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रामु 3-4 मिनट बाद कटोरी में तेल लाकर टेबल पर रख दिया. अनीता की नज़र फिर से तौली में उसके लुंड के उभर पर चली गयी तो वह देखि की उभर थोड़ा छोटा हो गया था. वह उसके लुंड के उभर से नज़र हटाकर उसके तरफ देखि तो उसे खुद की चूंकि को देखते हुए पायी.
रामु अनीता को खुद के तरफ देखते हुए महसूस किया तो वह उसकी चेहरे पर देखा तो अनीता मुस्कुरा दी. रामु मुस्कुराते हुए अपना लुंड तौली के ऊपर से मसलते हुए bola,"Garam गरम तेल आ गवा मेमसाहेब".
अनीता यह सुनकर उसके लुंड के तरफ देखि जिसे वह मसल रहा था और फिर तेल के तरफ देखने के बाद मुस्कुराकर रामु को देखती हुयी boli,"Thank यू रामु जी. आप और हरिया जी मेरे लिए कितना कुछ कर रहे हैं आज".
रामु अपना लुंड मसलते हुए वापस सोफे पर बैठकर अनीता की पेअर को पकडे अपने लुंड से सताते हुए गॉड में रखते हुए bola,"Are मेमसाहेब इसमें थेंकु का का बात है? जैसे हरिया बोलत है ी तो हम दोनों का फ़राज़ है आपके जइसन औरत का सेवा करना".
अनीता अपनी पेअर पर रामु के लुंड को फिर से महसूस करती हुयी मुस्कुराकर boli,"Offo आप और हरिया जी ने तो मैं hi बना लिया है आज मेरी अच्छे से सेवा करने का. मेरी सेवा करने के चक्कर में आप लोग जो पीने का प्लान बनाये थे वह तो भूल hi गए. सोच रहे होंगे की मेमसाहेब के चक्कर में आप दोनों दोस्त अच्छे से पी भी नहीं पाए इतने अच्छे मौसम में".
हरिया अगले पल अनीता की पेट पर तेल मलते हुए bola,"Are मेमसाहेब ऐसे मौसम में आपके जइसन जवान और खबसूरत औरत का सेवा करने का मौक़ा मिल रहा है इससे अच्छा और का चीज़ होगा".
अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी हरिया के कलाई पर हाथ फेरती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Uhmmm हरिया जी".
रामु अगले पल शराब के बोतल के तरफ हाथ बढाकर हरिया के गिलास में शराब डालते हुए bola,"Aur रहा बात शराब पीने का तो एक गिलास और पी लेट हैं. आपका सेवा और शराब पीना दोनों काम हो जायेगा".
रामु फिर अपने गिलास में शराब डालने लगा तो अनीता मुस्कुराती हुयी boli,"Haan रामु जी ठीक कर रहे हैं. मेरी सेवा करने का मतलब यह नहीं है की बस मेरी सेवा hi करनी है. आपलोग का भी जिस चीज़ का मैं है वह भी करते रहिये वह भी बेझिझक, आराम से खाइये पीजिये और बारिश के मौसम का मज़ा लीजिये".
रामु शराब का गिलास उठाते हुए दूसरे हाथ से अनीता की पेअर पर हाथ रखे ऊपर उसकी काफ तक हाथ फेरते हुए bola,"Haan मेमसाहेब ु तो लेंगे hi. जब आपके जइसन जवान और खबसूरत औरत साथ है तो मज़ा कैसे नहीं आएगा".
अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Offo कितनी तारीफ करते हैं आप दोनों मेरी".
हरिया अगले पल शराब का गिलास अनीता की पेट के तरफ बढ़ाते हुए दूसरे हाथ से उसकी पेट पर तेल मतलते हुए bola,"Ee जैम मेमसाहेब का खबसूरत जवानी के नाम".
रामु भी शराब का गिलास आगे बढाकर हरिया के गिलास से टकराते हुए bola,"Memsaheb का खबसूरत गरम जवानी के नाम".
यह बोलकर दोनों अनीता के तरफ देखते हैं तो अनीता बेशर्मी से मुस्कुराती हुयी हरिया के कलाई पर हाथ फेरती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Meri जवानी और आप दोनों के मर्दानगी के नाम".
हरिया और रामु एक साथ bole,"Haan मेमसाहेब" और फिर दोनों एक hi घूंट में पी गए. रामु गिलास टेबल पर रखकर अपना मुंह हाथ के पीछे से पोंछा और अनीता किसी बदन को घूरने लगा. अनीता उसे अपनी चूंकि, पेट और फिर पेअर पर नज़र फिरते देखि. अगले पल वह हरिया को देखि तो वह भी उसकी चूंकि और पेट देख रहा था.
हरिया उसकी बदन देखने के बाद पेट पर दोनों हाथ फेरते हुए उसकी चूँचियों के नीचे लाया और फिर हाथ को नीचे फिसलते हुए उसकी कमर के तरफ ले गया जहाँ साड़ी बंधी थी. अनीता की पेट पर तेल लगे होने से हरिया का हाथ अच्छे से फिसल रहा था और उसके हाथ फेरने से अनीता की पेट अंदर के तरफ हो गयी.
हरिया उसकी कमर पर हाथ लेजाकर bola,"Memsaheb बुरा न माने तो अगर ी साड़ी खोल देती आप तो अच्छे से मालिश करने में हुंका मदद मिलता. रामु भी आपके पेअर को और अच्छे से मालिश कर पायेगा और आपकी साड़ी में तेल का दाग भी नहीं लगेगा".
अनीता यह सुनकर हरिया को देखि और फिर एक नज़र रामु के तरफ देखि जो उसे hi देख रहा था. अनीता वापस हरिया को देखती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Hariya जी इसमें बुरा मानने की क्या बात है. आपने तो ठीक hi कहा है की साड़ी में तेल न लगे उसके लिए अच्छा होगा की मैं साड़ी खोल दूँ".
हरिया यह सुनकर अनीता को देखकर मुस्कुराने लगा तो अनीता भी मुस्कुरा दी. फिर वह रामु को देखि तो उसे अपनी बदन पर घूरते हुए पाई. अनीता फिर अपनी नाभि के नीचे साड़ी के पास हाथ लेजाकर साड़ी को पेटीकोट से निकलने लगी.
साड़ी को पेटीकोट से निकलते हुए अनीता हरिया से रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Hariya जी यह मेरी कंधे पर से पिन निकल दीजिये".
हरिया अनीता की कंधे पर ब्लाउज में साड़ी को पिन से लगाया देखा और वह पिन खोल दिया तो अनीता की कंधे से साड़ी का आँचल सड़क कर साइड से नीचे उसकी बायीं कमर के पास गिर गयी. अब अनीता की ऊपरी बदन पर सिर्फ एक छोटा सा ब्लाउज था. ऐसा नहीं था की पहले आँचल उसकी बदन को ढँक रही थी. ांचा तो नाम मात्रा ऊपर ब्लाउज में पिन की हुयी थी और साइड में होने से उसकी ब्लाउज और नंगी पेट साफ़ साफ़ दिख रही थी मगर पिन हटाने से फॉर्मेलिटी के लिए उसकी कंधे पर पिन की हुयी आँचल भी वहां से हट गयी.
अनीता अपनी साड़ी को पेटीकोट से निकलने के बाद हरिया को देखकर बेशर्मी का साबुत देती हुयी मुस्कुराकर boli,"Thank यू हरिया जी. यह दीजिये".
अनीता यह बोलती हुयी उसके हाथ से पिन लेकर टेबल पर रखकर वापस हरिया और रामु को देखकर थोड़ा उठने का कोशिश करती हुयी boli,"Main उठकर साड़ी निकल लेती हूँ".
अनीता इतनी बोली थी की हरिया उसकी पेट पर हाथ रखकर उस पर दबाओ बनाते हुए उसकी चूँचियों के नीचे से लेकर उसकी कमर तक उसकी पेट की मालिश करते हुए और उसे उठने से रोकते हुए bola,"Are मेमसाहेब आप कहे परेशां हो रही है जब हम और रामु हूँ तो".
अनीता यह सुनकर हरिया को देखि तो वह bola,"Aap आराम से हमरे गॉड में सर रख कर लेट जाइये, बाकी हम दोनों पर छोड़ दीजिये".
अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Hariya जी आप दोनों तो मुझे ज़रा सा भी कुछ करने नहीं देंगे. पूरा ज़िम्मेदारी उठा लिए हैं आप दोनों हर चीज़ करने का".
हरिया यह सुनकर अनीता की पेट का मालिश करते हुए मुस्कुराकर bola,"Are मेमसाहेब जब हमरे और रामु जइसन मरद लोग है तो आपको कुछो करने कहे देंगे हम दोनों".
अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी हरिया के हाथों पर अपनी हाथ फेरती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Uhmm हरिया जी".
हरिया अगले पल अनीता की पेट की मालिश करते हुए hi bola,"Aap हमरे गॉड में सर रखकर लेट जाइये फिर हमलोगां आपका साड़ी खोलकर आपका खबसूरत जवान बदन का अच्छे से रगड़ कर मालिश कर दूंगा".
अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी वैसे hi रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Theek है हरिया जी".
अनीता यह बोली तो हरिया उसकी कमर को पकड़ कर bola,"Ek मिनट मेमसाहेब" और वह सोफे के एक कोने में अच्छे से बैठ गया और अपने बाये पेअर को सोफे के हेड रेस्ट के नीचे से होते हुए रामु के तरफ लेजाकर bola,"Abe रामु तू भी अच्छे से बैठ जा".
रामु भी अपना दया पेअर अपने बाये पेअर के तरफ मोड अच्छे से बैठ गया. उसका बया पेअर सोफे से नीचे लटक रहा था. हरिया का दया पेअर सोफे से नीचे लटक रहा था.
हरिया फिर अनीता की कमर पकडे रामु से bola,"Tum भी मेमसाहेब का कमर पकड़ कर अपने तरफ थोड़ा खींचो ताकि मेमसाहेब हमरे गॉड में सर रखकर आराम से लेट सके".
हरिया अनीता की चूँचियों के नीचे अपना दोनों हाथों का अंगूठा रखे अपने बाकी का हाथ उसकी पीठ पर रखे उसे पकड़ लिया और रामु भी अनीता की गांड के थोड़ा ऊपर उसकी कमर पकड़ा तो हरिया bola,"Aap आराम से रहिये मेमसाहेब. अपना ी नाज़ुक बदन को ढीला छोड़ दीजिये. बाकी हम दोनों मरद कर लूंगा जो करना है".
अनीता यह सुनकर मुस्कुराकर अपना सर हिलाई तो अगले पल हरिया रामु से bola,"Memsaheb को प्यार से उठाकर थोड़ा अपने तरफ खींचो".
अनीता अपनी बदन ढीला छोड़ दी और अगले पल हरिया और रामु मिलकर उसे थोड़ा सा उठाकर रामु के तरफ खिसका दिए. अनीता का सर अब हरिया के पेट पर टिका हुआ था.
हरिया अनीता से bola,"Ek मिनट मेमसाहेब" और फिर दोनों मर्द एक बार फिर अनीता को वैसे hi पकडे हुए रामु के तरफ खिसका दिए. अनीता का सर हरिया के कमर से थोड़ा घिसते हुए उसके गोदी में चला गया जिससे उसके कमर पर बंधा तौली का गाँठ थोड़ा ढीला हो गया.
अनीता की बायीं पेअर भी रामु के लुंड से फिसल कर तौली से घिसते हुए उसके पेट के तरफ चली गयी जिससे उसका तौली भी थोड़ा ढीला हो गया और अनीता अपनी बायीं पेअर के दायी तरफ उसके लुंड को तौली के ऊपर से महसूस कर पा रही थी.
अनीता की सर जैसे hi हरिया के गॉड में गयी उसे अपनी बायीं गाल पर कुछ महसूस हुआ और उसकी दिल धड़क गयी. वह समझ गयी थी की वह चीज़ क्या है और वह अपनी आंखें बायीं तरफ करके देखि तो उसका सोचना सही साबित हुआ. उसकी गाल से तौली में कैद हरिया का लुंड का उभर सत्ता हुआ था.
अनीता उसके लुंड के उभर को देखने लगी की तभी हरिया bola,"Ab ठीक है मेमसाहेब".
फिर वह अनीता से puchha,"Aap आराम से हैं तो मेमसाहेब?"
अनीता यह सुनकर अपनी नज़र ऊपर हरिया के तरफ करने के लिए थोड़ा सर एडजस्ट की तो उसकी गाल हरिया के लुंड के उभार में घिस गयी. ऐसा होने से वह उसके लुंड के झटके को महसूस की मगर बिना उसके बारे में सोचे मुस्कुराती हुयी हरिया को देखकर boli,"Haan हरिया जी मैं आराम से लेट चुकी हूँ. आप और रामु जी ने तो मुझे कुछ करने hi नहीं दिया".
हरिया यह सुनकर मुस्कुराकर अनीता को देखकर bola,"Ab आपको कुछ करना भी नहीं है मेमसाहेब. अब आराम से लेते हुए हमरे और रामु के हाथ का मालिश का मज़ा लीजिये".
अनीता मुस्कुराकर boli,"Uhhmm हरिया जी ठीक है" बोलकर नज़र वापस हरिया के लुंड के तरफ ले जाकर उसे देखने लगी.
अनीता हरिया के लुंड को अपनी गाल से सटे हुए देख hi रही थी की तभी रामु bola,"Memsaheb यह आपका दूसरा पेअर हमरे गॉड में रख दूँ का?".
अनीता यह सुनकर रामु को देखि और फिर उसके गॉड के तरफ तो अपनी दायी पेअर को उसके बाये जांघ पर रखे हुए पायी. उसकी बायीं पेअर रामु के लुंड के दये तरफ उससे सत्ता हुआ था. अनीता यह देख hi रही थी की हरिया bola,"Haan रामु आराम से पेअर को अपने गॉड में रख दे न. मेमसाहेब को अच्छा लगेगा और उनके पेअर को आराम मिलेगा".
हरिया यह बोलकर अनीता को देखा तो वह भी उसे देखि. फिर अनीता रामु को देखकर रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Ramu जी इतना तो मुझे करने दीजिये. इसमें कौन सा मुझे कोई परेशानी होगी"
अनीता यह बोलकर अपनी दायी पेअर को रामु के जांघ से खिसका कर उसके लुंड के दूसरे तरफ रखकर उससे सत्ता दी. अब रामु का लुंड का उभर अनीता की दोनों पेअर के बीच था और हरिया का लुंड का उभर तो पहले से hi अनीता की बायीं गाल से सत्ता हुआ था.
रामु अनीता की दोनों पेअर पकड़ कर उस पर हाथ फेरते हुए bola,"Are मेमसाहेब जब हम और हरिया हूँ तो आपको कुछ करने का ज़रूरत का है? ऐसे अब आराम है तो आपको?".
अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Haan रामु जी. आप और हरिया जी तो मेरे आराम का इतना ख्याल रख रहे हैं तो कैसे आराम नहीं मिलेगा".
रामु यह सुनकर मुस्कुराने लगा तो अनीता भी मुस्कुरा दी. अगले पल हरिया अनीता की कमर पकडे हुए bola,"Ramu हम मेमसाहेब को पकड़ कर थोड़ा उठता हूँ तुम मेमसाहेब का साड़ी कमर से निकल कर अपने तरफ खींचो. इतना के लिए मेमसाहेब को उठने का ज़रूरत नहीं है".
अनीता यह सुनकर हरिया को देखि तो वह उसकी कमर पकडे थोड़ा उठा लिया. रामु उसकी कमर में हाथ डालकर साड़ी जो अनीता खुद अपनी पेटीकोट से निकल चुकी थी उसको रामु नीचे के तरफ खींचने लगा मगर साड़ी अनीता की गांड में अटक गयी.
रामु यह देखकर bola,"Memsaheb आप अपनी गांड..." इतना बोलकर रामु अपना ज़बान निकलकर सोचने लगा की तभी हरिया bola,"Kaa बोल रहा है ससुरा तू. मेमसाहेब के सामने तो अच्छे से बात कर. ससुरा मेमसाहेब जैसी पढ़ी लिखी औरत साथ में है और तू ससुरा ऐसा बोल रहा है".
अनीता की धड़कन रामु के मुंह से "गांड" शब्द सुनकर तेज़ हो गयी थी. उसकी सांस भी थोड़ी तेज़ हो गयी मगर वह फिर खुद को संभल ली.
रामु अनीता को देखकर bola,"Memsaheb माफ़ कीजियेगा. का करे हम अइसन माहौल में रहता हूँ तो ध्यान नहीं था. हमरा कहने का मतबल..."
इससे पहले की वह पूरा बोलता अनीता अपनी गांड उठती हुयी boli,"Koi बात नहीं रामु जी".
अनीता अपनी गांड उठाने के लिए अपने पेअर का प्रेशर रामु के पेट पर दी और साथ hi उसके कमर पर बंधे तौली पर प्रेशर पड़ा तो उसका तौली का गाँठ और ढीला हो गया. अनीता को गांड उठाये देख रामु वहां हाथ लेजाकर साड़ी खिंच लिया.
अनीता फिर अपनी गांड नीचे कर दी तो हरिया bola,"Dekha मेमसाहेब कितनी अच्छी है. दूसरा कोई पढ़ी लिखी औरत होती तो बुरा मान जाती तोहरा ऐसे बोलने पर".
रामु अनीता की गांड से नीचे उसकी जांघ से साड़ी को उसकी पेअर के तरफ खींचते हुए bola,"Haan ी बात तो है. ससुरा का करे ग़लती से बोलै गवा".
फिर वह अनीता को देखते हुए bola,"Memsaheb आपको बुरा तो नहीं लगा. हम अबसे ध्यान रखूँगा".
अनीता यह सुनकर हरिया के हाथ पर अपनी हाथ फेरती हुयी boli,"Koi बात नहीं रामु जी. ऐसी बातें सुनकर अजीब तो लगता है लेकिन जब आप के मुंह से ग़लती से निकल गया तो उसका बुरा क्या मानना".
रामु यह सुनकर अनीता की पेअर से साड़ी निकलने लगा तो हरिया अनीता की पेट पर हाथ फेरते हुए bola,"Memsaheb हम दोनों गंवार लोगन के साथ अइसन माहौल में रहते हैं की ससुरा दिन रात अइसन बात सुनकर आदत हो गवा है तो मुंह से निकल गवा".
अनीता हरिया का हाथ पर अपनी हाथ फेरती हुयी boli,"Hariya जी कोई बात नहीं. आपलोग जैसे भी है ठीक हैं. एक शब्द के लिए बुरा मानने की कोई बात hi नहीं है. और सच तो यह है हरिया जी की पढ़े लिखे लोग भी तो ऐसे शब्द बोल देते हैं, वह भी अच्छे माहौल में रहकर भी. आप दोनों को इस बात के लिए सोचने की ज़रूरत नहीं है, जो हो गया सो हो गया. आप दोनों जैसे आराम से मेरे साथ बात चित कर रहे हैं वैसे hi कीजिये".
हरिया यह सुनकर मुस्कुराया तो अनीता भी मुस्कुरा दी. अगले पल अनीता को महसूस हुआ की रामु उसकी पेअर उठा रहा है तो वह उधर देखि तो रामु भी मुस्कुराते हुए bola,"Sach में मेमसाहेब आप कितनी अच्छी है".
रामु यह बोलकर उसकी पेअर से साड़ी निकल दिया तो अनीता boli,"Shaam से hi आप दोनों मेरी इतनी मदद कर रहे हैं. मुझे तो कुछ करने hi नहीं दे रहे हैं और मैं अच्छी हो गयी. अच्छे तो आप दोनों है की मेरा इतना ख्याल रख रहे हैं. वर्ण आज कल कौन किसको पूछता है"
रामु अनीता की साड़ी निकलकर bola,"memsaheb इसको इधर सोफे के साइड में नीचे रख दूँ?".
अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Haan रामु जी रख दीजिये".
रामु यह सुनकर अपने तरफ सोफे के साइड में अनीता की साड़ी रख दिया तो हरिया अनीता की पेट पर हाथ फेरते हुए bola,"Are मेमसाहेब बाकी लोगन को छोड़िये, लेकिन जो ससुरा आपका मदद नहीं करे ु ससुरा नामर्द होगा".
अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी उसके हाथ पर अपनी हाथ फेरती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Uhmm हरिया जी आप भी न".
"और नहीं तो का", अनीता यह सुनकर रामु के तरफ देखि जो यह बात बोलकर अनीता की पेअर पर अपना हाथ फेरते हुए उसकी पेटीकोट को ऊपर घुटने के तरफ ले जा रहा था.
हरिया अनीता की पेट पर हाथ फेरते हुए bola,"Uff मेमसाहेब आपके जइसन खबसूरत, जवान औरत का कैसे कउनो मरद मदद नहीं करेगा. ससुरा ु तो मरद hi नहीं होगा जो आपका मदद नहीं करे"
अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Ab फिर से आप दोनों मेरी तारीफ करने लगे. घूम फिर कर बात मेरी तारीफ पर hi आ जाती है. अब बस भी कीजिये".
हरिया यह सुनकर अनीता की पेट पर हाथ फेरते हुए हसने laga,"hahaha" तो अनीता भी बेशर्मी से उसके बाजुओं पर हाथ फेरती हुयी हसने lagi,"Hehehe".
रामु भी मुस्कुराने लगा. अनीता खिलखिलाती हुयी दोनों को देखने लगी और फिर उन दोनों के लुंड को झटका मारते हुए देखकर एक ऐडा से हरिया को देखती हुयी boli,"Offo हेहेहे आप दोनों के साथ होने से तो एक अलग hi मज़ा मिल रहा है मुझे. इतना तारीफ कर रहे हैं मेरी और इतना हँसा रहे हैं मुझे ओह माय गॉड हेहेहे".
हरिया यह सुनकर मुस्कुराते हुए उसकी पेट पर हाथ फेरते हुए bola,"Are मेमसाहेब असली मरद लोग के साथ होने से आपको मज़ा तो मिलेगा hi".
अनीता यह सुनकर उसके कलाइयों पर हाथ फेरती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Uhmm हरिया जी".
अगले पल रामु अनीता की पेटीकोट उसकी घुटनो के ऊपर करके घुटने से लेकर पेअर तक हाथ फेरते हुए bola,"Aur अभी तो आपको और अच्छा लगेगा मेमसाहेब जब हम दोनों अच्छे से आपका ी खबसूरत गोरा बदन का मालिश करेंगे".
अनीता यह सुनकर रामु को देखती हुयी एक ऐडा से सवाल ki,"Bas अच्छे से मालिश hi कीजियेगा रामु जी?"
यह सुनकर दोनों रामु और हरिया अनीता की चेहरे पर देखने लगे.
रामु 3-4 मिनट बाद कटोरी में तेल लाकर टेबल पर रख दिया. अनीता की नज़र फिर से तौली में उसके लुंड के उभर पर चली गयी तो वह देखि की उभर थोड़ा छोटा हो गया था. वह उसके लुंड के उभर से नज़र हटाकर उसके तरफ देखि तो उसे खुद की चूंकि को देखते हुए पायी.
रामु अनीता को खुद के तरफ देखते हुए महसूस किया तो वह उसकी चेहरे पर देखा तो अनीता मुस्कुरा दी. रामु मुस्कुराते हुए अपना लुंड तौली के ऊपर से मसलते हुए bola,"Garam गरम तेल आ गवा मेमसाहेब".
अनीता यह सुनकर उसके लुंड के तरफ देखि जिसे वह मसल रहा था और फिर तेल के तरफ देखने के बाद मुस्कुराकर रामु को देखती हुयी boli,"Thank यू रामु जी. आप और हरिया जी मेरे लिए कितना कुछ कर रहे हैं आज".
रामु अपना लुंड मसलते हुए वापस सोफे पर बैठकर अनीता की पेअर को पकडे अपने लुंड से सताते हुए गॉड में रखते हुए bola,"Are मेमसाहेब इसमें थेंकु का का बात है? जैसे हरिया बोलत है ी तो हम दोनों का फ़राज़ है आपके जइसन औरत का सेवा करना".
अनीता अपनी पेअर पर रामु के लुंड को फिर से महसूस करती हुयी मुस्कुराकर boli,"Offo आप और हरिया जी ने तो मैं hi बना लिया है आज मेरी अच्छे से सेवा करने का. मेरी सेवा करने के चक्कर में आप लोग जो पीने का प्लान बनाये थे वह तो भूल hi गए. सोच रहे होंगे की मेमसाहेब के चक्कर में आप दोनों दोस्त अच्छे से पी भी नहीं पाए इतने अच्छे मौसम में".
हरिया अगले पल अनीता की पेट पर तेल मलते हुए bola,"Are मेमसाहेब ऐसे मौसम में आपके जइसन जवान और खबसूरत औरत का सेवा करने का मौक़ा मिल रहा है इससे अच्छा और का चीज़ होगा".
अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी हरिया के कलाई पर हाथ फेरती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Uhmmm हरिया जी".
रामु अगले पल शराब के बोतल के तरफ हाथ बढाकर हरिया के गिलास में शराब डालते हुए bola,"Aur रहा बात शराब पीने का तो एक गिलास और पी लेट हैं. आपका सेवा और शराब पीना दोनों काम हो जायेगा".
रामु फिर अपने गिलास में शराब डालने लगा तो अनीता मुस्कुराती हुयी boli,"Haan रामु जी ठीक कर रहे हैं. मेरी सेवा करने का मतलब यह नहीं है की बस मेरी सेवा hi करनी है. आपलोग का भी जिस चीज़ का मैं है वह भी करते रहिये वह भी बेझिझक, आराम से खाइये पीजिये और बारिश के मौसम का मज़ा लीजिये".
रामु शराब का गिलास उठाते हुए दूसरे हाथ से अनीता की पेअर पर हाथ रखे ऊपर उसकी काफ तक हाथ फेरते हुए bola,"Haan मेमसाहेब ु तो लेंगे hi. जब आपके जइसन जवान और खबसूरत औरत साथ है तो मज़ा कैसे नहीं आएगा".
अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Offo कितनी तारीफ करते हैं आप दोनों मेरी".
हरिया अगले पल शराब का गिलास अनीता की पेट के तरफ बढ़ाते हुए दूसरे हाथ से उसकी पेट पर तेल मतलते हुए bola,"Ee जैम मेमसाहेब का खबसूरत जवानी के नाम".
रामु भी शराब का गिलास आगे बढाकर हरिया के गिलास से टकराते हुए bola,"Memsaheb का खबसूरत गरम जवानी के नाम".
यह बोलकर दोनों अनीता के तरफ देखते हैं तो अनीता बेशर्मी से मुस्कुराती हुयी हरिया के कलाई पर हाथ फेरती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Meri जवानी और आप दोनों के मर्दानगी के नाम".
हरिया और रामु एक साथ bole,"Haan मेमसाहेब" और फिर दोनों एक hi घूंट में पी गए. रामु गिलास टेबल पर रखकर अपना मुंह हाथ के पीछे से पोंछा और अनीता किसी बदन को घूरने लगा. अनीता उसे अपनी चूंकि, पेट और फिर पेअर पर नज़र फिरते देखि. अगले पल वह हरिया को देखि तो वह भी उसकी चूंकि और पेट देख रहा था.
हरिया उसकी बदन देखने के बाद पेट पर दोनों हाथ फेरते हुए उसकी चूँचियों के नीचे लाया और फिर हाथ को नीचे फिसलते हुए उसकी कमर के तरफ ले गया जहाँ साड़ी बंधी थी. अनीता की पेट पर तेल लगे होने से हरिया का हाथ अच्छे से फिसल रहा था और उसके हाथ फेरने से अनीता की पेट अंदर के तरफ हो गयी.
हरिया उसकी कमर पर हाथ लेजाकर bola,"Memsaheb बुरा न माने तो अगर ी साड़ी खोल देती आप तो अच्छे से मालिश करने में हुंका मदद मिलता. रामु भी आपके पेअर को और अच्छे से मालिश कर पायेगा और आपकी साड़ी में तेल का दाग भी नहीं लगेगा".
अनीता यह सुनकर हरिया को देखि और फिर एक नज़र रामु के तरफ देखि जो उसे hi देख रहा था. अनीता वापस हरिया को देखती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Hariya जी इसमें बुरा मानने की क्या बात है. आपने तो ठीक hi कहा है की साड़ी में तेल न लगे उसके लिए अच्छा होगा की मैं साड़ी खोल दूँ".
हरिया यह सुनकर अनीता को देखकर मुस्कुराने लगा तो अनीता भी मुस्कुरा दी. फिर वह रामु को देखि तो उसे अपनी बदन पर घूरते हुए पाई. अनीता फिर अपनी नाभि के नीचे साड़ी के पास हाथ लेजाकर साड़ी को पेटीकोट से निकलने लगी.
साड़ी को पेटीकोट से निकलते हुए अनीता हरिया से रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Hariya जी यह मेरी कंधे पर से पिन निकल दीजिये".
हरिया अनीता की कंधे पर ब्लाउज में साड़ी को पिन से लगाया देखा और वह पिन खोल दिया तो अनीता की कंधे से साड़ी का आँचल सड़क कर साइड से नीचे उसकी बायीं कमर के पास गिर गयी. अब अनीता की ऊपरी बदन पर सिर्फ एक छोटा सा ब्लाउज था. ऐसा नहीं था की पहले आँचल उसकी बदन को ढँक रही थी. ांचा तो नाम मात्रा ऊपर ब्लाउज में पिन की हुयी थी और साइड में होने से उसकी ब्लाउज और नंगी पेट साफ़ साफ़ दिख रही थी मगर पिन हटाने से फॉर्मेलिटी के लिए उसकी कंधे पर पिन की हुयी आँचल भी वहां से हट गयी.
अनीता अपनी साड़ी को पेटीकोट से निकलने के बाद हरिया को देखकर बेशर्मी का साबुत देती हुयी मुस्कुराकर boli,"Thank यू हरिया जी. यह दीजिये".
अनीता यह बोलती हुयी उसके हाथ से पिन लेकर टेबल पर रखकर वापस हरिया और रामु को देखकर थोड़ा उठने का कोशिश करती हुयी boli,"Main उठकर साड़ी निकल लेती हूँ".
अनीता इतनी बोली थी की हरिया उसकी पेट पर हाथ रखकर उस पर दबाओ बनाते हुए उसकी चूँचियों के नीचे से लेकर उसकी कमर तक उसकी पेट की मालिश करते हुए और उसे उठने से रोकते हुए bola,"Are मेमसाहेब आप कहे परेशां हो रही है जब हम और रामु हूँ तो".
अनीता यह सुनकर हरिया को देखि तो वह bola,"Aap आराम से हमरे गॉड में सर रख कर लेट जाइये, बाकी हम दोनों पर छोड़ दीजिये".
अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Hariya जी आप दोनों तो मुझे ज़रा सा भी कुछ करने नहीं देंगे. पूरा ज़िम्मेदारी उठा लिए हैं आप दोनों हर चीज़ करने का".
हरिया यह सुनकर अनीता की पेट का मालिश करते हुए मुस्कुराकर bola,"Are मेमसाहेब जब हमरे और रामु जइसन मरद लोग है तो आपको कुछो करने कहे देंगे हम दोनों".
अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी हरिया के हाथों पर अपनी हाथ फेरती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Uhmm हरिया जी".
हरिया अगले पल अनीता की पेट की मालिश करते हुए hi bola,"Aap हमरे गॉड में सर रखकर लेट जाइये फिर हमलोगां आपका साड़ी खोलकर आपका खबसूरत जवान बदन का अच्छे से रगड़ कर मालिश कर दूंगा".
अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी वैसे hi रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Theek है हरिया जी".
अनीता यह बोली तो हरिया उसकी कमर को पकड़ कर bola,"Ek मिनट मेमसाहेब" और वह सोफे के एक कोने में अच्छे से बैठ गया और अपने बाये पेअर को सोफे के हेड रेस्ट के नीचे से होते हुए रामु के तरफ लेजाकर bola,"Abe रामु तू भी अच्छे से बैठ जा".
रामु भी अपना दया पेअर अपने बाये पेअर के तरफ मोड अच्छे से बैठ गया. उसका बया पेअर सोफे से नीचे लटक रहा था. हरिया का दया पेअर सोफे से नीचे लटक रहा था.
हरिया फिर अनीता की कमर पकडे रामु से bola,"Tum भी मेमसाहेब का कमर पकड़ कर अपने तरफ थोड़ा खींचो ताकि मेमसाहेब हमरे गॉड में सर रखकर आराम से लेट सके".
हरिया अनीता की चूँचियों के नीचे अपना दोनों हाथों का अंगूठा रखे अपने बाकी का हाथ उसकी पीठ पर रखे उसे पकड़ लिया और रामु भी अनीता की गांड के थोड़ा ऊपर उसकी कमर पकड़ा तो हरिया bola,"Aap आराम से रहिये मेमसाहेब. अपना ी नाज़ुक बदन को ढीला छोड़ दीजिये. बाकी हम दोनों मरद कर लूंगा जो करना है".
अनीता यह सुनकर मुस्कुराकर अपना सर हिलाई तो अगले पल हरिया रामु से bola,"Memsaheb को प्यार से उठाकर थोड़ा अपने तरफ खींचो".
अनीता अपनी बदन ढीला छोड़ दी और अगले पल हरिया और रामु मिलकर उसे थोड़ा सा उठाकर रामु के तरफ खिसका दिए. अनीता का सर अब हरिया के पेट पर टिका हुआ था.
हरिया अनीता से bola,"Ek मिनट मेमसाहेब" और फिर दोनों मर्द एक बार फिर अनीता को वैसे hi पकडे हुए रामु के तरफ खिसका दिए. अनीता का सर हरिया के कमर से थोड़ा घिसते हुए उसके गोदी में चला गया जिससे उसके कमर पर बंधा तौली का गाँठ थोड़ा ढीला हो गया.
अनीता की बायीं पेअर भी रामु के लुंड से फिसल कर तौली से घिसते हुए उसके पेट के तरफ चली गयी जिससे उसका तौली भी थोड़ा ढीला हो गया और अनीता अपनी बायीं पेअर के दायी तरफ उसके लुंड को तौली के ऊपर से महसूस कर पा रही थी.
अनीता की सर जैसे hi हरिया के गॉड में गयी उसे अपनी बायीं गाल पर कुछ महसूस हुआ और उसकी दिल धड़क गयी. वह समझ गयी थी की वह चीज़ क्या है और वह अपनी आंखें बायीं तरफ करके देखि तो उसका सोचना सही साबित हुआ. उसकी गाल से तौली में कैद हरिया का लुंड का उभर सत्ता हुआ था.
अनीता उसके लुंड के उभर को देखने लगी की तभी हरिया bola,"Ab ठीक है मेमसाहेब".
फिर वह अनीता से puchha,"Aap आराम से हैं तो मेमसाहेब?"
अनीता यह सुनकर अपनी नज़र ऊपर हरिया के तरफ करने के लिए थोड़ा सर एडजस्ट की तो उसकी गाल हरिया के लुंड के उभार में घिस गयी. ऐसा होने से वह उसके लुंड के झटके को महसूस की मगर बिना उसके बारे में सोचे मुस्कुराती हुयी हरिया को देखकर boli,"Haan हरिया जी मैं आराम से लेट चुकी हूँ. आप और रामु जी ने तो मुझे कुछ करने hi नहीं दिया".
हरिया यह सुनकर मुस्कुराकर अनीता को देखकर bola,"Ab आपको कुछ करना भी नहीं है मेमसाहेब. अब आराम से लेते हुए हमरे और रामु के हाथ का मालिश का मज़ा लीजिये".
अनीता मुस्कुराकर boli,"Uhhmm हरिया जी ठीक है" बोलकर नज़र वापस हरिया के लुंड के तरफ ले जाकर उसे देखने लगी.
अनीता हरिया के लुंड को अपनी गाल से सटे हुए देख hi रही थी की तभी रामु bola,"Memsaheb यह आपका दूसरा पेअर हमरे गॉड में रख दूँ का?".
अनीता यह सुनकर रामु को देखि और फिर उसके गॉड के तरफ तो अपनी दायी पेअर को उसके बाये जांघ पर रखे हुए पायी. उसकी बायीं पेअर रामु के लुंड के दये तरफ उससे सत्ता हुआ था. अनीता यह देख hi रही थी की हरिया bola,"Haan रामु आराम से पेअर को अपने गॉड में रख दे न. मेमसाहेब को अच्छा लगेगा और उनके पेअर को आराम मिलेगा".
हरिया यह बोलकर अनीता को देखा तो वह भी उसे देखि. फिर अनीता रामु को देखकर रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Ramu जी इतना तो मुझे करने दीजिये. इसमें कौन सा मुझे कोई परेशानी होगी"
अनीता यह बोलकर अपनी दायी पेअर को रामु के जांघ से खिसका कर उसके लुंड के दूसरे तरफ रखकर उससे सत्ता दी. अब रामु का लुंड का उभर अनीता की दोनों पेअर के बीच था और हरिया का लुंड का उभर तो पहले से hi अनीता की बायीं गाल से सत्ता हुआ था.
रामु अनीता की दोनों पेअर पकड़ कर उस पर हाथ फेरते हुए bola,"Are मेमसाहेब जब हम और हरिया हूँ तो आपको कुछ करने का ज़रूरत का है? ऐसे अब आराम है तो आपको?".
अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Haan रामु जी. आप और हरिया जी तो मेरे आराम का इतना ख्याल रख रहे हैं तो कैसे आराम नहीं मिलेगा".
रामु यह सुनकर मुस्कुराने लगा तो अनीता भी मुस्कुरा दी. अगले पल हरिया अनीता की कमर पकडे हुए bola,"Ramu हम मेमसाहेब को पकड़ कर थोड़ा उठता हूँ तुम मेमसाहेब का साड़ी कमर से निकल कर अपने तरफ खींचो. इतना के लिए मेमसाहेब को उठने का ज़रूरत नहीं है".
अनीता यह सुनकर हरिया को देखि तो वह उसकी कमर पकडे थोड़ा उठा लिया. रामु उसकी कमर में हाथ डालकर साड़ी जो अनीता खुद अपनी पेटीकोट से निकल चुकी थी उसको रामु नीचे के तरफ खींचने लगा मगर साड़ी अनीता की गांड में अटक गयी.
रामु यह देखकर bola,"Memsaheb आप अपनी गांड..." इतना बोलकर रामु अपना ज़बान निकलकर सोचने लगा की तभी हरिया bola,"Kaa बोल रहा है ससुरा तू. मेमसाहेब के सामने तो अच्छे से बात कर. ससुरा मेमसाहेब जैसी पढ़ी लिखी औरत साथ में है और तू ससुरा ऐसा बोल रहा है".
अनीता की धड़कन रामु के मुंह से "गांड" शब्द सुनकर तेज़ हो गयी थी. उसकी सांस भी थोड़ी तेज़ हो गयी मगर वह फिर खुद को संभल ली.
रामु अनीता को देखकर bola,"Memsaheb माफ़ कीजियेगा. का करे हम अइसन माहौल में रहता हूँ तो ध्यान नहीं था. हमरा कहने का मतबल..."
इससे पहले की वह पूरा बोलता अनीता अपनी गांड उठती हुयी boli,"Koi बात नहीं रामु जी".
अनीता अपनी गांड उठाने के लिए अपने पेअर का प्रेशर रामु के पेट पर दी और साथ hi उसके कमर पर बंधे तौली पर प्रेशर पड़ा तो उसका तौली का गाँठ और ढीला हो गया. अनीता को गांड उठाये देख रामु वहां हाथ लेजाकर साड़ी खिंच लिया.
अनीता फिर अपनी गांड नीचे कर दी तो हरिया bola,"Dekha मेमसाहेब कितनी अच्छी है. दूसरा कोई पढ़ी लिखी औरत होती तो बुरा मान जाती तोहरा ऐसे बोलने पर".
रामु अनीता की गांड से नीचे उसकी जांघ से साड़ी को उसकी पेअर के तरफ खींचते हुए bola,"Haan ी बात तो है. ससुरा का करे ग़लती से बोलै गवा".
फिर वह अनीता को देखते हुए bola,"Memsaheb आपको बुरा तो नहीं लगा. हम अबसे ध्यान रखूँगा".
अनीता यह सुनकर हरिया के हाथ पर अपनी हाथ फेरती हुयी boli,"Koi बात नहीं रामु जी. ऐसी बातें सुनकर अजीब तो लगता है लेकिन जब आप के मुंह से ग़लती से निकल गया तो उसका बुरा क्या मानना".
रामु यह सुनकर अनीता की पेअर से साड़ी निकलने लगा तो हरिया अनीता की पेट पर हाथ फेरते हुए bola,"Memsaheb हम दोनों गंवार लोगन के साथ अइसन माहौल में रहते हैं की ससुरा दिन रात अइसन बात सुनकर आदत हो गवा है तो मुंह से निकल गवा".
अनीता हरिया का हाथ पर अपनी हाथ फेरती हुयी boli,"Hariya जी कोई बात नहीं. आपलोग जैसे भी है ठीक हैं. एक शब्द के लिए बुरा मानने की कोई बात hi नहीं है. और सच तो यह है हरिया जी की पढ़े लिखे लोग भी तो ऐसे शब्द बोल देते हैं, वह भी अच्छे माहौल में रहकर भी. आप दोनों को इस बात के लिए सोचने की ज़रूरत नहीं है, जो हो गया सो हो गया. आप दोनों जैसे आराम से मेरे साथ बात चित कर रहे हैं वैसे hi कीजिये".
हरिया यह सुनकर मुस्कुराया तो अनीता भी मुस्कुरा दी. अगले पल अनीता को महसूस हुआ की रामु उसकी पेअर उठा रहा है तो वह उधर देखि तो रामु भी मुस्कुराते हुए bola,"Sach में मेमसाहेब आप कितनी अच्छी है".
रामु यह बोलकर उसकी पेअर से साड़ी निकल दिया तो अनीता boli,"Shaam से hi आप दोनों मेरी इतनी मदद कर रहे हैं. मुझे तो कुछ करने hi नहीं दे रहे हैं और मैं अच्छी हो गयी. अच्छे तो आप दोनों है की मेरा इतना ख्याल रख रहे हैं. वर्ण आज कल कौन किसको पूछता है"
रामु अनीता की साड़ी निकलकर bola,"memsaheb इसको इधर सोफे के साइड में नीचे रख दूँ?".
अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Haan रामु जी रख दीजिये".
रामु यह सुनकर अपने तरफ सोफे के साइड में अनीता की साड़ी रख दिया तो हरिया अनीता की पेट पर हाथ फेरते हुए bola,"Are मेमसाहेब बाकी लोगन को छोड़िये, लेकिन जो ससुरा आपका मदद नहीं करे ु ससुरा नामर्द होगा".
अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी उसके हाथ पर अपनी हाथ फेरती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Uhmm हरिया जी आप भी न".
"और नहीं तो का", अनीता यह सुनकर रामु के तरफ देखि जो यह बात बोलकर अनीता की पेअर पर अपना हाथ फेरते हुए उसकी पेटीकोट को ऊपर घुटने के तरफ ले जा रहा था.
हरिया अनीता की पेट पर हाथ फेरते हुए bola,"Uff मेमसाहेब आपके जइसन खबसूरत, जवान औरत का कैसे कउनो मरद मदद नहीं करेगा. ससुरा ु तो मरद hi नहीं होगा जो आपका मदद नहीं करे"
अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Ab फिर से आप दोनों मेरी तारीफ करने लगे. घूम फिर कर बात मेरी तारीफ पर hi आ जाती है. अब बस भी कीजिये".
हरिया यह सुनकर अनीता की पेट पर हाथ फेरते हुए हसने laga,"hahaha" तो अनीता भी बेशर्मी से उसके बाजुओं पर हाथ फेरती हुयी हसने lagi,"Hehehe".
रामु भी मुस्कुराने लगा. अनीता खिलखिलाती हुयी दोनों को देखने लगी और फिर उन दोनों के लुंड को झटका मारते हुए देखकर एक ऐडा से हरिया को देखती हुयी boli,"Offo हेहेहे आप दोनों के साथ होने से तो एक अलग hi मज़ा मिल रहा है मुझे. इतना तारीफ कर रहे हैं मेरी और इतना हँसा रहे हैं मुझे ओह माय गॉड हेहेहे".
हरिया यह सुनकर मुस्कुराते हुए उसकी पेट पर हाथ फेरते हुए bola,"Are मेमसाहेब असली मरद लोग के साथ होने से आपको मज़ा तो मिलेगा hi".
अनीता यह सुनकर उसके कलाइयों पर हाथ फेरती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Uhmm हरिया जी".
अगले पल रामु अनीता की पेटीकोट उसकी घुटनो के ऊपर करके घुटने से लेकर पेअर तक हाथ फेरते हुए bola,"Aur अभी तो आपको और अच्छा लगेगा मेमसाहेब जब हम दोनों अच्छे से आपका ी खबसूरत गोरा बदन का मालिश करेंगे".
अनीता यह सुनकर रामु को देखती हुयी एक ऐडा से सवाल ki,"Bas अच्छे से मालिश hi कीजियेगा रामु जी?"
यह सुनकर दोनों रामु और हरिया अनीता की चेहरे पर देखने लगे.