Adultery Raj-- hero of the family - Page 59 - SexBaba
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Adultery Raj-- hero of the family

वेडनेसडे मेघा अपडेट

नेवर एवर टच माय फॅमिली part 2....

आज रात 10 बजे
 
अपडेट 192…

एवर नेवर टच माय फॅमिली part 2…

मर्सिलेस निर्वाण….

War……countdown……begins

…4…..उपदेट्स तू लेफ्ट ……

“ अरे रे ये का …तुजे तोह गोली लग gayiiii…ha है है …सब धयान रखो रे एक बार मई नहीं मरना ह आराम से धीरे धीरे तड़पा तड़पा कर”

निचे खड़ा निर्वाण मुस्कारते हुवे आदित्य को देखने laga…..aur फिर आदित्य की तरफ अपने हाथ के इशारे से कहा “इंतज़ार कर तड़पा तड़पा कर ये सब्द मुझे बहुत पसंद ह” और फिर गोलियों के बिच से दुबारा से आगे भगा …और इस बार ज़हीग जहाज की स्टाइल मई भगा ताकि एआईएम न लगा सके कोई …..तभी रात के काळा आसमान मई कड़कड़हट के साथ बजली चमकी …और निर्वाण के चेहरे पर क्रूर मुस्कान agayiii….par अभी वो एक जगह छिपकर खड़ा होकर मुस्कुराया हे था की तभी एक गोली पीछे से आकर कंधे मई लगी….

निर्वाण “मेरे पीछे तोह कोई नहीं ह फिर कैसे ….मतलब आटोमेटिक गन्स ह यंहा और उन्हें कंट्रोल करने के लिए आदमी होंगे अंदर पर ये देख कैसे प् रहा h….cctv ….तभी उसकी नज़र छोटे छोटे कक्तव पर गयी जो हिडन तरीके से छिपकर लगाए गए थे….”

“ पता लग गया तुजे ओह मैं तोह बताना हे भूल गया ….ये गोली नहीं ह ये वाली गोली तुजे गहरी नींद मई सुलाने के लिए थी ताकि तुजे जिन्दा पकड़ saku…ab ये पल पल तुज पर असर करती jayegi….phir चिल्लाकर कोई गोलिया नहीं चलाएगा …इसे जिन्दा पकड़ो …. ओह मैं तुजे बताना हे भूल गया ये देख तेरी ये रही तेरी शिवानी mam….kahe तोह फेंक दू यही से निचे ….”

निर्वाण के साबरा का बांध अपने चरम पर पहुंच गया था और अब उसे बहुत बहुत जायदा गुस्सा आने लगा था……

आदित्य….“ बस यही तड़प यही बेबसी देखनी ह मुझे …अजा अजा ….तेरे मरने के बाद इसे भी थोड़ी दिएर खेलने के बाद तेरे पास भेज दूंगा”

और बस आदित्य के आखिरी सब्द काफी थे उसका साबरा का बांध तोड़ने के लिए …गुसाई से निर्वाण की आंखे जलने लगी और उसी ढकती आँखों के साथ उसने आदित्य की तरफ देखते हुवे कहा…

“ तेरी रूह सिर्फ मेरी ह …..अब तू जियेगा अंतिम साँस तक जियेगा और हरपाल सोचेगा की क्यों मैं कुत्ते की तरह भोंका”

इतना कहने के साथ उसने पेट के पास हुवे गोली के घुत्व मई उसने ऊँगली घुसेड़ डीई और दर्द से दांत पीस liye….uspar हावी हो रही नींद की दवाई ने काम करना काम कर diya…..aditya ये ऊपर से देखते रहा …अब आदित्य के किलर्स ने भी निर्वाण को घेर लिया….

शिवानी “बेवक़ूफ़ तूने क्या कर दिया ये”

आदित्य “ तेरा आशिक़ ह क्या रंडी जो कब से पातर पातर कर रही ह उसके सामने हे छोडूंगा कुछ दिएर रुकजा”

निर्वाण के ऊपर जैसे हे एक ने हमला किया ….

तोननननन …..की जोर से आवाज आयी और फर्श पर तेज़ी से खून बिखरने laga…..sab एक बार निर्वाण की तरफ तोह एक बार अपने साथी की तरफ देखते ….क्योकि अभी अभी जो सन उन्होंने देखा वो आज तक पूरी जिंदगी मई भी कभी नहीं देखा tha……huva ये की वो आदमी तेज़ी से मरने आया पर राज फुरसति से उसके पास पंहुचा गया और उसको गर्दन के पीछे से पकड़कर उसकी स्पीड को और भाड़ा दिया और फिर सामने मचिनार्य का एक बड़ा सा पाइप जैसा हिंसा बहार निकला हुवा था उसपर उसके सर को भिड़ा दिया ….और टकराने से वो आदमी पीछे हुवा तोह निर्वाण ने उसे गिरने नहीं दिया और वो भी उसको पकडे हुवे हे एक कदम पीछे आया फिर दुबारा से वैसे हे वापस उसके सर को वापस वंही भिड़ा दिया ….जिसे सर का आधा हिंसा चपटा हो गया और फिर रही सही कसार निर्वाण के उस जबड़े पर पड़े पंच ने करदी उसकी गर्दन पीछे की तरफ झूल गयी और वो निचे फर्श पर गिरा और ये सब सिर्फ चाँद सेकंड मई हुवा था ….

निर्वाण आदित्य की तरफ देखने लगा

“मैंने कहा न तेरी रूह सिर्फ मेरी ह अपने इन्ही हाथो से तड़पाऊंगा …..और फिर तुजे जिसने काटना सिखाया उसे इसी भी बुरी तरह तड़पाऊंगा….”

आदित्य की सकल मई अचानक थोड़ा बदलाव आया …और खुदसे हे मन मई बोलै “ इसे कैसे पता लगा की मेरे साथ कोई और भी शामिल ह …प्लान मई…”

निर्वाण “ एक सवाल ….उस लड़की को हाथ से किसने चुवा ….”

आदित्य “ पकड़ो सेल को …”

और फिर से फर्स्ट फ्लोर पर खड़े 4 एक साथ ए …पहला वार डॉज दूसरा के वार डॉज और तीसरे का वार भी डॉज चौथा वार करने लगा जब तक ….खच ……khach…..uska अटैक वाला हाथ और एक पेअर काट कर अलग हो चूका था….

“ खून की खुसबूओ कितनी मनमोहक ह ….”

इतना कहते हे वो पलटा और एक के पेट मई हाथ मई पकडे डैगर को आरपार कर diya….aur ऊपर निचे धन्य भये कई बार ट्विस्ट किया उस आदमी की ांतिदिया बहार आकर गिरी …और वो वंही गिर गया …..पीछे दो जाने जो अटैक वाले बचे थे और बाकी गुंडों ने भी अपने हथियार निकल लिए …क्योकि वो सामने खड़े शख्स का वहसि पैन देख चुके थे अब उन्हें अपनी जान की परवाह thi….upar खड़ा आदित्य भी एक पल घबरा गया था पर उसे अपने प्लान बी पर भी भरोसा tha….Nirwana के ऊपर अब सबने एक साथ वार किया …तोह निर्वाण किसी मछली की तरह फिसलता हुवा पूरी भीड़ के बिच मई घुस गया …और जब वो निकला तोह किसी के हाथ तोह किसी के पेअर निचे कटे हुवे पड़े थे तभी एक गोली आकर और लगी….

आदित्य “ क्या बात ह …तू तोह बहुत स्ट्रांग निकला ये तेरी एक सुर दोसे ह नींद की ….मज़ा ारः ह …आजा aaja…3rd फ्लोर पर hu…aur हर फ्लोर पर तेरे लिए …. सुप्रिसे तैयार ह ….”

इधर मनीषा होम ….

“ दादाजी ….हमे आपसे कुछ नहीं चाहिए h….bus चाहिए ह तोह मनीषा beti….wo पढ़े लिखे जो करना ह करे हमारे इतने बड़े परिवार मई जंहा रहना ह रहे हमे कोई दिकत नहीं h…wo हमरे घर की तीसरी पीढ़ी की सबसे पहली बहु ह…”

रंजन “ हमे कोई अप्पत्ति नहीं ह और मनीषा ने भी हां करदी ह …क्यों सही सही कहा न “

ममम “बिलकुल पर जिसकी शादी की बात की जा रही ह वो कान्हा ह …”

बूम ये फूटा बम …और पूनम ने बड़ी मुश्किल से अपनी हंसी रोकी….

कविता धीरे से “ क्या हुवा”

पूनम “ आंटी समाज रही ह राज की शादी की बात करने ए ह बस देखती जा बहुत मज़ा आने वाला“

कविता “ भाभी आप”

पूनम “ इस्स्स्सह्ह्ह”

दादाजी “ आया नहीं ह ये तोह रहा सुनील “

मनीषा माँ शॉक से कड़ी हो gayi“kyaa पर मनीषा तोह राज से प्यार करती ह”

बूम……


ये एक और बम फूटा और सुनील ने अपने सर पर हाथ मार लिया और धीरे से bola“kyo भ्सी क्यों एक काम तोह सीधे से करले मतलब बहने के बाद बीवी भी”

यही हाल मनीषा का भी था और बाकी सभी कंफ्यूज हो रखे थे की kaise…..aur क्या कहे …

रंजन “ पर हम तोह अभी बात राज और मनीषा के रिश्ते की कर रहे ह”

मनीषा माँ “है मनीषा राज को प्यार करती ह मैंने उसकी बातो मई उसके बेहेवियर मई देखा ह वो जब भी बोले राज मेरे लिए ऐसा ह मैं उसे बहुत पसंद करती हु हमेशा उसके पास रहूंगी वैगरह हमेशा बोलती रहती ह इसलिए हे तोह हम इतने खुस ह क्यों बेटी पूनम तुम चुप क्यों हो बताओ तुम्हे तोह सब पता ह न और हमारी बात भी हुवी थी“

पूनम जो मजे से सन का मजा ले रही थी उसकी हंसी गायब हो गयी और वो हड़बड़ा गयीईइ …. मनीषा ने आंखे बड़ी कर पूनम को देखा और ऐसे हे बाकी सब देखने लगे ….

पूनम “सॉरी आंटी राज जी और मनीषा बेस्ट फ्रेंड्स ह और राज जी ने मनीषा को हमेशा अपनी दोस्त के रूप मई देखा ह इसलिए वो हमेशा चाहते थे की एक सच्चे दोस्त के रूप मई मनीषसे हमेशा उनके साथ रहे ….और मनीषा मई उन्हें अपनी भाभी दिखने लगी और फिर उनहोंने मनीषस को अपने बचपन के दोस्त के लिए पसंद kiya……Rahi बात प्यार की तोह बेशक एक देवर अपनी भाभी को प्यार करता ह क्योकि भाभी माँ जैसी होती h….aur बेशक एक भाभी के लिए उसका देवर उसके बेटे जैसा उसका बेस्ट फ्रेंड होता ह तोह मनीषा भी राज जी प्यार करती ह….

पूनम का एक्सप्लनेशन सून सबके एक्सप्रेशन फ्रीज से हो गए कुछ पल के लिए …फिर …

दादाजी “आप मनीषा बेटी के माता पिता ह आपको पूरा हुक ह उसकी जिंदगी का निर्णय लेने का ….मैं बस इतना kahunga…hamra ये पूरा परिवार उसे बहुत खुस रखेगा खासकर मेरा पोता सुनील जिसे परिवार के हर सदस्य की ख़ुशी की परवा होती ह”

मनीषा माँ और डैड ने मनीषा की तरफ देखा और मनीषा ने हां मई सहमति दी…

रंजन “मैं तोह बहुत खुस हु इस रिश्ते से भाई मुझे इंडिया का यंगेस्ट नंबर ओने सीईओ दामाद मिल रहा ह…”

मनीषा माँ “ मनीषा खुस तोह मैं भी खुस हमारी तरफ से हां ह…”

दादाजी “अब जब ये रिश्ता मंजूर ह तोह सगाई की रसम पूरी करले लगे हाथ”

रंजन “ जैसा आप कहे मुझे भी दिखावा पसंद नहीं h….ghar घर के लोगो के बिच हो जाये तोह बहुत ाचा ह”

सुनील “ मैं “

तभी मनीषा बिच मई बोल उठी“ अभी नहीं …जब तक राज नहीं आएगा हम दोनों सगाई नहीं करेंगे ये हम दोनों का फैसला ह….”

रंजन की आंखे सुकुद गयी वो गुसाई से bola“manishaa…”

म माँ “ ये तुम क्या कर रही हो ये सिर्फ सगाई ह beti…aur राज के सिवाए सब मौजूद ह तोह क्या तुम सबका मान नहीं रखोगी क्या राज हमसबसे ऊपर ह तुम्हारे लिए“

मनीषा “ बात अगर मान सामान की ह तोह मैं जरूर करुँगी …पर मेरा दिल दुखाकर इस रिश्ते की नीव रखनी ह तोह बेशक आप रख सकते ह एक बेटी और बहु का फ़र्ज़ मैं पूरा निभाऊंगी” मनीषा की आँखों मई पानी भर आया था जो कबि भी बहार आसक्ति थे …पूनम ने पीछे से आकर उसके कंधे पर अपना हाथ रख लिया…

सुनील “इनकी बात से मैं पूरी तरह सहमत हु वो मेरी और इनकी जिंदगी का अहम् हिस्सा ह….” पर हम दोनों आपकी बात भी रखेंगे …आज का सगाई का मुहरत का अंतिम वक़्त रात के 11.15 बजे तक का ह तब तक उसका हम दोनों इंतज़ार करेंगे और फिर भी नहीं आया तब सगाई karlenge…ab तोह सब तीख ह मुझे नहीं लगता किसी को इस बात से कोई आपत्ति hogi…jab तक हम आज इस पल को ख़ुशी मई बिता सकते ह”

अनिरुद्ध “ वाह मेरे शेर क्या खूब कहा”

सोनाली “ ी म प्राउड ऑफ़ यू”

दादाजी “है ये बिलकुल तीख रहेगा …क्यों रंजनजी …बात तोह सही कही ह”

रंजन “ ने एक पल मनीषा को फिर सोनाली को देखा तोह तीख ह तोह आज खुसी के मौके पर एक छोटी पार्टी तोह बनती हे ह.”

मनीषा ने ख़ुशी और आभार की नज़रो से सुनील को देखा …तोह सुनील आंखे झपकाकर एक हाथ को अपने सीने पर रख कर इशारे से कहा मैं हु न हमेशा तुम्हारे sath….sari लड़कियों ने मनीषा को घेर लिया ….

ऋचा धीरे से सुनील के पास आकर “ सुनील सच बताओ वो कान्हा ह मुझसे झूट मत बोलना “

सुनील “ वो कान्हा ह मुझे नहीं पता ह पर इतना यकीन ह वो किसी ऐसे काम मई ह जो सीधा हम सब से जुड़ा हुवा h….aur उसी की वजह से उसे वक़्त लग रहा ह पर मुझे यकीन ह वो aajayega….kyoki उसे कोई भी सामने से तोह नहीं मर सकता h…isliye दांतवारी “

ऋचा की सकल का रंग उड़ गया और ऐसा हे हाल 2 का और था जो पल पल उसकी सलामती की दवा मांग रही thi….sonali और पूनम जो भीड़ ऊपर से खुस और अंदर से चिंतित थी…

इधर ….

निचे वालो को दर्द मई छोड़कर राज ने ऊपर की तरफ आदित्य को देखा और सेकंड फ्लोर पर चढ़ गया …पर चढ़ने के साथ हे एक किक उसके मू की तरफ आयी राज ने ब्लॉक करि और एक कट उसके पेअर पर दे diya….usne सामने खड़े शख्स को देखा जिसकी हिघ्त 7 फ़ीट के करीब और बॉडी किसी रेसलर की तरह थी और वो बहुत खतरनाक लग रहा था ….उसने एक पुनच्बनाकर राज के चेहरे की तरफ मारा पर उसे पहले हे एक हाथ ने आगे आकर उसके पंच को ब्लॉक कर दिया और निर्वाण के पीछे से आगे मौत का दूत मित्युदूत जिसकी आँखों मई इस वक़्त मौत की आभा छायी हुवी थी उसे बहुत जायदा गुसा ारः था की क्योकि की किसी ने उसके रहते उसके मास्टर पर वार किया था और ये गुसा इसलिए इतना भयंकर हो रखा था क्योकि उसने शर्ट पर लगा हुवा खून देख लिया था….

तभी उस 7 फ़ीट के पीछे से 4 और फिघ्टर्स उसके जैसे सामने agaye…..mityudoot ने सामने खड़े शख्स के हाथ को निचे किया और अपना राइट पंच उसकी चेस्ट पर दे मारा और उसे पीछे की तरफ धाखेल दिया …उनचारो की निघाये मिली और दोनों 2 2 मई बांटकर निर्वाण और मित्युदूत की तरफ बढ़ गए …ये लड़ाई तीख वैसी हे थी जैसे एक शेर के सामने 2 जंगली सांड एक साथ हो तोह दूसरी तरफ एक जंगली सांड के सामने 2 सांड…

मित्युदूत ने भाग कर दोनों को एक साथ पकड़ लिया और धक्का देते हुवे फर्स्ट फ्लोर से ग्राउंड फ्लोर की तरफ उछाल दिया …दोनों निचे इतनी जोर से गिरने की आवाज आयी की पूरा शिप गूंज उठा पर मित्युदूत यही नहीं रूका और भागकर ऊपर से हे एक की चेस्ट पर सीधा कुढ़ गया ….उसकी चेस्ट की साडी हड़िया टूट गयी और वो मू से खून थूकते हुवे मर gaya…dusra आदमी जल्दी से खड़ा हुवा और मिर्त्युदूत को उठाकर दूर फेंक diya….mityudoot को गिरनेकी वजह से तेज़ दर्द हुवा पीठ मई …पर दर्द मई भी उसके चेहरे पर मित्यु की मुस्कराहट थी और वो खड़ा हो गया ….दोनों की नज़रे एक दूसरे से को घूर कर देखने लगी और भिड़ंत हो गयी दोनों की मित्युदूत ने खींचकर पेट पर पंच मारा जिसे सामने वाला निचे झुख गया तोह मित्युदूत ने जल्दी से घुटने की मू पर दे मरी वो मू से खून थूकता हुवा पीछे हुवा पर अगले हे पल वो मित्युदूत को कमर से पकड़कर धकेलता हुवा पीछे लोहे की मोती दीवार पर दे मारा ….मित्यु की भी दर्द से आअह्ह्ह्ह निकल गयी

ऊपर शामे टाइम.. ….

निर्वाण दोनों जानो को देखने लगा …

आदित्य “ है है है और भी बहुत कुछ ह तेरे लिए अरे रे पर ये क्या तेरी आंखे तोह नींद से लाल हो रही ह अजा अजा ….नहीं आपया ऊपर तोह इसके बाद तेरी दोस्त मनीषा की हे बारी ह उसे कौन बचाएगा”

आज पहली बार था जब किसी ने निर्वाण को उसके गुसाई की हद पार करने पर मजबूर करदिया था उसने इधर उधर देखा और एक बिजली की वायर को खिंच लिया और आदित्य की तरफ देख कर उस तार को अपनी बॉडी से लगा दिया करंट का एक तेज़ झटका उसे लगा और उसकी आंखे की नींद कोसो दूर उड़ गयी… निर्वाण को दोनों मई से एक मरने आया तोह करंट वाला वायर सीधा उसकी आँखों मई घुसेड़ दिया वो करंट से तड़फड़ा उठा निर्वाण को भी करंट का तेज़ खटका लगा पर उसके चेहरे पर जो इस वक़्त एक्सप्रेशंस थे वो आज पहली बार ए थे तभी पीछे से वो तीसरा शख्स भागते हुवे आया और एक लात साइड से निर्वाण पर जड़ दी… जिसे वो कई फ़ीट दूर तक फिसलता हुवा जाकर ruka….dusre ने अपने पहले साथी को खड़ा किया जो दर्द और गुसाई से जल रहा tha….wo दोनों एक साथ भागे निर्वाण की तरफ ….पर आज उन्हें पता नहीं था की उनके साथ क्या होने वाला ….निर्वाण ने एक के वार को डॉज किया और दूसरे के ऊपर जिसकी आंखे मई वायर डाला था उसके पुरे बदन पर एक के बाद एक पंचेस और किक्स जड़ दी ….और फिर जम्प किक सीधी कनपटी पर मरी वो एक साइड किसी बड़े भरी जानवर की तरह निचे गिरा जिससे बहुत जोर से आवाज गूंज gayi……ab निर्वाण की नज़र दूसरे की तरफ गयी वो उसकी तरफ तेज़ी से भगा सामने से उसने भी राइट लेग से तेज़ी से वार किया पर लास्ट टाइम निर्वाण फिसलकर पीछा आगया और एक जोरदार वार उसकी रीद की हड्डी पर किया …वो दर्द से बिल बिला उठा निर्वाण ने बिना देरी कोई उसे अपने कंधे पर उठा लिया ….और उसे उठाकर सर के बाल फर्स्ट फ्लोर पर फेंक दिया…. कदकक उसकी गर्दन को हड्डी टूट गयी…

आदित्य “ हम्म्म इम्प्रेससिवे तू दर मत मैंने अपना सारा पैसे आज तेरे लिए हे लगयाह “इतना कह वो और ऊपर चला गया

निर्वाण सीढ़ियों से ऊपर चढ़ा तोह अबकी बार सामने ए 30 गुंडे जो गैलरी मई खड़े थे और उनका इरादा साफ़ था की वो सब एक साथ निर्वाण पर टूटने वाले the….Nirwana के पेट से अभी भी खून बाह रहा tha……wo सब एक साथ अटैक करने के लिए भागे ….पर अचानक उन्हें किसी के तेज़ी से भागने जैसी आवाज आयी सब एक पल के लिए रूक गए और निर्वाण के पीछे देखने लगे और निर्वाण के पास से वो शख्स कीड़ी तेज़ झोंखे की निकलता हुवा उन सभी से टकराया और सबको घसीटा हुवा पीछे ले गया …..जिन दो जाने को उसने पकड़ा था उसने उन्हें उठाकर निचे फेंक दिया और फिर भीड़ मई घुसकर अंधाधुन अपने पंचेस भरसाने लगा ….उसका पंच जिसे भी लगा वो कई फ़ीट दूर जाकर gira…cheek गूंज गयी ….जैसे मदमदत हठी अपने रौद्र रूप मई भीड़ मई घुस गया …उसने अपने पैरो से निचे गिरे गुंडों को राउंड दिया और लोहे जैसे हाथो से जिसे मारा उसकी हड़िया टूटी हे टूटी

अभय “ आप ऊपर जाओ इन्हे हम देखलेंगे”

ऊपर आदित्य के चेहरे पर भी सिकन आगयी थी की पर उसने ऊपर से इशारा किया निर्वाण जैसे हे ऊपर 3रद फ्लोर पर पंहुचा उसके सामने फर्श पर दस जाने बैठे हुवे थे जिनकी आंखे बंद थी और पैरो की आवाज से उन्होंने अपनी आंखे खोल ली ….और एक जम्प के साथ सभी फाइट की पोस्टिव मई आगये ..पर राज को निहथा देख उन्होंने भी अपने हथियार वापस रखलिये और निर्वाण को चारो तरफ से घेर लिया ….2 जाने एकसाथ जम्प के साथ वार करने ए पर निर्वाण ने दोनों के वार को ब्लॉक किया तोह पीछे से एक किक बैक पर padi……jisai निर्वाण आगे तोह गया पर गिरने से पहले अपना हाथ निचे टिका दिया और एक झटके के साथ जम्प लगाकर वापस खड़ा हो गया …

“पीठ पर वार से मुझे सख्त नफरत ह”

तभी दुबारा से आगे वाले 2 ने हाथो से वॉर किया पर अबकी बार निर्वाण ने उनके वॉर को रोकने के बजाये फुर्ती से एक कदम पिकलेकर मुड़ते हुवे पीछे पूरी ताकत से पंच मार दिया जो लगा एक के पेट मई जो पीछे से मरने ारः था वो सबके बिच से उड़ता हुवे पीछे लोहे की दीवार से टकराया और दुबारा उठा हे नहीं ….पर उसी वक़्त निर्वाण के फेस की तरफ किक आयी जिसे उसने एक हाथ से ब्लॉक करदी फिर एक राउंड किक और फेस पर आयी उसे भी ब्लॉक करदी ….निर्वाण को अचानक पीठ के पीछे कुछ चुबने जैसे महसूस हुवा ..उसने देखा तोह फिर से एक इंजेक्शन था ….निर्वाण ने घूम कर उस शख्स का गाला पकड़ लिया बदले मई उसने चेस्ट पर पंच मारा पर निर्वाण को दर्द की परवाह नहीं थी उसने दूसरा हाथ लगाया और गर्दन को पूरी तरह हवा मई उठाये हुवे हे घुमा di….ab बरी थी निर्वाण के वार की उसने एक पेअर को गृप से निचे लगाया और फुर्ती से आगे भागकर दी किक एक की चेस्ट पर जिसमे पावर प्लस स्किल का कॉम्बो था …उस शख्स की चेस्ट की हड़िया टूट गयी और वो उड़ता हुवा पीछे गिरा …बिना दूसरे को मौका दिए …निर्वाण ने एक पर राइट पंच का वार किया जिसे उसने झुक कर डॉज कर लिया पर तभी उसके मू पर पड़ा घुटना और वो हवा मई उछला और हवा मई निर्वाण ने निचे से उसकी रीद की हड्डी के बिच मई वार किया जिसे उसकी हदी टूट गयी …

“ तुम सब ….आज से tadpoge….Bahut तड़पोगे”

निचे ….

अभय “ वो दोनों मर चुके ह….”

मिर्त्युदूत जो गुसाई से पागल हो रखा था उसने दोनों बॉडी बिल्डर्स के मू पर इतने पंच मार दिए थे की पूरा चेहरा चपटा हो गया tha….aur उसे इस बात का अहसास तक नहीं था…

मित्युदूत” मास्टर कान्हा ह “

अभय “ ऊपर ह आप जाइये मैं इन्हे देखता हु” इतना कह अभय ने एक जो पीछे से वार कर रहा था उसके सीने पर कसकर लात मारी ….और दूसरे के शर्ट को पकड़कर सीधा उछलकर निचे फेंक दिया और वो जोर से ढाहड़ा जैसे कोई भूखा शेर ढहता हो ..सामने भले हे कातिल क्रूर गुंडे थे पर अभय 7 फ़ीट के आसपास का हल्क जैसी बॉडी का निडर इंसान था उसके सरीर पर फ़िलहाल कई जगह कट थे पर निचे पड़े गुंडों की हालत बता रही थी की काम से काम एक साल या आजीवन ये दुबारा तोह लड़ नहीं सकते थे….

ऊपर दोनों पहुंचते हे ….टूट पड़े निर्वाण के साथ ….और निर्वाण उन दोनों को वंही लड़ता छोड़ ऊपर की तरफ आगया…

“ वेलकम मर राज welcome….ship की ओपन रूफ पर कैसा लग रहा ह …”

“सिर्फ एक sawal….Wo कान्हा ह….”

आदित्य “ ओह वो क्या ये रही जल पारी बानी हुवी ह वैसे भी पुलिस वाली इतनी हॉट होती ह आज पता लगा देहरादून मई तोह धयान हे नहीं दिया tha….socha था रिंकी से दोस्ती करके ड्रग्स का पता करूँगा की राजीव ने कान्हा छिपा दिया ह पर सब उल्टा हो गया ….और इसकी वजह ह तू ..सिर्फ तू ….तूने मेरे भाई को मारा “

निर्वाण के चेहरे पर इस समय जो भाव थे वो साफ़ बता रहे थे की अभय जिन्दा निर्वाण के हाथ लगा तोह सायद उसकी हालत बहुत बहुत बुरी होने वाली ह ..निर्वाण जैसे हे आगे भड़ने को हुवा

“ न न ये गलती मत करना और आदित्य ने तालिया बजायी चारो तरफ से खूब सरे गुंडे हाथ मई गन लिए आगये …मैं पूरी तयारी से आया हु तू मुझे जिन्दा चाहिए ह बाकि ये मिस शिवानी जिसकी मुझे उम्मीद नहीं थी यंहा मिल जाएँगी बोनस ह मेरे लिए”

Nirwana“socha 20 25 साल मई तू तड़पकर मर जायेगा पर तू जियेगा …”

आदित्य “ जाओ इसे पकड़कर रसियो और लोहे की झांझीरो से बंद्दो इसी के सहरे इसकी बहन दीपिका और सुनील …अभय को पकड़ना ह “

निर्वाण के चरे के एक्सप्रेशन चेंज हो गए ….और वो बोलै “ तोह इस खेल के पीछे डेथ हेलो ह….”

आदित्य “ है है है ये तोह उसका छोटा सा खेल ह उसने तोह अपने भाई के कातिलों के लिए बहुत कुछ सोचा ह ….तू क्या सोचते ह वो सब बचेंगे बिलकुल भी नहीं वो हैवान ह ….मौत का दूसरा नाम ….उसको सब पता ह की कौन कान्हा h….par उसका सबसे बड़ा दुश्मन निर्वाण ह जिसे वो धुंध रहा h….aur मैंने हे उन्हें बताया तू जंहा होंगे वंही निर्वाण होगा और देख निर्वाण मुम्बई मई ह इसलिए मुझे यकीन था तू भी यंहा होगा …और मैंने मनीषा को उठाने का प्लान बनाया और तू agaya…samne और बस तेरे हाथ एते हे तेरी सोनाली और शिवानी दोनों भी आजाएंगी और फिर तेरा दोस्त सुनील जिन्हे डेथ हेलो अपने हाथो से मौत देगा … चलो बहुत हुवा बांध दो इसे और तू हिलना भी मत वर्ण तेरी ये जल पारी डूब जाएगी समजा …”

निर्वाण “मुझे दोस्ती मई देगा से शाक्त नफरत ह ….और तू तोह मेरे परिवार पर हाथ दाल रहा h….Never एवर टच माय फॅमिली…. इतना कह निर्वाण ने एक हाथ ऊँचा किया और फिर निचे कर दिया

आदित्य “ रात ह किसी इशारे से बुला रहा ह भूतो को है है है….

निर्वाण “ भूत है सही कहा”

और चारो तरफ एक के बाद एक गोलिया आयी और आदित्य के आदमियों को lagi……aditya ने चारो तरफ देखा तोह उसे कुछ नहीं दिखाई दिया

“ मत सोच इतना भूत ह तुजे नहीं दिखेंगे” इतना कह उसने दुबारा हाथ ऊपर किया तोह समुन्द्र के चारो तरफ से बॉट्स की लाइट शिप पर पड़ी और उन बेस्ट पर मौजद थी निर्वाण की टीम जिन्होंने शिप को चारो तरफ से घेर लिया था और बचे हुवे लोगो को मार रहे थे….

मनीषा होम …..


बड़े सभी पार्टी कर रहे थे तोह …बाकि सभी ….भी वंही मौजूद थे …सिर्फ सुनील को अज्जू ने इतना बताया था की आदित्य को पकड़ने गए ह…

आखिरकार सोनाली का साबरा का बाँध टूट गया था और वो सुनील के सामने कड़ी थी…

सोनाली “तू मुझे आज नाही बताएगा तोह मैं जिंदगी मई दुबारा तुजसे कभी बात नहीं करुँगी”

सुनील “ आप उसे प्यार करती ह तोह मेरा भी वो सब कुछ ह मैं बस इतना कहूंगा वो ajayega…..aur वो सेफ ह यंहा से दूर ह … “

सोनाली “ वो जो कबसे उसके लिए परेशां ह उसे भी खड़े यही बात ”

सुनील “ आप भी फॅमिली ड्रामा आप समझती क्यों नहीं h….Kya मैं नहीं छठा हु वो यंहा ए ….मैं आपको खुस दिख रहा हु उसके बिना क्या ख़ुशी होगी मुझे आप बताओ…”

यही बाते ऋचा और पूनम के दिल मई thi….aur ऐसा हे हाल सब बड़ो का था पर सुनील ने बड़ो को जितना बताना था वो बता दिया था लेडीज और मनीषा के माँ पापा को छोड़कर ….

रंजन “ एक ऑवर बाकी ह “

दादाजी “ है फिर हम सगाई कर देंगे आखिर सबकी ीचा ह और राज भी यही चाहता ह की आज रिश्ता हो जाये “

तभी रंजन के मोबाइल पर रिंग हुवी ….और रंजन खड़ा हो गया …

“ठाकुर साब मुझे जाना होगा डिफेन्स के इक्विपमेंट्स ए ह उनमे दिकत आगयी ह”

दादाजी “ देश की सुरक्षा पहले ह अब जाईये “

रंजन मनीषसे माँ से “ जरुरी ह अगर वो अजय जिसे क़द्र नहीं ह किसी की तोह सगाई कर लेना वैसे भी मैं नहीं चाहता हु वो अब ए क्योकि जैसा अपने कहा वो पूरा उसके उलटा ह और मैं नहीं चाहता हु वो हमारी फॅमिली के आसपास भी रहे “

मनीषा की माँ कुछ बोलती उसे पहले हे रंजन निकल गए पर मनीषा जो मिलने आयी थी उसने सब सून लिया था और उसकी आँखों मई गुस्स था….

मनीषा माँ “ उनका ये मतलब नहीं था”

मनीषा ,” सायद अपने तीख से सुना नहीं पर मैंने सुना maa…aur जिस शख्स की वो बात कर रहे ह उसे मैं जानती hu…wo मर जाये पर मुझे गलत साबित नहीं होने dega….kyoki वो अपने वेड का पक्का ह….”

इधर शिप पर ..आदित्य ने गन निकल कर शिवानी की तरफ di…..par तभी निर्वाण का डैगर उदा और ादिया के हाथ मई laga….aur वो संभल पता तब तक निर्वाण तीख उसके चेहरे के सामने था ….उसकी लाल हो चुकी आंखे को देख आदित्य एक कदम पीछे खिसका पर अब वो भूखे शेर के सामने था और निर्वाण के चेहरे पर क्रूर भाव और गहरे हो गया सुर आदित्य को गले के पास से पकड़कर


दूसरी तरफ उठाकर निचे पटक दिया और ादिया गांड फाड़ चील्लया ….तभी अभय मित्युदूत भी आगये …अभय शिवानी को बचने के लिए पूल मई गया और अपनी टी शर्ट उन्हें पहना डीई

ऊपर निर्वाण ने दुबारा से आदित्य के एक पेअर को पकड़ा और उसे पीठके सहरे से पीछे से उठाकर आगे पटक diya….aur खींचकर एक लात उसके पेट मई मरीई वो फिसल कर दूर तक गया और मू से खून थूकने laga….ab उसने एक सां हे ली होगी की निर्वाण ने उसे उठाकर दूसरी तरफ फेंक दिया …..और बिना उसकी पीठ पर लास्ट मरी …आदित्य एक कौन से दूसरे कौन उड़ता हुवा तोह घसीट ते हुवा जा रहा था….

“ चीक मादरचोद भड़वे चीक”

इतना कह एक बार दुबारा से एक से पकड़कर उसे धोभी पछाड़ दिया…

अभय के एअर पीेछे मई अज्जू बोलै “अभय सुनील भाई की सगाई ह राज भाई का पहुंचना जरुरी ह भाभी का मैसेज कई बार चुका ह”

अभय “ चूतिये शेर के गले मई घंटी कौन बंधेगा पागल हुवे ह अभी उस आदित्य को उठा उठा के पटक रहे ह तू चाहता ह मैं भी ऐसे हे पितु बिलकुल नहीं“

अज्जू “ तोह तू शिवानी मम को कह वो बात करेंगी “

अभय “ सेल उन्ही का तोह गुसा उतर रहे ह वो उस पर उस चूतिये ने जोश जोश मई मनीषा मम के बारे मई उल्टा सीधा कह तोह दिया और साथ मई बहनो और ले लिया ..और अब तू सामाज जा”

अज्जू “ तू समाज प्लीज बोल शिवानी मम को “

अभय शिवानी के पास जाकर “ मम …घर पर मनीषा और सभी राज भाई का वेट कर रहे 11 बजे का लास्ट मुहरत ह वो और दोनों राज भाई के बिना सगाई नहीं करना चाहते ह इसलिए उनका वेट कर रहे ह प्लीज आप उनके पास जाइये मैं कपडे अर्रंगे करता हु आपके लिए और राज भाई के लिए आप उनका गुसा शांत करिये”

शिवानी ने राज की तरफ देखा जो आदित्य की एक ऊँगली तोड़ता और उसे देखता ….

“ तुजे मेरी बहाने चाहिए मेरी भाभी chahiye….kadak …….एक और ऊँगली तोड़ di…..abhi तोह सब तोडूंगा तेरी चीक मुझे सुकून दे रही ह चीख और जोर से chik……kadakkkk एक और ऊँगली आदित्य की तोड़ di….…aj की रात सिर्फ तू और मैं ह …जैसे हे आदित्य छीकता निर्वाण उसकी ऊँगली और हिलता उसकी हर चीक उसको सुकून deti………tabhi पीछे से शिवानी ने आवाज दी “राज “

निर्वाण “ no रिएक्शन”

शिवानी ने पीछे से कंधे पर हाथ रखा तोह निर्वाण ने अपनी लाल आँखों से पीछे देखा ….

शिवानी राज की लाल आँखों मई गुसाई के पीछे के दर्द को वो समाज गयी इसलिए वो 1 मिनट रूक कर boli“bhai और भाभी इंतज़ार कर रहे ह….”

यही वो पल था जब निर्वाण की दरिंदगी उसके सर पर से उतरने लगी और राज को महसूस हुवा दर्द जो गोली लगने का चोट लगने का tha….shiwani ने तुरंत उसे संभल liya…..raj ने शिवानी को तुरंत गले लगा और बोलै “ दुबारा से आपको ऐसा कभी नहीं करने दूंगा ….आपकी बात मान मैं आज मैं आपको खो देता आपका प्लान दुबारा नहीं मानूंगा …”

शिवानी “ गले लगे हुवे तीख ह फिलहाल टाइम काम हमे जल्दी निकलना चाहिए h….bhai भाभी सभी तुम्हे बहुत याद कर रहे ह”

मिट्यूडी “ मास्टर हम थोड़ा दूर ह ये बड़ी शिप जल्दी चलेगी मैंने शिप को किनारे पर जाने के लिए कह दिया ह”

राज ने है मई गर्दन हिलायी पर तभी उसी बहुत कमजोरी महसूस huvi….aur वो निचे बैठ गया…

शिवानी चलो घाव पर पट्टी कर देती hu….raj की पूरी टीम उस बड़े शिप पर थी और लाशो को पत्थर के सहरे लोहे की मोती झंझीरो के सहारे समुन्द्र मई फेंक दिया था सिवाए आदित्य के जिसे जिन्दा रखा गया था …

शिवानी “ घाव का निशान रह सकता ह डॉ के पास जाना होगा राज गोली अंदर हे ह इन्फेक्शन खतरा ह”

राज “ अभय मॉर्फिन का इंजेक्शन ह न “

अभय “भाई”

राज “उनकी ख़ुशी से जायदा जरुरी कुछ नहीं ह… शिवानी मम आप पट्टी ऐसी बांध दो की बस ब्लड न निकले बाकी मैं देख लूंगा”

शिवानी “ पर तुम्हारी लाल आंखे …”

राज “ आँखों मई तेज़ हवा लगी इसलिए हो गयी अब पट्टी करिये “

घर पर…..

पूनम कविता और श्वेता के बिच मई बैठकर “ वैसे मनीषा एक बात तोह बता तू पड़ेगी कैसे क्योकि मैंने सुना ह सुनील भाई दिन मई भी घर एते जाते ह..

फिर तोह”

मनीषा “ के चेहरे पर शर्म आगयी और वो आंखे फाड़े पूनम को देखने लगी”

श्वेता “हे हे हे मतलब आप शादी के बाद कॉलेज तक नहीं जा पाओगी …फिर तोह …शादी के कितने महीने लगते ह”

मनीषा “ shwetaa….youuuu”

अंजना “ गलत क्या ह भाभी भाई प्यार करने हे तोह आएंगे घर हे हे हे”

सोनाली “ कोई परेशां मत करो usai….acha तीख ह …एक काम करेंगे शादी करा देंगे फिर आप यही राणा और सुनील दिल्ली तीख ह न “

मनीषा अब क्या bolti….wo नीची गर्दन करके बैठ गयी …

पूनम “ वैसे शादी की उम्र तोह हमारी बड़ी दी की भी होगयी ह….”

बस सोनाली की नज़र तुरंत पूनम की नज़रो से मिली पूनम के चेहरे पर विजयी मुस्कान thi….kyoki उसने सोनाली को छेद दिया था ….सोनाली कुछ और बोलती उसे पहले हे

पूनम “अपने लड़का पसंद तोह नहीं किया ह न बड़े पापा ने एक लड़का पसंद किया ह आपके लिए”

सोनाली “ कौनसे बड़े पापा”

पूनम “ क्यों बताऊ ताकि आप लड़के के बारे मई जान लो ….मैं तोह नहीं बताने वाली”

श्वेता धीरे से“ क्यों ऊँगली कर रही हो वो सटक जाएँगी” अचानक उसे बबिता वाला सन याद आगया और उसके सरीर मई जहर झरि सी छूट गयीईइ

इधर राज …पर अब नींद का असर होने लगा था पर वो अपने आपको जगा कर रख रहा था उसे कैसे भी आज इंगेजमेंट मई सही से रहना था….

शिवानी भी भली भांति समाज रही थी सब की राज कंडीशन बिलकुल तीख नहीं ह …

“ अभय हॉस्पिटल मई डॉ को अर्रंगे करदेना हम इंगेजमेंट से तुरंत वंही आएंगे …और राज का ब्लड ो पॉजिटिव ह सब अचे से अर्रंगे कर लेना

अभय “ सब हो jayega”bus आप जल्दी आना ….

शिवानी ने भी हां मई गर्दन हिला दी …वो लोग जैसे हे किनारे पर पहुंचे ड्रेस लिए एक आदमी पहले से हे वंहा मौजूद था शिवानी और राज ने ड्रेस बदली और राज ने अपने पैरो मई मॉर्फिन की हइडोसी मार ली …

शिवानी ने उसकी ड्रेस को सेट किया और चल दिए दोनों इंगेजमेंट के लिए….

राज “पता ह मैं …बस एक लड़का बांके एक आम जिंदगी जीना छठा था हमेशा से ….पर मेरी किस्मत देखो मुझे मेरी मौत से जायदा दर तोह अपनों की मौत का रहता ह….”

शिवानी “लगता ह तुम्हारा दिमाग तीख से काम नहीं कर रहा h…..kaho तोह कुछ दिखाऊ ….हार्मोन्स तेज़ हो जायेंगे सब अचे से काम करेगा”

राज के चेहरे पर मुस्कराहट आगयी “ आप बहुत अछि हो ….हमेशा ऐसे हे मुस्कुराते हुवे रहना “

शिवानी “तुम ज्यादा मत सोचो सबकी ख़ुशी तुमसे ह …और इसीलिए सब तुम्हारा वेट कर रहे ह समझे,”

राज “रॉंग हमारा वेट कर रहे ह”

घर पर 11.15 हो गए थे…

दादाजी - सुनील बीटा राज नहीं अपया तोह अब तुम उसकी ीचा को भी पूरी नहीं कर रहे हो ….बीटा उसकी परस्थिति को भी समझो …

सुनील क्या बोलता आखिर सही हे तोह कहा था माँ पापा दादाजी बुआ साडी बहने सब यही तोह हां रहे थे और सबकी खुसी भी जरुरी thi….manisha भी ऊपर से निचे आरही thi….uska चेहरा भी उदास था पर उसे भी पता था की अब रूका नहीं जा सकता ह…..

मनीषा माँ “ बेटी राज और सब बड़ो की यही ीचा ह चलो अंगूठी पहनाओ “

मनीषा ने है मई गर्दन हिला diii…..aur सुनील की तरफ बढ़ी और उधर से सब सुनील के साथ मनीषा की तरफ बढे…….

सुनील ने रिंग हाथ मई ली…

पर इस बिच किसी ने नोटिस नहीं किया की पूनम वंहा से गायब थी….

कप्तान “ चल मेरे शेर पहना दे अंगूठी बहु को “

पर सुनील ने एक बार पीछे मुड़कर गेट की तरफ देखा पर उसे कोई दिखाई नहीं diya….toh उसका दिल अंदर से उदास हो गया और उसने मनीषा को हलकी मुस्कान के साथ अंगूठी पहना दी……

अब बरी थी मनीषा की जिसके दिल मई समुन्द्र की तरह उथल पुथल मची हुवी थी उसने सुनील को गेट की तरफ देखते हुवे देख लिया tha….usne अंगूठी उठा तोह ली थी पर पहना हे नहीं पा रही thi…..uski आँखों मई नमी आगयी थी….

“वैसे अगर आपको मेरी भाभी नहीं बनना ह तोह कोई बात नहीं फिर मुझसे शिकायत मत करना की मैंने अपना वडा तोड़ दिया”

ये आवाज सुनते हे मनीषा तुरंत पलट गयी और उसके तीख पीछे खड़ा था राज ….वो तुरंत उसके गले लग गयीईइ

सुनील “ ये गलत बात ह भाई “

राज “ तेरी बीवी होने से पहले हे मेरी भाभी बन गयी ह वो समजा बड़ा आया”

मनीषा की आंखे अब ख़ुशी से भीगी हुवी थी

राज “ पहना दो इसे रिंग वर्ण पूरी जिंदगी शिकायत करेगा की मैंने रिंग पहनने नहीं दी “

मनीषा ने जल्दी से सुनील को रिंग पहना दी…

अंजना “ क्या बात ह अभी तोह रिंग उठ हे नहीं रही थी और अब देखो…

सब जोर से हसने लगे….

साइड मई …

शिवानी “ मेरी बात आराम से सुन्ना और आराम से रियेक्ट करना ok…”

सोनाली ने है मई गर्दन हिला दी

शिवानी “राज को लेकर चलना ह कैसे भी अभी लेकर चलना ह वर्ण सबको पता लग जायेगा उसे गोली लगी हुवी ह और बुलेट अंदर हे ह ”

सोनाली की आंखे सुकुद गयी और राज को देखने लगी जो मुस्कुराता हुवा सबसे मिल रहा था…

“ मनीषा माँ के राज ने पेअर चुवे “ खुस रहो बीटा …आखिर इतना समय बाद मुलाकात हो हे gayi…aur तुम्हारी आंखे लाल क्यों ह”

राज “ तेज़ स्पीड से आया हु इसलिए अगर नहीं पहुँचता तोह रहना मुश्किल हो जाता धरती पर आँखों का क्या ह सुभे तक हो जाएँगी तीख”

म माँ “ सही कहा”

दिव्या “ नालायक …..”

राज “ माँ बहुत जरुरी काम था सॉरी न “

दादाजी तीख ह राज ….बहु को गिफ्ट दिया अपने…

राज “ ओह है कविता ….”

कविता “ जी भाई अभी लायी”

कुछ पल बाद …

राज “ मेरे पास क्या ह क्या नहीं ये मुझे पता नहीं ह पर मेरे दादा जी को मेरे पिता पर तह और अब मुज पर बहुत भरोसा ह और मुझे आप दोनों पर पूरा भरोसा ह …मेरी तरफ से यही गिफ्ट ह आपके लिए “

मनीषा और सुनील हैरानी से देखकर “ क्या ह ये”

राज “ कुछ भी नहीं ह आप दोनों के आगे “

मनीषा ने उस गिफ्ट को ओपन किया तोह कुछ पेपर्स थे उसमे और जैसे जैसे उसने पड़ा वो राज को देखने लगी और चिल्लाई “ सिंह ग्रुप के तुम ओनर हो मतलब इंडिया की लीडिंग कंपनी जिसका नाम पुरे वर्ल्ड मई ह वो सिंह ग्रुप के तुम ओनर हो और उसे तुमने हमारे नाम करदिया ह क्या सोचके किया नहीं नहीं हम ये नहीं ले सकते ह”

कप्तान और अनिरुद्ध और दादाजी के चेहरे पर मुस्कान thi……jaise उन्हें ऐसी हे उम्मीद हो…

पर बाकि सभी इन्क्लूडिंग दिव्या का भी मू खुला का खुला था….

मनीषा माँ “ मतलब तुम हो उसके और वो सब तुम इनदोनो के नाम कर चुके हो”

राज “इनके किसके ये मेरे हे तोह h…aunty देखो सबको यंहा कौन पराया ह ….सब मेरे अपने हे तोह h…paise का क्या करूँगा कान्हा मिलेंगी ये जान से जायदा प्यार करने वाली बहने ..कान्हा मिलेगी ऐसी भाभी मुझे जो शादी से पहले हे रात के 11 बजे तक मेरा इंतज़ार करे और कान्हा मिलेगा ऐसा भाई जो मेरे लिए दुनिया पलट दे और …बाकी सबका क्या हे कहु मेरा रोम रोम इनके प्यार के टेल डूबा हुवा ह बस मेरा जो ह वो इन सबका ह “

सोनाली “ तुम बहुत थके हुवे लग रहे ह राज …

राज “ 24 ऑवर से नींद नहीं ली ह”

ऋचा ने तुरंत हाथ पकड़ कर पल्स चेक करि “ तुम्हे नींद की जरुरत ह फिर आँखों को चेक करके रेस्ट करो तुम्हारी आँखों मई गहरी नींद ह “

राज “ आज ख़ुशी का दिन कुछ नहीं होगा “

मनीषा “ हम बाद मई सेलिब्रेट करेंगे प्लीज तुम रेस्ट करो “

दादाजी “ तोह फिर तीख ह अभी हम सभी चलते ह”

साडी लड़किया हम यही रुकेंगी बहार एते हे..

सोनाली ने शिवानी को इशारा किया और शिवानी ने दादाजी को कान मई कुछ कहा ….

सब घर से बहार ए और कार मई बैठ गए राज बैठने लगा तोह उसके पांव लड़खड़ा गए पर सोनाली ने उसे तुरंत पकड़ लिया राज के चेहरे पर फीकी सी मुस्कान agai….par सोनाली की आँखों मई था तोह सिर्फ दर और चिंता….

दादाजी भीमा राज शिवानी सोनाली मित्युदूत तुरंत हॉस्पिटल की तरफ निकल गए पर एक और थी जिसने सब रूफ पर से सब देख लिया tha….ki राज के साथ क्या हुवा ….

कार के अंदर राज ने सोनाली की गोदी मई सर रख लिया क्योकि नींद की दवाईयों का असर और कमजोरी की वजह से नींद उसपर हावी होने लगी थी…..

राज धीरे से बोलै “ कुत्ता साला तड़पा तड़पा के मरूंगा ….मैं निर्वाण हु …नेवर एवर टच माय फॅमिली ..”

सोनाली की आंखे भी राज की हालत से गुसाई मई थी बस वो राज के हॉस्पिटल मई ट्रीटमेंट पूरा होने का वेट कर रही थी…

शिवानी “ वो राज के घर बेसमेंट मई ह “

सोनाली ने कुछ नहीं कहा और राज को हॉस्पिटल लेजाकर होस्पिटलिज़्ड करा दिया जंहा नींद के कारन राज 26 घंटो तक नींद के अघोष मई रहा बिच मई एक बार आंख खुलती फिर बंद हो जाती पर जब उसकी आंख पूरी तरह से खुली तोह उसकी एक तरफ सोनाली तोह दूसरी तरफ मनीषा बीएड से सर टिकाये सो रही थी….

और दोनों ने हे राज का हाथ अपने हाथो मई ले रखा tha…….raj हिला तोह सोनाली की नींद टूट गयी ….

सोनाली ने तुरंत राज की तरफ मुस्कुराते हुवे देखा और बोली” नॉट बाद डेटिंग सेटिंग के लिए काफी पीसफुल प्लेस ढूंढा ह …”.राज के चेहरे पर कड़वी सी मुस्कान आगयी …

पर तभी उसे दूसरी तरफ से मनीषा की गुसाई भरी आंखे दिखी…..” और वो उठकर जाने लगी तोह राज ने हाथ पकड़ लिया और बोल

“वैसे तोह मुझे ये नहीं कहना चाहिए पर मेरी भाभी तोह गुसाई मई भी हॉट दिखती ह”

सोनाली और मनीषा दोनों मुस्कराने लगी…

पर कोई और था जो इस वक़्त बहुत गुसाई मई था और उसने अपने सामने खड़े 5 जानो के भेजी मई गोलिया आरपार करदी थीई….

“ कैसे भोस्डिको कैसे यंहा कोई कैसे घुस सकता ह ये चिप प्रूफ ह यंहा कोई आया था पर कैसे आसक्त ह कैसे “

शक्ति “ पर डैड क्या वो छोकरा”

मनोहर “ नहीं वो नहीं हो सकता ह ……फिर कुछ पल रुक कर शक्ति अब वक़्त आगया ह की सफाया सुरु कर दिया जाये किलर्स आर्गेनाईजेशन पूछो की कब सुरु करना ह”


आज के लिए इतना हे मस्ती पढ़ने का बिंदास लाइक्स और रेवोएस पेलने का ….
 
अपडेट 2क वर्ड्स का लिख लिया ह मतलब अभी और likhunga...toh 3क वर्ड्स का हो जायेगा मंडे आफ्टर अजना चाहिए ह...
 
देखते ह कितने रीडर बता सकते ह की 24 हॉर्स के नाम से क्या समझते ह ... ी म वेटिंग फॉर योर अंसवेरस ....
 
अपडेट 193

24 हॉर्स

War……countdown……begins

…3…..उपदेट्स तू लेफ्ट …

“तोह तुजे हीरो बनना ह ”

राज “भाई तेरी कसम यार मैं तोह तेरी सगाई के लिए तयारी कर रहा था पर उस चूतिये ने सगाई का हे दिन चुना था अब ये इत्तेफ़ाक़ था या और कुछ मुझे नहीं पता h…please तू ऐसे आंखे मत दिखा तेरी कसम झूटी नहीं खाऊंगा वैसे तू वापस नहीं गया “

सुनील “नहीं …अनिरुद्ध अंकल ने रोक लिया ह मुझे फार्महाउस वाले बेस पर सिक्योरिटी देखनी ह मतलब कैसा ह सब…”

राज “ वैसे एक बात बता वो क्रोध की देवी दिख नहीं रही ह मेरे होश मई आने के बाद से “

सुनील “तू मत ले पंगे उनसे वो शांत ह जब तक शांत ह ….और मुझे नहीं पता वो कान्हा ह पर है उस आदित्य के पास जरूर thi..aur मुझे यकीं ह तुजे गोली मरवा कर अब वो पछतावा कर रहा होगा …निर्वाण तेरा नाम गलत ह …तड़पती तोह वो ह ….और अब वैसे भी उनका ट्रांसफर यंहा हो हे चूका ह“

राज “ क्या ये कब हुवा”

सुनील “ चीफ की पावर तू जनता ह न वो उनकी चाहती ह तोह तू समाज जा “

राज “ हम्म्म ये बात मैं कैसे भूल गया और बाकी सब ….”

सुनील “ सब चले गए ह तुजसे न मिलने का दुख ह उन्हें खासकर दीपिका दी को वो तुजे बहुत मिस करती ह “

राज “ यार लाइफ इतनी आसान नहीं रही h….muje भी वो पल बहुत याद एते ह जब हम घूमने गए थे स्कूल मई पढ़ते the…par जल्द हे दी के साथ कुछ वक़्त अचे से बिताऊंगा मैं भी उनकी गोदी मई सोना मिस करता हु”

सुनील “तीख ह तू अब रेस्ट कर मैं जाकर अत हु “

सुनील के निकलते हे …पूनम आगयी….

पूनम “ अब कैसी ह तबियत “

राज “ आपको कैसे “

पूनम मुस्कुरा कर “ बस पता लग जाता ह इतना तोह मैं आपको जानती हे हु”

राज “ आप”

पूनम “ दलीय खिचीदी के लिए बोलै हुवा ह डॉ ने तोह वही लायी हु….” टिफ़िन खोल कर “ चलो जल्दी से मू खोलो “

राज क्या हे बोलता उसके सरे जवाब सवाल सब पूनम के सामने बंद हो जाते the….wo बस चुप चाप खिचड़ी खता रहा उसे तोह आज खिचड़ी भी बहुत टेस्टी लग रही थी….

पूनम “ तोह जनाब को पैसे नहीं चाहिए बहन चाहिए …भाभी चाहिए और दोस्त भी सुनील भाई जैसा चाहिए और कुछ नहीं चाहिए”

राज “है बिलकुल”

पूनम “तोह फिर मैं नहीं चाहिए”

राज hhhhhhhhh….appp…

पूनम मुस्कराकर “ मतलब हमारी दोस्ती “

राज “ हहहहह है है चाहिए न बिलकुल हमारी दोस्ती हमेशा चाहिए वैसे आपको कैसे पता लगा भाभी ने बताया”

पूनम “मैं आपको देखते हे सब समाज गयी थी और जब मनीषा ने आपको गले लगाया तब मुझे डाउट हो गया था क्योकि आपके चेहरे पर सिकन आगयी थी इसलिए मैंने ऊपर छठ से देखने आयी और आपको कार के पास लड़खड़ाते हुवे देख लिया था इसलिए मैं कई बार आयी सुनील भाई के साथ हॉस्पिटल पर आप थे की गहरी नींद मई सो रहे the….muje कोई सफाई देने की या बताने की जरुरत नहीं h….bus मैं इतना चाहती हु की आप सेफ रहे और खुद का धयान रखे कितने झख्म के निशान ह सरीर पर“ इतना कहने के बाद पूनम ने राज को पानी पिलाया और अपनी चुन्नी से उसका मू पॉंच दिया ….राज पूनम को देखता रह गया और आज फिर से पूनम उसके दिल की गहराई मई अपनी जगह को और ठोस कर गयी …

पूनम “ अब आप आराम करिये मैं शामको अति हु जितना काम बोलेंगे उतनी जल्दी तुख होंगे”

राज “ आप परेशां होंगी”

पूनम मन मई “ मेरे पतिदेव हर पत्नी का धरम ह अपने पति का ख्याल ररखना“ पूनम मुस्करायी पर कुछ नहीं बोली और चली गयीईइ….

राज पीछे खुदसे “ ये लड़की इतनी अछि क्यों ह ….मैं न चाहकर भी इसके आगे खुद को बेबस महसूस करता हु ….”

दूसरी तरफ…..

कमिश्नर “ सो फिनॉय यू अरे हेरे”

सोनाली “ मतलब”

कमिश्नर “ मतलब मुम्बई अब शांत नहीं रहेगी …आप लॉ के अंदर लॉ को todogi….apni मन मर्जी karogi….criminals का एनकाउंटर karogi….afterall आप निर्वाण की टीम मेंबर हो …तोह जाहिर सी बात ह की उसमे और आप मई कुछ तोह सिमिलिअरटी होगी हे”

सोनाली “ आपको शिवानी ने बताया क्या ये बताया की अगर ये बात किसी और को पता लगी की हम निर्वाण को जानती ह तब क्या होगा”

कमिश्नर “ मतलब”

सोनाली “ वो सबको मार dega….sab मतलब पूरा खंडन होता ह इसलिए धीरे से बोलना क्योकि दीवारों के भी कान होते ह…”

कमिश्नर हैरानी से“ हहहहह “

सोनाली “ आप बैठ जाइये सर …आप किस्मत वाले ह की वो आपको फॅमिली को प्रोटेक्ट करने गए अब एक्चुअल प्रॉब्लम के बारे मई बात करते ह”

कमिश्नर “ है मुझे इंटेल मिली ह की अंडरवर्ल्ड बहुत बड़ा प्लान कर रहा h….ek हे टाइम पर कई बड़े बुसिनेस्स में पर अटैक किया जायेगा जायेगा और होम मिनिस्टर जो अंडरवर्ल्ड के शाक्त खिलाफ ह उन्हें भी उड़ने की प्लानिंग की हुवी ह और ये बहुत बड़ी समाया ह “

सोनाली के चेहरे पर बड़ी सी मुस्कान आगयीईइ

कमिश्नर “क्या हुवा कोई जोके मारा ह”

सोनाली “ सॉरी सर पर ये बहुत बड़ा जोके हे ह”

कमिश्नर “ मतलब”

सोनाली “ अगर मैं ये कहु ये सब डायवर्सन ह …पुलिस का धयान भटकने का तोह आप क्या कहेंगे”

कमिश्नर “ इसे उन्हें क्या मिलेगा बल्कि पुलिस जायदा अलर्ट हो जाएगी”

सोनाली “ राइट पर किसके लिए सिर्फ टॉप बुस्सिनेसस्मेन्स और पॉलिटिशियन की सिक्योरिटी के लिए ये सब खेल ह सुपारी का जो 50 कर की ह एक राज नाम के लड़के पर जिसे पूरा अंडरवर्ल्ड धुंध रहा ह और एक इंट्रेस्टिंग फैक्ट जिसने सुपारी दी वो परसो रात मारा गया “

कमिश्नर कन्फूसिओं से “ थोड़ा और समझाओ”

सोनाली “आदित्य नाम के हेस्केर ने एक सुपारी दी थी राज नाम के लड़के को पकड़ने की और फिर मरने ki….jisai शिवानी ने परसो जाल मई फंसा कर उसी के बेस पर निर्वाण के साथ मर दिया”

कमिश्नर “ वेट वेट तोह क्या परसो जो किड्नैपिंग हुवी थी उसमे निर्वाण का रोले था”

सोनाली “ role….sir वो किडनैपेड लड़की मिस शिवानी हे थी “

कमिश्नर चेयर से खड़ा होकर “ व्हाट….”

सोनाली “ यस सर आप हॉस्पिटल मई थे इसलिए आपको इन्वॉल्व नहीं किया और अब सुनिए बहुत जल्द निर्वाण और अंडरवर्ल्ड के बिच जुंग सुरु होने वाली h…jiski भनक पुलिस को लगेगी भी नहीं पर कितने मरेंगे मुझे ये नहीं पता ह …हो सकता ह आप पर भी ऊपर से दबाव ए बस वही टाइम होगा जब हमे क्राइम को जड़ से उखड फेंकना होगा क्योकि कर्रप्ट पॉलिटिशंस उनके सपोर्ट मई ेरंगे…

कमिश्नर “ अपने निर्वाण को देखा ह “

सोनाली कुछ बोलती उसे पहले हे उसका फ़ोन रिंग करने लगा जिसे उसने बिना देखे हे कट कर दिया पर दुबारा से बजने लगा …कमिश्नर “ पिक करलो “क्या पता अर्जेंट हो”

सोनाली ने कॉल देखा और हलकी सी आँखों मई चमक आगयी और कॉल कट करके रख दिया पर फिर से दुबारा कॉल आगयी…

कमिश्नर “ बॉय फ्रेंड”

सोनाली “ नहीं सर ….”

कमिश्नर “ मिस सोनाली उम्र खायी ह मैंने भी सुर एक लड़की का बाप भी hu…sakal देख कर जान लेता hu….jao बात करलो और एक सटिस्फैक्टरी रिप्लाई देकर वापस ाजाओ “

सोनाली “ 2 मिनट्स “

सोनाली के बहार जाने के बाद अंदर

कमिश्नर “ इतनी गुसैल और खतरनाक अफसर का बॉय फ्रेंड भी ह ….कोई जिगरवाला हे होगा जो इस शेरनी के कॉल कट करने के बाद भी कॉल किये जा रहा ह”

बहार…..

सोनाली “ कॉल कट कर रही थी न “

राज “ बोर हो रहा हु हॉस्पिटल मई ऊपर से आप धंखी देकर गयी हो डॉ को “

सोनाली “ आराम karo…abhi तीख नहीं हुवे हो”

राज “ तोह घर मई अपनी बांहो मई सुला लेना पूरी तरह तीख हो जाऊंगा अनिरुद्ध अंकल के ी मैं आपके बड़े पापा के फ्लैट पर शिफ्ट हो जाते ह सिर्फ आप और मैं होंगे वंहा हैप्पी ”

सोनाली “Acha…apko आराम की जरुरत ह ब्लड लोस्स …goli….nind इतनी साडी वीकनेस ह आपको”

राज “ok फाइन मैं रखता हु bye “

राज के कॉल कट …हे सोनाली के चेहरे पर मुस्कान आगयी …

सोनाली अंदर आकर “सर निर्वाण को मैंने बी फेस नहीं देखा ह क्योकि जिसने देखा वो जिन्दा हे नहीं रहा ….आपको जल्दी से जल्दी रिकवर होना ह ….मुझे एक ईमानदार पुलिस की टाइम चाहिए पुरे महाराष्ट्र से …जो सिर्फ मेरे या आपके डायरेक्ट कमांड मई हो “

कमश्नर “ कितने जानो की “

सोनाली “ सामने हमारे मुम्बई के हजारो की भीड़ मई बदमास honge….toh 50 टॉप के और बाकि 50 सिर्फ ईमानदार स्पेशलय नई रेक्रुइट्मेंट्स चाहिए ह…”

कमिश्नर “ दोने”

इन हॉस्पिटल……

राज सोचते huve“Shatranj की पहली चल mai….aditya गया और मनोहर के घर से जानकारी निकल ली …अब दूसरी चल की बरी तुम्हारी ह विक्टर ….”राज मनोहर के बेस से मिली जानकारी के बारे मई सोचने लगा

फलेश बैक………..

राज “ क्या मिला अज्जू मनोहर सिंह के रिकार्ड्स मई से ……”

अज्जू “राज bhai…..apka सक सही था …वंहा पर जितना भी ब्लैक मनी मतलब प्रोटेक्शन मनी अत ह वो वंही रखा जाता ह …किस साई से कितना आया ….किस नेता ने कितना बड़ा घोटाला kiya…kisne कितनी बड़ी बुसिनेस्स डील की ह सब का पूरा पूरा रिकॉर्ड h….aur इन्फेक्ट ismai….anirudh गोस्वामी सर का और ऋचा गोस्वामी का नाम भी h…..jo…vidya ग्रुप ऑफ़ हॉस्पिटल के सीईओ के नाम से लिस्टेड h……aur अनिरुद्ध अंकल के आगे 50 कर पेंडिंग लिखा हुवा ह

राज “ और “

अज्जू “शक्ति की डिटेल भी ह ….उसके नाम की फाइल्स मिली तोह उसमे बहुत कुछ मिला ह “

राज “क्या मिला अज्जू भाई “

अज्जू “ बहुत साडी एक्ट्रेस …models…aur बुसिनेस्स्में की लड़कियों के मंस मिले h…aur भी डिटेल ह जिनमे लड़कियों की सप्लाई आउट ऑफ़ इंडिया …बड़े बड़े पॉलिटिशंस को …और तोह और ये हरामी ऑर्गन्स की भी सप्लाई करता ह”

राज “ तोह बाप के साथ बीटा भी महा हरामी ह“

अज्जू “ बाप से जायदा बड़ा हरामी ह और एक इम्पोर्टेन्ट बात शक्ति के एक फोल्डर mai….anu के साथ आपकी फोटोज भी मिली ह कॉलेज की और साथ मई कविता की मनीषा की और उनके साथ एक लड़की की भी मिली ह और साथ हे आपकी पूरी डिटेल जो हमने दिखाई ह कॉलेज डाक्यूमेंट्स मई”

फिर अज्जू काफी साडी बाते राज को बताता चला गया ….और राज के एक्सप्रेशंस शाक्त होते चले गए….

राज “टुकड़ो मई बाँट दूंगा जो मेरी बहन की तरफ गन्दी नज़र से देखेगा”

फलेश बैक एंड्स……..

राज अभी गहरी सोच मई हे था की उसे खुदके गाल पर एक नाज़ुक सा अहसास huva….jiske कारन राज अपनी सोच से बहार आया….

“क्या सोच रहे थे ”

राज ने देखा की सोनाली पुलिस की वर्दी मई उसके पास कड़ी thi…aur चेहरे पर प्यारी सी मुस्कान थी..

राज “ चले घर”

सोनाली “शामको डॉ आएंगे तब एक कम्पलीट चेकउप करवा लू फिर ले चलूंगी …ok जी…

राज “ मैं बिलकुल तीख हु “

सोनाली “ बस मेरी जान यही बात डॉ कह दे बस फिर तुम्हे ले चलूंगी खुस “

अब बेचारा राज क्या हे बोलता उसने मू सिकोड़ लिया क्योकि उसे पता था की अब ये आगयी ह तोह पूरी मन मानी करेगी…

सोनाली मुस्कुराने लगी और उसके पास बैठ गयी ….क्योकि यही वक़्त तोह मिलता था उसे अपने प्यार के पास उसके साथ वक़्त बिताने का ….वो एक तक राज को देखती और बिच बिच मई राज को चूम कर उसके गाल गीले कर देती …और राज नाराजगी दीखता rahata….par सोनाली प्यार करती रहती …

शाम को पूनम आयी और सोनाली को पास देखा तोह …आंखे बड़ी हो गयी ….और नहले पर ढला इस बार सोनाली ने मारा उसने टिफ़िन लेकर राज को अपने हाथो से खाना खिलाना सुरु कर diya….poonam शांति से सब देखती रही …जबकि सोनाली के चेहरे पर बड़ी सी मुस्कान thi…..par यंहा भी जल्द हे सो सुनार की एक लुहार की कहावत लागू होने वाली थी…

सोनाली “गुड बॉय पूरा फिनिश करो थॉट्स माय बॉय …ओने मोरे ”

राज “ अरे पेट भर गया ह मेरा “

सोनाली ने भी शामे राज को पानी पिलाया और अपने रुमाल से उसका मू साफ़ किया और फिर पूनम की तरफ देख कर ..

“पूनम खाना लाकर ाचा किया …थैंक यू…

पूनम ने कुछ नहीं कहा और आराम से सोनाली को देखती rahi…..par सोनाली बड़ी बहन की तरह….

सोनाली “ तीख ह अब तुम घर जाओ 8 बज गए ह रात को जायदा दिएर बहार नहीं रहना चाहिए ह मैं हु यंहा …”और पूनम की तरफ देख कर मुस्कराने लगी….

पूनम ने अभी तक एक भी वर्ड नहीं कहा tha….sirf जो हो रहा था उसे आराम से चिर परिचित मुस्कान के साथ देख रही थी और सुन रही थी…

राज “ अरे आप इन्हे कान्हा भेज रही ह ये पार्टी दे रही ह मुझे हमारी डील हुवी ह“

पूनम के चेहरे पर बड़ी सी मुस्कान आगयी और बोली “जब आप बाइक चलने वाले हो जायेंगे तब करेंगे आखिर आपके पीछे बैठके हे तोह जाउंगी na…aur बस सोनाली के एक्सप्रेशन चेंज हो gaye….poonam सोनाली की तरफ देख कर आगे बोली “क्यों दी जा सकती हु न” और ये जले पर नमक छिड़क दिया सोनाली के

राज “ ये कुछ नहीं बोलेंगी हम जल्द हे चलेंगे”

पूनम “ तीख ह राज जी आप अपना धयान रखियेगा मैं जाती हु bye दी आप भी कभी घर आईये साथ खाना कहते ह कभी छोटी बहन के हाथ का खाना खाओ”

सोनाली पूनम को जाता देखती रही और फिर डॉ को अत देख कड़ी हो गयी क्योकि वो बस राज को अब जल्दी से जल्दी घर ले जाना जाती थी उसका ब्लड प्रेशर ऊपर निचे हो गया था….

राज खुस हो गया क्योकि उसे हाफ ऑवर मई हे हॉस्पिटल से डिस्चार्ज मिल गया था क्योकि सोनाली की गुसाई से भरी आंखे देख डॉ ने टाइम हे नहीं लगाया डिस्चार्ज करने मई सोनाली बस जल्दी से घर जाना और राज की बांहो मई आना चाहती thi….ghar मई पूरी रात राज की बांहो मई हे बितायी हल्का फुल्का प्यार छुवन का अहसास खूब साडी बातो मई रात बिट गयी… तब जाकर उसके दिल के सुकून mila…aur वो नार्मल हुवी…

पर कंही और रात बहुत बुरी थी…..

मनोहर “कैसे कैसे कैसे…”

ये सवाल मनहर ने उस शख्स से पूछा था जो कुत्ते के साथ रखवाली कर रहा था…

शख्स “ मेरे रहते इस गेट से तोह कोई अंदर नहीं आया ह सर ….”

मनोहर “फिर कैसे ये चिप कैसे लगी हो सकती ह”

शख्स” सर क्या यंहा आने का कोई और रास्ता भी ह क्या”

मनोहर सोचकर “ ह पर वो सिर्फ मीटिंग के लिए उसे होता ह और वंहा सिक्योरिटी बहुत बहुत जायदा टाइट ह”

शक्ति “तोह क्या वो “

मनोहर “ नहीं ये इम्पॉसिबल ह वंहा की सिक्योरिटी को तोडना नामुकिन ह “

शक्ति “पर बॉस साडी कंडीशंस तोह “

मनोहर की गुसाई से तमतमाते हुवे “ मैंखुद पता करूँगा और अगर वजह वही ह तोह इसका मतलब घर मई से किसी ने मदद करि ह”

शक्ति “ गॉर्डस ने खुद चेक किया था रात को सब सही था फिर कैसे तब तोह यही दीखता ह की वो भी शामिल ह”

मनोहर “ कोई भी शामिल हो उसे मरना हे होगा तुम जाओ तुम्हे पता ह तुम्हे क्या करना ह “

शक्ति “ यस बॉस”

शक्ति के जाने के बाद …

शख्स “ बॉस एक बात एक बार जब मैं अंदर चेकिंग के लिए गया था तब कुत्तो ने भोंकना सुरु कर दिया tha…aur मैंने चेक किया तोह दूसरे हॉल मई जाकर वो रुक गए पर सूंघने के बाद भी उन्हें कुछ नहीं मिला …”

मनोहर “ कुत्तो को रात को अंदर हे छोड़ देना खुला “ वो और कुछ नहीं बोलै और वंहा से निकल गया

जबकि शक्ति दूसरी तरफ निकल gaya…….par वो पंहुचा खुदके एक वेयरहाउस mai….janha था उसका ठिकाना …..और उसने बेसमेंट का सीक्रेट दूर का पासवर्ड डाला और पहुंच गया निचे जंहा उसके खास आदमी पार्टी कर रहे थे …वो उनको हाथ हिलता हुवा आगे अपने ऑफिस की तरफ निकल गया …..जंहा पर मौजूद थी उसकी गफ …या ये कान्हे सेकेरेट्री ….

शक्ति “ डिटेल आगयी h…uski “

लड़की “ नहीं बॉस निर्वाण का कुछ पता नहीं लगा ह ….पुलिस कमिश्नर के घर के बाद उसकी कोई न्यूज़ नहीं ह”

शक्ति “मैं राज के सचेडूले की इनफार्मेशन मांग रहा हु”

सेकरट्री “ यस सर ….वो घर से बहार काम हे जाता ह और कॉलेज से सीधा घर अत ह बूत है …अनु मम से मिलने जरूर जाता ह मतलब बहार भी मिलता ह बाकि कॉलेज मई नॉर्मल हे मिलता ह जिन पर अपने नज़र रखने को कहा था उन लड़कियों से भी कभी कभी हे मिलता ह…. ऑब्जरवेशन से यही लगा वो नार्मल फ्रेंड्स ह बस”

शक्ति “ हम्म उसको फॉलो करती रहो उसका समय चुका ह और उसे मरना भी अनु के आगे हे होगा….”

सेकरट्री “ यस सर “

शक्ति “ और है ये अर्जेंट ह एक नई मॉडल ह सिमरन बजाज इसका पता करो मुझे ये कैसे भी चाहिए ह “

सेकरट्री “ ok बॉस”…

दूसरी तरफ….

शिमला हिमाचल मई सिटी के आउटसाइड मई ….एक फैक्ट्री मई किलर्स इखट्टा the….unka लीडर.. “ सिर्फ उनपर नज़र रखनी ह देखो की कितने लोग सिक्योरिटी मई कप्तान सिंघानिया कान्हा जाता ह कान्हा नहीं ….क्योकि आर्डर जब भी आएगा हमे एक्शन लेना होगा …

सब “ok ”

और वो निकल गए और जल्द हे कप्तान के एरिया के पास मई साधारण बिखरी बनकर तोह कोई सब्जी वाला तोह कोई किसी बड़ी रूफ से निगरानी करने laga…factory से लेकर ऑफिस हर जगह उनके पीछे आदमी लग गए the….aur कप्तान को भनक तक नहीं थी लगी की मौत सर पर मंडरा रही थी

प्लेस दिल्ली …..

लीडर “ बनछोड़ ये 2 दिन से कान्हा था न ऑफिस था न बहार गया पर अब ये बहार से आया ह…”

निगरानी वाला बॉस “ ये पुलिस की गाड़ी मई ऑफिस हे गया था और ऑफिस की निगरानी वाले ने भी कहा था की वो घर के लिए निकल गया ह ऑफिस से …फिर ये दूसरी कार मई बहार से कैसे आया मेरी भी समाज से बहार h…kyo की वो कार मेरे सामने घर मई घुसी ह और टाइम भी हमेसा वाला लगा ऑफिस से घर पहुंचते हुवे ”

लीडर “ बंचोदो तुम्हारे साथ मैं भी मरजाऊँगा ….फिर उसने अपने बहुत से आदमियों को रस्ते के लिए भी कमश्नर के पीछे आदमी लगा दिए अब जोगिन्दर के पीछे इतने आदमी थे की वो चाहा कर भी सबसे पीछा नहीं छुड़ा सकता था….”

देहरादून….

“ सर काफी नए चेहरे वाले आदमी आपके घर के आसपास मई घूम रहे ह..”

राजीव “कितने होंगे”

“करीब एक दर्ज़न सर “

राजीव “ ok नज़र जमाये रखना और कोई एक्शन मत लेना …कुछ भी सस्पीशियस लगे इन्फॉर्म में”

“ Ok सर जय हिन्द”

राजीव ने तुरंत रिंकी को कॉल लगा दिया और सामने से कॉल उठते हे “ रिंकी कार लो और तुरंत अभी के वंहा से एयरपोर्ट जाओ और राजस्थान के जयपुर जाना ह और वंहा से तुम्हे लेने भीमा अंकल आएंगे ok उनके साथ चले जाना ह “

रिंकी “ क्या राज तीख ह पापा “

राजीव “ तुम जानती हो न वो कौन ह उसे कुछ नहीं हुवा ह बस इस बार खतरा मुझे लगता ह निर्वाण को नहीं राज को ह अब तुम तुरंत निकल जाओ मैं भीमा अंकल को कॉल करदेता हु”

रिंकी “जी पापा “

राजीव कॉल रखने के बाद सोच मई डूब

मंडावा ……

जगमाल सिंह “ भीमा”

भीमा “ जी बाबूजी”

जगमाल सिंह “ आसपास के गाँवो मई कोई भी अजनबी दिखे सब गाँव वालो को बोलदे उन्हें pakadle…aur अपने गाँव के 10 कम के दाईरे मई सिक्योरिटी कड़ी से कड़ी कार्डो हर आदमी एक्टिव चाहिए h…khetwale मकान को भी साफ़ करवा दो और रहने के लिए तैयार करवा di….jald हे जरुरत पड़ेगी…”

भीमा “ जी बाबू जी और अभी अभी ैप राजीव का भी कॉल आया ह उनकी फॅमिली वंहा से यंहा के लिए रवाना हो गयी ह”

जगमाल सिंह “ उन्हें पूरी इज़्ज़त के साथ लाना भीमा उसने हमारी बहुत मदद की ह और अभी कर हे रहा ह”

भीमा “ जी बाबूजी मैं अभी एक घंटे बाद निकलता हु उन्हें लेने “

जगमाल “ तुम रहने दे अहसान को भेज दो …तुम यंहा सम्भालो क्योकि अहसान को कोई बहार जनता नहीं ह जायदा सेफ रहेगा”

भीमा “ जो आप कहे बाबूजी”

और भीमा के जाते हे “ तोह युद्ध का समय आगया h….aur आएंगे वो लोग सामने जो साथ थे या गद्दार the….par मैं अभी यही चाहता हु की राज की पहचान जब तक सामने न ए जब तक वो अपनी माँ की आखिरी खाविश पूरी न karle….vidya बेटी के माँ बाप उसे माफ़ न karde….”jagmaal सिंह ये कहते हुवे पुराणी यादो मई खो गए

फलेश बैक ……..

“ विद्या “ पापा ji…main बिलकुल तीख हु …और ये मुझे क्या कहेंगे …इन्हे पता ह की आप इनकी टंगे तोड़ डोज जो मुझे कहा तोह”

जगमाल सिंह “ बिलकुल आज भी इन बाजुओ मई बहुत दम ह ये नालायक कुछ कहे तोह सही …”

सहदेव “ पापा सब झूट ह मैंने कब कुछ कहा “

जगमाल सिंह “ बस तुम चुप हे रहो मुझे बहु पर पूरा यकीन ह वो कभी झूट नहीं बोलती h…tum होसियारी मत दिखाओंक….2 चार लड़ाईया क्या जीत ली खुद को तीसमार का समझता ह …मार मार कर हड्डी तोड़ दूंगा “

विद्या जगमाल सिंह के पीछे कड़ी कड़ी हंसती रही और बिच बिच मई जीब निकलकर सहदेव को चिढ़ाती rahi….sahdev बेचारे चाहकर भी कुछ नहीं बोल पा रहे थे ….

विद्या “ पापा और तोह और आज कल घर से भी दूर रहते ह मुझे अकेला छोड़ देते ह …मुझे बहुत दर लगता ह “ ये बात विद्या ने बड़ी मासूमियत से कही थी जैसे दुनिया मई सबसे इनोसेंट भोली वही हो और जगमाल सिंह भड़क उठे “ क्या कहा कई दिन दूर …नालायक गधे यही सिखाया ह तुजे …चल बहु मेरे साथ उदयपुर चल वंही रहेंगे …अब इस नालायक के साथ नहीं रहना ह”

बस इस बार सहदेव की बारी थी हसने की क्योकि विद्या ने सोचा था की सहदेव को दन्त पड़ेगी पर दांव उल्टा पद गया और वो खुद सहदेव से दूर हो रही थी जो वो बिलकुल भी नहीं चाहती थी…

सहदेव “तीख ह पापा इसी बहाने आपकी सेवा भी करलेगी “

जगमाल “ यही तेरी सजा ह”

विद्या “ प् प् parrr….koyi बात नहीं babuji….ye अकेले खाना कान्हा खाएंगे कौन इनकी देखभाल करेगा “

जगमाल नहीं बहु चलो अभी सामान पैक करो हम निकल रहे h….vidya मू लटककर रूम की तरफ जाने लगी तोह …सहदेव और जगमाल सिंह दोनों जोर जोर से हंस पड़े …..और विद्या को समाज आगया की बाप बेटे ने मजाक किया ह उसका मू और लटक गया….

जगमाल “ ऐसे मू नहीं लटकाते ह बहु तुम दोनों जान हो हमारी ….”

विद्या “ गले लग कर रो पदीय “ और जमाल को अहसास हुवा की विद्या रो रही ह

जगमाल “ हमे माफ़ कार्डो मेरी बची मैं तुम्हारा दिल नहीं दुखना चाहता था”

विद्या “ नहीं पापा मुझे ढक इस बात का ह की मेरे पापा मुझे समाज नहीं पाए उन्हें अपनी बेटी से जायदा इज़्ज़त प्यारी ह …खास वो समझ पाते मुझे मैं हर दिन माँ पापा को याद करती hu….par”

जगमाल “ आएगा वक़्त बहु जब ये समझेंगे की उन्होंने कितनी बड़ी गलती करि ह तुम्हे ठुकराकर और फिर मैं भी तोह बाप हु तुम्हारा..”

विद्या के चेहरे पर हंसी आगयी …और तभी एंट्री हुवी रविंदर सिंह Ki….aur वो जगमाल सिंह को देख सकपका गए….

रविंदर “ बाबूजी ाअप्प्प कब ए mmmmain..mmmmmaine तोह देखा हे नहीं …”

और विद्या की नौटंकी फिर से सुरु हो गयीईइ

विद्या “ पापा ये लो ये भी आगये इनकी हे कमी थी दोनों जाने बस दिन भर बहार रहना दिएर तक घूमना यही काम ह इनके …..शादी करनी पड़ेगी इनकी तब टिकेंगे ये“

रविंदर ने गले से निचे थूक निगला हे था की सर पर थपड पड़ा ….

जगमाल “ नालायक”

रविंदर “ मैंने क्या किया ….भाभी क्यों मार पड़वा रही हो आपकी बात ताली ह मैंने कभी “

विद्या “ तोह फिर शादी करो “

रविंदर “ शडीई ….वो क्योऊ …”

विद्या “ कर दिया न मन देखा बाबूजी आपके सामने हे झूट पकड़ा गया न”

रविंदर के सर पर एक और चपत पड़ी …

रविंदर “ मैंने कब मन किया पर लड़की आपकी तरह होगी तोह हे करूँगा “

सहदेव “ हूउउ”

रविंदर “ अरे यार मतलब भाभी की तरह स्वाभाव होना चाहिए ह जो हमारी दोस्ती न तोड़े गुसा न करे बस इतना हे “

विद्या “ देखि ह मैंने लड़की तुम्हारे लिए समझे bachuuu…lakho मई एक ह”

रविंदर “ क्याआ”

अब विद्या सहदेव और जगमाल सिंह रविंदर का एक्सप्रेशन देख हसने लगे…

फलेश बैक एंड्स

जगमाल सिंह के चेहरे पर बड़ी सी मुस्कराहट आगयी थी…..

“ मेरे बचे रविंदर मुझे नहीं पता था की तेरी बेटी जिन्दा ह …पर जैसा मैंने तुजे कहा था वैसा हे hoga…uski देखभाल हम खुद करेंगे और तुम्हारे जिगरी यार का बीटा उसका धयान रखता और मुझे लगता ह तुम्हारी बेटी उसे पसंद करती ह उसके नाम से हे चेहरा चमक उठता ह ”

मुम्बईई….

शिवानी “ क्या बात ह दी के साथ अकेले फ्लैट मई मतलब फुल मजे “

राज “आपको मेरी हालत देख के लग रहा ह”

शिवानी “ तुम्हारा तोह समाज अत ह पर दी कैसे काबू रखे हुवे ह मैंने तोह कहा था उन्हें की राज को फंसा लो सेक्स कालो और करके कहना की तुमने मेरे साथ सेक्स कर लिया ह मई एक पवित्र नारी हु एक हे जीवन साथी होगा मेरा वर्ण मर जाउंगी तुमने मुझे किसी को मू दिखने लायक नहीं choda..etc”

राज “ आप भी न आपको पता ह न वो सीरियस हो जाती ह “

शिवानी “ अरे तभी तोह आधी घरवाली यानि साली बनूँगी फिर तुम्हारे मजे एक के साथ एक मुफ्त”

राज “ हहहहहह ैप हो आप…”

शिवानी “ अपने जिस्म की तरफ इशराकर के एक लड़की भी हु“

राज “ दोनों बहने एक जैसी हो ाचा वो आदित्य कैसा ह”

शिवानी “ कैसा ह मतलब दी ने कुछ नहीं बताया”

राज “ क्या बताना चाहिए था”

शिवानी “ यही की तुम्हारी हालत देख उनकी सटक गयी थी और फिर “

राज “ पूरी बात बताओ “

शिवानी “तोह सुना”

फलेश बैक स्टार्टस

राज को जैसे हे हॉस्पिटल लाये आदित्य ने पूरी व्यवस्ता कर दी thi….Dr ने आते हे ट्रीटमेंट सुरु कर दिया ….

3 ऑवर baad…jab डॉ ऑपरेशन थिएटर से बहार आया तोह उसके हाथ मई एक रिपोर्ट फाइल थी….

सोनाली “ वो तीख ह न “

डॉ “ है ब्लड लोस्स जायदा हो गया h…dusra करंट का शॉक दिया था खुदको तोह 24 लग जायेंगे या उसे जायदा होश एते एते …वीकनेस रहेगी कुछ दिन फिर तीख हो जायेंगे और उनके ब्लड मई नींद के दवाई जायदा मात्रा मई मिली h….kya वो नींद की दवाई लेते ह”

सोनाली “ बिलकुल नहीं डॉ “

डॉ —Ok होश मई आने के बाद पूछते ह…

पर सोनाली को कान्हा चैन पड़ना था उसकी नज़र शिवानी पर पड़ी और शिवानी सब कुछ बताता चली gayiii…..sonali की आँखों मई खून उतरने लगा

सोनाली” कान्हा ह वो अभी “

अभय “ मम उसने मनीषा पर वार किया था इसलिए उसे वही तड़पाएँगे …इनफैक्ट सुनील के लिए भी मन किया ह राज भाई ने”

पर सोनाली कान्हा मैंने वाली thi…ek ऑवर बाद रूम मई आदित्य लटका हुवा था और निचे सोनाली ने आग जला राखी थी फिर एक रस्सी उसके पेअर पर भीनबन्ध दी और उस रस्सी के दूसरे सिरे को एक तरफ दीवार से बांध दिया अब उसके दोनों लेग्स िधे थे और उसका सिर्फ पिछवाड़ा आग की तरफ था …

सोनाली गुसाई se“madarchod रंडी की औलाद ….तू मेरे प्यार को तकलीफ देगा मेरे रहते ….तकलीफ मैं तुजे दूंगी और ऐसी दूंगी की तू इतना तड़पेगा की हर मिनट तेरी अगड़ी पिछड़ी के छेद खुलते रहेंगे …इतना कहने के साथ हे सोनाली ने ऊपर वाली राशि को धीरे धीरे ढीला किया तोह आदित्य की गांड आग की तरफ आने लगी …आदित्य चीक भी नहीं सकता था क्योकि उसके मू पर सोनाली ने डुब्बले टेप लगा राखी थी …आदित्य बुरी तरह झटपटाने लगा वो आग के पास नहीं जाना चाहता था पर कुछ हे पल मई उसे निचे से आती आग की गर्माहट अपनी गांड पर महसूस हुवी और वो और जोर से हिलने लगा पर कब तक हिलता जैसे हे वो रूकता उसकी गांड आग से जलती और वो तड़फड़ाता उसकी आंख से आंसू बाह रहे थे ..

सोनाली “ भोस्डिके ….तू कैसे भूल गया muje….”itna कह एक ऑवर तड़पने के बाद आग को दूर किया और एक पानी की खली बोतल निकली और ढक्कन की जगह स्प्रे करने वाला लगाया फिर बोतल मई पानी bhara….aur आदित्य की तरफ देख कर “ पानी पियेगा “ आदित्य कुछ नहीं बोलै …पर तभी उसकी आंखे चौड़ी होगयी और वो गर्दन जोर जोर से हिलने लगा क्योकि सोनाली के हाथ मई था खूब सारा नमक जिसे सोनाली आदित्य की तरफ देकते हुवे पानी की बोतल मई दाल कर अचे से शेक कर रही थी…

सोनाली “ इससे ये तेरे घाव मई अंदर तक जाकर सुकून देगा तुजे नहीं मुझे. जितना तू तड़पेगा उतना सुकून मुझे आएगा और ये देख ये लाइव रिकॉर्डिंग हो रही h….mere पति को दिखने के लिए”

इतना कह उसने ादिया की गांड पर नमक वाले पानी का स्प्रे अचे से किया …और नमक गाँव मई रिश्ते हे वो तड़फड़ा उठा जैसे उसे करंट के झटके लग रहे हो …वो जोर जोर से हिलने laga…uska मूट भी निकल गया ….सोनाली आराम से चेयर पर बैठकर सब देखती रही ……हर दस मिनट मई एक बार स्प्रे करती और उसे तडपाटीई…..

कुछ हे घंटो मई आदित्य की हालत बुरी हो गयी थी उसका गुदा जो शिप पर दिखा रहा था सोनाली के तौरतूरे से पिछवाड़ा से भर आगया tha…par सोनाली को कान्हा परवाह थी उसने खुजली वाला पाउडर निकला और उसके पीछे और आगे छिड़क दिया ….वो खुजली से एक बार फिर तड़फड़ाने लगा की कैसे भी खुजली की जाये पर हाथ पेअर बंधे होने की वजह से कुछ कर भी नहीं पा रहा था उसने गर्दन हिलाकर बहुत कुछ कहने की कोसिस की पर सोनाली को जानता फर्क पड़ना था…

सोनाली “ मेंफिर आउंगी ….तू ऐसे हे तड़पेगे….

हर 3 ऑवर बाद सोनाली अति और अलग अलग अलग तरह से कभी ांडो मई करंट देकर toh……toh कभी वियाग्रा की बहुत साडी टेबलेट दे कर आदित्य को अंदर से तड़पती…. ये सब राज जो अभी शिवानी से सुनने के बाद वीडियो देखरहा था उसकी भी हालत ख़राब हो गयी क्योकि वाकई सोनाली ने बहुत बुरा तौरतूरे किया था अब तक…

राज “ मुझे टॉयलेट आयी ह मैं अत हु “

तभी सोनाली कॉफ़ी लेकर आगयी

सोनाली “ कान्हा घूम रहे हो लेट जाओ”

राज “ टॉयलेट “

सोनाली और कुछ बोलना चाहती थी पर शिवानी के कारन चुप हो गयी…

शिवानी राज के बाथरूम मई जाने के बाद “ आपका तौरतूरे देखने के बाद जीजू को सुसु आगयी हे हे हे”

सोनाली “ चुप कर कुछ भी अनाप सनाप बोलती रहती ह”

शिवानी “ सच मई रात को खड़ा करने की कोसिस करना यकीं ह मुझे उनका खड़ा भी नहीं होगा हे हे हे”

सोनाली “ चू” वो मरने के लिए भागी तोह शिवानी बहार भाग गयी पर जाते जाते भी “ अभी भी मौका ह कुछ करलो ….बोल देना सुभे तुमने रात को मेरा रपे किया मैं तोह बर्बाद हो गयी लूट gayii….kisi को मू दिख्नने लायक नहीं रहीए …अब कौन करेगा मुझसे शादीय”

सोनाली “ रूक तुजे मैं बताती हु कितना बोलती ह”.

पर शिवानी तोह घर से बहार भागकर वापस काम के लिए निकल गयी पीछे सोनाली हंसती रही …..

राज “ अरे अब शिवानी मम कान्हा गयी”

सोनाली “ देख रही हु कुछ जायदा हे याद करते हो शिवानी को …कंही कुछ …”

राज की तोह एक पल फटकार हाथ मई आगयी “ नहीं नहीं कैसी बात करती हो आप”

सोनाली “ पता नहीं ह मर्दो का …आज तक देखती आरही हु जितनी मिल जाये उतना काम ह मर्दो के लिए”

अब राज की सच मई फैट के 2 होने लगी “ मैं ऐसा नहीं हु”

सोनाली “ ाचा”

राज “ बिलकुल”

सोनाली राज के करीब आकर दुबारा से “ाचा”

राज “आप बिगडो मत चलो ाजाओ सोते ह”

सोनाली इतने से भी बहुत खुस थी वो राज की बांहो मई सोकर भी खुस thi….kitne टाइम बाद उसे ये पल मिल रहे the….jab वो राज की बांहो मई चैन की नींद सो रही thi….aur ऐसे पल वो किसी भी कीमत पर खोना नहीं चाहती थी वो बचो की तरह बांहो मई चिपक गयी कौन कह सकता था की इतनी खूंखार लड़की की ये साइड भी होगी..

Idhar…..secret प्लेस ऑफ़ अंडरवर्ल्ड टॉप लीडर मीटिंग….

पुते इंडिया से अलग अलग जगह के अंडरवर्ल्ड दोने मीटिंग मई ए थे बाकी वीडियो कॉन्फ्रेंस के थ्रू मीटिंग से जुड़े हुवे थे…

सर विक्टर —- नई लीडर आज आरहे ह …

जर विक्टर - कौन हो सकते ह ….ये चेयर काफी टाइम से खली थी…..

सर विक्टर-- पर जो भी हो उसे सेलेक्ट किया हाई कमांड ने हमे फुल सपोर्ट देना ह …

जर विक्टर -तीख ह जैसा आप कहे …

तभी लाइट्स ों हो गयी और हॉल के मैं दूर खुला और एक शख्स ब्लैक कोट पेण्ट मई चलता हुवा अंदर आया हाथ मई वाच और मू मई मोटा सा सिगार जलता हुवा उसकी शख्सियत के चार चाँद लगा रहा tha….usne सब पर नज़र डाली और मुस्कुराते हुवे सबको बोलै…. “Hello everyone…uski रोबदार आवाज काफी थी सबका अटेन्शन अपनी तरफ खींचने के लिए सभी अपनी सीट से खड़े हो गए

“बैठे रहिये बैठे रहिये…..”

सर विक्टर “ वेलकम बॉस”

लीडर “ सर विक्टर तुमने मुझे बहुत निराश किया “

सर विक्टर “ क्या हुवा बॉस”

लीडर “ एक वीक ह …..उस लड़के को मेरे सामने हाजिर करो ….और तुम अचे से जानते हो मैं क्या और किसकी बात कर रहा हु “

सर विक्टर हैरान हो गया और वो उसी हैरानी से लीडर को देखने लगा….

लीडर “ कलम डाउन कलम डाउन ी क्नोव एवरीथिंग विक्टर आज से तुम मेरे राइट हैंड रहोगे “

सर विक्टर “ थैंक यू सर”

तभी एक बाँदा आकर एक पेण्ड्रीवे बॉस को देता ह…

लीडर “बड़ी स्क्रीन पर शो करो”

और पेन ड्राइव से बड़ी स्क्रीन पर वीडियो सुरु होता ह…..

“मां ……वेलकम welcome…….main तेरे हे लौटने का इंतज़ार कर रहा tha….Ab तू आगया ह तोह पुराने हिसाब देने को भी तैयार हो जा क्योकि …निर्वाण तड़पता ह …तड़पता ह रूह को और तेरी रूह को तड़पने का इंतज़ार तोह मैं कबसे कर रहा हु…. सिर्फ 7 दिन ह तेरे पास”

वीडियो ख़तम होने के बाद लीडर जोर जोर से हसने laga…..aur सब उसको देखते रह गए ….पर अचानक वो रूक कर bola…sare आदमियों को इखट्टा करना सुरु करो हथियारों को कई कमी नहीं होगी सीकर होगा उसका मुम्बई को घेर लो ….Nirwana….mumbayiii मई ह

मस्ती मई पढ़ने का बिंदास लाइक्स और रेवोएस पेलने का….


आज के लिए इतना हे
 
अपडेट 194 ों संडे नाईट 10 पं.....
 
क्या अपडेट के नाम का मतलब पता ह....
 
अपडेट 194

एक्ससरबते

War…begins

बेफोर one..update… तू लेफ्ट …

“तुम मुझे कुछ बताते क्यों नहीं हो “

राज “ आप फिर बहुत सरे सवाल करती हो और बात भी नहीं मानती हो

….”

सोनाली “ तोह मतलब अब तुमसे कुछ पूछ भी नहीं सकती मैं “

राज सोनाली के होठो को चुम कर “ आप बैठो …देखो ये लड़ाई सिर्फ हीमत ताकत और जोश की नहीं h….ismai सबसे जायदा लगेगा dimag…isliye मैं उनके कुछ सोचने से पहले हे उनके सामने एक सिचुएशन रख देता हु ताकि वो अपना प्लान उसे हे नहीं कर पाए इसे ये फायदा होता ह की उनका अगला कदम क्या होगा मुझे अंदाज़ा रहता ह और रिस्क आपको पता ह जश्न का खतरा हमेशा रहता ह”

सोनाली “ तोह सीधे से बता सकते थे न और जान तुमसे पहले मेरी जाएगी समझे”

राज “ औ भी न सीधे से बता सकता था पर आप खाई अभी हे देख लो बातो बातो मई अपने मुझे पिछले 15 मिनट से बिना कपड़ो के रखा हुवा ह …गीले कपडे से साफ़ करने वाली थी आप वो तोह भूल गयी और लड़कियों की तरह बात पकड़कर बैठ gayi….ajkal आपका बेहेवियर चेंज हो रहा ह टिपिकल बीवी की तरह बेहवे करने लगी हो आप”

सोनाली गीले कपडे से राज की बॉडी को साफ़ करते हुवे “ चुप रहो समझे….”

राज के चेहरे पर हंसी आगयी आज 3 दिन हो गए थे …. सोनाली को राज के साथ अकेले रहते हुवे जिसमे सोनाली को दिव्या से जबरदस्त फटकार भी पड़ी थी जब दिव्या को सब पता लगा जगमाल सिंह से की राज को चोट लगी ह सुर सोनाली अकेली रुकी हुवी ह उसके साथ ..बस टिपिकल सास की तरह तगड़ी फटकार लगायी बेचारी सोनाली का मू छोटा सा हो गया थस“

राज सोनाली की कमर को पकड़ते हुवे दुबारा किश करने लगा तोह सोनाली ने रोक दिया

सोनाली “ तीख ह अब तुम कपडे पहन लो “

राज मन मई अब इसे क्या हुवा रात को तोह सब सही था ….राज ने भी कुछ नहीं कहा और ड्रेस पहन ली …

राज “ मुझे अब अपने वाले घर जाना होगा …बहुत काम ह…

सोनाली का चेहरा उदास तोह हुवा पर उसने शो नहीं किया और राज को हां मई गर्दन हिला diii….aur आगे बढ़ राज के होतो पर एक डीप पैशनेट किश करि

सोनाली “तीख ह मैं भी ऑफिस जाती हु अब जरुरत होगी तोह हे मिलेंगे “

राज “ गुसा कंट्रोल मई रखना“

सोनाली “तुम दिलाना मत और यंहा वंहा तितलियों के पास मत उड़ना समझे वर्ण तुम्हारे साथ साथ उन तुतलियो के पर भी काट दूंगी ..

इतना कह दोनों निकल गए राज ने अपनी रॉयल मॉडिफाइड इनफील्ड बुला ली थी वो सीधा कॉलेज के लिए हे निकल gaya…janha उसे क्लास मई 2-2 मू फुलाए हुवे मिली एक जो पढ़ा रही थी और एक जो उसके साथ बैठकर पढ़ रही थी…

गर्वित “भाई अनु मुझसे भी तेरे बारे मई कई बार पूछ चुकी ह और तोह और रजनी मैडम भी मुझे क्लास से बहार निकल देती ह पता नहीं क्योऊ…”

“स्टैंड उप गर्वित एंड गेट आउट फ्रॉम क्लास”

गर्वित “ ले भाई मैंने तोह कुछ किया भी नहीं ह “

अब राज क्या हे बोलता की ये उसका गुस्सा ह जो तुझपर निकल रहा ह उसके चेहरे पर मुस्कराहट आयी हे थी की…..

“ और तुम भी गेटआउट फ्रॉम क्लास”

राज भी चुप चाप उठकर क्लास से बहार आगया और सीधा रजनी के केबिन मई बैठ गया उसे पता था की क्या करना h…aur हाफ ऑवर बाद रजनी आयी तोह राज को देख गुसा होकर कुछ कहने वाली थी के राज ने अपने होठो से उसके होतो को कास लिया और एक हाथ से रजनी की कमर को पकड़ लिया ताकि रजनी हिल न सके 5 मिनट की किश की किश के बाद रजनी का मन उसके कब्बू मई नहीं tha…aur वो अपना गुस्सा पूरी तरह भूल चुकी थी…

राज “ मुझे चोट लग गयी थी ये देखो इसलिए नहीं मिल सका क्योकि आसपास कोई ऐसा था जिसकी वजह से आपको फ़ोन करने के शाक्त मन किया था”

रजनी क्या हे बोलती उसको उसके जवाब मिल गए the…..isliye उसने एक मुस्कान थी….

राज “ आपकी विश जरूर पूरी होगी पर अभी वक़्त ह अभी मुझे जाना होगा उस चुड़ैल को भी मानना ह वर्ण वो अगर अपनी पर उतर आयी तोह आग लगा देगी सबको ”

रजनी “ वो तुमसे बेहद नाराज ह इतनी आसानी से दाल नहीं गलेगी इस बार सब मेरी तरह नहीं होती ह“

और हुवा भी ऐसा हे क्लास मई राज के मानाने पर अनु ने बहुत ड्रामे किये तोह राज को क्लास मई हे सबके सामने उसी गले लग्न पड़ा और गले लगाने के काफी दिएर बाद वो नार्मल हुवी सबको लगा रोमांस ह पर ये तोह एक भाई का प्यार था जो मन्नने के लिए सबके सामने जाताना pada….aur कैंटीन लेजाकर खूब साडी बाते करने पड़ी ….दूर बैठी तीन तिगड़ी ये सब मुस्कुराते हुवे देखती रही ….इधर राज को पता था की उसे कविता को भी टाइम देना ह इसलिए उसने शाम को अपने घर हे चुपके से आने को कह दिया ….

अनु होम ….

मनोहर “ जब मैंने कहा था की रात को कोई नहीं रुकेगा तोह फिर क्यों तुमने …उसे रात को रुकवाया….

अनु माँ “ अनु उसे प्यार करती ह और मुझे भी तोह जानना था की उसका चैरेक्टर क्या ह …और सच मई वो ाचा लड़का ह…”

मनोहर “ चुप बिलकुल चुप एक सब्द और कहा तोह फिर गुसाई से दन्त पइसस कर ….मैंने क्या कहा था तुम्हे वो सुना था न तुमने फिर भी तुमने उसे रात को रहने दिया क्या मैंने रंडी खाना खोल रखा ह”

अनु माँ की आंखे चौड़ी हो गयी सब sunke….kyoki ये पहली बार था जब मनोहर सिंह इतना गरम हुवा था

अनु माँ “ पर हुवा क्या ह ये तोह बताईये”

मनोहर आंखे दिखाकर “एक बात जंहा से भी दिमाग मई डालनी ह दाल ले ..मैंने जो मन कर दिया वो कर दिया और जो मेरे विरुद्ध जाता ह उसका हाल मई बहुत बुरा करता हु ….उस लड़के ने क्या किया ह क्या नहीं ये जाने की जरुरत नहीं ह ….और अबसे शक्ति यही रहेगा अनु को समझा देना अगर उसने कुछ भी ऐसा वैसा किया तोह …मुझसे बुरा कोई नहीं होगा …”

अनु की माँ बिलकुल हैरान थी की ये क्या हो रहा ह …

मनोहर ने सिक्योरिटी चेइफ़ को आवाज मरी और सिक्योरिटी चीफ के आते हे “ मेरे जाने के बाद इस घर मई बिना मेरी इजाजत के कोई नहीं आना चाहिए चाहे कोई भी कुछ भी कहे ….और जबरदस्ती करे तोह उसे धक्के मार मार के घर से बहार फेक दो और फिर न मने जश्न से मार dena…samaj गए..”

सिक्योरिटी चीफ “ यस सर”

अनु माँ “ मनोहर को जाते देखती रही

दोपहर को जब अनु घर आयी …..

अनु “ हे माँ डैड आगये”

अनु माँ “ आगये ह रूम मई ह रेस्ट कर रहे ह “

अनु “ ok “ इतना कह वो रूम मई चली गयी …पीछे अनु माँ उसे जाते हुवे शांति से देखती रही वो चाहकर भी बोल नहीं पायी जो आज हुवा था…….

रातो खाने के वक़्त हुवा तोह …दूर बेल्ल बजी और …अंदर आया शकतीई जिसको देख अनु की माँ बेहद खुस हुवी पर शक्ति ने बस hi माँ बोल कर फॉर्मल सा रिप्लाई दिया …..

शक्ति - hi डैड…

मनोहर - गुड राइट टाइम ए हो बैठो डिनर साथ करते ह….

अनु — माँ मुझे भूक नहीं ह मैं रूम मई जा रही हु…

मनोहर — रूम मई खाना नहीं मिलेगा ….खाना ह तोह अभी खाओ वर्ण भूखे रहना होगा….

अनु ने एक नज़र अपने पापा को देखा और रूम मई चली गयी….

शक्ति — अभी भी वैसी हे खैर बहुत जोर की भूक लगी ह….

अनु माँ अपने बेटे के लिए जल्दी से खाना लगाने लगी तोह….

शक्ति — डैड no नॉनवेज….

मनोहर - अरे आज वेग खा लो कल बनवा देंगे…..

शक्ति ok डैड…

अनु की माँ को काफी स्ट्रेंज लग रहा था और उसका दिल दुखी भी था पर वो जानती थी की उस दिन जब अनु ने शक्ति को चाकू मारा ..और बदले मई शक्ति ने थपड मारा तब उसने हे शक्ति को डांटा था और उसके बाद से शक्ति ने दूसरे घर मई रहना डीएड किया था…

अनु माँ ने चुप चाप ढक का घूँट पिया और शक्ति को अपने हाथो से खाना परोसने लगी पर शक्ति ने धयान नहीं दिया और मनोहर सिंह से बात करते हुवे खाना खता raha….aur इसी बात ने अनु की माँ को जायदा ढक पहुंचाया…..

खाना खाने के बाद शक्ति ऊपर अनु के पास वाले अपने रूम की तरफ gaya…toh अनु का रूम खुला हुवा था जंहा अनु एक शार्ट टी शर्ट और निचे गर्ल्स शॉर्ट्स मई उलटी लेती हुवी thi….uski उभरे हुवी पीछे की गोलियों को शक्ति आराम से खड़ा देखने लगा ….और खुदसे हे मन मई बोलै “ कुछ भी हो ह गजब तू..” इतना कहा छोटा सा नॉक देकर अपने रूम की तरफ चला गया …अनु ने कड़ी होकर गेट के बहार झंकार देखा तोह शक्ति पास का रूम अनलॉक कर रहा था ….और उसकी जल उठी पर शक्ति ने उसे देख कर एक मुस्कान दी और रूम मई चला गया …..


और कुछ दिएर बाद मनोहर सिंह के साथ स्टडी रूम से बेसमेंट मई पहुंच गया…. और निचे खड़े थे अंडरवर्ल्ड के खूंखार से खूंखार हत्यारे जो नए लीडर के बुलाने पर ीखता हो रहे थे और धीरे धीरे इनकी संख्या 10 20 30 40 से 100 के पार पहुंच गयी थी और ये भड़ती हे जा रही थी……

शक्ति जो मास्क लगा चूका था “ बॉस इतने सरे दरिंदे एक साथ “

मनोहर “ सीकर भी तोह बब्बर शेर का होना ह तुम्हारे सबसे खास आदमी हटेला की मौत से सीखे नहीं तुम निर्वाण कौन ह उसकी पावर क्या ह कुछ पता नहीं h…death हेलो भी उसे धुंध रहा ह और डेथ के राइट हैंड अपूर्व सिंह से तुम मिल हे चुके हो वो क्या कर सकता ह तुम्हे पता हे ह तोह सोचो ज़रा निर्वाण को पकड़ने के लिए ऐसे हे दरिंदे चाहिए ह हमे“

शक्ति “ राइट …तभी एक कार और आयी उसमे से utre…judge…wakeel….. पुलिस officers….aur मिनिस्टर्स….”

मनोहर सिंह - वेलकम ह हमारे गरीब खाने mai….ap sabka…..sabhi जाने इस आवाज को बखूभी जानते थे इस लिए वो सीरियस होकर देखने lage…aur जल्द हे वो लोग समाज गए की उन्हें क्यों बुलाया गया ह….”

मनोहर सिंह “ अंडरवर्ल्ड का खूफ काम हो गया ह अब वक़्त ह दुबारा से बनाने ka…isliye लोग तोह मरेंगे हे ईमानदारी का भूत जिनपर सवार ह वो हे मरेंगे फिर चुटकी बजाजार रुपयों से भरा हुवा सूटकेस सबके आगे फेंक दिया …जिसे खरीदना ह kharido….par मुझे सब क्लियर चाहिए ह मतलब समय आने पर कोई परेशां न करे कोई गिरफ्तारी नहीं कोई पुलिस nahi….aur आप दोनों ….महाराष्ट्र के सबसे पावर फुल पॉलिटिशंस h….us ईमानदार होम मिनिस्टर का कुछ कीजिये ….और साथ हे कमिश्नर को सिक्योरिटी मई लगाकर रखिये बाकी हम देख लेंगे”

लॉ मिनिस्टर “कितने लोग मरेंगे”

मनोहर कोई अंदाज़ा नहीं ह ….वैसे भी तुम्हे तुम्हारा हिंसा मिल गया h…ab जा सकते ho…aur याद रखना गद्दारी की सजा मौत से भी बुरी

सरे जैसे ए थे वैसे हे पैसे ले कर निकल गए ….

राज रूम मई राज हाथ से कुछ जड़ी बूटियों को पइसस कर अपने गांव पर लगा रहा tha…..jo उसे जलन तोह देती थी पर उसके गांव भी तेज़ी से भरना लगा था…

मित्युदूत “ आपको पूरा यकीन ह मास्टर “

राज “ आप बैठिये” और मित्युदूत के बैठने के बाद “ क्या लगता ह आपको ….की हम हे तेज़ ह …..हम कुछ भी नहीं सिवाए एक …सीकर के ……वो लोग पुरे मुम्बई को घेरेंगे हर गली हर रोड उनके आदमी होंगे नाइफ रोड स्वोर्ड्स गन्स हर तरीके के वेपन्स उसे होंगे ….हमारे एक बन्दे के सामने उनके 50 लोग honge….yanha तक की पुलिस भी साथ हो सकती ह unke..madad की आवाज लगाएंगे तोह सिर्फ दुश्मन सामने आएंगे….”

मित्युदूत “ पर मास्टर शिवानी और सोनाली बेटी “

राज बिच मई हे “ वो जो सोचती ह बास्त से बहुत बड़ी ह उन्हें अंदाज़ा भी नहीं ह की क्या होगा और क्या होने वाला h…..puri मुम्बई की पुलिस मई से सिर्फ ईमानदार पुलिस हे रोड पर दिखेगी बाकी सब गायब होंगे या अंडरवर्ल्ड के साथ honge….police के भरोसे हमे सिर्फ मौत हे मिलेगी….”

राज की बात सुनकर मित्युदूत भी गहरी सोच मई पढ़ गया क्योकि मित्युदूत लड़ना जनता था पर इतनी गहरी चाल और सोच की उसमे भी कमी थी …

राज “ हम हर गली मई एक सीकर की तरह धुंध jayega…aur राज को पकड़ लिया तोह निर्वाण कभी सामने आएगा हे नहीं ….क्योकि दोनों एक हे तोह ह और अगर राज निर्वाण की तरह लड़ा तोह मतलब दोनों एक हे ह फिर दुनिया ये जान जाएगी हमारी लड़ाई हज़रो से तोह होगी हे होगी और उसके साथ साथ पुरे सिस्टम से भी होगी”

मित्युदूत “ फिर हम कैसे लड़ेंगे”

राज “ हम उनसे लड़ेंगे nahi….wo हमसे लड़ेंगे ….ये गेम हमारा ह हे नहीं ये गेम उसका ह और गेम के दो खिलाड़ियों मई से अभी एक हे आया ह और दूसरा कान्हा ह ये हमे पता भी नहीं ह वो कब वार करेगा कैसे करेगा ये मुझे भी अंदाज़ा नहीं ह …फिर राज सोचते हुवे ….डेथ halo….death हेलो ….ये नाम ये आदमी बहुत दिलचस्प और बेहद खतरनाक ह इसने जब भी वार किया ह बहुत खतरनाक किया ह पिछली बार जब ये सामने आया था तब सोनाली सुनील श्रुती अज्जू अभय मरने से एक कदम दूर थे फिर जब ये आया अनिरुद्ध अंकल और पूनम मौत के बेहद करीब थे और अबकी बार आएगा …तब पता नहीं क्या करेगा और अबकी बार इसने क्या प्लानिंग कर राखी होगी …”

राज “एक गिलास वाइन का पिया जाये क्या पता आगे कब नसीब हो अरे है मैं तोह भूल हे गया कल पूनम जी का बिरथ डे ह “

मित्युदूत “ पर मास्टर आपका घाव जल्दी तीख होना जरुरी ह इसलिए आपको रेस्ट करना चाहिए ह”

राज “ उस लड़की का दर्द हमारे परिवार की वजह से उसके माँ बाप की मौत हमारे परिवार की वजह से हुवी ह उसने बहुत ढक सहा ह कल उसका बिरथ डे सेलिब्रेट hoga..aur जैसा उसने बताया था वैसा हे hoga…main उसकी हर विश पूरी करूँगा इस जनम मई ये मेरा वडा ह”

मित्युदूत “ जी मैं अभी अर्रंगेमेन्ट्स कर देता हु कब जाना ह ….आज रात हे अनिरुद्ध अंकल को फ़ोन मिलाओ मुझे उनसे बात करनी ह ”

वंही …रंजन को घर आने पर पता लगा की राज आया था तोह उसका मू टेड़ा तोह हुवा पर उसने कुछ नहीं kaha….aur कविता को कुछ कहना चाहता था पर मनीषा की वजह से कुछ कह न पाया …रात को खाने के वक़्त…

रंजन “ शिवानी बेटी मैंने सुना ह पुलिस की सख्ती बहुत तेज़ हो गयी ह”

शिवानी “ है क्योकि निर्वाण नाम का वो क्रिमिनल मुम्बई मई ह और सोनाली दी भी उससे जिन्दा या मुर्दा पकड़ने हे आयी ह”

रंजन “ पर जंहा तक मुझे पता ह निर्वाण तोह बुराई के खिलाफ लड़ता ह न इस हिसाब से तोह तुम्हे तोह उसका सपोर्ट करना चाहिए ….”

शिवानी “ सोनाली दी और मुझे लॉ को हाथमे लेने वाले बिलकुल पसंद नहीं ह ऊपर से वो तोह मर्डरर भी ह इसलिए उसका पकड़ा जाना जरुरी ह”

रंजन “ ओह्ह्ह तोह कमिश्नर साब की क्या प्लानिंग “

शिवानी “ उन्होंने तोह सारा फोकस अभी निर्वाण पर कर रखा ह यंहा तक की अंडरवर्ल्ड से भी धयान हटा रखा ह और आज तोह मंत्री जी के भी आर्डर शामको आगये ह निर्वाण पर पूरा फोकस karo…par अब उन्हें कौन समझाए की निर्वाण कोई दूत पिता बचा नहीं ह जो उसे पकड़ा उठाकर उनकी गॉधी मई दे दिया वो एक किलिंग मशीन ह …आप खुद सोचिये कमिश्नर के बंगल मई पहुंच कर कितनो का मारा उसने “

रंजन “ है ये बात तोह ह वैसे भी उस जैसे आदमी का खुले आम घूमना समाज के लिए खतरा हे ह ….वैसे तुम कहो तोह मैं रिवॉर्ड रखवा दू “

शिवानी मुस्कराकर “ नहीं वैसे भी सोनाली दी से कोई नहीं बचा ह तोह निर्वाण क्या बाला ह”

रंजन “ है वो तोह ह बहुत कड़क अफसर ह वो पर अब तोह मनीषा की नानन्द ह…. कोई इनफार्मेशन मिले तोह बताना हमे भी….”

शिवानी “ आप क्या करेंगे”

रंजन “ अरे भाई इतना बड़ा हत्यारा मुम्बई मई ह तोह जानकारी रखना बनता ह बस ऐसे हे नॉलेज के liye”ye कहते वक़्त उनकी आँखों मई एक बड़ी सी चमक thi….jaise उन्हें बहुत कुछ मिल गया था शिवानी से बात करके… वो खाना खाने के तिरन्त बाद खड़े होकर अपने रूम मई आगया….

रात के 2 बजे….

“ Hello sr.victor….”

सर विक्टर “ यस बॉस”

लीडर “कितने आदमी इक्खट्टा हो गए ह”

सर विक्टर “ 500 के करीब पहुंच गए ह बॉस आप कहे तोह u.p पंजाब हरियाणा राजस्थान से भी बुलावा लू “

लीडर नहीं …. छोटी गैंग्स जीतनी भी ह एरिया की उन्हें तैयार कर दो ….की कभी भी सुरुवात हो सकती h….janha भी दिखे उसे मार दे… जिसने डेड बॉडी दिखाई 50 कर उसके ”

सर विक्टर “ आपको यकीं ह वो आएगा बॉस ी मैं दिखेगा”

लीडर “ मां से पुराणी दुस्मनी ह पर मुझे तोह याद भी नहीं ह की मैंने उसके किसी अपने को मारा ho….kya हे फरक पड़ता ह वो आएगा जरूर आएगा मां से मिलने आएगा …उसका स्वागत खून से गोलियों से बारूद से करना “

सर विक्टर “ यस बॉस बिलकुल ऐसा हे होगा अगले 2 दिनों मई पूरी गैंग्स रोड पर हथियारों के साथ उसका इंतज़ार करेंगी “

लीडर “ उस छोकरे का क्या हुवा 50 कर की बोली लगी थी निर्वाण पर लोग हंस रहे ह हमपर की एक छोकरे को धुंध नहीं पाए और जबकि उस छोकरे के बारे मई तुम्हे सब सब पता tha….usai घर मई अपनी बेटी के साथ बैठकर खाना खिला रहे the…biradari के साथ गद्दारी मई मौत मिलती ह पता ह न tumhe…manohar सिंह उर्फ़ सर विक्टर “

मनोहर सिंह “ नहीं नहीं boss…uska बैक ग्राउंड काफी हिडन ह अगर वो निर्वाण को जनता ह तोह मेरे आदमी उसके पीछे ह मुझे जरूर कुछ क्लू मिलता पर मुझे तोह कोई नहीं दिखा संधिकहत उसके आस पास इसलिए अब तक रुका हुवा था “

लीडर “ Hmmm…agar ऐसा ह तोह सोच सही ह tumhari….par अब पकड़ो उसे बहुत खेल हो गया …जिन्दा पकड़ो और मौत का लाइव टेलीकास्ट करो अगर वाकई निर्वाण उसको जनता ह तोह बदला लेने या बचने जरूर सामने आएगा हे आएगा”

सर विक्टर “ तीख ह मैं उसे पकड़ता हु”

कॉल कट….

शक्ति “ सीरियस”

मनोहर “ उसे पकड़ने का वक़्त आगया ह वैसे भी 7 दिन पुरे जल्द हे हो जायेंगे…”

शक्ति “ अनु के सामने मार दोऊ “

मनोहर “ नहीं अनु को फाॅर्स करना रॉय के साथ शादी के लिए है करने को ….फिर हमे इस नए लीडर के सामने झुखने की भी जरुरत नहीं होगी क्यों की रॉयफ़मिलय की पकड़ उस तरफ बहुत ह और वो बहुत पावर फुल ह…“

शख्ती “ तीख ह मैं आज सुभे उस लड़के को घर से निकलवाते हे उठवा lunga….”ye कहते हुवे उसके चेहरे पर बेहद कामिनी मुस्कान मुस्कान थी

इधर रात को पूनम के नाक के पास बेहोशी की दवाई लगायी जिसे वो गहरी नींद मई चली गयी…….

सुभे के 5 बजे …पूनम के कानो मई घंटियों की ….आवाज सुनाई देने lagi….toh उसकी आंखे धीरे से खुली तोह उसे धुंधली आँखों से बड़ा सा मंदिर नज़र आया ….उसने अपनी आंखे मॉल कर देखा toh….phir से उसे मंदिर नज़र आया …अचानक उसे एक ठंडी हवा का झोंखा चेहरे पर महसूस huva….uski नींद उड़ गयी और ठण्ड महसूस huvi….usne सामने का दृश्य देखा तोह उसे लगा जैसे वो कोई सपना देख रही हो इसलिए उसने अपनी ऊँगली दांतो से दबायी तब उसी यकीं हुवा ये रियल ह उसे समाज नहीं ारः था की वो यंहा कैसे वो घबराई तोह उसे उसके हाथ मई एक हाथ महसूस हुवा …और वो तुरंत साइड मई मूड gayi…aur जो दर उसके चेहरे पर आया था उसकी जगह …खुसी और मुस्कान ने ले ली …थी उसकी आंखे नाम हो आयी….

राज ने अपने हाथ उठाया और आंख से बहते आंसू पौंछकर “ हैप्पी बर्थडे पूनम जी भगवन मेरी सबसे प्यारी सच्ची अछि दोस्त को हर ख़ुशी दे उसकी साडी खाविशे पूरी करे “

पूनम “आपको याद था की मैंने जो कहा था पर आपका धयान तोह इधर उधर था”

राज “आरती हो रही ह आपको आरती लेनी chahiye….aur मुझे सब याद ह” फिर साथ चलते हुवे “मैंने कहा था मैं आपकी हर खाविश जो मेरे हाथ मई ह पूरी करूँगा”

पूनम राज को देखती रही और फिर चुन्नी सर पर दाल ली फिर अचानक उसे रात की ड्रेस और अबकी ड्रेस के बारे मई याद आया तोह तुरंत राज की तरफ देखने लगी

राज “ कविता ने चेंज किये ह डोंट वोर्री मैं ाचा बचा हु “

पूनम “हाथ जोड़ दुब गयी आरती मई “

और राज डूब गया उसे देखने mai….uski ख़ुशी देखने मई….

और जब आरती ख़तम हुवी तोह पूनम के चेहरे पर दर्शन और आरती की ख़ुशी साफ़ साफ़ दिख रही थी….

पूनम “ खुसी से ये मेरा बेस्ट बेस्ट बर्थडे ह “

राज “ क्या माँगा “

पूनम “ मैं कहु आपको माँगा तोह”

राज “ हहहह “

पूनम खिलखिलाकर हंस पड़ी “मुझसे दर लगता ह”

राज “नहीं पर मैं आपके लायक नहीं हु “

पूनम धयान से राज को देखकर“ मेरे लायक हो नहीं ये आप कैसे कह सकते h….raj जी …आप कौन ह क्या ह इसे कोई फर्क नहीं पड़ता ह …प्यार मन का मेल ह एक आत्मा का दूसरी आत्मा से जन्मो का मेल ह …आप मुझसे प्यार करे यही बहुत ह …इसे जायदा मुझे न पूछना ह न जानना h…kyoki रिश्ता विस्वास पर बनता ह और उसमे सक की कोई गुंजाईश नहीं होती ह….”

राज बस देखता हे रह गया पूनम को क्योकि वो कहना चाहता था की उसके कईयों के साथ पिइसीकाल रिलेशन ह…

पूनम “ आप तोह सीरियस हो गए ….अरे ये सब तोह हम प्यार करते तब होता आप भी न आप कान्हा मुझे प्यार करोगे “इतना कह वो खिलखिलाकर मुस्कुरा उठी…

राज हैरानी से “ ok ok मैं आपसे बातो मई तोह नहीं जीत सकता हु ….”

पूनम “ लड़कियों से कोई नहीं जीत सकता ह और जितना भी नहीं चाहिए”

राज “ ok जो आप कहे चलिए काफी दिएर बैठ लिए यंहा हमे चलना ह “

पूनम कान्हा

राज “ आज आपकी ख़वीशो का दिन ह” फिर राज ने एक ड्रेस दी… “बर्थडे गर्ल ड्रेस”

पूनम ख़ुशी से “ प्लैसे बता दीजिये “

राज “ फिर स्पेशल क्या होगा”

और हेलीकाप्टर उड़ चला ….पूनम निचे की तरफ नज़ारे देखती रही ….बिच मई एक 5 स्टार होटल के टॉप पर हेलीकाप्टर रुका तोह ….हेलीकाप्टर से उतरने के साथ he…poonam पर फूलो की बरसात दोनों तरफ खड़े लड़के लड़कियों ने सुरु कर दी …पूनम इस लम्हे को जीती हुवी जा रही थी इसे बिलकुल क्वीन जैसी वाइब्स फील हो रही thi…aur एक फोटोग्राफी वाला पूनम की फोटो खींचती जा रहा था …होटल के आलिशान रूम मई

राज” आप नाहा लीजिये फ्रेश हो लीजिये हम ब्रेकफास्ट करेंगे और फिर चलेंगे”

पूनम” आप”

राज मैं तीख हु टुडे इस योर डे …

पूनम कुछ दिएर बाद तैयार होकर एक लॉन्ग स्कर्ट और टॉप और ेअरिंग एक्सेसरीज मई तैयार होकर आयी तोह राज भी देखता रह गया सादगी मई भी वो बहुत बहुत सुन्दर लग रही thip…niche होटल के हॉल मई ….पूनम के सामने अलग अलग तरह का ब्रेकफास्ट रखा हुवा था …वो अपने हाथो को मू पर रखकर हैरान होते हुवे “ इतना सारा”

राज “ जो आपका मन करे वो खाये”

पूनम ने थोड़ा सा ब्रेक फ़ास्ट किया और हैंड क्लीन किया और राज के साथ किसी क्वीन की तरह निकल गयी ……और काफी दिएर बाद उसकी आंखे चमकने लगी ….

पूनम “ माउंट एवेरेस्ट”

राज” है ये जो सामने ह वो ह माउंट एवेरेस्ट हे ह “

पूनम “ थैंक यू थैंक यू सो मच “

राज “ दिन स्टार्ट हुवा ह पूनम जी इतनी जल्दी नहीं “

हेलीकाप्टर निचे लैंड हुवा तोह सामने राज ने एक जैकेट लेकर पूनम को पहनाया और एक लेटेस्ट ी फ़ोन गिफ्ट किया …

पूनम “ ये”

राज “ स्माल गिफ्ट फॉर माय बेस्ट friend”poonam को फिर से इमोशनल होता देख “ no no बिलकुल नहीं आज नहीं प्लीज सिर्फ आप मुस्कराती रहिये जी भरकर “

पूनम ने मोबाइल को खोला और सिम इन्सर्ट करने के बाद सबसे पहले राज के साथ अलग अलग सेल्फी ली ….और फिर आइस की स्लाइड्स का मज़ा लिया उसके चेहरे पर ख़ुशी हे अलग थी …आखिर उसकी विश जो पूरी हो रही thi….is बिच उसको पास सबके विशेष के कॉल एते रहे …….

राज …अब टाइम h…apkae फन करने का ….

पूनम की दिल की धड़कन रूक गयी क्योकि उसने आगे जो माँगा था वो था स्काई मई उड़ना ….पैराशूट से…

राज “यस लेटस जो” और राज पहुंच गया पूनम को लेकर पालमपुर …

पूनम मैं आपके साथ जाउंगी …मुझे दर लगता h….warna नहीं …

राज जो हुकुम आपका …माय क्वीन ….

पूनम “पर आपकी चोट नहीं नहीं रहने दीजिये”

राज ने इशारा किया लड़के को तोह उसने सब कुछ डिटेल से बताया …और दोनों को एक साथ आत्ताच कर दिया …

राज “ रेडी क्वीन ृण्ण…”

पूनम “चीख उठी एक्ससिटेमेंट से जब दोनों ग्लाइड करते हुवे उड़े तोह … “वोओओओ मैं उड़ रही hu…..wooooo..”

राज पूनम की एक्ससिटेमेंट से डोबबले खुस था उसे ऐसा लगा जैसे उसके दिल का कुछ भोज काम हो गया ह…

राज “फीलिंग हैप्पी “

पूनम “ तू मच ये मेरा ड्रीम था …”

राज “डीप डाइविंग क्या ह फिर “

पूनम हैरान हो गयी …..

राज जोर से “यस टुडे इस योर ड्रीम डे …”

पूनम और एक्ससिटेड हो गयी….

वंही …सुभे से हे राज के बंगलो से कुछ दूर शक्ति के दस दरिंदे उसे किडनैप करने के लिए खड़े थे ….पर उन्हें कोई भी घर से बहार निकलता हुवा दिखा हे nahi….toh उनमे से एक ने शक्ति को कॉल लगाया….

“ बॉस अभी तक उस घर से कोई बहार नहीं आया ह ….

शक्ति “ एक जाना अंदर जाकर चेक करो”

और जैसे हे एक जाना अंदर बॉउंड्री मई घुसा उसी टाइम मित्युदूत के मोबाइल पर अलर्ट आगया …और उसने तुरंत एक कोड डायल किया जिसे बहार से दूर विंडोज लॉक हो गयी….

आदमी कॉल पर “ बॉस लॉक ह मतलब वो घर पर नहीं ह “

शक्ति “ ok नज़र रखो हर हालत मई उसे उठाना ह”

आदमी “ ok बॉस”

इधर ….

Raj-ye टाइम ह आपके ताजमहल देखने का…

पूनम राज के गले लग gayi….raj भी उसके गले लगने से ाचा फील कर रहा था उसने भी उसे गले लगाए रखा …

राज “अगर हम ऐसे हे रहे तोह हम देख नहीं पाएंगे”

पूनम शर्मा कर अलग हो गयी …..

राज मुस्करा आपके पास होना मुझे ाचा लगता ह….

इतना कह दोनों रवाना हो गए ताजमहल के लिए ….और ताजमहल को देख पूनम बहुत खुस हुवी…

पूनम “ छोटी थी तबसे हे खाविश थी पर कभी आ हे नहीं पायी और देखो एक राजकुमार आया और मेरे सरे सपने पुरे कर रहा ह”

राज “क्वीन के लिए कुछ bhi”itna कहते हे दोनों हंस पड़े ताजमहल को देखने और घूमने के बाद ताजमहल के सामने दोनों जाने एक बेंच पर बैठे हुवे थे….

पूनम “ पता ह राज …मेरी तरह गाँव मई पाली बढ़ी लड़की के ये सपने सपने हे रह जाते h….khaskar तब जब उसे ये पता हो की इस दुनिया मई उसके माबाप ह हे नहीं वो किस साई अपनी ख्वीशे bataye…sirf बुक्स मई ये सब चीजे जगह देखि सुर सोचा पढ़लिख कर जब कुछ बनूँगी कमाऊंगी तब एक बार जरूर खुद के लिए कुछ दिन अपने सपनो के लिए जियूँगी…”

राज “ आप इस दुनिया मैं कभी अकेली नहीं हो ….मैं हु न आपका बेस्ट फ्रेंड आपकी हर खाविश पूरी करुँगी बस टारे तोड़ने को मत कह देना”

पूनम को जोर से हंसी आगयी …” प्रॉमिस न… मेरे हाथ पर हाथ रख कर वडा करो “

राज हाथ रखकर “मैं मेरे पापा और माँ की कसम खाकर आपसे वडा करता हु की …अगर मेरे बस मई वो चीज या बात या करना मुमकिन ह ह तोह मैं आपकी हर खाविश पूरी करुँगी”

पूनम को जो चाहिए था मिल गया था ….एक वडा जो उसे राज से चाहिए था …क्योकि इसी वेड पर आगे का भविष्य टिका हुवा था….

राज “ माय क्वीन टाइम फॉर ानोथेर विश …”

पर अबकी पर पूनम बहुत झिझक रही थी क्योकि जब वो एक इलैण्ड पर पहुंचे वंही से कुछ दूर जाकर डीप डाइविंग करनी thi….par उसके लिए फिटेड सूट पहनना था जिसमे पूनम का हर चउरवे पर्फेक्ट्ली दिखना था और वो शर्मा रही thi…jab काफी दिएर पूनम नहीं आयी तोह राज खुद पहुंच गया और पूनम और डीप डाइविंग सूट को साइड मई अलग देखा तोह समाज गया…

राज “ क्या मुझसे शर्म रही ह आप मेरी तरफ देखिये” पूनम ने राज की तरफ देखा तोह राज आगे बोलै” बचपन मई जब आप मैं और ऋचा साथ मई एक पालने मई थे तब तोह मैंने आपको …”

पूनम “ चुप चुप चुप राज आप बहुत गंदे हो”

राज “ तोह अब जल्दी से पहन लो “

पूनम शर्माती रही …और राज की बात याद कर मुस्कुराते हुवे सूट पहन liye..aur बहार आगयी…

राज “ वो ….आप तोह इसमे भी ऐसी लग रही हो जैसे मॉडलिंग करने आयी हो …चलो “

पूनम बेचारी नज़र उठा कर भी राज को देखनहि प् रही थी शर्म की वजह से…

डीप डाइविंग करते हे अंदर गहराई मई जाकर अलग अलग फिशेस को देख कर पूनम बहुत खुस thi….raj भी खुस था क्योकि उसका भी ये पहली बार था ……क्योकि निचे एक अलग हे दुनिया thi….poonam हर चीज को चुने की कोसिस करती …..तोह राज उसे देखता रहता वो बहुत खुस था पूनम के साथ पल बिताकर ….और पूनम हर लम्हा एन्जॉय कर रही थी..

जब वो ऊपर ए थे हलकी हलकी शाम होने लगी थी….

पूनम ये मेरा सबसे खास बर्थडे ह…

दूसरी तरफ …

शक्ति गुसाई से फटा पड़ा था….

“ बस कान्हा गया ये ….तभी उसके चेहरे पर एक कामिनी मुस्कान आगयी …..और वो इंतज़ार करने लगा की आज रात पता लग जाये वर्ण उसे सरप्राइज दूंगा ऊपर रूम की तरफ जाते वक़्त उसकी नज़र अनु के रूम्की तरफ गयी…..”

दूसरी तरफ राज पूनम के साथ घूमने के बाद थकी huvi…raj के कंधे पर सर रखकर हेलीकाप्टर मई बैठी हुवी thi….raj ने मुम्बई के पास एते हे पूनम की आँखों पर पट्टी बंधी तोह ..

पूनम “राज जी”

राज “शह्ह्ह्ह”

और कुछ दिएर बाद पूनम की आंखे खुली तोह उसे कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था…..

पूनम “ ये हम कान्हा ह “

राज “ लाइट्स ों “

और लाइट ों कहते हे रौशनी जगमगा उठी …..और पूनम ने जो सामने देखा उससे उसका का मू खुला का खुला हे रहा gaya…..tabhi जोर से कई आवाज एक साथ ईई….

“ हैप्पी बर्थडे……” और मनीषा और कविता शिवानी सोनाली ऋचा अनिरुद्ध दिव्या सब पूनम के पास पहुंच गए…”

पूनम और बर्दास्त न कर सकीय और मुस्कुराते हुवे भी रो पड़ी क्योकि आज तक उसके बाबा और चची ने हे ख्याल रखा था पर परिवार का प्यार आज उसे पता भी लग रहा था और मिल रहा रहा था….

दिव्या “ रो मत मेरी बची हम सब ह न “ये कहते हुवे गले लागलिया और राज दूर खड़ा ये सब देख मुस्करा रहा था…..

अभी इन्होने सेलिब्रेशन पूरा हे किया था तभी उसके मोबाइल पर एक वीडियोस मैसेज aya…..jisai देख उसे इतना गुसा आया की उसने मोबाइल को हाथ मई हे दबा कर क्रश कर दिया……..

मित्युदूत “ मास्टर “

राज “ अज्जू से पूछो की क्या ये वीडियो सही था “

मित्युदूत ने तुरंत अज्जू को फ़ोन लगाया तोह इधर राज सबसे अलग एक तरफ गुसाई से उफनता रहा ….क्योकि उसे जिस बात से सख्त नफरत थी वही हुवा था …

मित्युदूत “ वीडियो बिलकुल सही ह उसे लगता ह की प्राइवेट नंबर से वीडियो भेजेगा तोह पता नहीं लगेगा पर …सिमरन की वजह से हमे पता ह की ये वीडियो उसी ने बनाया ह और अभी कुछ पल पहले हे बनाया ह और वो उसी के घर मई ह इस वक़्त”

राज कविता के पास जाकर “कब्बू तेरा फ़ोन दे कल नया ले लेना”

कविता “जी भाई ..भाई वो भाभी बुला रही ह खाने के लिए”

राज “ मन नहीं ह बोल देना तबियत ख़राब ह “

कविता “ सब तीख ह न भाई”

राज “ एक बहन को भाई की जरुरत ह”

कविता साँस छोड़कर आप jao…pariwar से बढ़कर कुछ नहीं ह.. मैं संभल lungi…bus मेरी उस बहन को कुछ नहीं होना चाहिए ह”

राज के दिल मई उसके इमोशंस चरम पर पहुंच गए कविता की बात सुनकर …. “ नहीं होगा वडा ह “

राज ने अनु को कई कॉल लगाए पर उसने कॉल पिक नहीं किये ….पर कुछ हाफ ऑवर बाद कॉल पिक हुवा तोह …. “कॉल क्यों नहीं उठा रही थी मेरा “

सामने से no रिप्लाई….

“ बोल न चुप क्यों ह”

तब उसे सामने से आयी आवाज … “ वेल वेल मर राज वो नहीं बोलेगी गहरी नींद मई जो h…ya यूउ काहू की बेहोश जो ह वैसे कैसा लगा मेरा वीडियो …..ऊऊह्ह्ह मज़ा आया होगा न अपनी दिलरुबा की गोल गोल गोलाईयों पर किसी दूसरे के हाथ को देख कर मुझे तोह बड़ा मज़ा आया सहला कर….”

राज “ चू आग से खेल रहा ह”

“ न न तू आग से खेल रहा h…mere घर मई आकर …रात को घूमेगा फिरेगा चला जायेगा तोह क्या पता नहीं लगेगा”

राज “ क्या चाहता ह”

शक्ति “तेरे ऊपर इतनी बड़ी बिड लगी ह 48 ऑवर ह तेरे पास …लोकेशन भेज दूंगा आजाना“

राज “ और न अउ तोह”.

शक्ति है है है है है है ……तोह तोह …..तेरी गफ को थोड़ा और करीब से देखा था बिलकुल कुंवारी ह …..

राज “ ये तूने बहुत बड़ी गलती करदी …..मनोहर सिंह की नाजायज औलाद जर विक्टर…..”

शक्ति “ अले ले शोना बाबू को गुसा आगया “

कॉल डिसकनेक्ट ….होते हे शक्ति का चेहरा गंभीर हो गया उसे याद आया की राज ने लास्ट मई क्या kaha……usai पता ह हम हे विक्टर्स ह …पर मेरा कैसे पता laga….aur नजज औलाद से क्या मतलब था…

मित्युदूत “ अब मास्टर”

राज “ चीजे और बुरी हो गयी h…jo मैंने कहा था वो वक़्त आगया ह वो लोग अनु को तोह सिर्फ मुझे पकड़ने के लिए इस्तेमाल करना चाहते ह अब सब मेरे सीकर के लिए आएंगे या यू कहु निर्वाण के सीकर के लिए ayenge…is शिप्स से कोई घर नहीं जायेगा अज्जू को बोलो सबको वीडियो कॉल मंस से अलर्ट दे दे जुंग की सुरुवात हो चुकी ह…….

तभी दिल्ली चेइफ़ के मोबाइल पर वीडियो मैसेज आया….

वॉर बेगिंस….

जोगिन्दर सिंह

वॉर बेगिंस……

सुनील…..

“ राज इन डेंजर “

हिमाचल ….

कप्तान मोबाइल …

वॉर बेगिंस

देहरादून…

राजीव ….

वॉर बेगिंस…

Mandawa…mai sherdil…..aur भीमा और दादाजी के मोबाइल पर …वॉर बेगिंस….

इनसे alag……ek और मैसेज अलग अलग मोबाइल्स पर पॉप उप हुवा …हंट बेगिंस बौनतय अमाउंट 50 कर डेड और अलाइव निर्वाण……

और इनके साथ हे मैसेज पॉप उप हुवा डेथ हेलो के मोबाइल पर और उसके ग्हेहरे पर ज़हरीली मुस्कान आगयी…..


मस्ती मई पढ़ने का बिंदास लाइक्स और रेवोएस पेलने ka….war बिगिन हो गयी ह
 
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