Anita Singh - Story of a Seductive Housewife - Page 9 - SexBaba
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Anita Singh - Story of a Seductive Housewife

अपडेट 70

रामु 3-4 मिनट बाद कटोरी में तेल लाकर टेबल पर रख दिया. अनीता की नज़र फिर से तौली में उसके लुंड के उभर पर चली गयी तो वह देखि की उभर थोड़ा छोटा हो गया था. वह उसके लुंड के उभर से नज़र हटाकर उसके तरफ देखि तो उसे खुद की चूंकि को देखते हुए पायी.

रामु अनीता को खुद के तरफ देखते हुए महसूस किया तो वह उसकी चेहरे पर देखा तो अनीता मुस्कुरा दी. रामु मुस्कुराते हुए अपना लुंड तौली के ऊपर से मसलते हुए bola,"Garam गरम तेल आ गवा मेमसाहेब".

अनीता यह सुनकर उसके लुंड के तरफ देखि जिसे वह मसल रहा था और फिर तेल के तरफ देखने के बाद मुस्कुराकर रामु को देखती हुयी boli,"Thank यू रामु जी. आप और हरिया जी मेरे लिए कितना कुछ कर रहे हैं आज".

रामु अपना लुंड मसलते हुए वापस सोफे पर बैठकर अनीता की पेअर को पकडे अपने लुंड से सताते हुए गॉड में रखते हुए bola,"Are मेमसाहेब इसमें थेंकु का का बात है? जैसे हरिया बोलत है ी तो हम दोनों का फ़राज़ है आपके जइसन औरत का सेवा करना".

अनीता अपनी पेअर पर रामु के लुंड को फिर से महसूस करती हुयी मुस्कुराकर boli,"Offo आप और हरिया जी ने तो मैं hi बना लिया है आज मेरी अच्छे से सेवा करने का. मेरी सेवा करने के चक्कर में आप लोग जो पीने का प्लान बनाये थे वह तो भूल hi गए. सोच रहे होंगे की मेमसाहेब के चक्कर में आप दोनों दोस्त अच्छे से पी भी नहीं पाए इतने अच्छे मौसम में".

हरिया अगले पल अनीता की पेट पर तेल मलते हुए bola,"Are मेमसाहेब ऐसे मौसम में आपके जइसन जवान और खबसूरत औरत का सेवा करने का मौक़ा मिल रहा है इससे अच्छा और का चीज़ होगा".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी हरिया के कलाई पर हाथ फेरती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Uhmmm हरिया जी".

रामु अगले पल शराब के बोतल के तरफ हाथ बढाकर हरिया के गिलास में शराब डालते हुए bola,"Aur रहा बात शराब पीने का तो एक गिलास और पी लेट हैं. आपका सेवा और शराब पीना दोनों काम हो जायेगा".

रामु फिर अपने गिलास में शराब डालने लगा तो अनीता मुस्कुराती हुयी boli,"Haan रामु जी ठीक कर रहे हैं. मेरी सेवा करने का मतलब यह नहीं है की बस मेरी सेवा hi करनी है. आपलोग का भी जिस चीज़ का मैं है वह भी करते रहिये वह भी बेझिझक, आराम से खाइये पीजिये और बारिश के मौसम का मज़ा लीजिये".

रामु शराब का गिलास उठाते हुए दूसरे हाथ से अनीता की पेअर पर हाथ रखे ऊपर उसकी काफ तक हाथ फेरते हुए bola,"Haan मेमसाहेब ु तो लेंगे hi. जब आपके जइसन जवान और खबसूरत औरत साथ है तो मज़ा कैसे नहीं आएगा".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Offo कितनी तारीफ करते हैं आप दोनों मेरी".

हरिया अगले पल शराब का गिलास अनीता की पेट के तरफ बढ़ाते हुए दूसरे हाथ से उसकी पेट पर तेल मतलते हुए bola,"Ee जैम मेमसाहेब का खबसूरत जवानी के नाम".

रामु भी शराब का गिलास आगे बढाकर हरिया के गिलास से टकराते हुए bola,"Memsaheb का खबसूरत गरम जवानी के नाम".

यह बोलकर दोनों अनीता के तरफ देखते हैं तो अनीता बेशर्मी से मुस्कुराती हुयी हरिया के कलाई पर हाथ फेरती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Meri जवानी और आप दोनों के मर्दानगी के नाम".

हरिया और रामु एक साथ bole,"Haan मेमसाहेब" और फिर दोनों एक hi घूंट में पी गए. रामु गिलास टेबल पर रखकर अपना मुंह हाथ के पीछे से पोंछा और अनीता किसी बदन को घूरने लगा. अनीता उसे अपनी चूंकि, पेट और फिर पेअर पर नज़र फिरते देखि. अगले पल वह हरिया को देखि तो वह भी उसकी चूंकि और पेट देख रहा था.

हरिया उसकी बदन देखने के बाद पेट पर दोनों हाथ फेरते हुए उसकी चूँचियों के नीचे लाया और फिर हाथ को नीचे फिसलते हुए उसकी कमर के तरफ ले गया जहाँ साड़ी बंधी थी. अनीता की पेट पर तेल लगे होने से हरिया का हाथ अच्छे से फिसल रहा था और उसके हाथ फेरने से अनीता की पेट अंदर के तरफ हो गयी.

हरिया उसकी कमर पर हाथ लेजाकर bola,"Memsaheb बुरा न माने तो अगर ी साड़ी खोल देती आप तो अच्छे से मालिश करने में हुंका मदद मिलता. रामु भी आपके पेअर को और अच्छे से मालिश कर पायेगा और आपकी साड़ी में तेल का दाग भी नहीं लगेगा".

अनीता यह सुनकर हरिया को देखि और फिर एक नज़र रामु के तरफ देखि जो उसे hi देख रहा था. अनीता वापस हरिया को देखती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Hariya जी इसमें बुरा मानने की क्या बात है. आपने तो ठीक hi कहा है की साड़ी में तेल न लगे उसके लिए अच्छा होगा की मैं साड़ी खोल दूँ".

हरिया यह सुनकर अनीता को देखकर मुस्कुराने लगा तो अनीता भी मुस्कुरा दी. फिर वह रामु को देखि तो उसे अपनी बदन पर घूरते हुए पाई. अनीता फिर अपनी नाभि के नीचे साड़ी के पास हाथ लेजाकर साड़ी को पेटीकोट से निकलने लगी.

साड़ी को पेटीकोट से निकलते हुए अनीता हरिया से रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Hariya जी यह मेरी कंधे पर से पिन निकल दीजिये".

हरिया अनीता की कंधे पर ब्लाउज में साड़ी को पिन से लगाया देखा और वह पिन खोल दिया तो अनीता की कंधे से साड़ी का आँचल सड़क कर साइड से नीचे उसकी बायीं कमर के पास गिर गयी. अब अनीता की ऊपरी बदन पर सिर्फ एक छोटा सा ब्लाउज था. ऐसा नहीं था की पहले आँचल उसकी बदन को ढँक रही थी. ांचा तो नाम मात्रा ऊपर ब्लाउज में पिन की हुयी थी और साइड में होने से उसकी ब्लाउज और नंगी पेट साफ़ साफ़ दिख रही थी मगर पिन हटाने से फॉर्मेलिटी के लिए उसकी कंधे पर पिन की हुयी आँचल भी वहां से हट गयी.

अनीता अपनी साड़ी को पेटीकोट से निकलने के बाद हरिया को देखकर बेशर्मी का साबुत देती हुयी मुस्कुराकर boli,"Thank यू हरिया जी. यह दीजिये".

अनीता यह बोलती हुयी उसके हाथ से पिन लेकर टेबल पर रखकर वापस हरिया और रामु को देखकर थोड़ा उठने का कोशिश करती हुयी boli,"Main उठकर साड़ी निकल लेती हूँ".

अनीता इतनी बोली थी की हरिया उसकी पेट पर हाथ रखकर उस पर दबाओ बनाते हुए उसकी चूँचियों के नीचे से लेकर उसकी कमर तक उसकी पेट की मालिश करते हुए और उसे उठने से रोकते हुए bola,"Are मेमसाहेब आप कहे परेशां हो रही है जब हम और रामु हूँ तो".

अनीता यह सुनकर हरिया को देखि तो वह bola,"Aap आराम से हमरे गॉड में सर रख कर लेट जाइये, बाकी हम दोनों पर छोड़ दीजिये".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Hariya जी आप दोनों तो मुझे ज़रा सा भी कुछ करने नहीं देंगे. पूरा ज़िम्मेदारी उठा लिए हैं आप दोनों हर चीज़ करने का".

हरिया यह सुनकर अनीता की पेट का मालिश करते हुए मुस्कुराकर bola,"Are मेमसाहेब जब हमरे और रामु जइसन मरद लोग है तो आपको कुछो करने कहे देंगे हम दोनों".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी हरिया के हाथों पर अपनी हाथ फेरती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Uhmm हरिया जी".

हरिया अगले पल अनीता की पेट की मालिश करते हुए hi bola,"Aap हमरे गॉड में सर रखकर लेट जाइये फिर हमलोगां आपका साड़ी खोलकर आपका खबसूरत जवान बदन का अच्छे से रगड़ कर मालिश कर दूंगा".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी वैसे hi रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Theek है हरिया जी".

अनीता यह बोली तो हरिया उसकी कमर को पकड़ कर bola,"Ek मिनट मेमसाहेब" और वह सोफे के एक कोने में अच्छे से बैठ गया और अपने बाये पेअर को सोफे के हेड रेस्ट के नीचे से होते हुए रामु के तरफ लेजाकर bola,"Abe रामु तू भी अच्छे से बैठ जा".

रामु भी अपना दया पेअर अपने बाये पेअर के तरफ मोड अच्छे से बैठ गया. उसका बया पेअर सोफे से नीचे लटक रहा था. हरिया का दया पेअर सोफे से नीचे लटक रहा था.

हरिया फिर अनीता की कमर पकडे रामु से bola,"Tum भी मेमसाहेब का कमर पकड़ कर अपने तरफ थोड़ा खींचो ताकि मेमसाहेब हमरे गॉड में सर रखकर आराम से लेट सके".

हरिया अनीता की चूँचियों के नीचे अपना दोनों हाथों का अंगूठा रखे अपने बाकी का हाथ उसकी पीठ पर रखे उसे पकड़ लिया और रामु भी अनीता की गांड के थोड़ा ऊपर उसकी कमर पकड़ा तो हरिया bola,"Aap आराम से रहिये मेमसाहेब. अपना ी नाज़ुक बदन को ढीला छोड़ दीजिये. बाकी हम दोनों मरद कर लूंगा जो करना है".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराकर अपना सर हिलाई तो अगले पल हरिया रामु से bola,"Memsaheb को प्यार से उठाकर थोड़ा अपने तरफ खींचो".

अनीता अपनी बदन ढीला छोड़ दी और अगले पल हरिया और रामु मिलकर उसे थोड़ा सा उठाकर रामु के तरफ खिसका दिए. अनीता का सर अब हरिया के पेट पर टिका हुआ था.

हरिया अनीता से bola,"Ek मिनट मेमसाहेब" और फिर दोनों मर्द एक बार फिर अनीता को वैसे hi पकडे हुए रामु के तरफ खिसका दिए. अनीता का सर हरिया के कमर से थोड़ा घिसते हुए उसके गोदी में चला गया जिससे उसके कमर पर बंधा तौली का गाँठ थोड़ा ढीला हो गया.

अनीता की बायीं पेअर भी रामु के लुंड से फिसल कर तौली से घिसते हुए उसके पेट के तरफ चली गयी जिससे उसका तौली भी थोड़ा ढीला हो गया और अनीता अपनी बायीं पेअर के दायी तरफ उसके लुंड को तौली के ऊपर से महसूस कर पा रही थी.

अनीता की सर जैसे hi हरिया के गॉड में गयी उसे अपनी बायीं गाल पर कुछ महसूस हुआ और उसकी दिल धड़क गयी. वह समझ गयी थी की वह चीज़ क्या है और वह अपनी आंखें बायीं तरफ करके देखि तो उसका सोचना सही साबित हुआ. उसकी गाल से तौली में कैद हरिया का लुंड का उभर सत्ता हुआ था.

अनीता उसके लुंड के उभर को देखने लगी की तभी हरिया bola,"Ab ठीक है मेमसाहेब".

फिर वह अनीता से puchha,"Aap आराम से हैं तो मेमसाहेब?"

अनीता यह सुनकर अपनी नज़र ऊपर हरिया के तरफ करने के लिए थोड़ा सर एडजस्ट की तो उसकी गाल हरिया के लुंड के उभार में घिस गयी. ऐसा होने से वह उसके लुंड के झटके को महसूस की मगर बिना उसके बारे में सोचे मुस्कुराती हुयी हरिया को देखकर boli,"Haan हरिया जी मैं आराम से लेट चुकी हूँ. आप और रामु जी ने तो मुझे कुछ करने hi नहीं दिया".

हरिया यह सुनकर मुस्कुराकर अनीता को देखकर bola,"Ab आपको कुछ करना भी नहीं है मेमसाहेब. अब आराम से लेते हुए हमरे और रामु के हाथ का मालिश का मज़ा लीजिये".

अनीता मुस्कुराकर boli,"Uhhmm हरिया जी ठीक है" बोलकर नज़र वापस हरिया के लुंड के तरफ ले जाकर उसे देखने लगी.

अनीता हरिया के लुंड को अपनी गाल से सटे हुए देख hi रही थी की तभी रामु bola,"Memsaheb यह आपका दूसरा पेअर हमरे गॉड में रख दूँ का?".

अनीता यह सुनकर रामु को देखि और फिर उसके गॉड के तरफ तो अपनी दायी पेअर को उसके बाये जांघ पर रखे हुए पायी. उसकी बायीं पेअर रामु के लुंड के दये तरफ उससे सत्ता हुआ था. अनीता यह देख hi रही थी की हरिया bola,"Haan रामु आराम से पेअर को अपने गॉड में रख दे न. मेमसाहेब को अच्छा लगेगा और उनके पेअर को आराम मिलेगा".

हरिया यह बोलकर अनीता को देखा तो वह भी उसे देखि. फिर अनीता रामु को देखकर रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Ramu जी इतना तो मुझे करने दीजिये. इसमें कौन सा मुझे कोई परेशानी होगी"

अनीता यह बोलकर अपनी दायी पेअर को रामु के जांघ से खिसका कर उसके लुंड के दूसरे तरफ रखकर उससे सत्ता दी. अब रामु का लुंड का उभर अनीता की दोनों पेअर के बीच था और हरिया का लुंड का उभर तो पहले से hi अनीता की बायीं गाल से सत्ता हुआ था.

रामु अनीता की दोनों पेअर पकड़ कर उस पर हाथ फेरते हुए bola,"Are मेमसाहेब जब हम और हरिया हूँ तो आपको कुछ करने का ज़रूरत का है? ऐसे अब आराम है तो आपको?".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Haan रामु जी. आप और हरिया जी तो मेरे आराम का इतना ख्याल रख रहे हैं तो कैसे आराम नहीं मिलेगा".

रामु यह सुनकर मुस्कुराने लगा तो अनीता भी मुस्कुरा दी. अगले पल हरिया अनीता की कमर पकडे हुए bola,"Ramu हम मेमसाहेब को पकड़ कर थोड़ा उठता हूँ तुम मेमसाहेब का साड़ी कमर से निकल कर अपने तरफ खींचो. इतना के लिए मेमसाहेब को उठने का ज़रूरत नहीं है".

अनीता यह सुनकर हरिया को देखि तो वह उसकी कमर पकडे थोड़ा उठा लिया. रामु उसकी कमर में हाथ डालकर साड़ी जो अनीता खुद अपनी पेटीकोट से निकल चुकी थी उसको रामु नीचे के तरफ खींचने लगा मगर साड़ी अनीता की गांड में अटक गयी.

रामु यह देखकर bola,"Memsaheb आप अपनी गांड..." इतना बोलकर रामु अपना ज़बान निकलकर सोचने लगा की तभी हरिया bola,"Kaa बोल रहा है ससुरा तू. मेमसाहेब के सामने तो अच्छे से बात कर. ससुरा मेमसाहेब जैसी पढ़ी लिखी औरत साथ में है और तू ससुरा ऐसा बोल रहा है".

अनीता की धड़कन रामु के मुंह से "गांड" शब्द सुनकर तेज़ हो गयी थी. उसकी सांस भी थोड़ी तेज़ हो गयी मगर वह फिर खुद को संभल ली.

रामु अनीता को देखकर bola,"Memsaheb माफ़ कीजियेगा. का करे हम अइसन माहौल में रहता हूँ तो ध्यान नहीं था. हमरा कहने का मतबल..."

इससे पहले की वह पूरा बोलता अनीता अपनी गांड उठती हुयी boli,"Koi बात नहीं रामु जी".

अनीता अपनी गांड उठाने के लिए अपने पेअर का प्रेशर रामु के पेट पर दी और साथ hi उसके कमर पर बंधे तौली पर प्रेशर पड़ा तो उसका तौली का गाँठ और ढीला हो गया. अनीता को गांड उठाये देख रामु वहां हाथ लेजाकर साड़ी खिंच लिया.

अनीता फिर अपनी गांड नीचे कर दी तो हरिया bola,"Dekha मेमसाहेब कितनी अच्छी है. दूसरा कोई पढ़ी लिखी औरत होती तो बुरा मान जाती तोहरा ऐसे बोलने पर".

रामु अनीता की गांड से नीचे उसकी जांघ से साड़ी को उसकी पेअर के तरफ खींचते हुए bola,"Haan ी बात तो है. ससुरा का करे ग़लती से बोलै गवा".

फिर वह अनीता को देखते हुए bola,"Memsaheb आपको बुरा तो नहीं लगा. हम अबसे ध्यान रखूँगा".

अनीता यह सुनकर हरिया के हाथ पर अपनी हाथ फेरती हुयी boli,"Koi बात नहीं रामु जी. ऐसी बातें सुनकर अजीब तो लगता है लेकिन जब आप के मुंह से ग़लती से निकल गया तो उसका बुरा क्या मानना".

रामु यह सुनकर अनीता की पेअर से साड़ी निकलने लगा तो हरिया अनीता की पेट पर हाथ फेरते हुए bola,"Memsaheb हम दोनों गंवार लोगन के साथ अइसन माहौल में रहते हैं की ससुरा दिन रात अइसन बात सुनकर आदत हो गवा है तो मुंह से निकल गवा".

अनीता हरिया का हाथ पर अपनी हाथ फेरती हुयी boli,"Hariya जी कोई बात नहीं. आपलोग जैसे भी है ठीक हैं. एक शब्द के लिए बुरा मानने की कोई बात hi नहीं है. और सच तो यह है हरिया जी की पढ़े लिखे लोग भी तो ऐसे शब्द बोल देते हैं, वह भी अच्छे माहौल में रहकर भी. आप दोनों को इस बात के लिए सोचने की ज़रूरत नहीं है, जो हो गया सो हो गया. आप दोनों जैसे आराम से मेरे साथ बात चित कर रहे हैं वैसे hi कीजिये".

हरिया यह सुनकर मुस्कुराया तो अनीता भी मुस्कुरा दी. अगले पल अनीता को महसूस हुआ की रामु उसकी पेअर उठा रहा है तो वह उधर देखि तो रामु भी मुस्कुराते हुए bola,"Sach में मेमसाहेब आप कितनी अच्छी है".

रामु यह बोलकर उसकी पेअर से साड़ी निकल दिया तो अनीता boli,"Shaam से hi आप दोनों मेरी इतनी मदद कर रहे हैं. मुझे तो कुछ करने hi नहीं दे रहे हैं और मैं अच्छी हो गयी. अच्छे तो आप दोनों है की मेरा इतना ख्याल रख रहे हैं. वर्ण आज कल कौन किसको पूछता है"

रामु अनीता की साड़ी निकलकर bola,"memsaheb इसको इधर सोफे के साइड में नीचे रख दूँ?".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Haan रामु जी रख दीजिये".

रामु यह सुनकर अपने तरफ सोफे के साइड में अनीता की साड़ी रख दिया तो हरिया अनीता की पेट पर हाथ फेरते हुए bola,"Are मेमसाहेब बाकी लोगन को छोड़िये, लेकिन जो ससुरा आपका मदद नहीं करे ु ससुरा नामर्द होगा".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी उसके हाथ पर अपनी हाथ फेरती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Uhmm हरिया जी आप भी न".

"और नहीं तो का", अनीता यह सुनकर रामु के तरफ देखि जो यह बात बोलकर अनीता की पेअर पर अपना हाथ फेरते हुए उसकी पेटीकोट को ऊपर घुटने के तरफ ले जा रहा था.

हरिया अनीता की पेट पर हाथ फेरते हुए bola,"Uff मेमसाहेब आपके जइसन खबसूरत, जवान औरत का कैसे कउनो मरद मदद नहीं करेगा. ससुरा ु तो मरद hi नहीं होगा जो आपका मदद नहीं करे"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Ab फिर से आप दोनों मेरी तारीफ करने लगे. घूम फिर कर बात मेरी तारीफ पर hi आ जाती है. अब बस भी कीजिये".

हरिया यह सुनकर अनीता की पेट पर हाथ फेरते हुए हसने laga,"hahaha" तो अनीता भी बेशर्मी से उसके बाजुओं पर हाथ फेरती हुयी हसने lagi,"Hehehe".

रामु भी मुस्कुराने लगा. अनीता खिलखिलाती हुयी दोनों को देखने लगी और फिर उन दोनों के लुंड को झटका मारते हुए देखकर एक ऐडा से हरिया को देखती हुयी boli,"Offo हेहेहे आप दोनों के साथ होने से तो एक अलग hi मज़ा मिल रहा है मुझे. इतना तारीफ कर रहे हैं मेरी और इतना हँसा रहे हैं मुझे ओह माय गॉड हेहेहे".

हरिया यह सुनकर मुस्कुराते हुए उसकी पेट पर हाथ फेरते हुए bola,"Are मेमसाहेब असली मरद लोग के साथ होने से आपको मज़ा तो मिलेगा hi".

अनीता यह सुनकर उसके कलाइयों पर हाथ फेरती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Uhmm हरिया जी".

अगले पल रामु अनीता की पेटीकोट उसकी घुटनो के ऊपर करके घुटने से लेकर पेअर तक हाथ फेरते हुए bola,"Aur अभी तो आपको और अच्छा लगेगा मेमसाहेब जब हम दोनों अच्छे से आपका ी खबसूरत गोरा बदन का मालिश करेंगे".

अनीता यह सुनकर रामु को देखती हुयी एक ऐडा से सवाल ki,"Bas अच्छे से मालिश hi कीजियेगा रामु जी?"

यह सुनकर दोनों रामु और हरिया अनीता की चेहरे पर देखने लगे.
 
अपडेट 71

अनीता हरिया और रामु को खुद के तरफ देखते हुए देख मुस्कुराती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Mujhe तो लगा था की आप दोनों मेरी नाज़ुक बदन को अपने मजबूत हाथों से अच्छे से रगड़ कर मालिश करेंगे".

हरिया यह सुनकर हसने laga,"Hahaha ी बात है मेमसाहेब" तो अनीता भी खिलखिलाने lagi,"hehehe". वहीँ रामु हर बार की तरफ बस हल्का सा मुस्कुरा दिया. हरिया अनीता की पेट पर हाथ फेरते हुए उसकी दोनों कमर को भींच कर bola,"Are मेमसाहेब रगड़ कर hi तो आपका मालिश करेंगे. आपको तभी अच्छा लगेगा और मालिश का असली मज़ा आएगा जब हम और रामु आपके इस नाज़ुक बदन को अच्छे से रगड़ेंगे".

अनीता यह सुनकर बेशर्मी से मुस्कुरा दी तो अगले पल रामु का आवाज़ aaya,"Haan मेमसाहेब आपका ी गोरा नाज़ुक बदन को हम दोनों अच्छे से रगड़ कर hi मालिश करेंगे. मज़ा तो आपको उसी में आएगा".

अनीता यह सुनकर बेशर्मी से मुस्कुराती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Haan रामु जी. जब आप और हरिया जी जैसे दो दुमदार मर्द हैं तो रगड़वा कर hi मालिश करवा लेती हूँ. ज़रा मुझे भी तो पता चले की मर्दों से मालिश करवाने में कैसा लगता है. जब दो दो दुमदार असली मर्द है मेरी मालिश करने के लिए तो मेरी मालिश भी तो दुमदार होनी चाहिए".

हरिया यह सुनकर अनीता की पेट पर थोड़ा जोर से दबाओ डाले हाथ फेरते हुए bola,"Haan मेमसाहेब एक दम दुमदार और रगड़ कर मालिश करेंगे".

अनीता यह सुनकर बेशर्मी से मुस्कुरा दी तो रामु उसकी पेअर जो साड़ी निकलते वक़्त उसके लुंड के पास से हट कर उसके दोनों जांघों पर चली गयी थी उसे उठाते हुए bola,"Memsaheb अब आपका मालिश शुरू करते हैं. आइये अपना पेअर आप आराम से हमरे गॉड में रखिये".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती रही तो रामु उसके दोनों पैरों को उठाकर अपने लुंड के दोनों तरफ सत्ता कर रख दिया. अनीता यह देखकर मुस्कुराती हुयी boli,"Thank यू रामु जी. मुझे तो कुछ करने की ज़रूरत hi नहीं पद रही है".

रामु यह सुनकर मुस्कुराया तो अनीता भी उसे मुस्कुराकर देखि तो अगले पल रामु का लुंड झटका मारा. अनीता बेशर्मी से मुस्कुराती हुयी उसके लुंड के तरफ देखि तो अगले पल उसे अपनी गाल पर भी हरिया के लुंड का झटका महसूस हुआ. अनीता यह महसूस करके वैसे hi मुस्कुराती हुयी अपनी आँखों को अपनी गाल के तरफ घुमा कर हरिया के लुंड के उभर को देखि तो उसी वक़्त हरिया का लुंड फिर से झटका मारा. अनीता उसके लुंड को तौली के अंदर झटका मारते देख बेशर्मी से मुस्कुराती हुयी अपनी सर थोड़ी सी हिला दी.

अगले पल अनीता को हरिया का आवाज़ सुनाई diya,"Memsaheb आपको अच्छा लग रहा है तो ऐसे लेट कर?".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी ऊपर के तरफ आँख करके हरिया को देखकर रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Haan हरिया जी. इतने आराम से आपने और रामु जी ने मुझे लेता दिया है तो कैसे अच्छा नहीं लगेगा. मुझे तो कुछ करना hi नहीं पद रहा है, बस अब ऐसे hi आराम से लेट कर आप दोनों के मजबूत हाथों से मालिश का मज़ा लेना है. और क्या चाहिए?"

हरिया यह सुनकर bola,"Aur कुछ हो चाहिए मेमसाहेब तो बेझिजक ले लीजियेगा. सब कुछ आपके लिए hi है".

अनीता यह सुनी की तभी हरिया का लुंड का झटका अपनी गाल पर फिर से महसूस की. अनीता यह सुनकर बेशर्मी से उसके लुंड के तरफ देखि. दोनों रामु और हरिया अनीता को हरिया का लुंड देखते हुए देखने लगे.

अनीता कुछ सेकण्ड्स उसके लुंड के उभर को देखकर नज़र हटाइये तो रामु bola,"Memsaheb अगर आपको अपने पेअर को और अच्छे से आराम से रखना है तो रख लीजिये. जैसा आपका दिल करे वैसे रखिये.".

अगले पल अनीता हरिया का आवाज़ suni,"Haan मेमसाहेब. आप आराम से जैसा दिल करे वैसे लेट जाइये फिर हम दोनों आपका मालिश शुरू करेंगे".

अनीता हरिया के आँखों में देखकर यह सुनी और फिर रामु के गॉड में देखकर अपनी दोनों पेअर को और नज़दीक कर दी जिससे रामु का लुंड उसकी दोनों पेअर के बीच आ गया. पहले अनीता की दोनों पेअर से उसका लुंड बस सत्ता हुआ था अब अनीता के पेअर आपस में और करीब लाने से उसका लुंड उसकी पैरों के बीच आ गया.

रामु यह देखकर मुस्कुरा कर puchha,"Ab ठीक है मेमसाहेब?".

अनीता यह सुनकर बेशर्मी से मुस्कुरा कर boli,"Haan रामु जी".

हरिया अगले पल puchha,"Ab मालिश शुरू करते हैं मेमसाहेब"

अनीता यह सुनकर ऊपर हरिया के तरफ देखि तो वह मुस्कुरा रहा था. अनीता उसे देखकर मुस्कुराती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Haan हरिया जी. अब मैं आराम से लेती रहूंगी. आप दोनों का जैसा दिल करे वैसे मेरी मालिश कीजिये".

हरिया यह सुनकर मुस्कुराकर bola,"Theek है मेमसाहेब".

फिर वह अनीता की बदन को देखने लगा. अनीता उसे अपनी बदन पर देखते हुए देख आराम से अपनी नज़र उसके लुंड पर ले गयी.

अगले पल हरिया और रामु कटोरी से तेल उठाकर उसकी पेट पर धीरे धीरे गिराने लगा. अनीता अपनी नज़र हरिया के लुंड से बताकर अपनी पेट पर दो मर्दों के चार हाथों से गिरते हुए गधे तेल के तरफ ले गयी. वह तेल धीरे धीरे उसकी पेट पर गिर कर वैसे hi धीरे धीरे फिसलने लगी. ऐसा होने से उसकी पेट अंदर बाहर होने लगी.

तेल गिराने के बाद दोनों रामु और हरिया अपने हाथों को उसकी पेट पर फिसला कर तेल फैलने लगे. रामु का हाथ पर तेल जब लग गया तो वह उसकी पेट से हाथ हटाकर उसकी दायी पेअर पर ले गया और उसकी घुटने से लेकर नीचे तक मालिश करने लगा, अपने हाथ का दबाओ बढाकर. हरिया भी अपना हाथ रगड़ कर अनीता की पेट की मालिश करने लगा. मालिश होने से अनीता की मुंह se,"Uhhmmm ुह्हम्म्म्म" निकलने लगी.

हरिया अब थोड़ा खुल कर मालिश करने लगा था. जब वह हाथ ऊपर के तरफ लाता तो उसका दोनों अंगूठा अनीता की दोनों चूँचियों पर ब्लाउज के ऊपर से सरत जाता जिससे दोनों चूँचियाँ डब्ब कर थोड़ा ऊपर के तरफ हो जाती और हरिया जब वापस नीचे नाभि के तरफ हाथ ले जाता तो अनीता की चूँचियाँ वापस दबाओ से छुटकारा पाकर थोड़ी से हिलने लगती.

रामु का नज़र उसकी चूँचियों पर hi था. अनीता उसे अपनी चूँचियों को देखते हुए देखि मगर कुछ बोली नहीं और आराम से मालिश करवाती रही. रामु का लुंड अनीता की चूँचियों को देखकर थोड़ा झटका मार देता तो अनीता उसे अपनी पेअर पर महसूस करती और वैसे hi आराम से मालिश करवाती रही.

हरिया कुछ सेकण्ड्स बाद उसकी चूँचियों के नीचे उसमे हाथ सत्ता कर हाथ उसकी पेट से होते हुए पेटीकोट के अंदर उँगलियों को थोड़ा सा घुसकर मालिश करने लगा. हरिया जब अपना हाथ नीचे के तरफ ले जाता तो अनीता की पतली कमर के पास का पेट अंदर घुस जा रही थी जिससे उसकी बदन और कामुक लग रही थी.

रामु भी अनीता की एक पेअर को घुटने तक मालिश करने के बाद दूसरी पेअर को भी मालिश करने लगा. अनीता अपनी पैरों पर उसके लुंड को कड़क होते हुए और कभी कभी झटका लेते हुए महसूस कर पा रही थी. साथ hi वह अपनी गाल पर भी हरिया के लुंड को कड़क और झटका लेते हुए महसूस कर प् रही थी.

अनीता उसके लुंड के तरफ देख रही थी की तभी हरिया उसकी पेट की मालिश करते हुए puchha,"Kaisan लग रहा है मेमसाहेब?".

अनीता यह सुनकर उसके तरफ देखकर मुस्कुराकर रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Uhmmm अच्छा लग रहा है हरिया जी ुहममम".

हरिया यह सुनकर मुस्कुराया तो अनीता भी मुस्कुराती हुयी देखने के बाद रामु के तरफ देखि तो वह भी उसे देखकर मुस्कुरा रहा था उसकी पेअर की मालिश करते हुए.

अगले पल हरिया अपना हाथ उसकी चूँचियों के नीचे रखकर उसकी दोनों साइड कमर तक हाथ ले गया और फिर उसकी चूँचियों से हाथ सताए बीच तक हाथ ले आया. हरिया अब अनीता की चूँचियों के नीचे उसकी छाती के हड्डी का कुछ देर तक ऐसे hi मालिश करने लगा, दोनों साइड से हाथ को उसकी चूँचियों के बीच ले जाता और फिर वापस साइड तक हाथ लेजाकर वापस वैसे hi बीच में ले आता.

हरिया उसकी हड्डियों पर दबाओ के साथ साथ उसकी चूँचियों पर भी नीचे से दबाओ बना रहा था और ऐसा करने से अनीता की दोनों चूँचियाँ ब्लाउज के अंदर hi लगातार थोड़ी हिलने लगी थी. रामु और हरिया दोनों का नज़र अनीता की हिलती हुई चूँचियों पर hi था.

अनीता कामुकता से मालिश होते waqt,"Uhmmm ुहममम आअह्ह्ह ुहममम" कर रही थी. उसकी हिलती चूँचियों और कामुक आहें सुनकर हरिया और रामु का लुंड बेचैन होने लगा था और दोनों का लुंड थोड़ा झटका मारा तो अनीता उसे अपनी पैरों और गाल पर महसूस की.

हरिया के लुंड के झटके को अपनी गाल पर महसूस करने के बाद अनीता उसके लुंड के तरफ एक बार देखि और फिर ऊपर नज़र करके हरिया से puchhi,"Aap दोनों को मेरी मालिश करने में अच्छा लग रहा है या नहीं हरिया जी? कितनी देर से मेरी मालिश कर रहे हैं आप दोनों और मैं बस आराम से मालिश करवा रही हूँ".

हरिया यह सुनकर मुस्कुराते हुए bola,"Are मेमसाहेब हम दोनों तो अपनी मर्ज़ी से मालिश कर रहे हैं और आपके जैसी...".

इससे पहले हरिया पूरा बोलता अनीता बोल padi,"Haan हाँ हरिया जी मेरी जैसी खूबसूरत और जवान औरत का सेवा करना तो आप और रामु जी जैसे असली दुमदार मर्दों का फ़र्ज़ है एहि कहना चाहते हैं न?"

हरिया यह सुनकर दांत दिखा कर मुस्कुरा दिया तो अनीता मुस्कुराती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Offo मेरी तारीफ करना नहीं बांध करेंगे आप दोनों चाहे जो भी हो"

हरिया यह सुनकर हंसने laga,"Hahaha" तो अनीता भी खिलखिलाने lagi,"Hehehe". अनीता के खिलखिलाने से उसकी चूँचियाँ थोड़ी और हिलने लगी. रामु उसकी चूँचियों को देखते हुए मुस्कुरा कर उसकी पेअर की मालिश कर रहा था.

अनीता खिलखिलाती हुयी hi रामु के तरफ देखि तो उसे अपनी चूँचियों को देखते पायी. अनीता खिलखिलाना बांध करके puchhi,"Uhhmmm रामु जी आपको तो अच्छा लग रहा है न? आप तो कुछ बोल नहीं रहे हैं".

रामु अनीता की चूँचियों को देखते हुए bola,"Haan मेमसाहेब अच्छा लग रहा है".

रामु को अपनी चूँचियों को देखते पाकर अनीता उसके लुंड को देखने लगी. रामु बोलने के बाद अनीता को देखा तो उसे अपने लुंड पर देखते पाया तो उसका लुंड झटका मार दिया. रामु का लुंड झटका मारने के बाद अनीता रामु को देखि तो वह दांत दिखा कर मुस्कुराने लगा.

अनीता भी मुस्कुराकर रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Uhhhmmm चलिए अच्छा है की आप लोगो को भी अच्छा लग रहा है ुहहममम वर्ण आप दोनों सोचते की मैं बस आराम से लेती हुयी मालिश करवा रही हूँ ुह्ह्हम्म्म और आप दोनों को कुछ अच्छा hi नहीं लग रहा है".

रामु यह सुनकर मुस्कुराते हुए bola,"Nahin मेमसाहेब अइसन बात नहीं है. आपका मालिश करने में अच्छा लग रहा है" और यह बोलकर वह वापस से अनीता की चूँचियों को देखने लगा. अनीता उसे अपनी चूँचियों पर देखते देख उसके लुंड को देखने लगी.

हरिया फिर अनीता की चूँचियों पर थोड़ा और दबाओ डालकर उसकी हड्डियों को मालिश करते हुए bola,"Eehan हड्डी पर ध्यान देना ज़रूरी है मेमसाहेब. इहाँ अच्छे से मालिश करना होगा".

अनीता यह सुनकर ाँहें भर्ती huyi,"Uhhhmm" हरिया के तरफ देखि तो उसे अपनी चूँचियों पर नज़र गड़ाए पायी लेकिन उसके देखने पर हरिया उसकी आँखों में देखा तो अनीता मुस्कुरा कर boli,"Uhhmm ठीक है हरिया जी ुहममम जैसा आप दोनों का दिल करे वैसे मेरी मालिश कीजिये. मुझे अच्छा लग रहा है आप दोनों का मालिश. बदन हल्का महसूस हो रहा है".

हरिया यह सुनकर उसकी चूँचियों पर दबाओ डालकर मालिश करते हुए bola,"Humka अच्छा लगा मेमसाहेब की आपको मालिश अच्छा लग रहा है और आपको हल्का महसूस हो रहा है. इहाँ हम और अच्छे से मालिश कर डेट हूँ. इतना बोझ है इहाँ पर आपका".

हरिया यह बोलकर उसकी चूँचियों को देखने लगा. अनीता उसे अपनी चूँचियों पर देखते देखने लगी की तभी रामु bola,"Haan हरिया यहां अच्छे से रगड़ कर मालिश करो. यहां बहोत बोझ है. मालिश होने से मेमसाहेब को अच्छा लगेगा"

रामु का खून अनीता की चूँचियों को हिलते देख और उसे ऐसे मुस्कुराते और खिलखिलाते हुए मालिश करवाते देख खौलने लगा था. अनीता जैसी पढ़ी लिखी, बेहद hi खूबसूरत, अमीर और सबसे बड़ी बात शादी शुदा औरत को ऐसे बेशर्मी से उसके और हरिया जैसे ग़ैर मर्द, वह भी मज़दूर लोग से ऐसे मालिश करवाते देख उसका खून और खौल रहा था और इसी जोश में वह अनीता की चूँचियों को देखकर हरिया को उसे और रगड़ का मालिश करने के लिए बोलै.

अनीता उसका बात सुनकर उसे देखि तो उसे भी अपनी चूँचियों को देखते हुए देखि. हरिया वहां और रगड़ कर मालिश करने लगा तो अनीता की चूँचियाँ और हिलने लगी. रामु अनीता की चूँचियों को देखते रहा वहीँ अनीता कामुक आहें भर्ती rahi,"Uhmm ुहहममम".

अनीता समझ चुकी थी की रामु और हरिया कैसा बोझ का बात कर रहे हैं. दोनों उसकी चूँचियों को देख रहे थे इससे अनीता को और यक़ीन हो गया की वह दोनों उसकी चूँचियों का बात कर रहे हैं. अनीता को उनके बात का ज़रा सा भी बुरा नहीं लगा बल्कि अच्छा लगा की वह दोनों गंवार होकर भी समझ रहे थे की औरत को चूँचियों के बोझ से थोड़ा दर्द होता है, वह अलग बात थी की दर्द कंधे और गर्दन पर होती है.

अनीता जानती थी की दोनों पढ़े लिखे नहीं है तो कहाँ दर्द होगा वह उन्हें पता नहीं होगा और बस अंदाज़ा लगा रहे थे की चूँचियाँ छाती पर होती है तो शायद इसके लिए उन्हें लग रहा था की चूँचियों का बोझ छाती के हड्डियों पर hi पड़ता होगा. अनीता का उन् दोनों का इतना ख्याल रखना की चूँचियों के बोझ से उसे दर्द भी होता होगा यह जानकार अच्छा लगा.

अनीता यह भी जानती थी की उसके बदन की मालिश करने से उनके लुंड पर असर हो रहा है और उन्हें मज़ा आ रहा होगा लेकिन वह इसे बुरा नहीं समझी बल्कि उसे यह नेचुरल बात लगी और उसे इस बात का ज़्यादा ख्याल था की दोनों के मालिश से उसे सच में अच्छा लग रहा था और आराम मिल रहा था. वह दोनों का नज़र भले hi उसकी बदन पर था और दोनों उसकी चूँचियों को घर रहे थे मगर अनीता इसको भी नेचुरल बात समझ रही थी.

उसे यह नहीं लग रहा था की हरिया और रामु दोनों सिर्फ उसकी बदन को गन्दी नज़र से देखने और छूने के लिए hi मालिश कर रहे थे. अगर ऐसा रहता तो वह दोनों उसकी मालिश सही से नहीं करते और बस बदन को देखते रहते और उस पर हाथ फेरते रहते मगर दोनों ऐसा नहीं कर रहे थे बल्कि सच में उसकी बदन का अच्छे से मालिश कर रहे थे.

मालिश करते हुए उसकी चूँचियों को देखना अनीता को न सिर्फ नार्मल बात लग रही थी बल्कि उनका लुंड का बेचैन होना भी नार्मल बात लग रही थी क्यूंकि वह मान रही थी की मर्द होने के नाते वह दोनों उसकी चूँचियों को नहीं देखेंगे और उनका लुंड खड़ा और बेचैन नहीं होगा, खाकर उसकी चूँचियों को हिलता देखकर तो फिर वह कैसे मर्द हुए. अनीता को अच्छा लग रहा था की वह दोनों खुलकर उसकी चूँचियों को देखकर अपनी मर्दानगी दिखा रहे थे और उनका उसकी चूँचियों को देखकर मुस्कुराना उनके कॉन्फिडेंस और मर्दानगी का साबुत लग रहा था.

कुल मिलकर सिचुएशन देखा जाये तो अनीता यह जान और समझ रही थी की वह दोनों को उसकी बदन को घूरना और मालिश करना अच्छा लग रहा था मगर वह यह नहीं समझ रही थी की उन दोनों का इतना hi मक़सद था. उसे बस यह सब नेचुरल और एक फ्लो में लग रहा था जो सिचुएशन के मुताबिक हो रहा था और कोई बड़ी बात नहीं थी.

अनीता बस आराम से अपनी चूँचियों पर हरिया का हाथ का दबाओ महसूस करती हुयी उन्हें भर्ती huyi,"Uhmmm ुहममम" मालिश का मज़ा ले रही थी और रामु और हरिया को अपनी हिलती हुयी चूँचियों को देखते हुए देख रही थी.

थोड़ी देर ऐसे hi मालिश होने के बाद हरिया वापस अपना हाथ नीचे उसकी कमर में बंधी पेटीकोट के तरफ ले गया और उसके अंदर एक इंच तक उंगलियां घुसकर मालिश करके ऊपर हाथ उसकी नाभि तक लाकर bola,"Memsaheb का खबसूरत और गहरा नाभि का भी मालिश कर डेट हैं हम".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराकर हरिया को देखि मगर कुछ बोली नहीं. हरिया अगले पल कटोरा में अपनी बीच का ऊँगली डूबा कर थोड़ा तेल उसमे लगाकर अनीता की नाभि के ऊपर रखा और दूसरा हाथ से उसकी नाभि से लटक रही बेल्ली बटन रिंग को थोड़ा साइड करके उसकी नाभि में तेल गिरा दिया. नाभि में तेल गिरते hi अनीता की पेट अंदर होकर फिर से ऊपर होकर नार्मल हो गयी.

अनीता हरिया से boli,"Hariya जी मैं इसे निकल देती हूँ आपको मालिश करने में आसानी होगी".

हरिया यह सुनकर bola,"Are नहीं मेमसाहेब रहने दीजिये ी पहनकर आपकी खबसूरत नाभि और खबसूरत लगता है".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराकर हरिया को देखि और फिर रामु का आवाज़ सुनकर उसके तरफ dekhi,"Haan मेमसाहेब रहने दीजिये"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराकर boli,"Theek है, जैसा आप दोनों को अच्छा लगे".

हरिया फिर अपनी बीच का ऊँगली को अनीता की नाभि में घुसाने का कोशिश करने लगा मगर मोटा ऊँगली होने से अंदर घुस नहीं रहा था. अनीता यह देखने लगी. हरिया थोड़ा दबाओ डाला तो उसका ऊँगली अंदर घुस गया और अनीता की मुंह se,"Uhhmm" निकल गयी.

हरिया अनीता को देखकर bola,"Memsaheb मोटा चीज़ घुसने में थोड़ा मुश्किल होता है मगर घुस जाने पर अच्छा लगता है".

अनीता यह सुनकर हरिया के तरफ देखि तो वह अपना ऊँगली उसकी नाभि में अंदर बाहर करने लगा. अनीता वापस अपनी नाभि के तरफ देखने लगी. हरिया अगले आधा मिनट तक प्न ऊँगली उसकी नाभि में अंदर बहार करते रहा और अनीता उसे देखती रही.

हरिया आधा मिनट बाद अनीता से puchha,"Kaisan लग रहा है मेमसाहेब?".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराकर रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Haan हरिया जी अच्छा लग रहा है. आप और रामु जी इतना अच्छे से रगड़ कर मालिश कर रहे हैं तो अच्छा कैसे नहीं लगेगा".

हरिया यह सुनकर puchha,"Aur हमरा ऊँगली से नाभि का मालिश कैसा लग रहा है?".

अनीता मुस्कुराकर रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Uhmm वह भी अच्छा लग रहा है हरिया जी. आपका ऊँगली इतना मोटा है की अंदर बहार होने से गुदगुदी हो रही है".

हरिया यह सुनकर मुस्कुराकर अनीता की नाभि में ऊँगली अंदर बाहर करते हुए bola,"Are मेमसाहेब मोटा और लम्बा चीज़ अंदर बाहर होने पर गुदगुदी और मज़ा तो मिलेगा hi. मोटा और लम्बा चीज़ hi अंदर बाहर होना चाहिए, असली मज़ा उसी में है".

हरिया यह बोलकर उसकी नाभि में ऊँगली अंदर बाहर करने के साथ गोल गोल घूमने भी लगा.

वहीँ अनीता उसका बात सुनकर मुस्कुराकर हरिया को देखती हुयी उसके कलाइयों पर हाथ फेरकर कामुकता से आहें bhari,"Uhmm हरिया जी" और जब वह अपना ऊँगली गोल गोल घूमने लगा तो अनीता खिलखिलाने lagi,"Hehehe हरिया जी ुहहममम गुदगुदी हो रही है हेहेहे ुहममम आह्ह्ह्ह हरिया जी हेहेहे".

हरिया दये हाथ से उसकी नाभि में ऊँगली घुसाए हुए था और बाये हाथ से उसकी चूँचियों के नीचे उसपर दबाओ डाले मालिश कर रहा था जिससे उसकी चूँचियाँ हिल रही थी और हसने से और हिलने लगी.

रामु अनीता को हस्ता देख मुस्कुराते हुए उसकी चूँचियों को देखने लगा वहीँ हरिया भी अनीता को हस्ता हुआ देख उसकी नाभि में ऊँगली अंदर बाहर और गोल गोल घूमते हुए हसकर bola,"Hahaha मेमसाहेब मोटा और लम्बा चीज़ घुसेगा तो मज़ा तो मिलेगा hi मेमसाहेब. देखिये आपको कितना अच्छा लग रहा है".

अनीता यह सुनकर खिलखिलाती हुयी उसे देखकर boli,"Hariya जी हेहेहे ुहममम ओह माय गॉड हेहेहे" और फिर रामु के तरफ देखि जो उसकी चूँचियों को hi देख रहा था. रामु को अपनी हिलती हुयी चूँचियों को देखते देख अनीता बेशर्मी से वैसे hi खिलखिलाती रही. साथ hi हसने के कारण अनीता अपनी पैरों की उँगलियों को ऐंठ लगी तो उसकी अंगूठे की ऐंठन रामु को अपने लुंड पर महसूस होने लगा था.

रामु को जब एहसास हुआ की अनीता की न सिर्फ अंगूठा उसके लुंड से सटी हुई ऐंठ रही है बल्कि वह उसके तरफ बेशर्मी से देख भी रही है तो वह मुस्कुराते हुए उसके तरफ देखकर bola,"Kaisan लग रहा है मेमसाहेब मोटा और लम्बा चीज़ अंदर बाहर होने पर?"

अनीता यह सुनकर खिलखिलाती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Hehehe ुहम्म रामु जी अब यह भी पूछने की बात है. इतना हसी आ रही है मुझे गुदगुदी लगने से हेहेहे ुहम्म. हरिया जी हेहेहे तो पूरा मोटा और लम्बा ऊँगली अंदर बाहर कर रहे हैं, मेरी नाभि में और मुझे गुदगुदी हो रही है हेहेहे ओह्ह माय गॉड हेहेहे"

हरिया यह सुनकर अनीता की नाभि में ऊँगली घूमते और अंदर बहार करते हुए bola,"Ramu का भी तो मोटा और लम्बा है".

अनीता यह सुनकर एक नज़र रामु के लुंड के तरफ देखि और फिर अपनी पैरों की मालिश करते हुए उसके उँगलियों को देखकर रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Uhmm वह तो दिख hi रहा है हरिया जी. रामु जी का भी मोटा और लम्बा है".

फिर वह रामु के लुंड के तरफ देखने के बाद उसके चेहरे पर देखकर boli,"Ungliyan".

रामु यह सुनकर अनीता को देखते हुए मुस्कुराया तो अनीता भी मुस्कुराकर उसे देखने के बाद उसके लुंड के तरफ एक नज़र देखने के बाद हरिया के तरफ देखि तो उसे मुस्कुराते हुए अपनी चेहरे पर देखते हुए पायी.

हरिया मुस्कुराते हुए puchha,"Achha लगा रामु का मोटा और लम्बा चीज़ मेमसाहेब?"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी हरिया के कलाई पर हाथ फेरती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Uhhmm हाँ हरिया जी रामु जी का भी मोटा और लम्बा है, उँगलियाँ. इनसे मालिश करवाकर तो मुझे अच्छा लग रहा है".

हरिया यह सुनकर मुस्कुराया तो अनीता उसे मुस्कुराते हुए देखने के बाद रामु के तरफ मुस्कुराकर देखि तो रामु भी मुस्कुराकर उसे देखने के बाद उसकी चूँचियों के तरफ देखने लगा.

अगले पल हरिया bola,"Aur कउनो मोटा और लम्बा चीज़ से आपको मालिश करवाना हो तो बोलियेगा मेमसाहेब. उससे अच्छे से रगड़ कर आपका मालिश कर देंगे"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराकर उसे देख रही थी की तभी उसकी गाल पर हरिया का लुंड का झटका महसूस हुआ तो वह बेशर्मी से अपनी नज़र अपनी गाल के तरफ लेजाकर उसके लुंड के उभर को देखि. उसका लुंड तौली के अंदर hi और बड़ा और कड़क हो चूका था.

अनीता उसका लुंड को देख hi रही थी की हरिया का आवाज़ suni,"Boliyega मेमसाहेब अगर रगड़वाना हो तो, रगड़ कर मालिश कर देंगे मोटा और लम्बा चीज़ से"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराकर हरिया के तरफ देखि तो वह दांत दिखा रहा था. अनीता उसको मुस्कुराकर देखने के बाद एक नज़र वापस उसके लुंड के तरफ देखने के बाद रामु के लुंड के तरफ देखि जो उसके पैरों के बीच झटका दे रहा था. वह उसके लुंड को देखने के बाद रामु के तरफ देखि तो वह भी अनीता को देखकर मुस्कुरा रहा था.

वह अनीता को देखकर bola,"Aapka बदन को रगड़ने के लिए हम दोनों hi के पास मोटा और लम्बा चीज़ है मेमसाहेब. बस बोलियेगा रगड़वाना हो तो".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी वापस उसके लुंड के तरफ देखि और मुस्कुराकर वापस रामु देखने के बाद हरिया के तरफ देखि तो उसे अभी मुस्कुराते हुए खुद को देखते हुयी पायी.

अनीता हरिया को देखकर मुस्कुराती हुयी boli,"Hariya जी आप दोनों तो अपने मोठे मोठे और लम्बे उँगलियों से मेरी रगड़ कर मालिश कर hi रहे हैं. और रगड़ कर करना है तो कर दीजिये अपने मोठे मोठे और लम्बे लम्बे".

फिर वह उसके लुंड के तरफ देखि और फिर रामु के लुंड के तरफ देखने के बाद रामु और हरिया के तरफ एक एक करके देखने के बाद boli,"Ungliyon से मालिश".

हरिया यह सुनकर हसने laga,"hahaha" तो अनीता भी खिलखिलाने lagi,"Hehehe". रामु भी हर बार की तरह मुस्कुराने लगा. हरिया हस्ते हुए अपना दया हाथ उसकी नाभि से निकल कर दोनों हाथों को उसकी दोनों चूँचियों के नीचे रखकर उसपर दबाओ बनाते हुए वहां मालिश करने लगा ऐसे हिसाब से की अनीता की चूँचियाँ फिर से हिलने लगी.

हरिया यह करते हुए bola,"Haan मेमसाहेब और अच्छे से रगड़ कर मालिश कर डेट हैं हम दोनों".

अनीता मुस्कुराती हुयी हरिया को देखने के बाद अपनी हिलती हुयी चूँचियों के तरफ देखने लगी और फिर रामु के तरफ देखि जो उसकी चूँचियों को hi देख रहा था.

अनीता रामु को देखकर अपनी बेशर्मी बहाई और रणदीपाने का साबुत देती हुयी boli,"Ramu जी हरिया जी तो मुझे और रगड़ कर मालिश करने लगे अपने मोठे और लम्बे उँगलियों से. देखिये कैसे दबाओ बनाकर अपने मज़बूत हाथों से मालिश कर रहे हैं".

हरिया अनीता की चूँचियों पर दबाओ डाले उसके नीचे मालिश करते हुए उसकी चूँचियों को भी हिलने लगा था. रामु अनीता की चूँचियों को देखते हुए bola,"Haan मेमसाहेब उहे तो देख रहे हैं".

हरिया अगले पल bola,"Kaa ख़ाक देख रहा है ससुरा".

अनीता यह सुनकर ऊपर हरिया के तरफ देखि तो वह रामु के तरफ देखते हुए bola,"Nazar पूरा इहाँ होना चाहिए".

यह बोलकर वह आँखों सी अनीता की चूँचियों के तरफ इशारा kiya,"Pura ध्यान ीके ऊपर होना चाहिए की कैसे हम इहाँ मालिश कर रहा हूँ".

अनीता अगले पल रामु को देखि जो हरिया का बात सुनकर वापस अनीता की चूँचियों पर देखने लगा.

हरिया अगले पल bola,"Ek काम कर मेमसाहेब का घुटना तक मालिश तो कर दिए हो. अब थोड़ा नज़दीक आकर उनके जांघों का मालिश करते हुए इहाँ देखो की हम कैसे मालिश कर रहा हूँ".

अनीता हरिया का बात सुनती हुयी उसे देख रही थी और वह देखि की अगले पल हरिया वापस उसकी चूँचियों के तरफ आँखों ऐ इशारा करते हुए bola,"Ee नज़दीक से देखने का चीज़ है. थोड़ा और पास आ जाओगे तो अच्छे से देख पाओगे".

हरिया यह सब बोलते हुए अनीता की चूँचियों के नीचे मालिश करते हुए उसपार दबाओ बनाये उसे हिला रहा था.

फिर वह रामु से bola,"Aage खिसक कर तुम मेमसाहेब का जांघ अब अपने जांघ पर रखकर बाकी का पेअर पीछे के तरफ ले जाओ".

हरिया यह बोलने के बाद अनीता से puchha,"Memsaheb आपको कउनो परेशानी तो नहीं है न. हम ठीक बोल रहा हूँ तो?"

अनीता यह सुनकर हरिया को देखकर boli,"Nahin हरिया जी मुझे कोई परेशानी नहीं है. मैं तो बोल hi चुकी हूँ की जैसा आप दोनों का दिल करे वैसे मेरी मालिश कीजिये. एक तरह से यह ठीक hi है. रामु जी नज़दीक आ जायेंगे तो अच्छे से देख पाएंगे, की आप कैसे मेरी मालिश कर रहे हैं और मुझे कितना रगड़ना है".

हरिया यह सुनकर मुस्कुराकर bola,"Haan मेमसाहेब. वह आप अपना नाज़ुक गोरा पेअर उस ससुरे के दोनों तरफ रखकर थोड़ा आगे खिसकने का जगह दीजिये".

अनीता यह सुनकर अपनी पेअर की को उसके लुंड के पास से हटाकर उसके दोनों तरफ कर दी तो हरिया bola,"ab आगे खिसक कर मेमसाहेब का जांघ अपने जांघ पर रख ले".

और वह फिर से अनीता की चूँचियों के तरफ इशारा करके bola,"Aur आराम से इहाँ देखते हुए मेमसाहेब का खबसूरत जांघ का मालिश कर. ससुरा जब देखना hi है तो अच्छे से देख मेमसाहेब रोक थोड़े रही है".

अनीता यह सुनकर रामु से boli,"Haan हरिया जी. रामु जी खुद अच्छे से मालिश कर रहे हैं लेकिन शायद उनको आपका यहाँ मालिश करने का तरीक़ा अच्छा लग रहा है इसलिए उनका ध्यान यहाँ है. अब जब उनको यह तरीक़ा देखना hi है तो नज़दीक से देख ले. और मैं क्यों रोकूंगी? मालिश करने का तरीक़ा हरिया जी आपका है और अगर आप चाहते हैं की रामु जी देखकर सीख ले तो मैं क्यों रोकू?"

फिर वह रामु के तरफ देखती हुयी अपने आँखों से अपनी हिलती हुयी चूँचियों के तरफ इशारा करती हुयी boli,"Araam से नज़दीक आकर देखिये रामु जी की हरिया जी कैसे यहाँ रगड़ कर मालिश कर रहे हैं".

रामु यह सुनकर अनीता की चूँचियों को देखकर बेझिझक अपने तौली के ऊपर से लुंड को मसल दिया. अनीता यह देखि और हरिया भी. रामु फिर आगे खिसकने लगा तो उसके जांघों के उचाई के कारण अनीता को अपनी टंगे थोड़ा उठाना पड़ा और ऐसा करने से ऐसा लगने लगा जैसे रामु अनीता को छोड़ने के लिए आगे बढ़ रहा है और अनीता उसे अपनी टांगों के बीच आने के लिए जगह दे रही हो ताकि वह उसकी टांगों के बीच आकर उसे छोड़ सके.

रामु थोड़ा आगे खिसका तो उसका तौली जा गाँठ जो पहले hi थोड़ा ढीला था वह खुल गया और तौली थोड़ा नीचे सड़क गया जिससे उसका ऊपर का आधा लुंड दिखने लगा. अनीता का नज़र जब उसके नंगे लुंड पर पड़ा तो उसकी दिल की धड़कन और सांस तेज़ हो गयी और उसकी छूट में थोड़ी बेचैनी होने लगी. वह उसके लुंड को hi देखने लगी.

रामु को जब एहसास हुआ तो वह अपना हाथ तौली के तरफ ले जाने लगा की तभी हरिया bola,"Abe ससुरा इहाँ मेमसाहेब अपना टांग उठाये इंतज़ार कर रही है ताकि तुम आगे आकर बैठो तो हम दोनों उनको अच्छे से रगड़ सके और तुम हो की अपना तौली का hi चक्कर में लगे हुए हो. छोरो तौली को. मेमसाहेब को अच्छे से रगड़ना ज़्यादा ज़रूरी काम है".

रामु यह सुनकर हरिया के तरफ देखा और फिर अनीता को देखा तो उसे अपने लुंड को देखते हुए पाया. अनीता को जब एहसास हुआ तो वह बेशर्मी से रामु के आँखों में देखि मगर कुछ नहीं बोली. रामु तौली छोड़ कर आगे बढ़कर अनीता की दोनों जांघों को उठाया.

ऐसा करने से अनीता की पेटीकोट थोड़ी नीचे के तरफ खिसक गयी और उसकी आधी जांघ नंगी हो गयी. रामु अनीता की जांघ पकड़े उसे देखते हुए उसके नीचे खिसक कर उसकी जांघों को अपने जांघ पर रख दिया. अब रामु का लुंड आधा नंगा था और वह अनीता की टांगों के बीच बैठा हुआ था. अनीता की गांड या छूट से उसका लुंड एक फ़ीट से थोड़ा काम फैसला पर था.

अनीता की गोरी चिकनी जांघ रामु के काले और बाल भरे जांघ पर थी और उसकी घुटना उसके कमर के दोनों तरफ.

हरिया यह सुनकर रामु से puchha,"achhe से बैठ गया तो?".

रामु यह सुनकर "हाँ" में सर हिलाया तो हरिया अनीता से puchha,"Memsaheb आपको आराम है तो?"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराकर रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Haan हरिया जी बहोत आराम है. फिर से मुझे कुछ नहीं करना पड़ा"

फिर वह दया हाथ आगे बढाकर रामु के बाये बाजु पर रखकर फेरती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में hi boli,"Ramu जी ने hi अपने मजबूत हाथो से मेरी जांघ को उठाकर जगह बनाकर आगे खिसक कर प्यार से मेरी जांघ को नीचे रख दिया. और अभी भी कितने प्यार से मेरी जांघों पर अपना हाथ फेर रहे हैं ुहह्म्म.".

फिर वह बाये हाथ से हरिया का बया बाजु और दये हाथ से रामु का बया बाजु पर हाथ फेरती हुयी वैसे hi रणदीपाने वाली आवाज़ में बोलना जारी rakhi,"Uhmmm अब इससे ज़्यादा आराम क्या हो सकता है की दो दुमदार मर्द मेरी इतनी अच्छे से रगड़ कर मालिश कर रहे हो और मुझे कुछ करना hi नहीं पद रहा हो सिवाय आराम से लेते मालिश का मज़ा लेने का ुहममम".

हरिया और रामु यह सुनकर मुस्कुराने लगे तो अनीता भी मुस्कुराने लगी और मुस्कुराती हुयी रामु के बाजु पर हाथ फेरती हुयी अपनी चूँचियों के तरफ इशारा करती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Ab ठीक है तो रामु जी आपको अच्छे से हरिया जी का मालिश करने का तरीक़ा दिख रहा है तो".

रामु अनीता की चूँचियों को देखते हुए उसकी जांघ पर हाथ फेरते हुए bola,"Haan मेमसाहेब अच्छे से दिख रहा है".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराई तो हरिया bola,"Memsaheb आपको भी रामु का मोटा और लम्बा चीज़ अच्छे से दिख रहा है तो".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराकर हरिया को देखि और फिर बेशर्मी से अपनी नज़र रामु का आधा नंगा लुंड के तरफ ले जाकर उसे देखती हुयी मुस्कुराकर hi boli,"Haan हरिया जी दिख रहा है."

फिर वह अपनी जांघ पर रामु का हाथ देख कर boli,"Meri जाँघों पर hi तो है उनका मोटा और लम्बा चीज़".

हरिया यह सुनकर मुस्कुराते हुए bola,"Janghon पर या जांघों के बीच मेमसाहेब".

अनीता यह सुनकर रामु के लुंड के तरफ वापस देखि और मुस्कुराकर boli,"Hariya जी" और फिर खिलखिलाने lagi,"Hehehe".

हरिया भी हसने laga,"Hahahaha" और रामु मुस्कुराने लगा. रात के सन्नाटे में पुरे लिविंग रूम में अनीता और हरिया के हसने का आवास गूंज रहा था. अनीता पूरी बेशर्मी से खिलखिला रही थी और खिलखिलाती हुयी कभी हरिया को तो कभी रामु को तोह कभी रामु के लुंड को देख रही थी.

अनीता खिलखिलाती हुयी puchhi,"Hehehe हरिया जी मोमबत्ती की रौशनी में उतना रौशनी नहीं होती हेहेहे. जहाँ पर आप मेरी मालिश कर रहे हैं वहां आप दोनों अच्छे से देख सकते हैं तो इस रौशनी में?"

हरिया यह सुनकर हस्ते हुए अनीता की दोनों चूँचियों को देखते हुए उसे नीचे से दबाते हुए bola,"Achhe से दिख रहा है मेमसाहेब. क्यों रामु तुम का दिख रहा है तो?".

रामु अनीता की चूँचियों को देखते हुए bola,"Pura साफ़ साफ़ दिख रहा है".

हरिया अगले पल अनीता की चूँचियों को साइड से पकड़ कर रामु के सामने hi हिलाते हुए bola,"Ab और साफ़ से दिख रहा होगा".

रामु यह सुनकर मुस्कुराने लगा वहीँ अनीता अपनी आँखें बड़ी करके boli,"Hariya जी" तो हरिया हसने लगा "हाहाहा". हरिया को हस्ता हुआ देख अनीता भी खिलखिलाने लगी," हेहेहे" और खिलखिलाती हुयी रामु को देखने लगी की कैसे वह उसकी चूँचियों को हिलते हुए देख रहा है.

लिविंग रूम में हरिया और अनीता के हसने की आवाज़ गूंज रही थी और अनीता की हिलती चूँचियों को दो मर्द देख रहे थे. उस सुननसँ जगह में बारिश के मौसम में उस घर में बिजली नहीं थी और एक जवान, बेहद खूबसूरत और पढ़ी लिखी शादी शुदा औरत दो गंवार मज़दूरों से अपनी जिस्म की मालिश करवाती हुयी उन्हें न सिर्फ अपनी चूँचियों को हिलने दे रही थी और हिलते हुए देखने दे रही तह बल्कि साथ में वह खुद उनके तगड़े मोठे लौडों को देख और महसूस कर रही थी और बेशर्मी से खिलखिला रही थी. कोई भी आदमी यह नज़ारा देख कर एक पल में hi बोल देता की जो औरत उन् दो मज़दूरों के साथ है वह बेशरम, बेहया hi नहीं बल्कि निहायत hi बदचलन औरत है जिसके सामने रंडियां भी शर्मा जाये.

हरिया तो हसना बांध करके रामु के साथ मुस्कुराने लगा मगर अगले कुछ सेकण्ड्स तक लिविंग रूम में अनीता की खिलखिलाने की आवाज़ गूंजती रही और फिर यह बांध हुआ अनीता की कामुक या यूँ कहे रणदीपाने वाली आवाज़ के saath,"Hehehe ओह माय गॉड. आप दोनों जैसे असली मर्दों से रगड़वाने का एक अलग hi मज़ा है ुहह्म्म".
 
Hello एवरीवन. ी हैवे बीन बिजी बोथ इन पर्सनल एंड प्रोफेशनल लाइफ सो haven't हद मच टाइम तो व्रिठे और विजिट थिस साइट. विल बे बिजी थिस मंथ अस वेल. यू कैन एक्सपेक्ट उपदटेस फ्रॉम नेक्स्ट मंथ ोंवर्ड्स. थैंक्स.
 
अपडेट 72

हरिया अनीता की दोनों चूँचियों को साइड से थोड़ा पकड़ कर हिलने के बाद अनीता की बात सुना की उसके और रामु जैसे मर्दों से रगड़वाने का अलग मज़ा है तो हरिया रामु से bola,"Sunn लिया न की मेमसाहेब को हमसे रगड़वाने में अच्छा लग रहा है. तो अच्छे से रगड़ो न".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी रामु को देखि तो वह अनीता की जांघों पर हाथ फेरते हुए bola,"Haan हरिया मेमसाहेब को आज अच्छे से रगड़ना है"

अनीता यह सुनकर मुस्कुरा कर रामु को देखि तो हरिया उसकी ब्लाउज के नीचे से चूँचियों पर प्रेशर बनाते हुए वहां मालिश करते हुए bola,"To रगड़ो न."

फिर हरिया अनीता को चूँचियों के तरफ इशारा करते हुए bola,"Jaise हम रगड़ रहा हूँ".

रामु अनीता की चूँचियों के तरफ देखकर उसकी जांघों पर रगड़ कर मालिश करने लगा तो हरिया puchha,"Memsaheb आपको अच्छा लग रहा है तो?"

अनीता यह सुनकर ऊपर के तरफ हरिया के आँखों में देखती हुयी उसके बाजुओं पर हाथ फेरती हुयी कामुकता से boli,"Uhhhmmm हाँ हरिया जी".

अब अगले 2-3 मिनट तक हरिया और रामु अनीता की मालिश करते रहे. हरिया उसकी पूरी पेट और चूँचियों के नीचे मालिश करते रहा. वहीँ रामु उसकी जांघ को घुटने से लेकर आधी जांघ तक मालिश करते रहा. अनीता कामुकता से "ुहहममम, आअह्ह्ह" करती हुयी मालिश करवाती रही और साथ hi हरिया के बाजुओं पर अपनी हाथ फेरती रही.

उसकी गाल पर हरिया का लुंड तौली के अंदर से hi झटका मरते हुए सत् रहा था जिसे अनीता अपनी गाल पर महसूस करती और कभी कभी आँखों के कोने से उसके लुंड के उभर को देखती. रामु का लुंड तो आधा तौली से बाहर था और अनीता की टांगों के बीच उसकी छूट से एक फ़ीट की दुरी पर hi था. अनीता कभी कभी उसके लुंड के तरफ भी देख लेती.

ऐसे hi एक मौके पर हरिया दोनों हाथों के अपने इंडेक्स फिंगर को अनीता की दोनों चूँचियों के नीचे और दोनों अंगूठों को दोनों चूँचियों के साइड में रखकर इंडेक्स फिंगर से उसकी चूँचियों के नीचे मालिश करते हुए उसकी चूँचियों को हिलने लगा तो उसका लुंड झटका मारा. अनीता उसके लुंड के झटके को अपनी गाल पर महसूस करके आँखों को उधर करके उसके लुंड को देखि तो हरिया का लुंड फिर से झटका मारा, अनीता की आँखों के सामने hi.

हरिया और रामु दोनों अनीता को हरिया के लुंड के उभर को देखते हुए देख रहे थे. हरिया अनीता से puchha,"Aapko हमरा मोटा और लम्बा चीज़ अच्छा लग रहा है मेमसाहेब?"

अनीता यह सुनकर ऊपर आँख करके हरिया के तरफ देखि और हल्का मुस्कुराती हुयी बेशर्मी से boli,"Uhmm हरिया जी".

यह सुनकर हरिया और रामु दोनों मुस्कुराने लगे तो अनीता भी एक नज़र मुस्कुरा कर हरिया को देखने के बाद आँखों के कोने से उसके लुंड को देखने के बाद रामु के तरफ देखि तो हरिया bola,"Sasura रामु का भी मोटा और लम्बा चीज़ देख लीजिये मेमसाहेब. उसका भी मोटा और लम्बा है".

अनीता यह सुनकर अपनी आँखें ऊपर हरिया के तरफ लेजाकर बड़ी करके boli,"Offo हरिया जी" तो हरिया मुस्कुराने लगा. अनीता उसे मुस्कुराते देख अपनी आँखों को सामने रामु के लुंड के तरफ करके उसके नंगे लुंड को देखि तो वह भी थोड़ा झटका मारा. अनीता उसके लुंड को झटका मारते देख बेशर्मी से रामु के तरफ देखि तो वह भी अनीता को देखकर मुस्कुरा दिया.

हरिया उन दोनों को एक दूसरे को देखते हुए देख अनीता की चूँचियों को फिर से साइड से पकड़ कर हिलाते हुए bola,"Kaisan लगा रामु का मोटा और लम्बा चीज़ मेमसाहेब?"

अनीता यह सुनकर बेशर्मी से हरिया के आँखों में देखती हुयी मुस्कुराकर boli,"Uhmm अच्छा है हरिया जी, आप दोनों का hi बहोत मोटा और लम्बा है, उंगलियां, जिससे आप मेरी रगड़ कर मालिश कर रहे हैं ुहममम".

हरिया उसकी चूँचियों से नीचे नाभि तक हाथ फेरते हुए bola,"Ragadna तो होगा hi आपको मेमसाहेब, तभी तो आपका ी जवान, खबसूरत और नाज़ुक बदन को आराम मिलेगा."

अनीता यह सुनकर कामुकता से boli,"Uhmm तो रगडिये न हरिया जी. अच्छे से रगड़ कर मेरी मालिश कीजिये ुहहममम. पता नहीं आप और रामु जी जैसे ाःह दो दुमदार मर्दों से मालिश करने का फिर कभी मौक़ा मिले या नहीं. आज मौक़ा है तो मुझे रगड़ दीजिये"

हरिया यह सुनते हुए अपना हाथ उसकी नाभि से ऊपर चूंकि तक लाया और उस पर प्रेशर बनाते हुए उसे ऊपर के तरफ कर दिया और फिर हाथ नीचे ले गया तो अनीता की चूँचियाँ ऊपर नीचे होती हुयी हिलने लगी. हरिया फिर हाथ वापस ऊपर लाकर उसको चूँचियों पर नीचे से दबाओ बनाकर हाथ नीचे उसकी नाभि तक ले गया और फिर से अनीता की चूँचियाँ हिलने लगी. हरिया यह थोड़ा जल्दी जल्दी करने लगा तो अनीता की चूँचियाँ लगातार हिलने लगी.

हरिया फिर अनीता की चूँचियों के दोनों तरफ से अंगूठे और इंडीज़ फिंगर के बीच का जगह से प्रेशर बनाते हुए नीचे से इंडेक्स फिंगर का भी प्रेशर अनीता की चूँचियों पर बनाते हुए उसे थोड़ा हिलने लगा और अनीता से puchha,"Memsaheb अच्छा लग रहा है आपको?"

अनीता यह सुनकर कामुक अंदाज़ में boli,"Uhhmm हाँ हरिया जी, बहोत आराम मिल रहा है. बदन हल्का महसूस हो रहा है".

हरिया यह सुनकर उसकी चूँचियों को हिलाते हुए bola,"Halka तो लगेगा hi मेमसाहेब. इहाँ इतना बोझ है आपका. अइसन जगह तो ऐसे hi मालिश होना चाहिए तभी तो हल्का लगेगा आपको".

अनीता यह सुनकर बस मालिश के वजह से "ुहह्म्म आअह्ह्ह" कर पायी और रामु के तरफ देखि जो उसकी चूँचियों को hi देख रहा था.

अनीता रामु को देख hi रही थी की हरिया रामु से bola,"Dekh रहा है रामु काटना बोझ है मेमसाहेब का इहाँ. इहाँ तो ख़ास तरीके से मालिश का ज़रूरत है"

रामु अनीता की चूँचियों को देखते हुए bola,"Haan हरिया. सच में बहोत बोझ है मेमसाहेब का यहां. अच्छे से मालिश कर दो यहां ताकि मेमसाहेब को अच्छा लगे. ".

रामु यह बोलकर अनीता को देखा तो वह मुस्कुरा कर boli,"Uhmm आप दोनों को सच में मेरा कितना ख्याल है".

हरिया अनीता की चूँचियों को वैसे hi हिलाते हुए उसके आस पास मालिश करते हुए bola,"Are मेमसाहेब ु मरद hi का जो आपके जइसन खबसूरत और जवान औरत का ख्याल नहीं रखे".

अनीता यह सुनकर हरिया के तरफ देखकर मुस्कुराई तो वह उसकी चूँचियों के तरफ इशारा करते हुए उसे हिलाते हुए bola,"Asli मरद hi समझ सकत है की काटना बोझ रहता है इहाँ."

हरिया के यह बोलने पर अनीता की गाल पर हरिया का लुंड तौली के अंदर से फिर से एक बार झटका मारा तो वह बेशर्मी से उसके लुंड के उभर को देखि.

हरिया अपना बात बोलने के बाद अनीता की चूँचियों के आस पास मालिश करते हुए उसकी चूँचियों को फिर से साइड से और नीचे से पकड़ कर हिलाते हुए देखा की अनीता उसके लुंड के उभार को देख रही है तो वह puchha,"Aapko अच्छा लग रहा है तो मेमसाहेब?"

अनीता यह सुनकर हल्का मुस्कुराती हुयी उसे देखि और उसके बाजुओं पर हाथ फेरती हुयी कामुकता से boli,"Uhmm हाँ हरिया जी बहोत अच्छा लग रहा है. आप जैसे आअह्ह्ह दुमदार मर्द इतना अच्छे से रगड़ कर मालिश करेंगे ुह्ह्हम्म तो कैसे अच्छा नहीं लगेगा".

अनीता फिर बिना शर्म के एक नज़र हरिया के लुंड के उभर को देखने के बाद ऊपर के तरफ हरिया के आँखों में देखती हुयी puchhi,"Aapko अच्छा लग रहा है न हरिया जी मेरी मालिश करने में?"

हरिया अनीता की चूँचियों को हिलाते हुए bola,"Achha लग रहा है और ससुरा मज़ा भी आ रहा है. आपका खबसूरत और नाज़ुक बदन का मालिश करने में ससुरा कैसे अच्छा नहीं लगेगा".

हरिया यह बोलते हुए अपने लुंड में खिंचाव लाकर अनीता की गाल पर झटका मरते हुए bola,"Humka तो खूब मज़ा आ रहा है मेमसाहेब".

अनीता यह सुनकर हल्का मुस्कुराई और हरिया के लुंड के तरफ एक बार देखकर रामु के लुंड के तरफ देखि तो उसका भी लुंड झटका मारा. अनीता यह देखकर ऊपर रामु के तरफ देखि तो रामु उसे देखकर मुस्कुरा रहा था.

अनीता भी उसे मुस्कुराता देख मुस्कुरा कर puchhi,"Uhhmm आपको अच्छा लग रहा है तो रामु जी आआह्ह्ह्ह".

रामु उसकी जांघ की मालिश करते हुए bola,"Haan मेमसाहेब, बहोत अच्छा लग रहा है और मज़ा भी आ रहा है".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराकर उसे देखि और फिर अपनी नज़र नीचे करके उसके लुंड के तरफ देखि तो वह झटका मारा. अनीता उसके लुंड को झटका मारता देख मुस्कुराती रही तो हरिया bola,"Aapko रामु का बात पर अब यक़ीन तो आ गवा मेमसाहेब की ससुरा को कितना मज़ा आ रहा है".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी ऊपर के तरफ आँख करके हरिया को देखि तो वह मुस्कुराते हुए bola,"Sasura का मोटा और लम्बा चीज़ कैसे हिल रहा है".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी हरिया को देखकर boli,"Haan हरिया जी वह तो दिख hi रहा है की रामु जी का मोटा और लम्बा उँगलियाँ कैसे मेरी जांघों की मालिश करते हुए एक जगह से दूसरे जगह हिल रहा है".

हरिया यह सुनकर दांत दिखते हुए मुस्कुराया तो अनीता भी मुस्कुराती हुयी उसे देखने के बाद रामु के चेहरे पर देखि तो वह भी अनीता को देखकर मुस्कुराया. अनीता फिर अपनी नज़र नीचे उसके लुंड पर ले गयी तो वह अपने लुंड को झटक दिया. अनीता मुस्कुराती हुयी उसके लुंड को देखि और फिर अगले पल अपनी गाल पर हरिया के लुंड के उभर का झटका महसूस करके एक नज़र उसके तरफ देखकर कामुकता से boli,"Uhmm आप दोनों के मोठे मोठे और लम्बे उँगलियों से मालिश करने में सच में बहोत अच्छा लग रहा है ुह्ह्हम्म आअह्ह्ह"

हरिया यह सुनकर उसको चूँचियों के आस पास मालिश करते हुए उसे हिलाते हुए bola,"Memsaheb हम दोनों अपने मोठे और लम्बे चीज़ से आज आपको अच्छे से रगड़ेंगे".

हरिया यह बोलते हुए उसकी चूँचियों के आस पास अच्छे से मालिश करने लगा, उसको चूँचियों पर दबाओ बनाते हुए.

अनीता फिर अपनी चूँचियों के तरफ देखि की कैसे उसकी चूँचियाँ नीचे से दबाओ पड़ने पर ऊपर के तरफ हो जा रही थी और फिर दबाओ काम होने से आज़ाद होकर हिल रही थी. हरिया साथ hi उसकी चूँचियों के नीचे का हड्डी पर भी थोड़ा दबाओ बना रहा था जिससे अनीता की मुंह से "ुहहममम आआह्ह्ह" निकल रही थी. उसे सच में थोड़ा आराम मिल रहा था.

अनीता फिर नज़र रामु के तरफ लेजाकर देखि की रामु उसकी हिलती हुयी चूँचियों को देखते हुए एक बार अपने होंठो पर ज़बान फेर दिया. अनीता एक नज़र उसके लुंड पर डाली तो वह झटका मार रहा था. वहीँ हरिया अनीता की चूँचियों के साइड और नीचे से दबाओ बनाकर उसके आस पास मालिश करते रहा जिससे उसकी चूँचियाँ लगातार हिलने लगी.

रामु को ध्यान आया की अनीता उसे hi देख रही है तो वह उसकी चूँचियों से नज़र हटाकर अनीता को देखकर मुस्कुरा दिया तो अनीता भी मुस्कुरा दी.

अनीता मुस्कुराती हुयी puchi,"Uhmm रामु जी आप कितने ध्यान से देख रहे हैं हरिया जी मेरी कैसे रगड़ कर मालिश कर रहे हैं. देख कर अच्छा लग रहा है तो? मेरा मतलब है की देखकर अच्छे से सीख रहे हैं न की मुझे कैसे रगड़ना है?".

रामु यह सुनकर मुस्कुराते हुए उसकी जांघ की मालिश करते हुए bola,"Haan मेमसाहेब पूरा अच्छे से देख रहे हैं और ु देख कर तो हुंका आपको रगड़ने का मैं हो रहा है".

हरिया यह सुनकर bola,"Saabash ी हुआ न बात".

अनीता भी बेशर्मी से मुस्कुराती हुयी कमल ऐडा से boli,"To आप भी मुझे रगडिये न रामु जी जैसे हरिया जी मुझे रगड़ रहे हैं"

हरिया यह सुनकर अनीता की चूँचियों पर साइड से दबाओ बनाकर हिलाते हुए अनीता की चूँचियों के तरफ आँखों से इशारा करते हुए bola,"Dhyaan से देखो रामु, कौन सा जगह कइसन मालिश करना है".

रामु अनीता की आँखों में देख रहा था और हरिया का बात सुनकर उसकी चूँचियों को देखने लगा. वह एक पल उसकी चूँचियों को देखने के बाद वापस अनीता को देखा तो वह मुस्कुरा दी. रामु भी मुस्कुरा दिया.

अगले पल हरिया अनीता की चूँचियों को हिलाते हुए आगे bola,"Kuchh कुछ ख़ास जगह में ख़ास तरीके से मालिश करना होता है. जैसे इहाँ ऐसे"

अनीता यह सुनकर रामु को देखती हुयी मुस्कुरा कर अपनी आँखों से अपनी चूँचियों के तरफ इशारा की तो रामु उसकी चूँचियों को तरफ देखने लगा वही अनीता अपनी नज़र उसके लुंड पर ले गयी और उसे हिलते हुए देखने लगी.

इस बीच हरिया आगे बोलते raha,"Memsaheb को हम दोनों से रगड़वाना है और तुम हो ससुरा की देखने का चीज़ देख नहीं रहे. मेमसाहेब चाहती है की तुम ध्यान से इहाँ देखो".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी अपनी आँखों को ऊपर करके हरिया को देखि. वह समझ गयी की हरिया उसे रामु को आँखों से अपनी चूँचियों के तरफ इशारा करते हुए देख लिया था. हरिया भी अनीता को ऊपर अपने तरफ देखते हुए मुस्कुराते हुए उसकी चूँचियों को हिलाते रहा.

अनीता मुस्कुराती हुयी बेशर्मी से अपनी बात rakhi,"Uhhm हरिया जी आप जो रामु जी को बोल रहे है वहीँ तो मैं भी चाहती हूँ की रामु जी यहाँ देखेंगे तभी तो सीखेंगे की मुझे आप कैसे रगड़ रहे हैं. उनका ध्यान तो एहि होना चाहिए न"

हरिया अनीता की चूँचियों को हिलाते हुए puchha,"Kahan मेमसाहेब?".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी अपनी आँखों से चूँचियों के तरफ इशारा करके रणदीपाने से boli,"Uhhmm यहाँ".

हरिया यह सुनकर मुस्कुराते हुए अनीता जी चूँचियों को ब्लाउज के ऊपर से hi दोनों साइड से और जोर से पकड़ कर हिलाते हुए bola,"Sunn लिया बे मेमसाहेब का बोली. पूरा नज़र इहाँ रख और अच्छे से देख".

रामु यह सुनकर मुस्कुराते हुए bola,"U तो हमरा नज़र यहां hi है. ससुरा मरद हूँ हम, असली मरद और असली मरद का नज़र यहां से कैसे हटेगा"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी कामुक ऐडा से रामु को देखि और फिर हरिया के तरफ देखती हुयी कामुकता से "ुह्ह्हम्म आअह्ह्ह" करती हुयी उसके दोनों कलाइयों पर अपनी हाथ फेरने लगी. वही कलाइयां जिसके थोड़े नीचे उसकी चूँचियों को वह अपने हाथों से हिला रहा था.

हरिया अनीता को देखते हुए puchha,"Achha लग रहा है न मेमसाहेब आपको?".

अनीता यह सुनकर कामुकता से boli,"Uhhmm हाँ हरिया जी".

हरिया अनीता को देखते हुए bola,"Memsaheb आप भी जो देख रही थी वह देखिये न".

अनीता यह सुनकर थोड़ी सवालिया नज़र से हरिया को देखि मगर कुछ पूछने से पहले हरिया bola,"Woh रामु का मोटा और लम्बा चीज़ जिसे आप ध्यान से देख रही थी".

अनीता यह सुनकर boli,"Ohh हरिया जी मैं देख रही थी की रामु जी अपने मोठे और लम्बे उँगलियों से कैसे मेरी जांघों को मालिश कर रहे हैं".

हरिया यह सुनकर उसकी चूँचियों को हिलाते हुए bola,"Are मेमसाहेब तो ी में सफाई देने का का ज़रूरत है. इहाँ तो जो भी है आप देख सकती है. आप भी आराम से देखिये जो भी देखना है".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी पहले रामु के आँखों में देखि तो उसे अपनी चूँचियों के तरफ देखते हुए पायी मगर एहसास होने पर की अनीता उसे देख रही है वह भी अनीता की आँखों में देखा और फिर अपने लुंड के तरफ आँखों से इशारा किया. अनीता मुस्कुरायी और अपनी आँखों को उसके लुंड के तरफ करके उसका लुंड देखने लगी.

अनीता कुछ सेकण्ड्स बाद ऊपर आँख करके रामु को देखि तो उसे उसकी चेहरे के तरफ देखते हुए मुस्कुराते हुए पायी. अनीता उसे देखकर अपनी चूँचियों के तरफ इशारा की और फिर उसके लुंड के तरफ देखने लगी. अनीता उसके लुंड को देखती हुयी आँखों के कोने से देखि तो उसे अब अपनी चूँचियों को देखते हुए पायी वह भी एक हवस भरे नज़र से.

अनीता को रामु को अपनी चूँचियों को ऐसे देखते हुए देख एक गर्व का एहसास हुआ अपनी ख़ूबसूरती और जवानी पर. उसके अंदर घमंड नहीं थी मगर गर्व था की उसकी बदन ऐसा है की मर्दों की नज़र उस पर रहती है.

अनीता अपनी चेहरे पर गर्व का भाई लाये रामु के लुंड को देख रही थी की तभी रामु puchha,"Accha लग रहा है मेमसाहेब?".

अनीता यह सुनकर रामु के आँखों में देखती हुयी हरिया के कलाइयों पर हाथ फेरती हुयी boli,"Haan रामु जी मुझे आपका मोटा और लम्बा चीज़ देखकर अच्छा लग रहा है".

रामु यह सुनकर मुस्कुराया तो अनीता भी मुस्कुराई तो हरिया bola,"Lekin ससुरा तुम जो छेस देख रहा है वह हिल रहा है ऐसे".

हरिया यह बोलते हुए अनीता की चूँचियों को साइड से पकडे ऊपर नीचे करके हिलाते रहा. अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयु अपनी आंखें बड़ी करके boli,"Offo हरिया जी".

हरिया यह सुनकर उसकी चूँचियों को हिलाते हुए अनीता को देखकर दांत दिखाकर मुस्कुराया और फिर रामु के तरफ देखकर bola,"Aur मेमसाहेब तोहार मोटा और लम्बा चीज़ जो देख रही है ु ससुरा हिल नहीं रहा है. ज़रा मेमसाहेब को ुका जलवा भी देखा दे".

अनीता यह सुनकर आंखें बड़ी की हुयी हरिया के तरफ देख रही थी तो हरिया उसे bola,"Are मेमसाहेब अब आपका नज़र उधर रामु का बड़ा और मोटा चीज़ पर होना चाहिए".

अनीता यह सुनकर अपनी सर हिलती हुयी वैसे hi बड़ी आंखें की हुई मुस्कुराकर रामु के लुंड के तरफ देखि तो वह अपने लुंड में तनाव लाकर झटका देने लगा जिससे उसका लुंड हिलने लगा.

अनीता यह देखकर अपनी बेशर्मी का साबुत देती हुयी आंखें बड़ी की हुयी सर हिलती हुयी boli,"Offo आप दोनों भी"

हरिया यह सुनकर हसने लगा तो अनीता भी बेशर्मी से खिलखिलाने lagi,"Hehehe". रामु भी मुस्कुराते हुए अनीता को हस्ते हुए देख आँखों से अपने लुंड के तरफ इशारा करके वैसे hi झटके देने लगा. अनीता बेशर्मी से खिलखिलाती हुयी उसका लुंड देखने लगी.

उस लिविंग रूम में एक बार फिर से अनीता की खिलखिलाने की आवाज़ गूंज रही थी. उस खिलखिलाहट में बेशर्मी और बेहयाई थी, रान्दीपना था क्यूंकि वह शादी शुदा और अमीर घर की पढ़ी लिखी औरत होने के बव्हद दो गैर मर्दों से अपनी जिस्म जी मालिश hi नहीं करवा रही थी बल्कि उनसे अपनी चूँचियों को भी मसलवा रही थी और उन्हें अपनी चूँचियों को देखने के लिए कह रही थी. इतना hi नहीं वह खुद बेशर्मी से उनके लुंड को देख और महसूस कर रही थी और एक लुंड को झटका देते देख खिलखिला रही थी.

अनीता जैसी पढ़ी लिखी, अमीर घर की औरत वह भी शादी शुदा औरत को इतनी बेशर्म होना देख रामु का खून खौल रहा था जिससे उसके लुंड पर असर पद रहा था और उसका लुंड अकड़ रहा था. इससे उसका लुंड कभी कभी खुद से भी झटका दे रहा था, बिना कोशिश के hi. रामु कभी सोचा नहीं था की अनीता जैसी शादी शुदा औरत वह भी पढ़ी लिखी, अमीर और इतनी खूबसूरत औरत इतनी बेशर्म हो सकती है. एहि सोचकर और देखकर उसका खून खौल रहा था. उसे अनीता एक रंडी से भी ज़्यादा बेशर्म लगने लगी थी. लेकिन इसके बावजूद भी न जाने क्या बात थी की उसके मैं में अनीता के लिए हवस के साथ इज़्ज़त भी थी. शायद अनीता की पर्सनालिटी वैसे थी की मर्द उसकी बेशर्मी देखकर भले hi रंडियों से ज़्यादा बेशर्म समझते थे मगर कहीं न कहीं इज़्ज़त करते थे. अनीता अगर रंडियों से ज़्यादा बेशर्म थी तो उसके अंदर अमीर घर से होने के कारण एक हाई क्लास की पर्सनालिटी भी थी. साथ hi माँ बाप से अच्छे संस्कार मिलने के कारण उसमे घमंड नहीं थी अपनी ख़ूबसूरती को लेकर. गर्व ज़रूर था मगर घमंड नहीं और यह भी एक गुण था जो उसे एक बेहद कामुक औरत बनता था जो रंडियों से ज़्यादा बेशर्म तो थी मगर एक क्लास भी था.

अनीता को खिलखिलाते हुए कुछ सेकण्ड्स हो गए थे की तभी उसे अपनी गाल पर भी झटका महसूस हुआ तो वह बेशर्मी से अपनी आँखें बायीं करके तौली के अंदर कैद हरिया के लुंड के उभर को देखि और फिर अपनी बेशर्म अंदाज़ में मुस्कुराती हुयी आँखें ऊपर करके हरिया को देखि तो वह भी दांत दिखते हुए अनीता को देखकर उसकी चूँचियों को साइड से दबाते हुए puchha,"Aapko मज़ा आ रहा है मेमसाहेब हमारे मोठे और लम्बे चीज़ से?"

अनीता यह सुनकर हरिया के कलाइयों पर हाथ फेरती हुई कामुकता से boli,"Haan हरिया जी मुझे आप दोनों के मोठे और लम्बे उँगलियों से रगड़वाने में अच्छा लग रहा है. बहोत hi रिलैक्स्ड फील कर रही हूँ ुह्ह्हम्म".

फिर वह रामु के तरफ देखकर boli,"Ramu जी भी अच्छे से रगड़ कर मेरी जांघ की मालिश कर रहे हैं. वह भी अब सीख गए आपसे की मुझे कैसे रगड़ना है".

अनीता का उसका लुंड को हिलते हुए बेशर्मी से खिलखिलाते देखने के बाद रामु अनीता की पेटीकोट जो उसकी आधी जांघ तक थी उसके अंदर हाथ घुसकर उसकी जांघ के ऊपरी भाग को अच्छे से रगड़ कर मालिश करने लगा था. वह अब थोड़ा और खुल चूका था. अनीता एहि महसूस करके वह बातें बोली थी.

हरिया यह सुनकर अनीता की चूँचियों के नीचे अपने चारो उँगलियों का दबाओ बनाते हुए उसे हिलाते हुए bola,"Are कैसे नहीं सीखेगा ससुरा. हमरे तरह असली मरद है ससुरा और कौन सा असली मरद का नज़र.."

फिर हरिया अनीता की चूँचियों के तरफ आँखों से इशारा करके bola,"Eehan से हटेगा. ससुरा असली मरद लोग का नज़र इहाँ तो रहेगा hi और जब नज़र इहाँ रहेगा तो आपको रगड़ने का मैं करेगा और जब रगड़ने का मैं करेगा तो रगड़ना सीखेगा hi".

अनीता यह सुनकर और अपनी चूँचियों के नीचे हरिया का हाथ का प्रेशर महसूस करके ऊपर के तरफ आँख करके हरिया को देखकर उसके बाजुओं पर हाथ फेरती हुयी boli,"uhhmm और आप भी तो जिस तरह से आह्हः मेरी रगड़ कर मालिश कर रहे हैं उसे देखकर रामु जी ध्यान से देखकर जल्दी सीख पा रहे हैं".

फिर वह रामु को देखती हुयी boli,"Ab तो रामु जी ने तो सोच hi लिया है की पूरा ध्यान एहि रखेंगे. कितने ध्यान से देख रहे हैं आपको मुझे रगड़ते हुए".

रामु यह सुनकर मुस्कुराकर अनीता को देखा तो अनीता मुस्कुराकर उसे देखि और फिर अपनी आँखों से अपनी चूँचियों के तरफ इशारा करती हुयी boli,"Ramu जी यहाँ ध्यान देकर देखने से आपका मोटा और लम्बा चीज़, मेरा मतलब है उँगलियाँ तो पूरा रगड़ने के लिए तैयार हो गया है और आप अब उन उँगलियों से मुझे अच्छे से रगड़ रहे हैं".

रामु यह सुनकर bola,"Are मेमसाहेब हमरा मोटा और लम्बा चीज़ पूरा कड़क होकर आपको रगड़ने के लिए तैयार है. आप भी ध्यान से देखिये न हमरा मोटा और लम्बा चीज़".

अनीता यह सुनकर उसके लुंड के तरफ देखि तो रामु bola,"Woh मेमसाहेब हम थोड़ा ी आपका पेटीकोट को और नीचे कर डेट हूँ. हमरा मोटा और लम्बा ऊँगली तो अंदर है सही से दिख नहीं रहा होगा"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Uhhmm हाँ रामु जी कर दीजिये".

रामु अनीता की पेटीकोट को और नीचे खिसका दिया जिससे अब पेटीकोट उसकी जांघ के शुरुआत तक hi रह गयी थी. हालांकि उसकी पंतय अभी दिख नहीं रही थी.

ऐसा करने से रामु का उँगलियाँ दिखने लगा मगर साथ hi उसका लुंड भी अच्छे से दिखने लगा. अनीता बिना शर्म के अपनी नज़र उसके लुंड पर जमा दी. रामु अनीता को अपने लुंड पर देखते हुए देख लुंड को झटका दिया तो अनीता पूरी बेशर्मी से मुस्कुराती हुयी रामु के आँखों में देखि तो हरिया puchha,"Ab तो अच्छे से दिख रहा है न मेमसाहेब आपको मोटा और लम्बा चीज़?".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी ऊपर के तरफ हरिया को देखकर boli,"Uhhmm हाँ हरिया जी अच्छे से दिख रहा है".

हरिया यह सुनकर उसकी चूँचियों को दबाते हुए bola,"To देखिये मेमसाहेब. पूरा खुलकर देखिये और महसूस कीजिये की हम दोनों का मोटा और लम्बा चीज़ आपको रगड़ने के लिए कितना तैयार है"

हरिया यह बोलते हुए अपना लुंड भी झटका दिया तो उसका उभर तौली के अंदर से अनीता की गाल से टकराई तो वह मुस्कुराती हुयी "ुह्ह्हम्म" करके रामु के लुंड के तरफ देखने लगी.

अब अगले कुछ मिनट कुछ बात चित नहीं हुआ.

रामु अनीता की दोनों जांघों पर अच्छे से प्रेशर बनाकर मालिश कर रहा था. अनीता की जंघे रामु के जांघ पर थी और रामु का लुंड तौली से आधा से ज़्यादा बाहर होकर अनीता की टांगों के बीच उसकी छूट से एक फ़ीट के फासले पर था. अनीता की पेटीकोट उसकी जांघ के ऊपर तक थी जैसे कोई माइक्रो मिनी स्कर्ट जैसा.

अनीता बेशर्मी से रामु का लुंड देखती हुयी मालिश का मज़ा ले रही थी कभी कभी हरिया का लुंड का झटका अपनी गाल पर महसूस करके उसके लुंड के उभर के तरफ देख हल्का मुस्कुरा देती.

अनीता पूरी खुलकर बेशर्मी से दोनों के लुंड को देख और महसूस कर रही थी और मुस्कुरा रही थी. उन तीनो के बीच किसी तरह का झिझक या पर्दा अब नहीं था. माहौल में एक अलग hi मौज मस्ती और हवस का असर था और तीनो इसका खुलकर मज़ा ले रहे थे.

अनीता को उनसे बात करना अच्छा लग रहा था मगर अभी तीनो खामोश थे. अनीता की बदन में भी अजीब सी मस्ती की लहर दौड़ रही थी. यह जानकार की वह दो गंवार मज़दूरों से अपनी खूबसूरत, चिकनी और गोरी जिस्म की मालिश करवा रही है उसे एक अलग hi मज़ा मिल रहा था. उसे हरिया और रामु जैसे मज़दूरों का खुरदुरा हाथ अपनी खूबसूरत, चिकनी और गोरी जिस्म पर अच्छा लग रहा था. उनके बदन से आती हलकी हलकी पसीने और शराब की गंध भी अच्छा लग रहा था और सबसे बड़ी बात थी की उनके तगड़े बड़े हुए मोठे लुंड को कड़क होते देख उसे अपनी ख़ूबसूरती और जवानी पर गर्व हो रहा था.

थोड़ी देर ऐसे मालिश के बाद हरिया bola,"Memsaheb अब पलट जाइये. हम दोनों पीछे भी मालिश कर डेट हैं"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Theek है हरिया जी" की तभी हरिया puchha,"Ya अभी आपको रामु का और देखना है?"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी रामु के लुंड को देखि और फिर रामु के तरफ देखि तो वह मुस्कुराकर boli,"Nahin हरिया जी अब थोड़ा पीछे भी मालिश करवा लेती हूँ आप दोनों से".

यह सुनकर रामु मुस्कुराते हुए उसे देखा तो अनीता puchhi,"Ramu जी मैं घूम जॉन या आपको अभी और देखना है"

यह सुनकर रामु puchha,"Ka मेमसाहेब का देखने का बात कर रही हैं आप".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी अपनी चूँचियों के तरफ आँखों से इशारा करती हुई boli,"Yeh जिसको आप बहोत देर से देख रहे हैं"

यह सुनकर रामु मुस्कुराया तो अनीता बेशर्मी से खिलखिलाने lagi,"Hehehe" और अगले पल वह अपनी आँखें बड़ी कर दी जब हरिया उसकी चूँचियों को पकडे जोर से हिलाते हुए bola,"Sasura अच्छे से देख ले मेमसाहेब के घूमने से पहले".

अनीता हरिया को उसकी चूँचियों को पकड़ कर ऐसे हिलाते देख आँखें बड़ी करके boli,"Hariya जी ओफ्फो".

हरिया यह सुनकर हसने laga,"Hahaha" तो अनीता भी खिलखिलाने lagi,"Hehehe".

लिविंग रूम में फिर से अनीता की हसी गूंजने लगी. उस हसी में रान्दीपना था, बेशर्मी और बेहयाई थी. कोई आदमी अनीता के बारे में जाने बिना यह नज़र देखता तो यह नहीं समझता की उस सोफे पर कोई रंडी नहीं बल्कि एक अमीर घर की पढ़ी लिखी और बेहद खूबसूरत शादी शुदा औरत है जो की शरीफ घर की बेटी और बहु है.

अनीता खिलखिलाती हुयी रामु के चेहरे पर देखि और हसी कण्ट्रोल करती हुयी कामुकता से puchhi,"Uhmm रामु जी अब मैं घूम जॉन?"

रामु यह सुनकर मुस्कुराते हुए bola,"Pehle एक बार आप भी तो अच्छे से देख लीजिये"

अनीता यह सुनकर आँखों के कोने से उसके लुंड को देखने के बाद उसके आँखों में देखती हुयी एक ऐडा से puchhi,"Kya रामु जी".

रामु यह सुनकर आँखों से अपने लुंड के तरफ इशारा करते हुए लुंड में तनाव देकर हिलने लगा. अनीता बिना शर्म के उसके लुंड को देखने लगी और मुस्कुराती हुयी boli,"Ab मैं घूम जाती हूँ रामु जी".

रामु यह सुनकर अनीता को देखा लेकिन उसके बोलने से पहले हरिया bola,"Are पीछे भी तो देखने का चीज़ है और ु तो तोहरे तरफ hi रहेगा. आराम से देखना और रगड़ना"

फिर हरिया अनीता की चूँचियों के तरफ आँखों से इशारा करते हुए bola,"Aese hi".

अनीता समझ गयी की हरिया उसकी गांड की बात कर रहा है. रामु यह सुनकर अनीता की आँखों में देखा तो वह हल्का मुस्कुराकर कामुकता से boli,"Ghum जाती हूँ रामु जी. आप दोनों को तो मेरे पीछे भी तो रगड़ना है".

रामु यह सुनकर अनीता की आँखों में देखते हुए bola,"Haan मेमसाहेब ठीक है".
 
अपडेट 73

अनीता उस वक़्त हरिया के दये जांघ पर सर रखकर लेती हुयी थी. वह रामु का बात सुनकर उसके लुंड के तरफ आँखों से इशारा करती हुयी boli,"Woh थोड़ा आप पीछे हो जाइये तो मैं घूम जाती हूँ".

रामु ये सुनकर थोड़ा पीछे हो गया. अनीता यह बोलकर अपनी सर हरिया के जांघ से उठाकर घूमने वाली थी की हरिया bola,"Are मेमसाहेब कहे तकलीफ कर रही हैं आप. आराम से ऐसे hi पलट जाइये न"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Aap दोनों तो मुझे ज़रा सा भी तकलीफ होते नहीं देखना छह रहे. बस मेमसाहेब का आराम का hi ख्याल है आप दोनों को".

यह सुनकर हरिया और रामु दोनों मुस्कुराने लगे तो अनीता मुस्कुराती हुयी हरिया के जांघ पर सर राखी हुयी hi घूमने लगी तो उसकी बायीं गाल हरिया के लुंड के उभर से टकराई और उसकी गाल का प्रेशर हरिया के लुंड पर पड़ा.

अब अनीता को पूरा घूमने के लिए अपनी निचली बदन को भी घूमना था. वह बिना निचली बदन घुमाये अपनी गाल को वहां से हटा भी नहीं सकती थी.

वह अपनी गाल हरिया के लुंड के उभर पर रखे hi अपनी बायीं पेअर जो की रामु के दये तरफ सोफे के हेडरेस्ट के तरफ थी उसको थोड़ा दये तरफ की (सोफे के किनारे ले जाने के लिए. उसके पेट के बल लेटने के लिए बायीं पेअर सोफे के किनारे के तरफ hi होता).

अब क्यूंकि अनीता की आंखें सोफे के हेडरेस्ट के तरफ थी घूमने से और वह अपनी पेअर के तरफ नहीं देख सकती थी, घूमते वक़्त उसकी बायीं पेअर रामु के दये तरफ के जांघ पर रखे तौली में अटक गयी और न देखने से उसे ध्यान नहीं रहा और साथ hi वह अपनी दायी पेअर जो की सोफे के किनारे के तरफ थी उसको भी घूमती हुयी सोफे के हेडरेस्ट के तरफ की तो वह पेअर रामु के दये जांघ के तरफ का तौली में अटक गया. उसकी दोनों पेअर अभी रामु के जांघ पर थी तौली के अंदर.

अगले पल वह अपनी कमर जो की अब साइड वेज़ था उसको घुमाकर पेट के बल लेटने लगी तो उसकी दोनों पेअर तौली में अटकी hi थोड़ी और बाहर के तरफ हो गयी (बायीं पेअर तौली में अटका था और पेट के बल लेटने से अनीता को अपनी पेअर रामु के जांघ से हटाकर सोफे पर रखना लड़ा जिससे पेअर के साथ तौली भी रामु के जांघ से सड़क गया. ऐसा दोनों तरफ हुआ).

अनीता घूमते वक़्त बिना शर्म के घूमकर अपनी दायी गाल हरिया के बाये जांघ पर राखी तो आँखों के सामने हरिया के लुंड को तौली से थोड़ा बाहर आकर स्प्रिंग के तरह उठकर हिलते देखि.

ऐसा इसलिए हुआ था क्यूंकि वह अनीता के घूमते वक़्त उसकी बायीं गाल से डब्ब गया था और जब अनीता सर घूमकर हरिया के बाये जांघ पर अपनी दायी गाल रख दी तो उसका लुंड प्रेशर से आज़ाद होकर हिलने लगा. साथ hi अनीता के घूमने से हरिया के गॉड का हिस्सा का तौली पर भी थोड़ा प्रेशर पड़ा था जिससे उसका तौली का गाँठ और सामने का हिस्सा अपने जगह से खिसक गया था. ऊपर से लुंड का यूँ स्प्रिंग के तरह उछाल कर हिलने से वह तौली से थोड़ा बाहर आ गया.

अनीता तेज़ सांस लेती हुयी बिना शर्म के हरिया के लुंड के ऊपर के हिस्से को नंगा तौली के बाहर हिलते देखने लगी. उसका लुंड अनीता की आँखों के सामने 3-4 इंच की दुरी पर hi था. अनीता लुंड देखने में लगी थी की तभी आवाज़ suni,"memsaheb आप सर आराम से हमरे जांघ पर रख लिए तो?".

अनीता अपनी आँखों को हरिया के लुंड से हटाकर थोड़ा ऊपर के तरफ की तो हरिया उसे देखते हुए पूछ रहा था. अनीता को पता था की हरिया उसे उसके लुंड को देखते हुए देख चूका होगा मगर हरिया के चेहरे का भाव नार्मल था और अनीता भी बिना शर्म के नार्मल भाव से boli,"Haan हरिया जी".

अनीता यह बोलकर वापस हरिया के लुंड को देखने लगी. उसकी दिल धड़क रही थी और छूट में अजीब सी बेचैनी होने लगी इतने नज़दीक से इतना बड़ा, मोटा और तगड़ा लुंड देखकर. अगले पल वह हरिया का आवाज़ फिर से suni,"Are रहने दे का हो जायेगा. मेमसाहेब घूमी तो थोड़ा सड़क गवाह तोहरे जांघ से. अभी मेमसाहेब को रगड़ना है की नहीं. मेमसाहेब की मालिश पर ध्यान दे और कउनो चीज़ पर नहीं. अभी सबसे ज़रूरत मेमसाहेब की खबसूरत नाज़ुक बदन को रगड़ कर मालिश करना है".

अनीता यह सुनकर अपनी बायीं हाथ हरिया के दये जांघ पर तौली के ऊपर रखकर सर हरिया के बाये जांघ से उठाकर पीछे के तरफ देखि तो रामु को पूरा नंगा देखि. उसके ऊपरी बदन पर कपडा तो पहले से hi नहीं था और अब तौली भी उसकी जांघो से सड़क कर दोनों साइड से सोफे पर था. गाँठ तो पहले hi खुल चुकी थी तो उसकी कमर पर भी तौली अटका नहीं था. बस जो पहले जांघों पर तौली होने के कारण पीछे से तौली उसके कमर पर लिप्त हुआ था वह तौली जांघों से सदाकने से उसके कमर पर भी लिप्त नहीं था.

अनीता जब पीछे घूमकर रामु को नंगा देखि तो उसकी नज़र सीधा सामने के तरफ तन्न कर खड़े उसके लुंड पर पड़ी. अनीता की दिल फिर से धड़कने लगी और छूट में बेचैनी और बढ़ गयी. उसकी आँखों के सामने अब दो दो बहोत बड़ा, मोटा और तगड़ा लुंड था जो की आधे से ज़्यादा कड़क होकर खड़ा था. दो ऐसे दुमदार लुंड सामने नंगे खड़े होने से आखिर उसकी दिल कैसे नहीं दधाक्ति और छूट में बेचैनी कैसे नहीं होती.

हरिया और रामु दोनों देख रहे थे की अनीता की नज़र रामु के लुंड पर hi थी. अनीता उसके लुंड को देखने के बाद आंखें ऊपर करके रामु को देखि तो दोनों की आंखें मिली.

अनीता की चेहरे पर ज़रा सा भी शर्म नहीं थी की रामु उसे खुद का लुंड देखते हुए देख चूका था. वह बिना शर्म के नार्मल भाव से boli,"Maaf कीजियेगा रामु जी वह मेरे घूमने से पैरो से...".

अनीता पूरा बोलती इससे पहले उसे अपनी अध् नंगी पीठ पर हरिया का हाथ महसूस हुआ और साथ hi हरिया का आवाज़ suni,"Are कउनो बात नहीं मेमसाहेब. इतना के लिए माफ़ी मांग कर हम दोनों को कहे को शर्मिंदा कर रही हैं आप. इतना तो हो hi जाता है".

अनीता यह सुनकर वैसे hi सर हरिया के जांघ के ऊपर उठाई हुयी अपनी नज़र रामु के चेहरे से हटाकर ऊपर हरिया के तरफ देखि और उसका बात सुनकर हल्का मुस्कुरा दी.

हरिया आगे bola,"Aapko कउनो परेशानी तो नहीं है अगर हम दोनों ऐसे hi बैठ कर आपकी ी खबसूरत नाज़ुक बदन को रगड़ कर मालिश करे. ु हम चाहते हैं की हमरा ध्यान सिर्फ आपकी अच्छे से मालिश करने पर रहे और कउनो चीज़ पर नहीं. बाकी सब तो थोड़ा इधर उधर घूमने से हो hi जाता है. ुमे कौन बड़ा बात है".

अनीता अगले पल रामु का आवाज़ सुनकर उसके तरफ dekhi,"Haan मेमसाहेब. हरिया ठीक बोलत है".

रामु फिर एक नज़र अनीता की दोनों जांघों पर डालकर उस पर हाथ फेरते हुए bola,"Hum चाहत हैं की हमरा ध्यान सिर्फ और सिर्फ आपकी ी खबसूरत बदन की मालिश पर रहे".

अनीता यह सुनकर हल्का मुस्कुराई और boli,"Aap दोनों को भी न बस मेरी बदन की मालिश की hi चिंता है".

हरिया यह सुनकर अनीता की पीठ पर से ब्लाउज की एक डोरी खोलते हुए bola,"Are मेमसाहेब आपको इतना आराम मिल रहा है हमरा मालिश से ु देखकर हम चाहत हूँ की हम अच्छे से आपकी ी गोरी खूबसूरत बदन की मालिश कर दू और हमरा ध्यान सिर्फ इसी पर हो".

अनीता यह सुनकर फिर से ऊपर हरिया के तरफ देखकर मुस्कुराती हुयी कामुकता से उसके जांघ पर तौली के ऊपर से हाथ फेरती हुयी boli,"Uhhm वह तो है हरिया जी. आप दोनों के मालिश से बहोत अच्छा लग रहा है. पूरा बदन हल्का महसूस हो रहा है".

हरिया यह सुनकर मुस्कुराया तो अनीता भी मुस्कुरा दी और हरिया उसकी ब्लाउज की एक और डोरी जो बीच की थी उसे खोलते हुए bola,"Haan मेमसाहेब इसीलिए हम अच्छे से आपका मालिश करना चाहता हूँ और पूरा ध्यान मालिश पर रखना चाहता हूँ. आपको कउनो परेशानी तो नहीं अगर हम आपका ब्लाउज का डोरी खोल दूँ. ु डोरी पीठ पर होने से अच्छे से रगड़ कर मालिश नहीं..."

हरिया के पूरा बोलने से पहले hi अनीता उसे देखती हुयी उसके दये जांघ पर तौली के ऊपर से अपनी बायीं हाथ को फेरती हुयी कामुक ऐडा से boli,"Haan हरिया जी आप ठीक कह रहे हैं. खोल दीजिये मेरी ब्लाउज की डोरी और अच्छे से मालिश कर दीजिये मेरी पीठ की. सामने आपने इतना अच्छा से मालिश किया है पीछे भी वैसे hi कर दीजिये".

हरिया यह सुनकर उसकी बीच की डोरी खोलने के बाद आखरी डोरी जो गर्दन के पास थी उसे भी सिर्फ खोलता hi नहीं है बल्कि उसे खोलने के बाद उसकी ब्लाउज की दोनों साइड की भाग जो दोनों चूँचियों के शुरुआत (सीने पर जहाँ से चूँचियों की शुरुआत होती है) से लेकर सामने तक उसकी चूँचियों को ढंके हुए था उसके अंदर दोनों हाथ के चारो उँगलियाँ घुसकर उसे थोड़ा नीचे के तरफ खिसका दिया जिससे अनीता की साइड की चूँचियाँ नंगी हो गयी. ऐसा करते वक़्त हरिया अपने उँगलियों पर अनीता की चूँचियों का नरमी महसूस किया और उसका लुंड झटका मारा तो अनीता की मांग से टकरा गया.

अपनी मांग पर हरिया का नंगा लुंड टकराते महसूस करके अनीता बिना शर्म के उसके लुंड को देखि और एक गहरी सांस ली. हरिया और रामु दोनों अनीता को हरिया का लुंड देखते हुए देखने लगे.

हरिया अनीता की चूँचियों के साइड पर उँगलियाँ फेरते हुए bola,"Memsaheb वह थोड़ा पीछे आप उठा देती तो रामु भी थोड़ा आगे आकर आपकी जांघ के पास बैठकर अच्छे से मालिश कर देगा".

अनीता यह सुनकर अपनी आंखें ऊपर करके हरिया को देखि तभी हरिया का लुंड एक बार और झटका मारकर अनीता की मांग से टकराया. अनीता बिना शर्म के ऊपर हरिया को देखती हुयी बात सुनी और अपनी मांग से हरिया का लुंड सटे हुए hi वह उसका बात सुनकर पीछे रामु के तरफ देखि और हरिया के जांघ पर हाथ राखी हुयी बैलेंस बनाकर कामुक तरीके से अपनी घुटने को थोड़ा सा मोर कर गांड को थोड़ा ऊपर के तरफ उठाकर रामु को देखकर कामुक तरीके से आँखों से अपनी गांड के तरफ इशारा की.

रामु यह सुनकर थोड़ा आगे आया और अनीता की घुटने तक आकर रुक कर अनीता की गांड की उभर को देखने लगा तो अनीता मुस्कुराती हुयी boli,"Ramu जी अभी आप बोल रहे थे की आपका ध्यान सिर्फ मेरी बदन को रगड़ने पर रहेगा लेकिन अभी तो आपका ध्यान कहीं और है".

रामु यह सुनकर मुस्कुराते हुए अनीता की तरफ देखा तो अनीता मुस्कुराती हुयी puchhi,"Ab मैं लेट जॉन?".

रामु यह सुनकर bola,"Woh मेमसाहेब थोड़ा और जगह मिल जाता आगे आने के लिए तो".

अनीता यह सुनकर कामुकता से boli,"Offo रामु जी. इतने मजबूत और दुमदार मर्द हैं आप. अगर जगह काम है तो बना लीजिये न."

रम्य यह सुनकर अनीता को देखा तो वह अपनी आँखों से गांड के तरफ इशारा करती हुयी उसके लुंड को देखि और फिर रामु को देखती हुयी आगे आने का आँखों से इशारा की.

रामु यह देखकर अनीता की दोनों जांघों को पकड़ कर थोड़ा और फैला दिया तो अनीता वैसे hi पेट के बल लेती हुयी अपनी कमर को आर्च करके गांड को थोड़ा और ऊपर कर दी.

रामु यह देखकर थोड़ा और आगे आया तो अनीता अपनी गांड को नीचे करके अपनी दोनों जांघों को रामु के दोनों जांघों पर रख दी. अब अनीता की घुटने के ऊपर का भाग रामु के जांघ पर थी और उसके दोनों पेअर रामु के कमर के दोनों साइड से होते हुए पीछे चली गयी. अनीता की छूट रामु के लुंड से एक फ़ीट के फासले पर थी जैसे सीधे लेते होने के टाइम थी.

हरिया यह देखकर bola,"Lo ससुरा तोहार देखने का इंतज़ाम हो गवा"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी हरिया को देखकर boli,"Offo हरिया जी" तो हरिया bola,"Are मेमसाहेब आप hi तो बोल रही थी की रामु यहां देखने में लग गवा है".

अनीता यह सुनकर बस मुस्कुराई तो रामु bola,"Are हमार देखने का इंतज़ाम तो हो गवा लेकिन मेमसाहेब तो अब हमार मोटा और लम्बा चीज़ नहीं देख पायेगी"

अनीता यह सुनकर पीछे घूमकर रामु के तरफ देखि तो हरिया bola,"Are तो हमार पास भी तो है मोटा और बड़ा चीज़. मेमसाहेब अब हमार देखेगी".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी हरिया के तरफ देखि तो वह मुस्कुराते हुए अपने लुंड के तरफ इशारा करते हुए bola,"Ab आप यह देखिये मेमसाहेब" और अपने लुंड को झटका दिया. अनीता मुस्कुराती हुयी अपनी मांग से सटे उसके लुंड के पास से मांग थोड़ा पीछे करके उसके लुंड को देखि. हरिया का लुंड उसकी आँखों से एक इंच के फासले पर hi था.

हरिया आगे bola,"Memsaheb आराम से लेट कर देखिये और रगड़े का का मज़ा लीजिये".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी अपनी सर हरिया के बाये जांघ पर रख दी तो हरिया puchha,"Aap आराम से लेट गयी तो मेमसाहेब? कउनो परेशानी नहीं है न अब?"

अनीता यह सुनकर उसके लुंड को देखती हुयी boli,"Nahin हरिया जी कोई परेशानी नहीं है. आपके और रामु जी के होते हुए कोई परेशानी हो hi नहीं सकती अब इतना ख्याल रख रहे हैं आप दोनों मेरा".

हरिया यह सुनकर अपने लुंड को झटका देते हुए वापस अनीता की मांग से सत्ता कर उसकी चूँचियों की साइड को हाथों से सहलाते हुए bola,"U तो रखना hi पड़ेगा मेमसाहेब. आपको तो ज़रूरत है ख्याल रखने का"

अनीता यह सुनकर अपनी बायीं हाथ को तौली के ऊपर से हरिया के दये जांघ पर फेरती हुयी अपनी मांग से सटे उसके तगड़े बड़े हुए नोट लुंड को देखती हुयी कामुकता से boli,"Uhmm".
 
अपडेट 74

हरिया अगले पल टेबल से तेल का कटोरी उठाया और अनीता की गर्दन से ठीक नीचे से लेकर उसकी गांड के थोड़ा ऊपर जहाँ पेटीकोट बंधा हुआ था वहां तक उसकी रीढ़ की हड्डी पर तेल गिरते चला गया. अनीता को जब अपनी पीठ पर तेल गिरती हुयी महसूस हुयी तो वह हरिया के जांघ पर हाथ फेरती हुयी hi उसके लुंड को देखती हुयी "ुहह्म्म आआह्ह" करके आहें भरी.

अगले पल अनीता को अपनी गोरी चिकनी और नरम पीठ पर हरिया का मज़बूत और खुरदुरा हाथ महसूस हुआ जो उस तेल को उसकी पीठ पर फैलाने लगा. हरिया के हाथ में थोड़ा दबाओ भी था जिससे अनीता को अच्छा लग रहा था और उसे सुकून मिल रहा था. हरिया का हाथ अपनी पीठ पर रेंगने पर अनीता की मुंह से कामुकता से "आअह्ह्ह ुहममम" निकल गयी और वह उसके लुंड को देखती हुयी उसके जांघ पर हाथ फेरती रही.

कुछ सेकण्ड्स बाद उसे अपनी बायीं जांघ के पीछे वाले हिस्से पर तेल गिरते हुए महसूस हुआ और फिर रामु का खुरदुरा और मज़बूत हाथ उस तेल को उसकी जांघ पर फैलते हुए महसूस हुआ. अनीता को रामु का हाथ अपनी जांघ पर अच्छा लगा. फिर वह तेल अपनी दायी जांघ पर भी महसूस की और उसके बाद वह अपनी दायी जांघ पर रामु का हाथ महसूस की. रामु अपने दये हाथ से तेल को अनीता की दायी जांघ पर फैला रहा था. अनीता फिर देखि की रामु तेल की कटोरी टेबल पर रख दिया और दोनों हाथो से उसकी दोनों जांघो को एक साथ मालिश करने लगा.

अनीता सुकून महसूस करती हुयी वैसे hi हरिया के जांघ पर अपनी सर राखी हुयी उसके लुंड को देखती और अपनी मांग से सटे हुए महसूस करती हुयी उसके जांघ पर हाथ फेरती दो मर्दों को चार मज़बूत हाथों से मालिश का मज़ा लेने लगी.

अगले कुछ मिनट ऐसे hi मालिश होते रहा. हरिया अनीता की पूरी पीठ को अच्छे से मालिश कर रहा था और रामु उसको जांघ को. अनीता भी चुप चाप हरिया के लुंड को देखती हुयी मालिश का मज़ा ले रही थी. वहीँ रामु उसकी जांघ को गांड के ठीक नीचे तक मालिश कर रहा था.

थोड़ी देर के बाद हरिया अनीता की दायी हाथ जो उसके बाये जांघ और सोफे के बीच मुड़कर थी उसे पकड़ कर उसी तरफ से लेजाकर अपने पीछे के तरफ कर दिया ताकि उसकी हाथ ऊपर के तरफ एक्सटेंड होकर सीधा रहे. हरिया ऐसे करते हुए bola,"aap आराम से अपनी हाथ को सीधा करके लेटिए मेमसाहेब. ऐसे आपको आराम मिलेगा".

अनीता यह सुनकर हरिया का लुंड से अपनी नज़र ऊपर के तरफ करके हरिया को देखि तो वह मुस्कुराया. अनीता भी उसे देखकर मुस्कुराई की तभी हरिया का लुंड तनाव में आकर उसकी मांग से सटे हुए hi हिलने लगा. अनीता बेशर्मी से हरिया के आँखों में वैसे hi देखकर मुस्कुराकर boli,"Hariya जी आपको कितना ख्याल रहता है मेरे आराम का ुहहममम".

अनीता का हाथ वैसे सीधा होने से उसकी दायी तरफ की चूंकि का साइड का हिस्सा जो सोफे के हेडरेस्ट और अनीता की दायी हाथ के वजह से थोड़ी ढंकी हुयी थी वह अब अच्छे से साफ़ साफ़ दिख रही थी.

हरिया अनीता की बात सुनते हुए कटोरी से थोड़ी तेल लेकर अपने दोनों हाथों में मिलकर उसकी दोनों चूँचियों के साइड के हिस्से पर तेल लगा कर मालिश करते हुए bola,"Khyaal तो रखना hi होगा मेमसाहेब. आप आराम से मालिश का मज़ा लीजिये".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी उसे देखती हुयी hi अपनी बायीं हाथ को भी थोड़ा ऊपर के तरफ कर दी जिससे उसकी बायीं चूंकि का साइड भी हरिया को मालिश करना आसान हो रहा था. अनीता अपनी वह हाथ ऊपर करके हरिया के पीछे ले जाकर मुस्कुराती huyi,"Uhhmm आअह्ह्ह" करके वापस अपनी आँखों को उसके लुंड के तरफ करके उसे देखकर अपनी निचली होंठ को एक पल के लिए दांतों में दबा दी.

हरिया यह देखा तो अपने लुंड में फिर से तनाव लाया तो उसका लुंड थोड़ा अकड़ कर हिलकर अनीता की मांग से सड़क कर उसकी बायीं आँखों के ऊपर से होते हुए उसकी बायीं गाल पर रुक गया. अब हरिया का लुंड अनीता की मांग और उसकी नाक का बीच का भाग से सटे हुए उसका ऊपरी भाग अनीता की गाल पर टिक गया.

हरिया यह देखते हुए अनीता की दोनों चूँचियों को साइड से मालिश करते हुए bola,"Memsaheb इहाँ अच्छे से मालिश कर डेट हैं हम. ससुरा ु चींटी इधर hi घुस कर आपको परेशां कर रहा था"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Uhhm हरिया जी लेकिन आपने तो उसे इतनी तेज़ी से पकड़ कर निकल दिया ुहह्म्म"

हरिया उसकी चूँचियों के साइड की मालिश करते हुए bola,"Lekin लग रहा है ससुरा हटाने से पहले थोड़ा सा काट लिया था इसलिए इहाँ लाल हो गया है"

अनीता यह सुनकर थोड़ा सा सर उठाकर अपनी बायीं चूंकि के साइड पर देखने का कोशिश की जहाँ हरिया अपने ऊँगली से इशारा करते हुए bola,"Dekhiye मेमसाहेब कैसे लाल कर दिया है ससुरा"

अनीता के सर थोड़ा उठाने से हरिया का लुंड उसकी गाल से रगड़ा गया जिससे उसका लुंड फरफराते हुए थोड़ा खड़ा होकर वापस अनीता की मांग से सत् गया और एक बार झटका मार कर अनीता की मांग पर थप्पड़ जैसा लगाकर उसकी मांग से वापस सत्ता रहा.

अनीता बेशर्मी से यह महसूस करते हुए भी अपनी चूंकि के साइड में हरिया को वह लाल जगह दिखते हुए देखने का कोशिश करने लगी मगर कन्धा बीच में होने से उसे अपनी चूंकि का साइड का हिस्सा दिख नहीं रहा था.

हरिया यह समझ कर bola,"Memsaheb एक मिनट आप आराम से अपना सर वापस हमरे जांघ पर रखिये".

अनीता यह सुनकर ऊपर के तरफ आँखें करके आँखों के कोने से हरिया को देखि तो वह अपने जांघ के तरफ आँखों से इशारा करते हुए अपने लुंड को झटका दिया जिससे उसका लुंड अनीता की मांग से सटे हुए hi उसपर वाइपर जैसा दया बया होकर रुक गया. ऐसा होने से अनीता का दिल धड़क गया मगर वह अपनी बेशर्मी दिखती हुयी कुछ नहीं बोली और वापस अपना सर हरिया के जांघ पर रखती हुयी उसके लुंड को देखने लगी.

हरिया अगले पल अपने बाए हाथ से अनीता की बायीं हाथ की कोहनी को पकड़ कर थोड़ा ऊपर उठाकर bola,"Ab देखिये मेमसाहेब कइसन लाल हो गवा है इहाँ".

हरिया द्वारा अनीता की बायीं हाथ की कोहनी उठाने से अनीता को अपनी बायीं आर्मपिट के नीचे से अब उसकी बायीं चूंकि का साइड का हिस्सा दिखने लगा था मगर लाल वाला हिस्सा जहाँ हरिया ऊँगली रखे हुए था वहां देखने के लिए उसे अपनी सर को थोड़ा सा बायीं तरफ और करना होता और वह बेझिझक अपनी सर को हरिया के बाये जांघ से थोड़ा सा दये तरफ खिसकायी जिससे उसका चेहरा हरिया के लुंड के और करीब हो गया.

अब तक हरिया का लुंड बाये तरफ झुके होने के कारण अनीता की चेहरे पर टिका रह रहा था या उसकी आँखों के सामने लहरा रहा था मगर अब अनीता अपनी चेहरे को हरिया के बाये जांघ से थोड़ा सड़क कर बीच में लायी तो उसकी चेहरा हरिया के लुंड से इतना करीब हो गया की उसका लुंड सीधा खड़ा रहने पर भी अनीता की मांग से सत्ता हुआ था.

अनीता अपनी चूंकि की साइड का हिस्सा नंगा देखि और एक जगह छोटा सा लाल निशानी देखकर boli,"Haan हरिया जी लाल हो गया है वहां. चींटी वहां काट ली मुझे पता hi नहीं चला. खैर दर्द भी नहीं है इसलिए पता नहीं चला".

अनीता जब तक यह बोली हरिया का लुंड हिलते हुए अनीता की मांग से सड़क कर नाक के पास चला गया.

हरिया यह सुनकर bola,"Achha है मेमसाहेब की दर्द नहीं हो रहा आपको नहीं तो हुंका अच्छा नहीं लगता की ी आपका इतना नरम और मुलायम बदन में दर्द हो रहा है"

हरिया यह बोलते हुए उसकी चूंकि के साइड पर धीरे धीरे हाथ फेर रहा था.

वह आगे bola,"Sasura इतना दूध जइसन आपका गोरा बदन को लाल कर दिया".

अनीता को जैसे hi हरिया का लुंड अपनी नाक के पास महसूस हुआ वह एक तेज़ सांस ली और उसकी नाक में एक अजीब सा बदबू घुस गया जो बदबू होने के बावजूद अनीता को एक अजीब सा मज़े का एहसास दिलाया और उसकी पूरी बदन में वह मस्ती की लहर दौड़ने लगी. साथ hi उसकी छूट में भी हलचल होने लगी. हरिया के लुंड से पसीना और गंदगी का मिला जुला गंध आ रहा था. अनीता हरिया का बात सुनती हुयी अपनी नाक को उसके लुंड से बहोत धीरे से रगड़ती हुयी जोर का सांस ली और फिर जब सांस छोरी तो उसकी सांस की गर्मी से हरिया का लुंड बौखला कर झटके मारते हुए अनीता की नाक से टकराने लगा.

रामु और हरिया दोनों का नज़र हरिया का लुंड पर था की कैसे वह अनीता की नाक से टकरा रहा था और अनीता जोर की सांस ले रही थी.

रामु अगले पल bola,"Are ससुरा अब मेमसाहेब है hi इतनी दूध जैसी गोरी तो थोड़ा सा कुछो होने पर लाल होगा hi. ु तो अच्छा हुआ की दर्द नहीं हो रहा है".

हरिया अनीता की चूँचियों के साइड में मालिश करते हर bola,"Sasura हुंका तो अइसन लग रहत है की ु चींटी ससुरा दूध पीने के लिए इहाँ दांत घुसाया अपना"

अनीता यह सुनकर अपनी आँखें बड़ी करके बेशर्मी से मुस्कुराती हुयी boli,"Hariya जी आप भी कैसी बात करते हैं?"

हरिया यह सुनकर हस्ते हुए उसकी चूँचियों के साइड की मालिश करते हुए bola,"Hahaha अरे मेमसाहेब हमरा मतबल ी था की इतना दूध जइसन आपका बदन देखकर चींटी इहे समझा होगा की वह दूध का भंडार पर है तो ससुरा दांत लगा दिया होगा दूध पीने के लिए तभी तो इतना प्यार से काटा है की आपको दर्द भी नहीं हुआ".

अनीता हरिया का बात सुनती हुयी वापस अपनी बायीं कोहनी को हरिया के दये जांघ के पास रखकर अपनी दायी हाथ को उसके जांघ पर तौली के ऊपर फेरती हुयी मुस्कुराकर कामुकता से boli,"Offo हरिया जी आप और आपकी बातें"

हरिया यह सुनकर अनीता की चूँचियों के साइड में मालिश करते हुए हस्ते हुए bola,"Hahaha का रे रामु हम कुछो ग़लत बोलै हूँ. मेमसाहेब का दूध जइसन गोरा बदन देखकर ससुरा चींटी दूध का भंडार समझा होगा तभी तो" फिर हरिया अनीता की बायीं चूंकि के साइड पर दो उँगलियों से दबाओ बनाते हुए bola,"eehan काटा है. का इहाँ देखकर ी नहीं लागत की ी दूध का भंडार है?"

अनीता की छूट में हलचल हो रही थी यह सुनकर. उसकी बदन में मस्ती की लहर दौड़ रही थी. हरिया का लुंड भी खड़ा होकर अनीता की चेहरे पर हिल रहा था जैसे गाडी के शीशे पर वाइपर हिल रहा हो. अनीता अपनी पूरी बेशर्मी का प्रदर्शन करती हुयी हरिया के लुंड को देखती हुयी उसका बात सुनकर मुस्कुरा रही थी.

अगले पल रामु bola,"Are हरिया जहाँ चींटी काटा है ु तो पूरा दूध का भंडार hi है. ससुरा चींटी को भी पता है की दूध कहाँ है"

हरिया यह सुनकर bola,"are शाबाश रामु".

वहीँ अनीता अपनी आँखे बड़ी करके बेशर्मी से मुस्कुराती हुयी boli,"Uhhmm रामु जी आप भी शुरू हो गए"

हरिया यह सुनकर हसना जारी रखा तो रामु भी मुस्कुराने लगा. अनीता भी हरिया का हसी सुनकर अपनी सर को उसके जांघ पर hi राखी हुयी थोड़ा हिलाकर उसे हरिया के जांघ पर एडजस्ट करती हुयी अपनी नाक को उसके लुंड पर भी रगड़ दी और नाक को रगड़ती हुयी सांस लेती हुयी कामुकता से boli,"Uhhmm सच में रामु जी आप भी काम नहीं है. हरिया जी से आप सब सीख रहे हैं. पहले तो पूरा ध्यान से देखकर मुझे रगड़ना कैसे है वह सीख लिए अब बातें बनाना भी सीख रहे हैं"

अनीता यह बोलने के बाद खिलखिलाने lagi,"Hehehe"

हरिया भी हसने लगा यह सुनकर. लिविंग रूम में फिर से अनीता और हरिया का हसी गूंजने लगा.

कुछ सेकण्ड्स बाद दोनों का हसी रुका तो हरिया bola,"Are मेमसाहेब कहाँ रगड़ना सीखा है ससुरा. कब से एक hi जगह रगड़ रहा है आपको. असली जगह तो उसके ऊपर है. असली रगड़े तो उसके ऊपर होना चाहिए. यहां भी तो काटना बोझ रहता है. का रे रामु मेमसाहेब का अब तोहका बोलेगी तभी hi सही जगह मालिश करेगा का. टोका का ऊपर में रगड़ने का मैं नहीं कर रहा?"

अगले पल हरिया अपना हाथ अनीता की चूँचियों से खिसका कर उसकी पीठ पर रख कर पूरी नंगी पीठ को उसकी गांड के ऊपर जहाँ पेटीकोट बंधी थी वहां तक मालिश करने के बाद हाथ को थोड़ा और नीचे खिसका कर उसकी गांड की दोनों भागो को पेटीकोट के ऊपर से पकड़ कर हिलाते हुए bola,"Dekh नहीं रहा ससुरा मेमसाहेब का इहाँ काटना बोझ है. थोड़ा इहाँ रगड़ कर मालिश कर ताकि मेमसाहेब को आराम मिले. ससुरा देखा नहीं हम सामने में कइसन मालिश कर रहे थे. असली रगड़े तो तोहका इहाँ करना चाहिए. चल इहाँ अच्छे से रगड़ कर मेमसाहेब को आराम दे".

रामु यह सुनकर अपना दोनों हाथ अनीता की ऊपरी जांघों से ऊपर खिसका कर उसकी पेटीकोट के अंदर घुसा कर उसकी गांड की शुरुआत में मालिश करने लगा तो हरिया bola,"Memsaheb हम कउनो ग़लत बोलै हूँ का? आपको यहां भी तो मालिश का ज़रूरत है".

अनीता यह सुनकर कामुक तरीके से boli,"Nahin हरिया जी कुछ ग़लत नहीं बोलै है आपने. उल्टा आप ख्याल रख रहे हैं की मेरी अच्छे से रगड़ कर मालिश हो".

हरिया यह सुनकर bola,"Memsaheb वह रामु को यहां ऐसे रगड़ने में मुश्किल हो रहा है. अगर आप बुरा न माने तो यह पेटीकोट निकल देते हैं".

अनीता यह सुनकर हरिया के लुंड से नाक रगड़ते हुए उसे सूंघती हुयी कामुक तरीके से boli,"Are नहीं हरिया जी इसमें बुरा मानने की क्या बात है. अगर रामु जी को दिखेगा hi नहीं की उन्हें कहाँ रगड़ कर मालिश करना है तो कैसे रगड़ेंगे मुझे".

अनीता यह बोलकर अपनी दोनों घुटनो को सामने के तरफ खींचती हुयी कामुक तरीके से अपनी गांड को थोड़ा ऊपर उठाकर उसे धीरे से हिलती हुयी अपनी सर को ऊपर उठाकर पीछे रामु के तरफ देखि और अपनी आँखों से गांड की तरफ इशारा की.

रामु यह देखकर अनीता की पेटीकोट उसकी कमर से पकड़ कर पीछे खींचने लगा तो अनीता अपनी गांड को बहोत hi धीरे से थोड़ा सा दया बया करके हिलने लगी.

हरिया यह देखकर bola,"Ramu देख रहा है मेमसाहेब कैसे हमरा मदद कर रही है उनका पेटीकोट निकलने में ताकि हम उन्हें अच्छे से रगड़ सके. पेटीकोट निकल कर अच्छे से रगड़ना है टोका उहा ताकि मेमसाहेब को भी लगे की असली मरद से रगड़वा रही है"

आख़िरकार रामु अनीता की पेटीकोट को उसकी गांड से सड़क कर उसकी जांघ तक खिंच दिया और अनीता की पंतय दिखने लगी. रामु और हरिया को यक़ीन नहीं हो रहा था की वह क्या देख रहे हैं. उस पंतय में अनीता की गांड की दोनों भाग लगभग पूरी नंगी थी क्यूंकि बीच का स्ट्राप दोनों गांड के बीच अटकी हुयी थी और उसके ऊपर उसकी कमर पर बस एक 'व्' शेप का कपडा था जो उसकी गांड की दरार के ऊपरी भाग से दोनों तरफ कमर पर जा रही थी. साफ़ शब्दों में बोलै जाये तो अनीता एक थिंग पंतय पहनी हुयी थी.

अनीता अपनी गर्दन पीछे की हुई रामु के तरफ देख रही थी की तभी उसे अपनी नाक और होंठों से हरिया का लुंड टकराते हुए महसूस हुआ जिससे वह समझ गयी की हरिया का लुंड बौखला कर हिल रहा है. अनीता को अपनी जवानी और खूबसूरती पर गर्व होने लगा की हरिया का लुंड कैसे बौखला रहा है. अनीता गहरी सांस लेती हुयी हरिया का लुंड से आ रहे गंध को सूंघी और सांस छोड़ी तो उसकी गरम सांस पड़ने से उसका लुंड फिर हिलते हुए अनीता की मुंह और और नाक से टकराने लगा.

अनीता वैसे hi अपनी गांड को थोड़ा हिलती हुयी हरिया के लुंड के गंध को सूंघती हुयी और उसके सख्ती को अपनी नाक और मुंह पर महसूस करती हुयी सर को थोड़ा ऊपर करके रामु के टांगों के बीच देखने का कोशिश करने लगी मगर उसकी गांड की वजह से देख नहीं पा रही थी की तभी वह हरिया का आवाज़ suni,"Are रामु का बैठे हुए hi पेटीकोट निकल रहा है. मेमसाहेब के पेअर से पेटीकोट निकलने के लिए तोहका थोड़ा पीछे होना होगा और खड़ा भी होना होगा. थोड़ा घुटने के बल hi सोफे पर बैठ जा. ऐसे भी मेमसाहेब पीछे देख रही है तो मेमसाहेब को अपना बड़ा और मोटा चीज़ दिखा जिससे तू मेमसाहेब को रगड़ेगा".

रामु यह सुनकर अनीता के तरफ देखा तो अनीता मुस्कुराई. रामु भी उसे देखकर मुस्कुराया तो अनीता कामुक अंदाज़ से अपनी आँखों से उसके टांग के बीच इशारा की. रामु यह देखकर घुटने के बल सोफे पर बैठ गया तो अनीता को उसका लुंड दिखने लगा. अनीता उसके लुंड को देखती हुयी अपनी गांड को हल्का हिलाई तो रामु का लुंड थोड़ा सा झटका मारा. अनीता यह देखकर मुस्कुराती हुयी रामु के आँखों में देखि तो वह भी मुस्कुराया. अनीता मुस्कुराती हुयी आँखों से अपनी गांड के तरफ इशारा की तो रामु उसकी गांड की तरफ देखने लगा. अनीता अपनी गांड को थोड़ा आ हिलती हुयी रामु के लुंड के तरफ देखि तो उसका लुंड इस बार बौखला कर हिलने लगा. यह देखकर अनीता की चेहरे पर मुस्कराहट के साथ साथ एक गर्व का भाव भी आ गया. रामु का लुंड को ऐसे झटके मारते देख वह हरिया के लुंड को भी झटके मारते हुए अपनी नाक और मुंह पर महसूस कर रही थी.

आख़िरकार रामु अनीता की पेटीकोट को उसकी जांघो से घुटने तक लाया तो अनीता अपनी घुटने को थोड़ा उठा दी और रामु पेटीकोट निकल दिया. इस बीच हरिया अनीता की पीठ और उसकी चूँचियों के साइड की मालिश कर रहा था. पेटीकोट निकलते वक़्त हरिया अपना हाथ अनीता की कमर से नीचे लेजाकर उसकी दोनों गांड की नंगी भागों को पकड़ कर हिलाते हुए bola,"Ab आराम से खूब रगड़ कर इहाँ मालिश कर. बहोत बोझ है इहाँ मेमसाहेब का".

अनीता यह सुनकर अपनी आँखें तिरछी करके हरिया को देखि तो वह उसकी गांड को हिलाते हुए मुस्कुरा दिया. अनीता भी हरिया को देख कर मुस्कुरा दी तो हरिया उसकी गांड को हिलाते हुए bola,"Memsaheb रामु अभी अच्छे से रगड़ कर आपको यहां आराम देगा. बहोत हल्का लगेगा आपको".

अनीता यह सुनकर मुस्कुरा दी तो हरिया bola,"Aap आराम से वापस लेट जाइये".

अनीता यह सुनकर पीछे देखकर रामु से कामुक तरीके से boli,"Ramu जी आप अपना सही जगह बनाकर बैठ जाइये पहले"

हरिया यह सुनकर bola,"Haan रामु थोड़ा आगे आकर बैठ. मेमसाहेब को अब ऊपर रगड़ना है तो थोड़ा आगे आना होगा तोहका".

रामु यह सुनकर थोड़ा आगे आकर अपना दया पेअर सोफे के सिडेरेस्ट के तरफ रखे हुए मोड़ कर बैठ गया. उसका बया पेअर सोफे से नीचे लटका था. उसका लुंड तन्न कर ऊपर के तरफ खड़ा था.

अनीता यह देखकर अपनी दोनों घुटनो को वापस पीछे के तरफ सड़कती हुयी गांड को कामुक तरीके से पीछे के तरफ नीचे करने लगी. उसकी बायीं घुटना रामु के बाये जांघ से टकरा गयी तो रामु अनीता की दोनों जांघों को पकड़ कर उठाया जिसे उसकी गांड ऊपर के तरफ हो गयी. वह यह देखकर अपनी आँखें बड़ी करके हसने lagi,"Ramu जी हेहेहे".

हरिया भी हसने लगा और रामु मुस्कुराते हुए अनीता को देखकर उसकी जांघों को पकडे हुए थोड़ा और आगे खिसक कर अनीता की जांघों को वापस नीचे रखने लगा जिससे उसकी दोनों घुटना अब रामु के दोनों जांघों के पीछे थी.

अनीता यह होते हुए खिलखिला रही thi,"hehehe" वहीँ हरिया bola,"Sasura साला".

अनीता यह सुनती हुयी खिखिलाना बांध करके रामु के आँखों में देखि और फिर उसकी लुंड के तरफ देखती हुयी धीरे धीरे अपनी घुटने को सीधा करती हुयी गांड को उसके गॉड के तरफ धकेलने लगी. आख़िरकार वह अपनी गांड को इतना नीचे कर पायी जब तक उसकी जांघ रामु के जांघ के ऊपर टिक नहीं गयी. ऐसा करने पर रामु का लुंड उसकी गांड से लगभग 3 इंच के फासले पर था.

रामु यह देखकर अनीता की गांड की दोनों नंगी भागो पर हाथ रखकर फिरने लगा और फिर टेबल से तेल लेकर उसकी गांड की दोनों भागो पर गिराने लगा. अनीता थोड़ी सर ऊपर की हुयी थी तो उसको चूँचियाँ उसकी बदन के बोझ ऐ दबी हुयी नहीं थी. अनीता उस टाइम महसूस की की हरिया उसकी दोनों चूँचियों के साइड को पकड़ कर थोड़ा बाहर के तरफ कर दिया जिससे उसकी दोनों चूँचियों का साइड का हिस्सा पहले से ज़्यादा बाहर के तरफ आ गयी.

इस बीच रामु उसकी दोनों गांड की भाग पर तेल गिराने के बाद टेबल पर कटोरी रखकर उसकी दोनों गांड पर अपना खुरदुरा हाथ फैलाकर मालिश करने लगा. रामु अनीता की गांड को मालिश करते हुए उसकी गांड को थोड़ा हिलाते हुए अनीता को मुस्कुराते हुए देखा तो वह भी बेशर्मी से मुस्कुरा दी और उसके लुंड के तरफ देखि तो रामु अपने लुंड में तनाव डालकर ऊपर के तरफ खड़ा कर दिया. अनीता उसका लुंड देखकर मुस्कुराई और फिर वापस हरिया के लुंड के तरफ देखने लगी.

वहीँ हरिया अनीता की चूँचियों को साइड से पकडे हुए hi bola,"Aap आराम से लेट जाइये मेमसाहेब. अब हम दोनों आपको अच्छे से रगड़ कर मालिश करेंगे".

अनीता यह सुनकर अपनी सर को वापस उसके बाये जांघ पर रखने लगी तो देखि की हरिया अपने दये हाथ से अपने दये जांघ पर रखे तौलिये को पकड़ कर साइड में खींचने लगा जिससे उसका लुंड दये तरफ से पूरा नंगा हो गया और साथ hi दया जांघ भी नंगा हो गया.

अनीता यह देखती हुयी उसके बाये जांघ पर सर रखती हुयी सर को थोड़ा हिलती हुयी दायी गाल को उसके जांघ पर रगड़ती हुयी कामुकता से boli,"Uhhhmm हाँ हरिया जी आप और रामु जी अच्छे से रगड़ कर मालिश कर दीजिये. आप दोनों इतनी अच्छी मालिश कर रहे हैं की पूरा बदन हल्का लग रहा है" और अनीता यह बोलकर अपनी गाल को हरिया के जांघ पर थोड़ा सा रगड़ी जैसे सुकून से कोई सोते वक़्त तकिये पर अपना सर थोड़ा रगड़ता है. ऐसा करने से उसके बाये जांघ का तौली भी थोड़ा सा उसके लुंड के बाये तरफ से सड़क गया. अनीता अगले पल अपनी सर थोड़ा सा उठाकर अपनी दायी हाथ जो हरिया के बाये जांघ और सोफे के हेडरेस्ट के बीच थी उससे उधर का तौली पकड़ कर धीरे से खींचने लगी जिससे तौली हरिया के लुंड के बाये तरफ से सदाकते हुए उसके जांघ तक आया और फिर अनीता की गाल के नीचे से सदाकते हुए सोफे पर गिर गया.

हरिया का लुंड अब पूरा नंगा था और तौली के सदाकने से उससे जा वह रगडाया तो तन्न कर हिलने लगा. साथ hi अनीता की नाक में एक तेज़ बदबू घुसा जो वही बदबू जैसा था जो उसकी नाक में जा रहा था मगर पहले से तेज़ था. अनीता को न जाने क्यों यह बदबू अच्छी लग रही थी. अनीता अपनी आँखों के कोने से हरिया के लुंड के नीचे लटके उसके अण्डों को देखि जहाँ बाल भरे हुए थे. अँधेरे में मोमबत्ती की हलकी रौशनी में बहोत अच्छे से दिखाई नहीं दे रहा था मगर अनीता समझ गयी की हरिया का अण्डों में जो बाल थे वह कहीं कहीं हल्का सफ़ेद हो चूका था और चिप छिपा था जो की उस जगह को साफ़ नहीं रखने से ऐसा था. उसके लुंड से एहि गन्दगी और साफ़ न रखने के कारण गंध आ रहा था. अनीता को ना जाने क्यों यह सब से घिन्न नहीं आ रही थी बल्कि एक आकर्षण हो रहा था.

अनीता तेज़ सांस लेकर वापस उसके जांघों पर गाल रखकर रगड़ी तो हरिया का लुंड झटका मारकर अनीता की नाक से होते हुए उसकी बायीं गाल से टकरा गया और फिर दो बार ऐसे झटका मारकर उसकी गाल पैट ऊपर नीचे ऐसे हुआ जैसे लुंड से अनीता की गाल पर हल्का थप्पड़ मारा जा रहा हो. अनीता यह महसूस करके आँखों के कोने से अपनी गाल पर हरिया का लुंड देखकर हरिया के दये जांघ के बालों पर अपनी हाथ फेरती हुयी एक बार ज़बान हल्का सा बाहर निकल कर होंठ पर हल्का सा फिरकर अपनी थूक घोंटि और फिर दांत के बीच निचली होंठ को दबा कर हरिया के लुंड को देखती हुयी उसके जांघ पर हाथ फेरती हुयी कामुक अंदाज़ से "ुहह्म्म" की आवाज़ निकली.

हरिया यह देखकर bola,"Pyaas लगा है का मेमसाहेब आपको?"

अनीता यह सुनकर हरिया का लुंड वैसे hi अपनी नाक के ऊपर से होते हुए गाल पर पड़े रहने दी हुयी अपनी बायीं आँख को थोड़ा ऊपर करके अपनी सर को 'न' में थोड़ा हिलाई और हिलती हुयी अपनी गाल को उसके लुंड पर रगड़ने लगी. ऐसा करने से हरिया का लुंड फिर से झटका मारकर उसकी गाल पर दो बार ऊपर नीचे ऐसे हुआ जैसे अनीता की गाल पर हल्का सा थप्पड़ मार रहा हो. अनीता को न जाने क्यों यह अच्छा लगा की एक लुंड उसे प्यार से थप्पड़ मार रहा हो जैसे उसे अपना ताक़त दिखाना छह रहा हो की वह अनीता की गाल पर थप्पड़ मारने का दम रखता है क्यूंकि वह एक बड़ा मोटा और तगड़ा लुंड है. अनीता को एहसास हो रहा था की एक असली लुंड में कितना दम होता है और उसे यह अच्छा लग रहा था.

अनीता अगले पल फिर से गहरी सांस लेकर हरिया के लुंड को सूंघी. हरिया यह देखकर अनीता की दोनों हाथ की बाँहों को पकड़ कर पीछे करते हुए bola,"Aap अपना हाथ हमरे पीछे रखकर आराम से लेटिए मेमसाहेब".

अनीता अपनी दोनों हाथों को सीधा करके हरिया के दोनों कमर के तरफ से पीछे ले गयी जिससे उसकी दोनों साइड की चूँचियाँ फिर से पूरा दिखने लगी मगर पहले के मुक़ाबले साइड से ज़्यादा दिख रही थी क्यूंकि हरिया थोड़ा उसकी चूँचियों को बाहर के तरफ खिंच दिया था.

हाथ ऊपर करने से अनीता की बायीं बांह, उसकी बायीं कन्धा, गर्दन और चेहरे के बीच हरिया का लुंड घिर चूका था. अब हरिया का लुंड झटका मारने पर अनीता की बदन का कोई न कोई हिस्सा से hi टकराता.

हरिया अनीता की हाथों को पीछे करने के बाद puchha,"Aap आराम से लेट गयी तो मेमसाहेब?"

अनीता यह सुनकर तिरछी आँखों से ऊपर के तरफ हरिया को देखती हुयी उसके लुंड पर धीरे से अपनी गाल रगड़ती हुयी कामुकता से 'हाँ" में सर हिलती huyi,"Uhhmm" की.

हरिया अनीता को देखते हुए अपने लुंड में तनाव लाकर लुंड से उसकी गाल पर थपथपाया तो अनीता कामुक नज़र से हरिया को देखि. हरिया अगले पल वैसे hi लुंड में तनाव लाये लुंड से अनीता की गाल पर थपथपाते हुए टेबल से तेल का कटोरी उठाया और अनीता की पूरी नंगी पीठ पर कटोरी रखकर उसमे से दोनों हाथों में तेल उठाकर उसकी दोनों साइड की चूँचियों पर तेल गिराने लगा. अनीता को जब अपनी चूँचियों के साइड हिस्से पर तेल गिरता महसूस हुआ तो वह कामुक तरीके से गाल को वापस हरिया के लुंड पैट रगड़ती huyi,"Uhhmm" की.

हरिया तेल गिराने के बाद हाथों से उसकी चूँचियों के साइड पर तेल मलने लगा और थोड़ा मलने के बाद कटोरी उठाकर कटोरी से डायरेक्ट उसकी गर्दन के नीचे से लेकर उसकी कमर तक रीढ़ के ऊपर तेल गिराकर उसकी गांड की दोनों हिस्सों पर तेल गिराने के बाद टेबल पर कटोरी रख दिया.

हरिया फिर अनीता की पीठ पर गर्दन के नीचे हाथ रखकर अपने हाथ का दबाओ बनाते हुए तेल को उसकी पीठ पर मलते हुए अपना हाथ नीचे अनीता की कमर तक रगड़ते हुए ले गया. साथ hi रामु भी उसकी गांड की दोनों भागो पर हाथ का दबाओ बनाते हुए मालिश करने लगा. दो मर्दों के चार मजबूत और कठोर हाथों से अपनी नाज़ुक जिस्म की मालिश होने से अनीता की मुंह से कामुक तरीके से "आआह्ह्ह ुहहममम" निकल गयी.

हरिया वैसे hi हाथों को वापस ऊपर अनीता की गर्दन तक लाकर मालिश कर दिया और फिर वापस नीचे कमर तक ले जाकर वापस ऊपर तक लाकर मालिश करने लगा. हर बार हरिया अपने हाथों का इतना दबाओ बनाया जिससे अनीता को आराम मिले और अनीता भी हरिया के लुंड को देखती हुयी कामुक तरीके से "ाःह उह्ह्ह" करती हुयी मालिश का मज़ा ले रही थी. उसकी कामुक आहें और साँसों की गर्मी हरिया के लुंड पर पड़ने से उसका लुंड भी कभी कभी हिलकर अनीता की गाल तो कभी कंधे पर थपथपा रहा था.

तीन चार बार हरिया अनीता की पीठ पर वैसे ऊपर से नीचे तक मालिश करने के बाद वापस अपने हाथों को अनीता की चूँचियों के साइड पर लेजाकर वहीँ मालिश करते हुए bola,"Ab इहाँ भी मालिश कर डेट हैं. ससुरा चींटी दूध का भंडार समझ कर काट दिया था इहाँ".

अनीता यह सुनकर कामुक तरीके से "ुहह्म्म ाःह" करती हुयी मुस्कुरा कर boli,"Offo हरिया जी अब बस भी कीजिये चींटी की बात. उसे तो आपने इतनी फुर्ती से वहां से हटा दिया था की उसे सही से काटने का मौक़ा भी नहीं दिया आपने नहीं तो पता नहीं कितना लाल कर देता और मुझे दर्द भी होती. खैर अब जो हो गया सो हो गया अब छोड़िये उस बात को".

अनीता के बोलने से उसकी मुंह से गरम हवा हरिया के लुंड पर पद रही थी जिससे उसका लुंड में तनाव आ रहा था जिससे वह हिलते हुए कभी अनीता की कंधे तो कभी उसकी गाल पर टिक जा रहा था.

हरिया यह सुनकर अनीता की चूँचियों के साइड में मालिश करते हुए bola,"Are मेमसाहेब ससुरा ु चींटी को कैसे सही से काटने का मौक़ा देते"

रामु अगले पल bola,"Woh भी आपके दूध पर".

अनीता की सांस यह सुनकर तेज़ हो गयी जिसे हरिया अपने लुंड पर महसूस किया और उसका लुंड फिर से हिलने लगा. रामु अगले पल bola,"Humra मतबल है की आपके दूध जइसन गोरा बदन पर".

हरिया अगले पल bola,"Are मतबल तो यही है मेमसाहेब का दूध जइसन बदन मगर ससुरा चींटी तो ी का दूध का भंडार hi समझा था तभी तो मुंह लगा रहा था ससुरा. और हमरा होते हुए ु ससुरा को मज़े से मेमसाहेब का दूध पर मुंह कैसे लगाने देते"

हरिया अगले पल puchha,"Ka रे रामु तू ससुरा ु चींटी को मेमसाहेब का दूध में मुंह लगाने देता का?"

रामु अगले पल bola,"Bilkul नहीं. ु चींटी ससुरा को हम मेमसाहेब का दूध में मुंह लगाने दे hi नहीं सकत".

हरिया अगले पल bola,"U अलग बात है की ससुरा थोड़ा देर के लिए मुंह लगा दिया मेमसाहेब का दूध में".

अनीता की छूट में यह सब सुनकर बेचैनी बढ़ने लगी. ऐसा लग रहा था जैसे वह चिटनी अब उसकी छूट पर रेंग रही हो. उसकी छूट में गीलापन बढ़ रही थी और साथ hi उसकी बदन में मज़े और मस्ती की लहर दौड़ रही थी.

अनीता अपनी सांस को कण्ट्रोल करती हुयी boli,"Offo हरिया जी फिर वही बात. आपने तो उस बेचारे चींटी को इतनी जल्दी हटा दिया. अब थोड़ा सा मेरी दूध जैसी गोरी बदन पर काट कर लाल कर दिया तो कर दिया. आपने उसे ज़्यादा देर तो कुछ करने नहीं दिया न. उसके बाद से तो मेरी दूध जैसी बदन को तो आप और रामु जी hi रगड़ रहे हैं"

हरिया यह सुनकर उसकी चूँचियों का मालिश करते हुए bola,"Haan मेमसाहेब ऊके बाद से तो आपके दूध को हम hi रगड़ रहे हैं".

अनीता अगले पल boli,"Aap रगड़ रहे थे और रामु जी देख रहे थे. उनका पूरा नज़र तो वहीँ था"

हरिया अनीता की चूँचियों की मालिश करते हुए bola,"Haan मेमसाहेब ससुरा का पूरा ध्यान आपकी दूध पर hi था".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Hariya जी मेरी दूध जैसी बदन पर".

हरिया यह सुनकर अनीता की चूँचियों की मालिश करते हुए bola,"Are मेमसाहेब लेकिन चींटी ससुरा तो दूध पर hi मुंह लगाया था न".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Hariya जी फिर चींटी की बात".

हरिया यह सुनकर हसने laga,"Hahaha" तो अनीता भी बेशर्मी से खिलखिलाने lagi,"Hehehe".

हरिया हस्ते हुए bola,"Achha मेमसाहेब चींटी का बात नहीं करेंगे अब बस आपकी दूध की मालिश करेंगे"

अनीता यह सुनकर अपनी आँखें बड़ी करके तिरछी आँखों से हरिया को देखती हुयी boli,"Hariya जी" तो हरिया फिर से हसने laga,"Hahahaha" जिसे देखकर अनीता भी बेशर्मी से फिर से खिलखिलाने lagi,"Hehehehe".

अनीता की बेशर्मी देखकर उसकी गांड की मालिश करते हुए रामु का लुंड भी बेचैन होकर हिल रहा था.

हरिया का लुंड भी अनीता की चेहरे और कंधे से टकरा रहा था. अनीता की भी छूट में बेचैनी बढ़ रही थी और वह हरिया के लुंड को देखती हुयी फिर से थूक घोंट कर अपनी होंठ पर एक बार ज़बान फिरा कर निचली होंठ को दांतो के बीच दबाकर जोर का सांस लेकर उसके लुंड के गंध को सूंघी.

हरिया यह देखकर अपने लुंड में तनाव लाकर अनीता की गाल पर लुंड से थप तपते हुए puchha,"Memsaheb आपको प्यास लगी है तो प्यास बुझा लीजिये. कुछो चूसने का मैं है तो चूस लीजिये. चूसने से आपका प्यास बुझ जायेगा".

अनीता यह सुनकर अपनी सर को "न" में हिलती हुयी अपनी गाल को उसके लुंड पर रगड़ती हुयी boli,"Hariya जी इतनी गर्मी में तो आइस क्रीम hi चूसने का मैं करता है मेरा. मगर आइस क्रीम तो है नहीं".

हरिया यह सुनकर bola,"Haan मेमसाहेब हम जानत है आप आइस क्रीम कितना मज़े से चुस्ती हैं. लेकिन आइस क्रीम नहीं है तो ुका जइसन कउनो और चीज़ चूसने वाला हो तो चूस लीजिये"

हरिया यह बोलते हुए अपने लुंड में तनाव लाकर उसको अनीता की गाल पर थपथपा दिया. अनीता यह देखकर कामुकता या यूँ कहे रणदीपाने से boli,"Uhhmm हरिया जी मुझे तो बस ठंडी ठंडी आइस क्रीम चुसनी है और कुछ नहीं. मेरी प्यास ठंडी आइस क्रीम चूसने से hi बुझेगी"

हरिया यह सुनकर bola,"Are मेमसाहेब जैसा लोहा लोहा को काटत है आसान hi कभी कभी प्यास और बदन का गर्मी गरम चीज़ से hi बुझत है. हमको लागत है की आपका प्यास और बदन की गर्मी आइस क्रीम से भी बड़ा और मोटा चीज़ चूसने से बुझेगा, वह भी गरम चीज़".

अनीता यह सुनकर कामुकता से boli,"Uhhm हरिया जी पता नहीं आप क्या बात कर रहे हैं. मुझे प्यास नहीं लगी है अभी और अभी कुछ भी नहीं चूसना, आइस क्रीम से बड़ा, मोटा और गरम चीज़ भी नहीं"

हरिया यह सुनकर उसकी चूँचियों की मालिश करते हुए bola,"Theek है मेमसाहेब जब मैं करेगा तो चूस लीजियेगा. आपके पास hi है वह चूसने का चीज़".

अनीता यह सुनकर हरिया के लुंड पर गाल रगड़ती हुयी कामुकता से ,"ुहह्म्म" करती हुयी boli,"Hariya जी आपको और रामु जी को प्यास नहीं लगी है क्या? बहोत देर स्व बस मुझे रगड़ रहे हैं, शराब तो आप दोनों ने ज़रा सा भी नहीं पिया है"

हरिया यह सुनकर bola,"Are मेमसाहेब अब हुंका शराब नहीं, दूध पीने का मैं कर रहा है".

अनीता यह सुनकर अपनी आँखें बड़ी करके boli,"Hariya जी अब आपको दूध पीने का मैं करने लगा. आपने मेरी बदन को इतनी बार दूध जैसा बोलै की सच में आपको दूध hi पीने का मैं करने लगा".

हरिया अनीता की चूँचियों के साइड में मालिश करते हुए bola,"Are मेमसाहेब दूध भी तो आपका hi पीने का मैं कर रहा है. हम आपका दूध पीना चाहता हूँ"

अनीता की सांस और धड़कन यह सुनकर तेज़ हो गयी हुए हरिया का लुंड भी अनीता की सांस पड़ने से फिर से हिलने लगा. रामु का भी लुंड यह सुनकर बौखलाकर हिलने लगा और अगले पल उसके लुंड में तनाव बढ़ गया जब वह अनीता की बात suna,"Haan हरिया जी अब आप मेरे घर में हैं तो मेरा दूध hi तो पिएंगे, बाहर का दूध यहाँ ऐसे मौसम में और इतनी रात को कहाँ से आएगा".

अगले पल अनीता अपनी सर को उठाकर पीछे देखकर रामु से puchhi,"Ramu जी आपको भी दूध पीना है क्या?"

रामु यह सुनकर अनीता की गांड की मालिश करते हुए bola,"Haan मेमसाहेब हुंका भी आपका दूध पीना है".

अनीता यह सुनकर कामुकता से boli,"Offo रामु जी अभी तो मैं हरिया जी को बोली की मेरे घर में आप दोनों हैं तो मेरे hi दूध पिएंगे न".

हरिया और रामु दोनों का लुंड यह सुनकर तन तना कर हिलने लगा और दोनों एक साथ bole,"Haan मेमसाहेब हुंका आपका दूध पीना है"

अनीता यह सुनकर boli,"To जाइये फ्रिज में दूध रखा हुआ है निकलकर पि लीजिये".

हरिया यह सुनकर हस्ते हुए bola,"Are मेमसाहेब हाहाहा" तो अनीता भी बेशर्मी से खिलखिलाने lagi,"hehehe".

रामु भी दांत दिखा कर मुस्कुराने लगा. लिविंग रूम में हरिया और अनीता की हसी फिर से गूंजने लगी. अनीता खिलखिलाती हुयी boli,"Hehehe अब क्या hua?jaiye फ्रिज से दूध निकलकर पि लीजिये हेहेहे"
 
अपडेट 75

हरिया भी यह सुनकर हस्ते raha,"hahaha" और bola,"Are मेमसाहेब हम और रामु दो मरद है तो हम दोनों को दो दूध चाहिए हहह"

अनीता भी खिलखिलाती हुयी boli,"Hehehe हरिया जी फ्रिज में दो दूध मिल जायेंगे आपको हेहेहे जाकर देखिये तो हेहेहे"

रामु यह सुनकर अनीता की गांड की मालिश करते हुए मुस्कुराकर bola,"Are मेमसाहेब हुंका दूध में मुंह लगाकर पीना है जैसे वह ससुरा चींटी पी रहा था".

अनीता यह सुनकर खिलखिलाती हुयी boli,"Hehehe रामु जी फिर से चींटी की बात करने लगे हहह. खैर पैकेट दूध है फ्रिज में. आपको मुंह लगाकर दूध पीना है तो किचन में कैंची है उससे पैकेट को थोड़ा सा काट कर उसमे मुंह लगाकर पि लीजियेगा हेहेहे".

हरिया अनीता की चूँचियों के साइड में मालिश करते हुए bola,"Are मेमसाहेब दूध को तो हम दांतों से काटेंगे. दूध को तो दांतों से hi काटा जाता है"

अनीता यह सुनकर खिलखिलाना कण्ट्रोल करके boli,"To डेंटन से hi काट कर पी लीजिये हरिया जी" और अनीता फिर खिलखिलाने lagi,"hehehe".

हरिया bola,"Haan मेमसाहेब हम दांतो से एक दम थोड़ा काटेंगे ताकि उसमे एक दम छोटा छेड़ हो..".

हरिया के आगे बोलने से पहले अनीता खिलखिलाना बांध करके मुस्कुराती हुयी puchhi,"Hariya जी थोड़ा सा काटेंगे तो दूध तो थोड़ा hi niklega?patli धार जैसे" और फिर खिलखिलाने lagi,"Hehehe"

हरिया यह सुनकर अनीता की चूँचियों के साइड को हाथों से थोड़ा दबाते हुए bola,"Are मेमसाहेब दूध पीने में तो तभी मज़ा है जब उसके अंदर से पतली धार निकले और वह भी दबाने से. दूध को दबाकर उसके अंदर से पतली धार में दूध निकलकर पीने में hi असली मज़ा है".

हरिया यह बोलते हुए अनीता की चूँचियों को साइड से दबा रहा था.

यह सब बोलते वक़्त हरिया का और रामु का लुंड बौखलाकर हिल रहा था वहीँ अनीता की छूट पर जैसे चींटियां रेंग रही थी. उसकी छूट में गीलापन बढ़ रही थी और बदन में मस्ती भर चुकी थी.

अनीता यह सुनकर रामु को देखती हुयी कामुक अंदाज़ में puchhi,"Ramu जी आपको भी ऐसे hi दूध पीना है क्या? दूध को दबाकर उसके अंदर से पतली धार निकलकर उसे पीना है?"

रामु यह सुनकर अनीता की गांड की दोनों भागो को पकड़ कर उसे दबाते हुए bola,"Haan मेमसाहेब. मरद लोगन को वैसे hi दूध पीना चाहिए. ससुरा दूध को दबा कर उसके अंदर से दूध निकल कर पीने का अलग hi मज़ा है".

अनीता यह सुनकर एक नज़र अपनी गांड पर डाकू की कैसे रामु उसकी गांड को पकड़ कर दबा रहा था और फिर रामु को देखती हुयी कामुकता से boli,"Pata नहीं आपका और हरिया जी का दूध पीने का यह कैसा अंदाज़ है. खैर वैसे दूध पीने के लिए तो आपको बहोत पतला छेड़ करना होगा. किचन में पिन भी है. पिन से एक दम पतला छेड़ कर लीजियेगा दूध के पैकेट में और दबा दबा कर दूध पि लीजियेगा"

अनीता यह बोलकर फिर से खिलखिलाने lagi,"hehehe" और खिलखिलाती हुयी hi वापस अपनी गाल हरिया के जांघ पर रख दी.

हरिया यह सुनकर अनीता की चूँचियों को साइड से मालिश करते हुए दबाते हुए bola,"Theek है मेमसाहेब जब आप वापस घूमेंगी तब हम दोनों आपका दूध पिएंगे, ऐसे दबा दबा कर". और हरिया यह बोलते हुए अनीता की चूँचियों को साइड से दबाते रहा.

रामु भी अनीता की गांड की दोनों भागो को दबाते हुए bola,"Haan ऐसे दबा दबा कर".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी हरिया के जांघ पर सर राखी हुयी उसके लुंड को देखती हुयी puchhi,"Hariya जी उसके लिए मुझे घूमने की क्या ज़रूरत है?"

हरिया यह सुनकर अनीता की चूँचियों को साइड से मालिश करते हुए उसे थोड़ा हिलाते हुए bola,"Are मेमसाहेब आप घूमेंगी तभी तो हम दोनों को आपका ी दूध दिखाई देगा"

अनीता यह सुनकर कामुकता से puchhi,"Hariya जी अभी आपको मेरी दूध दिखाई नहीं दे रही है क्या? आपके आँखों के सामने hi तो मेरी दोनों दूध है".

हरिया और रामु का लुंड यह सुनकर झटका मारने लगा. हरिया का लुंड झटका मारते हुए अनीता की गाल पर थपथपाने लगा तो तो अनीता उसके लुंड को आँखों के कोने से देखती हुयी आगे boli,"Dekhiye आपको तो किचन में फ्रिज तो दिखाई दे रही होगी उसके अंदर hi दोनों दूध है. आप निकलकर पि लीजिये".

हरिया यह सुनकर हसने laga,"Hahaha" तो अनीता भी उसके लुंड को देखती हुयी खिलखिलाने lagi,"Hehehe".

अनीता खिलखिलाना रोक कर आगे boli,"Waise रामु जी भी मेरी दोनों दूध देख सकते है. वह तो इतना ध्यान से देखते हैं की मुझे यक़ीन है की उनका ध्यान मेरी दोनों दूध पर hi होगा."

अनीता यह बोलकर फिर खिलखिलाने lagi,"Hehehe" वहीँ हरिया भी हसना जारी rakha,"Hahaha"

अनीता खिलखिलाती हुयी पीछे गर्दन करके रामु को खुद की चूँचियों के साइड पर देखते पायी और कामुक अंदाज़ में puchhi,"Ramu जी मैंने ठीक कहा न? आपका ध्यान मेरी दूध पर hi है न?"

रामु यह सुनकर अनीता की चूँचियों के साइड को देखते हुए bola,"Haan मेमसाहेब हमरा ध्यान तो आपके दूध पर hi है, मगर वह पूरा दिखाई नहीं दे रही है"

फिर वह अनीता की गांड की मालिश करते हुए hi नज़र उसकी चूँचियों के साइड से हटाकर उसको देखा.

अनीता रामु को खुद की चूँचियों के साइड को देखते हुए यह बात कहते हुए देखि और फिर जब रामु वापस उसकी आँखों में देखा तो अनीता उसके आँखों में देखती हुयी कामुक अंदाज़ में boli,"Ramu जी पूरा दूध कैसे दिखाई देंगे जब वह बांध है, किचन में फ्रिज के अंदर. दूध बाहर निकलेंगे तभी तो पूरा दिखाई देंगे"

अनीता फिर वैसे hi अपनी सर हरिया के जांघ से उठाई हुयी हरिया को देखती हुयी उसके पीछे उसके कमर पर अपनी बायीं हाथ फेरती हुयी कामुक अंदाज़ में puchhi,"Sahi कहा न मैंने हरिया जी?"

हरिया यह सुनकर उसकी चूँचियों के साइड को पकड़ कर मालिश करते हुए bola,"Haan मेमसाहेब सही कहा आपने की आपका ी दोनों दूध तो अभी अंदर है".

अनीता यह सुनकर बेशर्मी से उसे देखती हुयी मुस्कुरा और फिर वापस पीछे रामु को देखती हुयी वैसे hi कामुक या यूँ कहे रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Sunn लिया आपने रामु जी. दूध तो अभी अंदर है तो आपको कैसे दिखाई देंगी"

रामु यह सुनकर अनीता की गांड की मालिश करते हुए bola,"Eke लिए hi तो हरिया बोलत है की आप जब घूमेंगी तो हम आपका दूध बाहर निकलकर उसे अच्छे से देखेंगे भी और पिएंगे भी. अभी मुंह लगाकर".

अनीता यह सुनकर हरिया के पीछे कमर पर उँगलियाँ फेरती हुयी रामु को देखती हुयी कामुक तरीके से boli,"Offo पता नहीं मेरी दूध पीने के लिए मेरा घूमना क्यों ज़रूरी है आप दोनों के लिए. खैर आप दोनों मेरी दूध मेरे घूमने के बाद hi पीना चाहते हैं तो वही सही. जब मैं घूमूंगी तो आप दोनों मेरी दूध पि लीजियेगा, वह भी मुंह लगाकर"

अनीता यह बोलकर खिलखिलाने lagi,"Hehehe"

हरिया यह सुनकर अनीता को खिलखिलाते देख मुस्कुराकर उसकी चूँचियों के साइड में मालिश करते हुए bola"Haan मेमसाहेब ससुरा चींटी जैसा मुंह लगाएंगे आपका ी दोनों दूध में मगर हम साइड में नहीं बीच में मुंह लगाकर पिएंगे जहाँ छेड़ है दूध निकलने के लिए " और हसने laga,"Hahaha" तो अनीता भी हरिया को देखकर खिलखिलाने lagi,"Offo हरिया जी हेहेहे. आप तो अपना दूध पीने का पूरा अंदाज़ hi बताने लगे ुहममम"

रामु भी मुस्कुराने लगा और अनीता की गांड को पकड़ कर हिलने लगा. अनीता अपनी गांड को रामु द्वारा हिलने पर पीछे गर्दन करके उसे देखती हुयी खिलखिलाती हुयी puchhi"Hehehe रामु जी आप भी ऐसे hi दूध पिएंगे क्या जैसे हरिया जी बोल रहे हैं? हेहेहे".

रामु यह सुनकर अनीता की दोनों गांड की भागो को पकड़ कर साइड से दबाते हुए bola,"Haan मेमसाहेब हम भी वैसे hi आपका दूध के बीच में छेड़ में मुंह लगाकर पिएंगे वह भी आपका दूध को ऐसे दबा दबा कर,"

अनीता खिलखिलाती हुयी boli,"Hehehe रामु जी तो मैं तो अपनी दूध की hi बात कर रही हूँ. मेरे घर में फ्रिज में जो दूध है वह तो मेरा hi हुआ न हेहेहे"

हरिया भी यह सुनकर हसने laga,"Hahaha" तो अनीता खिलखिलाती हुयी उसे देखकर उसके कमर पर उँगलियाँ फेरती हुयी कामुक अंदाज़ में boli,"Pata नहीं आप दोनों बार बार मेरी दूध मेरी दूध क्यों बोल रहे हैं. मेरे घर में तो मेरी दूध hi होंगी न हहहहए"

हरिया यह सुनकर उसकी चूँचियों को साइड से पकड़ कर मालिश करते हुए बोलै हस्ते हुए bola,"Hahaha सही बात मेमसाहेब. ी घर में तो आपका hi दो दूध है. वही हम दोनों बोल रहा हूँ की आपका दूध"

अनीता यह सुनकर हरिया को देखती हुयी खिलखिलाना बांध करके उसके कमर पर उँगलियाँ फेरती हुयी कामुक अंदाज़ में boli,"Uhmm आप और रामु जी भी सच में कैसी कैसी बातें करते हैं. मगर जो भी है आप दोनों बहोत फनी हैं. कितना हँसा रहे हैं मुझे ुहह्म्म".

और फिर वह वापस हरिया के जांघ पर गाल रखकर सोती हुयी उसके लुंड को देखती हुयी वाइस hi कामुकता से boli,"Aur अच्छा से रगड़ कर मालिश भी कर रहे हैं ुहह्म्म".

हरिया यह सुनकर अपना लुंड अनीता की मांग से सताए उसमें तनाव लाकर उसे वाइपर जैसे उसकी मांग से लेकर उसकी नाक तक रगड़ते हुए bola,"humre पास फानन वाला चीज़ भी तो हैं मेमसाहेब"

अनीता यह सुनकर अपनी सर को थोड़ा हिलती हुयी अपनी मांग और नाक को उसके लुंड से रगड़ती हुयी कामुक अंदाज़ में boli,"Woh तो है हरिया जी ुहह्म्म"

हरिया यह सुनकर अपना लुंड को वैसे hi तनाव में लाकर अनीता की मांग और नाक पर रगड़ने लगा. अनीता भी उसके लुंड को देखकर अपनी थूक घोंट कर फिर से ज़बान निकलकर होंठों पर फेरकर निचली होंठ को एक पल के लिए दांत में दबायी तो हरिया bola,"Memsaheb चूस लीजिये न. आप प्यासी लग रही हैं"

अनीता यह बात सुनकर भी पूरी बेशर्मी से हरिया के लुंड को hi देख रही थी और हरिया को देखे बिना उसके लुंड पर नज़र जमाई हुयी hi boli,"Nahin हरिया जी. मैं आइस क्रीम hi चूसूंगी".

रामु यह सुनकर bola,"Are मेमसाहेब चूस लीजिये न. आपको प्यास लगा है ी साफ़ साफ़ पता चल रहा है".

अनीता यह सुनकर हरिया के जांघ से सर उठाकर पीछे गर्दन करके रामु को देखती हुयी कामुक अंदाज़ में boli,"Pyaas तो आपको और हरिया जी को भी लगा है. कबसे दूध पीने की बात कर रहे हैं. जब आप लोग फ्रिज से दूध निकलने जाइएगा तो मेरे लिए पानी का बोतल ले लीजियेगा. मैं पानी पीकर प्यास बुझा लुंगी".

रामु यह सुनकर उसकी चूँचियों के साइड में देखकर "हाँ" में सर हिलाते हुए bola,"Theek है मेमसाहेब जैसा आपको अच्छा लगे. ऐसे चूसने का मैं करे तो चूस लीजियेगा. जिस तरह से हमरा पीने के लिए आपके पास दो दूध है वैसे hi आपके चूसने के लिए भी दो चीज़ है".

रामु यह बोलकर मुस्कुराने लगा तो अनीता भी उसे देखकर मुस्कुरा और फिर अगले पल रामु अपने टैंगो के बीच आँखों से इशारा करते हुए bola,"Ek इधर है" तो अनीता मुस्कुराती हुयी उसके टैंगो के बीच देखि तो रामु अपने लुंड में तनाव डालकर हिलने लगा. अनीता वह देखकर मुस्कुराकर वापस रामु को देखि तो वह हरिया के लुंड के तरफ आँखों से इशारा करते हुए bola,"Ek उधर".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी बेशर्मी से हरिया के लुंड के तरफ देखि तो उसका लुंड वाइपर की तरह फिर से उसकी मांग पर हिलने लगा तो हरिया bola,"Mann करेगा तो चूस लीजियेगा मेमसाहेब".

अनीता यह सुनकर ऊपर हरिया के तरफ देखि और फिर उसके कमर पर फिर से हाथ फेरती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में puchhi,"Hariya जी ऐसे आप दोनों तो दूध में कहीं भी छेड़ करके मुंह लगाकर पी सकते हैं तो फिर बीच में hi क्यों?"

हरिया यह सुनकर अनीता की चूँचियों को मालिश करते हुए bola,"Are मेमसाहेब दूध पीने के लिए जो छेड़ होता है वह बीच में hi होता है, आपका भी तो ी दोनों दूध के बीच में hi छेड़ होगा जहाँ से दूध निकलेगा और हम और रामु मुंह लगाकर पियूँगा".

अनीता यह सब सुनती हुयी पूरी बेशर्मी से हरिया के आँखों में देखती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Uhmm हरिया जी दूध तो फ्रिज से आप दोनों निकले नहीं हैं तो आप दोनों को कैसे पता की मेरी दूध के बीच में दूध निकलने के लिए छेड़ है"

हरिया यह सुनकर चुप हो गया तो अनीता खिलखिलाने lagi,"Hehehe". हरिया भी यह सुनकर हसने laga,"Hahaha".

वहीँ रामु अनीता की गांड की मालिश करते मुस्कुराता रहा.

अनीता खिलखिलाती हुयी सर को वापस ऊपर उठाकर हरिया के आँखों में देखती हुयी boli,"hehehe बताइये हरिया जी आपको कैसे पता चला हेहेहे. आप भी न कैसी बातें करते हैं हेहेहे बस बात बनाते रहते हैं हेहेहे"

हरिया यह सुनकर हस्ते हुए उसकी दोनों चूँचियों की मालिश करते हुए bola,"Hahaha अरे मेमसाहेब ी तो कुदरती बात है की आपके ी दोनों दूध में दूध निकलने के लिए छेड़ होंगे

का रामु सही बोले न हम हाहाहा"

अनीता यह सुनकर खिलखिलाती हुयी रामु के तरफ देखि तो वह उसकी गांड को हिलाते हुए मालिश करते हुए bola,"Haan ी तो है"

अनीता यह सुनकर अपनी आंखें बड़ी करके मुस्कुराती हुयी boli,"Ramu जी?" तो वह दांत दिखते हुए मुस्कुराते हुए अनीता की गांड की मालिश करते हुए उसे हिलने लगा. हरिया हस्ते रहा और अनीता बेशर्मी से मुस्कुराती हुयी रामु को देखने के बाद हरिया को देखकर कामुक अंदाज़ में boli,"Hariya जी आप और रामु जी भी न बस बातें बना रहे हैं हेहेहे"

हरिया यह सुनकर अपना लुंड को झटका देकर अनीता की नाक के पास कर दिया तो वह सांस लेकर सूंघने लगी तो हरिया bola,"Aapko रगड़ भी तो रहे हैं".

अनीता यह सुनकर अपनी नाक को हरिया के लुंड से रगड़ती हुई उसे सूंघती हुई वापस उसके जांघ पर गाल रखकर हरिया के आँखों में देखती हुयी उसके लुंड के तरफ आँखों से इशारा की तो वह अपना लुंड को झटका देकर उसकी गाल पर थपथपा कर वहीँ रोक दिया.

अनीता अपनी गाल को उसके लुंड पर रगड़ती हुयी कामुक अंदाज़ में boli,"Haan हरिया जी आप और रामु जी अपने मोठे और बड़े चीज़ से खूब रगड़ रहे हैं मुझे ुहहममम"

हरिया अगले पल अनीता की चूँचियों के साइड को पकड़ कर हिलाते हुए रामु से bola,"Abhi मेमसाहेब को पीछे अच्छे से रगड़ना है. अब जब तक मेमसाहेब वापस न घूमे तब तक मेमसाहेब का इतना hi दूध देखकर खुश रह. ससुरा पहले hi घर घर कर मेमसाहेब का दूध खूब देख लिए तुम".

रामु यह सुनकर अनीता की गांड की मालिश करते हुए bola,"Are दूध कहाँ देख रहे थे. मेमसाहेब का दूध तो बांध था"

अनीता यह सुनकर वैसे hi हरिया के लुंड में अपनी गाल रगड़ती हुयी कामुकता से boli,"Uhmmm रामु जी अभी तो आप बोल रहे थे की मेरी दोनों दूध में छेड़ हैं दूध निकलने के लिए तो वह बिना देखे आपको कैसे पता चला?"

हरिया यह सुनकर हसने laga,"Are जा ससुरा हाहाहा" तो अनीता अपनी सर वापस हरिया के जांघ से उठाकर उसको देखती हुयी खिलखिलाने lagi,"Hehehe" और फिर पीछे रामु को देखती हुयी एक ऐडा से puchhi,"Bataiye रामु जी आपको कैसे पता मेरी दोनों दूध में बीच में छेड़ है?"

रामु यह सुनकर सोचने लगा की तभी हरिया हसने laga,"Hahaha मेमसाहेब चोरी पकड़ ली ससुरा का".

अनीता भी यह सुनकर रामु को देखकर खिलखिलाने लगी. खिलखिलाते वक़्त उसकी मांग से हरिया का लुंड सत्ता हुआ था. अनीता को ऐसे हरिया के लुंड से अपनी मांग सताए हस्ता देख रामु और हरिया दोनों का खून खौल रहा था. अनीता जैसी पढ़ी लिखी, इतनी खूबसूरत और अमीर घर की शादी शुदा औरत इतनी बेशर्म, इतनी बेहया हो सकती है यह उन दोनों ने सोचा नहीं था मगर वह दोनों उसकी बेशर्मी और बेहयाई देख रहे थे और उनका खून यह देखकर खौल रहा था. फिर भी दोनों असली मर्द के तरह खुद को संभाले हुए थे.

हरिया हस्ते हुए आगे bola,"Memsaheb भी जानत है की तू उनका दूध को खूब घर घर कर देखत रहे हाहाहा"

अनीता यह सुनकर अपनी आंखें बड़ी करके हरिया को dekhi,"Hariya जी अब बस कीजिये" तो हरिया दांत दिखा कर अनीता की आँखों में देखा. अनीता भी एक कामुक ऐडा से हरिया के आँखों में देखि तो रामु bola,"Are यही कुदरती बात जो हरिया बोलै की आपके दोनों दूध में दूध निकलने के लिए छेड़ होंगे hi"

अनीता यह सुनकर वापस घूम कर रामु को देखती हुयी boli,"offo फिर से वही बातें बनाना. आप दोनों भी न हेहेहे."

रामु यह सुनकर दांत दिखने लगा और अनीता की गांड को हिलाकर मालिश करने लगा. अनीता अपनी आँखें अपनी गांड पर लेजाकर देखि की रामु उसकी पूरी नंगी गांड के दोनों हिस्सों पर हाथ फैलाये हिला रहा था.

वहीँ हरिया रामु और अनीता का बात सुनकर हसने लगा तो अनीता वापस हरिया को देखती हुयी अपनी बायीं हाथ को उसके कमर से सामने के तरफ लाकर उसके बालों से भरे जांघ पर फेरती हुयी कामुकता से boli,"Uhmm ऐसे रामु जी ठीक कह रहे हैं हरिया जी. मेरी दूध रामु जी नहीं आप देखे होंगे"

अनीता की आवाज़ में एक ऐडा के साथ साथ मासूमियत थी जैसे वह कोई चीज़ साफ़ साफ़ और सच बोल रही हो. यह सुनकर हरिया और रामु दोनों एक दूसरे को देखने लगे और हरिया उसकी चूँचियों के साइड में मालिश करते हुए bola,"Are मेमसाहेब हम तो आपकी दूध को तो देख hi रहे थे मगर ी ससुरा रामु भी तो देख रहा था. कइसन घर घर कर आपकी दोनों दूध को देख रहा था ससुरा जैसे उसी वक़्त अकेला hi आपका दोनों दूध पिलेगा"

अनीता यह सुनकर वैसे hi ऐडा से boli,"Lekin हरिया जी आप किचन में फ्रिज से बर्फ लेने गए थे जब मैं पकौड़े ताल रही थी तो आप फ्रिज में दूध देखे होंगे. रामु जी किचन में तेल गरम करने गए थे तो वह फ्रिज नहीं खोले तो उनको मेरा दूध कैसे दीखता. रामु जी ठीक कह रहे हैं की मेरी दूध बांध थी जब वह देख रहे थे तब".

हरिया यह सुनकर हसने लगा तो रामु भी यह सुनकर मुस्कुराते हुए bola,"Sunn लिया बे sasura?memsaheb खुद बोल रही है की हम उनका दूध नहीं देखा हूँ. उल्टा तोहार पास मेमसाहेब का दूध देखने का मौक़ा था और तू देखा".

अनीता हरिया का हसी सुनकर खिलखिलाती हुयी boli,"Hariya जी आप हसने लगे हेहेहे".

हरिया यह सुनकर हस्ते हुए bola,"Are मेमसाहेब हम है इसलिए रहा हूँ की आपका दूध देखने का मौक़ा हम छोर दिए. हम दूध देखे hi नहीं हाहाहा"

अनीता यह सुनकर एक ऐडा से उसके जांघ पर ऊँगली फेरती हुयी boli,"Hariya जी वह इसलिए की उस वक़्त आपका ध्यान शराब पीने पर था मेरी दूध पीने पर नहीं"

यह सुनकर हरिया के साथ रामु भी है diya,"Hahahaha" तो अनीता रामु को देखती हुयी खिखिलने lagi,"hehehehe".

हरिया रामु को हस्ता देख हस्ते हुए bola,"Hahahaha ससुरा रामु भी हसने लगा हाहाहा".

रामु यह सुनकर हस्ते हुए bola,"Hahaha ससुरा हुंका बोलत हो की हम मेमसाहेब का दोनों दूध को ऐसे देखत रहे जैसे उनका दोनों दूध हम hi पि जाऊंगा, मगर तोहार पास मेमसाहेब का दूध देखने और पीने का मौक़ा था मगर तू गँवा दिया हाहाहा"

हरिया यह सुनकर और जोर से हसने लगा और हस्ते हुए hi उसका लुंड झटका मारते हुए अनीता की गाल पर थप्पड़ मार रहा था.

वहीँ अनीता रामु का बात सुनकर पूरी बेशर्मी से खिलखिलाती rahi,"Hehehehe ओह माय गॉड हहहहए". उसकी गाल पर हरिया का लुंड थप्पड़ मार रहा है उसे इसकी ज़रा भी परवाह नहीं थी जैसे वह नार्मल बात हो.

वहीँ हरिया हस्ते हुए अनीता की चूँचियों को साइड से पकड़ कर मालिश करते हुए हिलाते हुए bola,"Hahaha सही में मेमसाहेब हमरा ध्यान hi नहीं था की हमरे सामने hi आपका ी दो बड़ा बड़ा दूध है पीने के लिए हाहाहा"

अनीता यह सुनकर अपनी बेशर्मी दिखती हुयी खिलखिलाती हुयी boli"hehehehe हरिया जी अभी तो आप बोल रहे थे की आप मेरी दूध देखने का मौक़ा गँवा दिए फिर आपको कैसे पता की मेरी दूध बड़े बड़े है"

हरिया और रामु यह सुनकर और जोर से हसने लगे तो अनीता भी जोर से हसने lagi,"Hehehehe".

पुरे लिविंग रूम में तीनो के हसने की आवाज़ गूंजने लगी. हस्ते हुए भी रामु अनीता की गांड की और हरिया अनीता की चूँचियों के साइड को मालिश करते रहा.

अनीता खिलखिलाती हुयी कभी हरिया को तो कभी रामु को देखने लगी.

वह हरिया को देखती हुयी जब खिलखिला रही थी तो हरिया उसे देखते हुए हस्ते हुए अपना लुंड में तनाव लाकर उसकी गाल पर लुंड के झटके से फिर से थप्पड़ मारने लगा तो अनीता वैसे hi अपनी गाल पर लुंड का थप्पड़ कहती हुयी हरिया के आँखों में देखती हुयी खिलखिलाती हुयी boli,"Hehehe ओह माय गॉड सच में आप दोनों की बातें हेहेहे"

रामु अनीता की गांड पकड़ कर दबाते और हिलाते हुए bola,"Are मेमसाहेब ससुरा ु आपका दूध नहीं देखा तो का हुआ, आपका दोनों दूध तो खूब दबा रहा है ससुरा, उसी से पता चल गवा होगा की आपका दोनों दूध बड़ा है".

अनीता यह सुनकर पीछे घूम कर आँखें बड़ी करके रामु को देखती हुयी मुस्कुरा कर boli,"Ramu जी" तो हरिया यह सुनकर और हसने laga,"Hahaha". रामु भी जोर से है रहा tha,"Hahahaha".

दोनों को हस्ता देख अनीता भी जोर से खिलखिलाने lagi,"Hehehe ओह माय गॉड हेहेहे आप दोनों भी न हेहेहे"

अनीता हस्ती हुयी कुछ सेकण्ड्स के बाद हरिया का आवाज़ suni,"Hahaha अरे चुप ससुरा तू खुद मेमसाहेब का दूध देख रहा था पूरा ध्यान से. तू बता की मेमसाहेब का दोनों दूध बड़ा बड़ा नहीं है का?"

अनीता यह सुनकर अपनी आँखें बड़ी करके हरिया को देखती हुयी boli,"Offo हरिया जी?"

रामु यह सुनकर हस्ते रहा तो हरिया भी हसने लगा. अनीता भी बेशर्मी से खिलखिलाने लगी और हरिया को देखकर boli,"Hehehe आप दोनों भी न जाने क्या बोलते रहते hain,ab बस भी कीजिये हेहेहे. मेरा तो हस्स हस्स कर बुरा हाल होने लगा हेहेहे"

अगले पल रामु हसी रोककर bola,"Are मेमसाहेब का तो सब बड़ा बड़ा है. दोनों दूध भी और ी भी" यह बोलते हुए वह अनीता की दोनों गांड को पकड़ कर हिलने लगा. अनीता यह सुनकर अपनी आँखें बड़ी करके रामु को देखकर boli,"Ramu जी अब आप भी".

यह सुनकर दोनों हरिया और रामु जोर से हसने लगे तो अनीता अपनी सर हिलती हुयी boli,"offo आप दोनों भी हहहहए"

हरिया और रामु अनीता को हस्ते देख और हसने लगे और फिर से तीनो का हसी लिविंग रूम में गूंजने लगा. रामु अनीता की दोनों गांड को हिला रहा था और हरिया भी उसकी दोनों चूँचियों को साइड से पकड़ कर हिलने लगा. अनीता भी हस्ती हुयी अपनी गांड को बस थोड़ा सा ऊपर करके हिलने लगी और बायीं हाथ हरिया के लुंड के पास उसके दये जांघ पर फेरती हुयी दये हाथ को उसके पीठ पर फेरती हुयी उसके लुंड को देखने लगी.

हरिया हस्ते हुए दोनों साइड से उसकी ब्लाउज में और अंदर हाथ घुसाने लगा तो अनीता उसकी जांघ और पीठ पकड़ी हुयी अपनी ऊपरी बदन को थोड़ा उठा दी तो वह हाथ अंदर उसकी पेट के तरफ से चूँचियों के नीचे हाथ लेजाकर उसकी ब्लाउज के अंदर से hi दोनों चूँचियों के नीचे से उसको चूँचियों को पकड़ कर दबाने लगा.

यह सब होते वक़्त तीनो है रहे थे. अब मंज़र यह था की दो गंवार मज़दूर हस्ते हुए अनीता जैसी अमीर, पढ़ी लिखी और मॉडल जैसी बेहद hi खूबसूरत शादी शुदा औरत की गांड और चूँचियों को दबाते और मसलते हुए है रहे थे और अनीता पूरी बेशर्मी से उनके नंगे लुंड को अपनी गांड और चेहरे के पास महसूस करते हुयी हस्स रही थी जैसे वह कोई शरीफ और इज़्ज़तदार घर की शादी शुदा औरत न होकर कोई बाज़ारू औरत हो. अनीता को देखकर कोई भी जो उसे नहीं जानता हो एहि कहता की वह कोई बाज़ारू औरत, कोई रुंडी है वहीँ कोई यह जानकार की वह शादी शुदा औरत है एहि कहता की वह बेहद hi बेशर्म, बेहया और बदचलन औरत है जिसे ग़ैर मर्दों के साथ रंगरेलियां मानना अच्छा लगता है.
 
अपडेट 76

अनीता खिलखिलाती हुयी हरिया के जांघ पर वापस सर रख दी और अपनी ऊपरी बदन को भी ढीला छोर कर नीचे कर ली. वह अपनी बायीं हाथ हरिया के बाल भरे दये जांघ पर सहलाती हुयी और दये हाथ से उसके पीठ पर फेरती हुयी वैसे hi खिलखिलाती हुयी उसके लुंड को देख रही थी. वह अपनी गांड को भी हिलना बांध करके वापस नार्मल तरीके से लेती थी.

हरिया भी हस्ते हुए अनीता की चूँचियों को पेट के तरफ और साइड से पकड़ कर दबाते हुए bola,"Hahaha मेमसाहेब सच में आपका ी दोनों दूध बड़ा बड़ा है हाहाहा"

अनीता यह सुनकर बेशर्मी से खिलखिलाती हुयी अपनी आँख ऊपर के तरफ करती हुयी उसके आँखों में देखती हुयी boli,"Hariya जी ओफ्फो हहहहए बस भी कीजिये हेहेहे"

हरिया भी हस्ते रहा अनीता को बेशर्मी से हस्ते देखकर. रामु भी है रहा था तो वह हस्ते हुए अगले पल bola,"Hahaha ससुरा मेमसाहेब का दोनों दूध खूब दबा रहा है ससुरा".

अनीता यह सुनकर पीछे घूमकर रामु को देखती हुयी वही अपनी अंदाज़ में आंखें बड़ी करके उसे देखि जैसे उसे रामु के बात पर यक़ीन नहीं हो और आंखें बड़ी की हुयी उसे देखती हुयी boli,"Offo रामु जी आप भी अब बस कीजिये"

हरिया यह सुनकर हस्ते हुए bola,"Are ससुरा तू कहे जलत है हमसे. जब मेमसाहेब घूमेगी तो अपनी दूध तो हुंका दिखाएगी और पिलाएगी hi. तब तू भी मेमसाहेब का दूध दबा लेना"

अनीता यह सुनकर अब वापस हरिया को वैसे hi आंखें बड़ी करके मुस्कुराती हुयी dekhi,"Hariya जी?"

तो हरिया जोर जोर से हसने laga,"Hahaha". रामु भी जोर से हसने laga,"Hahaha".

अनीता भी बेशर्मी से खिलखिलाने lagi,"Oh माय गॉड आप दोनों तो हहहहहए क्या बोलूं मैं हेहेहे".

अनीता को बेशर्मी से हस्ते देख हरिया और रामु का मज़े से बुरा हाल था. उनका खून गरम होकर खौल रहा था जिसका असर उनके लुंड पर हो रहा था. हरिया हस्ते हुए अनीता को देखते हुए अपने लुंड में तनाव लाकर उसकी गाल पर लुंड से हल्का हल्का थप्पड़ मारने लगा तो अनीता भी बेशर्मी से अपनी गाल को उसके लुंड पर हल्का से रगड़ दी.

रामु यह सुनकर हस्ते हुए bola,"Are मेमसाहेब बोलना का है, जब आप घूमिएगा तो हम और हरिया आपका ु दोनों दूध में मुंह लगाकर पी लेंगे".

अनीता यह सुनकर बेशर्मी से गर्दन पीछे के तरफ घुमा कर रामु को बड़ी आँखों से देखती हुयी boli,"Ramu जी आप भी?"

हरिया यह सुनकर हसने लगा तो रामु अपना दांत दिखते हुए हस्ते हुए अनीता को आँखों में देखते हुए मुस्कुराने लगा तो अनीता भी मुस्कुराती हुयी उसे कामुक अंदाज़ में देखती हुयी boli,"Uhmm हरिया जी तो जो मैं में आता हैं बोलने लगते हैं मगर अब आप भी".

रामु यह सुनकर bola,"To का मेमसाहेब हम हरिया जइसन मरद नहीं हूँ का" और यह बोलकर वह थोड़ा कमर ऊपर करके अनीता को लुंड दिखते हुए उसमे तनाव लाकर हिलने लगा तो अनीता उसके लुंड को एक ऐडा से देखती हुयी वापस उसके आँखों में देखती हुयी कामुक आवाज़ में boli,"Uhmmm वैसी बात नहीं है रामु जी. आप और हरिया जी दोनों hi दुमदार मर्द है. असली मर्द. बस यह है की अब तक आप उतना नहीं बोल रहे थे इसलिए"

रामु यह सुनकर अनीता की आँखों में देखते हुए फिर से अपने लुंड के तरफ इशारा किया तो अनीता फिर से उसके लुंड के तरफ देखती हुयी अपनी गांड को हल्का हिलने लगी.

रामु यह सुनकर अनीता की गांड को हिलाते हुए bola,"Are मेमसाहेब आप hi तो हुंका बोली की हम हरिया से सीखूं तो हम सीख रहा हूँ"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी कामुकता से boli,"Woh तो मुझे कैसे रगड़ना है वह सीखने के लिए बोली हूँ"

हरिया यह सुनकर अनीता की चूँचियों के नीचे और साइड को मालिश करते हुए bola,"Are मेमसाहेब ु तो सीख hi गवा है. देखिये अब कैसे आपको रगड़ रहा है".

अनीता यह सुनकर अपनी गांड पर देखि जहाँ रामु अपने हाथों का दबाओ अनीता की गांड की दोनों भागों पर बनाते हुए मालिश कर रहा था. अनीता जब अपनी गांड पर देखि तो रामु उसकी आखों में देखते हुए मुस्कुरा कर उसकी गांड की दोनों भागों को दबा दबा कर मसल कर मालिश करते रहा.

रामु अनीता की आँखों में देखते हुए puchha,"Sahi से रगड़ रहा हूँ न हम मेमसाहेब आपको?"

अनीता यह सुनकर कामुक अंदाज़ में boli,"Uhhmm हम्म रामु जी. सच में अब मुझे रगड़ने के साथ साथ हरिया जी के जैसा बात बनाना भी सीख गए हैं आप".

रामु अनीता की गांड को मसलते हुए bola,"Are मेमसाहेब आपके जइसन औरत को रगड़ना हो तो सीखना hi होगा और बात बनाना तो कहा कर रहा हूँ. जो सच है यही बोल रहा हूँ"

फिर रामु अनीता की चूँचियों के साइड के तरफ आँखों से इशारा करते हुए bola,"U हरिया आपका दोनों दूध दबा रहा है तो यही तो बोलै हूँ हम"

अनीता यह सुनकर रामु को देखती हुयी कामुक अंदाज़ में puchhi,"Bas इतना hi बोलै आपने?" फिर वह सामने हरिया को देखती हुयी उसके लुंड पर अपनी गाल रगड़ती हुयी उसके जांघ और पीठ पर अपनी हाथ फेरती हुयी कामुकता से puchhi,"Bataiye हरिया जी रामु जी ने बस इतना hi बोलै क्या?"

हरिया यह सुनकर अनीता की दोनों चूँचियों को नीचे और साइड से पकड़ कर हिलाते हुए bola,"Nahin मेमसाहेब ससुरा ी भी बोलै की आपका ी दोनों बड़ा बड़ा दूध में हम दोनों मुंह लगाकर दूध पियूँगा"

हरिया जब यह बोलै तो वह आँखों से अनीता की चूँचियों के तरफ इशारा भी किया. अनीता की दिल यह सुनकर धड़कने लगी और सांस तेज़ हो गयी. उसकी छूट में भी बेचैनी बढ़ने लगी फिर भी वह बेशर्मी से हरिया को देखती हुयी अपनी आँखें बड़ी करके boli,"Hariya जी बस भी कीजिये. आप और रामु जी तो बस क्या hi बोलूं मैं".

हरिया यह सुनकर हसने laga,"Hahaha" तो रामु भी हसने लगा. अनीता बेशर्मी से पीछे गर्दन करके एक बार रामु को देखि और फिर हरिया को देखने के बाद अपनी सर हिलती हुयी वापस उसके जांघ पर गाल रखकर उसके लुंड को देखती हुयी मुस्कुराकर boli,"Aap दोनों तो बस बातें बनाते रहेंगे. मैं तो अब बस आराम से आप दोनों के मजबूत हाथों से रगड़वाने का मज़ा लुंगी ुहह्म्म अच्छे से रगड़ दीजिये आप दोनों मुझे"

हरिया यह सुनकर उसकी दोनों चूँचियों को हल्का हिलाते हुए bola,"theek है मेमसाहेब अभी हम दोनों अच्छे से आपको रगड़ देते हैं. जब आप घूमिएगा तो हम दोनों आपका ी दोनों बड़ा बड़ा दूध में मुंह लगाकर आपका दूध पी लूंगा. रामु अच्छे से रगड़ मेमसाहेब को ताकि उनको मज़ा आये और घूमने के बाद हम दोनों को अपनी दूध पिलाये".

रामु यह सुनकर अनीता की गांड की दोनों भागों को पकड़ कर हिलने लगा तो अनीता को हसी आ गयी. वह इतनी बेशर्म बेहया औरत थी की उसे अपनी गांड और चूँचियों को हिलाये जाने पर हसी आ gayi,"Hehehe रामु जी आराम से हेहेहे"

रामु यह सुनकर उसकी गांड को और हिलने लगा तो अनीता बेशर्मी से हस्ती rahi,"Hehehe रामु जी" तो हरिया भी हस्ते हुए bola,"Sabaash ससुरा".

अनीता यह सुनकर वैसे hi खिलखिलाती रही और उसकी खिलखिलाहट से हरिया का लुंड भी तन कर अनीता की चेहरे से सत्ता हुआ था. रामु अगले पल bola,"Are हम थोड़ा और आगे आ जाट है तब मेमसाहेब को अच्छे से रगड़ पाएंगे"

रामु यह बोलकर थोड़ा आगे आने का कोशिश किया तो अनीता की जांघों के कारन उसे जगह नहीं मिला.

अनीता यह समझ कर अपनी सर को ऊपर उठा कर पीछे कामुक तरीके से देख कर मुस्कुराती हुयी अपनी गांड को थोड़ा सा ऊपर करके धीरे से खुद भी अपनी गांड को हिलने लगी. रामु उसकी आँखों में देख रहा था तो अनीता अपनी आँखों से अपनी गांड के तरफ इशारा की तो रामु उसकी उठी हुयी गांड को देखने के बाद वापस अनीता की आँखों में देखा तो वह आँखों से उसके लुंड के तरफ इशारा करती हुयी आँखों से hi आगे आने का इशारा की.

रामु जब थोड़ा आगे खिसका तो अनीता उसे देखती हुयी hi कामुक अंदाज़ में अपनी गांड को नीचे तब तक की जब तक उसके जांघ पर अपनी जांघ रख नहीं दी. ऐसा करने से उसकी छूट या गांड की दरार से रामु का लुंड एक इंच के hi फैसले पर था.

रामु अगले पल अनीता की गांड की दोनों भागो को पकड़ा और थोड़ा आगे बढ़कर अपना लुंड उसकी गांड की दरार से सत्ता दिया. अनीता भी कामुक अंदाज़ में उसके लुंड को देखती हुयी अपनी गांड थोड़ा सा पीछे करके रामु के लुंड को उसके पेट और अपनी गांड की दरार के बीच कैद कर दी.

अनीता एक नज़र उसके लुंड को देखि और फिर अपनी सर वापस हरिया के जांघ पर रखकर उसके लुंड से नाक सत्ता कर सूंघकर एक बार फिर से अपनी जबान निकलकर होंठों पर फिरकर दांत में निचली होंठ दबाई तो हरिया अपने लुंड जो झटका देते हुए उसकी होंठों से सत्ता दिया.

ऐसा होते hi अनीता की सांस बहोत तेज़ हो गयी और उसकी सांस की गर्मी हरिया के लुंड पर पड़ने ऐ वह अनीता की होंठों से सत्ता hi हिलने लगा.

अनीता की छूट में मानो अभी चींटियां रेंग रही थी और गीलापन बढ़ने लगा था. हरिया अपना लुंड अनीता की होंठों से सताए हिलाते हुए bola,"memsaheb चूसना है तो चूस लीजिये न".

अनीता उसके लुंड को देखती हुयी न में सर हिलाई तो हरिया bola,"Theek है मेमसाहेब लेकिन जब भी चूसने का मैं करे तो बेझिझक चूस लीजियेगा. आपके चूसने के लिए hi है"

अनीता यह सुनकर अपनी होंठों को एक दम थोड़ा सा खोलकर वापस आपस में जोर ली जैसे हरिया के लुंड को चुम रही हो और फिर अपनी सर को थोड़ा एडजस्ट करके उसके लुंड से अपनी नाक सत्ता कर उसमे नाक रगड़कर सूंघती हुयी boli,"Hariya जी अभी आप और रामु जी बस मुझे अच्छे से रगड़ कर मालिश कर दीजिये. बहोत अच्छा लग रहा है आप दोनों जैसे असली मर्दों के मजबूत हाथों से रगड़वाने में ुहह्म्म"

यह सुनकर हरिया bola,"Are मेमसाहेब हम दोनों आपका सेवा के लिए hi है. पूरा अच्छे से रगड़ कर पीछे मालिश कर डेट है फिर घुमा कर एक बार सामने भी मालिश कर देंगे".

हरिया कटोरी उठाकर एक बार और तेल अनीता की गर्दन के नीचे से लेकर उसकी गांड की दोनों भागो पर गिरा दिया और फिर उसकी चूँचियों के साइड में भी गिराकर कटोरी टेबल पर रखकर उसके पीठ की मालिश करने लगा. रामु उसकी गांड की मालिश करने लगा.

लगभग 3-4 मिनट अनीता की पीठ की अच्छे से मालिश करने के बाद हरिया वापस साइड में लेजाकर उसकी चूँचियों के साइड में मालिश करने लगा हुए वहां एक मिनट मालिश करने के बाद उसकी पेट के तरफ वाले चूँचियों के हिस्से में मालिश करने के लिए उसकी ब्लाउज के अंदर हाथ घुसाया तो अनीता फिर से अपनी ऊपरी बदन थोड़ा उठा दी और जब हरिया हाथ घुसा दिया तो वह बदन को रिलैक्स करके नीचे कर दी. हरिया अगले 5 मिनट तक उसकी चूँचियों के साइड और नीचे में मालिश करते रहा हुए दबाते रहा.

रामु हरिया को उसकी चूँचियों की मालिश करते देखा तो वह अनीता की गांड की मालिश करने के बाद अपना दोनों हाथ ऊपर करके उसकी दोनों कमर को पकड़ कर उसकी कमर की साइड और पीछे तो कभी कभी उसकी पीठ की मालिश करने लगा.

अनीता इन सबके बीच कामुक आहें भर्ती huyi,"Uhmmm आअह्ह्ह" अपनी गांड को रामु के लुंड पर और नाक और गाल को हरिया के लुंड पर रगड़ती हुयी दो मर्दों के चार मज़बूत और खुरदुरे हाथों से मालिश का मज़ा ले रही थी.

कुछ मिनट बाद हरिया उसकी चूँचियों के साइड से दबाते हुए bola,"memsaheb अब एक बार और सामने रगड़ दे का?"

अनीता यह सुनकर अपनी सर "हाँ" में हिलती हुयी boli,"Haan हरिया जी".

हरिया यह सुनकर bola,"theek है आप आराम से घूम जाइये अब"

अनीता घूमने लगी तो हरिया के अण्डों का एक बाल उसकी नाक में घुसा तो अनीता को छींक आ गयी और वह हरिया के लुंड पर hi छींक दी. ऐसा होने से उसका लुंड बौखला कर हिलते हुए अनीता की नाक और गाल पर हल्का हल्का मारने लगा.

अनीता छींकने के बाद उसके लुंड को देखती हुयी boli,"Maaf कीजियेगा हरिया जी"

हरिया यह सुनकर अपने लुंड में तनाव लाकर उसे अनीता की होंठों से सत्ता कर bola,"Are कउनो बात नहीं मेमसाहेब".

अनीता बेशर्मी से उसके लुंड अपनी होंठ से सटे हुए रहने देकर हरिया के आँखों में देखती हुयी मुस्कुराकर boli,"Main घूम जाती हूँ".

हरिया का लुंड होंठों से सटे होने पर अनीता जब बोली तो उसकी होंठों के हिलने का छुअन हरिया को अपने लुंड पर एहसास हुआ तो उसका लुंड फिर से हिलने लगा. हरिया यह देखकर मुस्कुराया तो अनीता भी उसे देखकर कामुक अंदाज़ में मुस्कुराई और उसके लुंड को देखकर अपनी होंठों को वैसे hi उससे सटे रहने देती हुयी hi घूमने लगी.
 
ओने थिंग ी वांट तो से इस तहत ओने ऑफ़ थे लॉन्ग टाइम रीडर वास् स्मार्ट एनफ तो अंडरस्टैंड अबाउट थे व्होले episode. ी ऍम ग्लैड अबाउट तहत. ी आल्सो हद गिवेन ा हिंट अबाउट आईटी ा लॉन्ग टाइम एगो व्हेन थे episode स्टार्टेड.
 
अपडेट 77

अनीता जब घूमने लगी तो रामु उसकी गांड के पास से थोड़ा पीछे हट गया. अनीता अपनी दोनों पेअर और पेट को घूमती हुयी अपनी ऊपरी बदन को घूमने लगी तो उसकी ब्लाउज का आगे का हिस्सा पीछे का डोरी खुले होने से उसके साथ पूरा नहीं घुमा जिसके कारण उसकी बायीं चूंकि की साइड का हिस्सा एक चौथाई दिखने लगी. उसकी ब्लाउज उसकी जिस्म पे सिर्फ स्लीव्स के कारण चिपकी हुयी थी इसलिए उसके घूमने पर उसकी ब्लाउज नीचे सोफे पर hi रह जाने के बजाये बहोत हद्द तक उसकी चूँचियों से सटी हुयी उसके साथ घूम गयी, भले hi सामने का पूरा हिस्सा नहीं घुमा और उसकी बायीं चूंकि का एक तिहाई हिसस ब्लाउज के बाहर हो गया. यहाँ तक की उसकी दोनों चूँचियाँ नीचे के तरफ से भी ब्लाउज के बाहर हो गयी थी.

अनीता की ब्लाउज दायी तरफ सोफे के तरफ खिसकी हुयी थी जिससे उसकी बायीं चूंकि के बाये तरफ सिर्फ दो तिहाई hi ढंकी हुयी थी मगर दायी चूंकि पूरी ढंकी हुयी थी.

अनीता जब घूमी तो हरिया के बाये जांघ पर hi सर राखी हुयी थी और उसका लुंड उसकी दायी गाल से सत्ता हुआ था. हरिया अनीता की आर्मपिट के नीचे पकड़ते हुए bola,"Memsaheb इस तरफ सर रख दीजिये और ये बोलते हुए वह अनीता की आर्मपिट के नीचे पकड़ कर अपने दये जांघ के तरफ खिंचा तो अनीता भी अपनी बदन को थोड़ा उठती हुयी उसके दये जांघ पर सर रख दी.

ऐसा करने से हरिया का लुंड अनीता की बालों में उलझ गया तो अनीता अपनी सर को थोड़ा उठाकर बालों को पीछे से पकड़ कर सोफे के साइड में नीचे के तरफ गिरा दी. ऐसा करने से हरिया का लुंड पर उसकी बालों के रगड़ने से उसका लुंड स्प्रिंग के तरह अनीता की बायीं गाल के तरफ हिलने लगा.

अनीता अपनी आँखों के कोने से उसके लुंड को देखि और थोड़ी बहोत बाल जो उसके लुंड पर सत्ता हुआ था उसे भी पकड़ कर पीछे से बाकी बालों के साथ सोफे के साइड से नीचे के तरफ गिरा दी. हरिया अनीता की आर्मपिट के नीचे पकड़ते हुए थोड़ा ऊपर के तरफ करके उसकी सर के ऊपरी भाग को अपने पेट के साइड से सत्ता दिया. ऐसा करने से हरिया का लुंड अनीता की सर के साइड से होते हुए उसकी कान और गाल से सटे हुए उसका लुंड का ऊपरी भाग अनीता की चीन के साइड तक आकर ऊपर के तरफ खड़ा था और अनीता को अपनी आँखों से साफ़ साफ़ दिख रहा था. अनीता भी बेशर्मी से उसका लुंड देख रही थी और सोच रही थी की हरिया का लुंड कितना बड़ा है की उसकी सर से लेकर चीन तक सत्ता हुआ है. उसका लुंड उसकी चेहरे के लम्बाई के बराबर था.

हरिया अनीता को अपना लुंड देखते हुए देख थोड़ा सा तनाव लाकर हिलने लगा तो अनीता उसके लुंड को हिलते देख अपनी निचली होंठ दांतों में दबा ली. हरिया यह देखकर puchha,"Aap आराम से लेट गयी हैं तो मेमसाहेब?"

अनीता यह सुनकर अपनी आँखे ऊपर करके हरिया को देखि और मुस्कुराती हुयी कामुक अंदाज़ में boli,"Haan हरिया जी, पूरी आराम से लेती हुयी हूँ".

रामु अगले पल bola,"Memsaheb हम आगे आ जाए?"

अनीता यह सुनकर अपनी पैरों के तरफ देखि तो रामु का लुंड भी हिल रहा था. अनीता उसके लुंड को देखि और फिर अपनी टांगें मोड़कर फैलती हुयी अपनी टांगों के बीच आँखों से इशारा करती हुयी कामुक आवाज़ में boli,"Aaiye रामु जी. आपको मुझे रगड़ने के लिए तो आगे आना hi होगा"

रामु यह सुनकर आगे आया और अनीता की दोनों जांघों को पकड़ कर उसे थोड़ा और ऊपर के तरफ मोड़ते हुए उसकी गांड से थोड़ा सा फैसले पर बैठ गया और अपना लुंड ठीक उसकी दोनों टैंगो के बीच हवा में लहराने लगा. अनीता उसके लुंड को देखकर अपनी निचली होंठ को डेंटन के बीच दबायी तो रामु अपने लुंड में तनाव डालकर हिलने लगा. अनीता यह देखकर बेशर्मी से मुस्कुराई और मुस्कुराती हुयी रामु के आँखों में देखि.

रामु उसकी आँखों में देखकर मुस्कुराया और फिर उसकी पंतय के सामने वाले भाग पर नज़र ले गया. अनीता की पंतय पीछे के तरह सामने से भी थोड़ी छोटी थी और व् शेप में थी मगर वहां कपडा इतना था की उसकी छूट को अच्छे से धक् सके.

अनीता की बदन में रामु को ऐसे अपनी छूट के ऊपर वाले हिस्से के पंतय पर देखते देख एक सनसनी फैल गयी और बदन में एक अजीब सी मज़े की लहर दौड़ने लगी. वह एक नज़र वापस उसके लुंड पर ले गयी तो उसका लुंड अपने आप हिल रहा था.

अगले पल उसे अपनी चीन के पास हरिया का लुंड हिलाते हुए महसूस हुआ तो वह हरिया का लुंड के तरफ देखकर ऊपर हरिया के तरफ देखि तो उसे भी अपनी पंतय के आगे वाले हिस्से पर देखते पायी. अनीता समझ गयी की दोनों उसकी छूट के ऊपर का पंतय का हिस्सा देख रहे हैं इसलिए उनका लुंड बौखला कर हिल रहा है. यह समझते hi उसकी छूट में अजीब सी बेचैनी होने लगी और वह उन दोनों का लुंड एक एक करके कामुक नज़र से देखने लगी.

कुछ सेकण्ड्स बाद वह महसूस की की हरिया उसे hi देख रहा है तो वह अपनी आँखों को ऊपर के तरफ करके हरिया को देखि तो वह दांत दिखते हुए मुस्कुरा रहा था.

अनीता भी उसे देखकर मुस्कुराई तो हरिया bola,"Memsaheb आपके चूसने के लिए आइस क्रीम जइसन दो बड़ा बड़ा और मोटा चीज़ है जिसे चूसकर आपकी बदन की गर्मी ख़तम हो जाएगी".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी हरिया को देखने के बाद एक नज़र उसके लुंड को देखि और फिर रामु के लुंड के तरफ देखि तो दोनों अपना लुंड को उसे देखकर हिलने लगे. अनीता उनके लुंड को मुस्कुराती हुयी hi देखने के बाद वापस हरिया के आँखों में देखती हुयी कामुक अंदाज़ में boli,"Hariya जी मुझे कुछ नहीं चूसना. मुझसे ज़्यादा तो आप और रामु जी प्यासे लग रहे हैं. दूध की इतनी बात कर रहे हैं और दूध पीना चाहते हैं".

हरिया यह सुनकर अनीता की दायी तरफ की चूँचियों के तरफ से ब्लाउज को थोड़ा ऊपर उठाकर उसकी दायी चूंकि की दायी साइड भी बायीं चूंकि की बायीं साइड के तरह एक तिहाई नंगा करके दोनों चूँचियों को साइड से पकड़ कर हिलाते हुए bola,"Are मेमसाहेब दूध की नहीं आपकी दूध की बात कर रहे हैं और आपकी दूध पीना चाहते हैं".

अनीता यह सुनकर कामुक तरीके se,"Uhhhmm" करती हुयी हरिया को देखकर boli,"Haan हाँ हरिया जी आप मेरी दूध की बात कर रहे हैं और वह भी मेरी दोनों दूध जिसमे मुंह लगाकर आप मेरी दूध पीना चाहते हैं. मेरी घर में तो मेरी दूध की hi बात करेंगे और उसे hi पिएंगे यह तो मैं बोल hi चुकी हूँ"

हरिया और रामु का लुंड यह सुनकर बौखला कर हिलने लगा. अनीता हरिया के लुंड की बौखलाहट अपनी जान, गाल और चीन पर महसूस की और आँखों के कोने से उसे देखने के बाद अपनी रंगों के बीच नज़र लेजाकर रामु के लुंड को हिलते हुए देखकर बेशर्मी से रामु को देखि तो वह मुस्कुराने लगा.

अनीता उसे देखकर कामुक ऐडा से puchhi,"Aapne कुछ नहीं कहा रामु जी? लगता है अब आप मेरी दूध नहीं पीना चाहते हैं. मेरी दूध की प्यास नहीं है अब आप में. पहले तो बोल रहे थे की मैं घूमूंगी तो हरिया जी के साथ आप भी मेरी दूध पिएंगे, देखेंगे और दबाएंगे भी. लेकिन आप न hi मेरी दूध देख रहे हैं और न hi पीने की बात कर रहे हैं"

यह सुनकर हरिया और रामु का लुंड बौखला कर हिलना जारी रहा. वह दोनों का लुंड इतना बौखलाया हुआ था की अब थोड़ी pre-cum उनके लुंड के टोपे पर आने लगा था.

रामु अनीता की बात सुनकर bola,"Are मेमसाहेब हम भी आपका दूध पियूँगा और खूब दबाऊंगा हरिया के जैसे. आप अपना दूध दिखाइए तो हुंका".

अनीता यह सुनकर कामुक ऐडा से boli,"Meri दोनों दूध तो आप दोनों के सामने hi है. हरिया जी के तो आँखों के ठीक सामने hi है मेरी दोनों दूध"

यह सुनकर हरिया और रामु का लुंड और हिलने लगा. अनीता आँखों के कोने से हरिया के लुंड को अपनी कान, गाल और चीन से सटे हिलते हुए देखि और फिर पूरी बेशर्मी से ऊपर उसके आँखों में देखती हुयी boli,"Hariya जी मेरी दोनों दूध तो आपके आँखों के सामने hi है. आप तो देख पा रहे हैं न मेरी दोनों दूध?"

हरिया यह सुनकर अनीता की दोनों चूँचियों को साइड से मुठी में भरे हुए हिलाते हुए उसकी चूँचियों को देखते हुए bola,"Haan मेमसाहेब हम देख पा रहे हैं आपका दोनों बड़ा बड़ा दूध"

हरिया उसकी चूँचियों को देखते हुए हिलाते हुए अपना बात बोलने के बाद अनीता को देखा तो वह बेशर्मी से कामुक अंदाज़ में boli,"To रामु जी को भी दिखाइए न मेरी दूध कहाँ है. वह तो बोल रहे हैं की उन्हें मेरी दोनों दूध दिख hi नहीं रही है"

हरिया यह सुनकर उसकी दोनों चूँचियों को दोनों तरफ से दबाकर हिलाते हुए bola,"Ka रे ससुरा आँख में का लेकर है? ु तोहार टांग के बीच में है ु लेकर है का? ी देख नहीं रहा मेमसाहेब का दोनों बड़ा बड़ा दूध इहाँ जो है. इधर देख ससुरा मेमसाहेब का दोनों बड़ा बड़ा दूध"

हरिया ये बोलते हुए अनीता की दोनों चूँचियों को साइड से पकड़ कर जोर से दबाते हुए हिला रहा था तो अनीता बेशर्मी से हरिया को देखती हुयी कामुकता से boli,"Uhmm हरिया जी ुहहममम".

हरिया यह सुनकर अनीता को देखते हुए bola,"Are मेमसाहेब रामु को आपका ी दोनों बड़ा बड़ा दूध दिखा रहे हैं" और यह बोलते हुए वह मुस्कुराते हुए अनीता की आँखों में देखते हुए उसकी दोनों चूँचियों को वैसे hi दबाते हुए हिलता रहा.

अनीता भी हरिया को देखती हुयी मुस्कुरायी और फिर रामु को देखि जो हरिया का बात सुनकर अनीता की चूँचियों के तरफ देखने लगा तो अनीता puchhi,"Ramu जी अब दिखाई दे रहा है न मेरी दोनों दूध आपको?"

रामु यह सुनकर उसकी दोनों चूँचियों को देखते हुए bola,"Memsaheb आपका दोनों बड़ा बड़ा दूध तो दिखाई दे रहा है मगर पूरा कहाँ दिखाई दे रहा है. आपका दूध तो ढंका हुआ है"

अनीता यह सुनकर कामुकता से boli,"Uhmm रामु जी तो आपलोग मेरी दोनों दूध बाहर निकालेंगे तभी तो पूरा दिखाई देगा न. लेकिन पहले बोलिये न की आपको भी हरिया जी के तरह मेरी दोनों दूध बड़े बड़े लग रहे हैं क्या?"

हरिया यह सुनकर अनीता की चूँचियों को वैसे जी दबाते हुए हिलाकर bola,"Achha से देखकर बता की तोहका बड़ा लग रहा है की नहीं मेमसाहेब का दोनों दूध"

रामु यह सुनकर उसकी चूँचियों को देखकर bola,"Are मेमसाहेब ी में कउनो शक नहीं है की आपका दोनों दूध बड़ा बड़ा है. ससुरा आपका बड़ा बड़ा दूध देखकर तो अब हमको मुंह लगाकर पीने का मैं कर रहा है".

अनीता यह सुनकर कामुकता से boli,"To जाइये न रामु जी फ्रिज से मेरी दोनों दूध निकल कर पि लीजिये आप और हरिया जी"

अनीता यह बोलकर खिलखिलाने लगी और खिलखिलाती हुयी हरिया को देखि तो वह भी हसने laga,"Hahaha". अनीता खिलखिलाती हुयी फिर रामु को देखि. रामु अनीता की सफ़ेद दांत को देखने लगा की वह कितना खुल कर है रही थी. रामु भी अपना लाल दांत दिखाकर मुस्कुराने लगा.

हरिया का लुंड हस्ते हुए अनीता की चीन से टकराने लगा तो अनीता वैसे hi खिलखिलाती हुयी उसके लुंड को देखने लगी. अगले पल वह रामु को देखि तो वह दांत दिखते हुए अपने लुंड के तरफ आँखों से इशारा किया तो अनीता बेशर्मी से खिलखिलाती हुयी उसके लुंड को देखकर उसे देखती हुयी boli,"Kya हुआ रामु जी अब तो मैं घूम कर अपनी दूध दिखा कर पीने के लिए बोल रही हूँ न तो मेरी दूध देखिये और निकल कर पि लीजिये, फ्रिज से. हेहेहे. ".

अनीता को खुलकर खिलखिलाते हुए हरिया और रामु दोनों देख रहे थे. इतना खूबसूरत चेहरा और उसमे खिलखिलाने से सफ़ेद दांत, अनीता की बातें और हरकते भले hi रंडियों जैसी थी अभी मगर वह खिखिलाती हुयी बहोत hi प्यारी और मासूम लग रही थी. उसे सिर्फ खिलखिलाते हुए देख कोई नहीं कह सकता था की वह न hi सिर्फ बेहद hi बेशर्म और बेहया औरत है बल्कि उसके अंदर रान्दीपना कूट कूट कर भरा हुआ है.

हरिया भी अनीता की बात सुनते हुए जोर से है रहा था और अनीता की दोनों चूँचियों को साइड से नंगे हिस्से पर पकडे हुए जोर जोर से दबा और मसल रहा था. अनीता भी पूरी बेशर्मी से अपनी दोनों हाथों को हरिया के कलाई पर फेर रही थी, वही कलाई जिसके थोड़ा नीचे हाथो से वह उसकी चूँचियों को दबा और मसल रहा था.

अनीता खिलखिलाती हुयी hi हरिया को देखकर कामुक अंदाज़ में boli,"Hariya जी रामु जी को तो लग रहा है मेरे दोनों दूध अभी भी दिख नहीं रहे हैं. कुछ बोल hi नहीं रहे हैं. आपको तो दिख रहे हैं न?"

हरिया अनीता को चूँचियों को दबाकर हिलाते हुए bola,"Are मेमसाहेब आपका दोनों दूध तो हमरे आँखों के सामने hi है"

अनीता खिलखिलाती हुयी हरिया को देखकर boli,"To रामु जी को भी बताइये न मेरी दूध कहाँ हैं हेहेहे"

हरिया अनीता की चूँचियों को मसलते हुए हिलने लगा तो अनीता की मुंह से कामुक अंदाज़ में "ुहहममम" निकल गयी जब हरिया उसकी दोनों चूँचियों को दबाया और वह वैसे hi मुस्कुराकर हरिया को देखि तो हरिया भी मुस्कुराते हुए उसे देखने के बाद bola,"Abe ससुरा इहे तो है मेमसाहेब का दोनों दूध. अब देख और बोल की तोहका हमरे जइसन मेमसाहेब का ी दोनों दूध में मुंह लगाकर पीना है"

रामु यह सुनकर अनीता को चूँचियों को गौर से देखने लगा. अनीता भी उसके आँखों को देख रही थी की कैसे वह उसकी चूँचियों को देख रहा है. वह रामु को देखती हुयी puchhi,"Ab दिखाई दे रहा है न आपको मेरी दोनों दूध रामु जी?"

रामु अनीता की दोनों चूँचियों को देखते हुए hi "हाँ" में सर हिलाते हुए bola,"Haan मेमसाहेब"

अनीता यह सुनकर कामुक अंदाज़ में puchhi,"To मेरी दूध देखकर आपको कुछ मैं नहीं हो रहा क्या?"

रामु अनीता को देखते हुए bola,"Aapke दोनों दूध को दबाकर उसमें मुंह लगाकर पीने का मैं कर रहा है"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराकर boli,"Lekin रामु जी आप मेरी दूध कहाँ देख रहे हैं? वह तो आपके पीची फ्रिज में हैं और आप तो सामने देख रहे हैं हेहेहे. फ्रिज तो हरिया जी के आँखों के सामने है तो वही मैं बोल रही हूँ की मेरी दोनों दूध उनके आँखों के सामने है लेकिन आपके तो पीछे है तो आप सामने क्यों देख रहे है हहहहए"

हरिया अनीता की खिलखिलाहट सुनकर जोर से हसने laga,"Hahahah".

अनीता खिखिलक़ती हुयी hi रामु और हरिया के लुंड को देखि जो बौखला कर हिल रहे थे और उनपर pre-cum आ चूका था. अनीता उन दोनों के लुंड को देखने के बाद खिखिलक़ती हुयी hi अपनी प्यारी, गोरी और पतली उँगलियों से किचन के तरफ दिखती हुयी boli,"Hehehe रामु जी जाइये मेरी दोनों दूध उधर फ्रिज में है, फ्रिज खोलकर दोनों दूध निकल कर देख लीजिये हेहेहे. दोनों दूध के पैकेट एक एक लीटर के हैं तो दोनों बड़े बड़े hi है जैसे आप और हरिया जी बोल रहे थे हहहहए. जाइये मेरी दूध निकलकर उसमे मुंह लगाकर पि लीजिये हहहहए ओह माय गॉड हेहेहे"

हरिया अनीता की बात सुनते हुए उसकी चूँचियों को दबाते हुए है रहा था. अनीता भी बेशर्मी से हस्ती हुयी हरिया को देखि और फिर रामु को देखने लगी जो खुद है रहा था.

लिविंग रूम में तीनो के हसने की आवाज़ गूंज रही थी. रामु हस्ते हुए अनीता की जांघों पर हाथ फेरते हुए उसकी दायी जांघ से अपना लुंड सत्ता कर उस पर धीरे रगड़ने लगा. अनीता हस्ती हुयी hi उसके लुंड के तरफ देखि और फिर रामु के आँखों में देखि. वह फिर हरिया के लुंड को देखि जो उसके चीन से सत्ता हुआ था और हसी कण्ट्रोल करती हुयी हरिया के आँखों में देखि जो उसकी आँखों में देखते हुए hi उसकी चूँचियों को जोर से दबा दिया तो अनीता भी उसके आँखों में देखती हुयी कामुक अंदाज़ में "ुह्ह्हम्म" करके एक नज़र रामु को भी कामुक तरीके से देखि.

रामु अनीता को देखते हुए उसकी पेट पर हाथ रखकर उसे मालिश करते हुए ऊपर के तरफ हाथ लेजाकर नीचे से (पेट के तरफ) जो उसकी चूँचियाँ ब्लाउज के बाहर होकर दिखाई दे रही थी वह दोनों को पकड़ कर उसे हिलाते हुए bola,"Are मेमसाहेब हम आपका ी दोनों दूध का बात कर रहे हैं हाहाहा"

अनीता यह सुनकर बेशर्मी से आंखें बड़ी करके रामु को देखती हुयी boli,"Ramu जी?"

रामु यह सुनकर हस्ते हुए अनीता की चूँचियों को नीचे से दबाने लगा वहीँ हरिया भी हस्ते हुए अनीता की चूँचियों को साइड और ऊपर से पकड़ कर दबाते हुए bola,"hahaha ससुरा को आखिरकार मेमसाहेब का दोनों बड़ा बड़ा दूध दिख hi हवा हाहाहाहा"

अनीता यह सुनकर आंखें बड़ी करके ऊपर के तरफ हरिया को देखकर बेशर्मी से मुस्कुराती हुयी boli,"Hariya जी अब आप भी रामु जी जैसा बोलने लगे?"

फिर वह अपनी आँखों से फ्रिज के तरफ इशारा करती हुयी boli,"Doodh तो उधर है फ्रिज में और आपलोग है की"

हरिया यह सुनकर अनीता की दोनों चूँचियों को साइड से पकड़ कर हिलाते हुए bola,"Are मेमसाहेब जब तक हम फ्रिज से दूध नहीं निकल लेते तब तक आपका ी दूध को देखेंगे और दबाएंगे. असली दूध तो इहे है".

रामु भी अनीता की चूँचियों को नीचे से दबाते हुए हरिया के साथ हिलने लगा और हिलाते हुए हरिया का बात सुनकर है रहा था.

अनीता यह सुनकर आँखें बड़ी करके रामु को देखि और फिर ऊपर सर करके बेशर्मी से हरिया को देखती हुयी boli,"Hariya जी क्या बोल रहे हैं aap?Offo"

हरिया अनीता की दोनों चूँचियों को साइड से वैसे hi हिलाते हुए bola,"eehe की आपका दूध तो ी है, ी"

अनीता यह सुनकर बेशर्मी से आंखें बड़ी करके हरिया को देखती हुयी मुस्कुराकर boli,"Offo हरिया जी?"

तो अगले पल रामु भी अनीता की चूँचियों को हिलाते हुए hi हस्ते हुए bola,"hahaha ु भी दूध का भंडार, बड़ा बड़ा दो दूध का भंडार हाहाहाहा".

अनीता यह सुनकर बेशर्मी से रामु को बड़ी आँखों से देखती हुयी boli,"Ramu जी अब बस भी कीजिये ओफ्फो"

रामु यह सुनकर अनीता की चूँचियों को नीचे से पकड़ कर दबाते हुए bola,"Memsaheb ी आपका दोनों दूध, दूध का भंडार hi तो है, इतना बड़ा बड़ा"

फिर रामु और हरिया अनीता की चूँचियों को एक साथ neeche,upar और साइड से पकडे हुए जोर से दबा दिया तो अनीता की मुंह से कामुक अंदाज़ mein,"ssiiii ुहममम" निकल गयी जिसे सुनकर हरिया और रामु अनीता को देखकर मुस्कुरा रहे थे तो अनीता भी अपनी निचली होंठ को दांतों के बीच दबाकर कामुक तरीके से एक नज़र रामु को देखि और फिर एक नज़र हरिया को देखने के बाद अपनी दायी हाथ हरिया के दये कलाई से हटाकर रामु के बाये कलाई पर फेरने लगी और बायीं हाथ से अभी भी हरिया का बया कलाई पर फेरती हुयी बेशर्मी से कामुक अंदाज़ में boli,"Uhmm अब बस भी कीजिये आप दोनों. मैं फ्रिज में रखे दूध की बात कर रही थी और आप दोनों तो क्या hi बोलूं मैं ुहहममम".

अनीता यह बोलकर हरिया और रामु के तरफ कामुक अंदाज़ से देखि तो वह दोनों अनीता की चूँचियों को जोर से दबाते हुए हिलने लगे और हरिया bola,"Are मेमसाहेब हम दोनों तो असली दूध का बात कर रहे हैं. मर्दों के पीने के लिए असली दूध तो ी है जिसे हम दोनों दबा रहा हूँ. असली दूध को दूध बोल रहा हूँ हम दोनों और का".

इन सब बातों के बीच अनीता की दोनों बड़ी बड़ी चूँचियों को दो मर्द अपने चार खुरदुरे और मजबूत हाथों के बीच मसल और दबा रहे थे और अनीता एक बार भी उन्हें अपने हाथों को हटाने के लिए न hi बोली और न hi इशारा की. वह बस पूरी बेशर्मी से उनके आँखों में देखती हुयी बातें कर रही थी और हरिया का बात सुनकर फिर से बात जारी रखती हुयी उसके आँखों में देखती हुयी कामुकता से boli,"Aap दोनों चींटी की बात कर रहे थे की कैसे वह क्या करना छह रहा था और आप और रामु खुद वही करने का सोच रहे थे है न?"

हरिया यह सुनकर puchha,"ka करने का मेमसाहेब?"

अनीता यह सुनकर अपनी आँखें बड़ी करके boli,"Offo हरिया जी जैसे आपको पता hi नहीं है?"

हरिया यह सुनकर अनीता की चूँचियों को दबाते हुए bola,"Are मेमसाहेब आप बोलिये न एक बार"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी बेशर्मी से boli,"Offo हरिया जी. मेरी दूध पीने का और क्या?"

हरिया और रामु दोनों यह सुनकर हसने लगे तो अनीता बेशर्मी से कामुक अंदाज़ में उन दोनों को देखकर मुस्कुराने लगी.

हरिया हसी रोककर उसकी दोनों चूँचियों को हिलाते हुए bola,"Are तो का ग़लत करने का सोचे हैं मेमसाहेब. थोड़ा आपका ी दूध hi पीने का तो सोचे हैं जैसे ु चींटी पिने का कोशिश कर रहा था. और ससुरा ु चींटी का पियेगा, आपका दूध को तो असली मरद को पीना चाहिए, जैसे हम और रामु जैसे असली मर्द".

अनीता यह सुनकर बेशर्मी से मुस्कुराती हुयी boli,"Offo हरिया जी अब बस भी कीजिये. बस बातें बनाते रहते हैं. दूध पीने का इतना hi मैं है तो जाइये फ्रिज से निकल कर पि लीजिये. वही दूध मिलेगा आप दोनों को और कोई दूध नहीं मिलेगा"

हरिया यह सुनकर उसकी चूँचियों को दबाते हुए puchha,"Aur कउनो दूध मतबल? और कौन सा दूध नहीं मिलेगा हुंका?"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी कामुक अंदाज़ में boli,"Offo हरिया जी फिर से आप दिखावा करने लगे जैसे आपको पता नहीं"

फिर अनीता रामु को देखकर वैसे hi बेशर्मी से boli,"Ramu जी आपको तो पता है. आप hi बता दीजिये हरिया जी को मैं कौन सा दूध की बात कर रही हूँ".

रामु यह सुनकर अनीता की चूँचियों को हिलाते हुए bola,"Are ससुरा मेमसाहेब ी अपना ी दोनों बड़ा बड़ा दूध का बात कर रही है. ससुरा हुंका बोल रहा था की हम अपना आँख में ी अपना टांग का बीच वाला लिया हूँ. अब तुम का लिए हो, तोहरा टांग के बीच का चीज़ जो मेमसाहेब का होंठ के ऊपर है वह लिए हो"

अनीता यह सुनकर बेशर्मी से कभी Hariya,kabhi रामु तो कभी अपनी चूँचियों के तरफ देख रही थी. रामु का बात ख़तम होते हुए वह अपनी आँखों के कोने से अपनी होंठ के तरफ देखि तो हरिया का लुंड उसकी कान और गाल से सटे हुए ऊपर के तरफ होकर उसकी होंठ और चीन के ऊपर खड़ा हुआ था. अनीता यह भी देखि की उसके लुंड के टोपे पर प्रेकम था.

अनीता हरिया के लुंड को देखने के बाद हरिया को देखकर कामुक अंदाज़ में puchhi,"Ab समझ आ गया हरिया जी की मैं कौन सी दूध की बात कर रही हूँ?"

हरिया यह सुनकर मुस्कुराते हुए अनीता की चूँचियों को दबाते हुए bola,"Haan मेमसाहेब आप फ्रिज में रखे दूध का बात कर रही हैं की हुंका वह दूध पीने के लिए नहीं मिलेगा आप कउनो और दूध हुंका पिलाइयेगा, असली दूध"

यह सुनकर रामु हसने लगा तो अनीता बेशर्मी से boli,"Offo हरिया जी आप भी जान बूझकर बहाने कर रहे हैं".

हरिया यह सुनकर bola,"Are मेमसाहेब तो आप hi दिखाइए न आप कौन सा दूध का बात कर रही हैं"

अनीता यह सुनकर अपनी चेहरे पर एक गर्व का भाव लायी और अपनी दोनों हाथों को उठाकर ऊपर हरिया के गर्दन में डालकर लॉक करके अपनी सीने को थोड़ा उठाकर सीने को हिलती हुयी अपनी चूँचियों के तरफ आँखों से इशारा करती हुयी कामुकता से boli,"main अपनी इन दोनों दूध की बात कर रही हूँ हरिया जी, देख लीजिये अच्छे से की मेरी यह दोनों दूध पीने को नहीं मिलेगा आपको और रामु जी को. पीने के लिए तो फ्रिज में रखा दूध hi मिलेगा"

हरिया और रामु अनीता को ऐसे पूरी बेशर्मी से रंडियों जैसे अपनी चूँचियों को हिलाते देख हसने लगे लेकिन अनीता अपनी बेशर्मी दिखती हुयी मुस्कुराकर अपनी चूँचियों को हिलती हुयी अपनी बात पूरी की. इतना hi नहीं वह अपनी चूँचियों को हिलना जारी रखकर आगे boli,"Dikhai दिया न आप दोनों को मैं कौन सी दूध की बात कर रही हूँ?"

अनीता आगे अपनी चूँचियों के तरफ आँखों से फिर से इशारा करती हुयी boli,"Dekh लीजिये मेरी दोनों बड़ी बड़ी दूध को जो आपको पीने को नहीं मिलेगा"

हरिया और रामु यह देखकर है रहे थे. उनका खून पूरा गरम हो रहा था और लुंड बौखलाया हुआ था. अनीता की भी छूट में गीलापन बहोत बढ़ गयी थी और उसमे मज़े की लहर दौड़ रही थी. उसे भी यह सब अच्छा लग रहा था और बहोत मज़ा आ रहा था.

अनीता की चूँचियाँ हिलने से और रामु और हरिया जो कब से उसकी चूँचियों का नंगा हिस्सा hi पकडे हुए दबा रहे थे इसके कारण साइड से ब्लाउज और थोड़ी सिकुड़ कर बीच में आ गयी और अनीता की दोनों चूँचियाँ साइड से लगभग अब एक तिहाई से थोड़ी ज़्यादा नंगी हो गयी. नीचे से रामु उसकी चूँचियों का नंगी हिस्सा दबा रहा था तो नीचे से रामु के हाथ के कारण उसकी ब्लाउज थोड़ी ऊपर हो गयी थी. अब अनीता की चूँचियों पर उसकी ब्लाउज सिर्फ इसलिए तिकी हुयी थी क्यूंकि उसकी ब्लाउज की स्लीव्स अभी भी उसकी हाथो में थी.

अनीता अपनी चूँचियों को हिलती हुयी hi boli,"Ab आप दोनों बताइये भी की आपको समझ आया की नहीं की मैं कौन सी दूध की बात कर रही हूँ. बार बार नहीं बताउंगी मैं".

हरिया और रामु अनीता की चूँचियों को और अच्छे से मुठी में भरकर उसे जोर से दबाकर हिलाते हुए bola,"Haan मेमसाहेब आप अपना ी दोनों दूध का बात कर रहे हैं जिसको हम दोनों खूब दबा रहे हैं. आप बताइये आप इहे दूध का बात कर रही हैं न?"

अनीता अपनी चूँचियों को हिलती हुयी आँखों से उसके तरफ इशारा करती हुयी boli,"uhmmm हाँ हाँ हरिया जी मैं अपनी एहि दोनों दूध की बात कर रही हूँ ुहम्म जिसे आप और रामु जी अपनी मज़बूत हाथों से इतनी देर से रगड़ रहे हैं"

हरिया और रामु यह सुनकर हसने लगे तो अनीता भी बेशर्मी से खिलखिलाने lagi,"Hehehe" और खिलखिलाती हुयी boli,"Hasiye मत. आप दोनों को मेरी यह दोनों दूध पीने को नहीं मिलेगा हेहेहे"

लिविंग रूम में तीनो पूरा खुलकर है रहे थे. अनीता तो इतनी बेशर्मी से उन दोनों मर्दों के साथ पेश आ रही थी की मानो वह कोई शरीफ घर की पढ़ी लिखी शादी शुदा औरत नहीं बल्कि कोई बाज़ारू औरत, कोई रंडी हो.
 
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