Anita Singh - Story of a Seductive Housewife - Page 11 - SexBaba
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Anita Singh - Story of a Seductive Housewife

अपडेट 84

अनीता कुछ बोलती की तभी उसे कोई आता हुआ महसूस हुआ तो वह हरिया से अलग होती हुयी boli,"Hariya जी कोई आ रहा है. चलिए हम भी चलते हैं"

हरिया यह सुनकर अनीता की गांड से हाथ हटा दिया और तभी घूमकर देखा तो एक बुद्धा था. हरिया यह देखकर थोड़ा गुस्से वाला मुंह बनाते हुए bola,"Saala ी ससुरा"

अनीता भी उसे देखकर boli,"Haan हरिया जी आपको याद है वह दिन जब यह पिछली बार दिखा था?"

हरिया यह सुनकर अनीता से bola,"Are हाँ मेमसाहेब जिस दिन आपका बैग चोर लेकर भाग रहा था"

अनीता भी उस बुड्ढे को घृणा और गुस्से से देखकर boli,"Haan हरिया जी वही दिन. कैसे यह तमाशा देख रहा था और मदद करने की ज़रा सा कोशिश भी नहीं किया. हाँ समझ रही हूँ की आपके जैसे दबंग और मजबूत नहीं हैं, उम्र थोड़ा ज़्यादा है लेकिन काम से काम शोर शराबा करके hi मेरी मदद कर देते"

हरिया यह सुनकर अनीता से bola,"Are बौद्धौ का मदद करता. ससुरा का नज़र तो आपकी गांड पर था"

अनीता यह सुनकर अपनी आँखें बड़ी करके हरिया को देखती हुयी boli,"Hariya जी फिर से वही बात. घूम फिरकर आप वहीँ आ जाते हैं"

हरिया यह सुनकर अपना दांत दिखाकर मुस्कुराने लगा तो अनीता मुस्कुराती हुयी boli,"Ab चलिए यहाँ से"

हरिया यह सुनकर मुस्कुराते हुए bola,"Theek है मेमसाहेब चलिए"

अनीता यह सुनकर एक नज़र अपने तरफ आते उस बुड्ढे को देखि जो उसी को देख रहा था. हरिया भी उस बुड्ढे को देखा फिर अनीता घूमती हुयी boli,"Chaliye हरिया जी"

दोनों वहां से जाने लगे तो हरिया bola,"Aise मेमसाहेब हम झूठ नहीं बोलत है. ससुरा का नज़र सच में आपकी गांड पर hi था"

अनीता अपनी गांड के बारे में सुनकर बिना शर्म के मुस्कुराती हुयी हरिया को देखकर boli,"Offo हरिया जी अब बस कीजिये".

अनीता की गांड की मटक भी साथ में बढ़ गयी थी. हरिया उसकी बात सुनकर चलते हुए hi थोड़ा तिरछा होकर अनीता की गांड को देखा और bola,"Aye हाय हाय मेमसाहेब क्या नाटक रही है आपकी गांड उफ़"

अनीता की चेहरे पर यह सुनकर गर्व का भाव आ गया और वह बिना शर्म के मुस्कुराती हुयी अपनी गांड मटकती हुयी चलती रही की अगले पल हरिया bola,"Sasura उस बुढऊ का भी का ग़लती. आपकी गांड चलते वक़्त इतनी हिल रही है तो उस दिन चोर के पीछे दौड़ते वक़त कितना हिल रही होगी. ससुरा बुढऊ का नज़र जो आपकी गांड पर गया होगा फिर हटा नहीं होगा"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Hariya जी बस भी कीजिये". जवाब में हरिया मुस्कुराया और अपना हाथ अनीता की गांड पर रखकर फिरने लगा. अपनी गांड पर हरिया का हाथ महसूस करके अनीता अपनी आँखें बड़ी करके आँखों से पीछे के तरफ इशारा की.

हरिया अनीता की आँखों का इशारा देखकर उसकी गांड पर हाथ फेरते हुए bola,"Are मेमसाहेब का हो जायेगा अगर ससुरा हमरा हाथ आपकी गांड पर देख लेगा तो. ससुरा को पता तो चलना चाहिए की ु तो सिर्फ आपकी गांड देख सकत है, हम तो आपकी गांड को छू भी सकत है. ससुरा को पता तो चलना चाहिए की आपके जइसन खूबसूरत और जवान औरत की गांड छूने के लिए हमरा जइसन मरद होना चाहिए. ु आप बोली न की हम दबंग और असली मरद हूँ और ु ससुरा बुढऊ में दम नहीं है. आप नहीं चाहती का की ससुरा को एहसास होये की आपकी गांड और जवानी का मज़ा हमरे जइसन असली मरद के लिए है"

अनीता यह बातें अपनी चेहरे पर गर्व का भाव लिए सामने देखती हुई चलती हुयी सुन्न रही थी. अनीता उसका बात ख़तम होने पर उसे देखकर boli,"Hariya जी आप भी बस बातें बनाते रहते हैं"

हरिया यह सुनकर मुस्कुराया और अनीता की गांड पकडे अपने करीब खिंच लिया तो अनीता बिना कुछ बोले हरिया से चिपककर चलने लगी और अगले पल अपनी गांड पर उसके हाथ का पकड़ बढ़ते हुए महसूस की और फिर हरिया उसकी गांड को मसल दिया. अनीता अपनी गांड मसले जाने पर भी चुप चाप हरिया से चिपकी हुयी चल रही थी. उसे पता था की वह बुद्धा हरिया को उसकी गांड मसलते हुए देख रहा होगा.

अगले पल हरिया उसकी गांड को मसलते हुए bola,"memsaheb अपनी गांड को और मटकाइये न. ु ससुरा को देखने दीजिये की आपकी गांड कितना कातिलाना है"

अनीता यह बात सुनी और चुप चाप हरिया के तरफ देखे बिना, सामने नज़र की हुयी अपनी गांड की मटक बढ़ा दी.

हरिया अनीता की गांड की मटक बढ़ते हुए अपने हाथ पर महसूस करके bola,"Uff मेमसाहेब सच में कितना कातिलाना गांड है आपका. जइसन कातिलाना गांड है आसान hi गरम जवानी है आपकी. ससुरा लौड़ा खड़ा कर देगा कउनो मरद का"

अनीता अपनी चेहरे पर गर्व की भाव लिए सामने देखती हुयी चलती हुयी हरिया का बात सुन्न रही थी और जब वह अपना बात ख़तम कर लिया तो अनीता एक नज़र हरिया को देखि तो पहले उसे एक नज़र अपनी जिस्म पर ऊपर से नीचे तक दौड़ते देखि की कैसे वह उसकी चूँचियों की उभर और नंगी पेट को देख रहा था. अनीता जब हरिया को अपनी जिस्म को देखते हुए देखि तो चुप चाप चेहरे पर गर्व की भाव लिए एक नज़र सामने देखने के बाद हरिया को देखती हुयी अपनी गांड मटकती हुयी चलती रही.

हरिया अगले पल अनीता की गांड पकडे हुए अपने और करीब खींचते हुए bola,"Humre और पास आइये न मेमसाहेब. ससुरा को देखकर जलने दीजिये"

अनीता चुप चाप हरिया के खींचने पर उसके और करीब हो गयी और अपनी गांड मटकती हुयी चलती हुयी हरिया को देखि तो हरिया मुस्कुराते हुए उसकी एक गांड की भाग को जितना हो सके उतना मुट्ठी में भरने का कोशिश करते हुए मसलते हुए मुस्कुराया तो अनीता मुस्कुराती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Haan हरिया जी सही कहा आपने. उसे भी तो एहसास होना चाहिए की असली मर्द कैसे होते हैं. आप जैसे असली मर्द सिर्फ तमाशा नहीं देखते हैं बल्कि औरतों की मदद करते हैं वह भी हर तरीके से, चाहे वह कुछ चोरी होने पर मदद करना हो, चाहे बाजार में मदद करना हो या कोई भी तरीक़ा से मदद करना हो और आप तो इतना म्हणत मज़दूरी करने के बावजूद भी वक़्त निकल कर मेरी मदद करने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं"

हरिया यह सुनकर अनीता की गांड मसलते हुए bola,"Uhe तो ससुरा को दिखा रहे हैं की आप के जइसन जवान और खबसूरत औरत का और कौन सा तरीक़ा से मदद किया जाट है. ु ससुरा का जाने की आपके जइसन खबसूरत और जवान औरत ी शहर में अकेली है और कउनो असली मरद आपके जइसन औरत को अकेला रहने नहीं दे सकत है. साहेब आपके पति हैं ठीक है उनका अपना जगह है. लेकिन वह तो काम में बीजी रहते हैं. सिर्फ रात में आते हैं. ऐसे में बाकी समय कउनो मरद होना चाहिए तो आपका ी जवानी का ख्याल रखने के लिए और हर तरीके से मदद करने के लिए"

हरिया अगले पल फिर से अनीता की जिस्म को देखने लगा, उसकी छोटी ब्लाउज कप में कैद बड़ी बड़ी चूँचियाँ और उसके नीचे नंगी गोरी और सपाट पेट और गहरी नाभि को देखकर bola,"Uff मेमसाहेब आपका ी गरम जवानी देखकर कैसे ससुरा कउनो मरद आपका मदद करना नहीं चाहेगा. ससुरा ु बुढऊ में मर्दानगी नहीं है"

अनीता यह सुनकर हरिया को एक ऐडा से देखती हुयी boli,"Chhoriye उस बुड्ढे की बात हरिया जी. जब मेरे हरिया जी जैसा असली मर्द मेरी मदद करने के लिए हैं तो उस बुड्ढे की बात क्यों करे?"

हरिया अनीता की गांड मसलते हुए bola,"Isiliye तो ससुरा को जला रहा हूँ. ससुरा को लग्न चाहिए की आपकी मदद करने के लिए हमरा जइसन मरद है. ु ससुरा को देखने दीजिये आपकी गांड, बस देख hi सकत है. ससुरा जल कर ख़ाक हो गवा होगा हमरा हाथ आपकी गांड पर देखकर"

अनीता यह सुनकर बेशर्मी से मुस्कुराती हुयी boli,"Jalne दीजिये हरिया जी. आपको उसे जैसे जलना है जलाइए. उसे सच में एहसास होना चाहिए की मैं अकेली नहीं हूँ. मेरे साथ मेरे हरिया जी हैं जो मेरा इतना ख्याल रखते हैं और हर वक़्त मेरी मदद करते हैं."

हरिया अनीता की गांड मसलते हुए bola,"Aur ससुरा इससे अच्छा तरीक़ा उसको जलने का नहीं होगा. कैसे ु आपकी गांड देख रहा था उस दिन और ससुरा आज भी देख रहा है. लेकिन आपकी गांड का छूने का मज़ा कभी नहीं ले सकत है ु. आपकी कातिल गांड का मज़ा तो हमरा जइसन मरद hi ले सकत है"

फिर हरिया उसकी गांड को देखते हुए bola,"Uff मेमसाहेब सच में का गांड है आपका. ससुरा किसी का भी लौड़ा खड़ा कर देगा आपकी गांड"

अनीता यह सुनकर चेहरे पर गर्व का भाव लिए हरिया को देखि और मुस्कुराती हुयी अपनी सर हिलने lagi,"Aapki तो बात hi निराली है हरिया जी. घूम फिरकर बस बात वहीँ आ जाती है"

हरिया उसकी गांड को मसलते हुए मुस्कुराया तो अनीता मुस्कुराती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में puchhi,"Aese हरिया जी औरो की बात छोड़िये. मेरे हरिया जी का हथियार का क्या हाल है?"

हरिया यह सुनकर मुस्कुराते हुए अनीता की गांड को मसलते हुए bola,"Are मेमसाहेब ी कउनो पूछने का बात है. हमार लौड़ा तो आपके सामने hi है. छूकर देख लीजिये"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Uhhm हरिया जी आप तो बस अपना हथियार को hi मुझसे छुवने का बहाना बनाते हैं"

हरिया अनीता की गांड को मसलते हुए bola,"Are मेमसाहेब बहाना का का बात है. जिस तरह से हम हक़ से आपकी गांड छूटा हूँ उसी हक़ से आप भी हमार लौड़ा छुइए. हमार लौड़ा तो आपका सेवा के लिए hi है. इसलिए तो आपको देखकर बौखलाकर आपकी सेवा के लिए तैयार रहता है"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Offo हरिया जी अब बस कीजिये" और फिर वह एक नज़र उसके पंत के सामने देखकर आस पास देखि तो हरिया bola,"Are कउनो नहीं है मेमसाहेब" तो अगले पल अनीता उसका लुंड पंत के ऊपर से सेहले और फिर उसे हाथ में लेकर पंत के ऊपर से hi हिलने लगी. हरिया का लुंड आधा खड़ा था. आधा खड़ा होने से hi उसका लुंड काफी बड़ा और मोटा लग रहा था और अनीता को उसके लुंड का मोटाई और लम्बाई को महसूस करके अच्छा लग रहा था.

कुछ सेकंड बाद अनीता उसका लुंड हिलती हुयी कुछ सोचकर पीछे घूमी तो देखि की वह बुद्धा पीछे पीछे hi उसकी गांड देखते हुए आ रहा था मगर साथ hi वह अपने पंत के ऊपर से अपना लुंड हिला रहा था. अनीता को पीछे देखते हुए हरिया भी थोड़ा घूमकर देखा तो वही न ज़रा देखा.

हरिया वह देखकर bola,"Behenchod ससुरा कैसे आपकी गांड को देखते हुए लौड़ा हिला रहा है अपना"

अनीता यह सुनकर हरिया का लुंड हिलती हुयी boli,"Hariya जी इधर से चलते हैं. चलिए आइस क्रीम कहते हैं"

हरिया यह सुनकर अनीता की गांड को दबोचते हुए हिलाकर bola,"Are देखने दीजिये ससुरा को. ु तो हमार खूबसूरत और सेक्सी मेमसाहेब का गांड सिर्फ देख सकत है और खुद से अपना लौड़ा हिलावत है. हम तो अपनी खूबसूरत और सेक्सी मेमसाहेब का गांड को छू सकत है और हमार मेमसाहेब असली लौड़ा को छू सकत है"

अनीता यह सुनकर बेशर्मी से मुस्कुराती हुयी boli,"Hariya जी अब छोड़िये इन सब बातों को. चलिए न आइस क्रीम कहते हैं"

हरिया यह सुनकर मुस्कुराते हुए bola,"Are मेमसाहेब आप आइस क्रीम खाइयेगा या चुसियेगा"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Offi हरिया जी आप तो बस बातें hi बनाते रहते हैं. चलिए मुझे आइस क्रीम चूसना है. आपको आइस क्रीम चाटने का मैं नहीं कर रहा है क्या?"

हरिया अनीता को देखकर bola,"Haan मेमसाहेब मैं तो करता है हमरा की हम आपका छाते"

अनीता यह सुनकर उसका लुंड हिलती हुयी boli,"To चलिए न हरिया जी"

हरिया यह सुनकर अनीता की गांड मसलते हुए bola,"Theek है memsaheb.Lekin आपको हम आज असली चीज़ चुसाएँगे"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी उसका लुंड हिलती हुयी puchhi,"To हरिया जी आइस क्रीम तो असली hi रहती है न. यहाँ क्या ब्रांड के नाम पर नकली आइस क्रीम मिलती है?"

हरिया यह सुनकर मुस्कुराते हुए bola,"Are नहीं मेमसाहेब. आइस क्रीम नकली नहीं है. मगर असली चूसने का चीज़ ु नहीं है. ुका चूसने में का मज़ा. चूसै का असली मज़ा तो जो हम आपको आज चुसाएँगे ुमे है"

अनीता हरिया का लुंड हिलती हुयी puchhi,"Woh कौन सी चीज़ है हरिया जी? मुझे तो आइस क्रीम hi चुसनी है"

हरिया यह सुनकर अनीता की गांड मसलते हुए bola,"Are मेमसाहेब ु आइस क्रीम जैसा hi लम्बा और बड़ा चीज़ है. बल्कि सच बोलूं तो आइस क्रीम से भी बड़ा, मोटा और लम्बा चीज़ है"

अनीता अगले पल तुरंत puchhi,"Lekin क्या आइस क्रीम में तो क्रीम रहता है जिसको चूसने में मज़ा आता है"

हरिया यह सुनकर मुस्कुराते हुए bola,"Are मेमसाहेब ु में भी मलाई होता है और ु मलाई तो और गाढ़ा और मज़ेदार होता है. ु तो असली मलाई है जिसको चूसने से आपका ख़ूबसूरती और जवानी में और निखार आवेगा. बड़ा कीमती मलाई होता है ु. पूरा असली और बिना मिलावट का मलाई है"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Hariya जी पता नहीं यह कौन सी आइस क्रीम जैसी चीज़ है जिसको चूसने से इतना फायदा होगा. बताइये न हरिया जी वह क्या चीज़ है?"

हरिया मुस्कुराते हुए bola,"Are मेमसाहेब जब हम दिखाएंगे तो देख लीजियेगा सीधा. ु अंग्रेजी में कहत है न सरप्राइज, उहे है"

अनीता मुस्कुराती हुयी boli,"Offo हरिया जी अब आप बता भी नहीं रहे हैं. खैर आपकी मर्ज़ी"

हरिया मुस्कुराते हुए bola,"Are मेमसाहेब माफ़ कीजिये लेकिन ु सीधा आप देखेंगी उसमे ज़्यादा मज़ा आवेगा. सरप्राइज रहने दीजिये न"

अनीता यह सुनकर उसका लुंड हिलती हुयी मुस्कुराकर boli,"Hariya जी इसमें माफ़ी मांगने की क्या बात है. जब आप सरप्राइज रखना चाहते हैं तो वही सही. बस मैं जानना चाहती थी की मेरे हरिया जी क्या चुसाएँगे मुझे. लेकिन आप सरप्राइज रखना चाहते हैं तो वही सही"

हरिया अनीता की भी गांड मसलते हुए bola,"Are मेमसाहेब बहोत hi ख़ास चीज़ है. आप जब देखिएगा तो आपको खुद चूसने का मैं करने लगेगा"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी हरिया को देखि तो वह bola,"Aese एक चीज़ औरो है?"

अनीता यह सुनकर उसका लुंड हिलती हुयी puchhi,"Kya हरिया जी?"

हरिया अनीता की गांड मसलते हुए bola,"Aap चूसेंगी तो मज़ा आ जायेगा आपको. लेकिन मलाई चूसने के बाद hi मिलेगा. चूसते वक़्त मलाई आपको नहीं मिलेगा. वह मलाई कीमती है न, उस मलाई से आपकी ख़ूबसूरती और जवानी में औरो निखार आएगा तो इसके लिए आपको खूब चूस कर उसमे से मलाई निकलना होगा. समझिये की चूसै का म्हणत का इनाम है ु मलाई. अब आप बोलिये की आपको चूसना है न"

अनीता मुस्कुराती हुयी boli,"Haan हरिया जी जब आप बोल रहे हैं को बहोत hi ख़ास चीज़ है तो मुझे चूसना है लेकिन पहले देखूं तो क्या ख़ास चीज़ है वह जो आइस क्रीम से भी बड़ा, मोटा और लम्बा है और जिसके अंदर से गाढ़ी गाढ़ी मलाई निकलती है वह भी खूब म्हणत से चूसने के बाद"

हरिया अनीता की गांड मसलते हुए bola,"Theek है मेमसाहेब चलिए"

अनीता भी मुस्कुराती हुयी boli,"Chaliye हरिया जी और इससे पीछा छुडाइये. कब से पीछे पीछे आ रहा है"

हरिया अनीता की गांड को मसलते हुए bola,"Are मेमसाहेब आपकी गांड देखते हुए आ रहा है"

अनीता यह सुनकर अपनी चेहरे पर गर्व की भाव लिए सामने देखती हुयी boli,"Hariya जी अब बस भी कीजिये"

हरिया यह सुनकर अनीता की गांड देखते हुए bola,"Are मेमसाहेब अब आपकी गांड hi अइसन है तो का करे. तोहरी गांड बड़ी है मस्त मस्त तोहरी गांड बड़ी है मस्त"

अनीता यह सुनकर आँखें बड़ी करके मुस्कुराती हुयी हरिया को देखकर boli,"Offo हरिया जी" तो हरिया हसने laga,"Hahaha".

जवाब में अनीता मुस्कुराती हुयी अपनी सर हिलाई और अपनी गांड की मटक बढ़ा दी. हरिया यह देखकर bola,"Aye हाय क्या मटक रही है आपकी गांड उफ़" और अगले पल अनीता अपनी गांड पर एक हल्का थप्पड़ महसूस करके हरिया को देखकर बेशर्मी से मुस्कुराती हुयी boli,"Hariya जी?" तो वह मुस्कुराकर अनीता की गांड मसल दिया. अनीता उसके लुंड से हाथ हटाकर एक ऐडा से उसे देखकर boli,"Ab हम आइस क्रीम वाले के पास पहुँचने hi वाले हैं"

हरिया यह सुनकर अनीता की गांड मसलते हुए bola,"Theek है मेमसाहेब"

अनीता यह सुनकर अपनी आँखों से अपनी गांड के तरफ इशारा की तो हरिया bola,"Are रहने दीजिये न हमरा हाथ आपकी गांड पर. जिस तरह ु बुद्धा जलत है वैसे hi आइस क्रीम वाले को जलूँगा हम"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Offo हरिया जी. बस भी कीजिये. हर कोई को जलने की ज़रूरत नहीं है"

हरिया यह सुनकर मुस्कुराया और उसकी गांड से हाथ हटा दिया तो अनीता मुस्कुराकर दी.
 
अपडेट 85

हरिया अनीता के साथ आइस क्रीम वाले के पास जाकर bola,"Sunn बे एक चाटने वाला आइस क्रीम दे".

अनीता यह चुप चाप सुन्न रही थी. आइस क्रीम वाला यह सुनकर bola,"Are भाई साहब थोड़ा अच्छे से बोलो".

हरिया यह सुनकर bola,"Achhe से तो बोलै".

आइस क्रीम वाला यह सुनकर एक स्टिक आइस क्रीम निकल कर उसको देते हुए bola,"Yeh लो".

हरिया यह देखकर bola,"Abe हम बोलै की चाटने वाला दे, ससुरा ी का दे रहा है?".

आइस क्रीम वाला यह सुनकर bola,"Are भाई चाटने वाला कउनो आइस क्रीम नहीं होता है, एहि है जो चूसकर खा सकते हो. अगर चाटकर खा न है तो इसे hi चाट लेना. एक तो अच्छे से बात नहीं कर रहे ऊपर से आइस क्रीम का पता भी नहीं".

हरिया यह सुनकर थोड़ा गुस्से में bola,"Ka रे हुंका का बोलै ससुरा... "

हरिया आगे बोलने वाला hi थी की अनीता बोल padi,"Inka मतलब था की एक कप आइस क्रीम दीजिये. एक मिनट".

अनीता यह बोलकर फिर खुद से hi एक अच्छा फ्लेवर वाला महंगा आइस क्रीम पसंद करके अपनी गोरी, पतली खूबसूरत ऊँगली से दिखती हुयी boli,"Yeh दीजिये".

यह सुनकर आइस क्रीम वाला चुप चाप अनीता के पसंद का दो कप आइस क्रीम निकल दिया. उसे तो हरिया पर गुस्सा आ रहा था मगर फिर अनीता जैसी खूबसूरत औरत जो देखने से hi पढ़ी लिखी अमीर घर की औरत लग रही थी को देख कर चुप चाप आइस क्रीम निकलने लगा.

दो आइस क्रीम को देखकर हरिया bola,"Abe बकलोल दो आइस क्रीम कौन माँगा?".

आइस क्रीम वाला यह सुनकर ताने मरने के तरीके से bola,"Ohh हाँ यह आइस क्रीम तो मेमसाहब खायेगी".

फिर वह अनीता के तरफ प्यार से देखकर आइस क्रीम बढ़ाते हुए bola,"Yeh लीजिये मेमसाहब".

अनीता यह देखकर अपना हाथ नहीं बधाई मगर हरिया उधर हाथ बढाकर आइस क्रीम लेकर bola,"Abe इधर दे. मेमसाहब यह सब आइस क्रीम नहीं खायेगी. वह इस्पेसल आइस क्रीम चूसेगी".

आइस क्रीम वाला यह सुनकर थोड़ा सोचते हुए bola,"ispesal आइस क्रीम?"

फिर वह अनीता के तरफ देखकर bola,"Memsaahab आपको शायद वह बड़ा दूकान में आइस क्रीम खाने का आदत होगा मगर इहाँ ऐसा दूकान नहीं मिलेगा. हमरे पास अच्छा आइस क्रीम है"

अगले पल हरिया bola,"Abe ससुरा तोहार से कोई पूछा? हम चुसाउँगा इस्पेसल आइस क्रीम मेमसाहब को".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराकर आइस क्रीम वाला को देखकर उसे पैसे देती हुयी boli,"Yeh लीजिये आपके पैसे. मुझे स्पेशल आइस क्रीम खिलने की ज़िम्मेदारी इनकी है. आपको चिंता करने की ज़रूरत नहीं है".

हरिया यह सुनकर गर्व से उस आइस क्रीम वाले को देखा की तभी अनीता boli,"Chaliye".

हरिया यह सुनकर मुस्कुराते हुए अनीता को देखकर bola,"Chaliye मेमसाहब" और दोनों चल दिए वहां से. वह आइस क्रीम वाला अनीता को जाते देखते रहा. इतनी खूबसूरत औरत वह भी देखने से बड़े घर की पढ़ी लिखी औरत लगने वाली अनीता को हरिया जैसे गंवार और ग़रीब मज़दूर जैसा आदमी जो उसे बातों से बद्तमीज़ भी लग रहा था के साथ देखकर वह आइस क्रीम वाला भी सोच में पद गया.

वह जाते हुए अनीता की लगभग पूरी नंगी खूबसूरत और गोरी पीठ और उसके नीचे उसकी हिलती हुयी बड़ी गांड को देखकर थोड़ा बेचैन हो गया और हरिया से उसे जलन होने लगी. वह सोचने लगा की अनीता जैसी औरत वैसे आदमी के साथ क्या कर रही है और उसे इतना महंगा आइस क्रीम भी खिला रही है अपने पैसे से. वह यह सब सोचते हुए जलन से देख hi रहा था की एक कस्टमर आ गया और उसका ध्यान उधर से हट कर कस्टमर पर चला गया.

थोड़ी देर के बाद वह जब वापस उधर देखा तो अनीता और हरिया ग़ायब हो चुके थे और किधर गए उसे पता नहीं चला. वह भी चुप चाप अपने रोज़ के रास्ते से आइस क्रीम बेचने के लिए आगे बढ़ गया.

हरिया अनीता को उसी गली में ले गया जहाँ वह दोनों जाते थे और हरिया गली में घुसते hi आस पास देखकर अनीता की गांड पर हाथ रखकर दबा दिया तो अनीता उसे देखकर मुस्कुराकर boli,"Hariya जी आप मुझे यहाँ ले आये मगर मेरे लिए स्पेशल आइस क्रीम आपने नहीं खरीदा"

हरिया यह सुनकर मुस्कुराते हुए bola,"Are मेमसाहब ू इस्पेसल आइस क्रीम खरीदने का ज़रूरत नहीं है. हमरे पास पहले से hi है".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Kidhar है हरिया जी ज़रा मैं भी तो देखूं".

हरिया यह सुनकर मुस्कुराते हुए bola,"Dikha दूंगा हम मेमसाहब पहले चलकर छाओं में आराम से बैठ तो जाइये".

फिर वह अनीता की क्लीवेज के तरफ हाथ लेजाकर उसमे ऊँगली घुसकर पसीने के एक बंध को अपनी ऊँगली में उठाकर bola,"Garmi से देखिये ससुरा पसीने आ गया है आपको. और ी पसीना आपकी दोनों चूँचियों के नीचे घाटी का सैर करने चल दिया था मगर हम रोक दिया".

अनीता यह सुनकर अपनी आँखें बड़ी करके बेशर्मी से मुस्कुराती हुयी boli,"Hariya जी कोई ऐसे बोलता है क्या?"

हरिया अनीता की चूँचियों को एक पल देखा. अनीता उसे जब अपनी चूँचियों को देखते पायी तो उसे गर्व होने लगा अपनी चूँचियों पर. शर्म की बात तो कहीं थी hi नहीं. अनीता को उल्टा गर्व हो रहा था हरिया के नज़र अपनी चूँचियों पर पड़ने से.

हरिया उसकी चूँचियों को देखने के बाद अनीता की आँखों में देखते हुए bola,"Are मेमसाहेब चूंकि को चूंकि hi न बोलूंगा हम"

अनीता यह सुनकर बेशर्मी से हरिया को देखती हुयी अपनी सर हिलाकर boli,"Aap भी न हरिया जी जो मैं में आता है बोलने लगते हैं"

हरिया यह सुनकर अनीता की गांड से हाथ हटते हुए उसकी दायी कमर पर ले गया और फिर ऊपर हाथ बढ़ाते हुए bola,"Are मेमसाहेब सिर्फ बोलत hi नहीं हैं हम करात भी है" और अगले पल अनीता अपनी दायी चूंकि पर ब्लाउज के ऊपर से हरिया का हाथ महसूस की और फिर अपनी चूंकि को उसके कठोर हाथ के मुट्ठी में कैद पायी. हरिया उसकी दायी चूंकि को जितना हो सके उतना हाथ में भरकर मसल दिया.

अनीता यह महसूस करके अपनी चूंकि के तरफ देखि भी नहीं और हरिया को hi देखती हुयी हलकी सिसकारी bhari,"Siiii ुहह्म्म".

हरिया अनीता की सिसकारी सुनकर उसे देखते हुए मुस्कुराया और उसकी दायी चूंकि को मुट्ठी में भरे हुए hi इ एक नज़र फिर से ऊपर से नीचे देखने लगा. अनीता चुप चाप अपनी चेहरे पर गर्व की भाव लिए चलने लगी.

अनीता कुछ सेकंड बाद वापस उसे देखि जब वह bola,"Sach में मेमसाहेब का गरम जवानी है आपकी उफ़. साहेब सच में कितना किस्मत वाले हैं"

अनीता उसे देखती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Offo हरिया जी फिर से वही सब बातें. आप बस बातें बनाते रहेंगे और ऐसा न हो की तब तक इतनी गर्मी में मेरी स्पेशल आइस क्रीम पिघल जाये और मुझे कुछ चूसने के लिए मिले hi नहीं. अभी तक तो आपने दिखाया भी नहीं की मेरी स्पेशल आइस क्रीम कैसी है".

हरिया यह सुनकर मुस्कुराते हुए bola,"Are मेमसाहब ू कउनो ालतु फालतू आइस क्रीम नहीं है. बहोत मजबूत है. इसलिए तो इस्पेसल है. ससुरा पिघलेगा तो आपके मुंह में hi, जब आप मज़े से इसे चूसेंगी".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Pata नहीं हरिया जी कौन सा स्पेशल आइस क्रीम है जो मेरे मुंह में hi पिघलेगा वह भी जब मैं मज़े से चूसूंगी तब hi. चलिए काम से काम मैं मज़े से आइस क्रीम चूस तो सकुंगी. और यह तो कोई अलग hi टाइप की आइस क्रीम लग रही है. थोड़ी देर पहले बोल रहे थे की मेरे अच्छे से चूसने के बाद hi उसमे से क्रीम निकलेगा. सच में हरिया जी जैसा निराला आप हैं लग रहा है आइस क्रीम भी वैसा hi है. सबसे अलग और निराला".

हरिया यह सुनकर मुस्कुराते हुए bola,"Haan मेमसाहब सबसे अलग hi है. आप खूब मज़े से चुसियेगा. आपको चूसने में बहोत मज़ा आएगा".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराकर boli,"Theek है हरिया जी मगर पहले मुझे दिखे तो को मुझे चूसना क्या है"

हरिया यह सुनकर अनीता की चूँचियों को गन्दी नज़र से देखने के बाद उसे हल्का सा दबाते हुए उसके चेहरे पर देखकर मुस्कुरा दिया और bola,"Haan मेमसाहेब. आइये बैठिये".

अनीता देखि तो वह दोनों पेड़ के पीछे पाथर के पास आ गए थे. अनीता पत्थर को देखकर मुस्कुराती हुयी बैठ गयी. अनीता के बैठने के बाद हरिया उसके सामने खड़ा हो गया. इतना सामने की उसका पंत अनीता की चेहरे से कुछ इनचेस hi दूर था.

अनीता हरिया के पंत पर देखि जहाँ लुंड का उभर था. यह देखकर उसकी दिल धड़क गयी और सांस तेज़ हो गयी. वह एक गहरी सांस लेकर हरिया के लुंड के उभर को देखि और फिर वह ऊपर चेहरा करके हरिया के तरफ देखकर boli,"Rukiye हरिया जी मैं आपका आइस क्रीम का कप खोलकर चाटने के लिए देती हूँ".

हरिया यह सुनकर मुस्कुराते हुए आइस क्रीम कप अनीता की हाथों में देखा. अनीता उसे खोलकर अपनी ऊँगली से उसके बीच थोड़ा सा कुर्वेद लाइन ( बनायीं और फिर दूसरे तरफ भी वैसा hi लाइन ) बना दी ऐसे की दोनों लाइन ऊपर में आपस में मिल गए थे और बीच में बाहर के तरफ निकले थे ऐसे (). इसके बाद यह दोनों लाइन के बीच का थोड़ा सा आइस क्रीम वह निकल ली जिससे उसमे थोड़ा गड्ढा बन गया.

अनीता फिर वह हरिया के तरफ बढाकर रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Lijiye हरिया जी अब इसे चाटिये आप".

हरिया मुस्कुराते हुए आइस क्रीम का कप लेकर bola,"Waah मेमसाहब सच में अब ी आइस क्रीम चाटने में मज़ा आएगा"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराकर अपनी ऊँगली हरिया के तरफ बढाती हुयी boli,"Yeh लीजिये हरिया जी मेरी ऊँगली में आइस क्रीम लग गयी. आप खा लीजिये इसे".

हरिया यह सुनकर मुस्कुराते हुए bola,"Are मेमसाहब इसे चूसकर साफ़ करने होगा. चूसने का काम तो आपका है. आप चूसेंगी तो अच्छा लगेगा"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Hariya जी आप तो बस मुझे चूसना hi देखना चाहते हैं. पता नहीं मेरे चूसने में आपको क्या अच्छा लगता है. इसे आप चाटकर भी तो साफ़ कर सकते हैं. खैर कोई बात नहीं. अगर आप चाहते हैं की मैं यह चूसकर साफ़ कर लूँ तो कर लेती हूँ".

यह बोलकर अनीता अपनी ऊँगली को मुंह के सामने ले जाकर अपनी जुबां निकल कर हरिया को देखती हुयी उँगलियों पर फिरै जिसे देखकर हरिया मुस्कुराया तो अनीता मुस्कुराती हुयी boli,"Hariya जी आप भी चाटिये न".

हरिया यह सुनकर अनीता को देखते हुए अपना जुबां निकलकर उस आइस क्रीम के कप के बीच में उसे एक तरफ से दूसरे तरफ तक ले गया और फिर वह मुस्कुराते हुए जुबां अनीता को दिखते हुए हिलने लगा. अनीता मुस्कुराती हुयी उसे देखि तो हरिया ज़बान वापस मुंह में लेजाकर उसमे लगे आइस क्रीम को खा गया.

अनीता यह देखकर मुस्कुराई तो हरिया bola,"Aap अपना खूबसूरत ऊँगली इधर लाइए तो मेमसाहेब"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी अपनी इंडेक्स फिंगर उसके मुंह के सामने कर दी तो हरिया उसकी बीच की ऊँगली के तरफ आँखों से इशारा करते हुए bola,"Isko भी सीधा कीजिये न मेमसाहेब"

अनीता बीच की ऊँगली सीधा की तो उसकी इंडेक्स फिंगर और बीच की ऊँगली से विक्ट्री सिग्न बन गया. हरिया यह देखकर अपना मुंह आगे करके ज़बान निकला और उसे अनीता की दोनों उँगलियों के बीच करके ज़बान हिलने लगा. यह देखते hi अनीता की दिल की धड़कन और सांस फिर से तेज़ हो गयी. साथ hi उसकी बदन और छूट में एक अजीब सी मस्ती की लहर दौड़ने लगी. अनीता बिना शर्म के हरिया को देखती रही और हरिया उसको देखते हुए अपना ज़बान उसकी उँगलियों के बीच हिलाते रहा.

हरिया वैसे करता हुआ मुस्कुराया तो अनीता भी यह देखकर बेशर्मी का सबूत देते हुयी मुस्कुरा दी. हरिया थोड़ा आगे बढ़ गया जिससे अब उसके पंत और अनीता के चेहरे के बीच बहोत काम फैसला था. अनीता एक नज़र हरिया के पंत के उभर के तरफ देखि और फिर ऊपर देखि तो हरिया मुस्कुराते हुए अनीता की उँगलियों पर जुबां रखकर हिलने लगा. अनीता चुप चाप वैसे hi बैठी रही.

कुछ सेकण्ड्स बाद हरिया वापस आइस क्रीम में ज़बान डालकर हिलने लगा और अनीता को देखकर ज़बान बाहर निकल कर हिलाकर उसे दिखाया और फिर ज़बान अंदर करके आइस क्रीम को खा लिया.

अनीता यह देखकर मुस्कुराती हुयी boli,"Hariya जी आप कैसे चाट रहे हैं. अच्छे से चाटिये न".

हरिया यह सुनकर मुस्कुराकर bola,"are मेमसाहब ऐसे चाटने में भी मज़ा है" और फिर वह आइस क्रीम को वापस पहले के जैसे एक तरफ से दूसरे तरफ तक जुबां लेजाकर चाट लिया.

अनीता यह देखकर मुस्कुरा रही थी की हरिया उसको देखकर bola,"Are मेमसाहब आप भी अपना आइस क्रीम चूसिये न".

अनीता यह सुनकर उसे देखती हुयी थोड़ी नाराज़गी से boli,"Hariya जी आपने मुझे आइस क्रीम दिया कहाँ है जो मैं चूसूंगी. आप तो खुद मज़े से छाते जा रहे हैं".

हरिया यह सुनकर मुस्कुराकर bola,"Are मेमसाहब माफ़ कर दीजिये. लेकिन आपके ठीक सामने तो है आइस क्रीम. निकल कर चूसिये न".

अनीता यह सुनकर दाया बाय देखकर puchhi,"Mere सामने किधर है हरिया जी?".

हरिया थोड़ा और आगे होकर bola,"Are मेमसाहब ठीक आपके सामने, आपके मुंह के सामने hi तो इस्पेसल आइस क्रीम है जिसको चूसकर आपको मज़ा आएगा".

अनीता यह सुनकर हरिया को देखती हुयी थोड़ा रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Hariya जी मेरे सामने तो आपका पंत है. यह कोई आइस क्रीम है क्या?".

अनीता यह बोलकर खिलखिलाने lagi,"Hehehe"

हरिया अनीता को हस्ते देख आइस क्रीम को छटकर मुस्कुराकर bola,"Are मेमसाहब तो पंत के अंदर hi तो आपका चूसने का चीज़ है. निकल कर मज़े से चूसिये उसे".

अनीता यह सुनकर ऊपर हरिया को मुस्कुराकर देखती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Offo हरिया जी तो ऐसे साफ़ साफ़ बोलना चाहिए न की मेरी आइस क्रीम आपके पंत के अंदर है. मेरे सामने तो आपका पंत है तो मैं वही समझूंगी न हेहेहे".

अनीता यह बोलकर हरिया के पंत के तरफ देखि और एक गहरी सांस लेकर दोनों हाथों को दोनों पॉकेट में दाल दी और उसमे हाथ फिरै तो हरिया का लुंड उसे पॉकेट के कपडे के दूसरे तरफ से महसूस हुआ हाथ में.

अनीता अपनी दोनों हाथों को उसके लुंड पर फिरती हुयी ऊपर के तरफ सर करके हरिया के आँख में देखती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Hariya जी आइस क्रीम कहाँ है. मुझे तो कोई चूसने वाली आइस क्रीम नहीं मिला पॉकेट में".

हरिया यह सुनकर आइस क्रीम चाट कर मुस्कुराते हुए bola,"Are मेमसाहब आप आइस क्रीम पर hi तो हाथ राखी हुयी हैं. उसको निकलने के लिए पॉकेट में नहीं" फिर वह एक हाथ अपने पंत के ज़िप पर रखकर bola,"Ee खोलकर इसके अंदर हाथ घुसना होगा आपको ".

अनीता उसके पंत के ज़िप के तरफ देखि और फिर बेशर्मी से मुस्कुराती हुयी ऊपर उसके तरफ देखकर रणदीपाने वाली आवाज़ में बोली," हरिया जी आइस क्रीम कोई यहाँ रखता है क्या? आपका तो काम hi अलग होता है".

हरिया यह सुनकर मुस्कुराते हुए bola,"Haan मेमसाहब ी इस्पेसल आइस क्रीम है न, तो इस्पेसल जगह पर hi न रखूँगा हम. आप ी खोलकर इसके अंदर का चीज़ निकलकर चूसिये. आपको खूब मज़ा आएगा चूसने में".

अनीता यह सुनती हुयी ऊपर हरिया के तरफ देख रही थी और देखती हुयी hi हरिया के पंत के पॉकेट से बाय हाथ बाहर निकलकर उसके ज़िप को पकड़ कर नीचे करने लगी. दये हाथ से वह पॉकेट के अंदर से उसका लुंड सहलाना जारी राखी.

हरिया भी अनीता को देखते हुए कप आइस क्रीम में ज़बान फिरकर चाटना जारी रखा. अनीता की धड़कन और सांस यह देखकर ऐसे hi तेज़ थी और उसकी चूँचियाँ ऊपर नीचे हो रही थी. अगले पल वह अपनी बायीं चूंकि पर ब्लाउज के ऊपर से हरिया का दया हाथ महसूस की जो उसकी चूंकि को दबाने लगा.

अनीता अपनी चूंकि के तरफ देखि भी नहीं और धड़कती दिल, तेज़ सांस और छूट में हलचल महसूस करती हुयी हरिया को देखती हुयी hi उसका जाप नीचे करके उसके अंदर अपनी बायीं हाथ घुसकर उसका लुंड अंडरवियर के ऊपर से पकड़ कर boli,"Hariya जी कहाँ है आइस क्रीम?"

हरिया अनीता की चूंकि दबाते हुए आइस क्रीम को चाटकर bola,"Memsaheb उसी पर तो आपका हाथ है. बाहर निकालिएगा तभी तो आपको दिखेगा और आप चूस सकिएगा. ीका बाहर निकालिये"

अनीता यह सुनकर हरिया को देखती हुयी उसके अंडरवियर में भी हाथ घुसा दी और उसके लुंड को पकड़ कर एक दो बार पहले हिलाई और फिर पकड़ कर पंत के बाहर निकल दी.

अनीता का धड़कन और सांस तेज़ तो था hi मगर वह इतनी बेशर्म थी की यह सब हरिया के आँखों में देखती हुयी hi कर रही थी.

अनीता जब हरिया का लुंड बाहर निकली तो हरिया अनीता को देखते हुए आँखों से अपने लुंड के तरफ इशारा किया. अनीता धड़कती दिल और तेज़ सांस लेती हुयी अपनी आँखें सामने करके हरिया के लुंड को देखि तो वह bola,"Dekh लीजिये मेमसाहेब इस्पेसल आइस क्रीम जिसको चूसकर आपको बहोत मज़ा आवेगा"

अनीता उसके लुंड को देखि और फिर उसे पकडे हुए hi ऊपर के तरफ चेहरा करके हरिया के असंख्यों में देखती हुयी मुस्कुराकर boli,"Hariya जी यह तो आपका हथियार है. यह कोई स्पेशल आइस क्रीम नहीं है"

हरिया यह सुनकर मुस्कुराते हुए bola,"Haan मेमसाहेब ी हमार लौड़ा है और असली चूसने का चीज़ इहे है. जो मज़ा ी चूसने में आपको आवेगा ु आइस क्रीम चूसने में कहाँ आवेगा. चूसकर देखिये तो आप"

अनीता यह सुनकर एक नज़र आस पास देखकर ऊपर हरिया के तरफ देखती हुयी boli,"Hariya जी मैं आइस क्रीम चूसना छह रही थी और आप है की.."

अनीता इतना बोलकर चुप हो गयी की तभी हरिया आगे bola,"Aur हम आपको अपना लौड़ा चूसना छह रहे हैं. इहे न?"

अनीता इन सबके बीच हरिया का लुंड बायीं हाथ में पकड़ी हुयी hi थी. वह धीरे धीरे उसका लुंड थोड़ा हिलने भी लगी थी. वह उसका लुंड हिलती हुयी उसके आँखों में देखती हुयी उसका बात सुनकर अपनी सर "हाँ" में हिला दी.

हरिया उसकी चूंकि को मसलते हुए bila,"U इसलिए की इहे इस्पेसल आइस क्रीम है जिसको आपके जइसन खूबसूरत और जवान औरत को चूसना चाहिए. आपके जइसन गरम औरत का बदन का गर्मी ु पानी वाले आइस क्रीम से नहीं, एक तगड़ा लौड़ा चूसने से बुझेगा. लौड़ा के अंदर का मलाई चूसने से आपकी जवानी और खूबसूरर्ति में और निखार आएगा"

अनीता की दिल धड़क रही थी यह सुनकर. वह यह सुनकर हल्का मुस्कुराती हुयी boli,"Hariya जी कैसी बातें कर रहे हैं आप"

अनीता यह बोली hi थी की उसे अपनी बायीं चूंकि से हरिया का दया हाथ हटते हुए महसूस हुयी और तभी अपनी होंठों पर अंगूठा महसूस करके अनीता सामने देखि तो हरिया का दाया हाथ का अंगूठा था. अनीता यह देखकर वापस ऊपर देखि तो हरिया बिना कुछ बोले अपने अंगूठे को उसकी होंठों पर फिरने लगा.

अनीता बस वैसे hi बैठी हुयी ऊपर हरिया के आँखों में देख रही थी और बाये हाथ से उसका लुंड पकडे धीरे धीरे सेहला रही थी. हरिया उसकी होंठों पर अंगूठा फिरते हुए bola,"Waah मेमसाहेब, आपके यह होंठ कितने मुलायम, गुलाबी और रसीले हैं".

अनीता यह सुनकर रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Hariya जी आप सिर्फ मेरी तारीफ करते रहते हैं".

अनीता यह बोली तो हरिया कुछ नहीं बोलै बस उसको देखते हुए अंगूठे का प्रेशर उसकी होंठों पर बढ़ा दिया. अनीता यह महसूस करके अपनी होंठ हल्का खोल दी तो हरिया उसकी होंठों के बीच अंगूठा घुसा दिया.

अपनी होंठों में हरिया का अंगूठा घुसते हु अनीता को एक अजीब सा टास्ते मिला और उसे ध्यान आया की उसका टास्ते हरिया जो खैनी बनता है उसके गंध जैसा hi है. अनीता को याद आया की हरिया दो तीन बार उसके सामने hi खैनी बनाया था और उसकी नाक में उसका गंध गया था और उसके अंगूठे का स्वाद वैसा hi था. यह ध्यान आते hi अनीता को एक और चीज़ समझ आया की हरिया खैनी अंगूठे से hi रगड़ता है और पक्का उससे मिलने से पहले वह उस अंगूठे से खैनी रगड़ा होगा और उसके बाद धोया नहीं है.

यह समझ कर की उसकी मुंह में खैनी का स्वाद है अनीता को अपनी छूट और बदन में एक अजीब सी हलचल महसूस हुयी और उसकी ज़बान अपने आप hi थोड़ी आगे बढ़ी और हरिया के अंगूठे पर वह अपनी ज़बान फिरा दी. ऐसा करते hi उसकी बदन और छूट में फिर से मस्ती की लहर दौड़ने लगी.

हरिया अगले पल bola,"Are मेमसाहेब सच में आपके होंठ बहोत रसीला है, मगर फिर भी हम समझत हूँ की आपकी होंठ प्यासी है. आपको अपने होंठों के बीच लौड़ा चाहिए जिसे चूसकर आप अपनी प्यास बुझा सकत है"

अनीता कुछ बोलती इससे पहले हरिया थोड़ा और आगे बढ़ा जिससे अनीता का हाथ उसके लुंड से हटकर उसके जड़ पर आ गयी और अनीता उसके लुंड के जड़ के पास बस हाथ राखी हुयी hi उसके लुंड को देखि जो ठीक उसकी आँखों के सामने था और अगले पल हरिया का लुंड उसकी आँखों के सामने दये बाए होने लगा.

हरिया अपने लुंड में तनाव डालकर उसे अनीता की आँखों के सामने दये बाये कर रहा था और अनीता भी उसके लुंड को देखती हुयी अपनी आँखों को दये बाये कर रही थी जैसे एक पल के लिए भी उसे देखना बांध नहीं करना छह रही हो. ऐसा लग रहा था जैसे कोई पेंडुलम को देखकर अनीता मंत्रमुग्ध हो गयी हो.

अनीता अपनी आँखों को दये बाये करके हरिया के लुंड को देख hi रही थी की हरिया bola,"Hum आपके आँखों में भी देख सकत हूँ मेमसाहेब की आपको हमरे लौड़े का कितना प्यास है. हमार लौड़ा तो आपके लिए hi है मेमसाहेब. चूस लीजिये और अपनी प्यास बुझाइये"

अनीता यह सुनकर ऊपर चेहरा करके हरिया को देखि तो हरिया अपना लुंड अनीता की आँखों के सामने लाकर आगे पीछे करके हिलने लगा. अनीता की नज़र फिर से उसके लुंड पर गयी की तभी हरिया जोर का झटका देकर अपना लुंड अनीता की चीन से लेकर, उसके गालों, दायी आँख से होते हुए उसकी मांग पर सत्ता दिया. यह मेहसुआ होते hi अनीता अपनी आँख बांध कर ली और फिर तभी खोली जब महसूस हुआ की वह लुंड वहां से हट गया. अनीता उसके लुंड को अपनी आँखों के सामने देखने के बाद ऊपर देखि तो हरिया मुस्कुराते हुए उसे देखकर फिर से लुंड का झटका उसकी चेहरे पर मारा तो अनीता फिर से आँख बांध कर ली. कुछ सेकंड बाद भी अनीता अपनी चेहरे से लुंड को हत्या महसूस नहीं की तो वह वैसे hi दोनों आँख खोले हरिया को देखि. हरिया का लुंड इतना मोटा था की अनीता को दायी आँख से कुछ दिख hi नहीं रहा था क्यूंकि लुंड उसकी पूरी आँख को कवर कर रहा था.

अनीता उसे बायीं आँख से देखि और फिर बायीं आँख को तिरछा करके अपनी दायी आँख, उसके नीचे गाल और चीन पर उसे रेस्ट करते देखि तो उसे सपने का ख्याल आया की सपने में भी हरिया का लुंड ऐसे hi उसकी चेहरे पर रेस्ट कर रहा था.

अनीता तेज़ सांस लेती हुयी उसके लुंड को देखि और अपनी ज़बान हरिया के अंगूठे पर फिरकर उसके लुंड के जड़ को पकड़ कर धीरे धीरे हिलने लगी.

हरिया उसे देखकर bola,"Memsaheb आप अपनी प्यास बुझा लीजिये न. कहे प्यासी हैं जब हमरा लौड़ा आपके सामने है तो. हमार लौड़ा तो आपके लिए hi है"

अनीता यह सुनकर अपनी नज़र ऊपर की तो हरिया का लुंड को टोपा अपनी मांग से सदाकते हुए नीचे जाते महसूस की. पहले उसकी दायी आँख, गाल और फिर उसका लुंड का टोपा अपनी होंठ पर महसूस की और वहीँ रुक गया. अनीता यह महसूस करके अपनी आंखें नीचे करके हरिया के लुंड को अपनी होंठों पर देखि और अगले पल अपनी ज़बान हरिया के अंगूठे पर फिरा दी.
 
अपडेट 86

अनीता हरिया का लुंड देख hi रही थी की तभी कुछ आवाज़ आया और अनीता आस पास देखने लगी. हरिया भी आस पास देखने लगा तो अनीता उसका लुंड पकड़ कर पंत में दाल दी. हरिया यह देखकर puchha,"Ka हुआ मेमसाहेब? हमार लौड़ा चूसने का मैं नहीं है आपका?"

अनीता हरिया का ज़िप लगाती हुयी जवाब में बिना शर्म के उसके आँखों में देखती हुयी boli,"Hariya जी हमें चलना चाहिए. फिर से कोई आ रहा है"

हरिया यह सुनकर अपना अंगूठा उसकी होंठों पर फिरकर bola,"memsaheb आपका प्यास तो हम बुझा नहीं पाए"

अनीता जवाब में boli,"Hariya जी आप जल्दी से आइस क्रीम खा लीजिये और चलिए"

हरिया जवाब में सर हिलाते हुए bola,"Theek है मेमसाहेब जैसा आप बोले"

अनीता यह सुनकर कड़ी हो गयी तो हरिया उसको देखकर आइस क्रीम में ज़बान हिलने लगा. अनीता का दिल यह देखकर धड़कने लगा और वह एक नज़र आस पास देखि. हरिया अगले पल कप में पिघला हुआ आइस क्रीम एक साथ पी गया और कप वहां फ़ेंक दिया. अनीता को ऐसे रास्ते पर सामान फेंकना पसंद नहीं था और वह कप देखने लगी की तभी उसे अपनी गांड पर हाथ महसूस हुयी और हरिया bola,"chaliye मेमसाहेब"

अनीता यह सुनकर हरिया को देखि मगर कुछ बोली नहीं. हरिया उसकी गांड पर हल्का थपथपाते हुए सर से चलने का इशारा किया और अनीता की गांड मसल दिया. अनीता एक ऐडा से हरिया को देखकर अपनी गांड मटकाकर चलने लगी.

वह दोनों गली से निकले तो देखे की एक तरफ दीवार से सत्ता हुआ वही बुद्धा पेशाब कर रहा है. अनीता उसे पेशाब करता देखकर अजीब सा मुंह बनाई जैसे उसे घृणा हो रही हो.

हरिया उसकी गांड को दबाते हुए bola,"To ससुरा बहनचोद ी है. ससुरा को मूतने के लिए इहे जगह मिला?"

अनीता यह सुनकर हरिया को देखकर boli,"Hariya जी कैसे कैसे लोग हैं. पता नहीं खुले में ऐसे कैसे कर सकते हैं"

अनीता को न जाने क्यों हरिया के मुंह से "बहनचोद" और "मूतने" शब्द सुनकर बुरा नहीं लगा और वह उस बुड्ढे को देखने के बाद हरिया को देखि तो वह आगे bola,"Behenchod अपना लौड़ा शांत कर रहा है और आपको हमार लौड़ा चूसने का मज़ा लेने से रोक दिया"

अनीता यह सुनकर उस बुड्ढे को देखि तो वह अपना ज़िप बांध करके अनीता के तरफ देखा और दोनों का नज़र मिला. अनीता उसे घृणा के भाव से देखि वहीँ वह बुद्धा उसकी गांड देखकर अपना पंत के ऊपर से लुंड मसलने लगा. अनीता उसे लुंड मसलता देखि और फिर चुप चाप अपनी गांड की मटक बढाती हुयी अपनी बगल से चल रहे हरिया को देखकर मुस्कुरा कर boli,"Offo हरिया जी. चलिए मुझे ऑटो पकड़ना है"

हरिया यह सुनकर मुस्कुराते हुए bola,"Are चालत हैं हम मेमसाहेब ऑटो पकड़ने. तब तक आप हमार लौड़ा पकड़ लीजिये"

अनीता यह सुनकर बेशर्मी से मुस्कुराती हुयी boli,"Hariya जी अब मुझे बस ऑटो पकड़ना है. चलिए"

हरिया यह सुनकर मुस्कुराते हुए उसकी गांड मसलते हुए bola,"Are मेमसाहेब पकड़ लीजिये न पता नहीं अब दो दिन बाद मिलिएगा या चार दिन बाद. तब तक आप हमार लौड़ा का मज़ा ले लीजिये जैसे हम आपकी गांड का मज़ा ले रहे हैं"

अनीता पूरी बेशर्मी से हरिया के आँखों मेकं देखती हुयी उसका बात सुन्न रही थी. उसे ज़रा भी शर्म नहीं थी की हरिया जैसा गंवार मज़दूर उसकी गांड को मसल रहा है वह भी एक अनजान आदमी के सामने. उल्टा वह यह जानकार अपनी गांड को और मटका रही थी. वह हरिया का बात सुनकर मुस्कुरा रही थी की तभी हरिया bola,"Aur ु बुद्धा भी ससुरा आपकी गांड देखकर अपना लौड़ा खुद मसल रहा होगा"

हरिया यह बोलकर थोड़ा घूमकर देखा तो उस बुड्ढे को अपना लुंड मसलते हुए देखकर उसे थोड़ा गुस्से से देखा और फिर वापस अनीता को देखते हुए bola,"Are ी बुद्धा बहनचोद ससुरा तो सच में आपकी गांड देखकर अपना लौड़ा मसल रहा है"

अनीता बेशर्मी से हरिया के आँखों में देखती हुयी उसका बात सुनी की कैसे एक बुद्धा उसकी गांड देखकर लौड़ा मसल रहा था. अनीता अब हरिया के मुंह से "बहनचोद", "गांड" और "लौड़ा" सुनने पर कोई ऐतराज़ नहीं जाता रही थी.

हरिया अगले पल bola,"Aese तो हुंका ऊके सामने आपकी गांड छूकर उसको जलने में मज़ा आवत है, लेकिन ससुरा बहोत देर से पीछे पीछे आवत है आपकी गांड देखते हुए. आप बोलिये तो हम ीका ठीक करते हैं अभी"

अनीता अपनी गांड मटकती हुयी चेहरे पर गर्व की भाव से जवाब में boli,"Chhoriye हरिया जी. क्यों बेवजह का अब झमेला करना और अपना टाइम वास्ते करना. आपको भी काम पर जाना है और मुझे भी घर जाना है. उसका क्या वह तो लगता है बस ऐसे hi दिन गुज़ारता है, बिना किसी काम का. आने दीजिये पीछे पीछे. हम ऑटो स्टैंड पहुँचने hi वाले हैं"

हरिया यह सुनकर मुस्कुराकर अनीता की गांड मसलते हुए bola,"Theek है मेमसाहेब. अइसन बात है तो ससुरा को और जलावत है हम. आप और पास आइये न हमारे"

हरिया यह बोलते हुए अनीता की गांड पकडे अपने नज़दीक खिंच लिया और अनीता बेझिझक उससे चिपक कर चलने लगी.

हरिया उसकी गांड को मसलते हुए bola,"Sach में मेमसाहेब का ग़ज़ब का गांड है आपका" और अगले पल वह हलके से उसकी गांड पर थप्पड़ मार देता है तो अनीता अपनी आंखें बड़ी करके हरिया को देखकर boli,"Hariya जी" तो हरिया मुस्कुराने लगा.

अनीता भी एक कामुक अंदाज़ से उसे देखि तो हरिया उसे अपने आँखों से लुंड के तरफ इशारा किया. अनीता एक नज़र आस पास दौड़ाई और अपनी बायीं हाथ उसके पंत के ऊपर लेजाकर उसके लुंड को पकड़ कर हिलने लगी.

कुछ सेकण्ड्स बाद वह दोनों एक गली में मुड़े तो हरिया एक नज़र साइड में जिस गली से दोनों मुद रहे थे उधर देखा तो वह बुद्धा नहीं था. हरिया यह देखकर अनीता से bola,"Dekhiye मेमसाहेब चला गया वह बुद्धा"

अनीता भी उधर देखि तो वह बुद्धा नहीं था. अनीता हरिया के तरफ देखकर boli,"Jaata कैसे नहीं हरिया जी. जिस गुस्से से आप उसे पिछली बार देखे थे तो उसको डर से जाना hi था"

हरिया यह सुनकर अनीता की गांड मसलते हुए मुस्कुराकर bola,"Magar जो भी है मेमसाहेब ससुरा को जलने में हुंका मज़ा आ रहा था. आपको कइसन लग रहा था?"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी उसका लुंड पंत के ऊपर से पकडे हिलती हुयी boli,"Mujhe भी अच्छा लग रहा था हरिया जी उसे यह जताते हुए की मेरे साथ आप जैसे असली दबंग मर्द हैं मेरी ख्याल रखने के लिए और मेरी मदद करने के लिए. उसके जैसे लोग अगर मेरी मदद नहीं कर सकते तो मुझे कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता. वह सिर्फ तमाशा देखे, मेरी मदद करने और ख्याल रखने के लिए मेरे हरिया जी हैं जो खुलकर मेरी मदद करते हैं और ख्याल रखते हैं"

हरिया यह सुनकर मुस्कुराकर bola,"Sach में मेमसाहेब हुंका आपकी गांड का मज़ा लेते हुए देख ससुरा का बदन में जलन से आग लग हवा होगा"

अनीता यह सुनकर चेहरे पर गर्व की भाव लाये boli,"Jalne दीजिये हरिया जी. जलने वाले सिर्फ जलते हैं और करने वाले लोग अपना काम करते हैं"

हरिया उसकी गांड मसलते हुए bola,"U तो है मेमसाहेब. हम तो ी सोचत हूँ की अगर ससुरा ी देख लेता की आप भी हमार लौड़ा का मज़ा ले रही हैं तो का होता ुका. ससुरा बेहोश हो जाता"

अनीता यह सुनकर एक ऐडा से बड़ी आँखें करके हरिया को देखकर boli,"Offo हरिया जी अब बस कीजिये"

हरिया यह सुनकर मुस्कुराकर अनीता को देखकर उसकी गांड पर हल्का सा थप्पड़ मार दिया. ऐसा होने पर अनीता वैसे hi बड़ी आँखों से हरिया को देखकर boli,"ouch हरिया जी" तो हरिया हसने laga,"Hahaha".

अनीता बेशर्मी से मुस्कुराती हुयी हरिया को देखकर जो बोली उससे वह अपने रणदीपाने का साबुत दे रही thi,"Aaj तो आपने पूरा लाल hi कर दिया होगा हरिया जी. अब बस कीजिये"

हरिया अनीता को देखकर उसकी गांड को मसलते हुए हिलाकर puchha,"Kaa लाल कर दिए होंगे हम मेमसाहेब?"

अनीता मुस्कुराकर कामुक अंदाज़ में हरिया को देखती हुयी boli,"Wahi जहाँ आपका हाथ हैं?"

हरिया मुस्कुराकर bola,"Aapki गांड?"

अनीता अपनी आँखें बड़ी करके मुस्कुराती हुयी boli,"Hariya जी फिर से वही बात"

हरिया उसकी गांड दबाते हुए bola,"Are मेमसाहेब अब गांड को गांड hi बोलूंगा न"

अनीता यह सुनकर अपनी सर हिलती हुयी मुस्कुराकर boli,"Aap और आपकी बातें हरिया जी. कुछ भी हो जाये आप तो बस अपना अंदाज़ में hi बातें करेंगे हैं न"

हरिया अनीता की गांड मसलते हुए गली के एक साइड में उसे खींचकर अपने से लगभग चिपकते हुए उसकी आँखों में देखकर bola,"To आप चाहती हैं मेमसाहेब की हम अपना बात करने का अंदाज़ बदल दे?"

अनीता यह सुनकर हरिया के सीने पर हाथ रखकर थोड़ी नाराज़गी से boli,"Maine ऐसा कब कहा हरिया जी? आपको कोई चीज़ बदलने की ज़रूरत नहीं है. आप जैसे हैं वैसे hi ठीक हैं. मेरे हरिया जी का अपना एक ख़ास अंदाज़ है जो बाकी मर्दों में नहीं और एहि तो आपको सबसे अलग बनता है. मेरे हरिया जी जैसे हैं वैसे hi ठीक है, पुरे दबंग और बेबाक"

हरिया यह सुनकर मुस्कुराते हुए अपना लाल दांत दिखाया और अनीता की गांड मसलते हुए bola,"To मेमसाहेब हम गांड को गांड hi बोलूंगा न. आप बताइये न आप अपनी गांड की बात कर रही हैं"

अनीता उसका सीना सहलाती हुयी boli,"Haan हरिया जी. आज तो आपने पूरा लाल hi कर दिया होगा उसे"

हरिया उसकी गांड को थोड़ी बेरहमी से मसलने लगा तो अनीता की मुंह से सिसकारी निकलने lagi,"Siiiii" और वह सिसकारती हुयी बेशर्मी से हरिया के पसीने से भीगे उसके बाल भरे सीने को सहलाती हुयी उसके आँखों में देख रही थी.

हरिया उसकी गांड मसलते हुए bola,"To का हो जायेगा. आप घर जा कर अपनी गांड देखिएगा तो आपको याद आएगा की आज हम आपका बाजार में कितना ख्याल रखे हैं"

अनीता का दिल यह सुनकर धड़क गया. वह तो ऐसे भी हमेशा अपनी गाने आईने में देखती hi थी जब भी हरिया उसकी गांड मसलता था और आज वह एहि बात हरिया के मुंह से सुन्न रही थी.

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी थोड़ी हुए आगे होकर अपनी चूँचियों को हरिया के सीने से सताती हुयी boli,"Offo हरिया जी आप और आपकी बातें, हर चीज़ का जवाब रहता है आपके पास. अब चलिए मुझे लेट हो रही है और आपको भी काम पर जाना है"

हरिया यह सुनकर मुस्कुराते हुए bola,"Memsaheb आपका ख्याल रखना भी तो हमरा काम है"

अनीता यह सुनकर एक ऐडा में boli,"Kaam नहीं हरिया जी फ़र्ज़. भूल गए आप की आप बोलते हैं मेरा ख्याल रखना आपका फ़र्ज़ है"

अनीता यह सुनकर खिलखिलाने lagi,"Hehehe"

हरिया यह सुनकर उसकी गांड दबाते हुए bola,"U तो है hi"

अनीता अगले पल खिलखिलाती हुयी हरिया का बाजु पकड़ कर boli,"Bahot ख्याल रख लिया आपने आज अपनी मेमसाहेब का. अब चलिए"

हरिया अनीता की बात सुनकर उसकी गांड की दोनों भाग पर एक एक करके थप्पड़ मार कर bola,"Chaliye मेमसाहेब"

अनीता अपनी गांड पर थप्पड़ पड़ने पर बस एक कामुक ऐडा से boli,"Ouch हरिया जी" तो हरिया हस्ते हुए bola,"Are मेमसाहेब जब आपकी गांड लाल हो hi गवा है तो थोड़ा और कर डेट हूँ. घर जा कर देख लीजियेगा अपनी गांड हाहाहा"

अनीता भी मुस्कुराती हुयी boli,"Hariya जी अब बस कीजिये" और फिर हरिया के साथ गांड मटकती हुयी चलने लगी. हरिया उसकी गांड पर अब हाथ नहीं रखा था. दोनों ऑटो स्टैंड पहुँच गए.

ऑटो खली था तो अनीता ऑटो में बैठ गयी और एक साइड में खिसक गयी. हरिया उसकी सब्जी का थैला रखकर जिस तरफ अनीता खिसकी थी उस तरफ चला गया. अनीता उसे देखकर boli,"Thank यू हरिया जी"

हरिया यह सुनकर bola,"Are मेमसाहेब कहे हुंका थेंकु बोलकर शर्मिंदा कर रही हैं. आपका मदद करना और ख्याल रखना तो हमरा फ़राज़ है न"

अनीता यह सुनकर मुस्कुरा दी तो हरिया आस पास देखने के बाद अपना हाथ बढाकर उसकी दायी चूंकि ब्लाउज के ऊपर से मुठी में भरकर दबाते हुए bola,"apna ख्याल रखियेगा मेमसाहेब. हम चालत हैं"

अनीता जब देखि की हरिया अपना हाथ उसकी चूंकि के तरफ बढ़ा रहा है तो वह अपना हैंड बैग उसके सामने कर दी ताकि कोई देख न सके. अगले पल अनीता एक नज़र आस पास दौड़कर अपनी दायी हाथ उसके पंत के ऊपर रखकर उसका लुंड पकड़ कर हिलती हुयी boli,"Aap भी अपना ख्याल रखियेगा हरिया जी"

हरिया यह सुनकर सर हिलाया और अनीता की दायी चूंकि से हाथ खिसका कर उसकी बायीं चूंकि को पकड़ कर मसल कर bola,"Haan मेमसाहेब. चालत हैं अब"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराई और फिर हरिया चल दिया वहां से. अनीता उसे जाते देखते रही. हरिया अपने पॉकेट से खैनी निकल कर मलते हुए जाने लगा तो अनीता को ध्यान आया की वही अंगूठा वह उसकी मुंह में डाला था जिसपर वह ज़बान फिरै थी. यह सोचते hi उसकी बदन में मस्ती की लहर दौड़ गयी और दिल धड़क गयी.

अनीता जब घर पहुंची तो नंगी होकर अपनी गांड आईने में देखकर मुस्कुरा रही थी. उसकी गोरी गांड सच में लाल हो गयी थी. अनीता गर्व से अपनी गांड देखि और फिर नहाने चली गयी.

उसकी छूट भी बहोत गीली हो चुकी थी और अपनी छूट में गीलापन महसूस करके वह बेशर्मी से मुस्कुरा रही थी.
 
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अपडेट 87

दो दिन बाद फ्राइडे था. अनीता पिछली दो रात से अपने पति से चूड़ी नहीं थी. जिस दिन बाजार से वह वापस आई थी उस रात उसे फिर से छोड़ने का मैं कर रहा था मगर राज थकावट के कारण जल्दी सो गया था. अनीता हरिया के लुंड के बारे में सोचती हुयी सो गयी. पिछली रात भी उसकी चुदाई नहीं हुयी. राज काम में बिजी था. अनीता उसे अपनी अदाओं से थोड़ी रिझाने का कोशिश की मगर राज बस मज़ाक में hi उसकी हरकतों को उदा दिया. अनीता भी ज़्यादा कोशिश नहीं की और उसके काम के इम्पोर्टेंस को समझ कर कमरे में जा कर सोचने लगी की हरिया सोचता है की उसकी जैसी खूबसूरत और सेक्सी औरत को उसका पति रोज़ छोड़ता होगा मगर वैसा नहीं था. वह सोचने लगी की जिसके पास जो चीज़ होता है उसकी इतनी कदर नहीं होती.

वह यह सब और हरिया के हरकतों, उसके छेड़ने का अंदाज़ और उसके लुंड के बारे में सोच रही थी मगर जैसे hi उसकी सोच में उसका लुंड आया तो याद करने लगी की कैसे उसका लुंड एक दिन पहले उसकी होंठों से सत्ता हुआ था और यह सोच कर उसकी ज़बान अपने आप hi एक बार होंठों पर चली गयी.

अनीता अपनी होंठों पर ज़बान फेर कर निचली होंठ को दांतों में दबा कर सोचना जारी राखी की कैसे हरिया उसे अपना लुंड चुसवाना चाहता था वह भी स्पेशल आइस क्रीम चूसने का बहाना करके. यह बात सोचकर अनीता मुस्कुरा दी और हरिया का क्रिएटिविटी, उसका अंदाज़ और बात बनाने का तरीक़ा का मैं hi मैं प्रशंसा करने लगी.

वह मुस्कुराती हुयी अपनी फ़ोन उठाई और कॉन्टेक्ट्स में जाकर हरिया को सेलेक्ट की, मगर फिर कुछ सोचकर वहां से हट कर अपनी फोटो गैलरी में गयी और बहोत सारे फोटोज में से एक फोटो देखने लगी.

उसमे वह कड़ी होकर स्टिक आइस क्रीम hi खा रही थी और फोटो साइड से लिया हुआ था. हमेशा के जैसे बैकलेस ब्लाउज पहनी हुयी थी और साड़ी गांड पर टाइट से बंधी हुयी थी तो गांड की उभार भी साफ़ साफ़ पता चल रही थी. फोटो भी दायी तरफ से लिया हुआ था जिसके कारण उसकी दायी ब्लाउज के ऊपर साड़ी न होने से उसकी चूँचियाँ तन्न कर कड़ी दिख रही थी, उसकी चूँचियों का उभार साफ़ साफ़ पता चल रहा था.

फोटो राज hi क्लिक किया था तो अनीता अपने पति की तरफ आइस क्रीम चुस्ती हुयी कामुक अंदाज़ में देख रही थी. अनीता वह फोटो देखकर मुस्कुराई और फिर व्हाट्सप्प में स्टेटस में लगा ली. वह स्टेटस में लगाकर मुस्कुराने लगी और फिर व्हाट्सप्प से बाहर आकर मोबाइल पर hi कोई फैशन रिलेटेड आर्टिकल पढ़ने लगी.

थोड़ी देर बाद राज आया तो वह मोबाइल रख दी. राज उसे अपने पास लेकर उसकी होंठों को चूमने लगा. अनीता भी उसका साथ देती हुयी अपनी होंठों को खोल दी और फिर अपनी बायीं तंग उठाकर अपने पति के तंग पर रखकर उसे चूमने लगी. राज भी अपना हाथ अपनी बेहद hi खूबसूरत और कामुक पत्नी के पीठ पर रखकर उसे चूमने लगा. अनीता एक बैकलेस कमीज पहनी थी जिसमे उसकी आधी से ज़्यादा पीठ नंगी थी और राज का हाथ सीधा अपनी पत्नी की नंगी पीठ पर पड़ा जो की काफी मुलायम और चिकनी थी.

चूमते चूमते अनीता अपनी हाथ अपने पति के लुंड पर ले गयी तो राज उसे रोकते हुए चुम्बन तोड़कर bola,"Jaan आज नहीं. कल रात करूँगा पक्का"

अनीता यह सुनकर अपने पति के आँखों में देखि तो राज bola,"I क्नोव तुम अकेले बोर हो जाती हो और रात में प्यार का मैं करता है...."

अनीता यह सुनकर बीच में hi उससे boli,"To करते क्यों नहीं?"

राज प्यार से उसकी गाल पकडे बोलता hai,"Kaam भी तो रहता है. रोज़ रोज़ पॉसिबल तो नहीं. ऐसे इतने प्यार से तो अभी किश तो किया है. कल पक्का बहोत प्यार करूँगा"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराकर boli,"Theek है" और वह प्यार से अपना सर अपने पति के सीने पर रख दी. राज अपनी पत्नी को एक बार देखा और फिर आँख बांध करके सोने लगा. कुछ सेकण्ड्स बाद अनीता को आँखों के सामने हरिया का लुंड फिर से लहराने लगा और साथ hi उसका बात याद आने laga,"Memsaheb इहे तो असली चूसने का चीज़ है. आपके जइसन जवान और खूबसूरत औरत को इहे चूसना चाहिए. ीमे से निकला मलाई असली मलाई है जिसको खाकर आपकी जवानी और खूबसूरती और बढ़ जाएगी"

अनीता की ज़बान अपने आप hi हरिया का बात याद करते हुए उसकी होंठों पर आ गयी और वह एक बार अपनी होंठों पर ज़बान फिरकर फिर से अपनी निचली होंठ को दांत के बीच दबा दी और हरिया का उसकी जिस्म का गन्दा हवस भरे तरीके से देखने को याद करने लगी. यह याद करते hi अनीता की जिस्म में एक अजीब सी मज़े की लहर दौड़ने लगी और उसे हरिया का बात याद आने लगा की कैसे वह उसकी जिस्म को गंदे नज़र से देखते हुए खुल कर तारीफ करता hai,"Uff मेमसाहेब का जवानी है आपका. आपके जइसन खबसूरत और सेक्सी बीवी को तो साहेब रोज़ छोड़ते होंगे".

अपनी चुदाई की बात हरिया के मुंह से सुनने को याद करके उसे अजीब सा एहसास हुआ और फिर अगले पल उसे याद आया की हरिया अपने मैं का बात कैसे खुल कर बोल diya,"Memsaheb हम आपको छोड़ना चाहता हूँ"

अनीता को जैसे hi याद आया की हरिया खुल कर उसे छोड़ने का बात कर रहा था तो उसकी छूट में बेचैनी होने लगी और उसकी आँखों के सामने फिर से उसका लुंड लहराने लगा. अनीता बेचैनी से अपने पति के सीने से सर हटा कर उसके बगल में तकिये पर सर रखकर छत पर देखती हुयी जोर को सांस लेने लगी. कुछ सेकण्ड्स बाद वह अपनी मोबाइल उठाकर स्टेटस चेक की की कौन कौन देखा था. जो नाम वह खोज रही थी वह नहीं था तो वह मोबाइल रख दी और हरिया के लुंड के बारे में सोचती हुयी सो गयी.

अगले दिन सुबह राज ऑफिस चला गया. अनीता सुबह में hi नाहा कर तैयार हो चुकी थी. वह अपने पति को दरवाज़े तक छोड़ने के बाद मोबाइल लेकर सोफे पर बैठकर स्टेटस चेक की तो उसकी चेहरे पर मुस्कान आ गयी. हरिया उसका स्टेटस देखा था. अनीता मुस्कुराती हुयी उठी और अपने कमरे में चली गई. चलते वक़्त उसकी गांड की मटक बढ़ गयी थी. वह गांड को मटकती हुयी कमरे में जा कर फैशन मैगज़ीन पढ़ने लगी.

आधे घंटे बाद चंदा आयी घर का काम करने के लिए. अनीता दरवाज़ा खोलने के बाद अपनी कमरे में hi चली गई. लगभग आधे घंटे बाद दुर्बल फिर बजी तो अनीता नहीं उठी. वह जानती थी की उसकी नौकरानी है तो वह दरवाज़ा खोल देगी. एक मिनट बाद वह देखि की उसके कमरे के दरवाज़े पर नॉक हुआ. हालाँकि दरवाज़ा थोड़ा सा खुला हुआ था फिर भी नॉक हुआ. अनीता दरवाज़े के तरफ देखि तो चंदा का आवाज़ aaya,"Memsaheb एक आदमी आया है. आपके बारे में पूछ रहा है"

अनीता थोड़ी सवालिया नज़र से देखकर puchhi,"Mere बारे में? कौन है?"

चंदा जवाब में boli,"Woh मेमसाहेब हरिया काका हैं"

हरिया का नाम सुनते hi अनीता की दिल धड़क गयी खासकर यह जान कर की चंदा उसे जानती थी. वह सोच hi रही थी की तभी चंदा आगे boli,"Pata नहीं वह यहाँ क्या कर रहे हैं. आप उन्हें जानती है क्या?"

अनीता का दिल यह सुनकर धड़क गयी मगर वह जवाब देने के बजाये उससे puchhi,"Uss आदमी को तुम कैसे जानती हो?"

चंदा जवाब में बोली puchhi,"Woh मेरे बापू के दोस्त हैं. दोनों साथ में काम करते हैं. मगर वह यहाँ क्या कर रहे हैं पता नहीं. लग रहा है कोई और जगह जा रहे होंगे ग़लत जगह आ गए होंगे. मैं बोल दूँ की आप नहीं हो?"

चंदा भी सोच रही थी की अनीता जैसे इतनी खूबसूरत, पढ़ी लिखी और अमीर औरत के घर हरिया क्या करने आया है.

अनीता जवाब में तुरंत boli,"Nahin तुम जाओ काम करो. मैं देखती हूँ"

चंदा यह सुनकर अपनी सर हिलाकर वहां से चली गई तो अनीता बिस्तर से उठी और आईने के पास जाकर खुद को अच्छे से देखि और फिर गांड मटकती हुयी लिविंग रूम से होती हुयी दरवाज़े के पास गयी तो उम्मीद के मुताबिक़ हरिया hi था.

अनीता उसे देखकर धीरे से boli,"Hariya जी आप?"

हरिया अनीता को देखकर मुस्कुराकर bola,"Haan मेमसाहेब" और एक बार उसे ऊपर से नीचे देखने लगा. अनीता चुप कड़ी एक नज़र सीढ़ियों के तरफ देखि जहाँ चंदा सफाई कर रही थी. हरिया अनीता की जिस्म देखने के बाद उसकी चेहरे पर देखा तो वह आँखों से सीढ़ी के तरफ इशारा की.

हरिया समझ गया और वह धीरे से bola,"Are मेमसाहेब वह आपकी नौकरानी है?"

अनीता "हाँ" में सर हिलाकर boli,"Haan हरिया जी. आप जानते हैं क्या उसे. वह भी आपका नाम लेकर बोली की आप आये हैं? मैं तो चौंक hi गई उसके मुंह से आपका नाम सुनकर"

हरिया धीरे से bola,"Haan मेमसाहेब. ु रामु की बेटी है"

यह सुनकर अनीता का दिल धड़क गया और वह जवाब में boli,"Kya? रामु की बेटी?"

हरिया जवाब में bola,"Haan मेमसाहेब"

अनीता जवाब में boli,"Aese हरिया जी आप यहाँ इस वक़्त कैसे आये?"

हरिया जवाब में bola,"Do घंटे का हमको फुर्सत मिला तो हम सोचे की आपसे मिल ले. लेकिन लगता है ग़लत वक़त पर आ गए"

अनीता यह सुनकर धीरे से boli,"Are कोई बात नहीं हरिया जी, आपको थोड़ी पता था की अभी कोई घर पर है, वह भी जो आपको जानती है. आप तो एहि सोचकर आये होंगे की आपके पास वक़्त हैं तो मेरी मदद कर दे."

हरिया यह सुनकर धीरे से bola,"Haan मेमसाहेब"

और फिर वह अनीता को ऊपर से नीचे तक देखकर bola,"Aapka मदद तो हुंका हर वक़्त करने का मैं करता है तो अभी फुर्सत मिला तो आ गए"

अनीता यह सुनकर बेशर्मी से मुस्कुराई तो हरिया उसे देखकर एक नज़र उसकी चूंकि देखकर अपने होंठों पर ज़बान फेर लिया तो अनीता बेशर्मी से मुस्कुराती हुयी सर हिलने लगी तो हरिया दांत दिखा कर मुस्कुरा दिया और bola,"Aese मेमसाहेब वह आप बोल रही थी की आपको स्टोर रूम में फर्नीचर हटाना है ताकि सफाई हो सके. अब आ गए हैं तो इहे काम कर डेट हैं मेमसाहेब. ु समझेगी की हम इहे करने आये हैं. सही रहेगा न?"

अनीता यह सुनकर एक नज़र सीढ़ियों के तरफ देखि और फिर एक ऐडा से हरिया देखकर दो कदम आगे बढ़कर दरवाज़े से थोड़ा बाहर निकलकर हरिया के सीने पर अपनी ऊँगली रखकर कामुकता से boli,"Hariya जी अब मेमसाहेब का यह भी काम आप hi करेंगे? आप भी सोच रहे होंगे की मेमसाहेब का सिर्फ आप काम hi करते रहते हैं. कभी रसोई की सामान लाना तो कभी स्टोर की सफाई करना, अब मेमसाहेब यह सब भी आपसे करवाने लगी है"

हरिया यह सुनकर अनीता की दोनों गांड पकड़ कर उसे अपने करीब खींचते हुए bola,"Are मेमसाहेब कहे हुंका शर्मिंदा कर रही हैं. हमतो बोले hi थे की आपका हर तरह से हम मदद करेंगे और ख्याल रखेंगे. अब आ गए हैं तो इहे कर डेट हैं नहीं तो ु चंदा भी सोचेगी की हमारा जइसन आदमी ीः का कर रहा है"

अनीता जवाब में उसके सीने पर ऊँगली फेरती हुयी कामुक अंदाज़ में boli,"Lekin वह यह भी सोचेगी न की हम दोनों एक दूसरे को कैसे जानते हैं"

हरिया अनीता की गांड दबाते हुए bola,"Are मेमसाहेब ु हम संभल लूंगा. आप चिंता मत कीजिये. आप बस हमसे मदद करवाइये"

अनीता यह सुनकर हल्का मुस्कुराकर boli,"Theek है हरिया जी. अब आ गए हैं तो मेमसाहेब की मदद करके hi जाइये" तो हरिया के चेहरे पर ख़ुशी से मुस्कराहट आ गया और वह अनीता की गांड दबा दिया. अनीता अपनी गांड दबाये जाने पर एक ऐडा से हरिया को देखि तो वह मुस्कुराकर bola,"Kasam से मेमसाहेब बड़ा मस्त गांड है आपकी"

अनीता यह सुनकर आँखें बड़ी करके हरिया को देखकर धीरे से boli,"Offo हरिया जी" और फिर वह घर के अंदर आँखों से इशारा की जैसे बोल रही हो की अंदर चंदा है तो वह ऐसी बातें न करे. वह इशारा करके उससे अलग हो गयी तो हरिया मुस्कुरा दिया.

जवाब में अनीता मुस्कुराकर boli,"Ander आइये हरिया जी" और वापस घूमकर दरवाज़े के तरफ जाने लगी तो हरिया उसकी गांड पर हल्का सा थप्पड़ मारकर bola,"Aapke गांड के अंदर?"

अनीता अपनी गांड पर थप्पड़ पड़ने पर मुस्कुराई और गांड मटकती हुयी चलती हुयी धीरे से boli,"Ghar के अंदर".

हरिया धीरे से bola,"Wahi तो बोल रहे हैं मेमसाहेब आपकी गांड के अंदर"

अनीता यह सुनकर बेशर्मी से मुस्कुराती हुयी अपनी सर हिलाई और अंदर चली गयी. हरिया भी पीछे पीछे अंदर घुसा तो चंदा सीढ़ियों से उसके तरफ देखि तो हरिया भी उधर देखा.

अगले पल अनीता चंदा से boli,"Chanda तुम बोल रही थी की स्टोर रूम की सफाई के लिए वहां से पुराने फर्नीचर और बाकी सामान हटाने होंगे. यह वही काम के लिए आये हैं"

चंदा यह सुनकर मुस्कुराकर अपना सर हिलती हुयी boli,"Theek है मेमसाहेब. यह हटा देंगे तो फिर मैं साफ़ कर दूंगी"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराकर boli,"Theek है. तुम काम करो मैं स्टोर रूम इन्हे दिखा देती हूँ"

चंदा यह सुनकर मुस्कुराकर "हाँ" में सर हिलाई और फिर हरिया को देखकर puchhi,"Aese हरिया काका आज आपको दूकान में काम नहीं है क्या?"

हरिया जवाब में bola,"Are काम है, लेकिन हुंका थोड़ा फुर्सत मिला तो इहाँ चले आये. ु बात ी है की मेमसाहेब एक बार हमार दूकान से गद्दा खरीद थी तो हम इहाँ गद्दा देने आये थे तो हुंका पता चला की मेमसाहेब कोई आदमी खोज रही है स्टोर रूम से हटाने के लिए. और मेमसाहेब हुंका ु दिन अच्छा खासा बख्शीश भी दी थी. तो हम सोचे की अब मेमसाहेब नयी हैं इहाँ, उनका कउनो जान पहचान नहीं है और साहेब दिन भर काम में बिजी रहते हैं तो हम सोचे की हम hi मदद कर दे. मेमसाहेब कहाँ जाएगी किसी आदमी को काम के लिए खोजने"

चंदा यह सुनकर मुस्कुराकर boli,"Haan हरिया काका आपने ठीक किया. मेमसाहेब सच में बहोत अच्छी है. इतनी अमीर और पढ़ी लिखी है मगर हम गरीबों से भी कितना अच्छे से पेश आती है, मेमसाहेब सच में दिल की बहोत अच्छी है"

अनीता यह सुनकर अपनी आँखें बड़ी करके चंदा को देखकर boli,"Chanda बस करो"

चंदा यह सुनकर मुस्कुरा दी तो हरिया bola,"Are चंदा मेमसाहेब दिल की सिर्फ अच्छी hi नहीं है. मेमसाहेब का दिल भी बहोत बड़ा है, इतना बड़ा की हाथ में भी नहीं आएगा"

हरिया यह बोलकर अनीता की बायीं चूंकि को देखा वहीँ अनीता उसका बात सुनी और जब उसे अपनी चूंकि को देखते हुए देखि तो उसकी दिल धड़क गयी यह जानकार की वह उसकी चूंकि का बात कर रहा था जिसके पीछे उसकी दिल है. अनीता एक नज़र चंदा के तरफ देखि तो वह मुस्कुराकर boli,"Haan दिल की तो बड़ी है मेमसाहेब तभी तो इतनी अच्छी है"

अनीता की दिल धड़क रही थी मगर साथ hi उसे एक अजीब सा मज़ा मिला हरिया को ऐसे इंदिरेक्ट तरीके से उसकी चूंकि की तारीफ करते हुए सुनकर वह भी उसकी चूंकि को देखते हुए. वह हरिया का हिम्मत से फिर से आकर्षित हो गयी.

चंदा अगले पल boli,"Achha हुआ मेमसाहेब की हरिया काका आपकी मदद करने के लिए मिल गए. मुझे पता होता की हरिया काका दूकान के अलावा अलग से भी काम करते हैं तो मैं खुद उन्हें बोलती की आपकी मदद कर दे"

हरिया जवाब में bola,"Are कउनो बाद नहीं चंदा. ऊपर वाला का इहे मर्ज़ी था की हम मदद करू मेमसाहेब का इसलिए कोई और बहाना से hi सही हुंका hi मदद करने का मौक़ा मिला मेमसाहेब को"

हरिया यह बोलकर चुपके से अनीता की गांड दबा दिया. अनीता की दिल धड़क गई अपनी गांड दबाये जाने पर. हरिया अनीता की गांड दबाते हुए उसे देखकर bola,"Ab मेमसाहेब का इहाँ कउनो नहीं है तो हमरा फ़राज़ बनता है की इनका मदद करूँ"

अनीता हरिया को देखि मगर कुछ नहीं बोली तो हरिया चंदा से bola,"Aur सुनो, ु रामु ससुरा को मत बोलना की हम इहाँ काम करने आये थे. नहीं तो वह पियक्कड़ ससुरा मालिक को बोल देगा तो हमरा नौकरी खतरे में आ जायेगा. तुम तो जानत हो ी ससुरा दूकान वाला लोग को बर्दाश्त नहीं होता है की हम ग़रीब लोगन दो पैसा कहीं से कमा ले"

चंदा यह सुनकर boli,"Nahin हरिया काका मैं नहीं बोलूंगी. अच्छा है की आप दूकान के अलावा भी कमाने का मौक़ा खोजते हैं. बापू तो बस दूकान के बाद रात में दारू पीना, एहि जानते हैं"

फिर चंदा अनीता को देखकर boli,"Maaf कीजियेगा मेमसाहेब आपके सामने यह सब बोल रही हूँ"

अनीता जवाब में boli,"Koi बात नहीं चंदा"

हरिया उस वक़्त अनीता की गांड मसल रहा था मगर वह बिना शर्म के चंदा का बात सुन्न रही थी और उसके बात का जवाब दी.

चंदा हरिया को देखकर boli,"Main उन्हें नहीं बताउंगी. बताने का मौक़ा hi नहीं मिलेगा. रात को घर आकर खा न खाकर सो जाते हैं. उतना बात चित का मौक़ा कहाँ मिलता है"

हरिया यह सुनकर bola,"Haan ु तो है. ऐसे बहोत बात हो गवा. हमरा पास थोड़ा hi समय है. तुम अपना काम करो हम मेमसाहेब का मदद करता हूँ"

हरिया यह बोलकर अनीता को गांड दबाकर उसे देखा तो अनीता भी उसे देखि और बेशर्मी से मुस्कुराकर boli,"Chaliye मैं स्टोर रूम दिखा देती हूँ"

चंदा अपना काम करने लगी. उसे अनीता का उससे मुस्कुराकर और प्यार से बात करना अच्छा लगता था. उसके साथ इससे पहले जितनी जगह भी काम की थी और करती है वहां इतने प्यार से कोई भी बात नहीं करता था. साथ hi अनीता पगाड़ के अलावा भी थोड़े बहोत पैसे दे देती थी जो उसे कहीं और नहीं मिलता था. यह सबके कारण उसके मैं में अनीता के लिए बहोत इज़्ज़त थी और अब वह देख रही थी की हरिया जैसे मज़दूर के साथ भी वह कितने प्यार और इज़्ज़त से बात कर रही थी.

हरिया चंदा को देखने के बाद अनीता की गांड और अध् नंगी पीठ देखते हुए चलने लगा. वह एक बैकलेस ब्लाउज पहनी हुयी थी. अनीता अपने कमरे से जाकर स्टोर रूम का चाबी लायी और हरिया को दे दी. हरिया स्टोर रूम खोला और अंदर चला गया. अनीता भी पीछे पीछे जाकर boli,"Woh सब को हटा दीजियेगा और फिर चंदा को बोलकर मैं साफ़ करवा दूंगी"

हरिया यह सुनकर "हाँ" में सर हिलाया और अनीता को देखा तो वह मुस्कुराती हुयी boli,"Aap काम कीजिये हरिया जी. मैं कमरे में जा रही हूँ. किसी चीज़ का ज़रूरत होगा तो बोलियेगा"

हरिया यह सुनकर अनीता को ऊपर से नीचे देखा तो अनीता चुप चाप कड़ी रही. हरिया अगले पल अनीता की गांड पकडे अपने पास खिंचा तो अनीता एक नज़र दरवाज़े के तरफ देखकर हरिया से चिपक गयी. हरिया उसकी गांड दबाते हुए bola,"Are मेमसाहेब कमरे में आप जा रही हैं. कमरे में तो किसी चीज़ की ज़रूरत तो आपको पड़ेगी. आप बताइये की आपको ज़रूरत है कउनो चीज़ का की नहीं"

अनीता यह सुनकर थोड़ी सोचकर puchhi,"Kamre में मुझे किस चीज़ की ज़रूरत पड़ेगी?"

हरिया यह सुनकर मुस्कुराते हुए bola,"Are मेमसाहेब कमरे में आप बिस्तर पर hi जा रही हैं न?"

अनीता यह सुनकर हरिया के सीने पर ऊँगली फेरती हुयी कामुकता से boli,"Haan हरिया जी"

हरिया यह सुनकर उसकी गांड दबाते हुए bola,"To मेमसाहेब बिस्तर पर आपको एक लौड़े का ज़रूरत नहीं पड़ेगा का?"

अनीता यह सुनकर अपनी आँखें बड़ी करके boli,"Hariya जी?" तो हरिया दांत दिखा, कर मुस्कुराने लगा.

अनीता भी बेशर्मी से मुस्कुराती हुयी boli,"Aap काम कीजिये मैं जाती हूँ नहीं तो आप बस बातें बनाते रहेंगे"

हरिया यह सुनकर मुस्कुराकर bola,"Theek है मेमसाहेब"

अनीता यह सुनकर कामुक ऐडा से अपनी उँगलियाँ उसके सीने पर फिरकर अलग हो गयी और जाने लगी तो हरिया धीरे से bola,"uff मेमसाहेब का गांड है आपका"

अनीता यह सुनकर अपनी गांड की मटक बढ़ा दी और स्टोर रूम से निकल गयी. वह बाहर निकल कर देखि तो चंदा सीढ़ियों के नीचे लिविंग रूम में सफाई कर रही थी. अनीता चुप चाप अपने कमरे में चली गयी.

लगभग आधे घंटे बाद अनीता की दरवाज़े के पास फिर से नॉक हुआ तो अनीता puchhi,"Kaun?"

चंदा जवाब में boli,"Memsaheb मैं. मैं जा रही हूँ अब. वह मैं हरिया काका को बोली की मैं स्टोर रूम साफ़ कर दूंगी तो वह बोले की वह खुद कर देंगे"

अनीता यह सुनती हुयी अपनी बिस्तर से उठी और दरवाज़ा खोलकर चंदा को देखि. वह आगे boli,"Memsaheb पूरा घर साफ़ कर दिया मैंने. बस वह स्टोर रूम hi रह गया"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराकर boli,"Achha कोई बात नहीं. जब वह बोल hi रहे है तो तुम क्यों परेशान हो रही हो. तुम अपना काम तो कर ली"

चंदा मुस्कुराकर boli,"Haan मेमसाहेब. अच्छा मैं चालू या और कोई काम है"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराकर boli,"Nahin और कोई काम नहीं है. तुम जाओ"

चंदा मुस्कुराकर boli,"Theek है मेमसाहेब" और चली गई. अनीता दरवाज़े पर कड़ी हुयी उसे बाहर निकलते देखि और फिर कमरे में जाकर खुद को आईने में देखने के बाद लिविंग रूम में जाकर दरवाज़ा अंदर से बांध करके गांड मटकती हुयी स्टोर रूम में चली गयी. स्टोर रूम में जाकर देखि तो हरिया शर्ट निकल कर काम कर रहा था और उसका ऊपर का बदन पसीने से चमक रहा था.
 
अपडेट 88

अनीता हरिया को देख hi रही थी की तभी हरिया घुमा तो अनीता उसे देखकर मुस्कुराई. हरिया उसे देखकर puchha,"Are मेमसाहेब आप? कब आयी आप?"

अनीता मुस्कुराती हुयी boli,"Abhi hi आयी हरिया जी और आकर देखि तो आप पूरा पसीना से भींग चुके हैं"

हरिया अनीता को देखते हुए bola,"Are कुछो नहीं मेमसाहेब. इहाँ पंखा नहीं है तो थोड़ा भींग गए. इतना से कुछ हो नहीं होगा"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Aap थोड़ी देर लिविंग रूम में आराम कर लीजिये न. पूरा भींग गए हैं आप"

हरिया यह सुनकर अनीता को एक नज़र ऊपर से नीचे तक देखकर puchha,"U आपकी नौकरानी चली गयी का मेमसाहेब?"

अनीता जवाब में boli,"Haan हरिया जी. आप hi ने तो उसे बोल दिया की आप hi सब सफाई कर देंगे. आप इतना परेशानी क्यों उठा रहे हैं. वह रहती तो आपका काम काम हो जाता"

हरिया अनीता को देखकर bola,"Are मेमसाहेब ऊके रहने से का काम आसान होता. हम आपका मदद खुद से करना चाहता हूँ"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी कामुक आवाज़ से boli,"Offo हरिया जी. मेमसाहेब की मदद किये बिना आपको अच्छा नहीं लगता है न?"

हरिया यह सुनकर अपना दांत दिखते हुए bola,"Ab हमरी मेमसाहेब इतनी खूबसूरत और जवान है तो मदद करना hi होगा न. और ु नौकरानी के होते हुए हम आपका खुल कर मदद कैसे कर सकते थे"

अनीता यह सुनकर एक ऐडा से मुस्कुराई और कामुकता से boli,"Theek है हरिया जी मेरी मदद करते रहिएगा. अभी आइये लिविंग रूम में थोड़ा आराम कर लीजिये. पूरा पसीना से भींग चुके हैं आप"

हरिया यह सुनकर जब स्टोर रूम के दरवाज़े के पास आया तो अनीता देखि की न सिर्फ उसका पूरा बदन पसीने से भीगा हुआ बल्कि बदन पर धूल भी लगा हुआ था जो पसीने में मिल चूका था. उसके बदन से पसीने और गन्दगी का तेज़ बदबू आ रहा था जिसे अनीता स्टोर रूम के दरवाज़े पर कड़ी हुयी उसे देखती हुयी सूंघ पा रही थी.

हरिया जैसे hi दरवाज़े के पास आया उसके बदन का तेज़ बदबू अनीता की नाक में गयी मगर वह बुरा नहीं मानी बल्कि उल्टा जोर का सांस ली और एक ऐडा से मुस्कुराकर हरिया को देखने लगी.

हरिया भी मुस्कुराते हुए उसके पास आया और उसकी कमर में हाथ डालकर उसे सहलाते हुए bola,"Dekh लीजिये मेमसाहेब हमने ठीक से सब सामान रख दिया तो. अभी और काम बाकी है ु बाद में फिर कभी फुर्सत मिलेगा तो कर दूंगा".

अनीता यह सुनकर स्टोर रूम में देखती हुयी boli,"Haan हरिया जी आपने सब कुछ सही से अर्रंगे कर दिया है. इतना से hi स्टोर रूम अब कितना साफ़ सुथरा लग रहा है".

हरिया अनीता की कमर सहलाते हुए bola,"Jab हम पूरा साफ़ कर दूंगा तो और अच्छा लगेगा. बिलकुल आपके तरह साफ़ सुथरा, हालांकि आपके जितना नहीं".

अनीता यह सुनकर मुस्कुरा कर हरिया को देखती हुयी boli,"Offo हरिया जी घूम फिरकर आप बात मेरे ऊपर hi ले आते हैं".

हरिया यह सुनकर अनीता को देखते हुए दांत दिखते हुए मुस्कुरा दिया तो अनीता भी मुस्कुराकर उसे देखती हुयी boli,"Ab चलिए हरिया जी थोड़ा आराम कर लीजिये"

यह बोलकर अनीता अपनी दायी ऊँगली को हरिया के सीने पर रखकर कामुकता से boli,"Pura पसीना से भींग गए हैं आप".

हरिया यह सुनकर अनीता की कमर देखते हुए bola,"Are मेमसाहेब माफ़ कीजियेगा. हम अपना गन्दा पसीना वाला हाथ से hi आपको छूकर आपका गोरा साफ़ सुथरा बदन गन्दा कर दिए".

हरिया यह बोलकर अनीता की कमर पोंछने लगा तो अनीता हरिया को देखती हुयी उसके सीने पर ऊँगली फेरती हुयी कामुक आवाज़ में boli,"Offo हरिया जी कोई बात नहीं. मेरा घर साफ़ करते हुए hi तो गन्दा हुआ है आपका हाथ. अपने गंदे हाथ से मुझे छू hi लिया तो क्या हो गया. लग रहा है मेमसाहेब की बदन में थोड़ा सा गन्दा लग गया तो अब मेमसाहेब आपको अच्छी नहीं लग रही है, हैं न हरिया जी"

हरिया यह सुनकर अनीता की कमर पर हाथ फेरते हुए bola,"Are मेमसाहेब कइसन बात कर रही हैं."

फिर वह अनीता को ऊपर से नीचे तक देखकर bola,"Aap तो एक दम मस्त लग रही हैं. इतना खबसूरत हैं आप मेमसाहेब. इसलिए तो हुंका आपका ी खबसूरत बदन पर गन्दा लगाना अच्छा नहीं लगा. मेमसाहेब कितना गोरा बदन है आपका, पूरा दूध जैसा और ऊपर से ी गरम jawani.Uff मेमसाहेब अइसन खूबसूरत बदन और गरम जवानी ससुरा हमको कैसे अच्छा नहीं लगेगा"

अनीता बेशर्मी से हरिया के सीने पर ऊँगली फेरती हुयी उसके आँखों में देखती हुयी बात सुनी. उसे शर्म ज़रा भी नहीं आ रही थी की उसकी जवाब बदन को एक ग़ैर मर्द वह भी गंवार और मज़दूर मर्द ऐसे गन्दी नज़र से देख रहा है और उसकी जवानी को गरम बोल रहा है. उसे उल्टा अपनी जिस्म और जवानी पर गर्व होने लगा था हरिया का बात सुनकर.

अनीता अपनी चेहरे पर गर्व की भाव लिए उसका बात सुनकर boli,"Hariya जी फिर से घूम फिरकर मेरी तारीफ करने लगे आप. मतलब कुछ भी हो जाये घूम फिरकर मेमसाहेब की तारीफ करना है आपको"

हरिया यह सुनकर अनीता की कमर पर हाथ फेरते हुए bola,"Ab हमरी मेमसाहेब है hi ऐसी. एक दम मस्त पटाखा"

अनीता यह सुनकर अपनी आँखें बड़ी करके मुस्कुराती हुयी boli,"Hariya जी?" तो हरिया हसने लगा.

अनीता भी मुस्कुराती हुयी हरिया को देखि और उसके सीने पर ऊँगली फेरती हुयी कामुक अंदाज़ में boli,"Ab चलिए थोड़ा आराम कर लीजिये. यहाँ गर्मी भी हैं और आप थक गए होंगे. मैं आपके लिए जूस लाती हूँ. आप सोफे पर बैठकर आराम कीजिये मैं जूस लेकर आती हूँ".

हरिया अनीता की कमर सहलाते हुए bola,"Are मेमसाहेब इतना से का थकावट होगा हमरा. अभी तो हमरे पास इतना ताक़त है की..."

इससे पहले हरिया पूरा बोलता अनीता एक ऐडा से हरिया को देखती हुयी उसके सीने पर ऊँगली फेरती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Haan हाँ हरिया जी अभी आपके पास इतना ताक़त है की आप मेरी अच्छे से रगड़ कर सेवा कर सकते हैं. एहि कहना चाहते हैं न आप".

हरिया अनीता की कमर से हाथ नीचे उसकी साड़ी के ऊपर गांड पर ले गया और उसे दबाते हुए bola,"Haan मेमसाहेब. हम आपका मदद और सेवा करने के लिए आये हैं तो ससुरा हम अच्छे से आपका मदद और सेवा किये बिना कैसे थक सकत हूँ"

अनीता हरिया के सीने पर ऊँगली फेरती हुयी वैसे hi कामुकता से रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Theek है हरिया जी. पहले जूस पि लीजिये फिर मेरी सेवा करते रहिएगा. कहीं जा नहीं रही मैं"

हरिया यह सुनकर दांत दिखते हुए मुस्कुराया तो अनीता भी मुस्कुराती हुयी उसे देखि तो हरिया bola,"Memsaheb अगर पिलाना hi है तो दूध पिलाइये हुंका".

यह सुनकर अनीता की दिल धड़क गयी. वह धड़कते दिल से हरिया को देखि.

वहीँ हरिया अनीता की गांड दबाते हुए उसकी चूँचियों को देखने लगा. अनीता उसे अपनी चूँचियों को देखती हुयी देख थोड़ा उसके और करीब होकर उसके सीने पर ऊँगली फेरती हुयी boli,"Theek है हरिया जी मैं दूध hi पीला देती हूँ आपको. आप चलकर सोफे पर बैठिये मैं दूध गरम करके लाती हूँ".

हरिया यह सुनकर उसको चूंकि से नज़र हटाकर अनीता को देखा तो वह एक ऐडा से हरिया को देख रही थी. हरिया उसे देखते हुए bola,"Are मेमसाहेब हुंका तो सीधा दूध का थांन मुंह में लेकर दूध पीना है".

हरिया यह बोलकर अनीता की चूँचियों को फिर से देखने लगा और देखने के बाद अनीता को देखकर मुस्कुराया तो अनीता भी मुस्कुराती हुयी एक ऐडा से boli,"Uske लिए तो हरिया जी आपको गए या भैंस के पास जाना होगा".

हरिया यह सुनकर अनीता की चूँचियों को देखकर bola,"Are मेमसाहेब हमरा सामने hi दूध का थांन hai,u भी दो बड़ा बड़ा दूध का थांन तो हम और कउनो जगह कहे जाये"

हरिया यह बोलकर अनीता को देखकर फिर से मुस्कुराने लगा तो अनीता यह सुनकर बेशर्मी से हरिया के आँखों में देखती हुयी hi उसके सीने पर ऊँगली फेरती हुयी मुस्कुराकर puchhi,"Yahan कहाँ हैं हरिया जी?"

अनीता अगले पल अपनी दोनों चूँचियों पर ब्लाउज के ऊपर से दो हाथ महसूस की और फिर उसकी दोनों चूँचियाँ मुट्ठी में डब्ब गयी.

हरिया अपने दोनों हाथ से अनीता की दोनों चूँचियों को ब्लाउज के ऊपर से मुट्ठी में भरते हुए उसके तरफ आँखों से इशारा करते हुए bola,"Memsaheb ीका दो दूध का बड़ा बड़ा थांन है. ीमे हम मुंह लगा कर दूध पियूँगा"

अनीता यह सुनकर अपनी आँखें बड़ी करके मुस्कुराती हुयी boli,"Hariya जी आप भी क्या बोलते रहते हैं".

हरिया अनीता की चूंकि दबाते हुए हसने लगा," हाहाहा" तो अनीता भी बेशर्मी से उसके सीने पर ऊँगली फेरती हुयी मुस्कुराने लगी. वह हरिया का हाथ अपनी चूँचियों से नहीं हटाई.

हरिया हसने के बाद bola,"Are मेमसाहेब का ग़लत बोलै हूँ".

हरिया अनीता की दोनों चूँचियों को मुट्ठी में भरकर हिलाते हुए bola,"Aapka ी दो दो बड़ा दूध हमरे सामने है तो हम इसमें hi मुंह लगाकर पी लेता हूँ".

अनीता बेशर्मी से मुस्कुराती हुयी उसके सीने पर ऊँगली फेरती हुयी boli,"Offo हरिया जी अब बस कीजिये. चलिए बैठिये सोफे पर और जूस पीजिये. गर्मी में ठंडा चीज़ पिया जाता है, गरम चीज़ नहीं".

हरिया यह सुनकर दांत दिखते हुए मुस्कुराने लगा तो अनीता भी बेशर्मी से उसे देखती हुयी उसके सीने पर अपनी गोरी, लम्बी और पतली ऊँगली फिरती रही.

हरिया यह सुनकर उसकी चूँचियों को दबाते हुए bola,"Are मेमसाहेब आपका दूध पीने के लिए ठंडा गरम का का ज़रूरत है. आपका ी चूंकि में मुंह लगाकर दूध पीने से तो हुंका सकूँ मिलेगा"

अनीता यह सुनकर बेशर्मी से हरिया को देखती हुयी उसके सीने पर ऊँगली फेरती रही और उसका बात सुनने के बाद मुस्कुराती हुयी boli,"Offo हरिया जी आप तो बस बातें बनाते रहते हैं. इतनी गर्मी हैं यहाँ. अब चलिए भी".

हरिया मुस्कुराकर अनीता को देखा और उसकी चूँचियों को दबाते हुए bola,"Theek है मेमसाहेब. एक तो आप इतनी गरम हैं ऊपर से ी गर्मी."

और फिर हरिया अनीता की गांड पर हल्का थप्पड़ मार कर उसे दबोचते हुए bola,"Chaliye मेमसाहेब अपनी गांड मटका कर".

अनीता हरिया का बात सुनकर अपनी आँखें बड़ी करके उसे देखकर boli,"Hariya जी" तो हरिया अपना दांत दिखाकर उसकी गांड को मसल दिया.

अनीता मुस्कुराती हुयी अपनी सर हिला दी और गांड मटकती हुयी चलने लगी. अनीता के चलने पर हरिया साथ चलते हुए उसकी गांड देखकर उसे मसलते हुए bola,"Aay है उफ़ का मस्त गांड है आपका मेमसाहेब. ससुरा लौड़ा को खड़ा कर डेट है"

अनीता यह सुनकर बिना कुछ बोले अपनी गांड को मटकती हुयी चलती रही और उसकी चेहरे पर गर्व की भाव आ गयी. हरिया उसकी गांड की दरार में साड़ी के ऊपर से हाथ को फेरते हुए bola,"Uff मेमसाहेब बहोत hi कातिल गांड है आपका"

अनीता अपनी चेहरे पर गर्व का भाव लिए हरिया के साथ गांड मटकती हुयी स्टोर रूम के दरवाज़े से लिविंग रूम के सोफे तक जाकर कामुकता से boli,"Aap बैठिये हरिया जी मैं अभी जूस लेकर आती हूँ".

हरिया जो चलते वक़्त अनीता की गांड पर हाथ लेजाकर उसे दबा रहा था वह हाँ में सर हिलाकर उसकी चूंकि को देखा और अनीता उसका नज़र अपनी चूंकि पर महसूस करके चुप चाप घूम गयी तो हरिया उसकी गांड पर हल्का थप्पड़ मारते हुए bola,"Jaiye मेमसाहेब अपनी गांड मटकते हुए". अनीता यह सुनी मगर न hi कुछ बोली न पीछे मुद कर देखि और चुप चाप गांड मटकती हुयी अपने कमरे में चली गयी.

दो मिनट में वह वापस आयी तो उसकी हाथ में मोबाइल था और वह सोफे के तरफ देखकर अपनी कमरे के दरवाज़े के पास hi रुक गयी. हरिया सोफे पर पिछली बार की तरह अपना पंत खोलकर बैठा हुआ था. उसका पंत और अंडरवियर उसके कदमो में था और शर्ट तो पहले hi निकल कर स्टोर रूम में रखे हुए था.

ऐसा होने से अब उसका पूरा जिस्म नंगा था और वह आराम से सोफे पर हाथ फैलाये हुए बैठा था और उसका नंगा लुंड उसके पेट पर लेता हुआ था. उसका लुंड थोड़ा सा खड़ा था और कभी कभी झटका मारकर सीधा तन्न कर खड़ा हो जा रहा था.

अनीता का दिल धड़कने लगा था और वह उसके लुंड के तरफ देखने लगी. कुछ सेकण्ड्स बाद वह हरिया को देखि तो वह bola,"Maaf कीजियेगा मेमसाहेब वह पंत और पेअर भी पसीना से भीगा था तो सोचे की..."

उसके पूरा बोलने से पहले hi अनीता आगे बढ़ती हुयी boli,"Offo हरिया जी इसमें माफ़ी मांगने और सफाई देने की क्या बात है. अपने क्या ग़लत कर दिया है जो माफ़ी मांग रहे हैं. आप और आपका कपडा पसीने से भीग चुके हैं तो अपना बदन और कपडा hi तो सूखा रहे हैं. आपका जैसा दिल करे वैसे रहिये और बैठिये हरिया जी. इतना म्हणत किये हैं आप अभी मेरे लिए तो क्या अच्छे से आप आराम भी नहीं करेंगे".

अनीता यह बोलती हुयी सोफे के सामने टेबल के पास पहुंचकर उसपर अपनी मोबाइल रखने के बाद एक नज़र हरिया के लुंड के तरफ देखि तो हरिया अपने पेट में खिंचाव लाकर अपने लुंड को झटक दिया. अनीता उसके लुंड को झटका मारते हुए देखने के बाद कड़ी होती हुयी हरिया को देखि तो वह bola,"Memsaheb यहां कहे खड़ा हैं आप. आइये न इधर".

अनीता उसके लुंड को देखने के बाद उसे देखती हुयी मुस्कुराकर कामुक आवाज़ में boli,"Haan हरिया जी मैं जूस लेकर आती हूँ. आप आराम से बैठिये".

फिर वह उसके लुंड के तरफ देखकर puchhi,"Aur कुछ चाहिए तो बोलियेगा हरिया जी".

हरिया यह सुनकर अनीता की चूंकि के तरफ देखा और फिर उसकी आँखों में देखकर bola,"Bas आप चाहिए हुंका मेमसाहेब. जब आप हैं तो और का चाहिए. आप आइये और हमरे साथ बैठिये मेमसाहेब. हुंका अच्छा लगेगा"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी कामुक आवाज़ में boli,"Haan हरिया जी मैं जूस लेकर आती हूँ".

अनीता यह बोलकर अपनी गांड मटकती हुयी किचन में जाने लगी तो हरिया उसकी गांड को देखते हुए गाने laga,"Tohri गांड बड़ी है मस्त मस्त तोहरी गांड बड़ी है मस्त".

अनीता यह सुनकर पीछे मुद कर हरिया के तरफ नहीं देखि बस अपनी चेहरे पर गर्व का भाव लाकर अपनी गांड को और मटकती हुयी चलने लगी.

हरिये यह देखकर गाते raha,"Humra लौड़ा को देखकर तेरी गांड मटके मटके तेरी गांड को देख मेरा लौड़ा मारे झटके झटके".

अनीता यह सुनकर अपनी गांड और मटकने लगी.

हरिया आगे gaya,"Tohri गांड में पळून हम अपना बड़ा लौड़ा, तोहरी गांड को छोड़ कर और कर दूँ चौड़ा. तोहरी गांड बड़ी है मस्त मस्त, तोहरी गांड बड़ी है मस्त".

अनीता किचन में जाकर फ्रिज खोलकर थोड़ी झुक गयी और अपनी गांड हरिया के तरफ करके उसमे से जूस का बोतल निकलने लगी की तभी हरिया bola,"Waah मेमसाहेब आपकी गांड काटना अच्छा लग रहा है ऐसे झुकने से. पूरा दिल का जइसन आकर हो गवा है".

अनीता की चेहरे पर गर्व का भाव था. वह झुकी हुयी hi घूमकर हरिया को देखि तो वह उसकी गांड देखते हुए अपना लुंड पकड़ कर धीरे धीरे हिला रहा था. अनीता का दिल यह देखकर धड़क गया. वह उसके लुंड से नज़र हटाकर हरिया को देखि तो वह दांत दिखा कर मुस्कुराने लगा तो अनीता भी मुस्कुराकर एक ऐडा से कामुक आवाज़ में puchhi,"Hariya जी दो तरह के जूस हैं. आम और मोसम्बी के. दोनों पिएंगे या कोई एक पिएंगे?"

हरिया यह सुनकर अपना लुंड हिलाते हुए bola,"Are मेमसाहेब एक कहे पिएंगे जब आपका दो चूंकि है तो. हम दोनों पिएंगे"

अनीता यह सुनकर वैसे hi अपनी गांड हरिया के तरफ की हुयी झुकी हुयी मुस्कुराकर उसे देखकर boli,"Hariya जी मैं जूस की बात कर रही हूँ और आप हैं की. बोलिये न क्या पिएंगे? दोनों लेकर आऊं मैं?"

हरिया यह सुनकर मुस्कुराते हुए bola,"Jo आपका मैं हो मेमसाहेब. आप अटना प्यार से जो भी पिलाइयेगा हम पी लूंगा"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराकर वैसे hi झुकी हुयी हरिया से puchhi,"Achha हरिया जी मैं आपसे गेस करवाती हूँ, मेरा मतलब है अंदाजा लगवाती हूँ की आपको कौन सा जूस चाहिए. एक जूस दये साइड में राखी है दूसरी बाये साइड में. मैं आपसे जब पूछूँगी तब जवाब दीजियेगा"

हरिया अपना लुंड हिलाते हुए bola,"Theek है मेमसाहेब"

अनीता हरिया को देखकर मुस्कुराई और boli,"Achha बताइये आपको कौन वाला चाहिए, दये वाला" और यह बोलकर अपनी गांड को दये तरफ हिला दी और फिर boli,"ya बाये वाला" और यह बोलकर वह अपनी गांड को बाये तरफ हिला दी. अपनी गांड दये बाये हिलने के बाद अनीता अपनी गांड को दये बाये हिलना जारी रखती हुयी तुरंत रणदीपाने वाली आवाज़ में puchhi,"Bataiye हरिया जी दोनों में से कौन पसंद है आपको और कौन सा लेना है आपको?"

हरिया अनीता को गांड हिलाते देख मुस्कुराकर अपना लुंड हिलाते हुए bola,"Humka तो दोनों चाहिए मेमसाहेब. हुंका दोनों पसंद है और दोनों लेंगे"

अनीता अपनी गांड हिलती हुयी कामुक अंदाज़ में boli,"aapko दोनों पसंद है और दोनों hi लेंगे?"

हरिया मुस्कुराते हुए bola,"Haan मेमसाहेब हम दोनों hi लेंगे"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराकर boli,"Theek है हरिया जी दोनों ले लीजियेगा अगर दोनों hi पसंद है तो"

हरिया अनीता को देखकर मुस्कुराया और फिर वह अनीता की गांड को देखकर bola,"Sach में मेमसाहेब का मस्त गांड है आपकी. काटना अच्छा लग रहा है आपकी गांड जब आप ऐसे झुकी हुयी हैं"

अनीता यह सुनकर बेशर्मी से वैसे hi झुकी हुयी हरिया को देखकर boli,"Hariya जी मैं जूस निकलने के लिए झुकी हुयी हूँ और आप है की बस वही देखे जा रहे हैं."

हरिया यह सुनकर मुस्कुराते हुए puchha,"Ka देख रहे हैं हम मेमसाहेब?"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराकर boli,"Hariya जी वही जिसके बारे में आप बोल रहे हैं"

हरिया अपना लुंड हिलाते हुए bola,"Juice के बारे में?"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Hariya जी आप तो ऐसे बोलने लगते हैं जैसे आपको पता hi नहीं हो. जूस तो फ्रिज में है तो आप कैसे देखेंगे?"

हरिया मुस्कुराते हुए bola,"To आप hi बता दीजिये न मेमसाहेब "

अनीता मुस्कुराती हुयी boli,"Hariya जी अब जब आपको पता hi नहीं तो छोड़िये. जाइये मैं भी नहीं बोलूंगी अगर आपको समझ नहीं आया"

हरिया मुस्कुराते हुए bola,"Are मेमसाहेब अगर बोलेंगी नहीं तो कोई और तरीक़ा से बता दीजिये हमार नज़र कहाँ है"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Hariya जी आप से तो बातें बनाने में मैं जीत hi नहीं सकती. देख आप रहे हैं और बताना मुझे पड़ेगा"

हरिया यह सुनकर मुस्कुराते हुए उसकी गांड को देखा तो अनीता boli,"Phir से आप वही देखने लगे"

हरिया यह सुनकर मुस्कुराते हुए bola,"Are तो मेमसाहेब बताइये न हम का देख रहा हूँ"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराई और अपनी गांड हिलाकर आँखों से अपनी गांड के तरफ इशारा करके boli,"Yeh देख रहे हैं हरिया जी. मैं तो जूस का बोतल निकलने के लिए झुकी और आप हैं की पूरा ध्यान इसी पर लगा दिए"

हरिया यह सुनकर bola,"Are मेमसाहेब तो बोलिये न की हम आपकी गांड देख रहे हैं"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Hariya जी ओफ्फो"

हरिया यह सुनकर हसने laga,"Hahaha अरे मेमसाहेब आपकी गांड हमरे तरफ है तो हमरा नज़र आपकी गांड पर तो जायेगा hi. सच में कितना कातिल गांड लग रहा है आपका. पूरा दिल का आकर बन गवा है"

अनीता बेशर्मी से मुस्कुराती हुयी जूस का बोतल निकल कर कड़ी हो गयी तो हरिया bola,"Uff मेमसाहेब सच में का मस्त नज़ारा था जब आप झुकी हुयी थी तो. हमरा मैं खुश हो गवा आपकी गांड को देखकर"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Hariya जी हो गया अब बस कीजिये. वही चीज़ बोले जा रहे हैं"

हरिया यह सुनकर मुस्कुराते हुए bola,"Are मेमसाहेब अब गांड को गांड hi न बोलेंगे"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी जूस का बोतल ट्रे में रखकर अपनी सर हिलने लगी और हिलती हुयी boli,"Aapko दोनों चाहिए हरिया जी तो मैं दोनों ला रही हूँ"

हरिया यह सुनकर मुस्कुराकर अपना लुंड हिलाते हुए bola,"Haan मेमसाहेब हुंका तो दोनों चाहिए जिसका हम बात कर रहे थे"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराई और फिर उसके लुंड को देखि तो हरिया अपने लुंड से हाथ हटाकर उसे झटका दिया तो उसका लुंड हिलने लगा. उसके लुंड का लम्बाई और मोटाई देखकर अनीता की बदन में एक अजीब सी मस्ती की लहर दौड़ रही थी. इतना मोटा और लम्बा लुंड उसकी आँखों के सामने हकीकत में होगा अनीता कभी सोची नहीं थी. वह हरिया का लुंड देखने के बाद एक तेज़ सांस ली और फिर एक कटोरा ट्रे में रखकर तेल का बोतल उठाकर उसका ढक्कन खोलकर कटोरे में तेल रखने लगी.

अनीता को कटोरा में तेल डालते देख हरिया bola,"Memsaheb आप हमरा कितना ख्याल रखती हैं"

अनीता यह सुनकर हरिया को देखकर boli,"Hariya जी आप भी तो मेरा कितना ख्याल रखते हैं. हर वक़्त मेरी मदद करने के लिए तैयार हो जाते हैं और आज आपको थोड़ा टाइम मिला तो आज भी मेरी मदद करने आ गए. तो बदले में मैं थोड़ा आपका ख्याल नहीं रख सकती क्या? आप आराम से बैठिये न हरिया जी. मैं जूस लेकर आती हूँ"

हरिया यह सुनकर अपना दोनों हाथ पीछे हेड रेस्ट पर फैला दिया और साथ hi टैंगो को फैला कर किसी मालिक जैसा बैठ गया. ऐसा करने से उसका लुंड पूरा अकार में उसके पेट के तरफ झुक गया, हालांकि थोड़ा खड़ा होने के कारण उसके पेट पर नहीं टिका बस उसके ऊपर हवा में hi था. साथ hi उसके अंडे भी दिखने लगे जो गंदे बालों से भरा हुआ था.

अनीता कटोरा में तेल रखने के बाद बोतल को बांध करके उसके जगह पर रखकर हरिया को देखकर मुस्कुराई और ट्रे उठाकर उसे देखती हुयी सोफे के तरफ जाने लगी.

हरिया अपना नज़र अनीता की चूंकि पर ले गया और उसकी चूंकि को देखने लगा. अनीता उसके नज़र को अपनी चूंकि पर महसूस करके चुप चाप सोफे के पास गयी और ट्रे लिए hi हरिया से चिपक कर बैठती हुयी ट्रे को सामने टेबल पर रख दी. अनीता जब ट्रे रख रही थी तो उसे अपनी कमर पर हरिया का हाथ महसूस हुआ और जब वह ट्रे रखकर सीढ़ी हुयी तो हरिया उसकी कमर पकडे अपने और करीब खिंच लिया.

हरिया के खींचने से अनीता उससे पूरी चिपक गयी ऐसे की उसकी दायी हाथ और दायी चूंकि का ऊपरी भाग हरिया के सीने से सत् गयी. अनीता उससे चिपकने के बाद उसे देखकर मुस्कुरायी और अपनी दायी हाथ ऊपर उठाकर उसके सर पर रखकर उसके बालों में फिरती हुयी boli,"Hariya जी आप पूरा पसीना से भीगे हुए हैं. मैं तौली लाकर आपका बदन पोंछ देती हूँ".

अनीता के दया हाथ उठाने से उसकी दायी चूंकि और हरिया के सीने के बीच कुछ नहीं था जिससे अनीता की चूंकि अब साइड से भी हरिया का सीना से सत् गया था और हरिया अनीता की चूंकि की नरमी अपने सीने पर महसूस कर पा रहा था.

हरिया अनीता की बात सुनकर bola,"Are नहीं मेमसाहेब आप कहे तकलीफ कर रही हैं. आप हमरे पास ऐसे hi बैठिये न. हुंका अच्छा लगता है जब आप पास रहती हैं तो". हरिया यह बोलते हुए अपना हाथ उसकी बायीं कमर से खिसका कर ऊपर ले गया और उसकी बायीं हाथ के नीचे से हाथ घुसाने का कोशिश करने लगा तो अनीता अपनी बायीं हाथ थोड़ा सा उठाकर जगह दे दी.

हरिया हाथ घुसकर उसकी बायीं चूंकि को ब्लाउज के ऊपर से मुट्ठी में भरकर उसकी चूंकि को दबाने लगा.

अनीता अपनी चूंकि को हरिया के मुट्ठी में महसूस करके कोई रिएक्शन नहीं दी और चुप चाप हरिया को देखती हुयी उसके बालो में ऊँगली फिरा रही थी और उसका बात सुन्न रही थी.

हरिया अनीता की चूंकि दबाते हुए उसे आगे bola,"Aapko हमरा पसीना से दिक्कत हो रहा है का मेमसाहेब?"

अनीता अपनी बायीं हाथ से हरिया के सीने पर पसीने से भीगे बाल पर हलके से ऊँगली फेरती हुयी boli,"Hariya जी कैसी बात कर रहे हैं आप? आप इतना म्हणत किये हैं तो पसीने तो निकलेगा hi और म्हणत तो मेरी मदद करने के लिए hi किये हैं. यह पसीना तो आपके म्हणत की निशानी है"

हरिया यह सुनकर अनीता की चूंकि मुट्ठी में पकडे हुए उसे अपने और करीब खींचते हुए bola,"To आइये न हमरे और पास मेमसाहेब. कौन सा हुंका रोज़ रोज़ आपके साथ बैठने का मौक़ा मिलता है. जब मौक़ा मिला है तो हमरे एक दम पास बैठिये"

हरिया द्वारा चूंकि पकडे hi अपने और करीब खींचने की उम्मीद नहीं कर रही थी जिसके कारण अनीता की मुंह se,"Aaahh हरिया जी" निकल गयी.

हरिया यह देखकर हसने लगा तो अनीता भी बेशर्मी से मुस्कुराकर उसके बालों में उंगलियां फेरती हुयी मुस्कुराकर उसे देख रही थी.

अगले पल अनीता मुस्कुराती हुयी उससे चिपकी हुयी hi थोड़ी दायी तरफ घूमकर हरिया के तरफ थोड़ा फेस करने लगी जिससे उसकी दायी चूंकि उसके सीने से और सत् गयी. हरिया एक नज़र उसकी चूंकि के तरफ देखा जो उसके सीने से सटी हुयी उसके सीने और अनीता की बदन के बीच डब्ब गयी थी. वह साथ hi अनीता की पीठ के पीछे से बया हाथ लेजाकर उसकी बायीं चूंकि दबा रहा था.

अनीता घूमने के बाद हरिया के बालों में ऊँगली फिरती हुयी दूसरे हाथ से उसके सीने पर ऊँगली फेरती हुयी उसके आँखों में देखती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Hariya जी पूरा बदन भीग गया है आपका. रुकिए मैं पोंछ देती हूँ".

अनीता यह बोलकर अपनी दये हाथ की उँगलियों को हरिया के बालों में फेरती हुयी बायीं हाथ उसके सीने से हटाकर अपनी साड़ी की पल्लू पकड़ कर उससे हरिया के सीने को पोंछने लगी.

हरिया यह देखकर अनीता की चूंकि दबाते हुए bola,"Are मेमसाहेब ी का कर रही हैं आप. आपका महंगा साड़ी गन्दा हो जायेगा".

अनीता यह सुनकर थोड़ी नाराज़गी से रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Offo हरिया जी आप इतना कुछ करते हैं मेरे लिए. हर वक़्त मेरी मदद और सेवा करने के लिए तैयार रहते हैं. तो क्या मैं इतना नहीं कर सकती. आपका बदन गन्दा तो मेरी मदद करने के वजह से hi हुआ है".

हरिया यह सुनकर अनीता की चूंकि दबाते हुए bola,"Sach में मेमसाहेब आप कितनी अच्छी है. लेकिन मेमसाहेब आपका साड़ी महंगा है. गन्दा हो जायेगा".

अनीता यह सुनकर उसका सीना पोंछती हुयी वैसे hi कामुक या रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Hariya जी कुछ नहीं होगा. साड़ी धूल जाने के बाद साफ़ हो जाएगी. पसीना पोंछ दूंगी तो आपको थोड़ा आराम मिलेगा".

हरिया अनीता की आँखों में देखते हुए उसकी चूंकि दबाते हुए बात सुन्न रहा था. वह यह सुनकर नज़र नीचे करके अनीता की क्लीवेज में देखा और फिर अगले पल अपना बया हाथ उसकी कंधे पर लेजाकर उसकी साड़ी का पिन खोलते हुए bola,"Memsaheb ी खोल डेट हूँ नहीं तो कहीं आपका साड़ी हमरा पसीना पोंछने में थोड़ा खिंचा जायेगा तो महंगा साड़ी फट जायेगा आपका. हमरे वजह से आपका कीमती साड़ी ऐसे hi गन्दा हो रहा है और अब साड़ी फटे ी हुंका अच्छा नहीं लगेगा".

हरिया यह बोलते हुए अनीता की साड़ी का पिन कंधे से खोल दिया जिससे अनीता की पल्लू नीचे गिर गयी. बस उसकी पल्लू का अंत अनीता की हाथ में थी. ऐसा होने से अनीता की ऊपरी बदन पर अब बस छोटा सा ब्लाउज hi था. ऊपर के बदन पर साड़ी का एक इंच भी नहीं था.

अनीता को हरिया द्वारा पल्लू खोल देने पर भी शर्म नहीं आयी. वह अपनी बेशर्मी दिखती हुयी हरिया का सीना पोंछती हुयी boli,"Hariya जी कितना ख्याल रखते हैं आप मेरा की मेरी साड़ी का भी इतना ख्याल है आपको की वह गन्दी नहीं होनी चाहिए, फटनी नहीं चाहिए".

हरिया अनीता की चूंकि दबाते हुए bola,"Are मेमसाहेब ख्याल तो रखना hi होगा न हुंका. ससुरा ु मर्द hi....".

हरिया के पूरा बोलने से पहले अनीता उसके आँखों में देखती हुयी उसका सीना पोंछती हुयी एक ऐडा से boli,"Haan हाँ हरिया जी वह मर्द hi क्या जो औरत का ख्याल नहीं रखे. और आप जैसे भरपूर और दुमदार मर्द का मेरा ख्याल रखे बिना चैन नहीं आएगा".

हरिया यह सुनकर उसकी चूंकि दबाते हुए उसे भूखी नज़र से देखते हुए bola,"Aapka ख्याल रखे बिना कैसे चैन आएगा मेमसाहेब".

अनीता उसे अपनी चूँचियों को देखते हुए देख boli,"Hariya जी तो मेरा भी तो फ़र्ज़ हुआ न आपका ख्याल रखने का. इतना म्हणत करने के बाद पसीना से पूरा बदन भींग गया है आपका. आपको प्यास भी लगी होगी. दो चीज़ है आपके पीने के लिए और दोनों तो आपके आँखों के सामने hi है. पी लीजिये हरिया जी जो आपको पीना है और अपनी प्यास बुझाइये".

हरिया यह सुनकर अनीता की आँखों में देखते हुए उसकी बायीं चूंकि को मसलते हुए उसे थोड़ा हिलाकर puchha,"Ee हमार लिए hi है मेमसाहेब?"

अनीता हरिया का सीना पोंछती हुयी boli,"Haan हरिया जी यह दोनों hi आपके लिए हैं. कितने प्यासे होंगे आप इन दोनों के लिए. मैं आपका बदन पोंछती हूँ तब तक आप इन दोनों को पीकर प्यास बुझा लीजिये"

हरिया यह सुनकर अगले पल झुककर उसकी बायीं चूंकि ब्लाउज के ऊपर से मुंह में लेकर चूसने लगा.

अनीता यह देखकर boli,"Offo हरिया जी मैं तो जूस पीने के लिए बोली हूँ. यह आप क्या करने लगे".

हरिया यह सुनकर उसकी चूंकि चूसते रहा तो अनीता boli,"Hariya जी जूस पी लीजिये न".

हरिया यह सुनकर कुछ नहीं बोलै बल्कि अनीता की चूंकि को और मुंह में भरने का कोशिश करने लगा तो अनीता उसका सर का बाल पकडे हुए अपनी चूंकि थोड़ा आगे कर दी और उसके बालों को सहलाने लगी.

हरिया के झुकने से उसका पीठ अनीता की आँखों के सामने था तो वह अपनी पल्लू उठाकर उसका पीठ पोंछने लगी. अब अगले 2 मिनट तक हरिया अनीता की चूंकि वहशीपने से चूसते रहा और अनीता बिना कुछ बोले उसका पीठ पोंछते रही. हरिया उसको चूंकि को ब्लाउज के ऊपर से hi काट रहा था दांत गदा रहा था और बेरहमी से उसकी चूंकि हाथ से दबाते हुए अपने मुंह में थुश रहा था. अनीता बस उसके बालों में हाथ फेरती हुयी उसका पीठ पोंछती रही
 
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अपडेट 89

लगभग दो मिनट बाद जब अनीता को महसूस हुआ की हरिया उसकी बायीं चूंकि को मुंह से निकल दिया तो वह अपनी सीने को थोड़ा सा एडजस्ट की जिससे उसकी दायी चूंकि जो हरिया के सीने से सटी थी वह थोड़ा अलग होकर थोड़ा बाये तरफ हो गयी और अगले पल वह अपनी दायी चूंकि पर हरिया का मुंह महसूस की और फिर अपनी चूंकि को ब्लाउज के अंदर से hi उसके मुंह में महसूस की और फिर हरिया उसकी वह दूसरी चूंकि भी वहशीपने से चूसने और काटने लगा.

अनीता वैसे hi हरिया का पीठ पोंछती रही और लगभग दो मिनट बाद हरिया उसकी चूंकि को मुंह से निकला और दोनों चूँचियों को हाथों में दबाते हुए अनीता की क्लीवेज पर होंठ रगड़ने लगा और ज़बान निकलकर चाटने लगा तो अनीता चुप चाप वैसे hi बैठी उसका बाल में ऊँगली फेरती रही और उसके पीठ को पोंछती रही.

हरिया और अनीता दोनों की सांस तेज़ हो गयी थी. अनीता की छूट में बेचैनी होने लगी थी वहीँ हरिया का लुंड भी बेचैन होने लगा था.

हरिया अगले दो मिनट तक अनीता की क्लीवेज को अपने ज़बान से चाटते रहा और दोनों हाथों से उसकी दोनों चूँचियों को मसलते रहा.

आखिरकार हरिया अनीता की चूंकि को छोड़कर जोर का सांस लेते हुए सीधा होकर वापस सोफे पर पीठ किये बैठ गया. वह अपना बया हाथ अनीता की कंधे से लेजाकर बाये कंधे से नीचे लटका कर उसकी बायीं चूंकि मुठी में भरकर दबाना जारी रखा.

अनीता भी थोड़ी तेज़ सांस लेती हुयी अपनी दायी हाथ से हरिया के बाल में ऊँगली फेरती हुयी बेशर्मी से हरिया के आँखों में देखकर boli,"Main जूस देती हूँ हरिया जी".

हरिया उसे देखकर "हाँ" में सर हिलाया तो अनीता हल्का मुस्कुरा कर उसके लुंड के तरफ देखि जो अकड़ रहा था. हरिया अनीता को अपने लुंड पर देखते हुए थोड़ा झटका दिया और bola,"Memsaheb आपको भी तो प्यास लगा होगा. कुछ चूसना है तो चूस लजिए".

अनीता यह सुनकर गिलास में जूस डालकर उठायी और हरिया को देखते हुए उसे देती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Hariya जी पहले आप अपना प्यास बुझाइये. आप कब से मेरी मदद कर रहे हैं".

हरिया अनीता की हाथ से गिलास ले लिया और एक घूंट पीकर bola,"Are मेमसाहेब अब आपका मदद करना तो हमरा फ़र्ज़ है. रहा बात प्यास का तो आप तो हमरा प्यास बुझा hi रही हैं".

हरिया यह बोलकर उसकी चूँचियों को देखकर बाये हाथ से उसकी बायीं चूंकि को मसल दिया.

अनीता यह सुनकर उसका पेट पोंछती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Hariya जी जब आप मेरी मदद करना अपना फ़र्ज़ समझते हैं तो मेरी मदद करने से आपको जो प्यास लगेगी उसको बुझाना तो मेरा फ़र्ज़ होना चाहिए न. वही तो कर रही हूँ. आप अपना पूरा प्यास बुझाकर जायेगा हरिया जी नहीं तो मुझे अच्छा नहीं लगेगा की आप मेरी मदद कर तो दिए मगर प्यासा hi चले गए. जो भी पीने का मैं है आप पूरा हक़ से पीजिये और अपनी पूरी प्यास बुझा लीजिये".

हरिया यह सुनकर अनीता की चूंकि के तरफ देखते हुए पूरा गिलास एक साथ जातक गया. ऐसा करने से उसके होंठों के साइड से थोड़ा जूस गिरते हुए उसके गर्दन तक बहने लगी.

हरिया पूरा गिलास खली करके अनीता की चूँचियों को देखते हुए अपने होंठों पर ज़बान फिराया तो अनीता उसके गर्दन से जूस को अपनी साड़ी से पोंछती हुयी कामुक आवाज़ में boli,"Hariya जी और पीना है तो पि लीजिये. आपके लिए hi है पूरा बोतल".

हरिया यह सुनकर अनीता की चूंकि दबाते हुए bola,"Pura बोतल की पूरा थांन. हुंका तो आपका ी पूरा दूध का थांन में मुंह लगाकर पीना है. उफ़ मेमसाहेब क्या मस्त चूंकि है आपका".

अनीता यह सुनकर बेशर्मी से मुस्कुराती हुयी boli,"Offo हरिया जी मैं जूस का बात कर रही हूँ और आप है की".

हरिया यह सुनकर अनीता की आँखों में देखा तो वह बेशर्मी से उसके आँखों में देखती हुयी उसके गर्दन को पोंछती हुयी मुस्कुरा रही थी.

हरिया उसकी बायीं चूंकि पकड़ कर हिलाते हुए bola,"Aur हम हूँ की आपका ी दूध का थांन का बात कर रहा हूँ, ी चूंकि का".

अनीता यह सुनकर अपनी आँख बड़ी करके उसके गर्दन को पूंछरी हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Uhhm हरिया जी बस भी कीजिये".

हरिया यह सुनकर हसने laga,"Hahaha" तो अनीता बेशर्मी से मुस्कुराती हुयी उसे देखि. अगले पल हरिया गिलास टेबल पर रखकर दये हाथ से अनीता की दायी चूंकि पकड़ लिया. अब अनीता की दोनों चूँचियाँ हरिया के हाथ में थी और वह दोनों को पकड़ कर हिलाते हुए bola,"Aapka ी दो दो दूध का थांन का बात कर रहा हूँ हम मेमसाहेब. हम ी पियूँगा मुंह लगाकर".

अनीता यह सुनकर बेशर्मी से मुस्कुराती हुयी अपनी आंखें बड़ी करके वैसे hi रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Uhhm हरिया जी अब बस भी कीजिये, बस एहि बोले जा रहे हैं".

हरिया यह सुनकर हसने laga,"Hahaha" और अनीता की चूंकि हिलाते रहा तो अनीता भी मुस्कुरा कर उसे देखती हुयी उसके सर के बाल को प्यार से सहलाती हुयी अपने बाये हाथ से उसके पेट को साड़ी से पोंछी तो हरिया उसकी चूँचियों को हिलाते हुए bola,"Are मेमसाहेब जब हमरे सामने आपके जइसन खबसूरत और जवान औरत का ी दो बड़ा बड़ा चूंकि रहेगा तो पीने का तो मैं करेगा hi. बताइये मेमसाहेब हुंका मैं नहीं करेगा का की आपका ी बड़ा बड़ा दोनों चूंकि में मुंह लगाकर हम आपका जवानी का रास पीयून, उफ़ मेमसाहेब देखिये कितना बड़ा बड़ा और रसीला है आपकी यह दोनों दूध का थांन, आपकी दोनों चूंकि"

अनीता हरिया का बात सुनकर बिना शर्म के अपनी चूँचियों को देखने लगी जिसे हरिया अपने हाथों में लेकर मसल और हिला रहा था. अनीता को ज़रा भी शर्म नहीं आ रही थी. उसकी छूट गीली होने लगी थी और बदन में मस्ती भरने लगी थी. उसे हरिया का यूँ खुलकर बोलना अच्छा लग रहा था और एक अजीब सा मज़ा भी दे रहा था.

अनीता यह सुनकर हरिया को देख hi रही थी की तभी वह झुककर अनीता की बायीं चूंकि फिर से ब्लाउज के ऊपर से मुंह में लेकर चूसने लगा. अनीता उम्मीद नहीं कर रही थी की हरिया फिर से उसकी चूंकि में मुंह लगा कर चूसने लगेगा मगर इसके बावजूद वह कुछ नहीं बोली और उसके सर के बाल में ऊँगली फेरती हुयी अपनी सीने को थोड़ा और आगे करके अपनी बायीं चूंकि हरिया के मुंह में और घुसाने लगी. हरिया यह समझ कर अपना मुंह और खोलकर जितना हो सके उतना अनीता की चूंकि मुंह में भरकर चूसने लगा.

लगभग एक मिनट तक हरिया उसकी बायीं चूंकि मुंह में रखा और फिर दूसरी चूंकि को मुंह में लेकर चूसने लगा. अनीता इस बार भी अपनी सीने को एडजस्ट करके दायी चूंकि को जितना हो सके उतना हरिया के मुंह में घुसा दी और हरिया भी मुंह खोलकर उसकी चूंकि जितना हो सके उतना मुंह में लेकर चूसने लगा.

अनीता चुपचाप लगभग एक मिनट तक बैठी हुयी हरिया के बाल में ऊँगली फेरती रही और उसके पीठ को पोंछती हुयी अपनी ब्लाउज और चूंकि पर हरिया का ज़बान, थूक और दांत महसूस करती रही फिर वह boli,"Uhmm हरिया जी हो गया"

हरिया यह सुनकर उसकी चूंकि मुंह से निकल कर उसे देखकर bola,"ka हुआ मेमसाहेब आपको अच्छा नहीं लग रहा है का हम जब आपका दूध पी....."

हरिया बात पूरा बोलता इससे पहले अनीता उसके बाल में ऊँगली फेरती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Uhhmm हरिया जी वैसी बात नहीं है. मेरा मतलब था की थोड़ा जूस भी पीजिये. अभी तो दोनों बोतल जूस का वैसे hi बचा हुआ है. इतना पसीने निकल चूका है तो थोड़ा जूस भी पीजिये"

अनीता यह बोलती हुयी दूसरी बोतल से जूस को गिलास में डालने लगी और डालकर हरिया के तरफ बधाई तो वह अनीता की दोनों चूँचियों को दबाते हुए अपना होंठ गिलास के तरफ कर दिया तो अनीता दये हाथ से उसके बाल को सहलाती हुयी बाये हाथ से उसे जूस पिलाने लगी. हरिया इस बीच उसकी दोनों चूँचियों को मसलते रहा.

हरिया फिर से एक hi सांस में पूरा गिलास जातक गया तो अनीता यह देखकर रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Kitne प्यासे हैं आप हरिया जी. पूरा प्यास बुझा कर hi जायेगा. जो भी पीना है बेझिझक पि लीजिये"

हरिया जब जूस पी रहा था तो साइड से फिर से जूस थोड़ा सा गिरते हुए उसके गर्दन और सीने के तरफ बहने लगा और क्यूंकि इस बार अनीता hi उसे जूस पीला रही थी तो उस जूस को रोकने वाला कोई नहीं था तो वह जूस उसके पेट तक चला गया.

हरिया जब गिलास खली किया तो अनीता गिलास को हाथ में ली हुयी हरिया को देखकर मुस्कुराई तो हरिया उसे देखते हुए मुस्कुराकर उसकी चूँचियों पर नज़र ले जाकर उसे हिलाते हुए अपने ज़बान को होंठों पर फिरकर bola,"Haan मेमसाहेब. अभी तो हम आपका ी दोनों चूंकि में मुंह लगाकर और दूध पियूँगा"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Offo हरिया जी घूम फिरकर बात वहीँ ले आते हैं"

हरिया मुस्कुराकर अनीता की चूँचियों को वापस से दबाते हुए bola,"Are मेमसाहेब जब हमरे सामने आपका जवान चूंकि है तो बात तो करूँगा hi न. देखिये कितना बड़ा और मुलायम है आपका चूंकि ससुरा की हुंका दबाने में बहुत मज़ा आ रहा है और इसमें मुंह लगाकर चूसने का मैं कर रहा है, आपका दूध पीने का मैं कर रहा है"

अनीता यह सुनकर बिना शर्म के अपनी चूँचियों को देखि तो हरिया bola,"Hum आपका चूंकि से खेल रहा हूँ तो हमरा लौड़ा को भी अच्छा लग रहा है मेमसाहेब. देखिये कैसे अकड़ रहा है हमार लौड़ा ससुरा".

अनीता यह सुनकर बेशर्मी से हरिया के लुंड को देखि और फिर हरिया को देखकर रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Hariya जी, आप और आपका हथियार. हर वक़्त तो आपका हथियार बौखलाया रहता है".

हरिया अपने लुंड को झटका मारा तो अनीता उसे देखकर बेशर्मी से boli,"Aapka हथियार तो पूरा बौखलाया हुआ है हरिया जी. सच में कैसे बेचैन हो रहा है".

हरिया अनीता की चूँचियों को हिलाते हुए bola,"Are मेमसाहेब अब आपका जइसन खबसूरत, जवान और गरम औरत साथ होगा तो ससुरा बौखलायेगा hi".

अनीता यह सुनकर उसके लुंड के ऊपर उसके पेट के पास से जूस पोंछती हुयी boli,"Hariya जी आपका हथियार तो बस मुझे देखकर बौखला जाता है. पता नहीं आखिर क्या देख लेता है मुझमे जो इतना बौखला जाता है".

हरिया यह सुनकर bola,"Are मेमसाहेब आपको पूरा ऊपर से नीचे देखकर बौखला जाता है. आप इतना खबसूरत और सेक्सी हैं की ससुरा कउनो मरद का लौड़ा खड़ा हो जायेगा आपको देखकर और हमार लौड़ा तो ऐसे hi असली मरद का फौलादी लौड़ा है".

अनीता यह सुनकर आंखें बड़ी करके boli,"Offo हरिया जी" तो हरिया उसे देखकर उसकी चूँचियों को मसलते हुए हसने लगा तो अनीता उसे देखकर बेशर्मी से मुस्कुराती हुयी उसके लुंड को देखि और उसके पास पेट पोंछती हुयी अपनी हाथों के पीछे का हिस्सा पर उसके लुंड को महसूस करके मुस्कुरा कर हरिया को देखती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में puchhi,"Hariya जी ऐसे बोलना आपको अच्छा लगता है क्या?".

हरिया यह सुनकर मुस्कुराते हुए bola,"Are मेमसाहेब अब जो सच है वहीँ बोलत हूँ हम. आपको देखकर..."

हरिया पूरा बोलता उससे पहले अनीता उसका पेट पोंछती हुयी boli,"Hariya जी उस बात पर नहीं बोली मैं. वह तो आपका हथियार हर बार मुझे देखता है तो बौखला hi जाता है. मेरा मतलब है की आप अपने हथियार को कैसे कुछ और बोल रहे हैं. वैसे बोलना अच्छा लगता है क्या आपको?"

हरिया यह सुनकर अनीता की चूंकि हिलाते हुए bola,"Achha मेमसाहेब आपका मतबल है की हम लौड़ा कहे बोल रहा हूँ?"

अनीता यह सुनकर फिर से अपनी आंखें बड़ी करके boli,"Offo हरिया जी फिर से".

हरिया यह सुनकर हसने लगा तो अनीता मुस्कुराती हुयी अपना सर हिलती हुयी boli,"Aap भी जान बुझ कर ऐसे बोलते हैं".

हरिया यह सुनकर हसने लगा तो अनीता उसे देखकर मुस्कुराती हुयी उसके लुंड के पास पेट पोंछती रही.

हरिया अनीता की चूंकि दबाते हुए bola,"Are मेमसाहेब तो हम लौड़ा को लौड़ा hi न बोलूंगा. जैसे ी आपका दो बड़ा बड़ा दूध का थांन को चूंकि बोलै जाता है".

अनीता यह सुनकर अपनी आंखें बड़ी करके हरिया को देखि तो हरिया उसकी दोनों चूँचियों को ज़ोर से दबा दिया तो अनीता को मुंह से "आअह्ह्ह्ह हरिया जी ुहहममम" निकल गयी तो हरिया उसको देखकर मुस्कुराकर उसकी चूँचियों को देखकर अपने ज़बान को होंठों पर फिराया तो अनीता कामुकता से boli,"Uhhmm और पीजिये न हरिया जी. अभी तो बहोत जूस है दोनों में, दोनों बोतल तो अभी बहोत भरे हुए हैं".

अनीता यह बोलकर जूस के बोतल से गिलास में जूस डालने लगी तो हरिया उसकी चूँचियों को दबाते हुए bola,"Haan मेमसाहेब अभी तो दोनों में बहोत दूध है, आपके दोनों दूध के थांन में"

अनीता अपनी आंखें बड़ी करके हरिया को देखती हुयी boli,"Hariya जी" तो हरिया हसने लगा और अनीता की चूँचियों को देखते हुए ज़ोर से दबा दिया.

अपनी चूँचियाँ मसले जाने पर अनीता की मुंह से कामुक आवाज़ nikli,"Uhhhmm" और वह बिना शर्म के रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"pijiye हरिया जी" और फिर मुस्कुराती हुयी जूस का गिलास हरिया के सामने कर दी.

हरिया यह सुनकर अनीता को देखकर bola,"Haan मेमसाहेब अपना चूंकि से दूध पिलाइये न हुंका"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Offo हरिया जी". हरिया यह सुनकर उसे देखा तो अनीता आँखों से जूस के गिलास के तरफ इशारा की तो हरिया मुंह खोल दिया और अनीता उसे जूस पिलाने लगी. हरिया अनीता की चूंकि मुट्ठी में भरकर दबाते हुए उसकी आँखों में देखकर फिर से एक hi बार में जूस पी गया और साइड से जूस गिरते हुए उसके गले, पेट से होते हुए लुंड तक चला गया.

हरिया जब जूस पी लिया तो अनीता उसे मुस्कुराकर देखि और गिलास को टेबल पर रखकर साड़ी से उसके गले और पेट से जूस को पोंछती हुयी उसके लुंड के ऊपर तक हाथ ले गयी.

अनीता की हाथ थोड़ा सा हरिया के लुंड से टकरा गयी तो उसका लुंड झटका मारा.

हरिया यह देखकर bola,"Dekhiye मेमसाहेब कैसे हमरा लौड़ा झटका मार रहा है. ससुरा को अच्छा लग रहा है जब हम आपका मुलायम चूंकि दबा रहा हूँ और आपका हाथ इससे सात रहा है तो".

अनीता यह सुनकर उसके लुंड के तरफ देखकर मुस्कुराकर boli,"Haan हरिया जी पूरा अकड़ रहा है आपका हथियार. पूरा बौखलाया हुआ है. ुहम्म कितना सख्त हो रहा है हरिया जी आपका हथियार".

हरिया यह सुनकर puchha,"Memsaheb आपका मुलायम हाथ का छुअन महसूस करके तो ससुरा खड़ा होगा hi"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराकर उसके लुंड को देखि तो हरिया bola,"Memesaheb आपको हमरा लौड़ा पसंद नहीं है का?"

अनीता यह सुनकर हरिया को देखि और थोड़ा नाराज़गी दिखती हुयी एक ऐडा से puchhi,"Hariya जी अब आपको ऐसा क्यों लगने लगा?"

हरिया अनीता की चूंकि हिलाते हुए bola,"Isliye की आप एक बार भी हमरा लौड़ा को छूकर प्यार नहीं किये हैं. हमरा लौड़ा तो आपके लिए hi है लेकिन आप हैं की बस..."

अनीता यह सुनते हुए hi हरिया का लुंड पकड़ ली और उसपर अपनी हाथ ऊपर नीचे करती हुयी boli,"Offo हरिया जी ऐसी बात नहीं है. वह तो आपका हथियार मुझे देखकर बौखलाया रहता है इसलिए मैं बस इसे देख रही थी. और अभी तो मैं आपको जूस पीला रही थी. अगर मुझे आपके हथियार का ख्याल नहीं रहता तो मैं क्या यह लाती?"

अनीता यह बोलती हुयी तेल का कटोरी के तरफ इशारा की. हरिया यह सुनकर तेल का कटोरी देखकर bola,"Are हाँ मेमसाहेब, आप सिर्फ हमरे लिए जूस नहीं ले बल्कि हमार लौड़ा के लिए भी जूस लाइ हैं"

अनीता यह सुनकर बेशर्मी से मुस्कुरा कर boli,"Juice?aap भी हरिया जी सच में".

हरिया यह सुनकर हसने लगा तो अनीता भी हरिया का लुंड हिलती हुयी खिलखिलाने lagi,"Hehehe"

हरिया अनीता की चूंकि दबाते हुए bola,"Are मेमसाहेब हमरा लौड़ा के लिए तो यह तेल जूस hi हुआ न हाहाहा"

अनीता यह सुनकर खिलखिलाती हुयी boli,"Offo हरिया जी सच में आपकी बातें हेहेहे"

कुछ सेकण्ड्स दोनों हस्ते रहे. अनीता हरिया का लुंड हिलती हुयी बेशर्मी से है रही थी वहीँ हरिया उसकी चूँचियों को दबाते हुए है रहा था. दोनों का हसी तब रुका जब हरिया का लुंड अनीता की हाथ में जाने से झटका मारा तो अनीता उसके लुंड के तरफ इशारा करती हुयी boli,"Dekhiye मेरे छूने से कैसे और बौखला रहा है हरिया जी".

हरिया यह सुनकर bola,"Are मेमसाहेब आप ऐसे hi इसे प्यार कीजियेगा तो थोड़ा शांत रहेगा. और ऐसे भी ससुरा ु लौड़ा hi का जो आपके जैसी खबसूरत औरत के सामने बौखलाए नहीं. ससुरा असली लौड़ा तो वही हॉट है जो आपका जइसन औरत को देखकर बेचैन हो जाये. ससुरा लौड़ा अगर आपके जइसन औरत को देखकर बौखलाए नहीं तो ु लौड़ा हुआ का. ससुरा बौखलायेगा आपको देखकर तब तो छोड़ेगा आपको".

अनीता यह सुनकर अपनी आँखें बड़ी करके हरिया को देखकर boli,"Hariya जी" तो हरिया हसने लगा "हाहाहा" और अनीता की चूंकि और कमर पकडे हुए सोफे पर हेडरेस्ट से अपना पीठ फिसलते हुए हैंड रेस्ट के तरफ लेजाकर वहां सर रखकर सोफे पर सो गया और साथ hi अनीता की कमर और चूंकि पकडे अपने ऊपर लेता लिया.

अचानक से हरिया का यूँ सोफे पर लेट जाना और अनीता को भी साथ में अपने ऊपर लेता लेने से अनीता भी खिलखिलाने lagi,"Ouch आअह्ह्ह हरिया जी हेहेहे".

हरिया भी साथ में हस्ते raha,"Hahaha" और लिविंग रूम में दोनों के हसने की आवाज़ गूंजने लगी. अनीता बेशर्मी से हरिया के ऊपर लेती हुयी उसके कंधे पर हाथ राखी हुयी उसके आँखों में देखती हुयी खिलखिला रही थी. उसकी चूँचियों हरिया के सीने पर दबी हुयी थी और बायीं चूंकि हरिया के मुट्ठी में थी.

कुछ सेकण्ड्स बाद हरिया हसना बांध किया एयर अनीता की आँखों में गौर से देखा तो अनीता भी हसना बांध करके उसके आँखों में देखि. हरिया अपना एक हाथ पीछे लेजाकर अनीता की गांड पकड़ कर दबाया और दूसरे हाथ से उसकी चूंकि दबाकर उसकी कंधे को चूमने लगा तो अनीता की मुंह से कामुक तरीके से आज nikli,"aaahhh ुहम्म हरिया जी"

हरिया अनीता की गांड और चूंकि दबाते हुए उसकी कंधे से चूमते हुए गले को चूमने लगा. अनीता चुप चाप उसके कंधे और बालों पर हाथ फिरती रही. कुछ सेकण्ड्स बाद हरिया अनीता को चूमना बांध करके हांफते हुए उसे देखा तो अनीता सवालिया नज़र से उसे देखि जैसे उससे रुकने की वजह पूछ रही हो.

हरिया अनीता को देखते हुए उसकी चूंकि दबाते हुए तेज़ सांस से bola,"Humka अपना दूध पिलाइये मेमसाहेब. हम आपका चूंकि मुंह में लेकर आपका दूध पीना चाहता हूँ"

अनीता यह सुनकर उसके आँखों में देखती हुयी उसके सीने पर हाथ फेरती हुयी कामुक अंदाज़ में boli,"Uhhm हरिया जी मैं नहीं भरा क्या आपका?"

हरिया अनीता की गांड और चूंकि दबाते हुए bola,"Memsaheb हमरा जइसन असली मरद का मैं आपके जइसन खबसूरत औरत से कइसन भर सकत है."

अनीता यह सुनकर कामुक अंदाज़ में हरिया के आँखों में देखती हुयी boli,"Uhhm हरिया जी" और फिर अगले पल अपना सीना हरिया के सीना से उठाकर अपना कोहनी हरिया के कंधे के बगल में सोफे पर डालकर सीने को थोड़ा ऊपर के तरफ करके अपनी दायी चूंकि हरिया के मुंह के ऊपर करके उसके आँखों में देखती हुयी उसके बालों में हाथ फेरती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Pi लीजिये हरिया जी और अपना प्यास बुझा लीजिये. जूस पीने के बावजूद भी आप प्यासे लग रहे हैं."

और अनीता यह बोलती हुयी अपनी चूंकि को थोड़ा नीचे करने लगी तो हरिया भी थोड़ा सर ऊपर करके अनीता की चूंकि को मुंह में भरकर चूसने लगा. अनीता अपनी चूंकि का पूरा भार हरिया के मुंह पर रख दी और अपनी चूंकि को उसके मुंह में जितना हो सके उतना घुसाने लगी.

हरिया अनीता की दायी चूंकि को मुंह में भरकर चूसने लगा और बायीं चूंकि को ज़ोर से दबाने लगा. अनीता अपनी हाथ टेबल पर रखे कटोरी पर ले गयी और उसे उठाकर हरिया के लुंड के ऊपर रखकर उसके लुंड पर तेल गिराने लगी. तेल गिरने से हरिया का लुंड झटका मारने लगा. अनीता तेल का कटोरी टेबल पर रखकर अपनी दायी हाथ हरिया के लुंड पर रखकर उसपर तेल मॉल कर मालिश करने लगी.

कुछ सेकण्ड्स बाद हरिया अनीता की चूंकि चूसते हुए hi अपना हाथ उसकी गांड से ऊपर पीठ पैट ले जाकर उसकी ब्लाउज की डोरी खोलने लगा. अनीता कुछ रियेक्ट नहीं की और उसके लुंड का मालिश करती रही. हरिया जब दो डोरी खोल चूका था तब दरवाज़ा का बेल्ल बजा और अनीता का ध्यान बेल्ल पर गया. हरिया चुप चाप उसकी चूंकि को चूसते रहा.

अनीता हरिया के बाल में ऊँगली फेरती हुयी उसके आँखों में देखकर रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Hariya जी कोई आया है"

हरिया यह सुनने के बाद भी अनीता की चूंकि चूसते रहा और साथ hi अनीता की पीठ पर दबाव बनाकर उसकी चूंकि को और मुंह में भरने लगा और उसकी दायी चूंकि को बेरहमी से मसलते हुए अनीता की चूंकि को चूसने लगा. अनीता कुछ सोचकर चुप चाप वापस अपनी सीने को थोड़ा नीचे कर दी और हरिया का लुंड मालिश करती रही और हरिया जैसे hi अनीता की ब्लाउज का आखरी डोरी खोला दूर बेल्ल फिर बज गया.

दूर बेल्ल बजने पर अनीता boli,"Hariya जी कोई आया है"

हरिया इस बार अनीता की चूंकि मुंह से निकाल कर हाँफते हुए bola,"Ee बहनचोद कौन आ गवा अभी"

अनीता समझ गयी की हरिया थोड़ा इर्रिटेटेड था किसी के आने से और उसे उसका यूँ गाली देना बुरा नहीं लगा. बल्कि उसे भी इस वक़्त किसी का आना अच्छा नहीं लगा. अनीता प्यार से हरिया के आँखों में देखकर उसके बालों में ऊँगली फेरती हुयी boli,"Aap आराम कीजिये हरिया जी. मैं देखकर आती हूँ"

हरिया यह सुनकर अनीता को देखकर "हाँ" में सर हिलाया तो अनीता उसके ऊपर से उठकर उसके सीने के पास बैठकर अपनी पीठ उसके तरफ करके हरिया को देखकर कामुकता से boli,"Hariya जी इसे बांध दीजिये न"

हरिया यह सुनकर अनीता की पीठ पर लटकती हुयी डोरियों को देखा और फिर जल्दी से तीनो डोरी को एक एक करके बांध दिया. अनीता इस बीच अपनी पल्लू कंधे पर रखकर पिन लगा ली और डोरी बंधे जाने पर हरिया bola,"Hum एहि रहे मेमसाहेब या....."

अनीता यह सुनकर उसके सीने पर ऊँगली फेरती हुयी boli,"yehi रुकिए अभी हरिया जी. कोई बहरी आदमी hi होगा"

हरिया यह सुनकर सर हिलाया तो अनीता मुस्कुरा कर उठी और गांड मटकती हुयी दरवाज़े के पास जाकर पीफोले से देखि तो चंदा कड़ी थी. अनीता उसे देखकर एक पल के लिए सोची की वह वापस क्यों आई मगर वह नार्मल रही. अनीता की चेहरे पर कोई घबराहट या चिंता नहीं थी.

अनीता दरवाज़ा खोल दी तो चंदा उसे देखकर मुस्कुराई. अनीता भी मुस्कुराती हुयी puchhi,"Are चंदा तुम वापस आ गई?"

चंदा घबराती हुयी boli,"Woh मेमसाहेब मेरा छटा छूट गया है. अगर बादल नहीं रहता तो मैं नहीं आती, मगर...."

उसके पूरा बोलने से पहले अनीता मुस्कुराती हुयी boli,"Are इतनी सफाई देने की ज़रूरत नहीं है."

फिर वह एक नज़र आसमान के तरफ देखकर boli,"Yahan का मौसम का भी कोई ठिकाना नहीं रहता"

चंदा जवाब में boli,"Haan मेमसाहेब"

अनीता यह सुनकर उसे देखती हुयी boli,"Kahan राखी थी तुम छटा, बोलो मैं ला देती हूँ"

चंदा यह सुनकर boli,"Woh मेमसाहेब सीढ़ी के पास hi है. आप तकलीफ क्यों कर रही मैं खुद.."

अनीता उसे बीच में टोकती हुयी boli,"Are क्या हो जायेगा, मैं ला देती हूँ"

अनीता यह बोलकर घूमकर सीढ़ियों के तरफ गयी तो चंदा की नज़र अनीता की नंगी पीठ पर पड़ी. उसकी पीठ पर सिर्फ तीन डोरी hi थी जो ब्लाउज को बंधे हुए थी इसके अलावा और कोई कपडा नहीं था. चंदा अनीता की गोरी चिकनी पीठ देखकर हमेशा की तरह सोचने लगी की वह सच में कितनी गोरी और खूबसूरत है और बदन भी कितना अच्छा से मेन्टेन करके राखी है.

चंदा की ध्यान फिर अनीता की ब्लाउज की डोरियों पर जैम गई और उसे लगा की वह ढीला hi बंधा हुआ है. वह अनीता को ब्लाउज की डोरी इतना ढीला बंधे हुए कभी नहीं देखि थी. वह अनीता को देख hi रही थी की वह छटा लेकर घूम कर वापस आने लगी तो चंदा की नज़र उसकी ब्लाउज पर पड़ी जो की सिकुड़ा और भीगा हुआ था. उसे यह देखकर थोड़ा अजीब लगा क्यूंकि अनीता को ऐसे वह पहले कभी नहीं देखि थी. वह हमेशा अच्छे से कपडा पहने रहती थी, भले hi वह बदन दिखाई कपडे पहनती थी जैसे अभी पहनी हुयी थी, मगर अभी के तरह उसकी ब्लाउज की हालत वह कभी नहीं देखि थी.

चंदा की नज़र फिर नीचे अनीता की कमर पर पड़ी जहाँ थोड़ा गन्दा लगा हुआ था. चंदा वह देख hi रही थी की अनीता उसके पास आकर छटा देकर मुस्कुराकर boli,"Yeh लो".

चंदा मुस्कुरा कर अनीता की खूबसूरत हाथ से छटा ली और फिर थोड़ी शर्मिंदगी से boli,"Memsaheb माफ़ कीजियेगा. हरिया काका बोले था मुझे जाने के लिए तो मैं चली गयी यह सोचकर की वही सब कर देंगे, मगर ऐसा लग रहा है आपको भी वहां से कुछ सामान हटाना पड़ा. देखिये क्या हाल हो गया आपका मेमसाहेब. आप इतनी साफ़ सुथरी रहती है और पूरा गन्दा लग गया".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराकर चंदा को देखि और boli,"Are कुछ नहीं हुआ. बस एक काम का सामान स्टोर रूम में था उसे लेने गयी तो थोड़ा लग गया. मुझे खुद कुछ नहीं करना पड़ा. सब कुछ हरिया जी hi साफ़ कर रहे हैं. और ऐसे भी मैं नहाउंगी hi थोड़ी देर में"

चंदा यह सुनकर अपनी सर हिलती हुयी boli,"Theek है मेमसाहेब. ऐसे मेरी मदद लगेगी तो बताइये. हरिया काका मुझे जाने के लिए बोले, लेकिन मालकिन तो आप है. आपको लगता है की मेरी ज़रूरत है तो बताइयेगा, साफ़ सफाई तो अभी चल hi रही है, उनका साइकिल तो अभी एहि है"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Haan सफाई चल रही है, लेकिन तुम्हारी कोई ज़रूरत नहीं है. हरिया जी मैनेज कर लेंगे. तुम्हे और एक जगह काम करना है, तुम जाओ नहीं तो लेट हो जाओगी और बारिश भी शुरू होने वाली है"

चंदा यह सुनकर "हाँ" में सर हिलाई तो अनीता मुस्कुराती हुयी boli,"Aur कुछ नहीं छूटा है तो? इसके बाद आओगी तो शायद दरवाज़ा न खुले, क्यूंकि मैं और हरिया जी दोनों बिजी रहेंगे, मेरा मतलब है की वह सफाई करने में लगे रहेंगे और मैं नहाने में, तो कोई दरवाज़ा खोलने के लिए नहीं रहेगा"

अनीता की मुंह से न जाने ऐसा बात क्यों निकल गया उसे खुद समझ नहीं आया मगर उसे यह बोलते वक़्त एक अलग hi मज़ा मिला.

चंदा यह सुनकर मुस्कुरा दी और boli,"Nahin मेमसाहेब अब नहीं आउंगी. आपको तकलीफ देने के लिए माफ़ी चाहती हूँ"

अनीता यह सुनकर थोड़ी नाराज़गी दिखती हुयु boli,"Yeh क्या बोल रही हो? यह कोई माफ़ी मांगने की बात है. सामान छूट गया तो आओगी hi. मैं तो बस इसलिए बोल रही हूँ की अब मैं कुछ देर के लिए बिजी रहूंगी तो अगर तुम किसी कारण से आओगी तो शायद दरवाज़ा खोलने के लिए कोई नहीं रहे"

चंदा यह सुनकर मुस्कुरा कर boli,"Theek है मेमसाहेब. अब मैं चलती हूँ"

अनीता यह सुनकर मुस्कुरा कर उसे देखि और चंदा वहां से चली गई. वह थोड़ी दूर गयी hi थी की तेज़ हवा के साथ बारिश शुरू हो गयी. वह दौड़ती हुयी वापस अनीता के घर के तरफ चली गयी और गार्डन क्रॉस करके वरण्डः में जा कर कड़ी हो गयी. कुछ देर कड़ी होने के बाद वह पास में कुर्सी देखकर बैठ गयी. बारिश बहोत तेज़ हो रही थी और धीरे धीरे वरण्डः में छींटा आने लगा था.

छींटा आने से चंदा परेशानी से घर के दरवाज़े के तरफ देखि. वह नहीं चाहती थी की दरवाज़ा नॉक करे क्यूंकि अनीता पहले hi बोल दी थी की शायद दरवाज़ा न खुले क्यूंकि वह नाहा रही होगी. चंदा कुछ सेकण्ड्स बैठी हुयी दरवाज़े के तरफ देखती रही फिर उसे ध्यान आया की लिविंग रूम का एक खिड़की खुला हुआ है. वह सोची की वह खिड़की से अंदर देखे अगर अनीता नहाने नहीं गयी होगी किसी कारण से और लिविंग रूम में होगी तो वह दरवाज़ा खोलने बोलेगी.

चंदा यह सोचकर कुर्सी से उठी और खिड़की के पास जाकर अंदर देखि तो हरिया को सोफे पर बैठे देखि. हरिया का कन्धा के ऊपर का हिस्सा दिख रहा था और चंदा देखि की कन्धा तक कोई कपडा नहीं था. वह आराम से बाय हाथ सोफे के हेडरेस्ट पर रखे बैठा हुआ था और अपने गॉड के तरफ देखते हुए मुस्कुरा रहा था और ऐसा लग रहा था जैसे उसे मज़ा आ रहा हो. अगले पल चंदा देखि की वह दये हाथ को अपने मुंह के तरफ लाया और वह गिलास में कुछ पि रहा था. वह पीने के बाद फिर से अपने गॉड के तरफ मुस्कुराते हुए देखा और दया हाथ में गिलास रखे हुए hi उसे दये साइड के सोफे के हेडरेस्ट पर फैलाकर सर को ऊपर छत के तरफ करके आँख बांध कर लिया.

चंदा को यह सब थोड़ा अजीब लग रहा था. वह मैं hi मैं sochi,"Memsaheb कितनी अच्छी है. हरिया काका को भी सोफे पर hi आराम करने के लिए बोली होगी. और तो और मेमसाहेब उनको जूस भी पीने के लिए दी. ऐसे लग रहा है की हरिया काका काम करने नहीं आये हैं बल्कि आराम करने आये हैं. कितना मज़ा से सोफे पर बैठे आराम कर रहे है और जूस का मज़ा ले रहे है. लेकिन वह शर्ट भी निकल कर सोफे पर क्यों बैठे हुए हैं. सफाई करते वक़्त उनके बदन में जो गन्दा लगा होगा वह सोफे पर लग रहा होगा. मेमसाहेब दिल की अच्छी है, बड़े दिल की हैं वह और ग़रीबो की भी इज़्ज़त करती है. मुझे भी सोफे पर hi बैठने बोलती है मगर इसका मतलब यह नहीं की गन्दा बदन लिए सोफे पर बैठकर गन्दा कर दूँ. हरिया काका को यह समझना चाहिए की मेमसाहेब अच्छी है तो इसका मतलब यह नहीं की वह इन सब चीज़ का ध्यान नहीं रखे"

चंदा यह सब सोच hi रही थी की तभी हरिया वापस अपने गॉड के तरफ देखते हुए मुस्कुराने लगा और फिर थोड़ा सामने के तरफ झुक कर अपना दोनों हाथ नीचे सामने के तरफ लेजाकर कुछ करने लगा. चंदा यह देखकर सोचने लगी की हरिया आखिर कर क्या रहा है. वह सोचने लगी की जूस का बोतल कहीं वह अपने थैले में तो नहीं रखने लगा ले जाने के लिए. लेकिन फिर चंदा सोची की हरिया चोरी कभी नहीं कर सकता तो वह मैं hi मैं sochi,"Main भी क्या सोच रही हूँ. काका कभी चोरी नहीं कर सकते हैं. कुछ और hi बात होगी".

चंदा यह सोच hi रही थी की तभी हवा तेज़ हो गया और उसे छींटा पड़ने लगा. वह सोची की दरवाज़ा नॉक करके अंदर चली जाये.

चंदा बेल्ल बजने के लिए गयी वहीँ इलेक्ट्रिसिटी चली गई. बेल्ल नहीं बजने पर चंदा दो बार नॉक करके धड़कते दिल से वहीँ कड़ी रही मगर एक मिनट बाद भी दरवाज़ा नहीं खुला तो वह वापस खिड़की के तरफ गयी तो खिड़की इस बार बांध था. चंदा सोचने लगी की हरिया दरवाज़ा क्यों नहीं खोला और खिड़की क्यों बांध है.
 
अपडेट 90

चंदा के जाने के बाद अनीता गांड मटकती हुयी वापस सोफे के पास गयी तो देखि की हरिया सोफे पर लेता हुआ था, पूरा नंगा. उसका शर्ट तो स्टोर रूम में था और पंत और अंडरवियर जो पहले उसके कदमो में अटका हुआ था वह सोफे के पास पड़ा हुआ था. हरिया उसे निकलकर आराम से पूरा नंगा होकर सोफे पर लेता हुआ था.

अनीता उसे देखि तो हरिया मुस्कुराते हुए bola,"Maaf कीजियेगा मेमसाहेब. हमरा ऐसे लेटने से आपका सोफे गन्दा हो जायेगा, लेकिन बैठते तो ु ससुरी हुंका देख लेती ऐसे बैठे हुए इसलिए हम लेते hi रह गए"

हरिया यह बोलकर उठने लगा तो अनीता सोफे पर उसके कमर के पास बैठती हुयी कामुकता से

उसके होंठों पर अपनी ऊँगली रखती हुयी boli,"Sshhhhh हरिया जी. फिर से आप माफ़ी मांगने लगे? आपको किसी चीज़ के लिए माफ़ी मांगने की ज़रूरत नहीं है. आप मेरा इतना ख्याल रखते हैं हरिया जी. मुझे तो ख़ुशी होती है की आप जैसे मर्द से मेरी मुलाक़ात हुयी यहाँ जो मेरा इतना ख्याल रखते हैं. आजकल के ज़माने में कोई किसी का मदद नहीं करता है और आप वक़्त निकाल कर हमेशा मेरी मदद करते रहते हैं. इतना दिन से मैं स्टोर रूम का सामान हटाने के लिए कोई आदमी खोज रही थी मगर कोई मिल नहीं रहा था और आपको जैसे hi पता चला आप वक़्त निकाल कर मेरी मदद करने आ गए और न hi सिर्फ सामान हटा दिए बल्कि साफ़ भी कर दिए. आपका बदन भी तो अभी गन्दा मेरा स्टोर रूम साफ़ करने से hi हुआ है. अब इतनी म्हणत करने के बाद थोड़ा आराम करना तो बनता hi है आपको."

अनीता फिर मुस्कुराती हुयी प्यार से हरिया को देखती हुयी अपनी उँगलियाँ उसके होंठों से हटाकर उसे बालों में फिरती हुयी boli,"To आपके आराम करने से सोफे थोड़ा गन्दा हो hi जायेगा तो क्या हो गया. सोफे के कवर्स का क्या है वह तो धूल जायेंगे. मुझे तो ख़ुशी है हरिया जी की आप काम करने के बाद यहाँ रूककर आराम कर पा रहे हैं आज. इसी बहाने मुझे भी आपके साथ वक़्त बिताने का मौक़ा मिल रहा है. आपके अलावा इस शहर में मेरा और है hi कौन जिसे मैं अपना कह सकती हूँ. अभी आप हैं तो मुझे भी अच्छा लग रहा है की आप जैसे दबंग और दुमदार मर्द मेरे साथ हैं जो मेरा ख्याल रखते हैं"

हरिया यह सुनकर अनीता की कमर सहलाते हुए bola,"Are मेमसाहेब तो ी तो हमरा फ़राज़ है न. अब साहेब दिन भर काम करते रहते हैं ऐसे में कउनो होना चाहिए न आपका ख्याल रखने के लिए तो हम तो ु hi कर रहा हूँ"

ानिया यह सुनकर हरिया के बाल में उंगलियां फेरती हुयी कामुक अंदाज़ में boli,"To रखिये न मेरा ख्याल हरिया जी. इस तरह से माफ़ी मांग कर मुझे शर्मिंदा मत कीजिये. आप आराम कीजिये और जो भी दिल करे वह बेझिझक कीजिये"

हरिया यह सुनकर अनीता को एक नज़र ऊपर से नीचे देखने लगा तो अनीता भी उसे कामुक नज़र से देखि.

हरिया उसकी कमर पर हाथ रखकर उसे सहलाते हुए bola,"Haan मेमसाहेब " और सर ऊपर करके अनीता की दायी चूंकि ब्लाउज के ऊपर से hi मुंह में लेकर चूसने लगा.

अनीता अगले पल अपनी उंगलियां हरिया के बाल में फिरने लगी.

कुछ सेकण्ड्स बाद हरिया उसकी चूंकि मुंह से निकलकर उसकी कमर सहलाते हुए bola,"Achha हुआ मेमसाहेब आप चंदा को बोल दिए की हम दोनों बीजी रहेंगे और बेवजह का हुंका डिस्टर्ब नहीं करे"

अनीता हरिया का सर पकडे उसके बाल में ऊँगली फेरती हुयी boli,"Haan हरिया जी आप इतना म्हणत करने के बाद आराम कर रहे हैं तो मैं नहीं चाहती की कोई डिस्टर्ब करे"

अनीता यह बोलकर अपनी चूंकि को आगे कर दी तो हरिया उसे मुंह में लेकर फिर से चूसने लगा. अनीता अपनी चूंकि को और आगे करके हरिया के मुंह में और घुसाने लगी और boli,"Aap आराम कीजिये हरिया जी"

हरिया यह महसूस करके अपना मुंह और खोल दिया और उसकी चूंकि को जितना हो सके मुंह में भरकर चूसने लगा. अनीता अपनी दायी हाथ पीछे करके हरिया का लुंड पकड़ ली और उसे हिलने लगी. हरिया के लुंड में थोड़ा तेल लगा हुआ था तो अनीता को उसे हिलने में आसानी हो रही थी.

कुछ सेकण्ड्स बाद हरिया उसकी दायी चूंकि मुंह से निकल कर उसकी आँखों में देखते हुए bola,"Aapka चूंकि चूस कर हमरा थकावट दूर हो जा रहा है मेमसाहेब"

अनीता यह सुनकर बेशर्मी से मुस्कुराती हुयी हरिया के आँखों में देखती हुयी उसके बाल में उंगलियां फेरकर कामुक अंदाज़ में boli,"Offo हरिया जी आपकी बातें"

हरिया यह सुनकर मुस्कुराकर अनीता को देखा तो अनीता उसे प्यार से देखती हुयी कामुक अंदाज़ में boli,"Uhhm हरिया जी अपना पूरा थकावट मिटा लीजिये".

हरिया यह सुनकर अनीता की कंधे पर रखे साड़ी को कंधे से खिसकते हुए उसकी बायीं चूंकि जो साड़ी से आधा ढंकी हुयी थी उससे साड़ी का पर्दा हटा दिया.

अनीता देखि की अब उसकी बायीं चूंकि से साड़ी का पर्दा हट चूका था और अब उसकी दोनों चूँचियाँ ब्लाउज के कप में खुले में पहाड़ के जैसे तानी हुयी थी. ऐसा नहीं था की वह अपनी ब्लाउज कप को साड़ी के परदे में रखती थी. वह साड़ी को ऐसे बांधती थी की उसकी दायी चूंकि का ब्लाउज कप हमेशा खुला hi रहता था और बायीं चूंकि आधा hi साड़ी के परदे में रहता था जिससे मर्द उसकी चूँचियों की उभार और क्लीवेज देखकर उसे गन्दी हवस भरी नज़र से देखते थे और वह इसका बुरा नहीं मानती थी क्यूंकि वह जानती थी की मर्द उसके जैसी खूबसूरत औरत को देखेंगे यह प्रकृति का नियम hi है.

हरिया जब अनीता की बायीं चूंकि से साड़ी हटा कर उसे देखा तो अनीता बेशर्मी से मुस्कुराती हुयी रंडी की तरह अपनी बायीं चूंकि के तरफ उसे आँखों से इशारा की और हरिया भूखा नज़र से उसकी बायीं चूंकि देखकर मुंह में लेकर चूसने लगा तो अनीता मुस्कुरकर अपनी बायीं चूंकि थोड़ा आगे करके उसके मुंह में और ठूसकर boli,"Apna थकावट मिटा लीजिये हरिया जी, अच्छे से मिटा लीजिये"

हरिया यह महसूस करके अपना मुंह जितना हो सके उतना खोलकर उसकी चूंकि को मुंह में भरकर चूसने लगा और अपना बया हाथ उसकी कमर से सड़क कर गांड के तरफ लेजाकर उसे उठाने का कोशिश करने लगा तो अनीता अपनी गांड उठा दी. हरिया उसकी गांड के नीचे बया हाथ लेजाकर दये हाथ से उसकी बायीं चूंकि पकडे अपने करीब खींचने लगा जिससे अनीता हरिया के तरफ थोड़ा झुक गयी और अपनी गांड उठा दी.

गांड उठते hi हरिया उसकी गांड पर एक थप्पड़ जड़ दिया जिससे अनीता की मुंह से "आउच आठ" निकल गयी और हरिया उसकी गांड पकडे हिलने लगा. कुछ सेकण्ड्स बाद वह अनीता की दूसरी गांड पर भी थप्पड़ मारा तो अनीता की मुंह से कामुक अंदाज़ mein,"Siiii उह्ह्ह" निकल गयी और हरिया उसकी वह गांड पकडे भी हिलने लगा. अनीता चुप चाप उसके लुंड को हिलती रही और हरिया उसकी दायी चूंकि मुंह में लिए चुस्त रहा.

कुछ सेकण्ड्स बाद हरिया अनीता की चूंकि मुंह से निकलकर उसे देखा तो अनीता मुस्कुरा दी.

हरिया उसकी चूंकि दये हाथ से और गांड बाये हाथ से दबाते हुए bola,"Memsaheb आप तेल तो हमरा लौड़ा का मालिश करने के लिए लाइ हैं"

अनीता यह सुनकर हरिया को देखकर अपनी सर हिलती हुयी boli,"Haan हरिया जी. आपका हथियार इतना बौखलाया है तो थोड़ा ख्याल रखना पड़ेगा न. नहीं तो आपका हथियार बोलेगा की आपको जूस पीला रही हूँ और इसके लिए कुछ नहीं की"

हरिया यह सुनकर अनीता की चूंकि दबाते हुए bola,"Are सिर्फ जूस hi नहीं आप तो हुंका अपना चूंकि भी पीला रही है"

हरिया यह बोलकर वापस अनीता की बायीं चूंकि मुंह में भरकर चूसने laga,"Uhhhmmm". अनीता उसका बाल सहलाती हुयी मुस्कुराकर कामुक आवाज़ में boli,"Ab आप पीना चाहते हैं तो पिलाना तो पड़ेगा hi न. कितने प्यासे हैं आप यह तो मैं आपके आँखों में देख सकती हूँ. इसलिए तेल भी लेकर आई हूँ ताकि आपके हथियार को भी तो कुछ पीला दू"

हरिया यह सुनकर मुस्कुराया और अनीता को देखा तो वह भी उसे देखकर मुस्कुराती हुयी उसके सर के बाल में उंगलियां फेरी तो हरिया puchha,"Aapko हमरे आँखों में प्यास दिख रहा है मेमसाहेब?"

अनीता यह सुनकर उसके सर के बालों में उंगलियां फेरती हुयी कामुकता से boli,"aur नहीं तो क्या हरिया जी"

हरिया यह सुनकर puchha,"Ka चीज़ के लिए हम प्यासे हैं मेमसाहेब ु भी बोलिये न"

अनीता की दिल यह सुनकर धड़क गई पर पता नहीं उसे हरिया का यूँ सवाल करना एक अलग hi मज़ा दिया और वह जवाब देती हुयी कामुक अंदाज़ से अपनी आँखों से अपनी दोनों चूँचियों के तरफ इशारा करके boli,"Inke लिए"

हरिया यह सुनकर उसकी दोनों चूँचियों को दबाते हुए bola,"To मेमसाहेब ी ब्लाउज का पर्दा हटाइये न, हम आपका नंगा चूंकि मुंह में लेकर चूसना चाहता हूँ"

अनीता यह सुनकर अपनी आँखें बड़ी करके boli,"Offo हरिया जी" की हरिया हसने laga,"Hahaha" तो अनीता भी बेशर्मी से मुस्कुराती हुयी अपनी सर हिलने लगी की तभी हरिया उसकी ब्लाउज का कप ऊपर करने लगा तो अनीता उसे रोकती हुयी बेशर्मी से मुस्कुराती हुयी boli,"Offo हरिया जी अभी नहीं. अभी आपके हथियार को भी तो कुछ पीला दूँ"

फिर वह उसके लुंड के तरफ इशारा करती हुई boli,"Uff कितना बौखलाया हुआ है आपका हथियार"

हरिया यह सुनकर मुस्कुराकर bola,"Kar दीजिये हमार लौड़ा का मालिश मेमसाहेब. हम जानत हूँ की आप हमार लौड़ा का भी सेवा करना चाहते हैं आज"

अनीता यह सुनकर उसका लुंड को हिलती हुयी उसे देखकर boli,"Hariya जी अब आपके हथियार का सेवा नहीं करुँगी तो आप बोलेंगे की मैं आपके हथियार का ख्याल hi नहीं रखती".

फिर वह हरिया के लुंड के तरफ देखकर boli,"Uff हरिया जी इतना बड़ा, मोटा और तगड़ा है आपका हथियार ऊपर से मुझे देखने के बाद से तो पूरा बौखलाया हुआ है. पता नहीं क्या देख लिया मुझमे आपके हथियार ने की इतना बौखला गया".

हरिया यह सुनकर bola,"Are मेमसाहेब आपको देखकर तो ी ससुरा बौखलाता hi है, मगर ससुरा आपकी गांड देखकर तो पूरा hi बेचैन हो जाता है"

हरिया यह बोलकर अनीता की गांड पकड़ कर हिलाते हुए bola,"pagla जाता है आपकी गांड को हिलते हुए देखकर".

अनीता यह सुनकर बेशर्मी से मुस्कुराती हुयी boli,"Hariya जी मैं तो बैठी हुयी हूँ".

हरिया यह सुनकर bola,"Are मेमसाहेब जब आप किचन में अपनी गांड हिलती हुयी जा रही थी तो ससुरा आपकी हिलती हुयी गांड को देखकर बेचैन हो गया".

हरिया यह बोलकर उसकी गांड जो उसके दये हाथ में था उसे पकड़ कर हिलाते हुए bola,"Uff मेमसाहेब का मस्त गांड है आपका, ऊपर से जब आप चलती है तो आये हाय, क्या मस्त हिलती है आपकी गांड. बहनचोद ससुरा ी आपकी गांड देखकर हमार लौड़ा कैसे बौखलायेगा नहीं"

अनीता यह सुनकर बेशर्मी से मुस्कुरा कर हरिया को देखकर कामुक अंदाज़ में boli,"Uhmm हरिया जी. अब चलने पर तो हिलेंगी hi न"

हरिया यह सुनकर मुस्कुराकर bola,"Haan मेमसाहेब चलने पर तो आपकी गांड हिलना hi है, इतना बड़ा गांड जो है आपका".

हरिया यह बोलकर अनीता की गांड पर थप्पड़ मार दिया तो अनीता अपनी आँखें बड़ी करके "आउच" बोली और हरिया को देखि तो हरिया मुस्कुरा दिया.

अनीता बेशर्मी से उसे कामुक अंदाज़ में देखकर puchhi,"Aese हरिया जी आपका हथियार यह देखकर नहीं बौखलाता क्या?", अनीता यह बोलती हुयी बेशर्मी से अपनी चूँचियों के तरफ आँखों से इशारा की.

हरिया फिर उसकी दायी चूंकि दबाते हुए bola,"Are मेमसाहेब आप कइसन बात करात है. आपका ी बड़ा बड़ा चूंकि, आपका दूध का थांन, ीका देखकर भी तो हमरा लौड़ा बौखला जाता है. उफ़ मेमसाहेब का मस्त चूंकि है आपका. मैं करता है खूब चूसे आपका चूंकि और दूध पी ले हम"

हरिया यह बोलकर फिर से अनीता की बायीं चूंकि मुंह में भरकर चूसने लगता है तो अनीता हरिया को देखती हुयी मुस्कुराकर प्यार से उसके सर के बाल में ऊँगली फेरती हुयी उसका लुंड हिलती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Pi लीजिये हरिया जी. जितना दिल करे उतना पि लीजिये. जूस भी अभी बहोत बाकी है"

हरिया यह सुनकर अनीता की बायीं चूंकि मुंह से निकल कर उसे देखकर मुस्कुराया तो अनीता भी उसे देखकर मुस्कुराई. हरिया उससे bola,"memsaheb आप खुद से अपना दूध हुंका पिलाइये न"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Offo हरिया जी आप पी तो रहे हैं खुद से. पि लीजिये मैं रोक थोड़े रही हूँ" और यह बोलकर अनीता उसे आँखों से अपने चूंकि के तरफ इशारा की तो हरिया bola,"Haan मेमसाहेब लेकिन आप खुद से भी पिलाइये न हुंका आपका दूध"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी अपनी सर हिलाई और अपनी बायीं चूंकि आगे हरिया के मुंह के सामने करके उसे अपने चूंकि के तरफ आँखों से इशारा की तो हरिया अपना मुंह खोल दिया. अनीता थोड़ी और झुककर अपनी बायीं चूंकि हरिया के मुंह के सामने करके उसके सर का बाल सहलाती हुयी पीछे से उसका सर पकडे उसका मुंह को अपने चूंकि के तरफ करके उसमे चूंकि घुसा दी और उसे देखती हुयी boli,"Pi लीजिये हरिया जी" और अपनी चूंकि को उसके मुंह में और थुश दी.

हरिया उसकी दायी चूंकि मसलते हुए उसकी बायीं चूंकि चूसते रहा. कुछ सेकण्ड्स बाद हरिया उसकी बायीं चूंकि मुंह से निकलकर दायी चूंकि देखा तो अनीता अपनी दायी चूंकि उसके मुंह के सामने कर दी. हरिया यह देखकर अनीता के तरफ देखा तो वह आँखों से अपनी दायी चूंकि के तरफ इशारा की. हरिया यह देखकर अपना मुंह खोल दिया तो अनीता अपनी दायी चूंकि को उसके मुंह में थुश दी.

कुछ सेकण्ड्स बाद हरिया उसकी दायी चूंकि मुंह से निकलकर bola,"Dekhiye मेमसाहेब कितना बौखला गवा है हमार लौड़ा आपका चूंकि चूसने से"

अनीता यह सुनकर उसके लुंड के तरफ देखकर उसे हिलती हुयी boli,"Baukhlayega hi हरिया जी. यह आपको जूस और दूध पीते हुए देख रहा है तो इसे भी तो प्यास लग रही होगी न"

हरिया यह सुनकर उसकी चूंकि और गांड दबाते हुए bola,"Haan मेमसाहेब. अब थोड़ा हमार लौड़ा का भी सेवा कर दीजिये. ीका प्यास बुझा दीजिये"

अनीता यह सुनकर उसके लुंड को देखकर boli,"Haan हरिया जी. आपका हथियार का तेल से अच्छे से मालिश कर देती हूँ"

हरिया यह सुनकर उठने लगा तो अनीता boli,"Aap आराम कीजिये न हरिया जी. मैं मालिश कर देती हूँ"

हरिया उठते हुए bola,"Are नहीं मेमसाहेब बहोत सो लिए हम. अब थोड़ा बैठ जाट है"

हरिया उठते वक़्त एक बार और अनीता की चूंकि मुंह में भर कर चूसने लगा. अनीता जैसे hi हरिया के मुंह में अपनी चूंकि महसूस की उसकी चेहरे पर मुस्कराहट आ गयी और वह उसके बालों में ऊँगली फेरती रही.

कुछ सेकण्ड्स बाद हरिया उसकी चूंकि मुंह से निकल कर अनीता को देखा तो वह रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Aap आराम से बैठिये हरिया जी मैं मालिश कर देती हूँ"

हरिया यह सुनकर सीधा सोफे पर टांग फैला कर बैठ गया. ऐसा करने से उसका लुंड आधा कड़क हुआ hi उसके पेट के तरफ लेट गया. अनीता हरिया के लुंड को देखि और फिर कुछ सोच कर puchhi,"Hariya जी मैं कैसे मालिश करूँ? मतलब एहि आपके पास बैठकर या आपके सामने यहाँ नीचे बैठकर?"

हरिया यह सुनकर अनीता को देखकर bola,"Aese मेमसाहेब मज़ा तो हुंका ज़्यादा तब आएगा जब आप इहाँ सामने बैठकर अच्छे से हमार लौड़ा का मालिश करेंगी मगर हम आपको नीचे बैठने के लिए कहे यह अच्छा नहीं लगेगा न. आप सोचेंगी की हम ससुरा आपके घर में आपको hi नीचे बैठने के लिए बोलत हूँ. आप हमरी मेमसाहेब हैं और हम....."

अनीता यह सुनकर हरिया के होंठों पर ऊँगली रखकर नाराज़गी दिखाकर boli,"Offo हरिया जी आप भी क्या क्या सोचते रहते हैं. अगर आपको मालिश में ज़्यादा मज़ा मेरे नीचे बैठकर मालिश करने से आएगा तो बोलिये न. आप मेरे लिए इतना कुछ करते हैं तो क्या मैं नीचे बैठकर आपके हथियार का मालिश नहीं कर सकती? और नीचे साफ़ सुथरा hi है न, कौन सा आप मुझे गन्दा जगह में बैठने के लिए बोल रहे हैं. मैं जान hi रही थी की आपको ज़्यादा मज़ा तब आएगा जब मैं यहाँ आपके दोनों पैरों के बीच बैठकर आपके हथियार का मालिश करुँगी इसलिए मैं पूछ ली"

हरिया यह सुनकर मुस्कुराकर अपना टांग खोलते हुए bola,"Aaiye मेमसाहेब तो कर दीजिये हमार लौड़ा का मालिश"

अनीता यह सुनकर उठी और उसके दोनों पैरों के बीच कड़ी हो गयी. उसकी साड़ी का ऊपरी भाग नीचे फर्श पर था और उसकी ऊपरी बदन पर सिर्फ छोटा सा ब्लाउज hi था जिसे हरिया हवस भरे नज़र से देखा तो उसका लुंड अकड़ने लगा. दो बड़ी बड़ी चूँचियाँ जो छोटे से ब्लाउज कप में तन्न कर कड़ी थी और उसके नीचे दूध जैसी गोरी चिकनी और सपाट पेट जिसके बीच में गहरी नाभि और उस नाभि में चमकती हुयी बेल्ली बटन रिंग किसी भी मर्द का लौड़ा खड़ा कर सकता था और उसमे हवस भर सकता था. अनीता यह जानती थी इसलिए हरिया को अपनी जिस्म को हवस भरे नज़र से देखते हुए देखि तो उसे शर्म आने के बजाये अपनी जवानी, अपनी ख़ूबसूरती पर गर्व हो रहा था. उसे यह प्रकृति का नियम का पालन लग रहा था और उसे बुरा तब लगता जब हरिया उसे हवस भरे नज़र से नहीं देखता. उसे यह प्रकृति के नियम का उलंघन लगता.

अनीता अगले पल एक सोफे का कुशिओं लेकर वहां रखकर घुटने के बल नीचे बैठ गयी. उसके आँखों के सामने हरिया का लुंड था. हरिया अगले पल अपना दोनों पेअर उठाया और अनीता की दोनों कन्धों के बगल से लेजाकर टेबल पर रख दिया. अब अनीता उसके दोनों पैरों और टेबल के बीच बैठी थी और हरिया का पेअर उठाये बिन कहीं जा नहीं सकती थी.

हरिया अगले पल अपना दोनों हाथ सोफे के हेडरेस्ट पर फैलाकर मालिक जैसा बैठ गया और अपने लुंड के तरफ आँखों से इशारा करते हुए bola,"Kariye मेमसाहेब हमार लौड़ा का मालिश". अनीता को न जाने क्यों हरिया को ऐसे मालिक जैसा बैठ उसे अपने लुंड का मालिश करने के लिए कहना अच्छा लगा. उसे उसमे हरिया का मर्दानगी झलक रहा था.

अनीता मुस्कुराकर हरिया को देखि और फिर बेशर्मी से अपनी चूँचियों के तरफ आँखों से इशारा करती हुयी boli,"Hariya जी अभी आप यह पी नहीं सकते तो आप जूस पी लीजियेगा"

हरिया यह सुनकर मुस्कुराकर bola,"Hum पी लूंगा मेमसाहेब. तब तक आप हमार लौड़ा को उसका जूस पिलाइये"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराई और तेल का कटोरी लेकर उसके लुंड पर गिराकर कटोरी रखने के बाद उसके लुंड का मालिश करने लगी. हरिया आराम से सोफे पर टांग फैलाये अपने दोनों पैरों को टेबल पर रखकर मालिश करवाने लगा.

कुछ सेकण्ड्स बाद हरिया हाथ आगे करके जूस को गिलास में डालकर पि लिया और फिर गिलास रखने के बाद अनीता की चूंकि को पकड़ कर दबाते हुए bola,"sasura जो मज़ा आपकी चूंकि, आपकी दूध का थांन पीने में हैं ु जूस में नहीं"

अनीता यह महसूस करके और उसका बात सुनकर हरिया को देखकर मुस्कुराई और उसके लुंड और अंडे को अच्छे से मालिश करने लगी.

हरिया यह देखकर मुस्कुराने लगा तो अनीता भी उसे देखकर मुस्कुराती हुयी कामुक ऐडा से देखती हुयी उसके लुंड को मालिश करती रही.

हरिया यह देखकर मुस्कुराते हुए bola,"Memsaheb चूसने का मैं करेगा तो चूस लीजियेगा, हमार लौड़ा तो आपके hi लिए है"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Offo हरिया जी बस कीजिये. आप जूस पीजिये और मुझे आराम से मालिश करने दीजिये आपके हथियार का. उफ़ इतना मोटा और बड़ा है हरिया जी आपका हथियार"

और अनीता यह बोलकर उसके लुंड को देखकर अपनी होंठों पर ज़बान फिरकर निचली होंठ को दांत के बीच दबाकर कामुक अंदाज़ में boli,"Uhhmm"

हरिया यह देखकर bola,"Memsaheb थोड़ा और पास आ जाइये न"

अनीता यह सुनकर हरिया को देखकर मुस्कुराई और थोड़ा आगे खिसक गयी. इतना आगे की हरिया का अंडा उसकी होंठों से बस 3-4 इनचेस hi दूर थे और हरिया अनीता की साँसों को अपने अण्डों पर महसूस कर सकता था.

अनीता उसे देखकर उसके लुंड को पकड़ कर मालिश करती हुयी puchhi,"Ab ठीक है तो हरिया जी?"

हरिया मुस्कुराते हुए bola,"Haan मेमसाहेब. आपको भी आराम होगा ऐसे हमार लौड़ा का मालिश करने में. ु दूर से आपको तकलीफ हो रही थी. आप अपना हाथ हमरा मज़बूत जांघ पर रखकर आराम से हमार लौड़ा का मालिश करिये"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी अपनी दोनों बाँहें उठाकर हरिया के दोनों जांघ पर रख दी. अनीता को वाक़ई अपनी बाहें हरिया के जांघ पर रखने से सपोर्ट और आराम मिल रहा था. वह उसके लुंड को दोनों हाथ से पकडे ऊपर नीचे करती हुयी मालिश करने लगी और boli,"Hariya जी हमेशा मेरे आराम का hi ख्याल रखते हैं आप. सच में हरिया जी आप असली मर्द हैं. एक औरत का ख्याल कैसे रखना चाहिए आप जानते हैं"

हरिया यह सुनकर अनीता की चूंकि दबाते हुए bola,"Are मेमसाहेब ु तो जानत hi है हम. तभी तो आपका हम अच्छे से ख्याल रखते हैं. हम जानत है की साहेब काम में बीजी रहते हैं और ऐसे में आपको हमरे जइसन असली मरद का ज़रूरत होगा आपका ख्याल रखने के लिए"

अनीता यह सुनकर कटोरी उठाकर हरिया के लुंड पर थोड़ा तेल गिराकर उसे मालिश करती हुयी boli,"Haan हरिया जी. आपके होने से मुझे बहोत मदद मिलता है"

फिर वह हरिया का लुंड देखके boli,"Hariya जी कितना मोटा और बड़ा हथियार है आपका. मेरी दोनों हाथों में भी पूरा नहीं आ पा रहा है. मैं दोनों हाथों से ना hi आपके पूरा हथियार को नीचे से ऊपर तक पकड़ प् रही हूँ न hi उसकी मोटाई को अपने हाथों में ले पा रही हूँ"

हरिया यह सुनकर गर्व से अपने लुंड को देखकर अनीता को वापस देखकर उसकी चूंकि दबाते हुए bola,"Are मेमसाहेब तो असली लौड़ा तो इहे हुआ न"

अनीता यह सुनकर कामुक अंदाज़ में boli,"Uhhmmm उफ़. मेरी तारीफ करते हैं और खुद काम नहीं है आप. इतना दुमदार हथियार है आपके पास"

हरिया यह सुनकर मुस्कुराया तो अनीता फिर से कटोरी के तरफ हाथ बधाई तो यह मौक़ा देखकर हरिया अपना लुंड को झटका दिया तो उसका लुंड अनीता की गाल पर हल्का सा सत् गया. अनीता यह महसूस करके उसके लुंड के तरफ देखकर बेशर्मी से मुस्कुरा दी की तभी उसका लुंड फिर से झटका मार कर उसकी होंठों ऐ सत् गया.

अनीता यह देखकर वैसे hi हरिया को देखकर boli,"Offo हरिया जी सम्भालिये अपने हथियार को. इतना बड़ा और मोटा है. कैसे मुझे मार रहा है जैसे मैं कोई ग़लती कर दी हूँ"

हरिया यह सुनकर मुस्कुराते हुए bola,"Are मेमसाहेब ससुरा गुस्सा है की आप ीका इतना देर से ख्याल नहीं रखे"

अनीता यह सुनकर बोलने के लिए मुंह खोली की तभी हरिया अपने लुंड को झटका मार कर अनीता की खुली होंठ पर लुंड से मारा. अनीता यह देखकर बेशर्मी से मुस्कुराती हुयी boli,"Offo हरिया जी. इतनी देर से आपका ख्याल रख रही थी. इतना प्यासे थे आप तो आपको जूस पीला रही थी. अब आपके हथियार को भी तो उसका जूस पीला रही हूँ"

अनीता यह बोलकर उसके लुंड को पकड़ कर तेल को उसके लुंड के ऊपर गिराकर अपनी दोनों हाथों से ऊपर नीचे करके उसपर तेल मलने लगी. अनीता ऐसा जब कर रही थी तो उसकी चेहरा उसके लुंड के करीब hi था. बस एक इंच का फैसला था.

अनीता प्यार से उसके लुंड को देखकर मुस्कुरा रही थी. हरिया यह देखकर bola,"Are मेमसाहेब आप तो जूस के अलावा भी हुंका कुछो पिलाई हैं"

अनीता यह सुनकर हरिया को देखकर रणदीपाने वाली आवाज़ में puchhi,"Aur क्या पिलाई हरिया जी?"

हरिया यह सुनकर अपना दोनों हाथ नीचे लेजाकर अनीता की चूँचियों को ब्लाउज के ऊपर से hi पकड़ कर हिलाते हुए bola,"Apna ी चूंकि, अपना दूध"

अनीता यह सुनकर कामुक अंदाज़ में हरिया को देखती हुयी boli,"Uhhm हरिया जी" तो हरिया उसकी चूंकि पकड़ कर हिलाते हुए हसने laga,"Hahaha" तो अनीता मुस्कुराती हुयी अपनी सर हिलाकर उसके लुंड को प्यार से देखकर मालिश करती हुयी boli,"To आपका हथियार भी वही चाहता है क्या?"

हरिया यह सुनकर मुस्कुराते हुए bola,"Haan मेमसाहेब"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Hariya जी वह कैसे होगा?"

अनीता यह बोलकर हरिया को देखती हुयी रणदीपाने से boli,"Agar आपको और पीना है तो पि लीजिये लेकिन आपके हथियार को कैसे पिलाऊंगी?"

हरिया यह सुनकर अनीता को देखा तो अनीता अपनी चूँचियों के तरफ आँखों से इशारा करती हुयी boli,"Hariya जी आपको पीना है तो पि लीजिये न"

हरिया यह सुनकर bola,"Haan मेमसाहेब पिएंगे मगर अभी आप हमरे लौड़ा का अच्छे से सेवा कीजिये. इसको भी अपना दूध का मज़ा दीजिये"

अनीता यह सुनकर सवालिया नज़र से हरिया को देखकर puchhi,"Hariya जी वह कैसे होगा?"

हरिया यह सुनकर bola,"Ee आपके दोनों चूंकि के बीच जो जगह है हमरा लौड़ा यहां घुसना चाहता है"

अनीता समझ गयी की हरिया उसकी क्लीवेज में लुंड रगड़ना चाहता है. यह सुनकर उसकी दिल की धड़कन तेज़ हो गयी. मगर वह कुछ बोलती इससे पहले हरिया bola,"Hum आपके ब्लाउज के नीचे से आपका चूंकि के घाटी में अपना लौड़ा घुसा देते हैं और आप अपना दोनों चूंकि से प्यार से हमरा लौड़ा का मालिश कर दीजियेगा. हमरा लौड़ा को भी लगेगा की आपकी चूंकि ऊके लिए भी है"

अनीता को दिल धड़क रही थी. अगले पल हरिया bola,"thoda ऊपर हो जाइये मेमसाहेब हम नीचे से आपके ब्लाउज में अपना लौड़ा घुसते हैं"

अनीता का दिल यह सुनकर धड़क रही थी मगर वह बिना कुछ बोले घुटने के बल बैठी hi अपनी चूँचियों को थोड़ा ऊपर कर दी. हरिया अपना कमर थोड़ा नीचे खिसका कर लुंड को नीचे किया और अनीता की ब्लाउज का नीचे का हिस्सा पकड़ का ऊपर के तरफ करते हुए नीचे से लुंड का टोपा घुसकर ब्लाउज छोर दिया. फिर वह अनीता की दोनों चूंकि को पकडे नीचे से कमर ऊपर के तरफ किया तो उसका लुंड फिसलते हुए नीचे से अनीता की दोनों चूँचियों के बीच के घाटी का सैर करते हुए ऊपर क्लीवेज से बाहर निकल गया. उसका लुंड इतना बड़ा था की ऊपर के तरफ बाहर आ गया.

वह सोफे को पकड़ कर अपना कमर ऊपर नीचे करके अनीता की क्लीवेज में लुंड ऊपर नीचे करने लगा तो अनीता भी बेशर्मी से हरिया को देखक्ति हुयी उसके कमर पकड़ कर उसे बैलेंस बनाने में मदद कर रही थी.

हरिया दो तीन बार ऐसे करने के बाद सोफे पर बैठकर bola,"Humre लौड़ा को अपनी चूंकि से मालिश कीजिये मेमसाहेब"

अनीता यह सुनकर अपनी दोनों चूँचियों को साइड से पकड़ कर हरिया के लुंड पर दबाओ बनायीं और अपनी सीने को ऊपर नीचे करके हरिया के लुंड को चूँचियों के घाटी का मज़ा देने लगी.

हरिया जूस क्क एक गिलास लिया और आराम से बाय हाथ सोफे के हेडरेस्ट पर रखे बैठा हुआ अनीता को देखकर मुस्कुरा रहा था की तभी चंदा वहां पहुंची और उसे खिड़की से देखि. अगले पल हरिया दया हाथ को अपने मुंह के तरफ लाया और वह गिलास से जूस पि रहा था. वह पीने के बाद फिर से अपने गॉड के तरफ मुस्कुराते हुए देखा तो अनीता कामुक नज़र से उसे देखती हुयी अपनी दोनों चूँचियों को पकड़ कर उसके बीच हरिया के लुंड को और दबाकर मालिश करने लगी.

हरिया यह देखकर दया हाथ में गिलास रखे हुए hi उसे दये साइड के सोफे के हेडरेस्ट पर फैलाकर सर को ऊपर छत के तरफ करके आँख बांध कर लिया और कमर उठाकर अनीता की चूंकि में लुंड घिसने लगा.

हरिया फिर सामने झुककर जूस का गिलास टेबल पर रखा और तेल का कटोरी उठाकर अनीता की क्लीवेज में थोड़ा गिराकर वापस उसे टेबल पर रखा और फिर झुके हुए hi अनीता की पीठ से बाल हटाकर उसकी ब्लाउज की डोरियन खोलने लगा.

अनीता चुप चाप अपनी चूँचियाँ पकड़ी हुयी हरिया के लुंड को अपनी क्लीवेज में घिसती हुयी उसका मालिश कर रही थी जो हरिया के तेल गिराने से और अचे से घिस रही थी.

हरिया जैसे hi अनीता की ब्लाउज की आखरी डोरी खोलने वाला होता है की तभी इलेक्ट्रिसिटी चली गयी तो हरिया उसकी ब्लाउज का डोरी पकडे आस पास देखा.

अनीता भी देखकर boli,"Ab तो पावर कट भी हो गया हरिया जी"

लिविंग रूम में अब रौशनी काम थी जो की खिड़की से आ रही थी.

हरिया जवाब में bola,"Are मेमसाहेब चुदाई तो अँधेरे में hi होता है. ऊपर वाला छह रहा है की हम आज आपको चोदे"

अनीता की दिल यह सुनकर धड़क गयी की तभी दरवाज़ा नॉक होने का आवाज़ आया.
 
अपडेट 91

दरवाज़ा नॉक होने का आवाज़ सुनकर हरिया अनीता की ब्लाउज की आखरी डोरी छोड़कर सोफे पर सीधा बैठकर पीछे दरवाज़े के तरफ देखा. अनीता भी अपनी चूंकि छोड़कर एक नज़र हरिया के तरफ देखि जो bola,"Ee ससुरा अब कौन आ गवा?".

अनीता यह सुनकर हरिया का लुंड अपनी ब्लाउज से निकलकर कड़ी होकर दरवाज़े के तरफ देखि फिर एक नज़र खिड़की के तरफ पड़ी तो वह boli,"Hariya जी बारिश हो रहा है. लगता है बारिश के वजह से चंदा वापस आ गयी"

हरिया यह सुनकर अनीता को देखा और फिर bola,"Ohh तब तो ु बाहर बैठ सकती है. बारिश से बचने का जगह तो है hi. उसको जब आप बोल दी की हम दोनों बीजी रहेंगे तो दरवाज़ा खटखटाने दीजिये. ुका लगेगा की हम दोनों काम में बीजी है"

अनीता जवाब में boli,"Hariya जी कोई और भी हो सकता है. मैं बस पीफोले से देखती हूँ"

अनीता यह बोलकर जाने वाली होती है की हरिया bola,"Aap रुकिए मेमसाहेब हम देखता हूँ"

अनीता कुछ बोलती उससे पहले hi हरिया नंगा hi सोफे से उठा. क्यूंकि अनीता ठीक उसके सामने उसके पैरों के बीच बैठी थी, हरिया के खड़ा होते hi उसका लम्बा और मोटा लुंड अनीता की चेहरे पर टिक गया. अनीता यह महसूस करके ऊपर चेहरा करके हरिया को देखि. अब ऐसा लग रहा था हरिया कोई मालिक हो जो अपनी रंडी, अपनी रखैल के सामने खड़ा होकर अपना लुंड उसकी चेहरे पर रखकर उसे अपना मालिक होने और उस औरत को उसकी रंडी, उसकी रखैल होने का एहसास दिला रहा हो.

अपनी चेहरे पर हरिया का लम्बा, चौड़ा और तगड़ा लुंड महसूस करके अनीता की दिल धड़क रही थी मगर वह पूरी बेशर्मी से वैसे hi ऊपर हरिया के तरफ देख रही थी.

हरिया को भी जब एहसास हुआ की वह किस पोजीशन में है, कैसे उसका लुंड अनीता की चेहरे पर है और वह कुछ ऐतराज़ किये बिना ऊपर सर करके उसे देख रही है तो उसे भी अपने मर्दानगी पर गर्व होने लगा और वह प्यार से अनीता की चीन पकडे उसे थोड़ा ऊपर करके उसकी होंठों को अपने लुंड से सत्ता कर उसकी गाल को हाथों से सहलाकर bola,"Aap ऐसे कितना अच्छा लग रही हैं मेमसाहेब. आप इहाँ hi रुकिए हम आता हूँ देखकर"

अनीता यह सुनकर एक पल के लिए अपनी आँखों को नीचे करके एक नज़र उसके लुंड को देखि और फिर अपनी नाज़ुक दोनों हाथों से हरिया का जांघ पकड़ कर उसपर फिरती हुयी कामुक अंदाज़ में boli,"Theek है हरिया जी".

हरिया फिर वहां से जाने लगा तो अनीता देखि की उसका लुंड कैसे हवा में लहरा रहा था. अनीता की दिल धड़क रही थी हरिया को ऐसे उसके लिविंग रूम में नंगे चलते हुए देखकर खासकर जब बाहर दरवाज़े पर कोई था या थी. इसके बावजूद अनीता हरिया के लुंड को हवा में लहराते देख अपनी ज़बान को होंठों पर हल्का फिरकर निचली होंठ को दांतों के बीच दबा ली.

हरिया दरवाज़े के तरफ जाकर पीफोले से देखकर सोफे के तरफ आने लगा तो अनीता उसके मोठे लम्बे लुंड को हिलते हुए देखि तो हरिया मुस्कुराकर अपने लुंड में तनाव लाकर झटका दिया तो चलते हुए hi उसका लुंड झटका मारने लगा. हरिया ऐसा करके मुस्कुराया तो अनीता भी उसके लुंड को देखकर बेशर्मी से मुस्कुरा दी.

अनीता फिर उसे आँखों से खिड़की के तरफ इशारा की. हरिया अगले पल खिड़की के तरफ देखा तो खुला था. वह उधर जाकर खिड़की बांध कर दिया और खिड़की बांध करके जैसे hi वह दो कदम वापस सोफे के तरफ बढ़ा तो चंदा खिड़की के पास पहुंची और खिड़की बांध पायी.

हरिया नंगा hi वापस सोफे के तरफ जाने लगा और अपना लुंड झटका देते हुए हिलने लगा तो अनीता उसके लुंड को देखने लगी. लिविंग रूम में अब रौशनी काम थी क्यूंकि खिड़की भी बांध हो गया था मगर किचन की खिड़की खुली होने से थोड़ी रौशनी थी और उस हलके रौशनी में तेल से सना हुआ हरिया का लुंड चमक रहा था. अनीता की दिल हरिया के बड़े और मोठे लुंड को तेल में सना चमकते हुए और झटके से हिलते हुए देखकर धड़क रही थी मगर वह बेशर्मी से अपनी होंठों पर फिर से जल्दी से हल्का ज़बान फेरकर निचली होंठ को दांतों में दबाकर मुस्कुरा दी.

हरिया जब वापस सोफे के पास आया और bola,"Chanda hi है" तो अनीता boli,"Baarish के वजह से वापस आ गयी होगी. खैर बाहर कुर्सी है उस पर वह बैठ सकती है" और खुद hi घुटने के बल वापस सोफे के सामने कुशिओं पर बैठ कर ऊपर सर करके हरिया से boli,"Aap आइये सोफे पर बैठकर आराम कीजिये हरिया जी", मगर हरिया सोफे पर बैठने के बजाये अनीता के सामने खड़ा होकर अपना लुंड उसकी चेहरे से सत्ता दिया और bola,"aur हमार लौड़ा ऐसे आपके खबसूरत चेहरा पर बैठ सकता है"

अनीता यह सुनकर आँखों को नीचे करके हरिया के लुंड को अपनी चेहरे पर देखि और फिर बेशर्मी से मुस्कुराती हुयी हरिया को देखकर कामुक अंदाज़ में boli,"uhhhmmm हरिया जी आपकी बातें भी न"

अनीता यह बोलकर तेज़ सांस लेती हुयी उसके लुंड को देखने लगी तो हरिया मुस्कुराकर bola,"Kitni अच्छी लग रही हैं ऐसे आप मेमसाहेब"

अनीता की दिल धड़क गयी यह सुनकर. हरिया अपना लम्बा और मोटा लुंड उसकी चेहरे पर रखकर बोल रहा था की वह ऐसे अच्छी लग रही है. उसे भी न जाने क्यों हरिया का लुंड ऐसे उसकी चेहरे पर रखना अच्छा लग रहा था और हरिया के हिम्मत और मर्दानगी से भी इम्प्रेस्सेड थी की कैसे बेझिजक वह उसकी चेहरे पर लुंड रख दिया. वह उसके लुंड का वजन अपनी चेहरे पर महसूस करके उसके ताक़त का एहसास कर रही थी. वाक़ई हरिया का लुंड बहोत hi तगड़ा था. उसका लुंड उसकी पुरे चेहरे की लम्बाई से भी थोड़ा लम्बा था.

अनीता को यह पोजीशन अच्छा लग रहा था की वह हरिया के सामने उसके पैरों के पास बैठी थी और हरिया उसके सामने खड़ा अपना मोटा, लम्बा और तगड़ा लुंड उसकी चेहरे पर रखे उसे देख रहा था और वह ऊपर उसे देख रही थी. ज़िन्दगी में ऐसा पोजीशन में वह पहली बार थी और उसे अच्छा लग रहा था, उसे महसूस हो रहा था की वह नाज़ुक सी औरत है और हरिया एक तगड़ा दुमदार मर्द जो उसे अपना मर्दानगी दिखा रहा था, अपने लुंड का ताक़त दिखा रहा था.

अनीता हरिया का बात सुनकर उसके लुंड को देखती हुयी उसके जांघ को पकड़ कर उसपर हाथ फेरती हुयी बेशर्मी से मुस्कुराकर रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Uhhm हरिया जी कितना लम्बा और मोटा है आपका हथियार, मेरी चेहरे से भी लम्बा है. ऐसे लग रहा है जैसे कोई काला नाग है"

हरिया यह सुनकर प्यार से अनीता की गाल पर सहलाते हुए bola,"Are मेमसाहेब काला नाग hi तो है हमार लौड़ा जो आपके बिल में घुसना चाहता है"

हरिया यह बोलकर अपना लुंड को झटका देकर अनीता की चेहरे पर मारा तो अनीता बेशर्मी से मुस्कुराकर उसके जांघ को सहलाती हुयी boli,"Uhhm हरिया जी सम्भालिये अपने काले नाग जैसे हथियार को. ऐसा लग रहा है मुझ पर हुम्ला करना चाहता है"

हरिया मुस्कुराते हुए bola,"Haan मेमसाहेब उहे तो बोल रहे हैं की आपके बिल में घुसना चाहता है हमार काले नाग जैसा लौड़ा"

हरिया यह बोलकर फिर से लुंड को झटका देकर अनीता की चेहरे पर मारा तो अनीता बेशर्मी से मुस्कुराकर कामुक अंदाज़ में हरिया से puchhi,"Meri बिल में क्या मतलब हरिया जी. मेरे पास कौन सा बिल है जहाँ आपका यह इतना मोटा और लम्बा नाग जैसा हथियार घुसना चाहता है"

हरिया यह सुनकर मुस्कुराया तो अनीता कामुक अंदाज़ से उसके लुंड को देखि तो हरिया का लुंड झटका से उसकी चेहरे पर मारा तो अनीता मुस्कुराती हुयी वापस ऊपर हरिया के चेहरे पर देखि तो हरिया मुस्कुराते हुए फिर से लुंड को झटका देकर अनीता की चेहरे पर मारा तो अनीता मुस्कुराती हुयी हरिया के जांघ पर हाथ फेरती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में puchhi,"Uhhm कितना बौखला गया है आपका हथियार हरिया जी. कैसे मुझे मार रहा है जैसे मैं कोई ग़लती कर दी हेहेहे"

अनीता को ऐसे बेशर्मी से खिलखिलाता देख हरिया का खून खौल रहा था जिससे उसका लुंड फिर से झटका मारा तो अनीता फिर खिलखिलाने lagi,"Hehehe सम्भालिये अपने हथियार को हरिया जी"

हरिया यह सुनकर अनीता की गाल पर हाथ फेरते हुए bola,"Are मेमसाहेब ी ससुरा लौड़ा जब बौखलाता है तो ीका शांत हम नहीं, आपके जइसन खबसूरत, जवान और गरम औरत hi कर सकत है"

अनीता यह सुनकर हरिया को देखती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में puchhi,"Woh कैसे हरिया जी?"

हरिया यह सुनकर मुस्कुराकर bola,"U ऐसे की ी हमार नाग जैसा लौड़ा जब आपके बिल में घुसकर तहलका मचाएगा, जब आपके बिल का धज्जियां उड़ाएगा तब ी शांत होगा"

अनीता की दिल यह सुनकर धड़क गयी और छूट में बेचैनी होने लगी. वह अपनी हाथ टेबल पर रखे तेल का कटोरी में लेजाकर तेल स्कूप करके दोनों हाथों में मलकर हरिया के जांघ का मालिश करती हुयी कामुक अंदाज़ से हरिया के लुंड को देखकर वापस उसे देखती हुयी रणदीपाने से boli,"To बताइये न हरिया जी की मेरे पास कौन से बिल है जहाँ आपका यह इतना मोटा और बड़ा हथियार घुसना चाहता है?"

हरिया यह सुनकर मुस्कुराते हुए अपना हाथ उसकी गाल पर रखे हुए सहलाते हुए अंगूठा उसकी होंठ के तरफ करके bola,"Are मेमसाहेब एक तो ी आपका मुंह है"

अनीता धड़कते दिल से हरिया के पैरों के बीच घुटने के बल बैठी हुयी उसकी रंडी, उसकी रखैल की तरह उसका लुंड अपनी चेहरे पर होते हुए उसको देखती हुयी उसका जांघ मालिश कर रही थी वहीँ हरिया उसके मालिक के तरह खड़ा उसे बता रहा था की उसके कितने छेड़ है, कितने बिल है जहाँ उसका लौड़ा घुसकर तहलका मचाना चाहता हैं, उसकी छेड़ो की धज्जियां उड़ाना चाहता है.

हरिया अनीता को देखते हुए bola,"Dusra आपकी छूट"

अनीता की दिल बहोत ज़ोर से धड़की यह सुनकर. पहली बार हरिया साफ़ साफ़ "छूट" बोलै था जिसे सुनकर अनीता की छूट फड़कने लगी और बेचैन होने लगी.

अनीता यह सुनकर कामुक अंदाज़ में boli,"Uhhhm हरिया जी कैसी बात कर रहे हैं आप"

हरिया यह सुनकर bola,"Are मेमसाहेब आपकी छूट भी तो बिल के जैसी है, ु भी तो आपका एक छेड़ है जहाँ हमार लौड़ा घुस सकता है. हम ी में का ग़लत बोले मेमसाहेब"

अनीता यह सुनकर बेशर्मी से हरिया को देखती रही और उसका बात सुनकर रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Uhhmm हरिया जी अब मैं क्या बोलूं?"

हरिया यह सुनकर मुस्कुराने लगा तो अनीता कामुक अंदाज़ से उसके लुंड को देखि और बेशर्मी से रणदीपाने वाली आवाज़ में puchhi,"Aur तीसरी".

हरिया अगले पल bola,"Aur तीसरा बिल, तीसरा छेड़ आपकी गांड की छेड़ है मेमसाहेब".

अनीता यह सुनकर अपनी आँखें बड़ी करके हरिया को देखती हुयी boli,"Hariya जी ओफ्फो?"

हरिया यह सुनकर हसने laga,"Hahaha" तो अनीता बेशर्मी से मुस्कुराती हुयी उसे देखती हुयी उसके जांघों को मालिश करती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Hariya जी सच में आप भी क्या क्या बोलते रहते हैं"

हरिया हस्ते हुए bola,"Hahaha अरे मेमसाहेब आपकी गांड की छेड़ में भी तो हमार लौड़ा घुस सकता है"

अनीता यह सुनकर अपनी सर हिलती हुयी उसके लुंड को दये हाथ से पकड़ कर ऊपर से नीचे तक सहलाती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Bas हो गया हरिया जी. आप और आपकी बातें. इतना लम्बा और मोटा है आपका हथियार, कैसे हर जगह घुस जायेगा यह? आप अब आराम से सोफे पर बैठिये और मुझे इसकी मालिश करके सेवा करने दीजिये. नहीं तो ऐसे hi बौखलाते रहेगा और पता नहीं कहाँ कहाँ घुसने का सोचेगा. चलिए सोफे पर बैठकर आप आराम से जूस पीजिये और मैं तेल से आपके हथियार की मालिश कर देती हूँ"

हरिया यह सुनकर अनीता की होंठों पर अंगूठा फेरते हुए थोड़ा दबाओ बनाया तो अनीता होंठ खोल दी और उसका अंगूठा मुंह में ले ली. अनीता की मुंह ने अजीब सा गन्दा स्वाद गया जिससे उसकी बदन में करंट जैसा महसूस हुआ.

हरिया उसकी मुंह में अंगूठा घुसकर bola,"Are मेमसाहेब आप तेल से तो हमार लौड़ा का मालिश कर hi चुकी हैं, अब आप अपने ी मुंह में लेकर मालिश कर दीजिये. आपका बिल में हमार लौड़ा जाना चाहता हैं"

अनीता यह सुनकर आँखें बड़ी करके हरिया को देखकर boli,"Uhhm हरिया जी कैसे होगा यह? इतना बड़ा और मोटा है आपका हथियार, मेरी चेहरे जितना लम्बा है, और कितना मोटा भी है. ुहह्म्म आप बैठिये मैं तेल से अच्छे से मालिश कर देती हूँ"

हरिया यह सुनकर bola,"are मेमसाहेब हो जायेगा. आप अच्छे से चूस सकती हैं हमार लौड़ा को, बल्कि आप तो इसे पूरा निगल जाइएगा और असली मज़ा आपको तो इसी में आएगा जब हमार लौड़ा"

फिर हरिया अनीता की गर्दन पर हाथ फेरते हुए bola,"aapki गले में घुसेगा. जो लौड़ा औरत का मुंह में रह जाये ु लौड़ा नहीं है. असली लौड़ा तो औरत की गर्दन का सैर करात है"

अनीता की दिल धड़क रही थी यह सुनकर. वह उसका बात सुनकर उसके अंगूठे को थोड़ा चूस ली. अगले पल हरिया bola,"Waah मेमसाहेब आपको चूसने का मैं है हमार लौड़ा. देखिये आप कैसे हमार अंगूठा चूस रही है"

अनीता को तब ध्यान आया की वह हरिया का बात सुनती हुयी उसका अंगूठा चूसने लगी थी. हरिया अगले पल bola,"Hum जब खिड़की बांध करके आ रहे थे तो हम देखे मेमसाहेब कैसे आप हमार लौड़ा को प्यास से देख रही थी और अपनी होंठ पर ज़बान फेर रही थी जैसे आप हमार लौड़ा को निगल जाना चाहती हैं"

अनीता यह सुनकर कामुक अंदाज़ में boli,"Uhhmm हरिया जी इतना तगड़ा हथियार है आपका और आप चल रहे थे तो कैसे पूरा तन्न कर खड़ा था और हिल रहा था. ऐसा लग रहा था की आपका हथियार किसी पर हुम्ला करने के लिए तैयार है. तेल में डूबा हुआ आपका हथियार कितना अच्छा लग रहा था हरिया जी, तो बस मेरी ज़बान होंठो पर आ गयी. लेकिन इतना मोटा और बड़ा है आपका हथियार, आप जो बोल रहे हैं कैसे होगा. आप सोफे पर बैठिये न. मैं मालिश कर देती हूँ आपके हथियार को"

हरिया यह सुनकर bola,"Are मेमसाहेब ी लौड़ा चूसना तो आपके लिए कउनो बड़ा बात नहीं है. हम देखा हूँ की आप चूसने में माहिर हैं, आप कितना अच्छा से आइस क्रीम चुस्ती है, तो हमार लौड़ा भी चूस लीजियेगा, कोशिश तो कीजिये"

अनीता यह सुनकर ऊपर के तरफ हरिया को देखती हुयी उसका अंगूठा मुंह से निकल कर होंठो को पोत करके उसके लुंड के नीचे वाले हिस्से को चुम ली. ऐसा करते hi हरिया का लुंड झटका देकर अनीता की चेहरे पर मारा तो अनीता बेशर्मी से फिर खिलखिलाने lagi,"Hehehe हरिया जी आपका हथियार हुम्ला कर रहा है हेहेहे"

हरिया भी हस्ते हुए bola,"Are मेमसाहेब हमार लौड़ा आपके मुंह में घुसना चाहता है हाहाहा"

अनीता भी यह सुनकर खिलखिलाती रही की तभी दरवाज़ा नॉक हुआ. हरिया और अनीता यह सुनकर दरवाज़े के तरफ देखे तो अनीता धीरे से boli,"Hariya जी लग रहा है हमारी आवाज़ बाहर जा रही है. धीरे से बोलिये"

हरिया यह सुनकर bola,"Haan मेमसाहेब हम धीरे से बोलते हैं और आप हमरा लौड़ा मुंह में ले लीजिये"

अनीता यह सुनकर कुछ नहीं बोली तो हरिया अनीता की बाल पकड़ा और पकडे हुए थोड़ा पीछे सोफे के तरफ गया. अनीता रंडी की तरह हरिया द्वारा बाल पकडे पीछे सोफे के तरफ होने पर घुटने के बल थोड़ा आगे हो गयी.

अगले पल हरिया सोफे पर बैठकर दोनों टंगे ऊपर करके सामने टेबल पर रखकर अनीता की बाल पकडे अपने पैरों के बीच और आगे खींचते हुए bola,"Aage आइये मेमसाहेब"

अनीता रंडी की तरह फिर से घुटने के बल और आगे हो गयी, इतनी की उसकी चेहरे से हरिया का लुंड फिर से सत्र गया. अनीता फिर से हरिया का लुंड अपनी चेहरे पर महसूस करती हुयी उसे देखि और हाथ पीछे लेजाकर कटोरे उठाई और हरिया के पेट पर तेल गिराने लगी.

चंदा उधर अनीता और हरिया के हसने का आवाज़ सुनकर समझी की अनीता नाहा चुकी है इसलिए लिविंग रूम से उसकी आवाज़ आ रही है मगर हरिया जैसे लेबर के साथ हसने की आवाज़ सुनकर उसे थोड़ा अजीब लगा. मगर फिर वह सोची की उसकी मेमसाहेब तो दिल की अच्छी है, उससे भी इज़्ज़त से पेश आती है तो हरिया के साथ भी वैसे hi अच्छे से पेश आ रही होगी और कोई बात पर है दी होगी. और ऐसे भी वह जाने वे पहले देख चुकी थी की वह हरिया से अच्छे से बात कर रही थी. उसे "हरिया" नहीं बल्कि "हरिया जी" कह के बुला रही थी. वह सोची की यह जान कर की हरिया उसके जान पहचान का है तो थोड़ा अच्छे से पेश आ रही होगी.

उसे क्या पता था की उसकी मेमसाहेब दिल की अच्छी तो सच में थी मगर साथ hi बेहद hi बेशर्म औरत थी जिसके अंदर रान्दीपना कूट कूट कर भरा हुआ था और हरिया जैसा मर्द उसे रंडी की तरह बाल पकडे हुए अपना लुंड का सेवा करवा रहा था और उसकी रणदीपाने को बाहर निकाल रहा था.

वहीँ उसकी पढ़ी लिखी और बेहद खूबसूरत अमीर मेमसाहेब हरिया जैसे ग़रीब, अनपढ़ और मज़दूर मर्द के बाल खींचे जाने पर भी बेझिजक घुटने के बल उसके लुंड के तरफ जा रही थी जैसे वह उसकी रंडी, उसकी रखैल हो.
 
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