Adultery Raj-- hero of the family - Page 71 - SexBaba
  • From this section you can read all the hindi sex stories in hindi font. These are collected from the various sources which make your cock rock hard in the night. All are having the collections of like maa beta, devar bhabhi, indian aunty, college girl. All these are the amazing chudai stories for you guys in these forum.

    If You are unable to access the site then try to access the site via VPN Try these are vpn App Click Here

Adultery Raj-- hero of the family

क्लर्क की डेट 25तह अगस्त आगयी h....evening मई ह एग्जाम अब प्रे क्लियर तोह फिर माईनस का एग्जाम होगा अक्टूबर मई ...बस दिल एक बार दवा करना की हो जाये सिलेक्शन....
 
मेघा अपडेट 222...

"टीज़र"

अपडेट 31 सत ौग ...बिटवीन 1 तो 2 पं....

No रेविएवस क्योकि रियली रेविएवस के रिप्लाई नहीं कर paunga...bus लिखे थोक देना आपका प्यार और प्रजेंस दिख jayegi...update ऑलमोस्ट 6 क प्लस का हे होगा....
 
अपडेट नाईट मई आएगा bhaiyo...kafii कुछ लिखना बाकि ह पर सुरेली नाईट मई जरूर आएगा एंड अफ़्कौर्से कंपनसेशन मिलेगा ..
 




इतने वर्ड्स लिख लिए ह अभी पूरा एक सन बचा हुवा ह .....अपडेट नाईट मई हे ayega....after नून 3 हॉर्स लगेंगे लिखते huve.....isliye वेट फॉर नाईट....
 
एडिटिंग एक ऑवर लग जायेगा...
 
अपडेट 222

टीज़र……

फर्स्ट ऑफ़ आल मेरे सभी पेपर अचे से हुवे ह और आगे भी कॉन्टिनुएस हे एक्साम्स ह बूत अपडेट एते rahenge….isliye डोंट वोर्री एंड सेकन्ड्ली इतना ट्रस्ट दिखने के लिए दिल से dhanywaad…ye स्टोरी जरूर पूरी hogi…kafi वक़्त बाद लिखने लगा हु तोह कॉन्टिनुइटी आने मई थोड़ा वक़्त लगेगा काफी अपडेट बाकि रह गया ह …लिख हे नहीं पाया पूरा पर परसो एक अपडेट और दूंगा नाईट मई ….जो फुल ऑफ़ एक्शन होगा ..एंड मोस्ट इम्पोर्टेन्ट …अब रिव्यु मत देना बस एक लिखे दे देना मुझे आपका सपोर्ट मिल जायेगा …क्योकि आगे 9तह नोव को िबप्स सो का एग्जाम ह जिसमे सबसे जायदा चान्सेस ह सिलेक्शन के इसलिए ….बस इतना हे कहना था…. थैंक यू सो मच फॉर योर विशेष एंड सपोर्ट….

अब तक अपने पढ़ा की राज की यादास्त जा चुकी h…..aur उसका ट्रीटमेंट ऋचा कर रही ह और राज के साथ हे उसकी पत्नी बन कर उत्तरप्रदेश मई राज के ननिहाल मई रह रही h…..wanhi राज अब दीपू बन चूका ह और वो भी ऋचा से बेइंतिहा प्यार करता ह और हर रात राज के सोने के बाद उसका दूसरा मंद जो निर्वाण ह उस पर हावी होने की पूरी कोसिस करता ह …पर ऋचा राज को रात मई बाँध कर रखती ह जिसकी वजह से वोअब तक कामयाब नहीं हो पाया ह …और ऋचा के उस बोतल वाले लिक्विड के कारन वो राज के अंदर हे डाब कर रह रहा h….aur पिछले एक साल से सिर्फ एकगलति का इंतज़ार कर रहा ह ताकि वो राज की बॉडी को पूरी तरह काबू कर सके ……पर अब तक ऋचा ने उसे एक भी मौका नहीं दिया ह जिसकी वजह से निर्वाण ऋचा से बहुत गुस्सा और नफरत करता h……aur जिस दिन वो आज़ाद हुवा सबसे पहले ऋचा को हे खतरा होगा सबसे जायदा….

वंही कृति जिसकी लाइफ दादाजी ने पूरी तरह बदल दी ….जो अब एक मिडिल क्लास फॅमिली की लड़की से उठकर ….सिंह ग्रुप ऑफ़ कम्पनीज की चेयरपर्सन बन गयी h….jo मन हे मन राज को प्यार करती ह और उसे दिल की गहराई से अपना मानती ह …उससे जल्द मिलने की खुसी मई बहुत खुस ह पर इतने वक़्त से न मिलने की वजह से उसका दिल भी उदास होने लगा ह पर वो इस आस मई ह की जल्द हे वो राज से milegi….is बात से अनजान की राज के साथ बहुत बड़ा हादसा हो चूका ह और फॅमिली के अकॉर्डिंग वो अब इस दुनियामे नहीं h…..Toh वंही इन सब से अलग स्कॉर्पियन ट्राइब के वोडोनो पर्सन राज की बॉडी को ढूंढने और बचाए को ढूंढ रहे ह और उनकी इस हरकत की भनक वैलेंटाइन राइडर को भी हलकी हलकी लग चुकी ह और वो भी आने वाले खतरे के लिए तैयार हो रहा ह ….

अब आगे…..

“कौन ह …..”

गोलियों के फिरकारने की आवाज आयी….

“सब नज़र रखो देखते हे शूट करदेना”

मुंबई के अंदर अन्धेरीमै सुनसान जगह 10जाने चारो तरफकीसी को देखने और ढूंढने की कोसिस कर रहे the….par एक के बाद एक स्ट्रीट लाइट एक एक करके बंद होती चली गयी और घूप अँधेरा गली मई चाह गया….

“भेनचोद लाइट्स बंद कैसे हो गयी”

“मैंने तोह पहले हे बोलै था मुम्बई मई इतना बड़ा काण्ड उस छोकरे के पीछे हुवा था…. अंडरवर्ल्ड की दुनिया हिल गयी थी …उसको ढूंढने के चक्कर मई और तुम उसके बारे मई जानकारी इखट्टी कर रहे ”

दूसरा आदमी “चुप कर चूतिये फत्तू …कोई नहीं जनता ह पहले क्या हुवा था तू बस नज़र रख …..पहले इसे निपटा ले फिर उससस…”

उसके बाकि सब्द उसके मू मई हे रह गए क्योकि ेककनीफे उसके मू के अंदर से घुसकर आधा पार होकर पीछे से निकला हुवा था और वो वंही निचे गिर gaya….sath वाले ने मोबाइल की लाइट मई उसे ऐसे देखा तोह वो और बुरी तरह दर gaya….aur फिर एक के बाद एक वो सरे कटी पतंग की तरह निचे गिरते gaye…..sirf एक के छोड़कर और फिर अंदर मई बिलकुल ब्लैक ड्रेस पहने एकशख्स चलता हुवा बहार aya…bache हुवे अकेले उस आदमी ने आवाज की तरफ गोलिया चला डीई परकुछ सेकंड बाद उसे पीछे से अपनी गर्दन पर कुछ चुबता हुवा महसूस हुवा तोह वो बुरी तरह दर से कांपने लगा गया

“सिर्फ एक सवाल किसने कहा तुम्हे ये काम लेने को”

आदमी “झांय भाई ने”

“कान्हा मिलेगा”

“कंट्री क्लब मई”

“झूट बोलै तोह जिन्दा हालत मई तेरी आंखे …और वो हर हिस्सा हलग कर दूंगा जिसे तू मरेगा भी नहीं और जिन्दा रहने की ीचा भी नहीं होगी “

आदमी “मममम माँ कसम मेरी आगे पीछे की साथपिङीयो की kasam….wo कंट्री क्लब मई हे मिलता ह …. मुझे छोड़ दो भाई“

“ले छोड़ दिया इतना कह उसका गाला काट दिया”

रात के 12 बजे कंट्री क्लब जंहा बीट्स पर लड़के लड़किया माधोसी मई डांस कर रहे थे….

“झांय भाई आपको उस छोकरे के मामले मई फसना नहीं चाहिए था …साला कमिश्नर भी उस मामले से दूर रहता h….aursala नया मिनिस्टर तक भी दूर हे रहता ह उस मामले से “

झांय “ैप यही टाइम ह अपनी पकड़ मजबूत करने का इसलिए तोह कर रहा हु ये सब और देखना तू अगले एक साल मई झांय के नाम का सिक्का चलेगा जिसने कसम दिया ह वो बहुत पॉवरफुल आदमी ह मतलब दानव ह”

ैप “झांय bhai…hazaro लोग मरे गए the…par क्या मज़ाल जो न्यूज़ या पेपर मई एक भी न्यूज़ आयी हो और आप ऐसे मामले मई फंस रहे हो ….मैं चलता हु झांय भाई मुझे अभी जीना ह आप किसी को भी मरने को कहो मार दूंगा झूठे रपे मर्डर केस मई फंसा दूंगा पर ..इस मामले मई nahi…jaan ह तोह जहाँ h.”itna कह वो उठकर कुछ हे कदमगाया होगा की क्लब मई चल रहा म्यूजिक बंद हो गया और लाइट साडी बंद हो गयी…..

ैप ने तुरंत अपने मोबाइल की लाइट ों करि मुड़कर झांय की तरफ लाइट करि तोह उसके हाथ से मोबाइल फिसलकर निचे गिर गया और वो पत्थर की तरह वंही जैम गया क्योकि उसके सामने झांय सोफे पर झांय खून से लथपथ था …. पेट की अंतड़िया निकलकर बहार आगयी थी और और गले से खून निकल रहा था और झांय तड़फड़ाता हुवा अपनी मौत की तरफ जारहा था…..

वंही वो शख्स जिसने ये सब किया था वो बिल्डिंग के सबसे टॉप पर खड़ा धीरे से बोलै “उसे ढूंढने जाओगे और अपनी मौत को सामने paoge…usai सिर्फ मैं ढूंढूंगा ….सिर्फ मैं”

तभी उसके एआरपीएस मई कॉल आने का अलर्ट आया और उसने कॉल उठाया…

सामने से आवाज ayi“kal शिवानी दी और घर की शांति के लिए पूजा ह और आप हे उनके परिवारमे एक मर्द हो तोह साडी रस्मी आपको हे निभानी ह”

सामने से कोई आवाज नहीं आयी तोह..

“कब तक खुद को दोषी मानते रहेंगे ap…yaad ह न राज ने क्या कहा था ….ये ह न ये संभल लेगा भाभी मुझे कोई टेंशन नहीं ह और aaj….pariwar को आपकी जरुरत ह मुझे आपकी जरुरत ह”

कॉल डिस्कनेक्टेड….

क्या हुवा भाभी

मनीषा “ आज भी सिर्फ सुना पर कोई जवाब नहीं diya….aise तोह वो घुट घुट कर मर जायेंगे …..और ये सब सिर्फ मेरी वजह से ह na…na वो मुझे भाभी मंटा न ये शादी होती न मेरा वो बाप यंहा अत और …..aur….ye कहते कहते वो फफक कर रोने लगी…..

ममता “न भाभी न रोना नहीं ह आपको पहले पता होता तोह आप होने हे क्यों देती और यंहा किसी ने भी कभी आपको दोषी नहीं मन h…isliye सबके लिए अब हमे आगे बढ़ना होगा आज 1.5 साल से ऊपर होने आगया ह पर भाई का कुछ पता नहीं चला ह सायद वो सच मई अब हमारे साथ नहीं रहे ह”

मनीषा “नहीं नहीं ममता मेरा राज जिन्दा ह उसने वडा किया था वो मुझसे कभी दूर नहीं जायेगा…” मनीषा इसे जायदा कुछ कह हे नहीं पायी और ममता के गलेलाग कर रोने लगी….

नेक्स्ट डे……

“बहुउउ”

ईई…

ईई

2आवाजे एकसाथ ईई…

भीमा “मेरी galti….chalo ाचा ह आप दोनों हे आगयी तोह …बड़ी bahu(supriya) आप बहार पंडित जी और साधु बाबा आगये ह उनके लिए व्यवस्था कीजिये और छोटी बहु (manisha)ap बाबू जी को दवाई देकर उन्हें बहार ले आईये मैं जाकर हलवाईयो को देखता hu…aur है पहले सोनाली बिटिया को भी तैयार कर dena..wo तोह जैसे सब भूल सी गयी ह

मनीषा “जी चाचा जी”

मनीषा पहले दादाजी के रूम मई गयी जंहा ठाकुर साब बैठे हुवे थे…

मनीषा “दादाजी पंडित जी और साधु बाबा सब आगये ह…”

जगमाल सिंह मनीषा को देख कर “ लगता ह रात को फिर से रोई हो …मैं कह चूका हु न मेरा पोता इतनी जल्दी नहीं मरेगा ….वो लौट कर ayega….aur जब आएगा तब आपको अफसोस होगा की मैंने इतने दिन दुख और गिलानी मई क्यों gujare…wo बुरा वक़्त था जो बीत गया ह तुम खुस रहा कर वर्ण वो सबसे लड़ने लगेगा की मेरी भाभी को कितना दुखी रखा ह”

मनीषा “नहीं बाबूजी राज मेरा दोस्त भाई सबकुछ h…main रोज इसी ास्मै सुभे उठती हु की आज राज की कोई खबर मुझे milegi….par अब ये उम्मीद भी टूट टी जा रही ह…

जगमाल सिंह “बेटी …वो अमर ह वो मर नहीं सकता ह”

मनीषा “क्या मतलब”

जगमाल सिंह “कुछ नहीं तुम बस ये जानलो उसके भाग्य मई 10 संतान ह …बचपन मई पंडित जी ने कहा था मैं तोह ये सोच सोचके के हैरान हु की ह कान्हा ह वो सरे बचो ….

मनीषा हैरानी से दादाजी को देखने लगी…

दादाजी “चलो भयी मुझे बहार ले चलो पता नहीं इस व्हील चेयर से कब छुटकारा मिलेगा”

मनीषा दादाजी के ले जाते हुवे मन मई खास आप सही हो बाबूजी …

मनीषा दादाजी को छोड़ राज के रूम की तरफ आगयी और उसने दूर ओपन किया तोह अंदर सोनाली खिड़की मई बहार की तरफ देखती हुवी बैठी थी…

मनीषा “पूजा का टाइम हो गया ह दी चलिए आप भी तैयार हो जाईये…

सोनाली ने कुछ नहीं कहा ….तोह मनीषा उनके पास बैठकर ….शिवानी दी की आत्मा की शांति के लिए पूजा ह आपको आज बहार आना हे hoga….ao बड़ी बहन हो

सोनाली तुम जाओ ..

मनीषा “दादाजी ने आपको साथ लेन को बोलै ह आप नहलीजिये मैं आपके बाल बना दूंगी…

सोनाली ने कुछ नहीं कहा और वो कुछ दिएर मई नहाकर आगयी और फिर मांग मई सिन्दूर गले मई मंगलसूत्र और ट्रेडिशनल ड्रेसस्पाहन कर खुद हे तैयार होकर मनीषा के साथ निचे आगयीईइ…..

उसे मांग मई सिन्दूर और गले मई मंगल सूत्र पहना देख कर भी किसी ने कुछ नहीं kaha….jaise उन्होंने ये सब पहले हे देख रखा हो कुछ दिएर बाद सुनील भी आगया जो बेहद शांत tha….usne सबको देखा और दादाजी का श्रीवाद लेकर.. कमरे मई सीधा नहाने चले गया….

पंडित जी “पूजा का समय निकला जा रहा ह ठकुरसाब…”

तभी सुनील आकर “सुरु कीजिये पूजा पंडित जी”

जगमाल सिंह “पंडित जी सुरु कीजिये….”

ढाई घंटे बाद पूजा खतम हुवी और अभी 5 मिनट हे हुवे होंगे की बहार से आवाज आयी हर हर mahadev….har हर mahadev….aur योगी बाबा अंदर ए….

जगमाल सिंह “ परनाम बाबा जी”

योगी बाबा “लगता ह मन नहीं भरा ह आराम करके पेअर तोह आपके तीख हो गए ह फिर किस चमत्कार की परतीक्षा कर रहे ह छोड़ दो व्हील चेयर को इस उम्र मई बहाने अचे नहीं होते ह ”

फिर सब बरी बरी योगी बाबा का आश्रीवाद लेने लगे जब मनीषा पाँवचुकार आश्रिवासद लेने लगी तब योगी बाबा बोले “परीक्षा बहुत बड़ी दी ह पुत्री ….उसका फल भी तुम्हे जरूर मिलेगा हमेशा खुस रहो ऐसे हे सबका धयान rakho…man मई खुदको दोषी मत मनो जो होता ह जो होगा सब पहले से लिखा हुवा ह”

फिर सोनाली की तरफ देख कर “हम्म्म्म बहुत नाराजगी बहुत गुसा ह पर सब व्यर्थ दिखावे का ह …उसके नाम कमंगल सूत्र पहना ह तोह विस्वास भी रखो”

सोनाली योगी बाबा को देखने लगी

योगी बाबा “लगतह यकीं नहीं रहा मेरी बातो पर हर हर हर महदेव”

सोनाली अभी भी बस एक तक देख रही थी योगी बाबा को ….

योगी बाबा “हर सोमवार शिवजी का व्रत rakho….mahdev ने चाहा तोह ीचा जरुरी पूरी होगी हर हर महादेव”

फिर पलट कर jagmaal…ek बहुत बड़ा संकट आनेवाला ह परिवार पर कन्या राशि पर कास्ट का प्रभाव दिख रहा h….……..jald हे यात्रा का योग भी बन रहा ह……”

जगमाल सिंह “बाबा क्या मैं समझा नहीं और किस पर संकट ारः ह”

योगी बाबा “हर हर महा dev…mahadev जो वो चाहे वही hoga….ye सब नियति का खेल ह …..सबका मालिक एक ह …पर नाम अनेक h….mera कर्म तुम संकेत देना tha…vats….

इतना कह योगी बाबा खड़े हुवे और बहार की तरफ जाने लगे …तभी उनके जाते कदम रूक गए क्योकि उनके एक पेअर को किसी ने पकड़ लिया tha….unhone निचे की तरफ देखा तोह भीगी आँखों के साथ सोनाली उनकी तरफ हे देख रही thi….aur कुछ पल बाद बोली “बाबा पापा छोड़कर चले गए …माँ भी बीमारी से दुनिया छोड़कर चली गयी ….एक आखिरी सहारा था जिन्हे का वो भी aaj….ayega…kal ayega….sochkar जी रही hu…par अब तोह वो उम्मीद भी सूखे पत्तो की तरह हर दिन टूट टी जा रही h….aj तक यही सोच के हर दिन खुद को हीमत देती रही की ….आपकी कही हर बात सच हुवी h….par अब हर विस्वास हर उम्मीद ख़तम होती सी दिखती h…..ab तोह ये जीवन भोज सा बन गया ह बाबा”

शेरनी की तरह दहाड़ने वाली इंडिया की सबसे खुंखाकर फीमेल पोलिकेर की हालत इस वक़्त तीख वैसी हे थी जिसने अपना सब कुछ और जीने की चाहा पूरी तरह छोड़ दी ho….sabhi परिवार वाले mamta….rifat सुप्रिया शेर दिल की maa….manisha यंहा तक की भीमा की आँखों मई भी आंसू आगये the…..pura परिवार …बहुत बड़े दर्द से गुजरा tha…bus एक शख्स था जो आँखों मई खून लिए एक कौन मई खड़ा था और वो था सुनील… जो अपनी बड़ी बहन के आंसुओ के लिए खुद को दोषी मान रहा था

कुछ दिएर बाद योगी बाबा ने सोनाली को उठाया और बोले…… “पुत्री मैं पहले तोह जा रहा था क्योकि कुछ करम मेरे भी ह जो मुझे ये दुनिया त्यागने से पहले करने h….par जाने से पहले अब मैं चाहता हु तुम अपने हाथो से बना कर हमे भोजन karwao……….aur फिर खुद पूजा के कुंड के आगे बैठ gaye….sonali ने अपने आंसू पौंछे और रसोई की तरफ चली गयी…

तोह योगी बाबा ने हवं कुंड के सामने मंत्र उच्चारण सुरु कर दिए जैसे जैसे उन्होंने अपने बैग से निकलकर आहुति देनी सुरु kari….havan की अग्नि जोर जोर से भड़कने lagii…..pass मई बैठे दूसरे पंडित और पुजारी पीछे हो गए पर योगी बाबा बिना परवाह के मंत्र उच्चारण करते gaye…..aur फिर आंखे बांड करके धयान मई चले गए…..

कुछ दिएर बाद …

योगी बाबा भोजन कर रहे थे और करते करते उनके चेहरे पर मुस्कान आगयी …और उन्होंने सोनाली की तरफ dekha…aur बोले “भोजन मई भी तुम्हारे इंतज़ार का स्वाद ह beti……maine तुम्हारी कुंडली देखि h…tumhari एक हे शादी h…isliye तुम उपरवाले मई विस्वास रखो और अपना कर्म करती रहो …..बाकि ऊपर जो बैठा ह उसके खेल निराले ह मरे हुवे को जिन्दा करदे और जिन्दा को कब अपने पास बुलाले कोई नहीं जनता ह…” इतना कह वो उठ गए और सोनाली को आश्रीवाद देते हुवे बोले “सदा सुहागन रहो पुत्री” सुनील और जगमाल सिंह को साथ बहार आने को कहा…. और जब दोनों बहार ए तोह…

योगी बाबा “पुत्र sunil….tum कल देव भूमि के लिए प्रस्थान karo…Raj के अंशो पर मुझे घोर संकट के बदल दिखाई दे रहे ह…..

दादाजी “राज के ांसस”

योगी बाबा “राज की कुंडली के अनुसार उसके 2 अंश इस दुनिया मई बहुत पहले हे आचुके ह और उनकी उपस्थिति मुझे देवभूमि मई दिख रही h….ab मुझे जाना होगा … जल्द हे एक बहुत बड़ा संकट आने वाला ह..”

जगमाल सिंह दुखी मन के साथ“ क्या कभी इन दुखो से निवारण नहीं मिलेगा गुरूजी …ये बूढी आंखे जीते जी एक बार सुखी परिवार देखना चाहती ह”

योगी बाबा “अभी बहुत सी बाते ऐसी ह जो कोई नहीं जनता ह और इसे जायदा मैं तुम्हे बता नहीं सकता हु ….पर मेरी इतनी तपस्या और तप से ये देख कर बता सकता हु की ….सुख के बहुत साल ह जीवन मई”

योगी बाबा तोह इतना कह चले गए पर पीछे खड़ा सुनील की आँखों मई एक चमक थी ……जैसे उसे कुछ मिल गया हो …..

सुनील “ मुझे जाना होगा abhi..main इस बार दिएर नहीं कर सकता हु दादाजी”

जगमाल सिंह ने एक जोरदार थपड सुनील के गाल पर मारा और गुसाई से बोले बस बहुत हो गया ह ….वो बची रोज तुम्हारा इंतज़ार करती ह ….खुद को हर घटना के लिए दोषी मानती ह ….और तुम तुमने अपना दोस्त खोया खोया करते हो… तोह क्या उसने तुमसे काम काम क्या ह नहीं उसने तुमसे जायदा खोया ह …अपने बाप को अपने हाथो से मारा ह …और उसकी माँ इस दुनिया मई नहीं ह ….कविता श्वेता उसे बात नहीं करती h…poonam आज तक सदमे ह ….तुमसे उम्मीद थी एक सहरे की और तुम बदले और राज की तलाश मई हर जगह घूम रहे ho….socha ह उस पर क्या बिट रही होगी कैसी जी रही hogi…….ab कोई तलाश नहीं होगी राज की अगर वो जिन्दा ह तोह वो खुद आएगा तुम कल सुभे देव भूमि के लिए jaoge….aur आज के baad…tumhari वजह से या तुम्हारे लिए मनीषा बेटी रोई तोह मुझे सकल मत दिखाना dubara….ab jao…yanha का काम निपटाओ और उसको समय दो.”

इतना कह वो सुनील के कंधे को थपथपाने के बाद धीरे धीरे चलते हुवे अंदर agaye…piche सुनील खड़ा सोचता रह गया ….अपनी जिंदगी के बारे मई और खुदसे हे बोलै “सच हे तोह कहा मैंने हे थोड़ी खोया ह …वो तोह मुझसे जायदा उसे मानती thi…akhir उसका दोस्त देवर सब tha….”sunil इस उधेड़ भून मई पीछे का सब सोचता raha….janha दीपिका की शादी राहुल के साथ हो गयी थी और शादी के लिए एक छोटा सा फंक्शन रखा गया था …इसके बाद सुनील ने खुदको सिंघानिया फॅमिली से बेदखल कर लिया और सब कुछ छोड़कर मंडावा आगया tha….aur rajeev….mech और माइक के साथ वैलेंटाइन राइडर बनकर पूरी हवेली के साथ साथ पुरे गाँव को अजय और जानवी की मदद से हिघटिच कर दिया गया tha…ab मंडावा एक ऐसे अभेद किले मई तब्दील हो चूका था जिसे बढ़ा नहीं जा सकता गाँव के आसपास और हवेली mai…bankar basements…hathiyar इमरजेंसी एग्जिट सब मौजूद थे……

सुनील भी आज काफी महीने बाद घर आया tha….pure दिन पूजा और सबको दान दक्षिणा देने के बाद रात मई जब वो रूम मई आराम कर रहा था tab…manisha ने दूर ओपन किया ….और अंदर ayii….ek बार सुनील को देखा और पास मई पानी का जग रख diya…aur वापस बहार की तरफ जाने लगी तोह…

सुनील “अभी भी काम बचा हुवा ह”

मनीषा को यकीं नहीं हुवा की सुनील ने उसे बात की वो तुरंत पलट गयी उसकी आँखों मई ख़ुशी के आंसू the…sunil भी बीएड से उठकर खड़ा हो gaya…aur मनीषा की आँखों मई देख रहा tha…kuch पल बाद वो बोलै “ी म सॉरी मैं तुम्हे टाइम वो साथ नहीं दे पाया जो एक पति को अपने पत्नी को देना चाहिए था तुम्हे अकेला छोड़ दिया जब तुम्हे मेरी सबसे जायदा जरुरत thi…kya करू जब भी मैं सोचता हु की आगे बधु मुझे पूनम की आखिरी बाते याद आजाती ह मैं उसके विस्वास को पूरा नहीं कर पाया एक भाई अपनी बहन की ख्वाइश पूरी नहीं कर पाया मनीषा मुझे हर वक़्त शिवानी दी का और राज का चेहरा दीखता ह ….मैं राज और शिवानी दी के खोने के ढक से कभी ुंभार हे नहीं पाया हमेशा बस कुढ़ को इस बात का दोषी मंटा रहा हु की मैं उस वक़्त उनके पास क्यों नहीं था… मुझे वंहा होना चाहिए था …मैं क्यों हर बार राज की बात मंटा रहा क्यों मैं उनके पास नहीं था… मैं उनके पास मुम्बई होता तोह आज वो हमारे साथ होते…..

मनीषा ने सुनील की आँखों मई आंसू देखे तोह खुद को रोक न सकीय और आगे बढ़ तुरंत सुनील को गले लगा लिया और “बोली आपकी गलती नहीं thi….apne वही किया जो एक सच्चा दोस्त करता h….mujhe आपसे कोई शिकायत नहीं ह आपका मन जो कहे आप वो कीजिये मैं हमेशा आपके हर डिसिशन मई साथ रहुंगीय”

सुनील “ आप राज के साथ उत्तराखंड मई थी जो पुछु उसका सोचकर जवाब देना”

मनीषा सुनील की आँखों मई देख कर “पूछिए न मुझे पता होगा तोह जरूर बताउंगी”

सुनील “क्या राज का वंहा किसी के साथ अफेयर था या किसी के साथ कुछ स्कूल मई या बहार आप समाज रही ह न मेरा मतलब”

मनीषा कुछ पल रूक कर “नहीं तोह रिंकी जरूर आगे बढ़ी थी पर जंहा तक मुझे यकीं ह उनके बिच कुछ नहीं हुवा था मुझसे कहती थी की यार ये मंटा हे नहीं ह ओपनली कह दिया ह तोह भी मन कर देता h….aur रही बात स्कूल की तोह लाइन लगी हुवी थी लड़कियों की ….पर श्वेता को जानते हे हो इसलिए ऐसा वैसा तोह कुछ नहीं था वंहा”

सुनील “मनीषा सोच कर बताओ कुछ तोह होगा क्योकि राज का अफेयर तोह था”

मनीषा “आप श्वेता को कॉल क्यों नहीं करते हो मुझसे जायदा तोह वो आपको बता देगीए”

सुनील “ कैसे बात करू उसकी हालत देखि नहीं जाती ह mujse….hansta मुस्कराता चेहरा…. जैसे बेजान हो गया ह वो तोह जैसे एक मशीन बन गयी ह जिसमे कोई फीलिंग्स नहीं बची h……bus एक रूम मई रहना और पढ़ना बस इतना हे बाकी h….uski जिंदगी मई….”

मनीषा “उसे ाचा लगेगा आप कॉल करेंगे तोह”

सुनील “उसके पास मोबाइल नहीं ह”

मनीषा “तोह आप बड़े पापा को कॉल कीजिये या बड़ी मम्मी को”

सुनील ने मोबाइल निकला और घर वाले नंबर पर कॉल kiya…samne से कुछ पल बाद कॉल रइवे होने के बाद आवाज आयी “सुनील बीटा”

सुनील “बड़ी मम्मी कैसी ह आप”

श्वेता माँ “सब पता ह तुझे बीटा तू समझाता क्यों नहीं कब तक ऐसी रहेगी ये “

सुनील “मेरी बात करिये उस साई”

कुछ पल बाद श्वेता रूम जंहा श्वेता के रूम मई राज के साथ बिताये श्वेता ने हर लम्हे की फोटो लगा राखी thi….aur अभी भी उन्ही मई से हे किसी याद को याद कर रही थीई

श्वेता माँ “ सुनील का कॉल ह”

श्वेता “hello भाई”

सुनील “कैसी ह तू”

श्वेता “मैं तीख हु भाई पेपर ह उनकी तयारी कर रही हु”

सुनील “तू कहे तोह तुझे लेने अजौ या दोनों घूमने chale…shoping karenge…tujhe डीप डाइविंग पसंद ह न वो करेंगे या दमन दीव चले या जंहा तू बोले खूब मस्ती करेंगे हम दोनों”

श्वेता “और राज भाई वो क्या कहेंगे की मेरे बिना चले गए दोनों”

सुनील ये सुनते हे अपना दिल जो मजबूत करके बैठा था उसका कमजोर होने लगा क्योकि राज के बाद श्वेता हे थी जिसने सच्चे दिल से उसे अपना मन tha…par मनीषा ने तुरंत सुनील के जंधे पर हाथ रखा जिसे सुनील को हीमत मिली…

सुनील “तीख ह फिर तीनो हे साथ चलेंगे ाचा श्वेता क्या राज का उत्तराखंड मई किसी के साथ अफेयर था अगर तुझे पता हो”

श्वेता “kyo…bhai ऐसे नहीं ह बिलकुल भी”

सुनील “तू समाज मेरा ये जानना बहुत जरुरी ह ये समजले राज के लिए”

श्वेता “ नहीं किसी के साथ अफेयर नहीं था एक बार टेंलड़किया घर रुकी थी पर उनके साथ भाई ने कोई कांटेक्ट नहीं रखा जाने के बाद और स्कूल से तोह सिर्फ भाभी और रिंकी हे घर अति thi…rinky भाभी की बेस्ट फ्रेंड थी तोह उन्हें जायदा पता hoga….aur तोह बस एक बार पास वाली भाभी जो रहती थी उनके गांवगए the..par वो .मैरिड ह तोह उनके साथ बिलकुल नहीं हो सकता h….tikh ह भाई अब मुझे पढ़ना ह bye”

सुनील की आंखे तोह पहले हे चमक उठी thi…usne भी bye कह कर कॉल रख दिया और मनीषा से बोलै “भाभी पड़ोस वाली भाभी रहती थी न वंहा”

मनीषा “है मधु नाम था उनका वो राज की तरफ काफी अत्त्रक्ट थी वो अक्सर घर अति रहती थी… पर आपको येसब क्यों जानना ह वो तोह मैरिड थी”

सुनील “क्यों की राज भले हे यंहा नहीं ह पर उसके अंश वंहा ह जिनपर खतरा ह”

मनीषा “मतलब”

सुनील “योगी बाबा ने कहा ह राज के अंशो पर खतरा ह मतलब उसके बचे वंहा ह …मैं भले हे राज को नहीं बचा पाया पर उसकी निशानी को कुछ नहीं होने दूंगा मनीषा …सबको मर दूंगा जो मेरे यार की निशानी को चुनने की कोसिस karenge…salo को जिन्दा चीयर दूंगा”

मनीषा “मैं भी चलूंगी”

सुनील “वंहा बहुत खतरा होगा मेरा विस्वास करो मैं उन्हें कुछ नहीं होने दूंगा राज की कसम”

मनीषा “ मैं इंतज़ार करुँगी….”

इनकी बाते होती रही ….वंही मधु जो इस वक़्त अपनी बहन और पापा के साथ गाँव वाले घर आयी हुवी थी…

मधु “ पापा ….आप भी रेस्ट कर लीजिये कल सुभे हमे मंदिर के लिए भी जाना ह …पंडित जी के अनुसार इनदोनो बदमाशों की कुंडली ऊपर वाले इन खुद अपने हाथो से लिखी ह….”

मधु पापा “है बेटी बस दामाद जी की कमी ह”

मधु “नाम मत लीजिये पापा उसका वो हमे छोड़कर चला गया ह और हमे भी उसकी आस छोड़ देनी चाहिए ह” फिर खुद से हे मन मई बोली और वैसे भी ये उस घटिया इंसान की नहीं राज के बेटे ह ….पता नहीं राज तुम कब आओगे ऊपर से मुझे मन कर दिया था की जब तक मैं न कहु कभी मुझे कॉल मत karna…mera नहीं तोह काम से काम अपने बचो से हे मिलने ajao…..tum तोह समझदार थे पर ये बदमाश बहुत तंग करते ह….

पीछे से मेघा कान मई aakar…kyo दीदी राज के बारे मई सोच रही ho….lagta ह याद निचे वाली को जायदा आरही ह…

मधु “ कामिनी चुप कर कुछ भी बोलती रहती ह”

मेघा “तोह कुछ दिन पहले बाथरूम मई कोईई राज को याद कर रहा था”

मधु “चुप चुप” इतना कह वो झेप गयी और गर्दन नीची कर्ली …

मेघा “ोये होये शर्म आगयी कोई बात नहीं अबकी बार वो ए तोह साडी कसार निकल लेना …..”

इतना कह वो चली गयी पूरा परिवार बहुत खुश था बिज़नेस अचे से रन कर रहा था क्योकि उनकी कंपनी सिंह ग्रुप ऑफ़ कम्पनीज के साथ मर्ज हो गयी thi….par हमेशा सब सही हो ये कान्हा होता ह…..

इनसे दूर बहुत कुछ हो रहा था….

“सर ये देखिये जो टाइम अपने बताया था उसे मिलते हुवे 2 बचे ह वो भी जुड़वाँ ….”

आदमी ख़ुशी से उछाल पड़ा “ judwa….itne सालो से हम तलाश कर रहे थे ….तूने तोह जैकपोट लगवा दिया ….jeetuuu…tujhe 20 लाख रुपये इनाम मई मिलेगा …. कान्हा ह वो बचे”

जीतू “बॉस वो बचे देहरादून मई ह और लोकल सिटी मई हे ह अभी अभी अपने आदमी का कॉल आया ह”

Boss”party इनके मिलने के बाद करेंगे गाड़िया निकालो हमे ये बचे चाहिए ह और हम अभी के अभी चलेंगे लेन इनके” इतना कह वो अंदर अपने रूम मई आकर किसी को कॉल मिलने लगा और कॉल पिक हुवा toh…bola सर “अपने जैसा बचा धुनें को कहा था मुझे मिल गया ह और भी एक नहीं दो और वो भी दोनों जुड़वाँ…”

सामने से आवाज आयी “ बहुत बढ़िया कान्हा ह वो बचे वो”

बॉस “सर वो तोह दाहरधून लोकल सिटी मई ह मैं उन्हें लेने जा रहा हु”

सामने से होल्ड रख इतना कहा उसने कॉल मिलाया तोह दूसरी तरफ रिंग गयी और कॉल पिक हुवा तोह वंहा से किसी लड़की की बुरी तरह चीखने की आवाज आरही thi…..jisai साफ़ पता लग रहा था वो कितने दर्द मई h….par पर उसकी दर्द की परवाह किये बिना वो बोलै … “अगर काम की इनफार्मेशन हुवी तोह तू बचेगा वर्ण तेरी मौत तय ह”

आदमी “सर अपने जैसा बचा कहा था मिल गया ह वो भी 2 और दोनों जुड़वाँ ह….”

शख्स “कान्हा ह”

आदमी “सर मैंने अपने आदमी भेजी ह उन्हें लेन जल्द हे आपके पास लेकर अत हु”

शख्स गुसाई से “मैंने पूछा कान्हा ह”

आदमी दर से कैंप गया और उसी घबराहट मई बोलै “वो वो वो dehhh..dehhhradhun सहर मई ह…”

शख्स “मैं पहुंच रहा हु जब कुछ मत करना”

आदमी की तोह हालत ख़राब हो गयी ….और बस जी हे बोल पाया ….और कॉल कट होने के बाद उस शख्स ने अपने निचे लेती लड़की के मू से हाथ हटाया और फिर से उसे छोड़ने लगा और वो दर्द से चिक्ति रही और जब वो ठंडा हो कर खड़ा हुवा तोह लड़की दुनिया से ठंडी हो चुकी थी….

शख्स ने अपनी टी शर्ट उठायी और अपनी बॉडी को शीशे मई घुरा और बाथरूम मई नहाने चला गया …..उसकी पीठ पर बना स्कोर्पियन 🦂 टट्टू …उसकी शख्सियत को और भयानक बना रहा था ….उसने अपनी ड्रेस पहनी और बहार आकर तुरंत देहरादून के लिए निकल gaya…..toh वंही बाकि सब भी पुरे हथियारों के साथ देहरादून के लिए निकल गए…..

और इनसे दूर आज दिन के वक़्त क्या हुवा राज के साथ वो जानते ह…. raj(Deepu ऋचा की गॉधी मई लेता हुवा था और ऋचा उसके बाल सहला रही थी तभी ऋचा को खिड़की मई एक साया दिखा ….और उसने दीपू के सर के निचे तकिया लगाया और अचे से चेक करने के बाद की दीपू सो गया वो हॉल मई आगयी जंहा वो साया खड़ा था….

ऋचा “क्या हुवा”

साये ने अपनी हड्डी सर से हटाई तोह उसका चेहरा नज़र आया जो बिलकुल यमदूत जैसा tha…matlb ये यमदूत हे था ….

ीुंदाऊट “मास्टर ने मुम्बई मई मुझे एक काम दिया था जो आज पूरा हो गया ह…”

ऋचा “आपको पता ह न उनकी हालत क्या ह”

ीुंदाऊट “पता ह मुझे पर ये जरुरी था क्योकि तीख होते हे उन्हें सबसे पहले ये बताना जरुरी ह ये उनके वेड से जुड़ा ह जो उन्होंने पूनम बेटी को किया था …और सबसे पहले यही काम उन्हें तीख होते हे करना ह”

पूनम का नाम सुनकर ऋचा ने तुरंत पूछा “और क्या ह वो काम”

ीुंदाऊट “उनके पिता का पता लग गया h…wo इस वक़्त एक आइलैंड की सीक्रेट जेल मई ह जंहा दुनिया के सबसे खूंखार कैदियों को मौत तक रखा जाता ह”

ऋचा “अंकल जिन्दा ह …तोह उन्हें बचाइए कैसे भी “

ीुंदाऊट “मास्टर ने कहा था की वो खुद लेने जायेंगे रविंदर सिंह को और अब उनके तीख होने के बाद हे उन्हें छुड़ाया जायेगा”

ऋचा “पर इनके अंदर का वो निर्वाण बहुत जिद्दी ह वो सुनने को तैयार हे नहीं ह मैंने दुनिया की साडी डोबबले पर्सनालिटी डिसऑर्डर बुक पढ़ ली ह हर तरीके का इलाज कर लिया ह …दुनिया के सभी डॉ टच मई हु पर ये”

ीुंदाऊट “क्या पता ये कुछ और हो”

ऋचा “मतलब”

यमदूत” दुनिया मई ऐसा बहुत कुछ ह जिसे साइंस समाज नहीं पाया ह और उसे हम चमत्कार कहते ह मतलब हो सकता ह वो कोई दूसरी पर्सनालिटी न होकर दूसरी आत्मा हो”

ऋचा “बकवास …आप भी ….ऐसा कुछ नहीं होता ह …तीख होने पर मैं राज को बता दूंगी अब आप जाईये”

यमदूत “होने को तोह आपकी और मास्टर की शादी भी नहीं होनी thi…par हुवी न ….होने को तोह बहुत कुछ हो सकता ह पर मैंने मास्टर को बहुत करीब से देखा ह इसलिए मैं कह सकता हु इसे आपका विज्ञानं नहीं तीख कर पायेगा ….”

इतना कह यमदूत चला गया तोह पीछे कड़ी ऋचा सोचती रह गयी …फिर उसे कसमसाने की आवाज आयी तोह समाज गयी की खुद को उसकी गॉधी मई न पाकर राज की नींद टूटने वाली ह इसलिए वो जल्दी से राज के पास गयी और उसके सर को अपनी गॉधी मई रख liya….par जब तक राज की नींद टुटायी थी….

राज “मुझे फिर से वही लड़की दिखाई दी पर इस बार मैं किसी के साथ लड़ रहा था “

ऋचा “मेरे पतिदेव आप सीरियल देख देख कर उनके सपने लेने लगे हो”

राज “नहीं मुझे लगा वो सब सच ह”

ऋचा “Ok बाबा मैं अब खाना बना लू दोपहर हो रही ह अब आपके खाने का वक़्त हो गया ह..”

राज “पर मेरा तोह दूध पिने का वक़्त हुवा ह”

ऋचा “हरवक्त मस्तीय”

पर राज कान्हा मने वाला था ऋचा को हर माननी पड़ी और राज ने ऋचा के निप्पल को अपने होठो मई कास liya…aur 15 मिनट बाद बोलै ….निचुउ “आज सपने मई मेरी किसी निर्वाण से बात हुवी बोल रहा था màin तू ह और तू मैं हु तेरी जरुरत नहीं ह तेरी वजह से पहले भी अपने मरे ह इस बार फिर तेरी वजह से मरेंगे isliye….mujhe बहार आने दे ….कह रहा था मेरे तोह कुछ समाज नहीं aya….pahle वो लड़किया और अब ये निर्वाण. .. कान्हा से सपने मई आने लगा

ये सुनते हे ऋचा के कान खड़े हो गए और बोली … “ये सिर्फ सपने ह जायदा मत सोचिये ….आप नाहा लीजिये मैं खाना लगाती हु फिर बहार भी चलना ह न याद ह न आपको अपनी बहनो के साथ वर्ण वो नाराज हो जाएँगी “

राज “ओह है सिम्मी निम्मी डिम्पी मैं तोह भूल हे गया था मैं अभी नहाकर अत हु”

ऋचा जल्दी जाओ “आने वाली हे ह वो तीनो फिर मत कहना मुझे”

राज “ाप्प ..अपने हे तोह लेट कराया मुझे”

इतना कह राज जल्दी से नहाने लगा …

पीछे ऋचा सोच मई डूबी हुवी किचन मई खाना बनाने लगी …उसनेमोबिले निकला कॉल के लिए पर खुद से ये बोल कर रूक गयी की दीपू के जाने के बाद करुँगी वर्ण वो बहुत सवाल पूछेंगे …..और उनके अंदर बैठा वो निर्वाण भी सून हे लेगा ….”

अभी राज को ऋचा ने खाना खिलाया हे था की तीनो के साथ राज के मां भी आगये…

राज मां “ कैसी हो बा….” वो बहु कहते कहते बात संभल कर बोले “कैसी हो बेटी…”

ऋचा “मैं तीख हु आप आईये मैं टिया बनती हु….”

निम्मी “छाए पीजिये आप लोग …भाई चलो हम चलते ह शॉपिंग वैसे भी आपके पिछले जलवे की वजह से …..पुरे कॉलेज मई चर्चे ह आपके ..

अब कोई भी हमें परेशां करने की हीमत नहीं करता ह”

ऋचा “आप तीनो …..याद रखना इनका नाम दीपू हे लेना ok …और ये इनकी दवाई ह नज़र रखना पिटे रहे ye…warna इनकी तबियत बहुत बिगड़ जाएगी”

डिम्पी “जो हुकुम भाभी का”

ऋचा “और आप कोई लड़ाई नहीं”

राज “मैं पहले स्टार्ट नहीं करता हु”

राज मां “ok ok अब जाओ रात 9 बजे से पहले घर ok”

सबके जाने के बाद …

राज मां “ बेटी ये ह बलराम और उसके बाप की पूरी डिटेल h….wo क्या करते ह कान्हा जाते ह क्या क्या गैरकानूनी काम करते ह पर तुमने अभी भी नहीं बताया होगा कैसे सब”

ऋचा “मामाजी उसे मरने के केलिए तोह अकेला मेरभाई सुनील हे काफी ह पर ये बदला राज का ह इसलिए राज हे लेगा”

गजेंद्र सिंह “अब बेटी ये सुनील कौन ह”

ऋचा के चेहरे पर मुस्कराहट आगयी और बोली “अगर उसे पता लग गया की राज यंहा ह तोह उत्तरप्रदेश मई खोफ्फ़ पसर जायेगा ….वो बहुत पॉवरफुल और सिंघानिया ग्रुप ऑफ़ companies…singh ग्रुप ऑफ़ कम्पनीज को संभल रहे थे”

गजेंद्र “तोह राज के बारे मई बता क्यों नहीं देती हो सबको उन सबकी हालत क्या हो राखी हो तुम नहीं समाज सकती हो”

ऋचा “मुझसे जायदा कौन समझेगा मामाजी पर क्या करू अभी गुरूजी के अनुसार इनपर मौत का साया ह इसलिए अभी ये जिन्दा ह ये बात मैं किसी को नहीं बता सकती हु….”

गजेंद्र “मतलब”

ऋचा “एक पहुंचे हुवे बाबा ह वो कान्हा से एते ह पता नहीं पर जब भी राज से जुडी बेहद जरुरी बात होती ह वो आकर हमे बता देते ह .. और उन्ही के अनुसार अभी इनपर एक बहुत बड़ा खतरमंद्र रहा h….isliye मैं सबसे दूर रह रही हु ताकि इन्हे कुछ न हो…”

गजेंद्र “,तुम महँ हो बेटी जो इतना त्याग कर दिया”

ऋचा “अपने पति की लम्बी आयु के लिएटः मई कुछ भी कर जाउंगी मां जी ऊपर वाला भी ए तोह उनसे भी लड़ जाउंगी..”

गजेंद्र “कुछ नहीं होगा राज को मैं अब चलता हु वर्ण पापा को शक हो गया तोह मैं जिन्दा नहीं बचूंगा”

ऋचा “तीख ह मंजी “ और मामाजी के जाते हे वो दुबारा से राज की कही बातो के बारे मई सोचने लगीई सुर तुरंत उसने नंबर डायल किया और कुछ पल बाद सामने से आवाज आयी “hello”

ऋचा “माँ..

और एक एक करके साडी बात बताती गयी” कुछ पल बाद सुनने के बाद शांति रही फिर सामने से आवाज ईई…. “ ये अछि खबर सुनायी ह योगी बाबा ने जो कहा वैसा हे हो रहा ह ….तुम वही कर रही हो न जो मैंने बताया था”

ऋचा “जी माँ मई वो सब रोज करती हु”

दिव्या “याद रहे जब भी तुम्हरे और राज के बिच वो सब हो toh…bacha”

ऋचा जल्दी से “माँ मई सब धयान रखती हु”

दिया “बेटी तुम जानती हो जो मालिश टेल और वो काढ़ा जो वो पिता ह उसमे कितनी ताकत और गर्मी होती ह ….”

ऋचा “उनके लिए सब करुँगी मई माँ”

दिव्या के चेहरे पर मुस्कराहट आगयी और बोली “वैसे तोह तुम दोनों अब पति पत्नी हो …तोह कोई दिक्कत नहीं ह पर बचा पढ़ाई पूरी होने के बाद …ok…”

ऋचा “ऋचा माँ मैंने सीरियस बात करि आप”

दिव्या “ शर्मा गयी नहीं चाहिए bacha…..ok ok ok …अब सुनो “ फिर ऋचा को साडी बात समजाति गयी और ऋचा के चेहरे पर सिकन आती gayiii….aur कॉल कट होने के बाद भगवन से हाथ जोड़कर विनती करने लगीई….

राज का दिन भी ख़तम हो गया आज का दिन….

नाउ परसेंट अगला दिन सुभे के 6 बजे ….प्लेस मंडावा…..

दादाजी “चॉपर ख़राब ह अब तुम्हे जयपुर से फ्लाइट पकड़नी होगी टिकट बुक हो चुकी h…tumhara इंतज़ार रहेगा बीटा …पूरी हवेली दुबारा से सज़ेगीइ.”

सुनील “ है दादाजी इस बार मैं किसी को खोने नहीं दूंगा ….मैं मेरे यार की निशानी साथ लेकर हे लौटूंगा…”

जब सुनील बहार निकला तोह हवेली के सेकंड फ्लोर से मनीषा सुनील को देख रही thi….sunil ने भी उसकी तरफ देखा ….और कार मई बैठते हे उसके एक्सप्रेशन चेंज हो गए और उसने कॉल लगाया….

“अज्जू स्टेटस”

अज्जू “एक मिनट नाम मधु ह देहरादून वाले घर मई जंहा राज रहते थे उनकी पडोसी h…aur 2 जुड़वाँ बचे ह पति 2 साल से लापता ह …”

सुनील “कांटेक्ट नंबर निकल कर उनकी लोकेशन ट्रेस करो”

अज्जू “मधु के नाम से जो मोबाइल नंबर ह उसकी लोकेशन तोह देहरादून हे बता रहा ह पर उसके उस नंबर पर काफी वक़्त से न कॉल आयी ह न गयी ह इसका मतलबकोई और नंबर उसे करती ह पर उसके नाम से तोह एक हे नंबर शो हो रहा ह”

सुनील “और बाप का “

अज्जू “उसके नामसे कोई नंबर नहीं h…ghar का लैंड लाइन नंबर ह “

सुनील “छोड़ो”

अज्जू “हम राजीव सर को कॉल कर सकते ह उनके कांटेक्ट से इनफार्मेशन जल्दी मिल जाएगी “

सुनील “गुड उन्हें बता देना मैं वंहा ारः हु”

अज्जू ने ok बोल कॉल कट कर diya….aur राजीव का इन्फॉर्म कर दिया की क्या करना ह …सब बताने के बाद उसकी नज़र पास मई लगी अभय की फोटो पर गयी तोह वो साद हो गया …और बोलै “ तूने वडा किया था मुझे अकेले छोड़कर नहीं जायेगा”

वंही देहरादून मई सुभे से हालचाल सुरु हो गयी थी ….सूरज बदलो मई छिपा हुवा था ….सप ऑफिस ….

“सर बहुत सरे क्रिमिनल्स … अलग रस्ते से देहरादून मई एंटर हुवे ह”

सप “क्या और तुम अभी बता रहे हो सभी पुलिस स्टेशन मई अलर्ट दो …और सबको अगले 72 हॉर्स तक तैयार रहने के लिए कहो कोई भी ईशर उधर नहीं जायेगा”

जी सर बोलकर सामने खड़ा शख्स चला गया …….वंही राजीव 6 बजे इस वक़्त अपनी फॅमिली के साथ देहरादून सिटी से थोड़ी दूर …राज के दिए हुवे पैसो से फार्महाउस बनवा रखा था वंहा खेती कर रहे the….tabhi घर के अंदर से रिंकी भगति huvi…..unke पास दूर से आवाज देती हुवी आरही थी….

राजीव ने ट्रेक्टर को रोका और बोले “ क्यों जोर जोर से चिल्ला रही हो …फिर से माँ का मूड ख़राब हो गया ह क्या वो भी इतनी सुभे “

रिंकी “आप भी पापा किसी अज्जू नाम से कॉल आया था और उन्होंने कहा ह की पापा को बोले की मधु नाम की लेडी का पता करे जो राज के घर के पास रहती थी देहरादून मई ….और है लास्ट मई कहा सुनील भी आरहे ह”

राजीव “क्या …” इतना कह उन्हें सब काम छोड़ा और तुरंत घर की तरफ भागे

पीछे से रिंकी “अरे पापा सुनो तोह“

राजीव “बाद मैं रिंकी अभी जाना होगा “

रिंकी “ अरे सुनो तोह सही मैं मधु को जानती हु मेरे पास उनका नई कांटेक्ट नंबर ह आपको ढूंढने की जरुरत हे नहीं पड़ेगी”

राजीव भागते हुवे तुरंत रूक गया और रिंकी की तरफ देखने लगा तोह”

करीब 50 के करीब लोग मधु के घर से थोड़ी दूर रुके हुवे थे ….और उनकी नज़र मधु के घर की तरफ हे थी….

Boss”pakiya क्या हुवा”

पकिया “बॉस घर मई कोई नहीं ह”

बॉस “भोस्डिके तेरे आदमी ने एड्रेस तोह सही दिया था न

पकिया “है बॉस जानकारी और एड्रेस बारबार सही ह ये देखो ये रही उसकी फोटो और ये देखो ये लिखा ह हॉस्पिटल मई उसका एड्रेस”

बॉस जानकारी देख कर “बिलकुल एड्रेस तो तोह यही का ह ….पकिया सर भी आरहे ह अगर वो बचे उन्हें यंहा नहीं मिले तोह हम सब भी कभी बाप नहीं बन पाएंगे ….वो बहुत खतरनाक h….par उसकी बात ख़तम होती उसे पहले हे तीन कार उनके पास आकर रुकी और उतरा वो जिसका बॉस को दर था वो तुरंत आगे बड़ा और किसी वफादार कुत्ते की तरह धूम हिलता हुवा अपने सर के पास चला गया …

बॉस “सर यही ह घर पर अभी घर खली ह”

सर का ये सुनते हे दिमाग घूम गया और कॉल वाली बाटे उसे याद आगयी और उसने खींचकर एक थपड बॉस को मारा …और उसके ाँद को पकड़कर बोलै “मुझे यंहा अपनी माँ छुड़ाने के लिए बुलवाया ह ….बस …तुझे पता ह वो सांड खुद ारः ह और वो घास नहीं घोस्ट खता ह इंसानो का घोस्ट ….वो तुझे मुझे दोनों को खा जायेगा …एक एक कौन ढूंढो हर मॉल हॉस्पिटल रेस्टुरेंट साडी जगह ….”

बॉस “यस सर” इतना कह उसने सबको इशारा कर दिया तोह सर ने भी अपने आदमियों को फोटो शेयर करके ढूंढने का आदेश दे दिया….

सर “एक काम और कर सहर से बहार जाने वाली गाड़ियों को और चेक करवा अगर बहार गए होंगे तोह भी पता लग जायेगा”

बॉस” यस सर”

सर खुदसे हे बोलै “ वो भी आने वाला हे उसे पहले मुझे उसे ढूँढना होगा वर्ण मेरी मौत तय ह”

मस्ती मई पढ़ने का और सिर्फ लाइक्स ठोकने का

आज के लिए इतना हे …
 
अपडेट 223

power...on थर्सडे नाईट बिटवीन 10 तो 11 पं एक दिन और वेट करलो फाइटिंग सन कम्पलीट नहीं हुवा ह

 
मधु की डिटेल्स अपडेट 130 मई और आगे पीछे मिल जाएगी
 
Back
Top