अपडेट 183…
मॉन्स्टर वस मॉन्स्टर्स
War……countdown……begins
13...उपदेट्स तू लेफ्ट
Poonam…Richa …और sonali…….teeno हे सुभे छोटी चची के साथ काम करवा रही थी वंही दादाजी अनिरुद्ध शेरदिल की maa…raj .. बैठे बाते कर रहे the…toh उनके पीछे सभी लड़कियों ने शेरदिल और सुनील को घेर कर दोनों को तंग कर रही थी और वो दोनों सबके बिच बुरी तरह फंसे हुवे थे अब दोनों किसी के देवर थे तोह किसी के भाई थे सभी दोनों पर प्यार लुटा रही thi……aur दोनों एंटनी बालाओ के बिच चुप चाप शरमाते हुवे बैठे थे ..
दादाजी — हमे मंदिर जाना h….raj….
राज “ तीख ह दादाजी …जैसा आप कहे”
दादाजी “ एक जरुरी बात कप्तान जोगिन्दर और हम सबने फैसला लिया ह की सुनील की जल्द हे अछि लड़की ढूंढकर मांगनी कर दी जाएगी….
सुनील के कानो मई जैसे हे बात पड़ी वो सबके बिच से ऐसे उछला जैसे गरम तवे पर पॉपकॉर्न उछलता ह और एक साथ कई वर्ड्स बोलै “ kyaaa,,kyo,kisliye,main हे kyo”sabhi लड़किया भी हैरानी से दादाजी को देखने लगी ……
राज “हहहहहह ये कब हुवा”
दादाजी “ वो दिन रात सबका धयान रखता ह ऊपर से 21 का हो गया ह ….उसका ख्याल रखने वाली भी होनी चाहिए”
सुनील “ मैं रख सकता हु खुद का ख्याल “
सोनाली ने तुरंत उसके कान पकड़ लिए और बोली “ बड़ो के बिच मई नहीं बोलते ह चुप चाप बैठे रहो”
सुनील “ धीरे से बड़ो के बिच मई अरे भाई ी मैं दी मेरी जिंदगी की बलि चढ़ रही ह और आप बोल रही ह चुप राहु”
पूनम और ऋचा भी उसके पास आगयी
पूनम “ भाई जो आएगी आपको प्यार हे देगी उसका साथ तुम्हे हर मुश्किल से मुश्किल घडी मई हीमत देगा …”
ऋचा “ भाई वो तुम्हारी ताकत बनेगी न की मज़बूरी ….वो उस वक़्त तुम्हे राह दिखयेगी जब तुम …कमजोर पद जाओगे….”
सुनील “ पर इतनी जल्दी”
सब एक साथ “ हमे भाभी चाहिए आप पहले हे राज से बड़े हो”
राज खड़ा खड़ा उसकी हालत देख मुस्कुराता रहा तभी दीपिका ने आगे बढ़ सुनील को गले लगाकर कहा “क्या अपनी बहनो के लिए इतनी बात नहीं मानेगा”
सुनील निचे बैठ गया …..और राज को घूरने …..और उसे एक आईडिया आया “ ok मैं करूँगा जो आप बोलोगे जिसे बोलोगे करूँगा पर लड़की मेरे लिए राज ढूंढेगा …..इतना कह वो मुस्कारने ”उसे पूरा यकीं था राज के पास सब कुछ ह पर टाइम नहीं h…isliye उसके चेहरे पर और बड़ी सी मुस्कान आगयी…
सब एक साथ फिर बोली गयी भैंस पानी मई अब भाभी हमारी आना मुश्किल हे नहीं नामुमकिन ह इन्हे फुर्सत कान्हा ह ढूंढने की इन्हे खुद तितलियों से फुर्सत मिले तब ये ढूंढेगे न….
राज के चेहरे पर मुस्कान और गहरी हो गयीईइ….
दादाजी अनिरुद्ध दिव्या रिफत की माँ सब जोर जोर से हसने लगे …दादाजी “ तीख हमे मंजूर ह …….है है है….. ये सब प्लान इसी का बनाया हुवा प्लान ह जिस पर तुम भरोसा कर रहे हो … तुमसे हां करवाने के लिए राज ने हे ऐसा करने को कहा था और देखो तुम फंस भी गए….
सुनील जल्दी से खड़ा हुवा और राज पर झपट पड़ा “ हम भाई h…tu कैसे कर सकता ह मेरे साथ ….24 घंटो मई बदल गया तू…..”
राज “ है है है अरे छोड़ तोह तू मेरे जिगर का टुकड़ा तह ,ह और हमेशा rahega”main बस अपनी आँखों से तेरी मांगनी देखना चाहता हु….
सुनील - क्या मतलब ह तू मेरे बचो को भी खिलायेगा उनकी शादी भी करियेगा samjha,kuch भी उल्टा पुल्टा मत सोचना…
राज “ तीख ह तीख तू jeeta….dubara नहीं बोलूंगा न सोचूंगा”
सुनील “ नीची गर्दन करके अब भाई हे भाई न रहा तोह मैं कौन होता हु न करने वाला तीख ह जैसा आप सब चाहे”
दिव्या “ अब ये भी बता दे कोई लड़की भी देखि h….iske लिए या सिर्फ है हे करवानी थी….
राज ने सुनील की तरफ देखा और फिर दिव्या की तरफ देख है मई गर्दन हिला दी…
सुनील का मू खुला रह गया और बाकि सभी लड़किया भी हैरान रह गयी…
पूनम को एक झटका सा लगा और वो सोच मई डूब गयी “ मनीषा ने न राज जी को राखी बंधी न हे सुनील को बाकि सब ने या तोह राज जी को या सुनील भाई
….और राज जी भी हमेशा मनीषा से रेस्पेक्ट से बात करते ह इज़्ज़त करते ह तोह कंही सुनील भाई केलिए लड़की मनीषा हे तोह नहीं …..अगर ऐसा ह तोह मैं और मनीषा साथ रहेंगे ….पूनम ख़ुशी से उछाल पड़ी और इसी एक्ससिटेमेंट मई वो बोल्ड पड़ी “ मुझे लड़की पसंद ह”…
सब उसे हे देखने लगे वो जल्दी से ऋचा के पीछे चिप गयी….
दिव्या “ पूनम यंहा औ तुम उसे जानती हो”
पूनम को अब शर्म आरही थी कुछ भी कहने से….
राज मन मई“ पूनम जी मेरे दिल की बात जान गयी kya..”raj को पूनम को देखने लगा जो नीची गर्दन किये हुवे कड़ी थी
सोनाली भी राज और पूनम को हे देख रही थी..
जगमाल सिंह “ मेरे पास आकर बैठो बेटी poonam…aur बताओ क्या आप उसे जानती ह”
पूनम दादाजी के पास बैठकर यकीन से नहीं पर …मुझे यकीन ह वो लड़की यही मौजूद ह हमारे बिच…..
सब फिर शॉक हो गए सुर एक दूसरे को देखने लगे …
राज मन मई “ ये लड़की ह क्या इसे सब पता लग जाता ह मैं चाकर भी इसमे कोई कमी नहीं ढूंढ पता हु …और वो सपनो वाली लड़की की मुस्कान बिलकुल इसकी मुस्कान की तरह क्यों दिखती ह… मैं हर बार पूनम से एक लाघव क्यों महसूस करता हु”
दिव्या और शेरदिल की माँ कौन ह वो पूनम….
पूनम ने राज की तरफ देखा ….तोह राज ने भी पूनम की तरफ देख …..साइड कड़ी ऋचा और सोनाली की नज़र बराबर ….पूनम और राज पर हे थी ….और वो भी समाज गए थे की पूनम और राज मई दोस्ती का रिश्ता गहरा h….par सोनाली के चेहरे पर रहस्मयी मुस्कान थी….
पूनम “ बता दू”
अनिरुद्ध “बता दो भाई हमे भी हमरे घर की सबसे बड़ी बहु को देखने की जल्दी ह”
पूनम की नज़र लड़कियों मई से एक की तरफ गयी और जिस पर गयी उसका दिल जोरो से धड़कने लगा…..
मनीषा “ तोह राज मुझे अपनी भाभी बनाकर हमेसा अपने पास रखना चाहता h…isliye …वो हमेशा कहता था आप सबसे खास हो मैं आपको कभी दूर नहीं जाने दूंगा आपको अपने दिल के करीब rakhunga…matlb वो मेरी इतनी इज़्ज़त करता ह और ये सिर्फ इसलिए क्योकि मैंने उसकी फॅमिली की रक्षा की ….”
पूनम “ मनीषा”
बस सभी मनीषा की तरफ मूड गयी सभी ने उसे घेर लिया ….
सुनील राज के पास खड़ा था उसका गाला दबाते हुवे कमीने क्या बिगाड़ा मैंने तेरा गफ ढूंढ़ता ह वो मुझे पिट टी ह बहन बनवायी वो तोह ऐसे धोएंगी की आईडिया भी नहीं ह और अब बीवी ढूंढी वो भी खूंखार सच बता मैं तेरा अपना हे हु न गैर तोह नहीं “
राज धीरे से “ वो बहुत बहुत अछि ह ….तुजे उनसे अछि लड़की नहीं मिलेगी… तू एक दिन याद करेगा मुझे ….भाभी के लिए वो ऊपर से सख्त पर दिल से बहुत नरम ह ….प्लीज मुझे वो हे लड़की मेरी भाभी चाहिए …”
दादाजी “ छोटी बहु पूजा की थाली तैयार करो और आप सहदेव की माँ …खानदानी कंगन लेकर ए और कप्तान और जोगिन्दर को वीडियो कॉल लगाओ”
राज मनीषा के पास चला गया ….साडी लड़किया साइड हो गयी….
राज “ मुझे नहीं पता की भाभी का रिस्ता क्या होता ह वो कैसी होती h….par…apko देखा तोह लगा की आप जैसी हे होती होंगी एक दोस्त एक बहन और एक माँ की तरह केयर करने वाली ,समझने वाली ,सपोर्ट करने वाली ….देहरादून मई छोटी छोटी मुलाकातों के बाद …मैंने आपको और अचे से जाना और आपको अपनी भाभी मानने laga…..aur आपको हे क्यों मन kyoki….sunil ….और मैं एक जैसे h….dono दुखी मैंने अपने माँ पापा को खोया तोह उसका इस दुनिया मई कोई नहीं था और उसने कभी खुद को दुखी नहीं होने दिया पर मैं उसके दिल की हालत जनता tha.wo आज भी सबके लिए सब करता ह पर बदले मई किसी से कुछ नहीं मांगता ह और ऐसी हे आप ह सबका धयान रखती ह और बदले मई कोई शिकायत कोई डिमांड नहीं करती h..aur उसने मेरा हर वक़्त साथ निभाया ह मौत को भी रास्ता बदलने पर मजबूर कर दिया ….तभी से सोच लिया था की उसकी जिंदगी मई उसे लेकर आऊंगा ….जो उसे मुझसे जायदा प्यार दे उसके दिल की बात को samjhe..usai sambhale…uski केयर करे… जैसे ये सबकी करता h….aur इस दुनिया मई मेरी भाभी यानि आपके सिवाए कोई नहीं हो सकती ह जो उसकी केयर कर sake…manta हु थोड़ा उल्लू h…par वो बहुत चाह वो आपको हमेशा खुस रखेगा …..राज ने मनीषा के हाथो को अपने हाथ मई ले liya….aur आगे बोलै क्या आप मेरी भाभी …मेरी दोस्त ….और इस नालायक की पत्नी बनकर हमरे साथ रहेंगी…….
मनीषा जो इमोशनल हो चुकी थी उसकी आंखे भर आयी और उसने एक बार सुनील की तरफ देखा जो उसी हे देख रहा tha….phir हां मई गर्दन हिला दी ….राज ने तुरंत मनीषा को गले लगा लिया…” थैंक्यू थैंक यू सू मच ी लव यू भाभी ी लव यू ……
मनीषा “ ी लव यू तू”
सभी लड़कियों ने राज को अलग कर दिया और खुसी से मनीषा को घेर लिया …..कप्तान और दीपिका की माँ बहुत खुस थी …..दीपिका ने भी आगे बढ़ सुनील को गले लगा लिया उसकी आँखों मई भी ख़ुशी के आंसू the….toh बाकि सब ने भी बरी बरी मनीषा को गले लगा लिया …
श्वेतस — हे हे हे …अब तोह सुनील भाई की पिटाई हे पिटाई ह…..
सुनील - छोटी चुहिया …..
श्वेता - बकरी फांसी फाटक मई ये कहवत तोह सुनी थी..
पर ये तोह बकरा फंस गया हे हे हे हे हे….
कविता “ और पिटेगा वो अलग से
दोनों जोर जोर से हसने लगी…
सुनील - रूक तुम्हे मई बताता हु …
कुछ हे वक़्त मई पूजा की थाली लेकर छोटी चची ने आरती उतरी और दादी ने खानदानी कंगन मनीषा को पहनाया …….मनीषा ने सब बड़ो को पाँव chuve…..sunil और मनीषा की जोड़ी की आरती उतरी गयी तब राज भी इमोशनल हो गया ….
ऋचा “ख़ुशी के आंसू नहीं रोकते ह राज ….सुनील को वो सब मिल रहा ह जो तुम मुझे बताते the…..tumne उसे हर ख़ुशी दी ह तुमने अपना वडा पूरा किया राज आज उसके पास एक परिवार ह जो उसको कोई कमी महसूस नहीं होने देगा“
राज “पर कुछ वेड अधूरे रह गए”
ऋचा “वेड कभी अधूरे नहीं होते ह राज वेड पुरे होंगे ….
राज “ समय बिट गया ऋचा …..”इतना कह वो चला गया
ऋचा “ मुझे नहीं पता की मैं तुम्हारे लायक अब हु या नहीं पर मैं तुम्हे पाने के लिए अपनी किस्मत खुद लिखूंगी ….और भगवन से भी लड़ना पड़ा तुम्हे पाने को तोह ladungi……par अपना वडा पूरी karungi…..itna कह वो सुनील के पास चली गयी…
राज दूर से“ हम कभी एक नहीं हो सकते ह ऋचा क्योकि मैं तोह एक हवस का भूखा हु …यही कहा था न tumne…..hum कभी एक नहीं हो सकते ह….”
पूनम ऋचा और राज को बात करता देख कोई जायदा धयान नहीं दिया क्योकि राज और ऋचा क्लास मात थे वर्ण …उसे पल भर मई हे सब समाज aajata…..poonam मनीषा की ख़ुशी से बेहद खुस थी ….क्योकि दोनों बहाने सब तीख रहा तोह जिंदगी भर साथ रहने वाली thi….raj वंहा से उठकर बहार agaya……kuch पल बाद शेरदिल भी आगया….
शेरदिल “क्या हुवा “
राज कुछ नहीं “ मौका ह जगह हो जाये दो दो हाथ….. मैं भी देखु की कितना दम ह”
शेरदिल “ पहले इन्हे तोह हरा दू”
तभी पीछे से दोनों मित्युदूत भी आगये जिनकी कलाई पर दिव्या ने राखी बंधी हुवी thi….aur पहली बार दोनों मुस्करा रहे थे ….तभी उन्हें एक और आवाज सुनाई डीई…..
“ भीमा से जीतकर दिखाओ तोह मानूंगा की दम ह “
मित्युदूत “ तोह सुरु करे”
भीमा “ हवेली के पीछे अखड़ा h…wanha चलते ह”
शेरदिल “ सबकी तरफ देख कर चलो इंतज़ार नहीं हो रहा ह…. देरी क्यों करनी“
और सभी हवेली के पीछे की तरफ चले गए अजय जल्दी से अंदर की तरफ भगा ….और हॉल मई घुसते he…chilaya “हवेली के पीछे फाइट सुरु होने वाली ह”
दिव्या “ तोह इसमे इतनी हैरानी वाली क्या बात ह वंहा तोह पहलवान खुलती करते हे रहते ह”
अजय “ राज भाई भीमा चाचा शेरदिल भाई और वो दो 7 फ़ीट के थे न वो एक दूसरे से लड़ने वाले ह”
हवेली के पीछे “ कौन लड़ेगा”
भीमा “ मुझे राज से लड़ना ह ….”
मित्युदूत मुझे भी मास्टर से लड़ना ह
शेरदिल मुझे inse(mityudoot) की तरफ देख कर इन्हे हराना ह
मित्युदूत बचे तुम …गलती मत करना वर्ण मैं बिलकुल रहम नहीं दिखेंगे …शेरदिल “ और मैं भी नहीं दिखाऊंगा”
भीमा मित्युदूत की तरफ देख कर अपना मास्टर समाज कर रहम मत दिखाना जितना पिट सको उतना पीटना…
राज “ सपना हे रहेगा चाचा”
मित्युदूत “ माफी”
अंदर
सभी उस वक़्त kya…….sab एक साथ खड़े हो गए और जल्दी से हवेली के पीछे की तरफ भागे पर सुनील शांति से बैठा रहा ….पर उसे हैरानी तब हुवी जब उसकी नज़र मनीषा की तरफ वो सबसे पहले गायब हुवी थी ….
सुनील ने अपने सर पर हाथ मार लिया और हवेली के पीछे की तरफ चल diya…..aur खुदसे हे बोलै …ये देवर भाभी कभी सुकून नहीं आने देंगे मेरी जिंदगी मई शादी से पहले हे ये हाल ह तोह बाद मई क्या होगा….
श्वेता दादाजी जल्दी चलिए न फाइट मिस हो जाएगी….
दादाजी “ अरे चल तोह रहा हु …और उनकी लड़ाई एंटनी जल्दी ख़तम नहीं होगी
श्वेता मुझे देखनी h…please जल्दी चलिए ….छोटी चची अजय jhanvi….mamta ये चारो सबसे जायदा एक्ससिटेड थे फाइट देखने के लिए ….
अखाड़े मई…..
भीमा ने देरी किये बिना राइट किक के साथ अटैक किया ….राज ने राइट हैंड से किक ब्लॉक करदी तभी मित्युदूत ने एक पंच राज के चेस्ट पर जड़ दिया जिसे राज पीछे उड़ता हुवा जाकर gira….aur एक झटके से वापस खड़ा हो गया पर खड़े होते हे उसे दिखी भीमा की तेज़ी से आती किक जिसे उसने जल्दी से झुक कर डॉज किया और झुकने के साथ हे एक किक दूसरे पेअर पर मार दी …पर उसी वक़्त मित्युदूत ने किक राज के कंधे पर मार दी राज कई फ़ीट दूर फिसलता हुवा पीछे जाकर रुका…….
मित्युदूत ने भीमा को उठाया दोनों के चेहरे पर मुस्कान थी
भीमा “आज बहुत पीटेंगे तुजे”
तोह वंही 2 सांड आपस मई भिड़े हुवे थे शेरदिल मई जवानी का जोश और ताकत थी तोह दूसरे मित्युदूत मई taakat,experience और स्किल थी वो शेरदिल के वार से लगातार बच रहा था और जॉइंट्स पर अटैक कर रहा था ….पर तभी मित्युदूत को एक वार शेरदिल का पड़ा जिसे मितिदूत दूर जाकर पीछे गिरा ….दोनों ने एक दूसरे को देखा और दुबारा से एक दूसरे की तरफ भागे और भीड़ गए ….कोई भी 6 फ़ीट से निचे की हिघ्त का नहीं था …ऐसा लग रहा था जैसे कई मॉन्स्टर्स एक दूसरे से भीड़ गए हो…
हवेली से सब लोग wanaha…pahuch गए ….जंहा अखाड़े का सीन देख सब हैरान हो गए …एक तरफ शेरदिल लगातार वार किये जा रहा था toh….ek तरफ राज पर मित्युदूत और भीमा पागलो की तरह अटैक पर अटैक किये जा रहे थे….
शिवानी धीरे से “ क्या लगता ह दी जीजू जीतेंगे या आपके ससुर”
सोनाली “ सर पर चपत लगते हुवे …राज की स्किल जबरदस्त ह पर भीमा चाचा की पावर भी बहुत ह उन्हें खुद राज के पापा ने फाइट सिखाई ह और उनके साथ वो शख्स भी पूरा स्किल्ड लग रहा ह तोह राज अभी मुश्किल मई ह….”
दीपिका “ भाभी अफ़्कौर्से भाई हे जीतेंगे देख लेना है वो अलग बात ह की आप 2 रातो से आपके साथ ह तोह एनर्जी काम …”
तभी सोनाली ने उसके कान पकड़ लिए … “ तू शिवानी के साथ मत रहा कर ये खुद तोह बिगड़ रही साथ हे अपनी सांगत तुजमे दाल रही ह लगता ह तेरी शादी करवा ी पड़ेगी”
शिवानी “ वह खुद करो तोह प्यार और हम सिर्फ बात हे करे तोह गुनेहगार”
दीपिका सोनाली दोनों हसने lagi….andar…bheema ने राज को पकड़ा तोह मित्युदूत ने फिर उछलकर राज की चेस्ट पर किक जड़ दी….
राज मन मई “ हम्म एक ब्लॉक और दूसरा अटैक करता ह मतलब एक मुझे भटकता ह तोह दूसरा सटीक वार करता ह… ट्रिक तोह शानदार अपनायी ह”
अबकी बार राज ने भी दोनों को सुप्रिसे किया …भीमा के वार को ब्लॉक करने की बजाये उसे अवॉयड करता हुवा सीधा मित्युदूत के पास पहुंच गया …मित्युदूत ने भी हाथ से वार किया ..राज ने भी उसे डॉज किया और कमर से पकड़कर ऊपर उठाकर पूरी ताकत से दूर फेंक दिया …और तुरंत भीमा चाचा की तरफ पलट gaya…aur अपना पंच उनकी तरफ चला दिया ….भीमा ने बिना देरी के अपना पंच राज के पंच के सामने चला दिया ….दोनों के पंच आपस मई टकराये दोनों हे कई कदम पीछे हैट गए तबतक मित्युदूत दुबारा उठकर भीमा के पास आगया…
ममता “ भाई तोह जबरदस्त फाइट करते ह…
रिफत “ बिलकुल मुम्बई मई तोह सबको बहुत बुरी तरह मारा था…
ऋचा “ अरे वो छोड़ो कार की एंट्री तुम दोनों ने नहीं देखि बिलकुल हीरो की तरह हमे बचने पंहुचा tha….kya लग रहा था उस वक़्त मेरा हीरो कार की ड्रिफ्टिंग बिलकुल फ़िल्मी स्टाइल मई ”
ममता “ फिर से सपने देखने लगी “
ऋचा “न्नन्न नहीं तोह”
रिफत ममता हसंते हुवे हे हे हे दिख रहा ह….
अखाड़े मई ….शेरदिल “कैसा लगा दर्द हुवा” इतना कह उसने दुबारा से वार किया पर उसी वक़्त मित्युदूत ने फुर्ती से भागकर जम्प के साथ घुटने की सीने पर दे मारी जिसे …शेरदिल्ल कई फ़ीट दूर जाकर गिरा …..मित्युदूत जल्दी से पास पंहुचा और uthakar…gol घुमाकर निचे पटक दिया …..
मित्युदूत “ एक्सपीरियंस बचे …”
शेरदिल भी झटके से खड़ा हुवा और एक साथ पावर इखट्टी करके कई सरे पंच मित्युदूत को मारा दिए मित्युदूत भी अचानक इतने पॉवरफुल हमले के लिए तैयार नहीं था 2 ,3 पंच मू पर लगे फिर उसने पीछे हैट ते हुवे ब्लॉक karliye…aur फिर शेरदिल पर तेज़ी से वार कर दिए अब उसकी स्पीड बहुत तेज़ हो गयी और शेरदिल उसके कोई वार को मैच नहीं कर पा रहा tha…wo दूर जाकर gira…aur मू से खून थूक दिया…
शेरदिल की माँ की आँखों मई गुसाई की झलक दिखी toh…Deepika कविता ममता रिफत श्वेता ने खून देखा तोह वो चिंतित हो गयी और शेरदिल के पास जाने लगी तोह दिव्या ने सबको रोक दिया…..
शेरदिल — ok ok आप jeete..par अगली बार मैं जीतूंगा
मित्युदूत “ मैं बचपन से हे मौत से लड़ रहा हु …तुम्हारे पिता से भी लड़ चूका hu….aur अभी तुममे उनकी ताकत का 50 प्रतिसत हे h….tumhe अभी बहुत म्हणत करनी होगी …आगे यकीनन तुम मुझे हरा डोज”
शेरदिल ने है मई गर्दन हिला दी और फिर वो राज की तरफ देखने लगा ….जंहा मित्युदूत और भीमा के होठो से खून निकल रहा था तोह राज भी मिटटी से सना हुवा था …दोनों राज की फाइटिंग स्किल जानते the….isliye मुक़ाबला कड़ा हो रहा था ….
राज ने आगे बढ़ भीमा चाचा पर जम्प के साथ लगातार 2 किक मरी और फिर उनका एडवांटेज लेते हुवे पीछे मित्युदूत की तरफ भगा पर मित्युदूत ने राज के आरहे हाथ के वार को ब्लॉक किया और कोहनी से मू पर मरी और राज को उपरूथा लिया राज एक्शन लेता तभी भीमा ने जम्प के साथ हे राज को मित्युदूत के हाथमे पकडे हुवे हे किक मरी राज कई फुट दूर जाकर गिरा ….और अपना पेट पकड़ झुक गया…..
अखाड़े से बहार भी एक जुंग चल रही थी जो नज़रो की थी और वो thi….manisha और सुनील ki….janha सुनील आराम से …. शिवानी अंजना के पास बैठा ह “ ाचा ह पिता और मारो हमेसाहा मुझे पिटवाता ह मेरी शादी karwayega,muje धोखा देगा …आज मज़ा ारः इसे मार खता देख कर अरे लेफ्ट से है पीठ पर ….है जोर से और ताकत se….are वंहा नहीं घुटनो पर maro…kaas पॉपकॉर्न और होते तोह शो देखने मई मज़ा आजाता और अचानक उसे बहुत दर फील हुवा और जब उसने इधर उधर देखा तोह मनीषा की गुसाई से भरी आंखे उसे दिखी जो उसे हे देख रही थी ….और कह रही थी जाओ मदद करो …सुनील की हालत पतली हो गयी वो धीरे से बोलै ….हे भगवन अब इसमे कौनसी देवी agayi….ohh …इनका भाभी वाला चैरेक्टर जाग gaya…..aur भाभी
चैरेक्टर माँ की तरह प्रोटेक्टिव होता h….sunil को दर तोह लग रहा था फिर उसे खुद की पीटती याद आगयी इसलिए वो खुदसे बोलै …बिलकुल नहीं हेल्प करूँगा उसने मनीषा की तरफ हिचकिचाते हुवे न मई गर्दन हिला di…bus मनीषा गुसाई से कांपने लगी ….sunil…dheere से शिवानी के पास इस तरह हो गया की बता रहो मेरे पास पुलिस का सपोर्ट ह मुझे नहीं लगता ह दर……
जगमाल सिंह— भीमा और मित्युदूत दोनों बहुत ताकष्तवर ह और सब सहदेव के साथ लाडे हुवे ह ….उनका ज्ञान …और अनुभव इतना ह की राज दोनों को एक साथ हराना मुश्किल ह….
अनिरुद्ध — है ठाकुर साब मैंने देखा ह दोनों को लड़ते हुवे सहदेव भाई के साथ ये दोनों खूंखार और बहुत बेहरहम ह ….
दिव्या “ मेरा बीटा दोनों पर भरी पड़ेगा…..
राज “ खुदसे प्रैक्टिस अछि हो रही ह कोई और मूव जो मैंने आप तक प्रैक्टिस नहीं किया बचा नहीं h….toh स्ट्रेंगत के साथ अटैक कर du…..abhi नहीं …थोड़ा और इनकी स्किल देख लू…”
राज ने दुबारा दोनों के कंधो पर कोहनी से वार का तरय किया और अपनी स्पीड से थोड़ा धीरे मार भी दिया जिससे दोनों को थोड़ा दर्द तोह हुवा पर दोनों ने एक साथ राज को पीछे की तरफ तेज़ी से धक्का दे दिया …राज 2 पलटी खाकर रुका और अब उसके चेहरे पर कुटिल मुस्कान आगयी पर आगे एक्शन लेता तभी उसे उसके सामने ….पोनी टेल मई छोटी बंधे लड़की की पीठ दिखाई दी…
और यही हाल बहार बैठे सबका था ….
दादाजी …..divya…..anirudh हैरान थे तोह भीमा भी हैरान था पर मित्युदूत के चेहरे पर बड़ी सी मुस्कान थी….
मित्युदूत “ अखाड़े …मई आपका कोई काम नहीं ह”
मनीषा “ वो मेरे टीचर ह ….तोह एक के सामने 2 कैसे हो सकते ह और मेरे टीचर भी रिस्तो के कारन हे हार रहे ह ….par…ladki समझकर हलके मई मत लेना muje….main कोई रहम नहीं करुँगी…
जगमाल सिंह — ये क्या ….ह उन्होंने तुरंत पीछे की तरफ देखा ……
सोनाली “ वो राज की स्टूडेंट भी ह और भाभी भी तोह दोनों हे रिश्ते से वो राज को हारते कैसे देखेगी”
दिव्या शॉक मई थी तोह सुनील बेचारअपने बाल नोच रहा था और दीपिका शिवानी उसकी हैलट पर मुस्करा रही थी….
अनिरुद्ध “ मनीषा बेटी को लड़ना अत ह”
सोनाली “ अंकल वो ब्लैक बेल्ट फाइटर ह और राज से लगभग 2 साल से ट्रेनिंग ले रही ह तोह क्या लगता ह”
दीपिका “सुनील तू तोह पिटेगा”
अंदर राज “ नहीं आपको अंदर नहीं आना चाहिए था फिर सोचकसर ..तीख ह ….आप इनसे लड़ चुकी हो इनसे जितनी दिएर लड़ेगी आपकी स्किल्स फ़ास्ट होंगी मैंने जो मूव्स बताये ह वो उसे कीजिये पर ये भी कोई रहम नहीं दिखाएंगे …फिर भीमा चाचा की तरफ मुस्कराकर ….बहुत खेल हो गया chacha…bheema भी मुस्करा कर आगे badha…toh…raj ने बिना देरी किये लगातार तेज़ी से वार करने सुरु कर दिए भीमा एक को रोकते तोह दूसरा पड़ता ….भीमा ने भी राज को पकड़लिया और वार कहते हुवे राज को उठाकर निचे पटक दिया पर राज लगातार वार करता रहा भीमा ने गले से पकड़कर राज को ऊपर उठाया तोह राज ने लात को भीमा छाछ के मू पर दे मारा भीमा चाचा पीछे खिसके तोह राज ने घुटनो की तेज़ी से चेस्ट पर दे मरी भीमा चाचा पीछे उड़ते हुवे गिरे राज भी जल्दी से पास पंहुचा और वार करने लगा तोह भीमा ने दुबारा उसी जकड लिया और उठाकर पूरी ताकत से दूर फेंक दिया …अबकी बार राज को जोर से दर्द हुवा …
भीमा “ जल्दी उसे हराओ हमे ये लड़ती जितनी ह किसी भी हाल मई …लड़ती मई कोई रहम नहीं“
मित्युदूत तेज़ी से वार कर रहा था पर मनीषा डॉज करते हुवे कभी घुटनो मई तोह कभी पेट पर वार कर रही थी वो मित्युदूत से 1.5 फ़ीट छोटी थी जिसका उसी फायदा मिल रहा था और राज की मूवमेंट स्किल की वजह से उसकी स्पीड मूवमेंट और रिएक्शन की तेज़ हो गयी थी ी इसलिए वो तेज़ी से अटैक कर रही थी पर ये ऐसा हे था जैसे हठी के ऊपर एक छोटे शेर ने अटैक किया हो ….मनीषा के वॉर से मित्युदूत को दर्द तोह हो रहा tha…par कुछ खास नहीं ….तभी मित्युदूत ने एक हाथ से पकड़कर मनीषा को दूर फेंक दिया जिसे मनीषा को तेज़ दर्द हुवा पर वो जल्दी से कड़ी हो गयी ….
मित्युदूत “ हार मानलो वर्ण बहुत दर्द होगा “
मनीषा “ मुस्कराने लगी “
मित्युदूत लगातार वार करने लगा जिसे मनीषा डॉज करती तोह कुछ बहुत तेज़ी से उसे लगते …
जगमाल सिंह “वह मज़ा आगया ….क्या लड़की h…nidar तेज़ diler…..bhai मुझे तोह अब ये सुनील की लिए चाहिए हे चाहिए ….”
दिव्या - वाकई पापा ये तोह बहुत तेज़ ह इसलिए हे तोह राज ने इसे पसंद किया मेरे बेटे की चॉइस ला जवाब ह…
मित्युदूत “ तुम्हारी स्पीड तेज़ हो गयी ह पर मुझे हरा नहीं सकती हो”
मनीषा “ मुझे तोह बस आपको रोकना था वो देखिये “
और जैसे हे मिरतिदूत ने पीछे देखा मनीषा तुरंत तेज़ी से ऊपर की तरफ खुदी और अपनी कोहनी की मित्युदूत के कंधे पर दे मरी ….और मित्युदूत समाज पता मनीषा ने पीछे आकर घुटनो के पीछे पूरी ताकत से किक मारी…
इधर राज ने भी भीमा चाचा को उठाकर मिटटी मई पटक दिया और पंच उनके मू पर रख दिया….
राज “ हार गए ….”
भीमा “ बहु का सहारा लिया “
राज “ रियली चाचा आपको ऐसा लगता ह”
भीमा तीख ह यार पर ये बहु को भी फाइट आती ह“
राज “ ये मेरा वो हहियार ह जो उस वक़्त काम आएगा जब हम सब अलग उलझे हुवे होंगे और ये परिवार की रक्षा करेंगी … है थोड़ी इमोशनल ह गुसा जल्दी अत ह बस ये एक कमी ह”
भीमा “ वो तुम्हे बहुत चाहती ह इसलिए उस सांड से भी भीड़ गयी”
राज “ आखिर कौनसी भाभी अपने देवर को कुछ होने देगी”
फिर राज ने मनीषा की तरफ देखा जंहा मित्युदूत ने मनीषा के दोनों हाथ पकड़ लिए थे ….
राज चिल्लाकर “जम्प किक ”
मनीषा “ ने तुरंत जम करके मित्युदूत के जबड़े पर किक मार्के खुद को फ्री करा लिया और जब मित्यु दूत ने पीछे मुड़कर देखा तोह फाइट ख़तम हो गयी थी वो गुसाई से भीमा को देखने लगा जबकि भीमा उसकी तरफ देख कर बोलै “ ऐसे मत देख मैं घर की बहु से नहीं पिता हु”…
मित्युदूत “ वहां मई मत रहना लड़के देखले …जब मार खायेगा तब समाज आजायेगा….”
मनीषा तुरंत राज के पास आगयी और उसको चेक करने लगी ….
राज - आपकी स्किल इम्प्रूव हो गयी ह….
चटककककक ….
राज हहहहहह….
Manishsa…ne उसके कपडे साफ़ करने जारी रखे और फिर अपनी चुन्नी से उसके चेहरे को साफ़ किया ….
सुनील “ है है है और करले भाभी भाभी “
राज “ मनीषा को बड़ी बड़ी आंखे फाडे और गाल पर हाथ रखे देखता रह गया”
मनीषा “ जब जल्दी हरा सकते थे …तोह पीटने की जरुरत थी”
राज “ पहले वजह पूछती सही नहीं लगती तब मरती तोह समाज अत रख दिया रैप्टा …कौन सी भाभी मरती h….main तोह खुद की और उनकी स्किल की कमी देख रहा था ताकि दूर सकू”
मेंशा गाल पर हाथ फिरकर “ तोह बोलना चाहिए था na…chalo गंदे हो गए हो चलकर नाहा लो”…
पूनम श्वेता कविता से “ राज के लिए मनीषा का प्यार आगे इस हद तक बढ़ जायेगा की किसी ने राज का बुरा सोचा तोह बैशाख वो राज के लिए उसे मरने मई भी हिचकिचाएगी नहीं …..वो राज के लिए बहुत जायदा पोस्सेसिवे होती जाएगी अब”
वंही अखाड़े से बहार आकर सुनील और मनीषा की आंखे मिली तोह मनीषा ने अपनी गर्दन झटक दी….
सोनाली सुनील से “ वैसे कुछ भी हो राज ने तुम्हारे लायक लड़की ढूंढी ह”
सुनील हैरानी से आंखे फाडे सोनाली को देखता रह गया …तभी पीछे से श्वेता ने उसे पकड़ liya….kya हुवा ….मेरे स्वीट से भाई को…..
सुनील “ होने क्या ह यार घर पर सब की सब ढोल की तरह बजती ह…
श्वेता गाल को चुमकार तू सब का लाडला ह न मेरी जान…
सुनील - है वंहा आइलैंड पर तेरी मूझ हो रही ह न ….सही ह …सही ह…
श्वेता — िलोवे ु मुझे पता ह ….तूने हे सब अर्रंगे किया इसलिए उमंमाहहह उमंमाहहह उमंमाहहह …
सुनील - पूरा चेहरा गिला कर दिया चल अब
हवेली मई एक ऑवर बाद…
जगमाल सिंह के रूम मई —
“ बेटी तुम्हारे chacha..Ka क्या नाम ह”
पूनम “दादाजी रणवीर सिंह”
जगमाल सिंह ने एक गहरी सांस ली और खड़े होकर बुक शेल्फ के पीछे से एल्बम निकला और पूनम को दिखाया…” क्या यही तुम्हारे पिता ह“
पूनम ने जब उस ग्रुप फोटो को देखा तोह हक्की बक्की रह गयी उसकी नज़र एक बार एल्बम पर तोह एक बार उसकी नज़र जगमाल सिंह पर जाती अपनी माँ पापा की फोटो देख उसकी आंखे भीग गयी…
जगमाल सिंह “ न बेटी न बिलकुल रोना नहीं h….kya इसलिए मैंने तुम्हे फोटो दिखाई “
पर पूनम अपनी भावनाओ को रोक नहीं payi….hamesha मुस्कराने वाली लड़की का चेहरा आंसुओ से भीग गया …
जगमाल सिंह- ाचा क्या जानना नहीं चाहोगी ये फोटो मई कौन ह तुम्हारे मम्मी पापा की गोद मई ….
पूनम ने दादाजी की तरफ से देखा और है मई गर्दन हिला दी….
जगमाल सिंह “ये राज ह “
पूनम की भीगी आंसू हैरानी सी फ़ैल गयी उसके चेहरे पर हज़ारो सवालिया निशान थे ….जो जगमाल सिंह ने पढ़ लिए….
जगमाल सिंह “ तुम्हारे पिता और राज के पिता जिगरी यार थे …मानलो एक जिसम दो जान…
पूनम ये बात जानकार हैरान रह gayiii…wo अब जगमाल सिंह की तरफ उत्सुकता से देखने लगी….
जगमाल सिंह — तुम्हारा नाम मैंने हे रखा h….poonam…jo अँधेरी रात मई भी अपने उजाले से दिलो के अँधेरे को दूर कर देती ह ….और ये देखो ये तुम तीनो हो और तुमने राज की ऊँगली भी कसकर पकड़ी हुवी ह जिसे देखकर सब हसने लगे थे की लड़की ने पैदा होते हे लड़का पसंद करलिया…
पूनम के चेहरे पर मुस्कराहट आगयी और बोधायन से फोटो को देखने लगी ….बोली मई एक फोटो ले लू दादाजी प्लीज …
जगमाल “ क्यों नहीं …ये कहते वक़्त धयान से पूनम को देखने लगे”
पूनम - ये कौन ह दादाजी
जगमाल सिंह - ये ऋचा ह और ये जो तुम्हे झूला झूला रही ह na…ye सोनाली beti…h
पूनम सोनाली…
जगमाल - है जिसे तुम अभी मिली हो…
पूनम तोह हैरान परेशां हो राखी थी उसे आज जितना बड़ा शॉक कभी नहीं लगा था ..
पूनम और बताईये न दादाजी मुझे और जानना ह
जगमाल सिंह - ये सोनाली के बर्थडे की फोटो ह …सहदेव और सोनाली के पापा साथ मिलकर गुनहगारों को ख़तम करते थे …और अनिरुद्ध के परिवार को सहदेव ने बचाया तोह धीरे धीरे तीनो मई दोस्ती बढ़ती गयी …तुम्हरे चाचा का दिल्ली काम पड़ता रहता था इसलिए अनिरुद्ध से उनकी भी दोस्ती हो गयी …इसलिए सभी यंहा सोनाली के बर्थडे पर इखट्टा हुवे थे …जब तुम तीनो को पलने मई लेटाया तब सोनाली तुम तीनो को देख कर बहुत खुस हुवी और वो बरी बरी तुम्हे झूला देने लगी और कहने लगी मुम्मा क्या मई सभी को अपने पास राखलु और बस उसी याद को यादगार बनाने के लिए कैप्चर कर लिया …….
पूनम “ पर चाचा जी ने तोह कभी बताया हे नहीं “
जगमाल सिंह “ बेटी बहुत से राज ह जो तुम्हे नहीं पता ह अभी …….और मैं अभी तुम्हे बता भी नहीं सकता हु …और देखो इतने सालो बाद आज फिर तुम चारो एक साथ हो …तुम्हारी किस्मत मई एक दूसरे का साथ लिखा हुवा ह “
पूनम के दिल मई एक सवाल बहुत दिएर से उठ रहा था और उसे उसने पूछ हे लिया“ क्या मेरे माता पिता एक्सीडेंट मई मरे गए थे “
जगमाल सिंह “ तीख ह जवाब दूंगा पर वचन दो आगे सवाल नहीं करोगी”
पूनम “वडा मई नहीं पूछूँगी”
जगमाल सिंह “ तुम्हारी माँ की मौत गोली लगने से हुवी thi….jisai एक्सीडेंट दिखाया गया tha….aur तुम्हारे पिता की मौत हुवी ह या नहीं ये आज भी पहेली ह वो आखिरी बार मुझसे मिलने के बाद सहदेव से हे मिलने गया था और फिर सब बिखर गया …..क्यों हुवा किसने किया इसी पहेली का जवाब राज धुंध रहा h……par तुम कभी भी राज को कुछ नहीं बताओगी …उसे खुद सब सवालो का जवाब ढूंढने दो ….मुझे यकीं ह वो अतीत के हर खोये पैन को धुंध निकल लेगा ……और रविंदर के साथ क्या हुवा उसका भी जवाब मिल जायेगा “
पूनम “ क्या उनकी जिंदगी हमेशा इतनी मुश्किल भरी रहेगी…”
दादाजी “ हां बेटी …पर तुम सब हो न उसके साथ ……जैसे तुम्हारे पिता न हमेशा उसके पिता का साथ निभाया मुझे यकीं ह तुम भी उसका साथ निभाओगी”
पूनम ने है मई गर्दन हिला दी…
दादाजी “ तुम्हारी राशि कन्या ह “
पूनम “ जी क्या हुवा दादाजी “
दादाजी “कुछ नहीं बस उसके साथ रहना ….”
पूनम “ कोसिस करुँगी दादाजी”
जगमाल सिंह “ खुस रहो मेरी बची तुम चाहो तोह ये एल्बम ले जा सकती हो देखकर दे देना पर बहार किसी को समाज गयी न ..
पूनम “ थैंक यू दादाजी …और गले लग गयी “
जगमाल “ थैंक यू कहती ह रणवीर ने यही सिखाया ह… “
फिर काफी दिएर और पूनम से बाते करते रहे और जब रूम से बहार आयी तोह पूनम का दिल दुखी भी था और खुस भी क्योकि उसे पता लग गया था की उसका साथ राज के साथ बचपन का h…par दुखी वो इसलिए थी की उसके माँ पापा की मौत क्यों हुवी या उसके पिता जिन्दा ह उसे कुछ नहीं पता tha…..wo जैसे हे बहार निकली उसे सोनाली सोफे पर फ़ोन पर बात करती हुवी दिखाई di….uske चेहरे पर प्यारी सी मुस्कान agayi….usne खुद को वैसा हे इमेजिन किया और महसूस किया की सोनाली उसे पलने मई मुश्किल से हिलती हुवी खिला रही h…..sonali की नज़र भी पूनम की तरफ गयी उसने धयान से पूनम को देखा …पूनम बिना कुछ कहे राज का रूम जो अभी उसका था वंहा आगयी …….
राज ….कविता ममता …रिफत …जहान्वी …एक हे रूम मई बैठे गप्पे मार रहे थे …
तभी …
छोटी चची — राज आपको मंदिर जाना ह वंहा पहुंचने मई समय लगेगा इसलिए आप तैयार होकर निचे आईये दादाजी आपका इंतज़ार कर रहे ह…
राज “ जी चची आज हम खेत वाले घर मई रुकेंगे तोह वंहा किसी को कहकर साफ़ सफाई करवा दीजियेगा“
छोटी चची …मुस्कराकर “किसके साथ रुकेंगे आप वंहा”
राज “ नहीं नहीं ….हम सब होंगे ….”
छोटी चची “ तोह हमने तोह कुछ गलत सोचा हे नहीं सिर्फ सवाल पूछा सुर मुस्कराते हुवे वापस चली gayi”phir वंहा से ऋचा के पास “ यंहा रूम मई बैठने से वो तुम्हारा नहीं होगा ….”
ऋचा “मैं “
छोटी चची - शादी हो भी गयी बेटी तोह भी वो प्यार नहीं मिलेगा और शिकायते …बाटे करने से हे दूर होती h…wo ऊपर से सख्त अंदर से नरम ह चलो ..तुम्हे उसके साथ मंदिर के लिए जाना h….aur ऋचा के गाल को सहला कर चली गयी”
सोनाली ने पूनम को तैयार होकर निचे आते देखा तोह धयान से देखने लगी और पूनम की नज़र भी ….बराबर सोनाली पर हे थी जंहा पूनम के दिल मई प्यार और इज़्ज़त थी तोह सोनाली के दिल मई ढेरो सवाल इसलिए उसने पास एते हे पूछ लिया .
सोनाली “ बैठो ….तुम मुझे देखती क्यों रहती हो”
पूनम “ नहीं देखने की एक वजह बता दो ap…ACP हो स्टाइलिश हो …..हिघ्त फैसिक सब परफेक्ट ह ..तोह क्यों नहीं देखु”
सोनाली “ तुम सीधा जवाब नहीं दे सकती हो”
पूनम “ यही सवाल मेरा ह आप सीधा सवाल जो मन मई ह वो क्यों नहीं पूछती हो”
सोनाली को इर्रिटेशन होने लगी और उसने आंखे बंद करके खुद को शांत किया …सामने बैठी पूनम प्यारी मुस्कान के साथ सोनाली को देखती रही …
सोनाली “ राज को पसंद करती हो”
पूनम “ वो अचे इंसान ह …तोह क्यों पसंद नहीं करुँगी “
सोनाली फिर इर्रिटेट होने लगी पर घर थी तोह गुसा दबा कर रखा.. “ मेरा मतलब ह क्या तुम उसे प्यार करती हो”
पूनम “आप और मई सुनील को राखी बांध कर बहन बन गयी ह और इस नाते मैं आपकी छोटी बहन हुवी इसलिए जो आपको पसंद ह वो मुझे भी पसंद होना चाहिए न तोह है प्यार तोह ह…”
सोनाली को अब गुसा आने लगा सुर पूनम को सोनाली की झुंझुलात पर प्यार ारः था..
सोनाली “ फाइन तोह तुम सीधा जवाब नहीं डौगी तीख h…muje भी कुछ नहीं पूछना ह तुमसे “
पर पूनम कान्हा छोड़ने वाली थी…” आपको दर ह की मैं राज को चीन न लूँ”
सोनाली “ तुम “
पूनम “ बहन छोटी बहन …”
सोनाली गुसाई से दन्त पिसती रह गयी….
तभी जगमाल सिंह “आपको पता ह न की हमे मंदिर जाना ह फिर आप ऐसे बैठी हुवी ह तैयार क्यों नहीं हुवी”
सोनाली “ वो दादाजी मैं”
जगमाल सिंह “जाओ जल्दी से तैयार होकर औ देखो पूनम बेटी तैयार ह…”
सोनाली ने पूनम को देखा तोह पूनम अपनी प्यारी सी मुस्कान से सोनाली को देख हे रही थी…..
कुछ दिएर मई ….ऋचा भी आगयी….
ऋचा “ दादाजी हम कूल देवी के मंदिर जा रहे ह….
दादाजी- है मैं बहार हु तुम सब जल्दी से ाजाओ…
राज निचे आया तब
सुनील राज को देखकर मुस्कराने लगा….
राज तुजे क्या हुवा
सुनील “ देख रहा हु होने वाली बीवी मेरी तुजसे प्यार करती h….bahane मेरी तुझे पसंद करती h….aur …तेरी वजह से पिटाई मेरी होती h….toh इस हिसाब से तू मेरा राहु और केतु दोनों ह समझा…..”
राज “ गुसा क्यों होता h”tabhi ऋचा और पूनम दोनों एक साथ गेट के पास से पीछे मुड़कर राज को देखा
सुनील “ ये ले दोनों तुजे हे देख रही ह और है दोनों को कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए समझा ….”
राज “ सेल बहन क्या मिली पलट गया “
पूनम दूर से चिल्लाकर “ भाई आप भी चलो हमारे साथ “
सुनील “ रहने दो मैं गया तोह खवामा खा ये पिट jayega…iski वजह से तुम्हारी भाभी जो हुवी भी नहीं ह अभी तक वो पहले हे भड़की हुवी h…ab अगर इसे हाथ लगाया तोह शादी से पहले हे डाइवोर्स हो जायेगा और बाकि सब भी मेरी हे गलती मानेगे”
ऋचा “ ohh….hum ह न हम मन लेंगे उन्हें हमारे रहते आपको बिलकुल चिंता करने की जरुरत नहीं ह “
सुनील “ तुम जाओ ये तुम्हारे लिए ी मैं इस बेशरम के लिए h…phir धीरे से और तू उड़ मत जायदा ऊपर देख मेरा ब्रह्मास्त्र ारः h….beta चैन से तुजे भी जीने नहीं दूंगा मैं….
राज ने ऊपर देखा तोह सोनाली प्रिंटेड …क्रीम कलर के सूट मई आरही थी राज का तोह मू खुला का खुला रह गया….
सुनील “मू बंद कर कमीने बहन ह मेरी और खबर दार जो गलत सोचा …बहुत पीटूंगा”…
राज हैरानी से मुझे पिटेगा …
सुनील शादी के बाद जो करना हो वो करना पर अब नहीं समझा दफा हो जा अब …ताकि मेरा राहु केतु की दशा तीख हो ..
सोनाली पूनम को देखते हुवे जान भुजकर राज के पास गयी और उसका हाथ पकड़कर बहार आने लगी …..पूनम के चेहरे पर मुस्कराहट आ गयी …
ऋचा हालत से मजबूर थी इस लिए वो न कह सकती थी न दिखा सकती थी अपनी फीलिंग्स इसलिए वो ….बस जो हो रहा था होने दे रही थी…..
राज के दोनों तरफ तीनो लड़किया बाला की ख़ूबसूरत लग रही थी पीछे ….
सुनील “ मेरे भाई ऋचा अब मेरी बहन ह और मुझे पता ह वो बदल गयी h….par तू भी जिसे दूर कर देता ह उसे दूर कर हे देता h…..na मैं उसकी साइड ले सकता हु न teri…hey ईश्वर ….राज ऋचा को कभी भुला हे नहीं इसलिए ऋचा को कभी उसे दूर मत karna…..tabhi उसकी नज़र दूसरी मंज़िल पर गयी जंहा मनीषा कड़ी उसे हाथ जोड़ ऊपर वाले से दवा मांगते देख रही thi”usne अपने दोनों कान पकड़ माफ़ी मांगी तोह मनीषा ने गर्दन झटक दी और वापस रूम मई चली गयी….
सुनील मू लिए खड़ा रह गया…
बहार दादाजी ने पूनम और सोनाली को अपने साथ चेतक मई बैठा लिया जबकि राज और ऋचा पीछे वाली दूसरी कार मई बैठ गए …..
राज ऋचा के साथ उनकंफर्टबले महसूस कर रहा tha…..aur कुछ भी नहीं बोलै ….
कार जैसे हे गाँव से 10 कम दूर निकली …झाड़ियों से एक आदमी ने फ़ोन निकला और कॉल लगा दिया सुर जब समने से hello की आवाज आयी तब वो बोलै “ ठाकुर साब 2 गाड़िया निकली h….chote उदयपुर के रस्ते पर “
ठाकुर “ क्या ….बहुत भेड़िया आगे के आदमियों को फ़ोन लगा और उन्हें बोलना मुझे फ़ोन करते रहे मुझे हर जानकारी चाहिए ह “
आदमी जी ठाकुर साब….
कॉल कट होते हे “ ठाकुर जगमाल तुम मेरे बेटे को mara….uska बाप अभी जिन्दा ह हरेंद्र और हरी तुम्हारी कसम तुम्हारा बाप आज जगमाल सिंह के खून से नहाकर तुम्हारी आत्मा को शांति dega….itna कह उसने अपने सभी आदमियों को इखट्टा करना सुरु कर दिया …
इन कार …
ऋचा “ क्या मेरे बैठने से तुम्हे परेशानी हो रही ह तोह मई उतर जाती हु”
राज “ नहीं “
ऋचा “ मुझे नहीं पता तुम क्या सोचते हो …पर राज मैं भी 16 साल की हे thi….us waqt…jo दिखाया वो देखा मैंने “
राज “ अब कोई बात नहीं उस बारे मई”
ऋचा “ राज की तरफ घूमकर पर मुझे बोलना ह और तुम्हे सुन्ना होगा …….”
राज ने कुछ नहीं कहा ….
ऋचा “ मन मई थी पैसो की ghamandi….bewakoof पर प्यार तुम्हे हे kiya….aur tum…toh समझदार थे ..सब पता था सबकी मदद करते the….kyo नहीं बताया सच तुमने ….”
राज गुसाई से “ तुम सुनती मेरा सच”
ऋचा “ नहीं सुनती जबरदस्ती बताते नहीं सुनती तोह एक थपड मर देते अकाल आजाती …उन लोगो की असलियत बता देते तोह ….आज जो मेरी हालत ह वो तोह काम से नहीं होती …..सिर्फ लड़ती हे न तुमसे पर तुम तोह पावर फुल थे न क्या कर पति मैं tumhara…par आज ऐसे तुम्हारे बिना घुट घुट कर तोह नहीं जीती मैं….”
राज बस ऋचा की बात सुनता रहा ….
ऋचा “ कैसे कैसे मैं तुम्हे किसी सुर के साथ देख पति बताओ जब सबने बोलै की औ तुम्हे राज का सच दिखते ह मैं सच देखना चाहती थी और जो दिखा वो मैंने अपनी आँखों से देखा ….अगर यही सब तुम्हारे सामने मई करती तोह…“
तड़क ….एक जोरदार झापड़ ऋचा को पड़ा ….
ऋचा रट हुवे “ बस यही थापड़ा उस वक़्त क्यों नहीं मारा ……उस समय क्यों नहीं जताया ये हक़ ….
उस वक़्त क्यों नहीं दिखाया ये gusaa….phir आंसू पूंछकर मुस्कराते हुवे …तुम झूट बोलते हो की तुम मुझे प्यार नहीं करते ho…muje भूल गए ho….par सच ये तुम अभी भी मुझे प्यार करते हो ….मैं तुम्हारे लायक हु मैं ये साबित karungi…..itna याद रखना साडी गलती मेरी हे नहीं thi….jindgi भर साथ निभाने का वडा तुमने भी किया था तोह मेरे कहने भर से हे छोड़ डोज मुझे …चले जाओगे मुझसे dur…….phir गहरी सांस लेकर …मैं इस जनम तोह तुमसे अब दूर नहीं जाउंगी …तुम जितना दूर जाओगे मैं पास आउंगी …तुम अवॉयड करोगे मैं sahungi….tum मरोगे तोह भी सहूंगी पर दर्द या शिकायत की उफ़ तक नहीं karungi….tumhe …कोई और भी पसंद आयी तोह भी कुछ नहीं कहूँगी पर तुम्हे प्यार करती हु और करती रहूंगी ये हक़ तुम मुझसे चीन नहीं सकते हो………
ऋचा रट हुवे जा रही थी और अपनी फीलिंग्स बताये जा रही thi…..aur राज पत्थर की तरह बिना किसी एक्सप्रेशन के सामने रस्ते को देख रहा था……..
और ऋचा बस उसे ….
तोह कार मई जगमाल सिंह…..
जगमाल सिंह “ लगता ह सोनाली बिटिया आज परेशां ह…
सोनाली नहीं तोह
पूनम “ लग तो यही रहा ह दादाजी चेहरे ह ….लगता ह किसी ने सुभे सुभे गुसा दिला दिया ह”
सोनाली ने पीछे मुड़कर पूनम को देखा….
जगमाल “ मुझे लगता ह दोनों बहनो की अभी तक तीख से मुलाकात हुवी नहीं ह
पूनम “ नहीं दादाजी दी बहुत अछि h…bus इन्हे प्यार जाताना नहीं अत h…thodi गुसैल h…par दिल की बहुत अछि ह..
दादाजी तुम्हे इतनी जल्दी कैसे पता लगा
पूनम “ वो रात को”
सोनाली जल्दी से “ रात को खाना खिलते वक़्त हमारी मुलाकात हुवी थी इतना कह उसने पूनम को घूकर देखा”
जगमाल “ पर रात को तोह मैंने किसी और को भी साथ देखा था “
सोनाली और पूनम दोनों चौंक पड़े और एक दूसरे को देखने लगे …..
दादाजी “ है …मनीषा को भी देखा था …गैलरी मई ”
पूनम और सोनाली की जान मई जान आयी….
सोनाली हम कान्हा जा रहे ह दादाजी…
दादाजी “ हम राज की लम्भी उम्र की दवा के लिए जा रहे ह….”
सोनाली “उसकी उम्र वैसे हे बहुत लम्बी ह दादाजी काम से काम 100 साल जियेगा
दादाजी आठ भरकर “ बेटी किसीकी जिंदगी मई क्या हो जाये यंहा बैठे सब समझते ह तुमने सबने अपनों को खोया ह …. और इस बची ने तोह बचपन मई हे सब खो दिया …तुम्हारे भीमा चाचा …देखलो और मैं तोह हु हे….
भीमा “ आप ऐसी बाते मत किया कीजिये ….मैं आपका बीटा नहीं हु क्या मैंने कोई कमी छोड़ी ह बीटा बनने मई और आपको और बड़ा परिवार चाहिए तोह राज की कई शादिया करा दीजिये और उनसे खूबसरे पोता पोटिया मिल जायेंगे आपको”
भीमा की बात सून जंहा सोनाली चुप तोह पूनम शर्मा गयी…
दादाजी “ अरे तुम सब हे तोह परिवार हो … लो 2 घंटे कैसे निकले पता हे नहीं और हम पहुंच भी गए”
तोह उधर पूरा गाड़ियों का काफिला एक के बाद एक छोटे उदयपुर की तरफ ारः था… “ एक काम कर वंहा के प्रधान को भी बोल दे …अब बरसो पुराणी दुस्मनी ख़त्म करने का वक़्त आगया ह ..या तो वो आज मरेगा या मैं मरूंगा …पर इस बार आर पार की जुंग hogi……jis मंदिर पर तूने मेरे पिता को मारा वंही तुझे मरूंगा जगमाल ….
वंही मंदिर की जगह देख पूनम खुस हो गयी ……और दादजीको देखने लगी….
वंही राज “ ी म सॉरी”
ऋचा किस लिए थपड के लिए ….प्यार से न सही गुसाई से हे सही तुमने हक़ तोह जताया इतना कह उसने अपने बाल तीख किये ताकि राज का थपड न दिखे और हल्का सा फेस पर टच उप कर लिया
राज उसे देखता रह गया ….
ऋचा ने उसका हाथ पकड़ा और आगे दादाजी की तरफ चलने लगी सोनाली बिना किसी एक्सप्रेशन के ऋचा को देखने लगी…..
जगमाल सिंह - भीमाआ….
भीमा “ समाज गया….”
राज कोई बात h….dadaji…
जगमाल सिंह - आप तीनो जाये और पंडित जी जैसा कान्हे आप चारो को करना ह हमे कई सवाल नहीं चाहिए …खासकर सोना बेटी आप और राज…
दोनों एक साथ जी दादाजी ….
तीनो पैदल हे पहाड़ी की आधी ऊंचाई जो कार से पूरी कर्ली थी बाकी उन्हें पैदल हे पूरी करनी थी और जब वो ऊपर पहुंचे तोह..
पूनम “ वो क्या जगह ह कितनी शांति h…sonali दी आपके लिए अछि ह”
सोनाली “ तुम”
पूनम “ छोटी बहन पर गुसा करती हो आप toh….gusail दीदी”
सोनाली दन्त पिसती रह गयी और ऋचा और पूनम मुस्कारने लगी ….
मंदिर के अंदर पहुंचे तोह पूरा मंदिर सजा हुवा था और सामने बड़ा सा हवनकुंड था ….और उसके पास बैठे हुवे थे लम्भी धड़ी और धोती पहने हुवे पंडित जी….
पंडितजी “ औ bacho…ao…main तोह कबसे तुम्हारा इंतज़ार कर रहा था…. बहुत देर करदी आने mai…aur तुम बीटा raj….bachpan मई देखा tha…ab बहुत बड़े हो गए हो…. औ बैठो …और तुम तीनो ….राज की धांई तरफ बैठना …”
बाकि किसी को तोह नहीं पर पूनम को बखूभी पता था की धांई तरफ बैठने का क्या मतलब होता ह और उसे हैरानी तब हुवी जब ..पंडित जी उसके चेहरे को देख मुस्कुरा रहे थे ….और वो तब हैरान रह गयी जब पंडित जी बोले “ तुम्हारी मनोकामना जरूर पूरी होगी यही तुम्हारी नियति h….par जिमि दरिया भी बहुत होंगी”
आपसबके प्यार और साथ के लिए dhanyawad….agla अपडेट एक ढंकेदार एक्शन पैक्ड hoga….ek नए राज़ के साथ………..