Adultery Raj-- hero of the family - Page 72 - SexBaba
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Adultery Raj-- hero of the family

पावर…



अपडेट 223….

Boss“Sir पता लग गया h….ye देखिये वो अपने बचो के साथ इस रस्ते से उत्तरप्रदेश की तरफ गयी ह”

सर “बहुत badhiya….tum लोग आगे जाओ और उत्तरप्रदेश मई और आदमियों को इखट्टा करो पुलिस ए तोह वो उन्हें रोकने के काम आएंगे वैसे भी ये एक बड़ी कंपनी की मालकिन ह तोह प्रॉब्लम हो सकती h…samjhe …जब तक मैं उस दानव को लेकर अत हु …”

बॉस “यस सर कहकर तुरंत निकल गया”

करीब तीन घंटे बाद …एक ज़ ब्लैक मॉडिफाइड रेंज रोवर आकर रुकी और उसमे से यत्र वो टट्टू वाला शख्स जिसकी हाइट और फैसिक देख कर सर की हालत ख़राब हो गयी…

सर “वेलकम bhai….matlb ..sir..matlb बॉस”

टट्टू वाला “ कान्हा ह “

सर “वो बचे के साथ उत्तरप्रदेश की तरफ गए ह…”

टट्टूवाला ने गुसाई मई सर को गले से पकड़कर ऊपर उठा लिया जिसकी वजह से सर का दम घुटने laga….sir के साथ वाले आगे बढे तोह सर ने दम घुट ते हुवे भी उन्हें हाथ से रूकने का इशारा किया …एक मिनट बाद टट्टू वाले शख्स ने सर को निचे फेक diya…..sir जोर जोर खांसते हुवे अपनी सांस तीख करते हुवे बोलै “मुझे रात को हे पता लगा था और अभी यंहा आया तोह पता लगा की वो बहार के लिए परसो सुभे निकली ह मेरे आदमी उन्हें धुंध रहे ह जल्द हे उनकी लोकेशन पता लग जाएगी …हम भी वो जिस तरफ गयी ह उसी तरफ चलते ह”

स्कोर्पियन टट्टू वाले शख्स ने कुछ नहीं कहा और अपने बड़े त्येर वाली मॉडिफाइड रेंजरोवर को खोला और सर को बैठने का ईशर किया” रेंज रोवर तेज़ी से उत्तरप्रदेश की तरफ भाग पड़ी और कार मई बैठे हे टट्टू वाले शख्स ने (कुंडों सिंह जिस साई पहले विद्या की शादी होने वाली थी) को कॉल लगाया…

कुंदन सिंह “मालिक हुकुम”

टट्टूवाला “उत्तरप्रदेश मई एक औरत को ढूँढना ह शादी शुदा ह 2 बचे ह फोटो भेज रहा हु 2 हॉर्स ह बस तेरे pass…police को लगा या खुद धुंध पर वो मुझे चाहिए ह”

कुंडों सिंह “मैं अभी अपने बेटे को लगता हु काम पर”

और बलराम को आवाज मरी तोह बलराम जल्दी से निचे आया … “है पापा”

ये फोटो ले और अपने हर आदमी को भेज दे ..सबको कामपर लगा हर जगह ढूंढो पूछो मुझे अगले 2 ऑवर मई इसका पता चाहिए ह …और साथ मई सबको बोल देना पता बताने वाले को खास इनाम मिलेगा”

बैरम “ये ह कौन”

कुंदन “पता नहीं”

बलराम “फिर ढूँढना क्यों ह”

कुंदन “जो कहा वो कर सिर्फ 2 घंटे ह कैसे भी धुंध निकल इसे ….और अगर नहीं कर पाया तोह अंजाम भी बुरा होगा”

वंही राजीव इन सब बातो के होने के 2 ऑवर बाद एयरपोर्ट पर सुनील का वेट कर रहा tha….aur कुछ दिएर बाद सुनील एयरपोर्ट से बहार आया..

राजीव “साडी इनफार्मेशन मिल गयी ह ….ब्लड ग्रुप राज और उसका एक हे ह …तोह हो सकता ह की वो राज के बचे हे हो क्योकि ो नेगेटिव ब्लड ग्रुप रेयर हे होता h…par इस वक़्त वो यंहा नहीं ह वो यंहा से दूर उत्तरप्रदेश अपने गांव मई ह उसके कांटेक्ट नंबर ये रहे ह और ाज्ज्जु को भी मैंने लोकेशन भेज दी ह वो नंबर की लाइव लोकेशन को लगातार मॉनिटर कर रहा ह….”

सुनील कितना टाइम लगेगा

Rajeev“laghbhag 5 घंटे “

सुनील “जल्दी चलिए”

राजीव “एक बात और ह …अचानक देहरादून मई हाई अलर्ट हो गया ह …साडी पुलिस अलर्ट पर h…aur खबरि ने बताया ह अचानक बहुत सरे क्रिमिनल्स देहरादून मई ए ह…”

सुनील “maut…maut उन्हें यंहा लेकर आयी h…ab टाइम ह आपकी स्पेशल ड्राइविंग टेस्ट का और पावर का जो आपको मिली ह”

राजीव की आँखों मई चमक आगयी उसने सीट बेल्ट को अचे से लॉक किया तोह सुनील ने भी सीट बेल्ट लॉक कर li…abhi वो आगे कुछ करता उसे पहले हे पुलिस की तीन गाड़िया उनके आगे आकर कड़ी हो गयी और ैप ने बहार आकर उन दोनों को रोक लिया और बोलै “आपको हमरे साथ पुलिस स्टेशन चलना होगा”

राजीव “एक मिनट सुनील शांत रहो इतना कह वो उतरा और ैप से बोलै “देखो ैप मेरा पुलिस से कोई लेना देना नहीं ह और मुझे जरुरी कांसे जाना ह बेहतर होगा तुम हैट जाओ और कोई पूछतज करनी ह तोह मैं खुद ठाणे आजाऊंगा”

ैप “ाचा और न जाने दू तोह …देखो राजीव ये देहरादून की शांति के लिए ह बहुत सरे क्रिमिनल्स ए ह देहरादून इसलिए आपको अभी हमरे साथ चलना होगा”

राजीव “मैं पुलिस छोड़ चूका और अब आपकी कोई मदद नहीं कर सकता हु ात लीस्ट इस वक़्त तोह बिलकुल भी नहीं ह और तुम भी अभी के लिए दूर हैट जाओ वर्ण आगे जो होगा उसके बारे मई तुम कुछ नहीं कर पाओगे”

ैप “धमकी पुलिस को धमकी तुम बस अब एक रेटिएरेड पुलिस अफसर हो”

अभी उसने इतना हे कहा था की सुनील कॉल लगता हुवा निचे उतर कर आया और कॉल पिक होते हे बोलै ….एयरपोर्ट की रिकॉर्डिंग लो ….और फिर ैप का नाम पढ़कर ैप रमेश भाटिया है यही नाम ह इन पर केस फाइल करो जितने केस लगा सकते हो पुरे ठाणे पर लगा देना न्यूज़ पेपर सबमे हाई लाइट कार्डो …देखना की अगले एक मिनट बाद ये हर टीवी पर लाइव हो और हर पल आज के दिन के किये खुद को कोसे”

ैप “तू ह कौन खुद को बहुत बड़ी टॉप समझता ह इतना कह उसने सुनील का कलर पकड़ने के लिए हाथ भदया तोह राजीव ने बिच मई हाथ पकड़ लिया और गुसाई से ैप को घुरा”

ैप आगे कुछ करता उसे पहले हे उसका कॉल रिंग करने लगा पर उसने उठाया नहीं तोह अगले हे पल इंस्पेक्टर के मोबाइल पर रिंग आने लगी”

सुनील “कोंग्रटुलतिओन्स ैप तुम्हारी उत्तराखंड की पुलिस पुरे इंडिया के न्यूज़ चैनल पर छायी हुवी ह और साथ हे ये रिकॉर्डिंग भी …चलिए राजीव सर हम लेट हो गए ह”

राजीव ने अपनी स्पेशल कार को स्टार्ट कियार पूरी रफ़्तार से उदा दिया और साथ हे बटन दबाया तोह उनका मोबाइल रस्ते मई आने वाले हर स्टेशन की फ्रीक्वेंसी से ऑटो आत्ताच होता चला गया …”

पीछे ैप ने एयरपोर्ट की लेद मई ब्रेकिंग न्यूज़ देखि तोह वंही निचे गिर पड़ा ….क्योकि उसने जो किया वो सब न्यूज़ चैनल पर चल रहा था…..

इनसे अलग …

दिल्ली ….सिंह ग्रुप ऑफ़ बिल्डिंग मई ..

सेक्रेटरी मम टीवी मई देखिये …

कृति “शट उप फोकस ों वर्क …..वेयर इस प्रोजेक्ट प्रोग्रेस रिपोर्ट”

सेक्रेटरी “ी म सॉरी मम बूत थिस न्यूज़ इस रियली इम्पोर्टेन्ट फॉर यू”

कृति “व्हाट न्यूज़” इतना कह उसने ऊपर देखा तोह उसे सुनील दिखाई diya….aur कृति ने वॉल्यूम भद्दा dii…aur खुदसे हे बोली “सुनील वंहा क्या कर रहा h…aur ये भी तोह अब तक मिलने नहीं आया बस कभी कबर कॉल पर बात करता h..usne सेक्रेटरी की तरफ देखा और बोली कॉल मैच एंड माइक इम्मेडिएटली…”

सेकरट्री “यस मम और 5 मिनट बाद हे मैच और माइक अंदर आगये अब वो दोनों भी अचे से हिंदी बोलने लगे थे”

कृति “अन्य थिंग यू क्नोव अबाउट थिस न्यूज़”

माइक “No मम …वे अरे नॉट इन टच इन पास्ट 12 मोनथस”

कृति “पता करो की सब तीख ह न मुझे डाउट क्यों होता ह की आल ऑफ़ यू हिडिंग समथिंग फ्रॉम में”

माइक “मम एवरीथिंग इस फाइन राज सर कर्रेंटली आउट ऑफ़ इंडिया ह मिशन पर …”

सेकरट्री जेनिफर जो मैच और माइक की बहन थी वो बोली “मम सब तीख ह और अभी आपको मीटिंग मई जाना ….”

कृति “जेनिफर ी डोंट क्नोव बूत ी म फीलिंग ऑलवेज समथिंग स्ट्रेंज …लिखे समथिंग बाद हैपन इन पास्ट मोनथस बूत ी डोंट क्नोव व्हाट”

माइक और मैच जिन्हे सब पता था. उन्होंने अपने चेहरे पर इंच पर भी सिकन नहीं आने दी क्योकि सुनील का सख्त इंस्ट्रक्शंस थे …और उन्हें भी पता था की कितना खतरा ह आखिर कितने हे लोगो से उन्होंने मंडावा मई सबके साथ मिलकर लड़ाई लड़ी थी वो खुद कैसे बचे थे उनका दिल जनता था …

और ऐसा नहीं ह की ये न्यूज़ कृति को हे पता लगी थी दिल्ली chief…..jogindar…dadaji भीमा …अनिरुद्ध सिंह भी टीवी देख रहे the….aur सबको पता लग गया था की आगे क्या होने वाला ह क्योकि सुनील के वैलेंटाइन राइडर वाले रूप ने क्या किया था पिछले 1.5 साल मई ये चीफ, जोगिन्दर अनिरुद्ध अचे से जानते the….aur अब वो देहरादून मई था ….

तोह इस वक़्त ….मधु अपने दोनों बेटो को गोद मई लिए हुवे पूजा मई बैठी हुवी पंडितजी के कहे अनुसार पूजा कर रही thi….is बात से अनजान की एक बहुत बड़ा तूफान उसकी तरफ ारः h….jo सबकुछ उड़ाकर लेजाने वाला ह …

मेघा “पंडित जी मेरे इन दोनों शेरो के लिए पूरी पूजा करना कोई कसार नहीं रहनी चाहिए h…kyoki ये बहुत खास ह”

पंडित जी “है बेटी ये बहुत खास ह इसलिए तोह मैंने इन दोनों की कुंडली बनने के लिए इतने सरे महा पंडितो को बुलाया ह beti…aur जब तक हम हवं पूरा करेंगे तब तक कुंडली भी पूरी तरह तैयार हो जाएगी”

मधु “जी” पूरा गाँव.. गाँव की पहाड़ी वाले मनीर पर पंहुचा हुवा था जंहा एक तरफ पुरे गाँव के लिए प्रसाद तैयार हो रहा था तोह एक तरफ सारा गांव पूजा मई शामिल हो रखा tha..mantro की तेज़ ध्वनि ..चारो तरफ गूंज रही thi…pahadi पर और ऊंचाई पर होने की वजह से वंहा का दृश्य और सुन्दर हो रहा था…

Wanhi….balram पुरे जोर शोर से चारो तरफ मधु की खोज उत्तरप्रदेश के हर गांव हर सहर मई करवा रहा tha…par अभी तक उसे कोई जानकारी नहीं मिली थी….

कुंदन “क्या हुवा बलराम”

बलराम “अभी तक पता नहीं चला ह इसका पापा …हमारा हर आदमी इस वक़्त इसे हे ढूंढने मई लगा ह…”

कुंदन “ढूंढो इसे बहुत जरुरी ज ये …हमे किसी भी कीमत पर ये चाहिए ह”

कॉल कट होते हे ….कुंदन सिंह सोचने लगा उधर टट्टू वाला शख्स और सर दोनों देहरादून से उत्तरप्रदेश की तरफ जाने वाली रोड पर जा रहे थे जंहा सर हर वक़्त अपने आदमियों को हर बड़ी सड़क के डिवाइड होते हे उन्हें कार का पातकरने के लिए भेज deta…..taki कार की लोकेशन पता चलती रहे …

टट्टूवाला शख्स कॉल लगाकर “ क्या हुवा”

कुंदन “अभी तक उसका पता नहीं लगा ह”

टट्टूवाला शख्स “एकसार नंबर भेज रहा हु इसका पता कर ये परसो देहरादून के रूट से उत्तरप्रदेश की तरफ आयी ह”

कुंदन “जी जी ji….main पता करता हु”

टट्टूवाला शख्स “जो भी आदमी ह तेरे िसरौते की तरफ उन्हें इसी काम मई लगा दे और अगर मिल जाये तोह उन पर नज़र रखे”

कुंदन “मैं अभी उस तरफ अपने आदमियों को कार ढूंढने के लिए लगता हु”

कॉल कट होते हे उसने u.p के एक सहर मई कॉल लगाया जो laga…ek अखाड़े मई और अखाड़े से बड़ी भरी दुमदार आवाज आयी … “राम राम ठाकुर saab…adesh कीजिये”

कुंडों “बिरजू अभी के अभी सरे पहलवानो को तैयार कर और एक कार का नंबर और एक फोटो भेज रहा हु इन्हे ढूंढो और उनपर नज़र रखो …और है जब तक मैं न कहु तुम्हे कुछ नहीं करना ह”

बिरजू पहलवान “जो हुकुम ठाकुर साब जैसा अपने कहा वैसा हे होगा” और फ़ोन रख कर chilaya…raju …tillu…billu…vijju…chalo ोये सब ठाकुर साब का आदेश आया ह”

एक साथ हे बहुत सरे पहलवान एक करके अखाड़े के अंदर से आने लगे और धीरे धीरे उनकी तादात 40 के पार हो गयी….

“बिरजू ये कार का नंबर ह और ये औरत इसके अंदर अपने 2 बचो के साथ आयी ह इसे हे ढूँढना ह और ढूंढते हे मुझे फ़ोन करना ह”

टिल्लू पहवाल “बिरजू ुस्दत उठा के ले आएंगे”

बिरजू “न मेरे सांड चढ़ना नहीं ह बस धुंध और मुझे कॉल कर देना और कुछ मत करना …चलो सब निकलो और साडी गाड़िया उठा लो …और ये लो एक एक गद्दी टेल फुल करा lena…aur अलग अलग हो जाओ मिलते हे सब एक जगह हो जायेंगे”

बिरजू पहलवान भी खुद अपनी कार और कुछ पहलवानो को लेकर निकल गया मधु को dhundhne…idhar सर के मोबाइल की घंटी बजी और सर ने तुरंत कॉल उठाया “है बोल”

आदमी सर “एक टोल की कक्तव मई कार नज़र आयी ह जो उत्तरप्रदेश के अंदर गयी h…aur वंहा क्सक्सक्स सहर की तरफ गयी ह …”

सर “शभाष अपने सभी आदमियों को उस सहर की तरफ आने को बोल दे हम भी पहुंचते ह”

टट्टूवाला शख्स “किस तरफ”

सर ने मैप मई सहर का नाम डाला और बोलै …आगे 20 कम बाद राइट साइड तुरनलेना ह वंहा से 200 कम ह वो सहर जब तक और इनफार्मेशन आजायेगी”

टट्टूवाला शख्स ने स्पीड्भाधायी और कुछदेर बाद वो उसी हाईवे पर था…

इधर ..कुंदन का मोबाइल भी बज गया उसने कॉल उठाया तोह सामने से आवाज आयी “ठाकुर साब ये कार क्सक्सक्स सहर के टोलबूथ मई आयी ह और वंहा से 2 छोटे सहरो की तरफ हे रोड जाती ह “

कुंदन “शभाष शभाष …दिल खुश कर दिया ….एक काम कर झांय तू रहने दे छोड़” इतना कह उसने कॉल कट कर दिया और बिरजू को कॉल लगा कर बोलै “ बिरजू वो कार और वो औरत इस वक़्त क्सक्सक्स सहर के आसपास ह …वंहा के हर गांवहर गली को छाअंमारो”

बिरजू “अपने कहा और काम हो गया ठाकुर सब मैं अभी उसी तरफ निकलता हु”

एक के बाद एक एक करके सरे उसी तरफ बढ़ रहे थे बॉस के admi…sir के admi…birju पहलवान अपने पहलवानो के sath….aur खुद सबसे बड़ा खतरा …स्कोर्पियन ट्राइब का वो वारियर था जिसकी ताकत अभी तक किसी ने नहीं देखि थी और न अंदाज़ा था की वो कितना पॉवरफुल ह पर अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता ह की कुंदन सिंह को उत्तरप्रदेश मई पॉवरफुल बनाने वाले स्कोर्पियन ट्राइब क हे h…par ये तोह तय था की वैलेंटाइन राइडर कोई मुसीबत बढ़ने वाली थी क्योकि वो पहले हे 2 ऑवर लेट tha….aur वो सरे राजीव और वैलेंटाइन राइडर से 2 ऑवर आगे थे ……..

एक ऑवर बाद ….

श्रुति… “जो बहार से आयी थी वो बोली क्या बात ह अज्जू खाना नहीं खाया अपने”

नोट “अज्जू और श्रुती की शादी हो चुकी ह”

अज्जू “सुनील देहरादून ह”

श्रुति जल्दी कंप्यूटर मई लोकेशन देख kar“what….. मतलब वो वंहा कैसे ..इतने वक़्त बाद मतलब”

अज्जू “शांत हो जाओ बताता हु …मटर क्या ह पता नहीं ह पर वो राज की देहरादून वाली टीचर ह उसे बचने गए ह और उसे बचने के लिए खुद दादाजी ने कहा”

श्रुति “ok…main भी आती हु …जरूर बहुत बड़ी बात ह वर्ण जब से वो मनहूस दिन बिता ह उन्होंने बोलना हे छोड़ दिया ह और सिर्फ राज को ढूंढते ह”

श्रुती भी तुरंत मॉनिटर के सामने बैठगयी और ऑनलाइन जो भी कमरे मिल सकते थे सबसे कनेक्ट करने लगी ताकि जायदा से जायदा …. सिचुएशन को समाज सके.. और कुछ पल बाद ..

श्रुति “ये dekho…ye एक सर्किल का कक्तव ह जो मधु के मोबाइल लोकेशन से 60 कम दूर का और यंहा से एक के बाद तीन कार उसी तरफ जा रही ह जिस तरफ मधु का की लोकेशन हमे दिख रही ह….”

अज्जू उछलते हुवे “ व्हाट” और फिर अज्जू ने भी तुरंत उस स्क्रीन की तरफ देखा तोह सीरियस हो गया और तुरंत सुनील को कॉल कनेक्ट कर दिया और सुनील के उठाते हे तुरंत बोल पड़ा “मधु को खतरा ह कुछ कार्स उसी तरफ बढ़ रही ह जिस तरफ उनका गाँव ….और येलोग सकल से हे पहलवान गुंडे लग रहे ह आपको…”

अभी उसकी बात पूरी भी नहीं हुवी थी की ..

सुनील “सब मरेंगे टुकड़े टुकड़े कर dunga”itna कहते हुवे उसने राजीव की तरफ देखा ….अब उसकी आँखों का रंग बदलने लगा और चेहरे पर वही आभा चा गयी जो पिछले 1.5 सालो से थी …राजीव भी तुरंत समाज गया और उसने कार पर लगे साईरन की साउंड ों करदिया और रफ़्तार से से कार को भागने laga….bus सुनील के पास एडवांटेज ये था की उसी डायरेक्ट लोकेशन पता थी इसलिए वो सीधे वंही पहुंच रहा था तोह बाकि सब धुंध धुंध कर पहुंच रहे थे….

इधर …हवन पूरा होने वाला था

पंडीजी “पुत्री अब तक नामकरण क्यों नहीं किया जबकि राशि तोह तुम्हे पहली हे पूजा मई बता दी थी “

मधु “पंडित जी ….बस ये दोनों अपने पापा का इंतज़ार कर रहे h..unke एते हे नामकरण कर देंगे …देख रहे ह आप पापा के नाम से हे मुस्कुराने लगे ह अब आप हे बताओ कैसे नामकरण कर दू इनका बिना पूछे”

पंडित जी अभी आगे बोलने वाले थे की उन्हें अपने पीछे से खुसुर फुसुर सुनाई दी उन्होंने पीछे गर्दन घुमाकर पूछा “क्या बात ह”

एक महा गुरु “ दोनों बचो के ऊपर संकट का साया ह”

पंडित जी “आप विस्तार से बताईये”

दूसरा महा गुरु “ये देखिये kundli….bacho की कुंडली के अनुसार शुरुवात के दो साल मई मिर्त्यु का योग ह और ये गृह जो अभी यंहा ह ये दिखा रहे ह की कुंडली मई मित्यु योग ह जो या तोह इनकी खुद की या इनके अपनों की hogi…aur आज तक इस गृह और योग के अनुसार हमरी गणना कभी गलत नहीं हुवी ह….

मधु मेघा और उसके ससुर के तोह ये सुनते हे होश उड़ गए खासकर मधु के उसने अपने दोनों बचो को सीने से लगा लिया और बोली “नहीं पंडित जी मेरे बचो को कुछ नहीं हो सकता h…jarur कुछ चूक हुवी ह आप दुबारा से देखिए न”

पंडित जी मधु को ऐसे चिंतित होता देख कर bole“shant हो जाओ पुत्री …और फिर महागुरवो को तरफ डेक कर आप उपाय धुंधुए …हमारा कर्म इन मासूमो के ऊपर से मित्यु योग टालना जो हम karenge….is परिवार ने हमेशा गरीबो और मजबूरो की मदत की ह”

सरे महा गुरु उपाए ढूंढने लगे और फिर सबसे पीछे बैठे गुरु बोले मित्युन्जय का यज्ञ करना होगा बस वही इनके ऊपर ए संकट को ताल सकता ह…

पंडितजी “मित्युन्जय यज्ञ”

महागुरु “है …और हम सब अभी सुरु करेंगे क्योकि समय और योग अभी का ह क्या पता ऊपरवाला इनका मित्यु योग ताल दे और उन्होंने आस पास बैठे सभी गाँव वालो को भी मित्युन्जय याग मई साथमे मंत्रो उच्चारण करने के लिए kaha….aur हुवा फिर मित्युन्जय महायज्ञ सुरु …

जिसकी धवनि दूर दूर तक जा रही थी …

पर जो लिखा ह उसे पलटना सिर्फ ऊपर वाले के हाथ मई हे होता ह ….

एक ऑवर बाद गाँव मई तीन गाड़िया घुसी ….जिसमे सबसे आगे बिरजू पहलवान बैठा tha…..usne गाँव वाले एक आदमी से पूछा तोह उसने बताया की वो सब उस पहाड़ी पर ह वंहा मंदिर के पास पूजा चल रही ह…

ये सुनते हे उसने गाड़िया पहाड़ी की तरफ़बढ़ा दी और जंहा तक लेजा सकता था वंहा तक ले गया और फिर ठाकुर कुंदन को कॉल मिलाया “ठाकुर साब वो औरत और उसके दोनों बचे मिल गए ह वो इस वक़्त क्सक्सक्स गाँव मई मेरे से थोड़ी दूर ह आप कान्हे तोह उन्हें अपने कब्जेमे ले लू “

ठाकुर कुंदन “वाह बिरजू वह शाबाश बहुत ाचा काम किया ….तू एक काम कर उन्दोनो बचो को अपने कब्जे मई सुरक्षित ले ले …मैं दुबारा कहता हु बचो को एक खरोच नहीं चाहिए वर्ण तुझे बचने वाला इस दुनिया मई नहीं होगा एक टट्टू वाला 7 फ़ीट का आदमी आएगा बिना कुछ कहे उसी दे देना”

बिरजू “ ठाकुर साब आपके लिए आज तक कितने खून और हाथपांव तोड़े ह , कितनी हे किडनेपिंग की ह कभी शिकायत आयी “

ठाकुर “तीख ह तीख ह काम करके मुझे कॉल करना “

ठाकुर ने कॉल कट करके जैसे हे टट्टू वाले ko.ye सबबताया सामने से आवाजाई…

“ठाकुर तुझे बुढ़ापे मई अब काम सुनाई देता ह ….मैंने क्या कहा था “

ठाकुर “जी जी …वो इसलिए ताकि वो दुबारा यंहा वंहा न हो जाये ….मेरा खास आदमी ह बचे को खरोच तक नहीं आने देगा …विस्वास कीजिये”

टट्टूवाला शख्स “याद रखना ठाकुर गलती हुवी तोह तेरी गोटिया निकलकर तुझे हे खिला दूंगा”

इतनाकः कॉल कट कर दिया …ठाकुर लम्बी सांस छोड़ते हुवे अपनी गद्दी पर बैठ गया….

बिरजू “चलो याद रखना हमे सिर्फ बचा चाइये उसे लो और निकल jao….baki कोई बिच मई ए तोह मार डालो सालो को….”

बिरजू के सरे पहलवान अपनी चौड़ा सरीर लेकर आगे बढ़ गए ….पूजा मई बैठे कुछ गाँव वालो की नज़र उधर गयी तोह बाते सुरु हो गयी और फिर शोर मई बदल gayiiii….awaje सून मधु का दिल बुरी तरह घबरा गया….

बिरजू अपने लम्बे चौड़े पहलवानो के साथ हवं के पास आगया …तोह कुछ गाँव वाले … “कौन हो तुम लोग क्या चाहिए”

बिरजू “कीच दिन और जीना चाहता ह तोह साइड हैट ये कहते हुवे एक जोरदार थपड उसकी कनपट्टी पर दिया जिससे वो साइड मई जा कर गिरा तभी एक गाँव वाले ने और न रास्ता रोक लिया तोह…

एक पहलवान “उस्ताद ये ऐसे नहीं मानेगे इतना कह उसने लम्बा चक्कू निकला और उसके पेट मई लगातार कई बार घोंप दिया ….खून देख कर गाँव वाले दर गए और वंहा से भागने लगे …..मधु मेघा भी दर गयी थी मधु ने तोह अपने बेटे को कसकर छिपा लिया था…..

पंडितजी “पुत्री यज्ञ करती रहो …अगर मित्यु ह तोह आज कोई भी नहीं बचा सकता ह …और हम इस वक़्त पहाड़ी पर ह और रास्ता भी एक हे ह तोह तुम इनसे बच नहीं सकते ह इसलिए मिर्त्युन्जय यज्ञ कर ….बस कुछ पल का और ह फिर निश्चित हे तुम्हारे पुत्र मिर्त्यु पर जीत पा लेंगे….” ये कह वो मंत्रो उच्चारण करते रहे …..

पहलवान “कहा था न उस्ताद लो रास्ता खली ह … अब आराम से अपना काम कर सकते ह”

मधु ससुर “कौन हो तुम कितना पैसा चाहिए ह मिल जायेगा चले जाओ यंहा से”

बिरजू “बूढ़े मुझे पैसा नहीं वो बचे चाहिए ह समझा”

मेघा जो होसियार थी उसने दिमाग से कामलिया “और boli…dekho बचो से क्या मिलेगा चाहिए तोह तुम्हे पैसे हे …बताओ कितने चाहिए ह 10 लाख 20 50 लाख”

बिरजू “न न मुझे तोह वो बचे चाहिए ह जा रे लेकर आ “

बिरजू का आर्डर सुनते हे पहलवान आगे बढ़ा तोह मधु का ससुर बिच मई आगयापर उस पहलवान ने एक झटके मई हे उसकी गर्दन मरोड़ दी…

मधु “पापा”

बिरजू “जा उठा ले और बचो की माँ बिच मई ए तोह उसे भी मर दे”

मधु की आँखों से आंसू निकलने लगे ….उसने बचो को और कसकर पकड़ लिया ….

बिरजू “बंद करो पंडितो ये हवन”

पर पंडित और महा गुरुवो को कोई फर्क नहीं पड़ा और आखिरी आहुति देते हुवे बोले “मिर्त्युन्जय यज्ञ पूरा हुवा पुत्री अब तुम्हारे बचो के ऊपर आया संकट ताल जायेगा ….”

एबॉट सून बिरजू पहलवान बोलै “ बनछोड़ गजब का कॉन्फिडेंस होता ह तुमलोगो मई मतलब सामने मौत कड़ी ह पर कॉन्फिडेंस देखो …गजब बस गजब… जा पहले इस पंडित को हे मार देखु जरा इसे …पर कहते ह न ऊपर वाला ह तोह सही और वो सब देख और सून रहा होता ह …तभी पीछे से आवाज ईई…

“maut…….maut सामने नहीं तुम्हारे पीछे ह”

आवाजके सुनते हे सभी पीछे मूड गए उनसब के सामने सुनील कुछ दुरी से चलता हुवा ारः tha….madhu की नज़र भी सुनीलपर गयी और उसे वो देखा देखा सा लगा”

तोह आवाज सुनकर बिरजू गुसाई मई आगया और बोलै “ बस सबको मरना ह ….और तू बचा ह बे क्यों मरना चाहता ह ….बस एक कंटाप मई हे मर जायेगा”

पर सुनील को कान्हा फर्कपड़ने वाला था उसकी नज़र तोह बस मधु की गोदी मई हिलते हुवे दोनों बचो पर थी …..और आज खूंखार वैलेंटाइन राइडर भी सुनील पर हावी नहीं हो पा रहा था सुनील का दिल जोरो से दधक रहा tha….aur दिल भाकूक हो रहा tha….aur बढ़ते कदम के साथ बताबी दुख ख़ुशी कितने हे भाव उसकी आँखों मई दिखने लगे थे …..उसे ऐसे सबको अवॉयड कर मधु की तरफ बढ़ता देख बिरजू का एक पहलवान सुनील के आगे आया पर वो कुछ करता या कहता उसे पहले हे …कहैछ खछः की आवाज हुवी तीसरी आवाज उसके गिरने की हुवी ….सुनील ने उस पहल वान के मू मई हे नाइफ दो बार घुसा दिया tha….ye देख एक्पाल मधु और मेघा भी दर gayiiii…par सुनील की नज़र तोह बस दोनों बचो पर थी और अब उसकी आंखे भी भीगी हुवी thi…wo मधु के पास पंहुचा और घुटनो के बालनीचे बैठ गया और दोनों को देखते हे पहचान गया उसकी आँखों से आंसू फुट पड़े …और दोनों की तरफ देख कर बोलै …मैं मैं तुम्हारा चाचा हु सुनील…”

मधु ने सुनील नाम सुना तोह उसे तुरंत सब याद आगया

पीछे से बिरजू की आवाज आयी देख क्या रहे हो मार डालो सेल को और बचो को लेकर औ…” ये सुनते हे सरे पहलवान आगे बधाई तोह वंही सुनील की आँखों मई खून उतर आया ….और जोर जोर से हसने लगा …और बोलै 1.5 साल से यार को धुंध रहा हु जब उसकी निशानी मिली ह तुम ले जाओगे है है है ha..phir बचो की तरफ देख कर बस 5 मिनट फिर हम खूब साडी बाटे करेंगे”

और हाथ मई पकड़ा अपना डैगर सीधा एक के गले मई उतर दिया और दूसरे की चेस्ट पर घूमकर फ्लाइंग किक दी ….वो 6 फुट का पहलवान भी उड़ता हुवा पीछे जाकर गिरा ….फिर सुनील ने निचे झुक कर एक के दोनों घुटने पर पंच मारा तोह वो किसी सांड की तरह जमीं पर एक तरफ होकर girpads…..ek जाने ने सुनील को पीछे से पकड़ने की कोसिस की तोह सुनील ने उसकी कलाई पकड़ कर तोड़ दी और फिर दूसरे हाथ से पकड़कर उंगलिया हे फाड़ dii….wo अभी दर्द से पूरा चिल्लाया भी नहीं था की सुनिल्ने एक पंच उसके गले पर दिया और वो शांत होकर दुनिया से अलविदा हो गया….

एक ने हाथ मई पकड़ी रोड से सुनील की पीठपर वार करने की कोसिसकी तोह सुनील निचे झुक गया और पीछे मूड कर पंच उसके ेकशॉल्डर पर तोह दूसरा उसके दूसरे शोल्डर पर मारा जिसकी वजह से उसके दोनों हाथ टूट गए हाथ मई पकड़ी रोड निचे गिर gayiiiii…sunil वो रोड उठाकर साइड से आरहे दूसरे पहलवान के सर पर दे मरी और वार इतने तेज़ था की रोड सर को फाड़ कर अंदर तक घुस गयी थी…

बिरजू “कुत्ते”

पर वो भी कुछ और कहता सुनिल्तेज़ी से उसके सामने आगया ….बिरजू ने sunil…ko पकड़ liya….sunil ने उसकी आँखों मई देखा और एक पंच उसके जबड़े पर diya….aur तेज़ी से घूमकर पीछे आकर एक पंच उसकी रीढ़की हड्डी पर diya….birju की चीख घउंज गयी चारो तरफ …

“याद रख इनका चाचा जिन्दा ह मेरे रहते अब इनका बालभी कोई बांका नहीं कर सकता ह …और तू इन्हे ले जाने आया था”

ये कहते सुनील और गुसा हो गया और लगातार कई वार उसकी चेस्ट पर किये उसके हर वार से उसकी चेस्ट की हड़िया टूट टी जा रही thi….aur आखिरी पंच मई उसकी जान चली गयी ….सुनील पलटा और मधु की तरफ आगया जो अपने सौर के पास बैठी रो रही थी….

पंडित जी “बेटी खुदको सम्भालो…”

सुनील “हमे चलना होगा …अभी खतरा ह”

मधु “कौन थे और ये क्यों चाहते ह मेरे बचो को”

सुनील “मुझे भी नहीं पता ह पर खतरा िंबाचो पर अभी भी ह”

मधु “मैं मेरे ससुर को ऐसे छोड़कर नहीं जा सकती हु”

सुनील “बचो पर खतरा ह आप समझती क्यों नहीं ह”

पंडित “बीटा इनकी चिटा को अग्नि तोह इन्ही को देनी पड़ेगी न और अब बीटा नहीं ह तोह पोते को देनी पड़ेगी ये तोह रीती रिवाज ह पुत्र”

सुनील “पंडित जी खतरा बहुत ह हमे निकलना hoga….madhu मम आप समाजए”

मेघा “ दीदी मई हु न आप निकल जाईये बेटी भी बेटे के सामान हे होती ह अभी इन दोनों की जान से बढ़ कारकुछ नहीं ह”

दोनों के समझने पर सुनील मधु और दोनों बचो को सथलेकर निचे की तरफ भगा …सुनील के मन मई इस वक़्त बस मधु और दोनों बचो की सेफ्टी का ख्याल था ….पर तभी उसके कान मई लगे एअर पीेछे मई आवाज आयी….

“बहुत से लोग आपकी तरफ आरहे ह …आपको निकलना होगा”

सुनील “अब निकलने मई दिएर हो गयी ह प्लान बी ….और फिर अज्जू से कनेक्ट करते हुवे ….उसने कुछ कहा जिसके बदले अज्जू ने भी रिप्लाई किया तुरंत स्क्रीन मई वंहा के आसपास की लोकेशन चेक करने laga…rajiv भी दूसरी तरफ निकलगाये”

तोह मधु ने सुनील से पुछु “क्या हुवा”

सुनील “अब दिएर हो गयी h….aur उसने दोनों बचो के गाल पर हाथ फिरते हुवा बोलै डरना नहीं ह चाचा ह न और फिर मधु से जाईये मंदिर के दरवाजे बंद कर लीजिये जब तक मैं न कहु खोलने नहीं ह”

मधु “पर”

सुनील गुसाई से “जल्दी जाओ मधु वापस पहाड़ी के ऊपर की तरफ जाने लगी और जब वो ऊपर तक पहुंची और पीछे मूड कर देखा तोह लोगो की भीड़ उसे ऊपर की तरफ अति दिखाई दी …

मेघा ने मधु को ऊपर एते देखा तोह पूछा क्या हुवा

मधु “जल्दी चल हमे मंदिर मई छिपना होगा” इतना कह वो मेघा के साथ जल्दी से मंदिर मई चली गयी और दरवाजा अंदर से बंद कर लिया और खिड़की से बहार देखने lagi….wanhi सुनील ने भी अपना डैगर 🗡️ निकल लिया और ऊपर जाने वाले रस्ते के बीचो बिच खड़ा हो गया…. टट्टूवाले शख्स के साथ आरहे सर की नज़र सुनील पर पड़ी toh…usne तुरंत चिल्लाकर दूर से हे “कहा हैट जा कंही और जाकर मर”

पर सुनील तुस्स से मास नहीं हुवा…

सर ने एकबार टट्टूवाले की तरफ देखा और फिर बॉस से कहा “ तू क्या गांड मरने आया ह मार कर पहाड़ी से निचे फेक दो सेल को”

टट्टूवाले शख्स ने एक नज़र ऊपर खड़े सुनील को देखा और फिर धीरे धीरे ऊपर बढ़ने लगा…..

बॉस अपने साथियो के साथ आगे बढ़ा और सुनील पर अटैक कर दिया पर ….सुनील ने पहले वाली की चाटती मई डैगर को घोपा और निकला फिर घूमकर दूसरे की झांग मई घोपा और फिर गर्दन पर मार दिया फिर फुरसति से साइड से ारः गुंडे की गर्दन के आर पार कर दिया ….और सामने आरहे वॉर से बचकर डैगर को निचे से गर्दन मई घुसकर आधा खोपड़ी मई घुसा दिया ….कोई समाज पता उसी पहले हे 20 से जायदा गुंडे जमीन पर ढेर पड़े हुवे थे….

टट्टूवाले शख्स के चेहरे पर ये देख कोई भाव नहीं ए और वो सबके पीछे अत रहा जैसे उसे सुनील से मतलब हे न हो सुनील भी लड़ते हुवे और पीछे हैट ता हुवा पहाड़ी के ऊपर तक आगया…

सर “अरे भैंचोड़ो एक साथ हमला करो दो मार दो टुकड़े टुकड़े कार्डो ….” अपने आदमियों को ऐसे मरते huve.dekh कर वो गुसाई से चिल्लाया भेनचोद चुतियो कोई तोह मारो …टट्टूवाला शख्स “ इन्हे छोड़ तू जा ुंबाचो को लेकर आ”

सर “ने अपने सरे आदमियों को सुनील पर अटैक करने का बोलै और खुद मंदिर की तरफ चला गैस जंहा खिड़की से उसी मधु बहार झांकती हुवी दिख गयी …सुनील की नज़र भी सर पर पद गयी पर वो अभी बुरी तरह गिरा हुवा था और बचने के लिए नहीं जा सकता था….

सर ने दरवाजे को खोलने की कोसिसकी तोह उसे पता लगा दरवाजा लॉक ह तोह वो जोर जोर से दरवाजे को धक्का देकर खोलने की कोसिस करने लगा और उसकी म्हणत रंग लेन लगी …अंदर मेघा ने एक तरफ राखी घंटी को उठा लिया …

सुनील ने दरवाजा टूटते देखा तोह उसकी आँखों मई खून उतर आया ह और उसने अब अपने घाव की परवा किये बैर अँधा धूम सबको मरने लगा…

तोह मंदिर मई …दरवाजा टूटे हे सर अंदर गुसा तोह मेघा ने घंटी सर के मू पर दे मरी जैसी सर का मू फैट गया वो दर्द से बिलबिला गया और गुसाई से बोलै “ साली दो टेक की कुटिया मुझे मरती ह उसने चाकू निकला और लगातार मेघा के पेट मई मरता गया ….मेघा को मरने के बाद वो पलटा और मधु से बोलै ये बचे मुझे दे तू बच जाएगी” पर मधु ने बचो को अपने सिनाई से लगाया रखा …

सर “तू भी साली मर के हे मारेगी और जबरदस्ती बचो को छीनने लगा इधर सुनील ने भी सबको मरडिया था और वो तुरंत मधु की तरफ भगा …पर तब तक दिएर हो चुकी थी …

सर ने 2 चाकू के वार मधु के पेट मई कर दिए थे…..

सुनील ने पीछे से डैगर को उसकी गर्दनमे गुसा दिया …और लड़खड़ाती मधु को पकड़ लिया…..

मधु “मेरे बचो का ख्याल रखना राज से कहना अब तुम हे इनके माँ और बाप हो …इनकी आँखों मई आंसू मत आने dena….wadaa करो …सुनील …तुम उसे ये कहोगे”

सुनील “ वडा ह ये ये हमेशा खुस रहेंगे”

मधु के चेहरे पर मुस्कराहट आगयी और वो ब्लड लोस्स की वजह से बेहोश गयी पर सुनील को पता था की अब उसका बचना मुश्किल h…..usne दोनों बचो को गोदी मई लिया और मंदिर से बहार आगया …जंहा टट्टू वाला शख्स सामने खड़ा उसे हे देख रहा tha…sunil ने भी उसे घूरा और फिर अपने पहने हुवे सूट की बैक से एक प्लेट टाइप कुछ निकला और उसके साइड मई लगे बटन को पुश किया तोह वो एक टोकरी जैसे मई बदलता gaya….sunil ने दोनों को उसमे लेता दिया….

टट्टूवाला शख्स “वो बचे मेरे साथ जायेंगे और तू बिच मई आया तोह भी मरेगा”

Sunil"Khawab ये खवाब हे रहेगा tumhara...inki जान की कीमत मेरी जान से बढ़कर ह...”

"तोह फिर तेरी जान लेकर इन तक pahuchunga..waise भी तुम लोगो की जान की कीमत मेरे लिए कीड़ो जैसी ह"

सुनील “कोसिस करले”

आज के लिए इतना हे मस्ती मई पढ़ने का और सिर्फ लाइक्स ठोकने का

 
मधु एक साइड करैक्टर .... अगर वो जिन्दा रही तोह ...सोचो क्या होगा जब सोनाली पहचान ले की ये राज के बचे ह ....उसका तोह दिल टूट jayega...kyoki उसने हमेशा राज के साथ आगे बढ़ना चाहा पर राज खुद रूकता gaya...aur अब उसे पता लगे 2 bache....main कहानी की एक्ट्रेस तोह अलग हे हो jayegi...par अब सिचुएशन अलग ह... अब सोनाली के लिए राज के जिन्दा होने की उम्मीद टूट चुकी ह वो बस एक उम्मीद योगी बाबा की बातो से लगा कर राखी h....poonam...bhi टूट चुकी h....aise मई राज की निशानी के रूप मई ये छोटे बचे उन्हों मिलना जीने की आस देंगे और वो इनका कितना ख्याल रखेंगी ये आप सब समाज हे सकते हो .......फिर श्वेता कविता anu.......aur खासकर मनीषा वो तोह सबसे सबसे जायदा प्यार karegi....isi लिए मधु का मरना जरुरी थी और ....खास बात ...इस स्टोरी मई जो कमजोर पड़ेगा गलती करेगा वो khoyega....chahe हीरो हे क्यों न हो ...
 




मैं तोह ये पढता हु ....कल से लिखेंगे अगला अपडेट
 
अपकमिंग नेक्स्ट अपडेट.....

नथिंग इस इम्पॉसिबल....

वर्किंग इन प्रोग्रेस....

"अब तू कौन ह..."

"वही जो हरपाल तेरा पीछा करता था..."

"अब तू भी मरेगा इसके साथ"

"आज तोह नहीं वैसे भी मैं मरकर हे जिन्दा हुवा हु या सायद अभी भी मारा हुवा हु"


"नथिंग इस इम्पॉसिबल "
 
शेरदिल क्यों नहीं हो सकता h....Abhay हे क्यों.... और अगर अभय जिन्दा ह तोह अज्जू और श्रुती को पता होता न
 
बहुत जल्द .....खुल जायेगा ये राज़ bhi...ki कौन आया ह...
 
माफ़ी चाहूंगा अपडेट क्यों डिले ह आप समाज गए होंगे इसलिए अपडेट सैटरडे को ayega...kyoki अभी कोई और ह जिसे मेरी जायदा जरुरत ह...
 
उप्दत कल रात 11 बजे के करीब आजायेगा
 
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