Adultery Raj-- hero of the family - Page 47 - SexBaba
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Adultery Raj-- hero of the family

अपडेट 154



No ओने डरे तो टच हिम

अभी फ़ोन कट हुवे 15 मिनट हे हुवे थे की निचे पुलिस की 2 बोलेरो आकर रूकती h….aur उनमे से 10 पुलिस वाले उतारते ह जो सीधा बिना देरी किये हॉस्पिटल मई जाने लगते ह ….रिसेप्शन पर पहुंच कर एक पुलिस वाला “ डॉ अस्थाना “

रिसेप्शनिस्ट िक वर्ड 3रद floor…itna सुनकर वो सभी 3रद फ्लोर पर लिफ्ट से जाने लगते ह …वंही सोनाली राज से बात करने के बाद अलर्ट हो गयी थी और सेफ्टी के लिए रूम को बंद करके बहार अकेली कड़ी हो हैकर गल्लारी मई देखने लगती ह पर उसे रूम के बहार कुछ भी सस्पीशियस नहीं लगता ह पर वो कोई लापरवाही नहीं करना चाहती थी इसलिए ऊपर से निचे रोड पर झंकार देखती ह …पर उसे सब तीख लगता h…sunil का रूम सबसे लास्ट मई अलग से था ….क्योकि ये एक विप प्राइवेट रूम था जिसे काफी हाई प्राइस पे बुक किया जाता h….isliye राज की बातो को धयान मई रखकर सोनाली स्टैर्स और लिफ्ट के पास आकर चेयर पर बैठ गयी.. और सोचने लगी की सुनील का बॉडी गार्ड भी घायल h…aur राज को सुनील की वजह से न बताकर कंही गलती तोह नहीं करदी h…abhi वो इन्ही खयालो मई घूम थी की तीख उसके सामने लिफ्ट खुलती ह……

अब अजैईईई…..

सोनाली ने राज से बात होने के बाद अपने बालो को खोल लिया था और कुछ बल आगे चेहरे पर कर लिए थे …जिसे लिफ्ट से बहार ए पुलिस वालो ने सामने बैठी सोनाली को एक आर्डिनरी लड़की हे समजा जो पेशेंट की चिंता मई बाल बिखेरे बैठी हुवी thi…..aur उनमे से एक ने पूछा “डॉ अस्थाना का केबिन कौन सा ह” सोनाली ने निचे गर्दन करे हुवे कहा कुछ दिएर पहले रेस्ट रूम की तरफ गए थे पर जाते हुवे कह रहे थे की …सेकंड फ्लोर पर भी जाना ह तोह कुछ कह नहीं सकती हु की वो अभी कान्हा honge…..sonali की बात सुनकर पुलिस वालो ने एक दूसरे की तरफ देखा और फिर 4 जाने निचे ढूंढने चले गए और एक सीढ़ियों के पास और एक लिफ्ट के पास खड़ा हो गया और बाकि बचे 4 अब इस फ्लोर पर सर्च करने जाने वाले थे अब वो 4 भी 2 राइट की लॉबी और 2 लेफ्ट की लॉबी मई डॉ को ढूंढने के लिए जाने लगे तोह…

सोनाली बोली “ मैं डॉ के रेस्ट रूम की तरफ उन्हें ढूंढने हे जा रही हु मुझे भी उन्हें चेकउप के लिए उबलना ह आप मेरे साथ चल सकते ह क्या पता वो रेस्ट रूम मई आगये हो….”

एक पुलिस वाला — ok तुम दोनों उस तरफ राइट वाली गल्लारी मई जेक देखो …हम दोनों इसके साथ जेक देखता h…par हकीकत तोह ये थी की वो डॉ अस्थाना से पता करके सभी सुनील को मरने ए थे …पर सोनाली के बिखरे बाल जो उसके आधे चेहरे को धक् रहे थे उनकी वजह से वो उसे पहचान नहीं पाए थे की उनके सामने खुद ैप ह…

और दोनों सोनाली के पीछे पीछे चलने लगे …पर कहते ह न होसियारी महंगी पड़ती ह वो अब यही होने वाला tha…sonali दोनों को जिस तरफ सुनील एडमिट था उसी तरफ लेकर जाने lagi…usne पहले हे चेक कर लिया था की कौनसा रूम खली ह क्योकि ऊपर के उस फ्लोर पर बहुत सरे विप रूम्स थे …और वो उन्हें लेकर वंही जा रही thi…wo बिलकुल एक मासूम लड़की की तरह दिख रही थी इसलिए उन दोनों आदमियों ने सोनाली पर कोई सक नहीं किया…

सोनाली-- ये रूम ह उनके रेस्ट के लिए….

और गेट खोलकर एक साइड हो गयी अब दोनों आदमी जैसे हे अंदर ए सोनाली ने पीछे से आकर अंदर रूम बंद कर लिया…

उधर अभय तेज़ी से डेस्टिनेशन की तरफ भाड़े जा रहा था …..तोह इधर राज भी अज्जू श्रुती और अभय के सर पर मंडरा रहे मौत के खतरे से अनजान जल्दी से जल्दी से सुनील के पास पहुंचना चाहता tha…..aur इसी के चलते उसने मैसेज की तरफ धयान तक नहीं दिया था ….आज पहली बार ऐसा हुवा था की कोई सुनील को नुकसान पहुंचने मई कामयाब भी हो पाया tha….isliye वो भली भांति जनता था की खतरे का लेवल क्या ह…..

सोनाली के रूम बंद करते हे सोनाली ने मेडिकल निफे अपने हाथो मई छिपा लिया दोनों पुलिस वालो ने पीछे मूड कर सोनाली को देखा जिसने अपने बोलो की 2 सेकंड मई हे पोनी टेल बना कर फाइट की पोजीशन ले ली thi….police वालो ने भी बिना देरी किये 2 नाइफ निकल लिए जिनका साइज 1.5 फ़ीट का था जो सोनाली के सर्जिकल निफे के ट्रिप्पले थे लम्बाई mai….dono ने हे सोनाली को दोनों तरफ से घेरने की कोसिस की पर सोनाली ने बिना देरी किये एक तरफ मूव कर गयी और एक के ऊपर लगातार 4 बार वार किया जिसे वो पुलिस वाला तींवार से तोह खुद को बाचपय पर चौथा वार उसके पेट को चीरते हुवे निकल गया और सर्जिकल नाइफ की तेज़ धार ने लगभग उसके पेट को फाड़ दिया जिसे बेहद तेज़ी से खून निकलने लगा पर तब तक दूसरे वाले ने सोनाली की पीठ पर मौका देख वार कर दिया जिसे एक बड़ा सा कट सोनाली की पीठ पर बन गया सोनाली के बदन मई दर्द की लहार दौड़ गयी पर उसने बिना परवा किये हे सामने वाले घायल की गर्दन पर वार कर उसे ख़त्म कर दिया …और फिर दूसरे वाले की तरफ पलट गयी …सोनाली ने राज से सीखी नाइफ की ट्रिक्स से एक साथ कई वार उस आदमी पर किये और जब वो रुकी तोह सामने खड़े शख्स के सरीर पर इतने कट थे की वो खून से लथपथ होकर निचे गिर गया …..सोनाली ने भी दर्द को सहन करते हुवे शीशे के पास जाकर अपनी टी शर्ट को निकलकर कट को देखा जो पीठ पर काफी बड़ा था… सोनाली ने रूम को अचे से टटोला उसे कुछ नहीं मिला फिर उसने एक नाइफ उठा कर अपनी टी शर्ट मई रख लिया …और खुद से बोली “सहित सीलेंसर नहीं लायी गन के लिए वर्ण आज काम आती अब अगर फायर किया तोह सबको पता लग जायेगा” उसने सुनील के रूम को खोला और अंदर जाकर मेडिसिन्स मई से पैन किलर के इंजेक्शन को ढूंढा और फइलल करके अपनी बॉडी मई इंजेक्ट कर लिया और रूयी उठाकर अपने घाव पर लगा कर बड़ी मेडिकल टेप मुश्किल से जैसे तैसे लगा ली ….और खुद से बोली “ कितनी दिएर और लगेगी तुम्हे राज” और जल्दी से एक कॉल जोगिन्दर सिंह को भी लगा diya…..help के लिए ….जोगिन्दर सिंह ने भी बिना देरी किये पुलिस की टीम को हेल्प के लिए भेज दिया ….पर मदद आने मई अभी भी टाइम लग्न था और मौत सामने कड़ी thi…..sonali वापस उसी रूम को थोड़ा सा खोलकर सामने वाले रूम मई हल्का सा खोल कर चिप गयी उसे उम्मीद थी की जब अपने दो आदमियों को नहीं देखेंगे तोह लिफ्ट वाले आदमी से पूछकर इस तरफ जरूर आएंगे और गेट के पास खून देख कर अंदर चेक करने जायेंगे और वही टाइम hoga….isliye अंदर के मरीज के साथ वाले को भी उसने पॉकेट से पुलिस की ईद दिखा कर चुप करवा दिया था और खुद किसी घायल सिखारी की तरह सीकर के लिए अपनी सांसे रोक कर गेट के पास टिक कर कड़ी हो गयी थी …. उसे जयादा इंतज़ार नहीं करना पड़ा दूसरी तरफ गए गल्लारी वाले लिफ्ट के पास वाले से पूछते हुवे उसी तरफ आने लगे सोनाली को उनके पैरो की तप तप की आवाज साफ़ सुनाई दे रही thi…..wo दोनों हे आगे ए तोह उन्हें खून के निशान गेट के पास दिखाई दिए जिसे वो अलर्ट हो गए और आँखों से हे एक दूसरे को इशारा किया एक धीरे से दूर को अनलॉक करके अंदर चला गया और दूसरा गेट से सत्कार उसे देखने लगा ……सोनाली ने कुछ पल इंतज़ार किया और दोनों हाथो मई नाइफ ले लिए और धीरे से बहार खड़े आदमी की तरफ जाती ह और बिना देरी किये सर्जिकल नाइफ को उसकी गर्दन मई घुसा दिया जिसे वो चाहकर भी चीक नहीं पाया ….सोनाली ने उसको धीरे से पकड़कर निचे लेटाया और दूर के पास सत्कार कड़ी हो gayi…ab प्रॉब्लम ये थी की दूर अंदर की तरफ खुलेगा जिसे दूसरे शख्स अलर्ट हो jayega….isliye सोनाली को रिस्क लेना पड़ा और वो अंदर घुस गयी ….निचे गए 4 लोगो को डॉ अस्थाना मिल gaya…jisai उन्होंने पुलिस का ी कार्ड दिखा कर सुनील की डिटेल ले ली ……अस्थाना जोगिन्दर का फॅमिली ट्रस्टबल डॉ था इसलिए उसने भी एक मिनट हैंड वाश का कह कर जोगिन्दर को इन्फॉर्म कर दिया …..अस्थाना भली भांति समाज गया था की ये लोग यंहा ए ह मतलब सुनील यंहा ह इन्हे पता ह इसलिए वो भी जितना टाइम हो सके उतना बर्बाद करना चाहता था …वो उन्हें दस मिनट तक चेक उप का बहाना मारकर टालता रहा …जबकि उधर सोनाली ने दूसरे शख्स को भी जान से मार दिया tha….par वो भी आमने सामने की लड़ाई मई एक वार नाइफ का खुद भी अपने जिस्म पर लगवा लिया tha.Uski वाइट टी शर्ट का रंग भी बदल कर लाल हो गया tha…..ab सोनाली की नज़र लिफ्ट वाले और स्टैर्स वाले शख्स पर थी … इस लिए दोनों आदमियों को टटोलकर सीलेंसर लगी गन ठूंडने की कोसिस की पर उसे कुछ नहीं mila…sonali “ सेल सोचकर ए the.police की ड्रेस मई आसानी से घुसकर मारकर चले जायेंगे चूतिये मेरे जिन्दा रहते तोह कतई नहीं फिर उसने अपनी टी शर्ट निकलकर डस्टबिन मई फेंक दी और पेशेंट्स को पहनाये जाने वाली सिंगल ड्रेस पहन कर लिफ्ट की तरफ चल दी …तोह वंही राज अपने दादाजी की चेतक की स्पीड देखकर हैरान था जो किसी स्पोर्ट्स कार की तरह दिल्ली मई एंटर कर चुकी thi…aur अब उसकी कार के आगे एक पुलिस की गाड़ी पुलिस साईरन 🚨 बजाकर बिच मई आरहे ट्रैफिक को दूर कर रही थी अब सिर्फ 15 मिनट और लगने थे उसे सुनील तक पहुंचने मई वंही जोगिन्दर सिंह की भेजी गयी टीम भी हॉस्पिटल पहुंच चुकी thi……par जैसे हे वो वंहा पहुंचे सुर कुछ रियेक्ट कर पते बेखौफ्फ़ एक के बाद एक 2 राकेट लॉन्चर फायर हुवे….

बुम्म्मम्म…..

भड़क………

के साथ दोनों गाड़ियों के परखचे उड़ गए …ब्लास्ट की आवाज इतनी तेज थी की ऊपर सोनाली और बाकि सभी को भी सुनाई दी….

सोनाली जो लिफ्ट वाले को तरफ दबे पांव जा रही थी वो भी अलर्ट हो गया और उसने सोनाली को नाइफ लिए हुवे देख लिया और तुरंत स्टैर्स वाले को भी बता दिया अब दोनों जाने सोनाली के सामने आगये …सोनाली ने बिना वक़्त गवाए पहला वार किया जिसे दोनों आसानी से बच गए ..फिर सोनाली ने राइट हैंड मई पकडे नाइफ को एक की तरफ फेंक कर मारा जो सीधा उसके पेट मई laga.uske झुकत हे सोनाली ने उसकी गर्दन पर वार करने के लिए तेज़ी से उसकी तरफ भागी पर एक नाइफ पीछे से उड़ता हुवा उसकी पीठ पर आकर लगा …जिसे वो सहन करती हुवी सामने वाले की गर्दन पर वार करने मई कामयाब हो gayi…dusra पुलिस वाला मुस्कारते हुवा सोनाली को तरफ जाने लगा …. सोनाली जो दीवार के सहरे कड़ी थी बड़ी मुश्किल से दर्द को सहते हुवे अपने हाथ को पीछे लेकर गयी और झटके से नाइफ को बहार निकल liya….aur पलट gayi…ab उसे और गुसा आने लगा और पता था की एक हे तरीका ह इसे मरने का उसने पूरी ताकत िक्खता करि और शामे वही टेक्निक उसे करके उस पर भी पहले नाइफ फेंक कर मारा और जिसे सामने वाले ने बचने की कोसिस की पर वो बचकर सीधा हुवा तब तक सोनाली के हाथ मई पकड़ा सर्जिकल नाइफ उसके हार्ट मई घूस चूका था …सोनाली ने लगातार कई वार उसके हार्ट पर कर दिए और तब तक मरती गयी जब तक उसके प्राण पखेरू उड़ न gaye……ab वो भी बुरी तरह घायल हो गयी thi…aas पास के रूम से लोग भी बहार आगये थे जिन्होंने ब्लास्ट की आवाज सुनी थी पर लिफ्ट के पास का सन देखा तोह वो वापस रूम मई घूस गए और दरवाजा बंद कर liya…..sonali “निचे गए लोग अभी तक ए नहीं थे पर अब ब्लास्ट की वजह से वो ऊपर आएंगे और अपने आदमियों को न पाकर सचेत हो जायेंगे “ और हुवा भी वही था वो लोग गल्लारी के आखिर से डॉ अस्थाना को जबरदस्ती पकडे हुवे थर्ड फ्लोर पर ला रहे the….sonali गल्लारी के बीचो बिच घुटनो पर दर्द से कराहते हुवे बैठी thi….aur वो 4 लोग भी ऊपर agaye….aur अपने दोनों आदमियों को मरे हुवे देखा तोह गुसाई से उबाल गए …..और एक बोलै अस्थाना आखिरी बार पूछ रहा हु बहुत बार प्यार से पूछ लिया बता दे सुनील सिंघानिया कान्हा h………dr असतंस को मौत सामने दिखी तोह उसने सोनाली के पीछे दूर एक रूम की तरफ इशारा कर दिया जो गल्लारी के लास्ट मई tha….tabhi एक चाकू उसके गर्दन के आर पार हो गया ….अब चारो आगे की तरफ भड़ने लगे तोह सोनाली खड़े होते हुवे बोली “No ओने डरे तो टच हिम”

सामने खड़े चारो के चेहरे पे कोई एक्सप्रेशन नहीं उनमे से उनका लीडर आगे खली हाथ हे बढ़ा …सोनाली ने नाइफ से वार किया तोह उसने अपने एक हाथ से उसके हाथ को पकड़ लिया और बोलै “मैं लड़कियों औरतो को नहीं मरता हु पर जंगली बिली को सबक जरूर सिखाता हु मुझे क्या तुमने ये जो निचे पड़े ह इनके जैसा समजा ह” और एक पंच उसके पेट मई मार दिया जिसे सोनाली कई फ़ीट दूर फिसल कर जाकर giri….ek पंच ने हे उसकी हालत ख़राब दी वो अपने पेट को पकडे हुवे दर्द से कररहते हुवे भी दुबारा कड़ी हुवी ….

“तोह तुम हर नहीं मानोगी “

सोनाली-- दीवार का सहारा लेकर जिन्दा हु तब तक तोह बिलकुल नहीं ….

“तोह फिर मरने के लिए तैयार हो जाओ” और उसका इशारा सुनते हे तीनो आगे बढ़ गए…..

वंही निचे राज ने चेतक से हॉस्पिटल के फ्रंट पर भीड़ को देखा तोह वो समाज गया की क्या हुवा इसलिए वो चेतक के रुके बिना हे कार से एंट्रेंस से 20 मीटर पहले हे कुढ़ गया……

ऊपर सोनाली ने भी अपनी आंखे बंद करके गहरी साँसे ली और आगे आरहे तीनो से भीड़ गयी सोनाली के एक पंच के बदले 3 पंच पद रहे थे एक मिनट मई इतने पंच पड़े की वो फर्श पर खून थूकती हे पड़ी थी उसके होंठ फैट गए थे …

“ लड़की तुमने बेवजह मेरा वक़्त बर्बाद किया ह”

सोनाली है है है है है पगला की तरह जोर जोर से हसने …ाहाःहाहा …..”मैंने बेवजह समय बर्बाद नहीं किया आआह्ह्ह्ह …तुम्हरा बाप …..ारः ह”….

सोनाली की बात सून वो सभी कंफ्यूज हो गए और इधर उधर देखने लगे …..पर उन्हें वंहा कोई नहीं दिखाई दिया …तभी लिफ्ट का दूर ओपन हुवा और एक सिक्योरिटी वाला बहार निकला जिसे देख उनचारो मई से एक जोर से हसने लगा और बोलै हमरी मौत आगयी है है है मैं पहले उसे तिखने लगता हु फिर तेरी बरी इतना बोलते हुवे वो सिक्योरिटी वाले को मरने चलने लगा wo….wo स्टैर्स के पास से गुजर हे रहा था की जम्प के साथ एक शख्स आया और एक किक उसके सरीर पर जड़ दी उस शख्स को किक मई पावर इतनी थी की दीवार के साथ टकराने से हे उसकी मौत हो गयी….

Sonali---lo आगया तुम्हारा बाप…..

आज के लिए इतना हे मस्ती मई पढ़ने का लाइक्स और रेवोएस पेलने का

 
अपडेट 155….

डेथ हालोस डेथ गेम part 3

Good….Good…Good

रिकैप…

सोनाली की बात सून वो सभी कंफ्यूज हो गए और इधर उधर देखने लगे …..पर उन्हें वंहा कोई नहीं दिखाई दिया …तभी लिफ्ट का दूर ओपन हुवा और एक सिक्योरिटी वाला बहार निकला जिसे देख उनचारो मई से एक जोर से हसने लगा और बोलै हमरी मौत आगयी है है है मैं पहले उसे तिखने लगता हु फिर तेरी बरी इतना बोलते हुवे वो सिक्योरिटी वाले को मरने चलने लगा ….वो स्टैर्स के पास से गुजर हे रहा था की जम्प के साथ एक शख्स आया और एक किक उसके सरीर पर जड़ दी उस शख्स के किक मई पावर इतनी थी की दीवार के साथ टकराने से हे उसकी मौत हो गयी….

सोनाली--- आगया तुम्हारा बाप…..

अब आगे……..

हॉस्पिटल के मैं दूर पर भीमा ने मोर्चा संभल लिया था …और भीमा वो फौलाद था जिसे पार करके जाने के लिए लोहे का जिगरा चाहिए …वंही थर्ड फ्लोर पर…

सोनाली की बात सुनकर ….वो सभी राज को देखने लगे ….उनके लीडर के चेहरे पर दर के कोई भाव नहीं था …

सोनाली ““ है है है जब तुम्हारे 6 आदमियों को मैंने हे मार दिया तोह सोच ये क्या हाल करेगा तुम सबका”” है है है……

राज ने पलटकर ….उन तीनो के पीछे देखा जंहा सोनाली बुरी तरह घायल पड़ी हुवी thi….sonali के न बताने से वो गुसा था पर वो किसी को भी सोनाली को दर्द देने की इजाजत भी नहीं देता tha….aur इन लोगो ने तोह उसको घायल किया था उसकी आंखे सिकुड़ती चली गयी और हाथ की उंगलिया कस्ती चली गयी जिसके चटकने की आवाज खामोश गल्लारी मई साफ़ सुनाई दे रही थी….. उसका गुसा अब चरम पर पहुंच गया था उसने एक पेअर पीछे लेकर आगे इतनी तेज़ी से भगा की तीनो कोई रियेक्ट कर पाते अगले पल तीनो मई से एक गल्लारी की आखिर मई दीवार के सहरे फर्श पर बैठा हुवा नज़र आया जो मू से खून उगलते हुवे मर गया …....लीडर पलट कर हम्म्म्म दम तोह ह तुजमे …..राज ने उसकी तरफ देखा ….और एक एक कदम चल कर अब उसकी तरफ भड़ने लगा …..लीडर ने आगे बढ़कर एक पंच उसकी तरफ मारा जिसे राज ने अपने एक हाथ से ब्लॉक कर लिया और उसे गले से पकड़ कर ऊपर उठा लिया ….लीडर ने छूटने के लिए हाथ पेअर मारे पर राज ने उसे नहीं छोड़ा उसकी आंखे गुसाई से लाल बुरी तरह लाल हो राखी थी उसने लीडर को उठा कर दीवार के सहारे पीछे खड़ा कर दिया ……दूसरे पुलिस वाले ने पीछे से नाइफ से हमला किया पर राज की बैक किक जो उसके जबड़े पर पड़ी उसने उसे दिन मई टारे दिखा दिए ….अब लीडर भी घबरा गया पर राज को रत्ती भर भी फरक नहीं पड़ा और एक हाथ से लगातार लीडर की रिब्स पर वार किये और हर वार से चटकने की आवाज आने लगी फिर राज ने उसे छोड़ कर दोनों हाथो से पेट से लेकर चेस्ट और गले तक की साडी हड़िया अपने पंचेस से मारकर तोड़ di….uska गुसा अभी भी शांत नहीं हुवा था …वो तीसरे की तरफ गया तोह वो दर से पीछे खिसकने लगा पर उसे जल्द हे अहसास हुवा की पीछे दीवार ह …राज ने उसके पेअर को पकड़ा और उसे घसीट ते हुवे विंडो की तरफ ले जाने लगा…. सोनाली दर्द को सहत्र हुवे“ वो हमे इनफार्मेशन दे सकता ह” ह पर राज को गुसाई के आगे कुछ नहीं दिख रहा था उसने एक झटके से उसे विंडो से निचे फेंक दिया …..फिर पलटकर सोनाली के पास गया और उसे अपनी बांहो मई उठा लिया …..और सुनील का रूम इशारे से पूछ कर उस तरफ ले जाने लगा सोनाली राज की बांहो मई बिना कुछ रिएक्शन दिए बस मुस्कराते हुवे उसे निहारे जा रही thi…sunil के रूम मई एक पल उसने सुनील को देखा और फिर डॉ को लेन निचे चला गया …..

एक ऑवर बाद ……

चीफ , पुलिस कमिश्नर की गाड़िया की लाइन लगी हुवी थी हॉस्पिटल mai…..Media की गाड़ियों ने पुरे हॉस्पिटल को कवर कर लिया tha….police के 8 जाने मरे गए थे पुलिस की ैप घायल thi….aur पुलिस की फेक वर्दी पहने 10 लोगो की डेड बॉडी मिली ह Thi…jo बहुत बड़ी घटना थी ….पर एक शख्स था जो ऑपरेशन थिएटर के अंदर सामने लेती लड़की का हाथ पकडे हुवे पिछले 2 हॉर्स से बिलकुल शांत खड़ा tha……usai बोलने की या हटाने की हीमत ऑपरेशन कर रहे डॉक्टर्स ने भी नहीं की…. ऑपरेशन ख़त्म होने के बाद सोनाली को और सुनील को दोनों को एक हे रूम मई शिफ्ट कर दिया था जंहा सुनील 18 हॉर्स से बेहोश था तोह सोनाली दवाईयों की वजह से उनकंसियस थी …..जैसे जैसे राज सुनील और सोनाली को देखता उसका पारा भड़ता जाता …….और उसे देख कर चीफ और कमिश्नर भी हैरान और परेशां थे के उसने आने के बाद एक सब्द भी नहीं कहा था …..और जब सोनाली को 3 ऑवर बाद होश आया तब राज ने उसके हाथ को अपने हाथ मई लेकर उसके फ़ोरेहेअद पर किश किया और खड़ा होकर चल diya…sonali बोलना चाहती थी ….पर उसके सब्द उसके मू मई हे रह गए ……

अभय वंहा अब छत्तिश्गढ़ के घने जंगल के पास पहुंचने वाला tha….usai सामने दूर से हे विशाल जंगल दिखने लगा था …जिसकी सिर्फ सुरुवात दिख रही थी …पर अंत की कोई सिमा नहीं थी …अभय के हाथ मई पकड़ा जीपीएस उसे उसी जंगल के अंदर की लोकेशन दिखा रहा tha…..abhay भी जल्द से जल्द लोकेशन तक पहुंचना चाहता था बिना देरी kiye….usne कार को आउटर मई पार्क किया और चल दिया जंगल की तरफ जो दिनमे भी बेहद डरवाना लग रहा tha….toh जंगल के अंदर एक ट्री से अज्जू और श्रुती लटके हुवे थे और उन दोनों को अब होश आने लगा tha….pahle श्रुती की कांशसनेस पूरी तरह लौटी तोह खुद को और अज्जू को जंगल मई पेड़ से लटका पाकर उसे सब समाज आने लगा और उसने अज्जू को चिल्लाकर जगाने की कोसिस की और अज्जू पर उसका असर भी हुवा …वो भी होश मई आने laga…..abhi दोनों कुछ और बात करते एक कोट पेण्ट मई मास्क से कवर इंसान सामने आया ….श्रुति और अज्जू ने उसे देखा पर बोलै कुछ नहीं…..

सामने se”good आज कल के स्पेशल पुलिस ऑफिसर्स की ये ख़ास बात मुझे बेहद पसंद ह वो सिचुएशन जल्दी समाज जाते h…..wo….wo ..वो …अरे तुम्हारी मैडम भी तोह यही h….vithal “. और ये आवाज सुनते हे विथल शिवानी को घसीट ते हुवे वुड हाउस से बहार लेके आया जिसके कपडे कई जगह से फाटे हुवे थे और वंहा सुख चुके खून के निशान थे ….

शूरती--- हरामखोर क्या किया तूने इनके साथ ….

सामने से — चिल बेब चिल रपे बलात्कार ये सब हमारा स्टाइल नहीं ह वो तोह बस बेहोश ह वो इतनी जल्दी नहीं मारेगी ………

श्रुती-- व्हाट दीद यू वांट फ्रॉम उस…

सामने से — व्हाट दीद ी वांट फ्रॉम you.i वांट तो प्ले विथ you……i वांट योर ब्लड ….नहीं समझी सबर कर तुम्हारा एक जोड़ी दार और आता होगा क्या नाम था है अभय …..

अभय का नाम सुनते हे उनके कान खड़े हो गए…..

अज्जू-- हु र ु….

सामने से — me….my सेल्फ Jasien….khair मैं कौन तुम कौन ये मटर नहीं करता ह ….मटर ये करता ह आगे क्या होगा तोह ….तुम दोनों तुम्हरे सरे छेद खोलकर सुनलो ….रात 10 बजे तुम इस जंगल से जा सकते ho……itna कहते हुवे उसके चारे पर एक खोफ्फ्नक मुस्कान agayii…..ye बात अपने दोस्त को बता dena…….itna कहा जैसें जाने लगा …..पर कुछ कदम पर हे रूक गया और पलट कर बोलै मैं तुम लोगो को ये बताना तोह भूल हे गया इस जंगल मई तीन दिनों से भूखे भेडियो का एक झुण्ड ह और उनके साथ ह इस जंगल का राजा जो रात को सीकर पर niklega…aur फिर भी बच गए तोह पेड़ो पर छिपे ह सीकरी जो करेंगे तुम्हार सीकर … है है है …एन्जॉय थे पार्टी …..इतना कह जैसें ने घडी मई टाइम देखा और बोलै टिक टोक टिक टोक टाइम सुरु होने वाला ह ….

अज्जू और श्रुती दोनों निचे …पड़ी शिवानी को ढक रहे थे जिसकी हालत बहुत ख़राब दिख रही थी…..

दिल्ली मई ……राज फर्श पर शांति से 15 मिनट से बैठा हुवा था कितने हे सवाल उसके दिमाग मई आरहे और जा रहे the……usne अभय का भेजा हुवा मैसेज पढ़ लिया था jo…..kuch इस तरह था. “ राज भाई श्रुती और अज्जू का किडनैप हो गया ह ….और उन्हें क्सक्सक्स लोकेशन पर लेजाया गया ह सोनाली मम और अपने फ़ोन नहीं उठाया इसलिए मैसेज टाइप किया ह आपको. मैं निकल चूका हु क्योकि जितनी दिएर होगी …मेरी बहन और दोस्त की जान को खतरा होगा …उन्होंने अकेले आने को बोलै ह पर किसी और से u.id नहीं ह इसलिए आपको मैसेज भेजा h.muje उम्मीद ह आप मेरी मदद को जरूर आओगे मेरा इन दोनों के शिव कोई नहीं ह…

अभय

राज अब बस सीक्वेंस जाने की कोसिस कर रहा था की कैसे हुवा ,क्यों हुवा ..क्योकि सिक्योरिटी मई कोई कमी नहीं थी और ैप को किडनैप करना परफेक्ट टाइमिंग से ये इतना भी सरल नहीं था ये तभी हो सकता था जब परफेक्ट प्लानिंग हो बूत सुनील पर अटैक होना और उसे इस हालत मई लाना नामुकिन h…yahi सोचते हुवे 15 मिनट हो गए थे और सडनली हे उसके मंद मई सुनील की फ़ोन वाली बात याद आगयी जब सुनील ने फ़ोन पर कहा था की किसी ने अज्जू और श्रुती का चेहरा देख लिया जो इस बार बहुत बड़ा खतरा दिख रहा ह muje….Raj को समाज आगया की ये सब 3 महीनो पहले सुरु हुवा tha…aur उस इंसिडेंट मई शामिल सभी पर अटैक हुवा h…aur सोनाली रात को अर्जेंट सुनील के पास आगयी थी इसलिए उस पर अटैक की प्लानिंग गड़बड़ हो गयी वर्ण आज दिन मई उस पर अटैक होता ….इसलिए उसने अपने फिंगर्स पर नाम gine….sonali ,अज्जू ,shrutii,abhay,shiwani,sunil ये 6 जाने गए थे उस दिन और जगदा स्टार्ट हुवा था अंकल (कप्तान सिंघानिया) को धमकामे से और उसमे दीपिका भी इन्वॉल्व थी …..और फेस दिखा था अज्जू और श्रुती का और उनके साथ रहता ह abhay…aur इन तीनो को डील करती थी शिवानी …और शिवानी रिपोर्ट करती ह सोनाली को ….और सोनाली दिखी सुनील के आसपास ….मुझे दीपिका और शिवानी को आर्डिनरी पर्सन समझकर अवॉयड कर दिया gaya….isliye इन्होने स्टार्ट मई कोई एक्शन नहीं लिया …और सिर्फ हमारा सचेंडुलेड फॉलो किया …और जब ये सब केयरलेस हुवे तब उन्होंने अटैक kiya….good गुड गुड प्लानिंग बहुत अछि थी tumhari….par तुमने गलत फॅमिली चूस karli…..Jo दर्द तुमने मुझे दिया ह उसका दुगना दर्द तुम्हे सहना होगा …..बस 1 सवाल उसके दिल मई था की सुनील पर अटैक कैसे इसलिए वो झटके से खड़ा हुवा और सिक्योरिटी रूम की तरफ भगा और उसके पीछे भागे जोगिन्दर और चीफ जिन्होंने राज की हरकते समाज नहीं आरही थी पर सिक्योरिटी मई जाता देख और कंफ्यूज हो गए …..और राज पिछले कई दिनों की वीडियो देखता गया और सब समाज गया …..और गुसाई से उबलते हुवे बोलै सुनील तुजे कंपनी सँभालने मई इतना भी नहीं उलझना चाहिए था की छोटी छोटी बातो को तू इग्नोर करने लगा…

जोगीन्दार और चीफ एक साथ-- क्या हुवा ह कीच समझाओगे….

Raj---Toh सुनिए ….2 महीने पहले सोनाली शिवानी सब ने मिलकर कप्तान अंकल को धमकाने वाले को जान से मार दिया था पर श्रुती और अज्जू ने अपना चेहरा दिखा दिया था जो हिडन कमरे से अट्टकेर ने देख लिया ठौर उन्दोनो के चेहरे से हे सबकी आइडेंटिटी उनको पता लग गयी इसलिए उन्होंने ओने बी ओने सबको टारगेट किया …सोनाली रात को सुनील के पास आगयी इसलिए उसपर अटक नहीं हुवा …बूत सुनील पर दूसरे अटैक मई फंस गयी वो…

जोगिन्दर--- और सुनील कैसे ..

राज--- ये देखिये सुनील की पार्किंग फिक्स ह बूत लास्ट तवो मोनथस मई वीक मई एक बार उसकी ओरिजिनल पार्किंग की जगह मेंटनेंस का बोर्ड लगा ह और सुनील कार यंहा पार्क करता ह जंहा अँधेरा भी रहता ह और बॉडी गॉर्ड भी सिर्फ कार को दूर से ऊपर से हे देख सकता ह और निचे से आकर कोई भी बम फिट कर सकता ह …और मुझे यकीं ह यही हुवा होगा …..

चीफ और जोगिन्दर दोनों हैरानी से उसे देखने लगे ….

राज-- जोगिन्दर सिंह की तरफ देख कर और इन्होने इतना पता लगाया ह तोह आपके रिलेशन के बारे मई भी पता लगाया होगा इसलिए ी म थम सूरे कुछ न कुछ आपके लिए भी सोचा होगा आप चेक kijiyega….aur अब किसी को भी इनदोनो के पास बिना वेरिफिकेशन नहीं जाने देना ह ….

चीफ-- तुम कान्हा जा रहे हो ….

राज--- जो मेरे ह उन्हें मुझसे कोई नहीं चीन सकता ह ….खेल खेलना ह न उन्हें अब खेल मैं dikhaunga….meri फॅमिली को टच करने वाले की आत्मा को भी इस दुनिया मई न रहने दू …..ये रात खोफ्फ़ की, खून ki,maut के नंगे नाच की होगी ……

जोगिन्दर-- पर ह कान्हा वो ….

Raj--ne उन्हें वो डायरेक्शन की डिग्री दिखा दी....

वंही अभय पैदल हे शाम को जंगल की तरफ भागता जा रहा था जो एक पहाड़ के पीछे सुरु होने वाला …..उसे जल्दी करते हुवे भी 3 ऑवर लगने वाले थे लोकेशन पर पहुंचने मई …पर अभय को नहीं पता था की दूर से उसपर नज़र राखी जा रही thi……wo जल्दी जल्दी भागते हुवे पहाड़ पर चढ़ने मई लगा हुवा था उसने जान भुज कर पहाडका रास्ता चूस किया था ताकि किसी की निघाये उस पर न पड़े …..

तोह अंदर …

अज्जू— श्रुती और शिवानी की हालत देख गुसाई और बेबसी से जल रहा था उसने हिल हिलकर अपनी कलाई को चिलवा लिया था पर वो आज़ाद नहीं हो पाया था….

श्रुति — हिलना बंद करो tum….aas पास की जगह को समझो समजे अभी हम सेफ ह बूत नाईट मई क्या होगा हमे नहीं पता ह……

पालक झपकते झपकते टाइम बीत ता जा रहा था जंहा एक तरफ जंगली जानवर और जैसें के सीकरी रात के सीकर के लिए तैयार थे तोह जंगल के अंदर बेहोश शिवानी ,अज्जू और श्रुती अपनी मौत को पास अत महसूस कर रहे थे तोह वंही अभय पहाड़ क्रॉस कर जंगल के सामने पहुंच चूका था अपने दोस्तों को बचने ..तोह एक तरफ राज से गुसाई हेलिपैड पर हेलीकाप्टर का वेट कर रहा था …..किसी वजह से जिस हेलीकाप्टर से उसे जाना था वो ख़राब हो गया था और दूसरा हेलीकाप्टर ों थे वे था ……

तीन जिन्दगिया दांव पर थी और तीन खिलाडी मैदान मई थे….

जैसें army,Abhay और राज …….जिनमे दो अपनी जान की बाज़ी लगा कर बचने चाहते थे तोह एक अपनी जान की बाज़ी लगाकर भी इन तीनो को मार देना वाला था ..

आज के लिए इतना हे ….


मस्ती मई पढ़ने का लाइक्स और रेवोएस पेलने का …
 
अपडेट 156

टोम्मारो 12 पं
 
अपडेट 156

डेथ halo's डेथ गेम

पालक झपकते झपकते टाइम बीत ता जा रहा था जंहा एक तरफ जंगली जानवर और जैसें के सीकरी रात के सीकर के लिए तैयार थे तोह जंगल के अंदर बेहोश शिवानी ,अज्जू और श्रुती अपनी मौत को पास अत महसूस कर रहे थे तोह वंही अभय पहाड़ क्रॉस कर जंगल के सामने पहुंच चूका था अपने दोस्तों को बचने ..तोह एक तरफ राज गुसाई से हेलिपैड पर हेलीकाप्टर का वेट कर रहा था …..किसी वजह से जिस हेलीकाप्टर से उसे जाना था वो ख़राब हो गया था और दूसरा हेलीकाप्टर ों थे वे था ……

तीन जिन्दगिया दांव पर थी और तीन खिलाडी मैदान मई थे….

जैसें army,Abhay और राज …….जिनमे दो अपनी जान की बाज़ी लगा कर बचने चाहते थे तोह एक अपनी जान की बाज़ी लगाकर भी इन तीनो को मार देना वाला था ..

अब आगे…..

समय बिट तै हुवे वक़्त नहीं लगता ह ….सूरज चिप चूका था और आसमान मई आधा चाँद बदलो से बहार निकलकर तोह कभी छिपकर अटखेलिया कर रहा था ….

जंगल के अंदर शिवानी भी अब थोड़ी थोड़ी होश मई आने लगी …..पर होश मई आने के साथ हे उसका रोम रोम भी दर्द से ढकने लगा tha…..tabhi उसे आवाज सुनाई दी मम मम वेक उप mam….shiwani ने इधर उधर देखा तोह उसे कोई नहीं दिखाई दिया ..

श्रुति “मम ऊपर देखो”

और शिवानी ने ऊपर देखा तोह उसकी आंखे हैरानी से फ़ैल गयी….

श्रुति —डोंट पैनिक ……सबसे पहले आप घडी मई देखकर ये बताईये टाइम क्या हुवा ह …

शिवानी — ने अपने हाथ मई बंधी टूटी हुवी गाढ़ी पर टाइम देखा तोह 9.30 हो चुके the…..wo बोली “9.30 बज चुके ह “

श्रुति “ सो लिसेन पहले आप मंद को शांत करे और आसपास हमे खोलने के लिए कुछ dekho…kyoki हमरे पास बस हाफ ऑवर हे ह इसी बिच हमे जब तक अभय नहीं अत ह छिपना ह”. शिवानी को जायदा तोह समाज नहीं आया पर वो श्रुति को जानती थी इसलिए पूरी हीमत जुटाकर यंहा वंहा अज्जू श्रुती को फ्री करने के लिए देखने लगी पर अभी भी उसे अपने पुरे बदन मई बेहद दर्द हो महूस हो रो रहा tha….par अभी उसे अज्जू श्रुति को फ्री करना बेहद जरुरी tha…isliye दर्द की परवाह किये बिना ….वो नुकीली चीज ढूंढने लगी तभी वंहा एक आवाज उसे सुनाई दी “सो फिनॉय सुपर कप मिस शिवानी होश मई आगयी नॉट bad….not बाद ….तोह apko….apne जूनियर्स को फ्री करना h….main हेल्प कर देता हु इसमे इतना पैनिक होने की जरुरत नहीं ह ये लीजिये नाइफ 🔪 ….सो गेम बेगिंस इन 25 मिनट्स हुर्री उप” शिवानी जब तक नाइफ को उठता कर प्रतिक्रिया देती वो शख्स गायब हो गया चूका था…

शिवानी “ये कौन था”

अज्जू “ मम पहले एक मास्क से कवर आदमी आया था और फिर ये आया जो खुद को जैसें बता रहा ह साडी प्लानिंग इसी की ह और गेम से मतलब ह हमारा हंट होने वाला h”par इन सबके पीछे का मास्टर मंद कोई डेथ हेलो ह जो इसको इंस्ट्रक्शंस दे रहा ह …..मैं थोड़ा थोड़ा सुना था…

सोनाली जिसने एक बड़ी सी लकड़ी के किनारे नाइफ को बांध दिया था और उठा कर अब रस्सी को कट कर रही थी घायल होने की वजह से उसे दोनों को फ्री करते हुवे 10 मिनट लग गए….

दूसरी तरफ …..अभय तेज़ी से बिना रुके पहाड़ी से उतर रहा था और सामने घूप अँधेरा था जिसमे बस थी तोह चाँद की थोड़ी रौशनी जिसके सहरे से हे वो उस दुरी को पूरा करता हवस तेज़ी से अपनों को अकेला बचने के लिए जा रहा था उसे न जंगली जानवरो का दर था न मौत का था. वो बस कैसे भी अज्जू और श्रुती को बचाना चाहता tha….wo जीपीएस मई डायरेक्शन देखता हुवा तेज़ी से भागे जा रहा था ….पर जैसे हे वो जंगल के सामने पंहुचा j…uske सामने एक ब्लैक ड्रेस मई एक आदमी खड़ा मिला जिसे देख अभय भी रूक गया…

शख्स अभय की और आगे भाड़ा और अभय की तलाशी लेने लगा उसके हाथ मई एक डिवाइस था जो जंहा बीप करती वंहा से वो चीजे निकल लेता उसने सिर्फ हथियार और डिवाइस हे nikle….aur अंत मई जब उसकी तलाशी पूरी हुवी तब वो बोलै “ सीधे जाओ 5 km…aur जब तुम्हे लैंप की लाइट दिखे वंही तुम्हारे दोस्त होंगे तुम वापसी इस तरफ करि तोह मौत हे मिलेगी”

अभय का दिल उसकी बात से चिंता से घबरा गया पर उसके पास एक भी मिनट ख़राब करने के लिए था इसलिए बिना आगे उस आदमी से बात किये एक बार जंगल को देख






पूरी रफ़्तार से वो सीधा जो डायरेक्शन बताया गया था उस तरफ भागने लगा ….वो पहले हे एक पूरा पहाड़ चढ़ कर निचे उतरा था जिसे उसका बहुत स्टैमिना खर्च हो चूका था पर सभी के साथ वो अभी रह कर आया था इसलिए उसे पता था की एक सेकंड भी कितना जरुरी ह और सभी के वो सब्द अभय के दिमाग मई गूंजने रहे थे उन्होंने उसे पहले दिन कहे थे “ नेवर गिव उप टिल यू अलाइव “ और इसीलिए वो बेइंतिहा तेज़ी से भागे जा रहा tha…usne दोनों तरफ देखा तोह उसे दिखा भयानक जंगल ….जो अँधेरे से भरा हुवा tha…jismai हलकी हलकी चाँद की रौशनी बड़ी मुश्किल से हे आ प् रही थी ….आसपास के पेड़ इतने ऊँचे थे की उनका आखिरी हिस्सा नज़र तक नहीं ारः tha….usai बस मन हे मन एक हे बात खाये जा रही थी अभी तक एक भी जंगली जानवर से उसका सामना नहीं हुवा था जबकि उसने खुद जानकारी देखि थी की ये जंगल खूंखार जानवरो से भरा हुवा ह ….वो इसी उधेड़ भून मई सोचता हुवा भगा जा रहा था “ाचा हुवा सभी सर ने जो दवई मुझे दी थी इमरजेंसी के लिए वो मैंने पि ली thi…tabhi उसे उसके पीछे से सरसराहट की आवाज आने lagi….jo उसके पीछे दूर से पास और पास आती जा रही थी उसने अपने लम्बे बालो मई हाथ दाल कर एक स्टैंसलेस स्टील की 4 इंची ब्लेड निकल ली जो छिपा कर लाया था ….और एक जगह स्थिर खड़ा हो गया और आवाज को महसूस करने लगा ….उसके पीछे आरही आवाज उसके अब बिलकुल करीब आ आगयी थी …अचानक उसे 2 ब्लू आंखे दिखाई दी





जो रात मई चमक रही थी और उसके बेहद करीब आगयी thi….”ye तोह जंगली भेड़िया ह” उसके इतना बोलने के साथ हे उस भेड़िये ने जब लगा दी पर अभय जो खुद 6.5 फिट का शक्ति शैली जिसम का मालिक था उसने बी एक वार सामने कर दिया और अगले हे पल भेड़िये की बॉडी उस पर आकर गिरी और वो पीछे कई कदम खिसकता चला गया …..पर भेड़िया दुबारा नहीं उठा और ताफदता हुवा वंही मारा गया ….अभय ने उसके माथे के बिच से अपना ब्लेड निकला और बोलै “शेर के सीकर के लिए भेड़िये नहीं बब्बर शेर को आना होगा” इतना कह वो वापस जंगल के अंदर तेज़ी से आगे भागने लगा ….तोह जंगल के अंदर अज्जू और श्रुति और शिवानी जल्दी जल्दी लकड़ी को आगे से नुकीला कर रहे थे ताकि लड़ने के लिए उनके पास कोई हथियार हो

श्रुति— जल्दी कर अज्जू समय होने वाला ह….

अज्जू भले को देखकर दोने ….और फिर नाइफ को शिवानी को देते हुवे मम ये आप रखिये आपका बचना बहुत जरुरी ह….

शिवानी “ फ़िल्मी डायलाग मत मार समझा …हम सब सेफ जायेंगे अभय हेल्प लेके अत होगा”

Shruti—chahre पर फीकी मुस्कान लेकर …अभय भी अकेला हे आएगा और बहार से कोई भी हेल्प आयी तोह हमे मार दिया जायेगा उसी waqt…isliye कहा आपको जिन्दा रहकर हमरा बदला लेना ह ….बस राज भाई को कहना हमने हमारा वडा निभाया ..उनकी फॅमिली को कुछ नहीं होने दिया…

शिवानी कड़ी होती हुवी अपनी शर्ट को खोलकर अपने कमर के घाव पर कसकर बांधती हुवी तोह फिर हम लड़ेंगे आखिरी सांस तक ladenge…..chalo हम सेफ प्लेस ढूंढ़ते ह हमे सुभे तक खुद को सेफ रखना होगा कैसे भी कोई ए या न वो जरूर आएगा मुझे यकीं ह ….श्रुति तुम पीछे क्लू के लिए सिग्न छोड़ती जाना …..

श्रुति ने है मई गर्दन हिलाड़ी….

दूर पहड़ि पर जैसें फोल्डेड चेयर पर बैठकर समय गया ह पिंजरे खोल दो ….और उसके कहते हे जंगल मई एक साथ अलग अलग जगह 5 पिंजरे ओपन हुवे जिनसे कई सरे भेड़िये और एक से आज़ाद हुवा जंगल का राजा शेर ….जो भूखा था तीन दिन और रातो से ..एक साथ हे भेड़िये और शेर की धहड़ो से जंगल गूंज उठा जो अज्जू श्रुति शिवानी अभय को भी सुनाई दी ….

जैसें — “गेम स्टार्ट हो गया ह मास्टर “

सामने से “उन्होंने मेरे भाई का सीकर किया था जिसे मैं वाइट कालर बिज़नेस मन बनाना चाहता था पर ये तोह हमरे आर्गेनाईजेशन के नॉर्म्स ह की no फॅमिली इन्वॉल्वमेंट वर्ण आज इनके पुरे खंडन को भी इनके साथ ख़तम कर देता …. फ़िलहाल मुझे जाना ह मास्टर ने बुलाया ह .. सभी और आग नाम से 2 जानो ने हमरे आर्गेनाईजेशन के बहुत सरे सीक्रेट किलर्स को मार दिया ह”….

जैसें - यस मास्टर …. पर सीक्रेट किलर्स को मरना तोह इम्पॉसिबल ह न …

सामने से सनकी “नथिंग इस इम्पॉसिबल jasien…..finish योर टास्क” …

जैसें - यस मास्टर

डेथ हेलो से बात होने के बाद जैसें के चेहरे पर क्रूर एक्सप्रेशन आगये …..और वो पहाड़ी पर चेयर पर बैठकर जंगल की तरफ देखने लगा ….जंहा भेड़िये सीकर की तलाश मई जंगल मई घूम रहे थे और उनकी आवाज सुनकर बाकी जानवर सांस रोक कर अपनी अपनी जगह सेफ छुपे हुवे थे …….

Abhay--raat मई कुछ पता नहीं लग रहा ह ……और ये शेर और भेडियो की आवाजे अचानक कैसे आने लगी इतनी दिएर तक कोई आवाज नहीं आयी थी…..……

अंदर …..

अज्जू और श्रुति शिवानी के साथगै भड़ते जा रहे थे…

शिवानी हमे कैसे भी ऊँची जगह पर जाना ह तभी हमारे बचने के चान्सेस होंगे …पहाड़ो पर पेड़ काम मिलेंगे जमीं की तुलना मई और हम जायदा दूर तक देख पाएंगे और ऊंचाई से हमे एडवांटेज मिलेगा….. क्योकि फिलहाल हम ईस्ट वेस्ट नार्थ साउथ किसी डायरेक्शन का अंदाज़ा भी नहीं लगा सकते ह इसलिए हमे सेवन स्टार्स को फॉलो करना होगा….

श्रुती-- सेवन स्टार्स हे क्यों मम….

शिवानी-- बेकौसे वो 7 स्टार्स हमारी आखिरी होप ह…..

तभी उन्हें दहाड़ने की आवाज सुनाई दी जो अभय को भी सुनाई दी thi….jisai सुनते हे सबने अपने दोनों हाथ मई नुकीले किये हुवे लकड़ी के भले को कास कर पकड़ लिया ….और लड़ने के लिए तैयार हो gaye…..par उन्हें क्या पता था की मौत खली निचे हे नहीं ऊपर भी थी पेड़ के ऊपर से ब्लैक ड्रेस मई 2 जोड़ी आंखे उन्हें देखती जा रही थी …..उनके मूवमेंट्स बेहद शार्प थे जिसकी वजह से निचे तीनो को अहसास तक नहीं हुवा की उनपर ऊपर से निगरानी भी राखी जा रही h…..wo सीधे जल्दी जल्दी आगे भड़ते जा रहे थे और वो 250 मीटर भी नहीं चले थे की तभी उन्हें जंगल की कटीली झाड़ियों के पीछे से घुराहट की आवाज आयी जिसे सुनते हे तीनो के पाँव वंही थम गए दुबारा एक और घुराहट उन्हें सुनाई दी जो दूसरी तरफ से आयी थी ….और फिर एक और घुराहट उन्हें सुनाई दी और फिर एक और ……वो तीनो चारो तरफ से घिर चुके थे कई पिंजरों मई से एक पिंजरा उनसे 1कम दूर हे था जिसे निकले 4 भेडियो ने उन्हें घेर लिया था …..तीनो हे लड़ने के लिए तैयार थे और लकड़ी के भले को भेड़िये की तरफ डरने के लिए आगे पीछे करने लगे और भेडियो भी उनके चारो और गोल गोल चाकर लगाकर घुराहते हुवे हमले की तयारी करने लगे . शिवानी के बदन से आरही खून की महक ने उन्हें और आक्रामक कर diya…….phir मौका देखते हे एक भेड़िये ने घायल शिवानी पर छलांग लगा डीई जिस पर शिवानी ने लकड़ी के भले से वार किया जिसे भेड़िये को खरोच हे आयी वो और जोर से घूरने लगा …2 भेडियो ने अज्जू और श्रुती पर अटैक कर दिया और उन्हें सीधा उनके पेअर पर अटैक किया जिसमे से एक श्रुति के पेअर को अपने भरी जबड़ो से काटने मई कामयाब हो गया ….और उसे निचे गिरा दिया पर श्रुति ने भी हीमत दिखा लकड़ी के भले को पूरी ताकत से उसके माथै पर मार दिया जिसे तुरंत उसने जबड़ा खोलकर पेअर को छोड़ दिया पर ….चौथा भेड़िया जिसपर किसी का धयान नहीं था उसने पीछे से आकर श्रुती के कंधे को अपने जबड़े से कसकर जकड लिया और श्रुती की चिक गूंज गयी अज्जू ने तुरंत मुड़कर धन्य हाथ वाले भले को खींचकर उसकी पीठ पर मार diya…..jisai तुरंत हे भेड़िये ने कंधे को छोड़ दिया और वो पीछे हैट गया ….अब भेडियो की नज़र निचे पड़ी श्रुती पर हे थी …. जिसके सरीर से ताज़े खून की खुसबू उन्हें उसकी और खिंच रही thi……shwani की नज़र श्रुती की हे तरफ हे थी अब जैसे हे एक भेड़िया वापस श्रुति की तरफ कूड़ा शिवानी ने उसी वक़्त जम्प मार कर नाइफ को उसके सर मई घोप दिया ….पर दूसरे भेडियो ने बखूभी फायदा उठाया और श्वानि के पेअर पर ताकतवर जबड़े गदा कर मांस को फाड़ दिया शुवानी की भी चीक उस खुनी रात मई गूंज गयी …अब दोनों हे बुरी तरह घायल हो गयी थी …जिसमे शिवानी की हालत तोह पहले से ख़राब thi…..ab उनके सामने 3 भेड़िये अभी भी जिन्दा खड़े थे जो अपने साथी की मौत से और खुखार हो गए थे …एक अज्जू के सामने खड़ा था तोह 2 पीछे से घूमते हुवे श्रुती और शिवानी की तरफ जा रहे थे ….शिवानी भले के सहारे से कड़ी हुवी और श्रुति को भी खड़ा किया पर वो दोनों हे लड़ने की हालत मई नहीं थी अब जैसे हे दोनों भेडियो ने अटैक किया वो दोनों लड़खड़ा कर निचे गिर गयी …..एक भेड़िया तोह श्रुती को घसीटकर जंगल की तरफ लेजाने लगा तोह अज्जू का जिस्म गुसाई से काँप उठा और उसने उस भेड़िया पर हे छलांग लगा दी और हाथ मई पकडे भले को पूरी ताकत से उसकी पीठ मई घोप दिया पर पीछे बचे दोनों भेडियो ने अकेली बची शिवानी पर अटैक कर दिया और उसके बदन को काटने और नाख़ून से खरोचने लगे ….शिवानी सख्त जान थी पर वो बुरी तरह घायलहोने की वजह से कुछ नहीं कर सकती thi……shiwani ने दोनों लात मरी तोह भेड़िये थोड़े से पीछे हेट पर दुबारा से वो तैयार हो गए और अबकी बार उनकी आँखों मई निशाना उसका चहेरा tha…..ajju श्रुति को छोड़ कर अत तोह सात प्रतिसत श्रुति की अगले अटैक मई मौत हो जनि thi….aur वो शिवानी के पास नहीं जाता तोह उसकी मौत हो जाती ….उसने अपने मन को कठोर कर श्रुति को छोड़ अपनी वफादारी चुन्नी और शिवानी को बचने की मन मई थान li…..udhar वो दोनों भेडियो के सामने शिवानी अपनी मौत देख चुकी थी इसलिए उसने भी चीक कर कहा “ श्रुती को लेकर भाग जा मैं रोकती हु इन्हे” पर वो दो भेड़िये जो कई दिनों से भूखे थे वो बेहद खूंखार तरीके से अपने सीकर की तरफ भड़ने लगे और ये उनका फाइनल अटैक था सीकर को घायल करने के बाद ….शिवानी खुद को घसीट ते हुवे पीछे की तरफ करती रही और हाथ मई चाकू को भी कसकर पकड़ी रही ….वो आखिर वक़्त भी लड़कर मरना चाहती थी… “ाजाओ मुझसे अब और सहन नहीं होता ह मेरी मौत के साथ तुम भी मरोगो ाजाओ ाजाओ किसका इंतज़ार ह” और फिर दोनों भेडियो ने जम्प लगा दी …पर शिवानी के पीछे से एक हवा का तेज़ झोंका आया और दोनों भेडियो से टकरा गया और दोनों भेड़िये और वो झोंका दूर तक रिपात ते चले गए इसके बाद दो चिक पुरे जंगल मई गूंज गयी जो एक भेड़िये की और एक ऐसी गर्जन थी जिसने भेडियो की घुराहतो को भी दबा दिया था ……दोनों भेड़िये खड़े होकर अपने नए सीकर को गुसाई से देखने लगे ..और एक ने छलांग लगायी तोह दूसरे ने पैरो को निशाना बनाया ….सामने खड़े शख्स ने सामने वाले भेड़िये के मू मई हाथ मई पकडे ब्लेड को पूरी ताकत से घुसा दिया ….जिससे उसे चिकने का भी मौका नहीं मिला ….और दूसरा जिसने पेअर को पकड़ लिया था उसके सर पर उसने अपने दूसरे पेअर को रख कर उसके मू को जमीं मई दबा दिया ….उसके चारे पर इस वक़्त बेइंतिहा गुसा था वो निचे पेअर के दबे भेड़िये के दोनों जान्दो को अपने हाथ से पकड़कर उसे ऊपर उठा कर जोर से अपने मू से एक गर्जन निकली …..और भेड़िये के मू को दो भागो मई चीयर दिया …..और चलता हुवा बहार आया ……जिसे देख कर अज्जू के चेहरे पर दर्द मई भी मुस्कान आगयी…..

“साला हल्क तू आ हे गया ….मुझे लगा हमरे मरने के बाद आएगा”. अभय “बोलै था न तुम दोनों तक पहुंचने से पहले मौत को भी मुझसे जीतना hoga”…..phir अज्जू ने अपनी पॉकेट से पैन किलर और टी शर्ट के टुकड़े करके शिवानी श्रुति और अज्जू को हील किया …

अभय-- हमे जल्दी निकलना होगा खून की खुसबू और शोर सुनकर और भी जानवर आएंगे …..

इतना कहकर उसने श्रुति और शिवानी को अपने दोनों कंधो पर उठा लिया और तेज़ी से भागने लगे….. पर बहुत दिएर हो चुकी थी खून की गंध भूखे सिकरियो को अपनी और खिंच चुकी थी…. दूसरा झुण्ड उस जगह पहुंच चूका था जंहा लड़ाई हुवी थी और अपने साथियो की मौत देख वो सब जोर जोर से चीक कर मातम मानाने लगे ….

अभय “भेडियो का एक और झुण्ड पहुंच गए ह जल्दी से हमे यंहा से निकलना होगा” ….पर वो निकल पाते तभी 2 जानो ने पेड़ के ऊपर से निचे जम्प लगा दी अभय को हल चल सुनाई दी उसने तुरंत अज्जू को एक लात मार्डी जिसे अज्जू दूर हैट गया पर अभय की पीठ के अंदर एक चाकू धंस गया …

अज्जू जोर से चीखा अभयययय……….

आज के लिए इतना हे……
 
अपडेट टाइमिंग इवनिंग 6 पं......
 
अपडेट 157....एंड 158....

डेथ हालोस डेथ गेम...( फाइनल अटैक)

फलेश बैक

साला हल्क तू आ हे गया ….मुझे लगा हमरे मरने के बाद आएगा”. अभय “बोलै था न तुम दोनों तक पहुंचने से पहले मौत को भी मुझसे जीतना hoga”…..phir अज्जू ने अपनी पॉकेट से पैन किलर और टी शर्ट के टुकड़े करके शिवानी श्रुति और अज्जू को हील किया …

अभय-- हमे जल्दी निकलना होगा खून की खुसबू और शोर सुनकर और भी जानवर आएंगे …..

इतना कहकर उसने श्रुति और शिवानी को अपने दोनों कंधो पर उठा लिया और तेज़ी से भागने लगे….. पर बहुत दिएर हो चुकी थी खून की गंध भूखे सिकरियो को अपनी और खिंच चुकी थी…. दूसरा झुण्ड उस जगह पहुंच चूका था जंहा लड़ाई हुवी थी और अपने साथियो की मौत देख वो सब जोर जोर से चीक कर मातम मानाने लगे ….

अभय “भेडियो का एक और झुण्ड पहुंच गए ह जल्दी से हमे यंहा से निकलना होगा” ….पर वो निकल पाते तभी 2 जानो ने पेड़ के ऊपर से निचे जम्प लगा दी अभय को हल चल सुनाई दी उसने तुरंत अज्जू को एक लात मार्डी जिसे अज्जू दूर हैट गया पर अभय की पीठ के अंदर एक चाकू धंस गया …

अज्जू जोर से चीखा अभयययय……….

अब आगे.........

डेथ हालोस डेथ गेम….

अबेयिययी….

अभय ने दर्द को सहन करते हुवे शिवानी और श्रुती को निचे लेटाया और हाथ पीछे ले जा कर उस नाइफ को पीठ से निकल liya….aur पलटकर ब्लैक मास्क किलर की तरफ देखा …..किलर ने भी जम्प मरकर एक किक अभय की चेस्ट पर मार दी ….जिसे अभय एक कदम पीछे हो गया और जब किलर ने दुबारा जम्प मार कर फेस पर मरने की कोसिस की तब अभय ने अपने एक हाथ से उसकी गर्दन पकड़ कर हवा मई उठा लिया…. “तुम जैसे कुत्ते सिर्फ पीछे से हे वार कर सकते ह …” इतना कह कर उसने उसके सर को पेड़ से पूरी ताकत से टकरा दिया …उसका सर खरभुजे की तरह फैट गया और दूसरे हाथ मई पकड़ा नाइफ उसकी चेस्ट के आर पार कर उसे उसी पेड़ मई तंग दिया तोह उधर अज्जू दूसरे किलर से भीड़ हुवा था ….अभय ने उस तरफ देखा और आगे बढ़ कर अपनी एक किक पूरी ताकत से किलर के ऊपर मार दी किलर ने भी अपने दोनों हाथ को आगे कर ब्लॉक करने की कोसिस की पर अभय की किक मई पावर इतनी थी की वो पीछे खिसकता हुवा पेड़ से टकरा गया और अज्जू ने इसी बात का फायदा उठाकर निचे पड़े नाइफ को उठा कर उसके सीने मई घोप दिया …..अभय ने शिवानी और श्रुती को वापस कंधे पर उठाया और अज्जू के साथ आगे जल्दी जल्दी चल दिए ….अब इनदोनो किलर के मरने से उन्हें एक रहत की सांस मिली इनके जाने के कुछ दिएर बाद मई हे भेडियो का झुण्ड आगया और किलर के ताज़ा मांस को नोच नोचकर खाने लगा …..अभय और अज्जू शिवानी के बताये डायरेक्शन मई आगे भड़ते जा रहे थे ….. चारो तरफ अँधेरा होने और झाड़ियों और पेड़ो की वजह से उन्हें कुछ साफ़ दिखाई नहीं दे रहा ….

अभय “ ऐसे तोह हम कुछ नहीं कर पाएंगे “

शिवानी दर्द से कराहते हुवे “अभय सोचो मत बस भड़ते रहो हमे हीमत रखनी होगी “

दूर से जैसें मुस्कराता हुवा “ मास्टर को भी हमसे ऐसे तड़पा एड़पा कर मरने वाले खेल खेलना पसंद अत ह आज तक कभी आसान मौत नहीं दी अपने दुश्मनो को ..देखते हु ये बच कर कितनी दिएर जिन्दा रह पाएंगे या नहीं क्यों विथल अब तोह खुस ह न” ……

विथल “जी भाई मैं तोह रुका हे इसलिए था इन सबकी मौत अपनी आँखों से देख सकू बस फिर कमिश्नर और वो कुटिया सोनाली बची ह बस”

जैसे के पीछे 25 किलर्स जो यंग थे वो खड़े थे और वो भी आगे जो हो रहा था धयान से समाज रहे थे ….. वो सभी यंहा ट्रेनिंग के बाद डेथ एंड लाइफ एक्सपीरियंस के लिए ए हुवे the…inmai से 5 जो आज बच जायेंगे वो …किलर्स आर्गेनाईजेशन मई शामिल हो जायेंगे….

जैसें “ तुम सब की ट्रेनिंग की ये लास्ट स्टेप ह मुझे निराश मत करना …याद रखना जो स्ट्रांग और चालक ह वो हे आगे बढ़ता ह वो हे इस दुनिया मई जिन्दा बचता ह… कमजोर हमेसा मारा जाता ह….”

सब यस मास्टर….

इनसबसे से दूर एक तूफ़ान और इनकी तरफ तेज़ी से उड़ता हुवा ारः था जो इनके खेल मई बिन बुलाये हुवे एंटर होने वाला था था पर उसके एंटर करने से गेम के सभी नियम बदल जाने वाले थे …..

राज “ अगर मेरी सोच सही ह तोह वो चारो एक साथ हे honge…kasam ह मुझे मैं उनके खंडन को भी जान से मार डालूंगा उनके वंश का नमो निशान इस दुनिया से मिटा दूंगा”

पास मई बैठे जोगिन्दर सिंह भी सोच मई दुबे हुवे थे आखिर ये सभी उनके लिए उनके बचे सामान थे जिन्होंने हमेसा उसे बड़े papa,uncle ,चाचा कहके बुलाया tha….isliye वो हर कीमत पर उन्हें बचाना चाहते थे पर वो जब तक एक्शन नहीं ले सकते थे जब तक चारो साफल्य मिल न जाते ….

पायलट “इन फिफ्टीन मिनट्स”

राज पायलट की बाद सुनकर अपनी ड्रेस पहन ने लगा जो ऐसे हे वक़्त के लिए सुनील ने उसके लिए स्पेशली ड्रेस बनवायी थी जो अँधेरे मई अँधेरे की तरह घुल मिल जाती thi……aur आँखों पर नाईट विज़न लगा हुवा था …ताकि नाईट मई भी साफ़ दिखाई दे सके

जोगिन्दर “ राज वडा करो जिसने हमारे परिवार को चुने की कोसिस करि ह उसकी मौत बहुत बुरी होगी …..

राज “ वडा ह मेरा आपसे मैं अब तब तक वापस नहीं लौटूंगा जब तक उसके पुरे खंडन को नरक नहीं भेज दूंगा वो जो कोई भी हो जंहा कई भी हो अब उसे मेरे बदले के प्रतिशोध मई जलना होगा”

वंही अंदर अज्जू और अभय एक बार फिर से भेडियो के एक ग्रुप से घिर गए थे पर अभय ने हिघ्त का फायदा उठकर शिवानी और श्रुति को पेड़ पर चढ़ा दिया था और खुद दोनों लड़ने को तैयार हो गए थे ….भेड़िये उन्दोनो के चारो और चाकर लगाने …और मौका मिलते हे एक साथ दोनों पर टूट पड़े …अभय और अज्जू दोनों ताकतवार थे पर 4 भेडियो का सामना करना इतना आसान नहीं था वो एक को रोकता तोह दूसरा अपने जबड़े से सरीर का मांस फाड् देता …भेड़िये लचीले फुर्तीले थे इसलिए वो जगह बदल बदल कर दो तरफा हमला कर रहे the..dono जब तक उन चारो को मार पाए तब तक अज्जू का पेअर बुरी तरह घायल हो गया था ….अभय ने उसे सहारा दे कर खड़ा किया…” तू तीख ह न अज्जू”

Ajju—Ha मैं तीख हु और इतना कहकर वो दुबारा गिर गया …….

अभय-- हार मत मान मेरे यार हीमत कर हमे जल्दी करना ह कैसे भी हमे इस रात जिन्दा रहना ह….

एक बार फिर अपने घाव की परवाह किये बगैर अभय ने श्रुति और शिवानी को उठा लिया और अज्जू को सहारा देते हुवे जल्दी जल्दी आगे बढ़ने लगा जल्द हे उसे महसूस हुवा की उसके सामने पहाड़ी h….par उसे क्या पता था की मौत तोह उनका ऊपर इंतज़ार कर रही h…….pahadi की दूसरी तरफ से शेर भी सीकर की तलाश मई पहाड़ी के ऊपर चढ़ रहा था ताकि पहाड़ी की दूसरी तरफ पानी के तलाभ की तरफ जाकर सीकर कर सके…….

राज साइड …….

पायलट “ 5 मिनट्स” पर निचे जंगल ह लैंड करना मुमकिन नहीं होगा…..

जोगिन्दर है राज निचे कैसे उतरोगे चारो यरफ जंगल हे जंगल ह …

राज …बस लोकेशन के पास ले चलो…

जंगल के करीब जैसे हे हेलीकाप्टर पंहुचा तोह उसकी गड़गड़ाहट जंगल के अंदर पहले हलकी फिर तेज़ और तेज़ सुनाई देने लगी…..

शिवानी को जब गड़गड़ाहट की आवाज सुनाई दी तोह जैसे उसके सरीर मई नयी जान आगयी हो वो खुसी से बोली “ मैंने कहा था न वो जरूर आएगा ..वो आगया shrutii…tum हीमत रखना वो हम सबको बचा लेगा “

अभय “मुझे यकीन था राज भाई मैसेज पढ़ते हे मदद को आएंगे”

अज्जू- तूने ाचा किया जो आने से पहले राज को लोकेशन भेज दी ….

शिवानी मन “मई शेर के मू मई हाथ डालकर तुम लोगो ने बहुत बड़ी गलती कर दी ह अब देखूंगी तुम मई से कौन जिन्दा बचता ह”….

इन चारो को अपने जिन्दा रहने की उम्मीद दिखाई देने लगी थी इसलिए वो जल्दी से पहाड़ी के ऊपर चढ़ने लगे….

दूर से हेलीकाप्टर की आवाज सुनकर जैसें और विथल के भी कान खड़े हो गए …..वो जंगल के ऊपर उड़ रहे हेलीकाप्टर की तरफ देख कर जैसें गुसाई से खड़ा हो गया ..

जैसें “ तोह तुम्हे ईमानदारी से नहीं खेलना ह खेल …no प्रॉब्लम फिर पलट कर जो उन 25 किलर्स से जो 4रो के सर को लाएगा वो सीधे पास हो जायेगा”

और ये बात सुनते हे वो सभी एक्टिव हो गए और जंगल के अंदर की तरफ तेज़ी से उन्हें मरने के लिए भागने लगे उनकी रफ़्तार आम आदमी से बेहद तेज़ थी पालक झपकते हे वो गायब हो कर जंगल का हिस्सा बन गए….

तोह उधर राज ने रस्सी को हेलीकाप्टर से निचे लटका दिया…

जोगिन्दर- राज ये खुद खुसी ह इन पेड़ो की ऊंचाई पता नहीं ह , राफ्तेर भी तेज़ ह और निचे कुछ दिखाई नहीं दे रहा h…..kya ह निचे कुछ पता नहीं ह और तुम सर्च लाइट भी चालू नहीं करने दे रहे हो

राज- मेरी जान मेरी नहीं ह वो सिर्फ परिवार के लिए ह और वैसे बड़े पापा मेरी जान इस जंगल मई तोह बिलकुल नहीं jayegi….muje कोई मार सकता ह तोह मेरा कोई अपना हे …..

जोगिन्दर राज के सब्द सून चुप हो गए …उन्हें उसकी सकल मई सहदेव का चेहरा नज़र आने लगा …..

Raj..pilot से “मेरे उतरने के बाद सर्च लाइट ों करो और सभी पहाड़ी को देखते रहो जंहा इनफार्मेशन मिले वंही हेलीकाप्टर को उड़ाते रहना मैं समाज जाऊंगा इतना कहकर उसने साथ लाये बैग मई से काफी साडी चीजे अपनी ड्रेस मई बानी पॉकेट मई रख दी स्पेशलय मॉर्फिन की हाई दोसे जो उसके तेज़ से भी तेज़ दर्द को काफी दिएर के लिए दबा सकती थी और फिर खुदके नाईट वेपन्स भी फिट कर liye…phir एक नज़र निचे देखा और रस्सी के साहहरे निचे लटक गया जब उसको निचे पेड़ का ऊपरी हीसा दिखाई दिया तोह वो सीधा कुढ़ गया ….पेड़ की डालो को हाथ से पकड़ने की कोसिस की पर वो टूट टी गयी और फिर एक मोठे तने को उसने पकड़ लिया जिसे निचे गिरने से वो बच gaya….night विशन से जब उसने निचे देखा तोह अभी भी उसे जमीन नहीं दिखाई di…..raj “ हम्म्म ये पेड़ काफी ऊंचाई ह” इतना कह वो फुर्ती से एक दाल से दूसरी दाल कूद ता हुवा कुछ हे पल मई निचे उतर गया …और लोकेशन की तरफ जाने laga…..jo उसे 100 मीटर की दुरी पर थी वो चलते हुवे हेलीकाप्टर से कूड़ा था इसलिए लोकेशन से थोड़ा दूर आगया….

राज-- हेलीकाप्टर की आवाज अब दूर हो रही ह रात के अँधेरे मई मुझे उतारते हुवे किसी ने नहीं देखा होगा ….अब बस मुझे ये धयान रखना ह की कोई मुझे देख न ले बाकि सर्च लाइट ों होने से वो सभी कंफ्यूज हो जायेंगे….

राज पेड़ो के ऊपर निचे नज़र रखता हुवा लक्शन पर पहुंच गया…

राज- यंहा तोह कोई नहीं ह ये ट्रैप तोह nahi….tabhi उसे वंहा पेड़ से लटकी कटी हुवी रस्सी दिखाई दी ….. “हम्म्म इसका मतलब वो यंहा थे और उन्हें अभय ने जरूर यंहा से बचा लिया होगा पर वो गए कान्हा अगर शिवानी उनके साथ ह तोह वो जरूर कोई क्लू chodegi….par कान्हा जल्द हे उसे पेड़ पर क्रॉस का निशान दिखाई दिया फिर आगे एक पेड़ पर और क्रॉस दिया “ ये निशान उसी ने बनाये ह इसका मतलब अभी वो सभी सेफ ह …और अगर उसने ये निशान बनाये ह तोह मेरी बात उसे जरूर याद होगी की जब अँधेरा हो कोई डायरेक्शन न मिले तोह सेवन स्टार ✨ को फॉलो करो और ऊंचाई पर जा कर खुद को सेफ रखो …. एक्सीलेंट बेब गुड जॉब “

इतना कह वो पेड़ के ऊपर चढ़ गया और सेवन स्टार्स की डायरेक्शन देख कर पेड़ो के ऊपर से हे उस तरफ बढ़ने लगा …

उधर जैसें के किलर भी जंगल मई 5 पांच के ग्रुप मई फेल कर उनके सीकर के लिए सामने से तेज़ी से बढ़ रहे the….ab अभय श्रुति अज्जू और शिवानी के चारो तरफ मौत का साया मंडराने लगा tha…andar पहले से हे जैसें के आदमी उनका पीछा कर रहे थे और भेडियो का एक झुण्ड अभी भी जंगल मई सीकर के लिए घूम रहा tha.abhay श्रुति और शिवानी को उठाकर पहाड़ पर चढ़ता जा रहा था ताकि ऊंचाई पर चढ़कर सबको सुरक्षित कर सके ….और पहाड़ी की दूसरी तरफ से जंगल का राजा शेर तालाब की और जा रहा था और अब दोनों के हे बिच की दुरी मिनट दर मिनट काम होती जा रही थी ……….इधर राज ने निचे जम्प लगा दी और अब पैदल हे बहुत तेज़ी से सेवन स्टार्स की डायरेक्शन मई बग्ने लगा …..अभी वो कुछ और दूर हे आया था की उसे भेडियो की लाश दिखी ….राज “ नहीं कुछ ाचा nahi…yanha 4 भेडियो की लाश ह मतलब उनचारो ने इनका सामना किया ह मुझे और जल्दी करनी होगी”…

अज्जू अभय श्रुति शिवानी के साथ पहाड़ी पर लग भाग अढ़ाई से जायदा चढ़ चुके थे ….तभी उनको पीछे से दूर से आती भेडियो की घुराहट सुनाई डीई…..

अभय जल्दी अज्जू पेड़ पर चढ़ और एक को ऊपर खिंच ….अज्जू ने बिना वक़्त गंवाए पेड़ पर चढ़ाई करदी और शिवानी को ऊपर खिंच लिया पर श्रुति जो अधमरी हालत मई थी उसे अभय लेकर ऊपर लेकर चढ़ने laga….bus एक सेकंड बाद हे भेड़िये बस उसके पेअर को पकड़ते पकड़ते रह गए और अपने सीकर को न पकड़ने की वजह से वो चीक कर बाकि साथियो को भी बुलाने लग गए ….पर तभी उन्हें एक बहुत तेज़ धहद सुनाई दी जिसे सुनते हे वो सभी झाड़ियों मई चिप गए …और सामने आया भूखा शेर जो खून की गंध वातावरण मई सूंघ कर पेड़ की तरफ आने लगा…..

अज्जू “अब क्या करे पहाड़ी तोह अभी भी थोड़ी और ऊँची और अगर हम ऊँचे नहीं पहुंचे तोह राज भाई हम तक नहीं पहुंच पाएंगे “…..

शिवानी “वो आएगा और जरूर आएगा हमे बस उसे बुलाने का तरीका सोचना ह”

राज को पुरे रस्ते खून की तेज़ गंध हवा मई आती रही …पर उसने एक पल भी रूकना सही नहीं समजा और आगे भड़ता रहा ऊपर हेलीकाप्टर भी अपनी सर्च लाइट से सभी को ढूढ़ने की कोसिस करने laga…par ऊपर से रात और घने पेड़ो के कारन उन्हें इंसान तोह दूर की बात जमीं का नमो निशान तक नहीं नहीं दे रहा था …

राज “ यंहा से उनका कोई क्लू नहीं मिल रहा ह ….मुझे ऊपर चढ़कर सेवेनस्टार की डायरेक्शन देखनी hogi………itna कह जल्दी से पेड़ पर चढ़ गया ….. हम्म्म उस तरफ पहाड़ी दिख रही ह वो जरूर उधर पहाड़ी के ऊपर चढ़ गए होंगे ….और जल्दी से पेड़ से वापस उअतरकर आगे भागने लगा तभी उसे दहाड़ने की भयंकर आवाज आयी …….

उधर….

किलर का एक ग्रुप अभय एंड ग्रुप के बिलकुल करीब पहुंच गया था…. और बेहद हे फुर्ती से पेड़ो के ऊपर से जम्प करते हुवे आगे बढ़ रहे थे …एक ने इशारा किया ….तोह बाकि 4 भी रूक गए और पहले वाले की तरफ देखने लगे …पहले वाले ने इशारा किया जिसका मतलब था आगे भेडियो का झुण्ड ह मतलब सीकर वंही ह ….बाकि सभी पेड़ से उछलते हुवे पहाड़ी के ऊपर की तरफ बढ़ने लग गए …..और अब उनके बिच दुरी सिर्फ 50 मीटर की हे बची थी …अभय को भी कुछ बुरा सा महसूस हुवा …..

अभय “ कुछ गड़बड़ ह भेडियो का झुण्ड चिप गया ह …..और आसपास बेहद शांति हो गयी ह शेर की दहाड़ने की आवाज भी नहीं आरही ह..”

शिवानी “ कंही उसके आदमी तोह नहीं आगये ह इसलिए धीरे धीरे ऊपर चङो और नज़र रखो”

शिवानी की बात सुनकर वो धीरे धीरे पेड़ के और ऊपर चढ़ने लगे पर उनके ऊपर चढ़ते समय डालियो के हिलने से सरसरहाट की आवाज होने लगी ….निचे खड़ा शेर ऊपर की तरफ देखने लगा और अपने सीकर को देखती हे भयंकर गर्जन मू से निकली …….जैसें के पहले से नज़र रख रहे किलर्स ने उन चारो को मुस्कराकर देखा और फिर अपनी गाढ़ी मई देख कर कहा “ बस 2 ऑवर और ह फिर मास्टर का आर्डर था की 12 बजते हे उन्हें मार देना ह “तभी पेड़ो से कुढ़ते हुवे ा 2 जाने और वंहा आगये …..तोह पहले वाले किलर्स बोले “ तुम लोगो की ट्रेनिंग का वक़्त नहीं हुवा ह अभी 2 ऑवर बाकि ह” उसकी बात सुनकर अभी आया किलर बोलै “ सीनियर मास्टर जैसें ने आदेश दिया ह की इनलोगो को तुरंत मारकर इनकी गर्दन उन्हें देना वाला एग्जाम मई पास हो jayega….purana किलर बोलै हम्म्म तीख ह वो वंहा तीसरे पेड़ पर ह …पुराने वाले दोनों किलर और नए वाले 5 किलर्स अलग अलग होकर पेड़ की तारा भड़ने लगे….

वंही पेड़ पर

Ajju--khud की टी शर्ट खोलकर तेरी टी शर्ट दे …

अभय —क्या करना चाहता ह ….

अज्जू — वो हेलीकाप्टर हमारे लिए ह और जंगल बहुत बड़ा ह और पेड़ भी गहरे ह वो हमे ढूंढ नहीं पाएंगे इसलिए हमे एक बड़ी लकड़ी के सहरे उन्हें इशारा देना होगा समझा अब जल्दी दे …

अभय-- हम्म ये ले……..

शेर की दहाड़ और भेडियो की आवाजे सुनकर 2 ग्रुप और उनकी तरफ तेज़ी से पास आगये थे …. किलर्स ने पेड़ के निचे शेर को देखा तोह उनके चेहरे पर मुस्कान आगयी और सबकी निघाये एक साथ मिली तोह कई ब्लेड एक साथ हवा मई लहराए और शेर की दर्द नाक दहाड़ उस जंगल मई गूंज गयी ….

हेलीकाप्टर आस्मां से अभय ग्रुप को ढूंढने की कोसिस कर रहा था वो तीख उस पहाड़ी के ऊपर से गुजरा जंहा अज्जू अभय श्रुति शिवानी थे पर वो क्रॉस करता हुवा आगे निकल गया तभी …जोगिन्दर सिंह चीखे “ टर्न बैक ..टर्न बैक ी फाउंड something”…aur जब हेलीकाप्टर दुबारा वंहा से गुजरा तब उन्हें दिखाई दिया वो टी शिर का कपडा जो पेड़ से ऊपर निकला हुवा था वो खुसी से चीक पड़े “मिल गए पायलट यही लाइट को फोकस रखो”…

दूर से जैसें “ सो फिनॉय यू फाउंड. बूत इतस तू लेट विथल तुम यही इंतज़ार करो अब लगता ह मुझे हे जाना होगा जब कोई खुद हे मरने आया ह तोह मैं भी देखना चाहता हु किस्मे इतना जिगर ह जो मेरे रस्ते मई ारः ह”

पर कोई और भी था जो बेहद तेज़ गति से उस तरफ भड़ता हुवा पास आगया था .राज “ कान्हा हो तुम सब प्लीज कोई तोह हिंट दो मैं अब किसी को खोना नहीं छठा हु” इतना बोलने के साथ हे एक भेडियो का झुण्ड उसके सामने आगया ….

राज “ तुम सब गलत जगह आगये हो वक़्त नहीं ह मेरे पास” इतना कहते हे वो अपनी बैक से सोर्ड निकल कर उन चारो को मात्रा चार स्लैश मई 2 टुकड़ो मई काट diya….aur तभी उसे हेलीकोप्टेट की लाइट पहड़ि कसे थोड़ी निचे एक हे जगह नज़र आयी …वो खुद से बोलै “क्या बड़े पापा को कुछ दिखा ह मुझे जल्दी करनी hogi”wo तुरंत पेड़के ऊपर चढ़ गया और जब उसे हेलीकाप्टर एक हे जगह गोल गोल घूमकर लाइट मरता नज़र आया तोह उसके चेहरे पर मुस्कराहट आगयी. “ मैं ारः हु बस कुछ पल और हीमत रखना “

उधर पेड़ के निचे शेर को बुरी तरह तड़फड़ाती हुवी मौत देख उन चारो को भी खतरे का अहसास हो गया और तभी एक के बाद एक कई सरे किलर उस पेड़ के ऊपर आगये और सभी अभय एंड ग्रुप को देखने लगे….

अभय - तैयार हो जाओ ….

सभी चारो तरफ से उनकी तरफ आगे भड़ने लगे …तभी ऊपर से एक किक आकर पीछे से पीठ पर अज्जू को पड़ी और वो बालनके नहीं कर paya.wo पेड़ के ऊपर से टूटे हुवे पत्ते की तरह डालियो से टकराते हुवे निचे जमीं पर आकर गिरा ….अभय ने तुरंत ऊपर की तरफ देखा और किक मरने वाले के पेअर को पकड़ लिया और खींचकर उसे भी निचे फेंक दिया …पर एक ब्लेड उड़ता हुवा आकर अभय की पीठ मई लगा और वो दर्द से कराह उठा एक और ब्लेड आकर उसके शोल्डर पर लगा और फिर एक किक उसकी चेस्ट पर आकर लगी और वो भी पेड़ की डालो से टकराता हुवा निचे आकर गिरा वो लास्ट तक खुद को बैलेंस करने की कोसिस मई था इसलिए उसे गिरने से काम चोट lagi….par नाइफ के और ब्लेड्स के घाव से खून पानी की तरह बहाने लगा ….शिवानी जो पहले से थोड़ी निचे थी उसने निचे अभय को देखा और अपने हाथ नाइफ पर कास liye…..niche अभय ने खुद के दर्द को सहन करते हुवे अज्जू को संभल कर पेड़ के सहारे बिठाया और ऊपर की तरफ शिवानी को देखा तभी उसके पीछे एक एक करके कई सरे किलर्स अलग पेड़ो से निचे उतरे …..अभय भी पलट गया उसे तीख सामने कई सरे किलर्स अलग अलग अटैक पोजीशन मई खड़े दिखाई दिए जिनके हाथ मई लॉन्ग कन्फेस थे …. ऊपर पेड़ के किलर्स शिवानी की तरफ किस छिपकली की तरह दाल से चिपकते हुवे धीरे धीरे भड़ने lage…jinse लड़ने के लिए शिवानी भी तैयार हो गयी शिवानी मनमै “ कान्हा हो तुम जल्दी औ”

निचे …..

अभय खून थूक कर…. “ाआहक्क थू अबे अज्जू.. ये बेनस्टॉकेश तेरे भाई कुपोषण के सीकर लग रहे ह भोस्डिके मरे हुवे से लग रहे ह”

पर अज्जू क्या जवाब देता वो तोह बेहोश हो चूका था …और ऊपर श्रुति पहले से हे बेहोश थी…

अभय- “अज्जू अज्जू कुछ तोह बोल मेरे bhai…aahhhhhhhh….ghuuuurrrr …..मैं आज तुम से किसी को नहीं chodunga…..ajao कुत्तो तुम्हारा डैडी तुम्हे आज छोड़ना सिखाएगा…..”

सभी किलर्स ने एक दूसरे की तरफ देख इशारा किया और अभय की तारा बढ़ने lage…abhay भी पुरे गुसाई मई फुंकार उठा …उसे अज्जू श्रुती और शिवानी की हालत देख पहले हे बहुत गुसा ारः tha…usne दोनों हाथ मई खंजर ले लिया और आगे आरहे दोनों किलर की तरफ देखने लगा वो 15 त्रिनेड किलर्स से गिरा हुवा था पर दर का एक अंश भर भी उसकी आँखों मई नहीं tha…..wo आगे एक कदम हे बढ़ा था की हवा को चीरने वाली आवाज उसके कानो मई आयी ….

व्हाऊसससससससस…..

और फिर….

खच्हहहहहह……

आगे वाले दोनों किलर जमीं पर निचे गिरे पड़े थे …….और फिर दिखी एक परछाई जो तेज़ी से पेड़ के ऊपर मूव करती हुवी जम्प मरकर सीधा उसी पेड़ पर आगयी जिसपर शिवानी थी और शिवानी कुछ बोल पति उसे पहले हे उसकी तरफ आ रहे किलर्स सूखे पत्ते की तरह निचे गिरने लगे ….और वो परछाई सीधा उस पेड़ से जम्प करती हुवी अभय के तीख सामने उत्तरी ……जिसके हाथ मई एक लम्बा खंजर और पीठ पर सोर्ड तंगी हुवी थी…. ..

उस शख्स ने पलटकर अभय को देखा और पालक झपकते हे पॉकेट से एक लिक्विड इंजेक्टर निकल कर अभय के लेग मई मॉर्फिन की हाई दोसे घुसा di…..abhay जब तक समझता कुछ हे पालो मई उसे उसकी बॉडी मई हो रहा बेइंतिहा दर्द गायब होते हुवे महसूस हुवा ……

अभय — तुम आगये…

राज- लेटस हंट begins….phir एक सोर्ड उसकी तरफ करके टेक थिस ….

अभय ने राज की तरफ देखा फिर न मई गर्दन हिलायी और अपने हाथो को मसल कर किलर्स की तरफ देखने laga….aur एक बार राज की तरफ मुस्कराया फिर सीधा उन किलर्स की तरफ भाग गया ….सभी किलर्स बहुत फुर्तीले थे वो भी अभय पर फुर्ती से वार करने लगे ….अभय हाथ घुमा रहा था पर वो ैसिलय डॉज करते हुवे बच रहे थे पर एक का हाथ अभय के हाथ मई आगया और अभय के चारे पर कातिलाना भाव आगये उसने उस किलर को उठाकर अपने एक हाथ से तीन बार दोनों तरफ उठाकर पटक और किलर की हड़िया का चुरा निकल दिया और फिर एक पेअर उसकी चेस्ट पर रख कर दोनों हाथ उखड फेंक diya….is बिच कई नाइफ के कट उसे बाकि किलर्स से मिले पर मॉर्फिन की हैवी दोसे से उसे अभी दर्द महसूस नहीं हो रहा था वो अब एक सांड मई बदल गया था जिसे सिर्फ मरना था अपने दुश्मन को …उसने सामने से आरहे किलर के नाइफ के वार को अपने नंगे हाथ से पकड़ लिया और दूसरे हाथ से उसकी गर्दन पकड़ ली ..और बोलै “ डैडी टोल्ड यू टुडे ी गिव यू लेसन हाउ तो fuck(baap ने पहले हे कहा था वो आज तुम छोड़ना sikhayega)”itna कह पूरी ताकत से एक किक उसकी चेस्ट पर मार दी जिसे वो कई फ़ीट हवा मई उड़ता हुवा पहाड़ की ढलान से निचे की तरफ लुढ़कता हुवा पथरो से टकरा गया ….उसका एक भी वार जिसे पड़ा वो अधमरा होता चला गया

उधर राज को भी 4 किलर्स ने घेर रखा था ….जिसमे से एक ने नाइफ से पहले वार राज की चेस्ट पर किया जिसे राज ने साइड हैट ते हुवे अपने डैगर से ब्लॉक कर लिया पर दूसरे ने लेग पर वार किया तोह राज जम्प के साथ दूसरी तरफ खुद गया फिर 2 ने एक साथ वार किया तोह राज पीछे की तरफ जम्प करके मूव हो गया …..

राज “हम्म त्रिनेड फिघ्टर्स नाइफ से फाइट कर रहे मतलब ट्रेनिंग की लास्ट स्टेज पर ह” फिर अपनी आँखों से एक एक करके सबके पैटर्न को देखा और अपने अटैक को रेडी कर लिया “क्नोव माय टर्न” और एक स्टेप राइट लेकर आगे वाले को झुकार पेट पर कट दिया और तुरंत हे लेफ्ट साइड मूव करके किलर के ऊपर से जम्प लेते हुवे हुवे उसके गले पर कट मार दिया अब उसके सामने 2 जाने खड़े थे और वो दोनों भी राज को हे देख रहे थे दोनों की नज़रे आपस मई मिली और एक साथ हे दोनों ने अटैक किया एक का अटैक गले पर था तोह एक का लेग पर था राज घूमते हुवे दोनों के वार के बिच से निकल गया और फुर्ती से जमीं पर पेअर मार कर मुड़कर एक की तरफ डैगर फेंका और दूसरे की तरफ भागकर उसके वार से बचते हुवे उसके गले पर वार कर दिया और दोनों वंही मार गए ….राज ने पीछे मुड़कर देखा तोह अभय 4 किलर्स से घिरा हुवा था और किसी घायल सांड की तरह उन सभी पर फूँकार रहा था …और वो सभी अपनी फुर्ती का फायदा उठा कर अलग जगह से अभय पर वार कर रहे the…..Raj “ अभय इनसे लड़ नहीं पायेगा वो पहले हे घायल ह “ इतना कह कर वो जल्दी से चिपटे हुवे एक किलर के पीछे पहुंच गया और एक की गर्दन को काट दिया अचानक हमले से वो सभी थोड़ा विचलित हो गए तोह अभय ने भी एक को गिरफ्त मई कर उसकी गर्दन तोड़ दी अब तवो वस तवो था वो दोनों किलर्स धीरे धीरे पीछे हटने लगे ….ाहय ने ये देखा तोह उनकी तरफ जाने लगा तोह राज ने रोक लिया…

राज — नहीं ….ये तोह सुरुवात ह …ये तोह पपेट्स ह असली तोह अब सामने आएगा…..

तभी क्लैप ………की आवाज वंहा सुनाई डीई …….

“स्मार्ट वैरी स्मार्ट तभी मैं सोचु की ये लोग अब तक जिन्दा कैसे h…..so फिनॉय यू अरे थे बैक बोन ऑफ़ टीम”

राज--- सो व्हाट???? अरे यू अफ्रेड( तोह क्या???. तुम दर रहे हो)….

जैसें — Fear…Dar…wo क्या होता h….i डोंट know…i क्नोव ओनली ओने थिंग …..किल किल्ल किल्ल एंड किल्ल peoples…that इस ओनली रीज़न व्हाई ी म हेरे….

राज — बड़बोला समय की barbadi……lets फिनिश थिस गेम…..

जैसें- व्हाई नॉट …सिर्फ तुम और मई ….

अभय - नहीं राज ये मेरा सीकर ह…

जैसें-- यू एंड में …….है है है तुम मेरा मैच नहीं हो ….बूत इतस ok वार्म उप हो जायेगा …

अभय आगे की तरफ भड़ते हुवे “वक़्त बताएगा” ये सुनकर जैसें के चेहरे पर मुस्का आगयी ….और वो एक कदम लेफ्ट एक कदम राइट के पैटर्न मई आगे बढ़ा और अभय की आरही किक को डॉज किया और उसके दूसरे पेअर के घुटने पर किक मार दी जिसे अभय लड़खड़ा gaya….Jasien “तुम बहुत कमजोर हो” जैसें की बात सुनकर अभय को गुसा आगया उसने अपना पंच उसके मू की तरफ घुमाया पर जैसें ने ैसिलय डॉज कर दिया “ के ों हिट हार्ड एंड फ़ास्ट” अभय को जैसें की बात बुरी तरह चूब रही थी उसने जल्दी से फिर लगातार पंच घुमाये जिससे जैसें ैसिलय बच गया ….और अभय की बैक की तरफ आकर एक बेहद तेज़ पंच उसकी पीठ पर जड़ दिया जिसे अभय आगे की तरफ जाकर गिरा

राज मन मई “ये पॉवरफुल ह इसकी ट्रेनिंग काफी हार्ड हुवी ह पैन फियर इसका नामोनिशान नहीं ह दिमाग इसलिए अभय के अटैक को ैसिलय पढ़ पर रहा ह ….”

जैसें- के ों चैम्प फाइट अभी तोह एक हे पंच हिट किया ह …..

अभय के खड़े होते हे जैसें फुर्ती से उसके उसके करीब पहुंच गया और कई पंच साडी बॉडी पर अलग अलग जगह जड़ दिए अभय कटी पतंग की tàrah निचे गिर पड़ा…… पर अभय को मॉर्फिन के दोसे की वजह से अभी दर्द महसूस नहीं हो रहा था बूत राज जनता था की अभय की कई हड्डिया टूट चुकी ह…

राज “बहुत हुवा”

जैसें के चारे पर आयी मुस्कान गायब हो गयी राज ने भी अभय को एक बार देखा और अपनी पीठ से सोर्ड निकलकर साइड रखती और फिर डैगर को भी साइड रख दिया और अपने एक हाथ के इशारे से फाइट के लिए इन्विते किया ये देख जैसें ने भी अपनी बैक से डैगर निकलकर साइड मई रख दिया और राज की तरफ चलते हुवे आने लगा…..

जैसें “ ाचा एक योद्धा वारियर फाइट विल के sath”apne फिघ्टर्स की तरफ देख कर आज एक ाचा सबक होगा तुम्हारे liye…ki कैसे लड़ते ह….

इतना बोलै उसने एक किक राज के रिब्स की तरफ मरी जिसे राज ने अपने लेफ्ट हैंड से ब्लॉक कर diya…..par किक मई प्रेशर बहुत था वो दो कदम साइड खिसक गया….

जैसें कुछ दम तोह h….ab इसे बचो ….इतना कहकर उसने एक जम्प सीधे राज की तरफ ली और राइट लेग से किक मरी जिसे राज ने ब्लॉक कर्ली पर तभी लेफ्ट किक चेस्ट पर पड़ी जिसे राज पीछे की तरफ हवा मई कुछ ऊपर होते हुवे पीछे की तरफ गिरने लगा तोह उसने अपने हाथ जमीन पर टिका दिया और उल्टा खड़ा हो गया और हाथ से जमीन मई प्रेशर से ढाका मारा सीधे जैसें के सामने agaya……dono की आंखे दुबारा से दूसरे से मिली और जैसें के एक साथ कई पंचेस राज की तरफ बरसने लगे…..

राज मन मई “ एक मिनट मई 60 पावर पंचेस स्टाइल ये तोह सभी सर और आग सर ने मुझे बताई थी ….तोह ये प्रोफेशनल किलर ह…

राज ने भी जल्दी से उसका तोड़ को ढूंढ कर अपने लेग से एक किक जड़ दी ..जिसे जैसें को अपनी रिब्स मई पैन महसूस हुवा…

जैसें “ तोह तू इस तकनीक को जनता ह फिर तुजे भी इन सबके साथ मरना होगा”

और राइट किक राज के फेस पर मरी …राज ने निचे झुख कर डॉज किया पर जैसें ने फुर्ती से घूमकर राइट पंच राज के फेस मारा दिया जिसे राज ने अपने दोनों हाथ को क्रॉस करके रोक लिया ….फिर जम्प करके बैक फ्लिप मरते हुवे जैसें के फेस पर एक किक मर दी ….जैसें पीछे जा कर gira….uske सभी ट्रैनीस ये देख कर शॉक हो गए …जैसें ने अपने होठो से खून निकलते हुवे महसूस किया और अपने अंगूठे से खून को साफ़ किया…..

जैसें “ अब तुमने मुझे गुसा दिला दिया “. Haaaayiiiiya….aur एक जम्प के साथ खड़ा हो गया और बेहद तेज़ी से आकर राज के सीने पर पंच जड़ दिया जिसे राज ने ब्लॉक किया पर कई फ़ीट पीछे खीसक गया और वो संभल पता तब तक एक और पंच तेज़ी से आकर pada…raj पीछे कई फ़ीट दूर जाकर गिरा……

राज “मन मई छ्हम्म स्ट्रेंगत ह बूत इसकी वीकनेस भी यही ह” ये कहते हुवे वो धीरे से खड़ा हुवा और अपने हाथो को धीरे धीरे मूव किया और अंत मई जैसें की तरफ आने का इशारा किया जैसें भी फुर्ती से भागकर हवा मई जम्प कर किक राज को मारनी चाही पर राज ने इंच भर से उसकी किक को डॉज किया और एक हथेली का वार जैसें की चेस्ट पर मार दिया …जिससे जैसें वापस उड़ता हुवा पत्थर से टकरा gaya…..jasien के मू से खूब सारा खून मू से आकर गिरा ….वो दुबारा तेज़ी से खड़ा और और राज के ऊपर लेफ्ट राइट पंच और किक की बरसात करने लगा जिसे राज ब्लॉक करता जा रहा था पर पैन उसे भी हो रहा tha….par एक पंच फिर आकर राज की चेस्ट पर लगा और वो जमीन से लुढ़कता हुवा कई फ़ीट दूर जाकर गिरा वो खड़ा होता उसे पहले हे जैसें हवा मई जम्प मरते हुवे …..राज की तरफ aya…jisai देख अभय और शिवानी की आँखों मई चिंता और दर के भाव agaye….par एन्ड वक़्त पर राज साइड मई हैट गया …..

राज “ अब मेरी बरी ह ….. “ओने हिट ओने बोन” और राज बॉडी को स्ट्रेच करके सीधा खड़ा हो गया …और जैसें के अटैक का वेट करने लगा और जैसें ने जैसे हे राइट किक मरी राज ने झुक उसी राइट लेग के जॉइंट पर पंच मर दिया कड़क के साथ उसके घुटने की हदी टूट गयी और वो घुटने पर आगया …..राज “ सेकंड पंच फॉर उप्पेर बोन” ये कहकर अगले सेकंड उसके दोनों शोल्डर की हड्डियों को तोड़ 2 हिट से तोड़ दिया

राज “ लास्ट हिट फॉर लाइफ”

जैसें “ वेट तुम कैसे मैंने अपनी पूरी जिंदगी इसको सिखने मई बितायी पर मैं नहीं सिख पाया”

राज ने अपने पंच को वापस लिया और उसे कहा ….”पीस …तुम्हारे हर अटैक से सिर्फ किलिंग आती h..jabki ….इस तकनीक का बेस सेफ्टी h…is लिए ये तभी सिख पाओगे जब तुम खुद किलिंग से दूर रहोगे”

जैसें ने एक ठंडी आअह्ह्ह भरी और बोलै “ मुझे मेरी सोर्ड से हे मरना ह “

राज “ इनसबके प पीछे कौन ह”

जैसें -मैं मेरे मास्टर से गद्दारी नहीं करूँगा पर तुमने मुझे एक सिख दी ह इसलिए ….मैं तुम्हे बदले मई जरूर कुछ दूंगा और फिर किलर को बुलाकर इशारा किया ….और कुछ बाते राज को बताई..

राज “ अलविदा अगले जनम अचे इंसान बनना” और सोर्ड उसके सीने के पार कर दी फिर पलट कर ले जाओ और इज़्ज़त के साथ विदाई दो और अपने मास्टर से कहना जल्द मुलाकात होगी हमरी जबतक मेरी फॅमिली से दूर रहे वर्ण कोई भी जिन्दा नहीं बचेगा”……

राज मन मई “ दुनिया मई आज भी वफादारी ह इस शख्स ने अपने मास्टर के लिए मौत काबुल कर्ली अब ” …

सभी किलर्स जसेंकी बॉडी कोलेकर चले गए चले gaye…phir राज ने पेड़ के ऊपर चढ़ कर राशि को निचे करने का इशारा किया और ओने बी ओने सबको ऊपर भेजने लगा … जंहा जोगिन्दर सिंह ने उन्हें हेलीकाप्टर मई खिंच लिया ..

राज “ अभय तीख होने पर सबका धयान रखे “

अभय “ आज से ये जिंदगी आपकी उधर ह आपकी अपने मेरी बहन और दोस्त को बचाकर ा मुज पर अहसान किया ह”

राज “ भावुक मत होवो हम एक परिवार ह इसलिए ये मेरा फर्ज ह दादाजी से कांटेक्ट करना और इन सबके इलाज मई जो भी खर्च ए उसकी परवा मत करना ये इनका बेस्ट से बेस्ट डॉ से इलाज करवाना और मेरे मैसेज का इंतज़ार करना इन सभी को तैयार करना आगे लड़ाई बहुत बड़ी होगी“

अभय “ पर आप कान्हा जा रहे ह”

राज “ इस खेल को ख़तम करने क्योकि मुझे जो चाहिए था वो मिल गया ह”

अभय “ par”….abhay के बाकि सब्द मू मई हे रह गए ……..राज जा चूका

1 मंथ लेटर …….मुंबई

ुंडेरग्रॉउंड फाइटिंग

एंकर …….एक साल से नंबर ओने फाइटर मीका जिसने अब तक एक भी फाइट नहीं हरी ह…50 लाख फाइट की एंट्री के लिए और जीतने पर 5 कर मिलेंगे ….ह कोई मई का laal….jo अपनी किस्मत ajmayega…..tabhi एक लड़की उसके कान मई आकर कहती ह…..

एंकर वो वो wo…..koyi ह जो मीका को चैलेंज करता ह…

सब एक साथ हैरानी से इतने लोग मरे जा चुके ह इस मीका के हाथो से अब ये कौन आगया और मरने …

एंकर तोह वेलकम ह हमारे नई फाइटर...... “Nir...waa…..na….”

ी थिंक ये हमारी स्टोरी का अब तक का सबसे बड़ा अपडेट ह 28000 लेटर्स का ह जो तीन अपडेट को मिलकर बनता h….har बात डिटेल मई डेस्क्रिबे करने की कोसिस की ह अगर कोई सवाल हो तोह जरूर पूछ सकते ह …

सो मस्ती मई पढ़ने का लाइक्स और रेवोएस पेलने का
 
सिराज पटेल भाई कोई सलूशन ह क्या
 
अपडेट 159......

किंग टुमारो ..... नाईट साइट ओपन करने मई बहुत प्रॉब्लम हो रही ह कोई सलूशन निकालके अपडेट देता हु....
 
अपडेट 159

फलेश बैक….

ओने मंथ लेटर …….मुंबई

ुंडेरग्रॉउंड फाइटिंग

एंकर …….एक साल से नंबर ओने फाइटर मीका जिसने अब तक एक भी फाइट नहीं हरी ह…50 लाख फाइट की एंट्री के लिए और जीतने पर 5 कर मिलेंगे ….ह कोई मई का laal….jo अपनी किस्मत ajmayega…..tabhi एक लड़की उसके कान मई आकर कहती ह…..

एंकर वो वो wo…..koyi ह जो मीका को चैलेंज करता ह…

सब एक साथ हैरानी से इतने लोग मरे जा चुके ह इस मीका के हाथो से अब ये कौन आगया और मरने …

अब आगे…..

Nirwana….naam गूंजते हे एक 6 फ़ीट का एक शक फेस पर मास्क pahne….huve गल्लारी से रिंग की तरफ आने laga….pura अंडरग्राउंड स्टैंड भीड़ से खचा खच भरा हुवा था हर तरफ बस किल किल का शोर गूंजने लगा दूसरी तरफ बुकी काउंटर पर …..सभी पैसे मीका पर लग रहे थे …तोह रिंग के बहार स्टैंड्स मई फाइट की बाते हो रही थी..

“ अरे ये 5 सेकंड भी टिक नहीं पायेगा ….मैंने 10 लाख लगाए ह मीका पर जीतने पर एक लाख मिलेंगे “

दूसरा आदमी “ मैंने भी 5 लाख लगा दिया ह कौन ऐसा नेट प्रॉफिट नहीं कमायेगा”

बैटिंग रूम मई -

पहला शख्स— 20 करोड़ की बात लगी ह मीका पर और इस लड़के पर किसी अननोन ने सिंगल बात लगायी ह 5 करोड़ की अगर वो जीत गया तोह 50 करोड़ देने पड़ेंगे उम्मीद नहीं थी की बैटिंग पर इतना पैसा और लग जायेगा….

2ंद पर्सन “ तू चूतिये जैसी बाते मत किया कर यार …मीका अब तक सभी फाइट जीता ह …आज मोटा मुनाफा होगा …….

उधर रिंग के आस पास मुम्बई के सभी आमिर घरो के लड़के लड़किया और बड़े बड़े सटे वाले इस मैच पर नज़र लगाए हुवे थे …

राज जिसने अपना नाम निर्वाण लिखवाया था वो रिंग के करीब पंहुचा और आराम से रिंग के अंदर चला gaya……..kill….killl ….किल्ल का शोरे और तेज़ हो gaya……mika भी रिंग मई ए शख्स की तरफ घूर कर देखने लगा और अपने अंगूठे को गर्दन की तरफ लेजाकर वारं करने लगा की आज तेरा आखिरी दिन ह …पर राज ने तोह उसकी तरफ देखा तक नहीं ….

Ding………bell की आवाज हुवी और एक केज दोनों के ऊपर से आकर रिंग को चारो तरफ से कवर करके बड़ा सा लॉक लगा दिया…..

मीका — छोकरे बहुत बड़ी गलती करदी तूने यंहा आकर…..

राज उसकी आँखों मई घूरकर “ बस एक सवाल”

मीका — पूछ तेरी आखिरी ीचा समाज के जरूर पूरा करूँगा…

निर्वाण— कल रात जब वो तेरे साथ सेक्स के लियर थी तोह तूने मारा उसे मारा क्यों……

मीका —- ओह …..कल वाली लड़की ये मेरा स्टाइल …..उसने मेरी बात मैंने से मन किया तोह उसे पीट पीट कर सबक सिखाया वैसे ीिस्स्सह्ह्ह्ह क्या माल थी साली पीछे कुंवारी थी मज़ा आगया पर बेहोश होकर मज़ा किरकरा कर दिया ….

निर्वाण के चारे पे क्या एक्सप्रेशन थे मीका देख लेता तोह सायद वो ये सब बोलने से एक बार सोचता पर उसने ये सब बताकर बहुत बड़ी गलती करदी थी….

निर्वाण-- ी प्रॉमिस यू टुडे ओने थिंग …

मीका- व्हाट…

निर्वाण — तू जिन्दा रह कर रोज सोचेगा की क्यों किया मैंने उस दिन….

मीका — ये तू सोचेगा ….

तभी Ding……….Fight बेगिंग्स….

मीका निर्वाण की तरफ बढ़ा और पहला वॉर किया पर निर्वाण ने ैसिलय डॉज किया और मीका का एक कान पकड़ लिया …जिसे मीका तड़फड़ा उठा ….और दर्द से बिलबिलाया …निर्वाण ने एक किक मीका की कमर पर जड़ दी जिसे वो 3 कदम दूर हो गया और पर 2 सेकंड बाद हे जोर से चीकने लगा किसी को कुछ समाज नहीं आया पर जल्द हे सबको दिख गया की मीका का एक कान उखड चूका ह जो निर्वाण के हाथ mai……nirwana ने हाथ मई पकडे कान को फराह पर गिराया और उसे अपने जुताई से मसल दिया …..मीका ने अपने कान पर हाथ लगा रखा था ….वो अब गुस्से से भर गया था और दुबारा निर्वाण को मरने आया निर्वाण ने भी उसकी तरफ फिसलते हुवे उसके पैरो के निचे से पीछे एते वक़्त कोहनी की उसके घुटने पर कसकर जड़ दी और कड़क की आवाज के साथ मीका रिंग मई एक घुटने के बल बैठ गया ……निर्वाण पीछे से जम्प मरकर खड़ा हुवा ……

निर्वाण-- तुजे पता ह उसकी माँ अंधी ह …और उसकी एक छोटी बहन ह जिनके लिए वो ये सब मजबूरी मई करती ह …और तूने

इतना कहकर उसके दूसरे कान को भी पकड़ लिया …..मीका दर्द से बिलबिलाया पर ये बेहरहम निर्वाण था जिसका तरीका हे था जिन्दा मौत देने ka….usne एक झटके से उसके दूसरे कान को भी उखड diya…mika की चीक चारो तरफ गुजने लगी …

बहार स्टैंड्स मई “ क्या ये सब अल्लोव ह क्या”

दूसरा “15 मिनट्स से पहले कोई भी रिंग मई नहीं जा सकता h….aur इसके अलावा कोई नियम नहीं ह”

अंदर रिंग मई…..

निर्वाण-- कितने पंच मरे थे लड़की के चारे पर यही हाथ थे न तेरे…

मीका के ये सुनते हे होश उड़ गए और पूरी ताकत लगाकर निर्वाण को पंच मारा जिसे निर्वाण ने अपने एक हाथ मई फंसकर रोक लिया …

निर्वाण — तुजे निर्वाण नाम सुनके ये नाम सुना सुना नहीं laga…..phir एक जोर का झटका दिया जिसे उसका हाथ कंधे से टूट गया … “ तुजे क्या लगा तू ये सब करके बच जायेगा” फिर एक हाथ से सबके सामने हे उसकी उंगलिया तोड़ने लगा जिसे मीका ….जोर जोर से चीकने laga….par अभी तोह 5 मिनट हे हुवे थे मीका को उम्मीद नहीं थी की आज ऐसा होगा…… “ ये वाली नहीं ये वाली लात उसके पेट मई मारकर क्या बोलै था की तुज जैसी कुटिया के पेट मई मेरा बचा का अंश भी नहीं रह सकता ह हराम के पिल्लई तुजे भी किसी ने पैदा किया ह” पर निर्वाण इतना हे बोल नहीं पाया उसकी आंखे गुसाई से लाल हो गयी thi….aur आँखों मई एक बून्द पानी था उसने मीका के पेअर के एंकल को पकड़ा और जोर से मोड़ दिया तड़क के साथ हे फिर से मीका की चीक गूंज गयी पर निर्वाण की बेहरमी तोह अभी सुरु हुवी थी मीका को पेअर से घसीट कर रिंग के एक कौन मई ले जा कर उसके पेअर को ऊपर केज की जाली मई फंसा दिया…

मीका को पता था की क्या होने वाला ह इसलिए वो घीड़ते हुवे बोलै प्लीज मुझे माफ़ कर दो प्लीज….

निर्वाण ने जम्प हवा मई लगायी और तड़क तड़क दोनों पेअर की हड़िया तोड़ di….pura स्टैंड चुप हो गया किसी को ऐसे सन की उम्मीद नहीं thi….janha वो निर्वाण को मरते देखना चाहते थे वंहा मीका की हालत देख कई लड़कियों ने तोह मू हे फेर लिया…

बहार एक लड़की “ यार ये निर्वाण ऐसा लग रहा ह की जैसे इसकी इससे कोई पर्सनल दुस्मनी हो”

दूसरी लड़ी हां और ये कितना खतरनाक ह कैसे तड़पा तड़पा के मार रहा ह …

पर इन्हे क्या पता था की आगे क्या होने वाला ह निर्वाण ने दोनों हाथ के अंगूठे उसकी आँख मई घुसा दिए …..बहार सबकी फैट गयी की कोई ऐसा भी कर सकता ह क्या ह ….निर्वाण ने उसके हर हाथ और पेअर की हडियो के अलग अलग तरीके से इतने टुकड़े किये की ये जिन्दा रह कर हरपाल यही सोचता रहेगा की उस रात उसने ऐसा क्यों kiya……….aur आखिर मई एक पूरी ताकत से जम्प करके किक सर पर मार दी ….मीका वंही बेहोश हो गया

एक रात पहले……

राज मुम्बई की सुनसान सड़क पर किसी का पीछे कर रहा था तभी एक वन आयी और उसमे से एक लड़की को नंगी हे निचे फेंक gayi…jo राज से देखा नहीं गया और वो तुरंत हे उसके पास पंहुचा लड़की की नब्ज बहुत धीमे चल रही थी …राज जिसका पीछे करने आया था उसकी तरफ उसने देखा और फिर जाने दिया और खुद उस लड़की को गोद मई लेकर टैक्सी के लिए भगा किस्मत से एक कम दूर उसे टैक्सी मिल गयी….

इन हॉस्पिटल ….आफ्टर 8 ऑवर…..

पुलिस ेट्स सब चली गयी तब राज अंदर aya……aur उस लड़की के पास बैठ गया…..

राज - मैं हे था जो आपको कल लाया था…..

लड़की जिसका एक आंख बुरी तरह सूजी पड़ी थी और पुरे गालो पर ुनगिनांत थपडो के निशान थे और सर पर पट्टी बंधी हुवी थी …..उसकी आँखों मई आंसू आगये ..

और वो धीरे धीरे साडी बात बताती गयी…

राज - उसके हाथ पर हाथ रखकर अपने परिवार की चिंता मत करना …और कल के बाद वो शख्स हरदिन अपने किये की सजा भुगतेगा ये वडा ह मेरा….

करंट time…..after फाइट…

अंडरग्राउंड रिंग बुकी ऑफिस…

“ बस 50 करोड़ देने ह वो बहार बैठा ह कान्हा से लौ इस वक़्त “

दूसरा “बॉस को फ़ोन करके बता जब तक मैं उसे रोकता हु”

“निर्वाण भाई आपको कुछ दिएर रुकना होगा इतना कॅश यंहा अभी ावेलिएबले नहीं h…hamare बॉस आते हे होंगे हमने उन्हें इन्फॉर्म कर दिया ह” …

राज — मुझे कोई दिकत नहीं ह पर हर मिनट 1 लाख रस मेरा इंट्रेस्ट चार्ज होगा….

आदमी--- ह्ह्हह्ह्ह्ह ….

राज - जल्दी जाओ जितनी दिएर करोगे मेरी रेट भड़ती जाएगी……

उसकी इतनी फटी की वो जल्दी से खिसक गया… करीब दस मिनट बाद हे बॉस आगया तोह तुम हो जिसने बेट लगायी और 50 करोड़ जीते ह..

राज — अगर तुम्हरी फालतू बक बक हो गयी हो तोह मेरे 50 करोड़ 10 लाख रस मुझे दे दो….

बॉस-- अगर न देकर तुम्हे मर्दु तोह …..

राज — अब तुम्हे मुझे 51 करोड़ 10 लाख देने होंगे

और आगे जाकर 1 मिनट उसके कान मई कुछ कहा जिसे उसकी सकल का रंग बदल गया….. वो जल्दी से खड़ा हुवा और तिजोरी मई से 51 करोड़ दस लाख रस और एक कार्ड निकल कर राज को दे दिया …..

राज — सुखरिया तुम एक अचे बिजनेसमैन हो ाचा तुम्हे किलर आर्गेनाइजेशन के बारे मई पता ह क्या….

बॉस-- नहीं भाई मुझे नहीं पता ह ….

राज कुछ नहीं बोलै और चुप चाप बैग उठाकर चला गया……

पीछे बॉस खड़ा हुवा और तड़क तड़क 2 थपड जड़ दिए ….और बोलै भोस्डिको गांड मरवाने का शोक हो तोह कोठे पे जाके मरवा लिया करो 2रुपए कामयी भी हो जाएगी तुम्हारी समजे …

आदमी —-पर क्या हुवा बॉस आप उसे डरे हुवे क्यों थे अपने इतने आदमी थे यंहा हम उसे मार सकते थे …

बॉस- चूतिये तू अब भी पूछ रहा ह उसका नाम क्या था…

आदमी-- निर्वाण तोह…

बॉस — तोह चूतिये निर्वाण की न्यूज़ नहीं सुनी क्या तूने की ये वही निर्वाण ह ……..

आदमी लड़खड़ाते हुवे y…….ye…..wo निर्वाण ह ….तभी इसने मीका की ये हालत की…

बॉस— मीका की हालत

दूसरा आदमी-- है बॉस मीका का सबकुछ तोड़ फोड़ दिया ह बस उसकी 2 गोलियों को छोड़कर कुछ सही नहीं ह उसके पिछवाड़े पर इतनी किक मारी ह की वो 2 नंबर जाने से भी डरेगा……..

बॉस ये सब सुनते सुनते पसीने पसीने हो गया और अपने मू पर हाथ फेरकर और अब ये मुम्बई आया ह और आते हे मुम्बई के टॉप 5 फिघ्टर्स मई से एक की ये हालत कर दी ह की अब जिंदगी भर बिस्तर पर पड़ा रहेगा पता नहीं किसने इससे पन्गा लिया ह और फिर मन मई ये किलर आर्गेनाइजेशन कौनसी ह जिसने इसे नाराज कर दिया…..

कुछ वक़्त baad…….hospital…

Raj-Tum एक अछि लड़की ho…jo अपनी जिमेदारिया बखूभी निभा रही ho…muje तुम जैसी ईमानदार लड़की की जरुरत ह … तीख होने के बाद मुझे इस नंबर पर फ़ोन करना हॉस्पिटल का बिल मैंने भर दिया ह तुम्हे सोचने की जरुरत नहीं ह … तुमजरी फॅमिली के पास पैसे पंहुचा दिए ह और उन्हें बताया ह की तुम्हे नई जॉब मिल गयी ह …तुम रेस्ट करो अब.

लड़की-- इस दुनिया मई कोई बेवजह मदद नहीं करता फिर आप….

राज-- क्यों की ….मुझे पता ह की अपनों की परवाह करने जान कोई नहीं होता ह तोह कैसा महसूस होता ह….

इतना कह कर राज वंहा से चला गया….

नेक्स्ट day…..NMIMS कॉलेज….

“पूनम की बची तू आज लेट ह …जल्दी कर वर्ण पहली हे क्लास मई लेट हो जायेंगे और सुभे सुभे हे सुनने को मिलेगा”

“सॉरी सॉरी मनीषा लेट हो गयी ….तुजे पता ह अंकल कॉफ़ी मेरे हाथ की हे पिटाई ह”

मनीषा — ok ok अब तू बहाने मत मार चल jaldi…..waise एक बात तोह ह आज तू इस सूट मई बहुत अछि लग रही ह……

पूनम — तू रहने दे तुजे पता ह मुझे इन सब मई कोई इंट्रेस्ट नहीः….

मनीषा — है है ….तेरे लिए तोह आसमान से आएगा न …..है है है….

ये दोनों जंहा जंहा से जा रही थी वंहा सायद हे कोई लड़का हो जो इन्हे मुड़कर न देख रहा हो ….टोपर और जीन्स के ज़माने मई ये दो लड़किया सूट तोह कभी लॉन्ग स्कर्ट्स मई हे जायदातर दिखाई देती थी…. पिछले कुछ महीनो मई हे ये आपस मई अछि दोस्त बनगयी थी ….पर इन्हे क्या पता था की इनका मिलना इनके भाग्य मई खुद उपरवाले ने लिखा ह …

उधर राज सुभे सोकर उठा …और फ्रेश होकर एक रूम की तरफ कॉफ़ी का मग लेकर चला गया…. और रूम खुलते हे सामने दिखाई दिया एक शख्स जो जमीन पर नंगा पड़ा हुवा था …..उसकी हालत देख कर अचे ाचो की रूह काँप जाये…

राज-- ये ले नेव्स्पपार ….तेरे आदमी फिर से मरे gaye….aur पता ह लोगो को ये भी नहीं पता ह की किसने मारा क्यों मारा ……

निचे पड़े शख्स ने धीरे से पेपर को देखने के लिए नज़र उठायी तोह उसका चेहरा नज़र आया जो …..कोई और नहीं विथल हे था…….

विथल — तुम …….

राज- ये ले एक और सुप्रिसे तेरे लिए ……और एक फोटो उसकी तरफ फेंक दी….

विथल ने फोटो को देखा तोह उसकी आत्मा तड़प उठी वो लगभग चीक हे पड़ा..

विथल-- तुम ऐसा कर सकते हो तुम्हारी दुश्मनी मुझसे h……meri फॅमिली को क्यों…

राज है है है है है है…. “ फॅमिली फॅमिली फॅमिली जब तूने मेरी फॅमिली पर अटैक किया tab…..waise भी विथल तुजे तोह ये भी नहीं पता ह की मैं कौन हु और सोनाली कौन ह …….और क्यों हम तेरे पीछे पड़े ह …

विथल ये सून अपने आँखों से बहते हुवे आंसुओ के साथ सवालिया भरी नज़रो से उसकी तरफ देखने लगा…..

राज “चल छोड़ दिमाग पर इतना जोर मत दे मैं बताता हु तुजे सोनाली उसी इंस्पेक्टर और उसकी बीवी की बेटी ह जिसे तुम लोगो ने मार दिया था और उसकी बीवी का रपे किया था”

ये सुनते हे विथल की तोह जैसे हलक हे सुख गया हो….

राज “ है है है शॉक मत हो और मैं कौन हु पता ह ……मेरा नाम राज सिंह निर्वाण ह …..Nirwaan…naam से अत्तेत का कुछ याद आया तुजे”

विथल को पहले तोह कुछ याद नहीं पर जैसे जैसे वो अत्तीत मई गया वो हैरानी के मरे उसे देखते हुवे बोलै …ta..ta..tum सहदेव के बेटे हो ….

राज — है विथल …हआ मैं उन्ही का बीटा हु…

विथल पर उनके तोह सभी परिवार वालो को मार दिया गया था….

राज - पर मैं बच गया था ….और अब जिस जिस ने साथ दिया था वो सब भी मरते जायेंगे ….

विथल ये सुनकर जैसे भोकला सा गया उसके दिमाग के अंदर दर्द की तेज़ लहार सी हैट गयी और वो सर पकड़ कर बैठ gaya…aur कुछ दिएर बाद वो नार्मल हुवा तोह पागलो की तरह हसने लग गया ….है है है है है है है है है है है है…. “मैंने बोलै था अगर वो बच गया तोह सबको मार डालेगा उसको धोखे से नफरत ह है है है है है है”

राज — किसको बोलै tha….tumne मुझे बताओ…..

पर विथल तोह जोर जोर से हसने लगा उसको सदमा इसकदर लगा था की वो हँसते हुवे बोलै जा रहा था “मैंने बोलै था मैंने बोलै था वो सबको मार देगा है है है है है” और अचानक हे उसके सीने मई तेज़ दर्द उठा और वो अपनी चेस्ट पकड़कर दर्द से तड़पने लगा….

राज — विथल विथल मैं तुम्हरी बेटी को छोड़ दूंगा मुझे बस नाम batao….sirf नाम विथल नाम…

विथल जिसकी कलर राज ने पकड़ राखी thi…wo दर्द भरी आँखों उसकी तरफ हाथ करके बोलै “मां” इतना कहकर उसने दम तोड़ दिया

राज का तोह जैसे ये सब्द सुनकर पूरी दुनिया हे हिल गयी …..वो सोच मई डूब गया की क्या उसके हे मां ने उसके पापा को धोखा दिया पर ये कैसे मुमकिन हो सकता ह …. मेरे पापा तोह कभी उप गए हे नहीं थे …फिर कैसे …..उसके दिमाग मई ये पहेली सोच सोचकर दिमाग ख़राब हो रहा tha….par उसके इन सवालो का कोई जवाब नहीं था उसके पास k…uske दिल मई लाखो सवालो ने जगह बना ली थी 15 मिनट बाद उसने एक मैसेज टाइप किया और मोबाइल वापस टेबल पर रख दिया और एक क्लैप बजायी तोह 2 साये पीछे आगये …

राज-- इसे ैप सोनाली के पास पंहुचा देना बोलना तुम्हारा इन्तेक़ाम पूरा हुवा अब तुम अपनी जिंदगी अचे से जियो…

दोनों यस मास्टर ….

राज — उपदटेस…..

एक साया यस मास्टर - मास्टर किलर्स आर्गेनाईजेशन हे अंडरग्राउंड बॉक्सिंग को चलती ह और इन्ही मई से वो अपने फाइटर को सेलेक्ट करती ह बूत मैं पर्सन कौन ह अभी उसका पता नहीं चला ह…

राज - गुड पीछा करते रहो ..

दोनों के जाने के बाद वो सोच मई डूब gaya….kuch दिएर बाद उसके नई नंबर पर मैसेज टोन के साथ एक मैसेज पॉप उप हुवा ….राज ने वो मैसेज ओपन किया तोह उसपर लिखा हुवा ंमिम्स कॉलेज

Father-Name मनोहर सिंह राजपूत

Student-miss अनु सिंह

बरोथेर शक्ति सिंह

एडमिशन दोने…..

राज वंहा से खड़ा हुवा और पलाइन शर्ट …ब्लू जीन्स पहनकर निकल गया.

आज के लिए इतना हे मस्ती मई पढ़ना का और बिंदास लाइक्स और रेवेस पेलने का
 
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