों बचो को गोदी मई लिया और मंदिर से बहार आगया …जंहा टट्टू वाला शख्स सामने खड़ा उसे हे देख रहा tha…sunil ने भी उसे घूरा और फिर अपने पहने हुवे सूट की बैक से एक प्लेट टाइप कुछ निकला और उसके साइड मई लगे बटन को पुश किया तोह वो एक टोकरी जैसे मई बदलता gaya….sunil ने दोनों को उसमे लेता दिया….

टट्टूवाला शख्स “वो बचे मेरे साथ जायेंगे और तू बिच मई आया तोह भी मरेगा”

Sunil"Khawab ये खवाब हे रहेगा tumhara...inki जान की कीमत मेरी जान से बढ़कर ह...”

"तोह फिर तेरी जान लेकर इन तक pahuchunga..waise भी तुम लोगो की जान की कीमत मेरे लिए कीड़ो जैसी ह"

सुनील “कोसिस करले”

अब आगई……..

सुनील जो टट्टूवाले के तीख सामने कुछ दुरी पर खड़ा था उसकी ताकत का अंदाज़ा लगा रहा tha….aur टट्टूवाला शख्स आराम से सुनील को देख रहा था उसके चेहरे पर ऐसे एक्सप्रेशन थे जैसे बकरे को काट ते वक़्त कसाई के चेहरे पर होते ह….

सुनील ने अपना डैगर एक झटके से अपने हाथ मई ले liya…aur टट्टूवाले शख्स की तरफ बढ़ गया….

तोह टट्टू वाला शख्स ने सुनील की ये हरकत देख हल्का सा मुस्कराया और वंही खड़ा raha…sunil तेज़ी से आगे बढ़ा और पहला वार झुक कर उसकी जांग पर किया जिसे टट्टूवाले शख्स ने अपना पेअर पीछे खिंच कर डॉज कर diya…sunil तुरंत ने तुरंत अगला वार सीधा ऊपर पेट की तरफ किया उस साई भी वो पीछे हैट कर बच गया …सुनील रूका नहीं और एक किक उसकी चेस्ट पर घूमकर दी जिसे वो एक कदम पीछे हैट gaya……tattuwale शख्स ने हाथ से अपनी चेस्ट पर लगी मीठी

को झड़कया और सुनील को देखने लगा …सुनील के चेहरे पर जान लेवा भाव पूरी तरह दिख रहे the….sunil ने वापस से एक जम्प के साथ हवा मई उड़ते हुवे सीधा गर्दन पर वार किया ……

5 सेकण्ड्स बाद सुनील लड़खड़ाते हुवे खड़ा हुवा …उसने अपने सर को पकड़ा और इधर उधर देखने तोह उसने देखा की वो टट्टू वाले शख्स से करीब 10 कदम दूर खड़ा h….usai धीरे धीरे याद आया की …कैसे एक हे पंच मई वो इतनी दूर आकर गिर गया था….

टट्टूवाला शख्स “तुम कीड़े हो कीड़े ….और इसे जयदेकुछ नहीं”

सुनील “ कीड़ा हु तोह कीड़ा हे सही अभी तोह बस सुरुवात हुवी ह …” इतना कह सुनील ने अपना डग्गर दूर फेंक दिया और कुछ पल अपनी आंखे बंद करसिद्धा खड़ा हो गया ..और जब उसकी आंखे खुली तोह सुनील की जगह उसकी आँखों मई वैलेंटाइन राइडर के किलिंग एक्सप्रेशन आगये थे जिसे टैटू वाले शख्स ने भी धयाँसे देखा …

वैलेंटाइन राइडर “ चल अजा”

टट्टूवाले शख्स ने “एक झटकेमाई हे इतनी तेज़ फुट स्टेप्स स्पीड दिखते हुवे वैलेंटाइन राइडर पर वार किया वैलेंटाइन राइडर ने तुरंत हाथ से वार को ब्लॉक करते हुवे पीछे हैट gaya….par वो अभी रूका हे था की उसे एक किक अपनी चेस्ट पर अति हुवी दिखायी diii…usne तुरंत अपने दोनों कोहनी को आगे कर उसे रोका पर किक का प्रेशर इतना था की वो कई पलटी कहतहुवा पीछे जा कर rooka….tattuwale शख्स ने एक बार उसकी तरफ देखा और फिर आगे बढ़ गया बचो की तरफ ….तभी एक डग्गर उसके आगे आकर जमीनमे धन्धस गया जिसे देख टट्टू वाला शख्स गुसा हो गया और मुड़कर वैलेंटाइन राइडर की तरफ देखा…

वैलेंटाइन राइडर “मुझे मर्दे और उनतक पहुंच जा पर …तुझे ये बताना भूल गया मैं…”

टट्टूवाला शख्स “और वो क्या”

वैलेंटाइन राइडर “मेरी मौत आज तोह नहीं लिखी ह “

टट्टूवाला शख्स गुसाई से “तुम कीड़े मकोड़े “ इतना कह उसने लगातार कई वॉर किये जिन्हे वैलेंटाइन राइडर डॉज कर गया पर टट्टू वाले शख्स की स्पीड तेज़ थी तोह उसने तुरंत एक वार वैलेंटाइन राइडर की चेस्ट पर किया राइडर कई फ़ीट पीछे फिसलता हुवा चला gaya…par ये क्या रूकने के साथ हे वो एक झटके साथ
फ्लिप मरते हुवे खड़ा हो गया ….और तुरंत टट्टू वाले शख्स की तरफ भगा और हवा मई हे जम्प के सत्र लेफ्ट किक फिर राइट किक और फिर लास्ट मई लेफ्ट किक टट्टूवाले शख्स के मू पर di….aur टाटूवाले के पीछे स्पीड से आगया और गर्दन पर एक किक मरी अभी वो अगला पंच मरता उसे पहले हे टट्टूवाले शख्स ने उसकी गर्दन अपने साथ से पकड़ली और उसे हवा मई उठा लिया और गुसाई से बोले …”टेर्री ये हीमत “और सीधा उसे जमीन पर पटक दिया और दुबारा हवा मई उठाकर तीन पंच मुज पर मरे और लास्ट मई एक साइड किक मू पर मरी …वैलेंटाइन राइडर घूमता हुवा दूर साइड मई जाकर गिरा….



एआरपीएस मई ये साडी आवाजे अज्जू श्रुती और राजीव भी सून रहे थे…

अज्जू “राजीव सर प्लान बी जल्दी”

राजीव “नहीं हमे सुनील के इशारे का वेट करना होगा”

अज्जू “र यू माध कौन sunil…wo वैलेंटाइन राइडर बना हुवा ह और जब भी वो वैलेंटाइन राइडर होता ह वो बहुत जिद्दी बन जाता ह उसे अभी सामने वाला उसकी टक्कर का नज़र ारः ह तोह वो लड़ रहा ह पर आप देख रहे ह न की हउमै बचो को बचाना ह …प्लीज जल्दी प्लान बी रेडी करो फाइव मिनट्स मई”

अभी कुछ और बात बोलते तभी उन्हें बिच मई अपने एअर पीेछे मई आवाज सुनाई दी “अभी नहीं वो मेरा सीकर ह”

अज्जू “वैलेंटाइन राइडर बचो को बचाना ह”

वैलेंटाइन राइडर “मेरे रहते उन्हें कुछ नहीं hoga”ye कहकर वो दुबारा से टट्टूवाले शख्स से फाइट करने laga…wo भी 2 वार खता तोह एक वार करता पर टट्टूवाले शख्स के वार जायदा भयंकर और ताकत से हो रहे थे

अज्जू “प्लीज आप प्लान बी फॉलो करे राइडर खतरे मई ह”

इधर वैलेंटाइन राइडर ने लेफ्ट साइड घूमते हुवे टट्टू वाले शख्स को पेट मई किक मरी और फिर पीछे आकर उसकी पीठ मई पंच mara…jiske प्रेशर से टैटू वाला शख्स दो कदम आगे सरक gaya….ab टट्टूवाले शख्स का साबरा बांध टूट गया …और उसने तेज़ी से पीछे पलट कर 10 पंच एक साथ राइट हैंड के राइडर को मरे …राइडर दसवे पंच पर निचे गिर गया टट्टू वाले शख्स ने एक किक का वार राइडर की चेस्ट पर किया जिस साई राइडर साइड मई होकर बच गया और अपने एक पेअर से टट्टू वाले शख्स के घुटने पर mari…toh टट्टू वाले शख्स ने भी दूसरे पेअर से निचे लेते हुवे रीडरके पेट पर ताकत से किक मरी…..

अज्जू “ जल्दी रेडी कीजिये वर्ण कुछ गलत हो जायेगा …ये आदमी बहुत पॉवरफुल ह “

राजीव “रेडी हो गया ह”

अज्जू “ 5 की काउंट पर “

राजीव “दोने”

तभी एआरपीएस मई उन्हें धीरे से आवाज आयी…. "ये साली पहाड़ी इतनी ऊँची क्यों ह ”

ये आवाज सुनते हे अज्जू और श्रुती का पूरा सरीर काँप gaya…..ki अब कौन आगया उन्हें लगा जैसे कोई दुश्मन आगया ह

श्रुती “अब क्या होगा”

सामने से दुबारा एअर पीेछे मई आवाज आयी “हड्डिया कमजोर हो गयी ह लगता h…dr सही कहता ह विटामिन वितामूं की कमी हो गयी h…upar से ये सांड बस पता नहीं कान्हा कान्हा मू मरता रहता ह मादरचोद के भी टुकड़े टुकड़े कर दूंगा बम से”

अज्जू “एक मिनट रूकिये देखे जरा ये कौन ह क्योकि इसकी बातो से ये हमारा दुश्मन नहीं लग रहा ह”

आदमी ऊंचाई पर चढ़कर लेत गया …

श्रुती “कितनी ऊँची ह ये पहाड़ी अज्जू “

अज्जू “यार फ्रंट से तोह एक मिनट एक मिनट वो शार्ट कट लेकर पीछे से चढ़ रहा ह सायद इसीलिए इतनी धीमी आवाज आरही ह”

तोह पहाड़ी पर वैलेंटाइन राइडर काफी पीटने के बाद भी टट्टू वाले शख्स को बचो की तरफ जाने नहीं दे रहा tha…ye सब देख टट्टू वाले शख्स ने सुनील का निचे जमीं मई गदा हुवा डैगर उठा लिया और सुनील की तरफ बढ़ गया और उस पर वार करने लगा राइडर भी पूरी हीमत लागर कर बचने लगा पर टट्टू वाले शख्स की स्पीडबाहुत तेज़ थी और वो कई कट्स राइडर को दे gaya…aur अगला वार वैलेंटाइन राइडर की चेस्ट मई करता उसे पहले हे साइड से एक वार उसकी चेस्ट पर आकर पडाऔर वो पीछे जा कर gira……aur तुरंत हे खड़ा होते हुवे बोलै

"अब तू कौन ह..."

आदमी लम्भी सांस छोड़कर "वही जो हरपाल तेरा पीछा करता था..."

“तोह अब तू भी मरेगा इसके साथ"

आदमी "आज तोह नहीं वैसे भी मैं मरकर हे जिन्दा हुवा हु या सायद अभी भी मारा हुवा हु पता नहीं खैर मुझे तोह तेरी जाट से हे नफरत h…aur वैसे भी तेरा होना भी तोह यही साबित करता ह की तू साला किसी भूत से काम नहीं ह इस दुनिया मई कुछ भी नामुकिन नहीं ह इंग्लिश मई बोलू तोह"

नथिंग इस इम्पॉसिबल

ाजजी “ये भी मतलब सबको …राज भाई की तरह डायलाग मरने की आदत क्यों ह मतलब सीधी तरह काम क्यों नहीं करता ह कोई …मारो या भागो …इतनी बकचोदी क्यों ”

आदमी ने वैलेंटाइन राइडर को हाथ पकड़कर उठाया और बोलै “क्यों भाई तू क्यों इस महामानव से उलझा हुवा ह …साला सकल और बॉडी से हे इस दुनिया का नहीं लगता ह”

वैलेंटाइन राइडर “सूट ाचा ह आपका ”

आदमी “इन जैसे के लिए हे बनवाया ह स्पेशलय ये ग्लप्स मेरी पावर को डोबबले कर देते ह “

वैलेंटाइन राइडर “ टीम वर्क करना पड़ेगा मैं चांस बनता हु मौका मिलते हे हड़िया तोड़ देना इसकी अपने आयरन glaps.se”

आदमी ने है मई गर्दन हिलायी और दोनों आगे बढे …सुनील ने दोनों हाथो से लगातार मू की तरफ कई वार किये …और फिर झुक कर पेट की तरफ वार किया जिसे टट्टूवाले शख्स ने अपने हाथ से ैसिलय रोक लिया पर तभी साथ वाले आदमी का एक सुपर पंच टट्टू वाले शख्स के मू पर पड़ा और वो उड़ता हुवा पीछे जाकर gira…uske होठो से खून आनेलगा

वैलेंटाइन राइडर “ग्लप्स सच मई पॉवरफुल ह”

आदमी “ग्लप्स को देखते हुवे टेक्नोलॉजी ह तुम रूको मैं देखता हु इसको ”

वैलेंटाइन राइडर का रिप्लाई सुने बिना हे वो आदमी सीधा उसकी तरफ भाग गया और अपना पावर पंच दुबारा मारा जिसे टट्टूवाले शख्स ने अपने दोनों हाथो से पकड़ लिया और गुसाई से उसको देखने laga….admi भी हैरान हो गया क्योकि उसके पंच मई बहुत पावर थी …अभी वो कुछ एक्शन लेता उसे पहले हे टट्टूवाले शख्स ने उसे हवा मई उठा कर निचे पदक और एक पंच उसके मू पर मरने केलिए उठाया हे था की पीछे से एक किक उसकी पीठ पर आकर lagi…wo आगे की तरफ लुढ़क ..gaya…aur आदमी ने भी छूट ते हे एक पंच उसके जबड़े पर मर diya..aur दूसरा पंच उसकी चेस्ट पर दिया …टट्टू वाला shakhs…piche 10 फ़ीट दूर जाकर गिरा…

टट्टूवाला शख्स खड़ा हुवा और पहना हुवा अपना टाइट जैकेट उतरा और दूर फेकते हुवे बोलै… “चलो ाजाओ कीड़ो बहुत खेल लिया तुम्हारे साथ अब तुम्हे बताता हु क्यों तुम कीड़े हो”

राइडर और आदमी ने एक दूसरे को इशारा किया और अटैक के लिए आगे बढे पर टट्टू वाले शख्स ने अब कोई मौका नहीं दिया और दोनों को बुरी तरह पीटना सुरु कर diya….dono उसकी स्पीड के आगे मैच नहीं कर पा रहे the…wo एक वार रोकते तब तक दो वार उनके सामने hote…tattu वाले शख्स ने दोनों को जमीं पर उठाकर निचे पटक दिया और खींच कर पेट मई किक मारनी सुरु करदी…..

वैलेंटाइन ने कुछ पल बाद हीमत दिखाकर पेट मई किक कहते हुवे उसके एक पेअर को कास के दोनों हाथ से पकड़ लिया तोह ….आदमी ने भी उसके दूसरे पेअर को कसके पकड़ लिया और दोनों एक दम से खड़े हुवे और गोल गोल घूम कर टट्टूवाले शख्स को दूर फेंक दिया ….

तभी वैलेंटाइन राइडर चिल्लाया “प्लान बी”

राजीव “ने तुरंत उड़ रहे ड्रोन को अपने हाथ मई पकडे रिमोट से कण्ट्रोल किया और तुरंत पहाड़ी पर निचे ले आया….

वैलेंटाइन राइडर ने तुरंत ड्रोन के निचे लटक रहे हुक को बचो की टोकरी मई फंसा दिया …और जब टट्टू वाला शख्स खड़ा हुवा तब सामने का सन देख उसकी आंखे गुसाई से जल उठी क्योकि टोकरी हवा मई ऊपर उठ रही थी …वो जल्दी से उसकी तरफ bhaga.pakadne के लिए भगा …बिच मई राइडर और आदमी दोनों खड़े थे पर वो उनके वार को डॉज करता हुवा टोकरी की तरफ भगा और एक पेअर को पूरी ताकत से जमीं से निचे की तरफ फाॅर्स लगा कर हवा मई उछला पर टोकरी उसके हाथो से कुछ फ़ीट दूर रह गयी और वो निचे उतरा तब पहाड़ी का एन्ड आचुका tha….wo अपने सीकर को हाथ से निकलता देख बुरी तरह गुसाई से कांपने laga….aur उसी गुसाई मई पीछे मूड कर राइडर और अभय को देखने लगा…..

राइडर “हम दुबारा मिलेंगे और तब आज की फाइट को एक की मौत से हे ख़तम करेंगे”

टट्टूवाला शख्स गुसाई से कांपते हुवे “तू जिन्दा रहेगा तब कीड़े तूने बहुत बड़ी गलती करदी …”

तोह आदमी बोलै “सपने देख तू अछि नींद आएगी तू abhi…Narpat सिंह को नहीं जनता ह नहीं अगली बार विटामिन वितामूं की गोलिया खाके मिलूंगा तुम्हारी पूरी नेसल को ख़तम करने की कसम खायी ह मैंने मेरे भाइयो का बदला जरूर लूंगा मैं”

इतना कह दोनों पहाड़ी की एक एन्ड की तरफ भागे टट्टूवाला शख्स भी उनके पीछे भगा पर उसके पकड़ने से पहले हे राइडर और वो आदमी पहाड़ी से कुढ़ गए सुनील ने आदमी को कसकर पकड़ liya…aur आदमी ने अपना पैराशूट खोल दिया ….



ऊपर से ये सन देख अब टट्टू वाला शख्स बुरी तरह जल भून गया और उसने तुरंत कुंदन को कॉल लगाया और बोलै “क्सक्सक्स जगह के आस पास 100 कम मई पुलिस और तेरे हर पालतू को लगा दे मिझे दोनों बचे चाहिए h….aur हर घर हर गली हर एम्बुलेंस …हर व्हीकल ट्रैन कोई भी व्हीकल सब जगह धुंध ….समजा एक भी जगह बिना चेकिंग के नहीं होनी चाहिए ह सबको बचो की फोटो भेज दे”



कुंडों “बबभाई वो मेरे आदमी थे न वंहा”

टट्टूवाला शख्स दहाड़ता हुवे “बनछोड़ मर गए अब काम करेगा या तेरे खानदान की” इतना कह उसने कॉल कट कर diya…piche कुंदन हक्का बक्का रह गया और तुरंत उसने अपने बेटे से लेकर हर पालतू आदमी को गली के गुंडों पॉलिटिशियन को और उनके p….sabko दोनों बचो की तलाश मई लगा दिया इधर …. नरपत सिंह और सुनील पैराग्लिड करते हुवे काफी दूर जाकर उतरे और वाच मई आरहे जीपीएस लोकेशन की तरफ भागने लगे ….

नपर सिंह “क्यों भाई ये तुम्हारे और उन बचो के पीछे क्यों पड़ा ह ये श्राप ह श्राप सेल”

वैलेंटाइन राइडर “आप ये एआरपीएस कान मई लगा लीजिये हम एकदूसरे से कनेक्टेड रहेंगे …और मेरी इसे दुस्मनी क्या ह आपको आगे बताता जाऊंगा पर ये आदमी क्या ह मुझे भी नहीं पता ह मेरा सामना पहली बार हुवा ह”

नरपत सिंह “ तीख ह जो तुम्हे तीख लगे वैसे भी मुझे भी रेस्ट की जरूरत ह सेल ने बहुत मारा ह”

वैलेंटाइन राइडर “ इसके बारे मई पता करना होगा क्योकि इतनी ताकत के साथ हम इसके सामने कुछ नहीं h….aur ये भी जानना ह की ये ह कौन और क्यों इनदोनो बचो के पीछे आया ह पर पहले हमे यंहा से निकलना होगा क्योकि ये मामूली इंसान तोह नहीं ह और अब मुझे पूरा यकीन ह बहुत सरे लोग हमे ढूंढने आएंगे… हथियारों के साथ…

नरपत सिंह “मामूली अरे भाई तुम अभी बचे हो इन सालो की पूरी प्रजाति ह प्रजाति और सब सेल बहुत ताकतवर ह बस ये कभी सामने नहीं एते ह इनका मकसद क्या ह मुझे भी पूरी तरह नहीं पता ह पर ये बहुत सालो से कुछ धुंध रहे ह …वैसे अभी निकलेंगे कैसे कुछ प्लान ह क्या”

वैलेंटाइन राइडर “प्लान तोह हमेशा हे होता ह”

इधर राजीव ने ड्रोन को कंट्रोल करते हुवे दूर बहुत दूर ले गया और जब राजीव को लगा की अब ड्रोन सबकी नज़रो से दूर हो गया ह उसे कंट्रोल करता हुवा अपने पास ले आया और दोनों बचो को एक बार चेक किया की सब तीख ह फिर कान मई लगे एआरपीएस मई बोलै “बचे मेरे पास ह मैं आगे आपका वेट कर रहा हु”

करीब क घंटे बाद वैलेंटाइन राइडर और नरपत सिंह भी वंहा आगये ….

वैलेंटाइन राइडर “व्हीकल मई बैठते हुवे हमे यंहा से सेफ लोकेशन पर चलना होगा अब बहुत लोग हमारे पीछे आएंगे और खासकर वो शख्स ….”

राजीव “ मेरा एक कांटेक्ट ह ट्रस्ट वाला ह हम उसके पास जायेंगे ”

नरपत singh“good तोह फिर दिएर किस बात की भाई ले चल ”

राजीव ने नपट को धयान से देखा तोह वैलेंटाइन राइडर जो सुनील बन गया था अब उसने आँखों से इशारा किया की सब तीख ह और राजीव ने भी तुरंत एआरपीएस मई कहा “ अज्जू क्सक्सक्सक्सक्सक्सक्सक्स66 नंबर पर मेरी बात करवाओ”

अज्जू ने कनेक्ट करवाया और कुछ दिएर बाद होने के बड़बोला

राजीव “आगे से 10 कम बाद कच्चा रास्ता ह उस रस्ते से उसके पास करीब 3 ऑवर मई पहुंच जायेंगे पर पहले हमे इस व्हीकल से कुछ सामान लेना पड़ेगा जो बहुत जरुरी ह आगे बहुत काम आसक्त ह”

नरपत सिंह “ले लेंगे ”

कुछ दिएर बाद व्हीकल को एक नाले के पास रोक कर 2 बड़े बैग्स और गन्स उठायी और व्हीकल को वंही छोड़ diya…..bache राजीव के पास थे और बाकी दोनों सामान सुनील और नरपत सिंह ने पकड़ रखे थे….

सुनील “आपकी क्या दुश्मनी ह इसे”

नरपत सिंह कुछ पल रूकर साथ भागते हुवे बोलै “बहुत गहरी दुश्मनी ह chote….salo ने मेरा सब कुछ चीन लिया मेरे दोस्त जैसे भाई भाभी बचे सब को मार diya…bus तबसे आज तक इनके दस आदमियों को मार पाया हु पर जिन्दा हु तब तक मरता रहूँगा”

सुनील “दस आदमी”

नरपत “ 15 साल लग गए ह इन्हे मरने मई ग्रांडे ….ज़हर फैला कर … हर तरीका अपनाया ह ये लोग बहुत पॉवरफुल ह .."

नरपत सिंगन आगे बोले "पुरे घर को उदा कर ….दस दस मशीन गन से फायरिंग करि तब जाकर मार पाया हु…”

राजीव “और ये सब जो अपने पहन रखा ह”

नरपत “ये बनवाया अमेरिका मई इन हर्मियो के लिए ताकि कभी इन जैसा से आमने सामने की फाइट हो तोह इनसे बच सकू और देखो आज काम आगया”

सुनील “तीख ह आप हमारे साथ चलिए हमारी पावर भी काम नहीं ह …वैसे भी दुश्मन का दुश्मन दोस्त होता ह और आप विस्वास कर सकते ह हम बुरे लोग तोह बिलकुल भी नहीं ह”

नरपत कुछ दिएर सोचने के बाद “तीख ह भाई पर तुम्हे एक वादा करना होगा”

सुनील “ और वो क्या ह”

नरपत “मुझे कुछ लोगो को ढूंढने मई मदद करनी होगी”

सुनील “तीख ह कोई दिकत नहीं ह पहले हम यंहा से निकल जाये फिर आगे बात करते ह इस बार मई”

इधर कुंदन ने पावर दिखा दी थी …उस गाँव के 100 कम के एरिया मई हर जगह अलर्ट हो चूका था ….. बहार जाने वाले हर छोटे बड़े कच्चे पक्के रास्तो पर आदमी धीरे धीरे पहुंच रहे थे और उप के बॉर्डर को सील पूरी तरह कर दिया गया था पुलिस को ये बताया गया की ठाकुर कुंदन सिंह के परिवार के 2 छोटे जुड़वाँ बचो को किडनैप कर लिया गया h….aur कुंदन सिंह के नाम की वजह से कोई भी जरा सी भी ला परवाहि नहीं करना चाहता था इसलिए लगभग पुरे उत्तरप्रदेश प्रदेश मई हे कुछ हे मिनटों मई तनाव को माहौल हो गया tha….kundan खुद भी अपनी कार से अपने पुरे काफिले के साथ टट्टू वाले शख्स कीतरफ निकल गया जो अभी भी उसी पहाड़ी के किनारे पर खड़ा था…..

करीब 2 ऑवर बाद ….

अज्जू “पुरे उत्तरप्रदेश मई आप सबको बुरी तरह खोजै जा रहा ह …पुलिस …..गुंडे …गाँव वाले सब आपको धुंध रहे ह..”

वैलेंटाइन राइडर “जैसा सोचा था….”

राजीव “इसीलिए मैंने ड्रोन की लोकेशन इस तरह दिखाई की उन्हें लगे की ड्रोन देहरादून की साइड जा रहा ह पर सच ये था की हम अपोजिट जा रहे ह ऐसा करने से हमे काफी वक़्त मिल जायेगा”




नरपत सिंह "हम निकलेंगे कैसे”


राजीव “हम वो करेंगे जो उन्होंने सोचा भी नहीं होगा”

इधर बलराम सबसे पहले उस जगह पंहुचा जंहा टट्टू वाले शख्स और वैलेंटाइन राइडर की फाइट हुवी थी वंहा उसने टट्टूवाले शख्स को देखा तोह उसके भी भाव चेंज हो गए …..

बलराम “तोह पापा ये सब इसके कहने पर कर रहे थे पर इसके हाथो से शेर भी नहीं बच सकता फिर वो कैसे बच गए ….इसकी भयंकर ताकत मैंने अपने हाथो से देखि ह ये बहुत पॉवरफुल ह मतलब बहुत बहुत जायदा पॉवरफुल ह …अभी संभलकर बात करनी होगी मुझे वर्ण एक पल मई मेरी मौत पक्की हो जाएगी”

बलराम टट्टू वाले से कुछ कदम पीछे खड़ा होगया टट्टूवाले शख्स ने एक नज़र बलराम को देखा और बोलै “कितने आदमी लगाए ह”

बलराम “पुलिस …..politician…aur उनके karyakarta…aur सभी हमरे आदमी जो लगभग 10000 हजार से जायदा लोग …

काम मई लग गए ह और हर पल ये भड़ते हे जायेंगे”

टट्टूवाला शख्स “ हम्म्म याद रहे बस दोनों बचो को ढूँढना ह बाकि सब अपने आप मिल जायेंगे”

बलराम “यही बोलै गया ह सबको”

टट्टूवाले शख्स ने एकबार वापस बलराम की तरफ देखा और फिर सामने की तरफ देखने लगा…..

शाम के 5 बज गए थे ……

राजीव “वो रहा उसका घर”

नरपत सिंह “और कौन ह इसके घर”

राजीव “अकेला ह हमने जो टीम बनायीं थी उसी का हे मेंबर ह …जो पैसे राज भाई ने दिए थे उसी से ये जमीन और खेत लिए और अकेला हे यंहा सबसे दूर रहता h…..yanha से 50 कम दूर इसका असली गाँव ह”

वैलेंटाइन राइडर “चलिए बचे भूखे ह हमे उनके लिए दूध का इन्तेज़ामकर्ण ह”

राजीव “वो सब तैयार ह आप चलिए”

दोनों घर के पास पहुंचे तोह…

राजीव “रमेश”

तभी घर का दरवाज़ा खुला और रमेश भर आकर “जय हिन्द सर”

राजीव “जय हिन्द रमेश”

रमेश “अंदर ाजैये सर” ….

और अंदर एते हे दरवाज़ा बंद करके ….सर कुछ दिएर मई हे यंहा से निकलना होगा…..

राजीव “तयारी करदी ह क्या”

रमेश “सर व्हीकल और कैसे भी दूसरे तरीके से निकलना मुश्किल ह क्योकि कुंदन सिंह उत्तरप्रदेश का बाहुबली ह उसने police..politicians..aur गली के हर गुंडों को बचो को ढूंढने के लिए लगा दिया ह

सुनील “एक बार यंहा से बचे साफल्य निकल जाये फिर इस कुंदन नाम के कुत्ते के टुकड़े उप के मैं चौराहे पर लटकाऊँगा”

नरपत “छोटे शांत पहले हमे यंहा से निकलना ह इतना गरम होने से क्या होगा “

राजीव “तुम्हारे पास वो आज भी ह क्या”

रमेश की ये सुनते हे आंखे चमकगायी और बोलै "है सर वो सारा सामान किस्मत से यही हे ह ये मेरे दिमाग मई क्यों नहीं आया मन स्लो ह पर परफेक्ट ह”

राजीव “गुड ये लो bag…ab तुम समाज हे गए होंगे की हमे कैसे निकलना ह …”

रमेश “यस सर समाज गया”

राजीव “ तुम भी साथ चल रहे हो क्योकि अब तुम यंहा नहीं रह सकते हो इसलिए सिर्फ जो बहुत जरुरी ह वो हे साथ लो और तयारी सुरु कार्डो”

रमेश “यस सर वैसे भी मेरा अब इस दुनिया मई कौन ह इन बचो के काम आजाऊंगा तोह दिल को ख़ुशी होगी “



सुनील “आप हमारे साथ रहोगे और हम मई से एक रहोगे हम सब एक परिवार ह”



रमेश “थैंक यू”

राजीव “रमेश तुम नरपत भाई को ले जाओ और तयारी करो मई जब तक बाकी सब सेट कर देता हु क्योकि मुझे पता ह वो यंहा भी जरूर पहुंचेंगे”

रमेश और नरपर सिंह तयारी करने लगे तोह….

सुनील की आँखों मई आंसू आगये थे…

राजीव “सुनील”

सुनील “माँ बाप का प्यार न मिले तोह पता ह कैसा महसूस होता ह ….कोई नहीं होता ह आंसू पौंछने वाला जब दर्द होता h….par इन दोनों बचो के साथ ऐसा नहीं hoga…ye एक सुकून की जिंदगी जियेंगे ….मैं दुनिया के कौन मई धुंध ढूंढकर हर दुश्मनको जान से मार दूंगा ताकि फिर कोई राज फिर कोई सुनील फिर कोई ahsaan(sherdil) अपनों के प्यार के लिए नहीं तड़पेगा…”

तभी एक बचे की रोनेकी आवाज आयी तोह सुनील ने उसे गोदी मई उठा लिया और बोलै “नहीं रोना h…bus आज आज की बात ह कल आपको बहुत सारा प्यार मिलेगा आपको मम्मी मिलेगी…”

राजीव “सुनील सायद दिएपर बदलना पड़ेगा पर हमारे पास नहीं ह तोह खैर छोड़ो तुम बाप बनोगे तब समाज आएगा लाओ मुझे दो ..”

सुनील “अब राज नहीं ह तोह इनका बाप मैं हे हु ये मुझे हे पापा कहेंगे”

राजीव ने कुछ नहीं कहा और एक सॉफ्ट से कपडे से बचे के डिपर को चेंज कर लगा दिया और कपडा लगा दिया और साथ हे कुछ और छोटे टुकड़े साथ मई रख लिए

सुनील जब तक दूसरे बचे को को दूध पिता हुवा देख रहा था …उसके चेहरे पर अब हलकी सी मुस्कान आगयी थी…..

वंही ….इनसे दूर…

बलराम “कान्हा दिखा ह वो व्हीकल”

आदमी “भाई वो जंगल के अंदर से जा रहे कच्चे रस्ते पर मिला ह”

बलराम “उस कच्चे रस्ते से जितने भी रस्ते निकलते ह सब पर आदमी भेजो बाइक लेकर चाहे पैदल”

आदमी “जी भाई”

टट्टूवाला शख्स “एक काम करो उस जगह के आस पास जो चौकी ह उस पर भी इन्फॉर्म करदे और उन्हें बोल दो जुड़वाँ बचो को ढूंढे आसपास के हर गाँव के घर मई घुसकर कोई मकान छूटना नहीं चाहिए ह”

बलराम ने तुरंत हे एरिया के ैप को कॉल कर समझा दिया ….

तोह उप मई …

मित्युदूत ने ऋचा को टेक्स्ट मैसेज किया….

ऋचा ने तुरंत टीवी का चैनल चेंज कर दिया …

राज “मेरा सीरियल …..मेरा सीरियल”

ऋचा प्यार से “जानू प्लीज जरुरी न्यूज़ ह”

राज “मू फुलाकर दूसरी तरफ घूम गया”

ऋचा ने राजके सिरपर हाथ फिरने लगी और न्यूज़ सुनने लगी जंहा …निचे हेडलाइंस मई सुनील की न्यूज़ चल रही थी जंहा सुनील की 2 साल पुराणी क्लीन शेव फोटो दिखा रहे थे जब की इस वक़्त सुनील बड़ी ढाढी मूंछे बाल बढे हुवे रखने लगा था…

ऋचा “भाई देहरादून क्यों ए ह अभी उसने बोलै हे था की न्यूज़ चेंज हो गयी और कुंदन के करीबी रिस्तेदार के जुड़वाँ बचे किडनैप होने की न्यूज़ चलने लगी….

राज ने भी नेव्स्की तरफ देखना सुरु कर दिया …

ऋचा “कंही सुनील इसमे शामिल तोह नहीं …नहीं nahi…wo तोह देहरादून ह”

पर सक का कीड़ा तोह ऋचा के दिमाग मई घूस हे चूका था…….

राज “ओह्ह छोटो बचो को किडनैप कर लिया बाद पीपल”

ऋचा “उन्हें पुलिस जल्दी हे पकड़ legi…raj

राज “कितने स्वीट ह दोनों देखो इसको आईज मेरे जैसी ह”

तभी ऋचा ने धयान से फोटो की तरफ देखा और बोली “बिलकुल इनकी आईज आपकी तरह हे ह”

रात के 8 बजे…

बलराम “पता लग गया”

टट्टूवाला “शख्स जल्दी लो वंहा पर”

बलराम ने तुरंत गाड़ी को अपने आदमी के बताई जगह की तरफ घुमा डीई…

टट्टूवाला शख्स “कैसे पता लगा”

बलराम “भाई तीन आदमी तेज़ी से एक्ट ओकरी और बैग लिए भागते हुवे जा रहे थे और बचो के रोने की आवाज पास मई अरमकर रहे लकड़हारे ने सुनी ह …इतना आईडिया तोह बहुत ह 50 परसेंट चान्सेस ह उनके होने के”

टट्टूवाला शख्स “अपने सभी आदमी जो भी वंहा ह उन्हें bol.ghuskar मार डेल जो भी बचो के साथ दिखे सिर्फ बचे जिन्दा चाहिए ह mujhe….waise उम्मीद तोह काम ह उनके मरने की पर कमसे काम उन्हें हमारे पहुंचने तक रोक कर हे रखेंगे ….

बलराम ने मई गर्दन हिला दी …

वंही ….

राजीव “तयारी पूरी ह बस कुछ हे वक़्त मई निकलना ह हमे”

सुनील “आपको क्या लगता ह इस नरपत सिंह नाम के शख्स के बारे मई”

राजीव “ मेरे एक्सपीरियंस के हिसाब से ये बाँदा नार्मल दिखने की कोसिस कर रहा h…aur इसकी मचिनार्य आर्मर और बॉडी लैंग्वेज कहती ह की ये एक निडर और बेखौफ आदमी ह …”

सुनील “मुझे भी यही laga….kyoki उसने उस महा मानव जैसे दस को मार दिया ह तोह इसकी दुश्मनी बहुत गहरी ह”

राजीव “हम्म्म थोड़ा संभल कर रहना होगा”

सुनील “वो हमरे लिए खतरा तोह नहीं ह ये बात मैं यकीं से कह सकता hu…aur ये भी यकीं से कह सकता हु इसके राज़ भी बहुत गहरे ह”

तभी रमेश अंदर एते हुवे “उन लोगो को पता लग गया ह हम यंहा ह वो अभी 5 कम दूर ह मैंने जो सेंसर लगा रखे थे खतरे के लिए उनके अनुसार 30 आदमी ह जिन मई से 5 के पास वेपन ह”

राजीव “नरपत सिंह कान्हा ह …”

रमेश “वो बहार पि रहे ह”

राजीव “व्हाट”

सुनील “ उन्हें भी चोट लगी ह फाइट मई “

राजीव “पर”

सुनील “चलिए हमे निकलना ह पीना प्रॉब्लम नहीं ह”

जैसे हे वो तीनो बहार ए नरपत सिंह को बहार हाउस के चारो तरफ कुछ लगते हुवे देखा…

राजीव “ये क्या कर रहे हो”

नरपत सिंह “सोना धुंध रहा हु तुम भी ाजाओ”

राजीव गुसाई से कुछ बोलता उसे पहले हे सुनील ने रोक लिया और बोलै “कितना टाइम लगेगा”

नरपत सिंह बस 5 मिनट उस हरामी को नहीं मार पता तोह न सही पर उसके पिल्लो को तीखाने लगा के जाऊंगा तुम सब चलो मैं अभी आया “

रमेश दोनों को साथ लेकर करीब एक कम दूर भागते हुवे पंहुचा और बोलै ये रहा हमारा निकलने का रास्ता चुपके से निकल जायेंगे किसी को पता नहीं lagega…thoda ओल्ड टाइप ह पर 100 परसेंट इफेक्टिव ह ….

सुनील के चेहरे पर मुस्कराहट आगयी क्योकि सामने एक हॉट एयर बैलून खड़ा था …

सुनील “इम्प्रेससिवे”

रमेश “न कोई आवाज न कुछ किसी को अंदाज़ा भी नहीं लगेगा की कोई इसमे भी भाग सकता ह ऑक्सीजन मास्क्स और कुछ स्नैक्स सब रेडी ह हम मॉर्निंग तक उप क्रॉस कर चुके होंगे”



सुनील “बाकि मैं संभल लूंगा चलो चढ़ जाओ” फिर सुनील ने बचो की तरफ देखा और बोलै बस आज की रात बचो बहुत रो लिया तुमने बस आज की रात और सहलो फिर तुम्हारे चाचा कभी तुम्हे रोने नहीं देंगे”



हॉट एयर बैलून हवा मई ऊपर उठने लगा ….और फिर कुछ दूर ऊपर आकर रूक गया….

रमेश “वो ए नहीं”

सुनील “10 मिनट हो चुके ह और 5 मिनट मई नहीं ए तोह हम मैं खुद राशि निचे जाकर खोल डिंगा”

राजीव “है ये तीख रहेगा”

करीब 5 मिनट बाद सुनील उतरने वाला हे था की उसे सामने से नरपत सिंह भागता हुवा नज़र आया ….

और उसने रस्सी खोल दी जो बड़े से खूंटे से बंदी हुवी थी और फिर हॉट बैलून आस्मां की तरफ और ऊपर उठने लगा …..राजीव और रमेश ने रस्सी को ऊपर खींचना स्टार्ट कर दिया ताकि नरपत ऊपर जल्दी आसके…

“नरपत सिंह ऊपर एते हे सालो के चीथड़े हे मिलेंगे अब”

सुनील “मतलब”

नरपत सिंह "सेंसर बम लगाए ह जैसे हे कोई भी घर मई घुसेगा सरे बम खुद बा खुद एक्टिवटे होकर फटने लगेंगे और 50 मीटर मई जो भी होगा सबको जला कर रख कर denge…powerfull ह ये बम”

इधर कुंदन के आदमी घर के पास पहुंचे …और घर को घेर लिया और धीरे धीरे अंदर घुसकर आगे बढ़ने lage….aur जैसे हे एक जाने ने गेट को लात मरकर तोडा….



ऊपर नरपत सिंह के चेहरे पर हंसी आगयी और वो बोलै शो टाइम ….और 5 सेकंड बाद एक साथ 5 धमाके हुवे….



नरपत सिंह के चेहरे पर खूंखार एक्सप्रेशन आगये और bola“jab तक तुम्हरी नेसल को इस दुनिया से मिटा नहीं दूंगा मेरे दोस्तों की आत्मा को शांति नहीं मिलेगी….

एक ऑवर बाद जब टट्टूवाला शख्स वंहा पहुँचो तोह उसे केवल वंहा जले हुवे बलराम के आदमी हे दिखे ….उसने तुरंत मोबिल निकला और कॉल लगाकर बोलै “बचे मिल गए ह वो भी जुड़वाँ एक टीम भेजो” और कॉल कट कर धीरे से बोलै तुम जंहा भी होंगे मैं अब धुंध लूंगा तुम्हे अब तुम जायदा दिन मुझसे दूर नहीं रह पाओगे …और फिर दोनों कीड़ो को अपने हाथ से मसल दूंगा”

ऊपर हॉट बैलून चुप चाप सबकी नज़रो से बचता हुवा दूर जाता रहा था….

पर ऊपर खड़ा सुनील जनता था की क्या होने वाला ह और क्या नहीं…

वंही इनसे अलग ….

“अब तुम तैयार हो शेरदिल तुमने वो कर दिखाया ह जो अचे अचे नहीं कर पाते ह अब वक़्त आगया ह की तुम भी मैदान मई उतर jao…..yudh का समय समीप ारः ह”

शेरदिल “जो आप कहे गुरु देव मैं तोह कबसे तैयार हु”

तोह एक घटना और घाट रही थी ….

योगी बाबा के गुप्त आश्रम मई जिसका पता सिर्फ राज के गुरूजी को हे हे था वंहा..

योगी बाबा “पुत्र अभय उठ jao….tumhare जागने का समय ागेस”

अभय ने धीरे धीरे अपनी आंखे खोली और आसपास देखते हुवे धीरे से बोलै मैं जिन्दा hu…..par मैं तोह निर्वाण के साथ उनसे लड़ रहा था और मेरी मौत हो गयी थी”

योगी बाबा के चेहरे पर मुस्कराहट आगयी और बोले “क्या तुमने कोई सपना देखा”

तभी अभय छोङकर “बाबा आप”

योगी बाबा “शांत हो जाओ कुछ वक़्त बाद युद्ध सुरु होने वाला ह परिवार को तुम्हारी जरुरत होगी जब तक तुम यही रहोगे और तुम्हे तुम्हरे सरे सवालो के जवाब भी मिल जायेंगे अभी तुम आराम करो तुम 1.5 साल बाद गहरी नींद से जगे हो”

अभय “जैसा आप कहे”

आज के लिए इतना he…masti मई पढ़ने का और लाइक्स पेलने का...

 
दोस्त की वाइफ ख़तम हुवी...😔 आज उसकी माँ भी हॉस्पिटल मई जिंदगी की जुंग मई हार gayi....aur आज भी मुझे उसे पहले पता था की मम्मी नहीं रही ....और मैं उसको ये बात कह नहीं paya....aj फिर मैं उसके साथ खड़ा था पर इस बार मैं भी कुढ़ को रोक नहीं पाया....

सच मई ऊपरवाला खेल बहुत खेलता ह हमारे साथ और रियली वो बाँदा सबसे जायदा हँसाने वाला बाँदा ह पर देखो अब दुख हे दुख लिख दिए इसलिए हे कहता हु कोई अपना ह उसे प्यार से मिलो बात करो जिंदगी बड़ी बस ह
 
ाचा इस स्टोरी मई पॉवरफुल चैरेक्टर कौन होने वाला ह क्या लगता ह
 
रविंदर ....

सुनील...

सहदेव....

गुरूजी....

सभी ...

आग...

शेरदिल....

मैच और माइक...

विल्लिअन स्कोर्पियन ट्राइब लीडर..

या जिसने धोखा दिया वो...

या अननोन एनिमी आर्मी......

डेथ हेलो......

इतने मई से कौन पावर फुल्ल होगा
 
अपकमिंग 225 .....

क्लैश....

वर्किंग इन प्रोग्रेस
 
अपकमिंग अपडेट 225 .....

एक्शन पावर पैक मेघा अपडेट....


क्लैश....

ों सैटरडे नाईट
 
वो सब तोह तीख ह पर अब ये एक्शन कान्हा हो गया वो भी मेघा एक्शन पैक.....

200.gif


 
लेट नाईट टुडे 225

क्लैश...


टट्टूवाला शख्स ने सामने वाले को गले से पकड़कर ऊपर उठाया और एक किक उसकी चेस्ट पर मरी ....जिसकी पावर से वो दूर जाकर गिरा और उसके मू से खून निकल आया ..... टट्टूवाला शख्स दुबारा से आगे बढ़ा सामने कड़ी डॉ को मरने के लिए....

वंही ये सब स्क्रीन पर देख रहे शख्स की आंखे गुसाई से लाल हो गयी और अगले हे पल जैसे वो अपनी जगह से गायब सा हो गया और जब वो दिखा तोह वो टट्टूवाले शख्स के तीख सामने खड़ा था और उसके पंच को अपने एक हाथ से ब्लॉक किये हुवे था......


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