Adultery Raj-- hero of the family - Page 27 - SexBaba
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Adultery Raj-- hero of the family

अपडेट टाइमिंग टोम्मारो 10 तो 10.30 पं
 
अपडेट 10 से 10.30 के बिच आएगा
 
अपडेट 97...

फाइंडिंग past—Revenge बेगिंस

कलपसे.......

Huu....hmmm....fuuuu.....huuuu....hmmm..fuuuu...

मुझे और स्ट्रांग होना hoga..dagger हवा मई saye...saye..ki आवाज से जल्दी जल्दी घूम रहा था पिछले 3 ऑवर से लगातार वर्कआउट कर रहा था raj.....kafi टाइम से डिस्टर्बेंस की वजह से वर्कआउट नहीं कर पाया था...

मेरा आगे का टाइम बहुत तुफ्फ होने वाला h....muje प्रैक्टिस रेगुलर रखनी ह...

वर्कआउट से उसकी बॉडी का हर शेप पर्फेक्ट्ली दिख रहा था.....

राजीव के इन्फ्लुएंस से अटेंडेंस की प्रॉब्लम सोल्वे हो गयी थी स्कूल ki....raj नहाकर रिलैक्स हो गया श्वेता स्कूल गयी थी ..इसलिए आराम से कॉफ़ी पीकर सोचने लगा .....

एक ऑवर बाद गर्दन मई बने बेसमेंट मई सामने बोर्ड पर काफी साडी इमेजेज और स्लुइस पिन यूपीएस किये हुवे the...jismai वो हर इनफार्मेशन थी जो उसे चाहिए थी ....एक जगह ऊँगली पॉइंट कर यही जाना होगा.....

काफी दिएर बाद एक जगह पंहुचा और पूछतज करने पे बी कुछ पता नहीं लगा तोह थक कर एक जगह बैठ गया ....

आखिर कान्हा हो ap....main हार नहीं मान sakta...pura दिन ढूंढने पर बी उसे कोई जानकारी नहीं मिली. खली हाथ हे वापस आगया.....

जब अपने को ढूंढ़ने जाये और वो न मिले तोह कैसा महसूस होता ह वैसा हे उसे फील हो रहा था मन तोह कह रहा था की वो यही ह अस्स पास ...बहुत गहरी कस्मकस दिमाग मई चल रही थी की कैसे वो अपनी बुआ को ढूंढे पर कोई राह उसे नज़र नहीं नज़र आरही थी ...ऑनलाइन नाम से डॉक्यूमेंट बी ढूढे. पर कोई क्लू हे नहीं मिला उसे जैसे ये नाम हो हे नहीं ...इस दुनिया मई

अगले दिन स्कूल से आने के बाद फिर उसने नाम से और ईयर की घटना बताकर हर आश्रम हर अनाथालय हर होटल हर मुकिन जगह तलाश की पर कोई अटपटा नहीं mila....jis उद्देश्य से वो यंहा आया था उसे वो पूरा करना था पर आज सभी रस्ते बंद नज़र आरहे थे...

पर ढूंढ़ने से खुदा बी मिलता ह तोह उसे बी पता चल हे गया एक गाँव से एक औरत ने उसे कॉल किया...

राज आँखों मई खुसी लिए बाइक भागता हुवा जा रहा tha......aj उसे एक उम्मीद की नयी राह नज़र आयी ....वो जल्द हे पहुंच गया गाँव दूर गाँव मई

खत खत ....

माँ जी अपने फ़ोन किया था लड़की की जानकारी के लिए....

Aurat---andar औ..

औरत--- ...है वो आयी थी यंहा बहुत बुरी हालत थी उसकी ...जगह जगह चोट के निशान थे खून ñिकल रहा था मेरे पास हे छुपी रही एक महीने tak...maine बहुत बार पूछा पर उसने यही बताया सबको मार दिया ह सबको मार diya...wo किसी से नहीं बोलती थी एक महीने बाद चोट तीख हुवी तोह चली गयी बहुत भली लड़की थी... है उसने मदद के तौर पे ये एक चैन दी थी... कुछ दिएर बाद वो एक लॉकेट टाइप चैन लायी और बोली उसने कहा था वो एक दिन वापस आएगी इसे लेना इसे बेचना मत .....

राज ने उसे हाथ मई ले लिया और अपने सीने से लगा लिया फिर उसे याद आया की कैसे उसकी बुआ उसे गोद मई उठाये घूमती रहती थी और उस मनहूस दिन बी वो उनकी हे गोद मई खेल रहा tha....man के अंदर हज़ारो भाव आरहे थे उथल पुथल मची हुवी थी विचारो की जिसे उस औरत ने toda.....beta क्या लगती ह वो तुम्हारी...

राज सुखरिया अपने बुरे वक़्त मई मदद की और वो सबकुछ ह मेरी ... ये एक लाख ह आपके काम आएंगे ...

राज बिना पीछे देखे हे निकल गया और उस गाँव से बहार जाने वाला हर ास्सपस्स की जगह पर पूछतज करता रहा ....पर आगे कोई जानकारी नहीं मिली .....राज सीधा राजीव के ऑफिस पहुंच गया ...

जंहा पहले से हे षुरूति अभय अज्जू मौजूद थे...

राजीव--- क्या बात ह राज ..

राज लॉकेट दिखा कर वो जिन्दा ह ये सबूत ह ...आप इन रास्तो पर हर जगह पूछतज करवाईये जरूर कुछ पता chalega.....har बूढ़े भुड़िया से खासकर मुझे उनसे जल्द से जल्द मिलना ह...

राजीव--- ok मैं करवाता हु तुम इनसे बात करो

षुरूति --- आगे की क्या प्लानिंग ह ...

राज----- एक गया अब उसके साथी जो आज बी पशुपति के हे साथ ह उन्हें चीरना ह और उन्हें मैं खुद सजा dunga..ajuu भाई अपने काम किया ....

अज्जू – प्रोजेक्टर ों करता हुवा हर बात समझता गया ..

राज के चेहरे के एक्सप्रेशन तोह चेंज न हुवे पर बाकि के चेहरे के एक्सप्रेशन सख्त हो गए...

अभय--- सर ये तोह बहुत जायदा हे खतरनाक निकला ....ये बाते तोह पहले नहीं पता थी...

राजीव--- राज....

Raj—khada होकर ...मैंने अपना बचपन ऐसो से कैसे लड़ना ह सिखने मई हे बिताया ह ये 5 हो या 50या 500 हे क्यों न हो ...कर्मा तोह मिलेगा he...mai. वो हथियार हु जो इनको चीरने फाड़ने के लिए हे बना ह

अभय – फ़िलहाल ये अभी बहार ह पर इसका अड्डा यंहा से 80 कम की दुरी पर हे ह जंहा से इसका भू माफिया का काम होता ह.......

Raj—toh तयारी karo...aur है जिन्दा जलना ह पेट्रोल बॉम्ब्स बनाओ मौत आसान नहीं होनी चाहिए .....ये बात मेरे गुरु सभी और आग सर ने कही थी जितना तड़पाओगे उतना सुकून तुम पाओगे...

राज की पीठ देख कर कौन कह सकता था की एक यंग लड़का इतना बेहरहम हो सकता ह.....

तोह वंही ...

औरत--- अपनी बेटी को गोद मई उठाये सहर से बहार निकलने की कोसिस कर रही थी कुम्भ का मेला सुरु हो चूका था खूब भीड़ thi....usi का वो फायदा उठाना चाहती थी ...मू को धक् कर वो आगे जाती जा रही थी न सामान था न कुछ बस अपनी बेटी की जान बचने की कोसिस thi...wo कैसे बी करके बस मई चढ़ गयी ....और सबसे पीछे छिपकर बैठ गयी उसका दिल जोर जोर से धड़क रहा था ....वो बस यही दुआ कर रही थी की कैसे बी ये बस चल पड़े बस .....वो बार बार दुआ कर रही थी ...उसका धयान अपनी बेटी की आवाज से टुटा ..

जहान्वी – मुम्मा आप टेंशन मत लो गॉड हमारी हेल्प करेगा वो सबकी हेल्प करते ह ....देखने वो हमे इनविजिबल कर. देंगे वो गंदे उंक्लेस हमे ढूंढ हे नहीं payenge....aur फिर सुपर हीरो आएगा और उन सबको पुनीश करेगा.....

अपनी बेटी की भोली बातो को सुनके उसका दिल पसीज गया उसे सीने से लगाकर बोली ..है मेरी बची .......ऐसा हे होगा ...पर उसका दिल जनता था की वो लोग कितने खतरनाक ह ......वो बस इंतज़ार करती रही ...15 मिनट हो चुके थे बस न चली तभी 2 जाने बस मई छाडे ...

पहला अचे से देखना रे ....

दूसरा तीख ह...

वो हर सीट पे चेक करता हुवा ारः था ..

औरत ने जैसे हे ये देखा वो जल्दी से सीट के निचे की तरफ झुक गयी उसकी तोह सांसे हे अटक गयी थी ...और उसकी आखिरी बची हुवी उम्मीद ने हीमत तोड़ दी ....अब बचना मुश्किल tha....wo बस लास्ट तक पहुंचने हे वाला था की बस का हॉर्न बज गया .....

पहला चल बे वो मांबेटी यंहा नहीं ह दूसरी बस चेक करते ह .....

औरत को जब बस चलने का अहसास हुवा तब उसकी जान मई जान ayi....aur वो सीढ़ी बैठ गयी h.....aj फिर मौत उसे चुकार निकल गयी और निकालनी हे थी 17 साल की उम्र से हे मौत से रूबरू होती आरही thi....ab उसे सुकून था की वो बच निकल जाएगी और अपनी बेटी के साथ नयी जिंदगी की सुरुवात karegi.....par दर से दिल अभी बी धड़क रहा था और यही हाल उसकी बेटी का बी था ....

दूसरी तरफ......

दिल्ली

चेइफ़--- ी डोंट वांट अन्य एक्सक्यूज़ sonali...you क्नोव वैरी वेल क्या होगा िफ़ वे फेल्ड ....

सोनाली--- सर हमने साडी जगह तलाश की बूत विथल नहीं मिला h....aur रड़क्स बी वंहा नहीं ह जंहा डेंजर ने बताया था...

जोगिन्दर--- सर हमने सब जगह मॉनिटरिंग राखी हुवी ह कुछ बी होगा हमे पता चल जायेगा ...

चीफ--- no no जोगिन्दर आप समाज नहीं रहे वंहा इतना रश रहता ह एक अफवाह बी हज़ारो की जान लेने के किये काफी ह और ये तोह ब्लडी फूकिंग रड़क्स ह सॉरी तो से बूत ट्रुथ इस ट्रुथ....

जोगिन्दर--- तोह उसे बोलते ह जो बेस्ट ह ....और मैं किनकी बात कर रहा हु आप जानते हो पूरा हिमाचल 24 हॉर्स मई क्लीन हो गया था

चीफ--- ी थिंक यू र राइट उसकी टीम हे बेस्ट रहेगी ..

शिवानी को कुछ समाज नहीं आया.....

सोनाली--- सीरियसली सर ...उसकी टीम ु मैं किलिंग मशीन सभी एंड आग ...चामे ों सर थे अरे monesters....aur sunil...wo टैंक.... ब्लड लुस्टि h...kitno को मरेगा पता नहीं और मोस्टली राज क्या होगा अगर वो रुका नहीं no no no...lashe गिनते गिनते थक जाओगे आप ...no नेवर ...

चेइफ़--- तुम्हारा प्यार बोल रहा ह ...

सोनाली--- आप जो चाहे वो समजे बूत वो नाहीई..

जोगिन्दर--- सोनाली लोग मरे जायेंगे ...और उसकी हे टीम ये कर सकती ह...

सोनाली--- नौपे बिलकुल नहीं मैं ढूंढ लुंगी प्रॉमिस ह ये मिशन हम पूरा करेंगे हर बार उसकी मदद नहीं ले सकती हु पिछली बार he....nahi sir....Hum आज हे निकल रहे वंहा हर जगह नज़र रखेंगे और आप विथल को ढूंढिए.....

बहार अकार .....सोनाली चुप चाप बैठ गयी ...

शिवानी--- टीम ये कौनसी टीम ह और राज ये कौन ह

सोनाली--- तुम जिसे हाथ कड़ी लगी रही थी

शिवानी जो पानी पि रही थी उसे जैसे हे याद आया उसका पानी गले मई हे अटक gaya....jorse खांसी आने lagi......usne सपने मई बी नहीं सोचा था की उसकी पहुंच इतनी ऊँची होगी.......

शिवानी--- राज वो एक लड़का ह यंग लड़का ह वो लीड करता ह....

सोनाली--- ने उसे घूर कर देखा....

शिवानी को कुछ याद आया अंदर की बातो का तोह वो जल्दी से चुप हो गयी.....

दूसरी तरफ......

ट्रैन मई ....

बाबा अपने ये तोह लिया हे नहीं....

पूनम बूढ़ा होगया ह तेरा बाबा इतना हे खा सकता ह अब...

Poonam—budha होंगे आपके दुश्मन अभी बी बिलकुल तंदुरुस्त लगते हो ...ap...bahar निकलो तोह पूरा गाँव देखता h....abhi जवान लड़को से जवान लगते हो दुबारा ब्याह हो जाये आपका तोह

सब हसने लग जाते ह .......

पूनम झेप सी जाती ह सबको हँसता देख

बाबा--- अरे मुझे न ढूंढनी दूसरी तेरी चची हे तीख ह मेरे लिए अब तेरे लिए ढूंढेंगे लड़का तू पढ़ लिख ले पहले....

Poonam—ap फिर शुरू हो गए मैंने कहा था न की मैं आपको कंही छोड़ के नहीं जाउंगी...

बाबा--- अरे पगली मैं जा हे इसीलिए रहा हु की तुजे हमसे जायदा ख्याल रखने वाला लड़का मिले ....सामजी ....

अब वो बेचारी क्या हे बोलती पर है ऊपर वाली बिरथ पर लेट कर वो इतना जरूर सोचने लग गयी थी की क्या सपनो का राजकुमार कहानियो के इलावा हकीकत मई बी होता ह और होता ह तोह कैसा होता ह ...मुझे कैसे पता लगेगा वो हे मेरे सपनो का राजकीमार होगा ....क्या मैं पहचान लुंगी ...वो गुसाई वाला तोह नहीं होगा न .... जैसा बी हो बस खड़ूस न हो स्वीट सा हो ...

अब उसे नहीं पता था की उपरवाले ने जोड़ी लिख दी ह और वो बनकर रहेगी

“ एक बिन माँ बाप की लड़की और एक बिन माँ बाप का लड़का दोनों हे एक दूसरे के जज्बात को समझेंगे एक तरफ मासूम लड़की और दूसरी तरफ एक बीस्ट “

क्या होगा जब दोनों मिलेंगे

कैसे मिलेंगे

क्या पहचान पाएंगे एक दूसरे के प्यार को......

क्या सोनाली बी होगी उस वक़्त .....

सवाल बहुत ह jawab...ek बी नहीं....

लाइक्स और रेवोएस मई कंजूसी न करने का

आज के लिए इतना हे ......


 
अपडेट सैटरडे को आएगा फुल भेजा फ्राई हो रखा ह
 
अपडेट....... टोम्मारो

7000 वर्ड्स.......
 
अपडेट टाइमिंग टुडे 6 पं
 
अपडेट 98

फाइंडिंग past—begins

पुलिस वस क्रिमनल वस राज


पुलिस साइड .....सन 1

कल की हुवी तकरार से सोनाली एंड शिवानी काफी परेशां थी बात अब उनकी इज़्ज़त पर आगयी थी वो बेहद गुसाई मई सुभे हे कार को लेके हरिद्वार निकल गयी उसका गुसा देख कर शिवानी बी चुप हे बैठी रही .....वो कुछ बोलती उसे पहले सोनाली का फ़ोन रिंग होना लगा ....और उस फ़ोन के आने से सोनाली के चेहरे के एक्सप्रेशन हे चेंज हो गए थे अब गुसाई की जगह चेहरे पे स्वीट स्माइल आगयी.......

Hello....

सामने से --- क्या कर रही हो ..

सोनाली--- काम कर रही थी आज आपको बड़ा टाइम मिला वर्ण कॉल करने से बी उठाते नहीं हो..

सामने से--- सॉरी कहा न आपसे अगेन सॉरी sorry...jald हे मिलता हु साडी शिकायत दूर कर दूंगा रियली आपको बहुत मिस कर रहा हु...

सोनाली--- ने राज के ये सब्द सुने तोह उसका दिल घबरा गया उसी चिंता मई उसने पूछ लिया क्या हुवा कोई बात ह राज ......

शिवानी--- raj.....man मई ओह तोह अंदर जो बात सुनी थी वो सच ह मतलब मैडम रियली उसे लिखे करती ह ऐसा क्या ह उसमे पर जो बी ह मैडम का अब मूड तीख ह...

कुछ पल बाद कॉल कट हो गया अब सोनाली के चेहरे पे जो गुसाई की सिकन थी वंहा ख़याली मुस्कान थी ....और उसके दिमाग मई एक हे बात घूम रही थी की जल्द हे मिलता हु और साडी शिकायत दूर करता हु ....कार मई बैठी खुली आँखों से मिलने का सपना दखने लगी और आखिर क्यों न देखा कौनसी प्रेमिका अपने प्रेमी से मिलने की लालसा तड़प न रखती ho...inhi खयालो मई .....कब हरिद्वार पहुंचे सोनाली को पता हे नहीं लगा.....

शिवानी पुरे रस्ते मई ये जान गयी की सोनाली पूरी तरह राज के प्यार मई ह और राज उनकी जिंदगी मई बहुत अहमियत रखता ह ...

जैसे हे सोनाली कार से निचे उतरी वो प्यार की दुनिया से निकल कर वापस हकीकत की दुनिया मई आगयी...

कुम्भ के मेले मई भरी सिक्योरिटी का इंतज़ाम किया हुवा था स्टेट की काफी पुलिस जगह जगह तैनात थी हर जगह तलाशी ली जा रही थी .....ताकि हर संभावित दुर्घटना को रोका जा सके ..

सोनाली और शिवानी सीधी साइबर मॉनिटरिंग रूम मई गयी ..जंहा वो साइबर इंचार्ज से मिले

इंचार्ज – वेलकम मम सब कंट्रोल मई ह ..

Shivani---man मई एक तोह करेला ऊपर से नीम चढ़ा .... मौत सर पर ह और ये सब कंट्रोल मई कहकर भूखी शेरनी को छेद रहा ह दिन भर गए ह इसके......

सोनाली--- अच्छा सच... मूछ... फिर जोर से लिसेन एव्री ओने किसी बी छोटी सी छोटी चीज पे निघाये रखो जो बी सुस्पेक्टुअल लगे तुरंत बताये चाहे कुछ बी मतलब कुछ बी बम ब्लास्ट की प्लानिंग ह मेले मई इसलिए कोई बी केयरलेस नहीं rahega....check एव्री ओने एंड एवरीथिंग ....

शिवानी --- मैं यंहा रूकती हु चेक करती हु की क्या पता कुछ दिख जाये ..

सोनाली--- गुड और मैं मेले के अस्स्सपस्स चेक करती हु ...

वो इंस्पेक्टर के साथ निकल पड़ी मेला चेक करने और हर जगह चेक करने लगी शॉप्स बस स्टैंड टैक्सी स्टैंड ...सुभे से शाम हो गयी थी पर कुछ बी सुस्पेंसियस नहीं मिला था...

तोह मॉनिटरिंग रूम मई शिवानी बी हर जगह निघाये रखे हुवे थी टैक्सी स्टैंड बस stand...railway हर जगह उसकी निघाये थी .....पर मजबूरन उसे बी खली हे रहना पड़ा.....


क्रिमिनल side.......scene 2

रखा जोर जोर से हंस रहा था क्योकि उसकी मंजिल पास आरही थी ....और वो पठान को हर तरीके से खुस रख रहा था....

रखा--- पुलिस को भनक तक नहीं h....bewakufo की कोई कमी नहीं देश mai.....ao एक बार आपको दिखा लता हु ...

और रखा के आदमी अलग तरह मेले मई एंटर हुवे और रखा पठान भाइयो को जगह दिखता गया जिसमे बम ब्लास्ट प्लान किया हुवा tha...raka को पता था की उसपे किसी को सक नहीं होगा इसलिए बेधड़क वो घूम रहा था हर जगह पुलिस के सामने पर खली हाथ देख किसी ने उसे चेक नहीं किया ... ..न उसकी आइडेंटिटी पे सक किया

रखा वापस पहुंचकर जैसे हे ब्लास्ट होगा बग़दाद मच जाएगी और हमारे आदमी जो बस स्टैंड के अस्सपस्स छुपे होंगे वो पुलिस के लिए नारे बाज़ी और पाथेर बाज़ी शुरू कर देंगे जिसे दंगे सुरु हो जायेंगे ....

पठान--- ोये हबीबी दिल खुस कर दिया तुम. हमको बहुत मज़ा आयी तुम्हारी बाते सुनके हम तुम्हारी सिफारिश karegi....vithal से

रखा को और क्या चाहिए था यही तोह सपना था उसका....

रखा बस कल हमारे 100 आदमी जगह जगह फ़ैल जायेंगे और हथियार कचरे वाली गाड़ी मई होंगे हे बस इंतज़ार होगा सही वक़्त का .....कल का दिन जो होगा वो इतिहास मई लिखा जायेगा कल की सुभे बर्बादी लाएगी....


दीपिका--- सन 3 हॉस्टल...

अंजना--- मॉर्निंग 5 बजे बस निकलेगी मुझे बी जगा देना yaar...aur तुम सब बी सो जाओ

दीपिका--- है जगा दूंगी यार भाई से मिले हुवे काफी वक़्त हो गया h....uski बहुत याद आरही ह...

अंजना--- सो जा महीने हे हुवे ह साल नहीं ......

बाकि लड़किया दीपिका को छेड़ने लगी की उन्हें उसके भाई से मिलना h...kyoki राज की तरफ हे इतनी सुनी थी .फिर वो सब बी अपने रूम मई चली गयी....

दीपिका--- गुड नाईट और मन मई मैं आरही हु भाई आपके लिए एक सुप्रिसे leke..is बार आपके दिल का एक दर्द मैं दूर कर दूंगी आपको आपकी कविता ममता की फोटो दिखा कर ..बस जल्द हे मिलेंगे हम और जल्द हे मिलोगे आप कविता ममता se....wo बी जल्द आएंगी....


सन 4.....राज...

राज सूरे हो की सुभे हे ये काम करोगे...

Raj—us वक़्त पशुपति के लोग केयरलेस होंगे और सुभे का ये वक़्त हे ऐसा होता ह जब सब नींद मई होंगे ...

अज्जू--- सब रेडी ह ...हथियार ेट्स बस निकलने की दिएर ह.....

Rajeev---ok तोह वंहा हमे टोटल 40 50 के अस्स पास 2 जगह लोग मिलेंगे हम 2 टीम मई वर्क करेंगे .....एक टीम राज और अज्जू की होगी और बाकि हम 3 होंगे और एक हे टाइम दोनों जगह अटैक करेंगे.....

Raj—ok done.....rest karo....subhe निकलते ह..

घरपर

आप फिर जा रहे हो अभी तोह आप रिकवर हुवे हो चोट से भाई...

Raj—tuje पता ह न sab.acha यंहा आ तू मेरे जाने के बाद धयान रखेगी खुद का ...

फिर उसका माथा चूमकर चल खाना कहते ह भूक लगी ह ....

श्वेता तीख मैं लगाती हु...

सुभे 3 बजे फोर्टनेर से राज एंड पार्टी मिशन पर जा रही thi...ek का मोतिवे था पशुपति को सेक्रेटली बर्बाद करना तोह एक का उद्देश्य था badla....badla अपने परिवार को ख़त्म करने वालो से उसमे पहला नंबर पशुपति का हे था ....डेस्टिनी सब की एक थी पर वजह अलग alag...raj जो शांति से बस सोच रहा था ...उसके मन मई क्या था ये कोई नहीं जान सकता था पर राजीव जनता था क्योकि कुछ बाटे सोनाली ने बताई थी और जितना उसने बताया था और जितना राज को जनता था उसे एक बात तय थी की आगे जो कुछ बी होगा वो बहुत भयानक होगा......2 हॉर्स का रास्ता 1.5 हॉर्स मई हे पूरा हो गया .......गाड़ी को धीरे से साइड मई लगा के ..

Rajeev---raj अब तुम और अज्जू सम्भालो यंहा हाफ ऑवर बाद अटैक करना ...ok

Raj—ok... हम संभल लेंगे बाद मई इसी हाईवे पे 10 कम आगे मिलेंगे और याद रहे सेफ्टी पहले ....ok ..

राज और अज्जू पैदल हे निकल पड़े और घर की चार दीवारी के पास पहुंच गए...

अज्जू--- रुक क्यों गए हम ...

Raj—hamesa पहले अचे से चेक करलेना चाहिए वो सामने देख चैन दिख रही ह वो कुत्ते की ह और उसकी मोटाई से पता लग रहा जर्मन सुफ्रेड या बुल्ली डॉग किसी की तोह ह ...दीखते हे शूट कर देना ok....

अज्जू--- ने गर्दन हिलायी और ढूंढने लगा जो और मिल बी गया उसे एक कौन मई पेड़ के निचे सो रहा था एक clikkkk....ki आवाज हुवी और सीलनसर पिस्टल से निकली गोली कुत्ते के सर के आर पार हो गयी....

फिर दोनों बाउंड्री वाल से खुदकर अंदर आगये ....और माकन को आराम से चारो तरफ से देखने लगे करीब 10 कमरे बने हुवे थे 2 मंजिला मकान mai...Sab कुछ चेक करने के बाद...

राज--± मैं जब कहु ग्रांडे को मैं गेट पे फोड़ देना जिसे सबका धयान आगे होगा जब तक मैं पीछे से ऊपर फ्लोर पर चढ़ जाऊंगा फिर तुम ...सामने रुक रुक कर फायरिंग करना सबका धयान तुम्हारी तरफ रहेगा....

कुछ देर बाद भादमममम बूम्म्म्म की आवाज हुवी और इसी का रिएक्शन देखने को मिला घर के अंदर से तेज़ शोर आने लगा भागने की आवाज आयी और सब लोग बहार की तरफ देखने लगे की धमके का शोर कान्हा हुवा ह और कुछ हे पालो मई वो समाज गए की गेट की तरफ से आया ह और बहार देखा तोह गेट की चितदे उड़े हुवे the...kuch लोग जो बहार की तरफ भागे थे उनमे से एक को गोली लगी उसके निचे गिरते हे सब रुक गए और वापस भाग कर चुप gaye...aur क्रॉस फायरिंग करने लगे

इतनी गोलिया एक साथ फायरिंग एते देख....

अज्जू--- ओने वस ओने सुना था तवो बी सुना थ्री बी सुना पर ओने वस इतने इतने सरे फिल्मो मई हे देखा ह ....हे उपरवाले bachana.......haar बार टीम गलत हे क्यों मिल जाती ह ....


अज्जू बी रुक रुक कर फायर करता रहा ....राज जो ऊपर पहुंच चूका था अपना डैगर निकला और ऊपर से जो फायरिंग कर रहा था उसका गाला काट diya....phir धीरे से रूम की तरफ भाड़ा और अंदर सीढ़ियों को देखा की उसके पास तोह नहीं ह न ...और सूरे होते हे अंदर आगया लगभग सब निचे थे बस 5 जाने जो निचे ताका झांकी कर रहे थे उन्हें हवा हे नहीं लगी की कोई उनके पीछे बी ह...

पहला – ये कौन आगया ह मरने के लिए बस इन्हे पता न ह की जावलपुर पशुपति मला का ह ...

Dusra—chutiye जो बी ह उसे पता ह की ये माकन किसका ह अपने सादे से मू से काम की बात बोल...

पर पहले वाले से कोई जवाब न आया तोह उस तरफ देखा और आंखे चौड़ी हो गयी और वो कुछ बोलता उसे पहले निचे से उसे चीरता हुवा खंजर सर से बहार agaya.......aur जल्द हे पांचो फर्श पर पड़े हुवे थे...

निचे फ्लोर पर...

लगता ह एक हे आदमी ह कालू ...लम्बू पतलू तुम दीवार कुढ़ के जाने की कोसिस करो और मार दो

सब निकल गए तभी एक पेट्रोल बम जलता हुवा ऊपर से निचे आया और अंदर सब चिल्ला पड़े पतलू लम्बू जो बहार निकके थे उन्होंने जैसे हे मुद के देखा एक जलती हुवी चीज उनकी तरफ आयी और बूम ...की आवाज से फैट गयी और वो बी जलने लगे कुछ लोग खिड़की खोल बहार आगये ....और बहार यमराज उनका वेट कर रहा था वो कोई रिएक्शन दिखते उसे पहले हे राज ने बिना रुके उन्हें काटना सुरु कर दिया वो हाथ घूमते हाथ काट ता तंग घूमते तंग काट टी फायर करते तोह अपनों को हे गोली लगती करीब 10 मिनट मई सब निचे गिरे पड़े थे....

अज्जू--- ये आवाज अणि बंद क्यों हो गयी बस मैं मर तोह नहीं गया या कान ख़राब हो गए ह....

उसने अंदर झांक कर देखा तोह सब निचे गिरे पड़े थे ....वो खड़ा होक अंदर आया

राज अंदर जाओ और देखो क्या काम का ह जो बी हो उठा के ले औ ...

वंही दूसरी तरफ

श्रुति अभय और राजीव ने अलग हे काण्ड किया पहले जगह को देखा फिर मैं गेट पे आग लगायी और बाद मई हर कमरे मई पेट्रोल बम फेंक दिए पुरे घर को हे जला डाला ..आरही थी तोह सिर्फ चिल्लाने की आवाजे ...

Shuruti—raj ने सच कहा था जितना तड़पाओगे उतना सुकून पाओगे इन लोग ने कितनो को मारा ह रपे किया ह आज इनकी तड़प देख दिल से खुसी हो रही ह .......

राजीव--- रंग चढ़ने लगा ह सांगत का....

सब चल दिए वापस ....

अज्जू और राजीव पैदल हे भागे जा रहे थे कच्चे रास्तो से हाईवे की तरफ उन्हें सर्चिंग मई बहुत सरे जमीन के कागज़ मिले उन्हें उसने जला दिए ...और करीब एक कर के अस्सपस्स कॅश मिला उसे तंग लिया पीठ मई....

एक ऑवर बाद हाईवे पे वो पहुंचे तोह सामने उन्हें राजीव मिल गए...

राजीव--- ये पीठ मई क्या ह....

Raj—inam ह हमारी म्हणत का 50 लाख आप बाँट लीजिये बाकि राजीव सर गरीब बच्चियों के लिए जो बी ईमानदार ट्रस्ट ह उसमे दाल दीजिये ...

षुरूति राज को इमोशनल नज़र से देख कर तुम वाकई नेक दिल हो राज

राजीव--- चलो चलते h...Yanha रुकना तीख नहीं ह....


हरिद्वार -----

ये क्या ह बाबा यंहा तोह इतनी भीड़ ह मैंने तोह कभी नहीं देखि इतनी भीड़

बाबा--- है है है बेटी ये 10 साल मई एक बार होता ह कहते ह इस समय मई डुबकी लगाने से आत्मा सुध हो जाती ह और उसकी आत्मा के लिए स्वर्ग के द्वार खुल जाते ह ...

पूनम ये सब देख कर बहुत खुस और एक्ससिटेड थी वो आज पहली बार अपनी सिटी से बहार आयी थी उसके लिए सब रोमांचक था जैसे एक छोटे बचे को उत्सुकता रहती ह वैसे हे उसके दिल मई थी और उसकी आँखों मई ये उत्सुकता और चमक आसानी से देखि जा सकती थी.....

चची--- अब चलो बी जल्दी से होटल मई रुकने ने की व्यवस्ता करते ह सुभे जल्दी स्नान के लिए जाना बी होगा न ..

हाफ ऑवर बाद एक होटल की खिड़की से पूनम रात की जगमगत देख रही थी...

उसने सिर्फ फिल्मो मई हे इतनी लाइटिंग और बड़ी सिटी देखि थी पर आज वो सब हकीकत मई देख रही थी ....

उसी होटल की दूसरी खिड़की से एक शख्स और बहार की जग्महट देख रहा था उसकी आँखों मई एक खली पैन था तभी उसे आवाज आयी...

राज.....

Raj—huuu....

राजीव--- नेक्स्ट पशुपति का सपोर्ट ह उसका बेइंतिहा पैसा जो उसके पास ह ..

Raj—aur उसी के लिए हे हम यंहा h...ajju डिटेल्स समझा दो...

और वो रूम के बहार बानी लॉबी मई सिटी व्यू के लिए आगया और एक बार फिर वो अपने खयालो मई खो gaya....par उसने धयान न दिया की एक और थी जो पास के रूम से बहार उसी की तरह चकचोँद मई दुबे सहर को देख रही थी पर दोनों को देखने के नजरिये मई फर्क tha....janha एक की आँखों मई खालीपन था तोह दूसरे की आँखों मई उत्सुकता थी....

पर किस्मत ने आज उन्हें करीब ला दिया था सिर्फ एक दीवार की हे दुरी थी पर फिर बी दोनों अनजान थे एक दूसरे से ....

एक अपने बाबा के साथ इतनी दूर हरिद्वार आगयी ...

तोह राज अपनी माँ के कातिलों को बर्बाद करने इतनी दूर agaya.....kya ये बी इत्तेफ़ाक़ था या कोई रिश्ता जो इतनी दूर से दोनों को पास खिंच ले aya....fir बी दोनों एक दूसरे से अनजान कुछ कदमो की दुरी पे हे खड़े ह अनजाने बांके ..... क्या होता ह इनकी किस्मत मई ....पर वक़्त का एक खेल और खेला जा रहा ह राज की बुआ जिसे वो ढूंढ़ता फिर रहा ह वो बी हरिद्वार हे आगयी.... ..क्या वो टकराएगी राज se..agar इस बार राज चूक गया तोह सायद फिर कभी अपनी बुआ से वो दुबारा मिल हे नहीं payega......kya वो निकल पायेगी यंहा से या फिर कोई मुसीबत आने वाली ह....


इतस हम्बल रिक्वेस्ट तो साइलेंट रीडर गिव सम रिएक्शन

उन पाठक कर्ताओ से निवेदन ह जो सिर्फ अपडेट पढ़ के चले जाते ह .अपनी कुछ न कुछ प्रतक्रिया जरूर देवे

आज के लिए इतना हे .....

जल्द हे मिलते .....लाइक्स और रेवोएस मई कंजूसी न रखने का ... मेघा अपडेट 99
 
अपडेट 99

स्टार्ट हो गया ह लिखना जो वेडनेसडे 10 पं को मिलेगा ...

टाइटल ह......

..............हेल्प में..............

एंड ी म थम सूरे कोई प्रेडिक्शन नहीं लगा सकता ह क्या होगा या ु कहलो कोई प्रेडिक्ट नहीं कर सकता h...kya होगा ..🤭🤭🤭
 
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