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अनएक्सपेक्टेड एरर
सुबह 5 बजे राज की नींद टूटी अब उसे अहसास हुवा की उसके साथ जो सो रही ह ….वो उसकी बहन श्वेता नहीं h……usne धीरे से चादर को हटाया तोह …..उसको झटका सा लगा उसने फटाफट टाइम देखा तेज जान मई जान आयी की सुभे के 5 बजे ह ….अभी श्वेता सो रही hogi….upar से मॉर्निंग ेररक्शन से उसका हथियार सलामी दे रहा था इसलिए वो जल्दी से बाथरूम मई घुस गया ……कुछ दिएर बाद बहार आकर ….ये लड़की मरवा देगी कभी …..और उसके पास जाकर रिंकी ….उठो सुभे हो गयी ह …..कोई आजायेगा ….
रिंकी ने अणदायी लेते हुवे ऊपर की चद्दर हटा दी जिसमे वो एक लूस सिर्फ ब्रा मई thi….uske विकसित हो रहे बूब्स की घटिया राज की आँखों के सामने बिलकुल साफ़ हो गयी …जिसे राज जो अभी हे नार्मल हुवा था वो फिर से खून को गरम होता हुवा महसूस करने लगा …रिंकी ने भी उसको टी शर्ट से पकड़कर अपने ऊपर खिंच लिया …..और उसके होतो को अपने होतो मई लेकर किश करने लगी ……..राज जो पहले भी रिंकी के बदन को देख चूका था ….उसकी भावनाये भी रिंकी की कामुकता से भरी किश से भड़क उठी…… राज का हाथ फिसलता हुवा खुद बा खुद कब रिंकी सीने को सहलाने लगा उसे पता हे नहीं लगा …पर रिंकी का रोम रोम राज की छुवन से तड़पने लगा ……उसके हाथ राज के सीने और बालो मई घूमने लगे …….राज ने अपनी 2 ुंलियो से रिंकी के कड़क हो चुके निप्पल को पकड़ कर धीरे धीरे मसलने लगा …….जिसे रिंकी के अंदर कामवासना बुरी तरह भड़क उठी और वो पूरा आप खोकर राज को चूमने लगी….. इतनी उत्तनेजनात्मक किश से रिंकी की सांसे और राज की सांसे टूटने लगी जब दोनों को बर्दास्त न हुवा तब दोनों अलग हुवे …..राज की सांसे और रिंकी सांसे उखड़ी हुवी थी ….रिंकी का सीना ऊपर निचे हो रहा था ..ब्रा से बहार चुकी उसके सीने के पहाड़ ऊपर निचे हो रहे थे …..रिंकी एक तक राज की आँखों मई देख रही थी …… राज ने निचे हो कर उसके एक डेन को अपने होठो मई पकड़कर चुम लिया जिसे ….रिंकी के मू से ीीिस्स्सस्स्स्ठ्ठ की एक सिसकारी निकल गयी और साथ हे उसकी गरम हो चुकी फुद्दू ने भी कुछ बुँदे पंक्ति पर छोड़ दी ……….रिंकी की आंखे बंद हो गयी थी वो इस अहसास को जरा सा खोना नहीं चाहती थी…. राज ने अपने एक हाथ को उसके नंगे पेट से धीरे धीरे सहलाते हुवे निचे लेकर जाने लगा जिसका असर ऐसा हुवा की रनक्य ने राज के सर को कसकर पकड़ कर अपने साइन से लगा लिया ….उसे हर पल अहसास हो रहा था की राज का फिसलता हुवा कान्हा जा रहा ह इस अहसास से हे उसकी फुद्दी का पानी बहने लगा tha…aur उसकी आंखे …..उस सुकड़ पल से अब बिलकुल खुलना नहीं चाहा रही thi……raj की उंगलिया धीरे से रिंकी की पंतय मई फिसलती हुवी …..उसकी कुंवारी छूट की दरार तक पहुंच गयी और उसकी ऊँगली ने उसकी छूट की दरारों को सहलाया रिंकी बिन पानी की मछली की तारा तड़पने लगी ….राज की उंगलिया धीरे धीरे छूट की दरारों के बिच सेंसिटिव गुलाबी डेन को सहलाने लगी …..रिंकी मदहोशी मई पूरी चूर होकर अपने सीने को राज के होतो से चूसने लगी उसके पेअर तड़फड़ाने लगे …..पल पल उसकी छूट पिघलती रही …राज के होतो की फरमाइश और उंगलियों की छुवन अपनी छूट पर पाकर रिंकी ने राज की लोअर मई हाथ दाल कर राज के खड़े हो चुके लुंड ko,daboch liya….jisai उसकी काम वासना अब चरम पर आगयी ….उसका सरीर अकड़ने लगा … और उसकी छूट का बांध टूट गया और राज की उंगलियों को भी भिगो दिया …….
कामवासना की खुमारी अभी भी रिंकी की नशीली हो चुकी आँखों मई चालक रही थी….. और इसकदर आँखों मई छायी हुवी थी की तृप्ति मिल जाने पर bhi….wo अभी भी संतुस्ट नहीं दिख रही थी…..
राज-— ये वक़्त सही नहीं h…..aur मेरे लिए सॉरी फील मत karna…..jab वक़्त होगा तब..
रिंकी--- बात काट कर आज रात को ……..
इतना कहकर राज के सर को चूमा और अपना टॉप पहन कर अपने कमरे मई आगयी और सीधा बाथरूम मई नहाने lagi….piche राज ….अपने तम्बू बने बम्बू को देख कर तू अभी नहाकर ठंडा हो जा लड़कियों की आदत होती ह उन्हें सब जल्दी मई चाहिए होता ह तेरा टाइम आएगा तब तुजे सब मिलेगा साबरा कर यार….. साबरा का फल मीठा होता ह….
मॉर्निंग मई …….
मनीषा रिंकी को किक मरते हुवे उठ घोड़ी पिछड़ा दिखा कर सो रही स्कूल जाना ह…..
इन स्कूल….
क्लास टीचर —प्रेबोर्ड एक्साम्स ह 27 को ह… स्पेशली राज फ्रॉम यू …..उम्मीद ह की इस बार भी तुम टॉप करके स्कूल का नाम रोशन करोगे..
राज--- मैं कोसिस karunga….mam
रिंकी-- जनाब क्लास एते नहीं और कोसिस karenge…f
मनीषा धीरे से कान मई तू उसे रात को सोने दे तोह वो कोसिस करेगा न…..
रिंकी —-हड़बड़ाकर मैं मैं मैंने कब सोने से मन किया….
मनीषा---- रहने दे रहने दे सब पता ह धरती की मेनका तू उसे भटका के रहेगी अपने लटको झटको से…
रिंकी--- तोह तोह ह तू भी अजा तुजे किसने रोका ह
मनीषा शट उप यार हम बेस्ट फ्रेंड्स हमारे बिच ये गन्दी बाते मत ला तुजे जो करना ह कर…….
राज निचे बैठकर तुम दोनों चुप नहीं रह सकती हो kya….yaar मैडम के सामने भी….
मनीषा---- तुम्हे कोई प्रॉब्लम ..
राज--- डरने की एक्टिंग करके ….. नहीं नहीं मुझे कोई दिकत नहीं ह……
तभी चपरासी आकर ……
मैडम राज को मधु मम ने भुलाया h……office मई….
क्लास टीचर— बूत वो तोह प्राइमरी क्लास की टीचर h….raj तुम जानते हो उन्हें…..
रिंकी--- ये मैडम स्कूल मई भी चैन से नहीं रहने देती ह मुझे….
राज —- जी मम हमारे घर पास पास ह…..
टीचर रजनी-- ok जो….
कुछ दिएर बाद ….
मधु--- औ राज सॉरी तुम्हे बुलाया …औ यंहा नहीं ..ऑफिस केबिन मई चलकर बात करते ह…..
कुछ पल बाद…. ऑफिस मई अपने कैबिन बांध करके
मधु —- राज मैंने तुम्हे इसलिए बुलाया था वो main…..wo मैं …
राज--- आप अपने पापा के बारे मई बात करना छाती ह ….सही कहा न मैंने…..
मधु —— है राज मुझे पल पल अब चिंता होती ह ..न जाने कब क्या हो jaye…..pata नहीं सब मिलके क्या साजिश रच रहे होंगे …
राज खड़ा होकर मधु के पास आया और उनके कंधे पर हाथ रखकर बोलै हम अगले शनिवार को चलेंगे …
मधु ये सुनकर इतनी खुस हुवी की वो पलटकर सीधा राज के गले लग गयी और बोलने लगी थैंक यू थैंक यू राज …..पर कुछ पल बाद हे उसे कुछ अहसास हुवा और वो तुरंत अलग हो गयी …और इधर उधर देखने लगी …
राज —-अरे आप शर्माती भी हो …..wao….muje यकीं हे नहीं हो रहा ह की मधु मम शर्माती भी ह…
मधु--- क्यों मुझे शर्म नहीं आणि चाहिए क्या …
राज---- वो क्या ह न आपको शरमाते पहली बार देख रहा हु न….
मधु--- ओह फ़्लर्ट कर रहे हो मुझसे…….
राज--- आँखों मई देख कर होई ये खूबसूरती हमरी किस्मत मई कान्हा….
मधु--- धत्त्त ….badmash….maar कहानी ह ……
फिर राज के जाते हे शर्माने लगी ……और अपने शीशा निकल कर मेकअप को तोचुप देने lagiiii…….uske चेहरे पर रह रह करमुसकान आरही थी और गण गए रही थी…
सजना ह मुझे सजना के liye………phir मन हे मन बोली …… तुम जिसके भी हमसफ़र बनोगे वो कितनी खुसनसीब होगी…..
तोह दूसरी तरफ…….
कप्तान सिंघानिया बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर्स की मीटिंग मई….
कप्तान सिंघानिया—- हम्म आपके सुग्गेस्टियन्स बहुत अचे ह बूत …अब हम इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट मई जायेंगे …..और उसके लिए दिल्ली के आउटसाइड मई गोवेर्मेंट की बहुत बड़ी वीरान जमीं ह उसे …. हम गवर्नमेंट से kharidenge……..aur इस मीटिंग मई शैतान सिंह ….भी मौजूद था..
( नोट--- ये कंपनी अलग ह जिसमे कप्तान सिंघानिया मीटिंग मई हिस्सा ले रहे ह…..)
शैतान सिंह —- कप्तान सिंघानिया आप अकेले डिसिशन नहीं ले सकते ह …..
कप्तान singhaniy--mere पास 30 परसेंट शेयर ह और 25 परसेंट के शरहोल्डर्स मेरे डिशन्स से सहमत ह तोह आप हे बताईये …..सिंह साब..
शैतान सिंह--- कप्तान तुम ……
कप्तान—- भाईसाब …..गुजरेंटेड प्रॉफिट होगा इसलिए सब सहमत h…ab मीटिंग मई फँसल हो गया ह तोह मीटिंग ओवर करे. या किसी को कुछ कहना ह…
आफ्टर सम टाइम इन कॉल..
शैतान सिंह--- नहीं नहीं मैंने कहा था बूत प्रॉफिट की वजह से सपोर्ट उसे मिल गया …….मैंने आपको इसलिए कॉल किया ह क्योकि वो उसी जगह को खरीदना चाहता ह जंहा आप लोग अपनी मेडिकल इंडस्ट्री डालने की सोच रहे हो …….और मुझे यकीं ह गवर्नमेंट इनका प्रोजेक्ट एप्रूव्ड कर देगी………
कॉल पर दूसरी तरफ वाले आदमी ने ….. बात कर कॉल कट किया और फिर दूसरी तरफ कॉल लगाकर …..
सुनो … कप्तान सिंघानिया की नज़र ह तुम्हारी जमीं की तरफ ह और मुझे यकीं ह की वो कामयाब भी हो जायेगा…. उस जमीं को गवर्नमेंट से लेने मई….
दूसरी तरफ से अरे मंत्री जी मैं देख लूंगा …..फिर पलटकर ये कप्तान सिंघानिया कौन ह ….
आदमी सर्च करता हुवा फिर बोलै ….कप्तान singhaniya.owner ऑफ़ सिंघानिया इंडस्ट्रीज और ये …क्सक्सक्स कंपनी मई बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर्स मई से एक ह….
हम्म्म्म तभी इसने इतनी हीमत की ह जाओ ज़रा इसे हमारा इंट्रो देके ao…..aur याद रखना सब चीजे अचे से समाज जाये……
आदमी —- जी बॉस…
तोह वंही …
कप्तान सिंघानिया मीटिंग के बाद दिल्ली सिंघानिया इंडस्ट्रीज के ऑफिस मई …..तोह राज ऑफिस आ हे गया…..
सुनील यस डैड फ़िलहाल मुझे गोवा जाना ह …टेंडर के liye….main निकलता हु आप दी के साथ बाटे कीजिये …आजकल बहुत हॉलिडे पर रहती ह ….समझाइये पढ़ाई करे …
दीपिका— मार कहानी ह तोह ु हे बाते दे……… बच्चू तू होगा सुनील सिंघनिया पर पिटाई पड़ी तोह सब भूल जायेगा…
सुनील--- पापा पागल हो गयी ह
…..bye मैं चलता
सुनील के जाने के बाद हाफ ऑवर baad……office का दरवाज़ा फिर खुला ……
वेल वेल वेल मर सिंघानिया ……नीस तू मीट यू … मैं हु वो इंसान जो आपको ये समझने आया हु की जिस जगह आप प्रोजेक्ट सुरु करने चाहते हो उसे भूल जाओ ……फिर दीपिका की तरफ देख कर …..डार्लिंग तुम समझा देना वर्ण …..फिर बहार से 2 आदमी अंदर आकर गिरे …
….इसे मेरा इंट्रो समाजके दिमाग मई बैठा लेना और अगली बार यही हाल तुम्हारे बीटा या बेटी के साथ भी हो सकता ह……. फिर पलटकर जाने लगा …..
दीपिका---- फ़ोन निकलकर जल्दी से टाइप करने लगी…..
कुछ सेकंड बाद कप्तान की निघाये गयी तोह उसने जल्दी से फ़ोन छीनकर …..बोलै र ु स्टुपिड किसी मैसेज कर रही thi…..main हैंडल कर लूंगा ….सोनाली और जोगिन्दर भाई ह यंहा……. तुम स्टडीज पे फोकस करो…
दीपिका---- सॉरी पापा…
Dehradhun----libraray मई …राज बुक्स का रीड किये जा रहा था ……और मन हे मन बोल रहा था ….मेरे 3 सब्जेक्ट्स फिनॉय वीक के एन्ड तक हाफ क्लियर हो जायेंगे… और प्रैक्टिकल की प्रैक्टिस रिंकी करा देगी …..
मनीषा---- हो गयी हुजूर की मन हे मन प्लानिंग पूरी
राज--- तुम्हे पता लग जाता ह सब ….
मनीषा---- वो भी जो तुम छुपाते हो मुझसे सब पता रहता ह. समझे बच्चू……
राज--- हैरानी से मनीषा को देखने laga…..aur उसके गाल पकड़कर बोलै इसीलिए तोह तुम मेरी बेस्ट फ्रेंड हो
मनीषा —- ने भी उसस्के सर को थप थापा कर कहा बड़े हो रहे हो …..इतना कह कर मुस्कराने लगीई……
राज अब चले घर अब काफी टाइम हो गया ह…. वो जंगली बिल्ली खा जाएगी दोनों को …
मनीषा साथ चलते हुवे वैसे पापा ने याद किया ह तुम्हे ….
राज ओह्ह्ह ……….मेरे चरण स्पर्श देना ……
दोनों घर की तरफ निकल गए …..अब इनदोनो की दोस्ती पल पल और गहरी होती जा रही थी ….एक की समाज इतनी थी की राज के बिना कहे हे सब समाज लेती thi…..toh राज एक ऐसा बाँदा था जो रिश्तो को सहेज कर रखता tha……aur यही इन दोनों की बॉन्डिंग को बेहद मजबूत और गहरा करता जा रहा tha…..jiska असर फ्यूचर मई दिखने वाला था….
तो वंही delhi……jab कप्तान सिंघानिया ने फ़ोन वापस देने के लिए हाथ आगे किया तब उनकी नज़र गयी स्क्रीन par…….aur वो फ़ोन को देखते तोह कभी अपनी
बेटी को ……..
दीपिका---- आपको कोई धमका के चला जाये ये बर्दास्त नहीं होगा और खासकर मेरे भाइयो और मेरे होने वाली भाभी से ……
कप्तान ने देखा था की what's उप पे वो मैसेज भेज चुकी थी बूत वो आश्चर्य चकित इसलिए हुवे थे क्योकि ग्रुप आदमी-- राज……
मेंबर--- ाज्ज्जु ,अभय ,षुरूती, शिवानी Jaiswal,sunil एंड लास्ट सोनाली खुद थी…..
दीपिका---- इंट्रो देकर गया था न …..अब ….उसे भी इंट्रो मिलेगा ोूप्स इनविटेशन milega…..wo भी ….. जहनुम का……….. क्योकि इस इंट्रो के बाद वो जिन्दा हे नहीं बचेंगे…..
कप्तान सिंघानिया ने कुछ नहीं कहा बस अपनी बेटी को देखते रह गए……..
वो मैसेज ग्रुप मई जैसे हे पॉप उप हुवा ….उसी के 15 मिनट बाद ग्रुप मई एक साथ कई इनफार्मेशन आने लग गयी
जैसे नाम —— चंदेरी…..
वर्क फॉर —- कैबिनेट मिनिस्टर….
Status----criminal ,5 मर्डर मई इन्वोल्वेद ह….
लोकेशन--- क्लोज्ड सीमेंट फैक्ट्री ……दिल्ली वेस्ट ..
लोकेशन सेंड…..
दिल्ली की अलग अलग लोकेशन से कई सुव और कार्स ….उस लोकेशन की तरफ स्पीड से चल डीई….
और एक और था जो डायरेक्ट फ्लाइट से मुम्बई के लिए उड़ गया...... मस्ती मई रीड करने का लाइक्स और रेवोएस पेलने का………
आज के लिए इतना हे ……
अनएक्सपेक्टेड एरर
सुबह 5 बजे राज की नींद टूटी अब उसे अहसास हुवा की उसके साथ जो सो रही ह ….वो उसकी बहन श्वेता नहीं h……usne धीरे से चादर को हटाया तोह …..उसको झटका सा लगा उसने फटाफट टाइम देखा तेज जान मई जान आयी की सुभे के 5 बजे ह ….अभी श्वेता सो रही hogi….upar से मॉर्निंग ेररक्शन से उसका हथियार सलामी दे रहा था इसलिए वो जल्दी से बाथरूम मई घुस गया ……कुछ दिएर बाद बहार आकर ….ये लड़की मरवा देगी कभी …..और उसके पास जाकर रिंकी ….उठो सुभे हो गयी ह …..कोई आजायेगा ….
रिंकी ने अणदायी लेते हुवे ऊपर की चद्दर हटा दी जिसमे वो एक लूस सिर्फ ब्रा मई thi….uske विकसित हो रहे बूब्स की घटिया राज की आँखों के सामने बिलकुल साफ़ हो गयी …जिसे राज जो अभी हे नार्मल हुवा था वो फिर से खून को गरम होता हुवा महसूस करने लगा …रिंकी ने भी उसको टी शर्ट से पकड़कर अपने ऊपर खिंच लिया …..और उसके होतो को अपने होतो मई लेकर किश करने लगी ……..राज जो पहले भी रिंकी के बदन को देख चूका था ….उसकी भावनाये भी रिंकी की कामुकता से भरी किश से भड़क उठी…… राज का हाथ फिसलता हुवा खुद बा खुद कब रिंकी सीने को सहलाने लगा उसे पता हे नहीं लगा …पर रिंकी का रोम रोम राज की छुवन से तड़पने लगा ……उसके हाथ राज के सीने और बालो मई घूमने लगे …….राज ने अपनी 2 ुंलियो से रिंकी के कड़क हो चुके निप्पल को पकड़ कर धीरे धीरे मसलने लगा …….जिसे रिंकी के अंदर कामवासना बुरी तरह भड़क उठी और वो पूरा आप खोकर राज को चूमने लगी….. इतनी उत्तनेजनात्मक किश से रिंकी की सांसे और राज की सांसे टूटने लगी जब दोनों को बर्दास्त न हुवा तब दोनों अलग हुवे …..राज की सांसे और रिंकी सांसे उखड़ी हुवी थी ….रिंकी का सीना ऊपर निचे हो रहा था ..ब्रा से बहार चुकी उसके सीने के पहाड़ ऊपर निचे हो रहे थे …..रिंकी एक तक राज की आँखों मई देख रही थी …… राज ने निचे हो कर उसके एक डेन को अपने होठो मई पकड़कर चुम लिया जिसे ….रिंकी के मू से ीीिस्स्सस्स्स्ठ्ठ की एक सिसकारी निकल गयी और साथ हे उसकी गरम हो चुकी फुद्दू ने भी कुछ बुँदे पंक्ति पर छोड़ दी ……….रिंकी की आंखे बंद हो गयी थी वो इस अहसास को जरा सा खोना नहीं चाहती थी…. राज ने अपने एक हाथ को उसके नंगे पेट से धीरे धीरे सहलाते हुवे निचे लेकर जाने लगा जिसका असर ऐसा हुवा की रनक्य ने राज के सर को कसकर पकड़ कर अपने साइन से लगा लिया ….उसे हर पल अहसास हो रहा था की राज का फिसलता हुवा कान्हा जा रहा ह इस अहसास से हे उसकी फुद्दी का पानी बहने लगा tha…aur उसकी आंखे …..उस सुकड़ पल से अब बिलकुल खुलना नहीं चाहा रही thi……raj की उंगलिया धीरे से रिंकी की पंतय मई फिसलती हुवी …..उसकी कुंवारी छूट की दरार तक पहुंच गयी और उसकी ऊँगली ने उसकी छूट की दरारों को सहलाया रिंकी बिन पानी की मछली की तारा तड़पने लगी ….राज की उंगलिया धीरे धीरे छूट की दरारों के बिच सेंसिटिव गुलाबी डेन को सहलाने लगी …..रिंकी मदहोशी मई पूरी चूर होकर अपने सीने को राज के होतो से चूसने लगी उसके पेअर तड़फड़ाने लगे …..पल पल उसकी छूट पिघलती रही …राज के होतो की फरमाइश और उंगलियों की छुवन अपनी छूट पर पाकर रिंकी ने राज की लोअर मई हाथ दाल कर राज के खड़े हो चुके लुंड ko,daboch liya….jisai उसकी काम वासना अब चरम पर आगयी ….उसका सरीर अकड़ने लगा … और उसकी छूट का बांध टूट गया और राज की उंगलियों को भी भिगो दिया …….
कामवासना की खुमारी अभी भी रिंकी की नशीली हो चुकी आँखों मई चालक रही थी….. और इसकदर आँखों मई छायी हुवी थी की तृप्ति मिल जाने पर bhi….wo अभी भी संतुस्ट नहीं दिख रही थी…..
राज-— ये वक़्त सही नहीं h…..aur मेरे लिए सॉरी फील मत karna…..jab वक़्त होगा तब..
रिंकी--- बात काट कर आज रात को ……..
इतना कहकर राज के सर को चूमा और अपना टॉप पहन कर अपने कमरे मई आगयी और सीधा बाथरूम मई नहाने lagi….piche राज ….अपने तम्बू बने बम्बू को देख कर तू अभी नहाकर ठंडा हो जा लड़कियों की आदत होती ह उन्हें सब जल्दी मई चाहिए होता ह तेरा टाइम आएगा तब तुजे सब मिलेगा साबरा कर यार….. साबरा का फल मीठा होता ह….
मॉर्निंग मई …….
मनीषा रिंकी को किक मरते हुवे उठ घोड़ी पिछड़ा दिखा कर सो रही स्कूल जाना ह…..
इन स्कूल….
क्लास टीचर —प्रेबोर्ड एक्साम्स ह 27 को ह… स्पेशली राज फ्रॉम यू …..उम्मीद ह की इस बार भी तुम टॉप करके स्कूल का नाम रोशन करोगे..
राज--- मैं कोसिस karunga….mam
रिंकी-- जनाब क्लास एते नहीं और कोसिस karenge…f
मनीषा धीरे से कान मई तू उसे रात को सोने दे तोह वो कोसिस करेगा न…..
रिंकी —-हड़बड़ाकर मैं मैं मैंने कब सोने से मन किया….
मनीषा---- रहने दे रहने दे सब पता ह धरती की मेनका तू उसे भटका के रहेगी अपने लटको झटको से…
रिंकी--- तोह तोह ह तू भी अजा तुजे किसने रोका ह
मनीषा शट उप यार हम बेस्ट फ्रेंड्स हमारे बिच ये गन्दी बाते मत ला तुजे जो करना ह कर…….
राज निचे बैठकर तुम दोनों चुप नहीं रह सकती हो kya….yaar मैडम के सामने भी….
मनीषा---- तुम्हे कोई प्रॉब्लम ..
राज--- डरने की एक्टिंग करके ….. नहीं नहीं मुझे कोई दिकत नहीं ह……
तभी चपरासी आकर ……
मैडम राज को मधु मम ने भुलाया h……office मई….
क्लास टीचर— बूत वो तोह प्राइमरी क्लास की टीचर h….raj तुम जानते हो उन्हें…..
रिंकी--- ये मैडम स्कूल मई भी चैन से नहीं रहने देती ह मुझे….
राज —- जी मम हमारे घर पास पास ह…..
टीचर रजनी-- ok जो….
कुछ दिएर बाद ….
मधु--- औ राज सॉरी तुम्हे बुलाया …औ यंहा नहीं ..ऑफिस केबिन मई चलकर बात करते ह…..
कुछ पल बाद…. ऑफिस मई अपने कैबिन बांध करके
मधु —- राज मैंने तुम्हे इसलिए बुलाया था वो main…..wo मैं …
राज--- आप अपने पापा के बारे मई बात करना छाती ह ….सही कहा न मैंने…..
मधु —— है राज मुझे पल पल अब चिंता होती ह ..न जाने कब क्या हो jaye…..pata नहीं सब मिलके क्या साजिश रच रहे होंगे …
राज खड़ा होकर मधु के पास आया और उनके कंधे पर हाथ रखकर बोलै हम अगले शनिवार को चलेंगे …
मधु ये सुनकर इतनी खुस हुवी की वो पलटकर सीधा राज के गले लग गयी और बोलने लगी थैंक यू थैंक यू राज …..पर कुछ पल बाद हे उसे कुछ अहसास हुवा और वो तुरंत अलग हो गयी …और इधर उधर देखने लगी …
राज —-अरे आप शर्माती भी हो …..wao….muje यकीं हे नहीं हो रहा ह की मधु मम शर्माती भी ह…
मधु--- क्यों मुझे शर्म नहीं आणि चाहिए क्या …
राज---- वो क्या ह न आपको शरमाते पहली बार देख रहा हु न….
मधु--- ओह फ़्लर्ट कर रहे हो मुझसे…….
राज--- आँखों मई देख कर होई ये खूबसूरती हमरी किस्मत मई कान्हा….
मधु--- धत्त्त ….badmash….maar कहानी ह ……
फिर राज के जाते हे शर्माने लगी ……और अपने शीशा निकल कर मेकअप को तोचुप देने lagiiii…….uske चेहरे पर रह रह करमुसकान आरही थी और गण गए रही थी…
सजना ह मुझे सजना के liye………phir मन हे मन बोली …… तुम जिसके भी हमसफ़र बनोगे वो कितनी खुसनसीब होगी…..
तोह दूसरी तरफ…….
कप्तान सिंघानिया बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर्स की मीटिंग मई….
कप्तान सिंघानिया—- हम्म आपके सुग्गेस्टियन्स बहुत अचे ह बूत …अब हम इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट मई जायेंगे …..और उसके लिए दिल्ली के आउटसाइड मई गोवेर्मेंट की बहुत बड़ी वीरान जमीं ह उसे …. हम गवर्नमेंट से kharidenge……..aur इस मीटिंग मई शैतान सिंह ….भी मौजूद था..
( नोट--- ये कंपनी अलग ह जिसमे कप्तान सिंघानिया मीटिंग मई हिस्सा ले रहे ह…..)
शैतान सिंह —- कप्तान सिंघानिया आप अकेले डिसिशन नहीं ले सकते ह …..
कप्तान singhaniy--mere पास 30 परसेंट शेयर ह और 25 परसेंट के शरहोल्डर्स मेरे डिशन्स से सहमत ह तोह आप हे बताईये …..सिंह साब..
शैतान सिंह--- कप्तान तुम ……
कप्तान—- भाईसाब …..गुजरेंटेड प्रॉफिट होगा इसलिए सब सहमत h…ab मीटिंग मई फँसल हो गया ह तोह मीटिंग ओवर करे. या किसी को कुछ कहना ह…
आफ्टर सम टाइम इन कॉल..
शैतान सिंह--- नहीं नहीं मैंने कहा था बूत प्रॉफिट की वजह से सपोर्ट उसे मिल गया …….मैंने आपको इसलिए कॉल किया ह क्योकि वो उसी जगह को खरीदना चाहता ह जंहा आप लोग अपनी मेडिकल इंडस्ट्री डालने की सोच रहे हो …….और मुझे यकीं ह गवर्नमेंट इनका प्रोजेक्ट एप्रूव्ड कर देगी………
कॉल पर दूसरी तरफ वाले आदमी ने ….. बात कर कॉल कट किया और फिर दूसरी तरफ कॉल लगाकर …..
सुनो … कप्तान सिंघानिया की नज़र ह तुम्हारी जमीं की तरफ ह और मुझे यकीं ह की वो कामयाब भी हो जायेगा…. उस जमीं को गवर्नमेंट से लेने मई….
दूसरी तरफ से अरे मंत्री जी मैं देख लूंगा …..फिर पलटकर ये कप्तान सिंघानिया कौन ह ….
आदमी सर्च करता हुवा फिर बोलै ….कप्तान singhaniya.owner ऑफ़ सिंघानिया इंडस्ट्रीज और ये …क्सक्सक्स कंपनी मई बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर्स मई से एक ह….
हम्म्म्म तभी इसने इतनी हीमत की ह जाओ ज़रा इसे हमारा इंट्रो देके ao…..aur याद रखना सब चीजे अचे से समाज जाये……
आदमी —- जी बॉस…
तोह वंही …
कप्तान सिंघानिया मीटिंग के बाद दिल्ली सिंघानिया इंडस्ट्रीज के ऑफिस मई …..तोह राज ऑफिस आ हे गया…..
सुनील यस डैड फ़िलहाल मुझे गोवा जाना ह …टेंडर के liye….main निकलता हु आप दी के साथ बाटे कीजिये …आजकल बहुत हॉलिडे पर रहती ह ….समझाइये पढ़ाई करे …
दीपिका— मार कहानी ह तोह ु हे बाते दे……… बच्चू तू होगा सुनील सिंघनिया पर पिटाई पड़ी तोह सब भूल जायेगा…
सुनील--- पापा पागल हो गयी ह
सुनील के जाने के बाद हाफ ऑवर baad……office का दरवाज़ा फिर खुला ……
वेल वेल वेल मर सिंघानिया ……नीस तू मीट यू … मैं हु वो इंसान जो आपको ये समझने आया हु की जिस जगह आप प्रोजेक्ट सुरु करने चाहते हो उसे भूल जाओ ……फिर दीपिका की तरफ देख कर …..डार्लिंग तुम समझा देना वर्ण …..फिर बहार से 2 आदमी अंदर आकर गिरे …
….इसे मेरा इंट्रो समाजके दिमाग मई बैठा लेना और अगली बार यही हाल तुम्हारे बीटा या बेटी के साथ भी हो सकता ह……. फिर पलटकर जाने लगा …..
दीपिका---- फ़ोन निकलकर जल्दी से टाइप करने लगी…..
कुछ सेकंड बाद कप्तान की निघाये गयी तोह उसने जल्दी से फ़ोन छीनकर …..बोलै र ु स्टुपिड किसी मैसेज कर रही thi…..main हैंडल कर लूंगा ….सोनाली और जोगिन्दर भाई ह यंहा……. तुम स्टडीज पे फोकस करो…
दीपिका---- सॉरी पापा…
Dehradhun----libraray मई …राज बुक्स का रीड किये जा रहा था ……और मन हे मन बोल रहा था ….मेरे 3 सब्जेक्ट्स फिनॉय वीक के एन्ड तक हाफ क्लियर हो जायेंगे… और प्रैक्टिकल की प्रैक्टिस रिंकी करा देगी …..
मनीषा---- हो गयी हुजूर की मन हे मन प्लानिंग पूरी
राज--- तुम्हे पता लग जाता ह सब ….
मनीषा---- वो भी जो तुम छुपाते हो मुझसे सब पता रहता ह. समझे बच्चू……
राज--- हैरानी से मनीषा को देखने laga…..aur उसके गाल पकड़कर बोलै इसीलिए तोह तुम मेरी बेस्ट फ्रेंड हो
मनीषा —- ने भी उसस्के सर को थप थापा कर कहा बड़े हो रहे हो …..इतना कह कर मुस्कराने लगीई……
राज अब चले घर अब काफी टाइम हो गया ह…. वो जंगली बिल्ली खा जाएगी दोनों को …
मनीषा साथ चलते हुवे वैसे पापा ने याद किया ह तुम्हे ….
राज ओह्ह्ह ……….मेरे चरण स्पर्श देना ……
दोनों घर की तरफ निकल गए …..अब इनदोनो की दोस्ती पल पल और गहरी होती जा रही थी ….एक की समाज इतनी थी की राज के बिना कहे हे सब समाज लेती thi…..toh राज एक ऐसा बाँदा था जो रिश्तो को सहेज कर रखता tha……aur यही इन दोनों की बॉन्डिंग को बेहद मजबूत और गहरा करता जा रहा tha…..jiska असर फ्यूचर मई दिखने वाला था….
तो वंही delhi……jab कप्तान सिंघानिया ने फ़ोन वापस देने के लिए हाथ आगे किया तब उनकी नज़र गयी स्क्रीन par…….aur वो फ़ोन को देखते तोह कभी अपनी
बेटी को ……..
दीपिका---- आपको कोई धमका के चला जाये ये बर्दास्त नहीं होगा और खासकर मेरे भाइयो और मेरे होने वाली भाभी से ……
कप्तान ने देखा था की what's उप पे वो मैसेज भेज चुकी थी बूत वो आश्चर्य चकित इसलिए हुवे थे क्योकि ग्रुप आदमी-- राज……
मेंबर--- ाज्ज्जु ,अभय ,षुरूती, शिवानी Jaiswal,sunil एंड लास्ट सोनाली खुद थी…..
दीपिका---- इंट्रो देकर गया था न …..अब ….उसे भी इंट्रो मिलेगा ोूप्स इनविटेशन milega…..wo भी ….. जहनुम का……….. क्योकि इस इंट्रो के बाद वो जिन्दा हे नहीं बचेंगे…..
कप्तान सिंघानिया ने कुछ नहीं कहा बस अपनी बेटी को देखते रह गए……..
वो मैसेज ग्रुप मई जैसे हे पॉप उप हुवा ….उसी के 15 मिनट बाद ग्रुप मई एक साथ कई इनफार्मेशन आने लग गयी
जैसे नाम —— चंदेरी…..
वर्क फॉर —- कैबिनेट मिनिस्टर….
Status----criminal ,5 मर्डर मई इन्वोल्वेद ह….
लोकेशन--- क्लोज्ड सीमेंट फैक्ट्री ……दिल्ली वेस्ट ..
लोकेशन सेंड…..
दिल्ली की अलग अलग लोकेशन से कई सुव और कार्स ….उस लोकेशन की तरफ स्पीड से चल डीई….
और एक और था जो डायरेक्ट फ्लाइट से मुम्बई के लिए उड़ गया...... मस्ती मई रीड करने का लाइक्स और रेवोएस पेलने का………
आज के लिए इतना हे ……