Adultery Raj-- hero of the family - Page 33 - SexBaba
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Adultery Raj-- hero of the family

अपडेट 107...

पास्ट रेवेंगे ....बेगिंस...

हेल्प में....

देहरहदूँ ओने डे आफ्टर...

सोनाली शीशे के सामने ब्रा मई कड़ी होक दवाई लग रही थी और पास मई हे शिवानी उसे देख रही thi...gate खुलने की आवाज हुवी और राज अंदर आगया...

राज ने सोनाली को परेशां होते देखा तोह वो पास चला गया और क्रीम लेने लगा तोह सोनाली ने उठा ली ...

ये क्या बात हुवी मैं लगा देता हु आप पैशन हो रही हो पीठ मई नहीं लगेगी ऑर्डर लेने लगा तोह सोनाली ने घूम कर पेट मई एक खिंच कर मार दिया...

आह्ह्ह्हह्ह्ह्ह maaa......aur पेट पकड़कर पीछे घूम गया और बोलै ऐसे कोई मरता ह उसने इतना बोलै हे था की तभी पिछवाड़े पे एक लात पड़ी ....और सीधा गेट के पास gira.....Apna पेट पकडे हे उसने सोनाली को देखा...

सोनाली--- आइंदा बिना नॉक और परमिशन के अंदर मत आना समजे अब दफा हो jao...ladkiyo के रूम मई आने से पहले परमिशन लेनी सीखो...

राज हक्का बक्का सा उसे देखता हे रहा...

शिवानी--- मुस्कारने लगी ...

राज बेचारा बहार आगया जब से सोनाली आइलैंड से आयी ह राज से बात तक नहीं की h...chahe वो रात को गया मानाने तोह मार padi....naste के टेबल पे अपने से दूर बैठाया इवन अपना बिस्टेर भी शिवानी के पास हे लगा liya....tha...

रिंकी और मधु उनकी लड़ाई से बहुत खुस थी भले हे वो दोनों कॉम्पिटिटर थी बूत फिर बी तीसरा उन्हें बर्दास्त नहीं tha......wo दोनों लड़ाई को भड़काने मई कोई कसार नहीं छोड़ रही थी सोनाली के सामने हे राज के अगल बगल बैठ उसे खाना खिलना खाना परोसना कर रही थी और ये हरकते सोनाली के कलेजे पर सांप लौटने वाला काम बखूबी कर रही थी ....सोनाली खाना कहते कहते हे उठ जाती thi....bechara राज चाहकर बी कुछ नहीं कर प् रहा था ......

रात को खाना खाकर राज मनीषा को स्ट्रेचर पर बिठाकर बहार घूमने ले आया....

Manisha—main तीख हु ...राज.....

Raj—shut उप...

Manisha—acha तीख ह ...मेरे दिमाग मई बहुत से सवाल ह पुछु तुमसे ...

Raj—pucho तुम कुछ भी पूछ सकती हो ...

Manisha—mera पहला सवाल ...वो इंसान कौन था जिसे गोलिया भी नहीं छू सकीय ..वो इतना तेज़ कैसे था ....और उसका रिएक्शन ऐसा था जैसे वो हमे हे बचने आया हो स्पेशलय ...... बताओ राज

Raj—itne सरे सवाल well......wo कौन था ेक्सक्टलय मैं अभी नहीं बता सकता हु ...पर तुम जिस हिसाब से बता रही हो और सिक्योरिटी वालो का रिएक्शंस था उस हिसाब से सुनील या मेरे दोनों गुरु सभी या आग मई से कोई होने चाहिए ....

Manisha—khadi होकर क्या तुम्हारे गुरु ... आह्ह्हह्ह्ह्ह

Raj—excited होकर दर्द करवा लिया न बैठी रहो.... है मेरे गुरु मैं 24 हॉर्स मई 4 से 6 ऑवर डेली 5 साल ट्रेनिंग की ह उनके अंडर मई जो लोग 15 साल तक करते ह... वो मुझे 5 साल मई कराई गयी ह.....

Manisha—oh माय गॉड .....ok ok ok तीख ह तीख मेरा नेक्स्ट क्वेश्चन तुम्हे कैसे पता था की वो यंहा से इतनी दूर समुन्द्र के पास मई उस आइलैंड पर मिलेगा...

Raj—muje एक लिफाफा मिला था जिसमे एक ट्रैकर की लोकेशन शो हो रही थी ी थिंक ये उसी शख्स ने अन्थोनी को लगाया hoga...fight मई....

Manisha—tum हो क्या यार ....अब लास्ट सवाल ....ये helicopters....ye बॉट्स ये इतने लोग तुम्हारी आइडेंटिटी क्या ह तुम इतना सिंपल रहते हो बूत तुम बहुत पॉवरफुल हो तुम हो कौन आखिर ...

Raj—uske कान के पास जाकर निर्वाण .......

Manisha—ankhe बड़ी करके कड़ी होगयी दुबारा से और राज को देखती रही और फिर गले लगा गयी ......ओह माय ...god...aur उसके गाल पे किस करदी... आह्ह्ह्हह्ह्ह्ह माँ ये दर्द

राज की हंसी निकल गयी ...

पर राज की किस्मत अभी ख़राब चल रही थी सोनाली जो मधु के साथ बहार बात करते हुवे आयी थी उसने देख लिया और उसी वक़्त राज की नज़र भी उस पर चली गयी और उसने हाथ हिला कर समझाना चाहा पर लड़किया कब किसी की मानती ह ....वो तोह भड़क गयी और वापस घर के अंदर चली gayi.....aur सामने से आरही रिंकी ने भी सोनाली को गुसाई से जाता देखा पर बोली कुछ नहीं...

Raj—rinky जरा मनीषा को अंदर ले जाओ ....

मनीषा इतनी एक्ससिटेड थी की वो कुछ भी नहीं बोली ....और चुप चाप अंदर चली गयी ....अब बहार सिर्फ राज और मधु हे थे .....

Madhu—sab तीख ह राज जब एक लड़की किसी दूसरी लड़की को लड़के से गले मिलते दिखे तोह यही मतलब ह की वो उस लड़के को बहुत जायदा पसंद करती h....isliye फ़िक्र मत करो वो मान जाएगी खैर ये छोड़ो मुझे बहुत जरुरी बात करनी ह ....

Raj—ha मम बोलिये न क्या बात ह....

Madhu—dekho राज मुझे मालूम ह तुम्हारी बहुत समस्याएं h...jiski वजह से तुम बहुत बिजी रहते हो ...पर मुझे तुम्हारी मदद chahiye....agar ये मेरी इज़्ज़त और मेरे पापा के जीने मरने का सवाल न होता तोह मैं कभी नहीं कहती...

Raj—ap बेझिजक कहिये ...

मधु— मेरे पापा बहुत नेक दिल इंसान ह उन्होंने बहुत प्यार से मुझे और मेरी बहन को पला और हम दोनों की शादी बहुत अचे घरो मई की. मैं भी खुस थी फिर 6 महीने बाद कुछ ऐसा पता लगा जिसे मुझे बहुत बड़ी साज़िश का पता लगा पर जब तक दिएर हो गयी थी....

राज बस मधु को देखता रहा .....और आगे कहना का वेट करने लगा...

Madhu—meri माँ को मेरे पापा की सेक्रेटरी ने एक्सीडेंट मई मरवा दिया और मेरे पापा को ड्रग्स देकर उनके साथ खुद के सेक्स का वीडियो बना कर शादी कर्ली हमारे घर आगयी हमने बहुत कहा पापा को पर भी मजबूर थे... पर पापा से हम बहुत प्यार करते थे इसलिए हमने उनकी खुसी के लिए सब काबुल कर लिया हमे नहीं पता था की पापा मजबूर h....par ये तोह एक पहलु भी नहीं था साजिश का हद तब हो गयी जब मुझे पता लगा मेरी बहन बी इसमे शामिल थी ....उसने सेकेरेट्री के साथ मिलके ये सब रचा अब मेरी बहन ने ऐसा किया मुझे सही से पता नहीं ह पर मेरे पिता की जान भी खतरे मई ह उनकी तबियत हर दिन बिगड़ती जा रही ह... और मुझे यकीं ह मेरी बहन भी पूरी तरह शामिल ह...

राज तोह आप उन्हें अपने पास बुला ले ...

Madhu—wo राज मैं चाहती तोह हु पर कर नहीं प् रही हु ..वो मैं वो मैं ...

राज मधु के दोनों कंधो पर हाथ रख कर अपनी तरफ घुमा कर कुछ मत छुपाना मत मम जो भी हो सच बोलना...

मधु ने एक लम्बी सांस ली और बोली ...मेरी बहन मेरे साथ ऐसा करेगी मैंने सोचा न tha.....usne घर पर पार्टी के दौरान मुझे बी ड्रग्स पीला दिए और इसी का फायदा उठके किसी अनजान के साथ मेरी बहुत गन्दी गन्दी पिक्स ले li...jab मैंने पापा को अपने साथ रखने की जिद की तोह उसने और मेरी सौतेली माँ दोनों ने मुझे वो पिक्स दिखाई और बोली तुम्हारे ससुराल वालो को ये बहुत पसंद आएंगी और पापा तोह ये देख कर हे मर जायेंगे क्यों सही कहा na....main उन्हें कुछ न कह payi..isliye चुप रही पर जिसने मुझे जनम दिया ह उसे ऐसे हे बैठके हुवे भी भी तोह नहीं देख सकती हु न

राज कुछ दिएर चुप रहकर वो ऐसा कर क्यों रही ह....

Madhu—property राज प्रॉपर्टी.....500 कर की प्रॉपर्टी ह ...पापा की डेथ नेचुरल होनी चाहिए इसलिए वो स्लो पाइजन दे रहे ह ताकि सक न हो और फिर फिर मेरी फोटो वायरल करने की धमकी दे चुके ह अगर मैंने सिग्न न किये तोह ...मुझे प्रॉपर्टी की नहीं पड़ी ह न मुझे chahiye....muje उन लोगो पर थोड़ा भी यकीं नहीं वो प्रॉपर्टी लेने के भी मुझे परेशां करेंगे ....मेरी कुछ समाज नहीं ारः ह राज .....

मधु ने राज के कंधे पर अपना सर टिका दिया ......

Raj—Toh अब आप मुझसे क्या चाहती h....man...

Madhu—muje पैसे नहीं मेरे पापा चाहिए ह उन्हें बचाना ह और खुद की वो पिछ चाहिए जो उन्होंने ले राखी ...ह ...

Raj—ok इतना हे मिल जायेगा .....जान से मर्दु तोह आपको प्रॉब्लम तोह नहीं ह न ..

Madhu—ye सजा बहुत काम ह मैं चाहती हु वो जिन्दा रहे और रोज जो मैंने और मेरे पापा ने सहा ह वो भी sahe....wo खुद अपने आप को दर्द de....gidgidaye....tadpe...Aur ये काम सिर्फ तुम कर सकते हो मैंने देखा ह कैसे तुम अपने परिवार की रक्षा करते हो ...प्लीज हमे इस मुसीबत से बचालो ...

Raj—mam प्लीज मैंने कहा ह न ....मैं पूरी कोसिस करूँगा पर अभी थोड़ा वक़्त लगेगा अभी ...मुझे बहुत जरुरी काम निपटने ह....

Madhu—ok पर इतनी भी दिएर मत करना की बहुत बुरा हो जाये....

Raj—Bus कुछ वक़्त और ...

अभी राज इतना बोलै हे था की ....की मधु चिल्ला पड़ी Raaaaaaajjjjjj......aur एक जोरदार किक राज की बैक मई पदीय राज दूर जेक gira.....aur दर्द से कराहते हुवे खड़ा huva.....uske सामने 4 लोग खड़े the....jinki आँखों मई स्ट्रीट लाइट के निचे मौत दिख रही थी ...

Raj—mam वापस घर जाईये और ...श्वेता को बोल घर का लॉक डाउन बटन पुश कर देना कोई बहार नहीं आएगा कोई बी नहीं जब तक सेफ न हो .....

राज ये सब बोलते हुवे .....उन तीनो की तरफ आगया ....

मधु बेचारी पूरी ताकत से घर की तरफ भागी वो भली भांति जानती थी की राज ने जो कहा ह वो कितना जरुरी ह उसकी सांसे ऊपर निचे हो गयी थी .....50 मेटेरे दूर भागने मई हे वो पसीने पसीने हो गयी थी उसकी दिल की धड़कन बहुत तेज़ चलने लगी उसने भागते हुवे हे गेट को ढाका मारा और जल्दी से वापस गेट बंद किया और चिल्लाने लगी

श्वेताआए..,......

श्वेताआए .......

श्वेताआए .......

इतनी तेज़ आवाज सुन श्वेता और सोनाली दिव्या तीनो हे आगयी.....

श्वेता--- kya.....huu..

वो पूरा बोल पति मधु चिक padiiii....Jaldi ...जल्दीई से सिक्योरिटी बटन पुश करो ....

श्वेता--- क्यों मम..

Madhu—bewakoof लड़की पुश करो ....

सोनाली--- राज कान्हा ह ...

Madhu—push कर इडियट राज ने कहा ह ...

श्वेता जल्दी से खुद के रूम मई भागी

पीछे सोनाली राज कान्हा ह ...

Madhu—bahar खतरा 4 आदमी....

इतना सुन सोनाली बहार भागने लगी तोह मधु लिपट गयी उसे ......और बहार जाने से रोक दिया ....

एक बीप बीप बीप की आवाज गूंज गयी और पूरा घर औटोमाटिकली हे मोती आयरन शीट्स से साडी विंडोज डोर्स को कवर कर धक् लिया बहार का कुछ नहीं दिखाई दे सकता था.... और न बहार वाले को अंदर.....

सोनाली चिक्ति रही छोड़ दो मुझे मधु पर मधु ने उसकी एक न suni....aur जब पूरा घर लॉक हो गया तब छोड़ दिया.....

सोनाली गुसाई के मरे फैट पड़ी तुम्हारी हीमत कैसे हुवी वो मधु को मरती उसे पहले दिव्या ने रोक लिया ...और उसे शांत रहने को कहा ....पर वो गुसाई से गुरति रही...

श्वेता--- हाई अलर्ट फुल लॉक डाउन बहार जरूर कुछ ऐसा हुवा ह ....जिसे संभालना भाई के बस मई नहीं h....isliye उन्होंने हमे बचने के लिए ये लोखड़ौन करवाया ह....

सोनाली--- अगर तुम मुझे जाने देती तोह ये नहीं होता ..

श्वेता--- मम आप समाज नहीं रही हो बहार खतरा इतना बड़ा ह जिसे भाई भी नहीं संभल सकता ह भगवन मेरे भाई की रक्षा करना ......

तोह बहार .........मधु के भागते हे ...

राज सामने आके खड़ा हो गया......

सामने से बिना वार्निंग के हे एक जाना आगे आया और राइट हैंड से वार किया

ब्लॉक...

लेफ्ट से वार किया

ब्लॉक...

फिर लेफ्ट किक दिखा कर राइट लेग से बहुत तेज़ वार किया जो राज ने रोक लिया पर उसका हाथ इस किक से झनझना गया राज ने हाथ को हिलाया और दुबारा रेडी हो gaya...dubara से राज पर उसने राइट पंच बना कर वार किया राज ने कोहनी से रोका और अपनी लेफ्ट लेग से किक कर दी जिसे सामने वाले ने ैसिलय अपने घुटने को आगे कर रोक लिया फिर राज ने लेफ्ट किक दिखा कर जम्प कर राइट किक उसके मू पर जड़ दी सामने वाला थोड़ा सा साइड झुका और गर्दन हिलता हुवा दुबारा सीधा हो गया फिर दोनों के बीच पंच किक्स लगातार एक दूसरे पे 15 मिनट तक भारस्ते गए राज ने मौका मिलते हे उसके पेट मई किक जड़ दी वो दूर जेक गिरा राज ....अभी संभालता उसे पहले हे 2 जानो ने एक साथ आके उसकी चेस्ट पे किक जड़ दी वो उड़ता हुवा दूर जेक गिरा..

Raj—khun थूकता हुवा खड़ा हुवा ...उसकी आंखे दर्द और गुसाई से जल रही थी

और फुर्ती से जेक दोनों से लड़ने लगा राइट पंच करता रोह एक ब्लॉक करता और लेफ्ट करता तोह एक करता तीनो के पंचेस इतने फ़ास्ट मूव हो रहे थे की समाज पाना मुश्किल हो रहा था तभी दुबारा से एक किक राज के पेट मई पड़ी वो दुबारा दूर जेक गिरा

राज की हालत बुरी हो गयी थी इनसे लड़ते हुवे .....उसका पूरा सरीर दर्द कर रहा था हाफ ऑवर मई कितने पंच और किक्स उसने मरी और खुद कितनी खायी कोई हिसाब नहीं था....

Raj—man मई ऐसे नहीं जीत पाउँगा हथियार निकलू ....पर इन्होने अभी तक निहतै लड़ाई की अगर इन्होने मेरे देखा देखि देख हथियार निकल लिए तोह मेरा मरना तय ह ....मैं एक मरू ये 2 मारते ह तोह मुझे इन्ही को इन्ही के खिलाफ उसे करना होगा .....

राज अब दोनों के साथ न लड़के एक को आगे कर लिया और जल्दी जल्दी मूव हो होने लगा जिसे दूसरा आदमी अपने हे आदमी के पीछे हो गया अब राज को एक के साथ हे लड़ना पद रहा था अब राज सामने वाले के वार को रोक प् रहा था और वार कर प् रहा था पर तभी राज के सामने वाले आदमी ने वार किया और निचे झुक गया और जिसे राज चौंक गया पर जबतक वो समझता पीछे वाला के वार उसके कंधे पे पड़ा और वार इतना तेज़ था की उसका कन्धा डिस्लोकाते हो गया राज जो दर्द से बिलबिला गया था उसने गुसाई से garrrr....garrrr....ki घुराहट सी निकली और एक झटके से अपने डिस्लोकेटेड कंधे को तीख कर लिया .....

चौथा आदमी जो बैठा देख रहा था वो खड़ा हुवा और सामने aya...uske एते हे लड़ रहे दोनों हैट गए वो राज के सामने आया ....राज ने उसकी चेस्ट पे मरने की कोसिस की तोह वो शख्स हल्का सा साइड हो गया ...राज ने दुबारा मु पर वार किया तोह उस शख्स ने डॉज कर राज की गर्दन पे मारा राज खांसता हुवा पीछे हो गया और अपना गाला पकड़ liya....raj ने उछलकर किक करनी चाही तोह उसने झुकार एक पंच उसके पेट मई मार दिया ....राज अब निचे गिरा पड़ा था और वो चारो उसको घेर कर खड़े हो गए राज खड़ा होकर लड़ने के लिए जैसे हे मूव करता उसकी गर्दन के पीछे वार हुवा और वो बेहोश गया.....

4तह शख्स ले चलो इसे ......मौत अति ह तब. कोई बच पता ह kya.......aur तुम दोनों इसे हरा नहीं paye....lagta ह तुम्हे और ट्रेनिंग की जरुरत ह

उन तीनो ने निचे गर्दन कर ली.......

राज के बेहोस होते हे श्वेता के फ़ोन पे मैसेज आया.....

हेल्प में....

और श्वेता ये पढ़कर चिल्ला पदीय....

भइईईई ......और बेहोश हो गईइइइइइइइइ......

आज के लिए इतना हे ...

लाइक्स रेवोएस देना न भूले



 
अबे क्या हो रहा ह इतनी बाटे मत करो एडमिन की वार्निंग आजायेगी.......😀😀😀
 
एव्री थिंग इस फाइन नाउ ..... वेडनेसडे अपडेट आजायेगा ......

ऑपरेशन हो गया ह .....
 
अपडेट 108

रिवेंज बेगिंस

लास्ट होप..


फलेश बैक.....

4तह शख्स ले चलो इसे ......मौत अति ह तब कोई बच पता ह kya.......aur तुम दोनों इसे हरा नहीं paye....lagta ह तुम्हे और ट्रेनिंग की जरुरत ह

उन तीनो ने निचे गर्दन कर ली.......


राज के बेहोस होते हे श्वेता के फ़ोन पे मैसेज आया.....

हेल्प में....

और श्वेता ये पढ़कर चिल्ला पदीय....

भइईईई ......और बेहोश हो गईइइइइइइइइ......

आज के लिए इतना हे ...

लाइक्स रेवोएस देना न भूले


अब अजैईईई..........

श्वेता ......श्वेता....

जल्दी पानी लाईये ये बेहोश हुवी ह ......

Divya....main लाती हु .....

दिव्या के हाथ से पानी लेकर shweta...ke मू पर मारा तोह उसका चेहरा थोड़ा हिला ...सोनाली उसका चेहरा थप थापने लगीई...

श्वेता को होश आया तोह ...सब उसे हे देखने लगे ....पर श्वेता का कोई रेस्पॉन्स हे नहीं था .....

सोनाली--- श्वेता तुम राज का नाम लेके क्यों. चिकि बोलो....

दिव्या----- आराम से वो अभी स्ट्रेस मई ह ...तुम हटो ...मैं एक डॉ हु ....और फिर सोनाली को हटाकर श्वेता को बैठकर पानी पिलाया और वेट करने लगी

5 मिनट बाद हे श्वेता न वो मैसेज सबको दिखाया ......जिसमे लिखा था .....

हेल्प में.......

सोनाली--- इसका क्या मतलब h.....shweta ....

श्वेता--- एक तक सोनाली को देखने lagi.....aur फिर चुप हो गयी ...

सोनाली--- तुम चुप मत रहो मेरा दिल घबरा रहा ह बोलो...

श्वेता--- इस मैसेज का मतलब ह की सब ख़त्म हो गया ह ....

Madhu—what दो यू मैं की सब ख़त्म हो गया ह ...

श्वेता--- ये मेरे हाथ मई वाच देख रही हो न ये सुनील भाई की दी हुवी ह इसमे इस बटन को पुश करते हे मैसेज गेनेराते होता ह हेल्प में ....ये बटन तभी पुश करने को कहा था सुनील भाई ने जब लाइफ डेंजर मई हो ......और भाई ने ये पुश किया ह .....

सोनाली जिसकी आँखों से आंसू निकलने सुरु हो गए थे वो ऊपर की तरफ भागी ..... 5 मिनट बाद उसके पास म416 और कमर मई 2 गन्स फुल्ली लोडेड लगी हुवी थी ....

सोनाली--- राज को मरने से पहले उन्हें मुझसे गुजरना होगा ....मैं ऐसे हे किसीको बी उसे चुने नहीं डुंगीई .... सिक्योरिटी हटाओ ....

श्वेता--- आप रूक जाइये

सोनाली--- तुम खोलती हो या नहीं ...

श्वेता--- मेरी बात सुनिए.....

दिव्या----- पहले सून तोह लो....

सोनाली बोलो.....

श्वेता--- एक मैसेज सुनील भाई के पास भी जाता ह एक ने बटन पुश किया तोह दोनों के पास जायेगा मैसेज ऐसा सिस्टम ह तोह मुझे पूरा यकीं ह सुनील भाई एक्शन ले चुके होंगे ......अब वो हे हमारी

...... लास्ट होप .......

ह हमे उनका वेट करना होगा....

सोनाली--- तुम समाज नहीं रही श्वेता प्लीज ओपन थे फूकिंग door.....please ओपन


......वो रो पड़ी पर श्वेता ने सिक्योरिटी अनलॉक नहीं करि

तोह वंही बहार ....

राज को होश आया तोह बंधा हुवा tha.....usne धीरे धीरे आंखे खोली तोह रौशनी से उसकी आंखे धीरे धीरे खुली ...उसने खुद को एक शीशे से बने हुवे कमरे मई बंद पाया उसके सामने वही शख्स बैठा हुवा tha....jo उसे हे देख रहा था.....

राज ने कुढ़ के दर्द को सहते हुवे सामने की तरफ उस बैठे हुवे इंसान को घूरकर देखा.....

सामने बैठे शख्स की एक मोती सी आवाज आयी जिसे पता लग रहा था की उसने वौइस् चंगेर से ये बात बोली ह....

वो शख्स--- बचे तुम बहुत कमजोर हो जब किसी से उलझो तोह उसके बारे मई जान लेना चाहिए h....kuch लोगो को मारकर तुम क्या सोचते हो पता नहीं लगेगा ...तुम्हारी कोई औकात नहीं ह हमारे सामने तुम बस एक कीड़े हो जिसे चाहे जब हम मसल सकते h...isliye औकात से बहार निकलने से पहले सोचना चाइये

राज बस सामने उसे घूरता रहा गुसाई से ....

Shaks—lagta ह तुम्हे दर्द बहुत पसंद ह आज तक दिया हे hoga......aj तुम्हे हम बताते ह दर्द किसी कहते ह ....

और वो शख्स खड़ा होक राज के पास आया और राइट हैंड की 4 उंगलिया और अन्घुताई से राज के पेट को बिच से पकड़ा और 2 बार ट्विस्ट किया राज की घुटी सी बेहद दर्द भरी चीक निकल गयी और मू से काफी सारा पानी और थोड़ा खून बी बहार आगया ....

Shaks—ab 24 हॉर्स इस दर्द मई तड़पो दुबारा मुलाकात होगी इतनी जल्दी तुम्हे मौत नहीं देंगे मौत क्या होती ह वो तुम्हे हम बताएँगे ......

उस शख्स के जाने के बाद राज के पुरे पेट मई एक जकड़न अकड़न से तेज़ दर्द की लहार उठ गयी पर वो कुछ नहीं कर सकता था उसका चेहरा पूरा पीला पद गया दर्द सहते सहते .... ऐसा दर्द जिसे न चिक सकता था न सह सकता था ...... उसके पेट मई उठती दर्द की लहार सहते सहते पूरी रात निकल गयी......

वंही देहरादून घर मई सबका बहुत बुरा हाल था सबको हे चिंता हो रही थी ....अचानक हे सिक्योरिटी की बीप साउंड आणि स्टार्ट हो गयी और सिक्योरिटी के लिए लगी शील्ड्स हटना सूरी हो गयी .....अंदर सब चौंक गए किसी को कुछ कुछ समाज नहीं आया ....सब एक दूसरे को देखने लगे और अलर्ट हो गए ....

सोनाली--- सभी पीछे हैट जाओ ....

और खुद पास मई पड़ी गन हाथो मई उठके गेट के पास चिप गयी .....और जैसे हे गेट ओपन हुवा और कोई अंदर आया उस पर गन तान diii....Par जब सामने वाले का चेहरा देखा रिलैक्स हो गयी...

सोनाली ने सुनील के ऊपर से गन हटाकर पीछे देखा पर पीछे उसे कोई नहीं दिखा....

श्वेता जो छिपी हुवी थी वो भागकर सुनील के गले लग गयी ...सुनील ने उसके सर को सहलाया और उसे गले लगाए हुवे हे सोफे पे बैठ गया .....

सबकी निघाये उसी पे हे थी और सबकी निघाओ मई सवाल थे जिसका जवाब उन्हें सुनील से चाहिए था और सुनील भी बखूबी उनके दिल की हालत समाज सकता था ....कुछ दिएर चुप रहा कर वो बोलै

सुनील--- राज कान्हा और कैसा ह साथ क्यों नहीं आया तुमने ढूंढा या नहीं ेट्स बहुत सरे सवाल पूछने चाहते हो आप सब ह न

सभी ने पहले एक दूसरे को देखा और है मई गर्दन हिला दी ...

सुनील--- वो कान्हा ह मैं ये जनता हु पर वंहा से उसे निकल कर लाना बहुत मुश्किल ह इनफैक्ट कोई भी नहीं नहीं निकल सकता ह ....

उसकी बात पूरी होती उसे पहले हे सोनाली बोल पड़ी ...

सोनाली--- पूरी पुलिस लगवा दूंगी उसे बचने के लिए ..तुम ये बताओ वो कान्हा ह लाशे जीने मई नहीं आएंगी...

सुनील--- शांत मैडम शांत आप क्या कोई भी नहीं निकल सकता ह उसे wanha...se....trust में मैं जनता हु ....

दिव्या----- आखिर वो उसे क्यों ले गए ह और इतने खतरनाक लोग कौन थे ...राज की ताकत मैंने देखि ह ...

सुनील--- आप सब सही हो ....पर मैं आपको जायदा नहीं बता सकता हु वंहा से उसे कोई ला सकता ह तोह wo...wo कुढ़.....

सब क्या ......

सुनील--- यस वो खुद हे वंहा से आ सकता ह ......


राज साइड ...

राज बिलकुल शांत आंखे बंद करके रूम मई निचे योग की पोजीशन मई बैठा हुवा था उसकी आंखे बंद थी...

पीछे राशि टूटी हुवी थी और लकड़ी का वो हीसा भी टुटा हुवा था जिसे उसे बाँदा हुवा था .....


48 हॉर्स बिट गए थे राज बिलकुल शांत हो गया था और सामने से बंद पड़े हुवे रूम के गिलास को घूर रहा था फिर वो खड़ा हुवा और गिलास पर एक पंच मारा शामे जगह 2,3,8,15,20,50 मरता रहा हाथ से खून आने लगाया और 80 काउंट मई गिलास मई दरार आने लगी और फिर एक पंच और मरते हे गिलास टूट गया और वो बहार आगया......

सामने एक शका बैठा हुवा ....वो bola....agar दुबारा से सबको खोना चाहते हो तोह बेशक जो कर रहे हो वो करते रहो ....

राज उनके सामने झुक gaya....aur बोलै मुझसे दुबारा मेरा कोई अपना नहीं चीन पायेगा ....मैंने पहले बी कहा था आज फिर कहता हु.....

तभी एक आदमी चलता हुवा आया और सभी उसके सामने झुक गए ...उसको छोड़ सब बहार आगये अब राज और वो हे थे अंदर.

वो शख्स --- तुम जरूर ताकतवर हो गए हो पर तुम्हारा सामना अभी तुम्हारे उम्र के तुम्हारी तरह ताकतवर लोगो से नहीं हुवा h..isliye सीखते रहो ....और दुश्मन को जड़ से उखड दो... न सांप न sapola.........ye अंतिम चेतावनी और सबक ह तुम्हारे लिए आज के बाद तुम मुझे उसी दिन अपनी सकल दिखाना ....जब तुम तुम्हरे माता पिता और मेरे शिष्य सहदेव के सभी कातिलों को मार दो ......अब जाओ तुम्हारे गुरु सभी और आग इंतज़ार कर रहे ह ...

Raj—ji गुरु जी....

जी है ये और कोई नहीं राज के गुरु जी ह जो खुद राज को यंहा लेके ए थे और लड़ाई जिनोह्णे की थी वो सभी और आग और गुरूजी हे थे .....

राज बहार आया और अपने गुरुओ से मिलने चल diya....usne ट्रेनिंग ग्राउंड मई जेक उनके चरण स्पर्श किये तोह बदले मई सर पर थपड मिला ......

सभी --- अगर मुझे यही करना ह तोह फिर तुम्हे सीखने का क्या फायदा...

आग --- मैंने तुम्हे सिखाया था जला दो या उदा दो और गाड़ दो ...पर तुम अपने दुश्मनो के साथ खेलते हो ...

फिर दोनों एक साथ ....

ये अंतिम बार ह बचे अब से हम मई से कोई तभी आएगा जब तुम बुलाओगे ....वर्ण .....तुम समझदार हो हम छिपे रहे उतना ाचा ह ....

Raj—ji सर ....

सभी---- मात्रा 30 दिन ह तुम्हारे पास जो दुश्मन ह उन्हें ख़त्म karo...aur अपनी बुआ को ढूंढो और पढ़ाई ख़त्म करके फिर तुम्हे कंही और भी जाना ह ......

Raj—matlb ...

सभी---- समय आने पे पता लग jayega......jao और अपने आसपास नज़र रखो समझे सोचो कान्हा चूक हुवी ह जाओ सब तुम्हारी रह देख रहे ह ...

राज निकल गया और रस्ते भर गहरी सोच मई रहा ...अपने गुरुओ की कही गयी बातो पे धयान देता रहा ....उसे एकसाबक मिला था .... उसने 48 ऑवर अकेले रहने पर बहुत कुछ समाज आगया था और अत क्यों नहीं उसे उसकी मौत जो दिख गयी थी और उसने दर्द मई भी अपनी बहाने को अपने दादा जी को याद किया था ....और इसी हीमत से उसने वो रस्सिया तोड़ी थी जिसका निशान अब भी हाथ पे थे पेअर मई पीछे चले पद गए थे गिलास को तोड़ते हुवे एक ऊँगली लग भाग टूट हे चुकी थी .....उसने पिछले 2 दिनों मई क्या कुछ नहीं सोचा tha....ye सिर्फ वो हे जनता था ....उसे याद था की उसके पास सिर्फ 30 दिन ह दुश्मन को मरने के वर्ण उसे क्या सहने को मिलेगा ये सभी बता हे चुके थे उसे...... राज सोच चूका था की अब क्या करना ह ....उसकी लिस्ट उसके दिमाग मई बन गयी थी ....बस देरी थी उसे अपने घर पहुंचने की ....


तोह वंही घर पर सब सुनील से पूछे जा रहे थे पर वो किसी को चाहकर भी नहीं बता प् रहा था सचाई ....काफी दिएर बाद रिंग बजी गेट की तोह सुनील खुद दरवाजा खोलने गया .....और दरवाज़ा खोलते हे उसके चेहरे पे मुस्कान आगयी पर अगले हे पल स्माइल की जगह मू से दर्द की अह्ह्ह्हह निकक गयी ....

कंही एक घटना घाट रही थी...

साहब हम बहुत गरीब ह हमे छोड़ दो ...

साहब अरे छोड़ दूंगा और तू कान्हा गरीब ह तू तोह पूरी आमिर ह ...तेरे पास तोह वो ह जो किसी के पास नही ..तुजे तेरे पति को छुड़ाना ह तोह तुजे पता ह क्या करना ह.....

सामने कड़ी औरत क्या करती झूठे इलज़ाम मई जो फंस गया था उसका पति ..उसके पास इतने पैसे भी नहीं थे की वो जमानत करा सके मज़बूरी मई उसे उसकी बात माननी पड़ी ....जो अपने पति के सामने उजाले मई नंगी होने मई शर्माती thi....usai गैर मर्द को अपना सरीर भोगने के लिए है करनी पड़ी ....पर इतने मई बी सायद उसका दर्द काम न होना था उस ब्राह्मणे उसके दोनों छेड़ो को 3 ऑवर तक कई बार रौंदा और फिर इंस्पेक्टर और सब इंस्पेक्टर ने भी उसके साथ वही सब किया ...वो एक कौन मई नंगी पड़ी सब सहती रही .....सुभे उसके पति के छोड़ दिया ...वो औरत अपने पति के सहारे बहार आयी पति भी अपनी बेबसी पर रो pada...kyoki वो अपनी पत्नी को बहुत चाहता था उसे पता था की उसकी पत्नी ने उसके लिए कितना बड़ा तयाग किया ह....

औरत भी जाते हुवे पलटी और मन मई बाद दवा देती हुवी बोली तेरे साथ बी कोई इतना हे बुरा करेगा जो तूने हमारे साथ किया ह.....

अब चाहे भगवन की ीचा समाज लो या सटी सावित्री पत्नी की बाद duwa....uski कही बाते सच होने वाली थी क्योकि एक तूफ़ान उठ चूका था और उसका दूसरा सीकर वो हे tha.......jiski सजा इस बार रूह को डरा देने वाली होगी .....


आज के लिए इतना हे .....

लाइक्स और प्यार देना न भूले ...
 
अपडेट 109



औरत भी जाते हुवे पलटी और मन मई बाद दवा देती हुवी बोली तेरे साथ बी कोई इतना हे बुरा करेगा जो तूने हमारे साथ किया ह.....

अब चाहे भगवन की ीचा समाज लो या सटी सावित्री पत्नी की बाद duwa....uski कही बाते सच होने वाली थी क्योकि एक तूफ़ान उठ चूका था और उसका दूसरा सीकर वो हे tha.......jiski सजा इस बार रूह को डरा देने वाली होगी .....

अब अजैईईई...

अरे मुझे क्यों मार रहा ह .....

एक और पड़ी सुनील ...को..

अह्ह्ह्हह्हह .....

अह्ह्ह्हह्हह ....

ाचा मेरी ग़लतीय मुझे माफ़ करदे भाई.....

अह्ह्ह्ह मा ...........कोई तोह बचाओ मुझे ....

श्वेता--- भाई आप तीख हो न ....

श्वेता राज के गले लगते हुवे बोली

Raj—main तीख हु ....तू रो मत .....मुझे तेरी जैसी बहन की दवा और साथ ह तोह मौत भी छू नहीं सकती ह ...

सुनील श्वेता के पीछे छिपकर राज को मुस्कराता हुवा देख रहा था और राज उसे गुसाई से ....उन दोनों की ये हरकत सभी sonali..divya...madhu ...मनीषा देख रही थी .....और उनके चेहरे के एक्सप्रेशन पल पल बदल रहे थे एक पल उनके चेहरे पे खुसी थी तोह अगले हे पल उनके चारे पे सुनील और राज को एक दूसरे को घूरते देख कर हैरानी से आंखे फेल रही थी ...जो बता रही थी की दोनों के बिच क्या गलत ह उसे जानने को इक्छुक ह .....जब दोनों अलग हुवे तोह सबने उसे घेर लिया और अपनी बड़ी बड़ी आँखों से घूरने lage.....sabko अपनी तरफ यू घूरता dekh...raj को थोड़ा अजीब फील हुवा क्यों की सभी खूबसूरती मई किसी ब्यूटी क्वीन से काम नहीं थी .....पर उनमे से एक सोनाली से कण्ट्रोल न हुवा और वो बोल पड़ी...

सोनाली--- बताओ क्या हुवा था मैं उन कुत्तो को जान से मार डुंगीई....

सोनाली की घुसाई भरी नज़र और बातोह मई खुद के लिए फ़िक्र देख उसका दिल बी पसीज गया उसने एक बार सबको देखा तोह उसे सबकी आँखों मई प्यार के अलग अलग रूप दिखे जंहा मधु की आँखों मई पत्नी की तरह फ़िक्र केयर नज़र आयी ....जो चिक चीख कर कह रही थी की उसके न होने पे उसने क्या महसूस किया h.....toh वंही दिव्या की नज़र मई एक माँ का प्यार दिखा जिसे देख कर राज के चेहरे का एक्सप्रेशन भी एकदम बदल गया की दिव्या उसे अपने बेटे की तरह प्यार करती h.....phir उसकी नज़र मनीषा की तरफ गया जिसकी आँखों मई उसे दिखा की मनीषा उसे एक सच्चे दोस्त के रूप मई देखती ह ..और जब वो ये सब महसूस और सोच रहा था तोह उसे अपने गालो पर 2 हाथो के स्पर्श का अहसास हुवा तोह उसने सामने देखा ....उसे दिखी तोह 2ख़ूबसूरत काली आंखे जिनमे इतने भाव थे की वो समाज भी नहीं सकता tha...usai सामने दिख रहे चेहरे के दो गुलाभी लिप्स हिलते हुवे दिखे और आवाज सुनाई दी राज बताओ तुम तीख हो न क्या हुवा था कौन थे वो लोग....

राज अपनी सोच से बहार आकर

Raj—main तीख hu......aur मुझसे पूछने की बजाय इसे पूछे .....

राज की ऊँगली अपनी तरफ उठती देख सुनील की साँसे अटक गयी और उसकी हालत तब और बिगड़ गयी जब सभी लेडीज उसे घूरने लगी ....

सुनील--- तीख ह भाई अगर तू यही छठा ह तोह मैं बता देता हु ....

राज रहने दे .....

और फिर राज ने आधा झूट और आधा सच बता दिया .....जिसे सून कर सबकी आंखे बड़ी हो गयी ... वो सब हैरानी से राज को देखने लगे .....

रात 11 बजे......

राज अपने रूम मई अकेला लेता हुवा था... वो सोच रहा था कुछ ...उसने सबको यही बताया था की वो सोने जा रहा ह वो बहुत थक गया ह ...किसी ने भी उसे डिस्टर्ब नहीं किया सबको पता tha...ki क्या हुवा था राज के साथ ...इसलिए वो कमरे मई अकेला tha...samay तेज़ गति से निकला और रात के 12 बज गए राज उठा और अलमीरा kholi...apni ड्रेस निकली और पहन ने laga...phir उसने अलमीरा के अंदर से अपना डैगर निकला और खिड़की खोल देखा एक बार और निचे उतर गया ....उसने उतारकर बॉउंड्री वाल के अंधेर मई देखा और गर्दन हिला दी पर अँधेरे मई कौन था या नहीं ये नहीं dikha......abhi वो मुदा हे था की उसके कदम रूक गए गए वो ...उसे उम्मीद नहीं थी की ये इस वक़्त यंहा मिल जाएगी ....

सोनाली--- तुम सबसे झूट बोल सकते हो पर मुझसे नहीं ....तुम होंगे बहुत होशियार पर मुझसे जायदा नहीं ....

राज पास जाकर सोना के कंधो को पकड़कर बोलै मैं जो करने जा रहा हु वो तुम नहीं समाज पाओगी ...और न देख पाओगी इसलिए मैं चाहता हु तुम यही रुको

सोनाली--- तीख ह ...नहीं पूछूँगी कुछ bhi...par तुम बेवकूफी मत करना बेकौसे ी लव ु सो मच स्टुपिड ी लव यू सो मच ....ी चैंट लाइव विथाउट यू िफ़ यू died....i डीएड ....अब जो जंहा जाना ह बूत याद रखना तुम्हारी दिल के साथ हे मेरा दिल धड़के का ...अब जाओ नहीं पूछूँगी कुछ और पलट कर कड़ी हो गयी ..

राज उसकी बातो से सुनकर हैरान हो गया था की उसने अभी क्या सुना वो उसे प्यार करती ह..

.... उसने कोई रिएक्शन नहीं दिया और वो बहार आगया क्योकि उसे अभी बहुत जरुरी काम से जाना था ....वो गेट के बहार आया तोह सुनील पहले हे तैयार था ....

पर अंदर सोनाली के आंसू निकल पड़े ...

सोनाली--- ये मैंने क्या कर दिया मैंने जल्द बाज़ी कर दी ......मैंने वडा किया था की मैं उसका इंतज़ार करुँगी...

सोनाली पीछे आयी पर राज निकल चूका था तब तक

और दोनों निकल पड़े 15 मिनट बाद हे उनकी बाइक एक जगह रुकी ...उनके सामने अब 2 जाने और थे

Raj—kaam हो गया

अज्जू--- है हो गया ह राज ..

Raj—toh चलो फिर सुरुवात उन्ही से हे करते ह ...

1ऑवर बाद .......

Raj—jagao इन्हे....

पानी मू पे पड़ते हे दोनों जग पड़े....

पहला कौन ह बे तू हमे क्यों पकड़ा ह वो इतना हे बोलै था की तड़क ...तड़क ...तड़क ..

3 थपड पड़े उसके होंठ फैट गए .....

सुनील--- चूतिये हम बोलेंगे तू सून पुलिस वाला होक िटी सी बात नहीं पता ...ह .

Raj—tumhare एरिया मई इतना बड़ा काण्ड हुवा तुम्हारी पुलिस नहीं पहुंची क्यों

इंस्पेक्टर--- वो वो मुझे नहीं पता ..

तड़ाक तड़ाक.....

2 थपड पड़े .....

राज ok रहने दे sunil....fir मुड़कर अभय वो लाया ह.....

राज ने पैकेट खोला तोह उसमे कांटो वाला हंटर था ....जिसे पकड़कर राज बोलै एक्सीलेंट जॉब abhay.....fir है तोह सुब इंस्पेक्टर और इंस्पेक्टर क्यों नहीं ए ये सब अब जानने की ीचा नहीं ह ....मैं जो तुमसे कह रहा हु वो सुनो ....तुम अपने साब को खुस करोगे ......

सुब इंस्पेक्टर सोचने लगा...

राज नहीं समजे कोई बात नाहीई ये जो तुम्हारे टांगो के बिच मई ह न इस साई ...

सुब इंस्पेक्टर नहीं मैं ये हरगिज नहीं करूँगा...

वहूउस ..

सत्ताआआककककक.....

हंटर सुब इंस्पेक्टर के कान के पास से आवाज करता हुवा जमीन पे गिरा ...

राज अगला तुज पर hoga....hum यही खड़े हम सबके पास ये हंटर ह भागने की कोसिस की तोह जान से मार दूंगा ....समझा .... चल सुरु हो जा ...

पर सब इंस्पेक्टर अभी भी हिला नहीं तोह एक हंटर उसकी पीठ पे पड़ा जो उसे बहुत तेज़ लगा जैसे उसकी आत्मा हे खिंच के ले गया उसके सरीर से जंहा से बी हंटर सरीर पर टच हुवा कपड़ो के साथ चमड़ी बी फाड़ के ले गया जिसकी वजह से उसकी चीक निकल गयी...

सुब इंस्पेक्टर तुरंत हरकत मई आया बंधे पड़े हुवे इंस्पेक्टर के कपडे खोलने लगा ...इंस्पेक्टर ने बहुत कोसिस की गालिया दी पर सुब इंस्पेक्टर तोह ऐसे लगा हुवा था जैसे किसी ने खिलोने की तरह चाभी भर दी हो उसकी.....

अज्जू--- जो खड़ा ये सब एन्जॉय कर रहा था वो बोलै राज इसको और इंट्रेस्टिंग बनाते ह न इसमे मज़ा नहीं आएगा....

Raj—wo कैसे ...

अज्जू--- एक आंख मारकर इनदोनो का बराबरी का मौका मिलना चाहिए ह न जिसने जिसकी जायदा बार मरी उसे हम छोड़ देंगे ...क्यों... बोले तोह बेस्ट ऑफ़ 3

सुनील वह गुरु ...

Raj—soon लिया न तू बी कपडे उतर और अभय अज्जू सुनील जो भी भागे उसे जान से मार देना....

और इंस्पेक्टर जो पहले से हे सुब इंस्पेक्टर से गुसा था वो खड़ा हो गया .....दोनों हे 35 से 40 साल के बिच थे दोनों के बिच लड़ाई सुरु हो गयी खड़े हुवे लुंड के साथ दोनों एक दूसरे को मारने लगे ....सुब इंस्पेक्टर ने इंस्पेक्टर के बांया हाथ मरोड़ कर जोरदार पटकनी दी जिसे इंस्पेक्टर सर के बल जमीन पे गिरा तोह सर चक्र गया....

सुनील--- एक बात बता इनका लड़ाई के बावजूद खड़ा क्यों ह ...

अज्जू--- सुनील भाई हाई दोसे दी ह वियाग्रा ki...ap बस शो एन्जॉय करो .

इंस्पेक्टर के गिरते हे सुब इंस्पेक्टर पीछे आगया और लुंड को उसकी गांड मई घुसाने की कोसिस करने लगा पर इंस्पेक्टर कुढ़ मोटा था इसलिए कामयाब न हो पाया ...सुब इंस्पेक्टर ने उसके बालपकड उसका सर जमीं पे भीड़ दिया जिसे इंस्पेक्टर का सर बुरी तरह चकराने लगा इसी का फायदा उठा के सुब इंस्पेक्टर ने उसके छेद पे लगा के ढाका पेल दिया ..

आह्ह्हह्ह्ह्ह की जबरदस्त चिक गूंज गयी इंस्पेक्टर की कुंवारी गांड फैट गयी

इंस्पेक्टर पूरा जोर लगा के हिलने की कोसिस की पर हिल न सका जैसे हे वो हिलने की कोसिस करता उसका सर निचे दे मरता....

सुब इंस्पेक्टर ने लगातार कई झटके मरे जिसे इंस्पेक्टर चिकता रहा और लुंड उसकी गांड मई जड़ तक घुस गया ....कुछ देर बाद जब इंस्पेक्टर का दर्द काम हुवा तोह उसने हिलने की कोसिस की पर कामयाब न हुवा 15 मिनट बाद ...

राज एक राउंड ख़त्म नेक्स्ट राउंड ....2 मिनट मई स्टार्ट होगा ...इंस्पेक्टर जो निचे पड़ा था उसकी गांड मई दर्द और आँखों मई अंगारे थे वो सुब इंस्पेक्टर को बुरी तरह घर रहा था जिसे देख एक पल के लिए वो बी घबरा गया पर उसे अपना जीवन प्यारा tha.....aur उसके लिए उसे लड़ना हे था...

अबकी जैसे हे लड़ाई स्टार्ट हुवी इंस्पेक्टर ने सबइंस्पेक्टर के ाँद पकड़ कसके दबा दिए जिसे सुब इंपेक्टर दर्द से बिल बोलता हुवा लेत गया सुर इसी का फाड़ा उठा के इंस्पेक्टर पीछे आगया और बिना देरी किया पूरी ताकत लगाके ढाका दे दिया ....जिसे 2 चीखे निकली एक सबइंस्पेक्टर की जिसके ाँद दर्द और गांड फटने की दर्द से चीक निकली तोह दूसरी इंस्पेक्टर ने गुस्सी के कारन जो ढाका दिया था उसे उसके लुंड की चमड़ी बी काट गयी थी पर बिना परवा किये वो ढके मरता रहा ...

Raj—isai बुरी और क्या सजा होगी इनकी ...जैसा बोया वैसा मिला ... और फिर चिकर लास्ट राउंड .....जो जीता उसे छोड़ dunga...itna कहकर एक कांटो वाला डिलडो उनकी तरफ फेंक दिया जिसने दूसरे वाले की मार मार कर मार दिया वो जीता ...

राज की बाते सून दोनों हैरान रह गए जान से मरने की बात तोह पहले नहीं हुवी थी अभी वो इतना सोच हे रहे थे की एक हंटर इंस्पेक्टर की पीठ पर पड़ा और वो बिलबिलाता हुवा जमीन पर तड़पने लगा और फिर दोनों आमने सामने हो गया और बुरी तरह लड़ने लगे ....और अंत मई सबइंस्पेक्टर जीत गया और उसने नुकीले डिलडो को कमर तक पहन कर इंस्पेक्टर को छोड़ने लगा और उसकी छीके गूंज उठी उसकी गांड फटने से लगातार खून बहता रहा .....करीब एक घंटे बाद इंस्पेक्टर मर चूका था.... खून निकलने की वजह से सुब इंस्पेक्टर पास लेता हुवा था जमीन पर...

सुब इंस्पेक्टर मैं जा सकता हु न

राज मुस्करा कर जा सकता ह न जरूर जा पर एक नई मूवी बानी ह पोर्न इंडस्ट्री मई टॉप पर जाएगी देखेगा नाम ह पुलिस मरई part ओने ....इतना कह कर राज ने वीडियो चालू कर दिया जिसमे उसकी साडी रिकॉर्डिंग थी ..

सुब इंस्पेक्टर दर से कंपनी लगा ...

राज पता ह ये part ओने क्यों ह .....

सुब इंस्पेक्टर क्यों.....

राज part 2 का हीरो यंहा नहीं ह न उसकी जानकारी तू देगा na.....aur कल शाम से पहले समजा होशियारी दिखाई तोह ये वीडियो वायरल पोर्न इंडस्ट्री पूरी पुलिस तुजे गँड़मरा गांडू आगे तू समझदार ह ...इतने सब्दो से समाज गया होगा

वो है मई गर्दन हिलके चला गया

Raj—ab कल पता लगेगा उसे की आग से खेलने से क्या होता ह बहुत शोक ह न छोड़ने का कल रात उसे पता लगेगा की मज़बूरी क्या होती h.....aur असली चुदाई किसी कहते ह

...

राज वापस घर आया तब 5 बज गए थे ...वो अंदर आया तब देखा की सोनाली बहार हे सो रही थी उसको देख राज बी इमोशनल हो गया और खुदसे बोलै प्यार नाम से मुझे सोना ऋचा नज़र आजाती ह जिसे मई खुदसे अभी भी पूरी तरह अलग नहीं कर पाया हु इसलिए इस नाम से हे नफरत ह मुझे सिर्फ नफरत नफरत और नफरत ....और मैं तुम्हे खुदसे दूर नहीं कर सकता हु ...इस प्यार नाम के सब्द से...

राज ने सोनाली को गोदी मई उठा लिया और घर के अंदर ले आया माइड सुभे जल्दी दरवाज़ा खोल देती ह इसलिए उसे दिकत नहीं huvi....niche सिर्फ दिव्या जगी हुवी थी ....उसने राज की बांहो मई सोनाली को देखा तोह मुस्कारने लगी ....और बोली...

Divya-----Ye तुम जिस रात गए तब से लेके अब तक एक पल भी सोई नहीं ह ...इसके दिल मई तुम बहुत खास जगह रखते हो जाओ ..तुम भी रात से गायब हो जेक नहं लो मई टिया और तुम्हारे कपडे निकल देती हो....

Raj—shock कर इन्हे कैसे पता फिर सोच कर मैं आपको दीदी कान्हू या आंटी....

दिव्या----- तुम्हे जो ाचा लगे वो कह सकते हो मुझे ...पर ये दोनों हे नाम पसंद नहीं ए

Raj—tikh ह मैं नाहा लेता हु

इतना कह वो सोनाली को लेकर ऊपर चला गया और शिवानी के रूम मई सुला दिया और खुद नहाने चला गया....

कुछ दिएर बाद जब दिव्या कमरे मई आयी तोह उसके हाथ मई ब्रेकफास्ट की प्लेट थी उसने टेबल पे रखा और अलमीरा की तरफ चल di.....janha राज ने अपने अतीत का एक बहुत बड़ा सच रखा था......

इस बात से अनजान की उसके अतीत का सच सामने आने वाला ह वो आराम से नाहा रहा था .......

तोह इधर

दिव्या अलमीरा की तरफ जा रही थी और उसने अलमीरा के हैंडल को पकड़ लिया और उसे खिंच लिया और अंदर देख कर उसकी आंखे फ़ैल गयी ...

आज के लिए इतना हे

लाइक्स और रेवोएस देना न भूले


 
अपडेट 109 क्लिक हेरे

हैप्पी दीवाली......



अपडेट टुनाइट 10पं तो 10.30 पं.....


डेड लाइन ...29 डेज तू लेफ्ट....
 




अपडेट 110

30 डेज....29 डेज तू लेफ्ट....

रिकैप....

कुछ दिएर बाद जब दिव्या कमरे मई आयी तोह उसके हाथ मई ब्रेकफास्ट की प्लेट थी उसने टेबल पे रखा और अलमीरा की तरफ चल di.....janha राज ने अपने अतीत का एक बहुत बड़ा सच रखा था......

इस बात से अनजान की उसके अतीत का सच सामने आने वाला ह वो आराम से नाहा रहा था .......

तोह इधर

दिव्या अलमीरा की तरफ जा रही थी और उसने अलमीरा के हैंडल को पकड़ लिया और उसे खिंच लिया और अंदर देख कर उसकी आंखे फ़ैल गयी ...

अब आगईई........

एक बंगलो मई ..

तुजे जल्दी क्या ह तेरे पति को छोड़ दिया ह न बस तू मुझे खुस करती rah....tere पति को कोई हाथ नहीं लगाएगा....

नंगी घुटनो के बल बैठी वो जवान औरत उसकी बाटे सुन उसे हे देख रही थी उसने टाँगे फैलाई और औरत के बल पकड़ निचे कर दिया ....और खुद की आंखे सुख के आनंद से बंद कर li....aur औरत के बाल तब चोदे जब उसके लुंड ने अपना पानी उसके मू मई न छोड़ दिया हो ..वो औरत खांसते हुवे पीछे हुवी ....और उबकाई करने लगी ...

अगर तूने एक बी बूँद निचे गिरायी तोह अंजाम बुरा होगा .....

उस औरत को गले से निचे उतरना हे पड़ा ....और वो इंसान हंस pada........aur बोलै तेरी जवानी हे ऐसी ह आज तक जितनी भी छोड़ी ह उसमे तू सबसे कड़क ह .....

औरत के मू पर घिरना के भाव थे .....

पर उस आदमी ने उसका मू वापस अपनी टांगो के बिच कर दिया.....

वंही देहरादून मई हे एक जगह तूने मेरे भाई को मारकर बहुत गलत किया ह तुजे इसका हिसाब देना होगा राज ....मैंने अपने भाई जैसा नहीं हु बदला तुजसे हे लूंगा ....और वो बदला इतना ढक दायी होगा की तेरी आत्मा ऊपर से निचे देख कर तड़पेगीइ....

दिव्या जो अलमीरा को खोल कर शॉक हो गयी थी उसकी पालक नहीं झपक रही थी .....वो अभी अंदर कुछ करती तभी बाथरूम का दरवाज़ा खुल गया.... और राज बहार आगया.....

राज क्या हुवा आप इतने गौर से क्या देख रही हो....

दिव्या----- शॉक से अलमीरा की तरफ इशारा करकर ये ..ये ...क्या ...ह ..राज.....

Raj....hairan हो कर देखने लगा फिर मुस्करा कर बोलै ये निशानी ह .....

दिव्या----- कंफ्यूज होकर matlb...kiski निशानी ह...

राज ---- मतलब प्यार की निशानी.....

दिव्या----- साफ़ साफ़ बोलोगे...

राज --- आप कपड़ो की हे बात कर रही हो न ..

दिव्या----- है ... यंहा और क्या ह....

राज---- एक अलमीरा श्वेता के मेरे लिए लाये हुवे कपड़ो की ह दूसरी दीपिका दी की ह जो हार्मोनथ कुछ न कुछ भेजती रहती ह .....और लास्ट वाली दादाजी सोनाली जी के दिए हुवे कपड़ो और गिफ्ट्स की ह और जब जो पास होता ह मुझे उनके पस्न्द के कपडे पहने होते ह....

दिव्या----- ओह ......चलो फिर तुम ब्रेअकदासत करो श्वेता तोह स्कूल गयी ह मैं बाकि को जगा देती हु....

राज---- आप यंहा baitho.......ap क्यों इतना परेशां होती ह मैंने आपको और जहान्वी को अपना मन ह ....आपको अपने पूछा न था की क्या कहूंगा मैं main...apko मौसीय नाहीइ आज से बुआ कहूंगा ......कहते ह की माँ की जगह कोई ले सकता ह तोह वो बुआ या मौसी हे होती ह ......इसलिए मुझे न ये पता ह मेरी कोई मौसी या बुआ ह क्या पर अगर होती तोह वो बिलकुल आप जैसी हे होती ......

दिव्या को राज की बातो से इमोशनल हो गयी और राज के गाल पे हाथ रखते हुवे बोली तुम बुआ हे बोलना और उसके माथे को चूमकर बहार चली आयी....

उसका दिल बहुत से इमोशंस से भरा हुवा था अगर वो कुछ पल और रूकती तोह सायद उसके आंसू उसका भैया कर dete....wo बाथरूम गयी और आंसुओ को निकल मू धोके वापस आगयीईइ जिसे उसका दिल हल्का हो गया....

पर उसने धयान नहीं दिया की कपड़ो के पीछे एक हार बी टेंगा हुवा था जो उसका हे था.......

राज बहार आया और एक बार मनीषा के रूम की तरफ गया जंहा उसे पता लगा की वो स्कूल चालिई गयीईइ h........phir शिवानी के पास गया जंहा सोनाली भी उठ गयी थी....

राज---- अब आप जल्द हे चलने फिरने लगोगी...

शिवानी--- मैं तोह चल सकती हु पर मेरी दी चलने दे तब न....

सोनाली--- चुप चाप लेती रहो जब डॉ कहे तब चलना इसकी बातो मई मत आना ये कहता कुछ करता कुछ ह.....

राज---- तीख ह आपकी शिकायत हे दूर करता हु फिर फ़ोन थमा कर बोलै की आप देखलो अचे से और जब मन भर जाये तब निचे अजना चलो शिवानी औ निचे चले आपकी दी को देख हे लेने दो की क्या करता हु मैं.....

सब निचे बातो मई व्यस्त थे.....

राज---- बुआए..

दिव्या----- ह्ह्हह्ह्ह्ह

राज---- bua.....tikh नहीं लग रहा ह तोह मूसीईई बोल्दुओ मुझे कुछ बात करनी ह...

दिव्या----- हुऊ नहीं ...matlb...mousi....nahiii बुआ हे तीख ह ....बताओ क्या कहना ह......

राज---- जहान्वी को मैं कंही भेजना चाहता हु कान्हा ये नहीं बताऊंगा बूत वो सेफ रहेगीइइइइ बहुत खुस rahegiii......ek साल बाद चाहे बुला सकती हो आप या जब आपको याद ए वो आपसे बात कर सकती ह.....

दिव्या----- दुखी हो गयीईइ पर यंहा के खतरों से अनजान नहीं थी इसलिए कड़ी हो गयी और पलटकर boli....tikh h....agar तुम्हे तीख लगता ह और उसके लिए यही तीख ह तोह ये भी सह लुंगी मैं....

Raj----wo मेरी बहन ह वो राज हे करेगी उसकी जिंदगी क्वीन की होगी ......वो अब विप से भड़कर लाइफ जियेगी और ट्रस्ट में उसकी सुरक्षा वो करेंगे जिन्हे मुझे अपनी जान से जायदा यकीन ह ....मेरे चाचा जो मेरे दादाजी की भी सुरक्षा करते ह......

Jhanvi—muje दादाजी मिलेंगे वोओओओओ

राज---- वंहा आपको स्ट्रांग बनना होगा ....जल्द हे मुम्मा भी वंही आजाएंगीयी.....

Jhanvi......paka न सुपरमैन promise.....main स्ट्रांग बनुँगीई ...

राज---- पका वाला प्रॉमिस ......

सोनाली--- निचे एते हुवे राज को हे देख रही थी उसके चेहरे पे अजीब एक्सप्रेशन थे .......

सुनील--- अबे हटिये ये तुजे ऐसे. क्यों देख रही ह अब तूने क्या कर दिया ....सेल अपने तीतर के बाल को शांत कर ले वर्ण कभी ये सटक गयी न तू देख लियो .......मैं चला बहार वेट कर रहा हु tera....agar तू इनसे निपट ले तोह अजना बहार

राज उसे देखता रहा पर सोनाली उसके पास आकर कड़ी हो गयी और फ़ोन उसे दे दिया और नास्ता करने लग गयी और खाते हुवे उसे हे देख रही थी ......

राज---- आप घूरना बंद करोगी मुझे ...

सोनाली--- नहीं करू toh......kya करलोगे ....

राज---- आप भड़क क्यों रही हो इतना .....मैं तोह ये कह रह था कुछ दिएर मई मैं निकल रहा हु चलोगी राइड पर....

सोनाली--- तुम्हारे साथ हूउउ.......

शिवानी--- आप भाव कहती रह जोगीइ अगर किसी और ने हां कर दी तोह .....

Sonali---huuuu

Shivani---huuuu नहीं है बोलो सम्झिइइइइ

सोनाली--- चलो चलते ह......

राज---- गन ले लेना sath......madam ji.......phir बाद मई शिकायत करोगीई....

सोनाली---- शिवानी से ले देखले इसे अभी भी काम हे ..ह...

शिवानी--- इसी बहाने साथ तोह राहोगीइइइइ जाओ ....

बहार सुनील ने दोनों को साथ एते देखा तोह सर पिट लिया और खुद से बोलै साला हम घूमने थोड़ी हे जा रहे ह ....ले ले बचऊ ले ले मुझे क्या देता रहना सफाई जब ये ज्ञान डेगीइइइइइइ......

सुनील--- आप भी चलोगी ...

सोनाली--- घर कर ऐसी कौनसी जगह जा रहे थे जो मेरे जाने से दिकत होगी....

सुनील--- कोईइइइ कोईइइइ दिकत नहीं ह चलिए चलिए ......

कुछ दिएर बाद .....

ैप राजीव--- जय हिन्द मम....

राज---- सर अभी ये ऑफ डूएटी ह ....

राजीव--- बीटा सीनियर हे रहेगा ....खैर औ डिटेल रेडी ह ....अज्जू सुरु करो ....

.अज्जउ---- नाम ...ैप शुबाष मोस्ट क्रृप्टेड अफसर ह इस पर एक भी केस नहीं ह ...देहरादून के पास हे फार्म हाउस कहो या बंगला बना रखा ह .....जिसमे इसके साथ जब भी वो वंहा जाता ह उसके साथ एक लड़की या औरत होती ह ......जो किसी न किसी मज़बूरी से हे इसके साथ आती ह ........जब तक दिल करे तब तक ये सेक्स करता ह फिर छोड़ देता ह .....इसकी फॅमिली मई इसकी वाइफ ह जो अपने पति को महात्मा मानती ह औरइसकी बेटी ह जो अपने बाप के पैसो के घमंड मई चूर रहती ह ....और मजे की बात ये ह की इसके पास 50 कर की प्रॉपर्टी ह लगभग ....बाकि झुपी हो तोह बात अलग ह....

सोनाली--- ऐसे लोगो को जिन्दा कैसे रखा ह .....मार देना चाहिए....

अभय--- मम .....इसी लिए हम यंहा ह ...

शुरुतीय मम ाक्टुअलय यही वो इंचार्ज ह जिसकी वजह से पुलिस सिनेमा हॉल तक नहीं पहुंची थी .....ये पशुपति का खस्स्स ह जिसने एरिया के ठाणे के इंस्पेक्टर को रोक दिया tha.....pahuchne se.......isiki वजह से शिवानी मम को गोली लगी थी..... ...

राज---- सुनील .....ajjuu....abhayyy....shuruti.... इसके फार्म हाउस पर निगरानी रखो हम इसकी फॅमिली लेके एते ह और उस सुब इंस्पेक्टर को भी बुला लेना अब होगा ......आगाज़ पशुपतिई के साथ युद्ध का उसके अंत का ...... बहुत उड़ लिया वो ....और राजीव सर आप जब तक पशुपतिई की डिटेल निकल लीजिये की वो कान्हा h....kya कर रहा ह

और सब निकल गए प्लानिंग से सोनाली जो राज के साथ थी वो बोली ...ी म सॉरी ....

राज---- हूउउ क्या सुना मैंने ......अभी अभी अपने माफ़ी मांगी .....किस खुसी मई....

सोनाली--- वो मैं काफी रौदे हो गयी थी न तुमसे ......

राज---- मुस्कराकर आपको पता ह मुझे तोह ये भी नहीं पता ह की मैं कल का दिन भी देख पाउँगा या नाहीईई ...इसलिए जितने दिन जिन्दा हु हर दिन अपनों के साथ खुसी के साथ जीना चाहता हु नाराजगी मई क्यों हम ये हमारा वक़्त khoye.........ap कार स्टार्ट रखिये हम अभी एते ह....

राज और सुनील तोह अंदर चले गए पर सोनाली राज की बातो से जरूर सोच मई पढ़ गयी की उसने एक वीक उसके साथ होते हुवे भी बिना अचे से बात किये हे गुजार diye....aur सच हे तोह कहा था उसने ....कितने हे ख्याल उसके दिमाग से निकल गए और साथ हे आन्सुऊ भी ... वो पहली बार इतना अधूरा सा फील कर रही थी....

अंदर सुनील अबे इसकी बीवी बेटी को उठाना जरुरी ह क्या ....

राज जरुरी ह उसे भी महसूस होना चाहिए दर्द क्या होता ह और इन्हे भी तोह सचाई पता लगनी chahiye...ki ये जिसके घमंड मई उछलती ह वो कितना बड़ा हरामी ह .....चल अब ....

निचे सोनाली ने कुछ नहीं पूछा और न कहा वो तीनो चल दिए ...और रस्ते मई हे षुरूति ने बता दिया की ैप शुबाष बंगले पर हे ह और क्या कर रहा ह ......

हाफ ऑवर बाअद सब बंगल से थोड़ी दूर थे ...सुनील ने औरत को जगाया ...वो हड़बड़ाकर ...कौन हो तुम .....क्यों पकड़ रखा ह तुम जानती नहीं मैं कौन hu....shuruti.....chupkar सब पता ह कौन ह तू और तेरा पति क्या ह अब छुऊं चपर की न तोह ये गोली तेरे भेजे मई होगी चुप रहना और तेरी इस घमंडी बेटी का बी मू बंद करवा के रखना .....

वो उन दोनों को बंगले के अंदर चुप चाप लेकर आगये जंहा ैप टांग खोलकर अपना लुंड चुसवा रहा था .....

राज---- ले देखलो तुम्हारा पति क्या h....aur तू बी की तेरा बाप क्या ह....

उन दोनों ने अंदर देखा तोह उनकी आंखे फटी रह गयी ... उसका बाप और दूसरी का पति अंदर सोफे पे आराम से बैठा था और एक 28 साल की औरत लुंड चूस रही थी .....दोनों को यकीं हे नहीं huva......ki ये सच ह .....








लड़की और औरत ये सब झूट ह ...

सोनाली---- पता ह तुम जैसी औरते हे घटिया होती ह जो सच देख के भी यकीं नहीं करती ह आज दिखती हु की सच क्या ह चल अंदर

और उन्दोनो के बाल पकड़कर अंदर ले गयी

राज सुनील बाकि सबको लगा की शर्म आएगी पर दोनों षुरूती और सोनाली अंदर घुस gayii.....janha ैप नंगा होकर लुंड चुसवाने मई मस्त था






पीछे

सुनील--- भाई सच बोलू अगर ये तेरी लुगाई बनगयी और तेरे काण्ड इसे पता लग गए तो तेरी गांड से गोली घुसेगी और लुंड से निकलेगी देख लियो तू ...इसे दूर रहा कर इसकी हरकते लुगाई वाली ह और तेरे अलावा इसके सबसे बहुत अचे रिलेशन ह समजा ...

राज---- क्या ...

सुनील--- सेल मारकाट के इलावा दुनिया भी ह ....सोचा कर इसीलिए मुझे तेरा धयान रकना पड़ता ह ... ये सबकी खास ह खस्सकार तेरे दादा और चची और दीपिका दी की.....

अभी वो बात हे कर रहे थे की अंदर से चीक सुनाई दे gayiiii.wo दोनों अंदर आगये तोह सोनाली और षुरूति ने दुनाई शुरू कर दी थी....

राज रूक जाओ ....

रुकने के बाद ...है तोह ैप साहब टाइम ख़राब नहीं करते ह की मैं कौन हु और क्या हु बात सिंपल ह तू या तेरी फॅमिली इन्समे से एक हे जिन्दा बचेगा और ये सब तेरी फॅमिली के हाथ मई होगा .....अज्जू उसे लाये क्या ...

अज्जू--- ने इशारा किया तोह उस औरत का पति आगया जो बेचारी 2 दिन से ैप की जबरदस्ती की सीकर थी ...

राज---- मई औरत की इज़्ज़त करता हु पर उनकी नहीं जो अपने पति या बाप के गलत होने पर भी सचाई से मु मोड़ ले रूल सिंपल ह सुब इंस्पेक्टर और ये ैप की बीवी और बेटी के पीछे रहेंगे सुर तुम dono....raj ने फिर सोनाली और षुरूती की तरफ देखा और उन्हें बहार जाने का इशारा किया तोह वो समाज गयी और बहार चली gayiii...ha तोह तुम दोनों ये डिलडो अपने हाथ से शुबाष की गांड मई डालोगी और अगर तुमने देरी करि तोह ये दोनों पीछे से तुम्हारी गांड मई अपना लुंड दाल देंगे ....क्यों की तुम जैसियो को बी सजा बराबर मिलेगी इसलिए देरी मत karna....Band दो शुबाष को और तुम दोनों नंगी होवो और नंगी न हुवी तोह शुबाष को मार पड़ेगी जब तक तुम नंगी न हो जाओ पर कहते ह न लातो के भूत बातो से कान्हा मानेगे एक्लात जब पड़ी तब दोनों माँ बेटी ने जल्दी से कपडे उतरे ....

अब पोजीशन ये थी की शुबाष नीची झुका हुवा था और उसके पीछे उसकी बीवी झुकी हुवी थी और उसके पीछे उस औरत का पति था जो जिसे शुबाष चूसा रहा था उसकी आँखों मई गुसा था उसने अपनी बीवी को देखा तोह उसने है मई गर्दन हिला के सहमति दे दी ....शुबाष कुछ नहीं कर सकता क्योकि उसके मू मई कपडा tha...aur हाथ पेअर बंधे हुवे थे

सुनील सुरु करो ...

पर एक बार काम हुवा ह क्या ...पर शुबाष की पत्नी हिली नहीं पर उसके मू से चीक निकल गयी एक दनदनाता हुवा लुंड उसकी गांड को चीरता हुवा आधा अंदर घुस गया उसने हिलने की कोसिस की पर हिल न पायी ..

सुनील चल दाल वो डिलडो उसकी गांड मई वर्ण दुबारा झटका आने वाला ह ....पर वो गांड फटने के दर्द से हे बिलबिला रही थी और उसे जोंकहा उस पर धयान नहीं दिया और ये सब उसकी बेटी देख कर दर गयी....

सुनील--- जल्दीई.

पर तभी एक झटका और आया शुबाष की बीवी की गांड मई लुंड आधे से जायदा घुस गया ....वो बिलबिला उठी उसकी गांड से खून की धरा बाह उठी .....

लड़की माँ डालो जल्दी वर्ण और दर्द होगा ...औरत ने दर्द को सहते हुवे हाथ मई पकडे नुकीले डिलडो जो कुछ इस प्रकार का था






उसे ताकत से आगे धकेल दिया ......और एक गूऊऊऊ हूऊऊऊ ..की घुटी सी आवाज आयी ....जो दर्द से भरी हुवी थी.

राज मज़ा नहीं आया मऊ खोलो uska...aur कपडा निकलते हे .ैप शांता क्या कर रही हो मैंतुम्हरा पति हु ....

इतना बोलै था की शांता चीक पड़ी आह्ह्हह्ह्ह्ह ....और उसने अपने हाथ को आगे जोर से धोखा दिया फिर से आवाज आयी ैप की आह्ह्हह्ह्ह्ह बस randi.....main तेरा पति हु ..पर शांता की खुद की गांड फटी पड़ी thi....wo क्या करती ....एक झटका और लगा और शांता की गांड पूरी खुल गयी और लुंड गांड को फाड़ जड़ तक घुस गया था ....उसकी गांड से बहता खून झांग से निचे बाह कर निचे तक ारः tha...isi दर्द से तड़पते हुवे उसने पूरी ताकत हाथ मई लगा दी और डिलडो का सबसे मोटा हीसा ैप की गांड मई घुस गया और चिल्ला पड़ा आअह्ह्ह्हह मादरचोद रंडी ......मैं फंसे नार दूंगा ......शांता को भी गुसा आगया क्योकि उसीके कारन ये सब हुवा था वो पूरी ताकत लगाकर डिलडो को आगे पीछे जरने लगी ैप की छीके गूंजती रही उसका मूट तक निकल गया दर्द से पर शांता खुदकी गांड का दर्द बचते हुवे शुबाष की गांड मई अंदर बहार करती रही .....वो औरत जिसे शुबाष ने परेशां किया हुवा था वो हंसी और बोली क्यों बे पता लगा जबरदस्ती कैसी लगती ह .....कहा था न तेरे साथ भी यही होगा भड़वे गाँड़ूऊ ठयऊ ह तू एक्जाँदुऊ ह जो गांड नरवता ह ....औरत की बाते सून कर शुबाष को गुसा तोह बहुत आया पर वो कुछ नहीं कर सकता था ....1 ऑवर उसकी बीवी ने उसकी गांड मई डिलडो अंदर बहार किया गांड का छोटा छेद अब फैट के सांप के बिल जितना बड़ा हो गया था ...

राज---- एक नुकीला काँटों वाला डिलडो लड़की की तरफ फेंक कर इसे तू तेरे बाप की गांड मई तबतक करेगी जब तकवो मर न जाये ....

लड़कीय नहीं ...

राज---- तुजे तेरी क्लास मात याद ह जिसने सुइड की थी उसकी वजह तू हे ह तू जो रोज उसे तौरतूरे करती थी न अपने बाप के नामसे डरती थी इसलिए उसने सुइड आतम हत्या की thi...tu क्या सोचती ह सब चिप जायेगा सबको इसी जनम मई सजा भुगतनी होती ह ...चल अब यही तेरी सजा ह वर्ण तेरे दोनों छेद फाड़ेंगे समझी ....

इतना कह वो बहार आगया क्योकि वो सब कर सकता था पर औरत की इज़्ज़त ख़राब नहीं पर ये लोग यही डेसेर्वे करते थे ...अंदर से चिके गूंजती रही ैप के अंदर तक ब्लीडिंग सुरु हो गयी thi....aur खुनबहने लग गया था ....और अंत मई मर गया ....

सुनील--- ये तुम्हारा सब रिकार्डेड ह समझी जाओ और अचे से जीना दुबारा किया कुछ तोह ये वीडियो वायरल हो जायेगा और फिर तुम जानती हो मेरी नज़र रहेगी ....तुम पर .....और मूड कर एक गोली सुब इंस्पेक्टर के कनपटी पर मार दी और बन्दुक उसके हाथ मई थमा डीई... ये सीन देख माँ बेटी की टंगे कंपनी कागि

राज---- एक दिन और गया अब 28 डेज तो लेफ्ट.... पशुपति.... तू मरेगा

यंहा राज सब प्लान कर रहा था और पशुपतिई के आदमियों को मरता जा रहा था तोह वंही पशुपति जो सबसे बेखबहार दिल्ली मई टिकट मिलने की खुसी मई राज़ी हुवा सेलिब्रेट कर रहा था.....

पशुपति जी अब तोह आप जीत कर स्टेट मई मंत्री बन जायेंगे फिर तोह आपसे ताकतवर कौन होगा ....

पशुपति--- सब आपके साथ से होगा मंत्री ji...ap सब के लिए स्पेशल पार्टी का इंतज़ाम किया ह सुना ह मंत्री जी को जापान का माल बहुत पसंद ह बुलवाई ह .....

पशुपति की बात सून सब खुस हो गए ... तोह पशुपति का फ़ोन बजाने लगा उसने नंबर देखे तोह वो गुसा हो गया पर उसे पता था की उसके मन करने के बावजूद आज इतने दिन बाद ज़ीशान ने फ़ोन किया ह तोह जरूर बहुत बड़ी बात hogiii...isliye उसने फ़ोन उठैस...

Hello..

ज़ीशान ैप शुबाष मारा गया ह अन्थोनी मारा गया ह .........

पशुपति--- क्या...

आज के लिए इतना हे .........लाइक्स और रेवोवेस देना न भूल ........दिवाली की सभी को सुभकामनाये ....
 
अपडेट टुनाइट ........

फाइट
 
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