अपडेट 82
"ुह्ह्हम्म आआह्ह्ह्ह आअह्ह्ह्हह उफ्फ्फ्फ़ आअह्ह्ह्ह हाँ हर्डर जान, फ़क मेर हर्डर उफ्फ्फ्फ़ गिव आईटी तो में baby".Anita बिस्तर पर पूरी नंगी होकर टांगें फैलाई हुयी लेती थी और उसका पति भी पूरा नंगा हुए उसकी टांगों के नीचे आकर उसकी छूट में अपना लुंड घुसाए कमर हिलाकर छोड़ रहा था. अनीता अपनी टांगें उसके कमर में लपेटे अपनी दायी हाथ उसके पीठ पर और बायीं हाथ उसके बालों में फिरती हुयी आहें भर्ती हुयी गन्दी बातें करके उसे जोश दे रही थी.
राज भी हफ्ते हुए अपनी बीवी की आहें और गन्दी बात सुनकर जितना जोश में हो सकता था उतना जोश में कमर हिला कर उसे छोड़ रहा था.
रात में जब राज घर आया तो थका हुआ था. अनीता का दिल कर रहा था की वह उसे अच्छे से चोदे मगर वह थका हुआ था तो अनीता खुद उसे अपनी अदाओं से रिझाने लगी और आख़िरकार राज अपनी खूबसूरत और कामुक बीवी की अदाओं को देखकर उसे चूमने लगा और बाद में छोड़ने लगा.
राज लगभग 5 मिनट से अनीता को छोड़ रहा था और अनीता का दिल करने लगा की राज उसे घुमा कर डोगग्य स्टाइल में उसकी गांड पकडे हुए चोदे मगर राज अगले एक मिनट में मिशनरी में छोड़ते हुए hi जहर गया और अपने चेहरे को अनीता की कंधे पर रखकर जोर जो से सांस लेने लगा.
अनीता चुप चाप चेहरे पर उदासी का भाव ली हुयी छत पर देखने लगी की तभी उसे हरिया के लुंड का ख्याल आया की उसका लुंड कितना बड़ा, मोटा और तगड़ा है और न चाहते हुए भी उसके लुंड का ख्याल आते hi अनीता अपनी ज़बान को एक बार होंठ पर फेरकर निचली होंठ को दांत के नीचे दबा दी और हरिया के लुंड के बारे में सोचने लगी.
एक मिनट बाद राज जब अपना चेहरा उसकी कंधे से हटाया तो अनीता की और देखकर bola,"I ऍम सॉरी जान. ी क्नोव थोड़ा जल्दी हो गया बूत मैं थका हुआ था आज"
अनीता यह सुनकर हल्का मुस्कुरा तो राज उसकी होंठों को चूमने लगा. जवाब में अनीता भी अपने पति के होंठो को चूमने लगी. दोनों पति पत्नी लगभग 25-30 सेकण्ड्स तक एक दूसरे के होंठों को चुने और उसके बाद राज अपनी पत्नी की आँखों में देखकर गुड नाईट बोलकर उसकी बगल में ढेर हो गया.
अनीता एक नज़र अपने पति को देखि जो उसके बगल में आँख बांध किये लेता हुआ था. फिर वह अपनी नज़र उसके टांगों के बीच लेजाकर उसके मुरझाये लुंड को देखि जो की मुरझाने से छोटा हो गया था और तभी अनीता की सोच में हरिया का लुंड आ गया की खड़ा हुए बिना भी उसका लुंड कितना बड़ा और मोटा लगता है और खड़ा होने पर तो अलग hi बात थी. अनीता एक पल के लिए हरिया के लुंड के बारे में सोचकर अपनी सर झटक कर उसके लुंड के बारे में सोचना बांध करने की सोच कर अपने पति के लुंड से नज़र हटाई और उठकर वाशरूम में जा कर खुद को साफ़ करके वापस आ गयी.
वह छत पर देखती हुयी फिर से हरिया के लुंड के बारे में सोचने लगी और न चाहते हुए भी उसकी ज़बान उसकी होंठों पर आ गयी और वह एक बार होंठों को गीला करके दांतों के बीच दबा ली. अनीता ऐसे hi हरिया के लुंड के बारे में सोचती हुयी सो गयी.
अगले दिन अनीता खुद का ध्यान यह सब से हटाने के लिए घूमने चली गयी और लंच भी बाहर रेस्टोरेंट में hi की. साथ hi वह कुछ कपडे और बाकी चीज़ों की शॉपिंग भी की.
अनीता शाम के 6 बजे के करीब शॉपिंग करके ऑटो से स्टैंड पहुंची. वह घूमने गयी थी तो सनग्लास पहनी थी लेकिन शाम में उसे अपने बालों पर चढ़ा ली थी. कोई भी उसे देखकर कह सकता था की वह अमीर घर की पढ़ी लिखी औरत है.
वह ऑटो से उतर कर अपने घर के तरफ जाने वाले गली के तरफ आगे बढ़ी hi थी की उसे थोड़ी दूर पर एक पान दुकान पर हरिया खड़ा dikha.Hariya पान मुंह में ठूंस कर अपने हाथ को अपने कंधे पर लटके गमछे में पोंछकर वहां से जाने laga.Anita एक पल के लिए उसे जाते देखि और फिर वापस घूम कर घर के तरफ चलने लगी.
अनीता 30 सेकण्ड्स तक चलकर आगे बढ़ी hi थी की पीछे से उसे एक आवाज़ सुनाई diya,"memsaahab".
अनीता यह आवाज़ सुनकर पीछे घूमी तो हरिया को पीछे से आते हुए dekhi.Hariya पान चबाता हुआ मुस्कुराते हुए उसके पास आया तो अनीता मुस्कुराती हुयी poochhi,"are हरिया जी आप?".
हरिया पान चबाते हुए hi bola,"haan मेमसाहब हम". हरिया फिर एक नज़र अनीता की जिस्म को गन्दी नज़र से देखने लगा तो अनीता चुप चाप कड़ी हुयी आस पास देखि तो वह ऑटो स्टैंड से अपने घर जाने वाले रास्ते में इतना अंदर आ चुकी थी की कोई सही से उसे देख नहीं सकता था. ऊपर से उस रास्ते में अँधेरा था.
हरिया अनीता की जिस्म को देख रहा था तो वह मुस्कुराती हुयी poochhi,"Kya बात है हरिया जी आप इस वक़्त और इधर?".
हरिया मुस्कुराते हुए bola,"haan मेमसाहब. कहे हम इधर नहीं आ सकते क्या?".
अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"off हो हरिया ji,mera मतलब वह नहीं hai.Aapka मर्ज़ी आपको जहाँ जाना है jaiye.Main तो बस आपको इधर नोर्मल्ली कभी देखि नहीं और ख़ास कर इस वक़्त इसलिए पूछ रही हूँ. हमेशा मेरी ज़रूरत के हिसाब से घर आये हैं लेकिन ऐसा ऑटो स्टैंड पर कभी दिखे नहीं".
हरिया साइड में पान थूक कर गमछा से अपना मुंह पोंछकर मुस्कुराते हुए bola,"Haan मेमसाहब बिना काम के हम इधर आते नहीं हैं. आज एक काम से इधर आये थे तो ऑटो पकड़ने से पहले सोचे पान खा ले. पान खा कर जा hi रहे थे तो आप दिख गयी. आपके नाज़ुक हाथों में यह थैला देखा तो हम सोचे की हमरा होते हुए हमरी प्यारी मेमसाहब को थैला उठाने परे यह हमसे बर्दाश्त नहीं होगा. इसलिए हम आ गए की आपकी मदद भी कर दूंगा और साथ में आपसे मिल भी लूंगा".
अनीता हरिया को थूकते हुए देखि. आमतौर पर अनीता किसी को ऐसे थूकते हुए देखकर घृणा से उसे देखती थी. उसे यह सब पसंद नहीं था. मगर हरिया का बात अलग tha.Use न जाने क्यों हरिया के इस तरह का आदत में कोई बुराई नहीं लगता था.
वह मुस्कुराती हुयी boli,"Hariya जी आप भी न. मेरी तारीफ करने से बाज नहीं आएंगे. हाथ तो हाथ होता है."
हरिया यह सुनकर मुस्कुराते हुए bola,"nahin मेमसाहब बिलकुल बाज नहीं aayenge.Hum तो सिर्फ सच बोलता hun.Ab सच बोलने से आपकी तारीफ हो जाये तो ठीक है वही सही."
अनीता यह सुनकर खिलखिलाने लगी "हेहेहे हरिया जी आपसे तो बातें बनाने में कोई जीत नहीं सकता"
हरिया यह सुनकर मुस्कुराते हुए bola,"Dijiye मेमसाहब हम थैला आपके घर तक पहुँचाने में मदद करते हैं".
अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"are नहीं हरिया जी इसकी कोई ज़रुरत नहीं. मैं उठा सकती हूँ".
हरिया यह सुनकर पान थूककर मुंह को गमछे में पोंछकर अनीता की जिस्म को गंदे तरीके से देखकर वापस उसकी चेहरे पर देखकर उसकी कमर में हाथ डालकर उसे सहलाते हुए हाथ नीचे लेजाकर उसकी गांड मसलते हुए bola,"kaa हुआ memsaahab?Humse कउनो ग़लती हुआ है का जो आप हमसे मदद नहीं करवाना चाहती".
अनीता यह सुनकर हरिया के थोड़ा करीब आयी और अपनी चूंकि को थोड़ा सा आगे के तरफ करके हरिया के शर्ट से झांकते पसीना से चमकते हुए उसके छाती पर हाथ रखकर boli,"are नहीं हरिया जी कैसी बात कर रहे हैं आप. मुझे तो ख़ुशी है की इस नए शहर में मेरी मदद करने के लिए कोई hai,aur वह भी आप जैसा मर्द. मैं तो बस सोच रही थी की आप काम करके थक गए होंगे, आपको आराम की ज़रुरत होगी"
हरिया यह सुनकर अनीता की जिस्म को एक बार फिर से ऊपर से नीचे देखकर उसकी आँखों में देखते हुए गांड दबाकर bola,"are नहीं memsaahab,itna भी नहीं थके हैं की आपकी मदद नहीं कर सके. हमरे अंदर इतना दम है की हम आपका मदद कर सके. बस बोलकर तो देखिये की आपको हमसे मदद करवाना है या नहीं"
अनीता यह सुनकर एक पल के लिए मैं रोड (ऑटो स्टैंड के तरफ) के तरफ देखकर अपने मोबाइल में देखि. शाम के 6:15 बज रहा था. वह टाइम देखने के बाद हरिया को देखती हुयी उसके सीने को सहलाती हुयी boli,"Haan हरिया जी मैं चाहती हूँ की आप मेरी मदद करे, वह भी हर तरीके से मदद करे. मगर शाम का वक़्त हो गया है न. आप समझ तो रहे होंगे"
हरिया यह सुनकर उसकी गांड दबाते हुए bola,"Haan साहेब का आने का वक़त हो गया है. लेकिन कउनो बात नहीं मेमसाहेब. हम दरवाज़े तक छोर डेट हूँ. और साहेब तो इहे रास्ते से आएंगे. हम आपको दूसरे रास्ते से ले चालत हूँ. साहेब गाडी से आएंगे तो हुंका पता चल जायेगा लेकिन हुंका वह देख नहीं पाएंगे"
अनीता का दिल यह सुनकर धड़क गया. वह एक नज़र ऑटो स्टैंड के तरफ देखि और फिर कुछ सोचकर boli,"Hariya जी रहने दीजिये. आप बेवजह का परेशान हो रहे हैं. मैं बाजार में आउंगी तो वहां मदद कर दीजियेगा. अभी मैं यह बैग्स खुद से ले जा सकती हूँ"
हरिया यह सुनकर उसकी गांड को दबाकर bola,"Are मेमसाहेब जब हम साथ हूँ तब आपका हाथ में ी बैग नहीं" फिर वह अनीता की बायीं हाथ पकड़ कर पंत के ऊपर से अपने लुंड पद रख कर bola,"Ee होना चाहिए. बैग तो पकड़ने के लिए हम हूँ hi"
अनीता का दिल हरिया का बात सुनकर और उसके लुंड पर हाथ पड़ने से धड़क गयी. हरिया अगले पल bola,"Baaki आपकी मर्ज़ी मेमसाहेब. हम तो बस आपका हर तरह से सेवा और मदद करना चाहता हूँ."
अनीता यह सुनकर एक तेज़ सांस ली और उसके लुंड को पंत के ऊपर से अपनी मुट्ठी में भरकर हिलती हुयी उसके और करीब होकर अपनी चूँचियों को उसके सीने से सटाकर उसके आँखों में देखती हुयी boli,"Haan हरिया जी सही कह रहे हैं आप. जब आप जैसे मर्द मेरी सेवा और मदद करने के लिए हैं तो फिर मैं सेवा और मदद क्यों न करवाऊं. चलिए हरिया जी मुझे घर तक छोर दीजिये"
हरिया यह सुनकर अनीता की आँखों में देखते हुए bola,"Jaisi आपकी मर्ज़ी मेमसाहब".
हरिया अनीता की हाथ से थैला ले लिया और दोनों अनीता की घर के तरफ चल दिए. थोड़ा आगे जाने पर एक रोड से सटे बाउंड्री से घिरे प्लाट में एक छोटा सा जगह गेट लगा था जैसा पार्क वगैरह में होता है. वह प्लाट भी राज जिस कंपनी में काम करता था उसी का था. वहां आसपास सब ज़मीन उसी कंपनी का था. हरिया अनीता की गांड पकडे bola,"Idhar चलिए मेमसाहेब"
अनीता चुप चाप हरिया के साथ वह गेट से होती हुयी बाउंड्री के अंदर घुस गयी. वह बाउंड्री के किनारे किनारे पतला कंक्रीट का रास्ता था और सड़क के लाइट से हल्का हल्का रौशनी आ रही थी. अंदर घुसते hi हरिया अनीता की गांड को जोर से मसलने लगा तो अनीता उसे देखि तो वह मुस्कुरा दिया और उसे अपने करीब खिंच कर अपने से चिपका लिया.
अनीता अपनी चेहरे पर गर्व का भाव लायी हुयी उसे देखि तो वह bola,"Uff मेमसाहेब का गांड है आपका"
अनीता यह सुनकर बिना शर्म के हरिया को देखती हुयी boli,"Hariya जी?"
हरिया मुस्कुराते हुए bola,"Sach में मेमसाहेब. आपका गांड देखकर और छूकर तो हमरा लौड़ा बेचैन हो जाता है. देखिये न"
अनीता यह सुनकर अपनी आँखें बड़ी करके हरिया के तरफ देखती हुयी boli,"Offo हरिया जी" और आस पास देखि तो हरिया bola,"Are कउनो नहीं है मेमसाहेब"
अनीता यह सुनकर उसके आँखों में देखि तो वह अपने लुंड के तरफ आँखों से इशारा किया तो अनीता बिना शर्म के उसके पंत के ऊपर हाथ रखकर उसका लुंड पर फिरै.
हरिया अनीता से puchha,"Hai न हमरा लौड़ा बौखलाया हुआ?"
अनीता बेशर्मी से हरिया को देखती हुयी उसके लुंड को पकड़ कर हिलती हुयी गर्व से boli,"Hariya जी आपका तो हथियार हर वक़्त बौखलाया hi रहता है"
हरिया यह सुनकर उसकी गांड को मसलते हुए bola,"Are मेमसाहेब वह लौड़ा hi का जो बौखलाए नहीं. लेकिन हमरा लौड़ा तो आपको देखकर और बौखला जाता है. खासकर जब आपकी हिलती हुयी गांड देखता है तो"
अनीता यह सुनकर आँखें बड़ी करके हरिया को देखती हुयी boli,"Hariya जी ओफ्फो"
हरिया यह सुनकर दांत दिखते हुए मुस्कुराया और फिर नज़र पीछे लेजाकर उसकी गांड को देखते हुए उसे पकड़ कर हिलाते हुए bola,"Uff मेमसाहेब कितना कातिल गांड है आपका. हमरा लौड़ा का तो एक दम हाल बेहाल कर दिया"
अनीता जब हरिया को ऐसे पीछे अपनी गांड को देखते हुए हिलाते देखि तो वह अपनी गांड की मटक बढ़ा दी. हरिया उसकी गांड की मटक देखते हुए bola,"aaye हाय मेमसाहेब उफ़ क्या गांड है. ऐसे hi मटका कर चलिए"
अनीता अपनी चेहरे पर गर्व का भाव लिए अपनी गांड मटकती हुयी चलने लगी और हरिया उसकी गांड को देखते हुए हिलाते हुए चलने लगा.
अनीता वैसे hi अपनी गांड मटकती हुयी चलती हुयी हरिया का लुंड हिलती हुयी boli,"Hariya जी यह तो पार्क जैसा hi लग रहा है"
हरिया यह सुनकर bola,"Haan मेमसाहेब इसमें परक hi बना था मगर इस्तेमाल न होने से ऐसे hi पड़ा हुआ है, मगर एक काम में इस्तेमाल होता है"
अनीता हरिया का लुंड हिलती हुयी puchhi,"Kis काम में?"
हरिया अनीता की गांड मसलते हुए bola,"Sasura पियक्कड़ लोग का कभी कभी अड्डा बन जाट है. मगर इधर नहीं उधर दूर वाले कोने में"
अनीता दूसरे तरफ देखि तो अँधेरा था. हरिया उससे bola,"Are रात में आवत है सब. ससुरा अइसन जगह में ु भिखारी लोग hi दिन भर भीख मांग कर उस पैसा से शराब खरीद कर पीने आवत है"
अनीता यह सुनकर चुप चाप हरिया का लुंड हिलती हुयी चल रही थी. थोड़ा आगे दोनों गए तो हरिया bola,"memsaheb आपको हमरा लौड़ा पसंद नहीं आवत है का?".
अनीता का दिल यह सुनकर धड़क गया. वह धड़कते दिल से बेशर्मी से हरिया के तरफ देखकर boli,"Offo हरिया जी अब क्या हो गया?"
हरिया यह सुनकर मुस्कुराते हुए bola,"memsaheb अगर आपको हमरा लौड़ा पसंद है तो बाहर निकल कर उसे प्यार कीजिये न. इहाँ कौन देखने वाला है"
अनीता यह सुनकर एक ऐडा से हरिया को देखकर boli,"Hariya जी आप भी बस बातें बनाते हैं" और फिर उसका पंत का ज़िप खोलकर उसके पंत के अंदर हाथ डालकर उसके लुंड को बाहर निकल कर उसे हिलने लगी.
थोड़ा आगे जाने के बाद हरिया एक दूसरे छोटे से गेट के पास से बाहर निकल गया. अनीता देखि की वह उसके घर से बाये तरफ जाने वाली एक सड़क जिधर से पानी पूरी वाला आकर ऑटो स्टैंड के तरफ जाता था उस सड़क पर निकली. वह सड़क बहोत काम इस्तेमाल होता था तो उस सड़क के किनारे की लाइट बहोत धीमी थी और कोई आने जाने वाला भी नहीं था. हरिया अनीता की गांड पर हाथ रखे उसकी घर के तरफ चलने लगा.
अनीता एक नज़र आस पास दौड़ाई तो कोई नहीं था. वह वैसे hi हरिया का नंगा लुंड पकडे हुए उसे हिलती हुयी घर के तरफ जाने लगी. उसे बहोत hi मज़ा आ रहा था इसमें. एक अलग hi एडवेंचर महसूस हो रहा था. ऐसे सुननसँ जगह का उसे अपना अलग hi फायदा दिख रहा था आज की वह बेझिझक हरिया के साथ उसका लुंड हिलती हुयी, उसके लुंड का सख्ती महसूस करती हुयी आराम से चल सकती थी और साथ hi हरिया के कठोर मरदाना हाथ को अपनी मुलायम गांड पर महसूस कर सकती थी.
दोनों अनीता के घर तक पहुँच चुके थे. अनीता मैं गेट को खोलने लगी और खोलती हुयी हरिया से puchhi,"Aese हरिया जी आप इधर से जा रहे थे या आपको मेरी मदद करने का दिल कर रहा था इसलिए आप आये इधर."
हरिया अनीता की कमर पीछे से पकड़ कर उसपर दबाओ बनाया तो अनीता एक नज़र ऑटो वाले रास्ते के तरफ देखकर अपनी गांड को हरिया के तरफ उभर दी.
हरिया अनीता की गांड से अपना लुंड सटाकर हल्का धक्का लगते हुए bola,"Memsaahab मेरा तो हर वक़्त आपकी मदद करने का दिल करता hai,lekin इसका मतबल ी नहीं की हम अपना मर्ज़ी से कभी भी आकर आपको किसी तरह का परेशानी होने dun.Woh तो बस इहाँ से जा रहे थे तो आप दिख gayi.Shayad ऊपर वाला खुद चाहता है की हम आपका इस शहर में ख्याल रखूं इसलिए मुलाकात हो जाता है"
अनीता ताला खोलकर सीधे होकर वापस हरिया के तरफ घूमकर उसके सीने के बाल पर हाथ फिरती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Pata नहीं हरिया जी. लेकिन सच में कहीं भी हो आप मेरी मदद करने ज़रूर पहुँच जाते हैं"
हरिया यह सुनकर उसकी चूंकि को देखने लगा. अनीता उसका नज़र अपनी चूँचियों पर पड़ने से चुप चाप कड़ी रही. हरिया उसकी चूँचियों को देखने के बाद उसकी बातो चूंकि को मुठी में भरकर bola,"Are मेमसाहेब आपके जइसन जवान औरत को हमरे जइसन मरद का इहाँ ज़रूरत है इसलिए ऊपर वाला मौक़ा डेट है मिलने के लिए"
फिर वह अनीता की चूंकि से नीचे हाथ उसकी कमर, गांड और फिर वापस चूंकि पकड़ते हुए bola,"Uff मेमसाहेब अइसन जवानी में आपको हमरा जइसन मरद का मदद का तो ज़रूरत पड़ेगा hi. साहेब तो काम में बिजी रहते हैं तो कोई तो चाहिए आपका ी जवानी का ख्याल रखने के लिए"
अनीता का दिल यह सुनकर धड़क गया और वह धड़कती दिल से बिना शर्म के हरिया के आँखों में देख रही थी की तभी हरिया झुककर उसकी ब्लाउज के ऊपर से उसकी दायी चूंकि मुंह में भरकर चूसने लगा.
ऐसा होने से अनीता जल्दी से आस पास देखकर हरिया से boli,"Hariya जी क्या कर रहे हैं आप. उहहं खुद को सम्भालिये"
हरिया यह सुनकर भी अनीता की चूंकि से मुंह नहीं हटाया बल्कि अनीता की गांड से ऊपर उसकी नंगी पीठ पर हाथ लेजाकर उसकी पीठ पर दबाओ बनाकर अनीता को अपने और करीब खींचकर उसकी चूँचियों को और ज़्यादा मुंह में भरकर चूसने लगा.
अनीता एक नज़र फिर से आस पास दौड़ाई. वह देखि की आस पास पूरा सन्नाटा है और थोड़ा अँधेरा भी है. ऑटो स्टैंड इतना दूर था की कुछ दिखाई नहीं देता वहां से तो वह अपनी दायी हाथ हरिया के सर पर रखकर अपनी सीने को थोड़ा और आगे कर दी. हरिया उसकी चूंकि को और मुंह में भरकर चूसने लगा. वह दये हाथ से अनीता की बातो चूंकि को मुट्ठी में भरकर मसल रहा था.
अनीता अपनी हाथ नीचे लेजाकर उसके लुंड को भी हिलने लगी. लगभग एक मिनट बाद अनीता फिर से boli,"Hariya जी हो गया"
हरिया उसके 10 सेकण्ड्स बाद उसकी दायी चूंकि को मुंह से निकला और फिर वैसे hi झुके हुए उसकी नयी चूंकि को मुंह में भर लिया. अनीता कुछ नहीं बोली और उसके बालों में ऊँगली फिरती हुयी अपनी बायीं चूंकि को थोड़ा आगे कर दी. हरिया बाये हाथ से उसकी दायी चूंकि को मसलने लगा. अनीता की दायी चूंकि के ऊपर का ब्लाउज थोड़ा भींग चूका था.
अगले एक मिनट तक हरिया अनीता की चूंकि को मुंह में भरे चुस्त और थोड़ा दांत काटते रहा वह भी ब्लाउज के ऊपर से और अनीता चुप चाप उसके बालों में उँगलियाँ फिरती हुयी अपनी चूंकि को उसके मुंह में पुश कर रही थी.
हरिया उसकी चूंकि मुंह से निकल कर खड़ा होकर उसे देखा तो अनीता उसके बालों में उँगलियाँ फेरती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Hariya जी अब मुझे जाना चाहिए". वह उसका लुंड भी छोड़ दी थी.
हरिया यह सुनकर "हाँ" में सर हिलाते हुए उसकी जिस्म को देखा और फिर बाये हाथ से उसकी दायी चूंकि और दये हाथ से उसकी गांड को मसलते हुए bola,"Haan मेमसाहेब साहेब का आने का वक़त हो गवा"
हरिया अनीता की गांड मसलते हुए bola,"Sach में मेमसाहेब, साहेब काटना किस्मत वाले है जो आपके जइसन अटना खबसूरत और ु अंग्रेजी में कहत है न सेक्सी, हाँ सेक्सी बीवी मिली".
अनीता यह सुनकर अपनी आँखें बड़ी करके मुस्कुराती हुयी हरिया को देखकर boli,"Hariya जी अब बस भी कीजिये".
हरिया मुस्कुराते हुए bola,"Maaf कीजियेगा मेमसाहेब, मगर जो सच है यही हम बोलत हूँ".
अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Theek है हरिया जी. मगर अब बस भी कीजिये. फिर से मेरी तारीफ करने लगे".
हरिया यह सुनकर मुस्कुराते हुए उसकी गांड दबाकर bola,"Are मेमसाहेब तो का हुआ. आप है hi तारीफ के लायक".
अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी उसके सीने पर हाथ रखकर कामुकता से उसे देखि तो वह अनीता की गांड के तरफ देखते हुए उसे हिलाते हुए bola,"Uff मेमसाहेब सच में एक दम मस्त गांड है आपका".
अनीता को हरिया के मुंह से गांड शब्द सुनने में अब कोई बुराई नहीं लग रही थी और नहीं उसका ऐसे उसकी गांड हिलाते हुए गांड देखना. वह बेशर्मी से हरिया को देख रही थी जिसका नज़र उसकी गांड पर था.
हरिया उसे हिलाते हुए bola,"Sach में मेमसाहेब साहेब काटना किस्मत वाले हैं की वह रोज़ आपका ी gaand,u भी नंगा देखते हुए छोड़ते होंगे. आपका गांड हिलते हुए देख उनको तो छोड़ने में औरो मज़ा आता होगा और वह तो रोज़ आपको छोड़ते होंगे".
अनीता जानती थी की हरिया हिम्मत वाला है और खुल कर बोलने में झिझकता नहीं है मगर वह इस बात का उम्मीद नहीं कर रही थी की वह उसकी चुदाई का बात करेगा वह भी अपने पति से. अनीता की सांस और धड़कन यह सुनकर तेज़ हो गयी.
अनीता उसका बात सुनकर जल्दी से आस पास देखि और हरिया का ऐसा बात बोलने के बावजूद भी बिना शर्म के हरिया के आँखों में देखती हुयी तेज़ सांस से धीरे से boli,"Hariya जी आप भी न क्या क्या बोलते हैं. ऐसे कोई बोलता है क्या?"
हरिया अनीता की गांड दबाते हुए bola,"Are मेमसाहेब माफ़ कीजियेगा लेकिन का है की आप है hi ऐसी की ससुरा कउनो भी आपको छोड़ना चाहेगा इसलिए हुंका लगा की आप तो साहब की बीवी है तो वह तो रोज़ ज़रूर छोड़ते होंगे आपको इसलिए हम ऐसा पूछा हूँ. अगर ग़लत बोलै हूँ तो माफ़ कर दीजिये हुंका मेमसाहेब"
अनीता यह सुनकर आस पास देखि और हरिया के आँखों में देखती हुयी उसके सीने पर हाथ फेरती हुयी बेशर्मी से boli,"Hariya जी माफ़ी मांगने की कोई ज़रूरत नहीं है. लेकिन यह तो मेरी पर्सनल बात है न. ऐसे आप अचानक से यह सब बोल दिए वह भी ऐसे खुले में".
अनीता यह बोलते हुए एक नज़र आस पास दौड़ाई. हरिया यह सुनकर अनीता की गांड मसलते हुए bola,"Are मेमसाहेब अब का करे आपको देखकर जो हमरा मैं में आता है बोल डेट हैं. हम तो कउनो बात को घुमा फिरा कर नहीं बोलत हूँ आप तो जानत है हुंका".
अनीता यह सुनकर हरिया को देखकर उसके शर्ट से झांकते सीने पर हाथ फेरती हुयी boli,"Are कोई बात नहीं हरिया जी. अब माफ़ी मांगने की क्या बात है. सच में आपका यह सीधा बात बोलना hi तो आपको ख़ास बनता hai,lekin यह बात कोई बोलने की बात है?".
हरिया यह सुनकर उसकी गांड दबाते हुए bola,"Are मेमसाहेब तो साहेब तो आपके पति है तो वह तो छोड़ते hi होंगे न आपको. मरद और औरत के बीच चुदाई होना कउनो ग़लत बात है ka?Eeme ग़लत कौन सा बात है. मेमसाहेब बोलिये न की साहेब आपको रोज़ छोड़ते हैं तो पीछे से आपकी नंगी गांड को देखते हुए".
अनीता यह सुनकर उसका सीना सहलाती हुयी boli,"Offo हरिया जी प्लीज यह मेरी पर्सनल बात है न. यह सब कोई बोलने की चीज़ है".
हरिया यह सुनकर उसकी गांड दबाते हुए bola,"Haan मेमसाहेब. माफ़ कर दीजिये हुंका. लेकिन ी बात तो हम पक्का कह सकत हूँ की साहेब आपको रोज़ पीछे से छोड़ते होंगे"
फिर वह अनीता की गांड को हिलाते हुए bola,"aur आपकी ी बड़ा गांड को नंगा हिलते हुए देखकर तो वह और जोश में आपको छोड़ते होंगे. सच में साहेब को कितना मज़ा आता होगा रोज़ आपको छोड़ने में. वह अपना लौड़ा आपके अंदर घापा घापा अंदर बाहर करके खूब रोज़ रात छोड़ते होंगे आपको".
अनीता यह सुनकर अपनी आँखें बड़ी करके बेशर्मी से हरिया के आँखों में देखती हुयी उसके सीने को सहलाती हुयी boli,"Offo हरिया जी. बस भी कीजिये. वही बात बोले जा रहे हैं आप"
हरिया यह सुनकर bola,"Aese मेमसाहेब अगर आपको बुरा न लगे तो हम एक बात कहना चाहता हूँ".
अनीता का हरिया का ऐसे पूछने से अंदाज़ा लग गया की वह कोई गन्दा बात hi करेगा मगर उसे कोई ऐतराज़ नहीं था तो वह उसका सीना सहलाती हुयी boli,"Haan हरिया जी बोलिये न".
हरिया उसकी गांड हिलाते हुए bola,"Aapka ी गांड जब भी हम देखत हूँ हमरा मैं करता है की आपको झुका कर पीछे से आपको छोडूं. हम भी आपको खूब छोड़ना चाहता हूँ मेमसाहेब".
अनीता को पता था की हरिया गन्दी बात करेगा मगर ऐसे साफ़ साफ़ उसे छोड़ने को बोलेगा उसका यक़ीन नहीं था. हरिया तो उसे ठोकने का बात करता hi था मगर आज तो साफ़ साफ़ छोड़ने का बात कर रहा था.
अनीता यह सुनकर आस पास देखकर अपनी आँखें बड़ी करके धड़कते दिल और तेज़ सांस से बेशर्मी से हरिया के आँखों में देखती हुयी उसके सीना को सहलाती हुयी boli,"Hariya जी आप भी क्या क्या बोलते रहते हैं".
हरिया अनीता की गांड हिलाते हुए bola,"Maaf कीजियेगा मेमसाहेब लेकिन हमरा मैं में जो था ु हम बोल दिया हूँ. हम कउनो दिखावा करने वाला आदमी नहीं हूँ. साफ़ साफ़ दिल से बात करात हूँ. हुंका आपका गांड देखकर आपको छोड़ने का मैं करता है तो बोल दिए हम. हमरा मैं का बात आपको खुलकर बोलै हूँ".
अनीता यह सुनकर उसके सीने को सहलाती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Hariya जी आपको माफ़ी मांगने की कोई ज़रूरत नहीं है. आपने तो बस अपने मैं का बात बोलै है. वह बस आप ऐसा बोलेंगे यह उम्मीद नहीं थी. लेकिन आप तो हरिया जी है, कोई ऐसे वैसे मर्द नहीं, आप अपने मैं की बात तो ऐसे hi खुल कर बोलेंगे यह तो होना hi था. एहि तो ख़ास बात है आपका की आप दिखावा नहीं करते हैं. जो मैं में होता है खुल कर बोलते हैं और खुलकर करते हैं. इसके लिए तो हिम्मत चाहिए जो आप में हैं और एहि आपको ख़ास बनता हैं".
हरिया यह सुनकर अनीता की गांड हिलाते हुए bola,"Are हाँ मेमसाहेब हुंका गोल गोल बात घूमना अच्छा नहीं लागत है. मेमसाहेब अब जो मैं में था ु बोल दिया हूँ. हुंका आपको छोड़ने का मैं करता है तो वैसे hi बोल दिया हूँ. हम जानत हूँ की आप बहुते पढ़ी लिखी और अमीर है और हम ससुरा गंवार और ग़रीब, लेकिन ससुरा हूँ तो मरद hi न, आपका ी जवानी और मटकती गांड को देखूंगा तो छोड़ने का तो मैं करेगा hi हमरा"
अनीता यह सुनकर उसके और करीब होकर अपनी चूँचियों को उसके सीने से सत्ता कर हरिया के बदन से आ रहे पसीने की बंदु को सूंघती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Offo हरिया जी फिर से अमीरी ग़रीबी लाने लगे आप बीच में. आपने तो ठीक hi कहा न की आप मर्द हैं तो आपका मैं तो करेगा hi. और आप भले hi पैसे से ग़रीब है लेकिन आपको तो ऊपर वाले ने मर्दानगी दिया है. इतना तगड़ा हथियार दिया है आपको ऊपर वाले ने तो फिर मैं कैसे नहीं करेगा".
फिर वह अपनी हाथ से उसका लुंड पकड़ कर हिलती हुयी boli,"Aesa तगड़ा हथियार दिया है ऊपर वाले ने फिर भी आप बोलते हैं की आप ग़रीब है. बताइये कितने मर्दों के पास आपके जैसा खजाना है. हम्म बताइये?"
हरिया यह सुनकर अनीता की गांड दबाते हुए bola,"Haan मेमसाहेब उहे तो. ससुरा हमरा लौड़ा hi तो असली दौलत है. आपको जब हम छोड़ेंगे तो अपना लौड़ा से hi तो छोड़ेंगे"
अनीता यह सुनकर उसके सीने पर हाथ फेरती हुयी दूसरे हाथ से उसके लुंड को हिलाकर गर्व से उसे देख रही थी. उसमे ज़रा सा भी शर्म नहीं थी की हरिया उसको छोड़ने का बात कर रहा है. उल्टा अनीता की चेहरे पर गर्व था.
फिर वह अपने लुंड के तरफ इशारा करते हुए bola,"Dekhiye न मेमसाहेब कइसन बौखलाया हुआ है हमार लौड़ा"
अनीता उसका लुंड सहलाती हुयी उसके आँखों में देखती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Dekhne की क्या बात है हरिया जी मैं तो महसूस कर प् रही हूँ की आपका हथियार कितना बौखलाया हुआ है. उफ़ सच में इतना तगड़ा हथियार है आपका"
हरिया आगे bola,"sasura जब भी आपको देखत है हमरा लौड़ा बेचैन हो जाट है और हुंका आपको छोड़ने का मैं करात लगत है. मैं करात है की आपको खूब रगड़ कर छोडूं हम".
अनीता यह सुनकर धड़कते दिल और तेज़ सांस से आस पास देखकर हरिया के आँखों में देखती हुयी बेशर्मी से धीरे से boli,"Offo हरिया जी अब बस भी कीजिये. बोल दिया आपने अपने मैं का बात. अब ऐसे खुले में बार बार मत बोलिये प्लीज"
हरिया यह सुनकर उसकी गांड दबाते हुए bola,"Humne तो बोल दिया मेमसाहेब. लेकिन आप भी तो बोलिये न की आपको हमरा बात सुनकर का लगा. मतबल हमरा मैं का बात सही से हम आपको बता पाए तो".
अनीता हरिया के सीने से अपनी चूँचियाँ सताए हुए उसके सीने को सहलाती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Haan हरिया जी आपने तो पूरा खुल कर बोलै है अपने मैं का बात तो कैसे समझ नहीं आएगा".
हरिया यह सुनकर उसकी गांड दबाते हुए puchha,"Ek बार बोलिये न मेमसाहेब का समझ में आया हमरे बात से"
अनीता बेशर्मी से वैसे hi हरिया के आँखों में देखती हुयी boli,"Yehi की आप जब भी मुझे देखते हैं तो आपका हथियार बेचैन हो जाता है अउ आपको मुझे पीछे से ठोकने का मैं करता है अपने तगड़े हथियार से"
हरिया अनीता की चूंकि और गांड मसलते हुए puchha,"To का ीमे कउनो ग़लत बात है का मेमसाहेब?"
अनीता हरिया का लुंड और सीना सहलाती हुई boli,"Kuchh भी ग़लत नहीं है हरिया जी. आप एक दुमदार और असली मर्द हैं तो आपका तो दिल करेगा hi वह करने का. ऊपर वाले ने आपको इतना तगड़ा हथियार दिया है तो मैं तो करेगा hi"
हरिया यह सुनकर मुस्कुराया तो अनीता भी मुस्कुरा दी और boli,"ab चलती हूँ हरिया जी. मुझे यहाँ तक छोड़ने के लिए थैंक यू"
हरिया यह सुनकर मुस्कुराते हुए उसकी गांड दबाकर bola,"Are मेमसाहेब कहे शर्मिंदा कर रही हैं आप हुंका. आपका मदद और सेवा करना..."
अनीता बीच में hi एक ऐडा से बोल padi,"Haan हाँ हरिया जी आपका फ़र्ज़ है. उफ़ हरिया जी मेमसाहेब की मदद और सेवा करने के लिए आप सच में हर जगह पहुँच जाते हैं"
हरिया यह सुनकर मुस्कुराया तो अनीता उसके लुंड को पंत में रखने लगी तो हरिया bola,"Abhi रहने दीजिये मेमसाहेब. आप जाइये"
अनीता यह सुनकर हरिया को छेड़ती हुयी boli,"Hariya जी ऐसे hi घर जाने का मैं है क्या आपका हम्म?"
हरिया यह सुनकर मुस्कुराते हुए puchha,"Kaise मेमसाहेब?"
अनीता उसके लुंड को हिलती हुयी boli,"Apna हथियार दिखते हुए"
हरिया यह सुनकर हसने laga,"Hahaha" तो अनीता भी खिलखिलाने lagi,"Hehehe".
हरिया हस्ते हुए bola,"Hahaha मेमसाहेब जब आप अभी गेट से जाइएगा तो झुकने से आपकी गांड की उभार देखकर हमरा लौड़ा खुश हो जायेगा इसलिए अभी बाहर रख रहे हैं"
अनीता यह सुनकर हस्ती हुयी hi आँखें बड़ी करके उसके सीने और लुंड को सहलाती हुयी boli,"Hariya जी हहहहए ुहह्म्म आप भी सच में हर वक़्त वही नज़र रहता है आपका"
हरिया puchha,"Kahan मेमसाहेब?"
अनीता मुस्कुराती हुयी boli,"Mujhe नहीं बोलना हरिया जी. अब मैं चलती हूँ. लेट हो जाएगी"
हरिया अनीता की गांड और चूंकि जोर से मसल दिया तो अनीता की मुंह से सिसकारी निकल gayi,"Siiii ुहहममम" और वह कामुक नज़र से हरिया को देखि. हरिया भी एक नज़र अनीता को ऊपर से नीचे तक देखा और उसकी गांड को थपथपाते हुए bola,"Theek है मेमसाहेब. आप अपना ख्याल रखियेगा"
अनीता यह सुनकर उसके सीने को सहमति हुयी boli,"Aap भी अपना ख्याल रखियेगा हरिया जी"
हरिया सर हिलाते हुए bola,"Haan मेमसाहेब. ऐसे हमरा मैं कर रहा है आपसे पूछे की आप बाजार अब कब आइयेगा लेकिन नहीं पूछेंगे. आपको अचानक देखने का अलग hi मज़ा आता है हुंका"
अनीता यह सुनकर उसके सीने को सहमति रही. हरिया आगे bola,"Lekin आपको जब भी हमरा मदद का ज़रूरत पड़े, कोई भी मदद तो हुंका फ़ोन कर दीजियेगा मेमसाहेब"
अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Theek है हरिया जी. अब मैं चलती हूँ"
हरिया यह सुनकर अनीता की गांड की थप तपते हुए bola,"Theek है मेमसाहेब"
अनीता यह सुनकर वहां नीचे रखे अपनी शॉपिंग बैग्स उठाई और गांड घुमाकर दो कदम चलकर एक ऐडा से अपनी गांड को हरिया के तरफ उभरती हुयी गेट के अंदर घुसने लगी की तभी उसे अपनी कमर पर हरिया का हाथ और गांड पर उसका लुंड महसूस हुआ. हरिया उसकी कमर पकडे अपना कमर आगे पीछे करते हुए bola,"Hum अंदर जाने में मदद कर डेट हूँ मेमसाहेब"
हरिया यह बोलकर कमर हिलाते हुए आगे बढ़ने लगा और अनीता भी साथ में आगे बढ़ने लगी. आगे बढ़ने से अनीता गेट पकड़ नहीं सकती थी तो वह शॉपिंग बैग्स अंदर रखकर अपनी हाथों से दोनों गेट के साइड में पकड़ कर धीरे धीरे अंदर घुसने लगी. आखिरकार अनीता की पेअर गेट के अंदर पहुँच गयी तो हरिया उसकी गांड की दोनों भागो पर थप्पड़ मारकर bola,"Sach में मेमसाहेब का मस्त गांड हैं आपका"
अनीता यह सुनकर अंदर झुककर अपनी गांड गेट के तरफ उभरी हुयी शॉपिंग बैग उठती हुयी झुकी हुयी hi पीछे हरिया को देखती हुयी boli,"Offo हरिया जी अब बस कीजिये. हर वक़्त आपकी नज़र उसी पर रहती है?"
हरिया भी थोड़ा झुककर अंदर देखते हुए अनीता की आँखों में देखते हुए puchha,"Kis पर मेमसाहेब बोलिये तो?"
अनीता मुस्कुराती हुयी हरिया के आँखों में देखती हुयी वैसे hi झुककर अपनी गांड हिलती हुयी आँखों से गांड की तरफ इशारा करती हुयी boli,"Iss पर हरिया जी इस पर"
हरिया अनीता को गांड हिलाते देख मुस्कुराकर bola,"Aapki गांड पर?"
अनीता वैसे hi अपनी गांड हिलती हुयी आंखें बड़ी करके boli,"Hariya जी?"
तो हरिया मुस्कुराते हुए bola,"Are मेमसाहेब तो आप तो अपनी गांड hi हिला रही है न. का हमरा नज़र उस पर hi रहत है"
अनीता इस बार मुस्कुराती हुयी अपनी गांड के तरफ आँखों से इशारा करती हुयी boli,"Haan हाँ हरिया जी वही, इस पर."
हरिया का लुंड यह देखकर हिलने लगा था तो अनीता अपनी गांड हिलती हुयी उसके लुंड के तरफ आँखों से इशारा करती हुयी boli,Dekhiye कैसे बौखला रहा है आपका हथियार"
हरिया अगले पल थोड़ा अंदर हाथ बढ़ा कर अनीता की दोनों गांड पर जोर से थप्पड़ मार दिया तो अनीता चीखती huyi,"Aaahh आउच" करके सीढ़ी हो गयी और बेशर्मी से खिलखिलाने lagi,"Hehehe"
हरिया उसकी गांड पर थप्पड़ मारते हुए bola,"Ab मेमसाहेब आप अपनी गांड हिलायेंगी तो ससुरा हमरा लौड़ा तो बौखलायेगा hi"
अनीता बेशर्मी से खिलखिलाती हुयी अपनी शॉपिंग बैग्स उठाई और गांड मटकती हुयी घर के तरफ जाती हुयी boli,"Khaas अंदाज़ में मुझे अंदर आने में मदद करने के लिए थैंक यू हरिया जी" और फिर वह रूककर थोड़ा झुककर अपनी गांड हिलती हुयी खिलखिलाने lagi,"Hehehe" और खिखिलाती हुयी घर के दरवाज़े के पास पहुँच गयी.
वह दरवाज़ा खोलकर वापस मुद कर देखि तो हरिया उसके तरफ hi देख रहा था और जैसे hi वह देखि तो वह अपना कमर हिलने लगा. उसका लुंड अभी भी बाहर था. अनीता एक ऐडा से उसे देखि और दरवाज़े के दोनों तरफ का दीवार पकड़ कर थोड़ी झुक कर अपनी गांड हिलने लगी. कुछ सेकण्ड्स ऐसा करने के बाद वह सीढ़ी हुयी और घर के अंदर जाकर हरिया को देखती हुयी hi दरवाज़ा बांध कर दी.