अपडेट 124.
साइलेंस एंड कैट्स वांट मिल्क
सब बाते करते हुवे दिल्ली पहुंच gaye……janha जोगिन्दर सिंह के निवास स्थान पर …….रात को पार्टी की व्यवस्था की गयी जंहा पर सभी …..चीफ …. सोनाली शिवानी, deepika,anjana, मनीषा ,Ajju,abhay,shrutii, सब मौजूद थे …
जोगिन्दर--- सो फाइनली एक chapter क्लोज कर दिया ..
राज--- है अंकल
जोगिंदर-- बड़े पापा , या चाचा
राज--- सुर्रियययय बड़े papa…adono कान पकड़कर राज बोलै….
श्वेता माँ —- बीटा तुम इनकी छोड़ो तुम्हारे लिए ये चिकन स्पेशल बनाया ह मैंने तुम्हे बहुत पसंद ह न …..
राज--- मुस्करा आपके हाथो से बनाया सब पसंद ह बड़ी मा बस ….किसी और को हे क़द्र नहीं ह …..फालतू लोग …..पिज़्ज़ा बर्गर मई खुस रहते ह माँ के हाथो की बात हे अलग ह …..कल मई बना के खिलाऊंगा आपको pure….veg…..paneer special….apke बेटे के हाथ से सिर्फ अपनी स्पेशल बड़ी माँ के लिए…..
श्वेता--- ोये होये… बड़ा आया माँ का बीटा और आप माँ …बीटा मिला तोह बेटी को भूल गयी…. और आप भाई ….
जोगिन्दर-- है भाई हमने क्या गुनाह किया जो हमे खाना नसीब नहीं होगा….
बाकि सभी--- है राज हमने क्या किया …..हमे भी खिलाओगे ….समजे वर्ण जानते हे हो हमे…..
राज और श्वेता माँ---- है है है है हम मजाक कर रहे थे आप सबके लिए फिश स्पेशल मिलेगा गुड फॉर health…..aur विथाउट ड्रिंक्स….
जोगिन्दर--- अरे भाई मुझे तोह इज्जाजत मिलनी चाहिए ….
मनीषा---- तोह फिर राज हमे एक पार्टी …..सोनाली मम के यंहा देगा…
श्वेता माँ---- no यही कर लेना शांति से लिमिट मई ….और सोनाली बेटी तुम bhi………tumhari माँ को बताना padega……beti तुम तुम्हारी माँ को यंहा क्यों नहीं ले आती ho….wanha वो अकेली बेटी परेशां होती होंगी न
सोनाली का ये सून पूरा दिमाग कंही और हे चला गया उसकी आँखों के सामने उसकी माँ का उदास चहेरा आ गया….. जो आज कितने सालो से अपने बदले की आग मई जल रही थी
राज ने सोनाली के भावो को पढ़ लिया और वो खड़ा हुवा और सोनाली के कंधे पे अपना एक हाथ रखा और बोलै ….
राज--- जैसा मैंने आपसे पहले कहा था वो जो भी ह अगर वो जिन्दा ह तोह आज से मौत उसका पल पल पीछा करेगी …….आज तक आप अकेली उसे ढूंढ रही thi……ab मैं ….
राज की बार बिच मई काट कर
चीफ और जोगिन्दर---- अरे भाई मैं नहीं हम भी ढूंढेंगे….
अज्जू अभय श्रुति शिवानी —- और हम भी उस इंसान को खोद निकालेंगे ….चाहे वो कंही भी हो ……..
सोनाली--- की आँखों मई खुसी आगयीईइ …और वो बोली पता नहीं वो कान्हा ह बस इतना पता ह यंहा दिल्ली मई हे ये सब हुवा था….. वो मिल जाये …..तोह मेरी माँ जो आज तक अपनी कसम पूरी होने का इंतज़ार कर रही ह ….उनकी कसम पूरी हो जाये और वो मेरे साथ …. रहने के लिए मान जाये….
जोगिन्दर-— तोह फिर अज्जू अभय श्रुतीय ….अभी तुम किसी मिशन पर नहीं हो निकालो उसकी जानकारीय …
सोनाली मैंने ढूंढा था ..
राज--- कुछ काम ऐसे नहीं होते ह …
शिवानी--- यानि राज तुम्हारा कहना ह उस टाइम के गुंडों को ढूंढा जाये ….राइट ..
राज — राइट वंही से मिलेगी रियल info……aur वो जो भी होगा उसे वडा ह हमारा …..घसीट के लेके जायेंगे चाहे वो कोई भी हो मतलब कोई भी…..
सोनाली मन हे मन इमोशनल हो गयी थी उसका दिल भर आया था सबकी बाते सुनकर ….क्योकि आज तक वो अकेले हे धुनती रही पर अब सब उसके साथ ढूंढेंगे तोह उसे उम्मीद थी की जरूर पता लग जायेगा……..
संयम-- बस अब खाना खाइये सब……
सबके खाना खाने के बाद
चेइफ़ सोनाली जोगिन्दर और राज साथ बैठे हुवे थे…
राज--- बताईये सर मैं क्या कर सकता हु आपके लिए….
चीफ-- अरे यार एक जाम पीना था तुम्हारे साथ भाई अब रोज रोज तोह मिस्ट्री मन निर्वाण के साथ जाम तोह नहीं पि सकते ह न इसलिए अलग से यंहा बैठ गए….
राज भी मुस्करा दिया और वाइन पिने लगा …..
जोगिन्दर—- तोह अब …..राज बीटा….
राज--- मतलब चीफ सर ने आपके कंधे से बंदूक तानी ह….
रा की इस बात से सब मुस्करा दिए …
राज--- सर फिलहाल अभी मुझे देहरादून फाइनल पेपर देने ह जिसमे सिर्फ 2 मोनथस बाकि ह ….और उसके बादमे कुछ वादे ह जो पुरे करने ह……..
चीफ--- मतलब हमे अभी नहीं पता लगेगा..
राज--- निर्वाण का तोह बिलकुल nahi….par राज का बता सकता हु …….
सब एक साथ बताओ …
राज--- victor……ya thakur….ya चाचा और उसके बीटा बेतिया…..
जोगिन्दर--- जर victor……aur सर विक्टर…
चीफ मुस्कराकर ….है है है है ……….है है है ha……sonali ….तुम्हारा प्रमोशन फिर से होने वाला ह है है है है…
सोनाली--- क्या हुवा सर अब…
चीफ — अरे भाई …….रखा, पशुपति, अन्थोनी सब लिस्ट मई थे …और सब मरते जा रहे ह और ओफ्फिशलय वो तुम्हारे अकाउंट मई ऐड हो रहे ह इसलिए हंसी ईई और तुम विथल के पीछे हो जब की राज उसके बाप के पीछे …है है है है है है……
सोनाली--- सिर्र…
चीफ — ओह सॉरी …सॉरी ….बात हे ऐसी हुवी ह… और राज कल एक बार तुम मुझसे ऑफिस मई मिलो ……अभी ….फॅमिली टाइम एन्जॉय करो …….
राज के जाने के बाद ….
जोगिन्दर- ऑफिस …..मई क्यों बुलाया…
चीफ —- क्योकि सर विक्टर जर विक्टर कोई छोटे मोठे डॉन नहीं ह वो लोग पावर फुल ह उसके पीछे बहुत पावर ह तभी आज तक बचे हुवे h..…..hum ह पर हमारे ऊपर भी बहुत ह इसलिए …….हमे बहुत धयान रखना होगा ..आप और हम कानून से बंधे ह और इस बार उसका सामना कानून को खिलौना समझने वालो से होगा
सोनाली--- सर पर राज को आप जानते ह वो हर जगह प्लान करके घुसता ह और इस बार भी ऐसा हे होगा ……पर मुझे भी देखना ह की सर विक्टर की तोह नफो हे नहीं उस तक कैसे pahuchega…..par इतना पता ह वो बिलकुल अकेला जायेगा….
इनकी बाते होती रही और लेट नाईट सोनाली राज की बांहो मई सोई पर राज को किश से जायदा कुछ करने नहीं दिया जिसे राज नाराज हुवा पर सोनाली को दिव्या की बाते याद थी इसलिए वो भी प्यासी हे सो गयी …पर प्यार की बांहो मई भी सुकून होता ह ….
नेक्स्ट डे…..
इन कॉल —— है भाई….
सुनील--- ऑफिस अजा ……मैं कार भेजता हु….
राज--- रहने दे भाई मैं आजाऊंगा बस एड्रेस व्हाट्सप करदे ……
सुनील--- जैसी तेरी मर्जी
संयम-- बीटा मैं ड्राइवर को बोल देती हु….
राज बड़ी माँ आप परेशां मत होइए सब कॉलेज ऑफिस जा चुके ह मैं टैक्सी कर lunga……aur राज इतना कह कर चला गया…..
कुछ दिएर बाद वो एक ऑटो से उतरा सामने एक बड़ी सी बिल्डिंग थी ……..वो अंदर चलता हुवा गया …..
गार्ड सर एंट्री कर दीजिये ….
राज ने एंट्री की और अंदर रिसेप्शन डेस्क पर…… जाकर बोलै सिंघानिया इंडस्ट्रीज ऑफिस….
रिसेप्शनिस्ट—- 15ठफ्लूर …….
राज थैंक यू……
राज पहुंच गया 15 फ्लोर ….जंहा रिसेप्शनिस्ट ने उसको रोक लिए…
रिसेप्शनिस्ट—- जी सर….
राज--- मुझे सुनील सिंघानिया से मिलना ह..
रिसेप्शनिस्ट— अपॉइंटमेंट किस नाम से ह…
राज —- मुस्कराकर अपॉइंटमेंट तोह नहीं ह आप उन्हें इन्फॉर्म कर दीजिये राज आया ह ….
रिसेप्शनिस्ट सॉरी विथाउट अपॉइंटमेंट आप नहीं मिल सकते h….ap नंबर और डिटेल नोट करवा दीजिये अपॉइंटमेंट मिला तोह आपको इन्फॉर्म कर दिया जायेगा
राज — राज मन मई ओह बड़ा आदमी बन गया गुड बिज़नेस को बहुत सीरियसली ले रहा ह ……फिर मम अपने इन्फॉर्म नहीं किया तोह आपको नुकसान न हो जाये …..
रिसेप्शनिस्ट घबरा कर मैनेजर को कॉल लगाया और उसे बुला लिया
रिसेप्शनिस्ट — सर ये सुनील सर से मिलना चाहते और इनके पास अपॉइंटमेंट भी नहीं ह …
मैनेजर-- रिसेप्शनिस्ट से गुसाई से तुम्हे हर कोई आके कहेगा और तुम ु हे मेरा टाइम ख़राब करोगी थिस इस योर लास्ट वार्निंग …. अपॉइंटमेंट नहीं ह तोह नहीं मिल सकते ह …
रिसेप्शनिस्ट पर सर ये कह रहे…
बिच मई हे मैनेजर शुतुप ….कहकर वापस चला गया…..
राज--- रिसेप्शनिस्ट के पास जाकर कोई बात नहीं वैसे आपकी एजुकेशनल क्वालिफिकेशन क्या ह….
रिसेप्शनिस्ट— रूकर जी मैंने b.com किया h…..but सिफारिश नहीं थी इसलिए रिसेप्शनिस्ट की हे जॉब मिली …..बूत it's ok सर मैं आपकी अपॉइंटमेंट डिटेल लिख लेती हु….
राज क्या मैं यहाँ बैठ जाऊ..
रिसेप्शनिस्ट— जरूर…
राज फ़ोन निकल कर कॉल लगता ह और फिर बोलै अगर ऐसे हे बहार बैठना ह तोह बुलाया क्यों …सामने से कॉल कट ….और कुछ हे मिनट्स मई जोर से ऑफिस का मैं दूर खुला और सुनील सामने था जिसने बिना देरी के हे राज को गले लगा लियाऔर ऊँचा उठा लिया …
सुनील--- मेरा भाई आखिर ऑफिस आहे गया ……मुझे सब मिल gaya…..dekh तेरी वजह से तेरा भाई अनाथ से अब क्या बन गया ह…
राज — सटक …… फिर गले लगाकर दुबारा ये वर्ड उसे किया तोह कभी भी बात नहीं करूँगा समजा ….
सुनील — सॉरी भाई माफ़ करदे ….
इनकी बाते रिसेप्शनिस्ट मू फाडे हे सून रही थिई….
राज—- अबे तोह अंदर नहीं लेके जायेगा …….
सुनील राज को गले लगाए हे अंदर लेकर गया जंहा सारा ऑफिस बस उन दोनों को हे देख रहा था क्योकि सुनील सिंघानिया के व्यवहार के बारे मई सब जानते थे की वो बहुत सीरियस टाइप के h……par आज किसी अपने हम उम्र के लड़के के आगे एक बचे की तरह खुसी जाहिर कर रहे थे जिसे उसकी फवौरीते चॉकलेट मिल गयी ho…..wo दोनों चलते हुवे आगे गए तोह राज की नज़र उस मैनेजर की तरफ गयी और उसे बुलाया
मैनेजर —- जी जी सर…
सुनील--- क्या हुवा भाई…..
राज--- तुजे पता ह न मुझे किस चीज से नफरत ह….
Sunil-ladkiyo के साथ कोई बुरा करे .
राज —- बस ये बड़े ह आगे मई बड़े ह ….वो लड़की अपनी जॉब बहुत सिंकेरेली कर रही थी…
सुनील--- बस भाई मैं समाज गया ……. और पलटकर अभी के अभी रेसिग्नेशन देकर दफा हो जाओ …..भाई तू चल मुझे बहुत बाते करनी ह……
पीछे सारा स्टाफ उस मैनेजर को देखता ह जिसकी वजह से नई एम्प्लोयी हमेसा डरे हुवे रहते थे अब वो खुस हो रखे थे…..
इन ऑफिस राज को अपनी सीट पर बैठकर खुद सामने बैठ गया ….
सुनील ने रिंग बजायी और ब्रेकफास्ट के लिए आर्डर किया….
राज —- तू हटिये सच मई बहुत बड़ा आदमी बन गया ह …..
सुनील--- सब तेरा हे भाई ……फिर मन मई तुजे पता भी नहीं ह तू कितनी बड़ी टॉप ह इडियट…
राज---- ाचा ….अब बता वो अभय और अज्जू भाई सामान लाये थे वो कान्हा ह……
सुनील--- ब्रेकफास्ट कर ले जब तक अज्जू और अभय भी आजायेंगे …….उन्हें मैंने इन्फॉर्म कर दिया था फिर साथ हे चलते ह ….
राज--- ok …..वैसे मेरा चाचा ने सुपारी दी थी उसका प्रूफ मिल गया न
सुनील--- है…
राज — एक काम करदे …..जरा मेरे सो कॉल्ड चचेरे बड़े भाई और बहन की डिटेल भी निकल के रख….. बचपन का प्यार का बयाज इतना हो गया की अब लौटने का वक़्त आगया ह….
सुनील ले नास्ता कर भाई हो जायेगा …..तेरा हाथ का खाना खाये बहुत दिन हो गए ह भाई खिलायेगा न बहुत याद आती ह …..…..याद ह न कैसे तू फिश खिलता था आश्रम मई…
राज--- शाम को घर आना ह सभी ह wanha…khilaunga pakka….ab चल चलते ह……….
सुनील और दोनों चल दिए ….तब राज बोलै वो रिसेप्शनिस्ट समझदार ह उसे काबिलियत से जॉब दे देना bhai….aur सुनील ने है मई गर्दन हिला दी
एक ऑवर बाद ……
सुनील--- ये टोटल 50 कर कॅश ह और हथियार जोगीन्दार सर को हैंड ओवर करवा दिए ह और ड्रग्स जला दिए h…..bus ये कुछ वेपन्स रखे ह जिसमे नई वेरिओं ह वेक्टर का , फन pistal,AA12 गन्स ह और भी लेटेस्ट वेपन्स ह जो मुझे लगता ह पशुपति इलेक्शन मई उसे करने वाला था…
राज--- ok……Ajju ,अभय ,श्रुति ये आपके लिए ह ……और आप को इसकी और बुलेट्स सुनील अवेलेबल करवा देगा …..फिर पलटकर बैग्स रेडी ह ….
सुनील--- है ये रहे ….इन तीनो बैग्स मई 1 कर और एक कार्ड रखा हुवा ह जिसमे 4 कर डिपोसिट ह….
राज — ये आप तीनो के ह…
अभय पर राज भाई हमे सब मिलता ह….
राज--- मौत वो नहीं मिलती नहीं ह न …..उसी के लिए ह ये ……और वैसे भी हम सब साथ थे न मिशन मई तोह फिर
श्रुती— राज हम सब ये…..
राज--- बिच मई rok…kar ये आपकी फॅमिली के लिए h…apko जो चाहिए सब मिलेगा मैं नहीं चाहता मेरे साथ वाला किसी भी चीज का मोहताज ho….aur बदले मई सिर्फ मुझे वफादारी चाहिए …..मुझसे धोखा मतलब पुरे खानदान का नामोनिशान मिटवाना ……ok अब आगे काम की बात chahe…..kitna भी पैसा लगे उस कुत्ते को ढूंढ निकालो ………चीफ सर से परमिशन मिल हे चुकी …
अज्जू--- तीख ह राज भाई हम मई वफादारी देख कर हे चीफ सर ने हमे सीक्रेट मिशंस के लिए चुना ह और हम आपका विस्वास टूटने नहीं देंगे……
Ajju-—hum जल्द से जल्द ढूंढ निकालेंगे उसे…….
राज —- और फिर आप सब लग जाओ और कोई भी सपोर्ट चाहिए चाहे वो पैमेंट, लोजिस्टिक्स या कोई भी हो आप सुनील से ले सकते ह ……
इवनिंग
सबने जमकर पार्टी करि आखिर भाई बहन सब एक साथ जो हो गए थे और ……रात को नाच गण ेट्स किसी ने कोई कसार नहीं छोड़ी सब मस्ती मई जमकर नाचे क्योकि फुर्सत से हे सबको मौका मिला था एक साथ होना का क्योकि कल को जिंदगी कान्हा से कान्हा ले जाये किसी को पता नहीं था खासकर राज को इसलिए उसने अपना हर पल जिया अपनों के साथ वैसे भी अब यही उसका परिवार जो हो रहा था ….……. और रात उसने अपने भाई बहनो और अपने दोस्तों के साथ खुसी खुसी गुजर dii…..ye कुछ दिन उसकी रफ्तार भरी जिंदगी बेहद प्यार और शांति से गुजरे सोनाली ने जी भर राज के साथ डांस और खुसी के पल bitaye……agle दिन shamko……wo मनीषा और श्वेता लौट ए देहरादून………..
नेक्स्ट डे इन स्कूल…..
इन क्लास …….
रिंकी —- सो मर इंडिया कैसा लग रहा ह वापस आकर …….
राज--- लगता ह मन नहीं लगा हमारे बिना ….
रिंकी--- बिलकुल नहीं लगा यार ….बोर हो गयी थी खैर पढ़ाई के लिए नोट्स रेडी ह …….अब 2 मोनथस बचे ह फाइनल एग्जाम के ……. और आपके हाल बेहाल ह मर टोपर…..
मनीषा —- तू ह न यार ……मुझे वैसे भी अब हॉस्टल नहीं रहना ह …हम राज के घर हे पढ़ाई करते ह…….
रिंकी--- ok डार्लिंग मैं तोह कब से रेडी hu….aur मनीषा को आँख मार्डी
मनीषा---- पढ़ने के लिए बोल रही हु इडियट जब देखो मस्ती सूजती ह …..
रिंकी--- यही उम्र ह darling….phir शादी पति और पतानहीं कब मिलेंगे फिर हम..
सिर्फ रिंकी हे खुस नहीं थी कोई और भी थी जिसने सुभे हे अपनी साड़ी चेंज करके एक रेड कलर की साड़ी पहन ली आज वो बिलकुल नयी नयी शादी शुदा की तरह सजी धजी स्कूल मई श्वेता के साथ आयी थी………. और राज मनीषा भी उसी के साथ ए the…uski खुसी उसके चेहरे से पल पल झलक रही थी ….क्योकि की कितने हे दिनों से राज से मिली नहीं थी वो पर आज राज उसके साथ आगे बैठ कर आया था और वापस भी उसी के साथ हे गया tha……..wo आज इतनी खुस थी की शामको खाना भी सबके लिए अपने घर हे बनाया ………..अपने हाथो से वो राज को खाना परोस रही थी उसकी आँखों से बेशुमार प्यार बरस रहा था…..
रिंकी--- ये मैडम कोई मौका नहीं छोड़ेंगी राज को पास लेन के liye….par मुझसे पहले नहीं ….. और उसने सामने मधु की तरफ देखा ..बदले मई मधु भी मुस्करा दी …जैसे कह रही हो गेम ों डिअर………
मनीषा shweta----ye दोनों बिल्लियों की तरह लड़ रही ह अब पता नहीं कौनसी बिल्ली दूध पि पति …इतना कहकर दोनों मुस्कराने लगी…
राज दोनों को कन्फूसिओं से देखने लगा
पर यंहा रिंकी की किस्मत उसके साथ थी उसके पास वजह थी राज के पास रुकने की पर मधु शादी शुदा की वजह से रात को रूक नहीं सकती थी…………..
रात को लेट तक पढ़ाई करने के बाद ….. सब सोने चले गए तब रात को एक आया चुपके से उठा और नंगे पांवो से धीरे धीरे राज के रूम मई घुसकर उसके बिस्तर मई घुस गया …..और राज ने भी नींद मई उसे खुद से छिपकर सुला लिया…..
उदार मधु नींद मई राज के लिए तड़प रही थी तोह एक पल उसे अपने पिता की जान की परवाह हो रही थी …..और उसने सोच लिया की वो सुभे मौका मिलते हे राज से बात करेगी……..
आज के लिए इतना हे……