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No ओने डरे तो टच हिम
अभी फ़ोन कट हुवे 15 मिनट हे हुवे थे की निचे पुलिस की 2 बोलेरो आकर रूकती h….aur उनमे से 10 पुलिस वाले उतारते ह जो सीधा बिना देरी किये हॉस्पिटल मई जाने लगते ह ….रिसेप्शन पर पहुंच कर एक पुलिस वाला “ डॉ अस्थाना “
रिसेप्शनिस्ट िक वर्ड 3रद floor…itna सुनकर वो सभी 3रद फ्लोर पर लिफ्ट से जाने लगते ह …वंही सोनाली राज से बात करने के बाद अलर्ट हो गयी थी और सेफ्टी के लिए रूम को बंद करके बहार अकेली कड़ी हो हैकर गल्लारी मई देखने लगती ह पर उसे रूम के बहार कुछ भी सस्पीशियस नहीं लगता ह पर वो कोई लापरवाही नहीं करना चाहती थी इसलिए ऊपर से निचे रोड पर झंकार देखती ह …पर उसे सब तीख लगता h…sunil का रूम सबसे लास्ट मई अलग से था ….क्योकि ये एक विप प्राइवेट रूम था जिसे काफी हाई प्राइस पे बुक किया जाता h….isliye राज की बातो को धयान मई रखकर सोनाली स्टैर्स और लिफ्ट के पास आकर चेयर पर बैठ गयी.. और सोचने लगी की सुनील का बॉडी गार्ड भी घायल h…aur राज को सुनील की वजह से न बताकर कंही गलती तोह नहीं करदी h…abhi वो इन्ही खयालो मई घूम थी की तीख उसके सामने लिफ्ट खुलती ह……
अब अजैईईई…..
सोनाली ने राज से बात होने के बाद अपने बालो को खोल लिया था और कुछ बल आगे चेहरे पर कर लिए थे …जिसे लिफ्ट से बहार ए पुलिस वालो ने सामने बैठी सोनाली को एक आर्डिनरी लड़की हे समजा जो पेशेंट की चिंता मई बाल बिखेरे बैठी हुवी thi…..aur उनमे से एक ने पूछा “डॉ अस्थाना का केबिन कौन सा ह” सोनाली ने निचे गर्दन करे हुवे कहा कुछ दिएर पहले रेस्ट रूम की तरफ गए थे पर जाते हुवे कह रहे थे की …सेकंड फ्लोर पर भी जाना ह तोह कुछ कह नहीं सकती हु की वो अभी कान्हा honge…..sonali की बात सुनकर पुलिस वालो ने एक दूसरे की तरफ देखा और फिर 4 जाने निचे ढूंढने चले गए और एक सीढ़ियों के पास और एक लिफ्ट के पास खड़ा हो गया और बाकि बचे 4 अब इस फ्लोर पर सर्च करने जाने वाले थे अब वो 4 भी 2 राइट की लॉबी और 2 लेफ्ट की लॉबी मई डॉ को ढूंढने के लिए जाने लगे तोह…
सोनाली बोली “ मैं डॉ के रेस्ट रूम की तरफ उन्हें ढूंढने हे जा रही हु मुझे भी उन्हें चेकउप के लिए उबलना ह आप मेरे साथ चल सकते ह क्या पता वो रेस्ट रूम मई आगये हो….”
एक पुलिस वाला — ok तुम दोनों उस तरफ राइट वाली गल्लारी मई जेक देखो …हम दोनों इसके साथ जेक देखता h…par हकीकत तोह ये थी की वो डॉ अस्थाना से पता करके सभी सुनील को मरने ए थे …पर सोनाली के बिखरे बाल जो उसके आधे चेहरे को धक् रहे थे उनकी वजह से वो उसे पहचान नहीं पाए थे की उनके सामने खुद ैप ह…
और दोनों सोनाली के पीछे पीछे चलने लगे …पर कहते ह न होसियारी महंगी पड़ती ह वो अब यही होने वाला tha…sonali दोनों को जिस तरफ सुनील एडमिट था उसी तरफ लेकर जाने lagi…usne पहले हे चेक कर लिया था की कौनसा रूम खली ह क्योकि ऊपर के उस फ्लोर पर बहुत सरे विप रूम्स थे …और वो उन्हें लेकर वंही जा रही thi…wo बिलकुल एक मासूम लड़की की तरह दिख रही थी इसलिए उन दोनों आदमियों ने सोनाली पर कोई सक नहीं किया…
सोनाली-- ये रूम ह उनके रेस्ट के लिए….
और गेट खोलकर एक साइड हो गयी अब दोनों आदमी जैसे हे अंदर ए सोनाली ने पीछे से आकर अंदर रूम बंद कर लिया…
उधर अभय तेज़ी से डेस्टिनेशन की तरफ भाड़े जा रहा था …..तोह इधर राज भी अज्जू श्रुती और अभय के सर पर मंडरा रहे मौत के खतरे से अनजान जल्दी से जल्दी से सुनील के पास पहुंचना चाहता tha…..aur इसी के चलते उसने मैसेज की तरफ धयान तक नहीं दिया था ….आज पहली बार ऐसा हुवा था की कोई सुनील को नुकसान पहुंचने मई कामयाब भी हो पाया tha….isliye वो भली भांति जनता था की खतरे का लेवल क्या ह…..
सोनाली के रूम बंद करते हे सोनाली ने मेडिकल निफे अपने हाथो मई छिपा लिया दोनों पुलिस वालो ने पीछे मूड कर सोनाली को देखा जिसने अपने बोलो की 2 सेकंड मई हे पोनी टेल बना कर फाइट की पोजीशन ले ली thi….police वालो ने भी बिना देरी किये 2 नाइफ निकल लिए जिनका साइज 1.5 फ़ीट का था जो सोनाली के सर्जिकल निफे के ट्रिप्पले थे लम्बाई mai….dono ने हे सोनाली को दोनों तरफ से घेरने की कोसिस की पर सोनाली ने बिना देरी किये एक तरफ मूव कर गयी और एक के ऊपर लगातार 4 बार वार किया जिसे वो पुलिस वाला तींवार से तोह खुद को बाचपय पर चौथा वार उसके पेट को चीरते हुवे निकल गया और सर्जिकल नाइफ की तेज़ धार ने लगभग उसके पेट को फाड़ दिया जिसे बेहद तेज़ी से खून निकलने लगा पर तब तक दूसरे वाले ने सोनाली की पीठ पर मौका देख वार कर दिया जिसे एक बड़ा सा कट सोनाली की पीठ पर बन गया सोनाली के बदन मई दर्द की लहार दौड़ गयी पर उसने बिना परवा किये हे सामने वाले घायल की गर्दन पर वार कर उसे ख़त्म कर दिया …और फिर दूसरे वाले की तरफ पलट गयी …सोनाली ने राज से सीखी नाइफ की ट्रिक्स से एक साथ कई वार उस आदमी पर किये और जब वो रुकी तोह सामने खड़े शख्स के सरीर पर इतने कट थे की वो खून से लथपथ होकर निचे गिर गया …..सोनाली ने भी दर्द को सहन करते हुवे शीशे के पास जाकर अपनी टी शर्ट को निकलकर कट को देखा जो पीठ पर काफी बड़ा था… सोनाली ने रूम को अचे से टटोला उसे कुछ नहीं मिला फिर उसने एक नाइफ उठा कर अपनी टी शर्ट मई रख लिया …और खुद से बोली “सहित सीलेंसर नहीं लायी गन के लिए वर्ण आज काम आती अब अगर फायर किया तोह सबको पता लग जायेगा” उसने सुनील के रूम को खोला और अंदर जाकर मेडिसिन्स मई से पैन किलर के इंजेक्शन को ढूंढा और फइलल करके अपनी बॉडी मई इंजेक्ट कर लिया और रूयी उठाकर अपने घाव पर लगा कर बड़ी मेडिकल टेप मुश्किल से जैसे तैसे लगा ली ….और खुद से बोली “ कितनी दिएर और लगेगी तुम्हे राज” और जल्दी से एक कॉल जोगिन्दर सिंह को भी लगा diya…..help के लिए ….जोगिन्दर सिंह ने भी बिना देरी किये पुलिस की टीम को हेल्प के लिए भेज दिया ….पर मदद आने मई अभी भी टाइम लग्न था और मौत सामने कड़ी thi…..sonali वापस उसी रूम को थोड़ा सा खोलकर सामने वाले रूम मई हल्का सा खोल कर चिप गयी उसे उम्मीद थी की जब अपने दो आदमियों को नहीं देखेंगे तोह लिफ्ट वाले आदमी से पूछकर इस तरफ जरूर आएंगे और गेट के पास खून देख कर अंदर चेक करने जायेंगे और वही टाइम hoga….isliye अंदर के मरीज के साथ वाले को भी उसने पॉकेट से पुलिस की ईद दिखा कर चुप करवा दिया था और खुद किसी घायल सिखारी की तरह सीकर के लिए अपनी सांसे रोक कर गेट के पास टिक कर कड़ी हो गयी थी …. उसे जयादा इंतज़ार नहीं करना पड़ा दूसरी तरफ गए गल्लारी वाले लिफ्ट के पास वाले से पूछते हुवे उसी तरफ आने लगे सोनाली को उनके पैरो की तप तप की आवाज साफ़ सुनाई दे रही thi…..wo दोनों हे आगे ए तोह उन्हें खून के निशान गेट के पास दिखाई दिए जिसे वो अलर्ट हो गए और आँखों से हे एक दूसरे को इशारा किया एक धीरे से दूर को अनलॉक करके अंदर चला गया और दूसरा गेट से सत्कार उसे देखने लगा ……सोनाली ने कुछ पल इंतज़ार किया और दोनों हाथो मई नाइफ ले लिए और धीरे से बहार खड़े आदमी की तरफ जाती ह और बिना देरी किये सर्जिकल नाइफ को उसकी गर्दन मई घुसा दिया जिसे वो चाहकर भी चीक नहीं पाया ….सोनाली ने उसको धीरे से पकड़कर निचे लेटाया और दूर के पास सत्कार कड़ी हो gayi…ab प्रॉब्लम ये थी की दूर अंदर की तरफ खुलेगा जिसे दूसरे शख्स अलर्ट हो jayega….isliye सोनाली को रिस्क लेना पड़ा और वो अंदर घुस गयी ….निचे गए 4 लोगो को डॉ अस्थाना मिल gaya…jisai उन्होंने पुलिस का ी कार्ड दिखा कर सुनील की डिटेल ले ली ……अस्थाना जोगिन्दर का फॅमिली ट्रस्टबल डॉ था इसलिए उसने भी एक मिनट हैंड वाश का कह कर जोगिन्दर को इन्फॉर्म कर दिया …..अस्थाना भली भांति समाज गया था की ये लोग यंहा ए ह मतलब सुनील यंहा ह इन्हे पता ह इसलिए वो भी जितना टाइम हो सके उतना बर्बाद करना चाहता था …वो उन्हें दस मिनट तक चेक उप का बहाना मारकर टालता रहा …जबकि उधर सोनाली ने दूसरे शख्स को भी जान से मार दिया tha….par वो भी आमने सामने की लड़ाई मई एक वार नाइफ का खुद भी अपने जिस्म पर लगवा लिया tha.Uski वाइट टी शर्ट का रंग भी बदल कर लाल हो गया tha…..ab सोनाली की नज़र लिफ्ट वाले और स्टैर्स वाले शख्स पर थी … इस लिए दोनों आदमियों को टटोलकर सीलेंसर लगी गन ठूंडने की कोसिस की पर उसे कुछ नहीं mila…sonali “ सेल सोचकर ए the.police की ड्रेस मई आसानी से घुसकर मारकर चले जायेंगे चूतिये मेरे जिन्दा रहते तोह कतई नहीं फिर उसने अपनी टी शर्ट निकलकर डस्टबिन मई फेंक दी और पेशेंट्स को पहनाये जाने वाली सिंगल ड्रेस पहन कर लिफ्ट की तरफ चल दी …तोह वंही राज अपने दादाजी की चेतक की स्पीड देखकर हैरान था जो किसी स्पोर्ट्स कार की तरह दिल्ली मई एंटर कर चुकी thi…aur अब उसकी कार के आगे एक पुलिस की गाड़ी पुलिस साईरन
बजाकर बिच मई आरहे ट्रैफिक को दूर कर रही थी अब सिर्फ 15 मिनट और लगने थे उसे सुनील तक पहुंचने मई वंही जोगिन्दर सिंह की भेजी गयी टीम भी हॉस्पिटल पहुंच चुकी thi……par जैसे हे वो वंहा पहुंचे सुर कुछ रियेक्ट कर पते बेखौफ्फ़ एक के बाद एक 2 राकेट लॉन्चर फायर हुवे….
बुम्म्मम्म…..
भड़क………
के साथ दोनों गाड़ियों के परखचे उड़ गए …ब्लास्ट की आवाज इतनी तेज थी की ऊपर सोनाली और बाकि सभी को भी सुनाई दी….
सोनाली जो लिफ्ट वाले को तरफ दबे पांव जा रही थी वो भी अलर्ट हो गया और उसने सोनाली को नाइफ लिए हुवे देख लिया और तुरंत स्टैर्स वाले को भी बता दिया अब दोनों जाने सोनाली के सामने आगये …सोनाली ने बिना वक़्त गवाए पहला वार किया जिसे दोनों आसानी से बच गए ..फिर सोनाली ने राइट हैंड मई पकडे नाइफ को एक की तरफ फेंक कर मारा जो सीधा उसके पेट मई laga.uske झुकत हे सोनाली ने उसकी गर्दन पर वार करने के लिए तेज़ी से उसकी तरफ भागी पर एक नाइफ पीछे से उड़ता हुवा उसकी पीठ पर आकर लगा …जिसे वो सहन करती हुवी सामने वाले की गर्दन पर वार करने मई कामयाब हो gayi…dusra पुलिस वाला मुस्कारते हुवा सोनाली को तरफ जाने लगा …. सोनाली जो दीवार के सहरे कड़ी थी बड़ी मुश्किल से दर्द को सहते हुवे अपने हाथ को पीछे लेकर गयी और झटके से नाइफ को बहार निकल liya….aur पलट gayi…ab उसे और गुसा आने लगा और पता था की एक हे तरीका ह इसे मरने का उसने पूरी ताकत िक्खता करि और शामे वही टेक्निक उसे करके उस पर भी पहले नाइफ फेंक कर मारा और जिसे सामने वाले ने बचने की कोसिस की पर वो बचकर सीधा हुवा तब तक सोनाली के हाथ मई पकड़ा सर्जिकल नाइफ उसके हार्ट मई घूस चूका था …सोनाली ने लगातार कई वार उसके हार्ट पर कर दिए और तब तक मरती गयी जब तक उसके प्राण पखेरू उड़ न gaye……ab वो भी बुरी तरह घायल हो गयी thi…aas पास के रूम से लोग भी बहार आगये थे जिन्होंने ब्लास्ट की आवाज सुनी थी पर लिफ्ट के पास का सन देखा तोह वो वापस रूम मई घूस गए और दरवाजा बंद कर liya…..sonali “निचे गए लोग अभी तक ए नहीं थे पर अब ब्लास्ट की वजह से वो ऊपर आएंगे और अपने आदमियों को न पाकर सचेत हो जायेंगे “ और हुवा भी वही था वो लोग गल्लारी के आखिर से डॉ अस्थाना को जबरदस्ती पकडे हुवे थर्ड फ्लोर पर ला रहे the….sonali गल्लारी के बीचो बिच घुटनो पर दर्द से कराहते हुवे बैठी thi….aur वो 4 लोग भी ऊपर agaye….aur अपने दोनों आदमियों को मरे हुवे देखा तोह गुसाई से उबाल गए …..और एक बोलै अस्थाना आखिरी बार पूछ रहा हु बहुत बार प्यार से पूछ लिया बता दे सुनील सिंघानिया कान्हा h………dr असतंस को मौत सामने दिखी तोह उसने सोनाली के पीछे दूर एक रूम की तरफ इशारा कर दिया जो गल्लारी के लास्ट मई tha….tabhi एक चाकू उसके गर्दन के आर पार हो गया ….अब चारो आगे की तरफ भड़ने लगे तोह सोनाली खड़े होते हुवे बोली “No ओने डरे तो टच हिम”
सामने खड़े चारो के चेहरे पे कोई एक्सप्रेशन नहीं उनमे से उनका लीडर आगे खली हाथ हे बढ़ा …सोनाली ने नाइफ से वार किया तोह उसने अपने एक हाथ से उसके हाथ को पकड़ लिया और बोलै “मैं लड़कियों औरतो को नहीं मरता हु पर जंगली बिली को सबक जरूर सिखाता हु मुझे क्या तुमने ये जो निचे पड़े ह इनके जैसा समजा ह” और एक पंच उसके पेट मई मार दिया जिसे सोनाली कई फ़ीट दूर फिसल कर जाकर giri….ek पंच ने हे उसकी हालत ख़राब दी वो अपने पेट को पकडे हुवे दर्द से कररहते हुवे भी दुबारा कड़ी हुवी ….
“तोह तुम हर नहीं मानोगी “
सोनाली-- दीवार का सहारा लेकर जिन्दा हु तब तक तोह बिलकुल नहीं ….
“तोह फिर मरने के लिए तैयार हो जाओ” और उसका इशारा सुनते हे तीनो आगे बढ़ गए…..
वंही निचे राज ने चेतक से हॉस्पिटल के फ्रंट पर भीड़ को देखा तोह वो समाज गया की क्या हुवा इसलिए वो चेतक के रुके बिना हे कार से एंट्रेंस से 20 मीटर पहले हे कुढ़ गया……
ऊपर सोनाली ने भी अपनी आंखे बंद करके गहरी साँसे ली और आगे आरहे तीनो से भीड़ गयी सोनाली के एक पंच के बदले 3 पंच पद रहे थे एक मिनट मई इतने पंच पड़े की वो फर्श पर खून थूकती हे पड़ी थी उसके होंठ फैट गए थे …
“ लड़की तुमने बेवजह मेरा वक़्त बर्बाद किया ह”
सोनाली है है है है है पगला की तरह जोर जोर से हसने …ाहाःहाहा …..”मैंने बेवजह समय बर्बाद नहीं किया आआह्ह्ह्ह …तुम्हरा बाप …..ारः ह”….
सोनाली की बात सून वो सभी कंफ्यूज हो गए और इधर उधर देखने लगे …..पर उन्हें वंहा कोई नहीं दिखाई दिया …तभी लिफ्ट का दूर ओपन हुवा और एक सिक्योरिटी वाला बहार निकला जिसे देख उनचारो मई से एक जोर से हसने लगा और बोलै हमरी मौत आगयी है है है मैं पहले उसे तिखने लगता हु फिर तेरी बरी इतना बोलते हुवे वो सिक्योरिटी वाले को मरने चलने लगा wo….wo स्टैर्स के पास से गुजर हे रहा था की जम्प के साथ एक शख्स आया और एक किक उसके सरीर पर जड़ दी उस शख्स को किक मई पावर इतनी थी की दीवार के साथ टकराने से हे उसकी मौत हो गयी….
Sonali---lo आगया तुम्हारा बाप…..
आज के लिए इतना हे मस्ती मई पढ़ने का लाइक्स और रेवोएस पेलने का
No ओने डरे तो टच हिम
अभी फ़ोन कट हुवे 15 मिनट हे हुवे थे की निचे पुलिस की 2 बोलेरो आकर रूकती h….aur उनमे से 10 पुलिस वाले उतारते ह जो सीधा बिना देरी किये हॉस्पिटल मई जाने लगते ह ….रिसेप्शन पर पहुंच कर एक पुलिस वाला “ डॉ अस्थाना “
रिसेप्शनिस्ट िक वर्ड 3रद floor…itna सुनकर वो सभी 3रद फ्लोर पर लिफ्ट से जाने लगते ह …वंही सोनाली राज से बात करने के बाद अलर्ट हो गयी थी और सेफ्टी के लिए रूम को बंद करके बहार अकेली कड़ी हो हैकर गल्लारी मई देखने लगती ह पर उसे रूम के बहार कुछ भी सस्पीशियस नहीं लगता ह पर वो कोई लापरवाही नहीं करना चाहती थी इसलिए ऊपर से निचे रोड पर झंकार देखती ह …पर उसे सब तीख लगता h…sunil का रूम सबसे लास्ट मई अलग से था ….क्योकि ये एक विप प्राइवेट रूम था जिसे काफी हाई प्राइस पे बुक किया जाता h….isliye राज की बातो को धयान मई रखकर सोनाली स्टैर्स और लिफ्ट के पास आकर चेयर पर बैठ गयी.. और सोचने लगी की सुनील का बॉडी गार्ड भी घायल h…aur राज को सुनील की वजह से न बताकर कंही गलती तोह नहीं करदी h…abhi वो इन्ही खयालो मई घूम थी की तीख उसके सामने लिफ्ट खुलती ह……
अब अजैईईई…..
सोनाली ने राज से बात होने के बाद अपने बालो को खोल लिया था और कुछ बल आगे चेहरे पर कर लिए थे …जिसे लिफ्ट से बहार ए पुलिस वालो ने सामने बैठी सोनाली को एक आर्डिनरी लड़की हे समजा जो पेशेंट की चिंता मई बाल बिखेरे बैठी हुवी thi…..aur उनमे से एक ने पूछा “डॉ अस्थाना का केबिन कौन सा ह” सोनाली ने निचे गर्दन करे हुवे कहा कुछ दिएर पहले रेस्ट रूम की तरफ गए थे पर जाते हुवे कह रहे थे की …सेकंड फ्लोर पर भी जाना ह तोह कुछ कह नहीं सकती हु की वो अभी कान्हा honge…..sonali की बात सुनकर पुलिस वालो ने एक दूसरे की तरफ देखा और फिर 4 जाने निचे ढूंढने चले गए और एक सीढ़ियों के पास और एक लिफ्ट के पास खड़ा हो गया और बाकि बचे 4 अब इस फ्लोर पर सर्च करने जाने वाले थे अब वो 4 भी 2 राइट की लॉबी और 2 लेफ्ट की लॉबी मई डॉ को ढूंढने के लिए जाने लगे तोह…
सोनाली बोली “ मैं डॉ के रेस्ट रूम की तरफ उन्हें ढूंढने हे जा रही हु मुझे भी उन्हें चेकउप के लिए उबलना ह आप मेरे साथ चल सकते ह क्या पता वो रेस्ट रूम मई आगये हो….”
एक पुलिस वाला — ok तुम दोनों उस तरफ राइट वाली गल्लारी मई जेक देखो …हम दोनों इसके साथ जेक देखता h…par हकीकत तोह ये थी की वो डॉ अस्थाना से पता करके सभी सुनील को मरने ए थे …पर सोनाली के बिखरे बाल जो उसके आधे चेहरे को धक् रहे थे उनकी वजह से वो उसे पहचान नहीं पाए थे की उनके सामने खुद ैप ह…
और दोनों सोनाली के पीछे पीछे चलने लगे …पर कहते ह न होसियारी महंगी पड़ती ह वो अब यही होने वाला tha…sonali दोनों को जिस तरफ सुनील एडमिट था उसी तरफ लेकर जाने lagi…usne पहले हे चेक कर लिया था की कौनसा रूम खली ह क्योकि ऊपर के उस फ्लोर पर बहुत सरे विप रूम्स थे …और वो उन्हें लेकर वंही जा रही thi…wo बिलकुल एक मासूम लड़की की तरह दिख रही थी इसलिए उन दोनों आदमियों ने सोनाली पर कोई सक नहीं किया…
सोनाली-- ये रूम ह उनके रेस्ट के लिए….
और गेट खोलकर एक साइड हो गयी अब दोनों आदमी जैसे हे अंदर ए सोनाली ने पीछे से आकर अंदर रूम बंद कर लिया…
उधर अभय तेज़ी से डेस्टिनेशन की तरफ भाड़े जा रहा था …..तोह इधर राज भी अज्जू श्रुती और अभय के सर पर मंडरा रहे मौत के खतरे से अनजान जल्दी से जल्दी से सुनील के पास पहुंचना चाहता tha…..aur इसी के चलते उसने मैसेज की तरफ धयान तक नहीं दिया था ….आज पहली बार ऐसा हुवा था की कोई सुनील को नुकसान पहुंचने मई कामयाब भी हो पाया tha….isliye वो भली भांति जनता था की खतरे का लेवल क्या ह…..
सोनाली के रूम बंद करते हे सोनाली ने मेडिकल निफे अपने हाथो मई छिपा लिया दोनों पुलिस वालो ने पीछे मूड कर सोनाली को देखा जिसने अपने बोलो की 2 सेकंड मई हे पोनी टेल बना कर फाइट की पोजीशन ले ली thi….police वालो ने भी बिना देरी किये 2 नाइफ निकल लिए जिनका साइज 1.5 फ़ीट का था जो सोनाली के सर्जिकल निफे के ट्रिप्पले थे लम्बाई mai….dono ने हे सोनाली को दोनों तरफ से घेरने की कोसिस की पर सोनाली ने बिना देरी किये एक तरफ मूव कर गयी और एक के ऊपर लगातार 4 बार वार किया जिसे वो पुलिस वाला तींवार से तोह खुद को बाचपय पर चौथा वार उसके पेट को चीरते हुवे निकल गया और सर्जिकल नाइफ की तेज़ धार ने लगभग उसके पेट को फाड़ दिया जिसे बेहद तेज़ी से खून निकलने लगा पर तब तक दूसरे वाले ने सोनाली की पीठ पर मौका देख वार कर दिया जिसे एक बड़ा सा कट सोनाली की पीठ पर बन गया सोनाली के बदन मई दर्द की लहार दौड़ गयी पर उसने बिना परवा किये हे सामने वाले घायल की गर्दन पर वार कर उसे ख़त्म कर दिया …और फिर दूसरे वाले की तरफ पलट गयी …सोनाली ने राज से सीखी नाइफ की ट्रिक्स से एक साथ कई वार उस आदमी पर किये और जब वो रुकी तोह सामने खड़े शख्स के सरीर पर इतने कट थे की वो खून से लथपथ होकर निचे गिर गया …..सोनाली ने भी दर्द को सहन करते हुवे शीशे के पास जाकर अपनी टी शर्ट को निकलकर कट को देखा जो पीठ पर काफी बड़ा था… सोनाली ने रूम को अचे से टटोला उसे कुछ नहीं मिला फिर उसने एक नाइफ उठा कर अपनी टी शर्ट मई रख लिया …और खुद से बोली “सहित सीलेंसर नहीं लायी गन के लिए वर्ण आज काम आती अब अगर फायर किया तोह सबको पता लग जायेगा” उसने सुनील के रूम को खोला और अंदर जाकर मेडिसिन्स मई से पैन किलर के इंजेक्शन को ढूंढा और फइलल करके अपनी बॉडी मई इंजेक्ट कर लिया और रूयी उठाकर अपने घाव पर लगा कर बड़ी मेडिकल टेप मुश्किल से जैसे तैसे लगा ली ….और खुद से बोली “ कितनी दिएर और लगेगी तुम्हे राज” और जल्दी से एक कॉल जोगिन्दर सिंह को भी लगा diya…..help के लिए ….जोगिन्दर सिंह ने भी बिना देरी किये पुलिस की टीम को हेल्प के लिए भेज दिया ….पर मदद आने मई अभी भी टाइम लग्न था और मौत सामने कड़ी thi…..sonali वापस उसी रूम को थोड़ा सा खोलकर सामने वाले रूम मई हल्का सा खोल कर चिप गयी उसे उम्मीद थी की जब अपने दो आदमियों को नहीं देखेंगे तोह लिफ्ट वाले आदमी से पूछकर इस तरफ जरूर आएंगे और गेट के पास खून देख कर अंदर चेक करने जायेंगे और वही टाइम hoga….isliye अंदर के मरीज के साथ वाले को भी उसने पॉकेट से पुलिस की ईद दिखा कर चुप करवा दिया था और खुद किसी घायल सिखारी की तरह सीकर के लिए अपनी सांसे रोक कर गेट के पास टिक कर कड़ी हो गयी थी …. उसे जयादा इंतज़ार नहीं करना पड़ा दूसरी तरफ गए गल्लारी वाले लिफ्ट के पास वाले से पूछते हुवे उसी तरफ आने लगे सोनाली को उनके पैरो की तप तप की आवाज साफ़ सुनाई दे रही thi…..wo दोनों हे आगे ए तोह उन्हें खून के निशान गेट के पास दिखाई दिए जिसे वो अलर्ट हो गए और आँखों से हे एक दूसरे को इशारा किया एक धीरे से दूर को अनलॉक करके अंदर चला गया और दूसरा गेट से सत्कार उसे देखने लगा ……सोनाली ने कुछ पल इंतज़ार किया और दोनों हाथो मई नाइफ ले लिए और धीरे से बहार खड़े आदमी की तरफ जाती ह और बिना देरी किये सर्जिकल नाइफ को उसकी गर्दन मई घुसा दिया जिसे वो चाहकर भी चीक नहीं पाया ….सोनाली ने उसको धीरे से पकड़कर निचे लेटाया और दूर के पास सत्कार कड़ी हो gayi…ab प्रॉब्लम ये थी की दूर अंदर की तरफ खुलेगा जिसे दूसरे शख्स अलर्ट हो jayega….isliye सोनाली को रिस्क लेना पड़ा और वो अंदर घुस गयी ….निचे गए 4 लोगो को डॉ अस्थाना मिल gaya…jisai उन्होंने पुलिस का ी कार्ड दिखा कर सुनील की डिटेल ले ली ……अस्थाना जोगिन्दर का फॅमिली ट्रस्टबल डॉ था इसलिए उसने भी एक मिनट हैंड वाश का कह कर जोगिन्दर को इन्फॉर्म कर दिया …..अस्थाना भली भांति समाज गया था की ये लोग यंहा ए ह मतलब सुनील यंहा ह इन्हे पता ह इसलिए वो भी जितना टाइम हो सके उतना बर्बाद करना चाहता था …वो उन्हें दस मिनट तक चेक उप का बहाना मारकर टालता रहा …जबकि उधर सोनाली ने दूसरे शख्स को भी जान से मार दिया tha….par वो भी आमने सामने की लड़ाई मई एक वार नाइफ का खुद भी अपने जिस्म पर लगवा लिया tha.Uski वाइट टी शर्ट का रंग भी बदल कर लाल हो गया tha…..ab सोनाली की नज़र लिफ्ट वाले और स्टैर्स वाले शख्स पर थी … इस लिए दोनों आदमियों को टटोलकर सीलेंसर लगी गन ठूंडने की कोसिस की पर उसे कुछ नहीं mila…sonali “ सेल सोचकर ए the.police की ड्रेस मई आसानी से घुसकर मारकर चले जायेंगे चूतिये मेरे जिन्दा रहते तोह कतई नहीं फिर उसने अपनी टी शर्ट निकलकर डस्टबिन मई फेंक दी और पेशेंट्स को पहनाये जाने वाली सिंगल ड्रेस पहन कर लिफ्ट की तरफ चल दी …तोह वंही राज अपने दादाजी की चेतक की स्पीड देखकर हैरान था जो किसी स्पोर्ट्स कार की तरह दिल्ली मई एंटर कर चुकी thi…aur अब उसकी कार के आगे एक पुलिस की गाड़ी पुलिस साईरन
बुम्म्मम्म…..
भड़क………
के साथ दोनों गाड़ियों के परखचे उड़ गए …ब्लास्ट की आवाज इतनी तेज थी की ऊपर सोनाली और बाकि सभी को भी सुनाई दी….
सोनाली जो लिफ्ट वाले को तरफ दबे पांव जा रही थी वो भी अलर्ट हो गया और उसने सोनाली को नाइफ लिए हुवे देख लिया और तुरंत स्टैर्स वाले को भी बता दिया अब दोनों जाने सोनाली के सामने आगये …सोनाली ने बिना वक़्त गवाए पहला वार किया जिसे दोनों आसानी से बच गए ..फिर सोनाली ने राइट हैंड मई पकडे नाइफ को एक की तरफ फेंक कर मारा जो सीधा उसके पेट मई laga.uske झुकत हे सोनाली ने उसकी गर्दन पर वार करने के लिए तेज़ी से उसकी तरफ भागी पर एक नाइफ पीछे से उड़ता हुवा उसकी पीठ पर आकर लगा …जिसे वो सहन करती हुवी सामने वाले की गर्दन पर वार करने मई कामयाब हो gayi…dusra पुलिस वाला मुस्कारते हुवा सोनाली को तरफ जाने लगा …. सोनाली जो दीवार के सहरे कड़ी थी बड़ी मुश्किल से दर्द को सहते हुवे अपने हाथ को पीछे लेकर गयी और झटके से नाइफ को बहार निकल liya….aur पलट gayi…ab उसे और गुसा आने लगा और पता था की एक हे तरीका ह इसे मरने का उसने पूरी ताकत िक्खता करि और शामे वही टेक्निक उसे करके उस पर भी पहले नाइफ फेंक कर मारा और जिसे सामने वाले ने बचने की कोसिस की पर वो बचकर सीधा हुवा तब तक सोनाली के हाथ मई पकड़ा सर्जिकल नाइफ उसके हार्ट मई घूस चूका था …सोनाली ने लगातार कई वार उसके हार्ट पर कर दिए और तब तक मरती गयी जब तक उसके प्राण पखेरू उड़ न gaye……ab वो भी बुरी तरह घायल हो गयी thi…aas पास के रूम से लोग भी बहार आगये थे जिन्होंने ब्लास्ट की आवाज सुनी थी पर लिफ्ट के पास का सन देखा तोह वो वापस रूम मई घूस गए और दरवाजा बंद कर liya…..sonali “निचे गए लोग अभी तक ए नहीं थे पर अब ब्लास्ट की वजह से वो ऊपर आएंगे और अपने आदमियों को न पाकर सचेत हो जायेंगे “ और हुवा भी वही था वो लोग गल्लारी के आखिर से डॉ अस्थाना को जबरदस्ती पकडे हुवे थर्ड फ्लोर पर ला रहे the….sonali गल्लारी के बीचो बिच घुटनो पर दर्द से कराहते हुवे बैठी thi….aur वो 4 लोग भी ऊपर agaye….aur अपने दोनों आदमियों को मरे हुवे देखा तोह गुसाई से उबाल गए …..और एक बोलै अस्थाना आखिरी बार पूछ रहा हु बहुत बार प्यार से पूछ लिया बता दे सुनील सिंघानिया कान्हा h………dr असतंस को मौत सामने दिखी तोह उसने सोनाली के पीछे दूर एक रूम की तरफ इशारा कर दिया जो गल्लारी के लास्ट मई tha….tabhi एक चाकू उसके गर्दन के आर पार हो गया ….अब चारो आगे की तरफ भड़ने लगे तोह सोनाली खड़े होते हुवे बोली “No ओने डरे तो टच हिम”
सामने खड़े चारो के चेहरे पे कोई एक्सप्रेशन नहीं उनमे से उनका लीडर आगे खली हाथ हे बढ़ा …सोनाली ने नाइफ से वार किया तोह उसने अपने एक हाथ से उसके हाथ को पकड़ लिया और बोलै “मैं लड़कियों औरतो को नहीं मरता हु पर जंगली बिली को सबक जरूर सिखाता हु मुझे क्या तुमने ये जो निचे पड़े ह इनके जैसा समजा ह” और एक पंच उसके पेट मई मार दिया जिसे सोनाली कई फ़ीट दूर फिसल कर जाकर giri….ek पंच ने हे उसकी हालत ख़राब दी वो अपने पेट को पकडे हुवे दर्द से कररहते हुवे भी दुबारा कड़ी हुवी ….
“तोह तुम हर नहीं मानोगी “
सोनाली-- दीवार का सहारा लेकर जिन्दा हु तब तक तोह बिलकुल नहीं ….
“तोह फिर मरने के लिए तैयार हो जाओ” और उसका इशारा सुनते हे तीनो आगे बढ़ गए…..
वंही निचे राज ने चेतक से हॉस्पिटल के फ्रंट पर भीड़ को देखा तोह वो समाज गया की क्या हुवा इसलिए वो चेतक के रुके बिना हे कार से एंट्रेंस से 20 मीटर पहले हे कुढ़ गया……
ऊपर सोनाली ने भी अपनी आंखे बंद करके गहरी साँसे ली और आगे आरहे तीनो से भीड़ गयी सोनाली के एक पंच के बदले 3 पंच पद रहे थे एक मिनट मई इतने पंच पड़े की वो फर्श पर खून थूकती हे पड़ी थी उसके होंठ फैट गए थे …
“ लड़की तुमने बेवजह मेरा वक़्त बर्बाद किया ह”
सोनाली है है है है है पगला की तरह जोर जोर से हसने …ाहाःहाहा …..”मैंने बेवजह समय बर्बाद नहीं किया आआह्ह्ह्ह …तुम्हरा बाप …..ारः ह”….
सोनाली की बात सून वो सभी कंफ्यूज हो गए और इधर उधर देखने लगे …..पर उन्हें वंहा कोई नहीं दिखाई दिया …तभी लिफ्ट का दूर ओपन हुवा और एक सिक्योरिटी वाला बहार निकला जिसे देख उनचारो मई से एक जोर से हसने लगा और बोलै हमरी मौत आगयी है है है मैं पहले उसे तिखने लगता हु फिर तेरी बरी इतना बोलते हुवे वो सिक्योरिटी वाले को मरने चलने लगा wo….wo स्टैर्स के पास से गुजर हे रहा था की जम्प के साथ एक शख्स आया और एक किक उसके सरीर पर जड़ दी उस शख्स को किक मई पावर इतनी थी की दीवार के साथ टकराने से हे उसकी मौत हो गयी….
Sonali---lo आगया तुम्हारा बाप…..
आज के लिए इतना हे मस्ती मई पढ़ने का लाइक्स और रेवोएस पेलने का

